समूचे देश में 01 जुलाई से शुरू होने वाले स्टॉप डायरिया अभियान-2024 के तहत आज जनजातीय जिला किन्नौर के उपायुक्त कार्यालय सभागार में उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें अभियान के दौरान किए जाने वाले कार्यों पर विस्तृत चर्चा की गई ताकि इस अभियान को जमीनी स्तर पर सफल किया जा सके। उपायुक्त ने बताया कि स्टॉप डायरिया अभियान-2024 की थीम ‘डायरिया की रोकथाम, सफाई और ओआरएस से रखें अपना ध्यान है’ तथा जिला किन्नौर में भी 01 जुलाई से 31 अगस्त, 2024 तक यह अभियान चलाया जाएगा जिसके तहत 0-5 वर्ष तक के बच्चों में डायिरया को सम्पूर्ण रूप से समाप्त करने के दृष्टिगत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान जिला तथा खण्ड स्तर पर अभियान के तहत अभिभावकों तथा अन्य सभी को डायिरया की रोकथाम के प्रति जागरूक किया जाएगा। अभियान के तहत बच्चों में प्रतिरक्षण को बढ़ाने, स्वस्थ आहार तथा साफ पानी का उपयोग करने पर विशेष बल दिया जाएगा। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम (बाल स्वास्थ्य) अधिकारी डॉ. अनवेषा नेगी ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया तथा उपस्थित जनों को स्टॉप डायरिया अभियान के तहत जिला में होने वाले कार्यक्रमों बारे विस्तृत जानकारी दी और बताया कि खण्ड एवं सामुदायिक स्तर पर जल जनित रोगों से बचाव पर ग्रामीण लोगों को जागरूक किया जाएगा। विशेषकर बच्चों के स्वास्थ्य पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सोनम नेगी, अधिशाषी अभियन्ता जल शक्ति विभाग अभिषेक शर्मा, प्रधानाचार्य डाईट कुलदीप नेगी, खण्ड स्वास्थ्य अधिकारी कल्पा, निचार व पूह सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
**पैराग्लाइडिंग और रिवर राफ्टिंग पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी हिमाचल प्रदेश में बरसात के चलते साहसिक खेल गतिविधियों पर 15 जुलाई से दो माह के लिए रोक लग जाएगी। प्रदेश के कुल्लू-मनाली, बीड़ बिलिंग, धर्मशाला, बिलासपुर, डलहौजी के खज्जियार और अन्य क्षेत्रों में साहसिक खेल गतिविधियों पर 15 जुलाई से 15 सितंबर तक प्रतिबंध रहेगा। दो माह न तो पैराग्लाइडिंग कर सकेंगे और न ही नदियों में रिवर राफ्टिंग का लुत्फ सैलानी उठा पाएंगे। सैलानियों को पैराग्लाइडिंग और रिवर राफ्टिंग के लिए दो माह तक इंतजार करना पड़ेगा। बरसात में बारिश और भूस्खलन, बाढ़ आदि को ध्यान में रखते हुए दो माह के लिए साहसिक गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाती है। वहीं, नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ पर्यटन विभाग की ओर कार्रवाई की जाती है। विश्व प्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग साइट बीड़-बिलिंग, धर्मशाला के इंद्रूनाग, कुल्लू-मनाली सहित अन्य पर्यटन स्थलों में सैलानियों को साहसिक गतिविधियों का आनंद लेने के लिए 2 माह का इंतजार करना होगा। अगर 15 जुलाई से पहले ही भारी बरसात होती है तो इन साहसिक गतिविधियों पर पहले भी रोक लगाई जा सकती है। उधर, जिला पर्यटन अधिकारी जिला कांगड़ा विनय धीमान ने बताया कि बरसात के मौसम में दो माह के लिए साहसिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है। 15 जुलाई से 15 सितंबर तक प्रदेशभर में पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग सहित अन्य गतिविधियां पूरी तरह से प्रतिबंधित रहती हैं।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की बीएड की रेगुलर कॉलेज छात्रों की दूसरे और चौथे सेमैस्टर और इक्डोल की वार्षिक प्रणाली के तहत परीक्षाएं 16 जुलाई से शुरू होंगी, जो 18 अगस्त तक चलेंगी। विवि ने बीएड की इन परीक्षाओं के शेड्यूल को जारी कर दिया है। जिसे विवि की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। छात्र इसे वेबसाइट पर देख और डाउनलोड कर सकते है। ये परीक्षाएं दोपहर बाद के सत्र में दो बजे से आयोजित की जाएगी। वहीं विवि ने एमएड की की परीक्षाओं की डेटशीट भी जारी कर दी है। सेमेस्टर सिस्टम के तहत होने वाली इन परीक्षाओं का शेड्यूल वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। ये परीक्षाएं 16 जुलाई से लेकर 26 जुलाई तक आयोजित की जाएगी। विवि के इस सेल्फ फाइनांसिंग इंजीनियरिंग संस्थान में विभिन्न श्रेणी की सीटों का आवंटन तय किए गए रोस्टर के अनुसार दिया जाएगा। इसमें हर कोर्स में छह और पांचों कोर्स में 30 ऐसी सीटें है, जिनमें ट्यूशन फीस माफ रहती है। इसके अलावा कुछ सीटों को श्रेणी विशेष के लिए आरक्षित रख कर भरा जाता है। इसमें विवि कर्मचारियों के बच्चों जैसी अलग अलग श्रेणी की सीटें शामिल है। प्रवेश और आरक्षित सीटों से संबंधित नियम और शर्तें संस्थान की वेबसाइट पर अपलोड किए गए प्रोस्पेक्ट्स में उपलब्ध है। इसमें प्रवेश और काउंसलिंग से संबंधित दिशा निर्देश भी उपलब्ध है।
**बंबर ठाकुर ने बिलासपुर पुलिस पर उठाए सवाल बिलासपुर: सदर के पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने एक बार फिर से दो बड़े अधिकारियों पर सवाल खड़े किए हैं। बंबर ठाकुर ने कहा कि मुझे बदनाम करने के लिए दो अधिकारी बिलासपुर गोलीकांड मामले में संलिप्त हैं, जिनका नाम मैं जल्द ही मीडिया में आकर उजागर करुंगा। बिलासपुर शहर में हुआ गोलीकांड मामला पूरी तरह से रचा गया षड़यंत्र है, ताकि मुझे और मेरे परिवार को पूरी तरह से बदनाम किया जा सके। बंबर ठाकुर ने कहा कि उन्होंने प्रदेश सरकार को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने मांग उठाई है कि इस गोलीकांड मामले की जांच हाईकोर्ट के जज से करवाई जाए, जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सौरव पटियाल उर्फ़ फांदी को गोली लगना एक सोची समझी साजिश है, क्योंकि जब सौरव पटियाल को एम्स में ले जाया गया तो तीन घंटे के अंदर ही डॉक्टर ने उसे फीट घोषित कैसे कर दिया। ऐसे में वो किसके संरक्षण में अभी तक एम्स में भर्ती है, इस विषय पर भी पुलिस को सारी जांच करनी चाहिए। पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने कहा कि इस सारे मामले में जो-जो भी व्यक्ति संलिप्त हैं, वह पहले से ही सौरव पटियाल के दोस्त हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक पुलिस की गिरफ्त से मल्ली नाम का युवक बाहर है और वो सौरव पटियाल की गैंग का ही आदमी है। बंबर ठाकुर ने आश्वस्त किया है कि वह जल्द ही पूरी जानकारी सारे प्रूफ के साथ जनता के सामने लाएंगे, जिसके बाद ये अपने आप उजागर हो जाएगा कि किस व्यक्ति ने गोली चलाई थी और क्यों चलाई थी। बंबर ठाकुर ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन यह साफ करें कि गोली चलाने वाले युवक द्वारा पांच लाख रुपये लेने की बात कही गई है, इसका क्या प्रूफ है। अगर उनके या फिर उनके परिवार के किसी भी सदस्य से पांच लाख रुपये का लेनदेन हुआ है तो वह बताएं। बंबर ठाकुर का आरोप है कि उनके खिलाफ एक बड़ा षड़यंत्र रचा गया है, जिसके तहत उनको और उनके परिवार को बदनाम किया जा रहा है।
शिमला: हिमाचल में मौसम की बेरुखी का असर फसलों की पैदावार पर पड़ा है, जिससे मांग अधिक होने से बाजार में खाने पीने की वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं। इन दिनों खाद्य वस्तुओं सहित सब्जियां भी बहुत अधिक महंगी हो गई हैं। ऐसे में प्रदेश के लाखों परिवारों के लिए उचित मूल्य की दुकानें ही सस्ते राशन खरीदने के लिए एकमात्र सहारा बची है, जिसके तहत सरकार ने जुलाई महीने के लिए सस्ते राशन का आवंटन कर दिया है। हिमाचल प्रदेश के पांच लाख से अधिक डिपुओं में एपीएल परिवारों को अगले महीने 14 किलो आटा और 6 किलो चावल कोटा प्रति राशन कार्ड मिलेगा। सरकार ने अगस्त 2023 से एपीएल परिवारों दिए जाने वाले आटे और चावल के कोटे में कोई कट नहीं लगाया है। उससे पहले हर दो तीन महीने में राशन के कोटे को घटाया और फिर से बढ़ाया जाता रहा है, लेकिन अब करीब एक साल से आटे और चावल की मात्रा से कोई फेरबदल नहीं किया गया है। हालांकि अधिक सदस्यों वाले परिवारों के लिए राशन की मात्रा अभी कम है। ऐसे उपभोक्ता राशन का कोटा बढ़ाए जाने की भी लंबे समय से मांग कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने जुलाई माह के लिए राशन कोटे का आवंटन कर दिया हैं। इस बारे में सभी जिला खाद्य नियंत्रकों को निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं, उचित मूल्यों की दुकानों में उपभोक्ताओं को समय पर सस्ता राशन उपलब्ध कराने के भी निर्देश जारी किए गए हैं। जुलाई महीने के लिए एपीएल परिवारों के लिए 25 हजार मीट्रिक टन से अधिक चावल और आटे के कोटे का आवंटन हुआ है। अब तय की गई मात्रा के हिसाब से डिपो धारकों को परमिट जारी होंगे। ऐसे में लाखों उपभोक्ताओं को डिपुओं में एक जुलाई से सस्ता राशन मिलना शुरू हो जाएगा।डिपो में समय पर सस्ता राशन उपलब्ध हो, इसके लिए सरकार ने पहले ही जरूरी दिशा निर्देश जारी किए हैं। प्रदेश में राशन धारकों को आटे की तर्ज पर फोर्टिफाइड चावल दिया जा रहा है। इस चावल में आयरन के साथ विटामिन 12, फोलिक एसिड समेत शरीर के लिए जरूरी कई पोषक तत्व मिलाए गए हैं। प्रदेश में एपीएल परिवारों की संख्या 12,24,448 है। इसमें एपीएल कार्ड धारकों की संख्या 11,52,003 है। वहीं, एपीएल टैक्स पेयर की संख्या 72,445 है. इसमें एपीएल कार्ड धारकों की कुल आबादी 44,19,312 है, जिसमें एपीएल आबादी 41,26,583 है। वहीं, टैक्स पेयर की आबादी 2,92,729 है, जिन्हें अगले महीने 14 किलो आटा और 6 किलो चावल प्रति राशन कार्ड के दिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के 3 जिलों में आज भारी बारिश का अनुमान है। मानसून के साथ पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता को देखते हुए मौसम विभाग ने शनिवार के लिए तीन और रविवार को चार जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जिलों के लिए आज के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि कल के लिए मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अगले 48 घंटों के दौरान इन जिलों के कुछ इलाकों में एक-दो बार भारी बारिश हो सकती है। इसे देखते हुए राज्य के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों से भी सतर्क रहने का आग्रह किया है। लोगों को ऊंचाई वाले, भूस्खलन वाले इलाकों और नदी-नालों के पास न जाने की सलाह दी गई है। आईएमडी के मुताबिक अगले छह दिन यानी 4 जुलाई तक राज्य में लगातार बारिश की संभावना है। प्रदेश के ऊना, शिमला और सोलन जिला में मानसून ने धमाकेदार एंट्री की है। अन्य जिलों में हल्की बारिश हुई है। बारिश के बाद प्रदेशभर में लोगों ने गर्मी से राहत की सांस ली है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डॉ. सुरेंद्र पाल ने बताया, इस बार मई माह में 'रेमल' चक्रवात के कारण थोड़ी देरी हुई है। उन्होंने बताया कि हिंद महासागर और अरब सागर से चलने वाली हवाओं का दबाव नहीं बन पाया। इस कारण मानसून बीच में ही रुक गया था।
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में बीते रोज हिमाचल पथ परिवहन निगम के निदेशक मंडल की 156वीं बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम ने अपने बेड़े में पुरानी बसों के स्थान पर 250 नई डीजल बसें और 50 टेम्पो ट्रैवलर खरीदने का निर्णय लिया है, जिस पर लगभग 105 करोड़ रुपए का खर्च अनुमानित है। इसके अतिरिक्त, निगम इस वर्ष अपने बेड़े में 24 नई सुपर लग्जरी बसें एवं 50 टेम्पो ट्रैवलर शामिल करेगा। ये 50 टेम्पो ट्रैवलर प्रदेश के दूर-दराज एवं जनजातीय क्षेत्रों में पुरानी बसों के स्थान पर चलाए जाएंगे। इन बसों की खरीद निगम द्वारा अपने संसाधनों से की जाएगी। इसके अतिरिक्त, निगम अपने संसाधनों से लगभग 25 करोड़ रुपए की इलेक्ट्रिक बसों की खरीद भी करेगा। उप-मुख्यमंत्री नेे कहा कि निगम द्वारा टाइप-1 327 बसें और टाइप-3 विद्युत चलित बसों की खरीद के लिए 15 जून 2024 को निविदाएं आमंत्रित कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि बसों में यात्रियों द्वारा कैशलेस माध्यम से किराए का भुगतान करने के लिए परिचालकों को प्रोत्साहित करने के लिए त्रैमासिक आधार पर मंडलीय स्तर पर तीन परिचालकों को पारितोषिक देने का निर्णय लिया गया है। यह योजना 31 दिसंबर 2024 तक लागू रहेगी। उन्होंने कहा कि 350 बस चालकों की रूकी हुई भर्ती प्रक्रिया को जल्द शुरू किया जाएगा। निगम में चालकों के 600 पद रिक्त हैं और आने वाले दो वर्षों में लगभग 800 चालक सेवानिवृत हो रहे हैं, इसलिए चालकों की भर्ती प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निगम के कर्मियों को 18 जनवरी 2024 के बाद देय चिकित्सा प्रतिपूति, वेतन भोगियों तथा पेंशन भोगियों को 55.36 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। अग्निहोत्री ने कहा कि निगम के प्रबंध निदेशक की अध्यक्षता में रिसोर्स मोबिलाइजेशन समिति का गठन किया गया है। यह समिति निगम को हो रहे घाटे के कारणों का पता लगाकर अपनी रिपोर्ट बोर्ड को प्रस्तुत करेगी। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश में परिवहन के सीमित साधन हैं और लोग परिवहन सुविधा के लिए एचआरटीसी पर निर्भर करते हैं। उन्होंने कहा कि निगम द्वारा महिलाओं तथा विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों को रियायती दरों पर सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इसके अतिरिक्त निगम की बसें परिवहन सेवा से वंचित क्षेत्रो में भी सेवाएं दी रही हैं। उन्होंने बताया कि निगम सेवा भाव से कार्य करते हुए रोजाना लगभग 5 लाख यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान कर रहा है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों ने निगम की बसों की बेहतरीन तस्वीरें और वीडियो बना कर भेजे थे उन्हें सम्मानित किया गया है। इसी प्रकार जो कर्मचारी अपने रूट पर अच्छी आमदनी करेंगे उन्हें भी निगम द्वारा सम्मानित किया जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि निगम द्वारा सभी कर्मचारियों की वार्षिक चिकित्सा जांच करवाई जाएगी। साथ ही प्रदेश में बस अड्डों की स्थिति का जायजा लिया और उनमें सुधार करने को लेकर विचार विमर्श किया गया। उन्होंने बताया कि धर्मशाला में बन रहे बस अड्डे के लंबित कार्य के दृष्टिगत प्रबंध निदेशक को कार्य कर रही एजेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी उन्हें अगली बैठक में उपस्थित होने के निर्देश जारी किए जाएं। इसी तरह मैक्लोडगंज और शिमला के बस अड्डों से संबंधित मामलों पर भी बैठक में चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि बद्दी और फतेहपुर में बस अड्डा प्राथमिकता के आधार पर बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि निगम की लंबित राशि को जल्द जारी किया जाए ताकि निगम के कर्मचारियों के हित में और बेहतर निर्णय लिए जा सकें। बैठक का संचालन प्रबंध निदेशक हिमाचल पथ परिवहन निगम रोहन चंद ठाकुर ने किया और उप-मुख्यमंत्री तथा गैर-सरकारी सदस्यों को निगम द्वारा आगे भी बेहतर कार्य करने का आश्वासन दिया।
**अंदरौली में वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों का किया निरीक्षण मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज जिला ऊना के कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के तहत अंदरौली में जल क्रीड़ा गतिविधियों का निरीक्षण किया। उन्होंने जिला प्रशासन की इन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जल विद्युत तथा नवीनीकरण ऊर्जा क्षेत्र के दोहन के साथ-साथ पर्यटन क्षेत्र के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और राज्य सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा ताकि यहां पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो सके। उन्होंने कहा कि पर्यटन हिमाचल प्रदेश की आर्थिकी का मुख्य आधार है तथा इससे युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार के अवसर भी प्रदान होते हैं। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में धार्मिक, साहसिक तथा ईको टूरिज्म को बढ़ावा दे रही है। राज्य सरकार ने आने वाले समय में प्रदेश में प्रति वर्ष 5 करोड़ पर्यटकों को लाने का लक्ष्य रखा है तथा इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए आधारभूत सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। इस अवसर पर विधायक विवेक शर्मा, सुदर्शन बबलू और विनोद सुल्तानपुरी सहित अन्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य एवं सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल की अध्यक्षता में आज यहां हिमाचल प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम के निदेशक मंडल की 51वीं बैठक का आयोजन हुआ। बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों एवं दिव्यांगों का सामाजिक एवं आर्थिक विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निगम की स्थापना हुई है और मौजूदा वक्त के बदलते परिदृश्य के अनुसार इस निगम का प्रशासनिक एवं संरचनात्मक पुनर्गठन किया जाएगा। इस कदम से अल्पसंख्यकों एवं दिव्यांगों को बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित होंगी। बैठक में निगम से संबंधी विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई तथा नई भर्तियों सहित अन्य मांगों को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में बताया गया कि वित्त वर्ष 2023-2024 के दौरान अल्पसंख्यकों को 1296.45 लाख रुपये का ऋण तथा दिव्यांगजनों को इसी अवधि में 540.83 लाख रुपये का ऋण निगम द्वारा रियायती ब्याज दर पर दिया गया है। अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम द्वारा प्रदेश के अल्पसंख्यकों और दिव्यांगों को व्यावसायिक शिक्षा ग्रहण करने तथा अपने व्यवसाय के लिए कम दरों पर ऋण प्रदान किया जाता है। 18 से 55 वर्ष की आयु वर्ग के आवेदकों को छोटे व्यवसायों, परिवहन सेवाओं, दुकानों, पार्लर एवं कृषि आदि क्षेत्रों में व्यवसाय के लिए कम ब्याज दरों पर ऋण प्रदान किया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले अल्पसंख्यक जिनकी वार्षिक आय 98 हजार रुपये या इससे कम है तथा शहरी क्षेत्रों में रहने वाले अल्पसंख्यक जिनकी वार्षिक आय एक लाख 20 हजार रुपये या इससे कम है, उन्हें अधिकतम 30 लाख रुपये तक का ऋण 6 प्रतिशत ब्याज दर पर प्रदान किया जाता है। इसी प्रकार जिनकी सालाना पारिवारिक आय आठ लाख रुपये से कम है, ऐसे पुरूषों को 8 प्रतिशत एवं महिलाओं को 6 प्रतिशत ब्याज दर पर अधिकतम 30 लाख रुपये का ऋण प्रदान किया जाता है। शिक्षा के लिए भी 4 प्रतिशत की ब्याज दर पर ऋण आवंटित किया जाता है। इसी प्रकार दिव्यांगजनों को 50 हजार तक का ऋण 5 प्रतिशत, 50 हजार से 5 लाख रुपये तक का ऋण 6 प्रतिशत, 5 लाख से 15 लाख रुपये तक का ऋण 7 प्रतिशत, 15 लाख से 30 लाख रुपये तक का ऋण 8 प्रतिशत तथा 30 लाख से 50 लाख रुपये तक का ऋण 9 प्रतिशत ब्याज दर पर दिया जाता है। निगम द्वारा स्थापना से अब तक अल्पसंख्यक समुदाय के 3486 लाभार्थियों तथा 1900 दिव्यांगों को 159.68 करोड़ रुपये का ऋण 31 मार्च, 2024 तक दिया गया है। बैठक में सचिव सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता विभाग के सचिव आशीष सिंहमार, निदेशक ईसोम्सा किरण भड़ाना, निगम के प्रबन्ध निदेशक प्रदीप कुमार और निगम के निदेशक मंडल के अन्य सदस्यों सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
शूलिनी इंस्टीट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज एंड बिजनेस मैनेजमेंट (एसआईएलबी), सोलन द्वारा आज भारतीय वानिकी अनुसंधान और शिक्षा परिषद (आईसीएफआरई) के तहत हिमालयन फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (एचएफआरआई), शिमला के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह सहयोग पर्यावरण संरक्षण, जैव प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य एवं कल्याण के प्रति पारस्परिक समर्पण को रेखांकित करता है, जिसका लक्ष्य क्षेत्र के लिए एक स्थायी और समृद्ध भविष्य बनाना है। समझौता ज्ञापन पर एचएफआरआई के प्रभारी निदेशक डॉ. संदीप शर्मा और एसआईएलबी की निदेशक डॉ. शालिनी शर्मा ने हस्ताक्षर किए। समारोह में उपस्थित अन्य लोगों में वैज्ञानिक डॉ. अश्वनी तपवाल, एचएफआरआई के वैज्ञानिक डॉ. बाल कृष्ण तिवारी और एसआईएलबी की निदेशक डॉ. शालिनी शर्मा शामिल थीं। इस कार्यक्रम में शूलिनी विश्वविद्यालय के विशेष आमंत्रित अतिथि प्रोफेसर पी.के. खोसला, प्रोफेसर सुनील पुरी और एसआईएलबी की अध्यक्ष सरोज खोसला और एसआईएलबी के विभिन्न विषयों के विभागाध्यक्षों की उपस्थिति भी देखी गई। समझौता ज्ञापन एचएफआरआई और एसआईएलबी के बीच सहयोग के लिए एक मजबूत ढांचा स्थापित करता है, जो निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करता है। महत्वपूर्ण पर्यावरणीय और वैज्ञानिक चुनौतियों का समाधान करने के लिए संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं, वैज्ञानिक ज्ञान का आदान-प्रदान और सहयोगात्मक अनुसंधान पहल। पर्यावरण और जलवायु चुनौतियों के लिए नवीन समाधानों का विकास, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने के लिए स्थायी प्रथाओं और प्रौद्योगिकियों का नेतृत्व करना। एमओयू में कौशल विकास कार्यक्रम, क्षेत्र के उद्योगों के लिए उच्च कुशल कार्यबल तैयार करने के लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शामिल हैं। जैव प्रौद्योगिकी और जीवन विज्ञान उद्योगों को बढ़ावा देना, शैक्षणिक और व्यावहारिक प्रगति के माध्यम से जैव प्रौद्योगिकी और जीवन विज्ञान क्षेत्रों के विकास को बढ़ाना। अपनी विशेषज्ञता के संयोजन से, एचएफआरआई और एसआईएलबी अपने साझा लक्ष्यों को कुशलतापूर्वक प्राप्त करने के लिए प्रक्रियात्मक और नौकरशाही बाधाओं पर काबू पाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह साझेदारी उत्तर पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में सामाजिक प्रगति और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने का वादा करती है एचएफआरआई, भारतीय वानिकी अनुसंधान और शिक्षा परिषद (आईसीएफआरई) के तहत एक प्रमुख वानिकी अनुसंधान संस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख में जैव विविधता मूल्यांकन, कीट-कीट प्रबंधन, कृषि वानिकी प्रथाओं और पर्यावरण-बहाली में माहिर है। एसआईएलबी, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से संबद्ध और विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त, जीवन विज्ञान और व्यवसाय प्रबंधन शिक्षा में उत्कृष्ट है। संस्थान एम.एससी. जैव प्रौद्योगिकी, एम.एससी. माइक्रोबायोलॉजी, एम.एससी. वनस्पति विज्ञान, एम.एससी. रसायन विज्ञान, बी.एससी. जैव प्रौद्योगिकी, बी.एससी. माइक्रोबायोलॉजी, बीबीए, और बीसीए। सहित विविध प्रकार के पाठ्यक्रम प्रदान करता है।
**लोक निर्माण मंत्री ने नितिन गडकरी से सड़क परियोजनाओं पर चर्चा की लोक निर्माण निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने नई दिल्ली में केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भेंट कर आगामी बरसात के दृष्टिगत प्रदेश की विभिन्न सड़क परियोजनाओं के बारे में विचार-विमर्श किया। केन्द्रीय मंत्री ने लोक निर्माण मंत्री के आग्रह पर जिला शिमला में केन्द्रीय सड़क एवं अवसंरचना निधि (सीआरआईएफ) के अंतर्गत खमाड़ी-टिक्कर सड़क के लिए 50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए। लोक निर्माण मंत्री ने यह धनराशि स्वीकृत करने के लिए गडकरी का आभार व्यक्त किया। विक्रमादित्य सिंह ने राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ने वाली लोक निर्माण विभाग की सड़कों की मरम्मत के लिए केन्द्रीय मंत्री द्वारा पूर्व में घोषित 150 करोड़ रुपये जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मानसून को ध्यान में रखते हुए यह धन राशि महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने मंडी जिले में कमांद-कटौला और चैलचौक-पंडोह सड़कों के रखरखाव एवं मरम्मत के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को पहले से प्रस्तुत 30 करोड़ रुपये के अनुमानों को भी शीघ्र स्वीकृत करने का आग्रह किया क्योंकि यह वैकल्पिक सड़क मार्ग ट्रैफिक की समस्या से निजात दिलाने में काफी सहायक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में यह सड़कें महत्त्वपूर्ण हैं और लोगों और पर्यटकों की सुविधा एवं कुल्लू-मनाली ट्रैफिक समस्या के समाधान में इन सड़कों का रख-रखाव महत्त्वपूर्ण है। लोक निर्माण मंत्री ने अवगत करवाया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केन्द्रीय मंत्री के साथ शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग को टू-लेन की बजाय फोर-लेन के रूप में निर्मित करने का मामला पहले ही उठाया है। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों को एक समान उन्नयन के लिए एनएचएआई की संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लिए कई महत्त्वपूर्ण परियोजनाएं वार्षिक मसौदा योजना (ड्राफ्ट एन्नुअल प्लान) से हटा दी गई हैं। उन्होंने इन परियोजनाओं को वार्षिक योजना 2024-2025 में शामिल करने का अनुरोध किया। लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय उच्च मार्ग-5 के एक हिस्से के सुधार के लिए केन्द्रीय मंत्रालय की प्रस्तुत 70 करोड़ रुपये की अनुमाति राशि भी लंबित है। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से आगामी अगस्त माह में मणिमहेश यात्रा के दृष्टिगत इसे शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया। केन्द्रीय मंत्री ने प्रदेश को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। प्रमुख अभियंता एनपी सिंह, मुख्य अभियंता सुरेश कपूर बैठक में उपस्थित थे।
**कहा, खैरात और सौगात का अंतर बखूबी समझती है हिमाचल की जनता **स्कूली बच्चियों और महिलाओं पर बढ़ रहे अपराध प्रदेश में सत्ताधारी दल सरकार में बने रहने के लिए किसी भी हद तक गिरने को तैयार है। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता और देहरा उपचुनाव के संयोजक व विधायक राकेश जम्वाल ने मिडिया को जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खु को कुर्सी का ऐसा नशा हो गया है कि देहरा में अपनी पत्नी के चुनाव को प्रभावित करने के लिए किसी भी हद तक झूठ, लालच, फरेब से पीछे नहीं हट रहे। जाहिर है लोकसभा चुनाव में जिस तरह कांग्रेस अपने 61 विधानसभा क्षेत्रों को हार गई , जिसकी नैतिक जिम्मेदारी मुख्यमंत्री की है ऐसे में अपनी साख बचाने के लिए देहरा में कर्मचारियों को धमकाना, भाजपा प्रत्याशीयों को परेशान करना, निर्दलीय महिला प्रत्याशी को खरीदने के लिए अपने खासम-खास को भेजना, जिसका वीडियो भी प्रदेश की जनता के सामने है, महिलाओं को 1500 के नाम पर भटकाना जैसे कार्य मुख्यमंत्री कर रहे हैं। भाजपा का सीधा आरोप है कि कांग्रेस कब तक आम जनता की भावनाओं के साथ युहीं मजाक करती रहेगी। आज देहरा में जो कोरी घोषणाएं मुख्यमंत्री कर रहे हैं वो खैरात से ज्यादा कुछ नहीं क्यूँकि अपने निजी हित के लिए पिछले 2सालों में मात्र चुनावों के समय बांटी और घोषणा की जाती रही है, जबकि भाजपा ने प्रदेश के हर क्षेत्र और जनता की जरूरत को देखते हुए सौगातें दी थी, जिन्हें इस विकास विरोधी सरकार ने डी-नोटिफाई कर दिया था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जो आज तक हिमाचल के 6 बार के मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह से परिवारवाद के नाम पर लड़ने का ढोंग करते रहे आज अपनी महत्वकांक्षी पत्नी को विधानसभा में बिठाने के लिए कांग्रेस के दावेदार को चेयरमैनशीप की खैरात दे रही। उन्होंने कहा आए दिन मुख्यमंत्री के पैसा न होने के वीडियो सामने आ रहे है, मुख्यमंत्री प्रदेश की जनता को यह बताने का कष्ट करें कि इतने कैबिनेट रैंक जो उन्होंने अपनी सत्ता बचाने के लिए अपने मित्रों में बन्दर बांट की उसके लिए खर्च नहीं होता। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों 51लाख आपदा में 51 लाख देने के बाद मुख्यमंत्री के और उनकी पत्नी के पास बहुत कम राशि बची थी ऐसा प्रचारित किया गया, जबकि प्रत्याशी का यदि हल्पनामा देखा जाए तो 9 करोड़ से ऊपर और पति सुखविदर सिंह सुक्खू की सम्पति अपने पहले के दावे की पोल खोलती है कि दोनों पति-पत्नी सत्ता के लिए जनता की भावनाओं के साथ किस प्रकार खेल रहे हैं। आज देहरा के लिए प्रत्याशी कमलेश का जो प्रेम सामने आ रहा वो आजतक कहां था, जबकि बेटियां तो हर अच्छे बुरे में मायके का ध्यान रखती हैं न कि किसी राजनितिक लाभ के लिए झूठे वादे करना सही है। सयोजक राकेश जम्वाल ने कहा कि सुक्कू सरकार हर मोर्चे में फेल हुए है प्रदेश की क़ानून व्यवस्था का जनाजा निकल चुका है। आए दिन कांग्रेस के प्रभाव के अंतर्गत अपराधियों के होंसले बुलंद है। बिलासपुर के गोलीकांड का सरगना पूर्व विधायक बम्बर ठाकुर का बेटा जो आज पकड़ा गया है भाजपा के हस्तक्षेप की बड़ी जीत है। उन्होंने कहा कांग्रेस इस केस को दबाने के लिए हर संभव कार्य कर रही थी परंतु भाजपा के उग्र विरोध प्रदर्शन और विरोध को देखते हुए अंततः आज विधायक के बेटे को न चाहते गिरफ्तार करना पड़ा। स्कूलों में छोटी बच्चियों के साथ अपराध, महिलाओं पर अपराध, हत्या आए दिन की बातें हो गई है परंतु प्रदेश सरकार कुंभकरणी नींद सोई हुए है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री सुक्खू मात्र कांग्रेस के और अपनी मित्र मंडली के मुख्यमंत्री नहीं, जबकि प्रदेश का नेतृत्व कर रहे है इसलिए आम लोगों की ओर भी अपना ध्यान दें।
**ज़िला प्रशासन ने सावधानी बरतने की अपील की उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान केन्द्र शिमला द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 03 जुलाई, 2024 तक सोलन ज़िला में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। उन्होंने आमजन से आग्रह किया कि खराब मौसम में बारिश व भूस्खलन सम्भावित क्षेत्रों तथा पहाड़ी भागों में जाने से परहेज करें। इस बारे में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा एडवाइजरी भी जारी की गई है। इसके अनुसार इस अवधि में खराब मौसम में ट्रैकिंग करना तथा ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाना खतरनाक हो सकता है, इसलिए इससे बचें। बिजली चमकने की सूरत में कम से कम 30 मिनट तक घरों या सुरक्षित इमारतों के अंदर रहे, नदी-नालों के किनारे न जाएं, क्योंकि बरसात में अचानक जलस्तर बढ़ने का खतरा रहता है। मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी पर ध्यान दें तथा रेडियो व टेलीविज़न पर मौसम बारे प्रसारित बुलेटिन को सुनें और सुरक्षित रहें। प्राकृतिक आपदा व मौसम सम्बन्धी जानकारी के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सचेत मोबाईल एप विकसित किया है। यह ऐप मौसम व अन्य आपदाओं की सटीक जानकारी मोबाइल पर भेजता है, जिससे समय पर भारी वर्षा, आंधी तूफान और हिमस्खलन इत्यादि के बारे में सूचना प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में व्यक्ति ज़िला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के टोल फ्री नम्बर 1077, दूरभाष नम्बर 01792-220049 व 01792-220882 तथा व्हट्सएप नम्बर 94594-57292 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
** इफको का प्लान आया किसानों के काम इफको द्वारा जिला कांगड़ा में स्थित इंदौरा तहसील के सुरडवां गांव से शुरू की गई कृषि ड्रोन से नैनो उर्वरकों की स्प्रे करने की सुविधा। सुरडवां गांव का ही प्रदीप पठानिया करेगा सामान्य शुल्क पर अब किसानों के खेतों में जाकर नैनो उर्वरकों का स्प्रे। इफको किसान उदय ऐप को आप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करके अपने खेतों में नैनो उर्वरकों की स्प्रे के लिए ड्रोन की करवा सकते हैं बुकिंग। इफको द्वारा जिला कांगड़ा में दो ड्रोन एवं उनके सुगम परिवहन के लिए इलेक्टिर्क व्हीकल भी प्रदान किए गए हैं, जिसके माध्यम से ज्यादा से ज्यादा किसानों की खेतों में नैनो उर्वरकों एवं सागरिका तरल उत्पाद की स्प्रे को प्रचलित किया जा सके। इसी कड़ी में इफको द्वारा जिला कांगड़ा में स्थित अंगीकृत गांव नैनो विलेज क्लस्टर सुरडवां में आज किसान सभा रखी गई, जिसके तहत किसानों को क्लस्टर से संबंधित सुविधाओं के बारे में जानकारी प्रदान की गई एवं गांव के ही एक किसान एवं ग्राम समिति के प्रधान नरदेव कटोच की गन्ने की फसल में नैनो उर्वरकों का स्प्रे किया गया कृषि ड्रोन के माध्यम से आप किसी ड्रोन की बुकिंग करके अपने खेतों में बहुत कम समय में अब नैनो वर्गों की स्प्रे का लाभ उठा सकते हैं।
सीएम बोले- कुछ कम्युनिकेशन गैप था, उसे दूर किया मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न मुद्दों पर राज्यपाल की नाराजगी को दूर किया। राज्यपाल से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में सीएम सुक्खू ने कहा यह एक शिष्टाचार भेंट थी। करीब चार महीनों बाद मुलाकात हुई। चुनाव की व्यस्तता के चलते राज्यपाल से मुलाकात नहीं हो पाई थी। सुक्खू ने कहा कि राज्यपाल ने कुछ मुद्दों पर नाराजगी जताई है। योगा डे पर सरकारी कार्यक्रम को लेकर उनकी नाराजगी सही थी। उस दिन शहर के मेयर की भी अनुपस्थिति रही और कुछ कम्युनिकेशन गैप था, उसे दूर कर दिया गया है। सीएम ने कहा कि कुलपति नियुक्ति वाली फाइल तीन-चार महीने पहले राज्यपाल ने वापस सरकार को भेज दी थी और यह सचिव विधि के पास पड़ी रह गई। भविष्य में इन सब बातों का ध्यान रखा जाएगा। सीएम ने कहा कि राज्यपाल चाहते हैं सभी विश्वविद्यालयों में कुलपति की नियुक्त हो और वहां शिक्षा का माहौल बना रहे। इस संबंध में सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। निश्चित तौर पर राज्यपाल ने जो विषय उठाए हैं, उस पर सरकार पूरा गौर करेगी। बिलासपुर गोलीकांड पर सुक्खू ने कहा कि कानून के तहत कार्रवाई होगी। ऐसी घटनाओं की सरकार निंदा भी करती है। चाहे वे किसी भी पार्टी से जुड़े कोई लोग क्यों न हो। गलत बात गलत है। हम इस तरह की वारदातों को हिमाचल प्रदेश में सहन नहीं करेंगे।
हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर ने नए शैक्षणिक सत्र में प्रवेश के लिए काउंसिलिंग फॉर्म भरने की तिथि अब तीन जुलाई तक बढ़ा दी है। तकनीकी विवि व संबंधित सरकारी/निजी शिक्षण संस्थानों में बीटेक, बी फॉर्मेसी, एमटेक, एमबीए, एमसीए, बी आर्क सहित अन्य विषयों की काउंसलिंग के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। पात्र अभ्यर्थी तीन जुलाई तक काउंसिलिंग का ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। तकनीकी विवि के अधिष्ठाता शैक्षणिक प्रो. जयदेव ने कहा कि नए सत्र में प्रवेश लेने के लिए काउंसिलिंग प्रक्रिया शुरू हो रही है, जिसके लिए पहले अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। बीटेक (लेटरल व डायरेक्ट एंट्री), बी फार्मेसी (लेटरल व डायरेक्ट एंट्री), बी आर्क, एमबीए, एमबीए पर्यटन, एमसीए, एमटेक, एम फॉर्मेसी में प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों को ऑनलाइन काउंसिलिंग फॉर्म भरना होगा। सभी स्नातक व स्नातकोत्तर विषय में प्रवेश के लिए पात्रता संबंधित जानकारी तकनीकी विवि की वेबसाइट पर लगी सूचना विवरणिका में देख सकते हैं, जिसमें सभी विषयों में प्रवेश के लिए पात्रता का पूरा ब्यौरा दिया है। अधिष्ठाता शैक्षणिक ने कहा कि जिन अभ्यर्थियों ने तकनीकी विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा (कॉमन एंट्रेंस टेस्ट) दी है, उन्हें भी काउंसिलिंग के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके अलावा बीटेक में डायरेक्ट एंट्री के लिए जेईई मेन्स परीक्षा देने वाले को भी काउंसिलिंग के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। जल्द की उपरोक्त विषयों की काउंसिलिंग का शेड्यूल जारी किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के देहरा डिपो से राशन गायब होने के मामले गोदाम इंचार्ज को विभाग ने 72 लाख रुपये का जुर्माना ठोका है। विभागीय जांच में निगम के गोदाम इंचार्ज की गलती सामने आई है। यह संभवत: प्रदेश का पहला मामला है, जब राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के किसी कर्मचारी को इतनी बड़ी पेनल्टी लगाई गई है। दरअसल प्रदेश सरकार की ओर से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बीपीएल, एपीएल और एपीएल-एलटी राशन कार्ड धारकों को उचित मूल्यों की दुकानों के माध्यम से सस्ती दरों पर चावल, आटा, गंदम, लेवी चीनी, दालें, खाद्य तेल और नमक दिया जाता है। बीते माह राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के देहरा डिपो से क्षेत्र की 102 उचित मूल्य की दुकानों के लिए राशन भेजा गया, लेकिन यह राशन डिपुओं में नहीं पहुंचा। उसके बाद राज्य नागरिक आपूर्ति निगम और हिमाचल प्रदेश खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग हरकत में आए। विभाग ने जब जांच की तो पाया कि निगम के देहरा डिपो से राशन भेजने की रजिस्टर पर तो एंट्री है, लेकिन उचित मूल्य की दुकानों पर यह खाद्य सामग्री नहीं पहुंची। इसके बाद पहले तो विभाग ने संबंधित गोदाम इंचार्ज को देहरा से हटाकर जिला मुख्यालय धर्मशाला भेजा और देहरा में गोदाम इंचार्ज के पद पर नए कर्मचारी की नियुक्ति की। उसके बाद विभागीय कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट शिमला निदेशालय भेजी गई। अब निदेशालय से प्राप्त आदेशों के तहत संबंधित गोदाम इंचार्ज को 72 लाख रुपये का जुर्माना ठोंका गया है। जुर्माना न भरने की सूरत में आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के देहरा डिपो से राशन गायब होने के मामले की जांच पूरी हो गई है। आरोपी गोदाम इंचार्ज को 72 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई है।
**वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हिमाचल प्रदेश में दक्षिण पश्चिम मानसून ने प्रवेश करते ही तबाही मचाई है। इस बार पिछले साल के मुकाबले देरी से पहुंचे मानसून की पहली ही बारिश से शिमला में जगह-जगह भूस्खलन, मलबा आने से व्यापक नुकसान हुआ है। करीब आठ गाड़ियों को नुकसान पहुंचा है। शहर के मल्याणा, चमियाणा, भट्ठाकुफर, मिनी कुफ्टाधार सहित अन्य स्थानों पर भारी नुकसान हुआ है। चमियाना में सड़क किनारे पार्क तीन गाड़ियां मलबे में दब गईं। वहीं मल्याणा में पहाड़ी से बड़ी-बड़ी चट्टानें सड़क किनारे पार्क चार गाड़ियों पर गिर गईं। इससे दो गाड़ियां चकनाचूर हो गईं। भट्टाकुफर में भूस्खलन से सड़क किनारे पार्क एक कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। मिनी कुफ्ताधार का रास्ता मलबा आने से नाले में तब्दील हो गया। शहर की ईदगाह कॉलोनी में भी नुकसान हुआ है। डंगा गिरने से रास्ता बंद हो गया है। पगोग सड़क पर आए पत्थर और मलबा आने से आवाजाही प्रभावित रही। वहीं, जुन्गा रोड पर बारिश का पानी घरों में घुस गया। खलीनी में भी भूस्खलन हुआ है।
**नालागढ़ के लोग विकास के लिए समर्पित धरतीपुत्र के साथ हैं नालागढ़: नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंझौली व रामशहर में हुई जनसभाओं को संबोधित करते हुए कांग्रेस सरकार के डेढ़ वर्ष के फेल कार्यकाल पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि एरिया के लोगों में भाजपा के प्रति उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि हिमाचल में दो बड़े प्रोजेक्टों को केंद्र की भाजपा सरकार ने दिया है जिसमें एक ब्लक ड्रग पार्क व दूसरा मेडिकल डिवाइस पार्क है जो कि आपके नालागढ़ में स्थापित हो रहा है, जिसमें केंद्र सरकार 300 करोड़ खर्च कर रही है। ठाकुर ने कहा कि देश भर के लिए तीन स्वीकृत हुए थे जिसमें एक-एक प्रोजेक्ट को हम हिमाचल लेकर आए है जिससे प्रधानमंत्री का हिमाचल के प्रति स्नेह साफ़ नज़र आता है। उन्होंने कहा कि यह सभी विकास भाजपा की पूर्व में सरकार व केंद्र सरकार के द्वारा ही संभव हो सका। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार ज्यादा दिनों तक चलने वाली नही है जल्द ही प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने वाली है और सत्ता में आकर एक बार फिर से विकास रफ्तार पकड़ेगा। उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि उप चुनाव को जो मुकाबला होने जा रहा है वह भाजपा व कांग्रेस के साथ-साथ धरतीपुत्र व बाहरी के बीच में होगा जिसमें आपने अपने एरिया के लोकल उम्मीदवार को जिताना है। जयराम ठाकुर ने कहा कि मात्र डेढ़ साल के कार्यकाल में सुक्खू सरकार की यह स्थिति हो गई है। सरकार झूठी गारंटियां और झूठे वादे करके सत्ता में आई और सत्ता में बने रहने के लिए भी सिर्फ़ झूठ का सहारा लिया। सरकार के झूठ की वजह से प्रदेश के लोगों ने सुक्खू सरकार को नकार दिया। प्रदेश की कुल 68 में 61 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी को बढ़त दे दी है। मुख्यमंत्री अपने हल्के में भी बढ़त नहीं मिली। लोकसभा के चुनाव में मुख्यमंत्री अपने हलके नादौन में ही चुनाव हार गये हैं।। हिमाचल प्रदेश के लोगों ने सूक्खू सरकार की जनविरोधी नीतियों और तालाबाज़ी करने वाली सरकार को ख़ारिज कर दिया है।
**राज्यपाल ने प्रदान किए 18 व्यक्तियों को ‘हिमाचल के प्रहरी’ सम्मान **नशे के खिलाफ लड़ाई में किया असाधारण प्रतिबद्धता का प्रदर्शन राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने बीते कल राजभवन में आयोजित ‘हिमाचल के प्रहरी’ सम्मान समारोह में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत मामलों का पता लगाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले 18 व्यक्तियों को सम्मानित किया। यह कार्यक्रम पुलिस विभाग द्वारा आयोजित किया गया था। इस अवसर पर, राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल के इन प्रहरियों ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ लड़ाई में असाधारण प्रतिबद्धता और बहादुरी का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं का दुरुपयोग एक गंभीर खतरा है, जो सीमाओं और जनसांख्यिकी से परे है। यह परिवारों को बाधित करता है, सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरे में डालता है और आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश अपनी प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि हमें अपने समुदायों को नशीली दवाओं के दुरुपयोग के अभिशाप से बचाने के लिए सतर्क और सक्रिय होना चाहिए। इस खतरे का मुकाबला करने के प्रयासों के लिए एक ठोस और बहुआयामी दृष्टिकोण की आवश्यकता है, जिसमें कानून प्रवर्तन, सामुदायिक जुड़ाव, शिक्षा और पुनर्वास शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के तौर पर उन्होंने अपने 16 माह के कार्यकाल में देवभूमि में नशे के खिलाफ अपने आपको सक्रिय तौर पर जोड़ा है। उन्होंने बढ़ते नशे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज गांव-गांव तक नशा पहुंच रहा है और अब लड़कियां तक ड्रग पैडलर बन रही हैं। उन्होंने कहा कि एनडीपीएस अधिनियम नशीली दवाओं की तस्करी और दुरुपयोग से निपटने के लिए हमारे शस्त्रागार में एक महत्वपूर्ण उपकरण है। इस कानून की प्रभावशीलता न केवल अधिकारियों पर बल्कि जनता की सतर्कता और सहयोग पर भी निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि हम देवभूमि के उन प्रहरियों का सम्मान कर रहे हैं जिन्होंने अपने नागरिक कर्तव्यों से परे जाकर कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सहायता करने में अनुकरणीय साहस और समर्पण दिखाया है। उनके प्रयासों ने न केवल अवैध गतिविधियों का पता लगाने और उन पर अंकुश लगाने में मदद की है, बल्कि नशा मुक्त समाज के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने में भी मदद की है। उन्होंने कहा कि प्रहरियों की जिम्मेदारी की भावना ने दूसरों के लिए अनुसरण करने के लिए एक मानक स्थापित किया है। इससे पूर्व, पुलिस महानिदेशक अतुल वर्मा ने राज्यपाल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश पुलिस प्रदेश द्वारा लोगों के सामूहिक प्रयासों को सम्मानित करने के लिए एक समारोह आयोजित किया गया, जो नशे के खिलाफ हमारी लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह सम्मान समारोह हमारे जागरूक नागरिकों की सक्रिय भूमिका को मान्यता देने और उनके योगदान का जश्न मनाने के लिए आयोजित किया गया है, जो सहयोग की परिवर्तनकारी शक्ति को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं का दुरुपयोग हिमाचल प्रदेश में एक महत्त्वपूर्ण चुनौती पेश करता है और इसे प्रभावी ढंग से संबोधित करने के लिए शिक्षा, रोकथाम, उपचार और पुनर्वास शामिल करने वाला एक बहु-विषयक दृष्टिकोण आवश्यक है। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि पारंपरिक प्रवर्तन उपाय अकेले नशीली दवाओं के दुरुपयोग के मूल कारणों से निपटने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकते। समस्या को उत्पन्न करने वाले सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य से संबंधित कारणों को संबोधित करने के लिए व्यापक रणनीति की आवश्यकता को पहचानते हुए, हिमाचल प्रदेश के राज्य गुप्तचर विभाग ने एक बहुआयामी एंटी-ड्रग रणनीति का प्रस्ताव रखा है। यह रणनीति विभिन्न हितधारकों और संसाधनों को एकीकृत करती है ताकि इस संकट से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके और निकट भविष्य में हिमाचल प्रदेश में नशीली दवाओं के दुरुपयोग के संकट से मुक्त वातावरण बनाया जा सके। इस अवसर पर, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के पुलिस अधीक्षक अरविंद नेगी ने प्रदेश में नशीली दवाओं के दुरुपयोग से संबंधित मामलों पर एक प्रस्तुतिकरण भी दिया। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अभिषेक त्रिवेदी ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। शिमला नगर निगम के महापौर सुरेन्द्र चौहान, उप महापौर उमा कौशल, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सतवंत अटवाल त्रिवेदी, राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा तथा राज्यपाल के सचिव का कार्यभार देख रहे सी.पी. वर्मा तथा पुलिस प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
** बारिश से कई मार्ग अवरूद्ध, यातायात प्रभावित हिमाचल प्रदेश में मानसून जल्द ही दस्तक देने वाला है। लेकिन प्रदेश की जनता बीते साल हिमाचल में मची तबाही से अब तक उभरी ही नहीं है कि एक बार फिर लोगों के मन में बाढ़ का खतरा उन्हें ड़रा रहा है। बीते साल मानसून सीजन में भारी बारिश के कारण हिमाचल में आपदा की स्थिती आ गई थी, जिसमें न केवल करोड़ें का नुकसान हुआ था ब्लकि भारी प्रकृतिक आपदा ने हिमाचल को उथल-पुथल करके रख दिया था। वहीं, सोलन में भी वीरवार रात हुई भारी बारिश से कुनिहार के कई मार्ग अवरूद्ध हो गए, जिससे यातायात प्रभावित हो गया हैं। नालागढ़ मार्ग गंभरपुल पर मलवा आने के कारण सड़के बंद हो गई हैं । कुनिहार कुफ्टू मार्ग भी बारिश से प्रभावित हुआ हैं। सुबह लोगों को अपने काम पर पहुंचने के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ी। गंभरपुल पर जहां कुछ दिन पहले बादल फटने की घटना सामने आई थी कल रात भारी बारिश से लोग सहमे हुए थे कि कोई अनहोनी न हो जाए। उसी नाले से बारिश के पानी से पुल के ऊपर मलवा आने से कुनिहार नालागढ़ मार्ग बन्द हो गया। बरसात को देखते हुए वहां खतरा अभी भी बना हुआ है। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता जी एन शर्मा ने बताया कि विभाग द्वारा सुबह से ही इन मार्गो को खोलने का कार्य आरंभ कर दिया गया था व 9 बजे तक सभी मार्गो से मलवा हटाकर यातायात शुरू कर दिया गया है।
जिला रेडक्राॅस सोसायटी, धर्मशाला द्वारा कृत्रिम अंग निर्माण निगम, मोहाली के सहयोग से दिव्यांगजनों की सहायतार्थ 01 जुलाई 2024 कोे सूर्या उदय चैरिटेबल ट्रस्ट, वार्ड न0.15, ठेहड बस स्टैंड, नजदीक खनियारा मेला ग्राउंड धर्मशाला में प्रातः 10ः30 बजे से लेकर सांय 04ः00 बजे तक मूल्यांकन शिविर का आयोजन किया जा रहा है । यह जानकारी देते हुए रेडक्रास सोसाइटी के सचिव ओपी शर्मा ने बताया कि इस शिविर में पात्र दिव्यांगजनों को निःशुल्क सहायक उपकरण जैसेः व्हील चेयर, ट्राईसाईकिल, मोटराईजड़ ट्राईसाईकिल, बैसाखियां, सी0पी0 चेयर, एलबो क्रचेस, वाकिंग स्टिक, स्मार्ट केन, रोलेटर, वाकर, स्मार्ट फोन, कानों में सुनने की मशीन, कैलीपर तथा कृत्रिम अंग इत्यादि प्रदान करने के लिए मूल्यांकन किया जाएगा । पात्र दिव्यांगजन अपनी जरूरत के सहायक उपकरण प्राप्त करने के लिए 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता प्रमाण पत्र, सहायक उपकरण प्रदान करने हेतु चिकित्सक का परामर्श तथा आय प्रमाण पत्र (मासिक 22,500/- रूपये से कम) ,आधार कार्ड ,पासपोर्ट साईज फोटोग्राफ लाना जरूरी है। इस शिविर की अधिक जानकारी के लिए सचिव, जिला रेडक्राॅस सोसायटी, कांगड़ा के संपर्क नंबर 01892-224888, 94188-32244 तथा सूर्या उदय चैरिटेबल ट्रस्ट, खनियारा से 98169-00199, 9816708195 नंबरों पर संपर्क करें।
मिनर्वा कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन में वीरवार रात्रि को बी.एड के द्वितीय सत्र के छात्र-छात्राओं द्वारा चतुर्थ सत्र के छात्र-छात्राओं हेतु विदाई समारोह पुनर्मिलामि का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ ज्ञान की देवी मां सरस्वती को माल्यार्पण से हुआ। कार्यक्रम में मिनर्वा कॉलेज की उपाध्यक्ष कमलेश पटियाल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने सभी प्रशिक्षु अध्यापकों के मंगल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ उनको भविष्य में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता कार्यक्रम का आरंभ रचनात्मक तरीके से किया गया, जिसके बाद विद्यार्थियों की ओर से रंगारंग कार्यक्रम पेश किए गए। इस मौके पर विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी गई। इस अवसर पर रैंप वाॅक, ड़ांस काॅम्पिटिशन व अन्य प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें मिस्टर फेयरवेल अनीश और मिस फेयरवेल सविता भाटिया रही, वही कनव को मिस्टर पर्सनालिटी और अंजलि को मिस पर्सनालिटी चुना गया। इसी दौरान प्रशांत को मिस्टर हैंडसम और रिया को मिस ब्यूटीफुल चुना गया। साथ में मिस्टर मिनर्वा अतुल और मिस मिनर्वा अनामिका को चुना गया। समारोह के अंत में प्राचार्य डॉ प्रशांत कुमार द्वारा चुने हुए प्रशिक्षु अध्यापकों को मंच पर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कॉलेज के डायरेक्टर ए.के खजुरिया और उनकी पत्नी सहित अन्य सभी अध्यापक वर्ग वहां उपस्थित रहे।
**5 वर्ष तथा 15 वर्ष के बच्चों के आधार अपग्रेडेशन होगा निशुल्क **बाल विकास अधिकारियों को निर्देश, बच्चों के अभिभावकों को करें प्रेरित कांगड़ा जिला में बाल विकास अधिकारियों के माध्यम से शून्य से पांच वर्ष आयुवर्ग के बच्चों के आधार कार्ड बनाने के लिए अभिभावकों को प्रेरित करने के निर्देश दिए गए हैं इस के लिए आंगनबाड़ी स्तर पर शून्य से पांच वर्ष आयुवर्ग के जिन बच्चों के आधार कार्ड नहीं बने हैं उसका डाटा बेस तैयार करने के लिए कहा गया है। यह जानकारी अतिरिक्त उपायुक्त सौरभ जस्सल ने उपायुक्त कार्यालय परिसर में आधार को लेकर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने बताया कि कांगड़ा जिला में शून्य से लेकर पांच वर्ष तक के 31 हजार बच्चों के अभी तक आधार कार्ड नहीं बने हैं, जिसके चलते ही अब बच्चों के आधार कार्ड बनाने के लिए विशेष अभियान भी आरंभ किया जाएगा ताकि सभी बच्चों के आधार कार्ड बनाए जा सकें। अतिरिक्त उपायुक्त सौरभ जस्सल ने कहा कि पांच वर्ष तथा पंद्रह वर्ष की आयु पूर्ण होने पर भी बच्चों को आधार कार्ड अपडेट करवाना जरूरी है इस के लिए स्कूल के बच्चे अपने अपने मुख्यध्यापकों या प्रधानाचार्यों से संपर्क करें ताकि आधार कार्ड अपडेट करवाने के लिए उचित कदम उठाए जा सकें। उन्होंने कहा कि छात्रवृतियां तथा अन्य सुविधाओं के लिए आधार कार्ड की लिकेंज जरूरी है, अगर आधार कार्ड अपडेट नहीं होगा तो छात्रवृतियां या अन्य सुविधाओं के लिए बच्चों को परेशानी हो सकती है। अतिरिक्त उपायुक्त सौरभ जस्सल ने कहा कि सभी नागरिकों को दस वर्ष में एक बार आधार कार्ड अपडेट करवाना जरूरी है तथा यूडीआईए की ओर से आधार अपडेग्रेशन के लिए 14 सितंबर 2024 अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि आधार एक अतिमहत्वपूर्ण दस्तावेज है इसके माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की सभी योजनाओं का लाभ मिलता है इसलिए इसका अपडेटेड होना जरुरी और लाभदायक है। अगर आपका आधार अपडेटेड होता है तो आपको केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में बहुत आसानी होती है।
देहरा विधानसभा उपचुनाव के लिए ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की दूसरी रेंडमाइजेशन रिटर्निंग अधिकारी एसडीएम देहरा शिल्पी बेक्टा की अध्यक्षता में आज वीरवार को सम्पन्न हुई। एसडीएम कार्यालय देहरा में ईएमएस 2.0 सॉफ्टवेयर का उपयोग करके दूसरी रेंडमाइजेशन की प्रक्रिया को निर्वाचन विभाग द्वारा पूरा किया गया। इस दौरान चुनाव लड़ रहे राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। रेंडमाइजेशन से पहले उम्मीदवारों के प्राधिकृत प्रतिनिधियों को रेंडमाइजेशन प्रक्रिया के बारे अवगत करवाया गया। रेंडमाइजेशन के उपरांत प्रत्याशियों के प्राधिकृत व्यक्तियों को ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की सूची प्रदान की गई। रेंडमाइजेशन के उपरांत तय हुआ कि कौन सी मशीन किस बूथ को भेजी जानी है। रिटर्निंग अधिकारी शिल्पी बेक्टा ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की दूसरी रेंडमाइजेशन को आज यहां किया गया है। उन्होंने बताया कि देहरा विधानसभा क्षेत्र में 100 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। अब सूची के अनुसार ही इन पोलिंग बूथों पर ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को भेजा जाएगा। रेंडमाइजेशन के दौरान ही कुछ मशीनें रिजर्व रखी गई हैं ताकि किसी मशीन में अगर तकनीकी खराबी आ जाए तो उसे रिजर्व मशीन से बदला जा सके। इसके अतिरिक्त कुछ मशीनों को प्रशिक्षण के लिए आवंटित किया गया है।
26 जून, को विद्यालय में अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस मनाया गया। इस वर्ष का थीम " साक्ष्य स्पष्ट है, रोकथाम पर निवेश करें" के अंतर्गत विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस उपलक्ष्य पर अंतर सदन भाषण प्रतियोगिता ( कनिष्ठ व वरिष्ठ वर्ग), चित्रकला व नारालेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस जागरूकता कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को नशीली दवाओं से दूर रखना और नशीली दवाओं की तस्करी पर अंकुश लगाना है। नशे की लत से होने वाले खतरो को अपने भाषण के माध्यम से प्रतिभागियो ने उजागर किया। भाषण प्रतियोगिता में कनिष्ठ वर्ग में कुमारी सानवी कक्षा आठवीं प्रथम स्थान, कुमारी हर्षिता आठवीं कक्षा ने द्वितीय स्थान व कुमारी प्रियंका आठवी कक्षा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया, जबकि वरिष्ठ वर्ग में सुजल गर्ग जमा एक कक्षा ने प्रथम स्थान, ध्रुव शर्मा जमा दो कक्षा ने द्वितीय स्थान व यश कक्षा नवम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं चित्रकला में कुमारी नीलम कक्षा सातवी प्रथम, कुमारी राइमा परमार कक्षा सातवी ने द्वितीय स्थान तथा कुमारी हिमांशी कक्षा आठवी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।विद्यालय की प्रधानाचार्या स्मृति नेस्टा ने अपने संबोधन में कहा कि हमें स्वस्थ व नशा मुक्त समाज निर्माण के लिए नशे पर पूर्ण अंकुश लगाना होगा साथ ही दवा व्यापार के जोखिमों के बारे में जागरूक किया। इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षकों व विद्यार्थियों ने नशा न करने की शपथ भी ली।
**सामान्य पर्यवेक्षक ने नोडल अधिकारियों एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता की नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के उप-चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के लिए आज यहां भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त सामान्य पर्यवेक्षक (भा.प्र.से.) वेद पति मिश्र की अध्यक्षता में नोडल अधिकारियों एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप-चुनावों के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त व्यय पर्यवेक्षक एन. कार्तिक सहित ज़िला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त मनमोहन शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। सामान्य पर्यवेक्षक ने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया सम्पन्न करने के लिए सभी नोडल अधिकारी अपनी तैयारियां समय रहते पूर्ण कर लें। उन्होंने कहा कि ई.वी.एम. के भण्डारण एवं परिवहन में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित की जाए। सभी निगरानी दल अपने कार्यों का पूरी ईमानदारी एवं निष्ठा से निर्वहन करें। उन्होंने मतदाताओं को लुभाने के लिए शराब एवं अन्य मद्य पदार्थों के वितरण, नकदी व अन्य प्रलोभनों पर कड़ी नज़र बनाए रखने के निर्देश दिए। पुलिस व राज्य कर एवं आबकारी विभाग को अवैध रूप से वितरित अथवा भण्डारण किए गए मद्य पदार्थों एवं नकदी की धर-पकड़ के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने को कहा। उन्होंने कहा कि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन से सम्बन्धित मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जाए। इस सम्बन्ध में कोई भी व्यक्ति सी. विजिल ऐप अथवा टोल फ्री हेल्पलाइन नम्बर 1950 पर शिकायत कर सकता है। उन्होंने लाईसेंस धारकों से हथियार जमा करवाने, मतदान दलों के आवागमन के लिए परिवहन की समुचित व्यवस्था, दिव्यांग मतदाताओं (पीडब्ल्यूडी) के लिए मतदान केन्द्रों पर सभी न्यूनतम आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने तथा सुव्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता (स्वीप) गतिविधियों के बारे में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वेद पति मिश्र ने कहा कि सभी राजनीतिक दल आदर्श आचार संहिता की अनुपालना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान व्यक्तिगत आक्षेप करने से बचें। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल अपने स्टार प्रचारकों की सूची समय पर उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने सार्वजनिक स्थलों पर प्रचार सामग्री लगाने से सम्बन्धित दिशा-निर्देशों की अनुपालना करने को भी कहा। व्यय पर्यवेक्षक एन. कार्तिक ने कहा कि उप-चुनाव के दौरान उम्मीदवारों एवं राजनीतिक दलों द्वारा किए जाने वाले चुनावी व्यय पर कड़ी नज़र रखी जाए। उन्होंने उड़न दस्तों, स्थैतिक निगरानी दलों, वीडियो निगरानी दलों, वीडियो व्यूइंग दलों तथा लेखा दलों को इस संदर्भ में निरंतर निगरानी बनाए रखने एवं चुनावी व्यय से सम्बन्धित रिपोर्ट प्रेषित करने व आवश्यक प्रविष्टियां दर्ज करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि एक उम्मीदवार के लिए चुनावी व्यय की अधिकतम सीमा 40 लाख रुपए तय की गई है। उन्होंने 10 लाख रुपए से अधिक की निकासी तथा अन्य संदिग्ध नकदी निकासी पर कड़ी नज़र रखने के भी निर्देश दिए। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को चुनावी व्यय से सम्बन्धित शैडो रजिस्टर तैयार करने और लेखा दल से इसका मिलान सुनिश्चित करने को भी कहा। ज़िला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने कहा कि उप-चुनावों के लिए सभी तैयारियां समयबद्ध पूर्ण की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के साथ लगते अंतरराज्यीय सीमा क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह अपने दायित्वों का पूरी गम्भीरता के साथ निर्वहन करना सुनिश्चित करें। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अजय कुमार यादव, पुलिस अधीक्षक बद्दी इलमा अफ़रोज़, निर्वाचन अधिकारी एवं उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ दिव्यांशु सिंगल, सहायक आयुक्त विवेक शर्मा सहित ज़िला व निर्वाचन क्षेत्र स्तर के सभी नोडल अधिकारी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के शिवदत्त एवं संधीरा सीनू सिंह, भारतीय जनता पार्टी के चंद्रकांत शर्मा व राजपॉल वर्मा, बहुजन समाज पार्टी से राकेश बराड़, निरंजना एवं सुनीता चौहान तथा निर्वाचन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
विजय मेमोरियल स्कूल, इंदौरा में ऑल इंडिया प्रिंसिपल संगठन द्वारा शिक्षा पद्म सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आईपा फाउंडर राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर नवदीप भारद्वाज ने विशेष भूमिका निभाई । यह कार्यक्रम प्रिंसिपल एवं डायरेक्टर्स के लिए विशेष रूप से था। इस कार्यक्रम की शोभा लगभग 14 राज्यों से आए 101 प्रिंसिपल एवं डायरेक्टर्स ने अपनी हाजिरी लगाकर बढाई। आईपा पैटर्न एस के मिश्रा सुमन शुक्ला, कोमल शर्मा, कांगड़ा सिटी कोऑर्डिनेटर सुनील कांत चढ़ा विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत अमर जवान स्थल पर शहीदों को श्रद्धांजलि समर्पित करके की गई। बाद में दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस समारोह में विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग प्रस्तुतियां दी गई, जिसमें गणेश वंदना तथा बिहू डांस ने खूब प्रशंसा लूटी। इस अवसर पर शिक्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्तम प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया । आईपा राज्य अध्यक्ष एवं गैलेक्सी पब्लिक स्कूल प्रिंसिपल अनुराग शर्मा ने विजय मेमोरियल स्कूल इंदौरा के डायरेक्टर सचिन शर्मा तथा स्कूल प्रधानाचार्य सोनिया शर्मा का विशेष रूप से धन्यवाद किया, जिनकी वजह से हिमाचल प्रदेश में आज आईपा अवार्ड, हिमाचल प्रदेश चैप्टर- 2 का सफल आयोजन किया जा सका। आईपा संगठन की तरफ से विजय मेमोरियल स्कूल इंदौरा के फाउंडर वर्षा शर्मा को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। इस मौके पर वर्षा शर्मा ने कहा कि लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित होना विजय मेमोरियल स्कूल के लिए एक गर्व का पल है। इस उपलब्धि के लिए हम अपने छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को समर्पित करते हैं ,जो हमारे स्कूल की शिक्षा में मेहनती रूप से योगदान देते हैं। ऑल इंडिया प्रिंसिपल संगठन ने विजय मेमोरियल स्कूल को शिक्षा तथा खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उनके कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि विजय मेमोरियल स्कूल अंतरराष्ट्रीय सुविधाओं को प्रदान करते हुए जिला कांगड़ा का अग्रणी स्कूल है और इस अवसर विभिन्न स्कूलों से आए प्रिंसिपलों ने अपने विचार अभिव्यक्त करते हुए कहा कि विजय मेमोरियल स्कूल के विकासशील कार्यक्रम और उनकी प्रासंगिक सामाजिक पहल ने शिक्षा के क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत की है। इस अवसर पर स्कूल की प्रधानाचार्या सोनिया शर्मा ने विभिन्न स्कूलों से आए 101 प्रिंसिपलों का धन्यवाद करते हुए उनको बड़े गर्व के साथ बताया कि विजय मेमोरियल स्कूल पिछले 38 सालों से शिक्षा और खेलों के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है । कार्यक्रम के सफल आयोजन पर स्कूल के डायरेक्टर इंजीनियर सचिन शर्मा ने कहा कि भविष्य में भी विजय मेमोरियल स्कूल इस तरह के कार्यक्रमों का सफल आयोजन करता रहेगा।
नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के उप-चुनाव के दृष्टिगत आज डॉ. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी में सहायक पीठासीन अधिकारियों (पी.आर.ओ) और सहायक पीठासीन अधिकारियों (ए.पी.आर.ओ) तथा मतदान अधिकारियों (पी.ओ.) के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता इन उप-चुनावों के लिए भारत निर्वाचन आयोग की ओर से नियुक्त सामान्य पर्यवेक्षक भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. वेद पत्ति मिश्र ने की। उन्होंने इस अवसर पर उपस्थित पीठासीन अधिकारियों और सहायक पीठासीन अधिकारियों तथा मतदान अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह मतदान प्रक्रिया से सम्बन्धित सभी नियमों एवं निर्देशों तथा ई.वी.एम. एवं वी.वी.पैट. की कार्य प्रणाली के बारे में समुचित जानकारी प्राप्त कर लें। साथ ही इन मशीनों के संचालन के बारे में पूरी गम्भीरता और सजगता के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मतदान सम्पन्न करने में पीठासीन व मतदान अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि मतदान प्रक्रिया से सम्बन्धित किसी भी प्रकार की शंका के निवारण के लिए वह अपने उच्चाधिकारियों का मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं। निर्वाचन अधिकारी एवं उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ दिव्यांशु सिंगल ने कहा कि मतदान प्रक्रिया के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ई.वी.एम.) के सुचारू संचालन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने उपस्थित मतदान कर्मियों को रिहर्सल के दौरान सिखाई गई प्रक्रिया को ठीक से समझने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर नायब तहसीलदार (निर्वाचन) दीवान सिंह ठाकुर ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से उपस्थित मतदान कर्मियों को मतदान प्रक्रिया, ई.वी.एम संचालन और मतदान कर्मियों के दायित्वों व कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। नालागढ़ विधानसभा उप-चुनाव के लिए मतदान के लिए 121 मतदान केंद्र स्थापित किए गए है। इन मतदान केन्द्रों में 62 पीठासीन अधिकारी, 76 सहायक पीठासीन अधिकारी और 142 मतदान अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय कुमार यादव, नायब तहसीलदार निर्वाचन दीवान सिंह ठाकुर, निर्वाचन कानूनगो राखी पुंडीर व ललित कुमार सहित मतदान अधिकारी उपस्थित थे।
ज़िला दण्डाधिकारी सोलन मनमोहन शर्मा ने आमजन की सुरक्षा के दृष्टिगत नदी-नालों एवं खड्डों इत्यादि के किनारें न जाने बारे आवश्यक आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार सोलन ज़िला की सीमा में अश्वनी खड्ड में, खड्ड के दोनों किनारों पर तथा इसके आस-पास के स्थानों और सोलन तहसील के राजस्व गांव सेर बनेड़ा में गिरीपुल पर गिरी नदी के किनारे स्थित शनि मंदिर के समीप एवं आस-पास के क्षेत्र में सभी प्रकार की अनाधिकृत पर्यटन और व्यवसायिक गतिविधियों को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इन आदेशों के अनुसार अश्वनी खड्ड और गिरी नदी में स्नान करने तथा इनके किनारों पर पिकनिक मनाने पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इन आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि मानसून के मौसम में भारी वर्षा के कारण नदी, नालों के किनारे जाना खतरनाक सिद्ध हो सकता है। अधिकतर मौकों पर पर्यटक नदी एवं खड्डों में नहाने के लिए चले जाते हैं। ऐसे में किसी भी कारण से नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि पर्यटकों के जीवन को खतरा पैदा कर सकती है। उन्होंने स्थानीय पुलिस को ज़िला पर्यटन अधिकारी के साथ सक्रिय समन्वय स्थापित करते हुए इन निर्देशों को अक्षरशः लागू करने के भी निर्देश दिए हैं। यह आदेश तुरन्त प्रभाव से लागू हो गए हैं और अगले दो माह तक प्रभावी रहेंगे। इन आदेशों का उल्लंघन करने पर विधि सम्मत कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
हिमाचल प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आर.एस. बाली ने कहा कि राज्य सरकार निजी क्षेत्र के सहयोग से सार्वजनिक निजी साझेदारी प्रणाली के तहत पर्यटन अधोसंरचना के सतत विकास के लिए प्रभावी कदम उठा रही है। पर्यटन और नागरिक उड्डयन विभाग द्वारा प्रदेश में व्यवसाय के अवसरों पर चंडीगढ़ में आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हिमाचल एक शांतिप्रिय और बेहतर कानून व्यवस्था वाला राज्य है जहां पर्यटन क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश सरकार इन संभावनाओं को धरातल पर उतारने की दिशा में अग्रसर है। सरकार पर्यटन क्षेत्र के माध्यम से राज्य की आर्थिकी को मज़बूत बनाने के साथ-साथ युवाओं को इस क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं एवं अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करने के लिए एशियन विकास बैंक के अंतर्गत तैयार की जा रही परियोजनाओं के विकास, प्रबन्धन एवं संचालन में निजी क्षेत्र की साझेदारी सुनिश्चित करना है। हिमाचल प्रदेश में निजी क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिए भविष्य में देश के अन्य स्थानों में भी इस तरह के सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। सम्मेलन में निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों ने डिजाइन, साझेदारी संरचना और एडीबी की उप-परियोजनाओं आदि के अंतर्गत विभिन पहलुओं पर बहुमूल्य सुझाव और प्रतिक्रियाएं प्रस्तुत कीं। प्रस्तुति के दौरान निजी निवेशकों ने सार्वजनिक निजी भागीदारी के लिए उपलब्ध सम्पत्तियों में विशेष रूचि दिखाई। प्रधान सचिव पर्यटन देवेश कुमार, निदेशक पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मानसी सहाय ठाकुर, ताज, आईटीसी, महिन्द्रा, ओबरॉय, सरोवर आदि जैसे प्रमुख होटल समूहों के प्रतिनिधियों और निजी क्षेत्रों से डिलॉयट व पीडब्ल्यूसी परामर्श एजेंसी ने भी इस सम्मेलन में भाग लिया। इसके अलावा, मनीला और नई दिल्ली से एशिया विकास बैंक के अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
**देश-विदेश में पहली पसंद छरमा के उत्पाद **2012 से 2015 बैच के आईएफएस अफसरों ने दिखाई दिलचस्पी काजा: जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में तैयार होने वाले किंग ऑफ विटामिन सी यानी छरमा (सीबकथॉर्न) के उत्पाद देश-विदेश में पसंद बन चुके हैं। वाइल्ड लाइफ डिविजन स्पीति के तहत विभिन्न स्वयं सहायता समूह छरमा के कई उत्पाद तैयार कर रहे हैं, जिसे खरीदने के लिए 2012 से 2015 बैच के भारतीय वन सेवा के अफसरों ने भी दिलचस्पी दिखाई। गत बुधवार को देश के भिन्न-भिन्न राज्यों की 31 सदस्यीय आईएफएस अफसरों की टीम एक्सपोजर विजिट पर वाइल्ड लाइफ डिविजन स्पीति पहुंची। काजा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इस टीम ने जाइका से जुड़े 9 स्वयं सहायता समूहों से संवाद किया। इस दौरान यहां उपलब्ध छरमा चाय, जूस, बैरी, सूखे सेब समेत अन्य उत्पादों की खूब बिक्री हुई। डीसीएफ स्पीति मंदार उमेश जेवरे ने बताया कि चंद घंटों में ही 12 हजार रुपये की सेल हुई। उन्होंने कहा कि आज देश-विदेश में छरमा के औषधीय उत्पादों की मांग बढ़ रही है। मंदार उमेश जेवरे ने कहा कि देश के भिन्न-भिन्न राज्यों से आए आईएफएस अधिकारी स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए ऐसे उत्पादों पर शोध करेंगे। गौरतलब है कि स्पीति के सीबकथॉर्न यानी छरमा से बनने वाले उत्पाद देश व दुनिया में पसंद किए जाएंगे। वर्तमान में भी इसके उत्पादों को लोग पसंद करते हैं, परंतु यह हिमाचल में आसानी से नहीं मिल पाते। बताया जाता है कि कैंसर-शुगर मरीजों के लिए रामबाण छरमा से कई तरह की दवाएं भी तैयार की जाती हैं। दवाओं के निर्माण में इसकी डिमांड काफी ज्यादा है। सीबकथॉर्न की पत्तियों में विटामिन सी समेत कई दूसरे पोषक तत्व प्रचूर मात्रा में होते हैं। जाइका वानिकी परियोजना से जुड़े स्वयं सहायता समूह छरमा के उत्पाद तैयार कर अपनी आर्थिकी को और मजबूत कर रहे हैं।
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में शिक्षाशास्त्रविद्याशाखा के अंतर्गत प्राक शास्त्री (10+2) व शिक्षा शास्त्री (बीएड) की कक्षाएं आरंभ कर दी गई। इस उपलक्ष में प्राक शास्त्री एवं शिक्षाशास्त्री छात्रों का सत्रारम्भ कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बतौर मुख्य अतिथि परिसर की निदेशक प्रो.सत्यम कुमारी उपस्थित रहीं। वहीं मुख्यवक्ता के रूप में वेदान्त के विभागाध्यक्ष प्रो.मञ्जुनाथ भट्ट शामिल हुए। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता बीएड विभाग के अध्यक्ष प्रो.शीशराम ने की।मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित परिसर निदेशिका प्रो. सत्यम कुमारी ने छात्रों को निष्ठापूर्वक अध्ययन एवं समय के सदुपयोग करने हेतु विशेषरूप से प्रेरित किया,जिससे सभी छात्र अपने माता-पिता एवं गुरुजनों की अपेक्षा के अनुरूप अपने जीवन में सफलता को प्राप्त कर सकें। वहीं मुख्यवक्ता प्रो.मञ्जुनाथ भट्ट ने सभी नए छात्रों को शुभकामनाएं प्रदान की। कार्यक्रम एवं विभागाध्यक्ष प्रो.शीशराम ने सभी छात्रों को विशेषरूप से बधाई दी तथा जीवन में आगे बढ़ने हेतु प्रेरित एवं आश्वस्त करते हुए कहा कि आप सभी छात्र शैक्षणिक गतिविधियों में पूर्णरूप से सहयोग करें। बी एड विभाग के अध्यक्ष प्रो शीशराम ने जानकारी देते हुए बताया कि प्राकशास्त्री कक्षा में कुल 109 व शिक्षाशास्त्री(बी एड) प्रथम वर्ष में 39 नए छात्र-छात्राओं को दाखिला मिला है। शान्ति मंत्र के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन डॉ.सत्यदेव ने किया। इस अवसर पर बीएड विभाग के सभी प्राध्यापक मौजूद रहे।
बिलासपुर : पुलिस द्वारा बिलासपुर में कुछ दिन पूर्व हुए गोलीकांड के सूत्रधार (मास्टर माइंड) बताए जा रहे पूर्व विधायक बम्बर ठाकुर के बेटे पुरंजन ठाकुर को वीरवार सुबह गिरफ्तार कर लिया गया है। बिलासपुर पुलिस की टीम ने पुरंजन ठाकुर को सुबह साढ़े 9 के करीब जिला न्यायालय परिसर से उस वक्त गिरफ्तार किया जब पुरंजन ठाकुर न्यायालय में आत्मसमर्पण करने के लिए पहुंचा था। गौरतलब है कि गत बुधवार को पुरंजन ठाकुर के वकील ने हाईकोर्ट शिमला में अग्रिम जमानत हेतु लगाई अर्जी वापिस ले ली थी व आत्मसमर्पण कर देने की बात कही थी। हाईकोर्ट ने उसे वीरवार 10 बजे तक बिलासपुर अदालत में आत्मसमर्पण करने के लिए कहा था। वीरवार को जैसे ही पुरंजन ठाकुर आत्मसमर्पण करने के लिए न्यायालय परिसर पहुंचा त्यों ही पहले से ही ताक में बैठी बिलासपुर पुलिस की टीम ने उसे न्यायालय कक्ष के अंदर प्रवेश करने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया। बता दें कि बीते 20 जून को बिलासपुर जिला कोर्ट के बाहर दिनदहाड़े एक युवक सौरभ पटियाल पर गोलियां चली थीं। साैरभ पटियाल 23 फरवरी को जबली में रेलवे कार्यालय में पूर्व विधायक बंबर ठाकुर पर हुए हमले का मुख्य आरोपी है। गोलीकांड के दिन वह पेशी के लिए कोर्ट आया हुआ था। पुलिस की जांच में गोलीकांड का मुख्य आरोपी बिलासपुर सदर के पूर्व विधायक बंबर ठाकुर का बड़ा बेटा पुरंजन ठाकुर निकला। इसको लेकर बिलासपुर के एसपी ने पत्रकार वार्ता के माध्यम से खुलासा किया था। गोलीकांड के मुख्य आरोपी शूटर सन्नी गिल ने पुलिस पूछताछ में पुरंजन का नाम उगलते हुए कबूला था कि उसने ही ये सारी साजिश रची थी।
कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर देर रात कोटी रेलवे स्टेशन के समीप ट्रेन की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौ*त हो गई है। मृत*क परवाणू क्षेत्र का रहने वाला था। हादसे के बाद रेलवे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर श*व कब्जे में लेकर जांच शुरू की। ट्रेन शिमला से कालका की तरफ जा रही थी। रेलवे पुलिस निरीक्षक कुलवंत नेगी ने हादसे की पुष्टि की है ।
धर्मशाला: फोरलेन कार्य के दौरान नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से दौलतपुर के नजदीक जंक्शन प्वाइंट पर तीन विभिन्न ग्राम पंचायत के रास्ते को बाधित कर दिया गया है। इस कारण ग्राम पंचायत दौलतपुर, कुल्थी और बालोल के लोग परेशान हैं। समस्या का समाधान न होने से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने उपमंडल अधिकारी नागरिक कांगड़ा इंशात जसवाल को समस्या के समाधान के संदर्भ में ज्ञापन सौंपा। साथ ही उपमंडल अधिकारी कांगड़ा को अवगत करवाया कि उपरोक्त समस्या से लगभग 4,000 के करीब आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने कहा कि रास्ता बंद होने से उन्हें बाजार, बैंक, उचित मूल्य की दुकान पर जाने और बच्चों को जाने में परेशानी हो रही है। इस पर उपमंडल अधिकारी नागरिक कांगड़ा ईशांत जसवाल ने समस्या का समाधान करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
ब्यास व पार्वती नदी में फोटो खींचने के लिए सैलानी अपनी जान को भी जोखिम में डाल रहे हैं। ताजा मामले में मणिकर्ण के कटागला में हरियाणा का एक दंपती नदी किनारे फोटो शूट कर रहा था कि अचानक महिला का पांव फिसल गया और उफनती पार्वती नदी में जा गिरी। नदी में गिरने के बाद महिला लापता है। घटना बुधवार देर शाम की है। लापता पर्यटक की पहचान कविता(31) पत्नी अजय निवासी झज्जर हरियाणा के रूप में हुई है। एसपी कुल्लू डॉ. कार्तिकेयन ने कहा कि पुलिस स्थानीय लोगों के साथ तलाश कर ही है।
**75 प्रतिशत पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा पूरा लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बीते कल विभाग द्वारा प्रदेशभर में निर्माणाधीन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से संबंधित अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों आदि भवनों एवं अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन निर्माणाधीन परियोजनाओं का 75 प्रतिशत या उससे अधिक कार्य सम्पन्न हो चुका है, उन्हें पूरा करने को प्राथमिकता प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार 75 प्रतिशत या उससे अधिक पूरे हो चुके निर्माणाधीन कार्यों के लिए उचित निधि सुनिश्चित कर उन्हें तय समय सीमा के भीतर पूर्ण कर जन कल्याण के लिए अतिशीघ्र समर्पित किया जाए। उन्होंने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर विभिन्न विभागों की परियोजनाओं की सूची तैयार करने के भी निर्देश दिए, उन परियोजनाओं का कार्य पूरा करने पर विशेष अधिमान दिया जाए जो विधानसभा क्षेत्र की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की तर्ज पर जिन ठेकेदारों के दो कार्य संतोषजनक नहीं पाए जाते हैं, उन्हें भविष्य में तब तक नए कार्य आवंटित नहीं किए जाने चाहिए, जब तक वह अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं लाते। उन्होंने कहा कि जो ठेकेदार गुणवत्तापूर्ण कार्य करते हैं एवं समय सीमा का उल्लंघन नहीं करते, उन्हें काम के आधार पर नई निर्माण परियोजना का कार्य प्रदान करने के लिए प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं की लागत वृद्धि को बढ़ने से रोकने के लिए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि पर्याप्त बजट प्रावधान होने पर ही निर्माण कार्य आरम्भ किया जाए। इसके उपरांत विक्रमादित्य सिंह ने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि लोक निर्माण विभाग आगामी बरसात के मौसम के दौरान किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा 206 जेसीबी, 110 बुल्डोज़र, 28 रोबो मशीन, 17 बेली ब्रिज और 13,000 श्रमशक्ति को प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर तैनात कर दिया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में बहाली एवं राहत कार्य सुनिश्चित किए जा सकें। उन्होंने कहा कि विभाग के अधिकारियों को आवश्यकता पड़ने पर और अधिक श्रमशक्ति एवं मशीनरी की तुरंत उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पिछले वर्ष बरसात के दौरान उपजी स्थितियों कोे ध्यान में रखते हुए प्रतिकूल परिस्थितियों से निपटने के दृष्टिगत कार्य प्रणाली अपनाने के निर्देश दिए हैं।
कुल्लू जिला मुख्यालय से करीब तीन किलोमीटर दूर वैष्णो माता मंदिर के समीप ब्यास नदी में एक ट्रक गिर गया। ट्रक मनाली से कुल्लू की तरफ आ रहा था। रात करीब 12:30 बजे जैसे ही चालक बाशिंग के समीप पहुंचा तो चालक नियंत्रण खो बैठा और ट्रक सीधा ब्यास नदी के बीच जा गिरा। हादसे के बाद चालक लापता है। इसके साथ ही ट्रक में और लोगों के होने का भी अंदेशा जताया जा रहा है। एसपी डॉ. कार्तिकेयन गोकुल चंद्रन ने कहा कि पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। लापता चालक की तलाश की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश में कल से अगले छह दिनों तक भारी बारिश होने की संभावना है। भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट खास तौर पर 29 और 30 जून के लिए जारी किया गया है। ऊना, बिलासपुर और हमीरपुर को छोड़कर नौ जिलों में आज और कल के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, जब खतरा कम होता है तो येलो अलर्ट जारी किया जाता है। जब सावधानी की जरूरत होती है और खतरा ज्यादा होता है तो ऑरेंज अलर्ट जारी किया जाता है और जब खतरा बहुत ज्यादा होता है तो रेड अलर्ट जारी किया जाता है। इस दौरान बारिश के साथ-साथ कुछ जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। इस सीजन में मौसम विभाग ने पहली बार बारिश का ऑरेंज अलर्ट दिया है। इसे देखते हुए प्रदेशवासियों को सावधानी बरतनी होगी। स्थानीय लोगों सहित पर्यटकों को भी अधिक ऊंचाई वाले, लैंड स्लाइड संभावित क्षेत्रों और नदी-नालों के आसपास नहीं जाना चाहिए। प्रदेश के कई क्षेत्रों में प्री-मानसून की बारिश बीते तीन दिन से हो रही है। इससे प्रदेशवासियों ने भीषम गर्मी से राहत की सांस जरूर ली है। मगर ऊना सहित दूसरे शहरों का तापमान अभी भी नॉर्मल से ज्यादा चल रहा है।
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बैचवाइज आधार पर नियुक्त होने वाले जेबीटी और टीजीटी को स्कूल जाने से पहले पढ़ाई करवाने के तरीकों का 15 दिन तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। कई वर्षों से नौकरी का इंतजार कर रहे इन शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने यह फैसला लिया है। जुलाई में 1,100 जेबीटी और 1,023 टीजीटी की बैचवाइज आधार पर स्कूलों में नियुक्तियां होनी हैं। लोकसभा और विधानसभा उपचुनाव के चलते आदर्श चुनाव आचार संहिता लगने से टीजीटी और जेबीटी की भर्तियां लटक गई हैं। चुनावों की घोषणा से पहले शिक्षा विभाग ने 1023 टीजीटी का बैचवाइज भर्ती के माध्यम से चयन कर लिया था। चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के चलते इन शिक्षकों को नियुक्तियां नहीं दी जा सकी थीं। शिक्षा मंत्री ने नियुक्तियों से संबंधित सभी औपचारिकताओं को इस माह पूरा करने को कहा है। इसके अलावा करीब 1,100 पदों पर जेबीटी की बैचवाइज भर्ती भी पूरी कर ली गई है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने 13 मार्च 2024 को अक्तूबर-नवंबर 2023 के दौरान हुई बैचवाइज काउंसलिंग का परिणाम घोषित किया है। इसमें टीजीटी आर्ट्स में 496, नॉन मेडिकल में 333 और मेडिकल में 194 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। शिक्षा विभाग ने जेबीटी शिक्षकों के बैचवाइज 1,161 पद भरने के लिए हाईकोर्ट से मंजूरी मांगी थी। कोर्ट ने कुछ भर्तियों के परिणाम नहीं निकालने के आदेश देते हुए करीब 1,100 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने को हरी झंडी दे दी है। अब इन शिक्षकों को नियुक्तियां देने से पहले निदेशालय ने प्रशिक्षित करने का फैसला लिया है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि बैचवाइज भर्ती होने वालों को स्कूलों में पढ़ाने के नए तरीकों से अवगत करवाना आवश्यक है। चयनित होने वाले कई शिक्षक बीते कुछ वर्षों में शिक्षण के अलावा अन्य काम भी कर रहे होंगे। ऐसे में इन्हें 15 दिन का प्रशिक्षण देने का फैसला लिया गया है।
जीएसटी छह फीसदी कम होने के बाद बागवानों को अब सेब कार्टन तीन रुपये तक सस्ता मिलेगा। सेब कार्टन पर पहले जीएसटी 18 फीसदी था। कुछ दिन पहले दिल्ली में हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में कार्टन पर जीएसटी छह फीसदी कम कर 18 से 12 फीसदी किया गया। इस बार प्रदेश में सेब की ढाई से तीन करोड़ पेटियों के उत्पादन का अनुमान लगाया गया है। उद्योगपतियों ने यूनिवर्सल कार्टन बनाना शुरू कर दिया है। इस बार सेब यूनिवर्सल कार्टन में ही बिकेगा। प्रदेश सरकार की ओर से इसको लेकर अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। यूनिवर्सल कार्टन के अलावा अन्य कार्टन में बागवान सेब नहीं बेच सकेंगे। जीएसटी कम होने से गत्ता उत्पादकों को भी इसका फायदा होगा। अगले माह से सेब सीजन शुरू होने वाला है। तीन रुपये बॉक्स सस्ता होने से सेब उत्पादकों को फायदा होगा। कई बागवानों के 2 से 3 हजार तक बॉक्स प्रतिवर्ष सेब के लगते हैं। ऐसे में उन्हें 6 से 9 हजार रुपये तक का फायदा मिलेगा। गत्ता उद्योग संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मुकेश जैन ने बताया कि इस बार उत्पादकों ने यूनिवर्सल कार्टन बनाना शुरू कर दिया है। इस कार्टन की क्वालिटी काफी बेहतर होगी। यह कार्टन विदेशों से आयात होने वाले सामान के कार्टन की तरह होगा। इसमें एक महीने तक कार्टन खराब नहीं होगा। गत्ता उद्योग संघ के प्रदेशाध्यक्ष आदित्य सूद ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से अधिसूचना जारी होती है तो गत्ता उत्पादक कार्टन के दाम कर देंगे। सेब का सीजन शुरू होने वाला है और गत्ता उत्पादकों ने कार्टन बनाना शुरू कर दिया है। इस बार यूनिवर्सल कार्टन ही बनाए जाएंगे। इस बार गर्मी अधिक होने से सेब की फसल कम बताई जा रही है लेकिन उसके बावजूद भी ढाई से तीन करोड़ कार्टन तैयार किए जा रहे हैं।
आईसीआईसीआई फाउंडेशन ने रेडक्रॉस सोसायटी को शव वाहन किया भेंट धर्मशाला: उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि रेडक्रास सोसाइटी मानवता की सेवा में अहम योगदान दे रही है इस पुनीत कार्य में सभी नागरिकों को रेडक्रास सोसाइटी में अपना रचनात्मक सहयोग सुनिश्चित करना चाहिए। बुधवार को धर्मशाला में आईसीआईसीआई बैंक तथा आईसीआईसीआई फाउंडेशन द्वारा उपायुक्त हेमराज बेरवा ने माध्यम से जिला रेडक्रॉस सोसायटी को शव वाहन भेंट किया गया। इस अवसर पर आईसीआईसीआई फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना करते हुए उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि यह वाहन जरूरतमन्द नागरिकों के लिए मददगार साबित होगा। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि रेडक्रास सोसाइटी के माध्यम से जिलाभर में कई प्रकल्प चलाए जा रहे हैं तथा गरीब तथा निर्धन लोगों को आर्थिक सहायता भी मुहैया करवाई जाती है इसके साथ ही समय समय पर रक्तदान शिविर तथा अन्य जागरूकता कार्यक्रम भी रेडक्रास सोसाईटी के माध्यम से चलाए जा रहे हैं। उन्होेंने कहा कि टांडा मेडिकल कालेज में रोगियों के तामीरदारों के रहने के लिए रेडक्रास सोसाइटी के माध्यम से सरायें का संचालन भी किया जा रहा है। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि कांगड़ा जिला में रेडक्रास सोसाइटी के समाज सेवा के प्रकल्पों का विस्तारीकरण भी सुनिश्चित किया जाएगा ताकि गरीब तथ निर्धन लोग लाभांवित हो सकें। इस अवसर पर आईसीआईसीआई बैंक तथा आईसीआईसीआई फाउंडेशन के अधिकारी तथा रेडक्रास सोसाइटी के सचिव ओपी शर्मा भी उपस्थित थे।
**अपनी सत्ता बचाने के लिए पूरे देश को जेल बना देना लोकतंत्र का काला अध्याय शिमला : नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला से जारी बयान में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला द्वारा आपातकाल पर निंदा प्रस्ताव की जमकर सराहना करते हुए उनका आभार जताया। कहा कि अपनी सरकार और ख़ुद को बचाने के लिए इंदिरा गांधी ने देश के डेढ़ लाख से ज़्यादा लोगों को जेल में डाल दिया। आंतरिक सुरक्षा के नाम पर ऐसी तानाशाही की गई कि लोगों से कोर्ट जाने के भी अधिकार छीन लिये गये। आपातकाल देश के लोकतंत्र और एक काला धब्बा है, जिसकी जिम्मेदारी कांग्रेस पर है। कांग्रेस के तानाशाही सोच का यह काला दाग कभी मिटेगा भी नहीं। दुःख की बात यह है कि आज भी कांग्रेस है तानाशाही के साथ काम कर रही है। प्रदेश में सरकार की कार्यप्रणाली से भी इसका आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है। यह निंदा प्रस्ताव यह बताता है कि देश में संविधान के ऊपर कुछ भी नहीं है ल। आज लोकतंत्र और संविधान की दुहाई देने वाली कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को यह बताना चाहिए कि कांग्रेस संविधान और संवैधानिक मूल्यों का किस कदर गला घोंटा। आज ज्यादातर जो लोग इंडी एलायंस के साथ हैं उनकी पार्टियों के नेताओं को आपातकाल में जेलों में ठूंस कर किस प्रकार की यातनाएं दी गई हैं, उन नेताओं को भी देश के लोगों को बताना चाहिए। कांग्रेस के सहयोगी दलों को आपातकाल के बारे में देश को बताना चाहिए कि किस तरह से एक नेता देश के लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान के ऊपर होकर विपक्षी पार्टी के नेताओं को जेलों में भरकर प्रताड़ित कर रहा था। किस तरह राष्ट्रीय स्तर के नेताओं को भी अपने परिजनों के अंतिम संस्कार में भी शामिल होने से रोका गया। देश के लोगों को यह जानना चाहिए, जिससे आने वाली पीढ़ियां इसकी भयावहता से वाक़िफ़ हो सकें। नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश के लोगों द्वारा कांग्रेस को पूरी तरह नकार देने के कारण हताशा में हैं इसलिए वह अनर्गल बातें कर रहे हैं। यह सरकार पूरी तरह से नाकाम हो गई है। लोगों सिर्फ़ परेशान करने के अलावा कोई काम नहीं कर रही है। आज प्रदेश में हर व्यक्ति सरकार से निराश हैं। रोजगार से लेकर विकास के मामले में यह सरकार पिछली सरकार के कामों को एक कदम भी आगे नहीं बढ़ा पाई है। एक भी युवा को रोज़गार नहीं दे पाई है यह सरकार सिर्फ़ मित्रों के लिए समर्पित सरकार है। जिसका आम आदमी के हितों से कोई लेना देना नहीं है। इस बार के उपचुनाव में भी प्रदेश के लोग इस सरकार को सबक़ सिखाने के लिए तैयार बैठे हैं।
**आयोग के निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के दिए निर्देश **देहरा उपचुनाव के व्यय पर्यवेक्षक ने व्यय निगरानी टीमों के साथ की बैठक देहरा विस उपचुनाव के व्यय पर्यवेक्षक अल्पेश कुमार त्रिकमलाल परमार आईआरएस ने निष्पक्ष तथा स्वतंत्र चुनाव प्रक्रिया के लिए निर्वाचन आयोग के निर्देश की अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश व्यय निगरानी टीमों को दिए गए हैं। व्यय पर्यवेक्षक अल्पेश कुमार त्रिकमलाल परमार ने उपायुक्त कार्यालय सभागार में व्यय निगरानी टीमों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए व्यय निगरानी अत्यंत जरूरी है इस के लिए निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों के आधार पर देहरा निर्वाचन क्षेत्र में व्यय निगरानी के लिए उड़नदस्ते तथा नाके भी लगाए जाएं ताकि निर्वाचन में किसी भी स्तर पर नगदी या अन्य तरह का प्रयोग चुनाव को प्रभावित करने के लिए नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि बैंक प्रबंधन को भी प्रतिदिन की लेन-देन, आनलाइन मनी ट्रांसफर की निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं इसके साथ ही निर्वाचन ड्यूटी पर तैनात आबकारी विभाग के अधिकारियों को भी शराब की बिक्री पर पूर्णतय चेकिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। जीएसटी विभाग को भी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं इसके साथ ही नारकोटिक्स के नोडल अधिकारियों को भी नियमित तौर पर रिपोर्ट के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि रिटर्निंग आफिसर तथा एकांउटिंग टीम को भी व्यय निगरानी के लिए उपयुक्त जगह पर नाके इत्यादि लगवाने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों में पेड न्यूज इत्यादि की निगरानी के लिए मीडिया प्रमाणन समिति का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र तथा निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने मोबाइल ऐप सी विजिल लांच किया है इस ऐप के जरिए आम जन आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की रिपोर्ट कर सकेगा। उन्होंने कहा कि सी विजिल ऐप से प्राप्त शिकायतों का सौ मिनट में निवारण भी सुनिश्चित किया जाए। कहा कि सभी राजनीतिक रैलियों की विडियोग्राफी भी सुनिश्चित की जाए ताकि व्यय का सही आकलन किया जा सके। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त सौरभ जस्सल, एएसपी वीर बहादुर सहित विभिन्न व्यय निगरानी दलों के नोडल अधिकारी उपस्थित थे।
कुनिहार के दशहरा मैदान में 10 वर्षों बाद डे एंड नाइट फुटबॉल खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता 27 जुन से 30 जून तक अशोका-हरी मैमोरियल फुटबॉल कप के नाम से यूथ क्लब व राम लीला जनकल्याण समिति द्वारा संयुक्त रूप से करवाई जा रही है। प्रतियोगिता पहले ठाकुर हरिदास मेमोरियल खेल समिति कुनिहार द्वारा करवाई जाती थीं, लेकिन 2014 के बाद किन्हीं कारणों से यह प्रतियोगिता नहीं हो पाई। यूथ क्लब के अध्यक्ष परीक्षित शर्मा व राम लीला जनकल्याण समिति के अध्यक्ष रितेश जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि खिलाड़ियों व फुटबाल प्रेमियों के मांग पर यूथ क्लब व समिति ने इस डे नाईट प्रतियोगिता को करवाने का निर्णय लिया। कुनिहार क्षेत्र के जाने माने फुटबॉल खिलाड़ी स्वर्गीय अशोक कुमार व स्वर्गीय हरी सिंह की याद में यह प्रतियोगिता करवाई जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के अधिकतर मैच दूधिया रोशनी में करवाए जाएंगे। लेकिन मौसम के हिसाब से कुछ मैच दिन मे भी करवाए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता में स्थानीय टीमों सहित सोलन, शिमला, नाहन, चंडीगढ़, पांवटा साहिब आदी क्षेत्रों की लगभग 15 टीमें भाग लेंगी। प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में विजेता टिम को 31000 व ट्रॉफी तथा उप विजेता टिम को 21000 व ट्रॉफी से नवाजा जाएगा, तो वहीं बेस्ट प्लेयर, बेस्ट गोल कीपर के सम्मान से भी समिति द्वारा खिलाड़ियों को समानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बाहर से आने वाली टीमों के खाने व ठहरने की व्यवस्था क्लब व समिति द्वारा की जाएगी।
रिटर्निंग अधिकारी एवं उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ दिव्यांशु सिंगल ने बताया कि नालागढ़ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के उप-चुनाव के लिए आज नामांकन वापिस लेने की अंतिम तिथि को एक नामांकन पत्र वापिस लिया गया। उन्होंने बताया कि नालागढ़ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के उप-चुनाव के लिए आज़ाद उम्मीदवार गुरनाम सिंह पुत्र जागर सिंह, गांव चुहुंवाल, डाकघर एवं तहसील नालागढ़, ज़िला सोलन ने अपना नामांकन पत्र वापिस लिया है। दिव्यांशु सिंगल ने बताया कि अब 05 उम्मीदवार नालागढ़ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के उप-चुनाव के लिए पात्र हैं। उन्होंने बताया कि 10 जुलाई, 2024 को वोट डाले जाएंगे, जबकि 13 जुलाई, 2024 को मतगणना होगी।
नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र में उप-चुनाव के दृष्टिगत ज़िला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा की अध्यक्षता में आज उपायुक्त कार्यालय के एन.आई.सी. सभागार में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ई.वी.एम) व वोटर वैरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (वी.वी.पैट.) मशीनें मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में नालागढ़ के लिए प्रदाय की गई। यह कार्य अतिरिक्त उपायुक्त अजय कुमार यादव की उपस्थिति में सम्पन्न करवाया गया। मनमोहन शर्मा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के लिए उपलब्ध बैलेट यूनिट (बीयू)-169, कन्ट्रोल यूनिट (सीयू)-169 तथा वी.वी.पैट.-181 मशीनों को प्रदाय किया गया। मशीनों को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में खोला गया और ई.एम.एस. सॉफ्टवेयर के माध्यम से नालागढ़ उप-चुनाव के लिए उक्त ई.वी.एम. तथा वी.वी.पैट. मशीनों को भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुसार निर्वाचन अधिकारी एवं उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ द्वारा प्रतिनियुक्त नोडल अधिकारियों को प्रदाय किया गया। इस अवसर पर तहसीलदार निर्वाचन ऊषा चौहान, नायब तहसीलदार दीवान सिंह ठाकुर, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के शिवदत्त ठाकुर व संधीरा सीनू सिंह, भारतीय जनता पार्टी के चन्द्रकांत शर्मा, बहुजन समाजवादी पार्टी के राकेश बराड़ तथा आम आदमी पार्टी के भरत ठाकुर उपस्थित थे।
जेपी आंदोलन के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मंगलवार देर सांय इंडिया इंटरनेशनल सेंटर नई दिल्ली में सम्पूर्ण क्रांति आन्दोलन महोत्सव का आयोजन किया गया। महोत्सव का शुभारम्भ करते हुए राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने जयप्रकाश नारायण को भारत के नव निर्माण का महान नायक बताया। उन्होंने कहा कि उनके प्रयासों के फलस्वरूप आज देश में लोकतन्त्र को नई दिशा मिली है। देश के नव निर्माण आन्दोलन में उनके योगदान को सदैव याद रखा जाएगा। देश की स्वतन्त्रता संघर्ष और देश के निर्माण में उनका योगदान स्वर्णिम अक्षरों में अंकित है। राज्यपाल ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण यथार्थवादी थे और उन्होंने सपनों को हकीकत में बदला। हम सभी को उनसे प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। राज्यपाल ने कहा कि लोक नायक जय प्रकाश अंतरराष्ट्रीय अध्ययन विकास केन्द्र द्वारा लोक नायक जयप्रकाश नारायण की स्मृति में आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रम प्रशंसनीय हैं और इनके माध्यम से उनकी स्मृतियों को संजोकर रखा जा रहा है। इस अवसर पर राज्यपाल ने सम्पूर्ण क्रांति आन्दोलन में महत्त्वपूर्ण योगदान के लिए 12 लोगों को जेपी सेनानी सम्मान से सम्मानित किया। इस अवसर पर केन्द्रीय तिब्बत प्रशासन के पूर्व प्रधानमंत्री प्रो. प्रो.समधोंग रिनपोछे, पूर्व केन्द्रीय मंत्री बीके त्रिपाठी, शोधार्थी, विचारक और समाज सेवी उपस्थित रहे।
उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने आज यहां अंतरराष्ट्रीय नशा निवारण दिवस के अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को नशा निवारण की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 26 जून को अंतरराष्ट्रीय नशा निवारण दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर उन्होंने सभी उपस्थित अधिकारी व कर्मचारियों को ‘आज हम एकजुट होकर नशामुक्त भारत अभियान के तहत एक प्रतिज्ञा लेते हैं कि न केवल हमारे समुदाय, परिवार दोस्त बल्कि खुद को नशामुक्त बनाएंगे क्योंकि परिवर्तन भीतर से शुरू होता है, इसलिए आओ मिलकर अपने राज्य हिमाचल प्रदेश को नशामुक्त बनाने का संकल्प लें। मैं प्रतिज्ञा करता हूं कि मैं अपने देश को नशामुक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास करूंगा’ की शपथ दिलाई। अतिरिक्त उपायुक्त अजय कुमार यादव, सहायक आयुक्त विवेक शर्मा, ज़िला राजस्व अधिकारी नीरजा शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी इस अवसर पर उपस्थित थे। इस अवसर पर सोलन ज़िला के विभिन्न विभागों में अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी अपने-अपने कार्यालयों में नशा निवारण पर शपथ ली। इसके अतिरिक्त ज़िला में स्थित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में भी इस उपलक्ष्य में रैली सहित अन्य गतिविधियां आयोजित की गई। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सौजन्य से सोलन शहर में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत स्कूली छात्रों की रैली निकालकर नशा निवारण संदेश दिया गया।


















































