कंडाघाट ब्लॉक की ग्राम पंचायत ममलीग की पूर्व प्रधान सत्या ठाकुर को पार्टी ने प्रदेश महिला किसान कल्याण बोर्ड का सदस्य नियुक्त किया है, जिसके लिए सत्या ठाकुर ने प्रदेश मुख्यमंत्री सुखबिंदर सिंह सुक्खू व सोलन विधानसभा के विधायक व प्रदेश स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कर्नल धनिराम शांडिल का धन्यवाद किया। सत्या ठाकुर ने कहा कि आज तक पार्टी ने उन्हें जो भी जिम्मेदारी दी है, उसे बखूबी निभाया है और वह इस नई जिम्मेदारी को भी वह बखूबी निभाएंगी। गौर रहे कि सत्या ठाकुर ने वर्तमान में प्रदेश कांग्रेस सेवादल में सचिव व महिला मोर्चा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष का कार्य भी संभाला हुआ है।
प्रदेश के कांगड़ा जिले में पैराग्लाइडिंग के लिए विश्व प्रसिद्ध साइट बीड़ बिलिंग और धर्मशाला में प्रसिद्ध इंदरूनाग साइट में 15 जुलाई से 15 सितंबर तक पैराग्लाइडिंग पर पूरी तरह से प्रतिबंध कर दिया गया है। दरअसल, बरसात के दौरान पर्यटकों और पैराग्लाइडरों की सुरक्षा को देखते हुए पर्यटन विभाग ने ये निर्णय लिया है। पर्यटन विभाग के उप निदेशक विनय धीमान ने कहा बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए 15 जुलाई से 15 सितंबर तक पैराग्लाइडिंग पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि विभाग के निर्णय को नजरअंदाज करने वाले पायलटों से 2 हजार का जुर्माना ओर सजा का भी प्रावधान किया गया है। बता दें कि कांगड़ा में करीब 350 पायलटों ने पर्यटन विभाग से उड़ान भरने का लाइसेंस प्राप्त किया है। यह पैराग्लाइडिंग को फ्लाइट करवाकर अपनी आजीविका कमाते हैं
भाजपा प्रदेश महामंत्री त्रिलोक कपूर ने आज मुख्य सचिव प्रमोद सक्सेना, डीसी लाहौल-स्पीति से फिर यह आग्रह किया है लाहौल-स्पीति के बातल के समीप समुद्र स्तर से लगभग 15 किलोमीटर की ऊंचाई पर बहुत से भेड़पालक भारी बर्फबारी के बीच में फंसे हैं, उनको जनजीवन में तो जूझना पड़ रहा है, लेकिन खाने-पीने की वस्तुएं भी खत्म हो गई हैं। आज सुबह बंदला निवासी डागू राम जी द्वारा सूचना मिली है कि 3 भेड़पालक ईश्वर दास, फिन्ना राम, जगदी चंद भेड़पालकों की सूचना मिली है, जो समस्या से जूझ रहे हैं। कपूर ने मुख्य सचिव से आग्रह किया है तुरंत सरकार हेलीकॉप्टर कि व्यवस्था करके सबंधित क्षेत्र में जाकर आवश्यक सामग्री उपलब्ध करवाएं और सारी चारगाहों की रेकी करवाएं, ताकि वास्तव स्थिति में घुमंतू भेड़पालक किस तरह से अपना जीवन यापन कर रहे हैं। इस अवसर पर मुख्य सचिव प्रमोद सक्सेना और डीसी लाहौल ने आश्वस्त किया आज ही हम हेलिकॉप्टर की व्यवस्था करके यथासंभव सहायता करने का प्रयास करेंगे और ऐसी चारगाहों की भी रेकी करेंगे, ताकि भेड़पालकों के परिवार जो की चिंता में डूबे हुए हैं, उनको सही जानकारी दी जा सके।
पिछले दो-तीन दिनों से जारी भारी बारिश के बाद भी गिरि नदी व अश्वनी खड्ड में आई गाद फिलहाल जल शक्ति विभाग के लिए विलेन नहीं बन पाई है। जल शक्ति विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन में कर्मचारी मुस्तैदी से कार्य कर रहे हैं और बिना किसी बड़ी रुकावट के पानी की लिफ्टिंग को सुचारू बनाए हुए हैं। जल शक्ति विभाग द्वारा नगर निगम सोलन को भी भरपूर मात्रा में पेयजल उपलब्ध करवाया जा रहा है। बावजूद इसके शहर के कई इलाकों में अभी भी लोगों को पानी की किल्लत से दो-चार होना पड़ रहा है। निगम की मानें तो हर क्षेत्र में प्रतिदिन पानी सप्लाई कर पाना मुनासिब नहीं, जिसे देखते हुए तयबद्ध तरीके से ही वार्डों में पेयजल सप्लाई की जा रही है। जल शक्ति विभाग सोलन के अधिशासी अभियंता ई. सुमित सूद के कुशल मार्गदर्शन में विभागीय कर्मचारी दिन-रात एक कर लिफ्टिंग को सुचारू बनाए रखने में प्रयासरत हैं। हालांकि अश्वनी खड्ड में आई गाद समय-समय पर दिक्कतें पेश कर रही है, लेकिन यह दिक्कत इतनी बड़ी नहीं है कि लिफ्टिंग को सुचारू न रखा जा सके। दोनों ही परियोजनाओं से रोजाना पानी लिफ्ट कर न केवल नगर निगम की मांग को पूरा किया जा रहा है बल्कि उन स्थानों पर भी सप्लाई की जा रही है जहां पेयजल वितरण का जिम्मा स्वयं विभाग के पास है। गौरतलब है कि सोलन शहरवासी पेयजल के लिए गिरि व अश्वनी खड्ड योजना पर निर्भर हैं। इन परियोजनाओं में पानी की लिफ्टिंग का जिम्मा जल शक्ति विभाग के पास है। जल शक्ति विभाग द्वारा पेयजल निगम को दिया जाता है, जिसके बाद शहर में पेयजल वितरण का जिम्मा नगर निगम देखती है। गाद आने के बावजूद पानी की लिफ्टिंग को सुचारू बनाने के लिए मुस्तैदी से कार्य किया जा रहा है।
रविवार को दोपहर बाद 2 बजे के करीब ईएसआई करतार सिंह एएनटीएफ कांगड़ा अपनी टीम सहित बनीखेत-चंबा मार्ग के गलू मोड़ पर नाका लगाए हुए थे कि पीबी 11 एएम 8150 इनोवा गाड़ी को रोककर तलाशी ली। उसमें सवार प्रभदीप सिंह पुत्र सरदार सुच्चा सिंह उम्र 22 साल गांव मेबा मियानी डाकखाना आलमपुर तहसील दसुआ जिला होशियारपुर व हरजीत सिंह पुत्र दिलबाग सिंह गांव बाबक डाकखाना गोदा वाह तहसील टांडा जिला होशियारपुर उम्र 40 साल से 81.2 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया। पुलिस द्वारा आगे की कार्रवाई की जा रही है।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश की आपदा में पूरा सहयोग कर रही हैं। चाहे आर्थिक सहायता की बात हो या अन्य ज़रूरी संसाधनों की, जिस भी संसाधन की ज़रूरत पड़ी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह ने तुरंत उपलब्ध करवाई। राहत और बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ़ की टीमें भेजी, वायुसेना और सेना को लगाया, हेलीकॉप्टर से लेकर बीआरओ पूरे जी जान से जुटे रहे। हफ़्ते भर के भीतर आपदा राहत के तहत 364 करोड़ रुपये की दो किश्तें जारी कर दी। बहुत जल्दी तीसरी किश्त भी जारी हो रही है। सोमवार को केंद्र की टीम आपदा से हुए नुक़सान का जायज़ा लेने आ रही है। आपदा नुक़सान के आंकलन के आधार पर ही केंद्र सरकार भावी मदद की योजना बनाती है। सेना, एनएचएआई आज भी अपने काम में जुटी हुई हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह 'सुक्खूÓ का यह कहना कि केंद्र सरकार कि तरफ़ से अभी तक कोई वित्तीय राहत नहीं मिली है, शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण बयान है। हर काम करने की एक प्रक्रिया होती नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हर काम करने की एक निर्धारित प्रक्रिया होती हैं। आर्थिक मदद देने के पहले विशेषज्ञों द्वारा नुक़सान का आँकलन किया जाता है और एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाती हैं। इसके बाद की योजनाएं तैयार की जाती हैं। आपदा से निपटने की प्रक्रिया हैं। सबसे पहले राहत और बचाव कार्य। इसके बाद पुनर्वास और पुनर्निर्माण। आपदा आते ही राहत और बचाव के लिए केंद्र ने कुशलतम संस्था एनडीएफ़आर को लगाया गया, वायुसेना और सेना को लगाया गया। नुक़सान का जायज़ा लेने के लिए सोमवार को टीमें आ रही हैं। केंद्र सरकार ने त्वरित सहायता के तौर पर दो हफ़्ते के भीतर ही 364 करोड़ की 2 किश्तें जारी कर दी गई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने हर प्रकार की मदद करने का भरोसा दिया है। हमारी पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं से लेकर बूथ लेवल के कार्यकर्ता और सरकार के सभी विभाग काम पर लगे हैं फिर भी मुख्यमंत्री ऐसी ग़ैरजीमेदाराना टिप्पणी कर रहे हैं।
हाल-फिलहाल में हुई भारी बारिश से प्रभावित प्रत्येक वर्ग को सहायता उपलब्ध करवाने के लिये जिला प्रशासन पूरी तरह प्रयासरत है। जिलाधीश कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि प्रशासन को पिछले दिनों बड़ा भंगाल के रास्ते में कुछ भेड़ पालकों के फंसे होने की सूचना मिली थी। उन्होंने बताया कि इसपर त्वरित कार्रवाई करते हुए तहसीलदार मुलथान पूर्ण चंद कौंडल के नेतृत्व में एक टीम भेड़ पालकों की सहायता के लिए रवाना हुई और उन्हें राशन पहुंचाया गया। उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा बड़ा भंगाल में फंसे भेड़ पालकों के लिए 21 राशन किट उपलब्ध करवाई गई हैं। उन्होंने बताया कि हर किट में 20 किलो आटा, 10 किलो चावल सहित तेल, नमक, दालें, चीनी, चाय इत्यादि जैसी दैनिक जरूरतों का सामान शामिल है। उन्होंने बताया कि राजस्व एवं अन्य विभाग के कर्मचारियों ने स्वयं मौके पर जाकर भेड़ पालकों का संज्ञान लिया और उन्हें जरूरत का सामान वितरित किया। उन्होंने बताया कि इसके अलावा भी उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध करवायी जाएगी। डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि बड़ा भंगाल के रास्ते की भी शीघ्र मुरम्मत के लिए बीडीओ बैजनाथ को निर्देश दे दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि बरसात से प्रभावित सभी लोगों और वर्गों को राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन पूर्ण संवेदनशीलता से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिला में बरसात से प्रभावित हुए लोगों को तुरंत फौरी राहत उपलब्ध करवाने के निर्देश राजस्व अधिकारियों को दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार बरसात से निपटने के लिये संवेदनशील इलाकों में रिसोर्सेज का मोबिलाइजेशन किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि इस दौरान स्तर्क रहें तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन को तुरंत सूचित करें। उन्होंने कहा कि किसी प्रकार की सहायता के लिए जिला आपदा प्रबंधन कांगड़ा के टोल फ्री नंबर 1077 तथा मोबाइल नंबर 7650991077 पर संपर्क कर सकते हैं।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जल शक्ति विभाग के कर्मचारियों जान जोखिम में डालकर जनता को पानी उपलब्ध करवाने में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि दिन-रात उफनती नदियों पर बनी पेयजल योजनाओं को चालू करने के प्रयास हो रहे हैं आज 72 घंटों में जल शक्ति विभाग के हजारों कर्मचारियों ने दिन रात मेहनत कर 4630 योजनाओं को चालू करने में कामयाबी हासिल की है। यह कर्मचारियों के जनूनी एवं फौलादी हौसलों की बदौलत हम बहाल कर पाए हैं, उन्होंने कहा कि मैं इस समय विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों द्वारा की जा रही कठिन परिस्थितियों में पेयजल व सीवरेज की योजनाओं की बहाली के कार्यों की सराहना करता हूं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से नदी नालों के बीच जाकर कठिन काम जान जोखिम में डाल कर्मचारी फील्ड में कर रहे हैं उससे भावुक हूं। उन्होंने कहा कि हिमाचल इन कर्मचारियों का ऋणी हैं, जो जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं।
अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ जिला सिरमौर की राजगढ़ व नौहराधार इकाई के चुनाव आज निर्विवाद संपन्न हुए, जिसमें राजगढ़ खंड से अरुण चौहान को तथा नौहराधार खंड से रामलाल शर्मा को खंड अध्यक्ष की कमान मिली इसके अतिरिक्त नौहराधार खंड से वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगमोहन जनशक्ति विभाग, महासचिव कुलदीप कुमार राजस्व विभाग, कोषाध्यक्ष अनीता कोष एवं लेखाकार विभाग, मुख्य सलाहकार सतेंद्र शिक्षा विभाग उप प्रधान प्रधान शिवम कनिष्ठ अभियंता लोक निर्माण विभाग शिवम व वन विभाग के अशोक कुमार को चुना गया, सयुक्त सचिव तपेंद्र चौहान जनशक्ति विभाग विनीत चौहान पशुपालन विभाग, प्रेस सचिव हजारी ठाकुर राजस्व विभाग, संगठन सचिव सुरेश चौहान शिक्षा विभाग, कानूनी सलाहकार जितेंद्र सिंह जलशक्ति विभाग इसी प्रकार राजगढ़ खंड से महासचिव पद के लिए नंदलाल पशुपालन विभाग, वरिष्ठ उप प्रधान पद के लिए शजगदीश कुमार उद्यान विभाग, मुख्य सलाहकार पद के लिए नागेंद्र ठाकुर पशुपालन विभाग, उप प्रधान लिए श्जोगिंदर सिंह पशुपालन विभाग,रविंद्र कुमार वन विभाग, रामस्वरूप स्वास्थ्य विभाग एवं रंजना उद्यान विभाग, वित्त सचिव नरेंद्र चौहान जल शक्ति विभाग तथा संयुक्त सचिव समर सिंह शिक्षा विभाग व घनश्याम लोक निर्माण विभाग, कानूनी सलाहकार अनिल शर्मा वन विभाग, प्रेस सचिव दिनेश कंवर वन विभाग व संगठन सचिव राजू लोक निर्माण विभाग से निर्विवाद निर्वाचित हुए। इन बैठकों में विभिन्न विभागो के 100 से अधिक कर्मचारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर राजगढ़ मे एन पी एस ई खंड अध्यक्ष प्रवीण शर्मा तथा नोहराधार मे एन पी एई जिलाध्यक्ष सुरेंद्र पुंडीर विशिष्ट आमंत्रित रूप से उपस्थित रहे तथा नवनिर्वाचित कार्यकारणी को हार्दिक बधाई दी तथा आशा व्यक्त की कि शीघ्र ही संपूर्ण हिमाचल मे अराजपत्रित संघ के निर्विवाद चुनाव सम्पन्न होंगे तथा नई कार्यकारणी कर्मचारी हितार्थ ऐतिहासिक कदम उठाएगी।
जिला पेंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन जिला सोलन की विशेष आपात बैठक जिलाध्यक्ष केडी शर्मा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सर्वप्रथम अर्की यूनिट की संगठन सचिव तुलसी देवी की लंबी बीमारी के बाद 13 जुलाई को निधन होने पर उनकी आत्मिक शांति के लिए दो मिनट का मौन रख कर प्रार्थना की गई तथा शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की गई। जिला पेंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन के जिलाध्यक्ष केडी शर्मा ने बताया कि तुलसी देवी लगभग 68 वर्ष की थी। वह अपने पीछे भरापूरा परिवार छोड़ गई है। प्रेस सचिव डीडी कश्यप एवं पट्टाबरावरी-हरिपुर यूनिट के अध्यक्ष ने जिला की सभी यूनिटों की ओर से तुलसी देवी के निधन पर गहरा दुख प्रकट किया है।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव विक्रम शर्मा डिक्की ने कहा कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने आपदा की घड़ी में प्रदेश सरकार की कोई मदद नहीं की है, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। रविवार को डाडा सीबा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता जिस मदद की बात कर रहे हैं, वह तो रूटीन में मिलने वाली मदद है । हिमाचल प्रदेश के अंदर भारी बरसात के कारण हजारों करोड रुपए का नुकसान हुआ है तथा कई परिवार पूरी तरह से तबाह हो गए हैं। मीडिया हिमाचल के दर्द को समझ रहा है लेकिन केंद्र सरकार मूकदर्शक बनकर तमाशा देख रही है। बार-बर आग्रह करने के उपरांत भी अभी तक केंद्र सरकार की ओर से कोई भी पैकेज प्रदेश सरकार को नहीं मिला है, जबकि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्र के बड़े नेताओं को हिमाचल में हुए अब तक के बड़े नुकसान के संदर्भ में अवगत करवाया है। उन्होंने भाजपा पर आपदा की घड़ी में राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश के साथ भेदभाव पूर्ण तरीके से काम कर रही है क्योंकि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है। हिमाचल को उसका हक नहीं दिया जा रहा है। इस समय प्रदेश को केंद्र सरकार की मदद की सबसे ज्यादा जरूरत थी लेकिन रूटीन में मिलने वाली मदद को वित्तीय सहायता प्रदान करने का गुणगान भारतीय जनता पार्टी के नेताओं द्वारा किया जा रहा है जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में केंद्र सरकार प्रदेश सरकार की खुलकर मदद करे तो कांग्रेस केंद्र सरकार का खुले दिल से आभार व्यक्त करेगी। प्रदेश की जनता देख रही है कि केंद्र की भाजपा सरकार राहत कार्यों को गति देने के लिए इस समय विशेष पैकेज देने में आनाकानी कर रही है। प्रदेश के भाजपा नेता मदद प्राप्त करने की बजाय ढोंग की राजनीति कर रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश में हुई भारी बारिश से जल शक्ति विभाग को 1411 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है, प्रदेश के उप मुख्यमंत्री जिनके पास जल शक्ति विभाग भी है मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि यह नुकसान काफी बड़ा है, जिससे उबरने में समय लगेगा। मुकेश ने कहा कि विभागीय अमला टीम में फील्ड में है। उन्होंने कहा कि अभी तक 4623 योजनाएं रिस्टोर कर दी गई हैं, जिनसे लोगों को पानी मिल रहा है। यह कर्मचारियों के जनूनी एवं फौलादी हौसलों की बदौलत हम बहाल कर पाए हैं। उन्होंने कहा कि मैं इस समय विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों द्वारा की जा रही कठिन परिस्थितियों में पेयजल व सीवरेज की योजनाओं की बहाली के कार्यों की सराहना करता हूं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से नदी नालों के बीच जाकर कठिन काम जान जोखिम में डाल कर्मचारी फील्ड में कर रहे हैं उससे भावुक हूं। उन्होंने कहा कि हिमाचल इन कर्मचारियों का ऋणी है, जो जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जल प्रलय में योजनाओं को बहाल करना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी दिन रात काम कर रहे हैं ,उनके परिवार हैं उनके बच्चे हैं, पत्नी हैं ,माता-पिता हैं। उन्होंने दिन-रात नहीं देखा, टॉर्च की लाइट में, मोबाइल की लाइट में लगातार काम कर रहे हैं । उन्होंने कहा कि हमने विभाग के अधिकारियों को फील्ड में पूरी तरह शक्तियां दे रखी है कि पानी की बहाली के लिए चाहे सिंचाई की योजना का प्रयोग करें, चाहे खराब हुई योजनाओं को ठीक करें,कोई मशीनरी लेनी है, कोई उपकरण लेना है तो तुरंत लिया जाए। उन्होंने कहा कि हर शक्ति दी गई है, ताकि राहत जल्द हो। उन्होंने कहा कि जनता की तकलीफों को हम समझते है ऐसे में हम तत्परता से काम कर रहे हैं, जनता भी संयम व धैर्य रखें। विभाग के इन कर्मचारियों अधिकारियों का हौसला बढ़ाएं जो जान पर खेलकर 24 & 7 काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि पेयजल व सीवरेज की योजनाएं जल्द चालू हो ताकि लोगों को राहत मिले। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से नुकसान हुआ है यह अपने आप में बड़ी त्रासदी है , उन्होंने कहा कि पेयजल की अधिकतर योजनाओं को नुकसान हुआ है, ऐसे में पेयजल योजनाओं को जल्द रिस्टोर करना अपने आप में चुनौती है, यह काम विभाग के अधिकारी व कर्मचारी छुट्टियां रद्द कर कर रहे हैं, संडे को भी दफ्तर लगे हुए हैं ,काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योजनाएं जल शक्ति विभाग की अधिकतर नदी नालों के समीप हैं या बीच में है ऐसे में मलवा आ गया है,रेत आ गया है, योजनाएं चोक हो गई है, योजनाएं सब को ठीक करने के लिए समय तो लगेगा लेकिन अधिक से अधिक जल्दी इनको ठीक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग की 5203 योजनाएं पेयजल की प्रभावित हुई हैं। 1237 सिंचाई की योजनाएं प्रभावित हुई हैं। 55 सीवरेज की योजनाएं प्रभावित हुई है, 101 बाढ़ नियंत्रण के कार्यों को नुकसान हुआ है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जनता को राहत देना और जल्द योजनाओं को ठीक कर चालू करना हमारी प्राथमिकता है । उन्होंने कहा कि इस भयंकर विनाश में हर संभव काम फील्ड में किया जा रहा है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि सोलन ज़िला में भारी वर्षा से अब तक 190 करोड़ रुपये से अधिक का नुक्सान हुआ है। प्रदेश सरकार एवं ज़िला प्रशासन युद्ध स्तर पर कार्य कर पीड़ितों को राहत पंहुचाने के लिए कार्यरत हैं। डॉ. शांडिल आज सोलन विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कनैर, जधाणा तथा सतड़ोल में भारी वर्षा से हुए नुकसान का जायजा लेने के उपरान्त प्रभावित परिवारों से बातचीत कर रहे थे। स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार आपदा की इस घड़ी में प्रभावित लोगों के साथ है और प्रभावितों के नुकसान की भरपाई के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने प्रभावितों को ढांढस बंधाया और उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी पीड़ा का समाधान प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता है। उन्होंने कुफरी धार माता मंदिर में माथा टेका और जन-जन की सुरक्षा की कामना की। डॉ. शांडिल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के सभी आपदा प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रयास सफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बिजली, पानी और मोबाइल नेटवर्क जैसी आवश्यक सेवाएं 48 घंटों के भीतर बहाल की गई हैं। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से 70,000 से अधिक पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की सुविधा के लिए सड़कों एवं पुलों की बहाली को प्राथमिकता दे रही है। वह स्वंय सोलन विधानसभा क्षेत्र का निरीक्षण कर पीड़ितों की सहायता सुनिश्चित बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम नागरिक की जीवन अब धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है और भविष्य मैं हमें ऐसी प्राकृतिक आपदा से सीख लेने की ज़रूरत है। डॉ. शांडिल ने भारी वर्षा से क्षतिग्रस्त डंगों, नालियों व गलियों को मनरेगा के तहत ठीक करवाने के संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को सड़कें, जल शक्ति विभाग को सिंचाई और पेयजल योजनाएं तथा विद्युत बोर्ड को बिजली व्यवस्था बहाली में और तेज़ी लाने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज हिमाचल प्रदेश के आपदा प्रभावित लोगों की सहायता के उद्देश्य से एक डिजिटल प्लेटफार्म का शुभारम्भ करते हुए आपदा राहत कोष-2023 वेबसाइट लॉन्च की। उन्होंने कहा कि दानी सज्जन डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग, क्यूआर कोड और यूपीआई जैसी विभिन्न भुगतान विधियों का उपयोग करके कहीं से भी इस आपदा राहत कोष-2023 में अंशदान कर सकते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल में भारी बारिश के कारण आई विपदा से प्रदेश को उबारने के लिए देश और विदेश से लोगों ने सहायता करने की इच्छा व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि लोग सुविधाजनक तरीके से सहायता राशि उपलब्ध करवा सकें, इसके लिए सूचना प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस विभाग ने एक पारदर्शी वेब लिंक विकसित किया है। इस लिंक के माध्यम से कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन अंशदान कर सकता है और अपने मोबाइल डिवाइस पर रसीद प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि निर्बाध लेन-देन सुनिश्चित करने के लिए इस प्रणाली को कई भुगतान गेटवे के साथ एकीकृत किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले कुछ दिनों के भीतर विदेशी दानकर्ताओं के लिए ऑनलाइन दान की सुविधा उपलब्ध करवाने का कार्य प्रगति पर हैै। मुख्यमंत्री ने आपदा राहत कोष-2023 में योगदान करने के लिए विभिन्न कर्मचारी संगठनों और व्यक्तियों के प्रति आभार भी व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने स्वयं, मंत्रिमण्डल के सहयोगियों व कांग्रेस के सभी विधायकों ने इस कोष के लिए अपना एक माह का वेतन दान करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने 50 वर्षों में आई भीषण आपदा की स्थिति की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश को भारी वर्षा के कारण अत्याधिक नुकसान का सामना करना पड़ा है। उन्होंने सभी से प्रदेश को इस तबाही से उबारने में मदद के लिए अधिक से अधिक अंशदान करने का आह्वान भी किया। इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार) गोकुल बुटेल, डिजिटल टेक्नोलॉजी एवं गवर्नेंस विभाग के सचिव डॉ. अभिषेक जैन, निदेशक मुकेश रेपस्वाल एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि कोविड काल के दौरान प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में आउटसोर्स पर भर्ती किए गए 1844 कर्मचारियों की सेवाएं 30 सितंबर, 2023 तक बढ़ा दी गई हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के समय विभिन्न मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य संस्थानों में आउटसोर्स पर स्टाफ नर्स, डाटा एंट्री ऑपरेटर और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों सहित अन्य श्रेणियों के 1844 कर्मचारी भर्ती किए गए थे, जिनकी सेवा अवधि 30 जून को समाप्त हो रही थी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस अवधि को 1 जुलाई से 30 सितंबर, 2023 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। इससे प्रदेश सरकार को लगभग 15 करोड़ रुपये अतिरिक्त वहन करने होंगे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल के प्रदेश मंत्री आकाश नेगी ने बताया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के कार्यकर्ता बाढ़ से प्रभावित लोगों की लगातार मदद कर रहे हैं व सेवा कार्य में जुटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश के मंडी व कुल्लू में आई बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुए रास्ते जिसके कारण सभी ट्रकों की आवाजाही मंडी से आगे बंद है। मंडी मनाली नेशनल हाईवे की सड़कें क्षतिग्रस्त हुई है, जिसकी वजह से सभी बड़े वाहनों की आवाजाही मंडी से आगे बंद है। पिछले कल विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं के द्वारा नागचला के करीब फोरलेन पर फंसे लगभग 300 ट्रक चालकों व परिचालकों को खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाई गई। इस दौरान विद्यार्थी परिषद के उत्तर क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्रीमान विजय प्रताप व प्रदेश संगठन मंत्री गौरव अत्री ने भी कार्यकर्ताओं का सहयोग किया। उन्होंने ट्रक चालकों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए उनका हाल चाल जाना व जरूरत होने पर हर सहायता करने का विश्वास दिलाया। आकाश नेगी ने बताया कि विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने बाढ़ प्रभावितों के लिए पूरे हिमाचल प्रदेश में आम जनमानस से धन संग्रह भी किया है। उन्होंने बताया कि इकत्रित किए हुए धन को विद्यार्थी परिषद आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री राहत कोष में सौंपेगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद ने जो हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं उन पर किसी भी प्रकार की खाद्य सामग्री वह किसी भी अन्य प्रकार की सहायता की जरूरत हो तो विद्यार्थी परिषद से संपर्क कर सकते है इस संकट की घड़ी में प्रदेश में रहने वाला हर एक व्यक्ति एक दूसरे का सहारा वह एक दूसरे के सहयोग में लगा है इसी कड़ी में विद्यार्थी परिषद भी अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को निभा रहा है वह प्रदेश के किसी को कोने से किसी भी सहायता के लिए संपर्क कर सकते हैं।
जयसिंहपुर उपमंडल के अंतर्गत पड़ते कर्णघट पंचायत के कमांद वार्ड 4 से लापता नागेश्वर प्रसाद का शव आज पौंग झील में मिला। परिवार ने उसकी शिनाख्त उसकी टी-शर्ट से की। शव पूरी तरह से गल चुका है। पुलि कार्रवाई के उपरांत आज शव परिवार को सौंप दिया गया। नागेश्वर प्रसाद राजकीय बहुतकनीकी संस्थान तलबाड़ में लैब असिस्टेंट के पद पर कार्यरत था। नागेश्वर प्रसाद 30 जून को सुबह अपने घर से ड्यूटी के लिए निकला था, जब नागेश्वर प्रसाद देर रात तक घर नहीं पहुंचा तो घर वालों ने छानबीन की। पोटेक्निकल तलबाड़ कॉलेज से यह सूचना मिली कि आज नागेश्वर प्रसाद ड्यूटी पर नहीं पहुंचा है फिर गांव कमांद के लोगों ने नागेश्वर प्रसाद को इक_े होकर हर जगह तलाशना शुरू कर दिया। तलाश करते हुए नागेश्वर प्रसाद का स्कूटर कांगड़ा बैंक जयसिंहपुर के पास मिला और उसकी चप्पले लोक निर्माण विभाग जयसिंहपुर के पीछे ब्यास नदी के ऊपर मिलीं, जिससे अंदेशा लगाया जा रहा था कि नागेश्वर प्रसाद ने ब्यास नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली होगी। रविवार को 17 दिनों के बाद शव हरिपुर गुलेर में पौंंग डैम में मिला। जानकारी देते हुए लंबागांव थाना के प्रभारी प्रेमपाल शर्माने बताया कि मृतक नागेश्वर प्रसाद का शव पोस्टमार्टम करवा करके परिजनों को सौंप दिया गया है।
स्वयं भू प्रकट शिवलिंग ऐतिहासिक एवं प्राचीन शिव मंदिर काठगढ़, इंदौरा में गत वर्षों की तरह इस वर्ष भी श्रावण मास महोत्सव प्राचीन शिव मंदिर सुधार सभा द्वारा 16 जुलाई से 16 अगस्त तक बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा। आज श्रावण मास महोत्सव का आगाज श्री रामचरितमानस एवं महाशिवपुराण व महामृत्युंजय जप के साथ किया गया। प्रति दिन तथा आज से ही क्षेत्र के महान विद्वानों पंडितों द्वारा रामचरितमानस के 11 रामायणों का अखंड पाठ सभा के प्रधान ओम प्रकाश कटोच व अन्य सभा के पदाधिकारियों द्वारा आरंभ किया गया, जिसका 17 जुलाई प्रात: 11:30 बजे पवित्र भोग डाला जाएगा। 18 जुलाई से 20 जुलाई तक त्यागमूर्ती द्वारका नाथ शास्त्री के पुत्र महाराज गंगाधर शास्त्री (जम्मू वाले) द्वारा हरिचर्चा तथा सत्संग बाद दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक प्रतिदिन होगा। तथा 22 जुलाई से 28 जुलाई तक श्री शिव शक्ति हवन यज्ञ व रुद्र महायज्ञ आचार्य पंडित निगम शर्मा के नेतृत्व में पंद्रह विद्वान पंडितों द्वारा प्रतिदिन करवाया जाएगा। इसके साथ 29 जुलाई से 4 अगस्त तक महाराज मोहन चंद्र भक्तमालि वृंदावन वाले द्वारा श्रीमद्भागवत कथा की अमृतवर्षा की जाएगी। 6 अगस्त से 12 अगस्त तक महाराज महेश कृष्ण ठाकुर वंृदावन वाले के सुंदर प्रवचनों द्वारा श्री राम कथा का गुणगान किया जाएगा। 14 अगस्त को साध्वी सुश्री प्रियंका बाबा द्वारा महाशिवपुराण कथा का आयोजन किया जाएगा। तथा 15 अगस्त 2023 को आध्यात्मिक गुरु आचार्य सतीश शास्त्री द्वारा शिव चर्चा एवं सत्संग किया जाएगा। इस अवसर पर सभा के वरिष्ठ उपप्रधान बनारसी दास मेहता, अजित सिंह, उपप्रधान युद्धवीर सिंह, महासचिव सुभाष शर्मा, सचिव गणेश दत्त शर्मा, कार्यालय सचिव योगेंद्र पाल भारद्वाज, प्रेस सचिव सुरिंदर शर्मा, सलाहकार कृष्ण मन्हास, कुलदीप सिंह, संगठन सचिव रमेश पठानिया, प्रेम सिंह, प्रचार सचिव पवन कुमार शर्मा, रमेश शर्मा, बलबीर सिंह, सदस्य कार्यकारिणी रघुनाथ सिंह, राजीव ठाकुर अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्यण तथा सूचना एवं जन संपर्क) संजय अवस्थी ने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रभावितों के पुनर्वास के लिए प्रदेश सरकार युद्ध स्तर पर कार्य कर रही है। संजय अवस्थी ने गत सांय अर्की विधानसभा क्षेत्र के बाड़ी गावं के प्रभावितों से मुलाकात कर उन्हें समुचित सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने राजकीय माध्यमिक पाठशाला जुबला में बाड़ी गांव के पाड़ितों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। उन्होंने कहा कि संकट के इस समय में प्रदेश सरकार का पहला प्रयास पीड़ितों का पुनर्वास सुनिश्चित बनाना है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए मुख्यमन्त्री के निर्देशानुसार सभी स्तरों पर योजनाबद्ध कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाड़ी गावं में प्रशासन द्वारा विभिन्न विभागों की संयुक्त टीम द्वारा निरीक्षण कर यह जांचा जाएगा कि आपदा उपरान्त यह स्थान सुरक्षित है अथवा नहीं। संजय अवस्थी ने कहा कि बाड़ी गांव सहित पूरे अर्की विधानसभा क्षेत्र में राहत एवं पुनर्वास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने लोक निर्माण, जल शक्ति सहित अन्य विभागों को राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेज़ी लाने और विभिन्न समस्याओं के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावितों को आश्वस्त किया कि इस संकट काल में प्रदेश सरकार उनके साथ है। लोगों ने मुख्य संसदीय सचिव से समस्या का समुचित निराकरण करने की मांग की। मुख्य संसदीय सचिव ने तदोपरान्त प्रभावित बाड़ी गांव का दौरा कर वास्तविक स्थिति जानी और उपमण्डल प्रशासन को उचित निर्देश जारी किए। इस अवसर पर खंड कांग्रेस अर्की के अध्यक्ष सतीश कश्यप, युवा कांग्रेस अर्की के अध्यक्ष हेमंत वर्मा, खंड कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रोशन वर्मा, उपमण्डलाधिकारी यादविंद्र पाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा स्थानीय निवासी इस अवसर पर उपस्थित थे।
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने राज्य सरकार को आपदा राहत के तहत केंद्र सरकार की ओर से 400 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान किए जाने के केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। आज यहां जारी एक प्रेस वक्तव्य में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में हाल ही में भारी बारिश से आई आपदा के लिए केंद्र सरकार की ओर से अभी तक किसी भी प्रकार की मदद प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से राज्य आपदा राहत कोष (एसडीआरएफ) में प्रतिवर्ष 360 करोड़ रुपये की राशि जारी की जाती है, जो केंद्रीय बजट से राज्य को मिलने वाला त्रैमासिक हिस्सा है। उन्होंने कहा कि एसडीआरएफ में 90:10 के अनुपात में प्रतिवर्ष हिमाचल प्रदेश को अपने हिस्से की 360 करोड़ रुपये की धनराशि जून और दिसंबर के महीने में दो किस्तों में मिलती है। केंद्र सरकार ने यह दोनों किस्तें इस बार जुलाई माह में ही राज्य सरकार को जारी की हैं। उन्होंने कहा कि दूसरी किस्त राज्य को दिसंबर में बर्फबारी के दौरान होने वाले नुकसान की एवज में जारी की जाती है, जो इस बार केंद्र सरकार ने पहले ही जारी कर दी है। उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ के तहत हिमाचल प्रदेश की 315 करोड़ रुपये की बकाया धनराशि अभी भी केंद्र सरकार के पास पड़ी है, जिसे जल्द से जल्द जारी किया जाना चाहिए। राजस्व मंत्री ने स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश को इस मानसून के मौसम में आपदा के कारण पैदा हुए हालात के लिए केंद्र सरकार की ओर से अभी कोई राशि जारी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि अनुराग सिंह ठाकुर केंद्र सरकार में मंत्री हैं और जय राम ठाकुर पूर्व में मुख्यमंत्री रह चुके हैं और ऐसे में उन्हें तथ्यों की जानकारी होनी चाहिए तथा प्रदेश की जनता के सामने झूठ नहीं बोलना चाहिए। जगत सिंह नेगी ने कहा कि इस त्रासदी के दौरान हिमाचल प्रदेश में सरकारी और निजी संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है। बिजली, सिंचाई और पेयजल परियोजनाओं के साथ-साथ सड़कों को भी भारी क्षति पहुंची है और इन सभी को पुन: स्थापित करने के लिए एक साल से अधिक का समय लगने की संभावना है। उन्होंने कहा कि ऐसे में राज्य सरकार ने 2000 करोड़ की अंतरिम राहत राशि तुरन्त जारी करने के लिए केंद्र सरकार को एक पत्र लिखा है और केंद्र सरकार इस राशि को जल्द से जल्द जारी करे। राजस्व मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक भयंकर त्रासदी के दौर से गुजर रहा है और ऐसे में केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर और नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर को राजनीतिक हितों को परे रखते हुए केंद्र सरकार से इस राशि को दिलाने में प्रदेश सरकार की मदद करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सृदृढ़ीकरण के लिए मत्स्य पालन को प्रोत्साहन प्रदान कर रही है। हिमाचल की समृद्ध नदियां अपार जल संपदा से सम्पन्न हैं। हिमाचल प्रदेश में मत्स्य पालन क्षेत्र में अपार संभावनाओं के दृष्टिगत इससे लोगों की आर्थिकी को सुदृढ़ किया जा सकता है। इसी के दृष्टिगत प्रदेश सरकार, मत्स्य पालन में नवीनतम तकनीकों का समोवश कर राज्य में 'नीली क्रांतिÓ लाने के लिए प्रयासरत है। सरकार का उद्देश्य मत्स्य पालन को व्यावसायिक स्तर पर बढ़ावा प्रदान करना है ताकि ग्रामीण आर्थिकी को संबल प्रदान किया जा सके। मुख्य रूप से प्रदेश के गोविंद सागर, पौंग, चमेरा, रणजीत सागर और कोलडैम क्षेत्र में व्यावसायिक स्तर पर मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। हिमाचल के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ट्राउट मछली उत्पादन की अच्छी सम्भावनाएं हैं। प्रदेश में ट्राउट उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए इस वित्त वर्ष 120 ट्राउट इकाइयों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के अंतर्गत 106 ट्राउट इकाइयों के निर्माण के लिए कुल 202.838 लाख रुपये की राशि विभिन्न मण्डलों को प्रदान की जा चुकी है। इस योजना को सफलतापूर्वक क्रियान्वित करने के लिए ज़िला और मण्डल स्तर पर लाभार्थियों के चयन तथा उपदान राशि प्रदान करने की प्रक्रिया प्रगति पर है। मत्स्य क्षेत्र को नई ऊंचाइयां प्रदान करने के लिए प्रदेश में दो ट्राउट हैचरी निर्मित करने के लिए 60 लाख रुपये की राशि उपलब्ध करवाई जा चुकी है। मछली पालन की आधुनिकतम तकनीकों में से एक बायोफ्लॉक को भी प्रदेश में बढ़ावा दिया जा रहा है। पर्यावरणीय अनुकूल यह तकनीक प्रदेश में 'नीली क्रांति' का मार्ग प्रशस्त करेगी। मत्स्य पालन से जुड़े लोगों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से प्रदेश में पांच लघु बायोफ्लॉक इकाइयां निर्मित की जाएंगी। इसके लिए विभिन्न मण्डलों को 19.50 लाख रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त प्रदेश में तीन मत्स्य आहार संयंत्र स्थापित करने के लिए 42 लाख रुपये की राशि विभिन्न मण्डलों को प्रदान की जा चुकी है। मत्स्य पालकों और उद्यमियों को प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन भी उपलब्ध करवाया जाता है। इन्हें प्रशिक्षित करने के लिए जिला ऊना के कार्प फार्म गगरेट में 5 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक मत्स्य प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित किया जाएगा। इसमें प्रदेश के 600 मत्स्य पालकों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रदेश में इस क्षेत्र की आवश्यक अधोसंरचना तैयार करने के लिए सरकार प्रयासरत है। मछलियों को लम्बे समय तक संरक्षित रखने के लिए प्रदेश में 48 लाख रुपये की लागत से एक बर्फ के कारखाने का भी निर्माण किया जाएगा। प्रदेश सरकार मत्स्य पालन के माध्यम से रोज़गार व स्वरोज़गार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए दृढ़ संकल्पित है। युवाओं को मत्स्य पालन गतिविधियों से जोड़ने के लिए प्रदेश में अनेक योजनाएं लागू की गई हैं। प्रदेश सरकार के प्रथम बजट में ही वर्ष 2023-24 में 500 युवाओं को मत्स्य पालन क्षेत्र में स्वरोज़गार के अवसर प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए मई, 2023 तक विभाग द्वारा प्रदेश के 247 व्यक्तियों को स्वरोज़गार के अवसर प्रदान किए जा चुके हैं। प्रदेश में मछली उत्पादन में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। वर्ष 2021-22 के दौरान कुल 16015.81 मीट्रिक टन और वर्ष 2022-23 में 17026.09 मीट्रिक टन मछली उत्पादन किया गया। गोविंद सागर जलाशय में वर्ष 2022-23 में 182.85 मीट्रिक टन तथा पौंग बांध में 313.65 मीट्रिक टन मछली उत्पादन किया गया।
राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने अवैध शराब के कारोबार को पनपने न देने के लिए पूरे प्रदेश में अभियान को और तेज कर दिया है। इस अभियान के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों की गठित टीमें अलग-अलग जगह कारवाई कर रही हैं, वहीं विभाग की एक विशेष टीम ने भी पूरे प्रदेश में अवैध शराब के कारोबारियों पर शिकंजा कसा है। आबकारी आयुक्त यूनुस ने आज यहां जानकारी दी कि इस विशेष अभियान में टीम ने जिला बिलासपुर में गुप्त सूचना के आधार पर अलग-अलग जगह छापेमारी कर लगभग 408 पेटी अंग्रेजी व देशी अवैध शराब अपने कब्जे में ली। उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई में आबकारी अधिनियम 2011 की धारा 43 के अन्तर्गत 20 मामले तथा धारा 39 के अंतर्गत एक मामला दर्ज किया गया। विभाग ने धारा 39 के अंतर्गत दर्ज किए गए मामले में पुलिस थाना झंडूता जिला बिलासपुर में प्राथमिकी भी दर्ज कर दी है। इस मामले में टीम ने एक अवैध गोदाम में रखी 210 अंग्रेजी व देसी शराब की पेटियों को जब्त कर पुलिस के हवाले कर दिया। आबकारी आयुक्त ने बताया कि अवैध शराब की इस धरपकड़ में सभी जिलों की टीमों द्वारा अलग-अलग 196 मामलों में लगभग 750 पेटियां अवैध शराब पकड़ी गई है। इसके अतिरिक्त 47087.00 लीटर लाहन भी पकड़ी गई तथा आबकारी अधिनियम के अंतर्गत करवाई कर नष्ट की गई। उन्होंने कहा कि सभी जिलों को अवैध शराब की बिक्री तथा परिवहन के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के और कड़े निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आमजन से भी अनुरोध किया कि किसी भी तरह के अवैध शराब से संबंधित मामले नजर में आते ही विभाग के ध्यानार्थ लाएं। उन्होंने यह भी बताया कि आबकारी विभाग के कार्यों को ऑनलाइन कर दिया गया है जिस के तहत सभी प्रकार के लाइसेंस, परमिट व पास ऑनलाइन जारी किए जा रहे हैं। इससे विभाग के कार्य में और अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
अतिरिक्त उपायुक्त जिला कांगड़ा सौरभ जस्सल शनिवार को विकास खंड फतेहपुर में विकास कार्यों का जायजा लेने के लिए पहुंचे। इस दौरान अतिरिक्त उपायुक्त उप तहसील राजा का तालाब की ग्राम पंचायत नेरना में स्थित ऐतहासिक तालाब की जानकारी लेने हेतु रुके। इस दौरान उन्होंने तालाब के जीर्णोद्धार के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। वहीं, तालाब में उगी जलकुंभी बूटी और एलिगेटर बीडस के समूल नाश के लिए किए जा रहे प्रयासों पर विभागीय अधिकारियों से जानकारी ली। इस दौरान मीडिया द्वारा ऐतहासिक तालाब पर विभिन्न विभागों द्वारा सामूहिक रूप से जलकुंभी और एलिगेटर बीडस के खात्मे पर किए जा रहे लगातार प्रयासों पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि वो मौके पर रिव्यू के लिए आए हैं। हाई अथॉरिटी से इस विषय में बात करके आगे की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इस मौके पर विकास खंड अधिकारी फतेहपुर सुभाष अत्रि, एसडीओ सुरजीत कौंडल, जेई अरविंद कुमार, बीडीसी तमन्ना धीमान, नेरना प्रधान सुशील कुमार, चकवाड़ी प्रधान पृथी चंद, सचिव राजेश कुमार, सिद्धपुरघाड़ पूर्व प्रधान परमजीत कौर, तकनीकी सहायक चंद्रकांता, विनोद शर्मा, अनूप नारायण, ग्राम रोजगार सेवक राजेश, अनिल कुमार व अन्य लोग उपस्थित रहे।
प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश के चलते नदियां, नालें और खड्डें उफान पर हैं। उपायुक्त कांगड़ा डॉ. निुपण जिंदल ने बताया कि पंडोह डैम से पानी छोड़े जाने के कारण पौंग जलाशय के जल स्तर में भी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने बताया कि परिणामस्वरूप बीबीएमबी प्रशासन द्वारा आज (रविवार) शाम 4 बजे पौंग डैम से पानी छोड़ा जाएगा। उन्होंने पौंग के बहाव क्षेत्र (डाउनस्ट्रीम एरिया) के साथ लगती पंचायतों के लोगों से अपील की है कि वे दरिया के नजदीक न जाएं। उन्होंने कहा कि पौंग के बहाव क्षेत्र के पास यदि कोई व्यक्ति या मवेशी हैं तो उन्हें तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाएं। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए प्रशासन का सहयोग करने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति या आपदा से निपटने के लिए लोग प्रशासन से सीधा संपर्क करें। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और डर पैदा करने वाली ऐसी किसी बात को बिना उसकी सत्यता जाने आगे साझा न करें। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा स्थिति में लोग स्थानीय पंचायत प्रधान, सचिव, पटवारी को तुरंत सूचित करें या जिला आपदा प्रबंधन उपायुक्त कांगड़ा के नंबर 1077 तथा मोबाइल नंबर 7650991077 पर संपर्क करें।
अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ उपमंडल इंदौरा का चुनाव रविवार को राजकीय महाविद्यालय इंदौरा के सभागार में संपन्न हुआ। इसमें जिला संयोजक एवं संघ के चुनाव प्रभारी पंकज शर्मा ने चुनाव प्रक्रिया की अध्यक्षता की। इस दौरान ग्रामीण विकास विभाग खंड इंदौरा में सेवारत कनिष्ठ अभियंता सुमित चंद्र शर्मा को सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना गया। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग में सेवारत सतीश कुमार को वरिष्ठ उपाध्यक्ष चुना गया। वहीं शारदा शर्मा, राजीव कुमार, सुभाष शर्मा, बलविंद्र कुमार व अमित कुमार को उपाध्यक्ष चुना गया तथा जल शक्ति विभाग से जसवीर कटोच को महासचिव व पवन कुमार को सह सचिव चुना गया। यह कार्यकारिणी अगले तीन वर्ष के लिए चुनी गई है। इस अवसर पर जिला परिषद परवीन कुमार मिंदा, बीडीसी जसवीर कटोच, पूर्व उप प्रधान कुलदीप कीपा, अनिल कुमार डोली, अधिवक्ता संदीप कटोच, समाजसेवी अंबरीश कटोच, सहित समस्त विभागों के अराजपत्रित कर्मचारी उपस्थित रहे।
उत्तर भारत के प्रसिद्ध मणिमहेश झील की तरफ यात्रियों के जाने पर प्रशासन ने प्रतिबंध लगा दिया है। बारिश के कारण मार्गों के जगह-जगह अवरुद्ध होने के चलते यह फैसला प्रशासन ने लिया है। साथ ही प्रशासन ने यात्रा के अवरुद्ध होने के बावत जगह-जगह बोर्ड भी चस्पां कर दिए हैं। प्रशासन ने कहा है कि सडक़ मार्गों के बहाल होने के उपरांत ही यात्रा पर श्रद्धालुओं के जाने की अनुमति होगी। खबर की पुष्टि एडीएम भरमौर नरेंद्र कुमार चौहान ने की है। उल्लेखनीय है कि गत दिनों हुई भारी बारिश के बीच मणिमहेश डल झील की ओर निकले अस्सी से अधिक यात्री बीच राह में फंस गए थे, जिन्हें प्रशासन ने रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के बाद इन्हें अपने-अपने घरों की ओर भी भेज दिया था। पता चला है कि हड़सर से डल झील तक के हिस्से में जगह-जगह रास्ते बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वहीं कई स्थानों पर पुलियां भी बहने की सूचना प्रशासन के समक्ष पहुंची हैं।
जिला मंडी के सराज क्षेत्र में दर्दनाक हादसा पेश आया है। यहां बगड़ाथाच पंचायत में रविवार सुबह एक रिहायशी मकान पर ल्हासा आ गिरा। इस हादसे में एक 17 वर्षीय युवक की मौत हो गई। घटना की पुष्टि स्थानीय पंचायत के प्रधान गुमान सिंह ने की है। उन्होंने बताया कि रविवार सुबह मिहाच गांव के टेक सिंह पुत्र हिम्मत राम के घर लैंडस्लाइडिंग होने से अंदर सो रहे 17 वर्षीय बालकृष्म की मौके पर मौत हो गई जबकि साथ लगते दूसरे कमरे में करीब 6 लोग बाल-बाल बच गए। जिला प्रशासन की तरफ से मृतक के परिजनों को 25 हजार रुपए की अंतरिम राहत प्रदान की गई है।
सराज विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत लेहगला के पास एक दर्दनाक हादसा हुआ है। इस हादसे में एक दंपति की मौत हो गई, जबकि तीन घायल है। जानकारी के अनुसार शनिवार शाम को जब थुनाग बाजार से शिलाकुटला गांव के पांच लोग घर की तरफ जा रहे थे तो लेहगला से एक किलोमीटर आगे कार 300 मीटर गहरी खाई में समा गई। उसमें सवार पांच लोग में से दो की मृत्यु हो गई तथा अन्य तीन लोग घायल हो गए। मृतक महिला 9 माह की गर्भवती थी। वहीं क्षेत्र के लोगों ने आनन-फानन में उन्हें सड़क तक पहुंचाया जिसके बाद उन्हें सिविल अस्पताल बगस्याड़ ले गए। ग्राम पंचायत लेहथाच के प्रधान तेज सिंह ने बताया कि सभी घायलों को पहले निजी गाड़ी से ले गए फिर रास्ते में उन्हें एंबुलेंस में शिफ्ट कर दिया एंबुलेंस की सहायता से सिविल अस्पताल बगस्याड़ भेजा गया है जहां डॉक्टर ने लता देवी पत्नी खेम सिंह, और खेम सिंह को मृत घोषित कर दिया इसके अलावा चंद्रमणि, संजय कुमार, रुद्रांश,घायल हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और छानबीन की जा रही है।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज जिला मंडी में भारी बारिश, भूस्खलन तथा बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र पंडोह तथा ओट का दौरा किया। उन्होंने प्रभावित लोगों से बात की तथा प्रशासन द्वारा किए जा रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों के बारे में जानकारी ली। राज्यपाल ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए लगभग 100 वर्ष पुराने पुल का निरीक्षण भी किया। उन्होंने लोअर पंडोह में प्रभावित परिवारों के घरों का दौरा किया तथा उन्हें सांत्वना देते हुए राहत प्रदान करने का आश्वासन दिया। उन्होंने लारजी जल विद्युत परियोजना के पावर हाउस तथा ओट में दवाडा क्षेत्र का भी दौरा किया। उन्होंने ओट में क्षतिग्रस्त पुल का भी निरीक्षण किया। इसके उपरांत राज्यपाल ने पंडोह में तीसरी भारतीय रिजर्व कॉर्पस में आयोजित कार्यक्रम में जिला रेडक्रॉस मण्डी के माध्यम से बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। इस अवसर पर राज्यपाल ने केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश को फौरी राहत के तौर पर साढ़े तीन सौ करोड़ रुपये की राहत राशि प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रभावितों को अधिक सहायता प्रदान करने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा कि राहत तथा बचाव कार्यों के प्रति जिला प्रशासन के अधिकारियों की प्रतिबद्धता सराहनीय रही। उन्होंने बचाव कार्यों में भारतीय वायु सेना तथा अर्ध-सैनिक बलों के योगदान की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भारी नुकसान हुआ है तथा पूर्ण आकलन के पश्चात ही कुछ कहना उचित होगा। उन्होंने जिला प्रशासन को नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट के आधार पर वह केन्द्र सरकार से प्रदेश को अधिक राहत प्रदान करने के लिए बात करेंगे। राज्यपाल ने कहा कि हमें प्रकृति से सबक सिखना चाहिए तथा भविष्य में नुकसान से बचने के प्रयास करने चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने आपदा राहत कोष में अपने एक माह के वेतन का अंशदान देने की घोषणा भी की। राज्यपाल ने मण्डी के प्राचीन पंचवक्त्र महादेव मंदिर के दर्शन किए तथा मंदिर के जीर्णोद्धार कार्यों की समीक्षा की। ब्यास नदी में पानी की अधिक मात्रा के कारण लगभग आधा मंदिर जलमग्न हो गया था। इसके बावजूद मंदिर सुरक्षित रहा। राज्यपाल ने मंदिर में माथा टेका तथा भगवान शिव से सभी की सुरक्षा के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर स्थानीय विधायक अनिल शर्मा भी उपस्थित थे। इससे पूर्व भारतीय राष्ट्रीय उच्चमार्ग प्राधिकरण के क्षेत्रीय अधिकारी अब्दुल बासित और परियोजना कार्यान्वयन इकाई मण्डी के परियोजना निदेशक वरूण चारी ने सुन्दरनगर में राज्यपाल से भेंट की तथा उन्हें क्षेत्र में हुए नुकसान के बारे में जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि 26 किलोमीटर लम्बे पंडोह-नेरचौक राष्ट्रीय उच्चमार्ग 154 व 3 कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुए हैं तथा भूस्खलन के मलबे को हटाने का कार्य प्रगति पर है। इस अवसर पर विधायक द्रंग पूरन चंद, राज्यपाल के सचिव संदीप कदम, उपायुक्त अरिंदम चौधरी, पुलिस अधीक्षक सौम्या सांबसिवन तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज सोलन के समीप शामती क्षेत्र का दौरा किया और क्षेत्र में भूस्खलन से हुए नुकसान की समीक्षा की तथा प्रभावित परिवारों से बातचीत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों के साथ है और प्रभावितों को नुकसान की भरपाई के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने उपायुक्त सोलन को प्रत्येक प्रभावित परिवार को एक-एक लाख रुपये की अंतरिम राशि जारी करने और शेष धनराशि अंतिम मूल्यांकन रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला प्रशासन से बहाली कार्य में तेजी लाने और प्रभावित परिवारों के लिए पर्याप्त व्यवस्था करने को कहा। शामती क्षेत्र में भारी बारिश के कारण 30 घर पूरी तरह से नष्ट हो गए, जबकि 50 अन्य घरों को आंशिक क्षति हुई, जिससे क्षेत्र के लगभग 108 परिवार प्रभावित हुए है। प्रभावित परिवारों के लिए जटोली में राहत शिविर स्थापित किए गए हैं जिनमें वर्तमान में 50 परिवार परिवारों को आश्रय प्रदान किया गया है। इस अवसर पर मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के सभी आपदा प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से कई लोगों की जान बचाने में सफलता मिली और बिजली, पानी और मोबाइल नेटवर्क जैसी आवश्यक सेवाएं 48 घंटों के भीतर अस्थायी रूप से बहाल की गई है। उन्होंने कहा कि 70,000 से अधिक पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया। उन्होंने कहा कि एक चुनौतीपूर्ण बचाव अभियान में शून्य से चार डिग्री नीचे तापमान में लाहौल-स्पीति जिला के चंद्रताल से 250 व्यक्तियों को बचाया सुरक्षित निकाल गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की एक टीम सोमवार को नुकसान का आकलन करेगी। लेकिन अभी तक कोई वित्तीय सहायता प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राज्य के सेब बाहुल्य क्षेत्रों में सड़कों की बहाली को प्राथमिकता दे रही है और जिसके लिए लोक निर्माण विभाग को 50 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने शिमला-चण्डीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर धर्मपुर का भी दौरा किया जहां राष्ट्रीय राजमार्ग का बड़ा हिस्सा भूस्खलन में ढह गया है। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग से मलबे को शीघ्र हटाने के निर्देश दिए और अधिकारियों को सड़क के पुनर्निर्माण के लिए कहा ताकि यात्रियों को जल्द से जल्द राहत मिल सके। मुख्यमंत्री ने जटोली में राहत शिविरों का भी निरीक्षण किया और प्रभावित परिवारों को प्रदान की जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, विधायक विनोद सुल्तानपुरी, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, सोलन नगर निगम की महापौर पूनम ग्रोवर, उप महापौर राजीव कौड़ा, बघाट बैंक के अध्यक्ष अरुण शर्मा, जोगिन्द्रा सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, कांग्रेस नेता दयाल प्यारी, सुरेंद्र सेठी, शिव कुमार, राहुल ठाकुर, उपायुक्त मनमोहन शर्मा और अन्य गणमान्य व्यक्ति और अधिकारी भी मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित थे।
विश्व युवा कौशल दिवस के उपलक्ष्य में आज ज्वालामुखी के मां ज्वाला स्किल सेंटर में ब्यूटी एंड वेलनेस की ट्रेनिंग का शुभारंभ मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा शिमला से वर्चुअल मोड से किया गया। यह ट्रेनिंग हिमाचल प्रदेश के बच्चों के लिए नि:शुल्क करवाई जा रही है, जिसके लिए कोई भी शुल्क बच्चों से नहीं लिया जाता है। साथ ही हिमाचल प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार देने के अफसर भी प्रदान कर रही है। आज इस मौके पर मां ज्वाला स्किल सेंटर में ब्यूटी एंड वेलनेस के पहले बैच की शुरुआत भी की गई। इस मौके पर डिस्टिक कोऑर्डिनेटर अंचल शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम द्वारा प्रदेश के युवाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए इस प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनमें युवाओं को ट्रेनिंग देकर रोजगार भी उपलब्ध करवाया जा रहा है और जो भी युवा रोजगार पाना चाहते हैं, वे हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही इन ट्रेनिंग का लाभ ले सकते हैं। इसके लिए ज्वालामुखी में ब्यूटी एंड वेलनेस में 60 सीटें प्रदेश कौशल विकास निगम द्वारा उपलब्ध करवाई गई है। इस मौके पर संस्थान का स्टाफ भी उपस्थित रहा।
उपमंडल ज्वालामुखी के अंतर्गत पुलिस चौकी मझीण के तहत गांव मरयाणा के पास रेनशेल्टर के साथ लगती ढांक के नीचे गिरने से एक स्कूटी चालक की मौत हो गई। मृतक की पहचान फलातू राम (75) पुत्र स्व. शेर सिंह डाकघर सियालकड, त. खुंडियां के तौर पर हुई है। फलातू राम आज सुबह करीब 6 बजे अपनी स्कूटी नंबर एचपी36ए -4921 पर सवार होकर घर से निकले थे। उनका शव सड़क के किनारे मरियाणा रेन शेल्टर के ढांक के नीचे झाडियों व पत्थरों में मिला। करीब 25-30 फुट आगे स्कूटी भी पत्थरों के बीच में क्षतिगग्रस्त हालत में मिली है। मामले की पुष्टि करते हुए डीएसपी ज्वालामुखी विकास धीमान ने बताया कि पुलिस ने धारा 174 सीआरपीसी के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस थाना खुंडियां के अंतर्गत सलिहार में हरि सिंह की दुकान व रिहायशी मकान से 12570 मिलिलीटर देसी शराब बरामद की है। इस संदर्भ में अभियोग जेर धारा 39 (1) ए हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम पंजीकृत पुलिस थाना किया गया है । मामले की पुष्टि डीएसपी ज्वालामुखी विकास धीमान ने की है।
ब्लॉक कांग्रेस पच्छाद मुख्यमंत्री राहत कोष में जल्द ही राशि जमा करवाएगी। यह निर्णय पच्छाद कांग्रेस कमेटी ने राजगढ़ में ब्लॉक अध्यक्ष जयप्रकाश चौहान की अध्यक्षता में राजगढ़ में आयोजित मासिक बैठक में लिया। कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू व उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी आपदा की इस घड़ी में आमजनताके बीच जाकर सहायता कार्य में भागीदारी सुनिश्चित कर रहे हैं। साथ ही सभी विभाग भी सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं, ताकि आम लोगों को ज्यादा परेशानियों का सामना न करना पड़े। बैठक में पिछले कई वर्षों से बंद पड़ी सोलन से मानवा वाया शरगाव एक मात्र सरकारी बस सेवा को बहाल करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। यह डाक बस भी थी। नगर पंचायत राजगढ़ के वार्ड नंबर 5 का एक प्रतिनिधिमंडल ब्लॉक अध्यक्ष के समक्ष वर्षा से हुए नुकसान को लेकर बैठक में मिला। लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन व सहायक अभियंता से संपर्क करने पर एसडीओ मौके पर आए व समस्या के समाधान हेतु पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक में राजेंद्र ठाकुर, दिलावर चौहान, अमन ठाकुर, रत्न कश्यप, शकुंतला प्रकाश, कपिल ठाकुर, ज्योती साहनी, विक्रम जैलदार, अनिल पुंडीर, हरिओम खेड़ा आदि उपस्थित रहे।
सहायक अभियंता विद्युत उपमंडल-1 धर्मशाला रमन भरमोरिया ने बताया कि धर्मशाला नगर और साथ लगते क्षेत्रों में 33/11 केवी सब स्टेशन कालापुल के रख-रखाव के चलते 17 जुलाई को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक अथवा कार्य समाप्ति तक बिजली बंद रहेगी। उन्होंने बताया कि इस दौरान कोतवाली बाजार, आईपीएच कॉमप्लेक्स, नगर निगम कार्यालय, यात्री निवास, जोनल अस्पताल, आयुर्वेदिक अस्पताल, ज्यूडिशियल कॉमप्लेक्स, टेलीफोन एक्सचेंज, एसपी ऑफिस, डीसी ऑफिस, डिपो बाजार, सिविल लाइन, रामनगर, लोअर टीसीवी, महाजन क्लीनिक शामनगर, पुलीस लाइन, एकजोत कॉलोनी, चीलगाड़ी, हाउसिंग बोर्ड, शिक्षा बोर्ड, फॉरेंसिक लैब, टेलीफोन एक्सचेंज नरघोटा, टी एस्टेट, कोतवाली पेट्रोल पंप, गोरखा कॉलोनी, हाउसिंग कॉलोनी, सर्किट हाउस, ऑफिसर कॉलोनी चीलगाड़ी, मैैकलोडगंज बाजार, मैैकलोडगंज बोद्ध मंदिर, जोगीवाड़ा, हेरू गांव, टिप्पा रोड और इसके साथ लगते क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी।
राजस्व, बागवानी व जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज जिला किन्नौर के भाबा घाटी में गत दिनों हुई मूसलाधार बारिश व बादल फटने के कारण हुई क्षति का निरीक्षण किया। इस दौरान भाबा घाटी में जिन तीन मकानों को पूर्ण क्षति हुई है उन्हें 10-10 हजार रुपये की फौरी राहत राशि प्रदान की गई। इसके अलावा पांच परिवारों के सामान का नुकसान हुआ है, जिन्हें 5-5 हजार रुपए की फौरी राहत राशि प्रदान दी गई तथा 17 परिवारों को आंशिक क्षति हुई है जिन्हें 5-5 हजार रुपये की राहत राशि प्रदान की गई। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने अधिकारियों को भाबा घाटी में बारिश के कारण असुरक्षित हुए मकानों को तुरंत सुरक्षित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के मकानों को नुकसान होने का खतरा है उन्हें विश्राम गृह में टहराने के प्रबंध किए जाएं। उन्होंने शांगो गांव के 7 बेघर हुए लोगों को स्थानांतरित करने को कहा। उन्होंने होमत्ते गांव में बाड़ से हुए नुकसान का जायजा भी लिया। उन्होंने राजस्व विभाग को भावा घाटी में नुकसान का आंकलन तैयार कर रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने को कहा। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि भाबा घाटी की पंचायतों को भविष्य में इस प्रकार की आपदा से बचाने के लिए यांगपा, काफनू, कटगावं आदि पंचायतों में भूमि कटाव को रोकने के लिए आपदा शमन के तहत क्षेत्र के ततीकरण का कार्य किया जाएगा जिसके लिए संबंधित विभाग को विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। उपायुक्त किन्नौर तोरूल रवीश ने भी इस दौरान मंत्री महोदय के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया तथा प्रभावित परिवारों का कुशलक्षेम जानकर उनके प्रति सहानुभूति प्रकट की। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक विवेक चाहल, उपमंडलाधिकारी निचार बिमला वर्मा, अधिशाषी अभियन्ता विद्युत टाशी नेगी, अधिशाषी अभियन्ता लोक निर्माण प्रमोद ओपरेती व अधिशाषी अभियन्ता जल शक्ति अभिषेक शर्मा सहित अन्य उपस्थित थे।
मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूूचना एवं जन सम्पर्क) संजय अवस्थी ने कहा कि प्रदेश सरकार जन-जन की सुरक्षा के लिए वचनबद्ध है। संजय अवस्थी आज सोलन ज़िला के अर्की विधानसभा क्षेत्र में भारी वर्षा के कारण हुई क्षति तथा समयबद्ध राहत प्रदान करने के विषय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। संजय अवस्थी ने कहा कि आपदा के वर्तमान समय में सभी के समन्वय से ही विपरीत परिस्थितियों पर विजय प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंन्त्री सुखविन्दर सिंह सुक्खू के संवेदनशील प्रयासों एवं ऊर्जावान नेतृत्व में राज्य सरकार न केवल त्वरित राहत एवं पुनर्वास सुनिश्चित बना रही है अपितु अब तक खराब मौसम के कारण राज्य में फंसे 70,000 से अधिक पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार संकट की इस घड़ी में बेसहारों का सहारा बनी है। मुख्य संसदीय सचिव ने कहा कि इस आपदा में राज्य को 8000 करोड़ रुपए से अधिक का नुक्सान हुआ है। प्रदेश सरकार जन-जीवन को सामान्य करने की दिशा में कार्यरत है। उन्होंने कहा कि मुख्यमन्त्री न केवल स्वंय प्रभावित क्षेत्रों में प्रभावितों में आशा का संचार कर रहे हैं अपितु हालात का नियमित अनुश्रवण भी कर रहे हैं। सभी प्रभावित ज़िलों में योजनाबद्ध पुनर्वास की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अर्की विधानसभा क्षेत्र में भी भारी वर्षा से करोड़ों रुपए की क्षति हुई है। उन्होंने कहा कि उपमण्डल में अभी तक मानवीय क्षति का कोई समाचार नहीं है। संजय अवस्थी ने लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, प्रदेश विद्युत बोर्ड और अन्य विभागों को निर्देश दिए कि विधानसभा क्षेत्र में अभी तक अवरूद्ध विभिन्न सम्पर्क मार्गों, किसी कारणवश अभी बन्द पड़ी पेयजल एवं सिंचाई योजनाओं तथा क्षतिग्रस्त विद्युत लाईनों को शीघ्र बहाल करें। उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को निर्देश दिए कि विधानसभा क्षेत्र में वर्षा के कारण होने वाले जल जनित रोगों एवं शवान तथा बन्दरों के काटे जाने की आवश्यक दवा एवं टीकाकरण की तैयारी भी रखें ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थिति में राहत एवं बचाव कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं आनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि भूस्खलन के कारण प्रभावित बाड़ी ग्राम के प्रभावितों को समुचित राहत उपलब्ध करवाई जाए। संजय अवस्थी ने आपदा, राहत एवं प्रगति की दैनिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। बैठक में अवगत करवाया गया कि अर्की उपमण्डल में लोक निर्माण विभाग को लगभग 25 करोड़, जल शक्ति विभाग को लगभग 10 करोड़, विद्युत बोर्ड को लगभग 2 करोड़ का नुक्सान होने का आकलन है। इसके बाद उन्होंने बखालग, जहां भारी वर्षा के कारण आज बड़ी चट्टान के मार्ग पर आने के कारण सड़क मार्ग अवरूद्ध हो गया है, का दौरा किया और सम्पर्क मार्ग को शीघ्र दुरूस्त करने और क्षति का ब्यौरा देने के निर्देश दिए। उन्होंने इस कारण क्षतिग्रस्त दो आवास मालिकों से मिलकर उन्हें समुचित सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर उपमंडलाधिकारी अर्की यादविन्दर पाल, उपपुलिस अधीक्षक सन्दीप शर्मा, जल शक्ति विभाग की अधिशाषी अभियन्ता कंचन शर्मा, लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियन्ता रवि कपूर, खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. तारा चन्द नेगी, अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारीउपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज ओकओवर, शिमला से विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर कौशल रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने इस अवसर पर 58.67 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों से संबंधित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के नए बैच भी लॉंच किए। इसी वर्ष अप्रैल से जून माह के बीच यह समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किए गए हैं जिनके तहत रोबोटिक्स, कृत्रिम मेधा (एआई), वीआर, एविएशन, आतिथ्य इत्यादि विभिन्न क्षेत्रों में प्रदेश के 15 हजार युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम इन उच्च मूल्यों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में महिला उम्मीदवारों की समुचित भागीदारी भी सुनिश्चित करेगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर रबड़ केमिकल एवं पैट्रो केमिकल कौशल विकास परिषद का एक अन्य कौशल रथ भी रवाना किया। इसका उद्देश्य टायर फीटर सेवाओं से जुड़े मकैनिक जिनका वृहद अनुभव तो रहता है मगर औपचारिक प्रमाणिकरण नहीं हो पाता, ऐसे उम्मीदवारों का मूल्यांकन एवं सहयोग करना है। उन्होंने कहा कि यह कौशल रथ ऐसे युवाओं को लघु अवधि के प्रशिक्षण के उपरान्त मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र भी उपलब्ध करवाएगा। उन्होंने कहा कि यह कौशल रथ आगामी दो से तीन माह तक प्रदेश के विभिन्न स्थानों की यात्रा करेगा और लक्षित टायर फीटर सेवाओं से संबंधित मकैनिकों तक अपनी पहुंच सुनिश्चित करेगा। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि कौशल रथ चलाने का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम के अंतर्गत संचालित किए जा रहे विभिन्न पूर्णतया प्रायोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बारे में युवाओं को जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि इस अभिनव पहल के तहत सभी जिलों के युवाओं तक पहुंच बनाते हुए उनके कौशल विकास से संबंधित महत्वपूर्ण सूचना और उपलब्ध संसाधनों के बारे में जागरूक किया जाएगा। यह कौशल रथ कौशल विकास संबंधी अत्याधुनिकतम सुविधाओं और संसाधनों से सुसज्जित है। यात्रा के दौरान यह रथ विभिन्न जिलों, विधानसभा क्षेत्रों, पंचायत एवं खण्ड स्तर, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, सरकारी कार्यालयों, पाठशालाओं, महाविद्यालयों, मुख्य बाजारों, निजी प्रशिक्षण संस्थानों तक अपनी पहुंच सुनिश्चित करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कौशल रथ व्यावसायिक पाठयक्रमों, प्रशिक्षणों, उद्यमिता संबंधी अवसरों और कौशल निर्माण संबंधी अन्य पहलों से भी अवगत करवाएगा। उन्होंने कहा कि कौशल रथ में प्रशिक्षण कार्यक्रमों से संबंधित ब्रॉशर, पैम्फलेट, दृश्य-श्रव्य सामग्री रखी गई है जिससे युवाओं को अपने भविष्य के कार्यक्षेत्र को चुनने में सहायता मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि कौशल रथ के माध्यम से मौके पर ही नामांकन की भी सुविधा उपलब्ध रहेगी। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि यह प्रशिक्षण रथ जिला समन्वयकों के साथ मिलकर कार्यशालाएं, सेमिनार तथा परस्पर संवाद सत्र आयोजित कर युवाओं की सीधी भागीदारी भी सुनिश्चित करेंगे। विभिन्न क्षेत्रों एवं उद्योगों से संबंधित अनुभवी प्रशिक्षक एवं पेशेवर कौशल संबंधी प्रस्तुतिकरण भी देंगे ताकि युवाओं को इन विविध क्षेत्रों के बारे में उपयोगी जानकारी प्राप्त हो सके। इन सत्रों के आयोजन का उद्देश्य युवाओं को उनकी क्षमताओं के विस्तार के बारे में प्रेरित एवं प्रोत्साहित करना है। साथ ही उन्हें उनकी रूचि के क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान करना है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताते हुए कहा कि यह कौशल रथ जागरूकता की कमी, पहुंच और सूचना की अनुपलब्धता जैसी कठिनाइयों से पार पाते हुए प्रत्येक युवा को अपने कौशल एवं क्षमता विकास के लिए समान अवसर उपलब्ध करवाने में सहायक सिद्ध होंगे। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री अनिरूद्ध सिंह, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य अधिकारी रितेश कपरेट, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेन्द्र चौहान, मुख्यमंत्री के सचिव अभिषेक जेन, हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम के प्रबन्ध निदेशक जतिन लाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
शूलिनी विश्वविद्यालय प्रतिष्ठित इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ एग्रीकल्चर म्यूजियम द्वारा आयोजित भारत में कृषि संग्रहालय के पहले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की सह मेजबानी करेगा। यह कार्यक्रम 13 से 15 अक्टूबर तक हिमाचल प्रदेश के सोलन में शूलिनी विश्वविद्यालय परिसर में होगा। इसके बाद 16 से 18 अक्टूबर तक पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना में होगा। शूलिनी विश्वविद्यालय में सम्मेलन के पहले चरण के दौरान, प्रतिभागियों को हिमालय में कृषि और कृषि वानिकी के विकास में गहराई से जाने का अवसर मिलेगा, जिसमें वर्तमान पर्यावरणीय चुनौतियों के अनुकूलन और टिकाऊ मॉडल के विकास पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। सम्मेलन का यह खंड हिमाचल प्रदेश की कृषि पद्धतियों और कृषि वानिकी के गहन महत्व पर प्रकाश डालेगा, जिसमें क्षेत्र की कृषि विरासत का सार शामिल होगा। इस सम्मेलन के प्रमुख परिणामों में से एक हिमाचल प्रदेश में बागवानी और कृषि-वानिकी संग्रहालय की शुरुआत होगी, एक परिवर्तनकारी प्रयास जो न केवल भौतिक रूप से मौजूद होगा बल्कि एक शैक्षिक और जागरूकता पोर्टल के रूप में एक स्वतंत्र ऑनलाइन उपस्थिति भी होगी। अन्य क्षेत्रों में पहले से चल रही कृषि पद्धतियों की सफल मौखिक इतिहास परियोजना के आधार पर, इस पहल का विस्तार हिमाचल प्रदेश की अनूठी कृषि पद्धतियों को शामिल करने के लिए किया जाएगा। शूलिनी विश्वविद्यालय के चांसलर प्रोफेसर पीके खोसला ने कहा कि क्लास रूम शिक्षण के अलावा उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए संग्रहालय एक नई विधा है। उन्होंने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय को इसके लिए भारत सरकार से अनुदान भी मिलेगा। समाज में कृषि के महत्व को प्रस्तुत करने के महत्व को पहचानते हुए, यह सम्मेलन खेती और कृषि वानिकी के लिए समर्पित संस्थानों के एक मजबूत नेटवर्क की शुरुआत का प्रतीक होगा। विश्वविद्यालयों से लेकर संग्रहालयों, कृषि संगठनों से लेकर सामूहिक और गैर-लाभकारी क्षेत्रों से लेकर वाणिज्यिक क्षेत्रों तक, यह नेटवर्क दक्षिण एशिया नेटवर्क ऑफ ग्रासरूट्स एग्रीकल्चर म्यूजियम के माध्यम से सहयोग करेगा। इसका उद्देश्य कृषि विषयों, विरासत, परंपरा, अनुकूलन और खोजों पर जानकारी साझा करने के पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देना है। हिमाचल प्रदेश सरकार इस प्रयास में सक्रिय भागीदार होगी। दुनिया भर से उद्योग विशेषज्ञ, विद्वान, शोधकर्ता, किसान और उत्साही लोग इस ऐतिहासिक सम्मेलन में भाग लेंगे, जो कृषि संग्रहालयों में वास्तव में परिवर्तनकारी घटना होने का वादा करता है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में प्रत्येक विभाग का परफॉर्मेंस इंडेक्स तैयार किया जाएगा। सीएम ने आज यहां राज्य स्तरीय 'दिशाÓ बैठक की अध्यक्षता करते हुए विभिन्न केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में तेजी लाई जानी चाहिए, ताकि लोगों को इनके लाभ समय पर सुनिश्चित बनाए जा सके। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में देरी ही भ्रष्टाचार की जड़ है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास योजनाओं पर अगले छह माह में पुरजोर कार्य करें और सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने में जुट जाएं। उन्होंने कहा कि नई सोच और नए विचार राज्य सरकार के सामने रखें और सरकार अच्छे विचारों को धरातल पर उतारेगी। उन्होंने हर विभाग का 'परफॉर्मेंस इंडेक्सÓ तैयार करने के निर्देश भी दिए। सरकार की प्रमुख योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए एफआरए और एफसीए मामलों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए शिमला-परवाणु राष्ट्रीय राजमार्ग की अलाइनमेंट में आवश्यक बदलाव एवं इसका नवीनीकरण करने और सेब सीजन के लिए इस सड़क को खुला रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नए बन रहे राष्ट्रीय राजमार्गों में सुरंगों एवं पुलों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने भूस्खलन की घटनाओं को कम करने के लिए विभाग को ढलानों की सुरक्षा (स्लोप प्रोटेक्शन) की दिशा में काम करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि तारादेवी बाइपास की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है। शिमला से मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग पूरा फोरलेन बनेगा। उन्होंने कहा कि शालाघाट से नौणी के बीच दो सुरंगें बनाई जाएंगी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि कीरतपुर-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग का एक लेन ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा के तहत वर्ष 2022-23 में राज्य में 1290 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं और 81.15 लाख कार्य दिवस सृजित किए गए। उन्होंने मनरेगा में बायोमैट्रिक हाजिरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत 3727 कार्य स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 26 मई, 2023 तक 3485 कार्य पूरे कर लिए गए हैं तथा 2512 बस्तियों को सड़क सुविधा से जोड़ा गया है। उन्होंने योजना के अंतर्गत सड़कों की लैंथ ऑडिट करवाने के निर्देश भी दिए। वहीं ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री की दूरगामी सोच, पिछड़े वर्ग और महिलाओं के उत्थान पर केंद्रित है, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग को लाभ पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य की भौगोलिक परिस्थितियां भिन्न होने के कारण प्रतिवर्ष आपदाएं आती हैं, जिनसे जान और माल की भारी हानि होती है। राज्य के संसाधन सीमित हैं, ऐसे में केंद्रीय योजनाओं की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दे रही है। इससे पहले, सचिव ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग प्रियतु मंडल ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। विधायक मलेंद्र राजन, विभिन्न विभागों के सचिव और विभागाध्यक्षों ने भी बैठक में भाग लिया।
जयसिंहपुर : बीकॉम फर्स्ट ईयर में शालू ने प्रथम, अनामिका ने दूसरा और शिवानी ने हासिल किया तीसरा स्थान
राजकीय महाविद्यालय शिवनगर के वाणिज्य संकाय का वार्षिक परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा। महाविद्यालय में शालू ने 80 प्रतिशत अंक लेकर प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि अनामिका और शिवानी ने क्रमश: द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त किया। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. शमशेर सिंह राणा ने इस सफलता के लिए महाविद्यालय प्राध्यापकों तथा बच्चों को बधाई देते हुए इनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मन्त्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल 16 जुलाई, 2023 को सोलन विधानसभा क्षेत्र के प्रवास पर आ रहे हैं। डॉ. शांडिल 16 जुलाई, 2023 को दिन में 12.05 बजे सोलन विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कनैर, दिन में 02.00 बजे ग्राम पंचायत जधाणा तथा तदोपरान्त सांय 04.00 बजे ग्राम पंचायत सतड़ोल का दौरा करेंगे। स्वास्थ्य मन्त्री इसी दिन सांय 05.45 बजे ग्राम पंचायत ममलीग में जल शक्ति विभाग की निरीक्षण कुटीर में जन समस्याएं सुनेंगे।
ऐतिहासिक नगरी पागना के पज्याणु गांव की शिक्षा प्राप्त लीना शर्मा ने विषमुक्त प्राकृतिक के साथ पोषणयुक्त मोटे अनाजों की खेती के प्रति लोगों को पिछले पांच साल तक जागरूक किया। आकाशवाणी, वृत्तचित्रों के माध्यम से प्राकृतिक खेती के विषय में प्रदेशवासियों को समझाकर अपनी निस्वार्थ सेवा भावना की पताका फहराई। कृषि जागरण दिल्ली की स्वयंसेवी संस्था फार्मर दा जर्नलिस्ट बन चुकी भारत की दस प्रसिद्ध महिला किसानों में अपना नाम दर्ज करवा चुकी लीना शर्मा महिला सशक्तिकरण के लिए प्रयासरत है। द अशोक होटल, नई दिल्ली में पुरुषोत्तम रुपाला (मत्स, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री, भारत सरकार) के द्वारा हिमाचल प्रदेश की ऐतिहासिक नगरी पागना के पज्याणु गांव की लीना शर्मा की प्राकृतिक खेती में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला से एमएफओआई पुरस्कार-2023 पान के बाद लौटी लीना शर्मा ने बताया कि इस शिविर में हिमाचल प्रदेश के भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी तरुण श्रीधर व पूर्व सचिव मत्स्य-डेयरी तथा पशुपालन विभाग के सचिव वर्तमान कृषि सचिव, एग्रीकल्चर टुडे की एडीटर एंड चीफ ममता जैसे दिग्गज वक्ताओं व किसानों ने भी हिस्सा लिया। लोना शर्मा ने बताया कि इस दो दिवसीय शिविर में हिमाचल का नेतृत्व करने का सौभाग्य मिलना गौरव का विषय है।
कुल्लू जिले की लगवैली में शनिवार को बादल फटने की सूचना से अफरा-तफरी मच गई। बादल फटने के बाद सरवरी खड्ड में बाढ़ आ गई। गांव के लोगों ने घटना की सूचना प्रशासन को दी और एहतियातन कुल्लू जा रही बस को तुरंत खाली करवाया गया। अन्य वाहनों को भी सड़क के एक तरफ किया गया। कुल्लू में सुबह से मौसम खराब चल रहा है। उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने कहा कि आज सुबह लगवैली के गोरु डुग, फाटी, पिछली पतवार में बादल फटने के कारण छोरक पुल के पास दो मकान के अलावा पांच गौशाला बहने की सूचना है। उन्होंने बताया कि इस घटना में किसी भी प्रकार के जानमाल व पशुधन को नुकसान नहीं हुआ है। एसडीएम कुल्लू विकास शुक्ला ने कहा कि सुबह लगभग सात बजे लगवैली के समालंग में बादल फटने की सूचना मिली थी। जानकारी के मुताबिक सरवरी खड्ड का पानी जरूर बढ़ा है, लेकिन खतरे वाली बात नहीं है।
पुलिस थाना इंदौरा के अंतर्गत एक शराब की दुकान के सेल्समैन के साथ मारपीट करने व उसकी गाड़ी को छीनकर ले जाने का मामला सामने आया है। जानकारी देते थाना इंदौरा के प्रभारी कुलदीप शर्मा ने बताया कि रजिंदर कुमार पुत्र पैनू राम निवासी थेहरु तहसील ज्वाली ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है कि वह शराब के ठेके पर सेल्समैन की नौकरी करता है। देर रात वह अपनी दुकान को बंद करके गाड़ी लेकर अपने घर जा रहा था और जब गदराना गांव के पास पहुंचा तो इतने में मोनू निवासी पठानकोट और मनोज कुमार निवासी गोली पुल तहसील फतेहपुर अपने साथ अन्य चार पांच लोगों को साथ रास्ता रोक कर खड़े हो गए। इन सभी के पास तेजधार हथियार थे। यह सभी मुझे रोककर गाली गलौज करने लगे जब मैंने कारण पूछा तो सभी मेरे साथ मारपीट करनी शुरू कर दी, वह मुझ पर तेजधार हथियार से वार करके मुझे घायल कर दिया और जाते समय लूट मार कर के मेरी कार को भी छीन कर ले गए। थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित के बयानों के आधार पर मोनू ठाकुर निवासी पठानकोट मनोज कुमार निवासी गोली पुल सहित अन्य चार से पांच अज्ञात हमलावरों के खिलाफ थाना इंदौरा में मामला दर्ज कर लिया है। पीड़ित का मेडिकल करवाकर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही।
हिमाचल प्रदेश में भारी वर्षा के कारण आई आपदा में फंसे लोगों और पर्यटकों को निकालने का अभियान पूरा हो गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि राज्य सरकार ने लगभग 70 हजार पर्यटकों को सुरक्षित रवाना कर दिया है और अब लगभग 500 पर्यटक ही हिमाचल प्रदेश में स्वेच्छा से रुके हैं। उन्हें खाने पीने और अन्य जरूरी चीजों उपलब्ध करवाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बड़े पैमाने पर बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में बचाव कार्य आरंभ किए गए और सभी के सहयोग से इसे सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश से लगभग 15000 गाड़ियों को सुरक्षित वापस भेजा गया है। उन्होंने कहा कि 80 प्रतिशत आपदा प्रभावित क्षेत्रों में बिजली, पानी और मोबाइल सेवाओं को आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बचे हुए क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं को जल्द से जल्द बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार की विभिन्न एजेंसियों, एनडीआरएफ, भारतीय सेना आदि द्वारा इस आपदा में राहत एवं बचाव कार्यों को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए उनके प्रयासों की प्रशंसा भी की। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि आपदा बहुत बड़ी है और बाढ़ से राज्य में लगभग 8000 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। राज्य के लोग इसका मजबूती के साथ सामना कर रहे हैं और राज्य सरकार पूरी तरह से उनके साथ खड़ी है। उन्होंने पुन: आग्रह किया कि केंद्र सरकार को भी राज्य सरकार की उदारता के साथ मदद करनी चाहिए।
विकास खंड इंदौरा की ग्राम पंचायत तोकि वार्ड 7 के लोग बीते दो वर्षो से नाली का गंदा पानी घरों में घुस जाने से परेशान थे और नरकीय जीवन व्यतीत करने को मजबूर थे। लोगों ने कई बार प्रशासन व पिछली सरकार से मदद की गुहार लगाई, लेकिन लोगों को केवल आश्वासन ही मिले। लेकिन इस बरसात के मौसम में जब लोगों के घरों का सारा सामान पानी में डूब गया और बीमारियां फैलने का खतरा बड़ा तो उन्होंने एक बार फिर प्रशासन को इस समस्या के बारे अवगत करवाया। पंचायत प्रधान व उपमंडल अधिकारी सुरिंदर ठाकुर ने वार्ड का दौरा कर लोगों के घरों में घुसे पानी का देखा और तुरंत एनएच हाईवे के उच्च अधिकारियों के संपर्क साधकर इस समस्या का समाधान करने के आदेश दिए। सड़क पर पानी इकट्ठा न हो इसके लिए मौके पर कंक्रीट डलवाकर सड़क का लेवल ऊंचा किया, वहीं एनएच द्वारा बरसात का मौसम खत्म होने के तुरंत बाद पानी की निकासी के लिए नाली बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। इससे लोगों की समस्या का समाधान हो जाएगा और उन्होंने राहत की सांस मिलेगी। वार्डवासियोंं ने उपमंडल अधिकारी सुरिंदर ठाकुर की इस कार्य को करवाने के लिए सराहना की और कहा कि यहां सरकार के कई नुमाइंदे व प्रशासन के कई अधिकारी आए, लेकिन बातों के सिवाए उन्होंने कुछ नहीं किया। लेकिन अब उन्हें पूर्ण विश्वास है कि उपमंडल अधिकारी द्वारा उनकी समस्या का पूरी तरह से समाधान कर दिया जाएगा।
प्रसिद्ध पर्वतारोही व हिमाचल की बेटी बलजीत कौर और एनआरएलएम यानी नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन की अध्यक्ष सीमा हनोथ ने गांव के छोटे बच्चों के साथ मिल कर पौधरोपण किया। उन्होंने बच्चों के साथ मिलकर जिला सोलन के ममलिग क्षेत्र के प्लास्ट पंजडोल गांव के साथ लगते क्षेत्र में करीब 150 पौधे रोपित किए। बलजीत कौर ने कहा कि वह इससे पहले भी विभिन्न लोगों और संस्थाओं के साथ मिलकर इस तरह के कार्य करती रही है और आगे भी करती रहेगी। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यों से जहां पर्यावरण को लाभ होता है तो वहीं लोगों को भी जागरूकता मिलती है। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा 1000 पौधों को रोपित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके मद्देनजर पहले चरण में 150 पौधों को रोपित किया गया है और आगे भी यह क्रम जारी रहेगा। पौधरोपण के दौरान बलजीत कौर और सीमा हनोथ के साथ गांव के छोटे बच्चें माही, चारू, प्रिया, पिंकी, ईशिता, प्राची, अमन, श्रुति, अंशु, अदिति, शनेया, बलजीत कौर के भाई बहन गुरदीप सिंह और कमलजीत कौर भी उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से आई बाढ़ और भूस्खलन के चलते आई आपदा से निपटने के लिए राहत कार्य चलाने के लिए सुक्खू सरकार ने अपने बजट से 1,100 करोड़ रुपये जारी किए हैं। शुक्रवार को राज्य सचिवालय में पत्रकार वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बताया कि1,100 करोड़ में से 610 करोड़ रुपये लोक निर्माण विभाग, 218 करोड़ रुपये जल शक्ति विभाग और 180 करोड़ रुपये एसडीआरएफ को जारी किए गए हैं। इसके अलावा 263 करोड़ रुपये की राशि जिला उपायुक्तों को पहले ही जारी कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि शुक्रवार सुबह ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर बात कर अंतरिम राहत के लिए 2,000 करोड़ रुपये देने की मांग की गई है। शाह ने बताया कि सोमवार को जायजा लेने के लिए केंद्रीय टीम शिमला आएगी। सुक्खू ने बताया कि हिमाचल प्रदेश को भारी बारिश से करीब 8,000 करोड़ रुपये का नुकसान संभावित है। सरकार ने आपदा कोष 2023 का गठन किया इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने आपदा कोष 2023 का गठन किया है। मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री समेत सभी मंत्रियों और कांग्रेस विधायकों ने एक माह का वेतन इस कोष में देने का फैसला लिया है। भाजपा के विधायकों से भी वेतन देने का आग्रह किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि भारी बारिश से चार दिनों के दौरान प्रदेश में 37 लोगों की जान गई है। वहीं 24 जून से अब तक 103 लोगों की जान जा चुकी है। 60 घंटों में करीब 67 हजार लोग विभिन्न क्षेत्रों से रेस्क्यू किए गए हैं। प्रदेश में 40 पुल टूटे हैं। 80 फीसदी पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। केंद्र सरकार से प्रदेश में हुई आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से बात कर क्षतिग्रस्त हुए नेशनल हाईवे और फोरलेन को जल्द दुरुस्त करने का आग्रह किया गया है। सीएम ने कहा कि आधारभूत ढांचे को ठीक करने में वक्त लगेगा। अपने साधनों से राहत प्रदान कर रही है सरकार मुख्यमंत्री ने बताया कि आपदा राहत कार्यों के लिए प्रदेश सरकार अभी तक अपने साधनों का ही इस्तेमाल कर रही है। केंद्र से जिस 180 करोड़ रुपये की सहायता राशि की बात कही जा रही है, वह प्रदेश सरकार को नियमित तौर पर मानसून सीजन के दौरान मिलती है। अभी तक केंद्र से नई वित्तीय मदद नहीं मिली है। 15वें वित्त आयोग के तहत मिलने वाली 315 करोड़ की राशि भी जारी नहीं हुई है। केंद्र सरकार से इस लंबित राशि को भी जारी करने की मांग की गई है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने आज लगातार तीसरे दिन सोलन विधानसभा क्षेत्र में भारी वर्षा से हुए नुकसान का जायज़ा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि मूलभूत अधोसंरचना को शीघ्र दुरूस्त करें तथा आम जन की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित बनाएं। डॉ. शांडिल ने आज कण्डाघाट विकास खण्ड की ग्राम पंचायत सकोड़ी के गांव दोची में शान्ति देवी के भारी वर्षा से हुए क्षतिग्रस्त मकान का निरीक्षण किया और उपमण्लाधिकारी कंडाघाट को क्षतिग्रस्त मकान के मामले पर कार्यवाही कर शीघ्र मुआवज़ा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार संकट के समय जन-जन के साथ है। उन्होंने कहा कि आपदा के ज़ख्मों को भरने में समय लगता है और विपरीत हालात में लोगों को सहायता पंहुचाने में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने इसके उपरांत ग्राम पंचायत बांजनी के थरोला नाला के समीप हुए भूस्खलन एवं नुकसान का जायजा भी लिया। उन्होंने इस अवसर पर स्थानीय निवासियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को जाना। स्थानीय निवासियों ने इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री को अवगत करवाया कि गांव के विभिन्न हिस्सों में बार-बार भूस्खलन की घटनाएं घट रही हैं। डॉ. शांडिल ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय निवासियों की समस्याओं का त्वरित हल सुनिश्चित बनाया जाए तथा सड़क की सुरक्षा के लिए डंगे इत्यादि लगाने का कार्य मनरेगा के तहत करवाया जाए। उपमंडलाधिकारी कंडाघाट सिद्धार्थ आचार्य ने अवगत करवाया कि प्रशासन वर्षा के कारण उत्पन्न हालात के प्रति सजग है और पीड़ित परिवारों को त्वरित सहायता इत्यादि उपलब्ध करवाई जा रही है। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस महासचिव रमेश ठाकुर, खंड कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, जोगिंद्रा सहकारी बैंक के निदेशक जितेन्द्र वर्मा, ग्राम पचांयत सकोड़ी के पूर्व प्रधान प्रेम कश्यप, ग्राम पचांयत बांजनी के पूर्व प्रधान मदन ठाकुर, विकास खंड अधिकारी कंडाघाट नरेश शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा ग्रामीण उपस्थित थे।


















































