**बोले, 31 मार्च तक सहायता राशि जारी नहीं हुई तो होगा बड़ा आंदोलन ** 2 साल से 1 लाख कामगारों की 500 करोड़ की राशि लंबित.. हिमाचल प्रदेश भवन सड़क एवं अन्य निर्माण मजदूर यूनियन ने शिमला में कामगार बोर्ड के अध्यक्ष और सचिव का घेराव कर 31 मार्च से पहले लंबित वित्तीय सहायता जारी करने की मांग की। यूनियन के सदस्य, सीटू के बैनर तले, परिमहल में कामगार बोर्ड के साथ बैठक से पहले धरना प्रदर्शन कर रहे थे। राज्य महासचिव भूपेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले दो सालों से कांग्रेस सरकार ने मजदूरों की वित्तीय सहायता रोक रखी है, जिसमें लगभग एक लाख कामगारों की करीब 500 करोड़ रुपए की राशि लंबित है। इसमें बच्चों की छात्रवृत्ति, शादी का पैसा, बीमारी और मृत्यु सहायता शामिल है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर 31 मार्च तक राशि जारी नहीं हुई, तो मजदूर बड़ा आंदोलन करेंगे।
** योग, कविता लेखन, चित्रकला और अन्य गतिविधियों में छात्रों ने लिया भाग बी एल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, कुनिहार में "परीक्षा पे चर्चा 2025" के तहत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य पुर्शोतम लाल ने जानकारी दी कि शिक्षा मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार विद्यालय में "परीक्षा पे चर्चा 2025" के आठवें संस्करण के अंतर्गत छात्रों, एनसीसी, एनएसएस, और स्काउट्स एंड गाइड्स के बच्चों ने कई रचनात्मक और शैक्षिक गतिविधियों में भाग लिया। इनमें योग, कविता लेखन, चित्रकला, नारा लेखन, पोस्टर मेकिंग, नुक्कड़ नाटक, भाषण, मानसिक स्वास्थ्य कार्यशाला, और प्रेरणादायक फिल्मों की स्क्रीनिंग जैसी गतिविधियाँ शामिल थीं। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने उत्साह के साथ भाग लिया। प्रधानाचार्य ने बताया कि यह आयोजन हर साल कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों को परीक्षा के तनाव और दबाव से निपटने में मदद करने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से प्रेरित है, जो छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और समाज को एकजुट करने का प्रयास करते हैं, ताकि हर बच्चे के अद्वितीय व्यक्तित्व का सम्मान किया जा सके।विद्यालय अध्यक्ष ने भी इस आयोजन की सराहना की और बच्चों को परीक्षा से मुक्त मानसिकता के साथ रहने के लिए प्रेरित किया।
** पूर्व सैनिकों के कोटे से भरे जाएंगे पुलिस कांस्टेबल के 123 पद हमीरपुर: पूर्व सैनिकों के लिए रोजगार का सुनहरा मौका है। एक्स सर्विसमैन के लिए विभिन्न विभागों में कोटा प्रदान किया गया है। इसे भरने के लिए पूर्व सैनिक रोजगार सेल हमीरपुर कार्य कर रहा है। पुलिस महानिदेशक शिमला ने पूर्व सैनिकों के कोटे से पुलिस कॉन्स्टेबल के 123 पदों को भरने की अनुमति प्रदान की। एक जनवरी 2022 से एक जनवरी 2024 के बीच सेवानिवृत्त हुए और दसवीं पास पूर्व सैनिक ही इस साक्षात्कार में भाग ले सकते हैं। वहीं, पूर्व सैनिक रोजगार सेल के अधिकारी रविंद्र कुमार ठाकुर ने बताया कि रिक्त पड़े 123 पदों को भरने के लिए प्रदेश के सभी जिला के पूर्व सैनिकों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया है। प्रदेश भर के 12 जिलों में से 5 जिलों हमीरपुर, मंडी ऊना, कांगड़ा, शिमला के पूर्व सैनिकों को रोजगार सेल के माध्यम से बुलाया जाएगा, जबकि अन्य जिलों के पूर्व सैनिकों को जिला वाइज बुलाया जाएगा। साक्षात्कार में भाग लेने वाले पूर्व सैनिक अपने विभिन्न दस्तावेजों के साथ ही साक्षात्कार में भाग ले सकते हैं। बता दें कि इन पदों को भरने के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया 24 फरवरी से शुरू होगी जो कि 20 मार्च तक चलेगी। पूर्व सैनिक निदेशालय के माध्यम से पुलिस कॉन्स्टेबल के 123 पदों पर भर्ती की जा रही है, जिसमें सामान्य श्रेणी के 74, अन्य पिछड़ा वर्ग के 16, अनूसूचित जाति के 24 और अनूसूचित जनजाति के नौ पदों पर साक्षात्कार प्रक्रिया होगी। वहीं, इन पदों के लिए प्रदेश भर के एक्स सर्विसमैन के साक्षात्कार पूर्व सैनिक रोजगार सेल हमीरपुर में आयोजित किए जाएंगे। पूर्व सैनिक अपने विभिन्न दस्तावेजों में डिस्चार्ज बुक, व्यावसायिक और तकनीकी प्रमाण पत्र, रोजगार कार्यालय का कार्ड, हिमाचली प्रमाण पत्र और शपथ पत्र लेकर ही साक्षात्कार में भाग ले सकते हैं।
हिमाचल में अवैध खनन रोकने के लिए उद्योग विभाग उड़न दस्तों का गठन करेगा। अवैध खनन करने वालों पर कार्रवाई के लिए फ्लाइंग स्क्वायड को गाड़ियां उपलब्ध करवाई जाएंगी। प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में फ्लाइंग स्क्वायड दिन-रात निगरानी करेंगे। अवैध खनन को रोकने के लिए सहायक खनन अधिकारियों की भी तैनाती की जा रही है। उद्योग विभाग के खनन विंग के अधिकारियों के अलावा होमगार्ड के जवान फ्लाइंग स्क्वायड में शामिल होंगे। सरकार ने जिला उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को भी अवैध खनन में लिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। खनन विभाग को हर जिले में अवैध खनन रोकने के लिए निगरानी बढ़ाने, विशेषकर सीमांत जिलों में अवैध खनन गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए विशेष तौर पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा गया है। खनन विभाग के अधिकारियों को विधानसभा क्षेत्रवार जेसीबी मशीनों और उनके ऑपरेटरों की संख्या का ब्यौरा जुटाने के भी निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश में अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए फ्लाइंग स्कवायर्ड गठित करने का फैसला लिया गया है। फ्लाइंग स्कवायर्ड को गाड़ियां भी उपलब्ध करवाई जाएगी। विशेषकर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में दिन-रात निगरानी की जाएगी।
लोक निर्माण व शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर ठेकेदारों को लेकर घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। अगर वह ठेकेदारों के इतने ही हितैषी हैं तो अपने कार्यकाल में अदायगी पूरी क्यों नहीं की। अब प्रदेश सरकार ठेकेदारों की अदायगी पूरी की कर रही है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष को श्वेत पत्र जारी करने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि जिस दिन जयराम ठाकुर ने सत्ता छोड़ी, उस दिन कितनी प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग पर देनदारियां थीं, इसकी जवाबदेही वे स्वयं सुनिश्चित करें। नेता प्रतिपक्ष सुर्खियों में रहना चाहते हैं, इसलिए गलत बयानबाजी कर रहे हैं। ठेकेदारों के भुगतान को लेकर पूछे गए प्रश्र पर उन्होंने कहा कि हाल ही में लोक निर्माण विभाग को 80 करोड़ रुपये का बजट मुख्यमंत्री की ओर से जारी किया गया है। इससे लगातार प्रदेश में हो रहे कार्यों की अदायगी हो रही है। मुश्किलों के बीच सरकार आर्थिकी को मजबूत करने का कार्य कर रही है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि शहरी विकास विभाग की ओर से शहरी क्षेत्रों को सशक्त करने का प्रयास किया जा रहा है। शहर में सीवरेज लाइन, रास्ते समेत अन्य कार्यों को तेजी से करवाने करवाने का पहला लक्ष्य है। वार्ड के लोगों को बेहतर सुविधाएं नगर निगम की ओर से दी जाएं इसके लिए सरकार कार्यों को निश्चित रूप से कर रही है।
कांगड़ा: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जिला कांगड़ा के प्रवास के दौरान नूरपुर विधानसभा क्षेत्र का दौरा किया। सीएम ने विधासभा क्षेत्र के लोगों के लिए 30.85 करोड़ रुपये की सात विकासात्मक परियोजनाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने 13.07 करोड़ रुपये लागत की योजनाओं के लोकार्पण और 17.78 करोड़ रुपये की योजनाओं की आधारशिला रखी। मुख्यमंत्री ने 7.82 करोड़ रुपये की लागत से बने दरड़ नाला-डमोह संपर्क मार्ग और दो पुलों का लोकार्पण किया। 2.05 करोड़ रुपये की लागत से बने जिला फॉरेंसिक यूनिट का उद्घाटन किया गया।2.84 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित खज्जियां हार संपर्क मार्ग और 36.66 लाख रुपये से बने विद्युत विभाग के उपमंडलीय भवन का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने नूरपुर के जाच्छ में 13.91 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले पुलिस अधीक्षक कार्यालय के प्रशासनिक भवन का शिलान्यास किया. इसके अलावा 3 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले कंडवाल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के भवन और 86.83 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले गरेली खड्ड पुल की आधारशिला रखी और भूमि पूजन किया। सीएम ने इस दौरान कहा "हम व्यवस्था परिवर्तन के लिए आए हैं जिसके लिए हमारी सरकार ने बहुत से नियमों को बदला है। हम हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं। हमारे प्रयासों से हिमाचल की अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटी है। पूर्व की भाजपा सरकार ने विकास के उद्देश्य से नहीं बल्कि चुनाव जीतने के उद्देश्य से काम किया था।
सिरमौर: नाहन के आदर्श अग्निशमन केंद्र परिसर में रविवार देर रात शराब के नशे में धुत्त एक शख्स ने खूब हुड़दंग मचाया। सरकारी कार्यालय में यह हंगामा देख मौके पर मौजूद लोग भी दंग रहे गए। जानकारी के मुताबिक ये व्यक्ति अग्निशमन विभाग का ही कर्मी बताया जा रहा है। नशे में धुत्त इस कर्मी ने ना केवल कार्यालय के मेन गेट के दरवाजे पर लगा शीशा तोड़ दिया, बल्कि ऑफिस में मौजूद अन्य कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज भी किया। हंगामा बढ़ता देख इसकी सूचना शहर की गुन्नूघाट पुलिस चौकी व विभागीय अधिकारी को दी गई। सूचना मिलने के बाद मौके पर पुलिस की टीम पहुंची। इस हंगामे का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें संबंधित कर्मी शराब के नशे में धुत्त अन्य कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज करते हुए नजर आ रहा है। ऑफिस में मौजूद अन्य फायर कर्मचारी शख्स को समझाने का प्रयास कर रहे थे लेकिन शराब के नशे में चूर कर्मी जमकर गाली-गलौज करता रहा। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक व्यक्ति पांवटा साहिब अग्निशमन विभाग में ही तैनात है, जो रविवार देर शाम शराब के नशे में अग्निशमन केंद्र नाहन पहुंचा था। हालांकि कर्मी ने वर्दी नहीं पहनी थी और वह सादे कपड़ों में था। उधर देर रात गुन्नूघाट पुलिस टीम अग्निशमन केंद्र में ही मौजूद थी। बताया जा रहा है कि विभाग के कमांडेंट भी मौके पर मौजूद थे, जिनके साथ चर्चा कर पुलिस इस पूरे मामले को लेकर जानकारी जुटा रही है। गुन्नूघाट पुलिस चौकी के मुताबिक मामले को लेकर विभागीय अधिकारी से जानकारी ली जा रही है। मामले की जांच के बाद ही इस संदर्भ में जानकारी साझा की जा सकती है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले की धामी-सुन्नी सड़क पर एक ट्रक अनियंत्रित होकर सैंज खड्ड में गिर गया। हादसे में दो सगे भाइयों की मौत हो गई है। हादसा रविवार रात करीब 1:00 बजे का बताया जा रहा है। मृतकों की पहचान ट्रक चालक दिनेश कुमार पुत्र बाबूराम गांव ठेरा डाकघर अर्की और इसका बड़ा भाई विनोद कुमार के रूप में हुई है। दोनों सीमेंट की सप्लाई लेकर रामपुर की ओर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि रात को किसी को हादसे की सूचना नहीं मिली। सुबह के समय लोगों ने इस बारे में सुन्नी पुलिस को सूचित किया। इसके बाद पुलिस की टीम मौके पहुंची। दोनों को खड्ड से निकालकर सुन्नी अस्पताल ले जाया गया लेकिन यहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने परिजनों को इस बारे में सूचित कर दिया है। हादसे के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस की ओर से आगामी कार्रवाई की जा रही है।
** मेडिकल कॉलेज नाहन में सालों बीत जाने के बाद भी नहीं हुई कार्डियोलॉजिस्ट की नियुक्ति हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर में करीब 6 लाख लोगों के हार्ट का कोई भी रखवाला नहीं है। लिहाजा यहां लोगों के हार्ट रामभरोसे है। यदि किसी को हार्ट संबंधी बीमारी हो, तो उन्हें मजबूरन बाहरी राज्यों में ही इलाज के लिए जाना पड़ेगा, बावजूद इसके सरकार के यहां बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के दावे हवा में तैर रहे हैं। सिरमौर हिमाचल निर्माता डॉ. वाईएस परमार का गृह जिला है, जिनके नाम पर अक्सर राजनीतिक दल अपनी राजनीति की रोटियां सेकते हैं। पूरे सिरमौर में एक भी कार्डियोलॉजिस्ट (ह्दय रोग विशेषज्ञ) नहीं है। जिले का सबसे बड़ा स्वास्थ्य संस्थान डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन भी इससे अछूता है। दरअसल वर्ष 2016 में जिला मुख्यालय नाहन में मेडिकल कॉलेज की शुरूआत हुई। करीब 8-9 वर्षों बाद भी अब तक न तो यहां कैथ लैब शुरू हो पाई और न ही यहां कार्डियोलॉजी विभाग स्थापित हो सका। स्वास्थ्य क्षेत्र के जानकारों की मानें तो नियमों के मुताबिक किसी भी मेडिकल कॉलेज में तीन वर्षों के भीतर कार्डियोलॉजी विभाग स्थापित किया जाना चाहिए, लेकिन नाहन में अब तक ऐसा नहीं हो पाया। लंबे अरसे से प्रबंधन कैथ लैब शुरू न होने का कारण जगह की कमी का होना बताया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज में यह सुविधा न मिलने से हार्ट के मरीजों को अपने इलाज के लिए बाहरी राज्यों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। हार्ट की छोटी से लेकर बड़ी बीमारी से ग्रस्ति मरीजों को चंडीगढ़, उत्तराखंड, दिल्ली और हरियाणा सहित शिमला में भारी भरकम राशि खर्च कर अपना इलाज करवाने को मजबूर होना पड़ रहा है। कैथ लैब हार्ट से जुड़ी बीमारियों की जांच व उपचार का केंद्र होता है। मरीजों को इको (अल्ट्रासाउंड), टीएमटी (हार्ट की असामान्य गति की पहचान के लिए परीक्षण एंजियोग्राफी), सिंगल स्टेंट के साथ बैलून कोरोनरी एंजियोग्राफी की सुविधा उपलब्ध होती है। लैब में आमतौर पर एक बहु-विषयक टीम होती है। इसमें एक मेडिकल प्रैक्टिशनर (आमतौर पर या तो कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट या रेडियोलॉजिस्ट), कार्डियक फिजियोलॉजिस्ट, रेडियोग्राफर और नर्स शामिल होते हैं। अब नाहन में लैब ही नहीं बनी तो स्टाफ की नियुक्ति तो दूर की बात है। उधर नाहन निवासी सीता देवी ने बताया कि, मैं पिछले करीब 12 वर्षों से हार्ट की पेशेंट हूं। जिला में कार्डियोलॉजिस्ट न होने के कारण पहले दिल्ली एम्स से इलाज करवाया। दिल्ली में ही उनकी एंजोप्लास्टिी हुई थी। वर्षों तक यहीं से इलाज करवाया गया। अब बेटा लखनऊ में सेटल है, लिहाजा अब मेरा इलाज लखनऊ से ही चल रहा हैं। नाहन मेडिकल कॉलेज में हार्ट मरीजों के लिए सुविधा उपलब्ध होती तो हमें बाहरी राज्यों में इलाज के लिए नहीं जाना पड़ता। हिमाचल सरकार ये सुविधा नाहन में शुरू करवाए। बता दें कि 2019 बजट सत्र में जयराम ठाकुर ने मेडिकल कॉलेज में कैथ लैब की घोषणा की। फिर 2022 के चुनावी वर्ष में भी सरकार ने दोबारा से यहां कैथ लैब की घोषणा कर डाली। दो-दो बार घोषणा के बावजूद भी पूर्व भाजपा सरकार 5 वर्षों में यहां कैथ लैब की सुविधा उपलब्ध नहीं करवा पाई। इसके बाद प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हुआ, लेकिन सुक्खू सरकार के दो वर्षों के कार्यकाल में भी अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। पच्छाद तहसील के टिक्कर गांव के निवासी रतन सिंह पुंडीर हार्ट के पेशेंट हैं। रतन सिंह पुंडीर बताते हैं कि जिला में कार्डियोलॉजिस्ट न होने के कारण मैं अपने पिता को पिछले 15 वर्षों से इलाज के लिए पीजीआई चंडीगढ़ ले जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज खुले वर्षों बीत चुके हैं, लेकिन अब तक यहां कैथ लैब शुरू नहीं हो सकी। सरकार से हमारी मांग है कि जल्द से जल्द हार्ट के मरीजों को भी नाहन में सुविधा उपलब्ध करवाई जाएं। उधर मेडिकल कॉलेज नाहन के एसएस डॉ अमिताभ जैन ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में जगह की कमी के कारण यहां कैथ लैब और कार्डियोलॉजी विभाग शुरू नहीं किया जा सका है। जगह उपलब्ध होते ही इस दिशा में उचित कदम उठाए जाएं।
सिरमौर: हिमाचल प्रदेश में मां की ममता एक बार फिर शर्मसार हुई है। चंद रोज पहले पुलिस थाना कंडाघाट के तहत श्मशानघाट के गेट के पास मिली नवजात बच्ची के बाद अब प्रदेश के जिला सिरमौर में एक 3-4 महीने के शिशु का भ्रूण मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस ने भ्रूण को कब्जे में लेकर आगामी जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि किसी महिला की प्रीमैच्योर डिलीवरी या गर्भपात के बाद इस भ्रूण को कूड़े के बीच फेंक दिया। मामला जिला सिरमौर के पुलिस थाना कालाअंब के तहत सामने आया है। चूंकि कालाअंब हिमाचल और हरियाणा की सीमा पर स्थित है। लिहाजा भ्रूण को यहां किसने फेंका इसका खुलासा जांच के बाद ही हो पाएगा। इतना जरूर है कि ये मामला सामने आने के बाद एक बार फिर शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। पुलिस न केवल आरोपी की तलाश में जुटी है, बल्कि क्षेत्र में लगे सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है, ताकि ये पता लगाया जा सके कि इस अमानवीय कृत्य को किसने अंजाम दिया है। जानकारी के अनुसार अंशुल चौधरी नाम के एक व्यक्ति ने कालाअंब पुलिस थाना को इस मामले की सूचना दी। अंशुल ने पुलिस को बताया कि रविवार दोपहर करीब अढ़ाई बजे खैरी में अपने दोस्त के पास जा रहा था, तो इसी दौरान पशुपति कंपनी से आगे त्रिलोकपुर की ओर पुलिया के पास काफी लोग एकत्रित थे। देखने पर नाले में कूड़े के बीच एक शिशु का भ्रूण पड़ा था, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को इस मामले की सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच भ्रूण को कब्जे में लेकर आगामी जांच शुरू कर दी है। अब नाले में ये भ्रूण किसने और कब फेंका, इसकी पुलिस गहनता से जांच कर रही है। कालाअंब पुलिस थाना के एसएचओ कुलवंत सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में यह भ्रूण 3-4 महीने का लग रहा है। संभवत प्रीमैच्योर डिलीवरी के बाद ही इसे यहां फेंका गया है। पुलिस ने इस संदर्भ में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस गहनता से मामले की तफ्तीश कर रही है। गौरतलब है कि जिला सिरमौर में भी इस तरह का ये कोई पहला मामला नहीं है बल्कि पिछले कुछ वर्षों में नवजात बच्चियों या फिर उनके भ्रूण को विभिन्न स्थानों पर फेंकने के कई मामले सामने आ चुके हैं, हालांकि कुछ एक मामलों में पुलिस ने इनका खुलासा भी किया है, लेकिन कई मामले ऐसे भी हैं, जिनका आज तक कुछ पता नहीं चल पाया।
राष्ट्र स्तरीय विंटर कार्निवल की तैयारियां पूरी हो गई हैं। सीएम सुक्खू आज माता हिडिंबा की विधिवत पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद पांच दिवसीय कार्निवल का आगाज हो जाएगा। परिधि गृह से माल रोड तक सांस्कृतिक झांकियां निकाली जाएंगी। झांकियों में देश के विभिन्न राज्यों के सांस्कृतिक दल और मनाली विधानसभा के महिला मंडल अपनना हुनर दिखाएंगे। कार्निवल के लिए मनाली को दुल्हन की तरह सजाया गया है। माल रोड पर शानदार सजावट की गई है। सोमवार सुबह हिडिंबा मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री परिधि गृह से हरी झंडी दिखाकर झांकियों को रवाना करेंगे। दोपहर को वह मनुरंगशाला मे पांच दिन तक चलने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री भी मुख्य रूप से मौजूद रहेंगे। कार्निवल में विंटर क्वीन और वायस ऑफ कार्निवल प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र रहेंगी। सांस्कृतिक संध्या में स्टार कलाकार धमाल मचाएंगे। स्थानीय लोक कलाकारों को भी मौका मिलेगा। मनुरंगशाला और माल रोड दोनों ही जगह पर कार्निवल के कार्यक्रमों का आयोजन होगा। एसडीएम रमण कुमार शर्मा ने बताया कि कार्निवल की तैयारियां पूरी हो गई हैं। विंटर कार्निवल के दौरान इस साल शीतकालीन खेलों का भी आयोजन किया जा रहा है। सोलंगनाला की स्की ढलान पर 22 से 24 जनवरी तक विभिन्न वर्ग की स्कीइंग और स्नो बोर्ड प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। विंटर गेम्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष लुदर चंद ठाकुर ने बताया कि प्रतियोगिता की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं।
पर्यटन स्थल मैक्लोडगंज के एक तिब्बती संस्थान के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस सिलसिले में संस्थान के मैनेजर से भी पूछताछ की गई है। हालांकि अभी तक इसमें कोई जानकारी नहीं लग पाई है। शिकायत में संस्थान के खिलाफ मेडिटेशन समेत अन्य कोर्सों के लिए दाखिलों के माध्यम से पैसों की गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि संस्थान विदेशी नागरिकों से लाखों रुपये मेडिटेशन और अन्य कोर्सों में दाखिलों के लिए लेता है, लेकिन जो रिकॉर्ड तैयार किया जाता है, उसमें स्थानीय लोगों के नाम होते हैं और उसमें दाखिले की राशि भी कम दिखाई जाती है। इस तरह फर्जी नाम दर्शाकर संस्थान पर लाखों रुपये की गड़बड़ी करने का आरोप है। शिकायत के बाद पुलिस ने संस्थान के मैनेजर से मामले की पूछताछ की है। मैनेजर ने बताया कि संस्थान दिसंबर से बंद है और 15 फरवरी के बाद खुलेगा। वहीं, पुलिस ने शिकायतकर्ता के बताए पते पर उससे संपर्क करना चाहा, तो उस पते पर कोई जानकारी नहीं मिल पाई। कांगड़ा के एएसपी वीर बहादुर ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। शिकायतकर्ता का नाम और पता सही नहीं है। पुलिस सभी बिंदुओं पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है। अभी केस दर्ज नहीं किया गया है।
** डॉ. राजीव सैजल ने कसौली के कोट बेजा पंचायत में भाजपा कार्यकर्ताओं से की बैठक कसौली /हमेंद्र कंवर: प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष और कसौली के पूर्व विधायक डॉ. राजीव सैजल ने कसौली विधानसभा की कोट बेजा पंचायत में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ एक बैठक में शिरकत की। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। बैठक में कोट बेजा और गुनाई बूथों की नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को फूलमालाएं पहनाकर सम्मानित किया गया और उन्हें शुभकामनाएं दी गई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि शीघ्र ही लोकसभा सांसद सुरेश कश्यप का कोट बेजा पंचायत में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।राजीव सैजल ने इस मौके पर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि "पूरे प्रदेश में विकास थम चुका है और वर्तमान सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।" उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार में जनमंच के माध्यम से जनता की समस्याओं का मौके पर समाधान किया जाता था, लेकिन अब कोई ऐसा मंच नहीं है, जहां लोग अपनी समस्याएं लेकर जा सकें। यह एक बहुत बड़ी समस्या बन चुकी है। उन्होंने कहा, "स्थानीय विधायक भी जनता और क्षेत्र के प्रति अपना कर्तव्य निभाने में असफल रहे हैं। प्रदेशभर में सरकार के प्रति असंतोष का माहौल है।डॉ. सैजल ने आगे कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार प्रदेश की मदद कर रही है, और वही मदद प्रदेश सरकार को चलाए रखने का कारण बनी हुई है।इस मौके पर परमाणु मंडल अध्यक्ष लक्ष्मी दत्त शर्मा, किशोरी लाल शर्मा, पूर्व प्रधान रविंदर शर्मा, कोट बेजा बूथ अध्यक्ष तेजपाल, गुनाई बूथ अध्यक्ष अमन ठाकुर, शिव कुमार, महेश कौशिक, जितेंद्र कुमार, देवी चंद, कपिल, दीपक कुमार, हर्ष वर्धन ठाकुर, परीक्षित शर्मा, जानकी राम, हेम राम, काशीराम और अन्य भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
** ठेकेदारों की चेतावनी, शीघ्र भुगतान न होने पर करेंगे धरना प्रदर्शन ठेकेदार एसोसिएशन राजगढ़ ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और कहा है कि अगर जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे धरना प्रदर्शन करेंगे। एसोसिएशन ने आज लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता के माध्यम से सचिव लोक निर्माण विभाग को एक ज्ञापन भेजा, जिसमें कहा गया कि पिछले तीन महीनों से सरकार ने कोषागार को अघोषित रूप से बंद कर रखा है, जिसके कारण ठेकेदारों और अन्य लोगों के बिलों का भुगतान नहीं हो पा रहा है।ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि विभाग बिल पास कर कोषागार को भेजता है, लेकिन कोषागार ने इन बिलों को होल्ड किया और बाद में वापस विभाग को भेज दिया। इससे ठेकेदारों को सीमेंट, स्टील, रेत, बजरी जैसी सामग्री और लेबर की पेमेंट नहीं मिल पा रही है, जिसके कारण उन्हें भारी वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है।एसोसिएशन ने कहा कि अब तक ऐसा कभी नहीं हुआ, और इस स्थिति के कारण प्रदेश में आर्थिक आपातकाल जैसी हालत हो गई है। ठेकेदारों ने यह भी कहा कि अगर शीघ्र भुगतान और क्षतिपूर्ति नहीं की गई, तो वे धरना प्रदर्शन करेंगे और सरकार के अधिकारियों का घेराव करेंगे।
भाजपा के प्रदेश महामंत्री त्रिलोक कपूर ने संगठनात्मक जिला देहरा भाजपा कार्यालय में आयोजित संविधान गौरव अभियान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। कपूर ने कहा कि भारतीय संविधान के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष पर यह पूरा राष्ट्र उत्सव रूपी अभियान के रूप में ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है, इस अभियान के माध्यम से संविधान के मूल्य और सिद्धांतों का प्रचार किया जाएगा। उन्होंने कहा यही नहीं संविधान के शिल्पकार बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि देने का एक और अवसर प्राप्त हुआ है। प्रदेश महामंत्री ने कहा कि डॉक्टर बी आर अंबेडकर एक सच्चे राष्ट्रवादी थे जिन्होंने संविधान की आत्मा को परिभाषित करने का काम किया। उन्होंने कहा कि संविधान पूर्ण रूप से किसी भी देश का सर्वोच्च ग्रंथ होता है, यह वह किताब है जिसमें देश की संवैधानिक संरचना टिकी होती है, सरल शब्दों में कहें तो यह वह किताब है जिस पर देश की सामाजिक, राजनीतिक और न्यायिक व्यवस्था का निर्देशन करने के लिए नियम लिखे होते हैं। यही नहीं संविधान यह भी बतलाता है कि समाज को चलाने का अधिकार क्या हो, कैसे देश के प्रत्येक नागरिक के अधिकार सुरक्षित हों, किसी भी व्यक्ति के अधिकारों का हनन न हो और सबको सम्मान रूप से आगे बढ़ने का मौका मिल सके। भाजपा नेता ने कहा कि भारतीय संविधान दुनिया में सबसे लंबा और सबसे विशाल संविधान है, जिसमें 25 भाग हैं, 12 अनुसूचियां और 448 अनुच्छेद हैं। भारत एकमात्र संप्रभु व गणतंत्र देश है जिसमें इतनी विभिन्नताएं हैं, इसमें डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी का जो योगदान है उसको हर भारतीय कभी नहीं भूला सकता है।उन्होंने कहा कि उनके इस महान कार्य को लेकर भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सबका साथ सबका विकास के ऐसे मूल मंत्र पूर्वक सामाजिक उत्थान पंच तीर्थ निर्माण के माध्यम से श्रद्धांजलि और सम्मान नागरिक संहिता के समर्थन के रूप में उनकी दृष्टि को मूर्त रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत रत्न डॉ भीमराव अंबेडकर के जीवन से जुड़े प्रमुख स्थलों को पंच तीर्थ में बदल दिया है जो सामाजिक न्याय की दिशा में काम करने के लिए प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि यह पंच तीर्थ स्थल जिसमें एक उनकी जन्म भूमि महु (मध्य प्रदेश), दूसरा उनकी दीक्षा भूमि नागपुर, तीसरी उनकी चैत्य भूमि मुंबई, चौथा लंदन का वो घर जहां वकालत की शिक्षा के दौरान जिस घर में रहे और पांचवा दिल्ली का हलिपुर जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। यही नहीं देश के प्रधानमंत्री ने बाबा साहेब अंबेडकर की 125 जयंती के अवसर पर संविधान दिवस की शुरुआत की है। उन्होंने डॉक्टर बी आर अंबेडकर के दिखाए रास्ते पर वर्ष 2019 में राज्यसभा और विधानसभा में एससी और एसटी के आरक्षण को 10 साल के लिए बढ़ा दिया। 15 अप्रैल 2015 में समरसता दिवस घोषित करके उनको याद किया गया, सितंबर 2017 में डॉ भीमराव अंबेडकर केंद्र का उद्घाटन किया, 13 अप्रैल 2018 को दिल्ली में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की याद में अंबेडकर स्मारक स्थापित किया गया। कपूर ने यह खेद प्रकट करते हुए कहा कि वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी ने पिछले 75 वर्षों से डॉ भीमराव अंबेडकर को लगातार अपमानित करने का काम किया, कांग्रेस की इस मानसिकता की वजह से कई दशकों तक बाबा साहब को भारत रत्न नहीं मिला और न ही पुरानी संसद के केंद्र हॉल में उनका चित्र लगाने का प्रयास हुआ, जबकि भाजपा ने हमेशा बाबा साहब और उनकी धरोहर को सम्मानित किया, भाजपा के समर्थन के फल स्वरुप ही वर्ष 1990 में उन्हें मरने के उपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया। कपूर ने कहा कि यह देश जानता है कि डॉक्टर बी आर अंबेडकर ने अनुच्छेद 370 का विरोध किया और खुलकर अपने विचार भी रखे। लेकिन उसके बावजूद नेहरू ने जबरन देश पर धारा 370 थोप दी, यही नहीं आजादी के बाद एक लंबे कालखंड तक सत्ता में रहने वाली कांग्रेस ने अपनी तुष्टिकरण की राजनीति के लिए पिछड़े वर्गों के अधिकारों पर अतिक्रमण करते हुए लगातार असंवैधानिक धर्म आधारित आरक्षण को बढ़ावा दिया, यही नहीं कांग्रेस पार्टी ने डॉक्टर बी आर अंबेडकर को अपनी सरकार से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया, यह वही कांग्रेस पार्टी है जिसने बालासाहेब द्वारा संविधान में जो अनुच्छेद 356 का प्रावधान किया था इसका सबसे ज्यादा दुरूपयोग अर्थात 90 से अधिक बार कांग्रेस पार्टी इस अनुच्छेद का दुरुपयोग किया। भाजपा नेता ने कहा कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने डॉक्टर बी आर अंबेडकर को हमेशा प्रताड़ित करने का काम किया, जब पंडित नेहरू के नेतृत्व में आंतरिक सरकार में डॉक्टर बी आर अंबेडकर विधि और कानून मंत्री थे तो उन्होंने हिंदू कोड बिल लेकर संविधान में एक अलग से प्रावधान किया था लेकिन नेहरू उससे प्रसन्न नहीं थे और इस मतभेद को लेकर डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को नेहरू मंत्रिमंडल से मजबूरन त्यागपत्र देना पड़ा। उन्होंने कहा कि नेहरू नहीं चाहते थे कि डॉक्टर भीमराव अंबेडकर संविधान सभा का हिस्सा बने और न ही कमेटी के अध्यक्ष बने, लेकिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हस्तक्षेप के कारण यह संभव हो पाया, कांग्रेस नहीं चाहती थी कि वह संसद में जाएं और दलितों, वंचितों की आवाज बने, उन्हें हमेशा अपमानित करने का काम कांग्रेस पार्टी करती रही।उन्होंने कहा कि जब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर अपना पहला चुनाव लड़ रहे थे तो कांग्रेस पार्टी ने एक षड्यंत्र रचकर उनके रहे अनन्य सहयोगी नारायण काजरोलकर को उनसे तोड़कर उनके विरुद्ध चुनाव लड़ाने का काम किया और उनसे ही डॉक्टर भीमराव अंबेडकर बुरी तरह चुनाव हार गए। उनके चुनाव प्रचार के विरुद्ध स्वयं नेहरू ने अनेकों जनसभाएं की और यही नहीं जिस व्यक्ति ने डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को चुनाव में हराया था उनको 1970 में पद्म विभूषण पुरस्कार से सम्मानित करके ओर अपमानित करने का काम किया। कपूर ने कहा कि यही नहीं जब 1954 में महाराष्ट्र के पंडारा लोकसभा का उपचुनाव हुआ उसमें फिर एक बार कांग्रेस ने डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को चुनाव में हराने का काम किया और उसके बाद डॉक्टर भीमराव अंबेडकर 1942 में खुद के गठित शेड्यूल कास्ट फेडरेशन को नए सिरे से गति देने के काम में जुट गए। उन्होंने अनुसूचित जाति फेडरेशन के बैनर तले 35 प्रत्याशी खड़े किए लेकिन उनमें से मात्र दो ही जीत पाए लेकिन दुर्भाग्य बस वह स्वयं भी चुनाव हार गए।भाजपा नेता ने कहा कि डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने अनुसूचित जाति व पिछड़े वर्गों को लेकर हमेशा संघर्ष किया, आज कांग्रेस डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को लेकर जो जनता को गुमराह करने का दुष्प्रचार कर रही है इस सत्यता को देश भली भांति जानता है। डॉक्टर भीमराव अंबेडकर एक न्याय विद, आर्थिक शास्त्री, समाज सुधारक और राजनेता के रूप में यह देश हमेशा याद करता रहेगा। इस मौके पर संगठनात्मक जिला देहरा के जिला अध्यक्ष अजय खट्टा, पूरा विधायक होशियार सिंह, ठाकुर रविंद्र रवि, पूर्व जिला अध्यक्ष संजय शर्मा, नितिन ठाकुर, संजय राणा, मंडल अध्यक्ष सरोज कुमारी, वीरेंद्र सिंह, कमलनयन डोगरा, अभिषेक पाधा, विजय मेहता, मनोहर चौधरी, श्याम दुलारी, राकेश धीमान सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
एनएसयूआई ने कार्यकारिणी की घोषण कर दी है। इसी बीच ज्वालामुखी से भी कुछ युवाओं को इस कार्यकारिणी में जगह मिली है। छात्रों में उपाध्यक्ष के पद पर अरुण ठाकुर, दीक्षा महासचिव, अभिषेक महासचिव, नीतीश डोगरा सोशल मीडिया कोर्डिनेटर, आदर्श राणा सोशल मीडिया कोर्डिनेटर की नियुक्ति हुई है। सभी युवाओं ने नव दायित्व मिलने के लिए मुख्यमंत्री सुक्खू, कांग्रेस नेता रघुवीर सिंह बाली, प्रदेश महासचिव सचिन ठाकुर, जिलाध्यक्ष कपिल कुमार का आभार व्यक्त किया है।
हमीरपुर: अणु सिंथेटिक ट्रैक ग्राउंड में थल सेना की अग्निवीर भर्ती के फिजिकल टेस्ट में दूसरे दिन शनिवार को करीब 470 युवाओं ने भाग लिया। थल सेना भर्ती कार्यालय हमीरपुर के निदेशक कर्नल बीएस भंडारी ने बताया शनिवार को जिला बिलासपुर के भराड़ी, नम्होल, घुमारवीं और तहसील नैणा देवी, जिला हमीरपुर की तहसील भोरंज और टौणी देवी के करीब 550 पात्र युवाओं को फिजिकल टेस्ट के लिए बुलाया गया था। इनमें से करीब 470 युवा फिजिकल टेस्ट के लिए पहुंचे और करीब 200 युवाओं ने फिजिकल टेस्ट क्लियर कर लिया है। वहीं, कर्नल बीएस भंडारी ने बताया रविवार को बिलासपुर जिले की तहसील झंडूता, हमीरपुर तहसील और बड़सर के युवाओं का फिजिकल टेस्ट होगा। सोमवार को जिला हमीरपुर की तहसील ढटवाल (बिझड़ी) और जिला ऊना की तहसील ऊना और अंब के युवाओं को बुलाया गया है। कर्नल बीएस भंडारी ने बताया "फिजिकल टेस्ट में उम्मीदवारों के लिए 1600 मीटर की दौड़ के अलावा पुल अप्स, लंबी कूद, ऊंची कूद और जिग-जैग बैलेंस इत्यादि फिजिकल टेस्ट करवाए जा रहे हैं। वहीं, अभ्यर्थियों की लंबाई, वजन और छाती का माप लिया जा रहा है। फिजिकल टेस्ट क्लियर करने वाले युवाओं का मेडिकल परीक्षण और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। बता दें कि 17 से 24 जनवरी तक अणु मैदान में तीन जिलों के पात्र उम्मीदवारों के फिजिकल टेस्ट मेडिकल परीक्षण और दस्तावेजों की जांच की जाएगी। हमीरपुर, ऊना और बिलासपुर जिला के करीब 3200 युवाओं को अग्निवीर भर्ती के फिजिकल टेस्ट को लेकर कॉल लेटर जारी किए गए हैं। ये वो युवा हैं, जिन्होंने अग्रिवीर भर्ती का कॉमन एंट्रेंस एग्जाम उत्तीर्ण किया है। मैदान में करीब 75 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से युवाओं की हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है।
सोलन में पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर तंज कसा। जयराम ठाकुर द्वारा ठेकेदारों का बकाया भुगतान न करने को लेकर सुक्खू सरकार पर उठाए गए सवालों पर विक्रमादित्य ने कहा कि जयराम ठेकेदारों के लिए केवल "घड़ियाली आंसू" बहा रहे हैं। उन्हें यह बताना चाहिए कि जब उन्होंने सत्ता छोड़ी थी, तो सरकार पर कितनी देनदारी थी। विक्रमादित्य सिंह ने कहा, "जयराम ठाकुर को श्वेत पत्र लाकर यह स्पष्ट करना चाहिए कि लोक निर्माण विभाग और सरकार पर कितनी देनदारी थी जब वे सत्ता छोड़कर गए थे। पहले उन्हें अपनी सरकार की जवाबदेही तय करनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि ठेकेदारों के भुगतान के लिए सरकार लगातार काम कर रही है और इसके लिए 80 करोड़ रुपए का बजट जारी किया गया है। विक्रमादित्य ने आश्वासन दिया कि जल्द ही छोटे ठेकेदारों के भुगतान को साफ किया जाएगा, जबकि बड़े प्रोजेक्टों में ठेकेदारों को समय पर भुगतान किया जा रहा है।विक्रमादित्य सिंह ने यह भी कहा कि जयराम ठाकुर सुर्खियों में रहने के लिए यह मुद्दा उठा रहे हैं, जबकि वे खुद जानते हैं कि सरकार की वित्तीय स्थिति कैसी होती है। वे प्रदेश के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री रह चुके हैं, और उन्हें यह पता होना चाहिए कि विभागों में काम करने के लिए सही वित्तीय संसाधन होना जरूरी है। मंत्री ने यह भी कहा कि अगर शहरी विकास विभाग में ठेकेदारों ने काम बंद किया है, तो सरकार इसकी जानकारी प्राप्त करेगी और उनके भुगतान के लिए जल्द ही कदम उठाएगी। उन्होंने बताया कि सरकार का प्रयास है कि सभी विभागों में चल रहे विकास कार्य जल्द से जल्द पूरे हों, ताकि जनता को लाभ मिल सके।
जो सही में गरीब हैं, उन्हें ही प्रदेश सरकार 300 यूनिट निशुल्क बिजली देगी। साधन संपन्न लोगों के बिजली बिल का पैसा गरीब परिवारों के उत्थान और प्रदेश के विकास पर खर्च होगा। व्यवस्था परिवर्तन के दौर से गुजरते समय समाज की भलाई के लिए कड़वे फैसले भी लेने पड़ते हैं, जिसका स्वाद बाद में मीठा होता है। यह बात मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को जवाली विधानसभा क्षेत्र के एक दिवसीय प्रवास के दौरान यहां आयोजित जनसभा में कही। सुक्खू ने कहा कि मैंने स्वयं बिजली सब्सिडी छोड़ दी है। उन्होंने आह्वान किया है कि जो संपन्न परिवार हैं, वे भी सब्सिडी छोड़ें। पूर्व सरकार ने सत्ता पर काबिज रहने के लिए मुफ्त में रेबड़ियां बांट दी थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पानी पीने के लिए 100 रुपये देने में दिक्कत नहीं होनी चाहिए। इस पैसे को सरकार जलशक्ति विभाग के पानी के टैंकों और पाइपों की सफाई पर खर्च करेगी, ताकि आपको स्वच्छ पानी मिले। उन्होंने कहा कि हिमाचल को 2027 तक आत्मनिर्भर और देश का समृद्ध राज्य बनेगा। गांव के लोगों के हाथ में पैसा कैसे पहुंचे, इस पर कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार के साथ चर्चा चल रही है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए योजना बजट में लेकर आएंगे। सीएम ने कहा कि प्रदेश में पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ मिले, इसके लिए बीपीएल परिवारों का 1 अप्रैल 2025 से सर्वे की प्रक्रिया शुरू होगी। बीडीओ और एसडीएम उसका सत्यापन करके देंगे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू रविवार सुबह पौंग जलाशय में स्थित बाथू की लड़ी पहुंचे। यहां उन्होंने पुरातन मंदिरों का निरीक्षण किया और जलाशय में मौजूद प्रवासी पक्षियों को निहारा। मुख्यमंत्री ने जलाशय में नौका विहार भी किया। इस दौरान कृषि मंत्री चंद्र कुमार, आयुष मंत्री यादविंदर गोमा, विधायक मलेंद्र राजन, डीसी हेमराज बैरवा मौजूद रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि साइबेरिया और मंगोलिया से प्रवासी पक्षी पौंग डैम में आते हैं, जो देश भर से पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। उन्होंने वन विभाग को इन पक्षियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पर्यटकों की सुविधा के लिए दो नावें पहले ही तैनात की जा चुकी हैं और आगंतुकों की सुविधा के लिए जल्द ही दो और स्पीड बोट जोड़ी जाएंगी। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र में पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की पहल से इस क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है, पिछले वर्ष लगभग 30 हजार पर्यटक इस क्षेत्र में आए थे। उन्होंने कहा, "पौंग डैम बैराज के निकट क्षेत्रीय जल केंद्र में जल क्रीड़ा गतिविधियों को शुरू करने के प्रयास चल रहे हैं, जिससे क्षेत्र में पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि जवाली विधानसभा क्षेत्र के बासा में पर्यटकों के अनुभव को बढ़ाने और शैक्षिक संसाधन प्रदान करने के लिए 3.20 करोड़ रुपये की लागत से वन्यजीव व्याख्या केंद्र स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस केंद्र का उद्देश्य संरक्षण के महत्व और इन पक्षियों के उल्लेखनीय प्रवासी पैटर्न के बारे में जागरूकता पैदा करना है। उन्होंने कहा, "केंद्र में ठहरने और छात्रावास की व्यवस्था है, जहां कॉलेज और स्कूलों के छात्र रह सकते हैं और पौंग की समृद्ध जैव विविधता के बारे में जान सकते हैं। यह अनूठा अवसर युवा दिमागों को प्रकृति से जुड़ने, संरक्षण के महत्व के बारे में जानने और प्राकृतिक दुनिया के प्रति गहरी सराहना विकसित करने में सक्षम बनाएगा। हम पक्षी प्रेमियों, प्रकृति प्रेमियों और छात्रों को पौंग के पक्षी पक्षियों की सुंदरता और आश्चर्य का अनुभव करने के लिए क्षेत्र का दौरा करने के लिए आमंत्रित करते हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि इस साल पौंग डैम आने वाले प्रवासी पक्षियों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। दिसंबर 2024 तक 92,885 प्रवासी पक्षियों की संख्या दर्ज की गई है और सीजन के अंत तक यह संख्या एक लाख को पार करने की उम्मीद है। इसकी तुलना में पिछले साल अक्टूबर से जनवरी तक पूरे सीजन के दौरान 85,000 पक्षी बांध पर आए थे। उन्होंने कहा कि औसतन हर साल पौंग डैम में प्रवासी पक्षियों की 100 प्रजातियां आती हैं। इस सीजन में 85 प्रजातियां देखी जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू रविवार को ही कांगड़ा जिले के नूरपुर विधानसभा क्षेत्र में पहुंचे। यहां उन्होंने एफएसएल की नूरपुर इकाई के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन किया। साथ ही नूरपुर में करोड़ों रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने इसके बाद नूरपुर में अपार जनसमूह को संबोधित करते हुए करोड़ों रुपये की सौगात विधानसभा क्षेत्र के लोगों को दीं।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू रविवार सुबह पौंग जलाशय में स्थित बाथू की लड़ी पहुंचे। यहां उन्होंने पुरातन मंदिरों का निरीक्षण किया और जलाशय में मौजूद प्रवासी पक्षियों को निहारा। मुख्यमंत्री ने जलाशय में नौका विहार भी किया। इस दौरान कृषि मंत्री चंद्र कुमार, आयुष मंत्री यादविंदर गोमा, विधायक मलेंद्र राजन, डीसी हेमराज बैरवा मौजूद रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि साइबेरिया और मंगोलिया से प्रवासी पक्षी पौंग डैम में आते हैं, जो देश भर से पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। उन्होंने वन विभाग को इन पक्षियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पर्यटकों की सुविधा के लिए दो नावें पहले ही तैनात की जा चुकी हैं और आगंतुकों की सुविधा के लिए जल्द ही दो और स्पीड बोट जोड़ी जाएंगी। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र में पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की पहल से इस क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है, पिछले वर्ष लगभग 30 हजार पर्यटक इस क्षेत्र में आए थे। उन्होंने कहा, "पौंग डैम बैराज के निकट क्षेत्रीय जल केंद्र में जल क्रीड़ा गतिविधियों को शुरू करने के प्रयास चल रहे हैं, जिससे क्षेत्र में पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि जवाली विधानसभा क्षेत्र के बासा में पर्यटकों के अनुभव को बढ़ाने और शैक्षिक संसाधन प्रदान करने के लिए 3.20 करोड़ रुपये की लागत से वन्यजीव व्याख्या केंद्र स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस केंद्र का उद्देश्य संरक्षण के महत्व और इन पक्षियों के उल्लेखनीय प्रवासी पैटर्न के बारे में जागरूकता पैदा करना है। उन्होंने कहा, "केंद्र में ठहरने और छात्रावास की व्यवस्था है, जहां कॉलेज और स्कूलों के छात्र रह सकते हैं और पौंग की समृद्ध जैव विविधता के बारे में जान सकते हैं। यह अनूठा अवसर युवा दिमागों को प्रकृति से जुड़ने, संरक्षण के महत्व के बारे में जानने और प्राकृतिक दुनिया के प्रति गहरी सराहना विकसित करने में सक्षम बनाएगा। हम पक्षी प्रेमियों, प्रकृति प्रेमियों और छात्रों को पौंग के पक्षी पक्षियों की सुंदरता और आश्चर्य का अनुभव करने के लिए क्षेत्र का दौरा करने के लिए आमंत्रित करते हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि इस साल पौंग डैम आने वाले प्रवासी पक्षियों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। दिसंबर 2024 तक 92,885 प्रवासी पक्षियों की संख्या दर्ज की गई है और सीजन के अंत तक यह संख्या एक लाख को पार करने की उम्मीद है। इसकी तुलना में पिछले साल अक्टूबर से जनवरी तक पूरे सीजन के दौरान 85,000 पक्षी बांध पर आए थे। उन्होंने कहा कि औसतन हर साल पौंग डैम में प्रवासी पक्षियों की 100 प्रजातियां आती हैं। इस सीजन में 85 प्रजातियां देखी जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू रविवार को ही कांगड़ा जिले के नूरपुर विधानसभा क्षेत्र में पहुंचे। यहां उन्होंने एफएसएल की नूरपुर इकाई के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन किया। साथ ही नूरपुर में करोड़ों रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने इसके बाद नूरपुर में अपार जनसमूह को संबोधित करते हुए करोड़ों रुपये की सौगात विधानसभा क्षेत्र के लोगों को दीं।
हिमाचल प्रदेश में मक्की के बाद अब प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती से तैयार गेहूं का आटा डिपुओं में बेचकर मुनाफा कमाएगी। इसके लिए प्राकृतिक खेती विंग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। पहले चरण में प्रदेशभर में किसानों से 805 मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। यह खरीद केवल पंजीकृत किसानों से ही की जाएगी। इसके लिए प्राकृतिक खेती करने वाले प्रमाणित किसान चयनित किए जाएंगे। बाजार में आम तौर पर गेहूं के 25 से 30 रुपये प्रतिकिलो तक दाम मिलते हैं, लेकिन सरकार किसानों से 40 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से गेहूं खरीदेगी। इसमें भी मक्की के समान प्रति किसान से अधिकतम 20 क्विंटल तक गेहूं खरीदी जाएगी। इस विधि में किसान बिना रासायनिक कीटनाशकों और खादों का उपयोग किए जीवामृत, घनजीवामृत, नीमास्त्र और ब्रह्मास्त्र सहित अन्य जैविक घटकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके तहत बिलासपुर जिले से 50 मीट्रिक टन, चंबा से 60, हमीरपुर से 40, कांगड़ा से 190, मंडी से 195, सिरमौर से 105, सोलन से 95 और ऊना से 70 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जाएगी। शिमला और कुल्लू जिले से गेहूं की खरीद नहीं की जाएगी, यहां गेहूं की बिजाई कम होती है। किसानों से गेहूं खरीदने के बाद सरकार इससे तैयार आटे की भी ब्रांडिंग कर लोगों को दो और पांच किलो की पैकिंग में बेचेगी। सरकार किसानों से प्राकृतिक खेती से तैयार गेहूं 40 रुपये प्रतिकिलो के रेट से खरीदेगी। इसके लिए पंजीकृत किसानों का चयन किया जाएगा। प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के तहत प्राकृतिक खेती में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने यह पहल शुरू की है। खरीफ सीजन से पहले किसानों बागवानों को झटका लग गया है। हिमफेड की ओर से किसानों बागवानों को दी जाने वाल एनपीके 16-16-16 उर्वरक इस बार मंहगे दामों पर उपलब्ध होगी। पहले एनपीके 16-16-16 की 50 किलो की बोरी 1375 रुपये में मिलती थी। अब किसानों बागवनों को इसके 1450 रुपये चुकाने होंगे। इसकी अधिकतर मांग सेब बहुल क्षेत्रों में होती है। इसमें नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटेशियम के समान अनुपात होते हैं। हालांकि इस वर्ष से कैल्शियम नाइट्रेट प्लेन और बोरोनेटिड उर्वरक के दामों में गिरावट भी आई है। हिमफेड की ओर से प्रदेश भर में 84 स्टोर स्थापित किए गए हैं। इसमें सबसे ज्यादा 23 जिला शिमला में हैं।
दिल्ली-पंजाब-हरियाणा-यूपी को जाने वाली बसें होंगी कम हिमाचल प्रदेश से चंडीगढ़, दिल्ली व हरिद्वार को जाने वाली बसों का पहले चरण में युक्तिकरण होगा। इसकी फाइल तैयार कर ली गई है और एचआरटीसी ने इसका प्लान बना लिया है। आठ से दस रूटों को अभी फिलहाल चिन्हित किया गया है, जहां पर प्रदेश के अलग-अलग शहरों से एक जैसे समय पर बसों को भेजा जाता है। आगे जाकर यह बसें मिल जाती हैं और फिर इनकी सवारियां बंट जाती है। इसका नुकसान पथ परिवहन निगम को हो रहा है, जिसे अब एचआरटीसी प्रबंधन दुरुस्त करने की तैयारी में है। एचआरटीसी प्रबंधन ने इसका प्रारूप तैयार कर लिया है। इसकी शुरुआत बाहरी राज्यों यानी अंतर राज्यीय रूटों से की जाएगी। यदि यह प्रयोग सफल रहा, तो प्रदेश में प्रदेश के भीतर भी इसे लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री से इस मामले में एचआरटीसी की बातचीत हुई है और सीएम ने कहा है कि निगम को घाटे से उभारने के लिए ऐसे अलग और कड़े कदम उठाए जाने चाहिए। एचआरटीसी प्रबंधन ने इसका पूरा प्लान तैयार कर लिया है, जिसे अब निदेशक मंडल की बैठक में रखा जाएगा। बीओडी की मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू कर दिया जाएगा। निगम प्रबंधन के मुताबिक प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों से दिल्ली, चंडीगढ़ व पंजाब इत्यादी के लिए जाने वाली बसों के रूटों की पूरी सूची तैयार की गई है। इसमें देखा जा रहा है कि ऐसे कितने जिले हैं जहां से एक ही समय में बसें चलती है। इन बसों को क्लब कर दिया जाएगा। धर्मशाला, पालमपुर, कांगड़ा से एक ही समय में दिल्ली के लिए कई बसें चलती हैं। इन बसों में सवारियों की संख्या कुल सीटों के मुकाबले आधी भी नहीं होती। अब इन बसों को क्लब कर एक ही बस चलाई जाएगी। वहीं दिल्ली, चंडीगढ़, हरिद्वार,अमृतसर, लुधियाना, पठानकोट व अंबाला सहित कई अन्य स्थानों को निगम की बसें निरंतर अंतराल में चल रही हैं। इसमें रूटों का परिवर्तन भी हो सकता है। पथ परिवहन निगम का कुल घाटा 1650 करोड़ है। इसको कैसे कम किया जा सकता है इस पर विस्तृत चर्चा की गई है। इससे पहले एचआरटीसी के 275 के करीब घाटे के रूट निजी आपरेटरों को देने का निर्णय लिया था। हालांकि अभी इनमें आधे से ज्यादा रूटों पर फैसला नहीं हो पाया है। वर्तमान में प्रदेश सरकार एचआरटीसी को 700 करोड़ रुपए का सालाना अनुदान दे रही है। एचआरटीसी में 27 श्रेणियों के लोगों को नि:शुल्क यात्रा दी जा रही है। एचआरटीसी के 31 डिपो और चार मंडल हैं। 3180 बसें हैं जो प्रतिदिन 5.60 लाख किलोमीटर की दूरी तय करती हैं। 2684 रूट पर निगम की बसें सेवाएं देती हैं। निगम की दैनिक आय 2.25 करोड़ रुपए है। एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर ने बताया कि पहले चरण में प्रदेश से बाहर जाने वाली बसों का युक्तिकरण करने की तैयारी है। इसकी योजना बन चुकी है और अभी कुछ ऐसे रूट चिन्हित किए हैं, जहां के लिए अलग-अलग स्थानों से एक जैसे समय पर बसें जाती हैं। इनको क्लब किया जाएगा क्योंकि अभी लांग रूट की बसों में कमाई नहीं हो पा रही है। अपेक्षाकृत इनकम को सुनिश्चित करने के लिए इस तरह की नीतियों को अपनाया जा रहा है, लेकिन इससे आम जनता को परेशानी नहीं होगी।
हिमाचल प्रदेश में 22 व 23 जनवरी को मौसम खराब होगा। इस दौरान अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों व मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना है, वहीं मैदानी इलाकों में बारिश होगी। तापमान में गिरावट से ठंड का प्रकोप बढ़ेगा। शनिवार को सुबह से ही आसमान पर बादल छाए रहे, जिससे तापमान में भारी कमी आई है। प्रदेश के छह स्थानों का तापमान माइनस में पहुंच गया है। ताबो में न्यूनतम तापमान माइनस 11.9 डिग्री पहुंच गया है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से 22 व 23 जनवरी को अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बर्फबारी और बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम का मिजाज बिगडऩे से अगले तीन से चार दिनों में तापमान ऐसा ही रहेगा, जिससे ठंड का दौर जारी रहने वाला है। इससे अगले दो दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में चार से पांच डिग्री की गिरावट आने की संभावना है। प्रदेश में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट आएगी, जिससे लोगों को ठंड का एहसास होगा। 22 जनवरी को कुछ स्थानों पर शीतलहर चलेगी, जबकि 19 जनवरी को प्रदेश के कुछ एक जिलों में कोहरा पडऩे की पूरी संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार प्रदेश में 24 जनवरी तक इसी तरह आसमान में बादल छाए रहेंगे। 24 जनवरी तक प्रदेश के अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होगी, जिससे निचले क्षेत्रों में ठंड बढ़ेगी।
हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग ने पोस्ट कोड 996 के तहत जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (अकाउंट) के 23 पदों का परिणाम घोषित कर दिया है। लिखित ऑब्जेक्टिव टाइप स्क्रीनिंग टेस्ट 20 नवंबर 2022 को हुआ था। इसमें 1468 अभ्यर्थियों ने भाग लिया था, जबकि 1866 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे थे। चयन आयोग के सचिव डॉ. विक्रम महाजन ने कहा कि उसके बाद तमाम आगामी औपचारिकताओं के उपरांत आयोग ने शनिवार को फाइनल परिणाम घोषित किया। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से मार्च माह में शैक्षणिक सत्र 2024-25 की मैट्रिक और जमा दो कक्षा की नियमित और एसओएस की परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। इन परीक्षाओं के सफल आयोजन के लिए परीक्षा केंद्र अधीक्षक और उप अधीक्षक की नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए शिक्षा बोर्ड ने पात्र शिक्षकों से ऑनलाइन माध्यम से 31 जनवरी तक आवेदन मांगे हैं। शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि मार्च में 10वीं-12वीं कक्षा की नियमित एवं राज्य मुक्त विद्यालय की वार्षिक परीक्षा, कंपार्टमेंट, अतिरिक्त विषय और श्रेणी सुधार के लिए परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। परीक्षाओं के आयोजन के लिए केंद्र अधीक्षक और उप अधीक्षक 31 जनवरी तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए ऑनलाइन लिंक बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध है और इसी के माध्यम से पात्र शिक्षक आवेदन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त अन्य किसी भी माध्यम से प्राप्त होने वाले आवेदनों पर शिक्षा बोर्ड विचार नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि 31 जनवरी के बाद इस लिंक को बोर्ड की वेबसाइट से हटा दिया जाएगा।
इंद्रूनाग पैराग्लाइडिंग साइट से टेंडम फ्लाइट के दौरान एक पर्यटक युवती की मौत हो गई। इस दुर्घटना में पायलट भी घायल हुआ है। वहीं, घायल पायलट टांडा अस्पताल में उपचाराधीन हैं। मृतक युवती की पहचान भावेश्वर खुशी (19) पुत्री जिग्नेश निवासी नारनपुरा अहमदाबाद गुजरात के रूप में हुई है। खुशी परिजनों के साथ धर्मशाला पहुंची थी। शनिवार शाम को वह परिवार के सदस्यों के साथ पैराग्लाइडिंग के लिए इंद्रूनाग साइट पहुंची। शाम करीब पौने छह बजे वह पैराग्लाइडर पायलट मुनीष कुमार निवासी टऊ चोहला धर्मशाला के साथ उड़ान भरने लगी। बताया जा रहा है कि उड़ान भरने के दौरान युवती का संतुलन बिगड़ गया और वह दौड़ नहीं लगा पाई। इस दौरान संतुलन बिगड़ने के दौरान पायलट और युवती दोनों ही खाई में गिर गए, जिससे खुशी को गंभीर चोटें आईं। उसे जोनल अस्पताल धर्मशाला लाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया। कांगड़ा की पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री ने कहा कि मामला दर्ज कर सभी बिंदुओं पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने पायलट को पूछताछ के लिए बुलाया है।
मध्य प्रदेश के धार में 8वीं राष्ट्रीय मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स चैंपियनशिप का आयोजन 8 से 12 जनवरी तक किया गया, जिसमें हिमाचल प्रदेश के 5 खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण और कांस्य पदक प्राप्त किए। इस प्रतियोगिता में 21 राज्यों के 500 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया। हिमाचल प्रदेश मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स संघ की अगुवाई में प्रदेश के खिलाड़ियों ने विभिन्न भार वर्गों में पदक जीतकर हिमाचल का नाम रोशन किया। यूथ कैटिगरी के 52 किग्रा भार वर्ग में अभिउदय ने स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि सीनियर कैटिगरी के 52 किग्रा भार वर्ग में मार्शल ने भी स्वर्ण पदक जीता। अर्ध संपर्क कैटिगरी के 83 किग्रा भार वर्ग में प्रज्वल, 93 किग्रा में हर्षित और 56 किग्रा में शौर्य ने भी स्वर्ण पदक हासिल किए। इसके अतिरिक्त, सीनियर कैटिगरी के 77 किग्रा भार वर्ग में आर्यन और 56 किग्रा भार वर्ग में ड्यूक ने कांस्य पदक प्राप्त किया। पुरस्कार वितरण समारोह में मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स संघ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरीफ बापू और राष्ट्रीय महासचिव प्रकाश गाईतोंडे ने इन खिलाड़ियों को सम्मानित किया। उन्होंने पदक पहनाकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और उनकी मेहनत की सराहना की। हिमाचल प्रदेश मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स संघ के राज्याध्यक्ष मनदीप ठाकुर ने बताया कि यह हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व का पल है, क्योंकि पहली बार राज्य के पांच खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीते हैं। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों का चयन एशियन मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स चैंपियनशिप के लिए किया गया है। इस मौके पर उन्होंने मुख्यमंत्री का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने राज्य के खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। हिमाचल प्रदेश मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स संघ के महासचिव विक्रम ठाकुर ने जानकारी दी कि एशियन चैंपियनशिप के लिए इन खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए शिमला में एक विश्वस्तरीय ट्रेनिंग कैंप लगाया जाएगा। इस ट्रेनिंग कैंप का उद्देश्य इन खिलाड़ियों को और बेहतर बनाना है, जिससे वे एशियन चैंपियनशिप में देश के लिए पदक सुनिश्चित कर सकें। इसके अलावा, इस कैंप का लाभ हिमाचल प्रदेश के अन्य सभी खिलाड़ियों को भी मिलेगा। इस उपलब्धि ने न केवल हिमाचल प्रदेश के मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स को एक नया मुकाम दिया है, बल्कि पूरे राज्य को गर्व महसूस करवा दिया है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कांगड़ा जिले के ज्वाली विधानसभा क्षेत्र में 184.33 करोड़ रुपए की 15 विकासात्मक परियोजनाओं के उद्घाटन व शिलान्यास किए। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र के जरोट में गज्ज खड्ड पर 86.34 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले पुल का शिलान्यास किया, इस पुल के बनने से ज्वाली और नगरोटा सूरियां के बीच की दूरी 7 किमी कम होगी। साथ ही उन्होंने ठंगर में 5 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले राजीव गांधी-डे बोर्डिंग स्कूल की आधारशिला भी रखी। प्रथम चरण में स्कूल के प्राइमरी विंग का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने 15.76 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित शहरी जलापूर्ति योजना ज्वाली का लोकार्पण किया और नगरोटा सूरियां में 36.55 करोड़ से बनने वाली जल निकासी योजना की आधारशिला भी रखी। उन्होंने बासा में 3.20 करोड़ रुपए से निर्मित वाइल्डलाइफ इन्फॉर्मेशन सेंटर का उद्घाटन भी किया। सुक्खू ने 7.26 करोड़ रुपए की राशि से विद्युत मंडल ज्वाली में नए ट्रांसफार्मर तथा विद्युत नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण कार्य, 4.91 करोड़ रूपए के अग्निशमन केंद्र एवं कार्यालय भवन ज्वाली का शिलान्यास किया। इसके बाद उन्होंने 1.48 करोड़ रुपए की चीचड़ से नाग द्रमण बडी दा बला सड़क, 2.11 करोड़ रूपए की जरयाल बस्ती झराड से बन्देरु नडन वाया प्राइमरी स्कूल एवं झराड पटवार खाना तक की सड़क, 4.08 करोड़ रूपए की खरोटा सौहरा गुडा नरगाला कुट मकराहन लब भनेई निचला कुट से प्राइमरी स्कूल समलाना तक बनी सड़क, 6.80 करोड़ रूपए से निर्मित नियाल-झलूँ सड़क तथा पुल, 2.94 करोड़ रूपए से निर्मित मानव भारती पब्लिक स्कूल से गांव रपाट तक बनी सड़क, 3.66 करोड़ से बनी अपर कटोरा घेरा से बनतुंगली सड़क, 2.18 करोड़ रूपए की गिरन खड्ड नोडिकूट जरपाल से अमलेला घाडजरोट फेज-2 सड़क तथा 2.07 करोड़ रूपए की गिरन खड्ड नोडिकूट जरपाल अप्पर अमलेला से अमलेला घाडजरोट फेज-3 सड़क का लोकार्पण किया।
हिमाचल प्रदेश में सीमेंट के दाम प्रति बोरी ₹5 कंपनियों ने बढ़ाए हैं। इसको लेकर अब विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साध रहा है। वहीं, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने सीमेंट के बढ़े दाम को लेकर सरकार की विवशता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि सीमेंट फ्री कंट्रोल आइटम है। सीमेंट का दाम सरकार नहीं बल्कि सीमेंट कंपनियां ही तय करती हैं। मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा, हिमाचल प्रदेश में तीन बड़े सीमेंट प्लांट हैं. सीमेंट फ्री कंट्रोल आइटम है। इस पर ना तो केंद्र सरकार का और ना ही हिमाचल सरकार का कोई नियंत्रण है। दाम बढ़ाने का अधिकार कंपनी का है। वह अपने हिसाब से दाम बढ़ा और घटा सकती है. सरकार केवल कंपनी पर दबाव बन सकती है कि वह सीमेंट के दाम न बढ़ाएं, लेकिन दाम तय करना सरकार के हाथ में नहीं है। मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि हाल ही में सीमेंट के दाम ₹5 प्रति बोरी बढ़े है। 2 साल में सीमेंट पर केवल ₹30 दाम बढ़े हैं, जबकि भाजपा के कार्यकाल में सीमेंट के दाम करीब 130 रुपये बढ़े थे। विपक्ष द्वारा जो सीमेंट कंपनियों के साथ सरकार की सांठगांठ का आरोप लगाया जा रहा है, वो बुनियाद है। सीमेंट फ्री कंट्रोल आइटम है और कंपनियां खुद ही सीमेंट का दाम तय करती है। वहीं, अवैध माइनिंग को लेकर हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि सरकार इसको लेकर सख्त है। माइनिंग की नई पॉलिसी बनाई गई है। अवैध माइनिंग को रोकने के लिए टास्क फोर्स बनाई जा रही है। वे खुद जिलों का दौरा कर रहे है। जहां पुलिस और माइनिंग के अधिकारियों को अवैध माइनिंग को लेकर जीरो टॉलरेंस अपने को कहा गया है। ऊना जिला में भी मीनिंग पर रोक लगा दी गई है।
हिमाचल प्रदेश सरकार के विशेष राहत पैकेज का लाभ 1 जनवरी 2025 को कुल्लू जिले के उपमंडल बंजार के गांव तांदी में हुए अग्निकांड प्रभावित परिवारों को भी दिया जाएगा। मानसून 2023 से प्रभावित लोगों को राहत और पुनर्वास प्रदान करने के लिए जारी विशेष राहत पैकेज के तहत यह लाभ मिलेगा। सरकार ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत पूरी तरह क्षतिग्रस्त कच्चे व पक्के मकान के लिए पटवारी की रिपोर्ट पर सात लाख रुपये की राहत मिलेगी। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकान के लिए एक लाख रुपये व गोशाल के लिए 50,000 रुपये की राशि दी जाएगी। इसके अलावा आग की घटना से प्रभावित परिवारों को 30 जून 2025 तक किराये पर निजी आवास लेने के लिए 5,000 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। पूरी तरह से क्षतिग्रस्त घर के लिए राशि जारी करना इस विभाग की ओर से 18 अक्तूबर 2023 को जारी विशेष राहत पैकेज के मानक संचालन प्रक्रिया में दिए गए विवरण के अनुसार नियंत्रित किया जाएगा। बता दें, बीते 13 जनवरी को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू तांदी गांव में हुए अग्निकांड के प्रभावितों से मिले थे। उन्होंने यहां पर पूरे गांव में हुए नुकसान का जायजा लिया।। मुख्यमंत्री ने आग से प्रभावित सभी परिवारों को सरकार की तरफ से हर संभव मदद करने का भरोसा दिया था।
** चम्बा मेडिकल कॉलेज की टीम ने की 100 से अधिक लोगों की आंखों की जांच शनिवार को परिवहन विभाग चम्बा ने सड़क सुरक्षा अभियान के तहत चम्बा के नए बस अड्डे में एक दिवसीय नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया। मेडिकल कॉलेज चम्बा की टीम ने 100 से अधिक चालकों, परिचालकों और अन्य लोगों की आंखों की जांच की और उन्हें नेत्रों के रखरखाव के टिप्स दिए। परिवहन विभाग चम्बा की सड़क सुरक्षा समिति के प्रभारी अमित कुमार ने यातायात नियमों की जानकारी दी और नियमों का पालन करने की शपथ दिलवाई। उन्होंने चालकों से ओवरलोडिंग न करने, गति सीमा का पालन करने, हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करने, और मोबाइल फोन का प्रयोग न करने की अपील की। शिविर में प्रचार सामग्री भी वितरित की गई।
** सिविल अस्पताल के पास टूटी चैंबर और बहते गंदे पानी से लोग परेशान ** ग्रामीणों ने उठाई रास्ते की मरम्मत की मांग... विकास खण्ड कुनिहार की ग्राम पंचायत कोठी में कई रास्तों की हालत बेहद खराब है, जिनमें से सिविल अस्पताल के पास का रास्ता सबसे अधिक खतरनाक है। इस रास्ते के नीचे से गंदा पानी बहता है, और नाले के ऊपर बने सीमेंट के चैंबर पूरी तरह से टूट चुके हैं। इससे यहां किसी बड़ी दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। हरिपुर, सहवार, नमोल, टुकाड, कोठी जैसे गांवों के लोग, जिनमें स्कूली बच्चे भी शामिल हैं, रोज़ाना इस खतरनाक रास्ते से गुजरते हैं ताकि वे कुनिहार बाजार, अस्पताल और अन्य जरूरी कामों के लिए जा सकें। स्थानीय निवासी प्रेम प्रकाश, महेंद्र, अशोक, विजय, नरेंद्र, सोहन लाल, राकेश और संजय का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार पंचायत से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है। उनका आरोप है कि पंचायत प्रशासन शायद किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है।ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि इस रास्ते को जल्द से जल्द ठीक किया जाए ताकि कोई दुर्घटना न हो। इस मामले पर पंचायत प्रधान बलविंदर कौर ने बताया कि रास्ते पर जो चैंबर लगा था, वह टूट चुका है और वह एक-दो दिन में नया चैंबर लगवा देंगी। इसके अलावा, पूरे रास्ते की मरम्मत एक हफ्ते में करवा दी जाएगी।
** समिति व शंभू परिवार की होगी बैठक कुनिहार की प्रसिद्ध प्राचीन शिव ताण्डव गुफा कुनिहार में 20 जनवरी जेष्ठ सोमवार को गुफा विकास समिति व शंभू परिवार कुनिहार के सौजन्य से समस्त शिव भक्तों व क्षेत्र वासियों के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। समिति अध्यक्ष राम रतन तनवर,उपाध्यक्ष रितु ठाकुर व मीडिया प्रभारी मनु भारद्वाज ने बताया कि 19 जनवरी रविवार से गुफा में दो दिवसीय राम चरित मानस कथा पाठ का शुभारंभ होगा, जिसे 20 जनवरी जेष्ठ सोमवार को हवन व पूर्णाहुति के साथ विराम दिया जाएगा। दोपहर से समस्त शिव भक्तों व क्षेत्र वासियों के लिए भंडारा आरंभ कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि फरवरी माह में शिवरात्रि पर्व पर शिव महा पुराण कथा व अन्य कार्यक्रमों बारे सोमवार को एक बैठक का भी आयोजन रखा गया है, जिसमें समिति व शंभू परिवार के सभी सदस्यों से पहुंचने की अपील की गई है। ताकि शिवरात्रि पर्व को भव्य तरीके से मनाने बारे सभी अपने अपने विचार साझा करें।
** पीड़ित बेटी ने सुनाई दर्द भरी दास्तां.. शिमला: आईजीएमसी शिमला में समय पर इंजेक्शन ना मिलने से एक कैंसर मरीज की मौत का मामला सामने आया है। मृतक की बेटी ने इसको लेकर प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। जानकारी के मुताबिक देवराज शर्मा नाम के एक शख्स का IGMC शिमला में कैंसर का इलाज चल रहा था। नवंबर महीने में शख्स को डॉक्टरों ने इंजेक्शन लगवाने को बोला था। मृतक की बेटी जाह्नवी शर्मा ने बताया "इंजेक्शन की कीमत 50 हजार रुपये या इससे अधिक थी। मेरा पापा का इलाज हिमकेयर कार्ड से चल रहा था और कार्ड में बैलेंस भी था लेकिन जब इंजेक्शन लेने गए तो हमें कहा गया कि हिमकेयर कार्ड वालों ने पेमेंट नहीं की है इसलिए हम आपको इंजेक्शन नहीं दे सकते। वहीं, इस मामले में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुखविंदर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। मृतक की बेटी जाह्नवी शर्मा ने बताया "हमें एक महीने तक इंजेक्शन के लिए उलझाए रखा और बाद में कहा गया अगर आपको इतनी ही जरूरत है तो आप अपने पैसे से ये इंजेक्शन खरीद लो। हमारी आर्थिक स्थिती इतनी अच्छी नहीं थी कि हम इतना महंगा इंजेक्शन ले पाएं। ऐसे में जब तक हम पैसे इकट्ठे कर पाते उतने समय में मेरा पिता जी की मौत हो गई। जाह्नवी शर्मा ने बताया "मेरा पिता की मौत बीते 3 दिसंबर को हुई थी। इंजेक्शन ना मिलने की शिकायत सीएम हेल्पलाइन में भी की गई। शिकायत दर्ज करवाते हुए मृतक की बेटी ने बताया "हमने हिमकेयर कार्ड का पूरा प्रीमियम लिया था लेकिन सरकार ने हिमकेयर कार्ड में पेमेंट नहीं डाली थी" सीएम हेल्पलाइन से मिले जवाब में पीड़ित परिवार को कहा गया "यह हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। अगर डॉक्टर को लेकर आपकी कोई शिकायत है तो आप बता सकते हैं। जाह्नवी शर्मा ने सीएम हेल्पलाइन को लेकर कहा कि जब हमने बार-बार शिकायत की तो हेल्पलाइन वालों ने हमें बैक कॉल करना ही बंद कर दिया। मृतक की बेटी जाह्नवी शर्मा ने बताया IGMC शिमला के डॉक्टरों ने उनके पिता को अच्छा इलाज दिया है। डॉक्टरों के इलाज में कोई कमी नहीं थी। मेरे पिता की मौत का कारण हिमकेयर कार्ड से इंजेक्शन उपलब्ध ना हो पाना रहा। हमारे घर में मेरे पिता ही कमाने वाले थे उनके जाने के बाद परिवार को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा रहा है। मेरी माता जी भी बीमार रहती हैं। मेरा एक भाई है और हम दोनों की अभी पढ़ाई चल रही है। ऐसे में हमारी प्रशासन से मांग है कि इस मामले में जिसकी भी गलती है उनके खिलाफ एक्शन लिया जाए।
हिमाचल प्रदेश में साइबर अपराधियों ने एक बार फिर से साबित कर दिया है कि उनकी चालाकी से बचना आसान नहीं। इस बार उनका शिकार बने नीरज भारती, जो प्रदेश के कृषि मंत्री चंद्र कुमार के बेटे और पूर्व मुख्य संसदीय सचिव (CPS) हैं। ठगों ने उन्हें गोवा की एक फर्जी बुकिंग वेबसाइट के जरिए ₹1 लाख की चपत लगा दी। दरअसल,नीरज भारती ने हाल ही में गोवा यात्रा की योजना बनाई। उन्होंने ऑनलाइन ‘कारा विला रिसॉर्ट’ नामक एक जगह की बुकिंग की और एडवांस में ₹1 लाख का भुगतान किया। लेकिन बुकिंग के बाद जब उन्होंने रिसॉर्ट से संपर्क करने की कोशिश की, तो पता चला कि गोवा में इस नाम का कोई रिसॉर्ट है ही नहीं। उन्हें तुरंत समझ आ गया कि वे साइबर ठगी के शिकार हो चुके हैं। नीरज भारती ने तुरंत छोटा शिमला पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 418 और अन्य प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है।
** तारादेवी टुटू बाईपास के बीच हुआ हाद*सा, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा आज सुबह शिमला के तारादेवी टुटू बाईपास के बीच एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब एमसी शिमला की कूड़ेदान गाड़ी सुबह लगभग 7 बजे सड़क से अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। इस दुर्घटना में गाड़ी चालक की मौके पर ही मौत हो गई।स्थानीय लोगों ने गाड़ी गिरने की जोरदार आवाज सुनी और तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने गाड़ी के अंदर सवार लोगों को खोजने की कोशिश की। कुछ समय बाद, 150 मीटर नीचे गाड़ी से चालक का शव मिला। इसके बाद, स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना बालूगंज पुलिस स्टेशन को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त स्थल का निरीक्षण किया। चालक की मौके पर मौत होने के बाद, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए आईजीएमसी भेजा। गाड़ी लगभग 300 मीटर नीचे गिरने के बाद, तीन चीड़ के छोटे पेड़ों को तोड़ते हुए मथौली की घासनी पर पहुंची। गाड़ी रोजाना की तरह कूड़ा एकत्रित करने के बाद टुटू से तारादेवी के बीच कूड़ेदान संयंत्र ले जा रही थी। वहीं, अन्य ड्राइवरों का कहना था कि चालक काफी अनुभवी था, जिससे यह दुर्घटना कैसे हुई, यह एक बड़ा सवाल बन गया है। दुर्घटना स्थल पर सड़क काफी चौड़ी थी, और पुलिस का मानना है कि सूर्य की तेज रोशनी चालक पर गिरी होगी, जिससे वह गाड़ी पर नियंत्रण खो बैठा और हादसा हुआ। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
हिमाचल में डिपुओं के माध्यम से सस्ते राशन की सुविधा का लाभ उठा रहे राशन कार्ड धारकों की ई-केवाईसी नहीं करवाने की लापरवाही अब महंगी पड़ गई है। प्रदेश में सस्ते राशन के वितरण में पारदर्शिता लाने को राशन कार्ड धारकों को पिछले कई सालों से ई-केवाईसी करवाने का मौका दिया जा रहा था। प्रदेश में इसके लिए लंबे समय से प्रक्रिया चल रही थी, लेकिन लाखों उपभोक्ताओं ने आदेशों को हल्के से लेते हुए ई-केवाईसी नहीं करवाई है जिस कारण सरकार ने अब सख्ती दिखाते हुए प्रदेशभर में 2.65 लाख परिवारों के राशन कार्डों को अस्थाई तौर पर ब्लॉक कर दिया है। ऐसे में अब इन परिवारों को इस महीने से डिपुओं में सस्ता राशन मिलना बंद हो गया है। अब इन उपभोक्ता को ई-केवाईसी नहीं करने तक सस्ते राशन की सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा। हिमाचल में राशन कार्डों को लेकर रोजाना समीक्षा हो रही है। राशन कार्ड धारकों की तरफ से ई-केवाईसी ना करने पर हर रोज राशन कार्डों को अस्थाई तौर पर ब्लॉक करने की प्रक्रिया लगातार जारी है जिसकी खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभाग निदेशालय फील्ड से रोजाना की रिपोर्ट ले रहा है। प्रदेश में 2.65 लाख राशन कार्ड अस्थाई तौर पर ब्लॉक होने के बाद राशन कार्ड की संख्या अब घटकर 17 लाख के करीब रह गई है। प्रदेश में राशन कार्ड धारकों की संख्या 19.65 लाख के करीब थी। विभाग ने इन परिवारों को 31 दिसंबर तक हर हाल में ई-केवाईसी करने का आखिरी मौका दिया था, लेकिन राशन कार्ड धारकों ने इन आदेशों को भी पहले की तरह हल्के में लिया जिस कारण विभाग को मजबूरन 1 जनवरी से ई-केवाईसी न करवाने पर राशन कार्डों को अस्थाई तौर पर ब्लॉक करने का निर्णय लेना पड़ा है। ऐसे में पिछले 17 दिनों में प्रदेश में 2.65 लाख राशन कार्डों को अस्थाई तौर पर ब्लॉक किया जा चुका है। ई-केवाईसी का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल वास्तविक परिवारों को ही सस्ते राशन की सुविधा का लाभ मिले। ये देखा गया है कि बहुत से परिवारों के राशन कार्ड की स्थिति विवाह होने और किसी सदस्य के निधन होने से बदल चुकी है इसलिए ई-केवाईसी काफी आवश्यक है, ताकि राशन कार्ड में दर्ज ऐसे सदस्यों के नामों को हटाए जा सके और वास्तविक लाभार्थियों को ही राशन उपलब्ध हो सके। इस तरह से अगर कोई भी राशन कार्ड में इन सदस्यों की जानकारी को अपडेट करवाना चाहते हैं तो इसके लिए उनको ई-केवाईसी करवानी पड़ेगी। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के संयुक्त निदेशक सुरेंद्र सिंह राठौर का कहना है "ई-केवाईसी नहीं करवाने पर 2.65 लाख राशन कार्डों को अस्थाई तौर पर ब्लॉक किया गया है। अब ऐसे राशन कार्ड धारकों को ई-केवाईसी करने पर ही डिपुओं में सस्ते राशन की सुविधा का लाभ मिलेगा।
कुल्लू: गड़सा में शाम के समय पैराग्लाइडिंग के दौरान एक हादसा पेश आया। इस कारण कोयंबटूर के रहने वाले सैलानी की मौत हो गई। भुंतर पुलिस की टीम ने सैलानी के शव को अपने कब्जे में ले लिया है। वहीं, अब पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है। वहीं, पुलिस ने मामले की जांच भी शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक गड़सा में शाम के समय पैराग्लाइडिंग के दौरान 2 पैराग्लाइडर आपस में टकरा गए। इस हादसे में कोयंबटूर के रहने वाले 28 साल के जयेश की मौत हो गई। वहीं, पैराग्लाइडर का पायलट भी घायल हुआ है जिसका ढालपुर अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। हादसे की सूचना मिलते ही भुंतर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और उन्होंने शव को अपने कब्जे में लिया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पायलट के पास लाइसेंस था और पैराग्लाइडर भी पर्यटन विभाग के पास पंजीकृत था लेकिन आसमान में ही दो पैराग्लाइडर आपस में टकरा गए। जिला प्रशासन ने इस हादसे की जांच के लिए पर्यटन विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं ताकि आगे इस तरह के हादसे पेश न आ सकें। एएसपी कुल्लू संजीव शर्मा ने बताया, पुलिस की टीम ने मामला दर्ज कर लिया है और अब इस मामले में आगामी कार्रवाई की जा रही है। मृतक सैलानी के शव का पोस्टमार्टम शनिवार को ढालपुर अस्पताल में किया जाएगा और उसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। इस मामले में अगर कोई लापरवाही पाई जाती है तो पुलिस के द्वारा आगामी कार्रवाई की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से माैसम के करवट बदलने की संभावना है। राज्य के कई भागों में आज से आगामी सात दिनों तक बारिश-बर्फबारी के आसार हैं। वहीं राज्य के पांच स्थानों पर न्यूनतम तापमान माइनस में दर्ज किया गया है। कई भागों में लोगों को शीतलहर का सामना करना पड़ रहा है। शिमला सहित आसपास भागों में आज सुबह से हल्की धूप खिलने के साथ बादल छाए हुए हैं। उधर, बीते दिनों हुई बर्फबारी से किन्नाैर चंबा व लाहाैल-स्पीति जिले में अभी भी दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। लाहाैल-स्पीति जिले में कई सड़कें अभी भी ठप हैं। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 18 से 21 व 24 जनवरी को मध्य व उच्च पर्वतीय कुछ स्थानों पर हल्की बारिश-बर्फबारी का पूर्वानुमान है। जबकि 22 व 23 जनवरी को राज्य के कई स्थानों पर बारिश-बर्फबारी होगी। वहीं निचले पहाड़ी-मैदानी क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। राज्य में अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में 5-6 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है। इसके बाद अगले 3-4 दिनों में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 4-5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने के आसार हैं। दो दिनों बाद राज्य के कई हिस्सों में धीरे-धीरे 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है। शिमला में न्यूनतम तापमान 6.5, सुंदरनगर 5.2, भूंतर 2.5, कल्पा -1.8, धर्मशाला 4.0, ऊना 3.8, नाहन 7.0, केलांग -9.5, पालमपुर 5.0, मनाली 2.1, कांगड़ा 7.5, मंडी 6.1, बिलासपुर 6.6, हमीरपुर 6.4, चंबा 5.3, डलहाैजी 6.7, जुब्बड़हट्टी 6.4, कुफरी 4.6, कुकुमसेरी -5.9, नारकंडा 1.1, भरमाैर 3.3, रिकांगपिओ 1.5, बरठीं 5.5, समदो -7.3, कसाैली 7.9, सराहन 0.2, ताबो -11.9 व बजाैरा में 1.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
हिमाचल प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय ने कॉलेजों में कार्यरत 53 ग्रेड-2 अधीक्षकों के तबादले स्कूलों, जिला उपनिदेशक, ब्लॉक कार्यालयों और डाइट में कर दिए हैं। पांच दिन के भीतर सभी अधिकारियों को नए स्थानों पर पद ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी सेवाएं महासंघ और गैर-शिक्षक कर्मचारी महासंघ ने उच्च शिक्षा निदेशालय के इस आदेश का विरोध किया है। महासंघ के अध्यक्ष त्रिलोक ठाकुर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रविंद्र सिंह मेहता और महासचिव मनीष गुलेरिया ने इस निर्णय को अनुचित बताते हुए कहा कि इससे कर्मचारियों के अधिकारों और कार्यक्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। अधीक्षक ग्रेड-2 के स्थानांतरण से कर्मचारियों की दक्षता और कार्यशैली बाधित होगी। इससे महाविद्यालयों की प्रशासनिक संरचना और शैक्षिक प्रक्रियाएं कमजोर पड़ेंगी। विशेष रूप से राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान में संचालित महाविद्यालयों में इस निर्णय का प्रभाव शैक्षिक और प्रशासनिक कार्यों पर गंभीर रूप से पड़ सकता है। कुछ महाविद्यालयों में जहां 150 के लगभग शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की संख्या है और 3,000 से 4,000 तक छात्रों का नामांकन है, वहां इस आदेश से प्रशासनिक और शैक्षिक कार्यों की भारी कमी हो सकती है। महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि इन महाविद्यालयों में ग्रेड वन का कार्य केवल अधीक्षक को सुपरवाइज़ करने तक सीमित है और ग्रेड वन पर पदोन्नति तब होती है जब कर्मचारी सेवानिवृत्ति के पास होते हैं। महासंघ ने सरकार से मांग की है कि इन स्थानांतरण को तुरंत प्रभाव से रोका जाए। महासंघ ने आरोप लगाया है कि शिक्षा विभाग के अधिकारी वर्ग ने सरकार को गुमराह कर यह आदेश जारी करवाया है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों के अधिकारों और उनकी गरिमा को नकारना है। महासंघ का कहना है कि इससे कर्मचारियों का मनोबल गिर रहा है और उन्हें यह महसूस हो रहा है कि उनकी जिम्मेदारियां और महत्व कम कर दिए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला में कुलपति की नियुक्ति को लेकर हो रही देरी पर राजभवन ने सर्च कमेटी को नोटिस जारी किया है। सर्च कमेटी की अक्तूबर 2024 को हुई बैठक में चयनित हुए शिक्षाविद्धों की सूची अभी तक राज्यपाल को नहीं भेजने पर यह संज्ञान लिया गया है। मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार रामसुभग सिंह की अध्यक्षता में कमेटी की बैठक हुई थी। वर्ष 2022 से एचपीयू में स्थायी वीसी का पद रिक्त चल रहा है। रामसुभग सिंह की अध्यक्षता में कमेटी ने 22 अक्तूबर 2024 को चंडीगढ़ में आवेदकों के साक्षात्कार लेने के बाद छंटनी की थी। कमेटी ने अभी तक कुलपति के चयन के लिए शार्टलिस्ट नाम राजभवन की मंजूरी को नहीं भेजे गए हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति योगेश सिंह और गोरखपुर से पूर्व कुलपति प्रो. सुरेंद्र कुमार दुबे, राज्यपाल के सचिव चंद्र प्रकाश वर्मा ने चंडीगढ़ में 18 उम्मीदवारों के साक्षात्कार लिए थे। चार ने ऑनलाइन साक्षात्कार दिए थे। राजभवन को शार्टलिस्ट नाम क्यों नहीं भेजे, इसको लेकर कमेटी के सभी सदस्यों को नोटिस जारी कर इसका कारण बताने को कहा है। शार्टलिस्ट नामों को अंतिम फैसला लेने के लिए राजभवन भेजा जाना है। बता दें कि पूर्व कुलपति सिकंदर कुमार के ऐच्छिक रिटायरमेंट लेने के बाद से एचपीयू को स्थायी कुलपति नहीं मिला है। मौजूदा वक्त में कार्यवाहक कुलपति के तौर पर केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल सेवाएं दे रहे हैं।
हिमाचल में सीमेंट के दामों में एक बार फिर पांच रुपए की वृद्धि हो गई है। सीमेंट कंपनियों ने एक महीने के भीतर दूसरी बार दाम बढ़ाकर उपभोक्ताओं को बड़ा झटका दिया है। प्रमुख सीमेंट कंपनियां अंबुजा, एसीसी और अल्ट्राटेक ने प्रति बैग पांच रुपये कीमतें बढ़ा दीं। इससे भवन निर्माण कर रहे लोगों को महंगाई का सामना करना पड़ेगा। बिलासपुर में एसीसी सीमेंट की फैक्ट्री होने के बावजूद यहां सीमेंट अन्य जिलों के मुकाबले महंगा बिक रहा है। एसीसी सीमेंट विक्रेता पवन बरूर ने बताया कि ऊना और हमीरपुर की तुलना में बिलासपुर में दाम अधिक हैं, जबकि इन जिलों का परिवहन खर्च ज्यादा है। कुछ ट्रक मालिक सीमेंट ऊना और हमीरपुर के लिए लोड कर यहीं बेच देते हैं, जिससे स्थानीय डीलरों को नुकसान हो रहा है। एसीसी सुरक्षा का दाम पहले 440 रुपए प्रति बैग था, जो अब 445 रुपए हो गया है। एसीसी गोल्ड का दाम 485 से बढ़कर 490 रुपये हो गया है। अंबुजा सीमेंट के विक्रेता रोहित ने बताया कि अब दाम 455 से बढ़कर 460 रुपए प्रति बैग कर दिए हैं। 18 दिसंबर को कंपनी ने डीलरों के डिस्काउंट बंद कर दिए थे, जिस कारण पहले ही कीमतों में 15 से 20 रुपए प्रति बैग का इजाफा हो चुका था।
** पुलिस कर रही हैं मामले की जांच रामपुर पुलिस ने 42.43 ग्राम चिट्टे के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपी रोहिताश (26) निवासी किन्नौर और राकेश कुमार (37) निवासी कुल्लू हैं। एसडीपीओ रामपुर नरेश शर्मा ने बताया कि शुक्रवार सुबह गश्त के दौरान भैरा खड्ड के पास दोनों को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें चिट्टा बरामद हुआ। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
-- मास्टर संजीव जोगु के नाम रही नलसुहा में आयोजित 25वें जागरण की रात जसवां:परागपुर के तहत पड़ते नलसुहा स्थित गांव भरवाडिया बजीर बस्ती में 25वें विशाल महामाई के जागरण का आयोजन बड़ी ही धूम धाम के साथ आयोजित हुआ। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी यह जागरण उक्त गाँव में पुजारी शमशेर शेर सुपुत्र स्वर्गीय हरि सिंह व उनके परिवार द्वारा आयोजित किया गया । बता दें कि इस जागरण देहरा उपमंडल के बीहन निवासी मास्टर संजीव कुमार जोगु ने खूब समा बांधा। इस दौरान गायक संजीव कुमार ने बाबा पहाड़िया ,बाबा बालक नाथजी,माता शेरावाली के भजन गाये व वहां उपस्थित सैंकड़ो भक्त थिरकने पर मजबूर हो गए । इस दौरान गायक संजीव कुमार ने बाबा पहाड़िया जी चढ़ गई मस्ती तेरे नाम दी,धारा हो धुरी पेयी मित्रा,राजे दे बागे मत जांदी गदनी सहित विभिन्न भजन गाकर खूब समा बांधा। ओस दौरान गुरु शमशेर सिंह ने उन्हें पटका पहनाकर सम्मानित भी किया
जसवां:परागपुर विधानसभा क्षेत्र के तहत पड़ती पुलिस चौकी डाडा सीबा के अंतर्गत आरा चौक के समीप एक बाइक दुर्घटनाग्रस्त होने का मामला सामने आया है मिली जानकारी के अनुसार वीरवार रात बाइक चालक डाडा सीबा से ढलियारा की ओर जा रहा था की अचानक आरा चौक के करीब बेसहारा पशुओं को बचाते हुए पेड़ से जा टकराई । हादसे में बाइक चालक को हल्की चोटें आई हैं। घायल व्यक्ति को 108 एंबुलेंस की सहायता से सिविल हॉस्पिटल डाडा सीबा में भर्ती करवाया गया। बाइक पेड़ से टकराने के कारण बाइक काफी क्षतिग्रस्त हुई है। बाईक के अगले दोनो शॉकर टेढ़े हो गए हैं।
** ग्रामीण युवाओं के लिए नए अवसर आईटीआई नैहरनपुखर में "प्रि/रूरल इन्क्यूबेटर सेंटर" का उद्घाटन रेंप स्कीम के तहत किया गया। इस केंद्र का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों के युवाओं को कौशल विकास और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है। यह विशेष रूप से उन युवाओं को प्रशिक्षित करेगा, जो छोटे और मझोले उद्यमों की शुरुआत करना चाहते हैं, और साथ ही उन्हें तकनीकी और व्यावसायिक कौशल में सुधार के लिए प्रशिक्षण प्रदान करेगा।उद्घाटन समारोह में प्रमुख रूप से परमजीत सिंह, निदेशक आर॰ सी॰ इ॰ डी॰, वीडीओ देहरा मुकेश ठाकुर, लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर तिलक राज, ललित मोहन, प्रिंसिपल आईटीआई नैहरनपुखर, इंडस्ट्री विभाग के अधिकारी और विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।परमजीत सिंह ने इस पहल को ग्रामीण युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए क्षेत्रीय विकास की उम्मीद जताई। उन्होंने युवाओं से इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की, ताकि वे अपनी कौशल को निखार सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।"प्रि/रूरल इन्क्यूबेटर सेंटर" के माध्यम से प्रशिक्षित युवाओं को विभिन्न उद्योगों में रोजगार के अवसर मिलेंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकेगा। इस कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यशालाएं, प्रशिक्षण सत्र और व्यावसायिक मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा।
आईटीआई दिग्गल में सड़क सुरक्षा नियमों के बारे में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसे गणपति एजुकेशनल सोसाइटी कुनिहार और संस्थान के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में गणपति एजुकेशनल सोसाइटी के निदेशक डॉ. रोशन लाल शर्मा को मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया। उनके साथ रमा शर्मा और दामिनी ठाकुर भी कार्यक्रम में भाग लेने आईं। डॉ. रोशन लाल शर्मा ने सड़क सुरक्षा नियमों, सड़क दुर्घटनाओं से जुड़ी जानकारी और प्राथमिक चिकित्सा के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों को समझाया कि कैसे सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी से लोग अपनी जान और स्वास्थ्य को जोखिम में डालते हैं। उन्होंने दुर्घटनाओं की दर और उनके प्रभाव के बारे में जानकारी दी, जिससे विद्यार्थियों में इस विषय पर गहरी उत्सुकता उत्पन्न हुई। कार्यक्रम के दौरान डॉ. शर्मा ने सड़क सुरक्षा के कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की, जैसे कि हेलमेट का प्रयोग, गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करना, और केवल 18 वर्ष से ऊपर के लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करना। इसके साथ ही, उन्होंने बच्चों को यह शपथ दिलवाई कि वे किसी दुर्घटना के शिकार व्यक्ति को देखे तो सबसे पहले उसे प्राथमिक चिकित्सा दें और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें।कार्यक्रम के अंत में, संस्थान प्रशासन ने डॉ. रोशन लाल शर्मा का आभार व्यक्त किया और उन्हें धन्यवाद दिया। इसके अलावा, बच्चों द्वारा आयोजित भाषण प्रतियोगिता, चित्रकला और नारा लेखन की गतिविधियों के लिए विजेताओं को सम्मानित भी किया गया।
विधानसभा क्षेत्र जसवां परागपुर में सांसद खेल महाकुंभ 3.0 का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर अप्पर परागपुर स्थित इनडोर स्टेडियम में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूदा विधायक बिक्रम ठाकुर ने हिस्सा लिया। यह आयोजन विशेष रूप से क्षेत्र के युवाओं के बीच खेलों के प्रति रुचि और उत्साह को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित किया गया था। सांसद और पूर्व खेल मंत्री अनुराग ठाकुर द्वारा शुरू किया गया सांसद खेल महाकुंभ 3.0 का परागपुर में आगाज हुआ। विधायक बिक्रम ठाकुर ने इस अवसर पर कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस महाकुंभ से क्षेत्र के युवाओं को शारीरिक फिटनेस के साथ-साथ खेलों में अपनी प्रतिभा को निखारने का बेहतरीन मंच मिलेगा। उनका कहना था कि यह कार्यक्रम न केवल खेलों को बढ़ावा देगा, बल्कि युवा पीढ़ी को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। विधायक बिक्रम ठाकुर ने विश्वास जताया कि इस आयोजन के माध्यम से क्षेत्र में खेलों के प्रति जागरूकता और उत्साह में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि सांसद खेल महाकुंभ 3.0 के जैसी पहलों से युवाओं को खेलों में करियर बनाने के अवसर भी प्राप्त होंगे। यह कार्यक्रम न केवल क्षेत्र में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि युवाओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने का एक मजबूत कदम साबित होगा। कार्यक्रम के दौरान युवाओं के बीच जोश और उत्साह देखा गया और उन्होंने इस अवसर का भरपूर लाभ उठाने की इच्छा जताई। सांसद खेल महाकुंभ 3.0 से क्षेत्र में खेलों के प्रति एक नया दृष्टिकोण विकसित होगा, जिससे खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं को उनके सपनों को साकार करने का एक महत्वपूर्ण अवसर मिलेगा।
जसवां:परागपुर के तहत पड़ते नलसुहा स्थित गांव भरवाडिया बजीर बस्ती में 25वें विशाल महामाई के जागरण का आयोजन बड़ी ही धूम-धाम के साथ आयोजित हुआ। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी यह जागरण उक्त गाँव में पुजारी शमशेर शेर सुपुत्र स्वर्गीय हरि सिंह व उनके परिवार द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें ज्वालामुखी से लोकगायक सौरव शर्मा ,मास्टर संजीव कुमार,हर्ष ठाकुर जोगु ने महामाई व बाबा पहाड़िया जी का गुणगान किया। 25वें विशाल जागरण में पंजाब सहित हिमाचल के विभिन्न स्थान से भक्तजनों ने यहां अपनी हाजरी लगाई । इस दौरान गुरु शमशेर सिंह द्वारा बाबा जी की कृपा से लोगो की समस्याओं का समाधान भी किया।
ग्राम पंचायत जाड़ली के गांव ग़मझूंन में पशु पालन विभाग सोलन के सौजन्य से एक दिवसीय बांझपन शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में पशुओं में बढ़ती जा रही बांझपन से जुड़ी समस्याओं जैसे पशुओं का बार बार हीट में आना, पशुओं के गर्भाशय में इन्फेक्शन हो जाना, गर्भाशय में गांठें बन जाना तथा गर्भ जांच इत्यादि का निरीक्षण उपरांत विधिवत उपचार किया गया। इस शिविर में 35 पशुओं का परीक्षण किया गया और साथ ही साथ पशुओं को स्वस्थ रखने के लिए खनिज मिश्रण व कृमिनाशक दवाइयों का भी वितरण निः शुल्क किया गया। शिविर की अध्यक्षता वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी, उपमंडलीय पशु चिकित्सालय अर्की, डॉ. देव राज शर्मा द्वारा की गई, जिन्होंने पशुपालकों को पशुओं के रखरखाव, देखभाल और स्वच्छ दुग्ध उत्पादन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए युवा वर्ग में पशुपालन को मुख्य व्यवसाय के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर पशु चिकित्सा अधिकारी, पशु चिकित्सालय कुनिहार, डॉ रीता कौशल और पशु चिकित्सा अधिकारी, पशु चिकित्सालय डुमेहर डॉ. शिवानी पाल ने भी पशुओं में होने वाली बीमारियों और विभिन्न विभागीय योजनाओं पर प्रकाश डाला जिनका लाभ लेकर किसी भी वर्ग के किसान अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार ला सकते हैं और खुशहाली से अपना जीवन यापन कर सकते हैं। इस उपलक्ष्य पर सुरेश कुमार, पशु औषधिसंयोज कुनिहार दिलीप कुमार व दौलत राम संख्यान भी मुख्य रूप से मौजूद रहे।


















































