नशे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जिला सिरमौर पुलिस थाना नाहन के तहत पुलिस ने चिट्टे और नकदी समेत 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में एक आरोपी ने अपने घर की दीवारों पर पुलिस के खिलाफ अपशब्द में भी लिखे हुए थे। जिला पुलिस की एसआईयू टीम गश्त के दौरान नाहन में मौजूद थी। इस बीच पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली कि साहिल वर्मा (22) और आर्यन तोमर (22), निवासी मोहल्ला ढाबों नाहन अपने आवासीय मकान में नशे का कारोबार करते हैं। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घर में दबिश दी और दोनों आरोपियों के कब्जे से कुल 8.5 ग्राम चिट्टा के साथ 3,050 रुपये के करेंसी नोट भी बरामद किए। पुलिस ने पाया कि आरोपी आर्यन तोमर के घर की दीवारों पर पुलिस के लिए अपशब्द भी लिखे थे। एसएसपी सिरमौर रमन कुमार मीणा ने बताया कि आरोपी साहिल वर्मा व आर्यन तोमर को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। तफ्तीश के दौरान एक आरोपी आर्यन के घर की दीवारों पर पुलिस के लिए लिखे गए अपशब्दों को साझा नहीं किया जा सकता है और इस मामले में पुलिस उचित कार्रवाई कर रही है।
कल्पना कीजिए, आपकी बारात गाड़ियों के काफिले के साथ शादी के घर पहुंचती है, और वहां के लोग आपको यह कहकर रोक दें कि यहां न तो कोई शादी है और न ही दुल्हन! जिला ऊना के हरोली क्षेत्र के सिंगा गांव में मंगलवार को कुछ ऐसा ही हुआ, जब नारी गांव से आई एक बारात अजीबोगरीब हालात में फंस गई। बारात गाड़ियों में सवार होकर खुशी-खुशी पहुंची थी, लेकिन गांव के लोगों ने साफ कह दिया, "यहां तो कोई शादी नहीं हो रही, और यह लड़की हमारे गांव की नहीं है। बारातियों ने जब दुल्हन का फोटो दिखाया तो ग्रामीणों ने पहचानने से साफ इनकार कर दिया। इस बात ने बारातियों को हैरानी और उलझन में डाल दिया। तभी शादी की बिचौलिया महिला, तेवर दिखाते हुए बोली, "शादी इसी गांव में है, मैं पता करके आती हूं।" महिला अपने पति के साथ गाड़ी में बैठकर यह कहकर वहां से चली गई कि वह दुल्हन के घर का पता लगाकर आएगी। कुछ देर बाद जब वह वापस नहीं लौटी, तो बारातियों और ग्रामीणों को शक हुआ। जब महिला से संपर्क किया गया, तो उसने बताया कि दुल्हन ने जहरीला पदार्थ खा लिया है और वह उसे पंजाब के नवांशहर अस्पताल लेकर जा रही है। महिला की बातों से संदेह बढ़ा और बारातियों ने उसे दूसरी गाड़ी में खोजकर गांव वापस लाया। इसके बाद बिचौलिया महिला और बारातियों के बीच विवाद गहराने लगा। मामला इतना बिगड़ा कि पंचायत के प्रतिनिधि और पुलिस को बुलाना पड़ा। बारात को पंचायत घर ले जाया गया और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। डीएसपी हरोली मोहन रावत ने कहा कि पूरी स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है, जिसके बाद ही सच सामने आएगा।
आज एनएमओपीएस (NMOPS) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय के अनुसार, नई पेंशन स्कीम (UPS) के खिलाफ कर्मचारी महासंघ हिमाचल प्रदेश ने 01 अप्रैल 2025 से इसे लागू करने के फैसले का विरोध किया। इस विरोध प्रदर्शन में पूरे भारत में सभी स्कूलों, कॉलेजों और कार्यालयों में UPS की गजट अधिसूचना के खिलाफ विरोध किया गया। इस विरोध का मुख्य उद्देश्य ओपीएस (Old Pension Scheme) के तत्काल कार्यान्वयन की मांग करना था। प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर और महासचिव भरत शर्मा ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में वर्तमान सरकार ने पहले ही पुरानी पेंशन बहाल कर दी है, इसलिए एनएमओपीएस का साथ देते हुए कर्मचारियों और शिक्षकों से अनुरोध किया गया था कि वे केंद्रीय कर्मचारियों के इस आंदोलन में समर्थन करें और UPS के नुकसानों के बारे में सभी कर्मचारियों को जागरूक करें ताकि इसके दुष्परिणाम सामने आ सकें। इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर ओपीएस के कार्यान्वयन के लिए एकजुट होने का आह्वान किया गया है। प्रदीप ठाकुर और महासचिव भरत शर्मा ने इस आयोजन की सफलता के लिए सभी का धन्यवाद किया। पुरानी पेंशन (Old Pension Scheme) की मांग को लेकर 20 वर्षों से चल रहे विरोध और आंदोलन को समाप्त करने के उद्देश्य से सरकार की ओर से उतारी गई यूनिफाइड पेंशन स्कीम (Unified Pension Scheme) यानी UPS का काफी विरोध हो रहा है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि इसमें कई खामियां हैं। इसकी सबसे बड़ी खामी तो वित्त सचिव टीवी सोमनाथन के एक जवाब से सामने आई है, जो इसकी प्रचारित अच्छाइयों पर भारी पड़ गई है। उन्होंने कहा कि UPS की सबसे बड़ी खामी वीआरएस (Voluntary Retirement Scheme) के मामले में सामने आती है। अगर कोई कर्मचारी 60 साल की उम्र से पहले स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का विकल्प चुनता है तो उसे पेंशन कब से मिलेगी? यह सवाल जब वित्त सचिव से पूछा गया, तो उनका जवाब था कि आप रिटायर चाहे जब हों, UPS के तहत पेंशन सेवानिवृत्ति की आयु पूरी होने के बाद ही मिलेगी। रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली इस पेंशन स्कीम में इस खामी के चलते कर्मचारियों को बड़ी मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है। उनका ये भी कहना है कि देश में विभिन्न विभागों में रिटायरमेंट की आयु अलग-अलग है। उदाहरण के तौर पर, विश्वविद्यालयों में रिटायरमेंट की आयु 65 साल है, जबकि कुछ विभागों में यह 60 वर्ष या 58 वर्ष है। ऐसे में अगर कोई कर्मचारी 58 वर्ष में रिटायर हो जाए तो उसे पेंशन के लिए दो साल का इंतजार करना होगा। वहीं अगर कोई कर्मचारी 50 वर्ष की उम्र पर वीआरएस लेता है, तो उसे पेंशन पाने के लिए 10 साल तक इंतजार करना होगा। कर्मचारी संगठन का कहना है कि 25 साल में नौकरी करने वाला युवा अगर 50 की आयु में नौकरी के 25 साल पूरे करके वीआरएस लेना चाहे, तो उसे यूपीएस के तहत पेंशन पाने का कोई विकल्प 10 सालों तक नहीं होगा। इस पर सवाल उठता है कि अगले 10 सालों तक वह जीवित रहेगा या नहीं, इसलिए कर्मचारी पुरानी पेंशन की बहाली की मांग कर रहे हैं। वहीं अगर कोई कर्मचारी देर से सरकारी सेवा में आता है, तो इस स्कीम के तहत 10 साल की नौकरी करने पर 10,000 रुपये न्यूनतम पेंशन तय की गई है। हालांकि यह फायदा भी तभी मिलेगा जब कर्मचारी ने 10 साल की सेवा पूरी की हो। अगर किसी कर्मचारी ने 10 साल से पहले सेवा छोड़ दी, तो उसे पेंशन नहीं मिलेगी। UPS में कर्मचारियों का योगदान उनकी बेसिक सैलरी का 10% होगा, जबकि सरकार 18.5% योगदान करेगी। पुरानी पेंशन में कर्मचारी को कोई योगदान नहीं करना पड़ता और सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन सरकार द्वारा दी जाती है, जो लगभग अंतिम वेतन का 50% होती है। जारी अधिसूचना में यह स्पष्ट किया गया है कि जो कर्मचारी UPS का विकल्प चुनते हैं, वे किसी अन्य नीतिगत रियायत, बदलाव या वित्तीय लाभ का दावा नहीं कर सकेंगे। UPS के तहत कर्मचारियों के रिटायरमेंट फंड में दो हिस्से होंगे - एक व्यक्तिगत फंड, जिसमें कर्मचारी और सरकार का योगदान होगा, और दूसरा पूल फंड, जिसमें सरकार का अतिरिक्त योगदान होगा। प्रदीप ठाकुर का कहना है कि जब 1 अप्रैल 2004 को NPS लागू किया गया था, तब भी ऐसा ही प्रचार किया गया था, लेकिन जब कर्मचारी सेवानिवृत्त होने लगे, तो किसी को 500 तो किसी को 1500 रुपये पेंशन मिली। अब भविष्य में भी क्या मिलेगा, यह तो भविष्य के गर्भ में है, लेकिन यह तय है कि UPS में पुरानी पेंशन (OPS) जैसा लाभ नहीं मिलेगा। इसलिए कर्मचारी पुरानी पेंशन की बहाली की मांग करेंगे और NPS तथा UPS का विरोध जारी रखेंगे।
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के दौरान सोलन जिले के अर्की उपमंडल से जा रहे श्रद्धालुओं की बस कौशांबी जिले में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में कुल 24 लोग घायल हुए, जिनमें से एक व्यक्ति की हालत गंभीर है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार सोलन जिला प्रशासन कौशांबी जिला प्रशासन के साथ निरंतर संपर्क में है और घायलों को समयबद्ध चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। अर्की के विधायक संजय अवस्थी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रशासन को तत्काल राहत और चिकित्सा सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घायलों की उचित देखभाल सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। सोलन के उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने बताया कि बस में कुल 32 श्रद्धालु सवार थे। इनमें से 14 घायल सिराथू के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 10 जिला अस्पताल कौशांबी में इलाज करवा रहे हैं। गंभीर रूप से घायल तुलसी राम शर्मा का उपचार सघन चिकित्सा इकाई में जारी है।
सिरमौर: जिला खनन विभाग में खनन रक्षकों के पद हेतु चयन प्रक्रिया शुरू, 22 फरवरी आवेदन की अंतिम तिथि सिरमौर: खनन रक्षकों के पदों पर नियुक्ति के लिए जिला खनन विभाग द्वारा चयन प्रक्रिया की शुरुआत कर दी गई है। इस संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक एडीसी एल.आर. वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में चयन प्रक्रिया से जुड़े सभी पहलुओं पर गहन चर्चा की गई और इसे पारदर्शी व निष्पक्ष बनाने के लिए सख्त निर्देश दिए गए। खनन अधिकारी कुलभूषण शर्मा ने जानकारी दी कि आवेदन प्रक्रिया के तहत इच्छुक अभ्यर्थियों को अपने सभी आवश्यक दस्तावेज बंद लिफाफे में जमा करने होंगे। आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 22 फरवरी 2025, शाम 5 बजे निर्धारित की गई है। कुलभूषण शर्मा ने बताया कि आवेदन पत्र बंद लिफाफे में जिला उद्योग केंद्र में जमा किए जाएंगे। लिफाफे के ऊपर स्पष्ट रूप से "खनन रक्षक पद हेतु आवेदन" लिखा होना चाहिए। वहीं, दस्तावेजों में शैक्षणिक योग्यता, जन्म प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, रोजगार कार्यालय पंजीकरण और अन्य आवश्यक प्रमाणपत्र शामिल होने चाहिए। दस्तावेज अधूरे पाए जाने पर आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। आवेदन संबंधी जानकारी जिला उद्योग केंद्र और जिला खनन कार्यालय सिरमौर से प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि बैठक में प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि चयन प्रक्रिया में कोई अनियमितता न हो। साथ ही अभ्यर्थियों को समयसीमा का पालन करने और आवेदन पत्र को निर्धारित प्रारूप में जमा करने की सलाह दी गई।प्रशासन ने आवेदकों से अपील की है कि आवेदन पत्र समय पर जमा करें और सभी नियमों का पालन करें ताकि चयन प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी की जा सके। बैठक में एडीसी एल.आर. वर्मा, पुलिस उप-अधीक्षक मुख्यालय नाहन रमाकांत ठाकुर, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र नाहन साक्षी सत्ती और जिला खनन अधिकारी कुलभूषण शर्मा सहित चयन समिति के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।
सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भड़ोली कोहाला के तीन छात्राओं ने शिमला में आयोजित राज्य गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेकर विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन किया। छात्राओं में मिस सनिक्शा, काजल और अक्षरा शामिल रहीं। विद्यालय के एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी अभिनीत अभिलाषी और अनुवर्षा ने बताया कि सनिक्शा ने पूरे दल का नेतृत्व किया, जो विद्यालय के लिए गर्व का विषय है। विद्यालय के प्रधानाचार्य राकेश कुमार, उप-प्रधानाचार्य रविंद्र शर्मा और एसएमसी अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार ने छात्राओं को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पूरे विद्यालय के स्टाफ के प्रयासों और मेहनत की भी सराहना की, जिसके कारण यह उपलब्धि संभव हो पाई। विद्यालय परिवार और समस्त क्षेत्रवासियों के लिए यह पल गौरवशाली और प्रेरणादायक है।
विद्युत उपमंडल नम्बर एक के सहायक अभियंता इंजिनियर अमर चंद ने सर्व साधारण को सूचित किया है कि 11 के. बी. ज्वालामुखी नंबर फीडर के आवश्यक रख-रखाव व मुरम्मत कार्य हेतू 29 जनवरी यानी बुधवार को ज्वालामुखी नंबर 2 फीडर के अर्न्तगत आने वाले क्षेत्र-ताऊ दी हट्टी, पुराना बाजार, मंदिर मार्ग, बस स्टैण्ड व आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बाधित रहेगी। उन्होंने बताया कि मौसम खराब होने की स्थिति में कार्य अगले दिन किया जाएगा। अतः उन्होंने बिजली बाधित होने के चलते लोगों से सहयोग की अपील की है।
28जुलाई,पधर(मंडी) : जल शक्ति विभाग मंडल पधर द्वारा पैरा कुक और पैरा हेल्पर के 6 पद भरे जाने हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। जिसमें पैरा कुक के 2 और पैरा हेल्पर के 4 पद भरे जाने हैं। इसके लिए आवेदन 3 फ़रवरी 2025 से किए जा सकते हैं और आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 फरवरी, 2025 निर्धारित की गई है। इसके बाद प्राप्त होने वाले आवेदन विभाग स्वीकार नहीं करेगा। आवेदक की आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए। अधिशासी अभियंता अरविंद वर्मा ने कहा कि पैरा कुक के लिए शैक्षणिक योग्यता हिमाचल प्रदेश/केंद्र सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालय से दसवीं पास होना अनिवार्य है।अभ्यर्थी के पास फूड क्राफ्ट संस्थानों से कम से कम छह महीने का डिप्लोमा होना चाहिए। इसके अलावा सरकार द्वारा अनुमोदित होटल प्रबंधन संस्थान या खाद्य उत्पादन संस्थान से किसी भी ट्रेड में डिग्री/डिप्लोमा होना चाहिए या न्यूनतम किसी भी सरकारी या निजी संस्थान से खाना पकाने/खानपान में पांच वर्ष का अनुभव होना चाहिए। वहीं पैरा हेल्पर पद के लिए अभ्यर्थी को हिमाचल प्रदेश/केन्द्र सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालय से दसवीं पास होना चाहिए। उम्मीदवार के पास भारत की नागरिकता, हिमाचली बोनाफाइड, अभ्यर्थी के परिवार का कोई भी सदस्य किसी भी प्रकार की सरकार, पीएसयू, बोर्ड नौकरी में नहीं होना चाहिए, चरित्र प्रमाण पत्र व अभ्यर्थी जल शक्ति सर्किल सुंदरनगर, जिला मंडी (हिमाचल प्रदेश) के अंतर्गत आने वाला व क्षेत्र का स्थायी निवासी होना चाहिए। इच्छुक उम्मीदवार अधिक जानकारी के लिए जल शक्ति मंडल कार्यालय पधर में संपर्क कर सकते हैं।
** तहबाजारी यूनियन ने प्रशासन पर रोजगार छीनने का आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन किया **वन विभाग और NHAI पर 2014 की स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी का उल्लंघन कर तहबाजारियों को उजाड़ने का भी लगाया आरोप शिमला, 28 जनवरी: शिमला के ढली से कुफरी के बीच स्थित तहबाजारियों ने वन विभाग, NHAI और पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई के खिलाफ आज जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। तहबाजारी यूनियन ने सीटू के बैनर तले उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना दिया, जिसमें तहबाजारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन उनके जीवन-यापन के साधन को छीनने के प्रयास में है। विशेष रूप से 2014 की स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी का उल्लंघन करने का आरोप है, जो उन्हें अपने काम को व्यवस्थित तरीके से करने की अनुमति देती है। यूनियन के नेताओं ने कहा कि इन तहबाजारियों को इस क्षेत्र में दशकों से कार्य करने की अनुमति मिली हुई है, लेकिन अब प्रशासन उनका व्यवसाय अवैध करार देकर उन्हें हटाने की कोशिश कर रहा है। सीटू के प्रदेश अध्यक्ष विजेंदर मेहरा ने कहा कि यह क्षेत्र नगर निगम और नगर पालिका सीमा से बाहर है, और इसके तहत इन वेंडरों को शहरी विकास मंत्रालय द्वारा बसाया जाना था, न कि उजाड़ा जाना। उन्होंने यह भी कहा कि वन विभाग, NHAI और पुलिस की कार्रवाई से इन परिवारों की आजीविका पर संकट मंडरा रहा है।
Himachal: मार्च से गगल एयरपोर्ट से चंडीगढ़ के लिए सीधी उड़ानों की संख्या बढ़ाई जा रही है। अब स्थानीय लोगों और सैलानियों को सस्ती और तेज़ हवाई सेवाओं का फायदा मिलेगा। विमानन कंपनी इंडिगो 31 मार्च से गगल से चंडीगढ़ एयरपोर्ट के लिए सप्ताह में 6 दिन दो सीधी उड़ानें शुरू करेगी। विमानन कंपनी इंडिगो 31 मार्च से गगल से चंडीगढ़ एयरपोर्ट के लिए सप्ताह में 6 दिन दो सीधी उड़ानें शुरू करने जा रही है। फ्लाइट का शेड्यूल: गगल से चंडीगढ़: पहली उड़ान: दोपहर 12:00 बजे दूसरी उड़ान: दोपहर 1:20 बजे चंडीगढ़ से गगल: पहली उड़ान: दोपहर 1:30 बजे दूसरी उड़ान: दोपहर 2:50 बजे किराए में बड़ी राहत: मौजूदा समय में 4000 रुपये तक पहुंचने वाला हवाई किराया अब घटकर 2500 रुपये तक हो जाएगा। इससे यात्रियों को न केवल सस्ती हवाई सेवा मिलेगी, बल्कि उनका समय भी बचेगा।गगल एयरपोर्ट से जल्द ही नोएडा, जयपुर और देहरादून के लिए भी सीधी उड़ानें शुरू होने की संभावना है। गगल एयरपोर्ट के निदेशक धीरेंद्र शर्मा के अनुसार, मार्च के बाद उड़ानों के शेड्यूल में बड़े बदलाव होने वाले हैं, जो हिमाचल के पर्यटन और परिवहन को नया आयाम देंगे।
कौशाम्बी-फतेहपुर बॉर्डर के पास कनवार क्षेत्र में सोमवार शाम को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। हिमाचल प्रदेश से प्रयागराज महाकुंभ के लिए जा रहे श्रद्धालुओं की मिनी बस हाइड्रा वाहन से टकरा गई। इस हादसे में 25 श्रद्धालु घायल हो गए, जिनमें से एक महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। हिमाचल प्रदेश के अर्की थाना क्षेत्र के स्लैट गांव से 32 श्रद्धालुओं का दल मिनी बस में सवार होकर प्रयागराज के लिए निकला था। शाम करीब 7 बजे नेशनल हाईवे पर कनवार के पास, हाइड्रा वाहन के चालक ने अचानक ब्रेक लगा दी। मिनी बस का ड्राइवर नियंत्रण खो बैठा और बस हाइड्रा से टकरा गई. हादसे के बाद अजुहा चौकी पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। छह एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को सिराथू के सीएचसी और फिर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से चलाया और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से हाईवे से हटाकर यातायात बहाल किया। घायलों की पूरी सूची: बविता पत्नी सुरेंद्र (45) नीला देवी पत्नी विंध्यसागर (60) चंद्रकला पत्नी बाबूराम शास्त्री (60) पार्वती पत्नी नंदलाल (62) सीता देवी पत्नी तेजराम (55) कविता पत्नी मनोहर शर्मा (47) विमला देवी पत्नी सालिगराम (58) दयापति पत्नी देवीचंद्र (54) ममता पुत्री देवीचंद्र (30) आषवी पुत्री अंकितराज (25) बाबूराम पुत्र दयाराम (65) मीना शर्मा पत्नी महेंद्र शर्मा (48) महेंद्र शर्मा पुत्र लेखराज (50) रूपराम पुत्र राजकुमार (40) लेखराज पुत्र दिलकराम (51) बब्लू पुत्र दिलेर राम (39) लीला देवी पत्नी विद्यासागर (60) ममता शर्मा पत्नी नरेश कुमार (50) नर देवी शर्मा पत्नी गुच्ची राम (45) गोदावरी देवी पत्नी किशन लाल (70) धनपति देवी पत्नी देवी लाल (65) पविता देवी पुत्री सुरेंद्र कुमार (20) तुलसीराम पुत्र कुंतराम (75) रूपराम पुत्र राजकुमार (40) अन्य एक महिला (नाम अज्ञात) प्रशासन की तत्परता घटना की जानकारी मिलते ही डीएम मधुसूदन हुल्गी और एसपी बृजेश श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने घायलों का हालचाल लिया और अस्पताल प्रबंधन को हर संभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। सीएमओ डॉ. संजय कुमार ने सिराथू सीएचसी और आसपास के अस्पतालों में डॉक्टरों की अतिरिक्त टीम भेजकर बेड और फर्स्ट एड की व्यवस्था सुनिश्चित की। गंभीर रूप से घायल एक महिला को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। एसपी बृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि हादसे में शामिल सभी घायलों का इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा, "घायलों के रहने-खाने की व्यवस्था अस्पताल में ही की गई है। प्रशासन घायलों की हरसंभव मदद कर रहा है।"
भारतीय ओलंपिक संघ द्वारा आयोजित 38वीं राष्ट्रीय खेलों का आयोजन 28 जनवरी, 2025 से 14 फरवरी, 2025 तक उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और रुद्रपुर शहरों में होगा। इन प्रतिष्ठित खेलों में डुमैहर (अर्की) के राजकुमार पाल का चयन बास्केटबॉल प्रतियोगिता के लिए तकनीकी अधिकारी के रूप में हुआ है। राजकुमार पाल वर्तमान में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय डुमैहर (अर्की) में शारीरिक शिक्षा प्रवक्ता (डीपीई) के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने इससे पहले स्पेशल ओलंपिक विश्व खेलों में बास्केटबॉल हैड कोच के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। इसके अलावा, वह खेलो इंडिया, स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया, और फेडरेशन नेशनल में बास्केटबॉल प्रतियोगिता के तकनीकी अधिकारी के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। राजकुमार पाल के चयन की पुष्टि बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव कुलविंदर सिंह गिल ने एक आधिकारिक पत्र के माध्यम से की। राजकुमार पाल ने इस अवसर पर बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के तकनीकी समिति अध्यक्ष नॉरमन इसाक, प्रदेश बास्केटबॉल संघ के सीईओ अजय सूद, महासचिव मुनीश शर्मा, अध्यक्ष सुशील शर्मा, रैफरी बोर्ड के अध्यक्ष संजय ठाकुर, तकनीकी समिति अध्यक्ष उमेश कुमार, चयन समिति अध्यक्ष राजकुमार राणा, अशोक शर्मा, और समस्त कार्यकारिणी का आभार व्यक्त किया। राजकुमार पाल की इस उपलब्धि पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय डुमैहर (अर्की) के प्रधानाचार्य अरुण कुमार, समस्त विद्यालय स्टाफ, विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों और ग्राम पंचायत डुमैहर के नागरिकों ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। राजकुमार पाल का चयन न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों का परिणाम है, बल्कि यह क्षेत्र के लिए भी गर्व की बात है। उनकी यह उपलब्धि युवाओं को प्रेरित करने के साथ-साथ खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कार्य करेगी।
उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने पर हिमाचल प्रदेश के नगर नियोजन और तकनीकी मंत्री राजेश धर्माणी ने भाजपा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा इस कानून के माध्यम से देश को बांटने की राजनीति कर रही है, जो देश की एकता और विविधता के खिलाफ है। धर्माणी ने कहा कि भारत एक विविधताओं से भरा हुआ देश है, जहां अलग-अलग धर्म, संस्कृति और परंपराएं हैं। ऐसे में एक समान कानून का लागू होना पूरी तरह से सही नहीं है। भाजपा ने हमेशा से इस मुद्दे पर राजनीति की है और अब यह कानून लागू करने के जरिए माइनॉरिटी समुदायों को टारगेट करने की कोशिश की जा रही है। केंद्रीय बजट पर बात करते हुए धर्माणी ने हिमाचल प्रदेश के लिए अतिरिक्त ग्रांट की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए पहाड़ी इलाकों में विकास कार्यों के लिए अधिक खर्च आता है, और ऐसे में राज्य को विशेष ग्रांट मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा, "हर बार केंद्रीय बजट में हिमाचल प्रदेश की अनदेखी हो रही है, जो ठीक नहीं है। हम चाहते हैं कि हिमाचल को ग्रीन बोनस जैसी सुविधा मिलनी चाहिए, जैसे विकासशील देशों को मिलती है। राजेश धर्माणी ने कहा कि राज्य की विशेष परिस्थितियों के मद्देनजर, केंद्रीय बजट में हिमाचल को अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए ताकि यहां के विकास कार्यों को गति मिल सके।
मंडी से वार्षिक शैक्षणिक भ्रमण पर निकले चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट दर्जा प्राप्त बच्चों ने दूसरे दिन अमृतसर के प्रमुख स्थलों का दौरा किया। एडीसी मंडी रोहित राठौर ने बताया कि बच्चों ने सुबह गोल्डन टेंपल में माथा टेककर अपना दिन शुरू किया। इसके बाद जलियांवाला बाग, दुर्गियाना मंदिर और म्यूजियम का भ्रमण किया। शाम को बच्चों ने वाघा बॉर्डर पर जाकर रिट्रीट सेरेमनी में हिस्सा लिया। इस भ्रमण में बच्चों के साथ जिला बाल संरक्षण अधिकारी एन.आर. ठाकुर भी मौजूद हैं, जिन्होंने इन्हें ऐतिहासिक स्थलों और समारोहों के महत्व से परिचित कराया। रोहित राठौर ने जानकारी दी कि 26 जनवरी को भ्रमण के पहले दिन बच्चों ने कपूरथला स्थित पुष्पा गुजराल साइंस सिटी में विज्ञान और तकनीक के विभिन्न पहलुओं को नजदीक से समझा। उन्होंने लेज़र शो, 3डी थिएटर, डिजिटल प्लेनेटोरियम, भूकंप के प्रभाव, और हवाई जहाज के संचालन जैसी चीजों का अनुभव किया। बच्चों ने भौतिक विज्ञान, स्वास्थ्य, कृषि और रोबोटिक्स पर आधारित गैलरियों का दौरा किया। एडीसी ने बताया कि जिला प्रशासन भ्रमण को सुचारू रूप से चलाने के लिए पंजाब के स्थानीय प्रशासन के साथ निरंतर संपर्क में है।भ्रमण से बच्चे बेहद उत्साहित नजर आए। उन्होंने शैक्षणिक यात्रा के पहले दो दिनों में बहुत कुछ सीखा और इसके लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का धन्यवाद किया। साथ ही, उन्होंने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कर्नल डॉ. धनी राम शांडिल और जिला प्रशासन मंडी की सराहना की।भ्रमण के तीसरे दिन बच्चे चंडीगढ़ शहर के विभिन्न स्थलों का दौरा करेंगे और सायं मंडी लौटेंगे।
शिमला पुलिस ने 11 तस्कर धरे, लगभग सभी 'पुराने पापी' एसपी शिमला संजीव गाँधी ने दी जानकारी शिमला पुलिस ने कोलकाता से संदीप शाह नाम के एक चिट्टा तस्कर को गिरफ्तार किया है जो 200 लोगों के गिरोह का सरगना है। इस गिरोह के 11 तस्करों को पुलिस ने धरा है और सभी चिट्टे की तस्करी के पुराने पापी है। करीब छ महीने से शिमला पुलिस इस अभियान में जुटी थी और आखिरकार रविवार को उसे सफलता मिली है। ये शिमला पुलिस की बड़ी कामयाबी है। एसपी शिमला संजीव गाँधी ने इस बाबत जानकारी साझा की। हिमाचल प्रदेश में ड्रग माफिया बेहद नियोजित तरीके से काम कर रहा है। ड्रग तस्करी एक आर्गनाइज्ड क्राइम का रूप ले चुकी है और तस्कर तकनीक का भी खूब इस्तेमाल कर रहे है। इस गिरोह का भी अपना ऑनलाइन सप्लाई मैकेनिज्म था, ये ऑनलाइन आर्डर लेते थे और ग्राहक द्वारा भुगतान भी ऑनलाइन किया जाता था। बहरहाल शाही महात्मा गैंग पर कार्रवाई के बाद शिमला पुलिस ने एक और बड़े रैकेट को एक्सपोज़ किया है।
शिमला की सुंदरता और स्वच्छता को बनाए रखने के उद्देश्य से, शिमला ग्रामीण के एसडीएम कविता ठाकुर ने 7 जनवरी से शिमला के प्रमुख प्रवेश बिंदुओं शोघी, तारादेवी और शालाघाट- कैथलीघाट की सड़कों पर सफाई अभियान की शुरुआत की है। एसडीएम कविता ठाकुर और उनका स्टाफ हर सुबह 9 बजे से 12 बजे तक कचरा हटाकर शहर को साफ-सुथरा बनाने का संदेश दे रहे हैं। इसके साथ ही, वे स्थानीय निवासियों से भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील कर रहे हैं। एसडीएम कविता ठाकुर ने कहा कि शिमला की असली सुंदरता यहां के प्राकृतिक वातावरण और हरे-भरे पेड़ों में है। लेकिन पिछले कुछ समय से, शिमला के प्रवेश बिंदुओं पर कचरे का ढेर देखने को मिल रहा है। इस सफाई अभियान का मुख्य उद्देश्य न केवल इन स्थानों को स्वच्छ बनाना है, बल्कि आम जनता को भी जागरूक करना है कि वे शिमला को प्लास्टिक मुक्त बनाने में योगदान दें। स्वच्छता केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। खुले में कचरा फेंकने से न सिर्फ शहर की सुंदरता प्रभावित होती है, बल्कि यह पर्यटकों पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। कविता ठाकुर ने यह भी कहा कि इस अभियान में स्थानीय निवासियों का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है और साथ ही, शिमला को एक आदर्श शहर बनाने के लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए।
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के जुब्बल तहसील के समोट गांव में आज सुबह एक भयंकर आग लग गई। सुरेन्द्र दान सिंगटा के सेब के बगीचे में सुबह करीब 10:30 बजे लगी आग ने देखते ही देखते 200 से ज्यादा सेब के पेड़ और कुछ नाशपाती के पेड़ जलाकर राख कर दिए। यह बगीचा उनकी मेहनत और आय का मुख्य स्रोत था। दुर्भाग्यवश, बगीचे के पास स्थित गौशाला भी आग की चपेट में आ गई और एक गाय जिंदा जल गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने तुरंत प्रशासन को सूचना दी, और फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। आग बुझाने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन नुकसान का आकलन किया जा रहा है। आग के कारणों का अभी तक पता नहीं चला है।
कहा , मित्रों को इक्कठा करके बताएँगे राजनीति क्या होती है तो कांगड़ा में बढ़ सकती है भाजपा की मुश्किलें भाजपा से खफा पूर्व मंत्री एवं विधायक रमेश चंद ध्वाला कांगड़ा में गरजने की हुंकार भर रहे है। ध्वाला तीसरे मोर्चे का या यूँ कहे भाजपा विरोधी मोर्चे का संकेत दे रहे है। भाजपा को खुली चुनौती दे रहे है की मित्रों को इक्कठा करके बताएँगे, राजनीति क्या होती है। दरअसल, कांगड़ा में भाजपा के नाराज नेताओं में अकेले ध्वाला नहीं है, और भी कई नेता है जो हाशिये पर है। ये फहरिस्त लम्बी है। कुछ समय पूर्व भी इन नेताओं के एक होने की चर्चा थी, और अब फिर ध्वाला ने इन कयासों को हवा दे दी है। सूत्रों की माने तो इस फेहरिस्त में ध्वाला के अलावा कई वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक बताये जा रहे है। यदि ऐसा होता है तो कांगड़ा में भाजपा की मुश्किलें बढ़ सकती है। एक दौर था जब रमेश चंद ध्वाला हिमाचल भाजपा के लिए नायक थे। 1998 में धूमल सरकार बनाने में उनकी भूमिका भला कौन भूल सकता है। पर ये ही ध्वाला बीते करीब सात साल से भाजपा से खफा- खफा है। दरअसल जयराम ठाकुर के मुख्यमंत्री बनने के बाद ध्वाला को कैबिनेट में एंट्री नहीं मिली थी। इसके बाद से ही ध्वाला की टीस दिखने लगी थी। फिर पूर्व में संगठन मंत्री रहे पवन राणा के साथ उनकी सियासी खींचतान भी खूब सुर्खियों में रही। हालांकि धूमल गुट के असर के चलते 2022 में उन्हें टिकट तो मिल गया, लेकिन चुनाव हारने के बाद भाजपा में ध्वाला साइडलाइन ही दिखे है। विशेषकर होशियार सिंह की भाजपा में एंट्री और फिर उपचुनाव में होशियार को ही टिकट दिए जाने के बाद ये खाई बढ़ती दिखी है। इस बीच भाजपा संगठन में भी नई नियुक्तियां हुई है और पार्टी ने ज्वालामुखी और देहरा, दोनों ही हलकों में उनके समर्थकों को तरजीह नहीं दी है। बहरहाल, रमेश चंद ध्वाला भाजपा पर भड़ास भी निकाल रहे है और अपनी ही पार्टी को चुनौती भी दे रहे है। निशाने पर कौन कौन है, ये सब जानते है। ध्वाला राजनीति के माहिर खिलाड़ी है और सियासी शतरंज के सभी दांव पेंचों से भली भांति वाकिफ भी। सियासत का उनका अपना अलग सलीका है, बेबाक सलीका। इसलिए, वो बगैर नापे तोले उपेक्षा का दर्द भी बयां कर रहे है, अपना योगदान भी स्मरण करवा रहे है, पार्टी को आइना भी दिखा रहे है और अपनी जमीनी कुव्वत का अहसास भी करवा रहे है। आप ध्वाला को पसंद करें या नापसंद करे लेकिन खारिज नहीं कर सकते। आज भी ध्वाला हिमाचल की राजनीति में बड़ा ओबीसी चेहरा है विशेषकर कांगड़ा में और कई सीटों पर प्रभाव रखते है।देहरा और ज्वालामुखी में तो उनका सीधा असर दीखता है। ऐसे में उनकी टीस भाजपा के लिए जरा भी मुफीद नहीं है। हालांकि संगठन की नई नियुक्तियों में भाजपा का जातीय डैमेज कण्ट्रोल दीखता है, फिर भी उन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता। सवा तीन साल में भाजपा को मिली हार पर हार हिमाचल में भाजपा के लिए बीते तीन साल में कुछ भी अच्छा नहीं घटा है। विधानसभा चुनाव हो या उपचुनाव, पार्टी को मिली है सिर्फ हार पर हार। बीते तीन सवा तीन साल में पार्टी ने सत्ता तो गवाईं ही है, पार्टी विधानसभा के एक बारह में से सिर्फ तीन उपचुनाव ही जीत सकी है। इस पर पूर्व कांग्रेसी और निर्दलीयों के पार्टी में आने के बाद एक और खेमा बनने से भी इंकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में कार्यकर्त्ता का मनोबल टूटना लाजमी है। अब अगर अगर कांगड़ा में भाजपा से रूठे नेताओं का अलग मोर्चा बनता है तो तय मानिये इसकी भरपाई भाजपा के मुश्किल होगी।
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के कोटखाई में हुए बहुचर्चित गुड़िया दुष्कर्म और हत्याकांड के संदर्भ में गिरफ्तार आरोपी सूरज की लॉकअप में हत्या के मामले में चंडीगढ़ की सीबीआई अदालत आज दोषी पुलिसकर्मियों की सजा पर अपना फैसला सुनाएगी। अदालत ने 18 जनवरी को प्रदेश के IG जहूर एच जैदी सहित 8 पुलिस अधिकारियों को दोषी करार दिया था। जानकारी के अनुसार, इन दोषियों को आज शाम 4 बजे सजा सुनाई जाएगी। सीबीआई कोर्ट ने सोमवार को दोषियों से उनकी अंतिम अपील भी सुनी थी। 18 जनवरी को सीबीआई अदालत ने गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर आईजी जैदी, तत्कालीन डीएसपी मनोज जोशी, पुलिस सब इंस्पेक्टर राजिंद्र सिंह, एएसआई दीप चंद शर्मा, मानक मुख्य आरक्षी मोहन लाल, सूरत सिंह, मुख्य आरक्षी रफी मोहम्मद और कांस्टेबल रनीत सटेटा को दोषी ठहराया था। ये सभी आरोपी वर्तमान में बुड़ैल जेल में बंद हैं। साल 2017 में शिमला जिले के कोटखाई में गुड़िया नामक 16 वर्षीय छात्रा का बलात्कार और हत्या हुई थी। पुलिस ने आरोपी सूरज को हिरासत में लिया, लेकिन लॉकअप में प्रताड़ना के कारण उसकी मौत हो गई। पुलिस ने सूरज की मौत का आरोप दूसरे आरोपी राजू पर मढ़ दिया। सूरज की लॉकअप में हत्या के बाद गुस्साई भीड़ ने कोटखाई पुलिस थाना जलाने की कोशिश की। इस घटनाक्रम के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। गौरतलब है कि 4 जुलाई 2017 को कोटखाई में 16 वर्षीय छात्रा का शव निर्वस्त्र अवस्था में तांदी के जंगल में पाया गया था। शिमला के तत्कालीन IG जहूर एच जैदी की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की गई थी, जिसने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें से एक आरोपी, नेपाली युवक सूरज, को पुलिस हिरासत में लॉकअप में मौत का सामना करना पड़ा था। सीबीआई जांच में यह सामने आया कि सूरज की मौत पुलिस की प्रताड़ना के कारण हुई थी। इसके बाद सीबीआई ने आईजी जैदी और अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हत्या (धारा 302), सुबूत नष्ट करने (धारा 201) और अन्य गंभीर आरोपों के तहत केस दर्ज किया। यह मामला शिमला जिला अदालत से चंडीगढ़ सीबीआई अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया था।
सिरमौर जिले के नौहराधार क्षेत्र में संगड़ाह पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया। शुक्रवार शाम को पेट्रोल पंप (छिनाड़ी) के पास एक आल्टो कार की तलाशी के दौरान पुलिस ने कार की खिड़की के नीचे रैक में छिपाए गए तीन सिल्वर फॉयल और एक प्लास्टिक पुड़िया में 2.57 ग्राम चिट्टा बरामद किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नौहराधार के ओम प्रकाश, कुलदीप उर्फ मांटा, और आशीष के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ NDPS Act के तहत मामला दर्ज कर उन्हें कोर्ट में पेश किया। इस कार्रवाई से क्षेत्र में नशे के खिलाफ लड़ाई को और मजबूती मिली है। पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि नशे के इस दुष्चक्र को रोका जा सके।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने DC बिलासपुर को "बेस्ट इलेक्टोरल प्रैक्टिस अवार्ड-2025" से किया सम्मानित
बिलासपुर/ सुनील: लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान आदर्श चुनाव प्रबंधन और नवाचारों के लिए बिलासपुर जिले को राष्ट्रीय स्तर का प्रतिष्ठित "बेस्ट इलेक्टोरल प्रैक्टिस अवार्ड-2025" प्रदान किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह में यह पुरस्कार उपायुक्त बिलासपुर आबिद हुसैन सादिक को प्रदान किया। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर और लाहौल-स्पीति जिलों को देश के 788 जिलों में से चुने गए 15 विशिष्ट जिलों की सूची में शामिल किया गया। यह सम्मान चुनावों में पारदर्शिता, समावेशिता, और मतदाता जागरूकता के लिए की गई अभूतपूर्व पहलों के लिए दिया गया। लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान बिलासपुर जिले ने 418 पोलिंग स्टेशनों की स्थापना की, जिनमें 16 मॉडल पोलिंग स्टेशन, 8 महिला-प्रबंधित स्टेशन और एक दिव्यांगजनों द्वारा संचालित पोलिंग स्टेशन शामिल थे। स्वीप (SVEEP) गतिविधियों के तहत, जिले में 4473 नए मतदाताओं को जोड़कर लोकतंत्र में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई। चुनाव प्रक्रिया को अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए जिले में जागरूकता अभियानों का संचालन किया गया। कम मतदान वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए, साहित्यकार रतन चंद निर्जर ने क्षेत्रीय दौरों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और "मेरा वोट, मेरी ड्यूटी" गीत ने प्रेरक संदेश दिया। जिला मेलों, नुक्कड़ नाटकों, और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से मतदाता शिक्षा को बढ़ावा दिया गया। साथ ही, "डेमोक्रेसी वैन," डिजिटल आमंत्रण कार्ड, और सोशल मीडिया अभियानों के जरिए व्यापक स्तर पर जागरूकता फैलाई गई। मतदान केंद्रों पर छाया, ओआरएस, और क्रेच जैसी सुविधाओं ने समावेशी चुनाव सुनिश्चित किए। पुरस्कार प्राप्त करने के बाद उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने कहा, यह पुरस्कार न केवल मेरे लिए बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व की बात है। यह सफलता टीम बिलासपुर के अथक प्रयासों और जिले के नागरिकों के सहयोग का परिणाम है।
** मांगो के निपटान के अधिकारियों को दिए निर्देश राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन-शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी का आज जिला किन्नौर के प्रवेश द्वार चौरा-गेट पर उपमण्डलाधिकारी निचार नारायण सिंह चौहान, निचार ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बीर सिंह तथा कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा पारम्परिक ढंग से स्वागत किया गया। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने निगुलसरी स्थित सरायं भवन में स्थानीय लोगों की जन-समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को सभी उचित मांगो का निपटान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान राजस्व मंत्री ने निगुलसरी में हुई आगजनी की घटना से प्रभावित दीपक चंद व ज्ञान चंद को 10-10 हजार रुपये की फौरी राहत प्रदान की तथा जिला प्रशासन की और से हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी का स्थानीय लोगों ने थाच गांव के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस सेवा आरंभ करने पर आभार व्यक्त किया। इसके उपरान्त राजस्व मंत्री ने 05 करोड़ रुपये की राशि से निर्मित होने वाले 03 किलोमीटर निगुलसरी वैकल्पिक मार्ग के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और उपस्थित लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए ताकि समयबद्ध सीमा में कार्य को पूर्ण किया जा सके और जनजातीय जिला किन्नौर के लोगों को राहत प्रदान की जा सके। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकरी किन्नौर डॉ. सोनम नेगी सहित अन्य अधिकारी एवं कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता उपस्थित थे।
** विपक्ष को कोसने के बजाय अपने 2 साल की उपलब्धि बताएं मुख्यमंत्री ** 2 साल में 30 हजार करोड़ का लोन लेने वाले दे रहे हैं वित्तीय कुप्रबंधन पर ज्ञान शिमला से जारी बयान में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से कहा है कि उनकी सरकार बने 2 साल का समय पूरा हो गया है और उन्होंने प्रदेश में विकास के नाम पर अब तक 30 हजार करोड़ से ज्यादा रुपए का लोन भी ले लिया है। इसलिए वह विपक्ष को कोसने का काम बंद करें और बताएं कि इन दो सालों के दरमियान उन्होंने क्या-क्या काम किए हैं? साथ ही मुख्यमंत्री यह भी प्रदेश के लोगों से स्पष्ट कर दें कि 2017 में उनके अध्यक्ष रहते जब कांग्रेस पार्टी सत्ता से बेदखल हुई थी तो उनकी पार्टी की सरकार ने हमें विरासत के रूप में भी पैसे का कर्ज और देनदारी नहीं सौंपी थी साथ ही ' नो ड्यूज' वाले कागज भी दिखा दें। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री अपने दिल पर हाथ रख कर बोले कि क्या उनकी पार्टी द्वारा विधानसभा में दी गई एक भी गारंटी ईमानदारी से पूरी हो पाई है? क्या आज जो सरकार कर रही है, चुनाव के पहले कांग्रेस ने इसी प्रकार के गवर्नेंस का वादा किया था? जिन बड़े-बड़े मंचों से मुख्यमंत्री दुनिया भर का झूठ परोस रहे हैं उनकी बहुत प्रतिष्ठा रही है, वह मंच हिमाचल की तकदीर सजाने संवारने और हिमाचल को उत्कृष्ट बनाने के दिशा में कदम बढ़ाने के लिए जाना जाता है, लेकिन मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश पूर्ण राजत्व दिवस के अवसर और मंच को भी अपने झूठ बोलने का स्थान बना दिया। क्या प्रदेश के लोगों ने सिर्फ विपक्ष को कोसने के लिए कांग्रेस को इतना बड़ा जनादेश दिया था? जयराम ठाकुर ने कहा कि पिछली सरकार ने लोगों को सुविधाएं दी थी। बिना किसी गारंटी के हमारी सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन की आयु सीमा घटाकर 80 से 60 वर्ष की। जिसके कारण प्रदेश की 2 लाख 75 और महिलाओं को वृद्धा पेंशन मिली। इसके साथ ही पेंशन की राशि में भी 2 गुना तक बढ़ोतरी की और आय की सीमा भी खत्म की। हमारे पूर्व की सरकार का सामाजिक सुरक्षा बजट 436 करोड रुपए उसे बढ़ाकर हमारी सरकार ने 1300 करोड रुपए किया। 70 वर्ष या उससे अधिक आयु की लोगों के लिए वृद्धा पेंशन को ₹700 से बढ़ाकर 1700 रुपए किया। विधवा और दिव्यांगजनों की पेंशन की राशि ₹700 से बढ़कर 1150 रुपए प्रतिमाह की। 70% से अधिक दिव्यांग जनों की पेंशन 1250 रुपए से बढ़कर 1750 रुपए की। लाखों लोगों को गरिमा पूर्ण जीवन देने के लिए हमारी सरकार ने यह कदम उठाए। एक सरकार के रूप में हमने यह कोई एहसान नहीं किया यह हमारा फर्ज था जो हमने अपने प्रदेश के लोगों के लिए किया। प्रदेश के लोगों को बिजली का बिल न देना पड़े इसके लिए हमने 125 यूनिट फ्री बिजली का प्रावधान रखा। इससे लोग कम बिजली खर्च करने को प्रेरित हुए। जिससे बची हुई बिजली सरकार महंगे दामों पर बेचे। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी का बिल जो बहुत कम होता था उसे माफ किया, महिलाओं के लिए बसों के किराए में पचास प्रतिशत की छूट दी। यह कदम महिलाओं की सशक्तिकरण के लिए उठाया गया था शायद मुख्यमंत्री और उनकी टीम इस छूट में निहित सरकार की मंशा को भले न समझे लेकिन इसका लाभ प्रदेश को हुआ। भारतीय जनता पार्टी ने इनमें से किसी भी काम के लिए प्रदेश के लोगों की कोई गारंटी नहीं दी थी। सरकार का काम जनहित है उसके लिए सरकार को सदैव प्रयास करना चाहिए और एक मुख्यमंत्री के रूप में मैंने यह प्रयास किए। कोरोना जैसी आपदा के बाद भी एक भी कर्मचारी के एक दिन का वेतन हमारी सरकार ने नहीं काटा। हमारी सरकार ‘सबका साथ–सबका विकास’ के ध्येय के साथ काम किया। सहारा, शगुन, ग्रहणी सुविधा, हिम केयर जैसी न जाने कितनी योजनाएं दी जिसकी मदद से गरीब आदमी गरिमा पूर्ण जीवन जी सके। वर्तमान सरकार ने ज्यादातर योजनाओं को या तो बंद कर दिया है या उनका बजट रोक दिया है और वह योजनाएं तथा स्वतः मृतप्राय हो गई हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन वाली सुक्खू के हाल आज क्या है वह किसी से छुपा नहीं है। जिस सरकार को यज्ञ प्रदेश का नुकसान करने वाली सरकार बता रहे हैं उसी सरकार ने प्रदेश के लोगों को ₹5 लाख तक का नि:शुल्क इलाज हर सरकारी प्राइवेट अस्पताल में करवाया। आज कहते हुए शर्म आ रही है कि पचास हजार के एक इंजेक्शन के लिए एक परिवार अनाथ हो गया। मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र अपनी इंटर्नशिप के स्टाइपेंड के लिए सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं और प्रदेश के डॉक्टर अपने एनपीए की मांग को लेकर काले बिल्ले पहनकर इलाज कर रहे हैं। नंबरदार से लेकर ठेकेदार तक अपने वेतन और बिलों के भुगतान की फरियाद कर रहे हैं। 2 साल में सरकार द्वारा अपने नाम से सुखाश्रय योजना शुरू की गई योजना में बाकी खर्चों से ज्यादा ब्रांडिंग पर खर्च हुआ लेकिन हकीकत यह है इस योजना के तहत पढ़ने वाले बच्चों की फीस भी सरकार समय से नहीं जमा कर रही है। इस प्रकार की नाकामी के एक नहीं लाखों उदाहरण हैं। सुख की सरकार में सरकारी अस्पताल में इलाज नहीं होगा और प्राइवेट अस्पताल में हिम केयर का पैसा नहीं मिलेगा। आए दिन लोग मुझे मिलते हैं जो इलाज के अभाव में या तो अपने घरों में बैठे हैं या जमीन गिरवी रखकर कर्ज लेकर इलाज करवा रहे हैं। मुख्यमंत्री से मेरा आग्रह है कि वह एक बार जमीनी हकीकत का भी अंदाजा लगा लें सिर्फ झूठ बोलने से अगर सरकार चल जाती तो उसके लिए काम करने की आवश्यकता क्या होती? आपके झूठ और विपक्ष पर आरोप लगाने के भाषण अब प्रदेश के लोग चटखारे लेकर सुनते हैं और आप पर हंसते हैं। 2 साल विपक्ष को कोसकर आपने निकाल दिए अब आगे ऐसा नहीं हो पाएगा। इसलिए धरातल पर काम करिए और झूठ बोलना बंद करिए। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने समस्त प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज का दिन हमारे देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, जब हम अपने संविधान को अपनाते हैं और अपने देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाने का संकल्प लेते हैं। हम सभी इस अवसर पर अपने देश के लिए श्रद्धा और समर्पण से कार्य करें, और अपने राष्ट्र तथा राज्य के विकास और समृद्धि के लिए काम करने का संकल्प लें।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कांगड़ा जिला के अपने शीतकालीन प्रवास के अंतिम दिन तथा पूर्ण राज्यत्व दिवस समारोह के बाद बैजनाथ के लिए 70.26 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के शिलान्यास व उद्घाटन किए। उन्होंने बैजनाथ-पपरोला के लिए 44 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजना का शिलान्यास किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने बीड़ में 9.23 करोड़ रुपये की लागत से 33/11 केवी विद्युत सब-स्टेशन तथा कुमारदा से माधोनगर नैन भनखेड़ तक 2.91 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण परियोजना का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने बीड़ में विश्व प्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग स्थल पर नौ करोड़ रुपये की लागत से पैराग्लाइडिंग प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन किया तथा क्योरी (बीड़) के निकट दो पार्किंग सुविधाएं तथा 5.12 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पैराग्लाइडिंग लैंडिंग स्थल को जनता को समर्पित किया। बैजनाथ के विधायक किशोरी लाल ने इन परियोजनाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजनाएं बिना किसी पूर्व अनुरोध के बनाई गई हैं, जो क्षेत्र के कल्याण के लिए मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि बैजनाथ में पूर्ण राज्यत्व दिवस समारोह का आयोजन करना उनके निर्वाचन क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण है।
जिला कांगड़ा में साहित्य, कला, संस्कृति एवं विचार की पत्रिका ‘धौलाधार सुमन' का अनावरण प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्दर सिंह सुक्खू के कर कमलों द्वारा संपन्न हुआ। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने बताया कि इस पत्रिका में जिला कांगड़ा के अनुभवी एवं नवोदित लेखको- कवियों की साहित्यिक रचनाओं को प्रकाशित किया गया है। उन्होंने पत्रिका के अनावरण के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने मुख्यमंत्री आश्वस्त करते हुए कहा कि जिला कांगडा की विरासत, साहित्य और कला के प्रति सवेदनशील रवैया रखते हुए इसके सवर्द्धन के प्रति ठोस कदम उठाए जाएंगे। इस अवसर पर पत्रिका के मुख्य संपादक जिलाधीश कांगडा हेमराज बैरवा, एस.पी कांगड़ा शालिनी अग्निहोत्री, पत्रिका के उप संपादक जिला भाषा अधिकारी अमित गुलेरिया, सहायक आयुक्त सुभाष गौतम व राघव गुलेरिया उपस्थित रहे।
बिलासपुर/सुनील: जिला मुख्यालय स्थित स्नातकोत्तर महाविद्यालय बिलासपुर में आज 15वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में एडीसी बिलासपुर निधि पटेल ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और उपस्थित नागरिकों को मतदान के महत्व के प्रति जागरूक किया। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि यह दिवस हर भारतीय नागरिक को लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर उपस्थित सभी को चुनावों में सक्रिय भागीदारी निभाने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में लोकसभा चुनाव 2024 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वालों में स्वीप नोडल अधिकारी हेमंत नेगी, रतन चंद निर्झर, प्रोफेसर मनोहर लाल शर्मा, टीजीटी नवदीप, लेक्चरर आईपी अश्विनी कुमार, टीजीटी रवि कुमार और सीनियर असिस्टेंट मनीष कुंडी शामिल थे। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन को और खास बना दिया। डीएवी स्कूल, डिग्री कॉलेज और गर्ल्स स्कूल के छात्रों ने नृत्य, नाटिका और गीतों के माध्यम से मतदान के महत्व को रेखांकित किया। तहसीलदार चुनाव विजय कुमार ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए मतदाता दिवस के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में आरटीओ राजेश कुमार कौशल, नायब तहसीलदार विजय, और विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
** राज्यपाल ने दवाओं के सेंपल फेल होने पर की सरकार से सख्त कार्रवाई करने की बात कही राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर शिमला के गेयटी थियेटर में समारोह का आयोजन किया गया। इसमें हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने बताैर मुख्य अतिथि शिरकत की। भांग की खेती को कैबिनेट से मिली सैद्धांतिक मंजूरी को लेकर राज्यपाल ने कहा कि एक समय पर हिमाचल प्रदेश को मलाणा को लेकर गर्व था विदेशों तक इसकी चमक थी लेकिन आज इस चमक के नशे के कारण नौनिहालों को खोना पड़ रहा हैं। ऐसे में भांग का केवल औषधीय उपयोग हो इस बात पर सरकार को ध्यान देने की जरूरत है। हिमाचल में दवाओं के सेंपल लगातार फैल हो रहे हैं जो कि चिंता का विषय है। सरकार को इस पर सख्त कार्रवाई कर दोषियों को दंडित करना चाहिए।
शिमला: प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए महंगाई भत्ते (DA) और एरियर का इंतजार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्ण राज्यत्व दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से बड़ी घोषणा की उम्मीद लगाए बैठे लाखों कर्मचारी और पेंशनर एक बार फिर मायूस हो गए।सरकार की ओर से इस मौके पर कई विकास कार्यों की घोषणाएं की गईं, लेकिन DA-एरियर पर कोई स्पष्ट ऐलान नहीं हुआ। इससे कर्मचारियों और पेंशनरों में निराशा बढ़ गई है। दरअसल, कर्मचारी और पेंशनर लंबे समय से बकाया DA और एरियर की मांग कर रहे हैं। महंगाई के इस दौर में DA का भुगतान उनकी सबसे बड़ी जरूरत बन गया है। सरकार ने इस मुद्दे पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने वित्तीय स्थिति का हवाला देते हुए कहा था कि सरकार पहले से ही आर्थिक दबाव का सामना कर रही है। हालांकि, उन्होंने कर्मचारियों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया था। उधर, कर्मचारियों और पेंशनरों ने सरकार की खामोशी पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि हर साल घोषणाओं का दौर चलता है, लेकिन उनकी जायज मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है। अब ऐसे में DA-एरियर पर सरकार का कोई ठोस फैसला कब आएगा, यह तो वक्त ही बताएगा। अब कर्मचारी और पेंशनर्स गणतंत्र दिवस के दिन का इंतजार कर रहे है और उम्मीद लगाए बैठे है कि शायद कल सुक्खू सरकार कोई बड़ी घोषणा कर देंगे।
हिमाचल प्रदेश के सोलन शहर में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। पुलिस ने सिरमौर के पच्छाद उपमंडल के वासनी से बगैर सिर का अधजला शव बरामद किया है। साथ ही कई किलोमीटर दूर सोलन जिला में सिर बरामद किया है। सूत्रों के मुताबिक सोलन पुलिस ने जघन्य अपराध (Heinous Crime) की मिस्ट्री को बेपर्दा कर लिया है।प्रारंभिक जांच में पता चला है कि अज्ञात व्यक्ति को मौत के घाट उतारने के बाद उसके शव को दो हिस्सों में अलग-अलग जगह नष्ट करने का प्रयास किया गया। शुरुआती जांच में ये भी पता चल रहा है कि देऊंघाट इलाके में तीन व्यक्ति शिकार करने के चक्कर में जंगल की तरफ गए थे, लेकिन एक लापता हो गया था। इसी दौरान व्यक्ति की गोली मारकर हत्या (Murder) कर दी गई। आशंका जताई जा रही है कि मरने वाला व्यक्ति वही हो सकता है, जिसकी पुलिस ने गुमशुदगी में रिपोर्ट (Missing Report) दर्ज की थी।अब तक की जांच में पता चला है कि आरोपियों द्वारा लाश से गर्दन को अलग कर दिया गया और उन्हें अलग-अलग जगहों पर दफना दिया गया। सिरमौर के पच्छाद उपमंडल के वासनी के नजदीक भी धड़ को जलाने का प्रयास किया गया। आरोपी धड़ से अलग की गई गर्दन को वाहन में लेकर वापस सोलन जिला में दाखिल हुए। इसके बाद इसे जलाने की कोशिश हुई। पता चला है कि पुलिस गुमशुदा व्यक्ति की तलाश कर रही थी। इसी दौरान बड़ोग के आसपास इस बात का सुराग मिला कि लापता व्यक्ति किसके साथ दो व्यक्ति थे। इसके बाद संदिग्धों को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई, जिससे एक खौफनाक हत्या की गुत्थी सुलझ गई। अब आरोपियों की निशानदेही पर शव के हिस्सों को बरामद कर लिया गया है। जानकारी के मुताबिक लापता व्यक्ति संगटी गांव में अपनी बहन के घर आया हुआ था, जहां से वह अपने साथियों के साथ शिकार करने के लिए निकला था। पुलिस ने घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम को बुलाया है और जांच जारी है। एक अन्य जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने स्वीकार किया है कि मृतक वही व्यक्ति था जो लापता चल रहा था। हालांकि, पुलिस अपने स्तर पर भी इस तथ्य की गहन जांच और क्रॉस-चेक कर रही है। इसके बाद ही पुलिस मृतक समेत आरोपियों की पहचान को उजागर करेगी। एसपी गौरव सिंह ने केवल इतनी पुष्टि की है कि हत्या की वारदात में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। इसको लेकर जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि कुछ संदिग्धों से भी पूछताछ जारी है और जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। एसपी ने कहा कि जल्द ही पूरी जानकारी साझा की जाएगी।
उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए पात्र नागरिक मतदाताओं का पंजीकरण अत्यन्त आवश्यक है। मनमोहन शर्मा आज यहां 15वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर आयोजित ज़िला स्तरीय कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे। मनमोहन शर्मा ने ज़िला वासियों को पूर्ण राज्यत्व दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 25 जनवरी प्रदेश के लिए बेहद गौरवमयी दिन है। एक ओर जहां 25 जनवरी, 1971 के दिन प्रदेश को पूर्ण राज्यत्व का दर्जा हासिल हुआ वहीं दूसरी ओर मज़बूत लोकतंत्र की पहचान के लिए राष्ट्रीय मतदाता दिवस भी 25 जनवरी को ही आयोजित किया जाता है। उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र में इस दिवस को मतदाता दिवस के रूप में मनाने का उदे्दश्य युवा मतदाताओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना व मज़बूत लोकतंत्र के लिए शत-प्रतिशत मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करना है। किसी भी देश के लिए लोकतांत्रिक व्यवस्था से अच्छी कोई दूसरी व्यवस्था नहीं है, इसलिए इसे मज़बूत करना हम सभी का नैतिक कर्तव्य है। उपायुक्त ने कहा कि यह दिवस भारतीय निर्वाचन आयोग का स्थापना दिवस भी है। निर्वाचन आयोग द्वारा 25 जनवरी, 2011 में पहली बार मतदाता दिवस मनाया गया था। लोकतांत्रिक परम्पराओं एवं व्यवस्थाओं को बनाए रखने तथा उन्हें सुदृढ़ आधार प्रदान करने के दृष्टिगत भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 और 329 में स्वतंत्र निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन करवाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग का गठन किया गया है। निर्वाचन आयोग के नियंत्रण में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्य सभा के अतिरिक्त लोकसभा व विधानसभा के चुनाव, मतदाता सूची की तैयार करना, फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र जारी करना जैसे कार्य किए जाते हें। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवा वर्ग का योगदान भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जो युवा 18 वर्ष के हो चुके हैं को आगे आकर सबसे पहले अपना मतदाता पहचान पत्र बनाना चाहिए। युवा पीढ़ी देश का भविष्य होती है और युवाओं की जागरूकता देश, प्रदेश एवं समाज के लिए प्रहरी का कार्य करती है। युवा मतदाताओं को अपने मताधिकार को प्रयोग पूरी सूझ-बूझ के साथ करना चाहिए। उपायुक्त ने इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित मतदाताओं एवं अन्य को सभी निर्वाचनों में अपने मताधिकार का प्रयोग करने की शपथ भी दिलवाई। कार्यक्रम के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त के संदेश का प्रसारण भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि द्वारा नव पंजीकृत मतदाताओं को मतदान पहचान पत्र तथा नगर निगम सोलन के क्षेत्र में पड़ने वाले मतदान केंद्रों के बूथ स्तर अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। इस वर्ष राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर ‘वोट जैसा कुछ नहीं, वोट ज़रूर डालेंगे हम’ विषय के अनुरूप सारगर्भित कार्यक्रम आयोजित किया गया। इससे पूर्व तहसीलदार निर्वाचन उषा चौहान ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया तथा कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि वोटर हेल्पलाइन एप के माध्यम से भी मतदाता अपना मतदान पहचान पत्र बना सकते हैं। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त सोलन राहुल जैन, उपमण्डलाधिकारी सोलन डॉ. पूनम बंसल, बूथ स्तर के अधिकारी व पर्यवेक्षक, नव पंजीकृत मतदाता सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।
कुल्लू जिले की विशेष अदालत ने एक आरोपी को 110 किलोग्राम चरस तस्करी के मामले में दोषी ठहराते हुए पंद्रह साल की सजा सुनाई है। आरोपी चुवेश्वर को एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी पाया गया और उसे एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माना नहीं भरने पर उसे एक और साल की सजा भुगतनी होगी। ये मामला 13 जनवरी 2021 का है, जब पुलिस को सूचना मिली कि घरटगड़, बंजार में चरस का एक बड़ा खेप पहुंचाया जा रहा है। पुलिस ने नाका लगाकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें से एक आरोपी चुवेश्वर को पकड़ा गया, जबकि दो अन्य आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। पुलिस ने मौके से चरस के 110.90 किलोग्राम बोरे बरामद किए। इस मामले में एक अन्य आरोपी लोट राम को भी गिरफ्तार किया गया था।
** प्रदेश के दो विश्वविद्यालय करेंगे भांग की खेती पर रिसर्च हिमाचल प्रदेश में भविष्य में भांग की खेती को कैबिनेट ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। अब इस पर पूरी तरह से अध्ययन किया जाएगा कि कैसे यह खेती की जाएगी। प्रदेश के दो विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ इस पर रिपोर्ट तैयार करेंगे, और उसी के आधार पर सरकार आगे कदम बढ़ाएगी। पहले इसे राज्य कर एवं आबकारी विभाग द्वारा अध्ययन किया जा रहा था, लेकिन अब कृषि विभाग को इसे लागू करने के लिए नोडल डिपार्टमेंट बना दिया गया है।इससे पहले, विधानसभा के मानसून सत्र में भांग की खेती से संबंधित सिफारिशें विधानसभा कमेटी ने दी थीं। अब, डा.वाईएस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी और चौधरी सरवन कुमार कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के विशेषज्ञों को भांग की खेती पर पायलट अध्ययन करने का जिम्मा सौंपा गया है। इस अध्ययन की सिफारिशों पर कृषि विभाग भांग की खेती को आगे बढ़ाएगा। राज्य सरकार ने राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में एक समिति बनाई थी, जिसने इसके प्रारूप को तैयार किया और दूसरे राज्यों में अध्ययन किया। समिति की सिफारिशों के आधार पर, एनडीपीएस अधिनियम 1985 में संशोधन किया जाएगा ताकि औषधीय और औद्योगिक उद्देश्यों के लिए भांग की खेती को नियंत्रित वातावरण में वैध किया जा सके।सरकार का दावा है कि भांग की खेती से प्रदेश की आय में वृद्धि हो सकती है। इसके अलावा, मंत्रिमंडल ने राज्य कर एवं आबकारी विभाग के क्षेत्रीय कार्यालयों को 100 मोटरसाइकिलें प्रदान करने की मंजूरी दी है ताकि प्रवर्तन और औचक निरीक्षण सुनिश्चित किया जा सके।साथ ही, कुल्लू बस स्टैंड और पीज पैराग्लाइडिंग प्वाइंट के बीच रोप-वे स्थापित करने की मंजूरी भी दी गई है, जिससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
** ये स्कूल दो से सात किलोमीटर की दूरी वाले नजदीकी स्कूलों में मर्ज किए जाएंगे **प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेज दिया हिमाचल प्रदेश में 10 से कम विद्यार्थियों वाले 316 मिडल स्कूलों को मर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन स्कूलों में कुल 2,116 विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए 813 शिक्षक तैनात हैं। ये स्कूल नजदीकी, 2 से 7 किलोमीटर दूर स्थित अन्य स्कूलों में मर्ज किए जाएंगे। कई मिडल स्कूलों में तीन से पांच शिक्षक और तीन-तीन गैर-शिक्षक सेवाएं दे रहे हैं। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने इस प्रस्ताव को तैयार कर सरकार को भेज दिया है। पिछले वर्ष सरकार ने पांच विद्यार्थियों वाले मिडल स्कूलों को 2-3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित स्कूलों में मर्ज किया था। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, नए शैक्षणिक सत्र से पहले इस बारे में निर्णय लिया जाएगा। निदेशालय द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में मर्ज किए जाने वाले स्कूलों की नजदीकी दूरी और इससे जुड़ी समस्याओं का विस्तृत विवरण दिया गया है। शिमला जिले में कम विद्यार्थियों वाले सबसे अधिक मिडल स्कूल हैं, जहां 97 स्कूल हैं। इसके बाद कांगड़ा में 51 स्कूल हैं। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि सरकार के आदेश के अनुसार अंतिम निर्णय लिया जाएगा। लाहौल-स्पीति के केलांग क्षेत्र में एक स्कूल में तीन शिक्षक केवल एक बच्चे को पढ़ा रहे हैं। इसी तरह, उदयपुर, काजा, चंबा, बिलासपुर और कांगड़ा के कुछ स्कूलों में भी कम संख्या में विद्यार्थियों के लिए अधिक संख्या में शिक्षक नियुक्त हैं।
हिमाचल प्रदेश की पर्यटन नगरी मनाली में एक निजी घर में आग लगने से 50 वर्षीय व्यक्ति की जिंदा जलकर मौत हो गई। मृतक की पहचान ईश्वर दास (50) पुत्र जयचंद के रूप में हुई है। घटना शुक्रवार रात की है, लेकिन स्थानीय लोगों को इसका पता सुबह चला। इसके बाद सूचना पुलिस और अग्निशमन विभाग को दी गई।मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, जबकि अग्निशमन विभाग की टीम के आने से पहले स्थानीय लोगों ने आग पर काबू पा लिया था। बताया जा रहा है कि हादसे के समय मृतक घर में अकेला था। तहसीलदार मनाली अनिल राणा ने बताया कि इस हादसे में एक व्यक्ति की जान गई और आग से घर के कमरे को करीब दो लाख का नुकसान हुआ हैं और उन्होंने कहा कि शायद हीटर के चालू रहने की वजह से कमरे में आग लग गई। डीएसपी मनाली केडी शर्मा ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
हिमाचल प्रदेश के पूर्ण राज्यत्व दिवस का राज्य स्तरीय समारोह शुक्रवार को बैजनाथ में आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और मार्च पास्ट की सलामी ली। इस परेड में राज्य पुलिस, जिला पुलिस, आईआरबी सकोह, ट्रैफिक पुलिस, एसएसबी सपड़ी, एनसीसी और भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की टुकड़ियां शामिल हुईं। इसके बाद सीएम ने जनता को संबोधित करते हुए कई अहम घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने बैजनाथ में ऐलान किया कि सरकारी क्षेत्र में आने वाले समय में 25 हजार पद भरे जाएंगे। युवाओं को रोजगार से जोडऩा सरकार की प्राथमिकता है और इसी को ध्येय मान सरकार आगे बढ़ रही है। सीएम ने बताया कि अप्रैल से बीपीएल पात्रों के चयन के लिए सर्वे होगा और सत्यापन एसडीएम की जिम्मेदारी होगी। इसके साथ ही, आईजीएमसी शिमला में दो महीने में पेट स्कैन मशीन लगाई जाएगी। धर्मशाला में एक बड़ा कन्वेंशन सेंटर बनेगा और कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार पर 3500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। शिमला में 1600 करोड़ की लागत से दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रोपवे बनेगा।सीएम ने बैजनाथ में विकास कार्यों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, जैसे चढ़ियार को तहसील बनाना, पपरोला-बैजनाथ के लिए पुल निर्माण, लोक निर्माण का नया मंडल खोलना, डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना और महल पट्टी में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल बनाना। वहीं, सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए महंगाई भत्ते की घोषणा न होने पर उन्हें निराशा हुई। इस अवसर पर मंत्री विक्रमादित्य सिंह, आयुष मंत्री यादवेंद्र गोमा, पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और अन्य मंत्री भी कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने बैजनाथ में 70.26 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास और उद्घाटन किया, जिनमें एशिया का पहला पैराग्लाइडिंग स्कूल, पार्किंग सुविधाएं, विद्युत सब स्टेशन और नई सड़कें शामिल हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह 27 जनवरी को मध्य प्रदेश के महू जाएंगे। महू से कांग्रेस संविधान बचाओ अभियान की शुरुआत करेगी। इस कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, नेता विपक्ष राहुल गांधी और पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी भी शामिल होंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री सुक्खू 26 जनवरी को राजधानी शिमला में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेने के बाद मध्य प्रदेश के लिए रवाना होंगे। कांग्रेस 27 जनवरी को डॉ. भीमराव आंबेडकर की जन्मस्थली महू में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित कर रही है, जिसमें पार्टी संविधान को बचाने और जागरूकता फैलाने का आह्वान करेगी। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के डॉ. आंबेडकर पर दिए गए बयान के विरोध में कांग्रेस देशभर में संविधान बचाओ यात्रा शुरू कर रही है। महू में आयोजित इस कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यसमिति के सभी सदस्य, कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, वरिष्ठ नेता और सांसद शामिल होंगे। इस यात्रा के दौरान कांग्रेस नेता जनता के बीच जाकर संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के महत्व पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा, मुख्यमंत्री सुक्खू 1 से 3 फरवरी तक दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार में भी भाग लेंगे। कांग्रेस इस यात्रा और अभियान के माध्यम से अपने विचारधारा और संविधान की रक्षा के लिए जनता को जागरूक करने का प्रयास कर रही है
हिमाचल प्रदेश में निर्मित 38 दवाएं मानकों पर खरी नहीं उतरी हैं। इनमें मधुमेह, माइग्रेन, उच्च रक्तचाप, पेट की गैस, संक्रमण और विटामिन डी-3 जैसी बीमारियों के इलाज में उपयोग होने वाली दवाएं शामिल हैं। खासतौर पर माइग्रेन की एक दवा, जो केवल सरकारी अस्पतालों में वितरित की जाती है, के दो बैच फेल पाए गए हैं। यह जानकारी केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) और राज्य औषधि नियंत्रक द्वारा दिसंबर 2024 में किए गए परीक्षण के बाद सामने आई है। जांच में सामने आए चिंताजनक आंकड़े देशभर में 135 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, जिनमें हिमाचल में बनीं 38 दवाएं शामिल हैं। यह खुलासा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। दवाओं की सप्लाई पर रोक और कार्रवाई शुरू* राज्य दवा नियंत्रक मनीष कपूर ने बताया कि जिन दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, उन कंपनियों को नोटिस जारी कर स्टॉक वापस मंगवाया जा रहा है। साथ ही, दोषी कंपनियों के लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रमुख दवाएं जो मानकों पर खरी नहीं उतरीं: 1. डाइवैलप्रोएक्स (बायोडिल फार्मास्युटिकल, नालागढ़) 2. बीटाहिस्टाइन (सीएमजी बायोटेक, कांगड़ा) 3. ओकामैट (सिपला कंपनी, नालागढ़) 4. पेंटाप्राजोल (एडमैड फार्मा, बद्दी) 5. जिंक सल्फेट (ऑर्चिड मेडलाइफ, बद्दी) 6. अमोक्सीसिलिन (वेडएसपी फार्मास्युटिकल, झाड़माजरी) 7. सेफडॉक्साइन (नॉक्स फार्मास्युटिकल, बद्दी) 8. कैल्शियम कार्बोनेट (मेडोफार्मा कंपनी, बद्दी
सरकाघाट/डिंपल: राष्ट्रीय बालिका दिवस 2025 के अवसर पर बाल विकास परियोजना गोपालपुर, सरकाघाट द्वारा विभिन्न पर्यवेक्षक वृतों में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम ‘सुनहरे भविष्य के लिए बच्चियों का सशक्तीकरण’ पर आधारित थी। राष्ट्रीय बालिका दिवस का मुख्य उद्देश्य समाज में लड़कियों के प्रति व्याप्त भेदभाव को समाप्त करना और उन्हें समान अवसर प्रदान करना है। इस दिन का आयोजन लड़कियों की शिक्षा के महत्व को रेखांकित करने, कन्या भ्रूण हत्या को रोकने, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे अभियानों को प्रोत्साहित करने और महिलाओं को सशक्त तथा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम करने के लिए किया जाता है। यह दिन समाज में लड़कियों के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देता है। भारत में हर वर्ष 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 2008 में हुई थी। इस दिन को देश की पहली महिला प्रधानमंत्री, इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के अवसर से जोड़ा जाता है, जो 24 जनवरी 1966 को हुआ था। उनके नेतृत्व में एक बेटी ने देश के सर्वोच्च पद पर आसीन होने के कारण इस दिन को बेटियों के नाम समर्पित किया गया। इस अवसर पर विभिन्न पर्यवेक्षकों ने बालिका दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला और उपस्थित लोगों को जागरूक किया। उन्होंने बताया कि आजकल बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और अपने क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। हालांकि, बेटों की तुलना में बेटियों को अक्सर कम सम्मान मिलता है और उन्हें अवसरों की समानता नहीं मिल पाती। लेकिन इन विषम परिस्थितियों में भी, बेटियां हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं और अपना परचम लहरा रही हैं। राष्ट्रीय बालिका दिवस लड़कियों के सशक्तिकरण और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। यह हमें यह याद दिलाता है कि समाज में लैंगिक समानता सुनिश्चित करने और लड़कियों को समान अवसर देने के लिए हम सभी को मिलकर काम करना चाहिए। इसका उद्देश्य बालिकाओं को महत्व देने वाले एक सकारात्मक वातावरण के निर्माण में पूरे राष्ट्र को शामिल करना है। राष्ट्रीय बालिका दिवस, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, गणित, खेल, कला और सामाजिक सेवा में महिला सशक्तिकरण के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है, जो आगामी पीढ़ियों को एक विकसित भारत के लिए प्रेरित करता है। इस अवसर पर, बाल विकास परियोजना सरकाघाट के तहत विभिन्न पर्यवेक्षक वृतों के आंगनवाड़ी केंद्रों में पैदा हुई बालिकाओं को सम्मानित किया गया। उन्होंने राष्ट्रीय बालिका दिवस की बधाई दी और कहा कि सरकार ने बेटियों के विवाह की आयु 21 वर्ष निर्धारित की है, जिससे उनकी सुरक्षा और अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने लड़कियों के हितों और अधिकारों को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान लोक संगीत के माध्यम से "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" का संदेश भी दिया गया।
विद्युत उपमंडल कुनिहार के अंतर्गत आने वाले सभी उपभोक्ताओं को सूचित किया जाता है कि ईएसडी कुनिहार के अंतर्गत आने वाले कई उपभोक्ताओं ने लंबे समय से अपने बिजली के बिल जमा नहीं करवाए हैं, जिसके कारण उपमंडल पर भारी मात्रा में बकाया राशि जमा हो गई है। इन बकायादार उपभोक्ताओं को पहले भी नोटिस जारी किए जा चुके हैं, लेकिन अभी तक बकाया राशि जमा करवाने की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अतः जिन उपभोक्ताओं ने बकाया राशि जमा नहीं करवाई है, उनसे एक बार फिर अनुरोध है कि वे तीन दिन के भीतर अपने बिजली के बिल जमा करवाएं, अन्यथा बिना किसी नोटिस के तुरंत प्रभाव से उनके बिजली कनेक्शन काट दिए जाएंगे और इसके लिए उपभोक्ता स्वयं जिम्मेदार होंगे। यह जानकारी विद्युत उपमंडल कुनिहार के सहायक अभियंता इंजीनियर नीरज कतना ने साझा की है और इन उपभोक्ताओं से जल्द से जल्द बिल जमा करवाने को कहा है।
हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम सीमित थोक विक्री केन्द्र जौड़बड के अंतर्गत पड़ते 31 राशन के डिपो में जनवरी महीने में गेहूं का आटा नहीं आने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह समस्या पिछले कई दिनों से चल रही है व लोग जब दूर दराज से डिपो संचालक के पास पहुंचते हैं तो उन्हें जब आटा नहीं मिलता तो लोग काफी परेशान होते हैं और लोगों को अपने दैनिक उपयोग के लिए आटा खरीदने के लिए दुकानों पर जाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि राशन के डिपो में आटा नहीं आने से उन्हें बहुत परेशानी हो रही है व उन्हें अपने घर के लिए आटा खरीदने के लिए महंगी दुकानों पर जाना पड़ रहा है इस समस्या के बारे में जब थोक विक्री केन्द्र जौड़बड के अधिकारियों से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि आटा की आपूर्ति में देरी हो रही है, लेकिन जल्द ही आटा की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही आटा की आपूर्ति शुरू हो जाएगी और उन्हें अपने घर के लिए आटा खरीदने में परेशानी नहीं होगी। उधर इस संबंध में खाद्य आपूर्ति विभाग के लवनीत डोगरा से बात की गई तो उन्होंने बताया कुछ राशन डिपो में आटे की आपूर्ति की गई है और दूसरे राशन डिपो में भी आटे की सप्लाई जल्द ही भेजी जाएगी । वहीं जिला खाद्य नियंत्रक पुरूषोतम ने कहा कि जल्द ही डिपुओं में आटे की सप्लाई भेज दी जायेगी ।
विनायक ठाकुर/देहरा: केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश ने अपने 15वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में समाज शास्त्र एवं सामाजिक निर्विज्ञान विभाग द्वारा एक प्रेरणादायक गेस्ट लेक्चर का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों को न्याय और कानूनी प्रणाली के महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत कराना था। कार्यक्रम का आरंभ एसोसिएट प्रोफेसर विश्व ज्योति द्वारा स्वागत भाषण के साथ हुआ। उन्होंने मुख्य अतिथि, एडवोकेट अभिषेक, और उनके सहयोगी, एडवोकेट सुनील, का परिचय देते हुए उनकी उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। डॉ. विश्व ज्योति ने स्थापना दिवस के महत्व पर भी संक्षिप्त चर्चा की और इस आयोजन को ज्ञानवर्धन का एक सुनहरा अवसर बताया। एडवोकेट अभिषेक पाधा ने अपने व्याख्यान में भारतीय न्याय प्रणाली के ऐतिहासिक और आधुनिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने महारानी अहिल्याबाई होल्कर की प्रेरणादायक कहानी का उल्लेख करते हुए यह स्पष्ट किया कि कानून का उद्देश्य निष्पक्षता और न्याय की स्थापना करना है। उन्होंने मुगल युग का संदर्भ देते हुए बताया कि उस समय कोई संहिताबद्ध कानून नहीं थे और न्यायप्रणाली लोक परंपराओं पर आधारित थी। इस संदर्भ में अकबर और बीरबल की न्यायप्रणाली का उदाहरण देकर उन्होंने ऐतिहासिक दृष्टिकोण को रोचक बनाया।आधुनिक न्याय प्रणाली की संरचना पर चर्चा करते हुए एडवोकेट अभिषेक ने बताया कि वर्तमान में कानून समाज में संतुलन और संबंध बनाए रखने के लिए संहिताबद्ध रूप में मौजूद हैं। उन्होंने निर्भया कांड और अन्य प्रासंगिक मामलों का उल्लेख करते हुए न्याय प्रणाली के महत्व पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने समकालीन न्यायिक चुनौतियों पर भी चर्चा की और न्यायालयों की कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाने के लिए सुझाव प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें विभागाध्यक्ष अनिल कुमार ने एडवोकेट अभिषेक और एडवोकेट सुनील जी को उनके विचारोत्तेजक व्याख्यान के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने इस गेस्ट लेक्चर को छात्रों और संकाय सदस्यों के लिए अत्यंत लाभकारी बताया। इस अवसर पर विभाग के सभी संकाय सदस्य और छात्र उपस्थित रहे। गेस्ट लेक्चर के आयोजन में विभाग की सक्रिय भागीदारी और छात्रों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति ने इसे एक सफल और प्रेरक आयोजन बना दिया।
भाजपा परागपुर मंडल ने पूर्व मंत्री बिक्रम ठाकुर पर बयान देने वाले देहरा से संबंधित कांग्रेसी को छुटभैया कहा है। भाजपा परागपुर मंडल के अध्यक्ष विनोद शर्मा और जसवां-परागपुर मंडल के पूर्व महामंत्री सुदर्शन सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कहा कि क्या कांग्रेस के पास नेता खत्म हो गए हैं जो अब छुटभैया का सहारा लेकर राजनीति आगे बढ़ा रही है। खुद को कांग्रेस नेता बताने वाला उक्त व्यक्ति कुछ कहने से पहले सोचे कि वह किसके खिलाफ बोल रहा है। उन्होंने नसीहत दी कि कांग्रेस नेता खलड़ी में रहकर बयानबाजी करें। बिक्रम ठाकुर भाजपा के वरिष्ठ नेता होने के साथ ही पांच बार विधायक और मंत्री रहे हैं। आसपास के कई हलकों में बिक्रम के कद का कोई नेता नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होते ही न जाने किसी लालच में उक्त व्यक्ति कांग्रेस के साथ चल पड़ा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को भी इतना ध्यान रखना चाहिए कि उनकी पार्टी का नाम लेकर कोई किसी भी तरह की बयानबाजी कैसे कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता पहले ही कांग्रेस के झूठे वादों से त्रस्त हो चुकी है। अब इन मामलों से ध्यान भटकाने के लिए कांग्रेस किसी को भी अपना नेता बताकर उनसे कुछ भी बुलाए जा रही है।
**विश्वविद्यालय के कुलपति सत प्रकाश बंसल ने की कार्यक्रम की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश केन्द्रीय विश्वविद्यालय अपने 15 वें स्थापना दिवस के अवसर पर 20 जनवरी से 26 जनवरी 2025 तक “स्थापना सप्ताह” के अन्तर्गत विभिन्न कार्यक्रमों आयोजन कर रहा है। स्थापना सप्ताह के अवसर पर 24 जनवरी को विश्वविद्यालय के सप्त सिंधु परिसर देहरा में 'विकसित भारत में उच्च शिक्षा का योगदान' विषय पर इंटरैक्टिव सेशन का आयोजन किया गया । विश्वविद्यालय के कुलपति सत प्रकाश बंसल ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की तथा हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शशि धीमान मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे । इस कार्यक्रम का आरंभ सभी गणमान्य अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन कर के हुआ । कार्यक्रम संयोजक प्रो. संजीत सिंह ठाकुर ने मुख्यातिथि एवं कार्यक्रम अध्यक्ष का स्वागत किया तथा उन्हें अंग वस्त्र भेंट कर कार्यक्रम में शामिल किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्त शशि कुमार धीमान ने विकसित भारत के लिए उच्च शिक्षा के योगदान विषय पर अपना उद्बोधन दिया तथा केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के माननीय कुलपति महोदय ने उपस्थित सभी श्रोताओं को विश्वविद्यालय की उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी तथा भविष्य की योजनाओं के बारे में अवगत करवाया तथा साथ ही कुलपति ने विश्वविद्यालय की उन्नति के लिए सभी से एक साथ मिलकर चलने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अन्त में सप्त सिन्धु परिसर देहरा के निदेशक नारायण सिंह राव जी ने सभी अतिथियों, संकाय सदस्यों तथा प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस इंटरैक्टिव शेशन के संयोजक प्रो. संजीत सिंह ठाकुर, अधिष्ठाता समाज विज्ञान स्कूल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस इंटरैक्टिव सेशन का आयोजन विश्वविद्यालय के स्थापना समारोह कार्यक्रम के अंतर्गत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत प्रकाश बंसल के मार्गदर्शन में किया गया। इस इंटरेक्टिव सेशन में केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के कुल सचिव प्रो. सुमन शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे । इसके अलावा इस दौरान सिन्धु परिसर देहरा के निदेशक नारायण सिंह राव, सभी अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य तथा लगभग 150 शोधार्थी तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे।
जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र के युथ ने कांग्रेस का दामन थामा। गुरुवार को 10 युवाओं ने प्रदेश सचिव युवा कांग्रेस अतिंदर पाल सिंह सिंटू राणा की अगुवाई में डाडा सीबा में कामगार कर्माचारी कल्याण बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष ठाकुर सुरेन्द्र सिंह मनकोटिया की उपस्थिति में कांग्रेस पार्टी का दामन थामा। इस मौके पर सुरेंद्र सिंह मनकोटिया ने उन सभी युवाओं का कांग्रेस ज्वाइन करने पर स्वागत किया। उन्होंने बताया कि इन लोगों ने कांग्रेस की नीतियों के तहत आज कांग्रेस पार्टी को ज्वाइन किया है। युवाओं में अमन शर्मा गांव काहरू, गौरव शर्मा, राहुल भारद्वाज, नरेश कुमार, राहुल राणा ,बलदेव कुमार व अन्य लोगों ने भाजपा का दामन छोड़ कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए है।
सांसद खेल महाकुंभ 3.0 के तीसरे दिन मैचों का शुभारंभ दोदू राजपूता पंचायत के प्रधान मुकेश कुमार और उप प्रधान विनोद के द्वारा किया गया। पहले मैच में कोटला और सदवा टीमों के बीच मुकाबला खेला गया। युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष रमन शर्मा ने मुख्य अतिथियों का सम्मान किया और उन्हें खेल महाकुंभ की टीशर्ट प्रदान की। इस मौके पर रमन शर्मा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और लोकप्रिय सांसद अनुराग ठाकुर, तथा पूर्व मंत्री और विधायक विक्रम ठाकुर का धन्यवाद किया, जिनकी पहल से इस तरह के मंच खिलाड़ियों को प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे गांवों में छुपी प्रतिभाओं को उजागर होने का अवसर मिल रहा है। रमन शर्मा ने यह भी बताया कि 24 जनवरी को सांसद खेल महाकुंभ 3.0 का क्रिकेट टूर्नामेंट फाइनल आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर मुनीश धीमान, अनीश ठाकुर, गौरव पटियाल, अमित, आदित्य बंसल, मोंटी, शुभम, आशु पटियाल, रोबिन और कमेटी के अन्य सदस्य तथा लोग उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय, सप्त सिंधु परिसर देहरा के समाजशास्त्र और सामाजिक मानवविज्ञान विभाग द्वारा 23 जनवरी 2025 को एक दिवसीय स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन डॉ. निरुपमा कारडोंग के मार्गदर्शन में किया गया, जिसमें अस्पताल में पुरुष और महिला वार्डों में बुनियादी स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम के दौरान, मरीजों को स्वच्छता के महत्व, व्यक्तिगत और सार्वजनिक स्वच्छता, साथ ही संक्रमण से बचाव एवं संबंधित उपायों के बारे में जानकारी प्रदान की गई। इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम लोगों को स्वच्छता को अपनी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम में स्थानीय समुदाय के सदस्य और वार्ड के लोग सक्रिय रूप से शामिल हुए। यह कार्यक्रम समाज में स्वच्छता और स्वास्थ्य के महत्व को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय का एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
मंत्री राजेश धर्माणी ने मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के तहत बच्चों को एक्सपोजर विजिट के लिए किया रवाना
बिलासपुर /सुनील: हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के अंतर्गत आज जिला बिलासपुर में 16 बच्चों को शैक्षिक और मनोरंजक दौरे पर भेजा गया। तकनीकी शिक्षा, नगर नियोजन, आवास, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने इन बच्चों के समूह को भगेड से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। योजना के तहत निराश्रित बच्चों को अमृतसर और जालंधर की दो दिवसीय विजिट पर ले जाया जाएगा। इस दौरान बच्चे वाघा बॉर्डर, हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) और जलियांवाला बाग जैसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों पर जाकर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के विभिन्न पहलुओं और देश की गौरवशाली संस्कृति से परिचित होंगे। इसके अतिरिक्त, बच्चों को कपूरथला स्थित ए.के. गुजराल साइंस सिटी का भी दौरा कराया जाएगा, जहां वे विज्ञान और आधुनिक तकनीकों के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। इस अवसर पर मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना न केवल अनाथ और निराश्रित बच्चों को शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करती है, बल्कि उनके आत्मनिर्भर भविष्य की नींव भी रखती है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने अनाथ बच्चों के कल्याण के लिए विशेष कानून बनाया है। इस योजना के अंतर्गत राज्य के 6,000 अनाथ बच्चों को ‘राज्य के बच्चे’ के रूप में गोद लिया गया है। सरकार इन बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यकताओं का पूरा ध्यान रख रही है।मंत्री ने आगे बताया कि योजना के तहत बच्चों को वित्तीय सहायता, उच्च शिक्षा का खर्च, और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। 27 वर्ष की आयु तक उन्हें मासिक जेब खर्च दिया जाएगा, जबकि छात्रावास सुविधा न होने पर उन्हें पीजी के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, सरकार स्टार्ट-अप शुरू करने के लिए आर्थिक सहयोग और घर बनाने व विवाह के लिए भी मदद प्रदान कर रही है। राजेश धर्माणी ने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि यह यात्रा उनके मानसिक और शैक्षिक विकास में सहायक होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इन बच्चों को समाज में समान अवसर प्रदान करने और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। हिमाचल प्रदेश सरकार की यह पहल समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने और मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिकता विभाग की ओर से जिला कार्यक्रम अधिकारी हरीश मिश्रा उपस्थित रहे।
नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक) द्वारा शिमला में आयोजित स्टेट क्रेडिट सेमिनार 2025-26 कार्यक्रम में जोगिंद्रा सहकारी बैंक की शालाघाट ब्रांच को "घर-घर किसान क्रेडिट वितरण" के लिए बेस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया।प्रदेश के मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर बैंक के चेयरमैन एडवोकेट मुकेश शर्मा ने बताया कि शालाघाट ब्रांच के बैंक मैनेजर ने इस वर्ष क्रेडिट वितरण में विशेष प्रयास किए और घर-घर जाकर अधिक लोगों को ऋण उपलब्ध करवाया, जिसके लिए नाबार्ड ने उन्हें प्रशंसा दी और बेस्ट अवार्ड से सम्मानित किया। कार्यक्रम में नाबार्ड के चीफ जनरल मैनेजर डॉ. विवेक पठानिया, डीजीएम आरबीआई पीतांबर अग्रवाल, बैंक के प्रबंध निदेशक पंकज सूद और एजीएम हरीश कुमार भी उपस्थित रहे।
कुल्लू: पर्यटन नगरी मनाली में विंटर कार्निवाल के दौरान युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ करने में जुटी हुई है। वहीं, पुलिस की टीम ने मृतक युवक दक्ष के शव का पोस्टमार्टम करवा दिया है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों के बारे में जानकारी मिल पाएगी। एसपी कुल्लू डॉक्टर गोकुल चंद्र कार्तिकेयन ने बताया कि बीती रात के समय मनु रंगशाला में दो युवकों के बीच पहले बहस हुई और उसके बाद एक युवक ने किसी तेजधार कांच से दक्ष के गले पर वार किया, जिसके चलते उसकी मौत हो गई। रात से ही पुलिस की टीम आरोपी की तलाश में जुटी थी। थोड़ी ही देर के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। अब पुलिस की टीम आरोपी युवक से पूछताछ करने में जुटी हुई है कि आखिर किन कारणों के चलते उसने इस वारदात को अंजाम दिया है। अभी तक इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है कि आरोपी ने युवक पर हमला क्यों किया था। बता दें कि बुधवार को मनाली विंटर कार्निवल के दौरान एक युवक की हत्या का मामला सामने आया था। हत्या का ये मामला मनु रंगशाला के पीछे पेश आया था, जहां पर हजारों की संख्या में लोग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद उठा रहे थे। वहीं, मनु रंगशाला के पीछे वाशिंग निवासी दक्ष और आरोपी के बीच किसी बात को लेकर बहस हुई। आरोपी ने तेजधार कांच से दक्ष के गले पर वार कर दिया जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या की खबर पता चलते ही लोगों में भगदड़ मच गई थी। हत्या का आरोपी स्थानीय युवक ही बताया जा रहा है। वहीं, एसपी कुल्लू ने बताया कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। अगर इस मामले में किसी और की भी संलिप्तता पाई गई, तो उस पर भी पुलिस कार्रवाई करेगी। विंटर कार्निवाल के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत है और तुरंत ही पुलिस ने इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं, विंटर कार्निवाल के दौरान वीरवार को राइट बैंक की महिलाओं की माल रोड पर महा नाटी भी रखी गई थी, लेकिन युवक की हत्या के चलते इसे फिलहाल स्थगित कर दिया गया और अब यह नाटी शुक्रवार को आयोजित की जाएगी। ऐसे में वीरवार को दोपहर तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर भी पूरी तरह से रोक लगी हुई थी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरुवार को ढगवार में 225 करोड़ रुपए की लागत वाले मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट की आधारशिला रख दी। प्लांट का 20 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। यह प्लांट 5.5 एकड़ भूमि पर बनाया जा रहा है। इसमें हमीरपुर, चंबा व कांगड़ा जिला के दूध उत्पादकों का दूध एकत्रित कर प्रोसेसिंग के लिए लाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आधारशिला रखने के बाद प्लांट के निर्माण कार्य का जायजा लिया। इस मौके पर पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार, राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष कैबिनेट रैंक भवानी पठानिया, डिप्टी चीफ व्हिप केवल सिंह पठानिया, विधायक आशीष बुटेल, सुदर्शन बबलू, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार आईटी गोकुल बुटेल, पूर्व सांसद विप्लव ठाकुर, चेयरमैन रामचंद्र पठानिया , धर्मशाला से पूर्व कांग्रेस उम्मीदवार देवेंद्र जग्गी, धर्मशाला नगर निगम की मेयर नीनू शर्मा, एपीएमसी चेयरमैन कांगड़ा नीशू मोंगरा सहित अन्य मौजूद रहे।


















































