उपमंडल देहरा के अन्तर्गत पड़ती पुलिस चौंकी रानीताल के समीप बने शिव मंदिर में लोगो व पुलिस के सहयोग से विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। जानकारी देते हुए स्थानीय निवासी अमित सोनी ने कहा कि हर वर्ष की भांति इस बार भी विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है जिसमें ज्यादा से ज्यादा लोग शिरकत करें। स्थानीय लोग व पुलिस चौंकी रानीताल के कर्मचारियों के सहयोग से इसका आयोजन शिव मंदिर प्रांगण में किया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने जिस प्रकार से प्रदेश के जिलाधीशों के माध्यम से अपनी योजनाओं को पूरा करने के लिए मंदिरों के खजाने से धन लेने के आदेश दिए हैं, वह सीधे-सीधे मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ करने जैसा है। यह गंभीर आरोप वरिष्ठ भाजपा नेता और समाजसेवक एडवोकेट अभिषेक पाधा ने लगाए हैं। उनका कहना है कि दूर-दूर से श्रद्धालु जब देवी-देवताओं के दर पर नतमस्तक होते हैं और दान चढ़ाते हैं, तो उनका उद्देश्य यह होता है कि मंदिर में और अधिक विकास हो और वहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं और व्यवस्थाएं मिल सकें। लेकिन जिस प्रकार प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुकून, या उनके नाम से चल रही योजनाओं को पूरा करने के लिए मंदिरों से धन लेने का आदेश जारी किया गया है, वह इन श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्थाओं के साथ सीधा खिलवाड़ है। प्रदेश के मंदिर पहले भी कल्याणकारी कार्य करते रहे हैं, लेकिन कभी भी सरकार ने प्रत्यक्ष रूप से अपनी योजनाओं के लिए मंदिरों से धन निकालने का ऐसा कदम नहीं उठाया था। प्रदेश में अनाथ आश्रम और विद्याश्रम जैसे कई जरूरी प्रकल्प हैं, जिनका संचालन मंदिर भी कर सकते हैं, और श्रद्धालु देवी-देवताओं के नाम से चलने वाले इन प्रकल्पों में सेवा कार्य कर सकते हैं। लेकिन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुकून केवल अपनी छवि चमकाने के लिए बिना बजट के घोषणाएं कर रहे हैं, जो निंदनीय है। प्रदेश सरकार के इस निर्णय से हिमाचल प्रदेश में आने वाले श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है। श्रद्धालु जब चढ़ावा चढ़ाएंगे, तो उन्हें यह सोचने पर मजबूर होना पड़ेगा कि उनका चढ़ाया हुआ धन गलत हाथों में जा रहा है। यह मामला केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि लोगों की धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाने का है, जिसे प्रदेश की जनता कभी माफ नहीं करेगी। इससे आने वाले श्रद्धालुओं की आवक में भी कमी आएगी, और यह हिमाचल प्रदेश की संस्कृति और धार्मिक आस्थाओं के लिए एक बड़ा संकट बन सकता है।
कालका शिमला नेशन हाईवे पांच परवाणू में एक दर्दनाक हादसा पेश आया। जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई है। ये हादसा तब हुआ जब हिमाचल प्रदेश रोडवेज की बस हरिद्वार से शिमला जा रही थी। जैसे ही बस परवाणू के पास पहुंची, एक हाईटेंशन (एचटी) बिजली का तार अचानक टूटकर बस के आगे गिर गया। इससे बस के दोनों टायर फट गए और ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति बस से बाहर निकल आए। लेकिन जैसे ही वे बाहर निकले, दोनों को बिजली का झटका लगा, जिसमें एक व्यक्ति बिजली के तार की चपेट में आकर झुलस गया और उसकी मौत हो गई। यह हादसा देर रात हुआ और हादसे की जानकारी मिलते ही अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक राम दयाल ने मामले की पुष्टि की और बताया कि कार्रवाई की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के कच्चीघाटी में आग की बड़ी घटना पेश आई है। यहां एक निजी होटल के कमरे में अचानक आग लगने से महाराष्ट्र के एक पर्यटक की जिंदा जलकर मौत हो गई है। मृतक की पहचान महाराष्ट्र के सांगली जिले के कोरेगांव निवासी 24 वर्षीय रितेश पुडाले के रूप में हुई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार घटना बीती शुक्रवार रात को करीब 11 बजे पेश आई है। मृतक रितेश अपने दो दोस्तों आशीष और अवधूत पाटिल के साथ शिमला घूमने पहुंचे थे उन्होंने शिमला के कच्ची घाटी के समीप एक होटल में कमरा बुक कराया था।अवधूत व आशीष ने पुलिस को बताया कि वह पहली मंजिल पर कमरा नंबर 106 में ठहरे थे। रात को जब तीनों दोस्त सो रहे थे, तभी कमरे में अचानक आग लग गई। उन्होंने बताया कि आशीष और अवधूत तो किसी तरह कमरे से बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन रितेश कमरे में ही फंस गया वह भाग नहीं पाया और वह आग की चपेट में आ गया। होटल प्रबन्धन ने घटना की सूचना दमकल विभाग को दी।अग्निशमन विभाग की टीम तुंरत मोके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पुलिस ने कमरे से रितेश का जला हुआ शव बरामद किया और घायलों को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला में भर्ती कराया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पर्यटक आशीष कि शिकायत पर थाना बालूगंज में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। फिलहाल आग लगने के कारणों की जानकारी नहीं मिल पाई है
कार्तिक गौतम/ वासनी: ग्राम पंचायत वासनी में बारिश के कारण बिजली की सप्लाई ठप हो गई है, जिससे इलाके के कई गांवों में अंधेरा छाया हुआ है। जानकारी के अनुसार, बारिश के दौरान बिजली विभाग के दो पोल और उनकी बिछाई गई लाइन खेतों में गिर गईं, जिससे पूरे क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति आज दिन से बंद हो गई है। स्थानीय निवासियों ने जब इस मामले की जानकारी बिजली विभाग के कर्मचारियों को दी, तो उनका कहना था कि हमारी टीम कल मौके पर पहुंचेगी और स्थिति का जायजा लेकर तारों को सही कर दिया जाएगा। लेकिन, स्थानीय लोग इस जवाब से नाखुश हैं और उनका कहना है कि खेतों में गिरी हुई बिजली की तारों के कारण हादसा हो सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसी को करंट लग जाता है तो क्या विभाग इसकी जिम्मेदारी लेगा?ग्रामीणों का यह भी कहना है कि वे हर महीने बिजली का पूरा बिल जमा करते हैं, फिर भी उन्हें सुविधाएं उस हिसाब से नहीं मिलतीं। निवासी यह भी कहते हैं कि हम नहीं कहते कि कर्मचारी बारिश में भी तारों को ठीक करें, लेकिन जिन तारों का खेतों में गिरना है, उन्हें तो हटा दिया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकार की लापरवाही से किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है और बिजली विभाग को अपनी जिम्मेदारी समझकर जल्द से जल्द स्थिति सुधारने की जरूरत है।
स्टेट कैडर का विरोध करते हुए पटवार एवं कानूनगो महासंघ तहसील ईकाई सोलन ने शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल
स्टेट कैडर का विरोध करते हुए आज सोलन तहसील के सभी पटवारी और कानूनगो अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की और कहा कि वे केवल आपदा संबंधित कार्यों में सहयोग देंगे। महासंघ के महासचिव जितेंद्र शर्मा ने कहा कि पटवारी और कानूनगो का स्टेट कैडर करने से जिला के पटवारी-कानूनगो की वरिष्ठता सूची प्रभावित होगी, जिससे भविष्य में होने वाली पदोन्नतियों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। कानूनगो तहसील कार्यालय सोलन में एकत्रित हुए, जिसमें की राजस्व विभाग में तैनात पटवारी एवं कानूनगो की मूलभूत समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार द्वारा गठित बलवान कमेटी की सिफारिशों को लागू करने व इस वर्ग से जुडे कर्मचारियों का जिला संवर्ग से राज्य संवर्ग घोषित करने की अधिसूचना का विरोध किया गया, क्योंकि सरकार द्वारा संघ को विश्वास में लिए बिना अधिसूचना जारी की गई थी। जबकी सरकार ने पूर्व में हुई वार्ताओं में आश्वस्त किया था कि जब तक इस वर्ग के कर्मचारियों की मूलभूत समस्याओं का निवारण नही होता है तब तक इसे जिला कैडर में ही रखा जाएगा। इसके साथ ही संघ यह भी जानना चाहता है कि जब सरकार द्वारा हमारी भर्ती ही जिला संवर्ग में की गई थी, तो इसे राज्य संवर्ग में विस्तारित करना किस सूरत में तर्क संगत है क्योंकि जिला कैडर होने के कारण ही हम में से अधिकाँश पटवारी इस सेवा में आए थे। विशेषकर महिला कर्मचारी तो केवल इसी कारण से इस सेवा में आए क्योंकि यह जिला कैडर की भर्ती थी। अतः राज्य कारिणी के निर्देशानुसार आज से तहसील ईकाई सोलन में तैनात सभी पटवारी एवं कानूनगो अनिश्चितकालीन हडताल पर रहेंगें तथा केवल आपदा सम्बन्धित कार्यों में अपना पूर्ण सहयोग करेंगे।
हिमाचल प्रदेश सरकार के राजस्व मंत्री, जगत सिंह नेगी ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर तीखा पलटवार करते हुए उनपर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। मंत्री ने कहा कि जयराम ठाकुर हिमाचल प्रदेश की जनता को भ्रमित करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुखाश्रय योजना कांग्रेस का चुनावी वादा नहीं था और यदि सरकार मंदिरों से फंड ले रही है, तो इसमें कुछ गलत नहीं है। नेगी ने कहा, अगर मंदिरों से मदद ली जा रही है, तो इसमें कोई अपराध नहीं है। जब जयराम ठाकुर मुख्यमंत्री थे, तब कोरोना काल में भी उन्होंने मंदिरों से मदद ली थी, क्या तब उन्हें इसका ध्यान नहीं आया? उन्होंने आगे कहा कि जयराम ठाकुर छोटी-छोटी बातों को मुद्दा बनाने में लगे हुए हैं। बता दे कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हाल ही में आरोप लगाया था कि सुक्खू सरकार एक ओर सनातन धर्म का विरोध करती है, हिंदू विरोधी बयान देती है, और दूसरी ओर मंदिरों से फंड लेकर अपनी फ्लैगशिप योजना चला रही है। ठाकुर ने सरकार पर मंदिरों से पैसा मांगने और अधिकारियों पर दबाव बनाने का आरोप लगाया, साथ ही इसे जनविरोधी कदम बताते हुए भाजपा सरकार के इस फैसले का विरोध किया। राजस्व मंत्री ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि जयराम ठाकुर केवल राजनीतिक लाभ के लिए जनता को गुमराह कर रहे हैं।
आज विज्ञान संकाय और बीसीए संकाय ने 'नेशनल साइंस डे' धूमधाम से मनाया, जिसका इस बार का विषय एम्पोवेरिंग इंडियन युथ फॉर ग्लोबल लीडरशिप इन साइंस एंड इनोवेशन फॉर विकसित भारत था। इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जैसे पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन, डेमोंस्ट्रेशन, नारा लेखन और पोस्टर मेकिंग। विज्ञान और बीसीए संकाय के विद्यार्थियों ने इन प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाविद्यालय के प्राचार्य पी पी चौहान थे, और विज्ञान संकाय के सभी अध्यापक कार्यक्रम में उपस्थित थे। प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल में लोकराज शर्मा और राधा रमन गौतम थे। पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन में विज्ञान संकाय से रितु राजटा ने पहला, मयंक ने दूसरा और अदिति ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। नारा लेखन में बीसीए संकाय से आरती बसनेट ने पहला, विज्ञान संकाय से तृषा ने दूसरा और स्नेहा ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। पोस्टर मेकिंग में बीसीए संकाय से आरती बसनेट ने पहला, विज्ञान संकाय से तनुजा ने दूसरा और तृषा ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। डेमोंस्ट्रेशन प्रतियोगिता में विज्ञान संकाय के हर्ष बालटू और शौर्य रांटा को अवार्ड ऑफ़ एप्रिसिएशन से नवाजा गया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि पी पी चौहान ने सभी विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया और विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के नेरचौक स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। गुरुवार सुबह, एक युवक को पेट में तेज दर्द की शिकायत के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया। जब चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया, तो उन्हें तुरंत सर्जरी की आवश्यकता महसूस हुई। तीन घंटे तक चली इस सर्जरी के दौरान, चिकित्सकों ने युवक के पेट से एक-एक कर फोर्क, चाकू, सूई, पेंसिल और अन्य 12 वस्तुएं निकालीं, जिससे सभी हैरान रह गए। यह घटना न केवल चिकित्सा जगत के लिए एक रहस्य बन गई, बल्कि इस युवक की जिंदगी के जज्बे को भी सामने लाई। पारिवारिक जानकारी के अनुसार, यह युवक मानसिक रोग से ग्रस्त है और पिछले कुछ वर्षों से अपने घर में ही रह रहा है। 27 वर्षीय युवक ने अपनी पढ़ाई के दौरान चंडीगढ़ में कोचिंग की थी, लेकिन मानसिक स्थिति बिगड़ने पर वह घर वापस आ गया था। गत बुधवार रात, अचानक उसे पेट में तेज दर्द हुआ, जिसके बाद उसे नेरचौक मेडिकल कॉलेज लाया गया। जहां, चिकित्सकों ने सर्जरी के दौरान उसके पेट से सामान निकाला। यह घटना सिजोफ्रेनिया जैसी मानसिक बीमारी से ग्रस्त लोगों की हालत को भी उजागर करती है, क्योंकि इस प्रकार के रोगी अक्सर बिना किसी नियंत्रण के कुछ भी निगल लेते हैं, और उनकी स्थिति का पता लगाने में महीनों या सालों का समय लग सकता है।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की प्रभारी बनने के बाद रजनी पाटिल आज कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन पहुची। जहां पर उनका कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह अन्य नेताओं ने फूल-मालाओं के साथ स्वागत किया गया। कांग्रेस कार्यालय पहुंचते ही रजनी पाटिल ने कांग्रेस के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रही है। वही 3:00 बजे मुख्यमंत्री उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद पूर्व पदाधिकारी पूर्व अध्यक्षों के साथ बैठक करेगी। कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन पहुंचने पर रजनी पाटिल ने कहा कि उन्हें दोबारा से हिमाचल कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया है। सरकार और संगठन में तालमेल कैसे हो इसको लेकर कार्य किया जाएगा वहीं उन्होंने मंत्री चंद्र कुमार द्वारा कांग्रेस संगठन को पैरालाइज्ड के बयान पर उन्होंने कहा कि संगठन पैरालाइज नहीं है बल्कि संगठन को मजबूत करने की जरूरत है। कांग्रेस का कार्यकर्ता मजबूत है और पूर्व में भाजपा की सरकार को सत्ता से बाहर किया था ऐसे में हिमाचल कांग्रेस संगठन को पैरालाइज्ड कहना सही नहीं है। संगठन को ताकत देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जल्दी सबके साथ चर्चा करने के बाद प्रदेश में कांग्रेस कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा और यहां पर बैठकर करने के बाद फीडबैक कांग्रेस कमान के समक्ष रखा जाएगा।
मनाली से कांगड़ा जा रही निजी बस पर पनारसा के पास पहाड़ी से चट्टान गिरने से दुर्घटनाग्रस्त हो गई। सूचना मिलते ही औट पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत व बचाव कार्य शुरू किया। जानकारी के अनुसार आज निजी बस नम्बर HP63D-5511 ( न्यू प्रेम) जो मनाली से पठानकोट जा रही थी। जिसमें चालक तथा परिचालक के अलावा 02 अन्य व्यक्ति सवार थे । मनाली से आते हुए जब यह बस बनाला के पास पहुंची तो पहाड़ी से अचानक पत्थर बस पर गिरे जिस कारण बस पलट गई तथा बस मे सवार चालक जसबंत सिंह व परिचालक अंकुश को चोटें आई हैं । जिन्हें उपचार हेतू CHC नगवांई ले जाया गया है । मामले की जांच की जा रही है । बता दें कि पिछले तीन दिनों से लगातार भारी बारिश और बर्फबारी के कारण चंडीगढ़ मनाली राष्ट्रीय मार्ग पर सफर जोखिम भरा हो गया है जगह-जगह लैंडस्लाइड और पत्थर गिरने की खबरें आ रही है। आज सुबह बनाला के पास भी लैंडस्लाइड होने से रोड करीब आधा घंटा तक बंद रहा जिससे सड़क में जाम की लंबी कतार लगी रही।
पिछले 24 घंटों से हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश और बर्फबारी ने हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में तबाही मचाई है। बारिश के कारण कई नदियाँ उफान पर आ गईं हैं, वहीं भूस्खलन और बर्फबारी से प्रमुख सड़कें बंद हो गई हैं। शिमला, कुल्लू, चंबा, किन्नौर और मंडी जैसे इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ है, और प्रशासन ने इन क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है। भारी बारिश और बर्फबारी के चलते चंबा, कुल्लू, लाहौल-स्पीति और किन्नौर जिलों में शैक्षिक संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है। वही मौसम विभाग ने आज भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है खासतौर पर, कांगड़ा, चंबा, मंडी और कुल्लू जिलों में भारी बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है, और यहां आंधी-तूफान की भी चेतावनी दी गई है। सड़कें बंद और लैंडस्लाइड्स: नेशनल हाईवे 5, जो शिमला को किन्नौर से जोड़ता है, निगुलसरी के पास भूस्खलन के कारण बंद हो गया है। इसके अलावा, होली-चंबा सड़क भी गरोला के पास भूस्खलन के कारण बंद हो गई है। इस भूस्खलन में एक बस भी पलट गई, लेकिन गनीमत रही कि वह खाई में नहीं गिरी। चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे और मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर भी जगह-जगह भूस्खलन हुआ है, जिससे यातायात बाधित हो गया है। कुल्लू में जलस्तर बढ़ा और लैंडस्लाइड: कुल्लू के गांधीनगर में नाले का जलस्तर बढ़ने से यातायात प्रभावित हुआ है। वहीं, सोलंग नाला में तीन फीट तक ताजा बर्फबारी हुई, जिससे बिजली आपूर्ति ठप हो गई है और यातायात बाधित हुआ है। कुल्लू जिले के बंजार तहसील में हॉस्पिटल के पास भी भूस्खलन हुआ, जिससे एक गाड़ी इसकी चपेट में आ गई। ऊहल नदी का उफान और शानन परियोजना: ऊहल नदी के जलस्तर के बढ़ने के कारण शानन परियोजना के बैराज गेट खोलने पड़े हैं। निचले इलाकों में रहने वालों को नदी किनारे सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पांवटा साहिब में लैंडस्लाइड के कारण NH-707 तीन घंटे से बंद है, जिससे यात्री परेशान हैं। प्रदेश सरकार ने भारी बारिश के मद्देनजर लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। विशेष रूप से, भूस्खलन और बाढ़ जैसी परिस्थितियों से बचने के लिए प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और यात्रा में सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर(परागपुर )स्थित वेदव्यास परिसर के साहित्य विभाग के सहायकाचार्य डॉक्टर महीपाल सिंह विगत दिनों थाईलैंड में आयोजित हुई अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में भाग लेकर आज वेदव्यास परिसर वापस लौटे। अपने विचारों को सांझा करते हुए उन्होंने बताया कि वहां पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में वह सम्मिलित हुए । उन्होंने थाईलैंड के बारे में बताते हुए कहा कि वह एक बहुत समृद्ध देश है जहां का मौसम 12 महीने एक जैसा रहता है। वहां का तापमान बारह महीने 30 से 35 डिग्री तक रहता है।उन्होंने बताया कि 95% बौद्ध धर्म के लोग वहां पर अपना जीवन यापन करते हैं।गगनचुंबी इमारतों के बारे में बताते हुए उन्होंने बताया कि थाईलैंड के बैंकॉक और पटाया शहरों में 100 मंजिला इमारतें हैं । वहीं डॉक्टर महिपाल के अनुसार हर व्यक्ति को जिंदगी में एक बार थाईलैंड की यात्रा जरूर करनी चाहिए।
कुनिहार पंचायत के गांव नगर के शमशान घाट की हालत काफी दयनीय स्थिति में है। शमशान घाट पर सुविधाएं न होने से लोगों में आक्रोश है। अर्की कांग्रेस मंडल सचिव राजेश शांडिल ,जगदीश,महेंद्र,पुष्पेंद्र,राकेश व रूपेंद्र कौशल सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि 25-30 वर्षों से इस शमशान घाट की कोई भी सुध पंचायत द्वारा नहीं ली गई है। लोगों को बैठने के लिए शेड की उचित व्यवस्था तक नहीं है रास्ते की हालत भी खस्ता है। आज भी क्षेत्र के एक व्यक्ति की मृत्यु होने के बाद लोग बारिश में भीगते रहे। इसके अलावा यहां अन्य सुविधाओं का भी अभाव है जिससे लोगों में भारी आक्रोश है। उन्होंने बताया कि इस शमशान घाट को गांव नगर के अलावा, झांडी, खोड़ का हाडा व बंगयार के लोग अंत्येष्टि के लिए इस्तेमाल करते है। लोगों ने यहां शेड सहित अन्य व्यवस्थाओं को उपलब्ध करवाने की मांग पंचायत से की है। इस बारे पंचायत प्रधान राकेश ठाकुर ने बताया कि इस शमशान घाट पर शेड बनाने के लिए पंचायत द्वारा रेजुलेशन डाल दिया गया है बजट की व्यवस्था होने पर यहां शेड तैयार करवा दिया जाएगा।
चिट्टे के मामले में थाना डमटाल के तहत गांव छन्नी की रहने वाली महिला को न्यायालय ने दस वर्ष की कठोर सजा और एक लाख रुपए जुर्माना लगाया है। पुलिस जिला नूरपुर के एसपी अशोक रत्न ने बताया कि थाना डमटाल के तहत गांव छन्नी की रहने वाली महिला गुरमेशी देवी पत्नी अशोक कुमार तहसील इंदौरा को दिनाक 12/10/ 2019 को 5.61 ग्राम चिट्टे की खेप सहित डमटाल पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की थी। उक्त मामले में अब न्यायालय ने महिला को दोषी करार देते हुए अपना फैसला सुनाते हुए 10 वर्ष की कठोर सजा और 1 लाख रुपए जुर्माना अदा करने के आदेश जारी किए है। महिला के खिलाफ दर्ज है कई मामले एसपी नूरपूर अशोक रत्न ने बताया कि दोषी महिला के खिलाफ थाना डमटाल में तीन, नूरपुर में एक और एक मामला धर्मशाला में दर्ज है। उक्त महिला के खिलाफ कुल पांच मामले एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज है और माननीय न्यायालय में विचाराधीन है।
मकड़ोली: केसीसीबी शाखा मकड़ोली द्वारा एक दिवसीय वित्तीय साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय लोगों को बैंकिंग योजनाओं और ऑनलाइन ठगी से बचने के तरीके के बारे में जानकारी दी गई। शिविर के दौरान शाखा प्रबंधक वलवंत सिंह ने बताया कि बैंक की विभिन्न योजनाओं, जैसे किसान क्रेडिट कार्ड, फ़सल बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और अन्य योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की गई। साथ ही, उन्होंने लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी। शाखा प्रबंधक ने विशेष रूप से अपील की कि लोग अपना ओटीपी और खाता संबंधित जानकारी किसी से भी साझा न करें और यदि ठगी का शिकार होते हैं, तो तुरंत संबंधित शाखा से संपर्क करें। इस अवसर पर सरबंश सिंह, रमेश चंद, रजनी बाला, प्रकाश चंद, उत्तम चंद सहित अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।
कुनिहार शहर के एसवीएन पब्लिक स्कूल में कक्षा 12 के छात्र-छात्राओं का विदाई समारोह आयोजित किया गया। वही कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विद्यालय अध्यक्ष टी. सी. गर्ग ने शिरकत की। कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम और दीप प्रज्वलन से किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने जमकर खेल खेले। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए कार्यक्रम में मैथिली जोशी और यशस्वी को मिस्टर और मिस फेयरवेल चुना गया। वही मिस एसवीएन शगुन और मिस्टर एसवीएन अरुण कुमार रहे। मिस पर्सनालिटी आस्था और मिस्टर पर्सनालिटी आदित्य कंवर, मिस कॉन्फिडेंट आरुषि, मिस ब्यूटीफुल परिधि जोशी और मिस परफेक्ट गरिमा तंवर को चुना गया। स्कूल परिसर में आयोजित कार्यक्रम की तैयारी कक्षा 11 के छात्र-छात्राओं ने मिलकर की। उन्होंने अपने सीनियर कक्षा 12 के छात्र-छात्राओं के सम्मान में भोज दिया। कार्यक्रम प्रस्तुत किए और छात्राओं ने लोकनृत्य और बॉलीवुड डांस किया। खेलकूद भी आयोजित किया गया था। दोनों कक्षाओं के छात्र-छात्राओं ने मिलकर अपने शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी धन्यवाद दिया। कक्षा 12 की कई छात्राओं ने अपने स्कूल टाइम के अहम और यादगार पलों के बारे में बताया। बाद में मिस्टर और मिस फेयरवेल का चयन स्कूल स्टाफ के निर्णायक मंडल ने किया। मुख्य अतिथि टी. सी. गर्ग ने कक्षा 12 के छात्रों के उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने बच्चों से कहा कि जिस तरह से पिछले वर्ष बच्चों ने एसवीएन परिवार का नाम पूरे प्रदेश में रोशन किया था, उसी तरह से आप सभी बच्चों से भी यही आशा करता हूं कि आप सभी बच्चे इस तरह का मुकाम हासिल कर एसवीएन परिवार का फिर से एक बार नाम रोशन करेंगे। वही विद्यालय निदेशक लूपिन गर्ग ने बच्चों को संबोधित किया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के अंत में कक्षा 11 के छात्र-छात्राओं ने कक्षा 12 के छात्र-छात्राओं को गिफ्ट दिए तो माहौल भावुक हो गया। वही इस मौके पर विद्यालय अध्यक्ष टी. सी. गर्ग, निदेशक लूपिन गर्ग, प्रधानाचार्य पद्मनाभम, पीटीए अध्यक्ष हेमंत शर्मा, गुरप्रीत बाजवा, दीक्षा भार्गव, रामेश्वर, पूजा जोशी, तोशिबा ठाकुर, विमला शांडिल, तनुजा शर्मा और अन्य अध्यापकगण स्कूल के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत मंडी जिले के पांच छात्रों को अभिलाषी विश्वविद्यालय, चैलचौक में निःशुल्क शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला है। यह योजना अनाथ और जरूरतमंद बच्चों को उच्च शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इस योजना के तहत पांच छात्रों का संपूर्ण खर्चा जैसे कि ट्यूशन फीस, खाना, रहना व किताबें इत्यादि भी निःशुल्क रहेगा। वहीं इस संदर्भ में उपायुक्त मंडी द्वारा अभिलाषी शिक्षण समूह के चेयरमैन को आबंटन पत्र जारी किया गया है जिसके अंतर्गत निशांत ठाकुर बी.टेक (कंप्यूटर इंजीनियरिंग), पियूष बीबीए, युवराज बीसीए, कुंवर सिंह बीसीए, सुदेश कुमार बीए-बीएड विषय में निःशुल्क शिक्षा ग्रहण करेंगे। इसके अलावा, एक और छात्र करण पहले से ही इस योजना के तहत बी.टेक (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग) में नामांकित है। अभिलाषी ग्रुप के चेयरमैन डॉ आर. के. अभिलाषी व सेक्रेटरी नरेंद्र कुमार ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिलकर इस योजना को अपने ग्रुप में लागू करने हेतु पत्र सौंपा था। जिसके तहत उपायुक्त मंडी ने अभिलाषी विश्वविद्यालय प्रशासन से इन पांच छात्रों के प्रवेश की पुष्टि करने का अनुरोध किया है। इस योजना का उद्देश्य अनाथ एवं जरूरतमंद बच्चों को सशक्त बनाना और उनके उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करना है।मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना समाज के वंचित वर्गों को शिक्षा और उत्कृष्ट अवसर प्रदान करने की दिशा में एक सशक्त कदम साबित हो रही है। इस मौके पर अभिलाषी विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ आर. के. अभिलाषी, प्रो चांसलर डॉ एल.के.अभिलाषी, वाइस चांसलर प्रोफेसर एच. के. चौधरी, रजिस्ट्रार डॉ कपिल कपूर, जीनीयस एजुकेशन सोसाइटी की चेयरपर्सन डॉ नर्वदा अभिलाषी, अभिलाषी एजुकेशन सोसाइटी की वाइस चेयरपर्सन डॉ प्रोमिला अभिलाषी, सचिव नरेंद्र कुमार ने छात्रों को नामांकित करने हेतु मुख्यमंत्री व उपायुक्त मंडी का आभार व्यक्त किया है।
नागरिक अस्पताल देहरा में वीरवार को विधायक कमलेश ठाकुर की अध्यक्षता में रोगी कल्याण समिति की बैठक का आयोजन किया गया। कमलेश ठाकुर द्वारा बैठक की अध्यक्षता करते हुए रोगी कल्याण समिति से सम्बंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। साथ ही चालू वित्त वर्ष के लिए 57 लाख 6 हजार 740 रुपए का अनुमानित बजट भी पेश किया गया। विधायक ने अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिए कि रोगी कल्याण समिति के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त भी यदि किसी प्रकार की कमी नागरिक अस्पताल देहरा में आती है तो उनको बताएं, वह उसके निवारण के लिए प्रतिबद्ध हैं। कमलेश ठाकुर ने अस्पताल प्रशासन को अस्पताल में साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि देहरा विधानसभा क्षेत्र में लोगों को बहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए वह हर संभव प्रयास कर रहे हैं और आने वाले समय में क्षेत्र में उत्कृष्ट स्वास्थ्य ढांचा उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को मुफ्त ईलाज और मुफ्त दवाई उपलब्ध करवाने की दिशा में गंभीर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल को सुदृढ़ कर सभी प्रकार की आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है और देहरा विधानसभा क्षेत्र में भी शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे। 42 लाभार्थियों को बांटे 9 लाख 81 हजार के चेक इससे पूर्व कमलेश ठाकुर ने मिनी सचिवालय देहरा में मुख्यमंत्री राहत कोष के तहत 42 लाभार्थियों को 9 लाख 81 हजार रुपए के सहायता चेक वितरित किए। उन्होंने लाभार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि देहरा विधानसभा क्षेत्र का समग्र विकास उनकी और मुख्यमंत्री की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि देहरा विधानसभा में प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे इसके लिए वे कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उनके हलके में लोगों को कोई भी समस्या आती है तो वे सीधा उनसे संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि देहरा में आम जनमानस से संबंधित प्रमुख समस्याएं उनके ध्यान में है और उनके निवारण के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं। इस दौरान एसडीएम देहरा शिल्पी बेक्टा, बीएमओ देहरा संजय बजाज, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग सुरेश वालिया, चेयरपर्सन बीडीसी देहरा अर्चना कुमारी, प्रधान व्यापार मंडल मलकियत सिंह परमार, अध्यक्ष नगर परिषद देहरा सुनीता देवी, सीडीपीओ देहरा सुशील कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के नए संगठन के गठन को लेकर शिमला में गहन विचार-विमर्श का सिलसिला कल, 28 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। इस बैठक की अगुवाई करने के लिए नव-निर्वाचित प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल शिमला पहुँच रही हैं। वह दो दिन तक राज्य के विभिन्न कांग्रेस नेताओं के साथ बैठकें करके नए संगठन के बारे में उनके विचार जानेंगी। रजनी पाटिल का हिमाचल दौरा 28 फरवरी को सुबह 10.30 बजे शुरू होगा, जब वह पहले हिमाचल प्रदेश के अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिवों और इंचार्जों के साथ बैठक करेंगी। इसके बाद, दोपहर 12.30 बजे, वह पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व मंत्री, और पूर्व विधानसभा अध्यक्षों के साथ मिलकर नए पदाधिकारियों के बारे में उनकी राय लेंगी। शाम को, 3 बजे, पाटिल मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, डिप्टी मुख्यमंत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और राज्य कैबिनेट मंत्रियों के साथ बैठक करेंगी। यह बैठक प्रदेश कांग्रेस संगठन की रीढ़ को लेकर अहम चर्चा का हिस्सा होगी। एक मार्च को रजनी पाटिल कांग्रेस के विधायकों और 2022 विधानसभा चुनाव के पार्टी प्रत्याशियों के साथ बैठक करेंगी, जिसमें नए संगठन के गठन पर गहन मंथन होगा। बैठकों के बाद, 1 मार्च की दोपहर को रजनी पाटिल शिमला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी, जिसमें वह संगठन के बारे में अपने विचार साझा करेंगी। 2 मार्च को वह शिमला से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगी।
भारत सरकार के रसायन और पेट्रोकेमिकल्स विभाग (DCPC) देश भर में "रसायन और पेट्रोकेमिकल्स औद्योगिक सुरक्षा" पर एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। जिस सन्दर्भ में 28 फरवरी और 1 मार्च को चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के सहयोग से CIPET बड्डी द्वारा "रसायन और पेट्रोकेमिकल्स औद्योगिक सुरक्षा" पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह मुफ्त आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम रसायन और पेट्रोकेमिकल्स क्षेत्र के 50 इकाइयों को कवर करने के लिए है, जिसमें चंडीगढ़ विश्वविद्यालय, पंजाब में लगभग 100 प्रतिभागियों की भागीदारी होगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान भारत सरकार के रसायन और पेट्रोकेमिकल्स विभाग (DCPC) और CIPET मुख्य कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे।
हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर जारी है, जिसके कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी नुकसान हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी तीन दिनों तक वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव रहेगा, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी रहेगी। खासतौर पर, कांगड़ा, चंबा, मंडी और कुल्लू जिलों में भारी बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है, और यहां आंधी-तूफान की भी चेतावनी दी गई है। लाहौल स्पीति में पिछले दो दिनों से हो रही बर्फबारी ने इलाके की स्थिति को गंभीर बना दिया है। कई इलाकों में तीन फीट से भी अधिक बर्फबारी हो चुकी है, जिससे पूरा जिला बाकी दुनिया से कट चुका है। अटल टनल रोहतांग भी वाहनों के लिए बंद कर दी गई है। मौसम विभाग ने आज और कल के लिए भारी स्नोफॉल का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे और भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। लाहौल स्पीति प्रशासन ने हिमस्खलन का अलर्ट जारी किया है। अधिक ढलान वाले इलाकों में बर्फ के पहाड़ गिरने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और बर्फबारी से संबंधित गतिविधियों से दूर रहें। सड़कें और बिजली आपूर्ति पर असर किन्नौर और लाहौल स्पीति में ताजा बर्फबारी के कारण 220 से अधिक सड़कों और 250 बिजली ट्रांसफार्मरों का संचालन ठप हो गया है। इससे क्षेत्र के कई हिस्सों में बिजली गुल हो गई है और यातायात प्रभावित हो रहा है। स्थानीय प्रशासन राहत कार्यों में जुटा हुआ है और लोगों को जरूरी सहायता पहुंचाने के लिए प्रयास कर रहा है। मौसम विभाग ने आम नागरिकों को घरों में सुरक्षित रहने और बर्फबारी से संबंधित गतिविधियों से दूर रहने की सलाह दी है। मौसम की स्थिति और बिगड़ सकती है, इसलिए लोगों से अपील की जाती है कि वे प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी सतर्कता बरतें।
हिमाचल प्रदेश में तीन हेलीपोर्ट के निर्माण के लिए केंद्र सरकार से प्रथम चरण की मंजूरी (स्टेज-वन क्लीयरेंस) मिल गई है। इनमें चंबा जिले के होली और पांगी में हेलीपोर्ट के साथ-साथ कुल्लू जिले के मनाली में ग्रीन टैक्स बैरियर के पास एक हेलीपोर्ट भी शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में हेलीपोर्ट के निर्माण में तेजी लाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य में कोई देरी न हो और सभी आवश्यक औपचारिकताएं, विशेष रूप से वन मंजूरी की प्रक्रिया अतिशीघ्र पूर्ण की जाए। प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री ने राज्य में आने वाले पर्यटकों की सुविधा के उद्देश्य से हवाई संपर्क बढ़ाने के लिए हेलीपोर्ट के विकास को विशेष प्राथमिकता दी है। बेहतर पर्यटन बुनियादी ढांचे से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने और दूरदराज के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी में सुधार के लिए हेलीपोर्ट परियोजनाओं को प्राथमिकता दे रही है। इस पहल से न केवल परिवहन सुविधाओं का विकास होगा बल्कि पर्यटन क्षेत्र और स्थानीय अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी जिला मुख्यालयों और जनजातीय क्षेत्रों में 16 हेलीपोर्ट बनाकर हवाई संपर्क को मजबूत करने के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार पर्यटन के बुनियादी ढांचे को बढ़ाने और आगंतुकों के लिए सुविधाओं में सुधार पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है। इसके अतिरिक्त, कांगड़ा हवाई अड्डेे के विस्तार कार्य में तेजी लाई गई है और भुंतर हवाई अड्डे का विस्तार करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटक प्रदेश में अपने पसंदीदा गंतव्यों तक आसानी से पहुंच सकेंगे।
**50 बेडों के अतिरिक्त ब्लॉक के निर्माण के लिए होंगे खर्च नागरिक अस्पताल डाडा सीबा में 50 बेडों के अतिरिक्त ब्लॉक के निर्माण के लिए प्रदेश सरकार द्वारा 5 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत कर दी गयी है। स्वीकृति मिलते ही इलाके के लोगों में ख़ुशी की लहर है। बता दें कि कुछ समय पहले सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इलाके में अपने दौरा करते हुए इस अस्पताल का निरीक्षण किया था उस समय उन्होंने डाडा सिबा के अस्पताल को 50 बेड़ों के लिए अतिरिक्त ब्लॉक के निर्माण किये जाने की घोषणा की थी। जिसके लिए अब सरकार द्वारा बजट जारी किये जाने से निर्माण कार्य को और गति प्रदान होगी। नागरिक अस्पताल डाडा सीबा में इलाके की 25 पंचायतों के करीब 50 हज़ार के लगभग लोग स्वास्थ्य सुविधाओं से लाभान्वित होंगे। वर्तमान में यहां बीएमओ सहित 7 डॉक्टर कार्यरत है और जल्द ही 6 विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति होने से लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मिलने में सुगमता होगी।इस निर्माण कार्य के लिए बजट जारी किये जाने पर स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखु व पूर्व कामगार कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष सुरिंदर सिंह मनकोटिया का आभार प्रकट किया है
सोलन हेल्पिंग सोसायटी, सोलन, की स्थापना 2017 में विजय भट्टी द्वारा की गई थी। तब से लेकर अब तक सोसायटी ने 40,000 से अधिक जरूरतमंद व्यक्तियों को हिमाचल प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे भारत के अस्पतालों में रक्त मुहैया कराया है। यह प्रयास समाज के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बन चुका है। सोसायटी का उद्देश्य केवल रक्तदान तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज की अन्य आवश्यकताओं की ओर भी ध्यान केंद्रित करती है। अब सोसायटी एक नई सेवा की शुरुआत कर रही है, जिसके तहत जरूरतमंद बच्चों को स्कूल फीस और जरूरतमंद घरों में राशन की कमी को पूरा किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से सोसायटी समाज के हर वर्ग की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है। सोसायटी के अध्यक्ष पंकज ठाकुर ने कहा कि सोसायटी का यह प्रयास है कि किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को जब भी सहायता की आवश्यकता हो, वे बिना किसी झिझक के सोसायटी से संपर्क कर सकें। सोसायटी के मीडिया प्रभारी राहुल दास ने कहा कि संस्था समाज सेवा के इस कार्य में निरंतर तत्पर रहेगी। सोलन हेल्पिंग सोसायटी, सोलन, समाज सेवा में हमेशा अग्रसर रहेगी और हर संभव सहायता देने के लिए तत्पर है। इसके अलावा, सोसायटी जल्द ही रक्तदान शिविर और फ्री स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित करेगी, जिसमें जरूरतमंदों का स्वास्थ्य जांचा जाएगा और दवाइयां भी प्रदान की जाएंगी।
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के वेदव्यास परिसर, बलाहर में एक सप्तदिवसीय हैमन्तिक कार्यशाला का उद्घाटन 25 फरवरी 2025 को किया गया। यह कार्यशाला 3 मार्च तक चलेगी, जिसमें विभिन्न प्रदेशों से आये हुए सहायकाचार्य, शोधछात्र, स्नातक एवं स्नातकोत्तर छात्र चम्पूरामायण का विस्तृत अध्ययन करेंगे। इस कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर परिसर से सेवानिवृत्त विशिष्ट अतिथि प्रो. रामकुमार शर्मा एवं केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, गुरुवायूर परिसर, केरल से सेवानिवृत्त मुख्य अतिथि प्रो. ई.एम. राजन् उपस्थित थे। उन्होंने अपने ज्ञान और अनुभव के आधार पर छात्रों के लिए चम्पूरामायणम् विषय का उपस्थापन किया। कार्यशाला का उद्घाटन परिसर निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी की अध्यक्षता में हुआ। इस अवसर पर परिसर के सह-निदेशक एवं कार्यशाला के संयोजक प्रो. मञ्जुनाथ एस.जि. ने सभी प्रतिभागियों और अतिथियों का स्वागत किया। कार्यशाला के सह-संयोजक डॉ. श्याम बाबू एवं डॉ. शक्तिशरण शर्मा के साथ डॉ. हरि ओम, डॉ. महात्मा वीणा पाणि त्रिपाठी एवं डॉ. राजन मिश्र ने अतिथियों को पुष्प गुच्छ प्रदान करके उनका सत्कार किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. गोविन्द नारायण दीक्षित ने किया और शान्ति मन्त्र के साथ उद्घाटन सत्र का समापन किया गया। इस उद्घाटन सत्र में परिसर के समस्त प्राध्यापक, कर्मचारी और छात्र उपस्थित रहे।
अब शिमला में HRTC की 'राइड विद प्राइड' इनोवा टैक्सियों में सफर करना महंगा हो गया है। HRTC की 'राइड विद प्राइड' इनोवा टैक्सियों के किराए में ₹10 की बढ़ोतरी कर सुक्खू सरकार ने शिमला की जनता को बड़ा झटका दे दिया है। अब, 0-4 किमी की यात्रा के लिए ₹20 के बजाय ₹30 का किराया लिया जाएगा। इसी तरह, 4-6 किमी के लिए ₹30 से बढ़कर ₹40, 6-8 किमी के लिए ₹40 से बढ़कर ₹50, और 8-10 किमी के लिए ₹50 से बढ़कर ₹60 का किराया तय किया गया है। 10 किमी से अधिक दूरी पर अब ₹70 से अधिक का किराया लगेगा। बता दे कि हालांकि, वरिष्ठ नागरिकों और मरीजों के किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
करसोग/राज सोनी: लीना शर्मा का प्राकृतिक खेती के लिए मशहूर पांगना क्षेत्र का गांव पज्यानु जिला मंडी हिमाचल प्रदेश हर दिन एक नया इतिहास रच रहा है। लीना शर्मा ने अभी तक पिछले कई सालों से लगभग हजारों लोगों को प्राकृतिक विधि से खेती सिखाई वहीं महिला शक्ति करण के लिए लीना शर्मा का प्रयास रंग ला रहा है। इस फसल के लिए लीना शर्मा के संसाधन भंडार से विभिन्न स्थानों के लिए अभी तक एक सौ क्विंटल घन जीवमृत व दस हजार लीटर जीवामृत की डिमांड को पूरा करने का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए अभी तक चालीस क्विंटल घन जीवमृत व चार हजार लीटर जीवामृत सप्लाई कर चुकी है। फॉर्म लेडी आफ इंडिया तथा भारत की टॉप टेन फार्मर से मशहूर लीना शर्मा ने महिलाओं की आर्थिकी को मजबूत करने का प्रयास सफल हो रहा है। जहां महिलाएं सुबह उठकर गाय से दूध निकाल कर बेच रही हैं वहीं गाय के गोबर, गोमूत्र व खट्टी लस्सी भी लीना शर्मा के संसाधन भंडार में बेचने के लिए पज्यानु गांव ही नहीं आसपास के अन्य गांव जैसे थाच, पनयाडु, घाडी, कत्याना, फ़ेगल इत्यादि स्थानों से लाती हैं। जिसे लीना शर्मा उचित दामों पर खरीद रही हैं लाभार्थी महिला किसानों में मीरा देवी, पिंकी देवी, गोमती देवी, रूकमणि देवी, मीना देवी, शांता देवी, किरण,ममता देवी, तेजी देवी इत्यादि महिलाएं बहुत प्रसन्न है। इसके अलावा लीना शर्मा के संसाधन भंडार में प्राकृतिक घटकों को तैयार करने में महिलाएं प्रतिदिन के हिसाब से रोजगार प्राप्त कर रही हैं। यह घटक किसानों और बागवानों के लिए मंडी जिला के अनेक स्थानों को व शिमला जिला के बागवानों के लिए सप्लाई किया जा रहा है। लीना शर्मा का कहना है कि अब मुझे दिल्ली जैसे शहरों से बड़ी बड़ी कंपनियों से भी प्राकृतिक खेती से उगाए गए उत्पादों को खरीदने के लिए भी ऑफर आ रहे हैं और इस को लेकर खुद भी प्रयास किए जा रहे हैं जिसमें कि प्राकृतिक खेती विधि से उगाए गए सेब व अन्य उत्पादों को अच्छा दाम मिल सके। लीना शर्मा का कहना है कि मैने यह कार्य बिना किसी सरकारी सहायता, न ही किसी एनजीओ की सहायता से अपने दम पर इतनी महिलाओं की आर्थिकी में सुधार ला रही हूं और मुझे ख़ुशी होती है कि जब ये महिलाएं प्रतिदिन दूध के साथ साथ गोबर, गोमूत्र, लस्सी को भी मेरे संसाधन भंडार में बेचकर अपनी आय को और ज्यादा बेहतर बना रही हैं नहीं तो उनके दूध के अलावा किसी भी चीज से आय नहीं होती थी और अब अपने उपयोग से अतिरिक्त के भी दाम मिल रहे है तथा समय समय पर ब्लॉक के आत्मा परियोजना के ए टी एम, बी टी एम व कृषि विज्ञान केंद्र सुंदरनगर से वैज्ञानिक लीना शर्मा के संसाधन भंडार में आते रहते है।
हिमाचल प्रदेश में राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सुक्खू सरकार द्वारा नायब तहसीलदारों, पटवारियों और कानूनगो को स्टेट कैडर में डालने की अधिसूचना जारी करने के बाद से संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी और कानूनगो महासंघ में नाराजगी है। इस निर्णय को लेकर महासंघ ने आगामी 25 और 27 फरवरी को सामूहिक अवकाश पर जाने का फैसला किया है, जिसका असर प्रदेशभर में लोगों के प्रमाण पत्र, रजिस्ट्रियां, लोन, और ई-केवाईसी प्रक्रियाओं पर पड़ेगा। इससे आम जनता को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। महासंघ ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने दो दिन के भीतर उचित निर्णय नहीं लिया, तो 28 फरवरी से वे अनिश्चितकालीन पेन डाउन स्ट्राइक शुरू कर देंगे। सुक्खू सरकार ने राज्य कैडर की अधिसूचना जारी कर नायब तहसीलदार, पटवारी और कानूनगो के प्रमोशन चैनल को प्रभावित कर दिया है, जिससे महासंघ के सदस्य परेशान हैं। राज्य में इन पदों पर कुल 3,342 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 488 पद खाली हैं। 2,828 पटवारी और कानूनगो 25 और 27 फरवरी को अवकाश पर जाएंगे, जिससे प्रशासनिक कार्यों में रुकावट आ सकती है। यह पहली बार नहीं है कि इन कर्मचारियों ने विरोध किया है। पिछले साल जुलाई में भी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया था और 15 अगस्त को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ हुई बैठक के बाद ही उन्होंने काम पर लौटने का निर्णय लिया था। इसके बाद, महासंघ ने अपनी आठ मुख्य मांगों को बलवान कमेटी के सामने रखा था, जो अब सरकार के पास सिफारिश भेज चुकी है।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली और श्री अरविंदो योगा एंड नॉलेज फाउंडेशन के तत्वावधान में "चैलेंजेज एंड पॉसिबिलिटीज ऑफ पाली एंड बुद्धिस्ट स्टडीज" विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन 19 फरवरी 2025 से 23 फरवरी 2025 तक बैंकाक, थाईलैंड में किया गया। इस संगोष्ठी में वेदव्यास परिसर के साहित्य विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. महीपाल सिंह ने कच्चायन व्याकरण के आलोक में "कारक विभक्ति विश्लेषण" विषय पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. नितिन जैन, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। संगोष्ठी के सत्राध्यक्ष के रूप में प्रो. राम नंदन सिंह, संकाय अध्यक्ष, बौद्ध दर्शन विभाग, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. मथाईयां बलिएट, विभागाध्यक्ष, ग्लोबल बुद्धिज्म इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, इनोवेशन एंड कल्चर, राजमंगला यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी कुरुंगथेप, बैंकाक (थाईलैंड) रहे।कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वारखेड़ी ने अपने आशीर्वचनों से की। इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय वेदव्यास परिसर, बलाहर की निदेशक महोदया प्रो. सत्यम कुमारी ने ऑनलाइन माध्यम से डॉ. महीपाल सिंह को मंगलकामनाएं भेजी।
हिमाचल प्रदेश में आगामी 4 दिन मौसम खराब रहने का अनुमान, प्रदेश भर में अच्छी बारिश-बर्फबारी की उम्मीद
हिमाचल प्रदेश में मौसम विज्ञान केंद्र 25 फरवरी की देर शाम से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने का अनुमान जताया है. प्रदेश भर में इसका असर 28 फरवरी तक देखने को मिलेगा. मौसम विज्ञान केंद्र का अनुमान है कि 26 और 27 फरवरी को हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश बर्फबारी होने के आसार हैं. वहीं अब तक प्रदेश में सर्दियां शुष्क रही हैं. पूरे सीजन के दौरान प्रदेश में सामान्य से लगभग 69 फ़ीसदी कब बारिश दर्ज की गई है. शिमला मौसम विज्ञान केंद्र में मौसम वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि. 25 फरवरी की देर शाम से हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा. इसका असर 28 फरवरी तक प्रदेश भर में देखने को मिलेगा. वहीं पहली और दो मार्च को भी प्रदेश भर में मौसम खराब बना रहेगा. इस दौरान 26 और 27 फरवरी को प्रदेश के विभिन्न इलाकों में अच्छी बारिश बर्फबारी होने की संभावना है. इसको लेकर मौसम विज्ञान केंद्र ने येलो अलर्ट जारी किया है. साथ ही कुछ इलाकों में भारी बारिश की भी संभावना है. इसको देखते हुए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है. वहीं, हिमाचल प्रदेश में इस बार सर्दियां शुष्क रही हैं. प्रदेश भर में पूरे सीजन के दौरान सामान्य से कम बारिश बर्फबारी दर्ज की गई. मौसम वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि प्रदेश भर में पूरे सीजन के दौरान सामान्य से 69 फ़ीसदी कम बारिश दर्ज की गई. जनवरी महीने में सामान्य 85 फ़ीसदी कम बारिश हुई. वहीं फरवरी महीने में अब तक सामान्य से 52 फ़ीसदी कम बारिश रिकॉर्ड की गई है. इसके चलते पूरे सीजन के दौरान दिन के तापमान औसतन चार से पांच डिग्री ऊपर देखने को मिले. फिलहाल प्रदेश में न्यूनतम तापमान सामान्य चल रहे हैं मगर दिन के तापमान में उछाल देखा जा रहा है. हालांकि प्रदेश में मौसम बिगड़ने के बाद दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की जाएगी. इसके चलते मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से 26 और 27 फरवरी को प्रदेश में कोल्ड डे का अलर्ट भी जारी किया गया है
सोलन के मैत्रय लक्ष्यम ने अपनी कड़ी मेहनत से UGC NET (बॉटनी) की परीक्षा पहले प्रयास में पास कर सफलता प्राप्त की है। मैत्रय ने अपनी पढ़ाई दिल्ली विश्वविद्यालय से की है। मैत्रय की माता लक्ष्मी श्याम, राजकीय कन्या विद्यालय सोलन में प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत हैं जबकि उनके पिता, वीर सिंह श्याम, दयानंद आदर्श विद्यालय में कोऑर्डिनेटर के रूप में कार्यरत हैं। इन दोनों के निरंतर समर्थन और मार्गदर्शन से ही मैत्रय को अपनी सफलता के इस ऊंचे मुकाम तक पहुंचने की प्रेरणा मिली। मैत्रय ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने परिवार और शिक्षकों को दिया है। मैत्रय का कहना है कि कठिन मेहनत और दृढ़ संकल्प से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि पूरे सोलन शहर और उनके परिवार के लिए गर्व की बात है।
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में जल्द ही एक नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्र खोला जाएगा, जो प्रदेश में अपनी तरह का पहला राज्य स्तरीय केंद्र होगा। यह केंद्र पच्छाद उपमंडल की दाड़ो देवरिया पंचायत स्थित कोटला बड़ोग में स्थापित होगा, जहां नशे की लत से जूझ रहे लोगों के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक इलाज की सुविधा दी जाएगी। इस केंद्र की स्थापना से न सिर्फ नशे के शिकार लोगों को नए जीवन की दिशा मिलेगी, बल्कि यह एक मॉडल केंद्र के रूप में पूरे प्रदेश में नशा मुक्ति के प्रयासों को नई दिशा देगा। इस केंद्र में 100 बेड की सुविधा प्रदान की जाएगी और इसमें चिकित्सक, स्टाफ नर्स और अन्य कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी, जो मरीजों की देखभाल और इलाज करेंगे। केंद्र के निर्माण पर कुल 5.34 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिसमें से एक करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है। विशेष बात यह है कि यह केंद्र पशुपालन विभाग के वेटरनरी फार्मासिस्ट केंद्र भवन में स्थापित किया जाएगा, जो कई सालों से बंद पड़ा था। इस भवन को नशा मुक्ति केंद्र के रूप में नवीनीकरण किया जाएगा। इसके अलावा, कोटला बड़ोग काऊ सेंचुरी की 10 बीघा ज़मीन भी केंद्र के लिए आवंटित की गई है। इस केंद्र में नशे की लत छुड़वाने के लिए न सिर्फ चिकित्सा सुविधाएं दी जाएंगी, बल्कि मनोरंजन स्थल, पुस्तकालय, व्यायामशाला, खेल, ध्यान और योग जैसी गतिविधियाँ भी उपलब्ध होंगी। इसके अलावा, कौशल विकास और व्यावसायिक प्रशिक्षण से जुड़े कार्यक्रम भी होंगे, जो मरीजों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेंगे। सिरमौर जिला कल्याण अधिकारी विवेक अरोड़ा ने बताया कि पिछले साल मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सिरमौर में नशा मुक्ति केंद्र खोलने की घोषणा की थी और अब सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।
सोलन: धर्मपुर थाना में एक नेपाली महिला गंगा देवी द्वारा रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी कि उनकी 19 वर्षीय बेटी घर से बिना बताए कहीं चली गई थी। गंगा देवी ने अपनी बेटी की तलाश अपनी ओर से भी की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस थाना धर्मपुर में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गुम हुई लड़की की तलाश शुरू की और दिनांक 22 फरवरी 2025 को ही परवाणू के टीटीआर क्षेत्र से लड़की को सुरक्षित रूप से बरामद किया। पुलिस टीम ने लड़की को उसके परिजनों के हवाले कर दिया। जांच के दौरान सामने आया कि लड़की ने अपने माता-पिता को बताये बिना ही घर से अपनी मर्जी से घूमने के लिए निकल पड़ी थी। पुलिस द्वारा गुमशुदगी के मामले में तत्परता से कार्रवाई की गई और परिवार को राहत मिली।
हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को दी जा रही मुफ्त एचआरटीसी बस सेवा जल्द ही बंद हो सकती है। एचआरटीसी के निदेशक मंडल की हाल की बैठक में इस मामले पर गंभीर चर्चा हुई, जिसमें विद्यार्थियों के लिए न्यूनतम बस किराए पर आधारित पास बनाने के विकल्प पर विचार किया गया। प्रस्ताव के अनुसार, सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को अब घर से स्कूल और स्कूल से घर जाने के लिए 15 सिंगल फेयर बस पास हर महीने बनवाने होंगे। इसमें महीने में 15 दिनों का किराया लिया जाएगा, लेकिन यह किराया केवल एक दिशा का ही वसूला जाएगा, यानी विद्यार्थियों को केवल एक तरफ का किराया देना होगा। यह कदम, एचआरटीसी की वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, ताकि निगम को घाटे से उबरने में मदद मिल सके। बैठक में शहरी निकाय क्षेत्रों में महिलाओं के लिए दी जा रही 50 प्रतिशत किराए की छूट को बंद करने का प्रस्ताव भी सामने आया। निदेशक मंडल का मानना है कि यह छूट अब केवल उन महिलाओं को दी जानी चाहिए, जिनकी आय कम है या जो बेरोजगार हैं। शहरी क्षेत्रों में नौकरीपेशा महिलाएं भी इस छूट का लाभ उठा रही हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में इसका लाभ उन महिलाओं को मिलना चाहिए, जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है। इसके साथ ही यह भी सुझाव दिया गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के लिए किराए की छूट जारी रखी जाए, ताकि वे सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल आसानी से कर सकें। इसके अलावा, एचआरटीसी द्वारा बस किराए में वृद्धि करने का प्रस्ताव भी निदेशक मंडल की बैठक में चर्चा का हिस्सा रहा। प्रस्ताव के मुताबिक, न्यूनतम किराया 2 किलोमीटर तक 5 रुपये और 4 किलोमीटर तक 10 रुपये तय करने की सिफारिश की गई है। वर्तमान में 3 किलोमीटर तक का किराया 5 रुपये लिया जाता है, और अब यह बढ़ाकर 4 किलोमीटर तक किया जाएगा। इसके अलावा, 4 किलोमीटर से अधिक की यात्रा पर प्रति किलोमीटर किराए में भी बढ़ोतरी करने का सुझाव दिया गया है। एचआरटीसी के अधिकारियों का कहना है कि निगम को घाटे से उबारने और कर्मचारियों की देनदारियों का भुगतान करने के लिए इन बढ़ोतरी और बदलावों की आवश्यकता है। इस प्रकार, सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को मुफ्त एचआरटीसी बस सेवा अब पूरी तरह से बंद हो सकती है, और महिलाओं के लिए किराए की छूट में भी बदलाव संभव है। इन कदमों से निगम की वित्तीय स्थिति को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन यह निर्णय राज्य सरकार के हाथों में है, जो इस पर अंतिम फैसला लेगी।
डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन्न राजकीय महाविद्यालय धर्मपुर में 18वाँ वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह आयोजित
डिंपल /धर्मपुर(मंडी)21 फरवरी-डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन्न राजकीय महाविद्यालय धर्मपुर में शुक्रवार को 18वाँ वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह का आयोजन किया गया। विधायक धर्मपुर चन्द्रशेखर ने बतौर मुख्यातिथि समारोह में शिरकत की तथा द्वीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। विधायक चंद्रशेखर ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को अच्छे भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विद्यार्थियों की सफलता व शिक्षा के लिए माता-पिता व अध्यापकों के अथक प्रयास हैं। उन्होंने कहा की वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में आए विद्यार्थियों के माता-पिता के लिए अपने बच्चों को इनाम प्राप्त करते देखना अत्यन्त हर्ष का विषय है। विधायक चंद्रशेखर ने मेधावियों को सम्मानित किया तथा छात्रों को मानवीय मूल्यों को समझने, लक्ष्य निर्धारण, भविष्य में पर्यावरण की चुनौतियों से लड़ने, नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। विधायक ने सत्र 2024-25 में महाविद्यालय में अकादमिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया। इसके अलावा राजभाषा हिंदी पखवाड़ा गेयटी थियेटर शिमला में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को भी पुरस्कृत किया गया। उन्होंने एड्स दिवस के कार्यक्रम में भाग लेने वाले विद्यार्थियों, एनसीसी, एनएसएस, इको क्लब, रोड सेफ्टी क्लब, यूथ रेड क्रॉस, रेड रिबन क्लब में शामिल विद्यार्थियों तथा खेलकूद व सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को भी पुरस्कृत किया। उन्होंने अंतर महाविद्यालय वॉलीबॉल प्रतियोगिता में भाग लेने वाली छात्राओं को भी पुरस्कृत किया। विधायक ने महाविद्यालय के स्टाफ द्वारा क्षेत्रीय स्कूलों को गोद लेने पर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में जल्द ही हिन्दी व इतिहास स्नातकोतर शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय के मैदान के सौंदर्यीकरण का बाकी बचा हुआ कार्य भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर प्रकाश डाला तथा पर्यावरण में हो रहे बदलाव को लेकर भी चिंता जताई एवं पर्यावरण के सरंक्षण हेतू सभी को अपना योगदान देने का आग्रह किया। इससे पूर्व महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ रमेश चंद धलारिया ने विधायक का कार्यक्रम में उपस्थित होने पर आभार व्यक्त किया तथा वार्षिक पारितोषिक प्रतिवेदन मुख्य अतिथि के सामने प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने इस अवसर पर अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
सोलन जिले के एक व्यक्ति की मोटर साईकिल चोरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जतिन कुमार, निवासी शामती तहसील और जिला सोलन, ने पुलिस थाना सदर सोलन में 03 जनवरी 2025 को शिकायत दर्ज करवाई थी कि उनकी मोटर साईकिल न. एच.पी. 16एए-0802, जिसे उनके दोस्त के नाम पर रजिस्टर किया गया था, सैन्टा रोजा होटल के पास सड़क के किनारे खड़ी की थी। लेकिन जब वह अगले दिन सड़क पर आए, तो उनकी मोटर साईकिल गायब थी। जतिन कुमार ने अपनी साईकिल की तलाश की, लेकिन वह कहीं नहीं मिली। इस पर उन्होंने पुलिस से मदद की गुहार लगाई, जिसके बाद पुलिस थाना सदर सोलन में चोरी का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी की तलाश शुरू की। 21 फरवरी 2025 को पुलिस टीम ने आरोपी सूरज (21 वर्ष), पुत्र श्री जगर सिंह, निवासी गांव जावा जनेली, जिला सिरमौर, को गिरफ्तार किया। आरोपी को पहले भी सिरमौर पुलिस द्वारा चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। अब पुलिस आरोपी के अपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है। आरोपी को आज न्यायालय में पेश किया जाएगा। मामले में जांच जारी है।
कुनिहार: बी एल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार में दी भारत स्काउट्स एंड गाइड्स इकाई द्वारा स्काउट्स एंड गाइड्स थिंकिंग डे मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यालय प्रधानाचार्य पुर्शोतम लाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मंच का संचालन गाइड कप्तान पिंकी कुमारी, सुमन देवी, रजनी सूद और आरती भारद्वाज ने किया, जबकि सभी स्काउट्स और गाइड्स के बच्चों ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्य अतिथि ने स्काउट्स एंड गाइड्स के संस्थापक बेडन पावल और उनकी धर्मपत्नी को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर स्काउट शिवम और गाइड पूर्णिमा ने भाषण के माध्यम से अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रधानाचार्य पुर्शोतम लाल ने भी बच्चों को स्काउट्स एंड गाइड्स थिंकिंग डे की बधाई दी। गाइड कप्तान पिंकी कुमारी ने बताया कि इस सत्र में स्काउट्स और गाइड्स के बच्चों को विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रधानाचार्य द्वारा पारितोषिक देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही विद्यालय अध्यक्ष ने भी स्काउट्स एंड गाइड्स इकाई को इस प्रकार के आयोजन के लिए बधाई दी। कार्यक्रम का समापन सुचारू रूप से हुआ।
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में हिमाचल प्रदेश सरकार को भूंडा महायज्ञ के दौरान पशु बलि देने पर नोटिस जारी किया है। यह महायज्ञ 2 से 5 फरवरी तक शिमला जिले के रोहड़ू क्षेत्र में आयोजित हुआ था, जहां पशुओं की बलि दी गई। याचिकाकर्ता ने इस संबंध में एक कानूनी नोटिस पहले ही उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और एसडीएम को भेजा था, जिसमें उन्होंने पशु बलि पर रोक लगाने की मांग की थी। इसके बावजूद, नियमों का पालन किए बिना महायज्ञ के दौरान पशुओं की बलि दी गई, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन था। सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ, जिसमें न्यायमूर्ति जेके महेश्वरी और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार शामिल थे, ने इस मामले में हिमाचल प्रदेश सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी करते हुए उनसे जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट में प्रस्तुत किए गए अपने दस्तावेजों में सोशल मीडिया पर वायरल हुई उन वीडियो का भी उल्लेख किया है, जिनमें खुलेआम पशु बलि दी जा रही थी। इस मामले में अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी, और हिमाचल सरकार को याचिका में लगाए गए आरोपों का जवाब देने के लिए हलफनामा दायर करना होगा। इस याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि हिमाचल प्रदेश में पशु बलि की परंपरा सदियों से चली आ रही है, और कुल्लू दशहरा जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों में इस प्रथा को कानूनी अनुमति दी गई है, बशर्ते कि कुछ शर्तों का पालन किया जाए। 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने कुल्लू दशहरा में पशु बलि को लेकर शर्तों के साथ अनुमति दी थी, लेकिन रोहड़ू में इस बार इन शर्तों का खुलेआम उल्लंघन किया गया। याचिकाकर्ता ने अदालत से आग्रह किया है कि वर्तमान समय में पशु बलि को आधुनिक समाज के दृष्टिकोण से गलत माना जाता है और समाज में बदलाव की आवश्यकता है।
आज, स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी के आह्वान पर प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों में संजौली कॉलेज से 6 छात्रों के गैर-कानूनी निष्कासन के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में राज्य कमेटी के नेताओं ने महाविद्यालय प्रशासन की तानाशाही की कड़ी निंदा की और छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा की मांग की। जिला सचिव सोलन, रोहित वर्धान ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार और संजौली महाविद्यालय प्रशासन के तानाशाहीपूर्ण रवैये के खिलाफ यह धरना प्रदर्शन किया गया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कदमों से कैंपस डेमोक्रेसी खतरे में है, और छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने मांग की कि संजौली महाविद्यालय द्वारा अवैध रूप से निष्कासित 6 छात्रों को जल्द से जल्द बहाल किया जाए और उन्हें कोई नोटिस जारी न किया जाए, क्योंकि यह कॉलेज प्रशासन की तानाशाही का उदाहरण है। एसएफआई ने पहले भी छात्रों के जनवादी अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाई है और यह संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। पिछले कुछ वर्षों में, हिमाचल प्रदेश सरकार ने छात्रों के अधिकारों को कुचलने के प्रयास किए हैं, जिनमें छात्र संघ चुनाव पर लगाया गया प्रतिबंध इसका प्रमुख उदाहरण है। इस प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले दो सालों में राज्य सरकार ने छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों को खत्म करने का प्रयास किया है। संजौली कॉलेज में छात्रों द्वारा हॉस्टल फीस बढ़ोतरी, कैंटीन रेट्स, और लिंग संवेदनशील कमेटी के गठन के खिलाफ उठाए गए सवालों का जवाब देने के बजाय, कॉलेज प्रशासन और राज्य सरकार ने तानाशाही रवैया अपनाया है, जिसके कारण 6 छात्र अपनी पढ़ाई से वंचित हो गए हैं और मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं।
गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आज से दो दिवसीय सीबीएसई कार्यशाला का आयोजन किया हो रहा है जिसका आज आगाज़ हो गया है। पलहे दिन हुई इस कार्यशाला में विभिन्न स्कूलों के 120 प्रधानाचार्यों और वरिष्ठ अध्यापकों ने भाग लिया, और यह आयोजन सीबीएसई द्वारा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, पंचकूला के सहयोग से हुआ। कार्यशाला का उद्घाटन दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसमें तरुण कुमार (संयुक्त सचिव, सीबीएसई), इंद्रजीत मित्तल, और संजीव कुमार पुरी ने भाग लिया। दीप प्रज्वलन ने प्रतीकात्मक रूप से ज्ञान के प्रकाश को अज्ञानता के अंधकार से जीतने का संदेश दिया। इसके बाद, विद्यालय की छात्राओं ने भव्य देवी वंदना प्रस्तुत की, जिसने संपूर्ण वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता से भर दिया। इस कार्यक्रम में प्रधानाचार्या डॉ. लखविंदर कौर अरोड़ा ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और विद्यालय के लिए गर्व की बात कही कि सीबीएसई ने इस कार्यशाला का आयोजन उनके स्कूल में किया। उन्होंने बताया कि यह विद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर था क्योंकि विद्यालय ने हमेशा अपने शिक्षकों को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए प्रयास किए हैं, और इसके परिणामस्वरूप, गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सोलन शहर का पहला स्कूल बन चुका है, जहां सभी शिक्षक सीबीएसई द्वारा निर्धारित 50 घंटे की ट्रेनिंग पूरी कर चुके हैं। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को प्रशिक्षित करना था, ताकि वे सीबीएसई के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भविष्य में संसाधन व्यक्ति (Resource Person) के रूप में भूमिका निभा सकें। तरुण कुमार, जो सीबीएसई पंचकूला के प्रमुख हैं, ने कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज की। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण (ToT) प्रमाणन पाठ्यक्रम का हिस्सा है, जिसे सी० बी० एस० ई० ने ISTM, DoPT, भारत सरकार के सहयोग से शुरू किया है। इस कोर्स का उद्देश्य सभी प्रतिभागियों को प्रभावशाली शिक्षण की आवश्यक तकनीकों और प्रशिक्षण कौशल से सशक्त बनाना था। उन्होंने आगे बताया कि इस कोर्स के माध्यम से शिक्षकों को NEP 2020 के अनुसार 50 घंटों के निरंतर पेशेवर विकास (CPD) के लिए तैयार किया जाएगा। यह पाठ्यक्रम एंड्रागॉजी, प्रशिक्षण डिजाइन, अनुभवात्मक शिक्षण और सक्रिय सहकर्मी शिक्षण के विषयों पर केंद्रित था। कार्यशाला के पहले दिन का सत्र पूर्ण रूप से इंटरएक्टिव था, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने उत्साह और समर्पण के साथ भाग लिया। सी० बी० एस० ई० पंचकूला के अधिकारियों ने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य सी० बी० एस० ई० प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शिक्षक और प्रधानाचार्य को संसाधन व्यक्ति के रूप में प्रशिक्षित करना था। इस अवसर पर पीजीटी (पोस्ट ग्रेजुएट टीचर्स) और टीजीटी(ट्रैन्सजीन टीचर्स) भी कार्यशाला में भाग लेने के लिए उपस्थित थे। उन्हें भविष्य में सी० बी० एस० ई० के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में संसाधन व्यक्ति के रूप में कार्य करने के लिए प्रशिक्षित किया गया। इस कार्यशाला ने विद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाई और इसे शैक्षिक नवाचार की दिशा में नई ऊंचाई तक पहुंचाया। यह आयोजन शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ, क्योंकि इसने विद्यालय के शिक्षण पद्धतियों को अधिक प्रभावी, आधुनिक और प्रशिक्षित बनाने की दिशा में एक मजबूत योगदान दिया। इस कार्यशाला ने एक नई दिशा को जन्म दिया है, जिससे विद्यालय के शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को एक नई प्रेरणा मिली है, और यह भविष्य में शिक्षा प्रणाली को अधिक सशक्त और उन्नत बनाने में मदद करेगा।
रात्रि भत्ता सहित अन्य वित्तीय लाभों की मांग को लेकर एचआरटीसी चालक परिचालक यूनियन ने सरकार और निगम प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को दोनों यूनियनों ने निगम मुख्यालय के बाहर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने निगम और सरकार को 15 दिनों के भीतर सभी वित्तीय लाभ एक साथ अदा करने का अल्टीमेटम दिया। यूनियन ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनका वित्तीय लाभ समय पर नहीं दिया गया, तो 6 मार्च से चालक काम छोड़ो अभियान और चक्का जाम जैसे आंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। एचआरटीसी ड्राइवर यूनियन के अध्यक्ष मान सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री बार-बार झूठ बोलकर लाभों की तिथि को आगे बढ़ा रहे हैं। चालक परिचालकों को अभी तक रात्रि भत्ता नहीं दिया गया, साथ ही अन्य कई वित्तीय लाभ भी लंबित हैं। उन्होंने कहा कि कई बार सरकार और निगम प्रशासन से आग्रह करने के बावजूद यह लाभ नहीं दिए जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर वित्तीय लाभों का भुगतान नहीं किया जाता, तो चालक काम छोड़ो अभियान और चक्का जाम जैसे आंदोलन की ओर बढ़ सकते हैं, जिसके लिए निगम प्रबंधन और सरकार जिम्मेदार होगी।
आज राजकीय महाविद्यालय खुंडियां द्वारा सड़क सुरक्षा अभियान के अंतर्गत एक रैली का आयोजन किया गया। यह रैली खुंडियां बाजार से लेकर महाविद्यालय खुंडियां तक 3 किलोमीटर तक निकाली गई। रैली में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। छात्रों ने वाहन चालकों को सीट बेल्ट और हेलमेट पहनने के महत्व के बारे में जागरूक किया। रैली के दौरान सभी छात्रों ने सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास किया। संयोजक सुरेंद्र कुमार और अन्य आचार्य भी इस रैली में उपस्थित रहे। यह अभियान सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। छात्रों ने इस अवसर पर अपने संकल्प को दोहराया और दूसरों को भी सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रेरित किया। इस प्रकार के अभियानों से समाज में सुरक्षा की जागरूकता फैलाने में मदद मिलती है।
हिमाचल प्रदेश में SMC अध्यापक एक बार फिर अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। इन अध्यापकों का मुख्य उद्देश्य अपनी नौकरी का नियमितीकरण है, जिसके लिए वे लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। कुछ समय पहले, SMC अध्यापक शिमला के चौड़ा मैदान में दिन-रात हड़ताल पर बैठे थे, और तब शिक्षा मंत्री ने खुद धरना स्थल पर आकर इनकी समस्याओं को सुनने और विचार करने का आश्वासन दिया था। लेकिन इतना समय बीतने के बाद भी इनकी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं, जिससे अब यह अध्यापक एक बार फिर आर-पार की लड़ाई के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। SMC अध्यापक संघ के राज्य प्रवक्ता, निर्मल ठाकुर ने कहा कि ये अध्यापक पिछले कई सालों से प्रदेश के दूरदराज इलाकों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद सरकार की ओर से इनकी स्थिति सुधारने के लिए कोई स्थाई पॉलिसी नहीं बनाई गई है। यही नहीं, इन अध्यापकों को स्कूलों की छुट्टियों के दौरान वेतन भी नहीं मिलता, और केवल 14,000 रुपये मासिक वेतन पर इनका परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। निर्मल ठाकुर ने सरकार से यह मांग की कि जल्द से जल्द एक स्थाई पॉलिसी बनाई जाए, और 2,555 शिक्षकों को स्थाई नियुक्ति दी जाए। उनका कहना है कि वे किसी तरह का आश्वासन नहीं, बल्कि नियमितीकरण के आदेश लेकर ही वापस लौटेंगे। अब यह समय है जब इन अध्यापकों ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की हमीरपुर इकाई ने नशा माफिया के खिलाफ एक शव यात्रा निकालकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रदेश सरकार से अपील की कि नशे के बढ़ते कारोबार को रोकने के लिए कठोर कदम उठाए जाएं। इस मौके पर ABVP के कार्यकर्ताओं ने आम जनता से भी अपील की कि वे नशे के खिलाफ अपने योगदान दें और नशे के व्यापारियों की पहचान उजागर करने के लिए सक्रिय रूप से सामने आएं। विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने बस स्टैंड से लेकर गांधी चौक तक शव यात्रा निकाली, जिसमें उन्होंने नशा माफिया के खिलाफ नारेबाजी की और सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की। यात्रा के दौरान गांधी चौक पर नशा माफिया के प्रतीक शव को रखकर कार्यकर्ताओं ने आंसू बहाए और विलाप किया। इस अवसर पर ABVP के विभाग संयोजक अभिषेक शर्मा ने बताया कि विद्यार्थी परिषद ने नशे के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने के लिए यह प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन के माध्यम से गेस्ट लेक्चर भर्ती, नशा माफिया और बेरोजगारी के खिलाफ विरोध जताया गया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रदेश सरकार इन मुद्दों पर उचित कार्रवाई नहीं करती, तो विद्यार्थी परिषद आगामी दिनों में विधानसभा का घेराव करने का निर्णय ले सकती है।
दिनांक 19 फरवरी 2025 को पुलिस थाना भून्तर, कुल्लू और मनीकर्ण में आबकारी अधिनियम के तहत तीन अलग-अलग मामले पंजीकृत किए गए हैं। पहले मामले में, पुलिस थाना भून्तर की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर ट्रक यूनियन भून्तर के पास देव राज निवासी गांव सुजहैणी, डाकघर नयूल, तहसील भून्तर के कब्जे से 04 बोतलें देसी शराब (संतरा) और 03 बोतलें अंग्रेजी शराब (रॉयल स्टैग) बरामद की हैं। दूसरे मामले में, पुलिस थाना कुल्लू की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर अंगू दोभी में बुध राम निवासी अंगू दोभी के किराने की दुकान की तलाशी के दौरान 24 बोतलें देसी शराब (संतरा) बरामद की हैं। तीसरे मामले में, पुलिस थाना मनीकर्ण की टीम ने उच्चधार क्षेत्र में गश्त के दौरान मधुकर द्विवेदी निवासी गांव उच्चधार, डाकघर मनीकर्ण के किराने की दुकान की तलाशी के दौरान 07 बोतलें देसी शराब (संतरा ब्रांड) और 02 बोतलें ओल्ड मोन्क शराब बरामद की हैं। इन सभी मामलों में आरोपियों के खिलाफ संबंधित थानों में आबकारी अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत किए गए हैं और आगे की जांच जारी है।
केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकारों को विकासात्मक योजनाओं के लिए दी जाने वाली धनराशी के व्यय हेतु स्पर्श योजना शुरू करने के निर्णय का भारतीय जनता पार्टी ने स्वागत किया है। भाजपा प्रागपुर मंडल के अध्यक्ष विनोद शर्मा ने कहा कि इस योजना से सरकारों की मनमानी पर नियंत्रण लगेगा और पैसा सीधे संबंधित विभाग के बैंक खातों में जाएगा। विनोद शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार की यह स्पर्श योजना पहली अप्रैल से शुरू होगी। प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इससे स्वीकृत राशि को अन्य कार्यों पर खर्च करने पर रोक लगेगी और कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत बैंकों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं कि वे केंद्र सरकार के आदेशों का पालन करते हुए राशि की निकासी करें। भाजपा अध्यक्ष विनोद शर्मा ने कहा कि इस योजना से विकास में गति आएगी और पारदर्शिता में भी वृद्धि होगी।
मोहाली में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शिमला के एक युवक के साथ दरिंदगी की सारी हदें पार कर दी गईं। पंजाब यूनिवर्सिटी में एमए की पढ़ाई कर रहे इस छात्र ने मोहाली के एक सरपंच और उसके दोस्त करम देव किडनैपिंग, यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग और शारीरिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित के अनुसार, उसे पहले किडनैप किया गया, फिर जबरन यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया। इतना ही नहीं उसके गुप्तांग पर करंट लगाया गया और इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया गया। पीड़ित का कहना है कि आरोपियों ने उसे धमकाकर उसके मोबाइल से 30,000 रुपये भी ट्रांसफर करवा लिए। इस घटना से टूट चुके युवक ने आत्महत्या करने का फैसला कर लिया। 19 जनवरी को वह पिंजौर पहुंचा और खुदकुशी से पहले रोते हुए अपना एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसे उसने अपने कुछ जानने वाले लोगो को भेजदी। वीडियो देखने के बाद कुछ लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर उसे आत्महत्या करने से रोक लिया, लेकिन वह बेहोश हो गया। 21 जनवरी को जब उसे होश आया। शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में युवक का मेडिकल हुआ है, जिसमें कुकुर्म की पुष्टि की गई है । शिमला पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला खरड़ पुलिस को ट्रांसफर किया है. खरड़ पुलिस ने राजपुरा के सरपंच सहित दो लोगों पर मामला दर्ज किया है मामले की आगामी जांच जारी है।
जल शक्ति मंडल चम्बा में हुई भर्ती के विरोध में जिला मुख्यालय चम्बा में आज एक बार फिर युवाओं ने एकजुट होकर आक्रोश रैली निकाली। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य जय सिंह की अगुवाई में तहसील कार्यालय चम्बा से आरंभ हुई आक्रोश रैली डीसी ऑफ़िस पहुंचकर संपन्न हुई। इस दौरान युवाओं ने जमकर नारेबाजी भी की। युवाओं ने डीसी चम्बा मुकेश रेपस्वाल से मुलाकात करके उनके द्वारा की गई जांच के बारे में जानकारी मांगी। डीसी ने उन्हें भर्ती से संबंधित दस्तावेज भी दिखाए लेकिन युवाओं ने इस पर असंतोष प्रकट किया। इसके उपरांत युवाओं ने डीसी ऑफ़िस के बाहर पहुंचकर दोबारा नारेबाजी की। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक भर्ती मामले की जांच पूरी नहीं होगी तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि युवा बीते 1 सप्ताह से भर्ती मामले की जांच को लेकर आवाज बुलंद कर रहे हैं। युवाओं ने गत शनिवार भी डीसी ऑफ़िस में धरना दिया था और भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य जय सिंह ने आत्मदाह करने का प्रयास भी किया था। लेकिन डीसी से गुरुवार तक जांच प्रक्रिया पूर्ण के आश्वासन मिलने के बाद धरना प्रदर्शन और आत्मदाह को टाल दिया गया था। जय सिंह ने कहा कि आज डीसी चम्बा जांच को लेकर संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए हैं। उन्होंने भर्ती को लेकर जो धांधली के आरोप लगाए थे, उनकी जांच डीसी चम्बा ने नहीं की है। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि अब वे कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह का चम्बा पहुंचने पर घेराव करेंगे और काले झंडे दिखाकर चम्बा में उनका स्वागत करेंगे।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर (कांगड़ा) स्थित वेदव्यास परिसर में महिला अध्ययन केंद्र की निदेशक प्रो. मोहिनी अरोड़ा ने डी.एम.के. सांसद दयानिधि मारन के संस्कृत विरोधी बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। प्रो. अरोड़ा ने कहा कि संस्कृत हमेशा से समृद्ध और सशक्त भाषा रही है, और यह ज्ञानविज्ञान का एक अटल कोश है। उन्होंने कहा कि संस्कृत केवल भारत की संस्कृति का आधार नहीं है, बल्कि यह आधुनिक तकनीक में भी अत्यंत उपयोगी है, विशेषकर कम्प्यूटर विज्ञान में। उनके अनुसार, आज भारत में संस्कृत बोलने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, और विदेशी भी इस भाषा को सीखने के लिए भारत आ रहे हैं या ऑनलाइन माध्यम से इसका अध्ययन कर रहे हैं। अरोड़ा ने आरोप लगाया कि दयानिधि मारन जैसे लोग संसदीय चर्चाओं में संस्कृत के अनुवाद की बात पर अपनी नकारात्मक टिप्पणियों से अपनी संस्कृत विरोधी मानसिकता को सामने ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति का मूल संस्कृत में है, और इस पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी भारत की आत्मा पर चोट करने जैसा है। अरोड़ा ने यह भी कहा कि मारन ने यह भी नहीं सोचा कि उनका खुद का नाम "दयानिधि" संस्कृत से लिया गया है, जो संस्कृतनिष्ठ है। ऐसे में संस्कृत पर इस प्रकार की फूहड़ टिप्पणी करना न केवल उनकी गलत सोच को दर्शाता है, बल्कि एक महान भाषा का अपमान भी है। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के वेदव्यास परिसर स्थित महिला अध्ययन केंद्र ने दयानिधि मारन के इस विचार की कड़े शब्दों में निंदा की है। प्रो. अरोड़ा ने जोर देकर कहा कि अगर मारन माफी नहीं मांगते हैं, तो महिला शक्ति इस मुद्दे पर देशभर में आंदोलन कर इस दुष्प्रयास का विरोध करेगी।


















































