राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत आज पंचायत समिति भवन पधर में एकल नारी प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर की अध्यक्षता खण्ड विकास अधिकारी द्रंग, विनय चौहान ने की। शिविर में द्रंग की सभी पंचायतों में रहने वाली एकल नारियां, विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता और अन्य अकेली महिलाएं शामिल हुईं।विनय चौहान ने बताया कि यह एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर एकल नारियों को सशक्त बनाने और उन्हें सरकारी योजनाओं के लाभ के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने महिलाओं को विधवा पेंशन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मुख्यमंत्री विधवा एवं एकल नारी आवास योजना, कानूनी परामर्श, महिला अधिकार, महिला सुरक्षा, स्वयं सहायता समूह, महिला स्वयं रोजगार, विधवा पुनर्विवाह योजना, मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना, इंदिरा गांधी बहना सुख समान निधि योजना और मनरेगा जैसी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर तहसील वेलफेयर अधिकारी सरला शर्मा, पंचायत निरीक्षक हुकम चंद, समाज शिक्षा अधिकारी बलदेव ठाकुर, एलएसईओ शांता ठाकुर और सुपरवाइजर चंद्रावती समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
जोगिंद्रनगर की 22 वर्षीय युवती निशा सोनी की हत्या के मामले का खुलासा हो गया है। निशा को उसके ही प्रेमी ने नहर में धक्का देकर मौत के हवाले कर दिया था। रोपड़ पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज किया है। आरोपी 33 वर्षीय पुलिस कर्मी है। उसे हिरासत में लिया गया है और उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। आरोपी पहले से ही शादीशुदा है और अपने प्रेम प्रसंग को छिपाने के लिए उसने निशा की हत्या कर दी, अब तक जांच में इस बात का खुलासा हुआ है। बता दें कि निशा सोनी की लाश बुधवार को रोपड़ के पास पटियाला नहर से मिली थी। निशा की बहन ने रोपड़ पुलिस को उसके लापता होने की शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसके बाद गोताखोरों ने नहर से निशा का शव निकाला था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंडी जिले के जोगिंद्रनगर की मसौली पंचायत के सेरू गांव की रहने वाली निशा चंडीगढ़ में पिछले तीन वर्षों से एयरहोस्टेस की ट्रेनिंग कर रही थी। कुछ दिनों पहले वह अपने घर आई थी और सोमवार को चंडीगढ़ के लिए रवाना हुई। इस दौरान उसे रास्ते में उसके प्रेमी का फोन भी आया और दोनों की बातचीत को बड़ी बहन ने भी सुन लिया था। इसके बाद निशा शाम को मिलने के लिए अपने प्रेमी के घर भी गई और उसके बाद लापता हो गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज में अंतिम बार निशा को आरोपी के साथ ही देखा था। जिस पर जांच करते हुए पुलिस ने निशा के शव को नहर से ढूंढ निकाला। आरोपी निशा को अपने साथ नहर तक ले गया था और फिर मौका पाते ही उसे नहर में धक्का दे दिया। निशा के परिजन अपनी बेटी का शव लेकर जोगिंदर नगर पहुंच गए हैं। आज निशा का अंतिम संस्कार किया गया । इस घटना के बाद निशा के परिजनों और क्षेत्र के लोगों में आक्रोश है। उन्होंने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल ज्वालामुखी में सुभाष चंद्र बोस की 128वीं जयंती बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर स्कूल की प्रधानाचार्या मीना कुमारी और स्कूल स्टाफ ने सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। प्रधानाचार्या ने बच्चों को सुभाष चंद्र बोस के जीवन, उनके संघर्ष और बलिदान की प्रेरणादायक कहानी सुनाई। उन्होंने विद्यार्थियों को उनके आदर्शों पर चलने और देश सेवा के लिए प्रेरित किया।इस मौके पर प्रवक्ता रेखा पाल, विकास धीमान, सुखदा सूद, रीता अटवाल, दीक्षा जगोतरा, शिव राम, अशोक कुमार, प्रिया गुलेरिया, केवल और सोनू सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
शिमला में हाल ही में चर्चित मामले के बाद सिरमौर में बाइक, स्कूटर और कारों में रेत-बजरी ढोने के आरोप लगे हैं। इसमें 50 लाख रुपये से अधिक के घोटाले की आशंका है। यह आरोप नाहन में पत्रकारवार्ता में रेडली पंचायत निवासी आरटीआई कार्यकर्ता कृष्ण दत्त शर्मा ने लगाए। शर्मा ने बताया कि मामले में उचित जांच को लेकर बुधवार को विजिलेंस को भी शिकायत सौंपी गई है। आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत रेड़ली और दाना घाटों में विभिन्न विकास कार्यों में धांधलियां की गई हैं। संबंधित कार्यों को लेकर जब सूचना का अधिकार अधिनियम में जानकारी हासिल की तो यह जानकारी मिली है। दोनों ही पंचायतों में एक ही कंपनी की ओर से रेत-बजरी समेत अन्य निर्माण सामग्री वितरित की गई है। दोनों ही पंचायतों में एक जैसे एम. फार्म लगाए गए हैं। आरोप लगाया कि उक्त कंपनी की ओर से जो रेत-बजरी आदि को लेकर बिल दिए गए हैं। उनमें स्कूटर, मोटरसाइकिल, कार, जेसीबी, मैक्स गाड़ी के नंबर ढुलाई के लिए दर्शाए गए हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि बड़े पैमाने पर धांधली की गई है। उन्होंने मीडिया को आरटीआई के माध्यम से लिए गए वाहनों के नंबर की सूची भी जारी की है। शर्मा ने कहा कि उन्होंने मामले को लेकर सूचना एकत्रित की और इस दिशा में कई बार शिकायत भी अधिकारियों से की है, लेकिन कोई कार्रवाई अभी तक नहीं हुई है। मामले को दबाने को लेकर उनपर झूठे एट्रोसिटी के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। उन्होंने मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से भी मामले में उचित कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
जिला कुल्लू की पर्यटन नगरी मनाली में 20 से 24 जनवरी तक राष्ट्र स्तरीय विंटर कार्निवल मनाया जा रहा है। वहीं विंटर कार्निवल के दौरान मनाली में एक युवक की हत्या का मामला सामने आया है। हत्या का ये मामला मनु रंगशाला में पेश आया है। जहां पर हजारों की संख्या में लोग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद उठा रहे थे। वहीं, मनु रंगशाला के पीछे एक युवक की हत्या होने का पता चलते ही लोगों में भगदड़ मच गई। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लिया। पुलिस की टीम अब आरोपियों की तलाश में जुट गई है। मृतक युवक की पहचान दक्ष के तौर पर हुई है, वो मनाली के वशिष्ठ गांव का रहने वाला था। वहीं, मृतक युवक के परिजनों ने मनाली अस्पताल में पहुंचकर एक पुलिस अधिकारी पर भी अभद्रता का आरोप लगाया, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ अपना रोष व्यक्त किया। मृतक युवक के चाचा श्यामलाल ने बताया कि जब वे मनाली अस्पताल पहुंचे तो उन्होंने पुलिस प्रशासन का पूरा सहयोग किया, लेकिन एक अधिकारी के द्वारा मौके पर पहुंचकर उनके साथ अभद्रता की गई। ऐसे में उस अधिकारी के खिलाफ भी प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए। श्यामलाल ने बताया, मनाली की मनु रंगशाला में सभी लोग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद ले रहे थे। तभी मनु रंगशाला के बैक स्टेज में मेरे भतीजे की हत्या कर दी गई। मनाली पुलिस जल्द से जल्द सभी आरोपियों को गिरफ्तार करें। वरना वीरवार को मृतक युवक का शव माल रोड पर रखा जाएगा और मनाली घाटी के सभी लोग मिलकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ रोष प्रदर्शन करेंगे।वहीं डीएसपी मनाली केडी शर्मा ने बताया, पुलिस की टीम सीसीटीवी फुटेज को चेक कर रही है और जल्द ही युवक की हत्या में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
**खाताधारकों की चेतावनी, अगर जल्द नहीं मिली राशि, तो होगा उग्र आंदोलन ** 100 से ज्यादा खाताधारक इंतजार में, बैंक पर टूट रहा विश्वास... नौहराधार स्थित कॉपरेटिव बैंक में 13 अगस्त 2024 को हुए करोड़ों रुपए के घोटाले का मामला सामने आया था, जिसमें बैंक के ही एक कर्मचारी ने जालसाजी को अंजाम दिया था। पांच महीने से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद बैंक केवल 13 खाताधारकों को ही अपनी जमा पूंजी लौटा पाया है, जबकि अभी भी 100 से अधिक खाताधारक अपनी राशि के लिए इंतजार कर रहे हैं। ये लोग हर दिन बैंक का चक्कर लगा रहे हैं और अपनी जमा पूंजी की वापसी के लिए परेशान हैं। खाताधारकों का कहना है कि आरोपी बैंक कर्मचारी को तो गिरफ्तार कर लिया गया था और वह जेल में है, लेकिन अब उसे जमानत मिल गई है। बावजूद इसके, उनका पैसा अभी तक नहीं लौटा है, जिससे उनका बैंक पर से विश्वास पूरी तरह टूट चुका है। खाताधारकों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी जमा पूंजी जल्द नहीं लौटाई गई, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने छात्रों की मांग पर स्नातक डिग्री कोर्स के सेमेस्टर सिस्टम में शैक्षणिक सत्र 2013-2017 के और 2017 के बाद के वार्षिक परीक्षा सिस्टम में पंजीकृत छात्र-छात्राओं को डिग्री पूरी करने और श्रेणी सुधार को दिए गए मौके की परीक्षाएं करवाने की तैयारी कर ली है। विवि सेमेस्टर सिस्टम में पंजीकृत यूजी डिग्री के विद्यार्थियों की ऑड सेमेस्टर की परीक्षाएं फरवरी में करवाएगा। अप्रैल में यूजी के इवन सेमेस्टर और वार्षिक प्रणाली में पंजीकृत यूजी के विद्यार्थियों को दिए गए इस विशेष अवसर की वार्षिक परीक्षाएं होंगी। परीक्षाओं के लिए विवि प्रदेश भर में सिर्फ दो परीक्षा केंद्र स्थापित करेगा। शिमला और धर्मशाला में बनाए जाने वाले इन परीक्षा केंद्रों में ही डिग्री पूरी करने और श्रेणी में सुधार करने के लिए परीक्षा फार्म भरने वाले विद्यार्थी परीक्षा दे सकेंगे। विश्वविद्यालय जल्द फरवरी में शुरू होने वाली 2013 से 2017 बैच तक के विद्यार्थियों के रोलनंबर और डेटशीट जारी करेगा। विवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल ने कहा कि सेमेस्टर सिस्टम के ऑड सेमेस्टर की परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों में 2013 से 2017 तक के बैच के कुल 101 विद्यार्थियों ने परीक्षा फार्म भरे हैं। तीसरे सेमेस्टर में 89, पांचवें सेमेस्टर की परीक्षा के लिए 96 कुल 286 स्नातक डिग्री कोर्स के विद्यार्थियों ने परीक्षा फार्म भरे हैं। अप्रैल में यूजी की रैगुलर बैच की परीक्षाओं के साथ 2013 से 2017 तक के बैच के यूजी छात्रों की इवन सेमेस्टर की परीक्षाएं होंगी, वहीं इसी दौरान विशेष अवसर में परीक्षा फार्म भरने वाले वार्षिक प्रणाली के छात्रों की परीक्षाएं भी संचालित की जाएंगी। इससे एक साथ विवि डिग्री पूरी करने को दिए गए परीक्षा के विशेष अवसर की परीक्षाएं करवाएगा। परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि इवन सेमेस्टर और वार्षिक प्रणाली के कितने छात्र इस अवसर में परीक्षा के लिए फार्म भरेंगे।
राष्ट्र स्तरीय मनाली विंटर कार्निंवल की तीसरी सांस्कृतिक संध्या में एक युवक की हत्या से सनसनी फैल गई है। कार्निंवल के दौरान नगर परिषद के कार्यालय के समीप अचानक युवक का किसी ने गला रेत दिया। हालांकि युवक को पुलिस अस्पताल लेकर आ रही थी लेकिन उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, मनुरंगशाला में विंटर कार्निंवल के कार्यक्रम के दौरान नगर परिषद के कार्यालय के पास दर्शकदीर्घा में ही वशिष्ट के दक्ष का किसी ने तेज धारदार हथियार से गले में वार कर दिया। इससे वह बुरी तरह से लहूलुहाल हो गया। ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मी उसे तुरंत अस्पताल लेकर आए लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। अस्पताल में चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। अभी तक हमला करने वालों का पता नहीं चल पाया है। उधर, अस्पताल में लोगों की भीड़ जुट गई। कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठ गए हैं। अस्पताल में जुटी लोगों की भीड़ को समझाने थाना प्रभारी खुद मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाया। उन्होंने कहा कि आरोपी जल्द सलाखों के पीछे होगा।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्ष 2025 सरकार के लिए प्रदर्शनकारी वर्ष है और सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को राज्य के विकास के लिए सहयोग देना चाहिए। यह बात मुख्यमंत्री सुक्खू ने धर्मशाला में अधिकारियों के साथ हुई बैठक में कही। उन्होंने कार्यों में देरी की प्रथा समाप्त करने के निर्देश दिए और कहा कि अगर ऐसा हुआ तो इसे विलंबित भ्रष्टाचार माना जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सभी योजनाओं के लिए बजट मुहैया करवा रही है और विकास के लिए धन की कमी आड़े नहीं आने देंगे। उन्होंने हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने के सरकार के लक्ष्य को दोहराया और विभागों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कल्याणकारी योजनाएं लाभार्थियों तक पहुंचें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित कर रही है। स्वास्थ्य संस्थानों के लिए आधुनिक उपकरण खरीदने पर 1,500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे कि घर द्वार पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलें। उन्होंने पठानकोट-मंडी और मटौर शिमला फोरलेन पर पांच मीटर का मध्य क्षेत्र रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बीपीएल परिवारों के लिए चयन मानदंड में बदलाव किया जा रहा है। इसके लिए आय सीमा बढ़ाकर सालाना 1.50 लाख रुपये की गई है और अब एक नया सर्वेक्षण अप्रैल में होगा। मुख्यमंत्री ने किसानों को ड्रैगन फ्रूट और ब्लूबेरी जैसे फलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। साथ ही कांगड़ा में सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने की संभावनाएं तलाशने और हरित पंचायतों के निर्माण में तेजी लाने को कहा। सीएम ने कहा कि देहरा के बनखंडी में अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्राणी उद्यान का पहला चरण अप्रैल 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के बनाए उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग के साथ उनके लिए शहरी क्षेत्रों में बने शॉपिंग कांप्लेक्स में दुकानें आवंटित करने को कहा। उन्होंने कहा कि बीते वर्ष की आपदा के दौरान राज्य सरकार ने प्रभावितों के लिए 4,500 करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज जारी किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांगड़ा में पूरी तरह से नष्ट हो चुके 383 घरों के पुनर्वास के लिए दो किस्तें जारी कर दी गई हैं और तीसरी जल्द जारी की जाएगी। मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना से कांगड़ा के 995 बच्चे लाभान्वित हुए हैं। जबकि इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत 18 वर्ष से कम आयु के 5,602 और 27 वर्ष तक के 543 लाभार्थियों का चयन किया गया है। उन्होंने कहा कि रक्कड़ और पालमपुर में हेलीपोर्ट के निर्माण के लिए निविदाएं इसी महीने खोली जाएंगी। राज्य सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही है। कांगड़ा जिले में 8,894 किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं और उनकी मैपिंग आवश्यक है।
हिमाचल में डाक विभाग अब दुर्गम और बर्फीले इलाकों में ड्रोन से चिट्ठी पहुंचाएगा। केंद्र सरकार के निर्देश पर विभाग ने अपर शिमला में ड्रोन से डाक पहुंचाने का ट्रायल शुरू किया है। उप डाकघर से शाखा डाकघरों तक पांच से दस मिनट में चिट्ठियां पहुंचाई जा रही हैं। जबकि पहले चिट्ठियां यहां तक पहुंचाने में पूरा दिन लग जाता था। ट्रायल सफल रहने के बाद विभाग केंद्र सरकार के निर्देश पर अन्य दुर्गम इलाकों में डाक पहुंचाने के लिए हाइटेक तकनीक का इस्तेमाल कर सकता है। डाक विभाग उप डाकघर हाटकोटी से सुबह 9 से 12 बजे के बीच शाखा डाकघर नंदपुर, कठासू, अंटी और झड़ग के लिए ड्रोन से डाक भिजवा रहा है। एक समय में सात किलो तक भार उठाने की क्षमता वाला ड्रोन पांच से दस मिनट में सात-आठ किलोमीटर दूर गांवों में डाक छोड़कर लौट रहा है। जिस शाखा में ड्रोन से डाक भेजी जाती है, वहां पर पहले से डाक कर्मी तैनात रहता है। दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रोन से डाक पहुंचाने का पूरा डाटा ऑनलाइन रखा जा है। ट्रायल के तौर ड्रोन से डाक पहुंचाने की अवधि 24 जनवरी को पूरी हो रही है। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि ड्रोन ट्रायल के लिए एक निजी कपंनी के साथ समझौता किया गया है। सफल संचालन पर विभाग अन्य दुर्गम और पहाड़ी इलाकों में ड्रोन का उपयोग करेगा। इसका उद्देश्य प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट के माध्यम से ड्रोन के जरिये चिट्ठी पहुंचाना है। केंद्र इससे पहले गुजराज और अरुणाचल में भी ट्रायल कर चुका है। ट्रायल पूरा होने के बाद केंद्र सरकार अगला कदम उठाएगी।ड्रोन से डाक ट्रायल के तौर पर कुछ शाखा डाकघरों के लिए भेजी जा रही है। ड्रोन सेवा 12 नवंबर से 24 जनवरी तक चल रही है। निजी कंपनी की सहायता से यह काम किया जा रहा है। अंकुश, प्रभारी उप डाकघर हाटकोटी दुर्गम क्षेत्रों में ड्रोन से डाक भेजने का ट्रायल चल रहा है। यदि ट्रायल सफल रहा तो इस तकनीक को नियमित लागू किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने दुर्घटना मामले में एक महत्त्वपूर्ण फैसला दिया है। मामले में छह महीने की देरी के बाद दायर की गई याचिका अब मान्य नहीं होगी। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की अदालत ने मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण चंबा की ओर से पारित 23 जुलाई 2024 के फैसले को निरस्त कर दिया। प्रतिवादियों की ओर से आवेदन देरी से करने को निचली अदालत ने माफ कर दिया था। कंपनी की ओर से निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी गई थी। बीमा कंपनी ने अदालत को बताया कि मुआवजे के दावे के लिए कोई आवेदन छह महीने के बाद स्वीकार नहीं किया जाएगा। अगर दावा दुर्घटना घटित होने के छह महीने के भीतर नहीं किया जाएगा तो वह धारा 166 (3) के नियमों के खिलाफ है। अदालत को बताया गया कि मोटर वाहन अधिनियम एक पूर्ण एवं आत्मनिर्भर अधिनियम है तथा इसकी धारा 166 (3) के अनुसार याचिका दायर करने में देरी को माफ करने का कोई प्रावधान नहीं है। मोटर वाहन अधिनियम 1988 में पहले प्रावधान था कि अगर आवेदन में देरी हो जाती थी, तब भी याचिका दायर की जाती थी, लेकिन 2019 में इसमें संशोधन किया गया। वर्ष 2022 से इसे लागू किया गया, जिसके बाद धारा 166 (3) के तहत दावेदार को केवल छह महीने के भीतर आवेदन दायर करना होगा। अगर उसके बाद दायर किया जाएगा तो मान्य नहीं होगा। निचली अदालत ने लिमिटेशन एक्ट की धारा 5 के तहत उत्तरदाताओं की याचिका को स्वीकार कर दिया था। अदालत ने एक जैसी प्रकृति के सभी मामलों का एक साथ निपटारा करते हुए यह आदेश दिए। ये मामले चंबा, सिरमौर, शिमला आदि के थे, जिसमें मृतकों के परिवार वालों ने देरी से याचिका दायर की गई। सभी मामलों में किसी की दुर्घटना अप्रैल, जून और सितंबर 2023 में हुई थी और सभी ने जून 2024 के बाद दावा किया। इनमें से एक मामला चंबा का है, जिसमें मृत व्यक्ति मोटरसाइकिल के पीछे वाली सीट पर बैठा था। हादसा तेज रफ्तार और लापरवाही की वजह से हुआ। बाइक सवार दोनों सतलुज नदी में गिर गए। घटना के छह महीने के बाद दावा किया गया। राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय घंडल (शिमला) की ओर से 8 जनवरी को दैनिक वेतन भोगी की नए सिरे से जारी किए गए भर्ती के विज्ञापन पर हिमाचल हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की अदालत ने इसके आदेश जारी किए हैं। मामले की सुनवाई अब छह सप्ताह बाद होगी। दरअसल विश्वविद्यालय की ओर से 31 दिसंबर को विभिन्न श्रेणियों के तहत काम कर रहे 43 दैनिक वेतनभोगियों की मौखिक रूप से सेवाएं समाप्त का दी गईं थीं। बिना नोटिस दिए इन्हें निकाला गया। अब 8 जनवरी को विज्ञापन निकालकर यह भर्तियां माली, प्लंबर, स्वीपर, इलेक्ट्रीशियन और ड्राइवर के पदों के लिए निकाली गईं। इसी विज्ञापन पर हाईकोर्ट ने रोक लगाई है। इसके खिलाफ कुछ प्रभावितों ने हाईकोर्ट का रुख किया। उन्होंने अदालत को बताया कि उनकी 2022 से विश्वविद्यालय में सेवाएं ली जा रही हैं। इनकी सेवाएं वर्ष 2022 के बाद तीन-तीन महीने का सेवा विस्तार देते हुए विधि विश्वविद्यालय ने नियमित के बजाय पूर्ववत दैनिक भोगियों के पदों को भरने का विज्ञापन जारी किया है। अदालत में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के अधिवक्ता ने कहा कि नई अधिसूचना के तहत भर्ती में पहले नियुक्त दैनिक वेतनभोगी भाग ले सकते हैं। वहीं, याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कहा कि एक दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी के स्थान पर दूसरे दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी को नियुक्त करना वैध है। जो विज्ञापन निकला, वह भी दैनिक वेतनभोगी के रूप में है।
बिलासपुर/सुनील: डीसी बिलासपुर आबिद हुसैन सादिक को लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए "बेस्ट इलेक्टोरल प्रैक्टिस अवार्ड-2025" से सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा उपायुक्त बिलासपुर, आबिद हुसैन सादिक को प्रदान किया जाएगा। भारत के 788 जिलों में से केवल 15 जिलों के उपायुक्तों को यह सम्मान मिला है, और इनमें बिलासपुर और लाहौल-स्पीति जिलों के उपायुक्त को इस उपलब्धि का हिस्सा बनने का गौरव प्राप्त हुआ है।उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने इस सम्मान को बिलासपुर वासियों को समर्पित करते हुए कहा, "यह पुरस्कार जिले के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत और समर्पण का परिणाम है। उनके अथक प्रयासों से यह सम्मान प्राप्त हुआ है, और यह बिलासपुर के लिए गर्व का क्षण है। बिलासपुर का चुनावी प्रबंधन एक आदर्श बनकर उभरा है, जो न केवल पोलिंग स्टेशन की स्थापना और नवाचार में, बल्कि नए मतदाताओं को जोड़ने और मतदान प्रतिशत को बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण कदम उठा चुका है। स्वीप (SVEEP) गतिविधियों के तहत जिले में 4473 नए मतदाताओं को शामिल किया गया और मतदान को बढ़ावा देने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाए गए। कम मतदान वाले क्षेत्रों में जन जागरूकता के प्रयास किए गए, जिससे मतदान में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। जिला के चारों विधानसभा क्षेत्र में 70 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ।स्वीप गतिविधियों के तहत कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इनमें प्रसिद्ध साहित्यकार रतन चंद निर्जर द्वारा कम मतदान वाले क्षेत्रों में जागरूकता फैलाना, "मेरा वोट, मेरी ड्यूटी" गीत का प्रचार, सांस्कृतिक कार्यक्रम, सेल्फी प्वाइंट्स और नुक्कड़ नाटक जैसी रचनात्मक गतिविधियाँ शामिल थीं। इसके अलावा, 25,000 से अधिक जागरूकता सामग्री वितरित की गई और डिजिटल वोटिंग इनविटेशन कार्ड्स जारी किए गए। मतदान केंद्रों पर मतदाताओं को बेहतर सुविधाएं प्रदान की गई, जैसे छाया क्षेत्र, ओआरएस और बच्चों के लिए क्रेच की व्यवस्था की गई। इसके अतिरिक्त कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष कदम उठाए गए, जिसमें पुलिस और सुरक्षा बलों के सहयोग से चुनावी सुरक्षा सुनिश्चित की गई, चुनावी डाटा संग्रहण और निगरानी प्रणालियों को प्रभावी रूप से लागू किया गया।इसके साथ ही, क्षेत्र में मतदाता सूची को अपडेट करने, चुनावी निगरानी के लिए तकनीकी समाधानों का इस्तेमाल करने और मतदान के लिए बेहतर प्रोत्साहन देने के प्रयास किए गए। यह पुरस्कार न केवल बिलासपुर, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व का क्षण है। उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने इस पुरस्कार को जिले और राज्य के लिए एक प्रेरणा स्रोत बताया और सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को इसके लिए बधाई दी। यह पुरस्कार हमारे लोकतंत्र की मजबूती, नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और चुनाव प्रक्रिया में नए दृष्टिकोण के महत्व को दर्शाता है।
जिला कांगड़ा पेंशनर संघ खंड प्रागपुर की बैठक अध्यक्ष रमेश भारद्वाज की अध्यक्षता में गांव कोटला में संपन्न हुई। इस बैठक में 62 सदस्यों ने भाग लिया और पेंशनरों की समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से निम्नलिखित मांगें सरकार से पूरी करने के लिए प्रस्तावित की गई...75 वर्ष की आयु से ऊपर के पेंशनरों को 1-1-2016 के संशोधित वेतनमान का पूरा बकाया राशि शीघ्र प्रदान करने के लिए सरकार का धन्यवाद। 75 वर्ष से कम आयु वाले पेंशनरों को भी बकाया राशि का शीघ्र भुगतान किया जाए। 1-1-2016 से 31-01-2021 के बीच सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों के लाभ सरकार ने रोक रखे हैं, उन पेंशनरों का बकाया शीघ्र अदायगी की जाए। महंगाई भत्ते की देय किश्तें (जुलाई 2022 - जनवरी 2023) का भुगतान एक महीने के भीतर किया जाए। पेंशनरों के मेडिकल बिलों के भुगतान हेतु बजट का प्रावधान किया जाए।मेडिकल विकल्प की सुविधा प्रदान की जाए, ताकि जो पेंशनर्स मेडिकल भत्ते से वंचित हैं, उन्हें इस सुविधा का लाभ मिल सके। बैठक में पेंशनरों की समस्याओं पर गहरी चिंता व्यक्त की गई और सरकार से इन मुद्दों का शीघ्र समाधान करने की मांग की गई।
** एडवोकेट मुकुल शर्मा बोले, जल्द वे विधायक कमलेश ठाकुर से समस्याओं के बारे करेगें चर्चा देहरा मार्केटिंग को-ऑपरेटिव सोसायटी के अध्यक्ष, एडवोकेट मुकुल शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को रैहन बसेरा देहरा में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में देहरा जोन की लगभग 20 सहकारी सभाओं के सचिव और विक्रेताओं ने भाग लिया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यह था कि सहकारी सभाओं में राशन की क्वांटिटी और क्वालिटी समय पर सुनिश्चित की जाए, ताकि उपभोक्ताओं को कोई परेशानी न हो।सभी उपस्थित सचिवों और विक्रेताओं को जागरूक करते हुए अध्यक्ष एडवोकेट मुकुल शर्मा ने कहा कि इस दिशा में सभी को एकजुट होकर काम करना होगा। बैठक में विभिन्न समस्याओं पर भी चर्चा की गई। कई कर्मचारियों ने वेतन से संबंधित अपनी शिकायतें प्रस्तुत कीं, तो कुछ सचिवों और विक्रेताओं ने घटिया खाद्य सामग्री और निर्धारित वजन से कम वजन की खाद्य वस्तुओं की बोरियों के आने की शिकायत की। इसके अतिरिक्त, समय पर राशन उपलब्ध न होने के बारे में भी कई समस्याएं सामने आईं।सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनने के बाद, एडवोकेट मुकुल शर्मा ने बताया कि सभी शिकायतें दर्ज कर ली गई हैं और इन समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के लिए उन्हें देहरा की विधायक, कमलेश ठाकुर के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि सहकारी सभाओं के सचिवों और विक्रेताओं से अपील की कि वे सोसायटी को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने में सहयोग करें ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े। इस बैठक में सभी ने मिलकर अपने अनुभव साझा किए और विश्वास जताया कि इस प्रकार की बैठकें समस्याओं के समाधान में मददगार साबित होंगी।
विकास खंड कुनिहार की ग्राम पंचायत कुनिहार के गांव काटल (दोहची) की रहने वाली सपना का चयन नर्सिंग ऑफिसर के रूप में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) गोरखपुर के लिए हुआ है। इस उपलब्धि से सपना के परिवार और पूरे कुनिहार क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। सपना के दादा भगत राम, दादी सत्या देवी, पिता कृष्ण चंद और माता चंपा देवी के मार्गदर्शन और सपना की कड़ी मेहनत ने इस सफलता को संभव बनाया। सपना के पिता कृष्ण चंद ने बताया कि सपना ने 5वीं तक की पढ़ाई प्राथमिक पाठशाला जोखाघाटी से की। इसके बाद उन्होंने 10वीं की शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय (जेएनवी), बनिया देवी, कुनिहार और 12वीं की पढ़ाई राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कुनिहार से पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए सपना ने बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई भट्टा कुफ़र से की।सपना के पिता ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा, "सपना ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से यह मुकाम हासिल किया है। हमें अपनी बेटी पर गर्व है।" सपना ने अपनी सफलता का श्रेय अपने दादा-दादी, माता-पिता और अध्यापकों को दिया। उन्होंने कहा कि उनके आशीर्वाद और मार्गदर्शन के बिना यह सफलता संभव नहीं थी।
सांसद खेल महाकुंभ 3.0 के दूसरे दिन के कार्यक्रम में शांतला पंचायत के प्रधान राहुल कुमार और उपप्रधान यशपाल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दिन का पहला मुकाबला उप्पर प्रागपुर बनाम बणी के बीच खेला गया।कार्यक्रम में युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष रमन शर्मा, जो टूर्नामेंट के होस्ट हैं, ने मुख्य अतिथियों का सम्मान किया। इस दौरान मुख्य अतिथियों द्वारा खिलाड़ियों को खेल महाकुंभ की टी-शर्ट भेंट की गई।रमन शर्मा ने अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री और सांसद अनुराग ठाकुर एवं पूर्व मंत्री व विधायक विक्रम ठाकुर का विशेष धन्यवाद प्रकट किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मंच से ग्रामीण क्षेत्रों की छुपी हुई प्रतिभाओं को सामने आने का शानदार अवसर मिल रहा है।इस कार्यक्रम में अनीश ठाकुर, गौरव पटियाल, अमित, आदित्य बंसल, मोंटी, शुभम, आशु पटियाल, रोबिन, और आयोजन समिति के अन्य सदस्य सहित कई लोग उपस्थित रहे।
हिमाचल में लोगों के सफर को आसान और आरामदायक बनाने के लिए अब सड़कों पर दौड़ रही खस्ताहाल बसों को हटाया जाएगा। इसके लिए HRTC अब 15 साल से पुरानी खटारा बसों को भी स्क्रैप कर रहा है, जिसको लेकर फील्ड से ऐसी बसों की रिपोर्ट मांगी गई है। नियमों के मुताबिक अभी 15 साल पुरानी बसों को ही स्क्रैप किया जा रहा है, लेकिन HRTC ने सड़कों पर हांफ रही 15 साल से पुरानी खस्ताहाल बसों को हटाने का फैसला लिया है, ताकि इन बसों को स्क्रैप करके इनकी जगह पर नई बसें चलाई जा सके। हिमाचल पथ परिवहन निगम के विभिन्न डिपो में बार बार रिपेयर करने के बाद कई बसें वर्कशॉप में खड़ी हैं। ऐसे में सड़कों पर हांफ चुकी इन बसों पर बार-बार रिपेयर करने में काफी खर्च होने के साथ समय भी बर्बाद हो रहा है। इसको देखते हुए ऐसी बसों को अब स्क्रैप किया जाएगा। वहीं, एचआरटीसी ने अभी तक 15 साल पुरानी बसों को स्क्रैप कर 5.91 करोड़ कमाए हैं। भारत सरकार के सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने जीएसआर 29 (ई) के तहत 16 जनवरी 2023 को पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (आरवीएसएफ) के नियमों को लेकर संशोधन को लेकर अधिसूचना जारी थी। इस अधिसूचना के मुताबिक 31 मार्च 2023 तक 15 साल पूरे होने पर सरकारी वाहनों का पंजीकरण प्रमाणपत्र रद्द किया गया है। इसी तरह से सरकारी वाहनों के पंजीकरण के 15 साल पूरे होते ही अब खुद ही पंजीकरण प्रमाणपत्र रद्द समझा जाएगा। ये नियम 1 अप्रैल 2023 से लागू हो चुके हैं। पहले चरण में एचआरटीसी ने अक्टूबर 2023 में 15 साल आयु पूरी कर चुके 163 वाहनों को नीलाम किया था। इसमें 124 बसें और 26 लाइट व्हीकल शामिल थे। वहीं, एक क्रेन, 5 ट्रक, 6 टेंकर व एक प्रदर्शनी वैन को भी स्क्रैप के लिए नीलाम किया था। इसी तरह से नवंबर 2023 में 46 वाहन, फरवरी 2024 में 16 वाहनों की नीलामी की गई थी, जिससे HRTC को 2.84 करोड़ रुपए की आय हुई है। इसके बाद इसी महीने एचआरटीसी ने आरवीएसएफ के जरिए एमएसटीसी के स्क्रैपिंग पोर्टल पर 15 साल पूरे कर चुके 114 वाहनों को नीलाम किया है, जिसमें 101 बसें, 08 हल्के वाहन, 01 ट्रक, 01 प्रदर्शनी वैन और 03 ऑटो रिक्शा शामिल हैं। इनकी ई.नीलामी आयोजित की गई, जिनमें से 90 वाहनों की बिक्री हो गई है, जिससे एचआरटीसी को 1.55 करोड़ मिलेंगे। अब एचआरटीसी 15 साल से कम उम्र की खस्ताहाल बसों को स्क्रैप में देकर पैसा कमाएगा और इन बसों की रिप्लेसमेंट भी कर दी जाएगी। हिमाचल परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर का कहना है, 15 साल से पहले को खराब हो चुकी बसों को भी स्क्रैप में दिया जाएगा, जिसकी जगह नई बसों को सड़कों पर उतारा जाएगा।
रामपुर: हिमाचल में नए-नए अंदाज में शातिर ठगी को अंजाम दे रहे हैं और लोगों से लाखों करोड़ों रुपयों का फ्रॉड कर रहे हैं। ऐसा ही ठगी का एक मामला शिमला जिले के रामपुर उपमंडल से सामने आया। जहां शातिरों ने फिल्मी स्टाइल में ठगी को अंजाम दिया और लोगों के करीब 3 करोड़ रुपए हड़प गए। पीड़ितों ने पुलिस में फ्रॉड को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। डीएसपी रामपुर नरेश कुमार ने बताया कि 'वन टच ट्रेंडिंग सॉल्यूशन' नामक कंपनी ने लोगों को पैसे डबल करने का लालच दिया और करीब 3 करोड़ रुपए की ठगी की। इस कंपनी को रामपुर निवासी मधुबाला और निरमंड निवासी रूपराम शुक्ला चला रहे थे। इन्होंने कई लोगों को इस कंपनी में पैसे निवेश करने के लिए कहा। लोगों ने भी पैसा डबल करवाने के चक्कर में इस कंपनी में पैसा निवेश कर दिया। इसके बाद जब काफी समय बाद भी लोगों को अपनी मेहनत का पैसा वापस नहीं मिला तो लोग इसकी शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचे। पुलिस ने इन दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस को दी शिकायत में पीड़ित प्रभात, नरेश चंदेल, पंकज ठाकुर, देवेंद्र सिंह, रीना नेगी, वसीम खान, लीला पाकला, कुंदन मोई, बबीता धीमान, रंजनी बंसल और राजेश ने बताया कि उन्हें अलग-अलग ढंग से आरोपियों ने अपने जाल में फंसाया और कंपनी में निवेश करवाया। प्रभात और लीला पाकला ने बताया कि मधुबाला और रूपराम शुक्ला काफी पहले से ये पैसों को डबल करने का खेल खेल रहे हैं। इतना ही नहीं, जिस व्यक्ति का पैसा इस कंपनी में फंसा है, उसके जरिए अन्य लोगों से भी पैसे लिए हैं और उन्हें ये बोला गया कि वे पूरे पैसे चुकता कर देंगे, लेकिन अब दोनों ही इन सभी में से किसी के भी संपर्क में नहीं है। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि शातिरों द्वारा जाल फेंक कर उन्हें फंसाया गया। इस मामले में संलिप्त महिला ने बताया कि आरोपियों ने बहला फुसलाकर ऐसी महिलाओं को भी अपने जाल में फंसाया है, जिन्होंने उनके बहकावे में आकर अपनी उम्र भर की कमाई इसमें लगा दी है। डीएसपी रामपुर नरेश कुमार ने बताया, पैसा डबल करने के चक्कर में ठगी के मामले सामने आए हैं। पुलिस ने इन दोनों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 406 और 506 के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है।
पुलिस भर्ती: ग्राउंड टेस्ट के लिए मंडी, बिलासपुर, कुल्लू, हमीरपुर व लाहौल के युवा जान लें ये शेड्यूल
शिमला: आखिरकार हिमाचल में पुलिस भर्ती के ग्राउंड टेस्ट से जुड़ी अहम सूचना आ ही गई। पांच जिलों के युवाओं के लिए शेड्यूल तैयार हो गया ह। युवाओं के लिए ग्राउंड टेस्ट की तारीख व स्थान जारी कर दिया गया है। सेंट्रल रेंज मंडी की डीआईजी सौम्या सांबशिवन की तरफ से जारी किए गए शेड्यूल के अनुसार फरवरी महीने की छह तारीख से ग्राउंड टेस्ट आरंभ होंगें। उल्लेखनीय है कि इस बार हिमाचल प्रदेश में पुलिस कांस्टेबल की भर्ती नशे के खिलाफ कमांडो फोर्स के तौर पर हो रही है। कुल 1088 पद भरे जाने हैं. इसमें से पुरुष वर्ग में 708 पद व महिला वर्ग में 380 पदों की भर्ती होगी. लोक सेवा आयोग ने आवेदकों की फाइनल लिस्ट राज्य पुलिस को भेज दी थी। उसके बाद अब पांच जिलों के युवाओं के लिए ग्राउंड टेस्ट का शेड्यूल जारी किया गया है। सेंट्रल रेंज मंडी की डीआईजी ने ये शेड्यूल जारी किया है। डीआईजी सेंट्रल रेंज मंडी की तरफ से जारी किए गए शेड्यूल के अनुसार मंडी, बिलासपुर, हमीरपुर, कुल्लू व लाहौल स्पीति जिले का ग्राउंड टेस्ट निम्न तारीखों को होगा। 6 फरवरी से 12 मार्च के बीच ग्राउंड टेस्ट होगा। शेड्यूल के अनुसार हर रोज करीब 2 हजार युवक व युवतियों का ग्राउंड टेस्ट होगा। मंडी जिले के लिए पुलिस कांस्टेबल भर्ती का ग्राउंड टेस्ट पंडोह में थर्ड आईआरबी में होगा। ये टेस्ट मंडी जिले के लिए 6 फरवरी से 16 फरवरी तक चलेगा। अगले दिन यानी 17 फरवरी को परिणाम आएगा। बिलासपुर के लुहणू मैदान में बिलासपुर जिले के लिए ग्राउंड टेस्ट 20 से 24 फरवरी के दरम्यान होगा। यहां का परिणाम भी अगले दिन यानी 25 फरवरी को घोषित किया जाएगा। हमीरपुर जिले के लिए ग्राउंड टेस्ट अणु में होगा। ये ग्राउंड टेस्ट 28 फरवरी से 5 मार्च तक चलेगा। कुल्लू जिले का टेस्ट पुलिस लाइन कुल्लू में आयोजित किया जाएगा। ये टेस्ट 7 मार्च से 11 मार्च तक होगा। लाहौल-स्पीति जिले के आवेदकों का ग्राउंड टेस्ट भी कुल्लू में ही होगा। ये टेस्ट भी पुलिस लाइन कुल्लू में आयोजित किया जाएगा। इसकी तारीख 12 मार्च रहेगी। उल्लेखनीय है कि इस बार ग्राउंड टेस्ट में 100 मीटर की दौड़ भी शामिल की गई है। साथ ही युवाओं का डोप टेस्ट भी होगी। चूंकि ये भर्ती नशे के खिलाफ कमांडो फोर्स के रूप में हो रही है, लिहाजा ये सुनिश्चित किया जाएगा कि भर्ती होने वाले युवाओं को किसी तरह के नशे की लत न हो। ग्राउंड टेस्ट के बाद रिटन एग्जाम होगा। लोक सेवा आयोग के चेयरमैन कैप्टन रामेश्वर सिंह ठाकुर का कहना है। आवेदकों की लिस्ट समय पर पुलिस विभाग को दे दी गई थी। अब ग्राउंड टेस्ट पुलिस अपने स्तर पर करवाएगी।
हिमाचल के डिपुओं में पिछले कई महीनों सरसों का तेल गायब है। इसका सीधा असर प्रदेश के लाखों गरीब परिवारों की रसोई पर पड़ रहा है। छोटे पहाड़ी राज्य में सरसों का तेल काफी पसंद किया जाता है। इसलिए हर रसोई में तड़के के लिए अधिकतर सरसों का तेल प्रयोग होता है। ऐसे में रसोई पर महंगाई की मार न पड़े, इसके लिए प्रदेश सरकार राशन कार्ड धारकों को बाजार से सस्ते रेट पर सरसों का तेल उपलब्ध करा रही है, लेकिन तीन महीनों से उपभोक्ताओं को डिपुओं में अपना पसंदीदा तेल नहीं मिल रहा है। जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। नए साल का जनवरी महीना बीतने को आ रहा है, लेकिन डिपुओं में अभी तक सरसों के तेल की खेप नहीं पहुंची है। इस महीने डिपुओं में सस्ते राशन के नाम पर उपभोक्ताओं को आटा, चावल, तीन दालें, चीनी और नमक मिल रहा है। वहीं, तीसरे महीने भी डिपुओं में सरसों तेल उपलब्ध न होने से लाखों परिवार अब बाजार से महंगे रेट पर खाद्य तेल खरीदने को मजबूर हैं। हिमाचल प्रदेश में उपभोक्ताओं को डिपुओं में पिछले साल नवंबर महीने से सरसों के तेल का कोटा नहीं मिल रहा है। ऐसे उपभोक्ताओं को जनवरी महीने में तीन महीने के तेल का कोटा एक साथ मिलने की उम्मीद थी, जिसके लिए 4 जनवरी को तेल का टेंडर भी खुल गया था, जिसके बाद तेल का रेट अप्रूव करने का मामला सरकार को भेजा गया है, लेकिन अभी तक सरकार ने रेट अप्रूवल को लेकर अपनी मंजूरी नहीं दी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू इन दिनों लोअर हिमाचल के प्रवास पर हैं। उनका 26 जनवरी तक शिमला लौटने का कार्यक्रम है। ऐसे में अब मुख्यमंत्री के लौटने के बाद ही तेल के रेट के अप्रूवल को लेकर फैसला लिया जा सकता है। वहीं, अगर सरकार रेट को अप्रूव भी करती है तो हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के होल सेल गोदामों में तेल की सप्लाई पहुंचने में 8 से 10 दिनों का समय लग सकता है। ऐसे में अब उपभोक्ताओं को फरवरी में ही सरसों के तेल का कोटा मिलने की संभावना है।
** नवयुवक मंडल की पहल, "खेल खेलो, नशा छोड़ो, खेलेगा युवा, नशे से बचेगा युवा सिरमौर जिले के तहसील नौहराधार के ग्राम पंचायत देवामानल में नवयुवक मंडल द्वारा युवाओं को नशे से बचाने के लिए एक नई पहल की शुरुआत की गई है। "खेल खेलो, नशा छोड़ो, खेलेगा युवा, नशे से बचेगा युवा" इस उद्देश्य से एक क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। यह दस दिवसीय क्रिकेट प्रतियोगिता देवामानल के चिगरधार गिरिन पार्क स्टेडियम में आयोजित की जा रही है, जिसमें ग्रामीण और पंचायत स्तर पर विभिन्न टीमें भाग ले रही हैं।प्रतियोगिता का उद्घाटन मुख्य अतिथि अरविंद शर्मा द्वारा किया गया। अपने संबोधन में अरविंद शर्मा ने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि इस तरह की खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन से न केवल युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ेगी, बल्कि वे नशे जैसी बुरी आदतों से भी बचेंगे।इस अवसर पर ग्राम पंचायत के सदस्य और अन्य स्थानीय लोग भी मौजूद थे ।
**यात्रा का उद्देश्य था छात्रों को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों का अनुभव प्रदान करना मां ज्वाला शिक्षण संस्थान, ज्वालामुखी द्वारा हर वर्ष छात्र-छात्राओं के लिए एजुकेशनल ट्रिप का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष का ट्रिप मनाली के लिए था, जिसे संस्थान के निदेशक नवरत्न गुप्ता ने सफलतापूर्वक आयोजित किया। इस एजुकेशनल ट्रिप के दौरान, विद्यार्थियों को मनाली के प्रमुख स्थल जैसे मणिकरण गुरुद्वारा, माल रोड, हडिंबा मंदिर और सोलंग वैली का भ्रमण करवाया गया। साथ ही, इन ऐतिहासिक स्थलों के बारे में विस्तार से जानकारी भी दी गई। विद्यार्थियों को इन स्थलों के इतिहास और सांस्कृतिक महत्व के बारे में जानकारी देने का उद्देश्य था ताकि उन्हें शिक्षा के साथ-साथ पर्यटन का भी अनुभव हो सके। यात्रा कौशल ट्रैवल द्वारा उपलब्ध बस में करवाई गई कौशल ट्रैवल के मलिक सचिन कौशल ने बताया कि वह स्कूल और कॉलेज के छात्रों के लिए कम रेटों पर बस सुविधा उपलब्ध करवाते हैं ताकि बच्चे शिक्षा के साथ-साथ घूम फिर भी सके और स्थलों की जानकारी भी ले सके। इस मौके पर संवेदना शर्मा, प्रिया, स्मृति, अतुल, सचिन कौशल, रविंदर धीमान और विशाल शर्मा सहित अन्य लोग भी यात्रा में शामिल थे।
** फेसबुक लिंक के जरिए हुई ठगी, शातिरों ने अधिकारी को व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा ** अधिकारी ने 8 बार की शातिरों के खाते में पैसों की ट्रांजेक्शन हिमाचल प्रदेश में ऑनलाइन ठगी के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। ताजा मामला जिला हमीरपुर से सामने आया, जहां एक सेवानिवृत्त अधिकारी से शातिरों ने 1200 फीसदी रिटर्न का झांसा देकर 82 लाख रुपये की ठगी की। ठगों ने फेसबुक लिंक और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से अधिकारी को फर्जी स्टॉक निवेश पर आकर्षित किया और 8 बार ट्रांजेक्शन करने के बाद 82 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए।जब अधिकारी ने पैसे की वापसी की मांग की, तो ठगों ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया, जिससे अधिकारी को शक हुआ और उन्होंने साइबर सेल थाना मंडी में शिकायत दर्ज करवाई। साइबर सेल ने कड़ी मेहनत से 16 लाख रुपये होल्ड करवा लिए हैं।हमीरपुर के एसपी भगत सिंह ने बताया कि इस ठगी के मामले में एनसीआरपी के जरिए कुछ पैसे वापस आए हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे ऐसी ठगी से बचें और किसी भी ट्रांजैक्शन से पहले जांच-पड़ताल जरूर करें।
**विधायक नीरज नैयर ने कलेक्शन वैन को दिखाई हरी झंडी **नीरज नैयर ने की अपील, चम्बा शहर को ई-वेस्ट मुक्त बनाने में करें सहयोग प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर परिषद चम्बा के ई-वेस्ट अभियान का शुभारंभ आज सदर विधायक नीरज नैयर ने डीसी ऑफिस चम्बा में किया। विधायक ने कलेक्शन वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो शहर के विभिन्न मोहल्लों जैसे भरमौर चौक, हरदासपुरा, मुगला, करियां, सुल्तानपुर, ओबड़ी, बालू, सरोल में ई-वेस्ट एकत्र करेगी। इस मौके पर डीसी चम्बा मुकेश रेपस्वाल और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अभियंता राहुल शर्मा भी उपस्थित रहे। विधायक नीरज नैयर ने लोगों से अपील की कि वे पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे मोबाइल, लैपटॉप, टीवी, चार्जर और बैट्री का उचित निपटान करें। उन्होंने कहा कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है और चम्बा शहर को ई-वेस्ट मुक्त बनाने में सभी का योगदान जरूरी है।
** दाड़लाघाट क्षेत्र में प्रदूषण फैलाने पर तीन दिन के भीतर जुर्माना भरने का आदेश अंबुजा सीमेंट कंपनी दाड़लाघाट को प्रदूषण फैलाने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 6.60 लाख रुपये जुर्माना किया है। यह जुर्माना कंपनी को तीन दिन के भीतर जमा करवाना होगा, नहीं तो बोर्ड नियमों के तहत कंपनी पर कार्रवाई करेगा। बोर्ड ने यह जुर्माना 22 दिन तक दाड़लाघाट क्षेत्र में प्रदूषण फैलाने पर किया है। यह प्रदूषण बीते माह 8 से लेकर 30 दिसंबर तक फैलाया गया था। इसमें कंपनी से धुआं निकल रहा था। इससे आसपास के क्षेत्रों में लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत हो रही थी। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने क्षेत्र का चार बार दौरा किया और अब उन पर जुर्माना किया है। गौर रहे कि 10 दिसंबर को कंपनी से अचानक जहरीला धुंआ निकलने लगा। इसके बाद 10 दिसंबर को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने मौके का दौरा किया और कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। कंपनी ने यहां पर तकनीकी खराबी का हवाला दिया। वहीं 13 दिसंबर को फिर से बोर्ड की एक टीम ने दौरा कर व्यवस्थाएं जांचीं। इस दौरान कंपनी ने यहां पर शटडाउन कर दिया। दोबारा से कंपनी को नोटिस दिया गया। कंपनी ने जवाब दिया कि आठ दिसंबर को यहां पर प्री हीटर सिस्टम में छोटा साल छेद हो गया, जिससे यह समस्या आई। जब 15 दिसंबर तक समस्या जारी रही तो 16 दिसंबर को एक और नोटिस कंपनी को दिया गया। इसके बाद 27 दिसंबर को फिर से बोर्ड की टीम ने कंपनी का दौरा किया और देखा कि समस्या ज्यों के त्यों है। इसके बाद 30 दिसंबर को फिर से नोटिस जारी कर जवाब मांगा। वहीं उसके बाद अब कंपनी को यह जुर्माना किया गया है। हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव अनिल जोशी के अनुसार यदि तीन दिन में कंपनी जुर्माना अदा नहीं करती है तो नियमों के तहत आगामी कार्रवाई की जाएगी।
शिमला से जारी बयान में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इंजेक्शन न मिलने से अपनी जान गवाने वाले स्व.देवराज के परिजनों की आर्थिक मदद करें। उन्होंने कहा कि परिवार में मृतक देवराज शर्मा ही इकलौते कमाने वाले थे। पूरा परिवार उन्ही पर आश्रित था, वह भी लंबे समय से बीमार थे ऐसे में उनके परिवार क स्थिति समझी जा सकती है। उनके दोनों बच्चे अभी पढ़ाई कर रहे हैं और पत्नी का स्वास्थ्य भी ठीक नहीं रहता है। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है और सरकार को परिवार की आर्थिक तौर पर मदद करनी चाहिए, जिससे उनकी मदद हो सके। जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से आग्रह किया कि इस मामले में वह मानवता के दृष्टि से देखे और परिवार की यथा संभव मदद करें।
सांसद खेल महाकुंभ 3.0 क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन जटोली चाकरा ग्राउंड में प्रधान जी.पी कोलापुर विपन कुमार ने किया। इस अवसर पर युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष रमन शर्मा भी उपस्थित रहे। रमन शर्मा ने सांसद अनुराग ठाकुर का आभार व्यक्त किया, जिनकी पहल से यह सांसद खेल महाकुंभ संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि इस टूर्नामेंट के जरिए छोटे-छोटे गांवों के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का सुनहरा अवसर मिल रहा है और युवाओं में खेलों में भागीदारी बढ़ रही है। मुख्य अतिथि विपन कुमार ने अपने संबोधन में युवाओं से नशे से दूर रहने और खेलों को प्रोत्साहित करने की अपील की। टूर्नामेंट का पहला मैच सरड वम्मी और कुहना के बीच खेला गया, जिसमें कुहना की टीम ने जीत हासिल की। इस मौके पर मंडल उपाध्यक्ष अनीश ठाकुर, उपाध्यक्ष मोंटी, जिला आईटी संयोजक शशांक मेहता, रोबिन, सेठू, संजीव, मनू और अन्य लोग उपस्थित रहे।
** ** ई-केवाईसी पीडीएस एचपी फेस ऐप से घर बैठे करें प्रक्रिया पूरी सोलन में खाद्य आपूर्ति नियंत्रण विभाग द्वारा राशन कार्ड धारकों की ई-केवाईसी के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग अभी भी अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं करवा रहे हैं, जिसके कारण विभाग ने ऐसे राशन कार्ड धारकों के कार्ड अस्थायी रूप से बंद कर दिए हैं। खाद्य आपूर्ति नियंत्रण विभाग सोलन के अधिकारी श्रवण कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में करीब 54,000 राशन कार्ड धारकों ने अब तक अपनी ई-केवाईसी नहीं करवाई है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा बार-बार अनुरोध और जागरूकता फैलाने के बावजूद भी लोग इस प्रक्रिया में ढिलाई बरत रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि राशन कार्ड धारक "ई-केवाईसी पीडीएस एचपी फेस ऐप" के माध्यम से आसानी से अपनी ई-केवाईसी पूरी कर सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे शीघ्र ही अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर अपने राशन कार्ड को सक्रिय करें, ताकि उन्हें सस्ते राशन की सुविधा मिलती रहे।
** शिविर में 30 किसानो ने लिया भाग... मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के कृषि विभाग के सहयोग से कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण द्वारा विकास खंड कुनिहार की ग्राम पंचायत कुनिहार स्थित उच्चा गांव में दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का विषय "सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती" था, जिसमें 30 किसानों ने भाग लिया।इस मौके पर तकनीकी प्रबंधक डॉ. रजनी वर्धन विशेष रूप से उपस्थित रही और उन्होंने स्थानीय प्रशिक्षकों को प्राकृतिक खेती के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। डॉ. वर्धन ने बताया कि यह शिविर दो दिन तक चलेगा, जिसमें किसानों को प्राकृतिक खेती के लाभों के बारे में जानकारी दी जाएगी। उन्होंने किसानों को बताया कि प्राकृतिक खेती केवल पर्यावरण के लिए फायदेमंद नहीं है, बल्कि यह उनके उत्पादन को भी बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज जिला कांगड़ा के अपने शीतकालीन प्रवास के दौरान कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र में 88.68 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली चार प्रमुख परियोजनाओं का शिलान्यास किया। उन्होंने कांगड़ा की ग्राम पंचायत बीरता, घुरकड़ी, ललेहड़, मटौर, नटेहड़ आदि क्षेत्रों के लिए 60.12 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली सीवरेज स्कीम तथा 12.59 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले देहरा अरला, गवला अंद्राड़, तरसूह, ललेहड़, बीरता, जोगीपुर, सेवकरा, नटेहड़ सड़क के सुधारीकरण कार्य का शिलान्यास किया। इसके अलावा उन्होंने 10 करोड़ 81 लाख रुपये की लागत से हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड के 33/11 के.वी. विद्युत उपकेंद्र दौलतपुर तथा 5.16 करोड़ रुपये की लागत से इच्छी, मटौर, नंदेहड़, कोटकवाला, जमानाबाद, अब्दुल्लापुर, मिहालू, जोगीबला, सहौड़ा और गगल गांवों के लिए उठाऊ पेयजल योजना के संवर्धन कार्य की आधारशिला रखी।
शिमला: चौपाल में एक पांच साल की मासूम बच्ची पर तेंदुए द्वारा हमला करने का मामला सामने आया है। यह घटना सोमवार शाम 7 बजे पेश आई। बच्ची अपने घर से बाहर निकली और घात लगाए तेंदुए ने बच्ची पर हमला कर दिया। जंगली जानवर के इस हमले में मासूम बच्ची की पीठ और कंधे पर गंभीर चोटें आई हैं। जैसे ही तेंदुए ने हमला किया तो मौके पर मौजूद लड़की की मां ने मदद के लिए चीख-पुकार मचाना शुरू कर दिया जिसके बाद तेंदुए नेकुछ दूरी पर बच्ची को छोड़ दिया। लोगों के शोर मचाने पर तेंदुआ मौके से भाग गया। घटना के बाद परिजन तुरंत एंबुलेंस के जरिए बच्ची को सिविल अस्पताल नेरवा ले गए, जहां बच्ची का इलाज चल रहा है। बच्ची की पहचान हो गई है जो नेपाल की बताई जा रही है। प्रकाश नाम का शख्स अपने परिवार के साथ शिमला के चौपाल में रहता हैं। प्रकाश की पांच साल की बेटी अनुषा पर तेंदुए ने हमला किया है। नेपाल का यह परिवार चौपाल में डेरा लगाकर रहता था। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। लोगों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने की मांग की है। वन विभाग को मामले की सूचना दे दी गई है। वन विभाग के अधिकारी ने जानकारी दी है कि विभाग जल्द ही तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाएगा।
जन भागीदारी अभियान" के तहत आज "टीबी मुक्त भारत अभियान" के एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन सेंट रुद्राक्ष कॉन्वेंट स्कूल, कथोली नगरोटा सुरियां में किया गया। इस कार्यक्रम में बच्चों को टीबी (क्षय रोग) के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई और टीबी मुक्त भारत के उद्देश्य के लिए शपथ दिलाई गई। इसके साथ ही बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों और एचआईवी/एड्स के बारे में भी बताया गया। बच्चों ने इस अवसर पर 'एंड टीबी' का प्रतीक चिन्ह भी बनाया। नई दिशा केंद्र ज्वाली के काउन्सलर कृष्ण कुमार ने बच्चों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी बच्चें को नशे की लत लग चुकी हो, तो वे ज्वाली अस्पताल में उनकी काउंसलिंग करवा सकते हैं, जिससे उन्हें नशे की लत से मुक्ति मिल सके। प्रधानाचार्य मोनिका राणा ने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम स्कूलों में निरंतर आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि बच्चों को समय-समय पर महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जानकारी मिलती रहे और वे अपने जीवन में स्वस्थ विकल्प चुन सकें। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग से स्वास्थ्य पर्यवेक्षक सुभाष चंद, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक सुनीता देवी, एनडीके काउन्सलर कृष्ण कुमार, एसटीएस रूचि चौधरी, स्कूल की प्रधानाचार्य मोनिका राणा, समस्त स्कूल स्टाफ और बच्चे उपस्थित रहे।
जिला कुल्लू की पर्यटन नगरी मनाली के साथ लगते करजा गांव में सोमवार रात को एक मकान में आग लग गई। काठकुनी शैली में बने ढाई मंजिला मकान में आग लगने की यह घटना पेश आई। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। स्थानीय लोगों ने जानकारी देते हुए कहा अचानक मकान में आग लगी और तेजी से भड़क गई। परिवार के सदस्य समय रहते मकान से निकलने में कामयाब रहे। स्थानीय लोगों ने मकान से सामान निकालना शुरू किया लेकिन थोड़ी ही देर में पूरे मकान को आग ने अपनी चपेट में ले लिया। दमकल विभाग और पुलिस को तुरंत प्रभाव से मामले की सूचना दी गई। दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।दमकल विभाग के मुताबिक मकान में आग लगने से 20 लाख रुपये की संपत्ति जलकर नष्ट हो गई। डीएसपी मनाली केडी शर्मा ने बताया कि फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। राजस्व विभाग की टीम नुकसान का आंकलन कर रही है। पुलिस की टीम मौके पर मौजूद है। बता दें कि हाल ही में कुल्लू जिला के तांदी गांव में भी आग लगने की घटना पेश आई थी। तांदी गांव में आग लगने से एक साथ 17 मकान जल गए थे। इस हादसे में 100 से अधिक लोग बेघर हो गए थे। यह आग लगने की घटना 1 जनवरी 2025 को पेश आई थी।
राष्ट्र स्तरीय मनाली विंटर कार्निवल के दूसरे दिन मंगलवार को मनाली के मालरोड पर महिला मंडलों की महानाटी आकर्षण का केंद्र रही। लगभग 1500 महिलाओं ने एक साथ नाटी डालकर धमाल मचाया। काले रंग का तीन फूल वाला पट्टू, चांदी की बूमणी, चंद्रहार, लॉकेट और लाल रंग का ढाठू पहनकर महिलाओं ने करीब एक घंटे तक नाटी डाली। पर्यटक भी महिलाओं के साथ कदम से कदम मिलाने पर मजबूर हो गए। महानाटी में लगभग 90 महिला मंडलों ने भाग लिया।
हिमाचल में पंचायत चुनाव की आहट के साथ ही पंचायतों का पुनर्सीमांकन शुरू हो गया है। राज्य सरकार ने कई पंचायतों के क्षेत्रों को नगर निकायों और परिषदों में मिलाने का काम शुरू कर दिया है। क्षेत्रों को निकायों में शामिल किए जाने से जहां पंचायतों का दायरा घटेगा, वहीं नई घोषित निकायों का दायरा बढ़ेगा। सरकार का मानना है कि हिमाचल में नई पंचायतों का भी गठन भी किया जाना है। इसको लेकर प्रस्ताव मांगे गए हैं। अब तक सरकार के पास 600 आवेदन आ चुके हैं। राज्य सरकार ने नगर निकायों में पंचायत के क्षेत्रों को शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कुछेक क्षेत्रों के लिए जनता से आपत्ति और सुझाव भी मांगे गए हैं। कइयों की अधिसूचना भी जारी की जा चुकी है। हालांकि पंचायतों के क्षेत्रों को निकायों में शामिल किए जाने का विरोध भी हो रहा है। इसमें तर्क दिया जा रहा है कि अगर परिषद और निकायों में पंचायतों के क्षेत्रों को शामिल किया जाता है तो लोगों को हाउस समेत अन्य तरह के टैक्स देने पड़ेंगे। ऐसे में लोग पंचायतों में ही रहने की मांग कर रहे हैं। नगर परिषद पांवटा साहिब में ग्राम पंचायत बदरीपुर, नगर पंचायत कुनिहार में कुनिहार, हाटकोट और कोठी, नगर पंचायत शिलाई में ग्राम पंचायत शिलाई व बेला, नगर परिषद हमीरपुर में भरनांग, सराहकड़, अणु, बजूरी, बल्ह, बरोहा, बस्सी - झनियारा, बहोनी, दडूही, धलोट, डुग्गा, ख्याह लोहाखरियां, मतिटिहिरा और सासन पंचायत के क्षेत्र शामिल हैं। नगर पंचायत सुन्नी में घरियाणा, जूणी और शकरोड़ी को शामिल किया गया है। वर्तमान हिमाचल में 3615 पंचायतें हैं। इससे पहले दिसंबर में पंचायतों के नुमाइंदों का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है। इसी साल कभी भी पंचायतों को चुनाव हो सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय अपने संबद्ध निजी और सरकारी बीएड संस्थानों से बीएड का प्रशिक्षण ले रहे प्रशिक्षुओं को अपने ही परिसर में परीक्षा देने की सुविधा देगा। फरवरी से शुरू हो रही बीएड की परीक्षाओं में यह नई व्यवस्था शुरू की जा जाएगी। निजी बीएड कॉलेजों को अपने परिसर में परीक्षा केंद्र बनाने के लिए 50 हजार की फीस के साथ 27 जनवरी तक आवेदन करना होगा। विवि की इस नई व्यवस्था से इन 57 कॉलेजों से प्रशिक्षण ले रहे नए पुराने करीब 16 हजार प्रशिक्षुओं को राहत मिलेगी। लंबे समय से निजी कॉलेज और उनमें पढ़ने वाले प्रशिक्षु अपने परिसर में ही परीक्षा केंद्र बनाए जाने की मांग कर रहे थे। प्रशिक्षुओं का कहना था कि वे इतनी भारी भरकम फीस चुकाते हैं, बावजूद उन्हें अपनी परीक्षा देने के लिए अन्य कॉलेजों में जाना पड़ता है। इससे उन्हें परेशानी होती है। कॉलेजों और उनसे बीएड प्रशिक्षण ले रहे प्रशिक्षुओं की इस समस्या का विवि ने स्थायी समाधान कर दिया है। इस फैसले से विवि की भी परेशानी दूर हो गई है। विवि को राजधानी शिमला, कांगड़ा सहित अन्य जिलों के डिग्री कॉलेजों में परीक्षा केंद्र स्थापित करने में परेशानी पेश आती थी, कॉलेज इसकी अनुमति नहीं देते थे। अब निजी कॉलेजों में केंद्र बनाने में विवि कोई परेशानी नहीं आएगी। कॉलेजों को केंद्र बनाने के लिए अलग से दोगुनी फीस भी चुकानी होगी। अब तक विवि निजी कॉलेजों से 25 हजार फीस लेता था, जिसे विवि ने दोगुना कर दिया है। परिसर में परीक्षा केंद्र बनाए जाने की एवज में प्रशिक्षुओं से विवि कोई अलग से फीस नहीं लेगा, फीस को कॉलेजों को ही चुकाना होगा। विवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल ने कहा कि प्रदेश भर में विवि से संबद्ध 57 बीएड कॉलेजों और उनमें पढ़ने वाले 16 हजार से अधिक परीक्षा देने वाले प्रशिक्षुओं को सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि फरवरी से शुरू होने बीएड की परीक्षाओं के लिए अब तक 50 फीसदी कॉलेजों ने परीक्षा केंद्र बनाने के लिए मांगी गई फीस भी चुका दी है, 27 तक अन्य कॉलेजों को समय दिया गया है। उन्होंने कहा कि निजी कॉलेजों में परीक्षा केंद्र स्थापित किए जाने पर परीक्षाएं विवि की सीधे निगरानी में की जाएंगी। इसके लिए अलग से स्टाफ मॉनिटर करने को लगाया जाएगा और उड़नदस्ते भी हर केंद्र पर नजर रखेंगे।
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के बाहर इन दिनों सीवरेज का गंदा पानी नालियों की बजाय अब सड़क पर बहना शुरू हो गया है, जिसके चलते अब अस्पताल आना भी खतरे से खाली नहीं रहा बीते 5 दिनों से हाल यही है परंतु अभी तक अस्पताल प्रशासन व नगर निगम और संबंधित विभाग का इस और कोई ध्यान नहीं गया। मरीज इस आस के साथ अस्पताल आते हैं कि हमें अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी, परंतु क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के हाल देखकर अब ऐसा लगता है कि यहां आना खतरे से खाली नहीं। अगर अस्पताल के आसपास ही इतनी गंदगी फैली है तो शहर में सफाई व्यवस्था का क्या हाल होगा इसका अनुमान सभी लगा सकते है । अस्पताल प्रशासन व संबंधित विभाग को चाहिए कि वह जल्द से जल्द सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करें ताकि बीमारियों का खतरा टल सके ।मरीज अस्पताल इलाज करवाने आते हैं ना की अस्पताल जाकर बीमार होने के लिए।
शिमला, सोलन और कांगड़ा में ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर स्थापित होंगे। केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश में पीपीपी मोड पर यह केंद्र स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक केंद्र में सालाना दो हजार लोगों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ) के अवर सचिव मृत्युंजय कुमार की ओर से इसे लेकर प्रदेश सरकार को पत्र भेजा गया है। देश में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर खोलने का निर्णय लिया है।15 वें वित्त आयोग के अधीन ड्राइविंग प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (आईडीटीआरएस) क्षेत्रीय ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र (आरडीटीसी) और ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र (डीटीसी) की स्थापना के दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। यहां प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अभ्यार्थियों को प्रमाणपत्र जारी करेंगे। जिनके पास ड्राइविंग सेंटरों से पास होने का प्रमाणपत्र होगा, उन्हें क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए ड्राइविंग टेस्ट देने की जरूरत नहीं होगी। ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटरों पर रिफ्रेशर कोर्स भी करवाए जाएंगे। केंद्र व राज्यों में सरकारी वाहनों के ड्राइवरों के लिए इन केंद्रों से प्रशिक्षण और प्रमाणपत्र लेना भी अनिवार्य करने का भी प्रस्ताव है। प्रदेश में ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर खोलने की प्रक्रिया चल रही है। इन केंद्रों पर प्रशिक्षण लेने वालों को प्रमाण पत्र मिलेंगे और उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस बनाते समय ड्राइविंग टेस्ट नहीं देना पड़ेगा। तीनों जिलों में ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर के लिए जल्द ही स्थान चयनित कर लिए जाएंगे।
कर्मचारियों से जुड़े संशोधन विधेयक पर अब राजभवन फैसला लेगा। सोमवार को हिमाचल प्रदेश सरकारी कर्मचारी भर्ती एवं सेवा की शर्तें विधेयक राजभवन पहुंचा। सरकारी कर्मचारियों से जुड़े संशोधन विधेयक पर अब राजभवन फैसला लेगा। सोमवार को हिमाचल प्रदेश सरकारी कर्मचारी भर्ती एवं सेवा की शर्तें विधेयक राजभवन पहुंचा। सरकार ने इसे विधानसभा के शीत सत्र में पारित करवाया था। इस विधेयक के लागू होने के बाद प्रदेश में कर्मचारियों को अनुबंध सेवाकाल का वरिष्ठता और वित्तीय लाभ नहीं मिलेगा। जब यह कानून के रूप में लागू होगा तो साल 2003 से यह व्यवस्था लागू होगी। इस विधेयक को लाने के पीछे एक प्रमुख चिंता राज्य पर पड़ने वाला संभावित वित्तीय बोझ है। अनुबंध सेवाकाल का लाभ देने से कर्मचारियों को न केवल अतिरिक्त संसाधनों का भारी आवंटन करना पड़ेगा, बल्कि पिछले 21 वर्षों से अधिक समय से वरिष्ठता सूची में भी संशोधन करना होगा। नए प्रावधान से कानून बनने के बाद कर्मचारियों को ज्वाइनिंग की तारीख से वरिष्ठता और वित्तीय लाभ नहीं मिलेंगे। कर्मचारियों की वरिष्ठता उनके नियमित होने के बाद तय की जाएगी। अनुबंध सेवाकाल को इसमें नहीं जोड़ा जाएगा।
धर्मपुर/डिंपल: संधोल में चोरों के हौंसले काफी बढ़ गए हैं। यहां चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। अब चोरों ने एक और बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम देने की कोशिश की है। इस बार चोरों ने बिजली के बड़े ट्रांसफार्मर को निशाना बनाया।जानकारी के अनुसार, संधोल से हमीरपुर जिला की दिशा में स्थित रजत स्टोन क्रशर, बक्कर खड्ड में रखा 250 केवी का ट्रांसफार्मर चोरों के निशाने पर था। यह ट्रांसफार्मर पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह के बेटे और पूर्व भाजपा प्रत्याशी रजत ठाकुर के स्वामित्व में है। हालांकि, गनीमत यह रही कि क्रशर में काम कर रहे एक कर्मचारी को चोरी की कोशिश का पता चल गया, जिसके बाद चोरों को सामान छोड़कर वहां से भागना पड़ा। पता चला है कि क्रशर मालिक ने वहां लगे ट्रांसफार्मर को उतार कर वहां अन्य बड़ा ट्रांसफार्मर लगाया था। इसके बाद, चोरों ने पुराने ट्रांसफार्मर को निशाना बनाया। सबसे पहले उन्होंने ट्रांसफार्मर का तेल निकाला, फिर महंगी क्वायल तारों को काट कर बाहर निकाला। गनीमत यह रही कि क्रशर का एक कर्मचारी जाग गया और उसने शोर मचाया, जिससे चोरों को सामान छोड़कर भागना पड़ा। हालांकि, यह क्षेत्र में चोरों की सक्रियता का एक और उदाहरण है। पिछले कुछ दिनों में कई चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। लगभग एक हफ्ते पहले बाल्याली में भी एक मकान के ताले टूटे थे। इसके अलावा, विद्युत उपमंडल संधोल में भी दो बड़े ट्रांसफार्मर चोरी हो चुके हैं, लेकिन पुलिस को अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। यह पहली बार नहीं है जब ऐसी घटना हुई हो। करीब छह महीने पहले, संधोल विद्युत उपमंडल के बल्याली गांव के पास मसोत खड्ड से 630 केवी के दो ट्रांसफार्मर चोरी हो गए थे। तीनों घटनाओं का तरीका लगभग एक जैसा है—ट्रांसफार्मर की कैबिनेट तो वहीं मिलती है, लेकिन अंदर का सारा सामान गायब होता है। इन चोरी की घटनाओं का खुलासा तब हुआ, जब विभाग के उच्च अधिकारी एक महीने पहले निरीक्षण करने पहुंचे और वहां ट्रांसफार्मर के अवशेष मिले। चोरों ने पूरी इत्मीनान से बिजली के तारों के कनेक्शन काटे, फिर ट्रांसफार्मर के बोल्ट खोलकर उसका तेल और अन्य सामग्री चुरा ली। इस मामले में, विभाग ने पहले मार्च और फिर नवंबर महीने में पुलिस चौकी में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी, लेकिन अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं। यह दूसरी चोरी की घटना है जो एक हफ्ते के अंदर घटी है, और पुलिस अब भी चोरों को पकड़ने में नाकाम रही है।
शिमला: बीते 24 घंटों के दौरान राज्य में अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी देखी गई। बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के कई क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा परिवर्तन नहीं हुआ। 21 जनवरी को राज्य के ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में और आसपास के माध्यम पहाड़ी क्षेत्रों में कुछ स्थानों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने 23 जनवरी तक प्रदेश में मौसम खराब रहने की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने 23 जनवरी को प्रदेश के कुछ स्थानों पर शीत दिवस को लेकर अलर्ट जारी किया है। इस दौरान लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है। मौसम विभाग ने शीत दिवस को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। 22 और 23 जनवरी को पूरे प्रदेश में मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है। इस दौरान प्रदेश के निचले पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और मध्यम व ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने 24 जनवरी से मौसम साफ रहने की संभावना जताई है। इस दौरान पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहेगा। 24 से 26 जनवरी तक प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा।
कुल्लू: मनाली में आयोजित विंटर कार्निवल कार्यक्रम में देर रात मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह पहुंचे और उन्होंने रात को करोड़ों रुपये के उद्घाटन और शिलान्यास किए। इस दौरान उन्होंने मनु रंगशाला में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में लोगों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने जनसभा में एक बॉलीवुड मूवी मेरा नाम जोकर का गाना गुनगुनाया। "जीना यहां मरना यहां इसके सिवा जाना कहां"। मुख्यमंत्री ने जिले के लोगों को 206.08 करोड़ रुपये की विकासात्मक योजनाओं की सौगात दी। इनमें मनाली में 59.21 करोड़ रुपये की 8 विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण एवं 147.59 करोड़ रुपये की 13 परियोजनाओं के शिलान्यास किए। इनमें साल 2023 में ब्यास नदी में आई भीषण बाढ़ से मनाली व आसपास के क्षेत्रों में हुए नुकसान के उपरांत मुख्यमंत्री द्वारा घोषित पुर्नरुद्धार एवं पुनर्निर्माण कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-तृतीय चरण के तहत 7.34 करोड़ रुपये की लागत के मनाली-बुरूआ सड़क मार्ग के उन्नयन कार्य, 7.70 करोड़ रुपये लागत के चक्की-हलाण सड़क के उन्नयन कार्य, 9.24 करोड़ रुपये की लागत से पतलीकूहल से हलाण दो सड़क और 6.69 करोड़ रुपये की लागत से फोजल से नेरी सड़क मार्ग के उन्नयन कार्य के लोकार्पण, 3.72 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सोलंगनाला में वाहन योग्य डबललेन पुल का लोकार्पण, 7.69 करोड़ रुपये की लागत से पतलीकूहल में निर्मित अंतरराज्यीय बस अड्डा, 14.30 करोड़ रुपये लागत की बस पार्किंग यार्ड मनाली व सुरक्षा कार्य के प्रथम चरण और बंजार तहसील में 2.53 करोड़ रुपये से निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र थाटीबीड़ का लोकार्पण किया। इसके अलावा सीएम ने नाबार्ड-आरआईडीएफ के तहत 6.96 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली नग्गर से कृष्ण मंदिर वाया ठावा सम्पर्क सड़क, 8.44 करोड़ रुपए से कुल्लू-मनाली वाम तट पर छरुड़ु के पास बाढ़ से हुए भूस्खलन इत्यादि के दृष्टिगत पुनर्निर्माण कार्यों, 8.02 करोड़ रुपए की लागत से कुल्लू-मनाली वाम तट पर चचोगा के पास आरसीसी सुरक्षा दीवार इत्यादि के निर्माण कार्य, 2.21 करोड़ रुपए की लागत से एनएच-3 से क्लब हाऊस मनाली सड़क तक निर्मित होने वाली बाईपास सड़क व डबल लेन पुल, 12.08 करोड़ रुपये की लागत से 15 मील में ब्यास नदी पर निर्मित होने वाले डबल लेन पुल, 8.66 करोड़ रुपये की लागत से ग्राम पंचायत ब्रान के 17 मील में ब्यास नदी पर बाढ़ सुरक्षा कार्य, 8.72 करोड़ रुपये की लागत से ग्राम पंचायत हलाण-दो के पतलीकूहल में ब्यास नदी के किनारे बाढ़ सुरक्षा कार्य, 8.73 करोड़ रुपये की लागत से ग्राम पंचायत रायसन में ब्यास नदी के किनारे बाढ़ सुरक्षा कार्य, 8.97 करोड़ रुपये की लागत से ग्राम पंचायत द्वाड़ा के द्वाड़ा में ब्यास नदी के किनारे बाढ़ सुरक्षा कार्य, 8.34 करोड़ रुपये की लागत से ग्राम पंचायत शलीन के कलाथ और 8.64 करोड़ रुपए से आलू ग्राऊंड में ब्यास नदी के किनारे बाढ़ सुरक्षा कार्य, मनाली में 46.25 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले वेलनेस सेंटर और 11.57 करोड़ रुपये की लागत से नग्गर कैसल के संरक्षण एवं पुर्नरुद्धार कार्य के शिलान्यास किए। मनाली के विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने इन विकासात्मक परियोजनाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन विकास कार्यों से लोगों की लंबित मांगें पूरी होने के साथ ही उन्हें आधारभूत सुविधाएं भी मिलेंगी।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज प्रयागराज में महाकुम्भ-2025 के दौरान आयोजित ‘भारत की गौरवशाली गाथा-आत्म-संदेह की बेड़ियों को तोड़ते हुए’ विषय पर आयोजित व्याख्यान श्रृंखला को संबोधित करते हुए कहा कि कुम्भ परंपरा भारतीय सनातन संस्कृति का हृदय है। यह न केवल धार्मिक बल्कि आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक समृद्धि का भी स्रोत है। उन्होंने कहा कि कुम्भ का मंच भारतीय सभ्यता की अलौकिक महिमा को पहचानने और उसे भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने का माध्यम भी है। शुक्ल ने कहा कि कुम्भ केवल नदियों का संगम नहीं, बल्कि विचारों और संस्कृति का भी संगम है। यह भारत के इतिहास की अपार समृद्धि का भी प्रतीक है। हमारी प्रचीन परंपराएं और मूल्य आज भी दुनिया के लिए प्रेरणा है जिससे भारत को वैश्विक पटल पर एक विशेष और शक्तिशाली पहचान मिली है। राज्यपाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति धर्म (धार्मिकता), अर्थ (आर्थिक समृद्धि), काम (सुख की प्राप्ति) और मोक्ष (मुक्ति) के समन्वित प्रयासों पर आधारित है। राज्यपाल ने कहा कि पूरे विश्व को वसुदेव कुटम्बकम का दर्शन देने वाले देश में आत्म संशय की प्रवृत्ति पर विचार करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल में उपनिवेशिक शक्तियों ने न केवल हमारे संसाधनों का दोहन किया बल्कि हमारी पहचान और विचारों को कमजोर करने का भी प्रयास किया। उन्होंने कहा कि उपनिवेशवाद की मानसिकता का प्रभाव अभी भी हमारे व्यवहार और सोच में दिखाई देता है। राज्यपाल ने कहा कि आत्म संशय प्रगति की दिशा में सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी संस्कृति की भव्यता, विरासत पर गर्व करने और आत्म गौरव की भावना को पुनः जागृत करने के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि देशवासियों के आत्म सम्मान और आत्म गौरव के जागृत होने से भारत का भविष्य उज्ज्वल होगा। व्याख्यान श्रृंगला के अन्त में राज्यपाल ने भारत के समृद्ध धरोहर के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।
शूलिनी विश्वविद्यालय ने ग्लोबल इनिशिएटिव फॉर पब्लिक हेल्थ एंड इनोवेशन (जीआईपीएचआई) के सहयोग से छात्रों को तंबाकू समाप्ति परामर्श में आवश्यक कौशल से लैस करने के उद्देश्य से दो दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की।धूम्रपान मुक्त भविष्य के लिए डिजिटल स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने के लिए आयोजित कार्यशाला में विभिन्न विभागों के 100 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को START ऐप (स्टॉप टोबैको विद असिस्टेंस एंड रिकवर टुडे) से परिचित कराया गया, जो तंबाकू की लत से निपटने के लिए एक अभिनव डिजिटल समाधान है। यह कार्यक्रम YouWeCan के सहयोग से आयोजित किया गया था और एडवर्ड और सिंथिया इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ द्वारा प्रमाणित किया गया था। सत्र का नेतृत्व जीआईपीएचआई की सीईओ, टोरंटो विश्वविद्यालय में पीएचडी स्कॉलर और सेंटर फॉर एडिक्शन एंड मेंटल हेल्थ (सीएएमएच) में अनुसंधान सहायक डॉ. सुमेधा कुशवाह ने किया। डॉ. कुशवाह, जिन्होंने ऐम टू टर्मिनेट टोबैको एंड कैंसर (एटीटीएसी) और इंडिया इंटरनेशनल डेवलपमेंट अलायंस की भी स्थापना की, प्रभावशाली प्रशिक्षण देने में उनकी समर्पित टीम GIPHI के साथ शामिल हुईं। कार्यशाला में तम्बाकू समाप्ति परामर्श के लिए साक्ष्य-आधारित रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिससे प्रतिभागियों को तम्बाकू छोड़ने में लोगों का समर्थन करने के लिए व्यावहारिक ज्ञान के साथ सशक्त बनाया गया। सार्वजनिक स्वास्थ्य पहलों में प्रौद्योगिकी-संचालित हस्तक्षेपों को लागू करने के बारे में सीखते हुए, छात्रों ने START ऐप पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। शूलिनी विश्वविद्यालय में स्थिरता और सामुदायिक सहभागिता की निदेशक पूनम नंदा और विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर डॉ. नितिका ठाकुर ने इस आयोजन का आयोजन किया। कार्यक्रम के सुचारू क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने में छात्र समन्वयकों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नंदा ने कहा कि प्रशिक्षण पहल महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य मुद्दों के समाधान के लिए उपकरणों और ज्ञान के साथ छात्रों को सशक्त बनाने की शूलिनी विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
प्रदेश सरकार कुनिहार में नए अस्पताल भवन का निर्माण करने जा रही है, जिससे बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। मौजूदा सिविल अस्पताल कुनिहार को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। उपमंडलाधिकारी अर्की की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने सोमवार को दो स्थानों का मुआयना किया। इसमें लोक निर्माण विभाग, वन विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल थे। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट प्रदेश सरकार को भेजी, और मंजूरी के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। कुनिहार अस्पताल क्षेत्र के चार विधानसभा क्षेत्रों—अर्की, सोलन, कसौली, और दून के हजारों लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं देता है। वर्तमान भवन की सीमित क्षमता के कारण इसका विस्तार नहीं हो सकता। अस्पताल के नए भवन और चिकित्सकों के आवास के लिए अन्य स्थानों की तलाश की जा रही है।
** समिति व शंभू परिवार ने लगाया विशाल भंडारा कुनिहार की प्रसिद्ध प्राचीन शिव ताण्डव गुफा कुनिहार में जेष्ठ सोमवार को सैंकड़ों शिव भक्तों ने गुफा में विराजमान प्राकृतिक शिवलिंग के दर्शन किए। इस अवसर पर गुफा विकास समिति व शंभू परिवार कुनिहार के सौजन्य से समस्त शिव भक्तों व क्षेत्र वासियों के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। समिति अध्यक्ष राम रतन तनवर, उपाध्यक्ष रितु ठाकुर व मीडिया प्रभारी मनु भारद्वाज ने बताया कि 19 जनवरी रविवार से गुफा में दो दिवसीय राम चरित मानस कथा पाठ का शुभारंभ हुआ, जिसे जेष्ठ सोमवार को हवन व पूर्णाहुति के साथ विराम दिया गया। उन्होंने बताया कि जेष्ठ सोमवार को सैंकड़ों शिव भक्तों ने गुफा में पहुंचकर अपने आराध्य की पूजा अर्चना कर शीश नवाया। दोपहर से समस्त शिव भक्तों व क्षेत्र वासियों के लिए भंडारा आरंभ कर दिया गया था। शिव भक्तों ने गुफा में विराजमान प्राकृतिक शिवलिंग के दर्शन किए तथा भजन कीर्तन में भाग लिया व कमेटी व शंभू परिवार के सौजन्य से तैयार भंडारे में लजीज व्यंजनों का आनंद लिया। इस अवसर पर समस्त कमेटी व शंभू परिवार के सदस्य मौजूद रहे।
** पहले प्रशासन ने इंजेक्शन नहीं दिया बाद में परिजनों पर ही घटिया आरोप लगाना अमानवीयता ऐसा व्यवस्था परिवर्तन नहीं चाहिए जो मृत्यु के तीन दिन बाद दे इंजेक्शन शिमला से जारी बयान में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि इंजेक्शन न मिलने से हुईं देवराज शर्मा की मौत मामले में जिन भी अधिकारियों ने घटिया साजिश रचकर पीड़ित परिवार पर उंगली उठाई और उन्हें अपमानित करने का प्रयास किया, उनके खिलाफ मुख्यमंत्री सख्त से सख्त कार्रवाई करें। ऐसे लोग असंवेदनहीनता की हद पार कर चुके हैं और इस लायक नहीं हैं कि ऐसे महत्वपूर्ण पदों पर रहें। ऐसे लोग अपनी साख बचाने के लिए अपने पिता को खो चुके बच्चों के साथ अपराधिक साजिश रच रहे हैं। अपने मातहतों से झूठ बुलवाकर एक ऐसे परिवार को बदनाम कर रहे हैं जिसने सरकार और उन अधिकारियों की नाकामी के चलते एक महीनें पहले अपने परिवार का अभिभावक खो दिया है। समय पर दवा न देकर सरकार ने एक घोर पाप किया ही था लेकिन परिजनों पर उंगली उठाकर सरकार ने और भी जघन्य काम किया है। पीड़ित परिवार का पक्ष सरकार ने भी अखबारों में पढ़ लिया है, इलेक्ट्रॉनिक युग में किसी भी तथ्य को आसानी से बदला नहीं जा सकता है। सरकार अगर चाहेगी तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। ऐसे में न्याय का तकाजा यही है कि इस मामले की निष्पक्षता से जांच हो और पीड़ित परिवार के खिलाफ साजिश करने वाले लोगों पर कठोर कार्रवाई हो। अगर इस मामले की जांच में मुख्यमंत्री ने तत्परता नहीं दिखाई तो प्रदेश के लोगों के सवालों के घेरे में वह खुद भी आएंगे। सरकार जो इस बात का एहसान जाता रही है कि उन्होंने मरीज को एक लाख 79 हजार रुपए का इलाज करवाया तो यह सरकार ने कोई एहसान नहीं किया। उस परिवार ने हिम केयर का प्रीमियम भरा था और उस प्रीमियम के बदले हिमाचल प्रदेश सरकार ने उससे एक साल की समयावधि में पूरे परिवार को पांच लाख के निःशुल्क इलाज की गारंटी दी थी। यह एक 'स्टेट' की उसके नागरिक को दी गई गारंटी है। दुःख इस बात का है कि सुक्खू सरकार ने हिमाचल प्रदेश सरकार की गारंटी को कांग्रेस की झूठी गारंटियों की तरह समझ लिया है। सरकार स्व देवराज शर्मा के एक लाख 79 हजार की दुहाई देने के बजाय 3 लाख 21 हजार की लिमिट होने के बाद भी इंजेक्शन न देने के लिए शर्म करे। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार इस पूरे प्रकरण को आंख खोलने और आईना दिखाने वाली घटना की तरह लेती। जिससे इस तरह की घटना को रोकने की दिशा में प्रयास किए जा सकते लेकिन सरकार ने इसे अपनी साख का सवाल बनाया और अपनी झूठी शान को बचाने के लिए परिवार पर आरोप मढ़ दिए। जिस भावना के साथ मृतक के परिजनों ने इस मुद्दे को उठाया था सरकार को उनका सम्मान करना चाहिए था। मृतक परिवार से माफी मांगकर आगे से ऐसी स्थिति न आने देने की व्यवस्था करके सरकार इसका प्रायश्चित कर सकती थी। यह कोई इकलौता और आखिरी मामला नहीं है। आईजीएमसी तक में भी यह हर दिन की बात हो गई है। कभी दवा नहीं मिलती तो कभी ऑपरेशन टाले जा रहे हैं। इस घटना के बाद न जाने कितने लोगों ने सोशल मीडिया पर कमेंट्स और संदेश भेजकर अपनी पीड़ा हमें बताई कि उन्हें किस तरह से इलाज और दवाएं नहीं मिल।रही हैं। प्रदेश की बर्बाद हो चुकी स्वास्थ्य व्यवस्था अब प्रदेश के लाखों लोगों का भुगता हुआ यथार्थ है। इसे सरकार के चंद अधिकारी अपनी साजिशों से मिटा नहीं सकते हैं, उल्टा खुद भी बेनकाब होंगे। जयराम ठाकुर ने कहा कि ऐसे व्यवस्था परिवर्तन को सरकार अपने पास रखें जो किसी मरीज को महीनों तक इंजेक्शन के लिए इंतजार करवाए और जब उसकी मृत्यु हो जाए तो उसके तीन दिन बाद इंजेक्शन लगवाने के लिए बुलाए। इंजेक्शन महंगा था और बाहर से आता है यह तर्क भी सरकार की बेशर्मी के और निम्न स्तर पर जाने की बानगी है। इंजेक्शन क्या विदेश से आते हैं? इंजेक्शन चंडीगढ़ से ही तो आता है जो शिमला से मात्र तीन घंटे की दूरी पर हैं। सवाल चुनौतियों का नहीं सरकार की नीयत का है। इंजेक्शन न उपलब्ध करवाने की सच्चाई स्वीकारने में सरकार को क्या कठिनाई थी लेकिन सरकार ने मृतक के परिवार पर ही इंजेक्शन न ले जाने का आरोप मढ़ना आसान समझा।
कुल्लू: जिला में कई स्थानों पर पैराग्लाइडिंग हो रही है, लेकिन पिछले कुछ समय से पैराग्लाइडिंग साइट में एक के बाद एक हादसे पेश आ रहे हैं। रायसन के बाद गड़सा में पैराग्लाइडिंग हादसे में पर्यटक की मौत के बाद विभाग ने ऑपरेटर और पायलट को नोटिस जारी किया है। इन्हें अपना पक्ष रखने के लिए दो दिन का समय दिया गया है। इसके बाद अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बता दें कि बीते शुक्रवार को गड़सा पैराग्लाइडिंग साइट में पायलट ने उड़ान के समय करतबबाजी दिखाई थी। इस दौरान वो नीचे लैंड कर रहे दूसरे ग्लाइडर के ऊपर गिर गया। इसके चलते पायलट और राइडिंग कर रहा पर्यटक दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल लाया गया। अस्पताल में चिकित्सक ने पर्यटक को मृत घोषित कर दिया। पर्यटक की पहचान ए.जयेश राम निवासी तमिलनाडु के रूप में हुई थी, जबकि गंभीर घायल पायलट की पहचान अश्वनी कुमार निवासी भुंतर, जिला कुल्लू के रूप में हुई थी। पायलट कों गंभीर हालत के चलते पीजीआई रेफर कर दिया गया है। पर्यटन विकास अधिकारी कुल्लू सुनयना शर्मा ने कहा कि 'गड़सा में हुए इस पैराग्लाइडिंग हादसे में प्रारम्भिक जांच के दौरान पायलट की लापरवाही पाई गई है। इसी आधार पर ऑपरेटर और पायलट को नोटिस दिए गए हैं। जवाब के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, कुल्लू के रायसन में भी आठ जनवरी को पैराग्लाइडिंग हादसा पेश आया था। इस हादसे में भी आंध्रप्रदेश के पर्यटक महेश रेड्डी की मौत हो गई थी। इस मामले में भी उपायुक्त तोरूल एस रवीश ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। अब जल्द इस मामले में जांच की जाएगी। प्रारंभिक जांच में इस हादसे में भी पायलट और ऑपरेटर की लापरवाही पाई गई हैं। ऐसे में अब पर्यटन विभाग के जांच अधिकारी ने मौके पर पहुंच कर बारीकी से जांच की हैं। इस दौरान उन्होंने अन्य पायलट और स्थानीय लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं। पर्यटन अधिकारी ने कार्रवाई करते हुए ऑपरेटर और पायलट को नोटिस जारी किया है। वहीं, प्रारंभिक जांच में पायलट की लापरवाही पाई गई है।
नीरज राणा, जो एक गैर-राजनीतिक परिवार से हैं, आज इस महत्वपूर्ण पद तक पहुंचे हैं। उनके पिता, रमेश चंद, जो एक शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, ने हमेशा नीरज को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। नीरज ने कहा कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, और आगे भी वे संघर्ष करते रहेंगे। नीरज राणा ने विधायक संजय रत्न को अपना राजनीतिक गुरु मानते हुए कहा कि विधायक संजय रत्न ने तीसरी बार उन पर विश्वास जताते हुए उन्हें एनएसयूआई कांगड़ा का जिला उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। इससे पहले, नीरज राणा एनएसयूआई के प्रभारी ज्वालामुखी और विधानसभा क्षेत्र संयोजक के रूप में कार्य कर चुके हैं। नीरज राणा का कहना है कि अगर आप संगठन के प्रति सच्ची निष्ठा और लगन से काम करते हैं, तो संगठन आपको एक न एक दिन आपके लक्ष्य तक जरूर पहुंचाता है। चुनावों में भी नीरज राणा हमेशा अपने एनएसयूआई और युवा कांग्रेस के साथियों के साथ मिलकर पूरी मेहनत से काम करते रहे हैं, चाहे वह विधानसभा चुनाव हो या लोकसभा चुनाव। नीरज राणा ने यह भी कहा कि यह उपलब्धि विधायक संजय रत्न के आशीर्वाद से ही संभव हो पाई है। उन्होंने इसके लिए ज्वालामुखी विधायक संजय रत्न, अधिवक्ता सर्वेश रत्न, एनएसयूआई प्रदेश प्रभारी मुनीश्वर शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष अभिनंदन ठाकुर टोनी, प्रदेश महासचिव निखिल जमवाल, जिलाध्यक्ष कपिल कुमार और खासकर अपने पिता का आभार प्रकट किया। आखिर में नीरज ने कहा, "मेरा जीवन हमेशा छात्रहित के लिए समर्पित रहेगा, और जैसे मैंने पहले छात्रों की आवाज को बुलंद किया है, वैसे ही भविष्य में भी करता रहूंगा। विधायक संजय रत्न के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अपने एनएसयूआई साथियों के साथ खड़ा रहूंगा।
जिला सिरमौर के एक नामी शिक्षण संस्थान के डायरेक्टर पर युवती की किडनैपिंग और छेड़छाड़ के कथित आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि युवती शिक्षण संस्थान में बतौर ट्रैनी टीचर के तौर पर कुछ समय से सेवाएं दे रही थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना गत शुक्रवार की बताई जा रही है। जानकारी मिली है कि शुक्रवार को संस्थान का डायरेक्टर युवती को स्कूल ले जाने की बजाय अपनी गाड़ी में शहर से बाहर ले गया। आरोप है कि इस दौरान डायरेक्टर ने युवती के साथ छेड़छाड़ की। साथ ही उसे सिगरेट और शराब पीने के लिए उकसाने की भी कोशिश की। आरोपी की गलत मंशा को भांपते हुए युवती ने अपने विवेक से काम लिया और किसी तरह से अपने साथियों को फोन किया और इस बावत जानकारी दी। इसके बाद युवती ने किसी तरह अपनी लाज बचाई। मामले की जानकारी मिलते ही परिजनों ने तुरंत महिला पुलिस थाना में इसकी शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है। फिलहाल, अभी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई हैं। उधर, एएसपी सिरमौर योगेश रोल्टा ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। मामला दर्ज किया जा चुका है। अभी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। शाम तक डिटेल साझा की जाए।


















































