हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर शहर को फोरलेन से जोड़ने के लिए गोबिंद सागर झील पर अंडरवाटर टनल के निर्माण पर विचार किया जा रहा है। टनल लुहणू मैदान से फोरलेन तक बनाई जाएगी। अगर योजना धरातल पर उतरी, तो यह न केवल बिलासपुर शहर के लिए संजीवनी साबित होगी, बल्कि देश का पहला ऐसा पुल होगा जो झील के अंदर बनेगा। किरतपुर-मनाली फोरलेन बनने के बाद बिलासपुर शहर का संपर्क मुख्य मार्ग से टूट गया है, जिससे यहां की आर्थिक गतिविधियां धीमी पड़ गई हैं। व्यापारियों और उद्योगपतियों को नई राह देने के लिए पुल का निर्माण महत्वपूर्ण है। अंडरवाटर टनल पुल से न केवल शहर फोरलेन से सीधा जुड़ जाएगा, बल्कि यह पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र भी बनेगा। अगर पुल निर्माण की संभावनाएं बनीं तो महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए जर्मनी के विशेषज्ञ और कंसल्टेंट हायर किए जाएंगे। जर्मनी की उन्नत इमर्शन टनल तकनीक और टनल बोरिंग मशीन का उपयोग कर पुल को तैयार किया जाएगा। इमर्शन टनल तकनीक में टनल के हिस्सों को जमीन पर बनाकर झील के नीचे स्थापित किया जाएगा। टनल बोरिंग मशीन से झील के तल के नीचे खुदाई करके इसे सुरक्षित और टिकाऊ बनाया जाएगा। परियोजना की संभावनाओं का आकलन करने के लिए विशेषज्ञों की टीम तैयार की जाएगी। अगर योजना व्यावहारिक पाई गई, तो इसे केंद्र सरकार की सेतु भारतम योजना के तहत बजट के लिए प्रस्तावित किया जाएगा। परियोजना पर कई सौ करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। इस परियोजना में पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए जर्मन तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जो उन्नत और टिकाऊ है। यह परियोजना केवल एक पुल निर्माण तक सीमित नहीं होगी, बल्कि यह बिलासपुर के पुनरुत्थान की कहानी लिखेगी। अगर यह परियोजना धरातल पर उतरती है, तो यह न केवल हिमाचल प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए एक मिसाल बन जाएगी। अगर लुहणू से गोबिंद सागर झील के नीचे अंडरवाटर टनल पुल बनाया जाता है, तो यह परियोजना शहर के लिए एक वरदान साबित होगी। इसकी संभावनाएं तलाशने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि अभी यह परियोजना तय नहीं है। संभावनाएं बनीं तो इस पर कवायद शुरू होगी।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा का आधारभूत ढांचा मजबूत किया जाएगा। आगामी तीन वर्षों में सरकार स्कूल भवनों के निर्माण पर 600 करोड़ रुपये खर्च करेगी। मुख्यमंत्री ने ये बातें अर्की विधानसभा क्षेत्र की दुर्गम पंचायत क्यार कनैता के लोहारघाट में आयोजित एक जनसभा में कहीं। उन्होंने लोहारघाट में उप तहसील खोलने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के सभी वर्गों का कल्याण सुनिश्चित कर रही है। जनता से किए गए वायदों के अनुरूप विभिन्न गारंटियां चरणबद्ध तरीके से पूरी की जा रही हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क, शिक्षा व स्वास्थ्य जैसे प्राथमिक क्षेत्रों में अधोसंरचनात्मक एवं अन्य सुधार किए जा रहे हैं। सरकार सभी विद्यालयों में आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित कर रही है। स्वास्थ्य क्षेत्र में सभी चिकित्सा महाविद्यालयों, जिला अस्पताल स्तर पर अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। राज्य सरकार दूर-दराज के क्षेत्रों में पहुंचकर न केवल समस्याओं का निदान कर रही हैं बल्कि विकास के लाभ भी जन-जन तक पहुंचा रही है। ग्रामीण आर्थिकी में सुधार के लिए सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि मुख्यमंत्री के कुशल मार्गदर्शन में प्रदेश विकास की नई इबारत लिख रहा है। अर्की के विधायक संजय अवस्थी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने शपथ लेते ही व्यवस्था परिवर्तन का शुभारंभ किया और 101 करोड़ के सुख आश्रय कोष के साथ सामाजिक परिवर्तन की नींव रखी। इस मौके पर पंचायत प्रधान रघुराज पराशर भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्राकृतिक खेती के माध्यम से उत्पादित मक्की की खरीद 30 और गेहूं की 40 रुपए प्रति किलो की दर से की जा रही है। सरकार अब तक 398 मीट्रिक टन मक्की खरीद चुकी है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती के उत्पाद विक्रय करने के लिए किसान अपना पंजीकरण करवाएं। उन्होंने कहा कि सही नीतियों और जन सहयोग से वर्ष 2027 तक हिमाचल आत्मनिर्भर बनेगा और वर्ष 2032 तक सबसे समृद्ध राज्य होगा। मुख्यमंत्री ने शहीद हवलदार राम रतन की पत्नी निर्मला देवी को भी सम्मानित किया। हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक खेती से लागत मूल्य में करीब 36 फीसदी की कमी आई है। प्रदेश में 3,592 पंचायतों के 1.98 लाख किसान 35 हजार हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती कर रहे रहे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बताया कि प्रदेश में किसानों की आर्थिकी सुदृढ़ करने के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। कहा कि प्राकृतिक खेती से जहां पर्यावरण को रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों से बचाया जा रहा है, वहीं खेती की लागत कम होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बल मिल रहा है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 15 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है। प्राकृतिक खेती की प्रासंगिकता को देखने के लिए योजना की शुरुआत के बाद प्रदेश में रासायनिक उर्वरकों व कीटनाशकों के प्रयोग के आकलन के लिए राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान हैदराबाद और अकादमी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज लखनऊ की ओर से शोध किए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले जोल क्षेत्र की चौकी खास पंचायत के कैंट गांव में सारांश गर्ग फाउंडेशन की गोशाला में ठंड और चारे की कमी से सात गोवंश की मौत हो गई। तीन की हालत बेहद गंभीर है। मौके पर न तो मृत पशुओं को उठाया गया है और न ही बीमार को इलाज दिया जा रहा। जानकारी के अनुसार गोशाला में मात्र एक शेड है। शेड में सर्द हवाओं से बचाव का कोई इंतजाम नहीं है। न ही गोवंश को हरा चारा दिया जा रहा। मात्र मक्की के सूखे डंठल ही गोवंश को दिए जा रहे। तापमान शून्य से नीचे होने से गोवंश ठिठुर रहा है। इसके चलते यहां दो दिन में सात गोवंश की मौत हो गई। जो गोवंश ठीक हैं, उनके लिए भी आने वाला समय खतरे से खाली नहीं। गोशाला में काम करने वाले प्रवासी विजय ने बताया कि आए दिन गोवंश की मौत हो जाती है। कई गोवंश बीमारी की हालत में आते हैं। ऊपर से खाने को नहीं मिलता। सूखे डंठल ही हैं। गोशाला के शेड में दीवारें भी नहीं हैं। जिन गोवंश की मौत हो गई, उनके शव उठ गए तो ठीक है, नहीं तो पड़े रहेंगे। बीमार गोवंश का इलाज कब होगा, उसे पता नहीं। गोशाला के संचालक कृष्ण गोपाल ने कहा कि वह खुद बीमार हैं, इसलिए गोशाला नहीं आ पाते। उन्होंने बताया कि मृत गोवंश को उठाने के लिए जेसीबी नहीं मिल रही है। जल्द उन्हें उठाया जाएगा। गोवंश की मौत का मामला गंभीर है। निश्चित तौर पर अव्यवस्थाओं के कारण ऐसा हुआ है। निरीक्षण कर पता लगाया जाएगा कि कितने गोवंश रखने की मान्यता दी गई है और कितने रखे हैं। उन्हें कैसा चारा दिया जा रहा यह भी देखा जाएगा। उसके बाद अगल कदम उठाएंगे।
हिमाचल में नशा तस्करी के मामले थम नहीं रहे हैं। हर दिन पुलिस कही न कही तस्करों को हेरोइन, चिट्टा, चरस और ड्रग्स के साथ पकड़ते हैं। इसके बावजूद अवैध नशे का कारोबार करने वाले अपनी हरकतों से बाज नहीं आते हैं। ताजा मामला हमीरपुर सदर थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने दो आरोपियों को 9.83 ग्राम चिट्टा के साथ गिरफ्तार किया हैं। दोनों पंजाब से चिट्टा लेकर शिमला जा रहे थे। जानकारी के अनुसार हमीरपुर के भोटा स्थित सहायता कक्ष में तैनात पुलिस कर्मियों ने चिट्टे की खेप को लेकर हमीरपुर में दाखिल हुए पंजाब के 2 युवकों से 9.83 ग्राम चिट्टा बरामद किया है। बताया जा रहा है कि ये युवक पंजाब से इस चिट्टे को नादौन से होते हुए शिमला की ओर ले जाने की फिराक में थे। पुलिस ने भोटा के नजदीक मोरसू के पास एनडीपीएस एक्ट के तहत युवकों को गिरफ्तार किया है। एसपी हमीरपुर भगत सिंह ठाकुर ने कहा, चिट्टे के साथ पकड़े गए दोनों युवकों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस रिमांड के दौरान दोनों युवकों से गहन पूछताछ की जाएगी। एसपी ने लोगों से आग्रह किया कि चिट्टे और अन्य अवैध नशीले पदार्थों की सूचना तुरंत पुलिस को दें, जिससे नशा तस्करों पर पुलिस कार्रवाई कर सके। दोनों आरोपियों की पहचान राणा (27 वर्ष) और विनम्र बैंस (24 वर्ष) के रूप में हुई है। इनमें राणा पंजाब के पटियाला और विनम्र रूपनगर, पंजाब का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार शनिवार देर रात करीब 11 बजे मोरसू क्षेत्र से उन्हें गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपी अपनी कार में सवार होकर नादौन की तरफ से शिमला की ओर रवाना हो रहे थे। मोरसू के पास पुलिस को नाके के दौरान शक हुआ, जिसके आधार पर पुलिस ने उनकी तलाशी ली। इस दौरान दोनों आरोपियों के पास से 9.83 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। पुलिस ने उनकी कार को भी कब्जे में ले लिया है।
जयसिंहपुर/ नरेंद्र डोगरा: ब्लॉक थुरल, कांगड़ा में आज हंस फाउंडेशन की मोबाइल मेडिकल यूनिट-1 द्वारा निशुल्क नाक, कान, गला और स्त्री रोग विशेषज्ञ निदान स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में गांव थुरल के 130 लोगों को निशुल्क उपचार, नाक, कान, गला, और स्त्री रोग संबंधी जांच और प्रशिक्षण की सुविधा प्रदान की गई। गांववासियों ने इस शिविर में उत्साह के साथ भाग लिया। हंस फाउंडेशन की टीम द्वारा निशुल्क दवाइयां और परीक्षण भी किए गए। शिविर में मेडिकल अधिकारियों द्वारा जनरल ओपीडी में स्वास्थ्य जांच की गई और सभी लाभार्थियों को उचित उपचार प्रदान किया गया। हंस फाउंडेशन के संपूर्ण स्टाफ ने इस शिविर के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा, गांववासी, आंगनवाड़ी वर्कर्स और विलेज लेवल हेल्थ वर्कर्स ने भी शिविर को सफल बनाने में अपना योगदान दिया। उन्होंने शिविर के उद्देश्यों के बारे में लोगों से बातचीत की और उन्हें स्वास्थ्य के महत्व के बारे में जागरूक किया। इस शिविर के माध्यम से लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं दी गईं, जिससे गांववासियों को काफी राहत मिली। हंस फाउंडेशन के इस पहल ने समुदाय में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बढ़ाया और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को बेहतर बनाया।
जयसिंहपुर/नरेंद्र डोगरा:हिमाचल प्रदेश में 'एक देश, एक चुनाव अभियान मंच' के प्रवक्ता मनजीत डोगरा ने केंद्र सरकार द्वारा कैबिनेट बैठक में 'एक देश, एक चुनाव' विधेयक को मंजूरी देने के बाद इस कदम का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि देशभर में एक साथ चुनाव कराना अब समय की मांग बन चुका है, क्योंकि विभिन्न चुनावों के कारण देश पर भारी वित्तीय बोझ पड़ता है, साथ ही विकास कार्यों में भी रुकावट आती है। इससे देश की विकास दर धीमी पड़ जाती है। मनजीत डोगरा ने आगे कहा कि 'एक देश, एक चुनाव' अभियान मंच की स्थापना 2014 में की गई थी और तब से मंच देशभर में एक साथ चुनाव कराने के पक्ष में जन जागरूकता अभियान चला रहा था। अब लगभग 10 वर्षों के बाद उनकी मेहनत रंग लाई है। अभियान मंच के प्रदेश अध्यक्ष रमेश भाऊ ने भी इस मुद्दे पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने इसे एक महान और पवित्र कार्य बताया, क्योंकि यह राष्ट्र की प्रगति से जुड़ा हुआ है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अनुरोध किया कि वे विरोध के लिए विरोध की राजनीति को छोड़कर, इस राष्ट्रभक्ति के कार्य में संसद में एकजुट होकर विधेयक का समर्थन करें। रमेश भाऊ ने कहा कि इस कदम से न केवल देश की वित्तीय स्थिति में सुधार होगा, बल्कि लोकतंत्र की गति भी तेज होगी, जिससे विकास की दिशा में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
** आयुष मंत्री ने नवाजे कैलाशपुर के होनहार जयसिंहपुर/नरेंद्र डोगरा: आयुष युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादविंद्र गोमा ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए विद्यार्थियों को किताबों के साथ अन्य गतिविधियों में सक्रिय रहना चाहिए ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके। मंत्री रविवार को जयसिंहपुर निर्वाचन क्षेत्र के धार पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल कैलाशपुर के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। गोमा ने स्कूल द्वारा शैक्षणिक एवं अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर छात्रों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान के लिए वार्षिक उत्सव वर्षभर के दौरान अर्जित उपलब्धियों को सम्मानित करने का अवसर होता है। इसके आयोजन से छात्रों में प्रतिस्पर्धा की भावना के साथ उनको प्रतिभा दिखाने का अवसर प्राप्त होने के साथ और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहन भी मिलता। उन्होंने कहा कि यह स्कूल काफी वर्षों से बच्चों को शिक्षा प्रदान कर रहा है। उन्होंने स्कूल प्रबंधन और अध्यापकों को बच्चों द्वारा विभिन्न गतिविधियों में किए गए उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई भी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में मोबाइल फोन का इस्तेमाल प्रत्येक व्यक्ति कर रहा है। उन्होंने बच्चों के अभिभावकों को बच्चों द्वारा मोबाइल का सदुपयोग करने और नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करने को कहा। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग का सामाजिक उत्थान के लिए महत्वपूर्ण योगदान रहता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नशे के खिलाफ और लोगों को नशे के दुष्प्रभाव के प्रति जागरूक करने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है। उन्होंने लोगों से भी आह्वान किया कि समाज को नशे से बचाने के सभी के सक्रिय सहयोग की आवश्यकता है। मंत्री ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र जयसिंहपुर के लोगों की सामाजिक और सामूहिक मांगों को पूर्ण करने के लिए पूर्ण सामर्थ्य से प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि धार क्षेत्र में राजकीय औद्योगिक संस्थान खोलने के लिए वे वचनबद्ध है और सरकारी औपचारिकतायें पूर्ण होते ही यहां पर युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा की सुविधा उपलब्ध करवा दी जाएगी। इस अवसर पर स्कूल के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर खूब समां बांधा। यादविंदर गोमा ने स्कूल के सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए 21 हजार की धनराशि देने की घोषणा की। आयुष मंत्री ने वर्ष भर शैक्षणिक, सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया। स्कूल के प्रबंध निर्देशक एवं प्रधानाचार्य सुनील मैहरा ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और स्कूल की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी सिकंदर, ग्राम पंचायत कैलाशपुर प्रधान ध्यानचंद, विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी सहित स्कूल के अध्यापक और स्कूल के विद्यार्थी मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश की लाहौल घाटी के पर्यटक स्थल कोकसर में शनिवार को वीकेंड पर सैलानियों का सैलाब उमड़ पड़ा। क्रिसमस और नववर्ष से पहले हजारों सैलानियों के वाहनों की कतार देखने को मिली। कई जगह दो से तीन किलोमीटर तक वाहनों की लंबी लाइन लगी रही। सड़क पर पर्यटक वाहन रेंगते रहे। इस साल की सर्दी में अभी तक इस शनिवार को पहली बार हजारों सैलानी कोकसर पहुंचे। सुबह के समय घाटी में मौसम खुशनुमा रहा, लेकिन दोपहर बाद आसमान में हल्के बादल और हल्की धूप के बीच सैलानी जगह-जगह पैदल पहुंचकर मस्ती करते देखे गए। ठंड के मौसम में पर्यटक टोपी, हाथ में ग्लव्स पहने नजर आए। हालांकि, कुछ सैलानियों ने ठंड की परवाह न करते हुए बर्फ के बीच जमकर मस्ती की। बर्फ से ढकी पहाड़ियों को देखकर सैलानी रोमांचित हो उठे। सेल्फी के साथ अपनों से वीडियो कॉल कर उन्हें भी लाहौल के कोकसर और ग्रांफू की सफेद वादियों से रूबरू करवाया। स्कीइंग, टयूब स्लाइडिंग, जिपलाइन, एटीवी राइडिंग में मस्ती की। खासकर स्कीइंग कार आनंद बच्चों के लेकर युवा और दंपत्तियों ने भी लिया। उधर, वीकेंड पर पहाड़ों की रानी शिमला में भी बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचे हैं। शहर के सर्कुलर रोड पर दिनभर गाड़ियां रेंगती रहीं। सैलानियों की आमद बढ़ने से स्थानीय कारोबारी भी खुश नजर आए। सैलानियों ने राजमा और चावल का स्वाद लिया। पर्यटन कारोबारी दीपक कुमार, राजेश, सुनील, मान सिंह रावत व सीताराम ने बताया कि वीकेंड पर कोकसर में सैलानियों की भारी भीड़ जुटी है। उन्हें अच्छी बर्फबारी का इंतजार है। उन्होंने उम्मीद जताई कि क्रिसमस और नव वर्ष में बर्फबारी होगी।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना करते हुए डीजीपी की ओर से दायर हलफनामे में कहा कि प्रदेश के सभी पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं। अदालत में दायर हलफनामे में कहा गया है कि प्रदेश में जिला स्तरीय निरीक्षण समिति (डीएलओसी) और राज्य स्तरीय निरीक्षण सीमित (एसएलओसी) का गठन किया गया है। जो पुलिस थानों में लगे सीसीटीवी कैमरे की लोकेशन और रखरखाव का कार्य करेगी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट की जजमेंट परमवीर सिंह बनाम बलजीत सिंह में दिए गए निर्देशों का पालन किया जाए। जिसमें जिला स्तरीय निरीक्षण सीमित यह सुनिश्चित करेगी कि प्रत्येक पुलिस थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और उनका रखरखाव किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले में राज्यों को निर्देश दिए हैं कि सभी थानों के प्रवेश और निकास बिंदु ,पुलिस स्टेशन का मुख्य द्वार, सभी लॉकअप, लॉबी, सभी बरामदे, सब इंस्पेक्टर का कमरा, लॉकअप रूम के बाहर का क्षेत्र, पुलिस स्टेशन के परिसर के सामने, शौचालय और पुलिस स्टेशन का पिछला हिस्से को कैमरे से कवर करना होगा। इसके साथ ही जिला स्तरीय निरीक्षण समिति को सीसीटीवी और उसके उपकरणों का पर्यवेक्षण,रखरखाव की जिम्मेदारी होगी। सीसीटीवी की मरम्मत इसके उपकरणों की कार्य प्रणाली के बारे में एसएलओसी को मासिक रिपोर्ट भेजना और विभिन्न पुलिस स्टेशनों में लगे सीसीटीवी से संग्रहित फुटेज की समीक्षा करना ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं कोई मानवाधिकारों का उल्लंघन तो नहीं हुआ है,जो हुआ हो और जिसकी रिपोर्ट नहीं की गई हो। अदालत ने कहा है कि एसएलओसी का पहला कार्य सीसीटीवी और उसके उपकरणों की खरीद, वितरण और स्थापना करना होगा। दूसरा इसके लिए बजट का प्रावधान करना। तीसरा कैमरे और उसके उपकरणों की निरंतर निगरानी और मरम्मत। चौथा, जो कैमरे बंद पड़े है उनका निरीक्षण समय पर करना और जिन के उपकरण खराब पड़े हैं, उसे ठीक करना होगा। पांचवां डीएलओसी की ओर से भेजी गई मासिक रिपोर्ट में शिकायतों का समाधान करना। छठा डीएलओसी से मासिक रिपोर्ट मंगाएं और खराब पड़े उपकरणों का निपटारा अतिशीघ्र करें। अदालत ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता रजनीश मनीकटाला के प्रयासों की भी सरहाना की है, जिन्होंने इतने महत्वपूर्ण समस्या को अदालत के समक्ष लाया।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बदलग ने अपना वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह विद्यालय प्रांगण में बड़ी धूमधाम के साथ मनाया। इस समारोह के मुख्य अतिथि डॉ प्रवीन पंवर एसोसिएट प्रो. आईजीएमसी शिमला रहे। विद्यालय परिवार ने मुख्य अतिथि का जोरदार स्वागत किया तथा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। स्कूली छात्राओं द्वारा वंदेमातरम व मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। स्थानीय विद्यालय के प्रधानाचार्य अशोक कुमार ने मुख्य अतिथि सहित अन्य सभी लोगों का स्वागत व कार्यक्रम में पहुंचने पर धन्यवाद किया। विद्यालय की वार्षिक गतिविधियों की रिपोर्ट सबके सामने प्रस्तुत की। स्कूली बच्चों द्वारा एक से एक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में बच्चो से कहा कि हमें अपने माता-पिता, शिक्षकों सहित सभी का सम्मान करना चाहिए। शिक्षा के साथ विद्यालय की हर गतिविधि में भाग लेना चाहिए। अंत में मुख्य अतिथि द्वारा वर्ष भर की गतिविधियों में अव्वल रहे छात्रों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर पंचायत प्रधान सतीश चंद, उप प्रधान महेंद्र सिंह, एस एम सी अध्यक्ष सतीश वर्मा के अलावा प्रकाश कौशल, महेश शर्मा, पवन कुमार, ज्ञान चंद, ईश्वर दत, कमलेश शिल्पा, कविता, राजीव, बबीता,पदम देव, मीना कुमारी, मीनाक्षी, शमशेर सिंह आदि मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश में एक अप्रैल 2025 से बिजली महंगी हो सकती है। बिजली बोर्ड प्रबंधन ने 50 से 70 पैसे प्रति यूनिट बढ़ोतरी का प्रस्ताव राज्य विद्युत विनियामक आयोग को भेजा है। इसमें बोर्ड ने 300 करोड़ रुपये के घाटे का हवाला देते हुए बिजली दरों में बढ़ोतरी की मांग की है। अब जनसुनवाई में आयोग बोर्ड के प्रस्ताव पर सभी हितधारकों के सुझाव और आपत्तियां लेगा।हिमाचल में इस साल बिजली की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। बोर्ड को सरकार की ओर से हालांकि अनुदान के तौर पर हर वर्ष 750 से 1000 करोड़ रुपये दिए जाते हैं, इसके बावजूद बोर्ड के लिए अपना खर्च पूरा करना मुश्किल हो गया है। बोर्ड को प्रतिमाह करीब 180 करोड़ रुपये वेतन और पेंशन के लिए चाहिए। बोर्ड का राजस्व घाटा 300 करोड़ से अधिक हो गया है। हर महीने 125 यूनिट निशुल्क बिजली देने से बोर्ड का आर्थिक संतुलन गड़बड़ा गया है। इसको देखते हुए बोर्ड ने राज्य विद्युत नियामक आयोग को प्रस्ताव भेजकर अप्रैल 2025 से बिजली दरों में बढ़ोतरी की वकालत की है। हिमाचल के करीब 25 लाख घरेलू और अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं को बिजली बोर्ड सप्लाई मुहैया करवा रहा है। साल 2024 में लोकसभा चुनाव होने के चलते प्रदेश में बिजली महंगी नहीं हुई थी। राज्य विद्युत नियामक आयोग की ओर से 75 पैसे से एक रुपये तक प्रति यूनिट दरें बढ़ाई गई थी। इन दरों का राज्य सरकार ने अतिरिक्त सब्सिडी देकर खर्च उठा लिया था। अब साल 2025-26 के लिए बोर्ड ने प्रस्ताव तैयार कर करीब 300 करोड़ रुपये के घाटे का हवाला देते हुए दरें बढ़ाने की मांग की है। उधर, साल 2023-24 में घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट से अधिक खपत पर 22 पैसे और अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 46 पैसे की दर से बढ़ाया गया था। 31 मार्च 2025 तक यहीं दरें लागू रहेंगी।
सूचना एवं जन संपर्क विभाग शिमला, सोलन और मुख्य परिवहन अधिकारी सोलन के सहयोग से हिम सांस्कृतिक दल ने कुनिहार के न्यू बस स्टैंड पर सड़क सुरक्षा के नियमों और कानूनों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए गीत-संगीत और नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इस नाटक में वाहन चालकों को यह संदेश दिया गया कि वे सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें, ताकि वे असमय दुर्घटनाओं का शिकार न हों। सरकार द्वारा बनाए गए नियमों के अनुसार वाहन चलाने से जीवन सुरक्षित रह सकता है। इस कार्यक्रम में दल के कलाकार हेमंत कुमार (अध्यक्ष), जय सिंह कश्यप (उपाध्यक्ष), रोशन लाल, दिग्विजय सिंह, चतर सिंह, अमित कुमार, सुमन सोनी, बीना शर्मा, किरण, मंजू देवी और हेतराम ने गीत-संगीत और नुक्कड़ नाटक के जरिए सड़क सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया।
परिवहन सेवा निवृत कर्मचारी कल्याण मंच का एक प्रतिनिधि मंडल उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से मिला। यह प्रतिनिधि मंडल प्रदेशाध्यक्ष वृज लाल ठाकुर की अध्यक्षता में नालागढ़ में उप मुख्यमंत्री से मिला, जिसमें प्रदेश पदाधिकारी और जिला सोलन के लगभग 150 कार्यकर्ता शामिल थे। प्रतिनिधि मंडल ने पहले उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, विधायक राम कुमार और विधायक हरदीप बावा को सम्मानित किया। इसके बाद, प्रदेशाध्यक्ष और प्रदेश महासचिव ने 11 सूत्रीय मांग पत्र उप मुख्यमंत्री को सौंपा। इस मांग पत्र को हिमाचल पथ परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक को भी भेजा गया। उप मुख्यमंत्री ने कल्याण मंच की मांगों को गंभीरता से लिया और मंच के पदाधिकारियों ने लगभग 20 मिनट तक अपने मुद्दे रखे, जिन्हें मंत्री ने ध्यान से सुना। उन्होंने वादा किया कि बजट सत्र से पहले कल्याण मंच के प्रतिनिधियों को सचिवालय में बातचीत के लिए बुलाया जाएगा। इस दौरान, पेंशनधारियों के बच्चों की शादियों के लिए एरियर देने के आदेश भी जारी कर दिए गए। प्रदेशाध्यक्ष बृजलाल ठाकुर ने बताया कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने में जिलाध्यक्ष बाबू राम ठाकुर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस प्रतिनिधि मंडल में कार्यकारी अध्यक्ष अजमेर ठाकुर, प्रदेश महासचिव रूप चंद शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष राम स्वरूप चौधरी, अर्की से बलबीर चौधरी और रघुनाथ शर्मा, नालागढ़ इकाई से भीम सिंह और रघुवीर सिंह, ऊना से रमेश शर्मा और राजेश खन्ना समेत 150 कार्यकर्ता शामिल थे।
कुल्लू जिला में आनी उपमंडल के अंतर्गत लफाली पंचायत के रूमाली गांव में शनिवार देर रात करीब पौने एक बजे आठ कमरों के दो मंजिला मकान में आग लग गई। आग लगने की भनक लगते ही घर के अंदर सो रहे परिवार के सदस्य फौरन बाहर निकल गए। आग लगने की सूचना मिलते ही पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग को बुझाने के प्रयास भी किए, लेकिन लकड़ी का मकान होने के कारण आग बड़ी तेजी से फैली। ग्रामीणों ने आग लगने की सूचना आनी पुलिस प्रशासन और दमकल विभाग को भी दी। सूचना मिलते ही आनी पुलिस और दमकल विभाग की टीम देर रात घटना स्थल पर पहुंची। मकान में लगी पुरानी सूखी लकड़ी के चलते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था। इसके कारण दमकल विभाग भी आग पर काबू नहीं पा सका और देखते ही देखते पूरा मकान जलकर राख हो गया। आठ कमरों के इस मकान में तीन भाई अपने-अपने परिवार के साथ रहते थे। आग की इस घटना में तीनों भाइयों की संपत्ति जलकर राख हो गई। ठंड के इस मौसम में तीन परिवार बेघर हो गए हैं। आग की इस घटना में लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। इसके साथ ही दो भेड़ें और एक जर्सी गाय भी आग की चपेट में आए है। साथ लगते मकान को भी आग की इस घटना में नुकसान हुआ है। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। तहसीलदार आनी भीम सिंह नेगी ने बताया कि, घटना का जायजा लेने के लिए राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया है, नुकसान का आकलन करके अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रभावित को प्रशासन की ओर से फौरी राहत दे दी गई।
प्रदेश सरकार द्वारा बनाई गई नई गेस्ट टीचर पॉलिसी का विरोध शुरू हो गया है। बेरोजगार शारीरिक शिक्षक संघ और हिमाचल बेरोजगार युवा महासंघ ने 19 दिसंबर को धर्मशाला में विधानसभा सत्र के दौरान सरकार का घेराव करने का एलान किया है।बेरोजगार शारीरिक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष संदीप घई ने आरोप लगाया कि प्रदेश में शारीरिक शिक्षकों के 870 पदों पर रोक लगी हुई है। पिछले आठ सालों से शारीरिक शिक्षकों की भर्तियां नहीं की गई हैं। पूर्व सरकार द्वारा निकाले गए पदों पर वर्तमान सरकार ने रोक लगा दी है। इस कारण बेरोजगार शिक्षक परेशान हैं। संघ का कहना है कि शिमला में सचिव से मिलने के बाद सरकार ने सितंबर में आश्वासन दिया था कि नवंबर तक भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया। इसी कारण संघ ने 19 दिसंबर को धर्मशाला में विधानसभा सत्र के दौरान सरकार का घेराव करने का निर्णय लिया है। दूसरी ओर हिमाचल बेरोजगार युवा महासंघ ने गेस्ट टीचर पॉलिसी को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करार दिया है।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से बड़ी खबर सामन आई है। यहां शिमला-चंडीगढ़ NH पर दो कारों के बीच जोरदार टक्कर हो गई है। हादसे में एक कार सड़क पर पलट गई है। जबकि, दूसरी कार भी क्षतिग्रस्त हुई है। हादसे के वक्त दोनों कारों में कई लोग सवार थे। हादसा संकटमोचन मंदिर के पास पेश आया है। यहां दिल्ली नंबर DL3CBM5329 ऑडी कार और शिमला की टैक्सी HP01A8165 में जोरदार टक्कर हुई है। हादसे में टैक्सी चालक गंभीर रूप से घायल हो गया- जिसे तुरंत उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। बताया जा रहा है कि टैक्सी चालक की टांगोंं और सिर में गहरी चोट आई हैं। दूसरी कार में सवार लोगों को भी चोटें आई हैं। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई है। फिलहाल, हादसे के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस टीम द्वारा जांच की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश के कई होनहार युवा भारतीय सेना में बड़े पदों पर विराजमान हैं। इसी सूची में अब ऊना जिले के एक बेटे ने भी अपना नाम जोड़ लिया है। जिले के ASP सुरेंद्र शर्मा के बेटे कनिष्क शर्मा इंडियन आर्मी में बतौर लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त हुए हैं। कनिष्क की इस उपलब्धि से उनके परिवार व क्षेत्र का नाम रोशन हुआ है। कनिष्क शर्मा ने चार साल की कड़ी ट्रेनिंग के बाद इंडियन मिलिट्री अकादमी, देहरादून से कमीशन हासिल किया। इस अवसर पर उनके माता-पिता और बड़ी बहन ने अकादमी पहुंचकर उन्हें बैजेस लगाए। कनिष्क भारतीय सेना के असम स्थित सिग्नल्स डिवीजन में सेवाएं देंगे। कनिष्क शर्मा ने प्रशिक्षण के दौरान टेलीकम्युनिकेशन में B.Tech. की पढ़ाई भी की- जो कि एक साल में पूरी हो जाएगी। आपको बता दें कि कनिष्क शर्मा मूल रूप से चंबा के चुराह जिले के हिमगिरि के रहने वाले हैं। कनिष्क शर्मा ने प्रारंभिक शिक्षा माउंट कार्मल स्कूल ऊना और गग्गल से हासिल की है। इसके बाद जमा दो की पढ़ाई सेक्रेड हार्ट स्कूल सिद्धपुर धर्मशाला में पूरी की है। कनिष्क शर्मा ने TES एंट्री के तहत गया में चार साल का कड़ा प्रशिक्षण हासिल किया। इसके बाद OTA में एक साल, CTW, MCTE महू में B.Tech. की तीन साल की शिक्षा ग्रहण की। फिर IMA देहरादून में एक महीने के कड़े प्रशिक्षण के बाद पासिंग आउट परेड में हिस्सा लिया और लेफ्टिनेंट पद पर नियुक्त हुए हैं। कनिष्क के परिवार में उनके माता-पिता और बड़ी बहन है। कनिष्क के पिता सुरेंद्र शर्मा ऊना जिले में ASP के पद पर कार्यरत हैं। कनिष्क की मां मनीषा शर्मा गृहिणी हैं। जबकि, बड़ी बहन कशिश शर्मा ने एग्रीकल्चर में जेनेटिक्स और प्लांट ब्रीडिंग में मास्टर्स की हुई है। कनिुष्क की इस सफलता के बाद पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। कनिष्क की इस सफलता के बाद उनके घर पर बधाई देने वाले लोगों का तांता लग गया है। उनके माता-पिता ने बताया कि कनिष्क बचपन से ही भारतीय सेना में जाने के सपने देखता था, जिसे उसने आज अपनी कड़ी मेहनत के दम पर पूरा कर लिया है।
** नेपाली दंपति ने भागकर बचाई जान जिला कुल्लू की पर्यटन नगरी मनाली में अग्निकांड का मामला सामने आया, जिसमें एक दंपति की जान बाल-बाल बची है। मनाली के साथ लगते बलसारी गांव में आग लगने से दो मंजिला मकान जलकर राख हो गया। घर में नेपाली मूल के दंपति रहते थे। अग्निकांड के दौरान दंपति ने भागकर अपनी जान बचाई। वहीं, आग लगते ही बलसारी गांव में अफरा तफरी मच गई। घर में आग लगते ही स्थानीय लोग आग बुझाने के लिए घटनास्थल की ओर भागे और अपने स्तर पर आग बुझाने में जुट गए। इस दौरान घर में रखे घास व लकड़ी ने आग में घी डालने का काम किया। इसके अलावा घर में रखा सिलेंडर फट गया, जिससे आग और फैल गई, जिसके बाद देखते ही देखते पूरे घर को आग ने अपने आगोश में ले लिया और चंद मिनटों में ही पूरा घर जलकर राख हो गया। अग्निशमन केंद्र मनाली के प्रभारी सरनपत ने बताया,अग्निकांड में बलसारी के ग्रामीण नील चंद ठाकुर का घर जलकर राख हो गया है। नील चंद के चौकीदार नेपाली मूल के जोशी अपनी पत्नी और दो बच्चों सहित घर में रहते थे। सभी लोग सुरक्षित हैं, लेकिन मकान जलकर राख हो गया है। ग्रामीण नील चंद समेत नेपाली परिवार को 10 लाख रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है। आग लगने का कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। डीएसपी मनाली केडी शर्मा ने बताया कि बलसारी गांव में अग्निकांड में घर जलकर राख हो गया है। मगर घर में रहने वाले सभी लोग सुरक्षित हैं। आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। मामला दर्ज कर छानबीन की जा रही है।
देहरा उपमंडल के तहत हरिपुर तहसील के अन्तर्गत गुलेर में एक व्यक्ति मृत मिला है। व्यक्ति दिहाड़ी मजदूरी का काम करता था। बता दें कि शुक्रवार शाम को तिलक राज (45) पुत्र जैसी राम निवासी वन तुंगली गुलेर से नगरोटा सूरियां की तरफ जा रहा था। गुलेर रेलवे फाटक के पास बैठ गया और वहीं बेसुध होकर गिर गया। स्थानीय व्यक्ति ने जब उसे देखा तो मामले की सूचना पुलिस स्टेशन हरिपुर में दी। सूचना मिलने के बाद एएसआई अनूप की अगुवाई में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। डीएसपी देहरा अनिल कुमार ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है।
** पानी की पाइपें जमीं, 19 दिसंबर तक बारिश-बर्फबारी की नहीं कोई उम्मीद हिमाचल के पहाड़ी इलाकों और मैदानी क्षेत्रों में कड़ी ठंड पड़ रही है। पानी की पाइपें जमने लगी हैं और लाहौल-स्पीति के ऊंचे इलाकों में बहता पानी भी जम गया है। ठंड इतनी बढ़ गई है कि 11 शहरों का तापमान माइनस में चला गया है। लोग सुबह और शाम के वक्त घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं, लेकिन दिन में धूप निकलने से मौसम थोड़ा आरामदायक हो जाता है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप शर्मा ने बताया कि पिछले 24 घंटे में मौसम साफ रहा और कई जगहों पर तापमान सामान्य से कम था। 19 दिसंबर तक मौसम साफ रहने का अनुमान है। बिलासपुर और मंडी जिलों में सुबह और शाम धुंध की समस्या हो सकती है, और इस दौरान दिन का तापमान 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है।
सोलन की ग्राम पंचायत अन्हेच के रिहूँ गांव में कोयले की गैस लगने से तीन युवाओं की मौत हो गई। रिहु गांव के राजकुमार के मकान में यह तीनों लोग किराए के कमरे में रहते थे। ठंड अधिक होने के कारण बीती रात तीनो युवा, लोहे के कनस्टर में आग जलाकर कमरा बंद कर सो गए। आग से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड से दम घुटने से तीनों की मौत हो गई।जानकारी के अनुसार जिले के थाना धर्मपुर के तहत डगशाई के साथ लगती अन्हेच पंचायत के रिहूं गांव में कोयले की गैस लगने से तीन प्रवासी कामगारों की मौत हो गई। मृतक युवकों की पहचान सुरेश कुमार, अरबाज और सूरज, निवासी रामपुर उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। युवकों की उम्र 20 से 30 वर्ष बताई जा रही है । बीती रात आग जलाकर यह तीनों अपने कमरे में सो गए थे। जब सुबह यह नहीं उठे तो मकान मालिक के बार बार दरवाजा खटखटाने के बाद भी अंदर से कोई जबाव नहीं आई । मकान मालिक राजकुमार ने पंचायत प्रतिनिधि और पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस की टीम ने कमरे की खिड़की की जाली तोड़कर अंदर से दरवाजे में कुंडी खोली। कमरे में तीनों युवक मृत अवस्था में पड़े मिले और पास ही कोयले की अंगीठी जली हुई थी। एसपी सोलन गौरव सिंह ने बताया कि परमाणू पुलिस मौके पर है। शवों को कब्जे में ले लिया गया है। अभी तक की जांच में यही सामने आया है कि कोयले की गैस से ही इन तीनों की मौत हुई है, इनके शरीर पर ओर किसी तरह का कोई निशान नहीं मिला है। पुलिस विभाग की टीम मौके पर है और आगामी जांच भी जारी है।
आज दयानंद आदर्श विद्यालय के प्रांगण में नर्सरी और पहली कक्षा की मदर्स के लिए मदर्स डे कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रिंसिपल ऊषा मित्तल ने बताया कि इस तरह के आयोजनों से मांओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलता है। यह कार्यक्रम अनुराधा, रीता और ममता के मार्गदर्शन में हुआ। इस कार्यक्रम में प्रिंसिपल ऊषा मित्तल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और मंत्र उच्चारण से हुई। मदर्स ने विभिन्न प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें उपस्थित लोगों ने सराहा। इसके अलावा, उनके लिए कई खेल भी रखे गए थे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मदर्स द्वारा की गई मॉडलिंग थी, जिसमें पायल, उषा, सोनम, नीलम, नीलम चौधरी, अर्चना, अंजना, सुमन, नेहा, ऋतु बंसल और अन्य ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। प्रिंसिपल ऊषा मित्तल ने मदर्स को टोकन देकर सम्मानित किया और उन्हें संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों की जिंदगी में मां का योगदान अतुलनीय होता है। इस कार्यक्रम का मंचन नीता दीवान और संगीता ठाकुर ने किया। अंत में शांति पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
हिमाचल प्रदेश में नशा तेजी से युवाओं को अपनी चपेट में ले रहा है। कई युवा नशे की चपेट में आकर अपनी जिंदगी बर्बाद कर चुके हैं। बाहरी राज्यों के तस्कर भी हिमाचल में सक्रिय हैं। शिमला पुलिस पहले ही चिट्टा तस्करी में शामिल शाही महात्मा और राधे गैंग जैसे गिरोहों का भंडाफोड़ कर चुकी हैं। इसके साथ ही रोजाना कई चिट्टा तस्करों को पुलिस गिरफ्तार भी कर रही है। ताजा मामले में शिमला पुलिस ने दो सगे भाइयों को चिट्टे के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। दोनों युवक पंजाब के रहने वाले हैं। पुलिस ने युवकों से 12.280 ग्राम चिट्टा बरामद किया है। दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस आरोपियों से ये पूछताछ कर रही है कि दोनों ने नशीला पदार्थ कहां से खरीदा था और इसे कहां बेचने जा रहे थे। दरअसल पुलिस की टीम ने शुक्रवार को कालका-शिमला एनएच-05 पर शोघी के समीप हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पास नाका लगाया था। इसी दौरान चंडीगढ़ से शिमला की ओर आ रही पंजाब नवंबर की बाइक को पुलिस ने चेकिंग के लिए रोका। चेकिंग के दौरान बाइक सवार दोनों युवकों से पुलिस ने 12.280 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान 28 वर्षीय दविंदर सिंह और 34 वर्षीय मंदीप सिंह के रूप में हुई है। दोनों आरोपी वसी शेखा गांव मोहाली, पंजाब के रहने वाले हैं और सगे भाई हैं। दोनों युवक शिमला घूमने पहुंचे हुए थे। एसपी शिमला संजीव गांधी ने बताया कि पुलिस नशे के खिलाफ अभियान चलाए हुए है। इसी के तहत आए दिन तस्करों लगातार कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज जिला कांगड़ा के इंदौरा में ‘नशा मुक्त इंदौरा’ जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने नशे के खिलाफ अभियान चलाया है। बीते दो महीनों में नशा माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर कई अपराधियों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर बल दिया और इस मिशन में जागरूकता अभियान की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के बारे में शिक्षित करने और मादक पदार्थों के सेवन के खिलाफ लड़ाई में समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति नशे की बुराई के खिलाफ मजबूती से खड़ा हो जाए तो इस खतरे को खत्म किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नशा मुक्ति और पुनर्वास के लिए राज्य स्तरीय सलाहकार बोर्ड का गठन कर रही है। इस बोर्ड का उद्देश्य मादक पदार्थों के दुरुपयोग से संबंधित विभिन्न विभागों की गतिविधियों को सुव्यवस्थित करना है ताकि इस बुराई से निपटने के लिए एकीकृत दृष्टिकोण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि बोर्ड विभिन्न विभागों की गतिविधियों के बीच समन्वय को बढ़ावा देग, जिसके सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने इंदौरा में 4.32 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित लोक निर्माण विभाग के मण्डल कार्यालय भवन तथा ठाकुरद्वारा पराल से भोगरवान सड़क पर ख्वाजी खड्ड पर 7.72 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पुल का उद्घाटन किया। उन्होंने अग्निशमन चौकी इंदौरा का लोकार्पण और अग्निशामक वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने इंदौरा में हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड के 50 लाख रुपये की लागत से निर्मित मण्डल कार्यालय भवन की आधारशिला रखी, जिसका निर्माण कार्य एक वर्ष में पूर्ण होगा। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कर्नल (डा.) धनीराम शांडिल, कृषि मंत्री चंद्र कुमार, राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया, विधायक मलेंद्र राजन, हिमाचल प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम के उपाध्यक्ष विशाल चंबियाल, पूर्व विधायक अजय महाजन, उपायुक्त हेमराज बैरवा, पुलिस अधीक्षक अशोक रतन और अन्य लोग उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अधिकारियों को जिला शिमला के उप-मंडल कुपवी की विभिन्न ग्राम पंचायतों में खाली पहाड़ियों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने की संभावना तलाशने के निर्देश दिए हैं। 13 दिसंबर, 2024 को कुपवी उपमंडल के गांव टिक्कर में ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के उपरांत आज सुबह मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से क्षेत्र की विकासात्मक आवश्यकताओं पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने से स्वरोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। इससे पहले, आज सुबह मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू गांव टिक्कर में बच्चों के साथ खेतों में टहलने निकले। उन्होंने बच्चों के साथ समय व्यतीत किया तथा उनसे पढ़ाई व खेल इत्यादि के बारे में बातचीत की। मुख्यमंत्री ने बच्चों से स्थानीय स्कूलों में उपलब्ध संसाधनों के बारे में भी बात की। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने गांव के वृद्धजनों से भी भेंट की। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ नागरिकों से उनके समय में प्रचलित पठन-पाठन के तरीकों व वर्तमान में शिक्षा के परिपेक्ष्य पर विस्तार से चर्चा की।वरिष्ठ नागरिकों ने गाय के दूध पर समर्थन मूल्य 32 से बढ़ाकर 45 रुपये एवं भैंस के दूध पर 47 रुपये से बढ़ाकर 55 रुपये प्रति किलो करने के लिए मुख्यमंत्री की सराहना की। वरिष्ठ नागरिकों ने कहा कि प्राकृतिक रूप से उत्पादित मक्की की खरीद 30 रुपये प्रति किलो तथा 40 रुपये प्रति किलो की दर से गेहूं की खरीद करने से ग्रामीण क्षेत्रोें के लोगों को लाभ प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ नागरिकों के साथ सरकार द्वारा ग्रामीण आर्थिकी को सशक्त करने के विभिन्न उपायों पर भी चर्चा की। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल, कांग्रेस नेता राजीव किम्टा, सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता आशीष सिंघमार, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी और अन्य लोग उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश में आवार कुत्तों का आतंक मासूमों की जान पर भारी पड़ रहा है। लाहौल-स्पीति जिले की तांदी पंचायत में आवार कुत्तों के हमले में एक मासूम की मौत हो गई। तांदी पंचायत के सगनम गांव में रहने वाले नेपाली मूल दंपति के 3 साल के बच्चे को आवारा कुत्तों ने नोच लिया, जिसके चलते 3 साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई। दरअसल सगनम गांव में नेपाली दंपति का 3 साल का बच्चा घर के आंगन में खेल रहा था। तभी वहां कुछ आवारा कुत्ते आए और बच्चे पर हमला कर दिया, हालांकि बच्चे की मां ने उसे बचाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन आवारा कुत्तों ने बच्चे को बुरी तरह से काट खाया, जिसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से मासूम बच्चे को केलांग अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं, लाहौल घाटी में आवारा कुत्तों के इस हमले के चलते अब स्थानीय लोगों के दिलों में भी डर बैठ गया है। लाहौल स्पीति की विधायक अनुराधा राणा ने बताया, आवारा कुत्तों के हमले से एक मासूम की जान जाना बेहद दिल दहला देने वाली घटना है, जिसकी भरपाई करना असंभव है। आपदा प्रबंधन की ओर से परिवार को 4 लाख रुपए की मुआवजा राशि जल्द दी जाएगी। अनुराधा राणा ने बताया कि स्थानीय तांदी पंचायत प्रधान एवं गावों वालों ने भी परिवार की हर संभव मदद की। इसके अलावा आने वाले समय में ऐसी घटनाएं न हो इसके लिए पशुपालन विभाग को स्थानीय पंचायत की मदद से स्टेरलाइजेशन कैम्पस आदि लगाने के निर्देश दिए हैं।
जयसिंहपुर/ नरेंदर डोगरा: कंवर दुर्गा चंद राजकीय महाविद्यालय जयसिंहपुर में आज सड़क सुरक्षा क्लब की ओर से निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसका शीर्षक ’सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम’ रहा। इस कार्यक्रम का आयोजन सड़क सुरक्षा क्लब के संयोजक प्रो. अरविंद कुमार, प्रो. सचिन कुमार , प्रो. सरजनी नेगी, प्रो. पूनम शर्मा व लैब सहायक मुकेश चंद के द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. उपेन्द्र शर्मा बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करना रहा। प्रतियोगिता में निर्णायक मण्डल में प्रो. किरण शर्मा, प्रो. रजनी, व डॉ. आस्था गुप्ता ने बतौर निर्णायककर्ता अपनी भूमिका निभाई। इस प्रतियोगिता में महाविद्यालय के सभी छात्रों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया, जिसमें पहला स्थान रितिका कटोच व अंजलि कुमारी, रिशीता व कामना ने दूसरा स्थान और कंचन ने तीसरा स्थान हासिल किया। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो उपेन्द्र शर्मा ने मेधावी छात्रों को बधाई देते हुए उनकी कला कुशलता को देखते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। साथ ही सड़क सुरक्षा क्लब के सभी सदस्यों का इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए बधाई दी व भविष्य में सड़क सुरक्षा नियमों के लिए इस तरह के कार्यक्रम करने के लिए उनका मार्गदर्शन किया।
** पुलिस दोनों आरोपियों के खिलाफ कर रही कानूनी कार्रवाई... नूरपुर पुलिस ने नशा माफिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 किलो 36 ग्राम चरस बरामद की और दो तस्करों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई 12 दिसंबर 2024 को वोड गांव के पास एक यातायात नाकाबंदी के दौरान हुई। जब पुलिस ने एक कार को रुकने का इशारा किया, तो चालक ने भागने की कोशिश की। एसपी अशोक रत्न ने बताया कि पुलिस ने उनका पीछा किया, लेकिन आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर जसूर-तलवाड़ा मार्ग पर फरार हो गए। कार की तलाशी लेने पर 4 किलो 36 ग्राम चरस, कार के दस्तावेज, आधार कार्ड और बैंक बुक मिली। इन दस्तावेजों की मदद से पुलिस ने नूरपुर थाने में राज कुमार और एक अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने छापेमारी की और जिला कांगड़ा से राज कुमार (30 साल), निवासी गांव व डाकघर थारा, तहसील बैजनाथ, को गिरफ्तार किया। आज 14 दिसंबर को पुलिस ने बंटी कुमार (33 साल), निवासी भोल, डाकघर मकडाहन, तहसील ज्वाली, को गिरफ्तार किया। इस मामले में कार्रवाई जारी है।
हिमाचल में दिव्यांग कोटे के जेबीटी के 187 पद भरने के लिए काउंसलिंग शेड्यूल में बदलाव किया गया है। पदों को भरने के लिए अब काउंसलिंग छह जनवरी से होगी। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के मुताबिक चार-चार जिलों के तीन समूह बनाकर छह से आठ जनवरी तक काउंसलिंग होगी। काउंसलिंग प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय शिमला में होगी। बीएड के साथ अब डीएलएड करने वाले भी काउंसलिंग में भाग लेने के लिए पात्र होंगे। टेट पास ही काउंसलिंग में शामिल हो सकेंगे। 18 से 45 वर्ष की आयु वाले आवेदन कर सकते हैं। मंडी में सबसे ज्यादा 37, कांगड़ा में 28, बिलासपुर में 16, चंबा में 15, हमीरपुर में 9, किन्नौर में 1, कुल्लू में 10, शिमला में 20, सिरमौर में 23, सोलन में 20 और ऊना में 8 पद भरे जाएंगे। छह जनवरी को मंडी, लाहौल-स्पीति, कुल्लू और किन्नौर जिले की काउंसलिंग होगी। सात को कांगड़ा, हमीरपुर, चंबा और ऊना और 8 को शिमला, सिरमौर, सोलन और बिलासपुर में पद भरने के लिए काउंसलिंग आयोजित होगी। आवेदक किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय-शिक्षण संस्थान से जमा दो 50 फीसदी अंकों के साथ पास होने के साथ डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन पास होना चाहिए। पीजी में 55 फीसदी अंकों के साथ तीन साल की इंटीग्रेटिड बीएड-एमएड पास भी आवेदन कर सकते हैं। हिमाचल के मूल निवासी या प्रदेश से दसवीं और बारहवीं कक्षा पास करने वाले आवेदन के लिए पात्र होंगे। अनुबंध आधार पर नियुक्तियां की जाएंगी। चयनित होने पर 17,820 रुपये का वेतन मिलेगा। काउंसलिंग की मेरिट के आधार पर आवेदकों को उनकी प्राथमिकता के तौर पर जिला आवंटित किया जाएगा। 30 अंकों के आधार पर मेरिट तय की जाएगी।
** मुखाग्नि देते हुए बड़ा बेटा बोला- मेरे पापा अमर रहे हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के विधानसभा क्षेत्र धर्मशाला की बगली पंचायत के आईटीबीपी में तैनात एएसआई विनोद कुमार का शनिवार को सैन्य सम्मान से साथ अंतिम संस्कार किया गया। विनोद की ड्यूटी के दौरान चार दिन पहले गुवाहाटी में हृदय गति रुकने से मौत हो गई थी। शनिवार सुबह पार्थिव देह पैतृक गांव पहुंची। जवान की पार्थिव देह घर पहुंचते ही हर ओर चीख-पुकार का माहाैल रहा। जवान की पत्नी, बेटों और अन्य परिजनों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। शनिवार सुबह मोक्ष धाम में जवान का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। आइटीबीपी के 12 जवानों ने तिरंगे से ढकी जवान की पार्थिव देह पर पुष्प अर्पित कर सलामी देकर अंतिम विदाई दी। अंतिम दर्शन के लिए सैकड़ों लोग माैजूद रहे। इस दाैरान विनोद अमर रहे और भारत माता की जय के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। बड़े बेटे ने रोते हुए मेरे पापा अमर रहे कहकर पिता की पार्थिव देह को मुखाग्नि दी। इस दौरान प्रशासन की ओर से भी उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। जानकारी के अनुसार गुवाहाटी में ड्यूटी के दौरान ह्रदयाघात से बुधवार रात को विनोद कुमार की मौत हो गई थी। विनोद गोवाहाटी में एएसआई की ट्रेनिंग के लिए गए थे। विनोद अपने पीछे पत्नी और दो बेटे छोड़ गए हैं।
** 'सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत टिक्कर पहुंचे मुख्यमंत्री सुक्खू हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू शुक्रवार को प्रदेश सरकार की महत्त्वाकांक्षी पहल ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत जिला शिमला के चौपाल उपमंडल की कुपवी तहसील के टिक्कर गांव पहुंचे। सीएम सुक्खू का टिक्कर वासियों ने ग्रामीण परिपाटी से स्वागत किया। शाम ढलते ही प्रदेश के मुख्यमंत्री को अपने घर-द्वार पर पाकर ग्रामवासी सर्द मौसम में भी गर्मजोशी से विभोर हो गए। लोगों ने अपनी समस्याओं के बारे में भी मुख्यमंत्री को अवगत करवाया। सीएम पूर्व जिला परिषद सदस्य हरी सिंह पचनाइक के घर पर रुके। हरि सिंह के घर पर अलाव सेंकते-सेंकते मुख्यमंत्री ने ग्रामवासियों से क्षेत्र में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा व्यवस्था की भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री के आवास के लिए तीन स्थानों जुडु शिलाल पंचायत के नंदपुर गाव, मंझौली पंचायत के मंझौली तथा टिक्कर गांव पर विचार किया जा रहा था, लेकिन प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि व अन्य कारणों से टिक्कर गांव का चयन किया । मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने कानून में संशोधन कर तकसीम और दुरूस्ती के मामलों का निपटारा करने की समयावधि नौ महीनेए निशानदेही के मामलों की तीन महीने और इंतकाल के मामलों की अवधि एक महीना निर्धारित की है। मुख्यमंत्री ने दूध पर एमएसपी, मक्की और गेहूं की खरीद सहित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की सरकार की योजनाओं के बारे में लोगों को बताया। उन्होंने लोक संगीत की मधुर स्वर लहरियों और स्थानीय व्यंजनों का भी आनंद लिया।सीएम के रात्रि भोज में मीठे व नमकीन सिड्डू, कुंकुए (बिच्छु बूटी) का साग, मक्की की रोटी, पटांडे, कोद्दे के आटे के जोद्दे, शक्कर, गेंहू के आटे का खिंडा, खीर, चलोथी, कुल्थ व अरहर की दाल, अरबी, गुड्डत व गुच्छी की सब्जी के अलावा मांसाहार में पहाड़ी मुर्गा व बकरे का मीट तैयार किया गया था ।ग्रामीण लायक राम ने कहा कि सीएम सुक्खू जुनूनी व्यक्ति हैं, वरना वह इतनी दूर से हमारे गांव क्यों आते। यही व्यवस्था परिवर्तन है। उन्होंने कहा कि सुक्खू प्रदेश के ऐसे पहले मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने कुपवी में रात्रि को ठहराव किया और आम आदमी के घरद्वार आएए इससे पहले वह डोडरा क्वार में भी ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत रात्रि को रुके थे और घर-द्वार जाकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया था।
** मार्च तक तैयार होगी डीपीआर किरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर पांच समानांतर टनलों का निर्माण किया जाएगा। इनमें से एक का काम शुरू कर दिया गया है और मार्च तक इसे तैयार करने का लक्ष्य रखा है। चार टनलों की डीपीआर तैयार की जा रही है और मार्च तक टेंडर प्रक्रिया शुरू करने का लक्ष्य है। करीब 60 किमी लंबे किरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर पांच टनल बनी हैं। ये सभी टू लेन हैं। वर्तमान में इन टनलों में से केवल एक ही टनल से वाहनों का आवागमन होता है, जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। फोरलेन की अन्य सड़कों की तुलना में टनलों में वाहनों की गति भी धीमी हो जाती है। दिन-प्रतिदिन बढ़ते ट्रैफिक के कारण ही समानांतर टनलों के निर्माण का फैसला लिया गया है। मौजूदा पांच टनलों के साथ समानांतर टनलों के बनने से यातायात सुचारु रहेगा। किरतपुर से नेरचौक तक इस फोरलेन पर पांच टनल हैं। इनके समानांतर पांच टनलों का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। परियोजना की सबसे लंबी टनल, कैंची मोड़ 1800 मीटर का समानांतर सुरंग निर्माण कार्य चल रहा है, जिसे मार्च 2025 में पूरा करने का लक्ष्य है। अन्य चार टनलों के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा डीपीआर तैयार की जा रही है। इनमें टनल नंबर-2 थापना की लंबाई 465 मीटर, टनल नंबर-3 तुन्नू की लंबाई 550 मीटर, टनल नंबर-4 टीहरा की लंबाई 1265 मीटर, टनल नंबर-5 भवाणा की लंबाई 740 मीटर है। अन्य चार समानांतर टनलों के निर्माण के लिए एनएचएआई डीपीआर तैयार कर रहा है। वहीं, अलग-अलग स्तर पर इसकी एफसीए अप्रूवल का कार्य भी चल रहा है। केंद्र से एफसीए की ई-फाइल पर जो आपत्तियां लग रही हैं, उन्हें हटाकर दोबारा फाइल को तैयार किया जा रहा है। इन टनलों के समानांतर निर्माण से न केवल वाहनों की गति बढ़ेगी, बल्कि हादसों का खतरा भी कम होगा। साथ ही फोरलेन पर यातायात सुचारू और तेज होगा, जिससे यात्रियों को समय और ईंधन की बचत होगी। प्राथमिकता के आधार पर अन्य चार टनलों का निर्माण कार्य को शुरू करने की प्रक्रिया डीपीआर अप्रूव होने के बाद एनएचएआई जल्द शुरू करेगा।
कुल्लू: राज्य कर एवं आबकारी विभाग जिला कुल्लू ने शराब बनाने व अवैध शराब बेचने वालों पर शिकंजा कस दिया है। इसी कड़ी में आबकारी विभाग की टीम ने कुल्लू जिले के बाहरी सराज क्षेत्र के लूहरी, निथर, बागीपुल व बागा सराहन और निरमंड क्षेत्र में दबिश दी। आबकारी विभाग के निरीक्षण दल ने 12 दिसंबर को 17-18 संदिग्ध किराना दुकानों, फूड जॉइंट्स व चिकन कार्नर में छापा मारा। निरीक्षण के दौरान पहला मामला बागा सराहन में व्यापारिक परिसर में अवैध शराब रखने का सामने आया, जिसमें बियर की 22 बोतलें और देसी शराब की 13 बोलतें, अंग्रेजी शराब की 9 बोलते जब्त की गई। वहीं, दूसरा मामला बागीपुल के पास हिमरी बावड़ी से सामने आया। यहां पर अवैध देसी शराब की 39 बोलतें और अंग्रेजी शराब की 11 बोतलें जब्त की गई। तीसरा मामला निरमंड के पास से सामने आया। यहां पर आबकारी विभाग द्वारा देसी शराब की 28 बोतलें जब्त की गई। आरोपियों के खिलाफ हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम, 2011 के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं, आबकारी विभाग की इस कार्रवाई से अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। आबकारी एवं कराधान विभाग कुल्लू के उपायुक्त मनोज डोगरा ने बताया, इन सभी क्षेत्रों में अवैध शराब बेचे जाने की गुप्त सूचना मिल रही थी। इसी कड़ी में छापेमारी कर अवैध शराब बरामद की गई। अवैध शराब बनाने और बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। इस विभागीय निरीक्षण दल में सहायक आयुक्त आबकारी जीवन वत्सी, आबकारी अधिकारी फूलचंद तथा सहायक आबकारी अधिकारी नेत्र सिंह तथा सहयोगी कर्मचारी रविकांत, ज्ञानचन्द व गोपाल शामिल रहे।
शिमला में आज सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई। छह घंटे तक चली कैबिनेट मीटिंग में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। सुक्खू कैबिनेट ने गेस्ट टीचर नीति को मंजूरी दी। अब गेस्ट टीचरों को पीरियड बेस पर पैसे मिलेगें। सीनियर सेकेंडरी में 400 रुपये प्रति पीरियड और कॉलेज में 500 रुपये प्रति पीरियड मिलेंगे। वहीं, हिमाचल में काम समय पर हो इसके लिए टेंडर की ऑनलाइन पब्लिकेशन के लिए कैबिनेट ने समय की लिमिट घटाने की दी स्वीकृति। कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया कि विधवा एकल नारी को मकान बनाने को मिलेंगे 3 लाख। इस बार बरसात में समेज सहित अन्य क्षेत्र को 2023 की तर्ज पर रिलीफ पैकेज देने को कैबिनेट ने मंजूरी दी। पूरी तरह से क्षतिग्रस्त मकान को 7 लाख रुपए मिलेंगे। उद्योग विभाग के 80 खनन रक्षक पद भरने को स्वीकृति मिली। शिक्षा विभाग में पंजाबी टीचर के 31 पद भरने की स्वीकृति मिली। सैनिक वेलफेयर विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 26 पद भरे जाएंगे। हिमाचल में लैंड सीलिंग एक्ट में बदलाव को सुखविंदर कैबिनेट की सैद्धान्तिक मंजूरी दी है। इसके अलावा सुक्खू कैबिनेट ने प्राकृतिक आपदा में जंगलों में गिरे पेड़ सड़ कर बर्बाद न हो, इसके लिए डीएफओ को 50 पेड़ हटाने के लिए नॉर्मल टेंडर प्रक्रिया के तहत ऑक्शन की पावर दी गई है। सुन्नी में SDM ऑफिस खोलने को मंजूरी मिली। हिमाचल में 13 नगर पंचायत को मंजूरी मिली। हिमाचल में शहरी क्षेत्रों में मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गारंटी योजना को कैबिनेट की स्वीकृति, जल शक्ति विभाग में इंजीनियर के 3 पदों को भरने की स्वीकृति मिली। हिमाचल में अब ग्रेवटी वाटर स्कीमों की पंचायतें करेगी देखरेख इसकी भी कैबिनेट ने स्वीकृति दी।
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड सोलन ने उपमण्डल सोलन-1 के अंतर्गत सभी विद्युत उपभोक्ता से आग्रह किया है कि अपने विद्युत मीटर खाता संख्या (कन्जयूमर आई.डी.) को अपने आधार कार्ड से शीघ्र जोड़ें ताकि उन्हें सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली विभिन्न सुविधाएं पूर्ववत मिलती रहें। यह जानकारी विद्युत उपमण्डल सोलन-1 के सहायक अभियंता ने दी। उन्होंने कहा कि कन्जयूमर मीटर खाता संख्या को आधार कार्ड से जोड़ने की ई-केवाईसी प्रक्रिया आरम्भ हो गई है। सभी उपभोक्ताओं को 20 दिसम्बर, 2024 तक इस प्रक्रिया को पूर्ण करना होगा। उन्होंने कहा कि ई-केवाईसी के लिए आधार कार्ड, राशन कार्ड, बिजली का कोई भी नया या पुराना बिल तथा आधार कार्ड से जुड़े हुए अपने मोबाइल नम्बर को साथ रखना होगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी कारणवश घर से ई-केवाईसी न हो पाए तो उपभोक्ता विद्युत बोर्ड के कार्यालय आकर ई-केवाईसी करवा सकते हैं। सहायक अभियंता से सभी उपभोक्ताओं से अपना बिजली का बिल समय पर जमा करवाने का आग्रह भी किया है।
शूलिनी विश्वविद्यालय ने यूवीकैन फाउंडेशन के सहयोग से परिसर के आसपास के गांवों की महिलाओं के लिए दो दिवसीय मुफ्त स्तन कैंसर स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया। कार्यक्रम में 100 से अधिक महिलाओं की भागीदारी देखी गई, जिसमें शीघ्र पहचान और आत्म-देखभाल के महत्व पर जोर दिया गया। दिल्ली के डॉक्टरों और तकनीशियनों की एक समर्पित टीम ने पेशेवर और गहन मूल्यांकन सुनिश्चित करते हुए स्क्रीनिंग की। कार्यक्रम का नेतृत्व डॉ. तन्वी ने किया, जिन्होंने छोटे समूहों में महिलाओं के लिए इंटरैक्टिव जागरूकता सत्र आयोजित किए। उन्होंने स्व-स्तन परीक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला, उपस्थित लोगों को इस प्रक्रिया का प्रदर्शन किया और देखभाल और धैर्य के साथ उनके प्रश्नों का उत्तर दिया। शूलिनी विश्वविद्यालय में स्थिरता और सामुदायिक जुड़ाव की निदेशक पूनम नंदा ने शिविर को सफल बनाने में उनके समर्थन के लिए YouWeCan फाउंडेशन को हार्दिक धन्यवाद दिया। इस अवसर पर बोलते हुए, नंदा, जो खुद एक कैंसर से पीड़ित हैं, ने अपनी यात्रा साझा की और जागरूकता और शीघ्र पता लगाने के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने अपने शब्दों से कई लोगों को प्रेरित करते हुए कहा, मैं समय पर हस्तक्षेप और जागरूकता के जीवन-रक्षक मूल्य को समझती हूं और मैं इस संदेश को दूर-दूर तक फैलाने के लिए प्रतिबद्ध हूं। छात्र स्वयंसेवक, जिन्होंने पहले प्रभावशाली पिंक अक्टूबर जागरूकता अभियान का नेतृत्व किया था, ने शिविर की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे सक्रिय रूप से स्थानीय महिलाओं तक पहुंचे और उन्हें इस पहल के माध्यम से दी जाने वाली मुफ्त जांच और सहायता का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।
कुल्लू जिला की लग घाटी के राजकीय प्राथमिक पाठशाला शालग में मंगलवार को स्कूल परिसर में खेल रही बच्ची को एक हेलमेट पहनकर आया बाइक सवार उठा कर ले गया, जैसे ही इसकी खबर स्कूल प्रबंधन को लगी उन्होंने बच्ची को हर जगह ढूंढने का प्रयास किया, लेकिन बच्ची कहीं भी नहीं मिली। बच्ची के लापता होने के बाद स्कूल में हड़कंप मच गया था। बच्ची का कोई सुराग न मिलने पर स्कूल प्रबंधन ने कुल्लू पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। कुल्लू पुलिस की टीम ने भी मामले की गंभीरता को समझते हुए अगली कार्रवाई शुरू की और मामले की जांच में जुटी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर बच्ची की तलाश शुरू कर दी थी। केंद्रीय मुख्य अध्यापिका मंगली देवी ने शिकायत दर्ज करवाते हुए बताया था कि बीते दिन दोपहर बाद बच्चे स्कूल परिसर में खेल रहे थे। इस दौरान हेलमेट पहने हुए एक व्यक्ति स्कूल में आया और बच्ची को उठाकर ले गया। घटना की जानकारी बच्ची के परिजनों को भी दे दी गई थी। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद बच्ची की तलाश शुरू की और जांच में पता चला कि बच्ची का पिता ही उसे बाइक पर लेकर चला गया था। छानबीन में ये बात सामने आई कि बच्ची के माता पिता में विवाद चल रहा है। बच्ची की मां अपने मायके में रहती है। इसी घरेलू विवाद के बीच पिता बच्ची को बाइक पर लेकर चला गया था। पुलिस ने बच्ची को वापस मां को सौंप दिया है। एसपी कुल्लू डॉक्टर गोकुल चंद्रन कार्तिकेयन ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। बच्ची की माता और पिता दोनों को बुलाया गया है। इस मामले को जल्द सुलझा लिया जाएगा।
** पांच स्थानों पर न्यूनतम पारा माइनस में हिमाचल प्रदेश में आगामी सात दिनों तक माैसम साफ रहने की संभावना है। हालांकि, बुधवार को जारी बुलेटिन में 12 दिसंबर को उच्च पर्वतीय कुछ स्थानों पर बारिश-बर्फबारी का पूर्वानुमान जताया गया था। गुरुवार को माैसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार प्रदेश में 18 दिसंबर तक मौसम मुख्यत शुष्क रहने की संभावना है। आज लाहाैल-स्पीति के एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश-बर्फबारी हो सकती है। वहीं, अगले 24 घंटों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद अगले 4-5 दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 2-3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होगी। वहीं राज्य के पांच स्थानों पर न्यूनतम तापमान माइनस में दर्ज किया गया है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सायरी के एनएसएस स्वयंसेवी पलक ठाकुर का चयन गणतंत्र दिवस के प्री आरडी कैंप के लिए हुआ है। जानकारी अनुसार स्वयंसेवियों ने राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रभारी नितिका बंसल और दिलीप चौहान के मार्गदर्शन में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुठाड़ में मेगा सिलेक्शन कैंप में भाग लिया, जिसमें स्वयंसेवी पलक ठाकुर सुपुत्री कमल कुमार ने बेहतरीन प्रदर्शन किया, जिस आधार पर पलक का चयन गणतंत्र दिवस प्री आर डी कैंप के लिए हुआ और विद्यालय में खुशी की लहर है। कैंप से विद्यालय लौटने पर स्वयंसेवी पलक ठाकुर का विद्यालय परिवार ने भव्य स्वागत किया। प्रधानाचार्या इंदु शर्मा सहित समस्त स्टाफ ने स्वयंसेवी को इस चयन के लिए बधाई देते हुए श्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया।
आम आदमी पार्टी प्रदेश प्रवक्ता विकास धीमान ने हिमाचल प्रदेश सरकार को पर्यटन उत्थान के मद्देनज़र डलहौज़ी धर्मशाला फोर लेन परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर गंभीरता से विचार करने का सुझाव दिया है। मनीष ने कहा कि डलहौज़ी व धर्मशाला दोनों ही प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों की गिनती में आते हैं व लाखों पर्यटक सालाना दोनों पर्यटन स्थलों पर घूमने आते हैं परन्तु दोनों के बीच सड़क कनेक्टिविटी ठीक न होने के कारण पर्यटन उद्योग को दिन प्रतिदिन बढ़ते नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। पर्यटन उद्योग दोनों ही पर्यटन स्थलों में स्थानीय रोज़गार संभावनाओं व आजीविकाओं का प्रमुख कारण भी है। मनीष ने कहा की यदि हिमाचल प्रदेश सरकार डलहौज़ी धर्मशाला फोर लेन को स्वीकृति देती है तो इस से न केवल डलहौज़ी व धर्मशाला का बल्कि भट्टियात व शाहपुर विधानसभा क्षेत्रों का भी विकास होगा। मनीष ने कहा की वे मुख्यमंत्री से आग्रह करते हैं कि विधानसभा के शीतसत्र में विधानसभा के पटल पर डलहौज़ी धर्मशाला फोर लेन परियोजना पर चर्चा की जाए व प्रदेश सरकार प्राथमिकता के आधार पर इस परियोजना को मंज़ूरी दे और शीघ्र अति शीघ्र काम शुरू करवाया जाए।
हिमाचल पथ परिवहन सेवा निवृत कर्मचारी कल्याण मंच अर्की इकाई की बैठक जो 15 दिसम्बर को होनी निश्चित हुई थी, उसे इस बार किन्ही कारणों की वजह से स्थगित कर दिया गया है। इकाई अध्यक्ष बलबीर सिंह चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि 14 दिसम्बर को नालागढ़ में आयोजित होने वाली जिला कार्यकारिणी की बैठक की वजह से अर्की इकाई की बैठक को स्थगित किया गया है क्योंकि सभी इकाइयों के पदाधिकारी इस बैठक में भाग लेंगे। इस बैठक में कल्याण मंच के नव नियुक्त प्रदेशाध्यक्ष बृजलाल ठाकुर शिरकत करेंगे जो जिला की बैठक को संबोधित कर अपने विचार साझा करेंगे। उन्होंने बताया कि अब अर्की इकाई की आगामी बैठक 15 जनवरी को पेंशनर भवन कुनिहार में आयोजित की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के दौलतपुर चौक के समीप गांव रायपुर में देर शाम बैल के हमले में 19 वर्षीय युवक की मौत हो गई। युवक की पहचान राहुल पुत्र परमजीत निवासी रायपुर के रूप में हुई है। शव को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। छानबीन जारी है। जानकारी के मुताबिक 19 वर्षीय राहुल एक सैलून में काम सीख रहा था। रोज की तरह शाम को अपने दोस्त के साथ घर लौट रहा था। रास्ते में बैल ने उन पर हमला कर दिया। दोस्त ने तो भागकर जान बचा ली लेकिन राहुल उसकी चपेट में आ गया। गांव के उपप्रधान अमित शर्मा के मुताबिक बैल रास्ते में खड़ा था। दोनों लड़के दूसरी तरफ से पैदल आ रहे थे। एकाएक बैल ने उन पर हमला कर दिया और राहुल को गंभीर चोटें आईं। इसके बाद उसे अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि 19 वर्षीय राहुल बचपन से काफी मेहनती था। अपने पिता की आर्थिक सहायता के लिए सैलून में काम सीख रहा था। अपने छोटे भाई बहन व परिवार के लिए कुछ करने के सपने लेकर जीने वाले राहुल ने शायद ही कभी सपने में सोचा होगा कि वह अपने असहाय परिवार को इस हालत में छोड़ कर चला जाएगा। राहुल के पिता परमजीत पटवार खाने में चौकीदार के पद पर सेवाएं दे रहे हैं। आर्थिक सहायता के लिए तहसीलदार कुलताज सिंह की टीम ने मिलकर परिवार को ऐट 25000 रुपये दिए। दौलतपुर चौकी प्रभारी रविपाल ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया है।
हिमाचल प्रदेश में सात अगस्त 2024 के बाद अध्ययन अवकाश पर जाने वाले प्रोफेसरों और शिक्षकों को कुल वेतन का सिर्फ 40 फीसदी वेतन ही मिलेगा। नए सीसीएस अवकाश नियमों के तहत अध्ययन अवकाश के दौरान वेतन भुगतान को लेकर शिक्षा विभाग ने निर्देश जारी किए हैं। 24 महीने तक के अध्ययन अवकाश के लिए प्रशासनिक की जगह वित्त विभाग की अनुमति लेना भी अनिवार्य कर दिया है। कॉलेज प्रोफेसरों के वेतन से जुड़ी कुछ आपत्तियों के बाद शिक्षा विभाग ने वित्त विभाग से यह मामला उठाया था। मंगलवार को उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा की ओर से इस संदर्भ में सभी कॉलेज प्रिंसिपलों को पत्र जारी किया गया है। प्रदेश सरकार ने कुछ समय पहले केंद्रीय सिविल सेवाएं अवकाश नियम-1972 में बदलाव किया है। नए नियम को केंद्रीय सिविल सेवाएं अवकाश हिमाचल प्रदेश नियम-2024 नाम दिया गया है। वर्ष 1986 से लेकर प्रशासनिक विभाग ही 24 महीने तक की स्टडी लीव के लिए अनुमति देता आया है। अब वित्त विभाग ही तय करेगा कि किसी विभाग के अधिकारी या कर्मचारी को अवकाश पर भेजना है या नहीं। हर साल बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी स्टडी लीव पर जाते हैं। अध्ययन अवकाश के दौरान उन्हें सरकार की ओर से पूरा वेतन दिया जाता है। स्टडी लीव पर अधिक कर्मचारियों-अधिकारियों के रहने से जहां विभागों में प्रशासनिक कामकाज प्रभावित होता रहा है, वहीं सरकारी कोष को भी बड़ा नुकसान होता रहा है। अब देश या देश से बाहर ली गई अध्ययन छुट्टी के दौरान सरकारी कर्मचारी-अधिकारी को 40 प्रतिशत वेतन मिलेगा। इसके अलावा महंगाई भत्ता और मकान किराया भी मिलेगा। अवकाश वेतन का भुगतान सरकारी कर्मचारी की ओर से यह प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के बाद होगा कि वह किसी अंशकालिक रोजगार के संबंध में किसी भी छात्रवृत्ति, वजीफे या पारिश्रमिक की प्राप्ति नहीं कर रहा है। उधर, शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया कि संशोधित केंद्रीय सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 1972 के सात अगस्त 2024 से प्रभावी होने के साथ, उन लोगों पर इसके लागू होने के संबंध में भ्रम की स्थिति बन गई है, जो इस तिथि से पहले अध्ययन अवकाश पर थे। संशोधित नियम केवल उन कर्मचारियों पर लागू होंगे, जो सात अगस्त 2024 को या उसके बाद अध्ययन अवकाश पर गए हैं। जिन कर्मचारियों ने इस तिथि से पहले अपना अध्ययन अवकाश शुरू किया था, उन्हें पिछले नियमों के तहत अपना वेतन मिलना जारी रहेगा, जो उनके अवकाश स्वीकृत होने के समय लागू थे।
लाहौल-स्पीति: हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी होने के बाद बड़ी संख्या में सैलानियों ने पहाड़ी राज्य का रुख किया है। लाहौल-स्पीति जिले में बर्फबारी के बाद से बाहरी राज्यों से सैलानियों का आना लगातार जारी है। बड़ी संख्या में बर्फ का मजा लेने के लिए हिमाचल की घाटियों में पहुंच रहे हैं। यहां होटल में ठहर कर सुंदरता का आनंद ले रहे हैं। वहीं, इस दौरान सैलानियों द्वारा बेहद गैर जिम्मेदाराना हरकतें भी सामने आई हैं। कुछ सैलानी यहां पर हुड़दंग भी मचा रहे हैं, तो कुछ होटल में बिना बिल चुकाए फरार होने की फिराक में भी रहते हैं। ऐसा ही एक मामला बीते दिनों लाहौल-स्पीति में सामने आया। लाहौल में एक सैलानी होटल में ठहरा हुआ था, जिसके बाद वो होटल का बिल दिए बिना ही निकल गया। ऐसे में होटल के मालिक ने फौरन लाहौल-स्पीति पुलिस से संपर्क किया और मामले की सूचना दी। लाहौल-स्पीति पुलिस की टीम ने भी तुरंत एक्शन लेते हुए अटल टनल के पास गाड़ी को डिटेन कर लिया। मौके पर तैनात पुलिसकर्मी हिम्मत सिंह ने सैलानी से ऑनलाइन के जरिए पैसे होटल मालिक को ट्रांसफर करवाए और फिर उसके बाद उसे जाने दिया। पुलिसकर्मी हिम्मत सिंह ने बताया कि सैलानी का 10 हाजर रुपए का बिल बना था, जो ऑनलाइन ही अदा किया गया। इस दौरान पुलिस द्वारा सैलानी को हिदायत दी गई कि अगर दोबारा उसने इस तरह की हरकत की तो उस पर पुलिस कार्रवाई की जाएगी। एसपी लाहौल-स्पीति मयंक चौधरी ने बताया, यहां पर सैलानियों की संख्या अब बढ़ रही है। पुलिस भी जगह-जगह तैनात की गई है। अगर इस तरह की हरकत कोई सैलानी किसी स्थानीय व्यक्ति के साथ करता है, तो वो तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस लगातार सैलानियों और जिले के लोगों की सुरक्षा के लिए काम कर रही है।
हिमाचल की राजधानी शिमला में चोर फिर सक्रिय हो गए हैं और चोरी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। ताजा मामला शिमला का है, जहां बीते दिन दिनदहाड़े एक व्यक्ति ने एटीएम को तोड़ने का प्रयास किया। हालांकि, वह चोरी को अंजाम दे पाता उससे पहले ही आसपास के लोगों ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। जानकारी के अनुसार शिमला में एक शातिर ने कॉपरेटिव बैंक एटीएम को तोड़ने की नाकामयाब कोशिश की। शातिर दिन दहाड़े बैंक के एटीएम को लूटने की फिराक में था, लेकिन शातिर अपने मंसूबो में कामयाब नहीं हो पाया। चोर के वारदात को अंजाम देने पहले ही लोगों ने उसे धर दबोचा। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने वेद प्रकाश शांडिल के बयान पर मामला दर्ज कर लिया है। वेद ने पुलिस को बताया कि मंगलवार को वह रोजाना की तरह एसडीए कॉम्प्लेक्स में अपनी ड्यूटी पर था। इस दौरान वह कार्यालय के ऊपर लगे टावर व डीजी सेट को चेक करने गए तो, उन्हें किसी चीज को तोड़ने की तेज आवाज सुनाई दी, जिसके बाद वह ऊपर सड़क में गया इस दौरान उसने देखा कि वहां कॉपरेटिव बैंक के एटीएम के अंदर एक शख्स हाथ मे हथियार लिए था और एटीएम को तोड़ने की कोशिश कर रहा था,जिसके बाद उन्होंने उसकी सूचना पुलिस चौकी कुसुम्पटी को दी। मौके पर पहुंची पुलिस की टीम ने शीघ्र कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम संजय (32 वर्ष) बताया, जो जिला हमीरपुर का रहने वाला है। पुलिस ने व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसपी शिमला संजीव गांधी ने मामले की जानकारी दी। एसपी शिमला ने कहा, एटीएम तोड़ रहे कि आरोपी को लोगों की सहायता से पकड़ लिया गया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। मामले में पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
** आनी प्रशासन ने IGMC शिमला में शकैलड़ बस हादसे के घायलों का जाना हाल... कुल्लू: आनी उपमंडल प्रशासन ने IGMC शिमला में शकैलड़ बस हादसे के घायलों से मुलाकात की। नायब तहसीलदार आनी, कांशी राम भारती, के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने अस्पताल का दौरा किया और घायलों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सों से बातचीत कर घायलों के इलाज की जानकारी ली। घायलों की स्थिति जानने के बाद प्रशासन ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही, घायलों के परिवारों से मिलकर उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया। प्रशासन ने डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ से आग्रह किया कि घायलों को हरसंभव बेहतर उपचार दिया जाए। हादसे के बाद 5 घायलों को रामपुर अस्पताल और 22 को IGMC शिमला रेफर किया गया था। इनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। नायब तहसीलदार कांशी राम भारती ने बताया कि हादसे के दिन तीन लोगों की मौत हो गई थी और बुधवार सुबह एक और घायल, 73 वर्षीय राजेंद्र, ने IGMC में दम तोड़ दिया।
जिला मंडी के नेरचौक में गैस सिलेंडर फटने का बड़ा हादसा सामने आया है। गैस सिलेंडर फटने से 7 लोग इसमें झुलस गए हैं। हादसे के बाद सभी घायलों का इलाज नेरचौक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में कराया गया। वहीं, इस अग्निकांड की घटना से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। एएसपी मंडी सागर चंद्र ने बताया कि बल्ह थाना क्षेत्र के तहत पड़ने वाले नेरचौक बाजार के चाक का गोहर नामक ढाबे में रखे कमर्शियल सिलेंडर में बुधवार दोपहर को अचानक आग भड़क गई।अग्निकांड की इस घटना में ढाबे के तीन कामगारों समेत दो अन्य व्यक्ति जोकि ढाबे में खाना खाने आए थे, आग में झुलस गए. वहीं, दो व्यक्ति जो कि साथ लगती दुकान के बाहर धूप सेंक रहे थे, वो भी आग की लपटों में आ गए। आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद गैस सिलेंडर से उठ रही लपटों पर काबू पाया गया। लोगों ने सभी घायलों को लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचाया। अग्निकांड हादसे को लेकर तहसीलदार बल्ह विपिन कुमार ने बताया, घायल व्यक्तियों को तुरंत पांच-पांच हजार फौरी राहत राशि प्रदान की गई है। साथ ही दुकान में हुए नुकसान का आंकलन नियमानुसार कर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
सोलन ज़िला में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत निर्धारित मानदण्डों को पूरा करने वाले व्यक्तिगत व सामुदायिक शौचालयों का श्रेष्ठ श्रेणी के रूप में चयन किया गया। इन विजेता ग्राम पंचायतों को ज़िला स्तर पर आज यहां अतिरिक्त उपायुक्त सोलन एवं ज़िला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक अजय यादव ने सम्मानित किया। सोलन विकास खण्ड की ग्राम पंचायत ओच्छघाट के राजकीय माध्यमिक विद्यालय कालाघाट के समीप सामुदायिक शौचालय तथा ग्राम पंचायत जाबल जमरोट के गांव डुंगी की शांति देवी पत्नी खेम चंद को व्यक्तिगत शौचालय की श्रेणी में पुरस्कृत किया गया। कुनिहार विकास खण्ड की ग्राम पंचायत पलोग के सामुदायिक भवन मानन के समीप स्थित सामुदायिक शौचालय तथा ग्राम पंचायत घनागुघाट के गांव बपडोन की हरदेई सुपुत्री सुंदर सिंह को व्यक्तिगत शौचालय के लिए सम्मानित किया गया। विकास खण्ड नालागढ़ की ग्राम पंचायत घोलोवाल में स्थित शिव मंदिर कालीबाड़ी के समीप स्थित सामुदायिक भवन के सामुदायिक शौचालय तथा ग्राम पंचायत गोलजमाला के गांव नंगल उपरला के मलकीत सिंह सुपुत्र हरदयाल सिंह को व्यक्तिगत शौचालय के लिए सम्मानित किया गया। धर्मपुर विकास खण्ड की ग्राम पंचायत नारायणी के गांव जंदौरी के रत्न लाल सुपुत्र बालू राम को व्यक्तिगत शौचालय तथा कण्डाघाट विकास खण्ड की ग्राम पंचायत छावशा के गांव बणी के नरेन्द्र पाल सुपुत्र मानू राम को व्यक्तिगत शौचालय के लिए सम्मानित किया गया। सोलन ज़िला में 19 नवम्बर से 10 दिसम्बर, 2024 तक विश्व शौचालय दिवस का आयोजन किया गया। इस अवधि में व्यक्तिगत व सार्वजनिक स्थलों पर शौचालयों की साफ-सफाई व मुरम्मत कार्य करवाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के पैरामीटर में अव्वल रहे श्रेष्ठ व्यक्तिगत व सामुदायिक शौचालय का चयन किया गया। अजय यादव ने कहा कि ऐसे अभियान से अन्य ग्राम पंचायतों को साफ-सफाई रखने के लिए प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि घरो में स्वच्छता एक स्वस्थ जीवन का आधार होती है। उन्होंने सभी से आग्रह किया ज़िला को स्वच्छ रखने में सहयोग दें।
डॉ यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी में बुधवार को विख्यात तमिल कवि भारती, लेखक, पत्रकार और स्वतंत्रता सेनानी सुब्रमन्य भारती की जयंती के अवसर पर भारतीय भाषा दिवस मनाया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय में सभी कार्यक्रम और कार्यालय में हिन्दी भाषा का ही उपयोग किया गया। विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग ने सतर्क, सुरक्षित एवं संरक्षित पर्यावरण संघ (स्पेस क्लब) के सदस्यों व 60 छात्र-छात्राओं द्वारा पर भारतीय भाषा उत्सव मनाया गया, जिसे तीन परिकल्पना पर आधारित किया गया। पहले परिकल्प के अंतर्गत विश्वविद्यालय के सभी संवैधानिक अधिकारियों, विभागाध्यक्षों तथा कार्यालय के अक्षिक्षकों को हिन्दी तथा क्षेत्रीय भाषा में अपने कार्यालय में कार्य करने के लिए निवेदन किया गया तथा संघ के सभी सदस्यों द्वारा उनके कार्यालयों में जाकर यह संदेश प्रेषित किया गया। दूसरे परिकल्प के अंतर्गत संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें विभागाध्यक्ष डॉ सतीश भारद्वाज ने इस वर्ष के भारतीय भाषा दिवस का विषय ‘भाषाओं के माध्यम से एकता’ पर प्रकाश डालते हुए अपने व्याख्यान में प्रकृति और भाषा में समन्वयन के सम्बंध पर कहा कि जहां आधुनिकता के दौर में हम अपनी क्षेत्रीय भाषाओं को भुलाते जा रहें है वहीं हम आधुनिकता की पाश्चात्य परिवेश को भी अपना रहे हैं, जिससे कि हम आपसी सौहार्द, प्रेम व भाईचारे से कहीं कोसों दूर भाग रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाषाएं हमारी संस्कृति की पहचान है और प्रकृति के साथ हमारे रिश्ते को भी दर्शाती है। विभिन्न क्षेत्रों की जलवायु भिन्न होने के कारण वहां का भाषीय परिवेश भी भिन्न है। इन सब का आपस में तालमेल बिठाने से ही हमें प्रकृति से भी प्रेम होगा व हम अपने संस्कारों से भी जुड़े रहेंगे। संगोष्ठी में उपस्थित छात्रों द्वारा अपनी क्षेत्रीय भाषा में प्रश्न पूछे गए तथा उनका उत्तर भी उसी भाषा में दिया गया एवं इस अवसर पर पर्यावरण विज्ञान विभाग के छात्र-छात्राओं ने अपने सगे-संबध्यिों को 35 पोस्ट कार्ड पर अपनी स्थानीय भाषा में पुराने तरीके से संदेश भेजे। इसमे जहां क्षेत्रीय भाषाओं का सहारा लिया गया वहीं इन्होंने इस कार्यक्रम में उत्सुकतापूर्वक अपनी जीवन शैली में दैनिक रूप से प्रयोग होने वाली क्षेत्रीय भाषाओं में परिचर्चा में भी बढ़-चढ़ कर भाग लिया व अपनी प्रसन्नता जाहिर की। इसके उपरान्त स्पेस क्लब के छात्रों ने कुलपति प्रोफेसर राजेश्वर सिंह चंदेल से निवेदन किया गया कि कार्यक्रम के प्रारूप को विस्तार देने के लिए विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों को प्रेरणा दी जाए। प्रोफेसर चंदेल ने छात्रों कि इस मुहिम का स्वागत किया और बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत हर विभाग को परामर्श दिया गया है कि क्षेत्रीय/स्थानीय भाषा के माध्यम से शिक्षा एवं अनुसंधान का प्रचार-प्रसार करें। उन्होंने कहा कि दैनिक कार्य में हिन्दी के साथ-साथ क्षेत्रीय भाषा को प्रोत्साहित करने से विश्वविद्यालय के कार्यक्रमों में किसानों के साथ सामंजस्य बनाने में विश्वविद्यालय को मदद मिलेगी।
** विभिन्न योजनाओं के तहत लाभार्थियों को वित्तीय लाभ किए वितरित मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज जिला बिलासपुर के लुहणू मैदान में प्रदेश सरकार के दो वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान छः नई योजनाओं का शुभारंभ किया और लाभार्थियों को वित्तीय लाभ वितरित किए। मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्राकृतिक रूप से उत्पादित मक्की से तैयार हिमभोग आटा लॉन्च किया। राज्य सरकार ने प्रदेश के 10 जिलों में 1,506 किसानों से 398 मीट्रिक टन मक्की की खरीद की है और किसानों के बैंक खातों में सीधे 1.20 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए हैं। देश में हिमाचल गेहूं के लिए 40 रुपये प्रतिकिलो ग्राम और मक्की के लिए 30 रुपये प्रतिकिलो ग्राम अधिकतम समर्थन मूल्य देने वाला राज्य है और प्रदेश में 35 हजार हेक्टेयर भूमि पर 1.98 लाख किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। इस पद्धति को बढ़ावा देने के लिए 680 करोड़ रुपये की राजीव गांधी स्टार्ट-अप योजना के तहत राजीव गांधी प्राकृतिक खेती स्टार्ट-अप योजना के अन्तर्गत 36,000 किसानों को शामिल किया जा रहा है। कांग्रेस प्रतिज्ञा पत्र निहित गांरटियों को पूरा करने के उद्देश्य से लघु किसानों और पशुपालकों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने 300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से जैविक खाद और वर्मी कम्पोस्ट खरीद की योजना शुरू की है। योजना के तहत 100 किसानों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से 1 लाख रुपये वितरित किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना 2023 के अन्तर्गत 16 टैक्सी मालिकों को चाबियां प्रदान की। योजना के तहत लाभार्थियों को ई-टैक्सी खरीद के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी का लाभ प्राप्त हुआ है और सरकारी कार्यालयों में पांच वर्षों के लिए लीज पर ई-टैक्सियों का संचालन किया जाएगा। इससे टैक्सी मालिकों को नियमित आय का साधन उपलब्ध करवाया गया है। राज्य सरकार का लक्ष्य पहले चरण में ई-टैक्सी मालिकों को लगभग 150 परमिट प्रदान करना है। मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के अन्तर्गत प्रदेश के 5145 लाभार्थियों को 1.38 करोड़ रुपये वितरित कर इस योजना का शुभारंभ किया। उन्होंने लाभार्थियों को पात्रता प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए। इस योजना का उद्देश्य विधवाओं, निराश्रित महिलाओं, तलाकशुदा महिलाओं और दिव्यांग अभिभावकों के 23 हजार बच्चों की शिक्षा को सुनिश्चित करना है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को 18 वर्ष से कम की आयु के बच्चों के लिए 1 हजार रुपये प्रतिमाह और उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस योजना के लिए 53.21 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट प्रावधान रखा गया है। इससेे बाल शोषण को रोकने में सहायता मिलेगी और वंचित परिवारों के बच्चों की शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने राज्य के सात जिलों में बागवानी क्षेत्र के विकास को विस्तार प्रदान करने के लिए 1292 करोड़ रुपये की हिमाचल प्रदेश उपोष्ण कटिबंधीय बागवानी, सिंचाई और मूल्य संवर्धन परियोजना का भी शुभारंभ किया। इसके तहत प्रदेश के छः हजार हैक्टेयर क्षेत्र में अमरूद, संतरे, लीची और पलम जैसे फलों की खेती को बढ़ावा प्रदान कर 15 हजार किसान परिवारों को प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित किया जाएगा। वर्ष 2032 तक प्रतिवर्ष 1.3 लाख मीट्रिक टन फलों का उत्पादन होने की संभावना है जिनका बाजार मूल्य 400 करोड़ रुपये होगा। मुख्यमंत्री ने किन्नौर, लाहौल स्पीति, चम्बा और जिला सिरमौर के शिलाई के दुर्गम क्षेत्रों के लिए पांच मोबाइल आयुष स्वास्थ्य यूनिट को झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रत्येक यूनिट में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप आयूर्वेद, यूनानी और होमोपैथी उपचार के लिए अनुभवी चिकित्सा टीम सेवाएं देगी। इस पहल का उद्देश्य दुर्गम क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के अन्तर्गत जिला बिलासपुर के 197 लाभार्थियों को 1.90 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की। इसके तहत 153 बच्चों के लिए पेंशन, 17 लाभार्थियों के लिए आवास अनुदान,10-10 लाभार्थियों के लिए विवाह एवं उच्च शिक्षा और 3-3 लाभार्थियों के लिए व्यावसायिक शिक्षा और स्टार्ट-अप सहायता प्रदान की गई।


















































