आज शिक्षित बेरोज़गार संघ हिमाचल प्रदेश द्वारा हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा 1लखा सरकारी नौकरी और सरकारी स्कूलो में गेस्ट अध्यापक भर्ती करवाये जाने के निर्णय आउटसोर्स भर्ती के खिलाफ तपोवन शीतकाल सत्र धर्मशाल के बाहर बेरोजगार युवाओं के धरना प्रदर्शन में शामिल हुए। शिक्षित बेरोज़गार संघ हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार द्वारा गेस्ट अध्यापक की भर्तिया करवाने के विरोध में शिमला तपोवन शीतकाल सत्र धर्मशाल के बहार धरना प्रदर्शन किया शिक्षित बेरोज़गार संघ अध्यक्ष बाल कृष्ण मानना है की प्रदेश सरकार छात्र विरोधी और युवा विरोधी निर्णय लेकर लगातार प्रदेश सरकार युवाओ को बेरोजगारी की और धकेल रही है, जिसके कारण प्रदेश के युवाओं में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश सरकार ने दो साल पूरे होने का जश्न पूरी धूमधाम से बनाया, लेकिन युवाओं ने जिस मंशा से प्रदेश में बढ़ते भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और अव्यवस्था से तंग आकर प्रदेश में कांग्रेस का समर्थन किया था आज इसी बात से तंग आकर खुद को ही कोस रहे हैं। व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर युवाओं व छात्रों को बड़ी तेजी के साथ बेरोजगारी के गर्त में धकेला जा रहा है। शिक्षित बेरोज़गार संघ हिमाचल प्रदेश अध्यक्ष बाल कृष्ण ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार प्रदेश में पूर्व भाजपा सरकार की तरह युवा विरोधी नीतियां लाकर लगातार प्रदेश को पीछे धकेलने का काम कर रही है। शिक्षित बेरोज़गार संघ ने प्रदेश सरकार द्वारा लाई गई गेस्ट अध्यापक की नीति का कड़े शब्दों में विरोध करती है। क्योंकि वर्ष 2013 में बिल्कुल इसी तर्ज पर स्कूल में खाली चल रहे पदों को भरने के लिए SMC के माध्यम से हजारों युवाओ को भरा गया था लेकिन सालों से उन लोगों का शोषण ही हुआ और अब जाकर उन लोगो के लिए नियमित भर्ती में 5 प्रतिशत आरक्षण दिया गया और कुछ ही लोगो को नियमित किया गया। बिल्कुल ऐसा ही गेस्ट टीचरों के साथ भी होगा। ये उन तमाम युवाओं के साथ धोखा है जो सालों से सपने संजो कर मेहनत कर रहा है। शिक्षित बेरोज़गार संघ हिमाचल प्रदेश सरकार के निर्णय का विरोध करती है, जिसमें गेस्ट टीचर नियुक्त किए जा रहे हैं, जबकि प्रदेश में नियमित अध्यापको की नियुक्ति की जानी चाहिए। यह निर्णय NEP-2020 के कार्यान्वयन का हिस्सा है, जो बिना किसी सही योजना और विचार के लागू किया जा रहा है। यह नीति न केवल शिक्षा के स्तर को गिरा रही है, बल्कि हमारे राज्य के युवाओं के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ कर रही है। इसलिए, शिक्षित बेरोज़गार संघ द्वारा तत्काल गेस्ट टीचर नीति की समाप्ति और NEP-2020 के वर्तमान रूप में कार्यान्वयन की वापसी की मांग करती है। राज्य सरकार को सरकारी स्कूलों में सभी खाली पदों में स्थाई भर्तिया जल्द से जल्द करवाने की जरूरत एसएफआई HPRCA के माध्यम से योग्य और स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति की जानी चाहिए। लेकिन बीते दो सालों में सरकारी भर्तियों में ग्रहण लगा है राज्य चयन आयोग भी दो साल से बंद पड़ा था परन्तु कुछ दिनों पहले से पुराने भर्तियों के परिणाम निकाले जा रहे है। इन परिणामों के लिए भी प्रदेश के युवाओं को कई दिनों तक आंदोलन करने पड़े उसके बाद इन परिणामों को घोषित किया गया। प्रदेश सरकार द्वारा पुरानी स्वीकृत भर्तियों को निरस्त कर दिया गया है और आउटसोर्स के नाम पर धांधलियों को अंजाम दिया जा रहा है। शिक्षित बेरोज़गार संघ यह मांग करती है की जो प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों में गेस्ट अध्यापक भर्ती करने का निर्णय लिया है उसे वापिस लिया जाए और प्रदेश सरकार से यह भी मांग करती है की छात्र व युवा विरोधी इस पालिसी को न अपनाया जाए और गेस्ट टीचर और आउटसोर्स के बजाय नियमित भर्तीया करवाई जाए। ताकि प्रदेश के युवाओं को स्थाई रोजगार मिल सके।
** पंचायत विभाजन न होने से ग्रामीणों को आ रही हैं समस्याएं... जिला चंबा के विकास खंड मैहला की ग्राम पंचायत ब्रेही के लोगों ने अपनी पंचायत विभाजित करने की मांग को लेकर गुरुवार को उपायुक्त चंबा, मुकेश रेपस्वाल को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने 2019 में भी यह मांग उठाई थी, लेकिन राजनीतिक कारणों से पंचायत का विभाजन नहीं हो पाया।इस बार भी ग्राम सभा में पंचायत विभाजन की मांग रखी गई और प्रस्ताव पारित हुआ, लेकिन जानबूझकर औपचारिकताएं पूरी नहीं की गईं। इसके चलते विभाजन का प्रस्ताव रद्द हो गया। पंचायत विभाजन न होने के कारण ग्रामीणों को लंबे समय से कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें छोटे-छोटे कामों के लिए मीलों पैदल चलना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि विभाजन के लिए तय की गई अंतिम तिथि अब निकल चुकी है। फिर भी वे चाहते हैं कि उपायुक्त उनकी समस्या समझें और अब भी पंचायत विभाजन का रास्ता निकाला जाए। इस बार ग्रामीणों ने उपायुक्त के सामने अपनी मांग मजबूती से रखी है।
** उपायुक्त ने कहा, मोबाइल मेडिकल यूनिट से हर कोने में होगी स्वास्थ्य जांच जिला चम्बा में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सीएसआर के अंतर्गत एनएचपीसी ने स्वास्थ्य विभाग चम्बा को मोबाइल मेडिकल यूनिट की सौगात दी है। गुरुवार को उपायुक्त चम्बा मुकेश रेपस्वाल ने इसे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उनके साथ एडीएम अमित मैहरा, एनएचपीसी के महाप्रबंधक उमेश कुमार, सीएमओ चम्बा डॉ. विपिन ठाकुर भी मौजूद रहे। उपायुक्त ने कहा कि यह मोबाइल मेडिकल यूनिट जिले के कोने-कोने में जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच में अहम भूमिका निभाएगी। इसमें एक मेडिकल ऑफिसर, एक फार्मासिस्ट और एक स्टाफ नर्स मौजूद रहेंगे। य़ह मोबाइल यूनिट वॉकहार्ड फ़ाउंडेशन के माध्यम से सीएमओ की देखरेख में आगामी एक वर्ष तक लोगों को सेवाएं देगी। इसमें विभिन्न प्रकार के टेस्ट भी मौके पर किए जा सकेंगे। बहरहाल, यह मोबाइल मेडिकल यूनिट जिले के दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने में मील का पत्थर साबित होगी।
MS राहुल राव बोले, उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद होगी मामले में कार्रवाई... हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के IGMC अस्पताल में सफाई कर्मियों ने वेतन न मिलने पर प्रदर्शन किया। सफाई और अन्य आउटसोर्स कर्मचारियों को पिछले दो महीने से वेतन नहीं मिला, जिससे वे काफी परेशान हैं। महिला कर्मचारी भी इस समस्या से जूझ रही हैं। वेतन न मिलने पर कर्मचारियों ने अस्पताल गेट के बाहर काले रिबन बांधकर विरोध जताया।सफाई कर्मियों ने चेतावनी दी है कि अगर 23 दिसंबर तक उनका बकाया वेतन नहीं मिला, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। इस आंदोलन में सचिवालय घेराव, डीसी ऑफिस तक मार्च और रिज पर गांधी प्रतिमा के नीचे हड़ताल की जाएगी। इस मामले पर IGMC अस्पताल के मेडिकल सुपरीटेंडेंट राहुल राव ने कहा कि अस्पताल में नई इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर शुरू करने के लिए कर्मचारियों की भर्ती की गई थी। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने इस मुद्दे पर संबंधित कंपनी से बात की है।राहुल राव ने कहा कि अब तक 10 महीने का वेतन दिया जा चुका है, लेकिन 2 महीने का वेतन बकाया है। इसी दौरान कंपनी ने मामला उच्च न्यायालय में पहुंचा दिया है, और इस पर सुनवाई होनी है। उच्च न्यायालय के आदेश के आधार पर प्रशासन आगे की कार्रवाई करेगा।
हिमाचल प्रदेश में कर्मचारियों को अनुबंध सेवाकाल का वरिष्ठता और वित्तीय लाभ नहीं मिलेगा। साल 2003 से यह व्यवस्था लागू होने जा रही है। बुधवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस संदर्भ में सदन के पटल पर हिमाचल प्रदेश सरकारी कर्मचारी भर्ती एवं सेवा की शर्तें विधेयक रखा। वीरवार को सदन में चर्चा के यह विधेयक पारित होगा। इस विधेयक को लाने के पीछे एक प्रमुख चिंता राज्य पर पड़ने वाला संभावित वित्तीय बोझ है। अनुबंध सेवाकाल का लाभ देने से कर्मचारियों को न केवल अतिरिक्त संसाधनों का भारी आवंटन करना पड़ेगा, बल्कि पिछले 21 वर्षों से अधिक समय से वरिष्ठता सूची में भी संशोधन करना होगा। राज्य की कांग्रेस सरकार इस विधेयक के माध्यम से प्रदेश के कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण बदलाव करने जा रही है। विधेयक पारित होने के बाद कर्मचारियों को ज्वाइनिंग की तारीख से वरिष्ठता और वित्तीय लाभ नहीं मिलेंगे। कर्मचारियों की वरिष्ठता अब उनके नियमित होने के बाद तय की जाएगी। अनुबंध सेवाकाल को इसमें नहीं जोड़ा जाएगा। यह बदलाव विशेष रूप से उन कर्मचारियों के लिए हैं जिनकी वरिष्ठता को लेकर पहले अदालत से आदेश जारी किए गए थे। इन आदेशों के चलते राज्य खजाने पर बोझ बढ़ने की संभावना थी। विधेयक के अनुसार बिल का उद्देश्य नियमित सरकारी कर्मचारियों व अनुबंधित नियुक्तियों के हितों के बीच सामंजस्य स्थापित करना है। मुख्यमंत्री की ओर से स्थिति स्पष्ट की गई है कि यह विधेयक भारत के संविधान के अनुच्छेद-309 से अधिकार लेता है, जिसके तहत सार्वजनिक कर्मचारियों की भर्ती और सेवा शर्तों को नियंत्रित किया जाता है। हिमाचल में अनुबंध आधार पर नियुक्तियां 2003 में शुरू हुईं, जिसमें नियुक्ति पत्रों में सेवा शर्तों का स्पष्ट उल्लेख किया गया। कर्मचारियों को यह अवगत कराया गया था कि अनुबंध के तहत उनका कार्यकाल वरिष्ठता या नियमित कर्मचारियों को मिलने वाले अन्य लाभों के लिए नहीं गिना जाएगा। इसके बावजूद अनुबंध नियुक्तियों को भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में शामिल करने से यह धारणा बनी कि ऐसी नियुक्तियां नियमित रोजगार के बराबर हैं। विधेयक के अनुसार अनुबंध के आधार पर नियुक्ति करने का उद्देश्य उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान मानने का कभी नहीं था। उनकी सेवा शर्तें उनकी ओर से हस्ताक्षरित समझौतों से नियंत्रित होती हैं और इस प्रकार वे नियमित नियुक्तियों के समान सार्वजनिक सेवाओं का हिस्सा नहीं हैं। सरकार के उच्च अधिकारियों ने बताया कि कोर्ट के माध्यम से कई कर्मचारियों को अनुबंध सेवाकाल का वरिष्ठता लाभ देना पड़ा है। रोजाना इस प्रकार के मामले कोर्ट में लग रहे हैं। ऐसे में सरकार को विधेयक लाकर इस व्यवस्था को बंद करना पड़ रहा है। ताज मोहम्मद बनाम लेखराज केस ने सरकार की इन दिनों परेशानी बढ़ाई हुई है। विधेयक पारित होने के बाद अनुबंध सेवाकाल से वरिष्ठता और वित्तीय लाभ देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
राज्य विधानसभा के शीत सत्र के पहले दिन बुधवार को सदन में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने हिमाचल प्रदेश भू-जोत अधिकतम सीमा संशोधन विधेयक 2024 पेश किया। 1972 के लैंड सीलिंग एक्ट में संशोधन के रूप में इस विधेयक को प्रस्तुत करने के बाद यह आज पारित किया जा सकता है। इसके तहत अब धार्मिक और चैरिटी के लिए 30 एकड़ जमीन या भूमि पर बने ढांचे को हस्तांतरित किया जा सकेगा। अगर नियमों की अवहेलना की गई तो सरकार ऐसी जमीन या इस पर बनी संरचना को अपने कब्जे में ले लेगी। इस संशोधन विधेयक के उद्देश्यों में सरकार ने स्पष्ट किया है कि राधास्वामी सत्संग ब्यास पूरे देश में अपना क्रियाकलाप चलाने वाला एक धार्मिक और आध्यात्मिक संगठन है। इसने राज्य में नैतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक शिक्षा के कई केंद्र स्थापित किए हैं। इस संस्था ने हमीरपुर जिला के भोटा में एक अस्पताल भी स्थापित किया है। यह लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की पूर्ति कर रहा है। इस संगठन के पास लैंड सीलिंग एक्ट के तहत अनुमानित सीमा से अधिक जमीन है, जिसे अधिनियम की धारा पांच के खंड -झ के उपबंध के तहत छूट दी गई है। राधास्वामी सत्संग ने कई बार सरकार से अनुरोध किया है कि उसे भोटा चैरिटेबल अस्पताल की भूमि और भवन को चिकित्सा सेवाओं के लिए बेहतर प्रबंधन को जगत सिंह मेडिकल रिलीफ सोसाइटी को हस्तांतरित करने की अनुमति दी जाए। इसे इसका एक सहयोगी संगठन कहा गया है। मगर धारा पांच का खंड झ इसमें रोक लगाता है। ऐसे में कुछ शर्तों के साथ हस्तांतरण की अनुमति सरकार कुछ शर्तों के साथ देगी। इसके लिए धारा पांच का खंड झ में संशोधन प्रस्तावित किया गया है।
** 4 दिन के पुलिस रिमांड पर आरोपी हिमाचल प्रदेश में नशे का कारोबार लगातार अपने पैर पसार रहा है। हिमाचल पुलिस द्वारा विशेष अभियान के तहत आए दिन नशा तस्करों को पकड़ा जा रहा है और जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया जा रहा है। बावजूद इसके नशा तस्कर अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला सिरमौर जिले का है। यहां सिरमौर पुलिस की विशेष टीम ने एक व्यक्ति से चरस की बड़ी खेप बरामद की है। आरोपी के खिलाफ पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे 4 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस थाना नाहन के एसएचओ बृज लाल मेहता ने बताया कि पुलिस टीम नाहन-महीपुर सड़क पर गश्त पर तैनात थी। इस दौरान पुलिस ने एक बाइक को जांच के लिए रोका। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 1.156 किलोग्राम चरस की खेप बरामद हुई। आरोपी की पहचान लक्ष्मी दत्त (उम्र 44 साल) के तौर पर हुई है। लिहाजा, पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 4 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस थाना नाहन के एसएचओ बृज लाल मेहता ने बताया, सिरमौर पुलिस ने 1.156 किलोग्राम चरस के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस आगामी कार्रवाई कर रही है। आरोपी से अब पूछताछ की जाएगी कि वो ये चरस कहां से लाया और किसे और कहां बेचने जा रहा था। बता दें कि सिरमौर जिले में पुलिस लगातार नशा कारोबारियों पर लगातार शिकंजा कस रही है। इसी साल पुलिस नशा तस्करों की करीब एक करोड़ से ज्यादा की संपत्ति भी सीज कर चुकी है।
हिमाचल प्रदेश के मंडी शहर में बिना पंजीकरण कोई भी व्यक्ति रेहड़ी लगाकर कारोबार नहीं कर सकेगा। इसके साथ ही नगर निगम मंडी ने सभी रेहड़ी धारकों के लिए नाम पट्टिका लगाना अनिवार्य कर दिया है। निगम की ओर से एक-दो दिन के भीतर नेम प्लेट वितरित की जाएंगी। अवैध रूप से रेहड़ी लगाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी। नगर निगम के पास रेहड़ी धारकों की संख्या 350 थी, लेकिन हाल ही में वेंडिंग जोन में हुए सर्वे के दौरान कई रेहड़ियां ऐसी पाई गईं, जिनका कोई मालिक ही नहीं था। कुछ रेहड़ी धारक कारोबार नहीं कर रहे थे। इस पर नगर निगम ने करीब 100 लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। अब पंजीकृत रेहड़ी धारकों की संख्या 250 रह गई है। नगर निगम मंडी ने पात्र रेहड़ी धारकों को नेम प्लेट जारी करने का निर्णय लिया है। 50 रेहड़ी धारकों को पहले ही नेम प्लेट जारी की जा चुकी हैं, जबकि बाकी 200 नेम प्लेट निगम कार्यालय में पहुंच गई हैं। जल्द ही इन्हें वितरित किया जाएगा। नेम प्लेट से ग्राहक को रेहड़ी धारक का नाम और पता आसानी से मिल सकेगा। किसी समस्या की स्थिति में ग्राहक नगर निगम के पास शिकायत दर्ज करवा सकेगा। नेम प्लेट की व्यवस्था लागू होने से अवैध रूप से रेहड़ी-फड़ी लगाने वालों की पहचान करने में भी आसानी होगी। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि शहर में केवल पंजीकृत रेहड़ी धारकों को ही कारोबार करने की अनुमति होगी। शहर में रेहड़ी धारकों का सर्वे करने के बाद लाइसेंस की सभी प्रक्रियाएं पूरा कर ली हैं। शहर में सभी रेहड़ीधारकों और फूड कार्नर मालिकों को लाइसेंस जारी कर अब नेम प्लेट जारी की जाएगी। एक-दो दिनों में शहर के 200 रेहड़ीधारकों को नेम प्लेट का वितरण कर दिया जाएगा। हाल ही में कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह के हिमाचल में रेहड़ी-फहड़ी दुकानों और भोजनालयों पर नेम प्लेट लगाने के बयान पर विवाद हो गया था। विक्रमादित्य सिंह ने कहा था कि हिमाचल प्रदेश के स्ट्रीट वेंडर्स को भी अपनी नेम प्लेट और आईडी लगानी होगी। हालांकि बाद में इस मामले में सुक्खू सरकार ने स्पष्टीकरण जारी किया था। इसमें कहा था कि अभी ऐसे किसी भी फैसले को लागू नहीं किया है। सरकार ने विक्रेताओं को अपनी दुकानों पर नेम प्लेट या अन्य पहचान अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया है। इस बीच मंडी में रेहड़ी फड़ी पर नेम प्लेट लगने जा रही है।
** सरकार के खिलाफ जमकर की नारेबाजी हिमाचल प्रदेश में मुर्गा प्रकरण पर सियासत गरमा गई है। मामले में धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा समेत छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें कुछ मीडिया कर्मी भी शामिल हैं। इसके विरोध में गुरुवार को नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की अगवाई में विपक्ष ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। इस दाैरान नेता प्रतिपक्ष सहित भाजपा विधायकों ने हाथों में मुर्गे के पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। विपक्ष ने भाजपा विधायक और मीडिया पर एफआईआर दर्ज करना शर्मनाक बताया। साथ ही वन्यजीव अधिनियम में मामला दर्ज कर जांच की मांग उठाई। पत्रकारों से बातचीत में जयराम ठाकुर ने कहा कि सीएम के कुपवी दाैरे के दाैरान रात्रि भोज के मेन्यू में 12 नंबर पर जंगली मुर्गे का भी जिक्र था। सीएम ने डिनर के दाैरान खुद जंगली मुर्गे का जिक्र किया। कहा कि जंगली मुर्गा जंगल में ही मिलता है। मामले में सरकार ने कई स्पष्टीकरण देने की बातें हुईं। लेकिन हैरानी बात है कि सीएम के डिनर वाले वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर पर विधायक व कुछ मीडिया के लोगों पर एर्फआईआर दर्ज की गई, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। मुर्गा प्रकरण में कुपवी की कुलग पंचायत की प्रधान सुमन चौहान और नीटू परमार की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। शिकायत में महिला प्रधान ने कहा कि सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया और कई लोगों ने व्यक्तिगत हैंडल पर फर्जी मेन्यू शेयर किया। इसकी वजह से इलाके के पारंपरिक भोजन और संस्कृति को नुकसान पहुंचा है। इस तरह का दुष्प्रचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि 13 दिसंबर को उनके गांव टिक्कर में विशेष अतिथि आए थे, जिनके स्वागत के लिए गांव की महिलाओं ने पारंपरिक भोजन तैयार किया गया था। लेकिन एक फर्जी मेन्यू शेयर किया गया। पुलिस ने शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता की धारा-353 और 356 के तहत केस दर्ज किया है। गाैरतलब है कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू 13 दिसंबर को कुपवी इलाके के दौरे पर थे। रात को उन्होंने टिक्कर गांव में विश्राम किया था। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ता के घर पर डिनर किया था। डिनर का मेन्यू सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इसमें पहाड़ी मुर्गे का भी जिक्र था। यहां तक कि सीएम भी मुर्गा परोसने के बात कहते हुए नजर आए थे। सीएम का वीडियो और मेन्यू काफी ज्यादा वायरल हुए थे। हालांकि, सीएम ने मीट खाने से इन्कार किया था। सीएम के कार्यक्रम में जंगली मुर्गा परोसने पर सवाल उठाए गए थे। डीएसपी चौपाल सुशांत शर्मा ने केस दर्ज करने की पुष्टि की है। उधर, विधायक सुधीर शर्मा ने कहा कि सरकार डर के मारे एफआईआर कर रही है। कितने मुर्गे कटे हैं, इसकी जांच होनी चाहिए। सीएम के मेन्यू में मुर्गे का जिक्र था।
हिमाचल प्रदेश में अब कांस्टेबलों का भी जिला के बजाय राज्य काडर होगा। इनकी भर्ती भी अब राज्य काडर में पुलिस बोर्ड करेगा। बुधवार को सदन में इसके लिए हिमाचल प्रदेश पुलिस संशोधन विधेयक 2024 पेश किया गया। इसके पारित होने के बाद अब पुलिस कांस्टेबलों के एक जिले से दूसरे जिले में तबादले किए जा सकेंगे। राज्य विधानसभा के शीत सत्र के पहले दिन बुधवार को सदन में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम 2007 में संशोधन के लिए एक विधेयक पेश किया। नए संशोधन के लागू होने के बाद गैर राजपत्रित पुलिस अधिकारियों (ग्रेड-दो) की भर्ती अब पुलिस भर्ती बोर्ड करेगा। इस श्रेणी में कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल आते हैं। यह भर्ती अब राज्य काडर में भी होगी, जिससे प्रदेश में एक एकीकृत प्रक्रिया सुनिश्चित होगी। पुलिस कर्मियों की इन श्रेणियों के लिए जिला और राज्य रोल की आवश्यकता को हटाया जाएगा, जिससे प्रक्रिया सरल होगी। नए संशोधन विधेयक के पारित होने के बाद अब ड्यूटी पर तैनात लोक सेवकों यानी कर्मचारियों के लिए सुरक्षा की भी व्यवस्था की गई है। इसके अनुसार पुलिस अधिनियम की धारा-65 की उपधारा-तीन में संशोधन किया जाएगा। यानी सरकारी कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान सरकार की पूर्व स्वीकृति के बिना किसी भी लोक सेवक की गिरफ्तारी पर रोक रहेगी। यानी सरकार की अनुमति के बगैर गिरफ्तारी नहीं की जा सकेगी। इससे वह निडर होकर कर्तव्य निर्वहन कर सकेंगे। जिला पुलिस शिकायत प्राधिकरणों में नियुक्तियों में लचीलापन लाया जा रहा है। यानी ऐसे मामलों में जहां निर्दिष्ट रैंक के वरिष्ठ सेवानिवृत्त अधिकारी उपलब्ध नहीं हैं, वहां राज्य सरकार को इन प्राधिकरणों की कार्यक्षमता सुनिश्चित करते हुए कनिष्ठ सेवानिवृत्त अधिकारियों को नामित करने का अधिकार होगा। अभी तक सेवानिवृत्त पुलिस अधीक्षक, जिला न्यायवादी, अतिरिक्त जिला न्यायाधीश या इससे ऊपर के सेवानिवृत्त अधिकारियों को ही इस प्राधिकरण में नामित करने की व्यवस्था रही है, मगर अब ऐसे सेवानिवृत्त अधिकारियों के उपलब्ध नहीं होने पर कनिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति का भी प्रावधान होगा।
**जनता ट्रैफ़िक पुलिस और अन्य नामित कर्मियों द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का करें पालन ** ट्रैफिक पुलिस का सहयोग करें जनता भुंतर बैली ब्रिज का निर्माण कार्य 20 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है। एसडीएम कुल्लू विकास शुक्ला ने निर्देश जारी किए है कि पुल निर्माण कार्य के चलते यहां से सभी वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी । वाहन चालक और जनता ट्रैफिक नियमों का पालन करते हुए अपनी सुविधा अनुसार बजौरा ब्रिज और अन्य मार्गो का सहारा लेकर अपने गंतव्य की ओर पहुंच सकते है उन्होंने कहा कि जनता को सूचित करने और उन्हें डायवर्जन मार्गों पर मार्गदर्शन करने के लिए रणनीतिक बिंदुओं पर उपयुक्त साइनबोर्ड, बैरियर और ट्रैफ़िक सिग्नल लगाए जाएंगे। ट्रैफ़िक प्रवाह को प्रबंधित करने और वाहनों के सुचारू डायवर्जन को सुनिश्चित करने के लिए ट्रैफ़िक पुलिस को तैनात किया जाएगा। जनता से अनुरोध किया है कि ट्रैफिक अधिकारी के साथ सहयोग करें और ट्रैफ़िक पुलिस और अन्य नामित कर्मियों द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का पालन करें। अगर कार्य की प्रगति और डायवर्जन मार्गों में किसी भी बदलाव के बारे में नियमित अपडेट को स्थानीय मीडिया, सोशल मीडिया चैनल या आधिकारिक स्रोतों के माध्यम से सूचित किए जाएंगे। एसडीएम कुल्लू विकास शुक्ला ने कहा कि यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू है , और सभी संबंधित अधिकारियों, ट्रैफ़िक कर्मियों और आम जनता से इसका कड़ाई से अनुपालन अपेक्षित है।
डाडा सीबा पंचायत क्षेत्र में यात्रियों और राहगीरों को बैठने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इसी कड़ी में बुधवार को पंचायत के सौजन्य से डाडा सीबा बस स्टैंड गांव कलेहड़,बतबाड़ में पंचायत द्वारा 53 बेंच लगाए जा रहे हैं, जिससे राहगीर भाई यात्री आराम से बैठ सकेंगे। बाजार में पंचायत द्वारा बेंच लगाए जाने पर दुकानदारों ने पंचायत प्रतिनिधियों व प्रदेश सरकार का तहत दिल से धन्यवाद किया है। पंचायत प्रधान सुचिता कवंर ने जानकारी देते हुए बताया डाडा सीबा पंचायत द्वारा पंचायत क्षेत्र में 53 बैंच लगाए जा रहे हैं ताकि स्थानीय लोगों व यात्रियों को बैठने में सुविधा मिले बाजार को स्वच्छ और सुंदर बनाना हमारी प्राथमिकता है इस के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय(सी एस यू) के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में बीते दिन राष्ट्रीय सेवा योजना (एन एस एस) एवं सत्य साई मुरलीधर आयुर्वेदिक कॉलेज एवं हॉस्पिटल मोगा के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय चिकित्सकीय परामर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें परिसर के छात्रों को चिकित्सकीय लाभ प्राप्त हुआ। इसमें परिसर के छात्रों ने अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं बारे मोगा(पंजाब) स्थित अस्पताल से आए डॉक्टर से विचार विमर्श किया। वहीं डॉक्टर शर्मा ने छात्रों को सर्दी के मौसम में होने वाली बीमारियों के बारे में अवगत करवाया व उनसे बचने के लिए कई टिप्स भी दिए। उन्होंने कहा कि सर्दियों के मौसम में आमतौर पर व्यक्ति दिन भर में पानी का बहुत कम सेवन करते हैं,जबकि आजकल गुनगुने पानी का अधिक सेवन सेहत के लिए फायदेमंद होता है। इस अवसर पर परिसर की एन एस एस इकाई के कार्यक्रम अधिकारी अमित वालिया व समन्वयक पंकज कुमार ने भी अहम भूमिका निभाई। उक्त कार्यक्रम परिसर निदेशक प्रो.सत्यम कुमारी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। उस अवसर पर परिसर के सह निदेशक प्रो. मञ्जुनाथ एस जी भट्ट,डा. रामनारायण ठाकुर,डा. मनीष कुमार, डा. विनोद शर्मा,अमर चंद व अन्य कई प्राध्यापक भी उपस्थित रहे।
जनजातीय जिला किन्नौर के रिकांग पिओ स्थित आई.टी.डी.पी भवन में आज ई-ऑफिस प्रणाली के सुगम संचालन के दृष्टिगत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें समस्त विभागों के ई-ऑफिस संचालकों को सरकारी कार्यालयों के दस्तावेजों को पेपरलैस करने पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस प्रशिक्षण शिविर में जिला के विभिन्न कार्यालयों के 183 कर्मचारियों ने भाग लिया। ई-डिस्ट्रिक प्रबंधक शबनम मेहता ने ई-ऑफिस प्रणाली पर प्रशिक्षण प्रदान करते हुए बताया कि वर्तमान राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी विभागों को पेपरलैस करने की दिशा में यह कदम उठाया है ताकि जहां सरकारी कार्यप्रणाली सुगमता के साथ चल सके वहीं पर्यावरण को भी संरक्षित रखा जा सके। इस प्रणाली से प्रशासन के कार्यों में पारदर्शिता आएगी तथा धरातल पर आमजन को लाभ मिलेगा। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
** मेधावी छात्रों को किया गया सम्मानित किन्नौर जिला के जवाहर नवोदय विद्यालय रिकांग पिओ में आज वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह का आयोजन किया गया जिसमें शैक्षणिक सत्र-2024 के दौरान अकादमिक व अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पुलिस अधीक्षक किन्नौर अभिषेक शेखर ने कहा कि विद्यार्थियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों के समग्र विकास के लिए बौद्धिक विकास के साथ-साथ मानसिक एवं शारीरिक विकास भी महत्वपूर्ण है तथा अभिभावकों को अपने बच्चों को उनकी रूचि अनुसार प्रोत्साहित करना चाहिए तथा सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने से युवा पीढ़ी नशाखोरी की समस्या से बच सकती है तथा सशक्त समाज का निर्माण संभव हो सकता है। उन्होंने वर्तमान परिवेश में सूचना प्रौद्योगिकी के महत्व पर प्रकाश डाला और आधुनिक सूचना प्रणाली अपनाने पर बल दिया ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में युवा कदम से कदम मिला सकें। इस अवसर पर जवाहर नवोदय विद्यालय की प्रधानाचार्य शशि कांता कुमारी ने विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की तथा विभिन्न गतिविधियों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया।इस अवसर पर सहायक आयुक्त ओम प्रकाश यादव, 17वीं वाहिनी भारत तिब्बत सीमा पुलिस के आदेशक बसंत कुमार नोगल, जिला आयुष अधिकारी डॉ. इंदु शर्मा, उपनिदेशक शिक्षा प्रारम्भिक कुलदीप सिंह नेगी, जिला अग्रणी बैंक पंजाब नैशनल बैंक के प्रबंधक रोहित सांगवान, प्रधानाचार्य राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रिकांग पिओ व केंद्रीय विद्यालय रिकांग पिओ सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने पीएचडी में पंजीकृत शोधार्थियों की परेशानियों को खत्म में करते हुए बड़ा फैसला लिया है। पीएचडी की अब साल में दो बार कोर्स वर्क की परीक्षाएं होंगी। इन्हें दिसंबर और जून में करवाया जाएगा। शोधार्थियों को इस फैसले के बाद अब कोर्स वर्क की परीक्षा के लिए साल भर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अभी विवि मार्च और अप्रैल में परीक्षा करवाता है। विवि साल में दो बार पीएचडी में प्रवेश देता है। इसमें प्रवेश परीक्षा के आधार पर प्रवेश दिया जाता हैं और दूसरा राष्ट्रीय स्तर की स्कॉलरशिप जेआरएफ आदि में पास अभ्यर्थियों के लिए सीधे प्रवेश की व्यवस्था लागू थी। इसमें एक बार में दो से ढाई सौ छात्र पीएचडी के विवि के विभिन्न विभागों में चलाए जा रहे कोर्स में प्रवेश पाते हैं। साल में दो बार पीएचडी में प्रवेश दिए जाने के बाद अब विवि कोर्स वर्क की परीक्षाएं भी दो बार ही करवाएगा। विवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल ने माना कि विवि ने पीएचडी कोर्स वर्क की परीक्षाओं को साल में दो बार जून और दिसंबर में करने का फैसला लिया है। इससे शोधार्थियों को कोर्स वर्क की परीक्षा देने के लिए पूरे साल इंतजार नहीं करना पड़ेगा । इससे उनका शोध कार्य और बेहतर ढंग से चलेगा और समय से पूरा हो सकेगा। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने साल में दो बार पीएचडी कोर्स वर्क की परीक्षाओं को करवाने का फैसला लेने के साथ ही दिसंबर 2024 से ही इस फैसले के अनुरूप परीक्षाएं करवाने का फैसला ले लिया है। इसके लिए विवि के परीक्षा नियंत्रक ने सभी पीएचडी कोर्स वर्क की दिसंबर में होने वाली परीक्षाओं का शेड्यूल भी जारी कर वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। पीएचडी कोर्स वर्क विज्ञान विषय की ये परीक्षाएं 24 दिसंबर से शुरू होंगी। परीक्षाओं का विस्तृत शेड़्यूल विवि की वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। इन परीक्षाओं के लिए एचपीयू बिजनेस स्कूल को परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
खेल विभाग के साथ डीन छात्र कल्याण द्वारा शूलिनी विश्वविद्यालय में एक अंतर-विभागीय फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। टूर्नामेंट में आठ टीमों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखी गई, जिन्होंने 11 मैचों में प्रतिस्पर्धा की। कार्यक्रम में उत्कृष्ट व्यक्तिगत प्रदर्शन पर प्रकाश डाला गया, जिसमें अम्मार को सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर के खिताब से सम्मानित किया गया, डैक्स को शीर्ष स्कोरर का ख़िताब और दीपांशु (डीके) को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी नामित किया गया। टूर्नामेंट का समन्वय शूलिनी विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग के सहायक प्रोफेसर विक्रांत चौहान के मार्गदर्शन में किया गया था। उन्हें नंदीश, काव्या, संजना, अविनाश, पृथक और फिरदौस की एक आयोजन समिति का समर्थन प्राप्त था, जिन्होंने कार्यक्रम के सुचारू निष्पादन को सुनिश्चित करने के लिए लगन से काम किया। टूर्नामेंट के समापन पर पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया, जिसमें एसोसिएट डीन छात्र कल्याण डॉ. नीरज गंडोत्रा ने विजेताओं को ट्रॉफी प्रदान की। ट्राफियां डेकाथलॉन, सोलन द्वारा प्रायोजित की गईं।
चंबा: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में मोबाइल ब्लास्ट होने के कारण गंभीर रूप से घायल युवती ने टांडा मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है। युवती चंबा जिले के सलूणी क्षेत्र की रहने वाली थी। पुलिस ने मृतका का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है। हिमाचल में इस तरह का ये पहला मामला है, जिसमें मोबाइल ब्लास्ट के चलते मौत हुई है। डीएसपी सलूणी रंजन शर्मा ने बताया कि सलूणी क्षेत्र के विचूणी गांव की 20 वर्षीय किरण देवी 9 दिसंबर को जब अपने घर में मोबाइल फोन चला रही थी, तो अचानक हाथ में पकड़ा फोन बम की तरह जोरदार धमाके के साथ फट गया, जिससे युवती के कपड़ों ने भी तुरंत आग पकड़ ली। परिजनों ने कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह आग को बुझाया, लेकिन तब तक युवती बुरी तरह से आग में झुलस गई थी। जिसके बाद परिजन युवती को घायल अवस्था में इलाज के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए टांडा मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान 15 दिसंबर को उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि जब मोबाइल फोन में ब्लास्ट हुआ उस समय युवती ने फोन चार्जिंग पर लगा रखा था। डीएसपी सलूणी रंजन शर्मा ने बताया, मोबाइल ब्लास्ट में घायल युवती की इलाज के दौरान टांडा मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई है। सूचना मिलते ही चंबा से पुलिस टीम टांडा मेडिकल कॉलेज पहुंची। जहां पोस्टमार्टम समेत अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में अग्निकांड का मामला सामने आया, जिसमें अढ़ाई मंजिला मकान में आग लग गई। उपमंडल बंजार के तहत चेहनी गांव में एक अढ़ाई मंजिल मकान जल कर राख हो गया। वहीं, दमकल विभाग और स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची और आग लगने के कारणों की छानबीन शुरू की। ये आग चेहनी गांव की कमला देवी उर्फ जितमु के मकान में लगी। वहीं, इस दौरान मकान के अंदर देवता पांच वीर का रथ भी रखा गया था, जिसे स्थानीय ग्रामीणों द्वारा सुरक्षित बाहर निकाला गया। हालांकि मकान में रखा गया देवता का सामान भी जलकर राख हो गया। अभी तक आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। वहीं, मकान में आग लगते देख स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और अग्निशमन विभाग को अग्निकांड के बारे में सूचना दी गई। ग्रामीणों द्वारा अपने स्तर पर आग पर काबू पाने में जुटे रहे, लेकिन आग तेजी से पूरे घर में फैल गई, जिसके चलते पल भर में आग ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया और अढ़ाई मंजिला मकान जलकर राख हो गया। मकान के अंदर रखा सारा सामान भी जलकर राख हो गया। गनीमत रही कि अग्निकांड में किसी तरह का कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। डीएसपी बंजार शेर सिंह ने बताया, अग्निकांड की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और फायर ब्रिगेड द्वारा आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक मकान जल चुका था। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों द्वारा आग से हुए नुकसान की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि बंजार प्रशासन द्वारा अग्निकांड में प्रभावित परिवार को फौरी राहत के तौर पर 25 हजार रुपए की राशि प्रदान की गई। इसके साथ ही बर्तन, कपड़े और अन्य जरूरी सामान भी प्रभावित परिवार को दिया गया।
क्रिसमस और नव वर्ष बनाने के लिए हिमाचल के पर्यटन स्थल सैलानियों से गुलजार रहेंगे। क्रिसमस से पहले वीकेंड पर 21 दिसंबर से ही सैलानियों के पहुंचने का क्रम शुरू हो जाएगा जो जनवरी के पहले हफ्ते तक जारी रहेगा। क्रिसमस और न्यू ईयर के लिए शिमला, मनाली, धर्मशाला, कुफरी, नारकंडा, कसौली, चायल, किन्नौर और लाहौल-स्पीति के लिए सबसे अधिक इंक्वायरी आ रही है। प्रदेश के बड़े समूहों के होटलों में 50 फीसदी तक एडवांस बुकिंग हो चुकी है। विंटर टूरिस्ट सीजन के दौरान बड़ी संख्या में सैलानियों के हिमाचल पहुंचने की संभावना के चलते होटल कारोबारियों और ट्रैवल एजेंट्स ने खास तैयारियां शुरू कर दी हैं। करीब 15 से 20 दिन चलने वाले सीजन के लिए होटल संचालकों ने अतिरिक्त स्टाफ का बंदोबस्त करना शुरू कर दिया है। ट्रैवल एजेंट्स अतिरिक्त गाड़ियों का बंदोबस्त कर रहे हैं ताकि सैलानियों को लाने ले जाने और साइट सीन के लिए गाड़ियां उपलब्ध करवाई जा सकें। निजी होटल संचालकों और पर्यटन विकास निगम ने क्रिसमस और नववर्ष की पार्टी के लिए खास इंतजाम किए हैं। पर्यटन विकास निगम के होटलों में इस दौरान फूड फेस्टिवल का आयोजन होगा। दिल्ली से शिमला, मनाली सहित अन्य पर्यटन स्थलों के लिए अतिरिक्त वोल्वो बसों का संचालन होगा। एचआरटीसी भी मांग के अनुसार दिल्ली से पर्यटन स्थलों के लिए अतिरिक्त वोल्वो चलाएगा। हिमाचल के पर्यटन स्थल 21 दिसंबर से जनवरी के पहले हफ्ते तक सैलानियों से गुलजार रहेंगे। होटल संचालकों के पास बड़ी संख्या में इंक्वायरी आ रही है। बड़े होटलों में 50 फीसदी तक एडवांस बुकिंग भी हो गई है। भारी संख्या में सैलानियों के पहुंचाने की संभावना के चलते पर्यटन कारोबारी भी तैयारियों में जुट गए हैं।
हिमाचल प्रदेश के कई जिले शीतलहर की चपेट में हैं। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार अगले छह दिनों तक निचले पहाड़ी, मैदानी क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर शीतलहर चलने के आसार हैं। बीते 24 घंटों के दाैरान ऊना, हमीरपुर, मंडी और सुंदरनगर में शीतलहर दर्ज की गई है। विभाग ने 19 से 22 दिसंबर के दौरान बिलासपुर, हमीरपुर, ऊना, चंबा कांगड़ा व मंडी जिले के कुछ इलाकों में तेज शीतलहर चलने का ऑरेंज-येलो अलर्ट जारी किया है। उधर, राज्य के सात स्थानों पर न्यूनतम तापमान माइनस में व तीन स्थानों पर शून्य में दर्ज किया गया है। माैसम केंद्र शिमला की ओर से प्रदेश में अगले सात दिनों तक मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई गई है। हालांकि, चंबा व लाहाैल-स्पीति जिले के उच्च पर्वतीय एक-दो स्थानों पर आज हल्की बारिश-बर्फबारी हो सकती है। अन्य भागों में 24 दिसंबर तक माैसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान है। अगले 24 घंटों तक न्यूनतम और अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद अगले तीन दिनों तक राज्य के कुछ हिस्सों में तापमान में धीरे-धीरे 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी।
ऊना जिला मुख्यालय के पास रक्कड़ कालोनी स्थित एक निजी अस्पताल में मंगलवार देर रात एक महिला की ऑपरेशन के दौरान मौत हो गई, जिससे अस्पताल में हंगामा मच गया। मृतका के परिजनों ने क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ महिला चिकित्सक और निजी अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। अस्पताल में हंगामे की सूचना मिलने के बाद एसएचओ ऊना सदर, मनोज वालिया ने पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। मृतका के पति मोहिंदर सिंह ने बताया कि सोमवार को उन्हें अपनी पत्नी जसविंद्र कौर को इलाज के लिए क्षेत्रीय अस्पताल ऊना लाया था, जहां महिला चिकित्सक ने उनकी पत्नी के पेट में रसोली होने की जानकारी दी और ऑपरेशन की बात की। महिला चिकित्सक ने मोहिंदर को अपना मोबाइल नंबर दिया और शाम को ऑपरेशन का समय बताने के लिए कहा। शाम को जब उनकी बेटी ने महिला चिकित्सक से संपर्क किया, तो चिकित्सक के पति ने फोन उठाया और उन्हें सुबह 10 बजे क्षेत्रीय अस्पताल आने की सलाह दी, साथ ही व्हाट्सएप्प कॉल करने की नसीहत दी। मोहिंदर ने बताया कि मंगलवार सुबह उनकी बेटियां जसविंद्र कौर को लेकर क्षेत्रीय अस्पताल गईं, जहां महिला चिकित्सक ने उन्हें रक्कड़ कालोनी स्थित निजी अस्पताल में भेजने को कहा। जसविंद्र कौर को निजी अस्पताल में ले जाया गया और शाम करीब 4 बजे सरकारी डॉक्टर ने ऑपरेशन के लिए उन्हें अस्पताल ले लिया। ऑपरेशन के कुछ समय बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और जब बेटियों ने जानकारी मांगी, तो किसी ने कुछ नहीं बताया और उन्हें मां से मिलने नहीं दिया गया। मोहिंदर ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी पूरी तरह स्वस्थ थी और रसोली का ऑपरेशन करवाने आई थी, लेकिन सरकारी अस्पताल में तैनात महिला चिकित्सक और निजी अस्पताल की लापरवाही के कारण उनकी पत्नी की मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की और चेतावनी दी कि यदि महिला चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करेंगे। निजी अस्पताल के निदेशक ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ऑपरेशन ठीक से किया गया था, लेकिन ऑपरेशन के बाद ज्यादा ब्लीडिंग और बीपी बढ़ने के कारण महिला की मौत हो गई। जब ऑपरेशन करने वाले चिकित्सक का नाम पूछा गया, तो निदेशक ने नाम बताने से इंकार कर दिया, क्योंकि ऐसा करने से यह खुलासा हो जाता कि सरकारी चिकित्सक भी निजी अस्पतालों में सेवाएं दे रहे थे। जब पुलिस ने शव को कब्जे में लेने के लिए आईसीयू में प्रवेश किया, तो मृतका को वेंटिलेटर पर रखा गया था। आईसीयू में तैनात चिकित्सक ने बताया कि ऑपरेशन क्षेत्रीय अस्पताल में तैनात महिला चिकित्सक ने किया था। मृतका के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने महिला चिकित्सक और निजी अस्पताल के अन्य डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मृतका का शव पोस्टमार्टम के लिए टांडा मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है, ताकि मौत के असली कारणों का पता चल सके।
हिमाचल में सीमेंट फिर महंगा हो गया है। डीलरों ने प्रति बैग 5 से 20 रुपये तक दाम बढ़ाए हैं। हालांकि, डीलर दाम में बढ़ोतरी की वजह कंपनी की ओर से डिस्काउंट बंद करना बता रहे हैं। एसीसी सीमेंट विक्रेता पवन बरूर ने बताया कि एसीसी सुरक्षा सीमेंट पहले 430 रुपये प्रति बैग बिक रहा था, जो अब 440 रुपये में उपलब्ध होगा। एसीसी गोल्ड 480 के बजाय 485 रुपये में मिलेगा। अंबुजा सीमेंट विक्रेता रोहित शर्मा ने बताया कि पहले अंबुजा सीमेंट 435 रुपये प्रति बैग बिक रहा था। अब दाम बढ़कर 455 रुपये हो गए हैं। डीलरों के अनुसार, पहले कंपनियां अलग-अलग जोन बनाकर उन्हें डिस्काउंट देती थीं, इससे वह ग्राहकों को रियायती दरों पर सीमेंट बेच पाते थे। हाल ही में कंपनियों ने डिस्काउंट बंद कर दिया है। अब मुनाफा घटने के कारण उन्हें कीमतें बढ़ानी पड़ी हैं। कंपनियों ने अपनी बिलिंग में कोई बदलाव नहीं किया है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मंडी जिले के बल्ह में चिट्टे के मामले को रफा-दफा करने के लिए पैसे मांगे जाने पर पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई से जांच करवाने के आदेश दिए हैं। याचिका में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।अदालत ने एफआईआर नंबर 106/2024 पर सीबीबीआई के पुलिस अधीक्षक को तुरंत आपराधिक रिपोर्ट दर्ज करने और जांच को तार्किक निष्कर्ष तक ले जाने के निर्देश दिए हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह और न्यायाधीश सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने डीजीपी को तीन दिन के अंदर मामले से संबंधित सारा रिकाॅर्ड सीबीआई को सौंपने के आदेश दिए। अदालत ने मुख्य सचिव को भी संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा है। अदालत ने फैसले में कहा है कि पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट की सांविधानिक पीठ की ओर से ललिता कुमारी बनाम यूपी में जारी दिशा-निर्देशों की अनुपालना नहीं की है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने अदालत में घटनाक्रम की वीडियो दिखाई। इसमें कुछ पुलिस अधिकारी सादे कपड़ों में चिट्टा गाड़ी में रखते और आरोपियों को ले जाते पाए गए हैं। बल्ह में तीन युवकों को 287 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया गया था। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि किसी ने उनसे फिरौती की मांग की थी और कहा कि अगर पैसों का इंतजाम किया तो आपके बेटे पर एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने अदालत में बताया कि युवकों को गलत तरीके से फंसाया है। दलील में कहा कि 31 मार्च को याचिकाकर्ता को शाम करीब 6:00 बजे एक नंबर से फोन आया और बताया कि उसके बेटे दीपक की गाड़ी में सवार दो लोगों को पुलिस ने चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया है। याचिकाकर्ता ने बेटे को छोड़ने का आग्रह किया तो बदले में एक लाख रुपये की व्यवस्था करने को कहा गया। कहा कि अगर पैसे नहीं दिए तो बेटे को मामले में फंसाया जाएगा। इसके बाद याचिकाकर्ता ने पैसे का प्रबंध किया और तीन रिश्तेदार के साथ नेरचौक रवाना हुए। बीच रास्ते में बाबा बालक नाथ मंदिर के नजदीक पुलिस मिली और याचिकाकर्ता ने पुलिस को आपबीती सुनाई। पुलिस ने याचिकाकर्ता की बातों पर ध्यान नहीं दिया। अदालत के आदेशों की अनुपालना की अगली सुनवाई 3 मार्च को होगी।
** पनियाला क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान एक व्यक्ति से 8.02 ग्राम चिट्टा हुआ बरामद ** दूसरा मामले में जसूर क्षेत्र में तीन व्यक्ति 6.41 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार पुलिस जिला नूरपुर ने नशे के खिलाफ चलाए अभियान में दो अलग-अलग मामलों में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चिट्टा/हेरोइन बरामद की है। एसपी अशोक रत्न ने जानकारी दी कि पहले मामले में इंदौरा के पास पनियाला क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान स्कूटी सवार अजय कुमार (पुत्र मगंत राम, निवासी दीणी, तहसील इंदौरा, जिला कांगड़ा) से 8.02 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। पुलिस ने अजय को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। दूसरे मामले में पुलिस थाना नूरपुर के तहत जसूर क्षेत्र में गश्त के दौरान विशाल (पुत्र चमन लाल), लक्की (पुत्र किशोर चंद), और साहिल (पुत्र तिलक राज) के पास से 6.41 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। एसपी अशोक रत्न ने आम जनता से अपील की है कि नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
धर्मशाला के तपोवन में बुधवार से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र में पक्ष और विपक्ष के बीच खूब घमासान होगा। इस बात का संकेत विपक्ष ने मंगलवार को उस समय दे दिया, जब उसने सत्र से पहले मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक से किनारा कर लिया। मंगलवार को दिन में करीब साढ़े 12 बजे विधानसभा अध्यक्ष ने तपोवन स्थित अध्यक्ष के चैंबर में सर्वदलीय बैठक बुलाई थी, लेकिन विपक्ष की ओर से नेता प्रतिपक्ष सहित किसी भी सदस्य ने इसमें हिस्सा नहीं लिया। सत्र से पहले बुलाई गई इस बैठक में दोनों पक्षों की ओर से सत्र को सुचारू रूप से चलने देने के लिए सहमति बननी थी, लेकिन विपक्ष के कड़े तेवरों के चलते बैठक में किसी ने भी हिस्सा नहीं लिया। उधर, बाद में मीडिया से बात करते हुए संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने इसे विपक्ष का एक अनैतिक और गैर जिम्मेदाराना रवैया करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बैठक एक महत्त्वपूर्ण बैठक थी। सत्र को सुचारू रूप से चलाने और विपक्ष के सहयोग के लिए इस बैठक को बुलाया गया था, लेकिन न ही नेता प्रतिपक्ष और न ही उनका कोई अन्य सदस्य इस बैठक में पहुंचा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के इस मंदिर में इस तरह का रवैया पूरी तरह से गैर जिम्मेदाराना है। गौरतलब है कि नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर सोमवार देर शाम धर्मशाला पहुंच गए थे, लेकिन मंगलवार को बैठक में हिस्सा नहीं लिया। नेता प्रतिपक्ष तबीयत ठीक न होने के कारण बैठक में भाग न ले पाने की बात कर रहे थे। सर्वदलीय बैठक में हिस्सा नहीं लेने से एक बात स्पष्ट हो गई है कि इस बार विपक्ष न सिर्फ सदन के भीतर बल्कि सदन के बाहर भी सरकार को घेरने का मन बना चुका है। विधानसभा शीतकालीन सत्र में चार बैठकों का आयोजन किया जाएगा। इस बार के सत्र में विधानसभा सदस्यों द्वारा 248 तारांकित और 68 अतारांकित प्रश्न सदन में उठाए जाएंगे। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने तपोवन परिसर में पत्रकारों से कहा कि चार बैठकों के दौरान विभिन्न नियमों के तहत 14 विषयों पर चर्चा भी सदस्यों द्वारा की जाएगी।
धर्मपुर के राजकीय महाविद्यालय के खेल मैदान में युवक मंडल धर्मपुर द्वारा क्रिकेट ट्रॉफी का आयोजन किया जा रहा था। मंगलवार को सरी टीम का मुकाबला कुज्जाबल्ह टीम से हो रहा था। पहले बल्लेबाजी कुज्जाबल्ह कर रहा था और सरी टीम की ओर से विजय कुमार गेंदबाजी कर रहे थे। तीन गेंदें डालने के बाद जैसे ही विजय चौथी गेंद डालने के लिए पीछे मुड़े, अचानक वह मैदान पर गिर गए। पहले तो खिलाड़ियों और दर्शकों को लगा कि उनका पैर फिसल गया होगा, लेकिन जब कुछ देर तक वह नहीं उठे तो सभी उनके पास भागे और तुरंत उन्हें सिविल अस्पताल धर्मपुर ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन विजय कुमार को बचाया नहीं जा सका। विजय कुमार, जो कि कृष्ण चंद के बेटे थे, गांव कपाही, तहसील धर्मपुर से संबंध रखते थे। उनकी अभी शादी नहीं हुई थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस थाना धर्मपुर की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सरकाघाट भेज दिया। डीएसपी धर्मपुर संजीव सूद ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विजय कुमार की आकस्मिक मौत से क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। धर्मपुर के विधायक चंद्रशेखर ने इस घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया और दिवंगत के परिवार को दुख सहन करने की शक्ति देने के लिए भगवान से प्रार्थना की।
जयसिंहपुर/ नरेंद्र डोगरा : कंवर दुर्गा चंद राजकीय महाविद्यालय जयसिंहपुर में आज राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के द्वारा हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी सात-दिवसीय कैंप का शुभारम्भ किया गया। इस कार्यक्रम में मंच का संचालन प्रो विकास कलोत्रा ने किया । कार्यक्रम मे बतौर मुख्य अतिथि के रूप मे महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. उपेन्द्र शर्मा रहे। इस कार्यक्रम का आरम्भ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन तथा सरस्वती वंदना के साथ किया गया। तत्पश्चात राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के स्वयंसेवीयों ने मुख्य अतिथि को रोजेट पहनाकर सम्मानित किया। अतिथि प्रोफेसर उपेंद्र शर्मा ने राष्ट्रीय सेवा योजना के सभी स्वयंसेवियों को शिविर के लिए शुभकामनाएं देते हुए सात दिवसीय शिविर के अंतर्गत आने वाली सभी गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की तथा इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के सभी स्वयंसेवियों ने भी सक्रियता से भाग लिया। राष्ट्रीय सेवा योजना के सभी संयोजक प्रोफेसर विकास कलोत्रा, प्रोफेसर हरजिंदर सिंह, प्रोफेसर ललिता शर्मा व प्रोफेसर शिवानी के नेतृत्व में किया गया। कैंप के लिए प्राचार्य प्रो. उपेंद्र शर्मा ने सभी स्वयंसेवियो को इन सात दिनों में अनुशासन का पालन करते हुए सभी कार्यक्रमों में सक्रियता से भाग लेने के लिए प्रेरित किया। साथ ही राष्टीय सेवा योजना इकाई के सभी प्रोग्राम ऑफिसर को सात दिवसीय कैंप को सफलता पूर्वक संपन्न करवाने के लिए बधाई व आशीर्वाद दिया।
** असुरक्षित खाद्यान्न वस्तुएं पाए जाने पर हो सकता है 05 लाख रुपए तक का जुर्माना अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय कुमार यादव ने कहा कि सभी नागरिकों को सुरक्षित खाद्य वस्तुएं उपलब्ध करवाना ज़िला प्रशासन का दायित्व है और इस दिशा में पूर्ण रूप से सजग होकर कार्य किया जा रहा है। अजय यादव आज यहां खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के कार्यान्वयन के सम्बन्ध में गठित ज़िला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। अजय यादव ने कहा कि खाद्य पदार्थों की सुरक्षा के लिए यह आवश्यक है कि खाद्यान्न वस्तुओं के सभी व्यापारी एवं संचालक (एफ.बी.ओ.) अपना पंजीकरण करवाएं और लाईसेंस प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि पंजीकरण एवं लाईसेंस के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा ऑनलाईन सुविधा प्रदान की गई है। इसके लिए खाद्य पदार्थों के व्यापारी वेबसाईट foscos.fssai.gov.in पर सम्पर्क कर सकते हैं। वर्तमान में ज़िला सोलन में 7348 सक्रिय पंजीकरण और 1341 सक्रिय लाईसेंस धारक हैं। प्रथम जनवरी, 2024 से 30 नवम्बर, 2024 तक 1799 पंजीकरण तथा 771 लाईसेंस जारी किए गए हैं। अजय यादव ने कहा कि ज़िला में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की अनुपालना सुनिश्चित बनाने के लिए गत 18 महीनों में 247 निरीक्षण कर अधिनियम के अनुरूप जुर्माना वसूला गया। उन्होंने कहा कि असुरक्षित खाद्य वस्तुएं पाए जाने की स्थिति में सजा का प्रावधान है। खाद्य वस्तुओं के मानक से कम पाए जाने पर 05 लाख रुपए तक का जुर्माना तथा मिसब्राण्ड की स्थिति में 03 लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा सुनिश्चित बनाने के लिए खाद्य सुरक्षा सोलन के अधिकारियों द्वारा नियमित एवं औचक निरीक्षण किए जाते हैं। बैठक में खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण एवं प्रमाणीकरण के अंतर्गत विभिन्न विषयों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सोलन राजकुमार चंदेल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित रंजन तलवार, उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा डॉ. शिव कुमार, ज़िला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक नरेन्द्र धीमान, खाद्य सुरक्षा सोलन के सहायक आयुक्त अरूण चौहान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
डॉ यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी और वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी ने 2024-25 शैक्षणिक सत्र के लिए पीएचडी एडमिशन का नोटिस जारी कर दिया है। विश्वविद्यालय के नौणी स्थित मुख्य परिसर में औद्यानिकी महाविद्यालय और वानिकी महाविद्यालय और नेरी के औद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय में विभिन्न पीएचडी कार्यक्रमों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। औदयानिकी महाविद्यालय के तहत ऐग्रीबिज़नस मैनेजमेंट, कीट विज्ञान, फ्लॉरिकल्चर एवं लैंडस्कैप आर्कीटेकचर, खाद्य प्रौद्योगिकी, फल विज्ञान, मोलिकुइलर बायोलॉजी और बायोटेक्नोलोजी, प्लांट पैथोलॉजी, पोस्ट हार्वेस्ट प्रबंधन, बीज विज्ञान और प्रौद्योगिकी और सब्ज़ी विज्ञान विषयों में पीएचडी के लिए छात्र आवेदन कर सकते हैं। इसी तरह, विश्वविद्यालय के वानिकी महाविद्यालय के अंतर्गत कृषि अर्थशास्त्र, कृषि सांख्यिकी, पर्यावरण विज्ञान,फॉरेस्ट बायोलोजी और वृक्ष सुधार, वन उत्पाद एवं उपयोग, माइक्रोबायोलोजी, सिल्विकलचर एवं एग्रोफ़ोरेस्टी, मृदा विज्ञान में पीएचडी सीट के लिए आवेदन किया जा सकता है। नेरी महाविद्यालय में कृषि अर्थशास्त्र, फल विज्ञान, प्लांट पैथोलॉजी, सिल्विकलचर एवं एग्रोफ़ोरेस्टी, सॉइल साइन्स, सब्जी विज्ञान एवं मोलिकुइलर बायोलॉजी और बायोटेक्नोलोजी विषयों के लिए आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 1 जनवरी, 2025 है। प्रवेश परीक्षा 05 जनवरी को विश्वविद्यालय के नौणी स्थित मुख्य परिसर में आयोजित की जाएगी और परिणाम 13 जनवरी को घोषित होगा। पहली काउंसलिंग 15 जनवरी को आयोजित की जाएगी। प्रत्येक कार्यक्रम के लिए सीटों की विस्तृत जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.yspuniversity.ac.in पर पाई जा सकती है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के सक्षम नेतृत्व में वर्तमान राज्य सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश बागवानी उपज विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (एचपीएमसी) की नियंत्रित वातावरण भंडारण (सीए स्टोर) क्षमता को पिछले दो वर्षों के दौरान दोगुना किया गया है। राज्य में 7 सीए स्टोर में कुल भंडारण क्षमता वर्ष 2023 से पहले 3380 मीट्रिक टन थी, जिसे सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप अब बढ़ाकर 8260 मीट्रिक टन कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य में बागवानों और किसानों के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है और सीए स्टोर की क्षमता में वृद्धि इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। इससे बागवानी क्षेत्र से जुड़े हजारों परिवार लाभान्वित होंगे। अब बागवानों को ऑफ-सीजन के दौरान अपनी उपज के बेहतर दाम मिलना सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादों को बेहतर मूल्य प्रदान करने के उद्देश्य से एचपीएमसी बुनियादी अधोसंरचना को विस्तार प्रदान कर रही है। इस कड़ी में गुम्मा सीए स्टोर की क्षमता 640 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 2017 मीट्रिक टन कर दी गई है और जरोल-टिक्कर सीए स्टोर की क्षमता अब 640 मीट्रिक टन से बढाकर 2062 मीट्रिक टन किया गया है। इसी प्रकार से रोहड़ू सीए स्टोर की क्षमता 700 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 2031 मीट्रिक टन कर दी गई है। इसके अतिरिक्त किसानों की सुविधा के लिए रिकांगपिओ में 250 मीट्रिक टन और चच्योट में 500 मीट्रिक टन की क्षमता वाले नए सीए स्टोर स्थापित किए गए हैं। बागवानों और किसानों को और अधिक सहायता प्रदान करने के लिए सरकार ने सीए स्टोर बुकिंग दरें भी 2 रुपये प्रति किलोग्राम प्रतिमाह से घटाकर 1.60 रुपये प्रति किलोग्राम प्रतिमाह की हैं, जिससे किसानों और बागवानों को वित्तीय राहत मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने किसानों को सशक्त बनाने के लिए पिछले दो वर्षों के दौरान अनेक निर्णय लिए हैं। प्रदेश सरकार ने यूनिवर्सल कार्टन की शुरुआत की है और सेब के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 10 रुपये से बढ़ाकर 12 रुपये प्रति किलोग्राम किया गया है। मण्डी मध्यस्थता योजना के तहत 12 रुपये प्रति किलो की दर से सेब की खरीद की जा रही है। इसके अतिरिक्त सरकार ने कीटनाशकों पर सब्सिडी फिर से शुरू कर दी है, जिसे पिछली भाजपा सरकार ने बंद कर दिया गया था। सरकार ने मण्डी मध्यस्थता योजना के तहत सेब उत्पादकों को 150 करोड़ रुपये के लंबित भुगतान भी जारी किए हैं।
आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा ने मंगलवार को भुआणा पंचायत में प्राकृतिक खेती पर एक दिवसीय सामूहिक संवेदीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण के तहत आयोजित किया गया था। जनसभा को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि किसानों और बागवानों की आय बढ़ाने और आजीविका को मजबूत करने के लिए प्रदेश सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 15 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया है।उन्होंने बताया कि सरकार किसानों से प्राकृतिक खेती से उगाई गई गेहूं को 40 रुपए प्रति किलो और मक्की को 30 रुपए प्रति किलो के समर्थन मूल्य पर खरीद रही है। अब तक प्रदेश में 1508 किसानों से 398 मीट्रिक टन प्राकृतिक खेती से उगाई गई मक्की की खरीद की जा चुकी है। यह मक्की हिमभोग" ब्रांड के तहत हिम मक्की आटे के रूप में बाजार में उपलब्ध कराई गई है। इस कार्यक्रम में परियोजना उपनिदेशक डॉ. सुशील कुमार, बीडीओ लंबा गांव सिकंदर कुमार, भुआणा पंचायत प्रधान बलवंत सिंह समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय किसान उपस्थित रहे।
ज्वालामुखी तहसील के अंतर्गत पड़ने वाले गांव गगडूही द्रिन के शिव पार्वती मंदिर में कलश यात्रा के साथ शिव महापुराण कथा का शुभारंभ हुआ। ये यात्रा गगडूही से शुरु होकर मेन बाजार नादोंन, कलूर, चामुखा, कुन्हा से होते हुए पंचतीर्थी में पहुंची, जहां यात्रा में शामिल भक्तों ने पंच तीर्थों का पवित्र जल अपने कलशों में भरा इसके बाद सभी ने कालीनाथ मन्दिर में शीश झुका कर आशीर्वाद प्राप्त किया ।पहले दिन की कथा में धरोहर गांव प्रागपुर के सुप्रसिद्ध कथाव्यास पंडित सुमित शास्त्री ने महात्म्य का वर्णन करते हुए कहा यह शिव पुराण परम पावन है, समस्त पुराणों का तिलक है व इसका श्रवण सबसे श्रेष्ठ है,जिसे भगवान शंकर की भक्ति चाहिए उसे शिव पुराण अवश्य श्रवण करना चाहिए इसके बाद शास्त्री ने प्रेत योनि में पड़े देवराज ब्राह्मण जो कि शिव पुराण सुनने मात्र से मुक्त हो गया का दिव्य प्रसंग श्रवण करवाया । कलश यात्रा में डॉक्टर सुरेश, पंकज, प्रदीप, प्रगन, तेजस, कपिल, सुमन, अनिता, नितिका व शायना ने भाग लिया । शास्त्री ने बताया कथा का समय प्रतिदिन दोपहर 12.00 - 03:00 बजे तक होगा।
** मंडी, बिलासपुर, हमीरपुर में कोल्ड वेव का ऑरेंज अलर्ट जारी... हिमाचल प्रदेश में सर्दी के मौसम में एक बार फिर गर्मी रिकार्ड तोड़ने लगी है। मध्यवर्ती ऊंचाई वाले इलाकों में जहां ज्यादा ठंड पड़ती है, वहां तापमान में उछाल आया है। शिमला और कल्पा में दिसंबर महीने का दूसरा रिकार्ड अधिकतम तापमान दर्ज किया गया है। तो दूसरी तरफ मैदानी तीन से चार जिलों में 19 दिसंबर तक शीतलहर का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया हैं।मौसम वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि प्रदेश के दिन के तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री सेल्सियस ज्यादा चले हुए हैं। शिमला का अधिकतम तापमान नॉर्मल की तुलना में 7 डिग्री ज्यादा के साथ 21 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। उन्होंने बताया कि मंडी, बिलासपुर, हमीरपुर में सुबह के वक्त शीतलहर चल सकती हैं ऐसे में कोल्ड वेव का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। कांगड़ा में भी कुछ स्थानों पर शीतलहर चल सकती हैं। उन्होंने बताया कि 22 दिसम्बर तक प्रदेश में मौसम साफ बना रहेगा।
शूलिनी विश्वविद्यालय ने अकादमिक सहयोग के लिए ऑस्ट्रेलिया के तस्मानिया विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों की मेजबानी की । इस यात्रा का उद्देश्य विनिमय कार्यक्रमों और दोहरी डिग्री के साथ वैश्विक शैक्षणिक साझेदारी को मजबूत करना है। प्रतिनिधियों में प्रोफेसर ट्रिस्टन स्कॉट-दुराईराजा, एसोसिएट डायरेक्टर, पार्टनरशिप्स एंड लर्निंग एब्रॉड, और नितिन शर्मा, पार्टनरशिप के प्रमुख और कंट्री मैनेजर, तस्मानिया विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रेलिया से शामिल थे। अपनी यात्रा के दौरान, प्रतिनिधियों ने शूलिनी विश्वविद्यालय के नेतृत्व और संकाय सदस्यों के साथ चर्चा की। प्रोफेसर ट्रिस्टन स्कॉट-दुराईराजा ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग रणनीतियों पर अंतर्दृष्टि साझा की और छात्रों के लिए वैश्विक सीखने के अवसरों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने छात्र विनिमय कार्यक्रमों और दोहरी डिग्री पाठ्यक्रमों जैसी पहलों के माध्यम से भारत में शैक्षणिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए तस्मानिया विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता पर भी प्रकाश डाला। चांसलर प्रो. पी.के. खोसला ने कहा कि तस्मानिया विश्वविद्यालय के साथ हमारी साझेदारी अकादमिक उत्कृष्टता और अनुसंधान नवाचार के लिए नए क्षितिज खोलेगी। इस अवसर पर, शूलिनी विश्वविद्यालय की उपाध्यक्ष, एवं निदेशक छात्र अनुभव और सफलता, प्रवेश और वित्तीय सहायता, अवनी खोसला ने कहा कि तस्मानिया विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों की यात्रा वैश्विक शैक्षणिक सहयोग की दिशा में शूलिनी विश्वविद्यालय की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। शूलिनी विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय मामलों के कार्यालय के उप निदेशक डॉ. रोज़ी धांता ने कहा, तस्मानिया विश्वविद्यालय के साथ यह बातचीत हमारे छात्रों और संकाय के लिए महत्वपूर्ण अवसर खोलती है। उन्होंने कहा, हम दीर्घकालिक सहयोग बनाने को लेकर आशावादी हैं जो दोनों संस्थानों में अकादमिक अनुभवों को समृद्ध करेगा।
** बोले, 2 महीने से नहीं मिला मानदेय, बड़े आंदोलन की दी चेतावनी... शिमला के IGMC अस्पताल में सफाई कर्मियों ने ढाई महीने से वेतन न मिलने के कारण सोमवार को प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया। सफाई कर्मियों ने IGMC गेट के बाहर काले रिबन बांधकर विरोध जताया, जिससे अस्पताल में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई। IGMC सफाई यूनियन की अध्यक्ष निशा ने कहा कि प्रबंधन के इस रवैये के कारण कर्मचारी मजबूर होकर विरोध कर रहे हैं। सैलरी के मुद्दे पर कई बार अस्पताल के अधिकारियों से बात की गई है, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। वहीं, सीटू के अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने ठेकेदारों पर श्रम कानूनों की अवहेलना का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि न्यूनतम वेतन, ईपीएफ, ईएसआई, छुट्टियां, आठ घंटे का कार्य दिवस, समय पर वेतन भुगतान, बोनस, चेंजिंग रूम और दो वर्दी सेट जैसे अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर श्रम कानूनों को लागू नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
** इस साल अब तक पुलिस के शिकंजे में 1300 नशा तस्कर... शिमला जिले में नशे के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन क्लीन के तहत पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। बीते दिन पुलिस ने एक साथ 9 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनमें से तीन तस्करों को रोहड़ू क्षेत्र से पकड़ा गया, जो हाल ही में खड़ापत्थर में गिरफ्तार की गई दो महिलाओं के गिरोह के सदस्य हैं। इस गिरोह में अब तक 5 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसके अलावा, पुलिस ने ठियोग थाना क्षेत्र में तीन अन्य तस्करों को गिरफ्तार किया, जिनसे 10.23 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया। वहीं, सदर थाना और दो अन्य थानों के तहत भी पुलिस ने तीन लोगों को चिट्टा (हेरोइन) के साथ पकड़ा। शिमला के एसपी संजीव गांधी ने बताया कि पुलिस का मुख्य लक्ष्य जिले को नशा मुक्त बनाना है। इसके लिए पुलिस युद्धस्तर पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि इस साल अब तक 1300 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है और 6.5 किलो चिट्टा व हेरोइन जब्त की गई है। पुलिस सभी मामलों की जांच कर रही है और नशा तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
देश में संविधान को लेकर गरमाई राजनीति के बीच हिमाचल की कांग्रेस सरकार ने सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को सांविधानिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा देने का फैसला लिया है। राज्य सचिवालय में शिक्षा विभाग के कामकाज की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के स्कूली पाठ्यक्रम में सांविधानिक मूल्यों को शामिल करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 6-6 स्कूलों को सभी आवश्यक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इनमें पर्याप्त स्टाफ, पुस्तकालय, प्रयोगशाला और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। स्कूलों के लिए वर्ष भर की गतिविधियों का कैलेंडर तैयार किया जाएगा। सीएम ने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन के ध्येय के साथ शिक्षा विभाग में व्यापक स्तर पर युक्तिकरण प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है। कॉलेजों में भी नए विषयों के समावेश के साथ-साथ उनका युक्तिकरण भी किया जा रहा है। बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, सचिव शिक्षा राकेश कंवर भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने गेस्ट टीचर नीति पर चर्चा करते हुए कहा कि नीति से पठन-पाठन की प्रक्रिया में निरंतरता बनाए रखने में मदद मिलेगी। नियमित अध्यापकों के छुट्टी पर जाने की स्थिति में योग्य अध्यापकों की सेवाएं ली जाएंगी। इससे बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होगी। स्कूल प्रमुखों को छुट्टी पर जाने वाले अध्यापकों की सूचना नियमित रूप से उपनिदेशक कार्यालय को प्रेषित करनी होगी।
हिमाचल प्रदेश में बागवानी विकास के लिए प्रदेश सरकार उच्च घनत्व पौधरोपण को बढ़ावा देगी। प्रदेश सरकार ने एचडीपी-2 परियोजना लागू करने का फैसला लिया है। एचडीपी-2 परियोजना के वित्त पोषण के लिए सरकार विश्व बैंक को प्रस्ताव भेजेगी। सोमवार को बागवानी विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान यह फैसला लिया गया। बैठक में मुख्यमंत्री ने बागवानी विभाग के अधिकारियों को प्रदेश में भंडारण और विपणन व्यवस्था विकसित करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मंडी मध्यस्थता योजना के तहत बागवानों से खरीदे जाने वाले सेब का पैसा डीबीटी सुविधा के तहत सीधे बागवानों के बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था लागू करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों और बागवानों को उत्पादों के सही दाम मिलें, इसके लिए सरकार द्वारा जिला स्तर पर आधुनिक कोल्ड स्टोर विकसित करने की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है। ऊना जिला में आलू की प्रसंस्करण यूनिट स्थापित करने की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में सेब बागवानी के कायाकल्प के लिए सरकार 500 करोड़ रुपये की परियोजना बनाने पर भी विचार कर रही है, इसकी अवधि पांच वर्ष होगी। प्रदेश में वित्त वर्ष 2023-24 तथा 2024-25 के दौरान राज्य योजनाओं की उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वित्त वर्ष में बागवानी विकास योजना के तहत पावर टिल्लर और पावर स्प्रेयर पर 12.84 करोड़ खर्च किए गए जिससे 4244 बागवान लाभान्वित हुए। वित्त वर्ष 2024-25 में इसके तहत अब तक 9 करोड़ रुपये खर्च कर 3156 बागवानों को लाभान्वित किया गया है। एंटी हेलनेट स्कीम में 14.45 करोड़ खर्च कर 1767 लोगों को फायदा हुआ है। हिमाचल पुष्प क्रांति योजना पर पिछले वित्त वर्ष के दौरान 11 करोड़ रुपये खर्च कर 750 लोगों को लाभ पहुंचाया गया है। बैठक में बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, सचिव बागवानी सी. पालरासु, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, निदेशक बागवानी विनय कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि गेस्ट टीचर रखना एक अस्थायी व्यवस्था है। शिक्षण संस्थानों में निरंतर पढ़ाई जारी रखने को यह फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि सीधी भर्ती से शिक्षकों के रिक्त पदों को भरना कांग्रेस सरकार की पहली प्राथमिकता है। पूर्व सरकार की नीतियों पर शिक्षा मंत्री ने सवाल उठाते हुए बेवजह इस मामले को तूल नहीं देने का आग्रह किया है। सोमवार को राज्य सचिवालय में शिक्षा मंत्री ने कहा कि गेस्ट टीचर भर्ती के लिए पहले एसओपी बनेगी। गेस्ट टीचरों का पैनल बनाकर उन्हें पढ़ाने के लिए बुलाया जाएगा। राज्य सरकार कम विद्यार्थियों की संख्या वाले स्कूल और कॉलेजों को मर्ज करने पर भी विचार कर रही है। शिक्षण संस्थानों में आवश्यकता से अधिक शिक्षकों का युक्तिकरण करने का फैसला लिया है। इसके तहत जिन स्कूलों में आवश्यकता से ज्यादा शिक्षक नियुक्त हैं, उन्हें अन्य स्कूलों में भेजा जाएगा। जिन संस्थानों में शिक्षकों के पद रिक्त रहेंगे, वहीं पर गेस्ट टीचर लगाए जाएंगे। यदि कोई शिक्षक अवकाश पर जाता है तो भी गेस्ट टीचर पर रखे जाएंगे। इन शिक्षकों को पीरियड आधार पर पैसा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना का मकसद है कि स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई में एक दिन भी बाधा न आए। राज्य सरकार शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए प्रयासरत है। पूर्व सरकार के समय स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था का बुरा हाल था। शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल ने शिक्षा विभाग में छह हजार पदों को भरने की मंजूरी दी थी। करीब 3200 पदों को भरा जा चुका है। 2800 पदों को राज्य चयन आयोग हमीरपुर के माध्यम से भरा जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जल्द ही आयोग को इसका प्रस्ताव तैयार करके भेजा जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से प्रवक्ताओं के पदों को भरने के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। इसका परिणाम घोषित किया जा चुका है। उच्च शिक्षा विभाग में 1500 पदों को पदाेन्नति, सीधी भर्ती व बैच वाइज आधार पर भरा है। अभी आयोग ने 5 विषयों का परिणाम घोषित किया है। विभाग को निर्देश जारी कर दिए हैं कि जल्द ही नियुक्तियां दे दी जाए। कॉलेजों में भी खाली पदों को भरा जा रहा है।
हिमाचल में एक जनवरी से ग्रेड एक और दो अधिकारियों को बिजली सब्सिडी नहीं मिलेगी। इन उपभोक्ताओं को पूरी दरों के हिसाब से बिल चुकाना होगा। यह फैसला सोमवार को मुख्यमंत्री सुक्खू की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय में हुई ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में लिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बोर्ड की कार्यप्रणाली में नवोन्मेषी उपायों का समावेश करने के निर्देश दिए। बोर्ड की मजबूती के लिए 100 करोड़ का अतिरिक्त कॉर्पस फंड भी प्रदान करने का फैसला लिया। सीएम ने कहा कि बोर्ड की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए सरकार निरंतर समीक्षा क रही है। हाल ही में उद्योग एवं व्यावसायिक उपभोक्ताओं के संबंध में विद्युत दरों में युक्तिकरण किया है, इससे लगभग 500 करोड़ रुपये वार्षिक अतिरिक्त आय सुनिश्चित हुई है। प्रदेश की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और राज्य को आत्मनिर्भर बनाने के लिए वित्तीय अनुशासन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी कड़ी में ग्रेड वन और टू के सरकारी अधिकारियों को दी जाने वाली बिजली सब्सिडी बंद करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्युत बोर्ड में लाइनमैन और टी-मेट की भर्तियां जल्द की जाएंगी ताकि फील्ड स्टाफ की कमी को दूर किया जा सके। समुचित फील्ड स्टाफ की तैनाती से विद्युत आपूर्ति सेवा में गुणवत्ता भी सुनिश्चित होगी। अधिकारियों को स्टाफ का युक्तिकरण करने के लिए योजना बनाने के निर्देश भी दिए। अधिकारियों ने बताया कि आयकर चुकाने वाले उपभोक्ताओं की सब्सिडी बंद करने को लेकर की जा रही प्रक्रिया के तहत ही यह पहला फैसला है। आने वाले दिनों में अन्य उपभोक्ताओं को लेकर भी फैसले लिए जाएंगे। एक परिवार को एक ही बिजली मीटर पर सब्सिडी देने की प्रक्रिया भी जारी है। इसको लेकर ई केवाईसी कर रिकॉर्ड एकत्र किया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना के हरोली में बनने वाले बल्क ड्रग पार्क में अब 100 औद्योगिक इकाइयां बनेंगी। पहले 80 यूनिट बनाए जाने प्रस्तावित थे। यूनिट बढ़ाने और जमीन समतल करने के लिए प्रदेश सरकार ने केंद्र से 500 करोड़ रुपये मांगे हैं। वहीं, प्रदेश सरकार ने भी उद्योग विभाग को 50 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट स्वीकृत किया है। केंद्र सरकार ने मार्च 2026 में बल्ड ड्रग पार्क को बनाने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में प्रदेश सरकार की ओर से इसमें तेजी लाई जा रही है। केंद्र सरकार खुद इस प्रोजेक्ट पर निगरानी कर रही है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को 500 करोड़ रुपये जारी करने के लिए डीओ नोट लिखा है। इसमें कहा गया है कि पहाड़ी क्षेत्र होने में कारण जमीन को समतल बनाने में ज्यादा खर्चा हो रहा है। ऐसे में परियोजना के लिए केंद्र की ओर से मिलने वाले राशि के अतिरिक्त 500 करोड़ रुपये की मांग की गई है। बल्क ड्रग पार्क के ड्राफ्ट टेंडर फाइनल स्टेज पर हैं। इसी सप्ताह कमेटी को अनुमति के लिए भेजे जाने हैं। इस प्रोजेक्ट में 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश होना है। इसमें 20 से 25 हजार लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। बल्क ड्रग पार्क में फार्मा कंपनियों के लिए कच्चा माल तैयार होगा। अभी बद्दी, नालागढ़ में दवाइयों के लिए कच्चा माल चीन सहित अन्य देशों से मंगवाया जा रहा है। प्रदेश सरकार की योजना के मुताबिक अन्य राज्यों के लिए भी कच्चा माल भेजा जाना है। उद्योग विभाग का कहना है कि हिमाचल में फार्मा कंपनियों को कच्चा माल बहुत सस्ता मिलेगा। बल्क ड्रग पार्क में मूलभूत सुविधाओं पर 450 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। 120 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराने के लिए सरकार 15 करोड़ रुपये जमा करा दिए हैं। बोर्ड की ओर से उद्योग विभाग को रिवाइज एस्टीमेट भेजा है। इसमें बिजली बोर्ड को और पैसा दिया जाना है। पानी की सप्लाई पर 31 करोड़ रुपये की राशि वहन की जाएगी। पार्क के लिए चयनित भूमि पर 15 ट्यूबवेल भी लगाए जा रहे हैं।जल शक्ति विभाग का मौके पर 75 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा 14 किलोमीटर सड़क को चौड़ा किया जाना है। लोक निर्माण विभाग के पास इसको लेकर बजट जमा करा दिया गया है। भूमि अधिग्रहण पर 20 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। केंद्र सरकार से लैंड डवलपमेंट को लेकर वन मंजूरी मिलनी बाकी है। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि बल्क ड्रग पार्क में यूनिट बढ़ाए जाने हैं। केंद्र सरकार से पैसा मांगा गया था। प्रोजेक्ट के लिए 225 करोड़ रुपये दिए हैं। उन्होंने कहा कि बल्क ड्रग पार्क का काम युद्धस्तर पर चला हुआ है। मार्च, 2026 में बल्क ड्रग पार्क का काम पूरा किया जाना है। केंद्र सरकार ने 21 मार्च, 2020 को बल्क ड्रग पार्क योजना को मंजूरी दी थी। इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 1923 करोड़ रुपये है, जिसमें केंद्र सरकार की अनुदान राशि 1118 करोड़ रुपये है, वहीं, 804.54 करोड़ रुपये की राशि राज्य सरकार की ओर से खर्च की जाएगी। 1402.44 एकड़ भूमि में इसे बनाया जा रहा है।
HPRCA: जेबीटी समेत 1,423 पदों की भर्ती के लिए आयु सीमा में 2 साल की छूट देने की तैयारी, पढ़े पूरी खबर
पेपर लीक प्रकरण के चलते दो साल से नौकरी का इंतजार कर प्रदेशभर के बेरोजगार युवाओं के लिए राहत भरी खबर है। भंग कर्मचारी चयन आयोग के दौर से लटकी भर्ती प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने और पात्र अभ्यर्थियों को कम से कम दो साल अधिकतम आयु सीमा में राहत देने की कवायद शुरू हो गई है। इस सिलसिले में राज्य चयन आयोग ने प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा है। बीत दिनों मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस सिलसिले में आयोग से जुड़े अधिकारियों को इस विषय पर दिशा-निर्देश जारी किए थे। अब हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग हमीरपुर की ओर से भंग हो चुके आयोग के दौर में अधिसूचित हुए 80 पोस्ट कोड की भर्ती प्रक्रिया को पूरा की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है। 80 पोस्ट कोड में प्रदेश के विभिन्न विभागों में कुल 1,423 पदों पर भर्ती की जाएगी। जिसमें जेबीटी, जेओए आईटी सहित विभिन्न पद शामिल हैं। सबसे अधिक 400 के करीब पद जेबीटी के भरे जाएंगे। ऐसे में पात्र जेबीटी प्रशिक्षुओं के लिए यह सबसे बड़ी राहत होगी। दिसंबर 2022 में पेपर लीक मामला सामने आया था। इसके बाद से दर्जनों भर्ती प्रक्रिया जो चल रही थी, वह जांच के दायरे में आ गई। 80 ऐसी पोस्ट कोड थीं, जिनके लिए महज आवेदन प्रक्रिया ही पूरी हुई थी। इन पोस्ट कोड की भर्ती प्रक्रिया को अब पूरा किया जाएगा। तपोवन में विधानसभा सत्र शुरू होने से पूर्व ही मुख्यमंत्री सुक्खू को आयोग की ओर इस सिलसिले में विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाएंगी। इसके लिए आयोग ने तैयारी पूरी कर ली है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद ही भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़े इस मसले को कैबिनेट में लाया जाएगा। कैबिनेट में मंजूरी के बाद यह तय हो पाएगा कि यह भर्ती प्रक्रिया नए सिरे से होंगी या फिर पूर्व की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर आयोग की ओर से प्रपोजल तैयार कर सरकार को भेज दी गई है। इन भर्तियों में अधिकतम आयु सीमा में राहत और नए सिरे से भर्ती विज्ञापन को लेकर सरकार स्तर पर फैसला होगा। 80 पोस्ट कोड में 1,423 पदों को भरा जाना है।
** एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन धर्मपुर/डिंपल: बांग्लादेश में हिन्दुओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार के खिलाफ हिंदू संगठनों ने बाजार में रैली निकालकर विरोध जताया। एसडीएम धर्मपुर के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर मांगपत्र भेजा और कहा कि अगर हिन्दूओं के खिलाफ यह अत्याचार नहीं रुका तो हिन्दू यहां भी बांग्लादेशियों के खिलाफ मोर्चा खोलगें और अपने देश से बाहर करेंग और जरूरत पड़ी तो बांग्लादेश मे भी कूच करेंगे। मांगपत्र में यह भी मांग की हैं कि जो संत चिन्मय को हिरासत में लिया उन्हें तुंरत रिहा किया जाए। मांगपत्र में देश के प्रधानमंत्री व महामहिम राष्ट्रपति से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग भी उठाई। यह प्रदर्शन सनातन धर्म संस्कृति के बैनरतले हुआ, जिसमें धर्मपुर से भाजपा के प्रत्याशी रहे रजत ठाकुर, सरकाघाट के प्रसिद्ध समाजसेवी गणेशदत, जिलापरिषद सदस्य जगदीश चंद बिट्टा, पंचायत समिती धर्मपुर के अध्यक्ष राकेश सहित विभिन्न पंचायतों के प्रधान, उपप्रधान, बीडीसी सदस्यों सहित सैकड़ों की तादात में स्थानीय लोग, व्यापारी महिला मंडलों की महिलाएं व अन्य लोग मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र बुधवार से धर्मशाला स्थित तपोवन में शुरू होगा। सत्र में शामिल होने के लिए सरकार मंगलवार दोपहर को शिमला से रवाना होगी। इस सप्ताह राज्य सचिवालय में प्रशासनिक सचिव नहीं मिलेंगे। कई विभागाध्यक्ष भी सत्र में शामिल होंगे। इससे कम स्तर के अधिकारी हालांकि राजधानी में ही रहेंगे। यह अधिकारी अपने विभागों से संबंधित सूचनाओं को ऑनलाइन माध्यम से ही उच्च अधिकारियों को भेजेंगे। मंगलवार शाम को धर्मशाला में कांग्रेस और भाजपा के विधायक दल आगामी रणनीति बनाने को लेकर बैठकें करेंगे। कांग्रेस विधायक दल की बैठक मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और भाजपा की बैठक नेता विपक्ष जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में होगी। बुधवार को सत्र के पहले दिन सरकार की नीतियों के खिलाफ भाजपा का धर्मशाला में प्रदर्शन भी होगा। प्रदेश में चर्चित विभिन्न मामलों को लेकर सदन में सत्ता और विपक्ष के बीच खूब गहमागहमी होने के आसार हैं। विधानसभा का शीतकालीन सत्र 18 से 21 दिसंबर तक चलेगा। इसमें चार बैठकें होंगी। सत्र के पहले दिन राधा स्वामी सत्संग ब्यास के हमीरपुर जिला के भोटा स्थित अस्पताल की जमीन को अपनी सहयोगी संस्था को देने के लिए सरकार द्वारा भूमि सुधार अधिनियम में संशोधन को विधेयक भी लाया जाना है। इसमें सिलिंग में राहत दी जानी है। बीते दिनों हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी देते हुए मुख्यमंत्री को अंतिम मंजूरी देने के लिए अधिकृत किया गया है। सत्र के दौरान नौकरियों और कांग्रेस की गारंटियों पर सदन गर्माएगा। विधायकों की ओर से शीतकालीन सत्र के लिए अभी तक 450 से अधिक सवाल पहुंच गए हैं। अधिकांश सवाल बेरोजगारी, कानून व्यवस्था, अवैध खनन और स्थानीय मुद्दों को लेकर पूछे गए हैं। कांग्रेस की गारंटियों को लेकर को भी भाजपा विधायकों ने सवाल लगाए हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू 18 और 19 दिसंबर को ही सदन में मौजूद रहेंगे। 20 और 21 दिसंबर को मुख्यमंत्री का राजस्थान के जैसलमेर जाना प्रस्तावित है। 20 दिसंबर को जैसलमेर में राज्यों के वित्त मंत्रियों और 21 को जीएसटी काउंसिल की बैठक होनी है।
गोवा में मिलने वाले पैरासेलिंग का रोमांच अब बिलासपुर की गोबिंद सागर झील में मिलेगा। किरतपुर-मनाली फोरलेन पर मंडी-भराड़ी पुल के पास झील में रविवार से पैरासेलिंग की गतिविधियां शुरू हो गईं। पर्यटक 2 हजार रुपये देकर पैरासेलिंग की एक राइड का आनंद ले सकेंगे। हवा में यह राइड दो मिनट की होगी, लेकिन पैरासेलिंग वोट पर जाने से लेकर वापस झील किनारे में आने की प्रक्रिया में 15 से 20 मिनट का समय लगेगा। गोबिंद सागर झील में क्रूज, स्टीमर, जेटी , शिकारा आदि वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां पहले ही शुरू हो चुकी हैं। अब इसमें पैरासेलिंग जुड़ने से पर्यटक झील का खूबसूरत नजारा और शांतिपूर्ण वादियों के बीच रोमांच का अनुभव हवा में उड़ कर भी ले सकेंगे। जिला प्रशासन की ओर से एडवेंचर स्पोर्ट्स के प्रति पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए मंडी भराड़ी पुल के पास वाटर स्पोर्ट्स जोन बनाया गया है। हाल ही मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू ने इसका शुभारंभ किया है। पैरासेलिंग की राइड के दौरान विशाल गोबिंद सागर झील का सुंदर नजारा देखने को मिलेगा। यह गतिविधि एडवेंचर के शौकीनों के लिए बेहतरीन आकर्षण साबित होगी। इस गतिविधि के शुरू होने से पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी।बता दें कि प्रदेश में पैरासेलिंग का रोमांच पहली बार पर्यटकों को मिलेगा। प्रदेश में अभी तक कहीं भी पैरासेलिंग नहीं कराई जाती है। पैरासेलिंग के लिए खुले जलाशयों की जरूरत होती है। इसके लिए गोबिंद सागर झील उपयुक्त जगह है।
** गेस्ट टीचर भर्ती का किया विरोध, विधानसभा का भी करेंगे घेराव हिमाचल प्रदेश में गेस्ट टीचर भर्ती पॉलिसी के विरोध में शिक्षित बेरोजगार सड़कों पर उतर आएं हैं। शिमला के डीसी ऑफिस के बाहर सैंकड़ों बेरोजगारों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और गेस्ट टीचर पॉलिसी को वापस लेने की मांग उठाई। बेरोजगार युवाओं ने सरकार पर आरोप लगाया है कि सरकार ने एक लाख नौकरी का वायदा करके वादाखिलाफी की हैं।प्रशिक्षित बेरोजगारों का कहना है कि सरकार ने एक लाख नौकरियों का वायदा किया था लेकिन पूरा नहीं हुआ। गेस्ट टीचर भर्ती कर युवाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा हैं। युवाओं ने दावा किया कि 257 लोगों को ही सरकारी क्षेत्र में रोजगार दिया गया हैं। अगर सरकार इस युवा विरोधी पॉलिसी को वापिस नहीं लेती है तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शीतकालीन सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव किया जाएगा अगर फिर भी बात नहीं बनी तो सचिवालय के बाहर युवा फिर से एकत्रित होकर प्रदर्शन करेगा।
एनआईटी हमीरपुर के रजिस्ट्रार ने इस्तीफा दिया। इस्तीफे के पारिवारिक कारण बताए जा रहे हैं, लेकिन 13 वर्ष बाद स्थायी रजिस्ट्रार की नियुक्ति के बाद संस्थान में व्यवस्था में सुधार की ओर बढ़ रहे एनआईटी हमीरपुर में रजिस्ट्रार के इस्तीफे से संस्थागत हलचल पैदा हो गई है। इस्तीफे के पारिवारिक कारण बताए जा रहे हैं, लेकिन 13 वर्ष बाद स्थायी रजिस्ट्रार की नियुक्ति के बाद संस्थान में आंतरिक राजनीति को इसकी एक वजह माना जा रहा है। करीब डेढ़ दशक तक अस्थायी रजिस्ट्रार से एनआईटी की व्यवस्था को ढोया जा रहा था। अब फिर स्थायी रजिस्ट्रार के इस्तीफे से संस्थान में हलचल पैदा कर दी है। हालांकि अभी तक बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने इस इस्तीफे को मंजूर नहीं किया है। चर्चा यह भी है कि रजिस्ट्रार के इस्तीफे को स्वीकार नहीं किया जाएगा, हालांकि इस पर अभी संशय बना हुआ है। बीते वर्ष ही डॉ़ अर्चना ने कार्यभार संभाला था। उन्होंने संस्थान में शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक भर्ती प्रक्रिया को पूरा करवाया। इसके अलावा वास्तुकला विभाग को काउंसिल से मंजूरी दिलवाई। यह एनआईटी से जुड़े मसले थे, जो कई सालों से अटके हुए थे। इसके अलावा विद्यार्थियों को तनावमुक्त माहौल देने के लिए बड़े प्रयास हुए हैं। मनोचिकित्सक, योगा इंस्ट्रक्टर की नियुक्ति भी संस्थान में हुई है। एनआईटी की एनआईआरएफ रैंकिंग में सुधार के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। लेकिन इस इस्तीफे की खबर में फिर संस्थान में हलचल पैदा कर दी है। रजिस्ट्रार की ओर से पारिवारिक कारणों से इस्तीफा दिया गया है। इस इस्तीफे को मंजूर नहीं किया गया है। वह फिलहाल अपने पद पर सेवाएं देती रहेंगी। जल्द ही इस विषय पर फैसला लिया जाएगा।
** घटना में कोई जानी नुकसान नही.. उपमंडल कुमारसैन के नारकंडा बीडीओ ऑफिस में शाम के समय अचानक से एक स्टोर में आग लग गई। आग लगने की यह घटना रविवार शाम के समय पेश आई है। बताया जा रहा है कि जिस स्टोर में यह आग लगी है उसमें रिकॉर्ड रखा गया था। आग लगने की इस घटना में किसी प्रकार को कोई जानी नुकसान तो नहीं हुआ है लेकिन विभाग का रिकॉर्ड जलकर राख हो गया है। आग कैसे लगी अभी इसका खुलासा नहीं हो पाया है। स्थानीय लोगों की जानकारी के मुताबिक पुलिस चौकी के कर्मचारियों द्वारा और स्थानीय लोगों ने इसके साथ लगती बिल्डिंग को बचा लिया है। वहीं, स्थानीय जिला परिषद सदस्य कोटगढ नारकंडा सुभाष केथला ने चौकीदार सहित स्थानीय पुलिस चौकी के सभी कर्मचारियों का और स्थानीय लोगों का आभार व्यक्त किया है, जिन्होंने समय पर पहुंचकर इस आगजनी की घटना पर काबू पाने में सहयोग दिया। उन्होंने प्रशासन और सरकार से अनुरोध किया है कि नारकंडा में अग्निशमन विभाग चौकी खुलनी चाहिए ताकि आस-पास के क्षेत्र में आगजनी की घटनाओं पर काबू पाया जा सके।
** पीपीपी मोड में चलेगा संचालन हिमाचल प्रदेश में व्यावसायिक वाहन संचालक अब अपने वाहनों की जांच निजी ऑटोमेटिक फिटनेस टेस्टिंग सेंटरों पर भी करवा सकेंगे। सरकार ने प्रदेश में 5 ऑटोमेटिक फिटनेस टेस्टिंग सेंटर खोलने का फैसला लिया है। इन केंद्रों का संचालन पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप आधार पर होगा। निजी कंपनी वाहन की जांच कर रिपोर्ट परिवहन विभाग को भेजेगी। वाहन मालिकों को फिटनेस प्रमाणपत्र परिवहन विभाग के आरटीओ जारी करेंगे। ऑटोमेटिक सेंटर स्थापित होने के बाद वाहनों की फिटनेस में न तो सिफारिश चलेगी न ही कोई जुगाड़। यांत्रिक रूप से अनुपयुक्त वाहनों के संचालन से होने वाली दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सरकार ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन स्थापित करने जा रही है। अब तक प्रदेश में वाहनों की फिटनेस एमवीआई (मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर) करते हैं। फिटनेस जांच की वीडियो रिकार्डिंग का भी प्रावधान है, बावजूद इसके फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने में व्यापक अनियमित्ताएं हो रही हैं। सरकार की ओर से बनाई गई योजना के तहत निजी क्षेत्र की जो भी कंपनी ऑटोमेटिक फिटनेस टेस्टिंग सेंटर स्थापित करने की इच्छुक होगी उसे करीब 4000 वर्ग मीटर जमीन पर केंद्र स्थापित करना होगा। जमीन यदि अपनी नहीं है तो लीज पर भी ली जा सकती है। वाहन निर्माता, वाहन विक्रेता अथवा ऐसा व्यक्ति जो गाड़ियों की मरम्मत के काम से जुड़ा है, केंद्र स्थापित नहीं कर सकता। सरकार ने निजी क्षेत्र में पांच ऑटोमेटिक फिटनेस टेस्टिंग सेंटर खोलने का फैसला लिया है। वाहन मालिक इन केंद्रों पर अपने वाहनों की फिटनेस जांच करवा सकेंगे। चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के हर जिले में इस तरह की सुविधा उपलब्ध करवाने की योजना है।


















































