जयसिंहपुर/नरेंदर डोगरा: उपायुक्त कर्मचारी संघ इकाई उपमंडल जयसिंहपुर का चुनाव संदीप कुमार सूद अधीक्षक वर्ग-2 तहसील कार्यालय जयसिंहपुर और यशपाल शर्मा अधीक्षक वर्ग-2 की अध्यक्षता में हुआ। इसमें योगेश राणा को प्रधान, सुरजीत कुमार को उपप्रधान, खुशी राम कनिष्ठ सहायक को महासचिव, अशोक कुमार को कोषाध्यक्ष और शुभम शर्मा को प्रेस सचिव चुना गया।
हिमाचल प्रदेश में विधवा महिलाओं को मकान बनाने के लिए चार लाख रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी। हिमाचल प्रदेश सरकार ऐसी विधवा महिलाओं के लिए मकान बनाने में मदद करेगी, जो भवन एवं सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत हैं। भवन एवं सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत सभी पात्र महिलाओं को मकान बनाने के लिए चार लाख रुपए की वित्तीय सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार विधवाओं, दिव्यांग महिलाओं और एकल नारियों को उनके मकान बनाने के सपने को साकार करने के लिए वित्तीय मदद देने की पहल कर रही है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड, विवाह के लिए वित्तीय सहायता, मातृत्व लाभ, शिक्षा सहायता, चिकित्सा देखभाल, पेंशन, विकलांगता पेंशन, दाह संस्कार व्यय, आकस्मिक मृत्यु के लिए राहत, छात्रावास सुविधाएं और विधवा पेंशन सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं लागू कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सभी वर्गों के उत्थान के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। मकान बनाने के लिए आर्थिक मदद में घर के लिए तीन लाख रुपए और रसोई, शौचालय और स्नानघर जैसी आवश्यक सुविधाओं के लिए एक लाख रुपए की अतिरिक्त मदद भी शामिल होगी। इसका फायदा उठाने के लिए महिलाओं को बोर्ड में पंजीकृत होना चाहिए। पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 कार्य दिवस पूरे करने चाहिए और उनकी वार्षिक आय 2.50 लाख रुपए से कम होनी चाहिए। पात्र महिलाओं को जरूरी कागजों समेत श्रम अधिकारी के जरिए इस योजना के लिए आवेदन करना होगा। इसके लिए स्वीकृति मिलने के बाद वित्तीय मदद सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
देहरा के समीप बनखंडी में विराजमान माँ बगलामुखी के चरणों में गांव खलेटा के लोक गायक संदीप बगलामुखी का भजन यूट्यूब पर रिलीज कर दिया गया है I ये भजन माँ के मंदिर बनखंडी में ही फिल्माया गया है I इस भजन को स्वयं लिखा व गाया संदीप बगलामुखी वाले ने है व इसका संगीत कुमार गौरव द्वारा दिया गया है I भजन में महामाई का गुणगान किया गया है, जिसमे बताया गया है कि माँ को पीले वस्त्र व पीले फूल अत्यधिक प्रिय हैं, यहाँ तक की माँ को प्रशाद भी पीले रंग का ही अर्पित किया जाता हैI भजन के संदर्भ में संदीप से हुईं बात में उन्होंने कहा कि वे माँ का गुणगान करके ही इस मुकाम तक पहुंचे हैं, उन्ही के नाम का सहारा लेकर वे आगे बढ रहे हैं इसीलिए लोगों में वे संदीप बगलामुखी वाला के नाम से जाने जाते हैंI संदीप ने बताया कि इस से पहले भी उनके गाए गाने “दो बोतला, मुंडू चंगरा दा, धारा पर बंगलु आदि गानों को लोगों ने बहुत प्यार दिया है और अब महामाई के भजन को भी काफ़ी पसंद किया जा रहा है I भजन को संदीप बगलामुखी यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया गया है।
मिनर्वा स्कूल, घुमारवीं में आज वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह बड़े ही हर्षोल्लास और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। इस विशेष अवसर पर हिमाचल प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ किया गया। कार्यक्रम में छात्रों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने हिमाचली संस्कृति की झलक पेश की। रंगारंग प्रस्तुतियों में पारंपरिक लोकनृत्य, नाटक और लोकगीतों ने सभी का मन मोह लिया। समारोह में विद्यालय के प्रधानाचार्य परवेश चंदेल ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने विद्यालय की शैक्षिक और सह-शैक्षिक उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मिनर्वा स्कूल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समग्र विकास के लिए समर्पित है। मुख्य अतिथि राजेश धर्माणी ने अपने संबोधन में मिनर्वा स्कूल को हिमाचल प्रदेश के श्रेष्ठतम विद्यालयों में से एक बताते हुए विद्यालय प्रशासन, शिक्षकों और छात्रों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मिनर्वा स्कूल ने शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाई है और बच्चों के समग्र विकास के लिए सराहनीय प्रयास किए हैं। उन्होंने छात्रों को तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के महत्व को समझने और भविष्य में राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा दी। समारोह के अंत में, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को पुरस्कार वितरित किए गए। पुरस्कार वितरण ने छात्रों का मनोबल बढ़ाया और सभी उपस्थित लोगों ने उनकी उपलब्धियों की सराहना की।
कसौली/हेमेन्द्र कंवर: कसौली विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाली ग्राम पंचायत कोट बेजा में विकास खंड अधिकारी धर्मपुर प्रवीन कुमार ने तकनीकी स्टाफ के साथ पंचयात में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया ।वेकास खंड अधिकारी का पंचयात में दस दिन में यह दूसरा दौरा था पिछली बार उन्होंने जहाँ कार्यलय में सभी पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर पंचयात में चल रहे विकास कार्यो पर चर्चा कर लोगो की समस्याओं को भी सुन कर मोके पर कार्यवाही के आदेश दिए थे, वहीं अधिकारी ने इस दौरे के दौरान पंचयात में चल रहे विकास कार्यो को तकनीकी स्टाफ के साथ फील्ड में जाकर नरिक्षण किया। उन्होंने कहा कि वह विकास खंड की सभी पंचायतो में फील्ड में जाकर कार्यो को चेक कर रहे है साथ ही कार्यो की गुणवत्ता को भी देखा जा रहा है। विकास खंड अधिकारी ने दौरे के दौरान करीब आधा दर्जन कार्यो का निरीक्षण किया व सभी कार्यो को संतोषजनक पाया। उन्होंने तकनीकी स्टाफ से कहा कि वे पुराने लंबित पड़े कार्यो को शीघ्र पूरा करें । उन्होंने S.C बस्ती शामली के एबुलेंस रोड़ के कार्य के भी शीग्र एस्टीमेट बनाने के आदेश दिए ताकि जल्दी ही कार्य शरू हो सके। गौरतलब है कि शामली उपरली गांव के एबुलेंस रोड के लिए विधायक विनोद सुल्तानपुरी द्वारा करीब एक साल पहले पैसा मंजूर किया गया था, लेकिन अभी तक एस्टिमेट ना बनने के कारण निर्माण कार्य की शुरआत नही हो पाई है। इस मोके पर पंचयात प्रधान किरण ठाकुर, कनिष्ठ अभियंता देशराज वर्मा, तकनीकी सहायक राकेश कुमार, वार्ड मेंबर निर्मला शर्मा, पुष्पेंद्र कंवर आदी लोग उपस्थित रहे।
जयसिंहपुर/नरेंदर डोगरा: कंवर दुर्गा चंद राजकीय महाविद्यालय जयसिंहपुर में आज वोकेशनल कोर्स का प्रमाण पत्र महाविद्यालय के छात्रों को वितरित किया गया। इस समारोह का आयोजन वोकेशनल कोर्स की प्रशिक्षिका कंचन के द्वारा किया गया। इस समारोह में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. उपेन्द्र शर्मा बतौर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। समारोह में वोकेशनल कॉर्स के नोडल अधिकारी प्रो. रविन्द्र कुमार एवं डॉ इंदर कुमार भी उपस्थित रहे। इस समारोह में कॉर्स के सभी पंजीकृत छात्र मौजूद रहे। वोकेशनल कोर्स का मुख्य उद्देश्य छात्रों का सर्वांगीण विकास करना है। साथ ही छात्रों को सामान्य विषय के अतिरिक्त अन्य क्षेत्रों में व्यावहारिक कौशल और ज्ञान प्रदान करना है । महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो उपेन्द्र शर्मा ने समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए इस कॉर्स को सफलतापूर्वक पूर्ण करने की बधाई दी और साथ ही उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
हिमाचल प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी वार्षिक आंतरिक कॉलेज खेलो का आयोजन मिनेर्वा फार्मेसी कॉलेज में किया गया, जिसमे लॉरेट शिक्षण संस्थान के फार्मेसी के विद्यार्थियों ने वॉलीबॉल, बैडमिंटन, चैस, क्रिकेट और कब्बडी में भाग लिया। ये स्पोर्ट्स मीट 16 नवंबर से लेकर 20 नवंबर तक करवाई गई। लॉरेट संस्थान के प्राचार्य एवं कैंपस निर्देशक डॉ. एम एस आशावत, विभाग अध्यक्ष डॉ विनय पंडित ,डॉ. सी. पी एस. वर्मा और डॉ अमरदीप ने छात्रों को उनकी जीत पर बधाई दी। संस्थान के स्पोर्ट्स मीट्स के कोर्डिनेटर एसोसिएट प्रो. शिव कुमार खुशवा, स्पोर्ट्स इंचार्ज सहायक प्रो. अक्षय ठाकुर ने भी विद्यार्धियों का हौसला बढ़ाया। इस स्पोर्ट्स मीट में शिक्षण संस्थान की वॉलीबॉल टीम ने दूसरा स्थान और हैंडबॉल में भी दूसरा स्थान हासिल किया, जिसमें वॉलीबॉल टीम के कप्तान पारुल ठाकुर और हैंडबॉल टीम के कप्तान गौरव थे। हर साल की तरह इस साल भी संस्थान की खेल टीमों ने अच्छा प्रदर्शन कर संसथान का मान बढ़ाया। इस उपलब्धि पर लॉरेट शिक्षण संस्थान के प्रबंध निर्देशक डॉ. रण सिंह ने शुभकामनाएं दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की I
जन सेवा, पी.डी.एस. का खाद्य वितरण और लोगों की उत्कृष्ट सेवाओं के लिए देहरा क्षेत्र की दी करियाडा कॉपरेटिव एग्रीकल्चर सर्विस सोसाइटी लिमिटेड सहकारी सभा को ज्वाली में आयोजित जिला स्तरीय सहकारिता सम्मेलन में मुख्यातिथि कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार ने उपमंडल देहरा से 21वीं बार लगातार अव्वल रहने का अवार्ड देकर सम्मानित किया। उन्होंने सभा के प्रधान अजीत लाल शर्मा, सचिव सुरिंदर सिंह ठाकुर,कार्यकारिणी सदस्य में उप प्रधान तारा चन्द डोगरा,कश्मीर सिंह,भूप सिंह प्रीतम चन्द को बधाई दी। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने की। कार्यक्रम में जिला पंजीयक सहकारी सभा संतोष कुमार, सहायक पंजीयक देहरा वीना भाटिया, जिला निरीक्षक अधिकारी विजय कुमार,निरीक्षक यशवीर को- ऑप्रेटिव महासंघ के जिला अध्यक्ष करनैल राणा, कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के निदेशक वीरेंद्र गुलेरिया, सहकारिता विभाग से जुड़े अधिकारी, कर्मचारी व क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। अधिक जानकारी देते हुए सभा के सचिव सुरिंदर ठाकुर ने बताया कि यह सहकारी सभा जनता के लिए 24 घण्टे काम करती है वहीं सभा में पीडीएस के अलावा इलेक्ट्रॉनिक सामग्री का वाजिव दामों पर वितरण करती है।
बद्दी: जिला सोलन के अटल शिक्षा कुंज स्थित आईईसी यूनिवर्सिटी में शिव सेवा कावड़ महासंघ चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा एक दिवसीय रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस रक्तदान शिविर में विश्वविद्यालय के छात्रों, शिक्षकों,और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेकर लगभग 78 यूनिट रक्त संग्रहित किया। यह शिविर विश्वविद्यालय में चल रहे फार्मेसी सप्ताह के अंतर्गत आयोजित किया गया। इस अवसर पर शिव सेवा कावड़ महासंघ चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से डॉ० प्रवेश कुमार भारद्वाज ने अपने संदेश में कहा कि हमें रक्तदान शिविर के लिए आईईसी विश्वविद्यालय के साथ मिलकर काम करने का अवसर मिला, हमें इस बात की खुशी है, और हमें उम्मीद है कि यह हमारे समाज के लिए एक अच्छा संदेश देगा। इस अवसर पर आईईसी विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रोफेसर (डॉ०) अशोक पुरी ने अपने संदेश में कहा, "रक्तदान महादान है। हमें रक्तदान के महत्व को समझना चाहिए और अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करना चाहिए।" उन्होंने कहा कि आईईसी विश्वविद्यालय समय समय पर इस तरह के शिविर आयोजित करता रहता है ताकि छात्रों को जागरूक किया जा सके। इस अवसर पर आईईसी विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार, विभिन्न विभागों के डीन, प्रोफेसर, और अन्य सभी अधिकारी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश सरकार के दो वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर बिलासपुर में आयोजित होने वाली आभार रैली की तैयारियों के लिए कैबिनेट मंत्रियों की कमेटी बनाई जाएगी। आयोजन के प्रभारी नियुक्त किए गए राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि जल्द कमेटी का गठन कर दिसंबर के पहले सप्ताह में बैठक की जाएगी। दो साल पूरे होने पर कांग्रेस सरकार नई योजनाओं को भी लाॅन्च करेगी। पुरानी योजनाओं से भी अवगत कराया जाएगा। हर विभाग की सफल योजनाओं का प्रदर्शनी के माध्यम से प्रचार भी करेंगे। नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि दो वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने का समारोह 11 दिसंबर को बिलासपुर में मनाया जाएगा। समारोह को ऐतिहासिक बनाने के लिए कैबिनेट मंत्रियों को शामिल कर एक कमेटी गठित की जाएगी। कमेटी सदस्यों को आयोजन के लिए जिम्मेवारियां सौंपी जाएंगी।
हिमाचल प्रदेश में नशे का कारोबार फैलता जा रहा है। खासकर राजधानी शिमला नशे का गढ़ बनती जा रही है। शिमला जिले में नशा कारोबारियों का खात्मा करने लिए पुलिस द्वारा मिशन क्लीन शुरू किया गया है। इसके तहत शिमला पुलिस आए दिन नशा तस्करों पर शिकंजा कस रही है। ताजा मामले में शिमला पुलिस ने चार आरोपियों को एनडीपीएस के दो मामलों में गिरफ्तार किया है। इसमें दो हरियाणा के तस्कर भी शामिल हैं। एसपी शिमला संजीव गांधी ने बताया कि पहले मामले में शिमला पुलिस की स्पेशल सेल टीम संकट मोचन बालूगंज में गश्त पर मौजूद था। इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि बधाई में मां तारा आंचल काटेज बीएंडबी में रह रहे 2 युवक चिट्टा बेच रहे हैं, जिसके बाद पुलिस ने बीएंडबी की तलाशी ली और 2 युवकों के पास से 25.880 ग्राम चिट्टा बरामद किया। आरोपियों की पहचान सुखविंद्र और सुमित के रूप में हुई है। दोनों आरोपी हरियाणा के जिला कैथल के मटौर कलयाथ गांव के रहने वाले हैं। वहीं, दूसरे मामला ढली थाना के तहत सामने आया है। ढली थाने के तहत आने वाले फागू और कुफरी के साथ एनएच-5 चीनी बंगलों विभाजन और रेडिसन होटल के पास पुलिस की टीम गश्त पर था। ट्रैफिक चेकिंग के दौरान पुलिस ने यहां दो युवकों की तलाशी ली और उनसे 6.010 ग्राम चिट्टा बरामद किय। आरोपियों की पहचान रोशन सिंह (उम्र 26 साल) और सुरेंद्र कुमार (उम्र 28 साल) के तौर पर हुई है। दोनों ही शिमला जिले के ननखड़ी के रहने वाले हैं। एसपी शिमला संजीव गांधी ने बताया, "दो मामलों के तहत पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। नशा तस्करों से पुलिस पूछताछ कर रही है कि ये चिट्टा वो कहां से लाए और कहां ले जा रहे थे। पुलिस द्वारा आगामी कार्रवाई की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (HPTDC) को बड़ा झटका दिया है। हाईकोर्ट ने निगम के 18 होटलों को ‘सफेद हाथी’ करार देते हुए इन्हें बंद करने के आदेश जारी किए हैं। न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल की एकल पीठ ने एचपीटीडीसी कर्मचारियों द्वारा दायर एक सिविल रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया गया है। न्यायाधीश ने कहा कि बार-बार अदालती हस्तक्षेप और विस्तृत निर्देशों के बावजूद निगम इन परिसंपत्तियों को पुनर्जीवित करने या उन्हें लाभकारी बनाने में विफल रहा है। न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि सार्वजनिक संसाधनों को ऐसे उपक्रमों पर बर्बाद नहीं किया जा सकता जो लगातार वित्तीय रूप से घाटे में चल रहे हैं। चैल में प्रतिष्ठित पैलेस होटल, धर्मशाला में होटल धौलाधार और मनाली में होटल लॉग हट्स सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों की 18 संपत्तियों में पिछले कुछ वर्षों में आश्चर्यजनक रूप से होटलों के अधिकतर कमरे खाली पड़े रहे। अदालत ने एचपीटीडीसी के प्रबंध निदेशक को 25 नवंबर तक इन इकाइयों को तत्काल बंद करने का निर्देश दिया, और अनुपालन के लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया। इसके अलावा, रखरखाव के लिए केवल आवश्यक कर्मचारियों को ही रखा जाएगा, जबकि बाकी को अन्य कार्यशील इकाइयों में जनशक्ति की कमी को दूर करने के लिए फिर से तैनात किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय ने एक अलग मामले में दिल्ली में स्थित हिमाचल भवन को भी जब्त करने का आदेश दिया है। जिससे एक बिजली कंपनी को नीलामी के माध्यम से अपना बकाया वसूलने की अनुमति दी गई है। जिन 18 होटलों को बंद करने के आदेश दिए गए हैं उनमे, द पैलेस होटल चायल, होटल गीतांजलि, डलहौजी, होटल बाघल दाड़लाघाट, होटल धौलाधार धर्मशाला, होटल कुणाल धर्मशाला, होटल कश्मीर हाउस धर्मशाला, होटल एप्पल ब्लॉसम फागू, होटल चंद्रभागा केलोंग, होटल देवदार खजियार,होटल गिरीगंगा खड़ापत्थर,होटल मेघदूत कियारीघाट, होटल सरवरी कुल्लू , होटल लॉग हट्स मनाली, होटल हडिम्बा कॉटेज मनाली, होटल कुंजुम मनाली,होटल भागसू मैक्लोडगंज, होटल द कैसल नग्गर, होटल शिवालिक परवाणू शामिल हैं।
जिला कुल्लू की पर्यटन नगरी मनाली में अटल टनल घूमने गए सैलानियों की गाड़ी बीच टनल में पलट गई। ये सैलानी हरियाणा से संबंध रखते हैं। वहीं, इस सड़क दुर्घटना में तीन सैलानी घायल हुए हैं, जिनका अब मनाली अस्पताल में इलाज किया जा रहा हैं। दुर्घटना की सूचना मिलते ही मनाली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। डीएसपी मनाली केडी शर्मा ने बताया कि हरियाणा नंबर की गाड़ी (HR 11 F 5004) में चार सैलानी लाहौल घाटी की ओर घूमने के लिए निकले थे, लेकिन अटल टनल के अंदर सैलानियों ने अपनी गाड़ी की रफ्तार अचानक बढ़ा ली और दूसरी गाड़ियों को ओवरटेक करने लगे। ऐसे में ड्राइवर का अचानक से गाड़ी से नियंत्रण खो गया और गाड़ी अटल टनल के अंदर पलट गई। हालांकि टनल के बीच गाड़ी पलट जाने से थोड़ी देर के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। वहीं, स्थानीय लोगों ने इस बारे में मनाली पुलिस को सूचित किया और सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस की टीम ने देखा की गाड़ी में चार सैलानी सवार हैं, जिनमें से तीन लोगों को चोटें आई हैं। पुलिस ने तीनों घायलों को इलाज के लिए मनाली अस्पताल में भर्ती करवाया है। जहां अब उनका इलाज चल रहा है। डीएसपी मनाली केडी शर्मा ने बताया, ये दुर्घटना ड्राइवर की तेज रफ्तारी के कारण हुई है, जिसमें तीन लोग घायल हो गए हैं। सभी वाहन चालक अटल टनल के अंदर नियमों का पालन करें, ताकि दुर्घटना से बचा जा सके।
प्रदेश सरकार प्रवक्ता स्कूल न्यू कैडर में अनुबंध पर नियुक्त कर्मचारियों के लिए वरिष्ठता लाभ लागू करेगी। सरकार ने भर्ती एवं पदोन्नति (आरएंडपी) नियमों में उल्लिखित प्रक्रिया का पालन करते हुए अनुबंध के आधार पर नियुक्त किए गए प्रत्यक्ष भर्ती कर्मचारियों के लिए वरिष्ठता लाभ लागू करने का निर्णय लिया है। उच्च न्यायालय की ओर से ताज मोहम्मद एवं अन्य बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य शीर्षक से सीडब्ल्यूपी संख्या 2004/2017 पर आए फैसले के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है। फैसले के तहत स्कूल-न्यू कैडर के कर्मचारियों सहित ऐसे कर्मचारियों के लिए वरिष्ठता का दावा स्वीकार किया गया है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्कूल-न्यू कैडर में कई याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर मामले में अनुबंध के आधार पर नियुक्त किए गए प्रत्यक्ष भर्ती कर्मचारियों की वरिष्ठता स्थिति पर सवाल उठाया गया था। याचिकाकर्ताओं ने अपनी प्रारंभिक अनुबंध नियुक्ति की तिथि से वरिष्ठता को मान्यता देने की मांग की थी। उच्च शिक्षा निदेशालय ने अब एक कार्यालय आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि लेक्चरर (स्कूल-न्यू) कैडर की वरिष्ठता को फैसले के अनुरूप संशोधित किया जाएगा। इसमें 2014 से 2023 के बीच पदोन्नत और सीधी भर्ती वाले दोनों शामिल हैं। शिक्षा निदेशक के अनुसार इस प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अनुबंध नियुक्तियों और पदोन्नतियों दोनों के लिए नियुक्ति के वर्ष को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठता सूची का अंतराल है। लेक्चरर (स्कूल-न्यू) कैडर जिसे 2019 में पीजीटी (पोस्ट ग्रेजुएट टीचर) कैडर से फिर से नामित किया गया था, अपने 50 फीसदी पदों को सीधी भर्ती के माध्यम से और अन्य 50 फीसदी टीजीटी (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक) कैडर से पदोन्नति के माध्यम से भरता है। लेक्चरर कैडर के लिए वरिष्ठता को पहले 31 दिसंबर 2013 तक अंतिम रूप दिया गया था। लगभग 11,000 प्रवक्ताओं की सूची इस दौरान तैयार हुई थी। अदालत के फैसले के बाद वरिष्ठता सूची को अब 2014 के बाद से सीधी भर्ती वाले लोगों को शामिल करने के लिए संशोधित किया जाएगा। इस कदम से टीजीटी कैडर की वरिष्ठता पर भी असर पड़ने की संभावना है, जो लेक्चरर पदों के लिए फीडर कैडर के रूप में कार्य करता है। टीजीटी की वरिष्ठता न्यायालय के आदेश द्वारा निर्धारित नए दिशा-निर्देशों के साथ संरेखित करने के लिए संशोधनों से गुजर सकती है, जिससे पदोन्नति के क्रम में संभावित परिवर्तन हो सकते हैं। निदेशालय के कार्यालय आदेश के अनुसार वरिष्ठता को समायोजित किया जाएगा, लेकिन अंतिम वरिष्ठता सूची संबंधित पक्षों की उचित आपत्तियों को शामिल करने के बाद ही जारी की जाएगी।
बिलासपुर/सुनील: 71वां भारतीय सहकारी सप्ताह का जिला स्तरीय कार्यक्रम बिलासपुर जिला सहकारी विकास संघ समिति के सौजन्य से बिलासपुर के किसान भवन में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर नियोजन, आवास तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्मानी ने शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने सहकारिता आंदोलन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे ग्रामीण विकास और आर्थिक समृद्धि का सशक्त माध्यम बताया। मंत्री राजेश धर्मानी ने अपने संबोधन में कहा कि सहकारिता का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में, आर्थिक विकास और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से आत्मनिर्भरता लाना है। यह एक ऐसा मंच है जहां लोग एकजुट होकर अपनी जरूरतों को पूरा करते हैं और सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देते हैं। सहकारी संस्थाएं ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, कृषि विकास और महिला सशक्तिकरण में अहम भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि सहकारिता आंदोलन ने किसानों, श्रमिकों और छोटे व्यापारियों को सशक्त किया है। उन्होंने सहकारी समितियों से आग्रह किया कि वे आधुनिक तकनीक और नवाचार को अपनाएं, जिससे उनके कार्यक्षेत्र में विस्तार हो सके और वे अधिक प्रभावी तरीके से काम कर सकें। मंत्री ने सहकारी संस्थाओं के विकास के लिए सरकार द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार सहकारी समितियों को डिजिटल बनाने, उनके कार्यों को पारदर्शी बनाने और युवाओं को सहकारिता से जोड़ने के लिए ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार सहकारी समितियों के विस्तार और उनके आधुनिकीकरण के लिए हरसंभव सहायता प्रदान करेगी, ताकि सहकारिता आंदोलन के माध्यम से समाज के हर वर्ग को लाभ मिले। उन्होंने कहा कि सहकारिता आंदोलन ग्रामीण विकास की रीढ़ है। मंत्री ने कहा कि कार्यक्रम में जिले भर में सर्वश्रेष्ठ रही सभी सरकारी सोसाइटी उनको भी आमंत्रित किया जाना चाहिए तथा उनकी उपलब्धियों को भी उजागर किया जाना चाहिए, ताकि लोगों के समक्ष इनकी कार्यप्रणाली और पारदर्शिता को प्रस्तुत किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश की हर कोने में सहकारी सभाएं संचालित की जा रही हैं। प्रदेश तभी आगे बढ़ेगा जब संसाधन बढ़ेंगे, और संसाधन तभी बढ़ेंगे जब आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाया जाएगा। इसके लिए नए मॉडल और नए विचार विकसित करने के प्रयास किए जाने चाहिए। सहकारी समितियों के संचालन में अधिकारी तथा कर्मचारी ईमानदारी और पारदर्शिता से कार्य करें, ताकि आने वाले समय में लोगों की सहकारी समितियों पर विश्वसनियता बनी रहे। मंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले सहकारी समितियों और उनके सदस्यों को सम्मानित किया। उन्होंने उनके योगदान की सराहना करते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया कि वे भविष्य में भी सामुदायिक विकास में अपना योगदान जारी रखें। उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाओं के सशक्तिकरण से ही समाज का सर्वांगीण विकास संभव है। कार्यक्रम में विभिन्न सहकारी समितियों के पदाधिकारियों ने भी अपने अपने विचार साझा किए। इस मौके पर उन्होंने सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों की समस्याओं को सुना। कार्यक्रम में पूर्व विधायक बंबर ठाकुर, तिलक राज शर्मा, फेडरेशन के अध्यक्ष रंजीत कश्यप, मार्किट कमेटी के अध्यक्ष सतपाल वर्धन, जिला सहकार संघ के अध्यक्ष हरि बलभ कौशल, सहकार संघ के निदेशक बृज लाल शर्मा, रक्षा कपिल, आशुतोष, शंकर दास शर्मा, एम पी चोपड़ा, निदेशक सहकारी बैंक जगदीश शर्मा, निदेशक कृषि बैंक नंदलाल शर्मा, हिमुडा के निदेशक जितेंद्र चंदेल, पार्षद गौरव शर्मा, सहायक पंजीयक भास्कर कालिया के अतिरिक्त समस्त सहकारी सभाओं के पदाधिकारी तथा अन्य लोग उपस्थित रहे।
मंडी/डिंपल: पूर्व मुख्यमंत्री नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर मंगलवार को चोलथरा में जिला परिषद सदस्य वंदना गुलेरिया के घर पंहुचकर उन्हें ढांढस बांधा। ज्ञात रहे कि पूर्व मंत्री ठाकुर महेन्द्र सिंह के दामाद जिला परिषद सदस्य वंदना गुलेरिया के पति का दिनेश गुलेरिया का ब्रेन स्ट्रोक से देहांत हो गया था और इससे पूरे धर्मपुर क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। मंगलवार को जयराम ठाकुर ने चोलथरा में पंहुचकर इस दुःखद घटना पर अपनी सवेंदना व्यक्त की और शोक की इस घड़ी में परमपिता परमेश्वर से शोकाकुल परिवार को संबल व दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की। उनके साथ पूर्व मंत्री राजेन्द्र गर्ग, विधायक इन्द्र सिंह गांधी, विधायक प्रकाश राणा, पूर्व विधायक राजेन्द्र राणा, विधायक दलीप ठाकुर, राज्य सहकारी बैंक के निदेशक प्रियव्रत शर्मा ने भी अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वह इस समाचार से काफी दुःखी है लेकिन जो विधाता ने लिख दिया है उसे कौन टाल सकता है, इसलिए भगवान परिवार को इस दुःख से उभरने की शक्ति प्रदान करे ।
रिपोर्ट: विनायक ठाकुर, ज्वालामुखी खुंडिया पुलिस ने हाल ही में बकरा चोरी के एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ कर क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत दी है। मामला ज्वालामुखी उपमंडल के अंतर्गत गांव झौला का है, जहां बलदेव सिंह निवासी जरुंडी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके तीन बकरे और एक बकरी चोरी हो गए हैं। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की और कुछ ही दिनों में चोरी हुए बकरों को बरामद कर लिया। इस मामले में 24 वर्षीय दीपक पुत्र अशोक कुमार (गांव गजरोडा, तहसील जयसिंहपुर) और 23 वर्षीय गोरव सिंह पुत्र अशोक कुमार (गांव उतरापुर, तहसील जयसिंहपुर) को गिरफ्तार किया गया है। Box: चोरी का सामान और उपकरण बरामद जांच के दौरान, पुलिस ने चोरी में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल (HP56A 4215), ताला तोड़ने के औजार, एक लोहे की दराट, टॉर्च और अन्य उपकरण बरामद किए। चोरों ने कुबूल किया है कि उन्होंने भवारना और लंबागांव थाना क्षेत्रों में भी 7-8 बकरियों की चोरी को अंजाम दिया है। पक्ष.... थाना प्रभारी रणजीत परमार ने बताया कि चोरों को 20 नवंबर को फिर अदालत में पेश किया जाएगा। जल्द ही इनके बाकी कारनामों का भी खुलासा होगा।
** सोलन शहर में जल्द हो प्रेस क्लब के भवन का निर्माण मंगलवार यानी आज प्रेस क्लब सोलन के सदस्यों ने डीसी सोलन मनमोहन शर्मा से सोलन शहर में बनने वाले प्रेस क्लब सोलन के भवन के निर्माण को लेकर मुलाकात की। इस दौरान प्रेस क्लब सोलन के अध्यक्ष मनीष शारदा ने कहा कि जो जगह सभी लोगों के लिए सूटेबल हो ऐसी जगह पर प्रेस क्लब के भवन का निर्माण किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी पत्रकार एकजुट है और एक ऐसी जगह पर प्रेस क्लब के क्लब का निर्माण होना चाहिए जहां पर सभी लोग आसानी से पहुंच सके। इस बात को लेकर डीसी सोलन मनमोहन शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं की प्रेस क्लब के भवन के निर्माण को लेकर जल्द जगह चिन्हित की जाए और सभी पत्रकारों से इसको लेकर बैठक की जाए ताकि जल्द शहर में प्रेस क्लब का कार्य शुरू किया जा सके।
नायब तहसीलदार कृष्णगढ़ ने उप तहसील के अधीन विभिन्न उचित मूल्य की दुकानों का औचक निरीक्षण किया। नायब तहसीलदार सूरत सिंह वर्मा ने बताया कि उपायुक्त सोलन के आदेशों के अनुपालना में मंगलवार को चंडी स्थित उचित मूल्य की दुकान का निरीक्षण किया गया, जिसमें यह पाया गया कि उचित मूल्य की दुकान जिसका संचालन विशाल वशिष्ठ पुत्र बृजलाल द्वारा किया जा रहा है। डिपो धारक द्वारा हिमाचल सरकार द्वारा उपदान के तहत प्रदान किया जा रहे खाद्यानों का वितरण उपभोक्ताओं को आधार कार्ड की प्रमाणिकता के आधार पर किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान संचालकों को निर्देश दिए गए की दुकान के बाहर सरकार द्वारा उपलब्ध खाद्यान्नों की रेट लिस्ट स्पष्ट रूप से चस्पा की जाए तथा दुकान के अंतर्गत आने वाले राशन कार्ड धारकों से संबंधित आंकड़े जिसमें बीपीएल, आईआरडीपी, अंत्योदय एवं सामान्य श्रेणी के कार्ड धारकों का विवरण स्पष्ट रूप से अंकित किया जाए। नायब तहसीलदार ने बताया कि चंडी स्थित उचित मूल्य की दुकान में रिकॉर्ड नियमों के अनुरुप पाया गया।
उपायुक्त जतिन लाल ने मंगलवार यानि आज लालसिंगी में पिकअप-बाइक दुर्घटना स्थल का दौरा कर अधिकारियों को जन सुरक्षा की दृष्टि से सड़क के साथ नाले पर रेलिंग लगाने के निर्देश दिए। इस दौरान एमसी ऊना के अधिकारी तथा स्थानीय लोग उपस्थित रहे। उपायुक्त ने बताया कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को भी यहां सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंजाम करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आगे दुर्घटना की आशंका को टाला जा सके। बता दें, पुराना-होशियारपुर रोड़ पर लालसिंगी के समीप गत दिवस हुए सड़क हादसे में बाइक सवार दो व्यक्ति सड़क के साथ लगते नाले में गिर के गंभीर रूप से घायल हो गए थे। यहां आए-दिन होने वाले हादसों की रोकथाम के लिए लाल सिंगी के लोगों ने मंगलवार को उपायुक्त से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा था तथा सड़क के साथ लगते नाले को लेकर जनसुरक्षा के लिए पक्का इंतजाम करने का आग्रह किया था। इसका तुरंत संज्ञान लेते हुए उपायुक्त जतिन लाल ने मंगलवार को ही घटनास्थल का दौरा किया तथा अधिकारियों को शीघ्र सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। ग्रामवासियों ने बताया कि सड़क के साथ नाला काफी ज्यादा बड़ा और गहरा है और किसी भी तरह की कोई सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं, जिस कारण नाले में कोई न कोई राहगीर दुर्घटना का शिकार होता रहता है। उपायुक्त ने उन्हें यथाशीघ्र समुचित समाधान का भरोसा दिलाया।
बिलासपुर/सुनील: जिला मुख्यालय के बचत भवन में गुड गवर्नेंस इंडेक्स के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त बिलासपुर आबिद हुसैन सादिक ने की। बैठक में जिला के सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। उपायुक्त ने बिलासपुर को गुड गवर्नेंस इंडेक्स में शीर्ष स्थान दिलाने के लिए अधिक प्रयास करने की आवश्यकता पर जोर दिया और उन संकेतकों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए, जिनमें जिला पिछड़ गया है। उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि गुड गवर्नेंस इंडेक्स जिले की प्रगति का आईना है और यह शासन की गुणवत्ता को मापने का एक सटीक उपकरण है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह सूचकांक न केवल उनकी जिम्मेदारियों का आकलन करता है, बल्कि विकास की राह में आने वाली चुनौतियों और अवसरों को भी उजागर करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रत्येक विभाग को सूचकांक के मापदंडों पर ध्यान केंद्रित करते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करना चाहिए। बैठक में उपायुक्त ने बताया कि महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग जैसे विभागों ने कई क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। हालांकि, उनके प्रयास सूचकांक में सही ढंग से परिलक्षित नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में सुधार के लिए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाना होगा, ताकि आने वाले समय में बिलासपुर जिला शीर्ष स्थान पर आ सके। उपायुक्त ने उपस्थित अधिकारियों को यह निर्देश भी दिए कि वे सभी सूचनाओं और डेटा की प्रामाणिकता और सटीकता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि गलत या अपूर्ण जानकारी न केवल शासन की प्रक्रिया को बाधित करती है, बल्कि जनता के विश्वास को भी प्रभावित कर सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि गुड गवर्नेंस इंडेक्स के माध्यम से शासन की नीतियों और कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाया जा सकता है। उपायुक्त ने कहा कि यह सूचकांक विभागीय प्रदर्शन की तुलना करने और भविष्य की योजनाओं के लिए आधार तैयार करने में सहायक है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे इसे केवल एक मूल्यांकन प्रणाली न समझें, बल्कि इसे अपने कार्यों को बेहतर बनाने के अवसर के रूप में देखें। बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी विभागों से अधिक समन्वय और सहयोग के साथ काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सूचकांक में सुधार न केवल जिले की प्रगति को प्रदर्शित करेगा, बल्कि जनता की उम्मीदों को पूरा करने में भी सहायक होगा। उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने विभागों को निर्देश दिए कि वे केवल निर्धारित प्रक्रियाओं और मापदंडों तक सीमित न रहें, बल्कि रचनात्मक और नवाचारपूर्ण विचारों पर काम करें। उन्होंने कहा कि हर विभाग को अपने कार्यक्षेत्र में सुधार और बेहतर परिणामों के लिए नई तकनीकों और योजनाओं को अपनाने की पहल करनी चाहिए। उपायुक्त ने जोर देकर कहा कि प्रशासन में गुड गवर्नेंस केवल एक लक्ष्य नहीं है, बल्कि एक सतत प्रक्रिया है, जिसे रचनात्मक सोच और सक्रिय भागीदारी से ही हासिल किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़ते हुए ऐसे उपाय खोजें, जो जनता की सुविधा और विकास के उद्देश्यों को अधिक प्रभावी ढंग से पूरा कर सकें।
बिलासपुर/सुनील: नगर नियोजन, आवास तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्मानी ने आज घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र की दधोल पंचायत में भारत की पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने स्वर्गीय इंदिरा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विचारों और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। राजेश धर्मानी ने कहा कि स्वर्गीय इंदिरा गांधी का जीवन देशसेवा और जनकल्याण को समर्पित था। उनकी दूरदर्शिता और साहस ने भारत को एक सशक्त राष्ट्र के रूप में स्थापित किया। उन्होंने हरित क्रांति के माध्यम से देश को कृषि में आत्मनिर्भर बनाया, बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया और भूमिहीन परिवारों को नो तोड़ भूमि देने जैसे ऐतिहासिक फैसले लिए। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी के नेतृत्व और साहसिक निर्णय आज भी प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने कहा, “1971 के युद्ध में भारत की ऐतिहासिक विजय, अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की साख को मजबूत करना और महिलाओं को सशक्त बनाना, उनके अद्वितीय नेतृत्व के उदाहरण हैं। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि साहस और निष्ठा के साथ हर बाधा को पार किया जा सकता है। इंदिरा जी को ‘आयरन लेडी’ के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने भारतीय राजनीति में महिलाओं के लिए एक नई राह खोली।” मंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार प्रदेश के विकास और जनता के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सरकार ने अब तक 20,000 से अधिक युवाओं को रोजगार प्रदान किया है और समाज के हर वर्ग को लाभ पहुंचाने के लिए योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने युवाओं से सरकारी नौकरियों के पीछे भागने के बजाय स्वरोजगार अपनाने और ईमानदारी तथा कर्तव्यनिष्ठा के साथ आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी जैसे महान नेताओं की सोच को आगे बढ़ाते हुए हमारी सरकार हर व्यक्ति के विकास और उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं और इंदिरा गांधी की जीवनी पर प्रकाश डाला गया। मंत्री ने ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं और उनके समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में दधोल पंचायत की प्रधान कंचन लता, उप प्रधान पुरुषोत्तम शर्मा, कसारू पंचायत की प्रधान अंजना, डॉक्टर एल.आर. शर्मा, डॉक्टर जगदीश, लेखराज ठाकुर, रवि कौशल, बीडीओ घुमारवीं और सीडीपीओ रंजना शर्मा सहित अन्य अधिकारी और व्यक्ति उपस्थित रहे।
** लगभग 50 वर्षों से किराए के भवनों में चल रहा है विभागीय कार्य कुनिहार बिजली बोर्ड लगभग 50 वर्षों से किराए के भवनों में चल रहा है। बोर्ड के पास अपनी जमीन होने के बावजूद भी अपना भवन नहीं है। किराए पर होने के कारण पिछले कई वर्षो से बिजली बोर्ड का भवन अलग अलग स्थानों पर शिफ्ट होता रहता है, जिस कारण लोगो व विभाग को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हिन्दुस्तान जन सेवा समिति कुनिहार के अध्यक्ष आर पी जोशी ने चर्चा के दौरान बताया कि कुनिहार विद्युत विभाग पिछले कई वर्षों से किराये के भवनों में चल रहा है। आज तक विद्युत विभाग किराए के रूप में लाखों रूपये भवन के मालिकों को दे चुका हैं और पिछले कई वर्षों में कई भवन बदल चुका हैं, जिससे विद्युत विभाग का कार्य बाधित होता है और लोगों को भी परेशानियों से जूझना पड़ता हैं। उन्होंने बताया कि कुनिहार विद्युत विभाग की कुनिहार अर्की सड़क पर 33 के वी सब स्टेशन के पास ज़मीन है, जिस पर विद्युत विभाग का नया भवन बन सकता है, जिससे एक तो विद्युत विभाग का अपना भवन होगा और किराए की भी बचत होगी और इसके साथ-साथ कुनिहार के जनसाधारण को भी सुविधा प्राप्त होगी।
उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा की अध्यक्षता में आज परवाणु से लेकर सोलन-शिमला ज़िला की सीमा तक भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एन.एच.ए.आई.) के फोरलेन कार्य के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मनमोहन शर्मा ने बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय राजमार्ग सोलन ज़िला के साथ-साथ शिमला एवं किन्नौर ज़िलों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सामरिक महत्व के अतिरिक्त यह राजमार्ग किसानों-बागवानों की आर्थिकी को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण है। आज इस राजमार्ग के फोरलेन कार्य में सुरक्षा मानकों के साथ-साथ अन्य व्यवस्थाओं को बनाए रखना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का उत्तरदायित्व है। उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के फोरलेन कार्य के दृष्टिगत जहां यात्रियों एवं स्थानीय निवासियों को बेहतर सुविधा मिल रही है, वहीं सुरक्षा की दृष्टि से कुछ चुनौतियां भी उत्पन्न हुई है। इन चुनौतियों का निराकरण किया जाना आवश्यक है। उपायुक्त ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण पर फोरलेन निर्माण के कारण कुछ स्थान ‘ब्लैक स्पॉट’ बनकर उभरे है। इन स्थानों पर बार-बार हो रही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एहतियाती उपाय अपनाने आवश्यक है। उन्होंने ऐसे स्थानों पर स्पीड ब्रेकर निर्मित करने, सूचना पट्ट स्थापित करने और अन्य आवश्यक उपाय अपनाने के निर्देश दिए। मनमोहन शर्मा ने कहा कि फोरलेन कार्य के साथ-साथ एन.एच.ए.आई. कुछ स्थानों पर आमजन की सुविधा के लिए फुट ओवर ब्रिज भी निर्मित किए जाने है। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्मित किए जा रहे फुट ओवर ब्रिज के निर्माण कार्यों में तेजी लाए और चिन्हित स्थानों पर इनका निर्माण कार्य आरम्भ करें। उन्होंने जाबली विद्यालय के समीप फुट ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य आरम्भ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डगशाई विद्यालय के लिए निर्मित किए जाने वाले फुट ओवर ब्रिज के निर्माण के स्थान के लिए विद्यालय के प्रधानाचार्य से विचार-विमर्श करें। उन्होंने इस कार्य को शीघ्र अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने सपरुन में सुबाथू मार्ग के समीप फुट ओवर ब्रिज निर्मित करने की सम्भावनाएं तलाशने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि सोलन के एम.आर.ए.डी.ए.वी. और गुरूकुल विद्यालय में बड़ी संख्या में छात्रों की आवाजाही के दृष्टिगत यहां फुटओवर ब्रिज निर्मित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने फोरलेन निर्माण कार्य को देखते हुए यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने एन.एच.ए.आई. को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य के स्थान पर नियमित रूप से जल का छिड़काव करते रहे ताकि धूल उड़ने से किसी को परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि धूल के कारण चालकों को देखने में समस्या उत्पन्न होती है और यह बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। इससे स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियां भी हो सकती है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों ने उपायुक्त को आश्वस्त किया कि बैठक में दिए गए निर्देशों पर कार्यवाही की जाएगी और समस्याओं का निकारण सुनिश्चित बनाया जाएगा। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अजय यादव, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के दिनेश पुनिया, काम्पीटेंट अथॉरिटी ऑफ लैंड ऐक्विज़िशन (सी.ए.एल.ए.) के आर.डी. हरनोट तथा रमेश चंद सहित आर.एस. जसवाल व राजेश खत्री उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने आज ऐतिहासिक रिज पर भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती पर उन्हें पुष्पाजंलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने राष्ट्र निर्माण में इंदिरा गांधी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी निर्णयों ने भारत को मजबूत आधार प्रदान कर सशक्त बनाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि सुधार और बैंकों का राष्ट्रीयकरण इंदिरा गांधी की दूरदर्शी नीतियों का प्रमाण हैं, जिससे आम आदमी लाभान्वित हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। इस अवसर पर उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, विधायक हरीश जनारथा, रंजीत सिंह राणा, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, पार्षद, उपायुक्त अनुपम कश्यप और अन्य लोग उपस्थित थे।
**अधिसूचना रद्द करे या सीएंडवी अध्यापकों को प्रभारी बनाए विभाग: दया राम ** प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग से शीघ्र अधिसूचना रद्द करने की उठाई मार्ग जिला मंडी सीएंडवी अध्यापक संघ ने शिक्षा विभाग द्वारा 16 नवंबर को जारी अधिसूचना को लेकर हैरानी जताई हैं, जिसमें माध्यमिक, उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में टीजीटी गणित, टीजीटी साइंस,और टीजीटी कला अध्यापकों से कोई भी गैर शिक्षण कार्य न लिए जाने के आदेश दिए गए हैं। सीएंडवी अध्यापक संघ जिला मंडी के अध्यक्ष दयाराम का कहना कि शिक्षको से गैर शिक्षण कार्य न लेना स्वागत योग्य कदम है लेकिन विशेष वर्ग शिक्षक के लिए यह आदेश औचित्यपूर्ण नहीं है। गणित, विज्ञान और अंग्रेजी विषय ही नहीं छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए सभी विषयों का संतुलन बनाए रखना अति आवश्यक है। दयाराम ठाकुर का कहना है कि विभाग ने इन आदेशों में परख सर्वे का हवाला दिया है। यदि परख पर सर्वे की मॉक परीक्षा के आधार पर यह आदेश हुए हैं तो परख सर्वेक्षण की मॉक परीक्षा में छात्र भाषा में भी पिछड़े हैं। भाषा के विकास के लिए विभाग ने क्या कदम उठाया। बिना भाषा के अन्य विषयों का अध्ययन भी संभव नहीं है। सामाजिक विज्ञान और गणित कोई भाषा नहीं है। इन सभी विषयों का अध्ययन हिंदी भाषा के माध्यम से ही होता है। दयाराम ठाकुर ने कहा कि कार्यभार ही देना है तो वरिष्ठ सीएंडवी अध्यापकों को माध्यमिक स्कूलों का प्रभारी बनाया जाए। टीजीटी अध्यापकों को सिर्फ पठन-पाठन का कार्य सौंपा जाए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि या तो इस अधिसूचना को रद्द किया जाए या फिर सीएंडवी अध्यापकों को स्कूलों का प्रभारी बनाया जाए। जिला कार्यकारिणी महासचिव नंदलाल चौधरी, महिला विंग अध्यक्ष मधुबाला भंडारी, पूरन चंद चौधरी, राकेश चौधरी, गिरधारी लाल, राकेश कुमार महंत, सतीश कुमार, दीपक कुमार, हेमराज, पूरन चंद, सतीश कुमार, अनिल कुमार, अरविंद, नरोत्तम, प्रकाश चंद, खूब राम, जितेंद्र और प्रेम सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग से अधिसूचना रद्द करने की मांग की है।
** कृषि अनुसंधान एवं तकनीक की दी विस्तार से जानकारी पधर: राजकीय महाविद्यालय द्रंग स्थित नारला के वसुंधरा इको क्लब एवं विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने चौधरी सरवन कुमार कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर का शैक्षणिक भ्रमण कर कृषि अनुसंधान एवं तकनीक बारे विस्तृत जानकारी हासिल की। इस दौरान विद्यार्थियों ने साइंस सेंटर पालमपुर का भी भ्रमण किया। प्रशिक्षण सहयोगी संजीव परमार ने विद्यार्थियों को आधुनिक कृषि तकनीकों के व्यावहारिक पहलुओं, फसल विज्ञान में प्रगति और टिकाऊ कृषि प्रथाओं का समर्थन करने में विश्वविद्यालय की भूमिका के बारे में बहुमूल्य जानकारी दी। विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों ने कृषि प्रौद्योगिकी सूचना केंद्र, संग्रहालय, पुस्तकालय, खाद्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, बुनियादी विज्ञान का दौरा किया,जहां कृषि प्रौद्योगिकी सूचना केंद्र (एटीआईसी) में कृषि क्षेत्र को बदलने में प्रौद्योगिकी के महत्व पर प्रकाश डाला गया। खाद्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग से सहायक प्रोफेसर डॉ. नीलाक्षी चौहान ने छात्रों क खाद्य संरक्षण, प्रसंस्करण और खाद्य सुरक्षा में योगदान देने वाले नवाचारों के महत्व को समझाया। वहीं बुनियादी विज्ञान विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. सुमन शर्मा ने छात्रों को एक इंटरैक्टिव सत्र में शामिल किया, जहां उन्हें विभिन्न रासायनिक प्रक्रियाओं और प्रयोगों से परिचित करवाया गया, जिनका कृषि और दैनिक जीवन दोनों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। विज्ञान केंद्र में डॉ. चंद्रशेखर ने छात्रों का मार्गदर्शन किया। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने प्राचीन शिव मंदिर बैजनाथ में शीश नवा कर मंदिर के प्राचीन इतिहास की भी जानकारी ली। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. कल्याण चंद मंढोत्रा ने कहा कि शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहवर्धन के साथ महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की। उन्होंने भ्रमण के सफल आयोजन के लिए महाविद्यालय प्राध्यापकों को बधाई भी दी।
नौणी विवि के सब्जी विज्ञान विभाग ने गाजर और फ्रांस बीन की नई किस्मों को ईजाद किया है। दोनों किस्मों को राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष प्रदर्शन करने वाली किस्मों के रूप में मान्यता दी गई है। शीतोष्ण गाजर की किस्म सोलन श्रेष्ठ और फ्रांस बीन किस्म लक्ष्मी को हाल ही में नई दिल्ली में केंद्रीय किस्म रिलीज समिति (सीवीआरसी) ने आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया है। अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (एआईसीआरपी वीसी) के परियोजना समन्वयक डॉ. राजेश कुमार ने राष्ट्रीय विमोचन कार्यक्रम में इनकी प्रस्तुति दी। लक्ष्मी और सोलन श्रेष्ठ दोनों को कई क्षेत्रों में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रशंसा मिली। लक्ष्मी फ्रांस बीन किस्म को जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जोन और पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड जोन में खेती के लिए अनुशंसित किया गया है। सोलन श्रेष्ठ पंजाब, बिहार के कुछ हिस्सों के लिए उपयुक्त है। इन किस्मों को विवि द्वारा क्रमश: 1992 और 2016 में विकसित किया गया था और राष्ट्रीय रिलीज के लिए अनुमोदित होने से पहले 2017 और 2019 तक सब्जी फसलों पर एआईसीआरपी के तहत परीक्षण किया गया था। उधर, कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल ने वैज्ञानिकों के योगदान की सराहना की है। एआईसीआरपी (सब्जी फसल) के सोलन केंद्र में प्रजनक और प्रधान अन्वेषक डॉ. रमेश कुमार भारद्वाज और अनुसंधान निदेशक डॉ. संजीव चौहान ने बताया कि गाजर की किस्म सोलन श्रेष्ठ लंबी, आकर्षक, नारंगी रंग की स्व-कोर वाली बेलनाकार जड़ों के लिए जानी जाती है। यह जल्दी तैयार हो जाती है, बिना बालों वाली जड़ें और मुलायम होती है। कैरोटीन से भरपूर होती है। सोलन श्रेष्ठ आम बीमारियों और कीटों के प्रति प्रतिरोधी है। इसकी जड़ का औसत वजन 255-265 ग्राम है, जिससे 225-275 क्विंटल प्रति हेक्टेयर विपणन योग्य उपज प्राप्त होती है। इसी प्रकार, फ्रांस बीन की किस्म लक्ष्मी प्रति नोड 2-3 लंबी, आकर्षक, बिना डोरी वाली हरी फलियां पैदा करती है, जो 65-70 दिनों में पक जाती है। यह 150-200 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की उच्च विपणन योग्य उपज प्रदान करती है, जिसमें परिपक्व बीज हल्के पीले रंग की पट्टियों के साथ सफेद होते हैं।
कुल्लू की मणिकर्ण घाटी के कसोल में अगले महीने कसोल कार्निवल का आयोजन होना है। ऐसे में यहां पर्यटकों की सुविधा के लिए अब प्रशासन द्वारा भी तैयारियां की जा रही हैं। कसोल में प्रशासन द्वारा एक बार फिर से अवैध रूप से होटल, गेस्ट हाउस, होम स्टे चलाने वालों पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन के द्वारा विभिन्न विभागों के साथ मिलकर एक कमेटी का गठन किया गया है और निरीक्षण के दौरान पाया गया कि यहां कई होटल पंजीकृत नहीं है। कसोल में 45 पर्यटन इकाइयां पंजीकृत नहीं है। ऐसे में इन सभी इकाइयों को बंद कर दिया गया है और सभी इकाइयों के संचालकों को नोटिस जारी किया गया है, ताकि वे समय पर पंजीकरण की प्रक्रिया को पूरा करें, वरना उन पर आगामी समय में कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। एसडीएम कुल्लू विकास शुक्ला इस कमेटी की देखरेख कर रहे हैं और कसोल के साथ लगते इलाकों में भी अब होटल, होमस्टे, गेस्ट हाउस से संबंधित दस्तावेजों को जांचा जा रहा है। प्रशासन द्वारा गठित इस संयुक्त टीम में पर्यटन विभाग के साथ लोकनिर्माण विभाग, वन, जलशक्ति, प्रदूषण बोर्ड, नगर नियोजन, राजस्व विभाग आदि शामिल हैं। अभी तक जांच में कसोल में पार्वती नदी किनारे के साथ अन्य जगह करीब 15 ऐसी कैंपिंग साइट पाई गई हैं, जो बिना पंजीकरण चल रही थीं। इस तरह से चल रही यह कैंपिंग साइट सरकार को भी चूना लगा रही थीं। एसडीएम कुल्लू विकास शुक्ला ने बताया कि प्रशासन को शिकायत मिल रही थी कि यहां पर अवैध रूप से पर्यटन कारोबार किया जा रहा है। इससे जहां सैलानियों की जान को भी खतरा बना रहता है तो वहीं सरकार को भी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
हिमाचल प्रदेश पुलिस लगातार विवादों में है। मंडी में एसएचओ के रिश्वत कांड के बाद अब सोलन में एक पुलिस कर्मचारी का वीडियो वायरल हुआ है। सोलन के चंबाघाट क्षेत्र में शराब ठेके के बाहर नशे की हालत में एक पुलिस कर्मचारी द्वारा सेल्जमैन से शराब की मांग करने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल खूब वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद उसे सस्पेंड कर दिया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक रविवार रात सोलन पुलिस में तैनात एक कर्मचारी पुलिस की वर्दी में चंबाघाट क्षेत्र के शराब ठेके के बाहर नशे की हालत में पाया गया। शराब के नशे में धुत्त पुलिस कर्मचारी सेल्जमैन से शराब की बार-बार मांग कर रहा था। इसी दौरान किसी ने नशे में धुत्त पुलिस कर्मचारी का वीडियो बना दिया। जैसे वीडियो वायरल हुआ, तो इससे सोलन पुलिस की सोशल मीडिया में काफी किरकिरी हुई। सोशल मीडिया में वायरल हुई वीडियो में सोलन पुलिस का यह जवान वर्दी में एक शराब ठेके के बाहर नशे की हालत में दिखाई पड़ रहा है। जैसे मामला सोलन पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में आया तो पुलिस अधिकारियों ने त्वरित एक्शन लेते हुए इस पुलिस कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया। साथ ही उसके खिलाफ विभागीय जांच भी बिठा दी गई है। एसपी सोलन गौरव सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि संबंधित पुलिस कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया है और उसके खिलाफ विभागीय जांच बिठा दी गई है।
हिमाचल प्रदेश में उद्योगों को सस्ती बिजली का प्रबंध करने के लिए सरकार बड़ा कदम उठा सकती है। हालांकि अभी तक यह केवल एक सुझाव है, लेकिन सामने आया है कि उद्योगों को बिजली देने के लिए अलग से नई कंपनी का गठन किया जाए। इसमें बिजली बोर्ड से ही उन पुराने प्रोजेक्टों को वापस लिया जाए, जो 40 साल से ज्यादा समय से उत्पादन में है। क्योंकि एक शर्त राज्य सरकार की निजी कंपनियों के लिए भी है कि 40 साल पुराने प्रोजेक्ट वह सरकार को सौंप देंगी। लिहाजा इसे बिजली बोर्ड पर भी लागू करने की सोच है। सूत्रों के अनुसार सरकार द्वारा बनाई गई कैबिनेट सब-कमेटी के सामने इस तरह का सुझाव आया है और उसने आगे सीएम से भी इस बात पर चर्चा की है। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री सुक्खू ने इसको नकार दिया है और उनका मानना है कि बोर्ड के ढांचे से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती, परंतु आने वाले समय में इस मामले को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है, क्योंकि कुछ अधिकारी भी इस हक में है। अधिकारियों का मानना है कि इससे उद्योगों के लिए सरकार एक अलग व्यवस्था कर सकेगी और जो निवेशक यहां पर बिजली को लेकर अब परेशान हो रहे हैं, उनकी दिक्कत दूर हो सकती है। क्योंकि उद्योगों को अब दूसरे राज्य भी सस्ती बिजली देने लगे हैं और यहां पर बिजली का टैरिफ बढ़ रहा है, जिससे उद्योगपतियों में नाराजगी है। उनकी नाराजगी को दूर करने के लिए यदि सरकार बिजली क्षेत्र की नई कंपनी उद्योग क्षेत्रों में ही स्थापित कर दे और उसके माध्यम से केवल उद्योगों के लिए बिजली का वितरण करे, तो इससे उद्योगों को सस्ती बिजली का इंतजाम हो सकता है। वैसे यह इतना ज्यादा आसान नहीं है, परंतु फिर भी कैबिनेट सब-कमेटी अपनी ओर से सरकार के सामने इस तरह का सुझाव जरूर रखेगी। इसको लेकर सब-कमेटी ने काफी मंथन भी किया है। मुख्यमंत्री सुक्खू के साथ रविवार को अभियंताओं व कर्मचारियों के ज्वाइंट फ्रंट की जो बैठक हुई है, उसमें भी यह मुद्दा उठा है, मगर इस पर कोई बात नहीं बन पाई। क्योंकि बिजली बोर्ड में कर्मचारियों पर लगने वाली लागत काफी ज्यादा है और पेंशनरों का बड़ा खर्र्च बोर्ड पर है। उससे यहां बिजली के टैरिफ पर असर पड़ रहा है। बिजली का टैरिफ इससे महंगा हो गया है और अब उद्योगों को सरकार उस कद्र सस्ती बिजली नहीं दे पा रही है जितनी उसे देनी चाहिए। पिछले दिनों एक रूपए सबसिडी इसमें सरकार ने कम की थी, जोकि 100 किलोवॉट से ज्यादा बिजली इस्तेमाल करने वाले उद्योगों पर लागू हुई थी, मगर इस पर हाई कोर्ट ने रोक लगा दी, जिससे भी सरकार फंस गई है। हिमाचल प्रदेश में उद्योगों को भी सस्ती बिजली देना जरूरी है। बिजली बोर्ड के चार ऐसे प्रोजेक्ट बताए जा रहे हैं, जो 40 साल से ऊपर हो चुके हैं और उनसे उत्पादन हो रहा है। उनकी पूरी बिजली का इस्तेमाल बिजली बोर्ड ही करता है और उससे सरकार को कोई लाभ नहीं मिल रहा। ऐसे में अब कैबिनेट सब-कमेटी के सुझावों को सरकार मानती है या नहीं, यह देखना होगा।
चिट्टे के मामले में हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर से गिरफ्तार मुख्य तस्कर अनिल उर्फ पिंटू के बारे में सोलन पुलिस ने कई खुलासे किए हैं। पिंटू जंगल में अकेला रहता था, जब भी पुलिस टीम उसे पकड़ने के लिए जाती थी, वह टीम के पीछे अपने खूंखार कुत्तों को छोड़ देता था। पुलिस उसे पकड़ न पाए, इसलिए उसने दस कुत्ते पाल रखे थे। आरोपी ने तीन शादियां की हैं और उसके पांच बच्चे हैं। इसके बावजूद उसने पंजगाई के जंगल में घर बनाया हुआ है, जहां वह अकेला रहता था। 17 नवंबर को सोलन पुलिस टीम पूरी तैयारी के साथ गई और उसे घर के साथ लगती गोशाला से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार दाड़लाघाट में चिट्टे के मामले में पहले से गिरफ्तार बिलासपुर के दो आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। एसपी सोलन गौरव सिंह ने बताया कि जांच में पाया गया है कि अनिल उर्फ पिंटू नशे का एक बहुत बड़ा सप्लायर है, जो बिलासपुर समेत अन्य जिलों में युवकों को काफी समय से चिट्टे की सप्लाई कर रहा था। इस आरोपी ने अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए घर पर खूंखार कुत्ते पाल रखे हैं, जिन्हें पुलिस टीम पर छोड़ देता था। यह आरोपी घर से फरार चल रहा था। इसे दाड़लाघाट पुलिस की टीम ने गोशाला में छापा मारा। तलाशी के दौरान इस आरोपी से नकदी के अलावा चिट्टा तौलने के लिए रखी गई मशीन, एक खुखरी और फॉयल पेपर भी बरामद हुए हैं। आरोपी के खिलाफ कुल 41 आपराधिक मामले दर्ज है, जिनमें से 9 मामले एनडीपीएस एक्ट के हैं। आरोपी को कोर्ट में पेश कर तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है।
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में एक सड़क हादसे में तीन लोगों की माैत हो गई है। शादी समारोह से लौट रहे परिवार की कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में तीन लोगों की माैके पर ही माैत हो गई। हादसा गिरी भरमौर-गरिमा मार्ग पर आधी रात को हुआ। हादसे के कारणों का पता नहीं चल पाया है। मृतकों की पहचान कमलेश कुमार पुत्र धर्म सिंह, तृप्ता देवी पत्नी विजय कुमार और चालक विजय कुमार निवासी संचुई, तहसील भरमौर के रूप में हुई है।। बताया जा रहा है कि कार ऊपर वाली सड़क से लुढ़कर नीचे वाली सड़क पर गिर गई। हादसे की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने शवों को कब्जे में लेकर भरमौर अस्पताल पहुंचाया। एसपी चंबा अभिषेक यादव ने हादसे की पुष्टि की है। कहा कि पुलिस आगामी कार्रवाई कर रही है।
शिमला: हिमाचल में पिछले कई महीनों से कमर तोड़ महंगाई की समस्या से जूझ रहे लाखों लोगों को डिपुओं में भी राहत नहीं मिल रही है। हालत ये है कि नवंबर महीना बीतने को है, लेकिन प्रदेश भर के 4500 से ज्यादा डिपुओं में उपभोक्ताओं को इस महीने सरसों के तेल सहित तीन दालों का कोटा उपलब्ध नहीं हुआ है, जिसके चलते बाजार से महंगे रेट पर खाद्य वस्तुएं खरीद कर रसोई चलाने को उपभोक्ता मजबूर हैं। पिछले महीने फेस्टिव सीजन में लोगों का पहले ही जेब खर्च ज्यादा हुआ है। ऐसे में डिपुओं में तेल और दाल का कोटा न मिलने से लोगों की जेब और टाइट हो गई है। वहीं, प्रदेश के अधिकतर डिपुओं में तो उपभोक्ताओं को पिछले महीने भी सरसों का तेल नहीं दिया गया है, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। वहीं, डिपुओं में सरसों का तेल और दालों का कोटा कब तक उपलब्ध होगा? इस बात की भी उपभोक्ताओं को कोई जानकारी नहीं मिल रही है। उचित मूल्यों की दुकानों से कोटा गायब होने से लाखों परिवार अब बाजार से 200 रुपए लीटर सरसों का तेल और 100 से 120 रुपए किलो दालें खरीदने के लिए मजबूर है। हालात ये है कि मंडी समेत अन्य जिलों में तो उपभोक्ताओं को पिछले कई महीने भी डिपुओं में सरसों का तेल और दालों का कोटा नहीं मिला है, जिससे उपभोक्ता पिछले दो महीनों से बाजार से महंगे भाव पर सरसों का तेल और दालें खरीदने को विवश हैं। खुले बाजार में सरसों के तेल की कीमतें आसमान छूने लगी हैं, लेकिन डिपुओं में उपभोक्ताओं को सस्ते रेट पर दिए जाने वाले सरसों के तेल के भाव में पिछले करीब तीन महीने से कोई बदलाव नहीं हुआ हैं। हिमाचल सरकार उपभोक्ताओं को एक राशन कार्ड पर अधिकतम दो लीटर सरसों का तेल दे रही है। इसमें एपीएल और बीपीएल उपभोक्ताओं को 123 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से सरसों का तेल उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं, टैक्स पेयर कार्ड धारकों को यही सरसों का तेल 129 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से दिया जा रहा है। पिछले महीने त्योहारी सीजन में सरकार ने उपभोक्ताओं को डिपुओं में जाकर जरूरत के मुताबिक सरसों का तेल खरीदने की सुविधा भी दी थी, लेकिन सरकार का ये दावा कुछ ही दिनों में ही हवा हो गया था। हिमाचल में डिपुओं में उपभोक्ताओं को दालें भी सस्ते भाव पर उपलब्ध करवाई जाती हैं। इसमें बीपीएल परिवारों को उड़द की दाल 58 रुपए किलो के हिसाब से दी जाती है। एपीएल परिवारों को उड़द की दाल 68 रुपए किलो मिलती है। इसके अलावा टैक्स पेयर को डिपुओं में 93 रुपए किलो उड़द की दाल उपलब्ध कराई जाती है। इसी तरह से बीपीएल परिवारों को मलका की दाल 56 रुपए प्रति किलो के हिसाब से दी जाती है। एपीएल परिवारों को मलका दाल 66 रुपए किलो और टैक्स पेयर के लिए मलका की दाल का भाव अभी 91 रुपए तय किया गया है। डिपुओं में एपीएल परिवारों को चना दाल अभी तक 48 रुपए किलो दी जाती है। वहीं, बाजार में इन तीनों ही दालों का भाव 100 से 120 रुपए प्रति किलो है। हिमाचल प्रदेश में कुल राशन कार्ड धारकों की संख्या 19 लाख 65 हजार 589 है। जो 4500 से ज्यादा डिपुओं के जरिए सस्ते राशन की सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। डिपुओं के जरिए उपभोक्ताओं को आटा, चावल, तीन अलग-अलग किस्म की दालें, सरसों का तेल और नमक बाजार से सस्ते रेट पर उपलब्ध करवाया जाता है। महंगाई के कारण डिपुओं में सरसों के तेल की अधिक मांग रहती है। सरसों के तेल के कोटे को कोई भी उपभोक्ता नहीं छोड़ता है। ऐसे में प्रदेश में हर महीने डिपुओं में 34 लाख लीटर तेल की खपत रहती है, जिस पर सरकार सब्सिडी के तौर पर लाखों रुपए खर्च करती है।
ज्वाली/संजीव खटटा: नशे के खिलाफ कड़ा संदेश देते हुए जिला नूरपुर पुलिस ने ज्वाली के ट्यूकर निवासी सोहन सिंह की संपत्ति जब्त कर दी है। सोहन सिंह, जो नशे के सौदागरों के नेटवर्क का अहम हिस्सा था, की कुल संपत्ति 1 करोड़ 42 लाख 47 हजार 322 रुपये की है। कैसे फंसा आरोपी? 23 दिसंबर को पुलिस ने ज्वाली के अमनी में मंडी जिला निवासी श्याम लाल को 1 किलो 43 ग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया था। जांच की कड़ियां जोड़ते-जोड़ते पुलिस ट्यूकर निवासी सोहन सिंह तक पहुंची। पौंग डैम क्षेत्र से सोहन सिंह की गिरफ्तारी के बाद, पुलिस ने उसकी चल-अचल संपत्तियों की गहन जांच की और सक्षम प्राधिकारी, नई दिल्ली से अनुमति लेकर यह कड़ा कदम उठाया। क्या-क्या जब्त हुआ? एसपी नूरपुर के अनुसार, जब्त की गई संपत्तियों में एक आलीशान मकान, एक ट्रैक्टर, एक बोलेरो गाड़ी, एक हुंडई कार शटरिंग का सामान और माता और पत्नी के नाम पर खरीदी गई जमीन को जब्त किया है। नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ यह कार्रवाई नूरपुर पुलिस का एक सख्त संदेश है। जनता से भी अपील की गई है कि नशे के खिलाफ लड़ाई में पुलिस का साथ दें।
बाबा कांशीराम राजकीय महाविद्यालय डाडा सिबा में उच्चतर शिक्षा निर्देशालय हिमाचल प्रदेश शिमला के निर्देश अनुसार डॉ सुशील कुमार बस्सी प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय ज्वालामुखी, तथा डॉक्टर अनिल गौतम प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय नादौन की अगुवाई में महाविद्यालय का रैंकिंग हेतु निरीक्षण किया गया। इस का उद्देश्य महाविद्यालय में विद्यार्थियों को दी जा रही सुविधाओं का आंकलन एवं निरीक्षण करना था, जिस के आधार पर आगे महाविद्यालय को ग्रेडिंग दी जा सके। महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य प्रो जतिंदर कुमार ने डॉक्टर सुशील बस्सी और अनिल गौतम का स्वागत किया। तत्पश्चात निरीक्षण दल ने निरीक्षण कर के महाविद्यालय की गुणवत्ता को ओर बेहतरीन बनाने हेतु महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इस अवसर पर निरीक्षण दल के सदस्यों में प्रो. बलजीत, यशपाल, अनिल ओर अधीक्षक कुलदीप उपस्थित रहे। वहीं महाविद्याल की अभिभावक शिक्षक संघ के प्रधान परवीन बाला, पूर्व प्रधान अंजना और पिंकी भी उपस्थित रहे। महाविद्यालय की तरफ से प्रो. दविंदर, ख़ेम चंद, शीतल देवी, पलक ओर सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष अंजना मौजूद रहे।
** डॉ. शांडिल ने बाई पास पर भूस्खलन एवं प्रस्तावित शहीद स्मारक स्थल का किया निरीक्षण स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि यूरो किड्स स्कूल बच्चों की प्रतिभा को निखारने के लिए बेहतर कार्य कर रहा है। डॉ. शांडिल आज यहां यूरो किड्स स्कूल सोलन के वार्षिक समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। डॉ. शांडिल ने नन्हे छात्रों के अभिभावकों से आग्रह किया कि इन बच्चों का बेहतर भविष्य बनाने में अपना सहयोग दें। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धात्मक युग में बच्चों को खेलने का समय नहीं मिल पाता है। पढ़ाई व अन्य गतिविधियों के साथ-साथ खेल गतिविधियों में भाग लेना आवश्यक है ताकि बच्चों का सर्वागींण विकास हो सके। उन्होंने कहा कि अभिभावक छोटे बच्चों को आदर्श बनाने के लिए उन्हें संस्कार युक्त शिक्षा दें। उन्होंने कहा कि अध्यापक छोटी आयु के बच्चों को व्यावहारिक ज्ञान भी दें। यूरो किड्स की मुख्याध्यापक सीमा बहल ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और विद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर स्कूल के नन्हे बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। डॉ. शांडिल ने इस अवसर पर स्कूल के बच्चों को सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए अपनी एच्छिक निधि से 21 हजार रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने तदोपरांत सोलन शहर के बाईपास पर दोहरी दीवार के समीप हो रहे भूस्खलन का निरीक्षण किया तथा सम्बन्धित अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सोलन बाई-पास में शहीदी स्मारक के प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण भी किया। उन्होंने शहीदी स्मारक की रूपरेखा की जानकारी ली और निर्माण के सम्बन्ध में उचित निर्देश जारी किए। नगर निगम सोलन की महापौर उषा शर्मा, जोगिन्द्रा केन्द्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, हिमाचल प्रदेश खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के निदेशक मण्डल के सदस्य जतिन साहनी, नगर निगम सोलन के पार्षद सरदार सिंह, ईशा, पूजा, संगीता ठाकुर, अभय तथा राजीव कौडा, उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, नगर निगम सोलन की आयुक्त एकता काप्टा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित रंजन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजकुमार चन्देल, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेन्द्र सेठी, महेश्वर सिंह चौहान, शिव कुमार, संजीव ठाकुर, कर्नल संजय शांडिल, उपमण्डलाधिकरी सोलन डॉ. पूनम बंसल, रोगी कल्याण समिति के सदस्य विनीश धीर, नरेन्द्र ठाकुर, राजेश ठाकुर, कुनाल सूद, रजत थापा, यूरो किड्स स्कूल के प्रबंध निदेशक शोभित बहल, निदेशक भव्या बहल सहित अन्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
** कहा, अब देश भर में एक ही गारंटी है वह है मोदी की गारंटी ** जयराम ठाकुर ने झारखंड और महाराष्ट्र में बेनकाब किया कांग्रेस का झूठ शिमला: महाराष्ट्र और झारखंड में हो रहे विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के लिए प्रचार करके हिमाचल वापस आए पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पूरे देश में हिमाचल प्रदेश की ‘सुख की सरकार' के नाकामियों के चर्चे हो रहे हैं। विभिन्न प्रकार के मीडिया के माध्यम से हिमाचल की जो खबरें देश भर में जा रही हैं वह प्रदेश की छवि के खिलाफ रही हैं। पूरे भारत में हिमाचल शांत और प्रगतिशील राज्य के रूप में जाना जाता है। कांग्रेस के दो साल के कार्यकाल ने हिमाचल की इस छवि को भी नुकसान पहुंचाने का काम किया है। कांग्रेस की नीतियों की वजह से हिमाचल प्रदेश विकास की दौड़ में बहुत पीछे रह गया है जिसकी भरपाई आसान नहीं है। जयराम ठाकुर ने कहा कि झारखंड और महाराष्ट्र के लोगों को हिमाचल की कांग्रेस की सरकार की नाकामियों के बारे में पता है। दोनों जगह पर भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दलों के बीच जबर्दस्त माहौल है। झारखंड में लोग भ्रष्टाचार और घुसपैठ को मिल रहे सरकारी समर्थन से लोग तंग आ रहे हैं और अब हिमाचल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में साथ डबल इंजन की सरकार में रहना चाहते हैं। भारतीय जनता पार्टी द्वारा पूर्व के चुनाव में की गई घोषणाओं के अक्षरश: से पूरा करने की निति ने देश की राजनीति को एक नई दिशा दिखाई है। नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी अपने हर चुनावी संकल्प को निर्धारित समय में पूरा करती है। जिसके कारण अब देश के लोग सिर्फ और सिर्फ एक ही गारंटी पर भरोसा करते हैं और है मोदी की गारंटी। जो अपने चुनावी घोषणा पत्र को एक पवित्र दस्तावेज की तरह देश में बिना किसी भेदभाव के लागू करती है। आज देशभर का हर बुजुर्ग जिनकी उम्र 70 साल से अधिक है उन्हें बिना किसी शर्त के आयुष्मान जैसी योजना के तहत ₹5 लाख का मुफ्त इलाज मिल रहा है। जयराम ठाकुर ने कहा कि पूरे देश में राजनीति में गारंटी के नाम पर लोगों को धोखा देने की प्रथा कांग्रेस ने शुरू की थी। यहां कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता छोटी बड़ी स्वभाव से लेकर बड़े-बड़े मंचों पर खड़े होकर खुलेआम बड़े-बड़े वादे करते थे और जनता को झांसे में लेकर वोट लेने की पैंतरे आजमाते थे। कांग्रेस द्वारा हिमाचल में इसी धोखे से सत्ता हासिल की गईं। लेकिन सत्ता हासिल करने के बाद सरकार सरोकारों से दूर चली गई और तानाशाही पूर्ण रवैए से शासन करना शुरू कर दिया। सरकारी निरंकुशता का आलम यह रहा कि कांग्रेस अपनी दी हुई गारंटी को पूरा करना तो दूर गारंटियों के विपरीत ही काम करना शुरू कर दिया। प्रदेश के 12000 से ज्यादा युवा नौकरी से निकाले गए और 1200 के लगभग चलते-फिरते संस्थान बंद कर दिए गए। हिमाचल कांग्रेस सरकार का मॉडल सत्ता की असफलता और झूठ बोलकर सत्ता हासिल करने का 'परफेक्ट' मॉडल है। लेकिन प्रदेश कांग्रेस सरकार की नाकामी और तानाशाही ने कांग्रेस के गारंटी मॉडल की हवा निकाल दी। सबसे सुखद बात यह है कि हिमाचल ही नहीं पूरे देश ने कांग्रेस के झूठे गारंटी मॉडल को नकार दिया है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देश भर के अलग अलग चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस द्वारा झूठ प्रचारित किया कि उनके द्वारा दी गई गारंटियां हिमाचल में अक्षरश: पूरी की गई हैं। ऐसे में नेता विपक्ष के कारण यह हमारा धर्म है कि हम प्रदेश के हालात देश के लोगों को बताए और कांग्रेस के झूठी गारंटियों की गाड़ी की हवा निकालें। एक विपक्ष के नेता के नाते यह हमारा दायित्व है कि एक भी देशवासी कांग्रेस की झूठी गारंटियों का शिकार न होने पाए। इसलिए हमने देश भर में सुक्खू सरकार के झूठ को बेनकाब कर उनकी जनविरोधी सोच को देशवासियों के सामने उजागर किया। कांग्रेस का झूठ भाजपा देश में कहीं भी चलने नहीं देगी।
** विभिन्न योजनाओं का समयबद्ध कार्यान्वयन आवश्यक: डॉ. शांडिल स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि शी हाट की तर्ज पर सोलन में भी महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद विक्रय करने के लिए व्यवस्थित केन्द्र स्थापित करने की सम्भावनाएं तलाशी जाएंगी। डॉ. शांडिल आज यहां 20-सूत्रीय कार्यक्रम समीक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। डॉ. शांडिल ने कहा कि प्रदेश सरकार के लिए महिला सशक्तिकरण सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि महिलाएं स्वयं सहायता समूहों सेे जुड़कर अपनी तथा प्रदेश की आर्थिकी में सकारात्मक योगदान दे रही हैं। सिरमौर ज़िला में स्थित शी हाट आज सभी महिलाओं को नई राह दिखा रहा है। उन्होंने कहा कि सोलन देश के व्यस्तत्म औद्योगिक एवं परिवहन केन्द्रों में से एक है। ऐसे स्थान पर शी हाट की तर्ज पर महिलाओं के लिए उनके उत्पादों का विपणन केन्द्र खुलना सभी के हित में है। उन्होंने उपायुक्त सोलन को निर्देश दिए कि सोलन-परवाणु राष्ट्रीय राजमार्ग पर इस केन्द्र की स्थापना की सम्भावनाएं तलाशी जाएं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्थानीय लोगों की मांग पर सोलन ज़िला के कण्डाघाट में अग्निश्मन केन्द्र स्थापित किया जाएगा। उन्होंने इस दिशा में उपायुक्त सोलन को उचित कार्यवाही के निर्देश दिए। डॉ. शांडिल ने कहा कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य ऐसी योजनाओं की समीक्षा करना है जो समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान में सहायक हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का समयबद्ध कार्यान्वयन आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी लाएं और समयबद्ध सीमा में लक्ष्य पूरे करें। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन की समस्याओं के स्थाई समाधान करें। उन्होंने उपायुक्त को निर्देश दिए कि बैठक से अनुपस्थित अधिकारियों के विरुद्ध उचित कार्यवाही की जाए। स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिए कि ज़िला में लोगों को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाने के लिए नियमित औचक निरीक्षण सुनिश्चित बनाए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि नालागढ़ उपमण्डल की विभिन्न ग्राम पंचायतों में गत वर्ष आपदा के कारण बेघर हुए प्रभावितो को शीघ्र भूमि उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने कहा कि वनों में लगने वाली आग की घटनाओं को रोकना सामूहिक उत्तरदायित्व है। उन्होंने वन विभाग को निर्देश दिए कि इस दिशा में लोगों को जागरूक करें। डॉ. शांडिल ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या और घटते संसाधन सभी के लिए चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों का उचित प्रयोग आवश्यक है।बैठक में अवगत करवाया गया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत सोलन ज़िला में वर्तमान में कुल 65 हजार जॉब कार्ड सक्रिय हैं। इस वित्त वर्ष में अभी तक 6 लाख 79 हजार कार्य दिवस अर्जित कर विभिन्न विकास कार्यों पर 35 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। बैठक में जानकारी दी गई कि सोलन ज़िला के प्रत्येक विकास खण्ड में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन इकाई स्थापित की जा रही है। इस इकाई की स्थापना के उपरांत सभी ग्राम पंचायतें स्वच्छता उपकर ले सकेंगी। वर्तमान में ज़िला की कुल 240 ग्राम पंचायतों में से 65 ग्राम पंचायतें स्वच्छता कर ले रही हैं। बैठक में अवगत करवाया गया कि सोलन ज़िला में इस वित्त वर्ष में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 291 किलोमीटर सड़क निर्माण किया जा रहा है। उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने मुख्यातिथि को विश्वास दिलाया कि उनके निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित बनाया जाएगा और गैर-सरकारी सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों पर सारगर्भित विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कण्डाघाट में अग्निशमन उप-केन्द्र की स्थापना के लिए भूमि चिन्हित कर ली गई है। अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय यादव ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। बैठक में नगर निगम सोलन की महापौर उषा शर्मा, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं समिति के गैर-सरकारी सदस्य उपस्थित थे।
** अग्निशमन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर पाया काबू **आग लगने के कारणों का पता अभी तक नहीं चल पाया कुल्लू: जिला मुख्यालय के साथ लगते लंका बेकर में एक घास से भरी जीप में अचानक आग लग गई। आग लगने की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। हालांकि अभी तक आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है लेकिन आग लगने के कारण गाड़ी को काफी नुकसान पहुंचा है। जानकारी के मुताबिक एक शख्स घोड़ों के लिए इस जीप में सुखा कर घास ले जा रहा था। ऐसे में अचानक आग लगने से जीप में रखा सारा घास जल गया। आग लगने के कारण जीप चालक को झुलसने से हल्की चोटें आई हैं। जीप चालक ने जानकारी देते हुए बताया कि वह अपनी गाड़ी को लेकर लंका बेकर सड़क से गुजर रहा था। इस दौरान जब उसकी गाड़ी सड़क किनारे लगे ट्रांसफार्मर से गुजरी तो गाड़ी में रखे घास में अचानक आग लग गई। ड्राइवर ने तुरंत प्रभाव से गाड़ी से निकलकर अपनी जान बचाई लेकिन चालक को हल्की चोटें आई हैं। ड्राइवर को इलाज के लिए ढालपुर अस्पताल में लाया गया। हालांकि आग लगते ही आसपास के लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की और दमकल विभाग को मामले की जानकारी दी। दमकल विभाग ने तुरंत प्रभाव से आग पर काबू पा लिया। बताया जा रहा है कि बिजली की तारों में शॉर्ट सर्किट होने के कारण गाड़ी में रखे घास में अचानक आग लग गई। एसपी कुल्लू डॉक्टर गोकुल चंद्रन कार्तिकेयन ने बताया कि पुलिस की टीम मामले की जांच कर रही है और ड्राइवर का बयान भी दर्ज किया जाएगा।
मणिकर्ण घाटी के तहत कसोल में झारखंड के एक पर्यटक की मौत हो गई है। पर्यटक दोस्तों के साथ यहां घूमने आया था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार 16 नवंबर की शाम को चंचल कुमार (68) पुत्र जगदीश नारायण सिंह निवासी शिवम सर्विस स्टेशन, डडमा मोड़ कुंजी मांडू, रामगढ़, झारखंड की अचानक तबीयत बिगड़ गई। वह अपने दोस्तों के साथ मणिकर्ण घाटी आया था। कसोल में ही एक होटल में रुका था। रात करीब 10:30 बजे उसे उपचार के लिए सीएचसी जरी लाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच की और शव को पोस्टमार्टम के लिए क्षेत्रीय अस्पताल भेज दिया। पुलिस अधीक्षक डॉ. कार्तिकेयन गोकुल चंद्रन ने कहा कि घटना के संबंध में परिजनों को सूचित किया गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
** कंपनी की लापरवाही से हादसा, सुरंग के अंदर काम कर रहे मजदूर बचे बाल-बाल किन्नौर जिले के शोंग-टोंग प्रोजेक्ट की निमार्णाधीन रली एडिट टनल-दो से पानी लीक हो गया। इसके कारण रिकांगपिओ-रामपुर एनएच पर मलबा आने की सूचना है। बताया जा रहा है कि टनल से बड़ी मात्रा में पानी आने से एनएच पर यातायात बंद कर दिया गया है। इसके कारण एनएच के दोनों ओर गाडिय़ों की कतारें लग गईं। शोंग-टोंग करछम परियोजना के निर्माण कार्य के दौरान कंपनी की लापरवाही के चलते कई मजदूर मौत के मुंह में समाने से बच गए। इस घटना में अब तक किसी मजदूर के हताहत होने की पुख्ता जानकारी नहीं है, लेकिन कंपनी की इस बड़ी लापरवाही के चलते किन्नौर की लाइफ लाइन कही जाने वाला एक मात्र एनएच-5 को करोड़ों का नुकसान हुआ है। बता दे कि शनिवार देर शाम को 450 मेगावाट क्षमता वाली शोग-टोंग करछम जल विद्युत परियोजना की एचआरटी के दोनों छोर को मिलने के लिए कार्य चल रहा था। इस दौरान एचआरटी टनल की दूसरी और भारी मात्रा में एकत्रित पानी एक साथ एडिट टू व एडिट थ्री से बाहर निकलना शुरू हो गया। भारी मात्रा में दोनों टनलों से पानी बाहर निकलने से रल्ली के पास दो स्थानों पर राष्ट्रीय उच्च मार्ग पांच को भारी नुकसान पहुंचा। शनिवार रात को रल्ली के पास एनएच मार्ग के बंद होने से सभी छोटे वाहनों की वैकिल्पक शिल्ती सडक़ मार्ग से गुजरना गया। बता दें कि रल्ली के पास शनिवार रात को पहाडिय़ों से पानी झरने की तरह सडक़ पर गिरता रहा। इस मामले पर एक्सईएन एनएच प्राधिकरण केएल सुमन ने बताया कि कंपनी के टनल से निकले पानी से रल्ली के साथ दो स्थानों पर एनएच सडक़ को भारी क्षति हुई है। फील्ड स्टाफ से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार इस दौरान सडक़ धंसने के साथ-साथ रिटर्निंग वॉल सहित क्रैश बेरियर को क्षति हुई है। प्रारंभिक तौर पर नुकसानी का अनुमानित लागत डेढ़ करोड़ के करीब है।
शिमला में पिछले वर्ष पहली बार विंटर कार्निवल का आयोजन किया गया था जो 7 दिन तक चला था, जिससे पर्यटन कारोबार को चार चाँद लगे थे। इसलिए इस बार इसे 10 दिनों का किया जा रहा है ताकि पर्यटन कारोबार को बढ़ावा मिले और देश विदेश से लाखों पर्यटक जो शिमला पहुंचते है उन्हें हिमाचल की संस्कृति का पता चले। इस दृष्टि से शिमला के मेयर ने एसपी DC व अन्य अधिकारियो के साथ बैठक की, जिसमें आगामी कार्यक्रम को लेकर चर्चा की गई। नगर निगम के महापौर सुरेन्द्र चौहान ने कहा कि लोगों और सैलानियों में कार्निवल को लेकर पिछले साल काफी उत्साह दिखा था। इसलिए इस बार भी कार्निवल का आयोजन किया जा रहा है, जिसे अब 7 दिन के बजाय 10 दिन मनाया जाएगा। इसके आयोजन से शहर के कारोबार को भी नई रफ्तार मिलेगी। इस बार क्या नए आयोजन किए जा सकते है इसको लेकर अधिकारी योजना बना रहे है। पूरे 10 दिन के कार्यक्रमों की योजना तैयार कर जल्द ही मुख्यमंत्री से भी मंजूरी ली जाएगी। महापौर ने कहा कि जल्द ही एक और बैठक कर कार्निवल की तैयारियों, कार्यक्रमों को लेकर अधिकारियों की जिम्मेदारियां भी तय की जाएंगी। नगर निगम इस बार कार्निवल के उपलक्ष्य पर एक सोविनियर भी प्रकाशित करने जा रहा है। इसमें शिमला शहर के इतिहास, नगर निगम के प्रतिनिधियों के बारे में आम जनता को जानकारी मिलेगी।
कसौली इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल सनवारा में 16 नवम्बर को दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। इस समरोह के द्वारा 11वीं कक्षा के छात्रों द्वारा 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को भावभीनी विदाई दी गई। यह आयोजन सांस्कृतिक कार्यक्रमों, भाषणों और मनोरंजन से भरपूर गतिविधियों से भरा था, जो 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए एक यादगार पल बन गया। इस खास अवसर पर विद्यालय के प्रबंध निदेशक हीरा ठाकुर और उपप्रधानाचार्या पूनम ठाकुर मौजूद रहे। दोनों ने 12वीं कक्षा के छात्रों को भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं और उनका हौंसला बढ़ाया। 11वीं कक्षा के छात्रों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए डांस, संगीत और एक लघु नाटक प्रस्तुत किया। इन कार्यक्रमों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया और विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों से सबका दिल जीत लिया। हेड बॉय सूर्यांश कश्यप ने अपने संबोधन में सभी छात्रों और अध्यापकों का धन्यवाद किया। कार्यक्रम में हीरा ठाकुर ने भी 12वीं कक्षा के छात्रों को आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को पूरा करने की प्रेरणा दी और कहा कि वे जीवन में हमेशा अपने सिद्धांतों के प्रति सुदृढ़ रहें।
शिमला: हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित संजौली मस्जिद विवाद में जिला अदालत में अगली सुनवाई अब 22 नवंबर को होगी। नगर निगम शिमला कमिश्नर कोर्ट के फैसले के खिलाफ ऑल हिमाचल मुस्लिम वेलफेयर एसोसिएशन ने अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायालय में याचिका दाखिल की हुई है। इस याचिका पर सोमवार को सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति प्रवीण गर्ग की अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। साथ ही वक्फ बोर्ड से एक एफिडेविट भी तलब किया है। सोमवार की सुनवाई में एमसी शिमला की तरफ से भी वकील पेश हुए। संजौली में मस्जिद के ऊपरी 3 फ्लोर को हटाने के लिए नगर निगम शिमला के आयुक्त की अदालत ने आदेश दिए हैं। एमसी अदालत के इसी निर्णय के खिलाफ ऑल हिमाचल मुस्लिम एसोसिएशन ओर से शिमला जिला अदालत में याचिका दी गई थी। कोर्ट में मामले में सुनवाई की और मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी की याचिका पर फैसले को सुरक्षित रखा है। 5 अक्टूबर को शिमला एमसी कोर्ट द्वारा दिए फैसले पर जिला अदालत ने वक्फ बोर्ड से एफिडेविट मांगा हैं। कोर्ट ने पूछा कि संजौली मस्जिद कमेटी प्रधान मोहमद लतीफ मस्जिद प्रधान के तौर पर वक्फ बोर्ड से ऑथराइज्ड था या नहीं? अब मामले में 22 नवंबर को एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज की कोर्ट फैसला सुनाएगी। गौरतलब है कि ऑल हिमाचल मुस्लिम ऑर्गेशनाइजेशन के प्रमुख नजाकत अली ने शिमला एमसी आयुक्त द्वारा 5 अक्टूबर को दिए गए फैसले को जिला कोर्ट में चुनौती दी है। याचिका में कहा गया कि एमसी आयुक्त कोर्ट का फैसला डिफेक्टिड है। उन्होंने यह फैसला संजौली मस्जिद कमेटी द्वारा दिए हलफनामे के आधार पर सुनाया है। आज मामले में हुई बहस मुस्लिम पक्ष के वकील ने कहा पूरे मामले को एमसी कमिश्नर को दोबारा भेजा जाए, ताकि ध्यान से इस मामले को सुना जा सके।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार एक नई करुणामूलक रोजगार नीति बनाने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि सेवा के दौरान अपने परिवार के सदस्यों को खोने वाले लोगों को रोजगार देने के लिए प्रदेश सरकार उदार और सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवेदकों का विभागवार ब्यौरा संकलित कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अधिक से अधिक आवेदकों को लाभान्वित करने के लिए सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विधवाओं और अनाथों को अनुकंपा के आधार पर रोजगार प्रदान करने में प्राथमिकता देकर आश्रितों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के कल्याण के लिए अनेक कदम उठाए हैं। पहली कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार ने सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया है ताकि सेवानिवृत्ति के बाद वह सम्मानजनक जीवन जी सकें। उन्होंने कहा कि सरकार के दो वर्षों के कार्यकाल के भीतर सभी सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को 11 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया गया है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार सचिव एम. सुधा देवी, राकेश कंवर और सचिव विधि शरद कुमार लग्वाल भी बैठक में उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के उपमंडल झंडूता के नघ्यार गांव में रंगड़ों के काटने से एक बुजुर्ग व्यक्ति मौत हो गई है। बुजुर्ग व्यक्ति खेत में काम कर रहा था, इसी बीच रंगड़ों ने हमला कर दिया। तलाई थाना पुलिस की ओर से मामले में आगामी कार्रवाई की जा रही है। जानकारी के अनुसार निक्का राम (81) निवासी गांव नघ्यार तहसील झंडूता जिला बिलासपुर रविवार शाम को खेतों में काम कर रहा था। झाड़ियों को काटते समय रंगड़ों ने बुजुर्ग पर हमला कर दिया। इसके बाद परिजन बुजुर्ग को बड़सर अस्पताल ले गए, जहां से हमीरपुर रेफर किया गया। हमीरपुर अस्पताल में उपचार के दौरान बुजुर्ग की मौत हो गई। मामले की पुष्टि डीएसपी घुमारवीं चंद्रपाल सिंह ने की है।
मंडी: पुलिस थाना बीएसएल कॉलोनी सुंदरनगर की टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने मनाली-चंडीगढ़ हाईवे पर नाकाबंदी के दौरान नगर परिषद सुंदरनगर के हमसफर चौक के पास हिमाचल पथ परिवहन निगम के कुल्लू डिपो की कुल्लू से चंडीगढ़ जा रही बस में एक शख्स से 4.702 किलोग्राम चरस बरामद की है। पुलिस ने बस में सफर कर रहे जम्मू-कश्मीर के रहने वाले 34 वर्षीय आरोपी चमन लाल को गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक जिला मंडी पुलिस के तहत पुलिस थाना बीएसएल कॉलोनी की टीम ने रविवार सुबह नगर परिषद सुंदरनगर के तहत हमसफर चौक पर नाकाबंदी की थी पुलिस टीम ने मौके से गुजर रहे वाहनों की जांच की। इसी दौरान मंडी की ओर से आ रही कुल्लू डिपो की निगम की बस नंबर एचपी-66ए 4184 को जांच के लिए रोका गया। बस में जांच के दौरान पुलिस की टीम ने एक युवक के कब्जे से 4.702 किलोग्राम चरस बरामद की गई। आरोपी बस में मंडी जिला के औट से बैठा था। मामले में बरामद चरस को पुलिस ने नियमानुसार सील कर कब्जे में लेकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। डीएसपी सुंदरनगर भारत भूषण ने बताया कि पुलिस थाना बीएसएल कॉलोनी की टीम ने निगम की बस से एक आरोपी को चरस के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा-20 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. आरोपी को नियमानुसार कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा।
हिमाचल में अब 70 साल से ज्यादा के बुजुर्गों का घरद्वार पर ही उपचार होगा। स्वास्थ्य विभाग को फोन पर सूचना देने के बाद मोबाइल एंबुलेंस घर जाएगी। इसमें एक डॉक्टर, फार्मासिस्ट और नर्स होंगी। इस एंबुलेंस में दवाइयां, ऑक्सीजन सिलिंडर और अन्य जरूरी उपकरण भी रहेंगे। मौके पर उपचार करने के बाद डॉक्टर को लगे कि मरीज को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत है तो उन्हें साथ ही लाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक मरीजों के घर-द्वार पर ही टेस्ट भी होंगे। इसकी रिपोर्ट ऑनलाइन घर भेजी जाएगी। इसके लिए मरीज या उनके तीमारदारों का मोबाइल नंबर लिया जाएगा। सीएम सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग को इस योजना को जल्द शुरू करने को कहा है। जिलों में नजदीकी अस्पताल से लोगों के घरों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें भेजी जाएंगी। यह सुविधा अभी उन क्षेत्रों व पंचायतों में होगी जहां सड़क सुविधा रहेगी। उपचार और दवाएं निशुल्क दी जाएंगी।मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि सीएम सुक्खू ने विभाग को इस दिशा में काम करने को कहा है।
हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग की पहली पायलट भर्ती की सीबीटी परीक्षा का नतीजा निकालने का पेच सुलझ गया है। अब आयोग को ट्रेजरी से कोड मिलने के बाद एडसिल एजेंसी को करीब 36 लाख के भुगतान का रास्ता साफ हो गया है। कोष विभाग से नवगठित आयोग के नामित कर्मचारी को ट्रेजरी कोड मिलने के बाद जल्द ही अब एजेंसी को भुगतान होगा। परीक्षा के आयोजन का 36 लाख का बिल कोष विभाग को भेजा गया है। हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग को अपना जीएसटी नंबर भी मिल गया है। ऐसे में परीक्षाओं के आयोजन से लेकर तमाम वित्तीय गतिविधियों को पूरा करने में दिक्कत पेश नहीं आएगी। हिमाचल प्रदेश नवगठित आयोग की ओर से ऑपरेशन थियेटर असिस्टेंट (ओटीए) पोस्ट कोड 1073 के 162 पदों की कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) का आयोजन बीते मार्च में किया गया था। सीबीटी के तहत पायलट आधार पर यह पहली भर्ती राज्य आयोग की ओर से एडसिल एजेंसी के जरिये करवाई गई थी। इस भर्ती को करवाने की एवज में एजेंसी ने आयोग को 36 लाख का बिल दिया था। इस बिल के भुगतान को लेकर पिछले सात माह से पेच फंसा हुआ था। आयोग का ट्रेजरी कोड सृजित नहीं होने से बिल नहीं बन पा रहा था। भंग कर्मचारी चयन आयोग में साल 2022 में इस भर्ती को विज्ञाप्ति किया गया था। पेपरलीक के चलते आयोग भंग हो गया था। नवगठित राज्य आयोग ने 30 मार्च 2024 को इसकी सीबीटी परीक्षा करवाई। इस भर्ती को पायलट भर्ती के तौर पर एडसिल एजेंसी के माध्यम से करवाया गया। दो साल बाद अभ्यर्थियों का परिणाम का इंतजार जल्द ही खत्म होगा। प्रदेश सरकार के कोष विभाग से किसी भी विभाग को फंड जारी करने के लिए विभाग अथवा सरकारी संस्था का ट्रेजरी कोड सृजित किया जाता है। उस संस्था के एक कर्मचारी को इस कोड को संचालित करने के लिए नामित किया जाता है। बाकायदा आईडी और पासवर्ड कर्मचारी के बनाए जाते हैं। हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग में यह औपचारिकताएं अब पूरी कर ली गई है। सीबीटी के परिणाम के बाद होगा दस्तावेजों का मूल्याकंन ओटीए की भर्ती की सीबीटी भर्ती के परीक्षा परिणाम को आउटसोर्स एजेंसी की ओर से घोषित किया जाएगा, लेकिन अंतिम परिणाम हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग की ओर से ही जारी किया जाएगा। आयोग के सचिव विक्रम महाजन ने कहा कि आयोग ने कोष विभाग के समक्ष ओटीए भर्ती के आयोजन का बिल प्रस्तुत कर दिया है। आयोग को अपना जीएसटी नंबर भी मिल गया है।


















































