जयसिंहपुर: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जालग में लड़कियों की तीन दिवसीय जोनल लेवल अंडर 19 टूर्नामेंट का हुआ शुभारंभ रविवार को हुआ, जिसमें बतौर मुख्य अतिथि रिटायर्ड पीटीआई ओपी धीमान ने झंडा लहराकर और मार्चपास को सलामी देकर इस टूर्नामेंट का शुभारंभ किया। ओपी धीमान ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल को खेल की भावना के साथ खेलना चाहिए। विद्यालय के प्रधानाचार्य का कार्यभार संभाल रहे सुशील कुमार ने बताया कि 26 स्कूलों से 252 छात्राएं इस टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही है। उन्होंने बताया कि जॉन लेवल टूर्नामेंट में विभिन्न प्रकार की खेल प्रतियोगिताएं शामिल रहेंगी। इस टूर्नामेंट का समापन 3 सितंबर को रिटायर्ड ब्रांच मैनेजर एचपीजी बैंक द्वारा किया जाएगा।
मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग) संजय अवस्थी ने कहा कि अर्की विधानसभा क्षेत्र का संतुलित विकास करना उनकी प्राथमिकता है। संजय अवस्थी आज अर्की विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत चाइयां स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला के प्रांगण में बेलपत्र और नीम का पौधा रोपित करने के उपरांत उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित कर रहे थे। संजय अवस्थी ने कहा कि अर्की विधानसभा क्षेत्र का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित बनाया जा रहा है। अर्की विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए नागरिक अस्पताल अर्की में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति कर दी गई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में विकास की गति में तेजी लाने के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। इस दिशा में राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूलों की स्थापना एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि डे बोर्डिंग स्कूलों में प्रदेश के विद्यार्थी विश्व स्तरीय गुणात्मक शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को स्वरोज़गार प्रदान करने के उद्देश्य से व्यावसायिक व भविष्योन्मुखी पाठ्यक्रम आरम्भ किए जा रहे हैं। उन्होंने महिला मण्डल भवन चइयां की मुरम्मत के लिए 01 लाख रुपए, महिला मण्डल परोही के सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए 01 लाख रुपए तथा महिला मण्डल भवन पलकड़ी की मुरम्मत के लिए 75 हजार रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने सम्पर्क मार्ग से राजकीय प्राथमिक पाठशाला चाइयां तक इंटरलॉक टाईले लगाने के लिए 02 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने चइयां में खेल मैदान निर्माण के लिए औपचारिकता पूर्ण होने के उपरांत 01 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने ग्राम पंचायत चाइयां में सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए औपचारिकता पूर्ण होने के उपरांत 02 लाख रुपए देने की घोषणा भी की। उन्होंने पशु औषधालय निर्माण के लिए उच्च स्तर पर मामला उठाने का आश्वासन दिया। उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले बच्चों को 1100 रुपए तथा नशा मुक्ति पर भाषण प्रस्तुत करने वाली श्रुति ठाकुर को अपनी ओर से 500 रुपए देने की घोषणा की। मुख्य संसदीय सचिव ने इस अवसर पर लोगों की समस्याएं सुनी और सम्बन्धित अधिकारियों को इनके शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए। इस अवसर पर इस स्कूल की छात्रा श्रुति ठाकुर ने नशा मुक्ति पर निबंध प्रस्तुत किया तथा बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। खण्ड कांग्रेस समिति अर्की के अध्यक्ष सतीश कश्यप, पूर्व बी.डी.सी. सदस्य नरेश शर्मा, ग्राम पंचायत चाइयां के प्रधान ओम प्रकाश, ग्राम पंचायत चाइयां के उप प्रधान देव राज, महिला मण्डल चाइयां की प्रधान गीता, युवक मण्डल के प्रधान बलदेव, खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. तारा चंद, लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता शशिपाल धीमान, पुलिस उपाधीक्षक दाड़लाघाट संदीप शर्मा सहित अन्य व्यक्ति, अध्यापक तथा विद्यार्थी इस अवसर पर उपस्थित थे।
** शीत मरूस्थल में हरियाली लाने की कवायद रिकांगपिओ: किन्नौर-तिब्बत सीमा पर स्थित आईटीबीपी पोस्ट शिपकी ला में जाइका वानिकी परियोजना और वन विभाग ने चिलगोजे के पौधे रोपे। शीत मरूस्थल और बंजर जमीन पर हरियाली लाने के उद्देश्य से परियोजना हर संभव प्रयास कर रही है। इसके मद्देनजर रविवार को ग्राम वन विकास समिति डुबलिंग के अंतर्गत वन अरण्यपाल रामपुर नीरज कुमार की अध्यक्षता में शिपकी ला में आईटीबीपी के जवानों ने चिलगोजे के पौधे रोपे। इस अवसर पर वन मंडलाधिकारी किन्नौर अरविंद कुमार, सहायक वन अरण्यपाल किन्नौर करण कपूर, सेवानिवृत हिमाचल प्रदेश वन सेवा अधिकारी सीएम शर्मा, वन परिक्षेत्राधिकारी पूह सोहन लाल, उप वन परिक्षेत्राधिकारी पूह योगराज, वन रक्षक पूह शिपकी ला पोस्ट आनंद भी मौजूद रहे। गौरतलब है कि जाइका वानिकी परियोजना हर वर्ष जिला किन्नौर में चिलगोजे के हजारों पौधे रोपने का काम कर रही है।
** लंज में अंडर-19 छात्राओं की खेलकूद प्रतियोगिता का किया शुभारंभ धर्मशाला: विधायक एवं उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि बेटियों ने हर क्षेत्र में देश का नाम रोशन किया है। खेलों में भी बेटियां की भागीदारी ओलंपिक स्तर तक बेहतर रही है। रविवार को राजकीय आदर्श वरिष्ठ माथ्यमिक पाठशाला लंज में शाहपुर जोन अंडर 19 छात्राओं की खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ करते हुए उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि खेलों का शारीरिक एवं बौद्धिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान होता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है और शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए खेल गतिविधियों से जुड़े रहना अति आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थीयोें से खेलों को अपने जीवन का अंग बनाकर नशे से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य युवा शक्ति पर निर्भर है और युवाओं को सभी की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए देश तथा प्रदेश को विकास के स्वर्णिम पथ पर आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अनेक प्रतिभावान खिलाडियों ने बेहतर प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा प्रदेश के बच्चों को गुणात्मक शिक्षा मिले इसके लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा यदि शिक्षा गुणात्मक नहीं है तो उसका विद्यार्थी को कोई लाभ नहीं है। प्रतिस्पर्धा के दौर में बच्चों की शिक्षा गुणात्मक होना बहुत आवश्यक है। इससे पहले विद्यालय के प्रधानाचार्य राकेश शर्मा ने मुख्याथिति का स्वागत करते हुए कहा कि तीन दिवसीय इस प्रतियोगिता में शाहपुर जोन के 14 स्कूलों की छात्राएं भाग ले रही हैं। प्रतियोगिता में कबड्डी, खो-खो ,बैडमिंटन, तथा वॉलीबाल का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर विद्यालय के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। इसके उपरांत विधायक ने विश्राम गृह लंज में लोगों की शिकायतों को भी सुना और उनका निवारण किया। उन्होंने समस्त विभागों के अधिकारियों के साथ किए जा रहे विकासात्मक कार्यों के बारे में समीक्षा बैठक की और सभी कार्यों को समयबद्ध पूरा करने के अधिकारियों को निर्देश दिए। इस अवसर पर कालेज प्रधानाचार्य संजय शर्मा, चंगर कांग्रेस अध्यक्ष सुमन मेहरा, एसएमसी प्रधान मेहर सिंह, कैप्टन कपूर, रंजीत बग्गा, गंधर्व सिंह, प्रधान आशा देवी, निशा देवी, रेखा देवी और बलजीत कौर, विभिन्न स्कूलों के अध्यापक, छात्र-छात्राएं, प्रतिभागी खिलाड़ी, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारियों सहित क्षेत्र के अन्य लोग उपस्थित रहे।
जयसिंहपुर विधानसभा के अंतर्गत ग्राम पंचायत लोअर लंबागांव में चार महीने के अंदर ही टाइलें उखड़ने लगी है। लोक निर्माण विभाग जयसिंहपुर द्वारा मार्च से अप्रैल महीने के अंत तक लोअर लंबागांव में दुकानदार सुमन सूद की दुकान से लेकर जयसिंहपुर की ओर राजू के घर के साथ सड़क में टाइल लगाई गई थी परन्तुं अब यह टाइल राजू के घर के पास उखड़ने लगी है। वही स्थानीय लोगों का कहना है कि जल्दी ही इन टाइलों को ठीक नही किया तो धीरे धीरे सभी टाइलें उखड़ने के साथ टूट जाएगी।
** सरकार ने आंगनवाड़ी कर्मचारियों की मांगें न मानी तो होगा बड़ा आंदोलन: सुनीता ठाकुर हिमाचल प्रदेश आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ सम्बंधित भारतीय मजदूर संघ ब्लॉक इन्दौरा का त्रैवार्षिक अधिवेशन भदरोया में अरुण पैलेस में सम्पन्न हुआ जिसमें मुख्य अतिथि केन्द्रीय भारतीय मजदूर संघ के उत्तरी क्षेत्र प्रभारी पवन कुमार मुख्य अतिथि के रुप में पहुंचे वहीं सुनीता ठाकुर अध्यक्ष आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ हिमाचल प्रदेश ने सैंकड़ो कर्मचारियों के साथ उनका भव्य स्वागत किया।वहीं वहाँ पर उपस्थित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि सुनीता ठाकुर की अध्यक्षता में यह सातवां अधिवेशन है। इस अधिवेशन में मांगों पर विस्तृत चर्चा हुई, जैसे सेवानिवृत्त पर पेंशन, ग्रेज्युटी कम से कम 5 लाख, केंद्र और प्रदेश का मानदेय एक साथ, हिमकेयर कार्ड की सुविधा पूर्ण बहाल की जाए, मेडिकल बिल भुगतान सुविधा तथा हरियाणा सरकार की तर्ज पर वेतन इत्यादि मांगो पर चर्चा की गई। वहीं सुनीता ठाकुर ने बताया कि उक्त मांगो को ज्ञापन के माध्यम से भी 16-7-2024 को पूरे प्रदेश में एसडीएम के माध्यम से सरकार को भेजा गया है। अगर सरकार बातचीत के लिए बुलाकर उक्त मांगो का समाधान नहीं करती तो शीघ्र ही आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ आंदोलन करेगा। इसके साथ ही इन्दौरा कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमें अध्यक्ष रजनीश पठानिया, सचिव कमला देवी, कोषाध्यक्ष अनीषा कुमारी बनाई गई। इस मौके पर भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री यशपाल हेटा, पूर्व में रही हिमाचल प्रदेश आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ अध्यक्ष शांति चौहान, पूर्व में अखिल भारतीय आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ की राष्ट्रीय महामंत्री जयंती दुग्गल, प्रदेशाध्यक्ष सुनीता ठाकुर, प्रदेश महामंत्री, सुभद्रा कुमारी, भारतीय मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष पुरषोत्तम, भारतीय मजदूर संघ के जल शक्ति विभाग जिला इकाई के अध्यक्ष सेवा सिंह उनके सहयोगी जिला इकाई सचिव विश्व, भारतीय मजदूर संघ जिला शिमला के अध्यक्ष देवेंद्र चोपड़ा उपस्थित रहे।
मंडी: लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में प्रशिक्षु डॉक्टरों के ऊपर हमला करने की घटना सामने आई ह। इस घटना में एक डॉक्टर घायल हुआ है जबकि अन्य अपनी जान बचाकर मौके से भाग गए। प्रशिक्षु डॉक्टरों के ऊपर हमला उस समय हुआ जब रात की ड्यूटी पर तैनात कुछ प्रशिक्षु डॉक्टर अस्पताल और कॉलेज परिसर के बाहर टहल रहे थे। बताया जा रहा है कि हमलावर कार में आए थे और मरीज बनकर कॉलेज परिसर में घुसे जिससे मुख्य द्वार पर तैनात सुरक्षा गार्ड भी चकमा खा गए। हमलावरों ने प्रशिक्षु डॉक्टर की पिटाई की और उसे जान से मारने की धमकी दी. इस हमले के दौरान प्रशिक्षु डॉक्टरों ने एक हमलावर को पकड़ लिया जबकि तीन अन्य फरार हो गए। घटना से गुस्साए डॉक्टरों ने हमलावरों की गाड़ियां तोड़ दीं। घटना की सूचना मिलते ही कॉलेज के प्राचार्य डॉ. डीके वर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे। कॉलेज प्रबंधन इन शरारती तत्वों की पहचान करने के प्रयास में जुटा है। सुरक्षा की इस चूक के बाद प्रशिक्षु डॉक्टरों ने कॉलेज परिसर में सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की मांग की है। बल्ह पुलिस थाने की टीम ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और फरार अन्य हमलावरों की तलाश की जा रही है। बताया जा रहा है कि सभी लड़के लोकल हैं और उनमें से एक लड़का अस्पताल में वॉर्ड बॉय बताया जा रहा। एसपी साक्षी वर्मा ने कहा "हमला करने वाले कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। इस तरह की वारदात को अंजाम देने के पीछे इनका क्या मकसद था पुलिस इसकी बारीकी से जांच कर रही है। " नेरचौक मेडिकल कॉलेज के प्रशिक्षु डॉक्टरों पर हुए हमले के बाद डॉक्टरों में भारी रोष है। इस घटना ने उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है और वे कॉलेज प्रबंधन से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग कर रहे हैं।
हमीरपुर भाजपा विधायक आशीष शर्मा ने प्रदेश सरकार और सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोला है। हमीरपुर पहुंचे विधायक आशीष शर्मा ने कहा कि विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान प्रदेश सरकार जनहित के मुद्दों पर चर्चा नहीं करना चाहती है। आशीष शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के पास प्रदेश में सरकार की नाकामियों को छुपाने के अलावा और कोई काम नहीं है। सीएम सुक्खू और उनके कैबिनेट मंत्रियों ने दो महीने का वेतन विलंबित करने की बात कह कर जनता के साथ भद्दा मजाक किया है। विधायक आशीष शर्मा ने कहा कि सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू लोगों को भ्रमित करने का काम कर रहे हैं। बार-बार झूठ बोलने से झूठ सच नहीं हो जाएगा। प्रदेश में लूटपाट और भ्रष्टाचार चरम पर है। युवाओं के साथ रोजगार के नाम पर धोखा किया जा रहा है। विधायक ने कहा कि विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने महिलाओं को 1500 रुपए प्रतिमाह देने की गारंटी दी गई, लेकिन अभी तक महिलाओं को इनसे पैसे नहीं दिए जा रहे हैं। लोग अब सरकार की कार्यप्रणाली को भली-भांति समझ रही है और अब जनता सरकार को जवाब देगी। हमीरपुर विधायक ने कहा कि सीएम सुक्खू के आर्थिक कुप्रबंधन का खामियाजा हिमाचल प्रदेश की जनता भुगत रही है। प्रदेश का कर्मचारी वर्ग भुगत रहा है। प्रदेश सरकार अपने वादे भी पूरे नहीं कर पा रही है। अभी तक उन्होंने अपनी चुनावी गारंटियां पूरी नहीं की हैं। मुख्यमंत्री ने अपने मित्रों पर दोनों हाथों से खजाने का पैसा लूटा कर प्रदेश को कर्ज के दलदल में इस कदर धकेल दिया है कि आने वाले कई सालों तक प्रदेश आर्थिक रूप से खड़ा नहीं हो पाएगा।
हिमाचल प्रदेश में आर्थिक संकट को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है और सरकार पर फिजूल खर्ची के आरोप लगा रहा है। वहीं, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश में किसी भी तरह के आर्थिक संकट होने की बात को सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा कि जब से सरकार सत्ता में आई है, पहले दिन से हिमाचल को साल 2027 तक आत्मनिर्भर बनाने और 2032 तक देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाने की बात कही है। अर्थव्यवस्था में सुधार करने की प्रक्रिया में प्रदेश सरकार काम कर रही है। ये जो कहा जा रहा है कि प्रदेश में फाइनेंशियल मेस हो गया है ये गलत है। अगर हमने दो वेतन भत्तों को विलंबित किया है तो अर्थव्यवस्था सुधार की प्रक्रिया का हिस्सा हैं। सीएम सुक्खू ने कहा कि भाजपा जो 85 हजार करोड़ की देनदारियां की बात कर रही है वो भाजपा सरकार छोड़ कर गई है। कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही कर्मचारियों को 7% DA दिया। प्रदेश में 14 प्रकार की सब्सिडी दी जा रही है, जिनको आवश्यकता नहीं उन्हें भी मिल रही है। हजारों लोग सबसिडी छोड़ने की बात कह रहे हैं, हजारों लोगों ने बिजली पानी की सब्सिडी छोड़ने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को सरकार बनाए हुए सिर्फ 19 महीने हुए हैं। पूर्व सरकार के समय प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई थी। वर्तमान सरकार इसमें सुधार कर रही है। इसमें पैसों की जरूरत है। सरकारी कर्मचारियों की सैलरी जो है, वो समय पर मिलेगी और पेंशन भी दी जाएगी। 28 कर्मचारियों को एरियर दे दिया है। केंद्र सरकार से 9200 करोड़ रुपए एनपीएस और 9300 करोड़ रुपए पीडीएन का मिलना है। बीबीएमबी में 4300 करोड़ रुपये का शेयर है, इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट से निर्देश भी दिए हैं। वहीं, प्रदेश में आर्थिक संकट को लेकर मुख्यमंत्री ने भाजपा पर राजनीति करने के आरोप लगाए और कहा कि भाजपा नेता बिना तैयारी के बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता कभी ड्रोन से जासूसी की बता कर रहे हैं कभी फाइनेंशियल मेस की बात कर रहे हैं। विपक्ष के नेताओं को होमवर्क करके आने की जरूरत है।
हिमाचल प्रदेश की जानीमानी सांस्कृतिक, साहित्यक,एवं समाजिक संस्था फिलफोट फोरम ने आज अपनी संस्था के उद्देश्यों का अनुपालन करते हुए सांस्कृतिक विरासत के साथ साथ पर्यावरण के संरक्षण हेतु रचनात्मक कदम उठाते हुए सोलन से 8 कि.मी. दूर ग्राम पंचायत कोठो (शामती)के साथ मिल कर वृक्षारोपण किया गया। इस सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी देते हुए संस्था के सचिव राजीव उप्पल ने बताया कि संस्था का ये कृतसंकल्प है कि संस्था सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ साथ समाजिक कार्यक्रम में भी बढ़चढ़ कर भाग ले इसी अनुक्रम में आज संस्था के मैंबरों ने सामुहिक रुप से वर्षा ऋतु में लगने वाले पोधों का रोपण किया व राजकीय प्राथमिक विद्यालय कोठो मे के 80 से ऊपर औषधीय पोधे लगाए गए। इस अवसर पर ग्राम पंचायत कोठो के प्रधान जयावंती एवम उप प्रधान सुनील ठाकुर, समाज सेवी एवम पूर्व अध्यक्ष नगर पालिका सोलन कुल राकेश पंत तथा संस्था के सदस्यों में विपुल गोयल, विजय पुरी, सुनीता शर्मा, गुलाब सिंह, राजेन्द्र शर्मा, भेदराम, मनोज गुप्ता, मीनाक्षी उप्पल, नीलम राणा, प्रभा शर्मा, रक्षा, अनिता, मोहिनी सूद, विक्रम मट्टू, प्रतीक गोयल, प्रियंका, रुपांजली, रक्षा ठाकुर, रोहिणी, काजल, मयंक, सीमा पुरी एवं विवेक के अतिरिक्त अनेक सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
** कोलकाता डॉक्टर मोमिता को इंसाफ दिलाने के लिए महिलाओं ने निकाली रैली इन्दौरा विकास खण्ड के अंतर्गत पड़ती ग्राम पंचायत कुड़सां में महिला ग्रामसभा का आयोजन किया गया। यह महिला ग्राम सभा ग्राम पंचायत कुड़सां की प्रधान अनुवाला की अध्यक्षता में की गई, जिसमें चिन्मय कॉर्ड संस्था के लगभग सात महिलामण्डलों की 40 महिलाओं ने भाग लिया। ग्राम सभा मे कई मुद्दों पर चर्चा हुई, जिसमें पीने के पानी की समस्या, हर गली में सोलर लाइट, सड़क निर्माण, महिला सुरक्षा, महिला स्नानघर मुद्दों पर चर्चा हुई। वहीं पठानकोट से किडनैप बच्चे को स्थानीय युवकों व हिमाचल पँजाब पुलिस ने जिस प्रकार बचा कर अपना दायित्व निभाया उसके लिए उनकी भी सराहना की गई।वहीं महिलाओं को संदेश दिया गया कि आप अपने व आसपास के बच्चों का ध्यान रखें और बाहरी कोई व्यक्ति गांव या आसपास के क्षेत्र में मिलता है तो उसका आधार कार्ड जरूर देखें। इस में ग्राम पंचायत कुड़सां की प्रधान अनु वाला ने वार्ड नम्बर एक में पानी की समस्या के समाधान के लिए 5000 रुपए दिए। चिन्मय कार्ड संस्था से सुनीता कटोच और ज्योति शर्मा इस मौके पर मौजूद रही।
हिमाचल प्रदेश में कई दिनों बाद शनिवार को कहीं भी बादल नहीं बरसे। राजधानी शिमला समेत सभी जिलों में धूप खिली रही। बिलासपुर और ऊना में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। रविवार को भी हिमाचल में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। दो और तीन सितंबर को कई जगह बारिश का येलो अलर्ट है। चार सितंबर से फिर मौसम साफ रहने की संभावना है। शनिवार शाम तक प्रदेश में 70 सड़कें और 22 बिजली ट्रांसफार्मर बंद रहे। शिमला जिला में 35, मंडी में 12, कांगड़ा में 11, कुल्लू में 9, लाहौल-स्पीति-ऊना और सिरमौर में एक-एक सड़क आवाजाही के लिए बंद है। राजधानी शिमला में शनिवार को दिन भर धूप खिली। बीते एक सप्ताह से शहर में सुबह या शाम बारिश हो रही थी।शनिवार को बारिश से राहत मिली। हालांकि शाम के समय शहर में बादल छा जाने से मौसम में कुछ ठंडक हुई। मैदानी जिलों के मौसम में धूप खिलने से उमस बढ़ गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने दो और तीन सितंबर को कुछ क्षेत्रों में भारी व अन्य स्थानों पर सामान्य बारिश होने का येलो अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान सामान्य से 23 फीसदी कम बारिश हुई है। 26 जून से 31 अगस्त तक प्रदेश में 471.1 मिलीमीटर बारिश हुई। इस अवधि में 613.8 मिलीमीटर बारिश को सामान्य माना गया है। शेष सात जिलों सोलन, चंबा, लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कुल्लू, हमीरपुर और ऊना में सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड हुई।
**पुणे में हुआ दो दिवसीय इंडिया कॉपरेटिव बैंकिंग कनेक्ट 2024 का आयोजन इंफोसिस दुनिया के नामी आईटी कंपनी द्वारा पुणे में 2 दिवसीय इंडिया कॉपरेटिव बैंकिंग कनेक्ट 2024 का आयोजन 30 और 31 अगस्त को किया गया। कोऑपरेटिव बैंक्स में इंफोसिस के बैंकिंग सोफ्टवेयर फिनेकल को लेकर देश भर से आए लगभग 120 अर्बन और ग्रामीण कोऑपरेटिव बैंक के टॉप मैनेजमेंट को इस अवसर पर विस्तृत जानकारी दी गई। इंफोसिस की दस सहयोगी कंपनीज के उच्च अधिकारियों ने में भी देश में सहकारी बैंकों में लेटेस्ट आईटी की आवश्यकताओं को लेकर जरूरी जानकारी दी। जोगिंद्रा बैंक, ग्रामीण कॉपरेटिव बैंक के तहत पहला बैंक है जो नाबार्ड के अंतर्गत आता है इस बैंक ने इन्फोसिस के साथ नए अपग्रेडेड सोफ्टवेयर के साथ पहले करार किया है। जोगिंद्रा बैंक साल 2012 से इंफोसिस फिनैकल 7.0.29 सोफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रहा है । अपने ग्राहकों को और बैंक कर्मियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से अब फिनैकल का लेटेस्ट सोफ्टवेयर 10 एक्स बैंक में इस्तेमाल किया जाएगा और बैंक की बेहतरी और एडवांस्ड रिपोर्टिंग के लिए यह बेहद लाभकारी सिद्ध होगा। पुणे में आयोजित भव्य कार्यक्रम में इंफोसिस के टॉप मैनेजमेंट के श्री वेंकट रमना गौसावी सीनियर वाइस प्रेसिडेंट एंड ग्लोबल हेड ऑफ सेल्स द्वारा जोगिंद्रा बैंक को नवीनतम टेक्नोलॉजी से जुड़ने के लिए सम्मानित भी किया गया। जोगिंद्रा बैंक के चेयरमैन मुकेश शर्मा ने जानकारी दी कि जल्द ही बैंक के पुराने डाटा को माइग्रेट करने का काम शुरू किया जाएगा और जल्द बैंक में अपग्रेडेड सोफ्टवेयर के माध्यम से उच्च तकनीक वाली सुविधाएं शुरू की जाएगी। इस अवसर पर बैंक के प्रबंध निदेशक पंकज सूद, सीनियर आईटी हेड भारत भूषण शामिल रहे।
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के चलते अब लैंडस्लाइड के मामले भी सामने आ रहे हैं। मिट्टी के कमजोर होने से पहाड़ दरक रहे हैं, जिससे मिट्टी पहाड़ों से खिसकते हुए सड़कों पर आ रही है। ऐसा ही एक मामला सोलन के वाकनाघाट से सामने आया है। यहां पर बाहरा यूनिवर्सिटी के नीचे बने टिन के शेड और भवनों के नीचे लैंडस्लाइड होने के चलते कुछ टिन के शेड इसकी चपेट में आ गए हैं। वहीं, इस लैंडस्लाइड का सारा मलबा नीचे एनएच-5 पर जा गिरा है, जिसके कारण हाईवे की एक लेन पूरी तरह से प्रभावित हो गई है और सिर्फ एक लेन पर ही ट्रैफिक चलाया जा रहा है। मौके पर तहसीलदार कंडाघाट भी पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया, जिन लोगों को यहां पर नुकसान हुआ है, उनसे बातचीत की गई। लोगों ने अपनी दुकानों में रखे सामान को बाहर निकाल लिया है। वहीं, दूसरी ओर भारी बारिश और लैंडस्लाइड के कारण यूनिवर्सिटी के एक ब्लॉक में भी दरारें आ गई हैं। फिलहाल बड़ी-बड़ी दरारें बिल्डिंग के आसपास की जगह में देखने को मिल रही हैं। इस कारण बाहरा यूनिवर्सिटी को भी खतरा पैदा हो गया है। वहीं तहसीलदार कंडाघाट राजेन्द्र शर्मा ने कहा, "प्रशासन मौके पर पहुंचा है और स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। मौके पर जमीन धंसी है, जिस कारण 2 दुकानें जो टिन के शेड से बनी थी, वो टूट गई हैं। 4 दुकानों को और बाहरा यूनिवर्सिटी के एक ब्लॉक को खतरा बना हुआ है। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने 2 सितंबर तक भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश के साथ मौसम विभाग ने आंधी चलने और बिजली गिरने को लेकर भी चेतावनी जारी की है।
लाहौल-स्पीति: बीते साल से हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहा है। अब जिला लाहौल स्पीति के 6 गांवों के वजूद को खतरा पैदा हो गया है। इन गांवों के लोगों के पास किसी दूसरी जगह में बसने का भी कोई विकल्प नहीं है। ऐसे में ये ग्रामीण अपना बसेरा कहां लगाएं? इसके बारे में स्थानीय लोगों को कुछ समझ नहीं आ रहा है। लाहौल-स्पीति में बीते दिनों हुई बरसात के चलते इन गांवों को खतरा पैदा हुआ हैं ,जिसके बाद से गांव में रहना लोगों के लिए सुरक्षित नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि कभी भी इन गांवों पर संकट का पहाड़ गिर सकता है। ऐसे में इससे पहले कि गांवों में अनहोनी हो सरकार की ओर से कोई उचित कदम उठाए जाने चाहिए। घाटी में खत्म हो रहे गांवों के वजूद मामले को भी हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र में प्रमुखता से उठाया गया है और संकटग्रस्त गांवों को दूसरी जगह स्थापित करने के लिए प्रदेश सरकार से केंद्र को प्रपोजल भेजने की सिफारिश की गई है। लाहौल स्पीति की विधायक अनुराधा राणा ने सदन में कहा, "मेरे विधानसभा क्षेत्र के 6 गांव जिसमें जाहलमा पंचायत के जसरथ, तडंग, लिंदूर, मथाड़ घाटी का करपट, स्पीति का शीचलिंग और सगनम गांव शामिल है। इन गांवों में बरसात के कारण ऐसे हालात पैदा हुए हैं कि यहां के लोगों को गांव में रहना काफी मुश्किल हो गया है। इससे पहले कि कोई अनहोनी हो। हमें इसके लिए उचित कदम उठाने चाहिए। खासकर डिजास्टर के मामले में पुनर्स्थापन के लिए केंद्र को ऐसा प्रपोजल बनाकर भेजना चाहिए जिससे इन गांवों को सुरक्षित किया जा सके। लाहौल-स्पीति जिले में करीब 89 प्रतिशत जमीन सरकारी यानी वन भूमि है। उसके बाद जो जमीन लोगों के पास हैं, जिसमें प्रभावित गांवों के लोगों की जमीनें बाढ़ से क्षतिग्रस्त हो गई हैं और दूसरी जगह कोई जमीन नहीं है। ऐसे में एफसीए जैसे कानून पुनर्स्थापन के आड़े आ रहे हैं, जिसके चलते लोगों को पुनर्स्थापन करने की कोशिश अधूरी रह रही है। प्रभावित गांवों के ग्रामीण हेमंत कुमार, ताशी नोरबू, हरिचंद, महिला लता देवी, डोलमादेवी का कहना है कि यहां पर लैंडस्लाइड के चलते जमीनों में दरारें आ गई हैं और कई घरों के गिरने का खतरा बना हुआ है। कई घरों में भी दरारें आ गई हैं। वो लोग तंबुओं में रहने को मजबूर हो गए हैं। इसके अलावा नदी के बहाव के चलते हर बार खेत और जमीन बाढ़ की चपेट में आ जाती है। सरकार को चाहिए कि अब ग्रामीणों को यहां से दूसरी जगह पर भेजा जाना चाहिए, ताकि वो आराम से अपना गुजर बसर कर सकें।
हिमाचल में महंगाई की मार से पहले ही परेशान लोगों को अब डिपुओं में सामान खरीदते वक्त झटका लगने वाला है। वित्तीय संकट से जूझ रही सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत डिपुओं के माध्यम वितरित किए जाने वाला राशन महंगा कर दिया है। वहीं, हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के होल सेल गोदामों से डिपुओं के लिए राशन का कोटा भेजा जा रहा है। ऐसे में जब सितंबर की पहली तारीख को उपभोक्ता डिपुओं में राशन का कोटा खरीदने जाएंगे तो उन्हे इस महीने की तुलना में आटा और चावल के अधिक दाम चुकाना होगा। प्रदेश भर में उपभोक्ताओं को अगले महीने से सस्ता राशन खरीदने के लिए अधिक दाम चुकाने होंगे। सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से दिए जाने वाले आटे और चावल के रेट बढ़ा दिए हैं। नए रेट कल यानी एक सितंबर से लागू हो रहे हैं, जिसकी अधिसूचना पहले ही जारी की जा चुकी है। इन आदेशों के मुताबिक सुक्खू सरकार ने एपीएल और बीपीएल को दिए जाने वाले आटे और चावल के दाम बढ़ाए हैं। इसके अतिरिक्त एनएफएसए को मिलने वाले राशन के भाव में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हिमाचल प्रदेश में डिपुओं के माध्यम से उपभोक्ताओं को मिलने वाला आटा और चावल महंगा हुआ है। कल से एपीएल परिवारों को चावल 13 रुपये किलो मिलेगा। अभी डिपुओं में चावल की कीमत 10 रुपए किलो है। इस तरह से चावल अब 3 रुपए प्रति किलो महंगा हुआ है। वहीं, आटे के भी अब प्रति किलो 12 रुपए चुकाने होंगे। अभी एपीएल परिवारों को 9.30 रुपये किलो के हिसाब से आटा दिया जा रहा है. इसी तरह से डिपुओं में आटा भी 2.70 रुपए महंगा हुआ है। सरकार ने बीपीएल परिवारों को मिलने वाला राशन भी महंगा कर दिया है। इस श्रेणी के उपभोक्ताओं को सितंबर महीने से चावल 10 रुपए प्रति किलो और आटा 9.30 रुपए प्रति किलो से हिसाब से मिलेगा। अभी बीपीएल को चावल 6.85 रुपए प्रति किलो और आटा 7 रुपए किलो के हिसाब से दिया जा रहा है। ऐसे में बीपीएल परिवारों को चावल के 3.15 रुपए और आटे के 2.30 रुपए अधिक चुकाने होंगे। वहीं, दाम बढ़ाने के पीछे तर्क दिया जा रहा है कि राशन को डिपुओं और गोदामों तक पहुंचाने का भाड़ा पहले की तुलना में कई गुणा महंगा हो गया है और राशन की कीमतें भी लगातार बढ़ रही है। केंद्र से हिमाचल को गेहूं का आवंटन होता है, लेकिन प्रदेश सरकार अपने स्तर पर गेहूं की पिसाई कर उपभोक्ताओं को आटा उपलब्ध करा रही है। ऐसे में चक्की में पिसाई भी अब महंगी हुई है, जिस कारण सरकार को 13 साल बाद आटा और चावल के भाव बढ़ाने पड़ रहे हैं।
शिमला: स्वास्थ्य के मोर्चे पर चमकदार उपलब्धियों वाले राज्य हिमाचल के अस्पतालों में लाइफ सेविंग के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले 498 वेंटीलेटर्स बिना उपयोग के धूल फांक रहे हैं। इन्हीं में से 128 वेंटीलेटर्स रखे-रखे खराब हो गए। कुल उपलब्ध 914 वेंटीलेटर्स में से केवल 416 वेंटीलेटर्स का ही प्रदेश के मेडिकल कॉलेज अस्पतालों व अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में उपयोग हो रहा है। ये जानकारी हिमाचल विधानसभा के मानसून सेशन में भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती की तरफ से पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में सामने आई है। ऊना सदर से भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने चार हिस्सों में बंटे सवाल में वेंटीलेटर्स की संख्या, उनका उपयोग और ऑक्सीजन प्लांट्स के बारे में जानकारी मांगी थी। स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल की तरफ से दिए गए लिखित जवाब में बताया गया कि कुल 914 वेंटीलेटर्स हैं और उनमें से 416 का प्रयोग हो रहा है, बाकी 498 बेकार पड़े हैं और इन्हीं में से 128 खराब हैं। सतपाल सिंह सत्ती ने ये भी जानना चाहा था कि कौन-कौन से ऑक्सीजन प्लांट खराब हैं। हिमाचल के अस्पतालों में कुल 56 पीएसए (प्रेशर स्विंग एडसरप्शन) ऑक्सीजन प्लांट्स हैं। इसके अलावा एक मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट भी है। पीएसए प्लांट में ऑक्सीजन का उत्पादन एडमिट पेशेंट की ऑक्सीजन की जरूरत के आधार पर होता है। इन प्लांट्स में ऑक्सीजन उत्पादित होने के बाद स्टोर नहीं होती। इनमें से 24 पीएसए ऑक्सीजन प्लांट बंद हैं. एक मेडिकल ऑक्सीजन गैस प्लांट भी बंद पड़ा है। इसके अलावा इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज अस्पताल शिमला में एकमात्र ऑक्सीजन प्लांट कार्यशील है। यहां 150 सीयूएम/पर आवर ऑक्सीजन का उत्पादन हो रहा है। रीजनल अस्पताल बिलासपुर के सभी 24 वेंटीलेटर्स कार्यशील हैं। वहीं, बिलासपुर जिला के सिविल अस्पताल मारकंड, सीएचसी पंजगाह, सीएचसी स्वारघाट, सिविल अस्पताल बरठीं में कोई भी वेंटिलेटर कार्यशील नहीं है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल हमीरपुर में 69 में से केवल 18 ही वेंटीलेटर्स काम कर रहे हैं। कुल 51 वेंटीलेटर्स बिना उपयोग के पड़े हैं। तकनीकी स्टाफ की कमी इनके उपयोग में न लाए जाने का कारण बताया गया है। सिविल अस्पताल बड़सर में दो वेंटीलेटर्स हैं और दोनों ही काम कर रहे हैं। किन्नौर के रीजनल अस्पताल रिकांगपिओ में 27 में से 22 वेंटीलेटर्स बिना उपयोग के हैं। कुल्लू के रीजनल अस्पताल के हालात ये हैं कि यहां पर सभी के सभी 21 वेंटीलेटर्स तकनीकी स्टाफ न होने से उपयोग में नहीं लाए जा रहे। नेरचौक मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 101 वेंटीलेटर्स में से 60 बिना उपयोग के हैं। जोनल अस्पताल मंडी में 26 में से 20 उपयोग में हैं। प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान आईजीएमसी अस्पताल में 119 में से 60 वेंटीलेटर्स प्रयोग में लाए जा रहे हैं। डीडीयू अस्पताल शिमला में 25 में से केवल 4 वेंटीलेटर्स ही काम कर रहे हैं। नाहन के मेडिकल कॉलेज अस्पताल का हाल सबसे बुरा है। यहां पर 35 में से केवल एक ही वेंटिलेटर प्रयोग में लाया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार को सदन से लेकर सड़क तक जयराम ठाकुर के निवास स्थान के आसपास उड़ने वाले ड्रोन का मामला छाया रहा। विधानसभा के मानसून सेशन में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार के इशारे पर पुलिस वाले उनके सरकारी आवास के आसपास ड्रोन उड़ा रहे हैं। ये जासूसी करने जैसा है और उनकी निजता का हनन है। नेता प्रतिपक्ष ने इस मामले की जांच की बात कही तो सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार किसी की जासूसी नहीं कर रही है। यदि नेता प्रतिपक्ष को ऐसा लगता है तो मामले की जांच की जाएगी। बाद में खुलासा हुआ कि जिसे जयराम ठाकुर जासूसी वाला ड्रोन समझ रहे थे, वो दरअसल शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड का ड्रोन था। ये शिमला शहर को राउंड दि क्लॉक पानी उपलब्ध करवाने के लिए सर्वे को लेकर उड़ाया जा रहा था। इस सर्वे को लेकर जल प्रबंधन निगम लिमिटेड ने बाकायदा वीडियो जारी कर स्थिति भी स्पष्ट की है। शिमला शहर के सभी वार्डों के नागरिकों को 24 घंटे पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए जियो मैपिंग की जा रही है। इसी कड़ी में ये ड्रोन उड़ रहे हैं। इस बारे में संबंधित प्रशासन से अनुमति ली गई है। शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड ने स्वेज इंडिया कंपनी को जियो मैपिंग का काम सौंपा है।
कुनिहार की बेटी यशिका ठाकुर का नीट यूजी काउंसलिंग में एमबीबीएस के लिए चयन हुआ है। इंदिरा गांधी मैडिकल कॉलेज शिमला में यशिका एमबीबीएस की प्रैक्टिस करेगी। गौर रहे कि जून माह में घोषित नीट परीक्षा में विकास खंड कुनिहार कजियारा गांव की बेटी यशिका ठाकुर ने अपना लोहा मनवाते हुए नीट की परीक्षा उत्तीर्ण की थी, जिसमे यशिका ने 720 अंकों में से 635 अंक लेकर अपने डॉक्टर बनने के सपने को पूरा करने को कदम बढ़ाया था। अब नीट यूजी काउंसलिंग के पहले राऊंड में ही यशिका को आईजीएमसी शिमला में प्रैक्टिस का मौका मिला है। जहां अपनी मेहनत व लग्न से यशिका अपने डॉक्टर बनने के सपने को उड़ान देगी। यशिका की माता मीना ठाकुर जो शिक्षिका के पद पर कन्या विद्यालय कुनिहार में कार्यरत हैं और पिता रविंद्र ठाकुर ने बताया कि एमबीबीएस के लिए बेटी का चयन आईजीएमसी के लिए हुआ है जहां यशिका प्रैक्टिस कर अपना सपना पूरा करेगी। उन्होंने बताया कि हमे अपनी बेटी पर नाज है कि वह अपने सपने को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है।
केन्द्रीय संस्कृति विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में शनिवार को सात दिवसीय टांकरी लिपि प्रशिक्षण राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया, जिसमें बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय नई दिल्ली के निदेशक प्रोफेसर अनिर्वाण दास ने शिरकत की। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि प्राचीन लिपियों में विद्यमान लोकोपयोगी विषयों का सर्वसाधारण जनमानस के लिए उजागर करना बहुत आवश्यक है। विशिष्ट अतिथि के रूप में भाषा शिक्षा विभाग राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद नई दिल्ली के प्रोफेसर जतीन्द्रमोहन मिश्र उपस्थित रहे। उन्होंने इस प्रकार के कार्यक्रमों का समय-समय पर आयोजन करने का आग्रह किया, ताकि पुरानी चीज बची रहें। वेदव्यास परिसर की निदेशक प्रो.सत्यम कुमारी ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम बहुत ही विरले होते हैं और वर्तमान समय में इनकी बहुत आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि हम भविष्य में भी ऐसे कार्यों को करते रहेंगे। कार्यशाला के संयोजक डॉ यज्ञदत्त शर्मा ने सभी अतिथियों व आचार्यों का स्वागत व अभिनंदन किया तथा टांकरी लिपि की पृष्ठभूमि पर विस्तृत प्रकाश डाला। अन्य तीनों सत्रों में लिपियों के उद्भव और विकास पर विचार किया गया तथा ब्राह्मी लिपि का प्रशिक्षण छात्रों को प्रदान किया। इस कार्यशाला में 90 प्रतिभागी उपस्थित रहे। इस अवसर पर निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी सहित प्रो. शीशराम, प्रो.मंजूनाथ, डा.विजेंद्र कुमार शर्मा,डॉ अमित वालिया, डॉ दीप कुमार, डॉ.शक्ति शरण शर्मा, डॉ विनोद कुमार शर्मा आदि उपस्थित रहे।
** भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने की तैयारी प्रदेश सरकार की ओर से हाल ही 21 भर्ती परीक्षाओं का नतीजा घोषित करने के लिए हरी झंडी दी है। भंग कर्मचारी चयन आयोग में शुरू हुई लॉ अफसर और और लीगल इंस्पेक्टर के भर्ती परीक्षाओं का नतीजा जल्द घोषित होगा। प्रदेश सरकार की ओर से हाल ही 21 भर्ती परीक्षाओं का नतीजा घोषित करने के लिए हरी झंडी दी है। कैबिनेट बैठक में इस परीक्षाओं का नतीजा घोषित करने का निर्णय लिया गया है। ऐसे में अब हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग हमीरपुर ने भर्ती परीक्षाओं का नतीजा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रथम चरण में उन पोस्ट कोड की भर्ती परीक्षाओं का नतीजा घोषित किया जाएगा जो अंतिम चरण में हैं और उनमें भरे जाने वाले पदों की संख्या कम है। इस कड़ी में पोस्ट कोड 994 लॉ अफसर के एक पद, इंस्पेक्टर लीगल के तीन पदों का नतीजा सबसे पहले घोषित किया जाएगा। इन दोनों परीक्षाओं में प्रक्रिया लगभग अंतिम चरण में है। हर परीक्षा का नतीजा घोषित करने से पूर्व आयोग में नियमों में कमेटियों का गठन होता है। कमेटियों का गठन कर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा हैं। ऐसे में उम्मीद है कि करीब दो साल से अटकी इन भर्तियों के नतीजे जल्द घोषित होंगे। पेपर लीक मामला सामने आने के बाद से जांच के चलते इन भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया थम गई थी। नतीजे घोषित न होने से अभ्यर्थियों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा था। हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग हमीरपुर के प्रशासनिक अधिकारी जितेंद्र सांजटा ने कहा कि 21 पोस्ट कोड का नतीजा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिन पोस्ट कोड की प्रक्रिया अंतिम चरण में है उनके नतीजे जल्द घोषित होंगे।
**HPBOCWB चेयरमैन की सैलरी 1 लाख बढ़ाई हिमाचल में गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रही सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार ने हिमाचल बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर वेलफेयर बोर्ड (HPBOCWB) के चेयरमैन नरदेव कंवर की 1 लाख की सैलरी बढ़ा दी है। अभी तक HPBOCWB चेयरमैन को 30 हजार रुपए प्रति माह दिए जा रहे हैं, लेकिन सैलरी बढ़ाने के बाद अब नरदेव को हर महीने 1 लाख 30 हजार रुपए मिलेंगे। इसके अलावा भत्ते और दूसरी सुविधाएं अलग से मिलेगी। वहीं, सरकार के पास कर्मचारियों के डीए और संशोधित वेतनमान के एरियर देने के लिए पैसे नहीं है। सरकारी कर्मचारी डीए और एरियर के भुगतान के लिए सरकार के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में वित्तीय स्थिति खराब होने का हवाला देने वाली सुक्खू सरकार अब विपक्ष के निशाने पर आ गई है। हिमाचल में सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार 125 यूनिट फ्री बिजली और पानी के फ्री बिलों की सुविधा को समाप्त कर सरकारी खजाने को भरने का दावा कर रही है, ताकि प्रदेश की आर्थिक स्थिति को पटरी पर लाया जा सके। इसी बीच सरकार ने हिमाचल बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर वेलफेयर बोर्ड के चेयरमैन नरदेव कंवर की सैलरी सीधी 1 लाख रुपए बढ़ दी है. सैलरी में एक लाख इजाफा होने से सरकार के खजाने पर साल का 12 लाख का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। बता दें कि सैलरी बढ़ाने के आदेश 30 जुलाई को किए गए थे, लेकिन सचिवालय में कर्मचारियों के साथ टकराव के बाद कर्मचारियों ने इसके आदेशों की कॉपी सोशल मीडिया में वायरल की है, जिस पर अब लोग सोशल मीडिया में भी HPBOCWB चेयरमैन की सैलरी एक लाख रुपए बढ़ाने को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। हिमाचल सरकार वर्तमान में 90 हजार करोड़ के कर्ज में डूबी है, जिसके लिए सरकार विभिन्न मंचों से पूर्व की भाजपा सरकार को दोषी ठहरा रही है। वहीं, विपक्ष 6 मुख्य संसदीय सचिवों के सहित सलाहकार, OSD, बोर्ड-निगमों में चेयरमैन की लंबी फौज खड़ी करने पर सरकार को घेर रही है। भाजपा का आरोप है कि सरकार की फिजूलखर्ची से ही सरकार के खजाने को चूना लग रहा है। इसके अलावा सचिवालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने सवाल उठाया है कि अगर सरकार की वित्तीय स्थिति खराब है तो सैलरी बढ़ाने के लिए कहां से पैसा आ रहा है? जबकि सरकारी कर्मचारियों के डीए और एरियर के भुगतान के लिए सरकार का खजाना खाली है।
बीएल सेंट्रल पब्लिक वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार के पांच छात्र राष्ट्रिय स्तरीय ताईक्वांडो बॉक्सिंग चैम्पियनशिप प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं I जानकारी देते हुए विद्यालय अध्यक्ष ने बताया कि विद्यालय से पांच छात्र ईशान, आर्यन, तेजस, ध्रुव व पार्थ U -14 राष्ट्रिय स्तरीय ताईक्वांडो बॉक्सिंग चैम्पियनशिप प्रतियोगिता 2024 में भाग ले रहे है जो की 30 अगस्त से 1 सितम्बर तक आगरा में थाई बॉक्सिंग संगठन उत्तर प्रदेश के सौजन्य से आयोजित किया जा रहा हैI उन्होंने बताया कि ये बच्चे राकेश कुमार अध्यक्ष वेटरन स्पोर्ट्स विंग सोलन व ताईक्वांडो बॉक्सिंग कोच सैमुअल संगमा के नेतृत्व में भाग ले रहे हैं I विद्यालय अध्यक्ष ने इन सभी बच्चों को उत्तम प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं दी है I विद्यालय प्रधानाचार्य, विद्यालय पीटीए अध्यक्ष, मुख्याध्यापिका और अन्य सभी अध्यापकों ने भी इन सभी बच्चों को शुभकामनाएं दी हैI विद्यालय प्रधानाचार्य ने बताया इस विद्यालय के बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ अन्य गतिविधियों में भी विद्यालय का राष्ट्रिय व अंतराष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन कर रहे हैं I
** भूस्खलन से 72 सड़कें ठप हिमाचल प्रदेश के कई भागों में मानसून कमजोर पड़ गया है। राजधानी शिमला सहित आसपास भागों में आज सुबह से ही धूप खिली हुई है। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से प्रदेश के कुछ भागों में 6 सितंबर तक हल्की बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान है। 2 सितंबर के लिए कुछ स्थानों पर भारी बारिश का येलो अलर्ट है। 3 सितंबर के लिए बिजली चमकने व अंधड़ का अलर्ट है। शुक्रवार रात को सुंदरनगर में 44.8, शिलारू 43.1, जुब्बड़हट्टी 20.4, मनाली 17.0, शिमला 15.1, सलापड़ 11.3 और डलहौजी में 11.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। उधर, राज्य में शनिवार सुबह 10:00 बजे तक जगह-जगह भूस्खलन से 72 सड़कों पर आवाजाही बंद रही। इसके अतिरिक्त 32 जल आपूर्ति स्कीमें भी प्रभावित हैं। प्रदेश के पांच जिलों बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर में अगस्त के दौरान सामान्य से अधिक बादल बरसे। शेष सात जिलों में सामान्य कम बारिश दर्ज हुई। 1 से 31 अगस्त तक प्रदेश में सामान्य से पांच फीसदी कम बारिश हुई। मानसून सीजन में भी सामान्य से 23 फीसदी कम बारिश हुई है। 1 से 31 अगस्त तक 256.8 मिलीमीटर बारिश को सामान्य माना गया है, इस बार अगस्त में 244.7मिलीमीटर बारिश हुई। मानसून सीजन के दौरान सिर्फ शिमला जिला में सामान्य से 55 फीसदी अधिक बारिश हुई है। शेष 11 जिलों में कम बादल ही बरसे। इस मानसून सीजन में 27 जून से अब तक राज्य में बादल फटने की 51 व भूस्खलन की 37 घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं में 34 लोगों की माैत हुई। पांच घायल हुए और 33 अभी भी लापता है। मानसून में 122 घर, 17 दुकानें व 24 गोशालाओं को क्षति पहुंची। 149 पालतु पशुओं को भी जान गंवानी पड़ी।
पंजाब के पठानकोट से बीते दो दिन पहले छोटे बच्चे की किडनैपिंग का मामला सामने आया था, जिसमे सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई थी। फुटेज में साफ तौर पर देखा जा रहा था कि किडनैपिंग करने आए लोगो ने बच्चे को स्कूल से घर लौटते समय सविफ्ट गाड़ी में किडनैप कर लिया था, जिसके बाद बच्चे के परिवारजनों ने पुलिस को सूचित किया था और पंजाब पुलिस तथा हिमाचल प्रदेश जिला नूरपुर के अधीक्षक अशोक रत्न व डीएसपी विशाल वर्मा ने अपनी टीम सहित मुस्तैदी दिखाते हुए बच्चे को करीब 24 घंटो में ढूंढ निकाला। इसमें पंजाब पुलिस व हिमाचल पुलिस का बहुत बड़ा योगदान रहा, जिसके चलते पंजाब पुलिस तथा हिमाचल पुलिस की लोग खूब सहारना कर रहे है, जिन्होंने एक परिवार का छोटा बच्चा सुरक्षित परिवारजनों को लौटाया है, वहीं लोगों ने पुलिस जिला नूरपुर के अधीक्षक अशोक रत्न व डीएसपी विशाल वर्मा की खूब सराहना की। इस दौरान अधीक्षक अशोक रत्न ने सभी अभिवावकों से आग्रह किया कि अपने बच्चो का स्कूल जाते व आते समय पूरा ध्यान रखें और छोटे बच्चों को अकेले बाहर न भेजें। इस तरह की अप्रिय घटना होने पर घबराएं न और पुलिस पर भरोसा बनाए रखें और स्थानीय थाने में सूचित जरूर करें ताकि पुलिस सफलतापूर्वक अपनी जांच कर सके।
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला मुख्यालय नाहन में हरे भरे चीड़ के पेड़ों को काटने के मामले में पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गवाहों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चारों आरोपियों का सुराग लगा। फिलहाल चोरी की गई लकड़ी और वारदात में इस्तेमाल वाहन की रिकवरी होना अभी बाकी है। आरोपियों को आज शनिवार को अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस ने अवैध कटान का यह मामला महज 3 दिनों के भीतर ही सुलझा दिया है। पुलिस के अनुसार इस मामले में नगर परिषद नाहन के कार्यकारी अधिकारी ने 26 अगस्त को पुलिस थाना नाहन में अवैध कटान को लेकर शिकायत दर्ज करवाई थी। पुलिस ने तुरंत केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। हालांकि मौके से कुछ लकड़ी के लॉग नगर परिषद के वन रक्षकों के सुपुर्द कर दिए गए थे और कुछ लकड़ी को आरोपी लेकर फरार हो गए। कार्यकारी अधिकारी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि शहर में शिमला रोड़ पर परषुराम आईटीआई के पास लैपरॉसी वार्ड के समीप जंगल से किसी अज्ञात व्यक्तियों ने 24 अगस्त को बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के निजी और सरकारी जमीन से चीड़ के हरे-भरे 8 पेड़ काट दिए। इस पर गुन्नूघाट चौकी के प्रभारी सुरेश मेहता ने मौके का मुआयना किया और मामले की गहनता से जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार जांच के दौरान गवाहों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने मामले में संलिप्त 4 आरोपियों को धर दबोचा। इन आरोपियों में पिकअप ड्राइवर सितार खान। जाहिद हुसैन उर्फ शकील, ताज मोहम्मद और जगदीश चंद उर्फ जग्गा शामिल हैं। एएसपी सिरमौर योगेश रोल्टा ने बताया, "चारों आरोपियों को शनिवार को अदालत में पेश किया जाएगा। फिलहाल मौके से चोरी किए गए चीड़ के पेड़ के लॉग्स और मामले में इस्तेमाल वाहन की रिकवरी होना अभी बाकी है। पुलिस मामले में आगामी जांच में जुटी है।
हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर में एक महिला अपने पति का सुसाइड नोट लेकर पुलिस थाना पहुंची। महिला का पति सुसाइड नोट लिखकर लापता हो गया है, जिसमें उसने पुलिस पर मारपीट के मामले में उचित कार्रवाई न करने के आरोप लगाए है। अब पुलिस लापता व्यक्ति की तलाश में जुट गई है। आखिरी बार व्यक्ति सीसीटीवी में भी कैद हुआ है। ये मामला जिला सिरमौर के पांवटा साहिब में सामने आया है। यहां हाल ही में हुई मारपीट के मामले पुलिस की कार्रवाई से आहत होकर एक व्यक्ति ने यह कदम उठाया है। जानकारी के अनुसार गत 22 अगस्त को पांवटा साहिब निवासी भूपेंद्र सिंह के साथ 2 अन्य कर्मचारियों ने मारपीट की। ये दोनों व्यक्ति उस होटल के कर्मचारी हैं, जहां पर भूपेंद्र सिंह काम करता था। बताया जा रहा है कि भूपेंद्र की दोनों कर्मचारियों के साथ किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई, जिसके बाद दोनों ने उसके साथ मारपीट की। इससे भूपेंद्र को चोटें आई और उसे इलाज के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई। अब भूपेंद्र घर से लापता हो गया है। भूपेंद्र सिंह की पत्नी सरिता ने बताया कि जब वह कमरे में गई, तो देखा कि उसका पति कमरे में नहीं था और कमरे में एक सुसाइड नोट लिखकर छोड़ा हुआ था। सुसाइड नोट में भूपेंद्र ने लिखा कि पुलिस ने मारपीट के मामले में खाली रपट डाली है और मारपीट करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसलिए पुलिस की कार्रवाई से आहत होकर वह सुसाइड करने जा रहा है। सुसाइड नोट देख सरिता तुरंत पुलिस थाना पहुंची और इसके बारे में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस तुरंत भूपेंद्र की तलाश में जुट गई। पुलिस ने गोविंदघाट बैरियर के पास लगे सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला, जिसमें भूपेंद्र पैदल कुल्हाल उत्तराखंड की तरफ जाते हुए दिखाई दे रहा है। लिहाजा व्यक्ति की तलाश के लिए पुलिस टीमें गठित कर उत्तराखंड की तरफ भेजी गई है। एएसपी अदिति सिंह ने बताया, "उक्त व्यक्ति के साथ हुई मारपीट के मामले में पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की है। पुलिस लापता व्यक्ति की तलाश कर रही है। जल्द ही उसका पता लगा लिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के राज्य सहकारी बैंक की नौहराधार शाखा में इसी माह सामने आए बहुचर्चित करोड़ों रुपये के बैंक घोटाले के मामले की जांच के लिए अब पुलिस विभाग की साइबर टीम ने भी डेरा डाल लिया है। साइबर टीम भी नौहराधार पहुंच गई है और तकनीकी आधार पर इस सारे गड़बड़झाले को खंगालने में जुट गई है। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच संगड़ाह पुलिस थाना के एसएचओ बृज लाल मेहता के नेतृत्व में गठित एसआईटी कर रही है। इसके साथ-साथ एसआईटी को ऑडिट रिपोर्ट का भी इंतजार है। फिलहाल बैंक प्रबंधन द्वारा इस पूरे मामले को लेकर ऑडिट करवाया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार इसी बीच साइबर टीम भी कम्प्यूटर इत्यादि से तकनीकी आधार पर इस पूरे घोटाले में अनियमितताओं को लेकर जांच में जुट चुकी है। उधर 5 दिन के पुलिस रिमांड के बाद मामले के आरोपी निलंबित सहायक प्रबंधक ज्योति प्रकाश को पुलिस ने अदालत में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में रखने के आदेश देकर सेंट्रल जेल नाहन भेज दिया है। बता दें कि बैंक प्रबंधन की तरफ प्रारंभिक जांच के मुताबिक 4 करोड़ 2 लाख रुपये के घोटाले को लेकर संगड़ाह पुलिस थाना में आरोपी सहायक प्रबंधक के खिलाफ केस दर्ज करवाया गया। इसके बाद प्रबंधन ने आरोपी को निलंबित कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी सिरमौर रमन कुमार मीणा द्वारा जांच के लिए एसआईटी गठित की गई। इसके बाद गत 25 अगस्त को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था। पुलिस सूत्रों की मानें तो ऑडिट रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह सामने आ सकेगा कि इस पूरे घोटाले में कौन-कौन शामिल हैं। ऐसे में मामले में अन्य गिरफ्तारियां भी हो सकती है। बैंक प्रबंधन द्वारा मामले में अब तक कुल 7 कर्मचारियों को सस्पेंड किया जा चुका है, जबकि 10 को नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं। साथ ही पूरा स्टाफ शाखा से ट्रांसफर किया गया है। प्रबंधन की तरफ से उपभोक्ताओं को भी आश्वस्त किया गया है कि नियमों के मुताबिक टाइम बाउंड में उनकी राशि को लौटाया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में सरकार के प्रयासों के बाद किसान अब रासायनिक खेती को छोड़कर प्राकृतिक खेती को अपना रहे हैं। ऐसे में किसानों को मंडियों में उत्पादों के उचित दाम मिल सके, इसके लिए सरकार ने प्राकृतिक तकनीक के पैदा की जाने वाली गेहूं की खरीद का न्यूनतम समर्थन मूल्य 40 रुपये और मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य 30 रुपये प्रति किलो कर दिया है। ऐसा करने वाला हिमाचल देश का पहला राज्य बन गया है। हिमाचल प्रदेश में हजारों किसान प्राकृतिक खेती की तकनीक से पैदावार ले रहे हैं। इस पहल के लिए देश और दुनिया में हिमाचल के प्रयासों की सराहना हो रही है। ऐसे में हिमाचल से प्राकृतिक खेती की तकनीक के टिप्स लेने के लिए फ्रांस के राष्ट्रीय कृषि, खाद्य एवं पर्यावरण अनुसंधान संस्थान (आईएनआरएई) के चार वैज्ञानिकों के प्रतिनिधिमंडल ने शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से भेंट की। एलआईएसआईएस के उप निदेशक प्रो. एलिसन मैरी लोकोंटो के नेतृत्व में टीम में शोधकर्ता प्रो. मिरेइल मैट, डॉ. एवलिन लोस्टे और डॉ. रेनी वैन डिस शामिल हैं। वो प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में हुई प्रगति के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए हिमाचल प्रदेश के दौरे पर हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में अग्रणी राज्य है। प्राकृतिक खेती के जरिए उगाए गए उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान करने वाला देश का पहला राज्य है। इसके अतिरिक्त किसानों की आर्थिक को मजबूत करने के लिए गाय का दूध 45 रुपये प्रति लीटर और भैंस का दूध 55 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदा जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सीटारा प्रमाणन प्रणाली शुरू की गई है, जिसे किसानों को उचित मूल्य दिलाने के लिए लागू किया जा रहा है। वहीं हिम-उन्नति योजना को राज्य में क्लस्टर आधारित दृष्टिकोण के साथ लागू किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य रसायन मुक्त उत्पादन और प्रमाणन करना है। इसके तहत करीब 50 हजार किसानों को शामिल करने और 2600 कृषि समूह स्थापित करने की योजना है। इसके अलावा राज्य सरकार डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने और दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। आईएनआरएई के वैज्ञानिक तीन सप्ताह तक डॉ. वाईएस परमार बागवानी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय, नौणी और राज्य के अन्य स्थानों का दौरा करेंगे। उनका दौरा यूरोपीय आयोग की ओर से वित्त पोषित एक्रोपिक्स परियोजना (अंतर्राष्ट्रीय सह-नवप्रवर्तन गतिशीलता और स्थिरता के साक्ष्य की ओर कृषि-पारिस्थितिकी फसल संरक्षण) का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कृषि-पारिस्थितिकी फसल संरक्षण में सह-नवप्रवर्तन को आगे बढ़ाना है। फ्रांस से आते प्रतिनिधिमंडल ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने में राज्य सरकार के प्रयासों और सीटारा प्रमाणन प्रणाली की सराहना की। उन्होंने कहा कि आईएनआरएई इस प्रमाणन प्रणाली को अन्य देशों में अपनाने की संभावना तलाशेगा।
कंगना रनौत के खिलाफ राजकीय महाविद्यालय सोलन में एनएसयूआई का प्रदर्शन ** NSA लगाने की उठाई मांग सोलन के राजकीय महाविद्यालय में एनएसयूआई ने मंडी की सांसद कंगना रनौत के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान महाविद्यालय में एनएसयूआई ने कंगना रनौत का पुतला भी फूंका गया। सांसद कंगना रनौत के द्वारा जिस तरह से देश के किसानों के प्रति बयानबाजी की जा रही है। उसका एनएसयूआई ने विरोध किया। बता दे कि बीते दिनों कंगना रनौत ने एक इंटरव्यू में कहा था कि अगर हमारी लीडरशीप कमजोर होती तो देश में बांग्लादेश जैसी स्थिति हो सकती थी। सभी ने देखा कि किसान आंदोलन के दौरान क्या हुआ था। प्रदर्शन की आड़ में हिंसा फैलाई गई। वहां बलात्कार हो रहे थे। लोगों को मारकर लटकाया जा रहा था। इस स्थिति में भारत में बांग्लादेश जैसी स्थिति हो सकती थी। केंद्र सरकार ने जब कृषि कानूनों को वापस लिया तो सभी प्रदर्शनकारी चौंक गए। इस आंदोलन के पीछे एक लंबी प्लानिंग थी। इसी बयान को लेकर एनएसयूआई सोलन ने सरकार से कंगना के खिलाफ एनएसए यानी नेशनल सिक्योरिटी एक्ट लगाने की मांग की। इस धरना प्रदर्शन मे छात्र नेता रितिक सिंह, शिवांक, रमन,रितिक झमता,पियूष ,साहिल ,मोहित,प्रदीप,अजय,हेमंत,चिराग,निशील,अंजलि,भीमिका ,मेहाक,श्रेया,सुहानि,महिमा सहित अन्य लोग भी शामिल रहे।
देहरा डाक मंडल के अंतर्गत राष्ट्रीय खेल दिवस का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का नेतृत्व देहरा डाक मंडल के अधीक्षक बलबीर चंद और देहरा उप-मंडल के निरीक्षक राज कुमार द्वारा किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम में विभिन्न खेल गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें कर्मचारियों और उनके परिवारों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने राष्ट्रीय खेल दिवस के महत्व को समझा और खेलों को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।यह आयोजन देहरा डाक मंडल के कर्मचारियों के बीच उत्साह और सहयोग की भावना को और मजबूत करने में सफल रहा।
मंडी: साइबर ठग आपको ठगने के लिए तरह-तरह के पैंतरे अपनाते रहते हैं और कई बार सोशल मीडिया इन ठगों का हथियार बनता है. साइबर फ्रॉड के ऐसे वाकये सुनने में तो दिलचस्प लगते हैं लेकिन ये आपको सावधान रहने की घंटी भी बजाते हैं. ऐसा ही एक मामला हिमाचल प्रदेश से सामने आया है. जहां मंडी जिले की साइबर क्राइम टीम ने हिमाचल के एक युवक से 17 लाख की ठगी करने वाले एक नाइजीरियन मूल के ठग को गिरफ्तार किया है.बता दे कि ठगी का यह मामलो साल 2023 का है. आरोपी नाइजीरियन युवक ने सबसे पहले एक विदेशी लड़की के नाम से फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाया और बिलासपुर के एक युवक से दोस्ती कर ली. आरोपी ने फिर विदेश से भारत आने के नाम पर 17 लाख ठग लिए. साइबर क्राइम में दर्ज दी गई जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश स्टेट सीआईडी के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन मध्य जोन मंडी में 25 अगस्त 2023 को युवक ने 17 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया था. शिकायतकर्ता के अनुसार फेसबुक के माध्यम से विदेशी लड़की के नाम से बनी आईडी पर उसकी बातचीत शुरू हुई. कुछ दिन बाद लड़की ने युवक से मिलने के लिए विदेश से भारत आने की बात कही. इसके बाद लड़की ने शिकातकर्ता को बताया कि उसके पास बहुत सारी विदेशी करंसी है, जिसके कारण उसे दिल्ली में कस्टम ऑफिसर ने पकड़ लिया है और अब उसे कस्टम शुल्क अदा करना होगा. जिस पर शिकायतकर्ता ने 17 लाख रूपये लड़की के बताए खाते में ट्रांसफर कर दिए. लड़की के नाम से बनाई थी आईडी पैसे देने के बाद युवक को ठगी का एहसास हुआ. इसके बाद पीड़ित ने साइबर क्राइम थाना में शिकायत दर्ज करवाई. साइबर क्राइम की टीम ने मामले की जांच शुरू कर आरोपी को गिरफ्तार किया. पुलिस भी तब हैरान रह गई जब आरोपी लड़की नहीं बल्कि नाइजीरियन युवक निकला, जिसने फेसबुक पर लड़की के नाम से फेक आईडी बना रखी थी और कई लोगों के साथ ठगी की वारदात को अंजाम दे रहा था. साइबर क्राइम पुलिस थाना मंडी के निरीक्षक संजीव कुमार ने अपनी टीम के साथ 28 अगस्त 2024 को दिल्ली में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया है. आरोपी को पकड़ने के बाद हिमाचल लाया गया है, जहां से उसे कोर्ट में पेश किया गया. साइबर क्राइम थाना मध्य जोन मंडी एएसपी मनमोहन सिंह ने बताया कि, 'आरोपी को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है. पूछताछ में कुछ और खुलासे होने की संभावना है.'
**पंचवटी आश्रम का उत्तरी भारत में है सर्वश्रेष्ठ स्थान मनीष ठाकुर/ इंदौरा: भारतीय ऋषि सनातन परम्परा में मानव जीवन की 100 वर्ष की आयु को चार वर्ण में बांटा गया है। जैसे ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ व सन्यास ,जिसमें प्रत्येक वर्ण को 25 - 25 वर्ष निर्धारित है । उक्त धर्म चर्चा 33वें शतचंडी महायज्ञ संत सम्मेलन संजवां पंचवटी धाम में दरबार के सुश्री महंत कांतेश्वरी दास व साध्वी चेतन स्वरूप महाराज ने चारों वर्ण पर व्याख्या करते हुए कहा कि जब इस सृष्टि की रचना ब्रह्मा जी ने की थी ,उस काल में मानव जीवन को चार भागों में बांट दिया था ।विद्वान ब्राह्मण मंडल में शास्त्री देशराज शर्मा, आचार्य रवि शर्मा , पंडित जोगिंद्रपाल,नवीन आचार्य आदि ने 101 युवकों को महंत के आदेश अनुसार वैदिक व ऋषि परम्परा से उपनयन(यज्ञोपवीत )संस्कार वैदिक मंत्रों से करवाया। प्रत्येक युवक को गुरु मंत्र के साथ साथ यज्ञोपवीत की पवित्रता व ब्रह्मचर्य पालन के नियम बताए। उल्लेखनीय है कि समूह युवक जिनका 0यज्ञोपवीत हुआ उन सभी को नगर के बाहर 24 घंटे पीतांबर परिधान में भव्य कुटीर में बताए। स्वयं भोजन प्रसाद बनाकर गुरु दीक्षा की पालना की। धार्मिक आयोजन में दातारपुर, रामपुर के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर श्री महंत रमेश दास ने अपने संबोधन में कहा कि पंचवटी धाम उत्तरी भारत में सर्वश्रेष्ठ स्थान है। श्री महंत कांतेश्वरी दास व अन्य प्रबंधक समिति की धार्मिक सेवाओं के कारण उतरी भारत में इस आश्रम का नाम विख्यात है। धार्मिक आयोजन में मुख्य यजमान श्री कुलराज पठानिया के साथ साथ ठाकुर कुलदीप ,जगदीश ठाकुर, मास्टर विजय, चौधरी छज्जू राम,ठाकुर सुनंदन,ओम दत्त,जीवन बहल, अश्वनी भाटिया तलवाड़ा,अरुण कुमार तलवाड़ा,शर्मा स्वीट शॉप तलवाड़ा,मातृ शक्ति की और से रेणु ठाकुर,कृष्णा देवी,नीलम शर्मा, अंजना ठाकुर,सुनीता ठाकुर,शास्त्रो देवी, संयोगता शर्मा,स्वीट ठाकुर,रानी ठाकुर,किरण ठाकुर,आदि ने दरबार में नतमस्तक होकर महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। दरबार के प्रबंधक तरसेम पाल शर्मा के अनुसार अन्नपूर्णा सदन में अमृतरूपी भोजन प्रसाद ग्रहण करने वाले भक्तजनों का रात दिन एक समान तांता लगा हुआ है।
रक्कड़ तहसील के अंतर्गत पड़ते कुरियाल खेड़ा व भरौली के स्थानीय लोगो व आम जनमानस ने विधायक बिक्रम सिंह ठाकुर को ग्राम केंद्र प्रमुख त्रिलोक शर्मा ब अरविंद प्रभाकर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा कर अपनी विधायक प्राथमिकता में कुरियाल खेड़ा , हंडाल , दोदूँ राजपूता , दोदूँ ब्राह्मणा भरौली ऊपरली , भरौली झिकली इत्यादि गाँवों को सिंचाई स्कीम के साथ जोड़ने का आग्रह किया है। इस अवसर पर उप प्रधान विनोद मेहता पंचायत दोदूँ राजपूता ( ब्राह्मणा ) प्रधान कोलापुर श्री विपन कुमार ओ बी सी ज़िला देहरा महामंत्री यश पाल पूर्व मंडल अध्यक्ष हरबंस कालिया एवं शेष पाल इत्यादि उपस्थित रहे ।
सीमाएं न लांघे अधिकारी, एसपी शिमला घुमा रहे मेरे आवास के ऊपर ड्रोन, निजता का हो रहा हनन- जयराम ठाकुर मानसून सत्र के चौथे दिन प्रश्नकाल से पहले ही विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने सदन में प्वाइंट ऑफ ऑर्डर के तहत उनके निवास स्थान के आस पास ड्रोन चलाने का मामला उठाया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुझ पर नजर रखी जा रही है।शिमला के एसपी मेरी निजता का हनन कर रहे है। विपक्ष के नेता के घर में कौन आ रहा कौन जा रहा है इस पर नजर रखी जा रही है। विपक्ष के विधायकों के फोन पहले ही टैप किए जा रहे हैं जो सही परंपरा नहीं है। जयराम ठाकुर ने अधिकारियों को चेताते हुए कहा कि अधिकारी अपनी सीमाओं को न लांघे हैं जो सही नहीं है। वक्त बदलता रहता है सरकारें आती हैं और जाती हैं लेकिन अधिकारियों को सीमाओं को रहकर काम करना होता है । लेकिन मुख्यमंत्री द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि उनके निवास के बाहर ड्रोन से नजर रखी जा रही है और आज भी जब घर से निकले तो आंगन के पास ड्रोन घूम रहा था जो की दुर्भाग्यपूर्ण है ।सरकार द्वारा विपक्ष के नेता के घर में कौन आ रहा है और कौन जा रहा है इस पर ड्रोन से नजर रखी जा रही है । प्रदेश में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई जा रही है । प्रदेश में लोगों को पीट-पीट कर मारा जा रहा है लेकिन सरकार कानून विपक्ष के लोग हैं उनके फोन टैपिंग करवाए जा रहे हैं और ड्रोन से उनके घरों पर नजर रखी जा रही है जोकि दुर्भाग्यपूर्ण है। मुख्यमंत्री को जवाब देना चाहिए था मुख्यमंत्री चुप बैठे रहे। शिमला एसपी द्वारा सरकार पर सरकार के इशारे पर काम कर रहे है। विधायकों को 8 घंटे तक थाने में पूछताछ के लिए बैठाया जा रहा है और जब वह घर जा रहे हैं तो फिर वापस बुलाया जा रहा है। फिर बिठाया जाता है यह तमाशा बना कर रखा है । जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शिमला: हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन हॉर्टीकल्चर कॉलेज के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान विपक्ष ने सत्तापक्ष की ओर से सही जवाब न मिलने पर सदन से वाॅकआऊट कर दिया। वाॅकआऊट के बाद विधानसभा परिसर में विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हमारी सरकार ने सराज विधानसभा क्षेत्र के थुनाग में हॉर्टीकल्चर कॉलेज शुरू किया था और उसकी फोरैस्ट क्लीयरैंस करने के बाद 205 बीघा भूमि कॉलेज के नाम कर दी थी। भूमिपूजन के पश्चात 10 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान भी किया, लेकिन कांग्रेस सरकार के पौने 2 वर्ष के कार्यकाल में इसका टैंडर नहीं हुआ। जब हमने पीडब्ल्यूडी को कहा कि इसका टैंडर करो तो हॉर्टीकल्चर मिनिस्टर ने कहा कि इस टैंडर को रोक दो। जब हमने इसके बारे में पूछा तो सही कारण नहीं बताया गया, जिस पर विपक्ष ने सदन से वॉकआऊट कर दिया। जयराम ने कहा कि सरकार की मंशा या तो इस कॉलेज को बंद करना है या तो इसे शिफ्ट करना है। जयराम ने कहा कि जब हमने कॉलेज को शुरू करने के बारे में पूछा तो सत्तापक्ष की ओर से कहा कि गया कि कॉलेज बनाने के लिए 300 करोड़ रुपए लगेंगे। आप पैसे दीजिए और उसके बाद हम इस कॉलेज का काम शुरू करेंगे। जयराम ने इस जवाब को गैर-जिम्मेदाराना बताया। उन्होंने कहा कि पैसों का इंतजाम करना वर्तमान सरकार की जिम्मेदारी है। हम विपक्ष में हैं और इस मामले में सरकार का सहयोग कर सकते हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार का ये काम करने का तरीका बन गया है कि जो भी हो सकता है उसे बंद कर दो। मंडी में शिवधाम व मेडिकल यूनिवर्सिटी का काम बंद कर दिया, वहीं पालमुपर कृषि विश्वविद्यालय की जमीन निजी हाथों में सौंपी जा रही है। इससे बड़ा दुर्भाग्य और कोई नहीं हो सकता। वही नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार ड्रोन से मुझ पर नजर रखी रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने उनकी व्यक्तिगत सीमाओं का उल्लंघन किया है और यह सही परंपरा नहीं है। विपक्ष के नेता के घर में कौन आ रहा है और कौन जा रहा है, इस पर नजर रखी जा रही है। वहीं फोन पहले ही टैप किए जा रहे हैं जोकि एक गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा इस बाबत मुख्यमंत्री ने इसका कोई जवाब नहीं दिया और चुप्पी साधे बैठे रहे।
विकास खंड अधिकारी तन्मय कंवर ने कुनिहार बाजार में दुकानों का किया औचक निरक्षण **प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तैमाल करने वालों के काटे चालान **पांच दुकानदारों के 500 से 5000 के कटे चालान विकास खंड अधिकारी कुनिहार तन्मय कंवर ने क्षेत्र की तीनों पंचायतों कुनिहार, हाटकोट व कोठी के प्रधान उप प्रधान व वार्ड सदस्यों के साथ मिलकर कुनिहार बाजार कोठी चौक से न्यू बस स्टैंड से होते हुए पुराना बस स्टैंड तक होटल ढाबों, मीट शॉप ,अन्य दुकानदारों सहित बैंक आदि का औचक निरक्षण कर सिंगल यूज प्लास्टिक रखने वालो व दुकानों के आगे फैंका व जलाया गया। प्लास्टिक व कूड़ा-कर्कट के चालान किए गए। बीडीओ कुनिहार तन्मय कंवर ने बताया कि पहले कई बार दुकानदारों को विभाग व पंचायतों द्वारा प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने व दुकानों के आगे गंदगी न फैलाने की अपील की जाती रही है लेकिन अभी भी बहुत से दुकानदार इस अपील की परवाह किए बिना इसका उल्लंघन कर रहे है। इसी के मद्देनजर कुनिहार बाजार में ऐसे दुकानदार जो प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल कर रहे हैं और जो अपनी दुकानों के आगे खुले में ही प्लास्टिक व अन्य कूड़ा फेंक व जला रहे है उनके चालान कर भविष्य में ऐसा न करने की चेतावनी भी दी गई। उन्होंने बताया कि समय समय पर ऐसे औचक निरीक्षण होते रहेगें। उन्होंने उन सभी दुकानदारों जो पंचायतों द्वारा निर्धारित वेस्ट कलेक्शन फीस नही दे रहे हैं उनसे भी अपील की है कि सभी दुकानदार इसमें सहयोग करे। ताकि कुनिहार शहर स्वच्छ रह सके। आज 5 दुकानदारों के चालान किए गए जिसमे 1चालान 5 हजार व चार चालान 500,500 के किए गए। इस अवसर पर जगदीश अत्री प्रधान पंचायत हाटकोट,बलविंदर चौधरी प्रधान पंचायत कोठी, राकेश ठाकुर प्रधान पंचायत कुनिहार, रोहित जोशी,लायक राम,राकेश कुमार,तेजिंदर आदि मौजूद रहे।
** सरकार ने पेश किए आंकड़े शिमला: इन दिनों सोशल मीडिया पर शराब के अधिक दाम वसूल करने के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। वीडियो में शराब के अधिक दाम ग्राहकों से वसूलने के आरोप लगे थे। ये सवाल विधानसभा के मानसून सत्र में भी गूजा। विपक्ष ने इसे लेकर सरकार से सवाल किया था। सदन में अनुपूरक सवाल के जवाब में सरकार ने कहा कि शराब पर ओवरचार्जिंग के लिए सख्त प्रावधान किया गया है। इससे निपटने के लिए 25 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक जुर्माना है। पहले यह 5 हजार से लेकर 25 हजार तक था। सरकार ने ओवर चार्जिंग करने पर 2022-2023 में शराब विक्रेताओं पर ₹ 15,12,000 का जुर्माना लगाया है। 2023-2024 में ₹ 17, 5000, 2024 में अगस्त महीने तक ₹ 15,21,000 जुर्माना लगाया जा चुका है। शराब की विक्री के दौरान ओवरचार्जिंग को लेकर प्रदेशभर से शिकायतें आ रहीं थी। इसको लेकर समय-समय पर सरकार की ओर से कार्रवाई भी की गई है। बता दें कि आबकारी नीति के तहत बॉटल्ड इन ओरिजिन (सिंगल माल्ट, व्हिस्की, रम, जिन, वोदका, बायो बीयर/बायो वाइन, साइडर) पर 10 प्रतिशत लाभांश और भारत में निर्मित सभी बीयर ब्रांड पर 30 प्रतिशत लाभांश तय किया गया है। देसी शराब पर 30 प्रतिशत लाभांश, देश में बनी लो ब्रांड अंग्रेजी शराब पर 15 फीसदी और हाई ब्रांड शराब पर 30 फीसदी लाभांश तय किया गया है। न्यूनतम विक्रय मूल्य से 10 से 30 फीसदी लाभांश से अधिक शराब के विक्रय से संबंधित शिकायत के लिए विभाग ने दूरभाष नम्बर भी जारी किए हैं। इस संबंध में शिकायतकर्ता कांगड़ा जोन में दूरभाष नम्बरः 01894230186, मण्डी जोन में 01905223499, शिमला जोन में 01772620775 सम्पर्क कर सकते हैं। विभाग का नियंत्रण कक्ष सप्ताहभर 24 घंटे कार्यशील रहता है और सभी नागरिक इस प्रकार के मामले संज्ञान में आते ही टोल फ्री नम्बर 18001808063, दूरभाष नम्बर 0177-2620426 और व्हाट्स-एप नम्बर 94183-31426 पर जानकारी साझा कर सकते हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला में बीते साल ब्यास नदी में आई बाढ़ के चलते जहां करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ। वहीं, लारजी प्रोजेक्ट को भी काफी नुकसान उठाना पड़ा। यहां पर करीब 9 माह तक बिजली का उत्पादन बंद रहा और बिजली बोर्ड को करोड़ों रुपए का नुकसान उठाना पड़ा। बिजली बोर्ड ने भी इस आपदा के लिए एनएचएआई को जिम्मेदार ठहराया और मुआवजा राशि की मांग की थी। लेकिन अब एनएचएआई ने यहां मुआवजा राशि देने से इनकार किया है और उनके द्वारा जो रिपोर्ट तैयार की गई हैं, उसका बिजली बोर्ड के अधिकारियों को अध्ययन करने की सलाह दी है। एनएचएआई की ओर से लारजी विद्युत प्रोजेक्ट प्रबंधन को पिछली बरसात में हुए 650 करोड़ रुपये नुकसान की एवज में मुआवजा राशि देने और रिटेनिंग वाल लगाने के दावे को खारिज करने को लेकर बिजली बोर्ड (उत्पादन) सतर्क हो गया है। अपनी रिपोर्ट में एनएचएआई ने हाइड्रोलॉजिकल अध्ययन का हवाला देते हुए लारजी प्रोजेक्ट प्रबंधन के दावे को गलत बताया है। हालांकि, अब बिजली बोर्ड इस हाइड्रोलॉजिकल अध्ययन को विस्तार से जांच परख कर जवाब देगा और बिजली बोर्ड के उच्चाधिकारियों के ध्यान में भी यह मामला है। बिजली बोर्ड उत्पादन का तर्क है कि बाढ़ के कारण सड़क चौड़ी हुई और इससे नदी का जलस्तर ऊपर उठा है। जबकि एनएचएआई ने बिजली बोर्ड के कई दावों को जांच में सही नहीं बताया है। इसके विपरीत एनएचएआई की जांच में प्रोजेक्ट के डिजाइन और एसपीएफ के नीचे गेट निर्माण को बाढ़ के लिए जिम्मेदार ठहराया है। एनएचएआई के मुआवजा राशि और रिटेनिंग वाल लगाने की मांग को खारिज करने का पत्र बिजली बोर्ड उत्पादन विंग को मिल गया है। इस पर अब विशेषज्ञ गहनता से अध्ययन कर रहे हैं. विंग का मानना है कि एनएचएआई की तरफ से लारजी प्रोजेक्ट को हुए नुकसान के पीछे बताए गए कारण सही नहीं है। इसका जवाब तैयार किया जा रहा है, इसके लिए तथ्य खंगाले जा रहे हैं।
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बालाहर स्थित वेदव्यास परिसर में आगामी 31 अगस्त से सात दिवसीय टांकरी लिपि प्रशिक्षण पर राष्ट्रिय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला संयोजक डॉ यज्ञदत्त शर्मा ने बताया कि हिमाचल प्रदेश की मूल लिपि टांकरी रही है, जिसमें यहां के सभी लोग अपने-अपने व्यवहार का लेखा-जोखा संरक्षित करते रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसके साथ-साथ इसमें ज्योतिष,वास्तु, यन्त्र-मंत्र आदि शास्त्रीय विषयों के साथ कथा, लोकगीत आदि का भी लेखन करते रहे हैं, जिनको यहां वहां बिखरी पड़ी नष्ट हो रही पाण्डुलिपियों में देखा जा सकता है। इतना ही नहीं राजाओं के समय भू-राजस्व का रिकार्ड इसी लिपि में आज भी प्राप्त होता है। यज्ञदत्त के अनुसार राजाओं के आदेश पत्र, दान पत्र, शिलालेख, ताम्र आदि धातु लेख भी इसी लिपि बहुत स्थानों पर प्राप्त होते हैं। लगभग 90 दशक पूर्व हिमाचल में अन्य लिपियों के प्रभाव से इस लिपि का ह्रास हुआ है। अब यह लिपि पोथियों तक सिमट कर रह गई है और अपने नाश के अन्तिम चरण पर स्थित है। इसके पुनरुद्धार के लिए विश्वविद्यालय के यशस्वी कुलपति प्रो. निवास बरखेड़ी के संरक्षकण में और परिसर की निदेशिक प्रो. सत्यम कुमारी के मार्गदर्शन में इस कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यशाला में पांडुलिपि मिशन नई दिल्ली के निर्देशक प्रो.अनिर्वाणदास 31 अगस्त से आगामी दो दिन तक ब्राह्मी और शारदा लिपि का प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। अन्य दिनों में परिसर के अध्यापक तथा टांकरी लिपि के जानकार छात्रों को टांकरी लिपि का प्रशिक्षण करवाया जाएगा। सात दिनों तक चलने वाली इस कार्यशाला का समापन 6 सितंबर को किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री, मंत्रियों और मुख्य संसदीय सचिवों के वेतन-भत्ते दो महीने के लिए विलंबित होंगे। यानी बाद में मिलेंगे। विधायकों ने भी ऐसा करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज हिमाचल विधानसभा सदन को इस संबंध में अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विषम वित्तीय परिस्थिति के दृष्टिगत अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों व मुख्य संसदीय सचिवों सहित अपने वेतन व भत्ते दो माह तक विलंबित करता हूं। इसके अतिरिक्त आप सभी सदस्यों से भी अपने वेतन एवं भत्ते स्वेच्छा से विलंबित करने का आग्रह करता हूं। सीएम ने कहा कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है। इसके कई कारण हैं। राजस्व घाटा अनुदान जो वर्ष 2023-24 में 8058 करोड़ रुपये थी, इस वर्ष 1800 करोड़ कम होकर 6258 करोड़ रुपये हो गई है। अगले वर्ष (2025-26) में यह 3000 करोड़ रुपये और कम होकर 3257 करोड़ रुपये रह जाएगी। पीडीएनए की लगभग 9042 करोड़ रुपये की राशि में से केंद्र सरकार से अभी तक कोई भी राशि प्राप्त नहीं हुई है। एनपीएस एनपीएस अंशदान के लगभग 9200 करोड़ रुपये पीएफआरडीए से प्राप्त नहीं हुए हैं, जिसका हम केंद्र सरकार से कई बार अनुरोध कर चुके हैं। जीएसटी मुआवजा जून 2022 के बाद मिलना बंद हो गया है, जिससे प्रतिवर्ष लगभग 2500-3000 करोड़ की आय कम हो गई है। ओपीएस बहाल करने के कारण हमारी उधार भी लगभग 2000 करोड़ से कम कर दी गई है। इन परिस्थितियों से पार पाना आसान नहीं है। सीएम ने आगे कहा कि हमने प्रदेश सरकार की आय बढ़ाने और अनुत्पादक व्यय कम करने का प्रयास किया है। इन प्रयासों के परिणाम आने में समय लगेगा।
इंदौरा महाविद्यालय में आज "राष्ट्रीय खेल दिवस" का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉक्टर सुमीक्षा गुप्ता ने ध्वजारोहण करके खेल की शुरुआत करवाई व खेल विभाग के प्राध्यापक डॉक्टर अवस्थी ने कार्यक्रम का सफल आयोजन करवाया। इस अवसर पर छात्र और छात्राओं की रस्सी कूद व भारोत्तोलन प्रतियोगिता करवाई गई, छात्राओं में नेहा प्रथम, रेखा, सेकंड और लवप्रीत तीसरे स्थान पर रहीं। लड़कों में रस्सी कूद में ध्रुव पहले स्थान पर रहा "भारोत्तोलन प्रतियोगिता" में विशाखा प्रथम, स्थान पर, शिवांगी द्वितीय स्थान पर व पूनम और रुचिका तीसरे स्थान पर रहीं और लड़कों में करण पहले स्थान पर, मानव और जतिन दूसरे स्थान पर व आदित्य और उदित तीसरे स्थान पर रहे। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या ने बच्चों को "राष्ट्रीय खेल दिवस" जो "मेजर ध्यान सिंह" की स्मृति में मनाया जाता है के बारे में विस्तार से बताया व डॉक्टर अवस्थी ने भी उनके जीवन से संबंधित घटनाओं को याद किया। इस आयोजन में प्रोफेसर योगेश पाल, प्रोफेसर कुलवंत परमार, प्रोफेसर अंजना गौतम, प्रोफेसर नीरज शर्मा, प्रोफेसर आरती रानी व पूरा स्टाफ उपस्थित रहा ।
हिमाचल प्रदेश में तेजी से बढ़ रही नशे की रफ्तार पर चिंता व्यक्त करते हुए किसान नेता एवं समाजसेवी मनजीत डोगरा ने कहा कि एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले 6 वर्षों में एनडीपीएस के तहत दर्ज मामलों में दुगनी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हिमाचल पुलिस के मुताबिक प्रदेश में कुल जनसंख्या का 0.24 प्रतिशत हिस्सा नशे की चपेट में है तथा सर्वे के अनुसार प्रदेश में लगभग दो लाख युवा ड्रग एडिक्ट है तथा हिमाचल प्रदेश ज्यादा नशे करने वाले राज्यों की सूची में देश भर में दूसरे स्थान पर है। मनजीत डोगरा ने कहा कि युवाओं में तेजी से फैलते नशे को रोकने के लिए प्रदेश सरकार को और भी ज्यादा सक्रियता दिखाने होगी तथा नशे के खिलाफ मुहिम को तेज करना होगा। मनजीत डोगरा ने प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि पंचायत स्तर पर नशा निवारण समितियों का गठन किया जाए, ताकि ग्रामीण स्तर पर नशा करने वाले हर व्यक्ति तथा नशे के कारोबार में संलिप्त हर व्यक्ति पर पैनी नजर बनी रहे तथा नशे के आदी हो चुके युवाओं को नशे की लत से बाहर निकलने के लिए सरकार के विभिन्न विभागों जो नशा मुक्ति की दिशा में कार्यरत हैं के साथ निरंतर तालमेल स्थापित किया जा सके ।
जयसिंहपुर भाजपा मंडल अध्यक्ष देवेंद्र राणा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताया कि भाजपा जयसिंहपुर में 2 सितंबर से सदस्यता अभियान शुरू कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस बार जयसिंहपुर विधानसभा में 25 हजार सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा है। इस अवसर पर पूर्व विधायक रवि धीमान, मंडल महा मंत्री राजेश सुघा, किसान मोर्चा अध्यक्ष अजय पठानिया, युवा मोर्चा अध्यक्ष शिवा कटोच और अन्य भाजपा कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
वन विभाग कुनिहार के कर्मचारियों ने भी हिमाचल प्रदेश सचिवालय कर्मचारी संघ द्वारा उठाई कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में पूरे विधानसभा सत्र तक काले बिल्ले लगाकर कार्य करने का निर्णय लिया है। आज सभी कर्मचारी काले बिल्ले लगाकर कार्यालय पहुंचे। विभाग के सुपरीटेंडेंट रामलाल ने बताया कि सरकार ने पिछले 2 वर्षों से कर्मचारियों व पेंशनरों के लिए कुछ भी नहीं दिया है, जिससे कर्मचारियों की चार किश्ते देय है । साल 2016 में पे स्केल रिवाइज हुए थे उसकी एक किस्त 2022 में मिली थी, वर्तमान में सरकार एक भी पैसा एरियर के रूप में कर्मचारियों के लिए नहीं दे रही है। साथ ही महंगाई भत्ता कर्मचारियों को आज तक नहीं मिला है । उन्होंने बताया कि कर्मचारियों पर काम का बोझ दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है क्योंकि एक कर्मचारी चार से पांच सीटों का कार्य कर रहा है जो की तब भी पूरा नहीं हो पा रहा है वहीं सरकार के उच्च अधिकारियों की पोस्ट एक भी दिन खाली नहीं रहती है तुरंत उस पोस्ट को भर दिया जाता है, जबकि उच्च अधिकारियों की नई नई पोस्ट क्रिएट की जा रही है, जिससे सरकारी खजाने पर दिन प्रतिदिन बोझ बढ़ता जा रहा है। वहीं क्लास 3 क्लास 4 की भर्ती के लिए सरकार द्वारा कोई भी प्रयास नहीं किया गया है । सरकार अपने वेतन भत्तों की हर वर्ष बढ़ोतरी करती है, जिसमें आज तक कोई कटौती नहीं की गई है वहीं सरकार के पास कर्मचारियों को देने के लिए पैसा नहीं है। कर्मचारियों व पेंशनरों के मैडिकल बिल काफी समय से लंबित पड़े है। उन्होंने कहा कि इस सरकार से पेंशनरों और कर्मचारियों ने काफी आस लगाई थी कि यह सरकार हमारी सभी मांगों को पूरा केरेगी, जबकि यह एक कोरा कागज साबित हुई है । इसी लिए आज सरकार के प्रति रोष व्यक्त करते हुए वन विभाग के कर्मचारियों चंद्रशेखर, बलदेव, विनोद कुमार, मनोहर लाल, श्याम लाल, धर्मचंद,सीताराम, प्रेम चंद आदि ने पूरे विधानसभा सत्र के दौरान काले बिल्ले लगाकर कार्य करने का निर्णय लिया है।
मंडी: उपमंडल सरकाघाट के अंतर्गत जाहू-ढलवान-कलखर सड़क पर बस और बाइक की टक्कर में बाइक चालक की मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार यह सड़क हादसा बीती शाम करीब 7 बजे के करीब हुआ। एचआरटीसी सरकाघाट डिपो की बस मंडी से सरकाघाट जा रही थी, जबकि बाइक चालक जाहू से कलखर की ओर आ रहा था। इस बीच तमलेड़ गांव के पास मोड़ पर बस व बाइक की आमने-सामने हुई इस टक्कर में बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान 38 वर्षीय पवन कुमार निवासी गांव मझवाण, डाकघर कलखर के रूप में हुई है। सूचना मिलने के बाद हटली पुलिस थाना प्रभारी दिनेश कुमार और अन्य पुलिस कर्मचारी दुर्घटनास्थल पर पहुंचे और छानबीन शुरू की। थाना प्रभारी ने बताया कि मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
** इसी माह मिलेगा पचास फीसदी हिस्सा शिमला: कर्मचारियों की डीए व एरियर की डिमांड को लेकर चल रहे विवाद के बीच सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार ने 75 और इससे ऊपर की आयु वाले पेंशनर्स को एरियर की घोषणा कर दी है। बुधवार को वित्त विभाग के प्रधान सचिव की तरफ से जारी ऑफिस मेमोरेंडम में कहा गया कि पहली जनवरी 2016 से पेंशन/फैमिली पेंशन का संशोधित एरियर तय घोषणा के अनुसार दिया जाएगा। इस संदर्भ में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 15 अगस्त को देहरा में आयोजित राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में घोषणा की थी। ऑफिस मेमोरेंडम में कहा गया है कि उपरोक्त आयु वर्ग के पेंशनर्स को बकाया एरियर का पचास फीसदी दिया जाएगा। यानी बाकी बचे 45 फीसदी एरियर का आधा यानी 22.5 फीसदी इसी माह में दे दिया जाएगा। अगस्त 2024 में जिन पेंशनर्स की आयु 75 या इससे अधिक हो गई है, वे इस एरियर के पात्र होंगे। 55 फीसदी एरियर का हो चुका है भुगतान: उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार पेंशनरों को 55 फीसदी एरियर का भुगतान कर चुकी है। बकाया एरियर 45 फीसदी है। इस 45 फीसदी में से आधा हिस्सा यानी 22.5 फीसदी इसी माह जारी किया जाएगा। पेंशनर्स के अलावा फैमिली पेंशनर्स को भी इसका लाभ मिलेगा। इस बारे में प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार ने सभी पीडीए यानी पेंशन डिस्बर्सिंग अथॉरिटीज को निर्देश जारी किए हैं कि पात्र पेंशनर्स को एरियर का भुगतान तय समय में किया जाए। अब इस आयु वर्ग के पेंशनर्स को कुल मिलाकर 77.50 फीसदी भुगतान हो जाएगा। बाकी 22.5 फीसदी आने वाले समय में दिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में इन लगातार बारिश हो रही है। सोलन में भी वीरवार सुबह से ही मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है। आज बारिश को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही बारिश के चलते नदी नालों का जलस्तर बढ़ रहा है। ऐसे में इसे देखते हुए डीसी सोलन मनमोहन शर्मा ने लोगों से नदी नालों से दूर रहने का आग्रह किया है। इसी के साथ सोलन जिले की अश्विनी खड्ड और गिरी नदी के किनारे सभी प्रकार की पर्यटन गतिविधियों पर आगामी 2 माह तक पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। सोलन की अश्वनी खड्ड लगातार हो रही बारिश के चलते अब उफान पर है। वहीं, दूसरी ओर इस खड्ड में गाद आ चुकी है, जिस कारण पानी की सप्लाई शहर में बाधित हो चुकी है। इस खड्ड के किनारे पर्यटन गतिविधियों पर भी अब रोक लग गई है। हालांकि शहर में गिरी पेयजल योजना के जरिए लोगों को पानी मिल रहा है, जिसकी सप्लाई नगर निगम 4 से 5 दिनों बाद शहर में कर रहा है। डीसी सोलन मनमोहन शर्मा ने भारी बारिश को देखते हुए जिला सोलन की सीमा में अश्वनी खड्ड के किनारों और गिरी नदी के किनारों पर सभी प्रकार की अनाधिकृत पर्यटन गतिविधियों एवं व्यावसायिक गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है, जो कि आगामी दो माह तक जारी रहेगा। डीसी सोलन के आदेशों में कहा गया है कि मानसून के मौसम में भारी बारिश के कारण नदी, नालों के किनारे जाना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि भारी बारिश के दौरान बादल फटने और लैंडस्लाइड जैसी घटनाएं हो सकती हैं। ऐसे में किसी भी कारण से नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि से जान का खतरा भी हो सकता है। डीसी सोलन के आदेशों के अनुसार स्थानीय पुलिस, जिला पर्यटन अधिकारी के साथ सक्रिय समन्वय स्थापित करते हुए निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करेगी। इन आदेशों का उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
** लंबी लाइनों में खड़े होने से मिलेगा छुटकारा मंडी: अस्पतालों में इलाज करवाने आए मरीजों के लिए सबसे बड़ी परेशानी होती है कि उन्हें लंबी-लंबी कतारों में खड़े रहकर पर्ची कटवानी पड़ती है, जिससे की मरीजों को और ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ता है। मरीजों को इसी दिक्कत से निजात दिलाने के लिए हिमाचल के जोनल अस्पताल मंडी ने एक नई पहल शुरू की है, जिससे मरीजों या उनके तीमारदारों को लंबी-लंबी लाइनों में लगकर घंटों इंतजार नहीं करना होगा। अब पर्ची काउंटर पर पहुंचे ही पर्ची झट से बन जाएगी, जिसके लिए बस एक क्यूआर कोड को स्कैन करने की जरूरत है। मंडी के जोनल अस्पताल में आपको पर्ची के लिए इंतजार न करना पड़े और आपके काउंटर पर पहुंचते ही पर्ची मिल जाए, इसके लिए मोबाइल फोन पर 'आभा' ऐप डाउनलोड करके पेशेंट का अकाउंट खोलना होगा। इसके बाद काउंटर पर लगाए गए क्यूआर कोड को स्कैन करना होगा, जिसके बाद एक घंटे के लिए एक टोकन नंबर जनरेट होगा। इसके बाद पर्ची काउंटर पर सिर्फ टोकन नंबर, पिता का नाम और जिस विभाग में मरीज को दिखाना है, ये सब बताने के साथ ही आपकी पर्ची बन जाएगी। क्यूआर कोड को भविष्य में पर्ची बनाने के लिए मोबाइल की गैलरी में भी रखा जा सकेगा। जब भी पर्ची बनानी हो तो आभा ऐप में क्यूआर कोड को स्कैन किया, टोकन नंबर लिया औप पर्ची काउंटर पर थोड़ी सी जानकारी देने के बाद पर्ची बना ली। जोनल अस्पताल मंडी के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डीएस वर्मा ने बताया, " डीसी मंडी ने पर्ची बनाने में घंटों लगने वाली लाइन की समस्या को दूर करने के निर्देश दिए हैं, जिसके तहत फिलहाल ट्रायल बेसिस पर ये व्यवस्था की गई है। अगर ये व्यवस्था पूरी तरह से सफल रही तो पर्ची काउंटर पर पर्चियां बहुत जल्दी बनना शुरू हो जाएंगी। अभी तक पर्ची बनाने के लिए मरीज का नाम, उम्र, लिंग, मोबाइल नंबर, पता, जिस विभाग में दिखाना है उसकी सारी जानकारी देनी होती हैं। इसे भरने में काफी समय लग जाता था। नई व्यवस्था में अगर कोई क्यूआर कोड को स्कैन करके पर्ची बनाने आता है तो सिर्फ टोकन नंबर, पिता का नाम और जिस विभाग में दिखाना है बताने पर पर्ची तुरंत बन जाएगी। वहीं, डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने बताया कि जोनल अस्पताल के पर्ची काउंटर पर लगने वाली लंबी लाइनों का मामला उनके ध्यान में था। उन्होंने प्रशासन को इसमें सुधार करने के निर्देश दिए थे, ताकि अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को राहत मिल सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि क्यूआर कोड को स्कैन करने से पर्ची बनाने से व्यवस्था में सुधार आएगा। आगे भी ऐसी व्यवस्था किए जाने पर विचार किया जा रहा है कि अस्पताल आने वाले मरीज की घर पर ही पर्ची बन जाए। डीसी मंडी ने बताया कि छुट्टी से अगले दिन अस्पताल आने वाले मरीजों की ज्यादा संख्या को देखते हुए अस्पताल के पिछली ओर कोविड के दौरान बनाए गए काउंटर में भी 9:30 बजे से लेकर 1:30 बजे तक पर्चियां बनाई जा रही हैं।
सिरमौर जिले के संगड़ाह उप मंडल में हरिपुरधार के निकट थोला गांव की होनहार बेटी प्रीति ने मिलिट्री नर्सिंग की परीक्षा पास की है और भारतीय सेवा में सेकण्ड लेफ्टिनेंट नर्सिंग बनने का मार्ग प्रशस्त कर सिरमौर जिला और हिमाचल प्रदेश का नाम गौरवान्वित किया है । प्रीति की यह लगातार चौथी उपलब्धि है। प्रीति ने पहले कम्युनिटी हैल्थ ऑफिसर की परीक्षा पास की और उसके बाद स्टाफ नर्सिंग की परीक्षा पास करके शिमला के चमियाना मे आईजीएमसी के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में ज्वाइन किया। उसके बाद उन्होंने एम्स में नर्सिंग की परीक्षा पास करके हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर स्थित एम्स में स्टाफ नर्सिंग के पद पर ज्वाइन किया और अब उन्होंने मिलिट्री नर्सिंग की परीक्षा पास करके अपने क्षेत्र और मां-बाप का नाम रोशन किया है। प्रीति की प्रारंभिक पढ़ाई रूप तारा पब्लिक स्कूल गाताधार में हुई है और उन्होंने जमा दों की परीक्षा शिशु विद्या निकेतन नाहन से उतीर्ण की है। उसके बाद उन्होंने सिरमौर जिला के बड़ू साहब कॉलेज से बीएससी नर्सिंग की परीक्षा पास की। उसके उपरांत प्रीति ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार चार उपलब्धियां हासिल करके अब भारतीय सेवा की नर्सिंग परीक्षा पास करके प्रदेश का नाम रोशन किया है। प्रीति का एक भाई शुभम आईआईटी हमीरपुर से बीटेक की परीक्षा पास कर चुका है, जबकि दूसरा भाई प्रियांशु मेडिकल कॉलेज चंबा से एमबीबीएस कर रहा है। प्रीति की माता हेमा ग्रहणी है, जबकि उनके पिता लाल सिंह आयुष विभाग में आयुर्वेदिक अधिकारी के पद पर कार्यरत है। प्रीति अपनी इस उपलब्धि के लिए अपने माता-पिता और गुरुजनों का आशीर्वाद मानती है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल सिरमौर और हिमाचल का नाम रोशन हुआ है अपितु युवा पीढ़ी को भी प्रेरणा मिली है। यद्यपि अभी प्रीति ने यह फैसला नहीं किया है कि वह एम्स बिलासपुर में ही अपनी सेवाएं जारी रखेगी या भारतीय सेवा को जॉइन करेगी परंतु प्रीति के गांव में उनके माता-पिता को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।


















































