हिमाचल प्रदेश सरकार ने कम विद्यार्थी संख्या वाले स्कूलों के पुर्नगठन व शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। इस संबंध में सरकार की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है। बीते दिनों हुई कैबिनेट बैठक के फैसले के बाद सरकार ने राज्य में शून्य विद्यार्थी संख्या वाले 99 स्कूलों को तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इनमें 89 प्राथमिक तथा 10 माध्यमिक स्कूल शामिल हैं। इसी तरह पांच या पांच से कम विद्यार्थी संख्या वाले प्राथमिक स्कूलों को उनके दो किलोमीटर की परिधि में स्थित दूसरे प्राथमिक या माध्यमिक स्कूल(जहां पांच से अधिक बच्चे हों) में समाहित (मर्ज) करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पांच या पांच से कम विद्यार्थी संख्या वाले माध्यमिक स्कूलों को उनके तीन किलोमीटर की परिधि में स्थित दूसरे माध्यमिक स्कूल( जहां पांच से अधिक बच्चे हैं) में मर्ज करने को कहा है। इसके साथ ही प्रदेश में सभी अध्यापकों के तबादले वर्ष में केवल एक बार, शैक्षणिक सत्र के समापन पर ही किए जाएंगे। 31 जुलाई, 2024 के बाद शैक्षणिक सत्र में किसी भी शिक्षक का तबादला नहीं होगा। शिक्षा विभाग में जेबीटी और एचटी का तबादला (अंतर पोस्टिंग) आपस में किया जाएगा, बशर्ते हर जीपीएस में एक ही एचटी कार्यरत रहेगा। एचटी भी अध्यापन कार्य करेंगे। बंद या मर्ज किए गए स्कूलों में कार्यरत अध्यापकों को पद सहित नजदीक के स्कूलों या अधिक विद्यार्थी संख्या वाले अन्स्कूलों में सचिव शिक्षा के अनुमोदन के बाद स्थानांतरित किया जाएगा। इसके बाद भी अगर शिक्षक उपलब्ध होंगे तो उनका एक पूल निदेशक स्तर पर बनाया जाएगा व उन्हें अवश्यकता अनुसार स्कूलों में स्थानांतरित किया जाएगा । कई पाठशालाओं में बच्चों की संख्या कम हो रही है तथा अध्यापकों की संख्या या समान है या ज्यादा हो रही है। ऐसे में बच्चों की संख्या के अनुपात के अनुसार अध्यापकों का भी समायोजन किया जाएगा । यह प्रक्रिया वर्तमान में लागू अधिसूचना के अनरूप प्रशासनिक विभाग की ओर से पूरी की जाएगी। प्रशासनिक पदों पर विद्यालयों में कार्यरत मुख्याध्यापक, प्रिंसिपल अपने प्रशासनिक कार्य के अतिरिक्त कम से कम एक कक्षा में अपने विषय को पढ़ाएंगे। इसके अतिरिक्त, प्राथमिक स्कूलों के केंद्रीय मुख्य शिक्षक तथा मुख्य शिक्षक भी जेबीटी के समकक्ष ही अध्यापन कार्य करेंगे। अध्यापन संबंधी कार्य को इनकी एसीआर में भी अंकित किया जाएगा। प्रदेश के सभी स्कूलों में सुबह प्रार्थना सभा में बच्चों के लिए शारीरिक व्यायाम करना अनिवार्य होगा, जिसके लिए कम से कम 15 मिनट का समय निर्धारित होगा तथा शारीरिक शिक्षक ही यह जिम्मेदारी निभाएंगे। शारीरिक शिक्षक जिस भी स्कूल, स्कूल कलस्टर में तैनात हैं, वे वहां सभी कक्षाओं तथा कलस्टर में शामिल सभी स्कूलों के बच्चों को शारीरिक व्यायाम /खेल गतिविधियां करवाएंगे। जिन स्कूलों में कोई शारीरिक शिक्षक नहीं हैं, वहां अन्य कोई अन्य अध्यापक यह कार्य करवाएगा। इसके अतिरिक्त सुबह की प्रार्थना सभा में राष्ट्रगान भी अवश्य गाया जाएगा। प्रार्थना सभा सर्वधर्म समभाव को बढ़ाने वाली होगी। साथ ही 'ऐ मालिक तेरे बंदे हम व 'इतनी शक्ति हमे देना दात्ता.. को भी प्रार्थना के रूप में शामिल किया जाएगा। प्रत्येक स्कूल में प्रतिदिन खेल,शारीरिक प्रशिक्षण का एक पीरियड जरूर होगा। स्कूलों में सीपीआर तथा प्राथमिक चिकित्सा की ट्रेनिंग दी जाएगी। सभी बंद किए गए या समाहित किए गए स्कूलों की अचल संपत्तियों, संसाधनों को किसी भी अन्य संस्था अथवा विभाग को स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। बल्कि उक्त संसाधनों, संपत्तियों को शिक्षा विभाग की अनुमति एवं संबंधित स्थानीय निकायों की सहमति से सामुदायिक पुस्तकालयों, व्यायामशालों एवं खेलकूद गतिविधियों के केंद्र के रूप में उपयोग में लाया जाएगा, जिला लाहौल एवं स्पीति में 121 और जिला किन्नौर में 29 ऐसे प्राथमिक स्कूल हैं, जिनमें बच्चों की संख्या पांच या पांच से कम है। ऐसी स्थिति में आवासीय विद्यालय की संभावना को तलाशा जाएगा। इसे पायलट के तौर पर लाहौल एवं स्पीति तथा किन्नौर जिले मे शुरू किया जाएगा । शिक्षा विभाग की ओर से कुछ स्थानों पर लड़कों और लड़कियों की पढ़ाई के लिए अलग-अलग स्कूलों को चलाया जा रहा है। इन स्कूलों में भी बच्चों की संख्या कम हो रही है। ऐसे में जहां ऐसा करना संभव हो, इन स्कूलों को एक ही स्कूल में मर्ज करके सह शिक्षा स्कूल के रूप में चलाया जाएगा ताकि बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान की जा सके। साथ ही उपलब्ध संसाधनों का उचित उपयोग किया जा सके। ऐसे मामलों का मामलावार निर्णय सचिव शिक्षा के स्तर पर लिया जाएगा। शिक्षा सचिव ने प्रारंभिक शिक्षा निदेशक को इन निर्णयों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए आगामी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है। साथ ही इन निर्णयों को लागू करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया भी तदानुसार तैयार करना सुनिश्चित करने को कहा है।
ऊना: प्रवर्तन निदेशालय द्वारा आयुष्मान भारत योजना में धांधली के आरोपों को लेकर बुधवार सुबह ऊना जिला मुख्यालय के एक निजी अस्पताल में छापेमारी की। हालांकि ये छापेमारी सिर्फ अस्पताल परिसर ही नहीं, बल्कि इसके साथ-साथ अस्पताल संचालक के मेहतपुर-बसदेहड़ा स्थित घर और अस्पताल के ही एक कर्मचारी के पंजाब के नंगल स्थित घर में की गई। ये तीनों ही स्थान ऊना के एक ही अस्पताल से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं। जिस पर आयुष्मान भारत योजना में बड़े स्तर पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है। बुधवार सुबह डायरेक्टर ऑफ एनफोर्समेंट की तीन टीमों ने ऊना जिला मुख्यालय के एक निजी अस्पताल संचालक के घर और अस्पताल के एक कर्मचारी के नंगल स्थित घर पर दबिश दी। जिला मुख्यालय के चंडीगढ़ धर्मशाला नेशनल हाईवे पर स्थित निजी अस्पताल बांके बिहारी हेल्थकेयर में बुधवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने छापेमारी की। छापेमारी में आयुष्मान भारत योजना से जुड़े हुए कई दस्तावेजों को भी ईडी द्वारा खंगाला जा रहा है। वहीं, ईडी द्वारा अस्पताल के रिकॉर्ड के साथ-साथ अस्पताल संचालक और कर्मचारी के घर से भी कई चीजों को जब्त किया जा सकता है। वहीं, इस छापेमारी से जिलेभर में हड़कंप का माहौल है। मामला आयुष्मान भारत योजना की धांधली से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसके चलते 23 जनवरी 2023 को हिमाचल प्रदेश स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा भी धोखाधड़ी के आरोप में इस अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। प्रवर्तन निदेशालय की इस छापेमारी में सिर्फ ऊना जिले का बांके बिहारी हेल्थकेयर निजी अस्पताल ही नहीं, बल्कि कांगड़ा स्थित फोर्टिस और बालाजी अस्पतालों के नाम भी शामिल हैं। वहीं, इसमें हिमाचल प्रदेश के बड़े राजनीतिक चेहरों के ठिकानों पर भी ईडी ने छापेमारी शुरू कर दी है। इसमें कांग्रेस विधायक आरएस बाली और कांग्रेस नेता डॉ. राजेश शर्मा का भी नाम शामिल है। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा साझा की जानकारी के मुताबिक इस मामले को लेकर दिल्ली चंडीगढ़ सहित हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, ऊना, शिमला, मंडी और कुल्लू के करीब 19 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई है।
** केंद्र सरकार के पास साल 2018 से थी लंबित शिमला: देश में दूसरे राज्यों को रोशन करने वाले हिमाचल के हिस्से एक और बड़ी कामयाबी आई है। केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने वन संरक्षण अधिनियम चरण-2 के तहत किन्नौर जिले में शोंगटोंग-कड़छम जल विद्युत परियोजना के लिए करीब 85 बीघा जमीन के उपयोग की स्वीकृति प्रदान कर दी है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस परियोजना के निर्माण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ये स्वीकृति केंद्र सरकार के पास वर्ष 2018 से लंबित थी। प्रदेश सरकार के निरंतर प्रयासों से यह महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि परियोजना का कार्य पूरा करने के लिए पुल निर्माण के लिए इस भूमि की आवश्यकता थी। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वन संरक्षण अधिनियम के तहत यह स्वीकृति केंद्र सरकार के पास लंबे समय से विचाराधीन थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने कड़े प्रयास करते हुए स्वीकृति प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार के समक्ष अपना पक्ष मजबूती से उठाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से प्रथम चरण की स्वीकृति 19 मार्च, 2024 को प्रदान की गई थी। इसके बाद राज्य सरकार ने आवश्यक नियमों व शर्तों की अनुपालना रिपोर्ट सैद्धांतिक मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को सौंपी और केंद्र सरकार से अंतिम स्वीकृति के लिए आग्रह किया। सीएम ने कहा कि शोंगटोंग-कड़छम जल विद्युत परियोजना राज्य की विद्युत उत्पादन क्षमता को बढ़ाएगी। जो राज्य की आर्थिकी को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान देगी। 450 मेगावाट शोंगटोंग कड़छम जल विद्युत परियोजना का निर्माण कार्य 2012 में अवॉर्ड किया था, जो नवंबर 2026 तक पूरा होना है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि परियोजना से विद्युत उत्पादन के लिए एक ट्रांसमिशन लाइन बिछाई जा रही है। परियोजना का कार्य समय पर पूरा करने के लिए ट्रांसमिशन की टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि प्रदेश सरकार को कोई वित्तीय नुकसान न हो। सीएम सुक्खू ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के साथ-साथ जल विद्युत का दोहन करना प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि ऊर्जा क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वाला प्रमुख क्षेत्र है। राज्य सरकार ने विभिन्न पहलों से प्रदेश में हरित उद्योग को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है, जिससे ये प्रदेश की अर्थव्यवस्था में योगदान कर सके।
हिमाचल प्रदेश वन निगम ने वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान 2.17 करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान 8 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2023-24 में 10.04 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया। पिछले वर्ष मानसून के प्रकोप के कारण शिमला शहर में क्षतिग्रस्त हर 618 पेड़ों की लकड़ी को बेचकर भी निगम ने 2.50 करोड़ रुपये का लाभ कमाया। हाल ही में शिमला में राज्य वन विकास निगम की 214वीं निदेशक मंडल की बैठक में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी निगम के इन प्रयासों की सराहना की। इसी कड़ी में अगर सिरमौर जिला मुख्यालय नाहन में स्थित वन निगम नाहन के डिवीजन ऑफिस की बात करें, तो इस ऑफिस ने सिर्फ टैंडर फार्म की बिक्री से ही 6.50 लाख रुपये कमाए। यही नहीं यहां 72 लाख की सेविंग भी की गई। वन निगम को फायदे में लाने के लिए डिवीजन ऑफिस द्वारा कुछ इनोवेशन सहित अन्य कार्य किए गए। इसी के चलते कुछ ही समय में वन निगम नाहन का यह कार्यालय कमाऊ पूत बनकर सामने आ रहा है। यही नहीं इस वित्त वर्ष में प्रॉफिट के लक्ष्य को भी करीब 2 करोड़ रुपए बढ़ाया गया है, ताकि वन निगम को ज्यादा से ज्यादा फायदे में लाया जा सके। वन निगम नाहन कार्यालय के मंडलीय प्रबंधक एके वर्मा ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में 1972 में वन निगम की स्थापना की गई और तभी से जिला मुख्यालय नाहन में भी निगम का डिवीजन ऑफिस चल रहा है। जंगलों से सूखे-गिरे पेड़ों को काटने के अलावा बिरोजे से संबंधित काम वन निगम देखता है। यह कार्य वन विभाग स्वयं न करके वन निगम को देता है और निगम इन सूखे व गिरे पेड़ों को काटकर उनके लॉट बनाकर लकड़ी को डिपो के जरिए से विक्रय करता है।
कांगड़ा जिला के मुख्यालय धर्मशाला में अब हुड़दंग करने वालों और ओवरस्पीड राइडर्स की खैर नहीं, क्योंकि इन पर अब पुलिस की निगरानी बढ़ने वाली है। हुड़दंगियों और ओवरस्पीड राइडर्स पर निगरानी के लिए धर्मशाला में 6 इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) इंस्टॉल किए जा रहे हैं, जिन्हें जल्द ही शुरू किया जाएगा। वहीं, आईटीएमएस के जरिए शहर और शहर से आने-जाने वाले रास्तों पर यातायात नियमों की अवहेलना करने वालों पर पुलिस की कड़ी नजर रहेगी। बता दें कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत कांगड़ा पुलिस धर्मशाला में आईटीएमएस इंस्टॉल कर रही है, जिससे शहर को हुड़दंगियों और ओवरस्पीड राइडर्स से राहत मिल सके। अभी तक कांगड़ा जिले में 2 आईटीएमएस संचालित किए गए हैं, जिनमें एक धर्मशाला सिविल लाइन में है और दूसरा ज्वालामुखी में इंस्टॉल किया गया है। एएसपी कांगड़ा वीर बहादुर ने बताया कि शहर में 6 नए आईटीएमएस में से 3 पालमपुर रोड में कचहरी के साथ, सिद्धबाड़ी में और शीला चौक से पास्सू को जाने वाले मार्ग पर लगाए जाएंगे, जबकि बाकी तीन चीलगाड़ी, सकोह और धर्मशाला-सुधेड़ रोड पर इंस्टॉल किए जाएंगे। आईटीएमएस इंस्टॉल होने के बाद शहर में ओवर स्पीड करने वालों की तादाद में भी कमी आएगी और गाड़ियों की स्पीड भी नियंत्रित होगी, जबकि मौजूदा समय में कई दोपहिया और चौपहिया गाड़ियां तेज रफ्तार से दौड़ती हुई दिखाई देती हैं। एएसपी वीर बहादुर ने बताया कि धर्मशाला शहर में अब बड़ी गाड़ियों की स्पीड लिमिट 25 किलोमीटर प्रति घंटा रहती है, जबकि छोटी गाड़ियों की स्पीड लिमिट 40 किलोमीटर प्रति घंटा रहती है। वहीं, मैदानी इलाके में ये स्पीड 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा रहती है। आईटीएमएस लगने के बाद शहर में रोड किनारे जगह-जगह पर स्पीड लिमिट के बोर्ड लगाए जाएंगे, जिससे लोग ट्रैफिक रूल्स का पालन करें, गाड़ियों को ओवरस्पीड में न चलाएं और हुड़दंग न मचाएं।
** डीएफओ को 25 पेड़ कटवाने की पॉवर हिमाचल में अब जंगलों में गल-सड़ रहे सूखे पेड़ों को आसानी से काटा जा सकेगा। सरकार ने सूखे पेड़ों पर मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी है। इसके तहत अब वन रक्षक अपने स्तर पर दो पेड़ और वन मंडल अधिकारी 25 पेड़ काटने की अनुमति दे सकता है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को इस संबंध में एसओपी जारी की है। हालांकि राज्य सरकार ने पिछले साल ही जंगलों में सूख रहे पेड़ों को काटने संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए थे। इस अवधि के दौरान वन विभाग और निगम ने बीते वर्ष 15 हजार क्षतिग्रस्त पेड़ों को प्रसंस्कृत किया। इससे लकड़ी की बिक्री से राजस्व प्राप्त हुआ। इसके परिणामस्वरूप राज्य सरकार की रॉयल्टी आय मात्र डेढ़ वर्ष में 35 से बढक़र 70 करोड़ रुपए हो गई। प्रदेश सरकार ने एक रणनीतिक फैसला लेते हुए वन विभाग की निर्माण शाखा को बंद करने का निर्णय लिया। इसे वानिकी गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा वन बीट से सर्किल तक योजना में बेहतर काम करने पर वन विभाग के कर्मचारियों को नवाजा जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने सभी विभागों में बड़े बदलाव के फैसले लिए हैं। इनमें वन विभाग भी शामिल है। अब डीएफओ जंगलों में गले-सड़ेे पेड़ों को बेचने और काटने की अनुमति दे सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एफसीए में स्टेज वन की अनुमति प्राप्त होने के बाद वन मंडल अधिकारी वनों को काटने की अनुमति दे सकता है। इसका बड़ा फायदा फोरलेन के प्रोजेक्ट में मिलेगा। वन विभाग खुद पेड़ों को काटने की प्रक्रिया शुरू कर पाएगा और इसे ठिकाने भी लगाएगा।
** मुख्यमंत्री बोले, बच्चों में देशभक्ति की भावना जगाने का रहेगा प्रयास प्रदेश सरकार विद्यार्थियों का समग्र एवं समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। विद्यार्थियों में राष्ट्रीयता और देशभक्ति की भावना जागृत करने के लिए राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी स्कूलों में राष्ट्रगान के साथ प्रात:कालीन प्रार्थना सभा आयोजित का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त सभी उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में प्रतिदिन अनिवार्य रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराने का भी निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों से युवा पीढ़ी में एकता और देशभक्ति की भावना जागृत हो। इससे विद्यार्थी भविष्य में राष्ट्र के जिम्मेदार नागरिक बनेंगे। प्रदेश सरकार ने कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत शिक्षा प्रणाली में विभिन्न सुधारात्मक कदम उठाए हैं और शिक्षा प्रणाली में इन निर्णयों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुधार राज्य सरकार की समग्र शिक्षा प्रदान करने की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करते हैं। प्रदेश सरकार की पहल से विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने और उनमें आदर्श नागरिक की जिम्मेदारियां पैदा करने में सहायता मिलेगी। सरकार का लक्ष्य बच्चों में राष्ट्रीयता की भावना जागृत कर अखंड भारत के निर्माण के लिए तैयार करना है। प्रदेश सरकार ने विद्यार्थियों का शारीरिक विकास सुनिश्चित करने के लिए शारीरिक शिक्षा और योग को पाठ्यक्रम में अनिवार्य विषय बनाने का निर्णय लिया है। इससे सभी स्कूलों में विद्यार्थी प्रतिदिन कम से कम 15 मिनट शारीरिक व्यायाम करेंगे। इस दौरान शारीरिक शिक्षक एवं अन्य अध्यापक विद्यार्थियों को व्यायाम करवाना सुनिश्चित करेंगे। सीएम ने कहा कि स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग के सहयोग से विद्यार्थियों को सीपीआर एवं प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को जीवन रक्षक कौशल का ज्ञान मिलेगा।
** ट्रांसप्लांट और अंगदान के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण उपलब्धि पर किया जाएगा सम्मानित डा. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय टांडा अस्पताल को उभरते राष्ट्रीय प्रत्यारोपण और अंग पुनप्र्राप्ति केंद्र पुरस्कार(इमर्जिंग नेशनल ट्रांसप्लांट एंड ऑर्गन रेट्रीवाल सेंटर अवार्ड) के लिए पूरे भारत में श्रेष्ठ पुरस्कार से नवाजा जाएगा। राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (एनओटीटीओ) की ओर से 14 वें भारतीय अंगदान दिवस के अवसर पर भारत के केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव गणपतराव जाधव और अनुप्रिया पटेल द्वारा टांडा मेडिकल कॉलेज व अस्पताल को तीन अगस्त को नई दिल्ली में पुरस्कार से नवाजा जाएगा। इस तरह पूरे भारत में श्रेष्ठ रहने पर डा. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय टांडा अस्पताल के नाम एक और कीर्तिमान स्थापित हो जाएगा। राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन के निदेशक डा. अनिल कुमार की ओर से टीएमसी को इस समारोह के लिए आमंत्रित किया गया है। टीएमसी के प्रधानाचार्य डा. मिलाप शर्मा शनिवार को दिल्ली में भारत के केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा के हाथों से यह पुरस्कार प्राप्त करेंगे। यह हिमाचल प्रदेश के लिए गौरव के क्षण होंगे। यह सब टांडा मेडिकल कालेज व अस्पताल के प्रधानाचार्य डा. मिलाप शर्मा के बेहतरीन निर्देशन व नेफ्रोलॉजी विभाग के एचओडी विभागाध्यक्ष डा. अभिनव राणा, विषेशज्ञ किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन डा. अमित शर्मा के अथक प्रयासों से संभव हो पाया हैै।
** विक्रमादित्य बोले, सरकारी अस्पतालों में अभी भी हो रहा इलाज पूर्व सरकार ने बिना बजट के ही प्रदेश में हिमकेयर योजना शुरु की थी। जिसके चलते प्रदेश के प्राईवेट अस्पतालों की करोड़ों की देनदारी हो चुकी है। यह बात प्रदेश के लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने मंडी में जिला जन शिकायत निवारण समिति की पहली बैठक के उपरांत कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हिमकेयर योजना सरकारी अस्पतालों में निरंतर जारी है। यह योजना केवल प्राइवेट अस्पतालों में हिमकेयर योजना को बंद किया गया है। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार ने इस योजना को बिना बजट के शुरू किया था। यह योजना सरकार के अंतिम छह महीनों में उसी तरह से शुरू की गई थी, जिस तरह से 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने की योजना थी। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की और जोगिंद्रनगर से कुल्लू तक वाया भुभूजोत होते हुए नया एनएच बनाने की मांग रखी है। इससे कुल्लू जिला के पर्यटन को नए पंख लगने के साथ ही मंडी जिला को भी इसका लाभ मिलेगा। सीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक़ योजना का चौथा चरण जल्द ही लागू होने जा रहा है। इस चरण में ऐसे गांवों को सडक़ सुविधा से जोडऩे का प्रावधान होने वाला है जिनकी आबादी 100 या 200 है। उन्होंने कहा केंद्र सरकार के साथ समन्वय बनाकर विकास कार्यों को पूरा किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में बैचवाइज आधार पर चयनित 221 टीजीटी के स्कूल बदल दिए गए हैं। बुधवार को ही इन शिक्षकों को स्कूलों में पद ग्रहण करना होगा। बीते सप्ताह प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने विद्यार्थियों के कम दाखिलों वाले स्कूलों में कई शिक्षकों को नियुक्तियां दे दी थीं। एक ही स्कूल भी दो-दो नवनियुक्त शिक्षकों को आवंटित कर दिए गए। इन गलतियों के सामने आने के बाद निदेशालय ने कुछ नियुक्तियों को रोक लगाई और मंगलवार को इस बाबत संशोधित अधिसूचना जारी की गई। टीजीटी आर्ट्स में 127, मेडिकल में 37 और नॉन मेडिकल में 57 शिक्षकों को अब नए स्कूलों में तैनाती दी गई है। 23 जुलाई को प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने अधिसूचनाएं जारी कर कई शिक्षकों के स्कूलों में बदलाव किए थे। 24 जुलाई की सुबह इन संशोधित आदेशों को रोक दिया गया। स्कूल आवंटित करने की प्रक्रिया में कई खामियां रहने के चलते यह राेक लगाई गई थी। कुछ शिक्षकों को ऐसे स्कूलों में भी भेज दिया गया जहां पहले से पर्याप्त संख्या में टीजीटी नियुक्त थे। मामला ध्यान में आते ही निदेशालय ने नवनियुक्त शिक्षकों के संशोधित नियुक्ति निर्देशों को आगामी फैसले तक रोक दिया था। अब इन शिक्षकों को नए सिरे से स्कूल आवंटित कर दिए गए हैं। शिक्षा विभाग ने बीते दिनों 1049 टीजीटी का बैचवाइज आधार पर चयन किया है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों को पत्र जारी कर पांच से अधिक विद्यार्थियों की संख्या वाले स्कूलों में ही बैचवाइज आधार पर चयनित जेबीटी को नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को अतिरिक्त निदेशक की ओर से जारी पत्र में कहा गया कि जिन स्कूलाें में विद्यार्थियों की संख्या 20 से अधिक है और वहां प्रतिनियुक्ति पर शिक्षक हैं तो ही नियुक्ति की जाए। जिन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या अधिक है और शिक्षकों की तैनाती कम है, वहां भी शिक्षकों को नियुक्तियां देने में प्राथमिकता दी जाए। शिक्षकों को ऐसे स्कूलों में नियुक्त न किया जाए जहां विद्यार्थियों की संख्या पांच से कम हो। ऐसे स्कूलों को जल्द ही नजदीकी स्कूलों में मर्ज किया जाना है। प्रदेश में शिक्षकों का युक्तिकरण करने के साथ ही अब गैर शिक्षकों के युक्तिकरण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों से उनके कार्यालयों सहित स्कूलों में आवश्कता से अधिक तैनात गैर शिक्षकों का ब्योरा तलब किया है। इसके लिए एक परफार्मा भी जारी किया गया। स्कूल में कितने विद्यार्थियों के दाखिले हैं, गैर शिक्षकों के कितने पद सृजित हैं, कितने पदों पर नियुक्तियां हैं, कितने पद रिक्त हैं, गैर शिक्षक यहां पर कितने समय से कार्यरत है। इसकी जानकारी निदेशालय को देने के लिए कहा गया है।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में वेदांत विभाग की एक संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें "भगवान दास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय" हरिद्वार के वेदांत विभाग के सहायकाचार्य आदित्य प्रकाश ने वेदांत में जीव स्वरूप पर अपना विचार पस्तुत किया। वेदांत विषय के सहायकाचार्य डा रघु बी राज ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। अदित्य प्रकाश ने जीवात्मा की आत्मा के स्वरूप की एकता का प्रतिपादन करते हुए आस्तिक नास्तिक दर्शनों में जीव का क्या स्वरूप है, इसका सम्यक रूप से प्रतिपादन किया। उन्होंने बताया कि वेदांत जीव ब्रह्म की एकता का प्रतिपादन करता है जीव ब्रह्म भाव को कैसे प्राप्त होता है इसका भी उन्होंने उल्लेख किया। इस संगोष्ठी में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय वेदव्यास परिसर के निदेशक प्रो.सत्यम कुमारी ने सर्व दर्शनों में जीव संप्रत्यय मोक्ष प्राप्ति के साधन पर विशेष रूप से चर्चा की। इस संगोष्ठी का क्रियान्वयन वेदान्त विभाग के अध्यक्ष प्रो मंजूनाथ भट्ट ने किया। संगोष्ठी के इस कार्यक्रम का संचालन डा प्रिंस चक्रवर्ती ने किया। कार्यक्रम के अंत में डा राजन मिश्र ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर परिसर निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी सहित वेदांत विभागाध्यक्ष प्रो. मंजूनाथ भट्ट, शिक्षा शास्त्री विभागाध्यक्ष प्रो शीशराम व वेदांत विभाग के समस्त सहायकाचार्य एवं छात्र-छात्राएं भी मौजूद रहे।
सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग में निजी सहायक के पद पर तैनात जयपाल चौधरी के सम्मान में आज सेवानिवृत्ति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। निदेशक राजीव कुमार की अध्यक्षता में छोटा शिमला स्थित निदेशालय में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। सूचना एवं जन सम्पर्क परिवार की ओर से शुभकामनाएं देते हुए राजीव कुमार ने जयपाल चौधरी की बहुमूल्य सेवाओं की सराहना की और उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। संयुक्त निदेशक महेश पठानिया ने उनके कार्यकाल की सराहना करते हुए अपने अनुभव साझा किए। जयपाल चौधरी 4 जून, 1988 को आशुटंकक के पद पर नियुक्त हुए और 36 वर्ष से अधिक समय तक विभाग में विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं प्रदान की। इस अवसर पर विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने कहा कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के माध्यम से कार्यान्वित की जा रही विभिन्न योजनाएं लक्षित वर्गों का सम्बल बन रही हैं। मनमोहन शर्मा आज यहां ज़िला स्तरीय सार्वजनिक वितरण समिति एवं ज़िला स्तरीय सतर्कता समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मनमोहन शर्मा ने कहा कि सोलन ज़िला में 340 उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से जनवरी, 2024 से जून, 2024 तक विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं को लगभग 13,285 क्विंटल चीनी, लगभग 69,186 क्विंटल चावल, लगभग 1,07,244 क्विंटल आटा, लगभग 19581 क्विंटल उड़द, चना, मूंग एवं मलका दाल, 11,32,141 लीटर खाद्य तेल तथा लगभग 3013 क्विंटल आयोडाईज्ड नमक वितरित किया गया। उन्होंने कहा कि ज़िला में 340 उचित मूल्य की दुकानों में से 202 दुकानें सहकारी सभाओं, 130 व्यक्तिगत, 02 महिला मण्डलों तथा 06 ग्राम पंचायतों द्वारा संचालित की जा रही हैं। मनमोहन शर्मा ने कहा कि सोलन ज़िला में वर्तमान में 19 गैस एजेन्सियों के माध्यम 2,04,334 पंजीकृत घरेलू गैस उपभोक्ताओं को गैस उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि ज़िला में उपभोक्ताओं तक घरेलू गैस वितरित करने की जानकारी पूर्व में पहुंचनी चाहिए ताकि सभी बिना किसी परेशानी के घरेलू गैस प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित बनाया जाना चाहिए कि रसोई गैस का वितरण निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार हो। बैठक में ज़िला के विभिन्न स्थानों पर आवश्यकता एवं मांग के अनुसार उचित मूल्य की दुकानें खोलने के लिए चयनित स्थानों पर विचार-विमर्श भी किया गया। उपायुक्त ने सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि उचित मूल्य की दुकानों का समय-समय पर निरीक्षण करते रहें ताकि उचित मूल्य पर बेहतर गुणवत्ता की खाद्य सामग्री बिल के साथ उपभोक्ताओं को उपलब्ध हो। बैठक में स्कूली बच्चों की मिड डे मील, गर्भवत्ती एवं धात्री महिलाओं तथा 06 माह से 06 वर्ष तक के बच्चों को पोषाहार सहित अन्य विषयों पर सारगर्भित चर्चा की गई। ज़िला नियंत्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नरेन्द्र कुमार धीमान ने विभागीय कार्य प्रणाली एवं आवश्यक मदों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा डॉ. शिव कुमार, ज़िला कार्यक्रम अधिकारी (आईसीडीएस) कविता गौतम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष कैप्टन रामेश्वर सिंह ठाकुर ने आज राजभवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को आयोग के अन्य सदस्यों की उपस्थिति में वर्ष 2023-24 के लिए आयोग की 53वीं वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। राज्यपाल ने इस अवधि के दौरान आयोग के लक्ष्यों को प्राप्त करने में किए गए प्रयासों के लिए आयोग के सभी सदस्यों, अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी।
राज्य सरकार के प्रयासों से विद्यार्थियों में जागृत होगी देशभक्ति की भावनाः मुख्यमंत्री प्रदेश सरकार विद्यार्थियों का समग्र एवं समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। विद्यार्थियों में राष्ट्रीयता और देशभक्ति की भावना जागृत करने के लिए राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी स्कूलों में राष्ट्रगान के साथ प्रातःकालीन प्रार्थना सभा आयोजित का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त, सभी उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में प्रतिदिन अनिवार्य रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराने का भी निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों से युवा पीढ़ी में एकता और देशभक्ति की भावना जागृत हो। इससे विद्यार्थी भविष्य में राष्ट्र के जिम्मेदार नागरिक बनेंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत शिक्षा प्रणाली में विभिन्न सुधारात्मक कदम उठाए हैं और शिक्षा प्रणाली में इन निर्णयों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। प्रदेश सरकार ने विद्यार्थियों का शारीरिक विकास सुनिश्चित करने के लिए शारीरिक शिक्षा और योग को पाठ्यक्रम में अनिवार्य विषय बनाने का निर्णय लिया है। इससे सभी स्कूलों में विद्यार्थी प्रतिदिन कम से कम 15 मिनट शारीरिक व्यायाम करेंगे। इस दौरान शारीरिक शिक्षक एवं अन्य अध्यापक विद्यार्थियों को व्यायाम करवाना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग के सहयोग से विद्यार्थियों को सीपीआर एवं प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों कोे जीवन रक्षक कौशल का ज्ञान मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुधार राज्य सरकार की समग्र शिक्षा प्रदान करने की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करते हैं। प्रदेश सरकार की पहल से विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने और उनमें आदर्श नागरिक की जिम्मेदारियां पैदा करने में सहायता मिलेगी। सरकार का लक्ष्य विद्यार्थियों की दिनचर्या में इन गतिविधियों को शामिल कर उनमें राष्ट्रीयता की भावना जागृत कर अखंड भारत के निर्माण के लिए तैयार करना है।
जिला कुल्लू की नगर पंचायत भुंतर में नगर पंचायत सचिव के द्वारा रेहड़ी फहड़ी वालों पर जहां बीते दिन कार्रवाई की गई थी। तो वहीं अब रेहडी संचालकों ने नगर पंचायत सचिव के खिलाफ मोर्चा खोल दिए है। रेहडी संचालको ने भुंतर बाजार में एक रोष रैली निकाली और नगर पंचायत भुंतर के कार्यालय के बाहर भी धरना प्रदर्शन किया। रेहडी संचालकों का कहना है कि वह यहां पर लगभग 35 सालों से कारोबार कर रहे हैं और इस कारोबार से ही अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं, लेकिन अब नगर पंचायत भुंतर के सचिव उनके रोजगार को छीन कर उनके पेट पर लात मार रही है। भुंतर रेहडी फड़ी के प्रघान भीमू व रेहड़ी संचालक देवेंद्र कुमार, दिले राम, राम सिंह का कहना है कि वह कई सालों से यहां पर अपना कारोबार कर रहे हैं। लेकिन कुछ दिनों से नगर पंचायत के सचिव द्वारा उन्हें अपने स्थान से हटाया जा रहा है। जो बिल्कुल भी सही नहीं है। नगर पंचायत को भी इस बात की जानकारी है कि वह सब कितने सालों से यहां पर कारोबार कर रहे हैं। ऐसे में नगर पंचायत के सचिव द्वारा जो कार्रवाई की जा रही है। वह बिल्कुल भी सही नहीं है। नगर पंचायत को चाहिए कि वह उनके लिए विशेष स्थान की व्यवस्था करें। ताकि भुंतर शहर की भी सुंदरता बनी रह सके और रेहडी संचालकों को भी रोजगार के लिए दिक्कत का सामना न करना पड़े। वही नगर पंचायत भुंतर के सचिव हर्षित शर्मा ने बताया कि भुंतर शहर को साफ रखने की दिशा में यह कदम उठाए जा रहा है। प्रशासन के आदेशों के अनुशार ही यह कर्रवाई की जा रही है। रेहडी संचालकों के द्वारा उन्हें अपना एक मांग पत्र दिया गया है और इस मांग पत्र को वे प्रशासन के समक्ष रखेंगे। ताकि रेहडी संचालकों को भविष्य में दिक्कत का सामना न करना पड़े। वहीं नगर पंचायत प्रधान मीना ठाकुर का कहना है कि रेहड़ी फड़ी वालों को हटाने बारे हमें कोई भी सूचना नहीं दी गई है । पूरा भुंतर शहर हमारा एक परिवार की तरह है किसी का भी रोजगार नहीं उजड़ना चाहिए । अगर सरकार इन्हें उठाना चाहती है तो इससे पहले इनके रोजगार चलाने की व्यवस्था भी करें। इन्हें कहीं ऐसा स्थान दिया जाए जहां पर यह अपना रोजगार चला सके और अपने परिवार का पालन पोषण कर सके । साथ ही नगर पंचायत की प्रधान मीना ठाकुर ने कहा कि भुंतर सहित पूरे जिला में कूड़े की बहुत ज्यादा समस्या उत्पन्न हो गई है । डंपिंग साइड के बीना हालत बहुत खराब हो गए हैं। सरकार शीघ्र कूड़ा डंपिंग के लिए भी जमीन उपलब्ध करवाएं ताकि कूड़े की समस्या का हल निकल जाए।
**औषधीय खेती की ओर जाइका वानिकी परियोजना की पहल जनजातीय जिला किन्नौर के निगानी और तरांडा में कडू के 1 लाख पौधे रोपे गए। प्रदेश में वन महोत्सव का आगाज होते ही जाइका वानिकी परियोजना ने औषधीय खेती की ओर नई पहल शुरू कर दी। इसके मद्देनजर वन परिक्षेत्र निचार के अंतर्गत ग्राम वन विकास समिति निगानी और हर्बल ग्रुप निगानी के सौजन्य से छोत कंडा में कडू के 50 हजार पौधे रोपे। इसी तरह से ग्राम वन विकास समिति तरांडा और तरांडा मां हर्बल ग्रुप तरांडा के सौजन्य से तरांडा में कडू के 50 हजार पौधे रोपे गए। प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण योजना वन समृद्धि-जन समृद्धि योजना को ध्यान में रखते हुए जाइका वानिकी परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सेवानिवृत हिमाचल प्रदेश वन सेवा अधिकारी सीएम शर्मा, वन परिक्षेत्र अधिकारी निचार मौसम धरैक, उप वन परिक्षेत्र अधिकारी निचार नरेश कुमार, सुखराम, वन रक्षक विकास, मेला राम, वानिकी परियोजना से विषय वस्तु विशेषज्ञ किन्नौर राधिका नेगी, तकनीकी इकाई समन्वयक प्रियंका नेगी समेत हर्बल गु्रप और ग्राम वन विकास समिति के सदस्यों ने कडू के पौधे रोपने में अपना योगदान किया। गौरतलब है कि औषधीय खेती के लिए बीते 19 जुलाई को वन परिक्षेत्र निचार के अंतर्गत निगुलसरी में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया था, जिसमें वानिकी परियोजना के जैव विविधता विशेषज्ञ डा. एसके काप्टा ने लोगों को कीमती जड़ी-बूटी की खेती के लिए जागरुक भी किया। ऐसे में आने वाले दिनों में औषधीय पौधे रोपे जाएंगे।
हिमाचल परिवहन निगम सेवानिवृत कर्मचारी कल्याण मंच मण्डी द्वारा मंगलवार को मांगों को लेकर बस स्टैंड से जिलाधीश कार्यालय तक विरोध रैली निकाली गई। रैली के दौरान परिवहन मंत्री व प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इस विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रदेशाध्यक्ष बलराम पूरी व कार्यकारी अध्यक्ष बृज लाल ठाकुर ने कहा कि सेवानिवृत कर्मचारी कल्याण मंच ने समय- समय पर मांग पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री व परिवहन मंत्री को अवगत करवाया है। परन्तु आश्वासनों के अलावा कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि बहुत से सेवानिवृत कर्मचारी जीवन के अपने अंतिम पड़ाव में है और सरकार द्वारा उनको सड़क पर उतरने के लिए मजबुर किया जा रहा हैं। कहा कि कर्मचारियों की लगभग 300 करोड़ देनदारिया बाकी है, जबकि कई कर्मचारी के तो उच्च न्यायालय सें निर्णय उनके हक में आ चुके है।लेकिन निगम प्रबन्धन उच्च न्यायालय के फैसलों की भी अवमानना कर उनको लागू करने में टालमटोल कर रहा है, जबकि कई सेवानिवृत कर्मचारी तो अपने वित्तीय लाभों के इन्तजार करते करते स्वर्ग सिधार गए है। उन्होंने कहा कि 24 जून को कल्याणमंच की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक मंडी में हुई थी। उसमें सरकार को 15 जूलाई तक का समय दिया गया था। परन्तु सरकार की तरफ से उन्हें वार्ता के लिए कोई भी पत्र प्राप्त नही हुआ। इसलिए कल्याण मंच ने तय कार्यक्रम के अनुसार प्रदेश के सभी जिलाधीशों के माध्यम से सीएम सुक्खू को ज्ञापन प्रेषित किया हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार व निगम प्रबन्धक मांगों पर विचार नहीं करता है और देय भत्ते जल्द जारी नहीं करते है, तो दूसरे चरण में निगम मुख्यालय तथा सचिवालय के साथ विधान सभा का घेराव करने से भी गुरेज नहीं करेंगे।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण किन्नौर द्वारा आज यहां पुलिस अधीक्षक अभिषेक एस के विवरण पश्चात् आपदा प्रबंधन दल को काशंग ग्लेश्यिर स्थल के लिए रवाना किया गया ताकि वहां पर कृत्रिम झील से उत्पन्न खतरे का अध्ययन किया जा सके और जिला प्रशासन को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जा सके। पुलिस अधीक्षक किन्नौर अभिषेक एस ने आपदा प्रबंधन दल को इस कार्य के लिए शुभकामनाएं दीं तथा इस संदर्भ में विभिन्न पहलुओं पर जानकारी प्रदान की।
जिला जनजातीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय रिकांग पिओ में आज रोगी कल्याण समिति की बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति विश्व की प्राचीनतम चिकित्सा पद्धति है। इस चिकित्सा पद्धति से रोग को जड़ से खत्म करने की क्षमता होती है। बहुत से असाध्य रोग भी आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से ठीक हो जाते हैं। उन्होंने इस अवसर पर पुरूष व महिला वॉर्डों, क्षार सूत्र, पंचकर्म का भी निरीक्षण किया। बैठक में रोगी कल्याण समिति की आय बढ़ाने के लिए भी विस्तृत चर्चा की गई। 2024-25 के लिए अनुमोदित बजट किया गया। बैठक में मेडिकल फिटनैस सर्टिफिकेट की फीस को 150 से 200 रुपये करने की मंजूरी दी गई। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. इंदु शर्मा ने उपायुक्त का स्वागत किया और रोगी कल्याण समिति की विभिन्न गतिविधियों पर प्रकाश डाला। डॉ. शालिनी गुप्ता ने बैठक का संचालन किया तथा चिकित्सालय के अंतरंग विभाग में दाखिल रोगियों के लिए पका हुआ भोजन, सफाई व्यवस्था, गाड़ियों की पार्किंग फीस, विभिन्न प्रकार के चिकित्सा परीक्षण करने इत्यादि पर विस्तारपूवर्क चर्चा की गई। इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष निहाल चारस, डॉ. कविराज, डाईट प्रधानाचार्य कुलदीप नेगी, ग्राम पंचायत कोठी के प्रधान ओम प्रकाश सहित सरकारी और गैर-सरकारी सदस्य उपस्थित रहे।
** वृक्षारोपण को आदत में शुमार करें, राष्ट्र निर्माण में पर्यावरण संरक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका : डॉ. शांडिल स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने आज सोलन विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत तुंदल के रुड़ा गांव में 75वें वन महोत्सव एवं पौधारोपण अभियान की अध्यक्षता की। इस राज्य स्तरीय अभियान का विधिवत शुभारंभ मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा शिमला से वेबीनार के माध्यम से किया गया, जिसमें प्रदेश भर के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से विधायक व अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने वेबीनार के माध्यम से स्वास्थ्य मंत्री से इस अवसर पर संवाद भी किया और अभियान की सफलता के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं। स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर अमरूद का पौधा रोपित किया। इसके उपरांत उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पर्यावरण के संरक्षण में पौधरोपण का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के इस दौर में अधिक से अधिक पेड़ लगाने के लिए हम सभी को आगे आना चाहिए। उन्होंने उपस्थितजनों का आह्वान किया कि वे न केवल पौधों का रोपण करें, बल्कि एक पेड़ बनने तक इनकी निरंतर देखभाल भी करें। उन्होंने कहा कि हरित वन क्षेत्र को बढ़ाने की दिशा में वर्तमान प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के दूरदर्शी नेतृत्व में कई पहल कर रही है। इसके लिए खाली पड़े सूखे पहाड़ों पर एक समग्र अभियान के तहत पौधरोपण किया जा रहा है। वन संपदा के संरक्षण एवं उचित दोहन के लिए भी प्रदेश सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। नियमों में आवश्यक बदलाव करते हुए वन अधिकारियों की शक्तियां भी बढ़ाई गई हैं ताकि वर्षा अथवा भूस्खलन इत्यादि से गिरे पेड़ों के उचित निस्तारण के लिए त्वरित कदम उठाए जा सकें। इससे लकड़ी की जरूरत पूरी होगी और वन विभाग के राजस्व में भी वृद्धि सुनिश्चित हो सकेगी। डॉ. शांडिल ने कहा कि वन महोत्सव पर पौधरोपण को केवल औपचारिकता न समझें और इन रोपित किए गए पौधों का एक परिजन की तरह पालन पोषण भी करें। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि वह जन्मोत्सव तथा अन्य समारोह में उपहार के रूप में पौधे प्रदान करें और इससे न केवल पर्यावरण का संरक्षण होगा बल्कि पृथ्वी माँ का वरदान भी हमें मिलेगा। उन्होंने कहा कि हम सभी को वृक्ष श्रृंखला को पुनः जीवित करना है और वृक्षों की संख्या बढ़ानी है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि विकास एक निरंतर प्रक्रिया है और हमें पर्यावरण से समन्वय बनाते हुए इस दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा वृक्ष लगाने से जलस्तर बढ़ेगा, ग्लेशियर पुनर्जीवित होंगे और इससे पर्यावरण का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा। फलदार पौधे लगाने की योजना का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि इसके लिए क्षेत्र चिह्नित हों, जिससे बंदरों का आतंक कम होगा और खेती का भी संरक्षण सुनिश्चित होगा। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे वृक्ष लगाने को अपनी आदत में शुमार करें। उन्होंने स्कूली बच्चों से भी आग्रह किया कि लक्षित तौर पर वृक्ष लगाएं और इसके लिए स्कूल प्रबंधन प्रतिस्पर्धाओं का भी आयोजन करें, जिसमें एन.सी.सी. और एन.एस.एस. को भी शामिल करें। उन्होंने कहा कि हम वृक्षों की देखभाल करेंगे तभी हमारे यह प्रयास सार्थक होंगे और राष्ट्र निर्माण में पर्यावरण संरक्षण सबसे बड़ी भूमिका निभाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से संबद्ध नाट्य दल द्वारा प्रस्तुत पर्यावरण संरक्षण से संबंधित लघु नाटिका एवं समूह गान की प्रशंसा करते हुए कहा कि विभाग लोगों तक उपयोगी जानकारी का प्रचार-प्रसार करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस अवसर पर डॉ. शांडिल ने स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनी और सम्बन्धित अधिकारियों को इनके शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए। इससे पहले वन मंडलाधिकारी सोलन एच.के. गुप्ता ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और पौधारोपण अभियान पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। ए.सी.एफ. चंद्रिका शर्मा ने उपस्थितजनों का धन्यवाद किया। पौधरोपण के इस अभियान में गर्ल्स एन.सी.सी. की कैडेट्स, स्कूली बच्चों तथा स्थानीय जनता ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस दौरान आंवला, दाड़ू, जामुन, बाण और अमरूद इत्यादि विभिन्न प्रजातियों के लगभग 101 पौधे रोपित किए गए। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से संबद्ध लोकनाट्य दल द्वारा इस अवसर पर वन संरक्षण एवं प्रदेश सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर आधारित रंगारंग कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव रमेश ठाकुर, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष संजीव ठाकुर, स्थानीय पंचायत की प्रधान चित्रलेखा व उप प्रधान ज्ञान, ग्राम पंचायत नौणी के प्रधान मदन हिमाचली, ग्राम पंचायत सकोड़ी के पूर्व प्रधान सुरेंद्र तथा उप प्रधान इंद्र, बांजणी पंचायत के पूर्व प्रधान प्रेम, राजेश ठाकुर, उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह, उपमंडलाधिकारी (नागरिक) कंडाघाट सिद्धार्थ आचार्य, प्रथम हि.प्र. गर्ल्स बटालियन एन.सी.सी. सोलन के आदेशक कर्नल संजय शांडिल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजन उप्पल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व अन्य व्यक्ति तथा ग्रामीण उपस्थित थे।
**वर्दी में विदेशी महिला से आपत्तिजनक लाइव चैटिंग पर कार्रवाई हिमाचल पुलिस के एक कांस्टेबल को वर्दी में एक विदेशी महिला से आपत्तिजनक लाइव बातचीत करना महंगा पड़ गया। मामला संज्ञान में आते ही पुलिस विभाग ने संबंधित कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया है। यह मामला सिरमौर जिले से जुड़ा है। सिरमौर जिले के एसएसपी रमन कुमार मीणा ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित कांस्टेबल को निलंबित कर दिया है। बताया कि रहा है कि सोशल मीडिया पर नाहन व अन्य स्थानों पर एक वीडियो वायरल हुआ। इस वीडियो में सिरमौर पुलिस का एक कांस्टेबल पुलिस वर्दी में एक विदेशी महिला के साथ आपत्तिजनक इशारों व बातचीत करते हुए स्पष्ट तौर पर देखा जा रहा है। एक पुलिस जवान के वर्दी में इस तरह की आपत्तिजनक इशारे व अन्य हरकतें खाकी को भी दागदार कर रही है। कांस्टेबल की लाइव वीडियो चैटिंग में विदेशी महिला को आपत्तिजनक इशारों से महिला को उकसाने का प्रयास कर रहा है। इसके बाद यह वीडियो वायरल हुआ। इसी बीच जैसे ही यह वीडियो एसएसपी सिरमौर के पास पहुंची, तो उन्होंने भी इस मामले को गंभीर बताया। साथ ही एसएसपी ने चंद घंटों में ही विभागीय कार्रवाई करते हुए अनुशासनहीनता की बात करार दिया। गौरतलब है कि कुछ ही समय पहले सिरमौर पुलिस के एक हेड कांस्टेबल जसवीर सैनी का भी एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें हेड कांस्टेबल ने पुलिस के आला अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद खूब बवाल मचा था। इस मामले में हेड कांस्टेबल को सस्पेंड किया गया है और एसआईटी उक्त मामले की आगामी जांच कर रही है, जिसके चलते सिरमौर पुलिस पर कई सवाल उठाए गए थे। अब इस मामले के सामने आने से फिर से सिरमौर पुलिस पर सवाल उठना शुरू हो गए हैं।
जिला कुल्लू की पर्यटन नगरी मनाली के साथ लगते पलचान नाले में एक बार फिर से बाढ़ आ गई है, जिसके चलते नाले का पानी पलचान पुल के ऊपर से बह रहा है। ऐसे मनाली लेह सड़क मार्ग एक बार फिर गाड़ियों की आवाजाही के लिए बंद हो गया है। पुल पर गाड़ियों की आवाजाही बंद होने से दोनों और लंबा जाम लग गया है। मनाली लेह मार्ग के बाधित होते ही बीआरओ की मशीनरी भी मौके पर तैनात कर दी गई है। जैसे ही नाले का जलस्तर कम होता है। उसके बाद सड़क मार्ग को बहाल करने का काम शुरू कर दिया जाएगा। बीती रात के समय जिला कुल्लू के ऊपरी इलाकों में भारी बारिश हुई है। जिसके चलते अब नदी नालों का जलस्तर भी बढ़ गया है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से भी आग्रह किया है कि वह नदी नाले के किनारे का रुख न करें। बीती रात के समय अचानक पलचान नाले का जलस्तर बढ़ गया और नाले के ऊपर पानी का बहाव शुरू हो गया। ऐसे में प्रशासन के द्वारा फिलहाल मनाली लेह सड़क मार्ग को बंद कर दिया गया है। वहीं, उम्मीद जताई जा रही है कि दोपहर बाद पानी का जलस्तर कम होने पर इस सड़क मार्ग को गाड़ियों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि बीते दिनों ही बादल फटने के चलते यहां पर चार मकान बह गए थे। ऐसे में अभी भी ब्यास नदी पलचान गांव के लिए खतरा बनी हुई है। फ्लैश फ्लड के चलते पहले भी मनाली-लेह मार्ग बंद हो गया था, जिसके चलते लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।
हिमाचल प्रदेश में पर्यटकों द्वारा हुडदंग मचाने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला राजधानी शिमला का है। जहां तेज रफ्तार गाड़ी की खिड़की से बाहर निकल कर एक महिला पर्यटक रील बना रही है। जिस पर अब पुलिस ने संज्ञान लेते ही गाड़ी के मालिक को चालान ठोका है। एसपी शिमला संजीव गांधी ने बताया कि शिमला के प्रमुख पर्यटन स्थल मशोबरा से ढली की ओर आते हुए एक हरियाणा नंबर की चलती गाड़ी से एक महिला पर्यटक बाहर लटकती हुई नजर आई। इस दौरान गाड़ी भी तेज रफ्तार में दौड़ रही थी, जबकि गाड़ी के आगे एक ट्रक चल रहा था। गाड़ी की पिछली सीट पर बैठा एक शख्स गाड़ी की खिड़की से बाहर लटकती महिला की रील बना रहा था। एसपी ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम को पीछे अन्य गाड़ी में सवार एक अन्य शख्स ने अपने मोबाइल पर कैद किया और सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया, जिस पर संज्ञान लेते हुए शिमला पुलिस ने मामले में गाड़ी के मालिक का चालान काटा है। एसपी शिमला ने कहा कि शिमला पुलिस किसी भी सूरत में नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं करेगी। इस तरह गाड़ी से बाहर लटकना नियमों के खिलाफ है। इससे न सिर्फ अपनी बल्कि दूसरों की जान भी जोखिम में आ जाती है। एसपी शिमला ने बताया कि मामले में शिमला पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गाड़ी मालिक का मोटर वाहन एक्ट की धारा- 184 के तहत दो हजार 500 रुपए चालान किया है। इसके अलावा गाड़ी चला रहे ड्राइवर का लाइसेंस भी सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश भी की गई है। शिमला पुलिस ने लोगों से नियमों के दायरे में रहकर ही घूमने-फिरने की अपील की है।
जिला अस्पताल बिलासपुर में उस समय अफरा-तफरी का माहौल हो गया, जब सोमवार को अचानक बिना किसी सूचना के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी अस्पताल पहुंच गए। दरअसल जिला अस्पताल को लेकर लगातार शिकायतें आ रही थी, जिसके चलते कैबिनेट मंत्री ने अस्पताल पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। अस्पताल पहुंचने पर मंत्री ने स्वास्थ्य सुविधाओं की जांच की और मौके पर अस्पताल प्रबंधन को कई जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए। इस दौरान कैबिनेट मंत्री राजेश धर्माणी ने मातृ एवं शिशु अस्पताल भवन, ट्रॉमा सेंटर, सामान्य ओपीडी का भी निरीक्षण किया। अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद कैबिनेट मंत्री ने बताया कि बीते कुछ दिनों से समाचार पत्रों और स्थानीय लोगों की जरिए से उन्हें क्षेत्रीय अस्पताल के मातृ एवं शिशु अस्पताल में महिलाओं को बैठने के लिए उचित व्यवस्था न होने और अस्पताल में शौचालय के बंद होने की शिकायतें मिल रही थी। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने बताया कि मातृ एवं शिशु अस्पताल भवन के धरातल में गायनी और शिशु रोग एक्सपर्ट ओपीडी है। दोनों ओपीडी में एक दिन में करीब 300 से ज्यादा मरीजों का इलाज किया जाता है, जिसके चलते मरीजों और तीमारदारों को बैठने की पर्याप्त सुविधा नहीं मिल रही है। उन्होंने मौके पर एमएस बिलासपुर और सीएमओ को अस्पताल भवन में अतिरिक्त बेंच लगाने और एसी या बड़े पंखों का इंतजाम करने के निर्देश दिए। इसके अलावा मंत्री ने अस्पताल प्रशासन को मातृ एवं शिशु अस्पताल भवन के बाहर वेटिंग एरिया का निर्माण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दो दिनों के अंदर वेटिंग एरिया के निर्माण के लिए एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जल्द से जल्द वेटिंग एरिया का निर्माण किया जाए और लोगों को ज्यादा से ज्यादा सुविधा मिल सके। मंत्री ने डीसी बिलासपुर आबिद हुसैन सादिक को अस्पताल में वेटिंग एरिया के निर्माण के लिए हर संभव सहायता देने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा कैबिनेट मंत्री राजेश धर्माणी ने ट्रॉमा सेंटर में बंद पड़े शौचालय को जल्द से जल्द सुचारू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को अस्पताल में खराब पड़े शौचालयों की जल्द मरम्मत के निर्देश दिए। इस दौरान मंत्री ने मरीजों और तीमारदारों से बातचीत की और क्षेत्रीय अस्पताल में इलाज के दौरान पेश आ रही दिक्कतों के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान डीसी बिलासपुर आबिद हुसैन सादिक, सीएमओ प्रवीण कुमार, एमएस एके सिंह समेत विभिन्न विभागों के विभाग अध्यक्ष मौजूद रहे।
जिला कुल्लू की मणिकर्ण घाटी में बादल फटने का मामला सामने आया है। मणिकर्ण के तोष में आधी रात के समय हुई भारी बारिश के चलते बादल फट गया। वहीं, बादल फटने के कारण तोष नाले में दो दुकानें बह गई, जबकि चार अस्थाई रूप से बनाए गए शेड भी इसकी चपेट में आ गए। हालांकि इससे कोई जानी नुकसान तो नहीं हुआ, लेकिन नाले के साथ लगते घरों और होटल में मलबा घुस गया है। वहीं, बादल फटने के बाद नाले के साथ लगते घरों के लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगह निकल गए हैं। मिली जानकारी के अनुसार तोष में आधी रात के समय अचानक नाले में बादल फट गया। बादल फटने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों तुरंत अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। ऐसे में नाले में आए मलबे के कारण एक शराब की दुकान सहित एक अन्य दुकान बह गई। इसके अलावा चार अस्थाई रूप से बनाए गए शेड पूरी तरह से बह गए, जबकि नाले के साथ लगते घरों और होटल में मलबा घुसने से काफी नुकसान पहुंचा है। तोष नाले में बादल फटने की सूचना मिलते ही प्रशासन व पुलिस की टीम भी मौके की और रवाना हो गई है और अब नुकसान के कारणों की रिपोर्ट भी प्रशासन के द्वारा तैयार की जाएगी। डीसी कुल्लू ने कहा कि राजस्व विभाग की टीम को मौके की ओर रवाना कर दिया गया हैं। प्रभावित लोगों की प्रशासन के द्वारा मदद की जाएगी। इसके अलावा अगर किसी घर को खतरा होगा तो प्रभावित परिवार के रहने की व्यवस्था भी प्रशासन के द्वारा की जाएगी। गौरतलब है कि बीते दिनों भी मनाली में बादल फटने की घटना सामने आई थी, जिसके चलते फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई थी। वहीं, अब मणिकर्ण घाटी में भी बादल फटने के बाद फ्लैश फ्लड की घटना सामने आई है।
घुमारवीं में इंटक से संबंधित ऑल हिमाचल पीडब्ल्यूडी-आईपीएच एंड कांट्रैक्चुअल वर्कर्ज यूनियन की राज्य स्तरीय कार्यकारणी की बैठक प्रदेशाध्यक्ष दीप धीमान की अध्यक्षता मे हुई। इसमें जल शक्ति विभाग और लोक निर्माण विभाग में कार्यरत कर्मचारियों की मांगों पर चर्चा की गई। बैठक में वाटर गार्ड संघ के प्रधान भूपेंद्र चंदेल ने कहा कि वाटर गार्डों को प्रत्येक माह उनका मासिक वेतन नहीं मिल रहा है और उन्हे रेगलुर के बाद बकाया राशि का भुगतान अभी तक नहीं किया है। इंटक महासचिव जगतार सिंह बैंस ने कहा कि यूनियन जलशक्ति विभाग और लोक निर्माण विभाग के प्रत्येक अनुभाग में कर्मचारियों को सदस्य बनाएगी और उनकी समस्याओं का निवारण करवाने का प्रयास करेगी। हिमाचल प्रदेश के सभी निर्माण प्रोजेक्टों मे भी कामगारों को युनियन का सदस्य बनाकर उन्हें हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण श्रम कल्याण बोर्ड से मिलने वाली सुविधाओं को दिलाएगी। उन्होंने कहा कि हर वर्ष में चार बार यूनियन की राज्य कार्यकारणी की चार बैठके होंगी।
बेरोजगार कला अध्यापक संघ ने कड़ा ऐतराज करते हुए कहा है कि हिमाचल प्रदेश सरकार उन गरीब बच्चों और गरीब अभिभावकों के साथ भदा मजाक कर रही है, जिस सरकार ने बेरोजगारों को बड़े-बड़े सपने दिखाए थे कि हम सत्ता में आते ही ऐसे काम करेंगे जो पूर्व सरकार ने नहीं किए थे। लेकिन उसके विपरीत सरकार कर रही है। संघ के अध्यक्ष बलवंत सिंह ने कहा है कि सरकार स्कूलों को बंद कर रही है और कुछ मर्ज कर रही है। संघ के पदाधिकारी ने कहा है कि स्कूल में बच्चे ना होने का कारण टीचरों की भर्ती न होना है । हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लगभग 17000 से ज्यादा पद खाली चल रहे हैं। और जिन स्कूलों में टीचर नहीं थे उसमें अभिभावक बहुत बार अपना विरोध प्रदर्शन भी कर चुके हैं और कई जिलों में उपयुक्त के मध्य और एसडीएम के मध्य से मांग पत्र दे चुके हैं। और मंत्री विधायकों के द्वारा भी अपने मांग पत्र दे चुके हैं। एसएमसी कमेटीयां भी टीचर भर्ती को लेकर धरना-प्रदर्शन और चका जाम तक कर चुकी हैं। तथा टीचर रखने को लेकर कई स्कूलों के बच्चे अपना विरोध कर चुके हैं और स्कूल में टीचर ना होने पर सोशल मीडिया प्रींट मिडिया में भी कभी बार दिखाया गया है, लेकिन सरकार ने उन स्कूलों में टीचर रखने के बजाय स्कूलों को बंद करने तथा मर्ज करने का फैसला लिया है। जो निंदनीय है राज्य कार्यकारिणी संघ के अध्यक्ष बलवंत, उपाध्यक्ष जगदीश ठाकुर, महासचिव विजय चौहान, सहसचिव पाल सिंह, कोषाध्यक्ष शक्ति प्रसाद , संगठनमंत्री संतोष नांटा मुख्य सलाहकार सुखराम मिडिया प्रभारी अशोक कुमार और सीमा कुमारी और समस्त सदस्यों तथा जिला के समस्त अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा सदस्यों ने माननीय मुख्यमंत्री, माननीय शिक्षा मंत्री तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों से आग्रह किया है कि स्कूल बंद करने की बजाय स्कूलों में टीचर तथा अन्य स्टाफ रखने पर बल दें। न कि स्कूलों को बंद करने का निर्णय लें संघ ने कहा है कि सरकार को 2 साल का कार्यकाल खत्म होने पर है लेकिन रोजगार देने की बजाय बेरोजगारों को मानसिक तनाव में डाला जा रहा है। संघ ने कहा है कि अभी तक जो भी रिजल्ट घोषित नहीं हुए हैं उनको जल्द से जल्द घोषित किया जाए और नई भर्तियों को जल्द से जल्द भरा जाए। संघ ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश के बेरोजगारों ने सरकार बनाने में अपनी एहम भुमिका निभाई है। क्योंकि बेरोजगार दवका पूर्व सरकार से तंग आ चुका था और उनको उम्मीद थी कि कांग्रेस सरकार आते ही बेरोजगार युवाओं के साथ न्याय करेगी, लेकिन वर्तमान सरकार ने तो पूर्व सरकार की तरह राह पकड़ रखी है संघ के पदाधिकारी ने मुख्यमंत्री से और शिक्षा मंत्री से अनुरोध किया है कि हिमाचल प्रदेश के जितने भी सरकारी स्कूलों में कर्मचारी हैं उनको निर्देश करें कि वह अपने बच्चे सरकारी स्कूलों में डालें अन्यथा उनको किसी भी तरह का सरकारी लाभ नहीं दिया जाएगा। संघ ने कहा है कि जब सरकार सरकारी नौकरी वाले टीचरों को इतनी बड़ी सैलरी दे रही है तो क्यूं ना सरकार ऐक्शन ले कि वो अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाए। खुद सरकारी नौकरी पर लगे हैं और खुद के बच्चे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाए जा रहे हैं। जब मुख्यमंत्री जी इतने बड़े पैमाने पर फैसले ले रहे हैं तो फिर ऐसा फैसला लेने में देरी क्यूं । संघ ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश में सभी कर्मचारियों पर सरकार को निर्देश करना चाहिए। क्योंकि सरकार कर्मचारियों की हर एक बात को पुरा करने पर बचनबद्ध है। संघ ने कहा है कि इस बात को सभी एजुकेशन संगठनों को सरकार से उठाना चाहिए। कि सरकारी स्कूलों को बंद ना करे। बल्कि टीचर भर्ती करें। संघ के पदाधिकारी ने कहा है कि चार-पांच साल पहले सरकारी स्कूलों में अच्छी एनरोलमेंट थी लेकिन जैसे-जैसे स्कूलों में टीचरों की संख्या कम होती गई वैसे-वैसे स्कूलों में पढ़ाने के लिए कोई भी टीचर नहीं रहा तो मजबूरी में लोगों को प्राइवेट स्कूलों का रुख करना पड़ा, लेकिन हिमाचल प्रदेश के लोगों के पास इतनी बड़ी इनकम नहीं है कि वह भारी भरकम फीस प्राइवेट स्कूलों में भरकर अपने बच्चों को शिक्षा दें। हिमाचल प्रदेश के अभी भी ऐसे कई स्कूल हैं जहां पर अभिभावक अपने पैसे देकर और उन सरकारी स्कूलों में अपनी तरफ से टीचर रखकर बच्चों को शिक्षा ग्रहण करवा रहे हैं। संघ ने कहा है कि कोविड के टाइम भारी मात्रा में प्राइवेट स्कूलों से बच्चे निकाल कर सरकारी स्कूलों में डाले गए थे। लेकिन जब अभिभावकों को इस बात का पता चला कि सरकारी स्कूलों में तो टीचर ही नहीं है तो 2 साल के बाद फिर बच्चों को दोबारा से अभिभावकों को प्राइवेट स्कूलों में डालना पड़ा। बेरोजगार कलाध्यापक संघ ने मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री और समस्त मंत्रीयों विधायकों से निवेदन किया है कि ऐसा कदम ना उठाएं जिससे कांग्रेस सरकार को इसका नुकसान उठाना पड़े, लेकिन जैसा इलेक्शन के समय प्रियंका गांधी और राहुल गांधी ने बेरोजगारों से वादा किया था उस वादे के मुताबिक मुख्यमंत्री और सरकार फैसले लें। संघ ने कहा है कि मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश के सरकारी मिडिल स्कूलों में 100 की लगी शर्त को हटाने का कई बार विश्वास दे चुके हैं। लेकिन अभी तक 100 बच्चों की कंडीशन को समाप्त नहीं किया गया है। संघ मुख्यमंत्री से अनुरोध करता है कि इसकी अधिसूचना जारी करें और कला अध्यापकों की 1600 पोस्टें प्रदेश भर के सरकारी स्कूलों में खाली चल रही है उन्हें जल्द से जल्द भरे।
जिला सिरमौर के उपमंडल पांवटा साहिब में हिट एंड रन का मामला सामने आया है। मामले में बाइक सवार एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, महिला के पति को भी हादसे में चोटें आई हैं। घटना के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया, जिसे पांवटा साहिब पुलिस ने ट्रक सहित दबोच लिया है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। हादसा सोमवार शाम पांवटा साहिब पुलिस थाना के तहत बेहड़ेवाला में सामने आया हैं। पुलिस को बेहड़ेवाला से सड़क दुर्घटना की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने मौके पर पाया कि एक ट्रक ने बाइक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी है और ड्राइवर ट्रक समेत मौके से फरार हो गया है। एएसपी अदिति सिंह ने बताया कि ट्रक की टक्कर लगने से बाइक सवार 24 वर्षीय सूरज को चोटें आई हैं, जबकि बाइक पर सूरज के पीछे बैठी उसकी 20 वर्षीय पत्नी मोनिका की हादसे में मौके पर ही मौत हो गई है। पुलिस ने महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और घायल को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वहीं, सूचना मिलते ही पुलिस ने ट्रक ड्राइवर को उसके ट्रक समेत पकड़ लिया है।
पटवारियों और कानूनगो के हड़ताल पर होने से प्रदेश में लोगों के 1.30 लाख से ज्यादा ऑनलाइन आवेदन लंबित हैं, मगर आज भी ये मसला हल नहीं हो पाया। दरअसल आज हिमाचल के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और पटवारी-कानूनगो के बीच सचिवालय में हड़ताल से सम्भंदित एक महत्वपूर्ण बैठक हुई मगर इस बैठक में दोनों के बीच सहमति नहीं बन पाई। पटवारी-कानूनगो जिला से बाहर ट्रांसफर के लिए तैयार नहीं है, जबकि सरकार ने इसी मंशा से इन्हें स्टेट कैडर बनाया है। मीटिंग में सहमति नहीं बनने के बाद हिमाचल संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी संघ ने अपना विरोध जारी रखने का ऐलान कर दिया है। इनकी हड़ताल से प्रदेश के लोग परेशान हैं। पटवारी-कानूनगो राज्य कैडर बनाए जाने के विरोध में 15 दिनों से ऑनलाइन काम नहीं कर रहे। इन्होंने सरकारी ऑफिशियल व्हाट्सएप ग्रुप से भी एग्जिट कर रखा है। यही नहीं एडिशनल चार्ज वाले पटवारी-कानूनगो सर्किल दफ्तर की चाबियां भी ये लोग संबंधित एसडीएम और तहसीलदार को सौंप चुके हैं। इनकी हड़ताल के कारण बोनाफाइड सर्टिफिकेट, चरित्र प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र, ओबीसी प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, कृषि प्रमाण पत्र, बेरोजगारी प्रमाण पत्र, भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र और पीएम किसान सम्मान निधि योजना की ऑनलाइन रिपोर्टिंग जैसे काम 15 दिन से नहीं हो पा रहे। बीते 6 दिन से एडिशनल चार्ज वाले दफ्तरों में भी काम ठप हो गया है। इससे लोगों के राजस्व संबंधी महत्वपूर्ण काम नहीं हो पा रहे हैं।वहीं इस मसले पर राजस्व मंत्री जगत नेगी का कहना है कि सरकार ने जनहित को देखते हुए इन्हें स्टेट कैडर बनाया है और पटवारी-कानूनगो इसके विरोध की सही वजह नहीं बता पा रहे है। ऐसे में अब नियमों के तहत इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी की आज संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी (पटवारी व कानूनगो) महासंघ के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक हुई। बैठक में प्रतिनिधिमंडल ने राजस्व मंत्री से वेतन विसंगतियों को दूर करने सहित विभिन्न मांगों पर विचार करने का आग्रह किया। राजस्व मंत्री ने कहा कि पटवारी व कानूनगो के जिला कैडर को राज्य कैडर में करने का निर्णय जनहित में लिया गया है। इस संबंध में प्रदेश की जनता से भी सरकार को सुझाव प्राप्त हुए। प्रदेश सरकार ने व्यापक दृष्टिकोण के साथ यह फैसला जनहित में लिया है। उन्होंने कहा कि पटवारी व कानूनगो का राज्य कैडर किए जाने से उनकी वरिष्ठता, पदोन्नति और उन्हें मिलने वाले भत्तों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सरकार ने सिर्फ राज्य कैडर का निर्णय लिया है, जबकि भर्ती और पदोन्नति नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि पटवारी व कानूनगो आने वाले समय में नायब तहसीलदार और तहसीलदार पदोन्नत होंगे। राज्य कैडर होने से दूसरे जिलों में कई वर्षों से कार्यरत पटवारी व कानूनगो को अपने जिले में वापसी का मार्ग भी प्रशस्त होगा। इससे उन्हें भी अपने जिले में सेवाएं देने का अवसर प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुछ सरकारी सेवाओं को छोड़कर जनहित में अधिकांश सेवाएं राज्य कैडर में की जा चुकी हैं। राजस्व मंत्री ने कहा कि पटवारी व कानूनगो के काम बंद करने से प्रदेश की जनता के राजस्व संबंधी कई कार्य लंबित हैं, आम लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सरकार का दायित्व है कि वह आम आदमी की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करे। इसी के दृष्टिगत आवश्यक कार्रवाई करने पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। वर्तमान सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान अनेक कर्मचारी हितैषी निर्णय लिए हैं। सरकार ने कर्मचारियों को पुरानी पेंशन देकर सम्माजनक जीवन जीने का मार्ग प्रशस्त किया है। कर्मचारियों को समय-समय पर अन्य भत्तों का भी भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार महासंघ की अन्य मागों पर गंभीरता से विचार कर रही है। इस मौके पर निदेशक भू-रिकॉर्ड सीपी वर्मा, अतिरिक्त सचिव राजस्व बलवान चंद और अवर सचिव राजस्व सीमा सागर भी उपस्थित थी।
जिला नियन्त्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले जिला किन्नौर डॉ मेजर शशांक गुप्ता ने बताया कि निरीक्षक चंदू लाल नेगी, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के द्वारा रिकांग पिओ बाजार में 15 फल एवं सब्जी विक्रेताओं का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिला दंडाधिकारी जिला किन्नौर स्थित रिकांगपिओ द्वारा निर्धारित थोक व प्रचून, लाभांश एवं मूल्य सूची प्रदर्शन करने के सम्बन्ध में जांच की गई। उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में 5 विक्रेताओं द्वारा निर्धारित लाभांश से अधिक विक्रय मूल्य वसूले जाने के कारण तथा मूल्य सूची प्रदर्शित न करने पर 78 किलो ग्राम सब्जी, जब्त कर 5840 रूपये का जुर्माना किया गया। इसके अतिरिक्त विभाग द्वारा हिमाचल प्रदेश जीव अनाशित कूड़ा कचरा अधिनियम 1995 के अंतर्गत परिसर में सड़े-गले सब्जियों व कचरा पाए जाने के कारण 7 व्यापारियों का निरीक्षण किया गया तथा अनियमितताएँ पाए जाने पर 3 व्यापारियों से 2000 रुपए जुर्माना वसूल किया गया। उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में कुल 22 निरीक्षण किए गए, जिनमें से 8 व्यापारियों से अनियमितताएँ पाए जाने पर कुल 7840/- रुपये जुर्माना के वसूले गए। इसके अतिरिक्त जिला नियन्त्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले जिला किन्नौर ने व्यापारियों को निर्देश जारी किए गए कि गली- सड़ी फल/ सब्जियों को अलग कर उचित माध्यम से नष्ट करना सुनिश्चित करे, उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार का निरीक्षण जनहित में जारी रहेंगे व दोषी पाए जाने पर इससे अधिक जुर्माना वसूला जाएगा।
हिमाचल प्रदेश की पूर्व भाजपा सरकार ने अपने पिछले स्वर्णिम कार्यकाल में विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाए प्रदेश की जनता को समर्पित की जिसमें हिमकेयर योजना पूर्व जयराम सरकार की महत्वपूर्ण योजना थी। जो सरकार द्वारा 1 जनवरी, 2019 को लागू की गई थी। चेतन बरागटा ने कहा कि जो लोग आयुष्मान भारत योजना से छूट गए थे उन लोगों को कैशलेस इलाज देने के लिए पूर्व भाजपा सरकार ने हिमकेयर योजना बनाई। वर्तमान में हिमाचल और हिमाचल से बाहर 292 अस्पतालों में हिम केयर कार्ड की सुविधा दी जा रही थी और इनमें से 141 निजी अस्पताल थे। हिमकेयर कार्ड से इलाज करवाने में प्रदेश की देवतुल्य जनता को काफी सुविधा हो रही थी। लेकिन हाल ही मे सुक्खू सरकार के मंत्रिमंडल ने हिम केयर कार्ड को निजी अस्पतालों में चलाने से इनकार कर दिया है। साथ ही हिमाचल में सरकारी कर्मचारियों के लिए भी हिम केयर कार्ड अब प्रतिबंधित रहेगा। जिस फैसले से प्रदेश की जनता को आहत और निराश है। जिससे सिद्ध होता है प्रदेश की ये काँग्रेस सरकार जन और कर्मचारी विरोधी सरकार है। चेतन बरागटा ने कहा काँग्रेस की सरकार ने पिछले 20 महीने मे 20 हजार करोड़ का लोन लिया,लेकिन जयराम सरकार के समय से चल रही सभी जन कल्याणकारी योजनाओं को बारी-बारी बंद करने का निर्णय कर रही है। क्या काँग्रेस सरकार अपने मित्रो के ऐशो आराम के लिए लोन ले रही है। चेतन बरागटा ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि इस फैसले को तुरंत प्रभाव से वापिस ले,अन्यथा भाजपा इस फैसले के विरोध मे उग्र आंदोलन करेगी।
हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड ने टेट परीक्षा की फीस में बढ़ोतरी की है, जिस पर प्रदेश के जेबीटी वा बी एड प्रशिक्षु काफी नाराज है ,फीस बढ़ोतरी पर जेबीटी / डी एल एड प्रशिक्षित बेरोजगार संघ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश परयाल ने बताया कि इस प्रकार अचानक टेट की फीस दुगनी करना छात्र हित में नही हैं ,जहाँ उन्हें पहले 500 या 800 फीस देनी पड़ती थी वही अब 1000 ओर 1600 कर दी गई है, जिस से प्रदेश के प्रशिक्षु आर्थिक रूप के साथ-साथ मानसिक रूप से भी परेशान हैं । उन्होंने कहा कि आज कल का दौर प्रदेश के युवाओं के लिए बहुत मानसिक तनाव भरा है, क्योंकि 4,5 वर्षो से जेबीटी भर्ती कमिश्नन के माध्यम से नहीं हुई है । पिछली बार 2019 में ही जेबीटी कमिश्नन हुआ है ,उसके बाद कोई भर्ती कमिश्नन के माध्यम से नही हुई, जिसकी वजह से प्रदेश के युवा मानसिक रूप से बहुत परेशान हैं , उस पर यह अचानक टेट फीस में बढ़ोतरी करना उनके जले पर नमक छिड़कने जैसा हो गया है। जगदीश परयाल ने बताया कि प्रदेश सरकार अब पूर्ण बहुमत की सरकार बन चुकी है प्रदेश के युवाओं ने जब सरकार मुश्किल में थी तो उन्हें समझा है और उनका साथ दिया है ,अब मुख्यमंत्री को प्रदेश के युवाओं की ओर भी अपना ध्यान देने की जरूरत है ,उन्होंने कहा कि अगर सरकार आर्थिक रूप से कमजोर है तो इसका बोझ प्रदेश के बेरोजगारो के कंधों पर ना डाले, इसका समाधान निकाले ओर जल्द ही कमिश्नन के माध्यम से भर्ती करवाना शुरू करें । प्रदेश के 12 लाख से अधिक बेरोजगार युवाओ को मुख्यमंत्री से बहुत उम्मीदें है मुख्यमंत्री इनके बारे में भी कुछ सोचे क्योंकि भर्ती की अधिसूचना सिर्फ अखबारों तक ही सीमित रह गईं है आए दिन सरकार की तरफ से खबर आती है भर्तियों की परन्तुं अभी तक कोई भी भर्ती कमीशन के माध्यम से शुरू नहीं हुईं है। साथ ही उन्होंने कहा कि जेबीटी लगभग 9 महीनों से लंबित बैच वाइज भर्ती का परिणाम जल्द से घोषित किया जाए ,जिसके लिए लोग 15-15 सालों से नोकरी लगने का इंतजार कर रहे हैं । सरकार अगर समय पर भर्ती कराती है तभी प्रदेश की शिक्षा में गुणवत्ता आएगी । उन्होंने कहा कि शिक्षा बोर्ड धर्मशाला अपने टेट की फीस बढ़ोतरी पर पुनः विचार करे और जो फीस पहले ली जाती थी वही फीस ली जाए अन्यथा प्रदेश के युवाओं को मजबूरन सड़को पर उतरना पड़ेगा ।
उपमंडल देहरा के अन्तर्गत पड़ते ख़बली के लोगों ने सीएम सुक्खू व विधायक देहरा कमलेश ठाकुर से मांग की है कि पटवार वृत्त पाइसा का नाम ख़बली किया जाए। लोगों का कहना है कि यह पटवार वृत 100 वर्षों से पूर्व ब्रिटिश काल में अस्तित्व में आया था। कालान्तर में पटवार वृत पाइसा का विभाजन हुआ और एक नया पटवार वृत अम्ब अस्तित्व में आया व पटवार वृत पाइसा के विघटन के कारण महाल पाइसा पटवार वृत अम्ब के अन्तर्गत आ गया, जबकि जो पुर्नगठन उपरान्त पटवार वृत पाइसा रह गया। उसमें पाइसा नाम का कोई महाल नहीं है। दूसरे पटवार वृत पाइसा का भवन भी गांव खबली में निर्मित है। इसलिए पटवार वृत पाइसा का नाम बदलकर पटवार वृत खबली किया जा सके । इस मांग को लेकर समूची ख़बली की जनता लामबंद हो गई है और वाकायदा पंचायत सचिव के माध्यम से एक प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू व विधायक देहरा कमलेश ठाकुर को भेज कर मांग की है कि सरकार इस विसंगति को दूर करके पटवार व्रत पाइसा का नाम बदलकर पटवार व्रत ख़बली किया जाए।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज हिमाचल प्रदेश राज्य वन विकास निगम की 214वीं निदेशक मंडल की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने अधिकारियों को निगम के डिपो में रखी गई ईमारती लकड़ी की निस्तारण प्रक्रिया में तेजी लाने के आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए, ताकि इसे गलने से बचाया जा सके। उन्होंने वन संरक्षण अधिनियम (एफसीए) के प्रथम चरण की मंजूरी के उपरांत रेखागत परियोजनाओं के दायरे में आने वाले पेड़ों को काटने के लिए वन मंडल अधिकारियों (डीएफओ) सहित निगम के अधिकारियों को शक्तियां सौंपने की संभावनाएं तलाशने को कहा, ताकि इस प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य वन विकास निगम पहली बार एफसीए मंजूरी के उपरांत ब्यास नदी से खनन गतिविधियां शुरू करेगा। उन्होंने निगम को दोषी ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने और उनके खिलाफ वसूली की कार्रवाई शुरू करने तथा भविष्य में निविदाओं में उनके भाग लेने पर रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने निगम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि निगम ने वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान 2.17 करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान आठ करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2023-24 में 10.04 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया। उन्होंने कहा कि वन निगम में कर्मचारियों की कमी दूर करने के लिए 100 वन वीरों को नियुक्त किया जाएगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि प्रदेश सरकार वन निगम को आत्मनिर्भर और लाभप्रद बनाने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। निदेशक मंडल ने 2022-23 के लिए निगम के कर्मचारियों को अतिरिक्त लाभ प्रदान करने को स्वीकृति प्रदान की, जिससे 227 कर्मचारी लाभान्वित होंगे। बैठक में निगम के दैनिक भोगियों की दिहाड़ी 400 रुपये करने का भी निर्णय लिया गया। इसके अलावा, निगम के सभी कर्मचारियों को 1 अप्रैल, 2024 से चार प्रतिशत महंगाई भत्ते की एक और किश्त जारी करने तथा दो वर्ष का अनुबन्ध कार्यकाल पूरा करने वाले 80 कर्मचारियों को नियमित करने का भी निर्णय लिया गया। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पिछले वर्ष मॉनसून के प्रकोप के कारण शिमला शहर में 618 पेड़ क्षतिग्रस्त हुए, जिनकी लकड़ी बेचकर 2.50 करोड़ रुपये का लाभ हुआ है। इस मौके पर वन निगम ने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए मुख्यमंत्री को 51 लाख रुपये का चेक भेंट किया। वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, प्रधान सचिव वन अमनदीप गर्ग, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, प्रधान मुख्य वन अरण्यपाल राजीव कुमार, निगम के प्रबन्ध निदेशक पबनेश शर्मा, विशेष सचिव (वित्त) रोहित जमवाल और गैर-सरकारी सदस्य कृष्ण चंद, नीलम ठाकुर, तोग सिंह ठाकुर, मदन शर्मा, गंगा सिंह, अनिल ठाकुर, कृष्ण कुमार और योगेश महाजन भी बैठक में उपस्थित थे।
राजकीय महाविद्यालय ढलियारा के इग्नू अध्ययन केंद्र -1140 ने जनवरी-2024 सत्र के छात्रों के लिए प्रेरणा सभा का आयोजन किया गया इग्नू केंद्र -1140 के सह-समन्वयक डॉ. संजीव कुमार ने इग्नू के छात्रों को दूरवर्ती शिक्षा माध्यम से सबसे बड़े विश्वविद्यालय द्वारा संचालित स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी तथा छात्रों को इग्नू के साल भर चलने वाले कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी देते हुए ऑनलाइन और ऑफलाइन सुविधाएं जो इग्नू की वेबसाइट पर मिलती हैं उनके बारे में छात्रों को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों की शंका का भी समाधान किया और इग्नू अध्ययन केंद्र से निरंतर जुड़े रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इग्नू एक प्रतिष्ठित संस्था है। यह हर साल दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से हजारों विद्यार्थियों को शिक्षा की सुविधा उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा ग्रहण करने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए भी प्रेरित किया। ताकि वह जीवन में एक सफल मुकाम हासिल कर सकें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अगर कोई समस्या आ रही है तो वह एक निश्चित समय पर फोन द्वारा या स्वयं भी केंद्र पर आकर जानकारी हासिल कर सकते हैं।
जवाहर नवोदय विद्यालय कुनिहार में आज 31वें एनवीएस रीजनल कबड्डी खेलों का शुभारंभ रंगारंग कार्यक्रमों के साथ किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुदेश मोख्टा, आई०ए०एस० व वर्तमान में एमडी एचपीएमसी रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि वह स्वयं जवाहर नवोदय विद्यालय ठियोग शिमला के छात्र रहे हैं। खेलों का हमारे जीवन में अत्यधिक महत्व है। यह हमारे शारीरिक विकास के साथ ही मानसिक विकास में भी अत्यधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेल छात्रों के समग्र विकास और वृद्धि के लिए आवश्यक हैं। विभिन्न खेल खेलने से उन्हें टीम वर्क, नेतृत्व, जवाबदेही, धैर्य और आत्मविश्वास जैसे जीवन कौशल सीखने में मदद मिलती है और उन्हें जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार किया जाता है। उन्होंने विभिन्न क्लस्टरों से आए हुए विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय प्राचार्य के० के० यादव द्वारा मुख्य अतिथि महोदय का आभार प्रकट किया गया तथा विद्यार्थियों को उत्साह पूर्वक कबड्डी खेलों में प्रतिभाग करने हेतु प्रोत्साहित किया गया। उन्होंने कहा कि खेल मानसिक, शारीरिक, और सामाजिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। यह हमारे जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाता है और हमें सकारात्मक रूप से सोचने, संघर्ष करने, और जीतने की क्षमता प्रदान करता है। रीजनल कबड्डी मीट में विभिन्न क्लस्टरों से आए हुए कुल 180 विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। इसमें जे एंड के- 1. जे एंड के 2, पंजाब-1, पंजाब-2 तथा हिमाचल क्लस्टर हैं। कार्यक्रम के अंतर्गत अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 के अंतर्गत कुल 12 मैच खेले जाने हैं तथा इसका समापन 31 जुलाई को फाइनल के साथ किया जाएगा। कार्यक्रम की प्रस्तुति वरिष्ठ शिक्षक वीर सिंह के द्वारा की गई तथा कार्यक्रम का समापन वरिष्ठ शिक्षक योगेश कुमार पाठक द्वारा सभी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।
पूर्व सैनिक संघ एवं वीर नारी संघ का चुनाव ज्वालामुखी उपमंडल के तहत खुंडिया के बाजार में सम्पन्न हुआ। जिस मे सर्वसम्मति से कैप्टन रमेश राणा को अध्यक्ष चुना गया। इस चुनाव मे सौ से अधिक पूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों ने हिस्सा लिया वहीं चुनाव के लिए तीन व्यक्तियों ने नामांकन किया था, लेकिन चुनाव के वक़्त अन्य लोगों ने अपना नाम वापिस ले लिया और कैप्टन रमेश राणा को अध्यक्ष निर्विरोध चुन लिया गया, साथ में सुबेदार राय सिंह पुखरू पंचायत और सूबेदार हरभजन सिंह देहरु पंचायत को उपाध्यक्ष एवं कैप्टन सुभाष चंद राणा बारी कलां पंचायत को महा सचिब और कैप्टन दिलबाग सिंह अलुहा पंचायत को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया साथ मे नायक ए डी शर्मा खुंडियां को मीडिया प्रभारी चुना गया, साथ ही संस्था के पूर्व अध्यक्ष कैप्टन देश राज राणा ने अपना कार्यभार कैप्टन रमेश राणा को सौंपा। ये संस्था 1984 से पूर्व सैनिकों एवं सैनिक विधवाओं एवं वीर नारियों की सेवा करती आ रही है, ये चुनाव कर्नल एम एस राणा की अध्यक्षा मे सम्पन्न हुआ। आखिर मे जिन पूर्व सैनिकों ने इस संस्था को खड़ा किया था और जो आज इस संसार मे नही हैं साथ ही इलाके के वीर सैनिक जो देश के लिए शहीद हुए हैं उन की याद मे दो मिनट का मौन रख के उनको श्रधांजलि दी है।
ऊना मुख्यालय के साथ लगते लालसिंगी में पास लेने को लेकर पंजाब रोडवेज के बस चालक व परिचालक ने पिकअप चालक के साथ मारपीट की है। यहीं नहीं, मारपीट के दौरान पिकअप का शीशा तक तोड़ दिया। पुलिस ने पीडि़त सुरेंद्र सिंह निवासी बरनोह की शिकायत पर पंजाब रोडवेज बस के चालक शमशेर सिंह व परिचालक हैप्पी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में सुरेंद्र सिंह ने बताया कि वह अपनी गाड़ी में कुल्लू से सामान लेकर जालंधर गया था। जालंधर में सामान उतारकर अपने घर बरनोह आ रहा था तो पंडोगा में एक रोडवेज की बस से पास लेने की कोशिश की, ड्राइवर पास नहीं दे रहा था। ईसपुर मोड़ के पास बड़ी बस से पास ले लिया। इसके बाद वह बार-बार हॉर्न मारकर इसे परेशान करने लगा। लालसिंगी के पास पहुंचा तो उपरोक्त बस के ड्राइवर ने बस पिकअप के आगे लगा दी और कंडक्टर ने लोहे की रॉड से हमला कर गाड़ी का फ्रंट का शीशा तोड़ दिया। इस दौरान मेरी जेब से 17 हजार रुपए किराया कहीं गिर गया। एसपी राकेश सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
**पंजाब के अफसरों के साथ चर्चा कर संशोधित किए जाएंगे रूट पंजाब सरकार के परिवहन विभाग के अधिकारी शिमला पहुंच गए हैं। वहां के परिवहन सचिव और परिवहन आयुक्त के साथ शिमला में सोमवार को बैठक होगी, जिसमें इंटर स्टेट बस रूट परमिट को लेकर समीक्षा की जाएगी। इसमें पंजाब की ओर से कुछ आपत्तियां हैं, जिनको दूर करने का प्रयास होगा। रूट परमिट की निर्धारित सीमा से ज्यादा पंजाब की सडक़ों पर हिमाचल के प्राइवेट बस ऑपरेटर चल रहे हैं, जिनको लेकर पंजाब सरकार शिकायत कर रही है। जो समझौता हिमाचल और पंजाब के बीच में हुआ है उसके तहत पांच हजार किलोमीटर एरिया तक रूट परमिट वैद्य हैं, लेकिन यहां पंजाब की सीमा से सटे क्षेत्रों से प्राइवेट बसें दूसरी ओर जा रही हैं और वो लगातार सरकार के साथ हुए समझौते का उल्लंघन कर रही हैं। ऐसे में पंजाब के परिवहन अधिकारी इस मामले पर चर्चा करने और रूट परमिट को रिवाइज करने की बात कर रहे हैं, जिसे लेकर आज बैठक हैं । हिमाचल की तरफ से प्रदेश के प्रधान सचिव परिवहन आरडी नजीम इस बैठक में हिस्सा लेंगे, जिनके साथ निदेशक डीसी नेगी व अन्य अधिकारी मौजूद होंगे। रूट परमिट की वर्तमान लिमिट से पंजाब को नुकसान हो रहा है ऐसा पंजाब सरकार का मानना है। लिहाजा इसे संशोधित करने की मांग हो रही है और देखना होगा कि इसमें हिमाचल क्या कहता है। पंजाब के अधिकारी अपने आंकड़े रखेंगे जिन पर हिमाचल के अधिकारी सहमत होते हैं, तो बात आगे बढ़ेगी। प्रधान सचिव परिवहन इस बैठक से पहले रविवार शाम को शिमला पहुंचे। उन्होंंने कहा कि यह बैठक दोनों राज्यों के रूट परमिट से जुड़े मसले को लेकर अहम है और आपस में मिलकर हम समाधान निकालेंगे।
सरकारी खर्च पर नियंत्रण और वित्तीय प्रबंधन में सुधार के लिए हिमाचल प्रदेश के वित्त विभाग ने सभी विभागों को निर्देश जारी किए हैं। विभागों को 31 अक्तूबर तक विस्तृत व्यय रिपोर्ट वित्त विभाग को प्रस्तुत करनी होगी। इसमें बचतों और निर्धारित से अधिक बजट व्यय का ब्योरा देना होगा। वित्तीय वर्ष की पहली छमाही के लिए वास्तविक खर्च और शेष महीनों के लिए अनुमानित खर्च की रूपरेखा देनी होगी। दूसरी आधिक्य एवं बचत विवरणिका में आठ महीनों यानी 30 नवंबर तक का वास्तविक व्यय और शेष चार महीनों के संभावित व्यय की जानकारी देनी होगी। अनुपूरक बजट अनुरोध इस जानकारी पर आधारित होंगे। वित्त विभाग के प्रधान सचिव देवेश कुमार ने सभी प्रशासनिक सचिवों को इन आदेशों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के अनुसार सरकार ने देखा है कि हाल के वर्षों में कई विभाग जरूरत से ज्यादा खर्च कर रहे हैं और संभावित बचत का आकलन कम कर रहे हैं। वे आधिक्य और बचत के भी अनुमानित आंकड़े दे रहे हैं। इससे गलत वित्तीय योजना और अनावश्यक बजट अनुरोध सामने आए हैं। इस विषय के समाधान के लिए विभागों को अब किसी भी अधिक खर्च या बचत के लिए स्पष्ट और उचित कारण बताने होंगे। वित्त विभाग ने सटीक वित्तीय आंकड़ों के महत्व पर जोर दिया है। किसी भी विसंगति को जांचा जाएगा। इन निर्देशों के अनुसार प्रथम आधिक्य एवं अभ्यर्पण विवरणिकाएं 31 अक्तूबर तक वित्त विभाग को उपलब्ध हो जाना चाहिए। इसके अंतर्गत चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों यानी 30 सितंबर तक के वास्तविक व्यय और बकाया महीनों के संभावित व्यय के आंकड़े दर्शाए जाने चाहिए। इसी जिन लेखा शीर्षों और मानकों में बचतें दर्शाई जा रही हैं, उनमें विभागध्यक्ष डीडीओ से पहले ही सरेंडर लेना सुनिश्चित किया जाए। वित्त विभाग को इन बचतों को ई-बजट सॉफ्टवेयर में लेना होता है। इन निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करने को कहा गया है।
नशे ने युवाओं को अपनी गिरफ़्त में ले लिया है, जिसे लेकर पुलिस की धरपकड़ भी तेज हो गई है। आजकल चिट्टा नामक नशा खूब युवाओं को अपने चंगुल में ले रहा है, इसे लेकर सोमवार सुबह ही पुलिस ने एक युवा के पास शिमला के पुराने बस अड्डे के पास चिट्टा पकड़ा है हालाँकि जैसे ही उसे पकड़ा उसने उसे नज़दीक घास में फेंक दिया लेकिन संबंधित पुलिस ने उससे चिट्टे का कुछ भाग बरामद किया है और और कथित आरोपी को पकड़ लिया गया है।
**भारी बारिश की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने 31 जुलाई तक जारी किया अलर्ट हिमाचल प्रदेश में मानसून की शुरुआत से लेकर अब तक बारिश के कारण हुई दुर्घटनाओं में 56 लोगों की मौ*त हो चुकी है। आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार 27 जून को मानसून ने हिमाचल में दस्तक देने से लेकर अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 56 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, इस मानसून सीजन में अब तक राज्य को ₹410 करोड़ का नुकसान हुआ है। वहीं, एक बार फिर से मौसम विभाग ने 31 जुलाई तक 8 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आपातकालीन परिचालन केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, 21 लोगों की मौ*त ऊंचाई से गिरने से, 18 की डूबने से, 8 लोगों की सांप काटने और आठ लोगों की बिजली के झटके लगने से मौ*त हुई है, जबकि एक व्यक्ति की मौ*त अचानक आई बाढ़ में हुई है, जबकि भूस्खलन या बादल फटने से किसी की मौ*त नहीं हुई है। आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार इ, मानसून सीजन में अब तक करीब 100 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं, लोक निर्माण विभाग को सबसे ज्यादा ₹172 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसके बाद बागवानी विभाग को ₹139 करोड़ का नुकसान हुआ है। शिमला मौसम विभाग ने 31 जुलाई तक राज्य के आठ जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की चेतावनी दी है। मौसम विभाग ने प्रदेश में भारी बारिश होने की आशंका को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है । प्रदेश में 2 अगस्त तक बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने तेज हवाओं के कारण बागानों, खड़ी फसलों, कमजोर संरचनाओं और कच्चे घरों को नुकसान पहुंचने और निचले इलाकों में जलभराव की चेतावनी दी है । राज्य के कुछ हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश जारी रही। सिरमौर जिले के धौला कुआं में 123 मिमी बारिश हुई, जबकि नाहन में 74.5 मिमी, कटौला में 40.2 मिमी, पालमपुर में 32 मिमी, पांवटा साहिब में 31.2 मिमी, धर्मशाला में 27.6 मिमी, सुंदरनगर में 26.8 मिमी और बैजनाथ में 25 मिमी बारिश हुई। राज्य में 1 जून से 27 जुलाई तक 40 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिसमें औसत 321.2 मिमी के मुकाबले 194 मिमी बारिश हुई है। इस बीच अकेले जुलाई महीने में बारिश की कमी 33 प्रतिशत रही। क्योंकि राज्य में 1 से 27 जुलाई तक 220.1 मिमी की सामान्य बारिश के मुकाबले 147.5 मिमी बारिश हुई।
** बद्दी की स्टेसालिट कंपनी में इलेक्ट्रिशियन का करता था काम एक स्थानीय कंपनी में मशीन की चपेट में आने कामगार की मौ*त हो गई। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर श*व कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। बताया जा रहा है कि कामगार कंपनी में इलेक्ट्रिशियन का काम करता था। मृत*क के चाचा ने कंपनी प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। इसके आधार पर पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार 32 वर्षीय अभिषेक वर्मा निवासी सुराजमाजरा जुड्डी बद्दी डीआईसी प्लाट नंबर 25 में स्थित स्टेसालिट कंपनी में बिजली का काम करता था। ड्यूटी के दौरान वह मशीन की चपेट में आ गया। इससे वह बेहोश हो गया। उसे बद्दी के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। यहां चिकित्सकों के उसे मृ*त घोषित कर दिया। मृत*क के चाचा ज्ञान चंद शील ने बताया कि भतीजा अभिषेक वर्मा की कंपनी की लापरवाही के चलते मौ*त हो गई है। उन्होंने कंपनी संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। एएसपी डॉ. अशोक वर्मा ने बताया कि पुलिस ने श*व को पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी में 5 वर्षीय मासूम से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि आरोपी 14 साल का नाबालिग बताया जा रहा है। फिलहाल आरोपी को 9 अगस्त तक सुधार गृह ऊना भेजा गया है। जानकारी के अनुसार बल्ह पुलिस थाना के अंतर्गत 14 वर्षीय नाबालिग ने 5 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। रोती-बिलखती बच्ची ने जब परिजनों को यह सारी बात बताई तो उनके पैरों तले से जमीन खिसक गई, जिसके बाद पुलिस थाना बल्ह में बच्ची की बुआ ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और मासूम का मेडिकल कॉलेज नेरचौक में मेडिकल करवाया गया। इसके अलावा आरोपी को न्यायालय पीएमजेजेबी मंडी के समक्ष पेश किया गया जहां से उसे 9 अगस्त तक सुधार गृह ऊना भेजा गया है। डीएसपी मुख्यालय देवराज ने पुष्टि की है।
हिमाचल के सोलन में भूस्खलन हुआ है। सोलन जिले में कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर अखबार लेकर जा रही एक गाड़ी पर पहाड़ी से पत्थर गिर गया। इस हाद*से में एक व्यक्ति मौ*त हो गई है, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घाय*ल हो गए। सभी घाय*लों को उपचार के लिए ईएसआई अस्पताल परवाणू ले जाया गया। जहां इन घाय*लों का इलाज चल रहा है। वहीं, पहाड़ी से कालका-शिमला एनएच 5 पर पत्थरों के गिरने से इस मार्ग पर एक लेन पूरी तरह बाधित हो गया। इसके कारण सड़क पर गाड़ियों का लंबा जाम लग गया है। हाद*सा आज सोमवार सुबह 2:30 बजे हुआ है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार इस हादसे में दुर्घटनाग्रस्त हुई बोलेरो (PB 08C P9686) एनएच 5 पर पलट गई, इस दुर्घटना में देव राज (40 वर्ष) की मौ*त हुई है, जो जिला कपूरथला पंजाब का रहने वाला था। वहीं, घाय*लों की पहचान कुलदीप सिंह (40 वर्ष) (निवासी गढ़शंकर जिला होशियारपुर पंजाब), भावुक पुत्र (23 वर्ष) और वंदना सोंधी (43 वर्ष) (निवासी मोहल्ला जालंधर सिटी पंजाब) के रूप में हुई है। तीनों घाय*लों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
आज सोमवार को एक बार फिर से सोने के भाव में गिरावट आई है। सावन महीने के दूसरे सोमवार को सोना सस्ता हुआ है। बता दें कि देश के ज्यादातर राज्यों में पिछले एक हफ्ते के अंदर सोना 6000 रुपये तक सस्ता हुआ है। 29 जुलाई को भारत में सोने की कीमतें 70,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास है। इस रेट में हाई प्योरिटी वाले सोने के लिए प्रीमियम शामिल है, जिसमें 24 कैरेट सोने की कीमत 68,990 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट सोना की कीमत 63,240 रुपये प्रति 10 ग्राम है। इस बीच, चांदी की कीमत 84,400 रुपये प्रति किलोग्राम रही। सरकार ने हाल ही में सोने और चांदी सहित विभिन्न उत्पादों पर सीमा शुल्क में कटौती की है। कीमती धातुओं के सिक्कों, सोने/चांदी की खोज और सोने और चांदी की छड़ों पर मूल सीमा शुल्क (बीसीडी) 15 फीसदी से घटाकर 6 फीसदी कर दिया गया। सोने और चांदी के डोर के लिए इसे 14.35 फीसदी से घटाकर 5.35 फीसदी कर दिया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी के भाव में तेजी देखने को मिल रही है। शनिवार को एक औंस सोने की कीमत 2387 डॉलर थी, सोमवार तक इसमें 7 डॉलर की तेजी आई और यह 2394 डॉलर पर पहुंच गई। फिलहाल एक औंस चांदी की कीमत 28.06 डॉलर है।
हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग में कांस्टेबल भर्ती के नियमों में कई बदलाव किए हैं। पहली बार उम्मीदवार को लंबाई के अतिरिक्त अंक मिलेंगे। भर्ती होने वाले अभ्यर्थियों को ट्रेनिंग के बाद पहली बार कमांडो कोर्स करवाया जाएगा। प्रदेश में 1,226 पदों को लेकर जल्द भर्ती प्रकिया शुरू होने वाली है। लोकसेवा आयोग के माध्यम से यह भर्ती की जानी है। पुलिस मुख्यालय ने भर्ती नियम की शर्तें लागू की हैं। भर्ती में एक जनवरी 2024 के आधार पर अभ्यर्थियों की आयु सीमा को गिना जाएगा। भर्ती नियमों की शर्तों के अनुसार पुरुष उम्मीदवार को 5 फुट 7 इंच से कम लंबाई पर कोई अंक नहीं मिलेगा। 5 फुट 7 इंच से ज्यादा और 5 फुट 8 इंच से कम लंबाई होने पर 1 अंक, 5 फुट 8 इंच से ज्यादा और 5 फुट 9 इंच से कम लंबाई पर 2 अंक, 5 फुट 9 इंच से ज्यादा और 5 फुट 10 इंच से कम लंबाई पर 3 अंक और 5 फुट 10 इंच से ज्यादा और 5 इंच 11 इंच से कम लंबाई पर 4 अंक, 5 फुट 11 इंच से ज्यादा और 5 फुट 12 इंच से कम लंबाई के 5 और 6 या इससे अधिक इंच लंबाई होने पर 6 अंक मिलेगें। इसी तरह महिला उम्मीदवारों को 5 फुट 3 इंच से ज्यादा लेकिन 5 फुट 4 इंच से कम लंबाई पर 1 अंक, 5 फुट 4 इंच से ज्यादा लेकिन 5 फुट 5 इंच से कम लंबाई पर 2 अंक, 5 फुट 5 इंच से ज्यादा लेकिन 5 फुट 6 इंच से कम लंबाई पर 3 अंक, 5 फुट 6 इंच से ज्यादा और 5 फुट 7 इंच से कम लंबाई पर 4 अंक, 5 फुट 7 इंच से ज्यादा और 5 फुट 8 इंच से कम लंबाई पर 5 अंक और 5 फुट 8 इंच से ज्यादा लंबाई होने पर 6 अंक मिलेंगें। पुरुष उम्मीदवारों को 5 मिनट 30 सेकंड में 1,500 मीटर दौड़ और महिला उम्मीदवारों को 800 मीटर दौड़ 3 मिनट 45 सेकंड में पूरी करनी होगी। दौड़ के लिए अलग से मौका नहीं मिलेगा। इसी तरह पुरुष उम्मीदवारों को 1.35 मीटर ऊंची कूद और महिला उम्मीदवारों को 1.10 मीटर की ऊंची कूद लगानी होगी। इसके लिए तीन मौके मिलेंगे। पुरुष उम्मीदवारों को 14 सेकंड में 100 मीटर और महिला उम्मीदवारों को 17 सेकंड में दौड़ पूरी करनी होगी। इसी तरह पुरुष उम्मीदवारों को चार मीटर और महिला उम्मीदवारों को तीन मीटर लंबी छलांग लगानी होगी। इसके लिए तीन मौके दिए जाएंगे। पुलिस भर्ती के लिए 18 से 26 वर्ष की उम्र के सामान्य उम्मीदवार, 18 से 28 वर्ष के अनुसूचित जाति-जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, गोरखा और प्रतिष्ठित खिलाड़ी और 20 से 29 वर्ष की उम्र के होमगार्ड पात्र होंगे।
**पहाड़ में सुक्षित सफर को लेकर किया जाएगा ट्रक ऑपरेटर को जागरूक बीते दिनों हिमाचल सरकार ने सेब सीजन को मद्देनज़र रखते हुए बाहर से आने वाले ट्रक ऑपरेटरों को स्पेशल टैक्स से छूट देने का फैसला किया था अब इसके साथ बाहर से आने वाले ट्रक आपरेटरों को सडक़ सुरक्षा का पाठ भी पढ़ाया जाएगा। इस बार विशेष रूप से ट्रक आपरेटरों के लिए सडक़ सुरक्षा जागरूकता अभियान प्रदेश में चलेगा, जिसके लिए बागबानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने परिवहन विभाग के अधिकारियों एक बैठक की थी जिसमे ये निर्देश दिए गए हैं कि ट्रक चालकों को सडक़ सुरक्षा के बारे में बताएं। प्रदेश की सभी मंडियों में सडक़ सुरक्षा जागरूकता को लेकर प्रचार किया जाएगा। मंडियों में पहुंचने वाले ट्रक आपरेटरों से चर्चा की जाएगी, उनको बताया जाएगा कि पहाड़ में वह कैसे सुरक्षित सफर करें। मंडियों में विशेष रूप से प्रचार सामग्री लगाई जाएगी जहां जागरूकता को लेकर सभी तरह की जानकारियां दी जाएंगी। इसके अलावा सीजन के दौरान नेशनल हाई-वे पर भी सडक़ सुरक्षा का पाठ पढ़ाने के लिए इंतजाम किए जाएंगे।


















































