हिमाचल प्रदेश में विद्यार्थियों की कम संख्या वाले स्कूल मर्ज करने के फैसले से जेबीटी नियुक्तियां लटक गई हैं। बीते दिनों 1161 नवनियुक्त शिक्षकों को आवंटित किए गए स्कूल बदलने को प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने सरकार से मंजूरी मांगी है। पांच विद्यार्थियों की संख्या वाले करीब 700 स्कूल प्रदेश में मर्ज किए जाने हैं। कुछ जिलों में बैचवाइज आधार पर चुने शिक्षकों की सूची जारी हो चुकी है। इन सूचियों में ऐसे स्कूलों में भी जेबीटी शिक्षकों को नियुक्तियां दे दी गई हैं, जिन्हें आने वाले दिनों में विद्यार्थियों की कम संख्या के चलते मर्ज किया जाना है। ऐसे में शिक्षा विभाग ने आगामी फैसला होने तक अन्य जिलों में बैचवाइज भर्तियों का परिणाम जारी करने पर रोक लगा दी है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बीते दिनों तैयार की गई नियुक्तियों की सूची को अब नए सिरे से बनाया जाएगा। देखा जा रहा है कि जिन स्कूलों में नियुक्तियां की गई हैं वहां कितने विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इन स्कूलों में कितने शिक्षक पहले से नियुक्त हैं। इस जानकारी को जुटाने के बाद बैचवाइज आधार पर चुने गए शिक्षकों को आवंटित किए जाने वाले स्कूलों में फेरबदल किया जाएगा। ऐसे में जेबीटी की नियुक्तियां होने में अभी कुछ और समय लग सकता है। शिक्षा विभाग मुख्यमंत्री सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्कूलों में भी शिक्षकों की नियुक्ति करने जा रहा है। इन स्कूलों में नए जेबीटी शिक्षक तैनात किए जाएंगे या फिर वरिष्ठ शिक्षकों को बदला जाता है इस पर फैसला किया जाएगा। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि जेबीटी शिक्षकों को नियुक्ति देने की फाइल सरकार की मंजूरी के लिए भेजी गई है। जल्द ही नियुक्ति आदेश जारी कर दिए जाएंगे।
प्रदेशभर में पिछले तीन दिनों से लोगों के हिमाचली प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, कृषक प्रमाण पत्र और ईडब्लूएस सहित कई प्रमाण पत्र ऑनलाइन नहीं बन पा रहे जिसके कारण जनता को सरकारी दफ्तरों में भटकना पड़ रहा है। ये ही नहीं लोगों के अब ऑनलाइन अपडेट होने वाले इंतकाल और लोन से संबंधित कार्य भी नहीं हो रहे है। वहीं, तहसीलदार और एसडीएम की ओर से लोगों की सुविधा के लिए बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप्स से भी पटवारी और कानूनगो एग्जिट हो गए है। इन सभी असुविधाओं के पीछे कारण है पटवारियों और कानूनगो की सरकार से नाराजगी दरसअल राजस्व विभाग में कार्यरत पटवारियों और कानूनगो को स्टेट कैडर का दर्जा दिए जाने के फैसले से ग्रामीण राजस्व विभाग के अधिकारी सुक्खू सरकार के खिलाफ भड़क गए हैं. इसी नाराज़गी के चलते हिमाचल प्रदेश संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो महासंघ ने 15 जुलाई से प्रदेश भर में लोगों को ऑनलाइन सेवाएं देने की सुविधा बंद कर दी है। नाराज़गी सरकार से है और जनता को इसका खामियाज़ा भुगतना पड़ रहा है। बता दें कि ये पहली बार नहीं है जब सरकार ने ये फैसला लिया हो। पिछले साल 18 नवंबर को भी ये अधिसूचना जारी की गई थी, लेकिन उसी दिन देर शाम तक हिमाचल प्रदेश संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ के विरोध के बाद सरकार ने फैसला वापस ले लिया थ। लेकिन अब सरकार ने फिर से पटवारी और कानूनगो स्टेट कैडर का दर्जा दे दिया है। बता दें कि ऑनलाइन सुविधा बंद किए जाने से महिलाएं 1500 मासिक पेंशन लेने के लिए फॉर्म जमा नहीं कर पा रही है क्यूंकि इसके लिए हिमाचली प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। इस सबसे जनता परेशान है मगर सरकार सुध नहीं ले रही। वहीँ हिमाचल प्रदेश संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ के अध्यक्ष सतीश चौधरी का कहना है कि स्टेट कैडर के फैसले को वापस नहीं लिए जाने तक विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश महासंघ की बैठक में आगामी रणनीति भी तैयार की जाएगी।
बाहरी राज्यों के पर्यटकों को पर्यटन नगरी मैक्लोडगंज में हुड़दंगबाजी करना महंगा साबित हुआ है। तेज रफ्तार वाहन के बाहर लटकर सफर करने पर पुलिस ने 4,500 रुपये का चालान थमाया है। दरअसल, बुधवार को हरियाणा नंबर का एक लग्जरी वाहन धर्मशाला से मैक्लोडगंज की तरफ जा रहा था। इस वाहन के सनरूफ पर दो युवक खड़े थे, जबकि तीन लोग वाहन के दाहिनी और बाईं तरफ लटके हुए थे। इस वाहन की रफ्तार भी अधिक थी। धर्मशाला से मैक्लोड़गंज सड़क मार्ग पर कई तीखे मोड़ हैं और सड़क के किनारे झाड़ियां भी हैं। वहीं सैन्य क्षेत्र में कंटीली तारें भी हैं। ऐसे में यहां कोई हादसा हो सकता था। mमैक्लोडगंज पहुंचते ही पुलिस ने इस वाहन को अपने कब्जे में लिया और वाहन का 4500 रुपये का चालान काटा। साथ ही भविष्य में इस तरह की हुड़दंगबाजी न करने बारे चेतावनी दी। हिमाचल प्रदेश शांतिप्रिय प्रदेश है, यहां पर हुड़दंगबाजी बर्दाश्त नहीं होगी। पर्यटक जिस तेज रफ्तार वाहन से लटकर कर सफर कर रहे थे, उसका 4500 रुपये का चालान काटा गया है। साथ ही भविष्य में इस तरह की गलत न करने की चेतावनी भी दी गई है।
पुलिस थाना कुल्लू व बंजार में मादक पदार्थ अधिनियम के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत हुए हैं। प्रथम मामले में पुलिस थाना कुल्लू की टीम ने ढालपुर समीप जीप युनियन में गश्त के दौरान गोविंद (23 वर्ष) पुत्र चेत राम निवासी चौकी डोभी डाकघर पुईद के कब्ज़ा से 4.66 ग्राम चिट्टा बरामद किया । वहीं दूसरे मामले में पुलिस थाना बंजार की टीम ने फागू पुल के पास गश्त व नाकाबंदी के दौरान राजेंद्र सिंह (48 वर्ष) पुत्र कर्म सिंह निवासी सनाड़ डाकघर मंगलौर के कब्ज़ा से 48 ग्राम चरस बरामद की है। दोनों आरोपियों के विरुद्ध क्रमश: पुलिस थाना कुल्लू में धारा 21 व पुलिस थाना बंजार में धारा 20 मादक पदार्थ अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत किए गए हैं। अभियोगों में अन्वेषण ज़ारी है।
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में बारिश होने से एक बार फिर से निगुलसरी में भूस्खलन होना शुरू हो गया है। निगुलसरी में बुधवार सुबह के समय पहाड़ी से पत्थर गिरने से एक व्यक्ति घाय*ल हो गया है। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोगों ने घाय*ल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। भूस्खलन से जेसीबी मशीन को नुकसान पहुंचा है। सुबह एनएच पांच निगुलसरी के पास बंद रहा, लेकिन अब बहाल कर दिया गया है।
**स्वास्थ्य मंत्री ने पाठशाला सायरी में चारदीवारी और मंच निर्माण के लिए 05 लाख रुपए की पहली किश्त देने की घोषणा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल ने कहा कि खेलों से जहां हम शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते हैं, वहीं मानसिक तौर पर यह हमें एकाग्र बनाती हैं। डॉ. शांडिल आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सायरी में लड़कों की अंडर-14 क्षेत्रीय खेल-कूद प्रतियोगिता के समापन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एक युवा को भविष्य का प्रतिभा सम्पन्न नागरिक बनाने में पुस्तकें और खेलें बराबर भूमिका निभाती हैं। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि शिक्षा ग्रहण करने के साथ-साथ खेलों और व्यायाम को भी नियमित समय दें। उन्होंने छात्रों से नशे से दूर रहने का आग्रह भी किया। उन्होंने कहा कि समाज के बेहतर निर्माण के लिए युवा पीढ़ी का नशे से बचाव महत्वपूर्ण है। इसके लिए सभी को एकजुट होकर युवाओं को नशे से दूर रखना होगा। डॉ. शांडिल ने कहा कि सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण परिवेश के छात्रों को उच्च स्तर की शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोलन विधानसभा क्षेत्र में भी राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोलने के लिए स्थान चिन्हित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह स्कूल शिक्षा क्षेत्र को और बेहतर बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि तकनीकी शिक्षा भविष्य में बेहतर रोज़गार का आधार है। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए राज्य के विभिन्न औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में इलेक्ट्रिक वाहन, मैकेनिक, रखरखाव मैकेनिक, सौर ऊर्जा तकनीशियन, ड्रोन तकनीशियन, मेकैट्रॉनिक्स तथा इंटरनेट ऑफ थिंग्स तकनीशियन जैसे भविष्योन्मुखी पाठयक्रम आरम्भ किए जा रहे हैं। इस अवसर पर डॉ. शांडिल ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सायरी में चारदीवारी और मंच निर्माण के लिए 05 लाख रुपए की पहली किश्त तथा मिड-डे मील शैड निर्माण के लिए 02 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने खेल-कूद प्रतियोगिता में भाग लेने वाले कण्डाघाट ब्लॉक के स्कूली बच्चों को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के वस्त्र क्रय करने के लिए 30 हजार रुपए देने की घोषणा भी की। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने इस अवसर पर खेलकूद प्रतियोगिता में विजय रही टीमों को सम्मानित किया। इस अवसर पर स्कूलों बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। क्षेत्रीय खेल-कूद प्रतियोगिता में कण्डाघाट ब्लॉक के 14 स्कूलों के 186 बच्चों ने भाग लिया। वॉलीबॉल में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चायल प्रथम तथा राजकीय उच्च विद्यालय पपलोल द्वितीय स्थान पर, कबड्डी में राजकीय उच्च विद्यालय धंगील विजयी तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चायल रनरअप, खो-खो में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डुमैहर (के) प्रथम तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छावशा द्वितीय स्थान पर, बैडमिंटन में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चायल विजयी तथा राजकीय माध्यमिक पाठशाला सायरीघाट रनरअप रही और मार्च पास्ट में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सायरी प्रथम तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चायल द्वितीय स्थान पर रही। स्वास्थ्य मंत्री ने तदोपरांत नागरिक अस्पताल सायरी तथा सायरी के वरिष्ठ नागरिक कार्यालय का दौरा किया और वहां विभिन्न व्यवस्थाएं जांची। उन्होंने निखिल नामक रोगी को हर सम्भव सहायता देने का आश्वासन दिया। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश भी जारी किए। ब्लॉक कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, ग्राम पंचायत सायरी की प्रधान अंजू राठौर, ग्राम पंचायत चनोग के प्रधान मनोज कुमार, ग्राम पंचायत कहाला की प्रधान रीटा कोनडल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निदेशक डॉ. गोपाल बेरी, खण्ड चिकित्सा अधिकारी सायरी डॉ. अल्पना कौशल, एस.एम.सी. प्रधान पवन ठाकुर, डाइट के प्रधानाचार्य डॉ. शिव कुमार, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सायरी की प्रधानाचार्य इंदु शर्मा सहित अध्यापक व विद्यार्थी इस अवसर पर उपस्थित थे।
**गत बरसात में क्षतिग्रस्त सड़कों के उन्नयन के लिए 172.97 करोड़ रुपए जारी करने का अनुरोध मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से प्रदेश की 39.20 किलोमीटर लम्बी रानीताल-कोटला और 41.50 किलोमीटर लम्बी घुमारवीं-जाहू-सरकाघाट सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इन सड़कों का निर्माण पहले ही राष्ट्रीय राजमार्ग के मानकों के अनुसार किया जा चुका है और सैद्धांतिक रूप से इन्हें राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में सड़कें परिवहन का मुख्य साधन हैं और पिछले 8 वर्षों के दौरान राज्य के लिए कोई भी नया राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित नहीं किया गया। मुख्यमंत्री ने मंगलवार सायं नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में यह बात कही। उन्होंने राज्य आपदा-2023 के दौरान क्षतिग्रस्त हुए राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ लगते विभिन्न राज्य मार्गों के उन्नयन के लिए 172.97 करोड़ रुपये जारी करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इन सड़कों में कुल्लू-मनाली, मंडी-कमांद-कटोला-बजौरा सड़क और चैल-गोहर-पंडोह सड़क शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पिछले मानसून में प्राकृतिक आपदा के बाद केंद्रीय मंत्री द्वारा राज्य के दौरे के दौरान घोषणा की गई थी कि केंद्र राष्ट्रीय राजमार्गों से एक किलोमीटर के दायरे में क्षतिग्रस्त राज्य सड़कों की मरम्मत के लिए केंद्र सरकार धनराशि प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि ये सड़कें राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात को सुचारू रखने में महत्वपूर्ण हैं और पिछले मानसून के दौरान कुल्लू-मनाली राजमार्ग के क्षतिग्रस्त होने पर वाहनों की आवाजाही में सहायक सिद्ध हुई थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग राज्य का एक महत्वपूर्ण राजमार्ग है जो 8 ज़िलों को प्रदेश की राजधानी और समीपवर्ती राज्यों को जोड़ता है। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा की दृष्टि से विभिन्न मानकों के अनुसार राजमार्गों का निर्माण उचित नहीं है और अधिकारियों को राजमार्गों का दो लेन मानकों के बजाय चार लेन मानकों के अनुसार उन्नयन करने के लिए दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि उनके द्वारा 69 सैद्धांतिक राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किए गए थे, जिनमें से वर्ष 2018-19 में 58 राष्ट्रीय राजमार्ग की अलाइनमेंट रिपोर्ट को अनुमोदन के लिए मंत्रालय को प्रस्तुत किया गया था। उन्होंने कहा कि इन अलाइनमेंट रिपोर्टों के लिए अनुमोदन अब तक प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने मामले पर शीघ्र कार्रवाई करने का भी आग्रह किया। नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत प्रत्येक मामले पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने ठेकेदारों को सभी परियोजनाएं समयबद्ध पूरा करने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, आवासीय आयुक्त मीरा मोहंती, राज्य तथा केंद्र के संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
***आपदा उपरांत आकलन के तहत 9042 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी करने का किया आग्रह मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को प्राकृतिक आपदाओं के दृष्टिगत हिमाचल प्रदेश की संवेदनशीलता से अवगत करवाते हुए प्राकृतिक आपदाओं के प्रभावी प्रबंधन के लिए मंत्रालय के पास लम्बित धनराशि को शीघ्र जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने राज्य आपदा-2023 के दौरान केंद्रीय टीम द्वारा किए गए आपदा उपरांत आकलन के अंतर्गत 9042 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह मामला अभी भी मंत्रालय के पास लम्बित है तथा इस वर्ष बरसात का मौसम शुरू होने के दृष्टिगत राज्य को इस धनराशि की तत्काल आवश्यकता है। उन्होंने यह भी बताया कि 14वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए राज्य को राज्य आपदा प्रतिक्रिया निधि (एसडीआरएफ) के अंतर्गत मिलने वाली 61.07 करोड़ रुपये की राशि लम्बित है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार पहाड़ी राज्यों में भू-स्खलन तथा भूकम्प के प्रभावी प्रबंधन के लिए प्रदेश को वित्तीय वर्ष 2021-2026 के लिए 200 करोड़ रुपये की राशि मिलनी है। उन्होंने एनडीआरएफ के अंतर्गत लम्बित 60.10 करोड़ रुपये शीघ्र जारी करने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण निधि के अंतर्गत मंत्रालय को प्रस्तुत 125.84 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का भी अनुरोध किया। उन्होंने राज्य में एनडीआरएफ परिसरों की स्थापना की आवश्यकता पर बल दिया तथा मंडी, रामपुर और नालागढ़ में परिसरों का निर्माण कार्य आरंभ करने का अनुरोध किया। उन्होंने लाहौल-स्पीति में अंतरराज्यीय सीमा पर सरचू और शिंकुला में सरकारी भूमि पर अनाधिकृत कब्जे पर उचित कार्रवाई की भी मांग की। इस अवसर पर प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, आवासीय आयुक्त मीरा मोहंती भी उपस्थित थीं।
कुल्लू: उपमंडल आनी के राणा बाग में एक कार सड़क से नीचे करीब 50 फीट लुढ़क कर खड्ड में गिर गई। हादसे में कार चालक की मौ*त हो गई। आनी पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंच श*व को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने श*व को पोस्टमार्टम के लिए आनी अस्पताल भेज दिया है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक मृत*क की पहचान अनिल कुमार उम्र 24 साल निवासी गांव सैरणी डाकघर छतरी जिला मण्डी के तौर पर हुई है। एसपी कुल्लू ने बताया कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया कर श*व परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू की मणिकर्ण घाटी के मलाणा सड़क मार्ग पर पर्यटक की चलती कार में अचानक आग लग गई। गनीमत रही कि कार सवार पति-पत्नी ने वक्त रहते बाहर निकल गए, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं, आग लगने के कारण कार पूरी तरह से जलकर राख हो गई। सूचना पर पहुंचे अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों ने आग पर काबू पाया। पुलिस कार में आग लगने के कारणों का पता लगाने में जुट गई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार हरियाणा से पर्यटक अपनी कार से मणिकर्ण घूमने आए थे। रास्ते में पर्यटक मणिकर्ण घाटी के सुमा रोपा में रुके हुए थे। बीती शाम पर्यटक अपनी कार से मलाणा की ओर घूमने के लिए निकले। लेकिन फॉर ब्रिज के आगे सड़क की खराब हालत को देखते हुए वह वापस मुड़ गए। जब वह वापस मुड़ रहे थे तभी अचानक कार में आग लग गई। गनीमत रही कि वक्त रहते सैलानी कार से बाहर निकल गए और उन्होंने इस बारे पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही जरी पुलिस अग्निशमन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंची और उन्होंने आग पर काबू पाया। हालांकि, अभी तक कार में आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। लेकिन इसमें किसी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ है, जबकि आग के कारण कार पूरी तरह से जलकर राख हो गई है। जानकारी के अनुसार इस कार में हरियाणा के अनुराग अपनी पत्नी के साथ कार से कुल्लू घूमने आये थे। अनुराग हरियाणा के एकता नगर पंचवटी चौक के पास रहते हैं। जब दोनों कार से मणिकर्ण के मलाणा सड़क मार्ग पर पहुंचे तो कार में अचानक आग लग गई।हादसे में दोनों बाल-बाल बचे। एसपी कुल्लू डॉक्टर गोकुल चंद्रन कार्तिकेयन ने बताया कि मणिकर्ण में मलाणा सड़क पर एक कार में आग लगने की सूचना मिली है। अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों ने आग पर काबू पा लिया है। पुलिस की टीम मामले की जांच में जुटी है।
प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने 1029 टीजीटी को स्कूलों में नियुक्ति दे दी है। विभाग के निदेशक की ओर से इसके आदेश जारी कर दिए गए हैं। नवनियुक्त शिक्षकों को 10 दिन में स्कूलों में सभी औपचारिकताएं पूरी कर ज्वाइन करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने नवनियुक्त शिक्षकों की डाईट में 15 दिन की इंडक्शन ट्रेनिंग को लेकर भी शैड्यूल जारी कर दिया है। इस दौरान टीजीटी आर्ट्स में 416, टीजीटी नॉन-मेडिकल में 300, टीजीटी मेडिकल में 170, स्पोर्ट्स कोटा में 48, वाइफ ऑफ एक्स-सर्विसमैन मेडिकल में 20 और वाइफ ऑफ एक्स-सर्विसमैन नॉन-मेडिकल में 19 और एक्स-सर्विसमैन कोटा में 56 को नियुक्ति दी गई है। शिक्षकों को ज्वाइन करने के बाद शैड्यूल के तहत एलोट किए गए डाईट सैंटर में रिपोर्ट करने को कहा गया है। इस दौरान एक सैंटर को 2 से 3 जिले दिए गए हैं। ट्रेनिंग लेने के बाद ही शिक्षक स्कूलों में छात्रों को पढ़ाएंगे। इस दौरान छात्र संख्या को देखकर शिक्षकों को स्कूलों में तैनाती दी गई है। अधिकतर नवनियुक्त शिक्षकों को दूरदराज के क्षेत्रों के स्कूलों में तैनात किया गया है। बता दें कि इसके लिए बीते नवम्बर महीने में काऊंसलिंग की गई थी और अब जाकर इसका रिजल्ट घोषित किया गया है।
हिमाचल प्रदेश में पटवारियों व कानूनगो का विरोध जारी रहा हैं। इससे लोगों को विशेषकर प्रमाण पत्र बनाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदेश के उन सभी उपमंडल क्षेत्रों में पटवारियों ने संबंधित उपायुक्त व एसडीएम के माध्यम से सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू को ज्ञापन सौंपा। राजधानी शिमला में संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ जिला शिमला के बैनर तले पटवारियाें व कानूनगो ने जिला शिमला अध्यक्ष चमन ठाकुर की अध्यक्षता में पहले डीसी शिमला अनुपम कश्यप तथा बाद में एसडीएम ग्रामीण को ज्ञापन सौंपा। अपने ज्ञापन में पटवारियों व कानूनगो ने प्रदेश सरकार के उस निर्णय का विरोध किया है, जिसमें पटवारियों व कानूनगो के जिला काडर को स्टेट काडर बनाया गया है। महासंघ के जिला अध्यक्ष चमन ठाकुर ने कहा कि इस निर्णय से कई तरह की परेशानियां खड़ी होंगी। ऐसे में प्रदेश सरकार अपने इस निर्णय पर पुनर्विचार करे तथा इसे वापस ले। राज्य सरकार द्वारा जिला काडर को स्टेट काडर बनाने के विरोध में उतरे पटवारी व कानूनगो बुधवार यानी 17 जुलाई कुल्लू में रणनीति बनाएंगे। संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ की बैठक कुल्लू में होगी। इस बैठक में यह निर्णय लिया जाएगा कि भविष्य में किस तरह से विरोध किया जाए, जिससे सरकार पर दबाव डाला जा सके। इसके तहत पटवारी व कानूनगो पैन डाऊन स्ट्राइक भी कर सकते हैं।
**बसों में ई-टिकटिंग मशीनों की सुविधा बन रही हैं सिरदर्द हिमाचल में पथ परिवहन निगम की बसों में ई-टिकटिंग मशीनों की सुविधा सिरदर्द बनती जा रही है। बीते तीन दिनों से यात्रियों को कार्ड के अलावा ऑनलाइन भुगतान की सुविधा नहीं मिल पा रही है। इससे मजबूरी में यात्रियों को नकदी देकर ही यात्रा करनी पड़ रही है। ऐसा पहली बार हुआ है कि प्रदेशभर में ही ई-टिकटिंग का सर्वर बंद हो गया है। निगम की ओर से ई-टिकटिंग मशीनें यात्रियों की सुविधा के लिए बसों में परिचालकों को दी गई हैं, लेकिन तीन दिन से सर्वर न चल पाने से टिकट ही जनरेट नहीं हो पा रहे हैं। इस कारण यात्री गुगल-पे, फोन-पे या अन्य एप से पेमेंट की सुविधा नहीं ले पा रहे हैं। यदि कोई यात्री स्कैन कर पैसे अदा भी कर रहा है तो भी उसे टिकट नहीं मिल पा रहा है। स्कैन से भुगतान करने के बाद यात्रियों के पास पैसे तो कट जाते हैं, लेकिन मशीन में भुगतान अपडेट नहीं हो रहा है। ऐसे में टिकट जनरेट नहीं हो पा रहा है। इससे परिचालक भी परेशान हो रहे हैं। निगम ने परिचालकों को कार्ड के अलावा ऑनलाइन भुगतान लेने से आगामी दिनों तक मना कर दिया है ताकि लड़ाई-झगड़े जैसी स्थिति न बने। बीते कुछ दिनों से पथ परिवहन निगम ने बसों में ऑनलाइन टिकट मशीन की सुविधा शुरू कर दी है। इससे यात्री ऑनलाइन माध्यम से भुगतान कर बसों में टिकट ले पा रहे थे। ऑनलाइन पेमेंट से यात्रियों को खुले रुपयों को लेकर भी परेशान नहीं होना पड़ रहा था। इन दिनों फिर से बसों में ऑनलाइन भुगतान जी-का-जंजाल बन गया है। ऑनलाइन भुगतान के बाद टिकट न मिलने पर यात्री परिचालकों से उलझ भी रहे हैं।ऑनलाइन टिकट जनरेट करने के लिए सर्वर में कुछ तकनीकी खराबी आई है। समस्या का निदान करने में टीम लगी हुई है। जल्द सुविधा का लाभ यात्रियों को मिलने लगेगा।
जम्मू के डोडा जिले में आतंकी हमले के बाद पुलिस मुख्यालय ने चंबा जिला के सीमांत क्षेत्रों में पुलिस बलों को अलर्ट कर दिया है। जम्मू की सीमा पर स्थापित बैरियर पर हर वाहन की गहनता से जांच करने को कहा है। इसके साथ ही सीमांत क्षेत्रों में सुरक्षा घेरे को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि चंबा जिला की करीब 216 किलोमीटर लंबी सीमा जम्मू-कश्मीर के डोडा, कठुआ व किश्तवाड़ से सटी हुई है। बता दें, जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के देसा के जंगलों में हथियारों से लैस आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में एक कैप्टन व नायक समेत चार सैन्यकर्मी बलिदान हो गए। जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष ग्रुप का एक जवान घायल है। सुरक्षाबल इलाके को घेरकर सघन तलाशी अभियान चला रहे हैं। दहशतगर्दों को खोजने के लिए पैरा कमांडो, डॉग स्क्वायड के साथ हेलिकॉप्टर व ड्रोन की मदद ली जा रही है। दार्जिलिंग निवासी कैप्टन बृजेश थापा, आंध्र प्रदेश के नायक डी राजेश, राजस्थान के झूंझनू के सिपाही बिजेंद्र व अजय सिंह सोमवार देर रात मुठभेड़ में घायल हुए थे, मगर इन्हें बचाया नहीं जा सका। बलिदानियों के पार्थिव शरीर मंगलवार को उनके गृह प्रदेश के लिए रवाना कर दिए गए।
** कृषि के लिहाज से यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं हिमाचल प्रदेश के कई भागों में चार दिन भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। शिमला में भी आज सुबह से धुंध छाई हुई है। वहीं ऊना में दोपहर करीब 12:00 बजे झमाझम बारिश हुई। बारिश से मौसम सुहावना हो गया और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। बुधवार सुबह भारी उमस के बीच जनजीवन प्रभावित रहा। लेकिन दोपहर होते ही बारिश शुरू हुई, जिससे करीब 15 दिन का सूखा खत्म हुआ। लोगों ने भी बाहर निकलकर कई दिन बाद हुई बारिश का आनंद लिया। वहीं कृषि के लिहाज से भी यह बारिश किसी वरदान के कम नहीं मानी जा रही। गैर सिंचित इलाकों में मक्की की बिजाई के बाद से बारिश नहीं हुई। बुधवार को बारिश होने से फसलों की वृद्धि में भी तेजी आएगी। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से प्रदेश के कई भागों में 18 से 21 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। विभाग के अनुसार राज्य के कई भागों में 23 जुलाई तक बारिश जारी रहने की संभावना है। हिमाचल ट्रैफिक टूरिस्ट रेलवे पुलिस शिमला ने बरसात में पर्यटकों को पहाड़ी क्षेत्रों में नहीं जाने की सलाह दी है। पुलिस के अनुसार बरसात के चलते कुल्लू, मनाली, रोहतांग जाने वाली सड़कों में धुंध, जगह-जगह भूस्खलन से दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
हिमाचल प्रदेश के ऊना क्षेत्रीय अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही पर्ची काउंटर से लेकर ओपीडी के बाहर मरीज कतारों में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। अस्पताल में इन दिनों वायरल फीवर व डायरिया के मामले रोजाना सामने आ रहे हैं। डायरिया और वायरल ने ऊना को जकड़ लिया है। 100 मामले एक ही दिन में डायरिया और वायरल के सामने आए हैं। मंगलवार को अस्पताल में वायरल फीवर से ग्रस्त 80 व डायरिया से पीडि़त 20 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। क्षेत्रीय अस्पताल में जहां औसतन रोजाना ओपीडी 400 से 500 के बीच रहती थी। अब बीते कुछ दिनों से ओपीडी 600 से अधिक रह रही है। जिले के सबसे बड़े अस्पताल में डायरिया और वायरल फीवर के अधिक मामले सामने आ रहे हैं। मंगलवार को अस्पताल में मरीजों की संख्या काफी अधिक रही। इस दौरान सबसे अधिक मरीज मेडिसन ओपीडी में सबसे अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंचे।
भारतीय मजदूर संघ की इकाई हमीरपुर ने अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को जिला मुख्यालय गांधी चौक पर विरोध प्रदर्शन किया और एडीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। भारतीय मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष तिलक राज शर्मा ने कहा कि जून में भारतीय मजदूर संघ का मंडी में अधिवेशन हुआ था। इसमें मांगों को लेकर ज्ञापन देने का निर्णय लिया गया था।। उन्होंने मांग की है कि भारतीय मजदूर संघ के सभी विभागों के कर्मचारी, मिड-डे मील वर्कर, आशा वर्कर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, जल शक्ति विभाग में कार्यरत कर्मचारियों को नियमित किया जाए। आशा वर्करों को न्यूनतम वेतन 18000 रुपये दिया जाए। अन्य प्रदेशों के आधार पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष की जाए। सभी मिड-डे मील वर्करों को न्यूनतम मजदूरी लागू की जाए तथा उनके नियमतिकरण के लिए नियम बनाए जाएं। सरकार की ओर से बोर्ड, निगम एवं स्थानीय निकायों के कर्मचारियों के लिए जारी की गई पेंशन की अधिसूचना को बहाल किया जाए। जिन बोर्डोंं, निकायों और निगमों के कर्मचारियों को नई पेंशन योजना के अंतर्गत लाया है उनके लिए भी पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए। तिलकराज शर्मा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग की है कि जल्द से जल्द उनकी मांगों को पूरा किया जाए।
हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर की शैक्षणिक परिषद (अकादमिक काउंसिल) की 34वीं बैठक कुलपति प्रो. शशि कुमार धीमान की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत तकनीकी विवि की शैक्षणिक परिषद ने आने वाले समय में 15 से 18 क्रेडिट के सात लघु डिग्री कोर्स (माइनर डिग्री डिग्री) शुरू करने का प्रस्ताव रखा है, जिसमें किसी भी बीटेक ब्रांच का विद्यार्थी माइनर कोर्स की डिग्री कर सकता है। शैक्षणिक परिषद ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग, ब्लॉकचेन, साइबर सुरक्षा, डाटा साइंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, रोबोटिक्स, वर्चुअल एंड ऑगमेंटेड रियलिटी में माइनर डिग्री कोर्स शुरू करने की योजना का प्रस्ताव रखा है, जिसमें विभिन्न विशेषज्ञों ने सुझाव रखे। इसके अलावा शैक्षणिक परिषद ने तकनीकी विवि और संबंधित शिक्षण संस्थानों में एमटेक में प्रवेश के लिए नई पात्रता निर्धारित की है। इसके तहत स्नातक में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी के लिए 60 फीसदी और अन्य आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के 55 फीसदी अंक अनिवार्य किए गए हैं। इस दौरान शैक्षणिक परिषद ने स्नातकोत्तर और पीएचडी की थीसिस के मापदंडों पर भी चर्चा की। वहीं, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत शुरू किए गए भारतीय ज्ञान परंपरा और सार्वभौमिक मानवीय मूल्य विषय के प्रश्न पत्र को हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषा में हल करने का प्रावधान करने का प्रस्ताव का पारित किया। शैक्षणिक परिषद ने आगामी अक्तूबर माह में प्रस्तावित पांचवें दीक्षांत समारोह को आयोजित करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी है। बैठक में तकनीकी विवि के अधिष्ठाता शैक्षणिक प्रो. जयदेव, एनआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. अजय शर्मा, डॉ. दीपक बंसल, थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के प्रो. मनोज कुमार शर्मा, डॉ. एमएस अशावत उपस्थित रहे। कुलपति प्रो. शशि कुमार धीमान ने कहा कि शैक्षणिक परिषद ने छात्रों के लिए तकनीकी विवि परिसर में स्टूडेंट्स इंटरनेशनल रिलेशंस सेल (एसआईआरसी) स्थापित करने को स्वीकृति दी है। आने वाले समय में विवि छात्रों को विदेशों के विश्वविद्यालयों में विदेशी प्रशिक्षण के लिए आवेदन करने में भूमिका निभाएगा। सेल विदेशी विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संगठनों के साथ अधिक अंतरराष्ट्रीय सहयोग को गति देगा। साथ ही छात्र और संकाय आदान-प्रदान और गतिविधियों के साथ अन्य अंतरराष्ट्रीय आउटरीच कार्यक्रमों के माध्यम से अकादमिक समुदायों के बीच संबंधों को नवीनीकृत और मजबूत करने का काम करेगा।
सिरमौर: जिला मुख्यालय नाहन में अलग-अलग तरह के नशीले पदार्थों की खेप और 24.40 लाख रुपये की भारतीय करेंसी के साथ दबोचे गए एक ही परिवार के तीन सदस्यों की गिरफ्तारी चर्चा का विषय बनी हुई है। पकड़े गए तीनों आरोपी रिश्ते में दादा-पोता और बेटा हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि तीनों में से एक आरोपी सागर शहर के बीचों-बीच पक्का तालाब के किनारे अपना जिम चलाता है। सागर व उसका आरोपी बेटा संग्राम दोनों भी जिम करते हैं और दोनों की अच्छी खासी बॉडी है। एक तरफ ये लोग जिम खोलकर लोगों को स्वस्थ रहने का संदेश दे रहे थे। वहीं, दूसरी तरफ अपने घर से मौ*त का सामान यानी नशा तस्करी का काम भी करते थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह में वाल्मीकि नगर से दबोचे गए एक अन्य नशा तस्कर सम्राट भी सागर की रिश्तेदारी में है। हालांकि सम्राट को जमानत मिल चुकी है। यह पूरा मामला शहर में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस भी इस मामले की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस ने मंगलवार को तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। माना जा रहा है कि पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी नशा तस्करों से कई बड़े राज खुल सकते हैं। फिलहाल आरोपियों की चल-अचल संपत्ति की भी जांच की जा रही है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस मामले में अन्य गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। बता दें कि रविवार देर रात सिरमौर पुलिस की डिटेक्शन सेल की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर वाल्मीकि नगर नाहन में प्रेम चंद के रिहायशी मकान पर दबिश दी थी। यहां से पुलिस ने एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों दादा-बेटे और पोते को एक साथ गिरफ्तार किया था। आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में 336 स्पासमैक्स ट्रामाडोल कैप्सूल्स, 159.80 ग्राम चरस, 38.10 ग्राम अफीम, 23.34 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) सहित बड़ी मात्रा में भारतीय करंसी 24.40 लाख रुपये कैश बरामद किया गया जिन्हें पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया था।
सोलन पुलिस द्वारा जिला सोलन में नशा तस्करी करने वाले तस्करों पर लगातार कड़ी नजर रखी जा रही है| आज पुलिस थाना दाड़लाघाट की पुलिस टीमने जब गश्त के दौरान दाड़लाघाट क्षेत्र के कराडागली में मौजूद थी तो टीम को गुप्त सूत्रों से सूचना मिली कि एक गाड़ी चिटटा/हैरोईन लेकर कराड़ाघाट की तरफ आ रहे है। सूचना पर थाना दाड़लाघाट की पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए नाकाबन्दी कर उस गाड़ी को रोककर उसमें बैठे दो युवकों जिनके नाम अनिल कुमार पुत्र हुक्म चन्द निवासी गांव चमरोल डा० शालाघाट तह० अर्की जिला सोलन हि०प्र० उम्र 34 वर्ष व भरत कुमार पुत्र मोहन लाल निवासी गांव जलाणा डा०खा० पलोग तह० अर्की जिला सोलन, उम्र 23 वर्ष है को पुलिस ने 03 ग्राम चिटटा / हैरोईन के साथ गिरफ्तार किया है| जिस पर पुलिस थाना दाड़लाघट में अभियोग अधीन धारा 21,29 एन०डी०एण्डपी०एस० एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले में जांच के दौरान पाया गया है कि दोनों आरोपी पहले भी अपराधिक वारदातों में संलिप्त रहे हैं जिनमें आरोपी अनिल कुमार के विरूद्ध 04 मामले मादक पदार्थ अधिनियम के तहत पुलिस थाना अर्की व पुलिस थाना कण्डाघाट में दर्ज हैं जिनमें आरोपी से 88.35 ग्राम चिटटा / हैरोईन व 900 ग्राम चरस बरामत की गई थी। इसी तरह आरोपी भरत कुमार के विरूद्ध मादक पदार्थ अधिनियम के तहत 01 मामला पुलिस थाना अर्की में पंजीकृत है जिसमें उक्त आरोपी से 13.08 ग्राम हैरोईन / चिटटा ब्रामद किया गया था। मामले की आगामी जांच जारी है ।
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के जवाहर नवोदय स्कूल ठियोग में रैगिंग का मामला सामने आया है| जवाहर नवोदय स्कूल में सीनियर छात्रों द्वारा जूनियर छात्रों की रैगिंग 5 छात्रों की रैगिंग की गई। बीती 13 जुलाई की रात करीब 11 बजे 12वीं के पांच छात्र हॉस्टल में 10वीं के छात्रों के कमरे में गए और उन्हें कपड़े धोने को कहा और जब छात्रों को कपड़े धोने के लिए कहा और इस दौरान जब 10वीं कक्षा के छात्रों ने कपड़े धोने से इंकार कर दिया तो सीनियर छात्रों ने जूनियर छात्रों को पीटना शुरू कर दिया, जिससे उनके कान, आंख व मुंह पर चोटें भी आई हैं। पीड़ित छात्रों ने सीनियर छात्रों पर पैसे मांगने का भी आरोप लगाए है। ये पूरी घटना के दौरान करीब 11 बजे 2 छात्र होस्टल से भाग निकले और स्कूल परिसर में लगे टैलीफोन से एक छात्र ने अपने परिजनों को पूरी घटना से अवगत करवाया। बेटे का फोन काटते ही परिजनों ने इसकी जानकारी हाउस टीचर को दी। मगर हाउस टीचर छुट्टी पर थे।जिसके बाद परिजनो ने इसकी जानकारी स्कूल प्रिंसिपल संजीता शौनिक को दी और फिर प्रिंसिपल ने खुद हॉस्टल पहुंचकर लड़ाई को रोका| रैगिंग और मारपीट की घटना के बाद बच्चों के अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन पर सवाल उठाए हैं| परिजनों का कहा है कि जब आधी रात को 12वीं के छात्र 10वीं क्लास के हॉस्टल में आए तो हाउस टीचर और हॉस्टल वार्डन कहां थे? अगर किसी छात्र ने रात में अपने पिता को इस बारे में जानकारी नहीं दी होती तो इस मारपीट के परिणाम और भी गंभीर हो सकते थे।परिजनों की शिकायत के बाद स्थानीय प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। तहसीलदार ठियोग ने खुद स्कूल पहुंचकर प्रबंधन व छात्रों के परिजनों के साथ मीटिंग की और जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ के सदस्यों ने मंगलवार को देहरा में एसडीएम शिल्पी बेक्टा के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने उन्हें स्टेट केडर में शामिल करने का फैसला वापस न लिया तो वे आंदोलन करने को भी मजबूर होंगे। महासंघ के वरिष्ठ सलाहकार शशि राणा और बलविंदर सिंह ने बताया कि इस मौके पर सुनील कुमार, अशोक कुमार, अखिलेश भारती, अश्विनी कुमार, आशीष गर्ग, किरण देवी, अनिता कुमारी, सुषमा लता, पंकज दीपक, शिवानी, रजनी, ज्योति, अमिता कुमारी, शिवानी और रीना कुमारी आदि मौजूद रहे।
**कुल्लू के जाणा में भी खुलेगा मार्केटिंग आउटलैट: समीर रस्तोगी हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की आर्थिकी में बहतरीन सुधार के लिए हिमाचल प्रदेश वानिकी परियोजना ने हैंडलूम सेक्टर में स्वरोजगार की उड़ान भर दी। यानी हिमाचल की पारंपरिक परिधानों को अच्छी-खासी कीमत मिल रही है। हिमाचल प्रदेश वानिकी परियोजना से जुड़े कुल्लू के विभिन्न स्वयं सहायता समूह आज कुल्लवी शॉल, स्टाल, पट्टी, टोपी समेत अन्य पारंपरिक परिधान तैयार कर रहे हैं। इसके मद्देनजर परियोजना के मुख्य परियोजना निदेशक समीर रस्तोगी ने मंगलवार को वन मंडल कुल्लू के अंतर्गत ग्राम वन विकास समिति जाणा एक और जाणा दो का दौरा किया। उन्होंने यहां पांच स्वयं सहायता समूहों के हरेक सदस्यों से संवाद कर उनकी समस्याएं पूछी। रिगन स्वयं सहायता समूह और वीरभूमि स्वयं सहायता समूह जाणा हैंडलूम सेक्टर में काम कर रहे हैं, जबकि लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह बुनाई और ठाकुर स्वयं सहायता समूह जाणा मधुमक्खी पालन कर रहा है। उन्होंने कहा कि हैंडलूम के साथ-साथ मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में भी बहतर काम कर रहे हैं। मुख्य परियोजना निदेशक ने कहा कि वानिकी परियोजना से जुड़े विभिन्न स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से तैयार हो रहे हथकरघा एवं बुनकर उत्पादों को नई पहचान मिल रही है। उल्लेखनीय है कि कुल्लू जिले में 106 स्वयं सहायता समूह हैंडलूम सेक्टर से जुडे़ हैं, जिनमें 72 ग्रुप एक्टिव तरीके से काम कर रहे हैं। यह परियोजना विभिन्न स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की ब्रांडिंग के लिए भी कार्य कर रही है। हिम ट्रेडिशन नामक ब्रांड से उत्पादों की ब्रिकी की जाती है। इसके लिए आने वाले दिनों में कुल्लू के जाणा में भी मार्केटिंग आउटलैट खोला जाएगा। मुख्य परियोजना निदेशक समीर रस्तोगी ने वन विभाग और वानिकी परियोजना के अधिकारियों के साथ जैव विविधता प्रबंधन उप समिति फार्मी का भी दौरा किया। इस अवसर पर परियोजना निदेशक श्रेष्ठा नंद शर्मा, वन मंडलाधिकारी कुल्लू एंजल चौहान, अतिरिक्त परियोजना निदेशक हेमराज भारद्वाज समेत अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
* पीड़ित ने बैंक मैनेजर को बताई आप बीती हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में सेंट्रल आर्म फोर्स से रिटायर व्यक्ति के साथ 54 लाख रुपए की ठगी हुई है। पीड़ित के मोबाइल पर किसी अज्ञात नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले शातिर ने खुद को मुंबई पुलिस विभाग का अधिकारी बताया और पीड़ित पर आरोप लगाया कि आपके मोबाइल से लोगों को अश्लील फोटो भेजा गया है। पुलिस ने जानकारी देते हुए कहा जिला कांगड़ा के एक सेंट्रल आर्म फोर्स से रिटायर एक व्यक्ति के फोन पर एक कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले शातिर ने बुजुर्ग से कहा कि आपके फोन से कई लोगों को अश्लील फोटो भेजे गए हैं। शातिर ने पीड़ित को डरा-धमकाकर 54 लाख रुपए ठग लिए। यह राशि पीड़ित ने अपने खाते से दो बार ट्रांजेक्शन कर शातिर के बताए गए बैंक खातों में डाली। वहीं, तीसरी ट्रांजेक्शन के लिए पीड़ित अपनी बैंक की एफडी सहित अन्य व्यवस्था में लगा था कि बैंक मैनेजर ने ऐसा करने से उसे रोक लिया और साइबर पुलिस थाना धर्मशाला में इसकी शिकायत दर्ज करवाई। पीड़ित पैसों की व्यवस्था के लिए अपनी बैंक एफडी को इकट्ठा कर शातिरों को भेजने जा रहा था। इस दौरान बैंक मैनेजर को शक हुआ तो उसने पीड़ित से इतनी राशि को इकट्ठा करने और अज्ञात खाते में भेजने की वजह पूछी, जिस पर शिकायतकर्ता ने पूरी बात मैनेजर को बताई, इस पर मैनेजर ने राशि भेजने से मना कर दिया और ट्रांजेक्शन रोक दी। एएसपी साइबर पुलिस थाना नॉर्थ रेंज धर्मशाला प्रवीण धीमान ने कहा, "जिला कांगड़ा के निवासी पीड़ित की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कुछ अज्ञात लोगों ने फर्जी पुलिस अधिकारी के नाम पर कॉल करके उससे 54 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही हैं।
**सांई इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित प्रिंस-प्रिंसैस प्रतियोगिता के विजेता बच्चे सांई इंटरनेशनल स्कूल में प्रिंस-प्रिंसैस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें नर्सरी के कृषिव ठाकुर और एल के०जी० के सानिध्य ठाकुर को प्रिंस और पूर्वांशी भगनाल और निमरत भट्टी को प्रिंसैस के खिताब से नवाजा गया। पहले रनरअप नर्सरी के रुतविक ठाकुर और राशिका शर्मा रहे। प्रतियोगिता में कक्षा नर्सरी एवं कक्षा एल केजी के छात्र- छात्राओं ने भाग लिया और अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित किया। सभी छात्र-छात्राओं से सामान्य ज्ञान के प्रश्न पूछे गए। इस अवसर पर स्कूल प्रबंधक रमिंदर बावा जी ने बच्चों के प्रयासों की सराहना की।
मंडी जिले के लडभड़ोल क्षेत्र की ग्राम पंचायत दलेड़ के गांव कुफरु में विवाहिता के ढांक से गिरकर मौ*त होने का मामला सामने आया हैं। जानकारी के अनुसार क्षेत्र के गांव कुफरु निवासी मनु देवी पत्नी हरनाम सिंह 36 वर्षीय मंगलवार को जब घर के कार्य के लिए जा रही थी तो, उस दौरान वह घर के साथ लगती ढांक से गिर गई और जहां महिला को काफी चोटें भी आई और परिजनों द्वारा निजी गाड़ी के माध्यम से नागरिक अस्पताल लडभड़ोल लाया जा रहा था तो रास्ते में ही महिला की मौ*त हो गई। जहां ड्यूटी तैनात डॉक्टर ने उसे मृ*त घोषित कर दिया। लडभड़ोल पुलिस को इस घटना की जानकारी दी गई और मौके पर पहुंची पुलिस ने श*व को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। लडभड़ोल पुलिस महिला के श*व को पोस्टमार्टम हेतु जोगिंदरनगर भी ले जाया गया हैं। डीएसपी पधर दिनेश कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस श*व अपने कब्जे में ले लिया है और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को पूरा किया जा रहा हैं। उन्होंने बताया कि मामले की छानबीन की जारी है।
पेंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन इकाई पट्टाबरावरी -हरिपुर कार्यकारिणी की मासिक बैठक का आयोजन पेंशनर्ज कार्यालय पट्टाबरावरी में इकाई अध्यक्ष डीडी कश्यप की अध्यक्षता में हुआ। इकाई अध्यक्ष कश्यप ने कहा कि वर्तमान पेंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन पट्टाबरावरी -हरिपुर इकाई का तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा हो चुका है। बैठक में चर्चा के उपरांत आगामी माह अगस्त की 11 तारीख को नई कार्यकारिणी गठित करने के लिए जनरल हाउस रखने का निर्णय लिया गया। अधिवेशन 11 अगस्त को पेंशनर्ज भवन नजदीक दुर्गा माता मंदिर पट्टाबरावरी में सुबह 11 बजे होगा व इस अधिवेशन में इकाई के सभी सदस्य समय पर पहुंचे ,ताकि नई कार्यकारिणी का गठन किया जा सके। इसके अलावा पेंशनरो की विभिन्न समस्याओं पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसमे सरकार से लिव इन केशमेंट, बकाया एरियर,मेडिकल बिलो के भुगतान के लिए सरकार जल्द बजट का प्रावधान करे, क्योंकि प्रदेश के बहुत से पेंशनर्ज अपने जीवन के अंतिम पड़ाव पर है व इस दौरान दवाइयों के सहारे ही जीवन चल रहा होता है। अतः मेडिकल बिलो के भुगतान के लिए कोई ठोस कदम उठाया जाए। कशयप ने कहा,कि पेंशनर्ज सरकार को भरपूर सहयोग करते है, परन्तु सरकार अपने करीब 2 वर्ष के कार्यकाल में पेंशनरो की समस्याओं पर गौर नही कर रही है।उन्होंने सरकार से सयुंक्त सलाहकार समिति गठित करने की मांग की है, ताकि पेंशनरो की समस्याओं को समय पर हल किया जा सके। इस दौरान बैठक में जगदेव गर्ग, ख्याली राम, केशव राम, बिशन दास कश्यप, नेक राम कौशल, बीरबल परिहार, चेत राम सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सायरी में जोन कंडाघाट छात्र अंडर-14 खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। खेल प्रतियोगिता में बतौर मुख्य अतिथि रमेश ठाकुर समाज सेवी व पूर्व मार्केटिंग बोर्ड अध्यक्ष ने शिरकत की ,वही सुंदर सिंह जसबाल विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। दीप प्रज्वलित करके व डीएसएसए सोलन के झंडे का ध्वजारोहण करके खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। इस दौरान विद्यालय की छात्राओं ने वन्दे मातरम प्रस्तुत किया। खेल प्रतियोगिताओं में खंड कंडाघाट के 14 स्कूलों के लगभग 186 छात्र खिलाड़ी कबड्डी,वॉलीबॉल,खोखो,बेडमिन्टन आदि खेल प्रतियोगिताओं में अपने हुनर का प्रदर्शन करेंगे। विद्यालय प्रधानाचार्य इंदु शर्मा, एडीपीओ सोलन ,एसएमसी अध्यक्ष व विद्यालय के अध्यापक वर्ग ने मुख्यातिथि का सायरी पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया। एडीपीओ ने मुख्य अतिथि सहित सभी लोगों का स्वागत किया। विद्यालय प्रधानाचार्य इंदु शर्मा व एसएमसी अध्यक्ष पवन ठाकुर ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। विद्यालय की छात्राओं ने देश भक्ति गीतो ये मेरे वतन के लोगो,मां तुझे सलाम,ये वतन आबाद रहे तू,पर खूबसूरत प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। विद्यालय प्रधानाचार्य इन्दु शर्मा ने सभी मेहमानों तथा विशेष रूप से मुख्य अतिथि तथा विशिष्ट अतिथि का हार्दिक स्वागत किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि खेल अनुशासन में रहना सिखाता है अतः सभी खिलाड़ियों को हार-जीत की परवाह न करते हुए अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन देना जरूरी है। उन्होंने जानकारी दी कि यह टूर्नामेंट सायरी स्कूल में पहली बार अयोजित किया गया है जो की बहुत ही खुशी की बात है। मुख्यातिथि रमेश ठाकुर ने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी व खेल को खेल भावना से खेलने के लिए कहा। अन्याय, कुंसगति के खिलाफ हर एक युवा को लड़ना चाहिए। इस दौरान कार्यक्रम में उद्घाटन समारोह में अंजु राठौर प्रधान ग्राम पंचायत सायरी, रीता कौंडल प्रधान ग्राम पंचायत काहला, जीतराम, शिवसिंह, लच्छ्मी सिंह, मदन कौशल, गोपाल शर्मा, नानक चंद, धर्मदत, रमेश कौंडल तथा एस.. एम.सी. प्रधान पवन ठाकुर तथा कार्यकारिणी सदस्यों सहित कई लोग मौजूद रहे।
** रविवार 21 जुलाई को शिमला के गेयटी कॉन्फ्रेंस हॉल में 2:30 पर होगा आयोजित **वरिष्ठ कवि प्रो. कुमार कृष्ण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में करेंगे शिरकत प्रदेश के वरिष्ठ कवि कुल राजीव पंत के पहले कविता संग्रह "पृथ्वी किताबें नहीं पढ़ती" का विमोचन समारोह आगामी रविवार 21 जुलाई 2024 को शिमला के गेयटी कॉन्फ्रेंस हॉल में अपराह्न 2:30 पर आयोजित होगा। लोकार्पण समारोह शिमला की सुपरिचित साहित्यिक संस्था कीकली ट्रस्ट के सौजन्य से आयोजित किया जा रहा है। कीकली चैरिटेबल ट्रस्ट की अध्यक्ष ने बताया कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत अधिकारी और वरिष्ठ लेखक श्रीयुत श्रीनिवास जोशी इस लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता करेंगे, जबकि वरिष्ठ कवि /आलोचक प्रो. कुमार कृष्ण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। लोकार्पित की जा रही पुस्तक पर सुपरिचित साहित्यकार प्रो. मीनाक्षी एफ. पॉल, डॉ. विद्यानिधि छाबड़ा और आत्मा रंजन मुख्य वक्ता के रूप में अपने वक्तव्य प्रस्तुत करेंगे। हि.प्र. विश्वविद्यालय से पुस्तकालयाध्यक्ष पद से सेवानिवृत कुल राजीव पंत करीब चार दशकों से कविता लेखन में सक्रिय रहे हैं। विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र–पत्रिकाओं में इनकी कविताएं प्रकाशित होती रही हैं। लेकिन पुस्तक रूप में यह उनकी पहली कृति है। यह कविता संग्रह प्रकाशन संस्थान दिल्ली से प्रकाशित हुआ है। कीकली अध्यक्ष ने बताया कि बच्चों की लिखने, पढ़ने, अभिनय आदि की रुचि और प्रतिभा को विकसित करने और उसे पुस्तक रूप में प्रकाशित करने, बाल साहित्योत्सवों और नाट्योत्सवों के लगातार आयोजनों के साथ कीकली वरिष्ठ लेखकों की रचनाओं को भी संकलित प्रकाशित करती रही है। पिछले कुछ समय से कुछ बहुत अच्छी पुस्तकें भी हमारे मंच से लोकार्पित हुई हैं जो आज साहित्य जगत में चर्चित हैं। इनमें रेखा वशिष्ठ की "गुमशुदा", आत्मा रंजन की "जीने के लिए ज़मीन", विद्यानिधि की "बदला मौसम बदल गए हम", रामगोपाल वर्मा की "दूसरी औरत" गुप्तेश्वर नाथ उपाध्याय की "गंतव्य", मीनाक्षी चौधरी की "शिमला इन्वेस्टिगेटर सीरीज", लालित्य ललित की "चुनिंदा व्यंग्य", जगदीश शर्मा की "मां और द्वंद्व" जैसी अनेक महत्वपूर्ण पुस्तकें शामिल हैं। इसी क्रम में कुल राजीव पंत का कविता संग्रह "पृथ्वी किताबें नहीं पढ़ती" भी एक महत्वपूर्ण कृति है। जिसका पाठक अवश्य ही स्वागत करेंगे।
**मॉनसून की बारिश अभी सामान्य से 28% कम **ज्यादातर इलाको में 4 दिन से नहीं बरसे बादल हिमाचल प्रदेश में कल से दो दिन के लिए मानसून एक्टिव हो सकता है। मौसम विभाग की माने तो 17 और 18 जुलाई को ज्यादातर भागों में बारिश का पूर्वानुमान है। प्रदेश में बीते एक सप्ताह के दौरान कुछ जगह पर हल्की बारिश हुई है। 8 से 15 जुलाई तक नॉर्मल से 84 प्रतिशत कम बादल बरसे है। इस अवधि में 58.9 मिलीमीटर नॉर्मल बारिश होती है, लेकिन इस बार 9.4 मिलीमीटर बरसात हुई। शिमला, बिलासपुर, ऊना और लाहौल स्पीति जिले में इस दौरान सबसे कम बारिश हुई है। पूरे मानसून सीजन यानि 15 जुलाई तक नॉर्मल से 37 प्रतिशत कम बादल बरसे हैं। इस अवधि में 211.5 मिलीमीटर सामान्य बारिश होती है, लेकिन इस बार 133.1 मिलीमीटर ही बादल बरसे हैं। इससे कई क्षेत्रों में बरसात में भी सूखे जैसे हालात पनपने लगे हैं। इसकी मार सेब के साथ साथ मक्का, शिमला मिर्च, टमाटर की फसल पर भी पड़ रही है। जिन क्षेत्रों में नमी नहीं है और सिंचाई की व्यवस्था नहीं है, वहां सेब का साइज नहीं बढ़ पा रहा। किसानों की फसलों पर भी सूखे की मार पड़ रही है। बारिश नहीं होने से तापमान में उछाल आ रहा है। कई जगह अधिकतम तापमान नॉर्मल से 5 डिग्री तक ज्यादा हो गया है। हमीरपुर के तापमान में नॉर्मल की तुलना में सबसे ज्यादा 4.7 डिग्री का उछाल आया है। यहां का तापमान 36.1 डिग्री सेल्सियस हो गया है। वहीं ऊना का तापमान सर्वाधिक 37.4 डिग्री सेल्सियस हो गया है। वहीं, बीते 24 घंटे के दौरान मंडी के सुंदरनगर में सबसे ज्यादा 36.8 मिलीमीटर, सिरमौर के राजगढ़ में 19 मिमी, मंडी में 16.6 मिमी, ददाहू में 15.2 मिमी, पंडोह 12 मिमी, नाहन 1.2 मिमी और सोलन में 4.4 मिमी बारिश हुई है। मौसम विभाग की माने तो 17 और 18 जुलाई को अच्छी बारिश हो सकती है, 19 व 20 को मानसून फिर कमजोर पड़ेगा। 21 जुलाई को फिर से इसके दोबारा एक्टिव होने की संभावना है।
हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में अब विद्यार्थियों की हाजिरी अगले महीने से स्मार्ट उपस्थिति एप के जरिए लगाई जाएगी। इसके लिए स्कूली बच्चों का डाटा यू-डाइस पर अपडेट किया जा रहा है। प्रदेश में निजी स्कूलों समेत करीब 14 लाख बच्चों का डाटा इस पर अपलोड किया जाएगा, जिसमें से 9 लाख बच्चों डाटा अपडेट हो चुका है। बाकी बच्चों का डाटा भी इसी माह के अंत तक अपलोड कर दिया जाएगा। सोमवार को समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी स्कूलों में शिक्षकों और छात्रों की स्मार्ट उपस्थिति एप पर रियल टाइम उपस्थिति सुनिश्चित कर बैठक में राजेश शर्मा ने स्कूलों में शिक्षकों और छात्रों की रियल टाइम अटेंडेंस प्रक्रिया पर फीडबैक को लेकर विद्या समीक्षा केंद्र के अधिकारियों के साथ भी एक बैठक ली। इस बैठक में उच्च शिक्षा निदेशक डाॅ. अमरजीत कुमार शर्मा, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक आशीष कोहली, संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा संजीव सूद, अतिरिक्त निदेशक प्रारंभिक शिक्षा बीआर शर्मा सहित जिलों के उपनिदेशक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, समग्र शिक्षा निदेशालय के नोडल अधिकारी भी मौजूद रहे। समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने कहा कि प्रदेश में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालयों के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, सभी स्कूलों में शिक्षकों और छात्रों की रियल टाइम अटेंडेंस लेना जरूरी है। इसके लिए विद्या समीक्षा केंद्र ने स्मार्ट उपस्थिति मोबाइल एप को लॉन्च किया है। इसके लिए विद्या समीक्षा केंद्र ने राज्य, जिला स्तर पर डैश बोर्ड तैयार किए हैं, जिसमें स्कूलों में शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति का डाटा राज्य, जिला स्तर पर ऑनलाइन अधिकारी देख सकते हैं। प्रदेश में शिक्षकों की ट्रांसफर और छात्रों की माइग्रेशन का डाटा भी यू-डाइस पर अपडेट होगा। इसके लिए एमआईएस को यू-डाइस से लिंक किया जा रहा है। इससे यू-डाइस और एमआईएस डाटा के अंतर को खत्म किया जा सकेगा। एमआईएस की एक्सेस शिक्षकों के पास रहेगी। इससे वे यह भी देख पाएंगे कि यू-डाइस पर उनके स्कूलों से संबंधित डाटा कितना सही है।बैठक में विद्या समीक्षा केंद्र की ओर से बताया गया कि इन दिनों ग्रीष्म कालीन स्कूलों में छुट्टियां हैं। इस कारण पूरे प्रदेश में शिक्षकों की उपस्थिति डैश बोर्ड पर ज्यादा नहीं दिख रही। इन दिनों शीतकालीन स्कूलों में ही शिक्षक इस एप का इस्तेमाल कर अपनी हाजिरी लगा रहे हैं। विद्या समीक्षा केंद्र की ओर से पहली और दूसरी कक्षा के बच्चों के लर्निंग लेवल का मूल्यांकन संबंधी डाटा अपडेट करने के निर्देश जिला उप निदेशकों और जिला कार्यक्रम अधिकारियों को दिए। केंद्र ने निपुण प्रगति चैट बॉट लॉन्च किए थे, जिनके जरिए बच्चों की लर्निंग लेवल का ऑनलाइन मूल्यांकन किया जा रहा है। निदेशक ने कहा कि इसमें कोई तकनीकी दिक्कत आ रही है, तो विद्या समीक्षा केंद्र की ओर से इसका समाधान किया जाएगा।
हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) ने 1,109 कर्मियों को नियमितीकरण का तोहफा दिया है। चालक-परिचालकों के अलावा कर्मशाला कर्मियों को भी नियमित किया गया है। दो वर्ष का अनुबंध कार्यकाल पूरा कर चुके कर्मचारियों को नियमितीकरण के आदेश जारी किए गए हैं। 31 मार्च 2024 को दो वर्ष का कार्यकाल पूरा करने वाले कर्मियों को नियमित किया गया है। निगम प्रबंधन ने मंडलीय स्तर पर नियमितीकरण के मामलों पर विचार किया, लंबी प्रक्रिया के दौरान कर्मियों के दस्तावेज खंगाले गए। इसके बाद निगम मुख्यालय स्तर पर 6 कार्य प्रबंधक, एक अधीक्षक भंडार, 10 कनिष्ठ कार्यालय सहायक आईटी, 4 चालक, 457 परिचालक, 534 कनिष्ठ तकनीशियन, 83 कर्मशाला सहायकों को नियमित किया गया है। निगम प्रबंध निदेशक ने बताया कि लंबी प्रक्रिया के बाद पात्र कर्मियों को नियमित किया गया है। एचआरटीसी जेसीसी के सचिव खेमेंद्र गुप्ता ने कर्मियों के नियमितीकरण के लिए प्रबंधन का आभार जताया है।
मंडी: जिला के नेरचौक में बना लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल सरकारी नहीं बल्कि निजी जमीन पर बना है। इस बात का खुलासा तब हुआ जब जमीन के असली मालिक ने हाईकोर्ट में केस जीतने के बाद अब जमीन के बदले मुआवजा अदा करने के लिए हाईकोर्ट में ही याचिका दायर की है। यह याचिका 12 जुलाई को दायर की गई है। मीर बख्श खुद को जमीन का असली मालिक बताता है जोकि नेरचौक का रहने वाला है। मीर बख्श ने अपनी 92 बीघा जमीन के बदले 10 अरब 61 करोड़ 57 लाख 11 हजार 431 रुपये मुआवजे की मांग की है। नेरचौक में जिस जमीन पर मेडिकल कॉलेज बना है उस जमीन को मीर बख्श अपने पूर्वजों की बताता है। प्रदेश सरकार ने सोचा कि मीर बख्श के पूर्वज सुलतान मोहम्मद विभाजन के दौरान पाकिस्तान चले गए और जमीन पर कब्जा करके इसे अपने कुछ विभागों को बांट दिया, जबकि सुलतान मोहम्मद की मौ*त साल 1983 में हिमाचल में ही हुई थी। ऐसे में इन्हें विस्थापित नहीं माना जा सकता। इन सभी दस्तावेजों और पुराने रिकॉर्ड के आधार पर ही मीर बख्श ने इस केस को जीता है। हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को मीर बख्श को जमीन के बदले जमीन देने का आदेश दिया है। मीर बख्श की 92 बीघा जमीन पर सरकार ने कब्जा करके मेडिकल कॉलेज, एसडीएम कार्यालय और कुछ अन्य विभागों के कार्यालय बनाए हैं। ऐसे में हजारों करोड़ की लागत से बने इन भवनों को हटाकर जमीन खाली करवाना संभव नहीं इसलिए हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को मीर बख्श को जमीन के बदले जमीन देने का आदेश सुना रखा है। प्रदेश सरकार के आदेशों पर मंडी जिला प्रशासन भी जमीन की तलाश कर रहा है लेकिन कहीं पर भी इतनी ज्यादा जमीन उपलब्ध नहीं है। वहीं, प्रशासन मीर बख्श को जो जमीन उपलब्ध करवा रहा है वो मीर बख्श को मंजूर नहीं है। जमीन के बदले जमीन न मिलता देख अब मीर बख्श ने फिर से हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और याचिका दायर करके जमीन के बदले मुआवजे की मांग की है। मीर बख्श ने 10 अरब से ज्यादा का मुआवजा मांगा है। अपनी अपील में दलील देते हुए मीर बख्श ने कहा नेरचौक में जो उसकी जमीन है उसकी मौजूदा कीमत 15 लाख रुपए प्रति बिस्वां है। ऐसे में 92 बीघा जमीन के बदले 10 अरब 61 करोड़ 57 लाख 11 हजार 431 रुपये का मुआवजा बनता है। मीर बख्श की इस याचिका पर हाईकोर्ट में अभी सुनवाई होनी है।
कांगड़ा: हिमाचल प्रदेश में इन दिनों कई जिलों से आत्मह*त्या के मामले सामने आने लगे हैं। आए दिन कही न कही कोई महिला या पुरुष तनाव, घरेलू विवाद और डिपरेशन की वजह से सुसाइड कर रहे हैं। ताजा मामला कांगड़ा शहर का है। जहां कांगड़ा थाना क्षेत्र के तहत एक युवक (26 वर्ष) के आत्मह*त्या करने का मामला सामने आया है। मामले की जानकारी देते हुए थाना प्रभारी योगेश ठाकुर ने बताया कि जब परिजनों ने युवक का कमरा बंद देखा तो उन्होंने दरवाजा खटकाया। लेकिन युवक ने काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बावजूद गेट नहीं खोला। ऐसे में शक होने पर परिजनों ने घर के पीछे जाकर जब खिड़की से अंदर कमरे में झांका तो उन्होंने देखा की युवक अंदर संदिग्ध हालत में पड़ा हुआ है, जिसके बाद घर में चीख पुकार मच गई। किसी तरह युवक के पिता खिड़की के रास्ते युवक के कमरे में घुसे और आनन-फानन में उसे उठाकर स्थानीय अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टर ने युवक की जांच करने के बाद उसे मृ*त घोषित कर दिया। मिली जानकारी के मुताबिक युवक विदेश में नौकरी कर रहा था और दो-तीन महीने पहले ही अपने घर आया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर श*व को पोस्टमार्टम के लिए डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा भेज दिया है। कांगड़ा पुलिस थाना के प्रभारी योगेश ठाकुर ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद श*व परिजनों को सौंप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पुलिस को युवक के कमरे से कोई भी सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और हर पहलू को देखते हुए केस की इंवेस्टिगेशन कर रही है।
** 18 से 20 जुलाई तक विभिन्न उप रोज़गार कार्यालयों में होंगे साक्षात्कार क्षेत्रीय रोजगार अधिकारी कांगड़ा आकाश राणा ने बताया कि ओरो टेक्सटाइल, बद्दी ने अपरेंटिस और ऑपरेटर 50 पद क्षेत्रीय रोज़गार कार्यालय धर्मशाला को अधिसूचित किए हैं। इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता दसवीं पास और आयु सीमा 18 से 24 वर्ष के बीच रखी गई है। इस साक्षात्कार के लिए महिला व पुरुष दोनों आवेदक पात्र हैं। इन पदों हेतु कंपनी द्वारा 9500 रुपये प्रति माह वेतन दिया जाएगा। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि इच्छुक आवेदक अपने मूल प्रमाण पत्रों व पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ के साथ दिनांक 18 जुलाई को उप रोज़गार कार्यालय नूरपुर, 19 जुलाई को उप रोज़गार कार्यालय पालमपुर तथा 20 जुलाई को उप रोजगार कार्यालय देहरा में सुबह 10 बजे पहुंचकर उक्त कम्पनी के समक्ष साक्षात्कार हेतु उपस्थित हो सकते हैं । इस साक्षात्कार के सम्बन्ध में यात्रा भत्ता व अन्य देय नहीं होगा। अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 8884701970 पर सम्पर्क किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि विभागीय वेबसाइट पर साक्षात्कार का ब्यौरा अपलोड कर दिया गया है। सभी इच्छुक आवेदकों से अनुरोध है कि वह साक्षात्कार में भाग लेने से पहले https://eemis.hp.nic.in पर अपनी ई-मेल या मोबाइल नम्बर से लॉगिन करने के बाद अपने डैशबोर्ड पर दिख रही ओरो टेक्सटाइल की रिक्तियों के लिए आवेदन करें। विभागीय साईट https://eemis.hp.nic.in पर ऑनलाइन आवेदन के पश्चात ही साक्षात्कार में भाग लिया जा सकता है।
**घोषणाओं तक ही सीमित रही सरकार, एक साल बीतने पर भी आपदा पीड़ितों को नहीं मिली राहत **अब ठप हो चुकी विकास को रफ़्तार दे सरकार, जनहित के मुद्दों पर दिखाए गंभीरता नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला से प्रेस बयान जारी कर कहा कि प्रदेश सरकार डेढ़ साल से प्रदेश का विकास रिवर्स गियर में चल रहा है। डेढ़ साल में सरकार के पास विकास के नाम पर बताने के लिए कुछ भी नहीं हैं। प्रदेश में बारिश की वजह से आई आपदा को एक साल का समय हो चुका है और अभी तक लोग सहायता के लिए भटक रहे हैं। इस आपदा में भूमिहीन हो चुके लोगों को अभी तक ज़मीन नहीं मिली और लोग जंगलों में रहने को मज़बूर हैं। आपदा प्रभावितों के प्रति इस तरह की संवेदनहीनता अत्यंत दुःखद है। सरकार अपने वादों को याद करे और मानवीयता के आधार पर लोगों की प्रभावी तरीक़े से मदद करे। सिर्फ़ ज़ुबानी ज़माखर्च से कुछ नहीं होने वाला है। बेघर हुए लोग एक साल से सरकार से मदद की आस में बैठे हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बीते साल आई त्रासदी से प्रदेश में हज़ारों घर पूरी तरह से तहत नहस हो गए। लोगों के घर, बाग,पशुशालाएं, खेत, फसल सबकी भारी तबाही हुई थी। बहुत सारे लोग ऐसे थे जिनकी ज़मीनें तक बह गई थी और लोग घर के साथ ही भूमिहीन भी हो गये थे। ऐसे प्रभावितों को घर बनाने के लिए ज़मीन देने की मांग भाजपा ने मौक़े पर भी की थी और विधानसभा सत्र के दौरान सदन में भी उठाई थी। सरकार ने बाक़ायदा आदेश जारी कर भूमिहीन हुए लोगों को ग्रामीण क्षेत्रों में 3 बिस्वा और शहरी क्षेत्रों में 2 बिस्वा ज़मीन देने की घोषणा की थी। सरकार की इस घोषणा को एक साल हो गया लेकिन अभी तक किसी भी भूमिहीन को एक इंच ज़मीन नहीं मिली है और लोग जंगलों में भी रहने को विवश हैं। यह मुद्दा फ़िलहाल समाचारों में भी खूब उठाया गया है। लेकिन सरकार इतने महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामले में कोई भी प्रभावी कदम उठाती नहीं दिख रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब लोगों के पास ज़मीन ही नहीं होगी तो वह घर कहां बनाएंगे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार प्रदेश में विकास के कामों पर पूरी तरह विराम लगा चुकी है लेकिन नियमित रूप से क़र्ज़ लेकर सरकार चला रही है। प्रदेश में अस्पताल से लेकर स्कूलों और अस्पतालों से लेकर सड़कों तथा पुलों के काम रूके हुए हैं। आपदा के समय टूटी हुई सड़कें अभी सही नहीं हो पाई हैं, सड़कों के किनारे पड़ा मलबा भी नहीं हटाया गया है। जो इस बरसात में फिर से लोगों के लिए परेशानी का का कारण बन रहा है। उन्होंने कहा कि अब बहुत वक़्त बीत चुका सरकार विकास के कामों को गति दे और जनहित के मुद्दों को गंभीरता से सुलझाए। प्रदेश के युवाओं से किए अपने रोज़गार के वादे को पूरा करे।
** सूचना के अधिकार अधिनियम और इसके प्रावधानों के बारे किया जागरूक धर्मशाला: राज्य सूचना आयुक्त, एसएस गुलेरिया ने कहा कि सूचना का अधिकार सरकार की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिये महत्वपूर्ण अधिनियम है। उन्होंने कहा कि सभी को सूचना के अधिकार अधिनियम की सम्पूर्ण जानकारी होना जरूरी है। सोमवार को उपायुक्त कार्यालय के सभागार में जन सूचना अधिकारियों के आयोजित एक दिवसीय वर्कशाप का शुभारंभ करते हुए राज्य सूचना आयुक्त ने सूचना के अधिकार अधिनियम और इसके प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि सूचना के अधिकार अधिनियम में थर्ड पार्टी इन्फॉर्मेशन देने से पहले इस सूचना में जनहित तथा जिसकी व्यक्तिगत सूचना मांगी गई है, संबंधित व्यक्ति से कन्सेन्ट लेना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार सभी विभागों को बजट और विभाग से सम्बंधित सरकार की कल्याणकारी योजनाओं, लाभार्थियों की जानकारी विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने समय-समय पर विभाग की वेबसाइट्स को अपडेट करने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि आयोग भी विभागीय वेबसाइट्स पर नजर रख रहा है। कार्यशाला में एडीसी सौरभ जस्सल, एडीएम डा हरीश गज्जू, एसीटूडीसी सुभाष गौतम तथा विभिन्न उपमंडलाधिकारियों सहित विभिन्न विभागों से जन सूचना अधिकारी उपस्थित रहे।
**बोले, दस वाटर कूलर होंगे स्थापित उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि शाहपुर नगर पंचायत के सौंदर्यीेकरण के लिए कारगर कदम उठाए जाएंगे, शाहपुर नगर पंचायत में विद्युत, पेयजल की बेहतर व्यवस्था की जाएगी। उपमुख्य सचेतक ने नगर पंचायत शाहपुर के अंतर्गत 39 मील और हॉस्पिटल समीप स्वच्छ पानी की सुविधा के लिए 2 वाटर कूलर का शुभारम्भ किया। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत शाहपुर में 10 वाटर कूलर 5.50 लाख रुपए की लागत से लगाए जा रहे हैं ताकि लोगों को पीने के लिए स्वच्छ पानी मिले। उन्होंने कहा नगर पंचायत शाहपुर में 5 करोड रुपए सीवरेज पर खर्च किए जाएंगे, जिससे नगर पंचायत में स्वच्छता को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा शाहपुर के अस्पताल के लिए 2 करोड रुपए अतिरिक्त भवन के निर्माण पर खर्च किए जा रहे हैं। विधायक एवं उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने अपने संबोधन के दौरान कहा की शाहपुर विधानसभा क्षेत्र का चैमुखी विकास करना उनका प्रमुख कर्तव्य है। इससे पहले नगर पंचायत अध्यक्ष उषा शर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए शाहपुर नगर पंचायत में विकासात्मक कार्यों के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध करवाने के लिए आभार भी व्यक्त किया। कार्यक्रम में प्रधान कुलदीप चंबयाल, सिटी कांग्रेस अध्यक्ष उत्तम चंबयाल, विनय कुमार सोशल मीडिया ब्लॉक् कांग्रेस अध्यक्ष एवं सलाहकार उप मुख सचेतक, डॉक्टर कांत, राजीव, कुलदीप सिंह, विजय, देसू नाग , मस्त राम,केहर सिंह, धीरज, सतीश, राकेश, विनीत, अनु, पमी, अजय, चमन लाल, ओम प्रकाश, सुबोध, अश्विनी और लोग मौजूद रहे ।
**तस्करी में दो अन्य युवक भी शामिल **पुलिस ने तीनों को किया अदालत में पेश सोलन पुलिस नशा तस्करी करने वालों पर कड़ी नज़र बनाए हुए है। आए दिन पुलिस नशा तस्करों की धरपकड़ कर रही है और अब पुलिस को एक और नई सफलता मिली हैं। सोलन पुलिस ने गुप्त सुचना के आधार पर धर्मपुर से एक युवक को 11 ग्राम चिट्टे के साथ बरामद किया है। दरअसल बीते दिन 12 जुलाई को जिला की स्पैशल टीम गश्त व अपराधों की रोकथाम के लिए धर्मपुर क्षेत्र में मौजूद थी तो टीम को गुप्त सूत्रों से सूचना मिली कि एक युवक, जिसका नाम सन्दीप कुमार है जो हरियाणा का रहने वाला है तथा बस स्टॉप सनवारा के पीछे मार्डन ढाबा के पास खड़ा हुआ है जो चिटटा/हेरोईन बेचने की फिराक में है, जिसके बाद पुलिस की स्पेशल टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए सन्दीप कुमार पुत्र अजमेर सिंह निवासी गाव व डा०खा० डुमरखाकलां तह० उचियाना जिला जीन्द हरियाणा उम्र 23 साल, को क़रीब 11 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया, जिस पर पुलिस थाना धर्मपुर में धारा 21 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। अगले दिन आरोपी को न्यायालय में पेश करके चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा। जब गहनता से पूछताछ की गई तो आरोपी ने बताया कि उसके साथ दो अन्य युवक भी शामिल है, जिनके नाम राजीव और राकेश है। दोनों कुमारहट्टी के रहने वाले थे और संदीप से चिट्टा/हेरोइन मंगवाते थे। आईएसएम मामले में इस बात का भी खुलासा हुआ कि दोनों युवक अन्य युवाओं को भी बेचते थे। पूछताझ के बाद पुलिस ने 13 जुलाई के ही दिन दो आरोपी राजीव कुमार, उम्र 44 पुत्र बहादुर सिंह निवासी बाड़ा तहसील व जिला सोलन और राकेश कुमार उम्र 44 पुत्र बलबीर सिंह निवासी गाँव लोहांजी, डाकखाना कुमारहट्टी तहसील व जिला सोलन को पुलिस थाना धर्मपुर की पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों को आज अदालत में पेश किया जा रहा है। जाँच के दौरान यह भी पाया गया है कि दोनों आरोपी पहले भी अपराधिक वारदातों में शामिल रहे हैं, जिनमे एक आरोपी राजीव कुमार के विरुद्ध मादक पदार्थ अधिनियम के अंतर्गत एक मामला व आरोपी राकेश कुमार के विरुध 02 मामले, जिनमें एक मादक पदार्थ व एक वन अधिनियम में पुलिस थाना धर्मपुर में पंजीकृत है I मामले की आगामी जांच जारी है।
मतियाना खंड की 14 वर्ष से कम आयु के छात्र एवं छात्राओं की महोरी में आयोजित खेल कूद प्रतियोगिता में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कथोग ने अंडर- 14 छात्र एवं छात्राओं की खेल कूद प्रतियोगिता में वर्ष 2024- 25 में वॉलीबॉल, बैडमिंटन, जुडो व चैस में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा योगा में दूसरा स्थान प्राप्त किया। इसमें जूडो वर्ग में उर्वशी ने 36 किलोग्राम भार में स्वर्ण पदक प्राप्त किया। पूर्वांशी ने 44 किलो भार में भी गोल्ड मेडल प्राप्त किया । सुनिधि कवंर ने 50 किलोग्राम भार में पहला स्थान प्राप्त किया। यशिका ने 36 किलोग्राम भार में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके बाद छात्र वर्ग में बैडमिंटन, चैस व जूडो में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। जूडो में हर्षित, अक्षद व विनय ने ब्राउन मेडल प्राप्त किया। नीतीश ने 44 किलोग्राम भार में सिल्वर मेडल प्राप्त किया। इस उपलब्धि के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कथोग को बेस्ट आल ऑलराउंडर की ट्रॉफी से नवाजा गया। जिसके लिए प्रधानाचार्य महोदय डॉक्टर संदीप चौहान, शारीरिक शिक्षक कंवर सिंह, सभी स्टाफ एवं सभी खिलाड़ी छात्र और छात्राओं को बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं।
**सेब सीजन के दृष्टिगत सड़कों के रखरखाव पर दिया जाएगा विशेष ध्यान सेब सीजन के दृष्टिगत करसोग के फल उत्पादकों और ट्रक ऑपरेटर यूनियन की बैठक का आयोजन कार्यवाहक एसडीएम व तहसीलदार करसोग कैलाश कौंडल की अध्यक्षता में किया गया। सेब सीजन के दृष्टिगत आयोजित की गई बैठक के संबंध में जानकारी देते हुए एसडीएम ने बताया कि सेब सीजन को मध्यनजर रखते हुए व क्षेत्र के बागवनों की सुविधा के लिए इस बार तहसीलदार की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया जाएगा। एसडीएम ने कहा कि कमेटी के अध्यक्ष तहसीलदार करसोग तथा उपाध्यक्ष बागवानी विभाग के एसएमएस होंगे। खंड विकास अधिकारी करसोग और खंड विकास अधिकारी चुराग व एसएचओ करसोग को भी इस कमेटी में शामिल किया जाएगा । इसके अलावा बीडीसी के चेयरमेन, ट्रक ऑपरेटर यूनियन करसोग के अध्यक्ष तथा फल उत्पादक संघ चुराग और सेरी बंगलो के अध्यक्ष इस कमेटी में सदस्य होंगे। उन्होंने कहा कि यदि सेब सीजन के दौरान बागवानो को किसी भी प्रकार की कोई भी परेशानी आती है तो वे कमेटी के सम्बन्धित अधिकारियों से संपर्क कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि सेब सीजन को देखते हुए क्षेत्र की सड़कों के रखरखाव का विशेष ध्यान रखा जाएगा ताकि बागवानों को अपनी सेब की फसल मंडियों तक पहुंचाने में कोई परेशानी ना आए। सेब सीजन के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था सही बनाए रखने के लिए पुलिस का भी सहयोग लिया जाएगा। एसडीएम ने ट्रक ऑपरेटर यूनियन के सदस्यों से आग्रह किया कि वे वाहनो के लिए निश्चीत की गई भार सीमा में ही सामान लोड करे। यदि वाहन चैकिंग के दौरान किसी वाहन कि क्षमता से अधिक भार उस वाहन में पाया जाता है तो ऐसे वाहन चालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई अम्ल में लाई जाएगी। बागवानी विभाग से विषय वाद विशेषज्ञ जदीश वर्मा ने कहा कि इस बार करसोग में सेब की लगभग 9 लाख पेटी सहित लगभग 18 हजार मीट्रिक टन सेब का उत्पादन होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार द्वारा बागवानों के लिए इस बार यूनिवर्सल कार्टन की नई व्यवस्था को शुरू किया गया है । इन बॉक्स में सेब की पैकिंग किलो के हिसाब से की जाएगी। यह यूनिवर्सल कार्टन 20 किलो की पैकिंग के हिसाब से तैयार किए गए है। उन्होंने करसोग के फल उत्पादकों और बागवानों से आग्रह किया है कि वे सेब की पैकिंग के लिए पूर्व में इस्तेमाल किए जाने वाले टेलिस्कोपिक कार्टन की जगह यूनिवर्सल कार्टन का ही इस्तेमाल करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सेब सीजन के दौरान यदि क्षेत्र के बागवानों को ट्रांसपोर्ट से संबंधित कोई समस्या आती है तो वे विषय विशेषज्ञ उद्यान कार्यालय करसोग में संपर्क स्थापित कर सकते है। बैठक में बागवानी विभाग से विषय वाद विशेषज्ञ जगदीश वर्मा, करसोग के ट्रक ऑपरेट व क्षेत्र के सेब उत्पादक मौजूद थे।
ज्वालामुखी उपमंडल के तहत संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो संघ तहसील ईकाई खुंडिया द्वारा तहसीलदार खुंडिया को एक ज्ञापननुमा पत्र सौंपा है । आपको बता दें कि हिमाचल सरकार द्वारा जुलाई 12,2024 को केबिनेट बैठक में पटवारी एवं कानूनगो को जिला कैडर से राज्य कैडर करने का फैसला लिया है, जिसका पटवारी एवं कानूनगों महासंघ ने पुरजोर विरोध किया है। वहीं जिस बारे महासंघ द्वारा 13 व 15 जुलाई को वर्चुअल माध्यम से मीटिंग से सभी ऑनलाइन कार्य (केवल आपदा सम्बन्धी कार्य को छोड़कर) को तुरन्त प्रभाव से बन्द करने का निर्णय लिया गया है। इस सन्दर्भ में पटवारी एवं कानूनगो संघ ईकाई खुण्डियाँ द्वारा महासंघ के फैसले का समर्थन किया है।
कांगड़ा: राजकीय महाविद्यालय ढलियारा में पी.जी. कोर्सेज के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। छात्र ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि ढलियारा कॉलेज में एम.बी.ए. व पी.जी.डी.सी.ए की सीटें पहले आओ पहले पाओ के आधार पर भरी जाएंगी और अन्य कोर्सेज जैसे एम.ए हिंदी, एम.ए. इंग्लिश, एम.एस.सी फीजिक्स, एम.एस.सी केमिस्ट्री, एम.काम सहित कोर्सेज के लिए 25 तक कॉलेज वेबसाइट से आवेदन कर सकते हैं। पहली लिस्ट के अनुसार 26 से 28 तक काउन्सलिंग कर सकते हैं। उक्त जानकारी देते हुए कॉलेज प्राचार्य डॉ अंजू आर चौहान ने बताया कि छात्र जल्द से जल्द कॉलेज वेबसाइट पर जाकर इन कोर्सेज के लिए अप्लाई करें और बेहतरीन शिक्षा और सम्पूर्ण विकास के लिए ढलियारा कॉलेज के परिवार के साथ जुड़े।
नशा कारोबार में थे संलिप्त थी एक ही परिवार की तीन पीढियां। जी हां, हिमाचल के सिरमौर में पहली बार एक ही परिवार की तीन पीढ़ियां नशे के साथ गिरफ्तार हुई है। सिरमौर पुलिस ने जिला मुख्यालय नाहन में नशे के बड़े कारोबार का भंडाफोड़ किया है। बताया जा रहा है कि आरोपी कुछ समय से पुलिस की रड़ार पर थे और अब आखिरकार पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिरमौर योगेश रोल्टा ने बताया कि पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर शहर के वाल्मीकि बस्ती में एक घर में दबिश दी। इस दौरान पुलिस टीम ने मौके पर 336 नशीले कैप्सूल, 159.80 ग्राम चरस, 38.10 ग्राम अफीम तथा 23.34 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद किया। उन्होंने बताया कि पुलिस टीम के नशे की अवैध खेप के साथ ही मौके पर 24,40,000 रुपये की करंसी भी बरामद की है। उन्होंने बताया कि मामले में प्रेम चंद(71), बेटा सागर(44) व पोता संग्राम(21) उर्फ अंशुल निवासी रेड क्रॉस रोड, वाल्मीकि बस्ती के खिलाफ पुलिस थाना नाहन में मामला दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। एएसपी ने बताया कि मौके पर मिली नशे की सामग्री सहित भारी मात्रा में नकदी इशारा करती है कि आरोपियों की ओर से यह पैसा व संपत्ति नशे के कारोबार से प्राप्त किया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपियों की ओर से आलीशान घर बनाया गया है। ऐसे में अब पुलिस मामले में आरोपियों के संपर्क भी खंगालेगी कि आरोपी नशे की यह खेप कहां से लेकर आते थे और कहां बेचते थे। उन्होंने बताया कि आरोपियों की संपत्ति को लेकर भी अलग से जांच होगी। उन्होंने बताया कि आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा और रिमांड मिलने के बाद आगामी पूछताछ होगी।
**दिल्ली से शिमला पहुंचा आलाकमान, पुनिया-पाटिल लेंगे नेताओं से फीडबैक हिमाचल प्रदेश में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार पर आज और कल शिमला में मंथन होगा। कांग्रेस हाईकमान की ओर से गठित दो सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी शिमला पहुंच गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया और रजनी पाटिल आज हिमाचल के सीएम सुखविंदर सुक्खू, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह और डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री के साथ पार्टी प्रत्याशियों, विधायकों, 2022 में विधानसभा चुनाव हारने वाले प्रत्याशियों, दो संसदीय क्षेत्रों के जिला और ब्लॉक अध्यक्षों से मुलाकात करेंगे। मंडी सीट से प्रत्याशी विक्रमादित्य सिंह और हमीरपुर से प्रत्याशी सतपाल रायजादा भी फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के समक्ष अपनी हार के कारण बताएंगे। फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने मंडी-हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के लोकसभा प्रत्याशियों, विधायकों, जिला और ब्लॉक अध्यक्षों को आज शिमला बुलाया है। कल पहले हाफ में कांगड़ा और शिमला जिले के नेताओं को लंच के बाद राजीव भवन शिमला बुलाया गया है। इस दौरान समिति पार्टी नेताओं से हार के कारण पूछेगी और अपनी रिपोर्ट अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को सौंपेगी। दरअसल, प्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस चारों सीटों पर लोकसभा चुनाव हारी है, जबकि कांग्रेस हाईकमान और इंडी गठबंधन को हिमाचल में सत्तारूढ़ कांग्रेस से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी। मगर कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाई। नतीजा यह हुआ की छह बार के सीएम वीरभद्र सिंह के बेटे एवं लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह जैसे दिग्गज भी लोकसभा चुनाव हार गए। पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा की भी इन चुनाव में हार हुई है। यही नहीं मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू सहित उनके आठ मंत्री अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों से पार्टी प्रत्याशी को लीड नहीं दिला सके। इससे कांग्रेस का हिमाचल में लगातार तीसरी बार क्लीन स्वीप हुआ है।
**टाइडमैन सेब 800 से 1,400 रुपये पेटी बिका हिमाचल प्रदेश में आधिकारिक तौर पर सेब सीजन 15 जुलाई से शुरू हो गया। हर वर्ष इस समय तक फल मंडियों में बेहतर गुणवत्ता वाले सेब की खेप पहुंचनी शुरू हो जाती थी, लेकिन इस वर्ष अभी तक मंडी में बेहतर गुणवत्ता वाली पैदावार नहीं पहुंची है। भट्ठाकुफर फल मंडी में टाइडमैन, रेड जून और पराला फल मंडी में गाला सेब की खेप पहुंचनी शुरू हो गई है। आढ़तियों के अनुसार गत वर्ष के मुकाबले इस वर्ष सेब सीजन देरी से शुरू हो रहा है, क्योंकि सूखे की वजह से अधिकतर पैदावार प्रभावित हो गई है। इसकी वजह से फसल का आकार और रंग भी सही नहीं बन पाया है। अभी जो सेब आ रहा है उसे बागवान पूरी तरह तैयार होने से पहले ही तोड़कर मंडी में ला रहे हैं, जिसके चलते बागवानों को शुरुआत में ही फसल के बेहतर दाम नहीं मिल रहे हैं। शनिवार को भट्ठाकुफर फल मंडी में 2,986 सेब की पेटियां पहुंची, वहीं रविवार को 1,500 से 1,800 के बीच सेब की पेटियां मंडी में पहुंची। इस दौरान टाइडमैन सेब 800 से 1,400 रुपये प्रति पेटी के हिसाब से बिका। भट्ठाकुफर फल मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान प्रताप चौहान ने बताया कि गत हफ्ते के मुकाबले इस हफ्ते मंडी में सेब की आवक में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन गुणवत्ता अच्छी नहीं आई है। आने वाले दिनों में यदि मौसम अनुकूल रहता है तो आवक बढ़ने के साथ बागवानों को बेहतर दाम मिलेंगे। पराला फल मंडी आढ़ती एसोसिएशन के उपप्रधान सुशील ठाकुर ने बताया कि गत वर्ष 15 जुलाई से पहले सेब की स्पर किस्म मंडी में पहुंचनी शुरू हो गई थी, वहीं गाला सेब और टाइडमैन सेब भी अच्छी गुणवत्ता का आ रहा था, लेकिन इस वर्ष तो टाइडमैन ही मंडी में पहुंचा है जिसका आकार छोटा और रंग भी फीका है।
**प्रदेश के कुछेक स्थानों पर अच्छी बारिश का पूर्वानुमान हिमाचल प्रदेश में मॉनसून कमजोर पड़ गया है। मौजूदा मॉनसून सीजन में नॉर्मल से 35 प्रतिशत और बीते एक सप्ताह के दौरान 78 प्रतिशत कम बादल बरसे है। कई क्षेत्रों में मानसून सीजन में भी सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। आज और कल भी कुछेक क्षेत्रों में ही हल्की बारिश का पूर्वानुमान है। ज्यादातर क्षेत्रों में मौसम साफ रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, 7 से 14 जुलाई के बीच लाहौल स्पीति जिला में पानी की एक बूंद भी नहीं बरसी। बिलासपुर जिला में भी नॉर्मल से 80 प्रतिशत कम, चंबा में 81 प्रतिशत, हमीरपुर में 69 प्रतिशत, कांगड़ा में 79 प्रतिशत, किन्नौर में 35 प्रतिशत, कुल्लू में 72 प्रतिशत, मंडी में 58 प्रतिशत, सिरमौर में 71 प्रतिशत, सोलन में 70 प्रतिशत और ऊना जिला में भी 97 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इस अवधि में प्रदेश में मात्र 12.6 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि नॉर्मल बारिश 58.5 मिलीमीटर होती है। मानसून सीजन के दौरान 1 जून से 14 जुलाई तक प्रदेश औसत 203 मिलीमीटर नॉर्मल बारिश होती है, लेकिन इस बार 131.9 मिलीमीटर बारिश ही हुई है। मौसम विभाग की माने तो 17 और 18 जुलाई को मानसून थोड़ा एक्टिव हो सकता है। इस दौरान कुछेक स्थानों पर अच्छी बारिश का पूर्वानुमान है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में बारिश नहीं होने के बाद तापमान में उछाल आया है। कई शहरों का पारा नॉर्मल से 5 डिग्री तक ज्यादा हो गया है।
**प्राकृतिक खेती को लेकर सरकार से अब नहीं मिल रहा है फंड कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में प्राकृतिक खेती को लेकर सरकार से अब फंड नहीं मिल रहा है। इस कारण कृषि विवि में प्राकृतिक खेती पर होने वाले शोध कार्य धीमे पड़ गए हैं। हालांकि कृषि विभाग की ओर से आतमा प्रोजेक्ट के तहत किसानों को प्राकृतिक खेती की जानकारी दी जा रही है, लेकिन कृषि विवि के विशेषज्ञों के शोध कार्यों से मिलने वाला फायदा अब किसानों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। कृषि विवि पालमपुर में करीब 2018 से प्राकृतिक खेती पर कार्य शुरू हुआ था। इस कार्य पर पूर्व भाजपा सरकार की ओर से तीन करोड़ और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की ओर से 20 करोड़ रुपये कृषि विवि पालमपुर को दिया जा चुका है। सूत्रों की मानें तो प्रदेश सरकार के कृषि सचिव और निदेशक ने कृषि विवि का दौरा कर प्राकृतिक खेती पर चल रहे शोध कार्यों की रिपोर्ट मांगी थी। लिहाजा बताया जा रहा है कि इसकी रिपोर्ट से वे संतुष्ट नहीं दिखे थे। जिसे देखकर अब प्रदेश सरकार ने इस प्रोजेक्ट से अपने हाथ खींच लिए हैं। अब कृषि विवि पालमपुर में प्राकृतिक खेती के चल रहे प्रोजेक्ट को मिलने वाला फंड फिलहाल सरकार ने बंद कर दिया है। हालांकि, विवि की ओर से इस शोध कार्य को छह से एक साल का समय लगने की बात कही जा रही है, लेकिन विवि की ओर से जो तकनीक किसानों को जल्द मिलनी चाहिए थी वह अभी तक नहीं मिल पा रही है। अब सरकार की ओर से फंड न मिलने पर इस प्रोजेक्ट पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। जो दिशा इस कार्य को मिलनी चाहिए थी, वह अभी पिछले सालों में नहीं मिल पाई है। कुछ समय पहले आईसीआईआर और प्रदेश सरकार से 25 करोड़ रुपये का फंड प्राकृतिक खेती को लेकर मिला था। इससे इस कार्य को शुरू कर दिया गया था। इसके तहत प्रदेश में 9.62 लाख किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ा जाना था, लेकिन अभी तक इसकी तकनीक किसानों के खेतों में नहीं पहुंच पाई है। इस पर अभी तक शोध कार्य ही पूरे नहीं हुए हैं, जो एक चिंता की बात है। अब तक सरकार ने इसको मिलने वाला फंड भी बंद कर दिया है। कृषि विवि पालमपुर में प्राकृतिक खेती में शोध कार्य चल रहे हैं, लेकिन अभी तक जो काम तकनीक पर जल्दी होने चाहिए थे वह अभी नहीं हो पा रहे हैं। इसका आर्थिक कमी भी कारण माना जा रहा है, लेकिन विवि इस प्रोजेक्ट पर काम रहा है। फंड की कमी के कारण जो कार्य होना चाहिए था, वह नहीं हो रहा है।
हिमाचल प्रदेश की 5,000 करोड़ की सेब आर्थिकी को ओलों से बचाने के लिए आईआईटी मुंबई की ओर से विकसित स्वदेशी एंटी हेलगन को डॉप्लर रडार से जोड़ा जाएगा। रडार की मदद से ओलों वाले बादलों की स्टीक जानकारी मिलेगी और हेलगन का प्रभाव बढ़ेगा। शिमला जिले के मंढोल में स्थापित स्वदेशी एंटी हेलगन के तीन साल का ट्रायल पूरा होने के बाद आईआईटी मुंबई के इंजीनियरों ने निरीक्षण के बाद यह निर्णय लिया है। डीआरडीओ की पुणे लैब के वैज्ञानिक इसमें तकनीकी सहयोग देंगे। हेलगन को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जोड़ने की भी संभावना तलाशी जाएगी। विदेशों से आयातित एंटी हेलगन की कीमत करीब डेढ़ करोड़ है जबकि आईआईटी मुंबई की ओर से विकसित स्वदेशी एंटी हेलगन की कीमत महज 31 लाख है। विदेशी हेलगन चलाने के लिए एसिटिलीन गैस इस्तेमाल होती है। यह बहुत मंहगी है और आसानी से नहीं मिलती। स्वदेशी हेलगन एलपीजी से चलती है। इसलिए इसके संचालन का खर्चा कम है। रक्षा मंत्रालय के अधीन रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की एचईएमआरएल पुणे के निदेशक डाॅ. एपी दास ने बताया कि स्वदेशी एंटी हेलगन से पर्यावरण को नुकसान की संभावना नहीं है। हेलगन से नियंत्रित तरीके से तरंगें वायुमंडल में जाती हैं। जिससे पर्यावरण को नुकसान नहीं होता। उनकी टीम ने परीक्षण के दौरान आंकड़ों का अध्ययन किया है, रिपोर्ट आईआईटी मुंबई को जल्द सौंपी जाएगी। डाॅप्लर वेदर रडार स्थापित कर सटीक आंकड़ों से इसका प्रभाव बढ़ाया जा सकता है। सरकार ओलों से बचाव करने वाली जाली पर 80 फीसदी अनुदान दे रही है। इसके स्थान पर स्वदेशी एंटी हेलगन स्थापित करने पर अनुदान दिया जाना चाहिए। इससे छोट-बड़े सभी बागवान लाभान्वित होंगे। बागवानों को बगीचों में नेट चढ़ाने-उतारने का खर्चा भी बचेगा मंढोल में स्थापित स्वदेशी एंटी हेलगन का प्रयोग सफल रहा है। सेब उत्पादक क्षेत्रों में एंटी हेलगन का ग्रिड नेटवर्क स्थापित कर सेब की फसल ओलों से बचाई जा सकती है। प्रदेश सरकार को भी इसका प्रस्ताव सौंपा जाएगा। डीआरडीओ की एचईएमआरएल लैब के साथ मिलकर डाॅप्लर रडार स्थापित कर इसका प्रभाव बढ़ाने की भी योजना है।
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की पुलिस थाना खैरी के संधारा गांव में स्पेशल पुलिस ऑफिसर (एसपीओ) ने अपनी बंदूक से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। मृत*क की पहचान ओम प्रकाश (45) पुत्र गंधर्व सिंह निवासी गांव संधारा, डाकघर सुदली के रूप में हुई है। वह शनिवार रात को घर की छत पर सोए थे। उसी दौरान उन्होंने अपनी 12 बोर की बंदूक से खुद को गोली मार दी। कुछ ही देर में उनकी मौके पर मौ*त हो गई। घटना की सूचना मिलते ही खैरी थाना से पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने श*व को कब्जे में लेकर परिजनों सहित आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए। रविवार को नागरिक अस्पताल डलहौजी में पोस्टमार्टम के बाद श*व परिजनों को सौंप दिया गया। खुद को गोली मारने के कारणों का अभी तक पता नहीं लग पाया है। ओम प्रकाश खैरी में तैनात थे। बंदूक को पुलिस ने जब्त कर लिया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव ने बताया कि पुलिस मामले में आगामी कार्रवाई कर रही है। वर्ष 1998 में आतंकी हमले के बाद सीमांत क्षेत्रों और साथ लगते थानों व चौकियों में निगरानी के लिए एसपीओ यानी विशेष पुलिस अधिकारियों की नियुक्ति की गई थी। चंबा जिला में 407 एसपीओ कार्यरत हैं।


















































