जोगिन्दर नगर में नप वार्ड नं 5 में एक वृद्ध महिला की मृत्यु हो जाने पर पीड़ित परिवार की मदद के लिए कोई आगे नहीं आया , हालांकि यह एक सामान्य मृत्यु थी। परिवार ने नगर परिषद् उपाध्यक्ष अजय धरवाल से संपर्क साधा और अजय धरवाल तुरंत मौके पर पहुंचे व् मृत वृद्धा को शमशानघाट तक पहुंचाने के लिए व्यवस्था कर अन्तिम संस्कार करवाया। गौरतलब है कि कोरोना काल में अब तक इस से पहले कोरोना बिमारी से मृत चार व्यक्तियों के अन्तिम संस्कार में भी उपाध्यक्ष अजय धरवाल स्वयं मौजूद रह कर अन्तिम संस्कार में मदद कर चुके हैं। महामारी के इस दौर में जब अपने सगे संबंधी भी ऐसे हालातों में मुँह फेर रहें है तो ऐसे समय में अपन जन प्रतिनिधि होने का कर्तव्य निभाना एक अनूठी मिसाल पेश करता है तथा दूसरे जन प्रतिनिधियों के लिए भी प्रेरणा देने का कार्य करता है। बताते चलें कि पिछले कोरोना काल में भी अजय धरवाल के द्वारा लोगों को घर घर रोज मर्रा का जरूरी सामान होम डिलीवरी के माध्यम से ओर पशुओं को चारा खिलाने का सराहनीय कार्य किया जा चुका है।
सिराज विधानसभा क्षेत्र में आज शाम हल्की सी बारिश होने के कारण ग्राम पंचायत छतरी के समीप रईधार में एक नाला आने से एक गाड़ी मलबे से पूरी तरह से दब गई। पीडब्लूडी विभाग छतरी ने जेसीबी लाकर गाड़ी को तुरंत मलबे से निकला और सड़क को गाड़ियों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया। पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा जिस तरह मलबे में फसी इस गाड़ी को निकालने के लिए और रोड को खोलने के लिए कार्य किया है वह बहुत ही सराहनीय है। पीडब्ल्यूडी विभाग का ग्राम पंचायत छतरी के प्रधान रघु कटोच ने बहुत आभार जताया है। प्रधान रघु कटोच का कहना है कि पीडब्ल्यूडी विभाग दिन रात हमारी सेवा में तैनात है हमें इनका धन्यवाद करना चाहिए तथा पब्लिक को भी इनका पूर्ण सहयोग करना चाहिए।
द्रंग विधानसभा क्षेत्र से नेशनल हाई-वे NH-21 हणोगी से सिराज विधानसभा क्षेत्र के लिए निर्माणाधीन केवल स्टैंडर्ड पुल का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर चला हुआ है। इस केवल स्टैंडर्ड पूल के बनने से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं को घर द्वार पर रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे और मेडिकल आपात स्थिति मे यह पूल मिल का पत्थर साबित होगा। इसका सपना मुख्यमंत्री ने विधायक रहते हुए सबसे पहले देखा था और इसकी प्रकिया को पूरा करने के लिए इस पर पिछले 15 साल पहले काम चला हुआ था और मुख्यमंत्री उस समय पुल का निर्माण कार्य जल्दी करवाना चाहते थे और इसके लिए बजट में पैसे का प्रावधान भी किया गया था ताकि सिराज की दुर्गम व दूर दराज़ की पंचायते सड़क सुविधा से जल्द-से-जल्द जुड़े। बहुत जल्द ही यह पूल जनता को समर्पित होने वाला है । जल्द ही इसका निर्माण कार्य 2022 के अगस्त महीने तक पूरा होने की संभावना है।
सिराज विधानसभा क्षेत्र में आज सुबह 7:00 बजे ग्राम पंचायत जुफर कोट और ग्राम पंचायत धाट खोली थाचाधार में भारी ओलावृष्टि हुई जिसके कारण लोगों के सेब, मटर, गोभी इत्यादि फसलों की भारी क्षति हुई है। किसानों की मेहनत पर इस ओलावृष्टि ने पानी फेर दिया है। यहां के लोगों का कहना है कि उनका जीना बेहाल हो गया है। वह अपनी मटर, आलू ,सेब और गोभी की फसल पर ही निर्भर रहते थे और आज ओलावृष्टि के कारण उनकी फसल बुरी तरह से तबाह हो चुकी है। लोगों ने प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि विभाग को भेजकर उनकी फसल का मौका करवाया जाए ताकि सरकार द्वारा कुछ राहत राशि प्रदान की जाए।
सिराज विधानसभा क्षेत्र उप तहसील छतरी के बरयोगी से ठैसंर रोड की हालात खस्ता होने कारण लोगों का पीडब्ल्यूडी विभाग छतरी पर गुस्सा उमड़ रहा है। हर महीने की 9 तारीख को ठैसंर आने वाली सिलेंडर की गाड़ी को बहुत दिक्कतें झेलनी पड़ती है। वहीं, पिछले कल सिलेंडर गैस की गाड़ी रास्ते में ही रुक गई जिसे लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद ठैसंर तक पहुंचाया। हालांकि, यह रोड बस पास है लेकिन रोड की हालत इतनी खस्ता है कि मटर को भी 4×4 पिकअप से बरयोगी पहुंचाना पड़ता है। इस रोड को 2.5km तक पक्का करने के आदेश भी आए थे लेकिन अफसोस इस बात का कि आदेश कागजों तक ही सीमित रह गए। लोगों ने PWD विभाग से इस सड़क को जल्द से जल्द ठीक करवाने का आग्रह किया है ताकि यहां के लोगों को दिक्कतों का सामना ना करना पड़े।
कोरोना महामारी को चलते उपमंडलाधिकारी नागरिक जोगिन्दर नगर द्वारा कोरोना टेस्ट को लेकर शिकायत पत्र सौंपा गया। जोगिंदर नगर नप उपाध्यक्ष अजय धरवाल द्वारा हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव और जिलाधीश मंडी को ईमेल के माध्यम से शिकायत पत्र भेजा गया है। जिस में मुख्यसचिव हिमाचल प्रदेश व जिलाधीश मंडी के ध्यान में लाया गया कि सिविल अस्पताल जोगिन्दर नगर में बिना आधार कार्ड नंबर लिए कोरोना के टेस्ट किये जा रहे हैं। जिस से किये गए टेस्ट की विश्वसनीयता पर प्रशन चिन्ह लग जाता है कि टेस्ट रिपोर्ट उसी व्यक्ति की है या नहीं। इसी तरह सिविल अस्पताल में जब भी कोई व्यक्ति टेस्ट करवाने के बाद पॉजिटिव आता है तो उसे अपने घर तक पहुंचाने के लिए वाहन की कोई व्यवस्था नहीं कि गई है। स्थानीय टैक्सी ड्राइवर उस संकृमित व्यक्ति को ले जाने को इनकार करते हैं,तो उस पॉजिटिव आये व्यक्ति को मजबूरन पैदल अथवा बस में अपने घर जाना पड़ता है। जिस से संक्रमण फैलने का अंदेशा सदा बना रहता है। गैरतलब है कि जोगिन्दर नगर सिविल अस्पताल में लगभग 35 km दूर तक के व्यक्ति निर्भर करते हैं। वहीं जोगिन्दर नगर उपमंडल में कोरोना संक्रमित व्यक्ति की मृत्यु होने पर नगर परिषद जोगिन्दर नगर के वार्ड 1 में स्थित शमशानघाट में अन्तिम संस्कार किया जा रहा है। यह शमशान घाट घनी आबादी से बस लगभग 1oo फुट की दूरी पर है। जिस से हमेशा संक्रमण फैलने का अंदेशा बना रहता है। जितनी मर्तबा भी कोरोना संकृमित व्यक्तियों की मृत्यु हुई है उस के अन्तिमसंस्कार के समय किसी भी अधिकारी के मौजूद रहने के आदेश नहीं किये गए हैं। जिससे इस बात का भी पता नहीं चल रहा कि वहां कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार हो रहा है या नहीं। शिकायत पत्र में कहा गया है कि नगर परिषद जोगिन्दर नगर के द्वारा मांग करने पर भी अभी तक कोरोना संक्रमितों का रोज मर्रा के कूड़े के निष्पादन को जगह मुहैया नहीं करवाई गयी है। जोगिन्दर नगर उपमंडल के तहत सभी चुने हुए प्रतिनिधियों को उनके क्षेत्र में आये पॉजिटिव व्यक्तियों की सूची प्रतिदिन उप्लब्ध नहीं करवाई जा रही है, जिस कारण इन सभी पंचायत प्रतिनिधियों को पॉजिटिव आये व्यक्तियों की आइसोलेशन के दौरान मदद करने का जो सरकार का आदेश है उस की पालना करना मुश्किल हो रहा है। नगर परिषद के प्रतिनिधियों को सिर्फ दो दिन पूर्व से संक्रमित व्यक्तियों की सूची बार बार निवेदन करने के पश्चात उपलब्ध करवायी जा रही है। इतना ही नहीं पॉजिटिव आये व्यक्तियों को न ऑक्सओमीटर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं न ही समय पर जरूरी दवायें। उल्टा टीकाकरण का जो अभियान चला है उस में संक्रमित होने का अधिक खतरा हो गया है क्यों कि टीका लगाने के बाद टीकाकरण करने वाले के द्वारा अपने हाथ सेनेटाइज किये बिना अगले व्यक्ति को टिका लगाया जा रहा है। इसी तरह जिस कुर्सी पर टीकाकरण करने के लिए व्यक्ति को बिठाया जा रहा है उसे एक व्यक्ति की बारी होने के बाद सेनेटाइज नहीं किया जा रहा है। जिस से संक्रमण फैलने का अंदेशा बना रहता है। साथ ही टीकाकरण से पहले सभी व्यक्तियों का तापमान भी नहीं मापा जा रहा है।
जोगिन्दर नगर क्षेत्र में कोरोना संक्रमण के कारण गंभीर स्थिति में जरूरतमंद मरीजों को कोविड अस्पताल लाने व ले जाने में अब एंबुलेंस की सुविधा से महरूम नहीं होना पड़ेगा। कोविड 19 संक्रमण की दृष्टि से सिविल अस्पताल जोगिन्दर नगर में तैनात एक एंबुलेंस को तैयार कर लिया गया है तथा अब जरूरत पडऩे पर कोविड के गंभीर मरीजों के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा। इस बात की पुष्टि करते हुए वरिष्ठ चिकित्साधिकारी (एस.एम.ओ.) सिविल अस्पताल जोगिन्दर नगर डॉ. रोशन लाल कौंडल ने बताया कि जोगिन्दर नगर प्रशासन के सहयोग से अस्पताल में उपलब्ध एक एंबुलेंस को गंभीर कोविड 19 मरीजों की दृष्टि से तैयार कर लिया गया है। उन्होने बताया कि गंभीर कोविड संक्रमित लोगों को लाने व ले जाने के लिए अब एंबुलेंस सुविधा के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा तथा इसके लिए अस्पताल में ही उपलब्ध एक एंबुलेंस को तैयार कर लिया गया है। इस सुविधा के कारण अब कोविड संक्रमित गंभीर रोगियों को कोविड अस्पताल पहुंचाने में सुविधा होगी तथा समय पर उपचार भी संभव होगा।
कोरोना संक्रमण के तेज़ी से बढ़ते मामलों ने हर व्यक्ति की चिंता बढ़ा दी है। कोरोना मामलों के बढ़ते ग्राफ की वजह लोगों द्वारा कोविड नियमों में लापरवाही बरतना व सामाजिक समारोहों में शामिल होना भी है। ऐसी स्थिति में सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार के आयोजनों में पहले ही पाबंदी लगा रखी हैं। जिला मंडी में भी कोरोना के मामले सामने आ रहे है तथा लोगोें की सुरक्षा हेतु जिलाधीश ने आज धारा 144 के अन्तर्गत आयोजनों को लेकर नए आदेश जारी किए हैं। एसडीएम थुनाग पारस अग्रवाल ने जानकारी दी है कि इन आदेशों के अन्तर्गत अब 1 मई से शादी व अन्य आयोजनों में सार्वजनिक धाम पर पाबंदी रहेगी। यह शर्त पहले से ली गई अनुमति पर भी लागू रहेगी। अब सभी प्रकार के जलूस, देवी देवताओं की आवाजाही, शोभायात्रा, मंदिरों व घरों में धार्मिक पाठ-पूजा, सोशल गैदरिंग व सार्वजनिक धाम पर पाबंदी रहेगी। इन आदेशों की अवहेलना पाए जाने पर विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंडी जिला के सुंदरनगर में नवनिर्मित मातृ एवं शिशु अस्पताल का दौरा कर वहां उपलब्ध सुविधाओं सेे संबंधित जानकारी प्राप्त की। यह अस्पताल कोविड-19 रोगियों के लिए समर्पित किया गया है। उन्होंने सलापड़ में बीबीएमबी कालोनी के पुराने भवनों का भी दौरा किया ताकि आवश्यकता पड़ने पर कोविड-19 रोगियों के लिए अतिरिक्त सुविधाओं की संभावनाओं का पता लगाया जा सके। मुख्यमंत्री ने श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नेरचैक में कोविड-19 की स्थिति के दृष्टिगत बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश में कोविड-19 मामलों में तीव्र वृद्धि को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रदेश में कोविड रोगियों के लिए बिस्तर की क्षमता को बढ़ाकर लगभग 5000 करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि नेरचैक चिकित्सा महाविद्यालय को कोविड-19 अस्पताल के रूप में समर्पित किया गया है और अस्पताल के निकट परिसर में अतिरिक्त 100 बिस्तरों वाले अस्थायी अस्पताल का कार्य भी अगले चार-पांच दिनों के भीतर पूरा कर दिया जाएगा। जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार किसी भी विपरीत स्थिति का सामना करने के लिए अपनी क्षमता को और अधिक बढ़ाने के प्रयास कर रही है। कांगड़ा जिले के राधास्वामी परिसर, परौर में कोविड रोगियों के लिए एक हजार बिस्तरों तक की क्षमता वाले अस्थायी अस्पताल में परिवर्तित कर इसे क्रियाशील बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मंडी में एमसीएच भवन का काम एक माह के भीतर पूरा हो जाएगा, जिसके लिए अतिरिक्त धन उपलब्ध करवाया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बाहर से प्रदेश में प्रवेश करने वाले लोगों से आरटीपीसीआर परीक्षण की नेगेटिव रिपोर्ट साथ लाने और दो सप्ताह की अवधि के लिए होम आइसोलेशन में रहने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने अधिकािरयों को ऑक्सीजनयुक्त बिस्तरों की आपूर्ति सुनिश्चित करने और चिकित्सा महाविद्यालय नेरचैक में अधिकतम बिस्तरों में ऑक्सीजन सुविधा उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रत्ती के अस्पताल में बिस्तरों की क्षमता को 25 से बढ़ाकर 50 किया जाना चाहिए। जयराम ठाकुर ने अधिकारियों को जिले की सभी संस्थाओं/भवनों को सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए। कोविड-19 मरीजों की संख्या में वृद्धि होने पर इनका उपयोग मरीजों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर और हमीरपुर जिलों में स्वास्थ्य सेवा सुविधाओं को सुदृढ़ करने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि चिकित्सा महाविद्यालय नेरचैक पर मरीजों के बोझ को कम किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को इस महामारी से प्रभावशाली तरीके से निपटने के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के भी निर्देश दिए। इसके उपरान्त मुख्यमंत्री ने मंडी जिले के भंगरोटू में निर्माणाधीन प्री-फैब्रिकेटिड अस्पताल का भी निरीक्षण किया। जयराम ठाकुर ने मण्डी में मातृ शिशु स्वास्थ्य देखभाल केन्द्र का दौरा किया और सम्बन्धित अधिकारियों को इसका निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने खलियारा में राधास्वामी सत्संग व्यास का भी दौरा किया, जहां आवश्यकता पड़ने पर 200 बिस्तरों वाले प्रीफैब्रिकेटिड ढांचे का निर्माण किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री डाॅ.राजीव सैजल, विधायक राकेश जम्वाल, इंद्र सिंह गांधी, जवाहर ठाकुर, भाजपा प्रवक्ता अजय राणा, उपायुक्त मंडी ऋग्वेद ठाकुर, पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री, मुख्य चिकित्सा अधिकारी देवेंद्र शर्मा और अन्य अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वर्चुअल माध्यम से मंडी जिले के सुंदरनगर में 12 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित मातृ एवं शिशु अस्पताल का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने शिमला से सुंदरनगर के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि इस अस्पताल को वर्तमान राष्ट्रीय भाजपा अध्यक्ष और तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने वर्ष 2017 में राज्य के लिए स्वीकृत किया था और पिछले तीन वर्षो के दौरान इस परियोजना के कार्य में तेज़ी लाने के उपरान्त आज जनता को समर्पित किया गया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण राज्य सरकार इस अस्पताल को वर्चुअल माध्यम से लोगों को समर्पित करने के लिए मजबूर हुई। इस अस्पताल का उपयोग समर्पित कोविड-19 अस्पताल के रूप में किया जाएगा और यह जिले के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं प्रदान करेगा। नेरचैक मेडिकल कालेज को कोविड-19 अस्पताल के रूप में समर्पित किया गया है और अतिरिक्त 100 बिस्तरों की क्षमता वाले प्री-फैब्रिकेटिड अस्पताल का कार्य भी कुछ दिनों में पूरा हो जाएगा। नागरिक अस्पताल सुंदरनगर को 150 बिस्तर वाले अस्पताल में स्तरोन्नत किया गया है और यह क्षेत्र के लोगों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान कर रहा है। राज्य सरकार अस्पताल में लिफ्ट और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए अतिरिक्त धन उपलब्ध करवाएगी। उन्होंने कहा कि कोविड-19 मामलों की संख्या में वृद्धि चिंता का विषय है। राज्य सरकार ने प्रदेश में आने वाले लोगों से 72 घंटे पहले किए गए आरटीपीसीआर परीक्षण की रिपोर्ट अनिवार्य रूप से साथ लाने और उन्हें चौदह दिनों की अवधि के लिए अपने निवास स्थान पर होम आईसोलेशन में रहने का आग्रह किया है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के निर्वाचित प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सभी मानक संचालन प्रक्रियाओं और दिशा-निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आरंभ करने का आग्रह किया ताकि इस महामारी को फैलने से रोका जा सके।
'अपने चेहरे से जो जाहिर है छुपाये कैसे ' वसीम बरेलवी के एक शेर का ये मिस्रा मंडी कांग्रेस के हाल को बखूबी बयां कर रहा है। स्पष्ट दिख रहा है कि लगातार मिल रही पराजय से मंडी में कांग्रेस का जमीनी कार्यकर्ता उदास है और हौंसला पस्त। पर पार्टी का असल मर्ज है बड़े नेताओं का बड़ा अहम् और सुनहरे अतीत पर टिका उनका वहम। इन्हीं दिग्गजों के अहम् और वहम के बीच फिलवक्त मंडी में कांग्रेस ठंडी दिख रही है। ये दिग्गज अगर ताव में आ जाएं तो कार्यकर्ता को हौंसला भी मिले और आस भी जगे। पर फिलहाल तो पार्टी कंफ्यूज है, न दिशा है, न मजबूत चेहरा और न ही कोई ठोस रणनीति। 2022 में प्रदेश की सल्तनत और कांग्रेस के बीच सबसे बड़ी चुनौती मंडी की रणभूमि होगी। हालहीं में जिला परिषद् और नगर निगम चुनाव में कांग्रेस की खूब किरकिरी हुई है और अब लोकसभा का उपचुनाव दस्तक दे रहा है। 2022 की उम्मीद जिन्दा रखने के लिए उपचुनाव में पार्टी पर बेहतर करने का दबाव है, पर वर्तमान राजनैतिक परिवेश में डगर बेहद कठिन दिख रही है। अंतर्कलह से ग्रस्त कांग्रेस की राह मुश्किल इसलिए भी है क्योंकि मजबूत भाजपा से मुकाबला करने से पहले कांग्रेस को अपनों को भी साधना होगा। बहरहाल, कांग्रेस को सबसे पहले ये तय करना होगा कि मंडी संसदीय उप चुनाव में पार्टी की तरफ से मैदान में कौन होगा। जगजाहिर है कि पंडित सुखराम कांग्रेस में वापस इसीलिए लौटे थे ताकि पोते आश्रय को सांसद बनता देख सके। पर 2019 के लोकसभा चुनाव में जनता ने उनके अरमान कुचले ही नहीं बल्कि अरमानों का कचूमर निकाल दिया था। आश्रय का राजनैतिक सफर भी अब तक फीका -फीका सा ही रहा है। बावजूद इसके हालहीं दिए बयान में पंडित जी ने फिर पोते को सांसद देखने की इच्छा व्यक्त की है। यानी पंडित जी की विरासत के बूते एक बार फिर आश्रय का दावा प्रबल रहेगा। दूसरे दावेदार है प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष निगम भंडारी जो पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू के करीबी माने जाते है। निगम भंडारी उभरते हुए चेहरे तो है, युवाओं में पकड़ भी है पर सुक्खू का करीबी होना उन्हें बाकी कई दिग्गजों से दूर कर देता है। तीसरा पक्ष ये है कि पार्टी वरिष्ठ नेता कौल सिंह ठाकुर को मैदान में उतार सकती है। हालांकि खुद कौल सिंह ठाकुर फिलहाल चुनाव लड़ने से इंकार कर रहे है। बाकी अंतिम निर्णय पार्टी आलाकमान को करना है। पंडित सुखराम की पारिवारिक भूलभुलैया और मझधार में अटकी कांग्रेस हिमाचल की सियासत के चाणक्य पंडित सुखराम पोते सहित कांग्रेस का हाथ थामे हुए है, तो उनके पुत्र अनिल शर्मा कहने को तो भाजपा के विधायक है लेकिन उनकी स्थिति किसी से छिपी नहीं है। कभी मुख्यमंत्री उन पर तंज कसते हुए कहते है कि " अगर साथ होते तो और बात होती', तो कभी बेटे द्वारा उनकी तारीफ़ करने पर भरी सभा में कांग्रेसी भी लाल हो जाते है। बहरहाल जो सियासी इक्वेशन सुखराम फैमिली, कांग्रेस और भाजपा के बीच बनी हुई है, ऐसी कोई और मिसाल हिमाचल ही क्या देश के सियासी इतिहास में भी शायद ही हो। भविष्य में पंडित सुखराम एंड फैमिली का क्या रुख रहेगा ये फिलहाल अबूझ पहेली है। सुखराम की सियासत को समझने वाले फिलहाल इस विषय पर कोई भी दावा करने से बच रहे है। हालांकि जिस तरह की तनातनी बीते दिनों अनिल शर्मा और प्रदेश सरकार के बीच दिखी है उसे देखते हुए माना जा सकता है कि 2022 चुनाव से पहले अनिल की कांग्रेस में घर वापसी होगी। पर ये सिर्फ कयास है और पल - पल बदलती सियासत में कुछ भी मुमकिन है। यानी पंडित सुखराम की पारिवारिक भूलभुलैया में कांग्रेस मझधार में अटकी है। पंडित सुखराम फैक्टर : क्या वो दौर अब गुजर चुका है पंडित सुखराम, वो नेता है जो कभी मुख्यमंत्री तो न बन सके लेकिन जब भी मौका लगा अपनी ताकत का लोहा खूब मनवाया। यूं ही इन्हें हिमाचल की सियासत का चाणक्य नहीं कहा जाता, इतिहास गवाह है 1998 में इन्हीं की मेहरबानी से धूमल सरकार बनी भी और पांच साल चली भी। इन्हीं के कोप से वीरभद्र सिंह ने पांच वर्ष सत्ता का वनवास झेला। मौके के हिसाब से मोहरे चलना पंडित सुखराम की वो सियासी अदा रही है जिसका कोई सानी नहीं। 2017 से पहले बेटे अनिल शर्मा समेत पंडित जी कांग्रेस से भाजपा में गए और बेटे को लगातार दूसरी बार मंत्री भी बनवा दिया। पर कहते है ना 'बुलंदी देर तक किस शख़्स के हिस्से में रहती है, बहुत ऊँची इमारत हर घड़ी खतरे में रहती है'। पोते को सांसद बनाने की चाह में पंडित जी 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले वापस कांग्रेस में आ गए। पर सर मुंडाते ही ओले पड़ गए। पोता भी चुनाव हारा, बेटे का मंत्री पद भी गया और सबसे बड़ा नुकसान पंडित सुखराम का तिलिस्म टूट गया। जिस अंतर से आश्रय चुनाव हारे उससे स्पष्ट था कि पंडित सुखराम की विरासत के नाम पर आश्रय को सिर्फ टिकट मिला वोट नहीं। बहरहाल यक्ष प्रश्न यही है कि क्या मंडी की सियासत में पंडित सुखराम का जादू बरकरार है या वो दौर अब गुजर चुका है? जाहिर है उपचुनाव में यदि आश्रय उम्मीदवार होते है तो उनकी प्रदर्शन कांग्रेस के साथ - साथ पंडित सुखराम एंड फॅमिली का भी इम्तिहान होगा। सरकार उसी की बनी जो मंडी जीता इतिहास गवाह है कि 10 विधानसभा सीटों वाला जिला मंडी जिस भी राजनैतिक दल ने जीता वही सत्ता पर काबिज हुआ और जिसे मण्डी ने ठुकराया उसे सत्ता से भी हाथ धोना पड़ा। 1982 से 2017 तक हुए 9 विधानसभा चुनाव भी इस बात की तस्दीक करते है। इन 9 में से 7 बार उसी पार्टी की सरकार बनी जिसने मंडी में सर्वाधिक सीटें जीती। जबकि 1998 में भाजपा की सरकार इसलिए बनी क्योंकि मंडी में 4 सीट कब्जाने वाली हिमाचल विकास कांग्रेस से उसका गठबंधन हुआ। वहीं 2012 में कांग्रेस और भाजपा दोनों को 5 - 5 सीटें मिली थी, हालांकि सरकार बनाने में कांग्रेस कामयाब रही थी। विस् चुनाव कांग्रेस भाजपा अन्य 1982 5 2 3 कांग्रेस की सरकार बनी 1985 7 2 1 कांग्रेस की सरकार बनी 1990 1 8 ( गठबंधन ) 1 भाजपा की सरकार बनी 1993 9 0 1 कांग्रेस की सरकार बनी 1998 4 3 4 सुखराम के समर्थन से भाजपा सरकार बनी 2003 6 2 2 कांग्रेस की सरकार बनी 2007 3 6 1 भाजपा की सरकार बनी 2012 5 5 0 कांग्रेस की सरकार बनी 2017 0 9 1 भाजपा की सरकार बनी 2017 से कांग्रेस के सितारे गर्दिश में मंडी में 2017 का विधानसभा चुनाव बुरी तरह हारने के बाद कांग्रेस 2019 का लोकसभा चुनाव भी रिकॉर्ड अंतर से हारी थी। हालहीं में हुए नगर निगम चुनाव में कांग्रेस को 15 में से सिर्फ 4 वार्ड में जीत मिली। जबकि इसी वर्ष जनवरी में हुए जिला परिषद् चुनाव में 36 वार्ड में से कांग्रेस ने सिर्फ एक वार्ड पर जीत दर्ज की थी। कमोबेश ऐसी ही स्थिति पंचायत समिति में भी रही जहां भाजपा का दबदबा रहा। 2017 में आमने - सामने थे दो दिग्गज सियासी घराने 2017 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले वीरभद्र कैबनेट के मंत्री अनिल शर्मा भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा ने भी उन्हें मंडी सदर से ही टिकट दिया और वे फिर विधायक बन गए। वहीं कौल सिंह ठाकुर की बेटी चंपा ठाकुर उक्त चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी थी जिन्हें अनिल ने हराया था। मान सकते है कि इस हार की टीस इन दोनों सियासी घरानों के बीच बढ़ी दूरी का कारण है। अगर अनिल वापस कांग्रेस में आते है तो पार्टी अनिल को टिकट देगी या चंपा को, ये कांग्रेस के समक्ष सबसे बड़ी उलझन होगी। कौल सिंह ठाकुर और चंपा ठाकुर के तेवर बयां कर रहे है कि घर वापसी होती भी है तो भी अनिल की राह मुश्किल ही होगी। अलबत्ता चंपा का दावा टिकट के लिए होना लाज़मी है। क्या 'जयराम' को 'मंडी का सीएम' कहना मंडी में भारी पड़ेगा कांग्रेस जयराम ठाकुर को मंडी का सीएम कहकर उन पर निरंतर निशाना साधती रही है। प्रदेश के बाकी हिस्सों में शायद कांग्रेस को इससे कोई लाभ हो सके लेकिन मंडी में कांग्रेस का ये नारा उलटा ही पड़ेगा। एक किस्म से कांग्रेस खुद सीएम जयराम ठाकुर द्वारा मंडी में करवाए गए विकास को मान्यता दे रही है। 50 साल से दो परिवारों ने दिलाई जीत मंडी संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस का झंडा पंडित सुखराम और वीरभद्र सिंह के परिवार ने ही बुलंद रखा है। 1971 से अब तक हुए 13 लोकसभा चुनाव और एक उप चुनाव में कांग्रेस को उप चुनाव सहित 8 में जीत मिली है और ये सभी जीत पंडित सुखराम, वीरभद्र सिंह और वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह के नाम दर्ज है। यानी 50 साल से मंडी में कांग्रेस की सियासत सिर्फ दो परिवारों के भरोसे चली है ।
जिला कांग्रेस कमेटी के सचिव रणजीत मंडयाल ने बल्ह के बीजेपी विधायक को आड़े हाथो लेते हुए प्रेस में जारी बयाँन में कहा कि देश और प्रदेश जहाँ कोरोना जैसी सर्वव्यापी महामारी से जूझ रहा है तथा जिसके लिए प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन द्वारा आदेशों में सभी राजनैतिक व अन्य कार्यक्रमों पर रोक लगाई गई है, वहीं बल्ह के बीजेपी विधायक भवनों के उद्घाटन कार्यक्रम कर रहें हैं जबकि विधायक को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और ऐसे कार्यक्रमों को बंद करने चाहिए और जनता को महामारी से बचने के लिए जागरूक करने की आवश्यकता है परन्तु विधायक को जनता के स्वास्थ्य की कोई चिंता नहीं है। रणजीत मंडयाल ने कहा कि शायद विधायक को उद्घाटन और शिलान्यासों की बहुत जल्दी लगी हुई है, क्या पता फिर भविष्य में मौका मिल भी पाएगा या नहीं। रणजीत मंडयाल ने बताया कि जिस रत्ती हस्पताल के भवन का उद्घाटन अभी हाल में किया है, उसकी शुरुआत और शिलान्यास पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी द्वारा किया गया था और बल्ह में अधिकांश विकास कार्य और सरकारी कार्यालय कांग्रेस की सरकारों में मिले है जिसका श्रेय पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को जाता है। उन्होंने बल्ह विधायक को सलाह दी है कि कांग्रेस के कार्यकाल में हुए कामों का श्रेय लेने के बजाय खुद के कोई किए गए काम जनता के बीच लेकर जाएँ। प्रदेश में नगर निगम चुनाव, बल्ह क्षेत्र में पंचायती राज और नगर निकाय रिवालसर और नेर चौक में जनादेश कांग्रेस की तरफ है और 2022 में कांग्रेस की सरकार हिमाचल में बनेगी और बल्ह क्षेत्र से कांग्रेस एक तरफा जीत हासिल करेगी।
मुख्यमंत्री विधानसभा क्षेत्र के विकास खंड सिराज के ग्राम पंचायत क्योली के गांव लेह में तकनीकी प्रबंधक सहायक संजय नायक द्वारा दो दिवसीय सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण शिविर लगाया गया। इस दौरान किसानो को प्राकृतिक खेती के फायदे बताए गए और ज़हर मुक्त खेती करने की सलाह दी गई। इस खेती को अपनाने से किसानो की आय में वृद्धि होगी। वहीं, रसायनिक खेती के मुकाबले यह खेती बहुत ही कम खर्च वाली है। रसायनिक खेती से किसान कर्ज में रहते हैं। प्राकृतिक खेती से किसान कर्ज़ मुक्त होंगे और बीमारियों से निजात पा सकेंगे। साथ ही प्राकृतिक खेती करने से किसानो को शुद्ध अनाज, फल और सब्जियां प्राप्त होंगे। शिविर के दौरान संजय नायक ने बताया कि इस तरह के दो दिवसीय प्रशिक्षण पुरे सिराज में हर पंचायत में किए जा रहे हैं और किसानो को इस खेती से जोड़ा जा रहा है ताकि किसानो को इस खेती का लाभ मिल सके। किसानो को प्रशिक्षण के प्रदर्शन के रूप में जीवामृत, बीजामृत, घनजीवामृत, अग्नि अस्त्र, दशपर्णी अर्क, कड़वी अस्त्र, खट्टी लस्सी तथा सोंठ अस्त्र बनाना भी सिखाया गया।
हिमाचल के जिला मंडी में पुलिस थाना औट क्षेत्र में औट ट्रैफिक टनल के अंदर एक निजी बस व ट्राला के बीच टक्कर होने से 16 व्यक्ति घायल हुए। दो घायलों को सीएच नगवाईं में प्राथमिक उपचार देने के बाद जोनल अस्पताल मंडी रेफर किया गया जबकि तीन अन्य घायलों को क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू रेफर किया गया है। इसके अतिरिक्त सभी घायल व्यक्तियों का सीएच नगवाईं में इलाज चल रहा है। हादसे का शिकार हुई निजी बस मनाली से धर्मशाला जा रही थी। स्थानीय पुलिस ने थाना औट में बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया है। घायलों की पहचान गोविंद सिंह(60) पुत्र मुल्कू राम गांव लोहारडा, ललिता देवी(32 ) पत्नी हेम सिंह गांव कुफरी, केशव राम(65) पुत्र चेत्रु गांव दोहरी नाल, राम लाल(33 ) पुत्र छिपु राम गांव सनवाल बैजनाथ कांगड़ा, अमर चंद(55) पुत्र सूरत राम गांव उखल धार मंडी, तारा चंद(45) पुत्र इंद्र सिंह गांव उहड़ी सेरी मंडी, सुदामा(48) पुत्र भगवान दास गांव मंडी, चेरिंग(36) पुत्र पेमा गांव शांग मनाली, सुनीता(41 ) पत्नी हरि सिंह गांव बजौरा कुल्लू, मीनू(48) पत्नी संत राम गांव शुरड भुंतर, नीतू(33) पत्नी भूप सिंह गांव सैन मुहला सदर मंडी, राज कुमार(44) पुत्र हल्फू राम गांव टकोली मंडी, अनिता देवी(40) पत्नी चिरंजी लाल गांव देवखान मंडी, किशोरी लाल(26) पुत्र श्री माधू राम गांव कशल वालीचौकी, राजेंद्र सिंह(45) पुत्र फतेह सिंह गांव नरौरा भुंतर और अंकित डडवाल(22) पुत्र नरेंद्र पाल गांव पिपला आगे भुंतर जिला के रूप में हुई है।
उपमंडल सरकाघाट के तहत आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र रिस्सा में 116 लोगों को कोरोना वैक्सीन का टीका लगाया गया। पंचायत प्रधान लता देवी ने बताया कि पहले यह टीका थौना या सरकाघाट में लगाया जाता था। तत्पश्चात लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इसके शिविर का आयोजन पंचायत रिस्सा में रखा गया। टीकाकरण होने से पहले इसकी सूचना सभी 45 वर्ष से ऊपर वाले पंचायत वासियों को दे दी गई थी। पंचायत प्रधान लता देवी ने डॉक्टर कुमुदं भल्ला पीएचसी थौना से बात करके यह आश्वस्त किया कि जल्द ही दोबारा इसी पंचायत में टीकाकरण शिविर रखा जाएगा ताकि बचे हुए लोगों को फिर से उनके नज़दीकी स्थान पर यह टीका लग सके।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने मण्डी जिला के द्रंग विधानसभा क्षेत्र में लगभग 50 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं के शिलान्यास व लोकार्पण किए। इस अवसर पर जंगलों में आग की घटनाओं की निगरानी के लिए जागरूकता वैन को भी हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया। इसके उपरान्त, मुख्यमंत्री ने हरडगलू में जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि जिला मण्डी को प्रदेश सरकार का नेतृत्व करने का अवसर मिला है। पिछले तीन वर्षों में लोक निर्माण विभाग ने इस विधानसभा क्षेत्र में 250 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं जबकि 19 करोड़ रुपये की 16 आईपीएच योजनाओं का क्रियान्वयन किया है। द्रंग विधानसभा क्षेत्र का विकास प्रदेश सरकार की प्राथमिकता सूची में है। कोरोना महामारी के दौरान भी उन्होंने प्रदेश के 42 विधानसभा क्षेत्रों में इंटरनेंट के माध्यम से और वास्तविक रूप में 3500 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं की आधारशिला रखी व शिलान्यास किए। कोरोना महामारी के दौरान प्रदेश सरकार ने बाहरी राज्यों में फंसे लगभग 2.50 लाख हिमाचलियों की प्रदेश वापसी सुनिश्ति की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की पूर्व सरकार ने प्रदेश के हितों को नजरंदाज किया और कांग्रेस नेताओं ने कोरोना महामारी के दौरान पार्टी आलाकमान के समक्ष 12 करोड़ रुपये के बिल प्रस्तुत किए। इस अवसर पर द्रंग मण्डल भाजपा ने मुख्यमंत्री को मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए एक लाख रुपये का चैक भेंट किया। जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर, विधायक राकेश जम्वाल, विनोद कुमार, प्रकाश राणा, इंद्र सिंह गांधी और हीरा लाल, सैनिक कल्याण निगम के अध्यक्ष ब्रिगेडियर कुशाल ठाकुर, अध्यक्ष मिल्कफैड निहाल चंद शर्मा, अध्यक्ष वक्फ बोर्ड मोहम्मद राजबली, जिला परिषद अध्यक्ष पाल वर्मा, मंडी नगर निगम की महापौर दीपाली जसवाल, उपायुक्त मंडी ऋग्वेद ठाकुर व पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
Himachal Pradesh State Nurses Association’s president Aruna Kaur Luthera, Gen. Sec. Sita Thakur, Amita Puri, Sushma Thakur, and Shashi Sharma have extended their heartfelt gratitude to chief minister Jai Ram Thakur for the work nurses have done during the corona pandemic and for announcing Rs 1500 ex-gratia/honorarium to all the Class III and IV employees. Chief Minister Jai Ram Thakur presided over the State level Himachal Day function held at Padhar in the Drang Vidhan Sabha area of the Mandi district on Thursday where he announced Rs 1500 ex-gratia/honorarium to all the Class III and IV employees such as staff nurses, ward boys, Class IV employees, Asha workers, etc. involved directly in the service of COVID-19 patients for April and May. He said that the whole world has been suffering from Covid-19 and our State was also no exception. He said that despite the challenges of Covid-19, with the support of the people, the government tried to revive the economy of the State by regulating the basic facilities smoothly. He urged the people of the State to come forward to help the State Government in checking the spread of this virus.
रिवालसर में सड़क दुर्घटना में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए जिसमे एक युवक की टांगों में गम्भीर चोट आई है। रिवालसर सामुदायिक अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल होने पर एक युवक को लाल बहादुर शास्त्री कालेज अस्पताल नेरचौक रैफर कर दिया गया और दूसरे युवक का इलाज रिवालसर अस्पताल में चल रहा है। प्राप्त जानकारी अनुसार नेपाली मूल व तिब्बती मूल के दो युवक उमेश उम्र 29 साल व टसी उम्र 26 साल बाइक पर सवार होकर तेज गति से मंडी से रिवालसर की ओर आ रहे थे। इस दौरान गरलौनी के पास युवको की बाइक नियंत्रण खोकर निजी बस देवा कोच से जा टकराई। पुलिस को दी जानकारी के अनुसार बस चालक ने बताया कि दोनों युबक बड़ी तेजी से रिवालसर की ओर आ रहे थे। उन्हें बचाने की कोशिश की गई मगर युवको ने बाइक से बस को टक्कर मार दी। रिवालसर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवको के खिलाफ तेज गति से बाइक चलाने का मामला दर्ज कर लिया है। इस घटना की पुष्टि डीएसपी बल्ह अनिल पटयाल ने की।
प्रदेश में दसवीं व बारहवीं की परीक्षा स्थगित होने के फैसले से छात्रों व अभिवावकों में गहरी निराशा है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रिवालसर के स्कूल प्रबंधन समिति के प्रधान कमलेश शर्मा ने सरकार के इस निर्णय की कड़े शब्दों में निंदा की है। छात्रों का हित देखते हुए उन्होंने इस निर्णय को वापिस लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि नगर निगम के चुनाव में भारी भरकम रैलीयां बगैर कोविड नियमों के होती रही वहीं पश्चिम बंगाल में भी कोविड नियमों को ताक पर रख कर रैलीयां करवाई जा रही है। परंतु परीक्षा स्थल पर सामाजिक दूरी मास्क व कोविड नियमों का भली भाँति पालन किया जा रहा है फिर भी परीक्षाओं को रद करने का निर्णय समझ से परे है। इस निर्णय से छात्रों के भविष्य पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ेगा।
प्रदेश के जिला मंडी के उपमंडल सुंदरनगर की दुर्गम ग्राम पंचायत सोझा के सरोर गांव के निकट मंगलवार शाम को एक सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार कार करीब 400 फीट गहरी ढांक में लुढ़कने के बाद सौल खड्ड में जा गिरी। इस हादसे में कार में सवार पांच लोगों की मौत हो गई है। मृतकों में चार एक ही परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं व अपने एक दोस्त के साथ कार में मंदिर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में कार अनियंत्रित होकर खड्ड में गिर गई। इनमें से दादी और पोती का शव बरामद कर लिया गया है। जबकि अन्य की तलाश जारी है। सूचना मिलने पर स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंच कर राहत कार्य शुरू किया। मृतकों की पहचान सुरेंद्र कुमार(40) उसकी माता और बेटा-बेटी निवासी हाड़ा ग्राम पंचायत हाड़ा बोई के रूप में हुई है। जबकि कार चालक की पहचान प्रेमलाल निवासी बाली बटाली ग्राम पंचायत सोझा के रूप में बताई गई है। डीएसपी गुरबचन सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस दल मौका के लिए रवाना हो गया है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज मंडी में मंडी व कुल्लू जिलों की कोविड-19 स्थिति की समीक्षा बैठक में कहा की कोविड मामलों में तेजी से हो रही वृद्वि के दृष्टिगत राज्य में स्वास्थ्य अधोसरंचना के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। भंगरोटू और मदर चाईल्ड अस्पताल मंडी में बनने वाले प्री-फैब्रिकेटिड अस्पताल का कार्य जल्द शीघ्र पूरा किया जाना चाहिए ताकि जिला में ऑक्सीज़न युक्त बेड क्षमता को बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग द्वारा बसों व अन्य सार्वजनिक परिवहन की प्रभावी सेनिटाईजेशन सुनिश्चित की जानी चाहिए। दुकानदारों को भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि नो मास्क, नो सर्विस पाॅलिसी का कड़ाई से पालन किया जाए। निजी बस ऑपरेटर्स द्वारा भी बसों की उचित सेनिटाईजेशन के साथ-साथ सवारियां निर्धारित संख्या में ही बिठाई जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए की सामाजिक समारोहों जैसे विवाह आदि के लिए निर्धारित अधिकतम संख्या का सख्ती से पालन किया जाए। यदि आवश्यक हो तो उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने जिला प्रशासन को कोविड के मामले बढ़ने पर उपचार की मांग को पूरा करने के संबंध में पर्याप्त प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि लोगों को फेस मास्क और हैड सेनेटाईजर का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए और सार्वजनिक स्थानों पर भीड़भाड़ से बचना चाहिए। मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थानों पर भी नियमों का प्रभावी तरीके से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। जिला कुल्लू एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य है जहां प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में पर्यटक आते हैं। जिले में आ रहे पर्यटकों द्वारा मानक संचालन प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। सभी दिशा-निर्देशों को सख्ती से लागू कर उनका पालन किया जाना चाहिए। आयुर्वेद विभाग द्वारा होम आईसोलेशन में रह रहे मरीजों को काढ़ा उपलब्ध करवाया जाना चाहिए और काढ़े को सही तरीके से पीने के लिए उनका मार्गदर्शन भी किया जाना चाहिए। और कहा कि शहरी क्षेत्रों में सफाई कर्मियों द्वारा स्वच्छता अभियान भी चलाया जाना चाहिए। उन्होंने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि पर्यटक मणिकर्ण, कसोल, मनाली इत्यादि पर्यटन स्थलों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने कहा कि टीकाकरण की रफ्तार को बढ़ाया जाना चाहिए क्योंकि कोरोना वायरस से बचाव के लिए यह एक प्रभावी तरीका है। उन्होंने कहा कि जिले के सभी अस्पतालों में पर्याप्त चिकित्सक, पैरा मेडिकल स्टाफ तथा उपकरण उपलब्ध करवाए जाएंगे। होम आईसोलेशन में रह रहे मरीजों के स्वास्थ्य पर निगरानी के लिए उपयुक्त प्रणाली विकसित की जानी चाहिए। उपायुक्त मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने बैठक में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि जिले में एक लाख 33 हजार 878 नमूने लिए गए हैं जिनमें से 443 सक्रिय मामले हैं और पाॅजिटिविटी दर 8.25 प्रतिशत और मृत्यु दर 1.12 प्रतिशत है। जिले में 51 प्रतिशत मामले शहरी क्षेत्रों के हैं और मंडी शहर में ही 25 प्रतिशत मामले हैं। उन्होंने कहा कि अब तक टीकाकरण के दौरान जिले में एक लाख 64 हजार 280 कोविड-19 टीकाकरण की खुराकें दी जा चुकी हैं। जिले में कोविड-19 मरीजों के लिए 583 बिस्तरों की कुल क्षमता है। जिले में ऑक्सीज़न युक्त बिस्तरों की क्षमता 323 है यह बीबीएमबी अस्पताल सुंदरनगर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रत्ती, भंगरोटू के प्रीफेब्रिकेटिड अस्पताल, मातृ-शिशु अस्पताल सुंदरनगर तथा मातृ-शिशु अस्पताल मंडी में बढ़ाई जा सकती है। उपायुक्त कुल्लू डाॅ. रिचा वर्मा ने कुल्लू से बैठक में वर्चुअल माध्यम से भाग लेते हुए कहा कि जिले में कोविड-19 मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है और जिले में अधिकतर मृत्यु कोविड-19 तथा अन्य गंभीर बीमारियों के कारण हुई है। उन्होंने कहा कि अब तक जिले में 57 हजार 612 टीकाकरण खुराक दी जा चुकी है। जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों तथा निजी स्वास्थ्य संस्थानों में टीकाकरण किया जा रहा है। मरीजों के स्वास्थ्य संबंधित जरूरतों के लिए जिले में मजबूत एवं पर्याप्त अधोसंरचना सृजित की गई है। होम आईसोलेशन में रह रहे व्यक्तियों को जानकारी देने के लिए पंचायती राज संस्थानों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को शामिल करने के लिए प्रभावी प्रणाली भी विकसित की गई है और जिला में होम आईसोलेशन प्रणाली को भी सुदृढ़ किया गया है। द्रंग के विधायक जवाहर ठाकुर, जिला परिषद अध्यक्ष पाल वर्मा, पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री, अतिरिक्त दंडाधिकारी श्रवण मांटा, श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय महाविद्यालय नेरचैक के प्रधानाचार्य डाॅ. आरसी ठाकुर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी मंडी डाॅ. देवेन्द्र ठाकुर तथा जिले के अन्य अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया।
सच्ची घटना लाहौला के ऊपर पर आधारित जगदीश सनवाल का लिखा हुआ गाना उनके यूट्यूब चैनल पर रविवार को रिलीज़ किया गया। इस गाने को जिला परिषद् सदस्य चंद्र मोहन शर्मा ने रिलीज़ किया। बता दें कि इस गाने में बेटी का रोल वंशिका राणा ने निभाया है। इसका म्यूजिक तिलक शर्मा तथा वीडियो साहिल स्टूडियो के बैनर तले बना है। यह काफ़ी वर्ष पहले वैसाखी के दिन घटी घटना मंडी ज़िला के सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र के पिंगला गांव में लाहौला नाम की लड़की के ऊपर आधारित है। पुरानी कहानी के अनुसार पिंगला गांव में एक किसान के परिवार में 7 बहनें होने के कारण बहुत गरीबी थीं l उस जमाने में बाप कुछ पैसे के लालच से लड़की की शादी कर देते थे। कहते हैं की जिसका नाम लाहौल था वो सबसे छोटी थीं l उसकी शादी कहीं बड़ी दुर कर दी जो कि लड़की की मर्जी में नहीं थीं। गांव के लोगों का कहना है कि लाहौला का पति गूंगा-बहरा था तथा गरीब होने के कारण रोटी भी नसीब नहीं होती थीं और उसकी सखी सहेली भी उसको ताने कसती थीं तो शादी के कुछ दिन बाद ज़ब लड़की अपने मायके वैशाखी के त्यौहार में आई और वो अपनी शादी से खुश नही थीं और उसने मायके के साथ में बहते गहरे पानी में छलांग लगा कर अपनी ईहलीला समाप्त कर दी ल ज़ब उसके पति को पता चला कि लाहौल मर चुकी है तो उसने भी पानी में छलांग लगा कर खुद को भी समाप्त कर दिया l इस गाने में भी जग्गू मामा ने लाहौला के मरने से पहले कि कल्पना की है और अपनी संस्कृति के ऊपर इस कहानी को नया मोड़ दिया है। इस गाने को सुनने से उसकी कहानी का साफ पता दिखाई देता है। जगदीश सनवाल ने अपने मंडी के ऊपर भी कई गाने लिख चूका है। जग्गू मामा के गानों का लोग बेसब्री से इंतजार करते है तथा लाखों दिलों में अपनी सुरीली आवाज से जादू बिखेर चुके है। लाहौला वो तेरीयां का विमोचन एक सादे समारोह में इस स्थान से संबंध रखने वाले प्रसिद्ध समाजसेवी चंद्रमोहन शर्मा ने किया।
सरकाघाट क्षेत्र के लगभग 15 स्कूलों के प्रबंधकों ने शुक्रवार को हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में स्कूलों को 23 अप्रैल तक बंद रखने के फैसले पर कड़ा एतराज जताया है। निजी स्कूलों के संचालकों ने एक बैठक के दौरान कहा कि कोरोना काल में निजी स्कूलों ने सरकार का पूरा साथ दिया है। पिछले वर्ष स्कूल बंद रहे जिससे बच्चों की पढ़ाई बहुत अधिक प्रभावित हुई है। स्कूल बंद रहने से निजी स्कूलों की आय के साधन पूरी तरह से खत्म हो गए है। बहुत से स्कूलों द्वारा करोड़ों रुपए का लोन लिए गया है जिसकी इंस्टॉलमेंट मीट आउट कर पाना बहुत मुश्किल हो रहा है। अब स्कूलों की हालत दयनीय हो गई है। हजारों निजी स्कूलों के अध्यापकों का रोजगार निजी स्कूलों पर निर्भर करता है, ऐसी परिस्थिति में बहुत से स्कूल पिछले वर्ष बंद हो चुके हैं। संचालकों ने कहा कि इस वर्ष सत्र के आरंभ में ही 4 अप्रैल तक स्कूल बंद करने का आदेश जारी हुआ। फिर इसकी अवधि 15 अप्रैल तक बढ़ा दी गई और अब शुक्रवार को कैबिनेट में फैसला लिया गया की कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते स्कूलों को 21अप्रैल तक बंद रखा जाए। संकेत यह लग रहे हैं कि अब शायद इस साल भी यही क्रम जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी राज्यों में कोरोना कहाँ भाग जाता है। चुनावी रैलियों में भीड़ आती है उस समय कोरोना प्रोटोकॉल क्या अलग सा होता है। सरकार इस तरह से दोहरा मापदंड क्यों अपना रही है। इस परिस्थिति में निजी स्कूलों के प्रबंधकों को आत्महत्या के लिए विविश होना पड़ेगा। उन्होंने सरकार से मांग की है कि अध्यापकों की वैक्सीनेशन करके जल्द से जल्द स्कूलों को नियमित खोलने का फरमान जारी करें ताकि निजी स्कूल चल सकें। इस बैठक में एसपीएस इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन सुरेंद्र कुमार राणा, लौर्ड्स कन्वेंट स्कूल के प्रबंधक बलवंत बराड़ी, जीवन ज्योति आदर्श विद्यालय के प्रबंधक जीवानंद, हिल व्यू पब्लिक स्कूल की प्रबंधक सुमन शर्मा, हिमालयन पब्लिक स्कूल के संचालक मनीष कुमार, ओयस्टर पब्लिक स्कूल के संचालक दिलबाग सिंह, सनराइज पब्लिक स्कूल के प्रबंधक पवन कुमार आदि शामिल हुए।
जिला आयुर्वेदिक चिकित्सालय मंडी में स्थित राजकीय होम्योपैथिक स्वास्थ्य केन्द्र में अब हर वीरवार को एलर्जी क्लीनिक सजेगा। भारत सरकार के राष्ट्रीय आयुष मिशन के अन्तर्गत चलने वाले इस साप्ताहिक एलर्जी क्लीनिक में सभी प्रकार की एलर्जी के मरीजों को दवाईयों के साथ-साथ एलर्जी से बचने के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। उपायुक्त मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने इस साप्ताहिक एलर्जी क्लीनिक का शुभारम्भ करते हुए विभाग द्वारा तैयार पत्रिका का विमोचन किया। इस अवसर पर उप-निदेशक आयुष जोन डॉ. तेजस्वी विजय आजाद, वरिष्ठ होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारी डॉ.आशुतोष भारद्वाज, डॉ.देशराज बनयाल, डॉ.हितेश शर्मा, डॉ.यशवन्त ठाकुर, महेन्द्र पाल शर्मा एवं धर्मसिंह उपस्थित थे। इस पत्रिका में एलर्जी के कारण, लक्षण एवं बचाव के तरीकों की जानकारी दी गई है। बता दें कि होम्योपैथी के जनक डॉ.हनिमैन के जन्म दिवस 10 अप्रैल को विश्व होम्योपैथी दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इसी उपलक्ष्य में राज्य आयुष विभाग ने राजकीय होम्योपैथिक स्वास्थ्य केन्द्र मंडी में सप्ताहिक एलर्जी क्लीनिक की शुरूआत की है। इस अवसर पर ऋग्वेद ठाकुर ने कहा कि आजकल प्रदूषण एवं जीवनशैली में बदलाव के कारण एलर्जी विशेषकर श्वस्नतंत्र, गला, फेफड़ों तथा त्वचा आदि में काफी ज़्यादा बढ़ रही है। इन बीमारियों में होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति बहुत ही कारगर है और मरीजों को इस सुविधा का फायदा उठाना चाहिए। उन्होंने राजकीय होम्योपैथिक स्वास्थ्य केन्द्र में हर वीरवार मिलने वाली एलर्जी क्लीनिक की सुविधा का लाभ उठाने के लिए लोगों का आह्वान किया। उपायुक्त ने विश्व होम्योपैथी दिवस पर सभी होम्योपैथी चिकित्सकों को अपनी शुभकामनाएं भी दीं। उप-निदेशक आयुष मण्डी जोन डा. तेजस्वी विजय आजाद ने इस परियोजना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि राष्ट्रीय आयुष मिशन के अन्तर्गत स्वीकृत इस परियोजना के प्रथम चरण में सभी मरीजों को पंजीकृत करने के पश्चात् उनका रिकॅार्ड स्वास्थ्य केन्द्र में ही रखा जाएगा। इस कार्य के लिए एक 9 पृष्ठ की रोगी रिकार्ड पुस्तिका बनाई गई है, जिसमें उनकी समस्या की विस्तृत जानकारी रखी जाएगी तथा फोलोअप के लिए आने पर भी सुविधा रहेगी। मरीजों को पंजीकरण संख्या के साथ एक कार्ड दिया जाएगा। वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी डॉ.आशुतोष भारद्वाज ने बताया कि होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति में दवाईयां मरीज के प्रतिरोधात्मक तन्त्र को संतुलित एवं नियमित प्रतिक्रिया देने के लिए प्रेरित करती हैं जिससे मरीज धीरे-धीरे एलर्जा के प्रति सामान्य प्रतिक्रिया देने लगता है। होम्योपैथिक दवाएं सभी प्रकार की एलर्जीविशेषकर एलर्जिक राईनाईटिस, पोलन एलर्जी, एलर्जिक ब्रौंकाइटिस, त्वचा से संबन्धित एलर्जी जैसे अर्टिकेरिया, धूप से एलर्जी, संपर्क से एलर्जी, मौसमी एलर्जी, तथा खाद्य पदार्थों से होने वाली एलर्जी में फायदेमंद होती है। इन दवाइयों के कोई दुष्प्रभाव भी नहीं होते।
राज्य स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह 15 अप्रैल को मंडी जिला के पधर में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता मरीन आयोजित होगा। जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर भी मुख्यमंत्री के साथ समारोह में उपस्थित रहेंगे। यह जानकारी मंडी में हिमाचल दिवस के संबंध में हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर ने दी। बैठक में पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री ने भी समारोह के सफल आयोजन को लेकर अपने बहुमूल्य सुझाव दिए। ऋग्वेद ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री 15 अप्रैल को नेताजी सुभाष चंद्र मेमोरियल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पधर के मैदान में सुबह 11 बजे ध्वजारोहण करेंगे व पुलिस, होमगार्ड की टुकडि़यों के मार्चपास्ट की सलामी लेने के उपरांत प्रदेशवासियों को अपना संदेश देंगे। उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए समय रहते सभी इंतजाम करने के निर्देश दिए। बैठक में अतिरिक्त जिलादंडाधिकारी श्रवण मांटा और सहायक आयुक्त संजय कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। ऋग्वेद ठाकुर ने कहा कि समारोह में कोरोना प्रोटोकॉल का पूरा पालन किया जाएगा। समारोह स्थल पर जिला रैडक्रॉस सोसायटी के सर्व स्वयंसेवी मैाजूद रहेंगे। जो लोगों को सही तरीके से मास्क पहनने को लेकर जागरूक करने के साथ ही उचित सोशल दूरी सुनिश्चित बनाने की व्यवस्था भी देखेंगे। समारोह स्थल के प्रवेश द्वार पर थर्मल स्कैनर रहेगा। समारोह स्थल पर जगह जगह सेनिटाइजर की भी पर्याप्त व्यवस्था रहेगी।
हिमाचल प्रदेश में शहरी निकायों के वार्ड सदस्यों और पंचायत प्रधानों के चुनाव के लिए आज मतदान हो रहा है। चार नगर निगमों, छह नगर पंचायतों सहित 128 पंचायतों को देर शाम जनप्रतिनिधि मिलेंगे। सुबह आठ बजे से मतदान शुरू हो गया है और शाम चार बजे तक मतदान होगा। प्रोटोकॉल के तहत शाम 4 से 5 बजे तक कोरोना संक्रमित वोट डाल सकेंगे। मतदान के तुरंत बाद वोटों की गिनती की जाएगी और इसके तुरंत बाद नतीजे घोषित होंगे। मतदान से एक दिन पहले यानी मंगलवार को सैनिटाइजेशन किया जा चुका है ताकि कोरोना संक्रमण से बचा जा सके। चार नगर निगमों के 64, नगर पंचायतों में 44 वार्ड सदस्य चुने जाने हैं। नगर निगम चुनाव में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन से मतदान हो रहा है जबकि छह नगर पंचायतों और पंचायत प्रधानों के चुनाव में मतपत्रों का इस्तेमाल हो रहा है। कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला और भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना के नेतृत्व में पहला चुनाव है। इन दोनोें नेताओं के साथ साथ भाजपा व् कांग्रेस के कई बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है।
राजकीय आईटीआई पपलोग में मारुति सुजुकी कंपनी के द्वारा अपने गुजरात प्लांट के लिए कैंपस इंटरव्यू आयोजित किया गया। इसमें कंपनी के द्वारा 74 युवाओं को नौकरी प्रदान की गई है। चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र मौके पर ही दे दिये गए हैं। आईटीआई प्रधानाचार्य सुरेश कुमार ने बताया कि आईटीआई में सोमवार को कंपनी के प्रतिनधियों द्वारा कुल 150 युवाओं के साक्षात्कार लिए गए जिनमें से कंपनी ने 74 युवाओं का चयन किया और उनको मौके पर ही नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए गए। बता दें कि कंपनी के द्वारा चयनित किए गए युवाओं को आकर्षक वेतन सहित कई सुविधाएं देने का भी दावा किया गया है।
प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी मनु जैन ने द्रंग विधानसभा क्षेत्र के अनुज चंदेल को प्रदेश युवा कांग्रेस सोशल मीडिया एग्जीक्यूटिव का मैम्बर बनाया। नवनियुक्त मैम्बर अनुज चंदेल ने कहा कि जो जिम्मेदारी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा उन्हें सौंपी गई है उसका निर्वाहन वह पूरी ईमानदारी और निष्ठा से करेंगे और कांग्रेस पार्टी को सोशल मीडिया पर मजबूत बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। साथ ही आने वाले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी की फिर से सत्ता में वापसी करवाने और प्रदेश में सरकार बनाने के लिए कड़ी मेहनत कि जाएगी। इस मौके पर अनुज चंदेल ने अपने आदर्श व प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री ठाकुर कौल सिंह, युवा अध्यक्ष निगम भण्डारी, पूर्व युवा अध्यक्ष मनीष ठाकुर, भारतीय युवा कांग्रेस के सोशल मीडिया चीफ वैभव वालिया, प्रदेश युवा कांग्रेस सोशल मीडिया प्रभारी मनु जैन, प्रदेश सोशल मीडिया सयोंजक जयवर्धन खुराना, आर पी नेगी, प्रदेश महासचिव रजनीश मैहता, प्रेम डोगरा, पूर्व प्रदेश सचिव व वर्तमान जिला परिषद सदस्य जसवीर सिंह, दिनेश पटियाल, जिला उपाध्यक्ष जगदीश ठाकुर, द्रंग युवा कांग्रेस अध्यक्ष मनोज ठाकुर, द्रंग महिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्षा रेशमा ठाकुर व तमाम साथियों व वरिष्ठजनों को अपनी नियुक्ति के लिए धन्यवाद किया।
नगर निगम मंडी के लिए चुनाव प्रचार सोमवार 5 अप्रैल को सायं 5 बजे थम जाएगा। इसके बाद से 7 अप्रैल को चुनावी प्रक्रिया पूरी होने तक नगर निगम मंडी क्षेत्र में जनसभा अथवा जलूस आयोजित करने एवं भाग लेेने पर मनाही रहेगी। इसके अतिरिक्त उक्त अवधि में चुनावों के मद्देनजर जनमत को प्रभावित करने के उद्देश्य से किसी तरह के म्यूजिकल कंर्सट, नाटक प्रस्तुतियां व जन लुभावाने मनोरंजक कार्यक्रमों पर भी प्रतिबंध रहेगा। यह जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी और उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर ने दी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान करवाने के लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। मतदान 7 अप्रैल को सुबह 8 बजे से सायं 4 बजे तक होगा। मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद मतों की गिनती की जाएगी। नगर निगम मंडी के सभी वार्ड के मतों की गिनती के लिए व्यास सदन भ्युली को मतगणना केंद्र बनाया गया है। शराब की बिक्री व वितरण पर पाबंदी ऋग्वेद ठाकुर ने कहा कि चुनावों एवं मतगणना के दृष्टिगत नगर निगम मंडी में मतदान क्षेत्र के दायरे में आने वाले होटलों, ढाबों, दुकानों अथवा अन्य निजी व सार्वजनिक स्थानों पर शराब इत्यादि किसी भी प्रकार के मादक पदार्थो की बिक्री व वितरण पर पाबंदी रहेगी। यह पाबंदी मतदान से 48 घंटे पूर्व से मतदान व मतों की गिनती की प्रक्रिया सम्पन्न होने तक लागू रहेगी। अधिसूचना के अंतर्गत आदेशों की अवहेलना करने पर हिमाचल प्रदेश शहरी निकाय एक्ट-1994 के तहत कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। आग्नेयास्त्रों के साथ चलने पर प्रतिबंध उन्होंने बताया कि चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष तथा शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न करवाने के उद्देश्य से मतदान वाले दिन आग्नेयास्त्रों को साथ लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। यह आदेश चुनाव प्रक्रिया सम्पन्न होने तक लागू रहेंगे। आदेशों की अवहेलना करने वालों पर कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि मतदान के दिन मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में चुनावी प्रचार से जुड़ी कोई गतिविधि नहीं की जा सकेगी।
प्रदेश के चार नगर निगम में 7 अप्रैल काे हाेने वाली वाेटिंग के लिए कल शाम यानी साेमवार काे प्रचार थम जाएगा। अंतिम दिन 6 मार्च काे डाेर-टू-डाेर वाेट मांग सकेंगे। बीते 22 मार्च से लेकर अब तक चाराें नगर निगम क्षेत्राें में कांग्रेस और भाजपा ने जमकर प्रचार किया। भाजपा प्रत्याशियाें की जीत सुनिश्चित करने के लिए सरकार और संगठन दाेनाें ने खूब पसीना बहाया, ताे कांग्रेस ने भी काेई कसर नहीं छाेड़ी। सीएम जयराम ठाकुर ने चाराें नगर निगम के लिए अपना समय निकला और सहयाेगी मंत्रियाें काे जाे जिम्मेवारियां साैंपी गई उसका भी परिणाम सात अप्रैल काे सामने आएगा। हालांकि हार या जीत का फैसला जनता 7 अप्रैल काे करेगी, लेकिन दाेनाें राजनीतिक दलाें ने अपनी-अपनी दावेदारी जताने में काेई कमी नहीं रखी। ऐसे में अब देखना है कि नगर निगम साेलन, पालमपुर, धर्मशाला और मंडी की जनता किसे शहरी निकाय की चाबी साैंपती है।
कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने लोगों से कांग्रेस को मजबूत करने और नगर निगम मंडी में कांग्रेस प्रत्यशियों को अपना मत देने का आह्वान करते हुए कहा कि मंडी शहर और इसमें शामिल किए गए सभी ग्रामीण क्षेत्रों के एक समान विकास के लिए नगर निगम मंडी में कांग्रेस का काबिज होना बहुत ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर केवल सराज और धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र को ही प्रमुखता दे रहे हैं।उन्होंने कहा कि मंडी मुख्यालय के साथ साथ बल्ह विधानसभा क्षेत्र की अनदेखी हो रही है और इस अन्याय के खिलाफ एकजुट होकर नगर निगम के इन चुनावों में भाजपा को करारी शिकस्त देनी है। बल्ह विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 14 और 15 में नुक्कड़ सभाओं को सम्बोधित करते हुए राठौर ने कहा कि कांग्रेस के समय मे बल्ह विधानसभा क्षेत्र का जो विकास हुआ था आज वह वहीं ठहर गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर मंडी शहर के साथ विकास के मामलें में सौतेला व्यवहार कर रहें है। भाजपा अंदरूनी कलह से गुजर रही है और इसका असर मंडी के साथ-साथ प्रदेश के अन्य जिलों कांगड़ा, शिमला,सोलन पर भी पड़ा है। उन्होंने कहा कि नगर निगम के चुनावों में कांग्रेस के प्रति भारी उत्साह है और कांग्रेस इन चारों नगर निगमों में शानदार जीत हासिल करेगी। इस दौरान विधायक विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। मुख्यमंत्री केवल मंडी जिला के दो क्षेत्रों को ही प्राथमिकता देते हैं जिसमें एक उनका अपना निर्वाचन क्षेत्र सिराज है और दूसरा उनके परम मित्र महेंद्र सिंह का धर्मपुर निर्वाचन क्षेत्र शामिल है। उन्होंने कहा कि रोजगार के मामले में भी प्रदेश के अन्य सभी जिलों के साथ बहुत बड़ा अन्याय किया जा रहा है। इस अन्याय और भेदभाव के खिलाफ एकजुट होकर भाजपा को सत्ता से बाहर करना है। इस अवसर पर पूर्व मंत्री कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश चौधरी ने मुख्यमंत्री सहित भाजपा नेताओं को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि बल्ह के लोगों के साथ सरकार ने बहुत बड़ा धोखा किया है।उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में शुरू हुई इस क्षेत्र की विकास योजनाओं को अधर में लटका दिया गया है। इस क्षेत्र के लिए सरकार ने घोषणाएं तो बहुत की है पर धरातल पर कुछ नही हुआ है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने जिला मंडी के सुंदरनगर में 3 करोड़ 25 लाख रुपये की लागत से निर्मित राजकीय बहुतकनीकी महाविद्यालय के कन्या छात्रावास का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कन्या छात्रावास 16 महीनों की रिकाॅर्ड अवधि में बनकर तैयार हुआ है जिसके लिए उन्होंने निष्पादन एजेंसी बीएसएनएल के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह छात्रावास 69 छात्राओं को रहने की बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाएगा और यह सभी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हैं। इस छात्रावास के निर्माण से बहुतकनीकी महाविद्यालय की छात्राओं की लंबे समय से लंबित मांग पूरी हो गई है। वहीं, उन्होंने कहा की वर्तमान राज्य सरकार प्रदेश में शैक्षणिक संस्थानों को सुदृढ़ करने के लिए संकल्पबद्ध है ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हों। इसके बाद, मुख्यमंत्री ने जिला मंडी के भंगरोटू में निर्माणाधीन मेकशिफ्ट प्रीफेब्रिकेटिड अस्पताल के निर्माण कार्य का निरीक्षण भी किया और अधिकारियों को समयसीमा के भीतर परियोजना को पूरा करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
हिमाचल प्रदेश सर्व अनुबंध कर्मचारी महासंघ जिला मण्डी की इकाई का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को सुन्दरनगर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से सुंदरनगर के पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में मिला। यह प्रतिनिधिमंडल राज्य कार्यकारिणी कोषाध्यक्ष अविनाश सैनी, जिला मंडी के अध्यक्ष गिरधारी लाल चौहान, जनकराज की अगुवाई में मिला। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को हिमाचल प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत 17000 अनुबंध कर्मियों की गत तीन वर्षों से प्रदेश भाजपा सरकार के ठंडे बस्ते में पड़ी एकमात्र मांग, अनुबंध कार्यकाल को 3 वर्ष से घटाकर 2 वर्ष करने की घोषणा आगामी 15 अप्रैल को स्वर्ण जयंती हिमाचल दिवस के उपलक्ष्य पर करने हेतु ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में शामिल सदस्यों को हर बार की तरह इस बार भी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आश्वस्त करवाया कि अनुबंध कर्मचारियों की मांग को हिमाचल प्रदेश सरकार शीघ्र ही पूरा कर देगी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कभी भी अनुबंध कर्मचारियों की इस मांग को न तो सिरे से खारिज किया है तथा न ही इस मांग को पूरा करने में कोई सकारात्मकता दिखाई है। मुख्यमंत्री के आश्वासन कहीं ना कहीं 17000 अनुबंध कर्मचारियों को एक झुनझुना ही प्रतीत हो रहा है। नगर निगम चुनाव और बजट सत्र से पहले महासंघ की राज्य कार्यकारिणी का प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री से शिमला में मिला था तथा मुख्यमंत्री ने अनुबंध कार्यकाल को कम करने के सार्थक संकेत दिए थे। परंतु बजट सत्र में मुख्यमंत्री द्वारा इस मांग को नजरअंदाज कर देने से अनुबंध कर्मचारियों में खासा रोष व्याप्त हो रहा है। महासंघ के वित्त सचिव अविनाश सैनी और जिला मण्डी के अध्यक्ष गिरधारी लाल चौहान ने कहा कि यदि आगामी कैबिनेट की मीटिंग में सरकार अनुबंध कार्यकाल को कम करने के मुद्दे पर सहमति जताती है तथा 15 अप्रैल को हिमाचल दिवस के उपलक्ष्य पर अनुबंध कार्यकाल को कम करने की घोषणा के साथ ही शीघ्र इसकी अधिसूचना जारी करवाती है, तो ही सही मायने में अनुबंध कर्मचारी भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र के वायदे को पूरा किया हुआ मानेंगे। परंतु यदि सरकार यही निर्णय लेने से 15 अप्रैल को चूक जाती है तो प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत अनुबंध कर्मचारी स्वयं को ठगा हुआ महसूस करेंगे। हिमाचल प्रदेश सर्व अनुबंध कर्मचारी महासंघ की राज्य कार्यकारिणी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय पटियाल, उपाध्यक्ष सुनील कुमार शर्मा, उपाध्यक्ष गोपाल सिंह वर्मा, उपाध्यक्ष संदीप शर्मा तथा महासचिव सुरेंद्र नड्डा ने बताया कि यदि सरकार 15 अप्रैल को अनुबंध कार्यकाल को घटाने की घोषणा नहीं करती है तो अनुबंध कर्मचारियों के भीतर भाजपा सरकार के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण पैदा हो सकता है , जिसकी भरपाई भाजपा के लिए भविष्य में कठिन होगी। इस मौके पर महासंघ के प्रतिनिधि मंडल में जिला मंडी के तकनीकी शिक्षा विभाग से जनक जमवाल, नवीन, देवेंद्र, हितेश कुमार, सुनील कुमार ,शुभम, अविनाश, राजेश, विजेंद्र, वीरेंद्र सिंह, प्रदीप, अजय, पदम् देव, प्रेमनाथ, दुर्गा देवी, रविंद्र, रवि धीमान, सरवन कुमार, घनश्याम वर्मा, कुशल, जनक राज, संजीव कुमार, संजय कुमार, जितेंद्र सिंह, संजीव कुमार, प्रवीण सिंह, अनिल कुमार, भूप सिंह और लाल सिंह आदि सदस्य उपस्थित रहे।
उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने जिला की विभिन्न ग्राम पंचायतों में 7 अप्रैल को होने वाले मतदान के दृष्टिगत शराब की बिक्री पर तुरन्त प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए है। उन्होंने बताया कि इन मतदान केन्द्रों के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में दुकानों, ढाबों, होटलों, सार्वजनिक स्थलों तथा घरों में शराब का वितरण व बिक्री को पूर्णतयः प्रतिबंधित किया गया है। यह प्रतिबंध 48 घंटे के लिए लगाया गया है, जो मतदान समाप्त होने के निर्धारित समय तक जारी रहेगा। इन आदेशों की अवहेलना करने वालों पर नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
प्रदेश में तीन दिन बाद नगर निगम चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच चुनाव करवाना चुनौती से कम नहीं होगा। नगर निगम चुनाव में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से मतदान होगा। 7 अप्रैल को चार नगर निगम, छह नई नगर परिषदों और 128 पंचायतों में मतदान होगा। नगर पंचायत और पंचायत के चुनाव में बैलेट पेपरों से वोटिंग होंगे। माना जा रहा है कि कोरोना महामारी के खौफ से मतदान प्रतिशत प्रभावित हो सकता है। राज्य चुनाव आयोग के आदेशों पर मतदान से एक दिन पहले सभी मतदान केंद्रों को सैनिटाइज करना अनिवार्य होगा। चुनाव आयोग के जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार कोरोना संक्रमित वोटरों के लिए 4 बजे के बाद एक घंटे का समय वोट डालने के लिए रखा है। ऐसे वोटरों को पीपीई किट पहने स्वास्थ्य कर्मी मतदान कराने के लिए लेकर जाएंगे। इसके बाद ईवीएम को सैनिटाइज किया जाएगा और दूसरे वोटर से मतदान करवाया जाएगा। इस दौरान इस्तेमाल दस्तानों और मास्क को सुरक्षित तरीके से नष्ट कराया जाएगा। ऐसे वोटरों से पहले सुबह 8 बजे से दोपहर बाद 4 बजे तक दूसरे वोटर मतदान करेंगे। राज्य चुनाव आयोग के अनुसार थर्मल स्कैनर, मास्क, पीपीई किट, सैनिटाइजर फेस शील्ड का स्टाक उपलब्ध होगा । इनका इस्तेमाल मतदान के समय किया जाना है। राज्य चुनाव आयोग के चुनाव अधिकारी संजीव महाजन का कहना है कि चुनाव अधिकारियों ने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए तैयारियां कर ली हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने नगर निगम मंडी में भाजपा प्रीतशियों के लिए प्रचार किया और बैहना, तल्याडा एवं थानैडा में सभाओं को संबोधित किया। उन्होंने मंडी नगर निगम क्षेत्र की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र में भाजपा की मोदी सरकार और प्रदेश में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की भाजपा सरकार है, और अब मंडी में सभी भाजपा प्रत्याशियों को जीतकर मंडी के संपूर्ण विकास के लिए भाजपा को लाना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी कभी भी विकास नहीं करती केवल विकास के नाम पर राजनीति करती है। अब ग्रामीण क्षेत्र जो नगर निगम क्षेत्र में जोड़े है उनमें और तेज़ गति से विकास होगा, मंडी को केंद्र सरकार से कई ज़्यादा मदद मिलेगी। जिससे मंडी में हो रहे विकास को और गति मिलेगीं। उन्होंने कहा कि भाजपा जो कहती है वो करके दिखती है, हमारा किया एक एक वायदा पूर्ण किया जाएगा, अब मंडी को पानी की समस्या से निजात मिलेगा, मुख्यमंत्री द्वारा 100 करोड़ की पार्किंग का शिलान्यास किया है जिससे मंडी को पार्किंग की समस्या खत्म होगी , मंडी के हर वार्ड को एम्बुलेंस रोड मिलेंगे, 70 करोड़ की लागत से ग्रामीण क्षेत्र को सिवरेज की योजना प्राप्त हुई है। मंडी को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल बनाया जा रहा है, 150 करोड़ की लागत से शिव धाम एवं मंडी में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा मंडी के विकास को बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि मंडी को एनडीआरएफ की बटालियन मिली है जो कि मंडी क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है। यह हमारा सौभाग्य है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर मंडी के बेटे है जिन्होंने मंडी को नगर निगम का दर्जा दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा एक परिवार का राजनीतिक दल नही है अपितु कार्यकर्ता आधारित पार्टी है। जब-जब कांग्रेस आई है तब-तब भर्ष्टाचार का बोल बाला रहा है, और जब से भाजपा का शासन आया है तब से भ्रष्टाचार का नामो निशान समाप्त हो गया है। आने वाली 7 तारीक को मंडी में भी हमारा महापौर और उपमहापौर होगा। जनता का रुख भाजपा के पक्ष में है। इस कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं सुंदरनगर के विधायक राकेश जम्वाल, बल्ह से भाजपा विधायक इंद्र सिंह गांधी एवं प्रदेश सरकार में मंत्री राम लाल मार्कण्डेय उपस्थित रहे।
हिमाचल के राशन कार्ड उपभोक्ताओं को अब सस्ता राशन लेने के लिए दूर के डिपो में जाने से मिलेगा छुटकारा। सरकार शहरी क्षेत्रों में तीन और ग्रामीण क्षेत्रों में दो किलोमीटर के दायरे में सस्ते राशन के डिपो खोलने जा रही है। पहले पांच व इससे ज्यादा किलोमीटर में डिपो खोले जाते थे। कैबिनेट की मंजूरी के बाद खाद्य नागरिक एवं आपूर्ति विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। विभाग पंचायतों व अन्य क्षेत्रों में मांग पर भी सरकार डिपो खोलेगी। इसके अतिरिक्त प्रदेश में नए मिट्टी के तेल के डिपो नहीं खुलेंगे। वर्तमान में जिन डिपुओं में केरोसिन तेल मिल रहा है, उन्हीं डिपो में मिलता रहेगा।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत भौतिक और वित्तीय प्रगति तथा निधि उपयोग की बेहतर क्षमता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए हिमाचल प्रदेश को देश के सात राज्यों को आवंटित 464.28 करोड़ रूपये में से सर्वाधिक 221.28 करोड़ रूपये प्रोत्साहन निधि के रूप में प्राप्त हुए है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज मण्डी जिले के पण्डोह स्थित बी.बी.एम.बी. विश्राम गृह में जल शक्ति और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी और लाॅकडाउन की स्थिति के बावजूद नवम्बर, 2020 तक जल जीवन मिशन के अंतर्गत चार किश्तों में प्राप्त धनराशि के व्यय तथा निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने में हिमाचल प्रदेश ने देश का पहला राज्य होने का गौरव हासिल किया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि जल जीवन मिशन एक सर्वव्यापी जलापूर्ति योजना है जिसके अंतर्गत प्रदेश के सभी गांवों के घरों में पाइपों से शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया है। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश के 13 लाख से अधिक घरों में जल कनेक्शन प्रदान कर ग्रामीणों को लाभान्वित किया गया है। प्रदेश के तीन जिलों, 11 खंडों, 825 पंचायतों और 8 हजार 346 गांवों को हर घर जल के अंतर्गत लाया गया। प्रदेश के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ियों को इस योजना से जोड़कर पेयजल उपलब्ध करवाया गया है। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की है कि भारत सरकार द्वारा वर्ष 2024 तक जल जीवन मिशन के अंतर्गत 100 प्रतिशत लक्ष्य को प्राप्त करने के निर्धारित लक्ष्य को हिमाचल प्रदेश जुलाई, 2022 तक पूरा कर लेगा। प्रदेश सरकार जल जीवन मिशन के अंतर्गत न केवल हर घर तक पानी पहुंचाने बल्कि जल संरक्षण एवं संग्रहण जैसी योजनाओं पर भी कार्य कर रही है ताकि अधिक उपयोग के कारण भूमि के लगातार कम होते जल स्तर को फिर से रिचार्ज किया जा सके । मुख्यमंत्री ने राज्य को 221.28 करोड़ रूपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रदेश में जल जीवन मिशन के सफल कार्यान्वयन के लिए जल शक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सड़कों को पक्का करने के कार्य को गति प्रदान करने को कहा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्रालय के सहयोग से तारकोल की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी ताकि सड़कों को युद्ध स्तर पर पक्का किया जा सके। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने दूर-दराज क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याएं भी सुनीं। जल शक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर, शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर, विधायक सुरेन्द्र शौरी और जिला के वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
नेरचौक मेडिकल कालेज में सांस और छाती के रोगों से ग्रसित रोगियों के लिए रेस्पिरेटरी मेडिसिन डिपार्टमेंट शुरु हो गया है। गुरुवार को मेडिकल कालेज के प्रिंसीपल डा.आरसी ठाकुर ने इस नए डिपार्टमेंट का शुभारंभ किया। इस विभाग में निमोनिया, दमा, सीओपीडी, आईएलडी, पल्मोनरी हाईपरटेंशन और तपेदिक आदि रोगियों का इलाज किया जाएगा। पहले इन बीमारियों से ग्रसित रोगियों को जनरल मेडिसिन डिपार्टमेंट में ही देखा जाता था, लेकिन अब नया डिपार्टमेंट बन जाने से रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी और उन्हें इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। विभाग की एचओडी डा. रेखा बंसल ने बताया कि रेस्पिरेटरी डिपार्टमेंट मे हर सप्ताह सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को ओपीडी की सुविधा रहेगी।
यूको बैंक में 36 साल अपनी सेवाएं देने के बाद रंगाली सिंह ठाकुर 31 मार्च बुधवार को यूको बैंक शाखा लडभडोल से सेवानिवृत्त हुए। बैंक कर्मचारियों द्वारा उनकी सेवानिवृत्ति पर कोरोना नियमों के चलते सादे विदाई समारोह का आयोजन किया गया इसमें कर्मचारियों द्वारा चाय पान सहित दोपहर का भोजन का इंतजाम किया गया था और कर्मचारियों ने उन्हें फूल मालाएं पहनाकर और पुस्तकार भेंट करके सम्मानित किया गया और उन्हें खुशी खुशी विदाई दी। रंगील सिंह ठाकुर मुख्य केशियर के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और उनका 36 साल का सेवाकाल सराहनीय रहा है।
आरपी नेगी।शिमला प्रदेश के चार नगर निगमों में हाेने जा रहे चुनावाें के लिए सरकार और संगठन ने पूरी ताकत झाेंक दी है। ऐसे में अब आगामी सात दिनों तक सरकार के मंत्री, विधायक, पार्टी पदाधिकारी समेत कार्यकर्ता खूब पसीना बहाएंगे। सीएम जयराम ठाकुर भी दाे दिनों में धर्मशाला और पालमपुर में वाेटर्स के नब्ज टटाेलेंगे। वे आज ही धर्मशाला में प्रचार के लिए कूद पड़े हैं। चुनावी शेडयूल के मुताबिक 7 अप्रेल काे सुबह 8 से दाेपहर बाद 4 बजे तक वाेटिंग हाेनी है। प्रचार के लिए अब कम समय रहते देख सरकार के सभी मंत्री और संबंधित क्षेत्राें के विधायकों ने भी पूरा माेर्चा संभाल रखा है। प्रदेश में भाजपा की सरकार हाेने के नाते चाराें नगर निगमों पर भाजपा कब्जा जमाने की आस में हैं। इन दिनों राज्य सचिवालय से भी राैनक गायब हाे चुकी है। कारण यह है कि अधिकांश मंत्री मिशन इलेक्शन में कूद पड़े हैं और वैसे भी सीएम आउट ऑफ स्टेशन हाेते ही मंत्रियाें की अनुपस्थिति आम बात बन जाती है। वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस भी सभी सीटाें पर जीत दर्ज करने के लिए काेई कसर नहीं छाेड़ना चाहती। प्रदेश अध्यक्ष कुलदउीप सिंह राठाैर से लेकर विधयकों ने भी जिम्मेवारियाँ साैंपी है। ऐसे में अब देखना हैं कि 7 अप्रैल के दिन वाेटर्स किसे अपना प्रतिनिधि चुनते हैं? उल्लेखनीय है कि मंडी, साेलन और पालमपुर में पहली बार चुनाव हाे रहे हैं, जबकि नगर निगम धर्मशाला में दूसरी बार।
सिनेमाचल प्रोडक्शन देव भूमि फ़िल्म एंटरटेनमेंट द्वारा निर्मित लघु फ़िल्म मुकाम का टीज़र 27 मार्च को रिलीज़ किया गया। जिसकी जानकारी फ़िल्म के निर्माता, लेखक और निर्देशक दिनेश भारद्वाज ने दी। उन्होंने बताया कि फ़िल्म को उनके बैनर सिनेमाचल प्रोडक्शन फिल्म के सह निर्माता बालम कौंडल के बैनर देवभूमि फ़िल्म एंटरटेनमेंट चैनल पर 2 अप्रैल को रिलीज़ किआ जाएगा। फ़िल्म में मुख्य भूमिका वरिष्ठ पत्रकार पवन प्रेमी, मानसी भाटिया, सतीश हिंदुस्तानी, बालम कौंडल व लक्की जामवाल ने निभाई है। इसके अलावा फ़िल्म के कुछ द्रिश्यों में 6 साल की बच्ची दीक्षा व एक महीने की बच्ची गिरिशा को दिखाया गया है तथा वर्तमान में सेवा दे रहे दो पुलिस कर्मी अजय व देवी सिंह ने भी फ़िल्म में पुलिस कर्मी का अभिनय किया है। फ़िल्म के सारे द्रिश्य सरकाघाट में ही फिल्माए गए हैं। फ़िल्म को बनाने का मकसद हिमाचली फ़िल्म सिनेमा को आगे बढ़ाना तथा बेटियों के प्रति समाज की मानसिकता को बदलने का प्रयास है। वहीं, दिनेश भारद्वाज ने लोगों से अपील की है कि टीज़र को ज्यादा से ज्यादा शेयर किया जाए ताकी भविष्य में भी इस तरह के विषयों पर लघु फिल्में बनाने को ले कर उत्साह बना रहे ।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज बिलासपुर जिला के श्री नैनादेवी जी विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत स्वारघाट में लगभग 37 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की आधारशिलाएं रखीं और लोकार्पण किए। उन्होंने गरामोड़ा में 65 लाख रुपये की लागत से निर्मित स्वर्णिम हिमाचल प्रवेश द्वार और 20 लाख रुपये की लागत से तैयार स्वर्णिम हिमाचल भित्ति चित्रकला, स्वारघाट में 1.35 करोड़ रुपये से निर्मित बस अड्डे और विद्युत उप-मंडल कोट के अन्तर्गत 2.90 करोड़ रुपये की लागत से 33/11 के.वी., 1ग2.5 एमवीए को 1.63 एमवीए उप-केन्द्र स्वारघाट में संवर्धित करने, इसके आधुनिकीकरण और जीर्णोद्धार का शुभारम्भ किया। जयराम ठाकुर ने पलसेड़-कलाकुण्द सड़क पर 1.09 करोड़ रुपये की लागत से लेहरी खड्ड पर निर्मित होने वाले पुल, नाबार्ड के अन्तर्गत 5.95 करोड़ रुपये से बनने वाले मैथी-शैकली सड़क मार्ग, नाबार्ड के अन्तर्गत 5.25 करोड़ रुपये से बनने वाली लग-घाट जामली सड़क, नाबार्ड के अन्तर्गत नकराना पंचायत में 4.92 करोड़ रुपये लागत की गलूवा-छलैला सड़क, नकराना पंचायत के समीपवर्ती गांवों के लिए 3.01 करोड़ रुपये की लागत वाली ऊठाउ पेयजल आपूर्ति योजना, नाबार्ड के अन्तर्गत 3.74 करोड़ रुपये की लागत से सुरहद सम्पर्क मार्ग, कोट में 48 लाख रुपये की लागत से बनने वाले विद्युत उप-मण्डल कार्यालय भवन और जल शक्ति उप-मण्डल स्वारघाट एवं बस्सी की शेष बची बस्तियों में जल जीवन मिशन के अन्तर्गत 6.66 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले रैट्रोफिटिंग और स्त्रोत स्तर संवर्धन कार्य की आधारशिलाएं रखीं। इसके उपरान्त, भाजपा मण्डल श्री नैनादेवी जी द्वारा आयोजित सम्मान समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 33 केवी विद्युत उप-मण्डल स्वारघाट के संवर्धन से स्वारघाट, जगातखाना, तनबोल, टाली, जुखारी, बैहल, तरवाड़, स्वाहन, री, बह और कुण्डालू पंचायतों के लोग लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि पंचायतें लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण इकाइयां हैं जो अपने क्षेत्र के विकास में अहम योगदान निभाती हैं। हाल ही में सम्पन्न पंचायती राज चुनावों में विजयी रहे लगभग 70 प्रतिशत प्रधान और उप-प्रधान भाजपा समर्थित उम्मीदवार थे जो प्रदेश सरकार में लोगों के विश्वास को दर्शाता है। बीडीसी चुनावों में 68 भाजपा समर्थित और जबकि केवल 10 कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार चुनाव जीते। उन्होंने पंचायती राज संस्थानों के निर्वाचित प्रतिनिधियों से निष्ठापूर्वक और जन अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करने का आह्वान किया। जयराम ठाकुर ने कहा कि कोरोना के बढ़ते मामलों के दृष्टिगत यह आवश्यक है कि प्रत्येक व्यक्ति फेस मास्क का उपयोग करे और उचित परस्पर दूरी बनाए रखे। इस महामारी ने समूचे विश्व की आर्थिकी को प्रभावित किया है जिससे भारत भी अछूता नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारा देश भाग्यशाली है कि परीक्षा की इस घड़ी में हमारा नेतृत्व एक गतिशील नेता कर रहे हैं। देश में वेंटिलेटर पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं थे लेकिन आज देश प्रतिदिन लगभग छः लाख पीपीई किट्स तैयार कर विभिन्न देशों को भी निर्यात कर रहा है। उन्होंने कहा कि केन्द्र ने प्रदेश को 500 वेंटिलेटर भी प्रदान किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व का सबसे बड़ा प्रतिरक्षण कार्यक्रम भारत में चलाया गया जो केवल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व से ही सम्भव हो पाया है। प्रदेश सरकार ने लाॅकडाउन के कारण बाहरी राज्यों में फंसे लगभग 2.50 लाख युवाओं की प्रदेश वापसी सुनिश्चित की लेकिन कांग्रेस नेता प्रदेश सरकार पर कोरोना फैलाने का आरोप लगाती रही जो उनकी संकुचित मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने लाॅकडाउन के दौरान जरूरतमंदों की सहायता करने के लिए भाजपा नेताओं का आभार व्यक्त किया। जयराम ठाकुर ने वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जनमंच, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, सहारा योजना, हिम केयर, गृहिणी सुविधा आदि योजनाओं से प्रदेश के लाखों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। हिम केयर योजना के अन्तर्गत लगभग 1.30 लाख लोगों को निःशुल्क उपचार प्रदान किया गया है जबकि सहारा योजना के अन्तर्गत गम्भीर बीमारी से ग्रसित मरीजों के परिवारों को तीन हजार रुपये प्रतिमाह की सहायता प्रदान की जा रही है। गृहिणी सुविधा योजना के अन्तर्गत 2.92 लाख परिवारों को निशुल्क गैस कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्वारघाट में राज्य विद्युत बोर्ड का उप-मण्डल खोलने, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्वारघाट को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्तरोन्नत करने, प्राथमिक विद्यालय री को माध्यमिक पाठशाला में स्तरोन्नत करने, स्वारघाट में भूमि उपलब्ध होने के उपरान्त मिनी सचिवालय के निर्माण, स्वारघाट और श्री नैनादेवी के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में और ट्रैड्स शुरू करने, श्री नैनादेवी से शिमला और बैहल से नालागढ़ के लिए बस सेवा शुरू करने तथा क्षेत्र की सभी छः नवनिर्वाचित पंचायतों में पंचायत घर के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि वाहनों की पासिंग के लिए स्वारघाट में माह में एक दिन क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी बैठेगा और स्वारघाट में उप-न्यायाधीश कार्यालय खोलने के मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पंचायती राज संस्थानों, शहरी स्थानीय निकायों के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों, स्वैछिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया। विधायक सुभाष ठाकुर और जेआर कटवाल, जिला भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र सिंह सांख्यान, जिला परिषद् अध्यक्ष मुस्कान, उपाध्यक्ष प्रेम ठाकुर, उपायुक्त बिलासुपर रोहित जम्बाल और अन्य वरिष्ठ नेता एवं अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
जिला स्तर पर बैस्ट एसएमसी चुने जाने पर गोपालपुर खंड द्वितीय की राजकीय आदर्श केंद्र प्राथमिक पाठशाला बग पौंटा और गोपालपुर प्रथम की राजकीय केंद्र प्राथमिक पाठशाला नबाही को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया है। दोनों पाठशालाओं को पुरस्कार स्वरूप नकद इनाम राशि प्रदान की गई है। यह पुरस्कार दोनों पाठशालाओं के स्कूल मुख्याध्यापकों ने गलमा में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में प्राप्त की। इस बात की जानकारी देते हुए राजकीय केंद्र प्राथमिक पाठशाला के मुख्य शिक्षक एवं जिला प्राथमिक शिक्षक संघ के संरक्षक चेत सिंह ठाकुर ने दी। उन्होंने बताया कि गलमा स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में जिला शिक्षक और प्रशिक्षण संस्थान मंडी की ओर से यह पुरस्कार प्रदान किए गए हैं। उन्होंने बताया कि बग पौंटा स्कूल की एसएमसी को जिलाभर में द्वितीय स्थान पर आने के लिए 15000 रुपए तथा प्रशस्ति पत्र और नबाही स्कूल को तृतीय स्थान प्राप्त करने पर 10000 रुपए राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि यह पुरस्कार इन एसएमसी को बल्ह के विधायक इंद्र सिंह गांधी के द्वारा दिए गए।
उपमंडल धर्मपुर के तहत आने वाले राजकीय माध्यमिक पाठशाला डरवाड़ की स्कूल प्रबन्धन समिति का जिला स्तरीय उत्कृष्ट पाठशाला प्रबन्धन समिति के लिए चयनित होने पर लोगों में खुशी की लहर है। शिक्षा खण्ड धर्मपुर एक पर पहला स्थान प्राप्त करने के पश्चात पाठशाला प्रबन्धन समिति डरवाड़ ने जिला स्तर पर शिक्षा खण्ड का प्रतिनिधित्व किया। 10 मार्च को डाइट मंडी में जिला परियोजना अधिकारी व अन्य चयन समिति के समक्ष पाठशाला के विज्ञान अध्यापक उमेश शर्मा ने अपनी पाठशाला प्रबन्धन समिति की उपलब्धियों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। 26 मार्च को जिला स्तरीय उत्कृष्ट पाठशाला प्रबन्धन समिति को सम्मानित करने सम्बन्धित कार्यक्रम राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गलमा में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विधायक बल्ह इंद्र सिंह गांधी मुख्य अतिथि थे। जिला मंडी शिक्षा उपनिदेशक, उच्च प्रारम्भिक सुरेंद्रपाल शर्मा व अमरनाथ राणा के अतिरिक्त जिला परियोजना अधिकारी बलवीर भारद्वाज व अन्य अतिथिगण उपस्थित थे। राजकीय माध्यमिक पाठशाला डरवाड़ की ओर से पाठशाला प्रबन्धन समिति के अध्यक्ष रणजीत सिंह व सदस्यों सुरजीत, राजेश, खण्ड स्रोत समन्वयक नरेश गुलेरिया व विज्ञान अध्यापक उमेश शर्मा ने मुख्य अतिथि के द्वारा जिला स्तर की उत्कृष्ट पाठशाला प्रबन्धन समिति का चयन होने पर उपहारस्वरूप ₹15,000 व स्मृति चिन्ह प्राप्त किया। खण्ड परियोजना अधिकारी भोला दत्त कश्यप व पाठशाला डरवाड़ प्रभारी रीता कुमारी ने समस्त पाठशाला प्रबन्धन समिति को बधाई दी। रणजीत सिंह ने बताया कि यह पुरस्कार हमें पाठशाला में और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा। समस्त पाठशाला प्रबन्धन समिति ने यह राशि पाठशाला भवन के बरामदे में जाली लगाने के लिए उपयोग करने का फैसला किया। समस्त पाठशाला प्रबन्धन स्मिति ने जिला परियोजना अधिकारी बलवीर भारद्वाज का धन्यवाद किया और भरोसा दिलाया कि वे पाठशाला की बेहतरी के लिए और अधिक मेहनत करेंगे।
उपमंडल सरकाघाट के पपलोग स्थित गवर्नमेंट आईटीआई पपलॉग में 5 अप्रैल को मारुति सुजुकी कंपनी साक्षात्कार के लिए आ रही है। जिसमें कुल वैकेंसी 300 के आसपास हैं। इच्छुकअभ्यर्थी आकर इंटरव्यू दे सकता है। यह सुचना प्रिंसिपल सुरेश कुमार शर्मा गवर्नमेंट आईटीआई पपलोग ने दी। महेश सिंह इंस्ट्रक्टर प्लम्बर, पवन कुमार इंस्ट्रक्टर इलेक्ट्रॉनिक, मैकेनिक हितेश कुमार, एक्टर इलेक्ट्रीशियन अविनाश राणा, इंस्ट्रक्टर इलेक्ट्रीशियन और क्लर्क नितीराज, दिलीप सिंह आदि इस मौके पर मौजूद रहेंगे।
पूर्व मंत्री व कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सुधीर शर्मा ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि भारतीय जनता पार्टी सत्ता के नशे में चूर होकर नगर निगम चुनावों मे कांग्रेस के उम्मीदवारों पर दबाव बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि धर्मशाला में कांग्रेस पार्टी के दो उम्मीदवारों को नामांकन रद्द करने की धमकी दी जा रही है। वार्ड न.17 से कांग्रेस की उम्मीदवार आशा देवी को अधिकारी घर जाकर धमका रहे हैं कि उनका नामांकन रद्द कर दिया जाएगा।जबकि चुनाव आयोग के अनुसार जो उम्मीदवार खड़े हैं, उनके नाम पर आपत्ति की समय अवधि समाप्त हो चुकी है। यह वही लोग हैं जिन्होंने वार्ड न.17 की उम्मीदवार आशा देवी को जो जाति प्रमाण पत्र जारी किया था, अब उसे रद्द करने की बात कह रहे हैं। भाजपा पूरी तरह बौखला गई है। उन्होंने कहा कि सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने का प्रयास किया जा रहा है, अधिकारियों और कर्मचारियों का ध्यान रखना चाहिए। सत्ता आती जाती रहती है, अगर इसी तरह कांग्रेस के उम्मीदवारों को धमकाते रहे तो परिणाम अच्छे नहीं होंगे। कांग्रेस पार्टी के लोग चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को चुनाव आयोग के नियमों का पूरी तरह से पता ही नहीं है। जब एक बार नामांकन स्वीकार कर लिया जाता है तो उसके बाद उसे रद्द नहीं किया जा सकता। हैरानी की बात है कुछ अधिकारियों ने तो कांग्रेस उम्मीदवार पर एफ़आइआर तक करने की धमकी दी है। याद रक्खें वर्तमान सरकार का कार्यकाल समाप्ति की और है।
सरकाघाट के एसपीएस स्कूल में भारत सरकार द्वारा स्थापित आधुनिक अटल टिंकरिंग लैब का विधिवत उद्घाटन राज्य खेल परिषद सदस्य एवम् थौना वार्ड से ज़िला पार्षद समाजसेवी चंद्र मोहन शर्मा द्वारा किया गया। देशभर में अच्छे स्कूलों में स्थापित आधुनिक अटल टिंकरिंग लैब की ओर से विद्यार्थियों द्वारा जो भी कार्य किया जाता है उसे अटल लैब की साइट पर अपलोड किया जाता है। इसमें विभिन्न प्रकार के प्रोजेक्ट महीने भर की गतिविधियों को दर्शाया जाता है। जिनका भारत सरकार की अटल इन्नोवेशन मिशन और नीति आयोग अवलोकन करता है। इस आकलन में जो विद्यालय सर्वश्रेष्ठ आते हैं, उन्हें ए.टी.एल. स्कूल ऑफ द मंथ के पुरस्कार से नवाजा जाता है। सरकाघाट क्षेत्र के बच्चों, अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन को मुख्य अतिथि चन्द्रमोहन शर्मा ने बधाई देते हुए कहा कि यहां बड़े गर्व की बात है। एस.पी.एस. इंटरनेशनल को सरकार द्वारा इस लैब को स्थापित करने का सम्मान मिला है। उन्होंने कहा स्टूडेंट के बीच इनोवेशन, क्रिएटिविटी और वैज्ञानिक पहलुओं को बढ़ावा देना इसका मकसद है। स्कूल के प्रधानाचार्य तथा चेयरमैन सुरेंद्र कुमार राणा ने अटल टिंकरिंग लैब की विशेषता पर प्रकाश डालते हुए कहां की इस लैब द्वारा 3D प्रिंटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोट के लिए नई तकनीकों से बच्चों को रूबरू होने का अवसर मिलेगा। लैब द्वारा बच्चों को 21वीं शताब्दी के जरूरी स्किल्स सिखने को मिलेंगे। इस मौके पर गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज के प्रधानाचार्य आरसी ठाकुर, डॉक्टर सुभाष सरकाघाट, नगर परिषद की अध्यक्ष अनूप कुमारी, पार्षद शांता देवी एस एम सी के सदस्य हेमराज राणा, प्रकाश चंदर, श्रीमती सीमा, सनराइज पब्लिक स्कूल के चेयरमैन पवन वर्मा, रिटायर्ड सीएचसी हंसराज, एडवोकेट चमन लाल आदि भी उपस्थित थे ।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज जिला मंडी के सुंदरनगर में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार स्थिति से भली-भांति अवगत हैं और इस महामारी को फिर से फैलने से रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला मंडी में कोविड के लिए अब तक 125811 नमूनों की जांच की गई है जिनमें 10381 मामले पाॅजिटिव पाए गए। इनमें 10197 स्वस्थ हो चुके हैं जबकि 129 लोगों की मृत्यु हुई है। उन्होंने कहा कि जिले में प्रत्येक सैंपल पाॅजिटिविटी दर 8.25 प्रतिशत और मृत्यु दर 1.24 प्रतिशत है। जयराम ठाकुर ने कहा कि जिले में कोविड-19 मरीजों के लिए 583 बिस्तरों की क्षमता है जिनमें श्री लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सा महाविद्यालय नेरचैक में 150 बिस्तर शामिल हैं। अब तक कोविड वैक्सीन की 69483 खुराकें दी जा चुकी हैं। कोविड-19 संबंधी सामग्री जैसे एन-95 मास्क, तीन परत वाले मास्क, इन्फ्रारेड थर्मामीटर, पल्स आॅक्सिमीटर व हैंड सेनेटाइजर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। नेर चैक में प्री-फेबिकेटिड कोविड-19 अस्पताल के निर्माण का कार्य जल्द पूरा कर लिया जाएगा और 15 अप्रैल के उपरांत इस अस्पताल में मरीजों की भर्ती शुरू कर दी जाएगी। वरिष्ठ नागरिकों का टीकाकरण करने वाले जिलों में मंडी शीर्ष स्थान पर है। उन्होंने कहा कि अब तक 37949 वरिष्ठ नागरिकों का टीकाकरण किया जा चुका है। जयराम ठाकुर ने प्रदेश के लोगों से हाल ही में जारी की गई मानक संचालन प्रक्रिया का पालन करने का आग्रह किया ताकि कोविड-19 के मामलों को बढ़ने से रोका जा सके। उन्होंने लोगों से इस महामारी को फैलने से रोकने के लिए फेस मास्क और हैंड सेनेटाइजर का नियमित उपयोग करने का भी आग्रह किया। उपायुक्त मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने जिले में कोविड-19 की स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुति दी। सांसद और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप, नगर परिषद् सुंदरनगर के अध्यक्ष जितेंद्र शर्मा, निदेशक तकनीकी शिक्षा विवेक चंदेल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ.देवेन्द्र शर्मा, श्री लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सा महाविद्यालय नेर चैक के प्रधानाचार्य डाॅ.आरसी ठाकुर, चिकित्सा अधीक्षक डाॅ.जीवानन्द, पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री, उपमंडलाधिकारी सुंदरनगर राहुल चैहान और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
शिमला। प्रदेश के चार नगर निगम, 6 नगर पंचायत और तीन ब्लाॅक में पंचायत चुनाव के लिए एक हजार 73 प्रत्शायी मैदान में हैं। सात अप्रैल काे हाेने वाले मतदान के लिए आज नामांकन का अंतिम दिन था। राज्य निर्वाचन आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक नगर निगम धर्मशाला की 17 सीटाें के लिए 86, पालमपुर की 15 सीटाें के लिए 89, मंडी की 15 सीटाें के लिए 96 और नगर निगम साेलन की 17 सीटाें के लिए 48 उम्मीदवार रणभूमि में उतर गए हैं। सबसे अधिक मंडी नगर निगम में 96 प्रत्याशी हैं, जबकि नगर निगम साेलन में सबसे कम 48 उम्मीदवार। इसी तरह से कंडाघाट नगर पंचायत में 20, चिड़गांव में 23, नेरवा में 22, आनी में 20, निरमंड में 24 और नगर पंचायत अंब के लिए 33 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं।


















































