भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण की सिविल विमान क्षेत्र शिमला पर एयरपोर्ट सलाहकार समिति की बैठक भाजपा अध्यक्ष एवं संसद सदस्य शिमला की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक का उद्देश्य यात्रियों की सुविधाओं के दृष्टिकोण से हवाई अड्डों को उपयोग कर्ता के अनुकूल बनाना एवं आने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करना रहा। बता दें की इस समिति की बैठक पूर्व में 2018 के बाद अब 22 सितंबर 2021 को हुई ,अब विभाग हर 6 माह में एक बार बैठक को आयोजित करेगा। बैठक में शिमला एयरपोर्ट को लेकर एक प्रस्तुति भी दी गयी। उड़ान-3 स्कीम के अंतर्गत हेरिटेज नामक ऑपरेटर ने धर्मशाला शिमला, कुल्लू शिमला, चंडीगढ़ शिमला, हिंडन शिमलाफ्लाइट रूट लिया है। इस दौरान सांसद सुरेश कश्यप ने पूछा कि इस कंपनी का विमान क्यों नहीं उड़ रहा है। बैठक में बताया गया कि 2019-20 में कुल 1431 फ्लाइट आगमन प्रस्थान, 2020-21 में कुल 626 फ्लाइट आगमन प्रस्थान व 2021-22 में 31 अगस्त तक 264 फ्लाइट आगमन प्रस्थान हुई है। सुरेश कश्यप ने कहा कि अलायन्स एयर - एयर इंडिया जल्द अपनी फ्लाइट शुरू करने जा रहा है और पवन हंस भी आने रुट बढ़ाने वाला है जिससे लोगों का शिमला में आवागमन बढेगा।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने बुधवार को सरकारी आवास ओक ओवर से राज्य पुलिस विभाग की 58 बुलेट मोटर साइकिल, दो ट्रक और एक बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंनेे ‘से नो टू ड्रग्ज’ थीम पर आधारित पुलिस विभाग का जागरूकता वीडियो भी जारी किया, जिसे यू ट्यूब पर अपलोड किया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में कानून व व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए पुलिस विभाग को नवीनतम तकनीक और बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। प्रदेश विभाग के लोगों को सेवाएं प्रदान करने के लिए सराहनीय कार्य कर रहा है और सरकार विभाग के आधुनिकीकरण और प्रभावी कामकाज के लिए हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने नए वाहनों की खरीद के लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष के दौरान 13 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। अब तक करीब चार करोड़ रुपये से 99 वाहन खरीदे जा चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल, महापौर नगर निगम शिमला सत्या कौंडल, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह मनोज कुमार, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू और पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
शिमला: बुधवार को भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने हिमाचल में अन्य मतदाताओं की तुलना में दिव्यांगजनों का मतदान प्रतिशत अधिक होने की सराहना की है। वे चुनाव आयोग द्वारा आयोजित 'सुगम्य चुनाव पर राष्ट्रीय सम्मेलन' में मुख्य अतिथि के तौर पर बोल रहे थे। इसमें संपूर्ण चुनाव आयोग और देश के वरिष्ठ विकलांगता विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रदेश का प्रतिनिधित्व उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष और सुगम्य चुनाव के राज्य कोऑर्डिनेटर प्रो. अजय श्रीवास्तव ने किया। मंगलवार देर शाम तक हुई इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी सी. पालरासु, अतिरिक्त मुख्य चुनाव अधिकारी दलीप नेगी एवं नीलम दुल्टा और ओएसडी नीरज शर्मा विशेष रूप से उपस्थित थे। प्रो. अजय श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में बताया कि पिछले कुछ वर्षों में दिव्यांग मतदाताओं के लिए बाधा रहित वातावरण बनाने के उद्देश्य से हिमाचल में काफी काम किया गया है। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों प्रदेश में 74 प्रतिशत दिव्यांगजनों ने वोट डाले, जबकि अन्य वोटरों का मतदान प्रतिशत 72 था। इस पर मुख्य चुनाव आयुक्त ने हिमाचल प्रदेश के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले चुनावों में दिव्यांग एवं वरिष्ठ नागरिक मतदाताओं के लिए सभी सुविधाएं जुटाने के साथ ही आधुनिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल भी किया जाएगा। देशभर में दिव्यांग विद्यार्थियों के विशेष स्कूलों, बेसहारा महिलाओं के आश्रय स्थलों, मनोरोग अस्पतालों और वृद्धाश्रमों में रहने वाले बुजुर्गों को मतदाता सूचियों में दर्ज करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। इन संस्थानों में मतदान केंद्र भी बनाए जाने चाहिए। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में तकनीकी सुधार करके दृष्टिबाधित एवं डेफब्लाइंड मतदाताओं को क्रम से ऑडियो एवं ब्रेल के माध्यम से यह जानने दिया जाए कि उनका वोट किसको गया है।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हिमाचल हाईकोर्ट से दो जजों के तबादले की सिफारिश की है। वहीं, राजस्थान हाईकोर्ट में न्यायाधीश का तबादला हिमाचल हाईकोर्ट में किया है। हिमाचल हाईकोर्ट के न्यायाधीश सुरेश्वर ठाकुर व न्यायाधीश अनूप चिटकारा को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में स्थानांतरित करने की सिफारिश की गई है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने राजस्थान हाईकोर्ट में न्यायाधीश सबीना का तबादला हिमाचल हाईकोर्ट में करने की सिफारिश की है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायधीश होंगे। सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने इससे पूर्व इन्हें मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से हिमाचल हाईकोर्ट स्थानांतरित करने की सिफारिश की है। हिमाचल हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने का फैसला भी लिया गया है।
आम आदमी पार्टी ने प्रदेश में स्कूलों के खस्ताहाल पर जयराम ठाकुर सरकार को घेरा है। 'आप' प्रदेश प्रभारी रत्नेश गुप्ता ने भाजपा सरकार से सवाल किया कि, शिक्षा बजट का ऐसा कैसा इस्तेमाल हो रहा है कि स्कूल में बच्चे पानी, बिजली और टॉयलेट जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे है? उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश के 267 स्कूलों में छात्राओं और 448 स्कूलों में छात्रों के लिए शौचालय नहीं है। स्वच्छ भारत मिशन पर दाग की तरह है ये आंकड़े। 15 ऐसे स्कूल है जहां बच्चों को पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि ये सरकार के अपने आंकड़े है जिसे जयराम ठाकुर सरकार झुठला नही सकती। 8000 करोड़ के शिक्षा बजट के बाद भी ये हालात शर्मशार करने वाले। उन्होंने सवाल किया कि प्रदेश की आम जनता को बार बार बिजली के बढ़े दामो से झटका देने वाली सरकार आज तक प्रदेश के 664 स्कूलों में बिजली क्यों नहीं पहुंचा पाई है? उन्होंने कहा विकास का इंतजार इतना लंबा है कि आज भी प्रदेश के 1937 स्कूल लाइब्रेरी के इंतजार में है। आलीशान कमरों में बैठकर शिक्षा पर चर्चा करने वाले लोग आज तक 80% स्कूलों में कंप्यूटर और इंटरनेट मुहैया नहीं करवा पाए हैं। शिक्षा बजट के आकड़ो से खिलवाड़ करने वाले लोगो 25 स्कूलों को खेल का मैदान तक नही दिला पाए है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार देश की पहली ऐसी सरकार है जो अपने बजट का 25% शिक्षा पर खर्च करती है। इसी बजट के ईमानदार इस्तेमाल ने सरकारी स्कूलों का कायाकल्प कर वो इबारत लिखी है जिसकी गवाही देश और दुनिया देती है।
हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ का एक प्रतिनिधिमंडल अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के अखिल भारतीय संगठन मंत्री महेंद्र कपूर की अध्यक्षता में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से मिला। इस बैठक में हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के संगठन मंत्री पवन मिश्रा, प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ मामराज पुंडीर, हिमाचल प्रदेश महाविद्यालय शैक्षिक महासंघ के प्रांत अध्यक्ष डॉ रविन्द्र ठाकुर उपस्थित रहे। बैठक में हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ की विभिन्न मांगों पर चर्चा करके मुख्य सचिव को हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के साथ बैठक करने के आदेश दिए। इस बैठक में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने पवन मिश्रा द्वारा लिखी किताब "मैं हूँ माँ" का विमोचन किया।
अक्तूबर माह में मानसून हिमाचल को अलविदा कह जाएगा, लेकिन जाने से पहले हिमाचल प्रदेश को गहरे जख्म दे रहा है। मौसम विभाग की चेतावनी के बीच राज्य के अधिकतर हिस्सों में सोमवार व मंगलवार को भारी बारिश हुई। खासकर पहाड़ी इलाकों में जोरदार बारिश से हालात खराब हो गई हैं। कुल्लू और सिरमौर जिलों में बादल फटने से निजी संपत्ति व फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान बारिश से जुड़ी घटनाओं में एक व्यक्ति की मौत हुई है। वहीं, भू-स्खलन से चार घरों को नुकसान पहुंचा और 46 सड़कें बंद हैं। भारी बारिश के कारण हिमाचल प्रदेश को अब तक एक हजार 66 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार बीते 24 घंटों के दौरान हमीरपुर जिला में डंगे के नीचे दबने से एक व्यक्ति की मौत हुई है। भू-स्खलन से प्रदेश की 46 सड़कों पर यातायात ठप पड़ गया है। शिमला में 13, मंडी व सिरमौर में 9-9 हमीरपुर व कांगड़ा में 6-6, कुल्लू में दो और सोलन में एक सड़क बंद है। राज्य में मानसून सीजन के दौरान अब तक चल एवं अचल संपत्ति को 1066 करोड़ का नुकसान हो चुका है।
उपभोक्ताओं को सस्ते राशन के साथ-साथ हर माह सस्ती आधा किलो ब्रांडेड चाय पत्ती भी मिलेगी। बाजार मूल्य की अपेक्षा यह चाय 20 रुपये तक सस्ती होगी। खाद्य आपूर्ति निगम ने इसका प्रस्ताव तैयार कर प्रदेश सरकार को मंजूरी के लिए भेजा है। राशनकार्ड पर उपभोक्ताओं को 250 ग्राम के दो पैकेट दिए जा सकते हैं। बाजार में ब्राडेंड चाय 110 रुपये की 250 ग्राम मिल रही है, खाद्य आपूर्ति निगम इसे 90 से 95 रुपये के बीच उपभोक्ताओं को देगा। खाद्य आपूर्ति निगम की ओर से कंपनी के साथ सीधा संपर्क रहेगा, इसके चलते उपभोक्ताओं को चाय पत्ती सस्ती मिलेगी। हिमाचल प्रदेश में 18.5 लाख राशनकार्ड धारक हैं। केंद्र सरकार सब्सिडी पर राशनकार्ड उपभोक्ताओं को चावल और गेहूं उपलब्ध कराती है। प्रदेश सरकार चावल 10 रुपये और गेहूं करीब 6 रुपये प्रति किलो के हिसाब से एफसीआई को राशि जमा कराती है। राशनकार्ड उपभोक्ताओं को आटा उपलब्ध हो, इसके चलते सरकार अपने स्तर पर गेहूं की पिसाई कराती है। ऐसे में एपीएल उपभोक्ताओं को यह आटा करीब 8.50 रुपये प्रति किलो मिलता है। इसके अलावा प्रदेश सरकार उपभोक्ताओं को डिपुओं में तीन दालें, चीनी, नमक और दो लीटर तेल सब्सिडी पर देती है। अब सस्ते राशन पैकेज में चाय पत्ती को शामिल कर सरकार उपभोक्ताओं को चाय का स्वाद और भी बढ़ाना चाहती है।
Shimla, BJP State President and member of Parliament Shimla presided over the DISHA meeting held in Bachat Bhawan DC office shimla today. Additional Deputy Commissioner Kiran Bhadana and ADM Protocal Sachin Kanwal were also present in the meeting. With then MLA Theog Rakesh Singha , ZP Shimla Chandra Prabha Negi, Mayor Satya Kaundal with representatives of 29 departments were also present in the meeting. In the meeting Suresh Kashyap while appreciating the departments for their good work also pointed out where the departments have to speed up. He pressed on that all works should be done a time bound manner ao that the general public is benefited from time to time. While adressing the PWD Department he said the sime works are pending since 2013-14 and 2017-18 the departments shall finish the work on ASAP basis and report back with all documents. He said that the officers must come for the meeting fully prepared and should also carry all supporting documents regarding exlanations and presentations. He further added that a lot of beneficial Schemes have been introduced by the centre government but there is a dire need to pulicise the same on ground. He stressed on PM Fasal beema yojna that farmers should gain the maximum out of these schemes. Suresh kashyap was happy about the CA stores made under various goverment schemes that will benefit our farmers in a lager manner. We are currently working with 14 stores where we store upto 52843 MT of apples and 2 more CA stores are coming uo where we will be able to store aome 8550 MT of apples. He said jal shakti division is doing good work and we will complete our mission of water to all households by 2022. He also said that dangerous tress should be given permissions to be done away with as they are a hazard to general public, permissions should also be seeked by departments from the concerned SDM's. He said there is great focus on social security of the public and though awerness campaigns our departments will will achieve the same. We will be working in a target oriented manner.
जिला कल्याण अधिकारी शिमला, सुरेंद्र बिम्टा ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला शिमला के सभी तहसीलों में सेवा सप्ताह के पांचवे दिन वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित किया गया तथा उनके हाथों द्वारा पौधरोपण भी करवाया गया। उन्होंने बताया कि सेवा सप्ताह के अंतर्गत सम्मान समारोह में वरिष्ठ नागरिकों को विशेषकर 90 वर्ष से अधिक आयु वर्ग को पुष्प गुच्छ व अन्य उपहार देकर बड़े हर्षोत्साह से मनाया गया तथा उनके कर कमलों द्वारा क्षेत्र में पौधरोपण भी करवाया गया। वरिष्ठ नागरिकों द्वारा सेवा सप्ताह को बड़ी प्रसन्नता से मनाया गया। शिमला ग्रामीण तहसील के कोट गांव में 104 वर्षीय गोविन्द राम शर्मा, 104 वर्षीय कमला देवी नगर पंचायत नारकडा तथा शैफी देवी 103 वर्षीय मझोटली चौपाल द्वारा पौधरोपण किया गया। सभी वरिष्ठ नागरिकों ने सरकार का धन्यवाद प्रकट करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम से उन्हें एहसास हो रहा है कि समाज में उनकी महत्ता अभी भी है एवं उनके प्रति अपनेपन का एहसास समाज में जीवित है।
चौपाल विधानसभा क्षेत्र के तहसील कुपवी में सोमवार को समस्त 15 पंचायतों का क्षेत्र के आम मुद्दों को लेकर एक जनमंच रखा गया था, जिसको लेकर अब सियासी घमासान चल रहा है, कुपवी युथ कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश लालटा ने आरोप लगाया है कि यह युवा सम्मेलन भाजपा विधायक बलबीर वर्मा के कहने पर उनके कुछ खास लोगों द्वारा रखा गया था जिसमें कुछ चुनिंदा भाजपा के लोग शामिल थे। लालटा ने चौपाल विधानसभा क्षेत्र से विधायक बलबीर वर्मा को आड़े हाथ लेकर कहा कि बीते 4 सालो से समस्त कुपवी क्षेत्र को विधायक बलबीर वर्मा द्वारा अनदेखा किया गया, विकास को तरसता कुपवी क्षेत्र बीते चार सालो से पिछड़ता चला गया। अब जब क्षेत्र की जनता में विधायक के प्रति रोष है तो विधायक साहब अपने कुछ करीबी लोगों को कुपवी के अंदर युवा सम्मेलन रखने कि सलाह देते है। उन्हें पता था कि भाजपा सम्मेलन के नाम पर भीड़ नहीं जुटाई जा सकती इसलिए इसे युवा सम्मेलन कुपवी का नाम दिया गया। परंतु इस सम्मेलन में 40 से 50 भाजपा कार्यकर्ता ही शामिल हो पाए। लालटा ने कहा कि भीड़ के कयास लगाए विधायक व उनके चुनिंदा चहेते लोग अब समझ चुके है कि वो कितनी भी कोशिश कर ले परंतु कुपवी क्षेत्र के युवाओं को भ्रमित नहीं कर सकते। आज क्षेत्र की समस्त जनता में बलबीर वर्मा व भाजपा के लिए जो रोष है उसका परिणाम आने वाले 2022 विधानसभा चुनाव में देगी।
प्रदेश बीडीसी चेयरमैन परिषद का चुनाव देवेंद्र रावत की अध्यक्षता में ऑनलाइन माध्यम से हुआ। इसमें कंडाघाट बीडीसी के चेयरमैन विजय ठाकुर को प्रदेशाध्यक्ष व बीडीसी के चेयरमैन कुलवंत राणा को राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष चुना गया। इस मौके पर विजय ठाकुर ने बीडीसी चेयरमैन परिषद का प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद देवेन्द्र रावत का धन्यवाद किया। विजय ठाकुर ने बताया कि बीडीसी चैयरमेन परिषद का अध्यक्ष बनने के बाद उनका सबसे पहला कार्य पंचायत समितियों को और अधिक सशक्त करना है। उन्होंने कहा कि इस परिषद के माध्यम से पंचायत समिति से सम्बंधित समस्याओं और इस संस्था को प्रभावी रूप से सशक्त करने के लिए कार्य किया जाएगा। सरकार व पंचायती राज विभाग के समक्ष एक सामूहिक प्रस्ताव समय-समय पर ले जाकर सरकार व विभाग से न्यायोचित मांगो का समयबद्ध रूप से मनवाने का प्रयास किया जाएगा।
शिमला: मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को मंगलवार को हिमाचल प्रदेश कोविड-19 साॅलिडेरिटी राहत निधि में 3,68,709 रुपये के अंशदान चेक सचिव शिक्षा राजीव शर्मा और निदेशक उच्चतर शिक्षा डाॅ. अमरजीत शर्मा ने भेंट किए। उन्होंने यह राशि एमसीएम डीएवी काॅलेज कांगड़ा (3,22,709 रुपये) और जिला चम्बा के डीएवी कालेज बनीखेत (46,000 रुपये) की ओर से इस निधि में भेंट की। मुख्यमंत्री ने इसके लिए महाविद्यालय प्रबन्धन का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह अंशदान जरूरतमंदों की सहायता के लिए सहायक सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने मंगलवार को प्रदेश के विधायकों और उपायुक्तों के साथ वर्चुअल माध्यम से आयोजित बैठक में 25 सितम्बर, 2021 को राज्य में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तीसरे और चौथे चरण के शुभारंभ की तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री पीयूष गोयल शिमला में इस अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह की अध्यक्षता करेंगे। केन्द्रीय मंत्री इस दौरान योजना के लाभार्थियों के साथ बातचीत भी करेंगे। उन्होंने कहा कि पीएम् इस समारोह की अध्यक्षता करने वाले थे, लेकिन पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों के कारण वह इसमें शामिल नहीं हो पाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र के किसी एक स्थान से समारोह में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि जिन खण्डों में पंचायती राज संस्थाओं के उपचुनावों के कारण आदर्श आचार संहिता लागू की गई है, वहां समारोह का आयोजन नहीं किया जाएगा। कोविड-19 के चुनौतीपूर्ण समय में पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना गरीबों, प्रवासी मजदूरों और बेरोजगारों को खाद्य सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक बड़ी पहल है। प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत 7.18 लाख से अधिक राशन कार्डधारक शामिल हैं, जो लगभग 29 लाख से अधिक आबादी को कवर कर रहा है, जिन्हें अक्तूबर, 2021 के अंत तक मुफ्त राशन बैग प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस समारोह के आयोजन का मुख्य उद्देेश्य योजना के लाभार्थियों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करना है, ताकि एनएफएसए परिवारों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से पिछले साल केंद्र द्वारा शुरू की गई इस विशेष योजना के बारे में उन्हें जागरूक किया जा सके। 25 सितम्बर को पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती भी है, जिन्होंने अन्त्योदय की अवधारणा दी और यह उनके संदेश को आगे बढ़ाने के लिए एक प्रासंगिक दिन है। मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों को कोविड महामारी के प्रसार को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए और कहा कि विशेष रूप से काॅन्टेक्ट ट्रेसिंग पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए ताकि कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
शिमला: शहर के समरहिल के सांगटी में किराए के मकान में रहने वाले कुल्लू जिला के युवक ने आत्महत्या कर अपनी जीवन लीला को समाप्त किया। युवक ने खिड़की के परदे को फंदे के लिए इस्तेमाल किया। युवक कोटशेरा कॉलेज में प्रथम वर्ष का छात्र था। मृतक युवक की पहचान सन्तोष कुमार 19 साल पुत्र धनीराम के रूप में हुई है। वह कुल्लू जिला के आनी के खनग गांव का रहने वाला था। वह अपने भाई के साथ यहां रहता था और गत दिवस पहले ही शिमला आया था। डीएसपी हेडक्वार्टर कमल वर्मा ने पुष्टि करते हुए बताया कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टतया यह आत्महत्या का मामला पाया गया है, और सीआरपीसी 174 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग के अलर्ट के बीच भारी बारिश से काफी नुकसान हुआ है। जिला सिरमौर की नाहन तहसील के एक गांव में सोमवार देर रात बादल फटने से पानी के तेज बहाव में जमीन बह गई हैं। भारी बारिश के चलते फसलें भी तबाह हो गई हैं। मनाली के पहाड़ों पर हल्की बर्फबारी से घाटी के मौसम में ठंडक बढ़ गई है। कुल्लू के बुरुआ गांव में नाले में बाढ़ आने से सेब के बगीचों को भारी नुकसान हुआ है। वंही प्रदेश के कई क्षेत्रों में सोमवार रात से लगातार बारिश जारी है। प्रदेश में भूस्खलन से छोटी-बड़ी दर्जनों सड़कें बंद हो गई हैं। खराब मौसम की वजह से सूबे में पानी और बिजली सप्लाई प्रभावित हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने मंगलवार को प्रदेश के मध्य पर्वतीय जिलों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू, चंबा सहित कांगड़ा के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वंही प्रदेश में 26 सितंबर तक मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है।
ठियोग उपमंडल की क्यारटू पंचायत में एक 4 साल की बच्ची के साथ दुराचार का मामला प्रकाश में आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बच्ची के साथ उसी के पड़ोस में रहने वाले एक 30 वर्षीय युवक ने यह दुष्कर्म किया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार क्यारटू पंचायत में बच्ची के माता-पिता जो नेपाली मूल के हैं मेहनत मजदूरी का काम करते हैं और उन्हीं के पड़ोस में रहने वाले 30 वर्षीय युवक जोकि छपरा बिहार का बताया जा रहा है ने इस दुष्कर्म को अंजाम दिया है। बच्ची की माता की शिकायत के अनुसार ठियोग थाना में मामला दर्ज किया गया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि बच्ची अपने आंगन में खेल रही थी, उसी दौरान पड़ोस का युवक उसे बहला-फुसलाकर ले गया और इस घटना को अंजाम दिया। जिसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्ची का मेडिकल करवाया गया और आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है। डीएसपी ठियोग लखबीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसे मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
शिमला: भाजपा की प्रदेश पदाधिकारी बैठक मंगलवार को वर्चुअल माध्यम ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद शिमला संसदीय क्षेत्र सुरेश कश्यप की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में भाजपा संगठन महामंत्री पवन राणा, महामंत्री त्रिलोक कपूर, त्रिलोक जम्वाल, राकेश जम्वाल व कार्यक्रम संयोजक संजीव कटवाल उपस्थित रहे। इस बैठक में भाजपा के सेवा और समर्पण अभियान की समीक्षा की गई, यह 21 दिन का अभियान 7 अक्टूबर तक चलेगा, जिसमें भाजपा पूरे देश भर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन व सुशाशन को एक पर्व के रूप में मना रहा है। बैठक में 25 सितंबर को भाजपा के संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर प्रस्तावित कार्यक्रमों की योजना को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा- सेवा और समर्पण अभियान में अभी तक 290 युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने रक्तदान किया है और 2000 से अधिक स्थानों अनेकों कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। हमारे सभी सातों मोर्चा इस कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग ले रहे है व इस दिन गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत प्रदेश के 5070 डिपो में राशन वितरण का कार्यक्रम करेगी। इस दिन केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर एवं मंत्री राजिंद्र गर्ग जनता से संवाद करेंगे हमारे सभी नेतागण एवं चुने हुए प्रतिनिधि अनपे अनपे मंडल में उपस्थित रहेंगे। भाजपा 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर पूरे प्रदेश भर में स्वच्छता अभियान के अंतर्गत अनेकों स्वच्छता कार्यक्रमों का आयोजन करेगी। इस कार्यक्रम के प्रभारी प्रदेश सचिव बिहारी लाल शर्मा होंगे। उन्होंने कहा मेरा शुरू से ही मानना रहा है कि देश का विकास तब तक संभव नहीं है, जब तक समाज के सभी वर्गों का योगदान उसमें समायोजित न हो। भाजपा ने वैचारिक, सामाजिक एवं विकास की दृष्टि से गरीबों, दलितों, शोषितों और वंचितों को आगे बढ़ने की नीति पर कार्य किया है।
हिमाचल प्रदेश में हॉकी एस्ट्रो टर्फ, इंडोर स्टेडियम और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए जाएंगे ,जिनका निर्माण खेलो इंडिया योजना के तहत किया जायगा। केंद्रीय खेल मंत्रालय ने प्रदेश के चार खेल प्रोजेक्टों को मंजूरी दे दी है। सिरमौर, सुंदरनगर, सोलन और बिलासपुर में इन प्रोजेक्टों पर 15 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सोमवार को ऑनलाइन हुई कांफ्रेंस ऑफ मिनिस्टर्स में केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने हिमाचल को यह बड़ी सौगात दी हैं। खेल मंत्री राकेश पठानिया भी इस कांफ्रेंस में शामिल हुए। खेलो इंडिया योजना के तहत सिरमौर के माजरा में हॉकी एस्ट्रो टर्फ के लिए केंद्र सरकार ने 5.50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इंडोर स्टेडियम सुंदरनगर, इंडोर स्टेडियम सोलन और बिलासपुर के लुहणू स्टेडियम को खेलो इंडिया का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी मंजूर हुआ है। अगले सप्ताह तक इनके लिए धनराशि जारी होगी। प्रदेश की ओर से 176 करोड़ रुपये के 18 अन्य प्रोजेक्ट भी केंद्र सरकार की मंजूरी के लिए भेजे गए हैं। युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री राकेश पठानिया ने कहा कि हिमाचल भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ नव भारत के निर्माण की दौड़ में शामिल होने की दिशा में बढ़ रहा है। पैरालंपिक पदक विजेता हिमाचल के निशाद और ओलंपिक पदक विजेता हॉकी टीम के वरुण शर्मा को सरकार एक-एक करोड़ की धनराशि देगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में दो-दो स्टेडियम बनाए जा रहे हैं। प्रदेश में खेलों के लिए नई नीति बनाई गई है और जल्द ही इसकी घोषणा की जाएगी। हिमाचल विंटर गेम्स पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। इससे हमारी शीतकालीन ओलंपिक में भागीदारी बढ़ेगी। धर्मशाला, शिमला और मनाली में आल सीजन स्टेडियम शुरू किए जाएंगे। बीड़ बिलिंग की तर्ज पर बिलासपुर में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की पैराग्लाइडिंग सुविधा विकसित की जाएगी। प्रदेश में एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, कुश्ती में बहुत अच्छी प्रतिभाएं हैं। प्रत्येक जिले में बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराकर इसे और विकसित किया जाएगा। खिलाड़ियों को और प्रोत्साहन देने के लिये सरकार इस तरह के बड़े कदम उठा रही
शिमला: भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का चार दिवसीय शिमला प्रवास यादगार रहा। प्रदेश की जयराम सरकार के प्रयासों से राष्ट्रपति के दौरे पर लोगों को असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। हालांकि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति निवास द रिट्रीट में ठहरना था, लेकिन उनकी सुरक्षा की वजह से जनता को कोई असुविधा न हो। इसके लिए उन्होंने होटल ओबेरॉय सेसिल में ठहरने की सहमति जताई। प्रदेश सरकार ने शिमला जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को पहले ही निर्देश दिए थे कि राष्ट्रपति के दौरे के समय जनता को कोई भी असुविधा का सामना करने की नौबत न आए। मुख्यमंत्री ने बार-बार स्वयं जायजा लेते रहे। गौरतलब है कि वर्ष 2004 में पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम और 2013 में पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का शिमला दौरा रहा तो यहां की जनता को यातायात से लेकर अन्य असुविधाओं का सामना करना पड़ा था। जयराम के शासनकाल में जनता को कोई भी परेशानी नहीं हुई। यहां तक कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को ऐतिहासिक रिज पर लोगों से बात की। इस दौरान उन्हांने लोगों से बात करते हुए असुविधा के लिए खेद भी जताया, मगर लोगों ने उन्हें साफ कह दिया कि सर कोई असुविधा नहीं हुई। प्रदेश की जनता ने राष्ट्रपति के शिमला प्रवस को यादगार बताते हुए जयराम और पुलिस प्रशासन की तारीफ की। बता दें कि भारत के राष्ट्रपति 16 सितंबर को शिमला पहुंचे और हिमाचल प्रदेश के पूर्ण राज्यत्व दिवस के स्वर्णिम वर्ष पर आयोजित 17 सितंबर को हिमाचल प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कोविड-19 वैक्सीनेशन में 18 से 45 वर्ष तक की आयु वाले शत-पतिशत लोगों को पहली डोज लगाने के लिए जयराम को शाबाशी भी दी। बीते 18 सितंबर को राष्ट्रपति ने शिमला में राष्ट्रीय लेखा परीक्षा तथा लेखा अकादमी द्वारा आयोजित भारतीय लेखा परीक्षा एवं लेखा सेवाएं बैच 2018 और 2019 के प्रशिक्षु अधिकारियों के विदाई समारोह के अवसर पर मेधावी प्रशिक्षु अधिकारियों को पदक देकर सम्मानित भी किया।
ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह ने रविवार को टुटू के नगर निगम में आने वाले शिवनगर में अपनी विधायक निधि से सामुदायिक भवन के निर्माण हेतु 5 लाख, एम्बुलेंस सड़क निर्माण को तीन लाख के साथ मंजयाट्ट में विभिन्न विकास कार्यो को सात लाख स्वीकृति किए है। इस दौरान उन्होंने यहां लोगों की समस्याओं को भी सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि वह समस्याओं को दूर करने में कोई कोर कसर नहीं रखेंगे। उन्होंने कहा कि उनका एकमात्र लक्ष्य अपने इस निर्वाचन क्षेत्र का समान विकास और लोगों की समस्याओं को दूर करने का है एवं इस निर्वाचन क्षेत्र को आदर्श चुनाव क्षेत्र बनाने को प्रयासरत हैं। साथ ही विक्रमादित्य ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह जानबूझकर कर कांग्रेस शासित विधायकों के चुनाव क्षेत्रों के साथ विकास के मामलें में भेदभाव कर रही है। पूर्व कांग्रेस सरकार ने टुटू में एक सब्जी मंडी व पीएचसी के निर्माण को धन स्वीकृत किया था, पर दुख की बात है कि जयराम सरकार ने इसके निर्माण को आज तक अधर में लटका कर रखा है। उनके पिता पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने उन्हें जो जनसेवा की विरासत उन के पास छोड़ी है उसे वह हर हाल में पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका मार्गदर्शन आज भी मुझे निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। लोगों को आश्वासन देते हुए विक्रमादित्य कहा कि कांग्रेस सत्ता में आते ही इस क्षेत्र के बचे आधे-अधूरे कार्यो को पूरा करेगी, जिससे यहां के कृषकों व अन्य लोगों को इसका पूरा लाभ मिल सकें। शिमला नगर निगम में आने वाला यह क्षेत्र नगर निगम की उपेक्षा का शिकार भी बना हुआ है एवं प्रदेश भाजपा सरकार की भांति अपने उत्तरदायित्व निभाने में पूरी तरह विफल साबित हुआ है। शिमला शहर की समस्याओं को दूर करने में नगर निगम पूरी तरह फिसड्डी साबित हुआ है।
प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आने और निगम के लगातार घाटे में जाने पर हिमाचल प्रदेश सरकार अब सौ फीसदी ऑक्यूपेंसी के साथ बसें चलाने की तैयारी में है। निगम प्रबंधन द्वारा इस बारे में सरकार को प्रस्ताव भेजा जा चुका हैं। प्रदेश में करीब 2100 रूटों पर बसें चल रही हैं। करीब एक हजार रूटों में बसें नहीं चलाई जा रही हैं। हिमाचल के अलावा परिवहन निगम के बाहरी राज्यों के सभी रूट फायदे वाले हैं। परिवहन निगम की ओर से करीब 400 बाहरी राज्यों के रूटों पर बसें दौड़ाई जा रही हैं। इनमें 50 फीसदी ऑक्यूपेंसी के चलते कमाई कम हो रही है। परिपवहन निगम का कोष खाली है और कर्मचारियों को देने तक के पसे नहीं हैं। परिवहन निगम के बेड़े में 34 सौ के करीब बसें हैं। परिवहन निगम की मानें तो करीब एक महीने से बसों में 50 फीसदी ऑक्यूपेंसी के साथ बसें चलाई गई हैं। इससे निगम को करीब एक करोड़ तक कमाई हो रही है। सौ फीसदी ऑक्यूपेंसी के साथ बसें चलने से निगम को प्रतिदिन ढाई करोड़ की कमाई होती थी। परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ने कहा कि परिवहन निगम ने यह मामला उठाया है। इस पर विचार चल रहा है। जरूरत पड़ने पर इस मामले पर कैबिनेट में भी चर्चा की जा सकती है। परिवहन निगम घाटे के चलते सरकार से किसी बड़े फैसले कि उम्मीद लगा रही हैं।
शिमला के चौपाल में रविवार सुबह करीब 8 बजे सेब से लदा एक ट्रक HR 67B 6542 चौपाल उत्तराखंड की लगती सीमा में हादसे का शिकार हो गया। इस हादसे में ड्राइवर समेत पांच लोग घायल हो गए है। जिन्हें हल्की चोटे आई है तथा सभी खतरे से बाहर बताये जा रहे हैं। ट्रक 20 से 25 फूट सड़क से नीचे लुढ़क गया। हादसे के बाद ये लोग ट्रक से बाहर निकले व नेरवा अस्पताल पहुंचे। जहां उपचार के बाद इन्हें छुट्टी दे दी गई है। पुलिस मौके पर पहुंच कर आगामी कार्यवाही अमल में ला रही है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में राज्य एकल खिड़की स्वीकृति एवं अनुश्रवण प्राधिकरण की 19वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में नए औद्योगिक उद्यम स्थापित करने और वर्तमान इकाइयों के विस्तार की आठ परियोजना प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। इन प्रस्तावों पर लगभग 947.47 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है और लगभग 4442 व्यक्तियों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इससे यह प्रदर्शित होता है कि आर्थिकी मंदी के बावजूद राज्य निवेश को निरन्तर आकर्षित कर रहा है। प्राधिकरण ने परफ्यूम, साबुन, शैम्पू, क्रीम, हैंड सैनिटाइजर इत्यादि के निर्माण के मैसर्स आईटीसी लिमिटेड, मानपुरा, तहसील बद्दी, जिला सोलन, टैबलेट, कैप्सूल, ड्राई सिरप, ड्राई इंजेक्शन, ओरल लिक्विड के निर्माण के लिए मैसर्स इनोवा कैपटेब लिमिटेड, झाड़माजरी, बद्दी, जिला सोलन, स्पैन्डेक्स यार्न के निर्माण के लिए मेसर्स इंडोरमा इंडस्ट्रीज लिमिटेड, लोधीमाजरा, बद्दी, जिला सोलन, पैट बोतल और जार के निर्माण के लिए मैसर्स इनोवेटिव टेक पैक लिमिटेड, इंडस्ट्रियल एरिया डेवनी, बद्दी, जिला सोलन, वायल एम्पाउल इंजेक्शन के निर्माण के लिए मैसर्स बी.ई. फार्मास्युटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड, निहालगढ़, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर के विस्तार प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राउंडब्रेकिंग समारोह की तैयारियों में तेजी लाई जाएगी ताकि शीघ्र ही इसका आयोजन किया जा सके। उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए अधिकारियों को उद्योगपतियों के विभिन्न प्रस्तावों में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि शीघ्र ही इकाइयां स्थापित की जा सकें। निदेशक उद्योग राकेश प्रजापति ने बैठक का संचालन किया। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग आरडी धीमान, प्रधान सचिव ओंकार चंद शर्मा, विशेष सचिव आबकारी एवं कराधान निवेदिता नेगी और राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
राजभवन शिमला में गत रात्रि महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के सम्मान में हुए स्टेट डिनर से पूर्व आयोजित सांस्कृतिक संध्या में आसरा के कलाकारों ने जिला सिरमौर की पुरातन सांस्कृतिक विरासत को लोकगीतों व लोकनृत्यों के माध्यम से बेहद आकर्षक और संजीदा ढंग से महामहिम व अन्य सभी अति विशिष्ट अतिथियों के समक्ष इस तरह से प्रदर्शित किया कि स्वयं महामहिम भी लोक कलाकारों की तारीफ किए बगैर न रह सके। आसरा संस्था के प्रभारी जोगेंद्र हाब्बी ने बताया कि हिमाचल सरकार द्वारा निदेशालय भाषा एवं संस्कृति की ओर से सिरमौरी नाटी व झमाकड़ा नृत्य के दो दलों को सांस्कृतिक प्रस्तुति हेतु बुलाया था। आसरा के गुरु राष्ट्रपति द्वारा सम्मान प्राप्त विद्यानंद सरैक व जोगेंद्र हावी द्वारा गुरु शिष्य परंपरा के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कलाकारों से तैयार कार्यक्रम का राज भवन में अति विशिष्ट मेहमानों के समक्ष प्रस्तुत किया गया। पूर्व तय कार्यक्रम के अनुसार सांस्कृतिक संध्या रात्रि भोजन से ठीक पहले आरंभ हुई। महामहिम के राजभवन में प्रवेश करने के तुरंत बाद ही पुलिस ऑर्केस्ट्रा द्वारा राष्ट्रीयगान की धुन बजाई गई। तत्पश्चात हिमाचली सांस्कृतिक संध्या आरंभ की गई। प्रथम प्रस्तुति सिरमौर की आसरा संस्था के कलाकारों द्वारा देव आराधना दीपक नृत्य से सांस्कृतिक कार्यक्रम का आगाज किया गया। सिरमौरी वेशभूषा से सुसज्जित कलाकारों के मंच पर प्रवेश करते ही पूरा हॉल लोकवाद्यों की धुन व सिरमौरी बोली में देव आराधना के गीतों व नृत्य के सांस्कृतिक माहौल में झूम उठा, इसी कड़ी में सिरमौरी हाटी संस्कृति प्रधान रिहाल्टी गीत नृत्य व भरथरी नृत्य में कलाकारों का अंदाज देखने लायक था, सांस्कृतिक कार्यक्रम के पश्चात कलाकारों के साथ समूह चित्र के समय कलाकारों से बात करते हुए राष्ट्रपति,मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री व विधानसभा अध्यक्ष ने भी मुक्त कंठ से कलाकारों की प्रशंसा की तथा पुरातन सांस्कृतिक विरासत को सहेजने व संरक्षण हेतु कलाकारों को बधाई भी दी।
कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने प्रदेश विधानसभा के स्वर्ण जयंती पर आयोजित विशेष सत्र में प्रदेश के विकास में कांग्रेस नेताओं के नाम तक न लेने पर हैरानी जताई है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी, राजीव गांधी व डॉ.मनमोहन सिंह ने प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसलिए इस विशेष सत्र में उन्हें विशेष तौर पर याद किया जाना चाहिए था, उन्होंने कहा कि 26 जनवरी 1971 का वह स्वर्णिम दिन जब भारी बर्फबारी के बीच तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व.इंदिरा गांधी ने प्रदेश के पूर्ण राज्य का दर्जा दिया था। राठौर ने कहा इसी तरह प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डॉ.यशवंत सिंह परमार ने जहां इस प्रदेश की नींव रखी थी वही उसके पश्चात राम लाल ठाकुर व उसके बाद विशेष तौर पर प्रदेश के छह बार के मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह ने इस प्रदेश को आधुनिक बनाया और इसे संवारा है। राठौर ने कहा कि रोहतांग टनल प्रदेश को तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह की देन है। जिन्होंने इसे पैसा उपलब्ध करवाया और तत्कालीन यूपीए अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी ने इसकी आधारशिला रखी थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केवल इस टनल का उदघाटन किया है। बड़े दु:ख की बात है कि रोहतांग टनल से श्रीमती सोनिया गांधी की शिलान्यास पटिका को हटा दिया गया जिसका कांग्रेस के भारी विरोध के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आश्वासन दिया था कि उसे वही स्थापित कर दिया जाएगा। उसे उन्होंने आज दिन तक पूरा नही किया। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग कि की वह अपना वायदा जल्द पूरा करे।
कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने गत दिनों कुल्लू में एक दलित दम्पति पर हुए जानलेवा हमले की न्यायिक जांच की मांग है। उन्होंने प्रदेश की लचर कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा है कि आज भाजपा के शासन में देश प्रदेश में दलितों के साथ बड़ा अन्याय हो रहा है। दलित समाज मे असुरक्षा की भावना फैलती जा रही है। कांग्रेस यह अन्याय सहन नही करेगी और इसके खिलाफ आवाज उठाई जाएगी। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित एक पत्रकार सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए राठौर ने कुल्लू में पूर्व सैनिक, पूर्व प्रधान परस राम और उसकी पत्नी पर हुए जानलेवा हमले की भर्त्सना करते हुए कहा कि इस घटना से प्रदेश शर्मसार हुआ है। उन्होंने कहा कि परस राम इस हमले में अपनी जिंदगी की जंग हार गए, जबकि उनकी पत्नी अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि वह खुद पीड़ित महिला से मिल कर आये है और जिस बर्बता का बखान पीड़ित महिला ने किया उसे सुन कर वह स्तब्ध है। उन्होंने कहा कि इस हमले के दौरान उनके कपड़े तक फाड़े दिए गए। इस बारे में उन्होंने पहले ही पुलिस को एक शिकायत पत्र दिया था,पर पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की। उन्होंने कहा कि सत्ता से जुड़े कुछ प्रभावशाली लोग इस मामले को रफादफा करने के लिए दबाव बना रहे है। राठौर ने कहा कि अगर सरकार ने इस मामले को दबाने का कोई भी प्रयास किया या दोषियों को बचाने की कोशिश की तो कांग्रेस चुप नही बैठेगी। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही इस मामले को लेकर राज्यपाल से भी मिलेंगे और न्याय की मांग करेंगे। इस दौरान उनके साथ प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विधायक डॉ.कर्नल धनीराम शांडिल,पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप कुमार, कांग्रेस उपाध्यक्ष गंगू राम मुसाफिर,विधायक नन्दलाल,व डॉ.बीरू राम किशोर भी उपस्थित थे। डॉ.कर्नल धनीराम शांडिल ने इस दौरान कहा कि प्रदेश में दलित समाज पर हो रहे अत्याचार सहन नही होंगे। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप कुमार ने कहा कि प्रदेश को बिहार नही बनने दिया जाएगा, जहां आये दिनों दलितों पर घोर अत्याचार होते है। गंगू राम मुसाफिर ने कहा कि इस हमले से प्रदेश में कानून व्यवस्था की पूरी पोल खुल गई है। विधायक नन्द लाल ने कहा कि इस घटना से प्रदेश में दलितों की सुरक्षा पर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। सरकार दलित समाज की रक्षा करने में पूरी तरह विफल रही है। डॉ.बीरू राम किशोर ने कहा कि कांग्रेस एकजुटता के साथ प्रदेश में किसी भी वर्ग के साथ अन्याय सहन नही करेगी। उन्होंने कुल्लू की दर्दनाक घटना पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश कांग्रेस पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए उनके साथ खड़ी है।
भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने शनिवार को शिमला में आयोजित भारतीय लेखा परीक्षा एवं लेखा सेवाएं बैच 2018 और 2019 के प्रशिक्षु अधिकारियोें के विदाई समारोह के अवसर पर मुख्यातिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने मेधावी प्रशिक्षु अधिकारियों को पद्क प्रदान किए, भारत की प्रथम महिला सविता कोविन्द, राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी इस अवसर पर उपस्थित थे। भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक गिरीश चन्द्रा मुरमू ने राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री का स्वागत किया। राष्ट्रीय लेखा परीक्षा तथा लेखा अकादमी के महानिदेशक सुनील एस. दाढे ने अकादमी की विभिन्न गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। मुख्य सचिव राम सुभग सिंह, पुलिस महानिदेशक संजय कुडू और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
शिमला: भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने शिमला स्थित दीनदयाल हस्पताल में सेवा और समर्पण अभियान के अंतर्गत मरीज़ों को कंबल एवं फल विरतण किए। प्रदेश एवं सांसद ने इस अवसर पर जनता की समस्याओं को भी सुना। मोदी के 71 वें जन्मदिन पर भारतीय जनता पार्टी ने इस अभियान को ऐतिहासिक बनाने की योजना बनाई। एक ओर पार्टी का लक्ष्य ज़्यादातर कोविड-19 वैक्सीनेशन का रिकॉर्ड बनाना रहा, तो वहीं दूसरी ओर भाजपा ने 21 दिवसीय “सेवा और समर्पण” अभियान भी शुरू किया है। शिमला में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने दीनदयाल उपाध्याय हस्पताल में ‘सेवा और समर्पण अभियान’ में भाग लिया। मोदी के नेतृत्व में जातिवाद और तुष्टिकरण की राजनीति की जगह विकास की राजनीति ने ले ली है। उन्होंने कहा कि देश में जनभागीदारी की नई इबारत लिखी जा रही है, प्रधानमंत्री ने हमेशा राष्ट्र के उत्थान के बारे में सोचा, जनता के लिए समर्पित रहना ही प्रधानमंत्री का स्वभाव है। कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की योजनाएं दलितों, पीड़ितों और वंचितों के लिए होती हैं, जन-जन का विकास ही प्रधानमंत्री के जीवन का उद्देश्य है।
विभाग द्वारा विदेशी सेब के पौधे बेचने वाली तीन नर्सरियों के सर्टिफिकेट रद्द कर दिए गए है। मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन 1100 में शिकायत के बाद विभाग को इस बारे में जानकारी प्राप्त हुई। सोशल मीडिया पर सेब के पौधों का प्रचार करने वालों पर नकेल कस्ते हुए हिमाचल सरकार ने नर्सरी एक्ट 2015 के तहत कार्रवाई की है। बागवानी विभाग के निदेशक जेपी शर्मा ने कहा कि विदेशों से लाये गए सेब के पौधे बिना क्वारंटीन किए बागवानों को बेचे जा रहे थे। इससे बगीचों में वायरस आने का खतरा रहता है। अधिकारियों ने मौके पर जाकर जांच की तो पता चला की नियमों के विपरीत जाकर सेब के पौधे बेचे जा रहे थे। इसके बाद विभाग ने इन नर्सरियों पर रोक लगा दी है और उनके विदेशों से सेब के पौधे आयात करने के लिए जारी सर्टिफिकेट भी रद्द कर दिए हैं।
प्रदेश सरकार अब 5वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए स्कूलों को खोलने की तैयारी कर रही है। 20 या 21 सितंबर को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में इस संदर्भ में फैसला लिया जाएगा। गौरतलब है कि इससे पहले सरकार ने 21 सितंबर तक प्रदेश में स्कूल बंद रखे हैं। शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूल प्रिंसिपलों को अगले सप्ताह से विद्यार्थियों के लिए स्कूल खुलने की संभावना को देखते हुए तैयारियां पूरी रखने के लिए कहा है। स्कूल प्रिंसिपलों को विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से माइक्रो प्लान बनाने के लिए भी कहा गया है। कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आने पर 2 अगस्त से दसवीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए स्कूलों को खोला गया था। पांचवीं और आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को शिक्षकों से परामर्श लेने के लिए स्कूलों में आने की मंजूरी दी थी, लेकिन इसी बीच दोबारा संक्रमण के मामलों में तेजी आई। 10 अगस्त को सरकार ने स्कूलों को विद्यार्थियों के लिए 22 अगस्त तक बंद रखने का फैसला लिया। इस तारीख को बढ़ाकर फिर 30 अगस्त कर दिया। इसके बाद 5 सितंबर और फिर 21 सितंबर तक विद्यार्थियों के लिए स्कूलों में आने पर रोक लगाई गई है। कयास लगाया जा रहा है की कोरोना संक्रमण के मामलो में कमी को देखते हुए, सरकार स्कूलों को पुनः खोलने का फैसला ले सकती है।
प्रदेश के चार हजार सरकारी स्कूलों में शिक्षक भर्ती को आरएंडपी नियम बनाने का काम शुरू हो गया है। प्रदेश के प्री प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक भर्ती के लिए नर्सरी टीचर ट्रेनिंग करने वालों को 70 फीसदी और आंगनबाड़ी वर्करों को 30 फीसदी पद दिए जाएंगे। शिक्षा सचिव राजीव शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को राज्य सचिवालय में शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग की बैठक हुई। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में चलाई जा रही नर्सरी और केजी की कक्षाओं के लिए भर्ती किए जाने वाले शिक्षकों में एनटीटी कोटे के 70 फीसदी पदों में से 35 फीसदी पद बैचवाइज और 35 फीसदी पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे। एनसीटीई के नियमों के तहत भर्ती की जाएगी। शिक्षा विभाग इस बाबत प्रस्ताव बनाकर राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए लेकर जाएगा। मंत्रिमंडल शिक्षक भर्ती के कोटे में बदलाव भी कर सकता है। एनटीटी कर चुकी महिलाएं बीते लंबे समय से इन स्कूलों में नियुक्ति देने की मांग कर रही हैं। उधर, आंगनबाड़ी वर्कर भी नियुक्ति की मांग को लेकर संघर्षरत हैं। दोनों ही संगठनों की ओर से विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रदर्शन भी किए गए थे। ऐसे में विभागीय अधिकारियों ने नर्सरी टीचर ट्रेनिंग करने वालों के साथ आंगनबाड़ी वर्करों को भी भर्ती में शामिल करने का फैसला लिया है।
प्रदेश सरकार अब बागवानों की परेशानियां दूर करने के लिए कोऑपरेटिव किसानी उत्पादक संगठन (एफपीओ) गठित करने की योजना बनाने में जुट गई है। बागवान अब जल्द ही स्वयं कोल्ड स्टोर, पैकेजिंग और ग्रेडिंग मशीनें स्थापित कर सकेंगे। किसानों-बागवानों को उनकी उपज के लिए बाजार और बिचौलियों से मुक्ति दिलाने के लिए सहकारिता विभाग प्रदेश में सौ एफपीओ बनाने जा रहा है। केंद्र सरकार ने 6865 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान से देशभर में नई योजना शुरू की है। योजना को हिमाचल की जरूरतों के हिसाब से सहकारिता विभाग तैयार कर रहा है। कृषि भूमि उपजाने वाले नए संगठनों का निर्माण और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र सरकार ने यह योजना शुरू की है। योजना में किसानों-बागवानों को आर्थिक सहायता देकर उन्हें समृद्ध बनाया जाएगा। इसके लिए एफपीओ बनाना होगा। केंद्र सरकार ने 10,000 नए एफपीओ बनाने की मंजूरी दी है। इसी कड़ी में प्रदेश में इस वित्तीय वर्ष में सौ संगठन बनाने का फैसला लिया है। हर संगठन में कम से कम 100 किसान-बागवान शामिल करना अनिवार्य रहेगा। प्रदेश में पहले से गठित करीब 40 कोऑपरेटिव सोसाइटियों को एफपीओ के तौर पर तबदील करने की योजना है। इस बारे में सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि एफपीओ किसानों-बागवानों का एक समूह होगा। जो कृषि-बागवानी उत्पादन कार्य में लगा हो, इस संगठन के माध्यम से खाद, बीज, दवाइयों और कृषि उपकरण खरीदना आसान होगा, जल्द योजना को अंतिम रूप देकर कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के पूर्ण राज्यत्व के स्वर्ण जयंती समारोह के ऐतिहासिक अवसर पर शुक्रवार को विधानसभा पुस्तकालय कक्ष में मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, पूर्व सांसदों और पूर्व विधायकों के सम्मान में एक समारोह का आयोजन किया गया। समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने राज्य की विकास यात्रा में सभी प्रदेशवासियों के महत्वपूर्ण योगदान के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की गौरवशाली विकास यात्रा उपलब्धियों से भरी हुई है एवं हमारा कर्तव्य बनता है कि राज्य की इस विकासात्मक यात्रा के बारे में नई पीढ़ी को शिक्षित किया जाए। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए राज्य ने अपनी 50 वर्षों की विकासात्मक यात्रा को प्रदर्शित करने के लिए राज्य के प्रमुख विभागों द्वारा 51 कार्यक्रम आयोजित करने की योेजना बनाई थी, लेकिन कोरोना महामारी के कारण यह सम्भव नहीं हो पाया। अब प्रदेश सरकार ने राज्य की विकासात्मक यात्रा को प्रदर्शित करने के लिए स्वर्णिम हिमाचल रथ यात्रा आयोजित करने की योजना बनाई है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों स्वर्गीय डाॅ. यशवन्त सिंह परमार, राम लाल ठाकुर और वीरभद्र सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान के लिए पूर्व मुख्यमंत्रियों शांता कुमार और प्रो. प्रेम कुमार धूमल का भी आभार व्यक्त किया। केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण, युवा कार्य एवं खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने प्रदेश विधानसभा के सभी वर्तमान और पूर्व सदस्यों के योगदान की सराहना की।
शोध समिति हिमाचल प्रदेश द्वारा आज यानी शुक्रवार को प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए शोध हिमाचल प्रदेश के संयोजक सुयश पवार ने कहा की भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ का वर्ष शुरू हो चुका है। इस वर्ष को पूरा भारत अमृत महोत्सव के रूप में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन कर मना रहा है। इसी बाबत शोध समिति हिमाचल प्रदेश भी इस वर्ष हिमाचल प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों जैसे हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला, केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला, कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर, वाईएस परमार विश्वविद्यालय नौणी सोलन, हिमाचल प्रदेश तकनिकी विश्वविद्यालय हमीरपुर, NIT हमीरपुर, IIT मंडी, और निजी विश्वविद्यालयों के शोधार्थियों के लिए रिसर्च स्कॉलर इंटर्नशिप प्रोग्राम का आयोजन कर रही है। यह प्रशिक्षुता कार्यक्रम 10 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक चलेगा। इस कार्यक्रम में जितने भी हिमाचल प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानी जिन्होंने स्वाधीनता आंदोलन में भाग लिया था और जो स्वतंत्रा सेनानी जिनका नाम इतिहास के पन्नों से गायब है उन सभी के घर तक पहुंच कर सभी का पता लगा कर एक रिपोर्ट और किताब लिख कर आने वाले समय में प्रकाशन किया जाएगा। इस इंटर्नशिप प्रोग्राम में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के 75 शोधकर्ताओं को प्रदेश के गांव-गांव में भेजा जाएगा व स्वतंत्रता सेनानियों के घरों में उनके परिवारों और आश्रितों से स्वतंत्रता सेनानियों की जानकारी जुटाई जाएगी। साथ ही उन परिवारों की वर्तमान स्थिति का पता लगाया जायेगा। इस बाबत 10 अक्टूबर को हमीरपुर में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। जिसमें इस शोध के संबंधित जानकारी प्राध्यापकों द्वारा दी जाएगी। 24 अक्टूबर,को इस प्रशिक्षुता कार्यक्रम का समापन शिमला में किया जाएगा जिसमें शोधार्थी इस शोध के दौरान हुए अनुभवों को साँझा करेंगे। इस 15 दिवसीय प्रशिक्षुता कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के लगभग 1000 स्वतंत्रता सेनानियों के घरों तक पहुंचा जायेगा और आवश्यक जानकारी इकट्ठा की जायेगी।
हिमाचल प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों में नियुक्त नए कुलपतियों के भी दस्तावेज जांचे जाएंगे। निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग ने सभी विवि प्रबंधनों से नई नियुक्तियों का रिकॉर्ड तलब किया है। आठ विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को जांच के बाद आयोग ने इसी वर्ष अयोग्य करार दिया था। इनके स्थान पर अब निजी विश्वविद्यालयों ने नए कुलपति नियुक्त किए गए हैं। इस वर्ष जनवरी में आठ निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को अयोग्य करार दिया गया था। इनके पद छोड़ने के बाद नए कुलपतियों की नियुक्ति करने के निर्देश दिए गए थे। आयोग ने ऐसे विश्वविद्यालयों के चांसलरों को पत्र जारी कर सभी नियम पूरा करने वालों को कुलपति नियुक्त करने के लिए कहा था। अब नए कुलपतियों के सभी दस्तावेज भी आयोग में जमा करवाने के लिए कहा गया है। निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की जांच शुरू होने के समय ही कुछ कुलपतियों ने इस्तीफे देकर अपने पद छोड़ दिए थे। कुछ कुलपति जांच पूरी होने के बाद अपने पदों से हटे। कई माह तक कुछ विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नई नियुक्ति भी लटकी रही। अब सभी निजी विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्तियां हो गई हैं। ऐसे में विनियामक आयोग ने निजी विश्वविद्यालयों के प्रबंधनों को पत्र जारी कर सभी नई नियुक्तियों से संबंधित दस्तावेज देने को कहा है। इन दस्तावेजों को देखकर पता लगाया जाएगा कि यूजीसी के नियमानुसार कुलपति बनने के लिए सभी शर्तें पूरी की गई हैं या नहीं। कुलपति पद पर नियुक्त होने वालों की शैक्षणिक योग्यता भी जांची जाएगी।
बाहरा विश्वविद्यालय वकनाघाट ने (एआईस-जेआईटीएफ) अटल ऊष्मायन केंद्र ज्योथि इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी फाउंडेशन बेंगलुरु के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस समझौता ज्ञापन से गुणात्मक उत्पाद विकास, वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा। इसके तहत बाहरा विश्वविद्यालय वाकनाघाट के छात्र उत्पाद विकास के वैज्ञानिक आदान-प्रदान से सीधे लाभान्वित होंगे। यह ज्ञापन डॉ. एमजी अनंत प्रसाद सीईओ एआईसी-जेआईटीएफ बेंगलुरु और डॉ. प्रोबीएस नागेंद्र पाराशर कुलपति बहरा विश्वविद्यालय वाकनाघाट के बीच हुआ। इस समझौता ज्ञापन के तहत कार्यक्रमों और गतिविधियों में वित्तीय सहायता, संयुक्त अनुसंधान गतिविधियां, स्टार्टअप्स का सह-ऊष्मायन, संयुक्त उत्पाद विकास कार्यक्रम (जेपीडीपी) शामिल हैं। गौरव बाली पीआरओ बाहरा विश्वविद्यालय ने कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य के छात्र किसी से कम नहीं है। एआईसी-जेआईटीएफ बेंगलुरु के साथ इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के बाद बाहरा विश्वविद्यालय में विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश से पढ़ने वाले छात्रों को उपयुक्त मंच मिलेगा।
राजधानी शिमला को निचले हिमाचल से जोड़ने वाला नेशनल हाईवे-205 घणाहट्टी के पास अवरुद्ध होने से अब दोनों वैकल्पिक मार्गों पर वाहनों की आवाजाही वन-वे रहेगी। शिमला की ओर आने वाले वाहन वाया बंगोरा-कालीहट्टी -घणाहट्टी होकर आएंगे। शिमला पहुंचने के लिए इन्हें 15 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा था, लेकिन अब 11 किमी अतिरिक्त सफर करना पड़ेगा। शिमला से मंडी, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा की ओर जाने वाले वाहन वाया घणाहट्टी -कोहबाग-गलोग रवाना होंगे।
हिमाचल प्रदेश सरकार जल्द ही प्रदेश में नये उद्योग स्थापित करने जा रही है। इसी श्रंखला में प्रदेश सरकार नई दिल्ली में औद्योगिक घरानों के साथ 5000 करोड़ रुपये के एमओयू साइन करने जा रही है। सरकारी स्तर पर इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। एथेनॉल और फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने के लिए भी एमओयू साइन किया जा रहा है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के दौरे के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह, मुख्य सचिव राम सुभग सिंह, एसीएस आरडी धीमान उद्योग विभाग के निदेशक राकेश प्रजापति के अलावा वरिष्ठ अधिकारियों का दिल्ली जाने का कार्यक्रम है। इन उद्योगों के स्थापित होने से प्रदेश के करीब 3500 लोगों को रोजगार मिलेगा। उद्योग विभाग के पास 3500 एकड़ जमीन है, जिनमें उद्योगों को जमीनी स्तर पर उतारा जाना है। यह जमीन कांगड़ा के कंदरोड़ी, ऊना, सिरमौर, सोलन के नालागढ़ और हमीरपुर में है। उद्योग विभाग एथेनॉल प्लांट स्थापित करने पर भी जोर दे रही है। एथेनॉल मक्की और गन्ना से तैयार किया जाता है। इसे पेट्रोल-डीजल में मिलाया जाता है। यह पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाता है। उद्योग विभाग का कहना है कि इसे मिनी इन्वेस्टर्स मीट भी कहा जा सकता है। औद्योगिक घरानों के अलावा प्रदेश के सांसदों को भी इस कार्यक्रम में आने का न्योता दिया जाएगा। उद्योग मंत्री,बिक्रम सिंह, हिमाचल प्रदेश अनुसार प्रदेश सरकार पांच हजार करोड़ के एमओयू साइन करने जा रही है। यह कार्यक्रम दिल्ली में होगा तथा मुख्यमंत्री, अधिकारी इसमें शामिल होंगे। राष्ट्रपति का दौरा खत्म होने के बाद इसी महीने यह कार्यक्रम होना लगभग तय है।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने हिमाचल विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित किया। सत्र को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश ने शत-प्रतिशत आबादी को कोविड वैक्सीन की पहली डोज लगाने का कीर्तिमान स्थापित किया है। कोरोना की लड़ाई में प्रदेश चैंपियन बनकर सामने आया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सदन में आह्वान किया कि हिमाचल एक दिन देश का सिरमौर बने। राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि यशवंत सिंह परमार, पंडित पदम देव जैसी शख्सियतों ने प्रदेश की आजादी के संघर्ष को मुकाम तक पहुंचाया। प्रथम मतदाता श्याम सरण नेगी का भी जिक्र किया। राष्ट्रपति ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्रियों यशवतं सिंह परमार, ठाकुर राम लाल, शांता कुमार, वीरभद्र सिंह और प्रेम कुमार धूमल ने प्रदेश के विकास में अहम भूमिका निभाई है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पहले परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा, कारगिल शहीद कैप्टन ब्रिकम बतरा को भी याद किया। वहीं अटल टनल रोहतांग का जिक्र करते हुए महामहिम कोविंद ने कहा कि इससे मनाली-लेह की दूरी कम हुई है। वहीं सेना को सालभर बॉर्डर तक रसद ले जाने में अब दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ रहा। अटल टनल के बनने से लाहौल के लोगों का जीवन भी आसान हो गया है। इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार ने सदन को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति का प्रदेश में आने के लिए आभार जताया। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने भी सदन को संबोधित किया। विशेष सत्र के दौरान खासकर हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार को याद किया गया। हिमाचल के पूर्ण राज्यत्व का दर्जा हासिल करने में जिन-जिन लोगों का योगदान रहा है, यह सत्र पूरी तरह से उनको समर्पित रहा। इसमें पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी भी शामिल हैं।
प्रदेश में स्थापित निजी विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2021-22 में मेडिकल कोर्सों के लिए फीस तय कर दी गई है। निजी विवि के प्रस्तावों पर कई दिन तक मंथन करने के बाद गुरुवार को संयुक्त सचिव उच्च शिक्षा ने फीस का ढांचा जारी किया। निजी विश्वविद्यालयों में इस साल प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों से अब इसी आधार पर फीस ली जाएगी। ट्यूशन फीस दो किस्तों में लेनी होगी। एक किस्त में इसे देने का दबाव नहीं डाल सकेंगे। नया फीस ढांचा कोर्स पूरा होने तक लागू रहेगा। इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। सरकार को हर साल नया सत्र शुरू होने से पहले फीस ढांचा तय करना होता है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि निजी विवि पहले की तरह बिल्डिंग, इन्फ्रास्ट्रक्चर और डेवलपमेंट फंड विद्यार्थियों से नहीं वसूलेंगे। अगर कोई संस्थान आदेशों का पालन नहीं करेगा तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नए फीस ढांचे के अनुसार निजी विवि सरकार की मंजूरी बिना कोई भी नया कोर्स शुरू नहीं कर सकेंगे। अगर किसी कोर्स की सरकार से मंजूरी नहीं मिली है और फीस कमेटी ने उसका फीस ढांचा तय कर दिया है, तो ऐसा कोर्स मान्य नहीं होगा। यूजीसी के निर्देशानुसार ही शिक्षक भर्ती करनी पड़ेगी। हिमाचली बोनाफाइड, बीपीएल, आईआरडीपी विद्यार्थियों के लिए विवि को दस फीसदी सीटें आरक्षित रखनी होंगी। इनसे ट्यूशन फीस भी नहीं ली जाएगी। शैक्षणिक सत्र की फीस कोर्स पूरा होने तक लागू रहेगी। पहले से विवि में पढ़ रहे विद्यार्थियों पर नया फीस ढांचा लागू नहीं होगा। सरकार की इस तरह की पहल से विद्यार्थियों को कुछ राहत मिल सकती है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में स्वर्ण जयंती के उपलक्ष्य पर 17 सितंबर को होने वाले विशेष सत्र के लिए तैयारियां पूरी हो चुकी है। ज़्यादातर अथिति शिमला आ चुके हैं। मेहमानों के बैठने की व्यवस्था सिटिंग प्लान के अनुसार की गई हैं। वीरवार को तैयारियों का जायजा लेने के लिए विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने उपाध्यक्ष डॉ. हंसराज और सरकारी मुख्य सचेतक बिक्रम सिंह जरयाल के साथ परिसर का दौरा किया। बता दें, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 17 सितंबर को सुबह 11 बजे विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करेंगे। पूर्व मुख्यमंत्रियों शांता कुमार और प्रेम कुमार धूमल समेत कुल 93 पूर्व विधायकों ने सत्र में आने की पुष्टि की है। हालांकि, शांता स्वास्थ्य कारणों के चलते कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। वहीं, 12 सांसद व पूर्व सांसद भी कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। सत्र के दौरान खासकर हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार को याद किया जाएगा। हिमाचल के पूर्ण राज्यत्व का दर्जा हासिल करने में जिन-जिन लोगों का योगदान रहा है, यह सत्र पूरी तरह से उनको समर्पित होगा। इसमें पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी भी शामिल हैं। विशेष सत्र के दौरान कोरोना एसओपी का कड़ाई से पालन किया जाएगा। राज्यपाल, मंत्रिमंडल के सदस्यों के अलावा राष्ट्रपति के संपर्क में आने वाले सभी अधिकारियों कर्मचारियों का आरटीपीसीआर टेस्ट कराया जा चुका है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने सोलन जिले के चम्बाघाट में 8 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सर्किट हाउस का लोकार्पण किया। इसके पश्चात्, वर्चुअल माध्यम से क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर, नागरिक अस्पताल घुमारवीं और नागरिक अस्पताल अर्की के लिए पीएसए सयंत्रों का भी शुभारम्भ किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में पीएमकेयर्ज के अन्तगर्त 2.16 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित किए गए पीएसए प्लांट का भी शुभारम्भ किया। इस अवसर पर लोगों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएमकेयर्ज के अन्तर्गत क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में 1000 एलपीएम क्षमता और नागरिक अस्पताल अर्की में 1000 एलपीएम क्षमता के पीएसए प्लांट स्थापित किए गए हैं, जिन पर क्रमशः 1.50 करोड़ और 1.06 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, वहीं नागरिक अस्पताल घुमारवीं में विद्या फाउंडेशन के माध्यम से सीएसआर के अन्तर्गत 1.10 करोड़ रुपये व्यय कर 140 एलपीएम क्षमता का पीएसए प्लांट स्थापित किया गया है। जय राम ठाकुर ने कहा कि इससे पूर्व प्रदेश में केवल दो अस्पतालों में ऑक्सीजन संयंत्रों की सुविधा उपलब्ध थी, जबकि आज यहां 15 पीएसए प्लांट क्रियाशील कर दिए गए हैं, जबकि सात संयंत्र उद्घाटन के लिए तैयार हैं और छह अन्य संयंत्रों पर कार्य लगभग पूरा होने को है। स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल, राज्य भाजपा अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप, विधायक डाॅ. (कर्नल) धनी राम शांडिल व परमजीत सिंह पम्मी, पूर्व सांसद वीरेन्द्र कश्यप, जोगिन्द्रा केन्द्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष योगेश भारतीय और सोलन जिला की उपायुक्त कृतिका कुल्हारी भी इस अवसर पर उपस्थित थीं।
शिमला : स्वर्णिम रथ यात्रा को लेकर शिमला में होटल हॉलिडे होम में एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता इस समिति के अध्यक्ष पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल द्वारा की गई। इस बैठक में समिति के सदस्य राज्य के छठे वित्त आयोग के अध्यक्ष सतपाल सत्ती, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण बोर्ड के उपाध्यक्ष रणधीर शर्मा, हिमाचल वूल फेडरेशन के उपाध्यक्ष त्रिलोक कपूर एवं विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। त्रिलोक कपूर ने बताया कि इस बैठक में 2 अक्टूबर से प्रारंभ होने वाली स्वर्णिम रथ यात्रा को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई और इस कार्यक्रम को सफल बनाने की योजना तैयार की गई। उन्होंने कहा कि सरकार इस रथयात्रा में खेल, सामाजिक कार्य, संस्कृति, साहित्य आदि में उपलब्धि हासिल करने वाले सफल लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। स्वर्णिम रथ के माध्यम से राज्य के विकास के गौरवशाली इतिहास को प्रदर्शित किया जाएगा। सभी बड़े विभाग पचास वर्षों के दौरान हुए विकास का प्रदर्शन करेंगे।
सीटू ने राज्य स्तरीय आईजीएमसी अस्पताल में महिला सफाई कर्मी के कपड़े बदलते समय बनाए गए वीडियो पर आईजीएमसी अस्पताल प्रबंधन व ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर गम्भीर सवाल खड़े किये हैं। राज्य कमेटी ने मानवाधिकार आयोग व महिला आयोग हिमाचल प्रदेश से आग्रह किया है कि वे इस मामले का स्वतः संज्ञान लेकर जिम्मेदार सफाई कर्मी के साथ ही इस पर तुरन्त हस्तक्षेप करें व इस कृत्य के लिए अस्पताल प्रबंधन व ठेकेदार पर कठोर कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी प्रबंधन व ठेकेदार के समक्ष चेंजिंग रूम की मांग आईजीएमसी कॉन्ट्रैक्ट वर्करज़ यूनियन सम्बन्धित सीटू वर्ष 2014 से निरन्तर कई बार उठाती रही है। लेकिन सात वर्ष बीतने के बावजूद भी अस्पताल प्रबंधन व ठेकेदार ने चेंजिंग रूम की कोई उचित व्यवस्था नहीं की। कई चेंजिंग रूम में ठेकेदारों के कार्यालय भी चल रहे हैं व केवल एक चादर से ही चेंजिंग रूम का विभाजन किया गया है। उन्होंने कहा कि चेंजिंग रूम व अन्य मांगों को लेकर 26 अगस्त 2021 को दोबारा से आईजीएमसी कॉन्ट्रैक्ट वर्करज़ यूनियन सम्बन्धित सीटू ने अस्पताल प्रबंधन व ठेकेदारों को मांग-पत्र दिया था। जिस पर प्रबंधन व ठेकेदारों ने कोई समाधान नहीं किया जिसके फलस्वरूप यह वीडियो कांड हुआ। इन मांगों पर 15 सितंबर को श्रम विभाग ने समझौता वार्ता बुलाकर ठेकेदारों को चेंजिंग रूम की उचित व्यवस्था करने के आदेश दिए थे। अस्पताल प्रबंधन की संवेदनहीनता इस बात से भी साफ झलकती है कि इस समझौता वार्ता में प्रबंधन की ओर से कोई भी शामिल नहीं हुआ। अतः अस्पताल प्रबंधन व ठेकेदारों की गलत कार्यप्रणाली के कारण ही इस तरह की दुर्घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने प्रबंधन व ठेकेदारों को चेताया है कि अगर उन्होंने शीघ्र ही हर ब्लॉक में उचित चेंजिंग रूम की व्यवस्था व अन्य मांगें पूर्ण न की गयी तो सीटू आंदोलन का बिगुल बजाएगा।
वीरवार को हि०प्र० विश्विद्यालय में लोक प्रशासन विभाग के शोधर्थियों ने विद्यार्थी परिषद के साथ मिलकर प्रदेश भर में लोक प्रशासन विषय से जुड़ी हुई मांगो को लेकर लोक प्रशासन विभाग मे चर्चा की। मीडिया को जानकारी देते हुए लोक प्रशासन विभाग के शोधार्थी रमेश कुमार ने कहा कि प्रदेश भर में मात्र 34 ऐसे महाविद्यालय है जहा इस विषय को वर्तमान में पढ़ाया जा रहा है, जबकि प्रदेश भर मे महाविधालय की कुल संख्या 137 है और इसमें भी केवल 27 महाविद्यालय में ही इसके पदों को भरा गया है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में लोक प्रशासन विषय को पढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि लोक प्रशासन विषय मे ऐसे हजारो छात्र है जिन्होंने M.A., M.Phil और Ph. D की हुई है लेकिन फिर भी बेरोजगार है। इसलिये हमारी सरकार से मांग रहेगी कि इस विषय के महत्व को समझते हुऐ उचित निरणय ले और हम सभी छात्रों का भविष्य बर्बाद होने से बचायें। बैठक मे सभी शोधर्थियों ने माग रखी कि प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में लोक प्रशासन विषय को पढ़ाया जाए और सभी महाविद्यालयों में शिक्षको के पदों को भी जल्द भरा जाए। लोक प्रशासन विषय में उच्च शिक्षा निदेशालय द्वारा मात्र सात पदों की सिफारिश की गई है, जिसे कैबिनेट कमेटी ने भी मंजूरी दे दी है, लेकिन ये सीटे पर्याप्त नही है क्यूंकि वर्तमान में लोक प्रशासन विषय में नेट /सेट योग्य विद्यार्थियों की संख्या में बहुत अधिक बढ़ोतरी हुई है। इसलिए लोक प्रशासन विषय की सीटो में बढ़ोतरी की जाए और साथ ही उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभ भाई कलस्टर विश्विद्यालय में भी लोक प्रशासन विषय को जल्द शुरू किया जाए।
हिमाचल प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में इतिहास स्कूल प्रवक्ता के 47 पदों को कमीशन के माध्यम से भरने के आदेश जारी कर दिए हैं। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ ने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर, शिक्षामंत्री श्री गोविंद ठाकुर ओर शिक्षा निदेशक उच्च डॉ अमरजीत शर्मा का अध्यापकों के 6 महीने बचाने के लिए आभार व्यक्त किया है। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रांत उपाध्यक्ष डॉ मामराज पुंडीर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ का एक प्रतिनिधिमंडल 13 तारिक को मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री से मिला और आग्रह किया कि कमीशन पास अध्यापकों की नियुक्ति सितम्बर माह में ही कर दी जाए , ताकि इन अध्यापकों को अपना कांटेक्ट पीरियड पूरा होने के बाद 6 महीने का इंतजार न करना पड़े। इस बारे में हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ ने सरकार का आभार व्यक्त किया है।
हिमाचल प्रदेश में सफाई से जुड़े और जोखिमपूर्ण व्यवसाय में लगे व्यक्तियों के बच्चों को भी छात्रवृत्ति मिलेगी। अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को दी जाने वाली प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय संशोधन करते हुए नई श्रेणियों को शामिल करने जा रहा है। जल्द इस योजना को देश भर में लागू किया जाएगा। शैक्षणिक सत्र 2021-22 से हिमाचल में भी पात्र विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ मिलेगा। पहली से 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों को वार्षिक 3000 से 7000 रुपये तक छात्रवृत्ति मिलेगी। बुधवार को उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों और स्कूल प्रिंसिपलों को इस बाबत पत्र जारी कर सूचित किया है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ओर से सभी प्रदेशों के मुख्य सचिवों और शिक्षा सचिवों को पत्र जारी कर बताया है कि इस योजना में शामिल किए जाने वाले विद्यार्थी सफाई से जुड़े और स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण व्यवसाय में लगे व्यक्तियों के परिवार का ही होना चाहिए। परिवार का इस व्यवसाय में लिप्त होने का प्रमाण पत्र संलग्न करना अनिवार्य रहेगा। विद्यार्थी राजकीय विद्यालय अथवा राज्य सरकार एवं माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त विद्यालयों में नियमित एवं पूर्णकालिक कक्षा पहली से 10वीं के विद्यार्थी के रूप में अध्ययनरत हो। विद्यार्थी को केंद्रीय राजकीय, सार्वजनिक, धार्मिक स्रोत से अध्ययन करने के लिए किसी भी प्रकार की छात्रवृत्ति या भत्ता नहीं मिल रहा हो। किसी भी कक्षा में पढ़ने के लिए छात्रवृत्ति केवल एक वर्ष के लिए उपलब्ध होगी। यदि कोई विद्यार्थी अगले वर्ष भी उसी कक्षा में रहता है तो उसे दूसरे वर्ष (अथवा बाद के वर्ष के लिए) उसी कक्षा के लिए छात्रवृत्ति नहीं मिलेगी। योजना के तहत 90 फीसदी बजट केंद्र और दस फीसदी बजट प्रदेश सरकार की ओर से दिया जाएगा। केंद्र सरकार पात्र विद्यार्थी के बैंक खाते में सीधा राशि जमा करवाएगा।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 9वी से 12वीं कक्षा के करीब दो लाख विद्यार्थियों को हर सप्ताह शनिवार और रविवार को डॉक्टर और इंजीनियर बनाने की कोचिंग दी जाएगी। 18 सितंबर से 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों को मोबाइल पर शिक्षक द्वारा एक लिंक भेजा जाएगा। यू-ट्यूब के इस लिंक के माध्यम से विद्यार्थी नीट और जेईई की कोचिंग ले सकेंगे। सरकार ने विद्यार्थियों को कोचिंग देने के लिए स्वर्ण जयंती विद्यार्थी अनुशिक्षण योजना शुरू की है। आधिकारिक तौर पर बुधवार से योजना शुरू कर दी गई है। शिक्षकों को हर घर पाठशाला अभियान के तहत लिंक भेजने का काम शुरू हो गया है। शनिवार को यह लिंक शिक्षक विद्यार्थियों को व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से देंगे। योजना के तहत सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता की गणित और विज्ञान की सामग्री उपलब्ध करवाई जाएगी। हर सप्ताह 15 से 18 घंटे की कक्षाएं और संदेह समाधान किया जाएगा। योजना के सही कार्यान्वयन के लिए सरकार जिला स्तर पर निगरानी कमेटी गठित करेगी। इसमें डाइट के प्रधानाचार्य, उच्च शिक्षा के उप निदेशक और स्कूलों के विज्ञान-गणित के पर्यवेक्षक शामिल किए गए हैं। कमेटी मेधावी छात्राओं की पहचान करने में भी मदद करेगी। योजना के तहत दो चरणों में कार्यक्रम का कार्यान्वयन होगा। पहले चरण में हर घर पाठशाला के माध्यम से छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली गणित और विज्ञान की सामग्री उपलब्ध होगी। दूसरे चरण में 100 उच्च प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं की पहचान करने के लिए चयन परीक्षा होगी।
राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द प्रदेश के चार-दिवसीय दौरे पर गुरुवार शिमला पहुंचे। उनके स्वागत के लिए राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार, संसदीय कार्य मंत्री एवं मिनिस्टर-इन-वेंटिंग सुरेश भारद्वाज, नगर निगम शिमला की महापौर सत्या कौंडल, सैन्य कमांडर आरट्रैक लै. जनरल राज शुक्ला, मुख्य सचिव राम सुभग सिंह, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, सचिव सामान्य प्रशासन देवेश कुमार, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी, पुलिस अधीक्षक मोनिका भटुंगरू ने उनका अनाडेल हेलिपैड पर गरिमापूर्ण स्वागत किया। बता दें कि राष्ट्रपति के दौरे से कुछ घंटों पहले ही नगर निगम हरकत में आया है। वीरवार सुबह राष्ट्रपति के शिमला पहुंचने से 1 घंटे पहले ही नगर निगम ने रिज व माल रोड पर तहबाजारियों को हटाया और दुकानों के बाहर अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों का सामान भी ज़ब्त किया। नगर निगम पिछले कुछ दिनों से लगातार अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है, हालांकि इस बात की उम्मीद जताई जा रही है कि राष्ट्रपति रिज व माल रोड की सैर भी कर सकते है।


















































