कोरोना वायरस से जंग जीतने के बाद अस्पताल से छूटी मिलते ही दोपहर बाद ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी अपनी निजी गाड़ी को प्रतिबंधित रिज-मॉल रोड से लेकर ही निकल पड़े। सीटीओ के पास जब पुलिस की नजर गाड़ी पर पड़ी तो गाड़ी को रोका गया और प्रतिबंधित क्षेत्र में गाड़ी लाने के लिए चालान भी काटा गया। इस दौरान गाड़ी में उनकी दो बेटियां भी मौजूद थी जो कोरोना को मात देकर अपने पिता के साथ घर जा रही थी। बता दे कि रिज मॉल रोड पर केवल प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री की गाड़ियों को आने की अनुमति है इसके अलावा किसी की गाड़ी के लिए ये प्रतिबंधित है। केवल आपातकाल की स्थिति में ही रिज से गाड़ी को अस्पताल ले जाने और एम्बुलेंस को ले जानी की अनुमति है जो शायद ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी भूल गए।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मॉनसून सत्र 7 सिंतबर से शुरू होने जा रहा है। यह सत्र 7 से 18 सितंबर तक जारी रहेगा। इस सत्र में सत्ता पक्ष औऱ विपक्ष आमने-सामने होंगे। सत्र में 10 बैठके रखी गई है। कोरोना काल मे विपक्ष पहले ही सत्र बुलाने की मांग कर रहा था। विपक्ष कोरोना काल में सरकार पर उठ रहे सवालों सहित कई मुद्दों पर सदन में घेरने का प्रयास करेगा। हालांकि प्रदेश में कोरोना का कहर जारी है और बजट सत्र भी कोरोना के चलते कम कर दिया गया था।
मुख्यमंत्री आवास में एक चालक कोरोना पाॅजिटिव निकला है। यह बीते दिनों पाॅजिटिव आए सुरक्षा कर्मियों के संपर्क में आने से संक्रमित हुआ है। जिला निगरानी अधिकारी डाॅ. राकेश भारद्वाज ने इसकी पुष्टि की है। जानकारी के अनुसार संक्रमित चालक सुंदरनगर का रहने वाला है और जब सचिवालय में कोई चालक अवकाश पर होता है तो वह सीएम सुरक्षा में तैनात गाड़ी चलाता है।
शिमला बटालियन के सौजन्य से और वेटेरन इंडिया जिला शिमला हिमाचल प्रदेश की इकाई ने मिलकर पूर्व सैनिकों व उनके आश्रितों को फर्स्ट एड बॉक्स, कुछ अति आवश्यक दवाइयां और मास्क बाँटे। वेटरन इंडिया जिला शिमला के अध्यक्ष कैप्टन शामलाल शर्मा व उनकी टीम द्वारा करोना को मध्य नजर रखते हुए उचित दूरी का ध्यान रखते हुए, मास्क आदि का प्रयोग करके उपरोक्त इलाकों में जाकर जरूरतमन्द सैनिकों, सीनियर सिटीजनों तथा उनके आश्रितों की समस्याओं को को सुना। वेटेरन इंडिया द्वारा ईएसएम सेल की सहायता से 1000 जवानों एवं उनकी परिवारों की सूची बनाई गई है जिनसे समय समय पर वार्तालाप कर उनकी ज़रूरतों का ध्यान रखा जाता है।
हिमाचल को देवभूमि के नाम से जाना जाता है लेकिन यहां पर ऐसी कई मान्यताएं भी हैं, जिन पर यकीन करना शायद आम इंसान के बस में नहीं है। यहाँ अगर बात करें राक्षसी शक्तियों से जुडी अविश्वसनीय प्रथा की तो हिमाचल में डगयाली की कहानी भी आपको हैरान कर देगी। हम आपको बता दें कि हमारा मकसद किसी को डराना या अंधविश्वास को बढ़ावा देना नहीं है, किन्तु आप तक सभी तथ्यों को पहुंचाने के मकसद से आपको आज हम डगयाली के बारें में जानकारी देंगे। हिमाचल के कुछ एक जिला में 2 दिन तक डगयाली ( जिसका अर्थ कुछ एक क्षेत्रों में चुड़ैल है ) की रात मानी जाती है। स्थानीय लोगों की मान्यता है कि इन 2 रातों को बुरी शक्तियों का प्रभाव ज्यादा रहता है, जिनमें तांत्रिक साल में एक बार काली शक्तियों को जागृत करने के लिए साधना करते हैं, जिनसे बचने के लिए यहां के लोग अपने घरों के बाहर टिंबर के पत्ते लटकाते हैं। जबकि कुछ लोग कांटे वाले किसी भी पौधे के तने को दरवाजे के आसपास रखते है। कहा यह भी जाता है की इस माह सभी देवी-देवता सृष्टि की रक्षा छोड़ असुरों के साथ युद्ध करके अपनी शक्तियों का प्रर्दशन करने अज्ञात प्रवास पर चले जाते हैं। इस माह की अमावस्या की रात को ही डगयाली या चुड़ैल की रात कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस अमावस्या की रात को जितने भी काली विद्या वाले तांत्रिक होते हैं वे काली शक्तियों को जागृत कर किसी का अहित करने के लिए तंत्र का सहारा लेते हैं। क्यूंकि ऐसा माना जाता है कि इस दौरान देवता बुरी शक्तियों से लड़ाई करने चले जाते हैं तो इस डर के कारण अपने घरों के बाहर दिये जलाकर रोशनी करते है और बुरी शक्तियों के प्रभाव को खत्म करने का आह्वान करते हैं। आपको इस बात से और अत्यधिक हैरानी होगी की लोग मानते है कि इस दौरान देवताओं और बुरी शक्तियों के बीच की लड़ाई में यदि देवता जीत जाते हैं तो पूरा साल सुख-शांति से गुजरता है। और अगर ऐसा न हो तो....... खैर, हम इस बात कि पुष्टि नहीं करते। लेकिन ये सच है कि लोग इस दिन को इसी नजरिये से देखते हैं।
राज्य कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं विधायक राजेंद्र राणा ने पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार द्वारा निजी विश्वविद्यालयों को लेकर की गई टिप्पणी का स्वागत करते हुए कहा कि शांता कुमार सदैव अपनी सच्ची व बेवाक टिप्पणियों को लेकर जाने जाते हैं। शिक्षा के नाम पर भ्रष्टाचार का अड्डा बने निजी विश्वविद्यालयों को शांता कुमार ने केवल डिग्री देने वाली दुकानें करार दिया है। ऐसे ही एक जगजाहिर मामले में मानव भारती यूनिवर्सिटी समेत एक ही जिले में बीजेपी के राज में खुली 7 यूनिवर्सिटियां अब सवालों के घेरे में हैं। उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं, एक ही ग्राम पंचायत में 3-3 यूनिवर्सिटियां बीजेपी के राज में खोली गई थीं। इनको खोलने का मकसद क्या था, इनके लिए छात्र कहां से आने थे। हालांकि यह मुद्दा तब भी कांग्रेस ने तत्कालीन सरकार में उठाया था। बीजेपी के राज में खुली इन यूनिवर्सिटियों में किस-किस की मिलीभगत रही है। स्टेट रैगुलेटरी कमीशन भी इस मामले में शक और संदेह के घेरे में है। आरोप लगे हैं कि रैगुलेटरी कमीशन से जुड़े एक व्यक्ति ने 60 कम्प्यूटरों की खेप इस फर्जीवाड़े में हजम की है, जिसकी भी जांच होनी जरूरी है। यह तमाम विषय बीजेपी की नीयत और नीति पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मानव भारती यूनिवर्सिटी मामले में अब वर्तमान सरकार किन-किन को बचाना चाह रही है। वह कौन अधिकारी व कौन राजनेता हैं, जिनको बचाने के लिए वर्तमान सरकार मौन और मूक मुद्रा में रहते हुए अंदरखाते बचाव के दबाव में है। मानव भारती यूनिवर्सिटी में भ्रष्टाचार का पैसा विदेशों में जाने के बाद यह मामला ईडी की जांच का बनता है। सरकार इस मामले को ईडी को सौंपने से किसके दबाव में गुरेज कर रही है? अब प्रदेश सरकार पर केंद्र में बैठे कुछ नेता इस मामले के बचाव में सरकार पर लगातार दबाव बना रहे हैं। दबाव पड़ोसी राज्य की भाजपा शासित सरकार से भी बना हुआ है, जिसके चलते सूचनाएं ये हैं कि मानव भारती यूनिवर्सिटी के माफिया सरगना को बचाने के लिए अब यूनिवर्सिटी के एक अधिकारी की बलि देने का मसौदा तैयार किया जा रहा है। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि धर्मशाला में निजी संस्थान चलाने वाला जे एंड के से संबंध रखने वाला वह कौन व्यक्ति है, जिस पर इस मामले में दलाली के आरोप लगे हैं और अब सरकार उसको बचाने का प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में पालमपुर के एक व्यक्ति पर भी भ्रष्टाचार के इस खेल में दलाल की भूमिका अदा करने के आरोप लगे हैं। इन दोनों जालसाजों के नामों का भी सरकार खुलासा करे। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के इतने सारे आरोप लगने के बाद सरकार ने किस मजबूरी में मानव भारती यूनिवर्सिटी की मान्यता जारी रखी है। उन्होंने कहा कि सरकार की इस लीपापोती पर कांग्रेस चुप नहीं बैठने वाली है। विपक्ष इस मामले को विधानसभा में पुरजोर से उठाएगा। देश में शिक्षा के नाम पर दूसरे पायदान पर स्थापित हिमाचल प्रदेश की छवि पर सरकार के रवैये के कारण प्रतिकूल असर पड़ा है लेकिन सरकार इस मामले में ऐसे बर्ताव कर रही है कि मानों कुछ हुआ ही नहीं है। उन्होंने मांग की है कि अगर विपक्ष की बात सत्ता पक्ष को हजम नहीं हो रही है तो पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार की टिप्पणी पर गौर करे, जिसमें उन्होंने कहा है कि फर्जी डिग्री के अलावा अन्य निजी यूनिवर्सिटियों में बहुत कुछ फर्जी है। यहां तक कि स्टाफ भी फर्जी है। पढ़ाई की कोई व्यवस्था नहीं है। फर्जी डिग्रियां देकर ऐसे निजी संस्थान हजारों युवकों के जीवन को बर्बाद करने में लगे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि सरकार की मंशा और नीयत इस मामले में अगर साफ पाक है तो सरकार करोड़ों के इस भ्रष्टाचार के मामले की सीबीआई की जांच से क्यों कतरा रही है?
रोहड़ू के विधायक मोहन लाल ब्राक्टा ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार के सेब सीजन की तैयारियो के दावे खोखले निकल रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा था कि हिमाचल सरकार अपने खर्चे पर बाहरी राज्य व नेपाल से सेब सीजन के लिए मजदूर लाएगी जो की सारी झूठी साबित हो रही है। उल्टे बागवानों को अपने खर्चे पर मंहगा गाड़ी किराया दे कर मजदूरों को लाना पड़ रहा है। एक तरह पहले ही सेब के बगीचे बेमौसमी बारिश वह बगीचों में रोगों की वजह से बागवान परेशान है। दूसरी तरफ सरकार बागवानी विभाग में लोगो को सेब की दवाइयां उपलब्ध कराने ने पूरी तरह से विफल साबित हुई है। लोगो को मजबूरी में बाजार मंहगे दामों पर दवाईयां खरीदनी पड़ रही है। जहां निचले व मध्यम इलाके ने सेब सीजन शुरू हो गया है लेकिन अभी तक एच पी एम सी व हिम् फेड के अधिकतर सेब एकत्रीकरण केंद्र नहीं खुले हैं जबकि 15 जुलाई तक सारे सेब एकत्रीकरण केंद्र खुल जाते थे। सेब एकत्रीकरण केंद्र न खुलने से बागवानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सेब का समर्थन मूल्य 50 पैसे बढ़ना बागवानों के साथ धोखा है और बागवान अपने आप को ठगा महसूस कर रहा है। वर्तमान प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर विफल हो रही है जब से भाजपा सरकार सत्ता में आई है मंहगाई आसमान छूने लगी है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सोमवार को नई दिल्ली में राष्ट्रीय भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से मुलाकात की। इस बैठक में उन्होंने राज्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों के बारे में चर्चा की। माना जा रहा है कि बीजेपी ने आगामी चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति के साथ-साथ प्रदेश और पार्टी के कई और मुद्दों पर नड्डा से बातचीत की। बता दे कि मुख्यमंत्री 16 अगस्त से दिल्ली दौरे पर है।
हि प्र रा वि प लि कनिष्ठ अभियंता/अतिरिक्त सहायक अभियंता आई टी आई डिप्लोमा/नॉन डिप्लोमा एसोसिएशन की बैठक प्रदेशाध्यक्ष ईं जे सी शर्मा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में प्रदेश कार्यकारिणी ने संघ से नाराजगी जताई कि संगठन की उचित मानी गई मांगों के आदेश जारी करने में बोर्ड प्रबंधन आनाकानी कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह सब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संगठन से जुड़े हजारों सदस्यों द्वारा संघ से आग्रह किया गया है कि अगर प्रभंधन जल्दी आदेश जारी नहीं करता तो बोर्ड प्रबंधन के खिलाफ कड़ा फैसला लिया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री को बोर्ड प्रबंधन की बेरुखी से अवगत करवाया है। इस बैठक में प्रदेशाध्यक्ष ईं जे सी शर्मा सहित संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों ईं देवेंद्र कंवर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष ईं महेंद्र चौधरी, उपाध्यक्ष ईं रणवीर चौहान, उपाध्यक्ष ईं राय सिंह, संगठन सचिव ईं लाइक राम शर्मा, कार्यालय सचिव ईं दिनानाथ ठाकुर, उप वित्त सचिव मुख्य सलाहकार ईं ओम प्रकाश राणा ने भाग लिया।
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने 17 अगस्त से शुरु हुई कॉलेज और यूनिवर्सिटी की परीक्षाओं पर रोक लगा दी है। हाई कोर्ट ने सुनवाई में कहा है कि अभी तक सुप्रीम कोर्ट में 18 अगस्त को सुनवाई होनी है। इसके चलते 19 अगस्त तक हाई कोर्ट ने अंतरिम रोक लगाई है। हालांकि हाई कोर्ट में इस मामले को लेकर सुनवाई 14 अगस्त को हुई थी लेकिन बावजूद इसके विश्वविद्यालय शिमला ने परिक्षाओं की तारीख जारी कर दी है। ऐसे में सोमवार को एक पेपर हो गया है लेकिन कल 18 और 19 अगस्त को होने वाली परीक्षाओं पर रोक लगा दी गई है। इस मामले में 18 अगस्त यानी कल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है जिसके बाद हाई कोर्ट कुछ फैसला लेगा।
शिमला-थरोला-टिक्कर हिमाचल पथ परिवहन निगम बस सेवा लगभग एक वर्ष से बंद पड़ी हुई है जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह बात जुब्बल नावर कोटखाई ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोतीलाल डेरटा, गुमान सिंह,ओमप्रकाश रान्टा, जितेंद्र मैहता, संधिरा रान्टा, सुरेश चौहान, कपिल ठाकुर, नारायण दत्त शर्मा, अरुण रान्टा, राकेश स्तान(शिशु), सागर क्लांटा, तुषार स्तान, चेतन भीमटा, लोकिन्दर पुर्टा, रमेश चौहान, सोहन लाल (बलोग), राविन्दर सिंह चौहान (पड़ारा), चेतन आज़ाद, विपिन आजाद ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कही। उन्होंने कहा कि शिमला-थरोला- टिक्कर बस सेवा स्थानीय जनता की मांग पर पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रोहित ठाकुर ने शुरू की थी लेकिन गत्त वर्ष से बस सेवा बंद पड़ी है जिससे जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बस सेवा से कोटखाई तहसील विशेषकर थरोला पंचायत और नावर क्षेत्र की जनता लाभान्वित हुई थी। बस सेवा को बंद करके भाजपा ने नावर की जनता के प्रति भी औछी राजनीति का परिचय दिया हैं। इसी तरह दोपहर को कोटखाई से वाया टहटौली और वाया रौणी थरोला जाने वाली हिमाचल पथ परिवहन की बस सेवा भी पिछले दो माह से बंद पड़ी हैं जिससे थरोला की जनता में भारी आक्रोश हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार के समय शुरू की गई बस सेवाएं जुब्बल-नावर-कोटखाई की सबसे बड़ी पंचायत थरोला में बन्द होने से आम जनता को भारी परेशानी से जूझना पड़ रहा हैं। विधायक पिछले तीन वर्षों से थरोला पंचायत में एक नया काम शुरू नहीं कर पाएं जबकि पूर्व कांग्रेस सरकार के समय की योजनाओं का झूठा श्रेय ले रहे हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पूर्व विधायक व पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रोहित ठाकुर के प्रयासों से जुलाई, 2017 में विधिवत रूप से शुरू हो चुका था जबकि श्रेय लेने के लिए विधायक नरेंदर बरागटा द्वारा भोली-भाली जनता को गुमराह कर दोबारा पीएचसी खोलने का नाटक किया जा रहा। इसी तरह पशु औषधालय केंद्र थरोला में पिछले तीन वर्षो में ताला लगा हुआ हैं और स्थानीय जनता को दूरदराज के क्षेत्र से पशु चिकित्सक की सेवा को मजबूर होना पड़ रहा हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा विधायक सरकार के पुनर्गठन के बाद मंत्रिमंडल में स्थान न मिलने से सरकार से विमुख होकर अज्ञातवास में चले गए हैं और जनता स्वयं को लावारिस और ठगा हुआ महसूस कर रही हैं। उन्होंने परिवहन मंत्री से बस सेवा शुरू होने तक कोटखाई-थरोला के लिए शिमला की तर्ज़ पर टैक्सी सेवा शुरू करने की मांग की हैं।
शिमला के छराबड़ा में ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। सूचना के अनुसार छराबड़ा के हसन वैली में एक ट्रक हादसे का शिकार हो गया है। हादसे में एक की मौके पर मौत और एक गभीर रुप से घायल हुआ है। मृतक की पहचान चालक धर्मेंद्र मैनपुरी उतर प्रदेश औऱ कंडक्टर गौतम यादव पुत्र मनसा राम यादव निवासी अंजनी उतर प्रदेश के रुप में हुई है। ट्रक में नारकंडा से उड़ीसा के लिए सेब लाद कर जा रहे थे जिसे चालक धर्मेंद्र चला रहा था। जानकारी के अनुसार रविवार रात जब यह ट्रक को लेकर हसन वैली पहुंचे तो चालक ट्रक से अपना नियंत्रण खो बैठा और ट्रक नाले में पलट गया। इस हादसे में चालक धर्मेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई जबकि कंडक्टर घायल हो गया। कंडक्टर को ईलाज के लिए आईजीएमसी में दाखिल किया गया है।
कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने प्रदेश में सेब के जनक कांग्रेस नेता स्व.सत्यानंद स्टॉक्स की जयंती पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा है कि प्रदेश उनके योगदान को कभी नही भुला सकता। उन्होंने कहा कि हिमाचल, जो आज पूरे देश ही नही विश्व मे सेब राज्य के रूप में जाना जाता है, यह सब सत्यानंद स्टॉक्स की ही देन है। उन्होंने कहा कि अगर सत्यानांद स्टॉक्स हिमाचल न आते तो शायद ही प्रदेश सेब राज्य बन पाता। राठौर ने सत्यानांद स्टॉक्स को याद करते हुए कहा की एक सुविधा सम्पन्न घर से ताल्लुक़ रखने वाला व्यक्ति जो अमेरिका से भारत घूमने के लिए आता है उसे हिमाचल प्रदेश ने इतना आकर्षित किया कि वह हिमाचल का बेटा बन गया। प्रदेश में गरीबों व बीमार लोगों का मसीहा बन गया। राठौर ने कहा कि सत्यानांद स्टॉक्स जो अमेरिका से भारत आते है उन्हें देश ने इतना आकर्षित किया कि वह देश को अंग्रेजों की गुलामी से मुक्त करवाने के लिए महात्मा गांधी के साथ स्वतंत्रता संग्राम में बढ़चढ़ कर भाग लेने लगे। उन्होंने महात्मा गांधी के आदर्शों को अपनाते हुए देश की आजादी की लड़ाई लड़ी व हिमाचल को अपना घर बनाया। राठौर ने सत्यानांद स्टॉक्स की जयंती पर आज श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि प्रदेश उनका सदैव ऋणी रहेगा और उन्हें उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
आज स्वतंत्रता दिवस पर अपनी आज़ादी का जश्न मनाने के साथ साथ, एक सदा और सुन लेना भी ज़रूरी है जो बँटवारे के समय से सुनाई पड़ती है। ये आवाज़ें वक़्त के साथ धुंधली ज़रूर हो सकती हैं, मगर इन्हें कभी दबा पाना मुमकिन नहीं। जहाँ देश में ख़ुशी की लहर है, वहीं यहाँ की हवा में मिट्टी की खुशबू के साथ उठती है गंध, उन सभी शवों की जिन्हें कोई जलाने, दफ़नाने वाला भी नहीं मिला। जी हाँ हम बात कर रहे हैं विभाजन की उस लड़ाई की, जिसने इस मुल्क़ को दो हिस्सों में बाँट कर रख दिया। बंटवारे की त्रासदी में कितने ही लोग बेघर हुए और कितने ही परिवारों के चिराग बुझ गए। उस दर्द की कल्पना भी कर पाना मुश्किल है। मगर इस दर्द को बेहद करीब से छुआ जा सकता है, उस समय का दर्द बयां करते कुछ साहित्यकारों की रचनाओं को पढ़ कर। ऐसी ही कुछ रचनाओं की आज बात करेंगे। अमृता प्रीतम ने "पिंजर" में उकेरा है विभाजन का दर्द जहाँ बेहतरीन लेखन और स्वतंत्रता की बात हो, वहां अमृता प्रीतम का नाम आना भी लाज़मी है। विद्रोही समझ वाली अमृता, न केवल महिलाओं के लिए बोला करती थी, बल्क़ि बेहतरीन, स्वतंत्र समझ का उदाहरण भी थी। अमृता के कई उपन्यासों में विभाजन का दर्द दिखाई देता है, जिनमें से एक है "पिंजर"। यूँ तो विभाजन पर कई उपन्यास लिखे गए हैं, परन्तु आज तक लिखे गए सभी उपन्यासों में पिंजर का अपना विशिष्ठ स्थान है। पिंजर को पढ़ कर ऐसा प्रतीत होता है कि जैसे आस पास होती सत्य घटनाओं पर ही आधारित है। 1947 में हुए विभाजन का दर्द, अमृता ने अपने इस उपन्यास के ज़रिये 1950 के आस पास लिखा। अमृता के इस उपन्यास का अहम किरदार है "पुरो" जो एक हिन्दू परिवार में जन्म लेती है, परन्तु पारिवारिक रंजिश के चलते, एक मुस्लमान शेख द्वारा, ज़बरदस्ती विवाह सम्बन्ध में बाँधी जाती है। इस उपन्यास में अमृता बात करती हैं एक ऐसे गाँव की जहाँ मुसलमानों की आबादी हिन्दू आबादी से कहीं ज़्यादा है और दंगों के चलते सभी हिन्दू एक हवेली में छुप गए, जो भी हिन्दू बहार आता वह मार दिया जाता था। अमृता लिखती हैं "एक रात जब हिन्दू मिलिट्री के ट्रक गाँव में आए तो लोगों ने हवेली में आग लगा दी। मिलिट्री ने आग बुझा कर लोगों को बाहर निकाला। “आधे जले हुए तीन आदमी भी निकाले गए, जिनके शरीर से चर्बी बह रही थी, जिनका मांस जलकर हड्डियों से अलग-अलग लटक गया था। कोहनियों और घुटनों पर से जिनका पिंजर बाहर निकल आया था। लोगों के लारियों में बैठते-बैठते उन तीनों ने जान तोड़ दी। उन तीनों की लाशों को वही फेंककर लारियाँ चल दीं। उनके घर वाले चीखते-चिल्लाते रह गए, पर मिलिट्री के पास उन्हें जलाने-फूंकने का समय नहीं था।” इस सिक्के के दूसरे पहलू पर भी रौशनी डालते हुए अमृता लिखती हैं "कुछ शहरों में सीमाएं बना दी गई थीं जिनकी एक ओर हिन्दू और दूसरी ओर सभी मुसलमान थे" दूसरी ओर से मुसलमान मरते कटते चले आ रहे थे, कुछ वहीँ मार दिए गए और कुछ रास्ते में मारे गए।" मोहन राकेश ने सुनाई बिछड़े अपनों की दास्ताँ साहित्यकार मोहन राकेश अपने उपन्यास "मलबे का मालिक" में भी ऐसा ही कुछ दर्द बयां करते नज़र आए जिसमें कहानी के मुख्य किरदार 'गनी मियां' दंगों के समय पाकिस्तान चले जाते हैं और उनके बेटे बहु और दो पोतियां यहीं हिंदुस्तान में रह जाते हैं। विभाजन के 7 साल बाद, जब दोनों देशों में आवाजाही के साधन खुलते हैं, तो हॉकी का मैच देखने के बहाने गनी मियां अमृतसर (भारत) आते हैं, इस आस में कि अपने पुराने घर परिवार को फिर देख सकेंगे, परन्तु यहां आ कर उन्हें पता चलता है कि उनके परिवार की 7 साल पहले ही हत्या हो चुकी है। पियूष मिश्रा ने "हुस्ना" (नाटक) में किया अधूरी मोहब्बत का ज़िक्र बंटवारे के समय हुई ऐसी कई घटनाओं का, कई परिवारों का दर्द जहाँ इन रचनाओं में आज भी ज़िंदा है, वहीं मुझे पियूष मिश्रा का एक नाटक, "हुस्ना" याद आता है। पियूष मिश्रा ने न केवल इसे लिखा, बल्क़ि मंच पर बखूबी इसे निभाया भी। इस नाटक में दो मुल्क़ों के बंटवारे में कभी न बँट पाने वाली, मोहब्बत की कहानी है। जिसमें हिंदुस्तान में रहने वाले प्रेमी का खत है, जो की उसकी विभाजन के बाद से, पाकिस्तान में रह रही प्रेमिका के नाम है। खत को गाने के रूप में पेश किया गया है जिसके बोल हैं, "लाहौर के उस जिले के दो परांगना में पहुंचे , रेशमी गली के दूजे कूचे के चौथे मकां में पहुंचे, और कहते हैं जिसको दूजा मुल्क़ उस पाकिस्तान में पहुंचे," गाने की इन पंक्तियों में लेखक खुद के पाकिस्तान में होने की कल्पना करते हैं व कहते हैं "मुझे लगता है में लाहौर के पहले जिले के दुसरे राज्य में हूँ।" इसी गाने में पियूष मिश्रा ने दोनों मुल्क़ों की समानताओं की ओर इशारा करते हुए यह भी लिखा की "पत्ते क्या झड़ते हैं पाकिस्तान में, वैसे ही जैसे झड़ते हैं यहाँ ओ हुस्ना, होता क्या उजाला वहां वैसा ही, जैसा होता है हिन्दोस्तान में हाँ ओ हुस्ना।" सवाल है जो "दर्द यहाँ है क्या वही दर्द वहां दूसरी ओर सभी उठता है?" जी हाँ यहाँ बात उठती है पाकिस्तानी लेखकों की तो उनकी रचनाओं पर भी रौशनी डालना ज़रूरी है। जॉन ऐलिया ने भेजे सन्देश फ़ारेहा के नाम पाकिस्तान के मशहूर लेखक जॉन ऐलिया की ही बात करें तो, जॉन का जन्म 1931 में अमरोहा (भारत) में हुआ और विभाजन के समय वह पाकिस्तान चले गए। जॉन की कई ग़ज़लें उनकी बचपन की मोहब्बत "फ़ारेहा" के नाम हैं, फ़ारेहा हिंदुस्तान में रहा करती थीं और कहा जाता है विभाजन के बाद जॉन का फ़ारेहा से मिलना कभी नहीं हुआ। मगर जॉन की लिखी एक ग़ज़ल "फ़ारेहा" में उनका दर्द पढ़ा जा सकता है " सारी बातें भूल जाना फ़ारेहा, था सब कुछ वो इक फ़साना फ़ारेहा, हाँ मौहब्बत एक धोखा ही तो थी, अब कभी धोखा न खाना फ़ारेहा " इन पंक्तियों में जॉन अपनी बचपन की मोहब्बत फ़ारेहा से, सब कुछ भूल जाने को कहते हैं, क्योंकि वह जानते हैं के दो मुल्क़ों के बीच खिंच चुकी इस लकीर को मिटा पाना, और इस मौहब्बत को अनजाम देना भी अब मुमकिन नही। विभाजन से किसी का घर टूटा तो किसी का दिल, किसी के अपने बिछड़े तो किसी के अपने ही पराए हो गए। इस नुकसान की भरपाई तो अब की नहीं जा सकती, पर इस बात को नकारा भी नहीं जा सकता कि नुकसान दोनों ओर बराबर रहा होगा।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने फहराया तिरंगा, ली परेड की सलामी हिमाचल प्रदेश में 74वां स्वतंत्रता दिवस समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान कोविड-19 महामारी के मद्देनजर सामाजिक दूरी का पूर्ण रूप से पालन किया गया। स्वतंत्रता दिवस पर जिला और उपमण्डल स्तर पर भी समारोह आयोजित किए गए। ध्वजारोहण के साथ-साथ गृह रक्षक, एसएसबी, आईटीबीपी के जवानों द्वारा प्रस्तुत मार्च पास्ट समारोह के मुख्य आकर्षण रहे। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कुल्लू के ऐतिहासिक ढालपुर मैदान में राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रीय ध्वज फहराया और पुलिस, आईटीबीपी, गृह रक्षक तथा एनसीसी कैडेटों के द्वारा प्रस्तुत आकर्षक मार्चपास्ट की सलामी ली। उप पुलिस अधीक्षक विन्नी मिन्हास ने परेड की अगुवाई की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानियों और शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की जिन्होंने देश की आजादी के लिए सीमाओं की रक्षा करते हुए अपनी जान की परवाह न करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों और प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डाॅ. वाईएस परमार को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि हिमाचल देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि भी है। देश का प्रथम परमवीर चक्र हिमाचल के मेजर सोमनाथ शर्मा को प्रदान किया गया था। इसके उपरांत कैप्टन विक्रम बत्रा और हवलदार संजय कुमार को भी यह पुरस्कार मिला। उन्होंने लद्दाख की गलवान घाटी में देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले प्रदेश के वीर सैनिकों को भी श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वतंत्रता सेनानियों, सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवार के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश सरकार स्वतंत्रता सेनानियों और दिवंगत स्वतंत्रता सेनानियों की पत्नियों को 15 हजार रुपये और उनकी अविवाहित बेटियों को 10 हजार रुपये प्रदान कर रही है। स्वतंत्रता सेनानियों की बेटियों की शादी के लिए 51 हजार रुपये और उनकी पोतियों की शादी के लिए 21 हजार रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों को सरकारी और अर्द्ध-सरकारी सेवाओं में दो प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। जय राम ठाकुर ने कहा कि परमवीर चक्र और अशोक चक्र विजेताओं को तीन लाख रुपये की वार्षिकी प्रदान की जा रही है। महावीर चक्र और कीर्ति चक्र विजेताओं को दो लाख रुपये तथा वीर चक्र और शौर्य चक्र विजेताओं को एक लाख रुपये की वार्षिकी प्रदान की ज रही है। उन्होंने कहा कि युद्ध विधवाओं की बेटियों की शादी के लिए दी जाने वाली वित्तीय सहायता को 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने सभी क्षेत्रों मे अभूतपूर्व विकास किया है। शिक्षा, खुले में शौचमुक्त, पर्यटन आदि क्षेत्रों में विशेष रूप से उल्लेखनीय कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि अटल सुरंग रोहतांग को एक प्रमुख पर्यटन आकर्षण के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रदेश सरकार पर्यटकों के लिए इस सुरंग में विस्टाडुम बस सेवा आरम्भ करने पर विचार कर रही है। कुल्लू के बिजली महादेव को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा तथा इस पर्यटन स्थल को रज्जूमार्ग सुविधा से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जनमंच कार्यक्रम आरम्भ किया है और अब तक राज्य की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में 189 जनमंच आयोजित किए गए हैं, जिसमें लगभग 45 हजार शिकायतें और मांगपत्र प्राप्त हुई, जिनमें से 91 प्रतिशत का समाधान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने सेवा संकल्प हेल्पलाईन-1100 आरम्भ की है, जिसके अंतर्गत कोई भी व्यक्ति प्रदेश के किसी भी हिस्से से 1100 नम्बर पर डायल कर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है। अब तक एक लाख से अधिक शिकायतें मिली हैं, जिनमें से अधिकतर का निपटारा कर लिया गया है। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की 90 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है इसलिए राज्य सरकार इन क्षेत्रों के विकास को विशेष प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि किसानों तथा बागवानों की आय को दोगुना करने के लिए कई विभिन्न कृषि योजनाएं चलाई गई हैं। जंगली जानवरों से फसल की रक्षा करने में मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना लाभकारी सिद्ध हुई है जिससे 80.36 करोड़ रूपये की लागत से 2600 किसान लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने कहा कि बागवानों के लिए एंटी हेलनेट योजना कारगर सिद्ध हुई है। मुख्यमंत्री ने राज्य को उदार वित्तीय सहायता जारी करने तथा विभिन्न परियोजनाओं को स्वीकृत करने के अतिरिक्त गरीबों, किसानों, रेहड़ी-फड़ी वालों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों, प्रवासी मजदूरों और समाज के अन्य कमजोर वर्गों के लिए आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए 20 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज की घोषणा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत देश के गरीब परिवार नवम्बर, 2020 तक मुफ्त राशन प्राप्त कर सकेंगे। राज्य में प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत महिलाओं के 5.90 लाख खातों में सीधी 500 रूपये प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 8.74 लाख किसानों को 2000 रूपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं। जय राम ठाकुर ने कोरोना योद्धाओं को उनके बहुमूल्य योगदान तथा राज्य के लोगों का सरकार द्वारा समय-समय पर दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करने में सहयोग प्रदान करने के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने एचपीएसडीएमए कोविड-19 फण्ड में उदारतापूर्वक अंशदान करने के लिए राज्य के लोगों का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि फण्ड में 82.48 करोड़ रूपये का अंशदान प्राप्त हुआ जिसमें से 22.08 करोड़ रूपये कोविड-19 देखभाल पर व्यय किए गए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आशा कार्यकर्ताओं को मार्च से जून, 2020 तक 1000 रूपये प्रतिमाह की सहायता तथा जुलाई व अगस्त माह में 2000 की बढ़ी हुई राशि प्रदान की। मुख्यमंत्री ने निदेशक सूचना एवं प्रोैद्योगिकी आशुतोष गर्ग को मुख्यमंत्री सेवा संकल्प-1100 हैल्पलाईन के माध्यम से प्रदेश की जनता की समस्याओं के समाधान के लिए तथा सिरमौर जिला के पूर्व उपायुक्त ललित जैन को पर्यावरण संरक्षण एवं रोजगार सृजन के लिए हिमाचल प्रदेश सिविल सर्विस अवार्ड वर्ष 2020 से सम्मानित किया। उन्होंने मण्डी के वरिष्ठ पत्रकार तथा प्रसिद्ध छायाकार बीरबल शर्मा को हिमाचल गौरव पुरस्कार-2020 प्रदान किया। इसके अतिरिक्त मण्डी जिला के जाने-माने गायक बालकृष्ण शर्मा, विख्यात चिकित्सक मंगत राम डोगरा तथा लोक गायक नरेन्द्र ठाकुर को भी हिमाचल गौरव पुरस्कार-2020 से सम्मानित किया। उन्होंने ऊना जिला के भरवाईं क्षेत्र के संदीप कुमार को सामाजिक एवं साहसिक कार्यों के लिए जबकि खेल के क्षेत्र में प्रशंसनीय एवं उत्कृष्ट योगदान के लिए शिमला जिला की अन्तर्राष्ट्रीय महिला क्रिकेट खिलाड़ी सुषमा वर्मा को भी सम्मानित किया। उन्होंने इस अवसर पर नशा निवारण वैन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर, सांसद रामस्वरूप शर्मा, विधायक सुरेन्द्र शौरी, किशोरी लाल, जवाहर ठाकुर और सुन्दर सिंह ठाकुर, पूर्व सांसद महेश्वर सिंह, पूर्व मंत्री सत्यप्रकाश ठाकुर, एचपीएमसी के उपाध्यक्ष राम सिंह, हस्तकरघा एवं हस्तशिल्प के उपाध्यक्ष संजीव कटवाल, मुख्य सचिव अनिल खाची, पुलिस महानिदेशक संजय कुण्डु, कुल्लू की उपायुक्त डा. ऋचा वर्मा और सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के निदेशक हरबंस सिंह ब्रसकोन भी उपस्थित थे।
वो दौर था 1857 का, पूरे देश में क्रांति की ज्वाला भड़क रही थी। ऐसे में पहाड़ों की शांत वादियों में लगी चिंगारी भी कम नहीं थी। धीमें से सुलग रही इस क्रांति की चिंगारी ने जब विकराल रूप लिया तब लगभग पूरा हिमाचल इसकी जद में आ गया। 20 अप्रैल 1857, वो दिन जब पहली बार हिमाचल प्रदेश में अंग्रेज़ों के खिलाफ धधक रही ज्वाला ने विकराल रूप धारण किया। क्रांति का आगाज़ हुआ कसौली से। अंबाला राइफल डिपो के छह भारतीय सैनिकों ने कसौली थाने को आग के हवाले कर दिया। अंग्रेजों के सुरक्षित गढ़ कही जाने वाली कसौली छावनी पर हुए इस हमले से गोरे बौखला उठे और उन्होंने अन्य छावनी क्षेत्रों व कंपनी सरकार के कार्यालयों की सुरक्षा कड़ी कर दी। गोरों ने कई क्रांतिकारियों को जेलों में डाल दिया और कईयों को सूली पर चढ़ा दिया, पर सैनिकों का बलिदान ज़ाया नहीं गया। कसौली से भड़की इस ज्वाला ने पूरे हिमाचल में आज़ादी की अलख जगा दी। इसके बाद डगशाई छावनी, सुबाथू, कालका व जतोग में क्रांति की लहर दौड़ी। उधर कांगड़ा, नूरपुर, धर्मशाला, कुल्लू-लाहुल, सिरमौर व अन्य रियासतों में भी विद्रोह प्रखर हो गया। बुशहर के राजा शमशेर सिंह, कुल्लू-सिराज के युवराज प्रताप सिंह, सुजानपुर के राजा प्रताप चंद गुप्त रूप से क्रांतिकारियों की गतिविधियों में संलिप्त हो गए। 11 मई को अंग्रेजों को मेरठ, दिल्ली और अम्बाला में विद्रोह की सुचना मिली। गोरों ने कसौली, सुबाथू, डगशाई व जतोग की छावनियों को अंबाला कूच का आदेश दिया। भारतीय सैनिकों ने इस आदेश का खुले तौर पर विद्रोह किया और बगावत का ऐलान कर दिया। 13 मई को जतोग में गोरखा रेजिमेंट ने सूबेदार भीम सिंह के नेतृत्व में देशी सैनिकों ने अंग्रेजों पर धावा बोल दिया। सिर्फ 45 क्रांतिकारियों ने 200 अंग्रेजों को धूल चटा दी। सैनिकों ने कसौली ट्रेजरी को लूटा और जतोग की तरफ बढ़ने लगे। इस बारे में अंग्रेज़ों के तत्कालीन कमिश्नर पी. मैक्सवैल ने अपनी डायरी में जिक्र किया है और हैरानी जताई है कि कैसे मुट्ठीभर क्रांतिकारियों ने अपने से चार गुना अधिक अंग्रेजी सेना को हरा दिया था। इसके बाद विद्रोह की डोर स्थानीय पुलिस ने अपने हाथों में ली। स्थानीय पुलिस गार्ड के दरोगा बुद्धि सिंह जतोग पर कब्जे के लिए रवाना हो गए। जतोग पहुँचते पहुँचते रास्ते में अंग्रेजी सेना ने कुछ क्रांतिवीरों को पकड़ लिया तो कुछ मारे गए। जबकि बुद्धि सिंह ने गोरों के हाथों मरने से भला स्वयं को गोली मरना समझा और वो शहीद हो गए। पहाड़ी रियासतों में क्रांति योजनाबद्ध तरीके से हो रही थी, जिसके लिए एक गुप्त संगठन बना हुआ था, जिसके सदस्य सूचनाओं को यहां-वहां पहुंचाया करते थे। पहाड़ों में इस क्रांति के नेता पंडित राम प्रसाद वैरागी थे। वैरागी सुबाथू मंदिर में पुजारी थे। वे संगठन पत्रों के माध्यम से संदेश भेजा करते थे। 12 जून 1857 को इस संगठन का कुछ पत्र अंबाला के कमिश्नर जीसी बार्नस के हाथ लगे, जिसमें दो पत्र राम प्रसाद वैरागी के भी थे। इसके साथ ही संगठन का भेद खुल गया। वैरागी को पकड़ कर अंबाला जेल में फांसी पर चढ़ा दिया गया। क्रांतिकारियों को सहयोग न मिला व अंग्रेज़ों ने 1857 के विद्रोह को दो महीनो में ही दबा दिया और प्रदेश में लगी विद्रोह की ज्वाला कुचल दी गई।
जब जब स्वतंत्रता संग्राम की बात की जाती है तो पहाड़ के जांबाज़ों का ज़िक्र न हो ऐसा हो नहीं सकता। स्वतंत्रता संग्राम में हिमाचल प्रदेश के सपूतों ने महात्मा गांधी के साथ कदम से कदम मिलाकर जो योगदान दिए वो किसी से कम नहीं। देवभूमि के वीर सपूतों ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ जो आंदोलन का बिगुल बजाया तो उसकी गूंज पूरे भारत वर्ष को सुनाई दी। चाहे 1857 की महाक्रांति हो या 15 अगस्त 1947 तक का आंदोलन हो, छोटे से पहाड़ी प्रदेश हिमाचल ने भी इनमें अहम भूमिका निभाई। आजादी की लड़ाई के लिए हिमाचल में गुरिल्ला बम बने। सशस्त्र क्रांतियां हुईं। हजारों क्रांतिकारियों ने पूरे दमखम से स्वतंत्रता के लिए लड़ाई लड़ी। तो आज स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य पर हम उन्हीं कुछ स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में जानेंगे। पंडित राम प्रसाद वैरागी उस समय पूरे देश में क्रांति के संचालन के लिए एक गुप्त संगठन बनाया गया था। पहाड़ों में इस क्रांति के नेता पंडित राम प्रसाद वैरागी थे। वैरागी सुबाथू मंदिर में पुजारी थे। वे संगठन को पत्रों के माध्यम से संदेश भेजा करते थे। 12 जून 1857 को इस संगठन के कुछ पत्र अंबाला के कमिश्नर जीसी बार्नस के हाथ लगे, जिसमें दो पत्र राम प्रसाद वैरागी के भी थे। इसके साथ ही संगठन का भेद खुल गया। वैरागी को पकड़ कर अंबाला जेल में फांसी पर चढ़ा दिया गया। क्रांतिकारियों को सहयोग नहीं मिला और अंग्रेज़ों ने 1857 के विद्रोह को दो महीनो में ही दबा दिया और प्रदेश में सुलगी विद्रोह की ज्वाला कुछ समय के लिए शांत हो गई। 'हिमाचल निर्माता' डॉ॰ यशवंत सिंह परमार डॉ॰ यशवंत सिंह परमार, हिमाचल निर्माता के नाम से भी जाने जाते हैं। हिमाचल के पहले मुख्यमंत्री डाॅ. परमार ने हिमाचल में विकास की नींव रखी थी। सिरमौर में जन्मे परमार सिरमौर की रियासत में 11 साल तक सब जज और मजिस्ट्रेट रहे। उसके बाद न्यायाधीश के रूप में 1937-41 तक अपनी सेवाएं दीं। इसी दौरान वह सुकेत सत्याग्रह प्रजामंडल से जुड़े। नौकरी की परवाह न करते हुए उन्होंने स्वतंत्रता की लड़ाई में अपना पूरा योगदान दिया। उनके ही प्रयासों से यह सत्याग्रह सफल हुआ। 'पहाड़ी गांधी' बाबा कांशी राम पहाड़ी गांधी कहे जाने वाले बाबा कांशीराम ने आज़ादी की लड़ाई में बेहद अहम भूमिका निभाई। उन्होंने जब तक भारत को आजादी नहीं मिल जाती तब तक काले कपड़े पहनने की शपथ ली थी। बाबा कांशी राम ने अपने पहाड़ी गीतों और कविताओं से पहाड़ी राज्य हिमाचल और देश को आजादी के लिए जगाने में सराहनीय प्रयास किए। उन्होंने गांव-गांव घूमकर अपने लिखे लोकगीतों, कविताओं और कहानियों से अलख जगाई। कांशी ने पहली बार पहाड़ी बोली को लिखा और गा-गाकर लोगों को राष्ट्रीय आंदोलन से जोड़ा। सरोजनी नायडू ने उन्हें बुलबुल-ए-पहाड़ के खिताब से नवाजा। 1930 और 1942 के बीच वो 11 बार जेल गए और अपने जीवन के 9 साल सलाखों के पीछे काटे। जेल के दिनों में लिखी हर रचना उस वक्त लोगों में जोश भरने वाली थी। ‘समाज नी रोया’, ‘निक्के निक्के माहणुआं जो दुख बड़ा भारा’, ‘उजड़ी कांगड़े देश जाना’ और ‘कांशी रा सनेहा’ जैसी कई कविताएं मानवीय संवेदनाओं और संदेशों से भरी थीं। दौलतराम सांख्यान आजादी की लड़ाई में बिलासपुर के महान स्वतंत्रता सेनानी दौलतराम सांख्यान के संघर्ष को आखिर कौन भुला सकता है। बिलासपुर में प्रजामंडल का गठन कर दौलतराम सांख्यान ने ब्रिटिश सरकार को सीधी चुनौती देकर कई मुश्किलें खड़ी कर दीं थी। ब्रिटिश सरकार ने उन्हें इस मुहिम के लिए कई यातनाएं दीं। अंग्रेजी सरकार ने उनकी चल-अचल संपत्ति तक जब्त कर ली थी। इतना ही नहीं 11 जून 1946 से 12 अक्तूबर 1948 तक रियासत से निष्कासित कर दिया गया। इसके बावजूद स्वतंत्रता संग्राम के इस सेनानी ने हार नहीं मानी और डट कर अंग्रेजों का सामना किया। कैप्टन राम सिंह ठकुरी वहीं आजाद हिंद फौज के सिपाही और संगीतकार कैप्टन राम सिंह ठकुरी ने भारत के राष्ट्र गान जन गन मन की धुन तैयार की है। उन्होंने अपनी वीरता के लिए किंग जार्ज-पंचम मेडल प्राप्त किया। जब सुभाष चंद्र बोस ने उनसे मुलाकात की तो उन्हें वोइलिन भेंट की, जिसे वह हमेशा अपने पास रखते थे। उन्होंने 'कदम-कदम बढ़ाए जा-खुशी के गीत गाए जा' जैसे सैकड़ों ओजस्वी गीतों की धुनों की रचना की। 15 अगस्त 1947 को राम सिंह के नेतृत्व में आईएनए के आर्केस्ट्रा ने लाल किले पर शुभ-सुख चैन की बरखा बरसे गीत की धुन बजाई। कौमी तराना नाम से यह गीत आजाद हिंद फौज का राष्ट्रीय गीत बना, इस गीत की ही धुन को बाद में जन-गण-मन की धुन के रूप में प्रयोग किया गया। पदम् देव पदमदेव जिला शिमला के गांव भनोल से ताल्लुक रखते थे। उन्होंने 1930 में असहयोग आंदोलन और सिविल अवज्ञा में(सिविल डिसओबेडिएंस) में भाग लिया। वह हिमालय रियासती प्रजा मंडल के संस्थापक सदस्य थे और गरीबी व अस्पृश्यता(अनटचेबिलिटी) के खिलाफ लड़े थे। 1952 में वह विधानसभा के लिए चुने गए और राज्य के पहले गृह मंत्री बने। 1957 में वह लोकसभा, 1962 में क्षेत्रीय परिषद और फिर 1967 में विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए। वह कविराज के नाम से मशहूर थे। यश पाल उस समय यश पाल कॉलेज में ही थे जब उनकी मुलाकात भगत सिंह और सुखदेव से हुई। उन्होंने चरमपंथी समूह हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी (एचएसआरए) को ज्वाइन किया। एचएसआरए ने 1929 में लॉर्ड इरविन को ले जाने वाली ट्रेन को उड़ाने की योजना बनाई थी। यशपाल ने उस में बम से विस्फोट किया था। कई नेताओं की गिरफ्तारी के बाद यशपाल ने चंद्रशेखर आजाद को एचएसआरए को फिर से संगठित करने में मदद की। 1932 में उन्हें गिरफ्तार किया गया और वह 6 साल तक जेल में रहे। वह एक प्रतिभाशाली लेखक थे और प्रसिद्ध किताब ‘सिम्बालोकन’ सहित कई पुस्तकें लिखी थीं। उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार और पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। शिवानंद रामौल, पूर्णानंद, सत्य देव, सदा राम चंदेल, सत्यानंद स्टोक्स, ठाकुर हजक सिंह इत्यादि ऐसे अन्य प्रमुख स्वतंत्रता सैनानी रहे हैं जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में अपना योगदान दिया था। आज भले ही यह हस्तियां हमारे बीच नहीं हैं पर उनके दिए गए बलिदान को कृतज्ञ राष्ट्र कभी नहीं भूल सकता।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष शंकर सिंह ठाकुर ने परिवहन मंत्री को किया सम्मानित परिवहन कर्मचारियों की समस्याओं से करवाया अवगत परिवहन मजदूर संघ के प्रदेश पदाधिकारियों के प्रतिनिधि मंडल ने संघ के प्रदेश अध्यक्ष शंकर सिंह ठाकुर के नेतृत्व में परिवहन मंत्री विक्रम सिंह ठाकुर से सचिवालय में मिलकर उन्हें शाल, टोपी व तलवार भेंट कर सम्मानित किया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने परिवहन कर्मचारियों की समस्याओं से उन्हें विस्तार पूर्वक अवगत कराया। परिवहन मंत्री विक्रम सिंह ठाकुर ने समस्याएं सुनने के बाद संघ के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि एचआरटीसी प्रदेश की जनता के लिए 24 घंटे आवागमन का एक प्रमुख साधन है जो इसमें कार्यरत हजारों कर्मचारियों के परिवारों की आर्थिक समृद्धि की आधारशिला भी है। जहां भ्रष्टाचार के लिए कोई भी स्थान नहीं हो सकता। उन्होंने एचआरटीसी के सभी कर्मचारियों और अधिकारियों से पूरे समर्पण और इमानदारी से प्रदेश हित में अपने कार्य में जुट जाने का आह्वान किया। संघ के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी के इस कठिन दौर में हमारी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। परिवहन कर्मचारी पूरे समर्पण से कार्य कर अपनी विराट क्षमता का परिचय देकर जनता की सेवा में जुट जाएं। संघ के प्रतिनिधिमंडल को विश्वास दिलाते हुए उन्होंने कहा कि कई बार प्रतिभावान कर्मचारियों को उनका मूल्यांकन करने वालों के अज्ञान, अवहेलना, ईर्ष्या व द्वेष के कारण समुचित सम्मान से वंचित रहना पड़ता है लेकिन अब ऐसी नौबत नहीं आएगी। चरणबद्ध तरीके से परिवहन कर्मचारियों की सभी समस्याओं का समाधान सभी को विश्वास में लेकर किया जाएगा। संघ के प्रदेश अध्यक्ष शंकर सिंह ठाकुर ने कहा कि जब क्षमता वान नेतृत्व धेयावादी होता है तो छोटे बड़े असंख्य कार्यकर्ता उसी प्रेरणा की ऊर्जा से लक्ष्य प्राप्त करने के लिए सर्वस्व निछावर कर हंसते-हंसते अपने रास्तों पर निकल पड़ते हैं। शंकर सिंह ठाकुर ने कहा कि परिवहन मंत्री के साथ संघ की यह पहली मुलाकात परिवहन कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकारों में बने छठे ऊर्जावान परिवहन मंत्री के साथ कार्य करना का सौभाग्य प्राप्त हुआ है परिवहन मजदूर संघ को इसका अपार हर्ष है। संघ के प्रतिनिधि मंडल में श्रवण शर्मा, प्रताप ठाकुर, मनजीत ठाकुर, सतीश नड्डा, राम कुमार शर्मा, पवन ठाकुर, रिखी राम कौंडल, राजन वर्मा, नंदलाल बट्टू, राजेंद्र ठाकुर, ईश्वर सिंह, कुलवंत सिंह, संदीप शर्मा, अजय कुमार, महेंद्र ठाकुर, नरेंद्र ठाकुर, संजय कुमार, कैलाश चंद, जयप्रकाश उपस्थित थे।
कोविड-19 में स्पेशल डयूटी देने वाले होमगार्ड जवानों को वेतन के लाले पड़ चुके हैं। यह बात राज्य कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं विधायक राजेंद्र राणा ने एक प्रेस बयान में कही है। उन्होंने कहा कि 150 के करीब होमगार्ड जवानों ने बताया कि उन्हें 26 जून से 31 जुलाई तक का वेतन अभी तक नहीं मिला है जिस कारण से उन्हें परिवारों के भरण-पोषण के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि इनमें से जिला सिरमौर के 100 से ज्यादा जवान अपने गृह जिला से दूर राज्य के सीमांत जिला ऊना में डयूटी पर तैनात हैं। कोरोना डयूटी में डटे होमगार्ड के जवानों को आधा महीना बीत जाने के बावजूद भी वेतन नहीं मिल पाया है। उधर होमगार्ड जवानों के अधिकारियों ने बताया है कि बजट जारी न होने के कारण जवानों को वेतन नहीं मिला है। राणा ने कहा कि सरकार जो मर्जी दावे कर ले लेकिन यथार्थ के धरातल पर कोरोना के बहाने हर वर्ग परेशानी के आलम में है, लेकिन सरकार कागजी दावे कर रही है कि सरकार में सब ठीक चला है। राणा ने कहा कि सरकार महामारी और मंहगाई से जूझ रही जनता को कागजी राहतों की बजाय जमीनी स्तर पर कोई कारगर योजना बनाए, ताकि आए रोज महामारी के बीच लोगों की परेशानी कम हो सके। उधर जीरो टॉलरेंस के दावे करने वाली बीजेपी सरकार के राज में अब हिमाचल पथ परिवहन निगम चंबा में कर्मचारियों की ओवर टाइम व रात्रि भत्ते को लेकर फर्जीवाड़ा हुआ है। स्वास्थ्य घोटाले के साथ कोविड काल में शुरू हुए घपले-घोटालों का सिलसिला निरंतर जारी है जिसमें हैरानी यह है कि सरकार निरंतर चले घपले-घोटालों के बावजूद भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के जुमले दोहरा रही है।
भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश महामंत्री नितेन कुमार को भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। उनका कहना है कि नितेन कुमार युवा, कर्मठ एवं निष्ठावान कार्यकर्ता है और वह इससे पूर्व भी अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश महामंत्री का दायित्व निभा चुके हैं। उनके नेतृत्व में निश्चित तौर पर अनुसूचित जाति मोर्चा और सुदृढ़ होगा। नितेन कुमार मूलतः सुन्दरनगर विधान सभा क्षेत्र से सम्बन्ध रखते हैं। गौरतलब है कि सुरेश कश्यप के भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश का प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष का पद रिक्त हो गया था।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत परिषद पदौन्नत कनिष्ठ अभियंता एवं अतिरिक्त्त सहायक अभियंता आई टी आई डिप्लोमा नान डिप्लोमा एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष ई जे सी शर्मा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि जिन 5 लोगों को संगठन से बाहर किया गया है वह एसोसिएरान के संविधानुसार किया गया है। ई जे सी शर्मा ने कहा कि संगठन प्रदेश में बड़ी दौड़ धूप करके खड़ा किया गया है और संविधानुसार मैं इसका संरक्षक भी है। मुझे संगठन से बहार करने का अधिकार किसी पदाधिकारी के पास नहीं है गह संगठन के संविधान में लिखा गया है। दस लोग एक जगह इक्कठे होकर कुछ फर्जी नाम डालकर अलग संगठन बना कर लोगों को गुमराह नहीं कर सकते। मैं संगठन का आजीवन सदस्य हूँ। इन लोगों के पास न कोई संविधान है न सदस्यता रजिस्टर है। 2 जनवरी 2020 को बोर्ड प्रबंधन से वार्ता हुई थी उसी दिन प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक भी शिमला में हुई थी जिसमे यह निर्णय लिया गया था कि जब तक नै कार्यकारिणी विधिवत रूप से ई जे सी शर्मा प्रदेशाध्यक्ष के नेतृत्व में गठित की जाएगी। इन लोगों ने जो संगठन की रसीद लेकर लाखों रुपये महाधिवेशन के लिए इकट्ठे किए हैं वह भी संगठन के खाते में जमा करवाने होंगे। इन्हीं कर्मचारियों द्वारा कुछ महीने पहले हमारे पदौन्नत कनिष्ठ अभियंताओं से 5-5 हजार रुपये विद्युत प्रबंधन के विरुद्ध कोट केस के लिए इक्कठा किए गए थे। उन्होंने सीएम से इसकी विजिलेंस जांच कीरवाने की भी मांग की है।
चिड़गांव तहसील के अंतर्गत करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन टिक्करी-तांगनू सड़क का कार्य वर्ष 2017 से अधर में लटका हुआ है। ठेकेदार की मनमर्जी के आगे ग्रामीण बेबस हो गए हैं। सड़क का निर्माण न होने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों से दो चार होना पड़ रहा है। लोनिवि की लचर कार्यप्रणाली से गुस्साए ग्रामीणों ने एसडीएम रोहड़ू को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन की चेतावनी दी है। इस संबंध में स्थानीय ग्रामीण लोनिवि के अधिशासी अभियंता से भी मिले है। स्थानीय ग्रामीण अनूप कुमार नेगी, विवेक चौहान, नरेंद्र, रीतिक, हंसराज, राधे, पवन कुमार, निखिल, प्रमोद कुमार, संजीव सिंह, बलवीर, प्रेम सिंह, विक्रांत सिंह, राजेंद्र सिंह नेगी, मोती सिंह, प्रीतम सिंह, राजेंद्र सिंह, राम चंद्र संजीव ने बताया कि सड़क निर्माण के लिए ग्रामिणों ने मजबूरन सड़क संघर्ष समिति बनाई है। संघर्ष समिति सड़क निर्माम समय पर होने की लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 से सड़क का कार्य अधर में लटका हुआ है। ठेकेदार का मनमर्जी के आगे विभाग के अधिकारी व ग्रामीण बेबस हो गए हैं। इस संबंध में कई बार एसडीएम रोहड़ू व लोनिवि के उच्च अधिकारियों से भी मिल चुके हैं। लेकिन ग्रामीणों को मात्र आश्वासन ही प्राप्त हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सात दिनों के भीतर सड़क का कार्य तेजी से शुरू नहीं हुआ तो ग्रामीण सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। लोनिवि कार्यालय के बार धरना प्रदर्शन किया जाएगा जिसकी जानकारी एसडीएम रोहड़ू को ज्ञापन सौंपकर ग्रामीणों ने दे दी है। सड़क से चार पंचायतों के हजारों लोग लाभान्वित होंगे। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता पवन गर्ग ने बताया कि ठेकेदार को एक सप्ताह के अंदर सड़क निर्माण कार्य तेजी से शुरू करने के निर्देश दे दिए गए हैं। सड़क निर्माण के लिए मौके पर पर्याप्त संख्या में मजदूर व मशीने भेजने के लिए भी कहा गया है।
मिल्कफेड ने 835 दूध उत्पादकों के बैंक खातों में डाले 16.70 लाख रुपये हर दूध उत्पादक को मिले 2 हज़ार और 5 लीटर की स्टील की बाल्टी वीडियो कांफ्रेंस से शिमला मंडी और कुल्लू जिला के दुग्ध उत्पादकों से सीएम ने की बात राज्य में मिल्कफेड द्वारा 11 दुग्ध प्लाटों का प्रबन्धन किया जा रहा है और 1011 दूग्ध सहकारी सभाएं मिल्कफेड से जुड़ी प्रतिदिन एकत्रित किया जा रहा 1.24 लाख लीटर दूध, 27.80 रुपए प्रति लीटर दिया जा रहा मूल्य मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने पोषणयुक्त तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए मिल्कफेड के ‘हिम हल्दी दूध’ का शुभारम्भ किया। उन्होंने वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम के तहत मंडी, शिमला और कुल्लू जिले के दुग्ध उत्पादकों को प्रोत्साहन राशि वितरित की और उनसे बातचीत भी की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हिम हल्दी दूध पंजाबी विश्वविद्यालय पटियाला के जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा विकसित किया गया है, जिसका पेटेंट करवाया गया है। उन्होंने कहा कि यह पेय डिटाॅक्स ड्रिंक है, जिसमें एंटी हैंगओवर, एंटी आॅक्सीडेंट, एंटी इन्फ्लेमेटरी और रोग प्रतिरोधक क्षमता विद्यमान हंै। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह पेय आम जनता के बीच लोकप्रिय होगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम के तहत मिल्कफेड ने आज 835 दूध उत्पादकों के बैंक खातों में कुल 16.70 लाख रुपये हस्तांतरित किए। प्रत्येक दुग्ध उत्पादक के बैंक खाते में प्रोत्साहन राशि के रूप में 2000 रुपये हस्तांतरित किए गए हैं। उन्होंने 1000 लीटर दूध बाजार तक पहुंचाने के लिए प्रत्येक उत्पादक को पांच लीटर स्टेनलेस स्टील की बाल्टियां प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुग्ध उत्पादकों को सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए राज्य सरकार ने दूध के खरीद मूल्य में दो बार बढ़ौतरी की है। वर्तमान में दुग्ध उत्पादकों से 27.80 रुपये प्रति लीटर की दर पर दूध क्रय किया जा रहा है। मिल्कफेड द्वारा दुग्ध उत्पादकों को दूध क्रय के लिए 8 से 9 करोड़ रुपये प्रतिमाह उपलब्ध करवाए जा रहे हैं और पशु चारा भी उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चक्कर और दत्तनगर के मिल्कफेड प्लांट की क्षमता को 16 लाख रुपये प्रत्येक पर व्यय कर बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य में मिल्कफेड द्वारा 11 दुग्ध प्लाटों का प्रबन्धन किया जा रहा है और 1011 दूग्ध सहकारी सभाएं मिल्कफेड से जुड़ी हुई हैं। जय राम ठाकुर ने वर्ष 2019-20 में मिल्कफेड की 132 करोड़ रुपये की कुल वार्षिक बिक्री पर प्रसन्नता व्यक्त की, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 33 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी में भी मिल्कफेड ने अपनी गतिविधियां जारी रखीं और किसानों से दूध प्राप्त किया। ग्रामीण विकास, कृषि व पशुपालन मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने कहा कि राज्य में दुग्ध सहकारी सभाओं को पांच प्रतिशत कमीशन दी जा रही है। वर्तमान में प्रतिदिन मिल्कफेड द्वारा 1.24 लाख लीटर दूध एकत्रित किया जा रहा है। मिल्कफेड के अध्यक्ष निहाल चन्द शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव जे.सी. शर्मा व मिल्कफेड के प्रबन्ध निदेशक भूपेन्द्र अत्री सहित अन्य भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश मंत्रिमण्डल की आयोजित बैठक में जल शक्ति विभाग में 2322 कार्यकर्ताओं की नियुक्ति करने का निर्णय लिया गया। इनमें विभागीय पैरा कार्यकर्ता नीति के अन्तर्गत 718 पैरा पम्प ऑपरेटर, 162 पैरा फिटर्स और 1442 बहुउदेशीय कार्यकर्ता शामिल हैं, जो 486 पेयजल और 31 सिंचाई योजनाओं का संचालन करेंगे। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने बैठक की अध्यक्षता की। मंत्रिमण्डल ने बिलासपुर जिला के झण्डूता में लोक निर्माण विभाग का नया मण्डल खोलने और विभाग के घुमारवीं मण्डल के अन्तर्गत बरठीं, झण्डूता और कलोल को इसके नियंत्रण में लाने के अतिरिक्त आवश्यक पद सृजित करने का निर्णय लिया। बैठक में राष्ट्रीय एम्बुलेंस सर्विस-108 के सुचारू संचालन के लिए विशेष अंतरिम उपाय के रूप में समझौता प्रावधानों के ऊपर प्रावधान करने और जीवीके-ईअमआरआई के कर्मचारियों को अंतरिम वेतन का भुगतान करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमण्डल ने हिमाचल प्रदेश वार अवार्ड्स एक्ट-1972 की धारा-3 में संशोधन का निर्णय लिया ताकि युद्ध जागिरों का अनुदान पांच हजार रुपये से बढ़ाकर सात हजार रुपये प्रतिवर्ष किया जाए। बैठक में कांगड़ा जिला के शाहपुर में नगर पंचायत के गठन को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके लिए विभिन्न श्रेणियों के सात पद सृजित करने का निर्णय लिया। मंत्रिमण्डल ने मण्डी जिला की नगर पंचायत सरकाघाट को नगर परिषद के रूप में स्तरोन्नत करने का निर्णय लिया ताकि शहर की बेहतर योजना तैयार की जा सके। कोविड-19 महामारी और लाॅकडाऊन के उपरान्त प्रदेश के पुष्प उत्पादकों को मार्च से मई, 2020 महीनों में फूलों के परिवहन की सुविधा न मिलने के कारण लगभग 15.77 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। इसलिए उन्हें लाभ प्रदान करने के लिए मंत्रिमण्डल ने प्रभावित पुष्प उत्पादकों को चार करोड़ रुपये की सहायता प्रदान करने के लिए दिशा-निर्देशों को अपनी स्वीकृति प्रदान की। बैठक में टोल नीति-2020-21 की शर्त संख्या 2.14 के खंड 3 के अन्तर्गत उन सभी व्यक्तियों को टोल पट्टों के आवंटन की निविदा एवं नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति प्रदान की गई, जिन्होंने वर्ष 2019-20 में टोल पट्टे के लम्बित बकायों को चुका दिया है। बैठक में राजकीय पाॅलिटेक्निक महाविद्यालय, सुन्दरनगर जिला मण्डी में अंग्रेजी विषय के एक प्रवक्ता और राजकीय पाॅलिटेक्निक महाविद्यालय रोहडू में माॅडन ऑफिस प्रेक्टिस के एक-एक पद को अनुबन्ध आधार पर भरने की स्वीकृति प्रदान की गई।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि जन्माष्टमी देशवासियों का एक पावन पर्व है, जिसे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाएं व दर्शन आज के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण हैं, जिनका अनुसरण कर हम अपना जीवन सफल बना सकते हैं। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने अपने संदेश में कहा कि श्रीमद् भगवत गीता के दर्शन ने समूचे विश्व का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भगवत गीता हिन्दू धर्म ग्रंथों और धार्मिक दर्शन का सार है तथा सभी के लिए सफल जीवन जीने का एक मार्गदर्शक भी है।
हिमाचल कैबिनेट की बैठक आज 10 बजे राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ शिमला में होगी। इसमें वित्त और स्वास्थ्य विभाग से संबंधित प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसमें राज्य में आर्थिक स्थिति को पटरी पर लाने से संबंधी चर्चा प्रस्तावित है। बैठक में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बारे में भी चर्चा होगी। ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी कोरोना पॉजिटिव हैं। वहीं, शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर के बाद अब वन मंत्री राकेश पठानिया भी क्वारंटाइन हो गए हैं। हालांकि, मंत्री वीडियो कांफ्रेंसिंग से जुड़ सकते हैं।
जय राम ठाकुर ने तलवाड़ में 5.95 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित राजकीय बहु तकनीकी महाविद्यालय के शैक्षणिक खंड का लोकार्पण किया। उन्होंने 37.55 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 132 केवी विद्युत उप-केंद्र कंगैहण का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने 3.27 करोड़ रुपये की लागत से भेड़ी उपरली से भुुलन्दर सड़क के स्तरोन्नयन, 7.57 करोड़ रुपये की लागत से जांगल से ओच कलां सड़क के स्तरोन्नयन, 3.23 करोड़ रुपये से तरेहला बधाला और कोटलू सड़क के शेष कार्य, पांच करोड़ रुपये से निर्मित होने वाले स्वामी विवेकानन्द राजकीय महाविद्यालय के नए भवन, धुपक्यारा, साईं गरहून, हरदून, कुटवाला और लाहर इत्यादि के निवासियों के लिए 2.90 करोड़ रुपये की उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना, तहसील जयसिंहपुर में जल जीवन मिशन के अंतर्गत 1.98 करोड़ रुपये की अंदराणा बांधन उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना, जल जीवन मिशन के अंतर्गत 1.50 करोड़ रुपये से हरसी संघोल उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना, पानी के घरेलु कनेक्शन उपलब्ध करवाने के लिए 7.01 करोड़ रुपये से द्रमान जालग उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने चढिहार खास और बैजनाथ तथा जय सिंहपुर क्षेत्र के बैजनाथ, लंबागांव और पंचरूखी खंड के विभिन्न गांव के लिए 43.88 करोड़ रुपये की लागत की पेयजल आपूर्ति योजना का शिलान्यास किया। इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण प्रदेश सरकार कोे लोकार्पण और शिलान्यास समारोह वर्चुअल करने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र की जनता को 130 करोड़ रुपये की विभिन्न विकासात्मक परियोजनाएं समर्पित की गईं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए पर्याप्त एहतियात बरतने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश के लोगों के लिए सौभाग्य की बात है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आशीर्वाद उनके साथ है। प्रधानमंत्री ने प्रदेश सरकार के वर्तमान कार्यकाल के दौरान तीन बार राज्य का दौरा किया। प्रधानमंत्री हमेशा राज्य के लोगों की विकास संबंधी जरूरतों का ध्यान रखते हैं। प्रधानमंत्री ने कोरोना महामारी के दौरान देश का कुशलतापूर्वक नेतृत्व किया तथा देश में कोविड-19 के कारण होने वाली मौतें विकसित देशों की अपेक्षा सबसे कम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मजबूत एवं कुशल नेतृत्व के कारण अयोध्या में श्री राम मन्दिर के भूमि पूजन से करोड़ों भारतीयों का सपना साकार हुआ है और श्री राम के भव्य मन्दिर का निर्माण कार्य दो-तीन वर्षों में पूर्ण कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में कई अन्य ऐतिहासिक निर्णय जैसे अनुच्छेद-370, तीन तलाक को समाप्त करना इत्यादि शामिल हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार के आग्रह पर केन्द्र सरकार ने राज्य में सिंचाई, बहुद्देश्यीय तथा बाढ़ नियंत्रण योजनाओं से संबंधित 7922 करोड़ रुपये की छः परियोजनाओं के निवेश को स्वीकृति प्रदान की है, जिसमें 6947 करोड़ रुपये की रेणुकाजी बांध परियोजना (राष्ट्रीय परियोजना) तथा 975.70 करोड़ रुपये की लागत की बांढ़ नियंत्रण कार्य/भूमि कटाव को रोकने के उपाय से संबंधित पांच परियोजनाएं शामिल की जाएंगी।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता विनोद ठाकुर ने कहा कि राजन सुशांत की एन० पी० एस० के सहारे राजनीति करने की चाल को जनता समझती है, जनता इसे राजन का न्यू पोलिटिकल स्टंट मान रही है। उन्होंने कहा हिमाचल की जनता ने राजन सुशांत को जांचा परखा और फिर नकारा है। जब वो सांसद थे, मंत्री भी थे और विधायक थे तो कर्मचारियों के साथ बतमीजी से बात करते थे, उनके अपशब्दों के कई वीडियो उस समय वायरल भी हुई है। उन्होंने कहा 2003 से लेकर आज तक पेंशन स्कीम के बारे में कुछ नही कहा और आज बिना ब्लू प्रिंट के राजनीतिक बयान बाजी कर रहे हैं ,जो व्यक्ति विधायक और सांसद दो पेंशन ले रहा हो, जिनकी धर्मपत्नी भी पेंशन ले रही हो, वो पूर्व विधायक की पेंशन छोड़ने का भावनात्मक शोशा छोड़ केवल राजनीति ही तो चमकाने का प्रयास कर रहा है । उन्होंने कहा अपने राजनीतिक जीवन मे तानाशाह की तरह व्यवहार के कारण जनता द्वारा बार बार हराने के बाद एक बार फिर उनकी सक्रियता कई प्रश्न खड़ा करती है । कांग्रेस नेता जी एस बाली के तीसरे मोर्चे के गठन के बयान के बाद , आम आदमी पार्टी के टिकट से लोकसभा चुनाव हारे राजन सुशांत का सक्रिय होना कांग्रेस और आप की अंदरूनी राजनीति की साजिश हो सकती है, लेकिन हिमाचल में तीसरे मोर्चे के हश्र का सबको पता है। उन्होंने कहा राजन सुशांत की हवाई योजनाओं का सभी को ज्ञान है, जो व्यक्ति आज तक एक भी लोकहित के एजेंडे को पूरा न कर सका वो लोगों को फिर से किसी नए मुद्दे पर गुमराह नही कर सकता है। राजन सुशांत ने चौथी नई पार्टी अलग-अलग नामों से बनाई और हारने के बाद उसे गुमनामी के चौराहे में छोड़ दिया। नई पार्टी नए नाम से बनाने का राजन सुशांत प्रयास केवल गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करवाने के लिए कर रहे हैं उन्हें न हिमाचल की चिंता है, न कर्मचारियों की, वो केवल जी एस बाली के बयान से उत्साहित हो कर राजनीति चमकाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सवाल करना विपक्षी नेताओं की आदत बन चुकी है और इसी आदत के चलते पूछा जाता है कि किया क्या है और जब बताया जाए तो पूछते हैं कि किया क्यों है? उन्होंने कहा कि राजन सुशांत की यादाश्त कमजोर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जो लोग प्रदेश में जयराम ठाकुर के मुख्यमंत्री बनने पर कहते थे कि यह सरकार कैसे चलेगी, वह लोग कहां है, केवल चुनाव करीब आने पर क्यों बाहर निकलते हैं।
प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि अब तक 1933 ट्रकों के माध्यम से देश की विभिन्न मण्डियों में 8,70,310 सेब की पेटियां भेजी जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने अभी तक मण्डी मध्यस्थता योजना के अन्तर्गत सेब के प्रापण के लिए 195 एकत्रीकरण केंद्र खोले हैं। उन्होंने कहा कि इनमें 106 केन्द्र एचपीएमसी तथा 89 हिमफैड द्वारा खोले गए हैं। प्रवक्ता ने कहा कि मण्डी मध्यस्थता योजना के अन्तर्गत अभी तक एचपीएमसी तथा हिमफैड द्वारा 130.865 मीट्रिक टन सेब का प्रापण किया गया है।
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेन्द्र गर्ग ने शिमला में नागरिक आपूर्ति निगम की प्रबन्ध निदेशक मानसी सहाय ठाकुर से विभागीय कार्य प्रणाली तथा राशन वितरण व्यवस्था में और सुधार करने पर चर्चा की। उन्होंने मानसी सहाय को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में लोग दूर दराज से डिपुओं में राशन लेने आते है उन क्षेत्रों को चिन्हित करे तथा उन लोगों को घर द्वारा के नजदीक राशन उपलब्ध हो सके इसके लिए कारगर योजना बनाए। उन्होंने कहा कि राशन की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखे इस मामले में किसी प्रकार की कोताही बर्दाशत नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी समय-समय पर राशन की जांच करना सुनिश्चित करे। यदि कोई अधिकारी गुणवत्ता के सम्बन्ध में कोताही बरतता है तो उसके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने प्रबन्ध निदेशक को निदेश दिए कि प्रदेश में स्थित अनाज भण्डारण गोदामों का शीघ्र निरीक्षण करवाना सुनिश्चित करे। एकल व असहाय लोगों को उनके घर द्वार पर राशन उपलब्ध करवाने हेतु भी कारगर योजना बनाने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रदेश प्रत्येक पात्र व्यक्ति को गुणवत्तापूर्ण पोष्टिक राशन उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है।
विधृत उपमंडल रोहड़ू के तहत छुपाडी, बागी, लोअरकोटी, चीउणी, पारसा, मेहदली, बराडा, धारा, बाहली व कलगांव क्षेत्र मे जरूरी मुरम्मत करने व सप्लाई लाईन से छुते पेडों की टहनीयों की काटछांन के चलते 9 अगस्त को सुबह 10 बजे से सांय 5 बजे तक विधृत आपूर्ति बाधित रहेगी। सहायक अभियंता शुभंम चौहान ने बताया कि 22 केवी फिडर लोअरकोटी में जरूरी मुरम्मत के चलते यह शटडाउन किया जा रहा हैं। उन्होने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।
मीड डे मील वर्करज युनियन रोहड़ू, जुब्बल व टिक्कर इकाई ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नाम एसडीएम रोहड़ू बीआर शर्मा के माध्यम से एक मांग पत्र सौपा। अपनी मांगों के रूप में युनियन का कहना है कि सरकार की ओर से अप्रैल से उनके मानदेय में सौ रूपये की बढोतरी की घोषणा की गई हैं जिसे अब तक लागू नहीं किया गया हैं। वहीँ वर्करज युनियन ने मांग की है कि उन्हे 31 अक्तूबर 2019 के उच्च न्यायलय के निर्णय के मुताबिक 10 के बजाय 12 महिने का वेतन दिया जाए और न्यूनतम वेतन के रूप मे 8250 रूपये का वेतन दिया जाए। मिड डे मिल वर्करज की नौकरी से संबधित 25 बच्चों से अधिक की शर्त को हटाया जाए। सभी स्कूलों मे अनिवार्य रूप से दो वर्करज की भर्ती की जाए। सभी स्कलों में तैनात मिड डे वर्करज को ही मल्टी टास्क वर्करज के रूप में नियुक्त दी जाए। 45 वे श्रम सम्मेलन के मुताबिक उन्हें सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए। कोरोना महामारी के दौरान सभी वर्करज की 75 सौ वेतन व ग्रैज्यूटी का लाभ दिया जाए। युनियन नें अपनी सभी मांगों को पुरा करने की सरकार से मांग की हैं। इस अवसर पर रमा देवी, प्रोमिला देवी, इंद्रा देवी, कमलेश कुमारी, गीता राजटा, चम्पा, गीता कोटवी, प्रीतमा देवी मौजूद रही।
दिव्यांग कल्याण संघ छौहारा की आम बैठक अध्यक्ष दिव्यांग संघ चौहार व जिला कल्य़ाण बोर्ड सदस्य विशेषवर नेगी की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में दिव्यांगों की समस्याओं पर विचार विमर्श करते हुए मांगों को सरकार के समक्ष रखने का फैसला लिया गया। इस बैठक के दौरान सभी सदस्यों ने दिव्यांगों की पैशन बढाने के लिए मुख्मंत्री जयराम ठाकुर का आभार व्यक्त किया गया। इस बैठक में अध्यक्ष विशेषर नेगी, प्रधान बाबू लाल कौशल, उपप्रधान पदम देव, सचिव विदेश कुमार, कोषाध्यक्ष जगदीश बोक्टू, महासचिव ब्रिज लाल व सलाहकार किरपा राम मौजूद रहें।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास और कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने नई दिल्ली से वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से राज्य के लोगों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि कुल्लू जिला के धरोहर गांव नग्गर के समीप शरण गांव को देश के उन दस गांवों में शामिल किया गया है, जिन्हें हथकरघा गांव के रूप में चुना गया है। स्मृति ईरानी ने कहा कि इससे न केवल हथकरघा उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि ये गांव पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र भी बनेंगे। देश में निफ्ट केंद्रों से भी हथकरघा उत्पादों को बढ़ावा देने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी हथकरघा उद्योग को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देना चाहते हैं, क्योंकि इससे न केवल हथकरघा क्षेत्र की आर्थिकी सुदृढ़ होगी, बल्कि उपभोक्ताओं को बेहतर उत्पाद भी उपलब्ध होंगे। केन्दीय मंत्री ने कहा कि हैंडलूम मार्क योजना के लिए आज शुरू की गई मोबाइल ऐप न केवल बुनकरों को सुविधा मिलेगी, बल्कि उपभोक्ताओं को सही हथकरघा उत्पाद भी मिलेंगे। उन्होंने कहा कि माई हैंडलूम पोर्टल उपभोक्ताओं को हथकरघा उत्पादों के बारे में जानकारी प्राप्त करने में मदद करेगा। शरण गांव में बुनकरों के लिए सुविधा केंद्र स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार देश में इस क्षेत्र को हर संभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि हम सभी को स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करना चाहिए, तभी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्राप्त होगी। इस अवसर पर हथकरघा निर्यातकों को खरीददारों से जोड़ने के लिए वर्चुअल प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने जिला कागड़ा के देहरा से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में लगभग 20 हजार लोग हथकरघा उद्योग से जुड़कर अपनी आजीविका कमा रहे हैं। हिमाचली शाॅल और टोपी विश्व प्रसिद्ध है। कुल्लू और किन्नौरी शाॅल को भारत सरकार द्वारा हथकरघा संरक्षण अधिनियम के अन्तर्गत आरक्षित किया गया है और इन दोनों उत्पादों का पेटेंट करवाया गया है। मुख्यमंत्री ने कुल्लू में धरोहर गांव नग्गर के पास शरण गांव को हथकरघा गांव के रूप में विकसित करने को सहमति देने के लिए केन्द्रीय मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इसके अन्तर्गत केन्द्र सरकार ने 118.63 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं, जबकि राज्य सरकार इसमें 13.40 लाख रुपये का योगदान देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लाॅकडाउन के दौरान कोविड-19 महामारी के कारण प्रभावित अर्थव्यवस्था को विशेष रूप से कुटीर उद्योग ने विशेषकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को काफी हद तक संभाला है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘एक जिला एक उत्पाद’ की अवधारणा को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार राज्य में हथकरघा विकास के लिए प्रतिबद्ध है। हथकरघा उद्यमियों को राष्ट्रीय हथकरघा विकास निगम के माध्यम से धागा खरीदने के लिए 10 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश राज्य हथकरघा एवं हस्तशिल्प निगम के माध्यम से नौ जिलों में लगभग 450 हथकरघा बुनकरों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में 12 विक्रय केन्द्रों और एक विक्रय केन्द्र दिल्ली के माध्यम से हथकरघा उत्पादों की बिक्री सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के कुल्लू, मण्डी और कांगड़ा जिलों में राष्ट्रीय हथकरघा विकास कार्यक्रम क्रियान्वित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के अन्तर्गत 10 हथकरघा समूहों के लगभग 2500 बुनकरों को वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण कौशल योजना’ के अन्तर्गत बुनकरों को प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। कुल्लू जिला में 700 से अधिक बुनकर सहकारी समितियां और कुटीर उद्योग काम कर रहे हैं। इस उद्योग में लगभग छह हजार उद्यमी कार्यरत है जिसके अन्तर्गत 150 करोड़ रुपये का वार्षिक कारोबार किया जा रहा है। भारत सरकार के वस्त्र सचिव रवि कपूर ने कहा कि हथकघा उद्योग देश में महिलाओं के सशक्तिकरण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। सरकार का उद्देश्य में देश के हथकरघे को वैश्विक स्तर पर प्रोत्साहित करना है। हथकरघा विकास आयुक्त संजय रस्तोगी ने केन्द्रिय मंत्री और मुख्यमंत्री का स्वागत किया। उन्होंने हथकरघा क्षेत्र की विभिन्न गतिविधियों को विस्तारपूर्वक बताया। देश के हथकरघा समूह सहयोगी डिज़ाइनर सहित, देश के सभी 28 डब्ल्यूएससीएस, 6 आइआइएचटीएस, एनडीसी, एचइपीसी और एनआइएफटी, कुल्लू के शिल्प हथकरघा गांव, मुम्बई के वस्त्र समिति, और चेन्नई की वर्चुअल प्रदर्शनी ने इस अवसर पर वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया।
नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने एक बार फिर सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने प्रदेश में बढ़ रहे खुदकुशी के मामलों को लेकर प्रदेश सरकार को घेरने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कोरोना के कहर से खुदकुशी का तांडव मचा हुआ है और प्रदेश सरकार के मंत्री जश्न मना रहे है। रिकोर्ड तोड़ खुदकुशियों से बेपरवाह जयराम सरकार के मंत्री अपने स्वागतों में डटे हैं। लोग मर रहे हैं और भाजपा के लोग मंत्रीयों को को कंधो पर उठा कर झूम रहे हैं। मुक़ेश अग्निहोत्री ने सवाल किया कि क्या कोरोना का कानून सिर्फ़ विपक्ष के लिए ही है? क्या सत्ता में विराजमान लोगों को उसे में छूट दे रखी है। विपक्ष विरोध प्रदर्शन करे तो मामले दर्ज, मगर सरकार सारे में नाचती रहे। यह दोहरा कानून नहीं चलेगा। मुख्यमंत्री भी सारे प्रदेश में पट्टिकाएं लगा कर दिल बहला रहे है। उन्होंने कहा, सरकारी आंकड़े गवाह हैं कि जयराम सरकार के कार्यकाल में 2000 खुदकुशी के मामले आ चुके हैं। किसी सरकार के समय में भी इतना कहर नहीं बरपा। 2018 में 780 और 2019 में 710 लोगों ने खुदकुशी की, मगर कोरोना में 466 खुदकुशियाँ चिंताजनक है और सरकार के दावों की पोल खोलता है। देव भूमि में जुलाई में 101 और जून में 112 व मई में 89 खुदकुशी के मामले आए हैं। ऐसे में यह सरकार विकास के लिए नहीं खुदकुशियों के लिए जानी जाएगी। उन्होंने कहा कि हर वार सरकारी आंकड़ों को सरकार यह कह कर नाकार देती है कि न जाने मुकेश अग्निहोत्री आंकड़े कहाँ से लाए? अबकी बार तो पुलिस ने बाकायदा पत्रकार सम्मेलन कर जारी किए हैं। उन्होंने कहा लोगों कि नौकरियाँ छिन गई, बेरोजगारी बढ़ गई मगर सरकार आलोकप्रिय निर्णय लेती जा रही। अब बिजली के दाम भी बढ़ा दिए। राशन और सफर भी महँगा कर दिया है। जनता में हाहाकार से बेपरवाह सरकार राजनीति में डटी है जबकि खुदकुशियों के अलावा बलात्कार के आँकड़े भी चौंकाने वाले हैं।
हिमाचल में कमजोर पड़ा मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने वाला है। पिछले दो तीन दिन मौसम साफ रहने के बाद एक बार फिर पिछले कल प्रदेश के अधिकांश भागो में बारिश हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 10 अगस्त तक मौसम खराब रहने की बात कही है और 9 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक मनमोहन सिंह ने बताया कि आज कुछ एक स्थानों पर बारिश की संभावना है। कल से मौसम और सक्रिय होगा जिसके चलते 9 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है और येलो अलर्ट जारी किया गया है। यह भारी बारिश की चेतावनी प्रदेश के मध्यवर्ती इलाको के लिए जारी की गई है जिसमे शिमला, सोलन, बिलासपुर, मंडी शामिल है। उन्होंने बताया कि इस बार बारिश सामान्य से 33 फीसदी कम रही है।
अयोध्या में आज इतिहास रचा गया है। वर्षों तक अदालत में मामला चलने के बाद आज अयोध्या में राम मंदिर की नींव रखी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अयोध्या में राम मंदिर का भूमि पूजन किया है। पीएम मोदी ने यहां कहा कि राम मंदिर हमारी संस्कृति का आधुनिक प्रतीक बनेगा। पीएम मोदी ने अयोध्या पहुंच हनुमानगढ़ी में पूजा की, जिसके बाद उन्होंने राम लला के दर्शन किए। भूमि पूजन के दौरान मोहन भागवत, योगी आदित्यनाथ समेत अन्य कुछ मेहमान इस ऐतिहासिक समारोह में शामिल हुए। 5 अगस्त 2020 का ये दिन पूरे देश के लिए तो ऐतिहासिक है ही मगर कहीं न कहीं इस महत्वपूर्ण जीत के तार हिमाचल के पालमपुर से भी जुड़े हैं। जी हाँ ! यह दिन हिमाचल के कांगड़ा जिले के पालमपुर के लिए भी ऐतिहासिक है। बता दें की आज से 31 साल पहले राम मंदिर निर्माण का प्रस्ताव हिमाचल के पालमपुर में ही पारित हुआ था। पालमपुर में 11 जून, 1989 को अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और शांता कुमार ने राम मंदिर के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया। उस रोज़ राष्ट्रीय भाजपा कार्यसमिति की तीन दिन तक बैठक पालमपुर में हुई थी। इस बैठक में राम मंदिर निर्माण को लेकर पार्टी ने मंथन किया और तय हुआ कि अयोध्या में एक भव्य राम मंदिर का निर्माण किया जाएगा। बैठक के तीसरे दिन जब लालकृष्ण आडवाणी ने सबकी सहमति से राम मंदिर निर्माण का प्रस्ताव रखा था तो अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने चिरपरिचित अंदाज में चुप होकर मुस्कराते हुए अपनी सहमति जताई थी। हिमाचल के पालमपुर में हुई इस बैठक के सूत्रधार रहे पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार उस समय प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष थे। यही कारण है की कुछ दिनों पहले इस बता का ज़िक्र उन्होंने अपनी एक प्रेस कांफ्रेंस में भी किया था। पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार का कहना है कि पालमपुर में जून 1989 में राम मंदिर बनाने का लिया गया संकल्प आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरा किया है। इससे उन्हें गर्व महसूस हो रहा है, क्योंकि राम मंदिर निर्माण का प्रस्ताव पालमपुर में ही पारित हुआ था। उन्होंने कहा कि बैठक में अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, विजयाराजे सिंधिया, मुरली मनोहर जोशी समेत पार्टी का शीर्ष नेतृत्व पालमपुर में था। वाजपेयी, आडवाणी, सिंधिया को विशेष अनुमति से सेशन हाउस में ठहराया गया था। केंद्र ने गिरा दी थीं पांच राज्यों की भाजपा समर्थित सरकारें भाजपा को इस फैसले की एक भारी कीमत भी चुकानी पड़ी थी। भाजपा कार्यसमिति में राम मंदिर निर्माण का प्रस्ताव पारित होने के बाद छह दिसंबर को अयोध्या में बाबरी मस्जिद को गिरा दिया था। इसके कारण हिमाचल में शांता कुमार, राजस्थान में भैरों सिंह शेखावत, गुजरात में केशू भाई पटेल, मध्य प्रदेश में सुंदरलाल पटवा और यूपी में कल्याण सिंह की सरकारों को केंद्र सरकार ने केवल ढाई वर्षों के कार्यकाल के बाद ही बर्खास्त कर दिया था। शांता कुमार का कहना है की इस राष्ट्रीय भाजपा कार्यसमिति की बैठक के बाद उन्होंने चौदह दिन शिमला तक पैदल यात्रा की और लोग उनसे जुड़ते रहे। कई लोग उनके साथ जुड़े उनका समर्थन किया और उनकी ये पद यात्रा एक जन आंदोलन बन गई। इस यात्रा के आयोजक उस समय प्रदेश मंत्री रहे महेंद्र नाथ सोफत थे। फिर शिमला में एक भव्य रैली हुई जिसमें अटल बिहारी वाजपेयी और सुषमा स्वराज जैसे बड़े नेता भी शामिल हुए। राम मंदिर के मुद्दे ने पूरे देश में भाजपा को एक अलग पहचान दिलाई और इसी के बाद पहली बार हिमाचल प्रदेश में प्रचंड बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बनी, पार्टी को प्रदेश में 46 सीटें मिली थीं। इतिहास गवाह है कि 6 दिसंबर 1991 को हुए बाबरी विध्वंस के बाद भाजपा ने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। 1996, 1998 और 1999 के आम चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी। अटल बिहारी वाजपेयी तीन बार पीएम बने और देश में भाजपा की जड़े गहरी होती रही। हालांकि 2004 और 2009 के चुनाव में भाजपा की शिकस्त का सामना करना पड़ा पर वजूद पर सवाल कभी नहीं उठा। इस बीच भाजपा पर आरोप लगने लगा कि उसे चुनाव के वक्त ही राम याद आते है। 2014 में जब नरेन्द्र मोदी पीएम बने तो रामभक्तों को उम्मीद बंध गई। हालांकि मंदिर विवाद सुप्रीम कोर्ट में था पर राम भक्तों की सारी आस मानो पीएम मोदी पर टिकी थी। उम्मीद के मुताबिक फैसला राम मंदिर के पक्ष में आया और 492 साल के बाद श्री राम का वनवास समाप्त हुआ। 1991 में जब नरेन्द्र मोदी अयोध्या गए थे तो उन्होंने संकल्प लिया था कि मंदिर बनने के बाद ही दोबारा आएंगे और हुआ भी ऐसा ही। बुधवार 5 अगस्त को इतिहास बना और उन्हीं नरेन्द्र मोदी ने राम मंदिर का भूमि पूजन किया।
विधृत उपमंडल रोहड़ू के तहत भमनोली से सुंगरी क्षेत्र में मुरमम्त करने व कांसाकोटी से दलगांव व ब्रेटली क्षेत्र में पेड की टहनीयों की काटछांन के चलते 7 अगस्त को सुबह 10 बजे से सांय 5 बजे तक विधृत आपूर्ति बाधित रहेंगी। सहायक अभियंता शुभंम चौहान ने बताया कि 22 केवी फिडर समरकोट में जरूरी मुरम्मत के चलते यह शटडाउन लिया जा रहा हैं। उन्होने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।
पीटीए, पैट और पैरा शिक्षकों के नियमितीकरण की अधिूसचना जारी हो गई है। प्रदेश में 6799 पीटीए, 3294 पैट और 97 पैरा शिक्षक हैं। पैट शिक्षकों को मिल रहा अधिक वेतन कम नहीं होगा। पैट शिक्षकों को मिल रहा अधिक वेतन आगामी इंक्रीमेंट और डीए में एडजस्ट किया जाएगा। अनुबंध पर नियुक्त पीटीए सहित लेफ्ट आउट पीटीए भी नियमित होंगे। शिक्षा सचिव ने नियमितीकरण के आदेश जारी करने के लिए उच्च और प्रारंभिक शिक्षा निदेशकों को निर्देश जारी किए हैं। वहीं पीटीए, पैट और पैरा शिक्षकों को बैक डेट से लाभ नहीं मिलेंगे। प्रदेश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए वित्त महकमे ने बैक डेट से लाभ देने से हाथ खड़े कर दिए हैं।
आम आदमी पार्टी हिमाचल प्रदेश शीर्ष नेतृत्व नें मोहिंदर सिंह चतरांटा निवासी थाना को जुब्बल कोटखाई विधानसभा क्षेत्र से मण्डल अध्यक्ष नियुक्त किया है। मोहिंद्र सिंह चतरांटा हिमाचल प्रदेश वितीय निगम से प्रबंधक पद से सेवानिवृत्त है। ये एक प्रखर वक्ता, शालीन स्वभाव और जन सेवा में रुचि रखने वाले व्यक्ति हैं। वहीं नावर टिक्कर क्षेत्र से तेज तरार युवा सनी चौहान को जुब्बल कोटखाई युवा मोर्चा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस मौके पर आम आदमी पार्टी प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य विकेंद्र सूद व संगठनात्मक जिला महासू अध्यक्ष लक्ष्मन नेगी ने नवनियुक्त अध्यक्षों को इस जिम्मेवारी के लिए बधाई दी हैं। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में ये दोनों जुब्बल कोटखाई नावर क्षेत्र में आम आदमी पार्टी के संगठन को मजबूती देंगे और जनहित के मुद्दों को समय-समय पर उठाते रहेंगे।
मुख्यमंत्री की ओर से किए गए समोली पुल के एक छोर से सड़क की पूरी तरह से मेटलिंग उखड़ गई है। मुख्यमंत्री ने लगभग 10.17 करोड़ की लागत से बने इस पुल का उदघाटन 25 नवंबर 2018 को किया था, जिसके लिए विभाग ने जल्दबाजी में सड़क के दूसरे किनारे की मैटलिंग की थी। पर अब सड़क पुरी तरह से उखड़ चुकी है। रोहड़ू के विधायक मोहन लाल ब्राक्टा ने सरकार पर आरोप लगाया कि उदघाटन की जल्दबाजी के कारण सड़क की गुणवत्ता के साथ समझौता कर नियमों को दरकिनार किया गया था। गौर हो इस सड़क से हर रोज सैकड़ो वाहन गुजरते है। इस सड़क से शेख़ल, लोअरकोटि मुनछाडा, समोली, भटवाड़ी, कलोटी डिसवानी, डाक गाँव, मसली, पंचायतों के साथ साथ जुब्बल विधानसभा सभा के हजारों लोग इस सड़क के माध्यम एक दूसरे क्षेत्रों से जूड़े है। आज सड़क की दशा बहुत ही दयनीय स्थिति है, जिस से पूरे क्षेत्र के लोगो मे भारी रोष है। वहीं जिला परिषद शिमला के उपाध्यक्ष सुरेंद्र रेटका का कहना है कि लोक निर्माण विभाग इस विषय को लेकर कई बार विभाग अवगत कराया जा चुका है परन्तु अभी तक सड़क को ठीक करने के लिए कोई काम नहीं किया जा रहा है। विधायक मोहन लाल ब्राक्टा ने कहा कि तत्कालीन शिक्षा मंत्री व वर्तमान में शहरी विकास एवं संसदीय व कानून मंत्री के सुरेश भारद्वाज ने समाला जूनीधार सड़क का उद्घाटन किया था। हैरानी की बात यह है की उस सड़क में उद्घाटन के दिन ही बस चली थी। उसके बाद आज तक उस सड़क में कोई भी बस नहीं चल पाई है। रोहडू में सिर्फ भाजपा की सरकार पूर्व कांग्रेस सरकार व राजा वीरभद्र सिंह के कार्यों के उद्घाटन करने ही रोहडू आते है। वर्तमान सरकार को ढाई साल से ऊपर का समय हो गया है। अभी तक एक भी नया काम शरू नहीं हो पाया है।
हिमाचल की बेटी मुस्कान जिंदल ने पूरे देश में प्रदेश का नाम ऊंचा किया है। वह मूल रूप से सोलन जिला के बद्दी से ताल्लुक रखती हैं। मुस्कान ने 22 वर्ष की छोटी सी उम्र में ही कुछ ऐसा कर दिखाया जो हिमाचल की बेटिओं के लिए एक मिसाल बन गया। उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में पूरे देश मे 87वां रैंक हासिल किया है। उन्होंने पहले ही प्रयास में परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है। अब वह देश के लिए प्रशासनिक सेवाएं देंगी। उनका फाइनल इंटरव्यू दिल्ली में 28 जुलाई को हो चुका है और अब मेडिकल का परिणाम आने के बाद आईएएस परीक्षा का अंतिम रिजल्ट जारी कर दिया गया है। मुस्कान जिंदल के आईएएस बनने से पूरे प्रदेश व क्षेत्र में खुशी का माहौल है। बता दें मुस्कान के पिता पवन जिंदल बद्दी में ही हार्डवेयर की दुकान चलाते हैं व उनकी माता ज्योति जिंदल एक ग्रहणी है। मुस्कान जिंदल की दो बहनें और एक भाई है। मुस्कान की स्कूलिंग बद्दी के वी.आर पब्लिक स्कूल से हुई है। बचपन से ही मुस्कान पढ़ाई में बहुत तेज थी, उन्होंने 10वीं और 12वीं कक्षा में 96 फीसदी नंबर लेकर स्कूल में टॉप किया था। उसके बाद उन्होंने चंडीगढ़ के एसडी कॉलेज से बीकॉम किया। इस के साथ वह आईएएस परीक्षा के लिए भी तैयारियां कर रही थी। मुस्कान ने पहले ही प्रयास में आईएएस की परीक्षा उत्तीर्ण कर एक मिसाल कायम की है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने पशुपालन विभाग की गौसदन, गौशाला और गौ अभयारण्य योजना को सहायता और राष्ट्रव्यापी कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम चरण-दो के शुभारंभ के अवसर पर कहा कि डेढ़ साल के भीतर हिमाचल प्रदेश को देश का बेसहारा पशु मुक्त राज्य बनाने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में हिमाचल देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौसदन, गौशाला, गौ अभयारण्य योजना सहायता के अंतर्गत भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, पशु उत्पादकता और स्वास्थ्य के लिए सूचना नेटवर्क और राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत पूर्ण टैगिंग के बाद उन सभी गौसदनों, गौशालाओं, और गौ अभयारण्यों के रख-रखाव के लिए भत्ते के रूप में प्रति माह 500 प्रति गाय दिए जाएंगे, जिनमें मवेशियों की संख्या 30 या इससे अधिक है। उन्होंने कहा कि इन लाभों को सरकार द्वारा स्थापित गौ अभयारण्यों, गौशालाओं, पंचायतों, महिला मंडलों, स्थानीय निकायों और गैर-सरकारी संगठनों आदि द्वारा चलायी जा रही गौ अभयारण्यों और गौशालाओं तक बढ़ाया जाएगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है कि किसी को भी अपने मवेशियों को लावारिस छोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। राज्य सरकार की पहली मंत्रिमंडल की बैठक में ही अराजनीतिक तौर पर मानवीय दृष्टिकोण से यह निर्णय लिया गया था कि बिना किसी आय सीमा के वृद्धावस्था पेंशन का लाभ उठाने के लिए आयु सीमा 80 वर्ष से घटाकर 70 वर्ष की जाए। मंत्रिमंडल का दूसरे फैसले में बेसहारा पशुओं को आश्रय देने और गौ सदनों के रखरखाव के लिए प्रति बोतल शराब पर एक रुपये का उपकर लगाने का प्रावधान किया गया। जय राम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने अब प्रति बोतल शराब पर 1.50 रुपये प्रति मवेशी रुपये का उपकर लगाने का फैसला किया है ताकि राजस्व में बढ़ोतरी के साथ गौ अभयारण्यों को विकसित किया जा सके। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि सड़कों पर एक भी मवेशी नहीं मिले जिसके लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रव्यापी कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम चरण- दो के अंतर्गत मवेशियों की नस्ल सुधारने के लिए कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा प्रदान की जाएगी, जिससे किसानों को अपनी आमदनी बढ़ाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के आठ लाख से अधिक किसान लाभान्वित होंगे। जय राम ठाकुर ने किसानों और गौसदनों व गौशालाओं की प्रबंधन समिति के सदस्यों के साथ भी बातचीत की। कृषि, ग्रामीण विकास और पंचायती राज एवं पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि यह पहली बार है कि मुख्यमंत्री ने राज्य के पशुपालकों के साथ बातचीत की है। गौ सदनों और गाय अभयारण्यों में सभी बेसहारा छोड़े गए मवेशियों को गौ सदनों और गौर अभयारण्यों में लाने का प्रयास किया जाएगा, जिसके लिए समाज के हर वर्ग के सक्रिय सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राज्य में गौ अभयारण्यों की क्षमता वृद्धि के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के सात जिलों में सात गाय अभयारण्य स्थापित किए जा रहे हैं, जिन्हें जल्द ही क्रियाशील बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग गौर अभयारण्यों से गाय का गोबर खरीदेगा और किसानों को केंचुआ खाद केरूप में बेचा जाएगा। गौ अभयारण्य क्षेत्रों में चारे के पेड़ लगाने के भी प्रयास किए जाएंगी ताकि गायों को हरा चारा मिल सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार साल में दो बार मवेशियों का मुफ्त टीकाकरण सुनिश्चित करेगी। पशुपालन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव निशा सिंह ने कहा कि राष्ट्रव्यापी कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम चरण- दो राज्य में मवेशियों की नस्ल में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा जिसके परिणामस्वरूप कृषि क्षेत्र से आय में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को देश का ‘मिल्क बाउल’ बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन हिमाचल प्रदेश राज्य इकाई के अध्यक्ष छतर सिंह ठाकुर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर राज्यपाल से कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में कुलपति पद पर की जाने वाली आगामी नियुक्ति में कठोरता से नियमों का पालन करने की मांग की। राज्य के कृषि विश्वविद्यालय में कुलपति की नियुक्ति में किसी प्रख्यात शिक्षाविद जो इस पद के लिए पूर्ण रूप से पात्र हो और जिसका किसी भी राजनीतिक संगठन से कोई वास्ता न हो एवं पूर्व में किसी भी प्रकार की ऐसी कार्यवाही में संलिप्त न पाया गया हो तथा जो इस पद की गरिमा और प्रतिष्ठा के विपरीत हो इन सभी बिंदुओं को प्राथमिक रूप से जांचा जाना जरूरी है जिससे हमारे उच्च शिक्षण संस्थानों में ऐसे बड़े व जिम्मेदार पदों पर नियुक्तियों पर कोई सवाल न उठे। इसके अलावा छत्तर ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग, शिमला द्वारा आगामी 6-7 अगस्त को आयोजित की जाने वाली अलाइड सर्विसेज की मुख्य परीक्षा को कोरोना महामारी के प्रकोप व इसके बढ़ते संक्रमण के खतरे को देखते हुए रद्द करने की मांग व प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा कॉलेज के छठें सेमेस्टर के छात्रों को बिना परीक्षा लिए उनके पिछले परफॉर्मेंस के आधार पर प्रमोट करने की भी मांग की है। छत्तर ठाकुर ने कहा कि इन मांगों को लेकर एनएसयूआई का डेलिगेशन कल राज्यपाल से भी मिलने जा रहा है, जिसके लिए राजभवन से समय मांगा गया है।
अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण प्रारंभ होने के उपलक्ष्य में राम भक्त 6 अगस्त को मशोबरा के श्री राधाकृष्ण मन्दिर में रक्तदान शिविर लगाएंगे। उमंग फाउंडेशन, राधाकृष्ण मंदिर कमेटी और व्यापक मंडल मशोबरा के इस संयुक्त आयोजन में श्री राम जन्मभूमि की मुक्ति के लिए विगत 491 वर्षों में प्राणों की आहुति देने वाले लाखों रामभक्त हिन्दुओं को श्रद्धांजलि भी दी जाएगी। व्यापार मण्डल मशोबरा के सचिव अतुल जॉर्डन शर्मा और शिविर के संयोजक एवं उमंग फाउंडेशन के ट्रस्टी विनोद योगाचार्य ने कहा कि अयोध्या में रामजन्म भूमि मंदिर निर्माण को लेकर सर्वत्र उत्साह है। 5 अगस्त को प्रधानमंत्री द्वारा मन्दिर के निर्माण का श्री गणेश किए जाने के बाद 6 अगस्त को मशोबरा एवं आसपास के क्षेत्रों के लोग रक्तदान कर जश्न मनाएंगे। इससे शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में चल रही रक्त की कमी को पूरा करने में मदद मिलेगी। कोरोना संकट के कारण लॉकडाउन लगने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में उमंग फाउंडेशन का यह नौवां और मशोबरा में दूसरा रक्तदान शिविर होगा। पहला शिविर 26 मार्च को लगाया गया था।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा रक्षाबंधन का पावन पर्व हिमाचल प्रदेश पुलिस बालूगंज थाना के जवानों के साथ मनाया गया। कोरोना महामारी के इस दौर में जब पुलिस समाज सेवा में अपने घरों से दूर हमारी रक्षा में तैनात है तो यह सबका कर्तव्य बनता है की उन्हें परिवार भाव का बोध करवाएं तथा उनकी सेवाओं का सम्मान करें । "राष्ट्र एक परिवार" इस भाव को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष का रक्षाबंधन "कोरोना योद्धाओं" के साथ गया। इसी संदर्भ में इकाई अध्यक्ष विशाल वर्मा ने कहा की विद्यार्थी परिषद हर वर्ष ही समाज की सुरक्षा में तैनात, देश की सुरक्षा में तैनात जवानों के साथ रक्षाबंधन का त्यौहार मानती है। देश जब कोरोना महामारी से जूझ रहा है तो ऐसी कठिन परिस्थितियों में भी अपने पारिवारिक सुख को दरकिनार कर समाज तथा राष्ट्र सेवा में जो लोग लगे हैं यह उनकी जिम्मेदारी है की उन्हें परिवार भाव का बोध करवाएं तथा त्यौहार उनके साथ मनाये। उन्होंने कहा कि इसी सोच को लेकर विद्यार्थी परिषद की छात्रा कार्यकर्ताओं ने बालूगंज में पुलिस जवानों को राखी बांधकर कोरोना महामारी के दौरान महत्वपूर्ण सेवाएँ देने के लिए धन्यवाद भी किया।
प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा की सदस्यों ने अध्यक्ष रश्मि धर सूद के नेतृत्व में रक्षा बंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की कलाई पर राखियां बांधी। इस अवसर पर वंदना गुलेरिया, शीतल व्यास शर्मा और मोर्चा की अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थीं। ब्रह्मकुमारी के प्रतिनिधियों ने भी इस अवसर पर मुख्यमंत्री को राखियां बांधी। राज्य के स्वयं सहायता समूहों द्वारा राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत तैयार घर की बनी राखियां भी मुख्यमंत्री को भेंट की गई। निर्देशक ग्रामीण विकास और पंचायती राज ललित जैन ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों ने 2.70 लाख राखियां तैयार की जिनकी बिक्री से उन्होंने लगभग 22 लाख रुपये कमाए।
रोहडू उपमंडल के रोहल गांव से तालुक रखने वाले सुरमयी लोकगायक अरविंद झुर्क्याण की पहाडी ऑडियो एलबम बिलायत-वाली मैडम यूट्यूब पर रिलीज हो गई है। कलाकार ने इस एलबम में बिलायत-वाली मैडल नामक लोकगीत को स्वंय रचना कर अपनी खुबसुरत आवाज से पिरोया है। वही इस गीत को राजीव नेगी के धमाकेदार संगीत ने और अधिक खूबसुरत बनाया हैं जिसे यूट्यूब पर खुब सुना व पसंद किया जा रहा है। अरविंद ने इससे पहले भी सोणी पहाडन व प्रेम दिवानी जैसी अनेकों प्रस्तुतीयों से लोकसंस्कृति को अपनी आवाज के माध्यम से लोगों के सामने रखा हैं। इस गाने को आप अरविंद झुर्क्याण यूट्यूब चैनल पर सुन सकतें है। कलाकार का कहना है कि लोगसंस्कृति हमारी पहचान है जिसके संरक्षण के लिए हर लोकगायक को आगे आना चाहिए।
चिढगांव तहसील के तहत नवयुवक मंडल गांवसारी ने रक्षा बंधन के उपलक्ष्य में वृक्षारोपण कर पर्यावरण सरंक्षण का संदेश दिया। इस मौके पर युवक मंडल की ओर से 150 से अधिक देवदार के पौधे रोपे गए। जिसमें युवक मंडल के सभी सदस्य व पूर्व कार्यकर्ता भी शामिल है। इस अवसर पर रविंद्र लुखियाण, अभिमन्यु लुखियाण, अतुल लुखियाण, कंवर, सुमन झुलकियान, दीपू लुखियाण, पवन लुखियाण, सुरेश लुखियाण, अरुण लुखियाण, राजू लुखियाण, रूपी लुखियाण मौजूद रहे।
आम आदमी पार्टी हिमाचल प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व ने वीर सिंह ठाकुर अढाल निवासी को पार्टी के प्रति उनकी मेहनत व लगन को देखते हुए रोहडू का नया अध्यक्ष मनोनित किया है। इस मौके पर राज्य कार्यकारिणी सदस्य विकेंद्र सूद व संगठनात्मक जिला महासू के अध्यक्ष लक्ष्मण नेगी ने वीर सिंह ठाकुर को इस नियुक्ति के लिए बधाई दी है। उन्होंनें बताया कि आने वाले समय में वे रोहडू में आम आदमी पार्टी को आगे बढाने में अवश्य सफल होंगें। हमें पूर्ण विश्वास है कि वीर सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में आम आदमी पार्टी रोहडू ओर ज्यादा मजबूत बनेगी और रोहडू विधान सभा क्षेत्र में जनहित के मुद्दों को समय समय पर उठाते रहेंगे।


















































