जयराम कैबिनेट के नए मंत्रियों, उनके पीएस और स्टाफ को कमरे आवंटित कर दिए हैं। लेकिन अभी विभाग का इंतज़ार रहेगा। टीम जयराम में ऊर्जा, हेल्थ, फ़ूड एंड सिविल सप्लाई, आयुर्वेद समेत कुछ विभाग सीएम जयराम ठाकुर ख़ुद देख रहे हैं। एसे में नए मंत्रियों को विभाग मिलते ही जयराम पर अतिरिक्त बोझ ख़त्म हो जाएगा। राज्य सचिवालय में मंत्री राकेश पठानिया कमरा नंबर ई-321 में बैठेंगे। यह कमरा स्वास्थ्य मंत्री रहते विपिन परमार का था। मंत्री बनने पर पठानिया को दिया गया है। विपिन परमार को आवंटित कमरा तो पठानिया को मिल गया, अब देखना यह बाकी है कि क्या स्वास्थ्य मंत्रालय भी मिलता है या नहीं। वहीं, राकेश पठानिया के पीएस को ई-320 और स्टाफ के लिए ई-323 आवंटित किया गया है। सुखराम चौधरी कमरा नंबर जी 21 में बैठेंगे। उनके पीएस को कमरा नंबर जी-22 दिया गया है। साथ ही स्टाफ कमरा नंबर जी-25 में बैठेगा। राजिंद्र गर्ग को कमरा नंबर ई-212 आवंटित किया गया है। पीएस ई-213 और स्टाफ ई- 218 में बैठेगा। सचिव (एसए) ने इस बाबत आदेश जारी कर दिए हैं। बता दें कि जयराम कैबिनेट में लंबे अरसे से खाली चल रहे मंत्री के तीन पदों को भर दिया गया है। कैबिनेट में पांवटा साहिब से सुखराम चौधरी, नूरपुर से राकेश पठानिया व घुमारवीं से राजेंद्र गर्ग को शामिल किया गया है। ये तीनों ही पहली मर्तबा कैबिनेट में शामिल किए गए हैं, इनमें राजेंद्र गर्ग तो विधायक भी पहली ही मर्तबा बने थे। राजभवन में आयोजित हुए सादे शपथ ग्रहण समारोह में तीनों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। शपथ लेने के बाद तीनों मंत्री पहली बार कैबिनेट की बैठक में भी शामिल हुए। मंत्री के तीनों पद किशन कपूर के सांसद व विपिन परमार के विधानसभा अध्यक्ष बनने के बाद खाली हुए थे। वहीं, लोकसभा चुनाव में बेटे को मंडी संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस की टिकट मिलने पर अनिल शर्मा ने मंत्री पद से इस्तीफा दिया था।
केबिनेट ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में 21वीं सदी की नई शिक्षा नीति को मंजूरी दे दी है यह बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि 34 सालों से शिक्षा नीति में कोई परिवर्तन नहीं हुआ था। 1990 के बाद तकनीक का इस्तेमाल काफी तेजी से वैश्विक स्तर पर बढ़ रहा था और शिक्षा जगत में भी तकनीक का अनिवार्य होना बड़ा आवश्यक हो गया था जो कि नई राष्ट्रीय शिक्षा समिति में तकनीक की सहायता से शिक्षा पर जोर देने की बात आई है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लागू करने के फैसले का स्वागत किया है। परिषद की ओर से कहा गया है कि यह नीति आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। भारत के सम्मानित नागरिक शिक्षा के क्षेत्र में प्राथमिक से लेकर उच्च स्तर शिक्षा तक बदलाव का इंतजार कर रहे थे। राष्ट्र ने शिक्षा को ज्ञान आधारित, रोजगारोन्मुखी, प्रौद्योगिकी-उन्मुख बनाने के लिए सुधार किए हैं और लंबे समय तक सर्वांगीण विकास पर ध्यान केंद्रित किया है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति आम भारतीय की आकांक्षाओं के अनुरूप होगी। भारत लंबे समय से सुधार की प्रतिक्षा कर रहा था एबीवीपी के प्रदेश मंत्री राहुल राणा ने कहा की राष्ट्र ने एक ऐसी शिक्षा नीति की आवश्यकता महसूस की है, जो भारतीय मूल्यों के अनुरूप हो और वैश्विक मानकों पर आधारित हो। भारत लंबे समय से जिन सुधारों की प्रतीक्षा कर रहा है, उन पर सरकार द्वारा ध्यान दिया गया है। हमें उम्मीद है कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति और इसके द्वारा लाए गए सुधारों से भारतीय छात्र बिरादरी को मदद मिलेगी, जिसमें करोड़ों छात्र शामिल होंगे, अपने सपनों को साकार करेंगे। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ये सुधार हों। बिना किसी देरी के धरातल पर लागू किया गया। हम भारत सरकार और समिति के प्रत्येक सदस्य के प्रति आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की दिशा में अथक प्रयास किया।
बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने स्वतंत्रता सेनानियों की विवाहित बेटियों व भूतपूर्व सैनिकों की विवाहित बेटियों के पक्ष में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए इस कैटेगरी की विवाहित बेटियों को भी सरकारी नौकरियों में आरक्षण का प्रावधान करने के हक में फैसला सुनाया। फैसले के मुताबिक अब विवाहित बेटियां भी सरकारी नौकरियों में स्थाई आरक्षण की हकदार होंगी। कोर्ट ने लिंग के आधार पर आरक्षण में भेदभाव को गलत ठहराया और मौलिक अधिकारों का हनन बताया। पिछले 3 वर्षों से सरकार ने विभिन्न विभागों में भर्तियां की और उसमें विवाहित बेटियों को भी नौकरियां दी लेकिन इन सब की नौकरियां इस केस के नतीजे पर निर्भर थी और इनके नियमित होने को लेकर हर वक्त तलवार लटकी हुई थी लेकिन इस केस में इन बेटियों के हक में फैसला आने से सभी को बड़ी राहत मिली। सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल सरकार बनाम नीलम कुमारी केस पर मामले की सुनवाई करते हुए सरकार की एसएलपी को खारिज कर दिया और उच्च न्यायालय हिमाचल प्रदेश के फैसले को बरकरार रखा जिसमें उन्होंने विवाहित बेटियों को भी विवाहित बेटों के समान नौकरियों में आरक्षण का फैसला सुनाया था। 29 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अशोक भूषण जस्टिस आश्वास रेडी व जस्टिस आरएस की खंडपीठ में यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया। सभी स्वतंत्रता सेनानी और भूतपूर्व सैनिकों की विवाहित बेटियां सरकार से गुजारिश की कि इस ऐतिहासिक फैसले को ध्यान में रखते हुए शीघ्र अति शीघ्र उनके हक में निर्णय ले ताकि वह जल्द से जल्द नियमित हो सके |
कोरोना संकट के बीच के बीच और लंबे इंतजार के बाद हिमाचल प्रदेश में जयराम कैबिनेट का विस्तार हो गया है। कैबिनेट में पांवटा साहिब से सुखराम चौधरी, नूरपुर से राकेश पठानिया व घुमारवीं से राजेंद्र गर्ग को शामिल किया गया है। ये तीनों ही पहली मर्तबा कैबिनेट में शामिल किए गए हैं, इनमें राजेंद्र गर्ग तो विधायक भी पहली ही मर्तबा बने थे। राजभवन में आयोजित हुए शपथ ग्रहण समारोह को सादे तौर पर आयोजित किया गया, कोविड-19 के चलते इसमें कुछ लोगों को ही आने का निमंत्रण था। तीनों को राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने शपथ दिलवाई। तीनों ने शपथ लेने के बाद सीएम जयराम ठाकुर का अभिवादन किया। याद रहे कि कैबिनेट में तीनों पद खाली चल रहे थे। सिरमौर जिला कांग्रेस का गढ़ रहा है लेकिन कांग्रेस की परंपरागत सीट पांवटा साहिबसीट को पहली बार बीजेपी की झोली में वर्ष 2003 में डालने वाले सुखराम चौधरी का दावा कैबिनेट के लिए पहले भी मजबूत था, लेकिन सिरमौर जिले से डाॅ राजीव बिंदल के विधानसभा अध्यक्ष बनते ही सुखराम को जगह नहीं मिल पाई। डॉ. बिंदल के इस्तीफा देने के बाद अब जब कैबिनेट विस्तार हुआ तो सिरमौर के हिस्से से कैबिनेट की खाली जगह पर सुखराम की ताजपोशी पहले से ही तय मानी जाने लगी थी। सुखराम सिरमौर जिले में पुरुल्ला तहसील के निवासी हैं। सुखराम ने 12 वीं कक्षा तक पढ़ाई की है। 2012 के हिमाचल प्रदेश के चुनाव में सुखराम निर्दलीय उम्मीदवार किरणेश जंग से 790 के मामूली अंतर से हार गए थे। सत्ता के संतुलन का केंद्र कहे जाने वाले कांगड़ा जिले से राकेश पठानिया का ताल्लुक और जयराम कैबिनेट में इस जिले से खाली हुई किशन कपूर व विपिन परमार की जगह भरने को शुरू से ही नूरपुर के पठानिया सबसे परफेक्ट दावेदार माने जा रहे थे। पठानिया बीजेपी की राजनीति में हमेशा तेज-तर्रार नेताओं में से एक है और सदन के अंदर और बाहर भी पार्टी और सरकार के समर्थन में हमेशा फ्रंट पर खडे दिखे हैं। राकेश पठानिया के पिता का नाम कहन सिंह सिंह पठानिया है। उन्होंने अपनी इंटरमीडियट की पढ़ाई 1981 में पूरी की। वह पेशे से कृषक और खेती उनका व्यवसाय है। राकेश पठानिया नूरपुर विधानसभा के काफी अनुभवी राजनेता रहे हैं। इसके पहले वह एक बार निर्दलाीय जबकि दो बार बीजेपी से चुनाव लड़ चुके हैं। वह 2007 में तो जीते थे लेकिन 2012 में निर्दलीय चुनाव लड़ने की वजह से हार का मुंह देखना पड़ा था। 1998 में विधानसभा चुनाव जीता जबकि 2003 के चुनाव में हार गए थे। उन्हें चुनाव में 23179 वोट मिले थे। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में राजेंद्र गर्ग ने ना सिर्फ टिकट लेकर सबको चौंका दिया बल्कि कांग्रेस में मुखर रहने वाले राजेश धर्माणी को भी अपने पहले ही चुनावी समर में परास्त कर दिया था। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के गह जिला बिलासपुर से ताल्लुक रखने वाले धर्माणी को अपने विधानसभा क्षेत्र घुमारवीं में मिलनसार माना जाता है। राजेंद्र गर्ग का बिलासपुर जिले में लोगों से जुड़ाव और संगठन के अंदर लंबी पारी कैबिनेट तक पहुंचाने में मददगार रही है। राजेंद्र गर्ग स्नातकोत्तर है, उन्होंने जिवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर से 1990 में एमएससी की डिग्री ली है।
बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश ने लोक सेवा आयोग हिमाचल प्रदेश के सह सचिव को मिलकर ज्ञापन सौंपा। प्रान्त मंत्री राहुल राणा ने बताया कि 7 और 8 अगस्त को allied की मेन्स परीक्षा होंनी है जिसमें प्रदेश ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों से भी विद्यार्थी भाग लेंगे, वर्तमान में कोरोना महामारी के चलते प्रदेश के हालात को देखते हुए अभाविप ने सुझाव दिया कि Allied परीक्षा को स्थिति सामान्य होने तक स्थगित कर दिया जाए। प्रान्त मंत्री राहुल राणा ने बताया कि allied की परीक्षा के लिए प्रदेश भर में मंडी, शिमला और धर्मशाला में कुल 3 परीक्षा केंद्र हैं, ऐसे में कई परीक्षार्थी कन्टेनमेंट जोन से भी परीक्षा देने आएंगे और बाहरी राज्यों से भी, इसलिए यह छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए या तो परीक्षा स्थगित की जाए या फिर सभी जिला केंद्रों पर परीक्षा केंद्र बनाए जाएं तथा बाहरी राज्यों से आने वाले परीक्षार्थियों के लिए बॉर्डर पर ही परीक्षा केंद्र बनाए जाएं। राहुल राणा ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा को हमेशा प्राथमिकता देनी चाहिए और वर्तमान परिस्थितियों के हिसाब से सामाजिक दूरी व अन्य सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए अधिक से अधिक परीक्षा केंद्र स्थापित किये जाएं। इसी के साथ अभाविप ने ईमेल के माध्यम से लोकसेवा आयोग के चैयरमैन को भी ज्ञापन सौंपा। ABVP हिमाचल ने कहा है कि या तो allied की परीक्षा को स्थगित किया जाए या फिर दिए गए सुझावों को अमल में लाकर परीक्षा करवाई जाए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के बाद अब कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने प्रदेश की जयराम सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सिंह ने आरोप लगाया है कि वह प्रदेश में डॉक्टरों के साथ बहुत बड़ा अन्याय कर रही है। कोरोना काल मे सबसे आगे महत्वपूर्ण योगदान देने वाले डॉक्टरों के वेतन में किसी भी प्रकार की कटौती करना इनके साथ बहुत बड़ा धोखा है। विक्रमादित्य सिंह ने यहां जारी एक बयान में प्रदेश सरकार के उस फैंसले की कड़ी आलोचना की है जिसमें उन्होंने कांट्रेक्ट पर लगे डॉक्टरों की ग्रेड पे पर कैंची चलाते हुए इनके बेतन में कमी कर दी है। उन्होंने कहा है कि यह निर्णय पूरी तरह से नए डॉक्टरों व जो अभी कॉन्ट्रैक्ट पर लगें है उनके साथ अन्याय है। उन्होंने कहा है कि पूर्व कांग्रेस सरकार ने प्रदेश में डॉक्टरों की कमी को देखते हुए इन्हें प्रदेश में अपनी सेवाएं देने के लिए ग्रेड पे देने का फैंसला किया था जो बर्तमान सरकार ने रद्द कर दिया है। विक्रमादित्य सिंह ने इस साल जनवरी से अनुबंध आधार पर लगे उन डॉक्टरों से इस ग्रेड पे की किसी भी प्रकार की रिकवरी पर भी कड़ा एतराज जताते हुए कहा है कि इस प्रकार के निर्णय प्रदेश में लगें उन सभी डॉक्टरों के मनोबल को प्रभावित कर सकतें है जो कॉन्ट्रैक्ट पर लगें है। विक्रमादित्य सिंह ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से कहा है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को ओर अधिक सुदृढ़ करने की बहुत आवश्यकता है।उनका कहना है कि प्रदेश में डॉक्टरों को प्रोत्साहित करने के लिए अनुबंध के दौरान इनके ग्रेड पे को पुनः बहाल किया जाना चाहिए। विक्रमादित्य सिंह ने स्वास्थ्य विभाग में अनुबंध आधार पर लगें उन सभी कर्मचारियों को भी स्थाई किया जाना चाहिए जो अपना अनुबंध कार्यकाल पूरा कर चुके है। उनका कहना है कि विभाग में पंद्रह सौ के करीब ऎसे स्वास्थ्य कर्मी अपनी सेवाएं दे रहे है जो अपना अनुबंध कार्यकाल पूरा कर चुके है।
मुख्यमंत्री जयराम की टिप्पणी पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर का पलटवार किया है। सीएम के कांग्रेस की पोल खोलने के ब्यान पर राठौर ने कहा कि सीएम कांग्रेस के किसी भी आरोप का जवाब देने को तैयार रहे। राठौर ने कहा कि भाजपा बताये कोरोनकाल में जनता से बसूले करोड़ों रुपये का हिसाब कहाँ है? भाजपा के नए अध्यक्ष को बधाई देने के साथ राठौर ने कहा कि ये भाजपा ने सोशल डिस्टनसिंग की धज्जियां उड़ाई। राठौर ने कहा कि जनता के लिए संघर्ष कर रही कांग्रेस नेताओं पर सरकार बना रही बमाये दर्जनों मामले।
प्रदेश में फिलहाल नहीं है लॉक डाउन लगाने की संभावना, केवल संक्रमित क्षेत्र में ही की जाएगी सख्ती। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री के दिमाग में कोरोना वायरस का असर हो रहा है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने एक पोल किया है जिसमें लोगों की अलग अलग प्रतिक्रिया आ रही है लेकिन फिलहाल प्रदेश में लॉक डाउन नहीं लगेगा। हालांकि प्रदेश में मामले बढ़े हैं इसलिए सरकार ने कुछ क्षेत्रों में लॉक डाउन भी लगाया है और आगे भी अगर जरूरत महसूस होती है तो ज्यादा संक्रमित जगहों पर सख्ती की जाएगी। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने एक बार फिर से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री पर हमला बोला है और कहा कि नेता प्रतिपक्ष के दिमाग में कोरोना वायरस घुस गया है। जो कांग्रेस और इनके लिए ठीक नही है।सीएम ने कहा कि सरकार ने कोरोना काल मे हर सभव बहतरीन काम किया है जबकि विपक्ष लगातार सरकार की आलोचना ही करता रहा है और सरकार उनकी उल्टी सीधी कोई भी बात मानने वाली नहीं है। सीएम के सख्त लहजे में कहा कि अभी सरकार का फ़ोकस केवल औए केवल महामारी से निपटने का है लेकिन अगर विवक्ष के कारनामों की पोल खोलनी शुरू हर दी तो इनको मुह छुपाने तक ली जगह नहीं मिलेगी।कांग्रेस ने कोरोनकाल के संकट में भी केवल आलोचना की घटिया सियासत ही की है।
जिला दंडाधिकारी शिमला अमित कश्यप ने बुधवार को आदेश जारी करते हुए बताया कि बाहर से आने वाले श्रमिकों को 7 दिन के लिए इंस्टीटूशनल क्वारंटाइन होना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि उसके पश्चात् कोविड-19 जांच के दौरान नेगेटिव रिपोर्ट आने पर ही उन्हें कार्य स्थलों पर जाने की अनुमति होगी। उन्होंने बताया कि कार्य स्थलों पर भी उन्हें क्वारंटाइन अवस्था में रहकर अपना कार्य बिना बाहर निकले करना होगा। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के इन्स्टीच्यूशनल क्वारंटाइन के दौरान हुए खर्च का वहन लाने वाले बागवान, कृषक अथवा ठेकेदार द्वारा किया जाएगा तथा उनके द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि श्रमिक संबंधित नियमों का पालन करें। उन्होंने कहा कि इस आदेश अथवा नियमों का उल्लंघन करने वालों के प्रति विभिन्न धाराओं के तहत कठोर दण्डात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से आगामी आदेशों तक लागू होते हैं।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के राज्य समन्वयक एवं प्रभारी (मीड़िया, संगठन एवं कार्यालय) सैन राम नेगी ने जानकारी देते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष यादविन्दर सिंह गोमा ने हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर की अनुशंसा से शिमला लोकसभा क्षेत्र के 17 कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के ब्लाॅक अध्यक्षों की नियुक्ति की स्वीकृति दी हैं जिसे तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा, जो निम्न प्रकार से हैं। जिला शिमलाः रामपुर से चुन्नी लाल, रोहड़ू से ईश्वर लाल बोल्टा, जुब्बल कोटखाई से मुन्नी लाल नरसेठ, चैपाल से सोहन लाल मौष्टा, कसुम्पटी से नारायण त्रिशित, शिमला शहरी से विक्की सिद्धू और शिमला ग्रामीण से चिरंजी लाल को ब्लाॅक अध्यक्ष बनाया गया हैं। जिला सोलनः अर्की से लेख राम कैथ, नालागढ़ से देवी सरन, दून से सतीश चन्द, कसौली से नरेश कुमार और सोलन से इन्द्र सिंह को ब्लाॅक अध्यक्ष बनाया गया है। जिला सिरमौरः नाहन से भीम सिंह गौहर, पांवटा साहिव से दर्शन सिंह, शिलाई से खजान सिंह, श्री रेणुका जी से हीरा सिंह और पच्छाद से रमेश कुमार को ब्लाॅक अध्यक्ष बनाया गया है।
भाजपा में लंबे समय से अध्यक्ष पद को लेकर मची उथल पुथल के बाद आखिरकार नवनियुक्त भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप ने पार्टी की कमान संभाल ली है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, पूर्व भाजपा अध्यक्ष सतपाल सत्ती, डॉ. राजीव बिंदल और अन्य नेताओं की मौजूदगी में सुरेश कश्यप ने पदभार ग्रहण कर लिया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बताया कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी में अनुसूचित जाति से पहली बार अध्यक्ष बना है। सुरेश कश्यप पूर्व सैनिक है मेहनती नेता है निश्चित रूप से ये पार्टी को आगे बढ़ाने का काम करेंगे। मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर पूछे गए सवाल के जबाब में मुख्यमंत्री ने संकेत दे दिए कि जल्द ही प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार किया जाएगा और ये कभी भी किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में फिर से लॉक डाउन लगाने के सवाल के जवाब में कहा कि पिछले कुछ समय से प्रदेश में कोरोना के मरीज बढ़ रहे है इसलिए इसे रोकने के लिए जहां सख्ती करने की आवश्यकता होगी वहां और सख्ती की जाएगी। परन्तु पूरे प्रदेश में लोकडाउन लगाना व्यवहारिक नही होगा। देश मे अनलॉक 3 शुरू होने वाला है केंद्र के जो भी निर्देश होंगे उन्हें प्रदेश में भी लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी साधा निशाना मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कोरोना को लेकर विपक्ष के द्वारा की जा रही बयानबाजी पर व्यंग्य करते हुए कहा कि वो हमें ऐसे समझा रहे हैं जैसे उनकी कई पुस्ते कोरोना के खिलाफ लड़ चुकी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सोशल डिस्टेनसिंग की अनुपालना नही कर रही है और अनापशनाप बयानबाजी कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी हम सिर्फ सुन रहे हैं जब बोलेंगे तो सड़क पर चलना मुश्किल होगा। प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी कोरोना के मामले निरन्तर बढ़ रहे हैं ऐसे में किसी भी प्रदेश ने मानसून सत्र नही बुलाया है और लोकसभा का सत्र भी अभी फिलहाल नही हो रहा है। कोरोना के मामलों में कमी आने के बाद सितम्बर माह तक इस पर विचार किया जा सकता है।
अक्सर राखी बांधने केमुहूर्त में हर बार, भद्रा के समय को लेकर असमंजस बना रहता है परंतु इस बार राखीबांधने के लिए पूरा दिन है, भद्रा काल की बजाय कोरोना काल का ध्यान रखना होगा। जहां तक संभव हो, वीडियो कॉल आदि से संबंधियों से संपर्क करें। बहनेंहृदय से भाई की दीर्घायु की प्रार्थना करें और भाई उनकी रक्षा व हर प्रकार कीसहायता का वचन दें और निभाएं। यदि आपआमने सामने होना ही चाहते हैं, तो बेहतर होगा राखी व अन्य वस्तुओं को सेनेटाइज करें, मॉस्क लगाएं, उचित दूरी बना कर रखें। बाजार में बनी राखियों की बजाए, कलावाअर्थात रक्षा सूत्र बांधें। कोरियर या डाक व्यवस्था सुचारु न होने से और कोरोनावायरस के कारण, हो सकता है आपकी भेजी राखी न मिले। इस बार क्यों खास है रक्षाबंधन सावन के अंतिम सोमवार को रक्षाबंधन का पर्व कई शुभ योग व नक्षत्रों के संयोग में 3 अगस्त को मनाया जाएगा। 29 साल बाद श्रावण पूर्णिमा पर सावन के अंतिम सोमवार को रक्षाबंधन का पर्व कई शुभ योग व नक्षत्रों के संयोग में 3 अगस्त को मनाया जाएगा। इस बार भद्रा और ग्रहण का भी रक्षाबंधन पर कोई साया नहीं है। इस अवसर पर सर्वार्थ सिद्धि और दीर्घायु आयुष्मान योग के साथ ही सूर्य शनि के समसप्तक योग, प्रीति योग, सोमवती पूर्णिमा, मकर का चंद्रमा श्रवण नक्षत्र उत्तराषाढा नक्षत्र सोमवार को रहेगा। इससे पहले तिथि वार और नक्षत्र का यह संयोग सन् 1991 में बना था। रक्षाबंधन से पहले 2 अगस्त को रात्रि 8 बजकर 43 मिनट से 3 अगस्त को सुबह 9 बजकर 28 मिनट तक भद्रा रहेगी। रक्षाबंधन का व्रत करने वाले लोगों को सुबह उठकर स्नान आदि करने के बाद वेदोक्त विधि से पित्र तर्पण और ऋषि पूजन भी करना चाहिए। बहनें रेशम आदि का रक्षा कवच बनाकर उसमें सरसों केशर, चंदन, अक्षत और दूर्वा रखकर रंगीन सूती वस्त्र में बांधकर उस पर कलश की स्थापना करें। इसके बाद विधि पूर्वक पूजन करें। बहन भाई के दाहिनी हाथ में बांध ऐसा करने से वर्ष भर भाई का जीवन सुखी रहेगा। वहीं शास्त्रों में राखी बांधन के लिए अभिजीत मुहूर्त व गोधूलि बेला विशेष बताई गई है। शाम को 5ः30 बजे गोधूलि बेला का शुभ मुहूर्त रहेगा। वैसे दिन भर शुभ चौघड़िया मुहूर्त में भी राखी बांधी जा सकती है। शुभ महूर्त राखी बांधने का मुहूर्त : 09:27:30 से 21:11:21 तक अवधि : 11 घंटे 43 मिनट रक्षा बंधन अपराह्न मुहूर्त : 13:45:16 से 16:23:16 तक रक्षा बंधन प्रदोष मुहूर्त : 19:01:15 से 21:11:21 तक क्यों बांधें राखी ? आधुनिक युग में भाई-बहन एक दूसरे की पूर्ण सुरक्षा का भी ख्याल रखें। नारी सम्मान हो। समाज में महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों में कमी आएगी। भाई-बहन को स्नेह, प्रेम, कर्तव्य एवं दायित्व में बांधने वाला राखी का पर्व जब भाई का मुंह मीठा करा के और कलाई पर धागा बांध कर मनाया जाता है तो रिश्तों की खुशबू सदा के लिए बनी रहती है और संबंधों की डोर में मिठास का एहसास आजीवन परिलक्षित होता रहता है। फिर इन संबंधों को ताजा करने का अवसर आता है भईया दूज पर। राखी पर बहन, भाई के घर राखी बांधने जाती है और भैया दूज पर भाई, बहन के घर तिलक करवाने जाता है। ये दोनों त्योहार, भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर हैं जो आधुनिक युग में और भी महत्वपूर्ण एवं आवश्यक हो गए हैं जब भाई और बहन, पैतृक संपत्ति जैसे विवादों या अन्य कारणों से अदालत के चककर काटते नजर आते हैं। राखी का पर्व टूटे संबंधों को बांधने का भी एक महत्वपूर्ण पर्व है। पुत्रियों के मायके आने का जहां सावन एक अवसर है, रक्षा बंधन सबको बांधने का एक बहाना है। बाबुल का आंगन गुलजार करने का एक मौका है। भाई - बहनों के मध्य चल रहे गिले शिकवों को भुलाने का एक सुअवसर है। इसी लिए धागा बांधने के बाद मिठाई खिलाने से दिल का गुबार मिठास में घुल जाता है। भारतीय उत्सवों का मजा परिवार संग ही आता है। अतः रक्षा बंधन एक पारिवारिक मिलन है। सावन और सावन के सोमवारों से चलता हुआ यह सिलसिला तीज से होता हुआ कृष्णोत्सव तक निर्बाध चलता रहता है। रक्षाबंधन सुरक्षा का मात्र सूत्र ही नहीं रह जाता अपितु एक वचनबद्धता और जिम्मेवारियों का बंधन बन जाता है। एक सम्मान सूचक तंत्र की जगह ले लेता है जिसमें अपनेपन का एहसास समा कर स्नेह का बंधन बन जाता है। इस धागे का संबंध अटूट होता है। जब तक जीवन की डोर और श्वांसों का आवागमन रहता है एक भाई अपनी बहन के लिए और उसकी सुरक्षा तथा खुशी के लिए दृढ़ संकल्पित रहता है। वर्तमान में यह त्यौहार बहन-भाई के प्यार का पर्याय बन चुका है, कहा जा सकता है कि यह भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को और गहरा करने वाला पर्व है। एक ओर जहां भाई-बहन के प्रति अपने दायित्व निभाने का वचन बहन को देता है, तो दूसरी ओर बहन भी भाई की लंबी उम्र के लिये उपवास रखती है। इस दिन भाई की कलाई पर जो राखी बहन बांधती है वह सिर्फ रेशम की डोर या धागा मात्र नहीं होती बल्कि वह बहन-भाई के अटूट और पवित्र प्रेम का बंधन और रक्षा पोटली जैसी शक्ति भी उस साधारण से नजर आने वाले धागे में निहित होती है। इस विधि से बांधे राखी बहनें भाई को लाल रोली या केसर या कुमकुम से तिलक करे, ज्योति से आरती उतारते हुए उसकी दीर्घायु की कामना करे और मिठाई खिलाए और राखी बांधते हुए ईश्वर से उसकी लंबी आयु की और रक्षा की कामना करें। भाई उपहार स्वरुप बहन को शगुन या उपहार अवश्य दे। पुलिस, सैनिक बल तथा सैनिकों को भी रक्षार्थ राखी बांधी जाती है। पुरोहित अपने जजमानों के रक्षा सूत्र बांधते हैं और उनके पालन पोषण का वचन लेते हैं। पुरोहित वर्ग को कलाई पर रक्षासूत्र की मौली के तीन लपेटे देते हुए इस मंत्र का उच्चारण करना चाहिए- येन वद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः! तेन त्वामबुध्नामि रक्षे मा चल मा चल ! गृह सुरक्षा हेतु करें उपाय वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि मौली को गंगा जल से पवित्र करके गायत्री मंत्र की एक माला करके अपने प्रवेश द्वार पर तीन गांठों सहित बांधें तो घर की सुरक्षा पुख़्ता हो जाती है और चोरी, दरिद्रता तथा अन्य अनिष्ट से बचाव रहता है। रुठे भाई को मनाने के लिए यदि आपका भाई किसी कारणवष रुष्ट है तो शुभ मुहूर्त पर एक पीढ़ी पर साफ लाल कपड़ा बिछाएं। भ्राता श्री की फोटो रखें। एक लाल वस्त्र में सवा किलो जौ, 125 ग्राम चने की दाल, 21 बताशे, 21 हरी इलायची, 21 हरी किशमिश,125 ग्राम मिश्री, 5 कपूर की टिक्कियां ,11 रुपये के सिक्के रखें और पोटली बांध लें । मन ही मन भाई की दीर्घायु की प्रार्थना करते तथा मन मुटाव समाप्त हो जाने कामना करते हुए पोटली को 11 बार फोटो पर उल्टा घुमाते हुए,पोटली को शिव मंदिर में रख आएं। भाई दूज पर आपका भाई स्वयं टीका लगाने आ जाएगा। कौन से रंग का तिलक और राखी हो अपने भ्राता श्री के लिए मानवीय जीवन में रंगों का विशेष महत्व होता है। आज ही रंगों का चुनाव कर लें बांधने और बंधवाने वाले भाई- बहन। भाई की चंद्र राशि के अनुसार रक्षा क्वच बांधें । मेष राशिः मंगल कामना करते हुए कुमकुम का तिलक लगाएं और लाल रंग की डोरी बांधें।संपूर्ण वर्ष स्वस्थ रहेंगे। बृषभः सिर पर सफेद रुमाल रखें और चांदी की या सिलवर रंग की राखी बांधें।रोली में अक्षत मिला लें। मन शांत और प्रसन्न रहेगा। मिथुनःहरे वस्त्र से भाई का सिर ढांकें, हरे घागे या हरे रंग की राखी आत्मविश्वास उत्पन्न करेगी। कर्कःचंद्रमा जैसे रंग अर्थात सफेद, क्रीम धागों से बनी मोतियों वाली राखी भइया का मन सदा शांत रखेंगी। सिंहः गोल्डन रंग या पीली, नारंगी राखी और माथे पर सिंदूर या केसर का तिलक आपके भाई का भाग्यवर्द्धन करेगा। कन्याः हरा या चांदी जैसा धागा या रक्षासूत्र करेगा भाई की जीवन रक्षा। तुलाः शुक्र का रंग फिरोज़ी, सफेद, क्रीम का प्रयोग रुमाल, राखी और तिलक में प्रयोग करें, जीवन में सुख समृद्धि बढ़ेगी। बृश्चिकः यदि भाई इस राशि के हैं तो चुनिये लाल गुलाबी और चमकीली राखी या धागा और खिलाएं लाल मिठाई। धनुः गुरु का पीताम्बरी रंग भाई की पढ़ाई में लगाएगा चार चांद। बांधिए उन्हें पीली रेशमी डोरी । मकरः ग्रे या नेवी ब्लू रुमाल से सिर ढकें , नीले रंग के मोतियों वाली राखी बचाएगी बुरी नजर से। कुंभः आस्मानी या नीले रंग की डोरी से बनी राखी या डोरी भाग्यशाली रहेगी। मीनः हल्दी का तिलक, लाल, पीली या संतरी रंग की राखी या धागा शुभता लाएगा। पुराणों तथा आधुनिक युग में रक्षा सूत्र इंद्र की पत्नी ने इंद्र को ही राखी बांधी थी। यम को उनकी बहन यमुना ने। लक्ष्मी जी ने राजा बली को। द्रौपदी ने कृष्ण के हाथ में चोट लगने पर साड़ी का पल्लू बांधा था और इस पर्व पर वचन लिया।चीरहरण के समय भगवान कृष्ण ने द्रौपदी की रक्षा की। चित्तौड़ की महारानी करमावती ने हुमायूं को चांदी की राखी भेजी थी। सिकंदर को राजा पुरु की पत्नी ने राखी बांधी थी।सामाजिक संस्थाओं से संबद्ध महिलाएं, पुलिस कर्मियों, सैनिकों, जवानों और राजनेताओं को आधुनिक युग में बांध रही हैं। राखी इलेक्ट्रॉनिक हो या डिजाइनर या ई मेल हो या डाक द्वारा भेजे गए चार धागे..... मुख्य बात है उसके पीछे परस्पर विश्वास, दायित्व, कर्तव्य, निष्ठा और स्नेह। इसी प्रकार भाई अपनी बहन को राखी के फलस्वरुप क्या उपहार देता है, महत्वपूर्ण है, रक्षासूत्र की भावना और उसकी लाज। इतिहास साक्षी है कि भ्रातृ विरोध ने ही देष को विदेशियों के हाथ सौंप दिया। भक्त प्रहलाद, भक्त ध्रुव की रक्षा के लिए भगवान ने क्या कुछ नहीं किया। उसी तरह रक्षा सूत्र के बंधन की मर्यादा का निर्वाह करना चाहिए तभी यह परंपरा सार्थक सिद्ध होगी। विशेष: यदि इस लेख का उपयोग आप प्रकाशन या आगे भेजने केलिए करते हैं तो लेखक का चित्र और नाम के साथ मोबाईल नंबर देना अनिवार्य होगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने शहीद अंकुश ठाकुर के शहीदी स्मारक बनाने के लिए 18 सदस्यीय समिति का गठन किया है।समिति अंकुश ठाकुर के शहीदी स्मारक के स्थान, निर्माण व अन्य सभी कार्यों को अंतिम रूप देगी। कांग्रेस सचिब हरि कृष्ण हिमराल ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि इस समिति के समन्वयक जिला कांग्रेस कमेटी हमीरपुर के अध्यक्ष राजेंद्र ज़ार को बनाया गया है। समिति के सदस्यों में विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खू, इंद्रदत्त लखनपाल, राजेन्द्र राणा, पूर्व विधायक अनिता वर्मा,कुलदीप सिंह पठानिया, अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय समन्वयक सुरेश कुमार, कांग्रेस महासचिव सुनील शर्मा, कांग्रेस प्रवक्ता प्रेम कौशल,दीपक राज शर्मा, कांग्रेस सचिब केवल पठानिया, बलविंदर सिंह बबलू, कांग्रेस कार्यकारणी सदस्य ब्रिज मोहन सोनी, कर्नल विधि चंद लॉंगवाल, जिला कांग्रेस कमेटी हमीरपुर के उपाध्यक्ष तेजनाथ तेज, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी भोरंज के अध्यक्ष विजय कुमार बांयाल, पूर्व कांग्रेस sachiv अतुल क्रोषित व राम चंद्र पठानिया बनाए गए है।
विधायक मोहन लाल ब्राक्टा ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया हैं कि सेब सीजन शुरू हो चुका है लेकिन सरकार सेब सीजन को लेकर गंभीर नही दिख रही है। ब्राक्टा का कहना है कि रोहडू विधानसभा क्षेत्र की सम्पर्क सड़कों की हालत बहुत ही खराब है। हालत यह है कि लगभग पिछले ९ महिनों से कई सड़कों की दशा बहुत ही दयनीय है जिन पर गाड़ी चलाना खतरे से खाली नही है। ऐसे में एक तो पहले ही सेब में काम करने वाले मजदूर नहीं है। वहीं बागवानों को बगीचों से सड़क तक लाने के लिए मजदूरों की कमी है। ऊपर से सम्पर्क सड़कों की दयनीय स्थिति को देख कर बागवानों को चिंता सताने लगी है कि उनका सेब किस तरह से मंडियों तक पहुंचेगा। ब्राक्टा ने सरकार पर आरोप लगाया है कि सेब सीजन के लिए मुख्यमंत्री का यह कहना कि सरकार अपने खर्चे पर नेपाल से मजदूर लाएगी उस दावे का क्या हुआ। हमने उस समय भी कहा था कि सरकार इस बात को स्पष्ट करें कि नेपाल से किस तरह से मजदूर आएँगे, लेकिन जैसे कि हम पहले भी कहे चुके की इस तरह दावे सिर्फ अखबारों की सुर्खियों तक ही सीमित रहने वाले है। आज नेपाल से मजदूर लाने की बात जमीनी स्तर पर आप लोगो के सामने है जिस से पता चलता है सेब सीजन को लेकर सरकार गम्भीर नहीं है। उन्होने बताया कि मुख्यमंत्री के २०१८ में रोहड़ू दौरे पर जिन सड़कों के लिए लाखों रुपये की सड़कों को ठीक करने के लिए विशाल जन समूह के बीच रामलीला मैदान रोहड़ू में घोषणाएं की थी जो अभी तक पूरी नही हुई है जिसमें उन्होने सीमा रनटाडी सड़क के लिए मुख्यमंत्री ने २० लाख रुपये दिए थे। अभी तक मात्र उस सड़क पर लगभग एक लाख ही खर्च हुए है जो इस बात को साबित करता है कि अगर एक मुख्यमंत्री द्वारा किसी सड़क को ठीक करने के लिए पैसे दिए जाते है और दो साल होने पर भी सड़क ठीक नहीं हुई है।
शिमला,पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षों का विस्तार किया जाना आवश्यक है तभी विकास को गति मिल सकेगी। शिक्षा, विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने घणाह्हटी के समीप नेहरा पंचायत घरोग गांव में भारतीय जनता पार्टी जिला किसान मोर्चा की ओर से आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम के अवसर पर यह विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संकट से निपटने के लिए पौधारोपण कार्यक्रम अत्यंत प्रभावी भूमिका निभा रहे हैं। इस कार्य को हमें जिम्मेदारीपूर्वक निभाना चाहिए। केवल मात्र पौधारोपण कार्यक्रम के दौरान वृक्ष लगाकर ही इतिश्री न करें अपितु इसके संरक्षण व संवर्धन में भी निरंतर सहयोग प्रदान किया जाना आवश्यक है ताकि वृक्ष जंगल का रूप ले सके। पौधारोपण कार्यक्रम के तहत लगभग 2 हैक्टेयर क्षेत्र में 800 देवदार के पौधे रोपित किए गए। उन्होंने कहा किसान मोर्चा द्वारा पौधारोपण के पश्चात् इस क्षेत्र को गोद लेकर यहां रोपित किए गए सभी 800 पौधों का संवर्धन व संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा ताकि आने वाले समय में यहां भव्य जंगल तैयार हो सके और यह क्षेत्र ईको टूरिज्म में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में सक्षम हो सके। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन प्राण वायु पेड़-पौधों से ही मिलती है, जिससे मानव व जीव जंतुओं का विकास होता है। इस सजीवता को बनाए रखने के लिए हमें पौधारोपण जैसे कार्यक्रमों को अधिक से अधिक रूप में करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा समाज के प्रत्येक वर्ग को वन विस्तार में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कई योजनाएं आरम्भ की गई है ताकि वन क्षेत्र में वृद्धि हो सके। इसके अतिरिक्त जंगली जड़ी-बूटियों को बेचने व निजी जमीन पर इसके उत्पादन को बढ़ावा देकर रोजगार के अवसर पैदा करने के उद्देश्य से वन समृद्धि जन समृद्धि योजना आरम्भ की गई है। जन समुदाय में नवजात कन्या के नाम पर पौधा रोपित कर वनों के महत्व तथा बालिकाओं के अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक बुटा बेटी के नाम तथा कई अन्य योजनाओं से वन समृद्धि को बढ़ावा दिया जा रहा है। वनों के विस्तार से निश्चित तौर पर ईको टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। इसके लिए भी सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से रोजगार प्रदान करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इस अवसर पर नेहरा पंचायत के प्रधान बाॅबी बंसल, प्रदेशाध्यक्ष किसान मोर्चा राकेश बबली, प्रदेश महामंत्री संजीव देश्टा, प्रदेश उपाध्यक्ष देवेन्द्र ठाकुर, जिला अध्यक्ष किसान मोर्चा संजीव चैहान, जिला महामंत्री प्रेम चैहान, डीएफओ सुशील राणा, इस क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी रहे प्रमोद शर्मा, जिला भाजपा अध्यक्ष एवं कैलाश फैडरेशन के अध्यक्ष रवि मेहता, शिमला मण्डलाध्यक्ष राजेश शारदा, कुसुम्पटी मण्डलाध्यक्ष जितेन्द्र भोटका तथा शिमला ग्रामीण मण्डलाध्यक्ष दिनेश ठाकुर भी उपस्थित थे।
सीएम जयराम ठाकुर की कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आ गई है। इस बात की जानकारी उन्होंने स्वयं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नाहन विधानसभा के विभिन्न विकास कार्यों का शुभारंभ व शिलान्यास करते हुए दी। उन्होंने कहा कि अभी-अभी जो रिपोर्ट आई है, उसमें बताया गया है कि ये नेगिटिव है। सेल्फ क्वारंटाइन चल रहे सीएम जयराम ठाकुर का सप्ताहभर के भीतर दूसरी मर्तबा कोरोना टेस्ट हुआ है। इससे पहले बुधवार को सीएम जयराम ठाकुर व परिजनों की कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई थी। सीएम ऑफिस के कोरोना की चपेट में आने के बाद ही उनका व परिजनों का कोरोना टेस्ट करवाया गया था। याद रहे कि बीते बुधवार को मंडी में पॉजिटिव पाया गया बीजेपी का युवा नेता शिमला में सीएम जयराम ठाकुर से मिलने के साथ-साथ उनके दफ्तर व आवास में भी गया था। उसके बाद से ही सीएम जयराम ने स्वयं को सेल्फ क्वारंटाइन कर लिया था। इस बीच, हिमाचल प्रदेश सचिवालय में सीएम कार्यालय के उप सचिव के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद शिमला के ब्रॉकहास्ट में चार सरकारी कॉलोनियां सील कर दी गई हैं। यहां सीएम के कोरोना पॉजिटिव पाए गए उप सचिव और अन्य अफसरों के सरकारी आवास हैं। सचिवालय के पुराने भवन में किसी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश की अनुमति नहीं है। अधिकारी भी नए भवन से कामकाज निपटा रहे हैं।
प्रदेश में हर दिन कोरोना के मामलों में हो रही वृद्धि को देखते हुए प्रदेश सरकार 30 जुलाई को नया फ़रमान जारी कर सकती है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट मीटिंग में लॉकडाउन पर फ़ैसला हो सकता है। पूरे देश में अनलॉक टू 31 जुलाई तक है, लेकिन कोरोना के केस में भयंकर इज़ाफ़ा होते देख प्रदेश सरकार भी चिंतित है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार ने लॉकडाउन करने या न करने के बारे में लोगों से राय भी माँगी है। हर पहलुओं को देखते हुए जयराम सरकार केंद्र की गाइडलाइन को फॉलो करेगी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ स्कूल एवं कालेजो में आगामी ऑनलाइन कक्षाओं पर भी फ़ैसला होना है। 30 जुलाई को कैबिनेट, लॉक डाउन को लेकर होगा मंथन।
शिमला जिला में 25 वर्षीय युवक द्वारा आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार पुलिस को सूचना मिली की गांव मगवटा जुब्बल में मोहित नामक युवक ने पेड़ से रस्सी बांधकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है। पुलिस जब मौक़े पर पहुंची तो युवक को पेड़ के साथ लटका पाया। पुलिस के मुताबिक़ इस युवक के शरीर में चोट के दूसरे निशान नहीं है। देखने से यही लग रहा की यह मामला आत्महत्या का है। पुलिस ने 174 के तहत शव को कब्ज़े में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामलें की जांच पड़ताल कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस ने एक भाजपा नेता सहित 3 अन्य उनके साथियों पर कोविड 19 के दिशानिर्देशों की अनुपानला न करने के विरुद्ध सोमवार को शिमला के सदर थाना में शिकायत दर्ज की। शिकायत में कहा गया है कि भाजपा प्रबक्ता अधिवक्ता तेजेंद्र कुमार, अतिरिक्त महाधिवक्ता नंद लाल व इनके 2 अन्य साथी ज्ञान चंद ठेकेदार व ड्राईवर दवेंद्र कुमार जो मंडी के है ने जानबूझकर इसके नियमों की अवहेलना करते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय सहित प्रदेश उच्च न्यायालय व प्रदेश के अनेक अस्पतालों में कोविड 19 के संक्रमण को फैलाने की जानबूझकर कोशिश की है,इसलिए इनके खिलाफ हत्या की साजिश रचने का मामला दर्ज हो। कांग्रेस लीगल सेल के संयोजक अधिवक्ता देवेन भट्ट, चंद्र मोहन, कांग्रेस सचिव वेद प्रकाश ठाकुर व पवन चौहान ने एक सयुंक्त शिकायत में लिखा है कि भाजपा प्रवक्ता अधिवक्ता तजेंद्र कुमार व अतिरिक्त महाधिवक्ता नंद लाल को बुखार, खांशी की शिकायत के चलते इनके कोविड टेस्ट लिए गए थे, इन्हें रिपोर्ट आने तक संस्थागत या होम क्वारन्टीन होना आवश्यक था, ऐसे में यह सभी लोग अनके जगहों पर घूमे फिरें। इस दौरान यह आम लोगों के बीच भी बगैर किसी रोक टोक के आये गए। अब जबकि यह चारों कोविड पॉजिटिव पाए गए है ऐसे में इनके सम्पर्क में आय 90 से अधिक लोग भी संक्रमित हो गए है जो बहुत ही चिंता का विषय हैं। कांग्रेस नेताओं ने इसे इन लोगों द्वारा कोविड 19 के लिए जारी दिशानिर्देशों का खुला उल्लंघन करने के दोष में इनके खिलाफ लोगों की जानबूझकर कर हत्या की साजिश रचने के लिए एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
भामंस व राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी महासंघ द्वारा "सरकार जगाओ सप्ताह 23 जुलाई से 30 जुलाई तक सघंर्ष के मध्यनजर पूरे देश में सरकारी कर्मचारियो द्वारा उप मण्डल स्तर पर कर्मचारीयों की मांगों पर आधारित ज्ञापन दिया। इसमें पदाधिकारीयों ने बैठक की। रोहडू व चडंगाव इकाई ने एसडीएम रोहड़ू के माध्यम से प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज कर सरकार से केन्द्रीय कर्मचारियों के समान वेतनमान, सेवा निवृति आयु व अन्य लाभ देने, 2003 के वाद नियुक्त व नियामित कर्मचारीयों को पुरानी पैशन व जीपीएफ का लाभ देने, निजिकरण, एफ डी आई, निगमीकरण बन्द करने, पीएसयू का निजिकरण बंद करने, श्रम कानूनों में कर्मचारी विरोधी बदलाव का र्निणय वापस लेने, आउटसोरस नीति बन्द करने व इस नीति के तहत लगे कर्मियो को नियमित करने, करूणा मूल्क आधार पर बिना र्शत रोजगार देने की मांग की गई। संघ ने प्रदेश के मुख्यमन्त्री से 56 सुत्रीय माँग पत्र पर शीघ्र जे० सी० सी० करवाने की मॉग की है, ताकि कर्मचारी वर्ग में व्याप्त रोष समाप्त हो सके । ज्ञापन देने वाले पदाधिकारीयों में राष्ट्रीय कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष विपन डोगरा, अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ चौहारा (चड़गांव) के अध्यक्ष गौतम दुल्टा, रोहडू के अध्यक्ष बृज लाल शर्मा सहित अनेक ब्लाक पदाधिकारी शामिल थे ।
एनएसयूआई सीमा कालेज इकाई ने डीएन ऑफ कालेज बीएस पीरटा को प्रवेश की तिथि को बढानें को लेकर एक मांग पत्र सौपा। कॉलेज के परिसर अध्यक्ष रजीत मुखीया नें बताया कि मांग पत्र के रूप में एनएसयूआई ने मांग की है कि विश्वविधालय की ओर से 25 जुलाई तक जो तिथि रखी गई थी, उस समय तक क्षेत्र के दुर दराज के क्षेत्रों से आने वाले सैकडों विधार्थी प्रवेश लेनें से रह गए हैं। ऐसे में इनका भविष्य संकट मे हैं। इस अवस पर महासचिव मुस्कान शिटा, उपाध्यक्ष अमन संग्राह, अजित सेवग, प्रियंका, पलक व नितिश मौजूद रहेंं।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सोमवार को वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से हिमाचल प्रदेश संस्कृत अकादमी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने संस्कृत भाषा को दूसरी भाषा का दर्जा प्रदान किया है, क्योंकि यह भाषा अपने शब्दावली, साहित्य, विचारों, भावों और मूल्यों में समृद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृत भाषा अपनी प्राचीनता के कारण ग्रीक भाषा की तुलना में अधिक परिपूर्ण, लैटिन भाषा की तुलना में अधिक समृद्ध और इन दोनों की तुलना में अधिक परिष्कृत है। उन्होंने कहा कि भारत के कुछ विद्यालयों में संस्कृत भाषा और पश्चिमी देशों के कुछ स्थानों में भी इसकी शिक्षा प्रदान की जाती है। भारत के वैश्विक मंच पर महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने के साथ ही विश्व में भी संस्कृत भाषा के प्रति भी रूझान बढ़ा है। जय राम ठाकुर ने कहा कि संस्कृत भाषा के ज्ञान को बुद्धिजीवी समुदाय बहुत सम्मान प्रदान करता है। जय राम ठाकुर ने कहा कि संस्कृत भाषा को कम्प्यूटर साॅफ्टवेयर के लिए भी सबसे अच्छी भाषा माना जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में संस्कृत विश्वविद्यालय खोलने पर भी विचार कर रही है जिसके लिए भूमि चिन्हित की जा रही है। उन्होंने कहा कि संस्कृत विद्वानों और संस्कृत अकादमी को इस भाषा को सामान्य भाषा बनाने के लिए सुझावों के साथ आगे आना चाहिए ताकि छात्रों को इस भाषा का अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया जा सके। शिक्षा मंत्री और संस्कृत अकादमी के उपाध्यक्ष सुरेश भारद्धाज ने कहा कि संस्कृत को दूसरी भाषा का दर्जा देने वाला हिमाचल प्रदेश उत्तराखंड के बाद दूसरा राज्य हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह भी सुनिश्चित करेगी कि स्कूली छात्रों के पास विभिन्न स्तरों पर इच्छानुसार संस्कृत भाषा को चुनने का पर्याप्त अवसर हो। सचिव हिमाचल प्रदेश संस्कृत अकादमी डाॅ. भक्त वत्सल ने मुख्यमंत्री का स्वागत कर अकादमी की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत मंत्री राहुल राणा ने हिमाचल प्रदेश में निजी विश्वविद्यालय में हो रहे व्यापारीकरण को लेकर कड़ा रोष प्रकट किया है। राहुल राणा ने कहा कि जहां फर्जी डिग्री बेचने के आरोप में कुछ निजी विश्वविद्यालय जांच के घेरे में है उससे प्रदेश का नाम तो खराब हुआ ही है लेकिन फिर भी कुछ निजी विश्वविद्यालय अपनी हरकतों से बाज नहीं आए। 1. राहुल राणा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में अवैध डिग्रियों का गोरख धंधा चला है ऐसी ही कड़ी में जहां अपने रेगुलर कर्मचारियों को रेगुलर डिग्री प्रदान कर दी गई ऐसा ही कार्य मानव भारती विश्वविद्यालय इंडस यूनिवर्सिटी और एपीजी यूनिवर्सिटी शिमला ने किया जिसको लेकर इन विश्वविद्यालय पर एफ आई आर भी दर्ज हुई और बाद में इस प्रकार के बेतुके बयान दिए गए की डिग्रियां कॉरेस्पोंडेंस डिस्टेंस और कर्मचारियों को 2 से 4 घंटे कार्य में छूट देकर उनकी कक्षाएं लगाई गई और उन्हें डिग्री दे दी गई जोकि सरासर गलत है यूजीसी के नियमों के खिलाफ है। इससे साफ होता है कि निजी विश्वविद्यालय में डिग्रियां बांटने का धंधा किस प्रकार चला हुआ है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि नियामक आयोग जल्दी से जल्दी इस प्रकार गई दी गई डिग्रियों को रद्द करें और निजी विश्वविद्यालय पर कड़ी कार्रवाई करें। 2. हिमाचल प्रदेश नियामक आयोग तथा माननीय उच्च न्यायालय ने अपने आदेशों में साफ किया है कि निजी विश्वविद्यालय केवल सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त फीस ही छात्रों से ले सकते हैं मगर विद्यार्थी परिषद ने पाया कि छात्रों से करैक्टर सर्टिफिकेट प्रोविजनल डिग्री सर्टिफिकेट माइग्रेशन सर्टिफिकेट के नाम पर पैसे एंड जा रहे हैं जो सरासर गलत है इंडस यूनिवर्सिटी सरोली ने ट्रैक्टर सर्टिफिकेट के लिए ₹100 माइग्रेशन सर्टिफिकेट के लिए ₹300 और प्रोविजनल डिग्री सर्टिफिकेट के लिए ₹500 तक वसूले जो कि उच्च न्यायालय की अवहेलना है इसलिए परिषद मांग करती है कि ऐसे मिसलेनियस फीस छात्रों को वापिस की जाए और कड़े नियम बनाए जाएं ताकि निजी विश्वविद्यालय अपनी मनमर्जी से ऐसे पैसे न लुटे। 3. 22 जुलाई को नियामक आयोग ने छात्र के लिए आदेश पारित किए की उसकी सिक्योरिटी के ₹10000 वापस लिए जाएं मगर इंडस विश्वविद्यालय हरोली अपनी मनमर्जी से छात्रों की सिक्योरिटी फीस से 11 सो रुपए काट रही है और बता रही है कि विश्वविद्यालय ने ऐसी पॉलिसी बनाई है जिसके अंतर्गत सिक्योरिटी अमाउंट से 1100 रुपए सभी छात्रों के कटेंगे जो साफ तौर पर गरीब छात्र को लूटने की मंशा है विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि ऐसी विश्वविद्यालय के ऊपर कारवाई हो और सिक्योरिटी के सारे पैसे छात्रों को वापस दिलाया जाए। 4. विद्यार्थी परिषद ने पाया कि शूलिनी यूनिवर्सिटी ने छात्रों से पूरी फिस भी ले ली है मगर नियामक आयोग के आदेश हैं कि इस कोरोना महामारी के दौरान ट्यूशन फीस को छोड़कर निजी विश्वविद्यालय कोई भी फीस नही वसूलेगा। अतः विद्यार्थी परिषद मांग करती है की जिन भी निजी विश्विद्यालयों में अतिरिक्त फीस ली गई है उस अवैध फीस को तुरंत वापस किया जाए। 5. विद्यार्थी परिषद ने पाया कि jaypee निजी विश्वविद्यालय ने कोरोना महामारी के दौरान हॉस्टल की फीस बढ़ा दी है जो नियमों के विपरीत है यूजीसी कैबिनेट के फैसले में भी यह साफ हुआ है कि इस दौरान कोई भी अपनी फीस में वृद्धि ना दें और विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि जितने भी निजी विश्वविद्यालय ने इस करोना महामारी के दौरान अपने हॉस्टल की फीस बढ़ाई है उसे तुरन्त वापिस लिया जाए ताकि गरीब छात्रों को आर्थिक तंगी से ना गुजरना पड़े। 6. हिमाचल प्रदेश के कुछ निजी विश्वविद्यालय जैसे अरनी, बहारा वि. वि यूनिवर्सिटी इंडस यूनिवर्सिटी ने अभी तक अपने अध्यापकों की सैलरी नहीं दी है और कोरोना महामारी के दौरान सैलरी देने में आनाकानी कर रहे हैं और कुछ निजी विश्विद्यालयों से अपने कर्मचारियों को बिना वेतन दिए जबरन छुट्टी पर भेज दिया है। विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि नियामक आयोग जल्दी से जल्दी सभी निजी विश्वविद्यालयों को आदेश दें कि कोरोना महामारी के दौरान जिस प्रकार निजी विश्वविद्यालय ने ट्यूशन फीस ली है उसी प्रकार सभी स्टाफ को हुए पूरी की पूरी सैलरी दे। अतः विद्यार्थी परिषद नियामक आयोग से मांग करती है कि जल्द से जल्द उपरोक्त मांगो पर कदम उठाए अन्यतः विद्यार्थी परिषद आंदोलन करने से गुरेज नही करेगी।
ज़िला किन्नौर मुख्यालय के समीप ग्राम पंचायत शूधरंग के पूर्व पंचायत सचिव के ख़िलाफ़ स्टेट विजिलेंस ने शिकंजा कस दिया। जाँच एजेंसी ने पूर्व पंचायत सचिव पर 43 लाख का फर्जीवाड़ा करने का आरोप पर एफआइआर दर्ज कर दी है। पूर्व पंचायत सचिव के खिलाफ प्रीवेंशन ऑफ़ क्र्प्शन ऐक्ट 17 ए के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू के दी है। बताया गया कि ज़िला पंचायत अधिकारी को बार बार शिकायत मिलने के बाद मामला विजिलेंस तक पहुँचा। जिला पंचायत अधिकारी द्वारा प्रारम्भिक जाँच पूरी होते ही शनिवार को विजिलेंस ने एफआइआर दर्ज कर दी। एड़ीजी विजिलेंस अनुराग गर्ग ने बताया कि 2015-16 में पंचायत सचिव पर आरोप लगे थे।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल ने प्रैस बयान में कहा कि भाजपा के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप का अभिनंदन एवं पदभार ग्रहण समारोह 29 जुलाई, 2020 को होटल पीटरहाॅफ शिमला में प्रातः 11.00 बजे किया जाएगा। उन्होनें कहा कि कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए यह अभिनंदन समारोह साधारण तरीके से किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के अलावा प्रदेश पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष एवं मोर्चों के अध्यक्ष ही सम्मिलत होंगे। उन्होनें कहा कि इस कार्यक्रम के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग तथा कोविड-19 के चलते सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। भाजपा प्रदेश महामंत्री ने कहा कि इसके अलावा बाकि पूरे प्रदेश में 17 जिलों तथा 74 मण्डलों पर यह कार्यक्रम वर्चुअल रैली के माध्यम से देखा व सुना जाएगा और प्रत्येक जिला व मण्डल मुख्यालयों में या किसी उपयुक्त स्थान पर बड़ी एल ई डी के माध्यम से 50-60 कार्यकर्ता सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए इस कार्यक्रम को देखेंगे। जिलों तथा मण्डलों में यह कार्यक्रम 2017 के प्रत्याशी तथा मण्डल अध्यक्ष की अध्यक्षता में आयोजित किया जाएगा। उन्होनें बताया कि यह कार्यक्रम सोशल मीडिया के माध्यम से भाजपा के ऑफिशियल टिवट्र तथा फेसबुक पेज पर भी लाईव प्रसारित किया जाएगा। त्रिलोक जम्वाल ने बताया कि अभिनंदन समारोह के पश्चात प्रदेश पदाधिकारियों, मोर्चों के प्रदेश अध्यक्ष तथा जिलाध्यक्षों की बैठक भी आयोजित की जाएगी।
जिला शिमला स्कूल प्रवक्ता संघ ने पीटीए, व पैरा शिक्षकों के नियमतिकरण की अधिसूचना जल्द जारी करने की मांग उठाई है। संघ के प्रधान लोकिन्दर नेगी, महासचिव अजय नेगी, राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष केदार रांटा, राज्य सचिव भगत पिथीयाण, राज्य प्रेस सचिव प्रेम शर्मा, जिला प्रेस सचिव जीवन नेगी, राष्ट्रीय सदस्य उमेश दांउटू, राज्य कार्यकरणी सदस्य ललीत काल्टा, अशोक चौहान ने सयुंक्त बयान में कहा कि प्रदेश सरकार ने बीती 25 जून को मंत्रिमंडल की बैठक में इन अध्यापकों को नियमित करने का निर्णय लिया था लेकिन अभी तक विभाग की ओर से अधिसूचना जारी नही की गई। संघ मांग करता है की इन शिक्षकों के नियमितीकरण की अधिसूचना जल्द जारी करें ताकि वर्षों से पीड़ित इन शिक्षकों को राहत मिल सके। इसके साथ अनुबंध पर कार्यरत प्रवक्ताओं को दो साल के अंदर नियमित किया जाए। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी पालमपुर में की गई घोषणा, जिसमें स्कूल प्रवक्ताओं का प्रधानाचार्य के लिए 10:00 प्रतिशत कोटा बढ़ाने की बात की गई थी। उसके भी भर्ती और पदोन्नति नियमों को संशोधित करके आदेश किए जाए। अनुबंध से नियमित प्रवक्ताओं को उनकी नियुक्ति की तिथि से वरिष्ठता लाभ दिया जाए और पुरानी पेंशन बहाल की जाए।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। यह जानकारी उन्होंने खुद ट्वीट करके दी है। अपने ट्वीट में उन्होंने कहा कि उन्हें कोविड-19 के लक्षण आ रहे थे और उनका कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया है। उन्होंने अपील की कि उनके सम्पर्क में आए सभी लोग कोरोना का टेस्ट करवा लें और साथ ही उनके निकट सम्पर्क वाले क्वारंटाइन में चले जाएं। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने शिवराज सिंह चौहान के ट्वीट पर ट्वीट करते हुए कहा कि हमारे साथी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कोरोना पॉजिटिव होने की खबर चिंताजनक है। उन्होंने ईश्वर से शिवराज सिंह चौहान के जल्द स्वस्थ होने के कामना की है।
कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कार्यालय में कोरोना संक्रमित भाजपा नेता के आने पर हैरानी जताते हुए उसके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने की प्रशासन से मांग की है। उन्होंने कहा है कि यह जानबूझकर किया गया अक्षम्य अपराध है जिसे हल्के से नही लिया जा सकता। विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि प्रदेश में कोविड 19 के बढ़ते मामलों से आम लोगों की चिंताओं पर गौर किया जाना चाहिए।उनका कहना है कि सरकारी स्तर पर सोशल डिस्टेसिंग की धज्जियां उड़ाई जा रही है। भाजपा के नेता अपने कार्यकर्ताओं के साथ इसके नियमों को तार तार कर रहें है। उनका कहना है कि कांग्रेस के नेताओं पर तो इस नियम को तोड़ने पर पुलिस मामले बनाए जा रहें है पर भाजपा के किसी भी नेताओं को इसकी पूरी छूट दी गई लगती है। विक्रमादित्य सिंह ने सरकार के दोहरे मापदंड की आलोचना करते हुए कहा है कि महिला मोर्चा के महायज्ञ में शामिल हो कर मुख्यमंत्री सहित महिला मोर्चा व अन्य भाजपा नेताओं पर भी एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए थी जहां 200 से अधिक लोग मुख्यमंत्री की मौजूदगी में जुटे थे। उनका कहना है कि कानून सबके लिए एक समान है,जिसका पालन सबको करना चाहिए। विक्रमादित्य सिंह मुख्यमंत्री से जानना चाहा है कि वह प्रदेश को बताए कि कोविड 19 के चलते अब तक उन्हें केंद्र से कितनी आर्थिक मदद मिली है और प्रदेश में मुख्यमंत्री राहत कोष में अबतक कितनी राशि इकठ्ठा हुई और यह कहा और कैसे खर्च की जा रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा बिजली, पानी, बस किराया बढ़ाने के फेंसलो को पूरी तरह जनविरोधी बताते हुए कहा है कि कांग्रेस इस अन्याय के खिलाफ आम लोगों का आवाज बनकर भाजपा सरकार का हर स्तर पर डट कर विरोध करेगी।
-फ़रवरी 2017 से ख़ाली पड़ी है ‘हॉट चेयर’ हिमाचल में लोकायुक्त के नाम बड़े और दर्शन छोटे नज़र आ रहे हैं। हालाँकि लाेकायुक्त के पद काे भरने के लिए इस साल पांच जनवरी काे सलेक्ट कमेटी की मीटिंग में चर्चा भी हाे चुकी है, लेकिन छः माह बीत जाने पर भी प्रक्रिया शुरू नहीं हाे पाई। हिमाचल में वर्ष 2017 से लाेकायुक्त का पद खाली चल रहा है। जानकारी के मुताबिक प्रदेश सरकार जल्द ही लोकायुक्त के पद को भरने के लिए प्रक्रिया पूरी करेगी। आने वाले दिनों में प्रदेश सरकार हिमाचल प्रदेश लोकायुक्त एक्ट-2014 के तहत सभी औपचारिकताएं पूरी करेगी। गौरतलब है कि पूर्व की कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान फरवरी 2017 में जस्टिस एलएस पांटा लोकायुक्त पद से सेवानिवृत हो गए थे, लेकिन उसके बाद अब तक लंबे समय तक हिमाचल के पास लोकायुक्त ही नहीं हैं। सशक्त लोकायुक्त एक्ट लागू करने के लिए रूल एंड रेगुलेशन तैयार हो चुका है। नया स्टाफ से लेकर सभी विंग को स्थापित करने के लिए सभी नियमों को तैयार कर दिया है। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश लोकायुक्त एक्ट-1983 में जांच व अभियोजन विंग नहीं थी जिसे स्थापित करने के लिए न्यू एक्ट के तहत पूरा स्टाफ भी चाहिए। प्राप्त जानकारी के मुताबिक लोकायुक्त एक्ट-2014 में निदेशक जांच तथा निदेशक अभियोजन की नियुक्ति भी होनी है। हालांकि यहां प्रशासनिक विंग पहले से ही हैं, लेकिन न्यू एक्ट लागू होने से स्टाफ में भी वृद्धि होगी। लोकायुक्त का अपना होगा पुलिस थाना लोकायुक्त एक्ट-2014 के तहत लोकायुक्त का अपना पुलिस थाना होगा। पहले चरण में शिमला, धर्मशाला व मंडी में लोकायुक्त पुलिस थाना खुलेंगे। लेकिन इस मसले पर भी अभी तक कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई। लोकायुक्त थाने में ही केस दर्ज किए जाएंगे। प्रीवेंशन ऑफ क्रप्शन एक्ट-1988(केंद्र) तथा 1983(राज्य) के तहत इन लोकायुक्त पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किए जाएंगे। साथ ही कोड ऑफ क्रिमीनल प्रोसिजर एक्ट-1973 के तहत पुलिस स्टेशनों की प्रक्रिया चलेगी। हिमाचल प्रदेश लोकायुक्त में तीन बार संशोधन के बाद लागू होने जा रहा है। शक्तियां मिलने पर भी लागू नहीं हो पाया एक्ट पूर्व में लोकायुक्त के पास जांच एवं अभियोजन की शक्तियां नहीं होने से कई मामलों पर सुनवाई भी नहीं हो पाई। ऐसे में अब करीब 32 साल बाद लोकायुक्त एक्ट में संशोधन के साथ लोकायुक्त को कई शक्तियां मिलने से रूल्ज एंड रेगुलेशन भी नए सिरे से तैयार हो चुका है। बताया गया कि प्रशासनिक विंग में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा, जबकि जांच एवं अभियोजन विंग में विधि विभाग के तहत ही नियुक्तियां होगी। जल्द हाेगी सेलेक्ट कमेटी की दूसरी मीटिंग लाेकायुक्त की नियुक्ति के लिए जल्द ही सेलेक्ट कमेटी की दूसरी मीटिंग हाेनी हैं। हालांकि अभी डेट तय नहीं हुई है, लेकिन विधानसभा मानसून सत्र से पहले यह मीटिंग हाे सकती है। सिलेक्ट कमेटी में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस लिंगप्पा नारायण स्वामी, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्रिहोत्री और विधानसभा के स्पीकर हाेंगे।
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्र अनुराग ठाकुर ने आयकर दिवस के अवसर पर देश की प्रगति व उन्नति में भागीदार आयकरदाताओं के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए मोदी सरकार द्वारा आयकरदाताओं को दी जा रही सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी है। अनुराग ठाकुर ने कहा "देश की प्रगति व उन्नति में आयकरदाताओं का काफ़ी महत्वपूर्ण योगदान है। भारत को सशक्त ,समृद्ध व आत्मनिर्भर बनाने की दिशा के आयकरदाताओं की एक बड़ी हिस्सेदारी है। समय से कर का भुगतान करना सभी नागरिकों का एक नैतिक कर्तव्य है जिसकी मदद से सरकार रोड, रेल, फ़्लाईओवर, इंफ़्रास्ट्रक्चर सुधार इत्यादि जैसी गतिविधियों को आगे बढ़ाती है। प्रत्येक वर्ष 24 जुलाई को आयकर दिवस मनाया जाता है जिसका मक़सद आयकरदाताओं व इस सेवा से जुड़े कर्मचारियों का आभार प्रकट करना व उन्हें उनके कर्तव्यों के निर्वहन के लिए प्रेरित करना है। कोरोना के इस महासंकट में केंद्र सरकार महामारी के साथ-साथ ही आर्थिक मोर्चे पर भी लड़ रही है।नागरिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए केंद्र की मोदी सरकार ने करदाताओं को इस आपदा के दौरान राहत देने का काम किया है।केंद्र सरकार द्वारा आयकर दाखिल करने की तारीख बढ़ा कर 30 नवंबर करना, मार्च 2021 तक टीडीएस-टीसीएस की दरों में 25 फीसदी की कटौती करना, विवाद से विश्वास स्कीम 31 दिसंबर 2020 तक बढ़ा कर आम करदाताओं को राहत पहुँचाने का काम किया है। कोरोना संकट के दौरान 8 अप्रैल से 23 जुलाई के दौरान 20 लाख से अधिक करदाताओं को 78,606 करोड़ रुपये का कर रिफंड जारी कर दिया गया है।" अनुराग ठाकुर ने कहा "भ्रष्टाचार के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ज़ीरो टॉलरेस की नीति रही है और मोदी सरकार इसे जड़ से मिटाने के लिए प्रतिबद्ध है। आम जनमानस के हितों की रक्षा करने के लिए मोदी सरकार लगातार हर ज़रूरी क़दम उठा रही है। आम करदाताओं की सुविधा के लिए आयकर विभाग द्वारा NeAC की स्थापना व फ़ेसलेस असेसमेंट सेवा की शुरुआत मोदी सरकार द्वारा लिया गया एक महत्वपूर्ण निर्णय है। करदाताओं को बेहतर सुविधा देने, उनकी शिकायतों को कम करने के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "डिजिटल इंडिया" के विजन को साकार करने और इज ऑफ डूईंग बिज़नेस को बढ़ावा देने में फ़ेसलेस असेसमेंट सेवा की अहम भूमिका निभा रही है।”
बस किराया वृद्धि को वापस लेने की मांग को लेकर रोहडू युकां नें तहसीलदार रोहडू के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा है। युकां ने आरोप लगाए है कि प्रदेश की भाजपा सरकार संकट की घड़ी में लोगों पर महंगाई थोप रही है। आम जन मानस काफी परेशान है। युकां अध्यक्ष रविंद्र ठाकुर ने बताया कि प्रदेश सरकार ने अपने ढाई साल के कार्यकाल के दौरान पचास फीसदी बस किराया बढ़ाया है। सरकार का यह फैसला काफी दुर्भाग्यपूर्ण हैं। इससे प्रदेश की गरीब जनता के उपर बोझ पडेगा। संकट के समय मे सरकार को जहां लोगों को राहत देनी चाहिए थी। बावजूद इसके सरकार जनता पर महंगाई का बोझ डाल रही है। प्रदेश सरकार किराया बढ़ाने के पीछे पैट्रोल व डीजल के दाम बढ़ने का हवाला दे रही है जबकि पैट्रोल डीजल के दाम भी केंद्र की भाजपा सरकार की नाकामियों के कारण ही बढ़े हैं। बस किराया बढ़ाने के स्थान पर सरकार को डीजल पर लगने वाले टैक्स कम करना चाहिए। कोरोना महामारी से जूझ रहे लोगों को संकट के समय दोहरा झटका लगा हैं। युकां ने चेताया है कि सरकार अगर उनकी इस मांग पर गौर नही करती है तो वें आम जनता के साथ मिलकर सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगे। इस मौके युकां प्रदेश प्रवक्ता एलोद चौहान, जिला प्रवक्ता अशोक डंडा, रकशा जोगटा, चमन लाल, लोकिंद्र नेगी, भीम सिंह, विक्की कवालटा, रमन चतांटा, रमन चौहान, अँकुश भी उपस्थित थे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने परीक्षा नियंत्रक को स्नातकोत्तर परीक्षा फार्म की अंतिम तिथि बढ़ाने के लिए विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष विशाल वर्मा की अध्यक्षता में ज्ञापन सौंपा। विशाल वर्मा ने कहा इस वर्ष कोरोनावायरस जैसी महामारी के चलते विश्वविद्यालय प्रशासन सभी परीक्षा फार्मो को ऑनलाइन जरिए से भरवा रही है। उन्होंने कहा हिमाचल प्रदेश पहाड़ी राज्य है अधिकांश स्थानों पर ऑनलाइन के लिए नेटवर्क की कमी रहती है ऐसी परिस्थिति को देखते हुए आम छात्रों के लगातार विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं के पास परीक्षा फार्म भरने की अंतिम तिथि बढ़ाने को लेकर सुझाव व मांग आ रही है। अधिकांश छात्रों ने नेटवर्क में दिक्कत आने के कारण समय रहते हैं फार्म नहीं भरे हैं ऐसी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने छात्र हित को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को परीक्षा नियंत्रक को पीजी एग्जामिनेशन फार्म भरने की अंतिम तिथि को एक्सटेंड करने की मांग की है। प्रशासन ने विद्यार्थी परिषद की मांगो वास्तविक मांग स्वीकार करते हुए अंतिम तिथि को आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने शुक्रवार को शिमला से वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से जिला सोलन और सिरमौर के उपायुक्तों से कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम और विभिन्न उपायों के बारे में विस्तृत चर्चा की और उन्हें दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कोविड देखभाल केंद्रों में मरीजों की सुविधा, स्वास्थ्य देखभाल और उन्हें संतुलित भोजन उपलब्ध प्रदान के लिए समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोविड देखभाल केंद्रों में मरीजों की डाइट और देखभाल के लिए निर्धारित प्रोटोकाॅल का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए। जय राम ठाकुर ने कहा कि निर्धारित क्वारन्टीन प्रक्रिया का सख्ती से पालन किया जाए। औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत विभिन्न इकाइयों के प्रबन्धन का दायित्व है कि वह अन्य राज्यों से आने वाले उन्हीं श्रमिकों को कार्य पर रखें, जिन्होंने क्वारंटाइन नियमों का पालन सुनिश्चित किया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश से बाहर जाकर 48 घंटे के भीतर वापिस आने की सुविधा का दुरूपयोग रोकने के लिए प्रक्रिया का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। कोविड पाॅजिटिव मामलों में बढ़ौतरी के दृष्टिगत बद्दी नालागढ़ और नाहन में लाॅकडाउन लगाने के बारे में भी चर्चा की गई। जय राम ठाकुर ने कहा कि अन्य राज्यों में फंसे हिमाचलवासियों की वापसी के कारण प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामलों में बढ़ौतरी हुई है, इसके बावजूद प्रदेश के पैरामीटर अन्य राज्यों से बेहतर हैं। भारत सरकार के मापदंडों के अनुसार कोरोना संक्रमण दर पांच फीसदी से कम होनी चाहिए। प्रदेश में व्यापक स्तर पर कोरोना जांच के बावजूद संक्रमण की पाॅजिटिव दर पांच प्रतिशत से बहुत कम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अन्य राज्यों से आने वाले लोगों का प्रोटोकाॅल पुनः निर्धारित किया गया है। अन्य राज्यों से प्रदेश में आने वाले प्रवासी श्रमिकों को संस्थागत क्वारन्टीन किया जा रहा है। इस व्यवस्था को और सुदृढ़ किया गया है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम और विभिन्न प्रबन्धों के दृष्टिगत शिमला में वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्य सचिव अनिल खाची और अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान से चर्चा की। बैठक में मुख्यमंत्री को प्रदेश में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए उठाए जा रहे विभिन्न कदमों के बारे में अवगत करवाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना पाॅजिटिव मरीजों के काॅन्टेक्ट ट्रेसिंग का कार्य प्रभावी तरीके से किया जाना चाहिए। लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि कोरोना संक्रमण को नियन्त्रित करने के लिए प्रदेश में प्रभावी कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अन्य राज्यों से आने वाले लोगों के लिए निर्धारित किए गए प्रोटोकाॅल का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने कहा है कि प्रदेश में जयराम सरकार पूरी तरह संवेदनहीन हो गई है। उन्होंने कहा है कि सरकार के जनविरोधी निर्णयों से साफ है कि उसे लोगों की नहीं केवल अपनी तिजोरी की चिन्ता है कि उसे कैसे भरा जाए। उन्होंने कहा है कि निजी बस ऑपरेटरों को टैक्स में राहत देते हुए बस किराया बढ़ोतरी जन हित मे वापिस ली जानी चाहिए। पेट्रोल डीजल पर वेट कम कर आम लोगों को भी इसके बढ़ते मूल्यों से राहत दी जानी चाहिए। राठौर ने प्रदेश में बस किराया बढ़ाने के निर्णय की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इसके विरुद्ध कांग्रेस लोगों के साथ मिलकर आंदोलनरत है। उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश में इस आंदोलन के चलते कोई कानून व्यवस्था विगड़ती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।उन्होंने कहा है कि अगर मुख्यमंत्री लोगों के कोप से बचना चाहते हैं तो इस निर्णय को तुरंत वापिस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा है कि एचआरटीसी को किसी भी घाटे से उभारने के लिए सरकार इसे करोड़ों की ग्रांट जारी करती है इसलिए निजी बस ऑपरेटरों को इसके टैक्सों में राहत दी जानी चाहिए। राठौर ने कहा है कि कोविड 19 के चलते पहले ही लोग इस समय आर्थिक संकट से गुजर रहे है। कोई भी काम धंधा न चलने से बेरोजगारी की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। उनका कहना है कि अच्छा होता अगर सरकार बेरोजगारों के लिए रोजगार की कोई कारगर नीति ले कर आती। राठौर ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया कि वह प्रदेश में कोरोना से निपटने में पूरी तरह विफल साबित हुए है। आज प्रदेश में जिस प्रकार से इसके संक्रमण का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है वह चिन्ता का विषय है। उन्होंने कहा कि खुद मुख्यमंत्री का कार्यलय भी इसके संक्रमण से बाल बाल बचा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोविड 19 के जांच परीक्षण में तेजी लाई जानी चाहिए। उन्होंने संस्थागत क्वारंटाइन और होम क्वारंटाइन को कड़ाई से लागू करने को कहा है जिससे इसके बढ़ते संक्रमण में रोक लग सकें। राठौर ने शिमला नगर निगम द्वारा पेयजल के बिलों में बढ़ोतरी को भी अनावश्यक बताते हुए कहा है कि यह भी लोंगो के साथ बड़ा अन्यान्य होगा। उन्होंने कहा है कि शिमला नगर निगम यहां के लोगों को नई सुविधाएं देने में असफल रहा है, जबकि लोगों पर टैक्स पर टैक्स की मार कर अपनी तिजोरी भरने में ही लगा है।
निजी स्कूलों की मनमानी लूट, भारी फीसों, फीस वृद्धि पर रोक लगाने, टयूशन फीस कुल फीस का पचास प्रतिशत से अधिक न हो व केवल टयूशन फीस वसूली को लेकर छात्र अभिभावक मंच ने उच्चतर शिक्षा निदेशक कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा, मंच की सरस्वती पैराडाइज स्कूल संजौली इकाई के संयोजक विवेक कश्यप, मीनाक्षी, लक्ष्मी, पूनम, लायक राम, आज़ाद कुमार, नीरज कश्यप, सरोज झालटा, महेंद्र, प्रताप नेगी, राजीव मोकटा, भावना, योगेंद्र चन्देल, अनु, रजनी, मंजू, कुलदीप, बलबीर पराशर, बाबू राम, किशोरी ढटवालिया, कपिल शर्मा, बालक राम, हिमी देवी, रामप्रकाश, अमित, रमन, पवन, अनिल, गौरव, ओमप्रकाश आदि शामिल रहे। प्रदर्शन के दौरान ही उच्चतर शिक्षा निदेशक अपने कार्यालय पहुंचे जहां पर अभिभावकों ने शिक्षा निदेशालय के प्रांगण में ही शिक्षा निदेशक को रोक लिया व प्रदर्शन के बीचोंबीच ही ज्ञापन सौंपा। मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा ने निदेशक के समक्ष मांगें रखीं जिसके बाद निदेशक ने प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए निजी स्कूलों की मनमानी, लूट व प्रदेश सरकार के केवल टयूशन फीस लेने के आदेश की अवहेलना के खिलाफ़ व प्ले वे स्कूलों द्वारा गैर कानूनी तरीके से वसूली जा रही सभी तरह की फीस पर रोक लगाने व स्कूल प्रबंधनों पर कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा व सदस्य विवेक कश्यप ने उच्चतर शिक्षा निदेशक से केवल टयूशन फीस वसूली के आदेश को लागू करने की मांग की है व सभी तरह के चार्जेज पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि सभी स्कूल अपनी फीस बुकलेट जारी करें। उन्होंने मांग की है कि सभी स्कूलों की मदवार फीस का ब्यौरा सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने सरस्वती पैराडाइज़ इंटरनेशनल स्कूल संजौली के प्रबंधन की तानाशाही व भारी लूट पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने प्ले वे स्कूलों की फीस को पूरी तरह माफ करने की मांग की है क्योंकि कोरोना के कारण प्ले वे स्कूलों में बच्चे एक भी दिन स्कूल नहीं गए। प्ले वे स्कूलों में कोई पढाई भी नहीं होती है इसलिए टयूशन फीस का कोई तुक नहीं बनता है। उन्होंने प्रदेश सरकार,निदेशक उच्चतर शिक्षा व प्रारम्भिक शिक्षा को चेताया है कि वर्ष 2019 की तर्ज़ पर केवल टयूशन फीस लेने के निर्णय को अगर अक्षरशः लागू न किया गया, टयूशन फीस तिमाही के बजाए हर महीने के आधार पर न वसूली गयी, सभी तरह के चार्जेज को माफ व सम्माहित न किया गया, टयूशन फीस को रेशनेलाइज़ न किया गया व प्ले वे स्कूलों की फीस को पूरी तरह माफ न किया गया तो आंदोलन तेज होगा। विजेंद्र मेहरा व विवेक कश्यप ने कहा है कि निजी स्कूल प्रबंधन ज़्यादा वसूली गई फीस को अगली किश्तों में सम्माहित करने में आनाकानी कर रहे हैं और न ही इस बढ़ी हुई फीस को वापिस लौटा रहे हैं। उन्होंने कहा है कि कैबिनेट के निर्णय के अनुसार वर्ष 2019 की तर्ज़ पर ही निजी स्कूल टयूशन फीस वसूल सकते हैं लेकिन ये स्कूल वर्ष 2019 के बजाए वर्ष 2020 की फीस बढ़ोतरी के साथ यह टयूशन फीस वसूल रहे हैं। इन स्कूलों ने पिछले वर्ष टयूशन फीस, एनुअल चार्ज, एडमिशन फीस, कम्प्यूटर फीस, स्मार्ट क्लास रूम चार्ज, स्पोर्ट्स चार्ज, केयरज़ फंड, मिसलेनियस फंड, बिल्डिंग फंड,डेवेलपमेंट फंड व अन्य सभी प्रकार के फंड व फीस के रूप में विभिन्न मदों में ली गयी फीस को इस वर्ष केवल टयूशन फीस में सम्माहित कर दिया है व पिछले वर्ष की तुलना में टयूशन फीस को चार से पांच गुणा बढ़ाकर अभिभावकों पर कोरोना काल की तिमाही में ही दस से पन्द्रह हज़ार रुपये का अतिरिक्त बोझ लाद दिया है। उन्होंने कहा कि बहुत सारे निजी स्कूलों ने कोरोना काल का फायदा उठाते हुए अन्य चार्जेज को हटाकर 90 से 100 प्रतिशत फीस टयूशन फीस के नाम पर ही फीस बुकलेट में दर्शा दी है। अतः इन की टयूशन फीस को रेशनेलाइज़ किया जाए व उसी आधार पर अभिभावकों से फीस वसूली जाए। टयूशन फीस किसी भी रूप में कुल फीस के पचास प्रतिशत से अधिक नहीं वसूली जानी चाहिए। इसके लिए पूरा मैकेनिज़्म तैयार किया जाना चाहिए।
वीरवार को एचआरटीसी रामपुर के कर्मचारियों ने भारतीय मजदूर संघ का 66वां स्थापना दिवस एचआरटीसी कर्मशाला मे बनाया जिसकी अध्यक्षता हिमाचल परिवहन मजदूर संघ रामपुर इकाई के अध्यक्ष हरीश कुमार ने की। इस मौके पर परिवहन मजदूर संघ के प्रदेश सचिव रविंद्र सिंह तथा वरिष्ठ कार्यकर्ता यार्ड मास्टर राजेंद्र कुमार और मुख्य यांत्रिक स्वर्ण देव जी किशोरी लाल मकैनिक मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस मौके पर भारतीय मजदूर संघ के ध्वज का ध्वजारोहण किया गया तथा कर्मचारियों ने भारत माता की जय के जय नारे लगाए प्रदेश सचिव रविंद्र सिंह व अध्यक्ष हरीश कुमार तथा वरिष्ठ कार्यकर्ता राजेंद्र कुमार व किशोरी लाल ने कर्मचारियों के समक्ष अपने विचार रखें। उक्त पदाअधिकारियों ने कहा मजदूर संघ की स्थापना 23 जुलाई 1955 को दतोपंत ठेंगड़ी ने की थी तथा उन्होंने संघ का पहला सदस्य भगवान को माना था और शोषित पीड़ित तथा वंचित मजदूरों के साथ खड़े होने का प्रण लिया था। संघ के पदाधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि संघ के कार्यकर्ता आज दतोपतं ठेगड़ी के विचारधारा के ऊपर चलते हैं जिस कारण भारतीय मजदूर संघ आज पूरे विश्व का सबसे बड़ा श्रमिक संगठन है। इस मौके पर सभी कर्मचारियों ने एक दूसरे को बधाई दी।
शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज की अध्यक्षता में लोक निर्माण विभाग के साथ राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के अन्तर्गत विभिन्न प्रकार के कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान रूसा के अन्तर्गत विभिन्न महाविद्यालयों में किए जा रहे 20 निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। सुरेश भारद्वाज ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को अधिकतर कार्यों को दिसम्बर, 2020 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में शिक्षा विभाग में रूसा के अन्तर्गत लगभग 40 करोड़ रुपये के कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने न्यू माॅडल काॅलेज सराहन के भवन कार्य को 31 अक्तूबर, 2020 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए, जिसपर 12 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। बैठक के दौरान राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष डाॅ. सुनील कुमार गुप्ता, सचिव शिक्षा राजीव शर्मा, निदेशक उच्च शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक रूसा डाॅ. अमरजीत शर्मा, प्रमुख अभियन्ता लोक निर्माण विभाग भुवन शर्मा एवं राज्य परियोजना अधिकारी डाॅ. बलवीर पटियाल भी उपस्थित थे।
सरकार ने गुरूवार को कंज्यूमर प्रोटेक् शन 2019 को पूरे देश में लागू करने का नोटिफिकेशन जारी किया। इस निर्णय का प्रदेश सह संगठन मंत्री हिमाचल प्रदेश रमन प्रिमटा ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि नया कानून कंज्यूमर एक्ट १९८६ का स्थान लेगा। नए कानून में ग्राहकों को पहली बार नए अधिकार मिलेंगें। अब इस कानून के लागू हो जाने के बाद उपभोक्ता से संबंधित की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई शुरू हो जाएगी। खासकर अब ऑनलाईन कारोबार मेें उपभोक्ताओं के हितों की अनदेखी कंपनियों पर भारी पड़ सकती है। प्रिमटा ने कहा कि नए कानून में उपभोक्ताओं को भ्रामक विज्ञापन जारी करने पर कार्रवाई की जाएगी। नए उपभोक्ता कानून आने के बाद उपभोक्ता विवादों को समय पर, प्रभावी व त्वरित गति से निपटारा किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त उपभोक्ता अदालतों के साथ साथ एक केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण बनाया गया है। इस प्राधिकरण का गठन उपभोक्ता के हितों की रक्षा कठोरता से हो इसके लिए की गई है, उपभोक्ता किसी भी सामान को खरीदने से पहले भी उस सामान की गुणवत्ता की शिकायत सीसीपीए में कर सकती है।
उपायुक्त शिमला अमित कश्यप ने वीरवार को दिशा-निर्देश जारी करते हुए जानकारी दी कि अनलाॅक की स्थिति में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सभी आवश्यक दिशा निर्देशों का गम्भीरता से पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि जिला में यदि काई भी व्यक्ति बिना मास्क के घर से बाहर निकलते अथवा मास्क सही रूप में नहीं पहने हुए पाया गया तो उस व्यक्ति के खिलाफ कार्यवाही करते हुए एक हजार रुपए जुर्माने के रूप में वसूल कर दण्डित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय जनता को कोरोना संक्रमण से बचाव तथा मास्क पहनने की अनिवार्यता एवं अन्य मानकों की अनुपालना को व्यवहारिक रूप में उपयोगी बनाने के लिए लिया गया है। उन्होंने कहा कि मास्क पहनते हुए मुह व नाक को ढकना अनिवार्य होगा इसके अतिरिक्त निरन्तर हाथों को साबुन से धोना तथा भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचाव के मानकों को आवश्यक तौर पर अपनाया जाना चाहिए। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किए जाते है।
हिमाचल प्रदेश में भारी विरोध के बीच आखिरकार किराए में वृद्धि की अधिसूचना जारी कर दी गई है। अब प्रदेश की बसों में सफर 25 फीसदी महंगा हो जाएगा। इस संबंध में प्रधान सचिव परिवहन केके पंत ने अधिसूचना जारी कर दी है। इस अधिसूचना में राज्य परिवहन प्राधिकरण और क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरणों को इसकी कड़ाई से पालना करने के निर्देश दिए गए हैं। फैसले को तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा गया है। ये फैसला 20 जुलाई कैबिनेट की बैठकमें लिया गया था। कैबिनेट ने प्रदेश में बस किराये में 25 फीसदी बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इसके बाद अब तीन किलोमीटर यात्रा करने के लिए अब 5 रुपए की जगह 7 रुपए किराया लगेगा। यानि न्यूनतम किराया अब पांच की जगह सात रुपये होगा। वहीं, पहाड़ी और मैदानी इलाकों में तीन किलोमीटर के बाद 25 फीसदी किराये में वृद्धि होगी। गौर हो कि निजी बस ऑपरेटर कोरोना काल में महंगाई का हवाला देकर किराया बढ़ाने के लिए सरकार पर दबाव बना रहे थे। इसके बाद कैबिनेट में किराया बढ़ाने का फैसला लिया। किराए में वृद्धि के फैसले के बाद कांग्रेस सहित विपक्षी दलों और कई संगठनों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने शुरू कर दिए हैं। इस फैसले का भारी विरोध किया जा रहा है। कांग्रेस ने मंगलवार को शिमला में चक्का जाम भी किया था। वहीं, आज ऊना में भी प्रदर्शन किया है। कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि एक तरफ तो कोरोना की वजह से लोग परेशान हैं उपर से किराए में बढ़ोतरी की वजह से आम जनता पर भारी बोझ पड़ेंगा। इसलिए किराया बढ़ोतरी का फैसला वापस लिया जाए। वहीं, भारी विरोध के बीच किराया बढ़ोतरी की अधिसूचना जारी कर दी है। अब यह देखना बाकी है कि विपक्ष का क्या रुख रहता है, वहीं क्या एचआरटीसी और निजी बस ऑपरेटर इस बढ़े किराये से आर्थिकी तंगी से निकल पाते हैं या नहीं। दो साल में करीब 50 फीसदी बढ़ा किराया बीजेपी सरकार के कार्यकल में दो बार किराया बढ़ोतरी हो चुकी है। इससे पहले सरकार ने सितंबर 2018 में किराये में बढ़ोतरी की थी। किराये में 20 से 25 फीसद तक बढ़ोत्तरी का इजाफा किया गया था। सरकार का तर्क है कि काफी लंबे अरसे से किराया नहीं बढ़ाया गया है। साथ ही पड़ोसी राज्यों ने हिमाचल से कहीं अधिक किराया बढ़ोतरी की है। इसलिए हिमाचल सरकार को भारी मन से किराया बढ़ाना पड़ा है। दो साल के अंदर हिमाचल में बस किराये में करीब 50 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। प्रति किलोमीटर यह रहेगा किराया मिनी बसों सहित अन्य बसों में अब साधारण बस किराया मैदानी क्षेत्रों में एक रुपये 40 पैसे प्रतिकिलोमीटर के हिसाब के वसूल किया जाएगा। पहाड़ी क्षेत्रों में 2 रुपये 19 पैसे प्रति किलोमीटर होगा। डीलक्स बसों के लिए मैदानी क्षेत्रों में 1 रुपये 71 पैसे प्रतिकिलोमीटर और पहाड़ी क्षेत्रों में 2 रुपये 71 पैसे होगा। एसी, वॉल्वो बसों का किराया मैदानी क्षेत्र में 3 रुपये 42 पैसे प्रतिकिलोमीटर और पहाड़ी क्षेत्रों में 4 रुपये 52 पैसे प्रति किलोमीटर के हिसाब से वसूल किया जाएगा।
राष्ट्रीय गोकुल ग्राम के अन्तर्गत ऊना जिला के थानाकलां में हिमाचल प्रदेश का पहला कोगुल ग्राम स्थापित किया जाएगा। यह गोकुल ग्राम 15-01-70 हेक्टेयर भूमि पर स्थापित किया जाएगा जो वर्तमान में गौ सेवा आयोग के स्वामित्व में है। यहां गैर- उत्पादक पशुओं के लिए पशु अभ्यारण्य भी स्थापित किया जाएगा। पशुपालन मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने यह जानकारी देते हुए कहा कि भारत सरकार ने इस परियोजना के अन्तर्गत 995.1 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं, जिसमें से 778.64 लाख रुपये जारी हो चुके हैं। इस परियोजना का कार्यन्वयन हिमाचल प्रदेश पशुधन और कुकुट विकास बोर्ड (एचपीएलपीडीबी) द्वारा किया जाएगा। गोकुल ग्राम की स्थापना एचपलएलपीडीबी द्वारा राज्य पशुपालन विभाग के सहयोग से की जाएगी। वीरेन्द्र कंवर ने कहा कि गोकुल ग्राम में रैड सिंधी, साहीवाल, थारपारकर, गिर जैसी विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश की देशी नस्ल की 500 गाय रखने की क्षमता होगी। देसी नस्ल के पशुओं की खरीद का अनुपात प्रजनन और उपलब्धता के आधार पर तय किया जाएगा। क्राॅसब्रीडिंग से प्रजनन न करवाकर संबंधित प्रजाति के उन्नत किस्म के वीर्य से प्रजनन करवाया जाएगा ताकि प्रजाति में शुद्धता बनी रहे। गोकुल ग्राम में क्वारंटीन शैड्स भी उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि दवाई निर्माताओं को आसवन किया गौमूत्र बेचा जाएगा। गुरू ग्राम में गाय के गोबर से बने अभिनव उत्पाद जैसे हाथ से बने कागज, मच्छर भगाने की दवाई, गर्मी प्रतिरोधी छत की टाइलें, सूखा और तेल बाध्य डिस्टेंपर, गमले इत्यादि के निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा। गौमूत्र को जैव कीटनाशक और जैव उर्वरकों में परिवर्तित किया जाएगा और गोकुल ग्राम में भी इस का उपायोग किया जाएगा। घरेलू बाजारों में भी इसकी बिक्री की जाएगी। वीरेंद्र कवंर ने कहा कि भूमि की उर्वरता के सुधार के लिए जैविक-खाद बनाई जाएगी। गोकुल ग्राम के उपयोग के लिए बायोगैस से बिजली उत्पादन के लिए बायोगैस संयंत्र स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एचपीएल और पीडीबी से उच्च अनुवांशिक किस्म के पशु खरीदे जाएंगे। राष्ट्रीय गोकुल ग्राम के अन्तर्गत देश में देसी नस्ल के पशुओं के विकास, संरक्षण और प्रसार के उद्देश्य से गोकुल ग्राम की स्थापना की जा रही है। पशुपालन मंत्री ने कहा कि गोकुल ग्राम को वैज्ञानिक संसाधन प्रबंधन, व्यावसायिक फार्म और विभिन्न आर्थिक गतिविधियों से आत्मनिर्भर इकाई बनाया जाएगा।
भाजपा मंडल रोहड़ू ने मंडलाध्यक्ष बलदेव रांटा की अध्यक्षता में पार्टी कार्यालय में मंडल के सभी पदाधिकारियों के साथ मिलकर नव नियुक्त प्रदेशाध्यक्ष शिमला संसदीय क्षेत्र से सांसद सुरेश कश्यप की ताजपोशी पर प्रसन्नता जताई। इस मौके पर सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे का मुंह मीठा कर बधाई दी। राज्य सहकारी ग्रामीण व कृषि विकास बैंक की अध्यक्षा शशि बाला व मंडल अध्यक्ष बलदेव रांटा ने सुरेश कश्यप को बधाई देते हुए उन्हे प्रदेशाध्यक्ष के नए दायित्व के लिए पार्टी के राष्ट्रीय शीर्ष नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर का आभार प्रकट किया। मडलाध्यक्ष बलदेव रांटा ने बताया कि सुरेश कश्यप प्रदेश भाजपा के पहले अध्यक्ष हैं जो अनुसूचित जाति से तालुक रखते भारतीय वायु सेना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनकी ताजपोशी से प्रदेश में संगठन व पार्टी को और मजबूती मिलेगी जिससे पार्टी के जनाधार में वृद्धि होगी ।
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने कोरोना आपदा के चलते बदली वैश्विक परिस्थितियों में मोदी सरकार बनाई गई नीतियों, विकल्पों के समन्वय, अवसरों की अधिकता व भारतीय बाज़ार के खुलेपन के कारण भारत को निवेश के लिए सर्वोत्तम स्थान बताते हुए इससे भारत व वैश्विक समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होने की बात कही है। अनुराग ठाकुर ने कहा "भारत अवसरों का देश है व भारत के अंदर आपदा को अवसर में बदलने की अनूठी क्षमता है।कोरोना संकट के इस दौर में जब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था अनिश्चितता व उतार चढ़ाव के दौर से गुजर रही है ऐसे में मोदी सरकार की प्रभावी आर्थिक नीतियों ,विकल्पों के समन्वय,अवसरों की अधिकता व हमारे बाज़ारों के खुलेपन के कारण भारत निवेश के लिए सर्वोत्तम जगह है।आज पूरी दुनिया भारत की तरफ़ आशाभरी निगाहों से देख रही है। पिछले छह सालों में हमने अपनी अर्थव्यवस्था को और खोलने व इसमें निरंतर सुधार करने की दिशा में कई प्रयास किए हैं।सुधारों से प्रतिस्पर्धा, पारदर्शिता, डिजिटाइशन और इनोवेशन को बल देने के साथ साथ हमने नीतियों में स्थिरता व इसे सुचारु रूप से लागू करने का काम किया है।हमने अपने आत्मनिर्भर भारत अभियान के जरिए दुनिया के सामने प्रतिकूल परिस्थितियों से निपटने, अर्थव्यवस्था को बल देने व आर्थिक समृद्धि को हासिल करने का एक विजन दिया है।” अनुराग ठाकुर ने कहा "मोदी सरकार की इंवेस्टमेंट पॉलिसी से भारत इंवेस्टर हेवन बन रहा है। आज कई देशों की बड़ी एमएनसी भारत में निवेश के लिए आगे आ रही हैं। हमने बेहतर इंफ़्रास्ट्रक्चर बना कर व इंस्पेक्टरराज और लालफ़ीताशाही के ख़िलाफ़ कड़ी नीतियाँ बना कर उद्योग जगत की चिंताओं को दूर करने का काम किया है। हमने कॉरपोरेट टैक्स में कटौती करके इंड्रस्टीस के लिए नई सम्भावनाओं के द्वार खोले हैं। हर साल भारत में एफडीआई रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच रही है। 2019-20 में भारत में एफडीआई प्रवाह 74 अरब डॉलर था, जो पिछले साल की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक है। कोरोना महामारी के दौरान भी भारत ने इस साल अप्रैल और जुलाई के बीच 20 अरब डॉलर से ज्यादा का विदेशी निवेश हासिल किया है। कोरोना संकट काल में भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। मोदी सरकार की नीतियों के कारण भारत का विदेशी का मुद्रा भंडार पहली बार रिकॉर्ड 516.362 अरब डॉलर पहुंच गया है। भारत विश्व के उन पाँच शीर्ष देशों में से एक है जिनका विदेशी मुद्रा भंडार 500 अरब डॉलर के पार है।"
शिमला टिक्कर वाया शारोंथा बस सेवा ठप पड़ी है, जिसके चलते शीलघाट कलगांव, गंगानगर, मेल्टी, करछारी शरोंथा की समस्त जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वही बस सेवा नही होने से कर्मचारियों को पैदल आना जाना पड़ता है जो यहां की समस्त जनता के लिए अत्यंत दुखद है। यहां की समस्त जनता हताश और निराश है। शिमला टिककर वाया कोटखाई थरोला टाऊ देवरीघाट आने वाली बस सेवा भी ठप पड़ी है। पूर्व मुख्य संसदीय सचिव एवं पूर्व विधायक जुब्बल नावर कोटखाई रोहित ठाकुर जी के कार्यकाल में यह बस सेवा शुरू की गई थी। जिससे यहां की समस्त जनता को सुकून मिला था, परन्तु अब इसका जवाब देने वाला कोई नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार आंखें बंद करके बैठी है जनता त्रस्त है कि कैसे सफर किया जाए। लोगों का कहना है कि टाऊ कैंची से टाऊ गांव तक सड़क को पक्का किया गया और टाऊ कैंची से खड़ा पत्थर तक भी सड़क को पक्का किया गया है और देवरीघाट को जाने वाली मुख्य सड़क मार्ग को नजरअंदाज किया गया। जो कि शर्म की बात है जिससे समस्त देवरी घाट की जनता और सभी नवार वासी अत्यंत दुखी हैं हताश है निराश है कि ऐसा व्यवहार देवरी घाट टिक्कर की समस्त जनता के साथ क्यों किया गया। इस समस्या को लकेर मुनीलाल नर्सेठ सदस्य पंचायत समिति रोहरु ओम प्रकाश रांटा , ज्वाला प्रसाद, राजिंदर रांटा, गिरधारी लाल जनारथा, कृष्ण लाल, कमल प्रकाश चौहान, राजिंदर जनारथा, रविन्द्र तेगटा, भूपेश पानेट, कमल रांटा, आर डी देशटा , यशपाल रांटा, बलदेव पापटा, रविन्द्र चौहान, भूपिंदर पापटा, अनिल गोंडका, राजेश रांटा, बिनु जमालटा, भूपिंदर चौहान, ऋतु नरेट, अंकित जनारथा, सुशील मोहन रानटा, सचिन चौहान,अरुण देष्टा, ऋषभ देष्टा, विपिन देष्टा, दीपक भापटा, पुरषोत्तम दास टंडन, रोशन लाल खिमता, बेली राम सरमेट, सरण दास कौशल, राम चंद, धर्मेन्द्र नर्सेथ, मोहन लाल सरमेट का सरकार से कहना है कि बस के रूट बंद हुए पड़े है इन्हे शीघ्र अति शीघ्र शुरू किया जाए ताकि जनता को परेशानी का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वीरवार को शिमला से सोलन जिला के दून विधानसभा क्षेत्र में वीडियो काॅंफ्रेंस के माध्यम से 208 करोड़ रुपये लागत की विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास किए। मुख्यमंत्री ने 2.23 करोड़ रुपये की लागत से दसोमाजरा के लिए सम्पर्क मार्ग पर सिरसा नदी के ऊपर गरडर पुल तथा 76 लाख रुपये की लागत से बग्गुवाला अप्रोच सड़क पर पुल का लोकार्पण किया। जय राम ठाकुर ने 1.47 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बनबीरपुर खड्ड पर स्पैन आर.सी.सी. पुल, 9.71 करोड़ रुपये की लागत से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनलगी-चण्डी-भट्ट-की-हट्टी सड़क का स्तरोन्यन, 2.32 करोड़ रुपये की लागत से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत शारडीघाट-धायला सड़क का स्तरोन्यन, 4.39 करोड़ रुपये की लागत से गम्भर खड्ड से चण्डी क्षेत्र में आंशिक रूप से कवर की गई बस्ती के लिए उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना, 15.78 करोड़ रुपये की लागत से दून क्षेत्र में 20 ट्यूबवैल के निर्माण और 171.12 करोड़ रुपये की लागत से हिमाचल प्रदेश राज्य सड़क परियोजना के तहत विश्व बैंक पोषित भाग-1 के तहत बद्दी-सांई-रामशहर सड़क के स्तरोन्यन का शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गत अढ़ाई वर्षों में दून विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों पर 200 करोड़ रुपये से अधिक व्यय किए गए हैं। लोक निर्माण विभाग द्वारा 92.24 करोड़ रुपये व्यय कर विभिन्न योजनाओं का कार्य तथा जल शक्ति विभाग द्वारा योजनाओं के निर्माण एवं कार्यान्वयन पर लगभग 61 करोड़ रुपये के कार्य किए जा रहे हंै। उन्होंने कहा कि बद्दी शहर के लिए 33.34 करोड़ रुपये की मल निकासी योजना का कार्य शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा। गत अढ़ाई वर्षों के दौरान बद्दी-बरोटीवाला विकास प्राधिकरण द्वारा विभिन्न विकास कार्यों पर 58 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। वर्तमान में बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ में लगभग 2000 औद्योगिक इकाइयां कार्यरत हैं। इनमें 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश हुआ है और 72 हजार से अधिक व्यक्तियों को रोजगार प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में गत दो वर्षों में पात्र व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान करने पर लगभग 13 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। वित्त वर्ष 2020-21 में 6008 पात्र सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारकों को तीन माह की अग्रिम पेंशन के रूप में 2.20 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं।
मंडी से भाजपा नेता कोरोना पॉजिटिव निकलने के बाद से राजधानी शिमला की मुसीबतें बढ़ी हुई हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ वीरवार को आईजीएमसी के प्रिंसिपल रजनीश पठानिया व चार सर्जन सेल्फ क्वारंटाइन हो गए हैं। इनमें आईजीएमसी के प्रिसिंपल, मंडी से कोरोना पॉजिटिव पाए गए बीजेपी नेता के संपर्क में आए थे और चार सर्जन प्रिंसीपल के संपर्क में आए थे। इसलिए ये सभी एहतियात के तौर पर क्वारंटाइन हुए हैं। इन सभी के कोरोना सैंपल लिए जा रहे हैं। ग़ौरतलब है कि मंडी से कोरोना पॉजिटिव पाए गए बीजेपी नेता सीएम जयराम ठाकुर व आईजीएमसी के प्रिंसिपल रजनीश पठानिया से मिले थे। सीएम जयराम ठाकुर और उनके परिजनों के बीते कल ही कोरोना सैंपल लिए गए थे और रात में सभी की रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई है।
हिमाचल प्रदेश सचिवालय में मुख्यमंत्री के उप -सचिव के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद सचिवालय प्रशासन सख्त हो गया है। अब सचिवालय में किसी भी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी जब तक कि वह परमिट लेकर नहीं आ जाता। इस दौरान सचिवालय अधिकारियों या कर्मचारियों द्वारा फोन कर बुलाए जाने पर भी किसी को आने की अनुमति नहीं होगी। आदेश में गेट इंचार्ज को स्पष्ट निर्देश हैं कि नियमों का पालन करें और बना परमिट किसी को प्रवेश न करने दें अन्यथा उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
काेराेना संकट ने वन विभाग में हाेने वाली 153 फाेरेस्ट गार्ड की भर्ती राेक दी है। हालांकि वन विभाग ने इस महीने प्रक्रिया शुरु करने के लिए पूरा शेडयूल बना दिया है, लेकिन काेराेना संक्रमण के खतरे काे देखते हुए अब यह प्रक्रिया रुक गई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक नवंबर 2019 में भर्ती प्रक्रिया शुरु हुई थी, लेकिन उस वक्त प्रदेश में क्लास थ्री और क्लास फाेर्थ की नियुक्ति के लिए रूल में संशाेधन किया और फाेरेस्ट गार्ड भर्ती भी रद्द कर दी गई है। फाेरेस्ट गार्ड के 153 पदेां के लिए 12 हजार युवाओं ने आवेदन किया था। वन विभाग ने नए रूल भी तैयार कर दिए हैं। बताया गया है के जिन उम्मीदवाराें ने पहले ही आवेदन किए हैं उन्हें नए सिरे से आवेदन करना हाेगा। मगर इसके लिए भी अब काेराेना खत्म हाेने का इंतजार करना पड़ेगा। हालांकि पिछले साल नवंबर माह में भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन प्रदेश सरकार ने गैर हिमाचलियों के लिए ऐएंडपी रूल में संशाेधन किया । इसके मद्देनजर नए रूल के मुताबिक भर्ती प्रक्रिया शुरू हाेनी है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक फाेरेस्ट गार्ड के 163 पदाें काे भरने के लिए वन विभाग ने मार्च महीने में पूरा शेडयूल तैयार कर दिया था। पूरे देश में काेराेना संक्रमण के बीच लाॅकडाउन शुरु हुआ। जिस कारण भर्ती प्रक्रिया लटक गई है। ऐसा है गैर हिमाचलियों के लिए नया रूल गैर हिमाचलियों के लिए प्रदेश सरकार ने चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्ति के लिए हिमाचल प्रदेश में स्थित स्कूलों से माध्यमिक या दसवीं और तृतीय श्रेणी के पदों पर नियुक्ति के लिए हिमाचल प्रदेश में स्थित स्कूलों से दसवीं तथा जमा दो पास किया होना अनिवार्य किया है। वन विभाग ने भी नए रूल के मुताबिक पूरा शेडयूल तैयार कर दिया। पिछली बार 163 पदाें के लिए 12 हजार से अधिक बेराेजगार आवेदन कर चुके थे।जिसमे गैरहिमाचली भी शामिल थे। फाेरेस्ट गार्ड के 163 पदाें काे भरने के लिए रुल तैयार कर दिया है, इस बार काेराेना संकट के चलते भर्ती प्रक्रिया रुक गई है। ऐसे में हालात सामान्य हाेने तक इंतजार करना पड़ेगा। -डा. अजय कुमार, पीसीसीएफ।
सीएम ऑफ़िस में एक उप सचिव स्तर के अधिकारी के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद मची हलचल के कुछ ही घंटों के भीतर सीएम जयराम ठाकुर काम पर लौट आए हैं। बुधवार को इस पूरे प्रकरण के बाद सीएम जयराम ठाकुर ने स्वयं को सेल्फ क्वारंटाइन करने की बात कही थी। वह सचिवालय से करीब चार बजे तक अपने सरकारी आवास ओकओवर लौट गए थे। उसके बाद रात में उनकी व परिजनों की कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद वह वीरवार सुबह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दून विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न विकासात्मक कार्यों का शुभारंभ एवं शिलान्यास करते नजर आए। याद रहे कि बुधवार को मंडी में पॉजिटिव पाया गया। बीजेपी का युवा नेता शिमला में सीएम जयराम ठाकुर से मिलने के साथ-साथ उनके दफ्तर व आवास में भी गया था। मंडी में बुधवार को कोरोना के तीन मामले सामने आए थे, इसमें एक बीजेपी का प्रवक्ता है, जो मंडी शहर में पैलेस कॉलोनी का निवासी है। दूसरा पार्टी का पदाधिकारी है, जो विश्वकर्मा मंगवाई का निवासी है। तीसरा कोरोना संक्रमित सरकाघाट भांबला के गुड मझवाड़ी गांव का रहने वाला है, जो 12 जुलाई को दिल्ली से अपने घर लौटा है। यह संक्रमित गृह मंत्रालय दिल्ली में बतौर चालक कार्यरत है तथा घर पर होम क्वारंटाइन चल रहा है। मामला सीएम दफ्तर तक पहुंचने के बाद प्रशासन सभी की कॉन्टैक्ट हिस्ट्री खंगाल रहा है।


















































