बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री राहुल राणा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि विद्यार्थी परिषद काफी लंबे समय हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की स्वायत्ता को बहाल करने की माँग उठा रही है। ज्ञात रहे कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की स्वायत्ता पर विश्वविद्यालय के अधिनियम 1970 के अनुच्छेद 21 व 28 में वर्ष 2015 में कांग्रेस सरकार द्वारा संशोधन किया गया था। उक्त अधिनियम में संशोधन कर के प्रदेश विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी परिषद जो कि विश्वविद्यालय की सर्वोच्च कार्यकारी एवं निर्णायक संस्था है, एवं कुलपति की शक्तियों को कम करने का प्रयास किया गया है। इसके परिणामस्वरूप विश्वविद्यालय प्रशासन समय पर अपनी आवश्यकता अनुसार निर्णय नहीं ले पाता है। इस संशोधन की वजह से विश्वविद्यालय के कई विकासशील कार्यों में बाधा उत्पन हो रही है। अनुच्छेद 28(1) के अंतर्गत विश्वविद्यालय में शिक्षकों एवं गैर शिक्षकों की विभिन्न श्रेणियों के पदों का सृजन व पदों की भर्तियां, पदोन्नति नियमों का निर्माण एवं संशोधन इत्यादि सर्वप्रथम प्रदेश सरकार की वित्त समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाना अपेक्षित है। उसके पश्चात वह प्रस्ताव कार्यकारिणी परिषद में विचारार्थ/ अनुमोदनार्थ हेतु प्रस्तुत किया जाता है जिस वजह से विश्वविद्यालय में विकासशील कार्य करने में बहुत समय लगता है। इस माँग को लेकर विद्यार्थी परिषद ने शिक्षा मंत्री को भी ज्ञापन सौंपा था। आज हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य पर आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री ने उक्त संशोधन को विधानसभा सत्र में वापिस लेने की बात कही। अखिल भरतीय विद्यार्थी परिषद शिक्षा मंत्री के इस निर्णय का स्वागत करती है।
अंक ज्योतिष की गणना के अनुसार भारतीय जनता पार्टी का नया अध्यक्ष भी छाया ग्रह राहु की चपेट में आ सकता है। शिमला संसदीय क्षेत्र से सांसद सुरेश कश्यप को भारतीय जनता पार्टी ने हिमाचल प्रदेश का अध्यक्ष नियुक्त किया है। उनके ऊपर बहुत सारी उम्मीदें और आशाएं पार्टी ने लगाई हैं। उन पर प्रदेश में पार्टी को दोबारा सत्ता में लाने का दबाव भी रहेगा। इसके साथ-साथ पार्टी संगठन और सरकार के बीच तालमेल का सामजस्य बिठाना सबसे बड़ी चुनौती रहेगी। वशिष्ट ज्योतिष सदन के अध्यक्ष पंडित शशिपाल डोगरा की माने तो भाजपा एक बार फिर से चार अंक के स्वामी राहु में उलझ गई है। भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने 22 जुलाई यानि 4 अंक राहु पर प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा की है जोकि शुभ नहीं। अंक ज्योतिष के अनुसरा राहु षडयंत्र का कारक। ऐसा लगता है फिर से भाजपा राहु का प्रभाव में आ गई है। डॉ. राजीव बिंदल को पार्टी प्रदेशाध्यक्ष पद से इस्तीफा दिए अभी 57 दिन पूरे हुए व 58वें दिन शुरु होने पर पार्टी को 14वां अध्यक्ष मिला है। अंक ज्योतिष के अनुसार 5+8=13=4 अंक फिर से राहु जिसने अचानक ही फेर बदल कर डाला। पंडित डोगरा के अनुसार पार्टी का 14वां अध्यक्ष 1+4=5 अंक, बुध का अंक जो एक नपुंसक अंक है। जिसका अपना कोई अपना असर नहीं। जिसके साथ जाएगा वैसे ही फल देगा। परंतु भाजपा का 14वां अध्यक्ष, 1 व 4 अंक है। एक सूर्य का कारक व 4 राहु का। फिर से ग्रहण योग बना रहा है। भारतीय जनता पार्टी के नये अध्यक्ष के लिए संगठन और सरकार में तालमेल बिठाने की राह आसन नहीं है। वर्ष 2020 पहले ही राहु से ग्रसित है। इसमें कोरोना संक्रमण, ग्रहण, प्राकृतिक आपदाएं और अनगिनत व्याधियां आ रही हैं। सटीक भविष्यवाणी के लिए जाने जाते पंडित डोगरा वशिष्ट ज्योतिष सदन के अध्यक्ष पंडित शशिपाल डोगरा ने 23 मई को घोषणा की थी कि 27 के बाद प्रदेश में राजनीतिक उथल-पुथल संभव है। ज्ञात रहे कि 27 मई को ही पार्टी के निवर्तमान प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने इस्तीफा दे दिया था। जिससे प्रदेश में राजनीतिक उथल-पुथल पैदा हो गई। पंडित शशिपाल डोगरा सटीक भविष्यवाणी के लिए जाने जाते हैं। उनकी इस घोषणा के बाद प्रदेश भारतीय जनता पार्टी में राजनीतिक तूफान आ गया था। कांगड़ा में उठा पार्टी का वाकयुद्ध भी इसी भविष्यवाणी के साथ जोडक़र देखा जा रहा है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल रनोल का भवन बीते छह सालों से अधर में लटका हुआ है। ठेकेदार की मनमर्जी व लोकनिवि की अनदेखी के कारण छह साल बीतने के बाद भी स्कूल भवन निर्माण का कार्य धरताल से उपर नहीं आया है। स्थानीय ग्रामीण लोनिवि कार्यालय के कई बार चक्कर काट चुके हैं लेकिन उन्हें हर बार ही आश्वासन प्राप्त हुए हैं। ऐसे में अब ग्रामिणों ने आंदोलन करने की चेतावनी दी है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल रनोल के भवन का टेंडर हुए छह वर्ष बीत चुके हैं। भवन का निर्माण करीब डेढ करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है लेकिन आज तक भवन का निर्माण कार्य धरातल से उपर नहीं आया है। स्कूल भवन के अभाव में कक्षाएं एक निजि मकान के कमरों में चल रही है जहां सभी कक्षाओं को एक साथ चला पाने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं है। स्कूल में खेलकूद मैदान व उचित शौचालय की व्यवस्था भी नहीं है। जिस कारण छात्रों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण कई बार ठेकेदार व लोनिवि के अधिकारियों से मिलकर स्कूल भवन का शीघ्र निर्माण करने की मांग उठा चुके हैं। लेकिन ग्रामीण ठेकेदार की मनमर्जी व लोनिवि की अनदेखी के आगे ग्रामीण बेबस हो गए हैं। रनोल पंचायत के उपप्रधान दिवान सिंह, राजेंद्र सिंह, दिवान चंद, प्रभु लाल, गुमान सिंह, मियां राम, बालक राम, विरेंद्र सिंह, तिलक राज, कुलदीप, छोटु लाल, दीप लाल, महेश्वर सिंह, राजेश कुमार, सुनील कुमार ने बताया कि रनोल स्कूल का पुराना भवन जर्जर स्थिति मेे था। जिसे असुरक्षित घोषित कर गिरा दिया गया था। उसके बाद नए स्कूल भवन के लिए डेढ करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हुई। स्कूल भन के टेंडर छह वर्ष पूर्व लगा दिए गए हैं। लेकिन ठेकेदार ने छह वर्षों से अभी तक भवन निर्माण का कोई भी कार्य नहीं किया है। ग्रामीण धन राशि स्वीकृत होने के बाद भी ग्रामीणों को स्कूल भवन निर्माण करवाने के लिए दर दर भटकना पड़ रहा है। ग्रामीण पुरी तरह से बेबस हो गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर स्कूल भवन निर्माण शीघ्र नहीं किया गया तो ग्रामीण आंदोलन करेंगे। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता पवन गर्ग ने बताया कि ठेकेदार को एक सप्ताह के भीतर कार्य शुरू करने के लिए कहा गया है। शीघ्र ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
एनएसयूआई सीमा इकाई ने महाविधालय परिसर में छात्रों के लिए आनलाईन प्रवेश के लिए मार्गदशर्क पलट लगाया हैं। इस दौरान इकाई की ओर से 35 छात्रों को निशुल्क आनलाईन प्रवेश दिलाया। परिसर अध्यक्ष रंजीत मुखीया ने बताया कि एनएसयूआई छात्र हितों को लेकर सदैव कार्य करते रहेगी। इस अवसर पर उपाध्यक्ष नीतिन खुराना,अमन संघ्राह,महासचिव मंजीत सेवग,सचिव अमित बंगियाण उपसिथत रहें।
भाजपा मंजल रोहड़ू की आईटी विभाग की मंडल कार्यकारिणी का गठन आईटी विभाग रोहडू के संयोजक अनिल चौहान की ओर से मंडल अध्यक्ष बलदेव रांटा, कृर्षि एवं ग्रामिण विकास बैंक की प्रदेश अध्यक्ष शशीबाला, जिला अध्यक्ष अजय श्याम, आई टी विभाग के प्रदेश संयोजक चेतन बरागटा व सह संयोजक रामकृष्ण मदराडी से विचार विमर्श के बाद किया गया जिसमें प्रभात फिष्टा धारा, अजीत कायथ क्याणी, रंजीता चौहान बन्छूणा, डिंपल राज चिडोटी, विध्या बरवाल टिक्कर, मनोज मेहता रोहल, दिनेश अमटा देवीधार, रविंदर चौहान अस्ताणी, जितेंदर शिटू बागी, अशोक कुमार ख्याल्टू व अरूण शुप्टा अस्ताणी को मंडल कार्यकारिणी में शामिल किया गया हैं। रोहडू मंडल के संयोजक अनिल चौहान ने बताया कि सभी पदाधिकारियों की नियुकित तुरंत प्रभाव से मान्य है।
मुख्यमंत्री कार्यालय में उप सचिव का कोविड टेस्ट पॉजिटिव। सीएम की पत्रकार वार्ता कैंसिल। सीएम कार्यालय के सभी कर्मचारियों अधिकारियों के अब लिए जाएंगे कोविड टेस्ट। फिलहाल सीएम अब बनाएँगे सभी से दूरी। दफ्तर से अपने निवास लौटे सीएम। सीएम का आज शाम तक लिया जा सकता है कोरोना टेस्ट। मंडी ज़िला से आये एक भाजपा नेता में पाए गया था कोरोना संक्रमण। मंडी से आए नेता से संक्रमण का अंदेशा। सीएम के सभी कार्यकम स्थगित। कोरोना वायरस ने मुख्यमंत्री कार्यालय में दस्तक दे दी है। मुख्यमंत्री कार्यालय में उपसचिव स्तर के एक अधिकारी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। उनके प्राथमिक संपर्कों की पहचान की जा रही है। उप सचिव के कोरोना पॉजिटिव आते ही मुख्यमंत्री कार्यालय में हड़कंप मच गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय के सभी लोगों का कोरोना टेस्ट किया जाएगा। सीएम जयराम ठाकुर ने आज प्रेस ब्रीफिंग करनी था लेकिन पॉजिटिव मामला आने के बाद और अपने सरकारी आवास ओक ओवर रवाना हो गए हैं। सीएम का भी करोना टेस्ट होगा। मंडी में पॉजिटिव पाया गया भाजपा नेता सीएम दफ्तर, सीएम आवास, आईजीएमसी भी गया था।
कोरोना संकट के बीच चार महीने से स्कूल-कालेज बंद पड़े हैं। कोरोना संक्रमण कम होने की स्थिति के बाद ही शिक्षण संस्थान खुल सकते हैं। हालांकि 31 जुलाई को केंद्र सरकार अनलॉक-3 के लिए गाइड लाइन जारी करेगी। इससे पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने प्रदेश शिक्षा निदेशालय उच्च शिक्षा विभाग के उप निदेशकों से अभिभावकों की प्रतिक्रिया उपलब्ध कराने को कहा गया है। जिसमें अभिभावकों से संस्थान खोलने के लिए उपयुक्त समय अगस्त, सितंबर या नवंबर और संस्थानों के खुलने पर अभिभावकों की अपेक्षाएं और इसके साथ इसके अलावा इस सन्दर्भ में यदि कोई अन्य सुझाव हो तो मंत्रालय के समक्ष रखने को कहा है। ग़ौरतलब है कि संस्थानों को खोलने की तरह महत्वपूर्ण विषय पर फीडबैक प्रस्तुत करने के लिए केवल एक दिन का समय दिया गया है।
हिमाचल प्रदेश में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष की उठा बैठक में आज शिमला संसदीय क्षेत्र से सांसद सुरेश कश्यप को भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है जिसकी नियुक्ति तुरन्त प्रभाव से लागू हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने सुरेश कुमार कश्यप, सांसद को हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी ।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर आरोप लगाया है कि वह प्रदेश में लोगों और विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि लोकतंत्र में सरकार के जनविरोधी फेंसलो के खिलाफ अपनी आवाज उठाने का सबको संवैधानिक अधिकार है, जिसे कोई नहीं छीन सकता। राठौर ने मुख्यमंत्री को चुनौती दी है कि सरकार उन पर कितने भी पुलिस के मामलें बनवा ले,वह डरने वाले नही।उन्होंने कहा कि कांग्रेस कड़ाई से सरकार के किसी भी जनविरोधी फेंसलो के खिलाफ आम लोगों के साथ हरदम खड़ी है।उन्होंने कहा है कि कांग्रेस सरकार के हर तानाशाही फैसले का विरोध करेगी। कुलदीप राठौर ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के उस बयान में जिसमें उन्होंने कहा है कि बस किराया बृद्धि का फैसला उन्होंने बढे दुःखी मन से लिया है को कोरा झूठ करार दिया।उन्होंने कहा है कि अगर मुख्यमंत्री को प्रदेश के लोगों की तनिक भी चिंता होती तो वह लोगों के इस दुःख में शामिल होते व ऐसे किसी भी प्रस्ताव को इस समय जबकि प्रदेश बड़ी विषम परिस्थितियों में है को पूरी तरह नकारते जिसका व्यापक असर आम लोगों के जीवन पर पड़ता हो।उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोविड 19 के चलते सरकार ने अब तक कोई भी राहत लोगों को नही दी है,जबकि उनके नेता इस बारे बड़ी बड़ी बातें कर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। राठौर ने कहा कि पहले विजली की दरों में बढ़ोतरी और अब बस किरायों में बढ़ोतरी कर प्रदेश सरकार ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है।आज इस सरकार के निर्णयों से हर वर्ग दुखी और बेबस है।उनका कहना है कि सरकार अपना खजाना अपने ऐशोआराम पर खर्च कर रही है, आम लोगों को कोई भी राहत नही दी जा रही है। राठौर ने सरकार पर फिर आरोप लगाया कि वह प्रदेश में कोरोना से निपटने में पूरी तरह असफल रही है। यही बजह है कि आज इसका संक्रमण प्रदेश में तेजी से फैल रहा है। राठौर ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह सरकार की छत्रछाया में अपनी राजनैतिक रोटियां सेंकने में लगी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने स्तर पर जितना भी संभव हुआ इस कोरोना काल मे लोगों की हरसंभव मदद की है और अभी भी कर रहें है। उन्होंने कहा कि इसके लिए कांग्रेस को भाजपा के किसी भी प्रमाणपत्र की जरूरत नही है।
बुधवार को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा 51वां स्थापना दिवस का कार्यक्रम मनाया गया। इस उपलक्ष्य पर हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल व शिक्षा मंत्री ने अतिथि के रूप में शिरकत की। इसी बीच अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय इकाई द्वारा छात्र माँगो को लेकर राज्यपाल व शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा गया। इकाई अध्यक्ष विशाल वर्मा ने बताया कि वर्तमान समय में शिक्षा क्षेत्र में प्रदेश के छात्रों को बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ रहा। चाहे वो EWS के आधार पर आरक्षण देने की बात हो या विश्वविद्यालय का बजट बढाने की बात हो या फिर ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली को दुरुस्त करने की बात हो विद्यार्थी परिषद ने समय समय पर प्रशासन के समक्ष छात्र हितों में अपनी माँगो को उठाया है। आज स्थापना दिवस के उपलक्ष्य पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान भी विद्यार्थी परिषद ने अपनी माँगो को लेकर ज्ञापन सौंपा, जो इस प्रकार से हैं: हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के अधिनियम 1971 के अनुच्छेद 21 व 28 में किए गए संशोधन को वापिस लेकर विश्वविद्यालय की स्वायत्ता को पुनः बहाल किया जाए। हिमाचल प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों की प्रवेश प्रक्रिया में EWS आरक्षण लागू किया जाए। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के बजट में बढ़ौतरी की जाए। दूरस्थ शिक्षा केंद्र एवं ऑनलाइन माध्यमो से शिक्षा को व्यापक प्रोत्साहन हेतु सभी स्तरों पर योजनाएं बनाई जाए तथा हर शिक्षण संस्थानो मैं आधुनिक सुविधाओं से युक्त वेबिनार कक्ष बनाए जाए। इकाई सह सचिव कमलेश ठाकुर ने कहा कि इन प्रमुख माँगो को लेकर विद्यार्थी परिषद ने ज्ञापन सौंपा। राज्यपाल महोदय व शिक्षा मंत्री ने आश्वासन दिया है विद्यार्थी परिषद की माँगो की शीघ्र पूरा किया जाएगा।
जुब्बल नावर कोटखाई के आईटी संयोजक रितेश चौहान ने मुख्य सचेतक एवं विधायक जुब्बल नावर कोटखाई नरेन्द्र बरागटा, आईंटी विभाग के प्रदेश संयोजक चेतन बरागटा, भाजपा जिला अध्यक्ष अजय श्याम, मंडल अध्यक्ष गोपाल जबैईक, भाजपा आईटी विभाग के सह संयोजक सुशील राठौर, प्रभारी प्रकाश ठाकुर, जिला महासू आईंटी विभाग संयोजक राम कृष्ण मदराडी से विचार विमर्श के उपरांत मंडल जुब्बल नावर कोटखाई आईंटी विभाग की मंडल कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। रितेश चौहान ने कहा कि उन्हे पुर्ण विश्वास है सभी नवनियुक्त सदस्य अपने दायित्व का निर्वहन पुरी निष्ठा व इमानदारी से करेंगे। मंडल आईटी कार्यकारिणी की सूची निम्नलिखित है। अमन मेहता, राकेश जिंटा, राकेश वर्मा, जगदीप नैनटा, आशीष सगरेल, अमन जिंटा, पंकज बनदटा, कबीर चौहान, पंकज शर्मा, नीरज नैनटा, दीक्षित धानटा।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद प्रदेश कैबिनेट द्वारा न्यूनतम किराया बढ़ाने एवं बसों के 25 प्रतिशत किराया वृद्धि फैसले का पुरजोर विरोध करती है। कोरोना काल मे बस किराया बढ़ाना दुर्भायपूर्ण है एक तरफ जहां इस दौर में प्रदेश के हज़ारो लोगो का रोजगार छिन्न चुका है तो दूसरी तरफ सरकार का 25 प्रतिशत किराया बढ़ाना कहीं भी तर्कसंगत नही दिखाई देता है। कोरोना काल मे युवाओं ने श्रमदान, धनदान इत्यादि करके सरकार की मजबूरी को समझा लेकिन प्रदेश सरकार कोरोना काल के बीच प्रदेश के लोगो की मजबूरी को समझने में नाकामयाब रही है। प्रदेश पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा है ऐसे में इतना ज्यादा किराया बढ़ाने से लोगो पर ओर बोझ पड़ेगा। बसों में सफर करने वाला आदमी वही जी जो रोज़ की मेहनतकश की लड़ाई करके अपना जीवन व्यतीत करता है ऊपर से अत्यधिक किराया बढ़ोतरी लोगो के शोषण करने के बराबर है। अतः विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि जल्द से जल्द इस फैसले को प्रदेश सरकार वापिस ले अन्यतः विद्यार्थी परिषद मैदान में उतरकर इसका विरोध करेगी।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने ठियोग क्षेत्र के पूर्व विधायक स्वर्गीय राकेश वर्मा के पुत्र एकलव्य वर्मा द्वारा प्रदान किए गए 66 हजार मास्क वाले वाहन को झंडी दिखाकर रवाना किया। ये मास्क क्षेत्र के जरूरतमंद लोगों को वितरित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने एकलव्य वर्मा के इस परोपकारी कार्य की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रयास जरूरतमंद लोगों को सहायता प्रदान करने में सहायक सिद्ध होते हैं। एकलव्य वर्मा के दादा और पूर्व पुलिस महानिदेशक आर आर वर्मा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश ग्रामीण विद्या उपासक राज्य संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष मुरारी लाल ठाकुर के नेतृत्व में सोमवार को मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष संघ की विभिन्न मांगे रखीं। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि उनकी सभी जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। संघ के महासचिव ओम प्रकाश और उपाध्यक्ष चमन चैहान, कोषाध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा और अन्य पदाधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
निजी स्कूलों की मनमानी लूट, भारी फीसों, फीस वृद्धि पर रोक लगाने, टयूशन फीस कुल फीस का पचास प्रतिशत से अधिक न हो व केवल टयूशन फीस वसूली को लेकर छात्र अभिभावक मंच का प्रतिनिधिमंडल उच्चतर शिक्षा निर्देशक से मिला व उन्हें ज्ञापन सौंपा। मंच ने उच्चतर शिक्षा निर्देशक से केवल टयूशन फीस वसूली के आदेश को लागू करने की मांग की है व सभी तरह के चार्जिज पर रोक लगाने की मांग की है। मंच ने मांग की है कि सभी स्कूल अपनी फीस बुकलेट जारी करें। मंच ने मांग की है कि सभी स्कूलों की मदवार फीस का ब्यौरा सार्वजनिक किया जाए। मंच ने प्रदेश सरकार, निर्देशक उच्चतर शिक्षा व प्रारम्भिक शिक्षा को चेताया है कि वर्ष 2019 की तर्ज़ पर केवल टयूशन फीस लेने के निर्णय को अगर अक्षरशः लागू न किया गया, टयूशन फीस तिमाही के बजाए हर महीने के आधार पर न वसूली गई, सभी तरह के चार्जेज को माफ व सम्माहित न किया गया तथा टयूशन फीस को रेशनेलाइज़ न किया गया तो आंदोलन तेज होगा। मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा ने कहा है कि शिक्षा विभाग ने जिन निजी स्कूलों की इंस्पेक्शन की है, उन्होंने शिक्षा विभाग के पास गलत रिकॉर्ड पेश किया है इसलिए इन स्कूलों पर सख्त कार्रवाई अमल में लायी जानी चाहिए। शिमला शहर के छूटे हुए बाकी निजी स्कूलों की भी तुरन्त इंस्पेक्शन की जानी चाहिए व शिक्षा विभाग को रिकॉर्ड अपने कब्जे में लेना चाहिए। निजी स्कूल प्रबंधन ज़्यादा वसूली गई फीस को अगली किश्तों में सम्माहित करने में आनाकानी कर रहे हैं और न ही इस बढ़ी हुई फीस को वापिस लौटा रहे हैं। इस ज़्यादा वसूली गई फीस को अगली किश्तों के रूप में सम्माहित करने अथवा वापिस लौटाने के लिए सरकार ने कोई भी उचित मैकेनिज़्म तैयार नहीं किया है। उन्होंने कहा कि बहुत सारे निजी स्कूलों ने कोरोना काल का फायदा उठाते हुए अन्य चार्जेज को हटाकर 90 से 100 प्रतिशत फीस टयूशन फीस के नाम पर ही फीस बुकलेट में दर्शा दी है। अतः इन की टयूशन फीस को रेशनेलाइज़ किया जाए व उसी आधार पर अभिभावकों से फीस वसूली जाए। टयूशन फीस किसी भी रूप में कुल फीस के पचास प्रतिशत से अधिक नहीं वसूली जानी चाहिए। इसके लिए पूरा मैकेनिज़्म तैयार किया जाना चाहिए।
प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में राष्ट्रीय एम्बुलेंस सेवा-108 के अंतर्गत उन 38 एम्बुलेंस को बदलने की स्वीकृति प्रदान की गई, जो अब पुरानी हो चुकी हैं। यह निर्णय प्रदेश में स्वास्थ्य प्रणाली में 108 एम्बुलेंस की महत्वपूर्ण भूमिका को ध्यान में रखकर लिया गया है। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने बैठक की अध्यक्षता की। मंत्रिमंडल ने कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत बस किरायों में वृद्धि का निर्णय लिया है। पहले तीन किलोमीटर के लिए अब पांच रुपये के स्थान पर सात रुपये किराया वसूल किया जाएगा। तीन किलोमीटर के बाद पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में सभी प्रकार की यात्रा के लिए वर्तमान प्रति किलोमीटर किराये में 25 प्रतिशत की बढ़ौतरी की जाएगी। उद्योग विभाग ने मंत्रिमंडल के समक्ष व्यापार में सुगमता पर प्रस्तुतिकरण दिया। विभाग ने निवेशकों की सुविधा और राज्य में व्यापार में सुगमता में सुधार लाने के उद्देश्य से 46 सेवाओं के लिए आॅनलाइन प्रणाली विकसित करने पर जोर दिया। मंत्रिमंडल ने विभाग को सुधार की इस दिशा में समयबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए। सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने ई-केबिनेट के लिए हार्डवेयर की प्रस्तुति दी और मंत्रिमंडल ने विभाग को 16 कार्य स्थल (वर्क स्टेशन) खरीदने के लिए अधिकृत किया। यह भी निर्णय लिया गया कि विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए तीसरे पक्ष से सुरक्षा आॅडिट करवाया जाएगा। बैठक में हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड को हमीरपुर जिला की उखली में 0-37-54 हेक्टेयर भूमि पट्टे पर 33/11 केवी उप केंद्र निर्मित करने के लिए सरकारी भूमि देने का निर्णय लिया गया। यह भूमि वर्तमान सर्कल रेट के 20 प्रतिशत यानी एकमुश्त 11,26,200 रुपये की दर और उसके उपरांत 99 वर्षों के लिए एक रुपये प्रतिमाह पट्टे पर दी जाएगी। मंत्रिमंडल ने हमीरपुर जिला के बमसन में कनिष्ठ अभियंता कार्यालय और टिक्करी सैक्शन के शिकायत कक्ष के निर्माण के लिए राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड के पक्ष में वर्तमान सर्कल रेट के 20 प्रतिशत यानी एकमुश्त 34008 रुपये और उसके उपरांत 99 वर्षों के लिए एक रूपये प्रतिमाह पट्टे पर आठ मरला सरकारी भूमि देने को मंजूरी प्रदान की। बैठक में उन 34 ईजीएस अनुदेशकों को ग्रामीण विद्या उपासकों के रूप में परिवर्तित करने का फैसला हुआ, जिन्होंने इसके लिए अनिवार्य योग्यता पूर्ण कर ली है। मंत्रिमंडल ने चंबा जिला के भरमौर विधानसभा क्षेत्र के शिक्षा खंड मेहला-1 ग्राम पंचायत बाकन के अंतर्गत लोअर थरेड़ी में नया राजकीय प्राथमिक विद्यालय खोलने को मंजूरी प्रदान की। अभियोजन विभाग में अनुबन्ध आधार पर कनिष्ठ कार्यालय सहायकों (सूचना प्रौद्योगिकी) के तीन पद भरने का निर्णय लिया गया है। बैठक में सांसदों और विधायकांे को हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम की बसों में प्रदेश के अंदर और प्रदेश के बाहर निःशुल्क यात्रा की सुविधा वापिस लेने की सहमति बनी। बहरहाल, यह सुविधा पूर्व सांसदों और विधायकों को जारी रहेगी। मंत्रिमंडल ने शिक्षा विभाग में सहायक लाइब्रेरियन काडर के 771 खाली पदों को कनिष्ठ कार्यालय सहायक (पुस्तकालय) के रूप में परिवर्तित करने को मंजूरी प्रदान की ताकि प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में पुस्तकालयों की कार्य प्रणाली में सुधार आ सके। ऊना जिला के लाला जगत नरैण हिमोत्कर्ष कन्या महाविद्यालय कोटला खुर्द को वर्तमान नीति के अनुरूप पात्र शिक्षकों और गैर शिक्षक स्टाफ सहित सरकारी नियंत्रण में लेने का निर्णय लिया गया है।
The State Cabinet in its meeting held here today under the chairmanship of Chief Minister Jai Ram Thakur approved replacement of 38 ambulances under National Ambulance Service-108 in the State in lieu of ambulances which have outlived their economical life as the 108 ambulances have become the lifeline of the health system in the State. The Cabinet decided to increase the bus fare in the State keeping the fund crunch due to the Covid-19 pandemic. The fare would be Rs. 7 for the first three kilometers instead of Rs. 5. There would be an increase of 25 percent in the present per kilometer tariffs for all travel beyond three kilometers for hilly and plain areas. The Industries Department made a presentation on ‘Ease of Doing Business’ before the Cabinet. It stressed on development of an online system for 46 services to facilitate the entrepreneurs and improve the ease of doing business in the State. The Cabinet directed the department to move on all points of reforms in a time-bound manner. Information and Technology Department presented the hardware for e-Cabinet and the Cabinet authorized the Department to go-ahead for the purchase of 16 workstations. It was decided that the third-party security audit should be done for maintaining confidentiality. The Cabinet gave its approval to provide government land measuring 0-37-54 hectare on lease to HPSEBLtd. for construction of 33/11 KV 2X3.15 MVA Sub Station Ukhali in district Hamirpur at a rate of 20 percent of the present circle rate i.e. Rs.11,26,200 as a lump sum and Rs. one per month lease for 99 years thereafter. It also gave its nod to provide government land measuring eight Marala at a rate of 20 percent of the present circle rate i.e. Rs.34,008 as a lump sum and Rs. one per month lease for 99 years at Bamsan in Hamirpur district in favor of HPSEB Ltd. for construction of office of Junior Engineer and Complaint Room of Tikri Section. The Cabinet gave its approval to convert 34 EGS instructors into Gramin Vidya Upasaks who have fulfilled the eligibility conditions of such conversion. It decided to open new Government Primary School at Lower Tharedi in Gram Panchayat Bakan in Education Block Mehla-I in Bharmour Vidhan Sabha area of Chamba district to facilitate the children of the area. It decided to fill up three posts of Junior Office Assistant (IT) in the Prosecution Department on a contract basis. The Cabinet gave its nod to withdraw the facility of free travel to Members of Parliament and MLAs in HRTC buses within and outside the State. However, this facility would continue for all former MLAs and MPs. It decided to convert the 771 vacant posts in the cadre of Assistant Librarians in the Education Department into Junior Office Assistant (Library) for the smooth functioning of libraries of educational institutions in the State. The Cabinet decided to take over Lala Jagat Narain Himotkarsh Kanya Mahavidyalaya Kotla Khurd in Una district by the Government along with services of eligible teaching and non-teaching staff of the college as per extant policy.
भारतीय जनता पार्टी प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल ने जारी एक प्रैस बयान में बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 26 जुलाई 'कारगिल विजय दिवस’ को "शौर्य दिवस" के रूप में बूथ स्तर पर मनाया जाएगा। शौर्य दिवस भारतीय जनता पार्टी के छः अनिवार्य उत्सवों में से एक है। उन्होनें बताया कि इस कार्यक्रम के लिए प्रदेश उपाध्यक्ष राम सिंह को संयोजक बनाया गया है और चारों संसदीय क्षेत्रों के प्रभारी प्रदेश महामंत्री त्रिलोक कपूर प्रभारी कांगड़ा संसदीय क्षेत्र, प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल, प्रभारी हमीरपुर संसदीय क्षेत्र, प्रदेश महामंत्री राकेश जम्वाल प्रभारी मण्डी संसदीय क्षेत्र तथा प्रदेश उपाध्यक्ष पुरषोतम गुलेरिया प्रभारी शिमला संसदीय क्षेत्र इस कार्यक्रम के सह संयोजक होंगे। त्रिलोक जम्वाल ने बताया कि शौर्य दिवस के अवसर पर शहीदों के चित्रों पर पुष्पाजंलि के कार्यक्रम किए जाएंगे तथा पूर्व सैनिकों, शहीदों, वीर नारियों को सम्मानित किया जाएगा। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग तथा सरकार द्वारा जारी किए गए आवश्यक दिशा निर्देशों का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
भारतीय जनता पार्टी आई० टी० विभाग के प्रदेश संयोजक चेतन बरागटा ने जारी एक प्रैस बयान में बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के निर्देशानुसार हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी प्रदेश, जिला तथा मण्डल स्तर पर 'सेवा ही संगठन’ ई-बुक बनाने जा रही है। इस ई-बुक को तैयार करने के लिए प्रदेश, जिला व मण्डल स्तर पर टीमों का गठन कर लिया गया है। इस ई-बुक को तैयार करने की दृष्टि से सोमवार को प्रदेश, जिला व मण्डल स्तर पर गठित टीमों की वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में राष्ट्रीय सचिव एवं ई-बुक के उत्तर क्षेत्रीय राज्यों के प्रभारी सुनील देवधर, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा तथा प्रदेश महामंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के प्रभारी त्रिलोक जम्वाल, प्रदेश महामंत्री एवं कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के प्रभारी त्रिलोक कपूर, प्रदेश महामंत्री एवं मण्डी संसदीय क्षेत्र के प्रभारी राकेश जम्वाल तथा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं शिमला संसदीय क्षेत्र के प्रभारी पुरषोतम गुलेरिया विशेषरूप से उपस्थित रहे। इस कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए सुनील देवधर ने कहा कि पूर्व में हिमाचल के कई दौरे किए जिसमें हिमाचल के कार्यकर्ताओं की कार्य क्षमता की पहचान हुई। उन्होनें कहा कि भाजपा संगठन की पार्टी है जो अपनी विचारधारा को धरातल पर पहुंचाने का काम करती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आहवान पर सेवा ही संगठन कार्यक्रम के अंतर्गत ई-बुक बनाने का निर्णय लिया गया जिससे आने वाली पीढि़यों को इससे प्रेरणा मिलेगी। इस ई-बुक में कोविड-19 के संकटकाल के दौरान एक संग्रह होगा जिसमें चित्रो, चलचित्रों, न्यूज कटिंग्स और स्टेस्टिकल डाटा के माध्यम से दिखाया जाएगा। यह विश्व का सबसे बड़ा सेवा कार्य हुआ है। इसमें भारतीय जनता पार्टी के 40 साल पूरे होने एवं बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर जयंती का उल्लेख भी होगा। इसके साथ-साथ इस ई-बुक में पार्टी द्वारा की गई वर्चुअल रैलियों तथा प्रदेश सरकारों की उपलिब्धयों का संग्रह भी होगा। इस ई-बुक में कार्यकर्ताओं को स्थान दिया जाएगा तथा उनके प्रेरणादायी कामों को इसमें संकलित किया जाएगा तथा यह ई-बुक दो भाषाओं में तैयार की जाएगी। उन्होनें कहा कि जब भी इतिहास पढ़ा जाएगा तब इस पर शोध करने वाले पाएंगे कि क्या कोई राजनीतिक दल इतना बड़ा सेवा का कार्य कर सकता है? तब जवाब होगा कि केवल भारतीय जनता पार्टी ही केवल मात्र ऐसा राजनीतिक दल है जो इस प्रकार के सेवा कार्य को कर सकता है। चेतन बरागटा ने बताया कि मंडल एवं जिला स्तर पर ई-बुक के लिए सामग्री का संग्रह किया जाएग तथा 31 जुलाई, 2020 तक इसे तैयार कर लिया जाएगा। 15 अगस्त, 2020 से पूर्व प्रदेश की ई-बुक तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। चेतन बरागटा ने बताया कि इस ई-बुक को तैयार करने के लिए सभी मण्डलों व जिलों को निर्देश दे दिए गए हैं तथा शीघ्र ही इस पर काम शुरू किया जाएगा ताकि सभी स्तरों पर यह ई-बुक तय समयावधि में तैयार हो जाए।
सोलन व नाहन के बाद अब शिमला जिला में कोरोना का बड़ा विस्फोट देखने को मिला है। सोमवार सुबह शिमला में एक साथ कोरोना के 22 मामले सामने आए हैं जिस में 18 आइटीबीपी के जवान भी शामिल हैं। यह जवान शिमला जिले के रामपुर उपमण्डल के ज्यूरी में आइटीबीपी के 43 वी बटालियन के है। हालांकि यह सभी जवान स्वस्थ है और विर्तमान में एसजेवीएन के ज्यूरी स्थित परिसर में संस्थागत क्वारंटाइन थे। स्वास्थ्य विभाग ने 41 जवानों के सैंपल जांच के लिए शिमला भेजे थे, जिनमें से 18 जवान कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। यह सभी जवान हाल ही में प्रदेश के बाहर से अपने बटालियन आए थे और उन्हें संस्थागत क्वारंटाइन किया गया था। इससे पहले भी ज्यूरी स्थित आईटीबीपी 43 बटालियन के जवान जो बाहरी राज्यों से यहां पहुंचे थे जो पॉजीटिव निकले थे। अब 18 जवान और पॉजिटिव आने से ज्यूरी आसपास के लोगों में भय का माहौल है। हालांकि संस्थागत क्वारंटाइन होने के कारण कम्युनिटी स्प्रेड की संभावनाएं न के बराबर है। एसडीएम रामपुर सुरेंद्र मोहन ने जवानों के कोरोना पॉजीटिव होने की पुष्टि की है। इसके अलावा रोहड़ू की महेंदली में दो प्रवासी मज़दूर पॉजिटिव पाए गए हैं। इनकी आयु 24 व 55 साल है। एस डी एम रोहड़ू ने कहा की सम्बंधित एरिया को सील किया जा रहा है। इसके अलावा 2 मामले शिमला में आए हैं जिन में से 1 मामला जतोग आर्मी ट्रेनिग कैंट का है। दूसरे मामले की जानकारी खबर छपने तक आनी बाकि थी।
कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर आरोप लगाया है कि वह पूर्व वीरभद्र सिंह सरकार के कार्यकाल में हुए उन्ही शिलान्यासों पर अपनी पटिका लगा रही है, जिनका पूर्व कांग्रेस सरकार शिलान्यास कर चुकी है ।उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री अपने कार्यालय में बैठ कर ऑनलाइन शिलान्यास कर लोंगो को गुमराह कर रहें है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने गत दिनों जिस बाग से कयालू संपर्क सड़क की आधारशिला रखी है उसकी आधारशिला पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने 3 जुलाई 2017 को रखी थी।उस समय इसका निर्माण कार्य भी शुरू हो गया था। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के चलते भाजपा सरकार ने इसके निर्माण को रोक दिया। उन्होंने कहा है कि आज तीन साल बाद सरकार को इस सड़क की याद आई और आननफानन में मुख्यमंत्री ने इस सड़क की फिर से आधारशिला रख दी। विक्रमादित्य सिंह ने बताया है कि इस सम्पर्क सड़क का लगभग 2.5 किलोमीटर कार्य पूरा हो चुका है। उनका कहना है कि इस सम्पर्क सड़क को वर्ष 2015, 16 में विधायक प्राथमिकता में डाल गया था। उन्होंने कहा है कि विकास के नाम पर जयराम सरकार लोगों को गुमराह करने का पूरा प्रयास कर रही है, जबकि उनके इस कार्यकाल में कोई भी नई योजना या विकास कार्य शुरू नही हुआ है, जिसे वह अपना नाम दे सकें। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि अच्छा होता अगर मुख्यमंत्री इस सड़क या उन सभी योजनाओं को पूरा कर लोगों को समर्पित करते जो पूर्व सरकार ने शुरू की थी। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार की पटिकाओं के ऊपर अपने नाम की पटिका लगा कर वह लोकतंत्र का अपमान कर रहें है। विक्रमादित्य सिंह ने मुख्यमंत्री से जानना चाहा है कि वह बताए कि मंडी में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण का क्या हुआ। उन्होंने कहा है कि मनाली से लाहुल स्पीति को जोड़ने वाली देश की सबसे बड़ी रोहतांग सुरंग भी पूर्व केंद्र की यूपीए सरकार की ही देन है जो आज लगभग बनकर तैयार हो गई है। इस सुरंग की आधारशिला तत्कालीन यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 28 जून 2010 को रखी थी। उनका कहना है कि कांग्रेस की सोच हमेशा ही विकास की रही है न कि पटिकाओं में नाम लिखवाने की।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने शनिवार को वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला शिमला के जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र के कोटखाई में 120.66 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं के शिलान्यास किए और आधारशिला रखीं। इसके साथ जनता को मुख्यमंत्री ने जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र के लिए कुल मिलाकर 270 करोड़ रुपये की लागत की परियोजनाएं समर्पित कीं। इसमें जुब्बल क्षेत्र में 76.20 करोड़ रुपये, नावर क्षेत्र में 73.13 करोड़ रुपये और कोटखाई क्षेत्र में 120.66 करोड़ रुपये की परियोजनाएं शामिल हैं। कोटखाई क्षेत्र की जनता को समर्पित की गई परियोजनाओं में 2.66 करोड़ रुपये की लागत से गिरी नदी पर 30 मीटर का पैदल पथ पुल, 2.35 करोड़ रुपये की लागत की बघेरी बरेच सम्पर्क सड़क, 13.18 लाख रुपये की लागत से निर्मित पशु औषधालय सतान्दली, 60.20 लाख रुपये की लागत से निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवगढ़ का भवन, 70.92 लाख रुपये की लागत से निर्मित चिकित्सा केंद्र गड़वाग, 1.23 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग कोटखाई कार्यालय और आवासीय भवन, 64.59 लाख रुपये की लागत से निर्मित उठाउ पेयजल आपूर्ति योजना बौंह (ग्रामीण) और पारली पंचायत का भण्डारण टैंक, 52.48 लाख रुपये की लागत से ग्राम पंचायत पांदली में निर्मित पेयजल आपूर्ति योजना जांगल कटाच और बदराणा, कांगी नाला से ग्राम पंचातय क्यारी, पराली और घ्याल क्षेत्र के पनोग में 48.97 लाख रुपये की उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना, ग्राम पंचायत क्यारवी के अंतर्गत दरैण बस्ती के लिए 36.43 लाख रुपये की उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना और तहसील कोटखाई में 2.93 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 22 केवी विद्युत नियन्त्रण उप-केंद्र चमैन शामिल हैं। जय राम ठाकुर ने 9.06 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली कोटखाई की देवरी-खनेटी टिक्कर वाया देयोरीघाट सड़क को चैड़ा करने और सुदृढ़ीकरण, 48.90 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाली धरोला-बलोग-पझाई सम्पर्क सड़क, 45.40 लाख रुपये की लागत से पांदली-परौंठीघार सम्पर्क सड़क, 86.07 लाख रुपये की लागत से पुलिस थाना कोटखाई के आवासीय भवन, 1.76 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले लोक निर्माण विभाग कोटखाई अधिशाषी अभियंता कार्यालय भवन, जल जीवन मिशन के अंतर्गत जुब्बल-कोटखाई क्षेत्र के लिए 28.39 करोड़ रुपये की उठाऊ/बहाव जल आपूर्ति योजना, ग्राम पंचायत थरोला के अंतर्गत मराथु गांव के लिए 69.25 लाख रुपये की पेयजल आपूर्ति योजना, 17 करोड़ रुपये की लागत के पैकिंग और ग्रेडिंग लाईन (सुधार) और सीए स्टोर गुम्मा 45.58 करोड़ रुपये की लागत से 220/66केवी 2ग्63 एमवीए विद्युत उप-केंद्र प्रगतीनगर, 3.57 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले विद्युत नियन्त्रण उप केंद्र कुपरी नाला और जुब्बल-कोटखाई विकास खंड की ग्राम पंचायत देवगढ़ में 15 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले पंचायत सामुदायिक केंद्र की आधारशिला रखीं। शिमला से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ही विधानसभा क्षेत्र में 270 करोड़ रुपये की लागत की परियोजनाएं जनता को समर्पित करना अपने आप में एक कीर्तिमान है। उन्होंने कहा कि इन सभी परियोजनाओं से जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र में विकास और समृद्धि के युग का सूत्रपात होगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि गुम्मा में पैकेजिंग व ग्रेडिंग लाईन व सीए स्टोर को स्तरोन्नयन व सुदृढ़ करने से विशेष रूप से इस क्षेत्र के फल उत्पादकों और जिला शिमला में उत्पादकों को सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि सीएस स्टोर के स्तरोन्नयन से इसकी क्षमता में 1340 मीट्रिक टन से 2000 मीट्रिक तक बढ़ौतरी होगी। उन्होंने कहा कि पराली में नई खाद्य प्रसंस्करण इकाई से सेब उत्पादकों को उचित मूल्य सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार ने अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में क्षेत्र के लिए कुछ नहीं किया, जबकि पिछले अढ़ाई वर्षों के दौरान न केवल जुब्बल-कोटखाई बल्कि राज्य के हर क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है। उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए मुख्य सचेतक नरेन्द्र बरागटा के प्रयासों की सराहना की। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य में कोरोना महामारी की स्थिति से प्रभावी तरीके से निपटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि हालांकि राज्य में कोरोना संक्रमित मामलों में बढ़ौतरी हुई है, परन्तु प्रदेश में मरीजों के ठीक होने की दर देश मेें बेहतरीन है। मुख्य सचेतक नरेन्द्र बरागटा ने जुब्बल-कोटखाई क्षेत्र में विकास में गहरी रूचि के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार के अढ़ाई वर्षों के कार्यकाल में राज्य में अभूतपूर्व विकास सुनिश्चित हुआ है। जल-जीवन मिशन के तहत 28.39 करोड़ रुपये लागत की पेयजल आपूर्ति योजनाओं से क्षेत्र के 102 गांवों के हजारों लोगों को सुविधा प्राप्त होगी। 45.58 करोड़ रुपये की लागत से प्रगतीनगर में निर्माणाधीन विद्युत सब स्टेशन से कम वोल्टेज की समस्या के समाधान में मदद मिलेगी। इस अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष गोपाल जबैइक, उपायुक्त शिमला अमित कश्यप और एचपीएमसी की प्रबंध निदेशक देबाश्वेता बनिक उपस्थित रहे।
पिछले दो महीने से ख़ाली चल रहे प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की तलाश के लिए शनिवार को संगठन के नौ रत्नों ने जयराम के दरबार में दस्तक दी। हालाँकि प्रदेश अध्यक्ष का फ़ैसला पार्टी हाईकमान करेगा, लेकिन सरकार और संगठन आपस में तालमेल बैठा कर योग्य नेता को कुर्सी देने की तैयारी में हैं। हिमाचल प्रदेश सचिवालय में आज भाजपा के आठ विधायक समेत एक पूर्व मंत्री एक-एक के सीम जयराम ठाकुर से मिले। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़ जयराम ने इन नेताओं से जानना चाहा कि प्रदेश अध्यक्ष किसे चुना जाए? उल्लेखनीय है कि बीते 27 मई से लेकर अब तक भाजपा के पास प्रदेश अध्यक्ष नहीं है। स्टेट हेल्थ डिपार्टमेंट में लाखों की लेनदेन से सम्बंधित ऑडीओ वायरल होते ही पूर्व अध्यक्ष राजीव बिंदल ने अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दिया था। इसी सिलसिले में शनिवार को योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष रमेश धवाला, एमएलए सुखराम चौधरी, रविंद्र धिमान, होशियार सिंह, इंद्र सिंह गांधी, मूलखराज प्रेमी, किशोरी लाल, अर्जुन सिंह, जिया लाल और पूर्व मंत्री प्रवीण शर्मा सीम जयराम ठाकुर से मंत्रणा की।
पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रोहित ठाकुर के दिशा निर्देशों पर हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्य मुख्यमंत्री ठाकुर रामलाल की पुण्यतिथि पर समस्त जुब्बल नावर कोटखाई विधानसभा में वृक्षारोपण का कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसी उपलक्ष पर शनिवार को नावर कांग्रेस व नावर युवा कांग्रेस द्वारा टिककर पंचायत में भी लगभग 500 से अधिक वृक्ष लगाएं जिसमें टिक्कर पंचायत के समस्त कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इन दिनों समस्त जुब्बल नावर कोटखाई विधानसभा के अंतर्गत सभी पंचायतों एवं पंचायत स्तर पर वृक्षारोपण का कार्यक्रम चलाया जा रहा है इसके साथ- साथ नावर क्षेत्र की समस्त 8 पंचायतों जिसमें टिक्कर पंचायत, कडिवन, पुजारली 3, पुजारली 4, शरोथा, कुडाठी, हंसटाडी, धराडा के अंतर्गत भी समस्त नावर क्षेत्र में वृक्षारोपण का कार्यक्रम चलाया गया है। जिसके अंतर्गत जुब्बल नावर कोटखाई विधानसभा के में भी हजारों वृक्ष लगाने का संकल्प लिया है जिसमें रजिंदर रांटा, ओमप्रकाश, बी आर देष्ता, आर डी देश्टा, ज्वाला प्रसाद जगीठता, बलदेव पापटा, मुनिलाल नर्सेट, प्रेमचंद, चरणदास, गिरधारीलाल जनार्था, रमेश भप्टा, कमल रांटा प्रेम प्रकाश, सरण दास, प्रशोताम दास, रविन्द्र चौहान संग युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संयुक्त राष्ट्र की 75 वीं सालगिरह पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दिए गए सम्बोधन को प्रभावशाली बताते हुए कोरोना आपदा से निपटने में भारत की भूमिका को विश्वपटल पर प्रमुखता से रखे जाने की बात कही है। अनुराग ठाकुर ने कहा "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदैव दुनिया के बड़े मंचों पर भारत की सकारात्मक व शक्तिशाली छवि प्रस्तुत करते रहे हैं। कल संयुक्त राष्ट्र के सत्र को संबोधित करते हुए मोदी जी ने कोरोना आपदा से निपटने के भारत के उपायों व इस संकट की घड़ी में वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना से दूसरे देशों की सहायता करने की अपनी प्रतिबद्धता को विश्वपटल के समक्ष रखा। प्रधानमंत्री ने हमेशा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के हितों की रक्षा करने व देश की गरिमा को बढ़ाने का काम किया है जिसके लिए हर देशवासी को उनके ऊपर गर्व है। आज कोरोना संकट के दौरान भारत ना सिर्फ़ अपने नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है बल्कि मोदी जी के सम्यक् नेतृत्व में हम 150 अन्य देशों को आवश्यक सेवाएँ उपलब्ध करा रहे हैं।” अनुराग ठाकुर ने कहा "आज पूरी दुनिया कोरोना आपदा से जूझ रही है और हर देश अपने स्तर पर इस महामारी से निपटने के लिए हर सम्भव प्रयास कर रहे हैं। भारत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में कोरोना महामारी से लड़ाई को पूरी एकजुटता के साथ काफ़ी अच्छे से लड़ रहा है जिसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। आज भारत में कोरोना संक्रमितों का रिकवरी रेट बढ़कर 63.33% जा पहुँचा है। हमारे देश में कोरोना से होने वाली मृत्युदर 2.55% है जोकि विश्व में सबसे कम है। देश में प्रति 10 लाख जनसंख्या पर सिर्फ़ 538 लोग कोरोना संक्रमित हैं। कुल 10 लाख 38 हज़ार कोरोना संक्रमितों में से 6 लाख 53 हज़ार संक्रमित पूरी तरह ठीक हो चुके हैं। भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व व नीतियों और स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन के प्रभावी प्रबंधन में कोरोना से निपटने में ठीक दिशा में आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार ने सही समय पर लॉकडाउन लगा कर कोरोना को वृहद स्तर पर फैलने पर लगाम लगाई है। केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय से हम कोरोना से निपटने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं।"
हिमाचल प्रदेश में लगभग 15 हजार शैक्षणिक संस्थान (प्राथमिक विद्यालयों से महाविद्यालयों तक) 4 माह से बंद है और पहाड़ी दुर्गम प्रदेश में वैकल्पिक व्यवस्था जैसे ऑनलाइन पढ़ाई करवाना अत्यंत दुर्लभ है क्योंकि इसमें आर्थिक, सामाजिक, तकनीकी आदि अनेकों समस्याएं है और मुख्यतः इस प्रक्रिया को विद्यालयों में जिसमें प्राथमिक विद्यालय है में लागू करना और भी मुश्किल है। इस माहमारी से डिजिटल डिवाईड का और अधिक गहराने की आशंका है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में 72 प्रतिशत तथा प्राथमिक स्कूलों में 63 प्रतिशत डिजिटल पढ़ाई करवाई जा रही है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में 18 हजार स्कूल व काॅलेज चलाए जा रहे हैं तथा 2300 स्कूल निजी संस्था द्वारा चलाए जा रहे है। शिक्षा, विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने शनिवार को वैबनार के माध्यम से हिमाचल प्रदेश विश्व विद्यालय के मानव संसाधन केन्द्र द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी के उपरांत यह विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आर्थिकी की अर्थव्यवस्था को पटरी में लाया जा सकता है परन्तु शिक्षा के क्षेत्र में एक साल भी किसी छात्र का पढ़ाई न होने के कारण खराब हो जाए तो उसकी पूर्ति संभव नहीं है।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने आज ऊना जिला प्रशासन, औद्योगिक संघ और जिले के प्रमुख औद्योगिक इकाइयों के प्रमुखों के साथ राजभवन से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से बातचीत की। उन्होंने जिले में कोविड-19 को लेकर स्थिति का जायजा लिया और औद्योगिक इकायों को इस दौरान हो रही समस्याओं के बारे में जानकारी हासिल की।राज्यपाल ने कोरोना महामारी से निपटने में जिला प्रशासन की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस दिशा में जागरूकता अभियान और बढ़ाया जाना चाहिए तथा लोगों में विश्वास पैदा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आर्थिक गतिविधियां जारी रखना जरूरी हैं, जिसके लिए प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत 20 लाख करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को यह सुनिश्चित बनाना चाहिए कि समाज के सबसे निचले वर्ग तक इन योजनाओं का लाभ मिल सके। दत्तात्रेय ने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) को बैंक व अन्य से समर्थन मिा चाहिए ताकि इस मुश्किल घड़ी में एमएसएमई का कार्य चल सके, जिससे रोजगार भी मिलेगा और आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी। उन्होंने उपायुक्त और औद्योगिक संघ से उन्हें श्रमिको को लेकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों से मांग एवं आपूर्ति के अनुसार कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने कोरोना महामारी से लड़ने में कार्य कर रहे अग्रणी विभागोें से समन्वय समिति गठित कर 15 दिन में बैठक कर व्यवस्था की जानकारी साझा कर सकते हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से दूसरे राज्यों से आने वाले हिमाचली युवाओें का पंजीकरण करने के प्रदेश सरकार के प्रयासों में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कोरोना जांच की संख्या बढ़ाने, घरेलु हिंसा के मामले में गैर सरकारी संगठनों, धार्मिक प्रमुखों की परामर्श सेवाएं लेने तथा बार्डर प्रबंधन को और सुचारू बनाने के निर्देश दिए। इससे पूर्व, ऊना के उपायुक्त संदीप कुमार ने कोरोना महामारी के इस दौर में अभी तक जिले की स्थिति से अवगत करवाया। पुलिस अधीक्षक कार्तिकयन गोकुल ने सीमा प्रबंधन, पुलिस प्रशासन की तरफ से की जा रही निगरानी व अन्य चुनौतियों की विस्तृत जानकारी दी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. रमन शर्मा ने जिले में स्वास्थ्य सेवाओें और तैयारियों की जानकारी दी। ऊना के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. रमन शर्मा तथा औद्योगिक संघ के प्रतिनिधियों ने भी राज्यपाल के समक्ष अपनी बात रखी।
वर्तमान जयराम सरकार की नाक तले स्वास्थ्य विभाग में हुए घोटाले के बाद करोड़ों रुपए के सी.एम. रिलीफ केयर फंड पर प्रदेश कांग्रेस सोशल मीडिया के चेयरमैन अभिषेक राणा ने सवाल उठाते हुए सवाल किया है कि आखिर सरकार ने रिलीफ केयर फंड में आई धनराशि को कहां खर्च किया। जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत प्रदेश कांग्रेस सोशल मीडिया केा जानकारी मिली है कि प्रदेश की जनता व स्वयं सेवी संस्थाओं ने कोरोना महामारी से निपटने के लिए 15 मार्च, 2020 से लेकर 22 मई, 2020 तक मुख्यमंत्री रिलीफ केयर फंड में 13 करोड़ 37 लाख 61 हजार 222 रुपए की अपने खून पसीने की राशि दान की जबकि सरकार इतनी बेफिक्र रही कि कोरोना महामारी में गरीब व पात्र लोगों को सहायता देने, कोरोना से बचाव के बारे में सोचने की बजाय उसकी अफसरशाही स्वास्थ्य विभाग में एक से बढक़र एक घोटाले करने में मग्न रही जिससे जनता का विश्वास सरकार के ऊपर से उठ चुका है। सरकार ने इस कोरोना संकट काल में भी घोटाले की निष्पक्ष जांच करवाने की बजाय स्वयं ही इंक्वायरी बिठाई और खुद ही क्लीन चिट देने में लगी रही। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार के भीतर इतना दोगुलापन है कि एक ओर कहती फिरती है कि देश व प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है तथा केंद्र से करोड़ों-अरबों रुपए की मदद मिल रही है जबकि कभी कहते हैं कि प्रदेश सरकार के पास पैसा नहीं है। आखिर केंद्र से मिल रही राहत किसकी जेब में जा रही है और जनता द्वारा दान की गई राशि किस आपदा पर खर्च हो रही है। जनता अब इन सवालों का जबाव जानना चाहती है। उन्होंने कहा कि पहले ही देश आर्थिक मंदी से जूझ रहा था तथा कोरोना संकट काल में हालात और ज्यादा बिगड़ चुके हैं। लाखों युवा बेरोजगार होकर घर पर बैठे हुए हैं। गरीब व मध्यम वर्ग संकट के उस दौर से गुजर रहा है जिसमें अब सरकार को उन्हें सहारा देने के लिए योजनाएं तैयार करनी चाहिए लेकिन सरकार अपने ही अच्छे दिनों के प्लान बनाने में मस्त है।
ठियोग की धरेच पंचायत के साथ मिलकर 19 जुलाई को उमंग फाउंडेशन धरेच पंचायत भवन में रक्तदान शिविर लगा रहा है। प्रदेश में लॉकडाउन के बाद फाउंडेशन का ग्रामीण क्षेत्रों में यह आठवां रक्तदान शिविर है। उमंग फाउंडेशन के ट्रस्टी और शिविर के संयोजक विनोद योगाचार्य एवं धरेच पंचायत की प्रधान सत्या शर्मा ने बताया कि इन्दिरा गांधी मेडिकल कॉलेज ब्लड बैंक की टीम रक्त संग्रह करेगी। उनके अनुसार स्थानीय युवाओं में रक्तदान शिविर को ले कर काफी उत्साह है क्योंकि पंचायत में रक्तदान शिविर पहली बार लग रहा है। उनका कहना है कि शिविर में कोरोना संक्रमण एवं रक्तदान के बारे में लोगों को जागरूक भी किया जाएगा। उनका कहना है कि इस तरह के आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता लाते हैं और लोगों को दूसरों की जान बचाने के लिए प्रेरित करते हैं। विनोद योगाचार्य ने कहा कि लॉकडाउन लगने के बाद उमंग फाउंडेशन मशोबरा, सुन्नी, खौन्डू, गुम्मा, खटनोल, चियोग और बल्देयां जैसे ग्रामीण इलाकों में रक्तदान शिविर लगाकर आईजीएमसी ब्लड बैंक को रक्त उपलब्ध कराता रहा। इसके अलावा आईजीएमसी में इमरजेंसी में भी रक्तदाताओं को ले जाकर मरीजों की जान बचाने में फाउंडेशन से जुड़े लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
शनिवार, SFI हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी ने परीक्षाओं को लेकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के द्वारा जारी किए गए छात्र विरोधी निर्देशों के खिलाफ शिमला में शिक्षा निदेशालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। SFI राज्य कमेटी ने कहा कि एक ओर तो इस महामारी के कारण छात्र पहले ही मानसिक रूप पीड़ित है दूसरा परीक्षाओं को लेकर चल रही असमंजस ने और अधिक चिंता बढ़ा दी है। अब जल्दबाजी में केंद्र सरकार UGC पर दबाव बनाकर इस भयंकर महामारी के समय परीक्षाओं को करवाने का फैसला छात्र समुदाय पर थोपना चाहती है जिसे बर्दाश्त नही किया जाएगा। SFI का मानना है कि राष्ट्रीय लोक डाउन की कुछ शर्तें जिनमे शिक्षण संस्थानों का बन्द रहना अभी तक जारी है। आज इस महामारी के प्रसार में हम कई राज्यो में तीसरे चरण में पहुंच चुके है और प्रतिदिन देश में 20 से 25 हजार के करीब कोरोना संक्रमितों के मामले सामने आ रहे है लेकिन अगर परीक्षाएं होती है तो करोड़ो छात्र देश भर में इन परीक्षाओं का हिस्सा बनेगा। इसके साथ साथ लाखो की संख्या में इन परीक्षाओं में शिक्षा विभाग के कर्मचारी (Teaching and non teaching staff) भी शामिल होंगे, जिससे वायरस के फैलने की संभावना और अधिक बढ़ेगी। तो क्या ऐसे में सरकारें उनकी सुरक्षा की जिम्मेवारी लेने को तैयार है। हमने पहले ही इस महामारी के चलते बहुत कुछ खोया है 20 हजार के करीब लोगो की जाने अब तक चली गई है, कई लोग अभी जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहे है।
संजौली कॉलेज में आज से ऑनलाइन दाखिले शुरू हो गए हैं। दाखिले की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2020 तक है। आवेदनकर्ता को ऑनलाइन दाखिले में आवेदन करते समय किसी भी प्रकार की परेशानी अथवा तकनीकी सहायता संबंधी मार्गदर्शन के लिए कॉलेज के एनएसएस अधिकारी डॉ मीनाक्षी शर्मा और डॉ विक्रम भारद्वाज ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। एनएसएस संजौली इकाई द्वारा जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर में:- भगत सिंह ठाकुर – 8894245750, नवीन – 8219183004, राहुल देव प्रेमी - 8580655519, रिचा - 7807601994, प्रियंका वोहरा - 8352096997, और अक्षय – 8219868344 से संपर्क कर सकते हैं। कॉलेज एनएसएस अधिकारी ने बताया कि आवेदनकर्ता को ऑनलाइन फॉर्म भरने में यदि किसी भी प्रकार की दिक्कत आ रही हो अथवा प्रक्रिया संबंधी अन्य किसी भी प्रकार की जानकारी की आवश्यकता हो तो जारी किए गए एनएसएस हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें। एन एस एस स्वयंसेवियों द्वारा उनकी समस्या का निदान करने की हर संभव कोशिश की जाएगी।
जिला प्रशासन ने बालूगंज बाज़ार क्षेत्र कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित किया है। आवाजाही प्रतिबंधित है। बिना कारण अन्य जगहों पर भी ना घूमें। फेस कवर का उपयोग करें व सामाजिक दूरी बनाए रखें। कुछ दिनों से अनुशासन की कमी दिख रही है खासकर बाजारों में जहां कई लोग न तो सही से मास्क लगा रहे हैं और न ही दूसरों से आवश्यक दूरी बना रहे हैं। हर जगह पुलिस नहीं हो सकती। केस बढ़ने से पुलिस के अन्य काम भी बढ़ जाते हैं। कृप्या सभी अपनी जिम्मेवारी समझें और Covid 19 से बचाव के सभी निर्देशों का पालन करें।
प्रदेश की जयराम सरकार ने पहली बार राज्य में खाद्य सुरक्षा आयोग का गठन करने के लिए कवायद शुरु कर दी थी, लेकिन सात महीने बीतने के बाद भी मामला फाइल में ही बंद पड़ा हुआ है। सरकार ने पिछले साल सितम्बर महीने में एक चेयरमैन और सदस्याें के दाे पदाें काे भरने के लिए आवेदन भी मांगे थे। सात महीने बीत गए, मगर आवेदन की छंटनी तक नहीं हाे पाई। प्राप्त जानकारी के मुताबिक चेयरमैन पद के लिए 13 और सदस्याें के दाे पदाें के लिए 30 लाेग आवेदन कर चुके हैं। चेयरमैन पद के लिए सेवानिवृत आईएएस अफसर मनीषा नंदा, पीसी धीमान समेत 13 पूर्व आईएएस अधिकारियों और अन्य लोगों ने आवेदन किए हैं। पूर्व आईएएस अधिकारी बीसी बडालिया की रेरा में सदस्य के लिए तैनाती हुई है। अब आंकड़ा 12 रह गया है। बताया जा रहा है कि रेरा में तैनाती न मिलने के बाद अब अफसर खाद्य आयोग में पद की आस लगाए बैठे हैं। बताया गया की इसके लिए भाजपा नेताओं के वरिष्ठ पदाधिकारियों से फोन तक कराए जा रहे हैं। लगातार सिफारिशों के चलते सरकार ने फाइल को ही पेंडिंग में डाल दिया है। बता दें कि तीन साल पहले इस आयोग के गठन की पहल हुई थी। अब इसमें चेयरमैन और सदस्यों की तैनाती की जानी है। राशन में गड़बड़ी पर नकेल कसने के लिए है आयोग इस आयोग में राशन में गड़बड़ियों से संबंधित शिकायतें कर सकेंगे। लोगों को अगर समय पर राशन उपलब्ध नहीं हो रहा है तो आयोग में आवेदन या फिर ई-मेल या डाक के माध्यम से चेयरमैन को शिकायत कर सकेंगे। आयोग में लोगों की सुनवाई के लिए बैच बैठेगा। खाद्य सुरक्षा से संबंधित हाेनी चाहिए जानकारी खाद्य सुरक्षा आयोग में चेयरमैन और सदस्याें के लिए खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में जानकारी हाेनी चाहिए। इसके साथ-साथ अखिल भारतीय सेवाओं का सदस्य हो अथवा रहा हो, केंद्र व राज्य में अन्य नागरिक सेवाओं के अन्तर्गत किसी पद पर अपनी सेवाएं दी हों, खाद्य सुरक्षा से संबंधित मामलों में अनुभव, नीति बनाना और कृषि के क्षेत्र में प्रशासनिक अनुभव, खाद्य आपूर्ति, पोषाहार, स्वास्थ्य तथा अन्य संबंधित क्षेत्र में अनुभव व जानकारी रखते हों। यही नहीं, बल्कि कृषि क्षेत्र में अनुभव व ज्ञान के अलावा समाज में विशेष स्थान रखने वाले व्यक्ति, कानून, मानवाधिकार, प्रबंधन, समाज सेवा, खाद्य नीति तथा लोक प्रशासन से संबंधित व्यक्ति भी इन पदों के लिए पात्र हाेगा। सीएस की अध्यक्षता में हाेगी छंटनी कमेटी की बैठक हिमाचल प्रदेश खाद्य सुरक्षा आयाेग के चेयरमैन और सदस्याें की नियुक्ति के लिए मुख्य सचिव अनिल कुमार खाची की अध्यक्षता में छंटनी कमेटी की बैठक हाेगी। हालांकि अभी तक इस बैठक की तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन आवेदनाें काे अंतिम रूप यही कमेटी देगी।
17 जुलाई 2020 को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रांत मंत्री राहुल राणा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश का एकमात्र कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के भ्रष्ट कुलपति के कारण आए दिन सुर्खियों में रहता है। आज हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा कृषि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अध्यापक को प्रताड़ित करने के आरोप में कुलपति को लताड़ लगाते हुए 50 हजार का जुर्माना लगाया गया। इन्हीं कुलपति पर पूर्व में महिला से छेड़छाड़ करने के आरोप में भी गुवाहाटी हाईकोर्ट में मुकदमा चल रहा है। जब से यह कुलपति विश्विद्यालय में आए हैं तब से कृषि विश्वविद्यालय वित्तीय घाटे में जा रहा है। इन्हीं कुलपति पर PHD कर रही छात्रा को प्रताड़ित करने का आरोप भी लगाया जा चुका है तथा अपने चहेतों को विश्वविद्यालय में भर्ती करने का काम भी कुलपति ने किया है। वहीं अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल कर के अतरिक्त विस्तार पर कार्यरत यही कुलपति "बोर्ड ऑफ मीटिंग" व "फाइनेंस कमेटी" की मीटिंग कर के अपने लोगों को गलत तरीके से फायदा पहुंचाने का भी कार्य कर रहा है। इस तरह के भ्रष्ट व्यक्ति का कुलपति के पद पर बैठना तर्कसंगत नहीं है हालांकि पिछले वर्ष 10 अगस्त 2019 से यह भ्रष्ट व्यक्ति अतिरिक्त विस्तार के तौर पर कुलपति के रूप में कार्य कर रहे हैं। विश्वविद्यालय के उच्च पद पर आसीन कुलपति पर वरिष्ठ अध्यापक को प्रताड़ित करने के आरोप में 50 हजार का जुर्माना लगाना विश्वविद्यालय और प्रदेश के लिए निराशाजनक है। अतः विद्यार्थी परिषद प्रदेश के मुख्यमंत्री और राज्यपाल से यह माँग करती है कि ऐसे भ्रष्ट व्यक्ति को तुरंत प्रभाव से बर्खास्त कर के नए कुलपति की नियुक्ति की जाए।
ज़िला शिमला के ग्रांम कलगांव के रहने वाले पति पत्नी दोनों ने फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला को समाप्त कर दिया है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक शांता कुमार पुत्र गोकल चंद गांव कलगांव डाकघर पुजारली न० 2 तहसील व थाना रोहडू जिला शिमला, उम्र लगभग 42 साल व 40 वर्षीया मीना पत्नी शांता कुमार ने शील गांव के जंगल मे वाटर लिफ्ट के साथ देवदार के पेड़ में एक ही रस्सी से फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर दी है। रोहड़ू थाना पुलिस मौके पर पंहुच गई है और दम्पत्ति की आत्महत्या के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
जयराम सरकार में कृषि मंत्री डॉ रामलाल मार्कंडेय के खिलाफ एक बार फिर स्पिति की जनता का गुस्सा फूट गया। बीते दिनों स्पिति में मंत्री का रास्ता रोकने वालों पर एफआईआर हुई थी। अब स्पिति की यूथ कांग्रेस समेत अन्य संगठनों ने मोर्चा खोल दिया। स्पिति की महिला, युवा और व्यापार मंडलों ने मुख्यमंत्री, राज्यपाल और उपायुक्त लाहौल-स्पिति को ज्ञापन सौंप कर झूठे मुक़दमे और विभागीय जांच रद्ध करने की मांग की। प्राप्त जानकारी के मुताबिक 1207 परिवारों ने ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर इस मुहिम को दिया समर्थन है। काज़ा महिला मंडल अध्यक्ष सोनम डोल्मा का कहना है कि “मंत्री के प्रवेश पर हुए स्थानीय विरोध को न जाने कितने रंग और चेहरे दिए जा रहे हैं। हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि 9 जून को हुआ विरोध स्पिति को कोरोना मुक्त बनाने की स्थानीय मुहिम के तहत था, व पूर्ण रूप से गैर-राजनैतिक था। हमारी इस मुहीम को एक राजनैतिक रंग देने की कोशिश की जा रही और कहा जा रहा है कि स्थानीय विरोध में एक पार्टी विशेष के नारे लगे जो सरासर झूठ हैं और इसका हम पुरजोर विरोध करते हैं जो कि हमने अपने ज्ञापन में भी स्पष्ट किया है।”
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने शिमला शहर की विभिन्न समस्याओं को लेकर उपयुक्त को ज्ञापन सौंपा। जिला संयोजक सचिन ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान समय में कोरोना संकट को देखते हुए कई प्रकार की कठिनाई लोगो को झेलनी पड़ रही है उसी के चलते शिमला शहर की कुछ मुख्य समस्यों को लेकर विद्यार्थी परिषद उपयुक्त शिमला से मिली और ज्ञापन सौंपा। अखिल भारतीय विद्याथी परिषद इस ज्ञापन के माध्यम से शिमला शहर के शिक्षा क्षेत्र में तथा शिमला शहर में विद्यार्थियों को आ रही विभिन्न समस्याओं को लेकर ज्ञापन दिया गया जिसमें विद्यार्थी परिषद की मुख्य मांगे इस प्रकार थी कि 1. महाविद्यलयों में में दाखिला ले रहे विद्यार्थी जहां पर भी साइबर कैफे अथवा अन्य संस्थान में अपना ऑनलाइन फार्म भरता है तो उसका निश्चित रेट किया जाए। 2 शिमला शहर में विद्यार्थीयों को पढ़ाई के लिए रहन सहन करना पड़ता है लेकिन पिछले कोविड -19 के कारण मकान मालिक किराया वसूल कर रहे हैं जो कि गलत है जबकि विद्यार्थी इस दौरान इन मकानो में नहीं रहे। 3. शिमला शहर में मकान का निश्चित किराया किया जाना चाहिए क्योंकि बहुत से विद्यार्थी केवल पढ़ाई के उद्देश्य से आता है ।इस प्रकार की समस्याओं को लेकर विद्यार्थी परिषद ने ज्ञापन सौंपा। सचिन ने कहा कि आज के समय मे जहाँ एक ओर तो कोरोना का संकट है और वहीं दूसरी ओर लोगो की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है। यही बात शिमला में पढ़ने वाले छात्रों की हो तो ग्रामीण परिवेश से छात्र यहाँ पढ़ने आते है और इस वर्ष संकट के समय मे सभी लोगो की आर्थिक स्थिति भी ठीक नही है जिसके चलते उन्हें बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बीते लंबे समय से छात्र शिमला में अपने किराए के मकान में नही रह रहे है और इस दौरान भी उनसे किराया लिया जा रहा है जबकि वे छात्र इस दौरान वहां रहा भी नहीं ऐसी स्थिति में मध्यम वर्ग के लोग बहुत चिंतित है। इसलिए इन महीनों के किराया या तो माफ किया जाए या किसी प्रकार की छूट इसमें दी जाएं और साथ ही आज कल महाविद्यालयो में प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ हो गए है और इस वर्ष ऑनलाइन माध्यम से ही प्रवेश होंगे ऐसे में साइबर कैफे में फॉर्म भरने का रेट भी निर्धारित होना चाहिए और जिससे छात्रो से अतिरिक्त पैसे न लिए जाए। उपयुक्त ने आश्वासन दिया है कि इन सभी समस्याओं का अवश्य कोई समाधान निकाला जाएगा।
सेब उत्पादक राज्य हिमाचल काे इस बार नेपाली मजदूराें का संकट आ चुका है। हर साल नेपाली मजदूराें पर निर्भर रहने वाले हिमाचल के सेब बागवानाें काे मजदूराें के संकट से गुजरना पड़ेगा। हालांकि इन दिनों जिला शिमला में सेब सीजन शुरु हाे चुका है, लेकिन सितम्बर माह से जिला किन्नौर समेत कुल्लू में भी सीजन स्टार्ट हाेगा। बताया गया की जाे नेपाली मजदूर लाॅकडाउन से पहले हिमाचल में फंसे रहे उन्हीं से ही इस बार काम चलाना पड़ सकता है। यहां तक कि बीते दिनाें मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने दावा किया था की सेब सीजन के समय मजदूराें की काेई दिक्कतें नहीं आएगी, मगर यहां हालात यह है की जिला शिमला में कम से कम 95 हजार से एक लाख तक मजदूराें की आवश्यकता रहती है। वर्तमान में जिला में मात्र 40 हजार लेबर हैं जिसमे सिरमौर, चंबा और नेपाल के मजदूर शामिल हैं। बड़े बागवान स्वयं ही दूसरे राज्याें से मजदूर आ रहे हैं, लेकिन दिक्कत छाेटे बागवानाें काे आ रही है। नेपाल से मजदूर न आने की स्तिथि में प्रदेश सरकार अपने स्तर पर आठ से 10 हजार अतिरिक्त मजदूराें का इंतजाम करेगी। जिन जिलों में सीजन खत्म, ताे दूसरे जिले में शिफ्ट होगी लेबर नेपाल से मजदूराें के न आ पाने की स्थिति काे देखते हुए राज्य सरकार ने दूसरा विकल्प भी तैयार कर दिया है। सरकार और बागवानी विभाग द्वारा तैयार प्लान के मुताबिक जिन जिलों में सेब सीजन समाप्त हाेगा, वहां की लेबर दूसरे जिलों में शिफ्ट हाेगी। यानि शिमला के बाद जिला किन्नौर में शुरु हाेने वाले सेब सीजन के लिए जिला शिमला से सभी मजदूर रवाना किए जाएंगे। बागवानी विभाग ने डीसी शिमला और किन्नौर से मांगी डिटेल राज्य बागवानी विभाग ने डीसी शिमला और किन्नौर से मजदूराें की पूरी डिटेल मांगी है। भले ही किन्नौर में अभी सेब सीजन शुरु नहीं हुआ हाे, मगर मजदूराें का इंतजाम करना पड़ेगा। कारण यह भी है कि किन्नौर की भाैगाेलिक परस्थिति जिला शिमला से हट कर है। सेब की पेटियाें काे सड़क पर पहुंचाने के लिए कम से कम 90 हजार मजदूराें की आवश्यकता रहती है। सरकार और विभाग पूरी काेशिश में हैं कि नेपाल से हजाराें मजदूर आए, लेकिन उम्मीद कम है। ऐसी परस्थिति काे देखते हुए जिन जिलों में सेब सीजन समाप्त हाे जाएंगे वहां से मजदूराें काे दूसरे जिलों में शिफ्ट किए जाएंगे। काेराेना जैसी महामारी के चलते इस बार ऐसी दिक्क़ते आ रही है। अभी तक जिला शिमला में 40 हजार के करीब लेबर हैं, आने वाले दिनों में आठ से दस हजार अतिरिक्त लेबर पहुंच जाएगी। -अमिताभ अवस्थी, सचिव बागवानी।
- ट्यूशन फीस के नाम पर मनमानी, कार्रवाई कोई नहीं हिमाचल प्रदेश के निजी स्कूलों में ट्यूशन फीस के नाम पर मची लूट पर शिक्षा विभाग सिर्फ़ ज़ुबानी कार्रवाई कर रहा है। हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट ने अब नया फ़रमान जारी कर दिया। एसे में अब प्राइवट स्कूल मेनेजमेंट को अब लिखित में फीस की पूरी जानकारी शिक्षा विभाग को देनी होगी। कोविड-19 के प्रकोप के बीच भी मनमानी कर रहे निजी स्कूलों पर शिकंजा कसने के लिए ही ये निर्णय लिया गया है। इसके तहत उच्च शिक्षा निदेशालय हर स्कूल से एक परफार्मा भरवाएगा जिसमें हर निजी स्कूल से लिखित में छात्रों से ली जा रही फीस की डिटेल ली जाएगी। कितने बच्चे स्कूल में कक्षावार पढ़ रहे हैं, इसकी जानकारी भी देनी होगी। कैबिनेट ने बीते वर्ष तय हुई ट्यूशन फीस ही इस मर्तबा लेने के आदेश दिए हैं। बावजूद इसके कई निजी स्कूलों ने ट्यूशन फीस में अन्य तरह के फंड शामिल कर दिए हैं। मार्च में तीन से चार महीनों की पूरी फीस जमा करवाने वाले अभिभावकों के आग्रह के बावजूद इसे आगामी किस्त में एडजस्ट नहीं किया जा रहा है। निदेशालय के पास लगातार इस तरह की शिकायतें पहुंच रही हैं। इसी बीच शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूलों से फीस का ब्योरा एकत्र करने का फैसला लिया है, इसके लिए एक परफ़ोरमा तैयार किया गया है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ अमरजीत कुमार शर्मा ने इसकी पुष्टि की है।
इस बार स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर गवर्नर हाउस में एट होम कार्यक्रम पर ब्रेक लगेगी। कोरोना संकट के बीच राज्यपाल ने एट होम प्रोग्राम आयोजित न करने का निर्णय लिया है। बता दें कि हर साल 15 अगस्त को सत्तापक्ष और विपक्ष को गवर्नर राजभवन में एट होम का आयोजन करवाते हैं, मगर इस बार कोरोना महामारी को देखते हुए राज्यपाल दत्तात्रेय ने कार्यक्रम पर ब्रेक लगाने का निर्णय लिया है। राज्यपाल ने कहा कि आज कोरोना महामारी के कारण पूरा देश व दुनिया ग्रसित है। आज प्रदेश के लोग सरकार द्वारा दिए सभी दिशा निर्देशों का पालन कर रहे है, जो महामारी से बचने के लिए महत्वपूर्ण भी है। उन्होंने लोगों को सामाजिक दूरी बनाए रखने व मास्क और हैंड सेनिटाइजर इस्तेमाल करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय कोरोना महामारी के दृष्टिगत लिया गया है तथा यह निर्णय राज भवन के खर्च कम करने में भी सहायक सिद्ध होगा।
हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ की एक आपात बैठक पिछले कल प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में शिमला में हुई जिसमें संघ के महासचिव श्याम लाल हांडा सहित अन्य पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में संघ ने शिक्षकों के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की गई। चर्चा उपरांत सरकार से मांग की गई की सरकार अपने घोषणा पत्र के अनुसार अनुबंध अध्यापकों के नियमितीकरण को 3 वर्ष के बजाए 2 वर्ष करने पर तुरंत निर्णय लें। संघ ने प्रधानाचार्य एवं मुख्य अध्यापकों सहित सभी वर्गों के शिक्षकों की पदोन्नति करने की विभाग और सरकार से मांग की है। यह पदोन्नति लंबे समय से नहीं हो पा रही है। संघ का कहना है कि प्रधानाचार्य की पदोन्नति तो पिछले 2 वर्ष से रुकी पड़ी है जिस वजह से स्कूलों में एक ओर जहां बच्चों की पढ़ाई पर प्रभाव पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर बहुत से मुख्याध्यापक एवं प्रवक्ता बिना पदोन्नति ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं जिससे शिक्षकों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। साथ ही बैठक में अनुबंध शिक्षकों को जो 6 साल बाद, 5 साल बाद या फिर 3 साल बाद नियमित हुए हैं उन्हें उनकी प्रथम नियुक्ति से वरिष्ठता एवं अन्य सभी लाभ देने की मांग की गई। संघ ने केंद्र सरकार की नई पेंशन नीति के उस प्रावधान को हिमाचल में लागू करने की भी मांग की जिसमें किसी भी कर्मचारी की अकस्मात मृत्यु या अपंगता के कारण उसे पुरानी पेंशन के सभी लाभ दिए जाते है। संघ ने 4-9-14 टाइम स्केल को 2009 की अधिसूचना के अनुसार बहाल करने एवं ग्रेड पे में लगी 2 साल की शर्त को हटाने , 2016 से केंद्र का नया वेतनमान लागू करने व भूतपूर्व सैनिकों को वरिष्ठता लाभ न देने की भी मांग की। बैठक में केवल शिक्षकों के लिए ही स्थानान्तरण नीति बनाने पर भी आपत्ति दर्ज की गई जबकि सभी कर्मचारियों को समानता का अधिकार है। संघ का कहना है कि पीटीए, पैरा एवं पैट शिक्षकों के नियमितीकरण को लेकर विभाग द्वारा ढुलमुल रवैया पर भी संघ ने आपत्ति जताई क्योंकि 25 जून को सरकार ने कैबिनेट के द्वारा इनके नियमितीकरण की सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार हरी झंडी दे दी थी। उसके बाद से आज तक इतना लंबा समय बीत जाने के उपरांत भी इनके नियमितीकरण के आदेश जारी नहीं हो पाए हैं जो की बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण हैं। राजकीय अध्यापक संघ का कहना है कि संघ ने सरकार को एक अल्टीमेटम दिया है यदि इन शिक्षकों का नियमितीकरण नहीं किया जाता है और शिक्षकों की उपरोक्त मांगों को नहीं पूरा किया जाता है तो संघ के पास विरोध प्रदर्शन के सिवा और कोई चारा नहीं बचता है उसका उत्तरदायित्व सरकार व विभाग का होगा।
विधानसभा अध्यक्ष के बाद भाजपा अध्यक्ष बने डॉ राजीव बिंदल को भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच पद को छोड़ना पड़ा लेकिन राजीव बिंदल की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही है। सीपीआईएम ठियोग के विधायक राकेश सिंघा ने स्वास्थ्य घोटाले के साथ विधानसभा में हुई 6 भर्तियों में भी धांधली के आरोप लगाए हैं। सिंघा ने आरोप लगाया कि ये भर्तियां भाई भतीजावाद के आधार पर की गई। विधानसभा में नियमों को ताक पर रखकर लॉ ऑफिसर का नया पद सृजित कर अपने संबंधी व निज़ी सचिव की बेटी को भर्ती कर दिया। इसके अलावा 3 भर्तियाँ अपने चुनाव क्षेत्र नाहन व एक भर्ती सोलन से की गई जबकि एक भर्ती भाजपा उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम गुलेरिया के बेटे की है। सिंघा ने समूचे मामले की न्यायिक जांच की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि विजिलेंस की जितनी भी जाँच आज तक हुई उनका कोई नतीजा नही निकल पाया। उन्हें सूचना है कि सरकार स्वास्थ्य विभाग में हुए घोटाले में भी लीपापोती कर क्लीन चिट देने की फ़िराक में है इसलिए मामले की न्यायिक जांच ही ताकि सच्चाई सामने आ सके।
भाजपा महिला मोर्चा हिमाचल प्रदेश द्वारा कोरोना वैश्विक महामारी से मुक्ति एवं विश्व शांति हेतु 55 लाख गायत्री जाप का आयोजन वीरवार को शिमला में लिफ्ट के समीप पार्किंग में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला मोर्चा की प्रदेश अद्यक्षा रश्मी धर सूद द्वारा की गई, उनके साथ कार्यक्रम की प्रभारी वंदना गुलेरिया एवं सह प्रभारी मधु सूद भी उपस्थित रही। कार्यक्रम में पूर्णाहुति प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा दी गई। उनके साथ भाजपा प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल एवं प्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा, शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज एवं मंत्री सरवीण चौधरी उपस्थित रहे।
भारत स्काउट्स एवं गाइड्स हिमाचल प्रदेश की नोै ओपन यूनिट्स ने कोविड-19 मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 71 हजार रुपये की धनराशि भेंट की। प्रतिनिधि विवेक कुमार शर्मा, सहायक रोवर स्काउट लीडर, देव भूमि रोवर्स ओपन क्रू कुल्लू द्वारा डॉ अंजू शर्मा, राज्य आयुक्त गाइड, श्री मति सुधा शर्मा, सह राज्य आयुक्त गाइड, डॉ राज कुमार, राज्य सचिव, डॉ सुनील बनयाल, राज्य विकास समन्वयक की मौजूदगी में डॉ अमरजीत कुमार शर्मा, निदेशक उच्च शिक्षा व राज्य मुख्य आयुक्त हिमाचल प्रदेश के माध्यम से मुख्यमंत्री राहत कोष कोविड-19 के लिए 71,000/- रुपये की धनराशि भेंट की। इस धनराशि को पूरा करने के लिए पार्वती रेंजर्स ओपन टीम कुल्लू, हिल्स क्वीन रेंजर्स ओपन टीम शिमला, हिमालयन रोवर्स ओपन क्रू कुल्लू, स्नो लैंड रोवर्स ओपन क्रू कुल्लू, देव भूमि रोवर्स ओपन क्रू कुल्लू, खालसा रोवर्स ओपन क्रू मंडी, गौतम बुद्ध रोवर्स ओपन क्रू मंडी, मॉन्टेनेर रोवर्स ओपन क्रू सोलन व त्रिउंड रोवर्स ओपन क्रू कांगड़ा ने अपना योगदान दिया। कमलेश ठाकुर कमेटी अध्यक्ष व रोहित चंदेल, उपाध्यक्ष द्वारा जानकारी देते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश में ओपन यूनिट्स हर स्तर पर अपनी सेवाएं दे रही है। कोरोना महामारी के समय भारत स्काउट्स एंड गाइड हिमाचल प्रदेश की ओपन यूनिट्स ने लोगों को जागरूक करने में अपना अहम योगदान दिया है जिसमे इन्होंने लोगों को सोशल मीडिया के माध्यम से पोस्टर व स्लोगन बना कर जहां घर बैठे जागरूक किया वहीं अपने-अपने जिला में प्रशासन के साथ मिलकर पिछले तीन महीनों में जमीनी स्तर पर भी कार्य किया। इस महामारी के समय में ओपन यूनिट्स द्वारा एक कमेटी बना कर मुख्यमंत्री राहत कोष कोविड-19 के लिए धनराशि देने का निर्णय लिया गया, जिसे 15 जुलाई को डॉ अमरजीत कुमार शर्मा, निदेशक उच्च शिक्षा व राज्य मुख्य आयुक्त हिमाचल प्रदेश को सौंप दिया गया।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिमला जिले के कोटखाई विधानसभा के टिक्कर क्षेत्र में 73 करोड़ रुपये की विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के उद्घाटनऔर शिलान्यास किए। जय राम ठाकुर ने 20.33 लाख रुपये की लागत से निर्मित निरगी से कशैणी जलापूर्ति योजना लोगों को समर्पित की। उन्होंने टिक्कर तहसील कार्यालय का उद्घाटन भी किया। मुख्यमंत्री ने जल-जीवन मिशन के तहत 24.87 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले नावर रोहड़ू ब्लाॅक, कोटखाई की विभिन्न ग्राम पंचायतों के शेष बचे घरों के लिए पब्बर नदी से उठाऊ जलापूर्ति योजना, 3.67 करोड़ रुपये की लागत से ग्राम पंचायत टिक्कर के शेष बचे हुए गांव के लिए निर्मित होने वाली जलापूर्ति योजना, ग्राम पंचायत पुजारली नं. 4, धराड़ा, हस्ताड़ी, समारा और टिक्कर के शेष बचे हुए घरों को कवर करने वाली 3.41 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली जलापूर्ति योजना, 4.23 करोड़ रुपये की लागत से ग्राम पंचायत कुठाड़ी, कड़यून, धराहड़ा, शरोंथा और टिक्कर के शेष बचे घरों को कवर करने के लिए कार्यान्वित होने वाली उठाऊ जलापूर्ति योजना की भी आधारशिला रखी। जय राम ठाकुर ने 15.62 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली गंगानगर-खांगटा सड़क, 14.28 करोड़ रुपये की लागत से मेंहदली-गणासीधार सड़क के उन्नयन की आधारशिला रखी। उन्होंने 1.60 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली पुलिस चैकी, टिक्कर और 5.25 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले ग्रेडिंग और पेकिंग सेंटर तुतूपानी (तहसिल टिक्क्र) की आधारशिला रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने जुब्बल और कोटखाई विधानसभा क्षेत्र के जुब्बल और नावर क्षेत्र के लिए 150 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाएं लोगों को समर्पित की हैं। उन्होंने कहा कि तुतूपाणी में ग्रेडिंग और पेकिंग केंद्र स्थापित किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के बागवानो को नवीनतम ग्रेडिंग और पेकिंग की सुविधा उनके घर-द्वार पर मिलेगी। उन्होंने कहा कि जल-जीवन मिशन के तहत उठाऊ जलापूर्ति योजनाओं से नावर क्षेत्र के लोगों को नल से पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने सेब की ढुलाई तथा इसे मंडी तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। राज्य सरकार ने न केवल नेपाल परंतु अन्य जिलों जैसे सिरमौर, चम्बा मण्डी से भी श्रमिकों को लाने के समूचित प्रबंध किए हैं। सरकार ने नावर क्षेत्र के कशैणी गांव के बाशिंदों को 2.04 करोड़ रुपये की त्वरित सहायता राशि प्रदान की है जिनके घर कुछ महीने पहले आगजनी के कारण पूरी तरह से जल गए थे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उन्होंने जिन परियोजनाओं की आधारशिला रखी है, उनको तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए ताकि लोगों को इन परियोजनाओं के लाभ अतिशीघ्र मिल सके। मुख्य सचेतक और स्थानीय विधायक नरेंद्र बरागटा ने क्षेत्र के लिए करोड़ो रुपये की विकासात्मक परियोजनाएं समर्पित करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के बावजूद भी किसान अपने उत्पादों को बिना किसी बाधा के मण्डियों तक पहुंचा पा रहे हैं जिसका श्रेय मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर द्वारा समय रहते की गई पहल को जाता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के सक्षम नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश देश के विकसित राज्यों की श्रेणी में तेजी से बढ़ रहा है।
हिमाचल प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम की बैठक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डा. राजीव सैजल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। उन्होंने अधिकारियों से यह सनिश्चित बनाने के निर्देश दिए कि प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ अधिक से अधिक अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों तक पहुंचे ताकि उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि समुदाय विशेष के लोगों तक विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए संबंधित समुदाय के नेताओं को साथ लेकर कार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों को एक मंच पर लाने की जरूरत है और हिमाचल प्रदेश से इसकी पहल होनी चाहिए। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि लाहौल स्पिती व किन्नौर जिला के अल्पसंख्यक लोगों तक भी सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचना चाहिए और इस बात पर विशेष तौर पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ये प्रयास भी होने चाहिए कि प्रदेश के मुस्लिम, बौद्ध व सिक्ख समुदाय जैसे अल्पसंख्यक वर्गों के लोगों को भी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ मिलें। उन्होंने कहा कि निगम अल्पसंख्यक समुदाय एवं दिव्यांगों को स्वरोजगार व उच्च शिक्षा के लिए सस्ती दरों पर ऋण सुविधा उपलब्ध करवा रहा है। निगम ने स्वरोजगार के लिए अभी तक अल्पसंख्यक समुदायों के 2664 व्यक्तियों को 50.68 करोड़ रूपये के ऋण तथा 1605 दिव्यांगों को 39.29 करोड़ रूपये के ऋण विभिन्न योजनाओं के अन्र्तगत दिए हैं। इसके अलावा, शिक्षा क्षेत्र में 24 अल्पसंख्यक बच्चों को 0.58 करोड़ रुपये के ऋण तथा तीन दिव्यांग बच्चों को 0.7 करोड़ के ऋण उपलब्ध करवाए गए हैं। निगम द्वारा कुल 4296 अल्पसंख्यक एवं दिव्यांग व बच्चों को स्वरोजगार एवं शिक्षा के क्षेत्र में कुल 90.63 करोड़ रुपये के ऋण उपलब्ध करवाए गए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी निगम को वित्त वर्ष 2020-21 के लिए राष्ट्रीय निगमों द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय के 333 लाभार्थियों को पांच करोड़ रुपये व दिव्यांगजनों के 300 लाभर्थियों को तीन करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता है ताकि कोरोना संकट के इस समय में राज्य के दूर-दराज क्षेत्रों के लोगों को निगम की ऋण योजनाओं का लाभ मिल सके। बैठक में निदेशक मंडल की सदस्य एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता निशा सिंह एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रदेश की आशा कार्यकर्ताओं को निःशुल्क स्मार्ट फोन वितरित किए ताकि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन प्रभावी और कुशलतापूर्वक कर सकें। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की आशा कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस सुविधा की उपलब्धता से आशा कार्यकर्ता अपना काम बेहतर तरीके से कर सकेगीं। उन्होंने कहा कि इन स्मार्ट फोन से आशा कार्यकर्ता डीसीडी, हिमआरोग्य, टीबी मुक्त हिमाचल ऐप, आरसीएच पोर्टल आदि एप्लिकेशन का प्रयोग कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि यह मोबाइल वीडियो और पोस्टर सहित सिंगल बटन के पुश के माध्यम से आईईसी के प्रभावी प्रसार में भी उनकी मदद करेगा और बल्क एसएमएस के माध्यम से सुचारू संचार में भी सुविधा होगी। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने आशा कार्यकर्ताओं को मार्च, अप्रैल, मई और जून माह के दौरान 1000 रुपये प्रति माह की प्रोत्साहन राशि प्रदान की है और अब जुलाई और अगस्त माह के दौरान प्रदेश सरकार राज्य की सभी आशा कार्यकर्ताओं को 2000 रुपये प्रतिमाह की प्रोत्साहन राशि प्रदान कर रही है। प्रदेश में लगभग 7842 आशा कार्यकर्ता अपनी सेवाएं दे रही हैं, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों में 7809 और शहरी क्षेत्रों में 33 कार्यकर्ता शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी ने सम्पूर्ण विश्व को हैरान कर दिया है, जिसके लिए स्वास्थ्य सेवाएं तैयार नहीं थी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश इस वायरस से प्रभावशाली तरीके से लड़ रहा है, तथा प्रदेश की आशा कार्यकर्ता इसको फैलने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता न केवल जुखाम जैसे लक्षण वाले लोगों को ढूंढने, बल्कि लोगों को क्वारंटीन के नियमों का सख्ती से पालन करने के लिए प्रोत्साहित करने में भी मदद कर रही हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि जमीनी स्तर पर आशा कार्यकर्ता सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं, जिन्होंने इस कोरोना महामारी के समय में बाहरी राज्यों से आए लोगों को होम क्वारंटीन के नियमों का सख्ती से पालन करने के लिए प्रेरित करना सुनिश्चित किया हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार द्वारा चलाए गए एक्टिव केस फांइडिंग कैम्पेन में भी अहम भूमिका निभाई है, जिसकी सराहना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भी की गई है। प्रधानमंत्री ने अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी सम्बन्धित राज्य में जुखाम जैसी लक्षणों का पता लगाने के लिए हिमाचल प्रदेश द्वारा चलाए गए इस अभियान को अपनाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता न केवल लोगों में सामाजिक दूरी के महत्व को समझाने बल्कि इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए फेस मास्क का प्रयोग करने के लिए प्रेरित करने में भी अहम भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं ने होम क्वारंटीन में रह रहे लोगों को इस बारे में जागरूक बनाने में भी बड़ा योगदान दिया है कि वे लोग होम क्वारंटीन के नियमों का सख्ती से पालन करें ताकि उनके परिजन सुरक्षित रहें। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने कोरोना वायरस के सामुदायिक संक्रमण को रोकने में कामयाबी हासिल की है, जिसका बड़ा श्रेय कार्यकर्ताओं को जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आशा कार्यकर्ताओं की सभी जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव आर.डी. धीमान ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने राज्य की आशा कार्यकर्ताओं द्वारा समाज के प्रति महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए उनको 500 रुपये अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने की स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने सोमवार को वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला शिमला के जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र के जुब्बल क्षेत्र में 76.25 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास किए। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की जिन परियोजनाओं को जनता को समर्पित किया उनके प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गांव धनसर में 4.14 करोड़ रुपये की लागत से लगभग 352 लोगों को सुविधा प्रदान करने वाले सम्पर्क सड़क मार्ग, लगभग 450 लोगों की सुविधा के लिए 3.85 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित घयान-सोजला सम्पर्क मार्ग के स्तरोन्यन और मैटलिंग, 54.46 लाख रुपये की लागत से निर्मित पन्सारी सम्पर्क मार्ग, 61.11 लाख रुपये की लागत से निर्मित बड़ाल-बनाना-कटारला-नलीबान सम्पर्क मार्ग और 30.78 लाख रुपये की लागत से मुरल-वीरगढ़ सम्पर्क मार्ग आदि शामिल हैं। उन्होंने ग्राम पंचायत शिल्ली की छूटी हुई बस्तियों के लिए 79.09 लाख रुपये की लागत से निर्मित पेयजल आपूर्ति योजना और ग्राम पंचायत मानदल की आंशिक रूप से कवर की गई बस्तियों के लिए 40.78 लाख रुपये की जलापूर्ति योजना का शुभारम्भ किया। उन्होंने सरस्वती नगर (हाटकोटी) में 39 लाख रुपये की लागत से निर्मित उप-मण्डल कार्यालय और लोक निर्माण विभाग के स्टोर का भी शुभारम्भ किया। जय राम ठाकुर ने क्षेत्र के लगभग एक लाख लोगों की सुविधा के लिए 39.58 करोड़ रुपये की लागत से हाटकोटी में निर्मित होने वाले 66 केवी सब स्टेशन, लाल बहादुर शास्त्री राजकीय महाविद्यालय सरस्वती नगर में 8.37 करोड़ रुपये के व्यय से निर्मित होने वाले आॅडिटोरियम तथा 30 लाख रुपये की लागत से नकराड़ी में निर्मित होने वाले पशु औषधालय के भवन की आधारशिलाएं भी रखीं। मुख्यमंत्री ने 1.07 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले खरशाल-शिलोली वाया धनसर सम्पर्क मार्ग, जुब्बल में एक करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले उप-मण्डल कार्यालय, और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के लिए आवासों, लगभग 260 लोगों की सुविधा के लिए 73.42 लाख रुपये से बनने वाले सराली-कपारी-सनोली सम्पर्क मार्ग, लगभग 253 लोगों को सड़क सुविधा प्रदान करने के लिए 45.40 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाली सलाना गांव के सम्पर्क मार्ग, लगभ 302 लोगों को लाभान्वित करने के लिए 38.63 लाख रुपये के व्यय से निर्मित होने वाले जखेला-डोगरी-मडेक सम्पर्क मार्ग तथा 38.63 लाख रुपये के व्यय से छिकली गांव के सम्पर्क मार्ग और 34.32 लाख रुपये की लागत से शिल्ली-रोशाल सम्पर्क मार्ग की आधारशिलाएं भी रखीं। जय राम ठाकुर ने जल जीवन मिशन के अन्तर्गत रावी, थाना, पन्दराणू, जालटा, गिलटाड़ी और अन्टी ग्राम पंचायतों के छूटे हुए गांवों के लिए 6.43 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली उठाऊ और बहाव पेयजल आपूर्ति योजना, कठासू, मण्ढोल, कोट काईना, सारी, बराल और धनार पंचायतों के छूटे हुए गांवों के लिए 2.77 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली उठाऊ और बहाव पेयजल आपूर्ति योजना तथा झड़ग, नकराड़ी, जालटा और रावी ग्राम पंचायतों के छूटे हुए घरों के लिए 1.74 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली उठाऊ और बहाव पेयजल जलापूर्ति योजना, जल जीवन मिशन के अन्तर्गत शाली, पराल, जयपीड़ी माता और शिल्ली पंचायत के छूटे हुए घरों के लिए 1.23 करोड़ रुपये की उठाऊ और बहाव पेयजल आपूर्ति योजना और 37 लाख रुपये के व्यय से जुब्बल तथा नगर पंचायत के लिए पेयजल जलापूर्ति के विस्तार की भी आधारशिलाएं रखीं। जय राम ठाकुर ने कहा कि जुब्बल कोटखाई में नाबार्ड के तहत 49 करोड़ रुपये की लागत से 14 सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दो सड़कों का निर्माण 20 करोड़ रुपये की लागत से केन्द्रीय सड़क कोष के तहत किया जा रहा है तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 16 सड़कों के निर्माण पर 68 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के 42 भवनों के निर्माण पर 25 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसी प्रकार क्षेत्र की 51 सड़कों के रख-रखाव पर 7 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान क्षेत्र की विभिन्न पेयजल आपूर्ति और सिंचाई योजनाओं पर 13.81 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बागवानी गतिविधियां सुदृढ़ करने के लिए 10.51 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं। क्षेत्र के 881 बागवानों को एंटी हेलनेट सुविधा प्रदान करने के लिए 7.95 करोड़ रुपये और क्षेत्र के किसानों को उपकरणों, पावर स्प्रेयर, पावर टिल्लर और जल भण्डारण टैंकों के निर्माण के लिए तीन करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 महामारी ने हमें तकनीक के माध्यम से बातचीत करने पर विवश किया है। राज्य में स्थिति देश के अन्य राज्यों की अपेक्षा ठीक है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के कारण विकास की गति बाधित न हो इसके लिए सरकार ने विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिलाएं व लोकार्पण आॅनलाइन किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बागवानी हमारी अर्थ-व्यवस्था का प्रमुख आधार है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि लाॅकडाऊन के कारण बागवानी गतिविधियों पर असर न हो। सरकार ने बागवानी और कृषि गतिविधियों को लाॅकडाऊन से बाहर रखा है। उन्होंने कहा कि लाॅकडाऊन के दौरान भी 300 से अधिक कृषि उपकरण प्रदान करने वाली दुकानों को खोलने की अनुमति प्रदान की गई है। गत्ता फैक्ट्री को कार्य करने की अनुमति दी गई है ताकि गत्ता पेटियों की कमी न हो। उन्होंने कहा कि बागवानों के लिए न केवल नेपाल से परन्तु सिरमौर, मण्डी और चम्बा जिलों से भी पर्याप्त श्रमिकों की व्यवस्था की गई है। जल शक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के तहत जुब्बल-कोटखाई क्षेत्र में 42 करोड़ रुपये की लागत से 6 परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। इन परियोजनाओं से 2292.02 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर स्वयं एक बागवान हैं, जो किसानों की समस्याओं को समझते हैं। मुख्य सचेतक और स्थानीय विधायक नरेन्द्र बरागटा ने मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का क्षेत्र के लिए करोड़ों रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि क्षेत्र के कांग्रेसी नेता झूठे और आधारहीन आरोप लगा रहे हैं तथा क्षेत्र में विकास को पचा पाने में असफल रहे हैं। उन्होंने क्षेत्र के लोगों की विकासात्मक अपेक्षाओं के प्रति सहानुभूति रखने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कोविड-19 संकट के समय में भी यह सुनिश्चित किया है कि क्षेत्र के बागवानों को अपने उत्पाद के विपणन में कोई असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि बागवानों को अपने उत्पाद को मण्डियों में बेचने की सुविधा प्रदान करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल के दौरान शिमला-ठियोग-हाटकोटी-रोहडू सड़क का निर्माण पूरा किया गया है, जो काफी समय से लटका पड़ा था। शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा आज जिन परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया है उनसे क्षेत्र के लोगों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होगी तथा क्षेत्र राज्य के एक माॅडल विधानसभा क्षेत्र के रूप में उभरेगा।
प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी.पालरासु ने सोमवार को राजभवन में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से भेंट कर उन्हें राज्य में लोकसभा-2019 के आम चुनावों पर दस्तावेजी रिपोर्ट प्रस्तुत की। राज्यपाल ने विभाग द्वारा तैयार किए गए इस आलेख का लोकार्पण किया जिसमें वर्ष 1951 से लेकर अभी तक हुए सभी लोक सभा और विधानसभा निर्वाचनों का ब्यौरा संकलित किया गया है। राज्यपाल ने इस अवसर पर स्वीप (मतदाता की व्यवस्थित शिक्षा और चुनावी भागीदारी) गतिविधियों के तहत महत्वपूर्ण आंकड़े एकत्रित करने के लिए हिमाचल प्रदेश निर्वाचन विभाग के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विभाग अपने उत्तरदायित्वों का समर्पण और बिना भेदभाव से निर्वहन कर रहा है। विभाग न केवल स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव करवा रहा है बल्कि मतदाओं को चुनावों में भारी संख्या में भाग लेने के लिए भी प्रोत्साहित कर रहा है। उन्होंने कहा कि लोकसभा-2019 के चुनावों में स्वीप अभियान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। दत्तात्रेय ने कहा कि लोकसभा-2019 के आम चुनावों में राज्य में सर्वाधिक 72.42 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया जिसके लिए निर्वाचन विभाग बधाई का पात्र है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह दस्तावेज प्रत्येक व्यक्ति को हर चुनावों में भागीदारी, समावेशी और उत्सव का अवसर बनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने सलाह दी कि चुनावी प्रक्रिया में विशेषकर शहरी क्षेत्रों में मतदाता सूची बनाने व इससे नाम हटाने की प्रक्रिया में विशेष सावधानी बरती जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सत्यापन प्रक्रिया में थर्ड पार्टी का सहयोग लिया जाना चाहिए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्वीप गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि स्वीप का प्रयोग मतदाताओं की सुविधा और उनके मतदाता सूची में नाम दर्ज करने तथा स्वयमतदान के लिए प्रोत्साहित करने के लिए किया गया है। स्वीप के तहत लक्षित हस्ताक्षेपों के लाभकारी परिणाम सामने आए हैं, जिससे न केवल ई.पी. अनुपात (इलेक्टोरल टू पाॅपुलेशन आंकड़ा) 703 तथा लिंग अनुपात 980 जो जनगणना अनुपात के बराबर है, बल्कि राज्य में सर्वाधिक मतदान भी दर्ज किया गया है।
सोमवार को अखिल भारतीय हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा विश्वविद्यालय की स्वायत्ता को पुनः बहाल करने हेतु हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इकाई अध्यक्ष विशाल वर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की स्वायत्ता पर विश्वविद्यालय के अधिनियम 1970 के अनुच्छेद 21 व 28 में किया गया संशोधन कई प्रकार की रुकावट खड़ी कर रहा है। उक्त अधिनियम में संशोधन कर के प्रदेश विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी परिषद जो कि विश्वविद्यालय की सर्वोच्च कार्यकारी एवं निर्णायक संस्था है, एवं कुलपति की शक्तियों को कम करने का प्रयास किया गया है। इसके परिणामस्वरूप विश्वविद्यालय प्रशासन समय पर अपनी आवश्यकता अनुसार निर्णय नहीं ले पाता है। इस संशोधन की वजह से विश्वविद्यालय के कई विकासशील कार्यों में बाधा उत्पन हो रही है। अनुच्छेद 28(1) के अंतर्गत विश्वविद्यालय में शिक्षकों एवं गैर शिक्षकों की विभिन्न श्रेणियों के पदों का सृजन व पदों की भर्तियां, पदोन्नति नियमों का निर्माण एवं संशोधन इत्यादि सर्वप्रथम प्रदेश सरकार की वित्त समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाना अपेक्षित है। उसके पश्चात वह प्रस्ताव कार्यकारिणी परिषद में विचारार्थ/ अनुमोदनार्थ हेतु प्रस्तुत किया जाता है। जिस वजह से विश्वविद्यालय में विकासशील कार्य करने में बहुत समय लगता है। जहाँ तक पदों की भर्तियां व उनके सृजन का सम्बंध है, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में शिक्षकों व गैर शिक्षकों की भर्तियां व पदों का सृजन प्रदेश सरकार के आदेशानुसार और स्वीकृति के बाद ही सम्भावित होती है। कई बार कुछ प्रकरणों पर विश्वविद्यालय द्वारा शीघ्र कार्यवाही तथा शीघ्र निर्णय लेना बहुत आवश्यक होता है। परन्तु उपरोक्त अधिनियम में संशोधन की वजह से इन कार्यों में बहुत देरी हो जाती है। विद्यार्थी परिषद का मानना है कि विश्वविद्यालय जैसे शिक्षण संस्थान के लिए विकास कार्यो में और महत्वपूर्ण निर्णय लेने में देरी होना प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्रों, अध्यापकों व कर्मचारियों के लिए सही नहीं है। विद्यार्थी परिषद ने इस हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से प्रदेश सरकार से माँग रखी कि अधिनियम 1970 के अनुच्छेद 21 एवं 28 में वर्ष 2015 में किए गए संशोधन पर सरकार पुनः विचार करे तथा प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्रों, अध्यापकों व कर्मचारियों के हित को ध्यान में रखते हुए उपरोक्त अधिनियम में किये गए संशोधन को पुनः इसके मूल रूप में बहाल करे, ताकि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की स्वायता यथावत बनी रहे। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इस हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से विश्वविद्यालय कर्मचारियों से मिले नैतिक समर्थन को लेकर आगामी दिनों में शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपेगी।


















































