-तकनीकी शिक्षा में गुणवत्ता लाने के साथ ही पाठ्यक्रम को रोज़गारपरक बनाने के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध आधुनिक प्रौद्योगिकी के उपयोग से सरकारी सेवाओं का सरलीकरण सुनिश्चित हुआ है। प्रदेश सरकार पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 'डिजिटल इंडिया' की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके दृष्टिगत विभागों में सूचना प्रौद्योगिकी का अधिक से अधिक इस्तेमाल सुनिश्चित किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड ने प्रदेश सरकार की इस पहल को आगे बढ़ाते हुए अपनी विभिन्न सेवाएं ऑनलाइन की हैं। हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड प्रदेश में स्थित बहुतकनीकी संस्थानों, फार्मेसी और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं की परीक्षाएं आयोजित करवाता है। बोर्ड द्वारा बहुतकनीकी और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के छात्र व छात्राओं की प्रवेश प्रक्रिया, काउंसलिंग तथा पंजीकरण प्रक्रिया को वैब आधारित मॉड्यूल के माध्यम से ऑनलाइन कर दिया गया है। इस वैब आधारित मॉड्यूल के माध्यम से अब छात्र-छात्राएं अपने परीक्षा फार्म तथा पुनर्मूल्यांकन फार्म भी ऑनलाईन माध्यम से भर सकते हैं। इसके लिए निर्धारित शुल्क भी ऑनलाइन जमा करवा सकते हैं। इस मॉड्यूल के माध्यम से सभी सरकारी और निजी बहुतकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों के सत्रीय और प्रायोगिक अंक भी ऑनलाइन ही बोर्ड में जमा किए जा सकते हैं। बोर्ड द्वारा माइग्रेशन प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया भी ऑनलाइन कर दी गई है। बहुतकनीकी संस्थानों के विद्यार्थी अब ऑनलाइन माध्यम से बोर्ड की वैबसाइट पर इसके लिए आवेदन तथा निर्धारित शुल्क भी ऑनलाइन ही जमा करवा सकते हैं। बोर्ड द्वारा सभी सरकारी व निजी बहुतकनीकी संस्थानों को सम्बद्धता जारी करने की प्रक्रिया भी ऑनलाइन की गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का कहना है कि वर्तमान प्रदेश सरकार तकनीकी शिक्षा में गुणवत्ता लाने के साथ ही पाठ्यक्रम को रोज़गारपरक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके दृष्टिगत वर्ष 2023-24 से कई मूल्यवर्धित पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं। इनमें रोबोटिक्स, ब्लॉक-चेन टैक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड कम्प्यूटिंग, डॉटा एनालिटिक्स, आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंंग जैसे पाठ्यक्रम शामिल हैं। इसके अतिरिक्त प्रदेश के 13 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में इलेक्ट्रिक व्हीकल मकैनिक, मैंटेनेंस मकैनिक, सोलर टेक्निशियन, ड्रोन टैक्निशियन, मैक्ट्रोनिक्स तथा इंटरनेट ऑफ थिंग्ज टैक्निशियन के कोर्स आरम्भ किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री का मानना है कि बदलते परिवेश के साथ वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए युवाओं को अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी पर आधारित प्रशिक्षण प्रदान करना समय की मांग है। प्रदेश सरकार इस दिशा में ठोस व सार्थक कदम उठाते हुए प्रदेश के विकास में युवा ऊर्जा के योगदान व दोहन की दिशा में आगे बढ़ रही है।
-कई कंपनियों ने भुगतान न किए जाने पर सरकार को काम बंद करने का दिया अल्टीमेटम नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में अन्य सुविधाओं की तरह स्वास्थ्य सुविधाओं का बुरा हाल है। सरकार की तरफ़ से कोई सुध लेने वाला नहीं है। परेशान हालत में लोग अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं। कहीं जांच नहीं हो पा रही है तो कहीं इलाज के लिए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेशवासियों का स्वास्थ्य सरकार की प्राथमिकता में है ही नहीं। प्रदेश में ज़रूरतमंदों को स्वास्थ्य सुविधाएं दे रही कंपनियों का भुगतान लंबे समय से रोका गया है जिससे उन कंपनियों के सामने व्यवस्थाओं को जारी रखने में असुविधा हो रही है। कंपनियां अपने बकाया धनराशि का भुगतान किए जाने की मांग करते-करते थक गई। कई सेवा प्रदाता कंपनियों ने सेवाएं बंद कर दी है। कई कंपनियों ने सेवाएं बंद करने की चेतावनी दी है। आश्चर्य इस बात का है कि फिर भी सरकार कुछ नहीं कर रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार की इसी लापरवाही की वजह से कुल्लू रीजनल अस्पताल में चल रही डायलिसिस सेवाएं, सेवा प्रदाता संस्था ने रोक दी जिससे मरीज़ों की जान पर बन आई। मजबूर होकर लोग निजी अस्पतालों की सेवा ले रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकार क्या कर रही है। क्या इसी व्यवस्था परिवर्तन की बात कांग्रेस के नेता सरकार बनने के पहले कर रहे थे। जहां नि:शुल्क मिल रहे इलाज बदले लोगों को हज़ारों रुपये हर हफ़्ते अपनी जेब से खर्च करने पड़े। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इसी तरह से हिमकेयर के तहत इलाज के लिए इम्पैनल्ड अस्पतालों का भुगतान नहीं किया जा रहा है। हिमकेयर के तहत चिकित्सकीय सामान उपलब्ध करवाने वाली कंपनियों का भुगतान नहीं किया जा रहा है। जिस कारण कंपनियों ने चिकित्सकीय सामान की सप्लाई रोक दी है। जिससे लोगों के ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। कोरोना काल में प्रदेश में निर्बाधरूप सी ऑक्सीजन की सप्लाई करने के लिए पूर्व सरकार द्वारा स्थापित किए गए ऑक्सीजन प्लांट भी सरकार की लापरवाही के कारण बंद पड़े हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कुल मिलाकर प्रदेश में हर तरफ़ अव्यवस्था का आलम है। स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से चरमरा गई है। इसका एकमात्र कारण है कि जनहित की सुविधाएं इस सरकार की प्राथमिकता में नहीं हैं। अस्वस्थ्य लोगों को भी सरकार द्वारा जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को प्रदेश के लोगों ने इसलिए सत्ता सौंपी की वह और बेहतर काम करें न कि पूर्व सरकार द्वारा चलाई जा रही जनहित की योजनाओं को ठप कर दे। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार जनहित से जुड़ी, स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाओं को अपनी प्राथमिकता बनाए। किसी भी दशा में स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण सेवाएं रुकनी नहीं चाहिए। राज्यपाल से की शिष्टाचार भेंट नेता प्रतिपक्ष ने आज राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से शिष्टाचार भेंट की। सोमवार शाम को राजभवन पहुंचे जयराम ठाकुर ने बताया कि महामहिम से मिलकर उन्होंने प्रदेश की वर्तमान स्थितियों से अवगत करवाया। इस दौरान महामहिम महोदय से विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।
- एसएफआई और एनएसयूआई के छात्रों में हुई हाथापाई एचपीयू कैंपस में छात्र धरने के दौरान दो छात्र गुटों में झड़प हो गई। एचपीयू परिसर में हुई छात्र गुटों में बहस तब शुरू हुई जब एनएसयूआई के छात्रों द्वारा एसएफआई के मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू का पुतला फूंकने का विरोध किया गया। एनएसयूआई राज्य अध्यक्ष छत्तर ठाकुर ने कहा कि विवि परिसर के अंदर मुख्यमंत्री के लिए अभद्र भाषा में नारें मारने और मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने का जब एनएसयूआई के एक छात्र ने विरोध किया तो एसएफआई के प्रदर्शनकारियों ने पिंक-पेटल में ही उस पर हमला कर लिया। सुरक्षा कर्मियों और पुलिस के बीच बचाव के चलते एनएसयूआई के छात्र जैसे तेज़ वहां से निकला लेकिन एसएफआई के छात्रों द्वारा उक्त एनएसयूआई के छात्र का पीछा कर वीसी कार्यालय के पास फिरसे उसे गाड़ी में घेर लिया और गाड़ी से बाहर खींचने का भी प्रयास किया। इस दौरान कुछ एसएफआई छात्रों ने गाड़ी को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। परिसर प्रभारी परवीन मिन्हास और परिसर अध्यक्ष योगेश यादव ने मांग की कि आए दिन विश्वविद्यालय में एसएफआई के गुंडा तत्वों द्वारा धरनों के नाम पर परिसर की शांति भंग करने व शैक्षणिक माहौल को खराब करने की शाजिश को अंजाम दिया जाता है। मिन्हास व यादव ने आरोप लगाते हुए कहा कि विवि प्रशासन सहित विवि सुरक्षा अधिकारी व पुलिस का रवैया हमेशा की तरह एक-तरफा है और दोषी छात्रों पर कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। पीड़ित छात्र की ओर से विवि सुरक्षा अधिकारी को लिखित शिकायत भी सौंपी गई है। एनएसयूआई के छात्रों ने मांग की है कि अगर दोषी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई न कि गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
राज्य कर एवं आबकारी आयुक्त डॉ. युनुस ने बताया कि जिला शिमला और सोलन की टीमों ने गुप्त सूचना के आधार पर अलग-अलग जगह नाके लगा कर बिना वैध दस्तावेज सोने के आभूषण पकड़े। इसमें शिमला की टीम ने 1.33 करोड़ रुपये तथा सोलन की टीम ने 84 लाख रुपये के आभूषण पकड़े। विभाग ने वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम (जीएसटी एक्ट 2017) के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए 13 लाख रुपए का जुर्माना भी वसूला। उन्होंने बताया कि विभाग ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में अवैध शराब के विरूद्ध आबकारी अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए 200 लीटर लाहन नष्ट की तथा 23 पेटियां अंग्रेजी व देसी शराब की जब्त की। उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई में मंडी जिला में 200 लीटर लाहन पकड़कर आबकारी अधिनियम के अंतर्गत नष्ट की गई। इसके अलावा ऊना जिला की टीम ने अवैध रूप से रखी गई 8 पेटियां अंग्रेजी व देसी शराब की जब्त की। इसके अतिरिक्त जिला कुल्लू की टीम ने 3 अलग-अलग मामलों में 15 पेटियां अंग्रेजी व देसी शराब की जब्त की तथा आबकारी अधिनियम के अंतर्गत 60 हजार रुपये जुर्माना वसूला। शिमला जिला की टीम ने भी संदिग्ध जगहों पर छापामारी करते हुए 25 बोतल अवैध शराब जब्त की। आयुक्त ने यह भी बताया कि विभाग ने वोल्वो बसों में अवैध रूप से लाई जा रही वस्तुओं और उन पर लगने वाले कर चोरी के विरूद्ध विशेष अभियान चलाया है जिसके अंतर्गत पिछले कुछ दिनों में लगभग 229 बसों की चैकिंग की गई और अवैध तरीके से लाई जा रही वस्तुओं पर लगभग 6 लाख का जुर्माना वसूला गया। युनुस ने अवगत करवाया कि सभी जिलों को अवैध शराब तथा कर चोरी के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रदेश में कर चोरी और अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाया जा सके। उन्होंने आम लोगों से भी इस तरह की गतिविधियों के बारे में विभाग के साथ सूचना साझा करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति टॉल फ्री दूरभाष नंबर 1800-180-8060 अथवा व्हाट्सऐप नंबर 9418331426 पर अवैध शराब तथा कर चोरी के मामलों की सूचना अथवा शिकायत दर्ज कर सकता है।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज ढली स्थित विशेष योग्यता वाले बच्चों के संस्थान (छात्र) में सभी बच्चों को दीपावली उत्सव के उपलक्ष्य में मिठाई वितरित कर उन्हें इस पर्व की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल भी उपस्थित थीं। राज्यपाल ने कहा कि दीवाली उत्साह का उत्सव है और इसे मिल-जुल कर मनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दीपावली उत्सव के माध्यम से हमें अपनी समृद्ध संस्कृति के दर्शन होते हैं। अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक यह दीपोत्सव बुराई पर हमेशा अच्छाई की जीत का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य अपने आत्मबल व दृढ़ इच्छाशक्ति के बूते किसी भी तरह की शारीरिक चुनौतियों व प्रतिकूल परिस्थितियों को मात देकर अपने लक्ष्य को हासिल कर सकता है। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत एक सामान्य व्यक्ति आलस्य, लापरवाही और बुरी आदतों के कारण समाज व परिवार पर बोझ ही होता है। उन्होंने विद्यालय के छात्रों द्वारा बेहतर मंच संचालन की सराहना की तथा कहा कि ये सभी छात्र प्रतिभा सम्पन्न हैं और इनकी क्षमता को तराशने की आवश्यकता है। मुख्याध्यापक धर्मपाल राणा ने राज्यपाल के आगमन पर उनका आभार व्यक्त किया तथा विद्यालय की विभिन्न गतिविधियों से अवगत करवाया। इस अवसर पर संस्थान के अध्यापक व प्रशिक्षक, रेडक्रॉस सोसायटी के स्वयंसेवी तथा अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने ग्राम पंचायतों व नगर निकाय उप चुनावों में अधिकतर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों की शानदार जीत पर खुशी व्यक्त करते हुए सभी विजयी प्रत्याशियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हंै। प्रदेश में ग्राम पंचायतों व नगर निकायों के उप चुनावों में शानदार प्रदर्शन पर पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए प्रतिभा सिंह ने कहा है कि किसी भी राजनीतिक दल के लिये पार्टी कार्यकर्ता बहुत ही महत्वपूर्ण व अहम है, जिसके बगैर पार्टी की कोई भी जीत संभव नही है। उन्होंने कहा है प्रदेश में गत विधानसभा चुनावों में पार्टी कार्यकर्ताओं के कड़े परिश्रम से ही कांग्रेस की सरकार बनी है। उन्होंने कहा कि अब अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों में भी पार्टी कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका रहने वाली है। उन्होंने सभी पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया है कि वे जीत के इसी मनोबल के साथ आगे बढ़ते हुए लोकसभा चुनावों में पार्टी की जीत के लिये एकजुट होकर अभी से मैदान में डट जाएं। प्रतिभा सिंह ने कहा है कि कांग्रेस एक राजनेतिक दल के साथ साथ एक ऐसी विचारधारा है जो समाज के हर व्यक्ति के अधिकारों के लिए बगैर किसी धर्म, डर भय के समानता का अधिकार का सरंक्षण करती हैं। उन्होंने भाजपा पर द्वारा देश मे साम्प्रदायिक व ध्रुवीकरण की राजनीति को बढ़वा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा आज देश के लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। संवैधानिक संस्थाओं के अधिकारों का हनन करते हुए उन्हें कमजोर करने की पूरी कोशिश की जा रही है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से भाजपा की जन विरोधी नीतियों बढ़ती महंगाई व बेरोजगारी के खिलाफ एक जुट होकर आगे आने का आह्वान करते हुए कहा है कि देश भाजपा के कुसाशन से परिवर्तन के दौरे में चल पड़ा है। हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनावों से इसकी शुरुआत हो चुकी है। अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों में देश मे इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगी ओर देश को भाजपा की तानाशाही सरकार से मुक्ति मिलेगी।
-संशोधित अनुसूचित जनजाति कानून लागू न किया तो सड़कों पर उतरेगा समुदाय -कहा, पहले अपनाएंगे गांधीगीरी और फिर उग्र आंदोलन हिमाचल प्रदेश के गिरिपार में बसने वाले हाटी समुदाय के लोगों का सब्र का बांध टूटने लगा है। अनुसूचित जनजाति संशोधन कानून लागू न होने से इस समुदाय में आक्रोश और बढ़ गया है। हाटियों ने हिमाचल सरकार को दीपावली पर्व तक की मोहलत दी है। इस पर्व के दिन हाथों में मशाले लेकर हाटी अलख जगाएंगे। हरेक गांव में जय हाटी, जय माटी का नारा बुलंद किया जाएगा। अगर तब भी अनुसूचित जनजाति संशोधन कानून लागू न किया तो फिर जनता सड़कों पर उतरेगी। आधी आबादी महिलाओं स्कूली कॉलेज और विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं के साथ रोष प्रदर्शन निकाले जाएंगे। पहले हाटी गांधीगीरी करेंगे। फिर भी बात नहीं बनी तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। एक तरफ सड़कों पर उतरा जाएगा तो दूसरी तरफ राजभवन का रुख किया जाएगा। राज्यपाल से मुलाकात कर आग्रह किया जाएगा कि वह कानून लागू करवाने के बारे में राज्य सरकार को साथ कड़े निर्देश जारी करें। इस संबंध में हाटी विकास मंच के पदाधिकारियों ने शिमला में पत्रकार वार्ता की। मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार से मुख्य सचिव से लेकर मुख्यमंत्री, मंत्री तक सबसे मुलाकात कर चुके हैं। लेकिन राज्य सरकार मुद्दे को बेवजह अटका और भटका रही है। संसद का अपमान मंच के पदाधिकारियों ने कहा की संशोधित एसटी एक्ट लागू न कर राज्य सरकार संसद का अपमान कर रही है। उन्होंने इसे संविधान और कानून की उल्लंना करार दिया। राज्य सरकार का ऐसा रवैया संविधान विरोधी है। इनका जताया आभार मंच ने कानून बनाने और जनजाति अधिकार दिलाने के लिए केंद्र की मोदी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह ,भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ,हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, शिलाई के पूर्व विधायक बलदेव तोमर, भाजपा के पूर्व सांसद वीरेंद्र कश्यप, मौजूदा सांसद सुरेश कश्यप, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल समेत पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार जताया। कन्फ्यूज्ड है राज्य सरकार हाटी मामले में राज्य सरकार पूरी तरह से कन्फ्यूज्ड है। इसे लटकाने के लिए कभी लॉ डिपार्टमेंट को फाइल भेजी गई तो कभी जनजातिय मंत्रालय को। सरकार ऐसा इसलिए कर रही है ताकि किसी तरह इस मुद्दे को आम चुनाव तक टाला जा सके। छात्रों के भविष्य के साथ किया खिलवाड़ प्रदेश सरकार हाटी समुदाय से जुड़े छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। सरकारी नौकरियों के विज्ञापन जारी कर रही है। लेकिन एसटी सर्टिफिकेट न बनने से वे इसके लिए पात्र नहीं हो पा रहे हैं। इससे छात्रों में रोष और बढ़ गया है। इस प्रेस वार्ता में हाटी विकास मंच के अध्यक्ष प्रदीप सिंह सिंगटा, मुख्य प्रवक्ता डॉक्टर रमेश सिंगटा, कानूनी सलाहकार अधिवक्त श्याम सिंह चौहान, मदन तोमर, खजान ठाकुर, हरगोविंद राणा, गोपाल ठाकुर, रविंद्र जस्टा,वकील बी भारद्वाज, मदन चौहान, सतीश ठाकुर, राजेश, लाल सिंह शंकवान आदि उपस्थित रहे।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज यहां राजभवन में आयोजित अखंड रामायण पाठ के पूर्ण होने पर हवन यज्ञ में पूर्णाहूति दी। इस अवसर पर लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल भी उपस्थित रहीं। राज्यपाल ने कहा कि इस तरह के अनुष्ठानों से आध्यात्मिक शांति, आपसी प्रेम व सौहार्द में वृद्धि होती है। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की भी कामना की। राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा सहित राजभवन के अधिकारी एवं कर्मचारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
वन्यप्राणी प्रभाग वन विभाग के द्वारा आज वन विभाग के फ्रंट लाइन स्टाफ (वन परिक्षेत्र अधिकारी, उपवनराजिक एवं वनरक्षक) के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन आरआरसी टूटीकंडी शिमला में किया गया, जिसमें अनिल ठाकुर अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल वन्यप्राणी प्रभाग ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कार्यशाला में 14 वनमंडलों के 32 प्रतिभागियों ने भाग लिया। डॉ. करण, वेटनरी ऑफिसर ने प्रतिभागियों को रेस्क्यू एवं रिलीज प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी और इस प्रक्रिया में उपयोग किये जाने वाले सभी उपकरणों से अवगत करवाया। अनिल ठाकुर जी ने कहा कि इस कार्यशाला का मुख्य उदेश्य वन विभाग के फ्रंट लाइन स्टाफ को वन्यप्राणियों के रेस्क्यू एवं रिलीज़ प्रकिया को सफल बनाने के लिये सक्षम बनाना है ताकि हिमाचल प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में अगर मानव वन्यप्राणी संघर्ष की कोई भी घटना होती है तो वन विभाग का फ्रंट लाइन स्टाफ वन्यप्राणियों के रेस्क्यू एवं रिलीज़ में परिपूर्ण हो सके। उन्होंने कहा कि सभी प्रतिभागी रेस्क्यू एवं रिलीज प्रक्रिया एवं विभिन्न उपकरणों के उपयोगों की पूरी जानकारी प्राप्त कर अपने अपने क्षत्रों में जाकर वन्यप्राणियों के रेस्क्यू में प्रयोग में लाएं और किसी भी वन्यप्राणी को रेस्क्यू एवं संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
- शीघ्र लाभ की लालसा में धोखाधड़ी वाली योजनाओं से बचने की अपील की उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज यहां प्रदेश में क्रिप्टो करंसी धोखाधड़ी की जांच सम्बंधी एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि क्रिप्टो करंसी के माध्यम से कम समय में अधिक लाभ का झांसा देकर प्रदेश के भोले-भाले लोगों को सुनियोजित तरीके से ठगा गया है। प्रदेश में 2500 करोड़ रुपये के अवैध निवेश से जुड़ी क्रिप्टो करंसी धोखाधड़ी पर चिंता व्यक्त करते हुए उप-मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह की अनाधिकृत योजनाओं में निवेश न करें। उन्होंने कहा कि नियमन के अभाव में निवेशकों को ऐसे निवेश से धोखाधड़ी और हेराफेरी का जोखिम बना रहता है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग फोरलेन और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं से मिले मुआवज़े का पैसा भी क्रिप्टो करेंसी में लगा कर डिजिटल धोखाधड़ी का शिकार बने। उन्होंने कहा कि लोगों को सतर्क रहते हुए इस तरह की धोखाधड़ी वाली योजनाओं के झांसे में नहीं आना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्रिप्टो करंसी के झांसे में आकर लोगों की मेहनत की कमाई के लगभग 500 करोड़ रुपये डूब गए हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने भी क्रिप्टो करेंसी और बिटकॉइन में प्रमाणिकता के संबंध में अस्पष्टता की पुष्टि की है। राज्य के विभिन्न जिलों से क्रिप्टो धोखाधड़ी की शिकायतें निरंतर सामने आ रही हैं। अब तक क्रिप्टो करंसी धोखाधड़ी की 300 से अधिक शिकायतें पुलिस को प्राप्त हुई हैं। इसके सरगनाओं ने प्रदेश के लोगों को धोखा दिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस क्रिप्टो करेंसी सरगनाओं के खिलाफ उचित कार्रवाई कर प्रदेश के लोगों को न्याय दिलाएगी। उप मुख्यमंत्री ने क्रिप्टो नेटवर्क को तोड़ने और मंडी से आरोपी हेमराज और सुखदेव, ऊना से अरुण गुलेरिया और अभिषेक सहित कई गिरफ्तारियां करने के लिए हिमाचल पुलिस की सराहना की। उन्होंने कहा कि मंडी जिला के सरकाघाट का एक अन्य आरोपी सुभाष शर्मा शीघ्र ही पुलिस की गिरफ्त में होगा। पुलिस महानिदेशक, संजय कुंडू ने बताया कि विभाग ने क्रिप्टो घोटाले में संलिप्त लगभग 2.5 लाख अलग-अलग आईडी वाली वेबसाइटों का पता लगाया है। उन्होंने कहा कि क्रिप्टो करंसी के इस जाल में आरम्भिक स्तर पर 70 से 80 धोखेबाज शामिल होने का अनुमान है। पुलिस ने धोखेबाजों की धरपकड़ के लिए छापेमारी कर हिमाचल और जीरकपुर में विभिन्न स्थानों पर अब तक 8.5 करोड़ की संपत्ति जब्त की है। उन्होंने कहा कि इसमें पंजाब पुलिस का भी सहयोग लिया जा रहा है और गृह मंत्रालय ने भी हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ अनियत्रित जमा योजना पाबंदी विधेयक, 2019 के तहत कार्रवाई की जा रही है। इस अधिनियम के तहत दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान है। क्रिप्टो डिजिटल घोटाले की जांच कर रहे विशेष जांच दल के प्रमुख एवं डीआईजी उत्तरी रेंज अभिषेक दुल्लर ने मामले पर विस्तृत प्रस्तुति दी। इस अवसर पर सचिव गृह डॉ. अभिषेक जैन और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अभिषेक त्रिवेदी भी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग ने आज चार सदनों, मिल्खा सिंह सदन, मेजर ध्यानचंद सदन, मीरा बाई चानू सदन और पीवी सिंधु सदन के बीच एक क्रॉस-कंट्री इंट्राम्यूरल प्रतियोगिता का आयोजन किया। प्रतियोगिता के मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रोफेसर श्याम लाल कौशल थे। विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर संजय शर्मा द्वारा मुख्य अतिथि का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि प्रोफेसर श्याम लाल कौशल ने अपने संबोधन में व्यक्ति के जीवन में खेल के महत्व पर ध्यान केंद्रित किया और युवाओं को खेल को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कार्यक्रम के शानदार आयोजन के लिए पदक विजेताओं और आयोजकों को भी बधाई दी। क्रॉस कंट्री प्रतियोगिता में महिला एवं पुरुष वर्ग में कुल 40 एथलीटों ने भाग लिया। पुरुष वर्ग में रितिक को प्रथम, रमेश कुमार को द्वितीय तथा मनोज कुमार को तृतीय स्थान मिला। महिला वर्ग में डिंपल ने प्रथम, श्रुति ने द्वितीय तथा सोनिया ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। पीवी सिंधु हाउस को ओवरऑल चैंपियन घोषित किया गया, मिराबिया चानू मिल्का सिंह हाउस को उपविजेता और मिल्खा सिंह हाउस को टूर्नामेंट का दूसरा उपविजेता घोषित किया गया। धन्यवाद ज्ञापन शारीरिक शिक्षा एवं युवा कार्यक्रम के निदेशक प्रोफेसर हरि सिंह ने दिया। इस अवसर पर डॉ. मनोहर लाल, एसोसिएट प्रोफेसर, डॉ. अनिल कुमार, सहायक प्रोफेसर/कोच, डॉ. विक्रांत भारद्वाज, सहायक प्रोफेसर/कोच, डॉ. अमिता शर्मा, अतिथि शिक्षक, श्री रमन श्रमा और अनुसंधान विद्वान भी उपस्थित थे।
-यही हाल रहा तो एक साल में 12000 करोड़ हो जाएगा आंकड़ा -न गारंटियां पूरी की, न कोई विकास कार्य भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने कहा कि कारण नंदा द्वारा लगाई आरटीआई में जानकारी मिली है कि 10 महीने में प्रदेश सरकार द्वारा 10300 करोड़ का कर्ज लिया गया है। इसके अलावा 1000 करोड़ का अन्य लोन है, जो नाबार्ड और अन्य संस्थाओं से लिया है। यदि ऐसा ही रहा तो 12 महीनों में यह लोन 12000 करोड़ का हो जाएंगे अर्थात प्रतिमाह 1000 करोड़ का लोन लिया जा रहा है, जिससे 5 वर्षों में यह लोन 60 हजार करोड़ हो जाएगा। हैरानी की बात यह है कि इस लोन से प्रदेश में कोई भी विकास कार्य नहीं हुआ है, न कोई संस्थान खोला गया और न ही कोई अन्य कार्य हुआ है। बिना किसी नए कार्य के यह लोन प्रदेश सरकार द्वारा लिया गया है। लगभग 1500 संस्थानों को सरकार द्वारा बंद कर दिया गया, जिसमें स्कूल है, पटवार सर्कल, पीएचसी, सीएचसी और अन्य संस्थान भी शामिल है। सरकार द्वारा संस्थानों को बंद करने के लिए लोन लिया जा रहा है, कोई भी विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। बिंदल ने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में आने के लिए बहुत सारी लुभावनी गारंटियां दीं, जैसे 1500 रुपये महिलाओं को प्रतिमाह जिससे यह 18 हजार रुपये प्रति वर्ष बनता है। यह सारा पैसा 5 वर्षों में कुल 20 हजार करोड़ बनता है। जब 2017 में प्रदेश में भाजपा की सरकार आई तब लोन था 49 हजार करोड़ और11 हजार करोड़ की देनदारियां उसके ऊपर थी, लेकिन सरकार ने नए संस्थान खोले और कई विकास कार्य भी किए, और आखिर में जब भाजपा की सरकार सत्ता छोड़ कर गई तब प्रदेश पर 76 हजार करोड़ कर्ज था।
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड में 30 अक्टूबर से 6 नवंबर तक निगम की सभी परियोजनाओं एवं कार्यालयों में सतर्कता जागरूकता सप्ताह मनाया जा रहा है। इस वर्ष के सतर्कता जागरूकता सप्ताह की थीम 'भ्रष्टाचार का विरोध करें; राष्ट्र के प्रति समर्पित' रहे है। टीएचडीसीआईएल में सतत आजीविका एवं सामुदायिक विकास केंद्र, ऋषिकेश के तक्षशिला हॉल में एसजेवीएन एवं टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए क्षमता-निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक आरके विश्नोई ने इस कार्यक्रम के आयोजन पर अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दंी और कहा कि यह कार्यक्रम सतर्क और जवाबदेह भविष्य के लिए टीएचडीसी और एसजेवीएन की प्रतिबद्धताओं को दर्शाता है। विश्नोई ने कहा कि टीएचडीसीआईएल ने सरकार द्वारा दिए गए लक्ष्यों को पूरा करने का भरसक प्रयास किया है और भारत में सभी को चौबीस घंटे सस्ती बिजली उपलब्ध कराने हेतु लक्ष्य में हमेशा ईमानदारी और पारदर्शिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखा है। कार्यक्रम का उद्घाटन उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों श्री अशोक कुमार, मुख्य तकनीकी परीक्षक (इलेक्ट्रिकल विंग), सीवीसी, नई दिल्ली, श्री शैलेन्द्र सिंह, निदेशक (कार्मिक), टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड एवं श्री प्रेम प्रकाश (आईओएफएस), सीवीओ, टीएचडीआईएल एवं एसजेवीएन के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। अपने अभिभाषण के दौरान अशोक कुमार, मुख्य तकनीकी परीक्षक (इलेक्ट्रिकल विंग) ने सार्वजनिक खरीद के महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में बताया। उन्होंने खरीदारी करने वाले अधिकारियों की अनिवार्य जिम्मेदारियों, सार्वजनिक खरीद में जोखिम प्रबंधन रणनीतियों और व्यापक निविदा प्रक्रिया पर भी प्रकाश डाला। कुमार ने सार्वजनिक खरीद की जटिलताओं, खरीद अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका और जोखिम कम करने के उपायों को उजागर किया। उन्होंने खरीद के क्षेत्र में इसके महत्व को रेखांकित करते हुए व्यापक निविदा प्रक्रिया में बहुमूल्य अंतर्दृष्टि प्रदान की। शैलंद्र सिंह, निदेशक (कार्मिक) ने अपने संबोधन में खरीद प्रक्रिया में सतर्कता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि सतर्कता जागरूकता सप्ताह भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही लड़ाई और नैतिकता और सत्यनिष्ठा के उच्चतम मानकों को बनाए रखने की सामूहिक जिम्मेदारी है। सिंह ने कहा कि बढ़ती जटिलता और परस्पर वैश्विक निर्भरता के युग में, खरीदारी का कार्य संगठनों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, चाहे वह सार्वजनिक या निजी क्षेत्र में हो। यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है कि यह प्रक्रिया नैतिकता और सत्यनिष्ठा के उच्चतम मानकों का पालन करते हुए अत्यंत परिश्रम से संचालित की जाए। टीएचडीआईएल एवं एसजेवीएन के सीवीओ प्रेम प्रकाश (आईओएफएस) ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए खरीद में सत्यनिष्ठा और जवाबदेही के उपायों को कायम रखने के सर्वोपरि महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ये मूल सिद्धांत न केवल पारदर्शिता और विश्वास सुनिश्चित करते हैं बल्कि सार्वजनिक संसाधनों के जिम्मेदारी पूर्ण आवंटन में भी योगदान देते हैं, जिससे ऐसी खरीद प्रक्रिया को बढ़ावा मिलता है जो शासन और नैतिक आचरण के उच्चतम मानकों के अनुरूप होती है।
हिमाचल प्रदेश दुग्ध प्रसंघ के प्रबंध निदेशक डॉ. विकास सूद ने आज यहां बताया कि दीपावली के पावन अवसर पर प्रसंघ प्रदेशवासियों की सुविधा के दृष्टिगत बाजार में अपनी शुद्ध देसी घी से निर्मित मिठाइयां उपलब्ध करवा रहा है। इनमें शुगर फ्री मिठाइयां और गिफ्ट पैक भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सभी मिठाईयां दुग्ध प्रसंघ प्रबंधन अपनी देख-रेख व पूर्ण निगरानी में तैयार करवाता है ताकि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध करवाए जा सकें। उन्होंने कहा कि दीपावली के उपलक्ष्य में मिठाइयों की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और यह ग्राहकों को पिछले वर्ष की दरों पर ही उपलब्ध करवाई जा रही हैं। दुग्ध प्रसंघ द्वारा उपभोक्ताओं को डिजिटल पेमेंट की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। प्रबंध निदेशक ने प्रदेशवासियों से प्रसंघ की मिठाइयां तथा अन्य उत्पाद खरीदने का आग्रह किया, ताकि प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों की आर्थिकी को सुदृढ़ किया जा सके।
भारतीय साहित्य व विज्ञान पूरे विश्व का मार्गदर्शन करने की क्षमता है और हमारे विद्वानों को इस क्षेत्र में व्यापक शोध करने की आवश्यकता है। यह बात राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के अवसर पर कही। 'आधुनिक भारत के प्रबुद्ध समाज-साहित्य और विज्ञान के संदर्भÓ विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में देश भर के विद्वान भाग ले रहे हैं। भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान की स्थापना भारत के दूसरे राष्ट्रपति एवं प्रख्यात शिक्षाविद् डॉ. राधाकृष्णन ने एक ऐसे शोध केंद्र के रूप में की थी जिसमें देश-विदेश के विद्वान मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में उच्च शोध कार्य करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि साहित्य व विज्ञान के विकास तथा इनके संरक्षण में आधुनिक भारतीय प्रबुद्ध समाज जिनमें गुजराती वर्नाक्युलर सोसायटी, कर्नाटक विद्वावर्धक संघ, नागरी प्रचारणी सभा, उत्कल साहित्य समाज व असम साहित्य सभा की अहम भागीदारी रही है। शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि इतिहास गवाह है कि अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के कारण हर क्षेत्र में सम्पन्न भारत विश्व में ज्ञान व विज्ञान से प्राप्त समृद्धि के लिए प्रसिद्ध रहा है। देश की सांस्कृतिक, आर्थिक, अध्यात्मिक श्रेष्ठता व सम्पन्नता के कारण बड़ी संख्या में विदेशी भारत की ओर आकृष्ट हुए। इतिहास लेखन की तमाम विसंगतियों के बावजूद हमारा गौरवमयी इतिहास अक्षुण रहा है। भारतीय ज्ञान-सृजन और उसके प्रचार-प्रसार में प्रबुद्ध समाज की महत्वपूर्ण भूमिका के कारण अब भारतवर्ष ने पुन: अपना गौरव हासिल कर विश्व में खोई प्रतिष्ठा को पुन: अर्जित किया है। उन्होंने कहा कि मां, मातृभूमि तथा मातृभाषा का कोई विकल्प नहीं है। यह चिंता का विषय है कि भारतीय सांस्कृतिक परम्पराओं के प्रति विश्वभर में आस्था, श्रद्धा व विश्वास में लगातार वृद्धि हो रही है, लेकिन हमें अपनी नई पीढ़ी को विदेशी संस्कृति का अंधानुकरण कर जीवन को अंधकार में धकेलने से सचेत करने की आवश्यकता है। राज्यपाल ने कहा कि समस्त प्रबुद्ध समाज व सभी नागरिकों का दायित्व है कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन में अपनी सहभागिता दर्ज करवाकर नई पीढ़ी का मार्गदर्शन करें। उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश को सक्षम नेतृत्व प्राप्त है तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत विश्व में अपनी प्रतिष्ठा पुन: स्थापित करने में सफल रहा है। इस अवसर राज्यपाल ने पौधरोपण भी किया। उन्होंने प्रो. डम्बरूधन नाथ द्वारा लिखित पुस्तक 'निर्गुण भक्ति इन इस्टर्न इंडियाÓ का भी विमोचन किया।
सेंटर फॉर साइंस, लर्निंग एंड क्रिएटिविटी (सीएसएलसी) साइंस म्यूजियम, शिमला द्वारा सरकारी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल (जीएमएसएसएस) खलग के 37 छात्रों के एक समूह की मेजबानी की गई, जिसमें तीन स्कूल शिक्षक भी शामिल थे। इस अवसर पर सीएसएलसी विज्ञान संग्रहालय, शिमला के निदेशक, रविकांत ठाकुर द्वारा व्यावसायिक पाठ्यक्रमों और उनके लाभों पर एक व्याख्यान दिया गया। यह आयोजन व्यावसायिक शिक्षा के व्यापक परिचय के साथ शुरू हुआ, जिसमें सीखने के लिए व्यावहारिक और कौशल-आधारित दृष्टिकोण पर जोर दिया गया। ठाकुर ने छात्रों को व्यावहारिक कौशल के महत्व पर प्रकाश डाला जो उन्हें वास्तविक दुनिया के लिए तैयार करेगा। उन्होंने आगे कहा कि व्यावसायिक शिक्षा अकादमिक ज्ञान और वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोग के बीच अंतर को पाटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ठाकुर ने व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने के अनेक लाभों पर भी चर्चा की। इनमें नौकरी बाजार में शीघ्र प्रवेश, पारंपरिक डिग्री की तुलना में कम वित्तीय बोझ और किसी के जुनून और प्रतिभा का पता लगाने का अवसर शामिल है। यह आयोजन न केवल ज्ञानवर्धक था बल्कि छात्रों और शिक्षकों के लिए समान रूप से प्रेरणादायक भी था। सीएसएलसी-विज्ञान संग्रहालय शिमला में सीखने की यात्रा जारी है, जहां हमारा लक्ष्य युवा दिमागों में ज्ञान को विकसित करना और उन्हें एक उज्जवल भविष्य की ओर मार्गदर्शन करना है, सीएसएलसी के निदेशक ठाकुर ने कहा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज ज़िला मंडी के करसोग क्षेत्र में अलसिंडी के पास हुई सड़क दुर्घटना में पांच लोगों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने दुर्घटना में घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता और घायलों को सर्वोत्तम उपचार प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की प्रार्थना की है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने मंडी जिला के करसोग में एक निजी वाहन के दुर्घटना में मारे गए पांच लोगों के प्रति शोक व्यक्त किया है। उन्होंने शोकग्रस्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति की प्रार्थना भगवान से करते हुए घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। प्रतिभा सिंह ने मंडी जिला प्रशासन से प्रभावित परिवारों की हर सम्भव मदद देने को कहा है।
-प्रदेश सरकार 9900 करोड़ का संशोधित नोट तक केंद्र सरकार को भेज चुकी -प्राकृतिक आपदा का क्लेम केंद्र सरकार से न मिलने के लिए हिमाचल भाजपा दोषी उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने प्राकृतिक आपदा पर राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए भाजपा को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने शुक्रवार को प्रेस वक्तव्य जारी कर कहा कि आपदा के क्लेम के 4950 करोड़ रुपये केंद्र सरकार से न मिलने के लिए हिमाचल भाजपा दोषी है। भाजपा नेताओं की वजह से ही केंद्र ने यह राशि रोकी हुई है। आपदा से नुकसान का 6746 करोड़ रुपये का पहला क्लेम नोट हिमाचल सरकार ने 10 अगस्त को केंद्र सरकार को भेज दिया था। उसके बाद 9900 करोड़ रुपये का संशोधित क्लेम नोट 10 अक्तूबर को भेजा गया है। उप मुख्यमंत्री व राजस्व मंत्री ने कहा कि कुल क्लेम का 50 फीसदी यानि 4950 करोड़ रुपये हिमाचल प्रदेश का हक बनता है। यह राशि केंद्र सरकार को तुरंत जारी करनी चाहिए ताकि लोगों के पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्य में तेजी लाई जा सके। मुकेश अग्निहोत्री व जगत सिंह नेगी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अभी तक क्लेम का एक पैसा भी केंद्र सरकार ने हिमाचल को नहीं दिया है। केंद्र की तीन टीमें अब तक प्रदेश में आकर बाढ़ व भारी बारिश से हुए नुकसान का आंकलन कर लौट चुकी हैं। क्लेम की राशि प्रदेश का अधिकार है, यह प्राकृतिक आपदा आने पर सभी राज्यों को मिलता है, इसे राजनीतिक आधार पर नहीं रोका जा सकता। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल में आई आपदा को न तो राष्ट्रीय आपदा घोषित किया गया और न ही इस आपदा से उबरने के लिए कोई विशेष राहत पैकेज दिया गया। आपदा प्रभावित हिमाचल प्रदेश की जनता अब विशेष राहत पैकेज की मांग भी नहीं कर रही, बल्कि हिमाचल को 4950 करोड़ रुपये मिलने चाहिए जो हिमाचल प्रदेश का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिमाचल भाजपा के नेता इस धनराशि को जारी नहीं होने दे रहे हैं। इसी तरह से बिजली कंपनियों से वाटर सेस लेने के लिए बार-बार रोका जा रहा है, केंद्र सरकार पत्र जारी कर रही है, उससे स्पष्ट है कि भाजपा नेताओं को हिमाचल प्रदेश की जनता के हितों से कोई सरोकार नहीं है। उप मुख्यमंत्री व राजस्व मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदा का क्लेम रुकवाकर भाजपा ने अपना असली चेहरा जनता के सामने ला दिया है। प्रदेश के लोग समय आने पर भाजपा को सबक सिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। भाजपा नेताओं के कारनामों से साफ हो गया है कि उन्हें आपदा प्रभावितों से कोई सहानुभूति नहीं है, उनका मूल उद्देश्य केवल और केवल राजनीति करना ही है।
-भुंतर के पंचायत समिति सदस्य प्रशिक्षण वर्ग में बोले पूर्व मुख्यमंत्री - केंद्र सरकार की योजनाओं को घर तक पहुंचाएगी भाजपा - लोकसभा चुनाव में इस बार टूटेगा पिछला रिकॉर्ड -हिमाचल की कांग्रेस सरकार हर मोर्चे पर फेल, एक भी वादा नहीं निभाया नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के भले के लिए हम जान देने के लिए तैयार हैं। जो आज कुछ भी बोल रहे हैं उन्हें याद रखना चाहिए कि हिमाचल के लिए हमने हमेशा संघर्ष किया है। उन्होंने कि सरकार में बैठकर लोगों को बेसिक पैर की बात नहीं करनी चाहिए। जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल को ज़्यादा से ज़्यादा सहयोग मिले इसके लिए हमने खूब प्रयास किए हैं। हमारे प्रयासों का नतीजा है कि केंद्र से आर्थिक सहयोग आया और उससे राज्य सरकार आपदा राहत पैकेज दे रही है। नेता प्रतिपक्ष ने यह बातें कुल्लू के भुंतर में पंचायत समिति के प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में कही। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दस महीने से ज़्यादा के कार्यकाल में पूरी तरह नाकाम हो गई है। प्रदेश भर में लोग हर जगह सरकार के विरुद्ध सड़कों पर आ रहे हैं। मात्र दस महीनें के कार्यकाल में ही सचिवालय के बाहर रोज़ धरने हो रहे हैं। यह धरने कांग्रेस के द्वारा चुनाव जीतने के लिए बोले गए झूठ का परिणाम है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देश के लोकतंत्र में पंचायत की इकाई सबसे महत्वपूर्ण है। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता ही पार्टी की ताक़त हैं। आने वाले लोक सभा चुनाव में देश, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फिर से जनादेश देने जा रहा हैं। इस बार के लोकसभा चुनाव पिछली बार के सारे रिकॉर्ड भी टूट जाएंगे। उन्होंने कहा कि बीजेपी एक-एक देशवासी तक केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री द्वारा चलाई जा रही जनहित की योजनाओं को पहुंचाएगी। सरकार द्वारा समाज के हर वर्ग के लिए योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिससे देश के हर वर्ग का समुचित विकास हो सके। हर बूथ और हर पंचायत से बीजेपी को मज़बूत बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों को मज़बूत करना है। यह बातें जयराम ने कुल्लू के भुंतर में पंचायत समिति सदस्य के प्रशिक्षण वर्ग में कहीं। इस मौक़े पर उनके साथ प्रदेश महामंत्री बिहारी लाल शर्मा, बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी, पूर्व सांसद महेश्वर सिंह, बीजेपी नेत्री धनेश्वरी ठाकुर, ज़िलाध्यक्ष अरविंद चंदेल, पूर्व बीजेपी ज़िलाध्यक्ष भीमसेन, नगर पंचायत भुंतर की अध्यक्ष मीना शर्मा समेत अन्य पंचायत समिति सदस्य व कार्यकर्ता उपस्थित थे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस आपदा में सरकार ने आपदा प्रभावितों के ज़ख्मों को हरा करने का काम किया है। इस सरकार के तुगलकी फ़ैसलों की वजह से लोगों की आपदा से निपटने की कोशिशें भी परवान नहीं चढ़ पा रही हैं। सरकार में आने के बाद फिर आपदा आने के बाद डीज़ल के दाम बढ़ा दिये। सीमेंट के दाम बढ़ा दिये। आपदा राहत के लिए काम में आने वाली सारी चीजें महंगी हो गई। अब क्रशर बंद कर दिया और लोगों को भवन निर्माण से जुड़ी सामग्री ढूंढे नहीं मिल रही है। रेता-बजरी जैसे अत्यंत आवश्यक वस्तुएं आज बाज़ार में तीन गुना महंगी मिल रही हैं। ऐसे में आपदा में अपना सब कुछ खो चुके लोग घर कैसे बनायेंगे। आपदा से तहत नहस हो चुका पर्यटन का कारोबार सरकार के 'विशेष पथ करÓ जैसी तानाशाही योजना की वजह से उबर नहीं पा रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वह उम्मीद करते हैं कि सरकार जनहित में फ़ैसले ले जनविरोध में नहीं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वर्तमान की कांग्रेस सरकार हर मोर्चे पर नाकाम है। चुनाव जीतने के लिए प्रदेश के लोगों से झूठ बोला। सरकार बन जाने के बाद एक भी वादे को पूरा नहीं किया। यह सरकार सिफ़र् हमारी सरकार के समय किए कामों को बंद करके लोगों को परेशान करने का काम कर रही है। इस तरह से काम नहीं चलेगा। प्रदेश के लोग लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के इस झूठ का जवाब देने के लिए तैयार है।
-पीड़ितों के लिए न्याय और एक सुरक्षित परिसर की उठाई मांग एसएफआई की राज्य कमेटी ने आईआईटी बीएचयू के दो स्टूडेंट्स पर हमला व छात्रा का यौन उत्पीड़न करने के खिलाफ गहरा रोष प्रकट किया है। बता दें कि पिछले कल लगभग 2 बजे आईआई टीबीएचयू के दो छात्रों पर परिसर के अंदर मोटरसाइकिल पर तीन गुंडों द्वारा हमला किया गया। गुंडों ने कथित तौर पर परिसर के अंदर बंदूक की नोक पर छात्र के साथ मारपीट की और महिला छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न किया। छात्र इस जघन्य अपराध और प्रशासन द्वारा दिखाई गई असंवेदनशीलता और उदासीनता के विरोध में सामने आए हैं और पीड़ितों के लिए न्याय और एक सुरक्षित और समावेशी परिसर की मांग कर रहे हैं। यह कोई अकेली घटना नहीं है जो बीएचयू में घटी हो। परिसर में यौन उत्पीड़न के ऐसे ही मामले पहले भी सामने आए हैं, जहां छात्र समुदाय ने विरोध प्रदर्शन किया और महिला छात्रों के लिए एक सुरक्षित और अधिक समावेशी परिसर की मांग की। पिछले कुछ वर्षों में यौन उत्पीड़न की कई घटनाओं के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन जीएसकैश की स्थापना जैसे प्रभावी माध्यमों से छात्रों की सुरक्षा और विश्वविद्यालय में लैंगिक संवेदनशीलता पर काम करने में विफल रहा है। इस जघन्य अपराध के अपराधी बाहरी लोग थे जो देर रात अपनी मोटरसाइकिल पर विश्वविद्यालय में दाखिल हुए थे। इससे उत्तर प्रदेश राज्य में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति स्पष्ट होती है, जहां सरकार द्वारा गुंडों और अपराधियों को बिना किसी प्रभाव के महिलाओं के खिलाफ आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की छूट दी जाती है। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) आईआईटी-बीएचयू में प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ एकजुटता से खड़ा है और मांग करता है कि उत्तर प्रदेश सरकार दोषियों को गिरफ्तार करे और उनके खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई करे। एसएफआई देश भर के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में यौन उत्पीड़न के खिलाफ लिंग संवेदनशील कमेटी के गठन (जीएसकैश) की मांग करता है।
हाल ही में उप मुख्यमंत्री द्वारा शिमला से मां भंगायणी होते हुए लानी बोराड के लिए बस सेवा को हरी झंडी दिखाई गई। यह बस सेवा प्रथम दर्शन सेवा के तहत शुरू की गई, जिसका लोगों द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। इस बस सेवा के शुरू होने से रोनहाट और लानी बोराड सहित साथ लगती पंचायत के लोगों में भी खुशी की लहर है। इस बस सेवा के आरंभ होने से जहां महिलाओं को 50 प्रतिशत किराए में छूट की सुविधा मिलेगी तो वहीं एचआरटीसी के अन्य डिस्काउंट कार्ड्स की सुविधा भी लोगों को उपलब्ध होगी। आपको बता दें कि इससे पहले शिमला से रोनहाट-लानी बोराड़ के लिए एचआरटीसी की कोई भी सीधी बस सेवा नहीं थी, जिससे लोगों को प्राइवेट बसों में सफर करना पड़ता था और वे एचआरटीसी बसों की सुविधा का लाभ नहीं उठा पा रहे थे। इस बस सेवा को शुरू करने के लिए लोग काफी समय से मांग उठा रहे थे, कई बार बस सेवा को शुरू करने के लिए मंत्री को ज्ञापन भी सौंपे गए, लेकिन बसों की कमी के कारण रूट को शुरू नहीं किया जा रहा था। जैसे ही नई बसें एचआरटीसी के बेड़े में शामिल हुईं तो उसके बाद इस बस सेवा को शुरू कर दिया गया। क्षेत्रवासियों सरकार एवं विभाग का जताया आभार हरिपुरधार, जरवा, पनोग, रोनहाट और लानी बोराड के लोगों ने बस का जोरदार स्वागत किया और उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री सहित मंत्री हर्षवर्धन चौहान, एमडी एचआरटीसी, आरएम सोलन और उन सभी लोगों का धन्यवाद किया जिन्होंने इस बस सेवा को शुरू करवाने में अपनी भूमिका निभाई। आपको बता दें कि बस सेवा को शुरू करवाने में लानी गांव के रामलाल ने भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर कई बार इस मांग को एमडी एचआरटीसी के समक्ष भी रखा और अब उनकी और लोगों की यह मांग सिरे चढ़ गई है। लोगों ने रामलाल का भी धन्यवाद किया है। पूरे क्षेत्र में बस सेवा के शुरू होने से खुशी की लहर है।
आईजीएमसी के दो सौ के लगभग सफाई, वार्ड अटेंडेंट, सुरक्षा कर्मी, स्टाफ नर्सों, डेटा एंट्री ऑपरेटरों, मैस कुकों व हेल्परों, लैब टेकनिशियनों व अन्य कोविड कर्मियों तथा 20 सुरक्षा कर्मियों को नौकरी से बाहर रखने के मुद्दे पर मजदूर संगठन सीटू के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने श्रम विभाग शिमला पर दो घंटे तक जोरदार मौन प्रदर्शन किया। इस दौरान सीटू प्रतिनिधियों व श्रमायुक्त की बैठक हुई जिसमें उप श्रमायुक्त, श्रम अधिकारी व श्रम निरीक्षक मौजूद रहे। सीटू ने आरपार की लड़ाई का एलान किया है। सीटू ने चेतावनी दी है कि अगर नौकरी से निकाले गए सुरक्षा कर्मियों व कोविड कर्मियों को न्याय न मिला तो आंदोलन उग्र होगा। आंदोलन की अगली कड़ी में जेल भरो आंदोलन, गिरफ्तारियां, चक्का जाम, ओक ओवर व सचिवालय मार्च होगा। सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, रमाकांत मिश्रा व जिला कोषाध्यक्ष बालक राम ने आईजीएमसी मसले पर श्रमायुक्त से हस्तक्षेप करके मजदूरों को न्याय देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी से दो सौ कोविड योद्धाओं को रोज़गार से बाहर करना मानवता को शर्मसार करने की घटना है। उन्होंने कहा कि 20 सुरक्षा कर्मियों के नौकरी से बाहर करना देश के कानून का गला घोंटना है। उन्होंने कहा कि सिक्योर गार्ड को दिए गए सुरक्षा कर्मियों के ठेके में महाघोटाला है। उन्होंने कहा कि इस घोटाले में शामिल अधिकारियों के खिलाफ अब कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। टेक्निकल बिड इवैल्यूएशन के 70 अंकों के आधार पर सिक्योर गार्ड कम्पनी ठेके के लिए एप्लाई करने के लिए भी पात्र नहीं थी क्योंकि उसके 70 में से शून्य अंक हैं। ठेके के लिए वर्ष 2019 से हर साल इनकम टैक्स रिटर्न भरना अनिवार्य था परंतु कंपनी सितंबर 2020 में बनी तो फिर इसने वर्ष 2019 का आयकर कैसे भर दिया। कम्पनी को ठेके की शर्तों के अनुसार वर्ष 2017 से 2022 तक के पांच वर्षों में एक जगह पर 100 से अधिक व कुल 300 सुरक्षा कर्मियों से कार्य अनुभव होना अनिवार्य था परंतु कंपनी का कार्य अनुभव तो तीन वर्ष का भी नहीं है। इस तरह कंपनी को ठेका मिलना तो दूर की बात यह कम्पनी बिडिंग प्रक्रिया में शामिल होने के लिए भी पात्र नहीं थी। इस घोटाले को जनता में उजागर किया जाएगा व इसके खिलाफ माननीय उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा। उन्होंने आईजीएमसी में कर्मियों को नौकरी से बाहर करने व ठेके में हुए घोटाले के खिलाफ आंदोलन तेज करने का आह्वान किया है। हिमाचल प्रदेश आउटसोर्स कर्मचारी यूनियन प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र लाल, सुरक्षा कर्मी यूनियन अध्यक्ष देवराज बबलू, सफाई कर्मी यूनियन अध्यक्षा निशा व महासचिव सरीना ने कहा कि आईजीएमसी में अंग्रेजों के ज़माने के काले कानून आज भी जारी हैं। यहां हायर एन्ड फायर नीति जारी है व कानून का गला घोंट कर दो सौ कोविड कर्मियों व 20 सुरक्षा कर्मियों को नौकरी से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि कर्मियों को नौकरी से बाहर करने का निर्णय गैर कानूनी है। इसे तुरन्त वापिस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी में सुरक्षा कर्मियों व कोविड कर्मियों की मानसिक प्रताड़ना की जा रही है। ठेकेदार बदलने पर उन्हें नौकरी से निकाला जा रहा है जोकि यूनियन से आईजीएमसी प्रबंधन द्वारा किए गए समझौते व औद्योगिक विवाद अधिनियम की धारा 25 एच का खुला उल्लंघन है। आईजीएमसी प्रबन्धन भी नए ठेकेदार के साथ मिलकर श्रम क़ानूनों की खुली अवहेलना कर रहा है।
-इससे पहले हिमाचल में आज तक नहीं हुई फिरौती के लिए गोलीबारी नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में क़ानून व्यवस्था का जनाज़ा उठ गया है। फिरौती के लिए दिनदहाड़े, खुलेआम लोगों को गोली मारी जा रही है। आज तक हमने हिमाचल प्रदेश में इस तरह के माफ़ियाराज की घटना नहीं सुनी। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार को इस तरह के माफिया का फ़न कुचलना होगा, उसके लिए चाहे जो कार्रवाई करनी पड़े। उन्होंने कहा कि ऊना के हरोली में फिरौती न देने पर कारोबारी को गोली मारने की घटना से आज पूरे ऊना में दहशत का माहौल है। ऊना के कई लोगों से मेरी बात हुई, सबने यही कहा कि इस बात की कल्पना भी नहीं की जा सकती कि हिमाचल में फिरौती और गुंडा टैक्स जैसी चीजों की मांग करके गोलीबारी करेगा। उन्होंने कहा कि आज नगरोटा में ज़मीनी विवाद में एक प्राइवेट स्कूल संचालक ने अपने सगे भाई और भाभी की दिन दहाड़े गोली मार कर कर हत्या कर दी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश में यदि किसी को भी इस तरह के अपराध की उम्मीद नहीं थी तो सरकार का भी यह दायित्व बनता है कि ऐसे अपराध प्रदेश में होने भी न पाए। माफिया का फन कुचलने के लिए सरकार जो भी कदम उठाएगी विपक्ष पूरी ज़िम्मेदारी से सरकार के साथ खड़ा है लेकिन इस तरह की घटना पर अंकुश लगना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश क़ानून से चलेगा माफिया से नहीं। कारोबारी सरकार को टैक्स देते हैं, वह गुंडा टैक्स नहीं देंगे। इसलिए सरकार की ज़िम्मेदारी है कि हर नागरिक की सुरक्षा करे और माफिया को उनकी सही जगह दिखाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गुंडा टैक्स नहीं चलेगा। हिमाचल प्रदेश अपनी शान्तिप्रियता और क़ानून व्यवस्था के लिए जाना जाता है और यही हमारे प्रदेश की पहचान रहनी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह प्रदेश की पहली घटना है सरकार यह सुनिश्चित करे कि यही आद्घख़री घटना भी हो। इस तरह की घटनाएं प्रदेश में किसी तरह स्वीकार नहीं की जाएगी। कांगड़ा के जसौर में शिक्षक और उनकी पत्नी की हत्या पुलिस और प्रशासन की नाकामी नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आज कांगड़ा के नगरोटा बगवां से लगते जसौर में में ज़मीनी विवाद में एक प्राइवेट स्कूल संचालक ने अपने सगे भाई और भाभी की दिन दहाड़े गोली मार कर कर हत्या कर दी। इस तरह से प्रदेश में दिन दहाड़े गोलीय चल रही हैं। पिछले माह 6 अक्टूबर को ऊना के ही बहड़ाला में सहकारी सभा के सचिव की दिन दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस तरह की निजी रंजिश में हत्या पुलिस की नाकामी और उसके खुफ़िया सूचना तंत्र की विफलता है। एक दिन में इस तरह की घटनाएं नहीं हो सकती है। इस तरह के मामले पुलिस के गोपनीय सूचना तंत्र की सहायता से रोके जा सकते हैं।
-246 परिवारों को मकान के किराए के रूप में प्रदान की जा रही है वित्तीय सहायता प्रदेश में मानसून के दौरान आई आपदा से प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए राज्य सरकार ने खजाना खोल दिया है। राज्य सरकार प्रभावितों को हर संभव मदद प्रदान कर रही है। आपदा के कारण बेघर हुए 246 परिवारों को मकान किराये के रूप में 74.25 लाख रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। जिला बिलासपुर में इस योजना के तहत 55 प्रभावित परिवारों को लाभान्वित किया जा रहा है, जिनमें बिलासपुर उपमंडल के दो, घुमारवीं उपमंडल के 44, झंडुता उपमंडल के 9 परिवार शामिल हैं। 31 मार्च, 2024 तक इन परिवारों को किराये के रूप में राज्य सरकार की ओर से 16.95 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी। झंडुता निवासी निर्मला देवी ने बताया कि आपदा के दौरान उनका घर क्षतिग्रस्त हो गया था तथा उनके पास रहने के लिए कोई जगह नहीं थी, ऐसे में राज्य सरकार की ओर से उन्हें पहले राहत शिविर में ठहराया गया तथा अब उन्हें किराये के मकान में शिफ्ट कर दिया गया है। राज्य सरकार द्वारा मकान का किराया अदा करने के लिए उन्हें प्रतिमाह 5000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। इसके साथ-साथ राज्य सरकार की ओर से नि:शुल्क गैस कनेक्शन दिया गया है और राशन भी नि:शुल्क ही प्रदान किया जा रहा है। वहीं बिलासपुर जिला निवासी सुरेश कुमार ने बताया कि आपदा के दौरान उनके घर में दरारें आ गई थीं तथा घर रहने लायक नहीं रहा था। राज्य सरकार द्वारा अब उन्हें मकान का किराये अदा करने के लिए प्रतिमाह 5000 रुपये प्रदान किए जा रहे हैं जिसके कारण वे सम्मान के साथ अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का इस मद्द के लिए उनका आभार व्यक्त किया है। वहीं, जिला कांगड़ा में 73 परिवारों को इस योजना का लाभ दिया जा रहा है जिनमें से 7 कांगड़ा उपमंडल, 13 ज्वाली, 24 नूरपुर, 11 धीरा तथा 18 परिवार ज्वालामुखी उपमंडल के हैं। इन परिवारों को मकान किराये के रूप में राज्य सरकार 21.90 लाख रुपये की सहायता प्रदान करने जा रही है। मंडी जिला में 118 परिवार राज्य सरकार की मकान का किराये प्रदान करने की सुविधा का लाभ ले रहे हैं। जिला के तहत थुनाग उपमंडल में 13, सरकाघाट उपमंडल में 75, धर्मपुर में 10, बालीचौकी में 8, जोगिंद्रनगर में 9 तथा गोहर उपमंडल में 3 परिवार इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। राज्य सरकार इन आपदा प्रभावित परिवारों को 35.40 लाख रूपये मकान किराये के रूप में आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश में संवेदनशील सरकार काम कर रही है। प्रदेश सरकार ने मानवीय दृष्टिकोण के साथ आपदा प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए 4500 करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज जारी किया है। यह मुख्यमंत्री की ही सकारात्मक सोच का परिणाम है कि आपदा प्रभावित परिवारों को सम्मानजनक तरीके से जीवन-यापन के दृष्टिगत मकान का किराया अदा करने के लिए र्ग्रामीण क्षेत्रों में 5000 रुपये तथा शहरी क्षेत्रों में 10,000 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिन आपदा प्रभावितों ने मकान के किराए के लिए आवेदन नहीं किया है, वे भी आवेदन करने के उपरांत इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। राज्य के इतिहास में किसी भी सरकार ने अब तक इस तरह का कदम नहीं उठाया है जबकि ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रत्येक आपदा प्रभावित की पीड़ा को समझते हुए निर्णय ले रहे हैं। हर प्रभावित के जख्मों पर मरहम लगाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह के करीबी जितेंद्र राणा उर्फ जुग्ना और संदीप सांख्यान को हिमाचल पथ परिवहन निगम में जिम्मेवारी सौंपी गई है। उन्हें प्रदेश हिमाचल पथ परिवहन निगम की महत्वपूर्ण स्टोर परचेज कमेटी का गैर सरकारी सदस्य बनाया गया है। पथ परिवहन निगम में सरकार द्वारा गैर सरकारी सदस्य बनाने पर जितेंद्र राणा ओर संदीप ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि जो महत्वपूर्ण जिम्मेदारी प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री ने सौंपी है उसे पूरी कर्तव्य निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगे और इस पद की गरिमा को बढ़ाएंगे। संदीप सांख्यान व जितेंद्र राणा कांग्रेस के कर्मठ कार्यकर्ता रहे हैं। जितेंद्र राणा शिमला जिला से संबंध रखते है ओर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह के करीबी माने जाते है। जितेंद्र राणा ज़िला कांग्रेस कमेटी शिमला शहरी के सचिव व महासचिव पद पर भी कार्य कर चुके है ओर वर्तमान में कांग्रेस सेवा दल शिमला के अध्यक्ष है । वहीं, संदीप सांख्यान हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के वरिष्ठ प्रवक्ता हंै और सदर विधानसभा क्षेत्र से टिकट के दावेदारी में अग्रिम पंक्ति में रहे हैं संदीप सांख्यान वाणिज्य (आनर्स) में स्नातक स्नाकोत्तर और एमबीए (अंतरास्ट्रीय मार्केटिंग व व्यवसाय) व अधिवक्ता भी है। संदीप सांख्यान व जितेंद्र राणा ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री का हर फैसला दूरदर्शिता पूर्ण होता है। मुख्यमंत्री खुद एक लंबे संघर्षों और छात्र राजनीति से निकल कर समाज के हर वर्ग का दर्द जानते हैं और सामाजिक संवेदनाओं को बखूबी समझते है। उनके नेतृत्व में प्रदेश नई दिशाओं की तरफ अग्रसर हो रहा है। भगवान से प्रार्थना करते हुए संदीप सांख्यान व जितेंद्र राणा ने उनके स्वास्थ्य लाभ को लेकर भी प्रार्थना की है की वह जल्द स्वस्थ होकर प्रदेश में विकास की गति बढ़ाएंगे।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज मां गिरी गंगा के मंदिर में शीश नवाया व आशीर्वाद लिया। तदोपरांत शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने जुब्बल तहसील की ग्राम पंचायत शिल्ली के अंतर्गत गिरी गंगा माता मंदिर के सड़क संपर्क मार्ग को पर्यटन के दृष्टिकोण से विकसित करने हेतु 6 करोड़ 46 लाख रुपये की लागत से चल रही मेटलिंग व टारिंग के कार्य का निरीक्षण किया।
-बोले, प्राकृतिक खेती योजना को बंद करने का निर्णय राजनीतिक से प्रेरित वर्तमान कांग्रेस की सरकार, पूर्व भाजपा सरकार द्वारा लिए गए सभी अच्छे निर्णयों को राजनीतिक द्वेष की भावना से बदल रही है, जिसका बड़ा दुष्परिणाम हिमाचल प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है यह बात भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. बिंदल कही। उन्होंने कहा कि स्कूलों को बंद करना, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को बंद करना, पटवार सर्कल, तहसील ऑफिस, पीडब्ल्यूडी, आईपीएच, बिजली बोर्ड के दफ्तर, एसडीएम के दफ्तर और कॉलेज इत्यादि को बंद करना केवल और केवल राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से लिए गए अदूरदर्शी निर्णय है। बिंदल ने कहा कि इसी कड़ी में कांग्रेस सरकार ने प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना को बंद करने का निर्णय लिया है जो कि पूरी तरह से राजनैतिक प्रतिद्वंदिता के आधार पर लिया गया निर्णय है। हिमाचल प्रदेश को ऑर्गेनिक फारमिंग का बहुत बड़ा केंद्र बनाने के उदेश्य से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने हेतु प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना की शुरूआत की गई और हजारों किसानो ने प्रदेशभर में इसका प्रशिक्षण लिया और प्राकृतिक खेती करनी शुरू की जिसके अच्छे परिणाम हिमाचल में आये। किसान को समृद्ध बनाने वाली इस योजना को जहां जयराम ठाकुर सरकार ने शुरू किया, वहीं तत्कालीन राज्यपाल आचार्य देवव्रत जी का बड़ा योगदान रहा और तो और हिमाचल प्रदेश के कार्यों से प्रभावित होकर राष्ट्रीय स्तर पर माननीय संसद सदस्यों को आचार्य देवव्रत जी ने सम्बोधित किया। इस तकनीक से बनाई गई खाद का उपयोग कई देशों के विभिन्न हिस्सों में कामयाबी से किया जा रहा है। ऐसे में कांग्रेस सरकार द्वारा इस महत्वकांक्षी योजना को बंद करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और भारतीय जनता पार्टी इस निर्णय की कड़े शब्दों में निंदा करती है। बिंदल ने कहा कि गोबर, गौ मूत्र और गुड़ से निर्मित खाद सदैव ही गुणकारक रहेगी और इस प्रकार तैयार की गई फसलें मनुष्य शरीर को स्वस्थ रखने में अपना योगदान देंगी।
-217 संख्या तय करने पर घोड़ा कारोबारियों में मचा हड़कंप शिमला के मशहूर पर्यटन स्थल कुफरी के घोड़ा कारोबारियों को बड़ा झटका लगा है। इनकी रोजी-रोटी पर बड़ा संकट गहरा गया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के 25 मई और 12 जुलाई के आदेशों की अनुपालना करते हुए वन विभाग ने कुफरी में घोड़ों की संख्या अधिकतम 217 निर्धारित कर दी है। इस संबंध में डीएफओ ठियोग ने कुफरी में नोटिस लगा दिया है। इससे घोड़ा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। कुफरी में अभी 700 से 1000 घोड़े काम कर रहे हैं। वहां पर अब तय संख्या से ज्यादा घोड़े चलाए की इजाजत नहीं मिलेगी। यह आसपास की पांच छह पंचायतों के घोड़ा कारोबारियों के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि बहुत से परिवारों की रोजी-रोटी घोड़ों से होने वाली कमाई पर निर्भर करती है। एनजीटी ने एक याचिका की सुनवाई का निपटारा करते हुए कुफरी में घोड़ों के कारण पर्यावरण व देवदार के जंगल को हो रहे नुकसान को देखते हुए एक कमेटी गठित की थी। जस्टिस सुधीर अग्रवाल और ज्यूडिशियल मेंबर डॉ. ए. सेंथिल वेल विशेषज्ञ सदस्य की बेंच ने कमेटी को 2 महीने के भीतर रिपोर्ट देने को कहा था कमेटी ने फील्ड विजिट के बाद एनजीटी को अपनी रिपोर्ट दी। इसमें 200 से 217 घोड़ों की आवाजाही की सिफारिश की गई। इसके आधार पर डीएफओ ठियोग ने कुफरी में घोड़ों की संख्या को लेकर नोटिस लगाया है। अब देखना होगा कि किस तरह कुफरी में जिला प्रशासन और वन विभाग घोड़ों की संख्या नियंत्रित करता है।
-एसआईटी के पास पहुंचा ढाई लाख निवेशकों का रिकॉर्ड -घोटाले में संलिप्त आरोपियों का जल्द होगा पर्दाफाश क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का लालच देकर बनाई गई ढाई लाख निवेशकों की आईडी का पूरा रिकॉर्ड एसआईटी ने जुटा लिया है। ढाई लाख आईडी में नेता, डॉक्टर, अधिकारी, पुलिस, ठेकेदार और किसान शामिल हैं। अब यह देखा जा रहा है कि किस व्यक्ति ने डबल रिटर्न के लालच में कितने का निवेश किया है। किसके खाते में कितनी राशि आई है। इस रिकॉर्ड से एसआईटी जल्द ही घोटाले में संलिप्त आरोपियों का पर्दाफाश करेगी। इस मामले में और गिरफ्तारियां होनी हैं। 2000 करोड़ रुपये का घोटाला जांच में सामने आया है कि क्रिप्टोकरेंसी घोटाला में ढाई लाख के करीब लोगों की आईडी बनी और करीब 2,300 करोड़ रुपये की ट्रांजेक्शन सामने आई है। इसमें 2000 करोड़ का घोटाला है। आरोपियों ने साल दर साल धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए नए-नए नाम से कंपनियां बनाईं। अब तक की जांच में पूरे फ्रॉड का मास्टरमाइंड सुभाष और अभिषेक को माना जा रहा है। इसके साथ ही घोटाले में संलिप्त कुछ अन्य आरोपियों को भी विभिन्न कपंनियों के एमएलएम से जुड़े बिजनेस में काम करने का अनुभव था। ऐसे में घोटाले से जुड़ी गैंग के सदस्यों को मालूम था किस तरह से लोगों को लालच देकर में जल्द से जल्द चेन को आगे बढ़ाना है। यही कारण रहा कि चंद सालों में करोड़ रुपये के घोटाले को अंजाम देने में आरोपी सफल रहे। इसी बीच जब आरोपियों को पूरे खेल का भंडाफोड़ होने का अंदेशा हुआ तो मास्टर माइंड सुभाष पुलिस का शिकंजा कसने से पहले ही विदेश फरार हो गया। कई आरोपी भूमिगत हो गए। पुलिस एसआईटी घोटाले में अब तक साढ़े 9 करोड़ की संपत्तियों को सीज किया जा चुका है। एसआईटी की ओर से इन दिनों आरोपियों की संपत्तियों को सीज करने का सिलसिला जारी है।
इंतकाल अदालतों में किया गया 74.22 प्रतिशत लंबित मामलों का निपटारा प्रदेश में इंतकाल के लंबित मामलों की समस्या का समाधान करने के लिए वर्तमान प्रदेश सरकार ने पहली बार अनूठी पहल करते हुए 30 व 31 अक्तूबर,2023 को विशेष इंतकाल अदालतों का आयोजन किया। व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में उठाया गया यह कदम प्रदेश के लोगों के लिए वरदान सिद्ध हुआ है। इन इंतकाल अदलतों में प्रदेशभर में इंतकाल के लंबित 41907 मामलों में से 31105 का निपटारा कर दिया गया। दो दिनों के भीतर ही 74.22 प्रतिशत लंबित मामलों का निपटारा कर दिया गया,जो सरकार की कुशल कार्यप्रणाली को इंगित करता है।बिलासपुर जिला में इन दो दिनों के दौरान सबसे अधिक 90.78 प्रतिशत मामलों का निपटारा किया गया। यहां लंबित 1943 मामलों में से 1764 में इंतकाल दर्ज किये गए। किन्नौर जिला में 90.75 प्रतिशत मामलों का निपटारा हुआ तथा यहां कुल लंबित 400 में से 363 मामलों में इंतकाल दर्ज किए गए जबकि ऊना जिलामें 89.12 प्रतिशत मामलों में इंतकाल दर्ज हुए। यहां 3670 लंबित मामलों में से 3271 इंतकाल सत्यापित किए गए।मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का कहना है कि गुडगवर्नेस के लिए गुड गवर्मेंट का होना आवश्यक है। प्रदेशभर में लंबित इंतकाल के मामलों से लोग बहुत परेशान थे और वर्षों से सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे थे। ऐसे लोगों को राहत प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने विशेष इंतकाल अदालतें लगाने का निर्णय लिया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। प्रदेशभर में आयोजित की गई इंतकाल अदालतों से आम आदमी लाभान्वित हुआ है तथा मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया जा रहा है।जिला कांगड़ा निवासी मीना देवी ने दो दिवसीय विशेष इंतकाल अदालतों के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री का आभार आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका मामला वर्ष 1996 से लंबित था। लेकिन वर्तमान सरकार की इस पहल से वर्षों का काम चंद मिनटों में ही पूरा हो गया। वहीं ऊना निवासी गुरचरण सिंह ने कहा किइस विशेष इंतकाल अदालत का लाभ उन्हें भी मिला है। काफी वर्ष पहले उन्होंने इंतकाल के लिए आवेदन किया था, जो काफी समय से लंबित था, लेकिन अब दोनों भाइयों के नाम पर इंतकाल सत्यापित हो गया है। मण्डी निवासी मनजीत ने भी मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के इस विशेष प्रयास की सराहना की है।उन्होंने कहा कि इंतकाल दर्ज कराने के लिए काफी समय से उन्हें कार्यालयों में चक्कर काटने पड़ रहे थे, लेकिन मण्डी में लगी विशेष इंतकाल अदालत में चंद मिनटों में ही उनका काम पूर्ण हो गया। वहीं चम्बा निवासी देवेश वर्मा ने भी राज्य सरकार का विशेष इंतकाल अदालत के आयोजन के लिए आभार जताया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गंभीरता से प्रयास कर लोगों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया।वर्तमान राज्य सरकार आम लोगों की सरकार है तथा उनकी समस्याओं का निदान करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। लोगों की समस्याओं का प्राथमिकता से निपटारा करने के लिए राज्य सरकार आने वाले दिनों में भी इसी तरह के प्रयास जारी रखेगी।
अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती के लिए सोलन, शिमला, सिरमौर और किन्नौर ज़िलों के उन उम्मीदवारों को शारीरिक परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी कर दिए गए हैं जिन्होंने ऑनलाइन परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है। यह जानकारी भर्ती कार्यालय शिमला की निदेशक कर्नल पुष्विन्दर कौर ने दी। कर्नल पुष्विन्दर कौर ने कहा कि इस भर्ती रैली का आयोजन शिमला ज़िला के रामपुर बुशहर स्थित प्रिथी मिलिट्री स्टेशन अवेरीपट्टी में 18 नवम्बर से 24 नवंबर के मध्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 18 नवंबरको इस रैली में सोलन ज़िला की अर्की तहसील और शिमला ज़िला की सभी तहसीलों के उम्मीदवार भाग ले सकेंगे। 19 नवंबर को सोलन ज़िला की बद्दी तहसील के अतिरिक्त अन्य सभी तहसीलों के उम्मीदवार भाग ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि 20 नवंबर को सोलन ज़िला की बद्दी तहसील के साथ सिरमौर ज़िला की हरिपुरधार, नारग, पझौता, माजरा, कमरउ, नाहन, नोहरा, रोनहाट तथा शिलाई तहसीलों के उम्मीदवार भाग ले सकेंगे। उन्हांने कहा कि 21 नवंबर को सिरमौर ज़िला की पांवटा साहिब, राजगढ़, रेणुका, पच्छाद और ददाहू तहसीलों के उम्मीदवारों की शारीरिक परीक्षा आयोजत की जाएगी। निदेशक भर्ती ने कहा कि 22 नवंबर को सोलन, शिमला और सिरमौर ज़िलों के अग्निवीर टैक्नीकल, अग्निवीर लिपिक, स्टोरकीपर टैक्नीकल और अग्निवीर ट्रेड्समैन तथा किन्नौर ज़िला के अग्निवीर जनरल डयूटी, अग्निवीर टैक्नीकल, अग्निवीर लिपिक, स्टोरकीपर टैक्नीकल और अग्निवीर ट्रेड्समैन पद के लिए उम्मीदवार भर्ती रैली में भाग लेंगे। कर्नल पुष्विन्दर कौर ने कहा कि शारीरिक परीक्षा उत्तीर्ण उम्मीदवारों की अगले दिन चिकित्सा परीक्षा आयोजित होगी। उन्होंने कहा कि शारीरिक परीक्षा के तहत युवाओ को 1.6 किलोमीटर की दौड़ लगानी होगी। कम से कम 6 और अधिकतम 10 पुलअप करने होंगे। 09 फीट गड्ढे को पार करना होगा और जिग ज़ैग बैलेंस दिखाना होगा। कर्नल पुष्विन्दर कौर ने कहा कि उम्मीदवारों को अपने साथ 10वीं, 12वीं पास अंकतालिका, मूल निवास स्थाई प्रमाण पत्र, डोगरा, अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण, चरित्र प्रमाण पत्र केवल नायब तहसीलदार अथवा तहसीलदार द्वारा ऑनलाइन जारी किया हुआ लाना होगा। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार को साथ में शपथ पत्र (भर्ती नोटिफिकेशन के अनुसार), 20 रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो और अविवाहित होने का प्रमाण पत्र भी लाना होगा। उन्होंने कहा कि जिन उम्मीदवारों के पास टेक्निकल शिक्षा प्रमाण पत्र, एनसीसी और वैध खेलकूद प्रमाण पत्र हों तो वह इन्हें अपने साथ जरूर लाएं। जिन उम्मीदवारों के पिता सेवानिवृत या सेवारत हैं वे उम्मीदवार रिलेशनशिप प्रमाण पत्र एवं साथ में डिस्चार्ज बुक की कॉपी लेकर आएं। कर्नल पुष्विन्दर कौर ने कहा कि भर्ती रैली के लिए प्रवेश पत्र रंगीन एवं हाई रिजोल्यूशन में प्रिंट होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) डाउनलोड करने में समस्या होने पर युवा भर्ती कार्यालय शिमला में संपर्क कर सकते हैं। कर्नल पुष्विन्दर कौर ने कहा कि सेना में भर्ती नि:शुल्क है और यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी एवं उम्मीदवार की काबिलियत पर निर्भर करती है। उन्होंने उम्मीदवारों से आग्रह किया कि भर्ती के लिए दलालों के बहकावे में न आएं।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि विभाग द्वारा उपभोक्ताओं के राशन कार्ड की ई-केवाईसी करवाने की तिथि 30 नवंबर तक बढ़ा दी गई है। पहले यह 31 अक्तूबर तक निर्धारित की गई थी। उन्होंने कहा कि कुछ उपभोक्ता अपना व अपने परिवार के सदस्यों का ई-केवाईसी करवाने से वंचित रह गए थे। विभाग द्वारा ऐसे लोगों की सुविधा के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण करने की तिथि बढ़ाई गई है। विभाग द्वारा राशन वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए ई-केवाईसी के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि राशन कार्ड में दर्ज व्यक्ति का नाम, जन्मतिथि तथा लिंग, आधार में दर्ज डाटा के अनुरूप हो, इसके दृष्टिगत प्रदेश भर में ई-केवाईसी की प्रक्रिया आरम्भ की गई है। उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से आग्रह किया कि वे ई-केवाईसी की प्रक्रिया को सयमबद्ध पूर्ण करने में सहयोग प्रदान करें। सरकार की
भारतीय जनता युवा मोर्चा जिला महासू की परिचय बैठक जिला अध्यक्ष अतुल शर्मा की अध्यक्षता में ठियोग के द वाइट हाउस कैफे होटल में आयोजित की गई। इस बैठक भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष सुशील कदशोली, प्रदेश सह-मिडिया सह प्रभारी सुनिल शर्मा अप्पू व जिला के सभी पदाधिकारी व पांचों मंडलों के अध्यक्ष और महामंत्री उपस्थित रहे। बैइक में भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा प्रदेश सरकार की दमनकारी नीतियों को विरोध किया गया। साथ ही आगामी योजनाओं और कार्यक्रमों पर चर्चा की गई।
-एचआरटीसी की बस में ले जा रहे थे नशे की खेप शिमला जिले के कोटखाई उप मंडल के अंतर्गत बाघी में पुलिस ने 107.93 ग्राम चिट्टे के साथ चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की स्पेशल सेल टीम ने चिट्टे की यह खेप पकड़ी है। इसे रोहड़ू नारकंडा बस में छिपाकर ले जाया जा रहा था। पुलिस द्वारा पकड़ी गई इस वर्ष की यह सबसे बड़ी खेप है। कोटखाई पुलिस थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी रोहड़ू से नारकंडा जा रही बस एचपी 10 ए 9717 में बैठे थे। गुप्त सूचना के आधार पर एएसआई अंबी लाल के नेतृत्व में पुलिस की स्पेशल सेल टीम ने कोटखाई के बाघी घाट में बस को रोककर तलाशी ली तो चार आरोपी बस में चिट्टे की खेप के साथ बैठे हुए थे। तलाशी के दौरान 107.93 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया है। आरोपियों की पहचान बलबीर सिंह पुत्र कौल राम गांव तपड़ोग (ननखड़ी), विपिन श्याम पुत्र जय सिंह गांव खुलीघाट (ननखड़ी), रमन पुत्र मोती राम गांव बनी (ननखड़ी), गणेश पुत्र मोहन लाल गांव शाना पोखरा नेपाल के रूप में हुई है। डीएसपी ठियोग सिद्धार्थ शर्मा ने बताया कि पुलिस के स्पेशल सेल ने गुप्ता सूचना के आधार पर कार्रवाई। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों को हिरासत में लिया गया है।
-ऐसा शख्स, जिसने पशु-पक्षियों को समर्पित कर दिया अपना पूरा जीवन -जिन बेजुबानों की जिंदगी बचाई वो बन गए दोस्त, घर तक आते हैं मिलने को हिमालय की गोद में बसे खूबसूरत शहर धर्मशाला के निवासी धीरज महाजन का मानना है कि भगवान की पूजा करने से पहले भगवान द्वारा बनाए गए जीवों की आप पूजा करें...उनसे प्यार करें...उनकी रक्षा करें, भगवान तो अपने आप ही खुश हो जाएंगे। इतना ही नहीं, यह इन बेजुबानों से बातें भी करते हैं, इनके दर्द को अपना दर्द समझते हैं। यह सुनकर आप आश्चर्यचकित हो जायेंगे कि कई पशु-पक्षी इनके दोस्त बन चुके हैं और इनसे मिलने इनके घर तक आते हैं। बचपन से ही धीरज महाजन को प्रकृति व पशु-पक्षियों से प्यार था। जानवरों पर हो रहे अत्याचार इनसे देखे नहीं जाते थे। पशु-पक्षियों से इतना स्नेह रखने वाले धीरज आज तक कई बेजुबानों का रेस्क्यू कर चुके हैं और बेजुबानों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ कई शिकायतें पुलिस से कर चुके हैं। गौवंश और कुत्तों के अलावा इन्होंने अनेकों जंगली जीवों का भी रेस्क्यू किया है। इस निस्वार्थ सेवा भाव के लिए उन्हें 15 अप्रैल, 2022 को 'हिमाचल प्रेरणा स्रोत' से सम्मानित किया गया था। धीरज का कहना है कि रेस्क्यू हमेशा असान नहीं होते। कुछ रेस्क्यू आपकी जान भी ले सकते हैं और वहीं दूसरी ओर किसी को नयी जिंदगी भी दे सकते हैं। कभी तोता तस्करों, कभी जंगली जीवों का शिकार करने वाले शिकारियों को तो कभी पालतू गाय को छोड़ने वाले लोगों को धीरज महाजन ने अपनी जान जोखिम में डालकर पकड़वाया है। धीरज कहते हैं, 'मेरी यह जिंदगी मेरी नहीं, बल्कि इन जीवों की है।'
उप मुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि वाटर सेस पर हम केंद्र सरकार के सुझाव को नहीं मानेंगे। यह मामला न्यायालय के विचाराधीन है और फैसला भी न्यायालय का ही लागू होगा। मंगलवार को मीडिया से बातचीत में अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बहने वाली नदियों पर कंपनियों ने बिजली प्रोजेक्ट लगाए हैं। पानी हमारा, बिजली हमारी और प्रोजेक्ट की जमीन भी हमारी है। इसलिए प्रदेश सरकार ने अपना राजस्व बढ़ाने के लिए इन कंपनियों पर वाटर सेस लगाने का निर्णय लिया है, वाटर सेस कमीशन स्थापित किया है, उसी की अनुशंसा पर कंपनियों पर सेस लगाया है। इससे सरकार को 1,842 करोड़ राजस्व आने की संभावना है। वाटर सेस न लगाने के संबंध में केंद्र सरकार का बार-बार पत्र लिखना अनुचित है। वाटर सेस लगाना प्रदेश के अधिकार क्षेत्र में आता है। केंद्र से पिछले दिनों प्रदेश सरकार को पत्र आया है, जिसमें वाटर सेस को अनुचित करार दिया गया है। मुकेश ने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम के कर्मियों और पेंशनरों को हर महीने वेतन और पेंशन दी जा रही है। उनका हड़ताल पर जाने की धमकियां देने का तरीका सही नहीं है। प्रदेश आपदा का सामना कर चुका है। मुख्यमंत्री अस्वस्थ हैं। कर्मचारी धैर्य रखें, अपनी समस्याएं निगम प्रबंध निदेशक को बताएं, उन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। सीएम के स्वास्थ्य में हो रहा सुधार, शीघ्र लौटेंगे हिमाचल मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू के स्वास्थ्य को लेकर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है। टेस्ट रिपोर्ट ठीक आई है। मुख्यमंत्री स्वस्थ होकर जल्द हिमाचल हिमाचल आएंगे।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेसनीत सुक्खू सरकार को बने हुए एक साल होने को है लेकिन मुख्यमंत्री अभी तक बदले की भावना से काम करते हुए सिफ़र् बीजेपी सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं को बंद करने का ही काम कर रही है। अब कांग्रेस सरकार प्रदेश के लाखों किसानों और बाग़वानों को परेशान करने के लिए प्राकृतिक खेली जैसी जनहितकारी योजनाएं बंद कर रही है। उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसी सरकार आई है जो नई योजनाएं शुरू करने के बजाय पुरानी योजनाओं को बंद करने का काम कर रही है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकारों का काम किसी योजना को और मज़बूत करना हारता है, यदि योजनाओं में कोई कमी रह गई हो तो उसे दूर करना होता है। जयराम ने कहा कि इस समय पूरी दुनिया प्राकृतिक खेती को अपना रही है लेकिन हिमाचल सरकार प्राकृतिक खेती के प्रोत्साहन के लिए चलाई जा रही योजना को बंद कर रही है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती योजना की हिमाचल में सफलता के लिए केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश की कई बार सराहना की गई। इस खेती के ज़रिए किसान रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग न करके जैविक उर्वरकों का प्रयोग करते हैं। जिससे किसानों की कृषि लागत एकदम कम हो जाती है। प्राकृतिक खेती से उत्पादित खाद्य पदार्थ एक तरफ़ किसानों के स्वास्थ्य के लिए फ़ायदेमंद है तो दूसरी तरफ़ बाज़ार में ऐसे उत्पादों की भारी मांग की वजह से अच्छी क़ीमत भी मिल जाती है। लेकिन वर्तमान सरकार प्राकृतिक खेती योजना को बंद करके प्रदेश के किसानों और बागवानों को परेशान कर रही। सुख की सरकार का नारा लगाने वाले प्रदेश के लोगों को दु:ख देने का काम कर रहे हैं। ग़ौरतलब है कि अभी तक प्रदेश में लगभग 2 लाख से ज़्यादा किसान-बागवान परिवारों ने इस खेती विधि को पूर्ण या आंशिक भूमि पर अपना लिया है। प्रदेश की 99 प्रतिशत पंचायतों में यह विधि पहुंच बना चुकी है और 1,17,762 बीघा ( 9,421 हैक्टेयर) से अधिक भूमि पर इस विधि से खेती-बागवानी की जा रही है। इस योजना के तहत 2023 के अंत तक 20 हजार हैक्टेयर से ज़्यादा भूमि को प्राकृतिक खेती के अधीन लाने का लक्ष्य था लेकिन कांग्रेस सरकार ने इस योजना को बंद कर दिया।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज यहां ऐतिहासिक रिज में भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दिवंगत इंदिरा गांधी द्वारा देशहित में लिए गए महत्त्वपूर्ण निर्णयों को भारतवासी कभी नहीं भूल सकते। वह 'आयरन लेडीÓ के रूप में न केवल भारत अपितु विश्वभर में विख्यात हैं। राज्यपाल ने मीडिया के साथ अनौपचारिक बातचीत के दौरान कहा कि आज 31 अक्तूबर को लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जन्म जयंती भी है। इस दिवस को देश भर में राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की उपलब्ध्यिों को देश कभी नहीं भुला सकता। उन्होंने अखंड भारत का सपना देखा और स्वतंत्रता प्राप्ति के उपरांत देश की छोटी-छोटी रियासतों को एकजुट कर वृहद भारत के निर्माण में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। इस अवसर पर राज्यपाल ने उपस्थित जनसमूह को राष्ट्रीय एकता की शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, विधायक हरीश जनारथा, ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौर, नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान, अन्य पार्षदगण, उपायुक्त आदित्य नेगी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
-राज्यपाल ने कहा, दोनों केंद्र शासित राज्य समृद्धि की ओर अग्रसर राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राजभवन में जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख के स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि धर्म, जाति व क्षेत्रवाद की संकीर्णता को समाप्त करना ही इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य है। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक भारत-श्रेष्ठ भारत की कल्पना को साकार कर रहा है जिसके तहत देश के विभिन्न राज्यों के स्थापना दिवस को हर राज्य में मनाने की एक पहल की गई है। शिव प्रताप शुक्ल ने इस अवसर पर जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख के मूल निवासियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश की जन्नत कहा जाने वाला जम्मू-कश्मीर व लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश कीे स्थापना 5 अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 की शक्तियों को समाप्त करने के बाद 31 अक्तूबर, 2019 से जम्मू-कश्मीर व लद्दाख दो अलग केंद्र शासित राज्य बने। उन्होंने कहा कि केंद्र शासित राज्य की स्थापना से पूर्व कश्मीर की जनता व जन-जीवन पूर्णतया अस्त-व्यस्त था। वर्ष 2019 के बाद जम्मू व कश्मीर में केंद्र सरकार की मदद से अनेक नई व महत्वाकांक्षी परियोजनाएं पूरी हुई हैं। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा व पर्यटन के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है जिससे ये दोनों राज्य अब खुशहाली व समृद्धि की ओर अग्रसर हैं। राज्यपाल ने कहा कि केंद्र शासित राज्य के रूप में गठन से लद्दाख में चहुंमुखी विकास को गति मिली हैै। गत वर्षो में इस राज्य में आधारभूत संरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। देश का सीमावर्ती राज्य होने के नाते सुरक्षा की दृष्टि से सड़कों व टनलों का निर्माण किया गया है। शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में जिस राज्य में धार्मिक कट्टरपंथियों के भय से आम जनजीवन भय, निराशा व अवसाद के कारण ़त्रस्त था वहां समाज के प्रत्येक क्षेत्र में विकास व समृद्धि को बढ़ावा मिला है। अब राज्य में युवाओं के लिए रोजगार के अनेक अवसर पैदा किए गए हैं। पर्यटकों के आवागमन से स्थानीय लोगों की आर्थिकी में भी वृद्धि हुई है। कार्यक्रम में लद्दाख के सांस्कृतिक दल को उनके मनमोहक प्रस्तुति के लिए 51 हजार रूपए प्रदान किए। कश्मीर के नागरिक शुभदीप सिंह ने जम्मू कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनाये जाने से अपने परिवार व स्थानीय मुस्लिम परिवारों के साथ घटित मर्मस्पर्शी घटनाएं साझा कीं। राज्यपाल ने उपस्थित जन समूह तथा राजभवन के अधिकारियों व कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ भी दिलाई। इस अवसर पर राज्यपाल तथा लेडी गर्वनर जानकी शुक्ल ने दोनो राज्यों के उपस्थित निवासियों को शॉल व टोपी भेंट कर सम्मानित भी किया। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा और दोनों राज्यों के नागरिक उपस्थित थे।
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने आज बताया कि जिला सोलन की नगर पंचायत अर्की के नगर परिषद वार्ड नंबर 2 मियांपुर और ज़िला शिमला की नगर पंचायत चौपाल के वार्ड नंबर 6 छावनीवीर हॉस्पिटल में होने वाले उप-चुनावों के दृष्टिगत 5 नवंबर को सवैतनिक अवकाश (मतदान होने की स्थिति में) घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि उप चुनाव वाले क्षेत्रों में उस दिन औद्योगिक विवाद अधिनियम के तहत इस दौरान सभी सरकारी कार्यालय, निगम, बोर्ड, शैक्षणिक संस्थान, औद्योगिक प्रतिष्ठान तथा दुकानें बंद रहेंगी। नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट 1881 की धारा 25 के तहत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को सवैतनिक अवकाश देय होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विशेष आकस्मिक अवकाश उन कर्मचारियों को दिया जा सकता है जो राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं और उन्हें संबंधित संस्थानों के उप-चुनाव में मतदान करना है। विशेष अवकाश लेने वाले कर्मचारियों को मतदान करने से संबंधित पीठासीन अधिकारी द्वारा ज़ारी प्रमाण-पत्र कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा।
-'मेरी माटी, मेरा देश' कार्यक्रम में हिमाचल की रही शानदार भागीदारी 'मेरी माटी, मेरा देश' कार्यक्रम के अंतर्गत वीरभूमि हिमाचल के गांवों की मिट्टी लेकर दिल्ली पहुंचे 143 युवाओं ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा एवं खेल मामलों के मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर के साथ कर्तव्य पथ पर विशाल कलश में अर्पित की। इसी विशाल कलश की मिट्टी से कर्तव्य पथ पर अमृत उद्यान का निर्माण होगा। इस दौरान मीडिया कर्मियों से वार्तालाप करते हुए ठाकुर ने बताया कि हमारी वीरभूमि हिमाचाल वीरों की जननी है, वीरों की भूमि है। वीरभूमि हिमाचल प्रदेश बलिदानियों की भूमि है। यहां गांव के गांव हमारे वीरों के किस्सों से पटे पड़े हैं। मेरी माटी मेरा देश हमारे शहीदों, स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम नायकों को याद करने का उन्हें श्रद्धांजलि देने का प्रयास है। मेरी माटी, मेरा देश आजादी के अमृत महोत्सव का अंतिम कार्यक्रम है। पूरे देश ने पिछले दो वर्षों में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया। लाखों कार्यक्रम हुए, करोड़ों लोग इससे जुड़े। माननीय प्रधानमंत्री जी ने मेरी माटी, मेरा देश कार्यक्रम की शुरुआत करने को कहा तो पूरे देश के 6 लाख से ज्यादा गांवो और 7500 ब्लॉक्स में अमृत कलश यात्राएं निकलीं और मिट्टी इक_ा की गई और हिमाचल प्रदेश ने भी इसमें बढ़-चढ़कर भाग लिया। पूरे देश से इक_ी की गई इस मिट्टी से कर्तव्य पथ पर अमृत उद्यान बनेगा। आज विजय चौक से लेकर इंडिया गेट तक युवाओं का हुजूम देश की मिट्टी को नमन और वीरों का वंदन करने हेतु जमा है। केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम का विधिवत समापन कर देशवासियों को संबोधित करेंगे। आज कर्तव्य पथ पर आपकी विशाल कलश देख सकते हैं जिसमें पूरे देश के 6 लाख गांव से आई मिट्टी रखी गई है।तमिलनाडु से लेकर जम्मू कश्मीर तक और नागालैंड से लेकर गुजरात तक संपूर्ण देश के युवाओं में देशभक्ति की भावना कूट-कूट कर भरी है। आज तपती धूप में पूरे देश से युवा नई दिल्ली में एकत्रित हैं। हाथों में तिरंगा लिए युवाओं का जोश देखते ही बनता है।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय एकता दिवस एवं नशा मुक्ति पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। विभाग ने सरदार वल्लभ भाई पटेल को याद करते हुए राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया और नशा मुक्ति पर एक जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया। कार्यक्रम विभाग के सभा हॉल में आयोजित किया गया। नशा मुक्ति अभियान के नोडल ऑफिसर डॉ. चमन लाल बंगा ने राष्ट्रीय एकता दिवस को मनाने के उद्देश्य तथा विश्वविद्यालय और हिमाचल को नशा मुक्त करने के विषय पर प्रकाश डाला। विभागाध्यक्ष अजय कुमार ने नशा मुक्ति के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता में सरदार वल्लभ भाई पटेल जी के योगदान पर अपने बहुमूल्य विचार साझा किये। इस कार्यक्रम का संचालन पीएचडी शोधार्थी अभिषेक ने किया तथा विभाग के अन्य छात्रों रमा, संदीप बोध और नेहा ने इस दिवस पर अपने विचार व्यक्त किए। इसके बाद वहां मौजूद सभी लोगों ने राष्ट्रीय एकता की शपथ भी ली। इस कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष अजय कुमार अत्रि, डाक्टर चमन लाल बंगा, डॉ. युद्ध वीर, डॉ. राकेश शर्मा के अलावा विभाग के शोधार्थी एवं छात्र मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य सत प्रकाश बंसल की अध्यक्षता में आज केंद्रीय छात्र संघ के पदाधिकारियों ने शपथ ग्रहण की। शपथ ग्रहण करने वालों में अध्यक्ष पद हेतु मुस्कान, अध्यक्ष भूगोल विभाग, कीर्ति शर्मा, जीव विज्ञान विभाग, नव्या शर्मा अंग्रेजी विभाग, आस्था गुप्ता विधि विभाग शामिल हैं। कुलपति ने अपने संबोधन में केंद्रीय छात्र संघ के पदाधिकारियों और विभागों के प्रतिनिधियों को बधाई दी और कहा कि आप सभी अपनी सकारात्मक सोच के साथ विश्वविद्यालय को आगे ले जाने के लिए अपना पूरा योगदान देंगे। यह एक शिक्षा का मंदिर हैं और ईश्वर मौका देता है किसी न किसी रूप में। उन्होंने कहा कि हम प्रयास करेंगे कि जितने भी विभागों के प्रतिनिधि हैं कि एक अकादमिक समिति आप लोगों की अध्यक्षता में बने, ताकि आप वहां पर अपने महत्वपूर्ण सुझाव दे सकें। इस अवसर पर अधिष्ठाता अध्ययन आचार्य बीके शिवराम, मुख्य छात्रपाल आचार्य रोशन लाल झिंटा, डॉ. महेेंद्र ठाकुर, डॉ. अंजना ठाकुर, कई अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, निदेशक और छात्र इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने करवा चौथ पर महिलाओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। प्रतिभा सिंह ने एक संदेश में कहा है कि करवा चौथ महिलाओं का एक ऐसा ब्रत व त्यौहार है जो पति पत्नी के पवित्र रिस्ते को मजबूती प्रदान करता है। सारा दिन निराहार रहकर महिलाएं अपने पति के दीर्घ आयु की कामना करती हंै, जो उनके अटूट विश्वास व आस्था का प्रतीक है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सोमवार शाम एम्स पहुंचे। उन्होंने यहां उपचाराधीन हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर से मुलाकात की और मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य के बारे में जाना। गहलोत ने सुखविंदर सिंह के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। बता दें कि मुख्यमंत्री अभी आईसीयू में हैं, स्वास्थ्य बेहतर होने के बावजूद गेस्ट्रोइंट्रोलॉजी विभाग के डॉक्टरों ने उन्हें निगरानी में रखा हुआ है। उनसे मिलने की किसी को इजाजत नहीं है।
राजकीय उत्कृष्ट महाविद्यालय संजौली में सोमवार को अंतर महाविद्यालय कबड्डी प्रतियोगिता शुरू हुई। इसमें 41 टीमें भाग ले रही हंै। यह पहली बार हो रहा है कि किसी भी अंतर महाविद्यालय स्पर्धा में इतनी टीमें भाग ले रही हैं। ज्यादा टीमें होने के कारण कॉलेज मेंं 3 कबड्डी कोर्ट का निर्माण किया गया। पहले दिन 33 मैच करवाए गए। 9 टीमों के मैच मंगलवार को करवाया जाएगा। क्वार्टर फाइनल मैच ऊना व सोलन, सीम व संजौली, बिलासपुर व पांवटा, मड़ी व धर्मशाला के बीच खेला जाएगा। इस खेल प्रतियोगिता का उद्घाटन सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. सीबी मेहता ने किया। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. भारती भागड़ा ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया।
-हाटियों के रिसर्च विंग ने दी सरकार को चेतावनी -कहा, लटकाऊ और भटकाऊ रवैया नहीं होगा बर्दाश्त -कानून लागू न कर भारतीय संसद और संविधान का हो रहा अपमान हिमाचल प्रदेश के गिरिपार क्षेत्र से जुड़ा अनुसूचित जनजाति मामला गरमा गया है। एसटी कानून लागू न होने से हाटी समुदाय में रोष बढ़ता जा रहा है। इस संबंध में हाटी विकास मंच ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में संगठन की स्टूडेंट रिसर्च विंग के साथ संगोष्ठी आयोजित की। इसमें हाटी रिसर्च विंग ने सरकार को सख्त चेतावनी दी। इसमें कहा गया कि अगर संशोधित एसटी कानून तत्काल लागू न हुआ तो सिरमौर का छात्र वर्ग सड़कों पर उतरेगा। विंग के पदाधिकारियों ने कानून का क्रियान्वयन न कर इसे संसद और संविधान का अपमान करार दिया। संगोष्ठी में वरिष्ठ पत्रकार एवं हाटी विकास मंच के मुख्य प्रवक्ता डॉक्टर रमेश सिंगटा, मंच के अध्यक्ष प्रदीप सिंह सिंगटा, कानूनी सलाहकार एडवोकेट श्याम चौहान, हाटी संस्कृति के जानकार सुरेश सिंगटा मुख्य वक्ता रहे। हाटी पुरोधाओं ने कहा कि लटकाने अटकाने और भटकाने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार से संवाद के अभी तक सार्थक नतीजे सामने नहीं आए हैं। इसलिए अब आर पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बेवजह मुद्दा लटका कर सियासी रोटियां सेंकने का काम कर ही है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हाटी अपने हकों के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। हाटी विकास मंच मामले को प्रदेश के मुख्यमंत्री से लेकर उद्योग मंत्री और जनजातीय मामलों के मंत्री तक प्रमुखता से उठा चुके हैं, लेकिन कोई सार्थक पहल इस दिशा में सरकार की ओर से नहीं की गई है। नौकरियां पाने से हो रहे वंचित प्रदेश सरकार ने विभिन्न पदों पर नौकरियां विज्ञापित की हैं। संशोधित कानून बनने के बावजूद हाटी समुदाय से जुड़े छात्र इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। वे इन पदों के लिए बिना सर्टिफिकेट के फॉर्म नहीं भर पा रहे हैं। इससे उनमें रोष बढ़ गया है। इस कार्यक्रम में मंच के अध्यक्ष प्रदीप सिंह सिंगटा, मुख्य प्रवक्ता डॉक्टर रमेश सिंगटा, हाटी रिसर्च विंग के संयोजक काकू राम, कपिल कपूर, हाटी मुकेश ठाकुर, सुरेश सिंगटा, समीर ठुंडू अधिवक्ता श्याम सिंह, अनुज चौहान, पवन ठाकुर, कपिल सिंगटा, नरेंद्र शंनकवान, रोहन तोमर, नीरज तोमर, पीयूष मयंक कपूर, जयपाल सिंह प्रकाश राणा, राकेश सिंगटा, अजय, संदीप शर्मा, देवदत्त शर्मा, सुरेश सिंगटा काकू राम, प्रवीण चौहान, विक्की ठाकुर, रविंद्र सिंह, योगेंद्र ठाकुर, अभिषेक ठाकुर, सुरेंद्र संजय नेगी, हाटी सचिन तोमर, विशाल ठाकुर, शोभित आदि उपस्थित रहे।
कुमारसैन पुलिस ने एनएच-5 पर चुल्लू पानी में पति-पत्नी को चरस तस्करी के आरोप में दबोचा है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए दोनों से 22.70 ग्राम चरस भी बरामद की है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को सैंज चौकी के एएसआई मनमोहन कालिया अपने दलबल सहित एनएच-5 पर चुल्लू पानी में ट्रैफिक चेकिंग पर थे। इस दौरान सैंज से रामपुर की तरफ आ रही एक ऑल्टो कार एचपी35-6902 में सामने की सीट पर बैठी महिला ने पुलिस को देख कुछ कार से बाहर फेंका, जिसको देख पुलिस हरकत में आई और बाहर फेंके गए सामान की तलाशी ली, जिसमें 20.70 ग्राम चरस बरामद हुई। आरोपी महिला की पहचान 40 वर्षीय सुनीता देवी व उसका पति 53 वर्षीय रोशन लाल पुत्र भागू राम गांव धराली डाकघर कमांद तहसील आनी जिला कुल्लू के तौर पर हुई है। दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 व 29 के तहत मामला दर्ज कर आगामी कारवाई शुरू कर दी है।
-डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस विभाग ने प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए लांच किया कांटेस्ट प्रदेश के युवाओं में सूचना एवं डिजिटल प्रौद्योगिकी के प्रति रुझान को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस विभाग ने नवोन्मेषी पहल की है। विभाग ने प्रदेश के निजी एवं सरकारी क्षेत्र के छठी कक्षा से लेकर महाविद्यालय स्तर के विद्यार्थियों के लिए राज्य स्तरीय 'डिजिटल-इग्निशन कांटेस्ट' लांच किया है। यह प्रतियोगिता प्रदेश में डिजिटल माध्यम से आयोजित की जाने वाली अपनी तरह की अनूठी पहल है। सचिव, डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस डॉ. अभिषेक जैन ने बताया कि मुख्य सचिव, प्रबोध सक्सेना ने आज यहां यह कांटेस्ट लांच किया। उन्होंने कहा कि युवा सृजनात्मक विचारों से परिपूर्ण होते हैं। इस कांटेस्ट के माध्यम से युवाओं की सृजनशीलता को प्रदेश की उन्नति और विकास में सहभागी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। डॉ. अभिषेक जैन ने कहा कि प्रौद्योगिकी के विकास से दुनिया भर में अनेक सकारात्मक बदलाव आये हैं। शिक्षा में सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग एक विकल्प से कहीं अधिक हो गया है। शिक्षा में सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग से विद्यार्थियों की क्षमता और दक्षता को भी बढ़ावा मिला है। उन्होंने बताया कि यह कांटेस्ट 01 नवम्बर से 10 नवम्बर तक आयोजित किया जाएगा। कांटेस्ट में भाग लेने के लिए छठी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को समृद्ध हिमाचल प्रदेश के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी का उपयोग' विषय पर एक पीपीटी तैयार करनी होगी। नवमीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को 'शासन, डिजिटल साक्षरता एवं साइबर सुरक्षा के लिए कृत्रिम मेधा (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का उपयोग' विषय पर प्रश्नोत्तरी सत्र और महाविद्यालय स्तर (12वीं कक्षा से ऊपर) के विद्यार्थियों को 'शासन में कृत्रिम मेधा का उपयोग' विषय पर एक अवधारणा नोट (कांस्पेट नोट) तैयार करना होगा। उन्होंने बताया कि कांटेस्ट के विजेताओं को मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू बाल दिवस के अवसर पर पुरस्कृत करेंगे। हर वर्ग के प्रथम विजेता को पुरस्कार के रूप में एक लाख रुपये, प्रथम उप-विजेता को 60 हजार रुपये और द्वितीय उप-विजेता को 40 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने प्रदेश के युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में इस कांटेस्ट में भाग लेने का आह्वान किया। इस कांटेस्ट में प्रतिभागिता के लिए इच्छुक छात्रों को पर अपनी प्रविष्टि दर्ज करनी होगी। अधिक जानकारी के लिए दूरभाष संख्या 0177-2628914 पर प्रात: 10 बजे से सायं 5 बजे तक किसी भी कार्य दिवस पर सम्पर्क किया जा सकता है।


















































