मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के साथ आज यहां आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता की और प्रदेश में सौर ऊर्जा योजनाओं की रूपरेखा जल्द से जल्द तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने 100 किलोवाट से लेकर एक मेगावाट तक की सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना पर युवाओं को 40 प्रतिशत सब्सिडी देने की घोषणा की है तथा विभाग इस योजना को जल्द से जल्द अमलीजामा पहनाने के दृष्टिगत इसकी रूपरेखा शीघ्र तैयार करे। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस योजना से जहां हिमाचली युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, वहीं हिमाचल को हरित राज्य बनाने के वर्तमान राज्य सरकार के प्रयासों को भी इससे बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल को 31 मार्च, 2026 तक हरित ऊर्जा राज्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि यहां के पर्यावरण का संरक्षण किया जा सके। राज्य सरकार सौर ऊर्जा परियोजनाओं के माध्यम से स्थापित इकाइयों से 25 वर्ष के लिए बिजली की खरीद करेगी, जिससे युवाओं को आय के स्थाई स्रोत प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा इकाइयां स्थापित करने के लिए युवाओं को प्रोत्साहित करने के दृष्टिगत राज्य सरकार 40 प्रतिशत सब्सिडी भी प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा, 'नवीकरणीय ऊर्जा के प्रति राज्य सरकार का यह सक्रिय दृष्टिकोण न केवल पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को बढ़ावा देगा, बल्कि विकास और रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा, जिससे हिमाचल देश में स्वच्छ ऊर्जा अपनाने में अग्रणी बनेगा।Ó मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सौर ऊर्जा के दोहन को बढ़ावा दे रही है और वर्ष 2023-24 में 500 मेगावाट सौर ऊर्जा के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इस दिशा में अनेकों कदम उठाए जा रहे हैं और वर्तमान राज्य सरकार ने अपना पहला बजट भी हरित बजट के रूप में प्रस्तुत किया है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य बनाने और प्रदेश की ऊर्जा जरूरतों का पूरा करने के लिए सौर ऊर्जा का उत्पादन महत्वपूर्ण कदम है। राज्य सरकार ई-वाहनों के संचालन को भी बढ़ावा दे रही है तथा आने वाले समय में इससे प्रदेश में बिजली की मांग और बढ़ेगी। उन्होंने 21 नवंबर को भी ऊर्जा विभाग की दोबारा बैठक बुलाई है। बैठक में मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, प्रबंध निदेशक हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड हरिकेश मीणा, हिमऊर्जा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शुभ करण सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
-जयभवानी सरोग को हराकर कब्जाई ट्रॉफी, जीता 51000 रुपये इनाम -ब्लैक बॉयज रहीघाट के विशाल वर्मा रहे मैन ऑफ द सीरीज जिला शिमला के उप मंडल ठियोग की क्यारटू पंचायत के नाल गांव में सौ वर्ष से दीपावली मेले का आयोजन किया जा रहा है। वहीं, मेले में गत 28 वर्ष से लगातार क्रिकेट प्रतियोगिता करवाई जा रही है। इस बार 29वें टूर्नामेंट का आयोजन किया गया था, जिसमें बतौर मुख्य अतिथि ढली के आढ़ती कुशंग ट्रेडर के संयोजक यशवंत शर्मा थे। इस टूर्नामेंट में अलग-अलग पंचायतों की कुल 32 टीमों ने भाग लिया था। टूर्नामेंट की विजेता टीम ब्लैक बॉयज रहीघाट रही व उप विजेता जयभवानी सरोग रही। मैन ऑफ द सीरीज का खिताब ब्लैक बाइस रहीघाट टीम के विशाल वर्मा को दिया गया। मुख्य अतिथि के द्वारा विजेता टीम को ट्रॉफी व 51000 रुपये नकद तथा उप विजेता टीम को ट्रॉफी व 22000 रुपये नकद इनाम के रूप में प्रदान किए गए। मुख्य अतिथि ने दोनों टीमों को जीत की बधाई दी तथा युवक मंडल नाल को प्रोत्साहन के तौर पर 11000 रु पये धनराशि प्रदान की, जिसके लिए युवक मंडल नाल व ग्रामीण विकास समिति नाल व समस्त ग्रामवासियों ने मुख्य अतिथि का आभार प्रकट किया। युवक मंडल के प्रधान योगेश शर्मा, सचिव प्रमोद शर्मा, कोषाध्यक्ष सौरव शर्मा ने मुख्य अतिथि का इस टूर्नामेंट के पारितोषिक वितरण कार्यक्रम में आने के लिए विशेष आभार प्रकट किया।
मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग) संजय अवस्थी ने कहा कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के व्यक्तित्व से प्रेरणा लेकर प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना चाहिए। संजय अवस्थी गत सांय अर्की विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत पलोग के मांजू गांव में बाल दिवस मेले के अवसर पर पुरस्कार वितरण समारोह में उपस्थित जन समूह को सम्बोधित कर रहे थे। संजय अवस्थी ने कहा कि प्रथम प्रधानमंत्री स्वर्गीय पंडित जवाहर लाल नेहरू का बच्चों के प्रति प्रेम सर्वविदित है। पण्डित नेहरू युवा शक्ति को मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए सदैव क्रियाशील रहे। बच्चों के लोकप्रिय ‘चाचा नेहरू’ के जन्मदिवस पर बाल दिवस का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि स्व. पंडित जवाहर लाल नेहरू के जीवन से प्रेरित होकर प्रत्येक बच्चे और व्यक्ति को अपने जीवन को निखारना चाहिए ताकि देश-प्रदेश को शिखर तक पहुंचाया जा सके।
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि सरकार की जन कल्याणकारी नीतियों, योजनाओं व कार्यक्रमों का गीत-संगीत एवं नाटकों के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने के लिए निजी सांस्कृतिक दलों को दो वर्ष के लिए सूचीबद्ध किया जा रहा है। स्क्रीनिंग में प्रस्तुति के आधार पर उत्तीर्ण होने वाले सांस्कृतिक दलों को सूचीबद्ध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए हिमाचल प्रदेश सहकारिता अधिनियम के अधीन पंजीकृत सांस्कृतिक दल आवेदन कर सकते हैं। प्रत्येक निजी सांस्कृतिक दल में कम से कम चार महिला कलाकारों सहित कुल 11 कलाकार होने अनिवार्य हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सांस्कृतिक दल अपना आवेदन निदेशालय, सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, हि.प्र., शिमला-171002 के कार्यालय में 04 दिसम्बर, 2023 तक जमा करवा सकते हैं। इस तिथि के उपरांत आवेदन-पत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे। आवेदनकर्ता सूचिबद्धता की शर्तें एवं आवेदन-पत्र को विभागीय वेबसाइट www.himachalpr.gov.in से डाउनलोड कर सकते हैं।
-हिमाचल में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल भरमौर से हरी झंडी दिखाकर करेंगे रवाना सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लक्ष्यों को पूरी तरह हासिल करने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली खूंटी, झारखंड से विकसित भारत संकल्प यात्रा का शुभारंभ करेंगे। प्रधानमंत्री सरकार के व्यापक आउटरीच कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए विशेष रूप से डिजाइन की गई 5 आईईसी (सूचना, शिक्षा और संचार) वैन को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, राज्य मंत्री जैसे गणमान्य व्यक्ति देश भर में जनजातीय आबादी वाले 68 जिलों में इसी तरह की वैन को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। हिमाचल प्रदेश में भी यह यात्रा तीन जनजातीय बहुल जिलों, चंबा, किन्नौर एवं लाहौल स्पीति में निकाली जाएगी । राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल भारत विकास संकल्प यात्रा को चंबा ज़िले के भरमौर से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। भारत विकास संकल्प यात्रा वाहन अगले 15 दिनों में तीनों ज़िलों की 109 जनजातीय बहुल ग्राम पंचायतों से होकर गुज़रेगे और जगह जगह केंद्र सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देंगे।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने विधान सभा सचिवालय के मुख्य समिति कक्ष में आयोजित दो समितियों क्रमश: ई- गवर्नेंस एवं सामान्य प्रयोजनों तथा पुस्तकालय, अनुसंधान एवं संदर्भ की बैठकों की अध्यक्षता की। ई-गवर्नेंस एवं सामान्य प्रयोजनों संबंधी समिति की बैठक का आयोजन अपराह्न 12:15 बजे किया गया, जिसमें माननीय सदस्य सर्वश्री केवल सिंह पठानियां, पूर्णचंद ठाकुर तथा विनोद सुल्तानपुरी मौजूद थे। बैठक में विधान सभा सचिव यशपाल शर्मा, विधान सभा अध्यक्ष के निदेशक सूचना एवं प्रोद्योगिकी संदीप शर्मा, उप-नियंत्रक (वित्त एवं लेखा) बेनी प्रसाद तंवर तथा संपादक कार्यवाही एवं समिति अधिकारी मंजू शर्मा भी मौजूद थी। बैठक आरंभ होने से पूर्व विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने बैठक में मौजूद सभी माननीय सदस्यों तथा विधान सभा सचिवालय के अधिकारियों को दीपावली पर्व की बधाई दी तथा अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं। चूंकि समिति के गठन के बाद यह पहली बैठक थी तो विधान सभा सचिव ने समिति को विधान सभा सचिवालय के अधिकारियों का परिचय दिया तथा कार्यप्रणाली बारे अवगत करवाया। बैठक में समिति ने पिछली अंतिम आयोजित बैठक में लिए गए निर्णयों की पुर्नसमिक्षा की तथा ई- गवर्नेंस की दिशा में विधान सभा सचिवालय द्वारा की गई प्रगति का ब्यौरा व तपोवन (धर्मशाला) व शिमला में नेवा के लागू करने की अद्यतन स्थिति पर चर्चा की गई, जबकि पुस्तकालय, अन्वेषण एवं संदर्भ समिति की बैठक अपराह्न 3 बजे प्रारम्भ हुई। जिसकी अध्यक्षता माननीय अध्यक्ष हिप्र विधान सभा कुलदीप सिंह पठानियां द्वारा की गई। इस बैठक में माननीय सदस्य श्री कुलदीप राठौर तथा श्री पूर्णचन्द ठाकुर के अतिरिक्त विधान सभा सचिव श्री यशपाल शर्मा तथा समिति अधिकारी श्रीमती लीना कश्यप भी मौजूद थी । बैठक में हिमाचल प्रदेश विधान सभा पुस्तकालय, अनुसंधान एवं सन्दर्भ समिति के कृत्यों का समि?ति के समक्ष प्रस्तुतीकरण किया गया। बैठक में समि?ति के समक्ष विधान सभा सचिवालय द्वारा वर्ष 2022-2023 के बजट एवं क्रय की गई पुस्तकों का ब्यौरा भी दिया गया। विधानसभा पुस्तकालय में सदस्यों के अवलोकनार्थ नियमित रूप से ऑनलाईन न्यूज पेपर क्लिपिंग की सुविधा जनवरी 2021 से उपलब्ध है, जिससे संबंधित समाचार पत्रों का समिति के समक्ष प्रस्तुतीकरण किया गया। हिमाचल प्रदेश विधान सभा के इतिहास से संबंधित अतीत एवं वर्तमान का पैम्फलैट तैयार करने के उपरान्त समिति के समक्ष प्रस्तुत किया तथा अवलोकन उपरान्त उसे अनुमोदित किया गया।
-किन्नौरी पट्टी से निर्मित कोट एवं चोली की खूब हुई बिक्री -कम दाम में क्वालिटी प्रोडक्ट्स की जमकर हुई खरीदारी -स्वयं सहायता समूहों की मेहनत लाई रंग अंतरराष्ट्रीय लवी मेले के दौरान जाइका वानिकी परियोजना के तहत निर्मित लिबास पर आम व्यक्ति और सैलानी खूब फिदा हुए। मेले के दौरान जाइका के स्टॉल में किन्नौरी एवं पारंपरिक लिबास की जमकर बिक्री हुई। प्रदेश के विभिन्न जिलों से यहां पहुंचे लोगों ने किन्नौरी पट्टी से निर्मित कोट, चोली, बास्केट समेत जैकेट की खूब खरीददारी की। यानी कुल मिलाकर कम दाम में क्वालिटी प्रोडक्ट्स खरीद कर लोग काफी खुश दिखे। उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय लवी मेले के अवसर पर 11 से 14 नवंबर तक जाइका वानिकी परियोजना के स्टॉल में लगे उत्पादों की जमकर सराहना भी हुई। जानकारी के मुताबिक यहां किन्नौरी टोपी 400 रुपये प्रति, लेडीज बास्केट 1600, जेंट्स बास्केट 1800, किन्नैरी चोली 2500 और किन्नौरी पट्टी वाला कोट मात्र 4500 रुपये में उपलब्ध हैं। इसके अलावा लोकल लसन के आचार, लोकल शहद, ढिंगरी मशरूम, किन्नौरी दाक, किन्नौरी राजमाह, सूखा पुदीना, कोदे का आटा, चुल्ली का तेल, सूखा बरांश की बिक्री हुई। जाइका के तहत विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की ओर से निर्मित इन उत्पादों लवी मेले में तहलका मचा दिया। मेले के समापन्न अवसर पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भी जाइका प्रोजेक्ट के तहत निर्मित सभी उत्पादों की सराहना की। उन्होंने जाइका वानिकी परियोजना के तहत विभिन्न सहायता समूहों को बधाई भी दी। अधिक रही चिलगोजे की मांग अंतरराष्ट्रीय लवी मेला रामपुर में इस बार चिलगोजे के मांग सबसे अधिक रही। यहां जाइका की ओर से लगे स्टॉल में हर तरह के आर्गेनिक प्रोडक्ट्स की मांग अधिक रही। मक्की का आटा, सूखे मटर, फाफरा, ओगला, चुल्ली का तेल, शहद, चिलगोजा और ड्राई मशरूम की भी खूब बिक्री हुई। बताया गया कि फोरेस्ट सर्कल रामपुर के 12 सहायता समूहों के उत्पादों पर हर कोई फिदा होते दिखे। रामपुर और किन्नौर डिविजन के 3-3 और आनी डिविजन के 6 सहायता समूहों के उत्पादों की मांग हर रोज होती रही।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आज देश के पहले प्रधानमंत्री स्व. जवाहर लाल नेहरू को उनकी 134वीं जयंती पर याद करते हुए उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित किए। इस दौरान पार्टी के अनेक पदाधिकारी मौजूद थे। कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष, आदिवासी कांग्रेस विभाग के अध्यक्ष लाहौल-स्पीति के विधायक रवि ठाकुर ने कहा कि देश की आजादी व आधुनिक भारत के निर्माण में पंडित जवाहर लाल नेहरू का बहुत बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने पंडित नेहरू को याद करते हुए कहा कि पंडित नेहरू के उनके उल्लेखनीय योगदान को यह देश कभी भी भुला नहीं सकता। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों का पंडित नेहरू के दिखाए रास्ते पर चलने का आह्वान करते हुए कहा कि यही उनके लिए हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
शिमला। एसआईटी ने करोड़ों रुपये के क्रिप्टो करेंसी फ्रॉड मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एसआईटी ने आरोपियों की सात गाड़ियां जब्त की हैं। गौर रहे कि मामले में एसआईटी ने अब तक चार पुलिस कर्मियों समेत 18 आरोपी गिरफ्तार किए हैं। इसके आलावा एसआईटी ने अब तक 12 करोड़ की प्रॉपटी भी फ्रीज की है, जिसमें क्रिप्टो करंसी ठगी मामले के मास्टरमाइंड सुभाष शर्मा की तीन करोड़ प्रॉपटी मंडी और जीरकपुर में फ्रीज की गई है। जानकारी देते हुए डीजीपी संजय कुंडू ने बताया कि करोड़ों की इस ठगी में कई सरकारी कर्मचारी और पुलिस कर्मी शामिल हैं। एसआईटी की जांच में पता चला है कि पुलिस कर्मी पहले इन्वेस्टर बने और फिर एजेंट बन गए। क्रिप्टो करंसी ठगी मामले में सेवानिवृत्त पुलिस कर्मी सुनील स्याल भी इस ठगी का किंग पिन है। एसआईटी ने क्रिप्टो करंसी ठगी मामले में वेबसाइट डीकोट कर ली है, जिसमें कई ट्रांजेक्शन मिले हैं।
-कहा, 680 करोड़ की स्टार्ट अप योजना का जल्द होगा शुभारंभ मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार देर सायं परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में विभाग से ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के संबंध में 10 दिन के भीतर वस्तु-स्थिति पर रिपोर्ट मांगी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-वाहनों के संचालन को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य में 107 ई-चार्जिंग स्टेशन का निर्माण प्रस्तावित है, जिनमें से 53 ई-चार्जिंग स्टेशन विभिन्न पेट्रोल पंपों पर तथा 54 का निर्माण परिवहन विभाग के माध्यम से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में विभाग उन्हें विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करे। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य में प्रस्तावित 6 हरित गलियारों (ग्रीन कोरिडोर) के निर्माण कार्य की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने परवाणू-नालागढ़-ऊना-हमीरपुर-संसारपुर टेरेस, पांवटा-नाहन-सोलन-शिमला,परवाणु-सोलन-शिमला-रामपुर-लोसर, मंडी-जोगिंदरनगर-पालमपुर-धर्मशाला-कांगड़ा- पठानकोट और कीरतपुर-बिलासपुर-मंडी-मनाली-केलंग-जिंगजिंगबार ग्रीन कोरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने इन हरित गलियारों पर बिजली ट्रासंफॉर्मर लगाने तथा निर्माण संबंधी टेंडर प्रक्रिया की जानकारी भी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि चरणबद्ध तरीके से हिमाचल पथ परिवहन निगम की डीजल बसों को ई-बसों के साथ बदला जाएगा तथा जल्द ही 300 नई ई-बसों की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निगम को घाटे से उबारने के लिए प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिगत ई-वाहनों के संचालन को प्राथमिकता प्रदान कर रही है तथा सरकारी विभागों में भी ई-टैक्सी संबद्ध की जाएंगी। उन्होंने कहा कि बेरोजगारों युवाओं को स्वरोज़गार के अवसर प्रदान करने के लिए उनसे ई-टैक्सी किराए पर ली जाएंगी, जिन्हें सरकारी विभागों में तैनात किया जाएगा। ई-टैक्सी के पंजीकरण के लिए एक वैबसाइट तैयार की जा रही है, जिसका जल्द ही शुभारंभ किया जाएगा। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार युवाओं को स्वरोज़गार प्रदान करने लिए 680 करोड़ रुपये की एक स्टार्ट-अप योजना का प्रथम चरण जल्द ही शुरू करने जा रही है। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग अब रोज़गार प्रदाताओं का भी पंजीकरण कर रही है ताकि उन्हें उनकी आवश्यकता अनुसार प्रशिक्षित युवा मिल सकें। बैठक में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव आर.डी. नजीम, सचिव गृह डॉ. अभिषेक जैन, हिमाचल पथ परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर, श्रम आयुक्त मानसी सहाय ठाकुर, निदेशक डिजिटल टेक्नोलॉजी एंड गवर्नेंस मुकेश रेप्सवाल, निदेशक परिवहन अनुपम कश्यप सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
-हिमाचल प्रदेश में चुनावी वादे बिना पूरा किए कर रही है देश भर में प्रचार नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार प्रदेश में ठप पड़े विकास कार्यों को फिर से शुरू करे। कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से प्रदेश में विकास से जुड़े सारे कार्य ठप पड़े हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले प्रदेश के लोगों को दी गई गारंटिया पूरी नहीं की है लेकिन देश के पांच राज्यों में हो रहे विधान सभा चुनावों में फिर से गारण्टी दे रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार प्रदेश के लोगों को से झूठ बोलने के बजाय प्रदेश के लोगों के हितों का ध्यान दें। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पूर्व सरकार के समय में चल रहे सभी विकास कार्य आज ठप है, जिससे प्रदेश के लोगों को तमाम तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल-कॉलेज, अस्पताल समेत जन सुविधा से जुड़े तमाम भवनों के निर्माण भी रुके पड़े हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पूर्व सरकार द्वारा करवाए जा रहे कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करे, जिससे जनहित से जुड़े सभी काम आसानी से हो सकें। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की बुआ के निधन पर प्रकट किया शोक नेता प्रतिपक्ष जयराम ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा की बुआ गंगादेवी के निधन पर शोक प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि जगत प्रकाश नड्डा के बुआ जी मृत्यु अपूरणीय क्षति है। जयराम ठाकुर गंगादेवी के निधन की सूचना पर बिलासपुर ज़िला स्थित उनके पैतृक गाँव विजयपुर पहुंचकर परिजनों और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से मिलकर अपनी संवेदनाएं प्रकट की और अंतिम संस्कार में भी शामिल हुए।
पंजाब के इंटरनेशनल एयरपोर्ट अमृतसर से शिमला के लिए 16 नवंबर से उड़ान शुरू हो रही है। इसका किराया 1919 रुपये निर्धारित किया गया है। अमृतसर-शिमला रूट पर सप्ताह में तीन बार फ्लाइट उड़ेगी। यह उड़ान प्रत्येक मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को होगी। उड़ान योजना के तहत किराए पर सरकार 50 प्रतिशत सब्सिडी दे रही है। इस रूट पर उड़ान शुरू होने से यात्री एक घंटे में अमृतसर से शिमला पहुंच पाएंगे। इससे टूरिज्म इंडस्ट्री को फायदा मिलेगा।
-कहा, 4000 अनाथ बच्चों को जारी किए गए पात्रता प्रमाण पत्र मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज जिला शिमला के बालिका आश्रम टूटीकंडी में बच्चों के साथ दिवाली का उत्सव मनाया तथा उन्हें मिठाई, फल और पटाखे वितरित किए। दीवाली की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने क़ानून बनाकर अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट का दर्जा दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक 4000 अनाथ बच्चों को पात्रता प्रमाण पत्र जारी कर दिए हैं, जिससे अब वह मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना का लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह योजना राज्य सरकार के दृढ़ संकल्प और इच्छाशक्ति की प्रतीक है। इस योजना के तहत 27 वर्ष की आयु तक अनाथ बच्चे की देखभाल का ज़िम्मा राज्य सरकार का है। इसके साथ ही अनाथ बच्चों को क्लोथ अलाउंस व त्यौहार मनाने के लिए भत्ता प्रदान किया जा रहा है। उनकी उच्च शिक्षा, रहने का खर्च, 4000 रुपए पॉकेट मनी राज्य सरकार की ओर से प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अनाथ बच्चों को नामी स्कूलों में दाख़िला दिलाने के लिए भी प्रयास कर रही है। इसके साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर बनाने तथा घर बनाने के लिए 3 बिस्वा भूमि तथा 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप माता-पिता के बिना नहीं है। राज्य सरकार ही आपकी माता और पिता है। इसलिए प्रदेश का मुखिया होने के नाते आपके साथ दीवाली मनाने आया हूँ। दीवाली का पर्व आपके जीवन में खुशियां लाए और राज्य सरकार भी इसी सोच के साथ कार्य कर रही है। जीवन में चुनौतियों का डटकर सामना करें क्योंकि चुनौतियां ही आत्मविश्वास पैदा करती हैं और जीवन को दिशा देती हैं। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि आने वाले समय में राज्य सरकार एकल नारियों तथा मूक-बधिर बच्चों के लिए भी योजना लाने वाली है। उन्होंने कहा कि वक्त के साथ इन योजनाओं में सुधार भी किया जाएगा। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डा. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा कि ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सबसे पहले बालिका आश्रम टूटीकंडी आए, जो ऐतिहासिक है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने सुखाश्रय योजना की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि आपदा ने हिमाचल प्रदेश में बहुत नुकसान किया है, जिनकी भरपाई करने में वक्त लगेगा। लेकिन इसकके बावजूद राज्य सरकार जन कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य सरकार ज्वालामुखी और सुंदरनगर में अनाथ बच्चों के लिए दो स्टेट ऑफ द आर्ट आश्रम बनाने जा रही हैं, जिनकी आधारशिला जल्द ही करेगी। उन्होंने सभी को दीवाली की शुभकामनाएं भी दीं। इस अवसर पर बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विधायक हरीश जनार्था, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, महापौर शिमला सुरेंद्र चौहान, उप महापौर उमा कौशल, ओएसडी रितेश कपरेट, निदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग रूपाली ठाकुर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज अपने सरकारी आवास ओक ओवर में आम लोगों के साथ दिवाली पर्व मनाया। इस अवसर पर वरिष्ठ नेता, वरिष्ठ अधिकारी, कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता तथा आम लोगों ने उन्हें दीवाली की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने सभी को दीवाली की शुभकामनाएं देते हुए उनके लिए सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कामना की कि दीवाली का पर्व हम सबके जीवन में खुशियों का उजाला लाए और हिमाचल प्रदेश के विकास के लिए सभी मिलजुल कर प्रयास करें।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने मंडी संसदीय क्षेत्र के तहत चंद्रभागा नदी पर लुज धरवास क्षेत्र में डुगर जल विद्युत परियोजना 500 मेगावाट के कार्य निर्माण में तेजी लाने के लिए एनएचपीसी के अधिकारियों व राज्य सरकार से बातचीत करेंगी। उन्होंने कहा है कि इस परियोजना के बनने से एक ओर जहां पांगी घाटी में विधुत की समस्या से लोगों को राहत मिलेगी, वहीं चंद्रभागा नदी के जल का भी पूरा दोहन हो सकेगा। प्रतिभा सिंह ने कहा है कि लुज धरवास क्षेत्र में बनने वाली डूगर जल विद्युत परियोजना 500 मेगावाट प्रदेश में विधुत उत्पादन के क्षेत्र में बहुत ही उपयोगी सिद्ध होगी। एक ओर जहां इस परियोजना के बनने से संपूर्ण पांगी घाटी को बिजली की समस्या से छुटकारा मिलेगा, वहीं प्रदेश की आर्थिकी भी मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि पांगी घाटी में बनने वाली इस परियोजना से इस क्षेत्र में विकास को गति मिलेगी व युवाओं को रोजगार के कई अवसर पर उपलब्ध होंगे। उन्होंने इस परियोजना के निर्माण की धीमी गति पर चिंता व्यक्त करते हुए एनएचपीसी से निर्माण कार्य मे तेजी लाने को कहा है। प्रतिभा सिंह ने प्रदेश सरकार से प्रदेश में बनने वाली जल विधुत परियोजनाओं की नीति निर्माण व समझौतो को भी सरल बनाने को कहा है जिससे प्रदेश में जल विधुत उत्पादन का पूरा दोहन हो सकें। उन्होंने प्रदेश सरकार से जल विधुत परियोजनाओं के सभी लंबित मामलों को जल्द निपटारे का आग्रह किया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह दीपावली पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को ओक ओवर जाकर उन्हें अपनी शुभकामनाएं दीं। प्रतिभा सिंह सुखविंदर सिंह सुक्खू को उनके सुखद जीवन व पूर्ण स्वस्थ लाभ की कामना भी की। इस दौरान प्रदेश के युवा खेल एवं लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी मुख्यमंत्री को दीपावली की शुभकामनाएं दीं।
-वापिस लौटने पर शिमला में कार्यकर्ताओं ने किया भव्य स्वागत मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आज दिल्ली से वापिस शिमला लौटने पर भव्य स्वागत किया गया। कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने होटल मरीना से लेकर ओक ओवर तक मुख्यमंत्री पर पुष्प वर्षा की और ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि हिमाचल प्रदेश के देवी-देवताओं और जनता की दुआओं से वह स्वस्थ होकर वापस लौटे हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों ने कुछ दिनों तक उन्हें आराम करने और समय पर खाना खाने की सलाह दी है, लेकिन वह सरकार की जिम्मेदारियों का भी निर्वहन करेंगे। उन्होंने राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि चार वर्षों में हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने और अगले 10 वर्षों में देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है और वर्तमान राज्य सरकार इसी दिशा में प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि 18 नवंबर को मंत्रिमंडल की बैठक भी रखी गई है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उनकी कुछ दिन की अनुपस्थिति के दौरान मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों और अधिकारियों ने अपने दायित्व को बखूबी निभाया है, जिसके लिए वह उनके धन्यवादी हैं। एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि वह पांच राज्यों के चुनाव प्रचार में नहीं जाएंगे, लेकिन इन चुनावों में कांग्रेस की जीत निश्चित है। मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों को दीपावाली की शुभकामनाएं दी और प्रदेश में सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि अब सभी मिलकर दोबारा से विकास कार्यों में जुटेंगे और हिमाचल प्रदेश को विकास के रास्ते पर आगे लेकर जाएंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्य संसदीय सचिव चौधरी राम कुमार, संजय अवस्थी, आशीष बुटेल, विधायक, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना सहित वरिष्ठ अधिकारी तथा विभिन्न बोर्डों एवं निगमों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, कांग्रेस के पदाधिकारियों सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने दीपों के पर्व दीपावली पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। प्रतिभा सिंह एक संदेश में कहा है कि दीपावली का त्यौहार हमारी सम्रद्ध धार्मिक संस्कृति का एक ऐसा उत्सव है जो हमें अंधरे से रोशनी की ओर आगे बढ़ने को प्रेरित करता है। दीपावली का यह पर्व सबको खुशियां लेकर आये इसकी वह भगवान से कामना करती है।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेशवासियों को दीपावली पर्व की शुभकामनाएं दी हैं। राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि प्रसन्नता एवं उल्लास का प्रतीक रोशनी का यह त्यौहार बुराई पर अच्छाई और अंधेरे पर प्रकाश की विजय का संदेश देता है। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि यह त्यौहार प्रदेशवासियों के जीवन में अपार खुशियां लाएगा। राज्यपाल ने सभी से दीपों के इस त्यौहार को प्रदूषण मुक्त ढंग से मनाने का भी आग्रह किया। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने शुभ संदेश में कहा कि यह पावन उत्सव सभी के जीवन में खुशी और संपन्नता लाए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह त्यौहार प्रदेशवासियों के जीवन में सुख-समृद्धि लाने के साथ-साथ भाईचारे और एकता के बंधन को मज़बूती प्रदान करेगा। उन्होंने लोगों से ज़रूरतमंद और संकटग्रस्त लोगों के जीवन में खुशियां लाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने लोगों से त्यौहार को पारंपरिक तरीके से मनाने का भी आह्वान किया।
-राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने किया विभिन्न स्टॉल का उद्घाटन इंटरनेशनल लवी मेले में इस बार जाइका के ऑग्रेनिक प्रोडक्ट्स की खुशबू महक रही है। शनिवार को लवी मेले के शुभारंभ अवसर पर प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने जाइका वानिकी परियोजना द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉल का उद्घाटन किया। जाइका के इस स्टॉल में पारंपरिएक एवं ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स को देख राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने खूब सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के इस दौर में ऑर्गेनिक उत्पादों को बढ़ावा देने की सख्त जरूरत है। राज्यपाल ने स्टॉल में उपलब्ध सभी उत्पादों की तारीफ भी की और जाइका वानिकी परियोजना समेत विभिन्न सहायता समूहों को बधाई भी दी। सेवानिवृत डीएफओ जाइका वानिकी परियोजना रामपुर सर्कल सीएम शर्मा ने बताया कि 11 से 14 नवंबर तक चलने वाले इस इंटरनेशनल लवी मेले के लिए जाइका ने स्टॉल लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यहां किन्नौरी राजमाह, मक्की का आटा, सूखे मटर, फाफरा, ओगला, चुल्ली का तेल, शहद, चिलगोजा और ड्राई मशरूम बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। सीएम शर्मा ने बताया कि फोरेस्ट सर्कल रामपुर के 12 सहायता समूहों के उत्पाद यहां हैं। जिनमें रामपुर और किन्नौर डिविजन के 3-3 और आनी डिविजन के 6 सहायता समूहों के उत्पादों की खुशबू लवी मेले में महक रही है। बताया गया कि लवी मेले के ही पहले दिन जाइका के स्टॉल में लोगों की भीड़ उमड़ी रही।
-24 से 29 नवंबर तक आयोजित होगा तबला विंटर कैंप शिमला से 30 किमी दूर प्रकृति की गोद में बसे घरेच गांव के गुरुकुल में तबला विंटर कैंप आयोजित होने जा रहा है और यह कैंप 24 नवंबर से 29 नवंबर तक होगा। सभी प्रतिभागियों के रहने और खाने की व्यवस्था गुरुकुल द्वारा की जाएगी। प्रकृति में संगीत के अभ्यास का अपना ही आनंद है और जब यह अभ्यास गुरु के मार्गदर्शन में हो तो आनंद दोगुना हो जाता है। साथ ही अन्य कलाकारों के साथ संगत करके अपनी कला को निखारने का भी एक सुनहरा अवसर है। कैंप के समापन पर सभी प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि द्वारा पुरस्कार और सर्टिफिकेट दिए पाएंगे। कैंप के सभी सदस्यों के साथ एक दिन शिमला के प्रमुख दर्शनीय स्थलों का भ्रमण भी किया जाएगा। कैंप में भारत के विभिन्न राज्यों और विदेशों से भी तबला प्रेमी भाग लेंगे, जिनमें प्रमुख रूप से दुबई से मनोज वासुदेवन, नचिकेत पंत वैद्य (मुंबई), बनारस के प्रसिद्ध सितारवादक पंडित बटु नाथ मिश्रा, मुंबई से विदेश, चंडीगढ़ से पुनित, गुजरात से कुणाल, तमिलनाडु से श्रवणा, बनारस से संतोष, लखनऊ से निखिल, केरल से कृष्णा और हरिकृष्णा, उत्तर प्रदेश से निकिता सोनी, दिल्ली से आयुष कुमार, सुमित सिंह, श्यामाकांत जोशी, शिमला से जतिन, दिव्यांशु, सूर्यांश, आस्तिक, अभिषेक सारंग, सृष्टि और रूपल शामिल हैं। कैंप के आयोजक व रिसोर्स पर्सन विक्रम गंधर्व होंगे। आयोजन में मुख्य भूमिका डॉ. विनोद गंधर्व निभाएंगे, जो ऑल इंडिया रेडियो के ए ग्रैड कलाकार हैं। इस अवसर पर पद्मश्री विद्यानंद सरैक और प्रधान हेतराम गंधर्व सहित अन्य गणमान्य अतिथि भी मौजूद रहेंगे।
-परिवार के साथ शिमला में मनाएंगे दिवाली प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू पूरी तरह स्वस्थ होकर दिल्ली से शिमला लौट रहे हैं। एम्स दिल्ली से उन्हें छुट्टी मिल चुकी है। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर बाद राजधानी शिमला पहुंच जाएंगे। यहां वे परिवार सहित प्रकाश का उत्सव दिवाली मनाएंगे। उच्च अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है। डॉक्टरों ने उन्हें कुछ दिनों के लिए लोगों से मिलने-जुलने और सफर नहीं करने की सलाह दी है। शिमला पहुंचने पर भी मुख्यमंत्री कुछ दिन अपने सरकारी आवास ओकओवर शिमला में आराम करेंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य संसदीय सचिवों की नियुक्ति मामले में हिमाचल प्रदेश सरकार की ट्रांसफर याचिका को खारिज कर दिया है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने सीपीएस की नियुक्ति से जुड़ी याचिकाओं को प्रदेश उच्च न्यायालय से सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरित करने का आग्रह किया था। गौर रहे कि भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती के साथ कुछ अन्य लोगों ने प्रदेेश में छह सीपीएस नियुक्त करने के खिलाफ हाई कोर्ट में चुनौती दी है। सतपाल सिंह सत्ती ने सीपीएस की नियुक्ति को चुनौती देते हुए इसे लाभ का पद बताया है। बता दें कि सीपीएस की नियुक्तियों को तीन याचिकाओं के माध्यम से चुनौती दी गई है। उच्च न्यायालय में इस मामले की सुनवाई 7 दिसंबर को निर्धारित की गई है।
-रोहतांग, कुंजम, बारालाचा और शिंकुला दर्रा में 20 से 35 सेंटीमीटर बर्फबारी -मनाली लेह सामरिक मार्ग दारचा से आगे बंद - घाटी में कड़ाके की ठंड ने दी दस्तक हिमाचल के जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के कई इलाकों में बर्फबारी हुई है। ताजा बर्फबारी के बाद मनाली लेह सामरिक मार्ग वाहनों की आवजाही के लिए बंद हो गया है। बर्फबारी के साथ घाटी में कड़ाके की ठंड ने दस्तक दी है। जिले की चंद्रा वैली में करीब 12 सेंटीमीटर तक बर्फ गिरी है, वहीं रोहतांग, कुंजम, बारालाचा और शिंकुला दर्रा में 20 से 35 सेंटीमीटर तक हिमपात होने की सूचना है। सीमा सड़क संगठन के फीडबैक के बाद जिला प्रशासन ने मनाली लेह सामरिक मार्ग दारचा से आगे बंद कर दिया है, वहीं मनाली-ग्राम्फू-कुंजम के साथ कोकसर-रोहतांग मार्ग भी ट्रैफिक के लिए बंद कर दिया है। हालांकि दारचा-शिंकुला-जांसकर और तांदी-किलाड़ मार्ग वाहनो की आवजाही के लिए खुला है। बीआरओ 70 आरसीसी के ओसी मेजर रवि शंकर ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए मनाली लेह मार्ग दारचा से आगे बंद कर दिया है। उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि कोकसर-कुंजम-काजा के साथ कोकसर-रोहतांग मार्ग पर ट्रैफिक रोक दिया गया है, जबकि अटल टनल होकर केलांग-मनाली और मनाली किलाड़ मार्ग खुला है।
योजना के तहत 144.01 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान ग्रामीण स्तर तक तीव्र विकास प्रक्रिया सुनिश्चित करने के दृष्टिगत प्रदेश सरकार ठोस कदम उठा रही है। विकेंद्रीकृत प्रक्रिया को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आरंभ की गई विधायक क्षेत्र विकास निधि योजना के तहत वर्तमान प्रदेश सरकार ने इसके बजट में बढ़ोतरी की है। प्रदेश में इस वर्ष भारी बारिश के कारण हुए नुकसान को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस योजना के अन्तर्गत आवश्यक संशोधन किए हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 में प्रति निर्वाचन क्षेत्रवार 2.10 करोड़ रुपये का प्रावधान इस योजना के तहत किया गया है। इसके लिए 144.01 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान इस वित्त वर्ष के लिए किया गया है, जिसमें से 15 अक्तूबर, 2023 तक 74.84 करोड़ रुपये दो किस्तों में जिलों को जारी किए जा चुके हैं। भारी बरसात के कारण हुए नुकसान के दृष्टिगत सरकार ने इस योजना के दिशा-निर्देशों में संशोधन किया है। इसे व्यापक रूप प्रदान करते हुए इसके अन्तर्गत रिटेनिंग तथा ब्रेस्ट दिवारों की मुरम्मत एवं नालों के तटीयकरण का भी प्रावधान किया गया है। वर्षवार आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019-20 में इस योजना के अन्तर्गत 97.98 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया। इसी प्रकार वर्ष 2020-21 में 32.66 करोड़ रुपये, वर्ष 2021-22 में 122.40 करोड़ रुपये तथा वर्ष 2022-23 में 103.34 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया। ऐसे में वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा विधायक विकास निधि में इस वर्ष लगभग 41 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गई है। विधायक क्षेत्र विकास निधि योजना के अन्तर्गत पाठशालाओं में कमरों का निर्माण, आयुर्वेदिक औषधालयों, पशु चिकित्सा औषधालयों व स्वास्थ्य उप केंद्रों का निर्माण, हैंडपंपों की स्थापना, ग्रामीण स्तर पर सामान्य सामुदायिक भवनों का निर्माण, मोटर एवं जीप योग्य सम्पर्क सड़कों के निर्माण सहित अन्य विभिन्न कार्य करवाए जा सकते हैं। ग्रामीण सड़कों के लिए छोटे पुलों एवं पुलियों का निर्माण, पक्के ग्रामीण रास्तों का निर्माण, छूटी हुई बस्तियों के लिए पेयजल योजनाएं, स्थानीय स्तर की सिंचाई योजनाएं, पाठशालाओं में शौचालयों का निर्माण, बस अड्डा इत्यादि स्थानों पर सार्वजनिक शौचालयों व स्नानगृहों का निर्माण, दूर-दराज व ग्रामीण क्षेत्रों में बचे हुए घरों का विद्युतीकरण तथा स्कूल भवनों की मरम्मत व खेल मैदानों के निर्माण कार्य भी इस योजना के अन्तर्गत करवाए जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, पंचायतों तथा शहरी निकायों में व्यायामशालाओं (जिम) का निर्माण, बस स्टैंडों का निर्माण व रख-रखाव, ग्रामीण अथवा शहरी क्षेत्रों में सरकारी भवनों की मरम्मत, इन क्षेत्रों में सड़कों की मरम्मत व रख-रखाव, सामुदायिक वाई-फाई लगाने, लोक कल्याणकारी योजनाओं के तहत स्कूलों में बच्चों के बैठने का सामान, खेल सामग्री, अस्पतालों में बिस्तर व कम्बल, जल वितरण में मोटर पम्पों को बदलना भी इसमें शामिल है। योजना के तहत पंजीकृत महिला मण्डलों को बर्तन व फर्नीचर तथा युवक मण्डलों को खेल उपकरण, स्वयं सहायता समूहों को भी इन मदों में अधिकतम 50 हजार रुपये प्रति मण्डल अथवा समूह अनुदान का प्रावधान है। शहीदों के बलिदान की समृति में शहीदी द्वारों का निर्माण भी इस योजना के तहत करवाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का कहना है कि प्रदेश सरकार अन्तिम व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए दृढ़संकल्प है। ग्रामीण स्तर पर विधायकों के माध्यम से विकास कार्यों तथा कल्याणकारी योजनाओं के लिए बजट का समुचित आवंटन सुनिश्चित किया गया है। भारी बरसात के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने विधायक क्षेत्र विकास निधि में संशोधन कर लोगों को राहत पहुंचाने का प्रयास किया है।
शिक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि मेधा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत सत्र 2023-24 के लिए उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इच्छुक एवं पात्र विद्यार्थी इस योजना का लाभ उठाने के लिए 25 नवम्बर, 2023 तक आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दृष्टिगत बारहवीं कक्षा तक के छात्र-छात्राएं अपना आवेदन संबंधित जिला के उच्चतर शिक्षा उप-निदेशक के पास डाक द्वारा अथवा ई-मेल के माध्यम से भेज सकते हैं। स्नातक स्तर के छात्र-छात्राएं अपना आवेदन पत्र अतिरिक्त/संयुक्त निदेशक (कॉलेज), शिक्षा निदेशालय के पास डाक अथवा ई-मेल medha.protsahan@gov.in के माध्यम से भेज सकते हैं। आवेदन जमा करवाने की अन्तिम तिथि 25 नवंबर निर्धारित की गई है और इसके उपरांत कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एक ई-मेल से केवल एक ही आवेदन पत्र स्वीकार किया जाएगा। योजना से संबधित पूर्ण जानकारी उच्चत्तर शिक्षा निदेशक की वैबसाईट www.education.hp.gov.in पर उपलब्ध है। प्रवक्ता ने यह भी बताया कि योजना के तहत कोचिंग संस्थानों को उच्चतर शिक्षा विभाग को एक लाख रुपये की बैंक गारंटी जमा करवानी अनिवार्य है। यदि अभी तक किसी संस्थान द्वारा यह राशि जमा नहीं की होगी तो उन्हें यह तुरन्त प्रभाव से यह जमा करवानी होगी और तभी वह कोचिंग संस्थान इस उद्देश्य के लिए पात्र होगा।
एचपीयू में बीएड के इंडक्शन कार्यक्रम का आज अंतिम दिन था। अंतिम दिन जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय दिल्ली के आचार्य करतार सिंह मुख्य वक्ता रहे। ड़ॉ करतार सिंह ने गतिविधि आधारित शिक्षण विषय पर ऑनलाइन व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि यह एक बेहतर तथा व्याहारिक शिक्षण पद्धति का एक भाग है। द्वितीय तकनीकी सत्र की अध्यक्षता डॉ. चमन लाल बंगा ने की। उन्होंने बीएड प्रशिक्षुओं से पृष्ठपोषण प्राप्त किया। इंडक्शन कार्यक्रम के समापन में मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के मुख्य छात्रपाल, आचार्य रोशन लाल जिंटा रहे। उन्होंने शिक्षा के महत्व, नैतिक शिक्षा एव शिक्षा मनोविज्ञान की विस्तृत में चर्चा की। विभाग में बीएड प्रथम सत्र के विद्यार्थियों ने रंगोली गतिविधि का आयोजन किया। शिक्षा विभाग की सहायक आचार्य डॉक्टर कनिका हांडा, डॉ. युद्धवीर, डॉ. राकेश कुमार शर्मा कार्यक्रम में उपस्थित रहे। अंतिम सत्र में बीएड प्रशिक्षुओं ने अपने अनुभव साझा किए।
प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि दिल्ली और शिमला में खराब मौसम के कारण मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का शिमला आगमन स्थगित हो गया है। दिल्ली में आज खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पाया। अब मुख्यमंत्री का शनिवार को शिमला में आगमन अपेक्षित है।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों के अनुसार हिमाचल प्रदेश में दिवाली की रात 8 से 10 बजे के बीच ही ग्रीन पटाखे जलाए जा सकेंगे। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सभी जिलों के उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखकर आदेशों को सख्ती से लागू करवाने के निर्देश दिए हैं। बोर्ड के सदस्य सचिव अनिल जोशी ने बताया कि एनजीटी की ओर से वायु प्रदूषण के लिहाज से अति संवेदनशील शहरों में पटाखों पर प्रतिबंध लगाया है। जबकि मॉडरेट और सामान्य श्रेणी में आने वाले शहरों में सिर्फ ग्रीन पटाखे दो घंटे चलाने की छूट दी गई है।
-दोबारा नहीं बनेगी 556 की मेरिट हिमाचल हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाले मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जूनियर ऑफिस असिस्टेंट पोस्ट कोड 817 के अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। इस भर्ती के कुल पदों में कोई कटौती नहीं होगी। अंकिता ठाकुर एंड अदर्स बनाम हिमाचल प्रदेश स्टाफ सिलेक्शन कमिशन के इस केस में जजमेंट रिजर्व हुई थी और वीरवार को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हाई कोर्ट द्वारा दी गई रिलेक्सेशन को कानूनी तौर पर अस्थिर बताते हुए उसे रद्द कर दिया। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि जूनियर ऑफिस असिस्टेंट पोस्ट कोड 556 के लिए दूसरे भर्ती विज्ञापन के आधार पर बनाई गई मेरिट लिस्ट को री ड्रॉ नहीं किया जाएगा और उसमें उन अभ्यर्थियों को शामिल नहीं किया जाएगा, जो रिलेक्सेशन ऑर्डर के आधार पर एलिजिबल हुए थे। उच्चतम न्यायालय ने पोस्ट कोड 817 के लिए 21 सितंबर, 2020 को जारी तीसरे विज्ञापन के आधार पर विज्ञापित सीटों को सैगरीगेट करने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि पहले विज्ञापन के आधार पर होने वाली नियुक्तियों को डिस्टर्ब नहीं किया जाएगा, सिर्फ इसलिए कि कुछ अभ्यर्थियों ने रिलेक्सेशन ऑर्डर के आधार पर पात्रता प्राप्त कर ली है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को यह निर्देश दिए कि वह सारे पेंडिंग आवेदनों को 2020 के रूल्स के हिसाब से डिस्पोज करे। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में हिमाचल हाई कोर्ट के ऑर्डर के पैरा 33 और 34 को भी खारिज कर दिया। इस केस में हिमाचल सरकार द्वारा हाई कोर्ट में दी गई क्लेरिफिकेशन को भी सुप्रीम कोर्ट ने गलत माना। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद जेओए के तीन पोस्ट कोड को लेकर स्थिति साफ हो गई है। यह मामला पोस्ट कोड 447, पोस्ट कोड 556 और पोस्ट कोड 817 को लेकर था। 817 के मामले में हिमाचल सरकार की ओर से ही सुप्रीम कोर्ट में यह भी कह दिया गया था कि यह मामला पेपर लीक में भी उलझा है। इसके बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने मेरिट पर ही फैसला दिया है।
कृषि सचिव सी पालरासू ने बताया कि प्रदेश में गेहूं के बीज का उत्पादन बढ़ाने के दृष्टिगत विभाग द्वारा इस वर्ष 800 क्विंटल प्रजनक बीज राज्य के विभिन्न जिलों में आबंटित किया जा रहा है। इस वर्ष गेहूं के प्रजनक बीज का मूल्य 7050 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जिसे विभाग के अपने फार्मों व पंजीकृत किसानों को वितरित किया जा रहा है। इसके अलावा गेहूं के प्रमाणित बीज पर राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष 1500 रुपए प्रति क्विंटल की दर से अनुदान दिया जा रहा हैै। राज्य में किसानों की आर्थिकी को देखते हुए इस वर्ष लगभग 600 क्विंटल प्रजनक बीज किसानों में वितरित किया जा रहा है, प्रदेश सरकार द्वारा गेहूं के प्रजनक बीजों पर 3000 रुपए प्रति क्विंटल की दर से अनुदान देने का फैसला लिया है, जिसे सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इसके अलावा 200 क्विंटल प्रजनक बीज जिलों में स्थित विभागीय फार्मों में उपलब्ध करवाया जाएगा। सरकार के इस निर्णय से किसानों में बीज उत्पादन के प्रति और ज्यादा जागरूकता आएगी व इससे प्रदेश में बीज उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। कृषि निदेशक कुमद सिंह ने बताया कि प्रदेश में अधिकतर किसान लघु एवं सीमांत है। कृषि व्यवसाय की सफलता व पैदावार बहुत कुछ उच्च गुणवता बीजों की उपलब्धता पर निर्भर करती है। प्रदेश में उत्तम बीजों की मांग बढ़ती जा रही है क्योंकि कोरोना महामारी के बाद अधिकतर नौजवान कृषि से जुड़े है। विभाग खाद्यान्नों आदि के बीजों को प्रदेश में ही उत्पादित कर किसानों को वितरित करने की ओर आत्मनिर्भर हो रहा है।
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरके विश्नोई के दूरदर्शी मार्गदर्शन के तहत टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड द्वारा कर्नाटक राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विकास के लिए 9 नवंबर को बैंगलोर में केपीसीएल (कर्नाटक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड) और केआरईडीएल (कर्नाटक नवीकरणीय ऊर्जा विकास लिमिटेड) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इन सहयोगात्मक प्रयासों में विभिन्न प्रकार की परियोजनाओं का विकास शामिल है, जिसमें भूमि पर मांउट करके स्थापित की जाने वाली, फ्लोटिंग सौर परियोजनाएं और पंप स्टोरेज परियोजनाओं सहित हाइब्रिड परियोजनाएं शामिल हैं, जिनकी संचयी क्षमता लगभग 3270 मेगावाट हैं। कर्नाटक सरकार ऊर्जा मंत्री केजे जॉर्ज अपनी गरिमामयी उपस्थिति के साथ समारोह की शोभा बढ़ाई। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरके विश्नोई ने कहा कि यह रणनीतिक गठबंधन न केवल स्वच्छ ऊर्जा के प्रति टीएचडीसीआईएल की प्रतिबद्धता दर्शाता है, बल्कि कर्नाटक की अग्रणी विद्युत संस्थाओं के सहयोग से इस क्षेत्र के विद्युत परिदृश्य के लिए एक आशाजनक प्रगतिगामी मार्ग भी प्रशस्त करता है। केपीसीएल का प्रतिनिधित्व करते हुए, अपर मुख्य सचिव, ऊर्जा एवं केपीसीएल के प्रबंध निदेशक गौरव गुप्ता एवं और केआरईडीएल की ओर से केपी रुद्रप्पैया, प्रबंध निदेशक, केआरईडीएल द्वारा समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की ओर से भूपेंद्र गुप्ता, निदेशक (तकनीकी) द्वारा समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर विजय कुमार, विशेष अधिकारी समन्वय, संदीप सिंघल, सीजीएम (एनसीआर) और मल्लिकार्जुन, डीजीएम भी उपस्थित थे। टीएचडीसीआईएल 1587 मेगावाट की संस्थापित क्षमता के साथ देश के प्रमुख बिजली उत्पादकों में से एक है, जिसका श्रेय इसकी प्रचालनाधीन परियोजनाओं को जाता है जिनमें उत्तराखंड में टिहरी बांध और एचपीपी (1000 मेगावाट), कोटेश्वर एचईपी (400 मेगावाट), गुजरात के पाटन और द्वारका में क्रमश: 50 मेगावाट और 63 मेगावाट की पवन ऊर्जा परियोजनाएं और उत्तर प्रदेश के झांसी में 24 मेगावाट की ढुकवां लघु जल विद्युत परियोजना तथा केरल के कासरगोड में 50 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना शामिल हैं।
-देखभाल संस्थानों में रह रहे बच्चों को जारी किया 5.27 लाख रुपये का उत्सव भत्ता इस दीपावली पर जब प्रदेश भर में मां लक्ष्मी की आराधना में लाखों दिए जलाये जाएंगे तो इनमें कई ऐसे दिए भी होंगे जो प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत प्रदान किये जा रहे उत्सव भत्ते के कारण रोशन होंगे। जब प्रदेश के लाखों घरों में खुशियों की फुलझड़ियां जल रही होंगी तो कई चेहरे इसलिए खिल रहे होंगे क्यूंकि वो अब निराश्रित नहीं, बल्कि 'चिल्ड्रन ऑफ द स्टेटÓ हैं यानी कि प्रदेश सरकार उनकी माता और पिता है। इस बार बाल देखभाल संस्थानों में रह रहे बच्चों के आंगन में भी दिए जगमगाएंगे, पटाखे फूटेंगे और मिठाइयां बंटेगी। वह भी दीपावली उत्सव धूम-धाम से मनाएंगे। यह सब संभव हो पाया है मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के संवेदनशील नेतृत्व वाली सरकार द्वारा चलाई जा रही महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के कारण। वर्तमान प्रदेश सरकार ने राज्य के बाल देखभाल संस्थानों में रह रहे बच्चों (चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट) को दीपावली पर्व पर उत्सव भत्ते के रूप में 5,27,000 रुपये जारी कर दिए हैं। इसके अलावा इन संस्थानों को भी दीपावली के उपलक्ष्य पर 3,27,500 रुपये जारी किये गए हैं ताकि इन संस्थानों में भी इस त्योहार से संबंधी सभी तैयारियां समय पर सुनिश्चित की जा सके। सरकार द्वारा सभी 'चिल्ड्रन ऑफ द स्टेटÓ को त्यौहारों पर उत्सव भत्ते के रूप में 500 रूपए प्रति बच्चा प्रदान किये जाते हैं। इसके अलावा उन बाल देखभाल संस्थानों को, जिनमें बच्चों के रहने कि क्षमता 25 या इससे कम हो, उन्हें 5,000 तथा 25 से अधिक की क्षमता वाले बाल देखभाल संस्थानों को 10,000 रूपए प्रदान किये जाते हैं। इससे पूर्व राज्य सरकार ने दशहरा उत्सव पर भी उत्सव भत्ते के रूप में इन बच्चों को 5,27,000 रुपये व बाल देखभाल संस्थानों को 3,27,500 रुपये जारी किये थे। इन त्यौहारों पर सरकार द्वारा कुल 17,09,000 रुपये जारी किए गए हैं। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सरकार के गठन के तुरंत बाद अपने पहले निर्णय में समाज के संवेदनशील आश्रित वर्ग का सहारा बनने का संकल्प लेते हुए मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना की शुरुआत की थी। मानवीय संवेदनाओं को अधिमान देते हुए सरकार ने अनाथ बच्चों और अन्य निराश्रितों के उत्थान के लिए कई कदम उठाये हैं। प्रदेश सरकार 27 वर्ष तक के अनाथ बच्चों को 4,000 रुपये मासिक जेब खर्च, कोचिंग के लिए एक लाख, तीन बिस्वा भूमि और मकान निर्माण के लिए 3 लाख रुपये, विवाह के लिए दो लाख रुपये का अनुदान और सूक्ष्म व लघु उद्योग लगाने के लिए दो लाख रुपये का अनुदान प्रदान कर रही है। जनहितैषी मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत मुख्यमंत्री सुख आश्रय कोष का भी गठन किया गया है जिसमें मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने एक माह का वेतन तथा कांग्रेस विधायकों ने एक-एक लाख रुपये दिए हैं। दानी-सज्जन भी इसमें यथासंभव योगदान दे रहे हैं। इस कोष के गठन का उद्देश्य जरूरतमंदों के लिए निकट भविष्य में सुविधा, सम्पन्नता और सामान अवसर के मार्ग प्रशस्त करना है। इन हितकारी निर्णयों से यह स्पष्ट है की प्रदेश सरकार सत्ता सुख भोगने के लिए नहीं अपितु व्यवस्था परिवर्तन के उद्देश्य को सार्थक करने के संकल्प के दृष्टिगत कल्याणकारी निर्णय ले रही है और इस नीति वाक्य को अपना मूल सिद्धांत मानकर आगे बढ़ रही है।
केंद्र सरकार के पिछले 9 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों एवं जनकल्याणकारी नीतियों पर राजधानी शिमला के रिज मैदान में आयोजित प्रदर्शनी के तीसरे दिन शिमला के जनसामान्य ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। खचाखच भरे प्रदर्शनी स्थल में लोगों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। हिमाचल की लोक संस्कृति से ओत-प्रोत इन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में राष्ट्र निर्माण एवं सामाजिक चेतना का संदेश भरा हुआ था। नाटी की प्रस्तुति के साथ बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया गया।वहीं नुक्कड़ नाटक के ज़रिये नशा मुक्ति का आह्वान था । आज के कार्यक्रम की सबसे ख़ास बात लोगों के लिए आयोजित की गई राष्ट्र निर्माण प्रश्नोत्तरी रही। इस प्रश्नोत्तरी में भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में सवाल पूछे गये। विकास की दिशा में भारत द्वारा प्राप्त की गई ऐतिहासिक उपलब्धियों के बारे में भी प्रश्न थ। इस प्रतियोगिता में सत्यप्रकाश, संतोष तोमर, चुन्नीलाल शर्मा, कमल एवं रणजीत रॉय ने प्रश्नों के सही उत्तर देकर पुरस्कार जीते। यह प्रदर्शनी स्थानीय लोगों में ख़ासा रूची का केंद्र बनी रही और यह प्रदर्शनी 11 नवंबर तक जारी रहेगी।
-हिमाचल में जो वादे किए, जो गारंटियां दीं, एक भी पूरी नहीं की नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने हिमाचल के लोगों से जो वादे किए, जो भी चुनावी गारंटियां दीं, एक भी पूरी नहीं की। अब देश के अलग-अलग राज्यों में हो रहे लोक सभा चुनावों में इसी तरह गारंटी देकर देश भर में लोगों को ठगना चाह रही है। उन्होंने कहा कि अब लोग समझ गये है, उन्हें बार-बार धोखा नहीं दिया जा सकता है। अब कोई भी कांग्रेस के झांसे में नहीं आने वाला है। आज के सूचना प्रौद्योगिक के युग में कांग्रेस का यह सफ़ेद झूठ ज़्यादा टिक नहीं सकता। पूरा देश जानता है कि कांग्रेस के नेताओं ने हिमाचल की मातृशक्ति को प्रतिमाह 1500 रुपये देने की गारंटी दी। चुनाव के पहले ही माताओं-बहनों से इसके लिए फ़ज़ीर् फॉर्म भी भरवा लिए थे। अब चुनाव जीत गये तो कांग्रेस के नेता कहते हैं कैसी गारंटी। जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, मिज़ोरम और तेलंगाना में हो रहे विधान सभा के चुनाव में भी कांग्रेस हिमाचल प्रदेश की तरह चुनावी गारंटियां दे रही है। लेकिन पूरे देश ने हिमाचल से सबक़ ले लिया है। आज कांग्रेस के नेता मंचों पर ही जनता द्वारा तिरस्कृत किए जा रहे हैं। देश के लोग पूछ रहे हैं कांग्रेस द्वार हिमाचल प्रदेश के विधान सभा चुनाव में किया गया वादा कहां गया। बड़े से बड़े नेता छोटी छोटी जनसभाओं में सीना ठोक के सारी गारंटिया तत्काल लागू करने की बात करता था लेकिन एक साल में एक भी गारंटी पूरी नहीं कर पाया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि एक साल से कम के कार्यकाल में भी आज प्रदेश के हर वर्ग में असंतोष है। इस सरकार के क्रियाकलाप से कोई भी संतुष्ट नहीं है। सरकार के ख़िलाफ़ लोगों की इस नाराज़गी और असंतोष का प्रमुख कारण है कांग्रेस के झूठे वादे और विकास विरोधी काम। इसी की वजह से हिमाचल प्रदेश विकास की दौड़ में पिछड़ता जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हिमाचल में कांग्रेस द्वारा किए गए झूठे वादे की वजह से देश भर में कांग्रेस के चुनावी वादों पर कोई विश्वास नहीं कर पा रहा है। इसलिए विधान सभा के चुनावों में हर जगह पर कांग्रेस बुरी तरह से हार रही है। आज सोशल मीडिया का जमाना है, किसी का झूठ ज़्यादा दिनों तक टिक नहीं पाता है। यही कारण है आज हिमाचल कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता प्रदेश में मुंह छिपाए घूम रहे हैं। आने वाले लोक सभा चुनावों कांग्रेस को अपने झूठ का जवाब मिल जाएगा।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज यहां उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की पत्नी प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री तथा डॉ. विजय सिंह द्वारा लिखित पुस्तक 'एम्पावरिंग ट्राईब्स-ए पाथ टूवॉर्ड्स सस्टेनेबल डेवेल्पमेंटÓ का विमोचन किया। राज्यपाल ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत ने दुनिया को अपनी ओर आकृष्ट किया है। प्रदेश में हुए अभूतपूर्व विकास के फलस्वरूप अब जनजातीय क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा व अन्य सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्रकाशित पुस्तक में लेखक-द्वय द्वारा विश्व के जनजातीय क्षेत्रों में विकास के बाद हुए बदलाव के बारे में बताया गया है, जो पाठकों के लिए रूचिकर होगा। इसके अतिरिक्त पुस्तक में वैश्विक स्तर पर जनजातीय आबादी के समक्ष पेश आ रही चुनौतियों, इनके सशक्तिकरण, अनूठी जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और इनके सतत् भविष्य के दृष्टिगत नवोन्मेषी दृष्टिकोण प्रस्तुत किया गया है। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा, प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री की सुपुत्री आस्था अग्निहोत्री व अन्य गणमान्य भी उपस्थित थे।
दिवाली से ठीक एक दिन पहले छोटी दिवाली का पर्व मनाया जाता है। दिवाली से पहले छोटी दिवाली इसलिए मनाई जाती है क्योंकि, इस दिन हनुमान ज्यंति भी होती है और इसी दिन भगवान श्री कृष्ण ने नरकासुर नामक असुर का वध किया था। इसलिए इसे नरक चतुर्दशी भी कहते हैं। इस दिन दिवाली से कम मात्रा में दीप आदि प्रज्वलित किए जाते हैं। इस दिन सौंदर्य व्रत भी रखा जाता है। आइए जानते हैं छोटी दिवाली कब मनाई जाएगी... 11 या 12 नवंबर कब मनाई जाएगी छोटी दिवाली? छोटी दिवाली पर नरक चतुर्दशी के दिन मनाई जाती है। 11 नवंबर को 1 बजकर 59 मिनट से चतुर्दशी तिथि आरंभ हो रही है और अगले दिन 12 नवंबर को दोपहर के 2 बजकर 45 मिनट तक रहेगी। छोटी दिवाली 11 नवंबर शनिवार 2023 को मनाई जाएगी।
-रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक नहीं चला सकेंगे पटाखे राज्य के सरकारी स्कूलों के बच्चे ग्रीन दिवाली मनाने का संदेश देंगे। अपने परिवार व आसपास के लोगों को जागरूक करेंगे। पटाखों से पर्यावरण को होने वाले नुकसान के बारे में बताएंगे ताकि सभी लोग ग्रीन दिवाली मनाएं। निदेशक शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में स्कूलों को आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसमें स्कूलों को कहा गया है कि वह बच्चों को जागरूक करें व उन्हें बताए कि पटाखों से प्रदूषण फैलता है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार प्रदेश में दिवाली की रात 10 बजे के बाद सुबह 6 बजे तक पटाखे चलाने पर पूर्णत: प्रतिबंध रहेगा। इसके बारे में भी लोगों को जागरूक किया जाए। पहले से एक परंपरा विकसित हुई है जिसमें दीपोत्सव के दिन तेज आवाज के पटाखे चलाए जाते हैं। ये पर्यावरण को क्षति पहुंचाती है। ध्वनि व वायु प्रदूषण बहुत तेजी से फैलता है। वायु की गुणवत्ता असंतुलित हो जाती है। इस बार स्वयं बच्चे ही जागरूकता की बेहतरीन मिसाल पेश करेंगे।
धनतेरस दिवाली के दो दिन पूर्व मनाया जाने वाला त्योहार है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन भगवान धन्वंतरि का जन्म हुआ था। इसलिए इसे धनतेरस के त्योहार के रूप में मनाया जाता है। भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसलिए इस दिन बर्तन खरीदने की परंपरा है। इस दिन धन्वंतरि देव के साथ मां लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा अर्चना की जाती है। इस दिन बर्तन के अलावा कोई भी सामान खरीदना बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि धनतेरस का त्योहार क्यों मनाया जाता है और इसकी शुरुआत कैसे हुई... भगवान धन्वंतरि का हुआ था जन्म मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी के दिन भगवान धन्वंतरि अपने हाथों में अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। ऐसी मान्यता है कि सृष्टि में चिकित्सा विज्ञान के विस्तार के लिए ही भगवान विष्णु ने धन्वंतरि का अवतार में जन्म लिया था। शास्त्रों के अनुसार भगवान धनवंतरी देवताओं के वैद्य हैं। इनकी पूजा से आरोग्य सुख यानी स्वास्थ्य लाभ मिलता है। धन्वंतरि के प्रकट होने के उपलक्ष्य में ही हर साल कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी के दिन धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है। वहीं कहा जाता है कि भगवान धन्वंतरि के उत्पन्न होने के दो दिनों बाद देवी लक्ष्मी प्रकट हुई थीं, इसलिए धनतेरस के दो दिन बाद दीपावली का पर्व मनाया जाता है। श्री हरि विष्णु के वामन अवतार से भी है संबंध धनतेरस से जुड़ी एक और मान्यता के अनुसार, देवताओं को राजा बलि के भय से मुक्ति दिलाने के लिए भगवान विष्णु ने वामन अवतार लिया और राजा बलि के यज्ञ स्थल पर पहुंच गए। शुक्राचार्य ने वामन रूप में भी भगवान विष्णु को पहचान लिया और राजा बलि से आग्रह किया कि वामन कुछ भी मांगे उन्हें इंकार कर देना। लेकिन बलि ने शुक्राचार्य की बात नहीं मानी। वामन भगवान द्वारा मांगी गई तीन पग भूमि, दान करने के लिए कमंडल से जल लेकर संकल्प लेने लगे। बलि को दान करने से रोकने के लिए शुक्राचार्य राजा बलि के कमंडल में लघु रूप धारण करके प्रवेश कर गए। इसकी वजह से कमंडल से जल निकलने का मार्ग बंद हो गया। वामन अवतार में भगवान विष्णु शुक्राचार्य की चाल को समझ गए। भगवान वामन ने अपने हाथ में रखे हुए कुशा को कमंडल में ऐसे रखा कि शुक्राचार्य की एक आंख फूट गयी। शुक्राचार्य छटपटाकर कमण्डल से निकल आये। बलि ने संकल्प लेकर तीन पग भूमि दान कर दिया। इसके बाद भगवान वामन ने अपने एक पैर से संपूर्ण पृथ्वी को नाप लिया और दूसरे पैर से अंतरिक्ष को। तीसरा पग रखने के लिए कोई स्थान नहीं होने पर बलि ने अपना सिर वामन भगवान के चरणों में रख दिया। बलि दान में अपना सब कुछ गंवा बैठा। इस तरह बलि के भय से देवताओं को मुक्ति मिली और बलि ने जो धन-संपत्ति देवताओं से छीन ली थी उससे कई गुणा धन-संपत्ति देवताओं को मिल गई। इस उपलक्ष्य में भी धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है।
दीपावली भारत का एक प्रमुख त्योहार है। 5 दिवसीय इस त्योहार को बड़ी ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस त्योहार को अंधकार पर प्रकाश, बुराई पर अच्छाई, अज्ञानता पर ज्ञान की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस दिन लोग अपने घरों को सजाते हैं, विशेष अनुष्ठान और लक्ष्मी पूजा करते हैं, व्यंजन तैयार करते हैं, पटाखे फोड़ते हैं। पांच दिवसीय उत्सव धनतेरस से शुरू होता है और भाई दूज के साथ समाप्त होता है। दिवाली न सिर्फ भारत के अलग-अलग राज्यों में, बल्कि विदेश में भी मनाया जाता है। भारत के अलावा दिवाली को करीब 11 देशों में राष्ट्रीय अवकाश के रूप में मनाया जाता है। इनमें गुयाना, फिजी, नेपाल, सिंगापुर, मॉरीशस, म्यांमार, श्रीलंका, सूरीनाम, मलेशिया, त्रिनिदाद और टोबैगो शामिल हैं। ये हैं दिवाली से जुड़ी कुछ रोचक बातें -दिवाली हिंदुओं का एक प्रमुख त्योहार है, लेकिन सिख, जैन सहित अन्य धर्मों के लोग भी पूरे उत्साह के साथ इस त्योहार को मनाते हैं। -भगवान राम 14 साल का वनवास काटकर जब अयोध्या वापस लौटे थे, उसके बाद समस्त अयोध्या वासियों ने दीप जलाकर भगवान राम का स्वागत किया था। तभी से दीपावली का त्योहार मनाया जा रहा है। - कार्तिक मास की अमावस्या को मां लक्ष्मी समुंद्र मंथन के बाद धरती पर प्रकट हुई थीं। दीपावली के त्योहार को मनाने का सबसे खास कारण यही है। इस पर्व को मां लक्ष्मी के स्वागत के रूप में मनाते हैं। -प्रसिद्ध स्वर्ण मंदिर की नींव दिवाली के दिन रखी गई थी। -भारत के बाहर यूके के लीसेस्टर शहर में सबसे बड़ा दिवाली समारोह आयोजित होता है। इस समारोह में हजारों लोग भाग लेते हैं। -दिवाली का त्योहार अलग-अलग देशों में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है। नेपाल में लोग दिवाली के त्योहार को तिहाड़ या स्वंती के रूप में मनाते हैं। मलेशिया में लोग अस्वायुजा महीने में दिवाली को हरि दिवाली के रूप में मनाते हैं। थाईलैंड में लोग दिवाली के त्योहार को लम क्रियाओंघ के रूप में मनाते हैं, वे पटाखे फोड़ने से बचते हैं और इसके बजाय केले के पत्तों से बने दीपक जलाते हैं। -भारत के अलग-अलग राज्यों में भी दिवाली को अलग-अलग रूप में मनाया जाता है। गोवा में दिवाली को राक्षस नरकासुर पर भगवान कृष्ण की जीत के रूप में मनाया जाता है। पश्चिम बंगाल के लोग इस त्योहारों को काली पूजा के रूप में मनाते हैं। -कुछ लोग दीपावली को एक नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के रूप में भी मानते हैं। -दिवाली के दिन मिट्टी के दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है। मिट्टी का दीपक पंचतत्वों से मिलकर बनाता है जो घर और आसपास के वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। ऋग्वेद के अनुसार दीपक में देवताओं का तेज रहता है, इसकी रोशनी से यश और प्रसिद्धि प्राप्त होती है। सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
इस साल 12 नवंबर को दीपावली है। हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक माह की अमावस्या तिथि पर पूरे देशभर में दिवाली का पर्व बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। दिवाली पर लक्ष्मी पूजन का विशेष महत्व होता है। दिवाली की तैयारियां कई दिनों पहले से होने लगती है। दिवाली पर पूरे घर को दीयों और रंगबिरंगी लाइटों से सजाया जाता है। हर वर्ष दीपोत्सव का पर्व 5 दिनों तक मनाया जाता है। धनतरेस से दिवाली का त्योहार शुरू हो जाता है और फिर इसके बाद नरक चतुर्दशी जिसे छोटी दिवाली भी कहते हैं मनाया जाता है। इसके बाद दिवाली फिर अगले दिन गोवर्धन पूजा और आखिरी दिन भाई दूज का त्योहार आता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र की गणना के मुताबिक इस साल दीपावली बहुत ही खास रहेगी, क्योंकि कई दशकों के बाद दिवाली पर एक साथ कई शुभ योग और राजयोग का निर्माण हुआ है। दिवाली का त्योहार कार्तिक माह के अमावस्या तिथि पर मनाने का विधान होता है। दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजन का काफी महत्व होता है। दिवाली पर लक्ष्मी पूजा के लिए प्रदोष काल का समय सबसे अच्छा माना जाता है। दिवाली पर अमावस्या तिथि 12 नवंबर को दोपहर करीब 2 बजकर 30 मिनट पर शुरू हो जाएगी। वैदिक ज्योतिष शास्त्र की गणना के मुताबिक दिवाली की शाम के समय जब लक्ष्मी पूजा होगी उसी दौरान 5 राजयोग का निर्माण भी होगा। इसके अलावा आयुष्मान, सौभाग्य और महालक्ष्मी योग भी बनेगा। इस तरह से दिवाली 8 शुभ योगों में मनाई जाएगी।ज्योतिषाचार्यो का मनाना है कि दीपावली पर इस तरह का शुभ योग कई दशकों के बाद बना है। ऐसे में इस शुभ योग में दिवाली सभी के लिए सुख-समृद्धि और मंगलकामना साबित होगी। इस साल दिवाली पर एक साथ 5 राजयोग देखने को मिलेगा। ये 5 राजयोग गजकेसरी, हर्ष, उभयचरी, काहल और दुर्धरा नाम के होंगे। इन राजयोगों का निर्माण शुक्र, बुध, चंद्रमा और गुरु ग्रह स्थितियों के कारण बनेंगे। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गजकेसरी योग को बहुत ही शुभ माना जाता है। यह योग मान-सम्मान और लाभ देने वाला साबित होता है। वहीं हर्ष योग धन में वृद्धि और यश दिलाता है। जबकि बाकी काहल ,उभयचरी और दुर्धरा योग शुभता और शांति दिलाता है। वहीं कई सालों बाद दिवाली पर दुर्लभ संयोग भी देखने को मिलेगा जब शनि अपनी स्वयं की राशि कुंभ में विराजमान होकर शश महापुरुष राजयोग का निर्माण करेंगे। इसके अलावा दिवाली पर आयुष्मान और सौभाग्य योग का निर्माण भी होगा। इस वर्ष छोटी और बड़ी दिवाली दोनों ही एक दिन यानी 12 नवंबर को ही मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार 12 नवंबर को सुबह तक रूप चौदस रहेगी फिर दोपहर ढाई बजे के बाद कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि शुरू हो जाएगी। शास्त्रों के अनुसार दिवाली पर लक्ष्मी पूजन हमेशा अमावस्या की रात को होती है। इस वजह से दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश की पूजा 12 नवंबर को रात को होगी। अमावस्या तिथि 13 नवंबर को दोपहर 3 बजे तक ही रहेगी। कार्तिक माह की अमावस्या तिथि पर दिवाली का त्योहार मनाया जाता है। इस बार कार्तिक महीने की अमावस्या तिथि 12 और 13 नवंबर दोनों ही दिन रहेगी, लेकिन दिवाली का त्योहार 12 नवंबर को ही मनाया जाएगा। 12 नवंबर को दोपहर अमावस्या तिथि शुरू हो जाएगी ऐसे में रविवार की रात को ही लक्ष्मी पूजन के साथ दिवाली का त्योहार मनाया जाएगा। दरअसल हिंदू धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि दिवाली पर लक्ष्मी पूजा हमेशा ही अमावस्या तिथि और प्रदोष काल के संयोग में ही करना चाहिए। इस कारण से 12 नवंबर को ही शुभ दीपावली मनाई जाएगी।
-इस समय पूजा करने से होगी धन की वर्षा पंच-पर्व दीपावली का पहला पर्व धनतेरस इस बार पराक्रम योग के साथ 10 नवंबर को मनाया जाएगा। इस दिन शुक्र प्रदोष भी रहेगा, जिस कारण से शुक्र प्रदोष और धन त्रयोदशी का महासंयोग बन रहा है। साथ ही विष कुंभ योग भी है। त्रयोदशी तिथि 10 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 36 मिनट से शुरू होकर अगले दिन 11 नवंबर को दोपहर 1 बजकर 58 तक रहेगी। यदि प्रदोष काल, स्थिर लग्न यानि वृषभ लग्न के दौरान धनतेरस पूजा की जाये तो लक्ष्मीजी घर में ठहर जाती है। यह है धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त इस दिन प्रदोष काल- शाम 5 बजकर 46 मिनट से रात 8 बजकर 25 मिनट तक है। वहीं वृषभ लग्न का मुहूर्त- शाम 6 बजकर 8 मिनट से रात्रि 8 बजकर 5 मिनट तक है। दीपदान के लिए मुहूर्त सांय 5 बजकर 46 मिनट से लेकर रात्रि 8 बजकर 26 मिनट तक का समय शुभ है। कब करें खरीदारी इस बार खरीददारी के लिए धनतेरस पर दोपहर से शाम तक शुभ समय रहेगा। विशेषकर दोपहर 12 बजकर 56 मिनट से 2 बजकर 6 मिनट तक और फिर शाम 4 बजकर 16 मिनट से 5 बजकर 26 मिनट तक श्रेष्ठ समय रहेगा। धनतेरस के दिन जरूर करें ये काम मान्यता है कि आज के दिन समुद्र मंथन के समय भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए, इसलिए आज के दिन बर्तन खरीदने की परंपरा चली आ रही है। बर्तन खरीदारी के बाद यदि दुकानदार आपके खरीदे हुए बर्तनों में 1, 2 या 5 का सिक्का अपनी ओर से भेंट स्वरूप डाले दें तो उसका चमत्कारिक असर होता है। जब आप धनतेरस के दिन बर्तन खरीद लें और उस बर्तन का पैसा चुकाने के बाद दुकानदार को कहें कि अपनी ओर से जितनी उसकी इच्छा हो एक सिक्का उस बर्तन में भेंट स्वरूप रख दें। यह सिक्का दुकानदार से आप हाथ में नहीं लें, बल्कि स्वयं दुकानदार ही आपके खरीदे गए बर्तन में डाले। फिर इस बर्तन को घर ले आएं और घर लाकर इस बर्तन में खीर अथवा मिठाई रखकर सबसे पहले भगवान कुबेर को अर्पित कर दीजिए। यह उपाय किस्मत बदलने और सभी दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदलने का काम करता है। यमराज के लिए करें दीपदान धनतेरस पर यमराज के निमित्त दीपदान किया जाता है। यमराज के निमित दीपदान करने से अकाल मृत्यु नहीं होती। इसके लिए संध्याकाल के समय आप आटे का चौमुखी तेल का दीपक बनाकर उसे अपने घर के मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा की तरफ लगाये, साथ ही उसमें थोड़ी सरसों, कालीमिर्च और लौंग डाल दें. इसी के साथ ही आप दीपदान अवष्य करें। इसके लिए आप 13 ही दीपक घर के अंदर प्रज्जवलित कर सजाएं। इस दिन किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दीपक, रूई, तेल, माचिस दान देते हैं तो यम देवता प्रसन्न होंगे और आपके जीवन से अकाल मृत्यु का भय भी समाप्त हो जाएगा और मां लक्ष्मी की कृपा आप पर सदैव बनी रहेगी। यह एक जरूरी काम करना ना भूलें लक्ष्मी प्राप्ति कल्पों में से एक बहुत ही जरूरी सामग्री है झाड़ू। धनतेरस तथा दीपावली के दिन झाडू खरीदने की परंपरा सदियों पुरानी है। इस दिन नई झाड़ू को खरीदकर उसका पूजन करें और इसे खरीदते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि यह विषम संख्या में खरीदा जाएं यानि 1, 3, 5 और 7 इस तरीके से झाड़ू खरीदना सौभाग्यदायक माना जाता है। दीपावली की रात्रि में लक्ष्मी पूजन के बाद कुमकुमम तथा चावल से इस झाड़ू का भी पूजन करें और उस पर पांच बार मोली लपेट दें और किसी स्वच्छ स्थान पर रख दें। फिर अगले दिन से उसे उपयोग में लें। ऐसा करने से मां लक्ष्मी की कृपा के साथ-साथ घर की सारी नेगेटिव एनर्जी भी दूर हो जाएगी।
दिवाली की धूम आपको घरों से लेकर बाजारों तक में दिखाई देने लगी है। लोगों ने अपने-अपने घरों को बेहद ही खूबसूरत तरह से सजा लिया है। इसके साथ ही हर कोई त्योहार के हिसाब से नए-नए कपड़े खरीदने में लगा है। दिवाली के इस महापर्व पर जिस तरह से नए-नए कपड़े खरीदने की परंपरा है, ठीक उसी तरह इस दिन घरों में तरह-तरह के पकवान बनते हैं। वैसे तो सभी के घरों में पूजी कचौड़ी और सब्जी बनती है, लेकिन अगर आप कुछ अलग बनाकर अपने परिवार को इंप्रेस करना चाह रहीं है तो ये लेख आपके लिए है। दरअसल, आज के लेख में हम आपको कुछ ऐसे पकवानों के बारे में बताएंगे, जिसे बच्चे से लेकर बड़े तक सभी मन से खाते हैं। हर कोई ये खाकर आपसे इंप्रेस होगा और दिवाली के दिन आपके घर में खुशियां ही खुशियां होंगी। छोले भटूरे यह एक ऐसा पकवान है, जो त्योहार के हिसाब से परफेक्ट है। इसके लिए आपको बस छोले पहले से बनाकर तैयार कर देने हैं और जब कोई खाना खाए उसे गर्मागर्म भटूरे बना कर देने हैं। इसके साथ सलाद जरूर परोसें। खस्ता सब्जी उत्तर भारत का ये बेहद ही प्रिय नाश्ता है। इसके लिए आपको कुछ ज्यादा मेहनत की जरूरत नहीं पड़ेगी। खस्ता को पहले से सेक कर रखना है और फिर बस गर्मागर्म सब्जी उसके ऊपर डालनी है। इडली सांभर अगर आपके घर वाले कुछ हल्का खाना चाहते हैं, तो इडली सांभर एक बेहतर ऑप्शन है। इडली को आप पहले से बनाकर तैयार करें। गर्म सांभर के साथ इसका स्वाद भी कई गुना बढ़ जाएगा। वेज बिरयानी अगर आप पहले से कुछ बनाकर तैयार करके रखना चाहती हैं तो वेज बिरयानी बनाकर आराम से तैयार करके रख लीजिए। इसे रायते के साथ परोस कर आप अपने घर वालों का दिल जीत सकती हैं। पकौड़े अगर आप चाहें तो घर पर ही मिक्स पकौड़े तैयार करा सकती हैं। ये खाने में भी काफी स्वादिष्ट लगते हैं। आप इसे चटनी के साथ परोस सकती हैं
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज यहां बालिका आश्रम टूटीकंडी तथा सर्वोदय बाल आश्रम में दीवाली के उपलक्ष्य में यहां रहने वाले बच्चों को बधाई दी तथा मिठाई का वितरण किया। इस अवसर पर लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल भी उनके साथ उपस्थित थीं। अपने संबोधन में राज्यपाल ने छात्राओं से आत्मबल बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि आपस में मिलजुल कर रहें तथा अपने जीवन को आदर्श बनाएं। उन्होंने कहा कि वे व्यक्तित्व विकास के साथ ही समाज व राष्ट्र निर्माण में योगदान के लिए आगे बढ़ें। उन्होंने इन दोनों आवासीय संस्थाओं में प्रदत्त की जा रही सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया। इस अवसर पर संस्थान के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए।
-दीपावली की बधाई के साथ सामाजिक कार्यों की दी प्रेरणा -होटल होलीडे होम में हिमाचली संस्कृति के साथ किया कार्यक्रम शिमला के संगिनी ग्रुप द्वारा महिला सशक्तिकरण का संदेश देते हुए दीपावली के शुभ अवसर के उपलक्ष्य पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संगिनी ग्रुप की प्रतिभा बाली व किरण बाबा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में शिमला की पूर्व मेयर मधु सूद व सामाजिक कार्यकर्ता रूपा शर्मा ने विशेष अतिथि के रूप में भाग लिया । इस कार्यक्रम में हिमाचली संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए महिलाओं को प्रेरित किया गया। वहीं, सामाजिक कार्यों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बड़े इसके लिए विशेष रूप से आग्रह किया गया। दीपावली का पर्व सुरक्षा व स्वच्छ पर्यावरण के साथ मनाया जाए इसका संदेश दिया गया। वहीं, महिलाओं ने वर्तमान पीढ़ी को नशे से दूर रहने का भी संदेश दिया। शिमला की पूर्व मेयर मधुसूद ने महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया और कहा कि निरंतर इस प्रकार के आयोजन होने चाहिए, जिससे हिमाचली संस्कृति परिवारों में आगे बढ़े, नैतिकता की शिक्षा मिले, सुख-दुख में एक दूसरे के भागीदार बने वही अलग-अलग क्षेत्र में सफलता से कार्य कर रही महिलाओं की पहचान भी बनाने में हम सब मददगार बने। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता रूपा शर्मा ने कहा कि समाज में सामाजिक कार्यों में महिलाओं की लगातार भागीदारी बढ़ रही है,उन्होंने कहा की महिलाएं समाज परिवर्तन का काम कर रही है, हर क्षेत्र में महिला आगे बड़ी है। उन्होंने कहा कि यह एक बेहतर आयोजन संगिनी ग्रुप द्वारा किया गया है, सभी को इसके लिए बहुत-बहुत बधाई ,भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजन हो और बढ़चढ़कर कर महिलाएं इसमें भाग वहीं हम देवभूमि की संस्कृति को भी आगे बढ़ाएं।
-उप मुख्यमंत्री ने हरोली में किए 43 करोड़ 20 लाख के शिलान्यास व लोकार्पण -बोले, प्रदेश के विकास में आड़े नहीं आने देंगे धन की कमी हिमाचल प्रदेश का संपूर्ण एवं संतुलित विकास प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसे धरातल पर उतारने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा अनेक योजनाएं व कार्यक्रम आरंभ किए गए हैं। यह बात उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने हरोली विधानसभा क्षेत्र में 43 करोड़ 20 लाख के विभिन्न 22 विकास कार्यों के शिलान्यास व लोकार्पण के अवसर पर मीडिया को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने ने बताया कि आज 33.56 करोड़ के विभिन्न विकासात्मक कार्यों के शिलान्यास तथा 9.64 करोड़ के विकास कार्यों के लोकार्पण किए गए हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विकास कार्यों के लिए धन की कमी को आड़े नहीं आने दिया जाएगा तथा शुरू किए जा रहे प्रत्येक विकास कार्य को न्यूनतम निर्धारित समयावधि में पूरा करना सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने जल शक्ति विभाग, लोक निर्माण विभाग तथा परिवहन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शुरू किए गए कार्यों की गति के अलावा गुणवत्ता का भी खास ख्याल रखें। उन्होंने कहा कि हरोली विधानसभा क्षेत्र निर्णायक विकास की ओर अग्रसर है तथा यहां पर सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल जल तथा सिंचाई के क्षेत्र में परियोजनाओं का सुनियोजित ढंग से निर्माण किया जा रहा है ताकि क्षेत्र की वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओ के अलावा भावी पीढ़ियों के लिए भी इनका लाभ सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने जानकारी दी कि हरोली विधानसभा क्षेत्र में स्थापित किए जा रहे बल्क ड्रग पार्क में पेयजल जल उपलब्ध करवाने के लिए 32 करोड रुपए, सड़क निर्माण के लिए 40 करोड रुपए तथा विद्युत आपूर्ति उपलब्ध करवाने के लिए लगभग 15 करोड रुपए खर्च किए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि भाखड़ा - जमालपुर विद्युत लाइन को हरोली से जोड़ा जा रहा है। इसके अलावा बल्क ड्रग पार्क की विद्युत संबंधी आवश्यकताओं के मध्य नजर नैहरियां से पेखूबेला तथा पोलियां तक 95 करोड़ की लागत से विद्युत लाइन बनाई जा रही है। इसके अतिरिक्त 31 करोड रुपए की लागत से टाहलीवाल में एक नया विद्युत उपकेंद्र स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन सभी विद्युत परियोजनाओं के पूर्ण होने पर इस क्षेत्र में आने वाले कई दशकों के लिए विद्युत संबंधी आवश्यकताएं पूर्ण हो जाएंगी। मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि जिला ऊना में एशियन विकास बैंक के माध्यम से 19 पेयजल योजनाएं निर्माणाधीन हैं जिन पर 139 करोड रुपए खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने एशियन विकास बैंक के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जिला में एडीबी की सभी परियोजनाओं को मई 2024 तक तथा बालीआल व नगनोली में निर्माणाधीन परियोजनाओं को आगामी 1 माह के भीतर पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि हरोली में लगभग 7 करोड रुपए की लागत से बनाया जा रहे बस अड्डे का निर्माण कार्य एक वर्ष के भीतर पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सबसे लम्बे रामपुर-हरोली पुल को पर्यटकों की सुविधा के दृष्टिगत विकसित किया जा रहा है तथा यहां पर आने वाले लोगों सुरक्षा व सुविधाओं में इजाफा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रामपुर-हरोली पुल पर सुरक्षा के दृष्टिगत सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जा रहे हैं। जबकि लोगों की सुविधा के लिए प्याऊ तथा रैंन शैल्टर यहां बनकर तैयार हो गए हैं।
हिमाचल प्रदेश विवि में बीएड प्रथम सत्र के प्रशिक्षुओं के लिए इंडक्शन कार्यक्रम के तृतीय दिवस पर डॉ. किरन लता डंगवाल, सह आचार्य शिक्षा लखनऊ विश्वविद्यालय मुख्य वक्ता रहीं। किरन लता ने भविष्य के लिए शिक्षा को नया स्वरूप देना विषय पर ऑनलाइन व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी की शिक्षा सबसे असाधारण चुनौतियों का सामना कर रही है। तकनीकी शिक्षकों को व्यक्तिगत छात्रों की जरूरतों को पूरा करने के लिए निर्देश तैयार करने के नए तरीके प्रदान करती है। डॉ. कनिका हांडा, सहायक आचार्य ने संयोजक की भूमिका का निर्वहन किया। द्वितीय तकनीकी सत्र के वक्ता डॉ. राकेश कुमार रहे। उन्होंने भारत में शिक्षा व्यवस्था के विकासात्मक चरणों की उदाहरण सहित व्याख्या की। विभाग के शोधार्थी ललित कुमार ने विभागीय गतिविधियों और विस्तार गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा की। अंतिम तकनीकी सत्र की अध्यक्षता डॉ. चमन लाल बंगा ने की। उन्होंने डिजिटल शिक्षा नवोन्मेषी शिक्षाशास्त्र के लिए मार्गदर्शिका पर अपना व्याख्यान दिया एवं बीएड प्रशिक्षुओं से पृष्ठपोषण प्राप्त किया।
-मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा रहे मुख्य अतिथि यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (यूआईटी) शिमला का वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव 'उत्कर्ष-2023' का आज यहां शुभारंभ हुआ। उत्सव के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा ने विद्यार्थियों को किया संबोधित किया, उन्होंने अपने जीवन के अनुभव और संघर्ष को साझा किया और छात्रों को प्रेरित करने के लिए गौतम बुद्ध और स्वामी विवेकानंद का उदाहरण दिया। उन्होंने आगे कहा कि यूआईटी को विभिन्न गतिविधियों के लिए एक अलग खेल का मैदान और स्थान मिलेगा क्योंकि खेल किसी के व्यक्तित्व के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का उदाहरण दिया उन्होंने कहा कि किसी की विनम्र पृष्ठभूमि जीवन में सफलता की राह में कभी बाधा नहीं बननी चाहिए। प्रो. राजिंदर वर्मा, प्रति-कुलपति ने तकनीकी कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए बधाई दी और सांस्कृतिक उत्सव के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि विश्वविद्यालय बुनियादी ढांचे के विकास और अलग छात्रावास की आवश्यकता के लिए यूआईटी को सभी आवश्यक सहायता प्रदान करेगा। इससे पहले निदेशक यूआईटी प्रोफेसर एजे सिंह ने सभी गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। अपने संबोधन में सभी छात्रों को न केवल शैक्षणिक बल्कि सह-पाठ्यचर्या संबंधी गतिविधियों में भी उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने राष्ट्र के निर्माण में इंजीनियरों की महत्वपूर्ण भूमिका और समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित किया।
दिवाली पर बीस फीसदी तक बढ़ाए डिपुओं में मिलने वाले राशन के दाम नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान सरकार को आम लोगों से कोई सरोकार नहीं रह गया है। सरकार नारा 'सुख की सरकार' का देती है और काम सारे 'दुख की सरकार' के करती है। दीवाली के समय में सरकार ने प्रदेश के डिपुओं पर मिलने वाली खाद्य सामग्रियों के दाम में लगभग बीस फ़ीसदी तक की बढ़ोतरी कर दी है। ऐसे में आपदा की मार झेल रहे प्रदेशवासी क्या करेंगे। उन्होंने कहा कि त्यौहारों में सरकार लोगों को तोहफ़े देती है जिससे लोग अच्छे से त्यौहार मना सके। लेकिन कांग्रेस सरकार प्रदेश के लोगों पर महंगाई का बोझ डालने का कोई भी अवसर नहीं छोड़ती है। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह कोई पहला अवसर नहीं है जब कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के लोगों पर महंगाई का बोझ डाला है। इसकी शुरुआत सरकार बनते ही शुरू हो गई थी। लोगों से महंगाई कम करने का वादा करके सत्ता में आई कांग्रेस ने सत्ता सम्भालते ही डीज़ल का वैट बढ़ाकर अपने चुनावी वादे के उलटा चलना शुरू कर दिया था और आज भी उसी रास्ते पर चल रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने 'प्रधानमंत्री अन्न कल्याण योजनाÓ के माध्यम से देश भर में अस्सी करोड़ से ज़्यादा लोगों को नि:शुल्क अन्न उपलब्ध करवा रही हैं। पिछले हफ़्ते प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस योजना को अगले पांच साल के लिए बढ़ा दिया है। दूसरी तरफ़ राज्य सरकार है आये दिन डिपुओं में मिलने वाले सामानों में कटौती कर रही है और जो मिल रहा है उनके दाम बढ़ा रही है। आपदा से जूझ रहे प्रदेश के लोगों के लिए सरकार द्वारा लिए गए ऐसे निर्णय किसी भी हाल में सही नहीं कहे जा सकते हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार ने कहा कि डिपुओं में मिलने वाली उड़द की दाल के दाम 59 रुपए से बढ़ाकर 63 रुपए कर दिए, एपीएल को दी जाने वाली मलका की दाल के दाम 63 से बढ़ाकर 73 रुपए कर दिए। इसी तरह रिफ़ाइंड तेल के दाम बढ़ाकर 104 रुपए से बढ़ाकर 114 रुपये कर दिए। दीवाली के समय में इस तरह से खाने पीने की चीजों के बेतहाशा दाम बढ़ाकर प्रदेश के लोगों को परेशान करना, सरकार के निरंकुश होने का प्रमाण है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार का काम लोगों को राहत देने का है, जिससे लोगों की समस्याएं कम हो, बढ़े नहीं। लेकिन वर्तमान सरकार के सभी काम लोगों की समस्याओं को बढ़ाने वाले होते हैं। व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर प्रदेश के लोगों को परेशान करने का काम वर्तमान सरकार कर रही है। लगभग एक साल के कार्यकाल में ही यह सरकार पूरी तरह से फेल हो गई है। लोग आज सड़कों पर हैं। सरकार ने प्रदेश के लोगों से किए गए किसी भी वादे को पूरा नहीं किया है। प्रदेश में पहली बार ऐसी सरकार है जो सिफ़र् झूठ बोल कर सरकार में आई और झूठ बोलकर ही उसे चलाना चाह रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह नहीं हो पाएगा अब प्रदेश के लोगों ने कांग्रेस को सबक़ सिखाने का मन बना लिया है।
-किन्नौर के श्यासो में बना 76 हजार लीटर की क्षमता वाला वाटर स्टोरेज टैंक -स्थानीय जनता ने श्रमदान से भी दिया निर्माण कार्य में सहयोग प्रदेश के शीत मरूस्थल क्षेत्रों में हरियाली लाने के लिए जाइका परियोजना की पहल का परिणाम सामने आने लगा है। ऐसे में जाहिर है कि जाइका प्रोजेक्ट से शीत मरूस्थल में हरियाली आने लगी है। जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी यानी जाइका वानिकी परियोजना के तहत जिला किन्नौर के श्यासो गांव में 76 हजार लीटर की क्षमता वाला सिंचाई जल भंडारण टैंक तैयार किया गया। इस कठिन एवं शीत भौगोलिक परिस्थिति के दायरे में आने वाले इस गांव की जनता के जज्बे को भी सलाम करना होगा। यह इसलिए कि वहां की जनता ने श्रमदान के माध्यम से एक लाख के अतिरिक्त बजट को कवर किया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक जाइका प्राजेक्ट के तहत 76 हजार लीटर वाटर स्टोरेज टैंक निर्माण कार्य पूरा करने के लिए 6 लाख रुपये का खर्चा आया। जाइका की ओर से 5 लाख का बजट दिया गया और एक लाख का काम वहां के स्थानीय लोगों ने श्रमदान के माध्यम से किया। ऐसे में अब इस क्षेत्र में जल भंडारण टैंक के होने से पौधरोपन के बाद उन्हें सींचने में पानी की कमी नहीं सताएगी। इसके साथ-साथ इस वाटर स्टोरेज टैंक का लाभ वहां के लोगों की भूमि सुधार में भी मिलेगा। यही नहीं, बल्कि यहां कृषि योग्य भूिम पर कृषि भी हो पाएगी। जाइका प्रोजेक्ट के माध्यम से जल भंडारण टैंक बना तो लोगों ने खेतों तक सिंचाई जल की सप्लाई के लिए कुहलों का निर्माण भी कर दिखाया। इस परियोजना के तहत वहां की महिलाओं की आर्थिकी के सुधार के लिए स्वयं सहयाता समूह का गठन कर प्रशिक्षण का आयोजन एवं मशीनरी खरीदने में आर्थिक सहायता प्रदान कर रहा है। बता दें कि इस गाव में इससे पहले सिंचाई के लिए इस तरह की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। जाइका परियोजना ने यहां टैंक निर्माण कर किसान एवं बागवानों को बेहतर सुविधा दी। हाल ही में हमारी टीम ने जिला किन्नौर के श्यासो गांव में निर्मित 76 हजार लीटर की क्षमता के जल भंडारण टैंक का निरीक्षण किया। जाइका परियोजना के तहत क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों से यहां के लोगों में काफी उत्साह है, जाइका परियोजना से लोगों को लाभ मिल रहा है। दूरदराज गांव श्यासो में वाटर स्टोरेज टैंक होने से यहां के किसान एवं बागवानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा मिलेगी। बागवानों को मिली सिंचाई की बेहतर सुविधा जाइका वानिकी परियोजना के तहत जिला किन्नौर के श्यासो गांव में निर्मित जल भंडारण टैंक से अब वहां के किसान एवं बागवानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा भी मिल रही है। गौरतलब है कि किन्नौर का श्यासो गांव काफी दुर्गम है और यहां बारिश न होने के कारण किसान एवं बागवानों को सिंचाई में काफी दिक्कतें आती हैं। हालांकि यहां कृषि एवं बागवानी लोगों की आर्थिकी का मुख्य साधन है, लेकिन सिंचाई के पानी की कमी के चलते लोगों को काफी परेशानियां होती थी। मगर जब से जाइका प्रोजेक्ट से यहां 76 हजार लीटर की क्षमता का टैंक तैयार किया उसके बाद यहां के किसान एवं बागवानों की तकदीर बदलने लगी है।


















































