प्रदेश में पिछले 48 घंटे से लगातार हो रही भारी बारिश से जन-जीवन व्यापक तौर पर प्रभावित हुआ है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू राहत एवं बचाव कार्यो की स्वयं निगरानी कर रहे हैं और प्रदेश तथा जिला प्रशासन के साथ निरन्तर सम्पर्क में हैं ताकि आपातकाल की स्थिति में लोगों को समय पर मदद पहुंचाई जा सके। रविवार को देर सायं मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों से बात की और संबंधित जिलों में हुए नुकसान का जायजा लिया तथा प्रभावितों को तुरन्त मदद पहुंचाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने तड़के सुबह चार बजे तक विभिन्न स्थानों में फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए बचाव कार्यों पर नज़र बनाए रखी और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहे। सुखविंदर सिंह सुक्खू से हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी रविवार देर शाम फोन पर बात की और भारी बारिश के कारण प्रदेश के विभिन्न भागों में फंसे हरियाणा के लोगों को सहायता उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने मनोहर लाल खट्टर को आश्वस्त किया कि वह निजी तौर पर इस मामले को देखेंगे। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को इस संबंध में तत्काल आवश्यक कदम उठाने के दिशा-निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने मंडी जिला के नगवाईं में फंसे छह लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए चलाए गए बचाव अभियान पर भी नज़र बनाए रखी। इन सभी छह लोगों को देर रात लगभग दो बजे सुरक्षित निकाल लिया गया। मुख्यमंत्री ने बचाव दल और स्थानीय प्रशासन के प्रयासों की सराहना भी की। सुखविंदर सिंह सुक्खू मनाली के आलू ग्राउंड में फंसे 29 लोगों और लाहौल स्थित चंद्रताल झील के पास फंसे लगभग दो सौ पर्यटकों के बारे में भी पल-पल की जानकारी लेते रहे। मनाली में फंसे 29 लोगों को आज सुबह आठ बजे सुरक्षित निकाल लिया गया। मुख्यमंत्री ने चंद्रताल झील के पास फंसे पर्यटकों के लिए खाने-पीने की सामग्री, दवाएं और अन्य आवश्यक सामान भेजने के निर्देश दिए और जिला प्रशासन से उनके बारे में पल-पल की जानकारी लेते रहे, ताकि समय पर राहत एवं बचाव कार्यों का संचालन किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य प्रशासन को विभिन्न स्थानों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हरसंभव कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि वह स्थानीय प्रशासन और जन प्रतिनिधियों के लगातार सम्पर्क में हैं और व्यक्तिगत रूप से स्थिति का जायजा ले रहे हैं। आपदा की इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार सभी लोगों के साथ हैं। उन्होंने लोगों से अनावश्यक यात्राओं से बचने और नदी-नालों के नजदीक न जाने की अपील भी की है।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल से बात कर प्रदेश में भारी बारिश के कारण हुए नुकसान के बारे में जानकारी ली। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश की वजह से पैदा हुए हालात और लोगों की परेशानी को देखते हुए नड्डा ने पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को आगे बढ़कर प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद का निर्देश दिया है। इसके लिए हिमाचल प्रदेश भाजपा ने सूचना एवं सहायता हेतु दो नंबर 9317221289 और 8580616570 भी जारी किया है जिस पर संपर्क किया जा सकता है। भाजपा ने लोगों से मदद के लिये जारी किए नंबर पर संपर्क करने का आग्रह किया है। साथ ही, सभी मंडल अध्यक्षों एवं जिला अध्यक्षों को भी इस नंबरों पर संपर्क करने के आदेश जारी किए, ताकि लोगों को अविलंब मदद पहुंचाने के लिए मदद की जा सके।
भारी बारिश से सड़कें बंद होने से प्रदेश भर में एचआरटीसी के 1007 रूट बंद हो गए हैं। वहीं, अलग-अलग क्षेत्रों में निगम की 452 बसें फंसी हुई हैं। इसके अलावा हिमाचल से बाहर भी कई बसें फंसी हुई हंै। एचआरटीसी प्रबंधन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार प्रदेश में नाहन यूनिट की एक बस देहरादून पांवटा सड़क पर फंसी हुई है। वहीं एक बस सुंदरनगर यूनिट की सहारनपुर अंबाला के बीच फंस गई है। एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर ने बताया कि मंडी का धर्मपुर डिपो सुरक्षित है। सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है, वीडिया 2015 का है। उन्होंने बताया कि रामपुर-रिकांगपिओ बस रूट बंद है। इसके कारण रिकांगपिओ में स्थानीय बसों का संचालन बंद हो गया है। रामपुर से रोहड़ू के रूट भी भूस्खलन के कारण बंद है। शिमला शहर के अंदर एचआरटीसी बसों की आवाजाही जारी है, लेकिन शहर के साथ लगते कई क्षेत्रों में बसों की आवाजाही बंद है। नाहन में मुख्य सडक़े अलावा सभी लिंक रूट बंद है। इसी तरह सोलन में भी मुख्य सडक़ के अलावा लिंक रूट बंद है। चंबा में एचआरटीसी की सभी बस सेवाएं प्रभावित है। कुल्लू जिला के भी सभी रूट बंद है। धर्मशाला डिपो के लोकल रूट बंद है। हमीरपुर में मुख्य रूट बहाल हैं, लेकिन लिंक रूट बंद है।
हिमाचल में तीन दिन से जारी बारिश प्रदेश को गहरे जख्म दे रही है। अब तक करीब 15 लोगों को यह बेरहम बरसात लील गई है। बरसात के कारण कई जगह लोगों के घर और अन्य भवन जमींदोज हो गए हैं तो कहीं पानी अपने साथ लोगों के आशियाने बहाकर ले गया है। मूसलाधार बारिश के चलते भूस्खलन, बादल फटने, घर ध्वस्त होने, पेड़ और बिजली गिरने से करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। 6 नेशनल हाईवे समेत 828 सड़कें यातायात के लिए अवरुद्ध हैं। 4686 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हैं। सबसे ज्यादा नुकसान कुल्लू और मंडी जिले में हुआ है। मनाली में चार लोग बहने से लापता हैं। वहीं, दो-तीन वोल्वो बसों के बहने की सूचना है। अखाड़ा बाजार में बैली ब्रिज को भारी नुकसान हुआ है। आवाजाही बंद कर दी गई है। मंडी में ब्यास नदी के उफान में 40 साल पुराना पुल बह गया है। जिला ऊना के उपमंडल बंगाणा क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में रविवार देर रात तथा सोमवार सुबह को लगातार हो रही बारिश से यातायात प्रभावित है। वहीं कुछ स्थानों पर रिहायशी मकान तथा गोशालाएं गिर गई हैं। रौद्र रूप दिखा रही ब्यास बारिश से ब्यास नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। नदी के तटीय इलाकों में भारी नुकसान हुआ है। ब्यास किनारे कई घर व होटल बह गए हैं। वहीं पार्वती व तीर्थन नदी व अन्य नदी नालों में बाढ़ जैसे हालात हैं। नदी किनारे बसें गांवों व घरों में पानी घुस गया है। लाहौल के तेलिंग नाला में तीन दिन से फंसे हैं 50 लोग जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में बारिश ने तबाही मचा दी है। मनाली-लेह मार्ग के बीच आने वाले तेलिंग व पागलनाला में बाढ़ आने से सड़क मार्ग बंद है। यहां एचआरटीसी की चार बसों के साथ कुछ छोटे वाहन भी फंसे हैं। बसों में सवार करीब 50 लोग तीन दिनों से भूखे प्यासे हैं। इसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। स्थानीय प्रशासन ने कोई भी मदद नहीं की है। किन्नौर की भावा खड्ड में तीन मकान बहे किन्नौर जिले की भावा खड्ड में रविवार रात बाढ़ आने से तीन मकान बह गए हैं, जबकि दो मकानों को आंशिक रूप से नुकसान हुआ है। एक टिप्पर, एक पिकअप और एक कार बाढ़ मे बह गई है। कई सेब के बागीचों को भी नुकसान पहुंचा है। वहीं भावा खड्ड पर बने पैदल पुल भी बाढ़ की चपेट में आने से बह गए हैं। जबकि कई मकान खतरे की जद में हैं। ऊना आने वाली सभी ट्रेनें रद्द ऊना आने वाली सभी ट्रेनें आज भी रद्द रहेंगी। बारिश की वजह से रेल सेवा पर सबसे बुरा असर पड़ा है। वंदे भारत, जनशताब्दी, हिमाचल एक्सप्रेस सहित पेसेंजर ट्रेने भी नहीं चलेंगी। ऊना, अंब, अंदौरा व दौलतपुर चौक रेलवे स्टेशन भी खाली पड़ हैं। ऊना में कुल नौ ट्रेने अवगमन करतीं हैं। सीएम ने की राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बारिश से हुई तबाही को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है। सीएम सुक्खू रात भर मंडी, कुल्लू, सोलन जिलों में हो रही तबाही की जानकारी लेते रहे। फंसे हुए लोगों को सकुशल निकालने के लिए जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश में फोरलेन निर्माण के दौरान मलबे के ढेर अब बर्दाश्त नहीं होंगे। एनएचएआई ने निर्माता कंपनी को सख्त निर्देश दिए हैं। चिन्हित जगह से बाहर कंपनियां मलबा फेंकती हैं, तो उन्हें ब्लैक लिस्ट किया जा सकता है। एनएचएआई ने बरसात को देखते हुए यह कदम उठाए हैं। जगह-जगह मलबा फेंकने की वजह से सडक़ से निचले क्षेत्रों में बाढ़ आने के हालात बने हुए हैं। इन्हें देखते हुए यह निर्देश जारी किए हैं। एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी अब्दुल बासित ने बताया कि फोरलेन पर मलबे के ढेर अब बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। प्रदेश में कालका-शिमला, शिमला-मटौर, कीरतपुर-मनाली, पठानकोट मंडी और पिंजौर-नालागढ़ समेत अन्य एनएच पर यह आदेश लागू रहेंगे। उन्होंने कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि वे पर्यावरण के प्रति अपनी भूमिका को बखूबी निभाएं। गौरतलब है कि केंद्रीय सडक़ परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने दो दिन पहले ही इंडियन रोड कांग्रेस अधिवेशन में पेड़ों को बचाने के आदेश दिए थे। इसमें उन्होंने पेड़ काटने की जगह उन्हें उखाड़ कर दूसरी जगह स्थापित करने के निर्देश दिए थे। केंद्रीय मंत्री ने देश भर के इंजीनियरों को यह आदेश दिए थे कि वे आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर सडक़ों के निर्माण को विश्वस्तरीय पहचान दें। उन्होंने नए एनएच निर्माण के दौरान काटे गए पेड़ों के एवज में 68 हजार पेड़ लगाने की बात कही है। एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी ने तमाम निर्माता कंपनियों की एक अहम बैठक ली है। इस बैठक के दौरान उन्होंने एनएच के किनारे लगे ढेर को हटाने की बात कही। फोरलेन निर्माण के दौरान जो मलबा निकल रहा है उसे डंप करने के लिए जगह चिन्हित की गई हैं। इन जगहों के अलावा दूसरे स्थानों पर ढेर नहीं लगाए जा सकते हैं। कंपनी प्रबंधकों को इस बात का ख्याल रखना होगा।
प्रदेश में लगातार जारी भारी बारिश के चलते प्रदेश उच्च न्यायालय व जिला न्यायपालिका के सभी न्यायालय में सोमवार को अवकाश घोषित किया गया है। इस संबंध में प्रदेश उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल ने आदेश जारी किए हैं। आदेशों में कहा गया है कि अवकाश के स्थान पर भविष्य में किसी अन्य गैर कार्य दिवस को प्रदेश उच्च न्यायालय में कार्य दिवस घोषित किया जाएगा। जिला एवं सत्र न्यायाधीश इसे हिमाचल प्रदेश राज्य के बार एसोसिएशन के माध्यम से आम जनता, वादिकरियों और अधिवक्ताओं के ध्यान में लाएंगे। लगातार हो रही बारिश के कारण वकीलों, कर्मचारियों और न्यायिक अधिकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसके बाद ही ये आदेश जारी किए गए हैं।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश में हुई भारी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में हुई भारी बारिश को देखते हुए केंद्र सरकार से हर संभव मदद करने का आग्रह किया। पिछले दो दिन से लगातार हो रही बारिश से प्रदेश में जन-जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त है। बारिश की वजह से प्रदेश में जान-माल की भारी क्षति हुई हैं। नेता प्रतिपक्ष ने बारिश की वजह से हुई मृत्यु पर अपनी शोक संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि ईश्वर मृतक आत्माओं की शांति और उनके परिजनों को यह असह्य दु:ख सहन करने की क्षमता प्रदान करें। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि भारी बारिश की वजह से कई जगहों पर लोगों के फंसे होने की सूचनाएं मिल रही हैं। हम सरकार से आग्रह करते हैं कि जल्दी से जल्दी उन्हें सुरक्षित निकाला जाए। इसके साथ ही उन्होंने हिमाचल के लोगों से अपील की कि वे बरसात में अपने घर में सुरक्षित रहे, अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। किसी भी संभावित बाढ़ वाली जगह से दूर रहें, अपना और अपने परिवार का ध्यान रखें। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश भर में बारिश से भारी नुक़सान हुआ है। इस बरसात में पंडोह और ऑट के पुल के भी बह जाने की सूचना मिली। दोनों ही पुल ऐतिहासिक थे। इन दोनों पुलों का भी बह जाना दु:खद है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बारिश की वजह से प्रभावित हुए लोगों को सरकार हर संभव मदद करे। जिन लोगों के घर टूटे हैं, उन्हें तत्काल सहायता दी जाए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बरतते हुए वहां पर टास्क फ़ोर्स की तैनाती की जाए जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके। नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से आग्रह किया कि बारिश सी बंद पड़े रास्तों को को जल्दी से जल्दी खोला जाए, जिससे जन जीवन सुचारू रूप से बहाल हो सके।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज भारी बारिश के बीच राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर में 94 लाख रुपये की लागत से निर्मित कैंटीन ब्लॉक तथा 25 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय के नए शैक्षणिक ब्लॉक का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने इसके उपरान्त राजस्व 2.01 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली कर्मचारी आवासीय कॉलोनी और ग्राम पंचायत उखली में 5.27 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले सम्पर्क मार्ग भगोट से फाफन की आधारशिला रखी। मुख्यमंत्री ने राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर में एक कार्यक्रम के दौरान शिक्षा व्यवस्था में क्रान्तिकारी परिवर्तन लाने की सरकार की प्रतिबद्धता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस पहल के तहत चरणबद्ध तरीके से प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल स्थापित किए जाएंगे। इन स्कूलों के निर्माण के लिए हमीरपुर जिले के सुजानपुर, भोरंज और बड़सर विधानसभा क्षेत्रों में भूमि चिन्हित कर ली गई है। यह स्कूल विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करने के लिए आधुनिक सुविधासम्पन्न स्मार्ट क्लास और खेल सुविधाएं प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में मॉडल कॉलेजों की स्थापना पर भी विचार कर रही है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने विद्यार्थियों की सुविधा के उद्देश्य से 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए वार्षिक मूल्यांकन प्रणाली आरम्भ की है। इसके अलावा सरकार युवाओं के लिए रोजगार के बेहतर अवसर पैदा करने के लिए तकनीकी शिक्षण संस्थानों में नए तकनीकी पाठ्यक्रम आरंभ कर रही है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग जैसे पाठ्यक्रमों को महाविद्यालय के पाठ्यक्रम में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 6,000 अनाथ बच्चों को 'राज्य के बच्चेÓ के रूप में गोद लिया गया है और प्रदेश सरकार उनके शैक्षिक खर्चों को भी वहन करेगी। उन्होंने कहा कि इन बच्चों को मासिक जेब खर्चे के रुप में 4,000 रुपये के साथ वर्ष में एक बार एक्सपोजर विजिट भी प्रदान करेगी। इसके अतिरिक्त मेधावी विद्यार्थियों मात्र एक प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन विद्यार्थियों के अविलम्ब प्रवेश के लिए संबंधित उपायुक्तों को प्रवेश शुल्क की पहली किश्त के भुगतान के लिए धन आवंटित किया गया है। उन्होंने राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर में स्मार्ट कक्षाओं के कार्यान्वयन के लिए 2 करोड़ रुपये देने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में शैक्षिक बुनियादी ढांचे को बढ़ाने और छात्रों के लिए बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री को राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर के कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री सुख-आश्रय कोष के लिए 51,000 रुपये का चेक भेंट किया। इस अवसर पर विधायक इन्द्र दत्त लखनपाल, आशीष शर्मा और सुरेश कुमार के साथ-साथ कांग्रेस नेता डॉ. पुष्पिंदर वर्मा, कांगड़ा सहकारी बैंक के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, उपायुक्त हेमराज बैरवा, पुलिस अधीक्षक आकृति शर्मा और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
शिमला जिला के कोटगढ़ इलाके में मलबे में दबने से दंपती और बच्चे की मौत हो गई और दो अन्य चोटिल हुए। भूस्खलन की ये घटना ठियोग-कुमारसैन विधानसभा क्षेत्र की उप तहसील कोटगढ़ के ग्राम पंचायत मधावनी के पनेवली गांव में हुई। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय विधायक व कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुलदीप राठौर मौके पर पहुंचे। उनके साथ एसडीएम कुमारसैन व अन्य अधिकारी मौजूद रहे। भूस्खलन की घटना में एक ही परिवार के तीन लोगों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया व दिवंगत आत्माओं की शांति और शोक संतप्त परिजनों को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। राठौर ने परिवार के सदस्यों से बातचीत की व उन्हें सरकार की तरफ से हर संभव सहायता मुहैया करवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने एच्छिक निधि से प्रभावित परिवार को 50 हजार रुपये जारी किए। वहीं राज्य सरकार की ओर से 1 लाख रुपये राहत राशि जारी की गई है। इसके अलावा तरपाल, राशन सहित अन्य सामान भी प्रभावित परिवार को मुहैया करवाया गया। बता दें कि बीती रात एक मकान भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हुआ है। मकान में पांच लोगों का परिवार रह रहा था। भारी वर्षा के कारण चट्टान युक्त मलबा इस मकान पर गिर पड़ा। इस मकान में दंपती समेत छह लोग सो रहे थे। इसमें अनिल (32) पुत्र जयचंद, किरण (31) पत्नी अनिल और स्वप्निल (11) पुत्र अनिल की मलबे में दबने के कारण मौत हो गई है। तीनों के शवों को निकाल दिया गया है। परिवार के अन्य सदस्यों जयचंद और उनकी पत्नी बीना देवी को हल्की चोटें आई है। हादसे में वे बाल-बाल बच गए। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया है। तीनों शवों को पोस्टमार्टम के बाद उनके परिजनों, रिश्तेदारों को सौंप दिया गया है। राठौर ने ठियोग विधानसभा क्षेत्र में बारिश से हुए नुकसान व राहत कार्यों का भी जायजा लिया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को बंद पड़ी सड़कों को तुरंत खोलने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला जिले की कुमारसैन तहसील में भूस्खलन की घटना में एक ही परिवार के तीन लोगों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है। अपने शोक संदेश में मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्माओं की शांति और शोक संतप्त परिजनों को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को प्रभावित परिवार को तत्काल राहत उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए हैं। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि भारी वर्षा तथा विषम मौसमी परिस्थितियों के दृष्टिगत हिमाचल प्रदेश राज्य शिक्षा बोर्ड से संबद्ध सरकारी तथा निजी स्कूल और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय तथा सरदार पटेल विश्वविद्यालय से संबंद्ध सरकारी व निजी महाविद्यालय 10 तथा 11 जुलाई, 2023 को बंद रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएससी), भारतीय माध्यमिक शिक्षा प्रमाणपत्र (आईसीएसई) तथा अन्य शिक्षा बोर्ड से संबद्ध संचालित निजी स्कूल परीक्षा तथा स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के आधार पर इन दो दिनों में स्कूल बंद रखने का निर्णय अपने स्तर पर ले सकते हैं। इसके साथ ही परामर्श दिया गया है कि उपरोक्त शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों तथा कर्मचारियों की सुरक्षा हर स्तर पर सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि खराब मौसम के पूर्वानुमान के दृष्टिगत राज्य सरकार ने सुरक्षा उपायों और आम जनता को इसके प्रति जागरूक करने के लिए संबंधित जिला प्रशासन को सतर्क कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार सतर्क रहने तथा लोगों से नदियों और नालों के पास न जाने की भी अपील की। उन्होंने प्रदेशवासियों से जिला प्रशासन के साथ सहयोग करने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की अनुपालना करने का भी आग्रह किया।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार देर शाम हमीरपुर में एक बैठक की अध्यक्षता की और राज्य में निर्माणाधीन जल विद्युत परियोजनाओं के कार्य में तेजी लाने की आवश्यकता पर बल दिया। परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के निर्माण कार्य में देरी से राज्य को वित्तीय नुकसान होता है इसलिए ऊर्जा विभाग को इन परियोजनाओं को समय पर पूरा करना सुनिश्चित करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का लक्ष्य मार्च 2027 तक 628 मेगावाट की जलविद्युत परियोजनाओं को आरंभ करना है। इनमें जुलाई 2025 तक 450 मेगावाट की शोंगटोंग कड़छम परियोजना, मार्च 2027 तक 48 मेगावाट की चांजू चरण-3 जलविद्युत परियोजना और जून 2026 तक 130 मेगावाट की काशांग चरण-2 और चरण-3 परियोजनाओं को पूरा करना शामिल है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य सरकार द्वारा सौर ऊर्जा के दोहन को बल देने पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 30 मेगावाट की देओथल चांजू परियोजना को दिसंबर 2027 तक, 40 मेगावाट की रेणुका जी जलविद्युत परियोजना को दिसंबर 2028 तक और 190 मेगावाट की थाना प्लौन परियोजना को मार्च 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2030 तक 1000 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पन्न करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्य ने 17 विभिन्न परियोजनाएं प्रस्तावित की हैं, जो पहले चरण में 200 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पन्न करेंगी। 32 मेगावाट क्षमता की पेखुबेला सौर ऊर्जा परियोजना दिसंबर 2023 तक पूरी होगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इन सभी परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि राज्य के लोगों को इनका लाभ समय पर मिल सके। बैठक में मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, विधायक इंद्र दत्त लखनपाल, आशीष शर्मा और सुरेश कुमार के साथ-साथ कांग्रेस नेता डॉ. पुष्पिंदर वर्मा, कांगड़ा सहकारी बैंक के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, निदेशक ऊर्जा हरिकेश मीना, उपायुक्त हेमराज बैरवा, पुलिस अधीक्षक आकृति शर्मा और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश में बीते दिन से बारिश का कहर जारी है। रविवार को प्रउेश में पांच लोगों की मौत हो गई। बारिश की वजह से शिमला में एक मकान गिर गया। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। कुल्लू में एक महिला और रामपुर में एक व्यक्ति की मौत हुई है। कुल्लू जिले के बाहंग में एक दुकान ढह गई। कुल्लू में ब्यास के साथ पार्वती और तीर्थन नदी भी उफान पर हैं। इसके अलावा, मंडी शहर में ब्यास नदी उफान पर है। भूस्खलन की वजह से कई हाईवे बंद हैं। मौसम की मार से वंदे भारत, अम्बाला से ऊना आने वाली ट्रेन प्रभावित हैं। लाहौल में ताजा बर्फबारी और मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। रामशिमला से मनाली मार्ग यातायात के लिए बंद है। सांगरी बैग से बायां तट होते हुए नग्गर मनाली तक भी यातायात के लिए बंद है। कुल्लू के ब्यासा मोड़ में कार फंस गई।
भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं विधायक त्रिलोक जम्वाल और पूर्व मंत्री बिक्रम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का हिमाचल प्रदेश में निवेश बढ़ाने का एजेंडा नहीं है, अपितु प्रदेश में आ रहे निवेशकों और स्थापित निवेशकों को दौड़ाने का एजेंडा है। उन्होंने कहा कि जो उद्योग हिमाचल प्रदेश की भूमि पर लग चुके हैं और जो उद्योगपति हिमाचल प्रदेश में आना चाहते हैं उनको कांग्रेस नेताओं ने तंग कर रखा है, जिसके कारण उनका मन हिमाचल प्रदेश में काम करने को नहीं हो रहा है। दो चार बड़े घरानों ने तो यह तक सोच लिया है कि हम हिमाचल प्रदेश से अपने चलते उद्योग बंद कर देंगे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को अपना असली एजेंडा जनता के समक्ष रखना चाहिए। क्या वर्तमान कांग्रेस सरकार हिमाचल में निवेशकों को लाना चाहती है या यहां से भगाना चाहती। मुख्यमंत्री सुक्खू को बताना चाहिए कि पिछले 8 महीने में आप केंद्र से या अपनी शक्ति से हिमाचल प्रदेश के लिए क्या लेकर आए हैं। हिमाचल में चर्चा तो यह है कि पीएंडजी जैसी बड़ी कंपनियां हिमाचल से पलायन करने के लिए तैयार हंै। हिमाचल के उद्योग क्षेत्र में तो स्क्रैप के पीछे लड़ाई चल रही है। कांग्रेस के नेताओं में भी स्क्रैप को लेकर दो गुट बन गए हैं, जिसमें लड़ाई हो रही है कि यह स्क्रैच मेरा और यह खराब तेरा। ऐसे वातावरण में उद्योगपति काम कैसे करेंगे।
प्रदेश में भारी बारिश के कारण कई जगहों पर नुकसान की खबर है। नदी नाले उफान पर है। पहाड़ों,चट्टानों और पेड़ों के गिरने का डर है। यह क्रम अभी दो दिन तक और जारी रहेगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने लोगों से अपील की है कि ज्यादा जरूरी काम न हो तो घर से बाहर न जाएं। जनता की सुविधा के लिए प्रशासन को हर संभव सहायता प्रदान करने और सतर्क रहने के आदेश दे दिए गए हैं। सरकार हर वक्त आपके साथ खड़ी है। अपना ख्याल रखें और सावधान रहें।
शिमला जिला में पिछले दो दिन से जारी मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में भूस्खलन से भारी तबाही हुई है। शिमला जिला के कोटगढ़ इलाके में मलबे में दबने से दंपती और बच्चे की मौत हो गई और दो अन्य घायल है। भूस्खलन की ये घटना ठियोग-कुमारसैन विधानसभा क्षेत्र की उप तहसील कोटगढ़ के ग्राम पंचायत मधावनी के पानेवली गांव में हुई। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक यहां बीती रात एक मकान भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हुआ है। मकान में पांच लोगों का परिवार रह रहा था। भारी वर्षा के कारण चट्टान युक्त मलबा इस मकान पर गिर पड़ा। इस मकान में दंपती समेत छह लोग सो रहे थे। इसमें अनिल (32) पुत्र जयचंद, किरण (31) पत्नी अनिल और स्वप्निल (11) पुत्र अनिल की मलबे में दबने के कारण मौत हो गई है। तीनों के शवों को निकाल दिया गया है। परिवार के अन्य सदस्यों जयचंद और उनकी पत्नी बीना देवी को हल्की चोटें आई हैं। हादसे में वे बाल-बाल बच गए। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया है। तीनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
हिमाचल प्रदेश में जारी मूसलाधार बारिश के बीच मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से हिमाचल प्रदेश में 9 जुलाई के लिए बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में 10 जुलाई के लिए यलो अलर्ट जारी हुआ है। पूरे प्रदेश में 14 जुलाई तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने हिमाचल के लाहौल-स्पीति में अचानक बाढ़, हिमस्खलन की चेतावनी भी दी है। रेड अलर्ट को देखते हुए मौसम विभाग ने स्थानीय लोगों व पर्यटकों को संबंधित विभागों की ओर से जारी एडवाइजरी और दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है। विभाग के अनुसार मौसम के संबंध में जारी की गई किसी भी यातायात सलाह का पालन करें। -इन जिलों के लिए जारी हुआ रेड अलर्ट प्रदेश के ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिले के लिए बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी हुआ है। वहीं, शिमला, सोलन, सिरमौर व लाहौल-स्पीति के लिए येलो-ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। उधर, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से भी लोगों को एसएमएस के जरिये सचेत रहने की सलाह दी जा रही है।
हाल ही में प्रदेश सरकार द्वारा सेब की पेटी का वजन 24 किलो निर्धारित करने को लेकर बागवानों में आक्रोश के साथ असमंजस की स्थिति बनी हुई है। समय रहते अगर इसका समाधान न हुआ तो इस विषय को लेकर किसानों बागवानों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रेस विज्ञप्ति जारी कर भाजपा नेता चेतन बरागटा ने ये बात कही। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बागवानों को अनेक प्रकार की समस्याएं आ रही है जिन समस्याओं को वो सूचीबद्ध प्रदेश सरकार के समक्ष रखेंगे। 24 किलोग्राम पेटी पर 22 किलोग्राम का पैसा आज की व्यवस्था के अनुरूप बागवानों को मिल रहा है। लेकिन बागवानों को ये बात हजम नही हो रही है। 2 किलो की कटौती किस फार्मूले के तहत की जा रही है सरकार को इस बारे विस्तार से बागवानों को बताना चाहिए। चेतन बरागटा ने कहा कि जिला शिमला से प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्रियों में से एक भी नेता बागवानों की समस्याओं के बारे में कोई रुचि नहीं दिखा रहा। ऐसा क्या कारण है कि सेब बाहुल्य क्षेत्र से प्रदेश सरकार में कैबिनेट स्तर के मंत्रियों ने 24 किलो सेब की पेटी विषय पर चुप्पी साधी हुई है। ऐसा प्रतित होता है कि इनका बागवानों से कोई सरोकार नहीं है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के इकाई मंत्री इंद्र सेन नेगी ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हमेशा से ही छात्र हितों की रक्षा के लिए आवाज बुलंद करती आई है। इसी के तहत आज हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में छात्रों की मांगों को लेकर कुलपति को ज्ञापन दिया गया। इस ज्ञापन में विद्यार्थि परिषद ने प्रदेश विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को जल्द लागू करने की मांग रखी। विद्यार्थी परिषद का कहना है कि नई शिक्षा नीति स्वतंत्र भारत की तीसरी शिक्षा नीति है जिसमे बुनियादी तौर पर बदलाब किए गए हैं। नई शिक्षा नीति को लागू करने पीछे मुख्य उद्देश्य भारत में बच्चों को तकनीकी तथा रचनात्मकता के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता का महत्व से अवगत कराना है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सके ऐसी शिक्षा नीति को लागू करने में प्रशासन विलम्ब न करे तथा जल्द से नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत पाठ्यक्रम को आरंभ किया जाए। साथ ही साथ विद्यार्थी परिषद ने ज्ञापन में प्रदेश विश्वविद्यालय में लम्बे समय से लंबित पड़ी गैर शिक्षक वर्ग की भर्ती को जल्द आयोजित करवाने की मांग रखी। जिससे विश्वविद्यालय में रिक्त पदों की पूर्ति हो तथा प्रशासनिक कार्य समय से पूर्ण हो पाए। इसी के साथ इंद्र ने कहा कि प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्रावासों में आए दिन लड़ाई झगड़े के मामले सामने आते हैं अधिकतर मामलों में अवैध प्रवेश से आए हुए व्यक्ति संलिप्त पाए जाते हैं। ऐसी घटनाओं को ध्यान में रखते हुए सभी छात्रावासों में सुरक्षा व्यवस्था के लिए सीसीटीवी कैमरा लगवाए जाएं व छात्रावासों और विश्वविद्यालय परिसर में खराब पड़े सीसीटीवी कैमरों को शीघ्र ठीक करवाया जाए। इकाई मंत्री इंद्र सेन नेगी ने विश्वविद्यालय प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि इन सभी छात्र मांगों का समाधान जल्द से जल्द नहीं किया गया तो विद्यार्थी परिषद उग्र आंदोलन करने से गुर्हेज नहीं करेगी, जिसकी जिम्मेदार विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सांसद सुरेश कश्यप ने राहुल गांधी के मोदी सरनेम वाले बयान को लेकर गुजरात हाईकोर्ट द्वारा राहुल गांधी की याचिका को खारिज किए जाने के निर्णय को स्वागत योग्य बताया। उन्होंने कहा कि मानहानि मामले में राहुल गांधी आदतन अपराधी हैं। गुजरात हाईकोर्ट ने सभी तथ्यों के मद्देनजर यह फैसला किया है। ज्ञात हो कि राहुल गांधी ने 2019 चुनाव में टिप्पणी की थी कि सारे चोरों के सरनेम मोदी क्यों होते हैं, इसको लेकर उनपर अदालत में सुनवाई चल रही थी, जिसके संबंध में 23 मार्च 2023 को सूरत की सेशन कोर्ट ने राहुल गांधी को 2 साल की सजा सुनाई थी। इसी सजा के खिलाफ राहुल गांधी गुजरात हाईकोर्ट पहुंचे थे, लेकिन कोर्ट ने उनकी याचिका को शुक्रवार को खारिज कर दिया। राहुल गांधी ने 2019 के चुनाव में एक टिप्पणी की थी कि सारे चोरों के सरनेम मोदी क्यों होते हैं। देशभर में मोदी सरनेम अधिकांश पिछड़ों और अति पिछड़ों का होता है। ये घोर रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी थी। कायदे के मुताबितक राहुल गांधी को कोर्ट में माफी मांगनी चाहिए थी लेकिन उन्होंने माफी नहीं माँगी। निचली अदालत ने उन्हें दो साल की सजा दी, जिसके खिलाफ वह सेशन कोर्ट गए। सेशन कोर्ट ने उन्हें बेल तो दे दी लेकिन दोषसिद्धि को स्टे नहीं किया। राहुल गांधी होमवर्क नहीं करते हैं।
शिमला : चलती ट्रेन में सजा साहित्य मंच, स्वास्थ्य मंत्री ने किया राष्ट्रीय साहित्य यात्रा का शुभारंभ
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने आज रेलवे स्टेशन शिमला से हिमालय साहित्य संस्कृति एवं पर्यावरण मंच द्वारा आयोजित बाबा भलकू स्मृति कालका शिमला रेल राष्ट्रीय साहित्य यात्रा एवं संवाद 2023 का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि हिमालय साहित्य संस्कृति एवं पर्यावरण मंच द्वारा की गई यह पहल अत्यंत सराहनीय है, जिनके प्रयासों से हिमालयन क्वीन एक्सप्रेस शिमला-कालका रेल में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए लगभग 35 साहित्यकारों, पत्रकारों, लेखकों, रंग कर्मी एवं लोक गायक ने बाबा भलकू की स्मृति पर उन्हें चलती हुई रेल में याद किया। इस तरह का राष्ट्रीय आयोजन चलती हुई रेल में अपने आप में एक अनूठी पहल है। डॉ. शांडिल ने कहा कि शिमला-कालका रेल का इतिहास बाबा भलकू के साथ जुड़ा है जिनके प्रयासों एवं सहयोग से ही इस रेल लाइन का कार्य पूर्ण हुआ है। उन्होंने कहा कि कंडाघाट में कंडाघाट से बाबा भलकू के पुश्तैनी गांव की और जाने वाली सड़क पर उनकी स्मृति में बाबा भलकू द्वार की स्थापना की जा रही है। इसी तर्ज पर उनकी स्मृति पर समय-समय पर अलग-अलग प्रकार की संगोष्ठी एवं आयोजन किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा की यह साहित्य यात्रा शिमला रेलवे स्टेशन से बड़ोग रेलवे स्टेशन तक और वहां से वापस शिमला रेलवे स्टेशन आएगी। चलती रेल में कहानी, संस्मरण, कविता, गजल, संगीत के कई सत्र रेलवे स्टेशनों के नाम से संपन्न होंगे। सभी लेखक दूसरे दिन बस से बाबा भलकू के पुश्तैनी गांव और घर जाएंगे। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने कहा कि भारतीय रेलवे हम सब भारतवासियों की संस्कृति, सभ्यता, भाईचारा, समरसता एवं अखंडता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। उन्होंने रेलवे को भारतीय सेना के साथ जोड़ने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि जैसे भारतीय सेना को अनुशासन एवं समय के लिए जाना जाता है उसी तर्ज पर भारतीय रेलवे भी अपने दायित्व का निर्वहन कर रहा है। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने देश के अलग-अलग हिस्सों से आए साहित्यकारों को सम्मानित किया तथा उनके द्वारा लिखी गई पुस्तकों का विमोचन भी किया। स्वास्थ्य मंत्री ने साहित्यकारों के साथ उनकी साहित्य यात्रा में शिमला रेलवे स्टेशन से समरहिल स्टेशन तक का सफर तय किया। इस अवसर पर अध्यक्ष एवं संयोजक एस आर हरनोट, शिमला रेलवे स्टेशन अधीक्षक संजय गेरा सहित अन्य साहित्यकार एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान कई क्षेत्रों में भारी बारिश हुई। इससे प्रदेश में 160 से ज्यादा सड़कें बंद हो गई हैं। मौसम विभाग ने आगे दो दिन तक हाईअलर्ट जारी किया गया है। शिमला और सोलन जिले में धुंध के कारण विजिबिलिटी 50 मीटर तक गिर सकती है। मौसम विभाग की मानें तो ऊना, कांगड़ा, चंबा, बिलासपुर, मंडी, शिमला, सोलन, सिरमौर और हमीरपुर जिले में कुछ स्थानों पर भारी से भी भारी बारिश हो सकती है। इसलिए इन जिलों में मौसम विभाग की ओर से ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। मौसम विभाग की मानें तो बारिश होने से मौसम में गिरावट आई है। अगले 2-3 दिन में भी तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरवाट आएगी। प्रदेश का अधिकतम तापमान औसत से 2.4 डिग्री नीचे लुढ़क चुका है। शिमला का अधिकतम पारा 22.8 डिग्री, ऊना का 33.2 डिग्री, नाहन 26.7 डिग्री, सोलन 27.4 डिग्री, मनाली 22.8 डिग्री, कांगड़ा 31.3 डिग्री, बिलासपुर 32 डिग्री और हमीरपुर 32.4 डिग्री दर्ज किया गया।
एचपीयू में बीते वर्ष हुई शिक्षक भर्ती घोटालों की न्यायिक जांच की मांग ने फिरसे तूल पकड़ लिया है। इसी संदर्भ में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन की एचपीयू कैंपस इकाई के द्वारा विश्वविद्यालय के कुलपति और प्रतिकुलपति को घोटालों की न्यायिक जांच की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। एनएसयूआई विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष योगेश यादव में कहा कि विवि में लंबे समय से शिक्षक, गैर शिक्षक व विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा भर्ती घोटालों के खिलाफ न्यायिक जांच की मांग की जा रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व कुलपति के कार्यकाल में जो शिक्षक और ग़ैर शिक्षक कर्मचारियों की विश्वविद्यालय के नियमों को ताक पर रख कर जो भर्ती की गई है उसकी न्यायिक जांच जल्द से जल्द हाई कोर्ट के सीटिंग जज से करवायी जाए। साथ ही पूर्व कुलपति सिकंदर कुमार ने यूजीसी के नियमों को दरकिनार कर के पीएचडी में अपने बेटे और पी एल शर्मा और अरविंद भट्ट के बच्चो की को एडमिशन की गई है उन्हें तुरंत प्रभाव से निरस्त किया जाये। कुलपति कार्यालय में कुलपति को ज्ञापन पत्र सौंपते हुए एनएसयूआई छात्रों ने वहां मौजूद प्रति कुलपति व डीएस को भी मांग पत्र सौंपे। एनएसयूआई के छात्र नेताओं ने चेताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन अगर जल्द से जल्द शिक्षक और गैर शिक्षक भर्ती की न्यायिक जाँच नहीं करवाती है और पीएचडी में फर्जी एडमिशनों को जल्द से जल्द निरस्त नहीं किया गया तो एनएसयूआई उग्र आंदोलन और सड़कों पर उतरने से पीछे नहीं हटेगी।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान के नेतृत्व में राज्य सरकार के एक प्रतिनिधिमंडल ने आंध्र प्रदेश के विजाग में स्थित भारत के पहले एपीआई और फार्मा पार्क जवाहरलाल नेहरू फार्मा सिटी (जेएनपीसी) का दौरा किया। हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि इस दौरे का उद्देश्य विजाग स्थित फार्मा पार्क की तर्ज पर ऊना में बल्क ड्रग पार्क विकसित करने के लिए आवश्यक जानकारी साझा करना है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के फार्मास्यूटिकल्स विभाग (जीओआई) ने विभिन्न सामान्य सुविधाएं विकसित करने के लिए 1000 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता के साथ हिमाचल प्रदेश में पार्क स्थापित करने की मंजूरी दी है। उद्योग मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश फार्मा फॉर्मूलेशन का मुख्य केंद्र है। प्रदेश में लगभग 30,000 करोड़ रुपये की वार्षिक एपीआई खपत है और उत्तर भारत में फॉर्मूलेशन के प्रमुख निर्यातकों में शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बैकवार्ड इंटीग्रेशन के माध्यम से एक बेहतरीन बाजार उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री के सशक्त नेतृत्व में प्रदेश में पार्क का निर्माण समयबद्ध पूर्ण किया जाएगा और निवेशकों को हरसंभव सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि इस दौरे सेे जेएनपीसी के सामने आने वाली चुनौतियों को समझने और उनका प्रभावी ढंग से समाधान करने के लिए रणनीतियों का पता लगाने का एक अनूठा अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि आगामी बल्क ड्रग पार्क के परिप्रेक्ष्य में पर्यावरणीय पहलू राज्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। उद्योग मंत्री ने हितधारकों के साथ विस्तृत बातचीत की और उन्हें हिमाचल में बल्क ड्रग पार्क में इकाइयाँ स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने बल्क ड्रग पार्क के मामले पर तकनीकी और गैर-तकनीकी विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने जवाहर लाल नेहरू फार्मा पार्क (जेएनपीसी) में मौजूदा कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सुविधा का भी दौरा किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने लौरस प्रयोगशाला के संयंत्र का भी दौरा किया। यह एक विश्व स्तरीय भारतीय बहुराष्ट्रीय फार्मास्युटिकल और जैव प्रौद्योगिकी कंपनी है। लौरस के उपाध्यक्ष ने अवगत करवाया कि कंपनी कैंसर रोधी, मधुमेह रोधी और प्रति माह 100 टन तक एपीआई उत्पाद तैयार कर रही है। प्रतिनिधिमंडल ने जेएनपीसी की सभी प्रमुख सुविधाओं का दौरा किया और इससे संबंधित ऑपरेटरों के साथ चर्चा और बातचीत की। दौरे का उद्देश्य प्रमुख सुविधाओं की परिचालन तकनीकियों और प्रयोगशालाओं आदि के संचालन को समझना था। रामकी ग्रुप के अध्यक्ष अयोध्या रेड्डी ने प्रतिनिधियों का स्वागत किया और बल्क ड्रग पार्क की स्थापना के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार की गंभीरता और प्रतिबद्धता की सराहना की। जेएनपीसी के एमडी डॉ. पी.पी. लाल कृष्ण ने जेएनपीसी पर एक विस्तृत प्रस्तुति और पार्क के विवरण की जानकारी दी। उन्होंने पार्क में आवश्यकताओं के तकनीकी विवरण के साथ पार्क के संचालन और प्रबंधन पर भी जानकारी प्रदान की। बैठक के दौरान, एमडी ने सबसे महत्वपूर्ण चुनौती के रूप में अपशिष्ट जल और ठोस अपशिष्ट के उपचार पर प्रकाश डाला, जिसे आगामी बल्क ड्रग पार्क के लिए संबोधित करने और योजना बनाने की आवश्यकता है। प्रतिनिधिमंडल ने कुछ ऐसे निवेशकों से संवाद किया जिनकी इकाइयां थोक दवा उत्पादन का कार्य कर रही हैं। प्रतिनिधिमंडल में विधायक चन्द्रशेखर, प्रधान सचिव उद्योग आर.डी. नजीम, प्रबन्ध निदेशक व मुख्य कार्यकारी अधिकारी एचपीबीडीपीआईएल राकेश कुमार प्रजापति, जल शक्ति विभाग के प्रमुख अभियन्ता विजय कुमार ढटवालिया, अतिरिक्त निदेशक उद्योग तिलकराज शर्मा, जलशक्ति विभाग के अधीक्षण अभियन्ता नरेश धीमान, संयुक्त निदेशक उद्योग अंशुल धीमान और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज परिवार सहित माता चिन्तपूर्णी मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। चिंतपूर्णी में पत्रकारों से अनौपचारिक संवाद में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल के पवित्र स्थलों एवं शक्तिपीठों की यात्रा को सुगम बनाने एवं यात्रियों को विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए सक्रियता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भंग किए जा चुके हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर के छ: पोस्टकोड के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त सतर्कता जांच से बाहर अन्य परिणाम घोषित करने के लिए प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि जूनियर ऑफिसर असिस्टेंट (आईटी) की भर्ती प्रक्रिया पूर्व भाजपा सरकार के कारण कानूनी पेचिदगियों में फंसी है और वर्तमान प्रदेश सरकार ने अभ्यर्थियों को राहत पहुंचाने के दृष्टिगत सर्वोच्च न्यायालय से इसकी शीघ्र सुनवाई के लिए आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर में प्रश्नपत्रों की बिक्री का मामला वर्तमान सरकार के गठन के उपरान्त सामने आया और इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि शानन जल विद्युत परियोजना की पट्टे की अवधि वर्ष 2024 में पूरी हो रही है और कानून के अनुसार पंजाब को यह परियोजना हिमाचल प्रदेश को वापिस कर देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों की सुविधा के दृष्टिगत वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा वर्तमान में विभिन्न गैर जरूरी कानूनों को निरस्त अथवा संशोधित करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास की प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। एक अन्य प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के वनों में सूखे पेड़ों को निकालने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए वन विभाग और हिमाचल प्रदेश वन विकास निगम को निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार शीघ्र ही बैठक आयोजित कर इसके लिए रूपरेखा तैयार करेगी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज नादौन के सेरा विश्राम गृह में मीडिया कर्मियों से अनौपचारिक बातचीत में नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर द्वारा चंडीगढ़ में हिमाचल की हिस्सेदारी को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्हें संकीर्ण विचारधारा से ऊपर उठकर प्रदेश हित में व्यापक दृष्टिकोण अपनाते हुए एकजुट काम करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को चंडीगढ़ में हिमाचल प्रदेश की हिस्सेदारी का मामला केंद्र सरकार के साथ उठाने एवं इसे हल करने की दिशा में सार्थक प्रयास करने चाहिए। पड़ोसी राज्यों को पानी छोड़ने संबंधी मीडिया के एक अन्य सवाल का जबाव देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा भी किशाऊ और रेणुका जी बांध से अधिक पानी की मांग कर रहा है और इस मामले का सौहार्दपूर्ण तरीके से हल करने के लिए आपस में विचार-विमर्श जारी है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नादौन में लोगों की शिकायतें भी सुनीं। इसके उपरांत चिंतपूर्णी जाते समय कांगड़ा जिले के जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र के रक्कड़ में स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर कांग्रेस नेता सुरेंद्र मनकोटिया और कांग्रेस पार्टी के अन्य वरिष्ठ सदस्य भी उपस्थित थे। उन्होंने रक्कड़ में मोनिका शर्मा सारथी द्वारा लिखित पुस्तक च्अक्स मेरा नज़र तो आएगाज् का विमोचन भी किया।
प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि विद्यार्थियों का समग्र विकास सुनिश्चित करने के दृष्टिगत सरकार ने सभी विद्यालयों और महाविद्यालयों के खेल मैदान शिक्षण अवधि के उपरान्त भी खुले रखने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इन शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थी दैनिक शिक्षण अवधि के बाद भी खेल परिसर का उपयोग खेलकूद गतिविधियों के लिए कर सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को खेल गतिविधियों में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित करना है और उनके डिजिटल और भौतिक जीवन के बीच एक स्वस्थ संतुलन बनाने का अवसर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में युवा शारीरिक गतिविधियों के बजाय अत्याधिक मोबाइल उपयोग में संलिप्त रहते हैं जिसके कारण युवाओं में अवसाद जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। ऐसे में युवा ऊर्जा का उपयोग सकारात्मक कार्यों में करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में विद्यालय और महाविद्यालय प्रशासन द्वारा शिक्षण संस्थानों के समय के बाद खेल परिसर का उपयोग करने की मनाही होती है। सरकार के इस कदम से युवाओं का खेल के प्रति रूझान बढ़ेगा और उन्हें नशीले पदार्थों के खतरों से भी बचाया जा सकेगा।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हमने लोगों की मांग पर रामपुर विधान सभा क्षेत्र में संस्थान खोले थे, सुक्खू सरकार ने शपथ ग्रहण करते ही सारे संस्थान बंद कर दिए। उन्होंने पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह से पूछा कि वह आज रामपुर के लोगों को बताएं कि रामपुर में मेरी सरकार द्वारा खोला गया लोक निर्माण विभाग का डिवीजन गलत था। रामपुर के विधायक बताएं कि संस्कृत महाविद्यालय गलत खोला गया था। वह लिख कर दें कि जयराम सरकार ने गलत किया था। यदि लिख कर देने की हिम्मत नहीं है तो उन संस्थानों को फिर से बहाल करें। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सुक्खू सरकार प्रतिशोध की भावना से काम कर रही है। अब बहुत हुआ, अब चुप बैठने का समय नहीं है, यदि भी हम और आप चुप बैठ गये तो, यह सरकार इसी तरह से मनमानी करती रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार बंद संस्थानों को बहाल करे, नौकरी से निकाले गए आउटसोर्स कर्मियों को वापस ले। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि चुनाव के पहले कांग्रेस के एक नेता हर रोज सोशल मीडिया के माध्यम से खूब प्रचार-प्रसार करते थे। सबसे कामों की ज़िम्मेदारी लेते रहते थे। जब सरकार में हैं, मंत्री हैं तो प्रदेश के लोगों द्वारा किसी भी मांग पर कहते हैं कि हम डाकिया नहीं हैं। उन्होंने कहा आज मनोहर जैसे हत्याकांड हो रहे, हत्या के बाद भी जब जी नहीं भरा तो आठ टुकड़े में काट दिया। ऐसे लोगों को मुख्यमंत्री जैसे लोग शह दे रहे हैं जो खुलेआम मंचों से कहते हैं कि हमने 97 प्रतिशत की हिंदूओं को हराया हैं। क्या हिंदू होना कोई गुनाह है। नेता प्रतिपक्ष रामपुर में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे, इस मौके पर उनके साथ आनी के विधायक लोकेंद्र, रामपुर से बीजेपी के प्रत्याशी रहे कौल सिंह नेगी, जिलाध्यक्ष अरुण फाल्टा, मंडल अध्यक्ष कुलवीर, नरेश चौहान, बृजलाल अमर ठाकुर, विजय गुप्ता, श्यामलाल गुप्ता,जगदीश, अनिल चौहान, सभी मोर्चों के साथ साथ स्थानीय पार्षद समेत हजारों कार्यकर्ता मौजूद रहे। पहले बंद संस्थान बहाल करें, फिर सहयोग की बात करें नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हम सरकार खिलाफ नहीं है, हम जनता के लिए हैं। हमारा सरकार को पूरा सहयोग है। लेकिन सबसे पहले जनहित के लिए खोले गये संस्थानों को बहाल करिए। फिर हम बात करेंगे। ऐसा नहीं हो सकता है कि आप प्रतिशोध कि भावना के साथ काम करिए और हम से ही सभी सहयोग लेते रहिए। जनता कांग्रेस को करेगी डिनोटिफाई नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि सरकार सभी बंद किए संस्थानों को फिर से नोटिफाई नहीं करेगी तो प्रदेश के लोग ही सुक्खू की सरकार को डिनोटिफ़ाई कर देंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार आते ही हम सारे डिनोटिफ़ाई संस्थानों को नोटिफाई करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों के सामने कांग्रेस बेनक़ाब हो गई है और सभी नेताओं का भांडा फूट चुका है। हिमाचल के लोग आने वाले चुनाव में ही कांग्रेस को बता देंगे।
शिमला जिला के मतियाना में स्टार प्रोजेक्ट के तहत रोबोटिक्स लैब में विद्यालय के शिक्षकों को पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण में स्कूलनेट इंडिया लिमिटेड से आए प्रशिक्षक अनुराग तिवारी, सोनू मिश्रा और वीरेंद्र ने शिक्षकों को मैकेनिकल निर्माण और रोबोटिक्स एंबेडेड इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम के बारे में जानकारी दी। हिमाचल प्रदेश में स्कूलनेट इंडिया लिमिटेड के प्रदेश समन्वयक सन्नी शर्मा ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि आधुनिक भारत में तकनीकी शिक्षा होनी अतिआवश्यक है, ताकि वैश्विक पटल पर भारत के छात्र अविष्कार के क्षेत्र में नए नए आयाम और कीर्तिमान स्थापित कर सके। इस प्रशिक्षण का शुभारंभ जिला परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा शिमला श्री जय देव नेगी ने किया। इसमें उन्होंने प्रशिक्षकों को रोबोटिक्स लैब के फायदे बताए और बताया की कैसे शिक्षक अपने विद्यालय में प्रशिक्षण के पश्चात छात्रों के अंदर क्रिएटिविटी पैदा कर सकते हैं। इस प्रशिक्षण शिविर में राज्य समन्वयक समग्र शिक्षा वर्षा सूद ने भी अध्यापकों के समक्ष अपने विचार रखे और उन्हें रोबोटिक्स लैब को अधिक से अधिक इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया। सन्नी ने कहा कि उन्होंने कहा कि पांच दिवसीय इस प्रशिक्षण शिविर में डिजाइन थिंकिंग, उत्पाद विकास विचारों, शैक्षणिक अवधारणाओं के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण के पश्चात प्रशिक्षु शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश के पश्चात रोबोटिक्स कक्षाएं संचालित करेंगे। इस मौके पर विभिन्न विद्यालयों से आए हुए लगभग चालीस शिक्षकों ने भाग लिया। यह जिला स्तरीय शिमला जिला का प्रशिक्षण शिविर था। ऐसे प्रशिक्षण पूरे प्रदेश में सभी जिला होंगे।
प्रदेश कांग्रेस नेताओं ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के समर्थन में नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार की तानाशाही नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राहुल गांधी डरो मत हम तुम्हारे साथ, स्वतंत्र देश मे निरंकुश तानाशाही जैसे तख्तियां हाथ में लिए भारी बारिश के बावजूद जबरदस्त नारेबाजी की। इस अवसर पर प्रदेश महासचिव यशवंत सिंह छाजटा, अमित पाल सिंह, देवेंद्र बुशेहरी, प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष जैनब चंदेल, अमित नंदा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष शहरी जितेंद्र चौधरी,विनोद जिंटा,जी एस तोमर, हेमराज शर्मा, एस के सहगल, वीर सिंह वीरू, विनोद भाटिया, बनीता वर्मा, ऊषा दीवानटा, डॉ. दिनेश शर्मा, मधु सिंह, प्रकाश, विजय ठाकुर एनएस यू आई के महासचिव यासीन भट्ट, एनएसयूआई शिमला शहरी के प्रभारी, नितिन देष्टा, प्रवीण मिन्हास, योगेश यादव, मन्नत मेहता, बुनित कश्यप, समीक्षा ठाकुर, निखिल, प्रियांशू, सुजल, आयर्न, हिमांक व अन्य कांग्रेस व एनएसयूआई,युवा कांग्रेस, सेवादल के कार्यकर्ता मौजूद थे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने मानहानि के एक मामले में राहुल गांधी की याचिका खारिज होने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि न्याय की लड़ाई हर स्तर पर लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस एकजुटता के साथ राहुल गांधी के साथ खड़ी है। राहुल गांधी के खिलाफ भाजपा का कोई भी षडयंत्र सफल होने वाला नही। प्रतिभा सिंह ने राहुल गांधी की मानहानि की याचिका खारिज होने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि केंद्र की मोदी सरकार की तानाशाही आज देश की राजनीति में अस्थिरता पैदा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को एक राजनैतिक षडयंत्र के तहत लोकसभा की सदस्यता से बाहर किया गया। देश मे आज जिस प्रकार से संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है वह बहुत ही चिंता की बात हैं। उन्होंने कहा है कि राहुल गांधी के संघर्ष की लड़ाई में देश प्रदेश की कांग्रेस उनके साथ खड़ी हैं। उन्होंने कहा है कि सत्य परेशान हो सकता है पराजित नही। प्रदेश का एक एक पार्टी कार्यकर्ता राहुल गांधी की इस लड़ाई में उनके साथ खड़ा हैं।
भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं सुंदरनगर से विधायक राकेश जम्वाल ने कहा की कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने अपने युवा मंत्री विक्रमादित्य के ऊपर दबाव बनाकर अपने दिए गए बयान और विचारों से यू-टर्न लेने पर मजबूर किया है। हिमाचल प्रदेश के युवा मंत्री लगातार सोशल मीडिया और मीडिया में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे और केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित यूसीसी को लेकर अपना समर्थन दर्ज कर रहे थे। हैरानी की बात है कि कल वह युवा मंत्री एक प्रेस वार्ता बुलाते हैं और अपने बयान से यू टर्न ले लेते हैं, इससे स्पष्ट होता है कि कांग्रेस पार्टी के आलाकमान नेता अपने युवा नेतृत्व के विचारों का गला घोटने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस की बहुत पुरानी आदत है कि फूट डालो और राजनीति करो। डिवाइड एंड रूल की पॉलिसी पर कांग्रेस नेता आज से नहीं भारत की आजादी से लेकर खेल रहे हैं। अल्पसंख्यक के वोट बटोरने के लिए इस प्रकार के हथकंडे कांग्रेस पार्टी निरंतर अपनाती है। इसके कई उदाहरण भारत के इतिहास में हमने देखे भी है और जनता जानती भी है। कांग्रेस पार्टी वोट के लालच में वस्तुस्तीथ से भागने का कार्य करती है और जिस प्रकार का वातावरण भारत में बन रहा है, उससे स्पष्ट है कि कांग्रेस पार्टी विशेष अनुमति प्रदान कर विशेष समुदाय को एकत्र करने का प्रयास कर रही है, जिससे भारत का भविष्य अंधकार की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है, ऐसा तो नहीं कि कांग्रेस पार्टी के नेता भारत के भविष्य को अंधकार की ओर धकेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं द्वारा भारतीय जनता पार्टी पर जितने भी आरोप लगाए जा रहे हैं वह निराधार है। भाजपा के किसी भी नेता ने ऐसा प्रयास नहीं किया जिससे हिमाचल प्रदेश में राजनीतिक माहौल खराब हो। विपक्ष का तो कार्य है कि वह वर्तमान सरकार की नाकामियों को जनता के समक्ष लाएं, अगर उससे भी सत्तारूढ़ नेता परेशान है तो हम कुछ नहीं कर सकते। विपक्ष निरंतर अपना काम करता रहेगा और विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कांग्रेस पार्टी हिमाचल प्रदेश में न करें।
जनजातीय क्षेत्रों का विकास प्रदेश की वास्तविक उन्नति का प्रतीक है। प्रदेश सरकार इन क्षेत्रों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है। यह बात जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने वीरवार को यहां जनजातीय विकास विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। जगत सिंह नेगी ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के लोग भौगोलिक कठिनाइयों का सामना करते हुए कड़ी मेहनत कर अपनी आजीविका कमा रहे हैं तथा प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान भी दे रहे हैं। दुर्गम क्षेत्रों में निवास कर रहे जनजातीय लोगों के कल्याण तथा उत्थान के लिए प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत 857 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके अतिरिक्त जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम के अंतर्गत केंद्रीय योजनाओं में 335 करोड़ रुपये का परिव्यय भी प्रस्तावित है।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज यहां जुब्बल ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय में पूर्व मुख्यमंत्री स्व. ठाकुर रामलाल की 22वीं पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके प्रदेश के लिए किए गए उल्लेखनीय योगदान पर विचार व्यक्त किए। इसके उपरांत उन्होंने आईटीआई भवन जुब्बल में 10 करोड़ 44 लाख रुपये से निर्मित होने वाले आजीविका केंद्र का शिलान्यास किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जुब्बल नावर कोटखाई विधानसभा क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के युग में आईटीआई जुब्बल, तकनीकी संस्थान प्रगति नगर और आईटीआई टिक़्कर मैं आधुनिक युग के अनुसार नवीनतम ट्रेड शुरू किए जाएंगे जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के साधन उपलब्ध हो सके और वे आत्मनिर्भर बन सके। उन्होंने बताया कि वर्तमान राज्य सरकार ने प्रदेश में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 361 करोड़ का प्रावधान किया है।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज जुब्बल उप मंडल के शुराचली क्षेत्र की ग्राम पंचायत थाना में 90 लाख रुपये से निर्मित होने वाली उठाऊ पेयजल योजना का लोकार्पण किया और क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ करने का आश्वासन दिया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार बागवानों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है और यूनिवर्सल कार्टन के माध्यम से बागवानों को राहत प्रदान की जाएगी रोहित ठाकुर ने बताया कि राज्य में शिक्षा के आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाया जा रहा है और प्रदेश की साक्षरता दर 88 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है और शीघ्र ही राज्य में 6000 शिक्षकों के पद भरे जाएंगे और ग्रामीण परिवेश के छात्र छात्राओं को घर द्वार पर शिक्षा सुविधा उपलब्ध होगी। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि जुब्बल नावर कोटखाई विधानसभा क्षेत्र में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं और पर्यटन की दृष्टि से क्षेत्र को विकसित किया जा रहा है ताकि स्थानीय युवाओं की आर्थिकी में इजाफा हो सके और उन्हें घर द्वार पर स्वरोजगार के साधन उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में संपर्क मार्गों को सुदृढ़ किया जाएगा ताकि किसानों को अपने उत्पाद मंडियों में पहुंचाने में कोई असुविधा ना हो। शिक्षा मंत्री ने इस अवसर पर स्थानीय लोगों की जन समस्याएं भी सुनी और उनका त्वरित निवारण किया। जिला परिषद सदस्य कौशल मुंगटा ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और उन्हें क्षेत्र की समस्याओं से अवगत करवाया। इस अवसर पर जुब्बल नावर कोटखाई विधानसभा क्षेत्र के मंडल अध्यक्ष मोतीलाल डेरटा, उप मंडल अधिकारी जुब्बल राजीव संख्यान, खंड विकास अधिकारी करण सिंह, कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी गण, अधिकारीगण व कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रदेश कांग्रेस सचिव एवं राज्य सहकारी बैंक के निदेशक हरिकृष्ण हिमराल ने केंद्र सरकार से प्रदेश के पड़ोसी राज्यों हरियाणा व पंजाब के साथ लंबित मामलों को सुलझाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा है कि हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की चंडीगढ़ में प्रदेश की 7.12 प्रतिशत हिस्सेदारी, पंजाब से सानन पावर प्रोजेक्ट को वापिस प्रदेश को देने व वाटर सेस लागू करने जैसे मुद्दों को सुलझाने के लिए प्रदेश की मदद करनी चाहिए। हिमराल ने एक बयान में कहा है कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति सुधारने व प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बीबीएम के पास पड़े प्रदेश के लंबित मामलों का भी जल्द निपटारा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री सुक्खू प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सार्थक प्रयास कर रहें है, इसलिए केंद्र सरकार को उन्हें हरसंभव मदद देनी चाहिए। हिमराल ने प्रदेश सरकार के निर्णयों की सराहना करते हुए कहा है कि सुक्खू सरकार जनहित में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस सरकार प्रदेश के समग्र विकास के प्रति समर्पित हैं और इस दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
उद्योग, संसदीय कार्य, आयुष मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार हिमाचल को देश का सर्वश्रेष्ठ निवेश स्थल बनाने के लिए प्रयासरत है। इस दिशा में प्रदेश सरकार द्वारा उद्योग स्थापित करने के लिए सरल नीति बनाई जा रही है। हर्षवर्धन चौहान गत सायं सोलन ज़िला के दून विधानसभा क्षेत्र में बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ उद्योग संघ (बीबीएनआईए) के साथ आयोजित वार्षिक बैठक तथा संवाद कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार बीबीएन सहित राज्य के सभी औद्योगिक क्षेत्रों में और बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए कृत संकल्प है। उन्होंने कहा कि बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र प्रदेश की आर्थिकी का हब है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल के उद्योगपतियों की हर समस्या का निदान करने के लिए उचित कदम उठा रही है ताकि उद्योगपतियों को प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए कठिनाई का सामना न करना पड़े। उद्योग मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ औद्योगिक क्षेत्र में सभी मूलभूत एवं अधोसंरचनात्मक सुविधाओं के विकास पर विशेष बल दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से पिंजौर-नालागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग फोरलेन का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि नालागढ़ के लखनपुर में मेडिकल डिवाइज पार्क का निर्माण किया जा रहा है जिसमें अंतरराष्ट्रीय उद्योग स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि उद्योगों के स्थापित होने से लगभग 15 हजार युवाओं को रोज़गार के अवसर प्रदान होंगे। हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार उद्योगपतियों व औद्योगिक संगठनों की समस्याओं को बातचीत के माध्यम से हल कर रही है। बेहतर निवेश वातावरण प्रदान करना प्रदेश सरकार का लक्ष्य है। इस अवसर पर उद्योग मंत्री ने बीबीएनआईए की स्मारिका का विमोचन भी किया। मुख्य संसदीय सचिव राम कुमार ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का सपना प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने में उद्योगों अहम भूमिका निभाएंगे। बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ललित जैन ने इस अवसर पर कहा कि बीबीएन उत्तर भारत का ऐसा औद्योगिक क्षेत्र है जहां पर उद्योगपतियों को कार्य करने के लिए सौहार्दपूर्ण वातावरण उपलब्ध है। उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने इस अवसर उद्योगपतियों का आह्वान किया कि प्रदेश के पर्यावरण के दृष्टिगत ऐसे उद्योग स्थापित करें जिनका कच्च माल भी हिमाचल में उपलब्ध हो। पुलिस अधीक्षक बद्दी मोहित चावला ने कहा कि बद्दी क्षेत्र में सभी की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बनाए रखने लगभग 04 हजार सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है। कार्यक्रम में बीबीएनआईए के अध्यक्ष राजेंद्र गुलेरिया तथा आगामी अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने उद्योग मंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि बीबीएनआईए ने 28 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण कर लिया है। उन्होंने सरकार के कार्यकाल के दौरान बीबीएन औद्योगिक क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने क्षेत्र में उद्योगपतियों को आ रही समस्याओं के बारे में अवगत भी करवाया। औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों व उद्योगपतियों ने बीबीएन क्षेत्र में बेहतरीन औद्योगिक वातावरण तथा सुविधाएं स्थापित करने के विषय में अपने-अपने सुझाव दिए। उपमंडलाधिकारी नालागढ़ दिव्यांशु सिंगल, उप निदेशक उद्योग बद्दी संजय कंवर, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी नरेंद्र कुमार आहलूवालिया, पुलिस उपाधीक्षक नालागढ़ फिरोज़ खान, बीबीएनआईए के पदाधिकारी तथा उद्योगपति उपस्थित थे।
भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 122वीं जयंती पर भाजपा मुख्यालय दीप कमल चक्कर शिमला में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई इस मौके पर विधायक जेआर कटवाल मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेताओं के काम करने का तरीका किसी से छुपा नहीं है, कांग्रेस पार्टी जनता के समक्ष ऐसा मुद्दा लेकर आती है जो जनता को भ्रमित करने वाला होता है। इन्होंने ओपीएस की बात करी थी और आने वाले समय में इस बात का पता लग जाएगा, पहले पहली कैबिनेट की बात होती थी और अब 7 महीने होने को जा रहे हैं और अभी तक ओपीएस केवल अधिसूचना मात्र है। ऐसा न हो कि आने वाले समय में कर्मचारियों को इसका नुकसान उठाना पड़े। जहां तक रही कांट्रेक्चुअल और आउटसोर्स कर्मचारियों की बात तो एक बात बड़ी स्पष्ट है कि आउटसोर्स कर्मचारियों को भी जो पैसा मिलता है, वह सरकारी खजाने से जाता है और सरकारी खजाने से जिस व्यक्ति को पैसा जाता है उसको निकालने के मापदंड भी सरकारी सहमति से और इंसानियत के तरीके से होना चाहिए। पहले इन्होंने आते ही जल शक्ति विभाग के आउटसोर्स कर्मचारी निकाले, सि कारण पानी को लेकर जनता को समस्याओं का सामना करना पड़ा, लोगों को पानी से वंचित होना पड़ा। इन्होंने सोशल जस्टिस डिपार्टमेंट और महिला एवं बाल विकास डिपार्टमेंट में आउटसोर्स कर्मचारीयो को भी निकाला और अब आशा वर्कर्स जिन्होंने कोविड महामारी के समय में जन सेवा की थी उनको निकालने की बात हो रहे है। उन्होंने कहा है कि इन कर्मचारियों को निकालकर फिर नौकरी देंगे, यह कांग्रेस पार्टी का भ्रमित करने वाला बयान है। जिन लोगों को भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने नौकरियां दे दी थीं उनको निकालकर फिर नौकरियां देने वाली बात क्या है। इस अवसर पर भाजपा नेता संजय ठाकुर, प्यार सिंह कंवर, संजय सूद, तिलक राज, कर्ण नंदा विशेष रूप में उपस्थित रहे।
बाहरा विश्वविद्यालय में एचपीपीईआरसी द्वारा एंटी ड्रग क्लब, पर्यावरण क्लब और हरीत ऊर्जा क्लब पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में मुख्य अतिथि आई जी सीआईडी संतोष पटियाल रहे। मेजर जनरल अतुल कौशिक अध्यक्ष एचपीपीईआरसी , प्रो. शशिकांत शर्मा सदस्य एचपीपीईआरसी, ललित कुमार सदस्य एचपीपीईआरसी और हिमाचल प्रदेश के सभी निजी विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि और नोडल अधिकारी मौजूद रहे। इस कार्यशाला में सभी विषयों पर चर्चा परीचर्चा हुई। इस अवसर पर कुलपति बाहरा विश्वविद्यालय डॉ. किरण अरोड़ा, रजिस्ट्रार विनीत कुमार डीन एकेडमिक्स डॉ. एस मार्कंडेय उपस्थित रहे।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लोगों की शिकायतों की कोई सुनवाई नहीं हैं। सरकार में बैठा कोई भी जवाबदेह मंत्री, अधिकारी लोगों की शिकायतें सुनने को तैयार नहीं हैं। मुख्यमंत्री शिकायतें सुन नहीं रहे हैं, उपमुख्यमंत्री के पास लोग जाते हैं तो वे मुख्यमंत्री के पास जाने की बात करते हैं। प्रदेशे के मंत्रियों का भी वही हाल है। वह जिस जिले में जाते हैं वहां की बड़ी-बड़ी घटनाओं की जानकारी भी उनके पास नहीं होती है। सरकार में बैठे लोगों के उदासीन रवैये के कारण स्थानीय स्तर पर कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी भी शिथिलता बरतते हैं। जिससे लोगों की छोटी-छोटी शिकायतों का भी समाधान नहीं हो पा रहा है। लोग परेशान हैं कि वह किससे अपनी शिकायतें कहें। नेता प्रतिपक्ष नें कहा कि लोग मंत्रियों और मुख्यमंत्री की गाड़ी के सामने खड़े हो जाए और न्याय मांगें यह सही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सडकों पर सस्ती लोकप्रियता के लिए किये जाने वाले स्टंट को न्याय नहीं कहते हैं। क़ानून का तकाजा है कि सभी को न्याय मिले। इसलिए सरकार ऐसा तंत्र बनाए जिससे लोग मर्यादापूर्ण तरीके से गोपनीयता के साथ अपनी शिकायतें सत्ता तक पहुंचा सकें और न्याय पा सकें। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हिमाचल की भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए हमने जनमंच की व्यवस्था बनाई थी, उसे सुक्खू सरकार ने बंद कर दिया। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1100 की व्यवस्था बनाई थी, जिसे भगवान् भरोसे छोड़ दिया है। आज हिमाचल के लोगों की 11 हजार से ज्यादा शिकायतें ऐसी है, जिनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार को जन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एक निर्धारित समयावधि में उनका निपटारा करना होगा। हम प्रदेश के लोगों के साथ सरकार की इस तरह की मनमर्जी नहीं चलने देंगे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हिमाचल में लोगों के काम न रुके और उन्हें परेशान न होना पड़े उसके लिए हमने जनमंच और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की व्यवस्था की थी। जनमंच में तो हर मंडल मुख्यालय पर शासन-प्रशासन के लोग जुटते थे और मौके पर ही हजारों शिकायतों का निपटारा होता था। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1100 से लोग घर बैठे अपनी शिकायतें दर्ज करवाते थे और निर्धारित समय में उनकी समस्या का समाधान हो जाता था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में सभी शिकायतों का समाधान हो इसलिए मुख्यमंत्री होने के नाते मैं खुद भी मॉनिटरिंग करता था। हमारी सक्रियता का परिणाम था कि दोनों माध्यमों से हमने साढ़े चार लाख से ज्यादा जन शिकायतों का निपटारा किया और इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी शिकायतकर्ता का एक भी पैसा नहीं खर्च हुआ था। उन्होंने कहा हमारे सरकार के समय की योजनाएं बंद करने से अगर हिमाचल के लोगों का भला हो रहा है तो मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री सारी योजनाएं बंद कर दें, अगर उन योजनाओं के बंद होने से हिमाचल के लोगों को समस्या हो रही है तो उन्हें जनमंच और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन जैसी योजनाओं को प्रभावी ढंग से चलाना चाहिए। हिमाचल के लोगों ने कांग्रेस को हिमाचल का भला करने के लिए सत्ता सौंपी है न कि बदले की राजनीति के लिए।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज चंडीगढ़ से वर्चुअल माध्यम से पांच करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले आदर्श पुलिस थाना, शाहपुर की आधारशिला रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से इस पुलिस स्टेशन की आधारशिला रखना चाहते थे, लेकिन खराब मौसम के कारण वह शाहपुर नहीं पहुंच सके। मुख्यमंत्री ने कांगड़ा जिला को ‘पर्यटन राजधानी’ के रूप में विकसित करने के सरकार के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू पर्यटकों की संख्या में वृद्धि के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तारीकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार विस्थापितों को सरकारी जमीन उपलब्ध कराएगी ताकि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में कोई भी परिवार बेघर न हो। उन्होंने कहा कि कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार से क्षेत्र में आर्थिक समृद्धि आएगी। उन्होंने कहा कि पालमपुर में हेलिकॉप्टर के लिए हैंगर के निर्माण सहित हवाई सेवा में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, सरकार ने शाहपुर-फतेहपुर सड़क परियोजना के लिए 70 करोड़ रुपये आवंटित करने की योजना बनाई है और रैहन महाविद्यालय के लिए भी धन उपलब्ध करवाया गया है। इसके अलावा, बीड़ में एक पुलिस थाना खोलने को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार क्षेत्रीय भावनाओं से ऊपर उठकर पूरे राज्य का संतुलित और समग्र विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आईटीआई शाहपुर में ड्रोन पायलट और मैकेनिक से सम्बंधित प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की विकट आर्थिक स्थिति के बावजूद सरकार प्रदेश के विकास में धन की कोई कमी को आड़े आने नहीं देगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन बहाल है ताकि वे वृद्धावस्था में सम्मानजनक तरीके से जीवन व्यतीत कर सकें। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में हिमाचल प्रदेश की 7.19 प्रतिशत हिस्सेदारी संबंधी मामले के लिए एक मंत्रिमंडलीय उप-समिति का गठन किया गया है। उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं, विशेषकर एसजेवीएन द्वारा शुरू की गई बिजली परियोजनाओं में राज्य के हितों की उपेक्षा करने के लिए पिछली भाजपा सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश के हितों संबंधी मामलों को विभिन्न मंचों पर रखा जा रहा है। उन्होंने प्रदेश के लोगों और हिमाचल के हितों के मामलों में भाजपा से सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान प्रदेश के हितों को दरकिनार करते हुए निवेश के नाम पर केवल राज्य के संसाधनों का अंधाधुंध दोहन किया गया। कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने हिमाचल को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न पहल की है। उन्होंने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सरकार द्वारा कई कदम उठाए गए हैं और कांग्रेस सरकार राज्य के समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों के दौरान किए गए सभी वायदों को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। इससे पहले स्थानीय विधायक केवल सिंह पठानिया ने शाहपुर में आधुनिक पुलिस स्टेशन के निर्माण के लिए धनराशि प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के गतिशील नेतृत्व में राज्य में जन कल्याण की कई योजनाएं शुरू की गई हैं। यह कल्याणकारी योजनाएं प्रदेश के इतिहास में एक नए युग की शुरुआत करेंगी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आज ज़िला कांगड़ा के पालमपुर में आयोजित उत्तर भारत के पहले हिमाचल ड्रोन कॉन्क्लेव के समापन समारोह में चंडीगढ़ से वर्चुअल माध्यम से जुड़े। उन्होंने लोगों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी संचालित प्रशासन को बढ़ावा देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ड्रोन तकनीक किसानों, बागवानों को लाभान्वित करने के साथ-साथ कानून व्यवस्था की निगरानी सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रशासन को और बेहतर बनाने के लिए कृत्रिम मेधा (आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस) जैसी आधुनिक तकनीक का उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उन्नत सूचना प्रौद्योगिकी को अपनाकर प्रदेश तकनीकी क्षेत्र में परिर्वतनकारी बदलावों की राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के दृष्टिगत विभिन्न क्षेत्रों में ड्रोन के उपयोग के महत्व को देखते हुए हिमाचल ड्रोन कॉन्क्लेव राज्य के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। प्रौद्योगिकी के महत्व पर बल देते हुए ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने चौधरी सरवन कुमार कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर से अपने परिसर में ड्रोन प्रौद्योगिकी से संबंधित प्रदर्शन इत्यादि आयोजित करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रदर्शन किसानों की आर्थिकी सुदृढ़ करने के दृष्टिगत उन्हें कृषि क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीकी को अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आगामी छः माह में इन प्रयासों के सुपरिणाम देखने को मिलेंगे। हिमाचल प्रदेश में ड्रोन निर्माण के लिए समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस क्षेत्र के निवेशकों को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार सभी बाधाओं का समाधान कर निवेशकों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाएगी। इसके अलावा, राज्य सरकार सरकारी क्षेत्र में उपयोग के लिए राज्य सरकार ड्रोन भी खरीदेगी। इस दो दिवसीय हिमाचल ड्रोन कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री खराब मौसम के कारण व्यक्तिगत रूप से भाग नहीं ले पाए। इस अवसर पर 200 करोड़ रुपये के पांच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) हस्ताक्षरित किए गए। इन एमओयू में प्रशासन में ड्रोन के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए फिक्की के साथ एक समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया। इसके अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश में निवेश के लिए एबेकोड टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड और ड्रोनटेक साल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, उड़ान संचालन की निगरानी के लिए मानव रहित यातायात प्रबंधन समाधान के लिए स्काईएयर के साथ भी समझौता किया गया इसके लिए डिजिटल टेक्नोलाजीज और गवर्नेंस विभाग, सीएसकेएचपीकेवी और आईआईटी रोपड़ का सहयोग लिया जाएगा। यह सहयोग कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित डिजिटल कीट विज्ञानॉ पशुधन प्रबंधन, कोल्ड चेन प्रबंधन, इंटरनेट ऑफ थिंग्ज़ (आईओटी) और ड्रोन प्रौद्योगिकी सहित कृषि इत्यादि क्षेत्रों पर केंद्रित होगा। मुख्य संसदीय सचिव आशीष बुटेल ने पालमपुर में हिमाचल ड्रोन कॉन्क्लेव आयोजित करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में ड्रोन के व्यापक उपयोग पर बल दिया। उन्होंने लोगों के लिए प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार) गोकुल बुटेल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पहली बार इस सम्मेलन का आयोजन अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के उपयोग से सुशासन उपलब्ध करवाने के प्रति मुख्यमंत्री की दूरदृष्टि का परिचायक है। उन्होंने कहा कि ड्रोन तकनीक भविष्य में युवाओं के लिए रोजगार के उपलब्ध करवाएगी। इस अवसर पर सूचना प्रौद्योगिकी सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने कॉन्क्लेव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस कॉनक्लेव में 26 निजी कंपनियों और 25 राज्य सरकार के विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज यहां आगामी सेब सीजन की तैयारियों से संबंधित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि सेब राज्य की आर्थिकी का मुख्य स्रोत है तथा प्रदेश सरकार इस सेब सीजन को सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है। जगत सिंह नेगी ने सेब सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए बागवानी, कृषि, लोक निर्माण तथा पुलिस विभाग को सभी पहलुओं के मद्देनजर आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बागवान व किसान हितैषी सरकार ने सदैव बागवानों के हित में निर्णय लिए हैं तथा भविष्य में भी बागवानों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। बागवानी मंत्री ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न स्थानों में सेब मंडियों में पार्किंग, पेयजल, शौचालय, बिजली तथा अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी ताकि सेब सीजन से संबंधित बागवानों, आढ़तियों तथा अन्य हितधारकों को लाभ मिल सके। उन्होंने यातायात नियंत्रण पर बल देते हुए कहा कि सेब सीजन के लिए उपयोग में लाई जाने वाली सभी सड़कों की मरम्मत तथा सेब मंडियों में वाहनों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने संबंधित उपायुक्तों को जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष की स्थापना तथा उचित प्रबन्धन के निर्देश भी दिए। बाहरी वाहनों में जीपीएस की अनिवार्यता पर भी बल दिया गया ताकि चोरी इत्यादि मामलों में समय रहते कार्रवाई की जा सके। विभिन्न स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों तथा स्वचालित स्पीडोमीटर की सहायता से भी यातायात तथा कानून व्यवस्था पर निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने पुलिस विभाग को आवश्यक बल तैनात करने के भी निर्देश दिए। बैठक के दौरान पैकेजिंग सामग्री की व्यवस्था तथा समायोचित आपूर्ति और कृषि उत्पाद विपणन समिति अधिनियम 2005 के अनुसार फल की नीलामी के उपरान्त वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित करने के भी निर्देश दिए गए। बागवानी आढ़तियों का पंजीकरण तथा उन्हें समय पर लाइसेंस व पहचान-पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त बागवानों को समय पर उनके उत्पाद की बिक्री के भुगतान की उचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त मण्डी मध्यस्थता योजना पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर सचिव बागवानी अमिताभ अवस्थी, निदेशक बागवानी संदीप कदम, उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी, हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम के प्रबंध निदेशक सुदेश मोक्टा, हिमाचल प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के प्रबंध निदेशक हेमिस नेगी, उप-मंडलाधिकारी कल्पा शंशाक गुप्ता, पुलिस अधीक्षक शिमला संजीव गांधी, उप-पुलिस अधीक्षक सोलन भीष्म ठाकुर, हिमफेड के प्रबंध निदेशक ज्ञान सागर नेगी, मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग एस.पी. जगोता, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक जीत सिंह ठाकुर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। बैठक में उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग व पुलिस अधीक्षक कुल्लू साक्षी वर्मा कार्तिकेयन तथा उपायुक्त मंडी अरिंदम चौधरी व पुलिस अधीक्षक मंडी सौम्या सांबशिवन ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित बनाया जा रहा है कि कर्मचारियों को उनके सभी देय लाभ समय पर मिलंे। मुख्यमंत्री आज चंडीगढ़ में हिमाचल भवन, चंडीगढ़ के अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित कर रहे थे। हिमाचल भवन के अधिकारियों और कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ के सामान्य आवास पूल में हिमाचल भवन चंडीगढ़ के कर्मियों को आवास आवंटित करने का मामला चंडीगढ़ प्रशासन से उठाया जाएगा। उन्होंने इस संबंध में अधिकारियों को दूरभाष पर उचित दिशा-निर्देश भी जारी किए। उन्होंने कहा कि आवास की सुविधा कर्मियों की कार्य कुशलता में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन विकास की व्यापक संभावनाएं हैं और पर्यटन विकास निगम को हिमाचल के अनछुए पर्यटन क्षेत्र के दोहन में सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की समृद्ध परम्परा के प्रसार में निगम की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के एन पी एस कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना में सम्मिलित कर प्रदेश सरकार ने न केवल अपना वायदा निभाया है अपितु इन कर्मियों का भविष्य भी सुरक्षित किया है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों के समर्पण एवं परिश्रम के साथ प्रदेश शीघ्र ही आर्थिक संपन्नता की ओर कदम बढ़ाएगा। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस समिति के उपाध्यक्ष राहुल सिंह ठाकुर, हिमाचल भवन चंडीगढ़ के उप महा प्रबंधक अनिल कपूर सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
एसएफआई की प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने विश्वविद्यालय में आउटसोर्स के जरिए की जा रही भर्तियों को रोकने और नॉन टीचिंग स्टाफ की भर्तियों को करवाने तथा विश्वविद्यालय में प्रोफेसर भर्ती में हुई अनियमितता की जांच करने को लेकर रजिस्ट्रार को मांग पत्र सौंपा। इकाई अध्यक्ष हरीश ने नॉन टीचिंग स्टाफ की रिक्रूटमेंट पर बात रखते हुए कहा कि एसएफआई पहले भी यह मांग उठाई थी कि इन भर्तियों को जल्द करवाया जाए, क्योंकि हर बार रिजल्ट्स लेट आने का कारण नॉन टीचिंग स्टाफ की कमी है। विश्वद्यालय प्रशासन ने इसके लिए भर्ती की नोटिफिकेशन जून 2020, सितंबर 2021 और जनवरी 2022 में तो निकाली थी, लेकिन अभी तक यह परीक्षा करवाने में विश्विद्यालय प्रशासन नाकाम रहा है। जब छात्रों से फीस लेने की बारी आती है तो तब तो विश्विद्यालय प्रशासन कहीं पीछे नहीं रहता, लेकिन वहीं जब एग्जाम्स कंडक्ट करवाने की बारी आती है तो वो नहीं करवा पा रहा है। इकाई सचिव सुरजीत ने कहा कि एक तरफ तो विश्वविद्यालय प्रशासन स्थाई रोजगार देने में असमर्थ है, परंतु दूसरी तरफ हर महीने- दो महीनों के अंदर आउटसोर्स के जरिए नये-नये लोगों को भरने का काम किया जा रहा है। इस सब का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। एसएफआई ने विश्विद्यालय प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ये मांगें जल्द पूरी नहीं की गई तो एसएफआई आने वाले समय में छात्रों को लामबंद करते हुए विश्विद्यालय प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन करेगी, जिसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन तथा प्रदेश सरकार होगी।
लोक लेखा समिति की बैठक सभापति अनिल शर्मा की अध्यक्षता में 4 व 5 जुलाई को विधानसभा के मुख्य समिति कक्ष में आयोजित हुई, जिसमें इंद्र दत्त लखनपाल, राजेश धर्माणी, बलबीर सिंह वर्मा, जीत राम कटवाल, कृष्ण लाल ठाकुर, डॉ. जनक राज, एवं अजय सोलंकी सदस्यों ने भाग लिया। इसमें समिति ने विभिन्न विभागों से अपेक्षित सुओ-मोटो उत्तरों तथा मूल/कार्रवाई प्रतिवेदनों में अंतर्विष्ट सिफारिशों से संबंधित लंबित कार्यों पर मुख्य सचिव एवं सचिव (वित्त), हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ मौखिक साक्ष्य किया।
एएनटीएफ राज्य सीआईडी शिमला रेंज ने एक नेपाली मूल के व्यक्ति से 5 लाख रुपये मूल्य की 1.876 किलोग्राम चरस बरामद की है। इस संदर्भ में पुलिस थाना सदर, जिला सोलन में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20-61-85 के तहत मामला दर्ज किया गया है। व्यक्ति की पहचान बहादुर (57) पुत्र अमृत बहादुर, निवासी पाताल कटेरी तेह विजयवर, नेपाल के रूप में हुई है। आरोपी वर्तमान में सोलन के कदारी खुर्द में रहता है।
प्रदेश सरकार सूचना प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित कर लोगों को सुलभ सेावएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान दूर-दराज के क्षेत्रों में 1000 लोक मित्र केंद्र खोलने पर विचार कर रही है। इस पहल से राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं के लिए उनके घर-द्वार के निकट रोज़गार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार इन केन्द्रों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर इंटरनेट सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि विश्वसनीय और उच्च गति की संचार सुविधा प्रदान करने के लिए पूरे प्रदेश में ऑप्टिकल फाइबर केबल का व्यापक नेटवर्क बिछाया जाएगा। सरकार 5-जी सेवाओं को मजबूत करने के लिए संबंधित प्राधिकारियों के साथ भी मामला पर विचार-विमर्श करेगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए सरकार द्वारा पर्याप्त बजट प्रावधान किया गया है। लोगों को सरल और सुगम सेवाएं उपलब्ध करवाने के दृष्टिगत सरकार की लगभग सभी जनहित सेवाएं आज ऑनलाइन उपलब्ध हैं और मौजूदा लोक मित्र केंद्रों के माध्यम से लोग इन सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं। सरकार द्वारा लोक मित्र केंद्रों के नेटवर्क को और सुदृढ़ करने पर बल दिया जा रहा है। इनके माध्यम से जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र, राजस्व रिकॉर्ड, बोनोफाईड हिमाचली प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के लिए पंजीकरण, परीक्षा फॉर्म भरने और ऑनलाइन नौकरी के आवेदन जैसी सेवाओं में दक्षता सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल उत्तरदायी, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन प्रदान करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने स्टेट डाटा सेंटर को उन्नत करने का भी निर्णय लिया है। इसके माध्यम से विकास और कल्याण से संबंधित जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी चार माह में एक 'एकीकृत डेटाबेस प्रबंधन प्रणालीÓ बनाई जाएगी। इस प्रणाली का उपयोग कृषि, पशुपालन, श्रम और रोजगार सहित विभिन्न विभागों की कल्याणकारी योजनाओं के प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) की मैपिंग के लिए किया जाएगा। इसके उपरांत इस उपलब्ध जानकारी का उपयोग कल्याणकारी कार्यक्रमों और विकासात्मक योजनाओं को प्रभावी बनाने के लिए किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने 'हिम परिवारÓ नामक एक रजिस्ट्री स्थापित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इस प्लेटफॉर्म के अन्तर्गत एक ही जगह पारिवारिक डेटा को शामिल किया जाएगा। 'हिम परिवारÓ के अन्तर्गत पीडीएस, ई-कल्याण और ऐसे अन्य पोर्टलों के डेटा का उपयोग करके परिवार के सदस्यों से संबंधित जानकारी एकीकृत की जाएगी। इसके तहत प्रत्येक लाभार्थी को एक विशिष्ट आईडी प्रदान की जाएगी और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध होगा। लाभार्थियों को केवल एक बार आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे और इससे उन्हें बार-बार सरकारी कार्यालयों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री बिक्रम ठाकुर और पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के दिए बयान पर कांग्रेस के मंत्रियों द्वारा दिए गए बयान निंदनीय, तथ्यों से परे और झूठ का पुलिंदा हैं। भाजपा ने कहा कि 2022 के आम चुनावों में कांग्रेस ने सत्ता में आने के लिए हिमाचल प्रदेश के बेरोजगारों के साथ धोखा किया, चिटिंग की। उन्हें झूठी गारंटियां दीं और कहा कि 5 लाख बेरोजगारों को नौकरियां दी जाएंगी और एक लाख नौकरियां प्रतिवर्ष देते हुए 5 सालों में पूरा किया जाएगा। एक साल होने का हो आया, एक भी व्यक्ति को हिमाचल प्रदेश में नौकरी नहीं मिली है। यदि सरकार के मंत्रियों को जवाब देना है तो इस बात का जवाब दें कि 9 महीने बीत गए नौकरियां देने की प्रक्रिया क्यों बंद की? भाजपा ने सीधा-सीधा आरोप लगाया कि आउटसोर्स कर्मियों को सरकार निकालने में जुट गई है। वो बेरोजगार जिन्होंने अपनी जान हथेली पर रखकर कोविड की महामारी में अस्पतालों में सेवाएं दीं, उनकी नौकरियां समाप्त की जा रही हैं और अब बैकडोर एंट्री करने के लिए कांग्रेस सरकार नए तरीके खोज रही है और बेरोजगार ठगा सा महसूस कर रहा है। भाजपा ने कहा कि झूठी गारंटियां देकर सत्ता में आए मुख्यमंत्री, मंत्री व कांग्रेस के नेता सीधा उत्तर दें न कि पूर्व सरकार पर दोषारोपण करके अपनी गारंटियों से भागे।
विश्व धरोहर के रूप में विख्यात शिमला-कालका रूट पर चलती रेल में हिमालय साहित्य, संस्कृति एवं पर्यावरण मंच द्वारा 8 और 9 जुलाई को पांचवीं बाबा भलखू स्मृति साहित्यिक रेल यात्रा का आयोजन किया जाएगा। इसमें हिमाचल सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल मुख्य अतिथि के रूप में शिमला रेलवे स्टेशन से यात्रा को फ्लैग ऑफ करेंगे। इस यात्रा में देश और प्रदेश के विभिन्न भागों से स्थानीय लेखकों सहित 35 लेखक, पत्रकार, रंगकर्मी और लोक गायक शामिल रहेंगे। पहले दिन की रेल यात्रा शिमला स्टेशन से बड़ोग रेलवे स्टेशन तक और वहां से वापिस शिमला रेलवे स्टेशन आएगी। सभी लेखक दूसरे दिन बस से झाझा-चायल-बाबा भलकू के पुश्तैनी गांव और घर जाएंगे। चलती रेल में कहानी, संस्मरण, कविता, गजल, संगीत के कई सत्र रेलवे स्टेशनों के नाम से संपन्न होंगे। इस यात्रा में पूर्ण मार्गदर्शन और सहयोग शिमला रेलवे स्टेशन के स्टेशन अधीक्षक संजय गेरा और जोगिंद्र वोहरा का रहेगा। यह जानकारी आज मीडिया को हिमालय मंच के अध्यक्ष और प्रख्यात लेखक एसआर हरनोट ने दी। हरनोट ने बताया कि पहले दिन अतिथि लेखकों का स्वागत सम्मान किया जाएगा और साथ रेलवे स्टेशनों के नाम से कविता, कहानी, संस्मरण, गीत, लोकगीतों के सत्र आयोजित किये जायेंगे. हिमालय साहित्य मंच की सदस्य लेखिका दीप्ति सारस्वत 'प्रतिमा' के कहानी संग्रह 'प्याली भर जुगुप्सा' का भी विमोचन होगा, जिसकी अध्यक्षता कानपुर से आईं वरिष्ठ पत्रकार रोमी अरोड़ा करेंगी और मुख्य वक्ता में कानपुर से पधारे वरिष्ठ लेखक और रंगकर्मी राजेश अरोड़ा और दिल्ली से आईं वरिष्ठ साहित्यकार ज्योत्स्ना मिश्रा शामिल रहेगी। मंच संचालन युवा लेखिका व फिल्म निर्माता डॉ.देवकन्या द्वारा किया जाएगा। इसी दौरान बरेली से आई उपन्यासकार सीमा असीम का नया उपन्यास जाग मुसाफिर का लोकार्पण भी होगा। हरनोट ने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य आपसी प्रेमभाव और साहित्यिक आदान प्रदान के साथ अपनी धरोहर को स्मरण करना भी है। यह यात्रा कालका शिमला और हिंदुस्तान तिब्बत रोड़ के सर्वेक्षण और निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले निरक्षर इंजीनियर बाबा भलकू और अन्य कामगारों को समर्पित होती है। यात्रा के दूसरे दिन लेखक भलकू के पुश्तैनी गांव झाझा जाते हैं और उनके परिजनों तथा ग्रामीणों से मिलते हैं। इस यात्रा में इस बार जो लेखक भाग ले रहे हैं उनमें डॉ. किरण सूद (देहरादून), डॉ. प्ररेणा ठाकरे (नीमच मध्य प्रदेश), राजेश अरोड़ा और रोमी अरोड़ा(कानपुर), ई. एसपी सिंह (पटना विहार), सीमा असीम(बरैली), ज्योत्स्ना मिश्र, ज्योति बक्सी और गायत्री मनचंदा (नई दिल्ली), संदीप वैद्य (मुंबई), रवि कुमार और अनिल शर्मा(बिलासपुर), रौशन जसवाल और विनोद रोहतकी(सोलन), जगदीश बाली और हितेंद्र शर्मा (कुमार सैन) सहित डॉ. विजय लक्ष्मी नेगी, डॉ. अनिता शर्मा, डॉ. कर्म सिंह, डॉ. देव कन्या ठाकुर, लेखराज चौहान, डॉ. मधु शर्मा कात्यायनी, जगदीश कश्यप, सुमन धनंजय, वीरेंद्र शर्मा, जगदीश गौतम, शांति स्वरूप शर्मा, यादव चंद शिमला से शामिल हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की बजट घोषणा को मूर्तरूप प्रदान करने के लिए वन विभाग द्वारा 'मुख्यमंत्री ग्रीन कवर मिशनÓ के अंतर्गत वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान राज्य के 15 वन मंडलों में लगभग 257 हेक्टेयर भूमि पर पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रदेश के हरित आवरण को बढ़ाने के दृष्टिगत एक महत्वाकांक्षी पहल के तहत 'मुख्यमंत्री ग्रीन कवर मिशनÓ की शुरूआत की गई है। इसके तहत राज्य में बंजर पहाड़ियों के बड़े हिस्से पर पौधरोपण के माध्यम से चयनित भूमि में पर्यावरण-अनुकूल प्रजातियों का पौधरोपण कर पूरी पहाड़ी को हरित आवरण प्रदान किया जाएगा। वन विभाग द्वारा इस वर्ष वर्षा ऋतु के दौरान मिशन के अंतर्गत पौधरोपण के लिए विशिष्ट क्षेत्रों की पहचान कर ली गई है। इनमें कुल्लू वन मण्डल में 30 हेक्टेयर, नाहन और सोलन में 25-25 हेक्टेयर, पार्वती में 22 हेक्टेयर और किन्नौर वन मण्डल में 20 हेक्टेयर भूमि पौधरोपण के लिए चिन्ह्ति की गई है। इस मिशन का लक्ष्य हरित आवरण को बढ़ाने के साथ-साथ पहाड़ी चोटियों पर जंगली खरपतवारों को खत्म करना भी है। इस पहल से राज्य में पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा। इसके अतिरिक्त वन विभाग को अन्य विभागीय योजनाओं के तहत लगभग 10,000 हेक्टेयर भूमि पर पौध लगाने के लिए एक कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार ने चिन्हित क्षेत्रों में पर्यावरण-अनुकूल प्रजातियां लगाने की योजना बनाई है ताकि प्रदेश में इस मिशन की सफलता सुनिश्चित की जा सके। सरकार ने वन अधिकारियों को पौधरोपण की निगरानी और उत्तरजीविता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी है। सरकार के इस विस्तृत दृष्टिकोण से पर्यावरण संरक्षण को बल मिलने के साथ-साथ प्रदेश का सतत् विकास भी सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की पहचान यहां के विविध पारिस्थितिकीय तंत्रों से है। प्रदेश में शिवालिक, पश्चिमी हिमालय और ट्रांस-हिमालयी क्षेत्रों के साथ-साथ ट्रांस-हिमालयी और हिमालयी जैव-भौगोलिक क्षेत्र शामिल हैं। सरकार प्रदेश की समृद्ध जैव विविधता के संरक्षण तथा प्रदेश के हरित भू-भाग को बढ़ाने की दिशा में ठोस एवं अग्रगामी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण संरक्षित कर, उन्हें स्वच्छ प्राकृतिक विरासत देने में 'मुख्यमंत्री ग्रीन कवर मिशनÓ मील पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बरसात के दौरान पौधरोपण गतिविधियों के लिए आवंटित धन का प्रभावी उपयोग तथा इस योजना की सफलता सुनिश्चित करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि इन संगठित प्रयासों के फलस्वरूप हिमाचल अपने वन क्षेत्र को बढ़ाकर हरित भविष्य की परिकल्पना को साकार करते हुए अन्य राज्यों के समक्ष एक उदाहरण स्थापित करेगा।


















































