राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने मौजूदा राज्य सरकार की आबकारी नीति को लेकर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के दावों को झूठ का पुलिंदा करार दिया है। आज यहां जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर प्रदेश की जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री को आंकड़ों के सही स्रोत और उनकी सही जानकारी प्राप्त करने के बाद ही बयान देने चाहिए, क्योंकि झूठ बोलना उन्हें शोभा नहीं देता। जयराम ठाकुर का यह कहना कि वर्तमान आबकारी नीति से राज्य सरकार को सिर्फ 13 प्रतिशत राजस्व में वृद्धि हुई, सरासर गलत है। ठेकों की नीलामी से राज्य सरकार के राजस्व में 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। मंत्रियों ने कहा कि अगर सरकार पिछली भाजपा सरकार शराब की दुकानों को 10 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ नवीनीकृत करने की नीति जारी रखती तो राज्य को सालाना लगभग 530 करोड़ रुपये का नुकसान होता। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री को साफ करना चाहिए कि क्यों उन्होंने 10 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ शराब के ठेके देने की नीति अपनाई और इसमें क्या गोलमाल हुआ। उन्हें प्रदेश की जनता को यह भी बताना चाहिए कि पिछली सरकार में इस नीति से किन लोगों को फायदा मिला। अपने कार्यकाल में 'डबल इंजनÓ की सरकार का नारा देने वाली भाजपा ने प्रदेश को कर्ज की दलदल में क्यों धकेला। दोनों ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वर्तमान सरकार ने प्रदेश हित में शराब ठेकों के लिए नीलामी प्रक्रिया को मंजूरी दी है। इस प्रक्रिया के माध्यम से पिछले वित्तीय वर्ष की नीति की तुलना में नीलामी से लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई तथा 1296 करोड़ रुपये के मुकाबले 1806 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित हुआ। उन्होंने कहा कि नीलामी प्रक्रिया मार्च, 2023 में खत्म हुई, जिसमें 10 प्रतिशत अग्रिम लाइसेंस शुल्क 5 अप्रैल, 2023 से पहले जमा किया जाना था, परंतु मार्च, 2023 तक सरकारी खजाने में 66 करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं। साथ ही 24 जून, 2023 तक पिछले वित्त वर्ष की तुलना में रिकवरी 555 करोड़ रुपये के मुकाबले 686 करोड़ रुपये हो चुकी है। इसके अतिरिक्त, लाइसेंस धारकों को हर महीने की 7 तारीख तक 150 करोड़ रुपये मासिक लाइसेंस शुल्क भी देना होता है। ऐसे में अप्रैल और मई, 2023 के लिए कुल लाइसेंस शुल्क की एवज में 300 करोड़ रुपये की जगह आबकारी एवं कराधान विभाग को 366 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार के इन प्रयासों से जीएसटी संग्रह में भी वृद्धि हुई है। पिछले साल के मुकाबले 24 जून तक राज्य सरकार को 1065 करोड़ रुपये की जगह 1225 करोड़ रुपये मिले। राजस्व में वृद्धि से युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर भी पैदा होंगे।
कांग्रेस विधायक सुधीर शर्मा ने जारी एक बयान में कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेता हिमाचल प्रदेश में कानून-व्यवस्था खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ भाजपा के प्रत्याशी राकेश चौधरी कानून अपने हाथ में ले रहे हैं और इस बात का प्रमाण एक वायरल वीडियो में साफ-साफ देखने को मिल रहा है। वहीं दूसरी ओर भाजपा के वरिष्ठ नेता अपने बयानों से प्रदेश का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठा रही है, लेकिन सच्चाई इस वायरल वीडियो में देखने को मिल रही है, जहां भाजपा के नेता खुद लड़ाई-झगड़े में शामिल दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सलूणी में हुई घटना में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद भारतीय जनता पार्टी के नेता अपने बयानों से इसे राजनीतिक और सांप्रदायिक रंग देने की नाकाम कोशिश करते रहे। इसके साथ ही शिमला में भी टैक्सी यूनियनों के विवाद को भाजपा ने क्षेत्रवाद का रंग दे दिया। सुधीर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रदेश को विकास के पथ पर आगे ले जाने के लिए दिन-रात कार्य कर रहे हैं। राज्य की तरक्की और लोगों की खुशहाली के लिए वर्तमान राज्य सरकार का एजेंडा बिल्कुल साफ है, इसलिए भाजपा के नेता सरकार पर उंगली उठाने से पहले अपने गिरेबां में अवश्य झांकें। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने राजनीतिक लाभ के लिए हमेशा ही हिमाचल में क्षेत्रवाद, जातिवाद और धर्मांधता से जुड़े मुद्दों को हवा दी है। भाजपा एक सोची-समझी रणनीति के तहत अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनावों को देखते हुए भड़काऊ बयानबाजी कर प्रदेश का माहौल खराब करने की कोशिशों में लगी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता भाजपा के इन हथकंडों से भली-भांति परिचित है और प्रदेश विधानसभा के चुनावों की तरह ही आने वाले लोकसभा चुनाव में भी उसकी इस राजनीति को नकार देगी।
भाजपा हिमाचल प्रदेश ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल के नेतृत्व में हिमाचल से राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश ने वर्तमान कांग्रेस सरकार को मनोहर चंबा हत्याकांड और प्रदेश में चल रही कानून अव्यवस्था को लेकर आड़े हाथ लिया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि भाजपा चंबा जिले मनोहर लाल की निर्मम हत्या के संबंध में आपका ध्यान आकर्षित करना चाहती है। मनोहर के शरीर के 8 टुकड़े किए गए थे और इसलिए इस निर्मम हत्याकांड को महज एक हत्या के रूप में नहीं देखा जा सकता, क्योंकि हिमाचल प्रदेश में इस तरह की अमानवीय घटना आज से पूर्व न देखी और न सुनी। इस सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे हिमाचल को दहला कर रख दिया है। इस नृशंस हत्या में जिस परिवार की गिरफ्तारी हुई है, वह एक विशेष समुदाय से संबंध रखता है। भारतीय जनता पार्टी का मानना है कि घटना के पीछे जिस आरोपी का हाथ बताया गया है, उसकी पृष्ठभूमि पहले से ही संदिग्ध रही है और उसका परिवार आपराधिक घटनाओं में संलिप्त रहा है। गांव के लोगों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस बाहुबली ने कई बीघा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कई वर्षों से कर रखा है। इस क्षेत्र में इस घटना से पहले भी कई भेड़ पालकों और फुहालों के गायब होने की सूचनाएं समय-समय पर मिलती रही हैं। इस घटना के बाद चंबा जिला के साथ-साथ पूरे प्रदेश में आक्रोश का वातावरण बना हुआ है। भाजपा की इस हत्याकांड के संबंध में निम्न मांगें हैं: 1. सभी आरोपियों की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी के माध्यम से हो, ताकि इस परिवार की संदिग्ध गतिविधियों की सही जानकारी मिल सके। 2. इस हत्याकांड के आरोपियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से प्रतिदिन सुनवाई हो और आरोपियों को जल्द से जल्द फांसी दी जाए। 3. जिला की ऊंची पहाड़ियों पर चारागाह परमिट की जांच की जाए और इसका आवंटन दोबारा से किया जाए। 4. हिमाचल प्रदेश में बाहरी राज्यों से आने वाले विशिष्ठ समुदायों के लोग, जो अनेक प्रकार के छोटे-बड़े कारोबार कर रहे हैं, उनकी बाकायदा नियमानुसार वैरिफिकेशन की जाए। जयराम और बिंदल ने कहा कि शिमला में लगातार लावारिस शवों के मिलने से ऐसा प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार के मात्र 6 महीने के कार्यकाल में ही 40 से अधिक हत्याएं, 150 से अधिक रेप केस और 183 अपहरण के मामले दर्ज हो चुके हैं। हिमाचल प्रदेश में कहीं न कहीं स्टेट स्पॉन्सर्ड कानून अव्यवस्था चल रही है। इस अवसर पर राजभवन के बाहर भाजपा द्वारा प्रदर्शन भी किया गया जिसमें शिमला जिला अध्यक्ष और शिमला, शिमला ग्रामीण और कसुंपति के मंडल अध्यक्ष उपस्थित रहे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
हिमाचल प्रदेश में मानसून की पहली बारिश आफत बना कर बरसी है। भारी बारिश के चलते प्रदेश के कई इलाकों में बाढ़ आने से काफी नुक्सान हुआ है। कुल्लू-मंडी-रामपुर में बाढ़ से कई जगह जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। हमीरपुर में सुजानपुर के खैरी में रविवार को बादल फटने से पांच घरों में मलबा घुस गया। कांगड़ा के नगरोटा बगवां के उपरली मझेटली में बिजली गिरने से मां और डेढ़ साल का बच्चा झुलस गया। मंडी के सराज की तुंगधार और कुल्लू की मौहल खड्ड में बाढ़ से एक दर्जन वाहन बह गए और कई घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। मंडी के शिकारी देवी में शनिवार रात 200 लोग फंस गए, जिन्हें छह घंटे बाद निकाला गया। प्रदेशभर में 85 सड़कें बंद हो गईं हैं। 55 बिजली के ट्रांसफार्मरों को नुकसान पहुंचा है। उधर, कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर जगह-जगह पहाड़ियों से पत्थर, मलबा और पेड़ गिरने से दूसरे दिन भी सभी ट्रेनें रद्द हो गईं। नाहन-कुमारहट्टी और पांवटा-शिलाई नेशनल हाईवे भी कुछ समय के लिए बंद रहा। शिलाई के गंगटोली में खड़ी गाड़ी पर पत्थर गिरे। सतौन और पुरुवाला में खड्ड का पानी दुकानों में घुस गया। जलस्तर बढ़ने से गिरि नदी पर बने जटोन डैम का एक गेट खोलना पड़ा। प्रदेश में मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने सोमवार को ऑरेंज और मंगलवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
हिमाचल प्रदेश पर्यटन विभाग के अध्यक्ष रघुवीर सिंह बाली ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर टीका टिप्पणी करने वालों पर निशाना साधा है और कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री एक तबके का उत्थान नहीं बल्कि आखिरी पंक्ति में बैठे आखरी व्यक्ति का उत्थान कैसे हो उस सोच को लेकर काम कर रहे हैं वह एक आम परिवार से निकलकर मुख्यमंत्री बने हैं और आम लोगों की पीड़ा भी जानते हैं उसी को ध्यान में रखकर प्रदेश मैं कार्य कर रहे हैं उनके दिल में हिमाचल बसता है और मुख्यमंत्री बनने के बाद कार्यभार संभाला तो उस सबसे पहला काम उन्होंने अनाथ आश्रम पहुंचकर अनाथ आश्रम में रह रहे अनाथ बच्चों को हिमाचल को समर्पित कर दिया है इसके अलावा हिमाचल को ग्रीन राज्य बनाने के साथ शिक्षा स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी कार्य कर रहे हैं। रघुवीर बाली ने कहा कि सुखविंदर सिंह सुक्खू उनके ही नेता नहीं है बल्कि उनकी तरह सैकड़ों नेताओं के भी नेता है वह युवाओं को आगे बढ़ाने की सोच के साथ काम कर रहे हैं इसके अलावा हिमाचल प्रदेश में पर्यटन को आगे ले जाने की सोच और बेरोजगारों को कैसे रोजगार दिलाया जाए इस पर काम कर रहे हैं मुख्यमंत्री ने व्यवस्था परिवर्तन का जो नारा दिया है। आज उस पर काम कर रहे है। प्रदेश में जो 40 सालों में नहीं हुआ वह सुख की सरकार में काम हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पूर्व के 5 सालों में जो एक्साइज पॉलिसी थी उसमें चंद लोगों को बुलाकर उन्हें ठेके दिए जाते थे जिससे काफी काम माय प्रदेश को हो रही थी लेकिन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश में नई एक्साइज पॉलिसी लाई जिससे प्रदेश को हजारों करोड़ रुपए का फायदा हो रहा है टीका टिप्पणी कर रहे हैं ऐसे लोग हैं जो जिन्होंने कांटे बॉय और अब गुलाब मांग रहे हैं पूर्व की सरकार ने प्रदेश में इन्वेस्टर मीट करवाई और उस पर कई कई करोड़ खर्च किए गए लेकिन उसका कुछ भी फायदा हिमाचल को नहीं हुआ हिमाचल में कोई भी उद्योग नहीं लगा वही मुख्यमंत्री ने सचिवालय में ही इन वस्तुओ के साथ बैठक कर उद्योगों को लगाने की अनुमति दी है जिसे प्रदेश को काफी ज्यादा फायदा होगा।
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला नगर निगम के कसुम्पटी वार्ड 27 में आयोजित कार्यकर्ता सम्मान कार्यक्रम में भाग लिया। यह कार्यक्रम कसुम्पटी वार्ड के पार्षद व मंडल भाजपा के उपाध्यक्ष रचना शर्मा द्वारा आयोजित किया गया। सम्मान कार्यक्रम के साथ-साथ प्रीतिभोज का भी आयोजन किया गया। हाल ही में हुए नगर निगम चुनाव में रचना शर्मा भाजपा की उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ी। उन्हें बड़े मार्जन से जीत मिली, जिसके बाद आभार व परिवार मिलन का कार्यक्रम प्रीतिभोज पर आयोजित किया गया। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के कसुम्पटी वार्ड के प्रमुख कार्यकर्ताओं को पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सम्मानित किया। पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज व जिला भाजपा व मंडल के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। रचना शर्मा ने कहा कि कार्यकर्ताओं की कर्मठ मेहनत के चलते हमें इस वार्ड से सफलता मिली है और हम लगातार विकास को आगे बढ़ाने के लिए काम करेंगे। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सभी कार्यकर्ताओं को वार्ड में बेहतर काम करने के लिए शाबाशी दी वहीं पार्षद निर्वाचित हुई रचना शर्मा को बधाई दी ।उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से कार्यकर्ताओं को सम्मानित करते हुए उनकी मेहनत पर पीठ थपथपाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता ही पार्टी की रीड की हड्डी हंै। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी शिमला नगर निगम में जनता की आवाज को बुलंद करेगी। उन्होंने कहा कि हमने नगर निगम में पहले भी विकास के काम करवाए हैं,भाजपा सरकार ने और केंद्र ने कोई कसर नहीं रखी, अब भाजपा के पार्षद जनता के हितों की रक्षा नगर निगम में करेंगे। इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने भी पार्षद रचना शर्मा भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को बधाई दी। इस अवसर पर इस मौके पर ज़िला भाजपा अध्यक्ष विजय परमार,ज़िला महामंत्री अंजना, कसुम्पटी मंडल के अध्यक्ष जतिंद्र भोटका ,शिमला के अध्यक्ष राजेश शारदा, पूर्व डिप्टी मेयर राकेश शर्मा,पार्षद रचना शर्मा, कुसुम ठाकुर, कमलेश मेहता, आशा देवी, निशा ठाकुर, प्रतिभा बाली, संजना चौहान, कल्पना शर्मा, केशवानन्द झीना, जयराम गोल्डी, सुदर्शन आज़ाद, राजेश सैनी, पारस जैन,बीपी शर्मा, गौरव शर्मा,विशाल,हितानी सहित प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने कहा है कि शिमला में होने वाली प्रस्तावित गठबंधन दलों की बैठक देश की भावी राजनीति के लिए एक मिल का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा है कि हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला का इस महत्वपूर्ण वार्ता के लिए चुना जाना प्रदेश के साथ साथ कांग्रेस के लिए बहुत ही बड़ी गर्व की बात है। शिमला एक बार फिर से राजनीति के एक नए अध्याय का गवाह बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी शिमला देश की राजनीतिक के महत्व की वार्ताओं का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है और प्रदेश कांग्रेस इसका स्वागत करती हैं। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव देश की राजनीति की दिशा व दशा तय करेंगे। प्रदेश कांग्रेस ने इसकी शुरुआत कर दी हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस समान विचारधारा के दलों के साथ आगे बढ़ेगी जिससे देश मे भय, नफरत व ध्रुवीकरण की राजनीति का अंत हो सके। प्रतिभा सिंह ने कहा है कि 2003 में तत्कालीन प्रदेश की वीरभद्र सिंह सरकार के समय जुलाई में ही शिमला में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का चिंतन शिविर हुआ था जिसमें यूपीए की नींव रखी गई थी। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस बार फिर से यूपीए गठबंधन को मजबूती मिलेगी और इसका विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही दिल्ली जाकर इस पूरे कार्यक्रम की तैयारी को लेकर कांग्रेस आलाकमान से चर्चा करेंगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस सारे कार्यक्रम को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
कांग्रेस ने देश में 21 महीने तक आपातकाल लगाकर लोकतंत्र की हत्या करने का प्रयास किया था। यह बात हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आपातकाल काला दिवस पर कसुम्पटी मण्डल भाजपा द्वारा आयोजित कसुम्पटी वार्ड 27 के कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान कही ।इस कार्यक्रम में पूर्व मंत्री विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि लोकतंत्र की मर्यादाओं को केवल अपने स्वार्थ के लिए स्वर्गीय इंदिरा गांधी ने तोड़ने का काम किया और न्यायालय का फैसला अपने विरोध आता देखकर आपातकाल लगा दिया और लोकतंत्र की आवाज को दबा दिया, कोई व्यक्ति सरकार के विरुद्ध आवाज नहीं उठा सकता था। उन्होंने कहा कि मीडिया पर पाबंदी लगी ,तानाशाही का शासन हुआ और सैकड़ों हजारों लोगों को यातनायें दी गई, केवल सत्ता के लिए आपातकाल को थोपा गया ।उन्होंने कहा कि आज भी आपातकाल के जख्म हरे है। आज भी जिन लोगों ने आपातकाल की यात्राएं सही हं,ै उनकी रूह कांपती है। विभिन्न प्रकार से यातनाएं दी गई ।उन्होंने कहा कि एक आजादी की लड़ाई अंग्रेजों के विरुद्ध लड़ी गई और दूसरी लड़ाई अपनी ही सरकार के विरुद्ध लोगों को लड़नी पड़ी। जयराम ठाकुर ने कहा कि 25 जून 1975 को आपातकाल लगाया गया। जयप्रकाश नारायण के आंदोलन से सरकार की नींव हिली और यह आपतकाल लंबा चलाने का प्रयास हुआ, लेकिन लोकतंत्र में जनता की आवाज के आगे सरकार को झुकना पड़ा और 21 महीने के बाद आपातकाल हटा। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस के नेताओं को आपातकाल पर जवाब देना चाहिए जो अपात्काल को सही ठहराते हैं उनका भारत जैसे लोकतंत्र में आपातकाल को सही करार नहीं दिया जा सकता। जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में जिन लोगों ने आपातकाल के दौरान जेल काटी लड़ाई लड़ी उनके सम्मान में लोकतंत्र प्रहरी सम्मान योजना शुरू की गई ,इसके तहत लोकतंत्र के इन प्रहरियों को सम्मानजनक राशि दी जाती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने सत्ता में आते ही इसे बंद किया है और राज्यपाल के पास अध्यादेश पड़ा है। उन्होंने कहा कि बदले की भावना से काम किया जा रहा है। जयराम ठाकुर ने कहा कि आपातकाल कांग्रेस के माथे पर कलंक है। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर को शॉल टोपी देकर सम्मानित किया गया। वहीं, पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज को भी सम्मानित किया गया। इस मौके पर जिला भाजपा अध्यक्ष विजय परमार, जिला महामंत्री अंजना,कसुम्पटी मंडल के अध्यक्ष जतिंद्र भोटका, शिमला के अध्यक्ष राजेश शारदा, पूर्व डिप्टी मेयर राकेश शर्मा,पार्षद रचना शर्मा, कुसुम ठाकुर, कमलेश मेहता, आशा देवी, निशा ठाकुर, प्रतिभा बाली, संजना चौहान, कल्पना शर्मा, केशवा नन्द झीना, जयराम गोल्डी,सुदर्शन आज़ाद, राजेश सैनी, पारस जैन, बीपी शर्मा, गौरव शर्मा सहित प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे । मोदी ने विश्व में बढ़ाया भारत का मान पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व में भारत का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि हाल ही की अमेरिका यात्रा के दौरान जिस प्रकार से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मान सम्मान मिला है ,वह अपने आप में गौरवान्वित करता है। उन्होंने कहा कि देश का सम्मान बढ़ाने के लिए मोदी बधाई के पात्र हैं। हिमाचल के विकास को बढ़ाया आगे पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को आगे बढ़ाने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र की सरकार ने हिमाचल को योजना दी है।आज हिमाचल लोग विकास के पथ पर आगे बढ़ा है ,उन्होंने की लगातार प्रदेश को विकास में आगे बढ़ाया गया है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविार को गेयटी थिएटर शिमला में नशे के विरूद्ध पुलिस विभाग के 'प्रधाव' अभियान के अंतर्गत आयोजित विभिन्न स्पर्धाओं के विजेताओं के पुरस्कार वितरण समारोह की अध्यक्षता की। इस अवसर मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों को नशे के विरुद्ध एकजुट प्रयासों की शपथ भी दिलाई। मुख्यमंत्री ने राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में नशीले पदार्थों से संबंधित मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस समस्या से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए एक समर्पित विशेष कार्य बल बनाने पर विचार कर रही है। उन्होंने नशीले पदार्थों के तस्करों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया और युवाओं को नशे के चंगुल से छुड़ाने के लिए जागरूकता अभियान बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नारकोटिक्स एक्ट को और कड़ा बनाने संबंधी मामला केंद्र सरकार के समक्ष उठाया है, ताकि ड्रग तस्करों की संपत्ति जब्त कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों के सेवन से प्रभावित व्यक्तियों के पुनर्वास में सहायता के लिए प्रदेश सरकार ने राज्य में दो अत्याधुनिक नशा मुक्ति सह पुनर्वास केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई है। प्रत्येक केंद्र की स्थापना के लिए 50 बीघा भूमि चिन्हित की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने नागरिकों का कल्याण और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार नशीले पदार्थों की चुनौती से निपटने के लिए प्रयासरत है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पुलिस विभाग के आधुनिकीकरण पर बल देते हुए कहा कि सरकार कानून-व्यवस्था स्थापित करने के लिए पुलिस बल की क्षमता बढ़ाने के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने पुलिस विभाग को और कार्यकुशल बनाने के लिए कृत्रिम मेधा (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर बल देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में चार नए पुलिस स्टेशन स्वीकृत किए हैं, जिनमें से तीन कीरतपुर-मनाली फोरलेन राजमार्ग पर और एक कांगड़ा जिले के बीड़ में स्थापित होगा। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य की विकट वित्तीय स्थिति के बावजूद, सरकार नागरिकों को जन कल्याण पर केंद्रित प्रशासन प्रदान करने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है, ताकि वे सुगम सरकारी सुविधाओं से लाभान्वित हो सकें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं शिक्षा जैसे महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने इस बार के बजट में कई हरित पहल की हैं, जिसके परिणाम शीघ्र ही दृष्टिगोचर होंगे। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से शीघ्र ही हिमाचल देश के सबसे समृद्ध राज्यों में से एक बनकर उभरेगा। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आरएस बाली ने नशे के खिलाफ पुलिस के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग पुनर्वास केंद्रों से ठीक होने वाले व्यक्तियों को आतिथ्य क्षेत्र में प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। इसका उद्देश्य उन्हें समाज की मुख्यधारा के जोड़ने के लिए उनके कौशल में निखार लाना है। कार्यकारी पुलिस महानिदेशक सतवंत अटवाल ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और अभियान के बारे में विस्तृत जानकारी दी। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अभिषेक त्रिवेदी ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान में नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय दिवस के उपलक्ष्य पर हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग द्वारा आयोजित 10वीं एचपी पुलिस हाफ मैराथन-2023 को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि पुलिस विभाग द्वारा आयोजित 10वीं हाफ मैराथन के माध्यम से नशे की बुराई के विरुद्ध समाज के प्रत्येक वर्ग ने भारी बारिश के बावजूद जिस उत्साह का प्रदर्शन किया। वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि नशे की बुराई का संदेश लेकर इस दौड़ में बच्चों, युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों तथा दिव्यांग लोगों ने भी भाग लिया। उन्होंने कहा कि 'रन फॉर ड्रग फ्री, सेफ एंड ग्रीन हिमाचलÓ के संदेश को घर-घर तक पहुंचाने में पुलिस विभाग का यह प्रयास निश्चित रूप से कारगर साबित होगा। उन्होंने कहा कि समाज से नशे की बुराई को समाप्त कर देवभूमि की गरिमा को बनाए रखने के प्रयास निरंतर जारी रखे जाने चाहिए। उन्होंने इस दिशा में राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि समाज के हर वर्ग को इस तरह के जागरूकता अभियानों में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता है, तभी समाज से नशे की बुराई को पूरी तरह से खत्म कर पाएंगे। उन्होंने लोगों से हिमाचल को नशामुक्त बनाने में योगदान देने और नशे के विरूद्ध हर अभियान में सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने उपस्थित लोगों को नशे से दूर रहने की शपथ भी दिलाई। इस अवसर पर राज्यपाल ने राज्य पुलिस द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। इस अवसर पर कार्यकारी पुलिस महा निदेशक, सतवंत अटवाल ने राज्यपाल का स्वागत किया और 10वीं हाफ मैराथन के बारे में विस्तृत जानकारी दी। पुलिस विभाग द्वारा आयोजित इस हाफ मैराथन में पर्यटन विभाग ने भी सहयोग किया है। इस अवसर पर पुलिस एवं अन्य विभागों, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।
प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण जल स्रोतों में भारी गाद इकठ्ठा हो गई है। इसके चलते अगले कुछ दिन तक शिमला शहर में जल आपूर्ति में कमी रहेगी। वहीं, एसजेपीएनएल ने उपभोक्ताओं से पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने का किया अनुरोध किया है। जल स्रोतों में गंदगी बढ़ने के कारण बैक्टीरिया, वायरस और परजीवियों सहित हानिकारक रोगाणुओं के बढ़ने का खतरा रहता है। ऐसे में एसजेपीएनएल ने जनता से पानी को 10 मिनट तक उबालने के बाद पीने का अनुरोध किया है।
हिमाचल प्रदेश मुख्य रूप से एक कृषि प्रधान राज्य है। कृषि और संबद्ध गतिविधियां प्रदेश की कुल आबादी के लगभग 70 प्रतिशत को प्रत्यक्ष तौर पर रोजगार उपलब्ध करवाती हैं। सकल घरेलू उत्पाद में कृषि क्षेत्र का योगदान लगभग 13.62 प्रतिशत है। पशुपालन भी कृषि संबंधी गतिविधियों का अभिन्न अंग है। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन और डेयरी गतिविधियां प्रमुखता से की जाती रही हैं। प्रदेश में पारम्परिक पद्धति के साथ-साथ नई पहल से पशुपालन के फलस्वरूप हिमाचल में संपन्न पशुधन है। 19वीं पशुधन जनगणना के अनुसार, हिमाचल में पशुधन की कुल संख्या 48,44,431 है। इनमें 21,49,259 गाय, 7,16,016 भैंस शामिल हैं। इसके अलावा भेड़, बकरी, घोड़े और मुर्गियां इत्यादि अन्य पशुधन भी ग्रामीण आर्थिकी को संबल प्रदान करते हैं। राज्य में दूध आधारित अर्थव्यवस्था विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वर्तमान सरकार ने एक नई योजना हिम-गंगा की घोषणा की है। इस योजना के तहत पशुपालकों को लागत आधारित दूध का सही मूल्य प्रदान किया जाएगा और दूध की खरीद, प्रसंस्करण और विपणन की व्यवस्था में गुणात्मक सुधार लाया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा अपने पहले बजट में हिम-गंगा योजना के लिए 500 करोड़ रुपये व्यय प्रस्तावित है। इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सरकार द्वारा योजना के प्रथम चरण (वर्ष 2023-24) के लिए हिमाचल प्रदेश दुग्ध प्रसंघ को 20 करोड़ रुपये की अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। यह योजना दुग्ध उत्पादकों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य प्रदान करने की परिकल्पना को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगी। साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए महिलाओं से जुड़ी दुग्ध उत्पादक सहकारी सभाओं की पहचान कर उन्हें भी संगठित किया जाएगा। इस योजना के प्रथम चरण के अंतर्गत जिला कांगड़ा और हमीरपुर के पशुपालकों को लाभान्वित किया जाएगा। इसके उपरान्त चरणबद्ध ढंग से इस योजना को अन्य जिलों में विस्तारित किया जाएगा। योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए छह सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति द्वारा जिला कांगड़ा में 150 और जिला हमीरपुर में 50 दुग्ध आधारित समितियां गठित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पिछले छह माह के दौरान लगभग 48 नई दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियां गठित की गई हैं। हिमाचल में दुग्ध उत्पादन क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने और दुग्ध संबंधी अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण के लिए जिला कांगड़ा के डगवार में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से लगभग 250 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किया जाएगा। इसके संचालन से लेकर विपणन संबंधी गतिविधियां एनडीडीबी की सहायता से की जाएंगी। एनडीडीबी संयंत्र के संचालन और दुग्ध उत्पादों के विपणन के लिए अपने खर्च पर दो सलाहकार भी उपलब्ध करवाएगा। लगभग तीन लाख लीटर प्रतिदिन की क्षमता वाले पूर्ण स्वचालित डगवार दुग्ध संयंत्र में उच्च गुणवत्तायुक्त दुग्ध उत्पाद भी तैयार किए जाएंगे। इस संयंत्र के स्थापित होने से जिला कांगड़ा, हमीरपुर, ऊना और चम्बा जिलों के दुग्ध उत्पादक लाभान्वित होंगे। इसके अतिरिक्त एनडीडीबी से 10 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता के पाऊडर संयंत्र स्थापित करने के साथ ही 11 संयंत्रों के उन्नयन के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का आग्रह किया गया है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी द्वारा अपने प्रतिज्ञा पत्र में किसानों से गाय का दूध 80 रुपये प्रति लीटर और भैंस का दूध 100 रुपये प्रति लीटर खरीदने के लिए किए गए वायदे को पूरा करने के लिए प्रदेश सरकार संकल्पित है। हिमगंगा योजना के शुभारंभ से प्रदेश सरकार इस वायदे को पूरा करने की ओर अग्रसर है।
एएनटीएफ राज्य सीआईडी मंडी रेंज ने जिला कुल्लू के पतलीकूहल में भागमल (45) पुत्र चुन्नी लाल निवासी मंडी के कब्जे से 7 लाख रुपये मूल्य की 2.300 किलोग्राम चरस और 838 ग्राम अफीम बरामद की है। पुलिस थाना पतलीकूहल में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 18, 20 के तहत मामला दर्ज किया गया है। आगे की जांच जारी है।
पहाड़ों में इन दिनों हजारों की संख्या में पर्यटकों पहुंच रहे है और इससे हिमाचल को आमदनी भी हो रही है। इसके साथ ही यह भी एक सत्य है कि जितनी ज्यादा संख्या में पर्यटक पहाड़ों में पहुंच रहे है उतना ही ज्यादा कचरा भी साथ लेकर आ रहे हैं, अब इसे जागरूकता का आभाव समझे या जान पूछ कर किया जाने वाला कार्य। प्रदेश के सभी स्थानों की भांति जिला सिरमौर के चूड़धार के लिए भी लोग लगातार पहुंच रहे हैं। लोग ट्रैक पर खान-पीने की वस्तुएं लेकर जाते हंै, लेकिन उसका कचरा साथ में वापिस न लाकर पहाड़ों पर ही फेंक देते हैं। इसके साथ ही स्थानीय लोग जो पहाड़ों पर दुकानें लगाते हंै वे भी अपनी दुकान के आसपास ही कूड़ा फेंक देते हैं। इससे न केवल प्रदूषण फैलता है, बल्कि पहाड़ों की सुंदरता पर भी दाग लगता है। प्रसिद्ध पर्वतारोही व हिमाचल की बेटी बलजीत कौर अपनी टीम के साथ चूड़धार ट्रैक पर पहुंची और उन्होंने शिरगुल देवता के दर्शनों के साथ पहाड़ों की सफाई भी की। इस दौरान बलजीत की टीम ने यहां से करीब 35 किलो कचरा एकत्र किया। बलजीत कौर ने लोगों से आग्रह करते हुए कहा कि जब भी लोग पहाड़ों पर जाते हैं और अपने साथ खाने पीने की वस्तुएं लेकर जाते हंै तो उन सभी का कचरा अपने साथ वापिस लेकर आएं। यदि पहाड़ों पर कचरा फेंका जाएगा तो इससे प्रदूषण के साथ पहाड़ों की सुंदरता भी खराब होती है। बलजीत ने चूड़धार के रास्ते और चूड़धार पर लगाई जाने वाली दुकानों के लोगों से भी आग्रह किया कि वे लोग भी अपनी दुकानों के आसपास कूड़ा न फैलाएं और लोगों को भी कूड़ा फेंकने से रोके और जागरूक करें। बलजीत ने कहा कि इस बार हमारी टीम ने इस सुंदर पहाड़ी से 35 किलो कचरा एकत्र किया है, लेकिन अभी भी यहां और कचरा बाकी है, जिसके लिए हम आने वाले समय में एक और बड़ी टीम बना कर चूड़धार की सफाई करेंगे। उन्होंने स्थानीय लोगों से भी इस कार्य में सहयोग की अपील की है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर कुछ तस्वीरें सांझा कर यह जानकारी दी हैं।
भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि 25 जून, 1975 अर्थात आजादी के बाद के लोकतांत्रिक इतिहास में सबसे बड़ा काला अध्याय लेकर आया। देश में कांग्रेस पार्टी का शासन था, कांग्रेस पार्टी का एक छत्र राज था, इंदिरा गांधी देश की प्रधानमंत्री थी। उच्च न्यायालय का फैसला इंदिरा गांधी को अपने पद से उतारता था, परंतु अपनी सत्ता को बनाए रखने के लिए एवं प्रधानमंत्री बने रहने के लिए उन्होंने लोकतंत्र की हत्या कर दी। आधी रात्रि समय जब पूरा देश गहरी नींद में सो रहा था, इंदिरा ने देश में आपातकाल लगा दिया। रातों-रात 50 हजार से अधिक छोटे-बड़े नेताओं को जेल की काल कोठरी के पीछे डाल दिया। अखबारों की, मीडिया की स्वतंत्रता छीन ली गई। सभी मीडिया हाउसिज पर पहरा बिठा दिया गया और वहीं छपने लगा जो इंदिरा कहती थीं। जिन्होंने विरोध किया उन्हें नेस्ते नाबूत कर दिया। आपातकाल के खिलाफ देशभर में आंदोलन शुरू हुए, जिसका नेतृत्व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जनसंघ व अन्य संगठनों ने किया। सत्याग्रह करने वाले नेताओं/कार्यकर्ताओं पर बर्बरता की इंतहा हुई। उन पर झूठे मुकदमे दर्ज हुए और अंग्रेजों द्वार किए गए अत्याचारों को पीछे छोड़ दिया गया। ''इंदिरा इज इंडिया, इंडिया इज इंदिराÓÓ यह स्लोगन देश पर चस्पा किया गया। डॉ. बिंदल ने कहा कि मुझे याद आता है वह समय जब मैं मेडिकल का छात्र था और अखबारों पर लगाई गई सेंसरशीप का विरोध मुखर होकर करना शुरू किया। जुनून इस कदर बढ़ा कि अपने कमरे में साईकलोस्टाईल मशीन रखकर एक पन्ने का हस्तलिखित अखबार छापना शुरू किया। प्रतिदिन प्रात: 4 बजे विश्वविद्यालय एवं शहर के प्रमुख स्थानों पर वह साइकलोस्टाईल पत्रक हम साइकलों पर जाकर डाल आते थे। दो महीने तक पुलिस ने बहुत तलाश की, अंततोगत्वा हमारी चेन पुलिस के हत्थे चढ़ गई। पुलिस द्वारा थाने में 15 दिन लगातार जो यातनाएं दी गई उन्हें स्मरण कर आज भी रोंगटे खड़े हो जाते हैं। तत्पश्चात हमारे उपर एक झूठा मुकद्मा दर्ज किया और डीआईआर (डिफेंस इंडिया रूल) के अंतर्गत करनाल जेल में डाल दिया गया। पंजाब, हरियाणा हाईकोर्ट से साढ़े चार महीने बाद राहत मिली। मेरे जैसे डेढ़ लाख लोग इस आपातकाल के शिकार हुए। डॉ. बिंदल ने कहा कि मेरे देश ने मुगलों की गुलामी के खिलाफ 600 साल संघर्ष किया। लाखों-लाखों लोगों ने बलिदान दिया। अंग्रेजों की गुलामी के खिलाफ 200 साल मेरे देश ने लड़ाई लड़ी। अंततोगत्वा त्याग, बलिदान की पराकाष्ठा के बाद 1947 में देश को आधी-अधूरी आजादी प्राप्त हुई। कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने जल्दी सत्ता प्राप्त करने के लिए देश का विभाजन स्वीकार किया। देश ने लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर देश को चलाने का निर्णय किया। 800 साल के संघर्ष के बाद जो लोकतंत्र भारत में आया था, उस लोकतंत्र को केवल 28 साल के बाद इंदिरा गांधी ने तानाशाही में तबदील कर दिया। इस तानाशाही के खिलाफ देश ने दूसरी लड़ाई लड़ी। सभी राजनीतिक दल जनता पार्टी के बैनर तले एकत्र हुए और 19 महीने की तानाशाही को 1977 में समाप्त किया और पुन: लोकतांत्रिक मूल्यों की स्थापना की गई। डॉ. बिंदल ने कहा कि यदि देश ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए दूसरी लड़ाई न लड़ी होती तो भारत देश तानाशाह देश होता और विकास से कोसों दूर होता। सत्ता की लोलुप्ता का शायद सबसे बड़ा जीता जागता सबूत 1975 की 25 जून को लगाई गई एमरजेंसी है।
देश की ग्रीष्मकालीन राजधानी रहा शिमला शहर आज भी पर्यटकों को बड़ी संख्या में अपनी ओर आकर्षित करता है। देश-विदेश से हर वर्ष लाखों की संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं। इनकी बढ़ती संख्या के अनुरूप शहर में सड़क अधोसंरचना और अन्य सुविधाएं प्रदान करने पर वर्तमान प्रदेश सरकार विशेष ध्यान केन्द्रित कर रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि शिमला शहर में सर्कुलर रोड पर वाहनों की भीड़-भाड़ कम करने और पर्यटन को बढ़ावा देने की दृष्टि से 100 करोड़ रुपये की व्यापक योजना तैयार की गई है। इस योजना का उद्देश्य शहर में बुनियादी ढांचे में सुधार के साथ-साथ पर्यटकों एवं आंगतुकों को आवाजाही की निर्बाध सुविधा प्रदान करना है। इस योजना के तहत आवंटित धनराशि में से लगभग 77 करोड़ रुपये भूमि एवं निजी ढांचागत निर्माणों इत्यादि के अधिग्रहण पर खर्च किए जाएंगे, जबकि 20 करोड़ रुपये का प्रावधान सड़कों के विकास और विस्तारीकरण के लिए किया गया है। इसके अतिरिक्त, मेट्रोपोल से प्रदेश उच्च न्यायालय जंक्शन तक फ्लाईओवर के निर्माण के लिए 3.50 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग को इस कार्य में तेजी लाने और समय पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विश्व-विख्यात पर्यटन स्थल शिमला पहुंचने वाले पर्यटकों तथा स्थानीय लोगों को सुविधाएं प्रदान करने पर प्रदेश सरकार विशेष बल दे रही है। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग को इस संबंध में सर्वेक्षण करने तथा संकरे एवं तंग स्थलों की पहचान कर एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए 97 करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी गई है और आवश्यकता अनुसार राज्य सरकार अतिरिक्त धनराशि भी उपलब्ध करवाएगी। उन्होंने कहा कि शिमला शहर में पार्किंग की समस्या के समाधान के लिए विभिन्न पार्किंग स्थल भी विकसित किए जाएंगे। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल में पर्यटन उद्योग के विकास के लिए अनुकूल नीतिगत बदलावों एवं पर्यटन मित्र दृष्टिकोण से कार्य कर रही है साथ ही, पर्यटकों को अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करने की दिशा में भी तत्परता के साथ कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अनछुए पर्यटन स्थलों को विकसित करने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। कांगड़ा घाटी को राज्य की पर्यटन राजधानी घोषित किया गया है और यहां बुनियादी ढांचे के विकास के लिए लगभग 3000 करोड़ रुपये की योजना तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की महत्त्वपूर्ण भूमिका है और प्रदेश सरकार हिमाचल में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के दृष्टिगत विभिन्न सुविधाओं का विकास कर रही है। उन्होंने कहा कि मई, 2023 तक प्रदेश में लगभग 72 लाख पर्यटक पहुंचे और प्रदेश सरकार ने आने वाले पांच वर्षों में पर्यटकों की इस संख्या को पांच करोड़ तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए बुनियादी ढांचे में सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य सरकार एक नई पर्यटन नीति भी लाएगी जिससे पर्यटन क्षेत्र को और बढ़ावा मिलेगा।
एनएसयूआई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई के द्वारा विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक को छात्रों की विभिन्न समस्याओं के बारे में ज्ञापन दिया। एनएसयूआई इकाई अध्यक्ष योगेश यादव ने कहा कि काफ़ी दिनों से छात्रों को परीक्षा फॉर्म में तकनीकी दिक्क्तों का सामना करना पड़ रहा है जिस कारण कई छात्र परीक्षा फॉर्म नहीं भर पाए इसलिए पीजी के परीक्षा फॉर्म भरने की तिथि आगे बढ़ाई जाए। दूसरी ओर विश्वविद्यालय में प्रवेश परीक्षा अंतिम चरण पर है, लेकिन विश्वविद्यालय की ओर से अभी तक यूजी अंतिम वर्ष का परीक्षा परिणाम घोषित नहीं गया है । उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में पीजी परीक्षा के फॉर्म भरने की आज अंतिम तिथी है परंतु अभी तक विश्वविद्यालय के द्वारा अभी तक पीजी के पहले तीसरे और पाँचवे सेमेस्टर का परिणाम जारी नहीं किया गया है। इस दौरान पर प्रदेश उपाध्यक्ष वीनू मेहता , महासचिव परवीन मिन्हास, यासिन भट, अरविंद ठाकुर, इकाई अध्यक्ष योगेश यादव, रजत भारद्वाज, पवन नेगी, चंदन महाजन, विक्रांत शर्मा, रणदीप ठाकुर, रमेश कुमार, यशवंत ठाकुर, गिरीश कुमार, गौरव नेगी, विजय कुमार , सुमनदीप अशांत जरियाल , सचिन ठाकुर मौजूद रहे।
केंद्र में मोदी सरकार के सफल 9 वर्ष पूर्ण होने पर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व शहरी विकास मंत्री, कसुम्पटी से पूर्व प्रत्याशी सुरेश भारद्वाज के नेतृत्व में कसुम्पटी वार्ड में जनसंपर्क अभियान चलाया गया । इस जनसंपर्क अभियान में कसुम्पटी वार्ड की पार्षद रचना शर्मा प्रमुखता से पूर्व मंत्री के साथ रही, जबकि मंडल अध्यक्ष जितेंद्र भोटका, जिला भाजपा महामंत्री अंजना शर्मा भी उपस्थित रही। पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में देश में ऐतिहासिक प्रगति हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहयोग से हिमाचल प्रदेश भी इस विकास में कंधे से कंधा मिलाकर चला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दायित्व सम्भालने के बाद जब जापान गये तो उन्होंने भारत में भी हाई स्पीड ट्रेन चलाने का सपना देखा। आज भारत में 20 से ज़्यादा हाई स्पीड ट्रेन चल रही हैं। उन्होंने कहा कि मोदी के कार्यकाल में आई पारदर्शिता, भृष्टाचार मुक्क्त हो रहा भारत है। यह बड़ी उपलब्धि है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आज अगर सरकार एक रुपया भी देश के आम आदमी कि लिये भेजता है तो वह पूरा 1 रुपया लाभार्थी को मिलता है। आज बिचौलियों का खेल ख़त्म हो गया है। यह जनधन खातों की मदद से संभव हो पाया। उन्होंने कहा कि देश में अटकाने, भटकाने और लटकाने की संस्कृति खत्म कर दी है। अब जो काम शुरू किए जाते हैं, वे निर्धारित समय में पूरे भी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार पिछले पाँच साल हिमाचल विकास में मील का पत्थर साबित हुई है। इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता केशवानन्द झीना, पूर्व डिप्टी मेयर राकेश शर्मा ,भारतीय जनता पार्टी वरिष्ठ कार्यकर्ता सुदर्शन आज़ाद, जयराम शर्मा गोल्डी, राजेश सैनी, पारस जैन, विशाल सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता बलदेव तोमर और शशि दत्त ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार, सुखविन्द्र सुक्खू की सरकार पूरे प्रदेश के अंदर स्वयं ही कानून व्यवस्था की स्थिति बिगाड़ने में लगी है। प्रदेश में जनता का विश्वास सरकार के ऊपर से लगातार उड़ता चला जा रहा है। कांग्रेस के मंत्रियों के बयान बाजी से प्रतीत होता है कि मंत्री एक दूसरे को निपटाने में लगे है। तोमर ने कहा कि चंबा में जो दुर्दांत हत्याकांड हुआ उसने कानून व्यवस्था को बिगाड़ने में कांग्रेस पार्टी को सरकार ने अहम भूमिका निभाई। समय रहते कार्यवाही न करना और जनता का विश्वास कार्यवाही न करने से सरकार पर से उठ जाना, यही वजह है कि अभी तक इतने दिन बीत जाने पर भी चंबा का जनमानस उद्वेलित है, आक्रोशित है, ऐजिटेटिड है। चंबा हत्याकांड में सरकार केवल अपना चेहरा बचाने का प्रयास कर रही है। भाजपा नेता ने कहा कि नालागढ़ में पुलिस की लापरवाही से, एक व्यक्ति की कथित असावधानी से एक व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है जिससे जनता में रोेष स्वाभाविक है। सिरमौर में पुलिस राह चलते युवकों पर प्रहार करती है, युवक के कान का पर्दा फट जाता है और न सरकार, न प्रशासन, काई व्यक्ति गौर नहीं करता और कानून व्यवस्था बिगड़ने लगती है। उन्होनें कहा कि ऊना में दिन दिहाड़े छुरा बाजी होती है, सरकार जागती नहीं है और कानून व्यवस्था लचर होती है। शिमला में झगड़ा होता है, सिर फूटते हैं और सरकार के मंत्री झगड़े में घी डालने का काम करते हैं और पूरी सरकार गुत्थमगुत्था हो जाती है तथा कानून व्यवस्था चरमराती है। भाजपा नेता ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि यह अव्यवस्था स्टेट स्पोंर्स्ड है तथा सरकार के लोगों द्वारा ही प्रदेश की शांति को बिगाड़ने का काम किया जा रहा है। भाजपा का मानना है कि सरकार कांग्रेस द्वारा दी गई 10 गारंटियों से भागने के लिए जनता का ध्यान भटकाने के लिए उन्हें आपस में लड़ाने में लगी है और प्रदेश की स्थिति को बिगाड़ रही है। कांग्रेस नेताओं की आपसी प्रतिस्पर्धा से प्रदेश के विकास को ठेस पहुंच रही है।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल अपने मण्डी प्रवास को जाते हुए थोड़ी देर के लिए लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह कुनिहार रुके। जहाँ उन्होंने भाजपा अर्की मण्डल अध्यक्ष ड़ी के उपाध्याय व अन्य कार्यकर्ताओं से शिष्टाचार मुलाकात की। प्रदेशाध्यक्ष ने मण्डल में चल रहे पार्टी के महाजनसंपर्क अभियान की फीडबैक लेकर सभी से 2024 के लोक सभा चुनाव के लिए एकजुटता से कार्य करने की अपील की। इस अवसर पर भाजपा अर्की मण्डल अध्यक्ष डीके उपाध्याय, भाजपा प्रदेश महिला मोर्चा प्रवक्ता प्रतिभा कंवर,कौशल्या कंवर, सुरेश जोशी, हीरा लाल चंदेल, नवनीत शर्मा, प्रीतम तनवर, अभिनव झांझी, चैतराम तनवर, स्यामनन्द, ओमप्रकाश आदि मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रीसिटी बोर्ड इम्प्लॉइज यूनियन ने आज बोर्ड़ मुख्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन कर OPS लागू करने में की जा रही देरी पर विरोध जताया और इसके लिए सीधे सीधे बिजली बोर्ड प्रबंधन को दोषी ठहराया। यूनियन के महासचिव हीरा लाल वर्मा ने कहा कि वर्ष 2003 के बाद लगे कर्मचारियों को पुरानी पेंशन बहाल करना प्रदेश सरकार का राजनीतिक फैसला है और इसके कार्यन्वयन में अफसरशाही द्वारा की जा रही देरी से अफसरशाही के खिलाफ कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। उन्होंने कहा कि बिजली बोर्ड में कर्मचारियों के नई पेंशन प्रणाली का शेयर काटना अभी तक बंद नही किया है। बोर्ड़ प्रबंधन ने माना था कि इस माह से शेयर नहीं काटा जाएगा और इस बारे आदेश समय रहते जारी कर दिए जाएंगे, लेकिन बिजली बोर्ड के फील्ड कार्यालय में अब वेतन बढ़ाना शुरू कर दिया गया है, लेकिन इस बारे कार्यलय आदेश अभी तक जारी नहीं हो पाने के कारण कर्मचारियों में भारी आक्रोष देखने को मिला जिसके चलते आज बोर्ड मुख्यालय में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा गेट मीटिंग कर बोर्ड प्रबंधन के खिलाफ सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया और जताया कि यदि बोर्ड में समय रहते पुरानी पेंशन बहाल नहीं हुई और एनपीएस शेयर काटना इस माह से बंद नहीं किया तो यूनियन आंदोलन को तेज करने के लिए मजबूर होगी। यूनियन ने आरोप लगाया कि वर्तमान बोर्ड प्रबंधन पुरानी पेंशन के बारे में मुख्यमंत्री के आदेशों की अवेहलना कर रहा है जो कर्मचारियों के आक्रोश का मुख्य कारण है। मुख्यमंत्री ने कई बार इस बारे बोर्ड प्रबंधन को आदेश जारी किए हैं, लेकिन मामला अधर में लटका पड़ा है। यूनियन के महामंत्री ने कहा कि बिजली बोर्ड के चैयरमैन रामसुभग सिंह बिजली बोर्ड के संचालन में बुरी तरह से विफल रहे है और बिजली बोर्ड की स्मार्ट मीटरिंग, ऊर्जा क्षेत्र में निजी वितरण कंपनी का प्रवेश और इसकी संचार व वितरण ढांचे को तहस नहस करने में लगे है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि रामसुभग सिंह बतौर बिजली बोर्ड चैयरमैन बोर्ड के कर्मचारियों का विश्वास खो चुके है इन्हें तुरंत बिजली बोर्ड से हटाया जाए। उन्होंने कहा कि यूनियन इन तमाम मामलों को मुख्यमंत्री के साथ प्रस्तावित 27 जून की बैठक में भी उठाएगी।
आज एनएसयूआई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई के द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह की जयंती पर अंबेडकर भवन में श्रद्धॉंजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री को उनके जन्मदिवस पर याद किया गया। एनएसयूआई ने वीरभद्र सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर राजा साहब अमर रहे के नारों से गूंज उठा। एनएसयूआई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष योगेश यादव ने कहा की स्वर्गीय वीरभद्र सिंह आधुनिक हिमाचल के निर्माता है और हिमाचल प्रदेश में उन्होंने विकास की एक नयी गाथा लिखी जिसको कभी भुलाया नहीं जा सकता है। उन्होंने कहा की राजा साहब महलों के नहीं जनता के दिलों के राजा थे। इस अवसर पर एनएसयूआई के राज्य संगठन महासचिव मानोज चौहान ने कहा कि एनएसयूआई लंबे समय से एचपीयू का नाम स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह के नाम पर रखने की मांग कर रही है। हिमाचल प्रदेश में स्वर्गीय वीरभद्र सिंह का शिक्षा के क्षेत्र में भूतपूर्व योगदान रहा है। इस अवसर पर एनएसयूआई राज्य उपाध्यक्ष वीनू मेहता ,राज्य महासचिव परवीन मिन्हास , यासिन भट्ट, अरविंद ठाकुर, इकाई अध्यक्ष योगेश यादव, रजत भारद्वाज, पवन नेगी, चंदन महाजन, रणदीप ठाकुर,रमेश कुमार, विक्रांत शर्मा, सुमनदीप, यशवंत ठाकुर, विजय कुमार, अशांत जरियाल, अक्षय कुमार, सचिन ठाकुर आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
स्व वीरभद्र सिंह की जयंती पर आज प्रदेशभर में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रदेश के सभी ब्लॉकों में पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने स्व वीरभद्र सिंह की याद में रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जांच शिविर के साथ साथ अस्पतालों में जाकर रोगियों को फल वितरित किये। राज्यस्तरीय कार्यक्रम प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित किया गया। इसमें बड़ी संख्या में पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं व समर्थकों ने स्व वीरभद्र सिंह को याद करते हुए उनके छायाचित्र पर अपने अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस दौरान लोक गायकों ने भजन गाये। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने सभा में उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भले ही वीरभद्र सिंह अब हमारे बीच नही है पर उनका मार्गदर्शन व आशीर्वाद हमेशा प्रदेशवासियों पर बना रहेगा। उनके विकास कार्य प्रदेश को हमेशा आगे बढ़ने को प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा कि आज का यह दिन विकास दिवस के तौर पर मनाया जाना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि हैं। -उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री सहित अन्य कांग्रेस के नेता हुए शामिल कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, कृषि मंत्री चंद्र कुमार,लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह,मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान, सीपीएस मोहन लाल ब्राक्टा,विधायक सुधीर शर्मा, इंद्रदत्त लखनपाल, संजय रत्न,इंजीनियर यादविंदर गोमा,हरीश जनारथा,मलेंद्र राजन,केवल सिंह पठानिया,वन निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची,शिमला नगर निगम की उप महापौर उमा कौशल , सभी पार्षद ,पूर्व विधायक आदर्श सूद,चिरंजी लाल कश्यप,कवंर अजय बहादुर सिंह,पार्टी पदाधिकारी चेतराम ठाकुर,यशवंत छाजटा,अमित पाल,सिंह,देवेंद्र बुशेहरी,महेंद्र चौहान,विनीत गौतम,यशपाल तनाईक,सुशांत कपरेट,हिरेद्र सेन,सेस राम आजाद,महिला कांग्रेस अध्यक्ष जैनब चंदेल,अमित नंदा, किसान कांग्रेस के अध्यक्ष सोहन वर्मा ,तरुण पाठक के अतिरिक्त बड़ी संख्या में पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता व समर्थक मौजूद थे।
आज एसएफआई की हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने छात्र मांगों को लेकर पिंक पैटल पर धरना प्रदर्शन किया। पीजी के रिजल्ट को जल्द से जल्द घोषित करने तथा पीएचडी में हुई फर्जी एडमिशन को रद्द करवाने की मांग की। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने मार्च माह में पीजी की तथा मई माह में यूजी की परीक्षा कराई थी। इन परीक्षाओं के रिजल्ट को अभी तक घोषित नहीं किए गए हैं। इस पर बात रखते हुए एसएफआई कैंपस सचिवालय सदस्य रितेश ने कहा कि रिजल्ट घोषित ना करने से विश्वविद्यालय प्रशासन प्रदेश के हजारों छात्रों के भविष्य को अधर में लटकाए हुए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पीजी एंट्रेंस एग्जाम कराने शुरू कर दिए हैं कुछ समय के अंदर इसके लिए काउंसलिंग भी होगी। काउंसलिंग के अंदर अभ्यर्थी को अपना फाइनल रिजल्ट सबमिट करना पड़ता है ऐसे में यदि प्रशासन रिजल्ट घोषित नहीं करेगा तो काउंसलिंग कैसे होगी। रिजल्ट का लेट घोषित होना इस बात का इशारा है कि यह सत्र भी पिछले सत्र की तरह लेट ही शुरू होगा। जिससे छात्रों को आने वाले समय में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। एसएफआई कैंपस सचिव सुरजीत ने कहा कि कुछ दिन पहले ही हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने पीजी के एग्जामिनेशन फॉर्म भरने की दिनांक निश्चित कर दी है। परंतु अभी तक पीजी के पिछले सत्र के परीक्षा परिणामों को घोषित नहीं किया गया है। ऐसे में भी जो छात्र अंतिम सत्र के अन्दर पढ़ाई कर रहा है यदि उसे पिछले सत्र का रिजल्ट क्लियर करने के लिए अभी समय नहीं दिया जाएगा तो उसका आने वाला पुरा साल बर्बाद हो जाएगा। एसएफआई ने साफ चेताया है कि अगर यूजी और पीजी के रिजल्ट नहीं आए तो वि वि प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन किया जाएगा।
भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री राजीव सहजल, पूर्व मंत्री गोविंद ठाकुर, पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर और पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष एवं विधायक हंस राज ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार जो की सुखविन्द्र सुक्खू के नेतृत्व में चल रही है, अब क्षेत्रवाद फैलाने में जुट गई है। चंबा में हुए जघन्य हत्याकांड, बिगड़ती कानून व्यवस्था की तरफ से ध्यान भटकाने के लिए सरकार के मंत्री विरोधाभासी बयान देकर क्षेत्रवाद को बढ़ावा देने में जुट गए हैं। पिछले सात महीने में प्रदेश की जनता को उम्मीदें थी कि प्रदेश की 22 लाख महिलाओं को हर महीने 1500 रू मिलेंगे, 5 लाख बेरोजगारों को नौकरियां मिलेगी लेकिन ऐसी सभी 10 गारंटियां कांग्रेस पार्टी की धराशाई हो गई। कांग्रेस पार्टी ने गारंटियां पूरी करने के बजाए दूसरों पर दोषारोपण करना शुरू कर दिया है। भाजपा नेताओं ने कहा कि मनोहर हत्याकांड के 18 दिन बीत जाने के बाद भी सरकार को फुर्सत नहीं मिली कि पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें मदद दी जाए और इलाकावासियों को सुरक्षी की गारंटी दी जाए। भाजपा ने कहा कि जो करने के काम थे वो इस कांग्रेस सरकार ने बंद कर दिए। 1000 सरकारी संस्थान बंद कर दिए और शिमला में सुक्खू सरकार के मंत्री क्षेत्रवाद का जहर घोलने में जुट गए हैं। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि सरकार के मंत्री ही आपस में लट्ठम-लट्ठा हो रहे हैं या फिर जनता की आंख में धूल झोंक रहे हैं। भाजपा नेताओं ने कहा कि प्रदेश में क्षेत्रवाद का जहर किसी कीमत पर फैलाने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि हिमाचल में सरकार के अंदर सरकार चल रही है। पूरे प्रदेश में जिस प्रकार से कांग्रेस का नेतृत्व कार्य कर रहा है उससे लगता है कि एक प्रदेश के कई मुखिया है।
डिजिटल प्रौद्योगिकी और डिजिटल परिवर्तन के बदलते समय के अनुरूप प्रदेश सरकार द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का नाम बदलकर डिजिटल प्रौद्योगिकी और गवर्नेंस विभाग किया गया है। प्रदेश मंत्रिमंडल ने हाल ही में इसकी स्वीकृति दी है। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश संभवतः भारत का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जिसके विभाग को डिजिटल नामकरण प्राप्त हुआ है। प्रदेश सरकार यह निर्णय राज्य को डिजिटल रूप से उन्नत और आधुनिक राज्य में बदलने की अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सचिव सूचना प्रौद्योगिकी, डॉ. अभिषेक जैन ने बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी विभाग वर्ष 1999 में स्थापित हुआ था जिसका वर्ष 2002 में उद्योग विभाग में विलय कर दिया गया। वर्ष 2004 में उद्योग विभाग से विभाजित कर जैव-प्रौद्योगिकी के साथ विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग में इसका विलय कर दिया गया। 13 अप्रैल, 2007 को आईटी विभाग से जैव-प्रौद्योगिकी और विज्ञान और प्रौद्योगिकी को अलग कर इसे एक स्वतंत्र विभाग के रूप में अस्तित्व में लाया गया। हालांकि, बदलते समय के साथ विभाग द्वारा किए जा रहे कई कार्य अप्रचलित हो गए थे और कई नवीन बदलावों की आवश्यकता महसूस होने लगी थी। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है कि विभाग का विजन और मिशन स्टेटमेंट तैयार किया गया है। डिजिटल प्रौद्योगिकी में तेजी से प्रगति के मद्देनजर, विभाग की भूमिका और जिम्मेदारियो में भी बदलाव देखने को मिला है और अब इसमें डिजिटल प्रौद्योगिकी का समावेश देखने को मिल रहा है। इस विभाग का लक्ष्य हिमाचल प्रदेश के विभागों का डिजिटलीकरण कर राज्य में प्रभावी शासन और समावेशी विकास के नए युग की स्थापना करना है। राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में डिजिटल प्रौद्योगिकी के कार्यान्वयन के अवसरों को देखते हुए, विभागों के चार मुख्य क्षेत्र डिजिटल प्रौद्योगिकी के दायरे में आएंगे। इनमें डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, डाटा गवर्नेंस, समावेशी विकास के लिए डिजिटल परिवर्तन और आईटी निवेश तथा उद्योग संवर्धन शामिल है। इनमें आगे डिजिटल प्रौद्योगिकी, टेली-संचार, ई-गवर्नेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, साइबर-सुरक्षा, उभरती प्रौद्योगिकी जैसे कृत्रिम मेधा, ड्रोन और ड्रोन-आधारित सेवाएं, मशीन लर्निंग, क्लाउड कंप्यूटिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ब्लॉक चेन और बिग डेटा एनालिटिक्स को बढ़ावा देने के लिए नीतियां विकसित करना और लागू करना शामिल है। इसमें विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों के लिए प्रभावी मानचित्रण, डेटा प्रबंधन और विश्लेषण के लिए भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) प्रौद्योगिकी का एकीकरण और कार्यान्वयन, उभरती प्रौद्योगिकी सहित सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली डिजाइन और विनिर्माण (ईएसडीएम) क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देना शामिल है। संशोधित नियमों में राज्य डेटा सेंटर, स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क सहित राज्य में उभरती डिजिटल प्रौद्योगिकी, विकास, प्रबंधन और डिजिटल बुनियादी ढांचे के उन्नयन में अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा, उद्योग और सरकार के बीच सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देना शामिल है। इसमें नागरिकों और सरकारी संगठनों को हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी और बेहतर संचार सेवाएं प्रदान करने के लिए टेलीकम्यूनिकेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर को लागू करने और अपग्रेड करने में दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को सहायता प्रदान करना शामिल है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों सहित सभी नागरिकों के लिए डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर की पहुंच और सामर्थ्य सुनिश्चित हो सके। डॉ. जैन ने कहा कि आईटी विभाग अब अपनी नई पहचान के तहत सभी हितधारकों को जोड़कर उन्हें डिजिटल प्रौद्योगिकी के लाभों से जोड़ेगा और प्रदेश के लोगों को भी डिजिटलीकरण के फायदों से जोड़ने के लिए अधिक पेशेवर तरीके से कार्य करेगा।
आगामी बरसात के मौसम के दौरान आपदा प्रबन्धन से संबंधित तैयारियों की समीक्षा के लिए आज यहां प्रधान सचिव राजस्व, ओंकार चंद शर्मा की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि तैयारियों के अभाव अथवा कार्रवाई में देरी से एक भी बहुमूल्य जीवन को नुक्सान न पहुंचे इसके लिए आपदा प्रबन्धन प्रकोष्ठ समय रहते सभी तैयारियां सुनिश्चित कर रहा है। बैठक में बांधों एवं जलाशयों में जल स्तर, भूकंप, बादल फटने, बिजली गिरने और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की समयपरक सूचना उपलब्ध करवाने पर विशेष बल देते हुए कहा गया कि यह बहुमूल्य मानव जीवन सहित अमूल्य संपदा की रक्षा में यह सहायक होता है। प्रधान सचिव ने आधुनिक दौर की प्रौद्योगिकी के प्रयोग पर बल देते हुए कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण द्वारा ‘सचेत’ ऐप विकसित किया गया है, जिसमें स्थानीय स्तर पर आपदा से संबंधित सटीक सूचना नियमित अंतराल पर अद्यतन की जाती है। इस ऐप के माध्यम से मौसम संबंधी जानकारी एवं चेतावनियां समय पर उपलब्ध होती हैं और किसी स्थान विशेष में आपदा के समय क्या करें अथवा न करें, इसके बारे में भी यह हमें निर्देशित करता है। उन्होंने संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को बांधों, विद्युत परियोजनाओं और नदी प्रबन्धन प्राधिकरणों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव, भूस्खलन और बांधों से पानी छोड़ने संबंधी सूचना के आदान-प्रदान के निर्देश भी दिए ताकि प्रभावित क्षेत्रों को चिन्हित करते हुए प्रतिक्रिया दलों को समय पर तैयारी कर कार्रवाई के लिए सचेत किया जा सके। उन्होंने जिला प्रशासन को अवैध खनन पर कड़ी नजर रखने के निर्देश देते हुए कहा कि विशेष तौर पर नदी तटों पर इस तरह की गतिविधियों से क्षरण के कारण सड़कों को क्षति एवं भूस्खलन से दुर्घटनाएं इत्यादि सामने आती हैं। ओंकार चंद शर्मा ने कहा कि बरसात के दौरान विभिन्न स्थानों पर पुलों एवं सड़कों के टूटने, पेयजल आपूर्ति योजनाओं के बहने, पेयजल आपूर्ति पाईपों तथा विद्युत आपूर्ति तारों एवं खम्बों के टूटने से परिवहन सेवाओं, पेयजल व विद्युत आपूर्ति इत्यादि में बाधा पहुंचती है। उन्होंने संबंधित विभागों को ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देते हुए समय पर एवं त्वरित कार्रवाई करते हुए हानि को न्यून करने की दिशा में कार्य करने को कहा। उन्होंने संबंधित विभागों को सड़कों के किनारे एवं अन्य नालियों को साफ रखने तथा खतरा संभावित क्षेत्रों में मशीनों, आधुनिक उपकरणों एवं मानव संपदा की समुचित तैनाती के भी निर्देश दिए। बैठक में यह भी कहा गया कि राज्य में स्थित छोटे बांधों को बांध सुरक्षा अधिनियम-2021 के अन्तर्गत लाया जाए और भविष्य में निर्मित होने वाले बांधों को भी इस अधिनियम के तहत निर्धारित मापदंडों के अनुसार निर्मित किया जाए। प्रधान सचिव ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, गृह रक्षक और भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल के अतिरिक्त राज्य में आपदा अथवा अन्य आपात स्थिति में राहत एवं बचाव के लिए 15 हजार ‘आपदा मित्र’ एवं राज्य स्वयंसेवक तैयार किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम के दृष्टिगत प्रदेशभर में आवश्यक उपकरणों के साथ चेतावनी दलों समुचित तैनाती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित बलों की समुचित उपलब्धता के दृष्टिगत इन आपदा मित्र एवं अन्य स्वयंसेवकों को समय-समय पर प्रशिक्षण एवं कार्यशालाओं के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाए। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल एवं राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल के समन्वय से पाठशालाओं और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा कार्यक्रमों और मॉकड्रिल का आयोजन सुनिश्चित किया जाए ताकि लोगों में जागरूकता पैदा करने के साथ ही तैयारियों का भी जायज़ा लिया जा सके। ओंकार चंद शर्मा ने कहा कि प्रभावितों एवं ज़रूरतमंदों को समय पर सहायता, अनुदान एवं राहत निधि आवंटित करने में किसी भी स्तर पर देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आपात स्थिति के दृष्टिगत आपदा संभावित क्षेत्रों में खाद्य पदार्थों, कंबल, स्लीपिंग बैग, जल भण्डारण टैंकों और फॉगिंग मशीनों का समय रहते समुचित प्रबन्धन एवं भण्डारण करने के भी निर्देश दिए। बैठक के दौरान जिला उपायुक्तों को वित्तीय मामलों के सुचारू क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन सूचना प्रणाली में प्रविष्टियां दर्ज करने और निरंतर डाटा अद्यतन करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में भारतीय मौसम विभाग के निदेशक, केन्द्रीय जल आयोग शिमला के निदेशक, ऊर्जा विभाग, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, गृहरक्षक वाहिनी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे जबकि सभी जिला उपायुक्त वर्चुअल माध्यम से बैठक से जुड़े।
हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (एचपीएमसी) के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि आगामी सेब सीजन-2023 के लिए एचपीएमसी सीए स्टोर में सेब के भंडारण की दरें निर्धारित कर दी गई हैं। उन्होंने बताया कि किसानों और सेब उत्पादकों की सुविधा के लिए, सेब को स्वयं के डिब्बे अथवा क्रेट में 1.60 रुपये प्रति किलोग्राम प्रतिमाह रखने की दर निर्धारित की गई हैं। इसके अतिरिक्त जो सेब उत्पादक एचपीएमसी द्वारा प्रदान किए गए डिब्बे एवं क्रेट्स का उपयोग करना चाहते हैं, उनके लिए दर 1.70 रुपये प्रति किलोग्राम प्रतिमाह की दर सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि निगम का लक्ष्य बेहतर भंडारण सुनिश्चित करते हुए बेहतर विकल्पों के साथ सेब उत्पादकों का समर्थन करना है। सेब व्यापार में बेहतर योगदान के लिए पहचानी जाने वाली निजी कंपनियों और फर्मों को सेब को अपने खुद के डिब्बे या क्रेट्स में रखने की सुविधा 1.90 प्रति किलोग्राम प्रतिमाह की दर पर मिलेगी। इसके अलावा, जो लोग निगम के डिब्बे या क्रेट्स चुनते हैं, उनके लिए यह दर 2.00 रुपये प्रति किलोग्राम प्रतिमाह निर्धारित की गई हैं। उन्होंने कहा कि ये दरें सेब की ताजगी और गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए उच्च गुणवत्ता वाली भंडारण सुविधाओं के मूल्य को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि भंडारण प्रक्रिया को और अधिक कारगर बनाने के लिए यह निर्देश दिए गए हैं कि निगम के सभी सीए स्टोरों में सेब के भंडारण के लिए केवल क्रेट या डिब्बे का उपयोग किया जाए। उन्होंनेे कहा कि निगम के प्रयासों से सेब उत्पादकों को बेहतर भंडारण सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि निगम सेब उत्पादकों, निजी कंपनियों और फर्मों सहित सभी हितधारकों के लिए एक निष्पक्ष और लाभकारी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कार्यरत है।
In commemoration of International Yoga Day, an inspiring event was held today at Raj Bhavan Shimla, jointly organized by the Department of AYUSH and the Yoga Department of Himachal Pradesh University. Governor, Shiv Pratap Shukla, presided over the program, emphasizing the profound benefits of yoga and its role in achieving overall well-being. The Governor highlighted the transformative power of Yoga and Pranayama in our daily lives, promoting both physical health and mental tranquility. He acknowledged the relentless efforts of Prime Minister Narendra Modi in showcasing India’s rich yogic heritage, which has garnered international appreciation and recognition. “The practice of yoga and pranayama enables us to lead a stress-free life and attain a healthy body and a healthy mind,” said Shukla. He further emphasized the significance of incorporating these practices into our daily routines, as they provide the gateway to good health and inner peace. Under the expert guidance of Dr. Arpita Negi, Assistant Professor, Department of Yoga, HPU, and Dr. Meena Gupta, AYUSH Department, the program witnessed the participation of the officers and officials of Raj Bhavan, along with enthusiastic yoga students. As International Yoga Day continues to inspire people across the globe, Raj Bhavan Shimla remains committed to promoting the transformative power of yoga, fostering health, happiness, and peace in the lives of individuals. Secretary to Governor, Rajesh Sharma, and other officers and officials of Raj Bhavan joined enthusiastically in celebrating the occasion.
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आज राजभवन शिमला में आयुष विभाग और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के योग विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि व्यक्ति के समग्र विकास में योग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। राज्यपाल ने दैनिक जीवन में योग और प्राणायाम के परिवर्तनकारी बदलावों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इससे व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहता है। उन्होंने कहा कि भारत की समृद्ध योग की विरासत को प्रदर्शित करने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अथक प्रयासों के फलस्वरूप इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना और पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि योग और प्राणायाम का अभ्यास हमें तनाव मुक्त जीवन जीने और स्वस्थ शरीर एवं स्वस्थ मन प्राप्त करने में सक्षम बनाता है। उन्होंने कहा कि योग और प्राणायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करके हम उत्तम स्वास्थ्य और मानसिक शांति प्राप्त कर सकते हैं। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के योग विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. अर्पिता नेगी और आयुष विभाग की डॉ. मीना गुप्ता के कुशल मार्गदर्शन में राजभवन के अधिकारियों, कर्मचारियों और योग विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ यौगिक क्रियाएं कीं। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस विश्व भर के लोगों को स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करता है। राजभवन शिमला योग के परिवर्तनकारी बदलावों को बढ़ावा देने और लोगों के जीवन में स्वास्थ्य, खुशी और शांति को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा सहित राजभवन के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उत्साहपूर्वक शामिल हुए।
राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (क्षेत्रीय संकार्य प्रभाग) द्वारा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस- 2023 का आयोजन आज क्षेत्रीय कार्यालय, शिमला में किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (क्षेत्र संकार्य प्रभाग) हिमाचल प्रदेश के उप-महानिदेश अल्ताफ हुसैन हाजी ने किया। अपने संबोधन में हाजी ने प्रतिभागियों को योग के फ़ायदों से अवगत करवाया। उन्होंने वर्ष 2023 का विषय ‘Yoga for Vasudhaiva Kutumbakam’ which also represents as “One Earth, One Family, One Future” पर भी अपने विचार रखे। हाजी ने सभी उपस्थित अधिकारीयों व कर्मचारियों से योग को अपनी दिनचर्या में नियमित रूप से अपनाने का आह्वान किया ताकि वे आध्यात्मिक, मानसिक तथा शारीरिक तौर पर स्वस्थ रह सके। इस अवसर पर वीर सिंह, वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी द्वारा विभिन्न योग आसन, प्राणायाम व मुद्राएँ उपस्थित प्रतिभागियों को सिखाई गई। कार्यालय द्वारा अतिथियों एवं स्टाफ के लिए जलपान का प्रबंध भी किया गया।
The State Government has decided to grant 20 days of paid vacation to the outsourced vocational training providers working under the National Skill Qualification Framework in various Schools of the State. A notification has been issued in this regard by the Government today. This order will be implemented with immediate effect. Chief Minister Thakur Sukhvinder Singh Sukhu said that a delegation of outsourced vocational training providers’ Union met him recently regarding their various demands and Government has taken swift action to provide succor to these trainers. He said that one of the Union’s demands has been met and the government has notified the paid 20 days of vacation to them. They have been provided with an option to avail of these 20 days' vacations either before or after conducting the On Job Training. However, during the remaining vacation period, the Vocational Trainers are required to either perform the On Job Training or remain present in the schools to carry out the other necessary assignments. Whereas, the other entitlement of leaves due to the Vocational Trainers will remain unaffected. The Chief Minister said that other demands of the Union were being considered sympathetically by the Government and appropriate action would be taken in the times to come keeping in view their interests. He said that the State Government, in its six months tenure, has taken various steps to ensure the welfare of the government employees. He said that the State Government has reinstated the Old Pension Scheme to the employees and has also released a three percent Dearness Allowance from 1st January 2022.
प्रदेश सरकार ने राज्य के विभिन्न स्कूलों में राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचे (नेशनल स्किल क्वालीफिकेशन फ्रेमवर्क) के अन्तर्गत कार्य कर रहे आउटसोर्स व्यवसायिक प्रशिक्षण प्रदाताओं को 20 दिनों का सवैतनिक अवकाश प्रदान करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में प्रदेश सरकार की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हाल ही में आउटसोर्स व्यवसायिक प्रशिक्षण प्रदाता संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उनसे चर्चा की थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने इन प्रशिक्षकों को राहत प्रदान करने की दिशा में तेजी से कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि संघ की एक मुख्य मांग पूरी करते हुए सरकार ने उन्हें 20 दिनों के सवैतनिक अवकाश प्रदान करने की अधिसूचना जारी कर दी है। उन्हें ‘ऑन जॉब ट्रेनिंग’ से पहले अथवा बाद में इन 20 दिनों के अवकाश का लाभ उठाने का विकल्प दिया गया है। हालांकि, शेष अवकाश अवधि के दौरान, व्यवसायिक प्रशिक्षकों को या तो ‘ऑन जॉब ट्रेनिंग’ करनी होती है या अन्य आवश्यक कार्य करने के लिए स्कूलों में उपस्थित रहना होता है। व्यवसायिक प्रशिक्षकों को देय अवकाश की अन्य पात्रता अप्रभावित रहेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि संघ की अन्य मांगों पर भी सरकार सहानुभूतिपूर्वक विचार कर रही है और उनके हितों को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपने छह माह के कार्यकाल में सरकारी कर्मचारियों के कल्याण के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल कर दी है और 1 जनवरी, 2022 से तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता भी जारी किया गया है।
बुधवार को एसएफआई की हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने छात्रों की समस्याओं को लेकर परीक्षा नियंत्रक को मांग पत्र सौंपा। एसएफआई ने मुख्य रूप से यूजी तथा पीजी के रिजल्ट को जल्द से जल्द घोषित करने की मांग की। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने मार्च माह में पीजी की तथा मई माह में यूजी की परीक्षा कराई थी। इन परीक्षाओं के रिजल्ट को अभी तक घोषित नहीं किया गया है। एसएफआई कैंपस सचिव सुरजीत ने कहा कि रिजल्ट घोषित ना करने से विश्वविद्यालय प्रशासन प्रदेश के हजारों छात्रों के भविष्य को अधर में लटकाए हुए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पीजी एंट्रेंस एग्जाम कराने शुरू कर दिए हैं, कुछ समय के अंदर इसके लिए काउंसलिंग भी होगी। काउंसलिंग के अंदर अभ्यर्थी को अपना फाइनल रिजल्ट सबमिट करना पड़ता है ऐसे में यदि प्रशासन रिजल्ट घोषित नहीं करेगा तो काउंसलिंग कैसे होगी। रिजल्ट का लेट घोषित होना इस बात का इशारा है कि यह सत्र भी पिछले सत्र की तरह लेट ही शुरू होगा। जिससे छात्रों को आने वाले समय में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। एसएफआई कैंपस अध्यक्ष हरीश ने कहा कि कुछ दिन पहले ही हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने पीजी के एग्जामिनेशन फॉर्म भरने की दिनांक निश्चित कर दी है। परंतु अभी तक पीजी के पिछले सत्र के परीक्षा परिणामों को घोषित नहीं किया गया है। ऐसे में जो छात्र अंतिम सत्र के अन्दर पढ़ाई कर रहा है यदि उसे पिछले सत्र का रिजल्ट क्लियर करने के लिए अभी समय नहीं दिया जाएगा तो उसका आने वाला पुरा साल बर्बाद हो जाएगा। एसएफआई ने चेतावनी देते हुए कहा कि इन मांगों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। अगर जल्द छात्र मांगों को सकारात्मक रूप से सुलझाया नहीं गया तो आने वाले समय के अंदर एसएफआई विश्वविद्यालय में आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगी और प्रशासन का उग्र घेराव किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के 6 मर्तबा मुख्यमंत्री रहे स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की प्रतिमा को लेकर फोटो वायरल हो रही है। इसमें बताया जा रहा है कि स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की प्रतिमा 23 जून को उनकी जयंती पर शिमला के रिज मैदान पर लगने जा रही है, लेकिन ऐसा नहीं है। शिमला के रिज मैदान में अभी उनकी प्रतिमा स्थापित नहीं की जाएगी, बल्कि 22 जून को सैंज में उनकी प्रतिमा लगने जा रही है। सैंज में भी किसी समर्थक ने प्रतिमा के लिए निजी भूमि दी है। रिज मैदान में प्रतिमा लगाने के लिए सरकार से अभी तक किसी तरह की अनुमति नहीं मिली है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष व स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह ने इसकी पुष्टि की है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने शिमला के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में सरकार से सुविधाओं में विस्तार करने व ऑपरेशन उपकरणों को दुरुस्त करने को कहा है। उन्होंने कहा है कि उन्हें जानकारी मिली है कि आईजीएमसी में डॉक्टरों से लेकर रोगियों तक को बहुत सी समस्याओं को झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने इस संस्थान में न तो सुविधाओं में ही कोई विस्तार किया और न ही स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में कोई कदम उठाया। आलम यह है कि आज डॉक्टरों के साथ साथ यहां रोगियों को भी कई समस्याओं से गुजरना पड़ रहा हैं। प्रतिभा सिंह ने आपातकालीन थियेटर विशेष तौर पर ऑर्थो ऑपरेशन के दौरान प्रयोग में लाई जाने वाली सी आर्म एक्स-रे मशीनें पिछले तीन सालों से खराब व बंद पड़ने पर हैरानी जताते हुए इसे तुरंत ठीक करवाने को कहा है। उन्होंने कहा है कि इतनी महत्वपूर्ण एक्स रे मशीनें जो सालों से खराब पड़ी है बहुत ही चिंता की बात है। उन्होंने सरकार से आईजीएमसी में सभी ऑपरेशन थियेटरों में सभी उपकरणों को तुरंत ठीक करवाने को कहा है, जिससे डॉक्टर सही ढंग से ऑपरेशन कर सकें। उन्होंने कहा है कि उपचार करवाने वाले लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ या कोताही बर्दास्त नहीं हो सकती। इसलिए सरकार को पूर्व सरकार के समय से चल रही सभी अस्पतालों व स्वास्थ्य संस्थानों में सभी खामियों को तुरंत दुरुस्त किया जाए। इसके अतिरिक्त शल्य चिकित्सा उपकरणों की गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
आज राजीव भवन शिमला में हिमाचल युवा कांग्रेस द्वारा प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया जिसमे प्रदेश अध्यक्ष निगम भंडारी ने भारत की बुनियाद नामक शीर्षक से होने वाले युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन का फॉर्मल लॉन्च किया। निगम भंडारी ने कहा के अगले महीने कर्नाटक की राजधानी बंगलौर में युवा कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन होने जा रहा है, जिसमें पूरे भारत से अच्छा प्रदर्शन करने वाले युवा कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता हिस्सा लेने जा रहे है। इस अधिवेशन का मुख्य संकल्प है बेहतर भारत की बुनियाद, युवा कांग्रेस आपने कार्यकर्ताओ को वर्तमान मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों का घर घर प्रचार करने के लिए तैयार करने जा रही है ताकि आम जनता में जागरूकता पैदा की जा सके के कैसे वर्तमान सरकार भारत की बुनियाद को कमजोर करने की कोशिश कर रही है और युवा कांग्रेस पूरे भारत को बेहतर बनाने के लिए संवैधानिक मूल्यों की रक्षा की बुनियाद का संकप लेकर कार्य करेगी। देश के अंदताओं को बेहतर सुविधा और सही दाम दिलाने के संघर्ष की बुनियाद, सांप्रदायिक और नफरत के माहौल के खिलाफ संघर्ष की बुनियाद, बढ़ती मंहगाई पर रोक के लिए संघर्ष की बुनियाद आदि। इस अधिवेशन के लिए हिमाचल युवा कांग्रेस से सैकड़ों पदाधिकारी 10 जुलाई से 13 जुलाई होने वाले अधिवेशन के लिए बंगलुरू पहुंचेंगे और देश की जनता की बेहतरी के लिए आम जन से जुड़े मुद्दों पर विचार विमर्श किया जाएगा और समाधान की दिशा में आगे बड़ा जाएगा। इस अधिवेशन में राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य राष्ट्रीय नेता युवाओं का मार्गदर्शन करेंगे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने महा जनसंपर्क अभियान के तहत नहान विधानसभा की पांवटा साहिब ब्लॉक में पढ़ने वाली 12 पंचायत के प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ इस कार्यक्रम में भाग लिया। डॉ. राजीव बिंदल ने 12 पंचायतों के प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ एक बैठक भी की और घर-घर संपर्क भी किया। बिंदल ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने नारी सशक्तिकरण की दृष्टि से निरंतर काम किया है। महिलाओं के नेतृत्व में विकास लाने का कार्य किया है, महिलाओं के जीवन में सुधार और गरिमा बड़ने के लिए स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत 11.72 करोड़ शौचालय केंद्र सरकार ने बनाए हैं। पीएमएवाईजी के तहत 2.5 करोड से अधिक घरों में से 70त्न की अकेले या संयुक्त रूप से महिलाएं मालिक बनी है। तीन तलाक को गैरकानूनी अगर किसी सरकार ने करार दिया तो वह केंद्र में मोदी सरकार है। अगर जीवन सुगमता की बात करें तो 9.6 करोड़ से अधिक महिलाओं को उज्जवला एलपीजी कनेक्शन से महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाने का कार्य किया है। मातृत्व अवकाश 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह किया। जल जीवन मिशन के तहत देश भर में 8.67 करोड़ से अधिक घरों में नल लगाने का काम किया, नल से जल योजना इसका बहुत बड़ा उदाहरण है। उद्यमिता की दृष्टि से जनधन खातों के द्वारा 26.54 करोड़ से अधिक महिलाएं बैंकों से जुड़ी, स्टैंड अप इंडिया के तहत 81 प्रतिशत उद्यमी महिलाएं हैं, मुद्रा योजना के तहत 69 फीसदी से अधिक खाते धारक महिला उद्यमी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रत्येक वर्ग के उद्धार के लिए हमारी केंद्र सरकार ने उत्तम कार्य किया है।
जिला शिमला के कोटखाई रत्नाडी में यंग क्लब रत्नाडी द्वारा 'गो ग्रीन,गो क्लीनÓ नारे के साथ आयोजित क्रिकेट प्रतियोगिता के सीजन-8 में मंगलवार को यूथ आइकॉन दिग्विजय सिंह रोनी ने बतौर मुख्याथिति शिरकत की। रत्नाडी प्रीमियर लीग का गत दिनों आगाज हुआ है। ऐसे में इस क्रिकेट प्रतियोगिया के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है प्रतियोगिया में बॉलर जितनी भी गेंद डॉट डाल रहा है, यंग क्लब रत्नाडी उतने ही पौधरोपण कर रहा है। मंगलवार को बतौर मुख्याथिति पहुंचे दिग्विजय सिंह रोनी ने क्लब की इस पहल को देख उनकी सराहना की और उन्होंने कहा कि यंग क्लब इसी प्रकार लोगों को खेल के माध्यम से जागरूक करता रहे, क्योंकि खेल लोगों को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। आज का युवा नशे की के जाल में फंसता चला जा रहा है। ऐसे में युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए उनमें खेल के प्रति भावनाएं जागृत करना बेहद आवश्यक हैं। यह तभी संभव है जब इस तरीके के खेल के आयोजन के साथ इस तरीके के थीम से समाज के ज्वलंत मुद्दों पर लोगों के बीच जागरूकता फैलाई जाएऔर यंग क्लब रत्नाडी पिछले 8 सीजनों से लगातार यह कर रहा है जो कि बेहद महत्वपूर्ण और सराहनीय है। यंग क्लब रत्नाडी के पदाधिकारियों ने बताया कि दिग्विजय सिंह रोनी एक बहुत बड़े प्रमोटर के साथ क्रिकेट क्रांति के फाउंडर भी रहे हंै और आज एक कोच भी हैं और युवाओं को लगातार खेलों के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं विधायक त्रिलोक जम्वाल, महामंत्री एवं विधायक राकेश जम्वाल, महामंत्री त्रिलोक कपूर, एवं प्रदेश उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम गुलेरिया ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी पूरे प्रदेश भर में प्रत्येक बूथ पर 20 जून से लेकर 30 जून तक जनसंपर्क अभियान चला रही है, इस जनसंपर्क अभियान का शुभारंभ आज हो चुका है। इस कार्यक्रम में प्रत्येक बूथ पर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता 100 घरों में संपर्क करेंगे। भाजपा नेताओं ने बताया 21 जून को प्रत्येक मंडल में भारतीय जनता पार्टी योग दिवस के कार्यक्रम का आयोजन करेगी, योग दिवस का दिन हमारे लिए गर्व का विषय है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योग को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस बनाने में अहम भूमिका निभाई है। यूनाइटेड नेशन में 177 देशों के समर्थन के बाद योग दिवस को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का दर्जा प्राप्त हुआ था। योग दिवस के कार्यक्रम के उपरांत प्रत्येक बूथ पर घर-घर जाकर केंद्र सरकार की उपलब्धियां भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा पहुंचाई जाएगी। इसी प्रकार 23 जून को श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस हर मंडल में मनाया जाएगा। देश भर में 25 जून को कांग्रेस द्वारा 1975 में आपातकाल लगा दिया गया था, इस दिन को भारतीय जनता पार्टी काला दिवस के रूप में मनाती है। इस बार प्रत्येक संसदीय क्षेत्र में प्रबुद्ध जन सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा, जिसके उपरांत भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता जनसंपर्क अभियान पर निकलेंगे। 27 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के 10 लाख पोलिंग बूथों पर अपना बूथ सबसे मजबूत कार्यक्रम हेतु बूथ समितियों के साथ वर्चुअल माध्यम से संवाद करेंगे जिसके अंतर्गत हिमाचल प्रदेश के सभी 7781 बूथों पर इस कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इन सभी कार्यक्रमों से भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचालन हो रहा है। सभी कार्यकर्ता इन कार्यक्रमों को सफल बनाने हेतु अथक प्रयास कर रहे हैं और कार्यकर्ताओं में इन सभी कार्यक्रमों को लेकर अद्भुत उत्साह देखने को मिल रहा है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा सचिवालय में 19 व 20 जून को कल्याण समिति की बैठकों का आयोजन किया गया। कल्याण समिति की बैठकें विनोद कुमार, कार्यकारी सभापति की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें यादविंद्र गोमा, मलेंद्र राजन, लोकेंदर कुमार, दीप राज, सुरेश कुमार व विनोद सुल्तानपुरी सदस्यों ने भाग लिया। इन बैठकों में समिति ने प्रदेश में संचालित दिव्यांग बच्चों के विशेष गृह/ स्कूल योजना से संबंधित प्रश्नावली पर बने 35वें मूल प्रतिवेदन (वर्ष 2021-22) के अंतर्गत की गई सिफारिशों/ टिप्पणियों पर प्राप्त विभागीय उत्तरों का अवलोकन किया तथा इस पर कार्रवाई प्रतिवेदन बनाने का निर्णय लिया। इसके अतिरिक्त समिति ने जुलाई में प्रदेश के बाहरी राज्यों केरल व लक्षद्वीप के अध्ययन प्रवास पर जाने का निर्णय भी लिया।
पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर न कहा कि चंबा में युवक की हत्या मामले पर कांग्रेस सरकार खुद राजनीति कर रही है जबकि जिम्मेदार विपक्ष के नाते वे नैतिक जिम्मेदारी का पालन कर रहे हैं। पंडोह में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि युवक की हत्या के बाद अभी तक सरकार का कोई भी नुमाईंदा दिवंग्त के परिवार से मिलने उसके घर नहीं पहुंचा। जब विपक्ष वहां जाने लगा तो रास्ते में रोक दिया गया। इससे यही प्रतीत हो रहा है कि उल्टा कांग्रेस की इस मामले पर राजनीति कर रही है। कांग्रेस इस प्रकरण के माध्यम से एक वर्ग विशेष को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। हिमाचल में पहली बार हेडलेस हुआ पुलिस विभाग जयराम ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार पुलिस विभाग हेडलेस हो गया है। पुलिस को मुखिया लंबी छुट्टी चला गया है और सरकार के पास इस दायित्व को किसी दूसरे अधिकारी को सौंपने का समय ही नहीं है। वहीं, दूसरी तरफ बहुत से अधिकारी इस पद पर बैठने की ताक में नजर आ रहे हैं। इससे पहले प्रदेश में ऐसी स्थिति कभी उत्पन्न नहीं हुई। जयराम ठाकुर ने शिमला में सिरमौर और शिमला के टैक्सी चालकों के विवाद पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पूरे प्रदेश के लोगों का है। यहां के लोगों को पूरे प्रदेश और देश में काम करने का अधिकार है। लेकिन कुछ मंत्री गलत बयानबाजी करके माहौल को गर्माने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे लोगों में विरोधाभास उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने सीएम को नसीहत दी कि वे अपने मंत्रियों को ऐसी बयानबाजी से रोकें।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश का कोई भी युवा वित्तीय संसाधनों और आर्थिक अभाव के कारण व्यावसायिक शिक्षा से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना शुरू की है। यह योजना गरीब मेधावी विद्यार्थियों की उच्च अध्ययन की आवश्यकताओं जैसे रहने-खाने, ट्यूशन फीस, किताबें और अन्य शिक्षा संबंधी खर्चों के लिए 20 लाख रुपए तक का शिक्षा ऋण प्रदान करती है। यह ऋण एक प्रतिशत की ब्याज दर पर प्रदान किया जाएगा। व्यावसायिक और तकनीकी शिक्षा जैसे इंजीनियरिंग, मेडिकल, पैरा-मेडिकल, फार्मेसी, नर्सिंग, कानून इत्यादि विषय में डिप्लोमा और डिग्री हासिल करने के लिए स्थायी (बोनाफाइड) हिमाचली विद्यार्थी जिन्होंने पिछली कक्षा में परीक्षा न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों के साथ उतीर्ण की हो, वह इस शिक्षा ऋण का लाभ उठा सकते हैं। इसके अतिरिक्त औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) और बहुतकनीकी महाविद्यालयों से तकनीकी पाठ्यक्रम और मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों के अंतर्गत पीएचडी करने पर भी इस योजना का लाभ उठाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने पहले बजट भाषण में मेधावी विद्यार्थियों को शिक्षा ऋण उपलब्ध करवाने के लिए 200 करोड़ रुपये की इस नई योजना की घोषणा की थी। हाल ही में प्रदेश मंत्रिमण्डल ने इस योजना को स्वीकृति प्रदान की है। ऐसे विद्यार्थी जिनकी पारिवारिक आय सभी स्रोतों से 4 लाख रुपये प्रतिवर्ष से कम हो और लाभार्थी की आयु सीमा 28 वर्ष तक हो, इस योजना के लिए पात्र होंगे। यह सुविधा पत्राचार या ऑनलाइन पाठयक्रमों के माध्यम से शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों के लिए लागू नहीं होगी। योजना का लाभ केवल पूर्णकालिक पाठयक्रमों में शामिल विद्यार्थी ही उठा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। एक प्रतिशत के ब्याज दर पर शिक्षा ऋण उपलब्ध करवाने का राज्य सरकार का उद्देश्य वित्तीय संसाधनों से वंचित लोगों को सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि सामाजिक उत्थान में शिक्षा महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी व्यक्ति केवल वित्तीय संसाधनों की कमी के कारण व्यावसायिक शिक्षा से वंचित न रहे। इस योजना के अंतर्गत लाभ उठाने के लिए इच्छुक विद्यार्थी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कर आवेदन कर सकते हैं। पात्र विद्यार्थी को निदेशक, उच्च शिक्षा द्वारा ऋण की पहली किस्त जारी करने के लिए संबंधित बैंक को मामले की सिफारिश की जाएगी। जब तक ऑनलाइन पोर्टल क्रियाशील नहीं होता है, तब तक उम्मीदवार एक निर्धारित प्रपत्र भर कर स्कैन किए गए दस्तावेजों को ईमेल के माध्यम से निदेशक, उच्च शिक्षा को भेज सकते हैं। ऋण राशि के वितरण सम्बंधी किसी प्रकार के विलम्ब को दूर करने के लिए उपायुक्त स्तर पर एक कोष स्थापित किया जाएगा और वे संबंधित संस्था को शुल्क की पहली किस्त जारी करने के लिए अधिकृत होंगे, ताकि यदि बैंक पहली किस्त जारी करने में समय लेते हैं तो यह सुनिश्चित किया जा सके कि विद्यार्थियों की प्रवेश प्रक्रिया किसी प्रकार से बाधित न हो। इसके उपरांत इस पैसे की प्रतिपूर्ति बैंक द्वारा संबंधित उपायुक्त को कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना की शुरूआत सभी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के समान अवसर प्रदान करने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। सुलभ शिक्षा ऋण उपलब्ध करवाकर प्रदेश सरकार का उद्देश्य मेधावी छात्रों को सशक्त बनाना और एक सफल और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में उन्हें सहयोग प्रदान करना है।
प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी से पीजीआई चंडीगढ़ रेफर होने वाले गंभीर मरीजों के लिए अच्छी खबर है। आईजीएमसी से पीजीआई के लिए निशुल्क एंबुलेंस सेवा हो गई है। यह सेवा 'नोफल एक उम्मीदÓ संस्था द्वारा शुरू की गई है। आज राज्यसभा सांसद डॉक्टर सिकंदर कुमार ने एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाकर इस सेवा का शुभारंभ किया। शुरुआती तौर पर यह सेवा महीने में 6 दिन मिलेगी और भविष्य में मरीजों की संख्या को देखते हुए यह सेवा बढ़ाई जाएगी। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार ने कहा कि यह बहुत अच्छी बात है कि नोफल संस्था ने आईजीएमसी से पीजीआई के लिए निशुल्क एंबुलेंस सेवा शुरू की है। इससे उन गंभीर मरीजों को लाभ मिलेगा, जिन्हें पीजीआई ले जाने के लिए उनके परिजनों को इधर-उधर भटकना पड़ता था। उन्होंने कहा कि संस्था द्वारा कैंसर से पीड़ित गरीब मरीजों को दवाइयां भी उपलब्ध करवाई जाती हैं। वहीं, नोफल संस्था के अध्यक्ष गुरमीत सिंह ने बताया कि आज से पीजीआई के लिए निशुल्क एंबुलेंस सेवा शुरू की गई है। यह सेवा महीने में 6 दिन चलेगी और गंभीर मरीजों को आईजीएमसी से पीजीआई ले जाएगी। उन्होंने कहा कि आज से एक नई शुरुआत की गई है। इसके तहत कैंसर के मरीजों को 10 हजार रुपये की दवाई निशुल्क उपलब्ध करवाई जाएंगी। उनका कहना था कि उन्होंने कोरोना संक्रमण के दौरान भी मरीजों व गरीब लोगों की सहायता की है और उन्हें खाना उपलब्ध करवाया है। गौरतलब है कि बीते साल सरकार ने आईजीएमसी से पीजीआई के लिए एचआरटीसी की ट्रैवलर सेवा शुरू की थी, लेकिन वह बीच में ही हाफ गई। इससे मरीजों को पीजीआई जाने के लिए टैक्सी करनी पड़ती थी, जिसका खर्चा बहुत पड़ता था। लेकिन अब निशुल्क एंबुलेंस सेवा शुरू होने से मरीजों को पीजीआई ले जाने में दिक्कत नहीं होगी।
फायर ब्रांड कांग्रेस नेता एवं धर्मशाला से विधायक सुधीर शर्मा ने एक और मेगा प्रोजेक्ट मंजूर करवा लिया है। सोमवार को हिमाचल सरकार की कैबिनेट मीटिंग में धर्मशाला के ढगवार में स्थित मिल्क प्लांट को ढाई सौ करोड़ रुपये मंजूर हो गए हैं। सुधीर शर्मा ने चुनावों के समय ऐलान किया था कि वह इस मिल्क प्लांट को हाईटेक बनाकर ग्रामीण इलाकों में रोजगार के द्वार खोलेंगे। समय के साथ कांग्रेस सरकार बनी तो सुधीर शर्मा ने सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू का एक सरप्राइज विजिट ढगवार मिल्क प्लांट में करवा दिया। उस समय सुधीर शर्मा ने फैक्ट एंड फिगर के जरिए धर्मशाला के ग्रामीण इलाकों का पक्ष रखा। उन्होंने इसे पशुपालकों और किसानों के लिए समय की जरूरत बताया। यही कारण है कि हिमाचल सरकार की कैबिनेट ने सोमवार को इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। सरकार की और से कहा गया है कि मिल्क प्लांट को एनडीडीबी के सहयोग से बनाया जाएगा। दूसरी ओर कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार को भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी आगे बढ़ी है। कैबिनेट में इसे भी मंजूरी मिली है। सीएम ने डाली फेसबुक पोस्ट ढगवार मिल्क प्लांट की अहमियत इतनी है कि सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने खुद अपनी फेसबुक वॉल पर इसकी सूचना पोस्ट की है। इस पर पूरे हिमाचल से कमेंट आ रहे हैं। क्या कहा सुधीर शर्मा ने इस बारे में धर्मशाला से विधायक सुधीर शर्मा ने कहा कि इस दुग्ध संयंत्र के बनते ही सरकार ग्रामीण इलाकों से गाय का दूध 80 रुपये प्रति लीटर और भैस का दूध 100 रुपये प्रति लीटर ख़रीदेगी बाद में ढगवार स्थित केंद्र में अलग अलग प्रोडक्ट बनाकर राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में उन्हें भेजा जाएगा । दुग्ध क्रांति के क्षेत्र में प्रदेश में अब तक का लिया गया ये सबसे महत्वपूर्ण क़दम है जिससे कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की आर्थिकी मज़बूत होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में ख़ुशहाली आएगी।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज हिमाचल पथ परिवहन निगम के नवगठित निदेशक मंडल की पहली बैठक में कहा कि पथ परिवहन निगम की प्रदेश में अपनी एक साख है। हम इस साख को और मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा कि निगम की कार्यप्रणाली को व्यवस्थित किया जाएगा और आय के साधन बढ़ाने को लेकर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। उन्होंने इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को उचित दिशा निर्देश भी जारी किए। उन्होंने कहा कि बस खरीद सहित अन्य प्रकार की खरीद में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। निगम में भ्रष्टाचार को किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री आज होटल पीटर हॉफ में निदेशक मंडल की 153वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि समय के साथ निगम की विभिन्न देनदारियों को निपटाया जाएगा। इसके लिए परिवहन निगम प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा हिमाचल पथ परिवहन निगम के बेड़े में 556 नई बसों को शामिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसमें से 196 बसों को सरकार द्वारा हरी झंडी देकर निगम के बेड़े में शामिल कर लिया गया है। शेष 360 बसों को जल्द परिवहन निगम के बेड़े में शामिल किया जाएगा। इन बसों में इलेक्ट्रिक, वॉल्वो और डीजल बसें शामिल हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रदेशवासियों को बेहतर परिवहन सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार द्वारा समयबद्ध तरीके से उक्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसी कड़ी में आज चौड़ा मैदान से 20 नई इलेक्ट्रिक बसों को शिमला के चौड़ा मैदान से मुख्यमंत्री के साथ मिलकर हरी झंडी देकर रवाना किया गया है। इससे पूर्व धर्मशाला से 15 इलेक्ट्रिक बसों को निगम के बेड़े में शामिल किया जा चुका है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि 75 नई इलेक्ट्रिक बसें जल्द निगम के बेड़े में शामिल होंगी। इसको लेकर टेंडर जारी कर दिया गया है। कुल मिलाकर 110 इलेक्ट्रिक बसों को सड़कों पर आम लोगों की सेवा में तैनात करने को लेकर कार्रवाई जारी है। बैठक में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उक्त इलेक्ट्रिक बसों के अलावा 225 अन्य इलेक्ट्रिक बसों को जल्द सरकार निगम में शामिल करने जा रही है। इसका प्रोटोटाइप तैयार कर लिया गया है। इन बसों को हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों के मध्यनजर तैयार किया गया है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ आम लोगों को बेहतर परिवहन सुविधाएं भी मिलेंगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा निगम के बेड़े में 150 नई डीजल बसें और 11 वॉल्वो बसें शामिल कर दी गई हैं। इसके अलावा 60 और डीजल बसों को शामिल करने की इजाजत भी सरकार ने प्रदान की है। जल्द ये बसें भी परिवहन निगम का हिस्सा होंगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के इस कदम से परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी। साथ ही जीरो बुक वैल्यू की बसों को निगम के बेड़े से बाहर करने में भी परिवहन निगम प्रशासन को मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इलेक्ट्रिक बसों के लिए विभिन्न स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार के साथ-साथ निजी क्षेत्र का भी इसके लिए सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र से संबंधित कुछ लोगों द्वारा चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की इच्छा जताई गई है। सरकार मामले पर जल्द उचित निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आम लोगों को सुदृढ़ परिवहन व्यवस्था प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है। परिवहन विभाग की ओर से इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। बैठक में परिवहन निदेशक अनुपम कश्यप, एमडी एचआरटीसी संदीप कुमार सहित निदेशक मंडल के विभिन्न सरकारी और गैर सरकारी सदस्य मौजूद रहे। कर्मचारियों के डीए पर मुहर निदेशक मंडल की बैठक में सरकार द्वारा जारी किया गया 3 फीसदी डीए तत्काल प्रभाव से जारी करने की सहमति जताई गई है। इसके अलावा निगम के कर्मचारियों की ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर एक्स ग्रेशिया लाभ को नियमित कर्मचारी के लिए 55 हजार रुपए से बढ़ाकर 1.50 लाख और अनुबंध कर्मचारी के लिए 1 लाख रुपए करने पर भी हामी भरी गई है। इसके अलावा बैठक में विभिन्न मामलों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया है।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सलूणी हत्याकांड पर कांग्रेस की सुक्खू सरकार पीड़ित परिवार के साथ भी खड़ी नहीं हो पा रही है। आरोपितों की सुरक्षा का दावा करने वाली सरकार का एक भी नुमाइंदा 13 दिन बीत जाने के बाद भी पीड़ित परिवार के घर तक नहीं पहुंचा। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जब प्रदेश का मुखिया ही कहेगा कि उसने 97 प्रतिशत हिंदुओं को हराया है तो प्रदेश में अपराधियों को हिम्मत मिलेगी ही।उन्होंने कहा कि ऐसी बयानबाज़ी करके कांग्रेस अपनी ज़मीन मज़बूत करना चाहती है, लेकिन हिमाचल की जनता कांग्रेस को ज़मीन पर लाएगी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हिमाचल की जनता ने कांग्रेस को व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर वोट दिया था, समुदाय विशेष के तुष्टिकरण के लिए नहीं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश में क़ानून व्यवस्था ध्वस्त है और प्रदेश का व्यक्तिगत कार्यों के कारण डीजीपी लंबी छुट्टी पर है। प्रदेश के मुखिया एनआईए जांच करवाने के बदले औचित्यहीन बातें कर रहे हैं तो पुलिस के कुछ अधिकारी राजनैतिक बयानबाज़ी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि न्याय की इस लड़ाई में हम पीड़ित परिवार के साथ हैं और एनआईए की जांच के बिना हम नहीं मानेंगे।नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार एनआईए जाँच न करवा कर क्या छुपाना चाहती है, वह हिमाचल के लोगों को बताए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार चाहती है कि इस तरह की जघन्यतम हत्यायें हो और विपक्ष ख़ामोश रहकर देखता रहे, लेकिन हम ख़ामोश बैठने वाले नहीं हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में निर्णय लिया गया कि जिन पोस्ट कोड की परीक्षाएं भंग किए हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग, हमीरपुर द्वारा आयोजित नहीं की गई थीं, उन्हें अब हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित किया जाएगा। बैठक में मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना 2023 के दिशा-निर्देशों को भी मंजूरी दी गई। इस योजना के तहत पात्र गरीब छात्रों को इंजीनियरिंग, चिकित्सा, प्रबंधन, पैरा मेडिकल पाठ्यक्रम, फार्मेसी, नर्सिंग, आईटीआई और पॉलिटेक्निक पाठ्यक्रम और मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों से पीएचडी करने के लिए एक प्रतिशत ब्याज की दर से 20 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा। एसएमसी और कंप्यूटर टीचर्स के लिए बनेगी मंत्रिमंडलीय उप समिति बैठक में एसएमसी और कंप्यूटर शिक्षकों से संबंधित मुद्दों पर विचार करने के लिए एक मंत्रिमंडलीय उप समिति गठित करने का भी निर्णय लिया गया। इस मंत्रिमंडलीय उप समिति में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह शामिल होंगे। कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई मंत्रिमंडल ने कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का निर्णय भी लिया। कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के बाद, रनवे की लंबाई 3010 मीटर तक बढ़ाई जाएगी जो ए-320 प्रकार के विमानों के संचालन के लिए उपयुक्त होगी। यह कांगड़ा को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने की सरकार की योजना के कार्यान्वयन के लिए दूरगामी भूमिका निभाएगा। विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना को मंजूरी मंत्रिमंडल ने परवाणू-शिमला हाईवे एनएच-5, शिमला-मटौर एनएच, पठानकोट-मंडी एनएच और कीरतपुर-मनाली हाईवे एनएच-3 पर अनियोजित, अनियमित और बड़े पैमाने पर अनाधिकृत निर्माण गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए फोर लेन प्लानिंग एरिया गठित करने का निर्णय लिया। फोरलेन के दोनों ओर नियंत्रित चौड़ाई के किनारे से 100 मीटर तक का क्षेत्र इस फोरलेन प्लानिंग एरिया के दायरे में होगा। साथ ही, यह भी निर्णय लिया गया कि भविष्य में अन्य सभी फोरलेन वाले राजमार्गों को भी इस विनियमन के दायरे में लाया जाएगा। टौणी देवी में खुलेगा डिग्री महाविद्यालय मंत्रिमंडल ने हमीरपुर जिला के टौणी देवी में राजकीय स्नातक महाविद्यालय खोलने का निर्णय लिया। बैठक में जिला कांगड़ा में पुलिस चौकी बीड़ को पुलिस थाना में स्तरोन्नत करने तथा इसके लिए विभिन्न श्रेणियों के दस पद सृजित कर भरने को स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमण्डल ने हिमाचल प्रदेश बस अड्डा प्रबंधन एवं विकास प्राधिकरण को मंडी जिला के जोगिन्द्रनगर तथा कांगड़ा जिला के धर्मशाला में कार्यशालाएं निर्मित करने के लिए पांच रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से भूमि 40 वर्षों के लिए पट्टे पर प्रदान करने का निर्णय लिया। बैठक में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का नाम बदलकर डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस विभाग रखने का भी निर्णय लिया गया।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री आकाश नेगी ने एक ब्यान जारी करते हुए कहा है कि हिमाचल प्रदेश के शिक्षा विभाग में हुई भर्तियों में बहुत बड़ी धांधलियां पाई गई है। उन्होंने बताया कि बहुत लंबे समय से जेबीटी प्रशिक्षु अपने हक के लिए लड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 आर एंड पी नियम के बाद हिमाचल प्रदेश में जेबीटी भर्तियां कमीशन व बैचबाइस आधार पर होती है। साथ ही एनसीटीई के नियमों के अनुसार आपके पास राज्य सरकार द्वारा करवाया गया जेबीटी टैट क्लियर होना चाहिए। एनसीटीई 2010 के नियमों के अनुसार 1-5 कक्षा तक पढ़ाने के लिए अभ्यर्थियों के पास राज्य सरकार द्वारा करवाया गया टैट होना भी अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि एक ऐसे अभ्यर्थी का नाम भी अंतिम परिणाम की लिस्ट में आता है जिसको काउंसलिंग में नॉट एलिजिबल करार किया जाता है उसके बावजूद भी चयन सूची में उस अभ्यर्थी का नाम होता है। वर्ष 2010 एनसीटीई नियम व वर्ष 2017 आर एंड पी नियम के अंतर्गत आपके दसवीं व बारहवीं में कुल अंक 50 प्रतिशत हो अनिवार्य है तभी आप इसके लिए पात्र होंगे, लेकिन इस अभ्यर्थी के 40 प्रतिशत अंक ही बनते हैं। इसके बाद भी अंतिम सूची में उसका नाम होता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही बड़े-बड़े नारे दिए थे कि सत्ता, सत्ता सुख के लिए नहीं बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए है, परंतु वह व्यवस्था परिवर्तन अव्यवस्थित हो गई है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश मांग करती है कि शिक्षा विभाग में ऐसी धांधलियों पर प्रदेश सरकार शीघ्र लगाम लगाए।वह इस मामले की भी शीघ्र जांच कर इसमें संलिप्त अधिकारियों पर कड़ी से कार्यवाही की जाए, ताकि बाकी अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके। अन्यथा विद्यार्थी परिषद प्रदेश सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन करेगी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार ने रोजगार कार्यालयों की उपलब्धता और दक्षता बढ़ाने के लिए व्यवस्था परिवर्तन की प्रतिज्ञा के तहत कागज रहित प्रणाली को लागू करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार का उद्देश्य पंजीकरण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है। इसके साथ ही जिस तरह नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों को रोजगार कार्यालयों के बार-बार चक्कर काटने पड़ते हैं, उसमें बदलाव लाते हुए उम्मीदवारों के लिए रोजगार कार्यालयों तक पहुंच सुगम बनाना है। नई पहल के तहत रोजगार चाहने वाले उम्मीदवारों को पंजीकरण करवाने के लिए व्यक्तिगत रूप से कार्यालयों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। कागज रहित पंजीकरण से बेरोजगार युवाओं, विशेष रूप से दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले उम्मीदवारों पर पड़ने वाला यात्रा सम्बन्धी तथा अन्य वित्तीय खर्च समाप्त होगा। नई व्यवस्था के तहत युवा रोजगार कार्यालय में आए बिना स्वयं या लोकमित्र केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण करवा सकेंगे। सभी आवश्यक दस्तावेजों को ऑनलाइन पंजीकृत और अपलोड किया जा सकेगा और पंजीकरण का टोकन यानी पंजीकरण का प्रमाण ऑनलाइन डाउनलोड करने की भी सुविधा होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 50 वर्षों से रोजगार कार्यालयों में युवाओं को स्वयं जाने की जरूरत को समाप्त करते हुए प्रदेश सरकार द्वारा अब एक अधिक सुविधाजनक ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली स्थापित की जा रही है। पूर्व में ऑनलाइन पंजीकरण के बाद भी युवाओं को अपने मूल दस्तावेजों के साथ रोजगार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। लेकिन राज्य सरकार ने इस प्रक्रिया को सरल बनाने में प्रौद्योगिकी की क्षमता को न केवल पहचाना है बल्कि इसे तुरंत अपनाकर संस्थानों, कार्यालयों एवं प्रक्रियाओं में बदलाव लाने के लिए प्रभावी कदम भी उठाए हैं। नवपरिवर्तन को युवाओं के लिए सुगम बनाने के मद्देनज़र श्रम और रोजगार विभाग ने ई-ईएमआईएस (रोजगार विनिमय प्रबंधन सूचना प्रणाली) के नाम से एक सॉफ्टवेयर विकसित किया है। यह सॉफ्टवेयर आवेदकों को बिना किसी वित्तीय परेशानी के ऑनलाइन पंजीकरण करने में सक्षम बनाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कागज रहित पंजीकरण की शुरूआत से नौकरी चाहने वालों के लिए पैसों के साथ-साथ समय की बचत भी सुनिश्चित होगी। राज्य सरकार का लक्ष्य प्रौद्योगिकी के उपयोग से रोजगार कार्यालयों को समावेशी बनाने, कार्यालयों में प्रक्रिया सम्बन्धी बाधाओं को कम करना और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं को सुविधा प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि यह प्रगतिशील बदलाव डिजिटलीकरण की दिशा में एक ऐसा कदम है जो प्रशासनिक प्रक्रियाओं को बदलने और सेवाओं तक आसानी से पहुंच बढ़ाने के सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के लोगों की सुविधा के लिए कृत्रिम मेधा (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) सहित आधुनिक तकनीक का लाभ उठाना और उन्हें घर-द्वार पर बेहतर सेवाएं प्रदान करना सरकार की प्रतिबद्धता है।


















































