ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह और मुख्य संसदीय सचिव आशीष बुटेल ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर पलटवार करते हुए कहा है कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ। आज जारी एक प्रेस वक्तव्य में दोनों नेताओं ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में पेपर लीक होते रहे, लेकिन तत्कालीन भाजपा सरकार ने आंखें मूंदे रखी। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार के कार्यकाल के दौरान पैसे लेकर चुनिंदा व्यक्तियों को पेपर बेचे जाते रहे और यह गोरखधंधा बेरोकटोक जारी रहा। उन्होंने कहा कि आज जितनी भी परीक्षाओं के परिणाम लटके हुए हैं, उनके लिए जय राम ठाकुर जिम्मेदार हैं। यही नहीं पुलिस भर्ती पेपर लीक मामला भी पूर्व भाजपा सरकार की देन है और मुख्यमंत्री रहते हुए जय राम ठाकुर ने किसी भी दोषी पर कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वर्तमान राज्य सरकार ने उन पोस्ट कोड के परीक्षा परिणाम निकालने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है, जो विजिलेंस जांच के दायरे से बाहर हैं। उन्होंने कहा कि कुछ भर्तियों के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं और अन्य के परिणाम भी शीघ्र घोषित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने इस मामले को हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के साथ भी उठाया है, ताकि भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई सके। उन्होंने कहा कि पांच वर्षों तक युवाओं के भविष्य के साथ खेलने वाले पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर वर्तमान अब वर्तमान सरकार के छह माह के कार्यकाल पर प्रश्नचिन्ह लगा रहे हैं। जबकि वर्तमान सरकार प्रदेश के युवाओं के भविष्य के साथ खेलने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए अनेक प्रभावी कदम उठा रही है। अनिरूद्ध सिंह तथा आशीष बुटेल ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के हितों की रक्षा करने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि हाल ही में शिक्षा विभाग में कैबिनेट ने लगभग छह हजार अध्यापकों के पद भरने को स्वीकृति प्रदान की है और अन्य विभागों में रिक्त पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया भी जारी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा भविष्य में सरकारी क्षेत्र में और पद भी सृजित किए जाएंगे ताकि युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर सुनिश्चित हो सकें।
एसएफआई की हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने छात्रों की मांगों तथा कैंपस व हॉस्टल के मुद्दों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। धरने प्रदर्शन की मुख्य मांगे थीं कि यूजी व पीजी के परीक्षा परिणाम को जल्द घोषित किया जाए। विश्वविद्यालय के ईआरपी सिस्टम को जल्द सुदृढ़ किया जाए। विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी में पीने के पानी की सुचारू व्यवस्था की जाए व नियमित रूप से सफाई की जाए। विश्वविद्यालय में नए हॉस्टलों का निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाए। सभी छात्रों को हॉस्टल की सुविधा दी जाए। हॉस्टलों में खाने की गुणवत्ता को बढ़ाया जाए। सभी छात्रावासों को 24 घंटे खुला रखा जाए। छात्रों के जनवादी अधिकार छात्र संघ चुनाव बहाल किए जाएं। धरने-प्रदर्शन को शुरू करते हुए कामरेड आशा जिंटा सभी बिंदुओं पर भूमिका बांधी तथा कन्या छात्रावासों में आ रही दिक्कतों से अवगत करवाया।
2013 बैच के तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी गौरव सिंह को एसपी सोलन जिम्मेदारी सौंपी गई है। सोमवार देर शाम मुख्य सचिव प्रभोद सक्सेना द्वारा इस बावत अधिसूचना जारी की गई है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। बता दें कि सोलन में एसपी के पद पर तैनात आईपीएस वीरेंद्र शर्मा 30 जून को सेवानिवृत्त हो गए थे। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश रोल्टा को कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक बनाया गया था। सोमवार को सुक्खू सरकार द्वारा आईपीएस गौरव सिंह के तैनाती की अधिसूचना जारी कर दी गई।
भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार बागवानों के हितों के साथ खिलवाड़ करती दिखाई दे रही है। हिमाचल प्रदेश का बागवान पिछले 6 महीने से चिल्ला-चिल्लाकर यूनिवर्सल कॉर्टन की मांग कर रहा है, परंतु सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। भाजपा नेता ने कहा कि न तो मुख्यमंत्री चिंतित है और न ही उप मुख्यमंत्री और आज जब बागवानी मंत्री पराला सेब मंडी में पहुंचे तो बागवानों ने सरकार के फैंसले की कलई खोल कर रख दी। उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार ने निर्णय किया कि पेटी 24 किलो की होगी। उनको यह ध्यान नहीं आया कि बागवान अपने बगीचे में कंडा कहां से लाएगा, कहां से तोलेगा और इससे 24 किलो का जो दुष्परिणाम है वह इस कदर पहुंचा कि बाजार में 2 किलो सेब की कटौती शुरू हो गई जिसके कारण बागवानों को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि पेटी में 2 किलो की कटौती किस नियम के तहत की जा रही है, इसकी जानकारी सरकार द्वारा बागवानों के सामने रखी जानी चाहिए। सेब किलो के हिसाब से बेचा जाए इसमे बागवान को कोई आपत्ति नही है। सेब के प्रत्येक दाने का उचित दाम बागवान को मिले लेकिन 24 किलो का वजन ही क्यों ? यह एक बड़ा सवाल आज बागवानों के मन में उठ रहा है। भार तोलने की मशीन की हर बागवान को आवश्यकता रहेगी। जिसकी किमत मार्केट में 8000 से 15000 रुपये तक है। क्या सरकार सभी बागवानों को ये मशीनें उपलब्ध करवाने में सक्षम है ? सरकार इसका भी जवाब दे। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि एक गणना के अनुसार जिस बागवान के 1000 पेटी सेब होती है, अब उस बागवान को 24 किलो वजन के कारण लगभग 1250 से 1300 तक पेटियां भरनी पड़ेगी। मतलब कि बागवान को 250 से 300 पेटियां अतिरिक्त भरनी पड़ेगी। इससे होगा क्या, इससे बागवान का खर्चा बढ़ेगा, जैसे खाली कार्टन, उसके अंदर लगने वाला ट्रे, सेप्रेटर आदि मैटीरियल, लेबर कॉस्ट, कैरिज, ट्रांसपोर्ट इत्यादि। ऐसे में इससे बागवान को लाभ के बजाय उल्टा नुकसान हो रहा है। दुसरा बागवान ने 24 किलो पेटी के हिसाब से सेब मंडी तक पहुंचाया भी, तो क्या माप-तोल पर दोनों पक्षों की सहमति बन पाएगी ? नही बन पाएगी वो इसलिए क्योकि 24 किलोग्राम पेटी पर 22 किलोग्राम का पैसा आज की व्यवस्था के अनुरूप बागवानों को मिल रहा है। रणधीर शर्मा ने कहा कि आज बागवानों ने कृषि मंत्री के पसीने छुड़वा दिए। उन्होनें कहा कि भारतीय जनता पार्टी किसी भी कीमत पर बागवानों के सेब के वजन को कम नहीं होने देगी। भारतीय जनता पार्टी सरकार से मांग करती है कि वो इस विषय के उपर निर्णय करें और जहां वजन में कटौती हो रही है उसका समाधान करे। रणधीर शर्मा ने मंत्री चंद्र कुमार से पूछे प्रश्न 1. क्या एपीएमसी एक्ट 2005 लागु होगा? 2. दो किलो की कटौती किस नियम के तहत की जा रही है 3. भार तोल की मशीने सरकार बागवानो को उपलब्ध करवाएगी 4. जब यूनिवर्सल कार्टन माकेर्ट में नही है तो 24 किलो की ही बंदिश क्यो रणधीर शर्मा में कहा कि सेब सीजन चरम पर है पर अभी तक लिंक रोड और रोड की हालत खस्ता है। सरकार कब इन सड़कों को दुरुस्त करेगी और हिमाचल के बागबानों को राहत पहुंचाने का कार्य करेगी। इन रस्तों की हालत खस्ता होने के कारण हिमाचल के बागवानों को बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि कांग्रेस की सरकार जो सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृव में चल रही है, इस सरकार में मुख्यमंत्री के अलग दावे हैं और मंत्रियों के अलग दावे हैं। मुख्यमंत्री कहते है कि हम 97 प्रतिशत हिंदु आबादी वाले प्रदेश में हिंदुवादी भाजपा को हराकर सत्ता में आए हैं। इसके जवाब में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य कहते है कि मेरे से बड़ा कोई हिन्दू नहीं है परन्तु मुख्यमंत्री अपने बयान पर कायम है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आज देशभर में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए बहस छिड़ी हुई है। इस बहस में लोक निर्माण मंत्री कहते हैं कि समान नागरिक संहिता लागू होनी चाहिए और आज कांग्रेस पार्टी के वयोवृद्ध नेता चौधरी चंद्र कुमार ने बयान दिया है कि समान नागरिक संहिता कानून की कोई जरूरत नहीं है। उन्होनें यहां तक कह दिया कि विक्रमादित्य जो कह रहे हैं वो न तो सरकार का मत है और न ही कांग्रेस पार्टी का मत है। डॉ. राजीव बिंदल ने मुख्यमंत्री से सवाल पूछते हुए कहा कि वह स्पष्ट करे कि वो समान नागरिक संहिता के पक्ष में है या विरोध में। उन्होनें यह भी कहा कि वोटों के लालच में कांग्रेस पार्टी समान नागरिक संहिता का विरोध कर रही है और एक-दो लोगों को इस काम पर लगाया हुआ है कि वे विषय को विषयांतर करते रहे। अत: हिमाचल की जनता के सामने यह स्पष्ट रूप से आना चाहिए कि समान नागरिक संहिता कानून के बारे में सरकार का अधिकारिक मत क्या है और कांग्रेस का अधिकारिक मत क्या है।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से आज राजभवन में महाराष्ट्र निवासी संजय मयूरी ने शिष्टाचार भेंट की। दैनिक जीवन में साइकिलिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संजय मयूरी महाराष्ट्र से भारत भ्रमण के लिए लगभग 20,000 किलोमीटर की साइकिल यात्रा पर निकले हैं। इस यात्रा के माध्यम से वह पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दे रहे हैं। राज्यपाल ने संजय मयूरी को उनके सार्थक अभियान के लिए बधाई देते हुए कहा कि उनका साहस अन्यों के लिए प्रेरणास्रोत है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार पड़ोसी राज्यों के साथ हिमाचल के अधिकारों से संबंधित सभी लंबित मुद्दों का सर्वमान्य समाधान निकालने के लिए दृढ़ता से कदम उठा रही है। अरसे से यह मुद्दे लंबित होने के कारण हिमाचल और यहां के लोगों को वांछित लाभ नहीं मिल पाए हैं। वर्तमान प्रदेश सरकार कार्यभार संभालने के उपरांत से ही राज्य हित से जुड़े मुद्दे विभिन्न मंचों पर केंद्र सरकार और संबंधित राज्यों के साथ उठा रही है। उन्होंने कहा कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) से बिना अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) के बोर्ड की परियोजनाओं से जल प्राप्त करने की व्यवस्था हिमाचल के हितों की बेहतरीन पैरवी से ही सम्भव हुई है। अब राज्य सरकार ने केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ पर अपने वैध अधिकारों के लिए प्रयास और तेज कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 स्पष्ट रूप से चंडीगढ़ में हिमाचल प्रदेश को 7.19 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिकार देता है। प्रदेश को शुरू से ही इस अधिकार से वंचित रखा गया है, जो हिमाचल तथा यहां के लोगों के साथ अन्याय है। अब राज्य सरकार चंडीगढ़ में 7.19 प्रतिशत हिस्सेदारी सहित राज्य के सभी वैध अधिकारों को प्राप्त करने के लिए विभिन्न मंचों पर अपनी आवाज बुलंद कर रही है। राज्य सरकार ने इस मामले से संबंधित सभी पहलुओं पर विचार करने के लिए एक मंत्रिमंडलीय उप समिति का गठन किया है। उप-समिति द्वारा विस्तृत चर्चा के उपरांत मंत्रिमण्डल के समक्ष एक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। सरकार मंत्रिमंडलीय उप-समिति के निष्कर्षों और सिफारिशों पर विचार करने के बाद आगे की कार्रवाई तय करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बिजली हिस्सेदारी में प्रदेश के बकाया की वसूली के लिए सभी विकल्प तलाश कर रही है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने नवंबर, 2011 में प्रदेश में बीबीएमबी की सभी परियोजनाओं में 7.19 प्रतिशत बिजली हिस्सेदारी देने का निर्णय दिया था। वर्तमान में, हिमाचल को अपना हिस्सा तो मिल रहा है, लेकिन राज्य को 13,066 मिलियन यूनिट बिजली का बकाया अभी भी जारी नहीं किया गया है। इसके अलावा, राज्य ने प्रदेश में स्थापित सभी बीबीएमबी परियोजनाओं में न्यायोचित ढंग से अपनी बिजली हिस्सेदारी बढ़ाने की भी मांग की है, क्योंकि राज्य के प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग से ही इन परियोजनाओं के माध्यम से विद्युत उत्पादन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीबीएमबी की बिजली परियोजनाओं से वर्तमान में पंजाब को 51.8 प्रतिशत, हरियाणा को 37.51 प्रतिशत और हिमाचल प्रदेश को केवल 7.19 प्रतिशत बिजली आवंटित होती है। उन्होंने कहा कि भागीदार राज्यों द्वारा हिमाचल प्रदेश के लिए उदारतापूर्वक हिस्सेदारी बढ़ाने पर विचार किया जाए, क्योंकि इन बिजली परियोजनाओं के निर्माण के कारण प्रदेश के हजारों परिवारों को विस्थापन का दंश झेलना पड़ा और प्रदेश की हजारों हेक्टेयर भूमि भी जलमग्न हो गई थी। उन्होंने इन परियोजनाओं में भागीदार राज्यों के बीच समान वितरण की आवश्यकता पर बल देते हुए दोहराया कि राज्य सरकार प्रदेश की उचित हिस्सेदारी प्राप्त करने के लिए दृढ़ता से कार्य कर रही है तथा न्याय मिलने तक राज्य के मुद्दों को विभिन्न मंचों पर पूरी शिद्दत से उठाया जाएगा।
प्रदेश के युवाओं के लिए स्वरोजगार और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने 'राजीव गांधी स्वरोजगार योजना-2023 शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य विशेष रूप से हरित क्षेत्र से संबंधित नई परियोजनाओं को प्रोत्साहन प्रदान करना है। हिमाचल में स्वरोजगार, स्थानीय उद्यमशीलता और राज्य के मजबूत आर्थिक विकास की परिकल्पना इस योजना में की गयी है। यह योजना नवीन विचारों, अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी और एक औद्योगिक पारिस्थितिकीय तंत्र के लिए मार्ग प्रशस्त करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इस योजना के माध्यम से 18 से 45 वर्ष की आयु के योग्य युवाओं को नए औद्योगिक उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहन, रियायतें और सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। महिला आवेदकों को अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट प्रदान की गई है। योजना के अन्तर्गत बैंक परियोजना लागत का 90 प्रतिशत सावधि या समग्र ऋण के रूप में प्रदान करेंगे, जबकि 10 प्रतिशत व्यय लाभार्थी द्वारा वहन किया जाएगा। योजना के तहत पात्र आवेदक को संयंत्र और मशीनरी या उपकरण इत्यादि के लिए अधिकतम 60 लाख रुपये के निवेश पर 25 प्रतिशत उपदान प्रदान किया जाएगा। कार्यशील पूंजी सहित कुल परियोजना लागत एक करोड़ रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लिए निवेश उपदान की सीमा 30 प्रतिशत होगी, जबकि महिलाओं एवं दिव्यांगजन लाभार्थियों के लिए यह सीमा 35 प्रतिशत निर्धारित की गई है। ई-टैक्सी, ई-ट्रक, ई-बस, ई-टेेंपो की खरीद के लिए सभी पात्र श्रेणियों के लिए निवेश उपदान की सीमा 50 प्रतिशत निर्धारित की गई है। उपदान के लिए पात्र घटक विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में बांटे गए हैं। इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार द्वारा बजट में 10 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड आवंटित किया गया है। योजना के अन्तर्गत एक परिवार से केवल एक व्यक्ति आर्थिक सहायता का लाभ उठा सकता है। योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदकों को विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध पोर्टल पर एक सामान्य आवेदन पत्र जमा करना होगा। यह योजना राज्य में एक उद्यम आधारित परिवेश स्थापित करने पर केंद्रित है। उद्यमों को बैंक से ऋण की पहली किस्त प्राप्त करने के दो साल के भीतर वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करना आवश्यक है। योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक को हिमाचली प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, आयु प्रमाण और प्रारंभिक परियोजना रिपोर्ट जैसे दस्तावेज़ अपलोड करने होंगे। राजीव गांधी स्वरोज़गार योजना-2023 के कार्यान्वयन के माध्यम से प्रदेश सरकार राज्य में उद्यमशीलता को बढ़ावा प्रदान कर रही है। योजना के अन्तर्गत परियोजना लागत का अधिकांश हिस्सा बैंक प्रदान करेंगे जबकि लाभार्थी को आंशिक वित्तीय योगदान ही करना होगा। स्वरोज़गार और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देते हुए राज्य सरकार का लक्ष्य युवाओं को रोजगार प्रदाता बनने के अवसर प्रदान करना है ताकि वे आर्थिक विकास के साथ-साथ हिमाचल के समग्र विकास में योगदान दे सकें। इस योजना के माध्यम से नए विचारों, प्रौद्योगिकी और नवाचारों का समावेश सुनिश्चित कर हरित क्षेत्रों पर आधारित परियोजनाओं को प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का कहना है कि राजीव गांधी स्वरोजगार योजना केवल एक वित्तीय सहायता कार्यक्रम भर नहीं है अपितु यह हिमाचल प्रदेश के समग्र विकास और समृद्धि के लिए उत्प्रेरक का कार्य करेगी, जो लाभार्थियों को सफल उद्यमी बनने और राज्य की प्रगति में योगदान करने के लिए सशक्त बनाएगी। यह योजना निश्चित रूप से स्वरोजगार और उद्यमिता की शक्ति के माध्यम से हिमाचल प्रदेश के एक उज्ज्वल और हरित भविष्य के निर्माण की परिकल्पना को साकार करेगी।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की मनाही के बावजूद बिजली बोर्ड कर्मियों के वेतन से फिर एनपीएस शेयर कट गया है। पुरानी पेंशन बहाली के इंतजार में बैठे 6,500 कर्मचारियों को लगातार दूसरे माह भी राहत नहीं मिली है। इसी कड़ी में सोमवार को बोर्ड मुख्यालय कुमार हाउस शिमला में सभी कर्मचारी यूनियनों की एक संयुक्त बैठक होने जा रही है। इस बैठक में बोर्ड प्रबंधन के खिलाफ आगामी रणनीति बनाई जाएगी। बीते दिनों मुख्यमंत्री सुक्खू ने कर्मचारी यूनियन के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान जून के वेतन से एनपीएस शेयर नहीं कटने का आश्वासन दिया था। मुख्यमंत्री ने बोर्ड प्रबंधन को भी इस बाबत निर्देश दिए थे। इसके बावजूद शनिवार को जारी हुए वेतन से एनपीएस का शेयर काटा गया है। इसको लेकर कर्मचारियों में भारी रोष है।
हिमाचल के निजी और सरकारी कॉलेजों में नए सत्र में प्रवेश के लिए शुरू हुई ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया में इस बार यूजीसी ने एंटी रैगिंग शपथ पत्र भरना अनिवार्य कर दिया है। ऑनलाइन आवेदन फॉर्म में अलग से हर छात्र को एंटी रैगिंग शपथ पत्र भरना ही होगा। इसके बाद ही आवेदन प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी। हालांकि, शपथ पत्र को भरने को लेकर छात्र कुछ परेशान भी हो रहे हैं। इसमें कुछ सवालों और जानकारी को भरने में छात्रों को दिक्कतें पेश आ रही हैं। इसमें कॉलेज का नाम, प्राचार्य या निदेशक का नाम, कॉलेज का फोन नंबर, कोर्स के ईयर के साथ ही कक्षा या कोर्स में कुल छात्र-छात्राओं की संख्या जैसे कॉलम भरने अनिवार्य किए गए हैं। कॉलेज में प्रवेश के लिए आवेदन करने वाले सभी छात्रों को शपथ पत्र में मांगी हर जानकारी संबंधित कॉलेज की वेबसाइट पर उपलब्ध करवाए गए प्रोस्पेक्टस में मिल जाएगी। छात्रों को ऑनलाइन फॉर्म भरने से पूर्व प्रोस्पेक्टस से पूछी जाने वाली जानकारी को नोट करना होगा, ताकि ऑनलाइन शपथ पत्र भरते हुए मांगी जानकारी लिख सके।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय महिला कांग्रेस की अध्यक्षा नेटा डिसूजा के आदेशानुसार आज राजीव भवन शिमला में अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की महासचिव एवं हिमाचल प्रदेश की प्रभारी सुनीता सेहरावत ने हिमाचल प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष जैनब चंदेल की अध्यक्षता में सभी ब्लॉक अध्यक्षों, जिलाध्यक्षों व कार्यकारिणी के सदस्यों तथा प्रदेश के सभी कार्यकारिणी के सदस्यों से बैठक की। इस बैठक में महिला कांग्रेस की गतिविधियों और संगठन को सुदृढ़ करने के बारे में तथा आगामी लोकसभा चुनाव में दी जाने वाली जिम्मेदारियों को लेकर व्यापक चर्चा की गई।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह 2 जुलाई से 3 दिवसीय रोहड़ू व रामपुर विधानसभा क्षेत्रों के दौरे पर रहेंगी। प्रतिभा सिंह के राजनीतिक सचिव अमित पाल सिंह ने बताया है कि कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह 2 जुलाई को सुबह 10.30 बजे शिमला से रोहड़ू के लिये प्रस्थान करेंगी। इस दौरान लोक निर्माण एवं युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह के साथ रोहड़ू स्टेडियम में ग्रीन हिमायलन एसोसिएशन द्वारा आयोजित महिलाओं के सांस्कृतिक उत्सव में शिरकत करेंगी। इस दिन रात्रि विश्राम रामपुर रहेगा। 3 जुलाई को लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के साथ प्रतिभा सिंह 9. 30 बजे तकलेच,12 बजे देवठी में जनसभाओं को सम्बोधित करेंगी। दोपहर बाद 1 बजे श्राइ कोटी मंदिर में प्रतिष्ठा में भाग लेंगी व बाद में यहां एक जनसभा को भी संबोधित करेंगी। इसके उपरांत डारण, मश्णु,दोफड़ा, डोबी,गौरा व रचोली होते हुए रामपुर लौट आएंगी। रात्रि विश्राम रामपुर ही रहेगा। 4 जुलाई को लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के साथ प्रतिभा सिंह सुबह 9 बजे रामपुर से पांडाधार-नागधार होते हुए ननखड़ी में एक जनसभा को संबोधित करेंगी। शाम 4 बजे शिमला को रवाना होंगी।
भाजपा के जनसंपर्क अभियान के तहत आज भाजपा सह मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा ने चौड़ा मैदान बाजार में लोगों से संपर्क साधा। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने सभी दुकानदारों, स्थानीय निवासियों से संपर्क किया और उनको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने पर एक पत्रक, पुस्तक और स्टिकर का वितरण भी किया। कर्ण नंदा ने कहा कि केंद्रीय में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के 9 वर्ष बेमिसाल रहे हैं और नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री के रूप में भारत को एक नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निरंतर प्रयासों से आज भारत विश्व के सबसे शक्तिशाली देशों में से एक बनकर उभरा है और आने वाले समय में भारत विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है। शिमला शहर को स्मार्ट सिटी के रूप में केंद्र सरकार में बहुत बड़ी सौगात दी है। हाल ही में केंद्र सरकार की ओर से 34 करोड़ 57 लाख रुपये की राशि शिमला के जारी की गई है, इससे स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट को गति मिलेगी। शिमला शहर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत नगर निगम ने 2900 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट तैयार किए हैं। नंदा ने कहा कि एक बात का दुख है कि वर्तमान कांग्रेस सरकार बदला बदली की भावना से कार्य कर रही है। कांग्रेस सरकार ने पूर्व जयराम ठाकुर सरकार का एक और बड़ा फैसला पलट दिया है यह दुर्भाग्यपूर्ण है। हाल ही में हुई कैबिनेट की बैठक में सोलन जिला के सुबाथू और बिलासपुर जिला के डांगर कॉलेज का अधिग्रहण रद्द कर दिया गया है। इस फैसले के बाद डांगर कॉलेज को लेकर अधिसूचना भी जारी हो गई है। अगर गौर से देखा जाए तो वर्तमान सरकार ने 2 साल बाद डांगर कॉलेज की नोटिफिकेशन को वापस लिया है। वर्तमान सरकार को सकारात्मक रूप से कार्य करना चाहिए न कि पूर्व सरकार के किए गए विकास कार्यों को रोकने का प्रयास करना चाहिए।
पर्यटन क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर नए बदलाव महसूस किए जा रहे हैं। आज देश-विदेश से आने वाले पर्यटक प्राकृतिक नजारों के आसपास अपना प्रवास पसंद करते हैं। इसी के दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने हिमाचल में स्थित झीलों, जलाशयों सहित अपने अन्य प्राकृतिक संसाधन एवं गंतव्य स्थल पर्यटकों के लिए और आकर्षक बनाने की पहल की है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के गतिशील नेतृत्व में राज्य सरकार झीलों एवं जलाशयों के आस-पास 'लेक टूरिज़्मÓ विकसित करने की कार्य योजना पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नैसर्गिक सौन्दर्य से परिपूर्ण झीलों से पर्यटकों को आकर्षित करेगी। इसके तहत ज़िला कांगड़ा के पौंग बांध, कोल डैम जलाशय, तत्तापानी के गर्म पानी के चश्मे, ज़िला बिलासपुर में भाखड़ा जलाशय, कुल्लू-मनाली के समीप लारजी जलाशय और चंबा में चमेरा बांध जलाशयों में जल आधारित पर्यटन गतिविधियों जैसे हाउस बोट, क्रूज़ और यॉच इत्यादि के संचालन को बढ़ावा प्रदान किया जाएगा। राज्य सरकार कृत्रिम जलाशयों को अभिनव पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य कर रही है। प्रदेश में पर्यटकों की यात्रा को अविस्मरणीय बनाने के लिए उन्हें जल क्रीड़ा गतिविधियां, मछली पकड़ने, पक्षी देखने, पर्यावरण-पर्यटन गतिविधियों आदि जैसी साहसिक पर्यटन गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इसके अतिरिक्त कला एवं शिल्प केंद्र, शॉपिंग आर्केड और फूड-स्ट्रीट की सुविधा भी प्रदान की जाएगी, जो पर्यटकों को एक अच्छा अनुभव प्रदान करेंगी। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य पर्यटकों को विभिन्न प्रकार के यादगार अनुभव प्रदान करने के अलावा उनकी यात्रा अवधि को और अधिक बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कृत्रिम जलाशयों के आस-पास पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों को होम स्टे, रेस्तरां, रिजॉर्ट्स और होटल इत्यादि स्थापित करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा जिससे उनकी आर्थिकी भी सुदृढ़ होगी। उन्होंने कहा कि इन साहसिक गतिविधियों के संचालन के लिए नियम इत्यादि भी तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला प्रशासन को एक से दो किलोमीटर तक फैली कृत्रिम झील बनाने के लिए उपयुक्त स्थलों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, नगरोटा में एक वेलनेस सेंटर, आकर्षक झरनों के साथ एक कृत्रिम झील की स्थापना के लिए 5.75 हेक्टेयर भूमि की पहचान भी की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ज़िला कांगड़ा के पौंग बांध में साहसिक पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 70 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इससे साहसिक गतिविधियों के शौकीन राज्य की ओर रूख करेंगे। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और राज्य सरकार यहां आने वाले पर्यटकों की यात्रा एवं उनके अनुभवों को अविस्मरणीय बनाने के लिए पर्यटन से जुड़े बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए प्रमुखता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आगामी पांच वर्षों में राज्य में पर्यटकों की आमद बढ़ाकर पांच करोड़ करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था मज़बूत होने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को रोज़गार और स्वरोज़गार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।
हिमाचल में इस बार टमाटर ने सेब को पछाड़ दिया है। सोलन सब्जी मंडी में शनिवार को होलसेल में टमाटर 60 से 80 रुपये किलो (अधिकतम 2000 रुपये प्रति क्रेट) बिका। यह सोलन मंडी का रिकॉर्ड रेट बताया जा रहा है। वहीं, शिमला की भट्टाकुफर मंडी में टाइड मैन किस्म का सेब 40 से 75 रुपये के हिसाब से बिक रहा है। बता दें कि बीते 5 दिन के दौरान टमाटर के रेट में 300 से 500 रुपये प्रति क्रेट का इजाफा हो चुका है। टॉप क्वालिटी का टमाटर आम जनता तक पहुंचते-पहुंचते 110 रुपये हो गया है। मीडियम व लो क्वालिटी का टमाटर 80 से 100 रुपये के बीच बिक रहा है। इससे गरीब जनता की रसोई से टमाटर गायब हो रहा है। शिमला की ढली मंडी में भी शनिवार को टमाटर 60 से 75 रुपये होलसेल में बिका।
कसुम्पटी मंडल भाजपा ने वरिष्ठ कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन फागू में किया। इस सम्मेलन में भारतीय जनता पार्टी के राज्य अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ने बतौर मुख्य अतिथि भाग लिया। जबकि सम्मेलन की अध्यक्षता मंडल के अध्यक्ष जितेंद्र भोटका ने की। सम्मेलन में पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, पूर्व मंत्री रूप दास कश्यप, जिला भाजपा अध्यक्ष विजय परमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस सम्मेलन में नगर निगम शिमला में कसुम्पटी क्षेत्र से जीते भाजपा के पार्षदों को सम्मानित भी किया गया ।इस दौरान भाजपा के राज्य अध्यक्ष राजीव बिंदल ने पार्षद रचना शर्मा,आशा शर्मा, कमलेश मैहता, कुसुम ठाकुर,निशा ठाकुर को सम्मानित किया। टोपी व भाजपा का फटका पहना कर पार्षदों को सम्मानित करते हुए डॉ राजीव बिंदल ने कहा कि पार्टी का प्रतिनिधित्व नगर निगम शिमला में के पार्षद कर रहे हैं और शिमला की आवाज बनेंगे और शिमला के हित में काम करेंगे, पार्टी का पूरा साथ व समर्थन पार्षदों को रहेगा।
*कसुम्पटी के वरिष्ठ कार्यकर्ता सम्मेलन में पंहुचे बिंदल *कहा, कार्यकर्ता ने मजबूत किया भाजपा को, मोदी ने विश्व का नम्बर एक संग़ठन बनाया भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ने भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता सम्मेलन फागू विधानसभा कसुम्पटी में भाग लिया। उनके साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज एवं रूप दास कश्यप विशेष रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा कसुम्पटी मण्डल अध्यक्ष जितेंद्र भोटका ने की। यह कार्यक्रम भाजपा की केंद्र सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की रीड की हड्डी वरिष्ठ कार्यकर्ता है, वरिष्ठ कार्यकर्ता का सम्मान जरूरी है, वरिष्ठ कार्यकर्ता ही पार्टी को आगे बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के सम्मान में यह सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी सदैव वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि कसुम्पटी मंडल भाजपा द्वारा वरिष्ठ से वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को लाया गया है, यह बेहतरीन प्रयास है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए भारत को नई दिशा दी है और यह दिशा भारत को और शक्तिशाली बनने के पथ पर लेकर जायेगी। इस अवसर पर भाजपा के राज्य अध्यक्ष राजीव बिंदल ने केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल को दी जा रही योजनाओं की जानकारी दी वहीं केंद्र सरकार द्वारा किस प्रकार से विकास को आगे बढ़ाया जा रहा है और क्या-क्या नीतियां बनाई जा रही है, इसकी जानकारी दी। इस अवसर पर पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज ने वरिष्ठ कार्यकर्ता सम्मेलन में कार्यकर्ताओं द्वारा पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए किए जा रहे का कार्य को सराहा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी विचारों का संगठन है, विचारों से ही हम आगे बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि आज देश में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पार्टी को विश्व का नंबर एक संगठन बना दिया है। उन्होंने डॉ राजीव बिंदल के नेतृत्व को सराहा। इस अवसर पर जिला भाजपा अध्यक्ष विजय परमार मंडल ,प्रतिभा बाली,राकेश शर्मा,पार्षद रचना शर्मा,आशा शर्मा,कमलेश मेहता,कुसुम ठाकुर,निशा ठाकुर सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सूचना एवं जन संपर्क निदेशालय शिमला में अधीक्षक ग्रेड-11 पद पर कार्यरत सुभाष चंद्र शर्मा आज सेवानिवृत्त हो गए। सुभाष चंद्र शर्मा ने 22 जुलाई, 1988 को विभाग में अपनी सेवाएं आरंभ की थीं। सेवानिवृत्ति के अवसर पर सुभाष चंद्र शर्मा के सम्मान में सूचना एवं जन सम्पर्क निदेशालय में विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर निदेशक किरण भड़ाना ने सुभाष चंद्र शर्मा द्वारा प्रदान की गई सेवाओं की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ जीवन और दीर्घायु की कामना की। उन्होंने कहा कि कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण भाव से दी गई उनकी सेवाएं अन्य कर्मचारियों के लिए अनुकरणीय हैं। विभाग के वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ने भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता सम्मेलन फागू विधानसभा कसुंपटी में भाग लिया। उनके साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज एवं रूप दास कश्यप विशेष रूप में उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम भाजपा की केंद्र सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित किया गया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सोच बदली है, पूरे भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर फोकस किया गया है। भारत शक्तिशाली बना है, निर्णय लेने वाला भारत बना है। आज अमेरिका और रूस जैसे शक्तिशाली देश भारत के दोस्त बनना चाहते हैं। आज भारत की गिनती दुनिया के शक्तिशाली देशों में की जाती है। पूर्व में विश्व स्तर पर अंतरराष्ट्रीय विषय एक ही होता था भारत और पाकिस्तान की लड़ाई। आज केंद्र सरकार ने विश्व पटल पर भारत को लेकर सोच को बदला है। वर्तमान में भारत की तुलना पाकिस्तान से नहीं चीन से होती है, कि कब भारत चीन से भी शक्तिशाली बन जाएगा। केंद्र सरकार के नेतृत्व में भारत का दृष्टिकोण बदला है और अगर देश को आगे लेकर जाना है तो इसी दिशा में हम सबको चलना होगा। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए भारत को नई दिशा दी है और यह दिशा भारत को और शक्तिशाली बनने के पथ पर लेकर जायेगी।
मोदी सरकार ने किसानों को करों और नीम कोटिंग शुल्कों को छोड़कर 242 रुपये प्रति 45 किलोग्राम की बोरी की समान कीमत पर यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यूरिया सब्सिडी योजना को जारी रखने की मंजूरी दे दी है। पैकेज में तीन वर्षों (2022-23 से 2024-25) के लिए यूरिया सब्सिडी को लेकर लगभग 3.70 लाख करोड़ रुपये आवंटित करने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की गई है। यह पैकेज हाल ही में अनुमोदित 2023-24 के खरीफ मौसम के लिए 38,000 करोड़ रुपये की पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) के अतिरिक्त है। बिंदल ने कहा मोदी सरकार के इस निर्णय से किसानों को यूरिया की खरीद के लिए अतिरिक्त खर्च करने की आवश्यकता नहीं होगी और इससे उनकी इनपुट लागत को कम करने में मदद मिलेगी। वर्तमान में, नीम कोटिंग शुल्क और लागू करों को छोड़कर यूरिया की एमआरपी 242 रुपये प्रति 45 किलोग्राम यूरिया की बोरी है, जबकि बैग की वास्तविक कीमत लगभग 2200 रुपये है। यह योजना पूरी तरह से भारत सरकार द्वारा बजटीय सहायता के माध्यम से वित्तपोषित है। यूरिया सब्सिडी योजना के जारी रहने से यूरिया का स्वदेशी उत्पादन भी अधिकतम होगा। लगातार बदलती भू-राजनीतिक स्थिति और कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि के कारण, पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक स्तर पर उर्वरक की कीमतें कई गुना बढ़ रही हैं लेकिन नरेन्द्र मोदी सरकार ने उर्वरक सब्सिडी बढ़ाकर अपने किसानों को उर्वरक की अधिक कीमतों से बचाया है। उन्होंने कहा हमारे किसानों की सुरक्षा के प्रयास में, भारत सरकार ने उर्वरक सब्सिडी को 2014-15 में 73,067 करोड़ रुपये से बढ़ा कर 2022-23 में 2,54,799 करोड़ रुपये कर दिया है। मोदी सरकार ने ये भी निर्णय लिया है कि 2025-26 तक 195 एलएमटी पारंपरिक यूरिया के बराबर 44 करोड़ बोतलों की उत्पादन क्षमता वाले आठ नैनो यूरिया संयंत्र चालू हो जाएंगे। इससे जमीन के पोषक तत्वों की क्षमता बढ़ती है और किसानों की लागत भी कम आती है। नैनो यूरिया के उपयोग से फसल उपज में वृद्धि हुई है। वर्ष 2018 से 6 यूरिया उत्पादन यूनिट, चंबल फर्टिलाइजर लिमिटेड, कोटा राजस्थान, मैटिक्स लिमिटेड पानागढ़, पश्चिम बंगाल, रामागुंडम-तेलंगाना, गोरखपुर-उत्तर प्रदेश, सिंदरी-झारखंड और बरौनी-बिहार की स्थापना और पुनरुद्धार से देश को यूरिया उत्पादन और उपलब्धता के मामले में आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिल रही है। यूरिया का स्वदेशी उत्पादन 2014-15 के 225 एलएमटी के स्तर से बढ़कर 2021-22 के दौरान 250 एलएमटी हो गया है। 2022-23 में उत्पादन क्षमता बढ़कर 284 एलएमटी हो गई है। नैनो यूरिया संयंत्र के साथ मिलकर ये यूनिट यूरिया में हमारी वर्तमान आयात पर निर्भरता को कम करेंगे और 2025-26 तक हम आत्मनिर्भर बन जाएंगे।
नाहन में शिमला संसदीय क्षेत्र के प्रबुद्ध जन सम्मेलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने की और इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में केंद्र विश्वविद्यालय के पूर्व वाइस चांसलर कुलदीप अग्निहोत्री उपस्थित रहे। कुलदीप अग्निहोत्री ने भारत का विभाजन क्यों हुआ और उसे कांग्रेस ने क्यों स्वीकार किया उसके ऊपर स्पष्ट व्याख्यान जनता के समक्ष रखा। कुलदीप ने 1962 में चीन का जब युद्ध हुआ था उसके पीछे क्या कारण रहे, उस समय सरकार तैयार क्यों नहीं थी और उस समय इस तत्कालीन सरकार की मानसिकता युद्ध के लिए नहीं थी । इस विषय पर उन्होंने जनता के समक्ष अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि युद्ध के बाद भी भारत ने चीन बॉर्डर पर रोड नेटवर्क नहीं खड़ा किया और आधारपूर्वक ढांचा तैयार नहीं किया। वह इसलिए क्योंकि उस समय की सरकार चाहती थी कि अगर चीन भारत पर आक्रमण करे तो जल्दी से युद्ध जीत जाए। तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय भारत निर्णय लेने वाला भारत नहीं था। आज नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सोच बदली है, पूरे भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर फोकस किया गया है। आज भारत शक्तिशाली बना है, निर्णय लेने वाला भारत बना है। आज अमेरिका और रूस जैसे शक्तिशाली देश भारत के दोस्त बनना चाहते हैं। आज भारत की गिनती दुनिया के शक्तिशाली देशों में की जाती है। पहले विश्व स्तर पर अंतरराष्ट्रीय विषय एक ही होता था वो था भारत और पाकिस्तान की लड़ाई। आज केंद्र सरकार ने विश्व पटल पर भारत को लेकर सोच को बदला है। वर्तमान में भारत की तुलना पाकिस्तान से नहीं चीन से होती है, कि कब भारत चीन से भी शक्तिशाली बन जाएगा। केंद्र सरकार के नेतृत्व में भारत का दृष्टिकोण बदला है और अगर देश को आगे लेकर जाना है तो इसी दिशा में हम सबको चलना होगा। डॉ. राजीव बिंदल ने कुलदीप अग्निहोत्री का धन्यवाद किया और कहा कि जिस प्रकार से भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है अवश्य भारत दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश बनने जा रहा है। आज भारत आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ रहा है। कार्यक्रम में पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप, पूर्व मंत्री सुखराम चौधरी ,भाजपा नेता बलदेव तोमर, बलदेव भंडारी, रीना कश्यप, विनय गुप्ता उपस्थित रहे।
देश जनता ने जिस तरह से बीते 9 सालों में देश का विकास देखा है। उस विकास को देखकर पूरे देश की जनता खुश है और जनता एक बार फिर से यही चाहती है कि साल 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा एक बार फिर से विकास को लेकर जनता के बीच जाए। यह बात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कही। हिमाचल प्रदेश भाजपा के द्वारा भी इन दिनों भाजपा का महा जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत शुक्रवार को मंडी संसदीय क्षेत्र के लाहौल जिला के सीसु में विकास तीर्थ यात्रा का आयोजन किया गया। इस विकास तीर्थ यात्रा में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। तो वहीं उन्होंने केंद्र सरकार के 9 सालों के विकास पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विकास तीर्थ यात्रा के माध्यम से पूरे देश में विभिन्न कार्यक्रम किए जा रहे हैं और केंद्र सरकार की योजनाओं का प्रचार किया जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडपिया ने लाहौल स्पीति के सीसु में भी स्थानीय ग्रामीणों व भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की तस्वीर को बदला है और इससे हिमाचल प्रदेश भी अछूता नहीं रहा है। आज लाहौल स्पीति का पूरा स्वरूप बदल गया है और उसका मुख्य कारण अटल टनल है। केंद्र मंत्री का कहना है कि वह भी मनाली से अटल टनल होते हुए लाहौल घाटी पहुंचे जहां पर लाहौल के लोगों के द्वारा उनका स्वागत किया गया है। वहीं उन्होंने जब स्थानीय जनता के साथ संवाद किया तो उन्हें पता चला कि इससे पहले लाहौल घाटी के लोगों को कुल्लू आने के लिए रोहतांग दर्रा को पार करना पड़ता था। वही अटल टनल बनने के बाद उनका सफर आसान हुआ है और लाहौल घाटी में पर्यटन गतिविधियां बढ़ी है। इसके अलावा अटल टनल के माध्यम से किसानों को भी अपने कृषि उत्पाद मंडियों में पहचान पहुंचाने के लिए काफी सुविधा मिली है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पूरे देश में भाजपा के द्वारा महा जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है और जगह जगह भाजपा नेताओं के द्वारा ग्रामीणों के साथ संवाद भी किया जा रहा है। पूरे देश की जनता भाजपा के 9 सालों के विकास कार्यों से खुश है और एक बार फिर से लोकसभा चुनावों में भाजपा को जनता का साथ मिलने वाला है। वहीं उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से भी आग्रह किया कि वे भी केंद्र सरकार की योजनाओं का गांव गांव जाकर प्रचार करें। ताकि इन योजनाओं का लाभ सभी ग्रामीणों को घर द्वार पर मिल सके। संपर्क से समर्थन कार्यक्रम के अंतर्गत केंद्रीय मंत्री ने तूपचिलिंग गोंपा, छेरिंग लमका, सुरेश कुमार, राजू, रवि कुमार, पाल्मो, रीता देवी, चिमेद अंगमो से संपर्क किया।
* डॉ राजीव बिंदल की नई टीम से जल्द उठ सकता है पर्दा * जिला और ब्लॉक स्तर पर भी चरणबद्ध तरीके से बदलाव तय हिमाचल में लगातार चुनाव हार रही भाजपा अब प्रदेश संगठन में बड़े स्तर पर बदलाव की तैयारी में है। डॉ राजीव बिंदल के तौर पर नए प्रदेश अध्यक्ष की तैनाती पहले ही हो चुकी है और अब संगठन की सर्जरी की तयारी है। बताया जा रहा है पूरी कार्यकारिणी बदलने की तैयारी है और नए प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल ने संभावित कार्यकारिणी की लिस्ट तैयार कर मंजूरी के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को भेज भी दी है। नड्डा की सहमति मिलते ही कई बड़े चेहरों की छुट्टी हो सकती है और हाशिए पर चल रहे कई निष्ठावानों को तवज्जो मिलेगी। निष्क्रिय पदाधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखया जायेगा। ऐसे कई पदाधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है जिनके क्षेत्र में बीते विधानसभा चुनाव में खुलकर बगावत हुई हैं और पार्टी का ग्राफ गिरा है। हालांकि मौजूदा कार्यकारिणी के कुछ पदाधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी भी मिल सकती है। माना जा रहा है कि ये बदलाव सिर्फ राज कार्यकारिणी तक सिमित नहीं रहेगा। पार्टी संगठन में टॉप टू बॉटम बदलाव कर सकती है। राज्य कार्यकारिणी में आवश्यक बदलाव के बाद जिला और ब्लाक कि कार्यकारिणी में भी बदलाव होगा। अन्य मोर्चों में भी जरूरी बदलाव की तैयारी है। वहीँ विधानसभा चुनाव में बगावत का बिगुल फूंकने वाले नेताओं कि घरवापसी को लेकर अभी संभवतः पार्टी कोई निर्णय न ले लेकिन आवश्यकता पड़ने पर इस पर भी विचार हो सकता है। दुनिया के सबसे बड़े राजनैतिक दल, यानी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नडडा का डंका आज पुरे सियासी जगत में बजता है। पर उनके अपने गृह राज्य हिमाचल प्रदेश में नड्डा की चमक लगातार फीकी पड़ी है। अपने ही राज्य में नड्डा अपनी पार्टी को हारते हुए देख रहे है, निश्चित तौर पर ये बात उन्हें खलती तो होगी। जाहिर है नड्डा सियासत के माहिर खिलाड़ी है और अब कोई चांस लेने के मूड में नहीं होंगे। लाजमी है 2024 के लिए नड्डा अब नरम नहीं बल्कि गरम रुख अपनाये। ऐसे में संगठन में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकता है। क्या नए चेहरों पर दांव खेलगी भाजपा ? 2024 लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा एक्शन मोड में है। 2014 और 2019 में भाजपा ने प्रदेश में क्लीन स्वीप किया है और अब पार्टी इस प्रदर्शन को दोहराना चाहती है। मंडी लोकसभा उपचुनाव में हार के बाद पार्टी के तीन सांसद है और माहिर मान रहे है कि पार्टी सीटिंग सांसदों के टिकट काटने या बदलने से भी गुरेज नहीं करेगी। ग्राउंड फीडबैक के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जायेगा। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के अलावा अन्य डॉ सांसदों को टिकट मिलेगा या नहीं, ये कहना मुश्किल है। अनुराग की सीट बदलने को लेकर भी अटकलें तेज है। वहीँ मंडी से पार्टी उम्मीदवार के तौर पर जयराम ठाकुर और अनिल शर्मा के नाम चर्चा में है।
पिछले कई दशकों से हिमाचली लोकगायकी में अपना लोहा मनवा रहे ठियोग के प्रसिद्ध लोक गायक किशन वर्मा को आकाशवाणी ने लोकगायक के रूप में ए ग्रेड कलाकार के रूप में चयनित किया है। 15 से 19 मई के बीच आकाशवाणी शिमला की ओर से स्वर परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसकी रिकॉर्डिंग केंद्रीय स्वर परीक्षा बोर्ड को भेजी गई थी। बोर्ड ने किशन वर्मा सहित हिमाचल प्रदेश के तीन लोकगायकों को ए ग्रेड के कलाकार के रूप में मान्यता दी है, जिनमें डॉ. रामस्वरूप शांडिल्य और डॉ. हेमराज चंदेल शामिल हैं। प्रसार भारती की केंद्रीय स्वर परीक्षा बोर्ड में भाग लेते हुए उसे उत्तीर्ण करने वाले किशन वर्मा पांचवे लोक गायक हैं। इससे पूर्व स्व. हेतराम तनवर और करनैल राणा को ए श्रेणी प्राप्त थी। किशन वर्मा की इस सफलता पर लोक गायकी के प्रशंसकों ने उन्हें बधाई दी है। किशन वर्मा पिछले कई दशकों से प्रदेश के लोगों का मनोरंजन अपनी मोहक आवाज से कर रहे हैं। आकाशवाणी, दूरदर्शन के अलावा उनके कई लोकगीतों के अलबम भी काफी लोकप्रिय हुए हैं। प्रदेश और बाहरी इलाकों में होने वाले उत्सवों में भी किशन वर्मा की आवाज काफी गूंजती रही है। उनकी ठेठ पहाड़ी आवाज के काफी प्रशंसक हैं। अपनी लोक संस्कृति के वास्तविक स्वरूप को बनाए रखने में भी किशन वर्मा का बड़ा योगदान है।
जिला सोलन के अटल शिक्षा कुंज स्थित प्रसिद्ध आईईसी विश्वविद्यालय में वीरवार को पांचवें दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं, गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में मुख्य संसदीय सचिव, उद्योग, राजस्व एवं टीसीपी विभाग एवं दून विधानसभा क्षेत्र के विधायक राम कुमार चौधरी मौजूद रहे। दीक्षांत समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि, गेस्ट ऑफ ऑनर, विशेष अतिथि और शैक्षणिक जनसमूह के द्वारा दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती की वंदना के बाद आईईसी गान के साथ किया गया। समारोह का आयोजन विश्वविद्यालय के नियमानुसार हुआ, जिसमें विश्वविद्यालय के गत वर्ष में उत्तीर्ण सभी पीएचडी, एमफिल, स्नातकोत्तर तथा स्नातक छात्रों को डिग्री प्रदान की गईं और विभिन्न संकायों के होनहार विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक एवं सर्टिफिकेट ऑफ मेरिट से भी सम्मानित किया गया। सभी विद्यार्थियों ने पारंपरिक परिधान और पहाड़ी टोपी पहनकर डिग्री हासिल की। इसके अलावा आईपीएस अधिकारी मोहित चावला, पत्रकार बलवीर सिंह, अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता Ÿविनीत गौतम, बेहतरीन प्रशासक शुभलक्षण सिंह बिंद्रा और टेक्निकल ब्रूक्स लैबोरेट्रीज के डायरेक्टर मनप्रीत सिंह नारू को उनके विशिष्ट कार्य के लिए मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने सभी डिग्री धारकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और अर्जित विद्या का उपयोग लोकहित में करने की सीख दी। उन्होंने शिक्षा के महत्व के बारे में एक विद्वान का कथन दोहराते हुए कहा कि शिक्षा अच्छे दिनों का गहना है और मुश्किल समय की आश्रय शक्ति है। दीक्षांत समारोह में शैक्षणिक डिग्री हासिल करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई। वहीं, गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में उपस्थित हुए मुख्य संसदीय सचिव राम कुमार चौधरी ने डिग्री धारकों से कहा कि आपने शोध एवं शिक्षा के समय जो कुछ विश्वविद्यालय में सीखा है, अब उस ज्ञान और कौशल को देश और प्रदेश के विकास में उपयोग करें। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति माननीय डॉ. नवीन गुप्ता जी ने सभी उपाधि धारकों को बधाई दी और कहा कि सामाजिक और तकनीकी विकास के वर्तमान दौर में बच्चों को ज्ञान, कौशल और नवीन विचारों के साथ समृद्ध बनाने के लिए विश्वविद्यालय का मिशन हम सभी को लगातार प्रेरित कर रहा है। वहीं, आईईसी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अशोक पुरी ने कहा कि आईईसी विश्वविद्यालय की ओर से शोध-कार्य और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। विभिन्न समस्याओं को सुलझाने के साथ-साथ सामाजिक विकास के लिए विश्वविद्यालय के 200 से अधिक पीएचडी शोधार्थी निरंतर शोध कर रहे हैं। फैकल्टी सदस्य पेटेंट, किताबों और शोध-पत्रों के प्रकाशन के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शोध कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं। इस अवसर पर गेस्ट ऑफ ऑनर डॉ. आमना मिर्जा, गवर्निंग बॉडी की सदस्य डॉ. सुकन्या सिन्हा, विजय अग्रवाल (ओएसडी), प्रो वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) रणदीप पूनिया, डीन अकैडेमिक अफेयर्स डॉ. विजय ठाकुर, गवर्नमेंट नॉमिनी श्री सुरेश कुमार और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. श्रीकांत शर्मा ने भी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के अंत में कुलसचिव विनोद कुमार ने इस दीक्षांत समारोह के सफल आयोजन के लिए सभी का धन्यवाद किया।
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार ने शिमला ग्रामीण मंडल के संयुक्त मोर्चा सम्मेलन में भाग लिया। उन्होंने सभी मोर्चों के प्रतिनिधियों में नए जोश का संचार किया, इस सम्मेलन का आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार में 9 वर्ष पूर्ण होने पर किया गया। सिकंदर कुमार ने जहां कार्यकर्ताओं को मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाई, वहीं कांग्रेस को आड़े हाथ लिया। सिकंदर ने कहा कि जो सरकार अपने परिवार को संभाल नहीं सकती वह हिमाचल प्रदेश को क्या संभालेगी। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन हिमाचल की कांग्रेस सरकार का कोई ना कोई किस्सा जनता के समक्ष आ ही रहा है। पहले एक कथित भ्रष्टाचार की चि_ी हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय की सार्वजनिक होती है, उसके उपरांत एक कथित ऑडियो जिसमें जिसमें एक कांग्रेस की महिला प्रधान जो दून विधानसभा ने नाता रहती है वह उद्योगपति से एक काम करने के लिए 3 लाख मांगती है और आज एक चि_ी जनता के समक्ष आई जिसमें दो कांग्रेस की महिला प्रधान आपस में सचिवालय में ही लड़ पड़ी है और उसके कारण सचिवालय में जनता के आवागमन पर रिस्ट्रिक्शन लग गई है। सचिवालय के झगड़े की कंप्लेंट महिला थाने में भी रजिस्टर की गई है। ऐसे सारे मामले कांग्रेस के समय ज्यादा उजागर होते हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की 6 महीने की सरकार में क्राइम रेट बढ़ा है और जिस प्रकार से यह सरकार लोन पर लोन ले रही है बड़ी जल्दी इस सरकार की गति पर रोक लग जाएगी। अपने सरकार के खर्चों पर लगाम लगाने में यह सरकार नाकाम हैं। 1 जून को 800 करोड़ का लोन और कल ही 1000 करोड़ का लोन इस सरकार ने लिया है और आपको याद होगा कि पिछले महीने सरकार पहली बार ओवरड्राफ्ट लेकर चली थी। वर्तमान कांग्रेस सरकार को वित्तीय प्रबंधन करना नहीं आ रहा है यह स्पष्ट रूप से दिख रहा है। इस अवसर पर भाजपा नेता रवि मेहता, दिनेश ठाकुर, पारुल शर्मा, सुमित ठाकुर, रणदीप कंवर, संजना शर्मा, कमलेश शर्मा, अनुराधा शर्मा, हुकुम सिंह, धर्म प्रकाश, मीनाक्षी गोयल, संजय भारद्वाज और योग राज उपस्थित रहे।
वनों से आच्छादित देवभूमि हिमाचल के पहाड़ जहां एक ओर प्रदेश के नैसर्गिक सौंदर्य को निखारने में अहम भूमिका निभाते हैं, वहीं दूसरी ओर पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी सहायक सिद्ध होते हैं। राज्य के इसी नैसर्गिक सौंदर्य को संजोए रखने और हरित आवरण को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने हरित आवरण को वर्ष 2023 तक 28 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जापान इंटरनेशनल कॉपोरेशन एजेंसी (जायका) के सहयोग से राज्य के मनोहारी परिदृश्यों को और अधिक विकसित करने पर कार्य कर रही है। राज्य के सात जिलों में कार्यान्वित जायका द्वारा वित्त पोषित वानिकी और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन परियोजनाएं क्षेत्र की हरियाली को बढ़ाने में सहायक रही हैं। उन्नत तकनीकों और तकनीकी हस्तक्षेपों का उपयोग करते हुए पिछले दो वर्षों में 4600 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर नियोजित वृक्षारोपण किया गया है। इसके अलावा परियोजना नर्सरी विकसित करने और रोपण स्टॉक की गुणवत्ता बढ़ाने पर बल देती है, जिसका लक्ष्य सामुदायिक और वानिकी के उपयोग के लिए विभिन्न लाभकारी प्रजातियों के 60 लाख से अधिक उच्च गुणवत्ता वाले पौधे तैयार करना है। संयुक्त वन प्रबंधन पहल को मजबूत करते हुए और सामूहिक प्रयास का उल्लेखनीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए सात जिलों में 460 ग्राम वन विकास समितियां और 900 से अधिक स्वयं सहायता समूह स्थापित किए गए हैं। यह परियोजना वनों पर निर्भर समुदायों और फील्ड स्टाफ के कौशल संवर्धन और क्षमता निर्माण को भी प्राथमिकता देती है। आजीविका गतिविधियों और वन पुनर्जनन में प्रशिक्षित 15000 से अधिक व्यक्तियों के साथ, यह परियोजना जलवायु परिवर्तन और संबंधित आपदाओं से उत्पन्न जोखिमों को कम करती है। हिमाचल प्रदेश जैसे कृषि प्रधान राज्य में वनों का बहुत महत्त्व है। स्थानीय लोग अपनी आजीविका के लिए वन संसाधनों पर निर्भर करते हैं। जलवायु परिवर्तन को लेकर वैश्विक चिंताओं और पर्यावरण अनुकूल समाधानों की खोज तथा राज्य की वन संपदा को संरक्षित और समृद्ध करने की तात्कालिकता को पहचानते हुए जायका के साथ सहयोग नवल किरण बनकर उभरा है। जायका वर्ष 1991 से भारत में वानिकी और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन परियोजनाओं पर कार्य रहा है। जायका ने प्रदेश में भू-आवरण को बढ़ाकर और वन क्षेत्रों को संरक्षित करके सतत् विकास को प्राथमिकता प्रदान की है। जायका परियोजना राज्य में जापान की सर्वोत्तम वानिकी प्रणाली को लागू करने, वन विभागों के भीतर अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों को पेश करने और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने का प्रयास करती है। हिमाचल को हरित राज्य बनाना वर्तमान राज्य सरकार का सर्वोपरि लक्ष्य है। प्रदेश सरकार हरित और सतत् विकास को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता के लिए दृढ़ता से कार्य कर रही है। जायका के साथ सहयोग नि:संदेह बड़े बदलावों की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम है जो यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में भी हिमाचल प्रदेश की पहचान विश्वभर में नैसर्गिक सौन्दर्य के लिए अद्वितीय बनी रहे।
राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि विभिन्न विभागों में सरकारी कर्मचारियों की तैनाती और तबादलों से संबंधित सभी मामले, जिन पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के विचार की आवश्यकता है, उन पर महीने के अंतिम चार कार्य दिवसों में विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों द्वारा तैनाती एवं स्थानांतरण के अनुमोदित आदेश भी माह के अंतिम चार कार्य दिवसों में ही जारी किये जाएंगे। प्रवक्ता ने कहा कि जब तक कोई असाधारण परिस्थिति न हो, ऐसे मामलों को महीने के शेष दिनों में नहीं उठाया जाएगा। ये निर्देश राज्य सरकार के सभी बोर्डों और निगमों पर भी लागू होंगे।
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं नैना देवी से विधायक रणधीर शर्मा ने कहा भारतीय जनता पार्टी का आरोप है की वर्तमान कांग्रेस सरकार शराब माफिया के दबाव में काम कर रही है। मार्च महीने के बाद हिमाचल प्रदेश में अनेकों नई जगहों पर शराब के ठेके खुल रहे हैं, कई जगह पंचायतों के एनओसी लिए बिना भी शराब के ठेके खुले हैं। इस ठेकों का वहां की जनता विशेषकर महिला मंडल जबरदस्त विरोध कर रही हैं, परंतु जब प्रशासन से बात होती है तो वह कहते हैं की यह शराब के ठेके नहीं सब ठीक हैं और इनके लिए पंचायतों की एनओसी की आवश्यकता नहीं है। इस तरह के जो नियम वर्तमान सरकार ने बनाए हैं, ये पूर्ण रूप से शराब माफिया को लाभ देने के लिए है, इसकी भारतीय जनता पार्टी कड़ी निंदा करती है। इन अनुचित नियमों की आड़ में शराब के ठेकेदारों ने जगह-जगह शराब के ठेके और अहाते खोलना शुरू कर दिए हैं, जिसके कारण हिमाचल प्रदेश की स्वरूप और भावना बिगड़ रही है। भारतीय जनता पार्टी का मानना है की वर्तमान कांग्रेस सरकार वैसे तो नशे के खिलाफ अभियान चला रही है, जिसका भारतीय जनता पार्टी समर्थन करती है। परंतु दूसरी तरफ यह सरकार शराब माफिया के दबाव में काम कर रही है, सबको तो यह भी लग रहा है कि नशे के खिलाफ इनका अभियान एक नौटंकी तो नहीं है। कहीं यह नशे के खिलाफ अभियान सच में नौटंकी बनकर ना रह जाए, इसलिए भारतीय जनता पार्टी की मांग है कि वर्तमान कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू शराब माफिया को संरक्षण ना दे और जिस प्रकार से जगह-जगह ठेके खुल रहे हैं चाहे नेशनल हाईवे की बात करो या पंचायतों की। आप हैरान होंगे कि किरतपुर मनाली फोरलेन का अभी उद्घाटन भी नहीं हुआ है और अभी उस फोरलेन पर चाय की दुकानें भी नहीं हंै, परंतु शराब के ठेके खुल चुके हैं। एक फोरलेन पर जगह-जगह शराब के ठेके बड़ी संख्या में खुले हैं। भाजपा पूछना चाहती है कि क्या यह ठेके नियमों के तहत खुले हैं? परमिशन लेकर खुले हैं? हमारी मांग है कि सरकार इस सभी ठेकों की जांच करे और जो हिमाचल प्रदेश में शराब को लेकर पॉलिसी बनी है उसको सख्ती से लागू करना चाहिए।
हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने स्टेट इलैक्ट्रीसिटी बोर्ड लिमिटेड (सीई जनरल) विंग सुंदरनगर में फिटर (एचवाईडी एमईसीएच) पोस्ट कोड 976 का परिणाम बुधवार को घोषित कर दिया है। इसकी परीक्षा भंग किए गए हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर ने ली थी। हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने यह परिणाम घोषित किया है। इसमें 25 उम्मीदवार उत्तीर्ण हुए हैं। कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर ने पिछले 11 सितम्बर को परीक्षा ली थी और इसका परिणाम 2 नवम्बर को घोषित हुआ था। इसमें 13 उम्मीदवारों के लंबित डॉक्यूमैंट वैरीफिकेशन का कार्य पूरा होने के बाद परिणाम घोषित किए गए हैं। पास हुए उम्मीदवारों के नाम नियुक्ति के लिए प्रदेश सरकार के समक्ष प्रेषित कर दिए हैं। परिणाम से संबंधित विस्तृत जानकारी वैबसाइट पर उपलब्ध करवा दी गई है।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि राज्य के ऊना जिले में प्रस्तावित बल्क ड्रग पार्क को मूर्त रूप प्रदान करने के लिए सभी संबंधित विभाग कड़ी मेहनत करें। हर्षवर्धन चौहान आज इस कार्य के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति की दूसरी बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को बल्क ड्रग पार्क के कार्यों को प्राथमिकता प्रदान करते हुए इन्हें समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पानी, बिजली, आंतरिक सड़क आधारभूत ढांचे जैसी बुनियादी आवश्यकताओं का तुरंत विकास किया जाना चाहिए। उन्होंने पार्क में निरंतर जल आपूर्ति बनाए रखने के लिए दीर्घकालिक समाधान पर भी बल दिया। बैठक में जलशक्ति विभाग को भी जलापूर्ति से संबंधित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि बल्क ड्रग पार्क में सतत् जल उपलब्धता के लिए क्षेत्र के भूमिगत जल स्तर के पुनर्भरण और रखरखाव के लिए जलशक्ति विभाग को 11.75 करोड़ रुपये प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) से पार्क में स्थायी विद्युत आपूर्ति की संभावनाएं तलाशने के भी निर्देश दिए और कहा यह मामला पहले ही बोर्ड के अधिकारियों के समक्ष उठाया जा चुका है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड और हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड को बल्क ड्रग पार्क के लिए बाह्य विद्युत बुनियादी ढांचे का निर्माण शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने पार्क के भीतर आवश्यक मशीनरी के परिवहन के दृष्टिगत आंतरिक सड़क निर्माण को समयबद्ध पूर्ण करने तथा पार्क के प्रशासनिक ब्लॉक के निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू करने को भी कहा। उद्योग मंत्री ने जिला हमीरपुर की भोरंज तहसील के जाहू और बिलासपुर जिले की घुमारवीं तहसील के भदरोग में लगभग 40 बीघा भूमि पर दो नए औद्योगिक क्षेत्रों की घोषणा की। इससे पूर्व निदेशक उद्योग एवं बल्क ड्रग पार्क की राज्य संचालन एजेंसी के प्रबन्ध निदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी राकेश प्रजापति ने बल्क ड्रग पार्क के संबंध में वर्तमान कार्यों को इंगित करती एक विस्तृत प्रस्तुति दी।
सतलुज जल विद्युत निगम (एसजेवीएनएल) के अध्यक्ष एवं प्रबंधक निदेशक नंद लाल शर्मा ने आज यहां मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री से एसजेवीएनएल द्वारा कार्यान्वित की जा रही विभिन्न जल विद्युत परियोजनाओं के बारे में चर्चा की। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि एसजेवीएनएल ने 210 मेगावाट क्षमता की लुहरी चरण-1 परियोजना, 66 मेगावाट क्षमता की धौलासिद्ध और 382 मेगावाट क्षमता के सुन्नी डैम का निर्माण कार्य प्रदेश सरकार के साथ इम्प्लीमेंटेशन एग्रीमेंट किए बिना आरंभ कर दिया है। उन्होंने इस पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा इसके बारे में बार-बार आग्रह किए जाने के बावजूद एसजेवीएनएल ने सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कोई कदम नहीं उठाया है। इसी कारण प्रदेश सरकार ने एसजेवीएनएल को नोटिस जारी किया है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि एसजेवीएनएल की जल विद्युत परियोजनाओं में प्रदेश को 20, 30 और 40 प्रतिशत की दर से रॉयल्टी प्रदान की जाए। वर्तमान में 12 वर्ष के लिए 12 प्रतिशत, अगले 18 वर्ष के लिए 18 प्रतिशत और अन्तिम 10 वर्ष के लिए 30 प्रतिशत की दर से रॉयल्टी प्रदान करने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं की निर्माण लागत पूर्ण हो चुकी है उनमें रॉयल्टी 30 प्रतिशत की दर से प्रदान की जाए तथा परियोजना कार्यशील होने के 40 वर्षों की अवधि के उपरांत इन्हें प्रदेश सरकार को हस्तांतरित कर दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल की नदियों में बहने वाला जल प्रदेश का अमूल्य संसाधन है। जल विद्युत परियोजनाओं द्वारा इस संसाधन का दोहन तो किया जा रहा है, परंतु प्रदेशवासियों को अब तक उससे वांछित लाभ प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने जल उपकर के मुददे पर भी विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव सुन्दर सिंह ठाकुर भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज इंदिरा गांधी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय (आईजीएमसी) शिमला में आयोजित अलाइड हेल्थ साइंस स्टूडेंट्स के वार्षिक समारोह 'इन्फ्यूजन-2023Ó के अवसर पर स्टेट अलाइड एंड हेल्थकेयर कॉउन्सिल के नवनिर्मित ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन एवं नवीनीकरण पोर्टल का शुभारंभ किया। इस कॉउन्सिल का गठन हिमाचल प्रदेश पैरामेडिकल कॉउन्सिल का पुनर्गठन करके किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण पर कांसेप्ट पेपर तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में आउटसोर्स आधार पर कार्यरत ऑपरेशन थिएटर असिस्टेंट का मानदेय 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आउटसोर्स आधार पर कार्यरत पैरामेडिक्स के अन्य वर्गों का मानदेय भी बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पोर्टल की मदद से हजारों अलाइड हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स को बहुआयामी लाभ मिलेंगे। प्रोफेशनल्स घर बैठे इस पोर्टल के माध्यम से काउंसिल में नए रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन, रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण, अनापत्ति प्रमाण पत्र, आवेदन तथा अन्य सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह परियोजना अलाइड हैल्थकेयर प्रोफेशनल्स के सुधार के लिए तकनीक का उपयोग करने की प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। इस पहल से सरकार की ई-गवर्नेंस की महत्वकांक्षी परियोजनाओं को पूरा करने और राज्य को डिजिटल शक्ति से संपन्न समाज में बदलने में सहायता मिलेगी। यह पोर्टल वेरिटोस इन्फोसोलूशन्स द्वारा एडवांस टेक्नोलॉजी की मदद से बहुत ही सहज और प्रभावशाली ढंग से तैयार किया गया है। इस पोर्टल की मदद से काउंसिल का कार्य पूर्ण रूप से कागजमुक्त हो जायेगा तथा काउंसिल की कार्यक्षमता को बढ़ावा मिलेगा। परिषद के पुराने रिकॉर्डोंं को डिजिटल बनाया गया है और आवेदनों की शीघ्र प्रोसेसिंग के लिए सिस्टम से जोड़ा जा रहा है। लगभग 9 हजार एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स को अब काउंसिल में आने की आवश्यकता नहीं होगी और सभी प्रकार के आवेदनों की स्थिति ऑनलाइन ही प्राप्त की जा सकेगी। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और नवीनीकरण पोर्टल एक सरल और पूर्णतया ऑनलाइन पोर्टल है। इसके अलावा, सत्यापन प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद, परिषद प्रत्येक एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स को एक क्यूआर कोड आधारित स्मार्ट कार्ड और प्रमाणपत्र प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि कॉउन्सिल द्वारा यह पहल पर्यावरण के प्रति संवेदनशील है क्योंकि इससे हर साल लगभग 70 हजार पेपर, 150 से ज्यादा पेड़ और लाखों लीटर पानी की बचत होगी। डिजिटलीकरण प्रक्रिया से परिषद को एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स के लिए सेवाओं के तरीके में मूलभूत परिवर्तन सुनिश्चित होगा। इस पहल से सरकार संसाधनों की लागत कम करने और परिषद के संसाधनों का बेहतर उपयोग करने की दिशा में कार्य कर रही है। इससे प्रदेश स्वास्थ्य क्षेत्र में आधुनिकीकरण और प्रगति का प्रतीक भी बना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए विद्यार्थियों को एक लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने तथा आधारभूत ढांचे के सृजन के लिए आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न प्रोफेशनल के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में निरंतर कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, विधायक हरीश जनारथा, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, आईजीएमसी के प्रधानाचार्य एस.एस.सोढी, चिकित्सा अधीक्षक राहुल राव, स्टेट अलाइड एंड हेल्थकेयर काउंसिल के सचिव विनोद चौहान, वरिष्ठ अधिकारी व अलाइड हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स तथा विद्यार्थी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज मंडी में जिला रेडक्रॉस सोसाइटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में छह बच्चों को जिला रेडक्रॉस के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान की। ये बच्चे कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान अनाथ हो गए थे। उन्होंने रेडक्रॉस सोसाइटी के माध्यम से स्वच्छता कर्मियों को स्वास्थ्य किट और दिव्यांग व्यक्तियों को व्हील चेयर भी प्रदान की। इस अवसर पर राज्यपाल ने एक एंबुलेंस को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। लाभार्थियों और रेडक्रॉस स्वयं सेवकों के साथ बातचीत करते हुए राज्यपाल ने कहा कि समाज सेवा के क्षेत्र में यह अग्रणी संस्था है। विभिन्न परिस्थितियों और आपातकालीन समय में लोगों को महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान करने में इस रेडक्रॉस का सराहनीय योगदान है। उन्होंने रेडक्रॉस के माध्यम से रक्तदान शिविरों के आयोजन, स्वास्थ्य शिविरों तथा आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न गतिविधियों के क्रियान्वयन पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में भी रेडक्रॉस स्वयं सेवकों ने बहुमूल्य योगदान दिया है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों का जिला रेडक्रॉस सोसायटी से जुड़ने का आह्वान किया ताकि इसकी गतिविधियों को और अधिक विस्तारित किया जा सके। उन्होंने कहा कि एनसीसी और एनएसएस के विद्यार्थियों को भी इससे जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कोविड-19 के कारण अनाथ हुए सरकाघाट के कुशल कुमार और विशाल तथा जोगिंदरनगर के अंश दीप को 51-51 हजार रुपये और करसोग की कुमारी ममता देवी और जोगिंदरनगर की परी रानी और सोफिया को 75-75 हजार रुपये के चेक प्रदान किए। जिला रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिव ओपी भाटिया ने राज्यपाल का स्वागत किया और जिले में कार्यान्वित की जा रही सोसाइटी की विभिन्न गतिविधियों से अवगत करवाया। लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल, विधायक अनिल शर्मा और पूर्ण चंद, उपायुक्त अरिंदम चौधरी, प्रशासनिक अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे। इससे पहले राज्यपाल ने परिधि गृह मंडी के परिसर में देवदार तथा लेडी गवर्नर ने आंवले का पौधा रोपित किया।
हिमाचल प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में समग्र सुधार के लिए वर्ल्ड बैंक लगभग 1600 करोड़ रुपये की सहायता देगा। इसकी पहली किस्त अगस्त में मिलेगी। परियोजना की कुल लागत लगभग 2000 करोड़ रुपये है, जबकि इसकी अवधि 2023 से 2028 तक पांच वर्षों की है। यह बात सीएम ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को यहां कही। सीएम ने कहा कि विश्व बैंक बोर्ड ने 27 जून, 2023 को वॉशिंगटन में इस कार्यक्रम को मंजूरी प्रदान की है। इस कार्यक्रम के तहत ऊर्जा क्षेत्र की व्यापक योजना के लिए एकीकृत संसाधन योजना को बढ़ावा देने, मांग प्रतिक्रिया प्रबंधन, जल विद्युत परियोजना परिसंपत्तियों के तकनीकी उपयोग में सुधार करते हुए इन्हें नवीकरणीय ऊर्जा के अन्य स्रोतों से एकीकृत करने और राज्य में उत्पादित बिजली की प्रभावी बिक्री के लिए एकल व्यापार डेस्क की स्थापना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से राज्य को बिजली की बिक्री से ज्यादा राजस्व मिलेगा। 2000 मेगावाट के सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि कार्यक्रम का लक्ष्य हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरशेन लिमिटेड और हिम ऊर्जा के माध्यम से लगभग 200 मेगावाट की सौर ऊर्जा उत्पादन में नई क्षमताएं स्थापित करना है। राज्य को अपनी विद्युत आवश्यकताओं को पूरा करने दृष्टिगत सर्वोत्कृष्ट व्यापार की अनुमति प्रदान करना महत्वपूर्ण है और ऐसे में यह कार्यक्रम राज्य के भीतर ट्रांसमिशन (एचपीपीटीसीएल द्वारा) और 13 शहरों में वितरण स्तर (एचपीएसईबीएल द्वारा) पर विद्युत नेटवर्क को सुदृढ़ करने पर भी ध्यान केंद्रित करेगा। स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एचपीएसएलडीसी) की प्रणालियों के उन्नयन से विद्युत की मांग और आपूर्ति के बेहतर प्रबंधन में मदद मिलेगी। इन सभी मध्यस्थताओं के माध्यम से राज्य के भीतर विद्युत आपूर्ति का बेहतर हस्तांतरण विश्वसनियता और गुणवत्ता के आधार पर सुनिश्चित होगा।
नगर निगम शिमला के हाउस की बैठक को रद्द करने पर भाजपा व सीपीएम के पार्षद ने कड़ी आपत्ति व्यक्त की है। भाजपा के 9 पार्षदों के साथ सीपीएम के एक पार्षद ने कमिश्नर आशीष कोहली को ज्ञापन सौंपकर इस बैठक को रद्द करने पर आपत्ति व्यक्त की है। पार्षदों ने कहा कि जिस प्रकार से उसकी बैठक को रद्द किया गया है यह सही नहीं है, हमारी आपत्ति है। उन्होंने कहा कि आप बैठक को 1 जुलाई को करने की बात कही जा रही है, हमारी मांग है कि यह बैठक 30 जून को की जानी चाहिए। नगर निगम कमिश्नर को मिलने के बाद भाजपा के पार्षदो में अप्पर ढली से कमलेश मेहता, फागली से कल्याण धीमान, पंथाघाटी से कुसुम ठाकुर, रुल्दुभट्टा से सरोज ठाकुर, कृष्णा नगर से बिट्टू कुमार पाना, कसुम्पटी से रचना शर्मा, पटयोग से आशा शर्मा, न्यू शिमला से निशा ठाकुर ,भराड़ी से मीना चौहान व समरहिल से वरिंद्र ने कहा कि अगर मेयर व्यस्त हैं या बीमार हैं तो उनके स्थान पर डिप्टी मेयर उमा कौशल बैठक को चेयर कर सकते हैं। ऐसे में बैठक को स्थगित करने का सवाल ही पैदा नहीं होता। अब बैठक रद्द की है तो निगम अपनी गलती में सुधार कर इसी माह बैठक करे। उन्होंने कहा कि एमसी के एक्ट में लिखा गया है कि मेयर नहीं है तो डिप्टी मेयर बैठक ले सकती हैं। उन्होंने कहा कि महीने की बैठक है इसलिए इसी महीने की बैठक को इसी महीने में किया जाना चाहिए, ऐसे आगे बैठक को टाला नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह गलत परंपरा होगी। उन्होंने कहा कि पार्षदों को अपनी बात रखनी है, काम है ऐसे में यदि बैठक को आगे किया जाएगा तो पार्षदों को अपने काम करवाने में भी दिक्कत आएगी। उन्होंने कहा कि कमिश्नर इस विषय पर चर्चा करें और हमारी मांग है कि 30 जून को बैठक को किया जाए। मेयर नहीं आ सकते तो डिप्टी मेयर की अध्यक्षता में इस बैठक को किया जाए। कमिश्नर आशीष ने भाजपा पार्षदों के ज्ञापन को लिया और कहा कि इस पर चर्चा की जाएगी। पार्षदों की भावनाओं को वह समझते हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज जिला शिमला के रामपुर उपमंडल में कलेरा मझेवटी के निकट शालून कैंची में एक कार दुर्घटना पर शोक व्यक्त किया है। सूचना के अनुसार इस सड़क दुर्घटना में चार लोगों की मृत्यु हो गई, जबकि एक व्यक्ति घायल हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय प्रशासन को प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान की प्रार्थना की है।
हिमाचल की हरित ऊर्जा राज्य की परिकल्पना को साकार करने के दृष्टिगत राज्य सरकार शिमला शहर और उसके आसपास पर्याप्त चार्जिंंग बुनियादी अधोसंरचना निर्मित करने के लिए प्रयासरत है। शहर में ई-बसों के सुचारू संचालन के लिए कई अग्रगामी प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि शिमला को देश की 'ग्रीन सिटीÓ बनाया जा सके। इस पहल को आगे बढ़ाते हुए हिमाचल पथ परिवहन निगम ने शिमला शहर में संचालित 70 ई-बसों के लिए पांच नए चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन चार्जिंग स्टेशनों के लिए ट्रांसफार्मर स्थापित करने के दृष्टिगत निगम द्वारा हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड के पास लगभग 3.63 करोड़ रुपये की राशि जमा करवा दी गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम की 1500 से अधिक बसों के बेड़े को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक बसों से बदला जाएगा और इसके लिए पर्याप्त चार्जिंग और अन्य संबद्ध बुनियादी ढांचा तैयार किया जा रहा है। शिमला में तारादेवी, टूटीकंडी क्रॉसिंग, लालपानी, जुन्गा और ठियोग में नए चार्जिंग प्वाइंट स्थापित किए जाएंगे। इससे शिमला शहर के 40 किलोमीटर के दायरे में संचालित की जा रही बसों को पर्याप्त चार्जिंग सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा, ढली में स्थापित 1,000 केवीए चार्जिंग स्टेशन की क्षमता को भी बढ़ाकर 2,000 केवीए किया जाएगा। राज्य बिजली बोर्ड अब इन सभी चार्जिंग स्टेशनों के लिए ट्रांसफार्मर उपलब्ध करवाएगा। ट्रांसफार्मर स्थापित होते ही ई-बस चार्जर स्थापित कर दिए जाएंगे। नए चार्जिंग स्टेशन स्थापित होने के बाद शहर के 40 किलोमीटर के दायरे में ई-बसों का संचालन सुचारू हो जाएगा। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत, शिमला शहर को हाल ही में 20 ई-बसें प्रदान की गई हैं, जिससे इनकी संख्या 50 से बढ़कर 70 हो गई है। इनमें से छह-छह बसें न्यू शिमला और संजौली सेक्टर को प्रदान की गई हैं और आठ बसें बस स्टैंड क्षेत्र को प्रदान की गई हैं। एचआरटीसी ने अतिरिक्त नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदने के लिए टेंडर भी जारी कर दिए हैं। सभी 70 ई-बसें शहर के स्थानीय रूट पर ई-बसें संचालित की जाएंगी, जिससे राजधानी में सार्वजनिक परिवहन प्रणाली पूरी तरह से ई-परिवहन सुविधा में बदल जाएगी और शिमला शहर के वातावरण को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त रखने में यह सहायक सिद्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग निरंतर प्रगति कर रहा है और राज्य सरकार ने भी हिमाचल में इलेक्ट्रिक गतिशीलता को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं और प्रोत्साहन शुरू किए हैं। प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि राज्य में पारंपरिक जीवाश्म ईंधन के उपयोग करने वाले वाहनों की संख्या में कमी कर वातावरण को कार्बन उत्सर्जन से मुक्त बनाया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने शिमला शहर के अलावा राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों और अन्य प्रमुख सड़कों पर विद्युत चालित वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की दिशा में कई पहल की हैं और जिला स्तर पर इसके लिए भूमि की पहचान करने की एक स्थायी प्रक्रिया शुरू की गई है।
हिमाचल में मौसम से बिगड़े मिजाज के बीच लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं। शिमला जिला के रामपुर में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है इस हादसे में तीन युवकों व एक युवती की मौत हो गई, जबकि एक युवती घायल है। यह हादसा आज सुबह हुआ है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई है। जानकारी के अनुसार रामपुर में कलेडा-मझेवटी में शलुन कैंची के पास एक आल्टो कार खाई में गिर गई। इस कार में पांच लोग सवार थे। इनमें से तीन युवकों व एक युवती की मौत हो गई है, जबकि एक लड़की घायल है। ये सभी बारात में गए थे और सुबह वापस लौट रहे थे। मृतकों की पहचान अविनाश मांटा (24) पुत्र देवेंद्र मांटा निवासी चाकली, देवठी रामपुर, सुमन (22) पुत्र भाग चंद निवासी कूखी दरकाली रामपुर, हिमानी (22) पुत्री दिलीप सिंह निवासी कूखी दरकाली रामपुर, व संदीप (40) पुत्र चैत राम निवासी कूखी दरकाली रामपुर के रूप में हुई है। जबकि शिवानी पुत्री दलीप निवासी कूखी दरकाली घायल है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है और घायल का अस्पताल में उपचार चल रहा है।
जिला शिमला के रामपुर में दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया है। इस हादसे में चार लोगों ने अपनी जान गवां दी है जबकि एक गंभीर रूप से घायल है। मिली जानकारी के अनुसार रामपुर के शलून कैंची के पास ऑल्टो कार HP06B-3901 सड़क से 500 मीटर नीचे गहरी खाई में जा गिरी। मृतकों में तीन लोग एक ही गांव के बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि सभी एक शादी समारोह से लौट रहे थे। हादसे के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मामला दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है। मृतकों की पहचान अविनाश मांटा उम्र 24 वर्ष पुत्र देविंद्र मांटा निवासी गांव चकली डाकघर दियोठी रामपुर शिमला, सुमन उम्र 22 वर्ष पुत्र भाग चंद गांव कुकही डाकघर दरकाली तहसील रामपुर जिला शिमला, हिमानी उम्र 22 वर्ष पुत्री दलीप सिंह गांव कुकही डाकघर दरकाली तहसील रामपुर जिला शिमला और संदीप उम्र 40 वर्ष पुत्र चेत राम गांव कुकही डाकघर दरकाली तहसील रामपुर जिला शिमला के तौर पर हुई है। हादसे में शिवानी उम्र 22 वर्ष पुत्री दलीप कुमार गांव कुकही डाकघर दरकाली तहसील रामपुर जिला शिमला घायल है।
आर्ट ऑफ लिविंग संस्था हिमाचल प्रदेश में नशा उन्मूलन अभियान में राज्य सरकार का सहयोग करेगी। इस संबंध में आज प्रदेश सरकार और आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के बीच शिमला में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की उपस्थिति में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। प्रदेश सरकार की ओर से सचिव प्रशासनिक सुधार सी. पालरासु और संस्था की ओर से वी.पी.एस. राणा ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर मुख्यंमत्री ने कहा कि प्रदेश के लिए यह समझौता काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस अभियान के तहत आध्यात्मिक गुरू श्री श्री रवि शंकर की संस्था आर्ट ऑफ लिविंग राज्य सरकार का नशा उन्मूलन में पूर्ण सहयोग करेगी और व्यय भी संस्था ही वहन करेगी। उन्होंने कहा कि इस समझौते के तहत नशा उन्मूलन के साथ-साथ राज्य के सतत् पर्यावरण संरक्षण, सामुदायिक आजीविका मॉडल, समुदाय आधारित पर्यटन, हर्बल वैलनेस, सामुदायिक वन प्रबंधन, आधुनिक शिक्षा, कौशल विकास, युवा सशक्तिकरण जैसे विषयों में भी राज्य सरकार का सहयोग करेगी। हिमालय उन्नति मिशन के मुख्य सलाहकार और ट्रस्टी एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) वीपीएस राणा ने बताया कि यह प्रदेश सरकार की दूरगामी सोच का ही परिणाम है कि संस्था को सरकार के साथ मिलकर प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों के सतत् विकास के लिए एक आधिकारिक सहयोगी के तौर पर कार्य करने का अवसर मिला है। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के चेयरमैन आरएस बाली, विधायक केवल सिंह पठानिया, अजय सोलंकी, सुदर्शन बबलू, मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरेट, प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, चेयरमैन रेरा, डॉ. श्रीकांत बाल्दी, आर्ट ऑफ लिविंग संस्था की ओर से दर्शक हाथी, अभय शर्मा व हितेश कुमार भी उपस्थित थे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने केंद्र सरकार से प्रदेश में भारी बारिश से हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए तुरंत विशेष आर्थिक पैकेज की मांग की है। उन्होंने कहा कि भारी बारिश से प्रदेश में सड़कों, पुलों के साथ फसलों को भारी नुकसान हुआ है। केंद्र से इस नुकसान का आकलन करने के लिए एक केंद्रीय टीम भी जल्द प्रदेश में भेजने को कहा है। प्रतिभा सिंह ने अधिकारियों से प्रदेश में हुए भूस्खलन, सड़कों और फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने व नुकसान की पूरी रिपोर्ट भेजने को कहा हैं। उन्होंने कहा है कि लोगों को कोई असुविधा न हो, इसके लिए सभी प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। प्रतिभा सिंह ने अपने संसदीय क्षेत्र मंडी में हुई भारी बारिश से हुए जानमाल, सड़कों व फसलों के नुकसान की पूरी रिपोर्ट भी जिला प्रशासन मंडी, कुल्लू, लाहौल स्पीति, किन्नौर व शिमला से मांगी है। इस रिपोर्ट को वह केंद्र के समक्ष रखेंगी।
भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को लिखा पत्र। अविनाश राय खन्ना ने अपने पत्र में लिखा कि मंै आपकी जानकारी में लाना चाहता हूं कि नादौन, जिला हमीरपुर हिमाचल प्रदेश में श्री ध्यानू भगत जी का मंदिर स्थित है। श्री ध्यानू भगत जी, जो कि माता बालासुंदरी देवी के प्रबल भक्त थे। ऐसा कहा जाता है कि भक्त ध्यानू भगत ने माता बालासुंदरी देवी जी को अपना सिर अर्पित कर दिया था। जब माता बालासुंदरी देवी जी ने उनके हाथों से भोजन प्रसाद लेने और उनकी कई प्रार्थनाओं को स्वीकार नहीं किया था। उनके इस बलिदान से प्रशन्न होकर माता ने आदेश दिया की उनके दर्शन करने से पहले ध्यानू भगत को प्रणाम करें, उसके पश्चात मेरे दर्शन होंगे। श्री ध्यानू भगत जी के मंदिर की बहुत ही मान्यता है। यहां पर हमेशा श्रद्धालुओं का शैलाब उमड़ा रहता है। लेकिन इस मंदिर की हालत बहुत ही खराब है। अत: आपसे निवेदन है कि इस मंदिर की विशेषता और मान्यता को देखते हुए पुन: निर्माण कराने की कृपा करे।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं प्रवक्ता देवेंद्र बुशैहरी ने भाजपा द्वारा पिछले दिनों राज्यपाल को दिए गए ज्ञापन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हाल ही में चंबा में हुए मनोहर हत्याकांड पर भाजपा बेवजह राजनीतिक रोटियां सेकने का काम कर रही है तथा इस शांत प्रदेश में सांप्रदायिकता का जहर घोलने का काम कर रही है। देवेंद्र बुशैहरी ने कहा कि इस प्रकरण में शामिल अपराधियों को राज्य सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जेल की सलाखों में डालकर उचित कार्रवाई करने के आदेश कर दिए थे तथा मुख्यमंत्री ने स्वयं इस प्रकरण का कड़ा संज्ञान लिया था। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इस प्रकरण पर समय रहते उचित कदम उठाए गए हैं, परंतु भाजपा अपनी राजनीति चमकाने के लिए बेवजह इस मामले को तूल दे कर प्रदेश में अराजकता का माहौल तैयार करने का प्रयास कर रही है जो कि निंदनीय है। भाजपा द्वारा राज्यपाल को सौंपे अपने ज्ञापन में मौजूदा सरकार के विरुद्ध कानून व्यवस्था पर जो सवाल उठाए हैं उस पर प्रतिक्रिया देते हुए बुशैहरी ने भाजपा से पूछा कि वह यह बताए कि अपनी सरकार के पिछले 5 वर्ष के कार्यकाल में हुए कौन से आपराधिक मामले समय रहते सुलझाए गए और प्रभावितों को न्याय मिला हो।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार सायं यहां बिग एफएम द्वारा आयोजित बिग इम्पैक्ट अवॉर्ड कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर अभिनेत्री रूबीना दिलैक, अंशू और कार्तिक बाथला, उधम सिंह ठाकुर, गायक मोहन सिंह चौहान, राजेश मल्होत्रा, ममता और विशाल गुप्ता, डॉ. दिनेश बेदी, प्रेम राणा, डॉ.पी.एन. ऋषिकेश, हिमांशु सूद, मनुज शारदिया, राजेश पुरी, पायस, अंकित अग्रवाल, मुकेश भास्कर, भगवान सिंह गिल और डॉ. नीरज शर्मा को विभिन्न क्षेत्रों में उनके सराहनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के उद्यमियों और उत्कृष्ट लोगों को सम्मानित करने के लिए बिग एफएम की सराहना की और कहा कि हिमाचल प्रदेश की कई हस्तियों ने देश-विदेश में प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। हिमाचल के लोग फिल्म जगत सहित कई क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों, कार्यक्रमों और कल्याणकारी योजनाओं को जनता के मध्य प्रसारित करने में मीडिया महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और बिग एफएम युवाओं के मध्य लोकप्रिय है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी और बिग एफएम से आग्रह किया कि लोगों तक विभिन्न योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने में योगदान प्रदान करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने स्वच्छ पर्यावरण को बढ़ावा देने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने की दिशा में कई हरित पहल शुरू की हैं। सरकार प्रदेश में ई-वाहनों को बढ़ावा दे रही है और अगले तीन वर्षों में एचआरटीसी बेड़े को ई-बसों में बदलने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि ई-वाहन अपनाने को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार निजी ऑपरेटरों को ई-बसों, ई-ट्रकों और ई-टैक्सी की खरीद पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार 250 किलोवाट से दो मेगावाट क्षमता तक की सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए 40 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र को नए आयाम प्रदान करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा को पर्यटन राजधानी का दर्जा दिया गया है और राज्य भर के जल संसाधनों में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।
केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने पर हिमाचल प्रदेश के सभी बूथों पर मेरा बूथ सबसे मजबूत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम संयोजक प्रदेश महामंत्री एवं विधायक त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि इस कार्यक्रम को प्रदेश भर के 7781 बूथों पर कार्यकर्ताओं द्वारा एलईडी स्क्रीन लगाकर सुना गया। त्रिलोक ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता आधारित राजनीतिक दल है और बूथ ही हमारी ताकत है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोपाल से 10 लाख कार्यकर्ताओं को पूरे भारतवर्ष में संबोधित किया और इस मौके पर हमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का भी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। त्रिलोक ने सभी कार्यकर्ताओं को एक मूल मंत्र दिया बूथ जीता, चुनाव जीता। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए भाजपा तैयार है। इन चुनावों में भाजपा हिमाचल और पूरे देश भर में बड़ी जीत दर्ज करने के लिए अग्रसर है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों का एकत्र होना कोई नई बात नहीं है 2014 और 2019 में यही विपक्षी दल थे पर भाजपा की 303 सीटें आई थी और इन चुनावों में भाजपा 303 से भी अधिक लोक सभा सीटें जीतेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार की खुद की गारंटी तो है नहीं, तो दूसरों की क्या गारंटी लेंगे। वर्तमान सरकार के नेताओं भाजपा पर टिप्पणी करने के बजाय सरकार चलाने पर ध्यान देना चाहिए। जब से यह सरकार सत्ता में आई हैं केवल वित्तीय कुप्रबंधन की बात कर रही हैं पर वित्तीय स्तिथि को ठीक करने के लिए उन्होंने एक भी कदम नहीं लिया है। अगर आप गौर से देखें तो 31 मार्च के बाद पूरे प्रदेश भर में कोई भी विकासात्मक टेंडर नहीं हुए है, केवल मात्र पिक और चूज का कार्यक्रम चल रहा है सरकार को ऐसे कामों से एहतियात बरतनी चाहिए। गंज बाजार में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश संगठन महामंत्री सिद्धार्थन, पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, कुसुम सदरेट, सीमा ठाकुर, विजय परमार, सत्या कौंडल, संजीव कटवाल, भर्ती सूद,कर्ण नंदा, राजेश शारदा, गगन लखनपाल, सुशील चौहान, विजय शर्मा, गौरव, कल्पना, राजू, अजय, अनिता, तरुण उपस्थित रहे।
भाजपा प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार हर पहलू पर विफल है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार के समय कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा रही है और हिमाचल प्रदेश की जनता को यह साफ दिख रहा है। हिमाचल की जनता आज भी कांग्रेस के किए गए वायदों का इंतजार कर रही है पर एक भी वादा इस सरकार का पूरा नहीं हो पा रहा है । अगर बारीकी से देखें तो वर्तमान कांग्रेस सरकार केवल मात्र केंद्र सरकार के दिए गए प्रोजेक्ट के धन राशि पर चल रही है, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना इसका बहुत बड़ा उदाहरण है जिसके अंतर्गत सरकार को 3400 करोड़ के विभिन्न प्रोजेक्ट मिलने जा रहे हैं, कांग्रेस सरकार के नेताओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दिल से धन्यवाद करना चाहिए। खन्ना ने कहा कि हिमाचल में सुखविंदर सिंह सरकार के छह माह पूरे हो गए हैं। चुनाव से पूर्व कांग्रेस ने प्रदेश की जनता को दस बड़ी गारंटियां दी थीं, उनमें से एक गारंटी 18 से 60 साल की महिलाओं को 1500 रुपए प्रति माह देने से जुड़ी थी। अब सरकार के पहले साल का आधा कार्यकाल पूरा हो चुका है, लेकिन महिलाओं से किया गया उक्त वादा अधूरा है। खन्ना ने चुनावों के समय मुकेश अग्निहोत्री व अलका लांबा के वीडियो को लेकर तंज कसा जिनमें सत्ता मिलते ही महिलाओं को 1500 रुपए प्रति माह देने का वादा किया जा रहा है। चुनावों के समय जो कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने वादा किया था वह 26 लाख महिलाओं से था। पर इसी तरह सारे कांग्रेस के वायदे हवा हवाई होते ही दिखाई दे रहे हैं।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री आकाश नेगी ने एक बयान जारी करते हुए जानकारी दी है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश का प्रदेश अभ्यास वर्ग पालमपुर के ठाकुरद्वारा में 25 जून को संपन्न हुआ। उन्होंने बताया कि इस प्रदेश अभ्यास वर्ग में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान, उत्तर क्षेत्रीय संगठन मंत्री विजय प्रताप, उत्तर क्षेत्रीय सह संगठन मंत्री आनंद श्रीवास्तव, केंद्रीय कार्यसमिति के विशेष आमंत्रित सदस्य नागेश ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे। आकाश नेगी ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के इस प्रदेश अभ्यास वर्ग में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की प्रासंगिकता, इतिहास, आयाम, कार्य, गतिविधि, कार्यकर्ता व्यवहार, कार्य पद्धति, परिसर सक्रियता आदि विषयों पर प्रदेश भर से आए कार्यकर्ताओं को जानकारी दी गई। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल के प्रदेश अभ्यास वर्ग में विभाग प्रमुख, विभाग संयोजक, जिला प्रमुख, जिला संयोजकों की घोषणा की गई। इस प्रदेश अभ्यास वर्ग में पूरे हिमाचल प्रदेश के प्रत्येक जिला से 220 कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कांगड़ा जिला नशा निवारण गतिविधियों के प्रभावी कार्यान्वयन में प्रदेश में अव्वल रहा है। 19 से 25 जून तक चले राज्यव्यापी नशा निवारण कैंपेन में जिले ने सराहनीय कार्य किया है। इसके लिए हिमाचल सरकार ने जिले को पुरस्कार से नवाजा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 26 जून को नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस के उपलक्ष्य पर शिमला में हुए एक कार्यक्रम में यह पुरस्कार प्रदान किया। कांगड़ा जिला प्रशासन की ओर से अतिरिक्त उपायुक्त सौरभ जस्सल ने मुख्यमंत्री के हाथों यह पुरस्कार ग्रहण किया। इस मौके एनआईसी कक्ष धर्मशाला से जिलाधीश डॉ. निपुण जिंदल, एडीएम रोहित राठौर , जिला कल्याण अधिकारी नरेंद्र जरयाल और जिला पंचायत अधिकारी नीलम कटोच समेत अन्य संबंधित अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में जुड़े रहे। इस मौके सभी ने मुख्यमंत्री द्वारा दिलाई नशा मुक्त हिमाचल की शपथ ग्रहण की। डॉ. निपुण जिंदल ने कांगड़ा जिले को मिले पुरस्कार का श्रेय टीम भावना से किए काम को दिया और जिले में नशा मुक्त हिमाचल अभियान को आगे भी इसी प्रकार गतिमान रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने विशेषकर जिला कल्याण अधिकारी नरेंद्र जरयाल और उनकी पूरी टीम के प्रयासों की सराहना की। जागरूकता, सुधार और स्वास्थ्य पर ध्यान डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि कांगड़ा जिले में नशा निवारण पर जागरूकता बढ़ाने के साथ साथ नशे के शिकार लोगों के सुधार तथा उनके पुनर्वास व स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिले में नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों की मजबूती पर फोकस किया गया है। साथ ही चरणवार सिविल अस्पतालों में नशा मुक्ति क्लिनिक सेवाएं शुरू की गई हैं। पहले चरण में जिले के 8 स्वास्थ्य संस्थानों में यह सेवाएं दी जा रही हैं। वहां नशा मुक्ति के मामलों को डील करने के लिए प्रशिक्षित चिकित्सक और स्टाफ मौजूद हैं। साथ ही वहां नशा मुक्ति से जुड़ी सभी दवाइयां भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। कैंपेन को बनाएं जनांदोलन, सबके सहयोग से होंगे सफल जिलाधीश ने कांगड़ा जिला वासियों से नशा मुक्त हिमाचल अभियान को जनांदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सबके सहयोग से हम नशे के खिलाफ जारी इस जंग में सफल होंगे। इन प्रयासों में प्रशासन के साथ समाज के हर तबके, हर आयु वर्ग के लोगों की सहभागिता और सक्रिय सहयोग आवश्यक है। डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि 19 से 25 जून तक चले राज्यव्यापी नशा निवारण कैंपेन में कांगड़ा जिले में विविध जागरूकता गतिविधियां आयोजित की र्गइं। जिलेभर में शिक्षण संस्थानों, गांवों-पंचायतों में जागरूकता कार्यक्रम किए गए। इनमें पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों, सामाजिक संस्थाओं, महिला एवं युवक मंडलों, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं समेत सभी वर्गों का सहयोग लिया गया। इसके अलावा नशा निवारण पर स्कूलों में वाद-विवाद, भाषण, नारा लेखन व चित्रकला प्रतियोगिताएं कराई गईं। इस विषय पर युवाओं के साथ साथ अभिभावकों और अध्यापकों के लिए भी सेमिनार और वेबीनार कराए गए, साथ ही नशा मुक्त हिमाचल के संदेश को घर घर पहुंचाने के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक तथा सोशल मीडिया का पूरा उपयोग किया गया। वहीं, इस दौरान प्रभात फेरियों और मैराथन के जरिए भी जागरूकता संदेश का प्रचार प्रसार किया गया। युवाओं के लिए अनेक खेल गतिविधियां आयोजित करने के साथ साथ नशा निवारण पर जागरूकता सामग्री वितरित की गई। पंचायतों में स्वास्थ्य जांच कैंप लगाए गए। नुक्कड़ नाटकों के जरिए भी अभियान के संदेश को जन जन तक ले जाने के प्रयास किए गए। धर्मशाला की गुंजन संस्था को भी पुरस्कार वहीं, धर्मशाला की गुंजन संस्था को भी नशा निवारण गतिविधियों के प्रभावी संचालन के लिए पुरस्कृत किया गया। गुंजन संस्था के निदेशक संदीप परमार ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के हाथों यह पुरस्कार ग्रहण किया। बता दें, गुंजन संस्था नशा निवारण कार्यक्रमों के संचालन के साथ ही कांगड़ा जिले में नशा निवारण अभियान के कार्यान्वयन में जिला प्रशासन का निरंतर सहयोग करती रही है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां 'नशीले पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय दिवसÓ पर आयोजित समारोह की अध्यक्षता की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नशीले पदार्थों के दुरुपयोग से उत्पन्न वैश्विक चुनौती तथा सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र पर इसके गंभीर परिणामों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बड़ी संख्या में युवा नशीले पदार्थों की लत का शिकार हो रहे हैं, जिससे युवाओं के शारीरिक स्वास्थ्य और बौद्धिक क्षमताओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने नशे की बुराई पर शिकंजा कसने के लिए समाज में इसके विरूद्ध संवेदनशीलता, सतर्कता और जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने नशीले पदार्थों की गर्त में फंसे लोगों के प्रभावी उपचार और पुनर्वास के लिए एक सुदृढ़ बुनियादी ढांचा बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों के समीप नशीले पदार्थों की बिक्री निषेध है। अवैध रूप से युवाओं को नशीले पदार्थ उपलब्ध करवाने के मामलों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों में केवल शिमला जिला में ही 400 मामले दर्ज किए गए और 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया। प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग के साथ नशीले पदार्थों के विरूद्ध लड़ाई के लिए एक कार्य योजना तैयार की है। नशीले पदार्थों के तस्करों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए नारकोटिक्स अधिनियम में संशोधन की मांग करते हुए प्रदेश विधानसभा सेएक प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। इसके अलावा, सरकार राज्य में दो नशा मुक्ति सह-पुनर्वास केंद्र स्थापित करने की योजना बना रही है। इनमें से एक केंद्र के निर्माण के लिए शिमला के निकट 50 बीघा भूमि चिन्हित की गई है। सरकार द्वारा दोनों केंद्रों की स्थापना के लिए पर्याप्त धनराशि आवंटित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने नशे के विरूद्ध लड़ाई में जन सहयोग का आह्वान करते हुए कहा कि लोग नशीले पदार्थों के तस्करों के बारे में पुलिस को जानकारी प्रदान करें, ताकि उन्हें समय पर पकड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि समाज से नशे को उखाड़ फैंकने के लिए स्वयंसेवी संगठन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति अभियान में समाज के सभी वर्गों को सम्मिलत करने के लिए निकट भविष्य में ग्राम सभाएं आयोजित की जाएंगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य में नशे के विरूद्ध लड़ाई में सराहनीय कार्य के लिए विभिन्न संस्थानों और विभागों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में जिला कांगड़ा, मंडी और ऊना के उपायुक्तों को उनके संबंधित जिलों में उत्कृष्ट प्रयासों के लिए पुरस्कृत किया गया। इसी तरह राज्य कर एवं आबकारी विभाग के आयुक्त, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज निदेशक, महिला एवं बाल विकास निदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं और उच्च शिक्षा निदेशक को भी नशे के विरुद्ध छेड़े गए अभियान में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए पुरस्कार प्रदान किए गए। गैर सरकारी संगठनों में गुंजन संस्था धर्मशाला, मानव कल्याण समिति चौपाल और जिला रेडक्रॉस सोसाइटी कुल्लू को नशा मुक्ति के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए पुरस्कृत किया गया। मुख्यमंत्री ने शिमला में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोगों सहित जिला, ब्लॉक और पंचायत स्तर से वर्चुअल माध्यम से जुड़े लोगों को नशीले पदार्थों की रोकथाम की शपथ दिलाई। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने नशे की बुराइयों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नशे की लत के गंभीर शारीरिक और मानसिक परिणाम होते हैं, जिसका असर पूरे परिवार पर पड़ता है। उन्होंने नशीले पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने के लिए माता-पिता और बच्चों के बीच संवाद के महत्त्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि समाज से नशे की बुराई को मिटाने के लिए सभी वर्गों की सहभागिता महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा नशीले पदार्थों की रोकथाम के बारे में सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाने के लिए नियमित रूप से कार्यक्रम आयोजित करवाए जाते हैं।


















































