भाजपा प्रभारी एवं सांसद अविनाश राय खन्ना ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के लॉ डिपार्टमेंट में एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। खन्ना ने कहा कि हमें संविधान में अपनी ड्यूटीज के बारे में विस्तृत रूप से पढ़ना चाहिए और मैं चाहता हूं कि हम सब इंटरनेशनल ड्यूटी डे भी मनाए। हमेशा हम समाज में अपने हितों यानी राइट्स की बात करते हैं पर कभी ड्यूटी के बारे में बात नहीं करते। अगर हम अपनी ड्यूटीज के बारे में अध्ययन कर ले तो हमें अपने समाज की सेवा करने के बारे में और ज्यादा शक्ति प्राप्त होगी। वहीँ, प्रोफेसर संजय संधू ने बताया कि अविनाश राय खन्ना की पुस्तक समाज चिंतन को इस कॉलेज के सिलेबस का भाग बनाया गया है, जिसके लिए प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने सभी का धन्यवाद भी किया। अपनी पुस्तक समाज चिंतन के बारे में उन्होंने विधि विभाग के विद्यार्थियों के साथ संवाद भी किया। खन्ना ने कहा कि बच्चे जिस प्रकार से लगन से पढ़ाई कर रहे हैं, वह अद्भुत है। यही बच्चे बड़े होकर देश का भविष्य बनाएंगे। आज लॉ की पढ़ाई बहुत महत्वपूर्ण है और समाज में लॉ का योगदान बहुत बड़ा है। उन्होंने कहा कि आईपीसी बहुत सोच समझ कर बनाया गया था और जब से भारत देश बना है तब से इसमें केवल 2 अमेंडमेंट की गई है, इसी प्रकार एविडेंस एक्ट की स्थापना से अब तक केवल एक ही अमेंडमेंट की गई है जो की धारा 119 है। मेरा मानना यह है कि हमें लॉ के बारे में अध्ययन करना चाहिए और प्रैक्टिस करते समय जो भी चीज हमारे समक्ष आती है उसके बारे में हमें सरकार को अवगत करवाना चाहिए।
CM Sukhu while discussing environmental issues during the budget session stated that "Himachal's forest wealth is around 65% of the state's area" which is one of the highest among Indian states percentage-wise. Additionally, he mentioned that pine forests are the area most commonly affected by forest fires. The Forest Department has worked to minimize the number of fires during the summer season, which has helped reduce the number of fires. State's CM also shed some light on the multidimensional hazards faced by the hill state of Himachal. As per the High level, committee organized by the state govt earlier, 33 hazards are recognized which can occur in the state, out of which Himachal is affected by 25. CM Sukhu also stressed climate change and other anthropogenic activities can accelerate and worsen these hazards. State government initiatives to lessen environmental risks: For fire-prone areas: Construction of fire lines and water reservoirs, recruiting fire watchers, and conducting awareness drives. For landslide-prone areas: Disaster response teams for assistance during dangers. Opposition on Fire-watcher issues and CM response: Shri Lakhanpal (Opposition MLA) stated that there is an issue with the Fire-watcher number and their salaries are also delayed for extended periods of time. In response, CM Sukhu said Fire-watchers are essential in reducing fire incidents and that they were previously referred to as Rakhas by locals. He also assured that the Fire-watcher's salary would be paid on schedule and that a policy will be developed in this respect. He also made sure to hold a meeting with the forest department in this respect to address the problem of the required number of fire watchers as well as whether this service must be continued or not. Budget allocation for environmental and associated programs for FY 2023-24: State govt Contributions: Fire-incidence reduction fund: Rs 2.14 Cr under FMS state plan and Rs 4.07 Cr under CAMPA head. Disaster relief Fund: Rs 226.51 Cr. Fasal bima yojana, Crop diversification scheme, Mandi arbitrage fund, and Horticulture development project: Rs 208.42 Cr. Central govt contribution (proposed): NDRF fund for disaster management: Rs. 400 Cr. Swach Bharat Abhiyan: Rs34.47 Cr. Gram Swaraj Yojna (for rural upliftment): Rs. 43 Cr.
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन की कार्यवाही से पहले बीजेपी विधायक दल ने सदन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की अगुवाई में बीजेपी विधायक ताला और जंजीर लेकर विधानसभा में पहुंचे। इस दौरान विधायकों ने सदन के बाहर जमकर नारेबाजी भी की। बीजेपी विधायक दल के नेता जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार को ताले वाली सरकार का नाम दिया। इसके बाद बीजेपी विधायकों ने विधानसभा में मुख्यमंत्री के कार्यालय के बाहर भी जमकर नारेबाजी की। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार प्रदेशभर में ताले वाली सरकार के नाम से मशहूर हो रही है।उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद सिर्फ और सिर्फ ताला लगाने का काम किया जा रहा है।पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि सदन की कार्यवाही के दूसरे दिन नियम 67 के तहत चर्चा हुई है।इस चर्चा में भी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बिना तथ्यों के जवाब दिए है और बातों को घुमाने की कोशिश की। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि संस्थान बंद करने के खिलाफ बीजेपी विधायक दल चुप नहीं बैठेगा और लगातार जनता की आवाज मुखरता से उठाएंगे।
Himachal CM Sukhu has said that “He was responding to the suggestion made by MLA Lakhanpal during the budget session to safeguard the forest riches from fire, flood, and landslides.” Himachal government is planning to bring a concrete policy to save the forests. Additionally, a new scheme to provide a 50 % subsidy to those who want to set up the pine needle industry. The Pine leaves will be used for manufacturing various products such as plates, cups, paper, and other biodegradable articles. The final policy and procedure for setting up of pine-based industry will be formulated soon. This policy can help provide additional income to lower to middle-income Himachal households and can help boost the overall GPD of the state if the policy is implemented correctly. Apart from generating employment, this move can also become helpful in reducing forest fire incidences, as Pine forests are most affected by forest fires in Himachal. But, the impact of taking a large number of pine needles from forest floors is still unknown. On one side, this move can help reduce forest fire; on the other, it can increase weed and insect infestation incidences in Pine forests. It can also affect the nutrient status of the forest soil and increase soil erosion by the removal of organic carbon from the forest floor. Overall, it is a good move by the state govt to boost the economy of Himachal households, but it will require proper inspection by forest departments also. So, that forest should also not suffer from it.
भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना और सह प्रभारी संजय टंडन ने राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से राजभवन में शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल का कुशलक्षेम जाना। खन्ना ने कहा कि हिमाचल प्रदेश लोकतंत्र प्रहरी सम्मान योजना बंद करना कांग्रेस सरकार का असली चेहरा दिखाता है। इस योजना के अंतर्गत उन लोगों को पेंशन का अधिकार था, जो इमरजेंसी के दौरान जेल गए थे। आज वे बुजुर्ग हो गए हैं और उनकी विधवाओं को भी यह पेंशन मिल रही थी। उन्होंने कहा कि देश में इमरजेंसी 2 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक लगी थी और लाखों लोगों ने इसका विरोध किया था, जिसमें उनका दृढ़ निश्चय और लक्ष्य रिवाइवल ऑफ डेमोक्रेसी और फंडामेंटल राइट्स की हक की लड़ाई थी। इस समय हमने भी इमरजेंसी का वातावरण देखा था, हमें उस समय इमरजेंसी के खिलाफ पंजाब में काफी लिटरेचर बनता था। कांग्रेस पार्टी ने हमेशा डेमोक्रेसी का विरोध किया है और आज भी इस प्रहरी योजना को बंद करके उन्होंने दिखाया है कि ये लोग डेमोक्रेसी के विरुद्ध काम करते हैं।
आईजीएमसी में बुधवार को स्टेट ऑर्गन एंड टिशु ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन हिमाचल प्रदेश की ओर से अंग एवं उत्तक दाता परिवारों का सम्मान समारोह 'नमन दिवस-2023' आयोजित किया गया। इसमें पूर्व इंडियन नेशनल कबड्डी टीम कैप्टन व मौजूदा समय में डीएसपी ऊना अजय ठाकुर बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे। आईजीएमसी की प्रधानाचार्य डॉ. सीता ठाकुर ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। इस दौरान मुख्य अतिथि के हाथों क्यूआर कोड का अनावरण भी किया गया। अब कोई भी व्यक्ति सोटो की ओर से तैयार किया गया क्यूआर कोड स्कैन करके अंगदान का शपथ पत्र ऑनलाइन भर सकता है। इसके अलावा सोटो की ऑफिशियल वेबसाइट भी लांच की गई। आईजीएमसी नेत्र रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ रामलाल शर्मा ने आईजीएमसी के आई बैंक के बारे में जानकारी साझा की और सोटो हिमाचल प्रदेश के द्वारा किए जा रहे सराहनीय कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आईजीएमसी शिमला में आई बैंक साल 2010 से चल रहा है जिसमें सैकड़ों लोगों ने नेत्रदान करके कई जिंदगियां रोशनी से भरी है। वही सोटो प्रदेश भर में अलग-अलग स्थानों पर नोडल अधिकारी डॉ पुनीत महाजन की अध्यक्षता में अंगदान के प्रति लोगों के बीच जागरूकता फैलाने का काम कर रहा है। अब तक करीब 950 लोगों ने अंगदान की शपथ ली है। टांडा मेडिकल कॉलेज से आए रिनल ट्रांसप्लांट सर्जरी के विभागाध्यक्ष डॉ राकेश चौहान ने हिमाचल में अंगदान के सफर पर बहुमूल्य विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि टांडा मेडिकल कॉलेज में मौजूदा समय तक दो कैडेवरिक ऑर्गन रिट्रीवल सफलता पूर्वक किए जा चुके हैं। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि अजय ठाकुर ने अंग एवं उत्तक दाताओं के पारिवारिक सदस्यों को उनके त्याग व समर्पण के लिए सम्मानित किया। मुख्य अतिथि अजय ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि अंगदान जरूरतमंद के लिए वरदान साबित हो सकता है। कार्यक्रम में आई बैंक के विभागाध्यक्ष डॉ रामलाल शर्मा, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ विनय गुप्ता, सीनियर आई बैंक ऑफिसर व बीएमओ डॉ यशपाल रांटा, डॉ शशि शर्मा, अस्पताल की मेट्रन हरिप्रिया, वार्ड सिस्टर आराधना शर्मा, ग्रीफ काउंसलर डॉ सारिका, आई बैंक टेक्नीशियन संदीप शर्मा, आई बैंक टेक्नीशियन भूपेंद्र ठाकुर, जूनियर असिस्टेंट रामदयाल को सम्मानित किया गया। वहीं अंगदान व नेत्रदान के क्षेत्र में अहम भूमिका निभाने वाले हमीरपुर जिला के रहने वाले अमित शर्मा व उमंग फाउंडेशन से आए विनोद योगाचार्य युवा फाउंडेशन के सुधांशु ठाकुर को भी सम्मानित किया गया ।
भाजपा के नगर निगम चुनाव के प्रभारी एवं पूर्व मंत्री सुखराम चौधरी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पूरी तरह कंफ्यूज है। कांग्रेस द्वारा वोट बनाने की प्रक्रिया को बदलना साफ दर्शाता है कि वह फ्रॉड वोट को बढ़ावा दे रही है। सरकार के नेता अधिकारियों के ऊपर दबाव डालकर 100 से 500 वोट तक अपने वार्ड में फ्रॉड बनवा रहे हैं। एक आधार कार्ड और किराएदार दिखाकर बड़ी संख्या में लोग शिमला में वोट बनाने का कार्य कर रहे हैं। कांग्रेस ओछी राजनीति कर नगर निगम का चुनाव जीतना चाहती है, पर ऐसा संभव नहीं हो पाएगा। उन्होंने कहा की 6 महीने में अगर एक व्यक्ति दो बार वोट दें तो यह ऑब्जेक्शनेबल है। हाल ही में हिमाचल में विधानसभा चुनाव हुए हैं और वही लोग नगर निगम में भी वोट डालेंगे यह ठीक नहीं है। कांग्रेस के नेताओं को यह समझना चाहिए। यह सरकार कभी 2017 की वोटर लिस्ट के बारे में बात करती हैं तो कभी 2022 की वोटर लिस्ट के बारे में आज मतदाता चिंतित है। कांग्रेस नेता कभी कहते हैं कि मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव डायरेक्ट होंगे या इंडिरेक्ट होंगे। यह सरकार सच कंफ्यूज है। सरकार नगर निगम अधिनियम 4 का उल्लंघन कर रही है। नगर निगम के चुनावों में एसा पहेली बार हो रहा है। उन्होंने कहा ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में गड़बड़झाला का संशय सामने आया है, वार्ड नंबर 5 समरहिल में एमसी लिमिट के बाहर के वोट भी बनाए जा रहे है, यह कांग्रेस और वामपंथियों का असल चेहरा सामने आया है। ब्लॉक लेवल ऑफिसर वोट को वेरीफाई करें बिना ही वोट बना रहे हैं, हमारा निवेदन है कि यह अपने कर्तव्य का निर्वहन निष्पक्ष रूप से करें, सरकार को अधिकारियों पर दबाव नहीं बनाना चाहिए। एक ही एड्रेस प्रूफ पर अनेकों वोटों का पंजीकरण हो रहा है यह गलत है। इस अवसर पर उनके साथ विधायक बलबीर वर्मा, संजय सूद, रवि मेहता, डेजी ठाकुर और कर्ण नंदा उपस्थित रहे।
प्रदेश के समस्त बेरोजगार आज हमीरपुर से शिमला बेरोजगार जोड़ो यात्रा कर रहे हैं। नई सरकार को बने आज लगभग 3 महीने पूरे हो चुके हैं, लेकिन सरकार द्वारा अभी तक एक भी भर्ती नहीं निकाली गई है, न ही तो पुरानी किसी भर्ती का रिजल्ट घोषित किया गया है। इसके साथ ही क्लास 3 और 4 की भर्ती करवाने वाले हिमाचल प्रदेश स्टाफ सिलेक्शन कमीशन को भी बंद कर दिया गया है, जिसकी वजह से हिमाचल प्रदेश के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यार्थी परेशान हो गए हैं। चुनाव से पहले सरकार ने अपने घोषणा पत्र में भी पहली कैबिनेट में 1 लाख नौकरियां देने का वादा किया था तथा पुराने रिजल्ट जो घोषित नहीं किए गए थे, उनके लिए भी समय के अंदर घोषित करने का वादा किया था। लेकिन 3 महीने बीत जाने के बाद भी वह वादा पूरा नहीं हो सका है। बेरोजगार युवाओं ने सरकार से मांग की है कि अगर कोई भी जांच की जा रही है, उसको जारी रखें, लेकिन जो पिछले रिजल्ट घोषित करने है या अगली परीक्षा करवानी है, उसे भी साथ में करवाया जाए, ताकि तैयारी कर रहे तमाम अभ्यर्थियों को समय पर नौकरी मिल सके।
हिमाचल प्रदेश मनरेगा एवं निर्माण मजदूर फेडरेशन की राज्य कमेटी के आह्वान पर खंड कमेटी सराहां ने तहसीलदार सराहां के माध्यम से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को एक मांगपत्र सौंपा। फेडरेशन के राज्य कमेटी सदस्य अरूण कश्यप ने कहा कि राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड में लंबित मजदूरों के लाभ तुरंत जारी किए जाएं। राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड के कार्यों संबंधी गठित एक्सपर्ट कमेटी में अधिकारियों के अलावा मजदूर संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए, ताकि रुके हुए कार्य को बहाल करने के बारे में निर्णय लिया जा सके। कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में जो मनरेगा मजदूरों को 350 रुपये न्यूनतम दिहाड़ी देने की बात की थी, वो मनरेगा मजदूरों को दी जाए।मनरेगा में कार्य दिवस 120 दिनों से बढ़ाकर 200 दिन प्रतिवर्ष किए जाएं। मनरेगा में ऑनलाइन हाजिरी और 20 कार्यों की शर्त को हटाया जाए। मनरेगा कार्यों की असेसमेंट के लिए अलग मापदंड निर्धारित किए जाएं।
प्रदेश भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना एवं सह प्रभारी संजय टंडन आज भाजपा मुख्यालय दीपकमल चक्कर पहुंचे। मुख्यालय पहुंचने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप एवं कार्यकर्ताओं द्वारा उनका स्वागत किया गया। शिमला नगर निगम चुनाव की दृष्टि से प्रदेश भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना और सह प्रभारी संजय टंडन पार्टी मुख्यालय दीप कमल चक्कर में 90 सदस्य समिति की बैठक लेंगे।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि प्रदेश को नशामुक्त बनाना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए लोगों से प्रत्येक स्तर पर सहयोग करने की अपील की है, ताकि युवाओं को नशे के चंगुल में फंसने से बचाया जा सकेे। राज्यपाल ने आज राजभवन में नशामुक्ति तथा नशीले पदार्थों की तस्करी पर रोक से संबंधित विषयों पर पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि समाज को नशामुक्त बनाने के लिए पंचायती राज, शैक्षणिक संस्थानों, गैर सरकारी संगठनों, समुदाय आधारित संगठनों, अनुसंधान संस्थानों, विशेषज्ञों तथा आम नागरिकों द्वारा महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। नशे के विरुद्ध आमजन में जागरूकता लाने के लिए अन्य सामाजिक संगठनों के साथ पुलिस बल का कर्तव्य बेहद महत्वपूर्ण है। इसके अतिरिक्त, नशीले पदार्थों की तस्करी को समाप्त करने के लिए सीमावर्ती राज्यों के पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की जा सकती है, ताकि इस बुराई को जड़ से समाप्त किया जा सके।
हिमाचल विधानसभा का बजट सेशन मंगलवार को शुरू हो गया। सत्र के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ऑल्टो गाड़ी से विधानसभा पहुंचे। इस दौरान गाड़ियों का काफिला हमेशा की तरह उनकी ऑल्टो कार के आगे पीछे रहा। सेशन की शुरुआत के साथ मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने अपने मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों का परिचय कराया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने करसोग के पूर्व विधायक दिवंगत मनसा राम का शोकोद्गार प्रस्ताव सदन में लाया। वहीं हिमाचल विधानसभा में बजट सत्र के पहले ही दिन सदन में खूब हंगामा बरपा। भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने नियम 67 के तहत विधायक क्षेत्र विकास निधि रोकने को लेकर सदन में स्थगन प्रस्ताव लाया और इस चर्चा की मांग की। इस प्रस्ताव के बाद सदन में खूब हंगामा हुआ और विपक्ष ने सदन में वॉकआउट किया। विधानसभा स्पीकर ने विपक्ष के काम रोको प्रस्ताव को निरस्त किया। विपक्ष के प्रस्ताव पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने कहा कि विपक्ष ने काम रोको का प्रस्ताव लाया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। विधायक क्षेत्र विकास निधि रोकने के लिए काम रोको प्रस्ताव की जरूरत नहीं बल्कि इस पर चर्चा मांगी जा सकती थी।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के प्रथम दिन भोजनावकाश के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ओक ओवर में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधिमंडलों तथा लोगों से भेंट की और जन शिकायतों का निवारण किया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश कांग्रेस समिति के सचिव जगदीश रेड्डी की अध्यक्षता में हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम के परिचालक संघ ने मुख्यमंत्री से भेंट की और परिचालकों की विभिन्न समस्याओं व मांगों से उन्हें अवगत करवाया। उन्होंने कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया। वहीँ, बीएससी नर्सिंग छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने भी मुख्यमंत्री से भेंट कर इंटर्नशिप के दौरान मिलने वाले स्टाइपेंड को बहाल करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडलों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनकी उचित मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।
राजधानी शिमला में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा पेश आया है। सील्ड रोड पर जा रहे एक राहगीर को कार चालक ने कुचल दिया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान हरीराम खांगटा के तौर पर हुई है। वह हाईकोर्ट में सेक्शन ऑफिसर के पद पर तैनात था। वह यूएस क्लब से हाईकोर्ट की तरफ जा रहा था। हादसे का कारण गाड़ी का ब्रेक फेल होना बताया जा रहा है। यूएस क्लब शिमला का पॉश एरिया है। यहां पर कई बड़े सरकारी ऑफिस हैं। यहां पर बिना परमिट के गाड़ियों के आने पर रोक है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि यह दुर्घटना आखिर कैसे हाे गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
एसएफआई की प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने मंगलवार को चीफ वार्डन का घेराव किया व उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। एसएफआई ने मांग की कि पीएचडी के जो छात्र 5 साल से अधिक समय से हॉस्टलों में रह रहे हैं, उनके हॉस्टल कैंसिल किए जाएं ताकि पीएचडी में दाखिल हुए नए छात्रों को हॉस्टल की सुविधा मिल सके। एसएफआई ने यह मांग भी रखी है की नए हॉस्टल का निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जाए। नई हॉस्टल एलॉटमेंट लिस्ट जल्द से जल्द जारी की जाए। हॉस्टलों के अंदर पर्याप्त मात्रा में पीने के पानी की व्यवस्था की जाए, हॉस्टलों का रिनोवेशन का कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाए, हॉस्टलों के अंदर खाने की गुणवत्ता को बढ़ाया जाए, कन्या छात्रावासों में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ की जाए, छात्रावासों की सड़कों को स्ट्रीट लाइट्स की मरम्मत की जाए व छात्रावासों के अंदर इंडोर गेम के उपकरण स्थापित किए जाएं। छात्र संगठन ने इसके अलावा भी बहुत सारी मांगें चीफ वार्डन के समक्ष रखीं।
हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर से मौसम ने करवट बदली है। येलो अलर्ट के बीच बीते कल रोहतांग और किन्नौर में बर्फबारी हुई है। वहीं राजधानी शिमला में भी धूप खिलने के साथ शाम को हल्की बारिश शुरू हुई है। मंगलवार को प्रदेश के आठ मध्य और उच्च पर्वतीय जिलों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू, चंबा, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में बारिश-बर्फबारी का पूर्वानुमान है। कुछ क्षेत्रों में अंधड़ ,तूफान का येलो अलर्ट भी जारी हुआ है। अन्य क्षेत्रों में 17 मार्च तक मौसम खराब रहने के आसार हैं। वहीँ पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से प्रदेश के मौसम में बदलाव आया है। इस सीजन में ऊना में सोमवार को सबसे अधिक तापमान दर्ज हुआ। ऊना में अधिकतम पारा 33.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। बिलासपुर में अधिकतम तापमान 30.0, हमीरपुर में 29.5, कांगड़ा में 29.0, भुंतर में 28.2, सुंदरनगर में 28.1, धर्मशाला में 27.0, चंबा में 26.6, नाहन में 25.9, सोलन में 25.0, मंडी में 24.8, शिमला में 20.4, मनाली में 18.2, कल्पा में 16.0 और केलांग में 10.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू आज एक बार फिर सादगी का परिचय देते हुए अपने पहले बजट सत्र के लिए ओक ओवर से हिमाचल प्रदेश विधानसभा के लिए ऑल्टो कार में पहुंचे। प्रातः करीब 10 बजकर 15 मिनट पर मुख्यमंत्री अपने सरकारी आवास ओक ओवर से विधानसभा के लिए रवाना हुए और साढ़े दस बजे विधानसभा पहुंचे। मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक रहते वह पूर्व में भी विधानसभा में अपनी ऑल्टो कार से आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज जब वह पहले बजट सत्र के लिए इस कार में आए तो पुरानी यादें एक बार फिर ताजा हो रही हैं। इस दौरान शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और विधायक रवि ठाकुर भी उनके साथ रहे। विधानसभा पहुंचने पर उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री तथा संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान सहित अन्य अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इससे पूर्व भी मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू कई बार वीआईपी प्रोटोकॉल छोड़कर एक साधारण व्यक्ति की तरह माल रोड पर सुबह की सैर तथा लोगों से बातचीत करते नजर आए हैं।
भाजपा सह मीडिया प्रभारी करण नंदा ने बताया कि आज शिमला के सर्किट हाउस में शाम 6 बजे भाजपा के नगर निगम चुनावों को लेकर एक अहम बैठक होगी। इस बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप, नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर, प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना, सह प्रभारी संजय टंडन विशेष रूप से उपस्थित रहने वाले हैं। बैठक में नगर निगम शिमला के चुनाव को लेकर कई विषयों पर चर्चा की जाएगी। बैठक में नगर निगम शिमला के चुनाव प्रभारी सुखराम चौधरी, पूर्व विधान सभा अध्यक्ष एवं विधायक विपिन परमार, विधायक सतपाल सत्ती, राकेश जमवाल, त्रिलोक जमवाल, शिशु भाई धर्मा, पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, संजय सूद, रवि मेहता, चेतन ब्रागटा, अजय श्याम, विधायक बलवीर वर्मा, कॉल नेगी, शशी बाला और गोविंद शर्मा उपस्थित रहेंगे।
भाजपा विधायक दल की बैठक नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में नेता प्रतिपक्ष के कक्ष, विधानसभा में संपन्न हुई। बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल, विधायक अनिल शर्मा, रणधीर शर्मा, बिक्रम ठाकुर, जीआर कटवाल, हंसराज, विपिन परमार, राकेश जमवाल, विनोद ठाकुर, सुरेंद्र शौरी, त्रिलोक जमवाल, लोकेंद्र कुमार,दीप राज कपूर, जनक राज, पूर्ण चंद, प्रकाश राणा, रीना कश्यप, इंदर सिंह गांधी, डीएस ठाकुर,रणवीर सिंह निक्का और बलबीर वर्मा उपस्थित रहे।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल गेयटी थियेटर में 12 मार्च से 18 मार्च तक नेहरू युवा केंद्र संगठन द्वारा आयोजित किए जा रहे 14वें जनजातीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस तरह के संवाद व आदान-प्रदान कार्यक्रमों के माध्यम से देश की सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत, परम्पराओं एवं अर्थव्यवस्था की झलक देखने को मिलती है। उन्होंने जनजातीय समाज को आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ भारत निर्माण के लिए अपने कर्तव्य का पूर्ण समर्पण के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया। नेहरू युवा केंद्र संगठन, हिमाचल प्रदेश द्वारा आयोजित किए जा रहे इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न जिलों, विशेषकर छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्यप्रदेश तथा उड़ीसा के लगभग 200 जनजातीय युवा भाग ले रहे हैं। इसके अतिरिक्त केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस तथा सशस्त्र सीमा बल के 20 जवान ने भी कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं। राज्यपाल ने इस कार्यक्रम के माध्यम से भारत की समृद्ध संस्कृति विरासत और सभ्यता को प्रदर्शित करने वाले युवाओं के संयुक्त प्रयासों की सराहना की। उन्होेंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से पिछले 75 वर्षो में भारत में हुए विकास के प्रति व्यापक जागरूकता की परिकल्पना की गई है। यह कार्यक्रम जनजातीय युवाओं को विविधता में एकता की अवधारणा को अपनाने और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि देश के अगले 25 वर्ष की यात्रा बहुत महत्वपूर्ण है जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘अमृत काल’ कहा हेै। उन्होंने कहा कि इस अमृतकाल के पांच संकल्पों में विकसित भारत, गुलामी की प्रत्येक सोच से स्वतंत्रता, विरासत पर गौरव, एकता तथा आपसी प्रेम और नागरिकों द्वारा अपने कर्तव्य निभाना शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को इन संकल्पों के कार्यान्वयन में अपना बहुमूल्य योगदान देना चाहिए।
राज्य सरकार ने पहली से आठवीं कक्षा तक के सभी लड़कों व लड़कियों को निःशुल्क स्कूल वर्दी के लिए 600 रुपये प्रति विद्यार्थी प्रदान करने का निर्णय लिया है। इससे प्रदेश के लगभग 5.25 लाख विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। यह जानकारी मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दी। उन्होंने कहा कि वर्दी की यह राशि विद्यार्थी अथवा उनकी माता के बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से अंतरित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों के माता-पिता का आर्थिक बोझ कम करने के दृष्टिगत यह निर्णय लिया गया है और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण से राशि सीधे लाभार्थी को भेजने से इसमें पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सदैव तत्पर है और उन्हें लाभान्वित करने के लिए विभिन्न कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए कृतसंकल्प है और इसके दृष्टिगत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चरणबद्ध ढंग से राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं। इन मॉडर्न स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ ही विद्यार्थियों को उचित शैक्षणिक वातावरण और विभिन्न गतिविधियों के लिए पर्याप्त स्थान भी उपलब्ध करवाया जाएगा।
राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता में विजेता रही आस्था शर्मा ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से भेंट की। मुख्यमंत्री ने आस्था शर्मा को उनकी इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि राज्य की बेटियां विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा के दम पर हिमाचल का नाम रौशन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आस्था शर्मा की इस उपलब्धि से समस्त समाज और विशेष तौर पर युवा प्रेरित होंगे। उन्होंने इस अवसर पर आस्था शर्मा को सम्मानित भी किया। राजकीय महाविद्यालय संजौली की छात्रा आस्था शर्मा शिमला जिला के कोटगढ़ क्षेत्र के लोश्टा गांव से संबंध रखती हैं। इस अवसर पर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, मुख्य संसदीय सचिव आशीष बुटेल तथा विधायक नीरज नय्यर भी उपस्थित थे।
पर्वतारोही अमित नेगी ने सोमवार को मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि 15 मार्च, 2023 से वह 8091 मीटर ऊंचे अन्नापूर्णा पर्वत, मकालू पर्वत (8481 मीटर), ल्होत्से पर्वत (8516 मीटर) और 8167 मीटर ऊंचे धौलागिरी शिखर का पर्वतारोहण करेंगे। मुख्यमंत्री ने उन्हें आगामी अभियानों के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वह देश व प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। अमित नेगी ने वर्ष 2021 में माउंट एवरेस्ट फतेह किया था। यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह जिला किन्नौर से पहले युवा हैं। इस अवसर पर बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, विधायक सुरेश कुमार, नीरज नय्यर एवं रवि ठाकुर भी उपस्थित थे।
भाजपा जिला शिमला द्वारा सोमवार को आक्रोश रैली का आयोजन किया गया। रैली में मुख्य रूप से नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार, भाजपा महामंत्री राकेश जमवाल, जिला अध्यक्ष विजय परमार, पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, संजय सूद और रवि मेहता उपस्थित रहे। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सुखविंदर सिंह सुक्खू हिमाचल के लॉक प्रिय मुख्यमंत्री हैं। जब से उन्होंने सत्ता संभाली है, तब से केवल संस्थानों पर ताले लगाने का कार्य कर रहे हैं। इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि इस सरकार का अभी पहला बजट भी पेश नहीं हुआ, लेकिन ऐसा लग रहा है कि सरकार का अंतिम वर्ष चल रहा है। जनता सड़कों पर है और लोगों में आक्रोश और निराशा का माहौल है, इतनी देर आशा जनता में हमने आज तक नहीं देखी। उन्होंने कहा कि 25 साल में हिमाचल प्रदेश में इतना निराशा का माहौल नहीं देखा। हमने सोचा कि यह अनुचित कार्य सरकार से गलती से हो गया है, लेकिन जब हमने सरकार से बात की तो हमने यह देखा कि सरकार ने सोच-समझकर किया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि हमारी सरकार ने सारे संस्थानों को गरीबों के लिए खोला था, इस कांग्रेस सरकार ने संस्थानों को बंद कर दिया इसका मतलब यह सरकार गरीबों के पक्ष में नहीं है। आक्रोश रैली में कुसुम सदरेट, कर्ण नंदा, प्यार सिंह, डेजी ठाकुर, राजेश शारदा, जितेंद्र बोटका, दिनेश ठाकुर सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
करुणामूलक संघ द्वारा करुणामूलक नौकरी बहाली के लिए संघर्ष जारी है। इसी कड़ी पर संघ व आश्रितों द्वारा प्रदेश सरकार को मेल और स्पीड पोस्ट के माध्यम से बजट में प्रावधान करने के लिए सुझाव दिए गए हैं। संघ का कहना है कि सरकार आगामी 17 मार्च के बजट सत्र में इन करुणामूलक परिवारों के लिए सरकार अलग से बजट का प्रावधान करे। बता दें कि करुणामूलक संघ के सदस्य समस्त आश्रितों सहित प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से शिमला में मिल चुके हैं। मुख्यमंत्री द्वारा इनकी मांगों को लेकर हामी भरी गई है। मुख्यमंत्री ने संघ को आश्वासन दिया गया था कि मार्च के बजट सत्र में करुणामूलक परिवारों के लिए अलग से बजट का प्रावधान प्रदेश सरकार द्वारा किया जाएगा व सभी परिवारों को मई महीने से नौकरियां दी जाएंगी। संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार का कहना है पूर्व सरकार के समय में भी संघ द्वारा लंबा संघर्ष किया जा चुका है। अब कांग्रेस सरकार अपने वादों को अमल में लाए। सरकार प्रदेश के 3000 से अधिक करुणामूलक परिवारों को नौकरियां देकर राहत प्रदान करे।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र मंगलवार से शुरू होगा। बजट सत्र से पहले सोमवार को सर्वदलीय बैठक शुरू हो गई है। बैठक में विधानसभा स्पीकर कुलदीप पठानिया के साथ मंत्री हर्षवर्धन चौहान, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार और विधायक राकेश जमवाल मौजूद हैं।
प्रदेश में परीक्षाओं में अनुचित साधनों के प्रयोग पर अंकुश लगाने के लिए हिमाचल सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने परीक्षाओं में शुचिता बनाए रखने तथा अनुचित साधनों के प्रयोग पर अंकुश लगाने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। इसके पीछे सरकार का ध्येय ईमानदार व परिश्रमी छात्रों को प्रोत्साहित करना है। रोहित ठाकुर ने बताया कि सभी निजी और सरकारी संस्थानों को परीक्षाओं के दौरान कड़ी निगरानी रखने के लिए उचित कदम उठाने तथा दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में कदाचार एक गंभीर चिंता का विषय है तथा इससे परीक्षा आयोजित करने का संपूर्ण उद्देश्य ही निष्फल हो जाता है। प्रदेश सरकार स्वतंत्र और निष्पक्ष परीक्षाएं सुनिश्चित करने तथा कदाचार को रोकने के लिए सभी एहतियाती उपाय कर रही है। परीक्षाओं में अनुचित साधनों के प्रयोग पर रोक लगाने के लिए विश्वविद्यालय एवं शिक्षण संस्थानों के स्तर पर एक विशेष उच्च स्तरीय समिति गठित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। यह समिति परीक्षाओं में किसी भी प्रकार के कदाचार पर अंकुश लगाने के लिए उत्तरदायी होगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सभी निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों एवं अन्य संस्थानों को परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए है। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान नकल करते और करवाते हुए पकड़े जाने पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। निष्पक्ष परीक्षा आयोजित करवाने के दृष्टिगत उड़नदस्तों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। यह उड़न दस्ते परीक्षाओं के दौरान औचक निरीक्षण करेंगे।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने रविवार को ठियोग विधानसभा क्षेत्र के लिए निर्माणाधीन कुरपण खड्ड उठाऊ पेयजल योजना का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि परियोजना का निर्माण कार्य दिसंबर, 2024 से पहले पूर्ण किया जाएगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। अग्निहोत्री ने बताया कि ठियोग विधानसभा क्षेत्र के मतियाना, कुमारसैन तथा आसपास के क्षेत्रों की 53 पंचायतें इस योजना से लाभान्वित होंगी। मुख्य अभियंता साउथ जोन अंजू शर्मा ने उप मुख्यमंत्री को परियोजना की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर विभागीय अधिकारी एवं पार्टी पदाधिकारी उपस्थित थे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने शिमला नगर निगम के आगामी चुनावों को मद्देनजर रखते हुए चुनाव प्रबंधन समिति का गठन किया है। उन्होंने नगर निगम शिमला के चुनाव के लिए पूर्व मंत्री एवं विधायक सुखराम चौधरी को चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है। चुनाव प्रबंधन समिति में कुल 19 सदस्य हैं। इसमें सदस्य के रूप में पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, विधायक बलबीर वर्मा, शिमला संसदीय क्षेत्र प्रभारी पुरुषोत्तम गुलेरिया, सह प्रभारी शिशु भाई धर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव कटवाल, जिला शिमला की प्रभारी डेजी ठाकुर, प्रदेश कोषाध्यक्ष संजय सूद, पूर्व शिमला जिला अध्यक्ष रवि मेहता, जुब्बल कोटखाई से चेतन ब्रागटा, कसुंपटी से विजय ज्योति सेन, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी करण नंदा, पूर्व जिला अध्यक्ष अजय श्याम, जिला अध्यक्ष शिमला विजय परमार, जिला अध्यक्ष महासू अरुण फालटा, मंडल अध्यक्ष शिमला शहरी राजेश शारदा, मंडल अध्यक्ष कसुंपटी जितेंद्र भोटका, मंडल अध्यक्ष शिमला ग्रामीण दिनेश ठाकुर कार्य करेंगे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा कि नगर निगम चुनाव प्रबंधन समिति के सभी सदस्य निगम चुनावों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने रविवार सुबह माता भीमकाली मंदिर सराहन में पूजा अर्चना की तथा प्रदेश की खुशहाली व समृद्धि की कामना की।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री की धर्मपत्नी प्रो सिम्मी अग्निहोत्री भी मौजूद रही। उपमंडलाधिकारी रामपुर एवं मंदिर समिति अध्यक्ष निशांत तोमर ने उपमुख्यमंत्री को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय लोगों की समस्याएं भी सुनी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जायेगा तथा मंदिरों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत किया जायेगा ताकि पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सके। इस दौरान कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं अधिकारीगण भी उपस्थित थे।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शनिवार देर सांय बुशहर स्पोर्ट्स कल्चर एंड एनवायरनमेंट एसोसिएशन रामपुर द्वारा तीन दिवसीय फाग मेले के उपलक्ष पर आयोजित बुशहर कार्निवल-2023 की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मेले और त्यौहार हमारी समृद्ध संस्कृति के परिचायक है। समृद्ध संस्कृति के संरक्षण के लिए हम सब को प्रयास करने चाहिए। उन्होंने एसोसिएशन द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय वीरभद्र सिंह हमारे प्रेरणास्त्रोत है, उनका प्रदेश के निर्माण और विकास में एहम योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि आज स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की पुण्य भूमि पर आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। यहां के विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की कमी नही आने दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार यहां की संस्कृति और मेलों के संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लोगों को किए गए वादों के प्रति वचन बद्ध है, जिसे चरणबद्ध तरीके से पूर्ण किया जायेगा। उपमुख्यमंत्री ने कार्निवल के आयोजकों के लिए 1 लाख रुपए देने की घोषणा की। वहीं इस मौके पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि इस क्षेत्र के लोगों से किए गए हर वादे को पूर्ण किया जायेगा। उन्होंने कहा कि दत्तनगर मे इंडोर स्टेडियम के निर्माण कार्य को पूर्ण करने के लिए 60 लाख रुपए की राशि जारी की जा चुकी है, जिससे क्षेत्र के युवाओं को इसका लाभ प्राप्त होंगा। उन्होंने कहा कि रामपुर क्षेत्र में विकास कार्यों में गति प्रदान की जाएंगी। इस अवसर पर सांस्कृतिक संध्या में पहाड़ी कलाकार विक्की चौहान के साथ हिमाचल प्रदेश पुलिस बैंड हार्मनी ऑफ द पाइन ने कार्यक्रम में समां बांधा। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी प्रो सिम्मी अग्निहोत्री, जिला परिषद अध्यक्ष चंद्र प्रभा नेगी, प्रदेश उपाध्यक्ष महेश्वर चौहान, शिमला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष अतुल शर्मा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सतीश वर्मा, एसोसिएशन अध्यक्ष राहुल सोनी, बीडीसी चेयरमैन आशीष कैथ, उपमंडलाधिकारी रामपुर, कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं अन्य उपस्थित थे।
पंचायत चौकीदार यूनियन का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को पंचायतीराज मंत्री अनिरूद्ध सिंह की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिला और उन्हें एक मांगपत्र सौंपा। मुख्यमंत्री ने बजट सत्र में पंचायत चौकीदारों के लिए कैसे पॉलिसी बनाई जाए, इसके लिए मंत्री पंचायतीराज विभाग को यूनियन के साथ बैठ कर मसौदा तैयार करने को कहा।
प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि जनता की सुविधा के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू लोगों से सप्ताह में दो बार मिलेंगे। उन्होंने बताया कि आम जनता प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को प्रातः 9.00 बजे से प्रातः 11.00 बजे तक मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ओक ओवर में मिल सकती है, जबकि पार्टी कार्यकर्ता प्रत्येक सोमवार और गुरुवार सायं 5.00 बजे से 6.00 बजे तक सचिवालय में मुख्यमंत्री से मिल सकते हैं। कहा कि विधायक, पूर्व विधायक और अन्य जन प्रतिनिधि मुख्यमंत्री से प्रत्येक कार्य दिवस पर दोपहर 3.00 बजे से सायं 5.00 बजे तक सचिवालय में मिल सकते हैं।
हिमाचल में टोल बैरियर की नीलामी के एक दिन बाद एंट्री टैक्स भी बढ़ा दिया गया है।आबकारी एवं कराधान विभाग ने टोल बैरियर पर एंट्री टैक्स के नए रेट जारी कर दिए है। मिली जानकारी के अनुसार हिमाचल की प्राइवेट गाड़ियों से कोई टैक्स नहीं वसूला जाएगा, लेकिन हिमाचल नंबर वाले कमर्शियल वाहनों को टैक्स देना होगा। इसके अलावा अगर कोई वाहन चालक 3 महीने के लिए अपना परमिट बनाता है तो उसे 1500 रुपए फीस चुकानी होगी। वहीं यदि कोई 1 साल के लिए परमिट बनाना चाहता है तो 3500 रुपए शुल्क चुकाना होगा। वहीं आयुक्त आबकारी एवं कराधान यूनुस खान ने बताया कि एंट्री टैक्स के यह नए रेट अगले 1 साल तक के लिए ही वैलिड होंगे। हिमाचल में पिछले 2 दिन में 13 बैरियर 132.52 करोड़ रुपए में नीलाम हुए हैं। ऐसे में टोल बैरियर पर एंट्री टैक्स के रेट में बढ़ोतरी का लाभ ठेकेदारों को मिलने वाला है, लेकिन हिमाचल आने वाले लोगों को अपनी जेब और ढीली करनी होगी।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने शनिवार को राजभवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से शिष्टाचार भेंट की। विधानसभा अध्यक्ष ने राज्यपाल को प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र से संबंधित तैयारियों की जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा और विधानसभा के सचिव यशपाल शर्मा भी उपस्थित थे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री आकाश नेगी ने एक ब्यान जारी करते हुए कहा है हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने प्रदेश के छात्र वर्ग को प्रताड़ित व मानसिक रूप से परेशान करने का काम किया है। पहले तो प्रदेश के 286 स्कूलों को बंद कर दिया गया और अब 19 महाविद्यालयों को भी डिनोटिफाई कर दिया गया है। यह सरकार शिक्षण संस्थानों को बंद करने के लिए जानी जाएगी। जिन महाविद्यालयों को डिनोटिफाई करने की लिस्ट आई है, उनमें बिलासपुर जिला के दो, चंबा जिला का एक, हमीरपुर के 2, कांगड़ा के चार, मंडी के तीन, शिमला के 2, सिरमौर का ए, सोलन के तीन और कुल्लू जिले का एक संस्कृत कॉलेज शामिल है। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस सरकार छात्र विरोधी सरकार कहलाई जाएगी। जिन महाविद्यालय को बंद किया गया है इन महाविद्यालयों में अधिकतर लेट कैपेसिटी वाले छात्र अपनी पढ़ाई कर रहे थे, उनका भी 1 साल भी पूरा नहीं हुआ और इन शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया गया । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कांग्रेस सरकार को चेतावनी देती है कि छात्र विरोधी नितियों को वह सहन नहीं करेगी। सरकार जल्द से जल्द इन निर्णयों पर साकारात्मक कार्रवाई करे अन्यथा विद्यार्थी परिषद प्रदेश स्तरीय आंदोलन करने से गुरेज नहीं करेगी।
ठियोग विधानसभा क्षेत्र के एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से भेंट की और केहर सिंह खाची को हिमाचल प्रदेश राज्य वन विकास निगम का उपाध्यक्ष बनाने पर आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केहर सिंह खाची लगभग 25 वर्षों से पार्टी की सेवा कर रहे हैं और अब उन्हें सरकार में भी उचित सम्मान दिया गया है। उन्होंने कहा कि ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौर और केहर सिंह खाची के साथ चर्चा कर इस विधानसभा क्षेत्र में विकास को गति प्रदान की जाएगी। सुक्खू ने कहा कि वे सत्ता में सुख भोगने के लिए नहीं बल्कि व्यवस्था परिवर्तन व लोगों के कल्याण के लिए आए है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार जनकल्याण के लिए अनेक प्रभावी कदम उठा रही है। प्रदेश सरकार वित्तीय संसाधनों को बढ़ाने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है। सीएम सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में स्थापित जल विद्युत परियोजनाओं पर जल उपकर लगाया गया है ताकि प्रदेश में कल्याणकारी योजनाओं को और बल मिल सके और प्रदेश की जनता पर इसका कोई वित्तीय बोझ भी नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के अधिकारों के लिए केन्द्र सरकार से भी इस बारे में निरन्तर संवाद कर रही है। वहीं, ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने केहर सिंह खाची को राज्य वन विकास निगम का उपाध्यक्ष बनाये जाने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और उन्होंने कहा कि इससे कार्यकर्त्ताओं का मनोबल और ऊंचा होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी एकजुट होकर क्षेत्र का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करेंगे। इस दौरान राज्य वन विकास निगम के नवनियुक्त उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरने का पूर्ण प्रयास करेंगे और नये दायित्व का निर्वहन पूर्ण निष्ठा के साथ करेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवाद की राजनीति को समाप्त करते हुए सभी क्षेत्रों को सरकार में उचित प्रतिनिधित्व दिया है।
निदेशक उद्यान संदीप कदम ने आज यहां बताया कि उद्यान विभाग द्वारा प्रदेश में सेब की अच्छी पैदावार के दृष्टिगत 10 मार्च से 22 मार्च, 2023 तक सेब के बागीचों में परागण प्रबन्धन विषय पर विशेष जागरूकता एवं प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन विशेष शिविरों में लगभग 8 हजार बागवानों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस अभियान के लिए विभाग के 60 अधिकारियों को प्रशिक्षित कर मास्टर ट्रेनर नियुक्त किया गया है। अभियान के अंतर्गत प्रदेश के सेब उत्पादन वाले क्षेत्रों में हर विकास खंड में 200 किसानों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसमें मधुमक्खियों द्वारा परागण के महत्व, फल पैदावार बढ़ोत्तरी के लिए मधुमक्खियों की कॉलोनियों की देखभाल सहित विभिन्न विषयों के बारे में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उन्होंने एकदिवसीय प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने के इच्छुक बागवानों को अपने नजदीकी उद्यान विकास अधिकारी कार्यालय में सम्पर्क करने का आह्वान किया।
परिवहन विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया विगत दस दिनों में मोटर वाहन अधिनियम व नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के 1180 चालान कर 28,46,650 रूपए की राशि बतौर जुर्माना वसूल की गई है। उन्होंने बताया कि वाहनों के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कुछ निजी वाहन मालिक अपने वाहनों का उपयोग गैर कानूनी तरीके से व्यवसायिक वाहनों के रूप में कर रहे हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन मालिकों पर विभागीय अधिकारियों द्वारा मोटर वाहन अधिनियम व नियमों के अंतर्गत जुर्माना लगाया गया। उन्होंने वाहन संचालकों को बताया कि भविष्य में निजी वाहनों का व्यवसायिक प्रयोग करने वालों के वाहनों को जब्त कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग द्वारा भविष्य में भी पूरे प्रदेश में वाहन निरीक्षण अभियान जारी रखा जाएगा।
हिमाचल प्रदेश परिवहन विभाग ने प्रदेश के लोगों और पर्यटकों से वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। परिवहन विभाग के निदेशक अनुपम कश्यप ने बताया कि प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं के कारण प्रतिवर्ष सैंकड़ों लोगों की मृत्यु होती है और हजारों लोग घायल हो जाते हैं। इसका सामाजिक परिवेश के साथ-साथ आर्थिक व्यवस्था पर भी कुप्रभाव पड़ता है। उन्होने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 21.27 लाख वाहन पंजीकृत हैं जिनमें से नौ लाख से अधिक दो पहिया वाहन है। अधिकांश दो पहिया वाहनों का उपयोग युवाओं द्वारा किया जाता है। तेज रफ्तार और हेलमेट का प्रयोग नहीं करनेे से सड़क दुर्घटना व गंभीर चोटों का जोखिम और भी बढ़ जाता है। उन्होंने वाहन चलाते समय सीमित गति, हेलमेट व सीट बेल्ट का प्रयोग करने के साथ-साथ मोबाईल फोन का इस्तेमाल नहीं करने का आग्रह किया।
हाटी समुदाय का एक प्रतिनिधिमंडल आज हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला से राजभवन शिमला में मिला। प्रतिनिधिमंडल ने गिरी पार के हाटी समुदाय को जनजाति घोषित करने के बारे में राज्यपाल से विस्तार पूर्वक चर्चा की और अभी तक हुई प्रगति पर राज्यपाल को विस्तार पूर्वक बताया। प्रतिनिधिमंडल ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गृहमंत्री अमित शाह बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और पूर्व लोकप्रिय मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का आभार व्यक्त किया। उनके प्रयासों से हाटी समुदाय का मुद्दा केंद्रीय कैबिनेट और लोकसभा से पारित हुआ। साथ ही हाटी प्रतिनिधिमंडल ने राज्यसभा में बचे हुए बजट सत्र में इस मुद्दे को प्रधानमंत्री से हल करवाने का आग्रह भी किया गया ताकि गिरी पार के लाखों लोगों को शीघ्र ही उनका हक मिल सके। राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि देश के प्रधानमंत्री शीघ्र ही राज्यसभा से और बची इस मुद्दे पर शेष औपचारिकता भी पूरी करेंगे और गिरी पार के हाटी समुदाय के लाखों लोगों को शीघ्र ही उनका हक मिलेगा।इस प्रतिनिधिमंडल में सिरमौर हाटी विकास मंच के अध्यक्ष प्रदीप सिंगटा, महासचिव अतर सिंह तोमर, मुख्य प्रवक्ता डॉ रमेश सिंगटा उपाध्यक्ष कपिल चौहान, मीडिया प्रभारी अनुज शर्मा, मदन तोमर दलीप सिंगटा गोपाल ठाकुर ,सुरजीत ठाकुर गोविंद राणा, आदि पदाधिकारी उपस्थित रहे।
उपमंडल करसोग के तहत करसोग-शिमला की सीमा पर तत्तापानी में आज सुबह एक दर्दनाक हादसा पेश आया है। इस हादसे में चालक कि मृत्यु हो गई है। मिली जानकारी के अनुसार चालक राशन से भरी पिकअप परवाणू से करसोग ला रहा था, तभी संतुलन बिगड़ने से गाड़ी सड़क पर ही पलट गई। पिकअप के पलटते ही चालक गाड़ी के नीचे बुरी तरह से फंस गया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए करसोग अस्पताल लाया गया। वही प्रशासन की तरफ से मृतक के परिजनों को फौरी राहत के तौर पर ₹25000 प्रदान कर दिए गए है । दुर्घटना में जान गवाने वाले चालक की पहचान ईश्वर दास पुत्र रोशन लाल गांव मेगड़ी के तौर पर कि गई है। वहीं इस घटना से करसोग क्षेत्र में शोक की लहर है। मृतक अपने पीछे छोटे-छोटे बच्चे छोड़ गया है। डीएसपी करसोग गीतांजलि ठाकुर ने मामले की पुष्टि की है।
भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने कांग्रेस को दुखू की सरकार का करार दिया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में सुक्खू सरकार नहीं बल्कि दुखू सरकार चल रही है। खन्ना ने कहा कि जब से हिमाचल प्रदेश में सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार आई है तब से केवल हिमाचल प्रदेश में बंध, बंध, बंध और केवल बंध का काम चल रहा है। कांग्रेस की इस दुखू सरकार ने बिजली बोर्ड, स्वास्थ्य संस्थान, पीएचसी, सामूहिक स्वास्थ्य केंद्र, अस्पताल, तहसील, उप तहसील, कांनूगो सर्कल, पटवार सर्कल, आयटीआय, श्रम एवं रोजगार विभाग के कार्यालय, रेवेन्यू सबडिवीजन, हिमाचल प्रदेश पीडब्ल्यूडी के सर्कल,उसकी डिवीजन, उसकी सबडिवीजन, उसके सेक्शन, एसडीपीओ, पुलिस स्टेशन, पुलिस पोस्ट, आयुर्वेद अस्पताल, आयुर्वेद स्वास्थ्य केंद्र, बीडीओ दफ्तर, स्कूल, कॉलेज, स्कूल में वितरण होने वाली वर्दियां, लोकतंत्र प्रहरी योजना के अंतर्गत पेंशन बंद कर दी है, अगर असल में देखा जाए तो हिमाचल प्रदेश में बंद एक्सप्रेस के सीईओ है सुखविंदर सिंह सुक्खू है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में 620 से अधिक सरकारी संस्थानों को बंद कर दिया गया है जो कि गलत है इससे हिमाचल प्रदेश में समग्र विकास पर अंकुश लगता है। हाल ही में 286 स्कूलों को बंद करने की बात भी इस सरकार ने जनता के समक्ष रखी है शायद यह सरकार जानती नहीं की हिमाचल प्रदेश को शिक्षित राज्य बनाने का स्वप्न स्वर्गीय वीरभद्र सिंह का था और उनका दावा था कि वो हिमाचल प्रदेश में एक बच्चे के लिए भी स्कूल खोलेंगे । उन्होंने कहा कि इस सरकार के आलाकमान अफसर ही शिक्षा विभाग को एक डीओ नोट काटते हैं, जिसमें स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि समग्र शिक्षा पर केंद्र से मिला बजट खर्च नहीं हो पा रहा है। उनके अफसर ने माना कि कई कॉम्पोनेंट के अंतर्गत जो पैसा हिमाचल प्रदेश के शिक्षा विभाग को मिलता है वह अच्छे से खर्च नहीं हो पा रहा, जिसके कारण शिक्षा विभाग और सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश भर में 9000 से अधिक के जन औषधि केंद्र खोले गए हैं जिसके अंतर्गत 1759 दवाइयां और 280 सर्जिकल आइटम्स जनता को सस्ते रेट फर उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अंतर्गत पूरे देश भर में 20000 करोड रुपए का फायदा जनता को हुआ है , इसी तरह हिमाचल प्रदेश में 2022-23 में अभी तक जनता को 6600 करोड़ रुपए का फायदा हुआ है ऐसी जन कल्याण योजनाओं को इस कांग्रेस सरकार को बढ़ावा देना चाहिए कहीं ना कहीं इन योजनाओं में यह सरकार विघ्न बनने का प्रयास करती है।
हिमाचल प्रदेश पंचायत चौकीदार यूनियन ( इंटक ) के प्रभारी पूर्ण चन्द (राज्य इंटक) ने पंचायत चौकीदार यूनियन की राज्य कार्यकारिणी घोषित किया है। इस अनुसार जगदीश चंद को प्रधान, ओम प्रकाश ठाकुर को महासचिव नियुक्त किया गया है।जबकि कमल शर्मा,मोहन सिंह , गुमान और देशराज को उप प्रधान नियुक्त किया है।प्रेम वर्धन ,अशोक कुमार और बलदेव को सचिव पद की जिम्मेदारी दी गयी है जबकि कोषाध्यक्ष के तौर पर रीता ठाकुर, प्रेस सचिव के पद पर केहर सिंह और राजेश कुमार अपनी जिम्मेदारी अदा करेंगे। वहीं मुख्य सलाहकार मीना देवी को बनाया है और नंदलाल, जगतार, कुलदीप, अजीत शर्मा, सुरेश, भूमिदत, सोहन सिंह,रामपाल, कुदन शर्मा, सुदर्शन और देशराज को सह सचिव नियुक्त किया गया है। इसके अलावा केशव राम, अनिल कुमार, राजकुमार, तारा देवी, जसविंदर, उत्तम, संजय कुमार, सुरेंद्र शर्मा ऋतू राज, देवीराम, संत कुमार, संजय ठाकुर, देवीराम, देशराज ,कमल अशोक शर्मा, सीमा देवी, नेकराम , प्रेम चन्द, जसविंद्र सुनील ,प्यार चंद, स्वर्ण सिंह, बिंद्रा देवी को राज्य कार्यकारिणी सदस्य में शामिल किया गया है। पूर्ण चंद ने बताया कि इसके बाद जिला और ब्लॉक स्तर पर भी कार्यकारणी का गठन किया जाएगा।प्रभारी पूर्ण चन्द ने कहा कि 11 मार्च को 11 बजे सुबह राजीव भवन शिमला में पंचायत चौकीदार यूनियन की बैठक रखी गई हैं, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में पंचायती राज मंत्री अनिरूद्ध सिंह राणा व इंटक राज्य अध्यक्ष बावा हरदीप सिंह विशेष तौर पर मौजूदगी दर्ज करेंगे। बैठक
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित पौधरोपण अभियान का शुभारम्भ किया।इस अवसर पर उन्होंने सतर्कता ब्यूरो के मुख्यालय के समीप सरू प्रजाति के ‘क्रिप्टोमेरिया’ का पौधा रोपण किया।इस वर्ष महिला दिवस की विषयवस्तु डिजिट ऑल लैंगिक समानता में नवोन्मेष एवं प्रौद्योगिकी है।इस पौधरोपण अभियान की थीम ‘नागरिकों की सुरक्षा के साथ पर्यावरण की रक्षा’ रखी गई है।मुख्यमंत्री ने इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं ने अपनी प्रत्येक जिम्मेवारी एवं कर्तव्य का सदैव पूर्ण निष्ठा से निर्वहन किया है।उन्होंने कहा कि ऐसे अभियानों से पर्यावरण संरक्षण के सरकार के प्रयासों को भी बल मिलता है।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पर्यावरण प्रहरी के रूप में महिलाएं अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए समाज को भी जागरूक करेंगी।उन्होंने कहा कि हमें पुरुष प्रधान मानसिकता को बदलने की आवश्यकता है और इसके लिए कांग्रेस की सरकारों ने समय-समय पर ठोस कदम उठाए हैं। इससे पिछले तीन-चार दशकों में महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।उन्होंने कहा कि महिलाएं परिवार के साथ-साथ समाज को भी दिशा देती हैं। उन्होंने महिला सशक्तिकरण में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी तथा कांग्रेस पार्टी की पूर्व अध्यक्षा सोनिया गांधी के योगदान को भी याद किया। इस अवसर पर महिलाओं की भूमिका विषय पर एक प्रस्तुतिकरण भी दिया गया।ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री अनिरूद्व सिंह,मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी तथा विधायक हरीश जनारथा ने भी पौधरोपण कार्यक्रम के दौरान मौजूद रहे।वहीं पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने स्वागत संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार के दिशानिर्देशों के अनुरूप पुलिस विभाग महिलाओं व बच्चों के प्रति अपराधों पर रोक लगाने के लिए प्रौद्योगिकी का बेहतर उपयोग कर रहा है।उन्होंने पुलिस विभाग में महिला अधिकारियों को केंद्रीय भूमिका में लाने के लिए प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए इसका विस्तृत ब्यौरा भी दिया।अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक,राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो सतवंत अटवाल ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया और इस अभियान के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।इस अवसर मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा और पुलिस विभाग व सतर्कता ब्यूरो के उच्चाधिकारी भी उपस्थित थे।
As per the Government of India's (GOI) Ease of Living Reforms, the Himachal government will make various citizen-related services time-bound, with a more transparent systems and procedures. This is a new initiative taken by the newly formed Sukhu-led Congress government in order to make people's lives easier and government processes more efficient. It will simplify the registration process for necessary amenities (ration card, driver's license, electricity, water connection, and so on) and other welfare schemes. The initiative may provide some relief to locals by reducing corruption and making government institutions more trustworthy in the eyes of the general public.
हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ अभियान में शिमला जिले के कोटखाई थाना इलाके में पुलिस ने टिककारी में सड़क किनारे लगाई गई दुकान से भारी मात्रा में शराब पकड़ी है। यहां दूसरे राज्य की शराब का भंडारण किया हुआ था। पुलिस ने इस छापेमारी में कुल 78 पेटी (936 बोतल) अंग्रेजी और देशी शराब एवं बीयर बरामद की है। थाना कोटखाई में इस मामले को लेकर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
सुख-आश्रय कोष में अब ऑनलाइन माध्यम से भी अंशदान किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को शिमला में मुख्यमंत्री सुख-आश्रय कोष के लिए ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ किया। अंशदाता https://sukhashray-hp.nic.in. पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन अंशदान कर सकते हैं। इस पोर्टल के माध्यम से अंशदाता ऑनलाइन भुगतान की रसीद भी डाउनलोड कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पोर्टल में अंशदाताओं की सूची और अब तक ऑफलाइन और ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त कुल धनराशि की जानकारी उपलब्ध है। इस पोर्टल में धनराशि के वितरण के संबंध में भी जानकारी उपलब्ध होगी। इस पहल से प्रणाली में और अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना अनाथ बच्चों और निराश्रित महिलाओं को सहायता प्रदान करने के लिए शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि विभिन्न संस्थाएं और व्यक्ति सुख-आश्रय कोष में अंशदान देने के लिए आगे आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने स्वयं इस कोष के लिए एक माह का वेतन और कांग्रेस विधायकों ने भी एक-एक लाख रुपये का अंशदान किया है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने समाजसेवियों, आम जनता और समाज के सुविधा संपन्न वर्गों से इस कोष के लिए उदारतापूर्वक योगदान करने का आग्रह किया ताकि इसके माध्यम से अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों को सहायता प्रदान की जा सके।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू और उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने होली पर्व के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि होली का त्यौहार आपसी प्रेम एवं सौहार्द का प्रतीक है। उन्होंनेे कहा कि होली के रंग हमारी बहुविध-सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए विविधता में एकता का संदेश देते हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह त्यौहार प्रदेश और यहां के लोगों के जीवन में सुख-समृद्धि और खुशियां लेकर आएगा। वहीं उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने होली के त्यौहार पर अपने संदेश में कहा कि इस पर्व का सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व है। यह पर्व हमें आपस में मेल-जोल से रहने तथा एक-दूसरे के साथ अपनी खुशियां साझा करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने राज्य के लोगों को इस अवसर पर बधाई देते हुए उनकी सुख-समृद्धि की कामना की है।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने होली पर्व के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई दी है। होली पर्व की पूर्व संध्या पर राज्यपाल एवं लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल ने आज राजभवन के कर्मचारियों के साथ रंगों का त्योहार मनाया। उन्होंने राजभवन परिवार के सभी सदस्यों को होली की बधाई देते हुए मिठाइयां भी भेंट कीं। शुक्ल ने कहा कि रंगों के त्योहार होली का अपना विशेष महत्व और विशिष्ट पहचान है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह त्योहार भाईचारे की भावना को और मजबूत करेगा और देश की एकता एवं अखंडता को बढ़ावा देगा।


















































