हिमाचल प्रदेश में बदलते मौसम से लोग परेशान हो चुके है। हाल ही में बीते दिन लगातार बारिश और ओलावृष्टि से किसानों और बागवानों को बहुत दिक्क्तों का सामना करना पड़ा। वेस्टर्न डिस्टरबेंस दोबारा सक्रिय हो रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आज भारी बारिश होने का ऑरेंज अलर्ट दिया है। यह अलर्ट चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू और शिमला जिला में जारी किया गया है। इन 5 जिलों के कुछ स्थानों पर आज भारी बारिश हो सकती है। प्रदेश के कम ऊंचे और मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में आज आंधी-तूफान के साथ ओलावृष्टि भी हो सकती है। मिली जानकारी के अनुसार इस दौरान अधिक ऊंचे क्षेत्रों में हल्का हिमपात भी हो सकता है। ओलावृष्टि से किसानों-बागवानों की फसलों को भी नुकसान हो सकता है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने बागवानों को एंटी हेल नेट यूज करने की एडवाइजरी भी जारी की है। इसके चलते ओलावृष्टि के पूर्वानुमान ने किसानों-बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अगले 4 दिन तक मौसम खराब रहेगा। बता दें आज और कल ज्यादातर स्थानों पर बारिश हो सकती है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य में नशे की समस्या से निपटने के लिए बुधवार देर सायं यहां पुलिस, गृह और विधि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों के तस्करों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के लिए कानून में आवश्यक संशोधन कर दोषियों की संपत्ति जब्त करने का प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के दृष्टिगत नशे की आपूर्ति श्रंखला को तोड़ने और माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए विशेष कार्य बल (स्पेशल टास्क फोर्स) का भी गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नशे की बुराई पर रोक तथा नशीले पदार्थों के कारोबार पर निगरानी के लिए प्रिवेंशन ऑफ इलिसिट ट्रैफिक इन नारकोटिक ड्रग्ज एंड साइकोट्रोपिक सबस्टान्सिज एक्ट के अंतर्गत एक सलाहकार बोर्ड का गठन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के आदी लोगों की मदद करने और उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए राज्य में एक आधुनिक नशामुक्ति केंद्र और पुनर्वास केंद्र स्थापित किया जाएगा। इन केंद्रों के माध्यम से उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह केन्द्र कुशल सहायक कर्मचारियों के साथ आधुनिक सुविधाओं से युक्त होंगे। उन्होंने कहा कि नशे की बुराई समाज के समक्ष एक बड़ी चुनौती है और दोषियों को शीघ्र पकड़ कर उनके विरुद्ध कानून के तहत त्वरित आधार पर मामला दर्ज करना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने तथा खुफिया सूचनाओं को साझा करने के लिए केंद्र सरकार के सहयोग से एक प्रभावी तंत्र विकसित करने के प्रयास किए जाएंगे और केंद्रीय कानून में आवश्यक संशोधन का भी आग्रह किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने नशीले पदार्थों के सेवन पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इनके दुष्प्रभावों के बारे में लोगों को जागरूक किया जाना चाहिए और सीमावर्ती क्षेत्रों में इस समस्या से निपटने के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को इस बुराई पर अंकुश लगाने और युवा पीढ़ी को ड्रग माफिया से बचाने के लिए उचित उपाय करने के भी निर्देश दिए। बैठक में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, मुख्यमंत्री से ओएसडी गोपाल शर्मा, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, विधि सचिव शरद कुमार लगवाल और पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
Himachal govt under CM Sukhu during the budget session has recognized the importance of adopting sustainable practices to protect its environment while meeting its energy needs. The state government's target is to transform into a green state by March 31, 2026. The state's recent budget indicates a major shift toward a more green and sustainable approach. As a result of these efforts, Himachal Pradesh can emerge as a model green energy state in India, showing how a commitment to sustainability can promote economic growth while also protecting the environment. Major policies for a green state in the latest budget: Hydro-electric and solar energy project of more than 1500 MW goal for FY 2023-24. Two green panchayats intend to be formed in every district of HP. This will make energy more affordable and the problem of electricity shortages will be reduced. To build a "model state for electric vehicles," HRTC diesel buses will be converted to electric buses. This year, the "Green Hydrogen Policy" will be formulated, and local Himachalis can get up to 50% in subsidies to install solar power plants, charging stations, and purchase new electric cars. HP’s potential path for carbon neutrality: Himachal Pradesh has the potential to generate over 28,900 MW of clean energy via hydro, solar, and wind energy, which can produce clean energy while maintaining ecological balance and social issues. (Ministry of New and Renewable Energy). Despite being a hilly state, Himachal has a great opportunity to convert available resources into clean energy that can meet around 14% of the state's energy needs. In addition, Himachal has several well-established government-funded and private universities, providing an excellent opportunity for R&D work in the field of green energy. Lastly, advancing toward an ecologically sound, green energy future can show leadership and will set an example for other states and nations by demonstrating the feasibility and benefits of the shift. These factors combined make Himachal an ideal choice for becoming a green energy state, paving the way for a less polluted, self-sustaining, and providing sustainable model for other states. Challenges for Himachal in becoming a "Green Energy State": Several problems can restrict Himachal Pradesh from becoming a green energy state. Being a hilly state, Himachal has limited potential for solar energy given that large-scale solar farms require an extensive size of the flat territory. In addition, the natural conditions provide a decent quantity of sunlight but in a limited area, and in addition limited solar energy can be turned into light during the monsoon and winter seasons in the majority of the area. Furthermore, hydropower advances necessitate the large-scale relocation of locals. As a result, various pushbacks have been reported in some areas. Most importantly, the state government's existing cumulative debt is very high, with limited income production capacity due to the majority of government funds being spent on social and general services. These factors, when coupled with financial strain, may pose major challenges to Himachal Pradesh's shift to a sustainable and green energy state. The following are major challenges: The cumulative debt of Rs. 83,789/- Crs on the state govt. Significant budgetary allocations to public and social services. Due to limited green energy resources, the likelihood of a green energy state is low. Possibility to become a green energy state till 2026: Himachal Pradesh has several advantages that make it a perfect fit for turning into a green state. Based on government reports, Himachal has the potential to produce approximately 56.5 Gigawatts of green energy. However, the state's electricity demand in 2021 was 400 Gigawatts. Since power demands rise year after year, the state government must consider further options in this area. Among them is hydro energy, whose policy will be developed this year and will require intensive R&D to achieve the same significant relief in the power production sector. In particular, promoting the development of locally sourced clean energy to enable villages, cities, and towns to become self-sufficient. The current administration has made major attempts to attain "Green state status". However, becoming a green state in such a short frame doesn't appear possible.
हिमाचल डेंटल ऑफिसर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने आज शिमला में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू को मुख्यमंत्री सुख आश्रय कोष के लिए 5 लाख रुपये का चेक भेंट किया।
प्रदेश सरकार ने आज यहां राज्य के पांच शहरों में पेयजल और स्वच्छता सेवाओं में सुधार के लिए फ्रांसीसी विकास एजेंसी ‘एजेंस फ्रैंकेंज डी. डेवलपमेंट’ (एएफडी) के साथ 817.12 करोड़ रुपये की परियोजना के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू और उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की उपस्थिति में प्रदेश सरकार की ओर से जल शक्ति विभाग के सचिव अमिताभ अवस्थी व एएफडी की ओर से कंट्री निदेशक ब्रूनो बोस्ले ने समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य राज्य के पांच शहरों मनाली, बिलासपुर, पालमपुर, नाहन और करसोग में बेहतर मलनिकासी सुविधाएं विकसित करना और मनाली व पालमपुर में पेयजल आपूर्ति में सुधार करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के अंतर्गत 612 करोड़ रुपये एएफडी द्वारा प्रदान किए जाएंगे, जबकि राज्य सरकार 204.85 करोड़ रुपये व्यय करेगी। परियोजना के अंतर्गत इन पांच शहरों के लाभार्थियों को हाउस सर्विस कनेक्शन उपलब्ध करवाए जाएंगे और मलनिकासी संयंत्रों को अत्याधुनिक तकनीकों के साथ डिजाइन किया जाएगा, ताकि कृषि और औद्योगिक उद्देश्यों के लिए अपशिष्ट का पुनः उपयोग किया जा सके। उन्होंने कहा कि परियोजना का उद्देश्य जलस्रोतों की पर्यावरणीय स्थिति में सुधार करना, जलजनित रोगों को कम करना, स्थानीय नियमों और अंतर्राष्ट्रीय सर्वोत्तम परंपराओं के अनुसार गुणवत्तापूर्ण स्वच्छता सुविधाओं का प्रबंधन करना और पेयजल और स्वच्छता क्षेत्र में वित्तीय स्थिरता लाना है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि यह परियोजना दो चरणों में लागू की जाएगी, जिसमें पहले चरण में 425.85 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिसमें से एएफडी द्वारा 340 करोड़ रुपये का वित्त पोषण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में 371 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें से 272 करोड़ रुपये एएफडी द्वारा प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि परियोजना की कार्यान्वयन अवधि तीन वर्ष होगी और चरण-1 के शुरू होने के 18 महीने बाद चरण-2 शुरू होगा। मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, विधायक आशीष बुटेल, अजय सोलंकी, भुवनेश्वर गौड़, एएफडी के प्रतिनिधि अंकित तुलस्यान और अक्षिता शर्मा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के रामपुर में 'नशा छोड़ो खेल खेलो' के उद्देश्य से पदम छात्र स्कूल रामपुर में 14 से 16 अप्रैल तक राष्ट्रीय वॉलीबाल प्रतियोगिता होगी। इस प्रतियोगिता में देश भर की टॉप 8 टीमों के खिलाड़ी भाग लेंगे। इसके साथ 20 स्थानीय टीमें भी भाग लेंगी। इसमें प्रतियोगिता की रूपरेखा तैयार की गई। बुशहर वॉलीबॉल एसोसिएशन ने अध्यक्ष बांका राम भलूनी ने बताया कि रामपुर बुशहर जैसे छोटे शहर में राष्ट्रीय स्तर की वॉलीबॉल प्रतियोगिता करवाई जाएगी। यह प्रतियोगिता 14, 15 और 16 अप्रैल को होगी। प्रतियोगिता के आयोजन के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई और सभी सदस्यों की अलग-अलग भूमिकाएं तय की गईं। प्रतियोगिता में भाग इंडियन नेवी, हरियाणा, रूड़की, BSF, HP, दिल्ली, ITBP और पंजाब की टीमें भाग लेंगी, जबकि स्थानीय खिलाड़ियों को भी खेल गतिविधियों से जोड़ने के लिए 20 टीमों को आमंत्रित किया गया है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर ‘हटेगी फुलणू, लौटेगी चरागाह’ अभियान का शुभांरभ किया। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को वनों की आग की रोकथाम और लैंटाना प्रभावित क्षेत्रों में पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली के बारे में जागरूक करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनों की आग न केवल वन सम्पदा बल्कि क्षेत्र की जैव विविधता, वातावरण और पारिस्थितिकी को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि गर्मियों में सूखे के दौरान वन चीड़ की पत्तियों और सूखे घास-फूस से भर जाते हैं। उन्होंने कहा कि वनों में आग के कारण न सिर्फ वन सम्पदा प्रभावित होती है बल्कि भूमि की उर्वरता के साथ-साथ जल स्त्रोतों को भी नुकसान पहुंचाता है। मुख्यमंत्री ने वन संपदा संरक्षण और हानिकारक खरपतवार को जड़ से उखाड़ने के संबंध में लोगों को जागरूक करने के लिए जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। आठ दिनों तक चलने वाला यह अभियान 28 मार्च को संपन्न होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वनों के संरक्षण में जन जागरूकता के महत्व पर बल देते हुए कहा कि वन राज्य के लिए बहुमूल्य सम्पत्ति है और हर वर्ष गर्मियों के दौरान वनों में आग की घटनाएं बढ़ जाती हैं जिससे करोड़ों की वन संपदा और अन्य जीव-जंतुओं का नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से इसे रोकने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जंगल की आग से पारिस्थितिकी तंत्र और अर्थव्यवस्था दोनों पर दुष्प्रभाव पड़ता है। उन्होंने लोगों से इस अभियान को सफल बनाने के लिए वन विभाग को पूर्ण सहयोग देने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि लैंटाना खरपतवार विशेष तौर पर राज्य के निचले क्षेत्रों में पारिस्थितिकी तंत्र को बुरी तरह प्रभावित करता है और इसमें लोगों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है। लैंटाना कृषि तथा वन भूमि दोनों के लिए ही हानिकारक है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लैंटाना उन्मूलन पर पोस्टर और वनों में आग पर एक पुस्तिका भी जारी की। प्रधान मुख्य वन अरण्यपाल (एचओएफएफ) राजीव कुमार ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और अभियान की गतिविधियों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि आठ दिनों के इस अभियान के दौरान प्रचार टीम पारिस्थितिकी बहाली के अंतर्गत 48 केंद्रों तक पहुंच कर लोगों को जागरूक करेगी। इन वाहनों में लोगों को वनों में आग से निपटने के प्रति जागरूकता सामग्री उपलब्ध होगी। मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, विधायक हरीश जनारथा, हिमाचल प्रदेश वन निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, प्रधान सचिव ओंकार चंद शर्मा, कैम्पा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नागेश कुमार सहित अन्य गणमान्य व वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
भाजपा जिला किन्नौर की डाटा प्रबंधन अभियान को लेकर एक विशेष बैठक का आयोजन शिमला स्थित भाजपा मुख्यालय दीप कमल चक्कर शिमला में किया गया। इस बैठक में भाजपा के 2022 के प्रत्याशी सूरज नेगी और सह मीडिया प्रभारी कर नंदा विशेष रूप में उपस्थित रहे। सूरत नेगी ने कहा कि हिमाचल का बजट एक खोखला बजट है। पूर्व सरकार ने प्रदेश में रखरखाव हेतु 3000 करोड़ का प्रावधान किया था, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसमें कटौती कर 2774 करोड़ कर दिया है। मेजर वर्क्स के लिए पूर्व सरकार ने 5261 करोड रुपए का प्रावधान किया था और वर्तमान सरकार ने इसको भी घटाकर 4726 करोड रुपए कर दिया है। अगर देखा जाए तो पूरे बजट में केवल कटौती-कटौती और कटौती ही कि गई है। कर्ण नंदा ने कहा की हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार द्वारा चलाई गई विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत इस वर्ष 18130 करोड़ मिलने जा रहे हैं, लेकिन पूरे बजट भाषण के दौरान एक भी बार प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार का धन्यवाद तक नहीं किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम तक नहीं लिया। केवल मात्र केंद्र सरकार द्वारा चलाई गई स्कीमों को हिमाचल में चलाने की वाहवाही लूटने का कार्य किया। चाहे आप एसएमसी टीचर्स की बात कर ले या स्वास्थ्य विभाग में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत 1700 कर्मचारियों की बात करे, सभी एक स्थाई नीति का इंतजार कर रहे हैं। सरकार को उन कर्मचारियों के लिए कुछ ठोस कार्य करना चाहिए।
एसएफआई विश्वविद्यालय इकाई 21 से लेकर 23 मार्च तक शहीद ए आजम भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव की याद में शहीदी दिवस मना रही है। पहले दिन 21 मार्च को इकाई की ओर से रक्तदान शिविर लगाया गया, जिसमें विश्वविद्यालय के छात्रों व कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इकाई अध्यक्ष हरीश ने कहा कि शहीद ए आजम भगत सिंह ने देश की आजादी के लिए तथा साम्राज्यवादी ताकतों के खिलाफ लड़ते हुए 23 साल की उम्र में फांसी के फंदे को चूम लिया था। हरीश ने कहा कि इस देश की आजादी में भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव का बहुत लंबा योगदान रहा है। उसको याद करते हुए एसएफआई लगातार तीन दिन तक गतिविधियां करवाएगी, जिसमें पहले दिन रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया है। तीसरे दिन नुक्कड़ नाटक तथा सेमिनार के माध्यम से भगत सिंह की जीवनी तथा उनके किस्सों को जनता को दिखाया जाएगा।
चौपाल छात्र कल्याण संघ की बैठक संजौली में संपन्न हुई। बैठक में पुरानी कार्यकारिणी को भंग करके नई कार्यकारिणी का का गठन किया गया। बैठक में तपिंदर शर्मा, चौपाल छात्र कल्याण संघ के पूर्व चेयरमैन शंकर पंडित, डीके ठाकुर, रोहित शर्मा व वर्तमान चेयरमैन अंकुश शर्मा उपस्थित रहे। नई कार्यकारिणी में अंजलि शर्मा को अध्यक्ष, शुभम को उपाध्यक्ष, साया ठाकुर को सचिव, अदिति शर्मा, तनुजा व वंदना शर्मा को सह सचिव व सुहानी पारसमणि को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया। इस बैठक में युवाओं ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया नई कार्यकारिणी को शुभकामनाएं दीं।
हिमाचल प्रदेश में येलो अलर्ट के बीच बीते कल से प्रदेश में बारिश और बर्फबारी हो रही है।वही रोहतांग, शिकारी देवी, भरमौर, कुफरी, नारकंडा समेत ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई है। शिमला समेत प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में बादल झमाझम बरस रहे है, कई जगह ओलावृष्टि भी हुई है।हालही में हुई बारिश-बर्फबारी से प्रदेश में ठंड भी बढ़ गई है। जलोड़ी जोत में बर्फबारी से आनी-कुल्लू नेशनल हाईवे 305 ठप हो गया है।बीते कल भारी बर्फ होने के कारण उदयपुर-पांगी मार्ग बहाल होने के चार घंटे के बाद हिमस्खलन होने से दोबारा बंद हो गया है। हिमस्खलन की घटना से पांगी के लोगों को संपर्क लाहौल के साथ कुल्लू-मनाली से कट गया है। बारिश से बागवानों और किसानों को अब नुकसान का डर सता रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश के कई भागों में 24 मार्च तक मौसम खराब रहने के आसार जताए हैं। 23 व 24 मार्च को कई क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी की संभावना है। वहीं, 21 व 22 मार्च को भी मध्य व उच्च पर्वतीय एक-दो स्थानों में बारिश-बर्फबारी हो सकती है।
हिमाचल प्रदेश शिमला के संजौली में बहुमंजिला बिल्डिंग में आग लगी। संजौली में एक बिल्डिंग में लगी आग को देख कर लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को कॉल की। मालरोड और छोटा शिमला से फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां आग बुझाने पहुंची। गनीमत रही कि समय रहते आग पर काबू पाया गया। मालरोड स्टेशन फायर ऑफिसर मंसाराम का कहना है कि 2 बजे के आसपास आग लगने की सूचना मिली। इसके बाद तुरंत दो गाड़ियां घटना स्थल पर भेजी गईं। छोटा शिमला और मालरोड दोनों फायर स्टेशन से 10 जवान मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया। अभी आग लगने के कारणों का पता नहीं चला पाया है। उन्होंने कहा कि इसमें किसी को कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि भले ही आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन जवान अपने सामान के साथ अभी भी वहीं हैं। बिल्डिंग का पूरा निरीक्षण किया जा रहा है। खतरा पूरी तरह से अभी टला नहीं है। टीम के पहुंचते ही बिजली सप्लाई को तुरंत काट दिया गया था, ताकि जल्द से जल्द आग पर काबू पाया जा सके। उन्होंने कहा कि मौके पर जानकारी मिलने से बड़ा खतरा टल गया।
राज्य स्तरीय 'विश्व जल दिवस' कार्यक्रम 22 मार्च को पीटरहॉफ में आयोजित किया जाएगा। जल शक्ति विभाग के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि विश्व जल दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम आगामी 22 मार्च को होटल पीटरहॉफ में आयोजित किया जायेगा, जिसमे मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू बतौर मुख्य अतिथि शिरक़त करेंगे। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का आयोजन राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन, जल शक्ति विभाग हिमाचल प्रदेश द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम में जल संरक्षण पर विचार विमर्श एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी प्रस्तुतियां होंगी।उन्होंने बताया कि इस वर्ष विश्व जल दिवस की विषय वस्तु एक्सलरेटिंग चेंज (परिवर्तन में तेजी) है, जिसका उद्देश्य जल और स्वच्छता संकट को हल करने के लिए परिवर्तन में तेजी लाना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1993 से हर वर्ष 22 मार्च को विश्व जल दिवस आयोजित किया जा रहा है, जो जल के महत्व के प्रति लोगो को जागरूक करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। उन्होंने बताया कि सतत विकास लक्ष्य-6 में वर्ष 2030 तक सभी के लिए पानी एवं स्वच्छता के लक्ष्य का निर्धारण किया गया है।
हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला के रोहड़ू का रहने वाला विशाल कायथ फुटबॉल में बेहतरीन प्रदर्शन कर हिमाचल का नाम चमका रहा है। विशन कायथ गोलकीपर है। हिमाचल प्रदेश में राज्य स्तरीय रैंक के विशाल का चयन एआईएफएफ द्वारा अंडर -16 और अंडर -19 राष्ट्रीय टीमों के लिए किया गया था। 2011 में एआईएफएफ एलीट अकादमी में शामिल होने से पहले अंडर -19 राष्ट्रीय लीग खेलने के लिए चुना गया था।2014 में एआईएफएफ एलीट अकादमी में एक साल बिताने के बाद विशाल कैथ शिलॉन्ग लाजोंग में शामिल हो गए और सालगांवकर के खिलाफ अपनी टीमों के 2014-15 इंडियन फेडरेशन कप के दूसरे गेम में उन्होंने आधिकारिक शुरुआत की और उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया। कैथ ने 28 मार्च 2015 को स्पोर्टिंग गोवा के खिलाफ अपना सीनियर आई-लीग डेब्यू किया, उन्होंने फेडरेशन कप में बेंगलुरु के खिलाफ सुनील छेत्री द्वारा लिए गए पेनल्टी को बचाया। कायथ ने नए सीज़न के प्री-सीज़न में अच्छी प्रगति दिखाई और वह क्लब का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गए। विशाल कायथ का चयन थ्री नेशन इंटरनेशनल फुटबाल टूर्नामेंट के लिए 23 सदस्यीय इंडियन स्क्वॉयड में भी हुआ है। इस 23 सदस्यीय स्क्वॉयड का कोलकाता में कोचिंग कैंप शुरू हो गया है। इसमें विशाल की सिलेक्शन एक्स्ट्रा गोलकीपर के तौर पर हुई है।
हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर से करवट बदली है। रोहतांग दर्रा, हनुमान टिब्बा, देऊ टिब्बा, सेवन सिस्टर पीक, मनाली पीक आदि चोटियों ने बर्फ की चादर ओड ली है। राजधानी शिमला और पर्यटन नगरी मनाली में बीते कल बारिश से ठंड बढ़ गई है। मार्च की ठंड ने लोगों को गर्म कपड़े पहनने को विवश कर दिया है। पर्यटक स्थलों में दिनभर पर्यटकों की भीड़ से बाज़ार गुलज़ार रह रहे है। 23 मार्च तक प्रदेश में मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है। मनाली में रुक-रुक कर हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मनाली की ऊंची चोटियों पर बर्फ के फाहे गिर रहे हैं। अटल टनल रोहतांग में बारिश हो रही है।सभी प्रकार के पर्यटक वाहन भी अटल टनल की ओर भेजे गए। वहीं, कुल्लू में दोपहर के बाद हल्की बारिश हुई है। साथ ही राजधानी शिमला में बीते कल बादल झमाझम बरसे। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में मौसम मिलाजुला बना रहा। रविवार दोपहर बाद 5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा बिलासपुर, डलहौजी, चंबा, नारकंडा और भुंतर में भी हल्की बूंदाबांदी हुई। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने सोमवार को प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान जताया है। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में अंधड़ के साथ भारी गर्जन की चेतावनी भी जारी हुई है।
किन्नौर जिले के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज शिमला में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से भेंट की।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से आज शिमला में हिमाचल प्रदेश नर्सेज एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से आज यहां सचिवालय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की।
‘द बिगेस्ट आवर फॉर अर्थ’ विषय पर केंद्रित ‘अर्थ आवर’ 25 मार्च को रात्रि 8.30 बजे से रात्रि 9.30 बजे के मध्य मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस आयोजन के लिए वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर इंडिया (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया) के प्रयासों की सराहना करते हुए इसमें सभी से सहभागिता का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभियान प्रकृति एवं लोगों के मध्य सौहार्दपूर्ण संबंध वाले समाज के निर्माण में सहायता करते हैं। उन्होंने कहा कि इससे प्रकृति के संरक्षण पर ध्यान केंद्रित करने में भी मदद मिलेगी जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री ने राज्य के लोगों से इस अभियान में सहयोग देने के लिए 25 मार्च को रात्रि 8.30 बजे से रात्रि 9.30 बजे के मध्य एक घंटे के लिए सभी गैर-जरूरी लाइटें बंद करने का आग्रह किया।
हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी सेवाएं महासंघ के अध्यक्ष विनोद कुमार, जिला शिमला के अध्यक्ष गोविंद सिंह बरागटा, महासचिव विनोद शर्मा आयुर्वेदा चीफ फार्मासिस्ट के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश चौहान, बागवानी विभाग मनिस्टरीय संघ की वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुमारी शीला चंदेल ने संयुक्त ब्यान में कहा है कि मुख्यमंत्री सुक्खू का प्रस्तुत यह प्रगतिशील बजट है, जो किसी भी वर्ग पर थोपा नहीं गया है। यह सरकार की राज्य के हर वर्ग और क्षेत्र के प्रति रचनात्मकता की पुष्टि को प्रदर्शित करता है ,जो व्यवस्था परिवर्तन की तरफ बढ़ते कदम है। महासंघ के अध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के द्वारा बजट की आलोचना कर इसे दृष्टिहीन और दिशाहीन कहा गया है। ऐसा बयान उनकी राजनीतिक सोच और समझ को और हास्यास्पद बनाता है। मुख्यमंत्री के पद पर रहते हुए पिछले पांच साल जिस नेता की न कोई दृष्टि और न कोई दिशा थी। मात्र कठपुतली बनकर मुख्यमंत्री के पद का अवमूल्यन कर राज्य को 20 साल पीछे धकेल कर खुद सत्ता से बेदखल हो गए। विनोद कुमार ने मुख्यमंत्री सुखविन्दर सिंह सुक्खू से मांग की है कि राज्य की वित्तीय स्थिति पर पिछले 10 वर्षों का लेखा-जोखा जनता के सामने रखा जाए और इस कदम के लिए प्रदेश के कर्मचारी वर्ग और जनता का सहयोग सरकार के साथ है। सरकार से यह भी मांग है कि संशोधित वेतनमान की बकाया राशी और डीए की लंबित दो किश्तों के भुगतान पर मुख्यमंत्री इस बजट में स्थिति और अवधि स्पष्ट करें।
भाजपा नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आज शिमला के रिज मैदान पर सैर की। उनके साथ इस मौके पर विधायक डॉ. जनक राज और डीएस ठाकुर मौजूद रहे। जयराम ठाकुर ने कहा की विधानसभा का बजट सत्र में भाजपा आक्रामक रहेगी और जिस प्रकार से कल हिमाचल का बजट पेश किया गया है, उससे साफ दिखता है कि वह बजट केवल आंकड़ों का मायाजाल है। इस बजट में केवल केंद्रीय योजनाओं को हिमाचल में लागू कर प्रदेश सरकार द्वारा श्रेय लेने का प्रयास किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश एक लोक हितकारी राज्य है और जितनी भी जन कल्याणकारी योजनाएं भाजपा की सरकार ने हिमाचल प्रदेश में लागू करी थीं, उनका बजट में कोई जिक्र ही नहीं है। जैसे गृहिणी सुविधा योजना, शगुन योजना, सहारा योजना हिम केयर योजना मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना इत्यादि।
On March 17th, the newly formed Sukhu govt. laid out their primary policies aimed at supporting the state's move to renewable energy and making Himachal a "Green Energy State" during its budget proceeds. With the state's enormous potential for green energy production, the government has been developing the foundation for Himachal to become a power-efficient and low-fossil-fuel emitter state. The state government has announced that it will engage in several green energy programs to meet the state's energy demand from renewable energy sources. The main focus of the govt will be reducing air, sound, and related pollution. Several initiatives selected by the state government for becoming a green energy state till 2026: Solar schemes: Target of 500 MW for FY 2023-24. Green Panchayats Scheme: 2 panchayats will be selected from each distt. to set up as green panchayats on a trial basis. HP will be developed as a "model state for electric vehicles". Green corridors will be created along main highways which pass through major cities and towns. HRTC dept. will be transformed into "Electric state transport dept.". A "Green Hydrogen Policy" will be developed to pave way for the state to develop a viable green energy source for the future. Hydro-power plant setup will be accelerated with this year's goal of 1000 MW energy. Further, a policy to attract private investment in these projects will be formed. Pangi: To address the shortage of power, the government will install a solar-powered battery storage device. Major programs to start this year: Rs. 2000 Cr, “HP power sector development program” through World Bank help will start this year. 200 MW solar projects will be set up under the program. The project will be spread within 13 major cities/towns, with 11 substations and two power lines provision. Rs 1000 Cr to be spent on converting 1500 HRTC diesel buses to E-buses in a phased manner. With HPTCL investment of Rs. 464 Cr: 6 EHV sub-station, 5 transmission lines, and a centralized control center will be set up. Centralized cells for the sale/purchase of green energy will be set up to maximize the revenue. Subsidies declared to encourage the use of green energy for coming years during the budget session: Subsidy for solar plants: Locals will get a 40% subsidy to build a 250KW-2MW solar plant on leased or owned property. E-vehicle subsidy: PVT bus and truck operators: 50% subsidy (up to 50 lacs) for the acquisition of a new vehicle. Set up of charging station: 50% subsidy proposal, but a final policy to be laid down in collaboration with the state energy board.
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री आकाश नेगी ने एक ब्यान जारी करते हुए कहा है कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने आज 2023-24 का बजट पेश किया है। इस बजट में प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा जगत को निराश करने का कार्य किया है। इस बजट में न तो शिक्षा सुधार की कोई बात की है, न ही शिक्षा को बढ़ावा देने की। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा पेश किए बजट में हिमाचल प्रदेश के किसी भी विश्वविद्यालय का कोई भी वर्णन नहीं किया गया है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के किसी विकास को लेकर शिक्षा में सुधार की कोई चर्चा इस बजट में नहीं है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के लंबे आंदोलन के बाद हिमाचल प्रदेश में दूसरा विश्वविद्यालय खोला गया। ताकि हिमाचल प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले छात्र अपनी पढ़ाई कर सकें, लेकिन हम देखते हैं कि प्रदेश सरकार ने जो बजट आज पेश किया है, उसमें सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी का भी कोई जिक्र इस बजट में नहीं किया गया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में पेश किए गए बजट का पुरजोर विरोध करती है। क्योंकि है बजट शिक्षा जगत के हित में नहीं है।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार का बजट एक दृष्टिहीन और दिशाहीन बजट है अगर पूर्ण रूप से देखा जाए तो यह बजट अपने आप में एक खोकला बजट है। उन्होंने कहा कि बजट में केवल केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ उठाया गया है और उन योजनाओं में जितनी भी राशि हिमाचल प्रदेश को आ रही है उसे प्रदेश के वासियों को वितरित किया गया है, पर पूरे बजट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद नहीं किया गया। जब हिमाचल प्रदेश की सरकार ने केंद्र बजट की योजनाओं का लाभ उठाया है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का धन्यवाद भी उनको करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को झूठ बोलना छोड़ देना चाहिए, वह शिव धाम की बात कर रहे हैं पर मुख्यमंत्री ने विधानसभा में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा की शिव धाम के लिए पहले से 40 करोड का टेंडर हो चुका है और उसका काम भी चल रहा है पर अब शिव धाम के लिए यह सरकार पैसा बजट के माध्यम से आवंटित नहीं कर रही है।यह पूर्ण रूप से हिमाचल प्रदेश की सरकार की मंशा को दर्शाता है कि वह भाजपा सरकार की किसी भी योजना को पूर्ण नहीं होने देना चाहते हैं। जिस ग्रीन कॉरिडोर रूट की बात कांग्रेस सरकार द्वारा की गई है बहुत लंबा है और उसमें बहुत समय लगेगा, इसी प्रकार से इलेक्ट्रॉनिक बसों की बात भी इस सरकार ने की है , पर यह बसें महंगी होती है उनको इतनी बड़ी तादाद में खरीदने के लिए बहुत समय लगेगा। पर्यटन की दृष्टि से इस कांग्रेस की सरकार ने 1300 करोड़ की घोषणा की है पर यहां मैं स्पष्ट करना चाहूंगा कि हमारी सरकार ने पर्यटन के लिए एडीबी के माध्यम से 2100 करोड़ लाए थे पर उसमें से केवल इस सरकार ने 1300 करोड़ ही आवंटित की है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने हिमाचल प्रदेश में बल्क ड्रग पार्क और मेडिकल डिवाइस पार्क लाया है पर इस सरकार ने अपने बजट प्रावधान में इन बड़ी योजनाओं को आगे ले जाने के लिए क्या किया है, यह बजट गोलमोल है स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि बजट में मंडी एयरपोर्ट को लेकर भी इस सरकार को प्रवर्धन करना चाहिए था , मंडी एयरपोर्ट का काम काफी आगे बढ़ चुका है पर इसको लेकर भी सरकार गोलमोल बातें ही कर रही है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि केंद्र सरकार की सभी योजनाओं का श्रेय कांग्रेस की सरकार ने अपने बजट में लेने का प्रयास किया, पर पूरे भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद तक नहीं किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से झूठी गारंटियों के सहारे कांग्रेस पार्टी सत्ता में आई है, उसी प्रकार से इस बजट में जनता को गुमराह करने का प्रयास किया गया है। पर इस बार जनता गुमराह नहीं होगी। अगर आप इस बजट को देखें तो बजट में उन्होंने खुद माना है कि 6200 करोड रुपए का गैप है, इसका मतलब आय कम और खर्चा ज्यादा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की अगर आय 100 रू है तो उसमें से देनदारियों को देने के बाद हिमाचल के पास केवल 29 रू ही बचते हैं, इसका मतलब हिमाचल प्रदेश में विकास कार्यों के लिए बहुत कम पैसा रह गया है। जबसे कांग्रेस की सरकार सत्ता में आई है तब से हिमाचल प्रदेश में विकास कार्य ठप हो गए हैं और जिस प्रकार से यह बजट प्रस्तुत किया गया है इस प्रकार से विकास कार्य आने वाले वर्ष में भी ठप ही दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रीन हिमाचल को लेकर सरकार के बजट में शोर ज्यादा था, पर धरातल पर यह बजट ठन ठन गोपाल वाला बजट रहा। कई महत्वपूर्ण योजनाओं के ऊपर सरकार चुप्पी साध के बैठी रही, जैसे घृणि सुविधा योजना, शगुन योजना, सहारा योजना, हिम केयर योजना और मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना इन महत्वपूर्ण योजनाओं जिससे जनता का उद्धार होता है उसके बारे में इस बजट में कुछ भी नहीं कहा गया इसका मतलब इस बजट में इन योजनाओं के लिए प्रवर्धन नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि अपनी गारंटियों को पूरा करने के लिए उन्होंने हिमाचल की विकास की गति को रोक दिया पर, आज जब इन्होंने घोषणा करी कि हिमाचल प्रदेश में 231000 महिलाओं को ही केवल 1500 प्रति महा मिलेंगे तो उससे साफ दिखाई देता है कि कांग्रेस महिलाओं को भी गुमराह कर रही हैं, इस देनदारी के लिए प्रावधान किया नहीं गया और बजट में इसको बोल दिया गया, देखना यह है कि पहले जब यह सरकार बनी थी तो 3200000 महिलाओं की बात की जा रही थी और आज यह आंकड़ा 231000 हो गया है, इस आंकड़े में भी स्पष्टता नही है। कश्यप ने कहा कि इस हिमाचल के बजट में केंद्र सरकार के बजट की नकल करने का पूर्ण प्रयास किया गया है, केंद्र सरकार ने स्पष्ट कहा है कि भारत में 197 मेडिकल कॉलेज के साथ नर्सिंग कॉलेजे बनाए जाएंगे , पर इन नर्सिंग कॉलेज का श्रेय कांग्रेस की प्रदेश की सरकार लेना चाहती है।
प्रदेश सरकार के वर्ष 2023-24 के बजट में बागवानों को निराशा हाथ लगी है। प्रेस में जारी विज्ञप्ति में भाजपा नेता चेतन बरागटा ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बजट के दौरान कांग्रेस के मेनिफेस्टो में बागवानों को दी गई गरेंटियों का कोई भी उल्लेख नहीं किया है। गौरतलब है कि चुनाव के समय सेब बागवानों को स्वयं अपने उत्पाद की कीमत तय करने की गारेंटी कांग्रेस मेनिफेस्टो में दी गयी थी। बागवान जानना चाहते हैं कि किस तरह बागवान अपने उत्पाद की कीमत स्वयं तय करे इस पर कांग्रेस सरकार अपनी स्थिति स्पष्ट करें। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुखु ने बजट में बागवानों को केंद्र सरकार द्वारा किसानों बागवानों के हितों का संरक्षण करने वाली योजना FPO का बजट सत्र में बार बार उल्लेख करके बागवानों को गुमराह करने का प्रयास किया है।जबकि यह केन्द्र सरकार की योजना है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष 2019 में FPO को अमलीजामा पहना चुके है। साथ ही साथ देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विभिन्न मंचों से बागबानों को FPO के माध्यम से मिलने वाले लाभों के बारे में अपना वक्तवय दिया है, जिसके भविष्य में सार्थक परिणाम आएंगे। इसी कड़ी में ही हिमाचल प्रदेश के अंदर जिला शिमला की तहसील जुब्बल में सूबे के पहला FPO भी बन चुका है। HPMC व हिम्फेड में मिलने वाला उत्पाद पहले तो किसानों बागवानों के लिए मुहैया कराया जाए उसके साथ साथ दामों पर भी नियंत्रण रखा जाए। इस तरह का प्रावधान बजट में किया जाना चाहिए था, जोकि नहीं किया गया। चेतन बरागटा ने कहा कि कुल मिलाकर प्रदेश कांग्रेस सरकार का यह बजट किसानों बागवानों को गुमराह करने वाला रहा।
बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि बजट में ऐसा कुछ नहीं है, जिसे देखकर कहा जा सके कि सरकार ने प्रदेश के लिए कुछ नया किया है। ग्रीन एनर्जी पर फोकस केंद्र की देन है, सभी सब्सिडियन केंद्र की देन हैं। ग्रीन इंजर्जी में केंद्र सरकार का बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन है। स्टेट का उसमें क्या योगदान है, यह बात स्पष्ट नहीं है। पिछला बजट 52 हजार करोड़ का था और इस बार केवल थोड़ा सा बढाकर 53413 करोड़ किया गया है। अनुमानित घाटा 4407 करोड़ का होने वाला है। सुक्खू सरकार पुरानी योजनाओं का नाम बदल कर वाहवाही लूट रही है। कहा कि हिमकेयर योजना को लेकर कोई भी प्रावधान नहीं है, हेल्थ सेक्ट्रेट्री ने मुख्यमंत्री को मिसगाइड किया है। सहारा योजना का पैसा भी नहीं गया है। मुख्यमंत्री सहायता चिकत्सा कोश, सर्जरी के लिए था उसका कोई जिक्र नहीं है। बजट में गृहिणी सुविधा योजना का कोई जिक्र नहीं किया गया। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार बदल गई तो प्राथमिकताओं को बदलना सही नहीं है। यह कोई काम करने का तरीका नहीं है। बजट में अधिकांश योजनाएं, जो भाजपा द्वारा चलाई गई थीं, उसके बारे में पूरा बजट साइलेंट है, भाजपा की योजनों के नाम बदलकर उन्हें अपनी नई योजनाओं में बदल दिया गया है । पुराणी पेंशन योजना को लेकर बजट के प्रोविजन क्लियर नहीं किए गए हैं। केवल 231000 महिलाओं को 1500 रुपये देना, महिलाओं के साथ धोखा है। यह केवल उनको दिया जा रहा है, जिन्हें पहले से ही पेंशन मिल रही है।
सीएम ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री रोजगार संकल्प सेवा शुरू की जाएगाी। युवाओं को विदेशों में रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए विभिन्न दूतावासो में संपर्क किया जाएगा। ओवरसीज हिमाचलियों से भी संपर्क कर युवाओं को विदेशों में रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा। श्रम एंव रोजगार विभाग इसमें अहम भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सिंगल विंडो सिस्टम खत्म होगा। ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन खोलेंगे। नई उद्योग नीति लाएंगे। बेरोजगार युवाओं को 500 रूटों पर ई वाहन के परमिट दिए जाएंगे। हमीरपुर में बस पोर्ट बनाया जाएगा जिस पर 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आज अपना पहला बजट पेश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आज अपना पहला बजट पेश करने के लिए इलेक्ट्रिक कार में पहुंचे। हिमाचल प्रदेश में बजट पेश होने से पहले ही विपक्ष ने विरोध शुरू कर दिया है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की अगुवाई में विपक्ष के विधायक काली पट्टी लगाकर सदन में पहुंचे। सीएम सुक्खू ने कई ऐलान किये है, जानिए प्रदेशवासियों की झोली में इस वर्ष प्रदेश सरकार ने क्या दिया ** प्रदेश के युवाओं को उनकी अपनी भूमि पर या लीज पर ली गई भूमि पर 200 किलो वाट से 2 मेगा वाट की परियोजना स्थापित करने के लिए 40 फीसदी सब्सिडी अनुदान सहित दी जाएगी **प्राइवेट बस ऑपरेटर्स को E -BUS खरीद के लिए 50 प्रतिशत की दर से 50 लाख तक की सब्सिडी दी जाएगी ** नादौन और शिमला में ई बस डिपो बनेंगे, HRTC चलाएगी 1500 ई बस ** एनपीएस कर्मचारियों के 8 हजार करोड़ रुपये केंद्र से वापस लाने के लिए भी सदन में विपक्ष से सहयोग मांगा ** हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन की 1500 डीजल बसों को ई-बसों में बदलने की घोषणा, एक हजार करोड़ रुपए खर्च करने का प्रावधान की कही बात **नादौन और शिमला में ई-बस डिपो बनाया जाएगा **प्राइवेट ऑपरेटर्स को चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए 50 प्रतिशत की दर से सब्सिडी दी जाएगी **हिमाचल प्रदेश में हर उपमंडल की दो पंचायतें ग्रीन पंचायतें बनेगी, प्रदेश में ग्रीन हाइड्रोजन नीति लाई जाएगी: सुक्खू ** वरिष्ठ नागरिकों के लिए ओल्ढ एज होम विकसित किए जाएंगे: CM सुक्खू ** सभी जिले हेलीपोर्ट से जोड़े जाएंगे: CM सुक्खू **मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंडी एयरपोर्ट के लिए 1000 करोड़ रुपये जारी करवाने के लिए विपक्ष का सहयोग मांगा ** हिमाचल के सभी मेडिकल कालेजों में इस साल रोबोटिक्स सर्जरी शुरू होगी, इस पर 100 करोड़ खर्च होंगे: CM सुक्खू ** प्रदेश के सभी विधानसभा में खुलेंगे राजीव गांधी डे बोर्डिग स्कूल ** सभी मेडिकल कालेजों में पेट स्केन स्थापित होंगे **हमीरपुर मेडिकल में कैंसर केयर के लिए एक सेण्टर ऑफ़ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा **नाहन, चम्बा, एवं हमीरपुर स्थित मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग कॉलेज स्थापित किये जाएगे : सीएम सुक्खू **इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के लिए 150 करोड़ का बजट प्रावधान **सुक्खू सरकार ने बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कुल 3,139 करोड़ का बजट किया प्रस्तावित **हर विधानसभा क्षेत्र में एक आदर्श स्वास्थ्य संस्थान बनाया जाएगा ,134 तरह के टेस्ट की होगी सुविधा ** प्रत्येक सीनियर सैकेंडरी स्कूल में स्थापित होगी लाइब्रेरी **हर विधानसभा क्षेत्र में एक अस्पताल को आदर्श स्वास्थ्य संस्थान बनाया जाएगा **प्रदेश के युवाओं को विभिन्न कॉम्पिटिटिव एक्साम्स की तैयारी के लिए नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी की एक्सेस ओर आवश्यक पुस्तकों से लैस लाइब्रेरी का निर्माण किया जाएगा **1311 करोड़ की लागत से पर्यटन विकास योजना शुरू होगी ** परवाणू -नालागढ़-ऊना, हमीरपुर-अंब-नूरपूर, पांवटा-नाहन-शिमला, शिमला-बिलासपुर हमीरपुर-चंबा, मंडी-पठानकोट, मनाली-केलोंग नेशनल हाईवे को ग्रीन कौरिडेर के तौर पर विकसित किया जाएगा **हर अनाज के अलग अलग क्लस्टर बनाएं जायेंगे ** विद्यार्थिओं को खेल में भाग लेने के लिए प्रेरित करने को स्पोर्ट्स हॉस्टल में रह रहे खिलाडियों की डाइट मनी को 120 रूपए से बढाकर 240 रूपए प्रतिदिन करने की घोषणा ** शिक्षा क्षेत्र के लिए कुल 8 ,828 करोड़ प्रस्तावित किया गया **40 हजार नए लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन देने की घोषणा ** पहले चरण में 2 लाख 31 महिलाओं को मिलेंगे 1500 रुपये मासिक दिए जाएंगे **हिम गंगा योजना होगी शुरू, दूध उत्पादकों की True Cost मिलेगी *विधवा और एकल नारी आवास योजना शुरू होगी, इसके तहत 7 हजार महिलाओं को डेढ़ लाख की राशि आवास के लिए दी जाएगी **20 हजार मेधावी छात्राओं को इलेक्ट्रिक स्कूटी के लिए 25 हजार सब्सिडी दी जाएगी **40 हजार नए लोगों को सोशल सिक्योरिटी पेंशन **नशाखोरी रोकने के लिए नशा एवं मादक पदार्थ मुक्त अभियान शुरू करने की घोषणा ** नशाखोरी का कारोबार करने वालों के विरुद्ध इसी विधानसभा के बजट सत्र में कानून लाएगी सरकार **मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना के तहत जंगली जानवरों से फसलों को बचाने के लिए जालीदार फेंसिंग को सब्सिडी देंगे **युवाओं को अंग्रेजी भाषा का प्रशिक्षण दिया जाएगा ** अब से अनाथ बच्चे 'चिल्ड्रेन ऑफ स्टेट' कहलाएंगे ** साल में एक बार अनाथ बच्चों को हवाई यात्रा और तीन सितारा होटल में ठहरने की सुविधा दी जाएगी : सीएम सुक्खू ** निराश्रितों को हर महीने चार हजार रुपए की आर्थिक मदद **दूध उत्पादन, सब्जी, फलों-फूलों के उत्पादन को कृषि कल्स्टर बनाए जाएंगे ** सुरक्षित बचपन अभियान की शुरुआत **हिम उन्नति योजना शुरू करने का ऐलान **किसानों, पशुपालकों के लिए हिम गंगा योजना शुरू होगी, इस योजना के लिए 500 करोड़ की घोषणा ** नए मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किए जाएंगे और मौजूदा प्लांट्स को अपग्रेड किया जाएगा ** प्रदेश के गरीब परिवारों के बच्चों को तकनीकी कोर्स करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, इसके लिए 200 करोड़ रूपए की विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना शुरू करने का ऐलान ** 1292 करोड़ की लागत से हिमाचल में शिवा प्रोजेक्ट के तहत सात जिलों में 28 विकास खंडों में 6000 हेक्टेयर क्षेत्रों में बागवानी का विकास करेगी, 15 हजार बागवान लाभान्वित होंगे ** मुख्यमंत्री सुरक्षित बचपन अभियान शुरू करने की घोषणा, इस अभियान के अंतर्गत POSCO के प्रावधानों के बारे में प्रदेश वासियो को जागरूक किया जाएगा **मुख्यमंत्री सुरक्षित बचपन अभियान शुरू करने की घोषणा, इस अभियान के अंतर्गत POSCO के प्रावधानों के बारे में प्रदेश वासियो को जागरूक किया जाएगा **मुख्यमंत्री लघु दुकानदार योजना शुरू करने की घोषणा ** पंचायत जनप्रतिनिधियों के मानदेय में बढ़ोतरी ** मनरेगा के तहत ट्राइबल एरिया में मिलने वाली दिहाड़ी 266 रुपए से बढ़ाकर 294 रुपए किया, दिहाड़ी बढ़ने से 100 करोड़ अतिरिक्त खर्च होगा। इससे 9 लाख लोग लाभान्वित होंगे ** मनरेगा योजना के तहत मनरेगा दिहाड़ी को 212 से बढ़ाकर 240 रुपए करने की घोषणा ** मछली पालन के लिए तालाब निर्माण के लिए 80 फीसदी की सब्सिडी की घोषणा किसानों को ट्रेक्टर पर 50 फीसदी उपदान दिया जाएगा ** पंचायती राज प्रतिनिधयों का मानदेय बढ़ा **जिला परिषद् अध्यक्ष को 15 के बजाए 20 हज़ार मिलेगा, उपाध्यक्ष को 15 हज़ार ** नई पंचायतों में पंचायत घर बनाने के लिए 10 करोड़ के बजट का प्रावधान, 164 पंचायत सचिव के पद भरेगी सरकार ** ग्रामीण विकास पंचायती राज विभाग के लिए 1916 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है ** शिमला के पास जाटिया देवी में नया शहर बसाने का ऐलान **हिमाचल में नया वाटर मैनेजमेंट एंड रेगुलेशन बिल लाएगी सरकार **जलशक्ति विभाग में 5 हजार पद भरने की घोषणा **मुख्यमंत्री लघु दुकानदार योजना शुरू करने की घोषणा
बजट में मनरेगा दिहाड़ी मौजूदा 212 रुपये से 240 रुपये करने की घोषणा की गयी। जनजातीय क्षेत्रों में मनरेगा दिहाड़ी मौजूदा 266 रुपये से 294 रुपये करने की घोषणा। 9 लाख मनरेगा मजदूरों को इससे लाभ मिलेगा। मनरेगा के तहत ट्राइबल एरिया में मिलने वाली दिहाड़ी 266 रुपए से बढ़ाकर 294 रुपए किया, दिहाड़ी बढ़ने से 100 करोड़ अतिरिक्त खर्च होगा। प्रमुख घोषणाएं : - प्रदेश के युवाओं को उनकी अपनी भूमि पर या लीज पर ली गई भूमि पर 200 किलो वाट से 2 मेगा वाट की परियोजना स्थापित करने के लिए 40 फीसदी सब्सिडी अनुदान सहित दी जाएगी। - प्राइवेट बस ऑपरेटर्स को E -BUS खरीद के लिए 50 प्रतिशत की दर से 50 लाख तक की सब्सिडी दी जाएगी। नादौन और शिमला में ई बस डिपो बनेंगे, HRTC चलाएगी 1500 ई बस - एनपीएस कर्मचारियों के 8 हजार करोड़ रुपये केंद्र से वापस लाने के लिए भी सदन में विपक्ष से सहयोग मांगा - हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन की 1500 डीजल बसों को ई-बसों में बदलने की घोषणा - नादौन और शिमला में ई-बस डिपो बनाया जाएगा - प्राइवेट ऑपरेटर्स को चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए 50 प्रतिशत की दर से सब्सिडी दी जाएगी - हिमाचल प्रदेश में हर उपमंडल की दो पंचायतें ग्रीन पंचायतें बनेगी, प्रदेश में ग्रीन हाइड्रोजन नीति लाई जाएगी - वरिष्ठ नागरिकों के लिए ओल्ढ एज होम विकसित किए जाएंगे - सभी जिले हेलीपोर्ट से जोड़े जाएंगे - मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंडी एयरपोर्ट के लिए 1000 करोड़ रुपये जारी करवाने के लिए विपक्ष का सहयोग मांगा - हिमाचल के सभी मेडिकल कालेजों में इस साल रोबोटिक्स सर्जरी शुरू होगी, इस पर 100 करोड़ खर्च होंगे - प्रदेश के सभी विधानसभा में खुलेंगे राजीव गांधी डे बोर्डिग स्कूल - सभी मेडिकल कालेजों में पेट स्केन स्थापित होंगे - हमीरपुर मेडिकल में कैंसर केयर के लिए एक सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा - नाहन, चम्बा एवं हमीरपुर स्थित मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग कॉलेज स्थापित किये जाएंगे - इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के लिए 150 करोड़ का बजट प्रावधान - बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कुल 3,139 करोड़ का बजट किया प्रस्तावित - हर विधानसभा क्षेत्र में एक आदर्श स्वास्थ्य संस्थान बनाया जाएगा ,134 तरह के टेस्ट की सुविधा होगी - प्रत्येक सीनियर सैकेंडरी स्कूल में लाइब्रेरी स्थापित होगी - हर विधानसभा क्षेत्र में एक अस्पताल को आदर्श स्वास्थ्य संस्थान बनाया जाएगा - प्रदेश के युवाओं को विभिन्न कॉम्पिटिटिव एक्साम्स की तैयारी के लिए नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी की एक्सेस ओर आवश्यक पुस्तकों से लैस लाइब्रेरी का निर्माण किया जाएगा - 1311 करोड़ की लागत से पर्यटन विकास योजना शुरू होगी - परवाणू -नालागढ़-ऊना, हमीरपुर-अंब-नूरपूर, पांवटा-नाहन-शिमला, शिमला-बिलासपुर हमीरपुर-चंबा, मंडी-पठानकोट, मनाली-केलोंग नेशनल हाईवे को ग्रीन कौरिडेर के तौर पर विकसित किया जाएगा - हर अनाज के अलग अलग क्लस्टर बनाएं जायेंगे - विद्यार्थिओं को खेल में भाग लेने के लिए प्रेरित करने को स्पोर्ट्स हॉस्टल में रह रहे खिलाडियों की डाइट मनी को 120 रूपए से बढाकर 240 प्रतिदिन करने की घोषणा - शिक्षा क्षेत्र के लिए कुल 8 ,828 करोड़ प्रस्तावित किया गया - 40 हजार नए लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन देने की घोषणा - पहले चरण में 2 लाख 31 महिलाओं को मिलेंगे 1500 रुपये मासिक दिए जाएंगे - हिम गंगा योजना होगी शुरू, दूध उत्पादकों की True Cost मिलेगी - विधवा और एकल नारी आवास योजना शुरू होगी, इसके तहत 7 हजार महिलाओं को डेढ़ लाख की राशि आवास के लिए दी जाएगी - 20 हजार मेधावी छात्राओं को इलेक्ट्रिक स्कूटी के लिए 25 हजार सब्सिडी दी जाएगी - 40 हजार नए लोगों को सोशल सिक्योरिटी पेंशन देने घोषणा - नशाखोरी रोकने के लिए नशा एवं मादक पदार्थ मुक्त अभियान शुरू करने की घोषणा - सरकारनशाखोरी का कारोबार करने वालों के विरुद्ध इसी विधानसभा के बजट सत्र में कानून लाएगी - मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना के तहत जंगली जानवरों से फसलों को बचाने के लिए जालीदार फेंसिंग को सब्सिडी देंगे - युवाओं को अंग्रेजी भाषा का प्रशिक्षण दिया जाएगा - अब से अनाथ बच्चे 'चिल्ड्रेन ऑफ स्टेट' कहलाएंगे - साल में एक बार अनाथ बच्चों को हवाई यात्रा और तीन सितारा होटल में ठहरने की सुविधा दी जाएगी - निराश्रितों को हर महीने चार हजार रुपए की आर्थिक मदद - दूध उत्पादन, सब्जी, फलों-फूलों के उत्पादन को कृषि कल्स्टर बनाए जाएंगे - सुरक्षित बचपन अभियान की शुरुआत - हिम उन्नति योजना शुरू करने का ऐलान - किसानों, पशुपालकों के लिए हिम गंगा योजना शुरू होगी, इस योजना के लिए 500 करोड़ की घोषणा - नए मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किए जाएंगे और मौजूदा प्लांट्स को अपग्रेड किया जाएगा - प्रदेश के गरीब परिवारों के बच्चों को तकनीकी कोर्स करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, इसके लिए 200 करोड़ रूपए की विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना शुरू करने का ऐलान - 1292 करोड़ की लागत से हिमाचल में शिवा प्रोजेक्ट के तहत सात जिलों में 28 विकास खंडों में 6000 हेक्टेयर क्षेत्रों में बागवानी का विकास करेगी, 15 हजार बागवान लाभान्वित होंगे - मुख्यमंत्री सुरक्षित बचपन अभियान शुरू करने की घोषणा, इस अभियान के अंतर्गत POSCO के प्रावधानों के बारे में प्रदेश वासियो को जागरूक किया जाएगा - मुख्यमंत्री सुरक्षित बचपन अभियान शुरू करने की घोषणा, इस अभियान के अंतर्गत POSCO के प्रावधानों के बारे में प्रदेश वासियो को जागरूक किया जाएगा - मुख्यमंत्री लघु दुकानदार योजना शुरू करने की घोषणा - मछली पालन के लिए तालाब निर्माण के लिए 80 फीसदी की सब्सिडी की घोषणा - किसानों को ट्रेक्टर पर 50 फीसदी उपदान दिया जाएगा
बजट में पंचायत प्रतिनिधियों का मानदेय बढ़ाने की घोषणा की गयी है। अब जिला परिषद के अध्यक्ष को 20 हजार रुपये प्रति माह मानदेय मिलेगा। उपाध्यक्ष जिला परिषद को 15 हजार हजार रुपये प्रति माह मानदेय मिलेगा। सदस्य जिला परिषद को 6500 रुपये प्रति माह, अध्यक्ष बीडीसी को 9500 रुपये प्रति माह, उपाध्यक्ष बीडीसी को 7000 रुपये प्रति माह, सदस्य बीडीसी को 6000 रुपये प्रति माह, पंचायत प्रधान को 6000 रुपये प्रति माह, उप प्रधान को 4000 रुपये प्रति माह और सदस्य ग्राम पंचायत को 500 रुपये प्रति बैठक प्रदान किया जाएगा। ग्रामीण विकास पंचायती राज विभाग के लिए 1916 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार पर बजट सत्र में मुहर लगा दी। सीएम ने अपने बजट भाषण में स्पष्ट किया कि गगल एयरपोर्ट का विस्तार सरकार जल्द से जल्द करेगी और एक साल में यह तैयार हो जाएगा। इसके लिए सरकार जल्द ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने वाली है। चूंकि सरकार कांगड़ा को पर्यटन राजधानी बनाना चाहती है, इसलिए एयरपोर्ट का विस्तार जल्द से जल्द करेगी। इसके अलावा यह एयरपोर्ट देश की सुरक्षा की दृष्टि से भी अहम है। सरकार का रुख स्पष्ट है और एक साल के भीतर एयरपोर्ट विस्तार के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर इसका निर्माण कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अपने पहले बजट भाषण में कहा कि किसानों, पशुपालकों के लिए हिम गंगा योजना शुरू होगी। इस योजना के लिए 500 करोड़ की घोषणा। नए मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किए जाएंगे और मौजूदा प्लांट्स को अपग्रेड किया जाएगा। हिमाचल में नशा एवं मादक पदार्थ मुक्त अभियान चलेगा। नशे के सौदागरों के खिलाफ कड़ा कानून लाया जाएगा। विधवा पेंशन के लिए आयु सीमा खत्म करने की घोषणा। दिव्यांग जनों को भी लाभ दिया जाएगा। 40 हजार नए लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन देने की घोषणा। पहले चरण में 2 लाख 31 महिलाओं को मिलेंगे 1500 रुपये मासिक दिए जाएंगे। विधवा और एकल नारी आवास योजना शुरू होगी। इसके तहत 7 हजार महिलाओं को डेढ़ लाख की राशि आवास के लिए दी जाएगी। बिजली पानी भी निशुल्क दिया जाएगा। 20 हजार मेधावी छात्राओं को इलेक्ट्रिक स्कूटी के लिए 25 हजार सब्सिडी दी जाएगी।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राजभवन में कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में राज्य में प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के कार्यान्वयन से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि हाल ही में प्राकृतिक उत्पादों की मांग में बढ़ोतरी हुई है और किसान इससे लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने में कृषि विश्वविद्यालयों के साथ कृषि प्रौद्योगिकी विकास में भागीदारी, इनकी ब्रैंडिंग और पैकिंग विकास तथा छात्रों और प्रशिक्षुओं के लिए फैलोशिप कार्यक्रम जैसे नवोन्मेषी कदम प्रभावी साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश रसायन मुक्त कृषि की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती को बड़े स्तर पर बढ़ावा देने की आवश्यकता है ताकि स्वास्थ्य की दृष्टि से सर्वोत्तम कृषि उत्पाद, पर्यावरण संरक्षण के साथ ही किसानों को उनके उत्पादों के बेहतर दाम भी सुनिश्चित किए जा सकें। विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में किसान प्राकृतिक खेती पद्धति अपना रहे हैं और इस तकनीक के माध्यम से अभी तक 19,320 हैक्टेयर भूमि पर लगभग 1.59 लाख किसान एवं बागवान विभिन्न फसलों का उत्पादन कर रहे हैं। कृषि सचिव राकेश कंवर ने राज्यपाल को प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लघु एवं सीमांत किसान प्रमुख रूप से इस पद्धति की ओर आकर्षित हो रहे हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पोषक अनाज वर्ष-2023 के उपलक्ष्य में राज्यपाल को विभाग द्वारा तैयार टेबल कैलेंडर, व्यंजन विधि पुस्तिकाएं तथा विवरणिकाएं भी भेंट कीं।
विश्वविद्यालय एसएफआई इकाई तथा एसएफआई शिमला शहरी इकाई ने आज छात्रों की समस्याओं को लेकर विश्वविद्यालय में वीसी ऑफिस के बाहर उग्र प्रदर्शन किया। एसएफआई पिछले लंबे समय से रिवॉल्यूशन के रिजल्ट को लेकर लगातार प्रदेश भर में आंदोलनरत थी परंतु इसके बावजूद भी प्रशासन अभी तक आधे अधूरे परिणाम ही घोषित कर पाया है। जिसकी वजह से प्रदेशभर के अनेक छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। जो रिजल्ट घोषित भी हुए हैं उनमें ईआरपी की खामियों के चलते अनेक अनियमितताएं पाई गई है। एसएफआई ने ईआरपी सिस्टम में सुधार को लेकर भी अनेक बार प्रशासन को चेताया है परंतु प्रशासन इस ओर भी कोई सुध लेने को तैयार नहीं है। धरना प्रदर्शन में बात रखते हुए एसएफआई विश्वविद्यालय ईकाई सचिवालय सदस्य संतोष ने कहा कि यूजी परीक्षाओं के परिणाम को आए 100 से अधिक दिन हो गए हैं, परन्तु हालात यह है कि विश्वविद्यालय 100 दिनों के अंदर भी रिवॉल्यूशन के परिणामों को घोषित कर पाने में नाकाम है। जो परिणाम अभी तक विश्वविद्यालय ने घोषित किए है उसके अंदर भी काफी खामियां ईआरपी सिस्टम के चलते देखने को मिली है एसएफआई इसका विरोध करती है और विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग करती है कि इन परिणामों को जल्दी से जल्दी घोषित किया जाए। अधूरे परिणाम के चलते छात्रों को अनेकों परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिमला : शिमला नगर निगम में वार्डों की कम करना असंवैधानिक : जैन विद्वान वरिष्ठ अधिवक्ता सत्य पाल जैन ने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में दरख्वास्त डालने के बाद कहा कि शिमला नगर निगम में वार्डों की संख्या 41 से घटाकर 34 करना हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1994 के प्रावधानों का उल्लंघन है और साथ ही हिमाचल प्रदेश नगर निगम (चुनाव) नियम, 2012 का उल्लंघन। सतपाल जैन ने अपनी अर्जी में कोर्ट को बताया कि जब वार्डों को 34 से बढ़ाकर 41 करने की पूरी कवायद कानून को मद्देनजर रखते हुए और सभी नियमों की पालना करते हुए की थी, तो हिमाचल सरकार द्वारा वार्डों को 41 से घटाकर 34 करने के लिए अधिनियम में संशोधन करने का कोई औचित्य नहीं था। कहा कि अन्यथा वार्डों की संख्या 41 से घटाकर 34 करने के बाद भी डेलिमिटेशन के नियमों के अनुसार 34 वार्डों के डेलिमिटेशन की प्रक्रिया फिर से करने की क्या आवश्यकता थी। इसलिए, वार्डों को 41 से घटाकर 34 करने के साथ-साथ पुराने डेलिमिटेशन को अपनाना दोनों अवैध, असंवैधानिक है और रद्द किए जाने योग्य हैं। उन्होंने आग्रह किया कि उत्तरदाताओं को हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम और नियमों के प्रावधानों के अनुसार नए सिरे से डेलिमिटेशन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए निर्देशित किया जाए। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सत्यपाल जैन का शिमला आम पर स्वागत एवं अभिनंदन किया।
भाजपा प्रभारी एवं सांसद अविनाश राय खन्ना ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के लॉ डिपार्टमेंट में एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। खन्ना ने कहा कि हमें संविधान में अपनी ड्यूटीज के बारे में विस्तृत रूप से पढ़ना चाहिए और मैं चाहता हूं कि हम सब इंटरनेशनल ड्यूटी डे भी मनाए। हमेशा हम समाज में अपने हितों यानी राइट्स की बात करते हैं पर कभी ड्यूटी के बारे में बात नहीं करते। अगर हम अपनी ड्यूटीज के बारे में अध्ययन कर ले तो हमें अपने समाज की सेवा करने के बारे में और ज्यादा शक्ति प्राप्त होगी। वहीँ, प्रोफेसर संजय संधू ने बताया कि अविनाश राय खन्ना की पुस्तक समाज चिंतन को इस कॉलेज के सिलेबस का भाग बनाया गया है, जिसके लिए प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने सभी का धन्यवाद भी किया। अपनी पुस्तक समाज चिंतन के बारे में उन्होंने विधि विभाग के विद्यार्थियों के साथ संवाद भी किया। खन्ना ने कहा कि बच्चे जिस प्रकार से लगन से पढ़ाई कर रहे हैं, वह अद्भुत है। यही बच्चे बड़े होकर देश का भविष्य बनाएंगे। आज लॉ की पढ़ाई बहुत महत्वपूर्ण है और समाज में लॉ का योगदान बहुत बड़ा है। उन्होंने कहा कि आईपीसी बहुत सोच समझ कर बनाया गया था और जब से भारत देश बना है तब से इसमें केवल 2 अमेंडमेंट की गई है, इसी प्रकार एविडेंस एक्ट की स्थापना से अब तक केवल एक ही अमेंडमेंट की गई है जो की धारा 119 है। मेरा मानना यह है कि हमें लॉ के बारे में अध्ययन करना चाहिए और प्रैक्टिस करते समय जो भी चीज हमारे समक्ष आती है उसके बारे में हमें सरकार को अवगत करवाना चाहिए।
CM Sukhu while discussing environmental issues during the budget session stated that "Himachal's forest wealth is around 65% of the state's area" which is one of the highest among Indian states percentage-wise. Additionally, he mentioned that pine forests are the area most commonly affected by forest fires. The Forest Department has worked to minimize the number of fires during the summer season, which has helped reduce the number of fires. State's CM also shed some light on the multidimensional hazards faced by the hill state of Himachal. As per the High level, committee organized by the state govt earlier, 33 hazards are recognized which can occur in the state, out of which Himachal is affected by 25. CM Sukhu also stressed climate change and other anthropogenic activities can accelerate and worsen these hazards. State government initiatives to lessen environmental risks: For fire-prone areas: Construction of fire lines and water reservoirs, recruiting fire watchers, and conducting awareness drives. For landslide-prone areas: Disaster response teams for assistance during dangers. Opposition on Fire-watcher issues and CM response: Shri Lakhanpal (Opposition MLA) stated that there is an issue with the Fire-watcher number and their salaries are also delayed for extended periods of time. In response, CM Sukhu said Fire-watchers are essential in reducing fire incidents and that they were previously referred to as Rakhas by locals. He also assured that the Fire-watcher's salary would be paid on schedule and that a policy will be developed in this respect. He also made sure to hold a meeting with the forest department in this respect to address the problem of the required number of fire watchers as well as whether this service must be continued or not. Budget allocation for environmental and associated programs for FY 2023-24: State govt Contributions: Fire-incidence reduction fund: Rs 2.14 Cr under FMS state plan and Rs 4.07 Cr under CAMPA head. Disaster relief Fund: Rs 226.51 Cr. Fasal bima yojana, Crop diversification scheme, Mandi arbitrage fund, and Horticulture development project: Rs 208.42 Cr. Central govt contribution (proposed): NDRF fund for disaster management: Rs. 400 Cr. Swach Bharat Abhiyan: Rs34.47 Cr. Gram Swaraj Yojna (for rural upliftment): Rs. 43 Cr.
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन की कार्यवाही से पहले बीजेपी विधायक दल ने सदन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की अगुवाई में बीजेपी विधायक ताला और जंजीर लेकर विधानसभा में पहुंचे। इस दौरान विधायकों ने सदन के बाहर जमकर नारेबाजी भी की। बीजेपी विधायक दल के नेता जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार को ताले वाली सरकार का नाम दिया। इसके बाद बीजेपी विधायकों ने विधानसभा में मुख्यमंत्री के कार्यालय के बाहर भी जमकर नारेबाजी की। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार प्रदेशभर में ताले वाली सरकार के नाम से मशहूर हो रही है।उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद सिर्फ और सिर्फ ताला लगाने का काम किया जा रहा है।पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि सदन की कार्यवाही के दूसरे दिन नियम 67 के तहत चर्चा हुई है।इस चर्चा में भी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बिना तथ्यों के जवाब दिए है और बातों को घुमाने की कोशिश की। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि संस्थान बंद करने के खिलाफ बीजेपी विधायक दल चुप नहीं बैठेगा और लगातार जनता की आवाज मुखरता से उठाएंगे।
Himachal CM Sukhu has said that “He was responding to the suggestion made by MLA Lakhanpal during the budget session to safeguard the forest riches from fire, flood, and landslides.” Himachal government is planning to bring a concrete policy to save the forests. Additionally, a new scheme to provide a 50 % subsidy to those who want to set up the pine needle industry. The Pine leaves will be used for manufacturing various products such as plates, cups, paper, and other biodegradable articles. The final policy and procedure for setting up of pine-based industry will be formulated soon. This policy can help provide additional income to lower to middle-income Himachal households and can help boost the overall GPD of the state if the policy is implemented correctly. Apart from generating employment, this move can also become helpful in reducing forest fire incidences, as Pine forests are most affected by forest fires in Himachal. But, the impact of taking a large number of pine needles from forest floors is still unknown. On one side, this move can help reduce forest fire; on the other, it can increase weed and insect infestation incidences in Pine forests. It can also affect the nutrient status of the forest soil and increase soil erosion by the removal of organic carbon from the forest floor. Overall, it is a good move by the state govt to boost the economy of Himachal households, but it will require proper inspection by forest departments also. So, that forest should also not suffer from it.
भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना और सह प्रभारी संजय टंडन ने राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से राजभवन में शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल का कुशलक्षेम जाना। खन्ना ने कहा कि हिमाचल प्रदेश लोकतंत्र प्रहरी सम्मान योजना बंद करना कांग्रेस सरकार का असली चेहरा दिखाता है। इस योजना के अंतर्गत उन लोगों को पेंशन का अधिकार था, जो इमरजेंसी के दौरान जेल गए थे। आज वे बुजुर्ग हो गए हैं और उनकी विधवाओं को भी यह पेंशन मिल रही थी। उन्होंने कहा कि देश में इमरजेंसी 2 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक लगी थी और लाखों लोगों ने इसका विरोध किया था, जिसमें उनका दृढ़ निश्चय और लक्ष्य रिवाइवल ऑफ डेमोक्रेसी और फंडामेंटल राइट्स की हक की लड़ाई थी। इस समय हमने भी इमरजेंसी का वातावरण देखा था, हमें उस समय इमरजेंसी के खिलाफ पंजाब में काफी लिटरेचर बनता था। कांग्रेस पार्टी ने हमेशा डेमोक्रेसी का विरोध किया है और आज भी इस प्रहरी योजना को बंद करके उन्होंने दिखाया है कि ये लोग डेमोक्रेसी के विरुद्ध काम करते हैं।
आईजीएमसी में बुधवार को स्टेट ऑर्गन एंड टिशु ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन हिमाचल प्रदेश की ओर से अंग एवं उत्तक दाता परिवारों का सम्मान समारोह 'नमन दिवस-2023' आयोजित किया गया। इसमें पूर्व इंडियन नेशनल कबड्डी टीम कैप्टन व मौजूदा समय में डीएसपी ऊना अजय ठाकुर बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे। आईजीएमसी की प्रधानाचार्य डॉ. सीता ठाकुर ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। इस दौरान मुख्य अतिथि के हाथों क्यूआर कोड का अनावरण भी किया गया। अब कोई भी व्यक्ति सोटो की ओर से तैयार किया गया क्यूआर कोड स्कैन करके अंगदान का शपथ पत्र ऑनलाइन भर सकता है। इसके अलावा सोटो की ऑफिशियल वेबसाइट भी लांच की गई। आईजीएमसी नेत्र रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ रामलाल शर्मा ने आईजीएमसी के आई बैंक के बारे में जानकारी साझा की और सोटो हिमाचल प्रदेश के द्वारा किए जा रहे सराहनीय कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आईजीएमसी शिमला में आई बैंक साल 2010 से चल रहा है जिसमें सैकड़ों लोगों ने नेत्रदान करके कई जिंदगियां रोशनी से भरी है। वही सोटो प्रदेश भर में अलग-अलग स्थानों पर नोडल अधिकारी डॉ पुनीत महाजन की अध्यक्षता में अंगदान के प्रति लोगों के बीच जागरूकता फैलाने का काम कर रहा है। अब तक करीब 950 लोगों ने अंगदान की शपथ ली है। टांडा मेडिकल कॉलेज से आए रिनल ट्रांसप्लांट सर्जरी के विभागाध्यक्ष डॉ राकेश चौहान ने हिमाचल में अंगदान के सफर पर बहुमूल्य विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि टांडा मेडिकल कॉलेज में मौजूदा समय तक दो कैडेवरिक ऑर्गन रिट्रीवल सफलता पूर्वक किए जा चुके हैं। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि अजय ठाकुर ने अंग एवं उत्तक दाताओं के पारिवारिक सदस्यों को उनके त्याग व समर्पण के लिए सम्मानित किया। मुख्य अतिथि अजय ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि अंगदान जरूरतमंद के लिए वरदान साबित हो सकता है। कार्यक्रम में आई बैंक के विभागाध्यक्ष डॉ रामलाल शर्मा, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ विनय गुप्ता, सीनियर आई बैंक ऑफिसर व बीएमओ डॉ यशपाल रांटा, डॉ शशि शर्मा, अस्पताल की मेट्रन हरिप्रिया, वार्ड सिस्टर आराधना शर्मा, ग्रीफ काउंसलर डॉ सारिका, आई बैंक टेक्नीशियन संदीप शर्मा, आई बैंक टेक्नीशियन भूपेंद्र ठाकुर, जूनियर असिस्टेंट रामदयाल को सम्मानित किया गया। वहीं अंगदान व नेत्रदान के क्षेत्र में अहम भूमिका निभाने वाले हमीरपुर जिला के रहने वाले अमित शर्मा व उमंग फाउंडेशन से आए विनोद योगाचार्य युवा फाउंडेशन के सुधांशु ठाकुर को भी सम्मानित किया गया ।
भाजपा के नगर निगम चुनाव के प्रभारी एवं पूर्व मंत्री सुखराम चौधरी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पूरी तरह कंफ्यूज है। कांग्रेस द्वारा वोट बनाने की प्रक्रिया को बदलना साफ दर्शाता है कि वह फ्रॉड वोट को बढ़ावा दे रही है। सरकार के नेता अधिकारियों के ऊपर दबाव डालकर 100 से 500 वोट तक अपने वार्ड में फ्रॉड बनवा रहे हैं। एक आधार कार्ड और किराएदार दिखाकर बड़ी संख्या में लोग शिमला में वोट बनाने का कार्य कर रहे हैं। कांग्रेस ओछी राजनीति कर नगर निगम का चुनाव जीतना चाहती है, पर ऐसा संभव नहीं हो पाएगा। उन्होंने कहा की 6 महीने में अगर एक व्यक्ति दो बार वोट दें तो यह ऑब्जेक्शनेबल है। हाल ही में हिमाचल में विधानसभा चुनाव हुए हैं और वही लोग नगर निगम में भी वोट डालेंगे यह ठीक नहीं है। कांग्रेस के नेताओं को यह समझना चाहिए। यह सरकार कभी 2017 की वोटर लिस्ट के बारे में बात करती हैं तो कभी 2022 की वोटर लिस्ट के बारे में आज मतदाता चिंतित है। कांग्रेस नेता कभी कहते हैं कि मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव डायरेक्ट होंगे या इंडिरेक्ट होंगे। यह सरकार सच कंफ्यूज है। सरकार नगर निगम अधिनियम 4 का उल्लंघन कर रही है। नगर निगम के चुनावों में एसा पहेली बार हो रहा है। उन्होंने कहा ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में गड़बड़झाला का संशय सामने आया है, वार्ड नंबर 5 समरहिल में एमसी लिमिट के बाहर के वोट भी बनाए जा रहे है, यह कांग्रेस और वामपंथियों का असल चेहरा सामने आया है। ब्लॉक लेवल ऑफिसर वोट को वेरीफाई करें बिना ही वोट बना रहे हैं, हमारा निवेदन है कि यह अपने कर्तव्य का निर्वहन निष्पक्ष रूप से करें, सरकार को अधिकारियों पर दबाव नहीं बनाना चाहिए। एक ही एड्रेस प्रूफ पर अनेकों वोटों का पंजीकरण हो रहा है यह गलत है। इस अवसर पर उनके साथ विधायक बलबीर वर्मा, संजय सूद, रवि मेहता, डेजी ठाकुर और कर्ण नंदा उपस्थित रहे।
प्रदेश के समस्त बेरोजगार आज हमीरपुर से शिमला बेरोजगार जोड़ो यात्रा कर रहे हैं। नई सरकार को बने आज लगभग 3 महीने पूरे हो चुके हैं, लेकिन सरकार द्वारा अभी तक एक भी भर्ती नहीं निकाली गई है, न ही तो पुरानी किसी भर्ती का रिजल्ट घोषित किया गया है। इसके साथ ही क्लास 3 और 4 की भर्ती करवाने वाले हिमाचल प्रदेश स्टाफ सिलेक्शन कमीशन को भी बंद कर दिया गया है, जिसकी वजह से हिमाचल प्रदेश के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यार्थी परेशान हो गए हैं। चुनाव से पहले सरकार ने अपने घोषणा पत्र में भी पहली कैबिनेट में 1 लाख नौकरियां देने का वादा किया था तथा पुराने रिजल्ट जो घोषित नहीं किए गए थे, उनके लिए भी समय के अंदर घोषित करने का वादा किया था। लेकिन 3 महीने बीत जाने के बाद भी वह वादा पूरा नहीं हो सका है। बेरोजगार युवाओं ने सरकार से मांग की है कि अगर कोई भी जांच की जा रही है, उसको जारी रखें, लेकिन जो पिछले रिजल्ट घोषित करने है या अगली परीक्षा करवानी है, उसे भी साथ में करवाया जाए, ताकि तैयारी कर रहे तमाम अभ्यर्थियों को समय पर नौकरी मिल सके।
हिमाचल प्रदेश मनरेगा एवं निर्माण मजदूर फेडरेशन की राज्य कमेटी के आह्वान पर खंड कमेटी सराहां ने तहसीलदार सराहां के माध्यम से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को एक मांगपत्र सौंपा। फेडरेशन के राज्य कमेटी सदस्य अरूण कश्यप ने कहा कि राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड में लंबित मजदूरों के लाभ तुरंत जारी किए जाएं। राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड के कार्यों संबंधी गठित एक्सपर्ट कमेटी में अधिकारियों के अलावा मजदूर संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए, ताकि रुके हुए कार्य को बहाल करने के बारे में निर्णय लिया जा सके। कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में जो मनरेगा मजदूरों को 350 रुपये न्यूनतम दिहाड़ी देने की बात की थी, वो मनरेगा मजदूरों को दी जाए।मनरेगा में कार्य दिवस 120 दिनों से बढ़ाकर 200 दिन प्रतिवर्ष किए जाएं। मनरेगा में ऑनलाइन हाजिरी और 20 कार्यों की शर्त को हटाया जाए। मनरेगा कार्यों की असेसमेंट के लिए अलग मापदंड निर्धारित किए जाएं।
प्रदेश भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना एवं सह प्रभारी संजय टंडन आज भाजपा मुख्यालय दीपकमल चक्कर पहुंचे। मुख्यालय पहुंचने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप एवं कार्यकर्ताओं द्वारा उनका स्वागत किया गया। शिमला नगर निगम चुनाव की दृष्टि से प्रदेश भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना और सह प्रभारी संजय टंडन पार्टी मुख्यालय दीप कमल चक्कर में 90 सदस्य समिति की बैठक लेंगे।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि प्रदेश को नशामुक्त बनाना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए लोगों से प्रत्येक स्तर पर सहयोग करने की अपील की है, ताकि युवाओं को नशे के चंगुल में फंसने से बचाया जा सकेे। राज्यपाल ने आज राजभवन में नशामुक्ति तथा नशीले पदार्थों की तस्करी पर रोक से संबंधित विषयों पर पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि समाज को नशामुक्त बनाने के लिए पंचायती राज, शैक्षणिक संस्थानों, गैर सरकारी संगठनों, समुदाय आधारित संगठनों, अनुसंधान संस्थानों, विशेषज्ञों तथा आम नागरिकों द्वारा महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। नशे के विरुद्ध आमजन में जागरूकता लाने के लिए अन्य सामाजिक संगठनों के साथ पुलिस बल का कर्तव्य बेहद महत्वपूर्ण है। इसके अतिरिक्त, नशीले पदार्थों की तस्करी को समाप्त करने के लिए सीमावर्ती राज्यों के पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की जा सकती है, ताकि इस बुराई को जड़ से समाप्त किया जा सके।
हिमाचल विधानसभा का बजट सेशन मंगलवार को शुरू हो गया। सत्र के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ऑल्टो गाड़ी से विधानसभा पहुंचे। इस दौरान गाड़ियों का काफिला हमेशा की तरह उनकी ऑल्टो कार के आगे पीछे रहा। सेशन की शुरुआत के साथ मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने अपने मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों का परिचय कराया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने करसोग के पूर्व विधायक दिवंगत मनसा राम का शोकोद्गार प्रस्ताव सदन में लाया। वहीं हिमाचल विधानसभा में बजट सत्र के पहले ही दिन सदन में खूब हंगामा बरपा। भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने नियम 67 के तहत विधायक क्षेत्र विकास निधि रोकने को लेकर सदन में स्थगन प्रस्ताव लाया और इस चर्चा की मांग की। इस प्रस्ताव के बाद सदन में खूब हंगामा हुआ और विपक्ष ने सदन में वॉकआउट किया। विधानसभा स्पीकर ने विपक्ष के काम रोको प्रस्ताव को निरस्त किया। विपक्ष के प्रस्ताव पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने कहा कि विपक्ष ने काम रोको का प्रस्ताव लाया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। विधायक क्षेत्र विकास निधि रोकने के लिए काम रोको प्रस्ताव की जरूरत नहीं बल्कि इस पर चर्चा मांगी जा सकती थी।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के प्रथम दिन भोजनावकाश के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ओक ओवर में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधिमंडलों तथा लोगों से भेंट की और जन शिकायतों का निवारण किया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश कांग्रेस समिति के सचिव जगदीश रेड्डी की अध्यक्षता में हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम के परिचालक संघ ने मुख्यमंत्री से भेंट की और परिचालकों की विभिन्न समस्याओं व मांगों से उन्हें अवगत करवाया। उन्होंने कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया। वहीँ, बीएससी नर्सिंग छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने भी मुख्यमंत्री से भेंट कर इंटर्नशिप के दौरान मिलने वाले स्टाइपेंड को बहाल करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडलों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनकी उचित मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।


















































