राजधानी शिमला में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा पेश आया है। सील्ड रोड पर जा रहे एक राहगीर को कार चालक ने कुचल दिया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान हरीराम खांगटा के तौर पर हुई है। वह हाईकोर्ट में सेक्शन ऑफिसर के पद पर तैनात था। वह यूएस क्लब से हाईकोर्ट की तरफ जा रहा था। हादसे का कारण गाड़ी का ब्रेक फेल होना बताया जा रहा है। यूएस क्लब शिमला का पॉश एरिया है। यहां पर कई बड़े सरकारी ऑफिस हैं। यहां पर बिना परमिट के गाड़ियों के आने पर रोक है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि यह दुर्घटना आखिर कैसे हाे गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
एसएफआई की प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने मंगलवार को चीफ वार्डन का घेराव किया व उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। एसएफआई ने मांग की कि पीएचडी के जो छात्र 5 साल से अधिक समय से हॉस्टलों में रह रहे हैं, उनके हॉस्टल कैंसिल किए जाएं ताकि पीएचडी में दाखिल हुए नए छात्रों को हॉस्टल की सुविधा मिल सके। एसएफआई ने यह मांग भी रखी है की नए हॉस्टल का निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जाए। नई हॉस्टल एलॉटमेंट लिस्ट जल्द से जल्द जारी की जाए। हॉस्टलों के अंदर पर्याप्त मात्रा में पीने के पानी की व्यवस्था की जाए, हॉस्टलों का रिनोवेशन का कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाए, हॉस्टलों के अंदर खाने की गुणवत्ता को बढ़ाया जाए, कन्या छात्रावासों में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ की जाए, छात्रावासों की सड़कों को स्ट्रीट लाइट्स की मरम्मत की जाए व छात्रावासों के अंदर इंडोर गेम के उपकरण स्थापित किए जाएं। छात्र संगठन ने इसके अलावा भी बहुत सारी मांगें चीफ वार्डन के समक्ष रखीं।
हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर से मौसम ने करवट बदली है। येलो अलर्ट के बीच बीते कल रोहतांग और किन्नौर में बर्फबारी हुई है। वहीं राजधानी शिमला में भी धूप खिलने के साथ शाम को हल्की बारिश शुरू हुई है। मंगलवार को प्रदेश के आठ मध्य और उच्च पर्वतीय जिलों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू, चंबा, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में बारिश-बर्फबारी का पूर्वानुमान है। कुछ क्षेत्रों में अंधड़ ,तूफान का येलो अलर्ट भी जारी हुआ है। अन्य क्षेत्रों में 17 मार्च तक मौसम खराब रहने के आसार हैं। वहीँ पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से प्रदेश के मौसम में बदलाव आया है। इस सीजन में ऊना में सोमवार को सबसे अधिक तापमान दर्ज हुआ। ऊना में अधिकतम पारा 33.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। बिलासपुर में अधिकतम तापमान 30.0, हमीरपुर में 29.5, कांगड़ा में 29.0, भुंतर में 28.2, सुंदरनगर में 28.1, धर्मशाला में 27.0, चंबा में 26.6, नाहन में 25.9, सोलन में 25.0, मंडी में 24.8, शिमला में 20.4, मनाली में 18.2, कल्पा में 16.0 और केलांग में 10.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू आज एक बार फिर सादगी का परिचय देते हुए अपने पहले बजट सत्र के लिए ओक ओवर से हिमाचल प्रदेश विधानसभा के लिए ऑल्टो कार में पहुंचे। प्रातः करीब 10 बजकर 15 मिनट पर मुख्यमंत्री अपने सरकारी आवास ओक ओवर से विधानसभा के लिए रवाना हुए और साढ़े दस बजे विधानसभा पहुंचे। मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक रहते वह पूर्व में भी विधानसभा में अपनी ऑल्टो कार से आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज जब वह पहले बजट सत्र के लिए इस कार में आए तो पुरानी यादें एक बार फिर ताजा हो रही हैं। इस दौरान शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और विधायक रवि ठाकुर भी उनके साथ रहे। विधानसभा पहुंचने पर उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री तथा संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान सहित अन्य अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इससे पूर्व भी मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू कई बार वीआईपी प्रोटोकॉल छोड़कर एक साधारण व्यक्ति की तरह माल रोड पर सुबह की सैर तथा लोगों से बातचीत करते नजर आए हैं।
भाजपा सह मीडिया प्रभारी करण नंदा ने बताया कि आज शिमला के सर्किट हाउस में शाम 6 बजे भाजपा के नगर निगम चुनावों को लेकर एक अहम बैठक होगी। इस बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप, नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर, प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना, सह प्रभारी संजय टंडन विशेष रूप से उपस्थित रहने वाले हैं। बैठक में नगर निगम शिमला के चुनाव को लेकर कई विषयों पर चर्चा की जाएगी। बैठक में नगर निगम शिमला के चुनाव प्रभारी सुखराम चौधरी, पूर्व विधान सभा अध्यक्ष एवं विधायक विपिन परमार, विधायक सतपाल सत्ती, राकेश जमवाल, त्रिलोक जमवाल, शिशु भाई धर्मा, पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, संजय सूद, रवि मेहता, चेतन ब्रागटा, अजय श्याम, विधायक बलवीर वर्मा, कॉल नेगी, शशी बाला और गोविंद शर्मा उपस्थित रहेंगे।
भाजपा विधायक दल की बैठक नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में नेता प्रतिपक्ष के कक्ष, विधानसभा में संपन्न हुई। बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल, विधायक अनिल शर्मा, रणधीर शर्मा, बिक्रम ठाकुर, जीआर कटवाल, हंसराज, विपिन परमार, राकेश जमवाल, विनोद ठाकुर, सुरेंद्र शौरी, त्रिलोक जमवाल, लोकेंद्र कुमार,दीप राज कपूर, जनक राज, पूर्ण चंद, प्रकाश राणा, रीना कश्यप, इंदर सिंह गांधी, डीएस ठाकुर,रणवीर सिंह निक्का और बलबीर वर्मा उपस्थित रहे।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल गेयटी थियेटर में 12 मार्च से 18 मार्च तक नेहरू युवा केंद्र संगठन द्वारा आयोजित किए जा रहे 14वें जनजातीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस तरह के संवाद व आदान-प्रदान कार्यक्रमों के माध्यम से देश की सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत, परम्पराओं एवं अर्थव्यवस्था की झलक देखने को मिलती है। उन्होंने जनजातीय समाज को आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ भारत निर्माण के लिए अपने कर्तव्य का पूर्ण समर्पण के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया। नेहरू युवा केंद्र संगठन, हिमाचल प्रदेश द्वारा आयोजित किए जा रहे इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न जिलों, विशेषकर छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्यप्रदेश तथा उड़ीसा के लगभग 200 जनजातीय युवा भाग ले रहे हैं। इसके अतिरिक्त केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस तथा सशस्त्र सीमा बल के 20 जवान ने भी कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं। राज्यपाल ने इस कार्यक्रम के माध्यम से भारत की समृद्ध संस्कृति विरासत और सभ्यता को प्रदर्शित करने वाले युवाओं के संयुक्त प्रयासों की सराहना की। उन्होेंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से पिछले 75 वर्षो में भारत में हुए विकास के प्रति व्यापक जागरूकता की परिकल्पना की गई है। यह कार्यक्रम जनजातीय युवाओं को विविधता में एकता की अवधारणा को अपनाने और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि देश के अगले 25 वर्ष की यात्रा बहुत महत्वपूर्ण है जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘अमृत काल’ कहा हेै। उन्होंने कहा कि इस अमृतकाल के पांच संकल्पों में विकसित भारत, गुलामी की प्रत्येक सोच से स्वतंत्रता, विरासत पर गौरव, एकता तथा आपसी प्रेम और नागरिकों द्वारा अपने कर्तव्य निभाना शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को इन संकल्पों के कार्यान्वयन में अपना बहुमूल्य योगदान देना चाहिए।
राज्य सरकार ने पहली से आठवीं कक्षा तक के सभी लड़कों व लड़कियों को निःशुल्क स्कूल वर्दी के लिए 600 रुपये प्रति विद्यार्थी प्रदान करने का निर्णय लिया है। इससे प्रदेश के लगभग 5.25 लाख विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। यह जानकारी मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दी। उन्होंने कहा कि वर्दी की यह राशि विद्यार्थी अथवा उनकी माता के बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से अंतरित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों के माता-पिता का आर्थिक बोझ कम करने के दृष्टिगत यह निर्णय लिया गया है और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण से राशि सीधे लाभार्थी को भेजने से इसमें पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सदैव तत्पर है और उन्हें लाभान्वित करने के लिए विभिन्न कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए कृतसंकल्प है और इसके दृष्टिगत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चरणबद्ध ढंग से राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं। इन मॉडर्न स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ ही विद्यार्थियों को उचित शैक्षणिक वातावरण और विभिन्न गतिविधियों के लिए पर्याप्त स्थान भी उपलब्ध करवाया जाएगा।
राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता में विजेता रही आस्था शर्मा ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से भेंट की। मुख्यमंत्री ने आस्था शर्मा को उनकी इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि राज्य की बेटियां विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा के दम पर हिमाचल का नाम रौशन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आस्था शर्मा की इस उपलब्धि से समस्त समाज और विशेष तौर पर युवा प्रेरित होंगे। उन्होंने इस अवसर पर आस्था शर्मा को सम्मानित भी किया। राजकीय महाविद्यालय संजौली की छात्रा आस्था शर्मा शिमला जिला के कोटगढ़ क्षेत्र के लोश्टा गांव से संबंध रखती हैं। इस अवसर पर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, मुख्य संसदीय सचिव आशीष बुटेल तथा विधायक नीरज नय्यर भी उपस्थित थे।
पर्वतारोही अमित नेगी ने सोमवार को मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि 15 मार्च, 2023 से वह 8091 मीटर ऊंचे अन्नापूर्णा पर्वत, मकालू पर्वत (8481 मीटर), ल्होत्से पर्वत (8516 मीटर) और 8167 मीटर ऊंचे धौलागिरी शिखर का पर्वतारोहण करेंगे। मुख्यमंत्री ने उन्हें आगामी अभियानों के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वह देश व प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। अमित नेगी ने वर्ष 2021 में माउंट एवरेस्ट फतेह किया था। यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह जिला किन्नौर से पहले युवा हैं। इस अवसर पर बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, विधायक सुरेश कुमार, नीरज नय्यर एवं रवि ठाकुर भी उपस्थित थे।
भाजपा जिला शिमला द्वारा सोमवार को आक्रोश रैली का आयोजन किया गया। रैली में मुख्य रूप से नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार, भाजपा महामंत्री राकेश जमवाल, जिला अध्यक्ष विजय परमार, पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, संजय सूद और रवि मेहता उपस्थित रहे। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सुखविंदर सिंह सुक्खू हिमाचल के लॉक प्रिय मुख्यमंत्री हैं। जब से उन्होंने सत्ता संभाली है, तब से केवल संस्थानों पर ताले लगाने का कार्य कर रहे हैं। इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि इस सरकार का अभी पहला बजट भी पेश नहीं हुआ, लेकिन ऐसा लग रहा है कि सरकार का अंतिम वर्ष चल रहा है। जनता सड़कों पर है और लोगों में आक्रोश और निराशा का माहौल है, इतनी देर आशा जनता में हमने आज तक नहीं देखी। उन्होंने कहा कि 25 साल में हिमाचल प्रदेश में इतना निराशा का माहौल नहीं देखा। हमने सोचा कि यह अनुचित कार्य सरकार से गलती से हो गया है, लेकिन जब हमने सरकार से बात की तो हमने यह देखा कि सरकार ने सोच-समझकर किया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि हमारी सरकार ने सारे संस्थानों को गरीबों के लिए खोला था, इस कांग्रेस सरकार ने संस्थानों को बंद कर दिया इसका मतलब यह सरकार गरीबों के पक्ष में नहीं है। आक्रोश रैली में कुसुम सदरेट, कर्ण नंदा, प्यार सिंह, डेजी ठाकुर, राजेश शारदा, जितेंद्र बोटका, दिनेश ठाकुर सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
करुणामूलक संघ द्वारा करुणामूलक नौकरी बहाली के लिए संघर्ष जारी है। इसी कड़ी पर संघ व आश्रितों द्वारा प्रदेश सरकार को मेल और स्पीड पोस्ट के माध्यम से बजट में प्रावधान करने के लिए सुझाव दिए गए हैं। संघ का कहना है कि सरकार आगामी 17 मार्च के बजट सत्र में इन करुणामूलक परिवारों के लिए सरकार अलग से बजट का प्रावधान करे। बता दें कि करुणामूलक संघ के सदस्य समस्त आश्रितों सहित प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से शिमला में मिल चुके हैं। मुख्यमंत्री द्वारा इनकी मांगों को लेकर हामी भरी गई है। मुख्यमंत्री ने संघ को आश्वासन दिया गया था कि मार्च के बजट सत्र में करुणामूलक परिवारों के लिए अलग से बजट का प्रावधान प्रदेश सरकार द्वारा किया जाएगा व सभी परिवारों को मई महीने से नौकरियां दी जाएंगी। संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार का कहना है पूर्व सरकार के समय में भी संघ द्वारा लंबा संघर्ष किया जा चुका है। अब कांग्रेस सरकार अपने वादों को अमल में लाए। सरकार प्रदेश के 3000 से अधिक करुणामूलक परिवारों को नौकरियां देकर राहत प्रदान करे।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र मंगलवार से शुरू होगा। बजट सत्र से पहले सोमवार को सर्वदलीय बैठक शुरू हो गई है। बैठक में विधानसभा स्पीकर कुलदीप पठानिया के साथ मंत्री हर्षवर्धन चौहान, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार और विधायक राकेश जमवाल मौजूद हैं।
प्रदेश में परीक्षाओं में अनुचित साधनों के प्रयोग पर अंकुश लगाने के लिए हिमाचल सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने परीक्षाओं में शुचिता बनाए रखने तथा अनुचित साधनों के प्रयोग पर अंकुश लगाने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। इसके पीछे सरकार का ध्येय ईमानदार व परिश्रमी छात्रों को प्रोत्साहित करना है। रोहित ठाकुर ने बताया कि सभी निजी और सरकारी संस्थानों को परीक्षाओं के दौरान कड़ी निगरानी रखने के लिए उचित कदम उठाने तथा दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में कदाचार एक गंभीर चिंता का विषय है तथा इससे परीक्षा आयोजित करने का संपूर्ण उद्देश्य ही निष्फल हो जाता है। प्रदेश सरकार स्वतंत्र और निष्पक्ष परीक्षाएं सुनिश्चित करने तथा कदाचार को रोकने के लिए सभी एहतियाती उपाय कर रही है। परीक्षाओं में अनुचित साधनों के प्रयोग पर रोक लगाने के लिए विश्वविद्यालय एवं शिक्षण संस्थानों के स्तर पर एक विशेष उच्च स्तरीय समिति गठित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। यह समिति परीक्षाओं में किसी भी प्रकार के कदाचार पर अंकुश लगाने के लिए उत्तरदायी होगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सभी निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों एवं अन्य संस्थानों को परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए है। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान नकल करते और करवाते हुए पकड़े जाने पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। निष्पक्ष परीक्षा आयोजित करवाने के दृष्टिगत उड़नदस्तों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। यह उड़न दस्ते परीक्षाओं के दौरान औचक निरीक्षण करेंगे।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने रविवार को ठियोग विधानसभा क्षेत्र के लिए निर्माणाधीन कुरपण खड्ड उठाऊ पेयजल योजना का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि परियोजना का निर्माण कार्य दिसंबर, 2024 से पहले पूर्ण किया जाएगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। अग्निहोत्री ने बताया कि ठियोग विधानसभा क्षेत्र के मतियाना, कुमारसैन तथा आसपास के क्षेत्रों की 53 पंचायतें इस योजना से लाभान्वित होंगी। मुख्य अभियंता साउथ जोन अंजू शर्मा ने उप मुख्यमंत्री को परियोजना की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर विभागीय अधिकारी एवं पार्टी पदाधिकारी उपस्थित थे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने शिमला नगर निगम के आगामी चुनावों को मद्देनजर रखते हुए चुनाव प्रबंधन समिति का गठन किया है। उन्होंने नगर निगम शिमला के चुनाव के लिए पूर्व मंत्री एवं विधायक सुखराम चौधरी को चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है। चुनाव प्रबंधन समिति में कुल 19 सदस्य हैं। इसमें सदस्य के रूप में पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, विधायक बलबीर वर्मा, शिमला संसदीय क्षेत्र प्रभारी पुरुषोत्तम गुलेरिया, सह प्रभारी शिशु भाई धर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव कटवाल, जिला शिमला की प्रभारी डेजी ठाकुर, प्रदेश कोषाध्यक्ष संजय सूद, पूर्व शिमला जिला अध्यक्ष रवि मेहता, जुब्बल कोटखाई से चेतन ब्रागटा, कसुंपटी से विजय ज्योति सेन, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी करण नंदा, पूर्व जिला अध्यक्ष अजय श्याम, जिला अध्यक्ष शिमला विजय परमार, जिला अध्यक्ष महासू अरुण फालटा, मंडल अध्यक्ष शिमला शहरी राजेश शारदा, मंडल अध्यक्ष कसुंपटी जितेंद्र भोटका, मंडल अध्यक्ष शिमला ग्रामीण दिनेश ठाकुर कार्य करेंगे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा कि नगर निगम चुनाव प्रबंधन समिति के सभी सदस्य निगम चुनावों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने रविवार सुबह माता भीमकाली मंदिर सराहन में पूजा अर्चना की तथा प्रदेश की खुशहाली व समृद्धि की कामना की।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री की धर्मपत्नी प्रो सिम्मी अग्निहोत्री भी मौजूद रही। उपमंडलाधिकारी रामपुर एवं मंदिर समिति अध्यक्ष निशांत तोमर ने उपमुख्यमंत्री को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय लोगों की समस्याएं भी सुनी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जायेगा तथा मंदिरों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत किया जायेगा ताकि पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सके। इस दौरान कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं अधिकारीगण भी उपस्थित थे।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शनिवार देर सांय बुशहर स्पोर्ट्स कल्चर एंड एनवायरनमेंट एसोसिएशन रामपुर द्वारा तीन दिवसीय फाग मेले के उपलक्ष पर आयोजित बुशहर कार्निवल-2023 की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मेले और त्यौहार हमारी समृद्ध संस्कृति के परिचायक है। समृद्ध संस्कृति के संरक्षण के लिए हम सब को प्रयास करने चाहिए। उन्होंने एसोसिएशन द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय वीरभद्र सिंह हमारे प्रेरणास्त्रोत है, उनका प्रदेश के निर्माण और विकास में एहम योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि आज स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की पुण्य भूमि पर आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। यहां के विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की कमी नही आने दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार यहां की संस्कृति और मेलों के संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लोगों को किए गए वादों के प्रति वचन बद्ध है, जिसे चरणबद्ध तरीके से पूर्ण किया जायेगा। उपमुख्यमंत्री ने कार्निवल के आयोजकों के लिए 1 लाख रुपए देने की घोषणा की। वहीं इस मौके पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि इस क्षेत्र के लोगों से किए गए हर वादे को पूर्ण किया जायेगा। उन्होंने कहा कि दत्तनगर मे इंडोर स्टेडियम के निर्माण कार्य को पूर्ण करने के लिए 60 लाख रुपए की राशि जारी की जा चुकी है, जिससे क्षेत्र के युवाओं को इसका लाभ प्राप्त होंगा। उन्होंने कहा कि रामपुर क्षेत्र में विकास कार्यों में गति प्रदान की जाएंगी। इस अवसर पर सांस्कृतिक संध्या में पहाड़ी कलाकार विक्की चौहान के साथ हिमाचल प्रदेश पुलिस बैंड हार्मनी ऑफ द पाइन ने कार्यक्रम में समां बांधा। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी प्रो सिम्मी अग्निहोत्री, जिला परिषद अध्यक्ष चंद्र प्रभा नेगी, प्रदेश उपाध्यक्ष महेश्वर चौहान, शिमला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष अतुल शर्मा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सतीश वर्मा, एसोसिएशन अध्यक्ष राहुल सोनी, बीडीसी चेयरमैन आशीष कैथ, उपमंडलाधिकारी रामपुर, कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं अन्य उपस्थित थे।
पंचायत चौकीदार यूनियन का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को पंचायतीराज मंत्री अनिरूद्ध सिंह की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिला और उन्हें एक मांगपत्र सौंपा। मुख्यमंत्री ने बजट सत्र में पंचायत चौकीदारों के लिए कैसे पॉलिसी बनाई जाए, इसके लिए मंत्री पंचायतीराज विभाग को यूनियन के साथ बैठ कर मसौदा तैयार करने को कहा।
प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि जनता की सुविधा के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू लोगों से सप्ताह में दो बार मिलेंगे। उन्होंने बताया कि आम जनता प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को प्रातः 9.00 बजे से प्रातः 11.00 बजे तक मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ओक ओवर में मिल सकती है, जबकि पार्टी कार्यकर्ता प्रत्येक सोमवार और गुरुवार सायं 5.00 बजे से 6.00 बजे तक सचिवालय में मुख्यमंत्री से मिल सकते हैं। कहा कि विधायक, पूर्व विधायक और अन्य जन प्रतिनिधि मुख्यमंत्री से प्रत्येक कार्य दिवस पर दोपहर 3.00 बजे से सायं 5.00 बजे तक सचिवालय में मिल सकते हैं।
हिमाचल में टोल बैरियर की नीलामी के एक दिन बाद एंट्री टैक्स भी बढ़ा दिया गया है।आबकारी एवं कराधान विभाग ने टोल बैरियर पर एंट्री टैक्स के नए रेट जारी कर दिए है। मिली जानकारी के अनुसार हिमाचल की प्राइवेट गाड़ियों से कोई टैक्स नहीं वसूला जाएगा, लेकिन हिमाचल नंबर वाले कमर्शियल वाहनों को टैक्स देना होगा। इसके अलावा अगर कोई वाहन चालक 3 महीने के लिए अपना परमिट बनाता है तो उसे 1500 रुपए फीस चुकानी होगी। वहीं यदि कोई 1 साल के लिए परमिट बनाना चाहता है तो 3500 रुपए शुल्क चुकाना होगा। वहीं आयुक्त आबकारी एवं कराधान यूनुस खान ने बताया कि एंट्री टैक्स के यह नए रेट अगले 1 साल तक के लिए ही वैलिड होंगे। हिमाचल में पिछले 2 दिन में 13 बैरियर 132.52 करोड़ रुपए में नीलाम हुए हैं। ऐसे में टोल बैरियर पर एंट्री टैक्स के रेट में बढ़ोतरी का लाभ ठेकेदारों को मिलने वाला है, लेकिन हिमाचल आने वाले लोगों को अपनी जेब और ढीली करनी होगी।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने शनिवार को राजभवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से शिष्टाचार भेंट की। विधानसभा अध्यक्ष ने राज्यपाल को प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र से संबंधित तैयारियों की जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा और विधानसभा के सचिव यशपाल शर्मा भी उपस्थित थे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री आकाश नेगी ने एक ब्यान जारी करते हुए कहा है हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने प्रदेश के छात्र वर्ग को प्रताड़ित व मानसिक रूप से परेशान करने का काम किया है। पहले तो प्रदेश के 286 स्कूलों को बंद कर दिया गया और अब 19 महाविद्यालयों को भी डिनोटिफाई कर दिया गया है। यह सरकार शिक्षण संस्थानों को बंद करने के लिए जानी जाएगी। जिन महाविद्यालयों को डिनोटिफाई करने की लिस्ट आई है, उनमें बिलासपुर जिला के दो, चंबा जिला का एक, हमीरपुर के 2, कांगड़ा के चार, मंडी के तीन, शिमला के 2, सिरमौर का ए, सोलन के तीन और कुल्लू जिले का एक संस्कृत कॉलेज शामिल है। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस सरकार छात्र विरोधी सरकार कहलाई जाएगी। जिन महाविद्यालय को बंद किया गया है इन महाविद्यालयों में अधिकतर लेट कैपेसिटी वाले छात्र अपनी पढ़ाई कर रहे थे, उनका भी 1 साल भी पूरा नहीं हुआ और इन शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया गया । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कांग्रेस सरकार को चेतावनी देती है कि छात्र विरोधी नितियों को वह सहन नहीं करेगी। सरकार जल्द से जल्द इन निर्णयों पर साकारात्मक कार्रवाई करे अन्यथा विद्यार्थी परिषद प्रदेश स्तरीय आंदोलन करने से गुरेज नहीं करेगी।
ठियोग विधानसभा क्षेत्र के एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से भेंट की और केहर सिंह खाची को हिमाचल प्रदेश राज्य वन विकास निगम का उपाध्यक्ष बनाने पर आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केहर सिंह खाची लगभग 25 वर्षों से पार्टी की सेवा कर रहे हैं और अब उन्हें सरकार में भी उचित सम्मान दिया गया है। उन्होंने कहा कि ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौर और केहर सिंह खाची के साथ चर्चा कर इस विधानसभा क्षेत्र में विकास को गति प्रदान की जाएगी। सुक्खू ने कहा कि वे सत्ता में सुख भोगने के लिए नहीं बल्कि व्यवस्था परिवर्तन व लोगों के कल्याण के लिए आए है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार जनकल्याण के लिए अनेक प्रभावी कदम उठा रही है। प्रदेश सरकार वित्तीय संसाधनों को बढ़ाने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है। सीएम सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में स्थापित जल विद्युत परियोजनाओं पर जल उपकर लगाया गया है ताकि प्रदेश में कल्याणकारी योजनाओं को और बल मिल सके और प्रदेश की जनता पर इसका कोई वित्तीय बोझ भी नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के अधिकारों के लिए केन्द्र सरकार से भी इस बारे में निरन्तर संवाद कर रही है। वहीं, ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने केहर सिंह खाची को राज्य वन विकास निगम का उपाध्यक्ष बनाये जाने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और उन्होंने कहा कि इससे कार्यकर्त्ताओं का मनोबल और ऊंचा होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी एकजुट होकर क्षेत्र का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करेंगे। इस दौरान राज्य वन विकास निगम के नवनियुक्त उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरने का पूर्ण प्रयास करेंगे और नये दायित्व का निर्वहन पूर्ण निष्ठा के साथ करेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवाद की राजनीति को समाप्त करते हुए सभी क्षेत्रों को सरकार में उचित प्रतिनिधित्व दिया है।
निदेशक उद्यान संदीप कदम ने आज यहां बताया कि उद्यान विभाग द्वारा प्रदेश में सेब की अच्छी पैदावार के दृष्टिगत 10 मार्च से 22 मार्च, 2023 तक सेब के बागीचों में परागण प्रबन्धन विषय पर विशेष जागरूकता एवं प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन विशेष शिविरों में लगभग 8 हजार बागवानों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस अभियान के लिए विभाग के 60 अधिकारियों को प्रशिक्षित कर मास्टर ट्रेनर नियुक्त किया गया है। अभियान के अंतर्गत प्रदेश के सेब उत्पादन वाले क्षेत्रों में हर विकास खंड में 200 किसानों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसमें मधुमक्खियों द्वारा परागण के महत्व, फल पैदावार बढ़ोत्तरी के लिए मधुमक्खियों की कॉलोनियों की देखभाल सहित विभिन्न विषयों के बारे में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उन्होंने एकदिवसीय प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने के इच्छुक बागवानों को अपने नजदीकी उद्यान विकास अधिकारी कार्यालय में सम्पर्क करने का आह्वान किया।
परिवहन विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया विगत दस दिनों में मोटर वाहन अधिनियम व नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के 1180 चालान कर 28,46,650 रूपए की राशि बतौर जुर्माना वसूल की गई है। उन्होंने बताया कि वाहनों के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कुछ निजी वाहन मालिक अपने वाहनों का उपयोग गैर कानूनी तरीके से व्यवसायिक वाहनों के रूप में कर रहे हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन मालिकों पर विभागीय अधिकारियों द्वारा मोटर वाहन अधिनियम व नियमों के अंतर्गत जुर्माना लगाया गया। उन्होंने वाहन संचालकों को बताया कि भविष्य में निजी वाहनों का व्यवसायिक प्रयोग करने वालों के वाहनों को जब्त कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग द्वारा भविष्य में भी पूरे प्रदेश में वाहन निरीक्षण अभियान जारी रखा जाएगा।
हिमाचल प्रदेश परिवहन विभाग ने प्रदेश के लोगों और पर्यटकों से वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। परिवहन विभाग के निदेशक अनुपम कश्यप ने बताया कि प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं के कारण प्रतिवर्ष सैंकड़ों लोगों की मृत्यु होती है और हजारों लोग घायल हो जाते हैं। इसका सामाजिक परिवेश के साथ-साथ आर्थिक व्यवस्था पर भी कुप्रभाव पड़ता है। उन्होने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 21.27 लाख वाहन पंजीकृत हैं जिनमें से नौ लाख से अधिक दो पहिया वाहन है। अधिकांश दो पहिया वाहनों का उपयोग युवाओं द्वारा किया जाता है। तेज रफ्तार और हेलमेट का प्रयोग नहीं करनेे से सड़क दुर्घटना व गंभीर चोटों का जोखिम और भी बढ़ जाता है। उन्होंने वाहन चलाते समय सीमित गति, हेलमेट व सीट बेल्ट का प्रयोग करने के साथ-साथ मोबाईल फोन का इस्तेमाल नहीं करने का आग्रह किया।
हाटी समुदाय का एक प्रतिनिधिमंडल आज हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला से राजभवन शिमला में मिला। प्रतिनिधिमंडल ने गिरी पार के हाटी समुदाय को जनजाति घोषित करने के बारे में राज्यपाल से विस्तार पूर्वक चर्चा की और अभी तक हुई प्रगति पर राज्यपाल को विस्तार पूर्वक बताया। प्रतिनिधिमंडल ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गृहमंत्री अमित शाह बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और पूर्व लोकप्रिय मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का आभार व्यक्त किया। उनके प्रयासों से हाटी समुदाय का मुद्दा केंद्रीय कैबिनेट और लोकसभा से पारित हुआ। साथ ही हाटी प्रतिनिधिमंडल ने राज्यसभा में बचे हुए बजट सत्र में इस मुद्दे को प्रधानमंत्री से हल करवाने का आग्रह भी किया गया ताकि गिरी पार के लाखों लोगों को शीघ्र ही उनका हक मिल सके। राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि देश के प्रधानमंत्री शीघ्र ही राज्यसभा से और बची इस मुद्दे पर शेष औपचारिकता भी पूरी करेंगे और गिरी पार के हाटी समुदाय के लाखों लोगों को शीघ्र ही उनका हक मिलेगा।इस प्रतिनिधिमंडल में सिरमौर हाटी विकास मंच के अध्यक्ष प्रदीप सिंगटा, महासचिव अतर सिंह तोमर, मुख्य प्रवक्ता डॉ रमेश सिंगटा उपाध्यक्ष कपिल चौहान, मीडिया प्रभारी अनुज शर्मा, मदन तोमर दलीप सिंगटा गोपाल ठाकुर ,सुरजीत ठाकुर गोविंद राणा, आदि पदाधिकारी उपस्थित रहे।
उपमंडल करसोग के तहत करसोग-शिमला की सीमा पर तत्तापानी में आज सुबह एक दर्दनाक हादसा पेश आया है। इस हादसे में चालक कि मृत्यु हो गई है। मिली जानकारी के अनुसार चालक राशन से भरी पिकअप परवाणू से करसोग ला रहा था, तभी संतुलन बिगड़ने से गाड़ी सड़क पर ही पलट गई। पिकअप के पलटते ही चालक गाड़ी के नीचे बुरी तरह से फंस गया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए करसोग अस्पताल लाया गया। वही प्रशासन की तरफ से मृतक के परिजनों को फौरी राहत के तौर पर ₹25000 प्रदान कर दिए गए है । दुर्घटना में जान गवाने वाले चालक की पहचान ईश्वर दास पुत्र रोशन लाल गांव मेगड़ी के तौर पर कि गई है। वहीं इस घटना से करसोग क्षेत्र में शोक की लहर है। मृतक अपने पीछे छोटे-छोटे बच्चे छोड़ गया है। डीएसपी करसोग गीतांजलि ठाकुर ने मामले की पुष्टि की है।
भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने कांग्रेस को दुखू की सरकार का करार दिया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में सुक्खू सरकार नहीं बल्कि दुखू सरकार चल रही है। खन्ना ने कहा कि जब से हिमाचल प्रदेश में सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार आई है तब से केवल हिमाचल प्रदेश में बंध, बंध, बंध और केवल बंध का काम चल रहा है। कांग्रेस की इस दुखू सरकार ने बिजली बोर्ड, स्वास्थ्य संस्थान, पीएचसी, सामूहिक स्वास्थ्य केंद्र, अस्पताल, तहसील, उप तहसील, कांनूगो सर्कल, पटवार सर्कल, आयटीआय, श्रम एवं रोजगार विभाग के कार्यालय, रेवेन्यू सबडिवीजन, हिमाचल प्रदेश पीडब्ल्यूडी के सर्कल,उसकी डिवीजन, उसकी सबडिवीजन, उसके सेक्शन, एसडीपीओ, पुलिस स्टेशन, पुलिस पोस्ट, आयुर्वेद अस्पताल, आयुर्वेद स्वास्थ्य केंद्र, बीडीओ दफ्तर, स्कूल, कॉलेज, स्कूल में वितरण होने वाली वर्दियां, लोकतंत्र प्रहरी योजना के अंतर्गत पेंशन बंद कर दी है, अगर असल में देखा जाए तो हिमाचल प्रदेश में बंद एक्सप्रेस के सीईओ है सुखविंदर सिंह सुक्खू है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में 620 से अधिक सरकारी संस्थानों को बंद कर दिया गया है जो कि गलत है इससे हिमाचल प्रदेश में समग्र विकास पर अंकुश लगता है। हाल ही में 286 स्कूलों को बंद करने की बात भी इस सरकार ने जनता के समक्ष रखी है शायद यह सरकार जानती नहीं की हिमाचल प्रदेश को शिक्षित राज्य बनाने का स्वप्न स्वर्गीय वीरभद्र सिंह का था और उनका दावा था कि वो हिमाचल प्रदेश में एक बच्चे के लिए भी स्कूल खोलेंगे । उन्होंने कहा कि इस सरकार के आलाकमान अफसर ही शिक्षा विभाग को एक डीओ नोट काटते हैं, जिसमें स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि समग्र शिक्षा पर केंद्र से मिला बजट खर्च नहीं हो पा रहा है। उनके अफसर ने माना कि कई कॉम्पोनेंट के अंतर्गत जो पैसा हिमाचल प्रदेश के शिक्षा विभाग को मिलता है वह अच्छे से खर्च नहीं हो पा रहा, जिसके कारण शिक्षा विभाग और सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश भर में 9000 से अधिक के जन औषधि केंद्र खोले गए हैं जिसके अंतर्गत 1759 दवाइयां और 280 सर्जिकल आइटम्स जनता को सस्ते रेट फर उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अंतर्गत पूरे देश भर में 20000 करोड रुपए का फायदा जनता को हुआ है , इसी तरह हिमाचल प्रदेश में 2022-23 में अभी तक जनता को 6600 करोड़ रुपए का फायदा हुआ है ऐसी जन कल्याण योजनाओं को इस कांग्रेस सरकार को बढ़ावा देना चाहिए कहीं ना कहीं इन योजनाओं में यह सरकार विघ्न बनने का प्रयास करती है।
हिमाचल प्रदेश पंचायत चौकीदार यूनियन ( इंटक ) के प्रभारी पूर्ण चन्द (राज्य इंटक) ने पंचायत चौकीदार यूनियन की राज्य कार्यकारिणी घोषित किया है। इस अनुसार जगदीश चंद को प्रधान, ओम प्रकाश ठाकुर को महासचिव नियुक्त किया गया है।जबकि कमल शर्मा,मोहन सिंह , गुमान और देशराज को उप प्रधान नियुक्त किया है।प्रेम वर्धन ,अशोक कुमार और बलदेव को सचिव पद की जिम्मेदारी दी गयी है जबकि कोषाध्यक्ष के तौर पर रीता ठाकुर, प्रेस सचिव के पद पर केहर सिंह और राजेश कुमार अपनी जिम्मेदारी अदा करेंगे। वहीं मुख्य सलाहकार मीना देवी को बनाया है और नंदलाल, जगतार, कुलदीप, अजीत शर्मा, सुरेश, भूमिदत, सोहन सिंह,रामपाल, कुदन शर्मा, सुदर्शन और देशराज को सह सचिव नियुक्त किया गया है। इसके अलावा केशव राम, अनिल कुमार, राजकुमार, तारा देवी, जसविंदर, उत्तम, संजय कुमार, सुरेंद्र शर्मा ऋतू राज, देवीराम, संत कुमार, संजय ठाकुर, देवीराम, देशराज ,कमल अशोक शर्मा, सीमा देवी, नेकराम , प्रेम चन्द, जसविंद्र सुनील ,प्यार चंद, स्वर्ण सिंह, बिंद्रा देवी को राज्य कार्यकारिणी सदस्य में शामिल किया गया है। पूर्ण चंद ने बताया कि इसके बाद जिला और ब्लॉक स्तर पर भी कार्यकारणी का गठन किया जाएगा।प्रभारी पूर्ण चन्द ने कहा कि 11 मार्च को 11 बजे सुबह राजीव भवन शिमला में पंचायत चौकीदार यूनियन की बैठक रखी गई हैं, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में पंचायती राज मंत्री अनिरूद्ध सिंह राणा व इंटक राज्य अध्यक्ष बावा हरदीप सिंह विशेष तौर पर मौजूदगी दर्ज करेंगे। बैठक
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित पौधरोपण अभियान का शुभारम्भ किया।इस अवसर पर उन्होंने सतर्कता ब्यूरो के मुख्यालय के समीप सरू प्रजाति के ‘क्रिप्टोमेरिया’ का पौधा रोपण किया।इस वर्ष महिला दिवस की विषयवस्तु डिजिट ऑल लैंगिक समानता में नवोन्मेष एवं प्रौद्योगिकी है।इस पौधरोपण अभियान की थीम ‘नागरिकों की सुरक्षा के साथ पर्यावरण की रक्षा’ रखी गई है।मुख्यमंत्री ने इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं ने अपनी प्रत्येक जिम्मेवारी एवं कर्तव्य का सदैव पूर्ण निष्ठा से निर्वहन किया है।उन्होंने कहा कि ऐसे अभियानों से पर्यावरण संरक्षण के सरकार के प्रयासों को भी बल मिलता है।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पर्यावरण प्रहरी के रूप में महिलाएं अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए समाज को भी जागरूक करेंगी।उन्होंने कहा कि हमें पुरुष प्रधान मानसिकता को बदलने की आवश्यकता है और इसके लिए कांग्रेस की सरकारों ने समय-समय पर ठोस कदम उठाए हैं। इससे पिछले तीन-चार दशकों में महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।उन्होंने कहा कि महिलाएं परिवार के साथ-साथ समाज को भी दिशा देती हैं। उन्होंने महिला सशक्तिकरण में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी तथा कांग्रेस पार्टी की पूर्व अध्यक्षा सोनिया गांधी के योगदान को भी याद किया। इस अवसर पर महिलाओं की भूमिका विषय पर एक प्रस्तुतिकरण भी दिया गया।ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री अनिरूद्व सिंह,मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी तथा विधायक हरीश जनारथा ने भी पौधरोपण कार्यक्रम के दौरान मौजूद रहे।वहीं पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने स्वागत संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार के दिशानिर्देशों के अनुरूप पुलिस विभाग महिलाओं व बच्चों के प्रति अपराधों पर रोक लगाने के लिए प्रौद्योगिकी का बेहतर उपयोग कर रहा है।उन्होंने पुलिस विभाग में महिला अधिकारियों को केंद्रीय भूमिका में लाने के लिए प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए इसका विस्तृत ब्यौरा भी दिया।अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक,राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो सतवंत अटवाल ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया और इस अभियान के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।इस अवसर मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा और पुलिस विभाग व सतर्कता ब्यूरो के उच्चाधिकारी भी उपस्थित थे।
As per the Government of India's (GOI) Ease of Living Reforms, the Himachal government will make various citizen-related services time-bound, with a more transparent systems and procedures. This is a new initiative taken by the newly formed Sukhu-led Congress government in order to make people's lives easier and government processes more efficient. It will simplify the registration process for necessary amenities (ration card, driver's license, electricity, water connection, and so on) and other welfare schemes. The initiative may provide some relief to locals by reducing corruption and making government institutions more trustworthy in the eyes of the general public.
हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ अभियान में शिमला जिले के कोटखाई थाना इलाके में पुलिस ने टिककारी में सड़क किनारे लगाई गई दुकान से भारी मात्रा में शराब पकड़ी है। यहां दूसरे राज्य की शराब का भंडारण किया हुआ था। पुलिस ने इस छापेमारी में कुल 78 पेटी (936 बोतल) अंग्रेजी और देशी शराब एवं बीयर बरामद की है। थाना कोटखाई में इस मामले को लेकर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
सुख-आश्रय कोष में अब ऑनलाइन माध्यम से भी अंशदान किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को शिमला में मुख्यमंत्री सुख-आश्रय कोष के लिए ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ किया। अंशदाता https://sukhashray-hp.nic.in. पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन अंशदान कर सकते हैं। इस पोर्टल के माध्यम से अंशदाता ऑनलाइन भुगतान की रसीद भी डाउनलोड कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पोर्टल में अंशदाताओं की सूची और अब तक ऑफलाइन और ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त कुल धनराशि की जानकारी उपलब्ध है। इस पोर्टल में धनराशि के वितरण के संबंध में भी जानकारी उपलब्ध होगी। इस पहल से प्रणाली में और अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना अनाथ बच्चों और निराश्रित महिलाओं को सहायता प्रदान करने के लिए शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि विभिन्न संस्थाएं और व्यक्ति सुख-आश्रय कोष में अंशदान देने के लिए आगे आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने स्वयं इस कोष के लिए एक माह का वेतन और कांग्रेस विधायकों ने भी एक-एक लाख रुपये का अंशदान किया है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने समाजसेवियों, आम जनता और समाज के सुविधा संपन्न वर्गों से इस कोष के लिए उदारतापूर्वक योगदान करने का आग्रह किया ताकि इसके माध्यम से अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों को सहायता प्रदान की जा सके।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू और उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने होली पर्व के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि होली का त्यौहार आपसी प्रेम एवं सौहार्द का प्रतीक है। उन्होंनेे कहा कि होली के रंग हमारी बहुविध-सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए विविधता में एकता का संदेश देते हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह त्यौहार प्रदेश और यहां के लोगों के जीवन में सुख-समृद्धि और खुशियां लेकर आएगा। वहीं उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने होली के त्यौहार पर अपने संदेश में कहा कि इस पर्व का सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व है। यह पर्व हमें आपस में मेल-जोल से रहने तथा एक-दूसरे के साथ अपनी खुशियां साझा करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने राज्य के लोगों को इस अवसर पर बधाई देते हुए उनकी सुख-समृद्धि की कामना की है।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने होली पर्व के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई दी है। होली पर्व की पूर्व संध्या पर राज्यपाल एवं लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल ने आज राजभवन के कर्मचारियों के साथ रंगों का त्योहार मनाया। उन्होंने राजभवन परिवार के सभी सदस्यों को होली की बधाई देते हुए मिठाइयां भी भेंट कीं। शुक्ल ने कहा कि रंगों के त्योहार होली का अपना विशेष महत्व और विशिष्ट पहचान है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह त्योहार भाईचारे की भावना को और मजबूत करेगा और देश की एकता एवं अखंडता को बढ़ावा देगा।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भेंट की। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री से प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क को मज़बूत करने का आग्रह किया। उन्होंने सीमा सड़क संगठन द्वारा बनाई जा रही सड़कों के कार्य में तेज़ी लाने का आग्रह भी किया। सीएम ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अधोसंरचना का सुदृढ़ीकरण देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और प्रदेश की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के दृष्टिगत यह राज्य के लिए भी मददगार साबित होगा उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की और सहयोग का आग्रह भी किया। केन्द्रीय रक्षा मंत्री ने प्रदेश को हरसंभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह, दिल्ली में मुख्यमंत्री के ओएसडी कुलदीप सिंह बांशटू और आवासीय आयुक्त मीरा मोहंती भी उपस्थित थीं।
सोमवार को राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में कैबिनटे की बैठक का आयोजन किया गया। कैबिनेट में कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह के आलावा सभी मंत्री मौजूद रहे। बैठक में वर्ष 2023-24 के लिए नई आबकारी नीति को मंजूरी प्रदान की गयी। नई आबकारी नीति के तहत खुदरा आबकारी दुकानों की नीलामी-सह-निविदा को स्वीकृति प्रदान की गई, जिसका उद्देश्य सरकारी राजस्व में पर्याप्त वृद्धि, शराब के मूल्य में कमी तथा पड़ोसी राज्यों से इसकी तस्करी पर अंकुश लगाना है। शराब के ठेकों पर 5 लीटर क्षमता की केग बीयर बेची जाएगी। इससे उपभोक्ताओं को भी लाभ मिलेगा। बागवानों को लाभाविन्त करने के लिए फलों के सम्मिश्रण से शराब की भी एक नई वैरायटी शुरू करने का फैसला लिया गया। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एल-3 एल-4 एल-5 लाइसेंस धारक होटल मालिकों को मिनी बार चलाने की अनुमति दी जाएगी।
मुख्यमंत्री सुखविदर सिंह सुक्खू ने शिमला के पीटरहॉफ में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता व श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल समारोह में विशेष रूप से उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज को दिशा देने में महिलाओं का सदैव ही उल्लेखनीय योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाएं माता, बेटी, पत्नी तथा बहन के रूप में अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करती हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष सरोजनी नायडू से लेकर देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने महिलाओं को नेतृत्व करने की प्रेरणा दी। राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी के सशक्त नेतृत्व में भारत ने अंतरराष्ट्रीय फलक पर अलग पहचान बनाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभा पाटिल देश की प्रथम राष्ट्रपति बनीं और आज द्रौपदी मुर्मु इस पद को सुशोभित कर रही हैं। यह सभी विभूतियां महिलाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं के सशक्तिकरण से आगे बढ़कर उनके भीतर छिपी प्रतिभा को सम्मान देने का अवसर है। किसी भी कालखंड में सामाजिक परिवर्तन में महिलाओं का सर्वाधिक योगदान रहा है। सीएम सुक्खू ने भारतीय समाज को जीवंत रखने में भी महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। राज्य में महिलाओं में आत्मसम्मान की भावना विकसित करने पर केंद्रित विभिन्न योजनाएं आरम्भ की जाएंगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवभूमि है और हमारे समाज में महिलाओं को उचित सम्मान की समृद्ध परम्परा है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर हिमाचल प्रदेश महिला विकास प्रोत्साहन पुरस्कार की राशि 21 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपए तथा जिला स्तरीय पुरस्कारों की राशि पांच हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपए करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने सुख-आश्रय कोष की वेबसाइट तथा हिम-पूरक पोषाहार पुष्टि एप का विधिवत शुभारंभ भी किया।
एशियन विकास बैंक के प्रोजेक्ट रेडिनेस फाइनेंसिंग मिशन के दल ने सोमवार को एचपीशिवा परियोजना के लिए टीम लीडर, सुनई किम की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से भेंट की और उन्हें मिशन के उद्देश्यों तथा फील्ड भ्रमण के दौरान प्राप्त अनुभवों से अवगत करवाया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 1292 करोड़ रुपए की एचपीशिवा मुख्य परियोजना के प्रथम चरण के लिए 257 क्लस्टरों का चयन किया गया है। इसके तहत 4000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बागीचे स्थापित कर लगभग 15000 किसान व बागवानों को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना 5 वर्षों में क्रियान्वित की जाएगी तथा इसके तहत दो चरणों में लगभग 400 क्लस्टरों में कुल 6000 हेक्टेयर भूमि पर उपोष्णकटिबंधीय फल-फसलों के बागीचे स्थापित किये जाएंगे। इस दौरान सीएम सुक्खू ने कम ऊंचाई वाले निचले क्षेत्रों में उगाये जा सकने वाले विभिन्न फल पौधों को भी परियोजना के अंतर्गत रोपित करने पर बल दिया, ताकि क्षेत्र में फल विविधता को भी बढ़ाया जा सके। वहीं एशियन विकास बैंक में एचपीशिवा परियोजना के लिए टीम लीडर सुनई किम ने कहा कि एचपीशिवा परियोजना की मुख्य परियोजना को बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद एशियन विकास बैंक के पीआरएफ मिशन ने पायलट फेज में किये गये कार्यों की समीक्षा करने तथा मुख्य परियोजना की तैयारियों को परखने के लिए 26 फरवरी से 7 मार्च तक जिला कांगड़ा, हमीरपुर तथा बिलासपुर के विभिन्न क्लस्टरों का भ्रमण किया जा रहा है। मिशन ने हिमाचल प्रदेश बागवानी रणनीति (2022-2030) तथा एचपीशिवा के अंतर्गत अन्य नीतिगत प्रयासों पर हितधारक परामर्शी कार्यशाला में भी भाग लिया। इस दौरान हिमाचल प्रदेश बागवानी रणनीति के प्रारूप पर चर्चा की गयी तथा परियोजना के तहत किये जा रहे विभिन्न प्रावधानों के साथ-साथ केन्द्र व राज्य सरकार की अन्य परियोजनाओं के साथ अभिसरण के माध्यम से परियोजना को सफल बनाने के लिए विभिन्न नीतिगत प्रयासों व पहलों को रेखांकित किया गया।
कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने प्रदेश में दुग्ध उत्पादन से जुड़ी सहकारी समितियों को सुदृढ़ करने पर दिया बल
कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार ने हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक प्रसंघ सीमित, शिमला एवं पशुपालन विभाग द्वारा दुग्ध उत्पादन एवं ग्रामीण दुग्ध सहकारी समितियों के सुदृढ़ीकरण विषय पर आयोजित परिचर्चा में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस अवसर पर, उन्होंने कहा कि किसानों की आमदनी में वृद्धि के लिए कृषि, बागवानी और पशुपालन विभाग को समन्वय से कार्य करना चाहिए। पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आजीविका का एक अभिन्न अंग है। पशुपालन के माध्यम से किसान अपनी आय में और वृद्धि कर सकते हैं। प्रदेश सरकार पशुधन को घर-द्वार के निकट बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं। हिमाचल प्रदेश दुग्ध प्रसंघ तथा पशुपालन विभाग परस्पर समन्वय और सहयोग से कार्य करें, जिससे दुग्ध उत्पादकों की आय में पर्याप्त बढ़ोतरी की जा सके। पशुपालन मंत्री ने प्रदेश में गुणात्मक दुग्ध की खरीद पर विशेष बल देते हुए कहा कि दुग्ध उत्पादन से जुड़ी सहकारी समितियों को सुदृढ़ किया जाना चाहिए। इस परिचर्चा में सचिव पशुपालन राकेश कंवर, हिमाचल प्रदेश दुग्ध प्रसंघ सीमित के अध्यक्ष निहाल चंद शर्मा और प्रबंध निदेशक भूपेंद्र अत्री ने विचार साझा किए।
प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में तैनात मुख्य शिक्षकों को पदोन्नति पर दी जाने वाली इंक्रीमेंट शीघ्र बहाल करने के राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने आवाज बुलंद की है। संघ का कहना है कि मुख्य शिक्षकों को पदोन्नति पर दी जाने वाली इंक्रीमेंट जो कि जेबीटी शिक्षक को 25-25 साल की सेवा उपरांत मुख्य शिक्षक बनने पर मिलती थी, जिसे जनवरी 2022 को लागू वेतनमान में छीना गया है, उसको तुरंत प्रभाव से बहाल किया जाए। इसके अलावा जेबीटी शिक्षकों के वेतनमान में भारी विसंगति है व राइडर पर रहे शिक्षकों पर कोई स्पष्ट निर्देश न होने के कारण 2016 के उपरांत नियमित जेबीटी शिक्षक नए वेतनमान के लाभ से वंचित रह गए हैं। संघ के प्रदेशाध्यक्ष जगदीश शर्मा का कहना है कि शीघ्र ही संघ का प्रतिनिधिमंडल प्राथमिक शिक्षकों की विभिन्न मांगों को लेकर मंत्री रोहित ठाकुर से मिलेगा व उन्हें अपनी मांगों से अवगत करवाएगा। इसके अलावा शिक्षा निदेशक को भी मांग पत्र प्रदान किया जाएगा। जेबीटी से एलटी की तर्ज पर अन्य सी एंड वी के पदों पर भी योग्यता पूरी करने वाले जेबीटी शिक्षकों को पदोन्नति लाभ प्रदान करने की संघ मांग करता है तथा इन सभी में जेबीटी से तुरंत पदोन्नति की जाए।
हिमाचल में चुनाव के दौरान पुरानी पेंशन बहाली के साथ साथ आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थाई नीति का मामला खूब गरमाया था। जयराम सरकार ने इन कर्मचारियों की मांग पूरी करने के लिए कैबिनेट सब कमेटी का गठन किया, कई दफा इन कर्मचारियों का डाटा मंगवाया, न जाने कितनी बैठकें की मगर आउटसोर्स कर्मचारियों का दामन खाली ही रहा। आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए पालिसी बनाने में पूर्व सरकार पूरी तरह नाकामयाब रही थी। अब इन कर्मचारियों को उम्मीद है कि नई सरकार इनके लिए कुछ करेगी और इनका भविष्य भी कुछ सुरक्षित होगा। हिमाचल प्रदेश आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ के अनुसार नई सरकार के कार्यकाल में अब तक आउटसोर्स कर्मचारियों को सिर्फ निष्कासन ही मिला है। हाल ही में हिमाचल प्रदेश जलशक्ति विभाग धर्मपुर मंडल में कार्यरत 169 आउटसोर्स कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया। इन आउटसोर्स कर्मचारियों को पूर्व सरकार ने रखा था। बीते चार पांच साल से सेवाएं दे रहे थे। हैरानी की बात है कि निकालने से पहले उन्हें नोटिस भी नहीं दिए गए हैं। सिर्फ फ़ोन कर बताया गया कि उनका अनुबंध खत्म है और सरकार से कोई आदेश नहीं आए हैं कि उनका एग्रीमेंट आगे बढ़ाना है। ठेकेदार का टेंडर 31 दिसंबर 2022 को समाप्त हो गया है। ऐसा ही कुछ लोक निर्माण विभाग में भी किया गया। अचानक इतने लोगों की नौकरी चले जाने के बाद प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारी घबराए हुए है। हिमाचल प्रदेश आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के समक्ष भी ये मसला उठाया है। आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष शैलेन्द्र शर्मा का कहना है कि आउटसोर्स कर्मचारियों का इस तरह निष्कासन अन्याय है। उन्होंने कहा कि नीति बनने तक किसी भी कर्मचारी को इस तरह नौकरी से नहीं निकाला जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग कि है कि इन सभी कर्मचारियों को वापस नौकरी पर रखा जाए और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थाई नीति बनाई जाए। प्रदेश में करीब 40 हजार आउटसोर्स कर्मचारी: हिमाचल प्रदेश के करीब 40 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों को उम्मीद है कि प्रदेश सरकार उनके लिए कोई सशक्त नीति बनाएगी। प्रदेश के अधिकांश सरकारी विभागों में आउटसोर्स कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन इनके लिए आज तक किसी सरकार ने कोई नीति का प्रावधान नहीं किया है। बता दें कि ये आउटसोर्स कर्मचारी वे कर्मचारी हैं जिनको सरकारी विभागों में कॉन्ट्रैक्ट आधार पर रखा जाता है। यानी कि ये सरकारी विभाग में तो हैं पर सरकारी नौकरी में नहीं हैं। इनकी नियुक्तियां या तो ठेकेदारों के माध्यम से की जाती है या किसी निजी कंपनी के माध्यम से। ये कर्मचारी काम तो सरकार का करते है मगर इन्हें वेतन ठेकेदार या कंपनी द्वारा मिलता है। न तो इन्हें सरकारी कर्मचारी होने का कोई लाभ प्राप्त होता है न ही एक स्थिर नौकरी। इन्हें जब चाहे नौकरी से निकाला जा सकता है। सरकार द्वारा वेतन तो दिया जाता है मगर ठेकेदार की कमिशन के बाद इन तक तक पहुंच पाता है। शोषण कम करने को सरकार बनाए ठोस नीति: महासंघ हिमाचल प्रदेश आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ का कहना है कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में हजारों कर्मचारियों को आउटसोर्स पर रखा गया है लेकिन पिछली सरकार द्वारा इनके नियमतिकरण के लिए कोई नीति नहीं बनाई गई है और न ही इनके शोषण को कम करने के लिए भी कोई ठोस कदम नहीं उठाये गए हैं। नामात्र वेतन पे भी इनसे अधिक से अधिक काम लिया जाता हैं।
लोक निर्माण एवं खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज के उस वक्तव्य की कड़ी निंदा की है, जिसमें उन्होंने प्रदेश सरकार की तुलना पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार से की है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सुरेश भारद्वाज का यह वक्तव्य उनकी मानसिक स्थिति को प्रदर्शित कर रहा है। देवभूमि हिमाचल की लोकप्रिय सरकार की तुलना पाकिस्तान से करना अनैतिक और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने अपने वित्तीय कुप्रबन्धन से प्रदेश की आर्थिक स्थिति बदहाल कर दी थी। अब वर्तमान प्रदेश सरकार राज्य में वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए सशक्त प्रयास कर रही है। सरकार के यही सकारात्मक प्रयास भाजपा के नेताओं को रास नहीं आ रहे और वह अनाप-शनाप बयानबाजी कर लोगों को गुमराह करने की कोशिशें कर रहे हैं। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि भाजपा नेताओं को अपनी पूर्व सरकार के काम-काज की समीक्षा अवश्य करनी चाहिए। तभी उन्हें यह ज्ञात होगा कि उन्होंने प्रदेश की व्यवस्था को किस तरह पटरी से उतार दिया था और यही कारण है कि उन्हें प्रदेश की जनता ने सत्ता से बाहर कर दिया। उन्होंने कहा कि सत्ता से बेदखल होकर भाजपा नेता अब सुर्खियों में बने रहने के लिए आधारहीन और बेतुके बयान दे रहे हैं, जो न प्रदेश हित में और न ही राष्ट्रहित में हैं। प्रदेश सरकार ने अनेक ऐतिहासिक निर्णय लेकर प्रदेश के सभी वर्गों के समान विकास का मार्ग प्रशस्त किया है। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार अपने कार्यकाल के पहले चार वर्ष में जब कोई उपलब्धि अर्जित नहीं कर पाई, तो उन्होंने अन्तिम छः माह में बिना बजट प्रावधान के 900 से अधिक नए संस्थान खोलकर जनता को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन प्रदेश की जनता बहुत समझदार है। जनता ने उन्हें दरकिनार कर कांग्रेस पार्टी को प्रदेश की बागडोर सौंपी है। प्रदेश कांग्रेस सरकार सशक्त नेतृत्व के साथ प्रदेश के चहुंमुखी विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने भाजपा नेताओं को आधारहीन बयानबाजी से बचकर सकारात्मक सोच के साथ प्रदेश हित में कार्य करने का परामर्श दिया।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 6 मार्च, 2023 को होटल पीटरहॉफ शिमला में राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यातिथि के रूप में शिरकत करेंगे। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल भी उपस्थित होंगे। राज्य स्तरीय समारोह में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग तथा ग्रामीण विकास विभाग द्वारा गठित महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई जा रही है। विभिन्न विभागों द्वारा अपने-अपने स्टॉल में महिलाओं के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की जाएगी। इस अवसर पर महिलाओं में अनीमिया की जांच तथा उनके लिए खेल गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। इस दौरान महिलाओं के कल्याण के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को हिमाचल प्रदेश महिला विकास प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत पुरस्कृत किया जाएगा तथा विभिन्न क्षेत्रों में ख्याति प्राप्त करने वाली महिलाओं को भी सम्मानित किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला आने वाले सैलानियों का सफर अब मंहगा होने वाला है। अब नगर निगम टूरिस्ट गाड़ियों पर ग्रीन टैक्स लगाने की तैयारी कर रहा है। मनाली की तर्ज पर यह फीस गाड़ियों से वसूली जाएगी। छोटी गाड़ियों से 200 रुपए, इनोवा से 300 और बस, ट्रक व बड़े वाहनों से 500 रुपए वसूले जाएंगे। दरअसल जब से मुख्यमंत्री सुक्खू ने नगर निगम को आय बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, तब से योजनाएं बनाई जा रही हैं। नगर निगम द्वारा पेश किए जाने वाले बजट में ग्रीन फीस का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। प्रदेश सरकार से मंजूरी मिलते ही शिमला में सैलानियों को ग्रीन फीस देनी होगी। वहीँ नगर निगम इस महीने बजट पेश करेगा, जिसमें ग्रीन फीस का प्रस्ताव भी शामिल होगा। सरकार से मंजूरी मिलते ही अप्रैल महीने में यह फीस सैलानियों को देनी पड़ेगी। इस फीस से नगर निगम और सरकार को सलाना करोड़ों रुपए मिलेंगे। शिमला में हर साल 2 से 3 करोड़ टूरिस्ट आते हैं। सबसे ज्यादा टूरिस्ट पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, गुजरात और यूपी के आते हैं। इन सैलानियों को ही अब एंट्री फीस के तौर पर पैसे देने पड़ेंगे। MC कमिश्नर आशीष कोहली का कहना है कि नगर निगम द्वारा 2013 में भी ग्रीन टैक्स लगाया गया था, लेकिन किसी कारण इसे बंद कर दिया। इस बार फिर से बजट में यह प्रस्ताव रखा जाएगा। शिमला से पहले मनाली में बाहरी राज्यों के वाहनों की एंट्री पर ग्रीन फीस की वसूली की जा रही है। यहां वाहनों में लगे फास्टैग से फीस ली जा रही है। बैरियर लगाकर गाड़ियां रोकने की जरूरत नहीं पड़ती। फास्टैग से चंद सेकेंड में यह फीस कट जाती है। जिनके पास फास्टैग नहीं है, उनसे नकद फीस वसूली जाती है।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राजभवन में आस्था शर्मा को सम्मानित किया। आस्था शर्मा ने केन्द्रीय युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय युवा संसद महोत्सव-2023 में प्रथम स्थान प्राप्त कर हिमाचल को गौरवान्वित किया है। वह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस कॉलेज, संजौली, शिमला में बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं। राज्यपाल ने आस्था शर्मा को हिमाचली टोपी, शॉल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और इस उपलब्धि के लिए उन्हें हार्दिक बधाई दी। आस्था शर्मा शिमला जिला के कोटगढ़ के लोशटा गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता मनमोहन शर्मा एक सेब बागवान हैं तथा माता रेखा शर्मा गृहिणी हैं। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि ज्ञान अर्जित करने से ही व्यक्ति का सम्मान और प्रतिष्ठा होती है। महान लेखक, कवि और कलाकार आदि अपनी प्रतिभा से ही जाने जाते हैं। उन्होंने आस्था शर्मा को कड़ी मेहनत करने और जीवन में सफलता हासिल करने के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल ने कहा कि वह न केवल प्रदेश, बल्कि देश की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। इस अवसर पर लोकायुक्त, न्यायमूर्ति चंद्र भूषण बरोवालिया भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां बताया कि हिमाचल प्रदेश मुंबई में आयोजित देश के सबसे बड़े फार्मा एक्सपो में भाग ले रहा है और इस अवसर पर प्रदेश सरकार द्वारा 2,110 करोड़ रुपये के निवेश आशय के 17 समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने निवेशकों द्वारा राज्य में निवेश के लिए इच्छा जाहिर करने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को पूर्ण सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्हें प्रस्तावित परियोजनाओं को समयबद्ध पूर्ण करने के लिए हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि हिमाचल को निवेश के लिए सबसे बेहतर गंतव्य के रूप में उभारा जा सकेे। फार्मा एक्सपो में राज्य के फार्मा पारिस्थितिकी तंत्र का प्रदर्शन किया गया तथा फार्मा एवं चिकित्सा उपकरण के क्षेत्र में बड़े उद्योगों को राज्य में स्थापित होने वाले बल्क ड्रग पार्क और मेडिकल डिवाइस पार्क में निवेश के लिए आमंत्रित किया। हिमाचल प्रदेश देश में एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां ऊना में 1405.41 एकड़ क्षेत्र में बल्क ड्रग पार्क तथा 300 एकड़ क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस पार्क नालागढ़ में स्थापित किया जा रहा है। गत दिवस उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने मुंबई में आयोजित फार्मा लाइव एक्सपो में ‘हिमाचल पैविलियन’ का शुभारंभ किया। उनके साथ विधायक सुधीर शर्मा, सुरेश कुमार, मालेन्दर राजन तथा अजय सोलंकी, प्रधान सचिव उद्योग आरडी नज़ीम, निदेशक उद्योग राकेश कुमार प्रजापति, अतिरिक्त निदेशक तिलक राज शर्मा, परियोजना प्रमुख, ईएण्डवाई, सुमित सागर डोगरा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल इसमें भाग ले रहा है। इंडियन ड्रग मैन्यूफैक्चिरिंग एसोसिएशन एवं हिमाचल ड्रग मैन्यूफैक्चिरिंग एसोसिएशन ने इस अवसर पर उद्योग मंत्री एवं विधायक गणों को सम्मानित भी किया। उद्योग मंत्री ने एक्सपो में स्थापित स्टॉल का अवलोकन किया और हिमाचल आधारित इकाइयों द्वारा प्रदर्शित नवोन्मेषी एवं नई तकनीकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार औषध निर्माताओं को बल्क ड्रग पार्क तथा मेडिकल डिवाइस पार्क में विनिर्माण पर उदार प्रोत्साहन और उपयोगी दरों पर उच्चतम उपदान प्रदान करेगी। उद्योग मंत्री ने राज्य के फार्मा पारिस्थितिकी तंत्र की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में 630 से अधिक फार्मा निर्माण कंपनियां कार्यशील हैं तथा लगभग 10 हजार करोड़ रुपए मूल्य के फार्मा फार्माल्यूएशन का निर्यात किया जा रहा है। उन्होंने राज्य में एपीआई निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि वार्षिक रूप से लगभग 35 हजार करोड़ रुपए की बल्क ड्रग की मांग है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल फार्मा उद्योग को बल मिलेगा, बल्कि आयात प्रतिस्थापन से मुद्रा विनिमय की बचत भी होगी। इस अवसर पर सरकारी-वाणिज्यिक (जीटूबी) बैठकें भी आयोजित की गईं, जिनमें ऐश्वर्य इंडिया हेल्थ केयर, स्कॉट एडिल, एमक्योर, डीबीपी फार्मा ग्रुप ने हिस्सा लिया। उन्होंने राज्य में बनने वाले बल्क ड्रग पार्क और मेडिकल डिवाइस पार्क में अपनी औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने की इच्छा व्यक्त की। लूपिन लिमिटेड ने भी सरकार के प्रतिनिधिमंडल से बैठक की और राज्य में बनने वाले बल्क ड्रग पार्क में फरमेंटेशन आधारित एपीआई इकाई स्थापित करने की इच्छा जताई। फिल्म जगत के प्रमुख निर्माता-निर्देशक अनिल शर्मा ने भी हिमाचल प्रदेश में फिल्म सिटी स्थापित करने की इच्छा जताई। उद्योग मंत्री ने उन्हें इस बारे में ठोस प्रस्ताव तैयार करने और इस पर मुख्यमंत्री के साथ चर्चा करने के लिए आमंत्रित किया। सुकुम पावर सिस्टम के नए प्रबंधन ने भी इलेक्ट्रिक वाहन और उपकरणों के लिए 300 करोड़ रुपए के निवेश-आशय की इच्छा व्यक्त की। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, विधायकगण की उपस्थिति में निवेश आशय के लिए सरकार की ओर से निदेशक, उद्योग ने विभिन्न उद्योग प्रमुखों के साथ संबंधित समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किए।
हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा सांसद डॉक्टर सिकंदर कुमार से हाटी समुदाय का एक प्रतिनिधिमंडल शिमला में मिला, जिसमें ज़िला सिरमौर के गिरीपार के हाटी समुदाय के लाखों लोगों को जनजाति अधिकार दिलाने वाले बिल से संबंधित राज्यसभा में पेश हो रहे संशोधन विधेयक पर विस्तारपूर्वक बातचीत की गई। डॉ. सिकंदर कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि जिस तरह से लोकसभा से बिल परित हुआ है, उसी तरह से शीघ्र ही राज्यसभा से भी हाटी समुदाय से संबंधित जनजाति बिल पारित होगा। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री मोदी जो कहते हैं वे उस कार्य को करते हैं। उन्होंने कहा कि देश में नरेंद्र मोदी कि सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के साथ कार्य कर रही है। हाटी समुदाय से संबंधित संसदीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद हिमाचल प्रदेश के हाटी समुदाय के लाखो लोगो को शीघ्र ही उनका हक मिलेगा। इस प्रतिनिधिमंडल में सिरमौर हाटी विकास मंच के अध्यक्ष प्रदीप सिंगटा, मुख्य प्रवक्ता डॉ. रमेश सिंगटा, उपाध्यक्ष कपिल चौहान, महासचिव अतर सिंह तोमर, मीडिया प्रभारी अनुज शर्मा, मदन तोमर व अर्जुन सिंह आदि पदाधिकारी उपस्थित रहे।


















































