फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू एवं उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शिव प्रताप शुक्ला को हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसेवा में शिव प्रताप शुक्ला के लंबे अनुभव का प्रदेश व यहां की जनता को लाभ मिलेगा। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भी नव-नियुक्त राज्यपाल को बधाई दी है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला कांगड़ा जिले को पर्यटन, सूचना प्रौद्योगिकी, आईटीईएस और आयुष कल्याण के क्षेत्र में प्रमुख केंद्र (हब) बनाने की मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की सोच को मूर्तरूप प्रदान करने की दिशा में उद्योग विभाग ने कार्य आरंभ कर दिया है। उद्योग और आयुष मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने इस बारे में उद्योग विभाग को राजस्व अधिकारियों के साथ चिन्हित स्थानों पर संयुक्त निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं, ताकि इन क्षेत्रों में अधिक से अधिक निवेश आकर्षित किया जा सके। उद्योग विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि इन निर्देशों के उपरांत उद्योग विभाग द्वारा राजस्व अधिकारियों के साथ जिला कांगड़ा की धर्मशाला, बड़ोह, नगरोटा बगवां और शाहपुर तहसील में संयुक्त निरीक्षण किया गया। इस संयुक्त निरीक्षण टीम में उद्योग विभाग के निदेशक राकेश प्रजापति, अतिरिक्त निदेशक तिलक राज शर्मा, उपमंडलाधिकारी (ना.) शाहपुर एमएल शर्मा, उपमण्डलाधिकारी (ना.) धर्मशाला शिल्पी बेक्टा, जिला उद्योग केन्द्र कांगड़ा के महाप्रबन्धक राजेश कुमार, प्रोजेक्ट लीड, ई.वाई, सुमित सागर डोगरा शामिल थे। संयुक्त निरीक्षण टीम द्वारा मुहाल क्योरियां, तहसील शाहपुर में चरागाह बिला दरख्तान (71 कनाल), मुहाल जुहल, तहसील धर्मशाला में जंगल मेहफुजा/मेहदुदा (19 हेक्टेयर), मुहाल चंदरोट और तहसील बड़ोह में, चरागाह बिला दरख्तान (95 कनाल) सरकारी भूमि का निरीक्षण किया गया। इसके अलावा टीम ने मुहाल गुजरेहड़ा, तहसील धर्मशाला में ‘बंजर कादिम/खडे़तर (250 कनाल) निजी भूमि का निरीक्षण भी किया।
पंकज सिंगटा। शिमला भाजपा मुख्यालय दीपकमल चक्कर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की पुण्यतिथि पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में भाजपा के संगठन महामंत्री पवन राणा, प्रदेश कोषाध्यक्ष संजय सूद, प्रदेश सचिव प्यार सिंह कंवर और प्रदेश सह मीडिया प्रभारी करण नंदा विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर भाजपा मुख्यालय दीपकमल चक्कर में पंडित दीनदयाल जी के चित्र पर पुष्पांजलि भी अर्पित की गई। भाजपा सह मीडिया प्रभारी करण नंदा ने कहा कि आज भाजपा पूरे देश भर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की पुण्यतिथि को समर्पण दिवस के रूप में मनाती है और आज पूरे प्रदेश भर में इस उपलक्ष पर अनेकों कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा की पंडित दीनदयाल उपाध्याय भारतीय राजनीति के शिखर पुरुष रहे और वह जनसंघ के संस्थापक थे। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में कई दायित्व का निर्वहन भी किया है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय बहुप्रतिभा के धनी थे, वह एक प्रखर संगठनकरता, विचारक और राजनेता रहे। दीनदयाल जी ने पूरे भारतवर्ष को एकात्म मानववाद और एकात्म मानव दर्शन का मंत्र दिया। उन्होंने हमें अंतोदय का मूल मंत्र भी दिया जिस पर हमारी केंद्र और प्रदेश सरकार ने प्रतिबद्ध रूप से काम किया आज पूरे देश भर में ऐसी अनेकों योजनाएं चल रही है, जो अंतिम व्यक्ति को फायदा देने के लिए बनी है, आज प्रधानमंत्री आवास योजना का बजट 66% बढ़ा दिया गया है और इसके अंतर्गत भारतवर्ष में लाखों घर गरीबों को वितरित कर दिए गए हैं। प्रधानमंत्री अन्य योजना के तहत कोविड काल के समय देशभर में मुफ्त राशन का वितरण किया गया और अगले एक वर्ष तक यह मुफ्त राशन केंद्र सरकार द्वारा देश को जरूरतमंद जनता को राहत पहुंचाने के लिए दिया जाएगा। दीनदयाल जी हमारे विचार परिवार और देश के लिए प्रेरणा स्तोत्र है, उनके विचारों को हम आज भी जितनी बार पड़े उसमें नयापन और ताज़गी महसूस होती है। उन्होंने हमें सिखाया कि अपना देश हमारे लिए सब कुछ है, तीनों लोगों के बराबर है और एक सफल राष्ट्र ही विश्व को योगदान दे सकता है। इसके आधार पर हमारा देश आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ रहा है और आज हमारा देश अन्य देशों को मेड इन इंडिया वस्तुओं का निर्यात भी कर रहा है। कोविड संकटकाल के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारे देश ने पूरे विश्व को को कोविड वैक्सीन भी प्रदान की यह अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला लोक निर्माण, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज के 75वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य पर आयोजित प्राक्तन छात्र व्याख्यान श्रृंखला में मुख्यातिथि के रूप में भाग लिया। इस पंचम व्याख्यान का विषय ‘भारतीय राजनीति में युवाओं का वर्तमान एवं भविष्य’ रखा गया था। इस अवसर पर विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि इस संस्थान के साथ उनका गहरा जुड़ाव रहा है। उन्होंने कहा कि स्नातक स्तर की शिक्षा उन्होंने इसी संस्थान से ग्रहण की है। उन्होंने कहा कि युवा ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग करते हुए राष्ट्र निर्माण में उनका बहुमूल्य सहयोग लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल के युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए कई नवीन कदम उठा रही है। शिक्षा के साथ-साथ उन्हें खेलों के क्षेत्र में भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। व्याख्यान श्रृंखला के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किए। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता हंसराज कॉलेज की प्राचार्य प्रोफेसर रमा ने की। दिल्ली कॉलेज ऑफ आर्ट एंड कॉमर्स की सहायक प्रोफेसर डॉ. दीप्ती तनेजा तथा प्राक्तन छात्र संघ के उपाध्यक्ष डॉ. नितिन मलिक विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। व्याख्यान श्रृखंला का संयोजन डॉ. चेतना जैन और डॉ. शैलू सिंह तथा प्राक्तन छात्र संघ की ओर से डॉ. प्रभांशु ओझा और महेंद्र गोयल ने किया।
केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर का निर्माण कार्य शीघ्र आरंभ करने का आग्रह फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गत देर सायं नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से भेंट की। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय विश्वविद्यालय परिसर का निर्माण कार्य शीघ्र आरंभ करने का आग्रह करते हुए कहा कि इसके लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पहले ही पूरी की जा चुकी है। केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि शीघ्र ही केंद्रीय विश्वविद्यालय की आधारशिला रखकर निर्माण कार्य आरंभ कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने हिमाचल को केंद्र से वित्तपोषित योजनाओं में मिलने वाली राशि को बढ़ाने आग्रह किया, ताकि प्रदेश में हो रहे विकास को गति प्रदान की जा सके। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के शैक्षणिक अधोसंरचना को सुदृढ़ करने और आवासीय मॉडल विद्यालयों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने का भी आग्रह किया। मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, राज्य पर्यटन विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष आरएस बाली, विधायक केवल सिंह पठानिया, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू, महाधिवक्ता अनूप रतन, आवासीय आयुक्त मीरा मोहंती तथा मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विवेक भाटिया इस अवसर पर उपस्थित थे।
नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए एक अच्छी खबर आई है। हिमाचल प्रदेश बेरोजगार चयन सेवाएं संगठन आउटसोर्सिंग एजेंसी (एचपीयूएसएसए) मुख्य कार्यालय शिमला ने विभिन्न श्रेणियों के (687) पदों को भरने के लिए अधिसूचना जारी की है। इन पदो के लिए आवेदन एजेंसी के व्हाट्सएप पर नंबर पर ऑनलाइन ही लिए जाएंगे। प्रदेश के इच्छुक उम्मीदवार आवेदन करने के लिए अपना बायोडाटा फोन नंबर सहित, पदनाम सहित, साधारण एप्लीकेशन लिखकर ,अपनी शैक्षणिक योग्यता के मूल प्रमाण पत्रों की छाया प्रति, आधार कार्ड, हिमाचली बोनाफाइड , पुलिस चरित्र प्रमाण पत्र, रोजगार कार्यालय कार्ड, पीडीएफ फाइल/ स्कैनड बनाकर एजेंसी के व्हाट्सएप नंबर 89881-14000 पर अपना आवेदन निर्धारित तिथि तक भेज सकते है। आवेदन की अंतिम तारीख 12 फरवरी 2023 निर्धारित की गई है। संघ के निदेशक विनीत शर्मा ने बताया कि विभिन्न श्रेणियों में क्लर्क ऑफिस एग्जीक्यूटिव, एचआर कोऑर्डिनेटर, बैंक सेल्स ऑफिसर , बैंक डिलीवरी एसोसिएट्स , फोन बैंकिंग ऑफीसर, सिक्योरिटी गार्ड, आईटीआई ऑल ट्रेड पासआउट, कंपनी भर्ती अधिकारी , एक्स सर्विसमैन सिक्योरिटी सुपरवाइजर , बस कंडक्टर, कार्यालय सहायक, अकाउंट्स एग्जीक्यूटिव , ऑफिस कोऑर्डिनेटर, बैंक कैश हैंडलिंग एग्जीक्यूटिव, ब्रांच सेल्स ऑफिसर, स्टोरकीपर, कंप्यूटर ऑपरेटर ,बिजनेस प्रमोशन एग्जीक्यूटिव , एक्स सर्विसमैन जेसीओ, प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर, जनरल वर्कर हेल्पर, ड्राइवर, लैब असिस्टेंट , आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट , स्टाफ नर्स एएनएम, स्टाफ नर्स जीएनएम , एमआई रिकवरी मैनेजर, फ्लाइंग ऑफिसर, इलेक्ट्रीशियन, फिटर, मैकेनिकल, वेल्डर, पंप ऑपरेटर, एक्स सर्विसमैन गनमैन पीएसओ, जेसीबी ऑपरेटर, बैंक रिलेशनशिप मैनेजर , पेपर सैटर , फॉर्म सेल्स एग्जीक्यूटिव, पीएन कम चौकीदार के पदों को भरने के लिए अधिसूचना जारी की गई है। इन पदों के लिए उम्मीदवार की आयु सीमा 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए। अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट का प्रावधान है. उम्मीदवार शैक्षणिक योग्यता वांछनीय योग्यता संबंधी जानकारी के लिए एजेंसी की आधिकारिक/ ऑफिशल वेबसाइट www.hpussa.in से जानकारी ले सकते हैं। एजेंसी द्वारा उम्मीदवारों का चयन छटनी/ लिखित परीक्षा एवं इंटरव्यू द्वारा ही चयन किया जाएगा. लिखित परीक्षा (150) क्रमांक एवं इंटरव्यू (30) क्रमांक का होगा. लिखित परीक्षा में हिमाचल सामान्य ज्ञान, एवरीडे साइंस ,भूगोल, गणित, इतिहास, जनरल हिंदी, इंग्लिश, कंप्यूटर न्यूमेरिकल एटीट्यूट से बहुविकल्पीय ऑब्जेक्टिव टाइप एमसीक्यू प्रश्न पूछे जाएंगे. एजेंसी द्वारा लिखित परीक्षा 19 फरवरी 2023 को ऑनलाइन ही आयोजित की जाएगी। उम्मीदवारों को इनरोलमेंट नंबर ऑनलाइन ही जारी किए जाएंगे। लिखित परीक्षा का परिणाम 17 मार्च 2023 को संघ की आधिकारिक ऑफिशियल वेबसाइट www.hpussa.in पर देख सकते है। इन पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता आठवीं, दसवीं, 12वीं , ग्रेजुएट, बीएससी बीएड, एमकॉम, बीकॉम, डीसीए, पीजीडीसीए, डिप्लोमा/ डिग्री होल्डर होनी चाहिए. संघ द्वारा नियुक्त किए गए उम्मीदवारों का मासिक वेतनमान 10750/- ग्रेड पे- से लेकर 40870/- सीटीसी ग्रेड पे- तक दिया जाएगा। इसके अलावा जनरल प्रोविडेंट फंड, पीएफ, ईएसआई, मेडिकल इंश्योरेंस , प्रमोशन , बोनस ओवरटाइम की सुविधा भी मिलेगी. यह सभी पद 2 वर्ष के अनुबंध आधार पर भरे जाएंगे, जिन्हें बाद में पॉलिसी एक्ट के तहत रेगुलर किया जाएगा। नियुक्त किए गए उम्मीदवार प्रदेश की एमएनसी कंपनियों, सिपला, गोदरेज, कैडबरी , चेकमेट , डाबर, मारुति ,हीरो होंडा, विभिन्न बैंकिंग, मेडिकल कॉलेज , हिमाचल स्टेट रूरल कॉरपोरेशन, स्टेट पावर कॉरपोरेशन, पीएचसी हॉस्पिटल, हिमाचल स्टेट पावर प्रोजेक्ट, फाइनेंस सेक्टर, एलआईसी, स्टेट कोऑपरेटिव सोसायटी, मॉल, एनजीओ, सरकार के पंजीकृत औद्योगिक क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देंगे। नियुक्त किए गए उम्मीदवारों को हिमाचल प्रदेश में कुल्लू, मंडी, सोलन, कांगड़ा, हमीरपुर, सिरमौर ,उना ,मोहाली ,चंडीगढ़, जीरकपुर , दिल्ली, नोएडा, जालंधर क्षेत्रों में कहीं भी तैनाती दी जा सकती है। यह तमाम भर्ती प्रक्रिया मार्च माह के अंत में पूरी कर ली जाएगी। चुने गए उम्मीदवारों की सूची अधिकारिक वेबसाइट में भी प्रेषित कर दी जाएगी। उम्मीदवार अधिकतर जानकारी के लिए कार्यालय के हेल्पलाइन नंबर 94181-39918 94184-17434 62305-90985 पर संपर्क कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय पर्यटन मंत्री से की भेंट फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गत देर सायं नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी से भेंट की। मुख्यमंत्री ने उन्हें अवगत करवाया कि प्रदेश सरकार पर्यटन विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है और इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए नवीनतम पग उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत कांगड़ा जिला के पौंग और मंडी जिला के जंजैहली क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। इसके लिए केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय से अनुमोदित सलाहकारी संस्था शीघ्र ही अपनी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करेगी। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से प्रदेश के अन्य पर्यटन स्थलों को भी स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अगले चरण में शामिल करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने कांगड़ा जिला को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। कांगड़ा जिला में जलाशय, धार्मिक स्थल, साहसिक गतिविधियों के साथ-साथ विहंगम धौलाधार पर्वत श्रृंखलाओं से जुड़े पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। कांगड़ा जिला में पर्यटन अधोसंरचना का विकास कर इसे संपन्न वर्गों के पसंदीदा पर्यटन गंतव्य के रूप में भी उभारा जाएगा। उन्होंने कहा कि धौलाधार श्रृंखला में टेंट सिटी निर्मित करने के लिए प्रदेश सरकार एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर पर्यटन मंत्रालय को प्रस्तुत करेगी। राज्य सरकार इसके लिए उपयुक्त भूमि और सड़क सुविधा भी प्रदान करेगी। इस टेंट सिटी की क्षमता 200 से अधिक कमरों की होगी और इसमें उत्तम सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। उन्होंने कहा कि धर्मशाला में प्रस्तावित सम्मेलन केंद्र का निर्माण एशियन विकास बैंक परियोजना के अन्तर्गत किया जाएगा और यह भी पर्यटन को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में हेलीपोर्ट के निर्माण का निर्णय लिया है, ताकि हवाई सेवा के माध्यम से पर्यटन को विस्तृत स्तर पर प्रोत्साहित किया जा सके। उन्होंने कहा कि कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार शीघ्र ही पूर्ण कर लिया जाएगा और इसकी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘वाइब्रेंट विलेज’ योजना के अंतर्गत भी पर्यटन गंतव्य विकसित किए जाएंगे। प्रदेश में 25 ऐसे पर्यटन गंतव्यों को विकसित करने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन स्थलों पर पर्यटकों के लिए विभिन्न प्रकार की अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने हिमाचल को धरोहर विकास में शामिल करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि माता चिंतपूर्णी मंदिर को प्रसाद योजना के अंतर्गत विकसित किया जाएगा। इस योजना के तहत श्रद्धालुओं को सभी प्रकार की सुविधाएं प्राप्त होंगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस वर्ष अप्रैल माह में नई दिल्ली में निवेशकों के साथ एक बैठक आयोजित की जाएगी। उन्होंने सुझाव दिया कि हिमाचल में पर्यटन की अपार संभावनाओं, भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया एवं पर्यटन उद्यम स्थापित करने के लिए अन्य आवश्यक औपचारिकताओं को सुगम बनाने संबंधी एक विस्तृत एवं व्यापक प्रेजेंटेशन तैयार की जाए ताकि इस क्षेत्र में अधिक से अधिक निवेश को आकर्षित किया जा सके। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को हिमाचली शॉल व टोपी भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने पर्यटन मंत्री को हिमाचल आने के लिए आमंत्रित भी किया। मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, प्रदेश पर्यटन विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष आरएस बाली, विधायक केवल सिंह पठानिया, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू, महाधिवक्ता अनूप रत्न, आवासीय आयुक्त मीरा मोहंती तथा मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विवेक भाटिया भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला भाजपा नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने अपने गोवा राज्य के प्रवास के दौरान, गोवा के लोकप्रिय मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत से शिष्टाचार भेंट की। दोनों नेताओं के बीच महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
‘खेलो इंडिया गेम्स’ में शामिल हुए युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री हिमाचल के खिलाड़ियों का किया उत्साहवर्द्धन फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला लोक निर्माण, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह आज मध्य प्रदेश के भोपाल में आयोजित ‘खेलो इंडिया गेम्स’ में शामिल हुए। उन्होंने इन खेलों में भाग ले रहे हिमाचल प्रदेश के खिलाड़ियों से भेंट की और उनका उत्साहवर्द्धन किया। खेल मंत्री ने मध्य प्रदेश में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बॉक्सिंग रिंग, शूटिंग रेंज और जिम सहित खेलों से संबंधित अन्य आधारभूत संरचना का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए ठोस कदम उठा रही है। हिमाचल के युवाओं को बेहतर खेल ढांचा एवं अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए राज्य सरकार कृतसंकल्प है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के खेल मॉडल का अध्ययन करने तथा यहां उपलब्ध उन्नत उपकरणों व खेल अधोसंरचना के बारे में चर्चा के लिए अधिकारियों को हिमाचल आने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘खेलो इंडिया गेम्स’ के अंर्तगत कंेद्र सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली निधि से हिमाचल प्रदेश में भी खेलों के विकास के लिए प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को विभिन्न खेल गतिविधियों से जोड़ते हुए उन्हें बेहतर सुविधाएं एवं उपकरण इत्यादि उपलब्ध करवाकर उनकी प्रतिभा में और निखार लाने के लिए विशेष कदम उठा रही है। इस अवसर पर युवा सेवाएं एवं खेल निदेशक राजीव शर्मा भी उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू और उप-मुुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बुधवार रात्रि ऊना जिला के अंब उप-मंडल के बणे दी हट्टी में हुए अग्निकांड में चार बच्चों के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। अपने शोक सन्देश में मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निकांड में चार बच्चों की मृत्यु अत्यन्त दुःखद घटना है। उन्होंने जिला प्रशासन को पीड़ित परिवारों को तत्काल हर संभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिजनों को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। उप-मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवदेना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में जापान इंटरनेशनल कारर्पोरेशन एजेंसी (जाइका) के साथ आयोजित बैठक में कहा कि एजेंसी हिमाचल प्रदेश में ग्रीन हाईड्रोजन, टनल, दुग्ध उत्पादन तथा मल निकासी क्षेत्रों के लिए समर्थन तथा आवश्यक राशि उपलब्ध करवाएगी। इस संबंध में शिमला में भी शीघ्र ही एक विस्तृत बैठक आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने जाइका को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा, ताकि इस दिशा में कार्य योजना तैयार की जा सके। उन्होेंने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में छोटी सुरंगें संपर्क सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ यात्रा के समय को कम करने मेे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैैं। उन्होंने जाइका से प्रदेश में सुरंग निर्माण को भी अपनी परियोजनाओं में शामिल करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन तीसरा ऐसा क्षेत्र है, जिसमें जाइका अपना सहयोग एवं तकनीक उपलब्ध करवा सकती है। इससे प्रदेश और विशेष तौर पर किसानों की आर्थिकी में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि सामुदायिक मल निकासी तथा स्वच्छता भी प्रदेश सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने हिमाचल को वर्ष 2025 तक हरित उर्जा राज्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। परिवहन विभाग के वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित कर इस दिशा में कार्य आरंभ कर दिया गया है। प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए ग्रीन हाईड्रोजन प्लांट स्थापित करने पर भी सरकार विचार कर रही है। यह महत्वकांक्षी परियोजना हरित ऊर्जा राज्य का लक्ष्य हासिल करने में मील पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन से भी विचार-विमर्श किया जा रहा है। जाइका के मुख्य प्रतिनिधि सैतो मीतसूनौरी ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि एजेंसी प्रदेश सरकार की आंकाक्षाओं के अनुरूप परियोेजनाओं का कार्य करेगी। बैठक में मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर व संजय अवस्थी, मुख्यमंत्री के प्रधान राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिटटू, मुख्यमंत्री के ओएसडी केएस बांशटू, आवासीय आयुक्त मीरा मोहंती, मुख्य मंत्री के प्रधान निजी सचिव विवेक भाटिया व मुख्य परियोजना निदेशक जाइका नागेश गुलेरिया उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने आज और कल प्रदेश के अधिक ऊंचे क्षेत्रों में भारी बारिश-बर्फबारी का येलो अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के अधिक ऊंचे क्षेत्रों में शनिवार को भी बारिश-बर्फबारी हो सकती है, जबकि निचले व मैदानी इलाकों में शनिवार मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। प्रदेश में बीते दिनों हुई बर्फबारी से 134 सड़कें अभी भी बंद हैं। इनमें ज्यादातर सड़कें एक महीने से भी अधिक समय से बंद हैं। लाहौल स्पीति में सबसे ज्यादा 120 सड़कें, चंबा में 7, कांगड़ा, शिमला व किन्नौर में 2-2 और कुल्लू में 4 सड़कें अवरुद्ध पड़ी हैं। गौरतलब है कि प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। केलोंग का न्यूनतम तापमान गिरकर माइनस 12 डिग्री पहुंच गया है। वहीं लाहौल स्पीति के कुकुमसेरी का न्यूनतम तापमान माइनस 8.8 डिग्री, कल्पा का माइनस 2.2 डिग्री, मनाली 0 डिग्री, शिमला का 4.3 डिग्री, धर्मशाला 6.2 डिग्री, ऊना में 5.8 डिग्री और सोलन न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री तक लुढ़क गया है।
हिमाचल की 5 महिला क्रिकेटर पहली वुमन आईपीएल लीग में खेलती नजर आएंगी। पहली बार होने वाले वूमन आईपीएल के लिए 13 फरवरी को मुंबई में खिलाड़ियों की ऑक्शन होगी। इसके लिए हिमाचल की 22 खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन कराया, जिसमें से 5 शॉर्टलिस्ट हुई हैं।शॉर्टलिस्ट होने वाली खिलाड़ियों में हरलीन दयोल, सुषमा वर्मा, रेणुका ठाकुर, वसुवी फिस्टा और चित्रा जमवाल शामिला हैं। आईपीएल के लिए कुल 1,525 खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन करवाया था, जिसमें से 409 खिलाड़ियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। इनमें 246 भारतीय और 163 विदेशी खिलाड़ी हैं। बता दें कि शिमला की रहने वाली तेज गेंदबाज रेणुका ठाकुर ने रेलवे की ओर से रजिस्ट्रेशन किया। HPCA से हरलीन दयोल ने 40 लाख रुपये के बेस प्राइज के साथ रजिस्ट्रेशन किया। हरलीन अभी भारतीय टीम का हिस्सा हैं। सुषमा वर्मा ने 30 लाख रुपये के बेस प्राइज में रजिस्ट्रेशन किया। वह भी टीम का हिस्सा हैं। इसके अलावा अनकैप्ड खिलाड़ियों में रोहडू की वसुवी फिस्टा, जम्मू की चित्रा सिंह जमवाल और किन्नौर की सुष्मिता कुमारी ने 10 लाख के बेस प्राइज से रजिस्ट्रेशन करवाया है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार सायं केंद्रीय विद्युत एवं नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह के साथ बैठक की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से 25 वर्ष पहले शुरू की गई ऊर्जा परियोजनाओं में राज्य की हिस्सेदारी बढ़ाने का आग्रह किया, जिनकी ऋण अदायगी पूरी कर ली गई है। उन्होंने कहा कि इनमें राज्य की हिस्सेदारी 12 से बढ़ाकर 15 प्रतिशत की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश की जलविद्युत क्षमता के लगभग 12000 मेगावाट का अभी दोहन किया जाना शेष है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में जल विद्युत विकास महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके माध्यम से प्रदेश में प्रत्यक्ष रूप से राजस्व सृजन के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होते हैं। इसके अतिरिक्त, प्रदेश में सौर ऊर्जा दोहन की अपार संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में निवेश को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए उद्यमियों को निवेश हितैषी तंत्र प्रदान किया जाएगा, ताकि वे अविलंब अपनी परियोजनाएं स्थापित कर सकें। राज्य सरकार द्वारा निवेशकों के लिए नियमों और प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है और उपायुक्तों को अनुमति देने का अधिकार प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विशेष रूप से ऊर्जा और पर्यटन के क्षेत्र में समयबद्ध ढंग से सभी आवश्यक अनुमतियां देने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ऊर्जा परियोजनाओं से विभिन्न स्तरों पर समझौता करने पर विचार कर रही है। पहले स्तर पर ऋण अदायगी की अवधि तक के लिए और दूसरा स्तर जलविद्युत परियोजना के हिस्से पर ऋण अदायगी की समाप्ति के बाद का होगा। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री के साथ सतलुज जल विद्युत निगम (एसजेवीएन) द्वारा कार्यान्वित की जा रही लुहरी विद्युत परियोजना का मामला भी उठाया और परियोजना की व्यवहारिकता को देखते हुए राज्य की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए सहमति प्रदान करने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने भाखड़ा ब्यास प्रबन्धन बोर्ड (बीबीएमबी) द्वारा हिस्सेदारी एवं बकाया भुगतान के संबंध में राज्य सरकार के पक्ष में निर्णय दिया है। उन्होंने कहा कि बीबीएमबी को बकाया राशि का तत्काल भुगतान करने के निर्देश दिए जाने चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शानन परियोजना की लीज अवधि समाप्त हो चुकी है और इसे आगे के निष्पादन के लिए राज्य सरकार द्वारा अधिग्रहित किया जाएगा उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने लेह की तर्ज पर राज्य के स्पिति क्षेत्र में हरित ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे ताकि वर्ष 2025 तक हरित ऊर्जा राज्य का लक्ष्य प्राप्त किया जा सके। ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए राज्य सरकार भूमि एवं बिजली उपलब्ध करवाएगी। हरित ऊर्जा ले जाने के लिए ट्रांसमिशन लाइन की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश का एकमात्र ऊर्जा सरप्लस राज्य है और प्रदेश में ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। राज्य ऊर्जा परियोजना को राजस्व हिस्सेदारी के आधार पर कार्यान्वित करेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री को सम्मानित किया और उन्हें हिमाचल प्रदेश आने के लिए आमंत्रित भी किया। बैठक में मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर और संजय अवस्थी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, आवासीय आयुक्त मीरा मोहंती और मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विवेक भाटिया भी उपस्थित थे।
हिमाचल में फोरलेन का काम तेज गति से चल रहा है केंद्रीय बजट में हिमाचल की 3 बड़ी रेल परियोजनाओं को मिले 1902 करोड़ पंकज सिंगटा। शिमला भाजपा नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कनेक्टिविटी एक महत्वपूर्ण विषय है और कनेक्टिविटी को लेकर केंद्र सरकार ने हमेशा हिमाचल को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि हाल ही में केंद्र बजट के अंतर्गत हिमाचल की 3 बड़ी रेल परियोजनाओं को 1902 करोड़ रुपए मिले यह हिमाचल के लिए एक बड़ी सौगात है और इसके लिए हम केंद्र सरकार का विशेष रूप से धन्यवाद भी करते हैं। भानुपाली-बिलासपुर रेल परियोजना के लिए केंद्र सरकार द्वारा 1000 करोड़ का प्रावधान किया गया। इसी प्रकार चंडीगढ़-बद्दी रेल परियोजना के लिए 450 करोड़ और नंगल-तलवाड़ा के लिए 452 करोड़ का प्रावधान किया गया। हिमाचल प्रदेश के लिए यह एक यह बहुत बड़ा तोहफा है और भानुपाली बिलासपुर लेह रेल लाइन तो सामरिक दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा भानुपाली बिलासपुर रेल लाइन का 63 किलोमीटर लंबे रेल ट्रैक का कार्य तेज गति से चल रहा है, इस परियोजना में 21 मेजर पुल बनने हैं, जिसमें से पांच पुलों का काम चल रहा है और 16 के डिजाइन लगभग तैयार है और इसके अंतर्गत 20 टनलो का निर्माण कार्य भी होना है। उन्होंने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश के बैजनाथ, पपरोला, पालमपुर और अंब अंदौरा रेलवे स्टेशन पर अति आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके लिए भी केंद्र सरकार का हम धन्यवाद करना चाहते हैं। हिमाचल प्रदेश में नेशनल हाई-वे की दृष्टि से भी अच्छा कार्य चल रहा है। किरतपुर-मनाली, मंडी-पठानकोट, नालागढ़-स्वारघाट, परमाणु-शिमला, चक्की -मटौर-शिमला, मुबारकपुर-अंब-नादौन और पौंटा-साहिब-कालाअंब के नेशनल हाईवे का निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है। किरतपुर नेरचौक फोरलेन का कार्य भी तेज गति से चल रहा है, जिसमें 5 टनल, 22 मुख्य पुल व 14 छोटे पुल जल्दी बनकर तैयार हो जाएंगे। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत भी हमारी सरकार ने 422 करोड़ की डीपीआर केंद्र सरकार को भेजी थी, जिसकी स्वीकृति 22 अक्तूबर, 2022 को मिल चुकी थी। इससे भी हिमाचल प्रदेश में ग्रामीण कनेक्टिविटी काफी बढ़ती है। हाल ही में केंद्र सरकार ने बजट में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का बजट 36 प्रतिशत बढ़ाया है। इसमें हिमाचल प्रदेश को भी अच्छा बजट मिलेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकारों ने हमेशा सर्वांगीण विकास की दृष्टि से कार्य किया है और यह केंद्र सरकार की मदद के बिना संभव नहीं होता, जिस प्रकार से केंद्र सरकार ने हमेशा हिमाचल प्रदेश का ख्याल रखा है, उसके लिए हम केंद्र सरकार का दिल की गहराइयों से धन्यवाद करना चाहते हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने प्रदेश सरकार पर ज़ुबानी हमला बोला है। सुरेश कश्यप ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी कांग्रेस की जनता को दी गई, 10 गारंटी में से पांचवी गारंटी से मुकर गए है। ऐसा लग रहा है कि गरंटियो के मामले में यह सरकार यू टर्न की सरकार बन कर रह गई है, एक-एक करके अपनी सभी गरंटियो से मुकरने लगी है यह सरकार। उन्होंने कहा कि कल बागवानी मंत्री ने कहा कि हिमाचल के बागवानअपने फलों की कीमत तय नहीं कर पाएंगे, लेकिन कांग्रेस अगर अपने मेनिफेस्टो को ध्यान से पड़े तो उसमें स्पष्ट लिखा है कि फलों की कीमत बागवान ही तय करेंगे। सुरेश कश्यप ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बागवानी क्षेत्र से 12 लाख लोगों को रोजगार मिलता है, राज्य में अढ़ाई लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बागवानी की जाती है। हिमाचल में लगभग 4 लाख से अधिक बागवान परिवार हैं और हिमाचल की आर्थिकी को इस कारोबार से संबल मिलता है। आज हिमाचल की जनता हताश है कि जिस वादे को कर कांग्रेस पार्टी सत्ता में आई उससे कांग्रेस पार्टी बड़ी जल्दी पलट गई। इस तरह पलटना हिमाचल के बागवानी क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ बड़ा धोखा है।
ऊना पहुंचने पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का गर्मजोशी से स्वागत फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला जिला ऊना के अपने पहले प्रवास पर पहुंचे मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का स्थानीय जनता ने उत्साह के साथ स्वागत किया। इस अवसर पर पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने बजट का समुचित प्रावधान करने के बाद ही पुरानी पेंशन योजना लागू की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने ओपीएस प्रदान करने की अपनी पहली गारंटी मंत्रिमंडल की पहली बैठक में ही पूरी कर साबित कर दिया कि हमने जो कहा वो किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रतिज्ञा पत्र की अन्य सभी गारंटियों को भी चरणबद्ध ढंग से पूरा किया जाएगा। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि पूर्व की भाजपा सरकार अपने वायदों पर खरा उतरने में नाकाम रही है। पिछली सरकार ने वेतन आयोग की सिफारिशें तो लागू कर दी, लेकिन कर्मचारियों व पेंशनरों को इसका देय बकाया भी नहीं दिया। इसके साथ ही महंगाई भत्ते की भी केवल मात्र घोषणा ही की और उनके कार्यकाल में कर्मचारियों को इसकी अदायगी भी नहीं हो सकी। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में ट्रक ऑपरेटरों तथा सीमेंट फैक्ट्री प्रबंधन के बीच जारी विवाद को हल करने के लिए प्रदेश सरकार हर संभव कदम उठा रही है और सरकार के प्रयासों से ही अब ट्रक ऑपरेटरों व कंपनी के बीच वार्ता चल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ट्रक ऑपरेटर्ज तथा फैक्ट्री में कार्यरत कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए कृतसंकल्प है और यह मामला सर्वसम्मति से शीघ्र ही सुलझा लिया जाएगा।
राधा-कृष्ण मंदिर में आयोजित धार्मिक समागम में शामिल हुए मुख्यमंत्री फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज कोटला कलां राधा-कृष्ण मंदिर में आयोजित धार्मिक समागम में भाग लिया और बाबा बाल का आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर पहुंचने पर ढोल-नगाड़ों के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 3.35 करोड़ की लागत से लालसिंगी (बाबा बेली राम) से लेकर झलेड़ा तक बनने वाली सड़क का भूमि पूजन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊना संतों की धरती है और यहां आकर उन्हें हार्दिक प्रसन्नता हुई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार श्रीमद्भगवद्गीता की शिक्षाओं पर अपनी कर्मनीति बनाकर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि राधा-कृष्ण मंदिर आकर उन्हें आध्यात्मिक अनुभूति हो रही है और वह यहां से सेवा का आशीर्वाद लेकर जाना चाहते हैं। इससे पहले, उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने ऊना पहुंचने पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मंदिर में धार्मिक समागम की इस उत्तम घड़ी में उन्हें संतों से आशीर्वाद लेने का अवसर प्राप्त हुआ है। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, विधायक चैतन्य शर्मा, सुदर्शन बबलू, देवेंद्र भुट्टो, पूर्व मंत्री कुलदीप कुमार, पूर्व विधायक सतपाल रायजादा, उपायुक्त राघव शर्मा, पुलिस अधीक्षक अर्जित सेन, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और अधिकारी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश में आगामी दिनों में फिर मौसम खराब होनेकि संभावना है। हालांकि, हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला सहित अन्य भागों में आज मौसम साफ बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार से लेकर शनिवार तक प्रदेश के कई भागों में बारिश-बर्फबारी के आसार हैं। मौसम विभाग ने निचले व मैदानी भागों के लिए 8 व 9 फरवरी को अंधड़ चलने का अलर्ट जारी किया है। गौरतलब है कि ताजा बर्फबारी के बाद बंद हुई अटल टनल रोहतांग मंगलवार को फोर बाई वाई वाहनों के लिए मनाली से जिस्पा तक खुल गई है। वहीं पांगी-किलाड़ को जोड़ने वाला मार्ग भी उदयपुर से तिंदी तक खुल गया है। मौसम खुलने के बाद बीआरओ, एनएच और लोक निर्माण विभाग ने बर्फ हटाने का काम शुरू कर दिया है। वहीं बीते दिनों हुई बर्फबारी से राज्य में 138 सड़कों पर अभी भी आवाजाही ठप है। प्रदेश में 46 बिजली ट्रांसफार्मर व सात पेयजल योजनाएं भी बाधित हैं। लाहौल-स्पीति में सबसे अधिक 121 और चंबा में नौ सड़कें बाधित हैं। उपमंडल पांगी में 36 बिजली टांसफार्मर बंद पड़े हैं।
हिमाचल प्रदेश की बागवानों के बगीचों में अब यूएसए के गुठलीदार फलों के पौधे उग सकेंगे। हिमाचल उद्यान विभाग पहली बार यूएसए से प्लम आडू, खुमानी व बादाम के 56,000 पौधे आयात करने जा रहा है। इन पौधों की खेप इसी माह हिमाचल पहुंच जाएगी। शिमला जिले के ठियाेग, कोटखाई, रामपुर, कुमारसैन और रोहड़ू सहित कुल्लू, मंडी, कांगड़ा जैसे अन्य क्षेत्रों में गुठलीदार फलों का उत्पादन होता है। वहीं इस बारे में जानकारी देते हुए बागवानी मंत्री जगत नेगी ने बताया कि पौधों को एक साल के लिए क्वारंटाइन में रखा जाएगा ताकि, यह सुनिश्चित हो सके की पौधों में कोई बीमारी तो नहीं है। अगले साल उद्यान विभाग बागवानों को यूएसए से आयातित पौधे का आवंटन करेगा। पौधों के आयात से पहले उद्यान विभाग के अधिकारी आपूर्ति पूर्व निरीक्षण भी कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि एक साल क्वारंटीन अवधि के बाद अगले साल बागवानों को यह पौधे उपलब्ध करवाए जाएंगे, ताकि इसमें कोई समस्या न आए। अभी हार के गम में है जयराम-जगत सिंह नेगी जगत नेगी ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा किए गए ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अभी गम में हैं। इसलिए इस तरह की बयानबाजी करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार कर्ज लेते रही और संसाधन जुटाने में नाकामयाब रही। नेगी ने कहा कि कांग्रेस का काम करने का तरीका अलग है हम संसाधन जुटाएंगे, कर्ज भी लेंगे, लेकिन सभी काम एक दायरे में करेंगे। विपक्ष द्वारा विधायक निधि न दिए जाने के आरोप पर जगत नेगी ने कहा' "विधायक निधि दें कहाँ से, पिछली सरकार ने कुछ नहीं छोड़ा, कर्ज तले दबा दिया है। प्रदेश की आर्थिकी डगमगा गई है।"
हिमाचल प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन की ओर से सरकारी नौकरियों के लिए इंटरव्यू शुरू किए जा रहे हैं। 20 फरवरी से कॉलेज कैडर के असिस्टेंट प्रोफेसर समेत अन्य डिपार्टमेंट में पदों को भरने के लिए इंटरव्यू होंगे। आयोग के सचिव डीके रत्तन का कहना है कि लिखित परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों को कॉल लेटर जारी कर दिए गए हैं। बता दें कि हायर एजुकेशन के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर कॉलेज कैडर के इंटरव्यू 20 और 21 फरवरी को होंगे। एचपी मिल्कफेड में प्लांट इंजीनियर के पद के लिए 20 फरवरी, असिस्टेंट डायरेक्टर होम डिपार्टमेंट 20 फरवरी, असिस्टेंट डायरेक्टर डिजिटल फॉरेंसिक होम डिपार्टमेंट 20 फरवरी, GIS स्पेशलिस्ट रेवेन्यू और डिजास्टर डिपार्टमेंट 20 और 21 फरवरी को होंगे। साइंटिफिक ऑफिसर डिजिटल फॉरेंसिक होम डिपार्टमेंट के लिए 20 और 21 फरवरी को इंटरव्यू होंगे। इसी तरह साइंटिफिक ऑफिसर वॉयस एनालिसिस के लिए 21 फरवरी और असिस्टेंट प्रोफेसर कॉलेज कैडर होम साइंस के लिए 21 फरवरी को इंटरव्यू होंगे। आयोग के सचिव डीके रत्तन का कहना है कि पात्र उम्मीदवारों के लिए कॉल लेटर जारी कर दिए गए हैं। अधिक जानकारी के लिए फोन नंबर 0177-2624313 पर संपर्क किया जा सकता है। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक किसी भी तरह की जानकारी ली जा सकती है।
वर्ष 2024 तक 500 मेगवाट सौर ऊर्जा दोहन का लक्ष्य-मुख्यमंत्री फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां दक्षिण एशिया क्षेत्र के क्षेत्रीय निदेशक (सतत विकास) जॉन रूमे के नेतृत्व में विश्व बैंक की टीम के साथ बैठक के दौरान प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने की अवधारणा पर चर्चा की। इस दौरान विश्व बैंक की सहायता से वर्ष 2025 तक प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के उठाए जाने वाले विभिन्न कदमों पर भी चर्चा की गई। विश्व बैंक की टीम ने प्रदेश के लिए ग्रीन रेजीलिएंट इंटेग्रेटिड प्रोग्राम पर विशेष रूचि दिखाई, जिस पर लगभग 2500 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। यह राशि तकनीकी समीक्षा के आधार पर बढ़ाई भी जा सकती है। उन्होंने कहा कि विश्व बैंक की टीम के इस दौरे के सफल परिणाम सामने आएंगे जिससे प्रदेश सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश को वर्ष 2025 तक हरित ऊर्जा राज्य बनाने के लक्ष्य को पाने में सहायता मिलेगी। प्रदेश सरकार ने आगामी नौ महीनों में 200 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। राज्य सरकार वर्ष 2024 के अंत तक 500 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए भूमि अधिग्रहण पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में इलैक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित कर रही है जिससे प्रदेश का वातावरण भी संरक्षित रहेगा। प्रथम चरण में आगामी वर्ष तक अधिकतम विभागों में इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रयोग किया जाएगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि विश्व बैंक इस संबंध में विभिन्न कार्यक्रमों के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करेगा। प्रदेश सरकार राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन ऊर्जा मिशन की तर्ज पर प्रदेश में वृहद् स्तर पर उत्पादन से लेकर उपयोग तक कार्यप्रणाली पर कार्य करने के लिए प्रयासरत है। हालांकि ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन की तकनीक महंगी है लेकिन सरकार इस संबंध में इंडियन ऑयल कार्पाेरेशन से परामर्श लेगी जो भारत में ग्रीन हाईड्रोजन आर्थिकी के लिए अग्रणी कदम उठा रही है। इसके तहत देश के उत्तर-पूर्व क्षेत्र में प्रथम ग्रीन हाईड्रोजन संयंत्र आरंभ किया गया है। प्रदेश सरकार राज्य में कार्बन डाईऑक्साईड को घटा कर प्रदेश को प्रथम प्रदूषण रहित राज्य बनाने के लिए प्रयासरत है। जोन रूमे ने मुख्यमंत्री द्वारा हरित ऊर्जा एवं स्वच्छ राज्य के लक्ष्य को प्राप्त करने की दूरदर्शिता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास एक अच्छी शुरूआत प्रदान करते है। उन्होंने मुख्यमंत्री को इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इलैक्ट्रिक वाहन नीति को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाएगा तथा शीघ्र ही विश्व बैंक की एक टीम तकनीकी समीक्षा के लिए प्रदेश का दौरा करेगी। बैठक के दौरान प्रदेश में विश्व बैंक द्वारा भविष्य में विभिन्न कार्यक्रमों के कार्यान्वयन की गतिविधियों पर भी चर्चा की गई जिसमें सतत् वन प्रबन्धन, सामुदायिक वानिकी, पारिस्थितिक सेवाएं, आपदा प्रबन्धन के अलावा तटों, जल स्त्रोत प्रबन्धन, प्रकृति आधारित पर्यटन तथा पारिस्थितिक सेवाओं का भुगतान शामिल है। विश्व बैंक ने इन प्रस्तावित परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए सहायता प्रदान करने की सहमति प्रदान की। इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला हिमाचल प्रदेश पुलिस के पर्यटक, यातायात एवं रेलवे विभाग द्वारा पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो गृह मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार पांच दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में टूरिस्ट पॉलिसी विषय पर हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों से आए 35 पुलिस प्रतिभागियों द्वारा भाग लिया जा रहा है। आज इस ट्रेनिंग का शुभारंभ गुरदेव चंद शर्मा, भा.पू.से. उप पुलिस महानिरीक्षक, यातायात, पर्यटक एवं रेलवे द्वारा किया गया। इस अवसर पर संदीप धवल, भा.पू.से., सहायक पुलिस महानिरीक्षक, यातायात, पर्यटक एवं रेलवे एवं श्री नरवीर सिंह राठौर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, यातायात, पर्यटक एवं रेलवे भी मौजूद रहे। इस प्रशिक्षण के दौरान मुख्य वक्ता डॉ. प्रीति कंवर नागपाल, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, मुकुल डिमरी, एचआईएचएम कुफरी, मोहिंदर सेठ, प्रेसिडेंट होटल एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश, अनूप डोगरा बीआईएचएम संजौली एवं संजय भगवती उपनिदेशक टूरिज्म विभाग हिमाचल प्रदेश रहेंगे होंगे। क्या है प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पर्यटक पुलिस की प्राथमिक भूमिका विदेशी और घरेलू पर्यटकों को सुविधा, मार्गदर्शन, सुरक्षा और संरक्षा प्रदान करना होगा। यह पर्यटकों को धोखेबाज़ों, जेबकतरों, छेड़खानी, नशीले पदार्थों आदि से बचाने के लिए काम करते हुए परिवहन और आवास प्रदान करने में भी मदद करेगा। पर्यटन और नागरिक उड्डयन विभाग द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, वर्ष, 2022 के 31 अक्टूबर तक कुल 1.27 करोड़ पर्यटकों ने राज्य का दौरा किया था। हालाँकि, केवल 23,283 विदेशियों ने राज्य का दौरा किया। किस वर्ष कितने पर्यटक आए जानकारी ने अनुसार वर्ष 2017 में 191,30,541 घरेलू पर्यटक और 470,992 विदेशी पर्यटक, वर्ष 2018 में घरेलू पर्यटक 160,93,935 और 356,568 विदेश पर्यटक, वर्ष 2019 में 168,29,231 घरेलू पर्यटक और 382,876 विदेशी पर्यटक, वर्ष 2020 में घरेलू पर्यटक 31,70,714 और 42,665 पर्यटक, वर्ष 2021 में 56,32,270 घरेलू पर्यटक और 4,832 विदेशी पर्यटक और इसके साथ ही वर्ष 2022 में 127,55,373 घरेलू पर्यटक और 23,283 विदेशी पर्यटकाें का प्रदेश में आगमन हुआ है।
हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों लाहौल-स्पीति, कुल्लू, चंबा, किन्नौर, शिमला जिले में हिमपात हुआ है। वहीं प्रदेश की राजधानी शिमला में भी बारिश का सिलसिला जारी है। ताजा बर्फबारी से ऊंचाई वाले भागों में दुश्वारियां बढ़ गई हैं। बर्फबारी से 148 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। लाहौल-स्पीति जिले में सबसे अधिक 130 सड़कें बंद हैं।वहीं चंबा में नौ सड़कों पर आवाजाही ठप है। इसी तरह चंबा जिले में 137 बिजली ट्रांसफार्मर ठप पड़ गए हैं। कुल्लू में 53व शिमला में नौ ट्रांसफार्मर बाधित हैं। प्रदेश में 200 बिजली ट्रांसफार्मर बाधित हैं। शिमला का न्यूनतम तापमान 4.4, सुंदरनगर 7.1, भुंतर 7.6, कल्पा माइनस 1.0, धर्मशाला 8.4, ऊना 9.2, नाहन 9.0, केलांग माइनस 6.5, पालमपुर 7.5, सोलन 5.0, मनाली 5.0, कांगड़ा 10.5, मंडी 8.3, बिलासपुर 7.5, हमीरपुर 8.1, चंबा 9.5, डलहौजी 2.9, जुब्बड़हट्टी 8.0, कुफरी 3.1, कुकुमसेरी माइनस 3.9, नारकंडा 0.3, रिकांगपिओ 1.6, सेऊबाग 5.5, धौलाकुआं 7.7, बरठीं 12.2 और पांवटा साहिब में 9.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण करने के उपरांत ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के आज पहली बार नादौन पधारने पर क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल रहा। हजारों लोग फूल-मालाएं लेकर जगह-जगह अपने चहेते नेता का स्वागत करने के लिए सड़क किनारे कतारबद्ध थे। युवाओं, महिलाओं के साथ-साथ बुजुर्गों में मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जबरदस्त उत्साह था। महिलाओं ने पारंपरिक गीतों के साथ उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस अवसर पर विनम्रतापूर्वक सभी का अभिवादन स्वीकार किया। पक्का भरो में लोगों ने आतिशबाजी और ढोल नगाड़ों के बीच पारंपरिक नृत्य के साथ खुशी का इज़हार किया। नादौन विधानसभा क्षेत्र के प्रवेश द्वार अमरोह में स्थानीय निवासियों ने हवन का आयोजन किया और मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु की कामना की। समर्थकों ने हमीरपुर से लेकर नादौन तक जगह-जगह तोरणद्वार लगाए थे। जोलसप्पड़, रंगस, नौहंगी, दंगड़ी, भूंपल, जलाड़ी सहित अनेक स्थानों पर स्थानीय निवासियों, कर्मचारी संगठनों, पंचायत प्रतिनिधियों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री को हमीरपुर से नादौन की दूरी तय करने में चार घंटे से अधिक का समय लगा। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के स्वागत में नादौन विधानसभा क्षेत्र के युवाओं ने बाइक रैली भी निकाली, जो अमरोह से शुरू होकर नादौन में समाप्त हुई। मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी लेने के लिए भी युवाओं में काफी उत्साह नज़र आया।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को जारी किए निर्देश फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला हमीरपुर जिला के बिझड़ी क्षेत्र से संबंध रखने वाली 18 वर्षीय मीनाक्षी ठाकुर के इलाज का पूरा खर्च प्रदेश सरकार वहन करेगी। मीनाक्षी ठाकुर एक गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज हमीरपुर में इस संबंध में प्रशासन को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। मीनाक्षी ठाकुर ने आज अपनी मां के साथ मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से सर्किट हाउस हमीरपुर में भेंट की और उन्हें अवगत करवाया कि वह गंभीर बीमारी से ग्रसित है और उसका उपचार पीजीआई चंडीगढ़ से चल रहा है। मीनाक्षी ने बताया कि उसका परिवार इलाज का खर्च दहन करने की स्थिति में नहीं है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जिला प्रशासन को मीनाक्षी की मदद के लिए हरसंभव कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मीनाक्षी के इलाज के लिए जो भी व्यय होगा, वह प्रदेश सरकार वहन करेगी। मानवीय संवेदनाओं के साथ सामाजिक सरोकार को मुख्यमंत्री सर्वोच्च अधिमान देते हैं। मुख्यमंत्री के पद पर आसीन होने के उपरांत ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने समाज के वंचित वर्ग के लिए अनेक महत्वाकांक्षी निर्णय लिए हैं। वह निरंतर ऐसी योजनाएं और कार्यक्रम तैयार कर रहे हैं, जो समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को संबल प्रदान कर सकें।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज राजभवन से संत बाबा नाहर सिंहजी की स्मृति में राज्य रेडक्रॉस समिति को ऑल इंडिया एक्यूपंक्चर फाउंडेशन, नई दिल्ली द्वारा दान की गई एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने पीड़ित मानवता की सेवा में ट्रस्ट के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य रेडक्रॉस समिति इसका भरपूर उपयोग करेगा। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा भी उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज ऊना जिला के सुप्रसिद्ध श्रीराधा कृष्ण मंदिर कोटला कलां में राष्ट्रीय संत बाबा बालजी के सानिध्य में 1 से 13 फरवरी तक चल रहे श्रीमद्भागवत गीता प्रवचन में पहुंचकर संत बाबा बाल जी का आशीर्वाद लिया तथा भव्य शोभा यात्रा में शामिल हुए। इस अवसर पर उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि वह संत बाबा बाल जी के आभारी हैं, जिन्होंने इस विशाल आध्यात्मिक समारोह में आने का अवसर प्रदान किया। उन्होंने कहा कि संत बाबा बाल उत्तर भारत के बड़े संतों में शुमार हैं और लोगों की भी इस पवित्र स्थल से गहरी आस्था है। हर वर्ष हजारों की संख्या में लोग यहां पहुंचकर प्रवचन सुनते हैं और उनका आशीर्वाद ग्रहण करते हैं। उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि संत बाबा बाल जी से ऊना जिला के अलावा पड़ोसी राज्यों से भी हजारों की संख्या में लोग जुड़े हैं। यह आश्रम उत्तर भारत के श्रद्धालुओं की गहन आस्था का केंद्र है तथा ऊना जिला के लिए यह हर्ष व गौरव का विषय है। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी मंदिरों के विकास एवं सुधार के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध हो सकंे। उन्होंने कहा कि प्रमुख धार्मिक स्थल छिन्नमस्तिका धाम माता श्री चिंतपूर्णी जी में श्रद्धालुओं को अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए कार्य शुरू किए गए हैं। चिंतपूर्णी आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हवन, प्रसाद, लंगर व जागरण इत्यादि की ऑनलाइन सुविधा प्रदान की जा रही है ताकि मंदिर स्थल पर पहुंचने के पश्चात उन्हें किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि राज्य के इस सुप्रसिद्ध मंदिर में डिजिटल स्क्रीन, सोलर लाईट, कैमरे, रोप-वे, लिफ्ट तथा एस्केलेटर निर्माण के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त चिंतपूर्णी मंदिर में म्यूजियम और माता का बाग का भी निर्माण किया जाएगा। उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी मंदिरों में लोगों के दर्शनार्थ बस सुविधा प्रदान करने के लिए एक कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि राज्य एवं बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन करने में सुगमता हो सके। उन्होंने कहा कि हरिद्वार के लिए बसों की सुचारू सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त वृंदावन व खाटूश्याम धार्मिक स्थलों के लिए भी बस सेवा शुरू की जाएगी। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल गुर्जर, तहसीलदार हुसन चंद, कांग्रेस जिलाध्यक्ष रणजीत सिंह राणा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
पंकज सिंगटा । शिमला हिमाचल सरकार ने कांग्रेस विधायक आरएस बाली को कैबिनेट मंत्री रैंक के साथ राज्य पर्यटन विकास बोर्ड का उपाध्यक्ष व निगम के चेयरमैन नियुक्त किया है। नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुनकर आए बाली ने आज सचिवालय में अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। पूजा-पाठ के बाद आरएस बाली ने पदभार ग्रहण किया। आरएस बाली को मुख्यमंत्री सुक्खू के समर्थकों में गिना जाता है और कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्रदान करने के साथ कांगड़ा जिला संतुलन बिठाने का प्रयास किया गया है। इसी के साथ आरएस बाली ने विकास पुरूष जीएस बाली को याद करते हुए कहा कि आज मैं विकास पुरूष जीएस बाली के बताएं हुए रास्ते व उनके द्वारा बताएं गए हर एक काम की तरफ बढ़ रहा हूं। पदभार ग्रहण करने के बाद आरएस बाली ने अलाकमान के साथ मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, जो कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में भी शामिल है। हिमाचल में पर्यटन को आगे ले जाने के लिए सभी विधायकों, विशेषयज्ञों व मीडिया की राय ली जाएगी। जहां भी पर्यटन की संभावनाएं होंगी, वहां विकसित किया जाएगा। कांगड़ा जिला में पर्यटन के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से कहा है। हिमाचल में आधुनिक पर्यटन की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी। वहीं, उन्होंने कहा जो इतनी बड़ी जिम्मेदारी मुझे दी गई है, वो सिर्फ मेरे ही नहीं, बल्कि नगरोटा बगवां की जनती की भी जिम्मेदारी है, जिसे हम मिलकर निभाएंगे और जिम्मेदारी को रात-दिन मिलकर पूरा किया जाएगा। इसी दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की जो सोच हैं। पर्यटन को आगे ले जाने की और पर्यटन एजेंडा उनकी नजर में नंबर वन है। मंत्री आरएस ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा को प्रदेश की राजधानी बनाना चाहते है, जो कांगड़ा जिला है और लॉअर हिमाचल है। उसके अंदर भी शिमला प्रदेश की राजधानी है, तो कांगड़ा को टूरिज्म राजधानी बनाने की जो सोच है यशस्वी मुख्यमंत्री की रही है, उसके लिए मैं उनका धन्यवाद करता हूं। मंत्री आरएस बाली ने विकास पुरूष जीएस बाली को याद करते हुए कहा कि जीएस बाली ने बहुत सी इतिहास चीजें की हैं और उनके पहले और उनके बाद भी बहुत से लोग रहे उन्होंने बहुत सारा योगदान दिया की।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला बाल विकास परियोजना अधिकारी मशोबरा स्थित टूटू के अंतर्गत संचालित आंगनबाड़ी केंद्र कनवन, ग्राम पंचायत शाेघी, आंगनबाड़ी केंद्र जलेल, ग्राम पंचायत जलेल, आंगनबाड़ी केंद्र कंडा ग्राम पंचायत मूल कोटि आंगनबाड़ी केंद्र टूड ग्राम पंचायत भोंट, आंगनबाड़ी केंद्र रामपुर क्योंथल ग्राम पंचायत रामपुर क्योंथल आंगनबाड़ी केंद्र मझत, ग्राम पंचायत मयाली जेजाद, आंगनबाड़ी केंद्र मेडच ग्राम पंचायत गणहट्टी, आंगनबाड़ी केंद्र हलोग ग्राम पंचायत हलोग धामी में आंगनबाड़ी सहायिकाओं के रिक्त पद भरने के लिए आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं। यह जानकारी बाल विकास परियोजना अधिकारी मशोबरा रूपा रानी ने दी। उन्होंने बताया कि इच्छुक उम्मीदवार अपने प्रमाण पत्र सहित आवेदन सादे कागज पर 24 फरवरी 2023 तक बाल विकास परियोजना अधिकारी मशोबरा के कार्यालय में जमा करवाएं। उन्होंने बताया कि आवेदक आंगनबाड़ी केंद्र के फीडिंग एरिया का स्थाई निवासी होना चाहिए और शैक्षणिक योग्यता आठवीं पास होनी चाहिए और आयु सीमा 21 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए। बाल विकास परियोजना अधिकारी मशोबरा ने बताया कि अधिक जानकारी के लिए अपने निकटतम आंगनबाड़ी केंद्र, वृत्त पर्यवेक्षक या बाल विकास परियोजना अधिकारी मशोबरा कार्यालय स्थित टुटू में संपर्क कर सकते हैं।
सुक्खू सरकार के मानवीय दृष्टिकोण की घाटी के लोगों ने की सराहना फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू को लाहौल स्पीति के विधायक रवि ठाकुर के माध्यम से आज सूचना प्राप्त हुई कि जिला लाहौल-स्पिति के उदयपुर उपमंडल के गांव छालिंग निवासी पदमा देचिन गंभीर रूप से बीमार हैं और उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सा की आवश्यकता है। यह जानकारी प्राप्त होते ही मुख्यमंत्री ने पदमा देचिन को हेलिकॉप्टर के माध्यम से कुल्लू स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। प्रशासन ने बिना समय गंवाए मुख्यमंत्री के आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित की। अब पदमा देचिन का कुल्लू अस्पताल उपचार किया जा रहा है। भारी बर्फबारी से सड़क मार्ग अवरुद्ध होने के कारण पदमा देचिन का उपचार घाटी में संभव नहीं हो पा रहा था और उन्हें इसके लिए कुल्लू स्थानांतरित करना अत्यंत आवश्यक था। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मानवीय संवेदनाओं को सर्वोच्च अधिमान देते हुए पदमा देचिन का उपचार करवाने के लिए प्रशासन को तुरंत हेलिकॉप्टर का प्रबंध कर उन्हें कुल्लू स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। यह सुख की सरकार के मानवीय दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है। मुख्यमंत्री जरूरतमंदों और विपरीत परिस्थितियों से घिरे प्रदेशवासियों के लिए चिंतित रहते हैं। विपरीत परिस्थितियों में फंसे किसी भी प्रदेशवासी के बारे में सूचना प्राप्त होने पर मुख्यमंत्री त्वरित निर्णय लेकर उसका समाधान सुनिश्चित करते हैं।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने आज यहां अधिकारियों को कहा कि किसानों से संबंधित समस्याओं का समाधान करने के लिए अधिकारी और कर्मचारी फील्ड में अधिक कार्य करें तथा कृषि की नवीन तकनीकों से किसानों को अवगत करवाएं। हिमाचल प्रदेश कृषि सेवाएं संघ के प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष रविंद्र शर्मा के नेतृत्व में कृषि मंत्री से भेंट कर उन्हें अपनी मांगों से अवगत करवाया। कृषि मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी उचित मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों को अधिक से अधिक लाभान्वित करने के लिए शीघ्र ही कृषि प्रसार और कृषि विकास अधिकारियों के पदों को भरा जाएगा। उन्होंने कहा कि कृषि और खेती की विभिन्न तकनीकों की जानकारी प्रदान करने वाली पत्रिका का भी प्रकाशन किया जाएगा। विभाग की कृषि भूमि की बाड़बंदी कर उसमें कृषि गतिविधियों को और बढ़ावा दिया जाएगा तथा किसानों को उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध करवाए जाएंगे। इस अवसर पर शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया, संघ के महासचिव नरेश नायक और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
बैठक में बिलासपुर के विधायकों से भी भाग लेने का आग्रह फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला माल ढुलाई भाड़े को लेकर सीमेंट कंपनी और ट्रक ऑपरेटरों के बीच विवाद को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में दाड़लाघाट ट्रक ऑपरेटर यूनियन तथा एसीसी बरमाणा ट्रक ऑपरेटर यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ देर शाम एक बैठक हुई। बैठक में सीमेंट कंपनी तथा ट्रक ऑपरेटर के बीच मालभाड़े को लेकर चल रहे विवाद को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। ट्रक ऑपरेटर यूनियनों ने सीमेंट कंपनी के साथ विवाद को समाप्त करने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी हितधारकों के साथ चर्चा कर अपना प्रस्ताव प्रदेश सरकार के समक्ष रखने के लिए दो दिन का समय मांगा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 3 फरवरी को सायं 4 बजे पुनः इस मामले पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बिलासपुर जिले के सभी विधायकों से भी इस बैठक में भाग लेने का आग्रह किया। बैठक में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, विधायक राजेश धर्माणी, इंद्र दत्त लखनपाल, प्रधान सचिव आरडी नज़ीम, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, निदेशक खाद्य एवं आपूर्ति केसी चमन, निदेशक उद्योग विभाग राकेश प्रजापति, निदेशक परिवहन अनुपम कश्यप और ट्रक ऑपरेटर यूनियन के प्रतिनिधि शामिल हुए।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला प्रदेश विधानसभा में प्रथम बार निर्वाचित विधायकों की कार्यकारिणी ने अध्यक्ष केवल सिंह पठानिया के नेतृत्व में आज मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से भेंट की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न मामलों पर अनौपचारिक चर्चा भी की। गत दिनों शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया को प्रदेश विधानसभा में प्रथम बार निर्वाचित विधायकों की कार्यकारिणी का अध्यक्ष चुना गया है। उनका अध्यक्ष बनने के लिए प्रस्ताव धर्मपुर के विधायक चंद्रशेखर की ओर से प्रस्तुत किया गया था। भरमौर के विधायक डॉ. जनक राज और शिमला (शहरी) के विधायक हरीश जनारथा ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया। कार्यकारिणी में महासचिव पद की जिम्मेदारी बिलासपुर से विधायक त्रिलोक जम्वाल को सौंपी गई है। उनके नाम का प्रस्ताव चंबा के विधायक नीरज नय्यर व इंदौरा के विधायक मलिंद्र राजन ने किया। गगरेट के विधायक चैतन्य शर्मा को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। इसके साथ आईटी और सोशल मीडिया की जिम्मेदारी करसोग के विधायक दीप राज को सौंपी गई है। इस दौरान सभी विधायकों ने उनके समक्ष पेश आने वाली समस्याओं और चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया। विधायक किस प्रकार अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करें, इस पर भी चर्चा की गई।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला शिमला के आईजीएमसी में स्टेट ऑर्गन एंड टिशु ट्रांस प्लांट ऑर्गेनाइजेशन (सोटो) हिमाचल प्रदेश व आई बैंक आईजीएमसी वीरवार को अंगदान व नेत्रदान के प्रति जागरूकता अभियान छेड़ा गया। इसमें सुपर स्पेशलिटी वर्ल्ड और कार्डियोलॉजी वार्ड के बाहर मरीजों के साथ आए तीमारदारों और स्टाफ को अंगदान के बारे में जानकारी दी गई। अस्पताल की मेट्रन हरिप्रिया ने जानकारी देते हुए कहा कि नेत्रदान कोई भी व्यक्ति कर सकता है, चाहे वह किसी भी जाति, धर्म, समुदाय या लिंग का हो। नेत्रदान करने और उसके बाद प्रत्यारोपण करने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की फीस नहीं ली जाती। आईजीएमसी का नेत्र बैंक 25 किलोमीटर के दायरे में घर पर हुई मृत्यु के बाद 6 घंटे के भीतर नेत्र एकत्रित करता है। मरने के बाद नेत्रदान करना दूसरों की जिंदगी में उजाला लेकर आता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अंगदान के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए सरकार की ओर से सोटो संस्था की स्थापना की गई है। यह संस्था प्रदेश में जगह-जगह जाकर लोगों में अंगदान के प्रति भ्रांतियों को दूर करने में जुटी हुई है। देश में प्रतिदिन प्रत्येक 17 मिनट में एक मरीज ट्रांसप्लांट का इंतजार करते हुए जिंदगी से हाथ धो बैठता है। एक व्यक्ति जिसकी उम्र कम से कम 18 वर्ष को स्वैच्छिक रूप से अपने करीबी रिश्तेदारों को देश के कानून व नियमों के दायरे में रहकर अंगदान कर सकता है। अंगदान एक महान कार्य है जो हमें मृत्यु के बाद कई जिंदगियां बचाने का अवसर देता है। अंगदान के संबंधित सही जानकारी व भ्रम होने की वजह से अधिकतर लोग अंगदान करने से पीछे हट जाते हैं। इसीलिए अगर लोगों में पहले से अंगदान को लेकर पर्याप्त जानकारी होगी, तभी ऐसे मौके जरूरतमंदों के लिए वरदान साबित हो सकते हैं। कार्यक्रम में सोटो की आईईसी मीडिया कंसलटेंट रामेश्वरी, ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर नरेश कुमार और प्रोग्राम असिस्टेंट भारती कश्यप सहित अन्य स्टाफ नर्सें मौजूद रही।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला विधायक प्राथमकिता बैठक के दूसरे दिन के प्रथम सत्र में जिला कांगड़ा और किन्नौर के विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्र की विकास योजनाओं के प्रस्ताव प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि गुड गवर्नेंस के लिए गुड गवर्नमेंट का होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सभी विधायकों की प्राथमिकताएं बजट की दिशा तय करती हैं, ऐसे में सभी विधायक अपनी योजनाएं भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप प्रस्तावित करें और सरकार का सुशासन प्रदान करने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि विधायक अपने क्षेत्र की समस्याओं और योजनाओं के साथ-साथ अन्य सुझाव भी दें, सरकार उन पर विचार करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की शिकायतों को प्रभावी ढंग से सुलझाने और कुशल प्रशासन प्रदान करने के लिए वर्तमान सरकार तत्परता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए सभी पक्षों के सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में राज्य सरकार इस दिशा में कड़े निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि सभी विकासात्मक परियोजनाओं की समय सीमा तय कर उन्हें पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के बड़े अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी शुरू की जाएगी, जिससे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने में और मद्द मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि खनन से पानी की योजनाऐं सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही हैं, अधिकारी इस समस्या के समाधान के लिए ब्लूप्रिंट तैयार करें और अगर पानी की योजना व स्रोत को नुकसान पहुंचता है, तो इस पर एफआईआर दर्ज करने का भी प्रावधान किया जाए। कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र नूरपुर के विधायक रणबीर सिंह निक्का ने पंजाब की सीमा से लगे क्षेत्र में युवाओं को नशे से बचाने के लिए दृढ़ प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने नूरपुर में मेडिकल कॉलेज खोलने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे इंदौरा, फतेहपुर और ज्वाली क्षेत्र के लोग भी लाभान्वित होंगे। उन्होंने नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए पेयजल की तीन योजनाओं के निर्माण का प्रस्ताव किया। विधानसभा क्षेत्र इंदौरा के विधायक मलेंद्र राजन ने अपने क्षेत्र में ड्रग्स और अवैध खनन माफिया पर शिकंजा कसने का आग्रह किया। उन्होंने अपने क्षेत्र में 10 नए ट्यूबवैल लगाने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। उन्होंने शाहनहर से छूटे क्षेत्र में किसानों को सिंचाई का पानी उपलब्ध करवाने के लिए वितरण प्रणाली का शेष कार्य शीघ्र पूरा करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर भी जोर दिया। जसवां-प्रागपुर के विधायक बिक्रम सिंह ने एफसीए और एफआरए स्वीकृतियों के मामलों में तेजी लाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार इस पर दृढ़ता से कार्य कर रही है और प्रक्रिया को समयबद्ध किया जा रहा है, जिसके लिए यूजर एजेंसी, डीएफओ और संबंधित जिलों के उपायुक्तों को उत्तरदायी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। फतेहपुर के विधायक भवानी सिह पठानिया ने ड्रग व खनन माफिया पर नियंत्रण के साथ-साथ स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और अधिक रोजगार सृजित करने तथा नशा निवारण के लिए आवश्यक कदम उठाने पर बल दिया। उन्होंने रैहन के पुलिस स्टेशन को स्तरोन्नत करने का आग्रह किया। विधानसभा क्षेत्र ज्वालाजी के विधायक संजय रत्न ने निर्माणाधीन योजनाओं को पूरा करने के लिए धन का प्रावधान करने का आग्रह किया, ताकि इन योजनाओं का लाभ आम लोगों को मिल सके। उन्होंने जल शक्ति विभाग और लोक निर्माण विभाग के मण्डल खोलने का प्रस्ताव किया। उन्होंने 51 पंचायतों के लिए सुराली में खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय खोलने का प्रस्ताव किया। विधायक ने मझीण, लगडु और खुंडिया में बस स्टैंड और टीहरी में बहुतकनीकी महाविद्यालय की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने एडीबी की सहायता से ज्वालाजी मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाने के लिए कार्य योजना बनाने का आग्रह किया। जयसिंहपुर के विधायक यादवेंद्र गोमा ने अपने क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पंचरुखी को स्तरोन्नत कर सीएचसी बनाया जाए। उन्होंने क्षेत्र में बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जयसिंहपुर में एचआरटीसी डिपो की आवश्यकता है और उसके लिए पर्याप्त आधारभूत ढांचा भी तैयार किया जाना चाहिए। विधानसभा क्षेत्र सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार ने संसाधन बढ़ाने व शानन परियोजना के लिए रोडमैप तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने मिनी और माइक्रो हाइडल प्रोजेक्ट पर वाटर टैक्स के लिए नीति बनाने की बात कही। इस पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान सरकार इस दिशा में कार्य कर रही है। कांगड़ा के विधायक पवन काजल ने नगरोटा बगवां और कांगड़ा के बीच बन रहे रेलवे ओवर ब्रिज को शीघ्र शुरू करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विधानसभा क्षेत्रवार हाईटैक अस्पताल के निर्माण की बात कही। उन्होंने बेसहारा पशुओं को आश्रय प्रदान करने के लिए ठोस नीति बनाने, कूहलों और हैंडपंपों की मरम्मत करवाने का सुझाव दिया। शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया ने कर्मचारी चयन आयोग के कार्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आयोग के कामकाज को निलंबित करने और पुरानी पेंशन को बहाल करने के प्रदेश सरकार के निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने शाहपुर आईटीआई में रोजगारोन्मुखी कोर्स शुरू करने और बीडीओ कार्यालय के लिए नया भवन बनाने का प्रस्ताव किया। उन्होंने शाहपुर में जल शक्ति विभाग की योजनाओं का निर्माण शुरू करने और चंबी मैदान को विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र में ईसीएचएस और सीएसडी कैंटीन खोलने के लिए भूमि हस्तांरित करने का भी सुझाव दिया। धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा ने अमृत योजना के तहत धर्मशाला के कुछ वार्डों के लिए पानी की स्कीमें बनाने, मांझी और ट्यूलिप गार्डन से दो रोप-वे निर्माण का प्रस्ताव किया। उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के सरकार के निर्णय का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 तक हिमाचल प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। बैठक में उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, कृषि मंत्री चंद्र कुमार, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, मुख्य संसदीय सचिव किशोरी लाल, पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आरएस बाली, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, वित्त सचिव अक्षय सूद, योजना सलाहकार डॉ. बासु सूद, प्रशासनिक सचिव, विभागाध्यक्ष, उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्रीय बजट को निराशाजनक व आम जनता की आशाओं के विपरीत करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बजट मात्र आंकड़ों का मायाजाल है। इस बजट में समाज के सभी वर्गों विशेषकर मध्यम वर्ग, गरीब, युवा और किसानों के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि बजट में बढ़ती मंहगाई और बेरोजगारी को नियंत्रित करने के लिए कुछ भी नहीं किया गया है और यह पूर्णतया निराशाजनक है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि देश और प्रदेश की जनता को आज भी केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2024 में होने वाले आम चुनावों से पूर्व ‘अच्छे दिनों’ के वायदे के पूर्ण होने का इंतजार है। उन्होंने कहा कि बजट में रोजगार सृजन की दिशा में कोई भी प्रावधान नहीं है और शहरी रोजगार का कहीं भी जिक्र नहीं है। किसानों के लिए ऋण सीमा में वृद्धि के अलावा कुछ नहीं है। इससे केवल किसानों पर ऋण की देनदारी का बोझ बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि बजट में किसानों के लिए खेती के उपकरणों और खाद में उपदान की कोई घोषणा नहीं है। इसके अलावा, मनरेगा में भी कोई अतिरिक्त प्रावधान नहीं किया गया है, जिससे साबित होता है कि इस बजट में ग्रामीण क्षेत्रों में भी रोजगार को पूर्णतयः नजर अंदाज किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्ज के बोझ से जूझ रहे राज्यों के लिए बजट में कोई भी विशेष छूट नहीं है। हिमाचल ही नहीं बल्कि देश के अन्य राज्य भी कर्ज के बोझ से जूझ रहे हैं। वर्तमान प्रदेश सरकार को पूर्व सरकार से 75 हजार करोड़ का कर्ज विरासत में मिला है। इसके अलावा, कर्मचारियों और पैंशनरों की 11 हजार करोड़ रुपये की देनदारी भी बकाया है। उन्होंने कहा कि बजट में छोटे पहाड़ी राज्यों के लिए जून, 2022 से समाप्त जी.एस.टी. प्रतिपूर्ति को फिर से शुरू करने के लिए भी कुछ नहीं कहा गया है, जिसकी प्रदेश के लोगों को काफी उम्मीदें थी और न ही बजट में किसी अन्य माध्यम से वित्त पोषण की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि यह बजट हिमाचल के लिए निराशाजनक रहा है।
ट्रक ऑपरेटर यूनियन के एक प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से भेंट की और उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत करवाया। मुख्यमंत्री ने उनसे ट्रक भाड़े की अन्तिम दरें राज्य सरकार को प्रदान करने का आग्रह किया ताकि इस मामले को संबंधित कम्पनी के साथ उठाया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ट्रक ऑपरेटरों के साथ है और उनका शोषण बिल्कुल भी सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य के हजारों लोगों की आजीविका सीमेंट फैक्ट्रियों और अन्य गतिविधियों से जुड़ी हुई है, इसलिए प्रदेश सरकार इस मामले का समाधान सौहार्दपूर्ण तरीके से करने के लिए प्रतिबद्ध है। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, विधायक राजेश धर्माणी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, सचिव परिवहन आरडी नज़ीम, निदेशक उद्योग राकेश प्रजापति, निदेशक परिवहन अनुपम कश्यप और अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर मौजूद रहे।
शिमला के मालरोड पर सार्वजनिक रैलियों, जुलूस, नारेबाजी, बैंड बाजा और शस्त्रों के लेन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस बात की जानकारी उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने दी। उन्होंने कहा कि यह आदेश छोटा शिमला से कैनेडी हाउस और रिज मैदान, रिवोली सिनेमा के 150 मीटर के दायरे में, स्कैंडल प्वाइंट से कालीबाड़ी मंदिर तक, छोटा शिमला गुरुद्वारा की संपर्क मार्ग से छोटा शिमला कसुम्पटी सड़क, छोटा शिमला चौक से राजभवन ओक ओवर तक, कार्ट रोड से मजीठा हाउस, एजी ऑफिस से कार्ट रोड, CPWD ऑफिस से चौड़ा मैदान , पुलिस गुमटी जिलाधीश कार्यालय से लोअर बाजार के 50 मीटर के दायरे में यह आदेश तत्काल प्रभाव से 2 महीने के लिए लागू रहेंगे। उपायुक्त ने बताया कि इन चिन्हित स्थानों पर आम सभा आयोजित करने के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है ताकि कानून व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रहे। उन्होंने बताया कि इन आदेशों की अवहेलना करने वालों पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
असहायों का सहारा बनी प्रदेश सरकार फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला हिमाचल प्रदेश की लोकप्रिय सुख की सरकार असहायों को सहारा प्रदान करने के ध्येय के साथ विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रही है। वर्तमान राज्य सरकार समाज के कमजोर वर्गों को सहायता प्रदान करने के साथ-साथ बेसहारा पशुओं को आश्रय प्रदान करने में विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है। इस दिशा में प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन-1100 का समुचित उपयोग कर बेसहारा पशुओं को आश्रय प्रदान करना सुनिश्चित कर रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया है कि बेसहारा पशुओं को आश्रय प्रदान करना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। मुख्यमंत्री ने पशु पालन विभाग को विशेष निर्देश देते हुए कहा कि बेसहारा पशुओं से जुड़े खतरों को रोकने के लिए 1100-हेल्पलाइन में विशेष प्रणाली विकसित की जाए। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में खेती के प्रति किसानों का रुझान कम होने और सड़क दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण बेसहारा पशु भी हैं। बेसहारा पशुओं को आश्रय की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने से इन दोनों समस्याओं का समाधान सुनिश्चित होगा और किसान खेतों की ओर रुख करेंगे जिससे उनकी आर्थिकी में बढ़ोतरी होगी। 1100-हेल्पलाइन की नई पहल के अंतर्गत शिकायत दर्ज करने पर यह जानकारी विभाग के संबंधित खंड के पशु अधिकारियों के साथ साझा की जाएगी, जो बेसहारा पशुओं को आश्रय और चारे का प्रबंधन करने के लिए जिम्मेदार होंगे। पशु पालन विभाग, वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर वर्तमान गोशाला और गो-अभयारण्यों के लिए चरागाह चिन्हित करेंगे, जिससे इन पशुओं के लिए चारे और पानी की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध होगी। ठाकुर सुख्विंदर सिंह सुक्खू सरकार ने सर्वप्रथम विभिन्न आश्रय स्थलों में रहने वाले निराश्रित और बच्चों के कल्याण के लिए रोडमैप तैयार किया है और अब बेसहारा पशुओं को आश्रय प्रदान करने के लिए भी सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की जा रही है।
GNA University has always been known for maintaining a robust Industry-Academia interface to impart learning about the latest and emerging technologies being used by the Industry as a part of the academic curriculum taught to its students. Keeping this in mind, GNA University has inked a Memorandum-of-Understanding (MOU) with one of the leading Tractor manufacturing Companies of India, International Tractors Limited (ITL), Sonalika for the advanced training and placements of students. With the signing of the MOU, GNA University has become the first university in North India to partner with ITL Group under its Academic Collaboration for Excellence to bridge the Academia-Industry Skill Gap. Mr. C. R. Tripathy, Dean FEDA-D showcased the advanced design and manufacturing facilities of product design labs of Creo from PTC, USA, Catia from Dassault Systems, France, NX CAD/CAM Lab from Siemens, Germany, Rapid Prototyping (3D printing) facility from Stratasys USA, CMM lab, Robotics, and Automation lab of the University to the delegates of the ITL and he further added that “GNA University is very grateful to S. Gurdeep Singh Sihra, the Pro-Chancellor, GNA University whose encouragement always leads to bringing the advanced design and manufacturing facilities to the University.” He further thanked ITL for joining hands with GNA University for the betterment of the students. The MoU was signed by Mr. B. K. Singh, Assistant Vice-President, of ITL, and Mr. Kunal Bains, Deputy Registrar of GNA University. While giving details about the MOU with ITL, Dr. VK Rattan, the Vice-Chancellor said, Under this MOU, the students of Mechanical and Automation Engineering, Robotics and Automation Engineering, and Bachelor of Design would undergo hands-on training which will focus on their problem-solving skills so that they can be made industry-ready before the completion of their academic tenure.” The purpose of this MOU is to define the areas for academic and industrial research as well as skill-based training in the field of Research and Development, Designing in which both ITL and GU desire to work together in the future for the betterment of the students of the region and developing a skill-based workforce. Mr. B. K. Singh, Assistant Vice-President, ITL further added that The students of GNA University will be engaged from the 6th semester onwards and will work on live projects of ITL under the regular mentorship of the ITL professionals. In the 8th semester, these students will be offered stipend-based internships and further, these students will be given priority in the campus placements conducted by ITL as the company has been a regular recruiter of engineering students for the past many years." ITL will also give inputs on the skill development of budding engineers by helping them to understand emerging technologies and can have an edge over students from other universities so that they become industry ready at the completion of their degree. In addition, the students will be given an opportunity to work on real-time projects under the guidance of industry experts so that their employability skills can be enhanced. It is a win-win situation for the students as they will be trained by Industry Experts on the emerging technology platforms which will improve their chances of placements in top-notch companies and also be given a unique chance by ITL to work on real-time projects from the industry during the completion of the degree itself, said S. Gurdeep Singh Sihra, the Pro-Chancellor, GNA University. The MOU signing ceremony was also graced by Dr. Monika Hanspal, Dean Academics, Dr. Hemant Sharma Pro Vice-Chancellor and Deans of the other GNA University, Mr. Sunny Kaushal AM-HR, ITL, and Ms. Pretiksha Karpe, HR ITL.
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज श्रीनगर में भारी बर्फबारी के बीच वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में शुरू की गई भारत जोड़ो यात्रा के समापन समारोह में भाग लिया। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा को कन्याकुमारी से कश्मीर तक लोगों का अपार स्नेह और समर्थन मिला हैं। यह यात्रा शांति और सौहार्द के संदेश के साथ-साथ भारत जोड़ने के लक्ष्य को साधने में सफल हुई है। राहुल गांधी ने यह यात्रा डर की राजनीति के खिलाफ और अन्याय के विरोध के उद्देश्य से भी शुरू की थी। भारत जोड़ो यात्रा ने पिछले पांच महीनों में 14 राज्यों में 3500 किलोमीटर से अधिक दूरी तय की, जिसे देश के सभी वर्गों का अपार सहयोग और स्नेह प्राप्त हुआ। यह यात्रा 7 सितंबर, 2022 को कन्याकुमारी से आरंभ होकर आज श्रीनगर में संपन्न हुई।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने आज यहां कृषि विभाग के अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी दूरदर्शिता व नई सोच के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के दृष्टिगत विभाग द्वारा क्लस्टर सिस्टम की शुरुआत की जाएगी। इस सिस्टम के अंतर्गत विशेष फसल को केंद्र में रखकर किसानों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से सूक्ष्म योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र की मिट्टी की विशेषताओं का आकलन करने के लिए मृदा परीक्षण किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ उत्पादों की पौष्टिकता बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार फसल विविधीकरण को विशेष प्रोत्साहन प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि इस दिशा में लैंड यूज प्लान तैयार किया जाएगा। विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्य क्षमता में बढ़ोतरी के लिए नई तकनीकों का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। जाइका परियोजना की समीक्षा करते हुए उन्हाेंने कहा कि सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से राज्य के हर गांव के खेत में पानी पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की भौगोलिक विशेषताओं और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए जाइका के अंतर्गत परियोजनाओं को तैयार कर उन्हें आजीविका के सतत् अवसर प्रदान किए जाएंगे। किसानों के उत्पादों को अच्छा बाजार उपलब्ध करवाकर उनके उत्पादों को बेहतर दाम उपलब्ध करवाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्राकृतिक उत्पादों की बढ़ती मांग को देखते हुए किसानों को नकदी फसलों के उत्पादन के साथ-साथ प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए भी विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाए। इस अवसर पर सचिव कृषि राकेश कंवर, निदेशक कृषि विभाग डॉ. बीआर तकी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
346 लीटर अवैध कच्ची शराब के साथ 70 बोतलें की बरामद फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला राज्य कर एवं आबकारी आयुक्त यूनुस ने आज यहां बताया कि विभाग द्वारा शराब की तस्करी एवं अवैध कारोबार करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने विशेष अभियान में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में 45 स्थानों में दबिश देकर 346 लीटर अवैध कच्ची शराब पकड़ी है। विभाग के नूरपुर प्रभारी की टीम ने इंदौरा के इंदपुर एवं धमोटा क्षेत्रों में अवैध शराब की भट्टी और 200 लीटर कच्ची शराब कब्जे में लेकर मौके पर नष्ट की। इसके अतिरिक्त 6 लीटर लाहन भी कब्जे में लेकर आबकारी अधिनियम की धारा 39 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। कुल्लू के जिला प्रभारी द्वारा भी जिला के अलग-अलग क्षेत्रों में कार्रवाई के दौरान 140 लीटर लाहन कब्जे में लेकर आबकारी अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की गई है। विभाग की टीमों ने निरंतर कार्रवाई कर चार दिनों में ही 346 लीटर कच्ची शराब एवं लाहन पकड़ी है। देसी एवं अंग्रेजी शराब की 70 बोतलें भी कब्जे में लेकर अवैध कारोबारियों पर शिकंजा कसा गया है। आयुक्त ने कहा कि विभाग ने 25 जनवरी से 28 जनवरी 2023 तक 45 जगहों पर दबिश देकर 17 मामलों में अवैध शराब पकड़ी है। सभी जिला प्रभारियों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में सभी खुदरा एवं थोक विक्रेताओं के गोदामों का निरीक्षण करने के निर्देश जारी किए गए हैं। शराब की गुणवत्ता को जांचने के लिए सैंपल लेने एवं आबकारी नियमानुसार सख्त करवाई करने के भी आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी लाईसेंस धारक की अवैध शराब की तस्करी या अनुचित गतिविधियों में संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध आबकारी अधिनियम के अंतर्गत सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि सभी क्षेत्र समाहर्ता व जिला प्रभारियों को अवैध शराब की गतिविधियों में सलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला व्यवस्था परिवर्तन का वादा कर प्रदेश की बागडोर संभाल रहे मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू अपनी सादगी और आकर्षक व्यक्तित्व से हिमाचल प्रदेश की जनता के दिल में सीधे उतर रहे हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू सड़क के रास्ते जहां से भी गुजरते हैं, उन्हें देखने और उनका अभिभावदन करने के लिए लोग घंटों इंतजार करते हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू भी किसी को निराश नहीं करते, जगह-जगह अपना काफिला रुकवाकर लोगों का अभिभावदन स्वीकार करते हैं और उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनते हैं। बिलासपुर जिला के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का स्वागत करने के लिए सुन्हानी हेलीपैड पर लोगों की भीड़ इक्ट्ठा हो गई। ज़बरदस्त नारेबाजी के बीच उनका स्वागत हुआ और जब मुख्यमंत्री का काफिला आगे बढ़ा, तो जगह-जगह लोग उनके स्वागत में कतारबद्ध हो गए। ग्राम पंचायत कोठी की पूर्व प्रधान सुनीता धीमान ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के रूप में हिमाचल प्रदेश की आवाम को एक आशा की किरण दिख रही है। वह भले व्यक्ति हैं, जमीन से जुड़े हैं और राजनीतिक जीवन में लंबा संघर्ष कर आज इस महत्वपूर्ण पद पर पहुंचे हैं। इसीलिए लोगों की उनसे बहुत सी उम्मीदें हैं। सुन्हानी हैलीपैड और विजयपुर के बीच सुकड़ी स्थान पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का स्वागत पारंपरिक गीतों के साथ हुआ। विशेष रूप से क्षेत्र की महिलाएं मुख्यमंत्री के आगमन पर उत्साहित दिखीं। सुकड़ी में मौजूद स्थानीय निवासी विजय सांख्यान ने कहा कि हाल ही में घाघस के निकट सड़क किनारे ढाबे पर मुख्यमंत्री ने एक साधारण व्यक्ति की तरह खाना खाया, जिससे लोगों को यह विश्वास हो रहा है कि उनकी समस्याओं का हल केवल अपनी माटी से जुड़े ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ही कर सकते हैं। एक आम परिवार से निकलकर मुख्यमंत्री के पद पर पहुंचने के बावजूद वह जमीन से जुड़े हुए हैं और लोग उनकी इसी बात को पसंद कर रहे हैं। मुख्यमंत्री बनने के बावजूद उनका सहज व्यक्तित्व ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू को लोगों से जोड़ रहा है। समय के अभाव के बावजूद मुख्यमंत्री ने लोगों को पूरा समय दिया और जाते-जाते यह वादा करते हुए भी गए, वह जल्द ही उनके बीच दोबारा आएंगे।
बेसहारा पशुओं के लिए रात्रि आश्रय बनाने के दिए निर्देश फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला वर्तमान प्रदेश सरकार ने राज्य में वंचित वर्गों के कल्याण को सर्वोच्च अधिमान दिया है। इसके साथ-साथ सरकार बेसहारा पशुओं के कल्याण के लिए भी बहुआयामी कदम उठा रही है। शुक्रवार सायं शिमला में गौसेवा आयोग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पशुपालन विभाग को बेसहारा पशुओं आश्रय प्रदान करने के लिए समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्प लाइन-1100 के माध्यम से लोग बेसहारा पशुओं से संबंधित जानकारी व शिकायत कर सकेंगे। उन्होंने अधिकारियों को इस संबंध में एक मोबाइल एप्लीकेशन भी विकसित करने के निर्देश दिए, जिसमें कि बेसहारा पशुओं के छायाचित्र अपलोड किए जा सकें। उन्होंने कहा कि लोगों से शिकायत प्राप्त होने के उपरांत यह सूचना संबंधित खंड के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी, पशु चिकित्सा अधिकारी एवं फार्मासिस्ट से साझा की जाएगी और यह उनकी जिम्मेदारी होगी कि बेसहारा पशु को गौसदन या अन्य उपयुक्त स्थल में पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि बेसहारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए इस हेल्पलाइन के बारे में लोगों को अधिक से अधिक जागरूक किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 20वीं पशु गणना के अनुसार राज्य में 36,311 बेसहारा पशु हैं, जिनमें से 20,203 बेसहारा पशुओं को विभिन्न गौसदनों में आश्रय प्रदान किया गया है और अभी भी 9,117 बेसहारा पशु सड़कों पर घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन पशुओं को बेहतर आश्रय सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से मौजूदा गौशालाओं के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है, जिसके लिए पशुपालन विभाग के अधिकारी वन विभाग की सहायता से चरागाह और जल स्त्रोतों के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करें। उन्होंने अधिकारियों को पशुओं की देखभाल के लिए रात्रि आश्रय निर्मित करने और पर्याप्त संख्या में कर्मचारी तैनात करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को इस दिशा में 10 दिन के भीतर कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की सुविधा के लिए बेसहारा पशुओं से उत्पन्न समस्या तथा इनके कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के निवारण के लिए पूर्ण गंभीरता के साथ कार्य कर रही है और इसके लिए धन की कमी को आड़े नहीं आने दिया जाएगा। कृषि एवं पशुपालन मंत्री चन्द्र कुमार ने कहा कि विभागीय अधिकारी बेसहारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए फील्ड में गंभीरता से कार्य करें और इस समस्या के निवारण के लिए गैर सरकारी संगठनों का भी सहयोग लें। उन्होंने इस दिशा में व्यावहारिक कदम उठाने तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरूद्ध सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार गोकुल बुटेल मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, पशुपालन सचिव अजय शर्मा, सचिव सूचना प्रौद्योगिकी अभिषेक जैन, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विवेक भाटिया और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
कैम्पा निधि को ऊर्जा बचत क्षेत्र में करें व्यय लोक निर्माण और अन्य निष्पादन एजेंसियां करेंगी वन विभाग से संबंधित सभी निर्माण कार्य फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वन संरक्षण अधिनियम (एफसीए) के तहत प्रदान की जाने वाली स्वीकृतियों के विलंब पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एफसीए मामलों में तेजी लाने के लिए एक प्रभावी प्रणाली विकसित करने पर विशेष बल दिया जाना चाहिए, ताकि राज्य में विकासात्मक परियोजनाओं पर काम शीघ्र शुरू हो और वह निर्धारित समयावधि में पूर्ण की जा सकें। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार सायं यहां वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि चिकित्सा महाविद्यालयों, पर्यटन परियोजनाओं, शैक्षणिक संस्थानों, सड़कों और इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण सहित अन्य मामलों में एफसीए मंजूरी के लिए समय सीमा का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को एफसीए की समयबद्ध मंजूरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि विकासात्मक परियोजनाओं को निर्धारित समय पर पूरा किया जा सके, जिससे प्रदेश के अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास और पर्यावरण संरक्षण में संतुलित दृष्टिकोण अपना कर राज्य में विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं का कार्यान्वयन सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि एफसीए मंजूरी में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को इस प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां एफसीए आवश्यक है, वहां संबंधित विभाग एक नोडल अधिकारी नियुक्त करेगा, जबकि संबंधित मंडल के डीएफओ परियोजनाओं के विलंब से बचने के लिए समयबद्ध तरीके से सहयोग करना सुनिश्चित करेंगे। प्रतिपूरक वनीकरण कोष प्रबन्धन और योजना प्राधिकरण कैम्पा की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री को अवगत करवाया गया कि 22 फरवरी, 2019 तक की हिमाचल प्रदेश की 1,660 करोड़ रुपए की हिस्सेदारी राष्ट्रीय प्राधिकरण के पब्लिक अकाउंट से प्रदेश प्राधिकरण के पब्लिक अकाउंट में हस्तातंरित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कैम्पा के तहत ऊर्जा बचत क्षेत्र पर धनराशि व्यय की जानी चाहिए। उन्होंने राज्य प्राधिकरण को शासी निकाय की बैठक शीघ्र बुलाने के निर्देश दिए। उन्होंने भविष्य में वन विभाग के सभी निर्माण कार्यों को लोक निर्माण विभाग तथा अन्य निष्पादन एजेंसियों के माध्यम से करवाने के निर्देश दिए। पर्यावरण संरक्षण पर विशेष बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन चिंता का विषय है। इसलिए वन विभाग को पौधारोपण पर विशेष ध्यान देना चाहिए। बैठक में अवगत करवाया गया कि वन विभाग ने प्रथम चरण में राज्य में 15 स्थान चिन्ह्ति किए हैं, जहां 256.50 हेक्टेयर भूमि पर पौधरोपण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण स्थल की ऊंचाई के अनुसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पौधों की जीवित्ता दर बढ़े और उन्होंने भविष्य में पौधरोपण के लिए अधिक स्थान चिन्ह्ति करने के निर्देश देते हुए कहा कि वन विभाग पौधरोपण स्थलों की निरंतर निगरानी भी सुनिश्चित करें। इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरूद्ध सिंह, प्रधान सचिव ओंकार शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, प्रधान सचिव देवेश कुमार, प्रधान सचिव विधि राजीव भारद्वाज, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, विशेष सचिव सीपी वर्मा, पीसीसी (हॉफ) अजय श्रीवास्तव, पीसीसीएफ (वन्य जीव) राजीव कुमार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैम्पा नागेश कुमार व एपीसीसीएफ (वित्त) एसके कापटा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज यहां राजभवन में एशिया नेट न्यूज चैनल के ‘प्राउड टू बी एन इंडियन’ कार्यक्रम 2023 के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश की तीन दिवसीय यात्रा पर आए मध्यपूर्वी देशों के भारतीय मूल के विद्यार्थियों से संवाद किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि विदेश में रहे भारतीय मूल के विद्यार्थी भारत के दूत की भूमिका हुए विश्व में हमारी समृद्ध संस्कृति और परम्पराओं का प्रचार-प्रसार का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अपनी संस्कृति और मिट्टी से सदैव जुड़े रहे। उन्होंने कहा कि आज भारत पुनः महाशक्ति के रूप में उभर रहा है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, भारत के बदलते स्वरूप और भारत के विशाल लोकतंत्र जैसे विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। राज्यपाल ने देवभूमि में पहुंचने पर सभी विद्यार्थियों का स्वागत किया और आशा व्यक्त की कि हिमाचल की प्राकृतिक सुंदरता और यहां का स्वच्छ वातावरण उन्हें अवश्य ही आकर्षित करेगा। उन्होंने एशिया नेट न्यूज चैनल द्वारा टूअर आयोजित करने के प्रयासों की सराहना की। इससे पूर्व एशिया न्यूज के मुख्य समन्वयक सम्पादक प्रशांत रघुवम्सम ने राज्यपाल का स्वागत किया और विद्यार्थियों के साथ संवाद के लिए उनका आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने राज्यपाल से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे और गणतंत्र दिवस परेड के अनुभव भी साझा किए।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज राजभवन में शिमला शहर के विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों की उपस्थिति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरक पुस्तक एग्जाम वॉरियर्स का विमोचन किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने नई दिल्ली से प्रसारित परीक्षा पर चर्चा के छठे संस्करण का प्रसारण भी देखा। राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाली विभूतियों के बारे में भी पढ़ना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से पाठ्य पुस्तकों के अलावा अन्य ज्ञानवर्धक पुस्तकों का अध्ययन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पुस्तकें हमारी सच्ची मित्र, मार्गदर्शक और दार्शनिक होती हैं और किताबें हमें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं। बच्चों के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि वह प्रदेश के विभिन्न स्कूलों का दौरा कर विद्यार्थियों के साथ संवाद कर चुके हैं और इसमें उन्होंने पाया कि पाठ्य पुस्तकों के अलावा अन्य पुस्तकें पढ़ने में विद्यार्थियों की रूचि कम होती है। अभिभावकों और शिक्षकों को भी बच्चों को ज्ञानवर्धक किताबें उपलब्ध करवानी चाहिए, ताकि उनमें पढ़ने की आदत विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने मूल रूप से यह पुस्तक बच्चों में परीक्षाओं के दौरान होने वाले तनाव को कम करने के संदर्भ में लिखी है। इसमें जीवन प्रबंधन के सम्बन्ध में विशेष जानकारी उपलब्ध करवाई गई है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक विद्यार्थियों को परीक्षा से पहले तनाव मुक्त रहने के लिए प्रेरित करेगी और इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच संवाद बढ़ेगा। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पोर्टमोर, छोटा शिमला और बयोलिया स्कूल के विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों से बातचीत में उन्होंने अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज जालंधर में दिवंगत सांसद चौधरी संतोख सिंह की अंतिम अरदास में भाग लिया। चौधरी संतोख सिंह का निधन 14 जनवरी, 2023 को हुआ था। मुख्यमंत्री ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि चौधरी संतोख सिंह के निधन से उत्पन्न हुई रिक्तिता को भरा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा के दौरान चौधरी संतोख सिंह पूरे पंजाब में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के साथ रहे। उन्होंने विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि पंजाब में चुनावों के दौरान हमने दिन-रात एक साथ प्रचार किया था। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, विधायक विनोद सुल्तानपुरी, पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष राजा वारिंग तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।


















































