भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने प्रदेश सरकार पर हमला बोला है। सुरेश कश्यप ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में सुखविंदर सिंह सुक्खू ने व्यवस्था परिवर्तन का नया दौर शुरू किया है। हाल ही में हिमाचल प्रदेश में वैट बढ़ाकर डीजल को ₹3.01 तक महंगा किया, जिससे उन्होंने सीधा-सीधा प्रदेश में महंगाई को न्योता दिया है। कश्यप ने कहा कि अगर हिमाचल प्रदेश में ₹1 डीजल बढ़ता है तो 10 टायर ट्रक का माल भाड़ा 50 पैसे बढ़ता है और इसी प्रकार 6 टायर ट्रक का माल भाड़ा 30 पैसे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि जयराम सरकार ने एक भी सीपीएस नहीं बनाया पर सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने 6 सीपीएस की नियुक्ति की। इससे हिमाचल प्रदेश पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय एवं जातीय संतुलन को बढ़ाने में इस सरकार ने अग्रिम भूमिका निभाई है, शिमला संसदीय क्षेत्र को पांच मंत्री और तीन सीपीएस दिए गए पर अगर देखा जाए तो बड़े-बड़े जिले जैसे कांगड़ा, मंडी ,उना ,हमीरपुर, बिलासपुर को छोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि जब से हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी है, तब से केवल प्रदेश में संस्थान बंद करने का काम हो रहा है।
Snowfall has started in the higher altitude areas of Himachal. Losar in Lahaul Spiti district has received 2 inches of fresh snow, Rohtang Tunnel, Kunjumpas, and Baralacha have received 3 inches of fresh snow till 9 am. Light snowfall is received in higher altitude areas of Lahaul Spiti, Kinnaur, Kullu, and Chamba's Pangi, Bharmour. The weather has changed in Shimla as well. A fresh western disturbance has affected the western Himalayan region from the night of January 10, officials said. The Meteorological Centre, Shimla, has issued a warning for the possible disruption of essential services like water, electricity, communications, and related services.
हिमाचल के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। लाहौल स्पीति जिले के लोसर में 2 इंच, रोहतांग टनल, कुंजुमपास, बारालाचा में 9 बजे तक 3 इंच ताजा हिमपात हो चुका है। लाहौल स्पीति, किन्नौर, कुल्लू और चंबा के पांगी, भरमौर के अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हो रही है। राजधानी शिमला में भी मौसम ने करवट बदल ली है सुबह से आसमान में घने बादल छाए हुए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने से अगले 5 दिन मौसम खराब रहेगा। किन्नौर, लाहौल स्पीति और कुल्लू जिले में अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी हिमपात का रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि शिमला, चंबा, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिले के ऊंचे इलाकों में भी अगले 3 दिन बर्फबारी हो सकती है। वहीं मौसम विभाग ने चंबा के तीसा और भटियात में 12 व 13 जनवरी को भारी हिमपात का अलर्ट जारी किया है और सिरमौर जिले में परसों भारी बर्फबारी हो सकती है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला राजधानी शिमला में फर्जी दस्तावेज देकर नाैकरी लेने का मामल सामने आया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार शिमला पोस्टल डिविजन के तहत देवनगर शाखा में एक व्यक्ति ने अपने फर्जी सर्टिफिकेट देकर नौकरी ले ली। शिमला पोस्ट ऑफिस के सुपरिंटेडेंट विकास नेगी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि शिमला पोस्टल डिविजन के तहत देवनगर शाखा में ग्रामीण डाक सेवक शाखा पोस्ट मास्टर के चयन के लिए उम्मीदवारों के इंटरव्यू हुए थे। इस दौरान एक उम्मीदवार जिसका नाम मनीष कुमार है, उसका चयन देवनगर शाखा में ग्रामीण डाक सेवक शाखा पोस्ट मास्टर के पद पर हुआ। उसने गत 9 सितंबर 2022 को अपने पद पर ज्वाइन किया। शिकायतकर्ता विकास नेगी का कहना है कि उक्त व्यक्ति का मैट्रिक सर्टिफिकेट जांच के लिए निदेशक झारखंड अकेडमिक काउंसिल ज्ञानदीप कैंपस भेजा गया। वहां पर जांच के दौरान उसका सर्टिफिकेट फर्जी निकला। उक्त आरोपी सरकाघाट जिला मंडी का रहने वाला है। सुपरिंटेडेंट विकास नेगी की शिकायत पर पुलिस ने थाना सदर में की धारा 420, 467, 468 व 471 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस आज इस मामले का पूरा रिकॉर्ड कब्जे में लेगी। इसके बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
नवोदय प्रवेश परीक्षा जेएनवीएसटी में हुए बदलाव को लेकर निगम भंडारी ने दी कड़ी प्रतिक्रिया फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला हिमाचल युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नेगी निगम भंडारी ने केंद्र सरकार एवं एचआरडी मिनिस्ट्री और नवोदय विद्यालय समिति द्वारा छठी कक्षा में होने वाली प्रवेश परीक्षा जेएनवीएसटी में हुए बदलाव को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। नेगी निगम भंडारी ने कहा कि नवोदय विद्यालय कांग्रेस सरकार का एक अदभुत तोहफ़ा है, जिसका मुख्य रूप से ग्रामीणा क्षेत्रों के प्रतिभाशाली बच्चों को उनके परिवार की सामिजिक-आर्थिक स्थिती पर ध्यान दिए बिना, गुणात्मक आधुनिक शिक्षा प्रदान करना है। नेगी निगम भंडारी ने कहा की नवोदय विद्यालय ने इन बीते वर्षों मे ग्रामीण प्रतिभाओं को सामने लाने का और उन्हें विकसित करने का कार्य किया हैं। नेगी निगम भंडारी ने कहा की ऐसे संस्थानों के साथ छे़छाड़ करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। नेगी निगम भंडारी ने आगे कहा कि नए नियमों के अनुसार बच्चे की पांचवीं परीक्षा का आपने गृह जिला के निवास से होना आवश्यक हैं। नेगी निगम भंडारी ने कहा कि यादि हम आपने प्रदेश की बात करें, तो हम सभी जानते हैं की हम पहाड़ी क्षेत्राें से आते हैं, जिसके चलते बहुत से परिवारों ने बेहेतर शिक्षा के लिए आपने बच्चों को आपने गृह क्षेत्रों से दूर भेजा है। विशेषकर बोर्डर जिला के अधिवावकों ने जिसमें किन्नौर, लहुल-स्पीति जैसे पहाड़ी क्षेत्राें आते हैं। नेगी निगम भंडारी ने कहा की इन नए नियमों के कारण इन बच्चो का नवोदय प्रवेश परीक्षा में शामिल होना नामुमकिन है। नेगी निगम भंडारी ने कहा कि सरकार को सैशन के शुरूआत में ही नोटिफिकेशन जारी कर लोगों को अवगत करवाना चाहिए था, ताकि समय रहते अधिवावको को अपने बच्चों को आपने गृह जिला मे भेज़ने का एक मौका मिलता। नेगी निगम भंडारी ने कहा कि बिना किसी प्रायर नोटिस के अंतिम समय में इन नियमों को जोड़ना बच्चों के उज्वल भविषय से खेलना हैं। नेगी निगम भंडारी ने कहा कि इस से दुर्भाग्यपूर्ण बात और क्या हो सकती हैं कि इन नियमों के चलते वो सभी बच्चे जो बहुत कम सुविधाओं मे अपनी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इस प्रवेश प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बन पाएंगे। नेगी निगम भंडारी ने कहा की समय का बहुत आभाव हैं, जैसे की हम सभी को अवगत है कि 31 जनवरी फॉर्म फिल करने की अंतिम तिथि निर्धारित हुई हैं. इसलिए हमारा केंद्र सरकार एवं एचआरडी मिनिस्ट्री और नवोदय विद्यालय गवर्निंग बॉडी से निवेदन है कि वे नए नियमों पर पुनः निरक्षण एवम विचार करें। केंद्र सरकार को इस मुद्दे को गंभीरता से लेना होगा। अन्यथा हमें मजबूर हो कर केंद्र सरकार की इन गलत नीतियों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ सकता हैं।
प्रदेश की सुक्खू सरकार ने छः मुख्य संसदीय सचिवों की नियुक्ति की है। कुल्लू सदर से विधायक सुंदर सिंह ठाकुर, रोहड़ू से विधायक मोहन लाल ब्राक्टा, दून से विधायक राम कुमार चौधरी, पालमपुर से विधायक आशीष बुटेल, बैजनाथ से विधायक किशोरी लाल और अर्की से विधायक संजय अवस्थी को सरकार ने मुख्य संसदीय सचिव बनाया है। इनमें से सूंदर सिंह ठाकुर, आशीष बुटेल और राम कुमार चौधरी को मंत्री पद की दौड़ में भी माना जा रहा था, लेकिन इन्हें सरकार ने मुख्य संसदीय सचिव बनाया है। रविवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सभी 6 विधायकों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। सुंदर सिंह ठाकुर : दूसरी बार बने है विधायक 57 वर्षीय सुंदर सिंह ठाकुर लगातार दूसरी बार कुल्लू सदर सीट से जीतकर विधानसभा पहुंचे है। सुंदर सिंह ने पंजाब विश्वविद्यालय से बीएससी (मेडिकल) और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से विधि स्नातक (एलएलबी) की उपाधि प्राप्त की। ठाकुर बागवानी एवं होटल व्यवसाय से जुड़े हैं। सूंदर सिंह ठाकुर ने वर्ष 1985-86 में हिमसा चंडीगढ़ के संगठन सचिव के रूप में कार्य किया। इसके उपरांत वर्ष 1989-91 तक हिमाचल प्रदेश एनएसयूआई के उपाध्यक्ष, 1991 में पंचायत समिति सदस्य, वर्ष 1991-94 तक पंचायत समिति कुल्लू के अध्यक्ष, वर्ष 1994-99 तक जिला परिषद कुल्लू के उपाध्यक्ष रहे। वर्ष 2009-2012 तक हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस समिति के राज्य प्रतिनिधि तथा वर्ष 2012 से हिमाचल प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव पद पर रहे। ठाकुर ने 2003-08 तक राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा वर्ष 2013 से 2017 तक हिमाचल प्रदेश खेल परिषद के सदस्य के रूप में कार्य किया। सुंदर सिंह दिसंबर 2017 में 13वीं विधानसभा के लिए बतौर विधायक चुने गए और जनरल डेवलपमेंट एंड सबोर्डिनेट लेजिस्लेशन कमेटी के सदस्य रहे। दिसंबर 2022 में यह 14वीं विधानसभा के लिए पुनः विधायक के रूप में चुने गए। मोहन लाल ब्राक्टा : लगातार तीसरी बार बने विधायक 57 वर्षीय मोहन लाल ब्राक्टा ने विधि स्नातक की शिक्षा ग्रहण की है और एक अधिवक्ता के तौर पर सक्रिय रहे हैं। ब्राक्टा वर्ष 2012 में पहली बार राज्य विधानसभा के लिए चुने गए। वर्ष 2013 से 2017 तक इन्होंने प्राक्कलन, ग्राम नियोजन, सार्वजनिक उपक्रम, कल्याण, विशेषाधिकार एवं नीति समितियों के सदस्य के रूप में कार्य किया। इसके बाद 2017 में 13वीं विधानसभा के लिए यह पुनः निर्वाचित हुए और कल्याण, नियम एवं ई-गवर्नेंस व सामान्य मामले समितियों के सदस्य रहे। दिसंबर 2022 में 14वीं विधानसभा के लिए यह पुनः बतौर विधायक चुने गए है। मोहन लाल ब्राक्टा को होली लॉज खेमे का माना जाता है। राम कुमार चौधरी : मंत्री पद की दौड़ में थे शामिल राम कुमार चौधरी को सियासत विरासत में मिली है। उनके पिता लज्जा राम कई बार विधायक और मुख्य संसदीय सचिव रहे है। राम कुमार चौधरी ने लोक प्रशासन में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है और रियल एस्टेट व्यवसाय से जुड़े हैं। राम कुमार चौधरी हरिपुर संदोली ग्राम सुधार सभा के अध्यक्ष रहे हैं। इसके अतिरिक्त चौधरी वर्ष 1993-95 में प्रदेश एनएसयूआई के महासचिव, वर्ष 2003 में राज्य युवा कांग्रेस के महासचिव तथा हिमाचल प्रदेश कांग्रेस समिति के वर्तमान में महासचिव हैं। वर्ष 2006 से 2011 तक यह जिला परिषद सोलन के अध्यक्ष रहे। यह दिसंबर 2012 में पहली बार हिमाचल प्रदेश विधानसभा के लिए बतौर विधायक चुने गए। दिसंबर 2022 में 14वीं विधानसभा के लिए पुनः विधायक चुने गए है। आशीष बुटेल : शांता कुमार के गृह क्षेत्र में कांग्रेस को मजबूत किया पूर्व विधानसभा अध्यक्ष तथा पूर्व कैबिनेट मंत्री बृज बिहारी लाल बुटेल के सुुपुत्र आशीष बुटेल दूसरी बार पालमपुर से विधायक बने है। पालमपुर भाजपा के वरिष्ठ नेता शांता कुमार का गृह क्षेत्र है और यहाँ से बुटेल ने दोनों मर्तबा भाजपा के दिग्गज नेताओं को हराया है। 2017 में उन्होंने इंदु गोस्वामी को हराया था और इस बार भाजपा के प्रदेश महामंत्री त्रिलोक कपूर को हराया है। बुटेल ने सिम्बोयसिस कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय पुणे से वाणिज्य स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। आशीष बुटेल को वर्ष 2011 से 2013 तक लोकसभा युवा कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे हैं। वह वर्ष 2014 से हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव हैं। वह वर्ष 2017 में पहली बार हिमाचल प्रदेश विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए तथा प्राक्कलन एवं ग्रामीण योजना समितियों के सदस्य रहे। वह दिसम्बर, 2022 में 14वीं विधानसभा के लिए पुनः निर्वाचित हुए। आशीष बुटेल जिला कांगड़ा बॉस्केटबाल संघ के भी अध्यक्ष हैं। उनकी सामाजिक कार्यों तथा अध्ययन में विशेष रूचि है। किशोरी लाल : बैजनाथ से दूसरी बार बने है विधायक किशोरी लाल जिला कांगड़ा के बैजनाथ से दूसरी बार विधायक बने है। वह पांच बार पंचायत प्रधान तथा उप-प्रधान रहे हैं। वह ब्लॉक एवं जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव, जिला कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य भी रहे हैं। किशोरी लाल दिसम्बर, 2012 में प्रथम बार हिमाचल प्रदेश विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए तथा दिसम्बर, 2022 में पुनः विधायक के रूप में चुने गए हैं। बैजनाथ पंडित संत राम की कर्मभूमि रही है और इसी सीट से उनके पुत्र सुधीर शर्मा भी दो बार विधायक बने है। ये सीट आरक्षित होने बाद यहाँ से कांग्रेस ने किशोरी लाल को चेहरा बनाया और वे तीन में से दो चुनाव जीतने में सफल रहे। संजय अवस्थी : क्रिकेट के मैदान से सियासी मैदान तक पहुंचे अवस्थी 57 वर्षीय संजय अवस्थी अर्की से दूसरी बार विधायक बने है। अवस्थी को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का करीबी माना जाता है। संजय अवस्थी वर्ष 1996 से 2006 तक जिला क्रिकेट संघ सोलन के अध्यक्ष तथा वर्ष 2000 से 2005 तक नगर परिषद सोलन के पार्षद रहे। वह वर्तमान में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव तथा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य है। संजय अवस्थी 30 अक्टूबर, 2021 को विधानसभा उप-चुनाव में प्रथम बार विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए तथा दिसम्बर, 2022 में 14वीं विधानसभा के लिए पुनः निर्वाचित हुए। संजय अवस्थी ने रणजी ट्रॉफी राष्ट्रीय क्रिकेट चैम्पियनशिप में हिमाचल का प्रतिनिधित्व किया है।
विक्रमादित्य सिंह हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के बेटे है। महज 28 साल की उम्र में विक्रमादित्य सिंह 2017 में पहली बार शिमला ग्रामीण सीट से विधायक बने थे। इस बार विक्रमादित्य सिंह दूसरी बार विधायक बने है और अब 33 साल की उम्र में मंत्री भी बन गए है। अलबत्ता विक्रमादित्य सिंह को सियासत विरासत में मिली है लेकिन वे हिमाचल प्रदेश के सबसे लोकप्रिय नेताओं में से है। अमूमन प्रदेश के हर निर्वाचन क्षेत्र में उनके समर्थक है और वे बीते चुनाव में कोंग्रस के स्टार प्रचारक भी थे। विक्रमादित्य ने इतिहास में स्नातक उपाधि सेंट स्टीफनज महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय से प्राप्त की। विक्रमादित्य 2013 से 2018 तक हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे हैं। विक्रमादित्य सिंह के मंत्री बनने के बाद उनके समर्थकों में ख़ासा उत्साह है और होली लॉज में एक बार फिर दिवाली सा माहौल है। गौरतलब है कि उनकी माता और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह भी सीएम पद की दौड़ में थी लेकिन पार्टी ने सुखविंदर सिंह सुक्खू को सीएम बनाया। इसके बाद होली लॉज समर्थकों में निराशा थी लेकिन अब विक्रमादित्य सिंह के मंत्री बनने से फिर नए उत्साह का संचार हुआ है।
कसुम्पटी निर्वाचन क्षेत्र से आठ बार कांग्रेस जीती है लेकिन ऐसा पहली बार हुआ हुआ है कि कसुम्पटी के विधायक को मंत्री पद मिला हो। अनिरुद्ध सिंह कसुम्पटी से लगातार तीसरी बार विधायक बने है। 2012 में अनिरुद्ध पहली बार विधायक बने थे और तब से अपराजित है। इस बार अनिरुद्ध ने जयराम सरकार में मंत्री रहे सुरेश भारद्वाज को बड़े अंतर से हराया था और उसके बाद से ही उनके मंत्री पद की अटकलें लग रही थी। हुआ भी ऐसा ही, अनिरुद्ध सिंह मंत्री बन गए। अनिरुद्ध राज्य युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष, भारतीय युवा कांग्रेस के राज्य महासचिव, राज्य एवं शिमला लोकसभा क्षेत्र पी.वाई.सी. के उपाध्यक्ष रहे हैं। आई.वाई.सी. के राष्ट्रीय समन्वयक, अनिरुद्ध ने जिला परिषद के चुनाव से अपने राजनितिक करियर की शुरुआत की थी। 2005 और 2010 में चमयाणा वार्ड से जिला परिषद् के सदस्य रहे और 2011 से 2013 तक जिला परिषद शिमला के अध्यक्ष रहे हैं। 2012 में अनिरुद्ध सिंह ने अपना पहला विधानसभा चुनाव लड़ा और जीता भी। अनिरुद्ध कांग्रेस के राष्ट्रिय सचिव भी है और सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू के बेहद करीबी माने जाते है।
रोहित ठाकुर को सियासत विरासत में मिली है। वे हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ठाकुर राम लाल के पौत्र हैं। रोहित ठाकुर 2000 से 2004 तक प्रदेश युवा कांग्रेस राज्य समिति के सदस्य रहे। 2008 से 2011 तक हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव भी रहे है। रोहित ठाकुर 2003 में पहली बार जुब्बल कोटखाई सीट से विधायक बने थे। इसके बाद उन्होंने 2012 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की। रोहित 2013 से 2017 तक मुख्य संसदीय सचिव रहे। 2021 में हुए उपचुनाव में रोहित ठाकुर ने तीसरी बार जीत दर्ज की। इस बार फिर रोहित ठाकुर ने जुब्बल कोटखाई विधानसभा सीट से जीत हासिल की है। चार बार के विधायक रोहित ठाकुर को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का करीबी माना जाता है और उनका मंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा था। माहिर मानते है कि रोहित को बागवानी विभाग के साथ -साथ कोई अन्य अहम महकमा मिलेगा।
** पहले कैबिनेट विस्तार में जिला कांगड़ा को सिर्फ एक मंत्री पद मिला हिमाचल प्रदेश के 12 जिलों में से पांच जिलों को अभी तक मंत्री पद नहीं मिला है। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू जिला हमीरपुर से है और उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री जिला ऊना से। इनके अलावा रविवार को पांच जिलों से मंत्री बनाएं गए है। जिला शिमला से विक्रमादित्य सिंह,अनिरुद्ध सिंह और रोहित ठाकुर मंत्री बने है, जिला सोलन से कर्नल धनीराम शांडिल, जिला सिरमौर से हर्षवर्धन चौहान, जिला कांगड़ा से चंद्र कुमार और जिला किन्नौर से जगत सिंह नेगी को मंत्री पद मिला है। वहीं 5 जिलों को कोई मंत्री पद नहीं मिला है। इनमें जिला मंडी, बिलासपुर, चम्बा, लाहौल स्पीति और जिला कुल्लू शामिल है। अब तीन मंत्री पद शेष है और सम्भवतः जिला कांगड़ा को दो मंत्री पद और मिलेंगे। यानी तीन जिलों को संभवतः मंत्री पद नहीं मिलेगा। जिला चम्बा में कांग्रेस के दो विधायक जीते है और इसी जिला से विधानसभा स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया आते है, ऐसे में ये लगभग तय है कि चम्बा से अब कोई और मंत्री नहीं होगा। जिला कुल्लू में भी कांग्रेस के दो विधायक जीते है और इनमें से एक विधायक सुंदर सिंह ठाकुर मंत्री पद की दौड़ में थे, लेकिन उन्हें सीपीएस बनाया गया है। ऐसे में सम्भवतः कुल्लू को भी मंत्री पद नहीं मिलेगा। वहीं जनजातीय जिला लाहुल स्पीति की इकलौती सीट भी कांग्रेस ने ही जीती है, लेकिन जनजातीय जिला किन्नौर से जगत सिंह नेगी के मंत्री बनने के बाद माना जा रहा है कि लाहुल स्पीति को भी मंत्री पद से वंचित रहना पड़ेगा। जिला बिलासपुर से कांग्रेस को सिर्फ घुमारवीं सीट पर जीत मिली है और विधायक राजेश धर्माणी अब भी मंत्री पद की दौड़ में है। इसी तरह जिला मंडी की दस में से सिर्फ एक सीट धर्मपुर में कांग्रेस जीती है और विधायक चंद्रशेखर को भी मंत्री पद या कोई अन्य अहम दायित्व मिलना तय है।
जगत सिंह नेगी किन्नौर से पांचवी बार विधायक बने है और कांग्रेस के तेजतर्रार नेता है। उन्होंने बी.ए.एल.एल.बी. की शिक्षा डी.ए.वी. महाविद्यालय चण्डीगढ़ और पंजाब विश्वविद्यालय चण्डीगढ़ से ग्रहण की है। जगत सिंह नेगी 1980 से 1995 तक जिला सेब एवं सब्जी उत्पादक संघ किन्नौर के संस्थापक अध्यक्ष रहे हैं। इसके साथ ही जगत सिंह 1980 से 1995 तक जिला बार संघ किन्नौर के अध्यक्ष तथा जिला युवा कांग्रेस कमेटी किन्नौर के अध्यक्ष भी रहे हैं। 1996 से 2011 तक जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे। 1996 और 2005 से 2009 तक हिमाचल प्रदेश फुटबाल संघ के उपाध्यक्ष एवं अध्यक्ष रहे। जगत सिंह नेगी ने पहली बार 1995 के उपचुनाव में जीत दर्ज की थी। फिर 2003 में भी किन्नौर सीट पर जगत सिंह नेगी ने ही जीत हासिल की। 2007 का चुनाव वे हार गए लेकिन उसके बाद 2012 , 2017 और इस बार के चुनाव में लगातार तीन दफा जीत कर नेगी ने जीत की हैट्रिक लगाई है। जगत सिंह नेगी इससे पहले विधानसभा उपाध्यक्ष भी रह चुके है और विपक्ष में रहते हुए अक्सर आक्रामक रहे है। संभवतः नेगी किन्नौर से पहले ऐसे विधायक है जो पुरे पांच वर्ष मंत्री रहेंगे।
हर्षवर्धन चौहान उन नेताओं में शुमार है जो प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की दौड़ में माने जा रहे थे। अलबत्ता सीएम पद की दौड़ में तो हर्षवर्धन पिछड़ गए लेकिन मंत्री पद की दौड़ में हर्षवर्धन जीत गए। हर्षवर्धन चौहान का जन्म 14 सितम्बर 1964 को हुआ है। हर्षवर्धन चौहान को राजनीति विरासत में मिली है। उनके पिता गुमान सिंह चौहान 1972 से 1985 तक लगातार चार बार शिलाई से चुनाव जीते। हालांकि 1990 में हर्षवर्धन का चुनावी राजनीति में आगाज़ हार के साथ हुआ, लेकिन इसके बाद उन्होंने 1993 से 2007 तक लगातार चार बार जीत दर्ज की। 2012 में हर्षवर्धन को हार का सामना करना पड़ा लेकिन 2017 में उन्होंने वापसी की और इस बार भी जीत उनके ही हिस्से में आई। हर्षवर्धन जिला सिरमौर की शिलाई सीट से रिकॉर्ड छठी बार विधायक बने है। हर्षवर्धन चौहान कांग्रेस के पुराने वफादार है। हर्षवर्धन मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के भी नजदीकी माने जाते है और आलाकमान की भी गुड बुक्स में है। उनके लम्बा राजनैतिक जीवन बेदाग़ है और वे जिला सिरमौर के सबसे लोकप्रिय चेहरों में से एक है। सुक्खू कैबिनेट में हर्षवर्धन चौहान का शामिल होना तय माना जा रहा था और हुआ भी बिलकुल वैसा ही। इस बार हर्षवर्धन चौहान को मंत्रीपद से नवाजा गया है।
1977 में चौधरी चंद्र कुमार ने अपना पहला चुनाव निर्दलीय लड़ा था। तब ज्वाली सीट का नाम था गुलेर, जो 2008 के परिसीमन के बाद ज्वाली पड़ा। अपना पहला चुनाव चौधरी चंद्र कुमार हार गए और सियासत से दूरी बनाकर शिमला के सेंट बीड्स कॉलेज में पढ़ाने लगे, लेकिन चंद्र कुमार सियासत से अधिक समय तक दूरी नहीं बना पाए और नौकरी छोड़ कर कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए और फिर सियासत में एंट्री की। 1982 से 2003 तक हुए 6 विधानसभा चुनावों में सिर्फ 1990 को छोड़कर पांच बार चौधरी चंद्र कुमार को जीत मिली। इस दौरान वे वीरभद्र सिंह के करीबी रहे और मंत्री भी रहे। उनके कद को देखते हुए पार्टी ने उन्हें 2004 में कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़वाया और वे लोकसभा पहुंच गए। फिर 2017 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने एक बार फिर चौधरी चंद्र कुमार को मैदान में उतारा लेकिन वे भाजपा के अर्जुन सिंह से हार गए। इस बार चंद्र कुमार फिर मैदान में थे और जीत दर्ज करने में कामयाब भी रहे। चंद्र कुमार प्रदेश के सबसे बड़े जिला काँगड़ा से संबंध रखते है। कहते है जिला कांगड़ा प्रदेश की सत्ता का रास्ता प्रशस्त करता है और इस बार कांग्रेस को जिला में 10 सीटों पर जीत मिली है। काँगड़ा में ओबीसी फैक्टर का भी खासा प्रभाव देखने को मिलता है और चंद्र कुमार काँगड़ा का बड़ा ओबीसी चेहरा है। ऐसे में क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को देखते हुए भी चंद्र कुमार का मंत्रीपद तय माना जा रहा था। अब सुक्खू कैबिनेट में चंद्र कुमार का नाम शामिल हो चूका है और जिला काँगड़ा को भी मंत्री पद मिल चूका है। चंद्र कुमार कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष भी है।
** 7 में से 5 मंत्री शिमला संसदीय क्षेत्र से ** 6 में से 3 सीपीएस शिमला संसदीय क्षेत्र से सुक्खू सरकार ने सात मंत्रियों और छ सीपीएस सहित कुल 13 नियुक्तियां की है। दिलचस्प बात ये है कि इन 13 में से आठ नियुक्तियां शिमला संसदीय क्षेत्र के विधायकों की हुई है। कुल सात में से पांच मंत्री शिमला संसदीय क्षेत्र से है और एक -एक मंत्री कांगड़ा और मंडी संसदीय क्षेत्र से है। कर्नल धनीराम शांडिल, हर्षवर्धन चौहान, रोहित ठाकुर, अनिरुद्ध सिंह और विक्रमादित्य सिंह शिमला संसदीय क्षेत्र के तहत आने वाले निर्वाचन क्षेत्रों से विधायक है। वहीं कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से ज्वाली के विधायक चंद्र कुमार को मंत्री बनाया गया है और मंडी सांसदी क्षेत्र के तहत किन्नौर से विधायक जगत सिंह नेगी मंत्री बने है। इसी तरह सीपीएस की बात करें तो शिमला संसदीय क्षेत्र के तहत आने वाले तीन निर्वाचन क्षेत्रों के विधायकों को सीपीएस पद पर तैनाती मिली है। इनमें अर्की से विधायक संजय अवस्थी, दून से विधायक राम कुमार चौधरी और रोहड़ू से विधायक मोहन लाल ब्राक्टा शामिल है। वहीं कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से दो सीपीएस बनाएं गए है, पालमपुर विधायक आशीष बुटेल और बैजनाथ विधायक किशोरी लाल। मंडी संसदीय क्षेत्र की बात करें तो कुल्लू सदर से विधायक सुंदर सिंह को भी सीपीएस बनाया गया है। संसदीय क्षेत्र के लिहाज से देखे तो अब तक सुक्खू सरकार में हमीरपुर संसदीय क्षेत्र को मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के पद मिले है, शिमला संसदीय क्षेत्र को पांच मंत्री पद और तीन सीपीएस मिले है, कांगड़ा संसदीय क्षेत्र को एक मंत्री पद, विधानसभा स्पीकर का पद और दो सीपीएस मिले है, जबकि मंडी संसदीय क्षेत्र के हिस्से में अब तक एक मंत्री पद और एक सीपीएस का पद आया है। माहिर मान रहे है कि कैबिनेट विस्तार में कांगड़ा संसदीय क्षेत्र को दो मंत्री पद मिल सकते है, जबकि एक मंत्रिपद और विधानसभा उपाध्यक्ष का पद हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के हिस्से जा सकता है। घटा मंडी संसदीय क्षेत्र का सियासी वजन : जयराम सरकार में मंडी संसदीय क्षेत्र से खुद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के अलावा दो मंत्री थे। मनाली से विधायक रहे गोविन्द सिंह ठाकुर और लाहुल स्पीति से विधायक डॉ राम लाल मारकंडा को मंत्री पद मिला था। वहीं करीब डेढ़ वर्ष तक मंडी सदर विधायक अनिल शर्मा भी मंत्री रहे थे। वहीं सुक्खू सरकार में अब तक मंडी संसदीय क्षेत्र से सिर्फ जगत सिंह नेगी को ही मंत्री पद मिला है और मुमकिन है अब इस क्षेत्र को कोई अन्य मंत्री पद न मिले। कुल्लू सदर से विधायक सुंदर सिंह ठाकुर मंत्रिपद की दौड़ में थे, लेकिन उन्हें सीपीएस बनाया गया है। गौरतलब है कि मंडी संसदीय क्षेत्र से सत्तारूढ़ कांग्रेस को 17 में से 5 सीटें मिली है।
सुक्खू कैबिनेट के विस्तार में सोलन विधायक डॉक्टर कर्नल धनीराम शांडिल को मंत्री पद मिला है। 82 वर्षीय कर्नल शांडिल एससी समुदाय से आते है और गाँधी परिवार के करीबी माने जाते है। सेना में बतौर कर्नल सेवाएं देने के बाद 1999 में शांडिल की राजनीति में एंट्री हुई, तब शांडिल ने पंडित सुखराम की हिमाचल विकास कांग्रेस से शिमला संसदीय क्षेत्र से लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीता भी। इसके बाद कर्नल धनी राम शांडिल कांग्रेस में शामिल हो गए और 2004 में दोबारा लोकसभा का चुनाव लड़ा और दूसरी दफा जीतकर सांसद बने। 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें एक बार फिर प्रत्याशी बनाया, लेकिन भाजपा के वीरेंद्र कश्यप से शांडिल चुनाव हार गए। फिर 2012 में कर्नल धनीराम शांडिल ने पहली बार सोलन विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। इसके बाद उन वीरभद्र सरकार में सामजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्री बनाया गया। 2017 में कर्नल शांडिल ने सोलन सदर सीट से फिर चुनाव लड़ा और अपने दामाद डॉक्टर राजेश कश्यप को हराकर फिर से विधायक बने। इस बार शांडिल ने शानदार जीत की हैट्रिक लगाकर 3858 मतो से भाजपा प्रत्याशी डॉ राजेश कश्यप को मात दी है। कर्नल शांडिल उन नेताओं में से एक है जो हाईकमान के बेहद करीबी माने जाते है। वे कांग्रेस वर्किंग कमिटी के सदस्य भी रहे है। कांग्रेस सरकार बनने के बाद शांडिल का नाम मुख्यमंत्री फेहरिस्त में भी शामिल था, लेकिन सुखविंदर सिंह सुक्खू के मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही वरिष्ठता के आधार पर कर्नल शांडिल का नाम मंत्रिपद के दावेदारों में तय माना जा रहा था। अब जैसा अपेक्षित था हुआ भी बिलकुल वैसा ही, सुक्खू मंत्रिमंडल में कर्नल शांडिल के नाम पर मोहर लग गई है और सोलन को मंत्री पद मिल चूका है।
* सुक्खू सरकार ने 6 सीपीएस भी बनाएं * जिला शिमला को मिले तीन मंत्री पद आखिरकार इंतजार खत्म हुआ और हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार का कैबिनेट विस्तार रविवार को हो गया। सुक्खू कैबिनेट में दस मंत्री पद रिक्त थे जिनमें से सात मंत्री बनाए गए हैं, जबकि तीन मंत्री पद अब भी खाली है। राजभवन शिमला में शपथ ग्रहण समारोह हुआ। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने कार्यवाही का संचालन किया और राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने सात विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई। इनमें सबसे पहले कर्नल धनीराम शांडिल को शपथ दिलाई गई। इसके बाद विधायक चंद्र कुमार, हर्षवर्धन चौहान, जगत सिंह नेगी, रोहित ठाकुर, अनिरुद्ध सिंह और विक्रमादित्य सिंह ने मंत्री पद की शपथ ली। सुक्खू कैबिनेट के पहले विस्तार में शिमला को तीन मंत्री मिले हैं। विधायक विक्रमादित्य, रोहित ठाकुर और अनिरुद्ध मंत्री बने हैं। जबकि पहले कैबिनेट विस्तार में जिला कांगड़ा से सिर्फ चौधरी चंद्र कुमार को ही मंत्री बनाया गया है। किन्नौर से जगत सिंह नेगी, जिला सोलन से धनीराम शांडिल और जिला सिरमौर से हर्षवर्धन चौहान को मंत्री बनाया गया है। मंत्रियों के तीन पद अभी खाली रहेंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने छह मुख्य संसदीय सचिवों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। आशीष बुटेल, सुंदर सिंह ठाकुर, मोहन लाल ब्राक्टा, राम कुमार चौधरी, किशोरी लाल और संजय अवस्थी ने मुख्य संसदीय सचिव पद की शपथ ली। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के नतीजे 9 दिसंबर को आये थे। 10 दिसंबर को सुखविंदर सुक्खू को मुख्यमंत्री और मुकेश अग्निहोत्री को उपमुख्यमंत्री चुना गया। इसके बाद 11 दिसंबर को सीएम और डिप्टी सीएम को शपथ दिलवाई गई थी। किन्तु, लगभग एक माह बीत जाने के बाद भी कैबिनेट का विस्तार नहीं हुआ था। इसको लेकर विपक्ष भी हमलावर था। आखिरकार रविवार को इंतजार खत्म हुआ और सात मंत्रियों ने शपथ ली। वहीं तीन मंत्री पद अभी भी रिक्त है। जल्द होगा मंत्रिमंडल विस्तार : सीएम सुक्खू सात मंत्रियों की शपथ के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि मंत्रिमंडल का विस्तार जल्द होगा। तीन खाली पदों पर भी जल्द मंत्री बनाए जाएंगे। ईमानदार लोगों को मंत्री बनाया गया है। हाईकमान को सूची दी थी। अभी सात लोगों को ही मंत्री बनाने का फैसला हुआ है।
प्रभावित परिवार को 24 घंटे के भीतर जारी होगी सहायता राशि फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला वर्तमान प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के कुशल नेतृत्व में अपने सामाजिक सरोकार के दायित्व का निर्वहन करते हुए नवोन्मेषी पहल की है। प्रदेश सरकार ने अधिसूचित प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों को 25 हजार रुपए की सहायता राशि तुरंत जारी करने के निर्देश दिए हैं। इस संदर्भ में जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। निदेशक एवं विशेष सचिव राजस्व सुदेश मोक्टा ने आज यहां बताया कि प्राकृतिक आपदा के कारण मृत्यु होने पर मृतक के निकटस्थ संबंधी को 24 घंटे के भीतर सहायता राशि जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। प्राकृतिक आपदा के कारण मृत्यु होने पर मृतक के परिजनों को चार लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने का प्रावधान है। इसमें से 25 हजार रुपए की सहायता राशि 24 घंटे के भीतर और शेष राशि भी चार दिन के भीतर जारी कर दी जाएगी। पूर्व में यह राशि जारी होने में अधिक समय लगता था। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों यदि वह आयुष्मान भारत योजना के तहत कवर नहीं होते हैं, तो उन्हें न्यूनतम 5000 रुपए की सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण करने के उपरांत सामाजिक दायित्वों के निर्वहन को सर्वोच्च अधिमान दिया है। बात चाहे, विभिन्न संस्थाओं के आवासियों को उत्सव अनुदान की हो या फिर उनकी उच्च शिक्षा के लिए महत्वाकांक्षी योजना ‘मुख्यमंत्री सुखाश्रय सहायता कोष’ के गठन की। प्रदेश सरकार ने अपने निर्णयों से साबित किया कि सरकार समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां छह मुख्य संसदीय सचिवों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। सुंदर सिंह ठाकुर, मोहन लाल ब्राक्टा, राम कुमार चौधरी, आशीष बुटेल, किशोरी लाल और संजय अवस्थी ने मुख्य संसदीय सचिव के रूप मंे शपथ ग्रहण की। इस अवसर पर उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, विधायकगण, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य अधिकारी गोपाल शर्मा अन्य वरिष्ठ अधिकारी और नवनियुक्त मुख्य संसदीय सचिवों के परिजन भी उपस्थित थे। 8 जनवरी, 2023 को नियुक्त मुख्य संसदीय सचिवों का जीवन-परिचय सुंदर सिंह ठाकुर: इनका जन्म खूबी देवी एवं जोग ध्यान ठाकुर के घर 5 मई, 1965 को कुल्लू जिला के शालंग में हुआ। इन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय से बीएससी (मेडिकल) और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से विधि स्नातक (एलएलबी) की उपाधि प्राप्त की। इनकी पत्नी इंदिरा ठाकुर एवं दो बेटे हैं। यह बागवानी एवं होटल व्यवसाय से जुड़े हैं। इन्होंने वर्ष 1985-86 में हिमसा चंडीगढ़ के संगठन सचिव के रूप में कार्य किया। इसके उपरांत वर्ष 1989-91 तक हिमाचल प्रदेश एनएसयूआई के उपाध्यक्ष, 1991 में पंचायत समिति सदस्य, वर्ष 1991-94 तक पंचायत समिति कुल्लू के अध्यक्ष, वर्ष 1994-99 तक जिला परिषद कुल्लू के उपाध्यक्ष रहे। वर्ष 2009-2012 तक हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस समिति के राज्य प्रतिनिधि तथा वर्ष 2012 से हिमाचल प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव पद पर रहे। इन्होंने वर्ष 2003-08 तक राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा वर्ष 2013 से 2017 तक हिमाचल प्रदेश खेल परिषद के सदस्य के रूप में कार्य किया। सुंदर सिंह ठाकुर दिसंबर 2017 में 13वीं विधानसभा के लिए बतौर विधायक चुने गए और जनरल डेवल्पमेंट एंड सबोर्डिनेट लेजिस्लेशन कमेटी के सदस्य रहे। दिसंबर 2022 में यह 14वीं विधानसभा के लिए पुनः विधायक के रूप में चुने गए। यह सामाजिक सेवाओं से जुड़े रहे हैं और सक्रिय रक्तदाता भी हैं। भ्रमण के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों के लोगों की संस्कृति, परंपराओं और जीवन शैली के बारे में जानना-समझना इनकी अभिरुचि में शामिल हैं। मोहन लाल ब्राक्टा : इनका जन्म शिमला जिला के रोहड़ू में तेजू राम के घर 19 जून 1965 को हुआ। इन्होंने विधि स्नातक की शिक्षा ग्रहण की है और एक अधिवक्ता के तौर पर सक्रिय रहे हैं। इनका विवाह रंजना ब्राक्टा के साथ हुआ। इनका एक बेटा और एक बेटी है। यह वर्ष 2012 में राज्य विधानसभा के लिए चुने गए। वर्ष 2013 से 2017 तक इन्होंने प्राक्कलन, ग्राम नियोजन, सार्वजनिक उपक्रम, कल्याण, विशेषाधिकार एवं नीति समितियों के सदस्य के रूप में कार्य किया। 13वीं विधानसभा के लिए यह पुनः निर्वाचित हुए और कल्याण, नियम एवं ई-गवर्नेंस व सामान्य मामले समितियों के सदस्य रहे। दिसंबर 2022 में 14वीं विधानसभा के लिए यह पुनः बतौर विधायक चुने गए। राम कुमार चौधरी : इनका जन्म सोलन जिला के हरिपुर संदोली गांव में श्री लज्जा राम (पूर्व मुख्य संसदीय सचिव) के घर 2 मार्च 1969 को हुआ। इन्होंने लोक प्रशासन में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। इनका विवाह कुलदीप कौर (निधि) से हुआ है। इनका एक बेटा एवं एक बेटी है। यह रियल एस्टेट व्यवसाय से जुड़े हैं। यह हरिपुर संदोली ग्राम सुधार सभा के अध्यक्ष रहे हैं। इसके अतिरिक्त यह वर्ष 1993-95 में प्रदेश एनएसयूआई के महासचिव, वर्ष 2003 में राज्य युवा कांग्रेस के महासचिव तथा हिमाचल प्रदेश कांग्रेस समिति के वर्तमान मंे महासचिव हैं। वर्ष 2006 से 2011 तक यह जिला परिषद सोलन के अध्यक्ष रहे। यह दिसंबर 2012 में पहली बार हिमाचल प्रदेश विधानसभा के लिए बतौर विधायक चुने गए। दिसंबर 2022 में 14वीं विधानसभा के लिए पुनः विधायक चुने गए। आशीष बुटेल : पूर्व विधानसभा अध्यक्ष तथा पूर्व कैबिनेट मंत्री बृज बिहारी लाल बुटेल के पुत्र आशीष बुटेल का जन्म 9 जनवरी, 1980 को हुआ। उनका विवाह कनिका भुल्लर से हुआ है। इनकी एक पुत्री है। उन्होंने सिम्बोयसिस कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय पुणे से वाणिज्य स्नातक की उपाधि प्राप्त की। वह वर्ष 2011 से 2013 तक लोकसभा युवा कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे हैं। वह वर्ष 2014 से हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव हैं। वह वर्ष 2017 में पहली बार हिमाचल प्रदेश विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए तथा प्राक्कलन एवं ग्रामीण योजना समितियों के सदस्य रहे। वह दिसम्बर, 2022 में 14वीं विधानसभा के लिए पुनः निर्वाचित हुए। आशीष बुटेल जिला कांगड़ा बॉस्केटबाल संघ के अध्यक्ष हैं। उनकी सामाजिक कार्यों तथा अध्ययन में विशेष रूचि है। किशोरी लाल : स्व. श्री संत राम के पुत्र किशोरी लाल का जन्म 10 अक्तूबर, 1947 को जिला कांगड़ा के बैजनाथ में हुआ। उनका विवाह जोगिंद्रा देवी से हुआ। उनका एक सुपुत्र और तीन पुत्रियां हैं। वह पांच बार पंचायत प्रधान तथा उप-प्रधान रहे हैं। वह ब्लॉक एवं जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव, जिला कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य भी रहे हैं। किशोरी लाल दिसम्बर, 2012 में प्रथम बार हिमाचल प्रदेश विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए तथा दिसंबर, 2022 में पुनः विधायक के रूप में चुने गए हैं। संजय अवस्थी : स्व. श्री दिला राम के पुत्र संजय अवस्थी का जन्म 7 अक्तूबर, 1965 को गांव व डाकघर कंधेर, तहसील अर्की, जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश में हुआ। उनका विवाह मीनाक्षी से हुआ। उनकी दो सुपुत्रियां हैं। वह वर्ष 1996 से 2006 तक जिला क्रिकेट संघ सोलन के अध्यक्ष तथा वर्ष 2000 से 2005 तक नगर परिषद सोलन के पार्षद रहे। वह वर्तमान में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव तथा अखिल भारतीय काग्रेस कमेटी के सदस्य है। संजय अवस्थी 30 अक्तूबर, 2021 को विधानसभा उप-चुनाव में प्रथम बार विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए तथा दिसंबर, 2022 में 14वीं विधानसभा के लिए पुनः निर्वाचित हुए। समाज सेवा तथा युवाओं को राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रेरित करने में इनकी विशेष रुचि है। इन्होंने रणजी ट्राफी राष्ट्रीय क्रिकेट चैंपियनशिप में हिमाचल का प्रतिनिधित्व किया है। राज्यपाल ने प्रदेश मंत्रिमंडल के सात सदस्यों को शपथ दिलाई मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने कार्यवाही का किया संचालन सोलन विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, कांगड़ा जिला के जवाली विधानसभा क्षेत्र से चुने गए प्रो. चंद्र कुमार, सिरमौर जिला के शिलाई विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हर्षवर्धन चौहान, किन्नौर विधानसभा क्षेत्र से चुने जगत सिंह नेगी, शिमला जिला के जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित रोहित ठाकुर, कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित अनिरुद्ध सिंह तथा शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से चुने गए विक्रमादित्य सिंह ने बतौर कैबिनेट मंत्री शपथ ग्रहण की। मंत्रिमंडल में शिमला जिला से तीन तथा कांगड़ा, सोलन, सिरमौर और किन्नौर से एक-एक मंत्री शामिल किए गए हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस समिति की अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, हिमाचल कांग्रेस के सह-प्रभारी तजिंद्र सिंह बिट्टू, विधायकगण, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य अधिकारी गोपाल शर्मा और वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। 8 जनवरी, 2023 को नियुक्त हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल के सदस्यों का जीवन-परिचय डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल : इनका जन्म सोलन जिला की कंडाघाट तहसील के बशील गांव में श्री नारायणू राम शांडिल के घर 20 अक्तूबर 1940 को हुआ। इन्होंने एमए, एमफिल एवं पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। इनके एक बेटा और दो बेटियां हैं। यह राजनेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय रहे हैं। इन्होंने सशस्त्र बलाें में वर्ष 1962-1996 तक अपनी सेवाएं प्रदान कीं और कर्नल के पद से सेवानिवृत्त हुए। वर्ष 1999 में यह हिमाचल विकास कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में 13वीं लोकसभा के लिए बतौर सांसद चुने गए। वर्ष 2004 में यह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में 14वीं लोकसभा के लिए पुनः निर्वाचित हुए। अप्रैल 2011 से सितंबर 2013 तक यह मिजोरम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के प्रभारी और कांग्रेस कार्यकारी समिति के सदस्य रहे। दिसंबर 2012 मेें यह हिमाचल प्रदेश विधानसभा के लिए चुने गए और 25 दिसंबर 2012 से 21 दिसंबर 2017 तक इन्होंने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री के रूप में कार्य किया। दिसंबर 2017 में 13वीं विधानसभा के लिए यह दूसरी बार चुने गए और कल्याण, लोक प्रशासन एवं आचार नीति समितियों के सदस्य रहे। दिसंबर 2022 में 14वीं विधानसभा के लिए पुनः विधायक चुने गए। चंद्र कुमार : इनका जन्म 8 मई, 1944 को कांगड़ा जिला की जवाली तहसील के धन गांव में श्री बेली राम के घर हुआ। इन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला से एमए, एमएड और एलएलबी की उपाधि प्राप्त की है। इनका विवाह कृष्णा देवी से 2 मार्च 1976 को हुआ। इनका एक बेटा और एक बेटी हैं। यह एक कृषक भी हैं। यह समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान और दूरदराज के लोगों की शिकायतों के निवारण मंे समर्पित रहे हैं। इन्होंने पूर्ण राज्यत्व के संघर्ष में सक्रिय रूप से भाग लिया। वर्ष 1968 में इन्होंने एक शिक्षक के रूप में कार्य प्रारंभ किया। बाद में यह सरकारी सेवाओं से त्याग-पत्र देकर सक्रिय राजनीति में शामिल हुए। राज्य युवा कांग्रेस के सक्रिय सदस्य के रूप में इन्होंने शिमला के भट्ठा कुफर (संजय वन) में वृहद् पौधरोपण अभियान मंे भाग लिया। इन्होंने वर्ष 1978 से 1982 तक शिमला के प्रतिष्ठित सेंट बीड्ज कॉलेज में भूगोल विषय में शिक्षा भी प्रदान की। वर्ष 1981 में इन्होंने नई दिल्ली में आयोजित शिक्षा पर राष्ट्रीय अधिवेशन में बतौर संयुक्त संयोजक के रूप में राज्य का प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 1977 में राज्य विधानसभा के लिए चुनाव लड़ा, वर्ष 1982 और 1985 में यह राज्य विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए, 1990 में पुनः चुनाव लड़ा। इसके उपरांत वर्ष 1993, 1998 और 2003 में पुनः विधायक चुने गए। वर्ष 1982-85 तक हिमाचल पथ परिवहन निगम के उपाध्यक्ष रहे। 14 अप्रैल 1984 से मार्च 1985 तक यह स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा और सूचना एवं जन संपर्क विभाग के उप-मंत्री रहे। मार्च 1985 से 1989 तक यह वन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहे। वर्ष 1989 से 1990 तक यह कृषि और कला, भाषा एवं संस्कृति तथा मत्स्य पालन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहे। इन्होंने 13 दिसंबर 1993 से 1998 तक सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और तकनीकी शिक्षा मंत्री के रूप में कार्य किया। इसके अतिरिक्त यह वन मंत्री भी रहे। यह कांगड़ा लोकसभा क्षेत्र से वर्ष 2004 से 2009 तक सांसद रहे। 14वीं विधानसभा के लिए दिसंबर 2022 में यह पुनः विधायक चुने गए। हर्षवर्द्धन चौहान : इनका जन्म सिरमौर जिला के नाहन में स्वर्गीय श्री गुमान सिंह चौहान (पूर्व मंत्री) के घर 14 सितंबर 1964 को हुआ। इन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा शिमला के सेंट एडवर्ड्स स्कूल से प्राप्त की और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से बी.ए.एल.एल.बी. की उपाधि प्राप्त की। इनका विवाह श्रीमती कल्पना चौहान से हुआ है। इनकी एक बेटी है। यह महाविद्यालय काल से ही एनएसयूआई के साथ जुड़ गए और महाविद्यालय केंद्रीय छात्र संघ के सदस्य रहे। वर्ष 1986 से 1988 तक यह युवा कांग्रेस शिलाई के महासचिव चुने गए। वर्ष 1990-96 तक जिला सिरमौर कांग्रेस समिति के महासचिव रहे। वर्ष 1997 में राज्य कांग्रेस समिति के संयुक्त सचिव बने। यह वर्ष 2008-12 तक जिला कांग्रेस समिति सिरमौर के अध्यक्ष रहे तथा वर्ष 2003-07 तक कांग्रेस संसदीय दल के महासचिव रहे और वर्ष 2005-08 व 2013-18 तक हिमाचल प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव रहे। वर्ष 1993 में यह राज्य विधानसभा के लिए चुने गए। इसके उपरांत वर्ष 1998, 2003 और 2007 में लगातार पुनः विधायक बने। वर्ष 1995-97 तक यह राज्य सामान्य उद्योग निगम के उपाध्यक्ष रहे। वर्ष 1994-97 तक हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला के सदस्य रहे। वर्ष 1994-96 तक हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला की कार्यकारी परिषद् के सदस्य रहे। वर्ष 1995-97 तक हिमाचल प्रदेश राज्य युवा बोर्ड के सदस्य रहे। इसके अतिरिक्त डॉ. वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी (सोलन) के सीनेट में सदस्य रहे। यह 18 अप्रैल से 18 अगस्त 2005 तक राज्य सरकार में मुख्य संसदीय सचिव रहे। इसके अतिरिक्त वर्ष 2005-07 एवं 2008-12 तक यह प्राक्कलन समिति, सामान्य विकास समिति तथा याचिका समिति के अध्यक्ष भी रहे। इसी अवधि में यह विधानसभा की अन्य समितियों के सदस्य भी रहे। वर्ष 2013-17 तक यह राज्य स्तरीय संसाधन संघटन एवं रोजगार सृजन समिति के अध्यक्ष (कैबिनेट रैंक) रहे। वर्ष 2017 में यह 13वीं विधानसभा के लिए पांचवीं बार निर्वाचित हुए। इस दौरान यह लोक लेखा, पुस्तकालय एवं सुख-साधन एवं विशेषाधिकार समितियों के सदस्य भी रहे। दिसंबर 2022 में यह 14वीं विधानसभा के लिए पुनः निर्वाचित हुए। जगत सिंह नेगी : पूर्व विधायक हिमाचल प्रदेश विधानसभा ज्ञान सिंह नेगी के पुत्र जगत सिंह नेगी का जन्म 2 फरवरी, 1957 को किन्नौर जिला के कल्पा में हुआ। उन्होंने बीएएलएलबी की शिक्षा डीएवी महाविद्यालय चंडीगढ़ तथा पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ से ग्रहण की है। उनका विवाह 01 जुलाई, 1982 को सुशीला नेगी से हुआ। उनका एक पुत्र और एक पुत्री है। वह वर्ष 1980 से 1995 तक जिला सेब एवं सब्जी उत्पादक संघ किन्नौर के संस्थापक अध्यक्ष रहे हैं। वह वर्ष 1980 से 1995 तक जिला बार संघ किन्नौर के अध्यक्ष तथा जिला युवा कांग्रेस कमेटी किन्नौर के अध्यक्ष भी रहे हैं। वह वर्ष 1996 से 2011 तक जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी रहे हैं। वह वर्ष 1996 और 2005 से 2009 तक हिमाचल प्रदेश फुटबाल संघ के उपाध्यक्ष एवं अध्यक्ष रहे हैं। वह वर्ष 1987 से 1992 तक पंचायत समिति पूह के अध्यक्ष तथा 1996 से 1997 तक हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास निगम के उपाध्यक्ष रहे हैं। जगत सिंह नेगी 27 मई, 1995 को विधानसभा उप-चुनाव में विधायक निर्वाचित हुए। वह जून, 2003 तथा 2012 में पुनः विधायक पद पर निर्वाचित हुए। वह 18 अप्रैल, 2005 से 18 अगस्त, 2005 तक संसदीय सचिव रहे। जनवरी 2013 से मार्च 2013 तक अधीनस्थ विधायन समिति के अध्यक्ष तथा 12 मार्च, 2013 से 21 दिसंबर, 2017 तक हिमाचल प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष रहे। दिसंबर, 2017 में 13वीं विधानसभा के लिए पुनः निर्वाचित हुए तथा प्राक्कलन एवं सामान्य विकास समिति के सदस्य रहे तथा कांग्रेस विधायक दल के मुख्य सचेतक भी रहे। वह दिसम्बर, 2022 में 14वीं विधानसभा के लिए पुनः निर्वाचित हुए। रोहित ठाकुर : स्व. श्री जगदीश चन्द्र के पुत्र श्री रोहित ठाकुर का जन्म 14 अगस्त, 1974 को जिला शिमला में हुआ। उन्होंने राजनीतिक विज्ञान में बीए ऑनर्स की उपाधि प्राप्त की है। उनका विवाह प्रतिभा से हुआ। उनका एक पुत्र व दो पुत्रियां हैं। वह हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ठाकुर राम लाल के पौत्र हैं। वह वर्ष 2000 से 2004 तक प्रदेश युवा कांग्रेस राज्य समिति के सदस्य रहे तथा वर्ष 2002 से जुब्बल कोटखाई से हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य हैं। वह वर्ष 2008 से 2011 तक हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव भी रहे हैं। वह वर्ष 2003 तथा 2012 में राज्य विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। मई, 2013 से दिसम्बर, 2017 तक मुख्य संसदीय सचिव रहे। 30 अक्तूबर, 2021 को विधानसभा उप-चुनाव में पुनः विधायक पद पर निर्वाचित हुए। रोहित ठाकुर दिसंबर, 2022 में 14वीं विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। अनिरुद्ध सिंह : स्व. श्री त्रिविक्रम सिंह के पुत्र अनिरुद्ध सिंह का जन्म 27 जनवरी, 1977 को शिमला में हुआ। उन्होंने स्नातक तक शिक्षा ग्रहण की है। उनका विवाह चेतना सिंह से हुआ। उनका एक पुत्र और एक पुत्री है। वह राज्य युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष, भारतीय युवा कांग्रेस के राज्य महासचिव, राज्य एवं शिमला लोकसभा क्षेत्र पीवाईसी के उपाध्यक्ष रहे हैं। आईवाईसी के राष्ट्रीय समन्वयक, वर्ष 2005 तथा 2010 में चमियाणा वार्ड से जिला परिषद के सदस्य और 27 जनवरी, 2011 से जनवरी, 2013 तक जिला परिषद शिमला के अध्यक्ष रहे हैं। अनिरुद्ध सिंह दिसंबर, 2012 में 12वीं विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए तथा वर्ष 2013 से 2017 तक सार्वजनिक उपक्रम, अधीनस्थ विधायन एवं नियम समितियों के सदस्य रहे। वह दिसंबर, 2017 में पुनः विधायक के रूप में निर्वाचित हुए तथा सार्वजनिक उपक्रम, अधीनस्थ विधायन एवं नियम समितियों के सदस्य रहे। वह दिसम्बर, 2022 में पुनः 14वीं राज्य विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए। विक्रमादित्य सिंह : हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. श्री वीरभद्र सिंह के पुत्र विक्रमादित्य सिंह का जन्म 17 अक्तूबर, 1989 को शिमला में हुआ। उन्होंने इतिहास में स्नातक उपाधि सेंट स्टीफनज महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय से प्राप्त की। वह वर्ष 2013 से 2018 तक हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष रहे हैं। वह दिसंबर, 2017 में हिमाचल प्रदेश विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए तथा सार्वजनिक उपक्रम समिति व ई-गवर्नेंस एवं सामान्य प्रायोजन समिति के सदस्य रहे। विक्रमादित्य सिंह दिसम्बर, 2022 में 14वीं विधानसभा के लिए पुनः विधायक पद पर निर्वाचित हुए। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज यहां राजभवन में आयोजित एक गरिमापूर्ण समारोह में राज्य मंत्रिमंडल के नवनियुक्त सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
कांग्रेस नेताओं की नियुक्ति से बिगड़ा प्रदेश का संसदीय क्षेत्र संतुलन डीजल पर वैट बढ़ोतरी गरीबों पर बोझ फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला भाजपा के नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने लंबे अंतराल के बाद अपनी कैबिनेट का विस्तार आज कर ही लिया, पर जो 7 मंत्री और 6 सीपीएस कांग्रेस सरकार द्वारा बनाए गए, उसमें वह प्रदेश के जिला और संसदीय क्षेत्र में संतुलन नहीं बना पाए। पूरे विधानसभा सत्र में कांग्रेस सरकार के नेताओं ने हिमाचल में खर्च कम करने की बात की थी, पर छह सीपीएस बनाने से उन्होंने हिमाचल की गरीब जनता पर करोड़ों रुपए का बोझ डाल दिया है। कांग्रेस नेता सत्ता सुख भोगने के लिए गरीबों पर बोझ डाल रहे हैं, बड़ी जल्दी प्रदेश सरकार 3000 करोड़ का एक कर्ज भी लेने जा रही है, उसके लिए विधानसभा में इन्होंने बिल भी पारित किया है, शायद यह कर्ज केवल सीपीएस बनाने के लिए ही लिया गया है। आज सरकार द्वारा जो 13 नियुक्तियां की गई है, उसमें से शिमला संसदीय क्षेत्र से 8 नेताओं की नियुक्ति हुई है। उन्होंने कहा कि अभी तक हिमाचल पर 74622 करोड़ का कर्ज है और अगर प्रदेश सरकार 3000 करोड़ का और कर्ज लेती है, तो यह बढ़कर 77622 करोड़ हो जाएगा। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने हिमाचल की गरीब जनता को एक और तोहफा दिया है शनिवार रात को प्रदेश सरकार ने डीजल पर 3.01 रुपए का वेट बढ़ा दिया है पहले डीजल पर 4.40 वेट लगता था, जिसको बढ़ाकर अब प्रदेश सरकार ने 7.40 कर दिया है। डीजल के दामों में बढ़ोतरी सीधा-सीधा यह दिखाता है कि प्रदेश में माल भाड़े में बढ़ोतरी तय है और किसानों पर भी इसका बोझ बढ़ने वाला है। हिमाचल में प्रति लीटर डीजल अब 86 रुपए का मिलने वाला है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि आज कांग्रेस की सरकार ने हिमाचल की जनता को बड़ा तोहफा दिया है। डीजल में 3.01 रुपए की बढ़ोतरी कर उन्होंने हिमाचल की गरीब जनता पर बोझ डाल दिया है, इससे प्रदेश में महंगाई बढ़ने वाली है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से आज 13 नेताओं की नियुक्ति प्रदेश सरकार ने की है और उसमें से 6 सीपीएस बनाए हैं, उसे भी प्रदेश पर आर्थिकी पर बोझ बढ़ेगा।
प्रदेश सरकार ने अधिसूचित प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों को 25 हजार रुपये की सहायता राशि तुरंत जारी करने के निर्देश दिए हैं। इस संदर्भ में जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। निदेशक एवं विशेष सचिव राजस्व सुदेश मोक्टा ने बताया कि प्राकृतिक आपदा के कारण मृत्यु होने पर मृतक के निकटस्थ सम्बन्धी को 24 घंटे के भीतर सहायता राशि जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। प्राकृतिक आपदा के कारण मृत्यु होने पर मृतक के परिजनों को चार लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने का प्रावधान है। इसमें से 25 हजार रुपये की सहायता राशि 24 घंटे के भीतर और शेष राशि भी चार दिन के भीतर जारी कर दी जाएगी। पूर्व में यह राशि जारी होने में अधिक समय लगता था। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों यदि वह आयुष्मान भारत योजना के तहत कवर नहीं होते हैं, तो उन्हें न्यूनतम 5000 रुपये की सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण करने के उपरांत सामाजिक दायित्वों के निर्वहन को सर्वोच्च अधिमान दिया है। प्रदेश सरकार ने अपने निर्णयों से साबित किया कि सरकार समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला हरोली विधानसभा क्षेत्र के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज धर्मशाला में उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से भंेट की और उन्हें प्रदेश का प्रथम उप-मुख्यमंत्री बनने पर बधाई दी। इस दौरान उप मुख्यमंत्री से अन्य प्रतिनिधिमंडलों ने भी भेंट कर बधाई दी। उन्होंने प्रतिनिधिमंडलों से बातचीत करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के हर क्षेत्र और समाज के हर वर्ग का सर्वागींण विकास सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विधानसभा चुनाव-2022 में कांग्रेस पार्टी द्वारा दी गई सभी गारंटियों का चरणबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगी। उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने गई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। गरीब और जरूरतमंद बच्चों को वांछित उच्च शिक्षा के लिए समुचित आर्थिक सहायता राशि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वर्तमान राज्य सरकार ने 101 करोड़ रुपए का मुख्यमंत्री सुखाश्रय सहायता कोष के गठन का निर्णय लिया है।
भाजपा ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की सरकार के अब तक लिए गए फैसलों को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। हाईकोर्ट में दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि पूर्व कैबिनेट के फैसलों को प्रशासनिक आदेश से निरस्त नहीं किया जा सकता है। भाजपा ने चुनौती दी है की जनहित में लिए गए ये फैंसले वापिस नहीं लिए गए तो सड़को पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी। भाजपा उपाध्यक्ष संजीव कटवाल ने आज प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि भाजपा सरकार ने जनता के हित में संस्थान खोले थे उन्हें बंद करना गलत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मंत्रिमंडल का गठन तक नहीं कर पाई है लेकिन जनता विरोधी फैसले लिए जा रहे हैं। कैबिनेट के फैसलों को कैबिनेट के निर्णय से ही निरस्त किया जा सकता है। बीजेपी कोर्ट में जनता के हक की लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 2 बड़े सीमेंट उद्योग बंद हो गए हैं लेकिन सरकार इन्हें खुलवाने में अभी तक नाकाम रही है जनता के मुद्दों को दरकिनार कर जनता के हित में लिए गए फैसलों को बदला जा रहा है। सीमेंट उद्योग बंद होने से हजारों लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया हैं। सरकार को जल्द अडानी से बात कर मामला सुलझाना चाहिए।
राजधानी शिमला के रामपुर कस्बे में गानवी ज्यूरी लिंक रोड पर पुलिस ने बुधवार देर शाम एक युवक को चिट्टे सहित गिरफ्तार किया। पुलिस ने मादक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार, HC मनोज कुमार गानवी ज्यूरी सड़क पर गश्त पर थे और जैसे ही कटोलु पुल के पास पहुंचे तो शिव सिंह निवासी किन्नौर पुलिस को देख कर घबरा गया। जब शक के आधार पर पुलिस ने तलाशी ली तो उससे 1.12 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ।
हिमाचल प्रदेश में ठंड का प्रकोप जारी है। बुधवार को भी आधा हिमाचल धुंध की आगोश में रहा है। वहीं मैदानी इलाकों में धुंध छाए रहने से विजिबिलिटी कम हो गई है, जिससे वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। वीरवार और शुक्रवार को प्रदेश में मौसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान है। सात-आठ जनवरी को कई क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश का पूर्वानुमान है। वीरवार को प्रदेश में ठंडी हवाएं चलने का येलो अलर्ट भी जारी हुआ है। वहीं बुधवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहा। मैदानी इलाकों में ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा सहित मंडी और सोलन के कुछ क्षेत्रों में सुबह और शाम के समय धुंध छाई रही।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज जिला कांगड़ा के पालमपुर में हिमाचल प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल से उनके आवास पर भेंट की। यह एक शिष्टाचार भेंट थी। मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, प्रधान सलाहकार (सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार) गोकुल बुटेल, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, विधायक आशीष बुटेल, यादविंदर गोमा, संजय अवस्थी और सुरेश कुमार, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के इंदिरा गाँधी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के एक छात्र के फ़र्ज़ी एडमिशन का मामला सामने आया है I मामला सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन ने आरोपी छात्र को कॉलेज से निष्कासित कर दिया है, साथ ही शिमला के लक्कड़ बाजार पुलिस चौकी में शिकायत भी दर्ज करवा दी गई हैI मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी छात्र ने एनटीए यानि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा एक छात्रा का सर्टिफिकेट डाउनलोड किया और फिर उससे छेड़छाड़ करते हुए नाम फोटो के साथ दूसरी जानकारी बदल दी I इसी सर्टिफिकेट के आधार पर वह अटल मेडिकल विश्वविद्यालय नेरचौक मंडी में आयोजित काउंसिलिंग में शामिल हुआ था। इस दौरान झूठे दस्तावेज के आधार पर उसका दाखिला आईजीएमसी शिमला में हो गया। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उसने कॉलेज में एडमिशन ली और नियमित कक्षाएं भी लगाना शुरू कर दिया, लेकिन बाद में दस्वावेजों के सत्यापन के दौरान आरोपी का भंडा फूट गया और उसकी एडमिशन फर्जी निकली। मामले की जानकारी देते हुए एएसपी शिमला सुनील नेगी ने बताया कि मेडिकल कॉलजे की तरफ से शिकायत मिली है। मामले की जांच की जा रही है। कॉलेज से छात्र का रिकॉर्ड मांगा गया है। बता दें कि आईजीएमसी शिमला प्रदेश के अन्य सभी मेडिकल कॉलेजों में श्रेष्ठ कॉलेज हैI
हिमाचल प्रदेश में पिछले 10 वर्षों बाद सर्दी के मौसम में इस बार सबसे कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि प्रदेश के केवल ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ही बर्फबारी हुई है। गौरतलब है कि पिछले लगभग 3 महीने से प्रदेश में बारिश नहीं हुई है, जिससे प्रदेश सूखे की मार झेल रहा है। हालांकि प्रदेश में हाथ कंपा देने वाली ठंड पड़ रही है और अगले 3 से 4 दिन लोगों को ठंड और सताने वाली है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने अगले 3 दिन तक प्रदेश में शीतलहर और धुंध को लेकर येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। जबकि 7 जनवरी से हिमाचल में पश्चमी विक्षोभ सक्रिय होने से ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का दौर शुरू होगा। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक सुरेंद्र पॉल ने बताया कि 6 जनवरी तक हिमाचल प्रदेश में शीतलहर का प्रकोप रहेगा। तापमान सामान्य से नीचे चल रहा हैं जिससे कड़ाके की ठंड पड़ रही है। 7 जनवरी से हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विभाग सक्रिय होने वाला है, जिससे प्रदेशभर में 7 से लेकर 9 जनवरी तक बर्फबारी होने की संभावना है। विभाग ने कुल्लू, चम्बा, शिमला, किन्नौर और लाहौल स्पीति के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का अनुमान लगाया है, जबकि मैदानी इलाकों में बारिश और धुंध को लेकर चेतावनी जारी की है। बता दें है कि बारिश और बर्फबारी न होने से प्रदेश में सूखी ठंड पड़ रही है, जिससे बचने के लिए लोग गर्म कपड़े और आग का सहारा ले रहे हैं। शिमला, चम्बा, कुल्लू, लाहौल स्पीति और किन्नौर जिला के कुछ इलाकों में तापमान शून्य से नीचे चल रहा है।
राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा 30 जनवरी को श्रीनगर में खत्म होगी। इस बीच कांग्रेस ने अपने नेता राहुल गांधी की सोच को जनता तक पहुंचाने के लिए हाथ से हाथ जोड़ो यात्रा की रणनीति बनाना शुरू कर दी है। इस यात्रा के तहत राहुल गांधी की सोच को जिला, ब्लॉक और बूथ स्तर पर ले जाने के लिए कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता काम करेंगे। हिमाचल प्रदेश में हाथ से हाथ जोड़ो यात्रा को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। वहीं हिमाचल में यात्रा को सफल बनाने की जिम्मेदारी सह प्रभारी संजय दत्त को सौंपी गई है। हिमाचल कांग्रेस के सह प्रभारी संजय दत्त ने यात्रा को सफल बनाने के लिए अलग-अलग जिलों में जाकर बैठक करना भी शुरू कर दी है। वहीं हिमाचल कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त ने कहा कि राहुल गांधी ने देश को एक सूत्र में पिरोने के लिए इस यात्रा की शुरुआत की गई है। इस यात्रा के जरिए देश में नफरत छोड़ने का संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हाथ से हाथ जोड़ो यात्रा के जरिए जनता तक राहुल गांधी की सोच पहुंचाने का काम किया जाएगा। साथ उन्होंने कहा कि इसे लेकर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे और हिमाचल कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला के साथ बैठक में तैयार कर ली गई है। इसी दौरान हिमाचल कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त ने बताया कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा अब अपने आखिरी चरण में पहुंच चुकी है। हरियाणा उत्तर प्रदेश होते हुए यह यात्रा हिमाचल प्रदेश के पठानकोट में पहुंचेगी। 19 जनवरी को यात्रा हिमाचल के पठानकोट पहुंचेगी। इस यात्रा में हिमाचल कांग्रेस के सभी विधायकों के साथ नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार आठ साल में नाकाम रही है। कांग्रेस कार्यकर्ता बीजेपी सरकार की नाकामी को जनता तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता भी भारत जोड़ो यात्रा का बेसब्री से इंतजार कर रही थी। ऐसे में जब यह यात्रा 19 जनवरी को पठानकोट पहुंचेगी, तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ आम जनता में भी उत्साह देखने के लिए मिलेगा।
नेहा धीमान। शिमला हिमाचल प्रदेश जलशक्ति विभाग अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष एलडी चौहान ने NGO फेडरेशन के मान्यता प्राप्त महासंघ के अध्यक्ष को पत्र लिखकर महासंघ के कार्यकाल के पूर्ण होने पर कार्यकारिणी भंग करते हुए संवैधानिक अधिसूचना जारी करने की मांग की है तथा पत्र को माननीय मुख्यमंत्री कार्यालय सहित अतिरिक्त मुख्यसचिव कार्मिक को भी प्रेक्षित किया है। चौहान ने कहा की यदि महासंघ की गरिमा को कायम रखना है, तो नियमानुसार संवैधानिक प्रक्रिया का अनुसरण करना होगा तथा मनमर्जी से अपने-अपने गुटों में चुनाव प्रक्रिया को इग्नोर करना होगा। एक विधायक के पास शक्ति तब आती है, जब वो संवैधानिक तौर पर चुनकर आता है, इसी तर्ज पर महासंघ के पास भी शक्ति तब होगी, जब वो संवैधानिक प्रक्रिया के तहत बनाया गया हो। बेशक महासंघ में मान्यता को लेकर सरकार का अहम रोल रहता है, लेकिन लगातर कर्मचारियों के मुद्दे उठाने वालों को तवज्जों अगर सरकार द्वारा दी जाती है, तो वो सरकार व कर्मचारी दोनों के लिए बेहतर रहता है। कई मर्तबा सरकार किसी व्यक्ति विशेष या गुट विशेष की तरफ गुप्त तौर पर इशारा कर देती है और मजबूरन कर्मचारी उस तरफ हो जाते हैं, लेकिन ऐसा महासंघ सरकार का हितैषी नही रहता। चौहान ने कहा कि 15 दिन के भीतर कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष से चुनाव घोषणा करने की अपील की गई है और यदि वो इसमे विफल रहते हैं, तो 15 दिन के उपरांत नए महासंघ की नींव रखी जायेगी, जिस बारे प्रदेश सरकार को पत्र प्रेक्षित किया जा चुका है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला राज्य के पूर्व मुख्य सचिव आर.डी. धीमान ने आज यहां राजभवन में आयोजित साधारण एवं गरिमापूर्ण समारोह में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर की उपस्थिति में राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त के पद की शपथ ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी उपस्थित थे। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने समारोह की कार्यवाही का संचालन किया। इस अवसर पर उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष पी.एस. राणा, हिमाचल प्रदेश लोकायुक्त अध्यक्ष सी.बी. बरोवालिया, विधायकगण, विभिन्न आयोगों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और आर.डी. धीमान के परिवार के सदस्य भी उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां वरिष्ठ पत्रकार संजय ठाकुर द्वारा लिखित पुस्तक ‘अन्तधवि’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लेखक के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह पुस्तक पाठकों को ज्योतिष शास्त्र के विभिन्न आयामों से परिचित करने में सहायक सिद्ध होगी। पुस्तक के लेखक संजय ठाकुर ने कहा कि ‘अन्तधवि’ ज्योतिष की साधारण किताब नहीं है, बल्कि इसमें ज्योतिष शास्त्र का वैज्ञानिक आधार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रतिपादित किया गया है।
कहा, प्रदेश की तीन औद्योगिक परियोजनाओं के लिए 42 करोड़ की केंद्रीय निधि स्वीकृत फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज बताया कि भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग द्वारा हिमाचल प्रदेश को पीएम गतिशक्ति योजना के अंतर्गत राज्यों को वर्ष 2022-23 में पूंजीगत निवेश के लिए विशेष सहायता योजना के अंतर्गत 42 करोड़ रुपए की केंद्रीय सहायता प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों को प्रोत्साहन प्रदान करने और लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने केंद्रीय सहायता के लिए 84 करोड़ रुपए की चार परियोजनाओं को स्वीकृति के लिए भेजा था। वित्त मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग की स्क्रीनिंग कमेटी ने 42 करोड़ रुपए की तीन परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस परियोजना के अंतर्गत जिला कांगड़ा की पालमपुर तहसील के गांव राख-नगरी में सूचना प्रौद्योगिकी पार्क स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र हवाई सेवा और जलवायु की दृष्टि से सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित उद्योगों के लिए उपयुक्त है। इस परियोजना की कुल लागत 35 करोड़ रुपए है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उद्योग विभाग के अधिकारियों को पार्क का आकार 250 कनाल से बढ़ाकर कम से कम 1000 कनाल करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को विस्तार प्रदान कर स्थानीय युवाओं को अधिक से अधिक रोज़गार के अवसर उपलब्ध हों। उन्होंनंे इन परियोजनाओं का समयबद्ध कार्यान्वयन सुनिश्चित करने और हिमाचल को देश का सर्वोत्तम निवेशक अनुकूल राज्य बनाने के लिए निवेश उन्मुखी नीतियां बनाने के निर्देश भी दिए हैं। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने निदेशक उद्योग राकेश प्रजापति को चिन्हित स्थानों का दौरा करने और आईटी पार्क स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए भी कहा है। इस आईटी पार्क में सूचना प्रौद्योगिकी और इससे संबंधित क्षेत्रों में प्रदेश के लोगों के लिए रोज़गार के नए अवसर सृजित होंगे। राकेश प्रजापति ने कहा कि आईटी पार्क सूक्ष्म और लघु उद्योगों के विकास में उत्प्रेरक का कार्य करेगा और नए युग के आईटी स्टार्टअप को गति प्रदान करेगा। यह राज्य में युवा उद्यमियों को देश के आईटी समूह का हिस्सा बनने और राज्य का सामाजिक और आर्थिक उत्थान सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश के लिए स्वीकृत दो अन्य परियोजनाओं के तहत भूड और बद्दी को नए औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमीरपुर और बिलासपुर ज़िला में खाद्य आपूर्ति के भंडारण के लिए दो नए गोदाम विकसित करने के साथ-साथ प्रदेश भर के गोदामों का रख-रखाव किया जा रहा है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला स्कॉउट्स एंड गाइड्स के एक प्रतिनिधिमण्डल ने आज यहां निदेशक उच्च शिक्षा अमरजीत शर्मा की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से भेेंट कर उन्हें संगठन की विभिन्न गतिविधियों से अवगत करवाया। मुख्यमंत्री ने स्कॉउट्स एंड गाइड्स द्वारा किए जा रहे अच्छे कार्यों की सराहना करते हुए समाज की भलाई के लिए विभिन्न गतिविधियों का विस्तार करने को कहा।
जन शिकायतों के निवारण के लिए नवोन्मेषी योजनाएं शुरू करने पर दिया जाएगा बल फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां टूटीकंडी के समीप बहुमंजिला पार्किंग भवन का दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्तमान में किराए के निजी भवनों में क्रियाशील प्रमुख कार्यालयों को इस भवन में समयबद्ध तरीके से स्थानांतरित करना सुनिश्चित करें। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि परिसर में सभी खाली दीवारों पर विशाल खिड़कियों का निर्माण किया जाना चाहिए, ताकि उचित हवा एवं रोशनी का प्रवाह हो सके। उन्होंने कहा कि पार्किंग की ऊपरी मंजिलों पर हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों की चार्जिंग के लिए चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए कि इस पार्किंग में किसी भी निजी बस को खड़ा नहीं होने दिया जाए। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन कार्यालय का भी दौरा किया और हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली में गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने लोगों की शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अधिकारियों को हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने नागरिकों से स्वचालित प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए व्हाट्स ऐप, चैट बॉट्स एवं वॉयस बॉट्स जैसी नवोन्मेषी योजनाएं शुरू करने पर भी बल दिया। इस अवसर पर निदेशक सूचना प्रौद्योगिकी मुकेश रेपसवाल ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली पर प्रस्तुति दी। विधायक अनिरुद्ध सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव भरत खेड़ा, सुभासीष पंडा एवं देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, हिमाचल पथ परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक संदीप कुमार, नगर निगम शिमला के आयुक्त आशीष कोहली एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां रविंदर ठाकुर द्वारा उन पर रचित गीत जारी किया। यह गीत विधानसभा चुनाव 2017 में जोगिंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार जीवन ठाकुर द्वारा निर्देशित किया गया है। इस गीत को संदीप शर्मा द्वारा स्वरबद्ध एवं अनिल ठाकुर ने संगीतबद्ध किया है। मुख्यमंत्री ने इस गीत के लिए पूरी टीम के प्रयासों की सराहना की।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माता हीराबेन मोदी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। अपने शोक संदेश में राज्यपाल ने कहा कि हीराबेन सादगी की मिसाल थीं और उनका पूरा जीवन निःस्वार्थ मूल्यों के लिए समर्पित रहा। राज्यपाल ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोक संतप्त परिजनों को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माता श्रीमती हीराबेन मोदी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। वह 100 वर्ष की थीं। उन्होंने आज सुबह लगभग साढ़े तीन बजे अंतिम सांस ली। स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उन्हें इस सप्ताह के आरंभ में अहमदाबाद के यूएन मेहता इंस्टीच्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर में भर्ती करवाया गया था। मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
मुख्यमंत्री को पुरुष एफआईएच हॉकी विश्व कप 2023 के लिए आमंत्रित किया फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला उड़ीसा के स्कूल एवं जन शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) समीर रंजन दास ने आज यहां मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से भेंट की। उन्होंने उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की ओर से सुखविंदर सिंह सुक्खू को 13 से 29 जनवरी, 2023 तक कलिंगा स्टेडियम भुवनेश्वर और बिरसा मुंडा हॉकी स्टेडियम राउरकेला में आयोजित होने वाले पुरुष एफआईएच हॉकी विश्व कप-2023 में गरिमापूर्ण उपस्थिति के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने आमंत्रण के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
बुधवार को राज्य सचिवालय में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारी संघ के साथ बैठक की। इस बैठक में ओल्ड पेंशन स्कीम की बहाली को लेकर चर्चा हुई दोनों पक्षों ने अपनी बातें दूसरे के सामने रखी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार मंत्रिमण्डल की पहली बैठक में प्रदेश के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हाल ही में सम्पन्न आम विधानसभा चुनाव के दौरान अपने घोषणापत्र में राज्य के लोगों को 10 गारंटियां दी हैं। राज्य सरकार प्रदेश में इन सभी गारंटियों को चरणबद्ध तरीके से लागू करेगी। वहीं, मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने अनावश्यक व्यय किया और अपने कार्यकाल के अंत में 900 से अधिक संस्थान खोले। इससे वार्षिक 5000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने चुनाव को ध्यान में रखते हुए अपने कार्यकाल के दौरान अनावश्यक व्यय किया। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि पेंशन धारकों को नियमित और सम्मानजनक पेंशन मिले, इसके लिए रूप रेखा तैयार करनी होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भारत सरकार को पत्र लिखकर एनपीएस अंशदान के तहत संग्रह की गई राशि का भुगतान करने को कहा है। एनपीएस कर्मचारी संघ के अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य में ओपीएस लागू करने के प्रदेश सरकार के निर्णय के लिए कर्मचारी कृतज्ञ रहेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) को प्रतिवर्ष 1632 करोड़ रुपये का योगदान दे रहे हैं जो कि एक बहुत बड़ी राशि है। इस अवसर पर कर्मचारी कल्याण बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष सुरेन्द्र मनकोटिया ने भी अपने सुझाव दिये। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान, विधायक संजय अवस्थी, अनिरुद्ध सिंह एवं अजय सोलंकी, मुख्य सचिव आर.डी धीमान, अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना तथा एनपीएस कर्मचारियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
नए साल के जश्न को लेकर बाहरी राज्यों से काफी तादाद पर्यटक शिमला समेत अन्य पर्यटन स्थलों का रुख कर रहे है। शिमला, कुल्लू, मनाली,व डलहौज़ी समेत प्रदेश के अन्य पर्यटन स्थलों के होटलों की एडवांस बुकिंग चल रही है। पर्यटक बर्फबारी की उम्मीद लेकर हिमाचल का रुख कर रहे है।लेकिन फिलहाल अभी मौसम साफ बना हुआ है। मौसम विभाग ने 29 दिसंबर से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना जताई है, ऐसे में नए साल पर बर्फबारी की उम्मीद है। यदि बर्फबारी होती है तो प्रदेश में काफी तादात में पर्यटक पहुचेंगे। वहीं राजधानी शिमला का रिज मैदान पर्यटकों से गुलज़ार हो गया है। 31 दिसंबर के लिए राजधानी शिमला के सभी होटल पूरी तरह से पैक हो गए हैं, अधिकतर पर्यटकों ने ऑनलाइन ही बुकिंग करवाई है। शिमला टूर एंड ट्रैवल एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन पाल ने कहा कि बर्फबारी की उम्मीद लेकर पर्यटक शिमला आ रहे हैं और 25 दिसंबर क्रिसमस पर शिमला के सभी होटल पूरी तरह से पैक थे और नए साल पर भी वीकेंड होने के चलते काफी तादाद में पर्यटक शिमला आने की उम्मीद है 31 दिसंबर के लिए भी एडवांस बुकिंग हुई है । वही पर्यटकों की आमद बढ़ने से राजधानी शिमला में जाम की समस्या बढ़ गई है। शहर में वाहनों को घंटो जाम में फसना पड़ रहा है। वही पर्यटकों की बढ़ती आमद को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग भी सतर्क हो गया है। खासकर रिज मैदान पर खासकर अतिरिक्त पुलिस जवानों की तैनाती की गई है और हर वक्त गश्त करते पुलिस जवान रिज पर घूमते नजर आ रहे हैं। एसपी शिमला रमेश शर्मा ने कहा कि नए साल को देखते हुए शिमला के रिज मैदान और माल रोड पर खासकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है और यहां पर जवान हर समय तैनात किए गए हैं, इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे से भी नजर रखी जा रही है। वहीं पर्यटन सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर 24 घंटे रेस्टोरेंट्स खाने-पीने के ढाबे खोलने की अनुमति दे दी है प्रदेश में 2 जनवरी तक 24 घंटे ढाबे और रेस्टोरेंट खुले रखने की छूट रहेगी यही नहीं मुख्यमंत्री ने सभी जिला प्रशासन को पर्यटकों को तंग न करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने को भी कहा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि नए साल का जश्न मनाने के लिए बाहरी राज्यों से काफी तादाद में पर्यटक हिमाचल आते हैं ऐसे में पर्यटकों को तंग ना करें और कानून व्यवस्था बनाए रखें उन्होंने कहा कि पर्यटकों को खाने-पीने के लिए भटकना न पड़े इसके लिए सभी रेस्टोरेंट और खाने-पीने के ढाबों को 24 घंटे खुला रखने की अनुमति दी है, इसके अलावा कोविड-19 मामलों को देखते हुए कोविड नियमो का पालन करने को भी कहा गया है।
देशभर में एक बार फिर से कोविड-19 की लहर डराने लगी है। इस बीच देश के कई राज्यों ने कोविड-19 को लेकर एडवाइजरी जारी कर दी है। हिमाचल प्रदेश में भी मास्क लगाना, उचित दूरी का पालन करने सहित अन्य प्रोटोकॉल का पालन करने की एडवाइजरी जारी की है। इसी बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। सीएम सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को राज्य में कोरोना के मामलों पर कड़ी निगरानी रखने और इसमें किसी भी तरह की संभावित वृद्धि की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक कार्यबल और मशीनरी को तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पॉजिटिव केस सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग को भी मजबूत करना सुनिश्चित किया जाए। सीएम सुक्खू ने कहा कि राज्य में आंगतुकों को कोविड-19 के उचित व्यवहार के लिए प्रोत्साहित करने के साथ-साथ इससे संबंधित उचित निगरानी भी रखी जानी चाहिए। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि फ्लू जैसे लक्षण वाले लोगों की कोविड-19 की जांच भी अवश्य करवाई जाए ताकि उनका शीघ्र इलाज शुरू किया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए। वहीं, हिमाचल प्रदेश में प्रिकॉशन डोज की कमी को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि जल्द ही वैक्सीन की कमी को पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर वैक्सीनेशन की कमी है, वहां वैक्सीनेशन की कमी को पूरा किया जाएगा. वहीं प्रधान सचिव स्वास्थ्य सुभासीष पन्डा ने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि प्रदेश में 2526 ऑक्सीजन युक्त समर्पित बिस्तर तथा 2046 कोविड समर्पित बिस्तर हैं। उन्होंने कहा कि कोविड टीकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाएंगे।
देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस आज अपना 138वां स्थापना दिवस मना रही है। साल 1885 में आज ही के दिन यानी 28 दिसंबर को कांग्रेस की स्थापना हुई थी। हिमाचल प्रदेश की राजधानी में स्थित राजीव भवन में भी कांग्रेस ने अपना स्थापना दिवस मनाया। इस मौके पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और अध्यक्ष प्रतिभा सिंह मौजूद रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने देश की आजादी से लेकर देश को विकास की राह पर आगे बढ़ाने के लिए कांग्रेस की योगदान को याद किया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस देश में सुई बनाने से लेकर मंगलयान बनाने तक का काम कांग्रेस सरकार ने पूरा किया है। पार्टी स्थापना दिवस के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने संगठन से लेकर सरकार तक के सफर को याद किया। मुख्यमंत्री सीएम सुक्खू ने कहा कि एनएसयूआई से चुनाव लड़ कर क्लास रिप्रेजेंटेटिव बनने के बाद वे मुख्यमंत्री के पद तक पहुंचे है। उन्होंने कहा कि ऐसा सिर्फ कांग्रेस पार्टी में ही संभव है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छोटे से छोटे कार्यकर्ता को सम्मान देना जानती है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कार्यकर्ताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे सरकार को सेटल होने के लिए 2 से 3 महीने का समय दें। साथ ही उन्होंने सभी लोगों से कार्यकर्ताओं से पार्टी की विचारधारा के साथ आगे बढ़ने का भी आह्वान किया। वहीं, हिमाचल प्रदेश में प्रिकॉशन डोज की कमी को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि जल्द ही वैक्सीन की कमी को पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर वैक्सीनेशन की कमी है, वहां वैक्सीनेशन की कमी को पूरा किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुविधा के लिए पर्यटन स्थलों में ढाबों और चाय की दुकानों को 24 घंटे खुले रखने की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश आने वाले पर्यटकों को किसी तरह की कोई समस्या न हो, इसके लिए सरकार प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
प्रदेश में सुक्खू सरकार एक के बाद एक दमदार फैसले ले रही है। अब प्रदेश सरकार का एक और नया फैसला सामने आया है। प्रदेश सरकार ने राज्य में आने वाले सैलानियों की सुविधा के दृष्टिगत रेस्तरां, ढाबे, चाय तथा खान-पान की अन्य दुकानें इत्यादि को 2 जनवरी, 2023 तक दिन-रात खुले रखने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से दिन-रात होटल और ढाबे खुले रखने का आग्रह शिमला से विधायक हरीश जनारथा, मनाली से विधायक भुवनेश्वर गौड़ और कसौली से विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने किया था। इन तीनों ही विधायकों के क्षेत्र में पर्यटन कारोबार अधिक है। दरअसल प्रदेश में इस वक्त पर्यटकों की आमद बढ़ रही है जिससे प्रदेश के पर्यटन कारोबारियों को खासा लाभ हो रहा है। कोरोना काल में प्रदेश के पर्यटन कारोबारियों को बड़ा झटका लगा था, जिससे वे अब तक नहीं उभर पाए थे। मगर अब पर्यटकों के आने से परिस्थितियां बदल रही है। इस निर्णय के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा यह निर्णय इस पर्यटन सीजन में प्रदेश में आने वाले पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सरकार के इस निर्णय से पर्यटन व्यवसायियों ने राहत की सांस ली है। इससे सैलानियों को भी भोजन के लिए ईधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग को निर्देश दिए हैं कि सैलानियों को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री कहा कि राज्य सरकार इन प्रबन्धों को आगे भी जारी रखने पर विचार कर सकती है, हालांकि इसमें सम्बन्धित संस्थानों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करना होगा। गौरतलब है कि शिमला के होटलों में नए साल के जश्न की तैयारियां हो गई हैं। शिमला के पर्यटन विकास निगम और निजी होटलों में 31 दिसंबर की रात न्यू ईयर पार्टियां होंगी। राजधानी शिमला के होटल होलीडे होम में 31 दिसंबर को गाला डिनर का इंतज़ाम किया गया है। फूड फेस्टिवल के तहत सैलानियों को हिमाचली व्यंजन परोसे जाएंगे। डीजे म्यूजिक के साथ डाइन एंड डांस की भी व्यवस्था भी होगी। मुख्यमंत्री ने पर्यटन सीजन के दौरान सड़कों को बहाल रखने को कहा है, क्योंकि सैलानियों के अधिक संख्या में आने से खासकर कसौली, शिमला, धर्मशाला और कुल्लू में न्यू ईयर पर ट्रैफिक जाम लोगों को परेशान करता है। मुख्यमंत्री ने ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए पुलिस को अभी से इंतजाम रखने को कहा है। कोविड प्रोटोकॉल अपनाने की एडवाइजरी वहीं सीएम सुक्खू ने पड़ोसी देशों में कोविड-19 की बिगड़ती स्थिति को ध्यान में रखते हुए यहां आने वाले सैलानियों से कोविड-19 से सम्बन्धित सभी सावधानियों के अनुपालन का भी आग्रह किया है । मुख्यमंत्री ने कहा कि चीन समेत कुछ अन्य देशों में कोविड-19 के कारण हालात बिगड़ते जा रहे हैं। इसे देखते हुए उन्होंने हिमाचल आने वाले पर्यटकों से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने का आग्रह किया है। बता दें कि नए साल से पहले हिमाचल प्रदेश में पर्यटकों का सैलाब उमड़ पड़ा है। सैलानियों की भारी आमद के चलते राज्य के तमाम पर्यटन स्थलों में ट्रैकिक जाम की समस्या देखने को मिल रही है। आलम ये है कि पिछले 48 घंटों में अटल टनल से 30 हजार वाहनों की आवाजाही हुई है। हिमाचल के अधिकांश पर्यटन स्थलों पर 90 फीसदी से ज्यादा की ऑक्युपेंसी चल रही है। न्यू ईयर पर इसके शत प्रतिशत होने की संभावना है।
पहाड़ी इलाकों में लगातार बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों में कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है। वहीं राजधानी दिल्ली का न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। मिली जानकारी के अनुसार मौसम विभाग ने 31 दिसंबर तक कोहरे और ठंड में और इजाफा होने का अनुमान जताया है। दिल्ली में बुधवार को न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है। वहीं हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश बर्फ़बारी के कारण तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। प्रदेश के कई भागों में दो दिन बारिश-बर्फबारी के साथ 28 दिसंबर तक मौसम साफ रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश में 29 और 30 दिसंबर को शिमला, मंडी, कुल्लू, चंबा, कांगड़ा, लाहौल-स्पीति और किन्नौर के ऊंचाई वाले भागों में बर्फबारी की संभावना है। ऐसे में नववर्ष पर हिमाचल आने का प्लान बना रहे सैलानियों को बर्फ के दीदार हो सकते हैं। प्रदेश के मध्य पर्वतीय व मैदानी भागों में बारिश होने की संभावना है। विभाग ने निचले व मैदानी कुछ इलाकों में शीतलहर चलने और सुबह-शाम धुंध छाए रहने का येलो अलर्ट जारी किया है। 31 दिसंबर से सभी क्षेत्रों में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। वहीं मैदानी जिलों में धुंध पड़ने का सिलसिला जारी है। इससे यातायात प्रभावित हो रहा है। प्रदेश के अधिकतर भागों में शीतलहर बढ़ गई है। मंगलवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में हल्के बादल छाए रहने के साथ धूप खिली। न्यूनतम तापमान शिमला में न्यूनतम तापमान 4.5, सुंदरनगर माइनस 0.3, भुंतर माइनस 0.4, कल्पा माइनस 3.6, धर्मशाला 6.2, ऊना 3.0, नाहन 8.5, केलांग माइनस 7.9, पालमपुर 3.5, सोलन 2.3, मनाली माइनस 0.6, कांगड़ा 4.2, मंडी 0.3, बिलासपुर 5.0, हमीरपुर 2.2, चंबा 2.3, डलहौजी 4.4, जुब्बड़हट्टी 5.4, कुफरी 2.5, कुकुमसेरी माइनस 5.0, नारकंडा माइनस 0.2, रिकांगपिओ माइनस 0.9, सियोबाग मानइस 0.5, धौलाकुआं 4.5, बरठीं 3.9, पांवटा साहिब 7.0 और सराहन में 1.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया है।
फर्स्ट वर्डिक्ट । शिमला उत्कृष्ट शिक्षा केंद्र राजकीय महाविद्यालय संजौली के एनएसएस स्वयंसेवियों ने आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय फागली जाकर मिशन ज्ञानोदय के तहत पुस्तकें एकत्रित की। संजौली महाविद्यालय के स्वयंसेवियों ने फागली विद्यालय के स्वयसेवियों को मिशन ज्ञानोदय के बारे में पूरी जानकारी दी और उन्हें प्रेरित किया। फागली के एनएसएस स्वयंसेवियों ने मिशन ज्ञानोदय से प्रभावित होकर महाविद्यालय को लगभग 50 पुस्तकें दान की, जिसमें पहली कक्षा से लेकर 12वीं कक्षा की पुस्तकें शामिल थी। स्वयंसेवियों ने आगे आकर अधिक से अधिक सहयोग दिया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला फागली के स्वयंसेवियों ने मिशन ज्ञानोदय को सफल बनाने में अपना योगदान दिया है। महाविद्यालय से एनएसएस के अध्यक्ष और स्वयंसेवी हर्ष ठाकुर तथा अध्यक्षा अवंतिका पामटा , इकाई सचिव मुकेश वर्मा, सोशल मीडिया प्रभारी विकास वर्मा तथा एनएसएस के अन्य स्वंयसेवी फागली जाकर पुस्तकें लेकर आए। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. चंद्रभान मेहता तथा कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विकास नाथन तथा कामायनी बिष्ट ने स्वयंसेवियों की सराहना की तथा मिशन को इसी प्रकार आगे बढ़ाते रहने की प्रेरणा दी।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला जेओए (आईटी) पोस्ट कोड-817 परीक्षा में भाग लेने वाले युवाओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज यहां मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से भेंट की और उनसे जेओए (आईटी)-817 की चयन प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने का आग्रह किया। यह परीक्षा हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग (एचपीएसएससी) द्वारा 21 मार्च, 2021 को आयोजित की गई थी। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि युवाओं का भर्ती एजेंसियों पर विश्वास बना रहे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला प्रदेश महिला कांग्रेस ने आज भाजपा के पूर्व मंत्री विधायक विक्रम ठाकुर के खिलाफ न्यू शिमला स्थित महिला पुलिस थाने में एक शिकायत दर्ज कराई है। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष जैनब चंदेल की अध्यक्षता में शांता राजटा, शशि ठाकुर, कविता कवंर, बृंदा सिंह, सत्या, उमा वर्मा, उमा मुदियाल, कृष्णा, बबली, हीरा दासी, नेहा, उर्मिला व कुसुम ने इस शिकायत में भाजपा नेता के खिलाफ सार्वजनिक तौर पर एक महिला को अपमानित करने व अभद्र भाषा बोलने के लिए कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। बाद में महिला कांग्रेस का यह प्रतिनिधिमंडल शिमला जिला उपायुक्त से भी उनके कार्यालय में मिला और इस संदर्भ में एक ज्ञापन सौंपा।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज पीटरहॉफ होटल, शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से भंेट की। यह एक शिष्टाचार भेंट थी। इस अवसर पर उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री भी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश में 29 दिसंबर से मौसम करवट बदलेगा। मौसम विज्ञान केंद्र ने 29 दिसंबर को शिमला, मंडी, कुल्लू, चंबा, कांगड़ा, लाहौल स्पीति और किन्नौर के ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई है, वहीं प्रदेश के अन्य भागों में बारिश होने का पूर्वानुमान है। 30 दिसंबर को अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्का हिमपात हो सकता है, जबकि नववर्ष के दिन मौसम साफ होने का पूर्वानुमान है। हिमाचल प्रदेश में लोग 2 महीने से ड्राइ स्पेल की मार झेल रहे हैं। वहीं 12 में से 11 जिलों में पानी की बूंद तक नहीं गिरी हैं, केवल लाहौल स्पीति में हल्का हिमपात हुआ है। बारिश बर्फ़बारी न होने से सूखी ठंड ने किसानों और आम जनता की मुश्किलें बढ़ा रखी हैं। इस बीच मौसम विभाग ने आज और कल के लिए निचले इलाकों में घनी धुंध छाने और शीत लहर चलने की चेतावनी जताई है। प्रदेश के क्षेत्रों के तापमान की बात करें तो केलोंग का न्यूनतम तापमान माइनस 7.9 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है। कुकुमसेरी का माइनस 5 डिग्री, कल्पा का माइन 3.6 डिग्री, मनाली का माइनस 0.6 डिग्री, नारकंडा का माइनस 0.2 डिग्री, शिमला का 4.5 डिग्री, धर्मशाला का 6.2 डिग्री, ऊना का 3 डिग्री, हमीरपुर का 2.2 डिग्री, मंडी का 0.3 डिग्री, चंबा का 2.3 डिग्री और सोलन का 2.3 डिग्री तक न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला विक्रांत गाश़्वा का कहना है कि इस डॉक्युमेंटरी को बनाने का मुख्य कारण न केवल पर्यटन को बढ़ावा देना है, बल्कि शिमला की संस्कृति एवं इतिहास को रक्षित करना भी है। हिमालय की गोद में बसा हुआ यह खूबसूरत शहर न केवल अपने पर्यटन के लिए जाना जाता है, परंतु इस शहर की और भी महत्त्वताएं हैं, जिसके परिणामस्वरुप इसे सन् 1864 में जॉन लॉरेंस द्वारा समर कैपिटल का दर्जा दिया गया था। इस डॉक्यूमेंट्री में शिमला की प्राचीन वास्तुकला, लोगों की जीवनशैली एवं उनके देवी देवताओं के प्रति श्रद्धा को भी दर्शाया गया है। शिमला के रिज मैदान, जाखू, विधानसभा (द काउंसिल चैंबर), एडवांस स्टडी (वाइस रिगल लॉज) आदि जैसी जगहाें पर इस वित्तचित्र का निर्माण किया गया है। इसमें विक्रांत गाश़्वा और राहुल हिमराल ने निर्माता, तनवी रघुवंशी ने प्रोडक्शन मैनेजर की भूमिका निभाई है और अरून फिल्म ऑर्टस, हिमांशु ठाकुर, साक्षी ठाकुर, रितिक कश्यप और जपनीत सिंह ने कैमरा के लिए अपना योगदान दिया है। आशा है कि इस डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से लोगों के मनोरंजन के साथ-साथ उनकी जागरुकता बढे़गी और इसके निर्माताओं का लक्ष्य पूरा होगा।


















































