फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला जिला शिमला के शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के एक प्रतिनिधिमंडल ने भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मेहता के नेतृत्व में आज ओक ओवर शिमला में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से भेंट की और सुन्नी में उप-मंडलाधिकारी (नागरिक) कार्यालय खोलने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की सुविधा व उनकी समस्याओं के शीघ्र निवारण के लिए यह कार्यालय खोला गया है। क्षेत्र में खंड विकास कार्यालय भी सुचारू रूप से कार्य करना आरंभ कर चुका है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी क्षेत्र के विकास कार्यों में और तेजी लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में निरंतरता के साथ विकास सुनिश्चित करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता रही है। सरकार की योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन व सुशासन के फलस्वरूप आज हिमाचल देश भर में विकास के मॉडल राज्य के रूप में उभरा हैै। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने लोगों की आकांक्षाओं को पूर्ण करने के लिए सशक्त प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धामी को नागरिक अस्पताल में स्तरोन्नत करने की लोगों की मांग पर गम्भीरता से विचार किया जाएगा। इस अवसर पर जिला भाजपा प्रभारी डेजी ठाकुर, सक्षम गुडिया बोर्ड की उपाध्यक्ष रूपा शर्मा, जिला भाजपा अध्यक्ष रवि मेहता, मंडल अध्यक्ष दिनेश ठाकुर, भाजपा नेता प्रमोद शर्मा, संगठन के पदाधिकारी, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज किन्नौर जिला के सीमावर्ती गांव छितकुल का दौरा किया। उन्होंने इस अवसर पर गांव के लोगों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को जाना। इससे पूर्व, छितकुल पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने पूरे पारंपरिक तौर पर राज्यपाल का स्वागत किया। राज्यपाल ने स्थानीय मंदिर की परिक्रमा की तथा स्थानीय निवासी मुकेश नेगी के घर जाकर पारंपरिक तंदुर, पारंपरिक भोजन और रीति-रिवाजों को नजदीक से समझा। उन्होंने स्थानीय व्यंजनों का आनंद लिया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि यहां की परंपरा, रीति-रिवाज बहुत समृद्ध हैं, जिन्हें हर कीमत पर सुरक्षित रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें यहां आने का मौका मिला है और पहाड़ों में रहने वालों की कठिनाइयों को भी नजदीक से समझा है। उन्होंने लोगों से स्थानीय उत्पाद और परम्पराओं को भावी पीढ़ी तक पहुंचाने की अपील की। छितकुल गांव के प्रधान श्री सुभाष तथा उप-प्रधान श्री राजेश कुमार भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला अंतरराष्ट्रीय लोकनृत्य उत्सव कुल्लू दशहरा-2022 के आयोजन से सम्बन्धित विभिन्न विषयों पर चर्चा के लिए राज्य स्तरीय कुल्लू दशहरा समिति की बैठक आज यहां मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित हुई। इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय लोकनृत्य उत्सव कुल्लू दशहरा 5 से 11 अक्तूबर, 2022 तक आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेले व त्योहार हमारी समृद्ध लोक संस्कृति के द्योतक हैं। इनका संरक्षण एवं सवंर्द्धन सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश सरकार कृतसंकल्प है और इस दिशा में समय-समय पर विभिन्न कदम उठाए गए हैं। कुल्लू दशहरा प्रदेश ही नहीं, बल्कि विश्व में अपनी एक अलग पहचान है। यह हमारी धार्मिक मान्यताओं और सांस्कृतिक मूल्यों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कुल्लू दशहरा इसलिए विशिष्ट है कि देश के अन्य भागों में जब दशहरे उत्सव का समापन होता है, तब कुल्लू का सात दिवसीय ऐतिहासिक दशहरा उत्सव शुरू होता है। जयराम ठाकुर ने दशहरा उत्सव के लिए सभी तैयारियां समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने उत्सव के दौरान हिमाचल प्रदेश के गठन के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रदर्शनियों के माध्यम से हिमाचल की विकास यात्रा को प्रदर्शित करने के भी निर्देश दिए। सूचना एवं जन संपर्क विभाग को लघु वृत्त चित्र तैयार कर इनका प्रदर्शन सुनिश्चित करने को कहा। हिमाचल तब और अब विषय पर आधारित इन वृत्तचित्रों में लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, ऊर्जा, उद्योग व कृषि एवं बागवानी सहित अन्य क्षेत्रों में हुई प्रगति को दर्शाया जाएगा। उन्होंने उत्सव के दौरान उचित सुरक्षा व्यवस्था व निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। शिक्षा, भाषा, कला एवं संस्कृति मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने दशहरा उत्सव आयोजन सम्बन्धी जिला स्तरीय समिति तथा जिला कारदार संघ के साथ आयोजित बैठकों की जानकारी दी। उन्होंने उत्सव के आयोजन से संबंधित विभिन्न सुझाव भी दिए। बैठक में दशहरा उत्सव समिति की गत वर्ष की आय-व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत किया गया तथा अन्य मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि दशहरा उत्सव में जिला के सभी देवी-देवताओं को निमंत्रण दिया जाएगा तथा उत्सव के दौरान धार्मिक अनुष्ठान परंपरागत ढंग से आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त उत्सव में हिमाचल तथा बाहरी राज्यों के सांस्कृतिक दलों को भाग लेने के लिए आमंत्रित करने पर भी चर्चा की गई। भाषा एवं संस्कृति विभाग के निदेशक डॉ. पंकज ललित ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। बैठक में विधायक किशोरी लाल, पूर्व सांसद महेश्वर सिंह, मुख्य सचिव आरडी धीमान, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के प्रधान सचिव सुभासीष पंडा, भाषा एवं संस्कृति विभाग के सचिव राकेश कंवर, उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग, पुलिस अधीक्षक कुल्लू गुरूदेव शर्मा, अन्य वरिष्ठ अधिकारी व कुल्लू जिला कारदार संघ के पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला हिमाचल प्रदेश के सभी 12 जिलों से एनपीएस कर्मचारी महासंघ ने वोट फॉर ओपीएस का बहुत बड़ा ऐलान कर दिया है। इसी संदर्भ में जिला शिमला से एनपीएस कर्मचारी महासंघ जिला शिमला अध्यक्ष कुशाल शर्मा दूारा वोट फॉर ओपीएस का आगाज़ किया गया, जिसमें राज्य महासचिव भरत शर्मा भी प्रमुख उपस्थित रहे एनपीएस कर्मचारी महासंघ जिला शिमला अध्यक्ष कुशाल शर्मा ने कहा है कि यदि प्रदेश सरकार पुरानी पेंशन को बहाल करती है, तो 100% मिशन रिपीट होगा और यदि सरकार अनदेखा करती है, तो प्रदेश के एक लाख से ऊपर का कर्मचारी मिशन डिलीट करने के लिए मजबूर होगा अलबत्ता प्रदेश मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर विश्वास जताते हुए कहा कि जिस तरह से मुख्यमंत्री की कार्यशैली है, उस हिसाब से वे अवश्य तौर से पुरानी पेंशन को बहाल करेंगे। अलबत्ता जिस तरह से विपक्ष बड़ी मजबूती के साथ ओपीएस की बहाली के लिए कृत संकल्प लग रहा है, उस हिसाब से भविष्य में कर्मचारी प्रदेश सरकार का मिशन रिपीट का सपना पूरा करने के लिए बहुत बड़ी बाधा बन सकती है। अत: सरकार को समय रहते ओपीएस को बहाल कर देना चाहिए, ताकि मिशन रिपीट हो सके। कुशाल शर्मा ने कहा कि मिशन रिपीट की बात सोचते समय सरकार को एक बार ज़रूर कर्मचारियों के पूर्व में हुए पुरानी पेंशन बहाली के आंदोलनों पर अवश्य गौर फरमाना चाहिए और कर्मचारियों के इस आंदोलन को नजर अंदाज न करके इस पर तुरंत फैसला लेना चाहिए। इस अवसर पर राज्य महासचिव भरत शर्मा ने कहा कि यदि सरकार पुरानी पेंशन बहाल नहीं करती है, तो विपक्ष तो ऐसे भी पेंशन बहाली के लिए तैयार बैठी है। इस अवसर पर विजय ठाकुर, अनील शर्मा, राकेश कलथाईक, कुशाल ठाकुर, संदीप कश्यप, नागेन्दर ठाकुर, भगत राम, सतीश कुमार व धर्मपाल सहित भारी संख्या में एनपीएस कर्मचारियों ने भाग लिया।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला हिमाचल प्रदेश कैबिनेट की बैठक मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में सचिवालय में शुरू हो गई हैं. बैठक में हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा दिलाने की केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी का स्वागत किया जाएगा। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य आदि विभिन्न महकमों से संबंधित निर्णय भी होंगे। विभिन्न संस्थान खोलने और उन्हें स्तरोन्नत करने के फैसले होंगे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला नीट-2022 में हिमाचल प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल करने वाले आदित्य राज शर्मा ने आज राजभवन में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से भेंट की। राज्यपाल ने आदित्य राज को सम्मानित किया तथा भविष्य के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं। उनकी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। वह युवाओं के लिए प्रेरणा बने हैं। राज्यपाल ने आदित्य के माता पिता और उनके शिक्षकों को भी इस सफलता पर बधाई दी तथा कहा कि उनकी प्रेरणा और योगदान से उन्होंने प्रथम स्थान हासिल किया है। एस्पायर अकादमी के प्रबंधक तथा आदित्य राज की माता भी इस अवसर पर उपस्थित थीं।
कांग्रेस मीडिया विभाग के चेयरमैन और प्रदेश उपाध्यक्ष नरेश चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अपनी सरकार के पांच साल का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखें। जयराम यह भी बताएं कि पांच साल में प्रदेश के कितने युवाओं को रोजगार दिया है। नरेश चौहान ने कहा कि जयराम सरकार पूरे पांच साल में विकास कराने में नाकाम साबित हुई है। प्रदेश के युवाओं को रोजगार नहीं दिया। सरकार ने प्रतिभाशाली युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। रोजगार देने में भाईभतीजावाद और भ्रष्टाचार हुआ है। इसका उदाहरण पुलिस पेपर लीक मामला है। पुलिस भर्ती का पेपर 8 से 10 लाख रुपए में बेचा गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पेपरलीक मामले की जांच करवाने की बजाए इसके असली दोषियों को बचाने में लगे हैं। युवाओं में पनपे रोष के चलते जयराम ठाकुर ने दवाब में आकर सीबीआई जांच की घोषणा की, मगर अब सीबीआई जांच नहीं करवा रहे। नरेश चौहान ने कांग्रेस की गारंटियों पर बयानबाजी के लिए भी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को आड़े हाथों भी लिया। उन्होंने कहा कि विकास कराने में नाकाम मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अपने भाषणों में सरकार के विकास के बात नहीं बल्कि कांग्रेस की गारंटियों की बात कर रहे हैं। नरेश चौहान ने कहा कि गत विधानसभा चुनावों के समय केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने हिमाचल में 69 नेशनल हाइवे बनाने की घोषणा की थी। लेकिन प्रदेश में भाजपा सरकार के पांच साल निकल गए, एक भी नेशनल हाइवे नहीं बन पाया। जयराम सरकार पांच साल से नेशनल हाइवे की डीपीआर ही बना रही है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अपने ड्रीम प्रोजेक्ट मंडी के हवाई अड्डे के निर्माण के लिए पांच साल में एक ईंट भी नहीं लगा पाए हैं। जिससे सरकार के विकास के दावों की पोल खुलती है।
महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने भाजपा सांसद इंदु गोस्वामी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि महिलाओं का सशक्तिकरण कांग्रेस की ही देन है। महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष वनीता वर्मा ने कहा है कि कांग्रेस की सरकारों ने ही महिलाओं के उत्थान के लिए कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि देश में पंचायतीराज सिस्टम और इसमें भी महिलाओं को पंचायतीराज में 33 फीसदी आरक्षण देना कांग्रेस सरकार की पहल थी। पूर्व प्रधानमंत्री स्व.राजीव गांधी ने देश में महिलाओं को स्थानीय निकायों और पंचायतीराज संस्थानों में आरक्षण देकर उनकी विकास में भागीदारी सुनिश्चित की थी। इसकी बदौलत ही आज हिमाचल में पंचायतीराज संस्थानों में पचास फीसदी से ज्यादा महिलाएँ चुनकर आ रही हैं। इससे महिलाओं का सशक्तिकरण संभव हुआ है। यही नहीं प्रदेश में रही कांग्रेस सरकारों ने महिलाओं की शिक्षा को सुधारने के लिए भी कई कदम उठाए। लड़कियों के लिए निशुल्क शिक्षा की सुविधा भी कांग्रेस सरकार की देन है। इसका परिणाम है कि आज हिमाचल में लड़कियां उच्च हासिल कर रही हैं। वनीता वर्मा ने कहा है कि बीते पांच सालों में हिमाचल में महिलाओं पर अत्याचार बढ़े हैं। दुराचार की घटनाओं में आए दिन बढ़ोतरी हो रही है। यही नहीं भाजपा राज में हत्या के मामलों में भी भारी इजाफा हुआ है। उन्होंने भाजपा नेत्री से कहा है कि वह बताएं कि पिछले पांच सालों में महिलाओं पर अत्याचार और अपराधों पर जयराम सरकार ने क्या कदम उठाए है ? वनीता वर्मा ने कहा है कि कांग्रेस ने प्रदेश की महिलाओं को गारंटी दी कि राज्य में सरकार पर बनने पर हर महिला के खाते में हर माह 1500 रुपए जमा किए जाएंगे। इससे महिलाओं को इस मंहगाई की दौर में बहुत राहत मिलेगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व सांसद प्रतिभा सिंह ने भाजपा पर जुबानी हमला बोला है। प्रतिभा सिंह ने कहा कि देश में यूपीए सरकार में 400 रुपये का गैस सिलेंडर मिलने पर हाय तौबा करने वाले भाजपा नेताओं की आज 1100 रुपये में जुबान क्यों बन्द हो गई है। उन्होंने पूछा है कि क्या गैस सिलेंडर 400 रुपया का महंगा था या फिर 1100 रुपए में सस्ता मिल रहा है। उन्होंने कहा है कि देश में भाजपा नेताओं की इस अंदभक्ति ने लोगों के जीवन में अंधेरा कर दिया है। उन्होंने कहा है कि देश मे बढ़ती महंगाई व बेरोजगारी भाजपा की नीतियों का ही परिणाम है जो लोगों को भुगतना पड़ रहा है। प्रतिभा सिंह ने कहा है कि देश में कच्चे तेल के मूल्यों में भारी कमी के बाबजूद केंद्र सरकार इसके मूल्यों में कोई कमी नही कर रही है। साफ है कि सरकार तेल कंपनियों को लाभ देने के लिये व अपना खजाना भरने के लिये तेल के मूल्यों में कमी नही कर रही है। वहीं प्रतिभा सिंह ने प्रदेश में सेब बागवानों की स्थिति पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को न तो बागवानों की ही कोई चिंता है और न किसानों की । उन्होंने सरकार से किसानों बागवानों के लिये कोई आर्थिक पैकेज देने की मांग करते हुए कहा है कि बागवानों को कृषि ऋणों से राहत देते हुए इसे माफ किया जाना चाहिए। प्रदेश में भारी बारिश व ओलावृष्टि से किसानों बागवनो को भारी नुकसान हुआ है। प्रतिभा सिंह ने कहा कि प्रदेश इस समय गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। प्रदेश पर कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है। मुख्यमंत्री अपनी सभाओं में बड़ी बड़ी लोक लुभानी घोषणाएं कर लोगों को गुमराह करने का पूरा प्रयास कर रहें है। उन्होंने कहा कि अब तो भाजपा के कार्यकर्ता भी भाजपा की जुमलेबाजी को समझ गए है और वह भाजपा से किनारा कर रहें है। प्रतिभा सिंह ने कहा है कि प्रदेश में जयराम सरकार जनमत खो चुकी है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में लोगों ने भाजपा को सत्ता से बाहर करने का पूरा मन बना लिया है। उन्होंने दावा किया है कि चुनावो के बाद प्रदेश में कांग्रेस की पूर्ण बहुमत से सरकार बनेगी जो पूर्व की भांति जन आकांक्षाओं को पूरा करेगी।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव हरि कृष्ण हिमराल ने राज्य सहकारी बैंक सहायक प्रबंधक की भर्ती के तहत परीक्षा केंद्र की सूची में शिमला को भी शामिल करने की मांग की है। हिमराल ने जारी बयान में कहा है कि हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक सहायक प्रबंधक की भर्ती परीक्षा आईबीपीएस के माध्यम से आयोजित की जाती है लेकिन जब वे फॉर्म भरे गए तो पता चला कि परीक्षा के लिए शिमला परीक्षा केंद्र के रूप में सूचीबद्ध नहीं है। जबकि चंडीगढ़ को परीक्षा केंद्र के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। यहां तक की जालंधर को केंद्र के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे का सज्ञान लिया जाए और बैंक प्रबंधन तत्काल उचित कदम उठाएं क्योंकि बेरोजगार छात्र चंडीगढ़ या जालंधर में इस परीक्षा में शामिल होने में असमर्थ हो सकते है। गौर हो कि राज्य सहकारी बैंक में सहायक प्रबंधकों के 61 पद पर भर्ती की जानी है। इसके लिए अभ्यर्थी 10 से 30 सितंबर तक बैंक की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। भर्ती परीक्षा राष्ट्रीय एजेंसी आईबीपीएस मुंबई के माध्यम से दो स्क्रीनिंग और उसके बाद मुख्य परीक्षा ली जाएगी।सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को 1,000 रुपये और अन्य सभी वर्गों को 800 रुपये आवेदन फीस देनी होगी। परीक्षा अक्तूबर और नवंबर में आयोजित की जा सकती है। सामान्य वर्ग के 23, इंडब्ल्यूएस के पांच, एससी के दस, ओबीसी के छह, एसटी के चार, पूर्व सैनिक सामान्य वर्ग के आठ, पूर्व सैनिक एससी का एक स्वतंत्रता सेनानी वार्ड सामान्य वर्ग का एक पद और दिव्यांग श्रेणी के तीन पद भरे जाएंगे।
किसानों, बागवानों और कृषि उद्यमियों के सशक्तिकरण तथा उन्हें बैंकिंग योजनाओं की जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से मंगलवार को होटल हॉलीडे होम में एक दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया गया। विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित हिमाचल प्रदेश बागवानी विकास परियोजना के तहत आयोजित इस सम्मेलन में बागवानी विभाग, एचपीएमसी, मार्केटिंग बोर्ड और बैंक अधिकारियों के अलावा एचपीएचडीपी के अंतर्गत गठित क्लस्टरों तथा अन्य कृषक संगठनों के सदस्यों ने भाग लिया। सम्मेलन के उदघाटन सत्र को संबोधित करते हुए बागवानी और जलशक्ति विभाग के सचिव अमिताभ अवस्थी ने कहा कि 1066 करोड़ रुपये की बागवानी विकास परियोजना हिमाचल के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एक नई क्रांति का सूत्रपात कर रही है। इस परियोजना के तहत शीतोष्ण फलों विशेषकर सेब और गुठलीदार फलों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। अमिताभ अवस्थी ने बताया कि इस परियोजना में बीज से लेकर बाजार यानि पौधारोपण से लेकर पौधों की देखभाल, सिंचाई, स्टोरेज, मूल्यवर्द्धन, प्रसंस्करण और विपणन सहित सभी पहलुओं को शामिल किया गया है। बागवानी क्षेत्र की इस पूरी श्रृंखला में बागवानों की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है। बागवानी सचिव ने बताया कि इस परियोजना के तहत सेब के 30 लाख पौधे आयात किए गए हैं। एक निर्धारित अवधि तक विभिन्न केंद्रों पर रखने के बाद इन्हें रियायतों दरों पर बागवानों को वितरित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस साल के अंत तक लगभग 20 लाख पौधे वितरित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन पौधों से हिमाचल में सेब का प्रति हैक्टेयर उत्पादन बढ़ेगा तथा इनकी गुणवत्ता भी अच्छी होगी। अमिताभ अवस्थी ने बताया कि एचपीएचडीपी से छूटे प्रदेश के कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए भी सरकार ने एचपीशिवा परियोजना आरंभ की है। इस परियोजना के माध्यम से प्रदेश के 7 जिलों में लिची, अमरूद और नींबू प्रजाति के फलों को बढ़ावा दिया जा रहा है और इस परियोजना के भी बहुत ही अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। बागवानी सचिव ने प्रदेश के किसानों-बागवानों से इन परियोजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। एक दिवसीय सम्मेलन के आयोजन की सराहना करते हुए अमिताभ अवस्थी ने कहा कि इससे किसान-बागवान विभिन्न बैंकिंग योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे। इससे पहले एचपीएचडीपी के परियोजना निदेशक सुदेश मोक्टा ने मुख्य अतिथि, अन्य वक्ताओं तथा सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया और परियोजना के तहत आयोजित विभिन्न गतिविधियों तथा उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एचपीएचडीपी के तहत अभी तक 272 क्लस्टरों में लगभग 6000 हैक्टेयर भूमि पर सेब का घना पौधारोपण किया जा चुका है, जबकि 8800 हैक्टेयर पुराने बागीचों में भी नए पौधे रोपे जा चुके हैं। सिंचाई योजनाओं के बेहतर संचालन के लिए 261 वाटर यूजर्स एसोसिएशनों का गठन किया गया है तथा 30 फार्मर प्रोडयूसर कंपनियां भी बनाई जा चुकी हैं। परियोजना के तहत 9 मंडियों का आधुनिकीकरण किया गया है तथा आपूर्ति श्रृंखला के सुदृढ़ीकरण, आधुनिकीकरण तथा कोल्ड चेन से संबंधित आधुनिक सुविधाओं के लिए 15 इकाईयों हेतु वित्त पोषण की प्रक्रिया पूर्ण की गई है। सुदेश मोक्टा ने बताया कि परियोजना के 60 से 65 प्रतिशत तक कार्य पूरे किए जा चुके हैं।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला कांग्रेस पार्टी को एक परिवार की पार्टी बताने के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के बयान पर विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने कड़ी प्रतिक्रया व्यक्त की है। मुकेश अग्निहोत्री ने जयराम ठाकुर पर पलटवार करते हुए कहा कि खुद जयराम ठाकुर एक कठपुतली मुख्यमंत्री है। पूरा हिमाचल जानता है कि हिमाचल सरकार के फैसले दिल्ली में बैठे मोदी, शाह और नड्डा ले रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों में उनकी पकड़ कमज़ोर है, वर्ना अधिकारियों को लक्ष्मण रेखा के भीतर रहना चाहिए वाला बयान न देना पड़ता, मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल अपनी अस्मिता और गौरव के लिए जाना जाता था। ऐसा हिमाचल में आज तक नहीं हुआ कि कोई कठपुतली सरकार चलाए। कांग्रेस प्रचार कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जयराम ठाकुर पर पलटवार करते हुए उनको खुद दिल्ली के हाथों कठपुतली बताया। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर को दिल्ली में बैठे तीन लोग चला रहे हैं और उन तीनों को देश के दो बड़े उद्योगपति चला रहे हैं। सुक्खू ने कहा कि जयराम सरकार दिल्ली में गिरवी पड़ी हुई है और केंद्र की मोदी सरकार पूंजीपतियों के यहां गिरवी है, जिसकी कीमत हिमाचल की जनता को चुकानी पड़ी है। सुक्खू ने कहा कि हिमाचल के सेब बागवानों के साथ अन्याय कोई और नहीं, बल्कि मोदी सरकार अपने पूंजीपति मित्र अदानी को लाभ पहुंचने के लिए कर रही है। इस पर जयराम ठाकुर खामोश बैठे हुए हैं। सुक्खू ने कहा कि जयराम ठाकुर संघ परिवार से आए फरमानों को भी आंख मूंद कर हिमाचल की जनता पर थोप रहे हैं।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला नागरिक सभा की कैथू इकाई ने कैथू अनाडेल सड़क के जगह-जगह टूटने पर कड़ा संज्ञान लिया है व नगर निगम शिमला से जनता की सुरक्षा करने के लिए सड़क को तुरंत दुरुस्त करने की मांग की है। नागरिक सभा ने चेताया है कि अगर इस संदर्भ में तुरंत कार्रवाई न हुई, तो नागरिक सभा आंदोलन करेगी। नागरिक सभा नेता विजेंद्र मेहरा,कैथू इकाई संयोजक बालक राम व सह संयोजक रंजीव कुठियाला ने कहा कि कैथू अनाडेल सड़क पूरी तरह ज़र्ज़र हो चुकी है। इस सड़क में कई जगह दरारें आ चुकी हैं। भर्ती दफ्तर व चिटकारा पार्क पर दो जगह सड़क पूरी तरह गिर चुकी है। चिटकारा पार्क में सड़क में कई मीटरों तक निरंतर दरारें आ चुकी हैं। इस सड़क का ज़्यादातर हिस्सा कभी भी गिर सकता है, जहां पर दरारें हैं वहां पर एक बहुत बड़ा पेड़ है व वहां पर कई मीटर तक निरंतर दरार है। इस पेड़ के गिरने से कभी भी कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसलिए इस पेड़ को या तो तुरंत काटा जाए अथवा उसकी छंटाई की जाए। उन्होंने कहा कि यह सड़क गिरने से कभी भी कैथू अनाडेल का पैदल मार्ग व वाहनों की आवाजाही बंद हो सकती है, जिससे जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। नागरिक सभा ने इस पूरे मसले पर नगर निगम शिमला की कार्यप्रणाली को गैर जिम्मेदाराना करार दिया है। क्योंकि लगभग एक महीने से यह यथास्थिति बरकरार है व इस संदर्भ में कोई भी कार्य नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नगर निगम शिमला के प्रशासन को जनता के जानमाल के नुकसान व सुरक्षा से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने नगर निगम शिमला प्रशासन को चेताया है कि अगर उक्त सड़क को दुरुस्त न किया गया, तो नागरिक सभा सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होगी।
कांग्रेस का फ्लॉप शो है रोजगार संघर्ष यात्रा, नेता कर रहे किनारा चिटों पर भर्तियां और नौकरियां बेचने वाले निकाल रहे रोजगार संघर्ष यात्रा फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला श्री नैना देवी जी से पूर्व विधायक और भाजपा प्रदेश मुख्यप्रवक्ता रणधीर शर्मा ने कांग्रेस की रोजगार संघर्ष यात्रा को लेकर निशाना साधा है। रणधीर शर्मा ने कहा कि रोजगार संघर्ष यात्रा नहीं, यह कांग्रेस की सत्ता संघर्ष की यात्रा है। खुद सत्ता में रहकर नौकरियां बेचने वाले, चिटों पर नौकरियां देने वाले आज युवाओं को ठगने के लिए रोजगार संघर्ष यात्रा निकाल रहे हैं। यह महज एक छलावा है। उन्होंने इस यात्रा को कांग्रेस का फ्लॉप शो करार दिया। रणधीर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस ने इस यात्रा की कमान भी ऐसे लोगों के हाथ सौंपी जिनके परिवारों ने सत्ता में रहते न जाने कितने लोगों का रोजगार छीना। विक्रमादित्य सिंह और रघुवीर सिंह बाली इस यात्रा के अगुवा बने हैं, लेकिन इन दोनों नेताओं के परिवारों ने किस तरह से सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर अपने चहेतों को फायदा पहुंचाया, यह हिमाचल का बच्चा-बच्चा जानता है। जब-जब चुनाव आते हैं, कांग्रेस के लोग इस तरह की यात्रा निकालने लग जाते हैं। दिवंगत नेता श्री जीएस बाली जब सरकार में मंत्री थे, तो उनके विभागों में होने वाली भर्तियों में सिर्फ एक क्षेत्र के युवा भर्ती होते थे। सरकारी नौकरियों में सिर्फ जीएस बाली के क्षेत्र और रामपुर व रोहड़ू के लोगों को प्राथमिकता दी जाती थी। रणधीर शर्मा ने कहा कि 2012 में भी पूर्व मंत्री जीएस बाली ने ऐसी ही रोजगार यात्रा निकाली थी, लेकिन 2012 से 2017 तक वह खुद मंत्री रहे, तो उन्होंने कितने लोगों को रोजगार दिलाया? रणधीर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस की रोजगार यात्रा पूरी तरह से फ्लॉप साबित हुई है। हालात यह हो गए हैं कि अब तो कांग्रेस के नेता भी रोजगार संघर्ष यात्रा से किनारा करने लगे हैं। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आश्रय शर्मा ने रोजगार यात्रा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इससे साफ हो रहा है कि कांग्रेस की यह यात्रा फ्लॉप साबित हो रही है। नेता इससे किनारा कर रहे हैं। कांग्रेस की रोजगार यात्रा पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज सत्ता में आने के लिए रोजगार यात्रा के नाम पर जो भारी-भरकम खर्च कांग्रेस द्वारा किया जा रहा है, उससे कितने ही युवाओं को स्वरोजगार के लिए मदद की जा सकती थी। यात्रा निकालने से नहीं, बल्कि नीति बनाने से युवाओं को रोजगार मिलेगा और नीति बनाने का काम जयराम ठाकुर की सरकार ने किया है। भाजपा की नरेन्द्र मोदी सरकार एवं प्रदेश में जयराम सरकार ने युवाओं के लिए प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना प्रदेश में स्वावलंबन योजना और मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना का हज़ारों युवा लाभ उठा रहे हैं। प्रदेश के युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने की दृष्टि से स्वावलंबन योजना को शुरू किया गया था। योजना के तहत कुल 721 करोड़ का निवेश हुआ। 200 करोड़ की अनुदान राशि प्रदान की गई। इसमें कुल 4 हजार 377 इकाइयां क्रियान्वित हो चुकी हैं। 11,674 लोगों को रोजगार मिल चुका। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को कांग्रेस के इन नेताओं से पूछना चाहिए कि जब प्रदेश में उनकी सरकार थी तब आपने युवाओं के लिए क्या किया? युवाओं के लिए कौन सी योजना चलाई? आज कांग्रेस जिस वीरभद्र सिंह विकास मॉडल का ढिंढोरा सारे प्रदेश में पीट रही है, उसकी हकीकत यह थी कि चुनाव से पहले तो बेरोजगारी भत्ता देने की बात कही थी, मगर सत्ता में आते ही देने से इनकार कर दिया था। लोगों का कांग्रेस पर से भरोसा उठ चुका है, यही वजह है कि एक बार फिर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी।
हिमाचल में 17 अनुसूचित जाति की सीटों में से 13 भारतीय जनता पार्टी की झोली में 157 में थामा भारतीय जनता पार्टी का दामन फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला भाजपा सुरेश कश्यप ने जिला स्तरीय अनुसूचित जाति सम्मेलन में मण्डी सदर में भाग लिया जिसमें भाजपा अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नितेन कुमार उनके साथ उपस्थित रहे। उन्होंने जनसभा को संबोधित कर कश्यप ने कहा की प्रो. प्रेम कुमार धूमल की सरकार ने ही अनुसूचित जाति का बजट बढ़ाया था। वहीं, जयराम ठाकुर सरकार ने पूरे प्रदेश में 12000 से ज्यादा लोगों को वन टाइम सेटलमेंट का लाभ दिया गया। हिमाचल प्रदेश के प्रत्येक जिले में अंबेडकर के नाम पर लाइब्रेरी का निर्माण किया गया।दलित वर्ग के कल्याण के लिए भाजपा ने अनेक नीतियों का निर्माण किया, जहां एक ओर भाजपा हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं, कांग्रेस ने कभी अनुसूचित जाति का सामाजिक और आर्थिक उत्थान नहीं चाहा। उन्होंने अनुसूचित जाति वर्ग को सत्ता हासिल करने के लिया केवल एक वोट बैंक समझा। उन्होंने कहा आज अनुसूचित जाती वर्ग अपने कल्याण के लिए केवल भाजपा की ओर ही देख रहा है। आने वाले चुनावों में भी भाजपा को पहले से ज्यादा समर्थन मिलेगा और इस बार हिमाचल में सरकार नहीं रिवाज़ बदला जाएगा।समाज में जातिगत भेदभाव न हो तथा अंतरजातीय विवाह को प्रोत्साहन मिले इसके लिए अंतर्जातीय विवाह पर सरकार द्वारा 50 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। वर्ष 2020.21 के दौरान 48 जोड़ों को इस योजना की राशि से लाभान्वित किया गया है। अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (पीओए) 1989 के अंतर्गत अत्याचार पीड़ितों को मुआवजा के तहत 85,000 से 8.25 लाख की सहायता प्रदान की जाती है। वर्ष 2021.22 के दौरान 199 पीड़ितों को मुआवजा प्रदान करने के लिए 2.11 करोड़ खर्च किए गए। जिससे अनुसूचित जाति वर्ग पर हो रहे अत्याचार को रोका जा रहा है। भाजपा ने अनुसूचित जाति वर्ग के समावेशी विकास के लिए शिक्षा, उद्यम तथा रोजगार के अवसर, मूलभूत सुविधाएं आदि प्रदान करने के लिए सदा ही प्रयासरत है। भाजपा के यह सभी प्रयास भाजपा के मूल मंत्र सबका साथ सबका विकास, जन-जन को सरकार पर विश्वास, पर भाजपा की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवकता अल्का लांबा जो मात्र एक माह पूर्व हिमाचल की प्रभारी नियुक्त हुई है, वो जमीनी हकीकत से अवगत नहीं हैं, वे न सिखाएं भाजपा को महिला कल्याण एवं उत्थान। राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी ने अल्का लांबा पर पलटवार करते हुए कहा कि वो हिमाचल एक प्रभारी के नाते आई हैं, पर मुझे उन्हें एक नसीहत देनी है कि वे हिमाचल के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर लें। राजनीतिक लाभ लेने के लिए टिप्पणी करने से पहले वह प्रदेश में महिलाओं के लिए चल रही जन कल्याणकारी योजनाओं का विस्तृत अध्ययन करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पदचिन्हों पर चलते हुए प्रदेश की जयराम सरकार ने आधी आबादी यानि महिलाओं को सबल बनाने के लिए असाधारण कार्य किया है। प्रदेश की सरकार ने पिछले पांच वर्षों में न सिर्फ घरेलु स्तर पर अपितु शिक्षाए कार्य क्षेत्र में भी महिलाओं के जीवन को आसान बनाने का कार्य किया है। प्रदेश सरकार ने नारी शक्ति का सम्मान करते हुए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को चलाया, जिनका मुख्य रूप आज प्रदेश की जनता भली भांति अवगत है। अस्थायी तौर पर पैराशूट द्धारा उतारे गये कांग्रेस के तथाकथित पदाधिकारी अपने अनर्गन बयान जारी करने से पूर्व एक बार प्रदेश की जनता से जमीनी हकीकत जान लें। प्रदेश की जयराम सरकार ने इस बात को भली भांति समझा कि महिलाओं का सशक्तिकरण किये बगैर किसी भी परिवार अथवा समाज का सशक्तिकरण संभव नहीं। इन पांच वर्षों के दौरान प्रदेश की जयराम सरकार ने गृहिणी से लेकर सरकारी अथवा निजि क्षेत्र में कायर्रत हमारी महिला शक्ति के उत्थान के लिए अभूतपूर्व कार्य किया है। इंदु ने कहा जिस महिला को हिमाचल के मुख्यमंत्री का नाम व कान्फ्रेंस में अपने साथ बैठी महिला नेत्रियों का नाम तक नहीं पता था। वो सीएम जयराम ठाकुर को बार बार जयराम नरेश बोलती रही। उन से कांग्रेस को उम्मीद है कि वे भड़काऊ टिप्पणीयां करके हिमाचल में चुनाव में मुख्य भूमिका निभाएंगी। कल उन्होंने अपनी कान्फ्रेंस के दौरान कहा कि हिमाचल की जनता ने भाजपा को जीरो नंबर दिए हैं़ मैं कहना चाहुंगीं कि वो भाजपा को नहीं कांग्रेस को दिए हैं। क्योंकि प्रदेश सरकार ने महिलाओं को साठ वर्ष की उम्र में सामाजिक सुरक्षा पेंशनए किराए में 50% छूट व महिला सशक्तीकरण योजनाएं शुरू की है, जबकि कंग्रेस ने 70 साल से महिलाओं का सिर्फ शोषण किया है। प्रदेश सरकार ने सीएम कन्यादान की राशि 31 से 51 हज़ार की। शगुन योजना शुरू की 31000 रूपए (बीपीएल) गृहणी सुविधा उज्जवला योजना हर साल 3 निःशुल्क सिलेंडर, मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना में 35 का अनुदान राशि का प्रदान की जा रही है। बेटी है अनमोल के अंतगर्त 21000 रूपए की एफ डीए स्थानीय निकाय चुनाव में 50% आरक्षणए कामगार कल्याण बोर्ड, बेटी के जन्म पर 51000 रूपए की एफडी व पढ़ाई के लिए भी अनुदान दिया जाता है। इसलिए में कांग्रेस पार्टी से मेरा प्रश्न है कि वे कांग्रेस सरकार के समय महिलाओं के उत्थान के लिए चलाई गई कोई पांच योजनाएं गिनवाएं। आज प्रदेश सरकार के प्रोत्साहन से महिलाएं इतनी सशक्त हैं कि वे अपने मत का प्रयोग करके महिला विरोधी कांग्रेस को बाहर चुनाव में उनका असली चेहरा दिखाएंगे और रिवाज बदल कर भाजपा को दोबारा प्रदेश की बागडोर सौंपेगी।
हिमाचल में लंबे समय तक रहेगा मोदी और भाजपा का रिवाज फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला भाजपा के प्रदेश सह चुनाव प्रभारी देविंदर सिंह राणा ने शिमला मंडल की बैठक में भाग लिया जिसकी अध्यक्षता पंचायत भवन में राजेश शारदा ने की। राणा ने कहा कि भाजपा दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक परिवार है। हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में विकसित हुए हैं। हमारे राष्ट्रीय नेतृत्व ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत भारत की छवि को और मजबूत किया है। यह सिर्फ नरेंद्र मोदी ही कर सकते हैं। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व गुरु बन रहा है।हमारी क्षमताएं विश्व प्रसिद्ध हैं। राणा ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान देश का प्रबंधन उल्लेखनीय था और यह केवल नरेंद्र मोदी के नाम पर एक मजबूत नेतृत्व के कारण ही हो सका।जब अन्य देशों ने महामारी के कारण दम तोड़ दिया। वहीं, भारत को न्यूनतम नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि भाजपा हमलावर मोड में है और हम कांग्रेस नेतृत्व को करारा जवाब दे रहे हैं। कांग्रेस बिखरी हुई है और भाजपा एकजुट है, कांग्रेस पार्टी के नेता अपनी पार्टी छोड़ रहे हैं, जबकि भाजपा में नेता जुड़ रहे है।कांग्रेस के मौजूदा विधायक भी भाजपा में शामिल हो रहे हैं। यह भाजपा में उनकी आस्था को दर्शाता है। हिमाचल में लंबे समय तक रहेगा मोदी और भाजपा का रिवाज। हम निश्चित रूप से 2022 में सरकार बना रहे हैं, कांग्रेस तुलना में कहीं नहीं है।भाजपा के राष्ट्रीय, प्रदेश, जिला, मंडल और बूथ अध्यक्ष सभी भाजपा के प्रबल कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर अच्छे हाथों में है और केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में कश्मीर की कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में है। हमने उत्तराखंड जीता है और अब हम हिमाचल भी जीतेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक नेतृत्वविहीन और दृष्टिहीन पार्टी है, दूसरी ओर भाजपा के पास एक उत्कृष्ट पार्टी तंत्र है। बूथ स्तर पर हमारी बूथ समितियां बनाई गई हैं। आगामी आम चुनाव में कांग्रेस के जीतने की कोई गुंजाइश नहीं है। मैंने देखा कि भारत जोड़ाे यात्रा के लिए 8 करोड़ के वाहन का उपयोग किया जा रहा है और कुल 7 ऐसे वाहन हैं। यह कांग्रेस के नेताओं के असाधारण स्वभाव को दर्शाता है। वे आम आदमी को कभी नहीं समझ सकते। राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान खो चुकी कांग्रेस से हिमाचल की जनता का भी मोहभंग हो गया है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) बीजेपी नेताओं व आरएसएस से संबंधित संगठनों के अराजक तत्वों के द्वारा पहले सांध्य महाविद्यालय शिमला में मारपीट करने, गुंडागर्दी करने तथा माल रोड पर अराजकता फैलाने तथा इसके पश्चात बालूगंज पुलिस स्टेशन के बाहर छात्र नेता की निर्मम पिटाई व इनकी शह पर छात्र नेता व उसके वकील की बालूगंज पुलिस स्टेशन में गैर कानूनी हिरासत में पिटाई की कड़ी निंदा करती है तथा मुख्यमंत्री से मांग करती है कि बालूगंज पुलिस स्टेशन के एसएचओ व अन्य दोषी पुलिस कर्मियों को तुरंत बर्खास्त किया जाए तथा इस मारपीट व गुंडागर्दी के लिए जिम्मेवार बीजेपी नेताओं व आरएसएस से संबंधित सभी दोषियों को गिरफ्तार कर इनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाए। पार्टी ने इस मांग को लेकर आज शिमला में उपायुक्त कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में फालमा चौहान, जगमोहन ठाकुर, बालक राम, किशोरी ढ़ढवालिया, अशोक वर्मा, टेक चंद, संजीव खजुरिया, सुरिंदर वर्मा, दलीप कायथ, अमित, अनिल ठाकुर, बंटी, महेश वर्मा, अमित, नेहा, विनोद बिसरांटा, पूर्ण व पवन आदि उपस्थित रहे। 3 सिंतबर को शहर के एक कॉलेज में छात्रों के दो गुटों में झगड़े के पश्चात कॉलेज प्रशासन व पुलिस को जिस मुस्तेदी से कार्य करना चाहिए था, वह उसमे पूर्णतः विफल रहे, जिसके चलते 5 व 6 सिंतबर को अन्य कॉलेजों में भी इस प्रकार के छात्र गुटों में झगड़े की घटनाओं को सुनियोजित तरीके से बढ़ावा दिया गया और इसमे बीजेपी के नेताओं व आरएसएस से जुड़े संगठनों के लोगों ने भूमिका निभाई, जिस प्रकार की अराजकता व गुंडागर्दी इनके द्वारा संध्या महाविद्यालय व माल रोड पर की गई है, वह प्रदेश की राजधानी शिमला जैसे शहर व हिमाचल प्रदेश जैसे साक्षर व सभ्य राज्य में किसी से भी अपेक्षित नहीं की जा सकती है और जनता इसे बिल्कुल भी स्वीकार नहीं करती है। इस प्रकार की अराजकता, गुंडागर्दी व मारपीट पुलिस की उपस्थिति में की गई है और पुलिस द्वारा आज तक इनके विरुद्ध कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है। जिन छात्रों पर हथियारों से हमला किया उनकी FIR भी पुलिस द्वारा दर्ज नहीं की गई है। जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगता है और इससे स्प्ष्ट होता है कि पुलिस राजनीतिक दबाव में कार्य कर रही है। 6 सिंतबर की घटना जिसमे अनिल ठाकुर जिसका छात्र गुटों में हुई मारपीट में कोई भूमिका नहीं थी को पुलिस द्वारा बालूगंज थाने बुलाया गया, जब वह शाम को बालूगंज थाने पहुंचा, तो बीजेपी के नेता व उसके साथ अन्य साथी भी सरकारी गाड़ी में बालूगंज थाने पहुंचे तथा वहां अनिल ठाकुर व अन्य छात्रों को पुलिस के सामने डराया व धमकाया गया तथा उसके पश्चात वह वहां से चले गए और सांध्य महाविद्यालय में मारपीट की तथा माल रोड पर गुंडागर्दी व अराजकता फैलाने लगे। इसके विडियो में स्पष्ट है कि यह सब घटना सांध्य महाविद्यालय के अध्यापकों, छात्रों, पर्यटकों व स्थानीय लोगो के समक्ष हुई और पुलिस भी वहां मौजूद थी, परंतु इस गुंडागर्दी व अराजक घटना को रोकने के लिए पुलिस द्वारा कोई भी उचित कार्यवाही नहीं की गई और इसके पश्चात यही लोग बालूगंज गए और बालूगंज थाने के बाहर अनील ठाकुर के साथ बुरी तरह से मारपीट की। इसके बाद अनिल ठाकुर ने वकील करण कपूर को फोन किया और बालूगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाने गए, तो पुलिस ने दोनों को गैर कानूनी रूप से हिरासत में लिया तथा उनके साथ देर रात तक मारपीट की गई। पुलिस द्वारा पुलिस स्टेशन में शिकायतकर्ता व उसके वकील को गैर कानूनी रूप से हिरासत में लेना व उनके साथ थाने में की गई मारपीट बिल्कुल गैर कानूनी व असंवैधानिक है। इसके लिए एसएचओ व अन्य दोषी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध तुरंत कार्रवाई की जाए। सरकार द्वारा लागू की गई नई शिक्षा नीति, शिक्षा के निजीकरण व व्यवसायीकरण तथा हिमाचल प्रदेश विश्विद्यालय में गैर कानूनी भर्तियों व भ्रष्टाचार को लेकर छात्रों के द्वारा जो संघर्ष किए जा रहे हैं, उन संघर्षों को दबाने के लिए सरकार बीजेपी व आरएसएस के संगठनों के माध्यम से छात्र समुदाय पर हमले कर रही है। सरकार अपनी विफलताओं को छुपाने तथा शिक्षा पर हमले करने वाली नीतियों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम दे रही है। सीपीएम सरकार की शिक्षा पर हमला करने वाली इन जनविरोधी नीतियों के विरुद्ध छात्रों व अन्य वर्गों के द्वारा चलाए जा रहे आंदोलनों का समर्थन करती है तथा जनता से आग्रह करती है कि सरकार की शिक्षा प्रणाली को बर्बाद करने वाली इन जनविरोधी नीतियों व इस प्रकार की अराजकता व गुंडागर्दी करने वालों के विरुद्ध संगठित होकर संघर्ष करें।
फर्स्ट वर्डिक्ट। जंजैहली राजकीय महाविद्यालय सराज लंबाथाच में शनिवार को नई पीटीए कार्यकारिणी का गठन किया गया। सर्वप्रथम पीटीए की पुरानी कार्यकारिणी के कार्यों को सराहा गया, तत्पश्चात प्राचार्य डॉ. राकेश शर्मा ने पुरानी पीटीए कार्यकारिणी का धन्यवाद किया। पुरानी पीटीए कार्यकारणी के सहयोग के लिए महाविद्यालय परिवार ने आभार प्रकट किया। नई पीटीए कार्यकारिणी बनाने से पहले महाविद्यालय में पीटीए के बजट का अनुमोदन किया गया और तत्पश्चात नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। कार्यकारिणी में प्रधान पद के लिए सर्वसहमति से भीम सिंह कालिया को चुना गया पीटीए कार्यकारिणी के सलाहकार के पद पर मोहन ठाकुर को चुना गया, उपप्रधान पद पर सावित्री देवी, सचिव सहायक आचार्य (वाणिज्य) बोध राज चौहान सह सचिव के पद पर राजेंद्र , खजांची के पद पर खेम सिंह को चुना गया। इसके अलावा अभिभावक सदस्यों में निर्मल, महेंद्र, भामा शर्मा इसके अलावा महाविद्यालय से डॉ.लोमेशर, मिस अनुपमा एवं ओमकार को चुना गया। पीटीए के अंकेक्षक सहायक प्राचार्य डॉ. प्रेम प्रकाश को चुना गया। कार्यकारिणी ने महाविद्यालय में वर्तमान शैक्षणिक सत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए वचनबद्धता दोहराई।
बोले कर्मचारियों के मसलों में उलझा सरकारी तंत्र, बेरोजगारों के मुद्दे भूला फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला लंबे समय से विवादों में चल रही JOA 817 भर्ती को लेकर प्रदेश के हजारों युवा प्रदेश सरकार से जल्द नियुक्ति देने की मांग कर रहे हैं। आगामी विधानसभा चुनावों के चलते अभ्यर्थियों को अचार संहिता में भर्ती फंसने का डर सताने लगा है। युवाओं का कहना है कि 2018 से 2022 तक JOA/क्लर्क की एक भी भर्ती नहीं हुई है, जिससे लाखों युवा परेशान हैं। विभागों में JOA (IT) के हज़ारों पद खाली हैं और आयोग अभी तक कुल 5 पोस्ट कोड के लिए JOA की भर्तियों की विज्ञप्ति जारी कर चुका हैं, लेकिन किसी भी पोस्ट कोड का फाइनल रिजल्ट नहीं आया है और न ही नियुक्ति हुई है। किशोर, राजकुमार, पंकज, अभिलाष, विकास चौधरी, सचिन, प्रेम चौहान, लक्की व विकास आदि अभ्यर्थियों के द्वारा इस विषय पर हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष को भी ज्ञापन दिया जा चुका है और जल्द ही नियुक्तियां करने की मांग की जा चुकी है। अभ्यर्थियों ने कहा कि कर्मचारी चयन आयोग में 40% स्टाफ के पद खाली चल रहे हैं, जो हैरानी की बात है, जो दूसरों को स्टाफ देता है, उनके पास खुद का ही स्टाफ 40% खाली है। सरकार पद नहीं भर रही है, जिससे सरकार का बेरोजगारों के प्रति असंवेदनशील रवैया पता चलता है। अभ्यर्थियों का कहना है कि जहां पहले सरकारी तंत्र महामारी में फंसा रहा, वहीं छठा-पे कमीशन आने पर सारे अधिकारी व कार्मिक विभाग कर्मचारियों के मसलों में उलझा हुआ है। हर रोज हर तरफ कर्माचारियों के मसले है। इसी उलझन में पांच साल होने को हैं और बेरोजगार युवाओं की परेशानी न तो कोई अधिकारी देख रहा है और न ही सरकार भी इस पर गौर कर रही है। इसके चलते JOA की परीक्षाएं देने वाले लाखों युवा परेशान हैं। इसलिए युवाओं ने सरकार और कार्मिक विभाग के अधिकारियों से गुहार लगाई है कि 30 सितंबर से पहले JOA 817 भर्ती के सभी चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए।
सरकार फिजूलखर्ची बंद करके कर्मचारियों को दें ओपीएस कांग्रेस पार्टी सत्ता में आते ही बहाल करेगी पेंशन फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला एनपीएस कर्मचारी लगातार ओल्ड पेंशन की बहाली को लेकर प्रदेश भर में क्रमिक अनशन पर बैठे हुए हैं। इस बीच में कांग्रेस नेताओं का कर्मचारियों को समर्थन मिल रहा है। इसी कड़ी में आज शिमला में कांग्रेस विधायक और महासचिव विक्रमादित्य सिंह कर्मचारियों के साथ अनशन पर बैठे और सत्ता में आने पर ओल्ड पेंशन योजना को लागू करने का दावा किया। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश की जयराम सरकार कर्मचारियों के प्रति उदासीन रवैया अपनाए हुए है। मुख्यमंत्री अगर फिजूलखर्ची कम करेंगे, तो कर्मचारियों को ओल्ड पेंशन दी जा सकती है ।कांग्रेस पार्टी ने भी सभी आर्थिक विशेषज्ञों से विचार-विमर्श करने के बाद ओल्ड पेंशन को लागू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए प्रदेश के खजाने में कोई ज्यादा बोझ भी नहीं पड़ेगा, लेकिन जयराम सरकार कर्मचारियों को पेंशन देने की मंशा ही नहीं रखते हैं।
हिमाचल में जहां अभी कोरोना वायरस खत्म नहीं हुआ है। वहीं इसी बीच स्क्रब टाइफस सक्रिय हो गया है। इस साल स्क्रब टाइफस के 900 मरीजों के टेस्ट किए गए हैं, जिसमें से 86 मामले पॉजिटिव आ चुके है। ध्यान रहे कि अब सीजन शुरू हो गया है, अब लगातार स्क्रब टायफस के मामले आने शुरू हो गए हैं। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतनी होगी। स्क्रब टाइफस को लोग बिल्कुल भी हल्के में ना लें। अगर लापरवाही बरती तो आपकी जान पर भारी पड़ सकता है। हर वर्ष स्क्रब टायफस लोगों को अपना ग्रास बनाता है। आपको इसके लक्षण दिखाई देते है तो तुरंत डॉक्टर के पास जाए। चिकित्सक द्वारा कोरोना के साथ-साथ अब स्क्रब टाइफस के टेस्ट किए जा रहे है। हर साल मामले को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट रहता है। पहले ही विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। वहीं हिमाचल प्रदेश में स्क्रब टायफस जानलेवा हो गया है। हिमाचल में स्क्रब टायफस से इस साल की पहली मौत होने का मामला सामने आया है। सोलन के 55 साल के व्यक्ति की स्क्रब टायफस से मौत हो गई है। व्यक्ति आईजीएमसी के आइसोलेशन वार्ड में दाखिल था। बुधवार देर शाम व्यक्ति की मौत हो गई है। आईजीएमसी के प्रशासनिक अधिकारी डॉ राहुल गुप्ता ने व्यक्ति की मौत की पुष्टि की है। स्क्रब टाइफस के लक्षण स्क्रब टाइफस होने पर मरीज को तेज बुखार जिसमें 104 से 105 तक जा सकता है। जोड़ों में दर्द और कंपकंपी ठंड के साथ बुखार शरीर में ऐंठन अकड़न या शरीर का टूटा हुआ लगना अधिक संक्रमण में गर्दन बाजू कूल्हों के नीचे गिल्टियां का होना आदि इसके लक्षण है। स्क्रब टायफस से बचने के उपाय लोग सफाई का विशेष ध्यान रखे। घर व आसपास के वातावरण को साफ रखें। घर व आसपास कीटनाशक दवा का छिडक़ाव करें। मरीजों को डॉक्सीसाइक्लन और एजिथ्रोमाईसिन दवा दी जाती है। स्क्रब टायफस शुरूआत में आम बुखार की तरह होता है, लेकिन यह सीधे किडनी और लीवर पर अटैक करता है। यही कारण है कि मरीजों की मौत हो जाती है।
बेटे चालक ने लगाई छलांग, अस्पताल में भर्ती फर्स्ट वर्डिक्ट। किन्नाैर किन्नौर के चौरा में एक कार (HP-68B-6766) खाई में जा गिरी। NH-5 पर हुए भयानक सड़क हादसे में मां बेटी की मौत हो गई, जबकि बेटे ने गाड़ी से छलांग लगाकर अपनी जान बचा ली, जब गाड़ी अनियंत्रित होकर खाई में जाने लगी, तो चालक ने छलांग लगा दी। गाड़ी में चालक की मां व बहन थी, जो गाड़ी के साथ खाई में जा गिरी जिनकी मौत हो गई। मृतक मां बेटी की पहचान गंगा देवी (60) व नेहा (25) वर्ष के रूप में हुई है, जो कोठी कल्पा के रहने वाले थे, जबकि दीपक (33) वर्ष घायल है। मौके पर पहुंचे पुलिस, अग्निशमन, हाेम गार्ड, एनडीआरएफ और आईटीबीपी ने शवों को निकालने का काम शुरू कर दिया है। घायल को ईलाज के लिए जियोरी अस्पताल भेजा गया है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव नजदीक है और ऐसे मे सरकार को आशा वर्कर्स की भर्ती याद आयी है। एक आदेश मे आशा वर्कर्स की भर्ती के लिए 20 सितंबर तक आवेदन प्रक्रिया पूरी किए जाने की बात की गई है। इसके पीछे जनता को घर द्वार पर प्राथमिक उपचार मिलने मे सुविधा होने का दावा किया गया है। कांग्रेस ने सरकार के इस निर्णय पर तंज कसते हुए कहा की पांच वर्ष तक सरकार को जनता की सुविधा का ख्याल नहीं आया और अब चुनावी हार को सिर पर देख आशा वर्कर्स की भर्ती बस एक "चुनावी रेवड़ी" भर है। AICC मीडिया प्रभारी अलका लांबा ने कहा की प्रदेश मे युवा और महिलाएं महंगाई और बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं। रोजगार के नाम पर सिवाय बड़े-बड़े भाषण के अलावा कुछ नहीं मिला, लेकिन चुनाव आते ही भाजपा की सरकार इस तरह चुनावी रेवड़ियां बांटकर जनता को भ्रमित करने का काम कर रही है। पांच वर्ष इंतजार करने के पीछे क्या मजबूरी थी, इसका जवाब सरकार को देना पड़ेगा। बेरोजगारी और महंगाई की चौतरफा मार झेल रही हिमाचल की जनता इस प्रकार की चुनावी रेवड़ियों से संतुष्ट नहीं होने वाली है।
कांग्रेस ने हिमाचल में महिलाओं के साथ बढ़ते अपराधों पर चिंता चताई है। कांग्रेस प्रवक्ता सौरव चौहान ने कहा है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की हालात बदतर है और जयराम सरकार के कार्यकाल में हिमाचल में महिला अपराध बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि क्राइम रिकार्ड ब्यूरो की रिपोर्ट से हिमाचल में महिला अपराध की स्थिति का पता चलता है। रिपोर्ट में साफ है कि बच्चियों के साथ दुष्कर्म के मामले में हिमाचल तीसरे स्थान पर है जो कि चिंता का विषय है। क्राइम रिकार्ड ब्यूरो की साल 2021 की रिपोर्ट में बताया गया है कि 6 वर्ष और इससे भी कम उम्र की बच्चियों से दुष्कर्म के मामलों में देवभूमि हिमाचल, आंध्रप्रदेश और राजस्थान के बाद तीसरे नंबर पर पहुंच गया है। 2021 में प्रदेश में 6 साल व उससे कम उम्र की बच्चियों से बलात्कार के दस मामले दर्ज किए गए, जबकि इस आयु वर्ग की बच्चियों के साथ दुष्कर्म के राजस्थान में 18 और आंध्र प्रदेश में 17 मामले दर्ज हुए हैं। यही नहीं रिपोर्ट में बताया गया है कि 2021 में 6-12 वर्ष की उम्र की 21 बच्चियों के साथ दुष्कर्म के मामले दर्ज हुए हैं जबकि, राजस्थान में 64 और आंध्र प्रदेश में 50 मामले दर्ज किए गए। यहां भी देश में हिमाचल तीसरे नंबर पहुंच गया है। इसी तरह 12 से 16 साल की 93 बच्चियों के साथ दुष्कर्म के मामले दर्ज किए गए और 16-18 वर्ष की भी 93 ही नाबालिगों के साथ दुष्कर्म के मामले दर्ज हुए है। प्रदेश में 2021 में बलात्कार के 360 मामले दर्ज किए गए हैं। सौरव चौहान ने कहा कि जयराम सरकार के समय में हिमाचल में अपराध तेजी से बढ़े हैं और महिलाएं भी हिमाचल असुरक्षित है।
शहरी विकास, नगर नियोजन एवं सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित सभी राज्यों के सहकारिता मंत्रियों के सम्मेलन में भाग लिया। इस अवसर पर सुरेश भारद्वाज ने कहा कि सहकारिता का भारत से पुराना नाता रहा है और हिमाचल में सहकारी आंदोलन का प्रादुर्भाव वर्ष 1892 में प्रदेश के ऊना जिला के पंजावर नामक स्थान में एक सहकारी सभा के गठन के साथ हो गया था। उन्होंने कहा कि देश के सहकारी आंदोलन में एक महत्वपूर्ण पहल 6 जुलाई, 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक अलग सहकारिता मंत्रालय का गठन करने से हुई और प्रधानमंत्री ने देश को ‘सहकार से समृद्धि’ का मन्त्र भी दिया। सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगभग 19 लाख लोग सहकारिता से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल में प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स) को बहुद्देशीय सेवा केंद्रों में बदलने सम्बन्धी योजना में केन्द्र द्वारा प्रदत्त 50 सभाओं के लक्ष्य के विपरीत 46 सभाओं को रूपांतरित कर दिया गया है और 19 अन्य सभाओं के रूपांतरण का कार्य प्रगति पर है। इन प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के कम्प्यूटरीकरण के लिए समुचित बजट प्रावधान करते हुए प्रदेश व जिला स्तरीय समितियों का गठन कर लिया गया है। सुरेश भारद्वाज ने कहा कि सहकारिता आंदोलन को गति प्रदान करने के लिए 97वें संवैधानिक संशोधन के अनुसार प्रदेश के सहकारी कानून में कुछ बदलाव किये गए हैं। अब सहकारी सभाएं अपनी आम सभा में प्रदेश सरकार द्वारा बनाये गए ऑडिटर के पैनल में से ऑडिटर्स को चुन सकती हैं। इस से अधिक लोगों को रोज़गार मिलने के साथ ही सहकारी सभाओं के काम में पारदर्शिता रहेगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया है। उन्होंने कहा कि इसी कड़ी में हिमाचल में भी प्राथमिक सहकारी सभाओं की कवरेज बढ़ाने पर तेज़ी से काम चल रहा है। वर्तमान में प्रदेश में 4881 सहकारी सभाएं पंजीकृत हैं जिनमें से 2178 प्राथमिक सहकारी सभाएं हैं। सुरेश भारद्वाज ने कहा कि राज्य सरकार ने सहकारी क्षेत्र में प्रशिक्षण योजना भी तैयार की है। इसके लिए हिमकोफेड को नोडल एजेंसी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में एफपीओ से सम्बंधित प्रशिक्षण का कार्यक्रम भी तैयार किया है। प्रबन्धन समिति के सदस्यों को सहकारिता का प्रशिक्षण देने का काम राज्य, जिला और खण्ड स्तर पर किया जा रहा है।
शिमला के गेटी थियेटर के गौथिक हॉल में 10 सितंबर को प्रातः 9.30 से रात 7.30 बजे तक 'कविकुंभ'-शब्दोत्सव एवं 'बीइंग वुमन' का स्वयं सिद्धा सम्मान समारोह विभिन्न सत्रों में आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से शीर्ष कवि-साहित्यकारों के साथ ही, बड़ी संख्या में स्वयं सिद्धा महिलाएं भी शामिल होंगी, जिन्होंने जीवन के विभिन्न कार्यक्षेत्र में अपनी प्रतिभा एवं कुशल श्रम से समाज में विशिष्ट पहचान बनाई है। शब्दोत्सव-संयोजक, मासिक साहित्यिकी 'कविकुंभ' की संपादक एवं 'बीइंग वुमन' की राष्ट्रीय अध्यक्ष रंजीता सिंह ने बताया कि प्रातः 9.30 बजे शब्दोत्सव उद्घाटन सत्र में शीर्ष कवि उपेंद्र कुमार पर केंद्रित अंक-विशेष के लोकार्पण के बाद पर परिचर्चा-सत्र में 'साहित्यकारिता एवं पत्रकारिता के अंतरसम्बंध' विषय पर कवि लीलाधर जगूड़ी, हेमराज कौशिक, मदन कश्यप, सुदर्शन वशिष्ठ, देवशंकर नवीन, राजेंद्र राजन, मोहम्मद इरफान, कवयित्री इला कुमार आदि की सहभागिता होगी। उपरांत में, पाठ-सत्र, संवाद-सत्र, थियेटर, गीत-नृत्य-संगीत, परिसंवाद, काव्योत्सव और स्वयं सिद्धा सम्मान से देश की 25 प्रतिष्ठित महिलाओं को शिखर सम्मान, सृजन सम्मान, नव-सृजन सम्मान, वरिष्ठ नागरिक सम्मान से समादृत किया जाएगा। संवाद-सत्र का विषय होगा- 'स्वातंत्र्य अमृत-वर्ष में साहित्य और पत्रकारिता की संभावनाएं', जिसमें सुदर्शन वशिष्ठ, राजेंद्र राजन, राकेश रेणु, डॉ देवेंद्र गुप्ता आदि अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। रंजीता सिंह ने बताया कि मशहूर हिंदी अभिनेता यशपाल शर्मा सपत्नीक आयोजन के मुख्य आकर्षण होंगे। उससे पूर्व काव्योत्सव में कवि लीलाधर जगूड़ी, उपेंद्र कुमार, जगदीश बाली, श्रीविलास सिंह, यतीश कुमार, वीरू सोनकर, द्वारिका प्रसाद उनियाल, पूनम अरोड़ा, सुशीला पुरी, सुभाष वशिष्ठ, उषा राय, विवेक निराला, आत्मा रंजन, शशांक गर्ग, एस आर हरनोट, सीताराम शर्मा आदि काव्य-पाठ करेंगे। शाम के सत्र में 'रंग-ए-फ़लक' मुशायरे में हिमाचल प्रदेश एवं अन्य राज्यों के यशस्वी कवि-शायर अफ़ज़ल मंगलौरी, नवनीत शर्मा, राशिदा बाकी हया, रमेश ढडवाल, नरेश दयोग, कुलदीप गर्ग तरुण, ध्रुव गुप्ता, रणवीर सिंह चौहान आदि अपने कलाम प्रस्तुत करेंगे।
हिमाचल प्रदेश में स्क्रब टायफस जानलेवा हो गया है, हिमाचल की इस साल पहली मौत होने का मामला सामने आया है। सोलन के 55 साल के व्यक्ति की स्क्रब टायफस से मौत हो गई है, व्यक्ति आईजीएमसी के आइसोलेशन वार्ड में दाखिल था बुधवार देर शाम व्यक्ति की मौत हो गई है हिमाचल में स्क्रब टायफस का इस साल में पहली मौत है। आईजीएमसी के प्रशासनिक अधिकारी डॉ राहुल गुप्ता ने व्यक्ति की मौत की पुष्टि की है। हिमाचल में जहां अभी कोरोना वायरस खत्म नहीं हुआ है। वहीं इसी बीच स्क्रब टायफस सक्रिय हो गया है। इस साल स्क्रब के अभी तक 600 मरीजों के टैस्ट किए गए हैं, जिसमें से 56 मामले पॉजिटिव आ चुके है। ध्यान रहे कि अब सीजन शुरू हो गया है अब लगातार स्क्रब टायफस के मामले आने शुरू हो गए हैं। बता दें की हर साल मामले को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी अर्लट रहता है। पहले ही विभाग ने लोगों को सर्तक रहने की सलाह दी है। चिकित्सक ने लोगों को निर्देश दिए है कि स्क्रब टायफस के लक्षण दिखने पर डॉक्टरों को जरूर दिखाए। बरसात के दिनों में स्क्रब टायफस के अधिक मामले आते है। विभाग का दावा है कि स्क्रब टायफस की स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है। स्क्रब टायफस के कम हो रहे टेस्ट वैसे कोरोना महामारी के चलते दो साल से स्क्रब टायफस के कम टैस्ट हो रहे हैं। इसका कारण यह है कि जिस लैब में कोरोना के टैस्ट होते है, उसी लैब में स्क्रब टायफस के टैस्ट होते है। यहां पर कोरोना के टैस्ट भी कई बार पेंडिंग में रहते है। ऐसे में स्क्रब टायफस के टैस्ट करवाने के लिए लैब में कम समय बचा होता है। चिकित्सक भी जरूरत के हिसाब से ही स्क्रब के टैस्ट करवा रहे हैं, लेकिन प्रशासन की यह लापरवाही भारी पड़ सकती है। इस बार तो अब कोरोना की सैंपलिंग भी कम हो रही है। स्क्रब टायफस के लक्षण स्क्रब टायफस होने पर मरीज को तेज बुखार जिसमें 104 से 105 तक जा सकता है। जोड़ों में दर्द और कंपकपी ठंड के साथ बुखार शरीर में ऐंठन अकडऩ या शरीर का टूटा हुआ लगना अधिक संक्रमण में गर्दन बाजू कूल्हों के नीचे गिल्टियां का होना आदि इसके लक्षण है।
राजकीय संस्कृत महाविद्यालय फागली और हिमाचल संस्कृत अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में आज शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थिएटर में संस्कृत पर एक नाटक ‘भारत विजयम’ का मंचन किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेे। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में विनोद शर्मा द्वारा निर्देशित कथाकार मथुरा प्रसाद दीक्षित के नाटक का मंचन किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल में संस्कृत को राज्य की दूसरी राजभाषा का दर्जा देकर प्रदेश सरकार ने बहुत ही सराहनीय पहल की है और अब हम सबको मिलकर संस्कृत को आगे बढ़ाना है। राज्यपाल ने कहा कि संस्कृत के प्रयोग और प्रसार के लिए आम लोगों को संभाषण शिविरों में भाग लेने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि राजभवन में भी संभाषण शिविर के माध्यम से संस्कृत का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संस्कृत एक बहुत ही समृद्ध भाषा है और इसके शब्द देश के हर राज्य में बोली जाने वाली भाषाओं और बोलियों में पाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने भारत के संसाधनों के साथ-साथ यहां की समृद्ध संस्कृति पर भी एक सुनियोजित ढंग से प्रहार किया था और इससे देश की एकता टूट गई। संस्कृत भाषा पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ा। भारत में ब्रिटिश शासन से पहले भारत की आर्थिक समृद्धि और साक्षरता के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कहा कि हम हर तरह से संपन्न और समृद्ध थे। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता के लिए संस्कृत के उद्भव पर बल दिया। इससे पहले, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. अमरजीत शर्मा ने राज्यपाल को सम्मानित करते हुए कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव के अवसर पर शिक्षा विभाग द्वारा अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि विद्यार्थियों को अपने गौरवशाली इतिहास की जानकारी मिल सके। उन्होंने संस्कृत को श्रुति से आगे ले जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की हैं और हाल ही में प्रदेश में दो नए संस्कृत महाविद्यालयों को अधिसूचित किया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि शीघ्र ही प्रदेश का अपना संस्कृत विश्वविद्यालय भी होगा। हिमाचल प्रदेश संस्कृत अकादमी के सचिव डॉ. केशवानंद कौशल ने राज्यपाल का स्वागत किया। इस अवसर पर संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी के पूर्व कुलपति पद्मश्री प्रो.अभिराज राजेंद्र मिश्र, सारस्वत अतिथि प्रो.केशव राम शर्मा, राजकीय संस्कृत महाविद्यालय फागली के प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश शर्मा और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
नीट का रिजल्ट घोषित हो गया है। इस परीक्षा में राजस्थान की तनिष्का ने 715 अंक हासिल कर पूरे देश में टॉप किया है। दिल्ली के वत्स आशीष बत्रा ने दूसरा और कर्नाटक के ऋषिकेश नागभूषण ने तीसरा स्थान हासिल किया। वहीं शिमला की भावना चोपड़ा ने भी नीट की परीक्षा पास की है। भावना ने 720 में से 600 मार्क्स लेकर माँ बाप का नाम रोशन किया है। 20599 में से भावना ने 8647 रैंक हासिल किया है। भावना की इस सफलता से उनके पिता प्रकाश चोपड़ा व माता मीरा चोपड़ा काफ़ी खुश हैं।
जिला शिमला के कोटखाई के समीप बागड़ा नामक स्थान पर वीरवार को मिक्सचर ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। जानकारी के मुताबिक ट्रक में तीन लोग सवार थे। हादसे में तीनों लोग घायल हो गए हैं। घायलों में ड्राइवर उम्र 21 साल निवासी सहारनपुर बताया जा रहा है। जबकि कार्तिक व शुभम करनाल का रहने वाले बताए जा रहा है। इन्हे प्राथमिक उपचार के लिए सीएचसी कोटखाई भेज दिया गया है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज यहां से प्रदेश के विभिन्न भागों के लिए 30 नई एम्बुलेंस को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। हिमाचल प्रदेश की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और एम्बुलेंस की निरन्तर आवश्यकता के दृष्टिगत यह सुविधा मरीजों के लिए लाभदायक सिद्ध होगी। इस अवसर पर मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के दूरदराज और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में लोगों के घरद्वार के निकट बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है ताकि मरीजों को अत्याधुनिक सुविधाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि 25 दिसम्बर, 2010 को राज्य में सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत यह राष्ट्रीय एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई थी। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2019 में 46, वर्ष 2020 में 100 और वर्ष 2022 में 50 एम्बुलेंस जनता को समर्पित की है। इस प्रकार प्रदेश के लोगों की सुविधा के लिए राष्ट्रीय एम्बुलेंस सेवा 108 के अन्तर्गत 196 एम्बुलेंस प्रदान की गई हैं। इसके अतिरिक्त जन कल्याण के लिए वर्ष 2020 में 10 जीवनधारा स्वास्थ्य एम्बुलेंस भी समर्पित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष मुख्यमंत्री मोबाइल क्लीनिक योजना के अन्तर्गत 10 वाहन उपलब्ध करवाए गए हैं और अभी तक जन कल्याण के लिए कुल 25 मुख्यमंत्री मोबाइल क्लीनिक वाहन प्रदान किए जा चुके हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय एम्बुलेंस सेवा 108 ने अब तक प्रदेश के 18,25,695 लाभार्थियों को आपातकालीन सेवाएं प्रदान की हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में 248 एम्बुलेंस के माध्यम से सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। प्रधान सचिव स्वास्थ्य सुभासीष पन्डा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक हेमराज बैरवा, निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग डॉ. अनीता महाजन भी इस अवसर पर उपस्थित थीं।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने बुधवार को प्रदेश के विभिन्न भागों के लिए 30 नई एम्बुलेंस को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। हिमाचल प्रदेश की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और एम्बुलेंस की निरन्तर आवश्यकता के दृष्टिगत यह सुविधा मरीजों के लिए लाभदायक सिद्ध होगी। इस अवसर पर मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के दूरदराज और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में लोगों के घरद्वार के निकट बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है ताकि मरीजों को अत्याधुनिक सुविधाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि 25 दिसम्बर, 2010 को राज्य में सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत यह राष्ट्रीय एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई थी। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2019 में 46, वर्ष 2020 में 100 और वर्ष 2022 में 50 एम्बुलेंस जनता को समर्पित की है। इस प्रकार प्रदेश के लोगों की सुविधा के लिए राष्ट्रीय एम्बुलेंस सेवा 108 के अन्तर्गत 196 एम्बुलेंस प्रदान की गई हैं। इसके अतिरिक्त जन कल्याण के लिए वर्ष 2020 में 10 जीवनधारा स्वास्थ्य एम्बुलेंस भी समर्पित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष मुख्यमंत्री मोबाइल क्लीनिक योजना के अन्तर्गत 10 वाहन उपलब्ध करवाए गए हैं और अभी तक जन कल्याण के लिए कुल 25 मुख्यमंत्री मोबाइल क्लीनिक वाहन प्रदान किए जा चुके हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय एम्बुलेंस सेवा 108 ने अब तक प्रदेश के 18,25,695 लाभार्थियों को आपातकालीन सेवाएं प्रदान की हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में 248 एम्बुलेंस के माध्यम से सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
कहा, कसुम्पटी क्षेत्र में भी बदल देंगे रिवाज मंडल नेतृत्व व संचालन समिति का जताया आभार फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला कसुम्पटी मंडल भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष सुलेखा कश्यप ने मंडल भाजपा महिला मोर्चा के कुफरी में हुए सफल सम्मेलन के लिए कसुम्पटी मंडल भाजपा नेतृत्व व महिला शक्ति का सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि गत वर्षों में महिला मोर्चा को लगातार मंडल में सक्रिय किया गया है। महिला शक्ति को हर बूथ पर जोड़ने का काम किया गया है और प्रदेश की सरकार ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में महिला शक्ति के स्वावलंबन, आर्थिक उत्थान व सामाजिक सुरक्षा के लिए नीतियों का निर्माण किया है, इसका विशेष प्रभाव महिला वर्ग पर देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि कसुम्पटी मंडल भाजपा महिला मोर्चा का कुफरी में हुआ सम्मेलन जोश से परिपूर्ण रहा है। महिला मोर्चा की राज्य अध्यक्षा व पर्यटन निगम के उपाध्यक्ष रशीदधर सूद ने महिला कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम किया है। सरकार की हर नीति को घर घर पहुंचाने का जो संदेश दिया है, उस पर काम करते हुए महिला मोर्चा आगामी चुनावों में घर-घर जाकर सरकार की उपलब्धियों को बताएगा। सुलेखा कश्यप ने कहा कि इस सम्मेलन के लिए कसुम्पटी मंडल भाजपा के नेतृत्व व महिला मोर्चा के संचालन समिति कार्यकर्ताओं का आभार है, जिन्होंने इस सम्मेलन में सक्रिय योगदान दिया और सम्मेलन को सफल बनाने में व्यवस्थाएं की। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की मेहनत व टीम वर्क का परिणाम है कि यह सम्मेलन महासम्मेलन में तबदील हुआ, जो ऐतिहासिक है, जो कसुम्पटी में भी रिवाज बदलने में अहम भूमिका अदा करेगा।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला कोटशेरा महाविद्यालय के अंदर आज एबीवीपी और SFI कार्यकर्ताओ के बीच खुनी झड़प हो गई। SFI का आरोप है कि एसएफआई के कार्यकर्ताओं पर हथियारों से हमला किया गया, जिसमें की एसएफआई के बहुत से कार्यकर्ताओं को गंभीर चोट आईं हैं।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत सह मंत्री विक्रांत चौहान ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पिछले लगभग दस वर्षों से छात्रहित में इस मांग को लेकर आंदोलनरत है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने इस मांग को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपे थे, जिसके परिणामस्वरूप आज यह निर्णय प्रदेश सरकार ने लिया है। इस योजना के माध्यम से गुणात्मक शोध हेतु प्रदेशभर में लगभग तीन हजार से अधिक शोधार्थी वानिकी विश्वविद्यालय नौणी, एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय पालमपुर और प्रदेश विश्वविद्यालय के शोधार्थी लाभान्वित होंगे। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि शोधार्थियों को सहायता राशि न मिलने के कारण समाजहित में गुणात्मक शोध करने में शोधार्थी असफल होते नजर आ रहे थे। शोधार्थी बढ़ती आयु के साथ-साथ रोजगार को लेकर चिंतित रहते थे और नौकरी की ओर उनका अध्ययन और आकर्षण रहता था, लेकिन आज प्रदेश सरकार ने छात्रहित और देशहित में एक सटीक और आवश्यक निर्णय लिया है अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इस निर्णय का सहर्ष स्वागत करती है। शोध के क्षेत्र में यह निर्णय मील का पत्थर साबित होगा और आने वाले समय में सरकार द्वारा दी जा रही। इस सहायता राशि से निश्चित रूप से शोध देश को नहीं ऊंचाई पर ले जाएगा और नए नए शोध से समाज को भी फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की नींव वंहा के युवा होते हैं, जो समाज में नया और सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करते हैं और मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना भी शोध के क्षेत्र में नया बदलाव लेकर आएगी, जो समाज और देश के लिए हितकारी साबित होगा।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना शुरू करने का निर्णय लिया गया। इस योजना के तहत शोधार्थियों को पंजीकरण की तिथि से तीन वर्षों तक 3000 रुपए मासिक फैलोशिप दी जाएगी। विभिन्न क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शोध के लिए युवाओं को प्रेरित करने के लिए यह योजना आरंभ की गई है। मंत्रिमंडल ने सीसीएस (अवकाश) नियम, 1972 के नियम 43-बी को अपनाते हुए बच्चा गोद लेने वाली राज्य सरकार की नियमित महिला कर्मचारियों को 180 दिनों का बाल दत्तक ग्रहण अवकाश प्रदान करने की मंजूरी प्रदान की। बैठक में सोलन जिला की कृष्णगढ़ उप तहसील के अंतर्गत मंडेसर और ढकरियाना में दो नए पटवार सर्किल खोलने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने ऊना जिला की उप तहसील हरोली के तहत लालड़ी में नया पटवार वृत्त खोलने का निर्णय लिया। बैठक में हमीरपुर जिला के नादौन विधानसभा क्षेत्र के हथोल तथा टयालू में नए पटवार वृत्त खोलने का निर्णय लिया गया। बैठक में बिलासपुर जिला के श्रीनैना देवीजी विधानसभा क्षेत्र के बस्सी में नया कानूनगो वृत्त खोलने को मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिला की इंदौरा तहसील के अंतर्गत थापकौर और नूरपुर तहसील के अंतर्गत कमनाला में नए पटवार वृत्त बनाने को सहमति प्रदान की। बैठक में सिरमौर जिले की नौहराधार तहसील में पटवार वृत्त चराना को विभाजित कर नया पटवार वृत्त सैल (चुनवी स्थित शायला) खोलने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने बिलासपुर जिला के झंडूता विधान सभा क्षेत्र के बल्हसीणा में नया डिग्री कॉलेज खोलने का निर्णय लिया। इसके लिए विभिन्न श्रेणियों के 16 पद सृजित कर भरने के साथ-साथ 5 करोड़ रुपए की धनराशि का प्रावधान करने को भी मंजूरी दी। इसी प्रकार चंबा जिले के चुराह विधानसभा क्षेत्र के मसरूंड में भी नया डिग्री कॉलेज खोलने और इसके लिए विभिन्न श्रेणियों के 16 पदों के सृजन एवं भरने तथा पांच करोड़ रुपए की धनराशि का प्रावधान करने का निर्णय भी लिया गया। मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम नई दिल्ली के पक्ष में ब्लॉक सरकारी गारंटी 35 करोड़ से बढ़ाकर 50 करोड़ रुपए करने को स्वीकृति प्रदान की। बैठक में हिमाचल प्रदेश के महाधिवक्ता कार्यालय के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 18 पदों को भरने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर के परिसर में पुलिस थाना बिलासपुर के अंतर्गत नई पुलिस चौकी स्थापित करने और इसके लिए विभिन्न श्रेणियों के 6 पदों के सृजन एवं भरने को सहमति प्रदान की। बैठक में राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात विशेष पुलिस अधिकारियों (एसपीओ) के मानदेय में प्रथम सितंबर, 2022 से प्रतिमाह 900 रुपए वृद्धि करने का निर्णय लिया गया, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात लगभग 510 एसपीओ को लाभ प्राप्त होगा। मंत्रिमंडल ने सोलन नगर निगम क्षेत्र में बेतरतीब पार्किंग, वाहनों की भीड़ और ऑटोमोबाइल वर्कशॉप्स के कारण आने वाली विभिन्न समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए सोलन में ट्रांसपोर्ट नगर स्थापित करने का भी निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने मंडी जिला के राजकीय उच्च विद्यालय खीणी, शाला निशार, शोध अधार और कांढा तथा बिलासपुर जिला के उच्च विद्यालय साई ब्राह्मणा, निहारखन वासला, भगेड़, पनेहड़ा और कल्लर तथा सोलन जिला के राजकीय उच्च विद्यालय भटोलीकलां को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में स्तरोन्नत करने का निर्णय लिया। इसके अतिरिक्त मंडी जिला के राजकीय माध्यमिक विद्यालय ज्वालापुर, थाड़ी, खलबूट और डोभा तथा बिलासपुर जिला के राजकीय माध्यमिक विद्यालय दिगथली, जामला, सवाना, सिदसूह, हरितल्यांगर, मंडयाली और भटेड़ तथा सोलन जिला के राजकीय माध्यमिक विद्यालय धर्मपुर को राजकीय उच्च विद्यालयों मेंस्तरोन्नत करने तथा इन नव स्तरोन्नत विद्यालयों में विभिन्न श्रेणियों के 84 पद सृजित कर भरने का भी निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने मंडी जिला के राजकीय माध्यमिक विद्यालय बैला और चूरढ़ को राजकीय उच्च विद्यालयों में स्तरोन्नत करने तथा इनके लिए 16 पदों कोसृजित कर भरने का भी निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने बिलासपुर जिला के राजकीय प्राथमिक विद्यालय अमरोआ को राजकीय माध्यमिक विद्यालय में स्तरोन्नत करने व इसके लिए तीन पद सृजित कर भरने की भी स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिला के नूरपुर में इंडोर स्टेडियम, मंडी जिला के जंजैहली स्टेडियम तथा शिमला जिला के खेल छात्रावास दत्तनगर/इंडोर स्टेडियम रामपुर में नव निर्मित खेल अधोसंरचना के संचालन के लिए 12 पदों पर कर्मियों की सेवाएं लेने को भी स्वीकृति प्रदान की।
मुख्यमंत्री ने एचपीटीडीसी के निदेशक मंडल की 158वीं बैठक की कि अध्यक्षता फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) के कर्मचारियों को राज्य सरकार के अन्य कर्मचारियों की तर्ज पर प्रथम जनवरी, 2016 से संशोधित वेतनमान प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के निदेशक मंडल की 158वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया। निदेशक मंडल के इस निर्णय से निगम के 1300 से अधिक कर्मचारियों को प्रति वर्ष 12.40 करोड़ रुपए का लाभ प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित किया है कि कर्मचारियों को उनका बकाया समय पर प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम ने इस वर्ष अप्रैल से जुलाई माह के दौरान 45.91 करोड़ रुपए की आय और लगभग 11.79 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि निगम को हाउसमैन, यूटिलिटी वर्कर, सुरक्षा गार्ड/चौकीदार, विशेषज्ञ रसोइया, इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर, बढ़ई, राजमिस्त्री, माली और बेलदार आदि की श्रेणियों में आवश्यकता आधारित श्रम शक्ति को काम पर रखने के लिए अधिकृत किया जाएगा, ताकि होटल इकाइयों की कार्यप्रणाली को सुव्यवस्थित किया जा सके। उन्होंने कहा कि इससे पर्यटन इकाइयों में ग्राहकों को बेहतर सेवाएं सुनिश्चित होंगी। मुख्यमंत्री ने निगम की कार्यप्रणाली में व्यावसायिकता लाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कर्मचारियों को प्रशिक्षण, पुनश्चर्या पाठ्यक्रम आदि के माध्यम से प्रेरित कर कार्य संस्कृति में बदलाव लाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को खाद्य उत्पादन व सेवा आदि में निपुणता के लिए इन-हाउस प्रशिक्षण और रिफ्रेशर कोर्स आयोजित किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास निगम के उपक्रमों के प्रचार के लिए वेबसाइट और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रभावी अभियान चलाया जाना चाहिए। एचपीटीडीसी के प्रबंध निदेशक अमित कश्यप ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। बैठक में मुख्य सचिव आरडी धीमान, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव पर्यटन देवेश कुमार और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
एबीवीपी एचपीयू इकाई ने मनाया शिक्षक दिवस फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई के कार्यकर्ताओं ने आज शिक्षक दिवस के पुनीत अवसर पर विवि के विभिन्न विभागों में उपस्थित शिक्षकों को अपनी ओर से उपहार भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इकाई अध्यक्ष आकाश नेगी ने कहा कि शिक्षा के चार स्तंभ होते हैं। छात्र, शिक्षक, अभिभावक और समाज इन चारों में परस्पर संबंध अच्छे हों, तो एक अच्छे राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता है। शिक्षक का समाज में सहज सम्मान हो उसे किसी विशेष दिन की आवश्यकता नहीं है। शिक्षक को केवल सम्मान की आवश्यकता है और विद्यार्थी परिषद एकमात्र ऐसा संगठन है, जिसकी परिकल्पना ही छात्र और शिक्षक के संबंधों पर हुई है। इस स्नेह भेंट के उपरांत परिषद के कार्यकर्ताओं ने सभी शिक्षकों से आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि गुरु ही शिष्य को चरित्रवान बना सकते हैं एवं इस भौतिकवादी युग में पाठ्यक्रम में नैतिक शिक्षा परम आवश्यक है। आकाश ने कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा भारत की संस्कृति का एक अहम और पवित्र भाग है। जीवन में गुरु का स्थान कभी कोई नहीं ले सकता। भारत में प्राचीन समय से ही गुरु व शिष्य परंपरा चली आ रही है। जीवन जीने का असली सलीका हमें शिक्षक ही सिखाते हैं एवं सही मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं। इस मुलाकात के उपरांत आकाश ने शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गुरु महिमा की चर्चा आदिकाल से ही होती रही है और आगे भी यथावत होती रहेगी। गुरु समाज को शिक्षित कर देश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। ऐसे में परिषद के कार्यकर्ता विवि के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं के ऋणी है, जिनके बताए मार्गों व आदर्शों पर चलकर परिषद के कार्यकर्ता उज्जलव भविष्य की ओर अग्रसर है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला हिमाचल प्रदेश पर्यटन निगम के उपाध्यक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की राज्य अध्यक्ष रश्मिधर सूद जिला शिमला के कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र के महिला मोर्चा सम्मेलन के लिए कुफरी में पहुंची। सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता पहुंची थी। इस दौरान मंच पर स्वागत कार्यक्रम के बाद जब संबोधन शुरू हुआ, तो रश्मिधर सूद मंच से उठकर नीचे फर्श पर दरिओं पर बैठी महिला कार्यकर्ताओं के साथ बैठ गई। महिला कार्यकर्ता अपने साथ इस प्रकार से राज्य अध्यक्ष को बैठा देख सेल्फी भी लेने लगी और उनकी सराहना भी करने लगी। महिला मोर्चा की राज्य अध्यक्ष जमीन से जुड़ी हुई महिला नेत्री हैं और वे अपने अनोखे अंदाज से महिला कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाती रहती हैं। कसुम्पटी मंडल भाजपा की महिला नेत्री प्रतिभा बाली, मंडल अध्यक्ष सुलेखा कश्यप, व मंडल की उपाध्यक्ष रचना झीना शर्मा ने कहा कि राज्य अध्यक्ष रश्मि सूद का कार्यकर्ताओं के बीच बैठ कर के भाषण सुनना अपने आप में प्रेरणा देने वाला है। उन्होंने कहा कि राज्य अध्यक्ष महिला कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम करती हैं, जिसके लिए उनके नेतृत्व को साधुवाद। वहीं, रश्मिधर सूद ने कहा कि हम सब कार्यकर्ता हैं, जिम्मेदारी में अध्यक्ष हैं, लेकिन सभी कार्यकर्ता हैं और कार्यकर्ताओं के बीच बैठ कर के अच्छा लगता है और कार्यकर्ता का भाव सदैव रहना चाहिए। क्योंकि भारतीय जनता पार्टी का मूल मंत्र कार्यकर्ता है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला राज्य सरकार टीजीटी संस्कृत शिक्षकों को शीघ्र ही प्रदेश में अन्य टीजीटी शिक्षकों के समान लाभ प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज मण्डी जिला के सुंदरनगर में संस्कृत भारती हिमाचल प्रदेश और भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित संस्कृत-उत्कर्ष महोत्सव की अध्यक्षता करते हुए यह घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को ‘देवभूमि’ के नाम से जाना जाता है और ‘देव वाणी’ को उचित सम्मान देना इस दिव्य भूमि का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि इसी अवधारणा के दृष्टिगत संस्कृत को दूसरी भाषा का दर्जा देने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के इस निर्णय का उन लोगों ने विरोध किया था, जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल हर घर तिरंगा अभियान को निष्फल बताकर विरोध किया था। जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार संस्कृत भाषा को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शिमला जिला के रामपुर क्षेत्र के शिंगला और कुल्लू जिला के मनाली के निकट जगतसुख में नए संस्कृत महाविद्यालय स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने संस्कृत महाविद्यालय डंगार को अपने नियंत्रण में लेने की मांग को भी पूरा किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने शास्त्री एवं भाषा अध्यापकों को टीजीटी शास्त्री एवं भाषा अध्यापक के रूप में नामित करने का भी निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के इस निर्णय से अब 15,000 भाषा अध्यापकों और शास्त्री अध्यापकों को टीजीटी हिंदी और टीजीटी संस्कृत के रूप में नामित किया गया है। उन्होंने कहा कि संस्कृत महाविद्यालयों में प्राध्यापकों की नियुक्ति के साथ ही संस्कृत लेक्चरर्स के नए पद सृजित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि संस्कृत भारती हिमाचल प्रदेश में वर्ष 1999 से संस्कृत को सार्वजनिक व्यवहार और बोल-चाल में शामिल करने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि संस्कृत भारती विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन कर समाज के हर वर्ग तक संस्कृत भाषा को पहुंचाने का कार्य कर रही है। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने अगामी वर्ष से तीसरी कक्षा से संस्कृत भाषा पढ़ाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के सक्षम नेतृत्व में संस्कृत को राज्य की दूसरी भाषा घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि संस्कृत एक देवभाषा है और देवभूमि हिमाचल संस्कृत भाषा को वास्तव में ही सम्मान देने वाला देश का पहला राज्य है। अखिल भारतीय संस्कृत भारती संगठन मंत्री दिनेश कामथ ने कहा कि संस्कृत विश्व की सबसे प्राचीन भाषा है और पुरातन काल से ही हर भारतीय को संस्कृत भाषा विरासत में मिली है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में सभी आध्यात्मिक संस्कार और पूजा संस्कृत भाषा में की जाती है। उन्होंने कहा कि यह प्रमाणित हो चुका है कि सबसे पहले लिखित अभिलेख संस्कृत भाषा में थे और यह ऋग्वेद से लिए गए हैं, जो कि प्राचीन काल से हिन्दू सूक्त और मंत्रों का संग्रह है। उन्होंने कहा कि संस्कृत वास्तव में विश्व की एकमात्र वैज्ञानिक भाषा और सभी भाषाओं का आधार है। विधायक राकेश जम्वाल ने कहा कि संस्कृत को राज्य में दूसरी भाषा का दर्जा दिया गया है और इसका श्रेय मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को जाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से उनके निर्वाचन क्षेत्र में संस्कृत महाविद्यालय के भवन निर्माण के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाने का भी आग्रह किया। इस अवसर पर प्रांत मंत्री संजीव और मनोज शैल ने मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। संस्कृत भारती हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा, भाषा कला एवं संस्कृति विभाग के निदेशक डॉ. पंकज ललित, हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सुरेश सोनी, जिला परिषद के अध्यक्ष पाल वर्मा, उपायुक्त मंडी अरिंदम चौधरी व पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री और अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज सुंदरनगर में अम्बा प्रसाद रोटरी चैरिटेबल नेत्र अस्पताल का शिलान्यास किया। उन्होंने इस अवसर पर सुंदरनगर पॉलिटेक्निक एलुमिनी एसोसिएशन द्वारा दान की गई एडवांस लाइफ स्पोर्टिंग एम्बुलेंस को भी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एनआरआई और समाजसेवी अम्बा प्रसाद का इस नेत्र अस्पताल निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपए दान करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अम्बा प्रसाद, राजकीय बहुतकनीकी महाविद्यालय सुंदरनगर के पूर्व छात्र भी हैं। उन्होंने कहा कि रोटरी क्लब द्वारा संचालित यह अस्पताल गरीब नेत्र रोगियों के लिए वरदान साबित होगा, क्योंकि इस अस्पताल में गरीब मरीजों का निःशुल्क नेत्र उपचार किया जाएगा। जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के लोगों को उनके घरों के नजदीक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस नेत्र अस्पताल के निर्माण के लिए जिला गवर्नर रोटरी डॉ. दुष्यंत चौधरी द्वारा लगभग 2.40 करोड़ रुपए के योगदान करने की घोषणा के लिए उनकी सराहना की। उन्होंने सुंदरनगर अस्पताल के लिए 25 लाख रुपए की एडवांस लाइफ स्पोर्टिंग एम्बुलेंस दान करने के लिए राजकीय बहुतकनीकी महाविद्यालय सुंदरनगर के पूर्व छात्रों का भी आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विधायक सुंदरनगर राकेश जम्वाल ने मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। उन्होंने सुंदरनगर में इस नेत्र अस्पताल के निर्माण के लिए बहुमूल्य भूमि उपलब्ध करवाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर समाजसेवी व एनआरआई अम्बा प्रसाद ने कहा कि सुंदरनगर में चैरिटेबल नेत्र अस्पताल खोलना लंबे समय से सपना था। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल में गरीब मरीजों को विश्वस्तरीय नेत्र उपचार की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध करवाई जाएगी। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर, जिला परिषद के अध्यक्ष पाल वर्मा, उपायुक्त मंडी अरिंदम चौधरी, पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
मनाेज शर्मा। अर्की अर्की क्षेत्र की सड़को पर जगह-जगह कहीं भी आवारा पशुओं को देखा जा सकता है। अर्की के युवा नेता शशिकांत ने कहा कि कई आवारा पशुओं के झूंड क्षेत्र की बातलघाटी चौक, पौघाटी व भूमती के आसपास के क्षेत्रों में सड़कों के किनारे देखा जा सकता है। इन आवारा पशुओं से न केवल गाड़ियों की आवाजाही बाधित होती है, बल्कि इनकी चपेट में आने से कोई बड़ी दुर्घटना भी हो सकती है। पैदल चलने वाले यात्रियों को भी इनके हमले का शिकार होने का खतरा बना रहता है। युवा सामाजिक कार्यकर्ता हेमराज ने कहा कि हर गांव में ये आवारा पशु जगह-जगह किसानों की लाखों रूपए की फसलें खाकर तबाह कर जाते हैं। जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर जाता है। प्रभावित किसान हताश होकर फसल बोना ही बंद कर देता है। जिससे उसके खेत उजाड़ रह जाते है। इस भयंकर समस्या पर सरकार व प्रशासन का कोई नियंत्रण नहीं है। इनके आवास के लिए न ही कोई व्यापक योजना है न ही गौशाला जैसा प्रबंधन है। स्थानीय नेताओं की गाडि़यों के मार्ग में भी ये आवारा पशु अवरोध उत्पन्न करते है, परंतु वे इनके प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए कोई ध्यान नहीं देते। शशिकांत ने मीडिया के माध्यम से सरकार व प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस समस्या पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। क्षेत्र के वाहन चालकों, यात्रियों, राहगीरों व ग्रामीणों की फसलों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठायें जाने चाहिए।
प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष भीड़ देख कर हुए गदगद सचिन बैंसल। नालागढ़ इंटक के प्रदेश अध्यक्ष हरदीप बावा ने पंजेहरा में विशाल परिवर्तन रैली का आयोजन किया। भीड़ को देकर प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और सह प्रभारी संजय दत काफी प्रभावित हुए। इन नेताओं ने भीड़ को देख कर यहां तक कह दिया कि नालागढ की सीट कांग्रेस की झोली में है और यहां से कांग्रेस का प्रत्याशी प्रदेश के सबसे अधिक वोट लेकर जीत दर्ज करेंगे। मौसम खराब होने के बावजूद जिस तरह लोगों को हजूम उमड़ा उससे पांच हजार कुर्सियां मंगाई थी लेकिन जब वह भर गई तो उतने ही लोग खड़े हो गए। इंटक प्रदेश अध्यक्ष हरदीप बावा ने कहा कि पांच साल भाजपा की सरकार के दौरान नालागढ़ में कानून व्य्वस्था पूरी तरह से चरमा गई। यहां पर अवैध खनन, नशे का कारोबार फल फूलता गया। ट्रक यूनियन को कमजोर करने का प्रयास किया गया। जिससे लोग काफी निराश हुए। नालागढ़ में जो भी विकास हुआ है वह कांग्रेस की देन है। चाहे रामशहर में कालेज हो, पंजेहरा में तहसील खोलना, आरटीओ कार्यालय, नालागढ़ बस स्टेंड, बोदला और उपरली ढांग पुुल समेत 65 सिंचाई पेयजल योजना कांग्रेस की देन है। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि आने वाली सरकार कांग्रेस की है और लोग कांग्रेस को समर्थन करें। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि चुनाव आते ही मुख्यमंत्री गरीब का साथ देने का नाटक रहे है। मैं गरीब हुं, मुझे मौका नहीं मिला। पांच साल कुछ किया नहीं अब मौका मांग रहा है लेकिन अब भाजपा सरकार का विदा होने का समय आ गया है। अब कुछ दिन के बाद जयराम ठाकुर अकेला बैठेगा। बहुत उड़ गया हेलीकाप्टर। महगाई ने आम लोगों की कमर तोड़ कर रख दी है। अब जनता इस सरकार को घर बैठाने को तैयार है। दूध और दही पर भी टैक्स लगा दिए है। अगर सरकार को यह पता चल जाए की किसान अपने घर में दही जमा रहा है तो उसकी दही पर भी टैक्स लग जाएगा। पहली सरकार है जिसने बिंदी, चुड़ी, शमशान घाट और कफन पर भी टैक्स लगा दिया है। उन्होंने कहा कि आने वाले कांग्रेस सरकार गरीब किसानों के ट्रकों को बिकने नहीं देखे और इसके लिए एक कानून बनाया जाएगा। मंडी में हवाई पट्टी तो बना नहीं सका रिवाज बदलने की बात करता है। कांग्रेस सरकार आते ही देवी देवताओं के उत्थान के लिए एक कानून बनाएंगे। परिवर्तन रैली में भीड़ ने भाजपा को दिखाया चेहरा सह प्रभारी सजय दत्त ने कहा जिस तरह से नालागढ़ में लोगों को हजूम उमड़ा है, उससे यह स्पष्ट हो गया है कि यहां की जनता भाजपा को सत्ता से बाहर करने के मूड़ में है। अब चुनाव आने के बाद भाजपा झूठे वायदे करके लोगों को गुमराह कर रही है लेकिन जनता को पता है कि जिस सरकार के पांच साल तक कुछ नहीं किया वह अब क्या करेगी। डबल इंजन की सरकार पटरी से उतर गई है। अब बिना बजट के घोषणाएं कर रही है। लेकिन अब समय निकल गया है। यहीं पर कांग्रेस का प्रत्याशी जीतने के बाद सभी नेता दोबारा से जीत का जश्न मनाने आएंगे। महगाई और रोजगार के लिए कांग्रेस ने बनाई नई योजना -प्रतिभा प्रदेश अध्यक्ष रानी प्रतिभा ने कहा कि नालागढ़ में जो भी विकास हुआ है वह कांग्रेस की देन है। वर्तमान में महिलाएं सशक्त है वह स्व. राजीव गांधी के प्रयास है। देश के प्रधानमंत्री हिमाचल का दौरा करते है और करोड़ो रुपये उनका दौरे पर खर्च होता है जनता का पैसा दोनो हाथ से लूटा जा रहा है। कांग्रेस ने सता में आने के बाद मंहगाई, बेरोजगारी को दूर करने के लिए योजनाएं बनाई है। पुरानी पेंशन को बहाल किया जाएगा। तीन सौ यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जाएगी। महिलाओं को 15 सौ रुपये हर माह दिया जाएगा। उन्होंने नालागढ में कांग्रेस को मजबूत करने के अपील की है। इस मौके पर पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा, रेणुका के विधायक विनय कुमार, जिला अध्यक्ष शिव कुमार, ब्लाक अध्यक्ष हुसन चंद ठाकुर समेत गणमान्य लोग उपस्थित रहे। किसी के जाने से पार्टी को नहीं पड़ेगा फर्क -मुकेश लखविंद्र राणा के भाजपा में शामिल होने पर नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि पहले भाजपा को धोखा देता रहा तो कांग्रेस में शामिल हो गया अब दो बार कांग्रेस का विधायक बनने के बाद वापस भाजपा में चला गया। लोग आते जाते रहेंगे लेकिन कांग्रेस पार्टी हमेशा चलेगी। किसी जाने से पार्टी को कोई पर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि विधायक के जाने का बाद ब्लाक अध्यक्ष हुसन चंद ठाकुर अपने जगह पर अडिग रहे। उन्होंने कहा कि सरकार बनते ही ब्लाक अध्यक्ष के बलिदान को देखते हुए उसे इसका सम्मान दिया जाएगा। कुछ लोग नौकरी छोड़ कर पार्टी में शामिल होने की बात कर रहे हैं, लेकिन पार्टी अभी ऐसे लोगों को लेने के लिए भी तैयार नहीं है।
शिमला : डॉ जनकराज की चुनाव में उतरने की तैयारी, दिया अपनी सेवाओं से त्यागपत्र का सरकार को भेजा नोटिस
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला दिमाग की सर्जरी करने वाले डॉ. जनकराज ने अब सियासी सर्जरी करने की पूरी तैयारी कर ली है। न्यूरो सर्जन डॉ. जनकराज ने न्यूरो सर्जन पर एमएस पद से त्याग पत्र का नोटिस सरकार को दे दिया है। उन्होंने स्वास्थ्य सचिव को ये नोटिस दे दिया है और बताया जाता है कि तीन माह पहले नोटिस देना जरूरी होता है और इसी प्रोटोकॉल को फॉलो करते हुए उन्होंने ये नोटिस दिया है। वर्तमान में डॉ जनकराज प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी के एमएस है और न्यूरो सर्जन विभाग के हेड है। उन्होंने इन दोनों पदों को छोड़ने की बात नोटिस में लिखी है। डॉ. जनक जनरल सर्जरी में एमएस डिग्री के साथ ही बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से न्यूरो सर्जरी में एमसीएच यानी सुपर स्पेशिएलिटी डिग्री होल्डर हैं, 2009 से वे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं। मौजूदा वक्त में वो प्रदेश के सबसे बड़े आईजीएमसी अस्पताल के एमएस और न्यूरो सर्जरी विभाग के हैड हैं। कोविड के दौरान उनकी सेवाओ को प्रदेश भर में सराह गया था। स्वास्थ्य सेवाएं देने के साथ साथ वे सामाजिक गतिविधियों में भी हिस्सा लेते रहे है और उन्हें मरीजो का मसीहा भी कहा जाता है, लेकिन अब त्याग पत्र देकर अब वे राजनीति में हाथ आजमाने जा रहे है। हालांकि 2017 में भी उन्होंने ऐन चुनावी समय में लंबा अवकाश लिया था और भाजपा से टिकट की दावेदारी पेश की थी, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला था और वापस ड्यूटी पर लौट आए थे और प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद उन्हें आईजीएमसी का एमएस बनाया गया था, लेकिन इस बार फिर से वे सक्रिय हो गए है और काफी समय से भरमौर ओर पांगी में जन सम्पर्क अभियान भी चलाया है और लोगो की नब्ज टटोल रहे थे। चुनावों के लिए अब समय भी काफी कम रह गया है। ऐसे में उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृति के लिए आवेदन किया है। डॉ. जनकराज ने कहा कि भरमौर पांगी क्षेत्र कि जनता चाहती है की वे चुनाव लड़े ओर अब वे राजनीति के जरिए जनसेवा करना चाहते है। डॉक्टर रहते केवल वे स्वस्थ्य सेवाएं ही दे पाते हैं, लेकिन राजनीति के माध्यम से व्यापक स्तर पर सेवा कार्य हो सकते हैं। डॉ. जनक ने कहा की भरमौर इलाका जनजातीय है और यहां समय के अनुरूप विकास की सख्त जरूरत है। हालांकि उन्होंने राजनीति में प्रवेश के बावजूद भी वे मरीजों की सेवा के लिए उपलब्ध रहने की बात कही और निःशुल्क ही आईजीएमसी अस्पताल में न्यूरो सर्जरी विभाग में में या अन्य अस्पतालों में सेवाएं देते रहेंगे।
किसान पशुपालक हो रहे बर्बाद, सोई हुई हैजयराम सरकार लंपी बीमारी की रोकथाम के प्रयास करे और पशुपालकों को जल्द मुआवजा दे सरकार फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला आम आदमी पार्टी किसान विंग के अध्यक्ष अनिंदर सिंह नौटी ने कहा कि प्रदेश में लंपी बीमारी से दुधारु पशुओं की मौत हो रही है। पशुओं की मौत होने पर पशुपालक किसान बर्बाद हो रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर अपनी रैलियों में व्यस्त है। जयराम सरकार ने साबित किया है कि उन्हें पशुपालक किसानों की कोई चिंता नहीं है। पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर झूठी घोषणाएं कर रही हैं। कहीं कह रहे हैं कि बीमारी को रोकने के लिए टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा, कहीं मुआवजा देने के लिए 30 हजार रुपए देने की बात कर रहे हैं, लेकिन अभी तक पशुपालक किसानों को कोई राहत नहीं मिली है। लंपी वायरस से बीमारी लगातार फैल रही है और पशुओं के मरने का क्रम जारी है। किसान विरोधी जयराम सरकार की ओर से बीमारी को रोकने और पशुपालकों किसानों को राहत देने के कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। जिससे साबित होता है कि सरकार को किसानों की चिंता नहीं है। अनिंदर सिंह नौटी ने कहा कि आम आदमी पार्टी की ओर से लंपी वायरस से फैल रही बीमारी को रोकने के लिए शुरुआती दिनों से ही सरकार से मांग की जा रही है। जिन पशुओं की लंपी बीमारी से मौत हो गई है, उन पशुपालक किसानों को मुआवजा देने की भी मांग कर रहे हैं। कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर ने 13 अप्रैल को लंपी वायरस से फैल रही बीमारी को महामारी घोषित कर पशुपालक किसानों को 30 हजार रुपए प्रति पशु मुआवजा देने की बात कही, लेकिन आज तक किसी भी पशुपालक किसान को मुआवजा नहीं मिला है। प्रदेश में हजारों दुधारु पशुओं की मौत हो चुकी है लेकिन सरकार पशुपालक किसानों को यह भी नहीं बता पाई है कि मुआवजा कहा से मिलना है और कौन इस बात की गिनती करेगा कि किसके, कितने पशुओं की मौत लंपी वायरस की बीमारी से हुई है। पशुपालक किसान मुआवजे के लिए कहां जाएं और किसके पास आवेदन करें, इसका भी कोई प्रबंध कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर नहीं कर पाए हैं। कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर ने बीमारी की रोकथाम के प्रयास करने के लिए टास्क फोर्स के गठन की घोषणा भी की थी, लेकिन अभी तक टास्क फोर्स का गठन नहीं हुआ है। पशुपालक किसानों के पास बीमारी से रोकथाम के लिए सरकार की ओर से कोई नहीं पहुंचा। अनिंदर सिंह नौटी ने कहा कि प्रदेश में जगह-जगह लावारिश गौवंश इस बीमारी से दम तोड़ रहे हैं। गौ सेवा के बड़े-बड़े दावे करने वाली भाजपा सरकार ने गौ सेस के नाम पर भी करोड़ों रूपया पूरे प्रदेश से इकट्ठा किया है। लेकिन अब बीमारी के संकट के समय में गौ सेवा आयोग का कोई अता पता नहीं है। अनिंदर सिंह नौटी ने कहा कि दुधारु पशुओं की मौत होने पर पशुपालक किसानों की आय का साधन खत्म हो गया है। एक पशुपालक किसान के चार-चार दुधारु पशुओं की मौत हो गई है, जिससे वह बर्बाद हो गए हैं। प्रदेश की जयराम सरकार किसानों को अभी तक कोई मदद नहीं पहुंचा पाई है। जिससे लगता है कि जयराम सरकार अभी सोई हुई है। अनिंदर सिंह नौटी ने कहा कि सरकार जल्द ही बीमारी से रोकथाम के लिए कदम उठाए और मृत पशुओं की जल्द गिनती कर पशुपालक किसानों को मुआवजा प्रदान करे। दुग्ध उत्पादक किसान पहले से ही महंगे पशु चारे, फीड, दवाइयां आदि से घाटे में है, ऊपर से इस बीमारी ने उनकी पूरी तरह कमर तोड़ कर रख दी है। प्रदेश की भाजपा सरकार अपनी जिम्मेदारी को निभाने में पूरी तरह विफल हो चुकी है। आम आदमी पार्टी ने किसानों की मांगों को लेकर पावंटा साहिब में अनिंदर सिंह नौटी के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन भी किया था, जिसमें एसडीएम को ज्ञापन देकर लंपी वायरस से फैल रही बीमारी की रोकथाम के लिए कदम उठाने और पशुपालकों को मुआवजा देने की मांग की थी। इसके साथ ही भारी बारिश के कारण किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। फसलों के नुकसान की गिरदावरी कराकर किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की थी, लेकिन किसान विरोधी जयराम सरकार ने अभी तक किसानों की मांगों पर कुछ नहीं किया।
चंबा के राजकीय महाविद्यालय तेलका में छात्रों से पेपर चैक करने वाले मामले में कार्यवाई की उठाई मांग फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा शनिवार दोपहर को परीक्षा नियंत्रक का घेराव किया गया। विद्यार्थी परिषद ने इस दौरान मांग की कि हाल में जो तेलका कॉलेज में प्राध्यापक द्वारा किसी छात्र से अन्य छात्रों के पेपर चैक करवाने का मामला सामने आया है, उक्त मामले में संलिप्त सभी दोषियों पर सख्त कानूनन कार्यवाई अम्ल में लाई जाए। आकाश ने कहा कि 2 दिन पहले सोशल मीडिया में तेलका कॉलेज का एक वीडियो वायरल होता है, जिसमें साफ तौर पर देखा जा सकता है कि एक छात्र कंप्यूटर पर पेपर चैक कर रहा होता है। उन्होंने कहा कि पेपर चेकिंग प्रक्रिया विश्वविद्यालय प्रशासन की एक गुप्त प्रक्रिया होती, लेकिन इस प्रक्रिया की तेलका कॉलेज में सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। पेपर चेकिंग में इस प्रकार की लापरवाही वरतना छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। आकाश ने कहा कि एबीवीपी एचपीयू इकाई ने इस संदर्भ में परीक्षा नियंत्रक को लिखित शिकायत सौंप दी है। विद्यार्थी परिषद ने इस शिकायत पत्र के माध्यम से मांग कि है इस मामले में जल्द से जल्द कार्यवाई की जाए। आकाश ने परीक्षा नियंत्रक को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आने समय में उक्त प्राध्यापक पर उचित कार्यवाई अम्ल में नहीं लाई गई, तो विद्यार्थी परिषद उग्र से उग्र आंदोलन करेगी और इसके लिए विवि प्रशासन स्वंय जिम्मेदार रहेगा।
फर्स्ट वर्डिक्ट। ठियाेग ठियोग माइपुल के पास बीती रात एक सेब से लदा ट्रक गिरी नदी में जा गिर। हादसे में किसी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन चालक को चोटें आई है। चालक को ईलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। बताया जा रहा है कि सैंज से नेरिपुल सड़क की खस्ता हालत के चलते पेश काया हादसा। पुलिस माैके पर पहुंच कर हादसे की जांच कर रही है।
विवि पुस्तकालय की दशा और व्यवस्थाओं में जल्द हो सुधार-कमलेश ठाकुर पुस्तकालय में छात्रों को आ रही समस्याओं को दूर करने की उठाई मांग फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा मंगलवार दोपहर को पुस्तकालय प्रभारी को ज्ञापन सौंपा गया। विद्यार्थी परिषद ने इस ज्ञापन के माध्यम से मांग कि पुस्तकालय में छात्रों को आ रही विभिन्न समस्याओं का जल्द से जल्द विवि प्रशासन समाधान करें। इकाई अध्यक्ष कमलेश ने अपनी मांगों को विस्तार से बताते हुए कहा कि विवि पुस्तकालय में बैठने के लिए कुर्सियों की उचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि हम देखते हैं कि आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शोध प्रवेश परीक्षा एवं नायब तहसीलदार जैसे पदों के लिए परीक्षा होने जा रही है। विवि में पढ़ने वाला अधिकतम छात्र इन परीक्षाओं की तैयारी में जुटा हुआ है। इन्हीं परीक्षाओं की तैयारियों के लिए छात्र दिन रात लाइब्रेरी में डटे हुए हैं, लेकिन लाइब्रेरी में उनके बैठने की उचित व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण उनको निराश होकर अपने कमरों में पढ़ने के लिए विवश होना पड़ रहा है। इसीलिए विद्यार्थी परिषद यह मांग करती है कि छात्रों के लिए लाइब्रेरी में बैठने के लिए कुर्सियों की उचित व्यवस्था की जाए। अपनी दूसरी मांग को लेकर कमलेश ने कहा कि पुस्तकालय में लगे सभी चार्जिंग पॉइंट्स एवं पीने के पानी के फ़िल्टर्स को तुरंत प्रभाव से दुरुस्त किया जाए एवं पुस्तकालय के सभी शौचालयों में सफाई की उचित व्यवस्था की जाए, ताकि छात्रों को वहां पर किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। अपनी तीसरी और अंतिम मांग को लेकर कमलेश ने कहा कि पुस्तकालय के 24×7 विभाग में वेंटीलेशन की उचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा की प्रयाप्त वेंटीलेशन न होने से किसी भी बीमारी के संक्रमण बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है। कोविड के बढ़ते खतरे को देखते हुए 24×7 विभाग में वेंटीलेशन की उचित व्यवस्था की जाए। कमलेश ने कहा कि विद्यार्थी परिषद विवि प्रशासन से छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द उचित कार्यवाही की उम्मीद करती है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को चेतावनी देते हुए भी कहा कि अगर जल्द से जल्द इन मांगों को लेकर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले समय में विद्यार्थी परिषद उग्र से उग्र आंदोलन करेगी। इसके लिए पूर्ण रूप से विश्वविद्यालय प्रशासन जिम्मेदार रहेगा।
‘प्रगतिशील हिमाचलः स्थापना के 75 वर्ष’ समारोह की कि अध्यक्षता फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला हिमाचल प्रदेश के गठन के 75 वर्ष के उपलक्ष्य में ‘प्रगतिशील हिमाचलः स्थापना के 75 वर्ष’ आयोजन की श्रृंखला में आज सिरमौर जिला के पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के रोहड़ी में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस अवसर पर एक विशाल जनसभा को संबाेधित करते हुए कहा कि जन-जन के सहयोग से हिमाचल आज प्रगति के मार्ग पर अग्रसर है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि हिमाचल को विकास के विभिन्न मानकों पर देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए एकजुट होकर सत्त प्रत्यनशील रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास का श्रेय प्रत्येक हिमाचली के परिश्रम और समर्पण को जाता है। जयराम ठाकुर ने कहा कि विगत 75 वर्षों में सभी क्षेत्रों में हिमाचल प्रदेश का समग्र विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य के गठन के समय प्रदेश में केवल 301 शैक्षणिक संस्थान, 88 स्वास्थ्य संस्थान और प्रति व्यक्ति आय 240 रुपए थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 16,124 से अधिक शैक्षणिक संस्थान और 4320 स्वास्थ्य संस्थान लोगों को उनके घर-द्वार के समीप गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं। प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 2,01,854 रुपए हो गई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1948 में प्रदेश में सड़कों की लबंाई 228 किलोमीटर थी जबकि वर्तमान में प्रदेश में 39,500 किलोमीटर से अधिक लंबी सड़कें विकास को गांव-गांव तक पहुंचाने का साधन बन रही हैं। उन्होंने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य है। विकास के अन्य मानकों में भी हिमाचल की उपलब्धियां बेहतरीन हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की स्वतन्त्रता के 75 वर्ष पूर्ण होने के साथ हिमाचल प्रदेश भी अपने गठन के 75 वर्ष मना रहा है। देश ने लंबे संघर्ष और अनेक बलिदानों के पश्चात स्वतंत्रता प्राप्त की है और युवा पीढ़ी को भी अपने महान स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा दिए गए बलिदानों के विषय में जागरूक करना महत्वपूर्ण है। जयराम ठाकुर ने कहा कि पौने पांच वर्षों के दौरान प्रदेश सरकार ने राज्य का एक समान एवं संतुलित विकास सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा केंद्र और हिमाचल की डबल इंजन सरकार भविष्य में भी हिमाचल में विकास की तेज गति बरकरार रखेंगी। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने समाज के हर वर्ग के कल्याण और राज्य के हर क्षेत्र के चहुंमुखी विकास के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने कहा कि गृहिणी सुविधा योजना के तहत प्रदेश में 3.32 लाख से अधिक महिलाओं को निःशुल्क गैस कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को 125 यूनिट बिजली निःशुल्क प्रदान की जा रही है और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को मुफ्त पेयजल उपलब्ध करवाया जा रहा है। समारोह में हिमाचल प्रदेश के 75 वर्षों के गठन पर आधारित थीम सॉन्ग प्रस्तुत किया गया और राज्य के गौरवशाली इतिहास तथा उपलब्धियों पर सूचना एवं जन संपर्क विभाग द्वारा निर्मित वृत्तचित्र भी प्रदर्शित किया गया। जयराम ठाकुर ने इससे पहले पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के लिए 91.16 करोड़ रुपए लागत की विभिन्न विकासात्मक योजनाओं की आधारशिला रखी। उन्होंने 7.32 करोड़ की लागत के शलाणा जोहड़ी पार्वी खड्ड सड़क के स्तरोन्नयन कार्य, 4.38 करोड़ की लागत से थानाधार सड़क के लिए संपर्क मार्ग के स्तरोन्नयन कार्य और 3.93 करोड़ रुपए की लागत से रेहाड़ी गुसान से डौंगा फाग सड़क के स्तरोन्नयन कार्य का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 7.35 करोड़ की लागत से भड़ोली से ताली भुजल सड़क के स्तरोन्नयन कार्य, 13.48 करोड़ की लागत से धामला धनेच चुखरिया सड़क के स्तरोन्नयन कार्य तथा 8.47 करोड़ की लागत से राजगढ़-यशवंतगर वाया बड़गला सड़क के स्तरोन्नयन कार्य की आधारशिला रखी। उन्होंने 9.44 करोड़ की लागत से नैना टिक्कर से दयोथल सड़क के स्तरोन्नयन कार्य, 32.26 करोड़ की लागत से मरयोग-नारग-धरयार सड़क के स्तरोन्नयन कार्य तथा 4.53 करोड़ की लागत से धबुर-बगथान सड़क के स्तरोन्नयन कार्य का शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि पच्छाद विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न मांगों पर उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने ल्यू कुफर में राजकीय माध्यमिक विद्यालय को राजकीय उच्च पाठशाला तथा जोहला फागू में राजकीय प्राथमिक पाठशाला को राजकीय माध्यमिक पाठशाला के रूप में स्तरोन्नत करने की घोषणा की। उन्होंने राजगढ़ में छात्राओं के लिए नई राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला खोलने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि धमून हब्बन मार्ग को स्तरोन्नत किया जाएगा। उन्होंने डिब्बर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण का आश्वासन भी दिया। जयराम ठाकुर ने कहा कि लगभग 86 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित ओछघाट नेरीपुल छैला मार्ग की टारिंग उखड़ने के मामले की जांच की जाएगी। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को सड़क निर्माण में गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार गरीब के करीब रहकर उनके सामाजिक आर्थिक उत्थान की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि आगामी विधानसभा चुनावों में केवल बातें करने वालों का नहीं बल्कि धरातल पर विकास करने वालों का साथ दें। उन्होंने इस अवसर पर हिमाचल की विकास यात्रा पर आधारित विभिन्न विभागों, बोर्डों और निगमों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का उद्घाटन भी किया। ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने इस अवसर पर कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में सिरमौर जिला वास्तविक रूप से विकास का सिरमौर बन कर उभरा है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार सभी क्षेत्रों का समान एवं संतुलित विकास कर रही है और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभ समय पर लक्षित वर्गों तक पहुंचाए जा रहे हैं। शिमला लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में सिरमौर जिला का अभूतपूर्व विकास सुनिश्चित हुआ है। उन्होंने पच्छाद जैसे दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों वाले विधानसभा क्षेत्र में विकास को गति प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर पच्छाद की विधायक रीना कश्यप ने मुख्यमंत्री तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत करते हुए कहा कि गत पौने पांच वर्षों में राज्य में अभूतपूर्व विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के लिए की गई सभी घोषणाएं पूर्ण की हैं। इस अवसर पर एपीएमसी के अध्यक्ष बलदेव भंडारी, प्रदेश नागरिक आपूर्ति निगम के उपाध्यक्ष बलदेव तोमर, जिला परिषद सिरमौर की अध्यक्ष सीमा कन्याल, पंचायत समिति राजगढ़ की अध्यक्ष सरोज शर्मा, भाजपा मंडल पच्छाद के अध्यक्ष सुरेंद्र नेहरू व भाजपा एवं भाजयुमो के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी, उपायुक्त सिरमौर राम कुमार गौतम, पुलिस अधीक्षक ओमापति जम्वाल और वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।


















































