राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज सोलन जिला के शामती में भारी वर्षा के कारण हुए नुकसान का जायजा लिया और जिला प्रशासन को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। राज्यपाल ने शामती में भारी वर्षा के कारण हुए भूस्खलन से अवरूद्ध सोलन-राजगढ़ मार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से भेंट भी की। भारी वर्षा के कारण शामती में हुए भूस्खलन एवं चट्टानों के गिरने से सोलन-राजगढ़ मार्ग अवरूद्ध हो गया है तथा इस कारण कुछ आवासों को भी नुकसान पहुंचा है। राज्यपाल ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि अवरूद्ध मार्ग को शीघ्र बहाल किया जाए तथा प्रभावित परिवारों को राहत एवं बचाव के लिए सभी प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने उपायुक्त तथा पुलिस अधीक्षक सोलन को सभी एहतियाती उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक सोलन गौरव सिंह और जिला के वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू लाहौल-स्पिति तथा कुल्लू जिला के हवाई सर्वेक्षण के बाद आज मण्डी पहुंचे तथा भ्यूली स्थित ब्यास सदन एवं मण्डी गुरूद्धारा साहिब में स्थापित राहत शिविरों में बाढ़ पीड़ितों से मिलकर उनका कुशलक्षेम जाना। इस अवसर पर उन्होंने शिविरों में रह रहे बाढ़ पीड़ितों को २५-२५ हजार रुपये प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि मण्डी केे पंडोह में बाढ़ और बारिश से बड़े स्तर पर दुकानों और मकानों को काफी नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री ने इसके दृष्टिगत पंडोह में प्रभावित परिवारों को एक-एक लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान कहा कि जिला प्रशासन को राहत कार्यों में और तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन सामान्य बनाने के लिए थोड़ा समय आवश्य लगेगा। इस भीषण आपदा से प्रदेश में प्रथम दृष्टया लगभग ४ हजार करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है। उन्होंने कहा कि इसके दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने केन्द्र से भी वित्तीय सहायता के लिए आग्रह किया है। इसके उपरान्त, मुख्यमंत्री आज भारी धुंध व मौसम खराब होने के कारण थुनाग क्षेत्र का दौरा नहीं कर पाए। उन्होंने थुनाग में बाढ़ पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। इस अवसर पर स्थानीय विधायक एवं पूर्व मंत्री अनिल शर्मा, एपीएमसी मण्डी के अध्यक्ष संजीव गुलेरिया, कांग्रेस नेता पवन ठाकुर, जीवन ठाकुर, नरेश चौहान, लाल सिंह कौशल सहित अन्य पार्टी पदाधिकारी, मण्डलायुक्त मण्डी राखिल काहलों, पुलिस अधीक्षक सौम्य साम्बसिबन, अतिरिक्त उपायुक्त निवेदिता नेगी, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी अश्वनी कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
कृष्णा देवी जिनकी आयु 94 वर्ष है की सामाजिक सुरक्षा बुढापा पेंशन घर पर भुगतान करने की प्रार्थना को स्वीकार करते हुए देहरा डाक मंडल ने उन्हें घर जाकर पेंशन दी। गौर रहे कि वर्तमान में सभी प्रकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन डाकघर के बचत खाता के माध्यम से लाभार्थियों को प्राप्त होती है। हिमाचल प्रदेश सरकार व डाक विभाग के मध्य हुए एक समझौते के अनुसार डाक विभाग 80 वर्ष व इससे अधिक आयु वाले लाभार्थियों व 70 प्रतिशत से अधिक विकलांगता वाले लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि उनके घर द्वार पर वितरण होती थी, परंतु 31.12.2021 को यह समझौता समाप्त हो गया है और हिमाचल प्रदेश राज्य सरकार द्वारा इस समझौते का नवीनीकरण न किए जाने के कारण डाक विभाग घर द्वार जाकर उक्त पेंशन का भुगतान करने के लिए बाध्य नहीं है। इससे बुजुर्गों व विकलांग लाभार्थियों को बहुत असुविधा हो रही है, किंतु फिर भी डाक विभाग ने सेवा भावना दर्शाते हुए कृष्णा देवी के पेंशन भुगतान से संबंधित निवेदन को स्वीकार किया व उन्हें पेंशन राशि का भुगतान उनके घर द्वार जाकर किया।
कामगार व कर्मचारी कल्याण बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह मनकोटिया ने कहा कि जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत डाडा सीबा, कोटला, रक्कड़ सरकारी कॉलेजों में सभी विषयों में प्रोफेसर की नियुक्ति हो गई है। हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास, राजनीति शास्त्र आदि के विषयों में प्रोफेसरों ने जॉइनिंग दे दी है। मनकोटिया ने कहा कि इन कालेजो में पिछले 4 सालों प्रोफेसर नहीं थे। मंत्री होने के बावजूद विक्रम ठाकुर और कॉलेज तो क्या अपने गृह क्षेत्र कॉलेज कोटला में भी प्रोफेसर नहीं लगा पाए थे, जिससे लोगों तथा अभिभावकों में बड़ी नाराजगी थी अब एक साथ अंग्रेजी हिंदी, राजनीतिक शास्त्र, हिंदी के शिक्षक लगने से सभी कालेजों में प्रोफेसर की पोस्ट फुल हो गई है। एक साथ सभी कॉलेज में सभी विषयों के प्रोफेसर लगने से इलाके में सरकार की भूरि-भूरि प्रशंसा हो रही है और विद्यार्थियों की एडमिशन भी बढ़ोतरी हो रही ज्ञात रहे कि यहां पर मंत्री होने पर भी पिछले 4 सालों से विद्यार्थी और अभिभावक परेशान थे शिक्षक ना होने से बहुत से विद्यार्थी ने यहां के कॉलेज छोड़ दिये या कॉलेज बदल दिया था प्रोफेसर ना होने से विद्यार्थियों ने कई बार धरना प्रदर्शन किया था। रैली निकाली थी अब कॉलेज में प्रोफेसर लगने से विद्यार्थियों और अभिभावकों ने चैन की सांस ली है। जसवां परागपुर के लोगों ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू शिक्षा मंत्री और रोहित ठाकुर तथा कामगार एवं कर्मचारी कल्याण बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष ठाकुर सुरेंद्र सिंह मनकोटिया का धन्यवाद किया है और कहा कि चिरकाल से चली आ रही मांग को पूरा किया है।
विधानसभा अर्की के उपमंडल कुनिहार के गांव बाड़ी में बीते दो दिन पहले मूसलाधार बारिश से हुए नुकसान के चलते गांव के लोगों को स्थानीय नवोदय विद्यालय परिसर में स्थानांतरित किया गया। इस बचाव कार्य की समीक्षा हेतु सीपीएस एवं विधायक अर्की संजय अवस्थी के आदेशानुसार ब्लॉक कांग्रेस अर्की के अध्यक्ष सतीश कश्यप और युवा कांग्रेस अर्की कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत वर्मा ने दौरा किया और प्रशासन द्वारा राहत बचाव हेतु स्थानीय जनता को उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं के बारे में पता किया। नवोदय विद्यालय परिसर से अब राहत कैंप को दूसरे विद्यालय परिसर में बदला गया है और सरकार द्वारा भोजन आदि सुविधाओं को उपलब्ध करवाया जा रहा है। अध्यक्ष सतीश कश्यप द्वारा यह जानकारी दी गई और उन्होंने बाड़ी गांव का दौरा किया और मौके पर ही जल शक्ति विभाग अधिशाषी अभियंता को सूचित किया की गांव के ऊपर एक पानी की बहुत बड़ी बॉडी के पानी को विभाग द्वारा निकाला जाए। जिसके लिए विभाग के अधिकारियों ने काम करना भी शुरू कर दिया है। अध्यक्ष द्वारा इसके बाद ग्राम पंचायत डूमेहर के गांव घाट में नंदलाल के घर गिरने की सूचना पर भी मौके का जायजा लेकर नन्द लाल के परिवार से मिल कर फौरी राहत और प्रशासन की हर सुविधा उपलब्ध करवाने को कहा। इस अवसर पर ब्लॉक युवा कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत वर्मा,कुनिहार कांग्रेस के प्रधान राजेंद्र शर्मा, विधायक अर्की कार्यालय निजी सचिव रविंद्र सिंह,बीडीसी सदस्य हेम राज ठाकुर,राजेश शांडील, प्रकाश चौधरी,जय पाल योगिराज,जगदीश गर्ग, अनिल तंवर,जगदीश ठाकुर, डूमेहार के दिनेश, तिलक राज, एडवोकेट खेम चंद आदि मौजूद रहे।
सोलन जिले में भारी वर्षा के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों, विद्युत योजनाओं तथा पेयजल योजनाओं को पुन: आरम्भ करने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है और अधिकांश योजनाओं को बहाल कर दिया गया है। यह जानकारी आज यहां उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने दी। मनमोहन शर्मा ने कहा कि गत सांय तक सोलन ज़िला में भारी वर्षा के कारण लगभग 120 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि ज़िला में भारी वर्षा से उत्पन्न कारणों से तीन लोगों की दु:खद मृत्यु हुई है। उपायुक्त ने कहा कि सोलन ज़िला में भारी वर्षा के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभावित हुए हैं। ज़िला प्रशासन का यह प्रयास रहा है कि सभी राष्ट्रीय राजमार्गों को शीघ्र बहाल किया जाए। राष्ट्रीय राजमार्ग 05 पर सोलन से शिमला-सोलन की सीमा तक यातायात निर्बाध चल रहा है। सोलन से परवाणू के मध्य राष्ट्रीय राजमार्ग 05 पर परिस्थिति के अनुसार एक लेन को यातायात के लिए सुचारू किया गया है। इस लेन पर शिमला से परवाणू के मध्य यातायात चलाया जा रहा है। परवाणू से शिमला की ओर आने वाले वाहनों को जं़गेशू-कसौली होकर सोलन की ओर भेजा जा रहा है। मनमोहन शर्मा ने कहा कि सोलन के शामती में भारी वर्षा के कारण कुछ मकान क्षतिग्रस्त हुए है। प्रशासन ने पूर्व सूचना के अनुसार ही खतरे की ज़द में आए मकानों को खाली करवाकर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा कि शामती से कुछ परिवारों के लिए नगर निगम सोलन के रेन बसेरा में प्रबंध किया गया है। उपायुक्त ने कहा कि ज़िला के परवाणू में प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि अर्की उपमंडल के बाड़ी गांव के प्रभावितों के लिए जवाहर नवोदय विद्यालय कुनिहार में प्रबंध किया गया है। सभी प्रभावितों के रहने एवं खाने-पीने का पूर्ण प्रबंध सुनिश्चित बनाया गया है। मनमोहन शर्मा ने कहा कि ज़िला में भारी बारिश से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। विद्युत बोर्ड, जल शक्ति विभाग, लोक निर्माण विभाग सहित अन्य विभागों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। पूर्ण नुकसान का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गत सांय इस सम्बन्ध में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की गई। ज़िला प्रशासन किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए तैयार है और प्रभावितों की हर सम्भव सहायता सुनिश्चित बनाई जा रही है।
परागपुर ब्लॉक के अंतर्गत दी न्याड़ सहकारी सभा समिति द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इसमें सभा के प्रबंधक सदस्यों सचिवों को उनके कर्तव्यों के बारे में विस्तार पूर्वक चर्चा की गई, जिससे कि सभाओं की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाई जा सके। इस कार्यक्रम का आयोजन सहकारी प्रबंधक केंद्र गरली की ओर से नरेश कुमार सहकारी शिक्षा अनुदेशक द्वारा किया गया। अपने संबोधन में प्रबंधक कमेटी के सदस्यों की चुनाव प्रक्रिया सभा में कारोबार को बढ़ावा देने सालसी विवाद साधारण अधिवेशन इत्यादि विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर दी न्याड़ कृषि सेवा सहकारी सभा के सचिव ब्रजेश्वर कुमार द्वारा सभी प्रतिनिधियों का शिविर में उपस्थित होने पर आभार व्यक्त किया। शिविर में दिलबाग सिंह, प्रवीण शर्मा, मनोहर लाल, रोशन लाल सोहनलाल, रामजीदास, अशोक, फतेह सिंह, राहुल, यशविंदर, कुलदीप, सतीश और सहकारी सभाओं के लगभग 40 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
ज़िला दंडाधिकारी सोलन मनमोहन शर्मा ने आमजन की सुरक्षा के दृष्टिगत आवश्यक आदेश जारी किए हंै। ये आदेश आपराधिक दंड संहिता 1973 की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किए गए हैं। इन आदेशों के अनुसार सोलन जिला की सीमा में अश्वनी खड्ड में, खड्ड के दोनों किनारों पर तथा इसके आस-पास के स्थानों और सोलन तहसील के राजस्व गांव सेर बनेड़ा में गिरीपुल पर गिरी नदी के किनारे स्थित शनि मंदिर के समीप एवं आस-पास के क्षेत्र में सभी प्रकार की अनाधिकृत पर्यटन और व्यवसायिक गतिविधियों को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया है। इन आदेशों के अनुसार अश्वनी खड्ड और गिरी नदी में स्नान करने तथा पिकनिक मनाने पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। ये आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं और अगले दो माह तक प्रभावी रहेंगे। इन आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि मॉनसून के समय में भारी वर्षा के कारण नदी, नालों के किनारे जाना खतरनाक सिद्ध हो सकता है। अधिकतर मौको पर पर्यटक नदी एवं खड्डों में नहाने के लिए जाते हैं। किसी भी कारण से नदी के जलस्तर में वृद्धि पर्यटकों के जीवन को खतरा पैदा कर सकती है। आदेशों के अनुसार स्थानीय पुलिस ज़िला पर्यटन अधिकारी के साथ सक्रिय समन्वय स्थापित कर इन आदेशों को अक्ष:रक्ष लागू करेगी। इन आदेशों का उल्लंघन करने पर विधि सम्मत कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
लक्ष्मी नारायण क्लब ठाकुरद्वारा (आलमपुर) द्वारा आयोजित करवाई गई क्रिकेट प्रतियोगिता का समापन बुधवार को आलमपुर के ठाकुरद्वारा में हुआ। 15 दिन तक चली इस प्रतियोगिता में क्षेत्र की 18 टीमों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में विजेता आलमपुर व उपविजेता जांगल की टीम रही फाइनल मुकाबले में जांगल की टीम के दिए हुए 71 रन के लक्ष्य को आलमपुर की टीम ने बड़ी ही आसानी से सातवें ओवर में ही हासिल कर लिया। इस मौके पर जयसिंहपुर के पूर्व विधायक रविंद्र धीमान ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने क्लब की और से विजेता टीम को 7100 रुपये व स्मृति चिन्ह व उपविजेता टीम को 4100 रुपये व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। प्रतियोगिता में अंकुश को फाइनल मैच का बेस्ट प्लेयर चुना गया व प्रियांशु को प्लेयर ऑफ टूर्नामेंट चुना गया। इस मौके पर रवि धीमान ने उपस्थित युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि खेल को सदैव खेल भावना से खेलना चाहिए। उन्होंने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर क्षेत्र के विकास में अपना योगदान दें। इस मौके पर जांगल के उपप्रधान करण मेहरा आलमपुर के पूर्व प्रधान मनोहर लाल जांगल के पूर्व प्रधान विनोद चौधरी के अतिरिक्त सुनील, भुवेश, अमित मेहरा, कुलदीप खरवाल, रामलाल, ईश्वरदास धीमान, धमेंद्र, प्रीतम चंद व माथुर धीमान मौजूद रहे।
ठियोग विधानसभा क्षेत्र के तहत भारी बारिश के चलते हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए विधायक कुुलदीप राठौर फील्ड में डट गए हैं। बुधवार को उन्होंने नारकंडा में अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में एसडीएम कुमारसैन, बीडीओ, लोक निर्माण विभाग, बिजली बोर्ड के एक्सियन व वन विभाग के डीएफओ सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल थे। बैठक में बारिश से विधानसभा क्षेत्र में हुए नुकसान की पूरी रिपोर्ट तलब कर उस पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस आपदा की घड़ी में आम जनमानस के साथ खड़ी है। इस आपदा के समय में लोगों को सुरक्षा प्रदान करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सेब सीजन शुरू हो गया है बारिश व भू सख्लन से सड़के बंद हो गए हैं उन्हें जल्द खोले। प्राथमिक्ता के आधार पर सड़कों को खोलने का काम शुरू करें ताकि लोगों को सेब सीजन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने बिजली बोर्ड के अधिकारियों को गांवों में बिजली व्यवस्था जल्द ठीक करने को कहा। साथ ही जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस बारिश में सबसे अधिक पंचायत की सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। सड़कों को सुरक्षित रखने के लिए आने वाले समय में जल निकासी की उचित व्यवस्था प्रदान की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि ज्यादातर सड़कों को बहाल किया जा चुका है। सड़कों को खोलने का काम युद्ध स्तर पर चला हुआ है। नारकंडा को जाने वाली एलपीजी गैस का सिलेंडर ओवर लोडिंग के चलते वैली ब्रिज पर फंस गया है। विधायक कुलदीप राठौर ने कहा कि नारकंडा के लिए पिकअप के माध्यम से गैस भेजी जाएगी ताकि लोगों को किसी तरह की दिक्कतें पेश न आए। उन्होंने फील्ड स्टाफ की पीठ भी थपथपाई कि वे पूरी निष्ठा से काम कर रहे हैं।
विश्व के सबसे बड़े छात्र संगठन, ज्ञान शील एकता के मंत्र के साथ युवाओं में राष्ट्रभक्ति के कार्य में लगाने वाले छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय वेदव्यास परिसर इकाई देहरा द्वारा राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के उपलक्ष्य और अखिल विद्यार्थी परिषद के 75वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ शुरू किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. अरविंद कुमार व मुख्य वक्ता के रूप में ठाकुर दीक्षित धलारिया रहे। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 75 वर्षों की गौरवमयी स्वर्णिम यात्रा से होकर आई है, जिसमें अनेकों कार्यकर्ताओं का बलिदान समर्पण अर्पित है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अपने स्थापना काल से लेकर आज तक विद्यार्थियों से लेकर और समाज से जुड़े विषयों पर काम कर रहा है। भारतीय संस्कृति के अनुरूप भारतीय शिक्षा व्यवस्था हो इस मांग को विद्यार्थी परिषद् ने उठाया है, भारतीय संस्कृति को संरक्षित करने व राष्ट्र पुनर्निर्माण के ध्येय के साथ छात्र हित समाज हित, राष्ट्र हित व सेवा कार्य एबीवीपी की पहचान है। आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन होने का गौरव प्राप्त संगठन है, जो युवाओं को निरंतर राष्ट्रभक्ति के कार्य में जोडने का कार्य कर रहे है। कार्यक्रम के समाप्त होने पर मिठाई बांट कर सभी को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 75वें स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय वेदव्यास परिसर इकाई के समस्त अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद परिवार के सदस्य विशेष रूप से उपस्थित रहे।
डल्हौजी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डीएस ठाकुर ने आज ग्राम पंचायत मनोला के गांव छाणा तथा ग्राम पंचायत पधरोटु स्थित गांव द्रमणु में भारी बारिश के कारण हुए नुकसान का जायजा लिया। भारी बारिश के कारण छाणा निवासी किशो देवी व किशोरी लाल तथा ग्राम पंचायत पधरोटु स्थित गांव द्रमणु के निवासी सतीश कुमार के मकान को काफी नुकसान हुआ है, जिसके लिए विधायक ने प्रभावितों को फौरी राहत प्रदान कर भूमि के संरक्षण हेतु एक-एक लाख रुपये की धनराशि अपनी विधायक निधि से स्वीकृत करने का आश्वासन दिया है। विधायक ने स्थानीय प्रशासन से वार्ता कर प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने की निर्देश दिए।
परिवार कल्याण एवं स्वास्थ्य मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने आज डांगरी पंचायत के लावी घाट और गांव घट्टी का दौरा किया। उन्होंने यहां उस क्षतिग्रस्त मकान का दौरा किया, जहां पर बहुत बड़ा विशालकाय पत्थर बाथरूम पर अटका पड़ा है। मंत्री ने मौके पर अधिकारियों को जल्द से जल्द इसे तोड़ने के आदेश दिए। वहीं परिवार को फौरी तौर पर 15000 रुपये की नकद सहायता दी।
उपायुक्त किन्नौर तोरूल रवीश ने जानकारी दी कि जिला किन्नौर के भावा वैली के कारा क्षेत्र में लगभग 28 व्यक्तियों के फंसे होने की जानकारी प्राप्त हुई थी, जिसके उपरांत पुलिस, एनडीआरएफ, आईटीबीपी व होमगार्ड के बचाव दलों को शीघ्र भेजा गया। उन्होंने कहा कि कारा में 28 व्यक्ति मवेशियों सहित फंसे हुए थे, जिनमें से 8 व्यक्ति ज्यूरी प्रजनन केंद्र, 4 ककस्थल फॉर्म, 3 नाथपा के निवासी और 10 भावा घाटी के निवासी थे, जिन्हें सुरक्षित मूलिंग गांव पहुंचाया गया है तथा 3 व्यक्ति कारा में मवेशियों की देख-रेख के लिए रुके हैं, जिन्हें पर्याप्त मात्रा में खाद्य सामग्री उपलब्ध करवा दी गई है। इसके अतिरक्ति इंडिया हाईक्स की ट्रैकर टीम के 18 व्यक्तियों को भी काफनू बेस में सुरक्षित पहुंचाया जा चुका है।
जिला प्रशासन किन्नौर के एक प्रवक्ता ने आज यहां जानकारी देते हुए बताया कि गत दिनों से जिला में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जिले में संपर्क मार्गों तथा बाधित बिजली व पानी की समस्या को बहाल करने के लिए जल शक्ति, विद्युत व लोक निर्माण विभाग सहित पुलिस, होम-गार्ड व एनडीआरएफ के जवानों द्वारा युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मूसलाधार बारिश के कारण पेयजल आपूर्ति योजनाएं बाधित हो गई हैं जिन्हें खोलने के लिए जल शक्ति विभाग द्वारा त्वरित व ठोस कदम उठाए जा रहे हैं जिसके तहत जिला के कल्पा तथा निचार उपमण्डल में 31 बाधित पेयजल आपूर्ति योजनाओं में से 17 योजनाएं तथ पूह उपमंडल में 24 बाधित पेयजल आपूर्ति योजनाओं में से 21 पेयजल योजनाओं को बहाल कर दिया गया है। प्रवक्ता ने बताया कि जिला में बिजली की समस्या को बहाल करने के दृष्टिगत जिला में अब तक 436 ट्रांसर्फोमर है जिनमें से 308 ट्रांसर्फोमर को बहाल कर दिया गया है तथा 128 बाधित ट्रांसर्फोमर को बहाल करने का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि जिला के कल्पा, निचार तथा पूह उपमंडल में कुल 36 संपर्क मार्ग बाधित हैं, जिन्हें लोक निर्माण विभाग द्वारा खोलन के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है।
हिमाचल की सबसे युवा जिला परिषद अध्यक्ष की ढाई साल के भीतर ही कुर्सी चली गई है। जिला परिषद बिलासपुर अध्यक्ष मुस्कान के खिलाफ के लाए गए अविश्वास प्रस्ताव प्रस्ताव पर बुधवार को चर्चा हुई। अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 14 में से 11 सदस्यों ने वोट दिया, जबकि अध्यक्ष सहित तीन अनुपस्थित रहे। डीसी बिलासपुर आबिद हुसैन सादिक ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अब 17 जुलाई को सुबह 10:30 बजे नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए मतदान होगा। बता दें, भाजपा समर्थित मुस्कान ने कुर्सी बचाने के लिए इस्तीफे का दाव खेला था, लेकिन कामयाब नहीं हुईं। गौरतलब है कि फरवरी 2021 में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के गृह जिले बिलासपुर में भाजपा समर्थित मुस्कान महज 21 साल की की आयु में हिमाचल प्रदेश की सबसे युवा जिला परिषद अध्यक्ष बनी थीं।
एचआरटीसी ने प्रदेश के 224 रूटों पर बस सेवा को बहाल कर दिया है। बुधवार से शिमला से चंडीगढ़-दिल्ली के लिए बस सेवा फिर से शुरू कर दी गई है। मंगलवार शाम को शिमला-कालका हाईवे पर परवाणू के समीप चक्की मोड़ पर सड़क धंसने के कारण एचआरटीसी ने शिमला से चंडीगढ़ दिल्ली के लिए रात्रि सेवाएं बंद कर दी थीं। अब इन सेवाओं को दोबारा से बहाल कर दिया है। प्रदेश के अलग अलग क्षेत्रों में फंसी एचआरटीसी की 363 बसें अपने-अपने डिपो को लौट चुकी हैं। हालांकि एचआरटीसी 316 बसें अभी भी प्रदेश के कई क्षेत्रों में फंसी हुई है। प्रदेशभर में 1193 रूटों पर बस सेवा अभी तक बहाल नहीं हो पाई है। एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर ने बताया कि प्रदेश की जैसे जैसे सडक़ें बहाल होंगी, एचआरटीसी दोबारा से सभी रूटों पर बस सेवा फिर से शुरू कर देगा।
हिमाचल प्रदेश शिमला जिला के तहत रामपुर बुशहर में एक दिल दहलाने वाला हादसा हुआ है। यहां पर नोगली के समीप एक कार सतलुज में समा गई। इस कार में चार लोग सवार थे। इन चारों का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। हादसा गत रात्रि सवा नौ बजे के आसपास पेश आया है। जानकारी के अनुसार ननखड़ी तहसील की खड़ाहन पंचायत के लाडू गांव के रहने वाले मेहर सिंह (37) शीतल (29), मेहर सिंह का चचेरा भाई राजीव(33) व एक अन्य महिला सुन्दला देवी(60) कार में सवार होकर रामपुर में खनेरी अस्पताल के लिए आ रहे थे। इसी बीच जब वे नोगली के समीप पहुंचे तो वहां पर क्षतिग्रस्त एनएच पर से इनकी कार सतलुज में गिर गई। उफ़नती सतलुज की लहरों में अभी तक चारों का कोई सुराग नहीं चल पाया है। इसी बीच पुलिस को सूचित कर दिया है। सतलुज के उफान के बीच लापता लोगों का सुराग लगा पाना कठिन है।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश से राष्ट्रीय राजमार्गों सहित अन्य सड़कों को काफी नुकसान पहुंचा है। प्रदेश सरकार एवं विभाग का प्रयास है कि सभी बंद पड़े राजमार्गों एवं मुख्य सड़कों को शीघ्रातिशीघ्र बहाल किया जाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों की बहाली के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से भी बात की गई है। प्रदेश सरकार के आग्रह पर केंद्र की ओर से एनएचएआई सचिव को स्थिति का जायजा लेने के लिए भेजा गया है। इसी क्रम में विक्रमादित्य सिंह की अध्यक्षता में आज यहां भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों की एक बैठक आयोजित की गई। इसमें सचिव एनएचएआई मनोज कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक के दौरान कीरतपुर-मनाली फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग को हुए नुकसान पर विस्तृत चर्चा की गई। प्राधिकरण के अधिकारियों ने अवगत करवाया कि इस राजमार्ग को रायसन से मनाली के बीच सबसे अधिक नुकसान हुआ है। इस मार्ग को सभी प्रकार के वाहनों के लिए खोलने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि ब्यास नदी में आई बाढ़ ने पिछले अधिकतम बिंदू को पार कर लिया है और ऐसे में एनएचएआई को इस क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग की ऊंचाई बढ़ाने की दिशा में विचार करना चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। इस पर एनएचएआई ने आईआईटी रूड़की के साथ मिलकर विस्तृत अध्ययन करने का आश्वासन दिया। आईआईटी रूड़की चक्की पुल के मरम्मत कार्य में भी शामिल है और उसी दल को कुल्लू-मनाली अनुभाग की बहाली के लिए उपाय सुझाने के दृष्टिगत स्थल का दौरा करने को कहा गया है। उन्होंने शिमला-कालका फोरलेन मार्ग पर भी यातायात सुचारू करने के निर्देश दिए। प्राधिकरण ने अवगत करवाया कि फिलहाल इस मार्ग पर सिंगल लेन यातायात संचालित किया जा रहा है और शीघ्र ही यहां से डबललेन यातायात बहाल कर दिया जाएगा। उन्होंने पिंजौर-बद्दी-नालागढ़ सड़क मार्ग पर मदनवाला पुल क्षतिग्रस्त होने से वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने और इस मार्ग को जल्द बहाल करने के भी निर्देश दिए। बैठक में पठानकोट-मण्डी राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित चक्कीपुल की स्थिति पर भी चर्चा की गई। लोक निर्माण मंत्री ने इसकी मुरम्मत के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त प्राधिकरण ने शिमला-मटौर सड़क पर घंडल के समीप अस्थाई पुल की मुरम्मत तथा इसके सुदृढ़ीकरण के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध करवाने का भी आश्वासन दिया। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि भारी बारिश व भूस्खलन के कारण उत्पन्न इस विपदा में सड़कों एवं पुलों के क्षतिग्रस्त होने से करोड़ों रूपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने केन्द्र सरकार से राष्ट्रीय राजमार्गों की मरम्मत इत्यादि के लिए प्रदेश को उदार वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाने का भी आग्रह किया। एनएचएआई के सचिव ने आश्वस्त किया कि आगामी 48 घण्टों में कीरतपुर-मनाली फोरलेन सड़क मार्ग पर कुल्लू तथा मनाली के मध्य यातायात बहाल करने के प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए आवश्यक मशीनरी एवं कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित की गई है। अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों को खोलने के भी हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। बैठक में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियन्ता अजय गुप्ता, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के क्षेत्रीय अधिकारी अब्दुल बासित सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश में अत्याधिक बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने राज्य पर विनाशकारी प्रभाव डाला है और कृषि विभाग के प्रारंभिक अनुमान में फसलों को 83 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि राज्य भर में हुई तबाही अभूतपूर्व है, इसलिए केंद्र को हिमाचल में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित कर बचाव एवं राहत कार्यों के लिए विशेष आर्थिक पैकेज जारी करना चाहिए। आज आयोजित एक बैठक में चंद्र कुमार ने कहा कि प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार राज्य में प्रभावित कुल 28,495 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में से 6,978 हेक्टेयर में सब्जी उत्पादन को लगभग 40 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मक्का, धान, रागी, बाजरा और खरीफ दलहन को लगभग 21,517 हेक्टेयर पर करीब 17 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मंत्री ने कहा कि इसके अलावा, खेती की जमीन बह जाने और खेतों में आई गाद के कारण फसलों को लगभग 26 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा नुकसान मंडी जिले में हुआ जोकि 23.38 करोड़ रुपये आंका गया है। इसके बाद शिमला में 17.63 करोड़ रुपये, सिरमौर में 13.29 करोड़ रुपये, सोलन में 8.16 करोड़ रुपये, लाहौल स्पिति में 5.74 करोड़ रुपये, कुल्लू में 4.38 करोड़ रुपये, कांगड़ा में 3.99 करोड़ रुपये, ऊना में 2.99 करोड़ रुपये, चंबा में 1.53 करोड़ रुपये, बिलासपुर में 1.01 करोड़ रुपये, किन्नौर में 59 लाख रुपये और हमीरपुर में 29 लाख रुपये का नुकसान हुआ। भविष्य में ऐसी प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए मृदा संरक्षण पर बल देते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि पूरे राज्य में मृदा संरक्षण की तकनीकों और तरीकों को बढ़ावा दिया जाएगा। मंत्री ने कहा कि कांगड़ा जिले के शाहपुर निर्वाचन क्षेत्र में गज खड्ड के उचित तटीकरण और राजोल, अवाड़ी, अनसुई और डेग गांवों के निवासियों द्वारा मिट्टी संरक्षण को अपनाने के कारण हाल ही में हुई भारी बारिश से न्यूनतम नुकसान दर्ज किया गया हैै। चंद्र कुमार ने कहा कि कृषि और पशुधन के नुकसान के संबंध में उप निदेशकों को अंतिम रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है और शीघ्र ही इससे संबंधित बैठक की जाएगी। बैठक में शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया, निदेशक कृषि डॉ. राजेश कौशिक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज कुल्लू, मण्डी तथा लाहौल स्पिति जिला में पिछले तीन दिनों में हुई भारी बारिश से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कुल्लू जिला के भुंतर, सैंज, कसोल तथा खीर गंगा सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों का दौरा भी किया। सैंज में बाढ़ प्रभावित लोगों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने जान-माल के नुकसान पर संवेदनाएं व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार प्रभावितों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाएगी। उन्होंने क्षेत्र के लिए एक करोड़ रुपये की त्वरित राहत राशि जारी करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में फंसे पर्यटकों एवं स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित निकलाने के लिए बचाव अभियान निरंतर जारी है और इसके लिए छह हैलीकाप्टर उपलब्ध करवाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सैंज क्षेत्र में बेहतर संपर्क सुविधा के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन को मौके पर ही दो सैटेलाईट फोन भी उपलब्ध करवाए गए हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ से सम्पर्क व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हुई है और प्रदेश सरकार इसे बहाल करने के लिए त्वरित एवं ठोस कदम उठा रही है। भुंतर हवाई अड्डे पर मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल्लू जिला में शीघ्रातिशीघ्र विद्युत आपूर्ति बहाल करने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि विद्युत आपूर्ति बहाल होते ही पेजयल आपूर्ति योजनाओं को भी क्रियाशील कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी मण्डी जिला में हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं और प्रदेश सरकार प्रभावितों को हरसंभव मद्द प्रदान करने की दिशा में सक्रियता के साथ कार्य कर रही है। विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए पर्यटकों एवं स्थानीय लोगों को निकालने के लिए हवाई सेवाएं आरम्भ कर दी गई हैं और फंसे हुए शेष लोगों तक सभी आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने प्रदेश में हुए नुकसान पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित अन्य केन्द्रीय नेताओं से चर्चा की है और सभी ने उन्हें आपदा की इस घड़ी में आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने इसके लिए सभी का आभार भी व्यक्त किया। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा में प्रदेश में अभी तक 27 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई हैं। उन्होंने कहा कि वृहद स्तर पर हुई इस तरह की आपदा से निपटने तथा राहत एवं पुनर्वास कार्यों के लिए समय की आवश्यकता रहती है। उन्होंने कहा कि चन्द्रताल में फंसे लोगों के बचाव के लिए पहली हैलीकाप्टर सेवा आज प्रात: शुरू की गई लेकिन खराब मौसम के कारण इसमें देरी हुई है। अभी तक सात लोगों को वहां से सुरक्षित भुंतर पहुंचाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को वृद्ध एवं रोगियों को चन्द्रताल से बाहर निकालने में प्राथमिकता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त भूस्खलन के कारण बाधित हुई सड़कों को बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं और यातायात बहाल करने के लिए वैकल्पिक मार्ग भी चिन्हित किए जा रहे हैं। उन्होंने भुंतर में आपदा प्रभावितों से भी बातचीत की और आश्वस्त किया कि उन्हें सरकार की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव सुन्दर सिंह ठाकुर तथा कांग्रेस नेता खिमी राम और विभिन्न प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित थे।
नगर निगम शिमला के कृषि वार्ड में बारिश से नुकसान हुआ है मलबा रास्तों पर आया है अनेक रास्ते क्षतिग्रस्त होने से लोगों को दिक्कत आ रही है, कई पेड़ गिरने वाले हैं, पानी की पाइपों को क्षति हुई है, पानी की योजनाओं में मलवा आने से पानी नियमित रूप से नहीं आ रहा है, लोगों को राहत देने के लिए पार्षद रचना शर्मा फील्ड में है ।लोगों के सहयोग से जहां परेशानियों को कम करने का काम किया जा रहा है ।वही नगर परिषद के अधिकारियों के सहयोग से नगर निगम के आपदा प्रबंधन की टीम को फील्ड में काम पर लगाकर मलबे को हटाया जा रहा है ,जिससे लोगों की आवाजाही में दिक्कत ना आए। रचना शर्मा ने कहा कि बारिश बहुत अधिक हुई है, जिसके कारण नुकसान हुआ है, जिसे नगर निगम के सहयोग से ठीक करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों को जहां-जहां भी दिक्कत आई है हमने तुरंत कार्रवाई करने का प्रयास किया है ।उन्होंने कहा कि पानी की समस्या आ रही है ,पानी नहीं आ रहा है, जिसके कारण लोगों को दिक्कत है। उन्होंने कहा कि इस बारे भी नगर निगम में बात की गई है।पेयजल की योजनाओं में मलवा आया है, ऐसे में जल्द योजनाएं ठीक हो पानी नियमित हो इसका प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राहत कार्यों को और तेज करवाया जाएगा और जो पेड़ कटवाने हैं उसके लिए भी कार्रवाई की जाएगी।रचना शर्मा ने कहा जो सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं उन्हें भी ठीक करवाया जाएगा। इस अवसर पर उनके साथ पूर्व डिप्टी मेयर राकेश शर्मा, भाजपा कार्यकर्ता राजेश सैनी, जयराम गोल्डी, पारस जैन सहित अन्य स्थानीय निवासी भी उपस्थित रहे।
भाजपा नेत्री एवं विधायक रीना कश्यप ने पच्छाद विधानसभा क्षेत्र का दौरा किया, हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश के कारण हुए नुकसान का जायजा भी लिया। रीना कश्यप कहा कि विधानसभा क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं और इसका जायजा भी कर रहे हैं। हमारे विधानसभा क्षेत्र में जितने भी नुकसान हुआ है उसका एक पूरा खाखा बनाया जाएगा जो कि संगठन एवं सरकार को सौंपा जाएगा। पच्छाद विधानसभा क्षेत्र में जनता को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। हम प्रशासन के साथ तालमेल बनाकर कार्य कर रहे हैं और पूरे क्षेत्र में जेसीबी के माध्यम से रोड खोले जा रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय आवागमन तेजी से खुल रहा है। हम अनेकों परिवार को मिले उनसे बातचीत भी की और प्रशासन के साथ मिलकर इन परिवारों को राहत पहुंचाने का कार्य भी किया।
प्रदेश में भारी बारिश, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचा को भारी नुकसान हुआ है। इन सभी विपरीत एवं कठिन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए व विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए वर्तमान सत्र के लिए हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध सरकारी, निजी स्कूलों में मानसून अवकाश को पुनर्निर्धारित और समय से पहले/समायोजित करने का निर्णय लिया है। छुट्टियों के दिनों की कुल संख्या समान रखने के लिए हरसंभव सावधानी बरती गई है, ताकि शिक्षण दिवस यथावत रहे। सरकार के आदेशों के अनुसार स्कूलों में मानसून ब्रेक 10 जुलाई से शुरू हो गया है। इस संबंध में उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से कार्यालय आदेश जारी किए गए हैं। स्कूलों में अब यह रहेगा मानसून ब्रेक का शेड्यूल कुल्लू जिले के स्कूलों में अब मानसून अवकाश 10 जुलाई से 1 अगस्त तक 23 दिन का रहेगा। पहले यह 23 जुलाई से 14 अगस्त तक होना था। इसी तरह लाहौल-स्पीति जिले के स्कूलों में समर अवकाश 10 जुलाई से 20 अगस्त तक 42 दिन का रहेगा। पहले ये छुट्टियां 17 जुलाई से 20 अगस्त तक होनी थीं। जनजातीय क्षेत्र किन्नौर, पांगी व भरमौर में मानसून अवकाश 10 से 15 अगस्त तक छह दिन का रहेगा। मौजूदा शेड्यूल के मुताबिक यह ब्रेक 22 से 27 अगस्त तक होना था। प्रदेश के अन्य शीतकालीन अवकाश वाले स्कूलों में मानसून ब्रेक अब 10 से 15 जुलाई तक छह दिन का रहेगा। मौजूदा शेड्यूल के तहत मानसून ब्रेक 22 से 27 जुलाई तक होना था।
जिला लोक संपर्क अधिकारी कार्यालय सोलन के सरकारी वाहन (जिप्सी एवं बोलेरो) के 16 पुराने टायरों की नीलामी 22 जुलाई को सायं 3 बजे कार्यालय के प्रागंण में की जाएगी। यह जानकारी जिला लोक संपर्क अधिकारी सोलन ने दी। उन्होंने कहा कि इच्छुक उम्मीदवार 22 जुलाई तक नीलाम होने वाले टायरों को कार्यालय समयावधि में देख सकते है। उन्होंने कहा कि नीलामी की शर्ते उसी दिन उम्मीदवारों को बताई जाएंगी। उन्होंने कहा कि अधिक जानकारी के लिए किसी भी कार्य दिवस पर कार्यालय दूरभाष नंबर 01792-220089 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता ठियोग से कांग्रेस विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने प्रदेश सरकार से भारी बारिश व बाढ़ से ध्वस्त हुई सेब बहुल क्षेत्रों की संपर्क सड़कों की युद्ध स्तर पर मरम्मत करने व इन्हें बहाल करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में सेब बागवानों की आर्थिकी इसी पर निर्भर है और अगर इन क्षेत्रों में सड़कों को तुरंत ठीक नहीं किया गया तो बागवानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ेगा। आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में एक पत्रकार वार्ता में कुलदीप राठौर ने कहा कि हिमाचल में भारी बारिश व बाढ़ का कहर बरपा है। लोग सहमे हुए हैं। नुकसान का तत्काल सही आकलन नहीं हो सकता पर इतना जरूर है कि यह नुकसान हजारों करोड़ का हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से विशेष आर्थिक पैकेज की मांग करते हुए कहा कि पहले ही प्रदेश की आर्थिक स्थिति विकट है और इस त्रासदी से प्रदेश पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ गया है। राठौर ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर व भाजपा के तीनों सांसदों से भी प्रदेश की मदद का आग्रह किया है। उन्होंने कहा है कि दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर सभी नेताओं को इस आपदा की घड़ी में आगे आना चाहिए। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने इस दौरान पत्रकार वार्ता में केंद्र से इस आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विशेष आर्थिक पैकेज की मांग की है। उन्होंने इस आपदा से हुए नुकसान के आकलन के लिए केंद्रीय टीम जल्द भेजने का भी आग्रह किया हैं। वहीं, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी व अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य प्रदेश मामलों के प्रभारी राजीव शुक्ला ने भी प्रदेश में भारी बारिश बाढ़ से हुए नुकसान पर दुख व्यक्त किया हैं। उन्होंने इस आपदा में मारे गए लोगों के प्रति भी अपनी संवेदना व्यक्त की है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने प्रदेश में भारी बारिश व बाढ़ से प्रभावित लोगों की सहायता हेतु प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में सूचना एवं समन्वय कक्ष स्थापित किया हैं। इसके अतिरिक्त जिला स्तर पर भी पार्टी महासचिवों व सचिवों को सहायता व समन्वय केंद्रों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई हैं। कांग्रेस महासचिव सगंठन रजनीश किमटा ने कार्यालय आदेश जारी करते हुए बताया कि राजीव भवन में कांग्रेस महासचिव यशपाल तनाईक, जिला कांग्रेस अध्यक्ष शहरी जितेंद्र चौधरी के अतिरिक्त कैप्टन एस के सहगल,गुलाब सिंह ठाकुर मान सिंह ठाकुर,परम देव शर्मा व विराज शर्मा को नियंत्रण कक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई हैं। शिमला नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नंबर 0177 2650169 व 0177 2805522 पर कोई भी व्यक्ति किसी भी सहायता के लिए संपर्क कर सकता हैं। जिला मंडी के नियंत्रण कक्ष की जिम्मेदारी कांग्रेस महासचिव चेतराम ठाकुर पवन ठाकुर,शशि शर्मा व जिलाध्यक्ष प्रकाश चौधरी को सौंपी गई हैं। कुल्लू जिला की जिम्मेदारी कांग्रेस महासचिव रोहित वत्स धामी व जिलाध्यक्ष सेस राम आजाद को सौंपी गई हैं। चंबा जिला की जिम्मेदारी कांग्रेस महासचिव डी एस पठानिया व जिलाध्यक्ष कमल ठाकुर को सौंपी गई हैं। शिमला जिला की जिम्मेदारी कांग्रेस महासचिव देवेंद्र बुशेहरी,जिलाध्यक्ष ग्रामीण अतुल शर्मा को सौंपी गई हैं। कांगड़ा जिला की जिम्मेदारी कांग्रेस उपाध्यक्ष संजय चौहान, महासचिव विक्रम शर्मा विक्की व जिलाध्यक्ष करण पठानिया को सौंपी गई हैं। ऊना जिला की जिम्मेदारी कांग्रेस महासचिव अविनाश कपिला व जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह राणा को सौंपी गई हैं। बिलासपुर जिला की जिम्मेदारी कांग्रेस महासचिव विवेक कुमार व जिलाध्यक्ष अंजना धीमान को सौंपी गई हैं। हमीरपुर जिला की जिम्मेदारी जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया को सौंपी गई हैं। सिरमौर जिला की जिम्मेदारी गीता राम ठाकुर व जिलाध्यक्ष आनंद परमार को सौंपी गई हैं। लाहौल स्पीति जिला की जिम्मेदारी कांग्रेस सचिब प्यारेलाल शर्मा व जिलाध्यक्ष ग्यालछन ठाकुर को सौंपी गई हैं। सोलन जिला की जिम्मेदारी कांग्रेस महासचिव हरदीप सिंह बावा व जिलाध्यक्ष शिव कुमार को सौंपी गई हैं। किन्नौर जिला की जिम्मेदारी कांग्रेस सचिव प्रताप नेगी व जिलाध्यक्ष उमेश नेगी को सौंपी गई हैं।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल में सभी पर्यटक सुरक्षित हैं, सरकार सबका परिवार की तरह ख्याल रख रही है। उन्होंने मंगलवार को मंडी में अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले के विभिन्न हिस्सों में अत्यधिक बारिश से पैदा हुई स्थिति की समीक्षा के बाद मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में यह बात कही। उन्होंने मीडिया के माध्यम से पर्यटकों के परिजनों को भरोसा देते हुए किसी प्रकार की चिंता न करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हम अतिथि देवो भव की नीति पर चलने वाले लोग हैं। प्रदेश में आया हर सैलानी हमारा मेहमान है। हम सभी का उसी प्रकार ध्यान रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि बारिश और बाढ़ से रास्ते बंद होने के कारण पर्यटक अलग अलग जगहों पर होटल और रिसॉर्ट में रुके हैं । बिजली सप्लाई बाधित होने और मोबाइल नेटवर्क डाउन होने के कारण उनसे बात न हो पाने के कारण परिवार जनों का चिंतित होना स्वाभाविक है। पर सभी धैर्य रखें, रास्ते बहाल करने का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। रास्ते खुलते ही सभी को सुरक्षित उनके घरों को रवाना किया जाएगा। सभी होटल, रिसॉर्ट मालिकों को भी स्थिति सामान्य होने तक सहयोग को कहा गया है। 24 घंटे में बहाल कर ली जाएंगी पेयजल परियोजनाएं मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश में अगले 24 घंटे में पेयजल की 4 हज़ार परियोजनाएं बहाल कर ली जाएंगी। उन्होंने बताया कि बारिश और बाढ़ से प्रदेश में पानी की 5 हज़ार छोटी- बड़ी परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है। इनमें से 4 हज़ार को अगले 24 घंटे में रिस्टोर कर लिया जाएगा। इसके लिए जल शक्ति विभाग के तमाम अधिकारी पूरी मशीनरी के साथ फील्ड में डटे हैं। मंडी में जल्द सुचारू होगी पेयजलापूर्ति उन्होंने कहा कि मंडी शहर में भी अगले 24 से 48 घन्टों के भीतर पेयजल आपूर्ति को पूरी तरह बहाल कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि बाढ़ के कारण गाद भरने से मंडी शहर की दोनों बड़ी पेयजल परियोजनाएं फ़िलहाल बंद हैं। शहर में अन्य छोटी परियोजनाओं से पेयजल आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था की गयी है। जल्द ही पेयजल आपूर्ति सुचारू हो जाएगी। उन्होंने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को पेयजल योजनाओं के साथ साथ सीवरेज परियोजनाओं को भी यथाशीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश दिए। बाढ़ पीड़ितों से मिले उप मुख्यमंत्री इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने मंडी में बारिश और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। वे मंडी के ब्यास सदन और गुरुद्वारे में बनाए राहत शिविरों में रह रहे लोगों से भी मिले और उनका दुख दर्द जाना। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों को सरकारी की ओर से हर सम्भव सहायता का भरोसा दिलाया और प्रशासन को सभी हर तरह से ख्याल रखने के निर्देश दिए। बता दें, प्रशासन ने बाढ़ के खतरे के चलते 200 के करीब लोगों को राहत शिविर बना कर ठहराया है। उनके ठहरने, भोजन,पानी, दवाओं की पूरी व्यवस्था की गयी है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भारी बारिश से कुल्लू, मंडी व लाहौल में हुए नुकसान का मंगलवार को हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हेलीकॉप्टर से कुल्लू, मंडी, औट व भुंतर क्षेत्र में बरसात से हुए नुकसान का जायजा लिया। चंद्रताल में फंसे 300 लोगों का आज सुबह 5:00 बजे से बचाव अभियान शुरू कर दिया था। पहली टीम मशीनरी के साथ लोसर से चंद्रताल के लिए रवाना हुई है, जबकि दूसरी टीम काजा से एडीसी राहुल जैन की अध्यक्षता में रवाना हुई है। करीब 40 लोगों का बचाव दल जिसमें पंगमो और लोसर गांव के युवा के अलावा स्पीति के अन्य गांव से युवा शामिल हैं। अब तक 10 से अधिक बुजुर्गों व छोटे बच्चों वाले परिवारों को भुंतर कुल्लू के लिए एयरलिफ्ट कर लिया गया है। सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने खुद यह जानकारी दी।
जिला स्तरीय विश्व जनसंख्या दिवस मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा डॉक्टर सुशील शर्मा के सौजन्य से स्वास्थ्य खंड गोपालपुर में मनाया गया। इस मौके पर डॉ. तरुण सूद जिला कार्यक्रम अधिकारी ने भारत की बढ़ती जनसंख्या पर चिंता व्यक्त करते बताया कि भारत की जनसंख्या तीव्रता से बढ़ रही है। इस बढ़ती हुई जनसंख्या पर अंकुश लगाने के लिए परिवार नियोजन के महत्व को समझाते हुए उन्होंने कहा कि 27 जून से 10 जुलाई तक दंपति संपर्क पखवाड़ा और 11 जुलाई 2023 से 24 जुलाई तक जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत स्वास्थ्य कर्मी /आशा कार्यकर्ता घर घर जाकर जनसंख्या वृद्धि के दुष्परिणामों के बारे में लोगों को जागरूक कर रहे हैं। डॉ. तरुण सूद ने परिवार नियोजन के अस्थाई तथा स्थाई तरीकों के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी तथा भी यह बताया की यह सारी सुविधाएं सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मुफ्त उपलब्ध है। उन्होंने कहा की बढ़ती जनसंख्या के कारण श्वसन संबंधी बीमारियां, टीबी,मलेरिया, कॉलेरा, डेंगू तथा संक्रामक रोगों के साथ-साथ शहरी भीड़ में पर्यावरणीय परिवर्तन तथा दूषित पानी से कई लोगों की मौत हो जाती है ढ्ढ आबादी बढ़ने से वाहनों की संख्या में भी वृद्धि हुई है और वायु प्रदूषण से दमा, फेफड़ों का कैंसर, सास और गले की बीमारियां तथा कार्डियोवैस्कुलर डिजीज में बढ़ोतरी हुई है। कार्यक्रम में स्वास्थ्य शिक्षिका अंजलि, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक, विजय थापा तथा बाकी लोग भी उपस्थित रहे।
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री डॉ. राजीव सहजल ने परवाणू में मूसलाधार बारिश के कारण प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। सहजल ने कहा कि जिस ब्लॉक का दौरा हमने परवाणू में किया, वहां पर 42 परिवार रहते थे और इन 42 परिवारों को जान का खतरा था, क्योंकि यह बिल्डिंग गिरने की स्थिति में पहुंच चुकी थी। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उनको दूसरे ब्लॉक में शिफ्ट किया, जहां पर खाली जगह थी। इस मौके पर डॉ. राजीव सहजल ने लोकल अधिकारियों से भी बात की और राहत पहुंचाने का कार्य किया। रात को सभी परिवार सुरक्षित रहें, इसको निश्चित करने के लिए सभी परिवारों को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने का कार्य करते हुए सभी परिवारों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया गया।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज बाईपास ठियोग पर बने पुल का व रैई घाट में भारी बरसात से क्षतिग्रस्त सड़कों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से बारिश से हुए नुकसान की जानकारी ली। गौर रहे कि भारी बरसात के चलते क्षतिग्रस्त हुए पुलों व सड़कों के कारण स्थानीय ग्रामीणों व स्थानीय लोगों को आने जाने में समस्या का सामना करना पड़ रहा है, इसी के मद्देनजर शिक्षा मंत्री ने उच्च अधिकारियों से बात की व शीघ्र ही जन जीवन को सुचारू रूप से पटरी पर लाने व क्षतिग्रस्त सड़कंो व पुलों को सुचारू रूप से बहाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रदेश सरकार प्रदेशवासियों के साथ है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अनावश्यक यात्रा करने से बचें, नदियों व जल स्त्रोतों के नजदीक न जाएं, जितना हो सके घरों में रहें। प्रदेश सरकार हरसंभव आपकी मदद के लिए हर क्षण तत्पर है। किसी भी आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन नंबर - 1100,1070,1077 पर संपर्क करें।
प्रदेश में हो रही बारिश के कारण हुए भूस्खलन से शिमला-धर्मशाला वाया जुखाला मार्ग वाहनों की आवाजाही के लिए बंद हो गया। बताया जा रहा है यह सड़क मार्ग पर मन गरोठ के पास पहाड़ी दरकी है और मलबे के साथ बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर आ गए हैं। पत्थरों से सड़क भी टूट गई है। ऐसे में लोगों को आवाजाही में दिक्कत हो रही है।उधर विभाग की ओर से इस मार्ग की बहाली का काम शुरू हो गया है।
कार्यकारी जिला दंडाधिकारी एवं अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय यादव ने भारी वर्षा से हुए भूस्खलन एवं अन्य कारणों से सोलन में डमरोग से पाजो तथा न्यायालय मार्ग से वार्ड नंबर 12 व 13 एवं वार्ड नंबर 12 स्थित पार्क से न्यायालय तक के मार्ग को सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया है। ये संपर्क मार्ग बहाल किए जाने तक बंद रहेंगे। ये आदेश मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 115 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किए हैं।
जिला सोलन के शामती के समीप मध्य रात्रि करीब 2 बजे बादल फटने से दो बिल्डिंग मलबे के नीचे दब गई हैं। विशालकाय चट्टान के साथ-साथ मलवा आने से पूरा रास्ता धंस गया है व राजगढ़ रोड सोलन से आने-जाने की आवाजाही बिल्कुल ठप हो गई है। घटना की सूचना स्थानीय लोगों ने पुलिस व प्रशासन को दी, जिसके बाद जेसीबी मशीन से मलवा हटाने का काम शुरू कर दिया है। बता जा रहा है कि पहाड़ी दरकने से आसपास के मकानों में भी दरारें आ गई हैं, जिसे देखते हुए एहतियातन लोगों ने शामती बाजार खाली दिया है व परिजनों ने रिश्तदारों के घर पनाह ले ली है। जिला में भारी वर्षा के कारण अब तक लगभग 77.50 करोड़ का नुकसान हो चुका है। ज़िला में लोक निर्माण विभाग के 158 विभिन्न मार्ग क्षतिग्रस्त हुए हैं। अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय यादव ने कहा कि भारी वर्षा के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 05 शिमला-परवाणू पर अनेक स्थानों पर भूस्खलन के कारण यातायात बार-बार बाधित हो रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को निर्देश दिए गए हैं कि महत्वपूर्ण राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही के लिए सभी एहतियाती उपाय अपनाए जाएं। उन्होंने कहा कि सोलन से हरियाणा के पंचकूला ज़िला से होकर बद्दी-नालागढ़ के लिए जाने वाला राजमार्ग यातायात के लिए बंद कर दिया गया है।
बागवानी एवं राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज तड़के मंडी शहर, पंडोह और आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर हालात का जायजा लिया। इस दौरान सीपीएस संजय अवस्थी, एपीएमसी मंडी के अध्यक्ष संजीव गुलेरिया तथा डीसी अरिंदम चौधरी भी उनके साथ रहे। नेगी ने मंडी में हनुमान घाट तथा अन्य क्षेत्रों में बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच जाकर उनसे बात की तथा उन्हें सरकार की ओर से हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।
सिरमौर जिले में हरिपुरधार स्थित मानव हिल रिजॉर्ट के प्रबंध निदेशक मेलाराम शर्मा ने हरिपुरधार क्षेत्र में फंसे पर्यटकों और बाहरी लोगों के लिए अपने रिजॉर्ट में नि:शुल्क ठहराव और भोजन इत्यादि की व्यवस्था करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय उन्होंने दुर्गम क्षेत्र हरिपुरधार और आसपास क्षेत्रों में फंसे पर्यटकों और सैलानियों को शोषण से बचाने और कठिनाई की घड़ी में उन्हें आवासीय और भोजन सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से लिया है। मानव हिल रिजॉर्ट के प्रबंध निदेशक मेलाराम शर्मा ने सार्वजनिक सूचना जारी कर क्षेत्र में फंसे पर्यटकों और सैलानियों से आग्रह किया है कि वे इस आपदा की घड़ी में परेशान ना हो और निशुल्क ठहराव एवं भोजन इत्यादि की व्यवस्था के लिए किसी भी समय मानव हिल रिजॉर्ट बड़याल्टा, हरिपुरधार के परिसर में पहुंच सकते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से पूरे क्षेत्र में भारी बरसात के कारण त्राहि-त्राहि मची है और सारी सड़कें अवरुद्ध होने के कारण आवाजाही पूर्णता ठप हो गई है। ऐसे में क्षेत्र में फंसे सैलानियों और पर्यटकों को भी भारी कठिनाइयों से दो चार होना पड़ रहा है। मेलाराम शर्मा ने बताया कि अतिथि देवो भव. की परिपाटी को आत्मसात करने के उद्देश्य से उन्होंने क्षेत्र में फंसे सैलानियों और पर्यटकों को निशुल्क सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है और क्षेत्र के लोगों से भी आग्रह किया है कि यदि उन्हें क्षेत्र में किसी पर्यटक के फंसे होने की सूचना मिलती है तो वह मानव हिल रिजॉर्ट के प्रबंध निदेशक को मोबाइल नंबर 94180 86948 या फिर रिजोर्ट के प्रबंधक कमल शर्मा के मोबाइल नंबर 6230921899 पर सूचना देकर पर्यटकों को यहां भेज सकते हैं। उन्होंने बताया कि मानव हिल रिजॉर्ट द्वारा क्षेत्र में फंसे पर्यटकों और सैलानियों के लिए यह सुविधा तब तक जारी रहेगी जब तक यहां की सड़कें बहाल करके परिवहन सुविधा शुरू नहीं होती। उन्होंने बताया कि मानव हिल रिजॉर्ट द्वारा इस आशय की सूचना उपायुक्त सिरमौर, पुलिस अधीक्षक सिरमौर,आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सिरमौर,उपमंडल अधिकारी नागरिक संगड़ाह व नायब तहसीलदार हरिपुरधार तथा डीएसपी संगड़ाह और पुलिस चौकी प्रभारी हरिपुरधार को भी पत्र भेजकर दी गई है ताकि क्षेत्र में फंसे पर्यटक मानव हिल रिजॉर्ट पहुंच सके।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज जिला हमीरपुर के नादौन से राज्य में भारी बारिश और भूस्खलन से हुए नुकसान की समीक्षा के लिए आयोजित राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता की और सभी संबंधित प्राधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा के कारण १७ लोगों की मृत्यु हो गई है और राज्य के विभिन्न हिस्सों में सड़कों, बिजली के ट्रांसफार्मरों व विद्युत उप-केंद्रों और जल आपूर्ति परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचा है। इस आपदा के कारण लोगों का जनजीवन व्यापक रूप से प्रभावित हुआ है और प्रारम्भिक अनुमान के अनुसार प्रदेश को लगभग ३००० करोड़ से ४००० करोड़ रुपए तक का नुकसान आंका गया है। मुख्यमंत्री ने लगातार बारिश से हुए नुकसान का सटीक आकलन करने के लिए राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में समिति की बैठक बुलाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने सभी उपायुक्तों को आगामी १० दिनों तक सतर्क रहने और प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने भूस्खलन और बाढ़ से हुई जान-माल की हानि पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए आश्वासन दिया कि राज्य सरकार इस विकट स्थिति से कुशलतापूर्वक निपटने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित बचाव अभियान शुरू किए गए और समय पर आपदा प्रबन्धन कर, कई अमूल्य जीवन बचाए गए हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से राहत और बचाव कार्यों के लिए पंचायती राज संस्थाओं के जन प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों को शामिल करने के लिए कहा। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में बिजली और पानी की आपूर्ति तत्काल बहाल करने के निर्देश दिए ताकि लोगों को दैनिक जीवन में किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने विभिन्न जगहों पर फंसे हुए लोगों की सुविधा के लिए क्षतिग्रस्त पुलों के स्थान पर बेली ब्रिज के निर्माण के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम ठीक होने पर हेलीकॉप्टरों का उपयोग करके लाहौल-स्पीति और कुल्लू जिलों में फंसे लगभग ३०० पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को निकालने के प्रयास किए जायेंगे। उन्होंने प्रदेश में फंसे पर्यटकों की राज्यवार सूची तैयार करने के अलावा इन लोगों के ठहरने, भोजन और दवाओं इत्यादि सहित आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य में भारी तबाही और जान-माल को भारी नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार प्रभावितों की सहायता के लिए पर्याप्त धनराशि सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि वह शीघ्र ही प्रभावित इलाकों का दौरा कर नुकसान का जायजा लेंगे। मुख्यमंत्री ने सेब सीजन के दृष्टिगत इन उत्पादक क्षेत्रों में सड़कों की शीघ्र बहाली पर बल दिया ताकि सेब फसलों का सुचारू परिवहन सुनिश्चित कर, सेब उत्पादकों को नुकसान से बचाया जा सके। उन्होंने परवाणु-रोहड़ू, ठियोग से रामपुर, छैला से कुमारहट्टी सड़कों और अन्य सेब उत्पादन क्षेत्रों की सड़कों को खुला रखने और मलबा हटाने के लिए अतिरिक्त मशीनरी तैनात करने के निर्देश दिए। उन्होंने इन क्षेत्रों में तत्काल सड़क सुधार के लिए ४ करोड़ रुपए आबंटित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रीखंड महादेव यात्रा के दौरान छह मौतों की सूचना के उपरांत इस यात्रा को शेष सीजन के लिए रोकने के निर्देश दिए गए हैं। इस वर्चुअल बैठक में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने आज यहां विभागीय अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में प्रदेश में भारी बारिश के कारण स्वास्थ्य संस्थानों को हुए नुकसान की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बरसात के मौसम में होने वाले रोगों की रोकथाम तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए सरकार द्वारा सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने भारी बारिश के कारण उत्पन्न हुई आपात स्थिति के दृष्टिगत स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी है ताकि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रूप से संचालित किया जा सके। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को प्रदेश के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाइयों के भंडारण व एम्बुलैंस सेवा की समुचित व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
सोलन ज़िला में गत तीन दिनों से हो रही भारी वर्षा के कारण अभी तक सड़कों एवं पुलों के क्षतिग्रस्त होने, जल शक्ति विभाग की विभिन्न पेयजल एवं सिंचाई योजनाओं को नुकसान पहुंचाने, प्रदेश विद्युत बोर्ड की विद्युत लाईनें एवं विद्युत केन्द्रों तथा उप केन्द्रों के क्षतिग्रस्त होने, कृषि योग्य भूमि को नुकसान पहुंचने तथा अन्य कारणों से लगभग ७७.५० करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान की जानकारी प्राप्त हुई है। राजस्व विभाग द्वारा अन्य नुकसान का आकलन किया जा रहा है। अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय यादव ने इस सम्बन्ध में अवगत करवाया कि ज़िला में गत तीन दिनों से हो रही भारी वर्षा से जानो-माल की क्षति को न्यून करने के लिए एहतियाती उपाय किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ज़िला के सभी उमण्डलाधिकारियों एवं राजस्व विभाग को पूर्व में निर्देश दे दिए गए थे कि वर्षा की स्थिति में आमजन की सुरक्षा के दृष्टिगत किए जाने वाले उपायों की पूर्ण तैयारी रखें। अजय यादव ने कहा कि गत तीन दिनों में सोलन ज़िला में भारी वर्षा के कारण हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। अभी तक ज़िला में लोक निर्माण, जल शक्ति विभाग, प्रदेश विद्युत बोर्ड, कृषि विभाग और बद्दी-बरोटीवाल-नालागढ़ विकास प्राधिकरण को लगभग ७७.५० करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि सोलन ज़िला में लोक निर्माण विभाग के १५८ विभिन्न मार्ग वर्षा के कारण क्षतिग्रस्त हुए हैं। पुल एवं सड़कों के क्षतिग्रस्त होने से विभाग को ४० करोड़़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि जल शक्ति विभाग की लगभग २०० पेयजल एवं सिंचाई योजनाएं वर्षा के कारण क्षतिग्रस्त हुई हैं। इस कारण जल शक्ति विभाग को ३१.९५ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश विद्युत बोर्ड को भारी वर्षा के कारण ज़िला में लगभग १.२५ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग को २.६७ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि ज़िला के नालागढ़ उपमण्डल में भारी वर्षा के कारण बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ विकास प्राधिकरण को विभिन्न कार्यों के क्षतिग्रस्त होने से लगभग १.३५ करोड़ का नुकसान हुआ है। अजय यादव ने कहा कि भारी वर्षा के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या ०५ शिमला-परवाणू पर अनेक स्थानों पर भूस्खलन के कारण यातायात बार-बार बाधित हो रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को निर्देश दिए गए है कि इस महत्वपूर्ण राजमार्ग पर वाहनों की निर्बाध आवाजाही के लिए सभी एहतियाती उपाय अपनाए जाएं। उन्होंने कहा कि सोलन से हरियाणा के पंचकूला ज़िला से होकर बद्दी-नालागढ़ के लिए जाने वाला राजमार्ग यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। हरियाणा के मंडावाला में पुल के क्षतिगस्त होने के कारण इस मार्ग को बंद किया गया है। उन्होंने कहा कि ज़िला में अभी तक जल शक्ति विभाग की ५० सिंचाई एवं पेयजल योजनाओं को पुनः आरम्भ कर दिया गया है। ७० योजनाओं को शीघ्र आरम्भ करने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। उन्होंने कहा कि सोलन शहर की पेयजल आपूर्ति योजना को पुनः आरम्भ कर दिया गया है। बद्दी की योजना सुचारू है। उन्होंने कहा कि नालागढ़ क्षेत्र की दो जलापूर्ति योजनाएं सुचारू है जबकि एक योजना को आरम्भ करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अर्की उपमण्डल में विभिन्न जलापूर्ति एवं सिंचाई योजनाओं को आरम्भ करने का कार्य जारी है। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि लोक निर्माण विभाग द्वारा ज़िला में विभिन्न अवरूद्ध मार्गों को खोलने के लिए ५७ जे.सी.बी तथा २३ टिप्पर तैनात किए गए हैं। अजय यादव ने कहा कि विद्युत बोर्ड द्वारा हर सम्भव प्रयास कर विद्युत आपूर्ति सुचारू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग द्वारा अन्य नुकसान का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ज़िला में भारी वर्षा के कारण हुए भूस्खलन से दो व्यक्तियों की दुःखद मृत्यु का समाचार प्राप्त हुआ है। कसौली उपमण्डल के तरोल के समीप झारखंड के श्रमिक प्रकाश तथा नेपाल के श्रमिक भीम सेन की मृत्यु की जानकारी मिली है। अजय यादव ने अवगत करवाया कि वर्षा के कारण हुई क्षति एवं आमजन को राहत पहुंचाने के सम्बन्ध में आज प्रातः प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। ज़िला प्रशासन द्वारा इस विषय में मुख्यमंत्री द्वारा जारी सभी निर्देशों का पूर्ण पालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी स्थिति से निपटने और क्षतिग्रस्त मार्गों, पुलों तथा योजनाओं को सुचारू बनाने के लिए निरंतर कार्यरत हैं और शीघ्र ही आवश्यक आपूर्ति श्रृंखला को सुचारू कर दिया जाएगा।
राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण (एसडीएमए) के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि प्रदेश में भारी वर्षा के कारण हुए जान व माल के नुकसान की स्थिति का निरन्तर जायजा लिया जा रहा है, भारी बारिश के कारण उत्पन्न स्थिति पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू निरन्तर नज़र बनाए हुए हैं। प्रवक्ता ने बताया कि हिमाचल प्रदेश राज्य आपातकालीन ऑपरेशन केन्द्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में पिछले ६० घण्टों में १० जुलाई, २०२३ को प्रातः ८ बजे तक कुल १७ लोगों की मृत्यु दर्ज की गई है। इस अवधि के दौरान एक होटल तथा ११ घर पूर्ण रूप से व २० घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। १०० से १२० पशुओं की हानि भी दर्ज की गई है। इस अवधि के दौरान भूस्खलन की २०, बाढ़ की १७, आग लगने की २ तथा जल भराव की २० घटनाएं हुईं हैं। प्रदेश में मंडी से कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग-२१, लाहौल स्पीति में ग्राम्फू से लोकार राष्ट्रीय राजमार्ग-५०५, कुल्लू में कुल्लू से मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग-३ तथा औट से जलोड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग-३०५, सिरमौर में शिलाई सड़क के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग-७०७ तथा तांदी से काधूनाला राज्य राजमार्ग बाधित हैं। उन्होंने बताया कि २४ जून, २०२३ से लेकर ९ जुलाई, २०२३ तक प्रदेश में २९ भूस्खलन, एक बादल फटने तथा २४ बाढ़ की घटनाएं रिपोर्ट की गई हैं। अब तक लोगों को २.८४ करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की गई है। प्रदेश में प्रातः १० जुलाई, २०२३ तक ८२५ सड़कें, ४५९७ बिजली की लाइनें (डॉयनामिक थर्मल रेटिंग) तथा ७९५ जलापूर्ति योजनाएं बाधित हैं।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज यहां जल शक्ति विभाग को सभी क्षतिग्रस्त जलापूर्ति योजनाओं को तुरंत बहाल करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि योजनाओं को बहाल करने की जानकारी नियमित रूप से दिन में दो बार सुबह १० बजे और शाम ४ बजे मुख्यालय को भेजी जाए। उन्होंने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की आधिकारिक वैबसाइट पर समय पर सूचनाएं अपलोड करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सभी जलापूर्ति योजनाओं में स्रोत स्तर के साथ-साथ आपूर्ति स्थलों पर व्यापक जल परीक्षण करने के निर्देश दिए। उप-मुख्यमंत्री ने सभी जलापूर्ति योजनाओं का क्लोरीनीकरण सुनिश्चित करने एवं आपूर्ति स्थलों पर न्यूनतम निर्धारित अवशिष्ट क्लोरीन भी सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग को निर्देश दिए कि सभी कनिष्ठ अभियंता विभिन्न टैंकों और वितरण स्थलों पर जांचे गए अवशिष्ट क्लोरीन का रिकॉर्ड रखना सुनिश्चित करें। उन्होंने जल जनित बीमारियों के प्रकोप से बचने के लिए पानी के नमूनों के परीक्षण के लिए जल स्रोतों और उपभोग्य सामग्रियों के क्लोरीनीकरण के लिए मण्डलीय और उप-मंडल स्तर पर ब्लीचिंग पाउडर, फिटकरी और अन्य रसायनों का पर्याप्त भंडार बनाए रखने के भी निर्देश दिए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सभी नकारात्मक रिपोर्टिंग पर तत्काल प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। राज्य में लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए जल शक्ति विभाग ने एक एडवाइजरी भी जारी की है ताकि लाभार्थियों को पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। फील्ड अधिकारियों और कर्मचारियों की सभी तरह की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वह सभी फील्ड अधिकारियों एवं कर्मचारियों की संबंधित मुख्यालय एवं फील्ड में उपस्थिति सुनिश्चित करें।
धर्मशाला में जिला कांगड़ा बैडमिंटन संघ की वार्षिक आम बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता जिला कांगड़ा बैडमिंटन संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी करमचंद राठौर ने की। इस बैठक में वर्ष 2023 में जिला कांगड़ा बैडमिंटन संघ द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित करने का संभावित कैलेंडर निर्धारित किया गया, जो कि जुलाई महीने से शुरू किया जा रहा है। जिला कांगड़ा बैडमिंटन संघ के महासचिव विलास हंस ने बताया कि अंडर 19 एवं सीनियर वर्ग के जिला स्तरीय प्रतियोगिता 20 जुलाई से 22 जुलाई तक धर्मशाला में आयोजित की जाएगी। वहीं अंडर 15 एवं अंडर 17 वर्ग की जिला स्तरीय प्रतियोगिता 23 एवं 24 जुलाई को धर्मशाला में आयोजित की जाएगी। इन प्रतियोगिताओं में एकल, युगल एवं मिक्स मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त दो एवं तीन सितंबर 2023 को अंडर 11 एवं अंदर 13 की प्रतियोगिताएं जिला स्तर की धर्मशाला में आयोजित की जाएगी इस प्रतियोगिता में एकल एवं युगल मुकाबला खेले जाएंगे। इन जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन के आधार पर तथा विजेता एवं उप विजेता खिलाड़ियों का राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए चयन किया जाएगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिला कांगड़ा बैडमिंटन संघ बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया के आधार पर जिला स्तर पर खिलाड़ियों को पंजीकरण कर एक पहचान नंबर प्रदान करेगा जो कि इसी वर्ष से शुरू किया जाना है। इसके अतिरिक्त इसी वर्ष से जो खिलाड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए जिला कांगड़ा से चयनित किए जाएंगे उन खिलाड़ियों का 5 दिनों का कोचिंग कैंप भी जिला कांगड़ा संघ द्वारा आयोजित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त जो खिलाड़ी जिला कांगड़ा से राज्य स्तरीय प्रतियोगिता एवं राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता में चयनित होंगे एवं अच्छा प्रदर्शन करेंगे उन्हें जिला कांगड़ा बैडमिंटन संघ की तरफ से सम्मानित किया जाएगा। जो जिला स्तरीय प्रतियोगिता 20 जुलाई से शुरू होनी है उसके लिए पंजीकरण 12 जुलाई से लेकर 17 जुलाई तक किया जाएगा। महासचिव ने बताया कि खिलाड़ियों के लिए एवं खेल के लिए जिला कांगड़ा बैडमिंटन संघ प्रतिदिन सभी से सुझाव लेने के साथ अच्छे कदम उठाती जा रही है जिसका परिणाम आने वाले समय में जिला कांगड़ा से ही खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देखने को मिलेंगे। इस बैठक में जिला कांगड़ा बैडमिंटन संघ के वशिष्ठ पदाधिकारी सर्व चंद्र धीमान, पंकज शर्मा, संजीव सूद, मालविका पठानिया, संदीप ढींगरा, रविंद्र कपूर, गौरव चड्ढा, पवन चौधरी, विक्रम चौधरी, विकास सूद विशेष रूप से उपस्थित रहे।
पिछले दिनों हुई भारी बरसात के चलते जिला कांगड़ा में हुए नुकसान की समीक्षा को लेकर आज डीसी ऑफिस में एक बैठक का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू नादौन से वीसी के माध्यम से बैठक से जुड़े तथा शिमला से राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, शिक्षा मंत्री रोहित , मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी सहित राज्य के अधिकारी भी वर्चुअल माध्यम से इस दौरान मौजूद रहे। बैठक में उपायुक्त कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल सहित विभिन्न विभागों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान जिलाधीश ने जिले में हुए नुकसान का ब्यौरा देते हुए, प्रशासन द्वारा इस बाबत की गई कार्रवाई के बारे में विस्तार से बताया। बैठक के उपरांत प्रेस को संबोधित करते हुए डीसी कांगड़ा ने बताया कि जिला कांगड़ा में पिछले दिनों हुई भारी वर्षा के चलते अब तक लगभग 75 करोड़ रूपये की सार्वजनिक सुविधाआएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। उन्होंने बताया कि जिले में सड़कें, बिजली, पानी सहित अन्य सार्वजनकि सुविधाओं को रिस्टोर करने के लिए प्रशासन द्वारा वॉर फुटिंग पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में आपदा प्रबंधन से जुड़े राजस्व सहित सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी बेहतर आपसी समन्वय से अपने काम को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में लोग घबराएं नहीं तथा धैर्य से काम लेते हुए प्रशासन को तुरंत संपर्क करें।
विधायक कुलदीप राठौर ने विगत 48 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते विधानसभा क्षेत्र में हुए नुकसान को लेकर और बचाव कार्यों को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ ठियोग में एक बैठक कर पूरी स्थिति का जायजा लिया और जरूरी दिशा निर्देश भी दिए। इस दौरान पत्रकारों को संबोधित करते हुए कुलदीप राठौर ने कहा कि लगातार हो रही बारिश के चलते पूरे प्रदेश में भयानक स्थिति उत्पन्न हो गई है और यदि विधानसभा क्षेत्र की बात की जाए तो यहां पर 8 लोगों की जान जा चुकी है। कहा कि कई रोड बह गए हैं और मकानों तथा बगीचों में भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के 118 रोड है जिनमें से 49 के करीब बंद पड़े हैं जबकि बाकी के रोड खोल दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र में सड़कों के नुकसान को लेकर 1 करोड़ 27 लाख के करीब का आकलन किया गया है जो अभी आगे और भी बढ़ सकता है जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग 6 करोड़ के नुकसान का आकलन है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में 90त्न विद्युत आपूर्ति चालू कर दी गई है जबकि बाकी भी जल्द सुचारू हो जाएगी! उन्होंने कहा कि सभी विभाग मिलकर कार्य कर रहे हैं स्थिति पर पूरी नजर बनाए रखी गई है उन्होंने कहा कि इसी प्रकार की बैठक कुमारसैन में भी रखी गई है हां विभागीय अधिकारियों से क्षेत्र मे भारी बरसात के को लेकर किस तरह की तैयारियां की गई है उसका पूरा आकलन किया जाएगा और उचित कदम उठाए जाएंगे! इस दौरान क्षेत्र के सभी विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे। केंद्र सरकार से है पूरी उम्मीद, नुकसान की भरपाई करे केंद्र राठौर ने कहा कि विगत 48 घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते पूरे प्रदेश में भयंकर तबाही का माहौल है और ऐसे में प्रदेश सरकार अपने संसाधनों के अनुसार नुकसान की भरपाई की जद्दोजहद में है। उन्होंने कहा कि ऐसी विकट परिस्थिति में केंद्र सरकार से पूरी उम्मीद है कि वह नुकसान की भरपाई करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश के भाजपा भारतीय जनता पार्टी के सांसद भी है और राष्ट्रीय अध्यक्ष भी है और उनसे भी आग्रह किया जाएगा की केंद्र सरकार आर्थिक सहायता प्रदान करें।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने पार्टी नेताओं पदाधिकारियों ,अग्रणी संगठनों व कार्यकर्ताओं का आह्वान किया है प्रदेश में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए आगे आएं। उन्होंने इस आपदा से हुए जानमाल के नुकसान पर दुख प्रकट करते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना भी जताई हैं। प्रतिभा सिंह ने पार्टी नेताओं को एक अपील जारी करते हुए प्रदेश के लोगों से भी इस आपदा की घड़ी में प्रभावित लोगों की हर संभव सहायता का आग्रह किया हैं। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के लोगों ने हमेशा ही प्राकृतिक आपदाओं में राहत व बचाव कार्यो में बढ़चढ़ कर भाग लिया है और उन्हें उम्मीद है कि वह अब भी ऐसी ही मिसाल कायम रखेंगे। प्रतिभा सिंह ने कहा कि कांग्रेस का दूसरा नाम प्रेम व सेवाभाव है और सभी पार्टी नेताओं को इस कार्य मे आगे आना हैं। उन्होंने कहा कि इस बार भारी बारिश से प्रदेश में बहुत ही नुकसान हुआ है।
प्रदेश में लगातार हो रहे भारी बारिश के चलते हिमाचल प्रदेश राज्य को करोड़ों रूपयों का नुक्सान हुआ है। इस बारे जानकारी देते हुए उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि भारी बारिश के चलते हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों के 1007 रूटों पर चलने वाली बसों के रूटों को सस्पेंड किया गया है। जबकि राज्य तथा राज्य से बाहर चलने वाली परिवहन निगम की 452 बसें विभिन्न स्थानों पर बारिश के कारण रूकी हुई हैं। उन्होंने परिवहन निगम के स्टाफ को निर्देश दिए हैं कि जहां पर भी जोखिम हो वहां पर बसों को न चलाएं तथा बस चालक पूर्णत: एहतियात बरतें ताकि किसी प्रकार का नुक्सान न हो। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक भारी बारिश के कारण जल शक्ति विभाग की 4833 स्कीमें प्रभावित हो चुकी हैं जिससे 350.15 करोड़ रूपये के नुक्सान का आंकलन किया गया है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर पेयजल स्कीमें नदी, नालों व खड्डो के किनारे होने के चलते प्रभावित हुई हैं। इसके अतिरिक्त सिंचाई, सीवरेंज व बाढ़ नियंत्रण की योजनाओं को भी भारी नुक्सान हुआ है। उन्होंने बताया प्रदेश में कुल 10067 वाटर सप्लाई स्कीमें हैं जिसमें 223.63 करोड़ की 3737 पेयजल आपूर्ति योजनाएं, 85.13 करोड़ रूपये की 983 सिंचाई योजनाएं, 30.70 करोड़ रूपये की सीवरेज़ तथा 10 करोड़ रूपये की 53 बाढ़ नियंत्रण योजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। उन्होंने बताया कि भारी बारिश व बाढ़ में राज्य के लोगों का जानमाल के नुक्सान से बचाव करना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके साथ ही बिजली, पेयजल व अन्य जरूरी सेवाओं को सुचारू रूप से बहाल करने के संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए गए हैं। उप मुख्यंत्री ने बताया कि प्रदेश में लोक निर्माण विभाग को लगभग 250 करोड़ रूपये की क्षति हुई है जिसमें सड़कों व पुलों को भारी नुक्सान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि नदियों में जल का बहाव अत्याधिक होने के कारण पानी सड़कों के ऊपर से होकर बह रहा है।
भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं विधायक त्रिलोक जम्वाल ने कहा बिलासपुर जिला में बरसात के कारण भारी नुकसान हुआ है और हो रहा है। मेरा बिलासपुर वासियों से विनम्र निवेदन रहेगा कि अपने घर पर रहें और सुरक्षित रहें। हम प्रशासन के साथ मिलकर पूरी स्थिति के ऊपर नजर गड़ाए हुए हैं, जहां भी कोई नुकसान हो रहा है हम प्रशासन के साथ मिलकर उसकी तुरंत भरपाई कैसे की जाए उसकी कोशिश कर रहे हैं। मेरा बिलासपुर वासियों से विनम्र निवेदन रहेगा कि अगर किसी को किसी भी प्रकार की कोई समस्या है, कोई बरसात के कारण नुकसान हो रहा है तो तुरंत मेरे से मेरे मोबाइल नंबर पर संपर्क करें ताकि मैं आप सब लोगों की सेवा कर सकूं। मेरा मोबाइल नंबर 9418069956 है।
जिला कुल्लू में थाना निरमंड के अंतर्गत केदस मार्ग पर पीपलहट्टी में एक गाड़ी के गहरी खाई में गिर जाने से पांच लोगों की मौत हो गई है। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। हादसा आज सोमवार सुबह निरमंड के केदस-देवढांक सड़क पर पेश आया, जहां एक मारुति सिलेरियो गहरी खाई में लुढ़क गई। हादसे में घायल कार चालक एवं मालिक कुलदीप की मौत निरमंड सिविल अस्पताल से रामपुर बुशहर अस्पताल ले जाते समय रास्ते में हुई, जबकि चार अन्य लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान जुगत राम पुत्र हुक्मी राम गांव नाबा तहसील निरमंड, हरदयाल पुत्र चूडा राम गांव केदस निरमंड, सीमा नेगी पत्नी गणेश नेगी गांव कुमसू रामपुर और बर्षा पत्नी कुलदीप गांव केदस निरमंड जिला कुल्लू, कुलदीप वर्मा पुत्र हरदयाल गांव केदस जिला कुल्लू उम्र 40 साल के रूप में हुई है। निरमंड पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंच कर दुर्घटना के कारणों की जांच आरंभ कर दी है।


















































