आईएसएस एसोसिएशन के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि आईएएस अधिकारियों ने प्रदेश में भारी बारिश के कारण आई प्राकृतिक आपदा के दृष्टिगत राहत कार्यों के लिए आपदा कोष-2023 में अपना एक दिन का वेतन प्रदान करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इस विपदा की घड़ी में सभी के एकजुट प्रयासों से प्रभावितों के पुनर्वास में मदद मिलेगी।
जिला प्रशासन ने आज शहर के शामती क्षेत्र के आपदा प्रभावितों को लगभग 20 लाख रुपए की राहत राशि प्रदान की। अतिरिक्त उपायुक्त अजय यादव ने यह जानकारी दी। अजय यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि भारी वर्षा से त्रस्त जन-जन को न केवल समयबद्ध राहत प्रदान की जाए अपितु आवश्यकतानुसार उनके भोजन एवं रहने की व्यवस्था भी सुनिश्चित बनाई जाए। उन्होंने कहा कि ज़िला प्रशासन मुख्यमंत्री के निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित बना रहा है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन आपदा के कारण प्रभावितों को त्वरित सहायता प्रदान करने एवं उनकी सुरक्षा के लिए कृत संकल्प है। हाल ही में हुई भारी वर्षा के कारण जहां एक और क्षतिग्रस्त अधोसंरचना को युद्ध स्तर पर ठीक किया जा रहा है वहीं पीड़ित व्यक्तियों तक शीघ्र राहत भी पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि 1-2 दिनों में सभी प्रभावितों को राहत राशि प्रदान कर दी जाएगी। अजय यादव ने कहा कि शामती में खतरे का आभास मिलते ही ज़िला प्रशासन ने त्वरित कार्यवाही कर न केवल संकटग्रस्त आवासों को खाली करवाया अपितु प्रभावित परिवारों के रहने-खाने की व्यवस्था भी की। उन्होंने कहा कि शामती में अभी तक कुल 45 भवन क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें से 25 भवन पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हैं जबकि 20 भवनों में दरारें आई हैं। उन्होंने भू वैज्ञानिकों के साथ शामती क्षेत्र का दौरा कर एहतियाती उपाय सुनिश्चित किए। उन्होंने कहा कि भू वैज्ञानिकों के परामर्श के अनुसार शामती क्षेत्र की पहाड़ी में में आई दरारोंं को राख और चूने के मिश्रण के साथ भरा जा रहा है, ताकि दरारों को ठीक किया जा सके और मिट्टी को स्थाई पकड़ मिले। अजय यादव ने कहा कि शामती क्षेत्र में आम जन की सुरक्षा के लिए खतरा दर्शाने के लिए सूचना पट्ट स्थापित किए गए हैं। पूरे क्षेत्र में पुलिस द्वारा नियमित गश्त लगाई जा रही है। क्षेत्र में विभिन्न निर्माण कार्यों पर भी रोक लगाई है। उन्होंने कहा कि शामती में जल शक्ति विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि अत्यधिक भू-जल को 2-3 बोरवेल के माध्यम से बाहर निकाला जाए। कृषि विभाग द्वारा खेतों से अतिरिक्त जल को निकाला जा रहा है। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि ज़िला प्रशासन यह प्रयास कर रहा है कि आम जन की सुरक्षा सुनिश्चित हो और अधोसंरचना को हुई क्षति की शीघ्र मुरम्मत हो ताकि जन-जीवन सामान्य हो सके।
मंडी से कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी रहे आश्रय शर्मा ने आज जारी में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह द्वारा कुल्लू की अधिकारी को लेकर दिए गए बयान को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह मुख्यमंत्री ने स्वयं फील्ड में उतरकर मोर्चा संभाला और अधिकारियों ने भी उनके निर्देश पर दिन रात मेहनत कर फसे लोगों की मदद की, उसकी सराहना करने के बजाय लोक निर्माण मंत्री गैर जरूरी बयान दे रहे हैं और अपनी सरकार में हंसी का पात्र बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर होता कि इस आपदा के दौर में मंत्री अधिकारियों को प्रोत्साहित करते, परंतु कुछ चुनिंदा अधिकारियों से वह सौतेला व्यवहार करते हुए नजर आए। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू जब सारी स्थिति को सामान्य करने में स्वयं दुर्गम इलाकों में गए और सड़कों को बहाल करवाया, उसके बाद मात्र राजनीति के उद्देश्य से लोक निर्माण मंत्री ने यहां आकर गैरजरूरी बयानबाजी कर सरकारी अधिकारियों का मनोबल गिराने का ही प्रयास किया जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस आपदा में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर कार्य करना चाहिए था।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री त्रिलोक कपूर ने लाहौल-स्पीति के उपायुक्त राहुल से दूरभाष पर संपर्क करके यह आग्रह किया है कि बरसात कि इन दिनों में जिला चंबा व कांगड़ा के घुमंतू भेड़पालक अपनी भेड़-बकरियों के साथ केलांग के दारचा जिस्पा और सरचू के ऊपरी क्षेत्र में दूसरी और स्पीति घाटी के छोटादड़ा, बड़ादड़ा बातल और चंद्रताल के ऊपरी क्षेत्रों की चरागाहों में रह रहे हैं, लेकिन भारी बरसात बेमौसमी बारिश के कारण इन क्षेत्रों में हुई त्रासदी के कारण पिछले दिनों से कोई संपर्क नहीं हो रहा, जिसके कारण भेड़पालकों के परिजन गहरी चिंता में हैं। भाजपा नेता त्रिलोक कपूर ने उपायुक्त लाहौल से यह आग्रह किया है कि वह तुरंत हेलीकॉप्टर द्वारा भेड़पालकों के ऊपरी चारगाहों की रेकी कर वस्तुस्थिति की रिपोर्ट देें, ताकि भेड़पालकों के परिजनों की चिंता दूर हो सके।
उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने जिले में राजस्व से संबंधी लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए ताकि लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े। उपायुक्त कार्यालय धर्मशाला में शुक्रवार को जिला कांगड़ा के राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधीश डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि राजस्व कार्यों के निपटान के लिए सभी उपमंडलाधिकारियों के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है ताकि किसी भी स्तर पर मामले लंबित नहीं रहें। सप्ताहवार एवं दैनिक आधार पर हो निपटान उपायुक्त ने कहा कि राजस्व मामले आम जनमानस से जुड़े होने के कारण उनकी रोजमर्रा की गतिविधियों को प्रभावित करतें हैं। उन्होंने कहा कि तकसीम, इन्तकाल, निशानदेही जैसे अनेक राजस्व संबंधी कार्यों के लिए लोगों को प्रतिदिन राजस्व अधिकारियों से मिलना पड़ता है। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि आम आदमी को राजस्व सम्बन्धित मामलों में जल्द राहत प्रदान करने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को भूमि से सम्बन्धित विषयों को सप्ताहवार एवं दैनिक आधार पर निपटाने करने की कोशिश करनी चाहिए। उपमंडल स्तर पर भी हों बैठकें डॉ. निपुण जिंदन ने जिला भर से आए उपमंडलाधिकारी (नागरिक) से कहा कि प्रत्येक एसडीएम संबन्धित उपमंडल में हर माह अधीनस्थ अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ बैठक करें ताकि लम्बित मामलों को शीघ्रता से निपटाया जा सके। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राजस्व कार्यों को प्राथमिकता देते हुए निर्धारित लक्ष्यों को तय समय पर पूरा करना चाहिए ताकि लोगों के राजस्व सम्बन्धित मामलों का त्वरित निपटान हो सके। उन्होंने कहा कि इससे जहां अधिकारियों की कार्यकुशलता बढ़ेगी, वहीं कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी। ऑनलाइन करें रिकॉर्ड, तुरंत निपटाएं शिकायतें डीसी ने कहा कि राजस्व अधिकारी राजस्व मामलों को निरंतरता के साथ निपटाने में व्यक्तिगत रूप से गंभीरतापूर्वक प्रयास करें। उन्होंने कहा कि जिन तहसीलों का राजस्व रिकार्ड आनलाइन नहीं हुआ है उसे प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के लिए कारगर कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि ई-समाधान के माध्यम से प्राप्त शिकायतों को निपटाने के लिए गंभीरता से प्रयास किये जाएं। उन्होंने कहा कि इसके लिए उपमंडल स्तर पर ही नियमित तौर पर मीटिंग आयोजित की जाएं। स्वामित्व योजना की प्रगति पर विस्तार से हुई चर्चा स्वामित्व योजना का उद्देश्य गांव में बसे हुए ग्रामीण परिवारों के मालिकों को अधिकारों के रिकॉर्ड के रूप में संपत्ति कार्ड प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। उपायुक्त ने बताया कि इस योजना में विविध पहलुओं को शामिल किया गया है। इनमें संपत्तियों के मुद्रीकरण को सुगम बनाना और बैंक ऋणों को सक्षम बनाना तथा संपत्ति संबंधी विवादों को कम करने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने स्वामित्व योजना के सुचारू कार्यान्वयन के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। संयुक्त कार्यालयों तथा डे बोर्डिंग स्कूलों की मांगी स्टेटस रिपोर्ट उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से कांगड़ा जिला के लिए आठ बोर्डिंग स्कूल बनाने के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने संबंधित उपमंडलाधिकारियों से डे बोर्डिंग स्कूल के लिए उपयुक्त जमीन के चयन प्रक्रिया को तत्काल पूर्ण करने के निर्दश दिए। उन्होंने कहा कि उपमंडलाधिकारियों से इस संबंध में प्रगति रिपोर्ट भी मांगी गई है ताकि डे बोर्डिंग स्कूलों का निर्माण कार्य शीघ्र आरंभ किया जा सके। इसके साथ ही मुल्थान, बैजनाथ, प्रागपुर, हरिपुर, इंदौरा, फतेहपुर में संयुक्त कार्यालय भवनों की कार्यों की प्रगति बारे भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रभावितों को उपलब्ध करवाई जाए फौरी राहत जिलाधीश डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि हाल-फिलहाल बरसात के दिनों में जो भी लोग मॉनसून से प्रभावित हो रहे हैं, प्रशासन द्वारा उनकी त्वरित सहयाता की जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि भारी बारिश के कारण संकटग्रस्त लोगों को तुरंत फौरी राहत उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में भारी बरसात और उससे होने वाले संभावित खतरों से निपटने के लिए भी पहले से तैयारी करके रखें। ये रहे उपस्थित इससे पहले एडीएम रोहित राठौर ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए राजस्व विभाग के विभिन्न कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर एडीसी सौरभ जस्सल, कांगड़ा जिला के समस्त एसडीएम, तहसीलदार सहित विभिन्न अधिकारी उपस्थित थे।
उपमंडल ज्वालामुखी के अंतर्गत पड़ती ग्राम पंचायत उम्मर के स्थानीय निवासी आर्यन उर्फ मिंट्टू (8) पुत्र प्रदीप कुमार की खड्ड में नहाने के दौरान डूबने से मृत्यु हो गई। ग्राम पंचायत प्रधान वकील चंद ने बताया कि उक्त युवक की मौत होने की दुखद मामला आया है। प्राथमिक सूचना के मुताबिक उक्त युवक अपने पशुओं को चराने गया था कि अचानक पानी में नहाने के लिए उतर गया, जिसमें वह डूब गया। इस संदर्भ में डीएसपी ज्वालामुखी विकास धीमान से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है।
बैजनाथ विधानसभा क्षेत्र दुर्गम क्षेत्र बड़ा भंगाल पंचायत में स्थानीय लोगों और भेड़-बकरी तथा खच्चर पालकों दुख-दर्द जानने एवं स्तिथि का जायजा लेने के मुख्य संसदीय सचिव कृषि, पशुपालन, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज किशोरी लाल ने 25 किलोमीटर पैदल रास्ता तय किया। सीपीएस प्रातः बड़ाग्रां से घड़सा होते हुए बड़ा भंगाल के रवाना हुए। बड़ा भंगाल का रास्ता खराब एवं दो पुल बहने के कारण सीपीएस पलाचक तक ही जा पाये। पहली बार किसी विधायक और नेता को दुर्गम क्षेत्र में देख स्थानीय निवासी अचंभित हुए और उन्होंने खुशी जाहिर की। भेड़ पालक ब्रह्म दास , माधोराम, ठाकुर दास, राजिंदर कुमार, पंडत राम और महेंद्र सिंह का कहना था कि यह पहला अवसर है कि कोई नेता, पशुपालन और अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ उनका हाल जानने के लिये आया हो। सीपीएस किशोरी लाल ने कहा कि बड़ा भंगाल बैजनाथ विधानसभा क्षेत्र का अति दुर्गम इलाका है और इस क्षेत्र में आवाजाही का मुख्य साधन पैदल और घोड़ों इत्यादि से ही होता है। उन्होंने कहा कि बड़ा भंगाल के लोगों को सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिये सरकार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि 9 और 10 जुलाई को भारी वर्षा के कारण बड़ा भंगाल क्षेत्र भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि बड़ा भंगाल को जोड़ने वाले रास्ते और पुलों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि स्थिति का जायजा लेने के लिए वे स्वयं आज बड़ा भंगाल क्षेत्र के लोगों से मिले हैं उन्होंने कहा कि प्रशासन को शीघ्र बड़ा भंगाल को जाने वाले घोड़ा युक्त रास्ते को बहाल करने तथा इसके बीच ऊहल खड्ड में बहे दो पुलों को अस्थाई रूप में तैयार करने के आदेश दिये हैं, ताकि इस क्षेत्र में राशन दवाइयां इत्यादि समय पर पहुंचाई जा सके। उन्होंने कहा कि कुछ पशु पालकों की भेड़ बकरियां बीमार पाई गई। पशुपालन विभाग के चिकित्सकों द्वारा उपचार एवं दवाइयां उपलब्ध करवाई गई हैं। सीपीएस ने कहा कि बड़ा भंगाल को जोड़ने वाले पुराने रास्ते को भी बहाल करने के आदेश प्रशासन को दे दिए गए हैं।
प्रदेश में लगातार हुई बारिश से हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। ऐसे में आपदा की इस घड़ी में सभी लोग अपनी क्षमता के अनुसार सरकार एवं प्रशासन के माध्यम से लोगों की सहायता करने के लिए आगे आ रहे हैं, ताकि प्रभावित लोगों की अधिक से अधिक सहायता की जा सके। इसी कड़ी में रोटरी चैक ऊना के वार्ड नंबर एक के छठी कक्षा में पढ़ रहे प्रणव शर्मा ने अपने पिगी बैंक में 51 सौ रुपये की जमा राशि को उपायुक्त ऊना के माध्यम से मुख्यमंत्री राहत कोष में दान किया। उपायुक्त ने इस छोटी उम्र में पनव शर्मा के मन में पैदा हुई जनसेवा करने की भावना की सराहना की। जिलाधीश ने कहा कि निश्चित रूप से ऐसी छोटी-छोटी मदद से प्रेरणा मिलती है और सरकार प्रशासन अपनी ओर से हर मदद करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन इस बारिश ने बहुत अधिक नुकसान किया है, इसलिए बतौर नागरिक सबका फर्ज है कि हम अपने अपने संसाधनों से जो हो सकता है उसकी मदद करें। बता दें कि प्रणव शर्मा ऊना प्रेस क्लब के अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा व राजस्व विभाग में अधिकारी रेखा शर्मा के छोटे पुत्र हैं। प्रतिभाशाली हैं और लगातार सामाजिक विषयों पर प्रश्न भी उठाते रहते हैं। प्रणव ने कहा कि उसने ऐसी तेज बारिश देखी और सुन रहे हैं कि बहुत नुकसान हुआ इसलिए मन में आया कि मदद की जाए और इसके लिए पिता व माता से चर्चा की और उन्होंने मार्गदर्शन दिया जिसके चलते या मदद कर पाया हूं।
अतिरिक्त उपायुक्त राहुल जैन ने बीआरओ और उनके निजी ऑपरेटर का चंद्रताल और बातल में फंसे लोगों के रेस्क्यू ऑपरेशन में सहयोग करने के लिए आभार जताया। अतिरिक्त उपायुक्त राहुल जैन ने बताया कि बीआरओ के निजी ऑपरेटर में गर्ग एंड गर्ग सनस एस्टेट प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड और न्यू इंडिया कांट्रेक्टर एंड डेवलपर के दो जेसीबी ऑपरेटर सहित बीआरओ की लेबर का योगदान रेस्क्यू ऑपरेशन में काबिल तारीफ है। अतिरिक्त उपायुक्त राहुल जैन ने बताया कि इतनी विषम परिस्थितियों के बाद भी बीआरओ की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन को थमने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि जेसीबी ऑपरेटर सुखदेव ने 47 घंटे जेसीबी चलाकर सड़क बहाल करने का कार्य किया है । इसके साथ ही बीआरओ की लेबर में नौरबू सैंफल उर्फ बुद्धा ने भी अहम भूमिका निभाई है। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि आगामी कुछ दिनों में रेस्क्यू ऑपरेशन में हिस्सा रहे हर सदस्य को सम्मानित किया जाएगा और इन सबके लिए सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। बीआरओ की लेबर में रेस्क्यू ऑपरेशन में विशेष तौर पर फूंचोक नेगी, जावेद खान, तेनजिन ज्ञालसन जेई ऋषिकेश मीणा, तेनजिन अंगदुई , छेरिंग तोपगे, सोनम लामा शामिल रहे । इस अवसर पर तसीलदार भूमिका जैन भी शामिल रहीं।
कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने भाजपा नेताओं की आलोचना करते हुए कहा है कि वह इस आपदा की घड़ी में राजनीतिक रोटियां सेंकने मे लगे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की सारी मशीनरी राहत व बचाव कार्यो में जुटी है। प्रतिभा सिंह ने एक बयान में पूर्व मुख्यमंत्री के उस बयान को जिसमें उन्होंने सरकार पर राहत व बचाव कार्यों में असफल रहने का आरोप लगाया है को पूरी तरह निराधार व लोगों को गुमराह करने वाला बताया हैं। उन्होंने कहा है कि प्रदेश सरकार राहत व बचाव कार्यों में जुटी हैं। मुख्यमंत्री सहित सभी मंत्री कांग्रेस विधायक,नेता व सभी पदाधिकारी अपने अपने क्षेत्रों में राहत कार्यो में दिन रात जुटे हैं। प्रतिभा सिंह ने कहा है कि वह स्वम् बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं, लोगों से मिल रही है और लोग राहत व बचाव कार्यो से संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार सभी प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है और उनकी हरसंभव मदद कर रही हैं। अब तक कुल्लू मनाली व लाहौल घाटी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 60 हजार से अधिक पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला हैं। राहत शिविरों में सभी लोगों को रहने खाने की समुचित व्यवस्था की गई हैं। प्रतिभा सिंह ने भाजपा नेताओं से आग्रह किया है कि उन्हें इस आपदा की घड़ी में सरकार के साथ सहयोग करते हुए केंद्र की भाजपा सरकार से राहत व पुनर्वास कार्यो के लिये विशेष आर्थिक पैकेज की मांग करनी चाहिए। उन्होंने कहा है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर को भी इस आपदा के लिये प्रदेश को विशेष आर्थिक मदद जारी करने की पैरवी करनी चाहिए। उन्होंने कहा है कि वह स्वम् भी दिल्ली जाकर केंद्र सरकार से इस आपदा से निपटने के लिए विशेष आर्थिक मदद का आग्रह करेंगी।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ ने प्रेस में जारी बयान के माध्यम से हिमाचल प्रदेश में भारी बरसात की वजह से हुए नुकसान पर गहरी संवेदना प्रकट की है और प्रदेश में इस आपदा से हुए नुकसान और प्रभावित परिवारों के सेवार्थ निर्णय लिया है की विद्युत बोर्ड के सभी कर्मचारी अपने मासिक वेतन से एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में डोनेट करेंगे। एक ओर जहां विद्युत बोर्ड तकनीकी कर्मचारी बरसात से हुए नुकसान से विद्युत आपूर्ति को सुचारू रूप से चलाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे है उसी के साथ अब संघ ने एक दिन के वेतन को मुख्यमंत्री राहत कोष में डोनेट करने जा रही है। इस बारे में संघ ने प्रबंध निदेशक को पत्र लिख कर सूचित किया है। बिजली बोर्ड में तकनीकी कर्मचारियों की भारी कमी चल रही है, उसके बावजूद भी 24 लाख उपभोक्ताओं को सुचारू रूप से बिजली को बहाल करने में जुटे है। हिमाचल में हुई भारी बारिश के चलते बिजली बोर्ड के टावर, पोल, लाइन, सब स्टेशन, पावर हाउस बुरी तरह से प्रभावित हुए है, बिजली बोर्ड के तकनीकी कर्मचारी बिजली को बहाल करने में रात दिन सेवाए दे रहे है, इसके साथ तकनीकी कर्मचारी संघ इस विषम परिस्थिति में सरकार के साथ खड़ा है।
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने आज मंडी जिला के बाढ़ प्रभावित स्थानों का दौरा किया। उनके साथ इस दौरे में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, केंद्र मंत्री अनुराग ठाकुर और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल उपस्थित रहे। जगत प्रकाश नड्डा ने इस दौरान पंचवक्तत्र मंदिर का दौरा कर मौके पर नुकसान का जायजा लिया, इसके उपरांत बाढ़ प्रभावित मंडी क्षेत्र के पंडोह का भी दौरा किया और लोगों का कुशलक्षेम जाना। जगत प्रकाश नड्डा ने लोगों को इस विपदा की घड़ी में केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव मदद प्रदान करने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा प्रदेश में आई इस आपदा की घड़ी में पहले दिन से ही केंद्र सरकार हिमाचल सरकार और प्रशासन के संपर्क में है। केंद्र सरकार हिमाचल की हर संभव मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है और प्रभावितों की हर संभव मदद की जाएगी। उन्होंने कहा कि मैं अपनी ओर से और अपनी पार्टी की ओर से हिमाचल की जनता को और प्रदेश के मुख्यमंत्री को यह विश्वास दिलाना चाहता हूं कि केंद्र सरकार आदरणीय मोदी जी के नेतृत्व में इस आपदा में जो नुकसान हुआ है, जान माल का भी नुकसान हुआ और इस दुख भरी घड़ी में हम सब प्रदेश वासियों के साथ खड़े हैं, प्रदेशवासियों के लिए खड़े हैं। उन्होंने कहा जहां तक राहत कार्य के सवाल है, राहत कार्य के लिए जो एनडीआरएफ की 13 टीमें प्रदेश में भेजी गई है वह राहत कार्य का काम तेजी से कर रही है।
मंडी जिले के सुंदरनगर के बीएसएल पुलिस थाना के तहत कटेरू क्षेत्र में भलाना खूड़ी नाला के पास वीरवार देर रात एक बोलेरो (एचपी31/8349) हादसे का शिकार हो कर गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई है। जबकि 4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलने पर स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर सभी वाहन सवारों को कड़ी मशक्कत के बाद सड़क तक पहुंचाया जहां से उन्हें वाहनों में डालकर सुंदरनगर तथा नेरचौक मेडिकल कॉलेज के लिए ले जाया गया। हादसे बारे पता चलने पर डीएसपी दिनेश कुमार तथा तहसीलदार सुंदरनगर वेद प्रकाश भी मौका के लिए रवाना हो गए तथा उन्होंने वहां पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया। हालांकि रात को अंधेरा अधिक होने के कारण राहत और बचाव कार्य में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि सभी वाहन सवार देव कमरूनाग के दर्शन के लिए गए हुए थे वहां से वापस लौटते समय यह हादसा पेश आया है। हादसे में घायल हुए लोगों की शिनाख्त संजीव कुमार (38)पुत्र केशव दत निवासी पंजराह तहसील सुंदरनगर, किरपा राम (38) पुत्र मजरू राम निवासी पौडा कोठी तहसील सुंदरनगर, कमल कुमार(22) पुत्र तुला राम गांव डोलधार तथा चालक अनिल दत्त(52) पुत्र रुप चन्द निवासी गांव कोलथी के रूप में हुई है। जबकि मृतकों की शिनाख्त लाला राम (50) पुत्र गंगू राम निवासी डोलधार तहसील सुंदरनगर, रूप लाल(55) पुत्र परस राम निवासी गांव डोलधार तहसील सुंदरनगर, सुनील कुमार(35) पुत्र बेशर राम गांव पंजराह गलू तहसील सुंदरनगर,गोविन्द राम (60) रघुराम निवासी डोलधार तहसील सुंदरनगर और मोहन (55) पुत्र किरपा राम निवासी कुशला डाकघर घीड़ी तहसील सुंदरनगर के रूप में हुई है। डीएसपी दिनेश कुमार ने बताया पुलिस थाना बीएसएल कॉलोनी में हादसे को लेकर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिए गए है। नाचन के विधायक विनोद कुमार ने हादसे पर गहरा शोक जताया हैं। इधर, नाचन पूर्व में कांग्रेस प्रत्याशी रहे एवं हिमाचल सरकारी बैंक के निदेशक लाल सिंह कौशल ने हादसे पर गहरा शोक जताया है। उन्होंने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट किए तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। लाल सिंह कौशल ने बताया प्रदेश सरकार की तरफ से मृतकों के परिजनों को 25-25 हजार तथा घायलों को पांच-पांच हजार रुपए की फौरी सहायता प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि आगे भी परिवारों की हर संभव मदद की जाएगी।
श्रीखंड महादेव यात्रा आधिकारिक तौर पर इस वर्ष के लिए स्थगित करने और श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष एवं जिलाधीश कुल्लू आशुतोष गर्ग की अधिसूचना जारी करने के बाद अब प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं के लिए स्थापित किए गए बेस कैंप पार्वती बाग, भीमडवार, कुनशा, थाचडू, में प्रशासन द्वारा सारी व्यवस्था को हटा दिया गया है। इसमें मेडिकल टीम, रेस्क्यू टीम, पुलिस फोर्स, रेवेन्यू की टीम को वापिस बुला दिया गया है। बेस कैंप सिंह गाड़ में सभी प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों का इंतजार किया जा रहा है। जितने भी श्रद्धालु श्रीखंड महादेव के लिए रवाना हुए थे, उन सभी को सुरक्षित वापस घर भेज दिया गया है। यात्रा में जगह-जगह अनेकों सेवा दल द्वारा चलाई जा रही लंगर व्यवस्था भी बंद कर दी गई है और प्रशासन द्वारा टेंट लगाने वाले स्थानीय लोगों को भी टेंट हटाने के निर्देश दे दिए गए हैं। एसडीएम निरमंड मनमोहन सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि यात्रा में प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं के लिए तैनात की गई सभी व्यवस्थाओं को हटा दिया गया है। उन्होंने बताया कि पार्वती बाग से चार मृत शरीर को सिविल अस्पताल निरमंड लाया गया है और पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। उन्होंने शिव भक्तों से अपील की है कि इस यात्रा में अब ना जाएं। इस बार यात्रा बेहद ही कठिनतम और जोखिम भरी है। भारी बारिश से गलेशियर टूट रहे हैं और रास्ता खराब हो रहा है। ऐसे में यात्रा करना जोखिम भरी है। उन्होंने कहा कि जो भी शिव भक्त इस बार दर्शन नही कर पाए उन शिव भक्तों से धैर्य रखने की अपील की है और अगली साल आधिकारिक तौर पर यात्रा करने की सलाह दी है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि भारी वर्षा के कारण अभी तक सोलन जिला में 141 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने की संभावना है और यह आंकड़ा बढ़ रहा है। डॉ. शांडिल वर्षा से हुए नुकसान के बारे में गत देर सायं उपायुक्त कार्यालय सोलन के सभागार में अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सोलन जिला में गत कई दिनों से हो रही भारी वर्षा के कारण अभी तक सड़कों एवं पुलों के क्षतिग्रस्त होने, जल शक्ति विभाग की विभिन्न पेयजल एवं सिंचाई योजनाओं को हुए नुकसान, प्रदेश विद्युत बोर्ड की विद्युत लाईनें एवं विद्युत केंद्रों तथा उप केंद्रों के क्षतिग्रस्त होने, कृषि योग्य भूमि को नुकसान पहुंचने तथा अन्य कारणों से लगभग 141 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान की जानकारी प्राप्त हुई है। राजस्व विभाग द्वारा अन्य नुकसान का आकलन किया जा रहा है। डॉ. शांडिल ने कहा कि भारी वर्षा के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 05 शिमला-परवाणू पर भूस्खलन के कारण अनेक स्थानों पर यातायात बार-बार बाधित हो रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को निर्देश दिए गए हैं कि इस महत्वपूर्ण राजमार्ग पर वाहनों की निर्बाध आवाजाही के लिए सभी एहतियाती उपाय अपनाए जाएं। उन्होंने कहा कि सोलन जिला में 111 मार्ग अवरुद्ध हुए हैं और 40 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि ज़िला में अवरुद्ध 78 मार्ग खोल दिए गए हैं। स्वासथ्य मंत्री ने कहा कि जिला में अभी तक जल शक्ति विभाग की 113 सिंचाई एवं पेयजल योजनाओं को पुन: आरंभ कर दिया गया है। जिला में अन्य सिंचाई योजनाओं को शीघ्र आरम्भ करने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। उन्होंने कहा कि सोलन शहर की पेयजल आपूर्ति योजना को आरंभ कर दिया गया है। डॉ. शांडिल ने कहा कि पूरे जिला में विद्युत बोर्ड द्वारा हर सम्भव प्रयास कर विद्युत आपूर्ति सुचारू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विद्युत बोर्ड को अभी तक लगभग 6 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि जिला सोलन में अभी तक किसानो को लगभग 8.28 करोड़ रुपये का तथा बागवानों को 90 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग द्वारा अन्य नुकसान का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ज़िला में भारी वर्षा के कारण हुए भूस्खलन से तीन व्यक्तियों की मृत्यु भी हुई है। डॉ. शांडिल ने कहा कि वर्षा के कारण हुई क्षति एवं आमजन को राहत पहुंचाने के संबंध में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू स्वयं दूर दराज कि इलाके में जाकर जायजा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी स्थिति से निपटने और क्षतिग्रस्त मार्गों, पुलों तथा योजनाओं को सुचारू बनाने के लिए निरंतर कार्यरत हैं और शीघ्र ही आवश्यक आपूर्ति शृंखला को सुचारू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सोलन के शामती में 25 भवन क्षतिग्रस्त होने से लगभग 70 परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह एक प्राकृतिक आपदा है। उन्होंने केंद्र सरकार से इसे राष्ट्रीय आपदा के रूप में घोषित करने तथा भारी वर्षा से हुए नुकसान के लिए भरपूर सहायता उपलब्ध करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि गांव की सड़कें किसानों की भाग्य रेखाएं हैं। उन्होंने गांव के अवरुठ्ठ मार्ग मनरेगा के तहत ठीक करवाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रयासों के फलस्वरूप वीरवार सायं आवासीय आयुक्त द्वारा अन्तरराज्यीय बस अड्डा (आईएसबीटी) नई दिल्ली में फंसे 22 खिलाड़ियों व अन्य स्टाफ को सुरक्षित बचाया गया। ये खिलाड़ी कर्नाटक के शिमोगा में 7 से 9 जुलाई तक आयोजित 40वीं राष्ट्रीय जूनियर ताइक्वांडो चैंपियनशिप में भाग लेने के उपरांत वीरवार दोपहर रेलगाड़ी के माध्यम से नई दिल्ली लौटे थे। इस टीम में 9 लड़के, 10 लड़कियां, 2 कोच और एक मैनेजर शामिल हैं। क्षेत्र में जलभराव के कारण पूरी टीम आईएसबीटी नई दिल्ली में फंस गई। टीम के कोच अश्विनी कुमार ने मुख्यमंत्री से दूरभाष पर संपर्क किया। इसके तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने आवासीय आयुक्त मीरा मोहंती को उन्हें सुरक्षित बचाने के निर्देश दिए। आवासीय आयुक्त एवं नई दिल्ली में मुख्यमंत्री के ओएसडी के.एस. बांश्टू ने हिमाचल भवन लाए गए खिलाड़ियों से भेंट की। राज्य सरकार द्वारा उन्हें सुरक्षित घर भेजने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
ग्रीनबेरी आरकेजी ग्रुप व ग्रीनबेरी वेलफेयर फाउंडेशन के संस्थापक राजेश कुमार गुप्ता ने परिवार सहित बागेश्वर पीठ आचार्य धीरेंद्र शास्त्री से उनके निवास स्थान एमपी के बागेश्वर धाम में शिष्टाचार भेंट की। यहां पर उनके साथ विशेष तौर से सनातन, धर्म और संस्कृति पर चर्चा हुई। इस अवसर पर राजेश कुमार ने आचार्य धीरेंद्र शास्त्री को हिमाचली टोपी, शॉल और डांगरू भेंट स्वरूप देकर हिमाचल प्रदेश आने का निमंत्रण भी दिया।
हिमाचल प्रदेश में आकस्मिक आई प्राकृतिक आपदा ने जहां हजारों करोड़ की संपत्ति एवं कई अमूल्य जीवन को अपना ग्रास बनाया। वही अब आपदा प्रबंधन और पुन: व्यवस्था में मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा किए जा रहे व्यक्गित प्रयासों से प्रेरित होकर उनके संपूर्ण मंत्रिमंडल के साथ-साथ प्रदेश के विभिन्न विभागों एवं सामान्य प्रशासन के कर्मचारी भी अपनी ड्यूटी को असाधारण कर्तव्यनिष्ठा से पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं। कुछ कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डाल कर अपन उत्तरदायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। ऐसा ही एक उदाहरण जिला सिरमौर के संगड़ाह उप मंडल के जल शक्ति विभाग में पंप अटेंडेंट के पद पर कार्यरत कपिल शर्मा का सामने आया है। कपिल शर्मा ने बहुत ही तेज प्रवाह से बह रहे झरने के नीचे टूटी पाइपलाइन को जोड़ने के लिए अपनी जान की परवाह नहीं की। झरने के नीचे कई फुट गहरी खाई होने के बावजूद कपिल ने अपने कर्तव्य पर ध्यान केंद्रित रखा। वायरल हुए वीडियो पर अपनी टिप्पणी देते हुए उप मंडल के कनिष्ठ अभियंता संतोष शर्मा ने कहा कि डूंगी गांव की क्षतिग्रस्त पाइपलाइन को जोड़ने वाले कपिल शर्मा सदैव कार्य को संपूर्ण कर्तव्यनिष्ठा से करते हंै। वहीं, नई पेंशन योजना कर्मचारी संघ जिलाध्यक्ष सुरेंद्र पुंडीर ने कपिल शर्मा की भरपूर प्रशंसा की तथा मुख्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री तथा जिलाधीश सिरमौर से कपिल शर्मा जैसे कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारियों को सम्मानित करने का निवेदन किया, जो अन्य कर्मचारियों के लिए मिसाल कायम करते हैं। पुंडीर ने सभी कर्मचारियों से आपदा प्रबंधन एवं पुनर्व्यवस्था में सरकार तथा प्रशासन का तन, मन व धन से सहयोग करने की अपील की।
प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चूड़धार में शनिवार से लेकर फंसे 200 से अधिक श्रद्धालुओं को चुड़ेश्वर सेवा समिति द्वारा वहां से रवाना कर दिया है। गुरुवार को समिति ने दो दर्जन से अधिक श्रद्धालुओं का आखिरी जत्था चूड़धार से नौहराधार के लिए रवाना किया। सभी श्रद्धालुओ ने नौहराधार तक अपनी गाड़ियां मगाई है। वहां से वह अपनी गाड़ियों से अपने-अपने घर जाएंगे। पांच दिनों तक चुड़ेश्वर सेवा समिति ने सभी श्रद्धालुओं को ठहरने व खाने की व्यवस्था मुफ्त में उपलब्ध कराई। समिति ने सभी यात्रियों का विशेष ध्यान रखा। इस दौरान कुछ श्रद्धालु बीमार भी हो गए। चुड़ेश्वर सेवा समिति के पास हर समय विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए दवाइयां उपलब्ध रहती हंै। इसलिए बीमार यात्रियों को दवाइयां उपलब्ध करवाके उनका उपचार किया गया। समिति की और से मुफ्त में खाने पीने व ठहरने के अलावा फ्री मेडिकल सुविधा प्रदान करने के लिए यात्रियों ने चूड़ेश्वर सेवा समिति का आभार प्रकट किया है।
लगातार 6 दिन युद्ध स्तर पर काम करने के दौरान आज सातवें दिन लक्कड़ डिपो पुल को सभी छोटे-बड़े वाहनों के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा। यह बात मुख्य संसदीय सचिव और दून विधानसभा हलके के विधायक चौधरी राम कुमार ने कही। उन्होंने कहा कि वे सभी बीबीएन व दून और नालागढ़ के निवासियों को बताता चाहते हैं कि उनके आग्रह पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू ने नेशनल हाइवे अथॉरिटी को सख्त निर्देश देकर बद्दी, पिंजोर रोड पर गिर हुए पुलों के पास एक-मीटर के छोटे पाइपों द्वारा वैकल्पिक रास्ते बनाने के निर्देश दिए हंै, जिसका कार्य मढांवाला पुल से शुरू कर दिया गया है और शेष इलाके में बिजली पानी की बहाली के लिए वे खुद व विभाग युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं। दून के पहाड़ी क्षेत्र में लगभग १० जेसीबी मशीनें व निचले क्षेत्र में ४ जेसीबी मशीन और बद्दी से लेकर नालागढ़ तक सभी पुलों पर १-१ जेसीबी मशीन व पोकलेन बड़े पुलों को दुरुस्त करने में लगाई गई है। ५-६ दिन की मशक्कत के बाद बीबीएन के एरिया की पूरी स्थिति काबू में है। उन्होंने कहा कि इसमें पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन, लोकनि, जल शक्ति और बिजली विभाग के सभी कर्मचारियों और अधिकारियों का बहुत सहयोग रहा है। इस आपदा की घड़ी में सहयोग करने के लिए वे सभी अधिकारियों, कर्मचारियों व अपने इलाकावासियों का भी धन्यवाद करते हैं।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को प्रदेश में प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान और राज्य में चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट दी। केंद्रीय गृह मंत्री ने दूरभाष पर बातचीत में राज्यपाल से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों, भूस्खलन से क्षतिग्रस्त सड़कों और फंसे हुए पर्यटकों की सुरक्षित निकासी प्रक्रिया के बारे में बात की। केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार हिमाचल को हरसंभव सहायता प्रदान कर रही है और स्थिति सामान्य होने तक यह सहायता जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि इस विपदा में देश की जनता और केंद्र सरकार राज्य के लोगों के साथ है। उन्होंने कहा कि प्रभावितों की देखभाल हम सभी की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल बचाव अभियान में प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन का सक्रिय सहयोग कर रहे हैं। राज्यपाल ने केन्द्र सरकार द्वारा की जा रही सहायता एवं सहयोग के लिए केन्द्रीय मंत्री का आभार व्यक्त किया।
स्कूल ऑफ ओरिंटल एंव अफ्रिका अध्ययन युनिवर्सिटी ऑफ लंदन के शोध दार्शनिक डॉ. रिचर्ड ऐक्सलबी ने आज दिनांक 13 जुलाइ को पूर्वाहन 11.30 बजे हिमाचल प्रदेश विधान सभा के माननीय अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से उनके कार्यालय कक्ष में मुलाकात की। गौरतलब है कि डॉ. रिचर्ड ऐक्सलबी विभिन्न देशों की संसदीय एवमं लोकतात्रिक प्रणाली का तुलनात्मक अध्ययन कर रहे है। डॉ. रिचर्ड ब्रिटेन, ब्राजील, संयुक्त राज्य अमेरिका, युथोपिया, फिजी तथा भारत की संसदीय तथा लोकतांत्रिक प्रणाली का एक शोध के जरिये तुलनात्मक अध्ययन कर रहे है। इसी विषय को लेकर उन्होंने आज एचपी विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से मुलाकात कर भारत की संसदीय तथा लोकतांत्रिक प्रणाली पर जानकारी हासिल की। इस अवसर पर डॉ. रिचर्ड ऐक्सलबी ने पठानिया से हिप्र विधान सभा की कार्यप्रणाली, आन्तरिक क्रिया कलापों तथा सत्र संचालन संबन्धि जानकारी हासिल की। इस अवसर पर पठानिया ने कहा की हिप्र देश की सर्व प्रथम ई विधानसभा है, जिसका शुभारंभ 4 अगस्त 2014 को हुआ था। उन्होने कहा कि आज देश के सभी राज्य हिप्र विधान सभा मॉडल का अनुसरण कर रहे है । पठानिया ने कहा कि जिस तरह आज के युवा विधानसभा की कार्यवाही देखने विधानसभा पहुंच रहे है, उससे हमारे लोकतंत्र का भविष्य मजबूत नजर आ रहा है। डॉ. रिचर्ड ऐक्सलबी ने चर्चा करते हुए कहा कि भारत का लोकतंत्र इंग्लैड के लोकतंत्र की तुलना में ज्यादा मजबूत है। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन के युवा और लोग राजनिति की ओर कम आकर्षित हो रहे है तथा मतदान में भी ज्यादा दिलचस्पी नहीं रखते हैं जबकि भारत के युवा राजनिति की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे है तथा मतदान भी यहां ब्रिटेन के मुकाबले बहुत ज्यादा होता है जो कि लोकतन्त्र की मजबूती का आधार है। बैठक उपरांत डॉ. रिचर्ड ऐक्सलबी ने विधान सभा में सदन का अवलोकन किया तथा ई विधान प्रणाली व इसके रख रखाव व अन्य प्रबंधन के लिए विधानसभा अध्यक्ष को बधाई दी।
उपायुक्त सुमित खिमटा ने भारत मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा आगामी 17 जुलाई तक प्रदेश के कुछ अन्य जिलों सहित सिरमौर जिला में भारी बरसात की चेतावनी के दृष्टिगत जिला के लोगों को नदी-नालों की ओर रूख न करने की एडवाईजरी जारी की है। उन्होंने जिलावासियों तथा सैलानियों से आग्रह किया है कि बारिश, हिमस्खलन एावं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के अलावा ऊपरी तथा पहाड़ी भागों में जाने से परहेज रखें। उन्होने कहा कि खराब मौसम में ट्रैकिंग करने से बचे। बिजली चमकने की सूरत में कम से कम आधे घंटे तक अपने घरों में ही रहें। सुमित खिमटा ने कहा कि हाल ही में हुई भारी वर्षा के कारण जिला के सभी नदी व नाले उफान पर हैं। ऐसे में नदी नालों के समीप जाना जान को आफत हो सकता है। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को नदी नालों से दूर रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि वर्षा के कारण कभी भी जल स्तर बढ़ सकता है। उपायुक्त ने पंचायती राज संस्थानों के प्रतिनिधियों, स्वयं सेवी संस्थाओं, ट्रैकर्ज व पैदल यात्रियों से आग्रह किया है कि मौसम की चेतावनी से लोगों को जागरूक करें ताकि जान व माल के नुकसान को बचाया जा सके। उन्होंने लोगों को रात्रि के समय वाहनों का उपयोग करने से बचने तथा वाहन को पहाड़ी की ओर पार्क न करने की भी अपील की है। सुमित खिमटा ने लोगों को प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन की एडवाइजरी का गंभीरतापूर्वक अनुसरण करने को कहा है। उन्होंने रेडियो, टी.वी. तथा सोशल मीडिया में भी मौसम को लेकर जारी की जा रही चेतावनी को सुनने व इसपर गौर करने की अपील की है। उन्होंने जिलावासियों से आपदा की घड़ी में एक दूसरे की मदद व सहयोग करने का भी आग्रह किया है। उपायुक्त ने आपातकाल की स्थिति में जिला आपदा प्रबंधन के टोल फ्री नंबर 1077 पर सूचित करने के लिये भी लोगों से अपील की है।
जिला की नगर निकायों व ग्राम पंचायतों में प्रत्येक घर से कचरा एकत्र कर इसका निष्पादन बेशक एक कठिन प्रक्रिया और चुनौतिपूर्ण कार्य है, लेकिन पर्यावरण संरक्षण के लिये कचरा निष्पादन का प्रबंधन सुव्यवस्थित ढंग से होना नितांत जरूरी है। यह बात उपायुक्त सुमित खिमटा ने जिला स्तरीय टास्क फोर्स की पांचवी बैठक तथा सिरमौर जिला पर्यावरण योजना 2022-23 की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। उपायुक्त ने साडा क्षेत्रों, नगर निकायों तथा ग्राम पंचायत स्तर पर विशेषकर ठोस कचरा प्रबंधन की आवश्यकता पर बल देते हुए संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में ठोस कदम उठाने के निर्देश दिये। उन्होंने इस संबंध में लोगों में व्यापक जागरूता उत्पन्न करने के लिये पंचायत स्तर पर शिविरों का आयोजन करने को भी कहा। उन्होंने लोगों से भी पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का कचरा घरों के बाहर कहीं पर न फैंके और इसकी छंटाई करके उपयुक्त निष्पादन के लिये नगर निकायों को सौंपे। सुमित खिमटा ने कहा कि ठोस कचरा प्रबंधन, प्लास्टिक कचरा प्रबंधन, पानी की गुणवत्ता, मल निकासी प्रबंधन, मल निकास संयत्रों की स्थापना व रखरखाव, हवा की गुणवत्ताा का प्रबंधन तथा ई. वाहनों को प्रोत्साहित करने जैसे विभिन्न क्षेत्रों में विभागों को प्रतिबद्धता के साथ कार्य करके व्यवहारिक तौर पर प्रगति को दर्शाना होगा। जिला पर्यावरण योजना पर विभागवार प्रगति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने शहरी स्थानीय निकायों को आरंभिक स्तर पर ही कचरे की छंटाई को सुनिश्चित बनाने को कहा। हालांकि ग्राम पंचायतों में यह प्रक्रिया अभी लागू नहीं है क्योंकि वहां गीला कचरा पशुचारे के लिये उपयोग में लाया जा रहा है। बैठक में अवगत करवाया गया कि नगर परिषद क्षेत्र में सड़कों की सफाई मैनुअली दिन में दो बार की जा रही है जबकि ग्राम पंचायतों में इस प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कचरा एकत्रिकरण मशीनरी को बढ़ाने के लिये नगर निकायों को कहा। बैठक में अवगत करवाया गया कि पांवटा साहिब कचरा प्रबंधन संयंत्र की क्षमता 12 से 14 टन की है जबकि हर रोज लगभग 16 से 18 टन कचरा एकत्र होता है। उपायुक्त ने इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिये। उपायुक्त ने जल शक्ति विभाग को कालाअंब तथा मोगीनंद क्षेत्रों के लोगों को मल निकासी कनेक्शन लेने के लिये प्रेरित करने को कहा। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि प्रदूषण न फैले इस दृष्टि से यह कनेक्शन लेना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सिवरेज लाईनें पहले ही बिछा दी गई है और सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना भी की जा चुकी है। इस संबंध में खण्ड विकास अधिकारियों को भी निर्देश दिये गए हैं कि वह साथ लगती पंचायतों के लोगों को भी कनेक्शन उपलब्ध करवाने में सहयोग करें। कालाअंब तथा पांवटा में हवा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिये उपायुक्त ने आवश्यक कदम उठाने को कहा। उन्होंने औद्योगिक इकाइयों में प्रदूषण को नियमित तौर पर निरीक्षण करने, सड़कों पर धूल के लिये पानी का नित्य प्रति छिडकाव करने अथवा धूल को हटाने, वाहनों का प्रदूषण चैक करने, निजी वाहनों का कम उपयोग करने के लिये लोगों को जागरूक बनाने तथा प्रेशर हॉर्न की चालान करने जैसे पहलुओं का सख्त कदम उठाने के लिये संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होनें पांवटा साहिब में इ. रिक्शा व इ. वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिये कहा। उन्होनें कचरा अथवा पराली इत्यादि को खुले में जलाने पर कड़ी नजर रखने के लिये कहा। बैठक की कार्यवाही का संचालन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी पवन शर्मा ने किया। उन्होंने कहा कि पीसीबी की प्रदूषण को लेकर प्रत्येक क्षेत्र में कड़ी नजर है और किसी प्रकार का उल्लंघन करने पर कड़ी कारवाई अमल में लाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सड़कों पर धूल की समस्या हो, पानी प्रदूषण की बात हो या फिर वाहनों अथवा कचरे व औद्योगिक संस्थापनाओं में प्रदूषण की शिकायत हो, त्वरित कारवाई करके सभी क्षेत्रों में प्रदूषण की समस्या का समाधान संबंधित विभागों के सहयोग से किया जा रहा है। पवन शर्मा ने काला अंब स्थित मारकण्डा नदी की पानी की गुणवत्ता पर चर्चा करते हुए अवगत करवाया कि नदियों में पानी के प्रदूषण को पांच श्रेणियों में बांटा गया है। रिपोर्ट के आधार पर मारकंडा नदी को पांचवी प्राथमिकता में स्तरोन्नत किया गया है। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सोम दत, जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक सकोही साथी, जिला लोक सम्पर्क अधिकारी प्रेम ठाकुर सहित अन्य विभागों से रचित शर्मा, जितेन्द्र सिंह, वी.के. अग्रवाल, विजय कौशल, सोम दत, जैसी राम ठाकुर, विकास बंसल, अनिल शर्म रमेश भारद्वाज, संजय कुमार, पिंकी देवी व सलिन्द्र चौधरी भी उपस्थित थे।
उपायुक्त एवं समाहर्ता सिरमौर सुमित खिमटा ने बताया कि रेणुका जी बांध परियोजना प्रभावित परिवार अब 22 जुलाई तक अपने दावे व आक्षेप प्रस्तुत कर सकते हैं। यह दावे व आक्षेप रेणुका जी बांध परियोजना कार्यालय ददाहू तथा तहसीलदार ददाहू, संगड़ाह, नौहराधार, राजगढ़ और पच्छाद के कार्यालयों में प्रस्तुत किये जा सकते हैं। उपायुक्त ने बताया कि दावे और आक्षेप की तिथि में संशोधन करने का निर्णय पिछले कई दिनों से जिला में हो रही भारी वर्षा व सड़क मार्ग अवरूद्ध होने के दृष्टिगत संबन्धित व्यक्तियों की मांग पर लिया गया है ताकि छूटे हुये प्रभावित व्यक्ति भी लिखित में अपने दावे व आक्षेप प्रस्तुत कर सकें। उन्होंने बताया कि रेणुका जी बांध परियोजना में 20 पंचायतों के कुल 1408 परिवार मुख्य परियोजना प्रभावित परिवार हैं जिन्हें मुआवजा प्रदान किया गया है। रेणुका बांध प्रभावित परिवारों की विस्तृत सूचियां उपायुक्त सिरमौर की अधिकारिक वैबसाईट .पर उपलब्ध है जहां पर इसका अवलोकन किया जा सकता है। इसके अलावा आमजन की जानकारी हेतु सम्बन्धित पटवार वृतों, पंचायत कार्यालयों में भी यह सूची 16 मई से 22 जुलाई 2023 तक अवलोकनार्थ उपलब्ध रहेगी। उपायुक्त ने कहा कि सभी सम्बन्धित व्यक्ति जिनकी भूमि या घर इस परियोजना हेतु अधिगृहिति हुए हैं और उनका नाम इस सूची में सम्मिलित नहीं है या गलत रूप से सम्मिलित है, उन्हें सार्वजनिक नोटिस के माध्यम से सूचित किया गया है कि इस संबन्ध में यदि किसी का कोई दावा या आक्षेप हो तो वह लिखित रूप में रेणुका जी बांध परियोजना कार्यालय ददाहू व सम्बन्धित तहसीलदार कार्यालयों में 22 जुलाई 2023 तक व्यक्तिगत रूप से या पंजीकृत डाक द्वारा प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके उपरांत प्राप्त दावे व आक्षेप मान्य नहीं होंगे।
उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि कांगड़ा जिला के गगल एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए प्रदेश सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी की गई है इसके तहत ग्रामीण अब अपनी आपत्तियां लिखित तौर पर साठ दिन के भीतर मिनी सचिवालय कांगड़ा में कमरा नंबर 214 में दर्ज करवा सकते हैं, इन आपत्तियों का पंद्रह दिन के भीतर निपटारा भी सुनिश्चित किया जाएगा इस के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं ताकि लोगों की किसी भी तरह की असुविधा नहीं हो। वीरवार को एनआईसी के सभागार में गगल एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए भू अधिग्रहण की प्रक्रिया आरंभ करने बारे आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए भू-अधिग्रहण प्रक्रिया नियमों के तहत पूर्ण की जाएगी। इस के लिए प्रशासनिक तौर पर पूरी तैयारी की गई है। भू अधिग्रहण की प्रक्रिया के लिए मंडलायुक्त कांगड़ा को आयुक्त, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी को प्रशासक तथा एसडीएम कांगड़ा को समाहर्ता नियुक्त किया गया है। बिना अनुमति के भूमि के क्रय विक्रय पर रोक उपायुक्त ने कहा कि कोई भी व्यक्ति समाहर्ता की पूर्व अनुमति के बिना अपनी पूरी या आंशिक भूमि का क्रय विक्रय या नाम परिर्वतन नहीं कर सकता है इस के लिए भी आदेश जारी कर दिए गए हैं। उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने कहा कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को पारदर्शिता के साथ पूर्ण करने क लिए अतिरिक्त कर्मचारी भी तैनात किए जाएंगे।
हरिपुर पुलिस थाने के तहत ब्यास नदी से वीरवार को दो पुरुषों के शव मिले हैं। इनमें से एक ही पहचान हो गई है। बताया जा रहा है कि उक्त व्यक्ति के गुम होने की शिकायत गगल पुलिस चौकी में दर्ज है। माना जा रहा है कि वह बनेर खड्ड में बहकर ब्यास में पहुंच गया था। डीएसपी अनिल कुमार के अनुसार इस संबंध में गगल पुलिस को सूचना दे दी गई है। दूसरे शव की अभी पहचान नहीं हो पाई है।
एचआरटीसी देहरा डिपो में तैनात एक कंडक्टर ड्यूटी के दौरान शराब पीकर आ गया। शिकायत मिलने के बाद मौके पर पहुंचे आरएम देहरा कुशल कुमार ने उसका मेडिकल करवाया। रिपोर्ट मिलने के बाद उस पर कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि उक्त कंडक्टर की ड्यूटी लंब से देहरा आ रही बस के रूट पर थी। इसी बीच किसी सवारी ने आरएम को फोन कर बाया कि कंडक्टर शराब के नशे में है। शिकायत मिलने के बाद आरएम कुशल कुमार मौके पर पहुंच गए। वहां पता चला कि कंडक्टर कहीं चला गया है। कुछ देर बाद अन्य कर्मचारी उसे पकड़कर ले आए। इसके बाद उसका मेडिकल करवाया गया। आरएम के अनुसार मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद कंडक्टर पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार आवश्यक रखरखाव के दृष्टिगत 15 जुलाई को परवाणु के विभिन्न क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी वरिष्ठ अधिशाषी अभियंता परवाणु विकास गुप्ता ने दी। उन्होंने कहा कि 15 जुलाई को प्रात: 9 बजे से सायं 6 बजे तक सेक्टर-1, सेक्टर-1ए, सेक्टर-3, सेक्टर-4, सेक्टर-5, सेक्टर-6, खड़ीन गांव, जोधपुर, कामली, धागड़, टिपरा, अंबोटा, टकसाल, ऊंचा परवाणू, गुम्मा, पुरला, जाबली, कोटी, चक्की मोड़, बनासर, सोघी, दतयार, कसौली मार्ग, नरयाल, नाथ का पानी, बीसीआई बियरिंग, ईएसआई अस्पताल, नगर परिषद कार्यालय परवाणु, परवाणु बाजार, पुलिस थाना, गेबरियल मार्ग, मैसर्ज गेबियल (यूनिट-1 और 2), मैसर्ज एबी टूलज, मैसज़र् कोस्मो फेराईटस लिमिटिड (यूनिट 1 और 2), मैसज़र् माहले, मैसेर्ज पूरोलेटर एवं आस-पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने कहा कि मौसम खराब होने की स्थिति में अथवा किसी अन्य अपरिहार्य कारणों के दृष्टिगत निर्धारित तिथि व समय में बदलाव किया जा सकता है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज शिमला शहर में भारी बारिश व भूस्खलन के कारण उत्पन्न जल संकट की स्थिति का ब्यौरा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जलापूर्ति की स्थिति एवं व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की। इस संबंध में उन्होंने उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी से बात कर जिला में जलापूर्ति बहाल करने तथा आपदा से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए उचित दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने राहत कार्य में तेजी लाने के भी निर्देश दिए। शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड (एसजेपीएनएल) के प्रबंध निदेशक पंकज ललित ने राज्यपाल को इस संबंध में वास्तविक स्थिति से अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि गुम्मा पंपिंग स्टेशन से शहर को पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है जबकि भारी गाद के कारण गिरि जल स्रोत से आपूर्ति नहीं हो पा रही है। उन्होंने बताया कि शहर में टैंकरों और वाहनों के माध्यम से भी पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है और इसके लिए लगभग 90 टैंकर तैनात किए गए हैं। राज्यपाल ने कहा कि राज्य में उत्पन्न आपात स्थिति में जिला एवं पुलिस प्रशासन पूरी तत्परता से काम कर रहा है। उन्होंने कुल्लू और मनाली में फंसे पर्यटकों को सुरक्षित निकालने पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि सड़कों की बहाली के लिए युद्ध स्तर पर काम किया जा रहा है। उन्होंने चंद्रताल में फंसे पर्यटकों को सुरक्षित निकालने के लिए किए गए प्रबंधों के बारे में भी जानकारी ली। इस दौरान राज्यपाल ने कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक सतवंत अटवाल से राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली तथा इस संबंध में उन्हें एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। शुक्ल ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने की स्थिति में वैकल्पिक मार्गों का उपयोग किया जाए ताकि यातायात जारी रह सके। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में गैस और अन्य खाद्य आपूर्ति सुचारू बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए और बिजली, पानी और मोबाइल फोन कनेक्टिविटी को अस्थायी रूप से बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने तत्काल राहत के तौर पर हिमाचल सरकार को आपदा प्रबंधन के लिए 180 करोड़ रुपये की पहली किश्त भी जारी कर दी है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं के द्वारा हिमाचल प्रदेश में बीते दिनों बाढ़ से हुई आपदा से प्रभावित लोगों के लिए पूरे प्रदेश भर में आज दूसरे दिन भी लगातार लघु धन संग्रह किया गया। अभाविप विभाग कांगड़ा के विभाग संयोजक अभिनव चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि हिमाचल में भारी बारिश बाढ़ के कारण जिस प्रकार की आपदा की स्थिति इस पूरे प्रदेश के अंदर बनी हुई है उसके लिए विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं के द्वारा सेवा कार्य व धन संग्रह अभियान चलाया गया है विद्यार्थी परिषद पूरे प्रदेश में धन संग्रह कर आपदा से प्रभावित हुए लोगों की सहायता के लिए धन इक_ा कर रही हैं। उन्होंने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों से लगातार विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता मंडी व जिला कुल्लू में सेवा कार्य कर रहे हैं वह उसके साथ साथ लघु धन संग्रह भी पूरे प्रदेश के अंदर कर रहे हैं। अभिनव चौधरी ने कहा कि इस संकट की घड़ी में सभी प्रदेशवासियों से एक दूसरे की सहायता करने का आग्रह किया वह साथ में यह भी बताया कि समाज के किसी भी क्षेत्र में किसी भी बाढ़ प्रभावित व्यक्ति की सहायता करने के लिए विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता दिन रात तैयार है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने आज लगातार दूसरे दिन सोलन विधानसभा क्षेत्र में भारी वर्षा से हुए नुकसान का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क, पेयजल, विद्युत जैसी आधारभूत सुविधाओं को नियमित रूप से बहाल रखा जाए। डॉ. शांडिल ने आज सोलन से सलोगड़ा तक विभिन्न स्थानों पर राष्ट्रीय उच्च राजमार्ग पर भारी वर्षा के कारण हुए भूस्खलन एवं नुकसान का जायज़ा लिया। उन्होंने इस अवसर पर स्थानीय निवासियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को जाना। स्थानीय निवासियों से इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री को अवगत करवाया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा उच्च मार्ग के फोर-लेन कार्य को पहाड़ों में किए जाने वाले कार्य के मानकों के अनुरूप नहीं किया गया है। लोगों ने अवगत करवाया कि इस कारण जहां राष्ट्रीय राजमार्ग पर बार-बार भूस्खलन एवं पत्थर गिरने की घटनाएं हो रही हैं वहीं अनेक प्राकृतिक जलस्त्रोत भी बंद हो गए हैं। लोगों ने मांग की कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को इस लापरवाही को ठीक करने के निर्देश दिए जाएं ताकि जनजीवन सामान्य हो सके। डॉ. शांडिल ने लोगों को विश्वास दिलाया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की लापरवाही का मामला उच्च स्तर पर उठाया जाएगा। उन्होंने इस अवसर पर प्राधिकरण के उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय निवासियों की समस्याओं का त्वरित हल सुनिश्चित बनाया जाए। उन्होंने ग्राम पंचायत पड़ग के डडोग गांव में भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हुए राष्ट्रीय राजमार्ग का निरीक्षण किया और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को इसे ठीक करने के निर्देश दिए। डॉ. शांडिल ने सलोगड़ा में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को स्थानीय निवासी दीवान चंद और सुरेश शर्मा के घरों को सुरक्षित करने के लिए डंगा लगाने के उचित दिशा-निर्देश भी जारी किए। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार वह गत दो दिनों से सोलन विधानसभा क्षेत्र में हुए नुकसान का जायज़ा ले रहे है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू स्वयं दिन-रात जहां एक और सामान्य जन की पीड़ा को दूर कर रहे हैं वहीं देश-विदेश के पर्यटकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए देव दूत के रूप में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा से सामान्य जन के बचाव के लिए सभी स्तरों पर अथक प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आशा जताई कि शीघ्र ही सब कुछ सामान्य होगा। डॉ. शांडिल ने गत सांय सोलन विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सन्होल के गांव क्यार में भारी वर्षा के कारण हुए नुकसान का जायज़ा लिया। डॉ. शांडिल ग्राम पंचायत सन्होल के गांव क्यार के निवासी देवदत्त, हेतराम, सुनील, दवेंद्र तथा शतानंद के घर पहुंचे और इनके आवासों को हुए नुकसान का जायज़ा लिया। उन्होंने सभी को आश्वासन दिया कि प्रदेश सरकार लोगों की हर संभव सहायता करेगी। स्वास्थ्य मंत्री ने तदोपरांत सोलन शहर के वार्ड नंबर 2 के आनंद रेज़िडेंस वेलफेयर सोसायटी के अवरुद्ध संपर्क मार्ग को संबंधित अधिकारियों को खोलने के निर्देश जारी किए। इस अवसर पर नगर निगम सोलन की पार्षद संगीता ठाकुर, सरदार सिंह ठाकुर, जोगिंद्रा सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, नगर निगम सोलन के मनोनीत पार्षद रजत थापा, पुनीत नारंग, विजय ठाकुर तथा गुरप्रीत, ज़िला कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष शिव कुमार, खंड कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, शहरी कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष अंकुश सूद, उपमण्डलाधिकारी सोलन कविता ठाकुर, उपमंडलाधिकारी कंडाघाट सिद्धार्थ आचार्य, सहायक पुलिस अधीक्षक सोलन अनिल धौलटा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. राजन उप्पल, तहसीलदार सोलन मुल्तान सिंह बनियाल, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के टीम लीडर देवश्री सरकार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी सहित ग्रामीण उपस्थित थे।
अतिरिक्त डीजीटी एचपी एलएसए ने बताया कि इंट्रा सर्कल रोमिंग (आईसीआर) हिमाचल प्रदेश के चार जिलों में लागू किया गया है जो 10 जुलाई से मूसलाधार बारिश से प्रभावित हैं। यह चार जिले चंबा, कुल्लू, लाहौल-स्पीति और मंडी हैं। एक दूरसंचार सेवा प्रदाता (टीएसपी) के मोबाइल उपयोगकर्ता प्रभावित जिलों में किसी भी अन्य दूरसंचार सेवा प्रदाता (टीएसपी) के नेटवर्क से कॉल कर सकते हैं। मोबाइल उपयोगकर्ता मोबाइल सेटिंग्स से मैन्युअल/ऑटो नेटवर्क का चयन कर सकते हैं और उपलब्ध नेटवर्क से किसी भी टेलीकॉम कंपनी के मोबाइल नेटवर्क का चयन कर सकते हैं (सेटिंग्स> सिम कार्ड> मोबाइल नेटवर्क> मैनुअल/ऑटो सेलेक्ट) 7 वे अन्य टेलीकॉम कंपनी के नेटवर्क पर जुड़ सकते है जिसका कवरेज उपलब्ध है और मोबाइल कनेक्टिविटी प्राप्त कर सकते है। दूरसंचार विभाग ने सभी टेलीकॉम कंपनियों से जल्द से जल्द टेलीकॉम नेटवर्क की बहाली के लिए जरूरी इंतजाम करने को भी कहा है। दूरसंचार विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और टीएसपी पदाधिकारी राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ समन्वय में स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं।
हिमाचल और आसपास का क्षेत्र भारी बारिश के कारण गंभीर आपदा की चपेट में है। इस समय हर कोई किसी न किसी प्रकार से प्रभावित हुआ है। संकट की इस घड़ी में अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए अटल शिक्षा कुंज स्थित प्रसिद्ध आईईसी यूनिवर्सिटी ने इस आपदा से प्रभावित छात्रों को मुफ्त शिक्षा या विशेष छात्रवृत्ति प्रदान करने की तैयारी कर ली है। आपदा प्रभावित परिवारों के छात्रों के लिए प्रवेश को आसान बनाने के लिए आईईसी विश्वविद्यालय के सभी विषयों में 10 फीसदी सीटें विशेष तौर पर आरक्षित की गई हैं। सर्वश्रेष्ठ प्लेसमेंट उपलब्धि हासिल करने वाले आईईसी विश्वविद्यालय ने अपने सभी कर्मचारियों और छात्र सुविधाओं की एहतियात के तौर पर मरम्मत भी कर ली है। विश्वविद्यालय सभी काम सुचारू रूप से शुरू करने की ओर अग्रसर है। इसके साथ ही सरकार द्वारा समय समय पर दिए जा रहे दिशानिर्देशों का भी पालन किया जा रहा है। आईईसी विश्वविद्यालय की मैनेजमेंट ने इस आकस्मिक प्राकृतिक आपदा के समय सभी को अपने सामाजिक दायित्व को समझते हुए एक साथ आकर सभी संभावित तरीकों से एक-दूसरे की मदद करने का आह्वान भी किया।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में भारी बारिश से बाढ़ एवं भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाई गई है। सबसे अधिक प्रभावित कुल्लू जिला तथा लाहौल-स्पिति में फंसे पर्यटकों एवं अन्य लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए पिछले लगभग 60 घंटे से निरंतर बचाव अभियान चलाया गया। मुख्यमंत्री ने कुल्लू एवं मंडी में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि वह गत तीन दिनों से कुल्लू, लाहौल-स्पिति तथा मंडी में प्रभावित क्षेत्रों का दौरे पर हैं। उन्होंने कहा कि कुल्लू एवं लाहौल-स्पिति जिला के विभिन्न स्थानों पर लगभग 70 हजार पर्यटक एवं अन्य लोग फंसे हुए थे, इनमें से 60 हजार लोगों की सुरक्षित वापसी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इस बचाव अभियान में एक हजार कर्मचारी एवं अधिकारियों ने चौबीसों घंटे युद्धस्तर पर कार्य करते हुए इसे संभव बनाया। उन्होंने कहा कि इस विपदा में सबसे चुनौतिपूर्ण बचाव अभियान के तहत लाहौल-स्पिति के चंद्रताल में फंसे पर्यटकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गई है। लैंडिंग स्थल उपलब्ध न होने के कारण यहां वायुसेना के लिए हैलीकाप्टर उतारना संभव नहीं था। प्रदेश सरकार की ओर से राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी तथा मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी बचाव अभियान की निगरानी के लिए भारी बर्फबारी के बीच शून्य से नीचे तापमान में तीन जेसीबी मशीनों के साथ तड़के सुबह दो बजे ग्राउंड जीरो (चंद्रताल) पर पहुंचे। इसके उपरान्त 57 वाहनों के माध्यम से लगभग 250 पर्यटकों को वहां से सुरक्षित काजा लाने के साथ ही यह अभियान पूरा हुआ। उन्होंने अभियान से जुड़े सभी लोगों का उनके सक्रिय सहयोग एवं अथक प्रयासों के लिए आभार भी व्यक्त किया। अपनी गाड़ियां छोड़कर जाने को तैयार नहीं कई पर्यटक मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी भी तीर्थन तथा कसोल क्षेत्र में काफी संख्या में पर्यटक हैं और उनमें से अधिकांश ने अपनी गाड़ियों सहित ही घर वापसी की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि चूंकि भारी बारिश से सड़कों को व्यापक नुकसान पहुंचना है और ऐसे में इन पर यातायात सामान्य करने में समय लग सकता है। प्रदेश सरकार ने उन्हें गाड़ियां वहीं छोड़कर सार्वजनिक परिवहन सेवा के माध्यम से घर वापसी का विकल्प दिया है। पर्यटकों को उनकी गाड़ियों से संबंधित एक पावती भी जिला व पुलिस प्रशासन के माध्यम से दी जाएगी तथा इसी के आधार पर सड़क मार्ग बहाल होने पर उन्हें यह गाड़ियां वापस उपलब्ध करवाई जाएंगी। इन पर्यटकों से संवाद के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रैंक के अधिकारी को भी कसोल भेजने के निर्देश दिए गए हैं। घाटी में सभी विदेशी पर्यटक सुरक्षित एक सवाल के जवाब में सुक्खू ने कहा कि तीर्थन तथा कसोल क्षेत्र में कुछेक इजरायली पर्यटक भी हैं और इजरायली दूतावास की ओर से उन्हें अपने स्तर पर हेलिकाप्टर के माध्यम से सुरक्षित निकालने का आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा कि इस पर प्रदेश सरकार को कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि घाटी में सभी विदेशी पर्यटक सुरक्षित हैं और उन्हें भोजन सहित सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करवाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल्लू में इतनी बड़ी विपदा के बावजूद प्रदेश सरकार ने जनजीवन सामान्य बनाने के लिए पूरी तत्परता से कार्य किया है। क्षेत्र में 48 घण्टों में बिजली तथा पानी की आपूर्ति आंशिक तौर पर बहाल करने के साथ ही मोबाइल सेवा पुन: सुचारू करने में भी सफलता हासिल की है। इसके लिए उन्होंने जिला व पुलिस प्रशासन सहित सभी संबंधित विभागों के प्रयासों की सराहना भी की। बाढ़ प्रभावित परिवारों को 50 लाख की राहत राशि जारी मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा अभी तक बाढ़ प्रभावित परिवारों को 50 लाख रुपये की राहत राशि जारी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा राहत राशि में बढ़ौत्तरी करते हुए सभी प्रभावितों को एक-एक लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। किन्नौर के कड़छम, कुप्पा और सांगला में लिया नुकसान का जायजा मुख्यमंत्री ने किन्नौर जिला के कड़छम, कुप्पा और सांगला घाटी का दौरा भी किया और वहां हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने टापरी उप-तहसील के चोलिंग में स्थित सेना के राहत शिविर में सांगला से सुरक्षित निकाले गए लोगों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि किन्नौर जिला में बादल फटने की घटना के बाद वहां फंसे पर्यटकों को सुरक्षित निकालने के लिए बचाव दल ने बेहतरीन कार्य करते हुए 118 लोगों को हेलिकाप्टर की छह उड़ानों में सांगला से चोलिंग (कड़छम) सुरक्षित पहुंचाया गया है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए उन्होंने जिला प्रशासन और भारतीय सेना की सराहना भी की। इस अवसर पर मंडी में मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, एपीएमसी मंडी के अध्यक्ष संजीव गुलेरिया तथा किन्नौर में उपायुक्त तोरुल रवीश सहित सेना एवं विभिन्न प्रशासनिक व विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा एवं खेल मामलों के मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के अंतर्गत तीन दिवसीय लेह- लद्दाख यात्रा पर हैं। इस दौरान उन्होंने लेह से 211 किलोमीटर दूर, भारत- चीन सीमा से लगे गांव करजोक में रात बिताई। मंत्री ने 14000 फुट की ऊंचाई पर पुगा आवासीय विद्यालय के अपने दौरे के दौरान युवाओं संग वॉलीबॉल भी खेला और युवाओं के आमंत्रण रात्रि में मोबाइल फ़ोन की रोशनी में टेबल टेनिस में भी हाथ आजमाया। ठाकुर ने कहा कि लेह लद्दाख के युवा प्रतिभा से भरे हैं। 2014 से पहले इनकी प्रतिभा को देखने वाला कोई नहीं था। आज मोदी जी के नेतृत्व में इनकी प्रतिभा को तराशा जा रहा है। ठाकुर ने कारजोक व पुगा में खेल उपकरण भी वितरित किए। भारत चीन सीमा से सटे गावों के विकास के प्रति मोदी सरकार की प्रतिबद्धता जाहिर करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार भारत-चीन सीमा पर स्थित इलाकों में प्रसारण तथा नेटवर्क कनेक्टिविटी बढाने के लिये कृत संकल्पित हो कर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा, हम जल्द भारत-चीन सीमा पर सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहने वालों को दूरदर्शन फ्री डिश का कनेक्शन उपलब्ध कराएंगे। इसके अलावा बेहतर मोबाइल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने हेतु भी तेज़ी से कार्य किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि डीडी फ्री डिश प्लेटफार्म के जरिए सीमावर्ती और सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक पहुंच बनाने का लक्ष्य हासिल करने के लिये सरकार ने सीमावर्ती इलाकों के गांवों में 1.5 लाख मुफ्त फ्री डिश वितरित करने का प्रस्ताव किया था। ठाकुर ने आगे कहा, 'हम लेह लद्दाख को विकास के मामले में बाकी भारत के समकक्ष लाने हेतु लगातार काम कर रहे हैं. फिजिकल कनेक्टिविटी जैसे सड़क, पुल, टनल इत्यादि के साथ साथ हम यहाँ डिजिटल कनेक्टिविटी भी सुनिश्चित कर रहे हैं। पर्यटन हो या खेल, मोदी सरकार लेह लद्दाख की सभी बुनियादी जरूरतों को जल्द से जल्द पूरा करेगी।
राजकीय महाविद्यालय ढलियारा में आज इको क्लब और एनसीसी इकाई ने वन महोत्सव की शुरुआत की। इस कार्यक्रम के शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अंजू रानी चौहान ने की। प्राचार्या ने महाविद्यालय परिसर को प्लास्टिक मुक्त तथा हरा-भरा बनाने के लिए का छात्र-छात्राओं से आह्वान किया। इस दौरान महाविद्यालय परिसर में बेड़ा, आमला इत्यादि औषधीय गुण वाले पौधों का रोपण किया गया। क्लब के समन्वयक प्रोफेसर संजीव जसवाल ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें पौधरोपण कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए, क्योंकि ये जीवन का आधार है और पर्यावरण संरक्षण में वन महोत्सव के महत्व को बताया। उन्होंने कहा कि युवाओं को आगे बढ़कर प्रतिवर्ष पौधे लगाने चाहिए, जिससे यह धरती हरी-भरी हो जाएगी। इस कार्यक्रम में प्रोफेसर स्वदीप सूद, सुशील भारद्वाज, कर्ण पठानिया, धर्मेंद्र,आरती, वंदना, उपस्थित रहे। एनसीसी अधिकारी राजीव ठाकुर ने युवाओं से आवाहन किया की इस वर्ष बढ़-चढ़कर पौधारोपण कार्यक्रम में भाग लें, क्योंकि स्वच्छ और सुंदर पर्यावरण के लिए प्रकृति संरक्षण में हमारा सबसे बड़ा योगदान रहेगा। इस कार्यक्रम में एनसीसी, इको क्लब के छात्र छात्राएं रोवर रेंजर और एनएसएस कैडेट्स ने भाग लिया।
सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुुरुवार दोपहर प्रशासनिक अमले के साथ सराज विधानसभा क्षेत्र के थुनाग बाढ़ प्रभावितों से मुलाकात कर उनका ढाढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार बाढ़ प्रभवितों के साथ ही है। उन्होंने थुनाग बाढ़ प्रभावितों को एक-एक लाख रुपये देने की घोषणा की। सीएम ने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे थुनाग व आसपास क्षेत्रो में भूस्खलन से हुए नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर जल्द जिला प्रशासन को सौंपें।
बीते दिनों भारी वर्षा के कारण आई बाढ़ व भूस्खलन जैसी त्रासदियों से प्रदेशभर के सभी वर्गों के लोगों को भारी नुकसान हुआ है। ऐसे में प्रदेश के प्रभावित क्षेत्रों सहित अन्य कई इलाकों के छात्र-छात्राओं को भी कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस विषम स्थिति को मद्देनजर रखते हुए एनएसयूआई ने पीजी परीक्षाओं को स्थगित कर दस दिन बाद आयोजित करवाने की मांग प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशासन से की है। इस संदर्भ में एनएसयूआई इकाई द्वारा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक जेएस नेगी को ज्ञापन सौंपा। एनएसयूआई इकाई अध्यक्ष योगेश यादव ने कहा कि आज पूरा प्रदेश बाढ़ व भूस्खलन जैसी आपदा से जूझ रहा रहा है, जिससे प्रदेशभर में जान व माल का भारी नुकसान हुआ है। प्रदेश के कई जिलों में यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ठप पड़ी है, जिससे प्रदेश के विभिन्न जिलों से हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं अपने घरों में फंसे हुए है। दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में पीजी की परीक्षा तिथि घोषित कर दी है जो कि 17 जुलाई से है। ऐसे में कई छात्र छात्राओं परीक्षा से वंचित रहना पड़ेगा। गौरतलब है कि मौसम विभाग द्वारा 14 से 17 जुलाई तक फिर से प्रदेश के कई जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। ऐसे में एनएसयूआई ने छात्रों के हितों व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विवि प्रशासन से परीक्षा को स्थगित करने की मांग रखी है। इस मौके पर एनएसयूआई राज्य उपाध्यक्ष वीनू मेहता, राज्य महासचिव प्रवीण मिन्हास, यासीन भट, अरविंद ठाकुर, पवन नेगी, अक्षिता भरोटा, रमेश कुमार, रणदीप ठाकुर, चंदन महाजन, ईशान शर्मा, सचिन, राकेश सिंगटा, यशवंत ठाकुर, गिरीश, गौरव नेगी आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
क्षेत्रीय रोजगार अधिकारी कांगड़ा आकाश राणा ने बताया कि इवान सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड ने सुरक्षा गार्ड, सुरक्षा सुपरवाइजर, एच.आर व सामान्य ड्यूटी हेतु 180 पद अधिसूचित किए हैं। उन्होंने बताया कि सुरक्षा गार्ड, सुरक्षा सुपरवाइजर और सामान्य ड्यूटी के लिए शैक्षणिक योग्यता दसवीं पास तथा एचआर के लिए एमबीए रखी गई है। उन्होंने बताया कि इन पदों के लिए आयु सीमा 20 से 38 वर्ष के बीच रखी गई है। इस साक्षात्कार के लिए महिला व पुरुष आवेदक पात्र होंगे। उन्होंने बताया कि कम्पनी द्वारा चयनित उम्मीदवारों को 12000 रुपये से 25000 रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को हिमाचल, पंजाब और हरियाणा में तैनाती दी जाएगी। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि इच्छुक आवेदक अपने मूल प्रमाण पत्रों व पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ के साथ दिनांक 17 जुलाई को उप रोजगार कार्यालय लंबागांव, 18 को उप रोज़गार कार्यालय बैजनाथ, 19 को उप रोजगार कार्यालय नगरोटा बगवां, 20 को उप रोजगार कार्यालय नूरपुर और 21 जुलाई को उप रोजगार कार्यालय देहरा में सुबह 10 बजे पहुंचकर उक्त कंपनी के समक्ष साक्षात्कार हेतु उपस्थित हो सकते हैं। इस साक्षात्कार के संबंध में यात्रा भत्ता व अन्य देय नहीं होगा। अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 9418217918, 8221862918 पर संपर्क किया जा सकता है।
किन्नौर जिला के जवाहर नवोदय विद्यालय रिकांगपिओ की प्राचार्या शशि कांता कुमारी ने आज यहां बताया कि जिला किन्नौर में सत्र 2023-24 में कक्षा 11वीं की पार्श्व परीक्षा 22 जुलाई को प्रात: 11 बजे से दोपहर 01:30 बजे तक जवाहर नवोदय विद्यालय रिकांग पिओ में आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि परीक्षा के लिए प्रवेश-पत्र जारी कर दिए गए हैं जो नवोदय विद्यालय समिति की वैबसाईट ूूूण्दंअवकलंण्हवअण्पद पर उपलब्ध हैं तथा अभ्यर्थि वैबसाईट से प्रवेश-पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त जिन अभ्यर्थियों को ऑनलाईन प्रवेश-पत्र निकालने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है वह जवाहर नवोदय विद्यालय रिकांग पिओ में किसी भी कार्य दिवस आकर प्रवेश-पत्र प्राप्त कर सकते हैं।
उपायुक्त किन्नौर तोरूल रवीश ने आज यहां जानकारी दी कि जिला प्रशासन किन्नौर द्वारा सांगला घाटी से 118 पर्यटकों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से जिला के चोलिंग में भारतीय सेना के शिविर में स्थापित किए गए बाड़ राहत कैम्प में सुरक्षित पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने भारतीय सेना, आईटीबीपी, जिला पुलिस व गृह रक्षा के सहयोग से इस बचाव अभियान को सफलतापूर्वक पूर्ण किया। उन्होंने बताया की हेलीकॉप्टर की 6 सोर्टिस के माध्यम से 118 व्यक्तियों को सांगला से निकाला गया, जिसमें 6 विदेशी पर्यटक और 112 भारतीय पर्यटक शामिल हैं। सुरक्षित निकाले गए पर्यटकों में से पश्चिम बंगाल की शोनाली चेटरजी ने कहा की वह 34 लोगों का समूह है जो हिमाचल प्रदेश के भ्रमण पर आए थे जिसमें किन्नौर जिला का सांगला भी शामिल था, परंतु भारी बारिश के कारण वह गत पांच दिनों से सांगला में हीं फंसे हुए थे। शोनाली चेटर्जी कहती हैं कि प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन को संपर्क करने के उपरांत उन्हे सांगला से सफलतापूर्वक हेलीकॉप्टर के माध्यम से निकाला गया और चोलिंग पहुंचाया गया। इसके उपरांत, उन्हें बस के मध्यम से चंडीगढ़ तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के सहयोग से उन्हें चिकित्सीय सेवा के साथ-साथ मानसिक व भावनात्मक सहयोग भी प्रदान किया गया। जिला किन्नौर के बारंग गांव की दारा नेगी बताती हैं कि वह सांगला अपने रिश्तेदारों से अपने तीन रिश्तेदारों और दो अन्य व्यक्तियों के साथ मिलने गए थे, परंतु भारी बारिश के कारण रविवार से ही सांगला में फंसे हुए थे। उन्हें सूचना प्राप्त हुई की जिला प्रशासन द्वारा भारतीय सेना के हेलीकॉप्टर के माध्यम से लोगों को निकाला जा रहा है तथा जैसे ही उन्होंने प्रशासन से सम्पर्क साधा उन्हें त्वरित सहायता प्रदान की गई। उन्होंने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना की और उनका आभार व्यक्त किया। इजरायल की ताली बोलीं- थैंैक्यू हिमाचल सरकार इजरायल की ताली ने इस आपदा की स्थिति में तत्परता एवं सत्यनिष्ठा से बचाव एवं राहत कार्य करने के लिए प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। वहीं, जिला किन्नौर के रकच्छम गांव के निवासी पंकज नेगी गुजरात में काम करते हंै और अवकाश पर घर आए थे। उनका कहना है कि उनकी छुट्टियां खत्म हो रही थीं तथा उनका कार्य स्थल पर पहुंचना आवश्यक था, जिसके चलते उन्होंने जिला प्रशासन को संपर्क किया और जिला प्रशासन व भारतीय सेना की मदद से वह अब अपने कार्य स्थल समय पर पहुंच पाएंगे।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज यहां जिला शिमला में भारी वर्षा के कारण हुए जान व माल के नुकसान की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार इस संकट की घड़ी में प्रदेशवासियों के साथ है तथा प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने तथा स्थिति को सामान्य बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिला शिमला की स्थिति के बारे में बताते हुए रोहित ने कहा कि जिले में पिछले पांच दिनों से भारी वर्षा के कारण विभिन्न स्थानों पर भूस्खलन, पेड़ गिरने, मकान ढहने तथा वाहन क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। उन्होंने प्रशासन को मूलभूत सुविधाओं को शीघ्र बहाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस अवसर पर उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी को जिले में हुए नुकसान का आंकलन करने के निर्देश दिए ताकि राहत व बचाव कार्यों को शीघ्र पूरा किया जा सके। उन्होंने पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी को लोगों तक सहायता पहुंचाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि आगामी सेब सीज़न को सफल बनाने के लिए सभी व्यवस्थाओं को और पुख्ता किया जाए। शिक्षा मंत्री ने जिले में सभी सड़कों विशेषकर राष्ट्रीय उच्च मार्गों तथा मुख्य जिला सड़कों को शीघ्र बहाल करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने बाधित जलापूर्ति योजनाओं तथा बिजली की लाइनों की शीघ्र मरम्मत करने को कहा। उन्होंने लोगों को नदी, नालों तथा अन्य जल स्त्रोतों के पास न जाने को कहा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि इस संकट के समय में जिला प्रशासन को सहयोग प्रदान करें तथा प्रशासन द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों और मौसम व अन्य संबंधित चेतावनियों की अनुपालना करें। उन्होंने लोगों से अति-आवश्यक स्थिति के अलावा यात्रा न करने की भी अपील की है। इस अवसर पर राज्य भूविज्ञानी पुनीत गुलेरिया, मुख्य अभियंता (शिमला जोन) जल शक्ति विभाग अंजू शर्मा, हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड के मुख्य अभियन्ता राकेश ठाकुर, अधीक्षण अभियड्डता लोक निर्माण विभाग अजय सोनी सहित व अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
आज एसएफआई की हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने छात्रों की समस्याओं को लेकर डीन ऑफ स्टडीज को ज्ञापन पत्र सौंपा। एसएफआई ने मुख्य रूप से मांग रखी कि पीजी प्रवेश परीक्षाओं का रिजल्ट जल्द से जल्द निकाला जाए और काउंसलिंग के शेड्यूल को बनाया जाए। बीते दिनों हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के द्वारा पीजी में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षाएं करवाई गई थीं, लेकिन प्रशासन अभी तक प्रवेश परीक्षाओं का रिजल्ट निकालने में असमर्थ रहा है। इसका मुख्य कारण यह भी है जो यूजी की परीक्षाएं अप्रैल महीने में करवाई गई थी, उनका अभी तक रिजल्ट नहीं आया है, जो कि प्रवेश परीक्षा के काउंसलिंग का शेड्यूल जारी न होने का मुख्य कारण है। कोरोना काल से ही एचपीयू का सत्र काफी पीछे चला है, जिसे प्रशासन अभी तक ठीक नहीं कर पाया है। इस सत्र को सही से चलाने के लिए समय पर सभी रिजल्ट्स निकलने पड़ेंगे लेकिन प्रशासन इसमें कोई दिलचस्पी नहीं ले रहा है जिस वजह से आने वाला सत्र और भी लेट हो जायेगा जिससे सिर्फ छात्रों को मानसिक परेशानी होंगी। इसीलिए एसएफआई मांग कर रही है की जल्द से जल्द यूजी के रिजल्ट्स निकाले जाए, ताकि प्रशासन जल्द से जल्द प्रवेश परीक्षा की काउंसलिंग शेड्यूल जारी कर सके और समय पर कक्षाएं भी लग सकें और आने वाले अगले सत्र की परीक्षाओं में छात्रों को मानसिक परेशानी न हो। इसमें डीन ऑफ स्टडीज ने आश्वासन दिया है कि जैसे ही यूजी के रिजल्ट्स घोषित होंगे उसके बाद जल्द से जल्द काउंसलिंग का शेड्यूल जारी किया जाएगा। एसएफआई ने चेतावनी देते हुए कहा कि इन मांगों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। अगर जल्द छात्र मांगों को सकारात्मक रूप से सुलझाया नहीं गया तो आने वाले समय के अंदर एसएफआई विश्वविद्यालय में आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगी और प्रशासन का उग्र घेराव किया जाएगा।
हिमाचल परिवहन सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच अर्की इकाई अध्यक्ष बलबीर चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि इकाई की मासिक बैठक 15 जुलाई को सुबह 10बजे पेंशनर भवन कुनिहार में आयोजित की जाएगी। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में लंबे समय से लंबित वित्तीय लाभ व 1- 1- 16 के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को नया वेतनमान का एरियर न मिलने व न्यायलयों द्वारा दिए गए निर्णय का पालन न करने के बारे में गंभीरता से चर्चा की जाएगी। साथ ही अगली रणनीति भी तय की जाएगी। उन्होंने क्षेत्र के सभी एचआरटीसी सेवानिवृत्त कर्मचारियों से बैठक में बढ़ चढ़कर भाग लेने की अपील की है।
भारी बारिश से प्रदेश में हुई तबाही के बाद अब पर्यटकों को रेस्क्यू करने और जन जीवन को पटरी पर लाने के लिए सरकार ने युद्ध स्तर पर काम शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री ख़ुद दो दिनों से कुल्लू, मनाली, लाहौल स्पीति और मंडी में राहत एवम बचाव कार्य की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और मंत्रियो को भी अब सीएम सुक्खू ने जिम्मेदारियां सौंप दी है। प्रदेश में अब तक मॉनसून से 88 लोगों की मौत हो गई है जबकि 14 लोग लापता हैं। इस मानसून में प्रदेश को 4000 करोड़ के आसपास का नुकसान हो गया है जो आने वाले समय में और अधिक बढ़ने की आशंका है।
उपायुक्त कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने आज धर्मशाला में विभिन्न निर्माणाधीण भवनों के कार्य की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान अतिरिक्त उपायुक्त सौरभ जस्सल, आयुक्त नगर निगम अनुराग चंद्र सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उनके साथ उपस्थित रहे। उन्होंने धर्मशाला में लगभग ४ करोड़ की लागत से बन रहे डिस्ट्रिक्ट पंचायत रिसोर्स सेंटर के भवन, १५ लाख की लागत से हो रहे रेड क्रॉस भवन के सुधारिकरण और जिला पुस्तकालय के नवीकरण कार्य का निरीक्षण किया। जल्द तैयार होगा रेड क्रॉस भवन डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि धर्मशाला में रेड क्रॉस भवन को रेनोवेट करने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि भवन का प्रथम तल पूरी तरह तैयार हो गया है। उन्होंने भूतल की रेनोवेशन को भी जल्दी पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि रेड क्रॉस के माध्यम से जिले भर में अनेक सेवा कार्यों को अंजाम दिया जाता है। उन्होंने कहा कि रेड क्रॉस भवन के जीर्णोद्धार के लिए १५ लाख रूपये खर्च किए जा रहे हैं। अत्याधुनिक होगा जिला पुस्तकालय डीसी ने बताया कि धर्मशाला स्थित जिला पूस्तकालय को भी अत्याधुनिक बनाने की दृष्टि से इसका नवीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि धर्मशाला स्थित जिला पुस्ताकल में अध्ययन करने वाले छात्रों और युवाओं को पढ़ाई के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि धर्मशाला स्थित जिला पुस्तकालय में केवल कांगड़ा ही नहीं अपितु प्रदेश भर के विद्याथी अध्ययन के लिए आते हैं। उन्होंने कहा कि धर्मशाला में शिक्षा के अनेक संस्थान होने की वजह से इनमें अध्ययनरत बहुत से विद्यार्थी जिला पुस्तकालय का उपयोग करते हैं। उन्होंने बताया कि जिला के विद्यार्थियों को अच्छी सुविधाएं देने के लिए यहां सिविल के साथ आईटी वर्क भी अव्वल दर्जे का हो इसके लिए अधिकारियों को नर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि जिला पुस्तकालय का ऊपरी फ्लोर जिसमें पहले इवीएम रखीं थी लगभग बनकर तैयार है। उन्होंने कहा कि इसका कार्य जल्द पूरा करके विद्यार्थियों के लिए यहा अध्ययन की अच्छी व्यवस्था उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके बाद नीचे के फ्लोर के कार्य को करने तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला पुस्तकालय में उपलब्ध स्थान के सही उपयोग को लेकर भी कार्य किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों के बैठने के लिए अतिरिक्त जगह बन सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि जिला पुस्तकालय में सभी आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ अध्ययन के लिए एक उपयुक्त वातावरण उपलब्ध करवाया जाए। गुणवत्ता का रखें ख्याल उपायुक्त ने निर्माणाधीन भवनों में चल रहे कार्यों की गुणवत्ता का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य में लगे अधिकारी और कर्मचारियों को कार्य तय समय में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सभी भवन आम लोगों की सुविधा से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसान इनके निर्माण कार्य में विभाग कोई कोताही न बरतें।
उद्योग विभाग के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज निदेशक राकेश प्रजापति के नेतृत्व में अतिरिक्त निदेशक तिलक राज शर्मा और एसडब्ल्यूसीए, परवाणू के अधिकारियों और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ भारी बारिश के कारण हुए नुकसान का जायज़ा लेने के लिए औद्योगिक क्षेत्र सेक्टर ५ और कमली-खादीम का दौरा किया, ताकि औद्योगिक गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए उचित कदम उठाए जा सकें। निदेशक उद्योग ने औद्योगिक संघों के प्रतिनिधियों और फैक्ट्री मालिकों के साथ विस्तृत चर्चा की और कहा कि उद्योग मंत्री ने विभाग को औद्योगिक क्षेत्र में नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने औद्योगिक गतिविधियों की बहाली के लिए समयबद्ध उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया। औद्योगिक क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि मूसलाधार बारिश के कारण नाले में बाढ़ आने से औद्योगिक क्षेत्र की आंतरिक सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं हैं। बाढ़ के पानी के साथ मलबा फैक्ट्रियों के परिसर में आ गया है। निदेशक उद्योग ने तत्काल राहत का आश्वासन दिया और एसडब्ल्यूसीए अधिकारियों को सड़क साफ करने के लिए पर्याप्त मशीनें तैनात करने को कहा। उन्होंने नुकसान के आकलन व मरम्मत की लागत का आकलन तैयार करने के निर्देश भी दिए। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के हिमाचल चैप्टर के अध्यक्ष गगन कपूर ने जमीनी स्तर पर मूल्यांकन के लिए एक टीम भेजकर त्वरित कार्रवाई के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र कामली तक सड़क संपर्क बहाल करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप का आग्रह किया। परवाणू इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (पीआईए) के अध्यक्ष सुनील तनेजा ने कहा कि परवाणू के सेक्टर ४ और ५ के बीच नाले के चैनलाइजेशन के साथ-साथ नाले में जल प्रवाह को सुचारू बनाने के लिए जरूरी कदम उठाने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने लगातार भारी बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए आज लाहौल-स्पीति जिला के सिस्सू, चंद्रताल और लोसर तथा कुल्लू जिले के मनाली क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया। मुख्यमंत्री ने सिस्सू और मनाली में विभिन्न क्षेत्रों में फंसे लोगों की सकुशल वापसी के बाद उनसे बातचीत की और कुशलक्षेम जाना। इस दौरान उन्होंने नेहरू कुंड के पास बाहंग स्थित हिमपात एवं हिमस्खलन अध्ययन प्रतिष्ठान (सासे) का भी दौरा कर वहां बारिश से हुए नुकसान की जानकारी ली। उन्होंने आश्वस्त किया कि घाटी में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकालने के लिए सरकार की ओर से हरसंभव सहायता प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लाहौल घाटी के सिस्सू में फंसे मनाली के एक स्कूल के 52 बच्चों को सुरक्षित मनाली पहुंचाया गया है। इसके अतिरिक्त, कुल्लू तथा मनाली सहित विभिन्न स्थानों पर पिछले तीन दिनों से फंसे लगभग 25000 लोगों को आज सुरक्षित निकाल लिया गया है। उन्होंने बताया कि मनाली-चंडीगढ़ मार्ग पर यातायात धीमा है, लेकिन प्रारम्भिक सूचना के अनुसार बुधवार शाम 4 बजे तक लगभग 6552 वाहन कुल्लू को पार कर चंडीगढ़ की ओर जा चुके हैं और कसोल तथा आस-पास के क्षेत्रों से भी आज जिला प्रशासन द्वारा लगभग 3000 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। उन्होंने कहा कि ढुंखड़ा के पास भारी भूस्खलन के कारण कसोल भुंतर सड़क अभी भी अवरुद्ध है और जिला प्रशासन मलबे को हटाने के लिए लगातार काम कर रहा है। इन क्षेत्रों में फंसे हुए लोगों को विभिन्न वाहनों में ढुंखड़ा लाया जा रहा है और वहां से उन्हें भुंतर तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बचाव कार्यों की निगरानी के लिए जिला प्रशासन की एक टीम कसोल पहुंच गई है। जिभी-बंजार-औट से चंडीगढ़ की ओर जाने के लिए सड़क वाहनों के लिए खोल दी गई है। जिला प्रशासन को पर्यटकों और स्थानीय लोगों की शीघ्र निकासी के लिए कसोल, तीर्थन और सैंज सड़कों को साफ करने का निर्देश दिया गया है। यह सड़कें एक-दो दिनों के भीतर बहाल होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि राज्य में 100 से अधिक ट्रैकर्स को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि अटल टनल वाहनों के आवागमन के लिए खुली है और आज शाम 4 बजे तक 300 से अधिक वाहन इस सुरंग से निकलकर गैमन ब्रिज से मंडी की ओर भेजे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटक चंडीगढ़ जाने के लिए इस रास्ते का इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से रामशीला चौक के पास लोगों के लिए खाद्य सामग्री वितरण की व्यवस्था भी की गयी है। उन्होंने कहा कि मनाली में लोगों को 6000 से अधिक भोजन के पैकेट वितरित किए गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी को चंद्रताल झील में फंसे लोगों तक पहुंचने और बचाव कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि चंद्रताल में स्थिति चुनौतीपूर्ण है लेकिन राज्य सरकार वहां विभिन्न कैम्पों में मौजूद सभी 293 लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार इस क्षेत्र में बाढ़ और भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों को फिर से बहाल करने के लिए त्वरित एवं ठोस कदम उठा रही है और सीमा सड़क संगठन के सहयोग से इसका कार्य पूरे जोरों पर है। उन्होंने कहा कि स्पिति घाटी में फंसे ज्यादातर पर्यटकों और आम लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और शेष लोगों को भी वहां से शीघ्र ही सुरक्षित निकाल लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आपदा से प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए गंभीरता से प्रयास कर रही है और वह स्वयं स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। उन्होंने स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए लोगों से प्रशासन का सहयोग करने की भी अपील की। इस अवसर पर विधायक भुवेनश्वर गौड़, उपायुक्त आशुतोष गर्ग और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि आपदा के इस समय में प्रदेश सरकार प्रभावितों के साथ है और प्रदेशवासियों तथा पर्यटकों की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार यथासम्भव प्रयास कर रही है। डॉ. शांडिल ने आज सोलन विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न प्रभावित ग्राम पंचायतों और शामती में भारी वर्षा के कारण हुए नुकसान का जायज़ा लिया और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। डॉ. शांडिल ने ग्राम पंचायत डांगरी के गांव भाणत, हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर घट्टी तथा शामती में भारी वर्षा के कारण प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने सभी स्थानों पर नुकसान का जायजा लिया और शामती के प्रभावित परिवारों के लिए जि़ला प्रशासन द्वारा जटोली में स्थापित आश्रय स्थल का निरीक्षण भी किया। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आपदा का समय और स्थान कभी भी निश्चित नहीं होता। सही तैयारी, प्रबंधन और त्वरित कार्यवाही के माध्यम से आपदा से होने वाले नुकसान को न्यून किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश एवं सोलन जि़ला में गत ४-५ दिनों से हो रही भारी वर्षा ने न केवल जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है अपितु सम्पत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि इस आपदा से सोलन जि़ला में तीन व्यक्ति असमय काल का ग्रास बने हैं। उन्होंने परमपिता परमात्मा से प्रदेश एवं सोलन जि़ला में असामायिक मृत्यु को प्राप्त हुए सभी जन की आत्मिक शांति की कामना की। डॉ. शांडिल ने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार जि़ला प्रशासन प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए तत्पर है और विभिन्न अवरूद्ध मार्गों, पेयजल योजनाओं, विद्युत योजनाओं इत्यादि को पुनः आरम्भ करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो चट्टान शामती मार्ग पर गिर गई है को तोड़कर हटाया जाए और बाधित सम्पर्क मार्गों को सुचारू बनाया जाए। उन्होंने शामती की प्रभावित निवासी आशा देवी और विद्या देवी को फौरी राहत के तौर पर १५ हजार-१५ हजार रुपये की राशि प्रदान की। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार द्वारा सभी प्रभावितों को हर सम्भव सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने शामती के निवासी सुरेश शर्मा, अशोक शर्मा, बाबू राम, अजय चंदेल को आश्वासन दिया कि सरकार द्वारा पूर्ण सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने इससे पूर्व ग्राम पंचायत डांगरी के गांव भाणत के निवासी लीला दत्त को फौरी राहत के तौर पर १५ हजार रुपये की राशि प्रदान की। उन्होंने हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर के घट्टी स्थित भवन का निरीक्षण भी किया। उन्होंने देहूंघाट में हुए भारी वर्षा के कारण हुए नुकसान का जायजा भी लिया। उन्होंने भारी वर्षा के कारण अवरूद्ध हुई सड़कों, पेयजल आपूर्ति, विद्युत आपूर्ति को ठीक करने के सम्बन्धित अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश भी दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को यशा शीघ्र मार्ग ठीक करने के निर्देश दिए ताकि स्थानीय लोगों को आवाजाही में सुगमता मिल सके।


















































