डाडासीबा पंचायत के वार्ड नंबर एक में रविवार शाम 8 बजे के करीब रिहायशी इलाके में बेख़ौफ़ घूम रहे तेंदुए से लोगों में खौफ का माहौल है। लोग डरे और सहमे हुए हैं। तेंदुए को खेतोंके करीब हर कोई देखकर सहम गया है। स्थानीय लोगों ने बताया वे सुबह-शाम सैर पर जाया करते थे, लेकिन इस तेंदुए ने सैर पर जाने से भी डरने लगे हैं। छोटे-छोटे बच्चों को स्कूल छोड़ने जाना पड़ता है। हर समय तेंदुए का डर रहता है। पूरे डाडासीबा में दहशत का महौल बना हुआ है। वहीं स्थानीय निवासी सुदर्शन कुमार का कहना है दिन-दिहाडे तेंदुआ रिहायशी इलाके में घूम रहा है। यह किसी ग्रामीण पर भी हमला बोल सकता है। उन्होंने वन विभाग से अनुरोध किया है कि इस तेंदुए को पकड़ कर कहीं भेजा जाए। डाडासीबा के पंचायत उप प्रधान परमेश्वरी दास ने प्रशासन से जल्द से जल्द तेंदुए को पकडऩे की मांग की है, ताकि यह तेंदुआ लोगों को नुकसान ना पहुंचाये। क्या कहते हैं अधिकारी इस संबंध के वन परिक्षेत्र अधिकारी डाडासीबा नरेंद्र सिंह से बात की गई उन्होंने बताया वर्ल्ड लाइफ बिंग टीम को अवगत करवाया गया तेंदुए को पकड़ने के लिए टीम भेजी जाए।
शिमला जिले के उपमंडल रोहड़ू में एक शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। कोर्ट रोड रोहड़ू में उपमंडल कार्यालय के समीप डाकघर के गेट पर सोमवार सुबह कूड़े में नवजात बच्चे का शव मिला है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामला दर्ज कर लिया है। नवजात बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए आईजीएमसी शिमला भेज दिया गया है। सोमवार सुबह करीब 7 बजे सैर करते वक्त एक स्थानीय व्यक्ति की नजर कूड़े के बीच पड़े नवजात के शव पर पड़ी। उसने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी।
जिला रेडक्रॉस सोसायटी कांगड़ा ने जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र के तलवाड़ में नि:शुल्क एकीकृत चिकित्सा शिविर का आयोजन किया। गवर्नमेंट पॉलीटेक्निक कॉलेज तलवाड़ में आयोजित शिविर का शुभारंभ विधायक यादविंद्र गोमा ने किया। जिला रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष एवं जिलाधीश डॉ. निपुण जिंदल इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस शिविर में करीब 700 लोगों ने विभिन्न सुविधाओं का लाभ लिया। जयसिंहपुर के विधायक यादविंद्र गोमा ने सभी को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रेडक्रॉस का सेवाभाव सबके लिए अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस पूरे विश्व में पीडि़त मानवता की सेवा व सहायता की प्रतीक है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि ऐसी योजनाओं का हमें भरपूर फायदा उठाना चाहिए तथा बस चढ़कर इसमें हिस्सा लेने चाहिए। उन्होंने कहा की ऐसी योजनाओं के बारे में पंचायत स्तर तक जागरूकता होनी चाहिए। उन्होंने लोगों को डे बोर्डिंग स्कूल जोकि जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र में झुंगादेवी पुल के पास स्थापित किया जाएगा। इस मौके जिलाधीश एवं अध्यक्ष रेडक्रॉस सोसायटी कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने लोगों से रेडक्रॉस गतिविधियों के लिए दिल खोलकर दान देने की अपील की। उन्होंने कहा की ऐसे शिविरों में सभी विभागों की सहभागिता सुनिश्चित की गई ताकि आमजन को सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ मिल सके। डॉ. वंदना भारद्वाज ने नशामुक्त हिमाचल बनाने को लेकर अपने व्याख्यान से लोगों को जागरूक किया। वहीं, सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग धर्मशाला के कलाकारों , स्कूली बच्चों तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने गीत संगीत के माध्यम से सरकार की कल्याणकारी नीतियों एवं कार्यक्रमों को लोगों तक पहुंचाया। शिविर में रक्तदान, चिकित्सा जांच, आयुष विभाग द्वारा चिकित्सा जांच, महिला रोग जांच, दिव्यांग शिविर, दिव्यांगजनों के सहायतार्थ सहायक उपकरणों का वितरण तथा निशुल्क दवाईयां भी वितरित की गईं। पंजीकृत दिव्यांगजनों को निशुल्क सहायक उपकरण वितरण किए गए। शिविर में लोगों की जानकारी के लिए जागरूकता अभियान, स्वास्थ्य, आयुष, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, आरसेटी, उद्योग इत्यादि विभागों ने अपने विभाग से सम्बंधित तथा विभिन्न स्वयं सहायता समूहों ने अपनी-अपनी गतिविधियों के स्टॉल लगाए। इस दौरान शिविर में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा 215 और आयुष विभाग द्वारा 165 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। इस दौरान आयोजित रक्तदान शिविर में 50 लोगों ने रक्तदान किया। मेडिकल दिव्यांगता बोर्ड ने 100 लोगों की जांच की। इसके अलावा 20 लाभार्थियों को स्वच्छता किट, 10 को रसोई बर्तन सेट, 17 लोगों को दिव्यांगता सहायक उपकरण इनमें 12 को व्हील चेयर, 3 को श्रवण यंत्र तथा 2 सीपी चेयर व रोलेटर एवं अन्य सहायक उपकरण भेंट किए गए। प्रधानमंत्री किसान निधि में 4 लोगो ने पंजीकृत करवाया। इस अवसर पर एडीसी सौरभ जस्सल, एसडीएम सलीम आजम, रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव ओपी शर्मा, डीपीओ अशोक शर्मा, जिला कल्याण अधिकारी नरेन्द्र जरयाल, बीडीओ सिकंदर कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त सौरभ जस्सल, सीडीपीओ रोहित ठाकुर,तहसीलदार अभिषेक भास्कर, के एल कपूर, अशोक शर्मा, राजेश कुमार, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जसवंत धडवाल,परवीन मल्होत्रा, बिनता ठाकुर, सुनील राणा, केसर कटोच, विजय राणा, रमेश राणा, जन्म चंद कटोच, विभिन्न पंचायतों के प्रधान, उपप्रधान, बीडीसी सदस्य, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा चंगर क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों के सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
उप मुख्यमंत्री ने सोमवार को जिला ऊना के विभिन्न सहकारी समितियों के पदाधिकारियों व सचिवों के साथ बैठक की।इस दौरान सचिवों ने विभाग मिलने पर मुकेश अग्निहोत्री को बधाई दी। इस दौरान मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सहकारिता विभाग को जन आंदोलन हिमाचल में बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सहकारिता हिमाचल की शान है, जिला ऊना से सहकारिता का आंदोलन शुरू हुआ जो विश्व भर में फैला है। उन्होंने कहा कि किन्हीं कारणों से सहकारिता के क्षेत्र में कमियां हैं, उन कमियों को दूर करना होगा, सुधार की हर गुंजाइश को करते हुए आगे बढ़ना होगा ।उन्होंने कहा कि सहकारिता प्रदेश का अव्वल विभाग बने इसके लिए काम करने के लिए दिन-रात एक की जाएगी। उन्होंने कहा कि मेरे पास अन्य विभाग हैं उन विभागों में बेहतर काम करने का हम प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सहकारिता विभाग आम जनता के साथ जुड़ा हुआ है, गांव के साथ जुड़ा हुआ है ,इस विभाग को बेहतर रूप से आगे बढ़ाना पहल है और इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिला में मियां हीरा सिंह सहकारिता प्रबंधन व ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण किया जाएगा ताकि सहकारिता के क्षेत्र में कार्यरत सचिव ,कर्मचारी निपुण हो सके ,अन्य राज्यों से भी प्रशिक्षण के लिए सहकारिता से जुड़े लोग यहाँ आये। उन्होंने कहा कि सहकारिता ऐसा विभाग है जिसके माध्यम से हम प्रदेश में क्रांतिकारी कदम उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र की विश्वसनीयता कायम करना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सहकारिता वित्त से जुड़ा हुआ मसला है इसलिए जहां फाइनेंशियल मैटर जुड़ा है वहां धांधली व भ्रष्टाचार की कोई जगह नहीं है ।उन्होंने कहा कि हमें भ्रष्टाचार मुक्त विभाग को बनाना है। धांधली मुक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में करीब 5000 सोसाइटी में कार्यरत हैं, करोड़ों रुपए का कारोबार होता है ,हमारे पास सहकारिता के बैंक हैं। उन्होंने कहा कि हम लोगों के जीवन में परिवर्तन लाने का काम करें, लेकिन किसी भी स्तर पर घपला ना हो यह सरकारी समितियों को, कर्मचारियों को विभाग को नजर रखनी होगी। उन्होंने कहा कि सभी को मेरा कड़ा संदेश है कि सहकारिता विभाग में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता सहन नहीं की जाएगी । उन्होंने कहा कि सहकारिता विभाग में जो परिवर्तन किए जाने हैं,जो भी बेहतर करना है उसे हम करेंगे, लेकिन कहीं भी लापरवाही सहन नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में कार्यरत सोसाइटीओं के पास कितना लैंड बैंक है इसकी डिटेल बनाई जानी चाहिए। ताकि आने वाले समय में सहकारिता के क्षेत्र में और बेहतर काम किया जा सके। उन्होंने कहा कि हरोली विधानसभा क्षेत्र में हिम्केप्स संस्थान सहकारिता के क्षेत्र का एक आदर्श संस्थान है, जो बेहतरीन काम कर रहा है ,रोजगार उन्मुख शिक्षा दे रहा है, सहकारिता के क्षेत्र में रोजगार प्रदान कर रहा है । उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से यह संस्थान अपने आप में देश का एक बेहतरीन संस्थान है, जिसे देशभर से लोग देखने आते हैं। उन्होंने कहा कि इसका श्रेय सहकारी समितियों को जाता है ,जिन्होंने इसका वित्त पोषण किया और आज एक बहुत बड़े भूभाग के साथ बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ यह संस्थान हिमाचल का आदर्श संस्थान बना है। उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है कि समय-समय पर इस संस्थान की बेहतरी के लिए काम करने का अवसर मुझे मिला है। उन्होंने कहा कि जब भी सस्थान की ओर से कोई भी काम बताया गया मैंने तुरंत किया है। उन्होंने कहा कि इस संस्थान को और विस्तार देने का प्रयास किया जाना चाहिए।
मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी ने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि युवाओं को बेहतर रोज़गार मिले, गांव-गांव सड़क से जुड़ें और सभी स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों। संजय अवस्थी आज सोलन ज़िला के अर्की विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत दानोघाट में आयोजित मेला समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सभी को मेले की बधाई देते हुए आशा जताई कि हमारे मेले एवं त्योहार प्रदेश की समृद्धि संस्कृति को संजोए रखने में सहायक बनेंगे। मेले का शुभारंभ क्षेत्र के चार देवताओं के मिलन और देव नृत्य के साथ हुआ। कुरगण प्रकाश देवता (मंडोढ़) कोलका, मांगू, कराड़ा, व संघोई देव का मिलन मेले का आकर्षण रहा। संजय अवस्थी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने चुनाव से पूर्व 10 गारंटियों के माध्यम से आमजन को आश्वस्त करने का प्रयास किया था कि कांग्रेस पार्टी की सरकार जन-जन के विकास में विश्वास रखती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने लगभग 1.70 लाख कर्मचारियों को पुरानी पेंशन प्रदान करने का निर्णय कर इन कर्मचारियों और उनके परिजनों को बुढ़ापे का सहारा प्रदान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित बनाएगी कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लक्षित वर्गों को समयबद्ध लाभ मिलें। मुख्य संसदीय सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की स्पष्ट सोच है कि प्रदेश के सभी युवाओं को बेहतर गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्राप्त हो। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए प्रदेश के सभी 68 विधानसभा क्षेत्रों में स्थापित होने वाले राजीव गांधी डे-बोर्डिंग विद्यालयों में श्रेष्ठ शिक्षा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा स्तर पर न केवल रोज़गारान्मुखी पाठ्यक्रम आरम्भ किए जा रहे हैं अपितु विभिन्न महाविद्यालयों में आवश्यकतानुसार स्नातकोत्तर स्तर की कक्षाएं भी शुरू की जा रही हैं। इसी शैक्षणिक स्तर से राजकीय महाविद्यालय अर्की में अंग्रेजी और इतिहास विषयों में स्नातकोत्तर कक्षाएं आरम्भ हो जाएंगी। उन्होंने इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले बच्चों को अपनी ऐच्छिक निधि से 2100 रुपये तथा मेला आयोजन समिति को 21 हजार रुपये प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने महिला मंडल सेर गलोटिया को समान इत्यादि क्रय करने के लिए 11 हजार रुपये प्रदान करने की घोषणा भी की। उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दानोघाट के प्रवेश द्वार के लिए 1.50 लाख रुपये तथा ग्राम पंचायत दानोघाट में आवश्यकतानुसार इंटरलाॅकिंग टाईल्स लगाने के लिए 3 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने अन्य विभिन्न मांगों को समयबद्ध आधार पर पूरा करने के विभिन्न विभागों को निर्देश दिए।
हिमाचल प्रदेश के सोलन की रहने वाली विश्व प्रसिद्ध पर्वतारोही बलजीत कौर को राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राजभवन में सम्मानित किया। उन्होंने पर्वतारोहण के क्षेत्र में उनकी असाधारण उपलब्धियों और जुनून की सराहना की। इस मौके पर बलजीत कौर की मां शांति देवी भी मौजूद थीं। राज्यपाल ने कहा कि यह राज्य के लिए गर्व की बात है कि बलजीत कौर ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर भारतीय तिरंगा फहराया है। उन्होंने एक महीने से भी कम समय में एवरेस्ट सहित आठ हजार मीटर से अधिक ऊंची पांच पर्वत चोटियों पर चढ़कर अपनी प्रतिभा साबित की है जो अन्य साहसिक उत्साही लोगों के लिए प्रेरणादायी थी। इस अवसर पर बलजीत कौर ने राज्यपाल के साथ अपने अभियान के अनुभवों को साझा किया। उसने कहा कि अन्नपूर्णा दुनिया की 10वीं सबसे ऊंची चोटी थी और उसने बिना ऑक्सीजन के समर्थन के इसे फतह कर लिया। उन्होंने इस दौरान हुई पूरी घटना से राज्यपाल को अवगत कराया। उन्होंने अस्पताल में फोन पर उनका हालचाल पूछने के लिए राज्यपाल का आभार व्यक्त किया।
राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि वर्तमान हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार प्रदेश को पूर्व सरकार द्वारा विरासत में दिए गए कर्ज व आर्थिक संकट से उभारने के लिए दिन-रात तत्परता से कार्य कर रही है। ऐसे में यह आवश्यक है कि प्रदेश के अधिकारी व कर्मचारी सत्यनिष्ठा व ईमानदारी से इस कार्य में अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करें। हिमाचल सरकार में केबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी आज किन्नौर जिला के रिकांगपिओ स्थित आईटीडीपी भवन में परियोजना सलाहाकार समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने इस दौरान जिला के अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रदेश सरकार द्वारा आम जनता के लिए चलाई जा रही विभिन्न जन-कल्याणकारी नीतियों व योजनाओं के साथ-साथ जिला में चल रहे विभिन्न विकासात्मक कार्यों में शीघ्रता लाने के आदेश दिए ताकि जिला के प्रत्येक पात्र व्यक्ति को इन योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सके व साथ ही जिला का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को लंबित पड़े विकासात्मक कार्यों की सूचि तैयार कर शीघ्र डीपीआर पस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के मामले पर किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी नीतियों व योजनाओं का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा ताकि आम लोगों तक इन योजनाओं की जानकारी पहुंच सके व जिला के लोग लाभान्वित हो सके। उन्होंने सभी अधिकारियों को जिला मे होने वाली ग्राम सभाओं में उपस्थित होने के निर्देश दिए। राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने लोक निर्माण विभाग किन्नौर के अधिकारियों को जिला में लंबित पड़े सड़कों, पुलों, भवनों इत्यादि के कार्य में शीघ्रता लाने के आदेश दिए। उन्होंने एकलव्य माॅडल स्कूल निचार के होस्टल निर्माण के कार्य को जल्द पूरा करने के आदेश दिए। इसके अलावा उन्होंने जिला के मूरंग, कानम, लाबरंग, ज्ञाबुंग, रोपा व नेसंग इत्यादि बाढ़ संभावित क्षेत्रों के सड़क किनारे क्रेट वाॅल लगाने के आदेश दिए। उन्होंने टापरी में गर्म पानी के चश्में किनारे हो रहे भू-स्खलन को रोकने के लिए उचित प्रबंध करने के निर्देश दिए। उन्होंने भावानगर बस स्टैंड में रिटेनिंग वाॅल के कार्य को दिसंबर 2023 तक पूर्ण करने व एक सामुदायिक भवन का निर्माण करने के आदेश दिए। उन्होंने जल शक्ति विभाग किन्नौर के अधिकारियों को पानी के स्टारेज टैंकों की नियमित रूप से साफ-सफाई करने के आदेश दिए तथा यदि आवश्यक हो तो स्टारेज टैंको की स्टोरेज कैपेस्टी को बढ़ाने के भी निदेश दिए।
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला की शिवालिक पहाड़ियों की आद्रभूमि में मानव निर्मित पौंग बांध जलाशय प्रवासी पक्षियों, विशेष रूप से साइबेरियाई क्रेन और रूस एवं ट्रांस अंटार्कटिक क्षेत्रों से सैकड़ों प्रजातियों की निवास स्थली के रूप में प्रसिद्ध है। प्रदेश सरकार इसे पर्यटकों की पसंदीदा सैरगाह के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह महाराणा प्रताप सागर के नाम से भी विख्यात है। यह वन्यजीव अभयारण्य, रामसर कन्वेंशन द्वारा घोषित 25 अंतर्राष्ट्रीय आर्द्रभूमि स्थलों में से एक है। पौंग बांध झील को नवंबर, 2002 में राष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि (रामसर साइट) के रूप में घोषित किया गया है। इस पर्यटन स्थल में वर्ष भर सैलानियों को आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के मार्गदर्शन में राज्य सरकार झील के आस-पास पर्याप्त अधोसंरचना बनाने और जल क्रीड़ा एवं अन्य संबद्ध गतिविधियों शुरू करने की संभावनाएं तलाश रही है। सरकार यहां आधुनिक बुनियादी ढांचे का विकास करने के लिए प्रयासरत है। यहां पर्यटकों को शिकारे के साथ-साथ अनेक साहसिक गतिविधियां आरम्भ करने की योजना तैयार की जा रही है। राज्य सरकार इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर सृजित करने के उद्देश्य से युवाओं को शिकारा खरीदने के लिए वित्तीय सहायता भी प्रदान करेगी। वर्तमान राज्य सरकार ने अधोसंरचना विकास के लिए 70 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यटकों की सुविधा के लिए पौंग बांध में एक फ्लोटिंग होटल खोलने पर विचार कर रही है। इसके अलावा, साहसिक गतिविधियों में रूचि रखने वाले पर्यटकों के लिए हॉट एयर बैलूनिंग गतिविधियां भी शुरू की जाएंगी। पौंग जलाशय 24,529 हेक्टेयर क्षेत्र तक फैला हुआ है। पौंग जलाशय बड़े पैमाने पर मछुआरों की आवश्यकताओं की पूर्ति भी करता है और क्षेत्र के सैकड़ों परिवारों की आर्थिकी का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। प्रकृति से प्राप्त अपार संसाधनों के बावजूद, झील की पर्यटन क्षमता का पूरी तरह से दोहन नहीं किया जा सका है। सरकार इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त आर्द्रभूमि के रूप में और पक्षियों प्रेमियों के लिए विकसित करने की दिशा में प्रयासरत है। पौंग बांध में प्रवास पर आने वाले पक्षी, पक्षीविज्ञानियों और पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र है। उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं की क्षेत्र के विकास में सहभागिता को बढ़ाने तथा उन्हें पर्यटन संबंधी गतिविधियों में शामिल करने पर बल दिया जाएगा।
ज्वालामुखी उपमंडल के तहत उम्मर पंचायत के डोल गांव में नरेश ठाकुर की भूमि से 7 चंदन के पेड़ काटने का मामला सामने आया है। यहां से 1 साल पहले 2 चंदन के पेड़ काटे गए थे और अब फिर वन काटुओं ने 7 पेड़ काटे हैं। जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची ज्वालामुखी पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मामले की पुष्टि करते हुए डीएसपी ज्वालामुखी विकास धीमान ने कहा कि पुलिस वन काटुओं पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य संसदीय सचिव, शहरी विकास एवं शिक्षा आशीष बुटेल ने पालमपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत द्रोगणु में 20 लाख रुपए की लागत से निर्मित आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र भवन तथा 5 लाख से निर्मित सीएससी भवन का लोकार्पण किया। द्रोगणु में लोगों को संबोधित करते हुए आशीष बुटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री, सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वर्तमान सरकार प्रदेश में राज के लिए नहीं बल्कि जनता की सेवा के लिए है। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों के हित के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की दूरदर्शिता से प्रदेश निरंतर आत्मनिर्भरता की और आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों दी गई सभी गारंटियों पर सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है और सरकार प्रदेश के 1 लाख 34 हजार अधिकारियों, कर्मचारियों को ओपीएस देकर पहली गारंटी को पूर्ण कर दिया है। सीपीएस ने कहा कि पालमपुर विधानसभा क्षेत्र का योजनात्मक और सर्वांगीण विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पूरे विधानसभा क्षेत्र में लोगों की मांग और जरूरतों के अनुरूप जनसहभागिता से विकास को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति के उत्थान और उसे मुख्य धारा में लाने के ध्येय से कार्य कर रही है। बुटेल ने कहा कि पालमपुर विधानसभा क्षेत्र विकास और सुविधाओं की दृष्टि में बेहतर है। उन्होंने कहा कि धौलाधार के साथ लगते कुछ ऊंचे क्षेत्रों में विकास कार्यों को लोगों के सहयोग से तीव्र गति से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पालमपुर विधान सभा क्षेत्र के सकैडी और नानाहर पंचायतों में मोबाइल सिग्नल की समस्या को दूर करने के लिये मोबाइल टावर स्थापित किये जायेंगे। उन्होंने सकैडी गिरी क्लब को मैदान की चारदीवारी के लिये डेढ़ लाख, धरेहड और द्रोगणु शमशान घाट में शेड निर्माण के लिये 2-2 लाख, द्रोगणु शमशान घाट रास्ते मे टाइल कार्य के लिये 2 लाख, थला में प्राकृतिक स्त्रोत से पंचायत द्वारा पेयजल उपलब्ध करवाने के लिये तीन लाख तथा महिला मण्डलों द्वारा भवन के लिये जमीन उपलब्ध होने पर भवन के लिये धनराशी उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने इस क्षेत्र में बंद पड़ी सरकारी बस सेवा को भी एक सप्ताह में बहाल करने की घोषण की। कार्यक्रम में द्रोगणु पंचायत के प्रधान बीना देवी, थला पंचायत प्रधान अंजू देवी, डॉक्टर मदन दीक्षित, पूर्व प्रधान सुरेश कुमार, ओंकार ठाकुर, कुलदीप कुमार, विजय कुमार, जगदीश, शशि कपूर, डीएफओ नितिन पाटिल, अधिशासी अभियंता अंकुर शर्मा, तहसीलदार सार्थक शर्मा, डॉ वनीता शर्मा, बीडीओ भानु प्रताप, एसडीओ अनिल धीमान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
भाजपा हिमाचल प्रदेश द्वारा प्रेस मीट का आयोजन किया गया इस मीट में मुख्य रूप में केंद्रीय जल शक्ति एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री प्रह्लाद पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मीट में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल, शिमला से सांसद सुरेश कश्यप, विधायक बलबीर वर्मा, मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा, पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, संगठन मंत्री सिद्धार्थन, प्रदेश उपाध्यक्ष रतन पाल सिंह, पुरुषोत्तम गुलेरिया, संजय सूद, चेतन ब्रागटा, रवि मेहता और करण नंदा विशेष रूप में उपस्थित रहे। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल ने अपनी प्रस्तुति मीडिया के समक्ष रखते हुए कहा भारत वो दिन नहीं भूला है, जब ये कहा जाता था कि, हम तो दिल्ली से 1 रुपया भेजते हैं लेकिन गरीबों तक सिर्फ 15 पैसे पहुंचते हैं और देश ये दिन भी नहीं भूलेगा कि आज दिल्ली से 100 रुपया चलता है तो गरीब के पास पूरा का पूरा 100 रुपया पहुंचता है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश हर आपदा में देशवासियों के साथ खड़ा है, उनकी सेवा में दिन-रात जुटा है। भारत ने वो दिन भी देखा है, जब पोलियो, टेटनस और बीसीजी जैसे टीकों को भारत आने में 50 से ज्यादा साल लग गए थे। ड्रोन से वैक्सीन डिलिवरी दुर्गम इलाकों में भारत सरकार ने सुनिश्चित कराई। मोदी सरकार ने रिकॉर्ड समय में लाखों लोगों का टीकाकरण करने का लगभग असंभव कार्य हासिल किया, और वह भी एक सदी में सबसे खराब ज्ञात वैश्विक महामारी के सामने। पहले भारत पश्चिम से दवाओं और टीकों के लिए निर्भर था, भारत ने दो स्वदेशी कोविड-19 टीके विकसित किए और कई देशों को जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति की। पटेल ने कहा स्वतंत्र भारत के इतिहास में इससे पहले गरीबों के लिए आवास निर्माण की ऐसी क्रांति नहीं देखी गई। स्वतंत्र भारत में इससे पहले कभी भी महिलाओं ने घर के निर्णय लेने में इतनी सक्रिय भूमिका नहीं निभाई है। घर-घर जल पहुंचनेसे कितने लाभ हुए, पहले जो बेटियां दूर पानी लाने जाती थी अब वो अपनी पढ़ाई को समय दे पा रही हैं क्योंकि अब उन्हें पानी लाने नहीं जाना पड़ता। शौचालय के निर्माण से क्या हुआ? महिलाओं के प्रति अपराध घटे, बीमारियों से दूरी बढ़ी। मोदी सरकार ने 1121 लाख मीट्रिक टन अनाज गरीबों को निःशुल्क उपलब्ध करवाया । आज साथ ही वन नेशन वन राशन कार्ड से हर महीने 3.5 करोड़ से ज्यादा परिवार लाभ उठा रहे हैं। जयराम ठाकुर ने कहा हमारे लिए यह प्रसन्नता का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्रीय में भारत सरकार के 9 वर्ष 30 मई को पूर्ण होने जा रहे हैं। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में भारत अपनी पहचान खो रहा था, पर पिछले 9 वर्षों में भारत ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्व के मानचित्र पर एक अलग पहचान बनाई है और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की अटूट मेहनत का फल है। हिमाचल प्रदेश में एम्स , आईआईएम, अटल टनल, बल्क ड्रग पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, जैसी बड़ी सौगात प्रधानमंत्री जी ने हमें दी है आज एम्स हिमाचल प्रदेश के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। जल शक्ति विभाग की अगर हम बात करें तो पिछले 3 वर्ष में हिमाचल प्रदेश में हमारी सरकार ने 850000 नल घर घर लगाए हैं जिसके कारण आज पानी घर-घर पहुंचा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने इस कार्यक्रम की भूमिका सभी के समक्ष रखते हुए कहा कि आज हमारे लिए गर्व की बात है जिस प्रकार से पिछले 9 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश भर में काम किया है वह अतुल्य है। उन्होंने कहा की गरीब परिवार में जन्मे मोदी जी ने गरीबों के कष्ट को समझा। बीमारी और इलाज से होने वाली समस्याओं और उनके आर्थिक परिणामों से गरीब डरता था, त्रस्त था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में आयुष्मान भारत योजना शुरू करी जिससे हर गरीब को 5 लाख तक का इलाज करने के लिए पैसा केंद्र सरकार द्वारा दिया गया।
आखिरकार धर्मशाला के जदरांगल में हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के स्थायी कैंपस निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। केंद्र सरकार के पर्यावरण मंत्रालय ने करीब 57.10 हेक्टयर वन भूमि में भवन निर्माण को मंजूरी प्रदान कर दी है। केंद्र सरकार की ओर से दी गई इस मंजूरी पर जन चेतना मंच धर्मशाला ने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। जन चेतना मंच धर्मशाला के पदाधिकारी और रिटायर्ड आईएएस अधिकारी कैप्टन जेएम पठानिया ने प्रेस वार्ता कर इस बाबत जानकारी साझा की है। जेएम पठानिया ने कहा कि उनका संघर्ष रंग लाया है, दरअसल उन्होंने जदरांगल में चिन्हित वन भूमि पर पेंच फंसने से धर्मशाला से देहरा शिफ्ट होते केंद्रीय विश्वविद्यालय के स्थायी कैंपस निर्माण का कार्य इसी भूमि पर करवाने के लिए भारत की केंद्र सरकार को वन भूमि क्लियरेंस के लिये प्रस्ताव भेजा था जिसे विधिवत मंजूरी मिल गई है। उन्होंने ने कहा कि अब इसके बाद एक और बड़ी कि चुनौती उनके सामने है और वो यह है कि यहां न केवल स्थायी कैंपस का निर्माण हो बल्कि जो धर्मशाला की लिहाज़ से केंद्रीय विश्वविद्यालय के जो प्रासांगिक (relevant) विभाग हैं वो यहीं से चलें और जिनकी प्रासांगिकता देहरा में है वो वहां से चलाए जाएं, ताकि इसका विश्वविद्यालय फैकल्टी और छात्रों को लाभ मिल सके, ख़ास तौर पर वो विभाग जो पहले से ही यहां चल रहे हैं, उन्हें तो बिल्कुल भी शिफ्ट न किया जाए, जिससे कि छात्र और फैकल्टी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्लाय की मेडिकल सांइस विभाग को तो धर्मशाला से ही चलाया जाना चाहिए, इसलिये क्योंकि इसका विश्वविद्यालय दोहरा लाभ भी उठा सकता है क्योंकि जहां एक ओर धर्मशाला के नजदीक मेडिकल कॉलेज टांटा है तो वहीं दूसरी ओर जोनल हस्पताल धर्मशाला भी है जिसका लाभ छात्र और फैकल्टी दोनों ही उठा सकते हैं। जेएम पठानिया ने कहा कि जन चेतना मंच अपने संघर्षशील कार्यों से अपना स्तर अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक ले जाना चाहते हैं इसके लिये उन्हें जो करना पड़ा वो निश्चित तौर पर करेंगे।
केंद्र सरकार के पर्यावरण मंत्रालय की एडवाइजरी कमेटी द्वारा धर्मशाला के निकट जदरांगल में केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के लिए 57.0 हेक्टेयर भूमि के आवंटन की घोषणा की गई है। भूमि आवंटन के बाद जल्द ही विश्वविद्यालय के स्थाई परिसर के निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा। परिषद के प्रांत सह मंत्री अभिषेक ने बताया कि जद्रांगल में सीयूएचपी को भूमि मंजूरी मिलना विद्यार्थी परिषद के लंबे संघर्षों का परिणाम है। गौरतलब है कि 15 अगस्त, 2007 को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा, 16 राज्यों में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा की गई थी। इसी के अंतर्गत वर्ष 2009 में संसद अधिनियमित केंद्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम 2009 के तहत हिमाचल प्रदेश को भी केंद्रीय विश्वविद्यालय की सौगात प्राप्त हुई थी। किंतु दुर्भाग्यवश 2009 से वर्ष 20023 तक 14 वर्ष बीत जाने के बाद भी केंद्रीय विश्वविद्यालय के स्थाई परिसर का निर्माण नहीं हो पाया। 14 वर्षों में इस विश्वविद्यालय के स्थाई परिसर के निर्माण के नाम पर सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपना उल्लू सीधा करने का प्रयास किया। प्रदेश या देश में चुनाव प्रचार के समय सभी पार्टियों द्वारा विश्वविद्यालय निर्माण का वादा किया गया पोस्टर लगाया गया किंतु धरातल पर वास्तविकता कुछ और ही रही। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद छात्र हित को ध्यान में रखते हुए पिछले 14 वर्षों से ही लगातार इस विश्वविद्यालय के स्थाई परिसर निर्माण के लिए आंदोलनरत है। वर्ष 2009 से विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन व केंद्र तथा राज्य सरकारों के खिलाफ न जाने कितने ही आंदोलन किए हैं। इसी कड़ी में वर्ष 2020 में भी विद्यार्थी परिषद ने 48 दिन का अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन व 44 दिन की भूख हड़ताल भी की। इसी दौरान परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा शव प्रदर्शन, मूक प्रदर्शन, नुक्कड़ नाटक जैसे अलग अलग प्रदर्शन कर सरकार को चेताने का प्रयास किया गया। इसी के साथ 2020 में परिषद का एक प्रतिनिधि दल तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक से भी मिलता है और विश्वविद्यालय की समस्याओं को सामने लाता है। मंत्री द्वारा विद्यार्थी परिषद को जल्द ही इस मामले का समाधान करने का विश्वास भी दिलाया गया किंतु उसका भी कोई परिणाम नहीं निकला। कुछ समय पहले विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं की मेहनत रंग लाई व देहरा में विश्वविद्यालय के स्थाई परिसर निर्माण की अनुमति मिलने के बाद 115 हेक्टेयर भूमि पर भवन निर्माण का कार्य किया जा रहा है। किंतु बारिश व कम जमीन का हवाला देते हुए जद्रांगल में भवन निर्माण की अनुमति नहीं दी गई। आज विद्यार्थी परिषद के लंबे संघर्ष के बाद जद्रांगल में भी 57 हेक्टेयर भूमि को मंजूरी दे दी गई है। यह विद्यार्थी परिषद की यह जीत कार्यकर्ताओं, अन्य छात्र व छात्राओं सहित पूरे राज्य के वासियों के लिए हर्ष का विषय है। विश्वविद्यालय में छात्र हितों के लिए विद्यार्थी परिषद पिछले 14 वर्षों से संघर्ष करती आई है और आगे भी विद्यार्थियों को यदि कोई भी समस्या आती है तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का प्रत्येक कार्यकर्ता उन समस्याओं को समाप्त करने के लिए कार्य करता रहेगा।
शूलिनी विश्वविद्यालय ने एक बार फिर उत्कृष्टता अनुसंधान के लिए अपने समर्पण के लिए उल्लेखनीय पहचान हासिल की है। शूलिनी ने प्रतिष्ठित एजुकेशनवर्ल्ड ग्रैंड जूरी इंडिया हायर एजुकेशन रैंकिंग 2023-24 में वर्ष के अनुकरणीय शोधकर्ता की श्रेणी में प्रभावशाली दूसरा स्थान हासिल किया है। एजुकेशनवर्ल्ड ग्रैंड जूरी, जिसमें अच्छी तरह से सूचित शिक्षाविद शामिल हैं, ने 21 वीं सदी की शिक्षा उत्कृष्टता की 14 श्रेणियों में 400 से अधिक नामांकित उच्च शिक्षा संस्थानों का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन किया और उन्हें स्थान दिया। शूलिनी विश्वविद्यालय की अनुसंधान के प्रति उत्कृष्ट प्रतिबद्धता और अकादमिक नवाचार की इसकी निरंतर खोज ने इसे इस प्रतिष्ठित रैंकिंग में एक अच्छी तरह से योग्य दूसरे स्थान पर पहुंचा दिया है। इस उपलब्धि पर चांसलर प्रो. पीके खोसला ने कहा कि यह अत्याधुनिक अनुसंधान, नवाचार के माहौल को बढ़ावा देने और प्रतिभाशाली शोधकर्ताओं के पोषण के लिए विश्वविद्यालय के समर्पण को दर्शाता है। प्रो. चांसलर विशाल आनंद ने कहा की अनुसंधान में उत्कृष्टता के लिए विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता इसकी अत्याधुनिक अवसंरचना, विश्व स्तरीय फैकल्टी और जीवंत पारिस्थितिकी तंत्र द्वारा अनुकरणीय है, जो अंतः विषय सहयोग को बढ़ावा देता है और अभूतपूर्व खोजों को प्रोत्साहित करता है। शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अतुल खोसला ने संस्थान की उल्लेखनीय उपलब्धि पर आभार और गर्व व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "यह मान्यता हमारे संकाय, शोधकर्ताओं और छात्रों के अथक प्रयासों का एक वसीयतनामा है, जो ज्ञान की खोज में उत्कृष्टता के लिए लगातार प्रयास करते हैं। शूलिनी विश्वविद्यालय में, हम अनुसंधान की परिवर्तनकारी शक्ति और आकार देने की क्षमता में दृढ़ता से विश्वास करते हैं। यह प्रतिष्ठित रैंकिंग सीमाओं को आगे बढ़ाने और हमारे शोध प्रयासों के माध्यम से महत्वपूर्ण प्रभाव डालने के लिए हमारी प्रेरणा को बढ़ावा देती है।" एक्सेम्पलरी रिसर्चर ऑफ द ईयर श्रेणी में अपने उल्लेखनीय प्रदर्शन के अलावा शूलिनी यूनिवर्सिटी की उच्च शिक्षा उत्कृष्टता के अन्य पहलुओं के प्रति प्रतिबद्धता को भी सराहा गया। एजुकेशनवर्ल्ड ग्रैंड जूरी इंडिया हायर एजुकेशन रैंकिंग में संस्थान के उत्कृष्ट पुस्तकालय संसाधनों, विविधता, समावेशन और इक्विटी के प्रति समर्पण, सर्वोत्तम कौशल विकास और शिक्षा पहल, और मजबूत शिक्षा-उद्योग गठजोड़ को मान्यता प्रदान करती है । EducationWorld भारत की प्रमुख शिक्षा पत्रिका और शिक्षा के क्षेत्र में नवीनतम विकास और उपलब्धियों को कवर करने के लिए समर्पित ऑनलाइन मंच है। एजुकेशनवर्ल्ड ग्रैंड जूरी इंडिया हायर एजुकेशन रैंकिंग भी एक सम्मानित वार्षिक रैंकिंग है, जो विभिन्न श्रेणियों में उच्च शिक्षा में उत्कृष्टता का आकलन करती है और उसे स्वीकार करती है।
केंद्र जल शक्ति एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री प्रह्लाद पटेल शिमला स्थित होटल होलीडे होम पहुंच चुके हैं। उनका शिमला पहुंचने पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने स्वागत किया।
हिमाचल सरकार भांग की खेती को कानूनी रूप से वैधता प्रदान करने पर विचार कर रही है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश की खराब आर्थिक व्यवस्था को सुधारने के लिए राजस्व अर्जित करना है। सुक्खू सरकार का मानना है कि औषधीय और औद्योगिक क्षेत्र के लिए भांग की खेती कारगार साबित होगी। प्रदेश में भांग की खेती को वैध करने की सम्भावनाओ को तलाशने के लिए प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में गठित कमेटी उत्तराखंड और मध्य प्रदेश के दौरे पर है। इस दौरान दोनों राज्यों में भांग के इंडस्ट्रियल व गैर मादक उपयोग के लिए भांग की खेती शुरू करने के पहलुओं पर जहां चर्चा हुई है। कमेटी सभी पहलुओं पर अध्ययन करने के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपेगी और सुझाव देगी कि प्रदेश में किस तरह से इसकी खेती को वैध किया जा सकता है। विदित रहे कि भांग की खेती को वैध करने का मामला विधानसभा के बजट सत्र में खूब गूंजा। इस के पक्ष में द्रंग से विधायक पूर्ण चंद ठाकुर ने मुद्दे को विधानसभा में उठाया था। उनके अलावा मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, विधायक हंसराज, सुरेंद्र शौरी, डॉ. जनक राज ने भी भांग के फायदे सदन में गिनाए थे। इसके बाद ही स्पीकर के कहने पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू ने राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में कमेटी गठित की। आर्थिक स्थिति भी होगी ठीक ! हिमाचल प्रदेश सेब उत्पादन के लिए जाना जाता है। यहां किसानों द्वारा सेब उत्पादन का करोबार बड़े स्तर पर किया जाता है। लेकिन पिछले कुछ सालों से सेब के कारोबार से क्षेत्रीय किसानों को खासा मुनाफा नहीं हो पा रहा है, जिसके राज्य का राजस्व प्रभावित हो रहा है और प्रदेश सरकार पर वित्तीय कर्ज भी बढ़ा है। सरकार का मानना है कि भांग की खेती को वैध करने से राज्य को सालाना 18000 करोड़ रुपए आय होने का अनुमान है, जिससे राज्य का राजस्व बढ़ेगा। भांग की खेती राज्य सरकार पर बढ़ रहे वित्तीय कर्ज को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इन जिलों में होती है अवैध भांग की खेती सरकार मानती है कि प्रदेश में बढ़ रहे नशे का चलन और नशा तस्करों के नेटवर्क को खत्म करने के लिए यह निर्णय कारगार सिद्ध हो सकती है। भांग की खेती लीगल होने से भांग की अवैध खेती पूरी तरह से चौपट हो जाएगी, जिससे भांग के अवैध कारोबार पर लगाम लगेगी। एक रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल में लगभग 2400 एकड़ भूमि पर भांग की अवैध खेती हो रही है, जिसमें शिमला, सिरमौर, चंबा, कुल्लू और मंडी के कुछ क्षेत्र शामिल है। क्या कहता है एक्ट? भारत में भांग की खेती करना प्रतिबंधित है. 1985 में भारत सरकार ने नार्कोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेज अधिनियम के तहत भांग की खेती करना प्रतिबंधित कर दिया था। मगर इसी NDPS अधिनियम के अंतर्गत राज्य सरकारों को बागवानी और औद्योगिक उद्देश्य के लिए भांग की खेती की अनुमति प्रदान करने का अधिकार देता है। एनडीपीएस अधिनियम के मुताबिक ‘केंद्र सरकार कम टीएचसी मात्रा वाली भांग की किस्मों पर अनुसंधान और परीक्षण को प्रोत्साहित कर सकती है। मगर केंद्र एक सतर्कता बरतेगा और बागवानी या औद्योगिक उद्देश्य के लिए ही भांग की खेती के सबूत आधारित अनुमति देगा और इसके अनुसंधान के नतीजों के आधार पर फैसला लेगा। उत्तराखंड में वैध है भांग की खेती उत्तराखंड में भांग की खेती वैध है। उत्तराखंड वर्ष 2017 में भांग की खेती को वैध करने वाला देश का पहला राज्य बना। उत्तराखंड में नियंत्रित और विनियमित तरीके से भांग की खेती की जागई है। यानी कि जिस व्यक्ति के नाम जमीन होगी, वह किसी वाणिज्यिक व औद्योगिक इकाई के साथ साझेदारी में ही भांग की खेती के लिए आवेदन कर सकता है। भांग की खेती करने के लिए किसी भी व्यक्ति को खेत विवरण, क्षेत्रफल व सामग्री भंडारण करने के परिसर की जानकारी के अलावा चरित्र प्रमाण पत्र के साथ डीएम के सामने आवेदन करना होता है। इसके अलावा लाइसेंस बनाने के लिए प्रति हेक्टेयर एक हजार रुपये का शुल्क देना होता है। एक जिले से दूसरे जिले में बीज खरीद जाने के लिए भी उपायुक्त की अनुमति की जरूरत पड़ती है। भारत में उत्तराखंड के अलावा गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में भी औषधीय रूप में जरुरत अनुसार खेती की जा रही है। WHO के मुताबिक़ भांग के कई फ़ायदे विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक़ यदि भांग का सही तरीके से इस्तेमाल किया जाये तो भांग स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकती है। भांग आपके सीखने और याद करने की क्षमता बढ़ाती है। अगर भांग का उपयोग सीखने और याद करने के दौरान किया जाता है तो भूली हुई बातें आसानी से याद की जा सकती है। भांग का इस्तेमाल कई मानसिक बीमारियों में भी की जाती है. जिन्हें एकाग्रता की कमी होती है, उन्हें डॉक्टर इसके सही मात्रा के इस्तेमाल की सलाह देते हैं। पहले करेंगे चर्चा, फिर लेंगे फैंसला नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट के तहत राज्यों को औषधीय उपयोग के लिए भांग की खेती को साधारण और विशेष आदेशों के तहत अनुमति देने का अधिकार दिया गया है। इस एक्ट के तहत राज्य सरकारें भांग की खेती के लिए कानून औषधीय क्षेत्र के लिए भांग की खेती के लिए नियम निर्धारित करती है। इन नियमों की पालन करते हुए औषधीय और औद्योगिक उद्देश्यों के लिए भांग की खेती की जा सकती है। वर्तमान में कई राज्य कानूनी नियमों का पालन करते हुए भांग की खेती कर रहे है, जिनमें गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश राज्य शामिल है। सरकार अंतिम निर्णय लेने से पहले सभी पहलुओं पर विचार करेगी और भांग की खेती को वैध बनाने वाले अन्य राज्यों द्वारा अपनाए गए मॉडल का अध्ययन करेगी ताकि भविष्य में कोई परेशानी ना हो।फिलहाल कमेटी की रिपोर्ट का इंतज़ार है इसके बाद ही निर्णय लिया जायेगा। -सुखविंदर सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश
*कांगड़ा को मिल सकता है विलम्ब का मीठा फल सुक्खू कैबिनेट में अब तक जिला कांगड़ा को मनमाफिक अधिमान नहीं मिला है। कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के लिहाज से भी देखे तो अब तक हिस्से में सिर्फ एक मंत्री पद आया है। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी, दो सीपीएस और कई कैबिनेट रैंक जरूर मिले है, लेकिन जो वजन मंत्री पद में है वो भला और कहाँ ? बहरहाल सवाल ये है कि जिस संसदीय क्षेत्र ने कांग्रेस की झोली में 17 में से 12 सीटें डाली, क्या सत्ता में आने के बाद कांग्रेस उसे हल्के में ले रही है, या इस इन्तजार का मीठा फल मिलने वाला है। माहिर तो ये ही मान रहे है कि जल्द कांगड़ा के इस विलम्ब की पूरी भरपाई होगी। ऐसा होना लाजमी भी है क्यों कि लोकसभा चुनाव में ज्यादा से ज्यादा एक साल का वक्त है और यहाँ हार की हैट्रिक लगा चुकी कांग्रेस कोई चूक नहीं करना चाहेगी। अलबत्ता कांगड़ा को मंत्री पद मिलने में कुछ देर जरूर हो रही है लेकिन खुद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का ये कहना कि वे भी कांगड़ा के ही है, उम्मीद की बड़ी वजह है। कांगड़ा को टूरिज्म कैपिटल बनाने का सीएम का विज़न हो या आईटी पार्क जैसे अधर में लटके प्रोजेक्ट्स में तेजी लाना, ये दर्शाता है कि सीएम सुक्खू कांगड़ा को लेकर किसी तरह की चूक करना नहीं चाहते। सीएम का नौ दिन का कांगड़ा दौरा भी इसकी तस्दीक करता है। सरकार के पिटारे में कांगड़ा के लिए न योजनाओं की कोई कमी नहीं दिखती। ये ही कारण है कि 2024 से पहले कांगड़ा में कांग्रेस जोश में है। इस बीच मंत्री पद भरने को लेकर फिर सुगबुगाहट तेज हुई है। माना जा रहा है कि कुल तीन रिक्त मंत्री पदों में से दो कांगड़ा के हिस्से आएंगे। इनमें एक ब्राह्मण हो सकता है और एक एससी। ऐसे में एक युवा राजपूत चेहरा भी डार्क हॉर्स है। बहरहाल अंदर की बात ये बताई जा रही है कि सब लगभग तय है और जल्द कांगड़ा को दो मंत्री पद मिलेंगे। प्रदेश की सियासत अपनी जगह पर 2024 में कांग्रेस के लिए कांगड़ा फ़तेह करना आसान नहीं होने वाला है। कई चुनौतियों के बीच कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती है एक दमदार चेहरा। तीन चुनाव हार चुकी कांग्रेस को ऐसा चेहरा चाहिए जो जातीय, क्षेत्रीय और पार्टी की भीतरी राजनीति के लिहाज से संतुलन लेकर आएं। पिछले तीन चुनावों में पार्टी ने यहाँ से ओबीसी कार्ड खेला है, पर नतीजे प्रतिकूल रहे है। ऐसे में पार्टी को फिर सोचने की जरुरत जरूर है। बताया जा रहा ही कि पार्टी अभी से इस पर चिंतन -मंथन में जुटी है। खुद सीएम सुक्खू चाहते है कि जो भी चेहरा हो, उसे पर्याप्त समय मिले। चर्चा में कई वरिष्ठ नाम है जिनमें पूर्व सांसद और मंत्री चौधरी चंद्र कुमार, पूर्व मंत्री और विधायक सुधीर शर्मा, आशा कुमारी जैसे नाम शामिल है। पर संभव है कि इस बार पारम्परिक कास्ट डायनामिक्स को ताक पर रख पार्टी किसी युवा चेहरे को मैदान में उतारे। सुक्खू सरकार के आईटी सलाहकार गोकुल बुटेल भी ऐसा ही एक विकल्प हो सकते है। भाजपा से कौन होगा चेहरा ! 2009 से लेकर अब तक कांगड़ा लोकसभा सीट पर भाजपा लगातार जीत दर्ज करने में कामयाब रही है। पिछले लोकसभा चुनाव में न केवल हिमाचल में बल्कि पूरे देश में भी सबसे ज्यादा मत प्रतिशत हासिल करने का रिकॉर्ड कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के सांसद किशन कपूर के नाम रहा था। 7,25,218 मत प्राप्त कर किशन कपूर लोकसभा पहुंचे, लेकिन इस बार सियासी समीकरण कुछ बदलते नज़र आ रहे है। दरअसल 2022 के विधानसभा चुनाव में भी कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में भाजपा की परफॉरमेंस बेहद खराब रही है। इस संसदीय क्षेत्र की 17 में से सिर्फ पांच सीटें ही भाजपा जीत पाई है। ऐसे में क्या पार्टी चेहरा बदलेगी इसे लेकर कयासों का दौर जारी है। संभावित उम्मीदवारों की फेहरिस्त में मौजूदा सांसद किशन कपूर के अलावा कई और नाम चर्चा में है। इस लिस्ट में गद्दी समुदाय से धर्मशाला के पूर्व विधायक विशाल नेहरिया का नाम भी चर्चा में है। इसके अलावा कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए पवन काजल का नाम भी लिस्ट में है। अब देखना ये होगा कि भाजपा इस दफा कांगड़ा के दुर्ग को फ़तेह करने के लिए किस पर दांव खेलती है। कब कौन बना सांसद 1977 दुर्गा चंद भारतीय लोक दल 1980 विक्रम चंद महाजन कांग्रेस 1984 चंद्रेश कुमारी कांग्रेस 1989 शांता कुमार भाजपा 1991 डीडी खनौरिया भाजपा 1996 सत महाजन कांग्रेस 1998 शांता कुुमार भाजपा 1999 शांता कुमार भाजपा 2004 चंद्र कुमार कांग्रेस 2009 डॉ. राजन सुशांत भाजपा 2014 शांता कुमार भाजपा 2019 किशन कपूर भाजपा ReplyForward * कांगड़ा को मिल सकता है विलम्ब का मीठा फल सुनैना कश्यप। फर्स्ट वर्डिक्ट सुक्खू कैबिनेट में अब तक जिला कांगड़ा को मनमाफिक अधिमान नहीं मिला है। कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के लिहाज से भी देखे तो अब तक हिस्से में सिर्फ एक मंत्री पद आया है। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी, दो सीपीएस और कई कैबिनेट रैंक जरूर मिले है, लेकिन जो वजन मंत्री पद में है वो भला और कहाँ ? बहरहाल सवाल ये है कि जिस संसदीय क्षेत्र ने कांग्रेस की झोली में 17 में से 12 सीटें डाली, क्या सत्ता में आने के बाद कांग्रेस उसे हल्के में ले रही है, या इस इन्तजार का मीठा फल मिलने वाला है। माहिर तो ये ही मान रहे है कि जल्द कांगड़ा के इस विलम्ब की पूरी भरपाई होगी। ऐसा होना लाजमी भी है क्यों कि लोकसभा चुनाव में ज्यादा से ज्यादा एक साल का वक्त है और यहाँ हार की हैट्रिक लगा चुकी कांग्रेस कोई चूक नहीं करना चाहेगी। अलबत्ता कांगड़ा को मंत्री पद मिलने में कुछ देर जरूर हो रही है लेकिन खुद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का ये कहना कि वे भी कांगड़ा के ही है, उम्मीद की बड़ी वजह है। कांगड़ा को टूरिज्म कैपिटल बनाने का सीएम का विज़न हो या आईटी पार्क जैसे अधर में लटके प्रोजेक्ट्स में तेजी लाना, ये दर्शाता है कि सीएम सुक्खू कांगड़ा को लेकर किसी तरह की चूक करना नहीं चाहते। सीएम का नौ दिन का कांगड़ा दौरा भी इसकी तस्दीक करता है। सरकार के पिटारे में कांगड़ा के लिए न योजनाओं की कोई कमी नहीं दिखती। ये ही कारण है कि 2024 से पहले कांगड़ा में कांग्रेस जोश में है। इस बीच मंत्री पद भरने को लेकर फिर सुगबुगाहट तेज हुई है। माना जा रहा है कि कुल तीन रिक्त मंत्री पदों में से दो कांगड़ा के हिस्से आएंगे। इनमें एक ब्राह्मण हो सकता है और एक एससी। ऐसे में एक युवा राजपूत चेहरा भी डार्क हॉर्स है। बहरहाल अंदर की बात ये बताई जा रही है कि सब लगभग तय है और जल्द कांगड़ा को दो मंत्री पद मिलेंगे। प्रदेश की सियासत अपनी जगह पर 2024 में कांग्रेस के लिए कांगड़ा फ़तेह करना आसान नहीं होने वाला है। कई चुनौतियों के बीच कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती है एक दमदार चेहरा। तीन चुनाव हार चुकी कांग्रेस को ऐसा चेहरा चाहिए जो जातीय, क्षेत्रीय और पार्टी की भीतरी राजनीति के लिहाज से संतुलन लेकर आएं। पिछले तीन चुनावों में पार्टी ने यहाँ से ओबीसी कार्ड खेला है, पर नतीजे प्रतिकूल रहे है। ऐसे में पार्टी को फिर सोचने की जरुरत जरूर है। बताया जा रहा ही कि पार्टी अभी से इस पर चिंतन -मंथन में जुटी है। खुद सीएम सुक्खू चाहते है कि जो भी चेहरा हो, उसे पर्याप्त समय मिले। चर्चा में कई वरिष्ठ नाम है जिनमें पूर्व सांसद और मंत्री चौधरी चंद्र कुमार, पूर्व मंत्री और विधायक सुधीर शर्मा, आशा कुमारी जैसे नाम शामिल है। पर संभव है कि इस बार पारम्परिक कास्ट डायनामिक्स को ताक पर रख पार्टी किसी युवा चेहरे को मैदान में उतारे। सुक्खू सरकार के आईटी सलाहकार गोकुल बुटेल भी ऐसा ही एक विकल्प हो सकते है। भाजपा से कौन होगा चेहरा ! 2009 से लेकर अब तक कांगड़ा लोकसभा सीट पर भाजपा लगातार जीत दर्ज करने में कामयाब रही है। पिछले लोकसभा चुनाव में न केवल हिमाचल में बल्कि पूरे देश में भी सबसे ज्यादा मत प्रतिशत हासिल करने का रिकॉर्ड कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के सांसद किशन कपूर के नाम रहा था। 7,25,218 मत प्राप्त कर किशन कपूर लोकसभा पहुंचे, लेकिन इस बार सियासी समीकरण कुछ बदलते नज़र आ रहे है। दरअसल 2022 के विधानसभा चुनाव में भी कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में भाजपा की परफॉरमेंस बेहद खराब रही है। इस संसदीय क्षेत्र की 17 में से सिर्फ पांच सीटें ही भाजपा जीत पाई है। ऐसे में क्या पार्टी चेहरा बदलेगी इसे लेकर कयासों का दौर जारी है। संभावित उम्मीदवारों की फेहरिस्त में मौजूदा सांसद किशन कपूर के अलावा कई और नाम चर्चा में है। इस लिस्ट में गद्दी समुदाय से धर्मशाला के पूर्व विधायक विशाल नेहरिया का नाम भी चर्चा में है। इसके अलावा कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए पवन काजल का नाम भी लिस्ट में है। अब देखना ये होगा कि भाजपा इस दफा कांगड़ा के दुर्ग को फ़तेह करने के लिए किस पर दांव खेलती है। कब कौन बना सांसद 1977 दुर्गा चंद भारतीय लोक दल 1980 विक्रम चंद महाजन कांग्रेस 1984 चंद्रेश कुमारी कांग्रेस 1989 शांता कुमार भाजपा 1991 डीडी खनौरिया भाजपा 1996 सत महाजन कांग्रेस 1998 शांता कुुमार भाजपा 1999 शांता कुमार भाजपा 2004 चंद्र कुमार कांग्रेस 2009 डॉ. राजन सुशांत भाजपा 2014 शांता कुमार भाजपा 2019 किशन कपूर भाजपा ReplyForward
वो लोग जो बेहतर की उम्मीद में साथ छोड़ कर गए थे, शायद आज वापस हाथ पकड़ने की सोचते होंगे। हम बात कर रहे है कांग्रेस के उन तमाम नेताओं की, जिनका पूर्वानुमान एक दम गलत साबित हुआ। वो नेता जो चुनाव से पहले सत्ता में आती हुई कांग्रेस का साथ छोड़ सत्ता से बाहर होती हुई भाजपा के खेमे में जा मिले थे। इस फेहरिस्त में काँगड़ा से विधायक पवन काजल, नालागढ़ से पूर्व विधायक लखविंदर राणा और हर्ष महाजन मुख्य तौर पर शामिल है। ये वो नेता है जिनका कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल होना पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा था, मगर परिणाम सामने आए तो झटका इन्हें ही लग गया। सर्विदित है कि अगर ऐसा न हुआ होता तो निजी तौर पर आज इनके लिए सियासी परिस्थितियां बेहतर हो सकती थी। हिमाचल प्रदेश में सत्ता की चाबी रखने वाले कांगड़ा जिले के ओबीसी नेता पवन काजल किसी समय कांग्रेस पार्टी की आंखों का 'काजल' माने जाते थे। मगर विधानसभा चुनाव से साढ़े 3 महीने पहले भाजपा ने कांग्रेस के इस 'काजल' को अपनी आंखों का 'नूर' बना लिया था। यूँ तो काजल भाजपा से ही कांग्रेस में आए थे, मगर काजल की ऐसे भाजपा में वापसी होगी ये किसी ने नहीं सोचा था। दरअसल पवन काजल ने वर्ष 2012 में भाजपा का टिकट नहीं मिलने पर बगावत करते हुए बतौर निर्दलीय कैंडिडेट चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। विधानसभा चुनाव में तब पवन काजल पहली बार जीते थे। पवन काजल के विधानसभा चुनाव जीतने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह उन्हें कांग्रेस में ले आए। वीरभद्र सिंह ने ही वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में पवन काजल को कांगड़ा से कांग्रेस का टिकट दिया। पवन काजल भी वीरभद्र सिंह के भरोसे पर खरा उतरे और लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए। काजल अक्सर ये कहा भी करते थे कि वे कांग्रेस के साथ नहीं वीरभद्र सिंह के साथ है। कांग्रेस ने उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष भी बनाया, मगर काजल ने कांग्रेस को छोड़ जाना सही समझा। काजल तो चुनाव जीत गए, मगर भाजपा चुनाव हार गई। माना जाता है कि अगर काजल पार्टी न छोड़ते तो उनका मंत्री पद तय था। बात लखविंदर राणा की करें तो राणा तीन बार कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ विधानसभा पहुंचे थे । वर्ष 2010-11 में नालागढ़ के तत्कालीन विधायक हरिनारायण सैणी के निधन के बाद हुए उपचुनाव में लखविंद्र राणा कांग्रेस के टिकट पर मैदान में उतरे और पहली बार विधायक चुने गए। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में राणा हार गए। वर्ष 2017 में उन्होंने एक बार फिर नालागढ़ सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। मगर 2022 के विधानसभा चुनाव से साढ़े 3 महीने पहले वह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में चले गए। भाजपा ने उन्हें टिकट दिया मगर भाजपा में बगावत के चलते राणा चुनाव हार गए। इन दो विधायकों के अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कहे जाने वाले हर्ष महाजन भी चुनाव से पहले भाजपा के हो गए थे। शायद ही किसी ने सोचा हो कि वीरभद्र सिंह के हनुमान कहे जाने वाले हर्ष महाजन और कांग्रेस की राह अलग भी हो सकती है। हर्ष महाजन होलीलॉज के करीबी थे और वे कई बार वीरभद्र सिंह के चुनाव प्रभारी भी रह चुके थे। कहते है कि साल 2012 के विधानसभा चुनाव में वीरभद्र सिंह को मुख्यमंत्री बनाने में हर्ष महाजन का सबसे बड़ा योगदान रहा था। इस चुनाव से पहले भी कांग्रेस द्वारा इन्हें कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था, मगर कांग्रेस पर नज़रअंदाज़गी का आरोप लगाते हुए महाजन भाजपा में शामिल हो गए थे। हालंकि अब भाजपा में हर्ष महाजन को कितनी तवज्जो मिल रही है, ये वे ही जानते होंगे। अगर महाजन कांग्रेस में रहते तो शायद बात कुछ और होती।
प्रदर्शन और आभार कार्यक्रम तो बहुत हुए मगर इस तरह पहले कभी सरकार का आभार व्यक्त करने को कर्मचारियों का हुजूम नहीं उमड़ा। लाखों की संख्या में कर्मचारी सीएम सुक्खू का दिल की गहराईयों से आभार करने को पहुंचे और धर्मशाला का पुलिस ग्राउंड जय सुक्खू के नारो से गूँज उठा। ऐसा स्वागत या स्नेह, सरकार को कर्मचारियों से शायद ही पहले कभी मिला हो, और हो भी क्यों न सीएम सुक्खू के नेतृत्व की इस कांग्रेस सरकार ने कर्मचारियों की उस मांग को पूरा किया है जिसके लिए प्रदेश के लाखों कर्मचारी सालों तक नेताओं की दरों पर दस्तक देते रहे। सीएम सुक्खू ने कर्मचारियों के इस अनंत संघर्ष पर पूर्ण विराम लगाया है, जिसके लिए कर्मचारियों ने सीएम सुक्खू को सर माथे लगा लिया। कभी उन्हें नायक बताया तो कभी पेंशन पुरुष। आभार के जवाब में सीएम सुक्खू भी कह गए कि मैं आपका सेनापति हूँ और आप मेरी सेना हो। 11 दिसंबर को कर्मचारियों के आशीर्वाद से कांग्रेस सरकार बनी और आगे भी ऐसे ही हमारा साथ देते रहना। कर्मचारियों की ये मांग कोई आम मांग नहीं थी। ये वो मसला था जिससे प्रदेश के लाखों कर्मचारियों का भविष्य जुड़ा था, वो कर्मचारी जो एनपीएस के अंतर्गत आते थे और जिन्हें शायद सेवानिवृत होने के बाद अपने बुढ़ापे में किसी और का सहारा लेना पड़ता। एनपीएस के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों के ऐसे कई मामले सामने आए है, जब इन कर्मचारियों को सेवानिवृत होने के बाद नाम मात्र पेंशन मिली। पूरे जीवन सरकार की सेवा करने के बाद ये कर्मचारी बुढ़ापे में इतने लाचार हो गए की जीवन व्यापन कठिन हो गया। इसी के बाद से पुरानी पेंशन बहाली के लिए महासंघर्ष का आरम्भ हुआ। न जाने कितनी ही हड़तालें, प्रदर्शन, अनशन इन कर्मचारियों ने किये मगर एक लम्बे समय तक इनकी नहीं सुनी गई। अपने बुढ़ापे की सुरक्षा के लिए संघर्षरत इन कर्मचारियों पर एफआईआर भी हुई, इन पर वाटर कैनन्स भी दागी गई और इनकी आवाज़ दबाने की कोशीश भी की गई, मगर संघर्ष थमने के बजाए और उग्र होता गया। आखिर जिस सरकार ने कर्मचारियों की नहीं सुनी वो सरकार सत्ता से बाहर हुई और सीएम सुक्खू के नेतृत्व की कांग्रेस सरकार कर्मचारियों के लिए मसीहा बन गई। वादे अनुसार पहली कैबिनेट की बैठक में ही पुरानी पेंशन को बहाल कर दिया गया। सरकार के इस फैसले से कर्मचारियों में केसा उत्साह है ये एक बार फिर धर्मशाला के पुलिस ग्राउंड में देखने को मिल गया।
राजधानी शिमला में स्थित माश्वी आईआईटी मेडिकल अकादमी बीसीएस द्वारा दो भागों करवाई गई मेगा माइंडस ऑफ शिमला परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया गया है। अकादमी के निर्देशक विशाल गुप्ता और निर्देशिका ममता गुप्ता ने बताया कि परीक्षा में पूरे शिमला जिले से लगभग 250 स्कूलों के 1475 विद्यार्थियों ने भाग लिया। यह परीक्षा 8वीं से 12वीं कक्षा के छात्र-छात्राओं के लिए करवाई गई थी। इसका पुरस्कार का समारोह आयोजित करवाया गया, जिसमें पूरे जिले में प्रथम स्थान तारा हॉल स्कूल की छात्रा सेंजूल सूद ने हासिल किया। उसे प्रथम पुरस्कार ई. स्केट स्कूटर गोल्ड मेडल एक्सिलेंस सर्टिफिकेट से सम्मनित किया गया। दूसरा स्थान हिमालयन पब्लिक स्कूल रोहडू के छात्र प्रिंस प्रथम नेगी ने हासिल किया। उसे लैपटॉप स्क्विर मेडल एक्सिलेंस सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया। तीसरा स्थान विनायक पब्लिक स्कूल के छात्र ईशान ठाकुर ने हासिल किया। पुरस्कार में साईकिल ब्राउन के मेडल एक्सिलेंस सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया। पूरे जिले में आठवीं से बारहवीं कक्षा के टॉप स्थान में रहने वाले छात्र एवं छात्राओं को भी सम्मानित किया गया। 8वीं कक्षा में प्रथम स्थान तारा होल स्कूल की श्रेया गुप्ता, दूसरा स्थान हिमालयन पब्लिक स्कूल रोहडू के अखिलेश चौहान व तीसरा स्थान आश्वका झींगा तारा होल स्कूल की छात्रा ने प्राप्त किया। नौवीं कक्षा में प्रथम स्थान अथर्व शर्मा डीएवी न्यू शिमला स्कूल, दूसरा स्थान शिवेन राज शर्मा सेड एडवर्ड शिमला, तीसरा स्थान दक्ष बनी ज्ञान ज्योति स्कूल ठियोग के छात्र ने प्राप्त किया। 10वीं कक्षा में प्रथम रिकाश शमी सेन्ड एडवर्ड स्कूल शिंगला, तीसरा स्थान प्रिक्षित पतवान शिवालिक पब्लिक स्कूल चिडगाँव रोहडू की छात्रा ने प्राप्त किया। 10वीं कक्षा में प्रथम स्थान मेहक रोगरा JCB न्यू शिमला स्कूल, दूसरा स्थान आये तल वाक्स JCB न्यू शिमला स्कूल, तीसरा स्थान कशिश G. 85. स्कूल जुन्गा ने प्राप्त किया। बाहवीं कक्षा में प्रथम स्थान इशिता शमी केंद्रीय विद्यालय जाख, दूसरा स्थान यशवर्धन स्वागटा JCB न्यू शिमला, तीसरा स्थान रायत राज शमी संत एडवर्ड स्कूल ने हासिल किया। इसके साथ गावि इनस्टिीयर का सेन्टर टॉपर सिद्धद्धि को घोषित किया गया। प्रथम स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार के तौर पर ई-स्केट स्कूटर, गोल्ड मेडल और एक्सिलेंस सर्टिफिकेट, दूसरा स्थान प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को हेडफोन, सिल्वर मेडल एक्सिलेंस सर्टिफिकेट, तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बास्केटबॉल ब्राउन मेडल और एक्सिलेंस सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया। यह सभी पुरस्कार और सर्टिफिकेट मावियन के द्वारा दिए गए। जिसके गेस्ट ओनर के तौर पर 'श्रेया गुप्ता' सुरेने रागी, विनायक गेंगी, और सुजल नेगी को पुरस्कार द्वारा सम्मानित किया गया। हर स्कूल के टॉपर को पुरस्कार गोल्ड मेडल एक्सिलेन्ट सर्टिफिकेट से सम्मानित किया जाएगा। सभी प्रतिभागियों को को गंगा गोईड ऑफ शिमला सर्टिफिकेट और स्कॉलशिप भी प्रदान की जाएगी।
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ फाउंडेशन के संस्थापक प्रमोद कुमार भारद्वाज के दिशा-निर्देश में इंदौरा में एक विशेष बैठक फाउंडेशन की प्रदेश की अध्यक्ष सुमन कौशल की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में 40 वर्ष से ऊपर फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने व गरीब व जरूरतमंद परिवारों का हर तरह से सहयोग करने का भी प्रण लिया। इस मौके पर प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगमोहन उर्फ गोल्डी लंबरदार, प्रदेश के महासचिव नरेंद्र सिंह, प्रदेश प्रेस सचिब गगन ललगोत्रा,जिला से महासचिव मीनाक्षी नंदा, जिला सचिव मंजू देवी, रैक सोना, मीना कुमारी, आरती शर्मा, सुरेश बाला सहित 43 सदस्य मौजूद थे।
घगवां में बाबा कयालू महाराज का मेला बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस मेले में श्रद्धालुओं ने बाबा कयालू महाराज के दरवार में शीश नवाकर बाबा कयालू जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। मेले में पंजाब से गायक रामू मज्जी, रानी अरमान, मिस अनु ने बाबा कयालू महाराज के दरबार में माथा टेका, उसके उपरांत अपने गायकी से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भक्तों के लिए भंडारे का आयोजन भी किया हुआ था। इस मौके पर जिला कांगड़ा के कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष ठाकुर जर्म सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उन मेले में पहुंचे यहां मेला कमेटी द्वारा उनका जोरदार फूल मालाएं पहना कर स्वागत किया गया। मेले में बाबा कयालू महाराज मेला कमेटी घगवां के प्रधान जगन कुमार, गोपाल शर्मा,बंटी, तारा चंद, गणेश, रोहित, तिलक, वृज मोहन सहित गणमान्य लोग मौजूद रहे।
साई इंटरनेशनल स्कूल द्वारा आज होटल सिटी हाइट्स में मदर्स-डे मनाने के लिए एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समारोह की शुरुआत दीप प्रज्जवलन के साथ हुई और उसके बाद मुख्य अतिथि और अन्य अतिथियों का बुके और मोमेंटो द्वारा स्वागत किया गया। शिक्षार्थियों ने अपनी प्यारी माताओं के लिए सुंदर नृत्य प्रदर्शन किए, जिसने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया एक विशेष मॉडलिंग सेशन पारंपरिक और इंडो वेस्टर्न का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सोलन की बेटी प्रसिद्ध पर्वतारोही बलजीत कौर व अन्य अतिथि शांति देवी ( बलजीत कौर जी की आदरणीय माता जी), डॉ. अनिता सूद, रीता मैनी, कैलाश बाबा (साई बावा एजुकेशन सोसायटी के सचिव) रहे। मिस भारत आइकन, पारुल शर्मा व मिस सोलन 2022, महक चंदेल द्वारा रैंपवॉक के लिए माताओं को प्रोत्साहित करने के लिए एक प्रदर्शन दिया गया। माताओं के लिए फ्लावर अरेंजमेंट, हेल्दी स्नैक्स, सलाद डेकोरेशन आदि विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। माताओं ने कुछ सुंदर एकल और समूह नृत्य भी प्रस्तुत किए। अंत में सभी विजेता माताओं को मोमेंटो द्वारा सम्मानित किया गया। इसमें सिस बेस्ट क्वीन मिसेज अंकिता शर्मा, सिस बेस्ट मॉम कौर, सिस बेस्ट मॉम एंड चाइल्ड मिसेज वर्षा, मिसेज मनप्रीत चुनी गयीं।
पुलिस ने गंबरपुल से बढलग सड़क पर नाका लगा रखा था। पुलिस आने-जाने वाले वाहनों को चेक कर रही थी। इस दौरान एक व्यक्ति ऊपर बढलग की तरफ से पैदल आ रहा था, जिसने अपने हाथ में कपड़ा उठाया हुआ था। पुलिस को उसके पास कोई संदिग्ध वस्तु होने का शक हुआ। जब इस व्यक्ति को रुकने को कहा तो वह घबरा गया और कपड़ा झाड़ियों में फेंक कर पीछे की ओर भागने लगा। पुलिस ने उसे पकड़ लिया, जिसने अपना नाम परमजीत गांव मनेशी बताया। उसके कपड़े को चेक किया गया तो उसमें से 440 ग्राम चरस बरामद हुई। पुलिस द्वारा मामला दर्ज कर अगली कार्रवाई की जा रही है। मामले की पुष्टि एएसआई केशव राम ने की है।
जिला कांगड़ा को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के संकल्प को पूरा करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा। इसी कड़ी में जिले में साहसिक खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार गंभीर प्रयास करेगी। वर्ल्ड फिटनेस फेडरेशन इंडिया की हिमाचल प्रदेश इकाई द्वारा आज शाहपुर में आयोजित बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष (कैबिनेट रैंक) आरएस बाली ने यह बात कही। ईस्ट जोन की इस बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में कांगड़ा, चंबा और उना जिलों के पुरुष और महिला प्रतिभागियों ने भाग लिया। उपस्थित प्रतिभागियों और आयोजकों को संबोधित करते हुए रघुबीर सिंह बाली ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की दूरगामी सोच टूरिज्म के क्षेत्र में कांगड़ा जिला सहित पूरे हिमाचल प्रदेश में एक नवक्रांति लाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने उन्हें टूरिज्म क्षेत्र में जो अहम जिम्मेदारी दी है उसको वे बड़ी निष्ठा से निभाएंगे। उन्होंने कहा कि जिला कांगड़ा को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने को लेकर उनके पास कईं आइडियाज़ हैं, जिन्हें वे योजनाबद्ध ढंग से लागू करेंगे। उन्होंने कहा कि जिला कांगड़ा को पर्यटन जिले के रूप में विकसित करने के लिए चिड़ियाघर, आइस स्केटिंग रिंक, गोल्फ मैदान, नगरोटा बगवां में भारत का सबसे बड़ा फाउंटेन, एडवेंचर टूरिज्म तथा साहसिक गतिविधियों और खेलों सहित अनेक कार्य जिला कांगड़ा में शुरू किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी परियोजनाओं से निश्चित ही जिला कांगड़ा पर्यटन जिला के रूप में विकसित होगा। उन्होंने वर्ल्ड फिटनेस फेडरेशन अधिकारियों की इस बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता करवाने के लिए प्रशंसा करते हुए आयोजन समिति को 21000 रुपये देन की घोषणा की। उन्होंने प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया। उन्होंने इस अवसर पर युवाओं को नशे से दूर रहने की बात कही। उन्होंने कहा कि युवाओं को खेलकूद तथा बॉडीबिल्डिंग जैसी प्रतियोगिताओं में भाग लेते हुए रचनात्मक गतिविधियों में रूचि दिखानी चाहिए। उन्होंने अपने पिता स्वर्गीय जीएस बाली को याद करते हुए उनके पद चिन्हों पर चलने की बात दोहरायी। उन्होंने कहा कि वे हमेशा लोगों के कल्याण के लिए काम करते रहेंगे। इस अवसर में पूर्व विधायक सुरेंद्र काकू, रामा जिम रैत के सचिव अंकुश राठौर, आयोजन सचिव सुमित शर्मा, युवा नेता पंकू, एनएसयूआई सचिव विशाल शर्मा सहित प्रतिभागी उपस्थित रहे।
थाना क्षेत्र नादौन के अंतर्गत स्थानीय औद्योगिक क्षेत्र के निकट कोहला गांव में ब्यास नदी में नहाने उतरे पंजाब के तीन युवकों में से एक डूब गया, जबकि दो डूबने से बाल-बाल बचे। मृतक की पहचान 22 वर्षीय चेतन पुत्र दर्शन सिंह निवासी गांव कम्मोवाल माहलपुर होशियारपुर के तौर पर हुई है। मृतक के चचेरे भाई मनदीप पुत्र जरनैल सिंह ने बताया कि रविवार सुबह कम्मोवाल गांव से महिलाओं सहित करीब 25 लोगों का ग्रुप जिला के सीमावर्ती गांव भड़ोली क्षेत्र ज्वालामुखी थाना में स्थित अपनी जठेरी में माथा टेकने आए थे। इसी दौरान चेतन, उसका चचेरा भाई 28 वर्षीय मनदीप तथा 16 वर्षीय राहुल पुत्र गुरदयाल निवासी गांव कम्मोवाल व्यास नदी में नहाने उतर गए। तीनों को ही तैरना नहीं आता था और वे अनजाने में धीरे-धीरे गहरे पानी में पहुंच गए। तीनों पानी में करीब 2 किलोमीटर तक बहते हुए नदी के दूसरे किनारे नादौन की ओर बढ़ते गए। इनमें से राहुल और मनदीप कोहला गांव में जल शक्ति विभाग के स्टोर एवं पंप हाउस के निकट पानी के किनारे जैसे ही पहुंचे तो वहां उपस्थित कुछ स्थानीय लोगों ने इन्हें देख लिया और इन्हें बाहर निकालकर उनकी जान बचाई। वहीं, चेतन जिसका हाथ मनदीप ने पकड़ा हुआ था वह पानी में ही उसे छूट गया और बहता हुआ आगे चला गया। उसे स्टोर से थोड़ा आगे की ओर स्थानीय लोगों ने जब बाहर निकाला तो इसी दौरान उसने दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी कुलदीप पटियाल ने पुलिस टीम सहित मौका पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
हिमोत्कर्ष अमोदनी राशन वितरण प्रकल्प के तहत बेसहारा महिलाओं को स्थानीय बचत भवन में राशन वितरण किया गया। कार्यक्रम में 56 पात्र विधवा महिलाओं को 1.26 लाख रुपये का नि:शुल्क राशन वितरित किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय संत बाबा बाल महाराज ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि एसडीएम ऊना विश्व मोहन चौहान विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। संत बाबा बाल महाराज ने द्वीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की और कहा कि हिमोत्कर्ष परिषद समाज सेवा के विभिन्न प्रकल्पों को चला रही है। उन्होंने दान की महत्ता बताते हुए लोगों को दान करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि दान करने से मनुष्य के जन्म-जन्मांतरों के पाप कट जाते है। मनुष्य को अपने सामर्थ्य के अनुसार दान अवश्य करना चाहिए। उन्होंने अन्न दान को सर्वोत्तम दान बताया। उन्होंने कहा कि अगर मनुष्य किसी भूखे को रोटी,प्यासे को पानी तथा नंगे को कपड़े दान करता है तो उसे घर बैठे ही 68 तीर्थों की यात्रा का फल मिलता है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसडीएम ऊना विश्व मोहन चौहान ने हिमोत्कर्ष के सेवा कार्यो की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विधवा महिलाओं के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं चला रही है। वहीं जिला प्रशासन ऊना ने भी चिंतपूर्णी मंदिर ट्रस्ट के माध्यम से विधवा महिलाओं के कल्याण के लिए योजनाएं शुरू की है। उन्होंने महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के साथ जुडऩे का भी आह्वान किया। वहीं, हिमोत्कर्ष प्रदेशाध्यक्ष जितेंद्र कंवर ने कहा कि राशन वितरण कार्यक्रम के तहत इस वर्ष 56 मेहनतकश विधवाओं का चयन किया गया था, जिन्हें एक वर्ष के लिए परिषद द्वारा हर माह 750 रुपये का राशन दिया जाना है। इसी प्रकल्प के तहत रविवार को आयोजित इस कार्यक्रम में अप्रैल, मई व जून माह के राशन के रुप में प्रत्येक महिला को 2250 रुपये का राशन प्रदान किया गया। इससे पहले परिषद ने पिछले दस सालों में 575 महिलाओं को करीब 40 लाख रुपये का राशन वितरित किया है। इन्होंने दिया सहयोग राष्ट्रीय संत बाबा बाल महाराज, पूर्व विधायक ओपी रत्न, रविंद्रनाथ डोगरा, ओंकारचंद शर्मा, जितेंद्र कंवर, रमा कंवर, डॉ. जगदीश्वर कंवर, दीपशिखा कौशल, अवतार सिंह सैणी, राजेंद्र शर्मा, पूजा कपिला, मनोज कुमार, मनोज कंवर, कल्याण चंद, शिव शशि कंवर, अक्षय कौशल, विजय कुमार आंगरा, विजय लखनपाल, शशि शर्मा, कुलदीप सिंह दयाल, यशपाल सिंह ठाकुर, प्राण शर्मा ट्रस्ट, कर्णपाल सिंह मनकोटिया, रविंद्र मेहता, रेणू मेहता, शेषपाल सिंह, जयगोपाल शर्मा, नरेंद्रजीत सिंह राणा, रामनारायण, बाल किशन शर्मा, डॉ. जागृति दत्ता, बीके धीमान, कृष्णपाल सूद, कमला देवी, ज्योति लुंबा, रजनीश लुंबा,रोशनलाल शर्मा ट्रस्ट,प्रवीण बाला, एचएन सेठी, सुरेंद्र कपिला, रेखा जसवाल, दर्शन सिंह, इंद्रजीत सिंह, महिंद्र वर्मा, अजय शर्मा, मेघा ओहरी, मीनाक्षी सिंह,संदीप महाजन, मीना शर्मा, गायत्री शर्मा, सुरेश शर्मा, सतीश शर्मा, सविता कौशल, सुरेश शर्मा, सोमनाथ कौशल, अवतार सैणी, राजपाल रत्न, संजीव कौल, शकुतंला देवी, दीपम सैणी, अमित अरोड़ा, राजकंवल सिंह,कर्नल तरसेम सिंह जसवाल, डॉ. इंदु शर्मा, डॉ. शिवपाल कंवर, कृष्णपाल शर्मा, सतीश लटठ व अन्य दानी सज्जनों ने संस्था को अमोदनी प्रकल्प में आर्थिक सहयोग किया है।
सांस्कृतिक, धार्मिक एवं ऐतिहासिक विरासत को संजोए हुए एवं चंडी क्षेत्र के स्थानीय लोगों के आस्था का प्रतीक दो दिवसीय जिला स्तरीय मां चंडी देवी मेले का आयोजन हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 29 एवं 30 मई सोमवार एवं मंगलवार अर्थात 15 एवं 16 जेष्ठ मास को चंडी में होगा। इस मेले के बारे में जानकारी देते हुए मेला आयोजन कमेटी के अध्यक्ष रमेश चंद पंडीयार ने बताया कि इस सांस्कृतिक एवं धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मेले का शुभारंभ सोमवार 29 मई को मंदिर में मां चंडी की प्रातः 9:00 बजे विधिवत पूजा-अर्चना के साथ होगा। इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव हिमाचल प्रदेश चौधरी राम कुमार मुख्य अतिथि एवं जिला उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा एवं उप मंडला अधिकारी( एसडीएम) कसौली गौरव महाजन भी इस पावन अवसर पर सम्मिलित रहेंगे। जिला प्रशासन, मेला कमेटी, मंदिर समिति, एवं स्थानीय जनता इस जिला स्तरीय मेले के सफल और भव्य आयोजन के लिए कार्यक्रम को अंतिम रूपरेखा प्रदान कर रहा है ल 29 मई सोमवार को विभिन्न स्कूलों, कॉलेज एवं विभिन्न संस्थानों के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। शाम को महामाई के गुणगान के लिए महामाई का जागरण (चौकी ) का आयोजन भी किया जा रहा है, जिसमें मुख्य कलाकार अर्जुन गोपाल एवं उसके साथी महामाई का गुणगान करेंगे। 30 मई मंगलवार को दोपहर भाषा एवं संस्कृत विभाग के कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी जाएगी। इस मेले में कबड्डी, वॉलीबॉल आदि खेलों का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें स्थानीय एवं देश प्रदेश के खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इसी दिन दोपहर मेले में विशाल कुश्ती दंगल का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें देश- प्रदेश के जाने-माने पहलवान कुश्ती मे अपना दमखम एवं दावपेच दिखाएंगे। शाम की सांस्कृतिक संध्या में शाम को 7:30 बजे से देश एवं प्रदेश के जाने-माने कलाकार हिन्दी, पंजाबी, पहाड़ी लोक नृत्यों की मनमोहक एवं मंत्रमुग्ध कर देने वाली बारी-बारी से प्रस्तुतियां देंगे। उन्होंने बताया कि स्थानीय एवं प्रतिभावान लोक कलाकारों को भी इस मेले की सांस्कृतिक संध्या में अपनी प्रतिभा दिखाने का सुअवसर प्रदान किया जाएगा। इस मेले में नारायण सेवा के रूप में 29 एवं 30 मई को सभी के लिए विशाल भंडारे का आयोजन भी होगा। कमेटी ने लोगों से इस मेले में सम्मिलित होकर के मां चंडी देवी का आशीर्वाद प्राप्त कर इस दो दिवसीय जिला स्तरीय मेले की शोभा बढ़ाने का आह्वान किया है।
जिला मुख्यालय से सटे छयोडी में एक शिकारी की गोली लगने से एक युवक घायल हो गया है। जानकारी के अनुसार चार युवक शिकार करे थे। एक शिकारी ने जंगली मुर्गे पर गोली चलाई, लेकिन गोली का छर्रा वहां सड़क से गुजर रहे बाइक सवार को जा लगा। गोली के छर्रे पहले तो बाइक की हेडलाइट से टकराए फिर उसके बाद युवक की छाती पर जा लगा। बाइक पर युवक के साथ उसका 2 साल का बेटा भी था। युवक की पहचान रजनीश रांगड़ा निवासी ककंडियार के रूप में हुई है। गोली चलाने वाले शिकारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सदर थाना हमीरपुर पुलिस पर मामले की छानबीन कर रही है। जानकारी के अनुसार सुबह के समय रजनीश गसोता महादेव मंदिर से घर की तरफ लौट रहा था। इसी दौरान सड़क के ऊपरी तरफ से जंगली मुर्गी का शिकार कर रहे युवकों ने गोली चला दी। जो रजनीश को जा लगी, जिसके बाद शिकारी और उसके दोस्तों ने घायल बाइक सवार को मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में पहुंचाया। जहां पर उपचार के बाद युवक की हालत गंभीर होता देख आईजीएमसी शिमला भेज दिया गया। मामले में गोली चलाने वाले युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है । गोली चलाने वाले युवक की पहचान संदीप उर्फ काकी के रूप में हुई है, जोकि विजिलेंस में है। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में सदर थाना हमीरपुर पुलिस की टीम ने घायल और परिजनों के बयान दर्ज किए उसके बाद पुलिस मौके के लिए रवाना हो गई है। पुलिस ने मौके से हथियार को भी बरामद कर लिया है।
ज़िला सोलन के अटल शिक्षा कुञ्ज स्थित प्रसिद्ध आईईसी यूनिवर्सिटी में 12वीं पास कर चुके और आईईसी विश्वविद्यालय में चल रहे निःशुल्क स्किल एन्हांसमेंट ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल हुए बच्चों के लिए दो दिवसीय करियर काउंसिलिंग कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। रविवार तक चलने वाले दो दिवसीय कार्यक्रम में आकर छात्र और अभिभावक इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं। इस कार्यक्रम के अंतर्गत विश्वविद्यालय में दाखिला लेने वाले मेधावी छात्रों के लिए विशेष स्कॉलरशिप का भी प्रावधान किया गया है। वहीं, मेधावी छात्रों के सम्मान के लिए आयोजित कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड, सीबीएसई और हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड में 90 फीसदी से अधिक अंक लेने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर 93 फीसदी अंक लेने वाले आकाश शर्मा सुपुत्र जसविंद्र शर्मा, 92 फीसदी अंक लेने वाली वंदना सुपुत्री रवि कुमार, 91 फीसदी अंक लेने वाली उन्नति सुपुत्री रविंद्र कुमार और 91 फीसदी अंक लेने वाली निहारिका सुपुत्री सुरेश कुमार को विश्वविद्यालय की ओर से सम्मानित किया गया। इसके अलावा विश्वविद्यालय में अवसर कार्यक्रम के तहत निःशुल्क स्किल एन्हांसमेंट ट्रेनिंग प्रोग्राम में भाग ले रहे बच्चों के लिए आयोजित खेल व अन्य प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले बच्चों को भी मेडल और प्रमाण पत्र के साथ सम्मानित किया गया। बता दें कि अवसर कार्यक्रम में बच्चों को कंप्यूटर लर्निंग प्रोग्राम, बेसिक ऑफ कम्युनिकेशन स्किल्स, गारमेंट डिजाइनिंग, एंब्रॉयडरी एंड पेंटिंग, बेसिक नॉलेज ऑफ लॉ, बेसिक नॉलेज ऑफ अकाउंट्स एंड टैली, टेबल एटिकेट्स, बेसिक अंडरस्टैंडिंग ऑफ फार्मेसी, बेसिक्स ऑफ इंजीनियरिंग, रीजनिंग, एप्टीट्यूड एंड जीके और योग एवं ध्यान-साधना का निःशुल्क कोर्स करवाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के अनूठे उत्पादों को बढ़ावा देने पर बल दे रही है। एक जिला एक उत्पाद पहल इस उद्देश्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस अवधारणा को कार्यन्वित करने के लिए राज्य में यूनिटी मॉल की स्थापना की जाएगी, जिसका उद्देश्य देश के सभी जिलों में संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना है। राज्य में समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए प्रत्येक जिले से एक उत्पाद का चयन, ब्रांडिंग और प्रचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्पादों का चयन मौजूदा पारिस्थितिकी तंत्र को ध्यान में रखकर किया जाएगा। इस पहल में राज्य और जिला स्तर पर प्रदर्शनियों, क्षमता निर्माण आदि गतिविधियों को भी शामिल किया गया है। राज्य के जीआई-टैग वाले उत्पाद, हस्तशिल्प उत्पाद और अन्य राज्यों के हस्तशिल्प उत्पाद एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगे। हिमाचली शिल्प की अपनी एक विशेष पहचान है। राज्य में निर्मित हस्तशिल्प उत्पाद स्थानीय लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए जाते थे लेकिन अब ये पर्यटकों में भी अत्यंत लोकप्रिय हैं। राज्य में उपलब्ध विभिन्न प्रकार के हस्तशिल्पों में लकड़ी की नक्काशी, चमड़े पर कढ़ाई, धातु के बर्तन, कालीन, पेंटिंग और ऊनी वस्त्र शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में पाई जाने वाली हस्तशिल्प की विशाल श्रृंखला अद्वितीय है जो शिल्पकारों के कलात्मक कौशल को दर्शाती है, इसलिए इसकी ब्रांडिंग पर विशेष बल दिया जा रहा है। सुक्खू ने कहा कि राज्य के शिल्प की अतुलनीय सुंदरता और विविधता लोगों के दिलों में एक अमिट छाप छोड़ती है। यह कुल्लू शॉल, कांगड़ा चाय, हिमाचली चुल्ली का तेल, हिमाचली काला जीरा, चंबा रुमाल, किन्नौरी व कुल्लू शॉल और कांगड़ा पेंटिंग और भी अनेक उत्पाद इसमें शामिल हैं। हिमाचल प्रदेश के लोगों ने वर्षों से हस्तशिल्प की समृद्ध परंपराओं को विकसित किया है, जो रचनात्मक और विशिष्ट हैं। राज्य सरकार ने 19 और 20 अप्रैल, 2023 को धर्मशाला में जी 20 शिखर सम्मेलन की सफलतापूर्वक मेजबानी की, जिसमें प्रदर्शित राज्य के उत्पादों की विदेशी प्रतिनिधियों ने काफी सराहना की। उन्होंने कहा कि थंगका पेंटिंग तिब्बती कला शिल्पी विश्व भर में लोकप्रिय एक विशिष्ट कला है, जो बुने हुए कपड़े विशेष रूप से सूती कपड़े पर की जाती है। इन चित्रों में ज्यादातर भगवान महात्मा बुद्ध और अन्य देवी-देवताओं को चित्रित किया जाता है। यह कला विशेष रूप से विदेशी पर्यटकों में अत्यंत लोकप्रिय है। हिमाचल प्रदेश के बेहतरीन शॉल, हिमाचल के उत्पाद, कढ़ाई, ऊनी वस्त्र और चमड़े के शिल्प लोकप्रिय हैं। राज्य सरकार प्रदेश के हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्र को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार के महत्वाकांक्षी प्रयासों से जहां लोगों को अनूठे उत्पाद उपलब्ध होंगें वहीं ग्रामीण कारीगरों को अपने क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी मिलेंगें।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डाॅ. कर्नल धनीराम शांडिल ने गत देर सांय सोलन ज़िला के कंडाघाट में ज़िला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग तथा राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग के फोर-लेन कार्य सहित अन्य विषयों पर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने बैठक में संबंधित अधिकारियों को चम्बाघाट से कैथलीघाट तक 598 करोड़ रुपए की लागत से लगभग 23 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग सड़क निर्माण को इस वर्ष के अंत तक गतिशीलता एवं गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त वाकनाघाट में डंपिंग साइट के साथ गांव की क्षतिग्रस्त सड़क की मुरम्मत व इसे पक्का करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि कण्डाघाट में फोरलेन कार्य के दृष्टिगत निर्मित की जा रही सुरंग के कार्य को भी शीघ्र पूर्ण किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि फोर-लेन निर्माण कार्य में भूमि की कटिंग करते समय कृषि योग्य भूमि को नुक्सान न पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि समूचे क्षेत्र में पारम्परिक एवं अन्य जल स्त्रोतों का संरक्षण किया जाना नितांत आवश्यक है। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग पर भिन्न-भिन्न स्थानों पर फोर-लेन कार्य के कारण मार्ग में किए जा रहे बदलाव को उचित एवं दूर से दिखने वाले सूचना पट्ट के माध्यम से दर्शाने के निर्देश भी दिए। डाॅ. शांडिल ने इसके पश्चात कंडाघाट से सोलन तक राष्ट्रीय राजमार्ग के फोर-लेन निर्माण कार्य का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कंडाघाट में ओवर ब्रिज के निर्माण के लिए पड़ाव मैदान कंडाघाट तथा दौलग गांव के साथ लगते डंगे का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों द्वारा रखी गई समस्याओं को शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने श्रीनगर पंचायत के ग्राम दोलग वासियों की सिंचाई कुहल को पुनःस्थापन करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा। उन्होंने इस संबंध में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को उचित निर्देश भी जारी किए। डाॅ. शांडिल ने इसके उपरांत ग्राम पंचायत सलोगड़ा में कचरा डंपिंग स्थल का निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों के साथ उचित कचरा प्रबंधन बारे विचार विमर्श किया। इसके उपरांत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने कथेड़ बाई-पास सोलन में निर्माणाधीन 200 बिस्तरों वाले क्षेत्रीय अस्पताल भवन, तृतीय स्तरीय ट्रामा सेंटर और 50 बिस्तर युक्त महिला एवं बाल स्वास्थ्य इकाई का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य विभाग तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ 05 करोड रुपए की लागत से निर्मित होने वाले क्रिटिकल केयर खण्ड के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने आगामी निरीक्षण के समय मुख्य वास्तुकार लोक निर्माण विभाग को भी उपस्थित रहने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जोगिन्द्रा केन्द्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, नगर निगम सोलन के पार्षद सरदार सिंह ठाकुर, ग्राम पंचायत श्रीनगर की प्रधान राजविंदर कौर, खण्ड कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी, नगर निगम सोलन के आयुक्त ज़फ़र इकबाल, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग अजय शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डाॅ. राजन उप्पल, उप निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं एवं वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. श्याम वर्मा, उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट सिद्धार्थ आचार्य, उपमण्डलाधिकारी सोलन कविता ठाकुर, खंड विकास अधिकारी कण्डाघाट नरेश शर्मा, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रबंधक अचल जिंदल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
सोलन ज़िला के नालागढ़ उपमण्डल के बद्दी स्थित केन्द्रीय पेट्रोरसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (सिपेट) में विभिन्न डिप्लोमा एवं पोस्ट ग्रेस्जुएट डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के लिए आनलाईन आवेदन की अंतिम तिथि 28 मई, 2023 है। सिपेट में तीन पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाएगा। डिप्लोमा इन प्लास्टिक मोल्ड टेक्नोलाॅजी (डीपीएमटी), डिप्लोमा इन प्लास्टिक टेकनोलाॅजी (डीपीटी) तथा पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन प्लास्टिक्स प्रोसेसिंग एवं टेस्टिंग (पीजीडी-पीपीटी) में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा 11 जून, 2023 को आयोजित की जाएगी। सभी पाठ्यक्रम युवाओं को बेहतर रोज़गार प्रदान करने में सक्षम हैं। इन पाठ्यक्रमों में 85 प्रतिशत सीटें हिमाचली उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं। तीन वर्ष की अवधि के डिप्लोमा इन प्लास्टिक मोल्ड टेक्नोलाॅजी (डीपीएमटी) तथा डिप्लोमा इन प्लास्टिक टेक्नोलॉजी (डीपीटी) पाठ्यक्रमों के लिए उम्मीदवार 10वीं कक्षा पास होना चाहिए। दो वर्ष के पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन प्लास्टिक्स प्रोसेसिंग एवं टेस्टिंग (पीजीडी-पीपीटी) पाठ्यक्रम में उम्मीदवार विज्ञान में 03 वर्ष की पूर्णकालीन डिग्री उपाधि प्राप्त होना चाहिए। सभी पाठ्यक्रमों में कोई आयुसीमा निर्धारित नहीं की गई है। तीनों पाठ्यक्रमों में 60-60 सीटें भरी जाएंगी।
राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज किन्नौर जिला की दूर-दराज ग्राम पंचायत कटगांव में आम-जनमानस को संबोधित करते हुए कहा कि हिमाचल सरकार पूरे प्रदेश सहित जनजातीय जिला किन्नौर में बागवानी को और अधिक बढ़ावा देने के लिए दृढ़ संकलिप्त है। इसी के दृष्टिगत बागवानी मिशन के तहत जिला किन्नौर में 50 करोड़ रुपये खर्च कर किसानों व बागवानों को 20 लाख पौधे आबंटित किए जाएंगे। बागवानी मंत्री ने जिला के बागवानों से अधिक से अधिक फसल तैयार करने का आवाह्न करते हुए कहा कि जिला में सेब के साथ-साथ अन्य फसलों की भी आपार संभावनाएं हैं जिससे जिला के मेहनतकश किसान व बागवान अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं। उन्होंने किसानों व बागवानों से उच्च घनत्व वाली फसलें तैयार करने का प्रयास करने को कहा तथा नई आधुनिक तकनीकों व उपकरणों के प्रति जागरूक होने का आग्रह किया। राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री ने 2 करोड़ 45 लाख रुपये की राशि से निर्मित होने वाली सम्पर्क-मार्ग सड़क शांगो से क्राबा वाया चमर्शो का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि जिला के दूर-दराज गांव की जिन सड़कों के किनारे नालियां नहीं बनी हैं उन सड़कों के किनारें नालियों का निर्माण शीघ्र किया जाएगा। इसके अतिरिक्त कानगारंग सड़क मार्ग को भी पुनः आरंभ किया जाएगा। उन्होंने युवक मण्डल शांगों को पंचायत स्तर पर होने वाले सामुदायिक कार्यों के लिए आवश्यक सामानों की खरीद के लिए स्वैच्छिक निधि से 1 लाख रुपये देने की भी घोषणा की। राजस्व मंत्री जगत सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार जरूरतमंद व भूमिहीन लोगों को नो-तोड़ के तहत भूमि उपलब्ध करवाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इसके अतिरिक्त एफ.आर.ए के तहत भी लोगों को भू-पट्टे प्रदान करने के लिए किन्नौर जिला में एफ.आर.ए से संबंधित 4 दिवसीय कार्यशाला का आयोजन आगामी दिनों में किया जाएगा।
ऑल इंडिया एंटी क्राइम एंटी करप्शन ब्यूरो पंजीकृत के ऑल इंडिया के वरिष्ठ उप प्रधान गौरव शर्मा ने हिमाचल प्रदेश में अपनी इकाई का विस्तार करते हुए जिला ऊना से सामाजिक कार्यकर्ता अश्विनी कुमार जेतिक को जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। अश्वनी जेतिक को नियुक्ति पत्र देते हुए गौरव शर्मा ने कहा कि अश्वनी जेतिक सामाजिक कार्यकर्ता हैं, समाज में बेहतरीन पकड़ है और समाज के विभिन्न विषयों पर जानकारी रखते हैं। उन्होंने कहा कि हमारा मकसद है कि समाज को क्राइम व करप्शन से मुक्त बनाया जाए, जहां पर भी क्राइम करप्शन होती है, वहां हमारी टीम सरकारी विभागों के साथ मिलकर कार्रवाई करें ताकि लोगों को राहत मिल। उन्होंने कहा कि जिला ऊना में अश्वनी बेहतरीन टीम बनाकर के आगे काम करेंगे, ऐसा हमें पूर्ण विश्वास है। देश भर में एंटी क्राइम एंटी करप्शन ब्यूरो बेहतरीन काम कर रहा है। अनेक मसलों को हल किया है, अनेक लोगों को राहत दी गई है। हिमाचल में भी एक सशक्त संगठन खड़ा किया जाएगा। वहीं, अश्वनी जेतिक ने एंटी क्राइम एंटी करप्शन ब्यूरो के पदाधिकारियों का जिला अध्यक्ष नियुक्त करने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हम बेहतरीन काम करेंगे। सरकार व विभाग का सहयोग लिया जाएगा, उन्हें सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि करप्शन किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। करप्शन मुक्त समाज बने यह हम सबको मिलकर के तय करना है।इसके लिए हम हर संभव प्रयास करेंगे। जेतिक ने कहा कि जल्द ही जिला की टीम का गठन किया जाएगा और ब्लॉक स्तर पर टीमें बनाई जाएंगी और हिमाचल प्रदेश की टीम का निर्माण भी राष्ट्रीय टीम के साथ मिलकर किया जाएगा।
प्रदेश विद्युत बोर्ड लिमिटिड से प्राप्त जानकारी के अनुसार 30 मई को सोलन के विभिन्न क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी प्रदेश विद्युत बोर्ड के अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता राहुल वर्मा ने दी। कहा कि 30 मई को प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक आईटीआई, पराशर काॅपलेक्स, चिल्ड्रन पार्क, पुराना उपायुक्त कार्यालय, माॅल रोड़ (पुराना उपायुक्त कार्यालय से मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी निवास), अमर होटल, सिटी प्लाजा, हिमानी होटल, होटल पैरागाॅन, हिमालयन पाइप, सिंगला नर्सिंग होम, सेर क्लीन, क्लीन, सन्नी साईड, अमित अपार्टमेंट, डीएवी स्कूल सन्नी साईड, शांडिल निवास, सेंट ल्यूक्स स्कूल, एसआईएलबी, जौणाजी रोड़, क्षेत्रीय अस्पताल, शिल्ली रोड, मोहन काॅलोनी, अस्पताल रोड़, चैक बाजार, गंज बाजार, बाण मौहल्ला, मधुबन काॅलोनी, कोटलानाला, राजगढ़ रोड़, नगर निगम, डांग काॅपलेक्स, सरकूलर रोड़, हरि मंदिर, धोबी घाट, बजरोल, उपायुक्त निवास, नड़ोह, शूलिनी नगर, एमईएस क्षेत्र, अप्पर बाजार, माॅल रोड़, पुराना बस अड्डा से आईटीआई गेट, टेलीफोन एक्स्चेन्ज, माईक्रोविव, जवाहर पार्क, लोक निर्माण काॅलोनी, बिंदल काॅलोनी, लोअर बाजार, लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह, नेगी काॅलोनी, आनंद काॅपलेक्स काॅलोनी एवं आस-पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। मौसम खराब होने की स्थिति अथवा किसी अन्य अपरिहार्य कारणों से उपरोक्त तिथि व समय में बदलाव किया जा सकता है।
मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूचना एवं जन संपर्क) संजय अवस्थी ने कहा कि प्रदेश सरकार बेहतर तकनीकी शिक्षा के माध्यम से युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अधिक से अधिक अवसर प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है। संजय अवस्थी आज औद्यौगिक प्रशिक्षण संस्थान सोलन में आईटीआई की राज्य स्तरीय महिला सांस्कृतिक एवं खेलकूद प्रतियोगिता के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। अवस्थी ने कहा कि सरकार नए शिक्षा सत्र से सोलन और नालागढ़ औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सहित राज्य के 11 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में ड्रोन सेवा तकनीशियन पाठ्यक्रम आरंभ करेगी। उन्होंने कहा कि देश एवं प्रदेश में निकट भविष्य में ड्रोन तकनीक विभिन्न कार्यों के लिए उपयोग में लाई जाएगी और इस विधा के विशेषज्ञ युवा अन्य के लिए रोज़गार प्रदाता बनेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार 13 आईटीआई में इलेक्ट्रिक वाहन तकनीशियन, रखरखाव तकनीशियन, सौर ऊर्जा तकनीशियन जैसे रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रम आरंभ करेगी। तीन दिवसीय इस प्रतियोगिता में प्रदेश के सभी 12 जिलों की 373 छात्राएं भाग ले रही हैं। प्रतियोगिता में एकल, समूह गीत, लघु नाटिका, लोक नृत्य प्रतियोगिता के साथ-साथ विभिन्न एथलेटिक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। यह इस तरह की 31वीं प्रतियोगिता हैं। आईटीआई सोलन के प्रधानाचार्य ललित कुमार ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए कहा कि वर्ष 1980 से पूर्व प्रदेश में 30 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कार्यरत थे। वर्तमान में सरकारी क्षेत्र में 150 तथा निजी क्षेत्र में 140 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान छात्रों को रोज़गारपरक तकनीकी शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव राहुल ठाकुर, ज़िला कांग्रेस समिति सोलन के अध्यक्ष शिव कुमार, जोगिंद्र सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, नगर निगम सोलन के पार्षद सरदार सिंह ठाकुर, ईशा सूद, ऊषा शर्मा, पूजा, संगीता ठाकुर एवं अन्य पार्षद, ज़िला कांग्रेस व्यापार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष जतिन साहनी, शहरी कांग्रेस समिति के अध्यक्ष अंकुश सूद, उपाध्यक्ष रजत थापा, नगर परिषद सोलन की पूर्व अध्यक्ष शम्मी साहनी, अजय कंवर, कांग्रेस पार्टी के अन्य पदाधिकारी, उप निदेशक तकनीकी शिक्षा संजय सूद, अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय यादव, उपामण्डलाधिकारी कविता ठाकुर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. राजन उप्पल, अन्य अधिकारी, आईटीआई के अनुदेशक, छात्र तथा खिलाड़ी उपस्थित थे।
ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) बहाली के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार जताने को 28 मई को धर्मशाला में प्रदेशभर से एनपीएस यूनियन से जुड़े कर्मचारी जुटेंगे। रैली में कर्मचारियों के साथ उनके परिजनों को भी आने का न्यौता दिया गया है। धर्मशाला के पुलिस मैदान में होने वाली इस आभार रैली में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री समेत सभी कैबिनेट मंत्रियों और अन्य पदाधिकारियों के पहुंचने का कार्यक्रम है। उल्लेखनीय है कि हिमाचल की सुक्खू सरकार के ओल्ड पेंशन बहाली के ऐतिहासिक निर्णय से प्रदेश के एक लाख 36 हजार सरकारी कर्मचारियों को सीधा पहुंचा है। सरकार के निर्णय से लाभान्वित सभी कर्मचारियों का एक स्वर में कहना है कि यह आभार रैली मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और प्रदेश सरकार का धन्यवाद जताने के लिए आयोजित की जा रही है। सरकार के ओपीएस बहाली के निर्णय ने उनका वर्तमान और भविष्य सुरक्षित कर दिया है। वहीं पेंशन बहाली से गदगद कर्मचारियों के परिजन भी रैली को लेकर बेहद उत्सुक हैं। उनका कहना है कि के यह केवल पेंशन की बात नहीं है, ये हमारे बच्चों के सम्मान, स्वाभिमान और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा फैसला है, इसके लिए वे जिंदगी भर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के ऋणी रहेंगे। हर जिले से आएंगे कर्मचारी एनपीएस यूनियन के जिला कांगड़ा के अध्यक्ष राजेंद्र मन्हास ने बताया कि आभार रैली में प्रदेश के हर जिले से एनपीएस कर्मचारी यूनियन से जुड़े लोग एवं उनके परिजन आएंगे। रैली प्रातः 11 बजे आरंभ होगी। इसमें 65 हजार के करीब लोगों के भाग लेने की उम्मीद है। रैली में पधारने पर मुख्यमंत्री समेत उनकी पूरी कैबिनेट का आभार जताने तथा उनके भव्य स्वागत की तैयारी की गई है।
विधानसभा जवाली की भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व अध्यक्ष मधु बाला को पार्टी के प्रति ईमानदारी निष्ठता तथा वफादारी को देखते हुए महिला मोर्चा जिला नूरपुर की का सचिव बनाया गया है। संगठनात्मक जिला नूरपुर की जिलाध्यक्ष श्रेष्ठा ठाकुर ने मधु बाला को जिला सचिव नियुक्त किए जाने का पत्र जारी किया गया है। यह पत्र जिला अध्यक्षा ने महिला मोर्चा की प्रदेशाध्यक्ष रश्मि धर सूद के साथ साथ प्रदेश व जिला के पार्टी पदाधिकारियों व भाजपा मंडल जवाली को भेजा है। वहीं मधु बाला ने अपनी इस कामयाबी के लिए जिला के सभी वरिष्ठ नेताओं तथा हाईकमान का धन्यवाद किया है साथ ही अपने दायित्व को ईमानदारी से निभाने का भरोसा दिया है। गौर रहे विधानसभा चुनावों मे पार्टी हाईकमान ने उस समय के मौजूदा विधायक अर्जुन ठाकुर को टिकट न देकर संजय गुलेरिया को टिकट थमाया था, उस समय भाजपा मंडल जवाली की अध्यक्ष मधु बाला पर पार्टी विरोधी काम करने के आरोप लगे थे और उनका पार्टी से 6 वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया था। अब अगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा ने निष्कासित कार्यकर्ताओं को पार्टी के भीतर जगह देना शुरू कर दी है।
देश के प्रथम प्रधानमंत्री प. जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर आज हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन शिमला में सभा का आयोजन किया गया और प. नेहरू के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्वाजंलि अर्पित की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता शामिल हुए। इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने नेहरू के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प. जवाहर लाल नेहरू स्वंतत्रता के पूर्व और बाद की भारतीय राजनीति में केंद्रीय व्यक्तित्व थे। महात्मा गांधी के संरक्षण में वे भारतीय स्वंतत्रता आन्दोलन के सर्वोच्च नेता के रूप में उभरे और उन्होंने 1947 में भारत के एक स्वंतत्र राष्ट्र के रूप में स्थापना से लेकर 1964 तक अपने निधन तक भारत सरकार का नेतृत्व किया। जवाहर लाल नेहरू ने भारत के पुनर्गठन के रास्ते में उभरी हर चुनौती का समझदारी पूर्वक सामना किया। नेहरू ने आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। उन्होंने योजना आयोग का गठन किया, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास को प्रोत्साहित किया और तीन लगातार पंचवर्षीय योजनाओं का शुभारंभ किया। उनकी नीतियों के कारण देश में कृषि और उद्योग का एक नया युग शुरु हुआ। नेहरू ने भारत की विदेश नीति के विकास में एक प्रमुख भूमिका निभायी। 27 मई 1964 को जवाहर लाल नेहरू मृत्यु हो गई।
प्रदेश शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी दसवीं के वार्षिक परीक्षा परिणाम मे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गरली का परिणाम हर वर्ष की तरह इस बार भी शत प्रतिशत रहा, जिसमें ज्यादातर छात्र-छात्राएं प्रथम व दूसरी श्रेणी में पास हुए हैं। जानकारी देते हुए स्कूल प्रधानाचार्य अनिरुद्ध शर्मा ने बताया कि आस्था शर्मा ने सबसे अधिक 676 अंक लेकर अपनी स्कूल मे टाप किया है,जबकि निखिल धीमान ने 656 अंक लेकर दूसरा व प्रिय शर्मा ने 644 अंक लेकर तीसरा स्थान हासिल किया है। प्रधानाचार्य ने बताया कि 20 स्टूडेंट्स ने 80 से 94 % अंक लेकर दसवीं कक्षा पास की है। उन्होंने सफलता का श्रेय मेहनती टीचर स्टाफ व बच्चों की मेहनत को दिया है।
कांगड़ा जिला मुख्यालय धर्मशाला में आधुनिक बस स्टैंड निर्माण के चलते यदि ट्रक ऑपरेटर्स को उजाड़ा जाता है तो पहले उनके लिए उचित व्यवस्था की जाए। यह मांग धर्मशाला ट्रक एंड मिनी ट्रक ऑपरेटर यूनियन ने प्रदेश सरकार से उठाई है। यूनियन के सचिव अजय गौतम, ट्रक ऑपरेटर चमन ठाकुर, अजय, राजेंद्र शर्मा व कुलदीप सोनी ने शनिवार को प्रेस वार्ता में कहा कि पूर्व कांग्रेस कार्यकाल के दौरान जब धर्मशाला में आधुनिक बस स्टैंड का शिलान्यास किया गया था तो तत्कालीन मंत्री जीएस बाली और सुधीर शर्मा ने ट्रक ऑपरेटर्स के हितों का ध्यान रखने की बात कही थी। ऑपरेटर्स का कहना है कि वर्ष 1971 से धर्मशाला में ट्रक यूनियन का संचालन किया जा रहा है, जबकि अब उन्हें उजाड़ा जा रहा है। पिछले 7 वर्षों में 10 ड्राइंग नए बस अडडे की बनाई जा चुकी हैं, लेकिन अभी तक फाइनल ड्राइंग न बनने के चलते उन्हें अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है। ऑपरेटर्स का कहना है कि इस मसले को स्थानीय विधायक और जिलाधीश के समक्ष भी उठाकर उन्हें न उजाडऩे का आग्रह किया जाएगा।
नए संसद भवन (सेंट्रल विस्टा) के उद्घाटन समारोह में राष्ट्रपति को न बुलाना लोकतंत्र की हत्या है। इसी को देखते हुए कांग्रेस और अन्य 20 सहयोगी दलों में सेंट्रल विस्टा की उद्घाटन में न जाने का निर्णय लिया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने शनिवार को धर्मशाला में पत्रकार वार्ता में कहा कि राष्ट्रपति देश के पहले नागरिक होते हैं। इसलिए सभी को राष्ट्रपति पद का सम्मान करना चाहिए। अभी कुछ फोटो इंटरनेट मीडिया पर विधानसभा भवनों के उद्घाटन में राज्यपालों को न बुलाने को लेकर प्रसारित हो रहे हैं। राज्यपाल और राष्ट्रपति की चयन में भिन्नता है, क्योंकि राष्ट्रपति चुने हुए होते हैं और राज्यपाल केंद्र सरकार की ओर से नियुक्त किए गए होते हैं। ऐसे में विधानसभा भवनों में उद्घाटन में राज्यपाल को न बुलाना कोई बड़ी बात नहीं है। इस लोकसभी चुनाव में जनता मुद्दों पर वोट देगी उन्होंने कहा कि इस तरह के काम करने पीएम नरेंद्र मोदी अपना कद खुद ही छोटा किए जा रहे हैं। यह बात स्वीकार है कि 2014 के चुनावों के दौरान देश की जनता में कांग्रेस को लेकर नफरत एवं रोष का भाव था, इस कारण कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था। वहीं 2019 में भारत पाकिस्तान के बीच विवाद को लेकर जनता में देशभक्ति में दूसरी बार भाजपा जीत गई थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा, जनता मुद्दों पर वोट देगी। उन्होंने कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के साथ ही भाजपा की ओर से दावा किया गया था कि चीन को भारत लाल आंखें दिखाएगा। लेकिन सरकार चीन को लाल आंखें आज तक नहीं दिखा पाई, बल्कि चीन के लिए रेड कार्पेट जरूर बिछाती है और क्लीन चिट देती है। पीएम मोदी 18 बार चीन का दौरा कर आए, लेकिन एक बार भी सीमा विवाद को लेकर चीन से एक भी प्रश्न नहीं कर पाए। देश में स्थिति यह है कि विवाद के चलते मणिपुर जल रहा है, लेकिन पीएम मोदी का इस ओर कोई ध्यान नहीं है, वह तो आस्ट्रेलिया में अपने समर्थकों को जहाज में भरकर ले जाने में मस्त हैं। 26 मई को भाजपा का 9 साल का कार्यकाल पूरा हुआ है। भाजपा के मंत्री, सांसद और विधायकों को अगले एक सप्ताह तक घर घर जाकर जनता से माफी मांगनी चाहिए कि उन्होंने पिछले नौ सालों से जनता को गुमराह किया है। इस मौके पर धर्मशाला विधायक सुधीर शर्मा, मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश के आइटी सलाहकार गोकुल बुटेल सहित अन्य मौजूद रहे।
उपायुक्त हेमराज बैरवा ने शनिवार को नादौन के मिनी सचिवालय, खरीड़ी मैदान और इसके आस-पास के क्षेत्र का निरीक्षण किया तथा वहां मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार करवाए जा रहे विभिन्न कार्यों का जायजा लिया। मिनी सचिवालय के फिनिशिंग वक्र्स के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने लोक निर्माण विभाग तथा कांट्रेक्टर कंपनी के अधिकारियों को सभी कार्य अतिशीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कभी भी मिनी सचिवालय का औचक निरीक्षण कर सकते हैं। इसलिए यह कार्य अतिशीघ्र पूरा होना चाहिए तथा इसकी गुणवत्ता में किसी भी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए। इस दौरान उपायुक्त ने मिनी सचिवालय भवन की सभी मंजिलों एवं एक-एक कमरे में जाकर वास्तविक स्थिति की जानकारी ली और कहा कि पैनलिंग और विद्युत फिटिंग्स का कार्य एक हफ्ते में पूरा होना चाहिए। उन्होंने खरीड़ी मैदान में चल रहे कार्य को भी अतिशीघ्र पूरा करने को कहा। उपायुक्त ने राजस्व विभाग के अधिकारियों से खरीड़ी मैदान तथा मिनी सचिवालय के आस-पास जमीन की उपलब्धता और नादौन विधानसभा क्षेत्र के लिए प्रस्तावित अन्य बड़ी परियोजनाओं के बारे में भी जानकारी ली। इस अवसर पर एसडीएम अपराजिता चंदेल, तहसीलदार अपूर्व शर्मा और अन्य अधिकारियों ने उपायुक्त को विभिन्न कार्यों की ताजा स्थिति से अवगत करवाया।
धर्मशाला में स्थित डल झील के रिसाव को राजस्थान की बालू मिट्टी रोकेगी। इसके लिए जल शक्ति विभाग ने झील के सुराख को भरने के लिए ट्रायल किया है। राजस्थान की बालू मिट्टी एक-दो दिन में फूल जाती है, ऐसे में रिसाव कम होने से पानी भर सकता है, जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को भी मात्र किचड़ की बजाय कुछ पानी भी देखने को मिलेगा। आस्था का केंद्र एवं छोटे मणिमहेश के रूप में जाने वाली जाने वाली डल झील का वैभव को लौटाने के लिए प्रशासन ने अब कमर कस ली है। जलशक्ति विभाग के कर्मचारियों ने राजस्थान से लाई गई बालू मिट्टी को डल झील के रिसाव को रोकने के लिए डाला है। जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता संदीप चौधरी ने बताया कि डल झील के रिसाव को रोकने के लिए राजस्थान से बालू मिट्टी मंगवाई गई है। डल झील के रिसाव को रोकने के लिए राजस्थान से बालू मिटटी का ट्रायल किया जाएगा। अगर ट्रायल सफल रहा तो डल झील के रिसाव को रोकने के लिए राजस्थान से बालू मिटटी मंगवाई जाएगी। इस मिटटी को अधिकतर डैम क दीवारों से हो रहे रिसाव को रोकने इस्तेमाल किया जाता है। नड्डी के स्थानीय लोगों ने बताया कि झील में साल भर पानी रहता था। कुछ साल पहले पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने झील को गहरा करने और गाद निकालने के लिए जेसीबी से इसके आधार को खोद दिया। तब से झील ने पानी बनाए रखने की अपनी क्षमता खो दी थी और अब इसकी सूरत और ज्यादा खराब हो गई है।
नॉन प्रैक्टिसिंग अलाउंस (NPA) बंद करने के हिमाचल सरकार के फरमान को लेकर स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिल व हिमाचल प्रदेश मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक बेनतीजा रही। डॉक्टर एनपीए बंद करने के फैसले को वापस लेने की मांग कर रहे थे, लेकिन स्वास्थ्य मंत्री का कहना था कि सरकार इस फैसले पर पुनर्विचार करेगी। मामला सीएम सुक्खू के समक्ष और कैबिनेट में लाया जाएगा। एनपीए बंद करने के मामले को लेकर हिमाचल प्रदेश सरकार घिरती हुई नजर आ रही है। 29 मई से 11 बजे तक पेन डाउन स्ट्राइक डॉक्टरों ने सरकार के फैसले का विरोध करते हुए आज काले बिल्ले लगाकर अस्पतालों में सेवाएं दी। इसके बाद वे 29 मई से 11 बजे तक पेन डाउन स्ट्राइक पर जाएंगे। हिमाचल प्रदेश मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने बताया कि सरकार का डॉक्टरों का एनपीए बंद करना तर्कसंगत नहीं है। सरकार के इस फैसले से डॉक्टरों का मनोबल भी टूटा है। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री से एनपीए को बंद करने के फैसले को वापस लेने की मांग की गई है। एसोसिएशन के महासचिव ने कहा कि जब तक सरकार इस फैसले को वापस लेने की अधिसूचना जारी नहीं करती है तब तक डॉक्टरों का विरोध जारी रहेगा।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नई दिल्ली में नीति आयोग की बैठक में हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे विभिन्न प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों और राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों के साथ सामूहिक चित्र भी लिया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल के लिए विशेष पैकेज मांगा और राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाए।
लाहौल-स्पीति जिला के उदयपुर से करीब छह किमी दूर घाटी के दुर्गम क्षेत्र मयाड़ घाटी के भिंगी नाला में शुक्रवार देर रात्रि हिमखंड सड़क पर आ गिरा है। इससे मयाड़ घाटी का तिंगरेट और चिमरेट दो पंचायत के लोगों का उपमंडल उदयपुर से संपर्क टूट गया है। शनिवार को विधायक रवि ठाकुर को मयाड़ क्षेत्र का दौरा करना है। लेकिन वह अभी तक सड़क खुलने का इंतजार कर रहे हैं। सूचना के बाद लोक निर्माण विभाग की मशीनरी मौके पर पहुंच गई है और सड़क से हिमखंड को हटाने का काम शुरू कर दिया है।
प्रदेश में शुक्रवार रात को हुई ताजा बर्फबारी से मनाली-लेह मार्ग और दारचा-शिंकुला दर्रा यातायात के लिए बंद हो गया है। ऐसे में शनिवार को लेह की तरफ से वाहनों को मनाली की तरफ नहीं भेजा जा रहा है। देर रात को बारालाचा और जिंगजिंगार में गाड़ियां फंस गई थीं उन्हें निकाला जा रहा है। करीब 500 से 600 वाहन फंसे हैं। बीआरओ भी हाईवे तीन को चौड़ा करने के लिए सड़क के किनारों से बर्फ हटाने में जुटा है। इसके अलावा लाहौल और स्पीति में ताजा बर्फबारी हुई है।
राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने किन्नौर जिला की दूर-दराज ग्राम पंचायत रूपी के प्रवास के दौरान मझगांव में आयोजित दो दिवसीय महिला खेलकूद प्रतियोगिता के समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार जनजातीय जिलों के समग्र व चहुंमुखी विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा किन्नौर जिला के दूर-दराज क्षेत्रों में हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध करवाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा चुनाव के दौरान किए गए वादों को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है, जिसका उदहारण पुरानी पेंशन योजना की बहाली है। इसी तरह प्रदेश की जरूरतमंद महिलाओं को 1500 रुपये की मासिक पेंशन देने के वादे को भी सरकार द्वारा पूरा किया जा रहा है तथा अधिकतर जरूरतमंद महिलाओं को मासिक पेंशन प्रदान की जा चुकी है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने रुपी पंचायत में 1 करोड़ 22 लाख रुपये से निर्मित भूजल आपूर्ति योजना गुरगुरी (मझगांव) तथा 1 करोड़ 17 लाख रुपये की राशि से निर्मित जल आपूर्ति योजना रूपी का उद्घाटन किया। इन दोनों जल आपूर्ति योजनाओं से रूपी ग्राम पंचायत के लगभग 1156 लोग लाभान्वित होंगे। राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के दृष्टिगत जिला के सभी अध्यापकों को शिक्षा में सुधार व गुणवत्ता लाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि हर एक विद्यार्थी उत्कृष्ट शिक्षा प्राप्त कर सके। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रूपी के भवन विस्तार के लिए बजट को आगामी वित्त-वर्ष में रखा गया है तथा रूपी ग्राम पंचायत के लिए खेल मैदान भी शीघ्र उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके अलावा रूपी पंचायत में पंचायत घर का निर्माण भी शीघ्र करवाया जाएगा। राजस्व मंत्री ने रूपी पंचायत के शिगारचा, नालिंग-2 व मझगांव में आम जन-मानस की जन-समस्याएं सुनीं तथा लोगों को आश्वासन दिया कि सभी उचित मांगों को प्रदेश सरकार द्वारा सहानुभूतिपूर्वक पूरा किया जाएगा। उन्होंने रूपी पंचायत में कुलदेव नारायण मंदिर के पुनःनिर्माण के लिए सांसद निधि से 20 लाख रुपये देने की घोषणा की तथा आश्वासन दिया कि मंदिर के पुनःनिर्माण का सारा खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। मझगांव में आयोजित दो-दिवसीय महिला खेल-कूद प्रतियोगिता के महिला कबड्डी खेल में महिला मण्डल मझगांव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया तथा महिला मण्डल डबलिंग ने द्वितीय स्थान हासिल किया। इसी प्रकार महिला रस्सा-कस्सी प्रतियोगिता में महिला मण्डल मझगांव प्रथम स्थान पर रहे जबकि गुरवीर नालिंग स्वयं सहायता समूह उप-विजेता रहे। जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने स्वैच्छिक निधि से प्रतियोगिता में विजेता व उप-विजेता रही टीमों को प्रति टीम 25 हजार रुपये देने की घोषणा की। रूपी ग्राम पंचायत के प्रधान रामेशवर ने रूपी पंचायत पहुंचने पर मुख्य अतिथि राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री का स्वागत किया और पंचायत की विभिन्न मागों को मंत्री के समक्ष रखा। पंचायत समिति सदस्य रूपी मंगला खोज़ान ने धन्यावाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।


















































