हिमाचल प्रदेश के करीब 30 लाख बिजली उपभोक्ताओं के लिए बिल भुगतान की प्रक्रिया जल्द और आसान होने वाली है। बिजली बोर्ड अब UPI, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग, BBPS, RTGS/NEFT, QR कोड, POS मशीन और WhatsApp पेमेंट जैसे अलग-अलग विकल्पों को एक ही डिजिटल मंच पर लाने की तैयारी कर रहा हैI नई व्यवस्था के लिए बोर्ड ने RBI से अधिकृत पेमेंट एग्रीगेटर नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके बाद उपभोक्ताओं को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर जाकर भुगतान करने की जरूरत नहीं होगी। किसी भी माध्यम से किया गया भुगतान एकीकृत डिजिटल सिस्टम में दर्ज होगा और उसका रिकॉर्ड तुरंत उपलब्ध रहेगा। बोर्ड इसके लिए एक यूनिफाइड वेब-बेस्ड डैशबोर्ड भी तैयार करेगा। इसमें अलग-अलग माध्यमों से आए भुगतानों की निगरानी, मिलान और वित्तीय विश्लेषण एक ही जगह से किया जा सकेगा। इससे भुगतान सफल हुआ या नहीं, पैसा खाते में पहुंचा या किसी तकनीकी दिक्कत के कारण अटका—इसकी जानकारी भी आसानी से मिल सकेगी। बोर्ड ने इस परियोजना के लिए योग्य पेमेंट एग्रीगेटरों, बैंकों और वित्तीय संस्थानों से प्रस्ताव मांगे हैं। निविदाएं 6 अक्तूबर 2026 शाम 5 बजे तक जमा की जा सकती हैं। तीन महीने में 30 लाख से ज्यादा डिजिटल भुगतान मई से जुलाई 2026 के बीच बिजली बोर्ड को विभिन्न डिजिटल माध्यमों से 30 लाख से अधिक भुगतान मिले, जिनसे करीब 2027 करोड़ रुपये की राशि जमा हुई। इनमें BBPS के जरिए करीब 24.96 लाख लेनदेन हुए और 298.34 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। पेमेंट गेटवे से 4.28 लाख से अधिक लेनदेन हुए, जबकि RTGS/NEFT के जरिए करीब 46,950 लेनदेन में 1004.41 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा हुई। नई व्यवस्था में RTGS और NEFT के भुगतान का उसी दिन सेटलमेंट करने का प्रावधान होगा। वहीं UPI, कार्ड, BBPS और अन्य डिजिटल माध्यमों से प्राप्त राशि अधिकतम अगले कार्य दिवस तक बोर्ड के खाते में पहुंचाने की व्यवस्था होगी। फिलहाल भी HPSEBL के उपभोक्ता पोर्टल और मोबाइल ऐप के जरिए बिजली बिल देखने और ऑनलाइन भुगतान की सुविधा उपलब्ध है।
शिमला के सुन्नी में पिता की मौत के बाद बेटी भी लापता, सतलुज में तलाश जारी; आखिर खाई तक कैसे पहुंची पिकअप? शिमला जिले के सुन्नी के ओगली क्षेत्र से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए पिता-बेटी के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। करीब एक सप्ताह बाद पिता कुलदीप का शव सतलुज नदी से बरामद हुआ, जबकि उनकी 18 वर्षीय बेटी स्नेहा की तलाश अभी भी जारी है। जानकारी के अनुसार, 12 सितंबर की शाम कुलदीप अपनी बेटी स्नेहा के साथ पिकअप में कुमारसैन की ओर गए थे। रात करीब 1:30 बजे उन्होंने पत्नी को फोन कर बताया था कि वे पंदोआ पहुंच गए हैं और करीब 10 मिनट में घर पहुंच जाएंगे। इसके बाद दोनों के मोबाइल फोन बंद हो गए। परिजनों ने तलाश शुरू की तो ओगली के पास उनकी पिकअप सड़क किनारे लावारिस हालत में मिली। वाहन का कंडक्टर साइड का शीशा टूटा हुआ था। इसी वजह से परिवार ने किसी अनहोनी की आशंका जताई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आसपास के CCTV फुटेज भी खंगाले। जांच के दौरान CCTV में सुबह करीब 4 बजे पिकअप की आवाजाही कोठी, ओगली और चेबड़ी क्षेत्र में दिखाई दी। इसके बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों और सतलुज नदी के किनारे सर्च अभियान चलाया। करीब सात-आठ दिन बाद मंडी जिले के करला गांव के पास सतलुज नदी में नाव चलाने वालों ने एक शव देखा। पुलिस और परिजनों ने मौके पर पहुंचकर शव की पहचान कुलदीप के रूप में की। बाजुओं पर बने त्रिशूल और गले पर लिखे 'मां' शब्द से भी पहचान की पुष्टि हुई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। अब इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि कुलदीप और उनकी बेटी पिकअप से अलग कैसे हुए और वाहन सड़क से किस तरह वहां पहुंचा? वाहन का शीशा टूटने और पिता का शव सतलुज में मिलने के बाद पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह हादसा था या इसके पीछे कोई दूसरी वजह। फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस स्नेहा की तलाश पर है। सतलुज और आसपास के क्षेत्रों में सर्च अभियान चलाया जा चुका है और CCTV समेत अन्य सुरागों की जांच की जा रही है।
हिमाचल के शिमला जिले में साइबर ठगी का मामला सामने आया है। शातिर ठग ने खुद को बैंक मैनेजर बताकर एक बुजुर्ग को फोन किया और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी लेने के बाद उनके खाते से 5.51 लाख रुपये उड़ा लिए। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग के मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को बैंक का मैनेजर बताया। उसने बैंक खाते से संबंधित जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर बुजुर्ग को झांसे में लिया। इसके बाद ठग ने उनसे कुछ जानकारी हासिल की और देखते ही देखते खाते से बड़ी रकम निकाल ली। खाते से 5.51 लाख रुपये की निकासी होने का पता चलने पर बुजुर्ग के होश उड़ गए। उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने साइबर ठगी की शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है और लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाले किसी भी व्यक्ति के साथ OTP, PIN, CVV, पासवर्ड या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। किसी भी संदिग्ध कॉल या लिंक पर प्रतिक्रिया देने से पहले बैंक की आधिकारिक हेल्पलाइन से संपर्क करें।
शिमला जिले के उपमंडल चौपाल के नेरवा क्षेत्र के टेलर गांव में साप के डसने साई दो सगी बहनो की मौत हो गई I मृतकों की पहचान महक (10) और कनक (7) पुत्रियां जितेंद्र निवासी गांव टेलर, डाकघर थंगाड तहसील नेरवा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार 20 सितंबर की रात दोनों बहनें अपने माता-पिता के साथ मकान की धरातल मंजिल के एक कमरे में सोई थीं। अगले दिन सुबह पिता काम से बाहर चले गए, जबकि मां सपना खेतों में काम करने चली गईं। करीब आठ बजे मां घर लौटी तो दोनों बच्चियां कमरे में बेहोशी की हालत में पड़ी थीं। आवाज लगाने और उठाने का प्रयास करने के बावजूद दोनों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उसी समय माँ ने एक साप को कमरे से बहार जाते हुए देखा I परिजनों को आशंका हुई की दोनों बचियों को सांप ने डसा है I परिजनों ने तुरंत दोनों बचियों को उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल त्यूनी उत्तराखंड पहुंचाया I प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रोहड़ू रेफर किया गया। वहां से दोनों को आगामी उपचार के लिए आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया। 21 सितंबर को रात करीब 2:46 बजे पुलिस पिकेट आईजीएमसी से थाना नेरवा को सूचना मिली कि दोनों बच्चियों को उपचार के लिए आईजीएमसी लाया गया है, जहां उपचार के दौरान महक की मौत हो गई।पुलिस अधिकारी अस्पताल पहुंचने के लिए रवाना हुए, इसी दौरान कनक की भी मौत की सूचना मिली। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाने के बाद अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकों की अंतिम राय अभी प्राप्त होना बाकी है। पुलिस ने धारा 194 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई शुरू की है। प्रारंभिक जांच और परिजनों के बयानों के आधार पर दोनों बहनों की मौत जहरीले सांप के काटने से होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस की ओर से मामले में अन्य प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। इस विषय में एसडीएम चौपाल हेमचंद वर्मा ने कहा कि मृतक बच्चों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी तक नहीं प्राप्त हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यदि मृत्यु का कारण सर्पदंश बताया जाएगा तो सरकारी राहत मैनुअल के अनुसार परिवार को राहत राशि प्रदान कर दी जाएगी।
सोलन शहर के माल रोड स्थित चिल्ड्रन पार्क में तीन अधेड़ उम्र के लोगों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी बढ़ी और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें तीनों के बीच काफी देर तक मारपीट होती दिखाई दे रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के दौरान तीनों एक-दूसरे से उलझते रहे। काफी देर तक चले हंगामे के बाद मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। इस दौरान पार्क में मौजूद लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गया I स्थानीय लोगों के मुताबिक, तीनों व्यक्तियों के शराब के नशे में होने की बात सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक तौर पर पुलिस की ओर से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। बताया जा रहा है कि किसी बात को लेकर हुई कहासुनी के बाद तीनों आपस में भिड़ गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने चिल्ड्रन पार्क और आसपास के क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह का हुड़दंग रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए।
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में रक्कड़ निवासी नेक राम और उनके परिवार के नाम करीब 13 करोड़ रुपये की जमीन खरीद का मामला सामने आया है। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) की जांच में परिवार की घोषित आय और जमीन खरीद के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। अब विजिलेंस मामले से जुड़े रिकॉर्ड आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ED) को भेजने की तैयारी कर रहा है। विजिलेंस ने वर्ष 2011 से 2025 के बीच नेक राम, उनकी पत्नी और मां के नाम धर्मशाला और पालमपुर तहसील के अलग-अलग क्षेत्रों में खरीदी गई जमीन का रिकॉर्ड खंगाला। जांच में इन संपत्तियों की कुल कीमत करीब 13 करोड़ रुपये बताई गई है। अब एजेंसी यह पता लगा रही है कि इतनी बड़ी संपत्ति खरीदने के लिए रकम कहां से आई। जांच रिकॉर्ड के अनुसार नेक राम ने वर्ष 2011-12 में 2.08 लाख रुपये, 2012-13 में 2.69 लाख रुपये और 2013-14 में 3.93 लाख रुपये की वार्षिक आय दर्शाई थी। इसके बावजूद वर्ष 2011 में करीब 48.50 लाख रुपये और 2013 में करीब 23.95 लाख रुपये की जमीन खरीद का रिकॉर्ड मिला। वहीं वर्ष 2025-26 में नेक राम ने अपनी आय 12.04 लाख रुपये बताई, जबकि इसी अवधि में उनके, उनकी पत्नी और मां के नाम करीब 48.44 लाख रुपये की जमीन खरीद दर्ज मिली। विजिलेंस ने परिवार के बैंक खातों की भी पड़ताल की है। जांच के अनुसार एक खाते में जनवरी 2013 में करीब एक लाख रुपये थे, जो अप्रैल 2022 तक घटकर 17 रुपये रह गए। दूसरे खाते में अगस्त 2013 में करीब 5 हजार रुपये थे, जबकि फरवरी 2025 में इसमें 2.62 लाख रुपये मिले। विजिलेंस अब यह भी जांच कर रही है कि जमीन खरीद के लिए कहीं किसी अन्य व्यक्ति या व्यक्तियों ने तो रकम उपलब्ध नहीं कराई। बैंक लेनदेन, आयकर रिटर्न और परिवार के सदस्यों के बीच हुए वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है। इसी वित्तीय पहलू को देखते हुए रिकॉर्ड आयकर विभाग और ED को भेजने की कार्रवाई प्रस्तावित है। मामला सिर्फ जमीन खरीद और आय के अंतर तक सीमित नहीं है। विजिलेंस की FIR में सरकारी जमीन के राजस्व रिकॉर्ड में कथित हेराफेरी के आरोप भी दर्ज हैं। गलत म्यूटेशन दर्ज करने और सरकारी भूमि से जुड़े रिकॉर्ड में एक महिला का नाम कब्जे के तौर पर दर्ज करने से सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने का आरोप है। मामले में तत्कालीन तहसीलदार अमर सिंह, कानूनगो वीरेंद्र कुमार, पटवारी मनीष कुमार, नेक राम, उनकी पत्नी किरण बाला, मंगला देवी समेत आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है। विजिलेंस का कहना है कि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति या अधिकारी की भूमिका सामने आती है तो उसे भी आरोपी बनाया जा सकता है। फिलहाल विजिलेंस जमीन के सौदों, पैसों के स्रोत और राजस्व रिकॉर्ड से जुड़ी कड़ियों की जांच कर रही है।
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के नालागढ़ की एक कंपनी से साइबर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। साइबर क्राइम पुलिस शिमला की टीम ने राजस्थान में दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से कई मोबाइल फोन, बैंक कार्ड, चेकबुक और बैंकिंग से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं। मामले में पुलिस को आशंका है कि ठगी से जुड़े और लोग भी सामने आ सकते हैं। पुलिस जांच के मुताबिक आरोपियों ने कंपनी के एक कर्मचारी से व्हाट्सऐप पर संपर्क किया। आरोपियों ने खुद को कंपनी का अधिकारी बताते हुए कर्मचारी पर दबाव बनाया और कंपनी के बैंक खाते से 2.10 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवाए। इस तरह की ठगी को सीईओ स्कैम या बॉस स्कैम कहा जाता है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक ने कथित तौर पर अपनी कंपनी का बैंक खाता साइबर ठगी के लिए उपलब्ध करवाया था। इसी खाते में ठगी की रकम का बड़ा हिस्सा पहुंचा था। वहीं, दूसरे आरोपी की भूमिका भी पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आई है। आरोप है कि वह साइबर ठगी से जुड़े लोगों के ठिकाने की व्यवस्था करने और बैंक खातों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में शामिल था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जांच के दौरान पुलिस ने संबंधित बैंक खातों के दस्तावेज और बैंकिंग रिकॉर्ड भी जुटाए हैं। अब पुलिस ठगी की रकम के लेन-देन की कड़ियों को खंगाल रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और रकम कहां-कहां ट्रांसफर हुई।
यूजीसी-मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला की ओर से आईईसी यूनिवर्सिटी, हिमाचल प्रदेश और जंकी देवी मेमोरियल कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय के सहयोग से ऑनलाइन NEP Orientation & Sensitization Programme आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य उच्च शिक्षा से जुड़े शिक्षकों की शिक्षण एवं शोध क्षमताओं को विकसित करने के साथ उन्हें भारतीय मूल्यों, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और वर्तमान सामाजिक आवश्यकताओं से जोड़ना है। कार्यक्रम में कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और रिसर्च स्कॉलर्स भाग ले सकेंगे। कार्यक्रम के लिए किसी प्रकार का पंजीकरण शुल्क निर्धारित नहीं किया गया है। सभी सत्रों में भाग लेने और मूल्यांकन परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले प्रतिभागियों को ई-सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान समग्र एवं बहुविषयक शिक्षा, भारतीय ज्ञान परंपरा एवं बहुभाषिकता, अकादमिक नेतृत्व एवं प्रबंधन, उच्च शिक्षा एवं समाज, शोध एवं विकास, कौशल विकास, छात्र विविधता एवं समावेशी शिक्षा तथा सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी जैसे विषयों पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे। इसके अलावा पाठ्यक्रम विकास, शिक्षण पद्धति, मूल्यांकन, संस्थागत स्वायत्तता और विद्यार्थियों की पसंद से जुड़े पहलुओं को भी कार्यक्रम में शामिल किया गया है। कार्यक्रम के लिए Training Programme ID: MMC-034-2026-SEP-B-08417 जारी किया गया है। ऑनलाइन सत्र दोपहर 2 बजे से 3:30 बजे और 3:30 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होंगे। कार्यक्रम में आईईसी यूनिवर्सिटी की ओर से कुलपति प्रो. अशोक पुरी, डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. ज्योति गुप्ता और रजिस्ट्रार डॉ. प्रह्लाद गुप्ता सहित अन्य शिक्षाविदों की सहभागिता रहेगी। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम के माध्यम से उच्च शिक्षा से जुड़े शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के विभिन्न आयामों से परिचित करवाते हुए शिक्षण, शोध और अकादमिक कार्यों में प्रभावी बदलाव के लिए आवश्यक समझ एवं क्षमता विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
हमीरपुर सदर थाना पुलिस ने केंद्रीय जांच एजेंसी से मिले संवेदनशील इनपुट के आधार पर सोमवार शाम शहर से एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया है। सूत्रों के अनुसार, हिरासत में लिया गया व्यक्ति पेशे से दर्जी है और मूल रूप से किसी अन्य राज्य का रहने वाला बताया जा रहा है। वह पिछले कुछ समय से हमीरपुर शहर में टेलर का काम कर रहा था। सूत्रों के मुताबिक, संबंधित व्यक्ति की सोशल मीडिया गतिविधियां केंद्रीय जांच एजेंसियों की निगरानी में थीं। उस पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने और आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने का संदेह जताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, मामले को लेकर केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की एक टीम हमीरपुर पहुंचकर हिरासत में लिए गए व्यक्ति से पूछताछ कर सकती है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि पूछताछ में क्या तथ्य सामने आए हैं। वहीं, इस पूरे मामले की आधिकारिक पुष्टि हमीरपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से अभी नहीं की गई है। पुलिस की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही मामले की स्थिति और हिरासत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
ग्राम पंचायत सुल्तानपुर के अंजी गांव स्थित बृजेश्वर मंदिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ की ओर से धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भाजपा सोलन जिला सचिव सुनील कश्यप विशेष रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत हवन-पूजन के साथ हुई। इसके बाद कन्या पूजन किया गया और श्रद्धालुओं व भाजपा कार्यकर्ताओं को हलवे का प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना के साथ देश की प्रगति, समृद्धि और जनकल्याण के लिए भी प्रार्थना की गई। भाजपा जिला सचिव सुनील कश्यप ने कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय लोगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सेवा, जनकल्याण और संगठन को मजबूत करने की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में सुल्तानपुर बूथ अध्यक्ष अर्चना वर्मा, भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ जिला संयोजक यशपाल ठाकुर, सह संयोजक अमित शर्मा, धर्मपुर मंडल संयोजक ओम प्रकाश शर्मा, कसौली मंडल संयोजक वीरेंद्र मोहन ठाकुर, जिला महिला मोर्चा सचिव सपना पराशर, पूर्व पंचायत प्रधान वीणा पराशर, अर्जित शांडिल, महेंद्र ठाकुर, विजय ठाकुर, युवा मोर्चा से अरुणेश ठाकुर सहित अन्य कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे। इसके अलावा बलदेव ठाकुर, लता नौटियाल, नील कमल, जसपाल सिंह, मोहित पराशर, उमा दत्त शर्मा, प्रेम प्रकाश पराशर, सोम दत्त शर्मा, रोमी भारद्वाज सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम में भाग लिया। वहीं, सुल्तानपुर ग्राम केंद्र में शाम 6 से 7 बजे तक “हर घर दीप” कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें कार्यकर्ता और स्थानीय लोग अपने-अपने घरों में दीप प्रज्वलित करेंगे
कुनिहार क्षेत्र में लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। कुनिहार पशु चिकित्सालय के अंतर्गत आने वाले जाबल जमरोट, कोठी, कुनिहार, बनोह, जाडली और मान क्षेत्रों में अब तक 120 पशुओं में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें से आठ पशुओं की मौत हो चुकी है, जबकि 94 पशुओं का उपचार जारी है। वहीं 18 पशु उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं। पशु चिकित्सालय कुनिहार के अनुसार क्षेत्र में लंपी वायरस का पहला मामला 19 अगस्त को सामने आया था। इसके बाद करीब एक माह के भीतर संक्रमण के मामले बढ़े हैं। आंकड़ों के अनुसार कुनिहार में 51, कोठी में 31, जाबल जमरोट में 22, बनोह में 10, जाडली में पांच और मान में एक पशु संक्रमित पाया गया है। पशु चिकित्सालय कुनिहार के अंतर्गत करीब 3600 गाय और भैंस पंजीकृत हैं। विभाग के अनुसार इनमें से करीब 3500 पशुओं का लंपी रोग से बचाव के लिए टीकाकरण किया जा चुका है। जिन पशुओं में बीमारी के सक्रिय लक्षण हैं, उनमें फिलहाल टीकाकरण नहीं किया जा रहा है। विभाग की ओर से स्वस्थ पशुओं का टीकाकरण करवाने पर जोर दिया जा रहा है। पशु चिकित्सक डॉ. रीता कौशल ने बताया कि लंपी वायरस से संक्रमित पशुओं में तेज बुखार, शरीर पर दो से पांच सेंटीमीटर तक की कठोर गांठें, आंख और नाक से पानी आना, दूध उत्पादन में कमी, पैरों में सूजन तथा खुर के आसपास सूजन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण नजर आने पर पशु को तुरंत अन्य पशुओं से अलग कर देना चाहिए और नजदीकी पशु चिकित्सालय से संपर्क करना चाहिए। विभाग ने पशुपालकों को सलाह दी है कि संक्रमित पशु के खाने-पीने के बर्तन अलग रखें और पशुशाला में साफ-सफाई का विशेष ध्यान दें। नया पशु खरीदने पर उसे सीधे अन्य पशुओं के साथ न रखें। संभव हो तो उसे कम से कम 25 दिन तक अलग रखकर निगरानी करें। पशुशाला में प्रवेश से पहले जूतों की सफाई और उचित कीटाणुनाशक का प्रयोग करने की भी सलाह दी गई है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय डुमैहर (अ) के खिलाड़ियों ने जिला स्तरीय स्कूली अंडर 14 बास्केटबाल प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया है। फाइनल मुकाबले में डुमैहर की टीम ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुबाथू की टीम को 34-04 के बड़े अंतर से पराजित कर स्वर्ण पदक हासिल किया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बरोटीवाला में 10 से 12 सितंबर तक आयोजित जिला स्तरीय स्कूली खेलकूद प्रतियोगिता में डुमैहर (अ) के खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल कौशल का प्रदर्शन किया। पूरे मुकाबले में टीम का दबदबा कायम रहा और फाइनल में भी खिलाड़ियों ने शानदार तालमेल के साथ एकतरफा जीत दर्ज की। विद्यालय के डीपीई राज कुमार पाल ने बताया कि प्रतियोगिता में विद्यालय के नौ खिलाड़ियों ने बास्केटबाल में हिस्सा लिया। इनमें से प्रिंस ठाकुर, पारस ठाकुर, यतीश कुमार, जिगर पाल, समीर कुमार और हरीश कुमार का चयन राज्य स्तरीय बास्केटबाल प्रतियोगिता के लिए हुआ है। चयनित खिलाड़ी 11 से 13 अक्तूबर तक मंडी में होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जिला सोलन का प्रतिनिधित्व करेंगे। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से विद्यालय और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। विद्यालय के प्रधानाचार्य अरुण कुमार ने खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को बधाई दी। विद्यालय स्टाफ विद्यालय प्रबंधन समिति के प्रधान हेमराज व सदस्यों तथा ग्रामवासियों ने भी विजेता खिलाड़ियों डीपीई राज कुमार पाल और पीईटी नागेश शर्मा को इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि चयनित खिलाड़ी राज्य स्तर पर भी बेहतर प्रदर्शन कर जिले और विद्यालय का नाम रोशन करेंगे।
कुनिहार हिमाचल प्रदेश एक्स-सर्विसेज लीग जिला सोलन की कुनिहार इकाई की मासिक बैठक 20 सितंबर रविवार को सुबह 11 बजे आयोजित होगी। बैठक की अध्यक्षता इकाई के अध्यक्ष कैप्टन रणधीर सिंह कंवर करेंगे। बैठक को लेकर क्षेत्र के पूर्व सैनिकों युद्ध विधवाओं और वीर नारी बहनों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आग्रह किया गया है। इकाई ने सदस्यों से कहा है कि बैठक में आपस में मुलाकात कर अपनी समस्याओं और सुझावों को साझा करें।बैठक में सदस्यों की अधिक भागीदारी से संगठन को मजबूती मिलेगी। बैठक में पूर्व सैनिकों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार विमर्श किया जाएगा। साथ ही सदस्यों से अपील की गई है कि वे बैठक में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाकर संगठन को मजबूत बनाने में सहयोग करें।इकाई ने सभी सदस्यों से निर्धारित समय पर बैठक में पहुंचने की अपील की है।
सोलन में पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 52.07 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) और 6.16 ग्राम ICE बरामद की है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में पंजाब और जम्मू-कश्मीर से जुड़े आरोपी शामिल हैं। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी कश्मीर से ड्रग लेकर हिमाचल में सप्लाई करने का काम करते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग जुड़े हैं और नशे की खेप किन-किन जगहों पर पहुंचाई जानी थी। पुलिस ने बरामद नशे को कब्जे में लेकर आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। तीनों से पूछताछ जारी है और पुलिस पूरे सप्लाई नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र की 61 पंचायतों में संवाद कार्यक्रम के दौरान विधायक विवेक शर्मा ने लोगों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर लोगों से मिले सुझावों और मांगों को व्यवस्थित तरीके से सरकार तक पहुंचाया जाएगा। विधायक ने बताया कि पंचायत सचिव के माध्यम से लोगों की समस्याओं और सुझावों को संकलित कर सरकार तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। यानी पंचायतों में संवाद के दौरान जो भी महत्वपूर्ण मुद्दे सामने आएंगे, उन्हें सचिव के स्तर पर दर्ज किया जाएगा और संबंधित विभागों व सरकार के समक्ष रखा जाएगा। इससे गांवों की समस्याएं सीधे सरकार के संज्ञान में पहुंच सकेंगी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल लोगों से संवाद करना नहीं, बल्कि उनकी समस्याओं का समाधान करवाने के लिए उन्हें उचित मंच तक पहुंचाना भी है। पंचायतों में सड़कों, पेयजल, बिजली, विकास कार्यों और अन्य स्थानीय जरूरतों से जुड़े मुद्दों पर भी लोगों की राय ली जा रही है। विधायक विवेक शर्मा ने BPL परिवारों के चयन को लेकर कहा कि पात्र लोगों को इसका लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया में वास्तविक रूप से पात्र परिवारों को प्राथमिकता मिले और जरूरतमंद लोग सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहें, इसका ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि 61 पंचायतों से मिलने वाली जनता की आवाज को सचिवों के माध्यम से सरकार तक पहुंचाकर संबंधित समस्याओं पर कार्रवाई करवाने का प्रयास किया जाएगा।
सिरमौर में एक ट्रक को खाई में गिराकर हादसा दिखाने की कोशिश का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि ट्रक में लदा करीब 10 टन सरिया पहले रास्ते में ही बेच दिया गया। इसके बाद ट्रक को खाई में गिरा दिया गया, ताकि पूरा मामला दुर्घटना जैसा लगे। मामले की जांच शुरू होने के बाद पुलिस को घटनाक्रम पर संदेह हुआ। जांच में सामने आए तथ्यों ने कथित साजिश की परतें खोलनी शुरू कर दीं। पुलिस ने ट्रक और सरिए से जुड़े मामले की जांच करते हुए उन परिस्थितियों को खंगाला, जिनमें सरिया गायब हुआ और ट्रक खाई में पहुंचा। पुलिस जांच के चलते साजिश को हादसे का रूप देने की कोशिश नाकाम हो गई। अब मामले में यह पता लगाया जा रहा है कि सरिया किसे बेचा गया, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और ट्रक को खाई में गिराने के पीछे असली मकसद क्या था।
हिमाचल प्रदेश में नशे के कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि नशा तस्करों ने अवैध तरीके से जो संपत्तियां बनाई हैं, उन्हें जब्त किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य नशे के कारोबार से जुड़े लोगों की आर्थिक ताकत को खत्म करना है। सीएम ने कहा कि नशा तस्करी से कमाई गई संपत्ति को किसी भी सूरत में सुरक्षित नहीं रहने दिया जाएगा। कानून के तहत ऐसी संपत्तियों की पहचान कर जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। सरकार यह सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है कि नशे के काले कारोबार से कमाया गया पैसा आखिरकार जनता के हित में इस्तेमाल हो। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि प्रदेश में नशे के खिलाफ अभियान को और तेज किया जाएगा। पुलिस और संबंधित विभागों को नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ उनकी अवैध संपत्तियों का पता लगाने पर भी जोर देने की बात कही गई है। सरकार का मानना है कि केवल तस्करों को गिरफ्तार करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि नशे के पूरे आर्थिक नेटवर्क पर चोट करना जरूरी है। इसी रणनीति के तहत अवैध संपत्तियों को जब्त कर नशे के कारोबार से जुड़े लोगों की कमर तोड़ने की तैयारी है।
लगातार बारिश के चलते कोतवाली-खनियारा सड़क को नुकसान पहुंचा है। सड़क का करीब 20 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे इस मार्ग पर आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है। बारिश जारी रहने पर नुकसान बढ़ने की भी संभावना है। संबंधित विभाग की ओर से सड़क की स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक मरम्मत कार्य किए जाने की जरूरत है।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने रेलवे बोर्ड भवन, शिमला स्थित आयकर विभाग के कार्यालय में तैनात आयकर अधिकारी वरुण खारी के खिलाफ पांच लाख रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में FIR दर्ज की है। आरोप है कि एक कारोबारी पर करीब 18 लाख रुपये की आयकर देनदारी का दबाव बनाकर रकम कम कराने और मामला निपटाने के एवज में रिश्वत मांगी गई। CBI ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। CBI के अनुसार, सोलन जिले के मांगू (अर्की) निवासी कारोबारी लाभचंद को 7 अगस्त को आयकर विभाग की ओर से रिकवरी नोटिस मिला था। इसमें आकलन वर्ष 2017 के लिए 8,97,160 रुपये और वर्ष 2018 के लिए 6,010 रुपये की पेनल्टी जमा करने को कहा गया था। कारोबारी ने अपने कंसल्टेंट के माध्यम से आयकर पोर्टल पर आपत्ति दर्ज कराई। आरोप है कि 8 सितंबर को दस्तावेजों के साथ आयकर अधिकारी से मुलाकात के दौरान 8,97,160 रुपये की पेनल्टी के अलावा करीब 8,97,100 रुपये ब्याज की देनदारी भी बताई गई। इस तरह कुल रकम करीब 17.94 लाख रुपये बताई गई। राहत देने के बदले मांगे पांच लाख आरोप के मुताबिक, कारोबारी को इस देनदारी में राहत दिलाने और मामला निपटाने के बदले आयकर अधिकारी ने पांच लाख रुपये रिश्वत की मांग की। इसके बाद कारोबारी ने CBI में शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद जांच एजेंसी ने 9 सितंबर को शिकायत के सत्यापन की कार्रवाई शुरू की। शुरुआती संपर्क 103 बस स्टॉप के पास हुआ। इसके बाद फागली स्थित सरकारी क्वार्टर में CBI टीम ने बेस कैंप बनाया। सत्यापन के दौरान कंसल्टेंट के कपड़ों में डिजिटल वॉइस रिकॉर्डर लगाया गया और बातचीत रिकॉर्ड की गई। CBI के अनुसार, रिकॉर्डिंग में कथित रिश्वत मांगने से संबंधित बातचीत सामने आई। जांच एजेंसी के मुताबिक, बातचीत के दौरान पहले चार लाख रुपये देने की मांग की गई। बाद में तीन लाख रुपये तत्काल और दो लाख रुपये एक सप्ताह के भीतर देने पर सहमति बनने की बात सामने आई। इसके बाद अधिकारी के व्हाट्सऐप नंबर से कंसल्टेंट को कॉल आने और बातचीत के बाद तीन लाख रुपये लेकर टूटू स्थित पावर हाउस के पास पहुंचने की बात तय होने का आरोप है। शिकायत के सत्यापन के आधार पर CBI ने 9 सितंबर को FIR दर्ज कर ली। मामले की जांच इंस्पेक्टर सुशील को सौंपी गई है। CBI ने आरोपी अधिकारी को पकड़ने के लिए उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। फिलहाल मामले में जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में फर्जी इनवॉइस के जरिए करोड़ों रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) और GST रिफंड के कथित नेटवर्क का खुलासा हुआ है। CGST आयुक्त कार्यालय शिमला के प्रिवेंटिव विंग ने कार्रवाई करते हुए करीब 6.55 करोड़ रुपये के अपात्र ITC का मामला पकड़ा है। इस मामले में त्रिलोकपुर स्थित समय फार्मा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक गौरव जैन को गिरफ्तार किया गया है। जांच के दौरान सामने आया कि समय फार्मा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और ड्यूल हेल्थकेयर ने कथित तौर पर कई फर्जी और गैर-मौजूद सप्लायर फर्मों के बिलों के आधार पर ITC का लाभ लिया। जांच में करीब 5.55 करोड़ रुपये का ITC 10 गैर-मौजूद फर्मों से जुड़े इनवॉइस के जरिए लेने की बात सामने आई है। अधिकारियों को ऐसे बिल भी मिले, जिनमें माल की सप्लाई दिखाई गई थी, लेकिन ई-वे बिल और टोल प्लाजा के रिकॉर्ड में उस माल की वास्तविक आवाजाही की पुष्टि नहीं हो सकी। आरोप है कि फर्जी तरीके से हासिल ITC को GST रिफंड के दावों में शामिल कर सरकारी खजाने से नकद रिफंड लेने का प्रयास किया गया शेल कंपनी बनाकर चल रहा था खेल जांच में फर्जी फर्मों, बिना वास्तविक माल की सप्लाई के इनवॉइस, संदिग्ध अकाउंटिंग एंट्री और शेल इकाइयों के इस्तेमाल के साक्ष्य मिलने का दावा किया गया है। अधिकारियों ने कई लोगों के बयान दर्ज किए हैं और डिजिटल साक्ष्यों, व्हाट्सऐप चैट तथा बैंकिंग लेन-देन की भी जांच की गई। जांच एजेंसी के अनुसार ड्यूल हेल्थकेयर का इस्तेमाल कथित तौर पर शेल इकाई के रूप में किया जा रहा था और इसके संचालन में गौरव जैन की सक्रिय भूमिका सामने आई। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उन्हें केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 69(1) के तहत गिरफ्तार किया गया है। ITC का मतलब: Input Tax Credit यानी कारोबार में खरीदे गए सामान या सेवाओं पर दिए गए GST का क्रेडिट, जिसे नियमों के तहत टैक्स देनदारी में समायोजित किया जा सकता है।
सोलन के रबौण क्षेत्र में एक पिकअप वाहन पलटने से हादसा हो गया। हादसे में पिकअप सवार दो लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रबौण के तीखे मोड़ पर पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में दो लोगों को चोटें आई हैं। हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू की। हादसा किस वजह से हुआ, इसकी पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार हादसे में बड़ा नुकसान टल गया।
हिमाचल प्रदेश में सेब सीजन के बीच बागवानों ने CA (कंट्रोल्ड एटमॉस्फियर) स्टोरेज) कंपनियों की कार्यप्रणाली और भुगतान व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई है। बागवानों का कहना है कि सेब की फसल तैयार करने में वे पूरे साल मेहनत और पैसा लगाते हैं, लेकिन फसल बेचने के बाद भुगतान को लेकर उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बागवानों ने मांग उठाई है कि CA कंपनियों की मनमानी पर रोक लगाई जाए और सेब की बिक्री के बाद भुगतान हाथों-हाथ किया जाए। उनका कहना है कि फसल का पैसा समय पर मिलने से वे अगले सीजन की तैयारी और अन्य जरूरी खर्च आसानी से कर सकेंगे। बागवानों का आरोप है कि कुछ मामलों में भुगतान प्रक्रिया स्पष्ट नहीं होती और उन्हें अपनी ही फसल की रकम के लिए इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग से इस व्यवस्था की निगरानी करने की मांग की है। बागवानों ने साफ कहा कि सेब कारोबार में पारदर्शिता जरूरी है। कंपनियों की शर्तों, सेब की कीमत और भुगतान की प्रक्रिया को स्पष्ट किया जाना चाहिए, ताकि बागवानों के हितों से किसी तरह का समझौता न हो। बागवानों की मांग है कि सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करे और CA कंपनियों के साथ ऐसा नियम तय किया जाए, जिससे सेब की बिक्री और भुगतान की प्रक्रिया आसान, पारदर्शी और समयबद्ध हो।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने तलाक से जुड़े एक मामले में अहम टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया है कि सिर्फ स्टांप पेपर पर आपसी सहमति से तैयार किया गया तलाकनामा विवाह को कानूनी रूप से खत्म नहीं करता। तलाक को वैध बनाने के लिए संबंधित कानूनी प्रक्रिया और अदालत की मंजूरी जरूरी है। कोर्ट ने साफ किया कि पति-पत्नी के बीच समझौता या स्टांप पेपर पर तैयार दस्तावेज अपने आप में तलाक की डिक्री का विकल्प नहीं हो सकता। यानी केवल यह लिख देना कि दोनों पक्ष अलग हो गए हैं, पर्याप्त नहीं है। अदालत की इस टिप्पणी का सीधा मतलब है कि विवाह संबंध खत्म करने के लिए कानून में तय प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। निजी तौर पर तैयार किए गए दस्तावेज के आधार पर कोई व्यक्ति खुद को कानूनी रूप से तलाकशुदा नहीं मान सकता। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में वैवाहिक स्थिति तय करने के लिए सक्षम अदालत की भूमिका अहम है। इसलिए पति-पत्नी को सिर्फ स्टांप पेपर या आपसी समझौते के भरोसे तलाक की कानूनी स्थिति मान लेने से बचना चाहिए।
बिलासपुर एम्स में उपयोग किए जाने वाले डायलिसिस फ्लूइड का सैंपल गुणवत्ता जांच में मानकों पर खरा नहीं उतरा। यह सप्लाई थाईलैंड से प्राप्त हुई थी। सैंपल के असफल पाए जाने के बाद अस्पताल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित बैच की आपूर्ति और उपयोग को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। डायलिसिस फ्लूइड मरीजों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद संबंधित बैच की सप्लाई की समीक्षा की जा रही है। अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि फ्लूइड निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर क्यों खरा नहीं उतरा। सैंपल के असफल पाए जाने के बाद अस्पताल में डायलिसिस सेवाओं और मरीजों की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की भी समीक्षा की जा रही है। प्रशासन की ओर से संबंधित अधिकारियों और सप्लायर से आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है। थाईलैंड से प्राप्त इस सप्लाई के सैंपल की जांच में सामने आई खामी के बाद इसके उपयोग और उपलब्ध स्टॉक का भी सत्यापन किया जा रहा है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट और अधिकारियों के निर्णय के आधार पर की जाएगी।
तकनीकी विश्वविद्यालय में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर छात्र पिछले 23 दिनों से धरने पर बैठे हैं। आंदोलन के बीच छात्रों ने विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़कर विरोध जताया। छात्रों की प्रमुख मांगों में विश्वविद्यालय में स्थायी कुलपति (VC) की नियुक्ति समेत कई मुद्दे शामिल हैं। छात्रों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों को लेकर उचित कदम नहीं उठाया गया है, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। छात्रों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। मुख्य गेट पर ताला लगाने के बाद विश्वविद्यालय में माहौल गरमा गया है। छात्रों का आरोप है कि वे पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हुआ है। अब छात्रों ने आंदोलन को और तेज करने का फैसला लिया है। वहीं, छात्रों के लगातार प्रदर्शन के कारण विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने भी स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। छात्रों की मांग है कि विश्वविद्यालय में स्थायी VC समेत सभी लंबित मुद्दों का जल्द समाधान किया जाए।
शिमला: शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने अपने हालिया दिल्ली दौरे को लेकर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनका दिल्ली जाना व्यक्तिगत कार्यक्रम से जुड़ा था। इस दौरान वरिष्ठ नेताओं से उनकी मुलाकात संयोगवश हुई। वहीं, शिमला जिला परिषद चुनाव में कांग्रेस के कमजोर प्रदर्शन को लेकर रोहित ठाकुर ने चिंता जताई। उन्होंने माना कि चुनावी प्रदर्शन को लेकर पार्टी को गंभीरता से मंथन करने की जरूरत है। शिक्षा मंत्री के बयान से संकेत मिल रहे हैं कि कांग्रेस संगठन और नेतृत्व को लेकर समीक्षा और सुधार की जरूरत महसूस की जा रही है। पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और संगठन को अधिक सक्रिय बनाने पर भी ध्यान दिया जा सकता है। रोहित ठाकुर ने दिल्ली दौरे को लेकर लग रही अटकलों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि इसे किसी राजनीतिक बैठक या विशेष रणनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। वहीं, जिला परिषद चुनाव के नतीजों को लेकर उन्होंने पार्टी के प्रदर्शन पर चिंता जाहिर की है।
नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (NLU) शिमला में विद्यार्थियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई अहम कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने छात्राओं के लिए नए हॉस्टल के निर्माण, कम वोल्टेज की समस्या दूर करने और पीने के पानी की व्यवस्था बेहतर करने के निर्देश दिए हैं। छात्राओं के लिए नया हॉस्टल बनने से उन्हें रहने की बेहतर सुविधा मिलेगी। वहीं, विश्वविद्यालय परिसर में लो वोल्टेज की समस्या का समाधान होने से बिजली व्यवस्था में सुधार होगा। इसके साथ ही पीने के पानी की समस्या को भी दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने और विद्यार्थियों को बेहतर माहौल उपलब्ध करवाने पर जोर दिया। वहीं, NLU के कुलपति ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार जताया। उन्होंने विश्वविद्यालय की जरूरतों को गंभीरता से लेने और विद्यार्थियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार की ओर से दिए गए सहयोग के लिए धन्यवाद किया।
हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में बारिश और प्राकृतिक आपदाओं ने भारी नुकसान पहुंचाया है। 30 जून से 10 सितंबर 2026 तक प्रदेश में 1,63,882.59 लाख रुपये यानी करीब 1,638.83 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से जारी संचयी रिपोर्ट में सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, प्राकृतिक आपदाओं के कारण अब तक 116 लोगों की मौत हुई है। इनमें भूस्खलन से 18, डूबने से 15, बिजली गिरने से 12 और पेड़ या बड़ी चट्टान गिरने से 40 लोगों की मौत शामिल है। इसके अलावा 10 मौतें सड़क हादसों में दर्ज की गई हैं। रिपोर्ट में 172 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में भी दर्ज होने का उल्लेख है। कांगड़ा में सबसे ज्यादा नुकसान जिला स्तर पर सबसे अधिक नुकसान कांगड़ा में 447.17 लाख रुपये दर्ज किया गया है। इसके बाद मंडी में 297.57 लाख, चंबा में 294.10 लाख, शिमला में 376.65 लाख और सोलन में 164.88 लाख रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है। 70 सड़कें बंद लगातार बारिश के कारण प्रदेश में 70 सड़कें बंद हैं। इनमें सबसे ज्यादा मंडी में 30 सड़कें, कुल्लू में 11, शिमला में 11, कांगड़ा में 10, सिरमौर में 4, ऊना में 3 और लाहौल-स्पीति में 1 सड़क बंद है। इनमें मंडी के सराज की 25, सुंदरनगर की 1, सरकाघाट की 3 और थलौट की 1 सड़क शामिल है। कुल्लू में कुल्लू उपमंडल की 4, बंजार की 2, आनी की 3 और निरमंड की 2 सड़कें प्रभावित हैं। बिजली-पानी की सप्लाई भी प्रभावित बारिश का असर बिजली और पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ा है। शिमला जिले में 2 बिजली ट्रांसफार्मर और 2 पेयजल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं। प्रशासन की ओर से बंद मार्गों को खोलने और प्रभावित क्षेत्रों में सुविधाएं बहाल करने के प्रयास जारी हैं। बारिश से बचाव और बहाली की चुनौती लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन बंद मार्गों को खोलने के साथ बिजली और पेयजल व्यवस्था बहाल करने में जुटा है। लोगों को मौसम और सड़क की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
पालमपुर: हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में भाजपा महिला मोर्चा ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ आक्रोश रैली निकालकर जमकर प्रदर्शन किया। महिला मोर्चा ने कांग्रेस सरकार को चुनाव के दौरान किए गए 1500 रुपये देने के वादे की याद दिलाई और सरकार से जवाब मांगा। प्रदर्शन के दौरान भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। महिलाओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले महिलाओं से कई बड़े वादे किए थे, लेकिन सरकार बनने के बाद उन वादों को पूरा करने में गंभीरता नहीं दिखाई गई। महिला मोर्चा ने कहा कि 1500 रुपये देने का वादा महिलाओं के सम्मान और आर्थिक मदद से जुड़ा था, लेकिन लंबे समय बाद भी महिलाएं इस वादे के पूरा होने का इंतजार कर रही हैं। इसी मुद्दे को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ अपना रोष जताया। रैली के दौरान भाजपा नेताओं और महिला कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को चुनावी वादों को याद रखना चाहिए और जनता से किए गए वादों को पूरा करना चाहिए। भाजपा महिला मोर्चा ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने महिलाओं से किए वादों को जल्द पूरा नहीं किया, तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज शिक्षा विभाग की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें सीबीएसई स्कूलों के शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड, विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म तथा स्कूल भवनों के लिए रंग योजना को अंतिम रूप देने के संबंध में चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि सीबीएसई स्कूलों के विद्यार्थियों की विशिष्ट यूनिफॉर्म हरे रंग की थीम पर आधारित होगी। इन स्कूलों की महिला शिक्षिकाएं हल्के लाइलैक (बैंगनी) रंग की पोशाक पहनेंगी, जबकि पुरुष शिक्षक हल्के नीले रंग की पैंट और शर्ट पहनेंगे। इन स्कूलों के भवनों को ऑलिव ग्रीन और सैंड बेज रंगों से रंगा जाएगा। शिक्षकों का ड्रेस कोड साफ-सुथरा, औपचारिक, शालीन और पेशेवर होगा तथा इसमें न्यूनतम सहायक वस्तुओं का प्रयोग किया जाएगा। डयूटी के दौरान शिक्षकों को अपना पहचान पत्र पहनना भी अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को उनके घरों के नजदीक गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार ने सीबीएसई स्कूलों में आवश्यक आधारभूत ढांचे के विकास तथा विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 80 करोड़ रुपये जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों के लिए अतिरिक्त 5 करोड़ रुपये भी जारी कर दिए जाएंगे।
नशे के कारोबार से कथित तौर पर कमाई कर बनाई गई संपत्ति पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। नूरपुर में एक आरोपी की करीब 3.32 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई आरोपी की नशे से जुड़ी गतिविधियों और उससे अर्जित संपत्ति के मामले में की गई है। जांच के दौरान सामने आई संपत्तियों पर कार्रवाई करते हुए संबंधित विभाग ने इन्हें जब्त कर लिया। सरकार और पुलिस की ओर से नशे के कारोबार पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। अब नशे के कारोबार से कमाई करने वालों की सिर्फ गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि उनकी अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों पर भी कार्रवाई की जा रही है। नूरपुर में हुई इस कार्रवाई को नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। 3.32 करोड़ की संपत्ति जब्त होने से नशे के कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के रहने वाले तलवारबाज विश्वजीत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और हिमाचल का नाम रोशन किया है। थाईलैंड में आयोजित तलवारबाजी प्रतियोगिता में विश्वजीत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए मेडल जीता। विश्वजीत की इस उपलब्धि से उनके परिवार, कोच और पूरे सिरमौर में खुशी की लहर है। उन्होंने कड़ी मेहनत और लगातार अभ्यास के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। विश्वजीत का सफर यहीं खत्म नहीं हुआ है। उनका अगला बड़ा सपना ओलंपिक में भारत के लिए पदक जीतना है। इसके लिए वह लगातार अपनी फिटनेस, तकनीक और खेल प्रदर्शन को बेहतर बनाने में जुटे हैं। विश्वजीत का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के लिए पदक जीतना उनके लिए गर्व का पल है। अब वह ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने का सपना पूरा करना चाहते हैं। सिरमौर के इस युवा खिलाड़ी की सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि हिमाचल की प्रतिभाएं मेहनत और लगन के दम पर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच सकती हैं।
हिमाचल प्रदेश की धरती एक बार फिर देश की महिला भारोत्तोलन प्रतिभाओं के दमखम की गवाह बनेगी। जनवरी 2027 में कांगड़ा के इंदौरा में महिला राष्ट्रीय लीग का आयोजन होने जा रहा है। इस लीग में देश की नामी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी ताकत का लोहा मनवा चुकी महिला भारोत्तोलकों के उतरने की उम्मीद है। ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू समेत कई दिग्गज खिलाड़ी प्रतियोगिता में दम दिखाएंगी। पहले भी आयोजित हो चुकी इस लीग की मेजबानी इस बार कांगड़ा को मिली है। इससे प्रदेश के खेल प्रेमियों को राष्ट्रीय स्तर के रोमांचक मुकाबले देखने का मौका मिलेगा। महिला राष्ट्रीय लीग में देश के अलग-अलग हिस्सों से शीर्ष महिला भारोत्तोलक हिस्सा लेंगी। प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वालों में मीराबाई चानू के अलावा पूनम यादव, हरजिंदर कौर, रेणुबाला चानू और मोनिका देवी जैसी अनुभवी खिलाड़ियों के नाम भी चर्चा में हैं। हालांकि खिलाड़ियों की अंतिम सूची आयोजन के नजदीक तय होगी। अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकीं इन खिलाड़ियों की मौजूदगी से प्रतियोगिता का स्तर और रोमांच दोनों बढ़ने की उम्मीद है। इंदौरा में राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता के आयोजन से हिमाचल के उभरते भारोत्तोलकों को भी बड़ा मंच मिलेगा। खासकर प्रदेश की युवा महिला खिलाड़ियों को देश की शीर्ष खिलाड़ियों को करीब से देखने और उनके खेल से सीखने का अवसर मिलेगा। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर खेल विशेषज्ञों और चयनकर्ताओं की भी नजर रहेगी। भारतीय भारोत्तोलन महासंघ के कोषाध्यक्ष प्रदीप कुमार शर्मा ने कहा कि महिला राष्ट्रीय लीग का इंदौरा में आयोजन हिमाचल के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह प्रतियोगिता पहले भी आयोजित हो चुकी है और इस बार कांगड़ा को इसकी मेजबानी मिली है। लीग में देश की प्रमुख महिला भारोत्तोलकों को शामिल करने का प्रयास रहेगा।
मंडी हेड पोस्ट ऑफिस में पैसों से जुड़ी गड़बड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। मामले में एक महिला कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक, एक व्यक्ति की शिकायत के बाद विभाग ने मामले की जांच शुरू की। जांच में पैसों के लेन-देन में गड़बड़ी सामने आने के बाद महिला कर्मचारी पर कार्रवाई की गई। मामले की पूरी सच्चाई जानने के लिए विभाग ने जांच कमेटी बनाई है। कमेटी यह पता लगाएगी कि कितने रुपये की गड़बड़ी हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। फिलहाल विभाग ने गबन की सही रकम का खुलासा नहीं किया है। सस्पेंड महिला कर्मचारी की नई तैनाती सुंदरनगर हेड पोस्ट ऑफिस में की गई है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई होगी।
गोपी जैक्स ने आरोप लगाया कि प्रदेश में होने वाले कई बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बाहरी राज्यों से कलाकारों को बुलाकर उन पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, जबकि स्थानीय कलाकारों को नाममात्र का मानदेय दिया जाता है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब हिमाचल की लोक संस्कृति को स्थानीय कलाकार ही अपनी कला के जरिए आगे बढ़ा रहे हैं तो उन्हें उचित आर्थिक सम्मान क्यों नहीं दिया जाता.
हिमाचल राज्य चयन आयोग हमीरपुर ने राजनीतिक शास्त्र शिक्षक के 95 पदों के लिए आयोजित कंप्यूटर आधारित स्क्रीनिंग टेस्ट का परिणाम घोषित कर दिया है। पोस्ट कोड 26028 के तहत शिक्षक राजनीतिक शास्त्र के इन पदों के लिए कुल 3650 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इनमें से 3002 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 648 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। आयोग ने परीक्षा में प्रदर्शन और निर्धारित अनुपात के आधार पर 239 अभ्यर्थियों को आगामी चयन प्रक्रिया और दस्तावेज सत्यापन के लिए अस्थायी रूप से शॉर्टलिस्ट किया है। इन पदों के लिए कंप्यूटर आधारित स्क्रीनिंग टेस्ट 29 जुलाई 2026 को आयोजित किया गया था। 95 पदों में सामान्य वर्ग के 36, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 12, स्वतंत्रता सेनानी वार्ड के एक, अन्य पिछड़ा वर्ग के 16, अन्य पिछड़ा वर्ग बीपीएल के तीन, अनुसूचित जाति के 18, अनुसूचित जाति बीपीएल के तीन, अनुसूचित जाति स्वतंत्रता सेनानी वार्ड का एक, अनुसूचित जनजाति के चार और अनुसूचित जनजाति बीपीएल का एक पद शामिल है।
भारत में डाक और लॉजिस्टिक सेवा का इतिहास सदियों पुराना है एक समय था, जब डाकिया पैदल या साइकिल से मीलों का सफर तय कर गांवों तक चिट्ठियां और जरूरी दस्तावेज पहुंचाता था, लेकिन बदलते भारत में तकनीक ने इस पारंपरिक व्यवस्था को भी पंख दे दिए हैं. देश के सबसे बड़े सार्वजनिक डाक नेटवर्क इंडिया पोस्ट और टेक्नोलॉजी आधारित ड्रोन कंपनी Sky Air के सहयोग से शुरू हुई ड्रोन डिलीवरी व्यवस्था अब हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में डाक पहुंचाने के तरीके को बदल रही है. हिमाचल प्रदेश के मंडी के रेहड़धार से सबसे पहले 12 जून 2026 से ड्रोन के माध्यम से डाक सेवा शुरू की गई थी. मंडी में शुरू हुई इस ड्रोन डाक सेवा का लगातार विस्तार किया जा रहा है. 17 अगस्त 2026 को इस नेटवर्क में चार और शाखा डाकघरों को जोड़ा गया. ये जानकारी मंडी पोस्ट ऑफिस के सीनियर सुपरिटेंडेंट संजय ने दी. संजय ने कहा कि 'मंडी मुख्य डाकघर मंडी से रेहड़धार, पधियूं, जोगिंद्रनगर, ब्यू, रंधाडा, अलाथू, टिल्ली, मझवाड़ तक ड्रोन डाक लेकर उड़ान भर रहे हैं, इन सभी स्थानों की दूरी मंडी हेड पोस्ट ऑफिस से 9 से 15 किलोमीटर के बीच है. पहले इन इलाकों तक सड़क मार्ग से पहुंचने में दो से तीन घंटे लग जाते थे, वहीं ड्रोन अब इन स्थानों तक महज 5 से 10 मिनट में डाक पहुंचा रहा है, सुबह 9 से 10 बजे के बीच मंडी से संबंधित शाखा डाकघरों के लिए रोजाना ड्रोन के माध्यम से 7 से 10 किलो ग्राम डाक भेजी जाती है, जिनके माध्यम से विभिन्न शाखा डाकघरों तक डाक पहुंचाई जा रही है. इसके अतिरिक्त मंडी डिवीजन के केलांग को भी जल्द ही ड्रोन व्यवस्था से जोड़ा जाएगा.' खास बात यह है कि ड्रोन से ब्रांच ऑफिस तक पहुंचने वाली डाक का वितरण भी उसी दिन कर दिया जाता है. इससे लोगों को डाक और जरूरी सेवाओं के लिए पहले की तुलना में काफी कम इंतजार करना पड़ रहा है. हालांकि बरसात के दौरान खराब मौसम के चलते यह सेवा दो से तीन दिन तक प्रभावित हुई है. मौसम की स्थिति को देखते हुए ड्रोन की उड़ान का समय भी बदला जाता है. इसके बावजूद पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों तक डाक पहुंचाने की दिशा में ड्रोन डाक सेवा तकनीक के इस्तेमाल की एक नई पहल साबित हो रही है. Sky Air संस्थान के मुख्य कार्यालय गुरुग्राम से मैनेजमेंट सदस्य सुभाष दुबे ने बताया कि 'ड्रोन की रेंज करीब 15 से 20 किलोमीटर तक है, हिमाचल प्रदेश में ड्रोन आधारित डाक सेवा के नेटवर्क को लगातार मजबूत किया जा रहा है. वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में 15 ड्रोन संचालित किए जा रहे हैं, जबकि ड्रोन सेवा से करीब 110 डाकघरों को जोड़ा गया है. इस ड्रोन की सबसे बड़ी खासियत इसका फिजिकल एआई और मशीन लर्निंग से लैस होना है तेज हवाओं, घने बादलों और अचानक बदलते मौसम का ये रियल टाइम में आकलन कर सकता है. जरूरत पड़ने पर ड्रोन अपना रूट खुद बदलने में सक्षम है. यही तकनीक इसे हिमाचल जैसे दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए खास बनाती है. ड्रोन माइनस 10 से 50 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में काम करने में सक्षम है. यानी पहाड़ों की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में ड्रोन डाक सेवा न सिर्फ समय और दूरी को कम कर रही है. बल्कि दूरदराज के क्षेत्रों तक तेज और आधुनिक डाक सुविधा पहुंचाने की दिशा में एक नई मिसाल भी पेश कर रही है. तकनीक के इस इस्तेमाल से आने वाले समय में हिमाचल के और भी दुर्गम इलाकों तक डाक सेवा को पहुंचाना आसान हो सकता है.
मंडी: नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार चलाने के बजाय पूरा मंत्रिमंडल दिल्ली में डेरा डाले हुए है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की जनता की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय सरकार के मंत्री दिल्ली की राजनीति में व्यस्त हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हिमाचल में आम लोग कई परेशानियों से जूझ रहे हैं। विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और जनता अपनी समस्याओं को लेकर सरकार की ओर देख रही है, लेकिन मुख्यमंत्री समेत मंत्रिमंडल के सदस्य दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रदेश में सरकार की जरूरत है, तब मंत्री दिल्ली में क्यों बैठे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को दिल्ली की राजनीति के बजाय हिमाचल के लोगों और प्रदेश के विकास पर ध्यान देना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश की जनता ने उन्हें शासन चलाने की जिम्मेदारी दी है, न कि लगातार दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त रहने की। उन्होंने सरकार से जनता की समस्याओं का समाधान करने और प्रदेश में विकास कार्यों को गति देने की मांग की।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच हिमाचल प्रदेश के बाढ़ प्रभावित नदी क्षेत्रों में वैज्ञानिक ड्रेजिंग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि अत्यधिक बारिश, बाढ़ और फ्लैश फ्लड के कारण हिमाचल की नदियों में बड़ी मात्रा में मलबा, बोल्डर, पत्थर और रेत जमा हो जाती है। इससे नदियों की पानी ले जाने की क्षमता प्रभावित होती है और आसपास की मानव बस्तियों, सड़कों, पुलों, वनों तथा अन्य महत्वपूर्ण ढांचे पर बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि आपदा के जोखिम को कम करने के लिए ऐसे संवेदनशील नदी क्षेत्रों में वैज्ञानिक और समयबद्ध ड्रेजिंग जरूरी है।
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के चौपाल क्षेत्र से एक विवाहिता के साथ कथित यौन उत्पीड़न और धमकी का गंभीर मामला सामने आया है। 28 वर्षीय महिला ने पुलिस को दी शिकायत में एक व्यक्ति पर जबरदस्ती करने और बाद में उसके विरोध करने पर महिला, उसके पति तथा दो छोटे बच्चों को जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए चौपाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुख्य आरोपी दिला राम शर्मा और उसके दो बेटों संतोष तथा नारायण दत्त के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हिमाचल प्रदेश में एक ही विभाग के तहत आने वाले तीन सार्वजनिक उपक्रमों (कॉरपोरेशनों) के कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की अलग-अलग दर को लेकर सवाल उठा है. ऊर्जा विभाग के अधीन आने वाले हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड (HPSEBL), हिमाचल प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPPTCL) और हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPPCL) में कर्मचारियों को एक समान दर से महंगाई भत्ता नहीं मिल रहा है. हाल ही में हुए विधानसभा के मानसून सत्र में यह मामला उठने के बाद सरकार ने इसकी वजह स्पष्ट की. दरअसल, पांवटा साहिब से भाजपा विधायक सुख राम चौधरी ने विधानसभा में सरकार से पूछा था कि HPSEBL और HPPTCL के कर्मचारियों को 60 फीसदी, जबकि HPPCL के कर्मचारियों को केवल 45 फीसदी DA क्यों मिल रहा है? विधायक ने सरकार से इस अंतर की वजह जाननी चाही. सरकार ने क्या कहा? सरकार ने लिखित जवाब में स्पष्ट किया कि यह कहना पूरी तरह सही नहीं है कि अलग-अलग उपक्रमों के सभी कर्मचारियों को केवल कंपनी या उपक्रम के आधार पर 60 या 45 फीसदी DA दिया जा रहा है. सरकार के मुताबिक, इन उपक्रमों में कार्यरत कर्मचारी अलग-अलग पेंशन और भविष्य निधि (Provident Fund) व्यवस्था के तहत आते हैं. सरकार ने बताया कि नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों को वर्तमान में 60 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है. वहीं, एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) और ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को 45 फीसदी की दर से DA मिल रहा है. हिमाचल प्रदेश में एक ही विभाग के तहत आने वाले तीन सार्वजनिक उपक्रमों (कॉरपोरेशनों) के कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की अलग-अलग दर को लेकर सवाल उठा है. ऊर्जा विभाग के अधीन आने वाले हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड (HPSEBL), हिमाचल प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPPTCL) और हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPPCL) में कर्मचारियों को एक समान दर से महंगाई भत्ता नहीं मिल रहा है. हाल ही में हुए विधानसभा के मानसून सत्र में यह मामला उठने के बाद सरकार ने इसकी वजह स्पष्ट की. दरअसल, पांवटा साहिब से भाजपा विधायक सुख राम चौधरी ने विधानसभा में सरकार से पूछा था कि HPSEBL और HPPTCL के कर्मचारियों को 60 फीसदी, जबकि HPPCL के कर्मचारियों को केवल 45 फीसदी DA क्यों मिल रहा है? विधायक ने सरकार से इस अंतर की वजह जाननी चाही. सरकार ने क्या कहा? सरकार ने लिखित जवाब में स्पष्ट किया कि यह कहना पूरी तरह सही नहीं है कि अलग-अलग उपक्रमों के सभी कर्मचारियों को केवल कंपनी या उपक्रम के आधार पर 60 या 45 फीसदी DA दिया जा रहा है. सरकार के मुताबिक, इन उपक्रमों में कार्यरत कर्मचारी अलग-अलग पेंशन और भविष्य निधि (Provident Fund) व्यवस्था के तहत आते हैं. सरकार ने बताया कि नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों को वर्तमान में 60 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है. वहीं, एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) और ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को 45 फीसदी की दर से DA मिल रहा है. हिमाचल प्रदेश में एक ही विभाग के तहत आने वाले तीन सार्वजनिक उपक्रमों (कॉरपोरेशनों) के कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की अलग-अलग दर को लेकर सवाल उठा है. ऊर्जा विभाग के अधीन आने वाले हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड (HPSEBL), हिमाचल प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPPTCL) और हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPPCL) में कर्मचारियों को एक समान दर से महंगाई भत्ता नहीं मिल रहा है. हाल ही में हुए विधानसभा के मानसून सत्र में यह मामला उठने के बाद सरकार ने इसकी वजह स्पष्ट की. दरअसल, पांवटा साहिब से भाजपा विधायक सुख राम चौधरी ने विधानसभा में सरकार से पूछा था कि HPSEBL और HPPTCL के कर्मचारियों को 60 फीसदी, जबकि HPPCL के कर्मचारियों को केवल 45 फीसदी DA क्यों मिल रहा है? विधायक ने सरकार से इस अंतर की वजह जाननी चाही. सरकार ने क्या कहा? सरकार ने लिखित जवाब में स्पष्ट किया कि यह कहना पूरी तरह सही नहीं है कि अलग-अलग उपक्रमों के सभी कर्मचारियों को केवल कंपनी या उपक्रम के आधार पर 60 या 45 फीसदी DA दिया जा रहा है. सरकार के मुताबिक, इन उपक्रमों में कार्यरत कर्मचारी अलग-अलग पेंशन और भविष्य निधि (Provident Fund) व्यवस्था के तहत आते हैं. सरकार ने बताया कि नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों को वर्तमान में 60 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है. वहीं, एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) और ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को 45 फीसदी की दर से DA मिल रहा है. हिमाचल में एक ही विभाग के कर्मचारियों को क्यों दिया जा रहा अलग-अलग डा? हिमाचल प्रदेश में एक ही विभाग के तहत आने वाले तीन सार्वजनिक उपक्रमों (कॉरपोरेशनों) के कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की अलग-अलग दर को लेकर सवाल उठा है. ऊर्जा विभाग के अधीन आने वाले हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड (HPSEBL), हिमाचल प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPPTCL) और हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPPCL) में कर्मचारियों को एक समान दर से महंगाई भत्ता नहीं मिल रहा है. हाल ही में हुए विधानसभा के मानसून सत्र में यह मामला उठने के बाद सरकार ने इसकी वजह स्पष्ट की. दरअसल, पांवटा साहिब से भाजपा विधायक सुख राम चौधरी ने विधानसभा में सरकार से पूछा था कि HPSEBL और HPPTCL के कर्मचारियों को 60 फीसदी, जबकि HPPCL के कर्मचारियों को केवल 45 फीसदी DA क्यों मिल रहा है? विधायक ने सरकार से इस अंतर की वजह जाननी चाहीI सरकार ने लिखित जवाब में स्पष्ट किया कि यह कहना पूरी तरह सही नहीं है कि अलग-अलग उपक्रमों के सभी कर्मचारियों को केवल कंपनी या उपक्रम के आधार पर 60 या 45 फीसदी DA दिया जा रहा है. सरकार के मुताबिक, इन उपक्रमों में कार्यरत कर्मचारी अलग-अलग पेंशन और भविष्य निधि (Provident Fund) व्यवस्था के तहत आते हैं. सरकार ने बताया कि नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों को वर्तमान में 60 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है. वहीं, एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) और ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को 45 फीसदी की दर से DA मिल रहा है.
जिला शिमला के रामपुर उपमंडल में बीपीएल श्रेणी के तहत चयनित लोगों को जारी किए गए आय प्रमाण पत्रों की अब दोबारा जांच की जाएगी. उपमंडल अधिकारी (नागरिक) रामपुर बुशहर की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर संबंधित राजस्व अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. आदेश के अनुसार 50 हजार और 75 हजार तक की वार्षिक आय दर्शाने वाले उन सभी आय प्रमाण पत्रों का पुनः सत्यापन किया जाएगा, जो बीपीएल श्रेणी में चयनित व्यक्तियों को जारी किए गए हैं.पुनः सत्यापन के दौरान संबंधित तहसीलदार और नायब तहसीलदार प्रत्येक मामले में जांच करेंगे. यह जांच संबंधित ग्राम पंचायत सचिव, पटवारी, ग्राम पंचायत प्रधान और संबंधित वार्ड सदस्य की समिति के साथ परामर्श कर की जाएगी. जांच में संबंधित व्यक्ति और परिवार की वास्तविक आय, आर्थिक स्थिति और आय प्रमाण पत्र जारी करने के आधार की पड़ताल की जाएगी. इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि प्रमाण पत्र उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड और मौके की वास्तविक स्थिति के अनुरूप है या नहीं.प्रत्येक आय प्रमाण पत्र की सत्यापन रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसमें स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाएगा कि जांच के बाद प्रमाण पत्र सही पाया गया है अथवा नहीं. एसडीएम कार्यालय ने संबंधित अधिकारियों को यह पूरी प्रक्रिया 15 सितंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं. मामले को अति आवश्यक और समयबद्ध बताया गया है.
हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू, उनकी कैबिनेट के कुछ मंत्री और बड़े अफसर इस समय दिल्ली में हैं. सीएम सुक्खू के अलावा तीन कैबिनेट मंत्री दिल्ली दौरे पर हैं. सीएम के साथ राज्य के टॉप ब्यूरोक्रेट्स भी राजधानी में डेरा डाले हुए हैं. मुख्य सचिव केके पंत के अलावा अन्य बड़े अफसर सीएम के साथ हैं. दिल्ली में हिमाचल को लेकर कुछ बड़े घटनाक्रम देखने को मिलेंगे. सीएम सुक्खू केंद्रीय नेताओं से मिलेंगे और साथ ही अपनी पार्टी के नेताओं से भी मिलने का कार्यक्रम है. सीएम दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित अन्य नेताओं से मुलाकात करेंगे. इसके अलावा शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान एवं कृषि और पशुपालन मंत्री चौधरी चंद्र कुमार भी दिल्ली में हैं. शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर दिल्ली में साक्षरता दिवस पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. वहीं, सोमवार देर शाम दिल्ली पहुंचे सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू आज यानी मंगलवार (8 सितंबर) सुबह केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात करेंगे. मीटिंग का एजेंडा कुल्लू-मनाली एवं मंडी में ब्यास नदी की ड्रेजिंग को लेकर तय है. हिमाचल प्रदेश का एक कंसर्न मानसून सीजन में आपदा से प्रभावित लोगों को वन भूमि का आवंटन सुनिश्चित करना भी है. सीएम सुक्खू ने इस मामले में ऐलान किया है कि आपदा प्रभावितों को जरूरत के अनुसार वन भूमि दी जाएगी. इसके लिए केंद्रीय वन व पर्यावरण मंत्रालय की मंजूरी जरूरी है. मंगलवार शाम को ही सीएम सुक्खू की केंद्रीय वित्त मंत्री से मुलाकात तय है. निर्मला सीतारमण के साथ मीटिंग में सीएम एवं मुख्य सचिव सहित अन्य अफसर भी रहेंगे. इस दौरान हिमाचल प्रदेश के वित्तीय मसलों पर चर्चा होगी. साथ ही हिमाचल प्रदेश प्राईड ऑफ हिल्स नाम से शुरू किए गए फंड में केंद्र से और अधिक रकम प्रदान किए जाने की मांग करेगा. इस दौरान हिमाचल प्रदेश पिछले सीजन में पीएम नरेंद्र मोदी की तरफ से घोषित किए गए पैकेज को लेकर भी अपना पक्ष रखेगा. सीएम सुक्खू का दो अन्य केंद्रीय मंत्रियों से मिलने का संभावित कार्यक्रम है. विभिन्न केंद्रीय नेताओं के साथ मुलाकात के दौरान राज्य के मुख्य सचिव केके पंत, दिल्ली में सीएम के ऊर्जा सलाहकार रामसुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी नजीम, शिक्षा सचिव और सीएम के सचिव का कार्यभार देख रहे आईएएस राकेश कंवर आदि मौजूद रहेंगे.
शिमला। हिमाचल प्रदेश में स्वाइन फ्लू का एक और मामला सामने आया है। आईजीएमसी शिमला में छह माह की बच्ची की स्वाइन फ्लू रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। बच्ची कुल्लू जिले की रहने वाली है। तेज बुखार के बाद परिजन उसे उपचार के लिए आईजीएमसी लेकर पहुंचे थे। डॉक्टरों ने बच्ची के लक्षणों को देखते हुए स्वाइन फ्लू की जांच कराने की सलाह दी। सैंपल जांच के लिए भेजा गया, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद बच्ची को आईजीएमसी में ही उपचार और निगरानी में रखा गया I मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है। अस्पतालों में वायरल संक्रमण जैसे लक्षणों वाले मरीजों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर रैंडम सैंपलिंग करने को भी कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों को अलर्ट रहने और संदिग्ध मरीजों की समय पर जांच करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. यशपाल रांटा ने छह माह की बच्ची के स्वाइन फ्लू पॉजिटिव होने की पुष्टि की है। उन्होंने लोगों से सावधानी बरतने और लक्षण दिखाई देने पर समय पर डॉक्टर से संपर्क करने की अपील की है। स्वाइन फ्लू में तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण हो सकते हैं। बच्चों में सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक सुस्ती या दूध-पानी कम पीना गंभीर संकेत हो सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतने, हाथ साफ रखने और फ्लू जैसे लक्षण होने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है। गौरतलब है कि प्रदेश में हाल के दिनों में स्वाइन फ्लू के कई मामले सामने आए हैं, जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग पहले से ही निगरानी बढ़ा चुका है।
शिमला। कभी देश के सबसे कम साक्षर राज्यों में शामिल हिमाचल प्रदेश ने अब साक्षरता के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई है। वर्ष 1951 में प्रदेश की साक्षरता दर सिर्फ 7.98 फीसदी थी, जो अब बढ़कर 99.5 फीसदी हो गई है। इस उपलब्धि के साथ हिमाचल देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। 99.7 फीसदी साक्षरता के साथ गोवा पहले नंबर पर है। अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के मौके पर 8 सितंबर को नई दिल्ली में शिक्षा मंत्रालय के कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश को पूर्ण साक्षरता की उपलब्धि के लिए सम्मानित किया जाएगा। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर कार्यक्रम में बतौर विशेष अतिथि शामिल होंगे। प्रदेश की ओर से साक्षरता अभियान की उपलब्धियों और काम करने के तरीके की प्रस्तुति भी दी जाएगी। आजादी के बाद हिमाचल के सामने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी चुनौती थी। 1951 में प्रदेश की कुल साक्षरता दर केवल 7.98 फीसदी थी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 1961 में यह 21.03 फीसदी, 1971 में 31.71 फीसदी, 1981 में 42.33 फीसदी, 1991 में 63.75 फीसदी, 2001 में 76.48 फीसदी और 2011 में 82.80 फीसदी पहुंची। इसके बाद लगातार चलाए गए शिक्षा और साक्षरता अभियानों से प्रदेश ने तेजी से प्रगति की। कठिन पहाड़ी भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद दूरदराज के क्षेत्रों तक स्कूल और शिक्षा की सुविधा पहुंचाने पर जोर दिया गया। साक्षरता अभियान के तहत वर्ष 2023-24 में 94,930 निरक्षरों की पहचान की गई थी। इनमें से दो वर्षों में 66 हजार से ज्यादा लोगों को साक्षर बनाया गया। अब प्रदेश में करीब 28,480 निरक्षर लोग शेष हैं। अभियान में केवल पढ़ना-लिखना ही नहीं, बल्कि लोगों को बुनियादी गणना, डिजिटल भुगतान, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल और ऑनलाइन सेवाओं की जानकारी भी दी गई। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि साक्षरता की बड़ी चुनौती पार करने के बाद अब सरकार का फोकस शिक्षा की गुणवत्ता और सरकारी स्कूलों-कॉलेजों को मजबूत करने पर है। उन्होंने शिक्षकों की नियुक्ति, तबादलों में पारदर्शिता और स्कूलों में बेहतर व्यवस्था पर जोर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में कम छात्र संख्या वाले कई शिक्षण संस्थानों को लेकर सरकार को नए सिरे से विचार करना होगा। सरकारी स्कूलों में पिछले 15 वर्षों में करीब चार लाख छात्रों की कमी को उन्होंने बड़ी चुनौती बताया। यानी 1951 में 7.98 फीसदी से शुरू हुआ हिमाचल का साक्षरता सफर आज 99.5 फीसदी तक पहुंच चुका है। अब प्रदेश की अगली चुनौती हर व्यक्ति तक शिक्षा की पहुंच के साथ-साथ सरकारी शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाना है।
IEC विश्वविद्यालय में धूमधाम से मनाया गया शिक्षक दिवस, सांस्कृतिक कार्यक्रमों से छात्रों ने जीता गुरुओं का दिल अटल शिक्षा कुंज, कालू झंडा। अटल शिक्षा कुंज, कालू झंडा स्थित IEC विश्वविद्यालय में भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर शिक्षक दिवस बेहद उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के छात्र-छात्राओं ने अपने प्राध्यापकों और गुरुजनों के सम्मान में कई विशेष कार्यक्रम आयोजित किए। कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. प्रल्हाद गुप्ता और वरिष्ठ संकाय सदस्यों द्वारा दीप प्रज्वलित कर तथा डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद छात्रों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इनमें शास्त्रीय नृत्य, संगीत और शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करने वाली लघु नाटिकाएं शामिल रहीं। छात्रों ने अपने शिक्षकों को स्मृति चिह्न भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान पूरे परिसर में उत्साह और खुशी का माहौल रहा। समारोह को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. प्रल्हाद गुप्ता ने कहा कि एक शिक्षक का दायित्व केवल किताबी ज्ञान देना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र का निर्माण करना और उन्हें समाज का जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। उन्होंने सभी प्राध्यापकों को उनके निरंतर मार्गदर्शन और शिक्षा के प्रति समर्पण के लिए धन्यवाद दिया।
कांग्रेस कमेटी महासचिव विवेक कुमार ने किया खेलों का आगाज, 11 पाठशालाओं की करीब 147 छात्राएं ले रही हैं भाग बरठी, 7 सितंबर। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बरठी में सोमवार को बरठी जोन की अंडर-19 छात्रा खेलकूद प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता का आगाज प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव विवेक कुमार ने किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न पाठशालाओं से पहुंची खिलाड़ी छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए खेलों को खेल भावना के साथ खेलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खेल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेलों से जहां विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है, वहीं आपसी भाईचारे एवं सहयोग की भावना भी मजबूत होती है। उन्होंने छात्राओं से प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के साथ-साथ खेल भावना को सर्वोपरि रखने का आग्रह किया। प्रतियोगिता में बरठी जोन की 11 पाठशालाओं से करीब 147 खिलाड़ी छात्राएं विभिन्न खेलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। प्रतियोगिता को लेकर छात्राओं में खासा उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस झंडूत्ता अध्यक्ष विजय कौशल, ग्राम पंचायत गंढीर के प्रधान राजकुमार कौशल, पंचायत प्रधान बरठी उमा शर्मा, उपप्रधान राकेश मेहता, वासुदेव गौतम, परमजीत धीमान, कैप्टन वेद प्रकाश, यशपाल कौशल, सीपीएस प्रधानाचार्य स्वदेश कुमारी, नरेश धीमान, विशन दास, सूबेदार अनिल कुमार, रिंकू, उपप्रधान बड़गांव ओम प्रकाश, एसएमसी प्रधान कुलदीप धीमान, उपप्रधान दिनेश कौशल, टूर्नामेंट प्रभारी संजय कुमार, डीपी हरीश कुमार, संजय कालिया, किशोरी लाल, महेंद्र सिंह, दिनेश कुमार, पीईटी रविंद्र सिंह सहित दर्जनों गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कंगना ने मंडी में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में अधिकारियों से विकास कार्यों की धीमी रफ्तार को लेकर कड़े सवाल किए थे। उन्होंने पूछा था कि मंजूरी और पैसा मिलने के बावजूद कई काम जमीन पर क्यों नहीं उतर रहे। कंगना के इसी तेवर पर पलटवार करते हुए विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सिर्फ आवाज ऊंची करने से आदेश सख्त नहीं बन जाते। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रशासनिक कामकाज में कलम की एक स्याही ही काफी होती है। उनके बयान के बाद दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक बयानबाजी फिर चर्चा में आ गई है। विक्रमादित्य सिंह ने कंगना की अधिकारियों के साथ बातचीत के तरीके पर भी सवाल उठाए। वहीं कंगना का फोकस मंडी संसदीय क्षेत्र में केंद्र की योजनाओं और सांसद निधि से जुड़े विकास कार्यों की धीमी प्रगति पर है। बैठक के बाद संबंधित अधिकारियों ने इन परियोजनाओं की समीक्षा भी शुरू कर दी है। यानी मुद्दा विकास कार्यों की रफ्तार से शुरू हुआ, लेकिन अब मामला कंगना और विक्रमादित्य के बीच सियासी तकरार तक पहुंच गया है।
कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर दयोड़ से हणोगी के बीच बनी टनलों को लेकर बड़ी राहत की खबर है। NHAI अधिकारियों और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने टनल का निरीक्षण किया और ट्रायल लिया। NHAI ने एक टनल को अगले कुछ दिनों में ट्रायल बेस पर यातायात के लिए खोलने की तैयारी की है। शुरुआत में इसी एक टनल से दोनों तरफ के वाहन चलाए जाएंगे। दूसरी टनल का काम बाद में पूरा किया जाएगा। हणोगी के पास पहाड़ी खिसकने से टनल के करीब 24 मीटर हिस्से को नुकसान पहुंचा था। इसकी मरम्मत पर करीब 50 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। टनल खुलने से कुल्लू-मनाली जाने वाले लोगों को पुराने खतरनाक और भूस्खलन वाले हाईवे से काफी राहत मिलेगी। साथ ही सफर भी आसान और सुरक्षित होने की उम्मीद है। दशहरे से पहले टनल शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
कांगड़ा: जसवां-परागपुर के चलाली में सोमवार सुबह दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। यहां HRTC बस और बाइक की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में 20 वर्षीय कॉलेज छात्र दीपक भारद्वाज की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दीपक रोज की तरह बाइक पर ढलियारा स्थित शिक्षण संस्थान जा रहा था। चलाली के एक तीखे मोड़ पर उसकी बाइक सामने से आ रही HRTC बस से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि युवक की मौके पर ही जान चली गई। सूचना मिलते ही मोइन पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए देहरा अस्पताल भेजा। पुलिस ने हादसे में शामिल HRTC बस को भी कब्जे में ले लिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस जगह पर पहले भी हादसे हो चुके हैं। उन्होंने प्रशासन से स्पीड ब्रेकर और चेतावनी वाले साइन बोर्ड लगाने की मांग की है, ताकि आगे ऐसे हादसे रोके जा सकें।


















































