राजधानी शिमला के चौड़ा मैदान में आज पेंशनरों ने सरकार के खिलाफ हल्ला बोला। प्रदेशभर से आए पेंशनरों ने अपनी लंबित देनदारियों का भुगतान न होने और बजट में राहत की घोषणा न किए जाने पर नाराज़गी जाहिर की। इस दौरान चौड़ा मैदान में पेंशनरों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उन्हें राहत नहीं दी जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। पेंशनर इससे पहले भी कई बैठकों के माध्यम से सरकार को चेतावनी दे चुके थे। प्रदर्शन के दौरान चौड़ा मैदान में पेंशनरों ने विधायक प्रकाश राणा और विधायक रीना कश्यप की गाड़ी को भी रोक लिया। इसके चलते दोनों विधायकों को चौड़ा मैदान से विधानसभा तक पैदल जाना पड़ा।
मंडी जिले के करसोग उपमंडल में अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपना लिया है। पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नांज (पुराना) क्षेत्र से अवैध शराब की 22 पेटियां बरामद की हैं। इस अचानक हुई रेड से इलाके में हड़कंप मच गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, करसोग पुलिस को मुखबिर से गुप्त सूचना मिली थी कि नांज क्षेत्र में अवैध शराब का बड़ा जखीरा छिपाकर रखा गया है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तुरंत रणनीति बनाकर मौके पर दबिश दी। तलाशी के दौरान एक शेड से 22 पेटियां अवैध शराब बरामद हुईं, जिन्हें मौके पर ही सील कर कब्जे में ले लिया गया। पुलिस ने इस संबंध में हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 39(1) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि यह खेप कहां से लाई गई थी, इसकी सप्लाई किसे की जानी थी और इस पूरे नेटवर्क के पीछे कौन लोग शामिल हैं। मामले की पुष्टि करते हुए डीएसपी करसोग चांद किशोर ने बताया कि यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि क्षेत्र में अवैध शराब या किसी भी प्रकार के नशे का कारोबार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की इस कार्रवाई से जहां अवैध कारोबारियों में दहशत का माहौल है, वहीं स्थानीय लोगों ने भी इस कदम की सराहना की है।
किन्नौर जिला में भाबानगर क्षेत्र के डेट–सुंगरा के पास दो युवकों की खाई में गिरने से मौत हो गई। यह दुखद हादसा रविवार शाम को पेश आया। मृतकों की पहचान भाबानगर (निचार) निवासी अंकित और पानवी निवासी संजीव के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, अंकित का शव सड़क से करीब 10 मीटर नीचे खाई में मिला, जबकि संजीव का शव लगभग 120 फीट गहरी खाई से बरामद किया गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। काफी प्रयासों के बाद दोनों युवकों के शवों को खाई से बाहर निकाला गया। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हादसे के असली कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद हो सकेगा। मामले के हर पहलू से जांच की जा रही है। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि युवक पैदल थे या किसी वाहन से गिरे, अथवा यह किसी आपसी विवाद का नतीजा तो नहीं। घटना के कारणों को लेकर अभी तक स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है। फिलहाल, पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।
ऊना जिला के अंब उपमंडल के एक गांव में कंजक पूजन के बहाने घर बुलाई तीन वर्षीय बच्ची के साथ गलत हरकतें करने की शर्मनाक घटना सामने आई है। पुलिस ने मासूम की मां की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 27 मार्च को प्रवासी परिवार की बच्ची पास के एक घर में कंजक पूजन के लिए बुलाई गई थी। घर लौटने पर उसकी तबीयत सामान्य नहीं दिखी। बच्ची की बिगड़ती हालत देख परिजनों को लगा कि शायद वह किसी दुर्घटना का शिकार हो गई है। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सीय जांच के दौरान बच्ची के साथ गलत हरकतें होने की आशंका जताई गई। घटना के बाद परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया है। एसडीपीओ अंब अनिल पटियाल ने पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है। जल्द ही आरोपी की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
इंदौरा क्षेत्र में रक्तदान के लिए प्रेरित करने वाले स्वर्गीय दीपक राज उर्फ रोक्की की स्मृति में डाह कुलाड़ा ब्लड डोनर ग्रुप के सौजन्य से माधव गौशाला, डाह कुलाड़ा के प्रांगण में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में रक्तदाताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और कुल 113 यूनिट रक्त दान किया गया। रक्तदान शिविर में हर वर्ष की भांति अमनदीप अस्पताल, पठानकोट के ब्लड बैंक की टीम ने सहयोग देते हुए अपनी सेवाएं प्रदान कीं। टीम ने रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आपके सहयोग से ही कई मरीजों की जान बचाई जा सकती है, इसलिए रक्तदान महादान है। इस अवसर पर डाह कुलाड़ा के पंचायत उपप्रधान अजय कुमार, माधव गौशाला के संयोजक अभिषेक शर्मा, संघ के खंड अध्यक्ष कमल गुलेरिया, निर्मल प्रसाद, संजू, राहुल पठानिया सहित अमनदीप अस्पताल से विकास, हर्ष एवं कृष्ण कुमार उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में पुलिस ने नशे के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए एक दंपति को चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया है। सुंदरनगर पुलिस की टीम ने कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर अलसू चौक के पास नाकाबंदी कर रखी थी। इस दौरान चंडीगढ़ की ओर से आ रही एक कार को जांच के लिए रोका गया। तलाशी के दौरान कार में बैठी महिला की घबराहट ने पुलिस का शक और गहरा कर दिया। पूछताछ में सामने आया कि अभिषेक गुलेरिया और उनकी पत्नी अमीषा ने चंडीगढ़ से अपने घर लौटने के लिए ब्लाब्लाकार ऐप के जरिए गाड़ी बुक की थी। जब पुलिस ने उनके बैग की तलाशी ली, तो उसमें से 5.637 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। सुंदरनगर के डीएसपी भरत भूषण ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि यह नशा कहाँ से लाया गया था और इसे किस जगह सप्लाई किया जाना था।
चंबा जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत STF की नूरपुर-चंबा फील्ड यूनिट को बड़ी सफलता मिली है। बीती रात गुप्त सूचना के आधार पर की गई नाकाबंदी के दौरान टीम ने एक संदिग्ध वाहन से 2.169 किलोग्राम चूरा पोस्त (भुक्की) और 10,500 रुपये नकद बरामद किए। पुलिस ने आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, STF को पहले से सूचना मिली थी कि एक वाहन के माध्यम से अवैध नशीला पदार्थ क्षेत्र से होकर ले जाया जा रहा है। इसी आधार पर टीम ने रणनीतिक तरीके से नाकाबंदी की और संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की। इस दौरान एक वाहन को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें से भारी मात्रा में चूरा पोस्त बरामद हुआ। बरामद नकदी को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान हरदेव सिंह के रूप में हुई है, जो गांव कल्याणपुर, डाकघर भरुणा, तहसील नालागढ़, जिला सोलन का निवासी है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ डलहौजी थाना में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी यह नशीला पदार्थ कहां से लेकर आया था और इसकी सप्लाई कहां की जानी थी। साथ ही, इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित तस्करों और संपर्क सूत्रों की भी जांच की जा रही है। STF की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया है कि चंबा जिले में नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी नशा कारोबारियों के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
रविवार सुबह संतोखगढ़ पुल पर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक LPG गैस टैंकर और दो टिप्परों के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों वाहनों के आगे के हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इस हादसे में तीनों वाहनों के चालक घायल हो गए। टक्कर के बाद चालक गाड़ियों के अंदर बुरी तरह फंस गए थे। मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने बिना देर किए राहत कार्य शुरू किया और गाड़ियों के आगे के हिस्से को तोड़कर ड्राइवरों को बाहर निकाला। घायलों को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे के बाद कुछ समय के लिए पुल पर यातायात प्रभावित रहा और लंबा जाम लग गया। मौके पर पुलिस भी पहुंची और स्थिति को संभालते हुए यातायात बहाल करवाया। गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले शनिवार रात को भी संतोखगढ़ के गौशाला चौक पर एक बड़ा हादसा हुआ था, जहां एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर सीधे एक दुकान में जा घुसा। इस घटना में भी भारी नुकसान हुआ, हालांकि गनीमत रही कि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। लगातार हो रहे इन हादसों ने प्रशासन और लोगों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में ट्रैफिक नियंत्रण और सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
मिनर्वा पीजी कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स के एमएससी जीव विज्ञान (प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर) के परीक्षा परिणाम अत्यंत उत्कृष्ट रहे हैं। विद्यार्थियों ने कड़ी मेहनत और समर्पण के बल पर शानदार प्रदर्शन करते हुए महाविद्यालय का नाम गौरवान्वित किया है। एमएससी प्रथम सेमेस्टर में कनिका ने 91 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं, नेहा भगत ने 86.75 प्रतिशत तथा सरंभा ने 84.5 प्रतिशत अंक प्राप्त कर उल्लेखनीय सफलता अर्जित की। इस सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा। इसी प्रकार, एमएससी तृतीय सेमेस्टर के परिणाम भी शत-प्रतिशत रहे। इसमें अर्पिता ने 85.5 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि खुशी ने 85.25 प्रतिशत तथा आकृति और अमनदीप कौर ने 84.25 प्रतिशत अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इस अवसर पर कॉलेज के चेयरमैन इंजीनियर जे.एस. पटियाल तथा प्राचार्य डॉ. प्रशांत कुमार ने सभी विद्यार्थियों को उनकी सफलता के लिए हार्दिक बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों की मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है।
सोलन के देओघाट क्षेत्र में अवैध निर्माण, सड़क अवरोध और पर्यावरणीय नुकसान को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। जहां सोलन के एक प्रतिष्ठित कारोबारी द्वारा नियमों को ताक पर रखकर निर्माण कार्य को अंजाम दिया जा रहा है। निर्माण कार्य के दौरान सड़क और बिजली लाइन को भी क्षतिग्रस्त किया जा रहा है और आरोप लगाया जा रहा है कि यह मामला रेरा के अधीन आता है तथा रेरा से कोई अनुमति नहीं ली गई है। स्थानीय निवासी पीहा वर्मा ने उपायुक्त सोलन को लिखित शिकायत भेजकर तुरंत हस्तक्षेप और कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, देओघाट मुख्य बाजार से श्रम एवं रोजगार कार्यालय को जोड़ने वाली नगर निगम की सड़क, जो पिछले करीब 24 वर्षों से आम उपयोग में है, उसे अवरुद्ध और क्षतिग्रस्त किया जा रहा है। यह सड़क न केवल संबंधित आवेदक के प्लॉट्स तक पहुंच प्रदान करती है, बल्कि आसपास के कई घरों और सरकारी कार्यालयों के लिए भी महत्वपूर्ण मार्ग है। पीहा वर्मा ने बताया कि खसरा नंबर 817 में आशा देवी व अन्य द्वारा बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य शुरू किया गया है। आरोप है कि इस निर्माण के दौरान उक्त एमसी सड़क को बंद करने का प्रयास किया जा रहा है, जो कानूनी रूप से गलत है। उन्होंने भारतीय उपबंध अधिनियम, 1882 का हवाला देते हुए कहा कि इस सड़क पर उनका स्थायी एवं निर्बाध अधिकार है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि निर्माण कार्य के दौरान पेड़ों को उखाड़कर जलाया गया और सड़क पर लगी स्ट्रीट लाइट्स को भी नुकसान पहुंचाया गया है। इससे न केवल पर्यावरण को क्षति हुई है, बल्कि स्थानीय लोगों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। आवेदक ने आरोप लगाया है कि निर्माण स्थल पर करीब 50 फीट तक ऊर्ध्वाधर कटाई की गई है, जो नियमों के विरुद्ध है। नियमानुसार 3.5 मीटर से अधिक कटाई की अनुमति नहीं होती। इसके अलावा, यह कार्य पास से गुजर रही 33 केवी बिजली लाइन के लिए भी खतरा पैदा कर रहा है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि परियोजना क्षेत्र 2500 वर्गमीटर से अधिक है, जिससे यह मामला रेरा (RERA) के दायरे में आता है, लेकिन इसकी जानकारी संबंधित प्राधिकरण को नहीं दी गई है और नियमों को ताक पर रखकर निर्माण कार्य किया जा रहा है। पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से कई मांगें रखी हैं, जिनमें प्रमुख हैं: निर्माण कार्य को तुरंत प्रभाव से रोका जाए, निर्माण स्वीकृति की जांच करवाई जाए, 33 केवी बिजली लाइन की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, अवैध पेड़ कटान की जांच हो, सरकारी भूमि में की गई कटाई की जांच हो तथा उक्त सड़क को किसी भी हालत में बंद न होने दिया जाए। साथ ही, पीहा वर्मा ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो उन्हें न्यायालय का सहारा लेना पड़ेगा।
कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने गत दिवस कसौली विधानसभा क्षेत्र के धर्मपुर विकास खंड में विभिन्न विकासात्मक कार्यों के शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कसौली विधानसभा क्षेत्र का सर्वांगीण विकास उनकी प्राथमिकता है। विधायक ने लगभग 28 लाख रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें 8 लाख रुपये की लागत से निर्मित सामुदायिक सेवा केंद्र हरिपुर, 2.75 लाख रुपये की लागत से मुख्य मार्ग से गांव बनगला तक संपर्क मार्ग तथा 3 लाख रुपये की लागत से कमलजीत के घर से मोहन लाल के घर तक पक्की सड़क का लोकार्पण शामिल है। इसके अतिरिक्त 9.1 लाख रुपये की लागत से बनने वाले आंगनबाड़ी केंद्र खनेरी तथा 5 लाख रुपये की लागत से बनने वाले खेल मैदान जगोटा का शिलान्यास भी किया गया। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण किए जाएं तथा कार्यों में गुणवत्तायुक्त सामग्री का उपयोग सुनिश्चित किया जाए। विधायक ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि ग्रामीणों की आर्थिकी सुदृढ़ हो सके। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा बजट में प्राकृतिक खेती से उगाई जाने वाली गेहूं, मक्की व हल्दी के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की गई है, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा। इस अवसर पर विधायक ने नवजात शिशुओं का अन्नप्राशन संस्कार भी संपन्न करवाया। कार्यक्रम में खंड विकास अधिकारी सोलन रमेश शर्मा, बाल विकास परियोजना अधिकारी कविता गौतम, ग्राम पंचायत रणों के पूर्व प्रधान संजीव ठाकुर, ग्राम पंचायत अन्हेच के पूर्व प्रधान मोहन लाल, ग्राम पंचायत पट्टा बरावरी के पूर्व प्रधान हरिश कौशल, ग्राम पंचायत हरिपुर के पूर्व उपप्रधान अफजल बेग, पूर्व बीडीसी सदस्य दलेन्द्र शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
सोलन में ज़िला स्तरीय सार्वजनिक वितरण समिति एवं सतर्कता समिति की समीक्षा बैठक हुई। मनमोहन शर्मा ने समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने कहा कि ज़िला सोलन में पेट्रोल, डीजल तथा घरेलू गैस पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और ज़िला प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना न करना पड़े। मनमोहन शर्मा ने कहा कि ज़िला सोलन में वर्तमान में 20 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं। इनके पास 2,07,021 घरेलू गैस उपभोक्ता पंजीकृत हैं। उन्होंने कहा कि सभी उपभोक्ताओं को गैस आपूर्ति सुचारू रूप से सुनिश्चित बनाई जा रही है। उन्होंने उपभोक्ताओं से आग्रह किया कि वे एलपीजी, पेट्रोल तथा डीजल की आपूर्ति को लेकर घबराएं नहीं। प्रदेश सरकार के निर्देश पर ज़िला प्रशासन इस दिशा में पूर्ण सजग है। उन्होंने सभी गैस एजेंसियों को रसोई गैस सिलेंडरों के वितरण के कार्य में प्रयुक्त वाहनों पर लाउडस्पीकर स्थापित करने तथा निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार गैस सिलेंडर वितरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग के निरीक्षकों को बाज़ार में व्यावसायिक सिलेंडरों की जांच करने के भी निर्देश दिए, ताकि नियमानुसार सुचारू व्यवस्था बनी रहे। उपायुक्त ने कहा कि ज़िला में 354 उचित मूल्य की दुकानों द्वारा दिसंबर, 2025 से फरवरी, 2026 तक विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं को उनकी पात्रता के अनुसार आवश्यक वस्तुएं वितरित की गई हैं। इनमें लगभग 5950 क्विंटल चीनी, लगभग 29,437 क्विंटल चावल, लगभग 52,900 क्विंटल गेहूं का आटा, लगभग 7437 क्विंटल दालें, लगभग 1668 क्विंटल आयोडाइज़्ड नमक तथा 5,61,385 लीटर खाद्य तेल वितरित किया गया है। उन्होंने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को उचित मूल्य की दुकानों में विक्रय की जा रही खाद्य वस्तुओं का समय-समय पर निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए। बैठक में विभिन्न स्थानों पर उचित मूल्य की दुकानें खोलने के विषय पर विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त ने कहा कि ज़िला सोलन में 1064 विद्यालयों में 54,503 बच्चों को मिड-डे मील के तहत दोपहर का भोजन उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मिड-डे मील में दिए जाने वाले भोजन की समय-समय पर जांच करने के निर्देश दिए। बैठक में शिक्षा विभाग द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत कार्यान्वित की जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर ज़िला नियंत्रक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले श्रवण कुमार हिमालयन, ज़िला पंचायत अधिकारी जोगिंद्र प्रकाश राणा, ज़िला चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित रंजन तलवार, खंड विकास अधिकारी सोलन रमेश शर्मा, ज़िला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पदम देव शर्मा, उपनिदेशक उच्च शिक्षा गोपाल चौहान, उपनिदेशक प्राथमिक शिक्षा रीता गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
कांगड़ा पुलिस ने नशे पर कार्रवाई करते हुए पालमपुर में एक कुख्यात नशा तस्कर अवतार सिंह उर्फ गुन्नू को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके घर से 6.09 ग्राम हेरोइन, 10.31 ग्राम चरस और 18,670 रुपए कैश बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, 26 मार्च को गश्त के दौरान टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि अवतार सिंह अपने घर से नशे का कारोबार कर रहा है। सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी के गांव चौकी खलेट स्थित रिहाइशी मकान पर दबिश दी। तलाशी के दौरान घर के अंदर से नशीले पदार्थ और ड्रग मनी बरामद हुई, जिसके बाद अवतार सिंह को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने उसके खिलाफ पालमपुर थाने में NDPS एक्ट में केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि अवतार सिंह उर्फ गुन्नू एक आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ मादक द्रव्य अधिनियम के तहत पहले से ही चार अन्य केस दर्ज हैं। इनमें साल 2023, में पालमपुर थाने में 7 ग्राम चिट्टा और नूरपुर थाने में 50.46 ग्राम चिट्टा बरामदगी के मामले शामिल हैं। इसके अलावा, साल 2024 में नगरोटा बगवां थाने में 20.65 ग्राम और पालमपुर थाने में 6.47 ग्राम चिट्टा बरामदगी के दो अन्य केस भी दर्ज हैं। बार-बार जेल जाने के बावजूद आरोपी ने नशा तस्करी जारी रखी। पुलिस ने उसे एक बार फिर गिरफ्तार कर लिया है।
इंदौरा में राम नवमी के पावन उपलक्ष्य पर सूर्यवंशी श्री रामलीला क्लब नादौन (कुडसां) द्वारा माता जी के विशाल भंडारे व जागरण का आयोजन किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के विधायक मलेंद्र राजन ने कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। आयोजन में स्थानीय श्रद्धालुओं की भारी भागीदारी रही और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत ज्योति प्रज्वलन से हुई, जिसके पश्चात विधिवत हवन की पूर्णाहुति दी गई। दोपहर बाद अटूट भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। देर रात्रि माता जी का जागरण आयोजित हुआ, जिसमें भजन-कीर्तन के माध्यम से श्रद्धालु देर रात तक भक्ति में लीन रहे। विधायक मलेंद्र राजन ने कहा कि माता रानी का जागरण हमारी आस्था और संस्कृति का प्रतीक है। ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आपसी भाईचारा मजबूत होता है। उन्होंने माता रानी से क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की तथा आयोजन के सफल संचालन के लिए क्लब के सभी सदस्यों की सराहना की। इस अवसर पर पोंग बांध निदेशक विशाल ठाकुर, कुलदीप शर्मा, सुरजीत कटोच, अजय शर्मा, क्लब प्रधान आकाश कटोच, राकेश कटोच सहित अन्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
भुंतर कस्बे में नेपाली मूल के एक व्यक्ति से एक आदमी ने पुलिस वाला बनकर पांच हजार रुपये लूट लिए। व्यक्ति काले रंग की एक स्कूटी पर सवार होकर आया था और पूरे प्रकरण के दौरान हेलमेट पहले रखा, लेकिन कपडे़ साधारण पहन रखे थे। ठगी का शिकार हुआ दिल्ली राम नेपाल के जिला देइलेखा गांव भेरी निवासी है जो उपचार करवाने के लिए यहां आया था। वह वीरवार सुबह भुंतर पहुंचा तो यहां ठगी का शिकार हो गया। पीड़ित व्यक्ति ने बताया कि वीरवार सुबह करीब 10:30 बजे हुए होंगे वह भुंतर के सैनिक चौक के साथ सड़क किनारे खड़ा था। इसी दौरान एक शख्स काले रंग की स्कूटी पर आया और रुका। धमकाते हुए कहा कि वह पुलिस से है कहा कि एक नेपाली चोरी कर भागा हुआ है। पुलिस को तुम्हारे ऊपर शक है। पूछताछ के लिए पुलिस थाना चलना होगा, उसने हेलमेट थमाकर स्कूटी पर बैठाया उसके बाद करीब पांच किलोमीटर कुल्लू की तरफ लेकर आया। उन्होंने कहा कि यहां सड़क किनारे मुझे उतार दिया और साधारण कपड़े पहने उक्त व्यक्ति ने मेरी तलाशी ली जेब से पांच हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने बताया कि पैसे ले जाने के बाद वह वहां से यह कहकर गली की तरफ भाग गया कि वह साहब से पछूकर लौटेगा कि आगे क्या करना है। परंतु पौने घंटा तक सड़क किनारे खडे़ रहने के बाद भी वह नहीं आया। लोगों से इस बारे में बात की तो उन्होंने पुलिस थाना में जाने की सलाह दी। उसके बाद भुंतर थाना में घटना की जानकारी पुलिस को दी है और पुलिस ने इस पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। उधर, पुलिस अधीक्षक कुल्लू का कहना है कि अभी मेरे ध्यान में मामला नहीं है। यदि इस तरह की घटना हुई है तो इसमें उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
“श्री रामनवमी” महोत्सव के पावन अवसर पर कृष्णा रामलीला क्लब (पंजीकृत) इंदौरा द्वारा सराय भवन में श्री रामायण जी का अखण्ड पाठ अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और विधि-विधान के साथ आयोजित किया गया। इस धार्मिक आयोजन में क्षेत्र के बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया और भगवान श्री राम के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। अखण्ड पाठ के उपरांत मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचन्द्र जी की भव्य एवं आकर्षक झांकी सजाई गई, जिसने सभी श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। इसके साथ ही भव्य शोभा यात्रा भी निकाली गई, जो सराय भवन से प्रारंभ होकर इंदौरा के विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः आयोजन स्थल पर पहुंची। शोभा यात्रा के दौरान भक्तजन भजन-कीर्तन करते हुए “जय श्री राम” के उद्घोष से पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण में रंगते रहे। जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा शोभा यात्रा का स्वागत किया गया और प्रसाद वितरण भी किया गया। इस अवसर पर विधायक मलेंद्र राजन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भगवान श्री राम का जीवन आदर्श, सत्य, मर्यादा और कर्तव्यपरायणता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज के समाज में श्री राम के आदर्शों को अपनाकर ही हम एक सशक्त, समरस और संस्कारित समाज का निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने आयोजकों द्वारा इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की सराहना भी की। कार्यक्रम के सफल आयोजन में कृष्णा रामलीला क्लब के पदाधिकारियों और सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा। इसके अलावा स्थानीय नागरिकों, युवाओं और महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और आयोजन को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंत में आयोजकों द्वारा मुख्य अतिथि मलेंद्र राजन सहित सभी विशिष्ट अतिथियों एवं उपस्थित श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया गया। इस प्रकार यह रामनवमी महोत्सव पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता का संदेश देते हुए हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर पूर्व जिला अध्यक्ष करण सिंह पठानिया, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष दविंदर मनकोटिया, पोंग बांध निदेशक कुलदीप शर्मा एवं विशाल ठाकुर, कृष्णा रामलीला क्लब के प्रधान सुमित शर्मा, संदीप कटोच, पूर्व प्रधान कृष्णा रामलीला क्लब इंदौरा, उमा कांत सूदन, नरेंद्र शर्मा, एसडीएम सुरिंदर ठाकुर, डीएसपी संजीव यादव, एसएचओ इंदौरा आशीष पठानिया, सुनीत कटोच, अनिल कटोच, लाला गुलशन (पूर्व प्रधान) तथा पूर्व प्रधान जीवन सिंह सहित अनेक व्यक्ति उपस्थित रहे।
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने दूसरे चरण के कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। 28 मार्च को आरसीबी और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच होने वाले ओपनिंग मैच के बाद, टूर्नामेंट का यह निर्णायक दूसरा फेज 13 अप्रैल से 24 मई 2026 तक चलेगा। इस दौरान प्लेऑफ की जंग तेज होगी और लीग स्टेज के अंतिम 50 मुकाबले खेले जाएंगे। वहीं IPL 2026 के 3 मुकाबले धर्मशाला में खेले जाएंगे। BCCI द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार, पहला मुकाबला 11 मई को पंजाब किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेला जाएगा। इसके बाद, 14 मई को पंजाब किंग्स का सामना मुंबई इंडियंस से होगा। तीसरा और अंतिम मुकाबला 17 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के साथ खेला जाएगा, जिसमें स्टार बल्लेबाज विराट कोहली के भी मैदान पर उतरने की संभावना है। एचपीसीए प्रबंधन ने स्टेडियम में तैयारियां तेज कर दी गई है। पिच और आउटफील्ड को इंटरनेशनल मानकों के अनुसार तैयार किया जा रहा है। वहीं, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारियों में जुट गए हैं। बता दें कि, आईपीएल सीजन 2026 की शुरुआत 28 मार्च को हो रही है। पहला मुकाबला सनराइजर्स हैदराबाद और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच शाम 7:30 बजे बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाना है। आईपीएल मुकाबलों से जहां, फैन्स अपने स्टार खिलाड़ियों को मैदान पर चौके छक्के लगाते देखेंगे। वहीं, इससे व्यापारियों को फायदा होगा और ये पर्यटन को भी संजीवनी देगा। आईपीएल मुकाबलों के लिए बाहरी राज्यों से लोग हिमाचल पहुंचेंगे। इससे व्यापारियों में भी खुशी की लहर है। धर्मशाला को आईपीएल की मेजबानी मिलने से स्थानीय होटल कारोबारियों, टैक्सी ऑपरेटरों और होमस्टे मालिकों में भारी उत्साह है। होटल बुकिंग: मैचों की तारीखों के एलान के साथ ही होटलों में एडवांस बुकिंग शुरू होने की उम्मीद है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धर्मशाला की लाइव कवरेज से 'स्पोर्ट्स टूरिज्म' को वैश्विक पहचान मिलेगी।
शूलिनी विश्वविद्यालय ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में सात विषयों में विश्व के शीर्ष 500 विश्वविद्यालयों में स्थान प्राप्त करके एक महत्वपूर्ण वैश्विक उपलब्धि हासिल की है। मुख्य उपलब्धियों में, कृषि और वानिकी को वैश्विक स्तर पर 251-300 श्रेणी में स्थान मिला, जिससे भारत में इसे छठा स्थान प्राप्त हुआ, जबकि पर्यावरण विज्ञान को वैश्विक स्तर पर 301-350 श्रेणी में और भारत में 11वां स्थान मिला। फार्मेसी और फार्माकोलॉजी को वैश्विक स्तर पर 351-400 श्रेणी में स्थान मिला और भारत में इसे 15वां स्थान प्राप्त हुआ। अपनी वैश्विक स्थिति को और मजबूत करते हुए, सामग्री विज्ञान, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी, रसायन विज्ञान और जैविक विज्ञान को वैश्विक स्तर पर 401-450 श्रेणी में स्थान मिला। सामग्री विज्ञान ने भारत में 16वां स्थान प्राप्त किया, जबकि इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी तथा रसायन विज्ञान को 17वां स्थान मिला। साथ ही जीव विज्ञान को राष्ट्रीय स्तर पर 10वां स्थान प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त, प्राकृतिक विज्ञान को वैश्विक स्तर पर 501-550 के दायरे में रखा गया और भारत में समग्र रूप से 17वां स्थान प्राप्त हुआ। यह विश्वविद्यालय के विविध शैक्षणिक विषयों में निरंतर प्रदर्शन को दर्शाता है। ये रैंकिंग विश्वविद्यालय के अनुसंधान-आधारित शिक्षा, अंतःविषयक शिक्षण और वैश्विक सहयोग पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने को उजागर करती हैं। शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति, प्रो. पी.के. खोसला ने कहा कि विश्वविद्यालय की वैश्विक रैंकिंग में लगातार वृद्धि यह दर्शाती है कि भारतीय संस्थान स्पष्ट दृष्टिकोण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं अनुसंधान के प्रति समर्पण के साथ उच्चतम स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह उपलब्धि शूलिनी परिवार के प्रत्येक सदस्य की है। प्रो-वाइस चांसलर, विशाल आनंद ने कहा कि ये रैंकिंग विश्वविद्यालय को अपने शैक्षणिक पारिस्थितिकी तंत्र, उद्योग साझेदारी और वैश्विक पहुंच को मजबूत करने के लिए और अधिक प्रेरित करेंगी। उन्होंने परिवर्तनकारी शिक्षा प्रदान करने और छात्रों में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए संस्थान की निरंतर प्रतिबद्धता पर जोर दिया। शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रो. अतुल खोसला ने कहा कि क्यूएस रैंकिंग में यह उल्लेखनीय उपलब्धि संकाय और छात्रों द्वारा प्रदर्शित कड़ी मेहनत, नवाचार और अनुसंधान उत्कृष्टता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह वैश्विक स्तर पर सार्थक प्रभाव डालने वाले ज्ञान के सृजन के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हिमाचल प्रदेश के सोलन में स्थित शूलिनी विश्वविद्यालय, भारत के प्रमुख अनुसंधान-उन्मुख निजी विश्वविद्यालयों में से एक है। नवाचार, पेटेंट और वैश्विक सहयोग पर विशेष बल देने के लिए प्रसिद्ध, यह विश्वविद्यालय राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में लगातार शीर्ष संस्थानों में शामिल रहा है। अंतरविषयक शिक्षा, अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और एक जीवंत अनुसंधान संस्कृति पर ध्यान केंद्रित करते हुए, यह विश्वविद्यालय भविष्य के नेताओं को पोषित करना जारी रखता है और वैज्ञानिक और शैक्षणिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने कांगड़ा जिले के प्रसिद्ध ट्रैकिंग रूट त्रियुंड के प्रबंधन में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। अब इस ट्रैक की देखरेख वन विभाग के बजाय निजी ऑपरेटरों द्वारा की जाएगी। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए वन विभाग ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसकी निविदाएं 27 मार्च को खोली जाएंगी। इसके बाद ही तय होगा कि ट्रैक और पर्यटकों की एंट्री का जिम्मा किस निजी ऑपरेटर को सौंपा जाएगा। नए नियमों के अनुसार, त्रियुंड जाने वाले पर्यटकों को गलू चेक पोस्ट पर अपनी एंट्री करानी होगी। इसके लिए कुछ निर्धारित शुल्क तय किए गए हैं। एंट्री फीस प्रति पर्यटक 100 रुपये देने होंगे। यदि कोई पर्यटक वहां टेंट लगाना चाहता है, तो उसे 275 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान करना होगा। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि ये दरें विभाग द्वारा तय की गई हैं, जिन्हें निजी ऑपरेटर अपनी मर्जी से बढ़ा नहीं सकेंगे। हालांकि, जिन स्थानीय लोगों के पास इस क्षेत्र के पारंपरिक अधिकार हैं, उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। ट्रैक पर पर्यटकों की सुरक्षा और निगरानी को पुख्ता करने के लिए वन विभाग ने 25 वॉकी-टॉकी सेट खरीदे हैं। पर्यटकों की आवाजाही के लिए समय भी निर्धारित किया गया है। गर्मियों में सुबह 8:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक एंट्री होगी। सर्दियों में सुबह 9:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक एंट्री होगी। इस नई व्यवस्था से सरकार के पास त्रियुंड जाने वाले पर्यटकों का सटीक आंकड़ा रहेगा और ट्रैक के रखरखाव में भी सुधार होने की उम्मीद है।
बुधवार रात कुनिहार पुलिस को गश्त के दौरान शिव गुफा के पास मुखबिर खास से सूचना मिली कि जाडली से बनिया देवी लिंक रोड़ की तरफ एक सफेद रंग की पिकअप (नंबर HP64D-3036) आ रही है, जिसे यदि रोककर चेक किया जाए तो भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद हो सकती है। गाड़ी आने पर पुलिस ने उसे रोकने का इशारा किया और गाड़ी को सड़क के दाहिने तरफ लगवाया। इसके बाद गाड़ी चालक से उसका नाम व पता पूछा गया। पूछताछ में चालक ने अपना नाम बृजलाल पुत्र हरिचंद, गांव कासल, डाकघर पट्टामहलोग, तहसील कसौली, जिला सोलन बताया। पुलिस द्वारा गाड़ी की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान गाड़ी की बॉडी से देशी शराब की कुल 1188 बोतलें तथा अंग्रेजी शराब की 600 बोतलें सीलशुदा बरामद हुईं। पुलिस ने गाड़ी को कब्जे में लेकर धारा 39(1)(A) हिमाचल प्रदेश एक्साइज एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की पुष्टि डीएसपी सोलन अशोक चौहान ने की है।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में वीरवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में दो लोगों की मौत हो गई और दो की हालत गंभीर बनी हुई है। मंडी-कुल्लू नेशनल हाईवे पर पंडोह डैम के समीप वीरवार सुबह एक बस और कार के बीच जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि एक युवक और युवती की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार निजी बस कनिका मंडी से कुल्लू की ओर जा रही थी, जबकि कार नंबर एचपी 28 बी 2541 कुल्लू से मंडी की तरफ आ रही थी। पंडोह डैम के पास दोनों वाहनों के बीच आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। इस हादसे में 23 वर्षीय शशांक शर्मा पुत्र विनोद कुमार, निवासी गांव मजवान, डाकघर कलखर, बलद्वाड़ा और 22 वर्षीय गायत्री देवी पुत्री राकेश कुमार निवासी गांव रिहाली टांडा डाकघर भाम्बला जिला मंडी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं हादसे में 21 वर्षीय कश्मीर सिंह पुत्र नूर चंद निवासी गांव गद्दालस रंधाड़ा तहसील बल्ह, जिला मंडी और 21 वर्षीय दीक्षा चौहान पुत्री राजेश कुमार निवासी गांव हटली, पत्याला बंगाना जिला ऊना घायल हो गए हैं। पुलिस अधीक्षक मंडी विनोद कुमार ने बताया कि घायलों को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पंचायतों के विभाजन, सृजन और पुनर्गठन से जुड़े उन सभी ड्राफ्ट प्रस्तावों और अधिसूचनाओं पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिन्हें राज्य चुनाव आयोग की मंजूरी प्राप्त नहीं थी। न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति रंजन शर्मा की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि 13 फरवरी 2026 के बाद शुरू किए गए सभी नए प्रस्ताव फिलहाल प्रभावी नहीं माने जाएंगे। यह आदेश ‘महिला मंडल ग्राम घुरत’ से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान पारित किया गया। अदालत ने कहा कि 17 नवंबर 2025 की अधिसूचना और आदर्श चुनाव आचार संहिता के तहत बिना राज्य चुनाव आयोग की अनुमति के पंचायत पुनर्गठन की कोई भी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जा सकती। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि 13 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट के आदेश तक लंबित न रहने वाले प्रस्तावों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसके बाद जारी की गई सभी अधिसूचनाएं तब तक अमान्य मानी जाएंगी, जब तक उन्हें चुनाव आयोग से विशेष छूट नहीं मिल जाती। सुनवाई के दौरान राज्य चुनाव आयोग की ओर से पेश अधिवक्ता ने बताया कि अब तक ऐसे 53 मामलों की सूची तैयार की गई है, जिन्हें सरकार के अनुरोध पर 17 नवंबर 2025 की अधिसूचना से छूट दी गई है। आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 243 और 243 (जेड-ए) के तहत अपने अधिकारों का हवाला दिया। वहीं, राज्य सरकार ने विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है। अदालत ने सरकार को 28 मार्च तक चुनाव आयोग से आवश्यक अनुमति प्राप्त करने या निर्णय लेने का अवसर दिया है। मामले की अगली सुनवाई 30 मार्च को निर्धारित की गई है।
शूलिनी विश्वविद्यालय ने वंदना शर्मा मेमोरियल पुरस्कार 2026 के दौरान अपने संकाय और छात्र समुदाय की उत्कृष्ट महिला उपलब्धि धारकों को सम्मानित किया, उनकी दृढ़ता, संकल्प और उत्कृष्टता को मान्यता दी। फार्मास्युटिकल साइंसेज स्कूल की सहायक प्रोफेसर डॉ. मोनिका प्रकाश सिंह और बीटेक बायोटेक्नोलॉजी की छात्रा रीत साहनी को क्रमशः संकाय और छात्र श्रेणियों में विजेता घोषित किया गया। वुमेन ऑफ सब्सटेंस कार्यक्रम में उन महिलाओं की प्रेरणादायक यात्राओं को सम्मानित किया जिन्होंने व्यक्तिगत और व्यावसायिक चुनौतियों पर काबू पाने में साहस और प्रतिबद्धता दिखाई है। बायोटेक्नोलॉजी स्कूल की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नितिका ठाकुर ने संकाय श्रेणी में दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि शेनाया शर्मा (बीबीए एलएलबी) को छात्रों में दूसरा स्थान मिला। अपनी भावुक यात्रा साझा करते हुए, डॉ. मोनिका पी. सिंह ने मातृत्व और शैक्षणिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने की चुनौतियों के बारे में बताया। उन्होंने सामाजिक अपेक्षाओं और पारिवारिक दबावों का सामना करने के बावजूद, पीएचडी और शोध करते हुए अपनी छोटी बेटी से दूर रहने के अपराधबोध को उजागर किया। उन्होंने यह पुरस्कार अपनी बेटी तियाना प्रकाश सिंह को समर्पित किया और उन्हें अपनी शक्ति का स्रोत बताया। डॉ. नितिका ठाकुर ने महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ अपनी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने और सामाजिक मानदंडों से बंधे न रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने अपने लक्ष्यों और जुनून के प्रति प्रतिबद्धता बनाए रखने के महत्व पर बल दिया। छात्र विजेता रीत साहनी ने खुद को "उत्तरजीवी" के बजाय "योद्धा" बताया और दूसरों को भी अपने संघर्षों का सामना शक्ति और साहस के साथ करने के लिए प्रेरित किया। उपविजेता शेनाया शर्मा ने बताया कि उनकी यात्रा ने उन्हें आत्मनिर्भरता का महत्व सिखाया, एक ऐसा संदेश जो साथी छात्रों को गहराई से प्रभावित किया। सस्टेनेबिलिटी और कम्युनिटी एंगेजमेंट की निदेशक पूनम नंदा ने कहा, वंदना शर्मा मेमोरियल अवार्ड के माध्यम से, हमारा उद्देश्य उन महिलाओं को सम्मानित और प्रोत्साहित करना है जो अपनी यात्रा में असाधारण शक्ति, और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन करती हैं। आज साझा की गई प्रत्येक कहानी एक सशक्त संदेश है कि साहस और आत्मविश्वास से चुनौतियों को अवसरों में बदला जा सकता है।
हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत स्वारघाट पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर नाकेबंदी के दौरान एक ऑल्टो कार से 956 ग्राम चरस बरामद कर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना स्वारघाट पुलिस की टीम ने कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर टनल नंबर-1 (कैंची मोड़) के दूसरे छोर, मैहला की ओर नाका लगाया हुआ था। इस दौरान फोरलेन से गुजरने वाले सभी संदिग्ध वाहनों की सघन जांच की जा रही थी। इसी बीच मनाली की तरफ से आ रही एक सफेद रंग की ऑल्टो कार (HP 65-6858) को पुलिस ने जांच के लिए रोका। शक के आधार पर जब वाहन की तलाशी ली गई, तो उसमें से 956 ग्राम चरस बरामद हुई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कार चालक को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान जुकव अली (39), पुत्र जुसव, निवासी गांव सनवाड़, डाकघर बथेरी, तहसील पधर, जिला मंडी के रूप में हुई है। मामले की पुष्टि संदीप धवल ने की है। उन्होंने बताया कि थाना स्वारघाट में आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 और 29 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि आरोपी यह चरस कहां से लेकर आया था और इसे आगे कहां सप्लाई किया जाना था।
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) द्वारा उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से देशभर में आयोजित किए जा रहे ‘उपभोक्ता आउटरीच कार्यक्रम’ के तहत 27 मार्च 2026 को शूलिनी यूनिवर्सिटी के परिसर में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दूरसंचार सेवाओं, साइबर सुरक्षा और उपभोक्ता हितों से जुड़े नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। कार्यक्रम के दौरान साइबर धोखाधड़ी से बचाव, दूरसंचार सेवाओं से संबंधित शिकायत निवारण तंत्र और हाल ही में लागू किए गए नियमों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इस आयोजन में दूरसंचार सेवा प्रदाताओं, उपभोक्ता संगठनों (NGOs), आम नागरिकों के साथ-साथ विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं और अध्यापक भी भाग लेंगे। TRAI का यह प्रयास उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने और उन्हें जागरूक एवं सतर्क बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
बीएल सेंट्रल पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कुनिहार को सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट, नई दिल्ली द्वारा प्रतिष्ठित ग्रीन स्कूल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में विद्यालय को “वायु प्रदूषण और स्कूल” तथा “इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की भविष्य की भूमिका” विषयों पर आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय स्तरीय आवासीय कार्यशाला में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। यह कार्यशाला 23 से 25 मार्च 2026 तक अनिल अग्रवाल पर्यावरण ट्रेनिंग संस्थान राजस्थान में आयोजित किया जा रहा है। इसमें देशभर के शिक्षकों और विशेषज्ञों के साथ मिलकर स्कूलों में वायु गुणवत्ता सुधार के व्यावहारिक उपायों पर चर्चा की जा रही है। सीएसई, नई दिल्ली के समन्वयक नीरज कुमार ने जानकारी दी कि बीएल सेंट्रल पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कुनिहार के उप-प्रधानाचार्य एवं भौतिकी प्रवक्ता पुर्शोतम लाल इस राष्ट्रीय स्तरीय कार्यशाला में हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। विज्ञान पर्यवेक्षक, उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा, सोलन कार्यालय के अमरीश ने कहा कि यह जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश के लिए अत्यंत गर्व और महत्वपूर्ण अवसर है, जो उप निदेशक विद्यालय शिक्षा (प्रारंभिक), सोलन के मार्गदर्शन में सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट, नई दिल्ली के सहयोग से संभव हुआ है। विद्यालय के अध्यक्ष गोपाल शर्मा ने विशेष रूप से पुरषोत्तम लाल, समस्त स्टाफ, ईको क्लब प्रभारी सुश्री दिनाक्षी ठाकुर तथा समर्पित विद्यार्थियों को इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी।
शिमला जिले के सुन्नी थाना क्षेत्र के अंतर्गत बसंतपुर में एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ है। बिहार के 25 वर्षीय प्रवासी मजदूर राम प्रवेश राम उर्फ कुटुम्ब की निर्मम हत्या कर उसके शव को खेत में गड्ढा खोदकर दफन कर दिया गया था। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी अरुण कुमार को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य दो साथी अभी फरार हैं। राम प्रवेश राम पुत्र चतुरी राम, निवासी जिला मुजफ्फरपुर (बिहार), बसंतपुर में अपने दो-तीन साथियों के साथ किराए के कमरे में रहता था। वह आरसीसी के पक्के मकान बनाने का मजदूरी का काम करता था। 3-4 मार्च 2026 की रात होली के त्योहार के दौरान इन युवकों के बीच आपसी झगड़ा हो गया। पुलिस जांच में सामने आया कि इसी झगड़े के दौरान अरुण कुमार और उसके साथियों ने राम प्रवेश की हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को बसंतपुर क्षेत्र के एक खेत में गड्ढा खोदकर दबा दिया ताकि कोई सबूत न मिले। युवक के फोन स्विच ऑफ होने और लापता होने की सूचना पर 15 मार्च 2026 को उसके पिता चतुरी राम ने सुन्नी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस की छानबीनपुलिस ने गुमशुदगी रिपोर्ट के आधार पर गहन छानबीन शुरू की। मोबाइल कॉल डिटेल, तकनीकी विश्लेषण और स्थानीय पूछताछ से पता चला कि हत्या उसी रात हुई थी और आरोपी अरुण कुमार (31 वर्ष, निवासी देवी छपरा, जिला पूर्वी चंपारण, बिहार) मुख्य संदिग्ध है। 23 मार्च 2026 को खेत से शव बरामद किया गया, जिसकी शिनाख्त मकान मालिक और स्थानीय लोगों ने की। विशेष पुलिस टीम ने 25 मार्च 2026 को बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से अरुण कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार अन्य दो आरोपी विकेश कुमार और महेश कुमार भी फरार हैं। उनके खिलाफ छापेमारी जारी है। सुन्नी थाना प्रभारी ने बताया कि मामला गंभीर है और जांच के हर पहलू पर काम किया जा रहा है। आरोपी अरुण ठेकेदारी का काम करता था और बसंतपुर में ही एक पक्के मकान का ठेका लिया हुआ था। सभी आरोपी बिहार के रहने वाले थे और शिमला में मजदूरी करते थे। इस घटना से बसंतपुर और आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई है। प्रवासी मजदूरों में भी आक्रोश है। पुलिस ने मामले में हत्या, अपहरण और सबूत मिटाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
अर्की विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजय अवस्थी की अध्यक्षता में कुनिहार कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने कुनिहार के दो विद्यालयों के विलय और उन्हें सीबीएसई बोर्ड में परिवर्तित किए जाने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि दोनों विद्यालयों के मर्ज होने के बाद क्षेत्र के अभिभावकों और छात्रों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कई अभिभावक अपने बच्चों को हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (एचपी बोर्ड) में पढ़ाना चाहते हैं, जबकि कुछ सीबीएसई बोर्ड को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसे में क्षेत्र में दोनों विकल्प उपलब्ध होना आवश्यक है। उन्होंने शिक्षा मंत्री से आग्रह किया कि छात्रों के भविष्य और अभिभावकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक विद्यालय को एचपी बोर्ड के अंतर्गत तथा दूसरे विद्यालय को सीबीएसई बोर्ड के तहत संचालित किया जाए। इस पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने प्रतिनिधिमंडल की बात को गंभीरता से सुनते हुए सकारात्मक आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय पर संवेदनशील है और छात्रों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि इस संबंध में कल तक निर्णय लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी, ताकि क्षेत्र में चल रही अनिश्चितता समाप्त हो सके। विधायक संजय अवस्थी ने भी कहा कि क्षेत्र के लोगों की भावनाओं का सम्मान करना सरकार की प्राथमिकता है और इस विषय का समाधान शीघ्र निकाला जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि शिक्षा विभाग जल्द ही ऐसा निर्णय लेगा, जिससे सभी पक्षों को संतुष्टि मिले। इस दौरान ग्राम पंचायत कुनिहार के पूर्व प्रधान राकेश ठाकुर, राजेंद्र शर्मा, एसएमसी अध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर, कृष्ण चंद, ज्ञान जोशी, अनिल तंवर, जगदीश गर्ग, विनोद वेंस, सतीश ठाकुर, राजेश शांडिल, पवन कुमार, दीपक चौधरी, कुलदीप पंवर, रामराज, विजय सिंह कंवर सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने इस मुद्दे पर सकारात्मक पहल करने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर का आभार व्यक्त किया। इस संबंध में जानकारी ग्राम पंचायत कुनिहार के पूर्व प्रधान राकेश ठाकुर ने दी।
हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच मंडी जिले के सराज क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जंजहैली पुलिस ने बिजली विभाग के एक कर्मचारी और उसके साथी को चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया है। इस मामले ने एक बार फिर प्रदेश में बढ़ते नशे के नेटवर्क पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, 23 मार्च की रात पुलिस ने गश्त के दौरान दो युवकों को संदिग्ध हालत में घूमते देखा। जांच के दौरान उनके पास से करीब 3 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ, जिसके बाद दोनों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लाल सिंह (26) और मोहन सिंह (36) के रूप में हुई है। लाल सिंह बिजली विभाग में टीमेट के पद पर कार्यरत है। जांच में सामने आया है कि लाल सिंह पहले भी नशा तस्करी के एक बड़े मामले में शामिल रह चुका है। फरवरी 2025 में भलवाड़ में पकड़े गए 44 ग्राम चिट्टा मामले में वह ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए फंडिंग करता पाया गया था। डीएसपी करसोग चंद किशोर के अनुसार, दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है। बता दें कि हिमाचल प्रदेश में “चिट्टा मुक्त हिमाचल” अभियान के तहत लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस न केवल तस्करों पर शिकंजा कस रही है, बल्कि दोषी सरकारी कर्मचारियों पर भी कड़ी कार्रवाई कर रही है। अब तक चिट्टा तस्करी में संलिप्त पाए गए 21 पुलिस कर्मियों को बर्खास्त किया जा चुका है, जिससे साफ संदेश गया है कि नशे के खिलाफ कोई समझौता नहीं होगा।
अपनी वैश्विक शोध प्रतिष्ठा को महत्वपूर्ण बढ़ावा देते हुए, शूलिनी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. शांतनु मुखर्जी को प्रतिष्ठित 23वीं विश्व मृदा विज्ञान कांग्रेस (WCSS 2026) में अपना शोध प्रस्तुत करने के लिए चुना गया है और उन्हें प्रतिष्ठित “नानजिंग पुरस्कार” से सम्मानित किया गया है। विश्व मृदा विज्ञान कांग्रेस इस क्षेत्र के सबसे बड़े अंतर्राष्ट्रीय मंचों में से एक है, जो दुनिया भर से 4,000 से अधिक वैज्ञानिकों, नीति निर्माताओं और विशेषज्ञों को एक साथ लाता है, साथ ही मृदा और पर्यावरण विज्ञान में अत्याधुनिक विकास पर 120 से अधिक वैज्ञानिक सत्र और 1,000 शोध प्रस्तुतियाँ आयोजित करता है। डॉ. शांतनु का शोध मृदा और जल प्रणालियों में औषधीय प्रदूषण की बढ़ती वैश्विक चिंता को संबोधित करता है, विशेष रूप से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में। उनका नवोन्मेषी कार्य हिमालयी चीड़ की पत्तियों से बायोचार विकसित करने पर केंद्रित है, जिसका उपयोग हानिकारक संदूषकों, जैसे एंटीबायोटिक्स, को पर्यावरण से हटाने के लिए "सुपरसॉर्बेंट" के रूप में किया जाता है। यह अध्ययन एक सतत "अपशिष्ट से धन" दृष्टिकोण पर प्रकाश डालता है और चक्रीय अर्थव्यवस्था में योगदान देता है। उनके शोध को मृदा सुधार और पर्यावरणीय स्थिरता पर एक विशेष सत्र में प्रस्तुति के लिए चुना गया है, जहां वे मृदा क्षरण और उभरते संदूषकों से निपटने के समाधान प्रदर्शित करेंगे। यह कार्य स्वच्छ जल, जलवायु कार्रवाई और सतत पारिस्थितिकी तंत्र सहित प्रमुख सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप भी है। "नानजिंग विशिष्ट वैज्ञानिक पुरस्कार", जो चीन की मृदा विज्ञान सोसायटी और डब्ल्यूसीएस आयोजन समिति द्वारा प्रदान किया जाता है, विश्व स्तर पर उत्कृष्ट शोधकर्ताओं के एक चुनिंदा समूह को उनके वैज्ञानिक योगदान की मान्यता में दिया जाता है। इस पुरस्कार में वैश्विक सम्मेलन में भागीदारी को सुगम बनाने के लिए वित्तीय सहायता भी शामिल है। डॉ. शांतनु की डब्ल्यूसीएस 2026 में भागीदारी से वैश्विक सहयोग, ज्ञान के आदान-प्रदान और विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बढ़ाने के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है।
शिमला में फिरौती और लूटपाट के प्रयास के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला 20-03-2026 को शिकायतकर्ता आर्यन चौहान की शिकायत पर दर्ज किया गया था, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि तारापुर सड़क पर तीन संदिग्धों ने गाड़ी (HP 58A-1965) से उतरकर उनके साथ वारदात को अंजाम देने की कोशिश की। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इसमें सामने आया कि आरोपियों ने उक्त गाड़ी का इस्तेमाल किया था, जिसे उसी दिन मशोबरा क्षेत्र से बरामद कर लिया गया। जांच में यह भी पाया गया कि गाड़ी के चेसिस नंबर, इंजन नंबर सहित पहचान के सभी निशान मिटा दिए गए थे और नंबर प्लेट भी फर्जी थी। पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर 23-03-2026 को चरणजीत सिंह (48) और ताशी नेगी (45) को गिरफ्तार किया। मामले में आगे की जांच जारी है।
विश्व क्षय रोग दिवस 2026 के अवसर पर मिनर्वा कॉलेज ऑफ एजुकेशन, इंदौरा में “टीबी मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत एक विशेष अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सरकारी अस्पताल इंदौरा से सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर मोनिका शर्मा तथा फीमेल हेल्थ वर्कर सुश्री सुमन ने बतौर मुख्य वक्ता भाग लिया। वक्ताओं ने क्षय रोग (टीबी) जैसी गंभीर बीमारी के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि यह रोग किस प्रकार फैलता है, इसके लक्षण क्या हैं तथा इससे बचाव के लिए कौन-कौन से उपाय अपनाए जाने चाहिए। उन्होंने सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और “टीबी मुक्त भारत” अभियान के तहत चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की भी जानकारी दी। उन्होंने छात्रों को जागरूक करते हुए समय पर जांच और उपचार के महत्व पर विशेष जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान मिनर्वा कॉलेज ऑफ एजुकेशन की विभागाध्यक्ष द्वारा मुख्य अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत कुमार ने मुख्य अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए भारत सरकार समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाती है और ऐसे कार्यक्रम समाज के हित में अत्यंत आवश्यक हैं। कार्यक्रम में बी.एड. के प्रशिक्षु छात्रों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और “टीबी हारेगा, देश जीतेगा” जैसे जागरूकता नारे लगाकर संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
कांगड़ा जिले के इंदौरा क्षेत्र से एक 26 वर्षीय महिला के लापता होने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, बलविंदर कौर, पत्नी कमलजीत सिंह, निवासी तहसील इंदौरा, जिला कांगड़ा, 22 फरवरी 2026 से लापता हैं। परिजनों के मुताबिक, महिला को आखिरी बार इंदौरा पुल के पास देखा गया था, जिसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं लग पाया है। घटना के बाद परिजनों ने इंदौरा थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आसपास के इलाकों में भी लगातार खोजबीन की जा रही है। परिवार के लोग बेहद चिंतित हैं और उन्होंने आम जनता से सहयोग की अपील की है। अगर किसी को भी बलविंदर कौर के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो कृपया तुरंत इस नंबर पर संपर्क करें ( 8091733461) फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है, लेकिन महिला का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है।
फतेहपुर क्षेत्र के पिंड मंझार वॉलीबॉल टूर्नामेंट का चौथा एडिशन 5 अप्रैल से 7 अप्रैल तक आयोजित किया जा रहा है। रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 31 मार्च है। अपनी टीम रजिस्टर करवाने के लिए निखिल: 7807875323, अभि: 8894563834, अनुभव: 7807027692, भोलू: 9459058463, यदुवीर: 8894168686, जग्गू: 98167 65660, अभिमन्यु: 8219438341 पर संपर्क करें। वहीं इस टूर्नामेंट को लेकर आयोजकों ने नियम व शर्तें जारी कर दी हैं। जानकारी के अनुसार, इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए सभी खिलाड़ियों का एक ही पंचायत से होना अनिवार्य रहेगा। मैच शुरू होने से पहले खिलाड़ियों के आधार कार्ड की जांच भी की जाएगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि एक ही पंचायत से एक से अधिक टीमें भी इस टूर्नामेंट में भाग ले सकती हैं। खास बात यह है कि प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए किसी भी प्रकार की रजिस्ट्रेशन फीस नहीं रखी गई है, जिससे अधिक से अधिक टीमें भाग ले सकें। प्राइज मनी को लेकर भी आयोजकों ने उत्साहजनक जानकारी दी है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार पुरस्कार राशि अधिक होगी, जिसकी आधिकारिक घोषणा जल्द की जाएगी। इसके अलावा, टूर्नामेंट में भाग लेने वाली सभी टीमें पुराने फतेहपुर ब्लॉक क्षेत्र से ही होनी चाहिए। मैरा, भरमाड़ सहित अन्य पंचायतों की टीमें इसमें हिस्सा ले सकती हैं। आयोजकों ने बताया कि पहले तीन टूर्नामेंट्स में क्षेत्र की टीमों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया था और इस बार भी पिंड मंझार की ओर से सभी टीमों का स्वागत किया जाएगा।
मंडी में पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बस से 2.791 किलोग्राम चरस बरामद की है। पुलिस थाना औट की टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग-03 पर झलोगी स्थित आर्मी कैंप के पास नाकाबंदी के दौरान बस की जांच की, जिसमें यह मादक पदार्थ एक यात्री के कब्जे से मिला। पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान 26 वर्षीय अंकराज अधिकारी के रूप में हुई है, जो नेपाल के जुमला का निवासी है और वर्तमान में जिला कुल्लू के गुशैणी में रह रहा था। पुलिस ने मौके पर ही उसे गिरफ्तार कर लिया। इस संबंध में थाना औट में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा। एसपी मंडी विनोद कुमार ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है। पुलिस टीम मादक पदार्थ की आपूर्ति श्रृंखला, इसके स्रोत और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में लगी है। उन्होंने कहा कि नशा तस्करों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
हिमाचल प्रदेश सरकार के बजट 2026–27 को मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा प्रस्तुत एक दूरदर्शी एवं जनकल्याणकारी बजट बताते हुए इंदौरा के विधायक मलेंद्र राजन ने कहा कि यह बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करने में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह बजट राज्य के संतुलित, समग्र और जनहितकारी विकास की स्पष्ट रूपरेखा प्रस्तुत करता है। मलेंद्र राजन ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए सरकार ने विशेष प्राथमिकता दी है। कनेक्टिविटी, आधारभूत ढांचे और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार हेतु बड़े पैमाने पर निवेश किया जाएगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कांगड़ा के ढगवार में लगभग 250 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक दूध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किया जाना एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि वित्तीय चुनौतियों के बावजूद सरकार ने सामाजिक सुरक्षा, रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण, कृषि और आधारभूत ढांचे को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने हेतु पुलिस विभाग में 1000 कांस्टेबल और 50 महिला इंस्पेक्टर की सीधी भर्ती की घोषणा की गई है। “खेलो हिमाचल चिट्टा मुक्त अभियान” के अंतर्गत 15 से 35 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 50,000 युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। शिक्षा क्षेत्र के लिए 9660 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 75 से कम छात्रों वाले कॉलेजों के विद्यार्थियों को जिला मुख्यालय में प्रवेश लेने पर 5000 रुपये का स्टाइपेंड प्रदान किया जाएगा। साथ ही, कॉलेजों में सेमेस्टर प्रणाली लागू की जाएगी और अगले वर्ष 150 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध करने का लक्ष्य रखा गया है। सामाजिक सुरक्षा के तहत पात्र परिवारों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। बीपीएल परिवारों की बेटियों के विवाह हेतु 51 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी तथा शोषण पीड़ित महिलाओं के लिए “स्वाभिमान योजना” शुरू की जाएगी। महिलाओं के लिए संपत्ति पंजीकरण शुल्क को 8 प्रतिशत से घटाकर 4 प्रतिशत करना एक सराहनीय पहल है। कृषि क्षेत्र में प्राकृतिक खेती उत्पादों के समर्थन मूल्य में वृद्धि की गई है। गेहूं का एमएसपी 60 से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलो, मक्की 40 से 50 रुपये, हल्दी 90 से 150 रुपये प्रति किलो तथा अदरक के लिए पहली बार 30 रुपये प्रति किलो समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। दुग्ध उत्पादकों के हित में गाय के दूध का मूल्य 51 से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का 61 से 71 रुपये प्रति लीटर किया गया है। राज्य में दूध खरीद 4 करोड़ लीटर से बढ़कर 8 करोड़ लीटर होने का उल्लेख भी इस बजट की उपलब्धि को दर्शाता है। मलेंद्र राजन ने कहा कि यह बजट युवाओं, महिलाओं, किसानों और समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने की दिशा में एक ठोस और दूरदर्शी पहल है, जो “जनकल्याण और वित्तीय अनुशासन” के संतुलन के साथ हिमाचल प्रदेश के सतत एवं समावेशी विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा।
सीएम सुक्खू द्वारा शनिवार को प्रदेश का बजट पेश किया गया। जिसकी सराहना करते हुए हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय NSUI के पूर्व अध्यक्ष प्रवीण मिन्हास ने कहा कि सीएम सुक्खू द्वारा प्रस्तुत बजट अत्यंत सराहनीय एवं दूरदर्शी है। विशेष रूप से यह बजट उस परिस्थिति में प्रस्तुत किया गया है, जब RDG की ग्रांट समाप्त हो चुकी है, जो इसे और भी महत्वपूर्ण बनाता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने ₹54,928 करोड़ का बजट प्रस्तुत कर “आत्मनिर्भर हिमाचल” का स्पष्ट संदेश दिया है। इस बजट में युवाओं के लिए नए पद सृजित कर उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करने का सराहनीय प्रयास किया गया है। साथ ही, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ एवं सशक्त बनाने हेतु अनेक प्रभावी कदम उठाए गए हैं। एंटी चिट्टा अभियान को ब्लॉक स्तर पर ले जाना भी एक सराहनीय कदम है। कुल मिलाकर, यह बजट विकासोन्मुख, जनकल्याणकारी तथा राज्य की आर्थिक मजबूती की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
शूलिनी विश्वविद्यालय के विधि विज्ञान संकाय के कानूनी सहायता क्लिनिक ने सोलन के सुल्तानपुर पंचायत में घर-घर जाकर कानूनी जागरूकता अभियान का आयोजन किया। यह पहल सोलन के जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में की गई, जिसका उद्देश्य महिलाओं के कानूनी अधिकारों और उपलब्ध सहायता तंत्रों के बारे में जागरूकता बढ़ाना था। इस अभियान का समन्वय विधि विज्ञान संकाय के सहायक प्रोफेसर विनीत कुमार ने कानूनी सहायता क्लिनिक के बैनर तले किया, और इसमें सुल्तानपुर पंचायत के प्रतिनिधियों का सहयोग भी शामिल था। विधि विज्ञान संकाय के 25 छात्रों की एक टीम ने इस अभियान में भाग लिया, और समुदाय की महिलाओं से बातचीत करके उन्हें उनके कानूनी अधिकारों और सुरक्षा के बारे में जानकारी दी।
हिमाचल प्रदेश के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री 22 मार्च, 2026 को सोलन जिले के नालागढ़ और दून उपमंडल के प्रवास पर रहेंगे। जानकारी के अनुसार, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री प्रातः 10:00 बजे बद्दी के हनुमान चौक में आयोजित ‘राज्य स्तरीय विश्व जल दिवस-2026’ समारोह की अध्यक्षता करेंगे। इस अवसर पर जल संरक्षण और प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उप मुख्यमंत्री तदोपरांत दोपहर 2:30 बजे नालागढ़ के पीर स्थान में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी परिसर की आधारशिला रखेंगे। सांय 3:30 बजे मुकेश अग्निहोत्री नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के मलपुर में विभिन्न ट्यूबवेलों का शिलान्यास भी करेंगे। इस दौरे के दौरान स्थानीय प्रशासन ने उप मुख्यमंत्री के स्वागत और कार्यक्रमों की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है।
पुलिस थाना सुजानपुर में दर्ज एफआईआर के अंतर्गत वित्तीय गबन से जुड़े मामले में हमीरपुर पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। इस प्रकरण में आरोपी प्रवीन, उमेश, सतीश एवं संजय ने पूर्व में माननीय हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय से अंतरिम जमानत प्राप्त की थी, जिसे बाद में निरस्त कर दिया गया। इसके उपरांत आरोपियों ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने प्रवीन एवं उमेश की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं, जबकि सतीश एवं संजय को राहत प्रदान की गई। हमीरपुर पुलिस द्वारा इस मामले की जांच के दौरान प्रत्येक स्तर पर प्रभावी पैरवी, बेहतर समन्वय एवं तथ्यों की समयबद्ध और सशक्त प्रस्तुति सुनिश्चित की गई, जो पुलिस की पेशेवर दक्षता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हमीरपुर पुलिस ने दोहराया है कि अवैध खनन एवं वित्तीय अनियमितताओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी। सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय से भाजपा विधायक को तगड़ा झटका लगा है।
वन परिक्षेत्र इंदौरा के अंतर्गत खैर तस्करों के विरुद्ध शिकंजा कसा गया है। ताजा कार्रवाई में वन परिक्षेत्र अधिकारी इंदौरा अब्दुल हमीद के नेतृत्व में विभागीय टीम ने नाकाबंदी कर एक ऑल्टो कार, जिसमें खैर के एक दर्जन से अधिक मोच्छे ले जाए जा रहे थे, को पकड़ा गया है। यह कार्रवाई वन विभाग की घोड़न बीट में की गई, जहाँ तस्कर रात के अंधेरे का फायदा उठाते हुए खैर तस्करी की फिराक में थे कि विभागीय सतर्कता से आरोपियों को दबोच लिया गया। वन परिक्षेत्र अधिकारी इंदौरा अब्दुल हमीद ने बताया कि वे वन रक्षक आंचल कुमार ( अतिरिक्त प्रभार घोड़न बीट ), वन रक्षक मोहन सिंह व वन मित्र साहिल कुमार की टीम के साथ स्वयं रात्रि गश्त पर थे कि एक ऑल्टो कार ( एच.पी. 38 ई 1669 ) जिसमें खैर तस्करी को अंजाम दिया जा रहा था, को नाकाबंदी कर रोका गया व तलाशी लेने पर उसमें खैर के मोच्छे, जिनकी संख्या 13 पाई गई, बरामद किए गए। आरोपी खैर की लकड़ी ले जाने बारे कोई भी परमिट अथवा अन्य आवश्यक दस्तावेज पेश न कर पाए। जिस पर उनके विरुद्ध वन अधिनियम व अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करवाया गया। वहीं कार में सवार व्यक्तियों की पहचान मोहित कुमार ( 27 ) पुत्र बुआ दित्ता, निवासी गाँव व डाकघर घोड़न, तहसील इंदौरा, जिला कांगड़ा व राजकुमार ( 23 ) पुत्र बहादुर सिंह, निवासी गाँव घोड़न, डाकघर भोजपुर, तहसील इंदौरा जिला कांगड़ा के रूप में हुई है। विभाग ने पकड़ी गई लकड़ी व कार को जब्त कर आगामी कार्रवाई हेतु मामला पुलिस विभाग को सौंप दिया है। वहीं उनके विरुद्ध पुलिस थाना डमटाल में मुकदमा दर्ज किया गया है। आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। आर.ओ. अब्दुल हमीद ने कड़ा संदेश दिया है कि वन संपदा को नुकसान पहुँचाने वालों के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम किया जाएगा और अवैध वन कटान करने वाले अथवा अवैध खनन कर वन संपदा को नुकसान पहुँचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
प्राचीन शिव मंदिर सुधार सभा काठगढ़ (इंदौरा) द्वारा हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी चैत्र नवरात्रि महोत्सव के उपलक्ष्य में प्रथम नवरात्रि से मंदिर परिसर में श्री राम चरित मानस पाठ का शुभारंभ सभा के प्रधान ओम प्रकाश कटोच व अन्य पदाधिकारियों द्वारा विधिवत् पूजा अर्चना के साथ किया गया। सभा के प्रेस सचिव सुरिंदर शर्मा ने कहा कि 26 मार्च दुर्गाष्टमी के दिन इसका हवन एवं भोग डाला जाएगा तथा कंजक पूजन के साथ साथ श्री राम नवमी का पर्व भी मनाया जाएगा। साथ ही प्राचीन शिव मंदिर सुधार सभा काठगढ़ के तत्वाधान से मंदिर परिसर में डॉ. ओम प्रकाश आई इंस्टीट्यूट पठानकोट के सौजन्य से 22 मार्च को आंखों की जांच का निशुल्क कैम्प भी लगाया जाएगा। यह कैंप सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक लगाया जाएगा जिसमें रोगियों की आधुनिक मशीनरी से जांच की जाएगी। इस दौरान रिटायर सी. एम. ओ. पठानकोट क्रिस्चन मेडिकल कॉलेज जालंधर एवं चंबा मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रोफेसर डॉ. परवेज तनेजा व उनकी टीम निपुणता से जांच करेगी व दवाईयां भी दी जायेगी। प्राचीन शिव मंदिर सुधार सभा काठगढ़ के प्रधान ओम प्रकाश कटोच व प्रेस सचिव सुरिंदर शर्मा ने जानकारी देते हुए इलाका वासियों से अपील की है कि समय पर पहुंच कर इस कैंप का लाभ अवश्य उठाएं, सभा द्वारा डाक्टरों की टीम व रोगियों के लिए लंगर व अन्य आवश्यक व्यवस्था की जाएगी।
भाजपा विधायक हंसराज को POCSO मामले में मिली जमानत को चुनौती देने वाली याचिका पर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। हाईकोर्ट ने इस मामले में प्रतिवादी स्टेट के कड़े आग्रह पर मामले की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए 10 दिन का अतिरिक्त समय दिया है। अदालत ने स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए जिला चंबा पुलिस अधीक्षक को भी तलब किया है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करते हुए एसपी चंबा अगली सुनवाई पर अदालत में उपस्थित हों। जस्टिस संदीप शर्मा की बेंच अब इस मामले पर सुनवाई कर रही है। मामले में अगली सुनवाई 2 अप्रैल को होनी है। हाईकोर्ट में इस मामले पर सुनवाई करते हुए जस्टिस संदीप शर्मा की बेंच ने अपने आदेश में कहा कि कई बार अवसर दिए जाने के बावजूद अब तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल नहीं की गई है। फिर भी प्रतिवादी स्टेट की ओर से डिप्टी एडवोकेट जनरल के कड़े आग्रह पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए प्रतिवादी राज्य को 10 दिन का अतिरिक्त समय दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगली तारीख पर एसपी चंबा को रिपोर्ट के साथ अदालत में उपस्थित होना होगा। चुराह विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक हंसराज पर POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज है। विधायक को इस मामले में सेशन कोर्ट चंबा ने बीते साल 27 नवंबर 2025 को जमानत दी थी। इसके खिलाफ पीड़िता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर जमानत रद्द करने की मांग की है। इस मामले में स्टेट और आरोपी विधायक हंसराज के साथ-साथ SP जिला चंबा, SHO महिला पुलिस स्टेशन चंबा को प्रतिवादी बनाया गया है।
हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश का दौर जारी है। जो अब लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। प्रदेश के कुल्लू जिले में लगातार हो रही बारिश से इनर अखाड़ा बाजार में गुरुवार को अचानक भूस्खलन होने से इलाके में हड़कंप मच गया। खतरे को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कई घर खाली करवा दिए और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। घटना दोपहर बाद उस समय हुई जब पहाड़ी से अचानक मलबा गिरने लगा. भूस्खलन को देखते ही स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई. प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और करीब आधा दर्जन से अधिक घरों को एहतियातन खाली करवाया गया। वहीं पुलिस ने पूरे इलाके में लाउडस्पीकर के जरिए अनाउंसमेंट कर लोगों को सतर्क किया। सड़क किनारे खड़े वाहनों को तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में रेस्क्यू टीम को आने-जाने में परेशानी न हो। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और सतर्क रहने की अपील की है। गौरतलब है कि पिछले साल भी इनर अखाड़ा बाजार में भूस्खलन की घटना सामने आई थी, जिसमें कई घरों को नुकसान हुआ था और करीब 10 लोगों की जान चली गई थी। इसी वजह से इस बार प्रशासन पहले से ज्यादा सतर्क नजर आ रहा है और किसी भी तरह की लापरवाही से बचा जा रहा है। वहीं डीसी कुल्लू अनुराग चंद्र शर्मा ने बताया कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मौसम को देखते हुए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
क्षेत्र में रसोई गैस उपभोक्ताओं की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब गैस सिलेंडर लेने के लिए 45 दिन के अंतराल की अनिवार्यता ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। इस नए नियम के चलते उपभोक्ताओं में रोष व्याप्त है और वे इसे अव्यवहारिक बता रहे हैं। कई परिवारों का कहना है कि उनकी घरेलू जरूरत के अनुसार 15 से 20 दिन में ही सिलेंडर खत्म हो जाता है, लेकिन अब 45 दिन का इंतजार करना मजबूरी बन गया है। ऐसे में रसोई का काम प्रभावित हो रहा है और लोगों को वैकल्पिक इंतजाम करने पड़ रहे हैं। गैस एजेंसियों के बाहर इन दिनों लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। उपभोक्ता सुबह से ही सिलेंडर लेने पहुंच रहे हैं, लेकिन 45 दिन की शर्त पूरी न होने पर उन्हें वापस लौटा दिया जा रहा है। इससे लोगों को बार-बार एजेंसियों और गोदामों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि बिना किसी पूर्व सूचना के यह नियम लागू कर दिया गया, जिससे समस्या और गंभीर हो गई है। उनका कहना है कि अचानक लागू किए गए इस फैसले ने आम लोगों को परेशानी में डाल दिया है। कई परिवार ऐसे हैं, जहां महीने में दो से तीन सिलेंडर की खपत होती है। ऐसे में 45 दिन का अंतराल उनके लिए व्यावहारिक नहीं है। कुनिहार विकास सभा के अध्यक्ष धनीराम तनवर ने कहा कि एक ओर सरकार धुआं रहित रसोई की बात करती है, वहीं दूसरी ओर ऐसी नीतियां लागू की जा रही हैं, जो आम लोगों की परेशानियां बढ़ा रही हैं। उन्होंने मांग की कि 45 दिन की अवधि को घटाकर 25 दिन किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। वहीं, हिन्दुस्तान जन सेवा समिति के अध्यक्ष आर.पी. जोशी ने नगर पंचायत क्षेत्र में एलपीजी सिलेंडरों की अनियमित आपूर्ति पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि निर्धारित नियमों के अनुसार शहरी क्षेत्रों में 25 दिन के भीतर गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाना अनिवार्य है, लेकिन कुनिहार में इस नियम का पालन नहीं हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने और 25 दिन के भीतर सिलेंडर उपलब्ध करवाने के निर्देश जारी करने की मांग की। उधर, हिमालयन खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी सोलन श्रवण कुमार ने बताया कि 45 दिन का अंतराल पूरे देश में लागू किया गया है। इस संबंध में कंपनियां सरकार से बातचीत कर रही हैं। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे घबराएं नहीं, घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति फिलहाल सुचारू रूप से जारी है। वहीं उपभोक्ताओं की प्रमुख मांगें- 45 दिन की शर्त को घटाकर 25 दिन किया जाए, गैस सिलेंडरों की नियमित और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित हो, गैस सिलेंडरों की नियमित और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित हो। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होंगे।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अंतर्गत तहसील कल्याण अधिकारी, देहरा के सौजन्य से आज खंड विकास अधिकारी, प्रागपुर के सभागार में वरिष्ठ नागरिकों के लिए डिमेंशिया एवं अल्जाइमर रोग के प्रति एक दिवसीय जागरूकता एवं स्क्रीनिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य समाज में डिमेंशिया एवं अल्जाइमर जैसे गंभीर मानसिक रोगों के प्रति जागरूकता फैलाना तथा विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों को समय रहते उचित चिकित्सा परामर्श लेने के लिए प्रेरित करना था, ताकि उनके जीवन स्तर में सुधार लाया जा सके। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बीडीओ प्रागपुर अशोक कुमार ने शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान न्यू एरा फाउंडेशन, खुंडियां की ओर से डॉ. दीक्षा ने उपस्थित लोगों को डिमेंशिया के प्रमुख कारणों, प्रारंभिक एवं उन्नत लक्षणों, संभावित जोखिम कारकों, रोकथाम के उपायों तथा उपलब्ध उपचार पद्धतियों के बारे में सरल एवं विस्तृत प्रस्तुति (प्रेजेंटेशन) के माध्यम से जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि समय पर पहचान एवं उचित देखभाल से रोग की प्रगति को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है तथा इसके सामाजिक एवं पारिवारिक प्रभावों को भी कम किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त मनोचिकित्सक डॉ. नेहा ने डिमेंशिया के निदान, प्रबंधन एवं उपचार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने तथा किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने का आग्रह किया। शिविर के दौरान उन्होंने मरीजों की स्क्रीनिंग भी की, जिससे कई लोगों को प्रारंभिक स्तर पर ही परामर्श प्राप्त हुआ। इस अवसर पर सभी वरिष्ठ नागरिकों को पहाड़ी टोपी पहनाकर सम्मानित किया गया। तहसील कल्याण अधिकारी विपुल शर्मा ने विभिन्न विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए लोगों से इनका अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्थानीय व्यक्ति तथा सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
शूलिनी विश्वविद्यालय का 9वां दीक्षांत समारोह 21 मार्च, 2026 को विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर 1,087 स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों के साथ-साथ 85 पीएचडी शोधार्थियों को डिग्री प्रदान की जाएगी, जो शैक्षणिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। राष्ट्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी फोरम (NETF) के अध्यक्ष और NAAC के कार्यकारी समिति के अध्यक्ष डॉ. अनिल सहस्रबुद्धे मुख्य अतिथि होंगे। दीक्षांत समारोह में विशिष्ट अतिथि भी उपस्थित रहेंगे, जिनमें शोभित डीम्ड यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति और ASSOCHAM-NCE के अध्यक्ष कुंवर शेखर विजेंद्र, एटलस स्किलटेक यूनिवर्सिटी, मुंबई के कुलपति डॉ. राजन वेलुकर IISER मोहाली के निदेशक प्रो. अनिल कुमार त्रिपाठी, और JAN AI, बेंगलुरु के संस्थापक डॉ. मदन पदाकी शामिल हैं। शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति, प्रो-कुलाधिपति, कुलपति और शासी निकाय, प्रबंधन बोर्ड और अकादमिक परिषद के सदस्य समारोह की अध्यक्षता करेंगे और स्नातक छात्रों को उपाधियाँ प्रदान करेंगे। कुल स्नातक छात्रों में से 518 छात्रों को स्नातकोत्तर उपाधियाँ प्राप्त होंगी, जबकि 569 छात्रों को विभिन्न विषयों में स्नातक उपाधियाँ प्रदान की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, 85 शोधार्थियों को उनके उन्नत अनुसंधान योगदान के सम्मान में डॉक्टरेट उपाधियाँ प्रदान की जाएंगी। शैक्षणिक उत्कृष्टता को मान्यता देते हुए, विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह के दौरान 30 विश्वविद्यालय पदक विजेताओं और 23 योग्यता प्रमाण पत्र धारकों को भी सम्मानित करेगा, जो उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन को पुरस्कृत करने पर विश्वविद्यालय के विशेष जोर को दर्शाता है।
मंडी जिले के उपमंडल गोहर में पीलिया का प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है। ताजा मामले में नेहरा पंचायत के रौडी गांव की 19 वर्षीय नवविवाहिता शानिया (पत्नी सौरव) की PGI चंडीगढ़ में इलाज के दौरान देर रात मौत हो गई। इस घटना के बाद पीलिया से मरने वालों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है, जबकि संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 210 के पार पहुंच चुका है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपाली शर्मा ने बताया कि युवती की मौत चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रही हैं और लोगों को उबला व स्वच्छ पानी पीने के निर्देश दिए गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शानिया बासा महाविद्यालय में द्वितीय वर्ष की छात्रा थी और हाल ही में उसका विवाह हुआ था। करीब एक सप्ताह पहले उसमें पीलिया के लक्षण दिखाई दिए, जिसके बाद उसे सिविल अस्पताल गोहर में भर्ती कराया गया। हालत में सुधार न होने पर चिकित्सकों ने उसे मेडिकल कॉलेज नेरचौक रेफर किया। नेरचौक में भी स्थिति गंभीर बनी रहने पर डॉक्टरों ने उसे चंडीगढ़ स्थित पीजीआई भेजा, जहां विशेषज्ञों की निगरानी में उपचार जारी रहा, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। जैसे ही युवती की मौत की खबर क्षेत्र में पहुंची, पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल फैल गया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर समय रहते प्रभावी कदम न उठाने के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल और सफाई व्यवस्था की कमी के चलते हालात बिगड़ते जा रहे हैं। इधर, स्वास्थ्य विभाग के लिए भी यह स्थिति बड़ी चुनौती बनती जा रही है। 210 से अधिक संक्रमित मामलों ने संकेत दिया है कि बीमारी तेजी से फैल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं, पेयजल स्रोतों की जांच की जाए और स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए, ताकि इस बीमारी पर जल्द नियंत्रण पाया जा सके।
मिनर्वा कॉलेज ऑफ फार्मेसी के छात्रों ने हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय के परीक्षा परिणामों में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर संस्थान का नाम रोशन किया है। कॉलेज की होनहार छात्रा राजकुमारी ने विश्वविद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त कर एक नई मिसाल कायम की है। राजकुमारी की इस सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और शिक्षकों का मार्गदर्शन रहा है। कॉलेज के अन्य विद्यार्थियों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए मेरिट सूची में जगह बनाई है। इन परीक्षा परिणामों में बी. फार्मेसी सातवें सत्र में तीन छात्राओं श्रुति, सृष्टि, पलक ने 9.33 सीजीपीए के साथ नौवां स्थान प्राप्त किया, जबकि सुमेश ने 9.30 सीजीपीए के साथ दसवां स्थान हासिल किया है। बी. फार्मेसी पांचवें सत्र में राजकुमारी ने 9.38 सीजीपीए के साथ प्रथम स्थान, रजत ने 8.92 सीजीपीए के साथ छठा स्थान प्राप्त किया। वहीं समीर, प्रियनंदिनी, अजय ने 8.77 सीजीपीए के साथ आठवां, पियूषा, रिंचन ने 8.69 सीजीपीए के साथ नौवां तथा भूषण, हन्नी, हार्दिक, रुद्र, सिमरन, मनीष व नितिन गोरे ने 8.62 सीजीपीए के साथ दसवां स्थान प्राप्त किया। वहीं बी. फार्मेसी के तीसरे सत्र में पलक 9.25 सीजीपीए के साथ पांचवें, प्रिया 9.17 सीजीपीए के साथ छठे तथा साक्षी 8.92 सीजीपीए के साथ नौवें स्थान पर रही। बी. फार्मेसी प्रथम सत्र की जुबीन ने 9.31 सीजीपीए के साथ आठवां स्थान प्राप्त किया है। इस उत्कृष्ट उपलब्धि पर मिनर्वा ग्रुप ऑफ कॉलेज के प्रबंधक इंजीनियर जे. एस. पटियाल, डीन अकादमिक प्रोफेसर बी. डी. शर्मा, प्राचार्य डॉ. कपिल कुमार वर्मा तथा समस्त स्टाफ ने छात्राओं को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर डीन अकादमिक एवं स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. बी. डी. शर्मा ने कहा कि यह सफलता राजकुमारी की कड़ी मेहनत, लगन और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि संस्थान विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं प्रेरणादायक वातावरण प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मिनर्वा कॉलेज ऑफ फार्मेसी के प्रिंसिपल डॉ. कपिल कुमार वर्मा ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि टॉपर्स ने अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा स्थापित की है। हमें विश्वास है कि वे भविष्य में भी इसी तरह सफलता के नए आयाम स्थापित करेंगे। राजकुमारी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता एवं शिक्षकों को देते हुए कहा कि समर्पण और निरंतर परिश्रम से हर लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, गवर्नमेंट कॉलेज, संजौली में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत शिवानी कपरेट को आउटस्टैंडिंग वूमेन साइंटिस्ट अवार्ड 2026 से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रदान किया गया, जिसका संयुक्त आयोजन आईसीएफआरई-एचएफआरआई, शिमला तथा मेडिसिनल प्लांट बोर्ड, आरआरएस, हिमाचल प्रदेश और आईएसएएचआरडी सोसायटी, नई दिल्ली द्वारा किया गया था। बता दें कि शिवानी कपरेट ने हनी आधारित सिल्वर नैनो पार्टिकल्स पर शोध किया है, जो चिकित्सा और औषधीय उपयोगों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिवानी द्वारा 11 शोध पत्र प्रतिष्ठित जर्नल्स में प्रकाशित है और 1 पेटेंट भी इस विषय में उनके नाम पर दर्ज है।


















































