प्रदेश में नए साल के आगमन के साथ ही मौसम का मिजाज भी बदलने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार 30 दिसंबर से राज्य में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसके प्रभाव से उच्च एवं मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश व बर्फबारी होने की संभावना है। जिससे करीब 85 दिनों से चला आ रहा ड्राई स्पेल टूटने के आसार है। लंबे समय से बारिश और बर्फबारी का इंतजार कर रहे पहाड़ी राज्य के लोगों के लिए यह बड़ी राहत की खबर मानी जा रही है। लगातार शुष्क मौसम से सेब समेत अन्य नकदी फसलों और जल स्रोतों पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ने लगा है। खासतौर पर लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चंबा, कांगड़ा और कुल्लू के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अगले चार दिनों में हल्की से मध्यम बर्फबारी हो सकती है। वहीं, मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। पश्चिमी विक्षोभ का ज्यादा प्रभाव 31 दिसंबर और 1 जनवरी को रहेगा। इस दौरान प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में भी हल्की बारिश के आसार जताए गए हैं। 30 और 31 दिसंबर को शिमला, मंडी, चंबा, सोलन और सिरमौर जिले के मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एक या दो स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। 1 जनवरी को भी मैदानी क्षेत्रों में एक या दो स्थानों पर हल्की बारिश होगी। मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है। अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होने के आसार जताए गए हैं। 2 जनवरी को प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में मौसम साफ रहेगा। मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कुछेक स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। वहीं, अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी कुछेक स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी के आसार जताए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी और प्रमुख पर्यटन स्थल शिमला नए साल की शुरुआत के साथ लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्यमों के बड़े आयोजन की मेजबानी के लिए तैयार है। 3 से 5 जनवरी तक शिमला में हिम MSME फेस्ट 2026 का आयोजन किया जाएगा। इस तीन दिवसीय महोत्सव को सफल बनाने के लिए राज्य सरकार के उद्योग विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आयोजन के दौरान प्रदेश के पारंपरिक और स्थानीय उत्पादों की भव्य प्रदर्शनी लगाई जाएगी। खास बात यह है कि एक जिला–एक उत्पाद (ODOP) योजना के तहत हिमाचल के सभी 12 जिलों के उत्पाद एक ही मंच पर देखने को मिलेंगे। 3, 4 और 5 जनवरी को होने वाले इस महोत्सव में प्रत्येक जिले के उत्पादों को विशेष पहचान देने के लिए समर्पित ODOP पवेलियन स्थापित किए जाएंगे। इन पवेलियनों में बिलासपुर जिले के आंवला आधारित उत्पाद, हमीरपुर के प्रोसेस्ड कृषि उत्पाद, कुल्लू की पारंपरिक शॉल, कांगड़ा की प्रसिद्ध चाय और कांगड़ा पेंटिंग, किन्नौर का पारंपरिक चुल्ली तेल प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा लाहौल-स्पीति के सीबकथॉर्न (छरमा) उत्पाद, मंडी का स्टील फर्नीचर उद्योग, ऊना का लाइट इंजीनियरिंग सेक्टर, सिरमौर का पैकेजिंग उद्योग, सोलन का मशरूम उत्पादन और शिमला जिले में पर्यटन को तकनीकी रूप से उन्नत करने से जुड़े नवाचार भी प्रदर्शनी का हिस्सा होंगे। राज्य के उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि यह पहली बार है जब हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों के उत्पाद एक ही मंच पर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि हिम MSME फेस्ट में एक जिला–एक उत्पाद के लिए विशेष पवेलियन तैयार किया जा रहा है, ताकि प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों और खुले बाजार तक पहुंच मिल सके। इससे आने वाले समय में स्थानीय उद्यमियों को नए व्यावसायिक अवसर मिलेंगे। उद्योग मंत्री ने कहा कि ODOP योजना ने हर जिले की अर्थव्यवस्था को नई गति दी है और यह पहल स्थानीय कौशल को आधुनिक बाजार से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रही है। यह योजना किसानों, कारीगरों और छोटे उद्यमियों के लिए आजीविका के नए साधन उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि एक जिला–एक उत्पाद कार्यक्रम राज्य सरकार की मूल्य आधारित नीति को दर्शाता है, जिसके जरिए स्थानीय प्रतिभा को सशक्त बनाया जा रहा है। राज्य सरकार के अनुसार, हिम MSME फेस्ट 2026 मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की एक नई पहल है, जिसका उद्देश्य प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देना, महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करना और औद्योगिक विकास को गति देना है। महोत्सव के पहले दिन राजधानी शिमला में प्रदेश के विभिन्न जिलों की पारंपरिक हस्तकला और बुनाई विरासत की विशेष प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इसके अलावा तीनों दिनों तक राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों से आए उत्पादों के फैक्ट्री आउटलेट्स और प्रदर्शनी स्टॉल भी लगाए जाएंगे, जहां आम लोग हिमाचल के स्थानीय उत्पादों को करीब से देख और खरीद सकेंगे।
मनाली में पुलिस ने देह व्यापार से जुड़े एक और गिरोह का खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान दो युवकों को गिरफ्तार किया गया, जबकि जबरन इस धंधे में धकेली गई चार लड़कियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। पूरे मामले की जांच थाना प्रभारी मनीष शर्मा की निगरानी में चल रही है। पुलिस लंबे समय से मालरोड़ और बाहणु पुल क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी। इसी दौरान बाहणु पुल के पास रणनीति के तहत जाल बिछाकर दो आरोपियों को पकड़ा गया। गिरफ्तार युवकों की पहचान 22 वर्षीय निक्की परमार उर्फ योगी और धर्मेंद्र सोल्की के रूप में हुई है, जो मध्य प्रदेश के ग्वालियर के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने सभी लड़कियों को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया है, वहीं आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है। डीएसपी केडी शर्मा ने बताया कि अभियान के तहत अब तक कई गिरोहों के सदस्य पकड़े जा चुके हैं और कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पुलिस के अनुसार पर्यटन नगरी मनाली में देह व्यापार से जुड़ा यह दूसरा बड़ा मामला है, जिसमें बाहरी राज्यों से लड़कियों को लाकर इस अवैध धंधे में धकेला जा रहा था। पर्यटन सीजन और नववर्ष के दौरान ऐसे गिरोहों की सक्रियता बढ़ने की आशंका को देखते हुए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इससे पहले रविवार को भी पुलिस ने मालरोड क्षेत्र में कार्रवाई कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। मालरोड़ पर इस तरह की गतिविधियों से पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों में भी चिंता बनी हुई थी।
जसवां-प्रागपुर: सुरेन्द्र सिंह मनकोटिया का केंद्र सरकार पर तीखा हमला, बोलें हिमाचल के साथ हुआ अन्याय
पूर्व कामगार एवं कर्मचारी कल्याण बोर्ड के वाइस चेयरमैन सुरेन्द्र सिंह मनकोटिया ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि आपदा राहत के नाम पर हिमाचल प्रदेश के साथ सौतेला और भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2023 और 2025 की आपदाओं में प्रदेश को ₹13,500 करोड़ का भारी नुकसान हुआ, लेकिन केंद्र से अब तक केवल ₹2,100 करोड़ की सहायता मिलना देवभूमि के साथ अन्याय की पराकाष्ठा है। मनकोटिया ने बताया कि 2023 की आपदा में हुए ₹12,000 करोड़ के नुकसान की राहत दो साल बाद 2025 में महज ₹1,500 करोड़ के रूप में दी गई, जबकि 2025 की आपदा पर बार-बार गुहार लगाने के बाद सिर्फ ₹600 करोड़ जारी किए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भाजपा शासित राज्यों को आपदा राहत दिल खोलकर दी जाती है, तो हिमाचल को हर बार देरी और कटौती का सामना क्यों करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ आंकड़ों का नहीं, बल्कि हजारों प्रभावित परिवारों के दर्द, उजड़े घरों और छीने गए रोज़गारों का है। यह दोहरा मापदंड हिमाचल के स्वाभिमान पर सीधा हमला है। मनकोटिया ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र की बेरुखी और राजनीतिक अड़चनों के बावजूद उन्होंने प्रदेश को संभालकर रखा है। ₹11,400 करोड़ के शेष नुकसान की भरपाई का दबाव राज्य सरकार पर आ गया है, जिसके कारण कई योजनाओं और मदों में वित्तीय चुनौतियां सामने आ रही हैं, फिर भी हिमाचल आगे बढ़ रहा है उन्होंने कहा, “हिमाचल मुश्किलों में भी झुका नहीं है। संकट बड़ा है, लेकिन हौसला उससे कहीं बड़ा क्योंकि बंदे में दम है।”
प्रदेश में शुष्क मौसम लगातार जारी बना हुआ है, वहीं मैदानी और निचले इलाकों में घना कोहरा छा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की संभावना नहीं है। प्रदेश में सबसे कम कुकुमसेरी में -4.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हालांकि, 30 दिसंबर से पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मध्य व उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। मौसम विभाग ने ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में सुबह और देर रात दृश्यता काफी कम रहने की चेतावनी दी गई है। विशेष रूप से ऊना और बिलासपुर में कई स्थानों पर घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 30 और 31 दिसंबर को मध्य व उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। नए साल की शुरुआत में भी ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी के आसार बने हुए हैं। बीते 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव दर्ज नहीं किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी संभव है, लेकिन इसके बाद इसमें फिर 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है। अधिकतम तापमान में भी आगामी दिनों में गिरावट आने के संकेत हैं।
हिमाचल प्रदेश में एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन ने दो दिवसीय हड़ताल के आह्वान पर मंडी जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने शहर में शव यात्रा निकाली और चौहटा में सरकार का पुतला दहन किया। इस दौरान एक एंबुलेंस कर्मी ने खुद पर डीजल छिड़क लिया और आत्मदाह का प्रयास किया। इस बीच हरकत में आए अन्य कर्मियों ने तुरंत उसे धक्का देकर हटाया और झुलसने से बचा लिया। इस दौरान एंबुलेंस कर्मियों का जमकर गुस्सा फूटा। बता दें कि बीते 25 दिसंबर 2025 को रात 8 बजे से शनिवार रात 12 बजे तक प्रस्तावित दो दिवसीय हड़ताल के तहत मंडी जिला के 108 और 102 एम्बुलेंस कर्मचारी शनिवार को भी पूर्ण हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने जिला मुख्यालय मंडी में एकत्र होकर जोरदार प्रदर्शन किया और शहर में शव यात्रा निकालकर अपनी मांगों को लेकर सरकार और प्रबंधन के प्रति विरोध दर्ज कराया। पुलता दहन के बीच एंबुलेंस कर्मियों ने जमकर गुब्बार निकाला। यूनियन और सीटू पदाधिकारियों ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में 108 और 102 एम्बुलेंस सेवाओं में कार्यरत कर्मचारी नेशनल हेल्थ मिशन के तहत मेडस्वान फाउंडेशन कंपनी द्वारा वर्ष 2022 में नियुक्त किए गए हैं। इससे पहले वर्ष 2010 में इन कर्मचारियों की नियुक्ति जीवीके कंपनी द्वारा की गई थी, लेकिन उस दौरान भी कर्मचारियों को छंटनी भत्ता, ग्रेच्युटी और अन्य वैधानिक लाभ नहीं दिए गए। इस पूरे मामले में स्वास्थ्य मिशन की भूमिका को मूक दर्शक बताया गया। यूनियन नेताओं का आरोप है कि वर्तमान में भी नियोक्ता कंपनी द्वारा कर्मचारियों का लगातार शोषण किया जा रहा है। कर्मचारियों को निर्धारित न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा और उनसे 12 घंटे की ड्यूटी करवाई जाती है, जबकि ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया जाता। यूनियन के माध्यम से जब कर्मचारी अपनी मांगें उठाते हैं तो उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है।
27 दिसंबर, शनिवार को बाबा कांशीराम राजकीय महाविद्यालय, डाडा सीबा में सात दिवसीय एनएसएस शिविर के दूसरे दिन डीएसपी राजकुमार ने मुख्य अतिथि एवं रिसोर्स पर्सन के तौर पर शिरकत की। एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी प्रो. देविंदर सिंह ने डीएसपी राजकुमार का बुके और टोपी देकर स्वागत किया। तत्पश्चात डीएसपी राजकुमार ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने स्वयंसेवियों को नशे से दूर रहने, यातायात नियमों का पालन करने तथा सामाजिक जागरूकता लाने में सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इन शिविरों से विद्यार्थियों को नई सीख लेकर आदर्श समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करनी चाहिए। तत्पश्चात प्रो. देविंदर सिंह ने उन्हें स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रो. जतिंदर कुमार, डॉ. रामपाल, खेम चंद, पलक सिंह तथा सहायक पुस्तकालय अध्यक्ष अंजना भी उपस्थित रहीं।
पूर्व उद्योग मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बिक्रम ठाकुर ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने एक बार फिर यह साबित किया है कि आपदा की हर घड़ी में हिमाचल प्रदेश अकेला नहीं है। पीएनडीए के तहत प्रदेश को ₹601 करोड़ की अतिरिक्त राहत राशि जारी कर केंद्र सरकार ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण और जनजीवन को पटरी पर लाने का मजबूत आधार दिया है। बिक्रम ठाकुर ने इस सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन नेताओं के निरंतर प्रयासों के कारण ही हिमाचल को संकट के समय केंद्र से भरपूर सहायता मिल रही है। उन्होंने बताया कि अब तक केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश को आपदा राहत के रूप में लगभग ₹5800 करोड़ की सहायता दे चुकी है, जो यह दर्शाता है कि मोदी सरकार प्रदेश के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पूर्व मंत्री ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि इस राहत राशि का उपयोग पूरी पारदर्शिता और तत्परता से किया जाए, ताकि आपदा प्रभावित परिवारों तक शीघ्र लाभ पहुंचे और पुनर्वास व विकास कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो। उन्होंने कहा कि भाजपा हर स्तर पर आपदा पीड़ितों के साथ मजबूती से खड़ी है।
काँगड़ा विंटर कार्निवाल की पाँचवीं संध्या यानि 28 दिसम्बर को, पहाड़ी स्टार नाइट व ड्रोन शो आकर्षण का केंद्र होंगे। उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने जानकारी देते हुए बताया कि कांगड़ा वैली कार्निवाल 2025 की पाँचवीं संध्या 28 दिसम्बर, रविवार को सायं 5 बजे से भव्य रूप में आयोजित की जाएगी। इस अवसर पर माननीय उप मुख्य सचेतक, हिमाचल प्रदेश सरकार केवल सिंह पठानिया मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। पाँचवीं संध्या को पहाड़ी स्टार नाइट के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें हिमाचल की समृद्ध लोक-संस्कृति, संगीत और नृत्य की रंगारंग प्रस्तुतियां दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी। विशेष प्रस्तुतियों में नाटी किंग कुलदीप शर्मा, राज जैरी, पूनम भारद्वाज, रमेश्वर शर्मा, सुनील मस्ती तथा अनिता ठाकुर (चंबा डांस ग्रुप) द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। उपायुक्त ने बताया कि इसके अतिरिक्त, कार्निवाल के अंतर्गत दिन में धर्मशाला साइकिल राइड का आयोजन भी किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य युवाओं में खेल भावना को प्रोत्साहित करना तथा चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि साइकिल राइड में देश-विदेश के लगभग 200 राइडर्स भाग लेंगे, सुबह 7 बजे एथलेटिक मैदान से साइकिल राईड को फ्लैग ऑफ किया जायेगा। इसके अलावा क्रिकेट मैच सहित अन्य खेल गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। उपायुक्त ने बताया कि रात्रि 9ः30 बजे भव्य ड्रोन शो का आयोजन भी किया जाएगा, जो आधुनिक तकनीक और रोशनी के अद्भुत संगम के माध्यम से दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहेगा। उन्होंने जिला वासियों एवं पर्यटकों से अपील की है कि वे अधिक संख्या में उपस्थित होकर कांगड़ा वैली कार्निवाल 2025 की पाँचवीं संध्या के कार्यक्रमों का आनंद ले सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड के विद्युत उप-मंडल कुनिहार में आरडीएसएस के अंतर्गत प्री-पेड स्मार्ट मीटर प्रणाली लागू की जा रही है। यह जानकारी विद्युत उप-मंडल कुनिहार के सहायक अभियंता डी.एन. अत्री ने दी। डी.एन. अत्री ने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार के विशेष सचिव (विद्युत) के पत्र दिनांक 05 दिसंबर 2025 के संदर्भ में यह निर्णय लिया गया है। इसके तहत 1 जनवरी 2026 से सभी NDNC (सभी सरकारी विभाग) के वर्तमान में चल रहे पोस्ट-पेड बिजली कनेक्शनों को प्री-पेड प्रणाली में परिवर्तित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य बिजली उपभोग एवं बिलिंग व्यवस्था में पारदर्शिता लाना, उपभोक्ताओं को रियल-टाइम में बिजली खपत की जानकारी उपलब्ध कराना तथा भारत सरकार की आरडीएसएस सुधार योजना को प्रभावी ढंग से लागू करना है। सहायक अभियंता डी.एन. अत्री ने सभी संबंधित उपभोक्ताओं से इस परिवर्तन प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की है। किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा सहायता के लिए उपभोक्ता विद्युत उप-मंडल कुनिहार कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में डॉक्टर और मरीज के बीच हुई हाथापाई का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में हुए इस विवाद के बाद आज डॉक्टर काम छोड़कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। डॉक्टर “वी वांट जस्टिस” और “हम सब एक हैं” जैसे नारे लगाते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं। हड़ताल के चलते डॉक्टर किसी भी मरीज की जांच नहीं कर रहे हैं और डॉ. राघव का टर्मिनेशन वापस लेने की मांग पर अड़े हुए हैं। रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन (आरडीए) के अध्यक्ष सोहेल शर्मा ने कहा कि आज सभी डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिसमें डेंटल डॉक्टर भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों की सरकार से एक ही मांग है डॉ. राघव का टर्मिनेशन तुरंत वापस लिया जाए। सोहेल ने कहा कि डॉक्टर खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, ऐसे में सरकार को डॉक्टरों की सुरक्षा पर भी ध्यान देना चाहिए। डॉ. राघव को पहले सस्पेंड किया गया और उसके बाद बिना उचित जांच के सीधे टर्मिनेट कर दिया गया, जो गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार डॉ. राघव का टर्मिनेशन वापस नहीं लेती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। मरीज से मारपीट के आरोप में डॉ. राघव की सेवाएं समाप्त किए जाने के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों में भारी रोष है। आईजीएमसी के अलावा टांडा, नाहन, नेरचौक, चंबा और हमीरपुर मेडिकल कॉलेजों में भी सेवाएं प्रभावित रहीं, जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ा। सुबह ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं, लेकिन डॉक्टरों के न होने से कई मरीजों को बिना उपचार के ही घर लौटना पड़ा। हालांकि ओपीडी में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की तैनाती की गई है। आईजीएमसी में आरडीए के बैनर तले अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए रेजिडेंट डॉक्टर मेडिकल कॉलेज परिसर में एकत्र हुए। यहां अध्यक्ष सोहेल शर्मा और अन्य पदाधिकारियों ने रेजिडेंट्स, इंटर्न्स और एमबीबीएस छात्रों को संबोधित करते हुए चिकित्सक की बर्खास्तगी के आदेशों को रद्द करने की मांग की। सोहेल ने कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है, जिससे डॉक्टर पेशे और अस्पताल की छवि को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने दोहराया कि बर्खास्तगी वापस लिए जाने तक हड़ताल जारी रहेगी।
शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मरीज से मारपीट विवाद में रेजिडेंट डॉक्टरों ने आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है। इससे अस्पतालों की OPD और रूटीन ऑपरेशन पूरी तरह बंद रहेंगे। इस दौरान-इमरजेंसी सर्विस जारी रहेगी। इस बीच, मेडिकल एजुकेशन एवं रिसर्च डिपार्टमेंट (DMER) ने स्टेंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी की है। इनमें कहा गया कि RDA की हड़ताल के दौरान मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में इलाज व पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए। रूटीन ऑपरेशन बंद रहेंगे, जबकि इमरजेंसी में ऑपरेशन चलते रहेंगे। वहीं CM सुक्खू द्वारा मांगे मानने के आश्वासन के बावजूद डॉक्टर स्ट्राइक पर गए है। इससे पूरे प्रदेश में आज मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। साथ ही RDA के समर्थन में हिमाचल मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन (HMOA) और स्टेट एसोसिएशन ऑफ मेडिकल एंड डेंटल कॉलेज टीचर्स (SAMDCOT) भी आ गई है। इससे प्रदेश में लगभग 3000 डॉक्टर हड़ताल पर रहने वाले है। बता दें कि डॉक्टरों द्वारा मांग कि जा रही है कि डॉ. राघव निरूला के खिलाफ टर्मिनेशन की कार्रवाई को निरस्त किया जाए साथ ही IGMC परिसर के भीतर भीड़ द्वारा डराने-धमकाने/ट्रायल की गंभीर घटना मामले में दोषियों के खिलाफ FIR हो और डॉ. राघव को जान से मारने की धमकी तथा उन्हें देश छोड़ने के लिए मजबूर करने वाले नरेश दस्ता पर मामला दर्ज हो, अस्पतालों में डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चत की जाए। इन सभी मांगों को लेकर डॉक्टरों ने आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है।
प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट बदलने जा रहा है, जिससे प्रदेश में पिछले दो महीनों से अधिक समय से चल रहे ड्राई स्पेल के टूटने के आसार बन गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार 30 दिसंबर से मौसम बदलेगा और 1 जनवरी तक मध्य व उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। हालांकि, मैदानी जिलों में मौसम साफ रहेगा। निचले पहाड़ी और मैदानी इलाकों में 29 दिसंबर तक कोहरा छाए रहने का ऑरेंज और 30 को येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र की ताजा जानकारी के अनुसार प्रदेश के चंबा, लाहौल-स्पीति और कुल्लू जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में आगामी तीन दिनों तक लगातार बर्फबारी होने के आसार बन गए हैं। प्रदेश में 30 दिसंबर को एक नया पश्चिमी विक्षोभ प्रवेश कर रहा है, जिससे इस दिन प्रदेश के मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एक या दो स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी होने के आसार है। इसी तरह से मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 31 दिसंबर और 1 जनवरी को भी एक या दो स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी रहेगी। वहीं, अगले दो दिन तक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ का अधिक प्रभाव नजर आएगा। प्रदेश में 27 से 29 दिसंबर तक मौसम साफ रहेगा। इस दौरान दिन के तापमान कई स्थानों में दो से तीन डिग्री सेल्सियस से अधिक रह सकता है और न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहेगा। लेकिन, जैसे ही 31 दिसंबर को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होगी, इस कारण ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दिन के तापमान और न्यूनतम तापमान में काफी गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके प्रभाव से मैदानी जिलों के तापमान में भी 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट बने रहने की संभावना है।
बी.के.आर. राजकीय महाविद्यालय डाडासीबा में शुक्रवार को राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ किया गया। शिविर का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. जतिंदर कुमार की अध्यक्षता में किया गया। इस विशेष शिविर में महाविद्यालय के 50 एनएसएस स्वयंसेवकों ने भाग लिया। उद्घाटन अवसर पर अपने संबोधन में प्रो. जतिंदर कुमार ने वीर बाल दिवस के उपलक्ष्य में गुरु गोविंद सिंह जी के चार साहिबजादों के बलिदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने स्वयंसेवकों को समाज सेवा, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। प्रो. जतिंदर कुमार ने कहा कि चार साहिबजादों का त्याग और बलिदान युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनसे प्रेरणा लेकर स्वयंसेवकों को समाज के उत्थान, सांस्कृतिक विरासत एवं धरोहर के संरक्षण तथा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देना चाहिए। इस सात दिवसीय विशेष शिविर का उद्देश्य सामाजिक जागरूकता, स्वच्छता एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से समाज में चेतना का प्रसार करना तथा युवाओं को राष्ट्र निर्माण हेतु प्रेरित करना है। यह शिविर 1 जनवरी 2026 को संपन्न होगा। इस अवसर पर एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी प्रो. दविंदर सिंह, डॉ. रामपाल, खेम चंद, शीतल, सहायक पलक सिंह, कार्यालय अधीक्षक कुंता देवी तथा पुस्तकालयाध्यक्ष अंजुना कुमारी सहित महाविद्यालय का अन्य स्टाफ भी उपस्थित रहा।
मुख्य मार्ग कुनिहार पर स्थित कार पार्किंग इन दिनों आम जनता के लिए खतरे का कारण बनी हुई है। पार्किंग के दो पिलर हवा में लटके हुए हैं तथा उनमें गहरी दरारें साफ नजर आ रही हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका जताई जा रही है। इसके बावजूद न तो संबंधित विभाग और न ही प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम उठाया है। स्थानीय लोगों के अनुसार जिस पार्किंग में प्रतिदिन छोटे वाहनों की आवाजाही रहती है, उसकी वर्तमान हालत बेहद चिंताजनक है। लोगों का कहना है कि कमजोर हो चुके पिलर किसी भी समय ढह सकते हैं, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है। बावजूद इसके पार्किंग को न तो अस्थायी रूप से बंद किया गया है और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है। करीब 50 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह पार्किंग हिमाचल पर्यटन विभाग द्वारा तैयार की गई थी। बाद में इसका रखरखाव ग्राम पंचायत हाटकोट को सौंप दिया गया। उल्लेखनीय है कि इस पार्किंग का उद्घाटन 7 जुलाई 2015 को पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह द्वारा किया गया था। अब निर्माण गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय जनता ने प्रशासन से मांग की है कि किसी अनहोनी से पहले पार्किंग को तत्काल सील किया जाए और विशेषज्ञों से इसकी तकनीकी जांच करवाई जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई और कोई हादसा हुआ, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभागों की होगी। वहीं ग्राम पंचायत हाटकोट के प्रधान जगदीश अत्री ने बताया कि बरसात के दौरान पार्किंग के दो पिलर क्षतिग्रस्त हो गए थे। इस बारे में मौके पर पटवारी को बुलाकर स्थिति का निरीक्षण करवाया गया था तथा संबंधित विभाग को भी सूचित किया गया है। फिलहाल प्रशासन की चुप्पी ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है, वहीं स्थानीय लोग किसी बड़े हादसे से पहले ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
सस्ते राशन के डिपुओं में अब उपभोक्ता को बैकलॉग का राशन नहीं मिलेगा। वर्तमान माह में ही उपभोक्ताओं को पूरा राशन लेना होगा। खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली ने इस नियम को सख्ती से लागू कर दिया है। अब तक जिन उपभोक्ताओं को पिछले महीने का राशन बाद में एक साथ मिल जाता था, यानी जो बैकलॉग कोटा की सुविधा मिलती थी। यह व्यवस्था अब विभाग ने बंद कर दी है। ऐसे में अब उपभोक्ता काे वर्तमान माह में ही समय पर डिपो पहुंचकर सस्ता राशन लेना होगा, नहीं तो कोटा उसी महीने में समाप्त हो जाएगा। विभाग ने यह नियम पहले भी लागू किए थे लेकिन अब इन नियमों को सख्ती से लागू कर दिया है। वहीं इस संबंध में विभाग की ओर से जिला नियंत्रकों को भी दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैैं। विभाग व सरकार के इस फैसले को राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने और अनियमितताओं पर विराम लगेगा। विभाग की ओर से जारी ये आदेश इसी महीने से लागू हो गए हैं। अब दिसम्बर महीने में जो भी उपभोक्ता राशन नहीं उठाएगा उन्हें अगले महीने यानी जनवरी महीने में बैकलॉग नहीं दिया जाएगा। डिपो संचालकों पर भी ये नियम लागू होगा। उन्हें भी परमिट कटने के बाद तय समय में होलसेल गोदामों से सस्ते राशन के पूरा कोटा एक साथ उठाना होगा, ताकि करंट महीने में ही उपभोक्ताओं को पहली तारीख से राशन उपलब्ध हो सके। डिपो धारक भी अगर समय पर राशन का पूरा कोटा नहीं उठता है। जिस कारण वर्तमान माह में उपभोक्ताओं को सस्ता राशन नहीं मिल पाता है तो इस स्थिति में उपभोक्ताओं को अगले महीने बैकलॉग नहीं मिलेगा। ऐसे में डिपो धारकों की लापरवाही का खामियाजा भी उपभोक्ताओं को ही उठाना पड़ सकता है।
वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद् CSIR को उसके प्रमुख कार्यक्रम "CSIR अरोमा मिशन" के लिए राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार 2025 के तहत "विज्ञान टीम पुरस्कार (कृषि विज्ञान)" श्रेणी में सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार भारतीय कृषि को वैज्ञानिक नवाचार, किसान सशक्तिकरण और सतत आजीविका के माध्यम से रूपांतरित करने में मिशन के उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देता है। CSIR हिमालय जैव सम्पदा प्रौद्योगिकी संस्थान, पालमपुर ने विशेष रूप से हिमालयी और पर्वतीय क्षेत्रों में अरोमा मिशन के सफल क्रियान्वन में नेतृत्वकारी और कार्यान्वयन भूमिका निभाई है। संस्थान ने उन्नत सुगन्धित फसलों की किस्में, कृषि तकनीकें, आसवन प्रक्रियाएं और मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने वाले उपाय विकसित किए हैं, जिनका सीधा लाभ किसानों, उद्यमियों और ग्रामीण समुदायों को मिला हैं। अरोमा मिशन के अंतर्गत CSIR - IHBT ने उच्च मूल्य वाली सुगन्धित फसलों की 4500 हेक्टेयर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर खेती को बढ़ावा दिया हैं। संस्थान ने पर्वतीय और समशीतोष्ण क्षेत्रों के लिए स्थान-विशिष्ट कृषि तकनीकें विकसित की हैं, 66 ऑन-फॉर्म और सामुदायिक स्तर के आसवन इकाइयां स्थापित की हैं विशेष रूप से आकांक्षी जिला चम्बा में और किसानों, स्वयं सहायता समूहों तथा ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से सशक्त किया हैं। इसके साथ ही, आवश्यक तेलों की मूल्य-श्रृंखला और बाजार से जुड़ाव को भी मजबूत किया गया हैं। मिशन के माध्यम से लगभग 4500 किसानों को फसल विविधकरण, आय वृद्धि, जोखिम में कमी और सतत कृषि पद्धतियों को अपनाने में सहायता मिली हैं, जो किसानों की दोगुनी करने, आत्मनिर्भर भारत और सतत विकास लक्ष्यों जैसे राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप हैं। मिशन के तहत इन गतिविधियों से लगभग 50 करोड़ रुपए की राजस्वा प्राप्ति हुई हैं। CSIR-IHBT के वैज्ञानिकों और तकनीकी टीमों ने अन्य CSIR प्रयोगशालाओं, राज्य सरकारों और उद्योग भागीदारों के साथ मिलकर यह दिखाया हैं कि विज्ञान आधारित हस्तक्षेप जमीनी स्तर पर ठोस सामाजिक-आर्थिक प्रभाव उत्पन्न कर सकते हैं। राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार 2025 CSIR अरोमा मिशन टीम की सामूहिक वैज्ञानिक उत्कृष्टता, अनुप्रयुक्त अनुसंधान और क्षेत्रीय प्रभाव की राष्ट्रीय मान्यता हैं जिसमें CSIR-IHBT ने भारत के पर्वतीय क्षेत्रों में सुगंधित फसलों पर आधारित कृषि उद्यमों को आगे बढ़ाने में एक प्रमुख भूमिका निभाई है। CSIR-IHBT विज्ञान और प्रौद्योगिकी के माध्यम से समावेशी विकास, सतत कृषि और ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
गरली स्थित बालिका आश्रम एक बार फिर सवालों के घेरे है। आश्रम से एक बार फिर नाबालिग छात्राओं के लापता होने की घटना सामने आई है। बता दें कि मंगलवार दोपहर दो नाबालिग छात्राओं के अचानक आश्रम से गायब हो जाने से क्षेत्र में हडक़ंप मच गया था। मंगलवार दोपहर स्कूल से छुट्टी के बाद गरली आश्रम में तैनात सुरक्षा गार्ड की मौजूदगी में करीब 20 छात्राएं आश्रम परिसर की ओर लौट रही थीं। इसी दौरान दो नाबालिग छात्राएं सुरक्षा गार्ड को चकमा देकर फरार हो गईं। दोनों छात्राएं बेसहारा बताई जा रही हैं और मूल रूप से एक हमीरपुर तथा दूसरी नूरपुर क्षेत्र की रहने वाली हैं। छात्राओं के लापता होते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले कि जांच शुरू कर दी पहले नूरपुर और हमीरपुर क्षेत्रों में छानबीन की गई। जब कोई सुराग नहीं मिला, तो एफआईआर दर्ज कर व्यापक तलाश अभियान छेड़ा गया। पुलिस अधीक्षक मयंक चौधरी ने मामलें की पुष्टि की और बताया कि जांच के दौरान यह सामने आया कि दोनों छात्राएं पठानकोट से बस में सवार होकर शिमला पहुंच गई थीं। तकनीकी और मानवीय इनपुट के आधार पर पुलिस टीम ने शिमला में दोनों नाबालिग छात्राओं को सुरक्षित ट्रेस कर लिया और विधिवत प्रक्रिया के तहत उन्हें गरली आश्रम वापस लाया गया। प्रारंभिक पूछताछ में किसी भी आपराधिक घटना की पुष्टि नहीं हुई है। छात्राओं का कहना है कि वे अपने किसी रिश्तेदार के पास जाने के इरादे से आश्रम से निकली थीं। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने आश्रम प्रबंधन, और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न चिह्न लगा दिए हैं।
हिमाचल प्रदेश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ा झटका लगने वाला है दरअसल 25 दिसंबर की रात 8 बजे से प्रदेश भर में 108 और 102 एंबुलेंस सेवाएं ठप रहेगी। एंबुलेंस कर्मचारियों ने 48 घंटे की हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। यह हड़ताल 27 दिसंबर की रात 8:00 बजे तक तक जारी रहेगी। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने हड़ताल को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। मरीजों को परेशानी न हो, इसके लिए विभाग अपनी एंबुलेंस चलाएगा। वहीं, 108 और 102 एंबुलेंस कर्मचारियों का कहना है कि एनएचएम की ओर से उनकी लंबित मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है और प्रशासन कंपनी के हित में काम कर रहा है। सीटू के बैनर तले यह हड़ताल होगी। वहीं सीटू नेता विजेंद्र मेहरा ने कहा कि प्रशासन कर्मचारियों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने के बजाय उन पर एस्मा एक्ट 1972 लागू करने की धमकी देकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। यूनियन नेताओं का कहना है कि एंबुलेंस सेवा का टेंडर सरकार और प्रशासन ने निजी कंपनी को दिया है, लेकिन जब कर्मचारी कंपनी द्वारा किए जा रहे शोषण की शिकायत लेकर प्रशासन के पास पहुंचते हैं तो यह कहकर जिम्मेदारी से बचा जाता है कि वे सरकारी कर्मचारी नहीं हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि अब वही प्रशासन कंपनी को संरक्षण देने के लिए कर्मचारियों पर एस्मा एक्ट लगाने की बात कर रहा है। कर्मचारियों का यह भी कहना है कि उन्होंने कई बार शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखीं और प्रशासन को कंपनी के शोषण से अवगत कराया, लेकिन हर बार उनकी आवाज़ को नजरअंदाज किया गया।
IGMC शिमला में मरीज और डॉक्टर के बीच हुई झड़प के मामले में राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। इंदिरा गाधी मेडिकल कॉलेज एंव अस्पताल (आईजीएमसी) अस्पताल के सीनियर डॉक्टर राघव नरूला को सुक्खू सरकार ने मरीज से मारपीट के आरोपों के बाद पद से बर्खास्त कर दिया है। जांच कमेटी की रिपोर्ट में आरोपी डॉक्टर को दोषी माना गया है और उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशक ने उन्हें टर्मिनेट के आदेश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को 24 घंटे के अंदर जांच रिपोर्ट तलब की थी। इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। जांच समिति की रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकाला गया है कि इस घटना के लिए दोनों पक्ष मरीज और सीनियर रेजिडेंट जिम्मेदार हैं। रिपोर्ट में इसे कदाचार, दुर्व्यवहार, अनुचित आचरण और एक लोक सेवक के लिए अशोभनीय कृत्य मानते हुए रेजिडेंट डॉक्टर नीति 2025 के उल्लंघन का मामला बताया गया। इन तथ्यों के आधार पर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशक ने रेजिडेंट डॉक्टर नीति 2025 की धारा-9 के तहत कार्रवाई करते हुए डॉ. राघव निरुला की सीनियर रेजिडेंट के पद से सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के आदेश जारी किए हैं। चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशक की ओर से जारी आदेश के अनुसार 22 दिसंबर 2025 को आईजीएमसी शिमला की अनुशासनात्मक जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट प्राप्त हुई थी। इस रिपोर्ट में बताया गया कि 36 वर्षीय मरीज अर्जुन और डॉ. राघव निरुला के बीच अस्पताल परिसर में हाथापाई हुई थी। घटना के बाद मरीज के परिजनों की ओर से डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई गई, जिसकी जांच पुलिस की ओर से की जा रही है। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट और घटना के वीडियो क्लिप के आधार पर डॉ. राघव निरुला को 22 दिसंबर 2025 को रेजिडेंट डॉक्टर नीति 2025 की धारा-9 के तहत सीनियर रेजिडेंसी से निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद सरकार ने 23 दिसंबर 2025 को एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया, जिसे 72 घंटे के भीतर सभी पहलुओं की जांच कर तथ्यात्मक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए थे। 23 दिसंबर को मुख्यमंत्री ने इसकी रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर 24 दिसंबर तक देने को कहा। समिति ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी। बुधवार शाम को आदेश की प्रतिलिपि स्वास्थ्य सचिव, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं, आईजीएमसी के प्रधानाचार्य और चिकित्सा अधीक्षक को सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई है।
समेकित बाल विकास सेवा (ICDS) के अंतर्गत बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय देहरा, जिला कांगड़ा के तत्वावधान में बुधवार को देहरा स्थित टाउन हॉल कॉम्प्लेक्स में 100 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए “पोषण भी पढ़ाई भी” विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी राजेंद्र कुमार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए “पोषण भी पढ़ाई भी” की अवधारणा, आवश्यकता एवं महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) को सुदृढ़ करने की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य बच्चों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं संज्ञानात्मक विकास को सुनिश्चित करना है। उन्होंने “पोषण भी पढ़ाई भी” के विभिन्न आयामों की जानकारी देते हुए बताया कि इसके अंतर्गत संतुलित आहार एवं पोषण, आयु के अनुरूप खेल-आधारित एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण, भाषा विकास, संज्ञानात्मक कौशल का विकास, सामाजिक-भावनात्मक विकास, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य व्यवहार, स्थानीय संसाधनों का उपयोग तथा बच्चों के अनुकूल सीखने का वातावरण तैयार करना प्रमुख रूप से शामिल है। साथ ही नवचेतना एवं आधारशिला पाठ्यक्रम के माध्यम से बच्चों में सीखने की मजबूत नींव रखने पर विशेष बल दिया गया। राजेंद्र कुमार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान एवं कौशल को वे अपने-अपने आंगनवाड़ी केंद्रों में दैनिक गतिविधियों का हिस्सा बनाएं, ताकि बच्चों को पोषण के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके और आंगनवाड़ी केंद्रों को उत्कृष्ट प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके। प्रशिक्षण के प्रथम दिवस कार्यालय के सांख्यिकी सहायक सुशील कुमार शर्मा द्वारा पोषण, विकास निगरानी, प्रारंभिक शिक्षा तथा विभागीय दिशा-निर्देशों से संबंधित विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया गया। वहीं परियोजना के पर्यवेक्षकों द्वारा निर्धारित प्रशिक्षण अनुसूची के अनुसार सत्रों का संचालन करते हुए व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की दक्षता एवं कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे बच्चों के सर्वांगीण विकास, पोषण स्तर में सुधार तथा प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा।
फ्रांसिस स्कूल, बटाला (पंजाब) में आयोजित 8वीं इंडिया ओपन इंटरनेशनल कराटे-डो चैंपियनशिप में लॉरेट इंस्टिट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग, शिमला (हिमाचल प्रदेश) की छात्रा साक्षी ठाकुर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 57 किलोग्राम भार वर्ग में दूसरा स्थान प्राप्त कर रजत पदक अपने नाम किया। इस अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश-विदेश से आए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने भाग लिया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच साक्षी ठाकुर ने अपने उत्कृष्ट तकनीकी कौशल, अनुशासन और आत्मविश्वास का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उनकी इस सफलता के पीछे निरंतर अभ्यास, कड़ी मेहनत तथा प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन रहा। साक्षी ठाकुर की इस उपलब्धि पर लॉरेट संस्थान के प्रबंधक एवं निर्देशक डॉ. रण सिंह, लॉरिएट सोसाइटी की माननीय सचिव डॉ. मीरा सिंह तथा प्रधानाचार्या डॉ. कमलजीत कौर ने उन्हें शुभकामनाएँ दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिला में स्थित पांच दवा उद्योग बंद हो गए हैं। ये पांच दवा उद्योग किराए के मकान में चल रहे थे, जिस कारण ये नए नियमों पर खरा नहीं उतर पा रहे थे। इन उद्योगों के बंद होने से 500 से अधिक मजदूर बेरोजगार हो गए हैं। इन उद्योगों का बंद होना 2023 में बने संशोधित अनुसूची एम के मानक पूरे न होना है। केंद्रीय दवा नियंत्रण संगठन ने इन मानकों को पूरा करने के लिए 31 दिसंबर तक का समय दिया था। 1 जनवरी से ऐसे उद्योगों के खिलाफ कार्रवाई होनी थी। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने राज्य दवा नियंत्रक को इन इकाइयों की जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं, ताकि ये सुनिश्चित हो सके कि वो गुणवत्ता और सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन कर रही है या नहीं। संशोधित अनुसूची एम दवा विनिर्माताओं के लिए गुणवत्ता मानकों और अच्छी विनिर्माण कार्यप्रणाली (जीएमपी) को निर्धारित करती है। इसे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिसंबर 2023 में अधिसूचित किया था और यह 1 जनवरी, 2025 से अमल में आई। एमएसएमई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स ने रिवाइज्ड शेड्यूल एम के लिए कुछ समय मांगा था। उनके लिए नया नियम 1 जनवरी 2026 से लागू होगा। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने साफ तौर पर कहा है कि ऐसी यूनिट्स की जांच शुरू की जाए और चेक करें कि वो नियमों का पालन कर रहे हैं या फिर नहीं। छोटी कंपनियों के लिए ग्रेस पीरियड खत्म हो गया है। इससे बचने के लिए ऐसे उद्योगों ने अपना कारोबार हिमाचल से समेटना शुरू कर दिया है। 1 जनवरी से देश भर में बड़े उद्योगों की तरह मध्यम और छोटे उद्योगों में नई जीएमपी (गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस) से दवाओं का उत्पादन किया जाएगा। संशोधित अनुसूची एम. दवा और सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम 1945 के तहत जीएमपी के नियमों का एक नया अपडेटेड सेट है जो फार्मा कंपनियों के लिए गुणवत्ता सुरक्षा और वैश्विक मानकों के अनुरूप उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है, जिसमें अब फार्मास्यूटिकल क्वालिटी, सिस्टम क्वालिटी, रिस्क मैनेजमेंट उत्पाद, गुणवत्ता समीक्षा और कंप्यूटर कृत सिस्टम जैसे आधुनिक पहलू शामिल किए गए हैं ताकि भारतीय दवाएं विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी और सुरक्षित बन सके।
मंडी जिले की बल्ह घाटी में बुधवार तड़के उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक तेंदुआ रिहायशी इलाकों में घुस आया और तीन गांवों में लोगों पर हमला कर दिया। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, तेंदुए ने सबसे पहले चंडयाल बस्ती में दस्तक दी। अचानक हुए हमले से ग्रामीण संभल भी नहीं पाए थे कि वह भड़याल की ओर बढ़ गया। इन दोनों स्थानों पर तेंदुए के हमले में चार लोग घायल हो गए। इसके बाद तेंदुआ मलवाणा गांव पहुंचा, जहां उसने 40 वर्षीय बलवीर सिंह (निवासी भ्यूली) पर हमला कर दिया। बलवीर अपने रिश्तेदारों से मिलने यहां आया हुआ था। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना में घायल हुए लोगों में बिहार निवासी साहिब सिंह के अलावा स्थानीय निवासी दीनानाथ, चंपा देवी, जनित और रेखा देवी शामिल हैं। सभी घायलों को तुरंत नेरचौक स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने आत्मरक्षा के लिए एकजुट होकर तेंदुए का सामना किया। बताया जा रहा है कि जवाबी कार्रवाई में तेंदुए को मार गिराया गया। वन विभाग ने तेंदुए के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसडीएम बल्ह स्मृतिका नेगी ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि पीड़ित परिवारों को प्रशासन की ओर से त्वरित आर्थिक सहायता और हरसंभव मदद प्रदान की जा रही है। वहीं मंडी के डीएफओ वासु डोगर ने बताया कि वन विभाग की टीमें मौके पर तैनात हैं और यह जांच की जा रही है कि तेंदुआ अचानक इतना आक्रामक क्यों हो गया।
राजधानी शिमला में एक बार फिर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शिमला के देवड़ा कॉलोनी स्थित कच्चे रास्ते के पास एक आवारा कुत्ता नवजात शिशु का शव मुंह में दबाए घूमता नजर आया। स्थानीय लोगों ने जब यह दृश्य देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृत नवजात लड़का था और उसकी उम्र कुछ ही घंटे या अधिकतम एक दिन बताई जा रही है। शव की हालत देखकर आशंका जताई जा रही है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने नवजात को जन्म के तुरंत बाद खुले में फेंक दिया, जिसे बाद में आवारा कुत्ते ने नोच लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए आईजीएमसी शिमला भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और हाल ही में प्रसव कराने वाली महिलाओं की जानकारी भी जुटाई जा रही है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा और डर का माहौल है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है और पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और नवजात के माता-पिता की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को इस संबंध में कोई जानकारी हो तो पुलिस को तुरंत सूचित करें।
NHAI को शिमला बायपास प्रोजेक्ट में एक और कामयाबी हासिल हुई है। 23 दिसंबर 2025 को टनल नंबर 5 के दोनों सिरे आपस में मिल चुके हैं, यह टनल शिमला बायपास प्रोजेक्ट में मील का पत्थर साबित होगी। टनल 5 शिमला बायपास को इसके आखिरी छोर चलौंठी से जोड़ती है। टनल के निर्माण से लोगों को भविष्य में अटल सुपर स्पेशलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान, चमियाना पहुंचने में आसानी होगी और शिमला के ट्रैफिक जाम से भी निजात मिलेगी। टनल निर्माण का कार्य गावर और भारत कंस्ट्रक्शन द्वारा किया जा रहा है। टनल की कुल लंबाई 210 मीटर है, जिसका कार्य 22 मई 2025 को शुरू हुआ था। NHAI ने 7 महीनों के रिकार्ड समय में 23 दिसंबर 2025 को इस कार्य को पूरा किया है। टनल का निर्माण NATM यानी न्यू ऑस्ट्रियन टनल मेथड से किया गया है। मौजूदा समय में टनल बनाने के लिए यह सबसे कारगर तकनीक मानी जाती है। NHAI की 27.457 किलोमीटर लंबी शिमला बाईपास परियोजना, चंडीगढ़-शिमला कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण खंड है। इस परियोजना में पांच सुरंगें शामिल हैं, परियोजना का उद्देश्य जनता की यात्रा को तेज और अधिक सुविधाजनक बनाना है। शिमला बायपास के निर्माण से शहर में ट्रैफिक जाम कम होगा और शिमला (ढली) पहुंचने की यात्रा का समय लगभग एक घंटे कम हो जाएगा। इस परियोजना के बनने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और उपरी शिमला का रुख करने वाले स्थानीय लोगों और पर्यटकों को भी सुविधा मिल पाएगी। वहीं, सेब सीजन के दौरान बागवान आसनी से अपना सेब शिमला और बाहर की मंडियों तक पहुंचा पाएंगे।
शूलिनी विश्वविद्यालय में महान भारतीय गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती के उपलक्ष्य पर राष्ट्रीय गणित दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों के छात्रों में गणित के प्रति रुचि को एक रचनात्मक, तार्किक और समस्या-समाधान विषय के रूप में विकसित करने के लिए किया गया था। समारोह के अंतर्गत, "वैदिक गणित के माध्यम से संख्याओं के साथ खेलना" शीर्षक से एक शैक्षिक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें त्वरित, सहज और प्रभावी गणना तकनीकों पर ध्यान केंद्रित किया गया। कार्यक्रम का संचालन शूलिनी विश्वविद्यालय के एप्टीट्यूड ट्रेनर आकाश पठानिया ने किया। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पंकज कुमार ने मुख्य व्याख्यान दिया। वैदिक गणित के माध्यम से संख्याओं के साथ खेलना विषय पर बोलते हुए, डॉ. कुमार ने वैदिक गणित के 16 सूत्रों की व्याख्या की और जटिल गणनाओं को सरल बनाने में उनके व्यावहारिक अनुप्रयोग का प्रदर्शन किया। उनके व्याख्यान ने मानसिक गणित और वास्तविक जीवन की समस्याओं को हल करने के बारे में बहुमूल्य जानकारी प्रदान की, जिससे यह सत्र छात्रों और संकाय सदस्यों दोनों के लिए अत्यधिक संवादात्मक और ज्ञानवर्धक रहा। वक्ता का औपचारिक परिचय शूलिनी विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण विभाग के एसोसिएट डीन प्रोफेसर नीरज गंडोत्रा ने दिया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन सहायक प्रोफेसर डॉ. साहिल कश्यप और सहायक प्रोफेसर डॉ. रविंदर कुमार ठाकुर ने दिया। शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले, "गणित उदय" शीर्षक से एक गणित प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के 60 छात्रों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता का समन्वय सहायक प्रोफेसर आकाश पठानिया, आनंदिता गर्ग, डॉ. साहिल कश्यप और कमल गौतम ने किया। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले छात्रों को नकद पुरस्कार दिए गए, जिनमें द्वितीय वर्ष के बी.टेक (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) छात्र कुशाग्रा ने प्रथम पुरस्कार, एकलव्य ने द्वितीय पुरस्कार और द्वितीय वर्ष के बी.टेक (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के छात्र उत्कर्ष ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया। सहायक प्रोफेसर डॉ. गीतेश सूरी ने छात्रों के लिए प्रमाण पत्र तैयार करने सहित कुशल सहयोग प्रदान किया।
विंटर कार्निवाल शिमला-2025, क्रिसमस और नववर्ष की पूर्व संध्या के दौरान राजधानी शिमला में कानून व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन ने विशेष प्लान लागू कर दिया है। इस प्लान के तहत शिमला शहर को पांच सेक्टर में विभाजित किया गया है। सभी सेक्टर का ओवरऑल चार्ज एडीएम लॉ एंड ऑर्डर पंकज शर्मा के पास रहेगा। इसके साथ ही पांच सेक्टर में एक-एक अधिकारी की नियुक्ति की गई है। जिला दण्डाधिकारी शिमला अनुपम कश्यप ने मंगलवार को इससे संबंधित कार्यालय आदेश जारी किए हैं। जिला दण्डाधिकारी ने कहा कि क्रिसमस और नववर्ष की पूर्वसंध्या पर शिमला में पर्यटक और स्थानीय लोगों की आमद काफी बढ़ जाती है और ऐसे में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए विशेष प्लान बनाया गया है। आदेशानुसार हर सेक्टर में एक अधिकारी का जिम्मा लगाया है। इनके साथ पुलिस विभाग की टीम तैनात है। इसके बारे में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पहले ही तैनाती कर दी है। जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि पर्यटकों को बेहतर कानून व्यवस्था दी जाए। इसके साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था भी सुचारू रहे। उन्होंने कहा कि 24 दिसंबर से 2 जनवरी 2026 तक यह प्लान लागू रहेगा। उन्होंने कहा कि शिमला के एंट्री प्वाइंट में एम्बुलेंस की तैनाती रहेगी। उन्होंने आम जन और शिमला आने वाले पर्यटकों से अपील की है कि जिला प्रशासन के प्लान के मुताबिक नियमों का पालन करें। उन्होंने कहा कि आमजन अपने वाहन निर्धारित गति में चलाएं और ओवरटेक करने से बचें। इसके अतिरिक्त, शराब के नशे में गाड़ी न चलाए।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हिमाचल प्रदेश के चर्चित गुड़िया रेप-मर्डर मामले में आरोपी की पुलिस हिरासत में मौत के केस में दोषी ठहराए गए तत्कालीन आईजी सैयद जहूर हैदर जैदी की उम्रकैद की सजा को सस्पेंड कर दिया है। हालांकि, इस संबंध में हाईकोर्ट का विस्तृत आदेश अभी जारी होना बाकी है। इससे पहले चंडीगढ़ स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने 18 जनवरी 2024 को आईजी जैदी सहित आठ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को दोषी करार दिया था। इसके बाद 21 जनवरी को आईजी जैदी, तत्कालीन डीएसपी मनोज जोशी, एसआई राजिंदर सिंह, एएसआई दीप चंद शर्मा, ऑनरेरी हेड कांस्टेबल मोहन लाल व सूरत सिंह, हेड कांस्टेबल रफी मोहम्मद और कांस्टेबल रानित को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। जैदी ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। यह मामला वर्ष 2017 में शिमला जिले के कोटखाई क्षेत्र में 16 वर्षीय छात्रा के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या से जुड़ा है। छात्रा 4 जुलाई 2017 को स्कूल से लौटते समय लापता हो गई थी, जबकि 6 जुलाई को उसका शव तांदी जंगल से बरामद हुआ था। इस मामले की जांच के लिए तत्कालीन आईजी जैदी की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। SIT ने राजू और सूरज को आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया था, लेकिन सूरज की पुलिस हिरासत में मौत हो गई। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और जनता के विरोध को देखते हुए सरकार ने जांच सीबीआई को सौंप दी। सीबीआई जांच में यह सामने आया कि सूरज की मौत पूछताछ के दौरान पुलिस प्रताड़ना से हुई थी। सीबीआई ने आईजी जैदी समेत कुल नौ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ हत्या, सबूत मिटाने सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया था। एम्स के डॉक्टरों के बोर्ड की रिपोर्ट में हिरासत में यातना की पुष्टि हुई थी। इसके बाद वर्ष 2017 में यह केस शिमला की जिला अदालत से चंडीगढ़ सीबीआई कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया। आईजी जैदी करीब 582 दिन तक जेल में रहे। अप्रैल 2019 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी। इसके बावजूद ट्रायल जारी रहा। जनवरी 2020 में उन्हें दोबारा सस्पेंड किया गया, जबकि जनवरी 2023 में कांग्रेस सरकार ने उनकी सेवाएं बहाल कीं। सितंबर 2023 में उन्हें मुख्यालय में तैनाती दी गई थी। वहीं, गुड़िया हत्याकांड के मुख्य आरोपी अनिल कुमार उर्फ नीलू को शिमला की विशेष अदालत ने 18 जून 2021 को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। सीबीआई ने नीलू को अप्रैल 2018 में गिरफ्तार किया था और अप्रैल 2021 में उसे दोषी ठहराया गया था।
प्रदेश के (IGMC) शिमला में डॉक्टर द्वारा मरीज से कथित मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मरीज के परिजन डॉक्टर के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने और उसकी गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं। इसी मांग को लेकर आज परिजन एसपी शिमला से मुलाकात करेंगे। हालांकि, IGMC प्रशासन ने आरोपी डॉक्टर को सस्पेंड कर दिया है, लेकिन परिजन इससे संतुष्ट नहीं है और वह डॉक्टर की सेवा से बर्खास्तगी की मांग कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि मारपीट के समय मरीज को ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया था। हाथापाई के दौरान ऑक्सीजन निकल गई, जिससे मरीज की जान को खतरा पैदा हुआ। परिजनों का कहना है कि यह हमला जान से मारने की नीयत से किया गया है। बता दे कि चौपाल क्षेत्र के नेरवा निवासी अर्जुन पंवार का बीते सोमवार को IGMC में एंडोस्कोपी टेस्ट करवाया गया। जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे कुछ समय आराम करने की सलाह दी थी। इसके बाद, अर्जुन अपने परिजनों के साथ चेस्ट OPD वार्ड में शिफ्ट हो गए। वहां एक खाली बेड देखकर वह उस पर लेट गया। इसी दौरान एक डॉक्टर वहां पहुंचा। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने आते ही मरीज से तू-तड़ाक में बात की और कहा,“तू यहां कहां से आ गया?” मरीज अर्जुन ने डॉक्टर को बताया कि उसकी एंडोस्कोपी हुई है और डॉक्टरों ने ही उसे आराम करने की सलाह दी थी, इसलिए वह खाली बेड पर लेट गया। मरीज के अनुसार, जब उसने डॉक्टर की बदतमीजी पर सवाल उठाया और कहा कि 'क्या आप घर पर भी ऐसे ही बात करते हैं? तो डॉक्टर भड़क गया और हाथापाई शुरू कर दी। IGMC के सीनियर मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. राहुल राव ने बताया कि मरीज के साथ मारपीट मामले में डॉक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है। प्रशासन ने इस मामले की जांच को लेकर कमेटी गठित कर दी है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
कुल्लू जिला और चंबा जिले के भरमौर क्षेत्र में दो अलग-अलग स्थानों पर हुए भीषण अग्निकांड में भारी नुकसान हुआ है। इन घटनाओं में कुल दो मकान और आठ गोशालाएँ जलकर पूरी तरह नष्ट हो गईं। आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुँची और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया गया। दोनों घटनाओं में लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। प्रशासन द्वारा मौके का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, कुल्लू जिले के बंजार उपमंडल की तीर्थन घाटी स्थित पेखड़ी गांव में सोमवार दोपहर अचानक आग लग गई। इस आग में एक मकान और चार गोशालाएँ जलकर राख हो गईं। दमकल विभाग ने समय रहते ग्रामीणों के सहयोग से आग बुझाई। बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी भी घटनास्थल पर पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मिलकर उन्हें हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। वहीं, चंबा जिले के जनजातीय उपमंडल भरमौर की दूरस्थ बडग्रां पंचायत में सोमवार शाम एक भीषण अग्निकांड हुआ। इस घटना में एक तीन मंजिला मकान और चार गोशालाएँ जलकर नष्ट हो गईं। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। पंचायत प्रधान सुभा देवी और समाजसेवी अशोक कुमार ने इस घटना की सूचना उपमंडलीय प्रशासन को दी।
हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू की पर्यटन नगरी मनाली में पुलिस टीम ने देह व्यापार का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मामले में 3 महिलाओं और 2 युवकों को गिरफ्तार किया है। वहीं, 4 महिलाओं को भी रेस्क्यू किया है। पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पर्यटन स्थल मनाली में अब अनैतिक देह व्यापार की गतिविधियाँ सामने आने लगी हैं। मनाली की सड़कों पर युवक और युवतियाँ इस गलत काम में शामिल पाए गए। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मनाली पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, माल रोड़ से सटे कुछ इलाकों में देह व्यापार जैसी गतिविधियाँ चल रही थीं। इसकी जानकारी मिलने पर पुलिस टीम ने योजना बनाकर छापेमारी की। इस दौरान देह व्यापार में शामिल कुछ महिला और पुरुषों को गिरफ्तार किया गया। साथ ही वहाँ मौजूद अन्य महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला गया। एसपी कुल्लू मदन लाल कौशल ने बताया, मनाली पुलिस ने देह व्यापार का भंडाफोड़ किया है। पुलिस टीम ने मामले में 3 महिलाओं और 2 युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में से एक महिला दिल्ली की रहने वाली है और अन्य दो महिलाएं पंजाब की रहने वाली है। वहीं, एक युवक जिला कुल्लू का और दूसरा युवक जम्मू का रहने वाला है। एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ अभियोग संख्या 209/2025 दिनांक 22.12.2025 अंतर्गत धारा 4 व 5 अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम और धारा 143 बीएनएस–2023 के तहत पुलिस थाना मनाली में मामला दर्ज किया गया है। वही इस मामले में पुलिस द्वारा आगामी कार्रवाई की जा रही है।
प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर दायर याचिका पर आज हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सरकार और राज्य चुनाव आयोग की ओर से मामले में जवाब दाखिल किए गए। अब इस मामले में अगली सुनवाई 30 दिसंबर को होगी, जिसमें याचिकाकर्ता पक्ष प्रतिवादियों द्वारा दायर जवाबों पर अपना उत्तर देगा। इसके बाद मामले पर फिर से बहस होगी। मामले पर मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति जियालाल भारद्वाज की खंडपीठ में सुनवाई हुई। समय पर पंचायत चुनाव कराने की मांग को लेकर हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पहले सरकार और राज्य चुनाव आयोग को 22 दिसंबर तक अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए थे। इसके अनुपालन में आज सरकार और चुनाव आयोग की ओर से जवाब दाखिल कर दिए गए हैं। अब याचिकाकर्ता को इन जवाबों पर अपना पक्ष रखना है। मामले पर अगली सुनवाई 30 दिसंबर को होगी। यह याचिका अधिवक्ता डिक्कन ठाकुर और अन्य की ओर से दायर की गई है। याचिका में सरकार पर पंचायत चुनाव में देरी करने का आरोप लगाया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल 31 जनवरी को समाप्त हो रहा है। नियमों के अनुसार, कार्यकाल पूरा होने से कम से कम छह महीने पहले आगामी चुनाव की तैयारियां शुरू की जानी चाहिए थीं, लेकिन अभी तक राज्य चुनाव आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि चुनाव आयोग द्वारा आदर्श आचार संहिता का केवल एक क्लॉज लागू किया गया, जो नियमों के विपरीत है।
राजकीय महाविद्यालय ढलियारा में सोमवार 22 दिसंबर को राष्ट्रीय गणित दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न संकायों के लगभग 200 विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पावर पॉइंट प्रस्तुतियों, प्रश्नोत्तरी, भाषण तथा अन्य बौद्धिक एवं मंथन गतिविधियों में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों में तार्किक सोच, समस्या-समाधान क्षमता तथा गणित के प्रति रुचि विकसित करना था। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अंजू आर. चौहान ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए इस प्रकार की शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने दैनिक जीवन में गणित के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के विश्लेषणात्मक एवं आलोचनात्मक चिंतन को विकसित करने में सहायक होते हैं। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में महाविद्यालय के समस्त स्टाफ सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। प्राध्यापकों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया तथा कार्यक्रम को सुचारू रूप से संपन्न कराने में सहयोग दिया।
कोटखाई क्षेत्र के बाघी बाजार के समीप दिनांक 21 दिसंबर रविवार को बीती रात एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दुर्घटनाग्रस्त वाहन का पंजीकरण नंबर HP-64-7845 (K/10) बताया जा रहा है। वाहन में कुल छह लोग सवार थे, जिनमें तीन लड़के और तीन लड़कियाँ शामिल थीं। हादसे में मौके पर ही एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई, जबकि अन्य पाँच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को 108 एम्बुलेंस की सहायता से उपचार के लिए IGMC शिमला भेजा गया है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मृतक और घायलों के नाम और पते की अभी पुष्टि नहीं हो पाई है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।
प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर मामला तेज है। आज इस संबंध में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में सुनवाई होगी। समय पर पंचायत चुनाव कराए जाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई होनी है। यह मामला आज मुख्य न्यायाधीश की अदालत में सूचीबद्ध है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति जियालाल भारद्वाज की खंडपीठ इस पर सुनवाई करेगी। समय पर पंचायत चुनाव की मांग को लेकर अधिवक्ता डिक्कन ठाकुर और अन्य की ओर से उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है। याचिका में राज्य सरकार पर पंचायत चुनाव में अनावश्यक देरी करने का आरोप लगाया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल 31 जनवरी 2026 को समाप्त हो रहा है। नियमों के अनुसार, कार्यकाल समाप्त होने से कम से कम छह महीने पहले आगामी चुनावों की तैयारी शुरू की जानी चाहिए, लेकिन अब तक राज्य चुनाव आयोग की ओर से चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है। इसके अलावा, चुनाव आयोग द्वारा आचार संहिता का केवल एक क्लॉज लागू किए जाने पर भी याचिकाकर्ता ने आपत्ति जताई है और इसे नियमों के विरुद्ध बताया है। पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल समाप्त होने में अब बहुत कम समय शेष है। इसे देखते हुए याचिकाकर्ता की ओर से एक अतिरिक्त आवेदन भी दायर किया गया था, जिस पर 17 दिसंबर को मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति जियालाल भारद्वाज की खंडपीठ ने सुनवाई की। इस दौरान याचिकाकर्ता ने मामले के अंतिम निपटारे तक अंतरिम आदेश जारी करने की मांग की थी। याचिकाकर्ता का आरोप है कि मामला उच्च न्यायालय में लंबित होने के बावजूद राज्य सरकार और चुनाव आयोग ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और चुनाव आयोग को पूरे मामले में 22 दिसंबर तक जवाब दाखिल करने के आदेश दिए थे। साथ ही, मुख्य न्यायाधीश ने संकेत दिए थे कि अदालत इस मामले में शीघ्र निर्णय ले सकती है।
राजधानी शिमला में 24 दिसंबर से विंटर कार्निवल की शुरुआत होने जा रही है। इस बार कार्निवल में दर्शकों को संगीत, संस्कृति और मनोरंजन का शानदार संगम देखने को मिलेगा। पहली स्टार नाइट पर मशहूर पंजाबी गायक रोहनप्रीत और पूजा पंडित अपनी दमदार प्रस्तुतियों से समा बांधेंगे। दोनों कलाकार शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक अपने हिट गानों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। नगर निगम के अनुसार, कार्निवल के पहले दिन दोपहर 3 बजे के करीब मालरोड पर लगभग 200 महिलाओं द्वारा महानाटी का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद शाम 5:00 से 6:30 बजे तक वॉयस ऑफ शिमला प्रतियोगिता आयोजित होगी। शाम 7 बजे से स्टार नाइट शुरू होगी। कार्निवल का कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा 24 दिसंबर को पंजाबी गायक रोहनप्रीत और पूजा पंडित, 25 दिसंबर पहाड़ी गायक अरुण जस्टा और राजीव शर्मा, 26 दिसंबर पहाड़ी गायक राजेश त्यागी और पंकज ठाकुर, 27 दिसंबर रमा भारती, इंद्रजीत सिंह और राजीव राजा, 28 दिसंबर ईशान भारद्वाज और सुनील कुमार, 29 दिसंबर किन्नौरी गायक बीरबल, काकू राम, पारस, संचिता भारद्वाज और साहिल कुमार, 30 दिसंबर किशन वर्मा, कुमार साहिल और अंजलि नानक, 31 दिसंबर हन्नी नेगी, हारमनी ऑफ पाइन ग्रुप और गौरव, 1 जनवरी 2026 बॉलीवुड प्लेबैक सिंगर हेमा सरदेसाई और कॉमेडियन अब्राहिम कुरैशी समां बांधेंगे। कार्निवल में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। महापौर सुरेंद्र चौहान ने बताया कि विंटर कार्निवल का उद्देश्य हिमाचल की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना और सर्दियों के मौसम में पर्यटन को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि कार्निवल के दौरान दर्शकों को संगीत और नृत्य के साथ-साथ लोक कला और स्वादिष्ट स्थानीय व्यंजनों का भी आनंद मिलेगा। कार्निवल को लेकर टाउन हॉल में महापौर सुरेंद्र चौहान और उपमहापौर उमा कौशल की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में एडीएम प्रोटोकॉल ज्योति राणा, पुलिस अधिकारी, नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री और संयुक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा उपस्थित रहे। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक प्रबंधों पर चर्चा की गई। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने कहा कि विंटर कार्निवल का लोगों को बेसब्री से इंतजार रहता है और इस बार भी मनोरंजन, संस्कृति और उत्सव का भव्य संगम देखने को मिलेगा। विंटर कार्निवल के दौरान लोगों को रात में घर पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए एचआरटीसी टैक्सियों और बस सेवाओं को बढ़ाने की योजना है। कार्निवल के दौरान संजौली, नवबहार, मैहली, पंथाघाटी, न्यू शिमला, जाखू, भराड़ी और समरहिल रूट पर रात 10 बजे तक सेवाएं चलाने का प्रस्ताव है। महापौर और उपमहापौर ने बताया कि इस संबंध में एचआरटीसी से बातचीत की जाएगी। वहीं एचआरटीसी प्रबंधन ने कहा कि पत्र मिलने के बाद मांग के अनुसार सेवाएं बढ़ाई जाएंगी, जिससे यात्रियों को सुविधा के साथ-साथ निगम की आय में भी वृद्धि होगी।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, हिमाचल प्रदेश द्वारा रविवार, 21 दिसंबर को पूरे प्रदेश में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक पिलाई गई। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के साथ-साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा वर्करों ने सक्रिय सहयोग किया। स्वास्थ्य विभाग वृत् कुनिहार में विभिन्न स्थानों पर पोलियो की खुराक पिलाने के लिए कुल 10 बूथ स्थापित किए गए। इनमें सिविल अस्पताल कुनिहार सहित लोगों की सुविधा के अनुसार अलग-अलग स्थानों पर बूथ लगाए गए थे। अभियान के दौरान सुबह 9 बजे से सायं 4 बजे तक स्वास्थ्य कर्मियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा वर्करों ने मिलकर अभियान को सफल बनाया। जानकारी देते हुए हेल्थ सुपरवाइजर अरुणा शर्मा एवं डॉ. एस.के. ने बताया कि इन 10 बूथों पर 5 वर्ष तक की आयु के कुल 916 बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक पिलाई गई। उन्होंने बताया कि जो बच्चे रविवार को यह खुराक नहीं ले पाए हैं, उन्हें सोमवार और मंगलवार को घर-घर जाकर पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी।
दिनांक 21-12-2025 को शिमला के बालूगंज क्रॉसिंग पर की गई नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने नशा तस्करी के एक मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान धीरज शर्मा (29 वर्ष) पुत्र स्व. अजय शर्मा, निवासी गांव घासो, डाकघर झाखड़ी, तहसील रामपुर, जिला शिमला के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 7.090 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद की है। इसके साथ ही मौके से वाहन नंबर HP-06B-4771 को भी जब्त किया गया है। कार्रवाई के दौरान आरोपी के दो साथी योगेश और अंकु, दोनों निवासी गांव घासो, मौके से फरार होने में सफल रहे। इस संबंध में एफआईआर नंबर 221/25, धारा 21 व 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत पुलिस थाना पश्चिमी शिमला में दर्ज की गई है। फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस द्वारा छापेमारी की जा रही है। पूरी कार्रवाई एएसआई सुशील शर्मा, स्पेशल सेल की अगुवाई में की गई। वहीं दूसरे मामले में दिनांक 20-12-2025 को शिमला के शोगी बैरियर पर पुलिस द्वारा की गई नाकाबंदी के दौरान नशा तस्करी के एक मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान दीपक वर्मा (35 वर्ष) पुत्र बाबू राम वर्मा, निवासी गांव कलहली, डाकघर मलोठी, तहसील व जिला शिमला के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को बस नंबर PB-65AT-2919 से काबू किया, जिसके कब्जे से 6.090 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद की गई। बरामदगी के बाद आरोपी को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया। इस संबंध में एफआईआर नंबर 220/25, दिनांक 20.12.2025 को धारा 21 एनडीपीएस एक्ट के तहत पुलिस थाना पश्चिमी शिमला में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा आरोपी से पूछताछ की जा रही है तथा नशा तस्करी से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है। यह कार्रवाई भी एएसआई सुशील शर्मा, स्पेशल सेल की देखरेख में अंजाम दी गई। पुलिस का कहना है कि नशा तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा।
कालका-शिमला NH-5 पर न्यू इयर से पहले राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने सफर महंगा कर झटका दे दिया है। शनिवार मध्यरात्रि से हाईवे का सफर महंगा हो गया है। इससे पर्यटन सीजन पर असर पड़ सकता है। हैरत की बात ये है कि सनवारा टोल प्लाजा में एनएचएआई ने एक साल में तीसरी बार दरों में बदलाव किया है। इसका प्रभाव लोगों पर पड़ेगा। टोल में करीब 40 से 255 रुपये तक वनवे सफर महंगा हो गया है। NHAI की ओर से आदेश टोल प्लाजा संचालकों को दे दिए हैं और मध्यरात्रि से वसूलने के लिए कहा है। आदेश में स्पष्ट किया है कि कालका-शिमला नेशनल हाईवे में परवाणू से सोलन और सोलन से कैथलीघाट तक के एरिया सनवारा टोल में शामिल किया है। ऐसे में 80.722 किलोमीटर के लिए संशोधित शुल्क निर्धारित किया है। नई दरें वाहनों की श्रेणी के अनुसार तय की गई हैं, जिनमें एक तरफा यात्रा, एक ही दिन में वापसी यात्रा, पचास यात्राओं के लिए मान्य मासिक पास तथा जिले में पंजीकृत व्यावसायिक वाहनों के लिए अलग-अलग शुल्क हैं। नई टोल दरों के अनुसार कार, जीप, वैन और हल्की मोटर गाड़ी के लिए एकतरफा यात्रा शुल्क 110 रुपये, 24 घंटे में वापसी शुल्क 165 रुपये, 50 यात्राओं का मासिक पास 3,675 रुपये तथा जिले में पंजीकृत व्यावसायिक वाहनों के लिए 55 रुपये शुल्क तय किया है। हल्के कमर्शियल वाहन, हल्के मालवाहक वाहन या मिनी बस के लिए एकतरफा शुल्क 180 रुपये, वापसी शुल्क 265 रुपये, मासिक पास 5,935 रुपये और जिले में पंजीकृत वाहनों के लिए 90 रुपये वसूले जाएंगे। बस और ट्रक (दो एक्सल) के लिए एकतरफा शुल्क 375 रुपये, वापसी 560 रुपये, मासिक पास 12,440 रुपये और जिले में पंजीकृत कमर्शियल वाहनों के लिए 185 रुपये निर्धारित हैं। तीन एक्सल कमर्शियल वाहनों के लिए एकतरफा शुल्क 405 रुपये, वापसी 610 रुपये, मासिक पास 13,570 रुपये तथा जिले में पंजीकृत वाहनों के लिए 205 रुपये तय किए हैं। इसी तरह एचसीएम, ईएमई, एमएवी (4 से 6 एक्सल) वाहनों के लिए एकतरफा 585 रुपये, वापसी 880 रुपये, मासिक पास 19,510 रुपये और जिले में पंजीकृत वाहनों के लिए 295 रुपये शुल्क रहेगा। वहीं ओवर साइज्ड वाहन (7 या उससे अधिक एक्सल) के लिए एकतरफा 710 रुपये, वापसी 1,070 रुपये, मासिक पास 23,750 रुपये तथा जिले में पंजीकृत वाहनों के लिए 355 रुपये शुल्क निर्धारित है।
व्यापार मंडल डाडा सीबा के सौजन्य से आज छठा रक्तदान शिविर स्थानीय आदर्श स्वास्थ्य संस्थान नागरिक अस्पताल में आयोजित किया गया। डाडा सीबा व्यापारी मंडल के प्रधान राजेंद्र सिंह गोगा की अध्यक्षता में आयोजित हुए इस शिविर में ब्लड सेंटर मेडिकल कॉलेज टांडा से आए डॉ कनुप्रिया की टीम ने अपनी सराहनीय भूमिका निभाई। वहीं इस दौरान कामगार एवं कर्मचारी कल्याण बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष ठाकुर सुरेंद्र सिंह मनकोटिया ने ब्लड डोनेट किया। स्थानीय दुकानदारों के अलावा क्षेत्रभर के लोगों ने खूब बढ़चढ़ कर भाग लिया। व्यापार मंडल प्रधान राजेंद्र सिंह गोगा ने बताया कि इस रक्तदान शिविर में करीब 61 यूनिट ब्लड जमा किया गया है। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने सभी को मोमेंटो देकर सम्मानित किया। इस दौरान व्यापार मंडल के प्रधान राजेंद्र सिंह गोगा आदि पदाधिकारियों ने रक्तदान दानवीरों का धन्यवाद किया। इस मौके पर व्यापार मंडल के उप प्रधान सूरज वर्मा, सचिव सुनील शर्मा, कोषाध्यक्ष कृष्ण दत्त सरोच, पूर्व प्रधान धर्मचंद, सेवानिवृत्ति सहायक अभियंता विमल शर्मा सहित अन्य सैंकड़ो लोग मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार की अध्यक्षता में आज लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह, ज्वाली में उपमंडल स्तरीय विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में ज्वाली उपमंडल के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति तथा विधायक प्राथमिकताओं के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं की स्थिति पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। कृषि मंत्री ने सभी विभागों की योजनाओं की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए, ताकि जनता को अधिकतम लाभ मिल सके। कृषि मंत्री ने लोक निर्माण विभाग को ज्वाली डिग्री कॉलेज भवन के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस शीघ्र पूर्ण करवाने तथा भूमि को शिक्षा विभाग के नाम हस्तांतरित करने के निर्देश दिए, ताकि टेंडर प्रक्रिया जल्द आरंभ कर निर्माण कार्य शुरू किया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने ज्वाली खेल मैदान निर्माण के लिए वन विभाग को तुरंत एनओसी जारी करने तथा राजस्व विभाग को खेल मैदान की भूमि खेल विभाग को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को ज्वाली अस्पताल की पुरानी इमारत के मरम्मत कार्य, 50 बिस्तरों वाले नए भवन के निर्माण तथा नगरोटा सूरियां अस्पताल भवन के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए, जिससे क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो सके। कृषि मंत्री ने बताया कि पीएमजीएसवाई-III के तहत विधानसभा क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत से सड़कों के उन्नयन कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नगरोटा सूरियां से देहरा सड़क पर अधिक ट्रैफिक को देखते हुए इसे डबल लेन किया जा रहा है, ताकि जनता को बेहतर आवागमन सुविधा मिल सके। उन्होंने बताया कि 87 करोड़ रुपये की लागत से गज्ज खड्ड पर बनने वाले पुल की मिट्टी की टेस्टिंग पूरी हो चुकी है और शीघ्र ही निर्माण कार्य आरंभ किया जाएगा। इसके अतिरिक्त अनूही में देहर खड्ड पर प्रस्तावित पुल को लेकर भी अधिकारियों से चर्चा की गई। उन्होंने सड़कों के किनारे उचित जल निकासी के लिए नालियों के निर्माण को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जल शक्ति विभाग से विधानसभा क्षेत्र की पेयजल योजनाओं की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट ली गई। कृषि मंत्री ने बताया कि ज्वाली शहरी क्षेत्र में अमृत-2 योजना के तहत 15.50 करोड़ रुपये की लागत से 24 घंटे पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ट्यूबवेल, स्टोरेज टैंक तथा पाइपलाइन बिछाने का कार्य तेजी से चल रहा है। साथ ही घाड़ जरोट क्षेत्र की 16 पंचायतों के 45 गांवों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए 29.65 करोड़ रुपये की लागत से उठाऊ पेयजल योजना तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं की पाइपलाइन रेलवे क्रॉसिंग से होकर गुजरनी थी, जिसके लिए रेलवे से अनुमति लेकर कार्य प्रगति पर है। उन्होंने नगरोटा सूरियां में 34 करोड़ रुपये की लागत से बन रही सीवरेज प्रणाली के निर्माण कार्य को भी गति प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि बरसात के मौसम में देहर खड्ड में अत्यधिक पानी आने से लोगों की भूमि को नुकसान होता है, इसलिए इसके तटीकरण एवं चैनलाइजेशन के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट नाबार्ड को भेजी गई है। बैठक के दौरान कृषि मंत्री ने नगरोटा सूरियां क्षेत्र में कुछ स्थानों पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए राजस्व विभाग को तुरंत निशानदेही कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कृषि मंत्री ने अधिकारियों को जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ गंभीरता से लेने तथा उनके त्वरित समाधान के लिए जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विकास को जनसरोकारों से जोड़कर आगे बढ़ रही है और हर वर्ग के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बैठक में लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता मोहिंदर धीमान, जल शक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता संजय ठाकुर, अधिशासी अभियंता मनोहर लाल शर्मा, बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता विशाल पात्रवाल, तहसीलदार ज्वाली विनोद कुमार, तहसीलदार नगरोटा सूरियां ज्ञान चंद, डिग्री कॉलेज ज्वाली के प्रिंसिपल दिनेश शर्मा, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी भीष्म शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
ज्वालामुखी में पूर्व सैनिक संघ खुंडियां द्वारा शनिवार को मिलन समारोह कार्यक्रम का आयोजन खुंडियां में किया गया। जिसमें तहसील खुंडियां एवं कांगड़ा के अलग अलग क्षेत्रों से पूर्व सैनिक शामिल हुए। करोना काल के बाद यह आयोजन पहली बार हुआ। इस कार्यक्रम में 150 के करीब पूर्व सैनिकों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों के वेलफेयर से संबंधित जानकारियां कर्नल एम सी शर्मा सेवानिवृत (ज्वालामुखी), एवं कैप्टन जे एस पटियाल (वाइस चेयरमैन हिमाचल प्रदेश पूर्व सैनिक संघ) एवं पूर्व सैनिक संघ खुंडियां के चेयरमैन कैप्टन रमेश राणा ने दी। सभी पूर्व सैनिकों ने इस कार्यक्रम को सालाना करवाने हेतु सुझाव भी दिए। पूर्व सैनिक संघ खुंडियां के इस कार्यक्रम में कैप्टन देश राज राणा, कैप्टन ओम प्रकाश ,कैप्टन दिलीप सिंह, कैप्टन रोशन लाल, सूबेदार मेजर माधो राम, कैप्टन बलवंत सिंह, कैप्टन रमेश चन्द ,सूबेदार रविन्द्र ,कैप्टन रणवीर सिंह राणा ,कैप्टन अनिल राणा लगडू ,सूबेदार रॉय सिंह ,नायब सूबेदार सरवण सिंह छिलगा ,इंस्पेक्टर कुलदीप चंद बीएसएफ (बंनगल) ,हवलदार सुभाष चन्द (कुंदली हार) ,सूबेदार करतार सिंह, कैप्टन रणजीत सिंह ,कैप्टन संसार चन्द, कैप्टन जय चन्द (रोल) एवं नायक ए डी शर्मा (खुंडियां) विशेष रूप से शामिल हुए।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड, सोलन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार आवश्यक रखरखाव कार्य के चलते 21 दिसंबर 2025 को 33 के.वी. कथेड़ तथा 33 के.वी. कंडाघाट फीडर के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी वरिष्ठ अधीक्षण अभियंता सोलन राहुल वर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि 21 दिसंबर 2025 को दोपहर 12.00 बजे से 12.30 बजे तक माल रोड, अपर बाजार, पुराना उपायुक्त कार्यालय, आनंद कॉम्प्लेक्स, न्यायालय परिसर, लोक निर्माण विभाग कॉलोनी, क्लीन, सेर क्लीन, सनी साइड, विवांता मॉल, चिल्ड्रन पार्क, पुस्तकालय, क्षेत्रीय अस्पताल, अस्पताल मार्ग, फॉरेस्ट रोड, जौणाजी, शिल्ली, अश्वनी खड्ड, दामकड़ी, फशकना, फ्लाई, मेला मैदान, हरट, बेल, नेरी, गण की सेर, जबलाटी, मनसार, झोखड़ी, हॉट मिक्स प्लांट के आसपास के क्षेत्र, ग्राणी, सलोगड़ा के कुछ क्षेत्र, सेवला, बरड़ बस्ती, ब्रूरी, तरण-तारण ढाबा, पडग, विनसम होटल, दाउंसी, ग्लूथ, कोधारी, कोठी, कथोग, बजरोल, नडोह, शामती, डमरोग, ऑफिसर कॉलोनी, कोटला नाला, कथेड़, मिनी सचिवालय, लकड़ बाजार, गंज बाजार, शिल्ली मार्ग, उपायुक्त आवास क्षेत्र, मोहन कॉलोनी, मधुबन कॉलोनी, हरि मंदिर क्षेत्र, राजगढ़ मार्ग, नगर निगम क्षेत्र, रेनॉल्ट शोरूम व इसके आसपास के क्षेत्र, चौक बाजार, सर्कुलर मार्ग, धोबीघाट, आईटीआई, पुराना बस अड्डा, सेंट ल्यूक्स स्कूल, अम्बुशा होटल, चेस्टर हिल्स, अमित अपार्टमेंट्स, सुंदर सिनेमा, जौणाजी मार्ग, राजकीय महाविद्यालय, ठोडो मैदान क्षेत्र सहित अन्य संबंधित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। इसके अतिरिक्त 21 दिसंबर 2025 को प्रातः 11.00 बजे से 11.30 बजे तक तथा दोपहर 2.00 बजे से 2.30 बजे तक कंडाघाट, दोलग, परोंथा, डेढ़ घराट, शनेच, टिक्कर, मही, सिरीनगर, हाथो, पलेच, शलुमणा, हिमुडा, वाकनाघाट, छावशा, डुमैहर, कोट, क्वारग, कोठी, भारा, आंजी ब्राह्मणा, सैंज, गोग, कैथलीघाट, शालाघाट, क्यारी बंगला, बीशा, बाशा, सुरो, जेपी विश्वविद्यालय, चायल, दोची, मिलिट्री स्कूल, जीतनगर, आलमपुर, भलावग, हिन्नर, कुरगल, मिहाणी, बिनू, डुबलू, नगाली सहित आसपास के क्षेत्रों में भी विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। राहुल वर्मा ने कहा कि खराब मौसम अथवा अन्य कारणों से निर्धारित तिथि व समय में परिवर्तन संभव है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।
देहरा स्वास्थ्य खंड में 21 दिसंबर को ‘दो बूंद जिंदगी’ पल्स पोलियो अभियान के तहत बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। खंड चिकित्सा अधिकारी देहरा डॉ. हरिंदर पाल सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें अभियान के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे 0 से 5 वर्ष की आयु वर्ग के अपने बच्चों को नजदीकी पोलियो बूथ पर लाकर दवा अवश्य पिलवाएं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य खंड देहरा में लगभग 6,115 बच्चों को पोलियो की खुराक दी जाएगी, जिसके लिए कुल 68 बूथ स्थापित किए गए हैं। सिविल अस्पताल देहरा में भी एक विशेष बूथ बनाया गया है। यह अभियान 14 सुपरवाइजरों की देखरेख में चलाया जाएगा, जिसमें स्वास्थ्य कर्मी, आशा वर्कर और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तैनात रहेंगे। 21 दिसंबर को बूथों पर दवा पिलाई जाएगी, जबकि 22 और 23 दिसंबर को घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की खुराक दी जाएगी।
भारतीय जनता पार्टी ने राज्य स्तरीय लोहड़ी उत्सव 2026 के आयोजन को लेकर आम लोगों से पर्चियां छपवाकर पैसे की “गुराही” करने के सरकार के प्रयासों की कड़े शब्दों में निंदा की है। भाजपा मंडल अध्यक्ष परागपुर विनोद शर्मा ने कहा कि वर्तमान सरकार पहले ही प्रदेश की आर्थिक स्थिति खराब कर चुकी है और अब वह सांस्कृतिक कार्यक्रमों की गरिमा से भी खिलवाड़ कर रही है। विनोद शर्मा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने प्रागपुर के लोहड़ी उत्सव को राज्य स्तरीय दर्जा दिया था और तब से इसका आयोजन होता आ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकारों ने इस राज्य स्तरीय उत्सव की मर्यादा को लगातार ठेस पहुंचाने का प्रयास किया है। पूरे प्रदेश में लोहड़ी उत्सव के नाम पर प्रागपुर को बदनाम किया जा रहा है। विनोद शर्मा ने कहा कि इससे पहले भी इस उत्सव के आयोजन का स्तर गली-मोहल्ले के कार्यक्रम जैसा कर दिया गया था, लेकिन इस बार तो उत्सव की गरिमा को पूरी तरह तार-तार कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पर्चियां छपवाकर लोगों से गुराही करना न केवल उत्सव की मर्यादा के खिलाफ है, बल्कि यह प्रागपुर के लोगों का अपमान भी है। भाजपा ने मांग की कि राज्य स्तरीय लोहड़ी उत्सव का आयोजन पूरी तरह सरकारी खर्चे पर किया जाए और जनता से गुराही लेना तत्काल बंद किया जाए। उन्होंने कहा कि लोहड़ी एक लोकपर्व है, जिसमें लोग अपने घरों से ही खिचड़ी खाकर आते हैं, बच्चे लोहड़ी मांगते हैं, रेवड़ी, मूंगफली, गच्चक और हार का आदान-प्रदान होता है। रात्रि के समय प्रत्येक प्रागपुरवासी अपने घर में अग्नि प्रज्वलित कर पूजा-अर्चना करते है और मंदिरों को सजाया जाता है, जिसमें सभी लोग सहभागिता निभाते हैं। इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं होती।
सुनहेत स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के भवन निर्माण हेतु देहरा विधानसभा क्षेत्र की विधायक कमलेश ठाकुर ने 10 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है। यह राशि स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के खाते में जमा करवा दी गई है। स्कूल के प्रधानाचार्य राजकुमार धीमान ने बताया कि स्कूल भवन की स्थिति काफी क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। इस संबंध में स्कूल प्रबंधन समिति, स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और विद्यालय के अध्यापकों ने विधायक कमलेश ठाकुर से मुलाकात कर समस्या से अवगत कराया था। विधायक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई करते हुए भवन निर्माण के लिए धनराशि उपलब्ध करवाई। इस सहयोग के लिए स्कूल प्रधानाचार्य, समस्त स्टाफ और स्थानीय लोगों ने विधायक कमलेश ठाकुर का आभार व्यक्त किया है।
चम्बा जिले के तुनुहट्टी में पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ मुस्तैदी दिखाते हुए अवैध शराब की एक बड़ी खेप पकड़ने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने नाकेबंदी के दौरान एक कार से अंग्रेजी और देसी शराब की 16 पेटियां (कुल 192 बोतलें) बरामद की हैं। पुलिस ने मौके पर ही शराब और कार को जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना वीरवार रात करीब 9 बजे की है। पुलिस की एक टीम चेक पोस्ट प्रभारी एएसआई विवेक कुमार के नेतृत्व में तुनुहट्टी बैरियर पर रूटीन नाकेबंदी कर वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान पंजाब के दुनेरा की ओर से चम्बा आ रही एक कार (नंबर HP 37B-5690) को जब जांच के लिए रुकने का इशारा किया गया तो चालक घबरा गया। पुलिस को देखते ही कार चालक ने गाड़ी को वापस मोड़कर पीछे भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए कुछ ही दूरी पर कार को घेर लिया और चालक को दबोच लिया। जब पुलिस दल ने कार की गहनता से तलाशी ली तो उसके भीतर से अवैध शराब की खेप बरामद हुई। जब पुलिस ने चालक से शराब ले जाने का परमिट या लाइसैंस मांगा, तो वह कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका। कार चालक की पहचान आयुष पराशर पुत्र तपेंदर पराशर निवासी गांव रंगड़, डाकघर सयोह, तहसील धर्मपुर व जिला मंडी के रूप में हुई है। मामले की पुष्टि करते हुए चम्बा के पुलिस अधीक्षक विजय कुमार सकलानी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पुलिस थाना चुवाड़ी में हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
पर्यटन को बढ़ावा देने और हिमाचली संस्कृति को देशभर में पहचान दिलाने के मकसद से धर्मशाला एक बार फिर उत्सव की रौनक से सराबोर होने जा रहा है। 24 से 31 दिसंबर तक आयोजित होने वाला कांगड़ा वैली कार्निवल इस वर्ष पहले से अधिक भव्य, रंगीन और आकर्षक रूप में सामने आएगा। ड्रोन शो, प्रसिद्ध गायकों की प्रस्तुतियां, लोक संस्कृति, खेल गतिविधियां और स्थानीय उत्पाद इस आयोजन को खास बनाएंगे। आठ दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में प्रतिदिन अलग-अलग कार्यक्रम होंगे। जिला प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। कार्निवल की शुरुआत 24 दिसंबर को भव्य शोभा यात्रा के साथ होगी। यह यात्रा उपायुक्त कार्यालय परिसर से शुरू होकर पुलिस मैदान तक पहुंचेगी। कार्निवल के दौरान कुल आठ सांस्कृतिक संध्याएं आयोजित होंगी। 24 दिसंबर को केरल का प्रसिद्ध बहुशैली संगीत बैंड थाई कुडम प्रस्तुति देगा। 25 दिसंबर को बॉलीवुड गायक अंकित तिवारी, 26 दिसंबर को सूफी गायक कंवर ग्रेवाल दर्शकों को अपने सुरों से मंत्रमुग्ध करेंगे। 27 दिसंबर को कुमार साहिल और 28 दिसंबर को कुलदीप शर्मा, करनैल राणा सहित अन्य हिमाचली कलाकार मंच संभालेंगे। 29 दिसंबर को पंजाबी गायक बब्बू मान अपनी दमदार आवाज से समां बांधेंगे। 30 दिसंबर को रैपर पैराडॉक्स युवाओं में जोश भरेंगे। 31 दिसंबर को इंशात भारद्वाज, नेहा समेत अन्य कलाकार नए साल के स्वागत से पहले दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। इसी दिन भव्य आतिशबाजी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। कार्निवल का विशेष आकर्षण आधुनिक तकनीक से सजा ड्रोन शो होगा। इसके अलावा क्रिकेट व फुटबॉल प्रतियोगिताएं, स्ट्रीट थिएटर, मैराथन और अन्य गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। हॉट एयर बैलून राइड लोगों के लिए खास अनुभव लेकर आएगी। कार्निवल के दौरान मिलेट्स फेस्टिवल और क्राफ्ट बाजार का आयोजन भी किया जाएगा। जो लोग आयोजन स्थल तक नहीं पहुंच पाएंगे, उनके लिए सोशल मीडिया के माध्यम से कार्यक्रमों की लाइव स्ट्रीमिंग की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश में पुलिस अफसरों के मीडिया से बातचीत को लेकर पुलिस मुख्यालय ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की ओर से जारी एक सर्कुलर में साफ किया गया है कि अब जिले या थाना स्तर के अधिकारी मीडिया से अपने स्तर पर कोई बयान नहीं देंगे। यह आदेश कानून-व्यवस्था, अपराध, जांच और पुलिस से जुड़े सभी आधिकारिक मामलों पर लागू होगा। डीजीपी कार्यालय की ओर से जारी सर्कुलर में कहा गया है कि हाल के समय में यह देखा गया है कि कई बार सब-डिवीजनल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) और थाना प्रभारी (एसएचओ) मीडिया से बातचीत कर रहे हैं। इनमें नई पोस्टिंग जॉइन करने के बाद बयान देना, अपराध या जांच से जुड़े मामलों पर प्रतिक्रिया देना और पुलिसिंग से जुड़े विषयों पर टिप्पणी करना शामिल है। इसे नियमों के विपरीत मानते हुए अब स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। आदेश के अनुसार मीडिया से औपचारिक रूप से बातचीत करने का अधिकार केवल जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) और रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) को होगा। वे भी अपराध, कानून-व्यवस्था, जांच, पुलिस नीतियों और अन्य आधिकारिक मुद्दों पर तभी बयान दे सकेंगे, जब पुलिस मुख्यालय से आवश्यक अनुमति ली गई हो। सर्कुलर में यह भी साफ किया गया है कि एसडीपीओ, एसएचओ और अन्य पुलिस अधिकारी अपने आधिकारिक पद पर रहते हुए मीडिया को कोई बयान नहीं देंगे। वे प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया या सोशल मीडिया के लिए कोई टिप्पणी, प्रतिक्रिया या जानकारी साझा नहीं कर सकते। इसके अलावा किसी भी तरह का इंटरव्यू या ब्रीफिंग भी तभी दी जा सकेगी, जब इसके लिए सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति हो। डीजीपी ने स्पष्ट किया है कि यह निर्देश केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1964 के तहत दिए गए हैं, जिनमें बिना सरकार की पूर्व अनुमति मीडिया से बात करने पर रोक है। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम, 2007 और पंजाब पुलिस नियम, 1934 में भी पुलिस अधिकारियों के लिए अनुशासन, आदेशों के पालन और निर्धारित अधिकारों के दायरे में काम करने की बाध्यता तय की गई है।


















































