हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान अपने घर खो चुके लोगों को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू राहत बांटेंगे। राहत आबंटन प्रोग्राम का आगाज मंडी के पड्डल मैदान में दस नवंबर को होगा। मंडी में होने वाले इस आपदा राहत आबंटन प्रोग्राम में कुल्लू, बिलासपुर और मंडी के वह प्रभावित शामिल होंगे, जिनके घर पूरी तरह से बारिश में तबाह हो चुके हैं या फिर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रशासन ने लाभार्थियों को पड्डल मैदान तक लाने ले जाने का भी पूरा इंतजाम कर रखा है। मंडी जिला में तो संबंधित एसडीएम को प्रभावितों को पड्डल तक लाने के निर्देश दिए हैं। मंडी में 717 घर पूरी तरह से ध्वस्त हुए हैं। इसके अलावा 1400 से ज्यादा आंशिक रूप से टूटे हैं। मंडी जिला में आपदा राहत आबंटन के तहत करीब 2400 लोगों को राहत प्रदान की जाएगी। मंडी डीसी अपूर्व देवगन ने बताया कि दस नवंबर को मंडी, कुल्लू और बिलासपुर के उन प्रभावितों को राहत राशि बांटी जाएगी, जिनके घर पूरी तरह या फिर आंशिक रूप से गिर गए हैं।
हिमाचल की राजधानी शिमला में इस साल भी दिसंबर के आखिरी सप्ताह में विंटर कार्निवल का रंगारंग आयोजन किया जाएगा। नगर निगम शिमला ने इस आयोजन की तैयारियां अभी से शुरू कर दी हैं। इस बार कार्निवल का आयोजन सात दिन तक चलेगा। यह कार्यक्रम 25 दिसंबर यानी क्रिसमस डे से शुरू होकर 31 दिसंबर तक चलेगा। नए साल की पूर्व संध्या तक रिज मैदान और मालरोड़ पूरी तरह उत्सव के रंग में रंगे नजर आएंगे। नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में विंटर कार्निवल की तैयारियों को लेकर एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। महापौर ने बताया कि यह शिमला का तीसरा विंटर कार्निवल होगा, जो क्रिसमस से लेकर नए साल तक पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए मनोरंजन का बड़ा आकर्षण रहेगा। उन्होंने कहा कि इस बार भी कार्निवल में हिमाचली संस्कृति और लोक जीवन की झलक देखने को मिलेगी। कार्यक्रम में हिमाचली लोक संगीत, लोक नृत्य और पारंपरिक परिधानों पर आधारित फैशन शो मुख्य आकर्षण रहेंगे। इसके अलावा हर शाम स्टार नाइट का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय और बाहरी कलाकारों के प्रदर्शन होंगे। प्रत्येक दिन अलग-अलग थीम पर सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, जिससे सैलानियों को हर दिन कुछ नया देखने को मिलेगा। विंटर कार्निवल के दौरान पर्यटन कारोबार भी बढ़ेगा। सात दिवसीय उत्सव में देश-विदेश से भारी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है। होटल, रेस्तरां, टैक्सी यूनियन और स्थानीय हस्तशिल्प व्यवसायियों को इससे बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
महिला विश्व कप जीतने के बाद भारतीय टीम की तेज गेंदबाज रेणुका ठाकुर रविवार को रोहड़ू के पारसा गांव स्थित अपने घर पहुंचेंगी। बेटी के घर में स्वागत करने की परिजनों समेत ग्रामीणों और प्रशासन ने विशेष तैयारियां की हैं। रेणुका का ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया जाएगा। रेणुका सुबह 10 बजे सबसे पहले दुर्गा माता मंदिर हाटकोटी में पूर्जा-अर्चना करेंगी। उसके बाद प्रशासन की ओर से एसडीएम कार्यालय सभागार में रेणुका के सम्मान में स्वागत कार्यक्रम रखा गया है। रोहडू में सवर्ण समाज संगठन ने भी रेणुका के स्वागत कर तैयारी की है। दोपहर बाद रेणुका अपने गांव पारसा पहुंचेंगी। घर पहुंचने पर मां, भाई सहित अन्य परिजन रेणुका का स्वागत करेंगे। ग्रामीण भी रेणुका के घर पहुंचेंगे। एसडीएम रोहड़ू धर्मश रमोत्रा ने बताया कि रेणुका ठाकुर का प्रशासन की ओर से जोरदार स्वागत किया जाएगा। इस क्षेत्र के लिए यह एक गर्व का क्षण है।
युवती के आरोपों पर महिला थाना चंबा में बीएनएस और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज करने के बाद पुलिस ने चुराह से भाजपा विधायक हंसराज के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। शनिवार को पुलिस विधायक के घर पहुंची, पर वह घर पर नहीं मिले। उनके मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ आ रहे हैं। पुलिस टावर लोकेशन भी खंगालने में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि मामला पुराना है, इसलिए ठोस साक्ष्य जुटाना जरूरी है। सूत्र बताते हैं कि विधायक गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत की कोशिश में जुटे हैं। पुलिस अब मामले में विधायक को पूछताछ के लिए तलब कर सकती है। गिरफ्तारी होगी या नहीं, यह जांच पर निर्भर करेगा। इसी बीच, शनिवार को पीड़िता को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष पेश किया गया। कमेटी ने बयान लिया और वीडियोग्राफी की गई। युवती ने विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनकी सत्यता की जांच अब पुलिस कर रही है।
हिमाचल प्रदेश की नाहन जेल में हत्या मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा 65 वर्षीय एक कैदी ओपन जेल से फरार हो गया है। पुलिस व जेल की टीमें लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई हैं। फिलहाल कई घंटे बीत जाने के बाद भी कैदी का कोई सुराग नहीं लग पाया है। नाहन जेल अधीक्षक भानु प्रकाश शर्मा ने कैदी के फरार होने की पुष्टि की है। नाहन जेल अधीक्षक ने बताया कि कैदी का आचरण काफी अच्छा था। इस वजह से उसे ओपन जेल में मंदिर में पूजा पाठ और साफ सफाई का काम सौंपा गया था। जानकारी के अनुसार जेल से फरार हरियाणा के शाहबाद निवासी हरीश कुमार हत्या के एक मामले में 20 साल की सजा काट चुका है। हैरान करने वाली बात यह है कि उसके अच्छे व्यवहार के चलते लंबे समय से उसे ओपन जेल में रखा गया था। पिछले 6 माह से उसे मंदिर की देखरेख, पूजा अर्चना और साफ-सफाई का काम सौंपा गया था। इस बीच गत वीरवार की शाम वह मंदिर से फरार हो गया। जेल प्रशासन को इसकी भनक तब लगी जब रोल कॉल के दौरान वह जेल से गैरहाजिर पाया गया। जिस दिन ये कैदी फरार हुआ जेल अधीक्षक भी छुट्टी पर थे। सूत्रों के अनुसार कैदी हरीश की पेरोल भी मंजूर हो चुकी थी। यहां तक की इस कैदी की प्रीमेच्योर रिहाई की फाइल भी लगी हुई थी। इसके बावजूद उसने फरार होने जैसा कदम उठाया। जानकारी मिली है कि हरीश को सांस की गंभीर समस्या है, जिसकी वजह से वह ज्यादा चल-फिर भी नहीं सकता और उसका लगातार उपचार भी चल रहा था। एसपी सिरमौर एनएस नेगी ने बताया, नाहन जेल में उम्र कैद की सजा काट रहा हरीश कुमार उर्फ हंसराज जेल से फरार हो गया। जिसके खिलाफ पुलिस थाना नाहन में बीएनएस की धारा 262 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस फरार कैदी की तलाश कर रही है। इन दिनों नाहन जेल इस वजह से भी चर्चा में है, क्योंकि हाल ही में जेल में सजा काट रहे दो कैदियों की एक के बाद एक अचानक तबियत बिगड़ने से मौत हो गई थी। अस्पताल जाते समय ही दोनों ने दम तोड़ा था। अब कैदी के फरार होने से जेल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
डाडा सीबा जल शक्ति विभाग उपमंडल के शीतला गांव में तीन महीने से पानी की समस्या झेल रहे ग्रामीणों को राहत मिली हैं। जल शक्ति विभाग ने बिजली कटौती के कारण बंद पड़ी मोटरों को फिर से चालू कर सप्लाई बहाल कर दी है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई महीनों से विभाग को बार-बार शिकायत देने के बावजूद भी समस्या हल नहीं हुई थी। इससे रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया था। विभाग के अधिशाषी अभियंता प्यारे लाल ने कहा कि शीतला गांव की पानी की समस्या अभी हमारे संज्ञान में आई है, विभाग जल्द ही इसका स्थाई समाधान करेगा। विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तुरंत सप्लाई सुचारु करने के प्रयास शुरू किए गए हैं। ग्रामीणों ने विभाग की ठोस कार्रवाई पर संतोष जताया है लेकिन वे मांग कर रहे हैं कि आने वाले समय में ऐसी समस्या दोबारा न हो। जल शक्ति विभाग ने आश्वासन दिया है कि सभी गलियों तक समान रूप से पानी पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है।
हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर के सासन गांव में 3 नवंबर को खेतों में घास काटने गई 40 वर्षीय रंजना पर गांव के ही 14 वर्षीय नाबालिग ने दराती और डंडे से हमला किया था। लड़के ने महिला से जबरदस्ती करने की कोशिश की थी। महिला के विरोध के बाद असफल रहा तो उसने दराती और डंडे से हमला कर उसे लहूलुहान कर दिया। गंभीर रूप से घायल रंजना को पीजीआई चंडीगढ़ में उपचार के लिए भर्ती किया गया था, जहां शुक्रवार रात महिला ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने आरोपी नाबालिग को हिरासत में लेकर ऊना स्थित ऑब्जर्वेशन होम भेज दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपित, जो सरकारी स्कूल में नौवीं कक्षा का छात्र है, ने महिला के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की थी। ग्रामीणों ने जब उसे खेत में लहूलुहान हालत में देखा, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी और अस्पताल पहुंचाया। पहले मेडिकल कॉलेज हमीरपुर और बाद में पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया, लेकिन वहां वह जिंदगी की जंग हार गई। पुलिस ने घटना स्थल से दराती, डंडा, टूटी स्केल और पेन के टुकड़े बरामद किए थे। पूछताछ में नाबालिग ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। मृतका रंजना का पति विजय कुमार लोक निर्माण विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। रंजना अपने 17 वर्षीय दिव्यांग बेटे की परवरिश कर रही थी और उसका सहारा थी। अब उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मां की मौत से दिव्यांग बेटा बेसुध है।
हिमाचल प्रदेश में आपातकाल के दौरान जेल जाने वाले नेताओं को सम्मान स्वरूप दी जा रही पेंशन अब समाप्त हो गई है। राज्य सरकार द्वारा पेश किए गए बिल को मंजूरी मिल गई है, जिसके बाद इस योजना के तहत मिल रही पेंशन बंद कर दी जाएगी। कुल मिलाकर हिमाचल में करीब 105 लोगों को यह पेंशन शुरू हो गई थी। पूर्व भाजपा सरकार ने यह योजना शुरू की थी, जिसके अनुसार आपातकाल के दौरान 15 दिन तक जेल में रहे नेताओं को ₹12,000 एवं 15 दिन से अधिक जेल में रहने वाले नेताओं को ₹20,000 प्रतिमाह पेंशन दी जाती थी। वर्तमान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, जो विपक्ष में रहते हुए इस योजना का विरोध कर चुके थे, ने इसे बंद करने का प्रस्ताव पेश किया था। उनका कहना था कि “आपातकाल के दौरान जेल जाने वालों ने कोई बड़ा संघर्ष नहीं किया, इसलिए इस तरह की पेंशन उचित नहीं है।” बिल पास होने के बाद अब इस योजना के लाभार्थियों को मिलने वाली पेंशन बंद हो जाएगी। इस योजना के लाभार्थियों में पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार, श्याम सिंह, महेंद्र नाथ सोफत, डॉ. राजीव बिंदल सहित कई नेता शामिल थे। सरकार के इस निर्णय पर अब विपक्ष, विशेषकर भाजपा नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया देना शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाज़ी और तेज़ होने की संभावना है।
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजकीय महाविद्यालय की रोवर्स और रेंजर्स इकाई द्वारा फ्लैग डे बड़े उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वज फहराने के साथ हुई, जिसने एकता, अखंडता और राष्ट्र सेवा के मूल्यों को उजागर किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. विवेकानंद शर्मा द्वारा की गई। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए फ्लैग डे के महत्व पर प्रकाश डाला और युवाओं में राष्ट्रीय गौरव एवं उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. रमेश शर्मा और प्रो. मोहिंदर सिंह भी उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को समाज सेवा और जन-जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन रोवर लीडर प्रो. जोगिंदर सिंह और रेंजर लीडर प्रो. शीतल भोपाल के नेतृत्व में किया गया। सभी प्रतिभागियों ने गर्व और सम्मान के साथ ध्वज गीत का सामूहिक गायन किया, जिससे वातावरण देशभक्ति के उत्साह से भर गया। कार्यक्रम के दौरान नशा मुक्ति जागरूकता अभियान भी चलाया गया। विद्यार्थियों को नशे की बुराइयों और इसके दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई तथा उन्हें स्वस्थ और संयमित जीवन जीने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का समापन सेवा, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की शपथ के साथ हुआ।
इंदौरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक मलेन्द्र राजन ने शुक्रवार को गांव टिब्बी और टांडा की हरिजन आबादी को पेयजल सुविधा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से 65 लाख रुपये की लागत से निर्मित जलापूर्ति योजना का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर विधायक मलेंद्र राजन ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है ताकि हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंच सके। उन्होंने कहा कि इस योजना से अब टिब्बी और टांडा गांवों के लोगों को पेयजल की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान विधायक ने क्षेत्रवासियों से संवाद कर उनकी विभिन्न समस्याएं भी सुनीं और संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रत्येक गांव में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाना है ताकि ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार हो सके। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का रख-रखाव समय पर किया जाए ताकि लोगों को निरंतर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होता रहे। विधायक ने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है और आने वाले समय में भी ऐसी योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इस अवसर पर जल शक्ति विभाग के एक्सईएन आनन्द बलोरिया, एसएचओ आशीष पठानिया, एसडीओ जल शक्ति विभाग अनिल ठाकुर, एसडीओ बिजली विभाग शंकर दयाल, राज्य रविदास कल्याण बोर्ड के सदस्य विजय कुमार, काठगढ़ पंचायत के उपप्रधान चेतन सिंह, महिला मंडल अध्यक्ष सुनीता कटोच, पूर्व उपप्रधान शेर अली, सुशीला मन्हास, पोंग डैम एडवाइजरी कमेटी के निदेशक कुलदीप शर्मा, बीडीसी सदस्य साबो बीबी, कांग्रेस कार्यकर्ता मंगत राम, रिंकू, सुरजीत कटोच, कर्ण, हरदीप सहित अनेक व्यक्ति उपस्थित रहे।
शिमला जिले के ढली पुलिस थाने में बाल विवाह और दुष्कर्म के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने चाइल्ड मैरिज एक्ट और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह मामला महिला एवं बाल विकास विभाग ठियोग की सुपरवाइजर इंदिरा शर्मा की शिकायत पर दर्ज किया गया है। इंदिरा शर्मा ने पुलिस को बताया कि 24 सितंबर 2025 को सीडीपीओ कार्यालय ठियोग से एक पत्र मिला था, जिसमें एक नाबालिग लड़की के बाल विवाह की जांच का अनुरोध किया गया था। इंदिरा शर्मा ने पुलिस को बताया कि 24 सितंबर 2025 को सीडीपीओ कार्यालय ठियोग से एक पत्र मिला था, जिसमें एक नाबालिग लड़की के बाल विवाह की जांच का अनुरोध किया गया था। जांच के दौरान पता चला कि शिमला जिले के जुंगा तहसील की रहने वाली लगभग 17 वर्षीय नाबालिग लड़की का विवाह 11 फरवरी 2023 को ठियोग तहसील के निवासी करुण कुमार से हुआ था। लड़की की जन्मतिथि 12 सितंबर 2008 है, जबकि करुण की जन्मतिथि 15 मार्च 2003 है। वर्तमान में करुण की उम्र लगभग 22 वर्ष 7 माह है और लड़की अभी भी नाबालिग (लगभग 17 वर्ष 2 माह) की है। दोनों की एक बेटी भी है, जिसका जन्म 6 जनवरी 2024 को हुआ था। शिकायत के अनुसार, करुण कुमार ने नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर उससे शादी की थी। इस संबंध में ढली पुलिस थाने में एफआईआर संख्या 139/25 को भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366, 376 और पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच जुंगा पुलिस चौकी के प्रभारी एएसआई अमरनाथ कर रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश में जिला कल्लू के मुख्यालय ढालपुर मैदान के साथ करोड़ों की लागत से बना अंतरराष्ट्रीय दशहरा व्यावसायिक परिसर धूल खा रहा है। पहले जिला प्रशासन और नगर परिषद के बीच विवाद हुआ और फिर दुकानों की बोली लगने के बाद दुकानदार पीछे हट गए। जिससे जिला प्रशासन और नगर निगम को लाखों का नुकसान हुआ हैं। इस व्यवसायिक परिसर का निर्माण डिस्ट्रिक्ट रूरल डेवलपमेंट एजेंसी की धनराशि से किया गया है। इस परिसर के निर्माण पर साढ़े 5 करोड़ रुपए की धन राशि खर्च की गई, लेकिन उसके बाद दुकानों का आवंटन नहीं हो पाया हैं। जिला प्रशासन और नगर परिषद के बीच किराए को लेकर विवाद हुआ हैं, जिला प्रशासन का कहना था कि भवन प्रशासन की ओर से दी गई राशि से तैयार हुआ है। ऐसे में इसका किराया प्रशासन को मिलना चाहिए। नगर परिषद और जिला कुल्लू प्रशासन के बीच समझौता किया गया, जिसमें 55% धनराशि नगर परिषद को और 45% राशि कुल्लू प्रशासन को किराए के रूप में मिलनी तय हुई। उसके बाद जुलाई माह में पहली बार इन दुकानों के आवंटन के लिए बोली लगाई गई। व्यावसायिक परिसर की 37 दुकानें औसतन 50 हजार रुपये प्रति महीना के हिसाब से नीलाम हुई थीं, लेकिन बोलीदाता बोली से पीछे हट गए। जिसके कारण अभी तक यहां पर पूरी तरह से दुकानें खुल नहीं पाई हैं। अब दूसरी बार इस परिसर में बनी दुकानों का आवंटन होने जा रहा हैं। आज टेंडर दाखिल करने की अंतिम तारीख है। कुल्लू नगर परिषद के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण महंत ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा व्यावसायिक परिसर में शेष 30 दुकानों के लिए नीलामी प्रक्रिया फिर से अमल में लाई जा रही है, जिसमें व्यापारियों से आवेदन मांगे गए है। इसके बाद नीलामी प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी, ताकि इन दुकानों को व्यापारियों के लिए आवंटित किया जा सके। जिला कुल्लू प्रशासन और नगर परिषद ने इस बार व्यापारियों के लिए और शर्तें लगाई हैं। नीलामी के दौरान बोलीदाता व्यापारी जब दुकान लेगा, तो उसी दौरान उसे 50 हजार रुपये नकद जमा करने होंगे। अगर व्यापारी 50 हजार रुपये जमा नहीं करता है तो उसकी दुकान की बोली रद्द मानी जाएगी और उस दुकान की उसी दिन फिर से नीलामी प्रक्रिया होगी। नगर परिषद कुल्लू ने उन सभी दुकानदारों को ब्लैक लिस्ट किया है, जिन्होंने पिछली बार बोली में दुकानों तो खरीदी, लेकिन फिर पैसा जमा नहीं करवाया और साथ ही उनके परिवार का कोई सदस्य भी बोली प्रक्रिया में भाग नहीं ले पाएगा।
असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस की जिला स्तरीय बैठक शुक्रवार को नूरपुर के विश्राम गृह में आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता जिला असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस उपाध्यक्ष दीपक पुरी ने की। साथ ही प्रदेश चेयरमैन राजीव राणा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक मज़बूत करने और असंगठित क्षेत्र के कामगारों की समस्याओं को प्रभावी रूप से सरकार तक पहुँचाने पर विस्तार से चर्चा हुई। राजीव राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार असंगठित वर्ग, मनरेगा कर्मियों और बेरोजगार युवाओं के कल्याण के लिए ऐतिहासिक कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार असंगठित कामगारों और युवाओं की सच्ची हमदर्द है, जिसने पहली बार Overseas Recruitment Drive योजना शुरू कर युवाओं को निशुल्क सरकारी खर्चे पर विदेशों में रोजगार दिलाने की पहल की है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा असंगठित मजदूरों के लिए सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, स्वास्थ्य सहायता, गृह निर्माण सहायता और ई-श्रम कार्ड लाभ जैसी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। मनरेगा मजदूरों की मजदूरी बढ़ाना, महिला श्रमिकों को ब्याजमुक्त ऋण व प्रशिक्षण देना और लेबर कल्याण बोर्ड के माध्यम से सहायता राशि प्रदान करना इस सरकार की संवेदनशीलता का प्रमाण है। राणा ने कहा कि नूरपुर विधानसभा क्षेत्र में संगठन की पकड़ बेहद मज़बूत हो रही है, जहाँ युवाओं और मजदूर वर्ग का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने जिला टीम की सराहना करते हुए कहा कि के.के.सी. अब जनआवाज़ का सशक्त मंच बन चुकी है जो हर कामगार के हक़ की लड़ाई लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में जिला सचिव अरूण सहोत्रा, ब्लॉक अध्यक्ष भूपेंद्र जमवाल, राज कुमार, विनय मेहरा, पंचायत स्तर सादिक खान, ममता देवी, पवन कुमार, सुरेंद्र महाजन, अजय कुमार, अनुराग मल्होत्रा, रवि शर्मा, आदि पदाधिकारियों ने भाग लिया और संगठन विस्तार की भावी रणनीति पर चर्चा की।
इंदौरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक मलेंद्र राजन ने वीरवार को लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने क्षेत्र में चल रहे सड़क उन्नयन कार्यों, पुल निर्माण तथा अन्य परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। विधायक मलेंद्र राजन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तथा निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किए जाएं, ताकि आम जनता को शीघ्र सुविधा मिल सके। उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत से सड़कों के उन्नयन कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें मिलवा से बरोटा, इंदौरा से काठगढ़, मकड़ोली से झंगराड़ा, घडरां से रैहन, गंगथ से घेटा तथा मंदोली टप्पा रोड़ जैसी प्रमुख सड़कों का उन्नयन कार्य शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को इन सभी परियोजनाओं की गति और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर सड़क सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विकास की गति को गांव-गांव तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है और इंदौरा क्षेत्र में सड़कों के सुदृढ़ीकरण, पेयजल, शिक्षा तथा स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर एस.डी.एम. सुरेंद्र ठाकुर, डी.एस.पी. संजीव यादव, तहसीलदार अमनदीप, पीडब्ल्यूडी एसडीओ सिकंदर, हरीश ठाकुर तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
तारापुरी बाजार में राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर शुक्रवार देर रात अज्ञात लोगों ने सड़क किनारे खड़ी दो बसों में आग लगा दी। घटना रात एक बजे के बाद की बताई जा रही है। गनीमत रही की करीब सवा एक बजे बैजनाथ के कुछ युवक एक गाड़ी में वहां से गुजर रहे थे, जिन्होंने जलती बसों को देखकर तुरंत अग्निशमन विभाग और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग बैजनाथ की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अग्निशमन केंद्र के अधिकारी विजय ने बताया आग इतनी भयंकर थी कि यदि समय रहते नहीं बुझाई जाती, तो पास में खड़े अन्य वाहन, साथ लगते स्कूल भवन और दर्जनों दुकानें इसकी चपेट में आ सकते थे। उन्होंने बताया कि इस घटना में एक सी.टी.यू. बस और एक परिवहन निगम डिपो नगरोटा की बस पूरी तरह जलकर राख हो गई। मौके पर थाना प्रभारी यादेश कुमार, परिवहन निगम अधिकारी तथा अग्निशमन केंद्र बैजनाथ और पालमपुर की गाड़ियां भी पहुंच गई थीं। पुलिस ने मामला दर्ज कर अज्ञात लोगों की तलाश शुरू कर दी है। आगजनी के कारणों की जांच जारी है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बठरा में 7 दिवसीय NSS शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का शुभारंभ बठरा विद्यालय के प्रधानाचार्य मुकेश सपेहिया द्वारा किया गया। इस शिविर में 35 स्वयंसेवी भाग ले रहे हैं। NSS के प्रभारी सुरजीत कुमार व मैडम छाया कुमारी की अध्यक्षता में यह सात दिवसीय शिविर चलेगा। कार्यक्रम अधिकारी सुरजीत ने स्वयंसेवियों को NSS संबंधित जानकारी देते हुए शिविर को सफल बनाने के निर्देश दिए इस मौके पर एसएमसी प्रधान सुनीता कुमारी, एसएमसी सदस्य व सभी स्टाफ मौजूद रहा। अंत में प्रधानाचार्य ने भी बच्चों को शिविर से संबंधित दिशा निर्देश दिए।
हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण इलाकों के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के चौथे चरण के तहत बड़ी सौगात दी है। प्रदेश को इस योजना में 294 नई सड़कों की स्वीकृति मिली है। इनके निर्माण पर कुल 2271 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन सड़कों की कुल लंबाई लगभग 1538 किलोमीटर होगी। इस परियोजना से न केवल दुर्गम और जनजातीय क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नया बल मिलेगा। लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने गुरूवार को शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रावधान किए गए हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-1 के तहत बनी पुरानी सड़कों की मरम्मत और सुधार कार्य भी PMGSY-4 के साथ जोड़े गए है। इससे पुराने मार्गों की गुणवत्ता में सुधार होगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि जहां निजी भूमि पर सड़क निर्माण प्रस्तावित है, वहां भूमि मालिक विभाग के नाम “गिफ्ट डीड” करें, ताकि निर्माण कार्य समय पर पूरा हो सके, विशेषकर पहाड़ी और आदिवासी इलाकों में। विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि राज्य में टायरिंग का काम तेजी से चल रहा है, लेकिन कुछ स्थानों पर गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। इस पर सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की है, जो एक सप्ताह में रिपोर्ट देगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष आई आपदा से प्रदेश में करीब चार हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। केंद्र सरकार से अब तक 1500 करोड़ रुपये की सहायता नहीं मिली है, फिर भी राज्य सरकार अपने संसाधनों से बहाली कार्य में जुटी है। वर्तमान में लगभग 50 सड़कें अभी भी बंद हैं, जिन्हें शीघ्र खोले जाने के प्रयास जारी हैं।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने स्नातकोत्तर (पीजी) कक्षाओं की परीक्षाएं 25 नवंबर से शुरू करने की घोषणा की है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों को निर्देश दिया है कि वे अपने ऑनलाइन परीक्षा फार्म 10 नवंबर तक भर दें। इस तिथि के बाद विलंब शुल्क के साथ परीक्षा फार्म जमा करना होगा। इस बार पीजी परीक्षाओं के लिए विश्वविद्यालय ने राज्य भर में 49 परीक्षा केंद्र स्थापित किए हैं। विश्वविद्यालय की ओर से जारी सूचना के अनुसार सभी छात्र परीक्षा फार्म ऑनलाइन भर सकते हैं। एचपीयू ने संबंधित पीजी विभागाध्यक्षों, कॉलेज प्राचार्यों और सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन के निदेशक को निर्देश दिए हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनके सभी विद्यार्थी समय पर परीक्षा फार्म भरें। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि सभी विद्यार्थियों के गृह परीक्षण, असाइनमेंट, प्रेजेंटेशन और अन्य आंतरिक मूल्यांकन गतिविधियां परीक्षा शुरू होने से पांच दिन पहले पूरी कर ली जाएं। एचपीयू के परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल ने बताया कि फार्म भरने की अंतिम तिथि के आसपास डेटशीट जारी कर दी जाएगी। इसके अलावा पात्र छात्रों के एडमिट कार्ड परीक्षा शुरू होने से 4 से 5 दिन पहले जारी किए जाएंगे। परीक्षा में बैठने के लिए यह एडमिट कार्ड अनिवार्य होगा।
बीती रात, बड़सर उपमंडल के अधीन आने वाली बिझड़ी तहसील के करनेहड़ा गाँव में एक दर्दनाक हादसा पेश आया। हादसे में तेज गति से आ रही एक मोटरसाइकिल के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से एक होनहार नौजवान की असमय मृत्यु हो गई। दिवंगत युवक की पहचान कुनाल, पुत्र मनजीत और रनेडा (डाकघर फगोटी) क्षेत्र के निवासी थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना करनेहड़ा के निकट हुई। बताया जा रहा है कि मोटरसाइकिल अत्यधिक तेज़ गति में थी, जिस कारण चालक उस पर से नियंत्रण खो बैठा और बाइक सड़क किनारे एक आम के पेड़ से भीषण रूप से टकराई। हादसे की आवाज़ सुनते ही, स्थानीय निवासियों ने तत्परता दिखाते हुए घायल कुनाल को तुरंत पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बरठीं पहुँचाया। परन्तु, तमाम कोशिशों के बावजूद, चिकित्सा अधिकारी ने जाँच के उपरांत युवक को मृत घोषित कर दिया। बिझड़ी पुलिस स्टेशन ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मृतक के पार्थिव शरीर को अपने कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है। दुर्घटना के वास्तविक और विस्तृत कारणों की गहन छानबीन जारी है। इस दर्दनाक क्षति पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए, स्थानीय पुलिस विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों ने सड़क उपयोगकर्ताओं से एक भावुक अपील की है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और सभी चालकों को यह सलाह दी है कि वे सड़कों पर निर्धारित गति सीमा का कड़ाई से पालन करें और असावधानी से बचें।
जिला पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए अभियान के तहत एक ही दिन में चार अलग-अलग मामलों में चरस बरामद की है। सभी मामले एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज किए गए हैं और पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पहला मामला जिला शिमला के थाना सुन्नी क्षेत्र से सामने आया है। पुलिस के अनुसार सुब-इंस्पेक्टर अनिल कुमार की टीम ने बुधवार शाम सुन्नी क्षेत्र में गश्त के दौरान एक सफेद रंग की अल्टो कार (नंबर HP92-0241) को जांच के लिए रोका। कार में चालक प्रकाश चंद (44 वर्ष), निवासी गांव कथण्डा, डाकघर जड़ोली, तहसील निरमंड, जिला कुल्लू और उसके साथ सवार सतीश कुमार (35 वर्ष), निवासी गांव व डाकघर घाटू, तहसील निरमंड, जिला कुल्लू (हि.प्र.) बैठे थे। तलाशी के दौरान पुलिस ने दोनों के कब्जे से कुल 39.9 ग्राम चरस (कैनाबिस) बरामद की। दूसरा मामला थाना रामपुर में दर्ज हुआ है। हेडकांस्टेबल नरेंद्र राज की टीम ने गश्त के दौरान चुहाबाग क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए अमित कोछर निवासी मेंन बाजार रामपुर, जिला शिमला के कब्जे से 57.780 ग्राम चरस बरामद की। रामपुर थाने के तहत ही तीसरी कार्रवाई में हेडकांस्टेबल सुरेंद्र कुमार ने सेरी पुल के समीप गश्त के दौरान सुनील कुमार, निवासी काशापाठ, तहसील रामपुर से 52.88 ग्राम चरस बरामद की। चौथा मामला बुधवार देर शाम थाना चिड़गांव के अंतर्गत सामने आया, जहां पुलिस ने मांदली के पास कार्रवाई की। यहां पुलिस ने नर बहादुर, निवासी नेपाल, जो वर्तमान में उर्मिला नागू निवासी कथली, तहसील चिड़गांव के पास रहता है, के कब्जे से 81 ग्राम चरस बरामद की। पुलिस के एक अधिकारी ने गुरूवार को बताया कि सभी मामलों में सम्बंधित थानों में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। पुलिस ने कहा है कि नशे के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुंदरनगर में बुधवार शाम 35 वर्षीय व्यक्ति द्वारा नाबालिग लड़की का पीछा करने का मामला सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, विशेष समुदाय से संबंधित आरोपी व्यक्ति पिछले कुछ दिनों से 13 वर्षीय नाबालिग लड़की का पीछा कर रहा था। बुधवार शाम को जब वह अपनी फॉर्च्यूनर गाड़ी से लड़की का पीछा करते हुए उसके घर के पास पहुंचा, तो लड़की के माता-पिता ने उसे पकड़ लिया। माता-पिता द्वारा विरोध करने और अपनी बेटी को परेशान न करने की चेतावनी देने पर आरोपी ने बहस शुरू कर दी और लड़की के पिता के साथ हाथापाई करने लगा। यह देखते ही मौके पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। नाबालिगा को तंग करने की बात सुनकर भीड़ का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने आरोपी की जमकर पिटाई कर दी। विरोध स्वरूप भीड़ ने उसका मुंह काला भी कर दिया। लड़की के पिता की सूचना पर तत्काल पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर मेडिकल के लिए अस्पताल ले गई। स्थिति तब बिगड़ गई, जब घटना की खबर फैलते ही विशेष समुदाय के लोग बड़ी संख्या में थाना जा पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भीड़ में से कुछ लोग सीधे जांच अधिकारी के रूम में घुस गए। जांच अधिकारी के रूम में मौजूद लड़की के पिता और अन्य लोगों पर विशेष समुदाय के लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले से थाने में भगदड़ मच गई। पुलिस कर्मियों और अन्य लोगों ने बड़ी मुश्किल से दोनों पक्षों को अलग किया।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली में ड्यूटी पर तैनात एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी पर हमला करने का मामला सामने आया है। घटना मंगलवार देर शाम की है, जब संजौली पुलिस स्टेशन में तैनात कांस्टेबल सुनील अपनी नियमित ट्रैफिक ड्यूटी पर संजौली स्थित एचआरटीसी कार्यालय के समीप तैनात थे। ड्यूटी के दौरान कांस्टेबल सुनील ने एक व्यक्ति को सार्वजनिक स्थान पर सिगरेट पीते हुए देखा। उन्होंने उस व्यक्ति को धूम्रपान न करने को कहा, क्योंकि सार्वजनिक स्थल पर सिगरेट पीना कानूनन अपराध है। इसपर उस व्यक्ति ने पहले तो सिगरेट फेंक दी और वहां से संजौली चौक की ओर चला गया, लेकिन कुछ देर बाद वह अचानक वापस लौटा और कांस्टेबल सुनील पर हमला कर दिया। हमलावर ने कांस्टेबल सुनील को घूंसे मारे और घसीटते हुए दावत होटल की दिशा में ले गया। इस दौरान पुलिस कर्मी ने खुद को बचाने का प्रयास किया, लेकिन उसे चोटें आईं। आसपास मौजूद लोगों के एकत्र होने पर आरोपी मौके से भाग निकला। घायल पुलिसकर्मी ने तुरंत इस घटना की जानकारी थाना संजौली को दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया। उसकी पहचान संदीप निवासी कोटखाई के रूप में हुई है। जांच में यह तथ्य सामने आया है कि घटना के समय आरोपी शराब के नशे में था। इस संबंध में पुलिस थाना संजौली में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 132, 121(1) और 221 के तहत मामला दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी संजौली का कहना है कि ड्यूटी पर तैनात कर्मियों पर हमला गंभीर अपराध है और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
द एस. वी. एन. स्कूल कुनिहार के विद्यार्थियों ने राज्य स्तरीय नाटक प्रतियोगिता में जीतकर विद्यालय का नाम रोशन किया। विद्यार्थी इस प्रतियोगिता में उपविजेता रहे। राज्य स्तरीय नाटक प्रतियोगिता का आयोजन राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नादौन में 4 नवंबर, मंगलवार को किया गया। जिसमें जिला स्तर पर चुनी गई सभी टीमों ने भाग लिया था। एस.वी.एन. स्कूल इसमें जिला सोलन का प्रतिनिधित्व कर रहा था। इस प्रतियोगिता में छात्रों ने आधुनिक समय की सबसे ज्वलंत समस्या "युवाओं में बढ़ता नशे का प्रकोप" को अपने आकर्षक अभिनय से प्रस्तुत करके प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल को प्रभावित किया और उपविजेता का खिताब अपने नाम किया। प्रधानाचार्या समरीन खान ने इस उपलब्धि के लिए छात्रों को बधाई देते हुए उनके परिश्रम को सराहा और विश्वास जताया कि वे भविष्य में भी इसी लगन से विद्यालय का नाम रोशन करते रहेंगे।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर की निदेशक प्रोफेसर सत्यम कुमारी एवं सह-निदेशक प्रोफेसर एस. जी. मंजूनाथ भट्ट के अथक प्रयासों से परिसर की पेयजल समस्या के समाधान के लिए दिल्ली मुख्यालय ने 28 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। जानकारी देते हुए सह-निदेशक प्रो. एस. जी. मंजूनाथ भट्ट ने बताया कि लंबे समय से परिसर में पेयजल आपूर्ति बाधित हो रही थी, जिससे छात्राओं के हॉस्टल सहित पूरे परिसर के विद्यार्थियों और स्टाफ को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या के समाधान के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक कमेटी गठित कर आईपीएच विभाग (जल एवं सिंचाई विभाग) के अधिकारियों के साथ विशेष बैठक की। बैठक में विभाग ने 28 लाख रुपये का अनुमान (एस्टीमेट) तैयार कर विश्वविद्यालय को सौंपा और बताया कि यदि यह राशि उपलब्ध कराई जाती है, तो विभाग परिसर के लिए अलग पेयजल योजना तैयार करेगा, जिससे भविष्य में पानी की समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर श्रीनिवास बरखेड़ी ने 28 लाख रुपये की राशि वेदव्यास परिसर को स्वीकृत कर भेज दी। वहीं परिसर की निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी ने बिना समय गंवाए एक कमेटी का गठन किया और जल एवं सिंचाई विभाग (आईपीएच) के अधिकारियों को परिसर में आमंत्रित कर पेयजल योजना के शीघ्र क्रियान्वयन हेतु 28 लाख रुपये का चेक सौंप दिया। आईपीएच विभाग रक्कड़ के एसडीओ जसवंत सिंह ठाकुर ने बताया कि उन्हें परिसर की ओर से 28 लाख रुपये का चेक प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि आगामी दो से तीन महीनों के भीतर यह पेयजल योजना तैयार कर विश्वविद्यालय परिसर को सौंप दी जाएगी। इससे परिसर में पेयजल आपूर्ति की समस्या का लगभग पूर्ण समाधान हो जाएगा। इस अवसर पर वेदव्यास परिसर की अनुभाग अधिकारी अनुराधा शर्मा, कंप्यूटर विभाग के अध्यक्ष अमित वालिया, आईपीएच विभाग के कनिष्ठ अभियंता जुगल किशोर शर्मा, तथा परिसर के लैब अटेंडेंट प्रमोद कुमार और नमन शर्मा उपस्थित रहे।
जिला के तहत राजकीय प्राथमिक पाठशाला गाईघाट में चौथी कक्षा के छात्र के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित छात्र के सिर में चोट लगी है, जिसे परिजन बुधवार को क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में इलाज करवाने के लिए लेकर आए। यही नहीं, परिजनों ने सदर थाना सोलन में मामले की शिकायत की है। छात्र की मां शोभा ठाकुर ने बताया कि उन्हें स्कूल से फोन पर सूचना मिली कि उनके बेटे शिवांश की पिटाई की गई है। यह सूचना भी आरोपित शिक्षक द्वारा ही दी गई कि उन्होंने आपके बेटे को चांटा मारा था, जिससे खून बहने लगा। यह सुनते ही वह स्कूल पहुंची तो साथी बच्चों ने बताया कि शिक्षक ने लोहे की स्केल से उसे मारा, जिससे उसके सिर से खून बहने लगा। वहीं स्कूल प्रबंधन का कहना था कि बच्चे को खिड़की से चोट लगी है।
हिमाचल प्रदेश के शिमला को दिल्ली से जोड़ने वाली एकमात्र हवाई सेवा 1 नवंबर से बंद हो गई है। अलायंस एयर की ओर से इस हवाई सेवा का संचालन किया जा रहा था। 25 सितंबर को तीन साल की अवधि पूरी होने पर दिल्ली-शिमला हवाई सेवा बंद हो चुकी है। इसके साथ ही प्रदेश में शिमला से धर्मशाला के लिए होने वाली हवाई उड़ान भी स्वत: बंद हो गई है। उड़ान योजना के तहत संचालित हो रही हवाई योजना को निकट भविष्य में शुरू करने के लिए अभी तक प्रदेश सरकार की ओर से अलायंस एयर के साथ कोई बातचीत नहीं की गई है। इस हवाई सेवा में प्रति सीट और दैनिक उड़ान के आधार पर सबसिडी का निर्धारण होता था। दिल्ली से शिमला के लिए हवाई जहाज में 23 सीटें सब्सिडी वाली होती थी और शिमला से दिल्ली लौटते हुए सब्सिडी वाली सीटों की संख्या 13 थी। दिल्ली से शिमला और वापसी उड़ान के लिए प्रदेश सरकार को मासिक 50-60 लाख रुपये सब्सिडी का भुगतान करना पड़ता था। सामान्य तौर पर 48 सीटर एटीआर-42-600 में दिल्ली से शिमला आने वाले यात्रियों की संख्या 26 रहती थी और वापसी में सवारियों की संख्या 21 या 23 रखी जाती थी। ऐसा इसलिए था कि हवा के अधिक दबाव के कारण ऐसी व्यवस्था की गई थी। इस हवाई सेवा में कभी भी 10 या इससे अधिक लोगों ने एक साथ सफर नहीं किया। 2023 से पहले हवाई जहाज की उड़ान सप्ताह में चार दिन कुल्लू के लिए होती थी और शेष तीन दिनों के लिए धर्मशाला। लेकिन सरकार ने मंत्रिमंडल बैठक में कुल्लू की हवाई उड़ानों को बंद कर सप्ताह के सभी दिन धर्मशाला के लिए उड़ान शुरू की। पहले दोनों स्थानों के लिए होने वाली हवाई उड़ान पर होने वाला कुल खर्च 10-11 करोड़ था। उसके बाद धर्मशाला के लिए होने वाली हवाई उड़ान पर ही इतना खर्च राज्य सरकार को हर साल उठाना पड़ रहा था।
हिमाचल हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कहा न्यायपालिका के लिए आवंटित बजट न मिलने से अदालतों का सामान्य कामकाज बाधित हो रहा है। कोर्ट ने सख्त निर्देश दिया कि वित्त सचिव 10 करोड़ रुपए का ड्राफ्ट लेकर 13 नवम्बर को अदालत में पेश हों। अन्यथा सरकार के खिलाफ कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट की कार्यवाही शुरू की जाएगी। यदि राशि जमा कर दी जाती है तो वित्त सचिव की उपस्थिति आवश्यक नहीं। कोर्ट ने कहा- रिटायर जस्टिस और अदालतों के प्रशासनिक खर्चों के भुगतान में निरंतर देरी की जा रही है। ₹6.88 करोड़ का बकाया केवल प्रशासनिक खर्चों पर है, जबकि ₹4.07 करोड़ की राशि नए वाहनों की खरीद के लिए लंबित है। कुल मिलाकर ₹10 करोड़ से अधिक का भुगतान राज्य सरकार से बकाया है। कोर्ट ने पाया कि राज्य सरकार ने 7 नए जिला न्यायाधीशों और 39 सिविल जजों की अदालतों की स्थापना के प्रस्ताव पर भी कार्रवाई नहीं की है। वित्त विभाग हर बार वित्तीय संसाधन नहीं हैं कहकर इनकार कर देता है। हिमाचल के चीफ जस्टिस गुरमीत सिंह संधावालिया और जस्टिस रंजन शर्मा की बैंच ने यह मामला सुना। राज्य सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल अनूप रत्न पेश हुए। उन्होंने अदालत को बताया- मामला संवेदनशील होने के कारण अब सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू को निर्णय को बोल दिया गया है। इस मामले में हाईकोर्ट ने सीनियर एडवोकेट नीरज गुप्ता को न्यायिक सहायक नियुक्त किया हैं, उन्होंने राज्य के तर्कों का विरोध करते हुए कहा कि सरकार लगातार सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रही है। उन्होंने बताया कि अदालत ने कहा कि सरकार ने खुद तो मंत्री-विधायकों की सैलरी बढ़ा दी है और दूसरे विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों के वित्तीय लाभ देय है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि न्यायपालिका के खर्चों को रोकना न्यायिक कार्य में हस्तक्षेप है, जो कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट एक्ट, 1971 की धारा 2(c), 2(i) और 3 (i) के तहत दंडनीय अपराध है। राज्य सरकार को न्यायपालिका के लिए बजट आवंटन पर पारदर्शी नीति बनानी होगी, ताकि लंबित वेतन, चिकित्सा और भत्तों के भुगतान समय पर सुनिश्चित बनाया जा सके। ऐसा नहीं किया गया तो सरकार और न्यायपालिका के बीच तनाव और गहराएगा।
देहरा उपमंडल के अंतर्गत खेरियाँ में एक बेसहारा गाय प्रसव के लिए काफी कष्ट से गुजर रही थी। जब स्थानीय लोगों ने उसे देखा तो इसकी सूचना पंचायत को दी गई। इस पर एक्शन लेते हुए चौकीदार, अन्य व्यक्तियों सहित वेटरनरी डॉक्टर राजेश मौके पर पहुंचे और गाय को पीड़ा से मुक्त करने के किए हर सम्भव प्रयास किए। लेकिन स्थिति की नाजुकता को देखते हुए देहरा से चिकित्सकों की टीम बुलानी पड़ी। स्थानीय लोगों में हेमंत बग्गा ने गाय के उपचार हेतु रुपये 1000 की सहायता राशि दी। स्थानीय लोगों ने कहा कि गाय के ऑपरेशन के लिए जो भी खर्च होगा उसे पंचायत वासी देंगे। 4 घंटे बाद डॉक्टरों की टीम द्वारा गाय का सफल ऑपरेशन हुआ। स्थानीय लोगों व पंचायत ने सीनियर वेटरनरी ऑफिसर डॉ. राजेश भाटिया, डॉ. संदीप शर्मा, डॉ. विशाल जीत, डॉ. आयुष के साथ उनके विभाग के सहयोगी राजेश, विशाल, अश्विनी, नियूश तथा खेरियाँ निवासी सूरम सिंह बग्गा का विशेष आभार व्यक्त किया।
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव में देरी का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। मुख्य सचिव ने बीते 8 अक्टूबर को डिजास्टर एक्ट का हवाला देते हुए आपदा से हालात सामान्य होने के बाद पंचायत चुनाव कराने की बात कही है। कैबिनेट ने भी चुनाव की घोषणा से कुछ दिन पहले पंचायतों के पुनर्गठन का फैसला लिया है। इस प्रक्रिया में दो से ढाई महीने लग सकते हैं। इसे देखते हुए, उच्च न्यायालय के 2 एडवोकेट ने मंगलवार को एक जनहित याचिका (PIL) दायर कर दी है। अनिश्चितकाल तक डिजास्टर ग्राउंड पर चुनाव टालने की सरकार की मंशा को चुनौती दी गई है। याचिका में कहा गया कि राज्य सरकार और स्टेट इलेक्शन कमीशन ने संविधान के तहत तय समय सीमा में पंचायत चुनाव करवाने की कोई तैयारी नहीं की। हिमाचल में पिछली पंचायत चुनाव प्रक्रिया दिसंबर 2020 से जनवरी 2021 के बीच तीन चरणों में हुई थी। संविधान के अनुच्छेद 243-ई के मुताबिक हर पंचायत का कार्यकाल 5 साल से ज्यादा नहीं हो सकता और मौजूदा जन प्रतिनिधियों का कार्यकाल खत्म होने से पहले ही चुनाव करवाना जरूरी है। मगर अब तक इलेक्शन कमीशन ने चुनाव का कार्यक्रम जारी नहीं किया और न ही तैयारी की है। उन्होंने कोर्ट से हस्तक्षेप करके पूरे प्रदेश में तय समय पर पंचायती राज चुनाव कराने के निर्देश देने का आग्रह किया है। एडवोकेट का कहना है कि यह याचिका किसी राजनीतिक या निजी स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि जनहित में दायर की गई है। अगर समय पर चुनाव नहीं हुए, तो राज्य में पंचायत राज संस्थाएं अपनी वैधानिक स्थिति खो देंगी और लोकतांत्रिक शासन की जड़ें कमजोर होंगी। पंचायतों में यह चुनाव पांच सीटों प्रधान, उप प्रधान, वार्ड मेंबर, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य के लिए होने है, जबकि शहरी निकाय में वार्ड पार्षद के लिए वोटिंग होनी है। इसी तरह 71 नगर निकायों में पार्षद चुने जाएंगे। स्टेट इलेक्शन कमीशन दिसंबर में चुनाव कराना चाह रहा है, क्योंकि जनवरी में शिमला, मंडी, लाहौल स्पीति, किन्नौर, कांगड़ा, कुल्लू और सिरमौर जिला के कई भागों में कई बार भारी बर्फबारी हो जाती है।
एक उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में, शूलिनी विश्वविद्यालय ने प्रति शोधपत्र उद्धरणों की श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो इसके उत्कृष्ट शोध प्रभाव और वैश्विक शैक्षणिक उत्कृष्टता को दर्शाता है। विश्वविद्यालय क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग एशिया 2026 में एशिया में 159वें स्थान पर भी पहुँच गया है, जो पिछले वर्ष के 168वें स्थान से नौ स्थान ऊपर है। भारत में इसे 14वाँ स्थान प्राप्त हुआ है। क्यूएस (क्वाक्वेरेली साइमंड्स) द्वारा जारी परिणामों में 1,526 संस्थानों का मूल्यांकन किया गया, जिनमें से 550 एशिया से और 294 भारत से थे, जिनमें 137 नए प्रवेशक शामिल थे। क्यूएस रैंकिंग में शूलिनी विश्वविद्यालय की निरंतर बढ़त नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए प्रतिबद्ध एक शोध-संचालित संस्थान के रूप में इसकी बढ़ती प्रतिष्ठा को दर्शाती है। क्यूएस एशिया रैंकिंग में शूलिनी का सफ़र 2021 में शुरू हुआ, जब इसे 291-300 बैंड में रखा गया था। 2022 में, विश्वविद्यालय 271-280 तक सुधर गया, और फिर 2023 में 216-220 तक और बढ़ गया। पिछले साल, 2025 में, यह 168वें स्थान पर था, और अब, 2026 में, यह गर्व से 159वें स्थान पर है, जो केवल पाँच वर्षों में एक स्थिर और प्रेरणादायक सफलता का प्रतीक है। इस उपलब्धि पर बोलते हुए, चांसलर प्रोफेसर पी के खोसला ने गर्व व्यक्त किया और पूरे शूलिनी समुदाय को धन्यवाद दिया और कहा कि यह सफलता संकाय, शोधकर्ताओं, छात्रों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है, जिनकी उत्कृष्टता और नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों पर ले जाती है।
उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने कहा कि ज़िला प्रशासन तथा हिमाचल फोटो गैलरी ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में सोलन में स्वतंत्रता सेनानियों की जीवनी पर आधारित प्रदर्शनी लगाई जाएगी। मनमोहन शर्मा ने कहा कि यह प्रदर्शनी सोलन ज़िला के नगर निगम सोलन के हॉल में 27, 28 व 29 नवम्बर, 2025 को लगाई जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि इस प्रदर्शनी में हिमाचल विशेषकर सोलन ज़िला के स्वतंत्रता सेनानियों के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान, इतिहास और बलिदान के विषय में जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में पझौता के स्वतंत्रता सेनानियों और प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. वाई.एस. परमार की जीवनी को भी प्रदर्शित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी को देखने के लिए स्कूल व महाविद्यालय के विद्यार्थियों व शिक्षकों को बुलाया जाएगा ताकि वह हिमाचल तथा सोलन के स्वतंत्रता सेनानियों के स्वतंत्रता संग्राम में दिए गए योगदान के बारे में जान सके। हिमाचल फोटो गैलरी ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. अंशुक अत्री ने सोलन में होने वाली इस प्रदर्शनी के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर नगर निगम सोलन के संयुक्त आयुक्त सुरेन्द्र ठाकुर, सहायक आयुक्त नीरजा शर्मा सहित हिमाचल फोटो गैलरी ट्रस्ट के डॉ. राजेन्द्र अत्री उपस्थित थे।
ज्वालामुखी उपमंडल के अंतर्गत पड़ते राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गुम्मर में सात दिवसीय NSS शिविर का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर नेशनल और स्टेट अवार्डी सत्या पाल शर्मा और विद्यालय के प्रधानाचार्य जोगिंदर कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। साथ ही हरजीत, अशोक कुमार, कार्यक्रम अधिकारी शिव राम एवं रीना देवी व समस्त शिक्षक वर्ग ने एक साथ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर शिविर का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ने बच्चों को अनुशासन व NSS के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए नशे से दूर रहने की सलाह दी। कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम् और स्वागत गीत से हुई। कार्यक्रम अधिकारी शिव राम ने बताया कि यह सात दिवसीय शिविर 4 नवंबर से 10 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिमला नगर निगम मेयर के कार्यकाल बढ़ाने से जुड़े मामले को लेकर नोटिस जारी किया है। अदालत ने राज्य सरकार, निर्वाचन आयोग व मेयर से जवाब तलब किया है। मामले में अगली सुनवाई 11 नवंबर को होगी। राज्य सरकार के मेयर के कार्यकाल को ढाई से पांच साल बढ़ाने वाले फैसले पर एडवोकेट अंजलि सोनी वर्मा ने चुनौती देते हुए जनहित याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार ने अध्यादेश लाकर शिमला नगर निगम मेयर के कार्यकाल को बढ़ाया है और ये हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम के सेक्शन 36 के खिलाफ है। याचिका में दिए गए तर्क के अनुसार, राज्य सरकार का यह निर्णय रोस्टर के खिलाफ हैं। रोस्टर कहता है कि ढाई साल के बाद मेयर का पद महिला पार्षद के लिए आरक्षित होगा। ऐसे में राज्य सरकार का फैसला निगम में चुनकर आई 21 महिला पार्षदों के अधिकारों का हनन करता हैं। भाजपा के साथ ही कुछ कांग्रेस पार्टी पार्षदों ने इस निर्णय का विरोध किया था। पार्षदों का कहना था कि रोस्टर के अनुसार, अब महिला पार्षद को मेयर बनना चाहिए था, लेकिन सरकार ने इस नियम की अनदेखी की हैं। सीएम सुक्खू ने भी पार्षदों को सरकार के फैसले को जानकारी देते हुए सहमति बनाने की सलाह दी थी, लेकिन विवाद थम नहीं रहा हैं।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सिहोरपाईं में मंगलवार को 7 दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) विशेष शिविर का शुभारंभ हुआ। शिविर के उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य बी. आर. कमल ने की। प्रधानाचार्य ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि ऐसे शिविर विद्यार्थियों में अनुशासन, सेवा भावना, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक दायित्व की भावना विकसित करते हैं। कार्यक्रम अधिकारी शशि पॉल एवं अनुराधा रानी ने शिविर की रूपरेखा प्रस्तुत की और आने वाले सात दिनों की गतिविधियों की जानकारी दी। शिविर के पहले दिन स्वयंसेवकों ने विद्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया और “स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत” का संदेश दिया। इस शिविर में कुल 33 स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं। आगामी दिनों में स्वयंसेवक पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता, ग्राम भ्रमण, योग, सांस्कृतिक एवं बौद्धिक गतिविधियों के माध्यम से समाज में जनजागरण करेंगे। कार्यक्रम के अंत में NSS गीत गाया गया और प्रधानाचार्य बी. आर. कमल का आभार व्यक्त किया गया।
सरकारी डिग्री कॉलेज ढलियारा में NCC इकाई द्वारा सत्र 2025–26 का रैंक समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्या डॉ. अंजू आर. चौहान ने की इस मौके पर सी.टी.ओ. डॉ. कपिल सूद तथा प्राध्यापक प्रो. शर्मिता, प्रो. पूजा, प्रो. राजकुमार परमार और प्रो. पिताम्बर उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. कपिल सूद के स्वागत भाषण से हुआ। इसके बाद उन्होंने कैडेटों को कर्तव्यनिष्ठा की शपथ दिलाई। तत्पश्चात् प्राचार्या, सी.टी.ओ. एवं प्राध्यापकों द्वारा कैडेटों को रैंक प्रदान किए गए। अमन शर्मा को अंडर ऑफिसर का रैंक दिया गया, जबकि अंशिका ठाकुर, वीरेन नारयाल और अंजली को सार्जेंट का रैंक प्राप्त हुआ। कॉर्पोरल के रूप में वरुण, वंश ठाकुर और अमन भारद्वाज को सम्मानित किया गया, वहीं लांस कॉर्पोरल का रैंक मनीषा शर्मा, जीवन मेहता और अर्जू ठाकुर को प्रदान किया गया। प्राचार्या डॉ. अंजू आर. चौहान ने सभी रैंकधारी कैडेटों को बधाई दी। समारोह का समापन सी.टी.ओ. डॉ. कपिल सूद के प्रेरणादायी भाषण और प्राचार्या एवं महाविद्यालय स्टाफ के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी में बन रहे रेस्ट हाउस को लेकर विवाद हो गया है। ठेकेदार ने एक करोड़ रुपये का भुगतान न होने के कारण भवन पर ताला लगा दिया है। 3.73 करोड़ रुपये की लागत से विश्राम गृह तैयार किया गया है, जिसमें हर प्रकार की सुविधाओं का ध्यान रखा गया है। 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जबकि बाकी बचा 5 प्रतिशत कार्य होना बाकि है। जिसमें कमरों का फर्नीचर और अन्य सामान शामिल है। सुंदरनगर लोक निर्माण विभाग का कहना है कि विश्राम गृह को ठेकेदार द्वारा आधिकारिक रूप से विभाग को नहीं सौंपा गया है। विश्राम गृह के रख रखाव का जिम्मा अभी तक ठेकेदार का ही है। इसमें रखा सामान और इसकी सुरक्षा भी ठेकेदार के ही पास है। इसलिए सुरक्षा के लिहाज से ठेकेदार अपना ताला लगा सकता है। विभाग ने कहा, ठेकेदार की राशि की अदायगी के लिए उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। राशि का प्राविधान होने पर सारी कागजी कार्रवाई पूरी करने के उपरांत विश्राम गृह विभाग को मिलेगा।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को शिमला के चौड़ा मैदान में पुलिस विभाग के पेट्रोलिंग व अन्य वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये वाहन प्रदेश के दस जिलों में सेवाएं देंगे। इससे यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी। इस दाैरान लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी, विधायक भवानी सिंह पठानिया सहित अन्य माैजूद रहे। इस दाैरान सीएम सुक्खू ने कहा कि जब से कांग्रेस सरकार सत्ता में आई है, यह प्रयास किया है कि सभी विभागों में आधुनिक तरीके से काम किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि हिमाचल एक पर्यटन राज्य है और देश-विदेश से बड़ी संख्या में यहां सैलानी पहुंचते हैं। ट्रैफिक की समस्या पूरे प्रदेश में बनी रहती है। इसे ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक के सुचारू संचालन के लिए 66 के करीब गाड़ियां रवाना की गई हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस में आधुनिक सुविधाएं देकर बेहतर किया जा सकता है। दुर्घटना की स्थिति में ये वाहन तुरंत घटनास्थल पर पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि हाल ही में 1200 पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती की गई है। पुलिस को आधुनिक हथियारों से भी लैस किया जा रहा है। चिट्टा से भी सख्ती से निपटा जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के धर्मपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत लौंगणी के तरैमला गांव के भारतीय सेना में कर्नल पद पर तैनात तेजेंद्र सिंह का हृदय गति रुकने से दिल्ली में निधन हो गया। कर्नल तेजेंद्र सिंह, कर्नल रूपचंद के पुत्र थे और वर्तमान में राष्ट्रीय राइफल्स में श्रीनगर में सेवाएं दे रहे थे। मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार सैन्य सम्मान के साथ हुआ है। गमगीन परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। जानकारी के अनुसार, कर्नल तेजेंद्र सिंह दिल्ली से हवाई मार्ग द्वारा श्रीनगर लौटने वाले थे कि इसी दौरान उन्हें हृदयाघात हो गया, जिससे उनका देहांत हो गया। दिल्ली से उनके निधन की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। उनका पार्थिव शरीर दिल्ली से देर रात तक घर पहुंचा। मंगलवार सुबह पैतृक गांव के श्मशान घाट में मृतक का पूरे सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में प्रस्तावित बिजली महादेव रोपवे के विरोध को लेकर बिजली महादेव रोपवे विरोध संघर्ष समिति के सदस्यों ने दिल्ली में BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ मुलाकात की है। इस दौरान समिति ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को देव वाणी की जानकारी दी। बैठक में समिति में शामिल सदस्यों ने बताया कि कुल्लू जिले में स्थानीय लोग भी रोपवे के हक में नहीं है। ऐसे में वह इस पूरे मुद्दे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष रखें, ताकि जल्द से जल्द इस रोपवे को निरस्त किया जा सके। जिया पंचायत के प्रधान संजीव कुमार ने कहा कि देवता बिजली महादेव ने भी साफ आदेश दिए हैं कि जो भी धार्मिक स्थल है। वहां पर किसी भी तरह की छेड़छाड़ ना की जाए और बिजली महादेव की पहाड़ी से भी कोई छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। देवता के द्वारा जो आदेश दिए गए थे। उसके बारे में भी जेपी नड्डा को अवगत करवाया गया है। अब उन्हें उम्मीद है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा इस मामले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष रखेंगे और प्रधानमंत्री भी स्थानीय लोगों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए इस रोपवे को जल्द निरस्त करेंगे। संजीव कुमार ने बताया कि उनके साथ इस प्रतिनिधिमंडल में पूर्व सांसद एवं भगवान रघुनाथ की छड़ीबरदार महेश्वर सिंह, मंदिर कमेटी के सदस्य और बिजली महादेव रोपवे विरोध समिति के सदस्य भी शामिल रहे। उन्होंने बताया कि करीब एक घंटा दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ वार्ता की गई।
शिमला जिला के रामपुर में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय लवी मेला 2025 की तैयारियां जोरों पर हैं। प्रशासन ने मेले के दौरान दुकानों और स्टॉलों की सुचारू व्यवस्था के लिए दो अलग-अलग कमेटियां गठित की हैं। स्टॉलों का आबंटन 5 नवंबर से शुरू होकर 10 नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा, ताकि व्यापारी 11 नवंबर से पहले अपने स्टॉल सजा सकें। मेले की तैयारियों को लेकर नगर परिषद ने मीटिंग भी की है। एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेंद्र सिंह ने बताया कि लवी मेला मैदान में स्टॉल आबंटन का समन्वय तहसीलदार रामपुर करेंगे। इस कमेटी में नगर परिषद रामपुर के कनिष्ठ अभियंता, लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता, फील्ड कानूनगो रामपुर और नगर परिषद के एकाउंटेंट शामिल हैं। वहीं, राष्ट्रीय राजमार्ग-5 (NH-5) पर प्लॉट आबंटन का कार्य तहसीलदार ननखड़ी की अध्यक्षता में होगा। इस कमेटी में राष्ट्रीय राजमार्ग-5 रामपुर के कनिष्ठ अभियंता, विद्युत बोर्ड रामपुर के कनिष्ठ अभियंता, फील्ड कानूनगो कुमसू और लोक निर्माण विभाग के एकाउंटेंट को शामिल किया गया है। एसडीएम ने कहा कि दोनों कमेटियां निर्धारित समय पर आबंटन कार्य शुरू करेंगी, जिससे किसी भी व्यापारी को असुविधा न हो और मेला सुचारू रूप से संपन्न हो सके। रामपुर नगर परिषद ने लवी मेले की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता नगर परिषद अध्यक्ष मुस्कान चारस ने की। इसमें शहर की सफाई, नालियों की मरम्मत और सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त करने जैसे आवश्यक कार्यों पर चर्चा हुई। कार्यकारी अधिकारी बी.आर. नेगी ने बताया कि मेले से पहले सभी खराब पड़े सीसीटीवी कैमरे ठीक किए जाएंगे और नालियों की सफाई पूरी कर ली जाएगी। सफाई, गर्म पानी, रात्रिभोज और नालियों की मरम्मत के टेंडर जारी हो चुके हैं, जबकि झूले, सफाई और डोम लगाने की टेंडर प्रक्रिया जारी है। नेगी ने कहा कि नगर परिषद मेला कमेटी के साथ मिलकर सभी तैयारियां समय पर पूरी करेगा। उन्होंने सभी वार्डों में चल रहे और रुके हुए कार्यों की समीक्षा करते हुए ठेकेदारों को तीन दिन के भीतर काम शुरू करने के निर्देश दिए। यदि निर्धारित समय-सीमा में ठेकेदार कार्य शुरू नहीं करते हैं, तो उनके टेंडर रद्द कर अन्य ठेकेदारों को कार्य सौंपा जाएगा। नगर परिषद का लक्ष्य है कि इस वर्ष का लवी मेला स्वच्छ और सुव्यवस्थित माहौल में संपन्न हो। बुशहर ऑटो ऑपरेटर यूनियन ने मेले के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर नया प्लान तैयार किया है। यूनियन की कार्यकारिणी बैठक की अध्यक्षता चेयरमैन ओम प्रकाश ने की, जिसमें 12 सदस्य उपस्थित थे। नए ट्रैफिक प्लान के अनुसार, रामपुर से मेला ग्राउंड की ओर जाने वाले ऑटो पेट्रोल पंप के सामने सवारियां उतारेंगे। वापसी के लिए ये ऑटो एचआरटीसी वर्कशॉप चौक या पाटबंग्ला चौक से सवारियां भर सकेंगे। खनेरी से आने वाले ऑटो रिक्शों के लिए पार्किंग एचआरटीसी वर्कशॉप के पीछे निर्धारित की गई है। यूनियन ने ऑटो चालकों से अपील की है कि वे सवारियां बैठाते समय ही किराया वसूलें, ताकि समय और यातायात दोनों की बचत हो सके।
शूलिनी विश्वविद्यालय के योगानंद स्कूल ऑफ एआई, कंप्यूटर्स एंड डेटा साइंस (YSAICDS) ने एक सप्ताह तक चलने वाले अंतर-विभागीय हैकथॉन का आयोजन किया, जिसमें विभिन्न विभागों के प्रतिभाशाली युवा नवप्रवर्तकों को एक साथ लाया गया। ओपन-डोमेन इनोवेशन चैलेंज में तीन प्रतिस्पर्धी दौर शामिल थे, जिन्हें छात्रों के बीच रचनात्मकता, समस्या-समाधान और सहयोग को प्रोत्साहित करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। इस आयोजन में कुल 18 टीमों ने भाग लिया, जिन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और प्रौद्योगिकी के माध्यम से वास्तविक दुनिया की चुनौतियों का समाधान करने वाले अनूठे और व्यावहारिक विचार प्रस्तुत किए। विजेता टीमों को उनके न्यूनतम व्यवहार्य उत्पाद (एमवीपी) विकसित करने और एआई-आधारित समाधानों में और अधिक निवेश करने में मदद करने के लिए ₹25,000 के नकद पुरस्कार प्रदान किए गए। शीर्ष नवोन्मेषी विचारों में बीप, एआई थेरेपिस्ट, शूलिनीबॉट, यूनिकार्ट और 2डी-3डी शामिल थे, जो अपनी मौलिकता और अनुप्रयोग क्षमता के लिए उल्लेखनीय थे। शूलिनी विश्वविद्यालय के इनोवेशन और मार्केटिंग अध्यक्ष प्रो. आशीष खोसला ने छात्रों की रचनात्मकता और दूरदर्शी दृष्टिकोण की सराहना की, जबकि स्कूल प्रमुख प्रो. पंकज वैद्य ने घोषणा की कि शूलिनी विश्वविद्यालय में एआई-संचालित नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को प्रेरित करने के लिए भविष्य में इस तरह के और अधिक हैकथॉन आयोजित किए जाएंगे।
विद्युत बोर्ड पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की उप इकाई कुनिहार की मासिक बैठक अध्यक्ष ई. रत्न तंवर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। जिसमें कुनिहार, सुबाथु, डुमेहर, जाबल, जमरोट, बरावरी, जाड़ली, घाघर, कुफ्टू आदि स्थानों से भारी संख्या में सदस्यों ने भाग लिया, इकाई महासचिव रमेश नाथ कश्यप ने सभी सदस्यों का बैठक में आने के लिए आभार व्यक्त करते हुए स्वागत किया। इस अवसर पर इकाई अध्यक्ष ई. रत्न तंवर ने सदस्यों के साथ विचार विमर्श करके उनकी बहुत सी समस्याओं का समाधान किया। बैठक में उठी ज्वलंत मांगो जैसे 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 तक की संशोधित लीव एनकैशमेन्ट, ग्रेच्युटी तथा कम्युटेशन का लाभ जल्द पेंशनर्स के खाते में डालना, मई 2022 के बाद रिटायर हुए पेंशनर्स को ग्रेच्युटी तथा लीव एनकेशमैन्ट की लम्बित अदायगी का तुरन्त भुगतान करना, पैन्शन पेमेन्ट स्लिप में दर्शाए गए एरियर सम्बन्धित समयावधि का उल्लेख करना, कार्यरत कर्मचारियों को OPS लागू करना, आऊट सोर्स कर्मचारियों की सेवा प्रदान करने के लिए स्थाई नीति का बनाया जाना, तथा सभी खाली पदों पर योग्य उम्मीदवारों की भर्ती करने की मांग की गई। बैठक में ई. रत्न तंवर, रमेश कश्यप, ई. रुपेन्द्र कौशल, ई. आर. पी. तनवार, ई. राजेन्द्र कुमार तनवर, प्रेमसिंह चौहान, सन्तराम कश्यप, नरेन्द्रपाल, रूपराम पाल, ओमी दत्त, भुपेन्द्र पाठक, दलीप, कृष्णचन्द, रामदास तनवार, गोपाल गर्ग, सुरेश कुमार, सालिगराम, हेमचन्द तनवर, ऋषी राम, मोहेन्द्र, देशराज पाठक, शीश राम, भगवान दास, कमलकांत, देवीसिंह, जसपाल सिंह, दलवीर सिंह, रमेश चौधरी, बलबीर सिंह, नानक चन्द, राम रत्न ठाकुर, बाला दत्त, लीला दत्त, ओम प्रकाश, राम प्रकाश सहित अन्य सदस्यों ने भाग लिया।
हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाले टी-20 मैच की तैयारी शुरू हो चुकी है। इस बीच दर्शकों के लिए अच्छी खबर है। 22000 की क्षमता वाले क्रिकेट स्टेडियम की सीटिंग कैपेसिटी बढ़ सकती है। हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव अवनीश परमार का कहना है कि 14 दिसंबर 2025 को धर्मशाला में प्रस्तावित इस मैच से पहले स्टेडियम का सर्वे किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला की दर्शक दीर्घा की क्षमता बढ़ाने के लिए यह सर्वे किया जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि सर्वे को दिसंबर तक पूरा करने की पूरी कोशिश की जा रही हैं, जिसके मुताबिक स्टेडियम को नुकसान पहुंचाए बिना क्षमता को बढ़ाया जाएगा। धर्मशाला में मैचों को लेकर दर्शकों के अलावा खिलाड़ियों में भी भरपूर उत्साह रहता है। यहां अब तक कई वनडे, टी-20 और टेस्ट मैच भी खेले जा चुके हैं। इनके अलावा यहां समय-समय पर अभ्यास शिविर भी लगाए जाते हैं।
धंग्यारा गलु के पास सोमवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा पेश आया। हादसे में बाइक और वैगनार के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। जिसमें बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान रवि कुमार (20) पुत्र मुरारी लाल, निवासी मठयाना के रूप में हुई है। घटना का पता चलते ही आसपास के लोग पहुंचे और हादसे में दूसरे गंभीर युवक को प्राथमिक उपचार के लिए ले गए हैं। हादसे की सूचना मिलते ही गोहर पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची, जहां युवक के शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी देवराज ने बताया पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच के बाद ही हादसे के कारणों का पता चल पाएगा। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है और ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। एसपी मंडी साक्षी वर्मा ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि मार्ग पर वाहनों की तेज रफ्तार पर नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।
बघाट बैंक लोन मामले में गिरफ्तार गारंटर का बयान सामने आया हैं, गारंटर ने दावा किया कि जब उसे गिरफ्तार किया गया तो मामले का पता चला उसे मालूम नहीं था कि उसे 3.50 करोड़ रुपये की संपत्ति के ऋण मामले में गारंटर बनाया गया है। उसका कहना हैं कि उसे बिना जानकारी दिए ही हस्ताक्षर करवाए गए थे। गारंटर खेतीबाड़ी करता है और उसकी वित्तीय स्थिति भी उतनी अच्छी नहीं है। शनिवार देर रात पुलिस ने सलोगड़ा के विनोद कुमार को सहायक पंजीयक की अदालत में पेश किया हैं, जहां पर गारंटर ने ये बात कही है। गारंटर ने कहा, कि उसकी एक संपत्ति फोरलेन निर्माण में गई है। जिसका विवाद अभी एक्साइज विभाग के साथ चल रहा है। मामला एसडीएम कोर्ट में चल रहा है। जैसे ही यह विवाद सुलझ जाएगा उसके बाद उसे करीब 70 से 80 लाख रुपये मिलेंगे, उसके बाद वह कुछ राशि चुका सकता है। सहायक पंजीयक की अदालत ने विनोद कुमार को छोड़ दिया हैं।
हिमाचल की राजधानी शिमला में प्राइवेट बस ऑपरेटर आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इस वजह से स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर सरकारी और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को गंतव्य तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्राइवेट ऑपरेटरों ने अपनी बसें आरटीओ ऑफिस के बाहर खड़ी कर दी है। जिस कारण शहर में निजी बसें नहीं चल रहीं है। हालांकि, एचआरटीसी ने अतिरिक्त बसें भी चलाई हैं लेकिन इसका खास असर नजर नहीं आया। सुबह कार्यालय, स्कूल-काॅलेज जाने वाले विद्यार्थियों सहित अन्य लोग बसों के लिए इंतजार करते देखे गए। एचआरटीसी बसें पैक रहीं। इसलिए बड़ी संख्या में लोग पैदल ही अपने गंतव्यों की ओर रवाना हुए। वहीं, प्राइवेट बस ऑपरेटर मांगे पूरी नहीं होने तक बसें चलाने को तैयार नहीं है। ऐसे में यदि सरकार ने जल्द इनकी मांगे नहीं मानी तो जनता को आने वाले दिनों में भी परेशानी झेलनी पड़ेगी। दरअसल, प्राइवेट बस ऑपरेटर 40 किलोमीटर से लंबी दूरी की बसों की शहर में एंट्री पर रोक की मांग कर रहे हैं। इनकी मांग है कि लंबी दूरी की बसें सीधे आईएसबीटी से चलाई जाए। पुराने बस अड्डा में इनको एंट्री न दी जाए। इसी तरह, प्राइवेट बस ऑपरेटर HRTC की स्कूल बसों में सवारियां बिठाए जाने से नाराज है। इन मांगों को लेकर बीते 12 अक्टूबर को आरटीओ शिमला के साथ इनकी मीटिंग हुई। इसमें, प्राइवेट बस ऑपरेटरों की जो मांगे मानी गई थी, उनके पूरा नहीं होने पर आज से इन्होंने हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। शिमला शहर की सड़कों पर रोजाना 160 से ज्यादा प्राइवेट बसें दौड़ती है। लोकल रूट पर एक-एक बस शहर में कई कई चक्कर काटती है। मगर आज प्राइवेट बसों के पहिए थम गए हैं। इससे लोग परेशान है और पैदल चल कर एक स्थान से दूसरी जगह जा रहे हैं। इनके हड़ताल पर जाने से शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह सरकारी बसों पर निर्भर हो गई है। मगर शहर में सरकारी बसों की संख्या प्राइवेट के मुकाबले आधी है। इससे संजौली, ढली, विकासनगर, समरहिल, कसुम्पटी, पंथाघाटी, मैहली, हिमलैंड, खलीणी इत्यादि उप नगरों में काफी संख्या में लोग घंटों बसों के इंतजार में खड़े हैं।
संस्कृत भारती हिमाचल प्रदेश न्यास के देहरा जनपद संपर्क विभाग की ओर से सामाजिक लोगों के लिए संस्कृत परिचय वर्ग का आयोजन किया गया। ये आयोजन बुटेल मंदिर पराग़पुर में रविवार सुबह 11 से 1 बजे तक व बलाहर के समीप सूहीं गांव में दोपहर बाद 3 से 5 बजे तक इन दो स्थानों पर किया गया। इन दोनों वर्गों में कुल 68 महिलाओं व पुरुषों ने भाग लिया। इस संस्कृत परिचय वर्ग के अंतर्गत तीन सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें पहला सत्र संस्कृत क्या है? इस विषय के रूप में देहरा जनपद संपर्क प्रमुख डॉ. प्रतिज्ञा आर्या ने लिया, जिसमें संस्कृत के विविध पक्षों और सामान्य जनमानस के लिए संस्कृत की क्या आवश्यकता रहती है? इस विषय पर विशेष रूप से परिचर्चा की गई। दूसरे सत्र में हिमाचल प्रांत के प्रचार प्रमुख डॉ.सत्यदेव ने संस्कृत भारती अखिल भारतीय संगठन का विस्तृत परिचय उपस्थित लोगों को करवाया तथा इसके कार्यों, प्रकल्पों तथा आयामों का भी विशेष रूप से परिचय करवाया। संस्कृत परिचय वर्ग के अंतिम तृतीय सत्र में देहरा जनपद प्रशिक्षण प्रमुख डॉ. विनोद शर्मा ने सभी सामाजिक लोग संस्कृत के प्रचार-प्रसार के लिए क्या कर सकते हैं? हमारी संस्कृति के समर्थन में स्वयं अपनी, अपने परिजनों तथा पड़ोसियों के माध्यम से क्या भूमिका रह सकती है? इसके बारे में चर्चा की। इस अवसर पर परागपुर के समाजसेवी सुमित वालिया, विश्वविद्यालय परिसर कार्यकारिणी प्रमुख गोपाल कृष्ण, सह प्रमुख वैशाली कपूर, प्रचार प्रमुख मनोज कुमार, कक्षा प्रमुख सूजल शर्मा, कक्षा सह प्रमुख विवेक कुमार, अंकित कुमार, यशपाल शर्मा, मनालिका, आंचल शर्मा, शीतल, अंकिता, आशिमा इत्यादि सभी सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन शांति मंत्र के साथ हुआ। संस्कृत भारती हिमाचल प्रदेश की विश्वविद्यालय परिसरीय छात्र कार्यकारिणी के द्वारा इन दोनों सामाजिक संस्कृत परिचय वर्ग का संयोजन किया गया।
बघाट बैंक सोलन से 3 करोड़ 49 लाख रुपए का लोन लेने वाली फर्म के गारंटर विनोद कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सहायक रजिस्ट्रार को-ऑपरेटिव सोसायटी सोलन की अदालत ने आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। विनोद कुमार पर आरोप है कि उन्होंने लोन की राशि का भुगतान नहीं किया था, जिसके चलते फर्म को डिफाल्टर घोषित किया गया था। पुलिस ने विनोद कुमार को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया हैं। इस मामले में अब तक 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और आरोपियों ने खुद ही कोर्ट में सरेंडर किया है। विनोद कुमार फर्म का गारंटर था उसे कोर्ट के समक्ष पेश होने के लिए बार-बार नोटिस भेजे गए था, लेकिन वह नोटिसों की अनदेखी कर रहा था। ऐसे में कलेक्टर-सह-सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समितियां सोलन न्यायालय द्वारा इसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। शनिवार 1 नवंबर 2025 को उक्त मामले में संलिप्त आरोपी विनोद कुमार निवासी गांव मठिया डाकखाना सलोगडा तहसील और जिला सोलन हिमाचल प्रदेश के पुलिस थाना सदर सोलन की टीम द्वारा घलुत गांव से गिरफ्तार करके सहायक पंजीयक सभाएं सोलन के कोर्ट में पेश किया किया गया। सोलन पुलिस ने आदेश की अनुपालना करते हुए सोलन जिले के रहने वाले 9 डिफाल्टरों में से अभी तक 4 डिफाल्टरों को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया है। वहीं, एक आरोपी अभी गिरफ्तार नहीं हुआ है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके अलावा 13 आरोपी शिमला और सिरमौर जिले के रहने वाले हैं। इन सभी की गिरफ्तारी के लिए प्राप्त गिरफ्तारी वारंटों को सम्बंधित जिले की पुलिस को आगामी कार्रवाई के लिए भेजा गया है।
हिमाचल प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह को 12 दिसंबर को वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड यू के लंदन द्वारा ब्रिटिश पार्लियामेंट में आयोजित, 9वें अंतर्राष्ट्रीय पुरूस्कार समारोह के दौरान युथ एंड ऑयकॉन के प्रतिष्ठित पुरुस्कार से सम्मानित किया जायेगा। राज्य प्रमुख सुमित सिंगला ने विक्रमादित्य सिंह को उक्त समारोह में शामिल होने हेतु निमंत्रण पत्र सौंपा। आगामी 12 दिसंबर को ब्रिटिश पार्लियामेंट के हाउस ऑफ़ कॉमन के पैलेस ऑफ़ वेस्ट मिनिस्टर के चर्चिल हाल में होने जा रहे इस समारोह में हिस्सा लेने विश्व स्तरीय विभूतियाँ जिनमें राजनीतिज्ञ, डिप्लोमेट सहित अंतर्राष्ट्रीय मीडिया व लंदन प्रेस के सदस्य भी उपस्थित होंगे। सुमित सिंगला ने बताया कि विक्रमादित्य सिंह को हिमाचल प्रदेश में स्व. वीरभद्र सिंह के गत 40 वर्षों के समय काल में किये गए विकास कार्यों को जारी रखते हुए, मौजूदा समय में भी राज्य के विकास कार्य को देखते हुए यह पुरुस्कार प्रदान किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर प्रदेश का विकास किया। वहीं सच्चाई, कर्मठता, सादगी और आम जनता के बीच विचरण करने वाले राजनीतिज्ञ के तौर पर प्रसिद्ध हुए। उनके ही अक्स को मौजूदा समय में विक्रमादित्य सिंह में देखा जाता है जो अपनी राजनीतिज्ञ सुजभूज के चलते आगामी समय में राजनीति और समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं।
लगरू वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) का शुभारंभ 1 नवम्बर को हुआ, जोकि 7 नवंबर तक चलेगा। इस मौके पर स्कूल के प्रधानाचार्य राजकुमार तथा SMC के प्रधान प्रवीण कुमार चौधरी सहित स्कूल के अध्यापक और अध्यापिकाएं उपस्थित रहीं। कमेटी के प्रधान प्रवीण कुमार चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे, उन्होंने रिबन काटकर तथा मां सरस्वती की पूजा कर NSS कैंप का शुभारंभ किया और स्कूल के प्रधानाचार्य ने बच्चों को NSS का महत्व भी बताया और बच्चों का उत्साह बढ़ाया।


















































