राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बठरा में 7 दिवसीय NSS शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का शुभारंभ बठरा विद्यालय के प्रधानाचार्य मुकेश सपेहिया द्वारा किया गया। इस शिविर में 35 स्वयंसेवी भाग ले रहे हैं। NSS के प्रभारी सुरजीत कुमार व मैडम छाया कुमारी की अध्यक्षता में यह सात दिवसीय शिविर चलेगा। कार्यक्रम अधिकारी सुरजीत ने स्वयंसेवियों को NSS संबंधित जानकारी देते हुए शिविर को सफल बनाने के निर्देश दिए इस मौके पर एसएमसी प्रधान सुनीता कुमारी, एसएमसी सदस्य व सभी स्टाफ मौजूद रहा। अंत में प्रधानाचार्य ने भी बच्चों को शिविर से संबंधित दिशा निर्देश दिए।
हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण इलाकों के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के चौथे चरण के तहत बड़ी सौगात दी है। प्रदेश को इस योजना में 294 नई सड़कों की स्वीकृति मिली है। इनके निर्माण पर कुल 2271 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन सड़कों की कुल लंबाई लगभग 1538 किलोमीटर होगी। इस परियोजना से न केवल दुर्गम और जनजातीय क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नया बल मिलेगा। लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने गुरूवार को शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रावधान किए गए हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-1 के तहत बनी पुरानी सड़कों की मरम्मत और सुधार कार्य भी PMGSY-4 के साथ जोड़े गए है। इससे पुराने मार्गों की गुणवत्ता में सुधार होगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि जहां निजी भूमि पर सड़क निर्माण प्रस्तावित है, वहां भूमि मालिक विभाग के नाम “गिफ्ट डीड” करें, ताकि निर्माण कार्य समय पर पूरा हो सके, विशेषकर पहाड़ी और आदिवासी इलाकों में। विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि राज्य में टायरिंग का काम तेजी से चल रहा है, लेकिन कुछ स्थानों पर गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। इस पर सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की है, जो एक सप्ताह में रिपोर्ट देगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष आई आपदा से प्रदेश में करीब चार हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। केंद्र सरकार से अब तक 1500 करोड़ रुपये की सहायता नहीं मिली है, फिर भी राज्य सरकार अपने संसाधनों से बहाली कार्य में जुटी है। वर्तमान में लगभग 50 सड़कें अभी भी बंद हैं, जिन्हें शीघ्र खोले जाने के प्रयास जारी हैं।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने स्नातकोत्तर (पीजी) कक्षाओं की परीक्षाएं 25 नवंबर से शुरू करने की घोषणा की है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों को निर्देश दिया है कि वे अपने ऑनलाइन परीक्षा फार्म 10 नवंबर तक भर दें। इस तिथि के बाद विलंब शुल्क के साथ परीक्षा फार्म जमा करना होगा। इस बार पीजी परीक्षाओं के लिए विश्वविद्यालय ने राज्य भर में 49 परीक्षा केंद्र स्थापित किए हैं। विश्वविद्यालय की ओर से जारी सूचना के अनुसार सभी छात्र परीक्षा फार्म ऑनलाइन भर सकते हैं। एचपीयू ने संबंधित पीजी विभागाध्यक्षों, कॉलेज प्राचार्यों और सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन के निदेशक को निर्देश दिए हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनके सभी विद्यार्थी समय पर परीक्षा फार्म भरें। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि सभी विद्यार्थियों के गृह परीक्षण, असाइनमेंट, प्रेजेंटेशन और अन्य आंतरिक मूल्यांकन गतिविधियां परीक्षा शुरू होने से पांच दिन पहले पूरी कर ली जाएं। एचपीयू के परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल ने बताया कि फार्म भरने की अंतिम तिथि के आसपास डेटशीट जारी कर दी जाएगी। इसके अलावा पात्र छात्रों के एडमिट कार्ड परीक्षा शुरू होने से 4 से 5 दिन पहले जारी किए जाएंगे। परीक्षा में बैठने के लिए यह एडमिट कार्ड अनिवार्य होगा।
बीती रात, बड़सर उपमंडल के अधीन आने वाली बिझड़ी तहसील के करनेहड़ा गाँव में एक दर्दनाक हादसा पेश आया। हादसे में तेज गति से आ रही एक मोटरसाइकिल के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से एक होनहार नौजवान की असमय मृत्यु हो गई। दिवंगत युवक की पहचान कुनाल, पुत्र मनजीत और रनेडा (डाकघर फगोटी) क्षेत्र के निवासी थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना करनेहड़ा के निकट हुई। बताया जा रहा है कि मोटरसाइकिल अत्यधिक तेज़ गति में थी, जिस कारण चालक उस पर से नियंत्रण खो बैठा और बाइक सड़क किनारे एक आम के पेड़ से भीषण रूप से टकराई। हादसे की आवाज़ सुनते ही, स्थानीय निवासियों ने तत्परता दिखाते हुए घायल कुनाल को तुरंत पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बरठीं पहुँचाया। परन्तु, तमाम कोशिशों के बावजूद, चिकित्सा अधिकारी ने जाँच के उपरांत युवक को मृत घोषित कर दिया। बिझड़ी पुलिस स्टेशन ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मृतक के पार्थिव शरीर को अपने कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है। दुर्घटना के वास्तविक और विस्तृत कारणों की गहन छानबीन जारी है। इस दर्दनाक क्षति पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए, स्थानीय पुलिस विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों ने सड़क उपयोगकर्ताओं से एक भावुक अपील की है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और सभी चालकों को यह सलाह दी है कि वे सड़कों पर निर्धारित गति सीमा का कड़ाई से पालन करें और असावधानी से बचें।
जिला पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए अभियान के तहत एक ही दिन में चार अलग-अलग मामलों में चरस बरामद की है। सभी मामले एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज किए गए हैं और पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पहला मामला जिला शिमला के थाना सुन्नी क्षेत्र से सामने आया है। पुलिस के अनुसार सुब-इंस्पेक्टर अनिल कुमार की टीम ने बुधवार शाम सुन्नी क्षेत्र में गश्त के दौरान एक सफेद रंग की अल्टो कार (नंबर HP92-0241) को जांच के लिए रोका। कार में चालक प्रकाश चंद (44 वर्ष), निवासी गांव कथण्डा, डाकघर जड़ोली, तहसील निरमंड, जिला कुल्लू और उसके साथ सवार सतीश कुमार (35 वर्ष), निवासी गांव व डाकघर घाटू, तहसील निरमंड, जिला कुल्लू (हि.प्र.) बैठे थे। तलाशी के दौरान पुलिस ने दोनों के कब्जे से कुल 39.9 ग्राम चरस (कैनाबिस) बरामद की। दूसरा मामला थाना रामपुर में दर्ज हुआ है। हेडकांस्टेबल नरेंद्र राज की टीम ने गश्त के दौरान चुहाबाग क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए अमित कोछर निवासी मेंन बाजार रामपुर, जिला शिमला के कब्जे से 57.780 ग्राम चरस बरामद की। रामपुर थाने के तहत ही तीसरी कार्रवाई में हेडकांस्टेबल सुरेंद्र कुमार ने सेरी पुल के समीप गश्त के दौरान सुनील कुमार, निवासी काशापाठ, तहसील रामपुर से 52.88 ग्राम चरस बरामद की। चौथा मामला बुधवार देर शाम थाना चिड़गांव के अंतर्गत सामने आया, जहां पुलिस ने मांदली के पास कार्रवाई की। यहां पुलिस ने नर बहादुर, निवासी नेपाल, जो वर्तमान में उर्मिला नागू निवासी कथली, तहसील चिड़गांव के पास रहता है, के कब्जे से 81 ग्राम चरस बरामद की। पुलिस के एक अधिकारी ने गुरूवार को बताया कि सभी मामलों में सम्बंधित थानों में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। पुलिस ने कहा है कि नशे के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुंदरनगर में बुधवार शाम 35 वर्षीय व्यक्ति द्वारा नाबालिग लड़की का पीछा करने का मामला सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, विशेष समुदाय से संबंधित आरोपी व्यक्ति पिछले कुछ दिनों से 13 वर्षीय नाबालिग लड़की का पीछा कर रहा था। बुधवार शाम को जब वह अपनी फॉर्च्यूनर गाड़ी से लड़की का पीछा करते हुए उसके घर के पास पहुंचा, तो लड़की के माता-पिता ने उसे पकड़ लिया। माता-पिता द्वारा विरोध करने और अपनी बेटी को परेशान न करने की चेतावनी देने पर आरोपी ने बहस शुरू कर दी और लड़की के पिता के साथ हाथापाई करने लगा। यह देखते ही मौके पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। नाबालिगा को तंग करने की बात सुनकर भीड़ का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने आरोपी की जमकर पिटाई कर दी। विरोध स्वरूप भीड़ ने उसका मुंह काला भी कर दिया। लड़की के पिता की सूचना पर तत्काल पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर मेडिकल के लिए अस्पताल ले गई। स्थिति तब बिगड़ गई, जब घटना की खबर फैलते ही विशेष समुदाय के लोग बड़ी संख्या में थाना जा पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भीड़ में से कुछ लोग सीधे जांच अधिकारी के रूम में घुस गए। जांच अधिकारी के रूम में मौजूद लड़की के पिता और अन्य लोगों पर विशेष समुदाय के लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले से थाने में भगदड़ मच गई। पुलिस कर्मियों और अन्य लोगों ने बड़ी मुश्किल से दोनों पक्षों को अलग किया।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली में ड्यूटी पर तैनात एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी पर हमला करने का मामला सामने आया है। घटना मंगलवार देर शाम की है, जब संजौली पुलिस स्टेशन में तैनात कांस्टेबल सुनील अपनी नियमित ट्रैफिक ड्यूटी पर संजौली स्थित एचआरटीसी कार्यालय के समीप तैनात थे। ड्यूटी के दौरान कांस्टेबल सुनील ने एक व्यक्ति को सार्वजनिक स्थान पर सिगरेट पीते हुए देखा। उन्होंने उस व्यक्ति को धूम्रपान न करने को कहा, क्योंकि सार्वजनिक स्थल पर सिगरेट पीना कानूनन अपराध है। इसपर उस व्यक्ति ने पहले तो सिगरेट फेंक दी और वहां से संजौली चौक की ओर चला गया, लेकिन कुछ देर बाद वह अचानक वापस लौटा और कांस्टेबल सुनील पर हमला कर दिया। हमलावर ने कांस्टेबल सुनील को घूंसे मारे और घसीटते हुए दावत होटल की दिशा में ले गया। इस दौरान पुलिस कर्मी ने खुद को बचाने का प्रयास किया, लेकिन उसे चोटें आईं। आसपास मौजूद लोगों के एकत्र होने पर आरोपी मौके से भाग निकला। घायल पुलिसकर्मी ने तुरंत इस घटना की जानकारी थाना संजौली को दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया। उसकी पहचान संदीप निवासी कोटखाई के रूप में हुई है। जांच में यह तथ्य सामने आया है कि घटना के समय आरोपी शराब के नशे में था। इस संबंध में पुलिस थाना संजौली में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 132, 121(1) और 221 के तहत मामला दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी संजौली का कहना है कि ड्यूटी पर तैनात कर्मियों पर हमला गंभीर अपराध है और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
द एस. वी. एन. स्कूल कुनिहार के विद्यार्थियों ने राज्य स्तरीय नाटक प्रतियोगिता में जीतकर विद्यालय का नाम रोशन किया। विद्यार्थी इस प्रतियोगिता में उपविजेता रहे। राज्य स्तरीय नाटक प्रतियोगिता का आयोजन राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नादौन में 4 नवंबर, मंगलवार को किया गया। जिसमें जिला स्तर पर चुनी गई सभी टीमों ने भाग लिया था। एस.वी.एन. स्कूल इसमें जिला सोलन का प्रतिनिधित्व कर रहा था। इस प्रतियोगिता में छात्रों ने आधुनिक समय की सबसे ज्वलंत समस्या "युवाओं में बढ़ता नशे का प्रकोप" को अपने आकर्षक अभिनय से प्रस्तुत करके प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल को प्रभावित किया और उपविजेता का खिताब अपने नाम किया। प्रधानाचार्या समरीन खान ने इस उपलब्धि के लिए छात्रों को बधाई देते हुए उनके परिश्रम को सराहा और विश्वास जताया कि वे भविष्य में भी इसी लगन से विद्यालय का नाम रोशन करते रहेंगे।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर की निदेशक प्रोफेसर सत्यम कुमारी एवं सह-निदेशक प्रोफेसर एस. जी. मंजूनाथ भट्ट के अथक प्रयासों से परिसर की पेयजल समस्या के समाधान के लिए दिल्ली मुख्यालय ने 28 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। जानकारी देते हुए सह-निदेशक प्रो. एस. जी. मंजूनाथ भट्ट ने बताया कि लंबे समय से परिसर में पेयजल आपूर्ति बाधित हो रही थी, जिससे छात्राओं के हॉस्टल सहित पूरे परिसर के विद्यार्थियों और स्टाफ को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या के समाधान के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक कमेटी गठित कर आईपीएच विभाग (जल एवं सिंचाई विभाग) के अधिकारियों के साथ विशेष बैठक की। बैठक में विभाग ने 28 लाख रुपये का अनुमान (एस्टीमेट) तैयार कर विश्वविद्यालय को सौंपा और बताया कि यदि यह राशि उपलब्ध कराई जाती है, तो विभाग परिसर के लिए अलग पेयजल योजना तैयार करेगा, जिससे भविष्य में पानी की समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर श्रीनिवास बरखेड़ी ने 28 लाख रुपये की राशि वेदव्यास परिसर को स्वीकृत कर भेज दी। वहीं परिसर की निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी ने बिना समय गंवाए एक कमेटी का गठन किया और जल एवं सिंचाई विभाग (आईपीएच) के अधिकारियों को परिसर में आमंत्रित कर पेयजल योजना के शीघ्र क्रियान्वयन हेतु 28 लाख रुपये का चेक सौंप दिया। आईपीएच विभाग रक्कड़ के एसडीओ जसवंत सिंह ठाकुर ने बताया कि उन्हें परिसर की ओर से 28 लाख रुपये का चेक प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि आगामी दो से तीन महीनों के भीतर यह पेयजल योजना तैयार कर विश्वविद्यालय परिसर को सौंप दी जाएगी। इससे परिसर में पेयजल आपूर्ति की समस्या का लगभग पूर्ण समाधान हो जाएगा। इस अवसर पर वेदव्यास परिसर की अनुभाग अधिकारी अनुराधा शर्मा, कंप्यूटर विभाग के अध्यक्ष अमित वालिया, आईपीएच विभाग के कनिष्ठ अभियंता जुगल किशोर शर्मा, तथा परिसर के लैब अटेंडेंट प्रमोद कुमार और नमन शर्मा उपस्थित रहे।
जिला के तहत राजकीय प्राथमिक पाठशाला गाईघाट में चौथी कक्षा के छात्र के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित छात्र के सिर में चोट लगी है, जिसे परिजन बुधवार को क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में इलाज करवाने के लिए लेकर आए। यही नहीं, परिजनों ने सदर थाना सोलन में मामले की शिकायत की है। छात्र की मां शोभा ठाकुर ने बताया कि उन्हें स्कूल से फोन पर सूचना मिली कि उनके बेटे शिवांश की पिटाई की गई है। यह सूचना भी आरोपित शिक्षक द्वारा ही दी गई कि उन्होंने आपके बेटे को चांटा मारा था, जिससे खून बहने लगा। यह सुनते ही वह स्कूल पहुंची तो साथी बच्चों ने बताया कि शिक्षक ने लोहे की स्केल से उसे मारा, जिससे उसके सिर से खून बहने लगा। वहीं स्कूल प्रबंधन का कहना था कि बच्चे को खिड़की से चोट लगी है।
हिमाचल प्रदेश के शिमला को दिल्ली से जोड़ने वाली एकमात्र हवाई सेवा 1 नवंबर से बंद हो गई है। अलायंस एयर की ओर से इस हवाई सेवा का संचालन किया जा रहा था। 25 सितंबर को तीन साल की अवधि पूरी होने पर दिल्ली-शिमला हवाई सेवा बंद हो चुकी है। इसके साथ ही प्रदेश में शिमला से धर्मशाला के लिए होने वाली हवाई उड़ान भी स्वत: बंद हो गई है। उड़ान योजना के तहत संचालित हो रही हवाई योजना को निकट भविष्य में शुरू करने के लिए अभी तक प्रदेश सरकार की ओर से अलायंस एयर के साथ कोई बातचीत नहीं की गई है। इस हवाई सेवा में प्रति सीट और दैनिक उड़ान के आधार पर सबसिडी का निर्धारण होता था। दिल्ली से शिमला के लिए हवाई जहाज में 23 सीटें सब्सिडी वाली होती थी और शिमला से दिल्ली लौटते हुए सब्सिडी वाली सीटों की संख्या 13 थी। दिल्ली से शिमला और वापसी उड़ान के लिए प्रदेश सरकार को मासिक 50-60 लाख रुपये सब्सिडी का भुगतान करना पड़ता था। सामान्य तौर पर 48 सीटर एटीआर-42-600 में दिल्ली से शिमला आने वाले यात्रियों की संख्या 26 रहती थी और वापसी में सवारियों की संख्या 21 या 23 रखी जाती थी। ऐसा इसलिए था कि हवा के अधिक दबाव के कारण ऐसी व्यवस्था की गई थी। इस हवाई सेवा में कभी भी 10 या इससे अधिक लोगों ने एक साथ सफर नहीं किया। 2023 से पहले हवाई जहाज की उड़ान सप्ताह में चार दिन कुल्लू के लिए होती थी और शेष तीन दिनों के लिए धर्मशाला। लेकिन सरकार ने मंत्रिमंडल बैठक में कुल्लू की हवाई उड़ानों को बंद कर सप्ताह के सभी दिन धर्मशाला के लिए उड़ान शुरू की। पहले दोनों स्थानों के लिए होने वाली हवाई उड़ान पर होने वाला कुल खर्च 10-11 करोड़ था। उसके बाद धर्मशाला के लिए होने वाली हवाई उड़ान पर ही इतना खर्च राज्य सरकार को हर साल उठाना पड़ रहा था।
हिमाचल हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कहा न्यायपालिका के लिए आवंटित बजट न मिलने से अदालतों का सामान्य कामकाज बाधित हो रहा है। कोर्ट ने सख्त निर्देश दिया कि वित्त सचिव 10 करोड़ रुपए का ड्राफ्ट लेकर 13 नवम्बर को अदालत में पेश हों। अन्यथा सरकार के खिलाफ कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट की कार्यवाही शुरू की जाएगी। यदि राशि जमा कर दी जाती है तो वित्त सचिव की उपस्थिति आवश्यक नहीं। कोर्ट ने कहा- रिटायर जस्टिस और अदालतों के प्रशासनिक खर्चों के भुगतान में निरंतर देरी की जा रही है। ₹6.88 करोड़ का बकाया केवल प्रशासनिक खर्चों पर है, जबकि ₹4.07 करोड़ की राशि नए वाहनों की खरीद के लिए लंबित है। कुल मिलाकर ₹10 करोड़ से अधिक का भुगतान राज्य सरकार से बकाया है। कोर्ट ने पाया कि राज्य सरकार ने 7 नए जिला न्यायाधीशों और 39 सिविल जजों की अदालतों की स्थापना के प्रस्ताव पर भी कार्रवाई नहीं की है। वित्त विभाग हर बार वित्तीय संसाधन नहीं हैं कहकर इनकार कर देता है। हिमाचल के चीफ जस्टिस गुरमीत सिंह संधावालिया और जस्टिस रंजन शर्मा की बैंच ने यह मामला सुना। राज्य सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल अनूप रत्न पेश हुए। उन्होंने अदालत को बताया- मामला संवेदनशील होने के कारण अब सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू को निर्णय को बोल दिया गया है। इस मामले में हाईकोर्ट ने सीनियर एडवोकेट नीरज गुप्ता को न्यायिक सहायक नियुक्त किया हैं, उन्होंने राज्य के तर्कों का विरोध करते हुए कहा कि सरकार लगातार सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रही है। उन्होंने बताया कि अदालत ने कहा कि सरकार ने खुद तो मंत्री-विधायकों की सैलरी बढ़ा दी है और दूसरे विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों के वित्तीय लाभ देय है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि न्यायपालिका के खर्चों को रोकना न्यायिक कार्य में हस्तक्षेप है, जो कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट एक्ट, 1971 की धारा 2(c), 2(i) और 3 (i) के तहत दंडनीय अपराध है। राज्य सरकार को न्यायपालिका के लिए बजट आवंटन पर पारदर्शी नीति बनानी होगी, ताकि लंबित वेतन, चिकित्सा और भत्तों के भुगतान समय पर सुनिश्चित बनाया जा सके। ऐसा नहीं किया गया तो सरकार और न्यायपालिका के बीच तनाव और गहराएगा।
देहरा उपमंडल के अंतर्गत खेरियाँ में एक बेसहारा गाय प्रसव के लिए काफी कष्ट से गुजर रही थी। जब स्थानीय लोगों ने उसे देखा तो इसकी सूचना पंचायत को दी गई। इस पर एक्शन लेते हुए चौकीदार, अन्य व्यक्तियों सहित वेटरनरी डॉक्टर राजेश मौके पर पहुंचे और गाय को पीड़ा से मुक्त करने के किए हर सम्भव प्रयास किए। लेकिन स्थिति की नाजुकता को देखते हुए देहरा से चिकित्सकों की टीम बुलानी पड़ी। स्थानीय लोगों में हेमंत बग्गा ने गाय के उपचार हेतु रुपये 1000 की सहायता राशि दी। स्थानीय लोगों ने कहा कि गाय के ऑपरेशन के लिए जो भी खर्च होगा उसे पंचायत वासी देंगे। 4 घंटे बाद डॉक्टरों की टीम द्वारा गाय का सफल ऑपरेशन हुआ। स्थानीय लोगों व पंचायत ने सीनियर वेटरनरी ऑफिसर डॉ. राजेश भाटिया, डॉ. संदीप शर्मा, डॉ. विशाल जीत, डॉ. आयुष के साथ उनके विभाग के सहयोगी राजेश, विशाल, अश्विनी, नियूश तथा खेरियाँ निवासी सूरम सिंह बग्गा का विशेष आभार व्यक्त किया।
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव में देरी का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। मुख्य सचिव ने बीते 8 अक्टूबर को डिजास्टर एक्ट का हवाला देते हुए आपदा से हालात सामान्य होने के बाद पंचायत चुनाव कराने की बात कही है। कैबिनेट ने भी चुनाव की घोषणा से कुछ दिन पहले पंचायतों के पुनर्गठन का फैसला लिया है। इस प्रक्रिया में दो से ढाई महीने लग सकते हैं। इसे देखते हुए, उच्च न्यायालय के 2 एडवोकेट ने मंगलवार को एक जनहित याचिका (PIL) दायर कर दी है। अनिश्चितकाल तक डिजास्टर ग्राउंड पर चुनाव टालने की सरकार की मंशा को चुनौती दी गई है। याचिका में कहा गया कि राज्य सरकार और स्टेट इलेक्शन कमीशन ने संविधान के तहत तय समय सीमा में पंचायत चुनाव करवाने की कोई तैयारी नहीं की। हिमाचल में पिछली पंचायत चुनाव प्रक्रिया दिसंबर 2020 से जनवरी 2021 के बीच तीन चरणों में हुई थी। संविधान के अनुच्छेद 243-ई के मुताबिक हर पंचायत का कार्यकाल 5 साल से ज्यादा नहीं हो सकता और मौजूदा जन प्रतिनिधियों का कार्यकाल खत्म होने से पहले ही चुनाव करवाना जरूरी है। मगर अब तक इलेक्शन कमीशन ने चुनाव का कार्यक्रम जारी नहीं किया और न ही तैयारी की है। उन्होंने कोर्ट से हस्तक्षेप करके पूरे प्रदेश में तय समय पर पंचायती राज चुनाव कराने के निर्देश देने का आग्रह किया है। एडवोकेट का कहना है कि यह याचिका किसी राजनीतिक या निजी स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि जनहित में दायर की गई है। अगर समय पर चुनाव नहीं हुए, तो राज्य में पंचायत राज संस्थाएं अपनी वैधानिक स्थिति खो देंगी और लोकतांत्रिक शासन की जड़ें कमजोर होंगी। पंचायतों में यह चुनाव पांच सीटों प्रधान, उप प्रधान, वार्ड मेंबर, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य के लिए होने है, जबकि शहरी निकाय में वार्ड पार्षद के लिए वोटिंग होनी है। इसी तरह 71 नगर निकायों में पार्षद चुने जाएंगे। स्टेट इलेक्शन कमीशन दिसंबर में चुनाव कराना चाह रहा है, क्योंकि जनवरी में शिमला, मंडी, लाहौल स्पीति, किन्नौर, कांगड़ा, कुल्लू और सिरमौर जिला के कई भागों में कई बार भारी बर्फबारी हो जाती है।
एक उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में, शूलिनी विश्वविद्यालय ने प्रति शोधपत्र उद्धरणों की श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो इसके उत्कृष्ट शोध प्रभाव और वैश्विक शैक्षणिक उत्कृष्टता को दर्शाता है। विश्वविद्यालय क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग एशिया 2026 में एशिया में 159वें स्थान पर भी पहुँच गया है, जो पिछले वर्ष के 168वें स्थान से नौ स्थान ऊपर है। भारत में इसे 14वाँ स्थान प्राप्त हुआ है। क्यूएस (क्वाक्वेरेली साइमंड्स) द्वारा जारी परिणामों में 1,526 संस्थानों का मूल्यांकन किया गया, जिनमें से 550 एशिया से और 294 भारत से थे, जिनमें 137 नए प्रवेशक शामिल थे। क्यूएस रैंकिंग में शूलिनी विश्वविद्यालय की निरंतर बढ़त नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए प्रतिबद्ध एक शोध-संचालित संस्थान के रूप में इसकी बढ़ती प्रतिष्ठा को दर्शाती है। क्यूएस एशिया रैंकिंग में शूलिनी का सफ़र 2021 में शुरू हुआ, जब इसे 291-300 बैंड में रखा गया था। 2022 में, विश्वविद्यालय 271-280 तक सुधर गया, और फिर 2023 में 216-220 तक और बढ़ गया। पिछले साल, 2025 में, यह 168वें स्थान पर था, और अब, 2026 में, यह गर्व से 159वें स्थान पर है, जो केवल पाँच वर्षों में एक स्थिर और प्रेरणादायक सफलता का प्रतीक है। इस उपलब्धि पर बोलते हुए, चांसलर प्रोफेसर पी के खोसला ने गर्व व्यक्त किया और पूरे शूलिनी समुदाय को धन्यवाद दिया और कहा कि यह सफलता संकाय, शोधकर्ताओं, छात्रों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है, जिनकी उत्कृष्टता और नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों पर ले जाती है।
उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने कहा कि ज़िला प्रशासन तथा हिमाचल फोटो गैलरी ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में सोलन में स्वतंत्रता सेनानियों की जीवनी पर आधारित प्रदर्शनी लगाई जाएगी। मनमोहन शर्मा ने कहा कि यह प्रदर्शनी सोलन ज़िला के नगर निगम सोलन के हॉल में 27, 28 व 29 नवम्बर, 2025 को लगाई जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि इस प्रदर्शनी में हिमाचल विशेषकर सोलन ज़िला के स्वतंत्रता सेनानियों के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान, इतिहास और बलिदान के विषय में जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में पझौता के स्वतंत्रता सेनानियों और प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. वाई.एस. परमार की जीवनी को भी प्रदर्शित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी को देखने के लिए स्कूल व महाविद्यालय के विद्यार्थियों व शिक्षकों को बुलाया जाएगा ताकि वह हिमाचल तथा सोलन के स्वतंत्रता सेनानियों के स्वतंत्रता संग्राम में दिए गए योगदान के बारे में जान सके। हिमाचल फोटो गैलरी ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. अंशुक अत्री ने सोलन में होने वाली इस प्रदर्शनी के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर नगर निगम सोलन के संयुक्त आयुक्त सुरेन्द्र ठाकुर, सहायक आयुक्त नीरजा शर्मा सहित हिमाचल फोटो गैलरी ट्रस्ट के डॉ. राजेन्द्र अत्री उपस्थित थे।
ज्वालामुखी उपमंडल के अंतर्गत पड़ते राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गुम्मर में सात दिवसीय NSS शिविर का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर नेशनल और स्टेट अवार्डी सत्या पाल शर्मा और विद्यालय के प्रधानाचार्य जोगिंदर कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। साथ ही हरजीत, अशोक कुमार, कार्यक्रम अधिकारी शिव राम एवं रीना देवी व समस्त शिक्षक वर्ग ने एक साथ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर शिविर का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ने बच्चों को अनुशासन व NSS के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए नशे से दूर रहने की सलाह दी। कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम् और स्वागत गीत से हुई। कार्यक्रम अधिकारी शिव राम ने बताया कि यह सात दिवसीय शिविर 4 नवंबर से 10 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिमला नगर निगम मेयर के कार्यकाल बढ़ाने से जुड़े मामले को लेकर नोटिस जारी किया है। अदालत ने राज्य सरकार, निर्वाचन आयोग व मेयर से जवाब तलब किया है। मामले में अगली सुनवाई 11 नवंबर को होगी। राज्य सरकार के मेयर के कार्यकाल को ढाई से पांच साल बढ़ाने वाले फैसले पर एडवोकेट अंजलि सोनी वर्मा ने चुनौती देते हुए जनहित याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार ने अध्यादेश लाकर शिमला नगर निगम मेयर के कार्यकाल को बढ़ाया है और ये हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम के सेक्शन 36 के खिलाफ है। याचिका में दिए गए तर्क के अनुसार, राज्य सरकार का यह निर्णय रोस्टर के खिलाफ हैं। रोस्टर कहता है कि ढाई साल के बाद मेयर का पद महिला पार्षद के लिए आरक्षित होगा। ऐसे में राज्य सरकार का फैसला निगम में चुनकर आई 21 महिला पार्षदों के अधिकारों का हनन करता हैं। भाजपा के साथ ही कुछ कांग्रेस पार्टी पार्षदों ने इस निर्णय का विरोध किया था। पार्षदों का कहना था कि रोस्टर के अनुसार, अब महिला पार्षद को मेयर बनना चाहिए था, लेकिन सरकार ने इस नियम की अनदेखी की हैं। सीएम सुक्खू ने भी पार्षदों को सरकार के फैसले को जानकारी देते हुए सहमति बनाने की सलाह दी थी, लेकिन विवाद थम नहीं रहा हैं।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सिहोरपाईं में मंगलवार को 7 दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) विशेष शिविर का शुभारंभ हुआ। शिविर के उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य बी. आर. कमल ने की। प्रधानाचार्य ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि ऐसे शिविर विद्यार्थियों में अनुशासन, सेवा भावना, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक दायित्व की भावना विकसित करते हैं। कार्यक्रम अधिकारी शशि पॉल एवं अनुराधा रानी ने शिविर की रूपरेखा प्रस्तुत की और आने वाले सात दिनों की गतिविधियों की जानकारी दी। शिविर के पहले दिन स्वयंसेवकों ने विद्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया और “स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत” का संदेश दिया। इस शिविर में कुल 33 स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं। आगामी दिनों में स्वयंसेवक पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता, ग्राम भ्रमण, योग, सांस्कृतिक एवं बौद्धिक गतिविधियों के माध्यम से समाज में जनजागरण करेंगे। कार्यक्रम के अंत में NSS गीत गाया गया और प्रधानाचार्य बी. आर. कमल का आभार व्यक्त किया गया।
सरकारी डिग्री कॉलेज ढलियारा में NCC इकाई द्वारा सत्र 2025–26 का रैंक समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्या डॉ. अंजू आर. चौहान ने की इस मौके पर सी.टी.ओ. डॉ. कपिल सूद तथा प्राध्यापक प्रो. शर्मिता, प्रो. पूजा, प्रो. राजकुमार परमार और प्रो. पिताम्बर उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. कपिल सूद के स्वागत भाषण से हुआ। इसके बाद उन्होंने कैडेटों को कर्तव्यनिष्ठा की शपथ दिलाई। तत्पश्चात् प्राचार्या, सी.टी.ओ. एवं प्राध्यापकों द्वारा कैडेटों को रैंक प्रदान किए गए। अमन शर्मा को अंडर ऑफिसर का रैंक दिया गया, जबकि अंशिका ठाकुर, वीरेन नारयाल और अंजली को सार्जेंट का रैंक प्राप्त हुआ। कॉर्पोरल के रूप में वरुण, वंश ठाकुर और अमन भारद्वाज को सम्मानित किया गया, वहीं लांस कॉर्पोरल का रैंक मनीषा शर्मा, जीवन मेहता और अर्जू ठाकुर को प्रदान किया गया। प्राचार्या डॉ. अंजू आर. चौहान ने सभी रैंकधारी कैडेटों को बधाई दी। समारोह का समापन सी.टी.ओ. डॉ. कपिल सूद के प्रेरणादायी भाषण और प्राचार्या एवं महाविद्यालय स्टाफ के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी में बन रहे रेस्ट हाउस को लेकर विवाद हो गया है। ठेकेदार ने एक करोड़ रुपये का भुगतान न होने के कारण भवन पर ताला लगा दिया है। 3.73 करोड़ रुपये की लागत से विश्राम गृह तैयार किया गया है, जिसमें हर प्रकार की सुविधाओं का ध्यान रखा गया है। 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जबकि बाकी बचा 5 प्रतिशत कार्य होना बाकि है। जिसमें कमरों का फर्नीचर और अन्य सामान शामिल है। सुंदरनगर लोक निर्माण विभाग का कहना है कि विश्राम गृह को ठेकेदार द्वारा आधिकारिक रूप से विभाग को नहीं सौंपा गया है। विश्राम गृह के रख रखाव का जिम्मा अभी तक ठेकेदार का ही है। इसमें रखा सामान और इसकी सुरक्षा भी ठेकेदार के ही पास है। इसलिए सुरक्षा के लिहाज से ठेकेदार अपना ताला लगा सकता है। विभाग ने कहा, ठेकेदार की राशि की अदायगी के लिए उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। राशि का प्राविधान होने पर सारी कागजी कार्रवाई पूरी करने के उपरांत विश्राम गृह विभाग को मिलेगा।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को शिमला के चौड़ा मैदान में पुलिस विभाग के पेट्रोलिंग व अन्य वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये वाहन प्रदेश के दस जिलों में सेवाएं देंगे। इससे यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी। इस दाैरान लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी, विधायक भवानी सिंह पठानिया सहित अन्य माैजूद रहे। इस दाैरान सीएम सुक्खू ने कहा कि जब से कांग्रेस सरकार सत्ता में आई है, यह प्रयास किया है कि सभी विभागों में आधुनिक तरीके से काम किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि हिमाचल एक पर्यटन राज्य है और देश-विदेश से बड़ी संख्या में यहां सैलानी पहुंचते हैं। ट्रैफिक की समस्या पूरे प्रदेश में बनी रहती है। इसे ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक के सुचारू संचालन के लिए 66 के करीब गाड़ियां रवाना की गई हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस में आधुनिक सुविधाएं देकर बेहतर किया जा सकता है। दुर्घटना की स्थिति में ये वाहन तुरंत घटनास्थल पर पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि हाल ही में 1200 पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती की गई है। पुलिस को आधुनिक हथियारों से भी लैस किया जा रहा है। चिट्टा से भी सख्ती से निपटा जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के धर्मपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत लौंगणी के तरैमला गांव के भारतीय सेना में कर्नल पद पर तैनात तेजेंद्र सिंह का हृदय गति रुकने से दिल्ली में निधन हो गया। कर्नल तेजेंद्र सिंह, कर्नल रूपचंद के पुत्र थे और वर्तमान में राष्ट्रीय राइफल्स में श्रीनगर में सेवाएं दे रहे थे। मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार सैन्य सम्मान के साथ हुआ है। गमगीन परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। जानकारी के अनुसार, कर्नल तेजेंद्र सिंह दिल्ली से हवाई मार्ग द्वारा श्रीनगर लौटने वाले थे कि इसी दौरान उन्हें हृदयाघात हो गया, जिससे उनका देहांत हो गया। दिल्ली से उनके निधन की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। उनका पार्थिव शरीर दिल्ली से देर रात तक घर पहुंचा। मंगलवार सुबह पैतृक गांव के श्मशान घाट में मृतक का पूरे सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में प्रस्तावित बिजली महादेव रोपवे के विरोध को लेकर बिजली महादेव रोपवे विरोध संघर्ष समिति के सदस्यों ने दिल्ली में BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ मुलाकात की है। इस दौरान समिति ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को देव वाणी की जानकारी दी। बैठक में समिति में शामिल सदस्यों ने बताया कि कुल्लू जिले में स्थानीय लोग भी रोपवे के हक में नहीं है। ऐसे में वह इस पूरे मुद्दे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष रखें, ताकि जल्द से जल्द इस रोपवे को निरस्त किया जा सके। जिया पंचायत के प्रधान संजीव कुमार ने कहा कि देवता बिजली महादेव ने भी साफ आदेश दिए हैं कि जो भी धार्मिक स्थल है। वहां पर किसी भी तरह की छेड़छाड़ ना की जाए और बिजली महादेव की पहाड़ी से भी कोई छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। देवता के द्वारा जो आदेश दिए गए थे। उसके बारे में भी जेपी नड्डा को अवगत करवाया गया है। अब उन्हें उम्मीद है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा इस मामले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष रखेंगे और प्रधानमंत्री भी स्थानीय लोगों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए इस रोपवे को जल्द निरस्त करेंगे। संजीव कुमार ने बताया कि उनके साथ इस प्रतिनिधिमंडल में पूर्व सांसद एवं भगवान रघुनाथ की छड़ीबरदार महेश्वर सिंह, मंदिर कमेटी के सदस्य और बिजली महादेव रोपवे विरोध समिति के सदस्य भी शामिल रहे। उन्होंने बताया कि करीब एक घंटा दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ वार्ता की गई।
शिमला जिला के रामपुर में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय लवी मेला 2025 की तैयारियां जोरों पर हैं। प्रशासन ने मेले के दौरान दुकानों और स्टॉलों की सुचारू व्यवस्था के लिए दो अलग-अलग कमेटियां गठित की हैं। स्टॉलों का आबंटन 5 नवंबर से शुरू होकर 10 नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा, ताकि व्यापारी 11 नवंबर से पहले अपने स्टॉल सजा सकें। मेले की तैयारियों को लेकर नगर परिषद ने मीटिंग भी की है। एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेंद्र सिंह ने बताया कि लवी मेला मैदान में स्टॉल आबंटन का समन्वय तहसीलदार रामपुर करेंगे। इस कमेटी में नगर परिषद रामपुर के कनिष्ठ अभियंता, लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता, फील्ड कानूनगो रामपुर और नगर परिषद के एकाउंटेंट शामिल हैं। वहीं, राष्ट्रीय राजमार्ग-5 (NH-5) पर प्लॉट आबंटन का कार्य तहसीलदार ननखड़ी की अध्यक्षता में होगा। इस कमेटी में राष्ट्रीय राजमार्ग-5 रामपुर के कनिष्ठ अभियंता, विद्युत बोर्ड रामपुर के कनिष्ठ अभियंता, फील्ड कानूनगो कुमसू और लोक निर्माण विभाग के एकाउंटेंट को शामिल किया गया है। एसडीएम ने कहा कि दोनों कमेटियां निर्धारित समय पर आबंटन कार्य शुरू करेंगी, जिससे किसी भी व्यापारी को असुविधा न हो और मेला सुचारू रूप से संपन्न हो सके। रामपुर नगर परिषद ने लवी मेले की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता नगर परिषद अध्यक्ष मुस्कान चारस ने की। इसमें शहर की सफाई, नालियों की मरम्मत और सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त करने जैसे आवश्यक कार्यों पर चर्चा हुई। कार्यकारी अधिकारी बी.आर. नेगी ने बताया कि मेले से पहले सभी खराब पड़े सीसीटीवी कैमरे ठीक किए जाएंगे और नालियों की सफाई पूरी कर ली जाएगी। सफाई, गर्म पानी, रात्रिभोज और नालियों की मरम्मत के टेंडर जारी हो चुके हैं, जबकि झूले, सफाई और डोम लगाने की टेंडर प्रक्रिया जारी है। नेगी ने कहा कि नगर परिषद मेला कमेटी के साथ मिलकर सभी तैयारियां समय पर पूरी करेगा। उन्होंने सभी वार्डों में चल रहे और रुके हुए कार्यों की समीक्षा करते हुए ठेकेदारों को तीन दिन के भीतर काम शुरू करने के निर्देश दिए। यदि निर्धारित समय-सीमा में ठेकेदार कार्य शुरू नहीं करते हैं, तो उनके टेंडर रद्द कर अन्य ठेकेदारों को कार्य सौंपा जाएगा। नगर परिषद का लक्ष्य है कि इस वर्ष का लवी मेला स्वच्छ और सुव्यवस्थित माहौल में संपन्न हो। बुशहर ऑटो ऑपरेटर यूनियन ने मेले के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर नया प्लान तैयार किया है। यूनियन की कार्यकारिणी बैठक की अध्यक्षता चेयरमैन ओम प्रकाश ने की, जिसमें 12 सदस्य उपस्थित थे। नए ट्रैफिक प्लान के अनुसार, रामपुर से मेला ग्राउंड की ओर जाने वाले ऑटो पेट्रोल पंप के सामने सवारियां उतारेंगे। वापसी के लिए ये ऑटो एचआरटीसी वर्कशॉप चौक या पाटबंग्ला चौक से सवारियां भर सकेंगे। खनेरी से आने वाले ऑटो रिक्शों के लिए पार्किंग एचआरटीसी वर्कशॉप के पीछे निर्धारित की गई है। यूनियन ने ऑटो चालकों से अपील की है कि वे सवारियां बैठाते समय ही किराया वसूलें, ताकि समय और यातायात दोनों की बचत हो सके।
शूलिनी विश्वविद्यालय के योगानंद स्कूल ऑफ एआई, कंप्यूटर्स एंड डेटा साइंस (YSAICDS) ने एक सप्ताह तक चलने वाले अंतर-विभागीय हैकथॉन का आयोजन किया, जिसमें विभिन्न विभागों के प्रतिभाशाली युवा नवप्रवर्तकों को एक साथ लाया गया। ओपन-डोमेन इनोवेशन चैलेंज में तीन प्रतिस्पर्धी दौर शामिल थे, जिन्हें छात्रों के बीच रचनात्मकता, समस्या-समाधान और सहयोग को प्रोत्साहित करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। इस आयोजन में कुल 18 टीमों ने भाग लिया, जिन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और प्रौद्योगिकी के माध्यम से वास्तविक दुनिया की चुनौतियों का समाधान करने वाले अनूठे और व्यावहारिक विचार प्रस्तुत किए। विजेता टीमों को उनके न्यूनतम व्यवहार्य उत्पाद (एमवीपी) विकसित करने और एआई-आधारित समाधानों में और अधिक निवेश करने में मदद करने के लिए ₹25,000 के नकद पुरस्कार प्रदान किए गए। शीर्ष नवोन्मेषी विचारों में बीप, एआई थेरेपिस्ट, शूलिनीबॉट, यूनिकार्ट और 2डी-3डी शामिल थे, जो अपनी मौलिकता और अनुप्रयोग क्षमता के लिए उल्लेखनीय थे। शूलिनी विश्वविद्यालय के इनोवेशन और मार्केटिंग अध्यक्ष प्रो. आशीष खोसला ने छात्रों की रचनात्मकता और दूरदर्शी दृष्टिकोण की सराहना की, जबकि स्कूल प्रमुख प्रो. पंकज वैद्य ने घोषणा की कि शूलिनी विश्वविद्यालय में एआई-संचालित नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को प्रेरित करने के लिए भविष्य में इस तरह के और अधिक हैकथॉन आयोजित किए जाएंगे।
विद्युत बोर्ड पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की उप इकाई कुनिहार की मासिक बैठक अध्यक्ष ई. रत्न तंवर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। जिसमें कुनिहार, सुबाथु, डुमेहर, जाबल, जमरोट, बरावरी, जाड़ली, घाघर, कुफ्टू आदि स्थानों से भारी संख्या में सदस्यों ने भाग लिया, इकाई महासचिव रमेश नाथ कश्यप ने सभी सदस्यों का बैठक में आने के लिए आभार व्यक्त करते हुए स्वागत किया। इस अवसर पर इकाई अध्यक्ष ई. रत्न तंवर ने सदस्यों के साथ विचार विमर्श करके उनकी बहुत सी समस्याओं का समाधान किया। बैठक में उठी ज्वलंत मांगो जैसे 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 तक की संशोधित लीव एनकैशमेन्ट, ग्रेच्युटी तथा कम्युटेशन का लाभ जल्द पेंशनर्स के खाते में डालना, मई 2022 के बाद रिटायर हुए पेंशनर्स को ग्रेच्युटी तथा लीव एनकेशमैन्ट की लम्बित अदायगी का तुरन्त भुगतान करना, पैन्शन पेमेन्ट स्लिप में दर्शाए गए एरियर सम्बन्धित समयावधि का उल्लेख करना, कार्यरत कर्मचारियों को OPS लागू करना, आऊट सोर्स कर्मचारियों की सेवा प्रदान करने के लिए स्थाई नीति का बनाया जाना, तथा सभी खाली पदों पर योग्य उम्मीदवारों की भर्ती करने की मांग की गई। बैठक में ई. रत्न तंवर, रमेश कश्यप, ई. रुपेन्द्र कौशल, ई. आर. पी. तनवार, ई. राजेन्द्र कुमार तनवर, प्रेमसिंह चौहान, सन्तराम कश्यप, नरेन्द्रपाल, रूपराम पाल, ओमी दत्त, भुपेन्द्र पाठक, दलीप, कृष्णचन्द, रामदास तनवार, गोपाल गर्ग, सुरेश कुमार, सालिगराम, हेमचन्द तनवर, ऋषी राम, मोहेन्द्र, देशराज पाठक, शीश राम, भगवान दास, कमलकांत, देवीसिंह, जसपाल सिंह, दलवीर सिंह, रमेश चौधरी, बलबीर सिंह, नानक चन्द, राम रत्न ठाकुर, बाला दत्त, लीला दत्त, ओम प्रकाश, राम प्रकाश सहित अन्य सदस्यों ने भाग लिया।
हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाले टी-20 मैच की तैयारी शुरू हो चुकी है। इस बीच दर्शकों के लिए अच्छी खबर है। 22000 की क्षमता वाले क्रिकेट स्टेडियम की सीटिंग कैपेसिटी बढ़ सकती है। हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव अवनीश परमार का कहना है कि 14 दिसंबर 2025 को धर्मशाला में प्रस्तावित इस मैच से पहले स्टेडियम का सर्वे किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला की दर्शक दीर्घा की क्षमता बढ़ाने के लिए यह सर्वे किया जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि सर्वे को दिसंबर तक पूरा करने की पूरी कोशिश की जा रही हैं, जिसके मुताबिक स्टेडियम को नुकसान पहुंचाए बिना क्षमता को बढ़ाया जाएगा। धर्मशाला में मैचों को लेकर दर्शकों के अलावा खिलाड़ियों में भी भरपूर उत्साह रहता है। यहां अब तक कई वनडे, टी-20 और टेस्ट मैच भी खेले जा चुके हैं। इनके अलावा यहां समय-समय पर अभ्यास शिविर भी लगाए जाते हैं।
धंग्यारा गलु के पास सोमवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा पेश आया। हादसे में बाइक और वैगनार के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। जिसमें बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान रवि कुमार (20) पुत्र मुरारी लाल, निवासी मठयाना के रूप में हुई है। घटना का पता चलते ही आसपास के लोग पहुंचे और हादसे में दूसरे गंभीर युवक को प्राथमिक उपचार के लिए ले गए हैं। हादसे की सूचना मिलते ही गोहर पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची, जहां युवक के शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी देवराज ने बताया पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच के बाद ही हादसे के कारणों का पता चल पाएगा। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है और ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। एसपी मंडी साक्षी वर्मा ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि मार्ग पर वाहनों की तेज रफ्तार पर नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।
बघाट बैंक लोन मामले में गिरफ्तार गारंटर का बयान सामने आया हैं, गारंटर ने दावा किया कि जब उसे गिरफ्तार किया गया तो मामले का पता चला उसे मालूम नहीं था कि उसे 3.50 करोड़ रुपये की संपत्ति के ऋण मामले में गारंटर बनाया गया है। उसका कहना हैं कि उसे बिना जानकारी दिए ही हस्ताक्षर करवाए गए थे। गारंटर खेतीबाड़ी करता है और उसकी वित्तीय स्थिति भी उतनी अच्छी नहीं है। शनिवार देर रात पुलिस ने सलोगड़ा के विनोद कुमार को सहायक पंजीयक की अदालत में पेश किया हैं, जहां पर गारंटर ने ये बात कही है। गारंटर ने कहा, कि उसकी एक संपत्ति फोरलेन निर्माण में गई है। जिसका विवाद अभी एक्साइज विभाग के साथ चल रहा है। मामला एसडीएम कोर्ट में चल रहा है। जैसे ही यह विवाद सुलझ जाएगा उसके बाद उसे करीब 70 से 80 लाख रुपये मिलेंगे, उसके बाद वह कुछ राशि चुका सकता है। सहायक पंजीयक की अदालत ने विनोद कुमार को छोड़ दिया हैं।
हिमाचल की राजधानी शिमला में प्राइवेट बस ऑपरेटर आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इस वजह से स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर सरकारी और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को गंतव्य तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्राइवेट ऑपरेटरों ने अपनी बसें आरटीओ ऑफिस के बाहर खड़ी कर दी है। जिस कारण शहर में निजी बसें नहीं चल रहीं है। हालांकि, एचआरटीसी ने अतिरिक्त बसें भी चलाई हैं लेकिन इसका खास असर नजर नहीं आया। सुबह कार्यालय, स्कूल-काॅलेज जाने वाले विद्यार्थियों सहित अन्य लोग बसों के लिए इंतजार करते देखे गए। एचआरटीसी बसें पैक रहीं। इसलिए बड़ी संख्या में लोग पैदल ही अपने गंतव्यों की ओर रवाना हुए। वहीं, प्राइवेट बस ऑपरेटर मांगे पूरी नहीं होने तक बसें चलाने को तैयार नहीं है। ऐसे में यदि सरकार ने जल्द इनकी मांगे नहीं मानी तो जनता को आने वाले दिनों में भी परेशानी झेलनी पड़ेगी। दरअसल, प्राइवेट बस ऑपरेटर 40 किलोमीटर से लंबी दूरी की बसों की शहर में एंट्री पर रोक की मांग कर रहे हैं। इनकी मांग है कि लंबी दूरी की बसें सीधे आईएसबीटी से चलाई जाए। पुराने बस अड्डा में इनको एंट्री न दी जाए। इसी तरह, प्राइवेट बस ऑपरेटर HRTC की स्कूल बसों में सवारियां बिठाए जाने से नाराज है। इन मांगों को लेकर बीते 12 अक्टूबर को आरटीओ शिमला के साथ इनकी मीटिंग हुई। इसमें, प्राइवेट बस ऑपरेटरों की जो मांगे मानी गई थी, उनके पूरा नहीं होने पर आज से इन्होंने हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। शिमला शहर की सड़कों पर रोजाना 160 से ज्यादा प्राइवेट बसें दौड़ती है। लोकल रूट पर एक-एक बस शहर में कई कई चक्कर काटती है। मगर आज प्राइवेट बसों के पहिए थम गए हैं। इससे लोग परेशान है और पैदल चल कर एक स्थान से दूसरी जगह जा रहे हैं। इनके हड़ताल पर जाने से शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह सरकारी बसों पर निर्भर हो गई है। मगर शहर में सरकारी बसों की संख्या प्राइवेट के मुकाबले आधी है। इससे संजौली, ढली, विकासनगर, समरहिल, कसुम्पटी, पंथाघाटी, मैहली, हिमलैंड, खलीणी इत्यादि उप नगरों में काफी संख्या में लोग घंटों बसों के इंतजार में खड़े हैं।
संस्कृत भारती हिमाचल प्रदेश न्यास के देहरा जनपद संपर्क विभाग की ओर से सामाजिक लोगों के लिए संस्कृत परिचय वर्ग का आयोजन किया गया। ये आयोजन बुटेल मंदिर पराग़पुर में रविवार सुबह 11 से 1 बजे तक व बलाहर के समीप सूहीं गांव में दोपहर बाद 3 से 5 बजे तक इन दो स्थानों पर किया गया। इन दोनों वर्गों में कुल 68 महिलाओं व पुरुषों ने भाग लिया। इस संस्कृत परिचय वर्ग के अंतर्गत तीन सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें पहला सत्र संस्कृत क्या है? इस विषय के रूप में देहरा जनपद संपर्क प्रमुख डॉ. प्रतिज्ञा आर्या ने लिया, जिसमें संस्कृत के विविध पक्षों और सामान्य जनमानस के लिए संस्कृत की क्या आवश्यकता रहती है? इस विषय पर विशेष रूप से परिचर्चा की गई। दूसरे सत्र में हिमाचल प्रांत के प्रचार प्रमुख डॉ.सत्यदेव ने संस्कृत भारती अखिल भारतीय संगठन का विस्तृत परिचय उपस्थित लोगों को करवाया तथा इसके कार्यों, प्रकल्पों तथा आयामों का भी विशेष रूप से परिचय करवाया। संस्कृत परिचय वर्ग के अंतिम तृतीय सत्र में देहरा जनपद प्रशिक्षण प्रमुख डॉ. विनोद शर्मा ने सभी सामाजिक लोग संस्कृत के प्रचार-प्रसार के लिए क्या कर सकते हैं? हमारी संस्कृति के समर्थन में स्वयं अपनी, अपने परिजनों तथा पड़ोसियों के माध्यम से क्या भूमिका रह सकती है? इसके बारे में चर्चा की। इस अवसर पर परागपुर के समाजसेवी सुमित वालिया, विश्वविद्यालय परिसर कार्यकारिणी प्रमुख गोपाल कृष्ण, सह प्रमुख वैशाली कपूर, प्रचार प्रमुख मनोज कुमार, कक्षा प्रमुख सूजल शर्मा, कक्षा सह प्रमुख विवेक कुमार, अंकित कुमार, यशपाल शर्मा, मनालिका, आंचल शर्मा, शीतल, अंकिता, आशिमा इत्यादि सभी सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन शांति मंत्र के साथ हुआ। संस्कृत भारती हिमाचल प्रदेश की विश्वविद्यालय परिसरीय छात्र कार्यकारिणी के द्वारा इन दोनों सामाजिक संस्कृत परिचय वर्ग का संयोजन किया गया।
बघाट बैंक सोलन से 3 करोड़ 49 लाख रुपए का लोन लेने वाली फर्म के गारंटर विनोद कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सहायक रजिस्ट्रार को-ऑपरेटिव सोसायटी सोलन की अदालत ने आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। विनोद कुमार पर आरोप है कि उन्होंने लोन की राशि का भुगतान नहीं किया था, जिसके चलते फर्म को डिफाल्टर घोषित किया गया था। पुलिस ने विनोद कुमार को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया हैं। इस मामले में अब तक 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और आरोपियों ने खुद ही कोर्ट में सरेंडर किया है। विनोद कुमार फर्म का गारंटर था उसे कोर्ट के समक्ष पेश होने के लिए बार-बार नोटिस भेजे गए था, लेकिन वह नोटिसों की अनदेखी कर रहा था। ऐसे में कलेक्टर-सह-सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समितियां सोलन न्यायालय द्वारा इसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। शनिवार 1 नवंबर 2025 को उक्त मामले में संलिप्त आरोपी विनोद कुमार निवासी गांव मठिया डाकखाना सलोगडा तहसील और जिला सोलन हिमाचल प्रदेश के पुलिस थाना सदर सोलन की टीम द्वारा घलुत गांव से गिरफ्तार करके सहायक पंजीयक सभाएं सोलन के कोर्ट में पेश किया किया गया। सोलन पुलिस ने आदेश की अनुपालना करते हुए सोलन जिले के रहने वाले 9 डिफाल्टरों में से अभी तक 4 डिफाल्टरों को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया है। वहीं, एक आरोपी अभी गिरफ्तार नहीं हुआ है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके अलावा 13 आरोपी शिमला और सिरमौर जिले के रहने वाले हैं। इन सभी की गिरफ्तारी के लिए प्राप्त गिरफ्तारी वारंटों को सम्बंधित जिले की पुलिस को आगामी कार्रवाई के लिए भेजा गया है।
हिमाचल प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह को 12 दिसंबर को वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड यू के लंदन द्वारा ब्रिटिश पार्लियामेंट में आयोजित, 9वें अंतर्राष्ट्रीय पुरूस्कार समारोह के दौरान युथ एंड ऑयकॉन के प्रतिष्ठित पुरुस्कार से सम्मानित किया जायेगा। राज्य प्रमुख सुमित सिंगला ने विक्रमादित्य सिंह को उक्त समारोह में शामिल होने हेतु निमंत्रण पत्र सौंपा। आगामी 12 दिसंबर को ब्रिटिश पार्लियामेंट के हाउस ऑफ़ कॉमन के पैलेस ऑफ़ वेस्ट मिनिस्टर के चर्चिल हाल में होने जा रहे इस समारोह में हिस्सा लेने विश्व स्तरीय विभूतियाँ जिनमें राजनीतिज्ञ, डिप्लोमेट सहित अंतर्राष्ट्रीय मीडिया व लंदन प्रेस के सदस्य भी उपस्थित होंगे। सुमित सिंगला ने बताया कि विक्रमादित्य सिंह को हिमाचल प्रदेश में स्व. वीरभद्र सिंह के गत 40 वर्षों के समय काल में किये गए विकास कार्यों को जारी रखते हुए, मौजूदा समय में भी राज्य के विकास कार्य को देखते हुए यह पुरुस्कार प्रदान किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर प्रदेश का विकास किया। वहीं सच्चाई, कर्मठता, सादगी और आम जनता के बीच विचरण करने वाले राजनीतिज्ञ के तौर पर प्रसिद्ध हुए। उनके ही अक्स को मौजूदा समय में विक्रमादित्य सिंह में देखा जाता है जो अपनी राजनीतिज्ञ सुजभूज के चलते आगामी समय में राजनीति और समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं।
लगरू वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) का शुभारंभ 1 नवम्बर को हुआ, जोकि 7 नवंबर तक चलेगा। इस मौके पर स्कूल के प्रधानाचार्य राजकुमार तथा SMC के प्रधान प्रवीण कुमार चौधरी सहित स्कूल के अध्यापक और अध्यापिकाएं उपस्थित रहीं। कमेटी के प्रधान प्रवीण कुमार चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे, उन्होंने रिबन काटकर तथा मां सरस्वती की पूजा कर NSS कैंप का शुभारंभ किया और स्कूल के प्रधानाचार्य ने बच्चों को NSS का महत्व भी बताया और बच्चों का उत्साह बढ़ाया।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला में बिजली महादेव रोपवे के विरोध का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संज्ञान लिया है। जिसके चलते स्वास्थ्य मंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है। इसमें पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह व राष्ट्रीय कार्यालय सचिव महेंद्र पांडे को भी शामिल किया गया है। महेंद्र पांडे हिमाचल भाजपा के प्रभारी भी रहे हैं। कमेटी तीन नवंबर को बिजली महादेव रोपवे संघर्ष समिति के साथ नई दिल्ली में बैठक करेगी। बैठक में पूर्व सांसद एवं भगवान रघुनाथ जी के छड़ीबरदार महेश्वर सिंह भी शामिल होंगे। पीएम मोदी को रोपवे संघर्ष समिति के अलावा भाजपा नेताओं ने भी पत्र लिखकर हस्तक्षेप का आग्रह किया था। बिजली महादेव रोपवे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है, लेकिन स्थानीय लोग इसका विरोध कर रहे हैं। शुक्रवार को नग्गर में हुई बड़ी जगती में देवी-देवताओं ने बिजली महादेव रोपवे का विरोध जताया है। देवी-देवताओं ने साफ कहा कि देव स्थलों से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर इसे बंद नहीं किया गया तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। जगती में कुल्लू, मंडी व लाहुल स्पीति के 260 देवी-देवताओं के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। बिजली महादेव रोपवे का ग्रामीण कई वर्ष से विरोध कर रहे हैं। बिजली महादेव भी अपने गूर के माध्यम से रोपवे का विरोध जता चुके हैं। कहा गया था कि देव स्थलों को पर्यटन स्थल न बनाया जाए। रोपवे बनने से देवता की शांति भंग होने की आशंका जताई गई थी। वर्ष में तीन माह 15 दिसंबर से 15 मार्च तक बिजली महादेव मंदिर के कपाट बंद होते हैं। इस दौरान देवता को शोर-शराबा नहीं चाहिए होता है। खराहल और कशावरी फाटी की नौ पंचायतों के लोग रोपवे के विरोध में उतरे हैं। विरोध के बावजूद बिजली महादेव रोपवे को वन संरक्षण अधिनियम के तहत पहले चरण की अनुमति मिल चुकी है। रोपवे का निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग रसद प्रबंधन लिमिटेड कंपनी कर रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पांच मार्च 2024 को 284 करोड़ रुपये से बनने वाले 2.3 किलोमीटर लंबे बिजली महादेव रोपवे का भूमि पूजन वर्चुअल माध्यम से किया था।
बाबा कांशी राम राजकीय महाविद्यालय डाडा सीबा तथा केंद्रीय विश्विद्यालय हिमाचल प्रदेश के अर्थशास्त्र विभाग द्वारा एक दिवसीय अंतराष्ट्रीय सम्मेलन का हाइब्रिड मोड से आयोजन किया गया। यह अंतराष्ट्रीय सम्मेलन भारतीय ज्ञान परंपरा एवं समग्र विकास विषय पर आधारित थी। इस सम्मेलन के प्रथम एवं उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता डॉ. सुष्मिंदरजीत कौर अध्यक्ष स्नातकोत्तर इंग्लिश विभाग गुजरांवाला खालसा कॉलेज लुधियाना ने तथा संध्या कालीन सत्र तथा समापन समारोह की अध्यक्षता प्रो. संजीत सिंह ठाकुर, डीन स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज, केंद्रीय विश्विद्यालय हिमाचल प्रदेश ने किया जिसमें डॉ. चारु उप्पल ने स्वीडन से तथा डॉ. स्टीफन मैकालन ने डलहौजी यूनिवर्सिटी कनाडा से किनोट एड्रेस दिया। इस दौरान ऑनलाइन माध्यम से 10 सत्र आयोजित किए गए। इस अंतराष्ट्रीय सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा को समझ में प्रसारित करना तथा भारतीय मूल्यों को आगे बढ़ाते हुए आधुनिक शिक्षा प्रणाली के साथ तालमेल बनाते हुए समग्र विकास को सुनिश्चित करना था। इस सम्मेलन में देश विदेश से शिक्षकों एवं शोधार्थियों ने लगभग 100 से अधिक शोध पत्र पढ़े। इसमें ज्ञान विज्ञान आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर्यावरण विज्ञान भारतीय वैदिक ज्ञान परंपरा इत्यादि विश्व पर मन्नान किया गया।
मशोबरा स्थित राष्ट्रपति निवास में शनिवार को शरद उत्सव आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस उत्सव में लोगों को हिमाचली संस्कृति और खान-पान से रूबरू होने का भी मौका मिला। इस उत्सव में बड़ी संख्या में जिले के स्कूल और कॉलेज के बच्चों ने अपने प्रदर्शन से उपस्थित लोगों का मनोरंजन किया। राष्ट्रपति निवास के मैनेजर संजू डोगरा एवं अन्य अतिथियों ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और उपहार देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कुलदीप शर्मा का प्रदर्शन रहा। उन्होंने अपने बेहतरीन गायन से उपस्थित लोगों को नाचने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम में जम्मू और कश्मीर राइफल्स के रघु प्रताप पाइप बैंड ने अपनी सुमधुर धुनों से हल्की ठंडक के बीच स्वर लहरियां घोल दीं। इसके अलावा, लोरेटो कॉन्वेंट,शिमला के विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया जबकि जेएनवी, ठियोग की छात्रा अयाना ने कत्थक तथा सेंट बेड्स कॉलेज, शिमला के विद्यार्थियों ने पंजाबी लोक नृत्य पेश किया। वहीं, मारिया मॉन्टेसरी हाई स्कूल कुफरी, गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल मशोबरा और आईटीआई मशोबरा की छात्रा जागृति ने अपनी नाटी से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। गौरतलब है कि शिमला स्थित राष्ट्रपति निवास अपनी विशिष्ट निर्माण शैली और खूबसूरत मशोबरा घाटी के कारण देश विदेश के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। वर्ष 1850 में बना यह ऐतिहासिक भवन अपने 175 वर्ष पूरे कर रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के निर्देश पर अब राष्ट्रपति निवास को आम जनता के लिये भी खोल दिया गया है।
हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी दुग्घ उत्पादक प्रसंघ सीमित की समीक्षा बैठक शनिवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में संपन्न हुई। मुख्यमंत्री ने प्रसंघ को अपने उत्पादों का बेहतर विपणन और उनकी उच्च स्तरीय गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किन्नौर जिला के कड़छम या टापरी में दुग्ध प्रसंस्करण केन्द्र स्थापित किया जाएगा, ताकि इसके उत्पादों को सेना और स्थानीय लोगों को उपलब्ध करवाया जा सके। उन्होंने कहा कि शिमला जिले के दत्तनगर स्थित दोनों दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्रों को आऊटसोर्स आधार पर संचालित करने की संभावनाओं पर विचार किया जाए, ताकि उत्पादन में और बढ़ोतरी सुनिश्चित की जा सके। सुक्खू ने जिला मंडी स्थित दुग्ध संयंत्र में नया मिल्क पाऊडर प्लांट लगाने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इस वित्त वर्ष के दौरान प्रसंघ द्वारा दूध की खरीद में अधिकतम बढ़ौतरी दर्ज की गई है। 29 नए बल्क मिल्क कूलर स्थापित किए गए हैं। 2 वर्षों में 222 ऑटोमैटिक मिल्क कलैक्शन यूनिट स्थापित किए गए हैं। दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों की संख्या को बढ़ाने के लिए बहुआयामी प्रयास किए गए, जिसके फलस्वरूप इनकी संख्या बढ़कर 716 हो गई है। मिल्कफैड को दूध विक्रय करने वाले किसानों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। इनकी संख्या अब लगभग 40 हजार से अधिक हो गई है।
पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया है। एक मामले में जहां युवक से 84.26 ग्राम चरस बरामद की गई, वहीं दूसरे मामले में एक व्यक्ति को 12 बोतलें देसी शराब के साथ पकड़ा गया है। पहले मामले में थाना बरमाणा पुलिस ने गश्त के दौरान अलसू पुल के पास नाकाबंदी की थी। इस दौरान शक के आधार पर एक युवक की तलाशी ली गई तो उसके कब्जे से 84.26 ग्राम चरस बरामद हुई। आरोपी की पहचान देवांशु ददवाल (21) निवासी हार तलावटा, तहसील देहरा व जिला कांगड़ा के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। वहीं, दूसरे मामले में थाना झंडूता की पुलिस टीम ने गश्त के दौरान झंडूता में एक निजी बैंक के पास से एक व्यक्ति को पकड़ा। आरोपी मनीष कुमार (28), निवासी गांव वांडा, तहसील झंडूता के कब्जे से 12 बोतलें देसी शराब बरामद की गईं। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। डीएसपी बिलासपुर मदन धीमान ने दोनों मामलों की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपियों के खिलाफ संबंधित थानों में मामले दर्ज कर लिए गए हैं और आगे की जांच जारी है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार 15 नवम्बर से चिट्टे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई आरम्भ करेगी और इसे समूल नष्ट किया जाएगा। चिट्टे के खिलाफ आगामी तीन माह तक व्यापक और बहुस्तरीय अभियान आयोजित किया जाएगा। अभियान का शुभारम्भ 15 नवम्बर, 2025 को शिमला के रिज मैदान से चौड़ा मैदान तक ‘एंटी चिट्टा रैली’ से किया जाएगा। मुख्यमंत्री इस रैली का शुभारम्भ करेंगे। तीन माह के अभियान के दौरान चिट्टे के खिलाफ बहुस्तरीय कार्रवाई की जाएगी। राज्य स्तर से लेकर पंचायत स्तर तक की जाने वाली यह कार्रवाई अब तक चिट्टा के खिलाफ सबसे बड़ा प्रहार होगा। इस अभियान में सरकार के प्रतिनिधि, पुलिस, विभिन्न विभाग, स्वयंसेवक, विद्यार्थी और अन्य लोग विभिन्न स्तरों पर कार्य करेंगे। इस दौरान नशा निवारण जागरूकता पर भी विशेष ध्यान केन्द्रित किया जाएगा। अभियान के दौरान जिला, उपमंडल और अन्य स्तरों पर भी एंटी चिट्टा रैलियां आयोजित की जाएंगी। प्रदेश से चिट्टा के समूल नाश के लिए पुलिस विभाग में एक विशेष सेल गठित किया जाएगा। राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री स्वयं इस अभियान की निगरानी करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस विभाग द्वारा प्रदेश में चिट्टा से सबसे अधिक प्रभावित पंचायतें चिन्हित कर ली गई हैं। इन पंचायतों पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया जएगा। महाविद्यालयों में एंटी चिट्टा वालंटियर तैयार किये जाएंगे। पुलिस विभाग द्वारा अभियान को सफल बनाने के लिए वृहद रूपरेखा तैयार की जाएगी।
जिला सोलन में बच्चों को अश्वनी खड्ड में स्थित मोहन हेरिटेज शक्ति पार्क घुमाने ले जा रही अंबाला के निजी स्कूल की बस की ब्रेक फेल हो गई। बस में बच्चे व स्टाफ समेत 50 लोग सवार थे। हरठ गांव के समीप चालक ने बस को मिट्टी के ढेर पर चढ़ा दिया। इससे एक बड़ा हादसा टल गया। बता दें कि लाल गीता विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल टिपला अंबाला के बच्चे शैक्षणिक भ्रमण पर मोहन हेरिटेज पार्क की ओर जा रहे थे। इसी दौरान स्कूली बच्चों से भरी बस की अचानक ब्रेक फेल हो गई। हादसे में किसी को भी गंभीर चोटें नहीं आई हैं। गनीमत रही कि मिट्टी के ढेर से टकराने के बाद बस वहीं रुक गई, अन्यथा खाई में गिरने से बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिस द्वारा हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।
सिटी बस चालक परिचालक यूनियन ने जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जिला प्रशासन द्वारा मांगों को न मानने पर निजी बस चालक परिचालक 3 नवंबर यानी सोमवार से शिमला शहर में बसें नहीं चलाएंगे। शिमला सिटी बस चालक परिचालक यूनियन के अध्यक्ष रूपलाल ठाकुर एवं सचिव अखिल गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार को यूनियन की बैठक सपंन्न हुई। बैठक कर यह फैसला लिया गया है कि सोमवार से बसें नहीं चलेंगी। इस बारे में निजी बस ऑपरेटरों को पहले ही नोटिस दिया गया था। विभाग एवं प्रशासन को उसकी प्रतियां दे दी गई थीं, लेकिन इसके बावजूद भी उनकी मांगों पर प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में अब निजी बस चालक परिचालक संघ ने हड़ताल करने का फैसला लिया है। शिमला सिटी बस चालक परिचालक यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि शहर में ट्रैफिक जाम के कारण उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ता है। इसके लिए शहर के 40 किलोमीटर के बाहर के दायरे से आने वाली बसों को पुराना बस स्टैंड की बजाए सीधे आईएसबीटी भेजने की मांग चालक परिचालक संघ ने उठाई थी, लेकिन उनकी ये मांग पूरी नहीं हुई है। इसके अलावा एचआरटीसी की स्कूल ड्यूटी वाली बसें सवारियां उठाती हैं, इसके कारण आए दिन एचआरटीसी एवं निजी बस चालक परिचालकों की लड़ाई होती है। पुराना बस स्टैंड में निजी बस चालक परिचालकों के लिए रेस्टरूम की मांग की गई थी, ये मांग भी अभी तक पूरी नहीं हुई हैं। यूनियन का कहना है कि 15 दिन पहले उनकी प्रशासन के साथ बैठक हुई थी, जिसमें उन्हें आश्वासन दिया गया था कि उनकी मांगों को मान लिया जाएगा, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ है। ऐसे में यूनियन ने फैसला लिया है कि सोमवार 3 नवंबर से निजी बस ऑपरेटर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
उपमंडल ज्वालामुखी तहसील खुंडियां गांव फुलवाड़ी की राजो देवी को सेना ने पंद्रह हजार रुपए की मासिक पेंशन लगा कर आर्थिक सहारा दिया है। पूर्व सैनिक लीग खुंडियां के चेयरमैन रिटायर्ड कर्नल एम एस राणा ने बताया कि राजो देवी के पिता सिपाही रंगील सिंह 1941 में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सेना की 5 फ्रंटियर फोर्स में भर्ती हुए थे लेकिन अगस्त 1946 में युद्ध में जख्मी होने से मेडिकल ग्राउंड पर सेवानिवृत कर दिए गए थे। जनवरी 2023 में जिला सैनिक कल्याण विभाग, धर्मशाला के माध्यम से आर्मी रिकॉर्ड कार्यालय में आश्रित (डिपेंडेंट) पेंशन के लिए आवेदन किया गया था। आर्मी रिकॉर्ड कार्यालय ने बताया कि द्वितीय विश्व युद्ध के पूर्व सैनिकों का रिकॉर्ड राष्ट्रीय अभिलेखागार (नेशनल आर्काइव्स ऑफ इंडिया), नई दिल्ली में स्थानांतरित कर दिया गया है। कर्नल राणा ने अभिलेखागार को पत्र भेजे, लेकिन कोई उत्तर प्राप्त नहीं हुआ। इसके बाद कर्नल राणा स्वयं दिल्ली जाकर संग्रहालय से संबंधित रिकॉर्ड प्राप्त करने में सफल हुए। जाँच के दौरान राजो देवी का नाम उनके पिता के आर्मी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं पाया गया। संपूर्ण प्रक्रिया आरंभ करवाई गई, और जिला सैनिक कल्याण विभाग, धर्मशाला के माध्यम से राजो देवी का नाम उनके पिता के रिकॉर्ड में दर्ज करवाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया। आर्मी रिकॉर्ड कार्यालय ने जिला एवं पुलिस प्रशासन से सत्यापन रिपोर्ट मांगी। आवश्यक सत्यापन के उपरांत लगभग दो वर्ष की निरंतर प्रक्रिया के बाद राजो देवी का नाम उनके पिता के आर्मी रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। इस वर्ष मार्च माह में पेंशन से संबंधित कागजात तैयार कर भेजे गए थे। अब दिवाली के अवसर पर सेना द्वारा राजो देवी को ₹15,000 मासिक पेंशन स्वीकृत की गई है, जिससे उन्हें आर्थिक सहारा प्राप्त हुआ है। इसके लिए राजो देवी ने भारतीय सेना, हिमाचल प्रदेश सैनिक कल्याण विभाग के डायरेक्टर ब्रिगेडियर मदन शील शर्मा, कांगड़ा जिला के डिप्टी डायरेक्टर कर्नल गोपाल सिंह गुलेरिया, खुंडियां लीग के पदाधिकारी रिटायर्ड कर्नल एम एस राणा, कैप्टन कर्म सिंह, कैप्टन ध्यान, कैप्टन कश्मीर सिंह, सूबेदार मेजर माधो राम और सूबेदार मेजर रणवीर सिंह राणा का निस्वार्थ सहयोग के लिए धन्यवाद किया है। लीग के चेयरमैन ने बताया कि ऐसे केस में उन्हीं बेटियों को पेंशन लगती है जिन के परिवार की मासिक आय 9 हजार रुपए से कम हो।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सिरमौर जिले के श्री रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र के लिए 29.50 करोड़ रुपये लागत की पांच विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास आज नई दिल्ली से वर्चुअली किए। उद्योग मंत्री हर्षवर्द्धन चौहान, हिमाचल प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष विनय कुमार, विधायक अजय सोलंकी, उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा, पुलिस अधीक्षक निश्चिंत नेगी माइना बाग में मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने संगड़ाह तहसील के माइना बाग में 6.47 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान भवन और नोहराधार में 2.20 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सब मार्किट यार्ड चरण-1 का उद्घाटन किया। उन्होंने दो करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली रेणुका जी-ददाहू बिरला सड़क, जल शक्ति विभाग उप मंडल नोहराधार के अंतर्गत रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों के लिए 17.89 करोड़ रुपये की लागत से सिंचाई सुविधा और ग्राम पंचायत भराड़ी, नोहराधार के गांव चोकन, ठांडी, हरिजन बस्ती चुमानु और कुदाग के लिए 94 लाख की ग्रेविटी जलापूर्ति योजना रोंडी पुल का शिलान्यास किया।
गवर्नमेंट कॉलेज ढलियारा के बी.वॉक विभाग में शुक्रवार को अभिभावक-शिक्षक बैठक का सफल आयोजन हुआ। इस अवसर पर लगभग 70 से 80 अभिभावकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अंजू रानी चौहान, नोडल अधिकारी प्रोफेसर कंचन रनौत, प्रो. बृजेश्वर रनौत, प्रो. संजीव जसवाल, सहित सभी संकाय सदस्य एवं बी.वॉक हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म तथा रिटेल मैनेजमेंट विभाग के व्यावसायिक प्रशिक्षक मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण से हुई, जिसके उपरांत विभिन्न विभागों के शिक्षकों ने अभिभावकों के समक्ष अपने विचार प्रस्तुत किए। हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म विभाग की ओर से आशीष देव ने विद्यार्थियों की ऑन द जॉब ट्रेनिंग के दौरान हुए अनुभवों एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण पर चर्चा की। इसके पश्चात नितेश कुमार ने छात्रों के सर्वांगीण विकास में अभिभावकों और छात्रों के समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया और हॉस्पिटैलिटी उद्योग के सभी पहलुओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इसी क्रम में प्रशोतम, व्यावसायिक प्रशिक्षक (हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म), ने प्लेसमेंट ड्राइविंग और विद्यार्थियों के भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार रखे। रिटेल मैनेजमेंट विभाग की ओर से अनिल, व्यावसायिक प्रशिक्षक, ने रिटेल क्षेत्र का परिचय तथा विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की। इसके साथ प्रियंकुर मस्ताना ने विद्यार्थियों की शिक्षा यात्रा पर अपने विचार रखते हुए देश की कार्यसंस्कृति को समझने और अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। राकेश, व्यावसायिक प्रशिक्षक (रिटेल मैनेजमेंट), ने रिटेल सेक्टर की संभावनाओं, विकास योजनाओं एवं ऑन द जॉब ट्रेनिंग की रूपरेखा पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर प्रोफेसर बृजेश्वर रनौत ने अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि बी.वॉक डिग्री किसी भी अन्य पारंपरिक स्नातक डिग्री के समान ही मान्य है। प्रोफेसर संजीव जसवाल ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि आने वाला समय व्यावसायिक शिक्षा का है, जो विद्यार्थियों को व्यवहारिक ज्ञान देकर उद्योगोन्मुख बनाएगी। नोडल अधिकारी प्रोफेसर कंचन रनौत ने अभिभावकों से व्यक्तिगत संवाद किया और बी.वॉक हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म तथा रिटेल मैनेजमेंट दोनों विभागों के सीखने की संभावनाओं, उद्योग से जुड़ाव और करियर विकास के विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। प्राचार्य डॉ. अंजू रानी चौहान ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से दूर रखें। कार्यक्रम का समापन नोडल अधिकारी प्रोफेसर कंचन रनौत के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।
डीएवी भड़ोली स्कूल में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें विद्यालय के बच्चों ने उत्साह पूर्वक बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस अवसर पर विद्यालय के एनसीसी वॉलिंटियर सिमरन ने बच्चों को शपथ दिलवाई। प्रधानाचार्य सुरजीत कुमार राणा ने सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन से संबंधित विशेष घटनाओं को बच्चों के साथ साझा किया तथा अध्यापकों को और बच्चों को मिलकर रहने, अपने देश के प्रति प्यार करने तथा भाईचारे की भावना को विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज किन्नौर जिला मुख्यालय रिकांगपिओ में रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित मैराथन दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह मैराथन राज्य स्तरीय किन्नौर महोत्सव एवं देश के महान स्वतंत्रता सेनानी सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम के तहत जिला प्रशासन द्वारा आयोजित की गई थी। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों में एकता, अनुशासन, स्वास्थ्य एवं फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। इस मैराथन में कुल 166 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें 134 पुरुष एवं 32 महिलाएं शामिल थीं। दौड़ विभिन्न वर्गों अंडर-14, अंडर-19 तथा 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में आयोजित की गई। दौड़ समाप्त होने के उपरांत नेगी आईटीबीपी ग्राउंड पहुंचे और सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इतनी ऊँचाई वाले पर्वतीय क्षेत्र में भी युवाओं का खेलों के प्रति जोश और उत्साह यह दर्शाता है कि किन्नौर का युवा अनुशासित, शारीरिक रूप से सक्षम और देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत है। मुख्य अतिथि नेगी ने सभी विजेताओं को मेडल प्रदान कर सम्मानित किया और कहा कि “किन्नौर के खिलाड़ी न केवल जिला स्तर पर, बल्कि राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि खेल प्रतिभाओं को उचित मंच और प्रोत्साहन मिले ताकि वे भविष्य में प्रदेश और देश का नाम और अधिक रोशन करें।” उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में खेल अवसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है, ताकि हर आयु वर्ग के लोग फिटनेस एवं खेल गतिविधियों से जुड़ सकें। इस अवसर पर उपमंडलाधिकारी (नागरिक) अमित कल्थाईक, जनजातीय सलाहकार परिषद के सदस्य डॉ. सूर्या बोरस, 17वीं वाहिनी आईटीबीपी के कमांडेंट, उप पुलिस अधीक्षक उमेश्वर राणा सहित अन्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
आज यानी शुक्रवार से अंतरराष्ट्रीय श्री रेणुका जी मेला शुरू हो रहा है, जो 5 नवम्बर तक चलेगा। यह मेला हिमाचल प्रदेश के प्राचीन मेलों में से एक है। हर वर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की दशमी से पूर्णिमा तक उत्तरी भारत के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल श्री रेणुका जी में यह मेला मनाया जाता है। जनश्रुति के अनुसार इस दिन भगवान परशुराम जामू कोटी से वर्ष में एक बार अपनी मां रेणुका जी से मिलने आते है। हर किसी को इस वक्त का बेसब्री से इंतजार होता है, जब उनके आराध्य देव भगवान परशुराम अपनी मां से मिलने तीर्थ स्थल श्री रेणुका जी पहुंचते हैं। मां-बेटे के इस मिलन का गवाह बनने के लिए हर वर्ष काफी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। यह मेला श्री रेणुका मां के वात्सल्य एवं पुत्र की श्रद्धा का एक अनूठा संगम है, जो असंख्य लोगों की अटूट श्रद्धा एवं आस्था का प्रतीक है। मां श्री रेणुका जी यहां नारी देह के आकार की प्राकृतिक झील, जिसे मां रेणुका जी की प्रतिछाया भी माना जाता है, के रूप में स्थित है। इसी झील के किनारे मां रेणुका जी व भगवान परशुराम जी का भव्य मंदिर स्थित हैं। 6 दिवसीय इस मेले में आसपास के कई ग्राम देवता अपनी-अपनी पालकी में सुसज्जित होकर मां-बेटे के इस दिव्य मिलन में शामिल होते हैं। कई धार्मिक अनुष्ठान सांस्कृतिक कार्यक्रम, हवन, यज्ञ, प्रवचन एवं हर्षोल्लास इस मेले का भाग है। महाभारत और अन्य पुराणों में वर्णित कथा के अनुसार महर्षि जमदग्नि तपस्या में लीन रहते थे। ऋषि पत्नी रेणुका पतिव्रता रहते हुए धर्म कर्म में लीन रहती थी। वे प्रतिदिन गिरि गंगा का जल पीते थे और उससे ही स्नान करते थे। उनकी पतिव्रता पत्नी रेणुका कच्चे घड़े में नदी से पानी लाती थी। सतीत्व के कारण वह कच्चा घड़ा कभी नहीं गलता था। एक दिन जब वह पानी लेकर सरोवर से आ रही थी तो दूर एक गंधर्व जोड़े को कामक्रीड़ा में व्यस्त देखकर वो भी क्षण भर के लिए विचलित हो गई और आश्रम देरी से पहुंची। ऋषि जमदग्नि ने अन्तर्ज्ञान से जब विलंब का कारण जाना तो वो रेणुका के सतीत्व के प्रति आशंकित हो गए और उन्होंने एक-एक करके अपने 100 पुत्रों को माता का वध करने का आदेश दिया, परंतु उनमें से केवल पुत्र परशुराम ने ही पिता की आज्ञा का पालन करते हुए माता का वध कर दिया। इस कृत्य से प्रसन्न होकर ऋषि जमदग्नि ने पुत्र से वर मांगने को कहा तो भगवान परशुराम ने अपने पिता से माता को पुनर्जीवित करने का वरदान मांगा। माता रेणुका ने वचन दिया कि वो प्रति वर्ष इस दिन डेढ़ घड़ी के लिए अपने पुत्र भगवान परशुराम से मिला करेंगी। तब से हर साल कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की दशमी को भगवान परशुराम अपनी माता रेणुका से मिलने आते है और यह मेला आरंभ होता है। तब की डेढ़ घड़ी आज के डेढ़ दिन के बराबर है और पहले यह मेला डेढ़ दिन का हुआ करता था। जो वर्तमान में लोगों की श्रद्धा व जनसैलाब को देखते हुए कार्तिक शुक्ल दशमी से पूर्णिमा तक आयोजित किया जाता है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने चीफ इंजीनियर विमल नेगी मौत मामले में पेन ड्राइव को गायब करने के आरोपी एएसआई पंकज शर्मा को जमानत दे दी है। पंकज शर्मा ने हाईकोर्ट में जमानत प्रदान करने हेतु याचिका दायर की थी। पंकज ने कहा कि वह बेगुनाह है और उसे इस मामले में फंसाया गया है। वह पुलिस में असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर के तौर पर काम कर रहा है और कथित घटना के समय वह पुलिस स्टेशन, सदर शिमला में तैनात था। कोर्ट ने जमानत याचिका को मंज़ूर करते हुए कहा कि जिन अपराधों के लिए उसे गिरफ्तार किया गया है, उनके लिए अधिकतम सज़ा को देखते हुए याचिकाकर्ता को अनिश्चित काल तक न्यायिक हिरासत में रखने से कोई फायदा नहीं होगा। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को 50,000/- रुपये के पर्सनल बॉन्ड और इतनी ही रकम के एक जमानती को पेश करने पर पंकज शर्मा रिहा करने के आदेश जारी किए। न्यायाधीश विरेंदर सिंह ने याचिका को स्वीकारते हुए कहा कि प्रार्थी बिना कोर्ट की इजाजत के देश से बाहर नहीं जा सकता है। कोर्ट ने पंकज शर्मा को अभियोजन पक्ष के गवाहों पर कोई दबाव न बनाने व मामले के तथ्यों से परिचित किसी भी व्यक्ति को ऐसा कोई प्रलोभन या धमकी न देने के आदेश दिए हैं।


















































