श्रीखंड महादेव यात्रा आधिकारिक तौर पर इस वर्ष के लिए स्थगित करने और श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष एवं जिलाधीश कुल्लू आशुतोष गर्ग की अधिसूचना जारी करने के बाद अब प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं के लिए स्थापित किए गए बेस कैंप पार्वती बाग, भीमडवार, कुनशा, थाचडू, में प्रशासन द्वारा सारी व्यवस्था को हटा दिया गया है। इसमें मेडिकल टीम, रेस्क्यू टीम, पुलिस फोर्स, रेवेन्यू की टीम को वापिस बुला दिया गया है। बेस कैंप सिंह गाड़ में सभी प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों का इंतजार किया जा रहा है। जितने भी श्रद्धालु श्रीखंड महादेव के लिए रवाना हुए थे, उन सभी को सुरक्षित वापस घर भेज दिया गया है। यात्रा में जगह-जगह अनेकों सेवा दल द्वारा चलाई जा रही लंगर व्यवस्था भी बंद कर दी गई है और प्रशासन द्वारा टेंट लगाने वाले स्थानीय लोगों को भी टेंट हटाने के निर्देश दे दिए गए हैं। एसडीएम निरमंड मनमोहन सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि यात्रा में प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं के लिए तैनात की गई सभी व्यवस्थाओं को हटा दिया गया है। उन्होंने बताया कि पार्वती बाग से चार मृत शरीर को सिविल अस्पताल निरमंड लाया गया है और पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। उन्होंने शिव भक्तों से अपील की है कि इस यात्रा में अब ना जाएं। इस बार यात्रा बेहद ही कठिनतम और जोखिम भरी है। भारी बारिश से गलेशियर टूट रहे हैं और रास्ता खराब हो रहा है। ऐसे में यात्रा करना जोखिम भरी है। उन्होंने कहा कि जो भी शिव भक्त इस बार दर्शन नही कर पाए उन शिव भक्तों से धैर्य रखने की अपील की है और अगली साल आधिकारिक तौर पर यात्रा करने की सलाह दी है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में भारी बारिश से बाढ़ एवं भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाई गई है। सबसे अधिक प्रभावित कुल्लू जिला तथा लाहौल-स्पिति में फंसे पर्यटकों एवं अन्य लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए पिछले लगभग 60 घंटे से निरंतर बचाव अभियान चलाया गया। मुख्यमंत्री ने कुल्लू एवं मंडी में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि वह गत तीन दिनों से कुल्लू, लाहौल-स्पिति तथा मंडी में प्रभावित क्षेत्रों का दौरे पर हैं। उन्होंने कहा कि कुल्लू एवं लाहौल-स्पिति जिला के विभिन्न स्थानों पर लगभग 70 हजार पर्यटक एवं अन्य लोग फंसे हुए थे, इनमें से 60 हजार लोगों की सुरक्षित वापसी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इस बचाव अभियान में एक हजार कर्मचारी एवं अधिकारियों ने चौबीसों घंटे युद्धस्तर पर कार्य करते हुए इसे संभव बनाया। उन्होंने कहा कि इस विपदा में सबसे चुनौतिपूर्ण बचाव अभियान के तहत लाहौल-स्पिति के चंद्रताल में फंसे पर्यटकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गई है। लैंडिंग स्थल उपलब्ध न होने के कारण यहां वायुसेना के लिए हैलीकाप्टर उतारना संभव नहीं था। प्रदेश सरकार की ओर से राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी तथा मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी बचाव अभियान की निगरानी के लिए भारी बर्फबारी के बीच शून्य से नीचे तापमान में तीन जेसीबी मशीनों के साथ तड़के सुबह दो बजे ग्राउंड जीरो (चंद्रताल) पर पहुंचे। इसके उपरान्त 57 वाहनों के माध्यम से लगभग 250 पर्यटकों को वहां से सुरक्षित काजा लाने के साथ ही यह अभियान पूरा हुआ। उन्होंने अभियान से जुड़े सभी लोगों का उनके सक्रिय सहयोग एवं अथक प्रयासों के लिए आभार भी व्यक्त किया। अपनी गाड़ियां छोड़कर जाने को तैयार नहीं कई पर्यटक मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी भी तीर्थन तथा कसोल क्षेत्र में काफी संख्या में पर्यटक हैं और उनमें से अधिकांश ने अपनी गाड़ियों सहित ही घर वापसी की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि चूंकि भारी बारिश से सड़कों को व्यापक नुकसान पहुंचना है और ऐसे में इन पर यातायात सामान्य करने में समय लग सकता है। प्रदेश सरकार ने उन्हें गाड़ियां वहीं छोड़कर सार्वजनिक परिवहन सेवा के माध्यम से घर वापसी का विकल्प दिया है। पर्यटकों को उनकी गाड़ियों से संबंधित एक पावती भी जिला व पुलिस प्रशासन के माध्यम से दी जाएगी तथा इसी के आधार पर सड़क मार्ग बहाल होने पर उन्हें यह गाड़ियां वापस उपलब्ध करवाई जाएंगी। इन पर्यटकों से संवाद के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रैंक के अधिकारी को भी कसोल भेजने के निर्देश दिए गए हैं। घाटी में सभी विदेशी पर्यटक सुरक्षित एक सवाल के जवाब में सुक्खू ने कहा कि तीर्थन तथा कसोल क्षेत्र में कुछेक इजरायली पर्यटक भी हैं और इजरायली दूतावास की ओर से उन्हें अपने स्तर पर हेलिकाप्टर के माध्यम से सुरक्षित निकालने का आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा कि इस पर प्रदेश सरकार को कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि घाटी में सभी विदेशी पर्यटक सुरक्षित हैं और उन्हें भोजन सहित सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करवाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल्लू में इतनी बड़ी विपदा के बावजूद प्रदेश सरकार ने जनजीवन सामान्य बनाने के लिए पूरी तत्परता से कार्य किया है। क्षेत्र में 48 घण्टों में बिजली तथा पानी की आपूर्ति आंशिक तौर पर बहाल करने के साथ ही मोबाइल सेवा पुन: सुचारू करने में भी सफलता हासिल की है। इसके लिए उन्होंने जिला व पुलिस प्रशासन सहित सभी संबंधित विभागों के प्रयासों की सराहना भी की। बाढ़ प्रभावित परिवारों को 50 लाख की राहत राशि जारी मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा अभी तक बाढ़ प्रभावित परिवारों को 50 लाख रुपये की राहत राशि जारी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा राहत राशि में बढ़ौत्तरी करते हुए सभी प्रभावितों को एक-एक लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। किन्नौर के कड़छम, कुप्पा और सांगला में लिया नुकसान का जायजा मुख्यमंत्री ने किन्नौर जिला के कड़छम, कुप्पा और सांगला घाटी का दौरा भी किया और वहां हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने टापरी उप-तहसील के चोलिंग में स्थित सेना के राहत शिविर में सांगला से सुरक्षित निकाले गए लोगों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि किन्नौर जिला में बादल फटने की घटना के बाद वहां फंसे पर्यटकों को सुरक्षित निकालने के लिए बचाव दल ने बेहतरीन कार्य करते हुए 118 लोगों को हेलिकाप्टर की छह उड़ानों में सांगला से चोलिंग (कड़छम) सुरक्षित पहुंचाया गया है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए उन्होंने जिला प्रशासन और भारतीय सेना की सराहना भी की। इस अवसर पर मंडी में मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, एपीएमसी मंडी के अध्यक्ष संजीव गुलेरिया तथा किन्नौर में उपायुक्त तोरुल रवीश सहित सेना एवं विभिन्न प्रशासनिक व विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने लगातार भारी बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए आज लाहौल-स्पीति जिला के सिस्सू, चंद्रताल और लोसर तथा कुल्लू जिले के मनाली क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया। मुख्यमंत्री ने सिस्सू और मनाली में विभिन्न क्षेत्रों में फंसे लोगों की सकुशल वापसी के बाद उनसे बातचीत की और कुशलक्षेम जाना। इस दौरान उन्होंने नेहरू कुंड के पास बाहंग स्थित हिमपात एवं हिमस्खलन अध्ययन प्रतिष्ठान (सासे) का भी दौरा कर वहां बारिश से हुए नुकसान की जानकारी ली। उन्होंने आश्वस्त किया कि घाटी में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकालने के लिए सरकार की ओर से हरसंभव सहायता प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लाहौल घाटी के सिस्सू में फंसे मनाली के एक स्कूल के 52 बच्चों को सुरक्षित मनाली पहुंचाया गया है। इसके अतिरिक्त, कुल्लू तथा मनाली सहित विभिन्न स्थानों पर पिछले तीन दिनों से फंसे लगभग 25000 लोगों को आज सुरक्षित निकाल लिया गया है। उन्होंने बताया कि मनाली-चंडीगढ़ मार्ग पर यातायात धीमा है, लेकिन प्रारम्भिक सूचना के अनुसार बुधवार शाम 4 बजे तक लगभग 6552 वाहन कुल्लू को पार कर चंडीगढ़ की ओर जा चुके हैं और कसोल तथा आस-पास के क्षेत्रों से भी आज जिला प्रशासन द्वारा लगभग 3000 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। उन्होंने कहा कि ढुंखड़ा के पास भारी भूस्खलन के कारण कसोल भुंतर सड़क अभी भी अवरुद्ध है और जिला प्रशासन मलबे को हटाने के लिए लगातार काम कर रहा है। इन क्षेत्रों में फंसे हुए लोगों को विभिन्न वाहनों में ढुंखड़ा लाया जा रहा है और वहां से उन्हें भुंतर तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बचाव कार्यों की निगरानी के लिए जिला प्रशासन की एक टीम कसोल पहुंच गई है। जिभी-बंजार-औट से चंडीगढ़ की ओर जाने के लिए सड़क वाहनों के लिए खोल दी गई है। जिला प्रशासन को पर्यटकों और स्थानीय लोगों की शीघ्र निकासी के लिए कसोल, तीर्थन और सैंज सड़कों को साफ करने का निर्देश दिया गया है। यह सड़कें एक-दो दिनों के भीतर बहाल होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि राज्य में 100 से अधिक ट्रैकर्स को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि अटल टनल वाहनों के आवागमन के लिए खुली है और आज शाम 4 बजे तक 300 से अधिक वाहन इस सुरंग से निकलकर गैमन ब्रिज से मंडी की ओर भेजे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटक चंडीगढ़ जाने के लिए इस रास्ते का इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से रामशीला चौक के पास लोगों के लिए खाद्य सामग्री वितरण की व्यवस्था भी की गयी है। उन्होंने कहा कि मनाली में लोगों को 6000 से अधिक भोजन के पैकेट वितरित किए गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी को चंद्रताल झील में फंसे लोगों तक पहुंचने और बचाव कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि चंद्रताल में स्थिति चुनौतीपूर्ण है लेकिन राज्य सरकार वहां विभिन्न कैम्पों में मौजूद सभी 293 लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार इस क्षेत्र में बाढ़ और भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों को फिर से बहाल करने के लिए त्वरित एवं ठोस कदम उठा रही है और सीमा सड़क संगठन के सहयोग से इसका कार्य पूरे जोरों पर है। उन्होंने कहा कि स्पिति घाटी में फंसे ज्यादातर पर्यटकों और आम लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और शेष लोगों को भी वहां से शीघ्र ही सुरक्षित निकाल लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आपदा से प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए गंभीरता से प्रयास कर रही है और वह स्वयं स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। उन्होंने स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए लोगों से प्रशासन का सहयोग करने की भी अपील की। इस अवसर पर विधायक भुवेनश्वर गौड़, उपायुक्त आशुतोष गर्ग और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश में अत्याधिक बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने राज्य पर विनाशकारी प्रभाव डाला है और कृषि विभाग के प्रारंभिक अनुमान में फसलों को 83 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि राज्य भर में हुई तबाही अभूतपूर्व है, इसलिए केंद्र को हिमाचल में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित कर बचाव एवं राहत कार्यों के लिए विशेष आर्थिक पैकेज जारी करना चाहिए। आज आयोजित एक बैठक में चंद्र कुमार ने कहा कि प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार राज्य में प्रभावित कुल 28,495 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में से 6,978 हेक्टेयर में सब्जी उत्पादन को लगभग 40 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मक्का, धान, रागी, बाजरा और खरीफ दलहन को लगभग 21,517 हेक्टेयर पर करीब 17 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मंत्री ने कहा कि इसके अलावा, खेती की जमीन बह जाने और खेतों में आई गाद के कारण फसलों को लगभग 26 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा नुकसान मंडी जिले में हुआ जोकि 23.38 करोड़ रुपये आंका गया है। इसके बाद शिमला में 17.63 करोड़ रुपये, सिरमौर में 13.29 करोड़ रुपये, सोलन में 8.16 करोड़ रुपये, लाहौल स्पिति में 5.74 करोड़ रुपये, कुल्लू में 4.38 करोड़ रुपये, कांगड़ा में 3.99 करोड़ रुपये, ऊना में 2.99 करोड़ रुपये, चंबा में 1.53 करोड़ रुपये, बिलासपुर में 1.01 करोड़ रुपये, किन्नौर में 59 लाख रुपये और हमीरपुर में 29 लाख रुपये का नुकसान हुआ। भविष्य में ऐसी प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए मृदा संरक्षण पर बल देते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि पूरे राज्य में मृदा संरक्षण की तकनीकों और तरीकों को बढ़ावा दिया जाएगा। मंत्री ने कहा कि कांगड़ा जिले के शाहपुर निर्वाचन क्षेत्र में गज खड्ड के उचित तटीकरण और राजोल, अवाड़ी, अनसुई और डेग गांवों के निवासियों द्वारा मिट्टी संरक्षण को अपनाने के कारण हाल ही में हुई भारी बारिश से न्यूनतम नुकसान दर्ज किया गया हैै। चंद्र कुमार ने कहा कि कृषि और पशुधन के नुकसान के संबंध में उप निदेशकों को अंतिम रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है और शीघ्र ही इससे संबंधित बैठक की जाएगी। बैठक में शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया, निदेशक कृषि डॉ. राजेश कौशिक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज कुल्लू, मण्डी तथा लाहौल स्पिति जिला में पिछले तीन दिनों में हुई भारी बारिश से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कुल्लू जिला के भुंतर, सैंज, कसोल तथा खीर गंगा सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों का दौरा भी किया। सैंज में बाढ़ प्रभावित लोगों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने जान-माल के नुकसान पर संवेदनाएं व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार प्रभावितों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाएगी। उन्होंने क्षेत्र के लिए एक करोड़ रुपये की त्वरित राहत राशि जारी करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में फंसे पर्यटकों एवं स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित निकलाने के लिए बचाव अभियान निरंतर जारी है और इसके लिए छह हैलीकाप्टर उपलब्ध करवाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सैंज क्षेत्र में बेहतर संपर्क सुविधा के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन को मौके पर ही दो सैटेलाईट फोन भी उपलब्ध करवाए गए हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ से सम्पर्क व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हुई है और प्रदेश सरकार इसे बहाल करने के लिए त्वरित एवं ठोस कदम उठा रही है। भुंतर हवाई अड्डे पर मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल्लू जिला में शीघ्रातिशीघ्र विद्युत आपूर्ति बहाल करने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि विद्युत आपूर्ति बहाल होते ही पेजयल आपूर्ति योजनाओं को भी क्रियाशील कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी मण्डी जिला में हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं और प्रदेश सरकार प्रभावितों को हरसंभव मद्द प्रदान करने की दिशा में सक्रियता के साथ कार्य कर रही है। विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए पर्यटकों एवं स्थानीय लोगों को निकालने के लिए हवाई सेवाएं आरम्भ कर दी गई हैं और फंसे हुए शेष लोगों तक सभी आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने प्रदेश में हुए नुकसान पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित अन्य केन्द्रीय नेताओं से चर्चा की है और सभी ने उन्हें आपदा की इस घड़ी में आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने इसके लिए सभी का आभार भी व्यक्त किया। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा में प्रदेश में अभी तक 27 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई हैं। उन्होंने कहा कि वृहद स्तर पर हुई इस तरह की आपदा से निपटने तथा राहत एवं पुनर्वास कार्यों के लिए समय की आवश्यकता रहती है। उन्होंने कहा कि चन्द्रताल में फंसे लोगों के बचाव के लिए पहली हैलीकाप्टर सेवा आज प्रात: शुरू की गई लेकिन खराब मौसम के कारण इसमें देरी हुई है। अभी तक सात लोगों को वहां से सुरक्षित भुंतर पहुंचाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को वृद्ध एवं रोगियों को चन्द्रताल से बाहर निकालने में प्राथमिकता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त भूस्खलन के कारण बाधित हुई सड़कों को बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं और यातायात बहाल करने के लिए वैकल्पिक मार्ग भी चिन्हित किए जा रहे हैं। उन्होंने भुंतर में आपदा प्रभावितों से भी बातचीत की और आश्वस्त किया कि उन्हें सरकार की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव सुन्दर सिंह ठाकुर तथा कांग्रेस नेता खिमी राम और विभिन्न प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित थे।
प्रदेश में भारी बारिश, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचा को भारी नुकसान हुआ है। इन सभी विपरीत एवं कठिन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए व विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए वर्तमान सत्र के लिए हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध सरकारी, निजी स्कूलों में मानसून अवकाश को पुनर्निर्धारित और समय से पहले/समायोजित करने का निर्णय लिया है। छुट्टियों के दिनों की कुल संख्या समान रखने के लिए हरसंभव सावधानी बरती गई है, ताकि शिक्षण दिवस यथावत रहे। सरकार के आदेशों के अनुसार स्कूलों में मानसून ब्रेक 10 जुलाई से शुरू हो गया है। इस संबंध में उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से कार्यालय आदेश जारी किए गए हैं। स्कूलों में अब यह रहेगा मानसून ब्रेक का शेड्यूल कुल्लू जिले के स्कूलों में अब मानसून अवकाश 10 जुलाई से 1 अगस्त तक 23 दिन का रहेगा। पहले यह 23 जुलाई से 14 अगस्त तक होना था। इसी तरह लाहौल-स्पीति जिले के स्कूलों में समर अवकाश 10 जुलाई से 20 अगस्त तक 42 दिन का रहेगा। पहले ये छुट्टियां 17 जुलाई से 20 अगस्त तक होनी थीं। जनजातीय क्षेत्र किन्नौर, पांगी व भरमौर में मानसून अवकाश 10 से 15 अगस्त तक छह दिन का रहेगा। मौजूदा शेड्यूल के मुताबिक यह ब्रेक 22 से 27 अगस्त तक होना था। प्रदेश के अन्य शीतकालीन अवकाश वाले स्कूलों में मानसून ब्रेक अब 10 से 15 जुलाई तक छह दिन का रहेगा। मौजूदा शेड्यूल के तहत मानसून ब्रेक 22 से 27 जुलाई तक होना था।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भारी बारिश से कुल्लू, मंडी व लाहौल में हुए नुकसान का मंगलवार को हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हेलीकॉप्टर से कुल्लू, मंडी, औट व भुंतर क्षेत्र में बरसात से हुए नुकसान का जायजा लिया। चंद्रताल में फंसे 300 लोगों का आज सुबह 5:00 बजे से बचाव अभियान शुरू कर दिया था। पहली टीम मशीनरी के साथ लोसर से चंद्रताल के लिए रवाना हुई है, जबकि दूसरी टीम काजा से एडीसी राहुल जैन की अध्यक्षता में रवाना हुई है। करीब 40 लोगों का बचाव दल जिसमें पंगमो और लोसर गांव के युवा के अलावा स्पीति के अन्य गांव से युवा शामिल हैं। अब तक 10 से अधिक बुजुर्गों व छोटे बच्चों वाले परिवारों को भुंतर कुल्लू के लिए एयरलिफ्ट कर लिया गया है। सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने खुद यह जानकारी दी।
जिला कुल्लू में थाना निरमंड के अंतर्गत केदस मार्ग पर पीपलहट्टी में एक गाड़ी के गहरी खाई में गिर जाने से पांच लोगों की मौत हो गई है। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। हादसा आज सोमवार सुबह निरमंड के केदस-देवढांक सड़क पर पेश आया, जहां एक मारुति सिलेरियो गहरी खाई में लुढ़क गई। हादसे में घायल कार चालक एवं मालिक कुलदीप की मौत निरमंड सिविल अस्पताल से रामपुर बुशहर अस्पताल ले जाते समय रास्ते में हुई, जबकि चार अन्य लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान जुगत राम पुत्र हुक्मी राम गांव नाबा तहसील निरमंड, हरदयाल पुत्र चूडा राम गांव केदस निरमंड, सीमा नेगी पत्नी गणेश नेगी गांव कुमसू रामपुर और बर्षा पत्नी कुलदीप गांव केदस निरमंड जिला कुल्लू, कुलदीप वर्मा पुत्र हरदयाल गांव केदस जिला कुल्लू उम्र 40 साल के रूप में हुई है। निरमंड पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंच कर दुर्घटना के कारणों की जांच आरंभ कर दी है।
भारी बारिश से सड़कें बंद होने से प्रदेश भर में एचआरटीसी के 1007 रूट बंद हो गए हैं। वहीं, अलग-अलग क्षेत्रों में निगम की 452 बसें फंसी हुई हैं। इसके अलावा हिमाचल से बाहर भी कई बसें फंसी हुई हंै। एचआरटीसी प्रबंधन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार प्रदेश में नाहन यूनिट की एक बस देहरादून पांवटा सड़क पर फंसी हुई है। वहीं एक बस सुंदरनगर यूनिट की सहारनपुर अंबाला के बीच फंस गई है। एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर ने बताया कि मंडी का धर्मपुर डिपो सुरक्षित है। सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है, वीडिया 2015 का है। उन्होंने बताया कि रामपुर-रिकांगपिओ बस रूट बंद है। इसके कारण रिकांगपिओ में स्थानीय बसों का संचालन बंद हो गया है। रामपुर से रोहड़ू के रूट भी भूस्खलन के कारण बंद है। शिमला शहर के अंदर एचआरटीसी बसों की आवाजाही जारी है, लेकिन शहर के साथ लगते कई क्षेत्रों में बसों की आवाजाही बंद है। नाहन में मुख्य सडक़े अलावा सभी लिंक रूट बंद है। इसी तरह सोलन में भी मुख्य सडक़ के अलावा लिंक रूट बंद है। चंबा में एचआरटीसी की सभी बस सेवाएं प्रभावित है। कुल्लू जिला के भी सभी रूट बंद है। धर्मशाला डिपो के लोकल रूट बंद है। हमीरपुर में मुख्य रूट बहाल हैं, लेकिन लिंक रूट बंद है।
हिमाचल में तीन दिन से जारी बारिश प्रदेश को गहरे जख्म दे रही है। अब तक करीब 15 लोगों को यह बेरहम बरसात लील गई है। बरसात के कारण कई जगह लोगों के घर और अन्य भवन जमींदोज हो गए हैं तो कहीं पानी अपने साथ लोगों के आशियाने बहाकर ले गया है। मूसलाधार बारिश के चलते भूस्खलन, बादल फटने, घर ध्वस्त होने, पेड़ और बिजली गिरने से करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। 6 नेशनल हाईवे समेत 828 सड़कें यातायात के लिए अवरुद्ध हैं। 4686 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हैं। सबसे ज्यादा नुकसान कुल्लू और मंडी जिले में हुआ है। मनाली में चार लोग बहने से लापता हैं। वहीं, दो-तीन वोल्वो बसों के बहने की सूचना है। अखाड़ा बाजार में बैली ब्रिज को भारी नुकसान हुआ है। आवाजाही बंद कर दी गई है। मंडी में ब्यास नदी के उफान में 40 साल पुराना पुल बह गया है। जिला ऊना के उपमंडल बंगाणा क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में रविवार देर रात तथा सोमवार सुबह को लगातार हो रही बारिश से यातायात प्रभावित है। वहीं कुछ स्थानों पर रिहायशी मकान तथा गोशालाएं गिर गई हैं। रौद्र रूप दिखा रही ब्यास बारिश से ब्यास नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। नदी के तटीय इलाकों में भारी नुकसान हुआ है। ब्यास किनारे कई घर व होटल बह गए हैं। वहीं पार्वती व तीर्थन नदी व अन्य नदी नालों में बाढ़ जैसे हालात हैं। नदी किनारे बसें गांवों व घरों में पानी घुस गया है। लाहौल के तेलिंग नाला में तीन दिन से फंसे हैं 50 लोग जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में बारिश ने तबाही मचा दी है। मनाली-लेह मार्ग के बीच आने वाले तेलिंग व पागलनाला में बाढ़ आने से सड़क मार्ग बंद है। यहां एचआरटीसी की चार बसों के साथ कुछ छोटे वाहन भी फंसे हैं। बसों में सवार करीब 50 लोग तीन दिनों से भूखे प्यासे हैं। इसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। स्थानीय प्रशासन ने कोई भी मदद नहीं की है। किन्नौर की भावा खड्ड में तीन मकान बहे किन्नौर जिले की भावा खड्ड में रविवार रात बाढ़ आने से तीन मकान बह गए हैं, जबकि दो मकानों को आंशिक रूप से नुकसान हुआ है। एक टिप्पर, एक पिकअप और एक कार बाढ़ मे बह गई है। कई सेब के बागीचों को भी नुकसान पहुंचा है। वहीं भावा खड्ड पर बने पैदल पुल भी बाढ़ की चपेट में आने से बह गए हैं। जबकि कई मकान खतरे की जद में हैं। ऊना आने वाली सभी ट्रेनें रद्द ऊना आने वाली सभी ट्रेनें आज भी रद्द रहेंगी। बारिश की वजह से रेल सेवा पर सबसे बुरा असर पड़ा है। वंदे भारत, जनशताब्दी, हिमाचल एक्सप्रेस सहित पेसेंजर ट्रेने भी नहीं चलेंगी। ऊना, अंब, अंदौरा व दौलतपुर चौक रेलवे स्टेशन भी खाली पड़ हैं। ऊना में कुल नौ ट्रेने अवगमन करतीं हैं। सीएम ने की राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बारिश से हुई तबाही को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है। सीएम सुक्खू रात भर मंडी, कुल्लू, सोलन जिलों में हो रही तबाही की जानकारी लेते रहे। फंसे हुए लोगों को सकुशल निकालने के लिए जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश में लगातार जारी भारी बारिश के चलते प्रदेश उच्च न्यायालय व जिला न्यायपालिका के सभी न्यायालय में सोमवार को अवकाश घोषित किया गया है। इस संबंध में प्रदेश उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल ने आदेश जारी किए हैं। आदेशों में कहा गया है कि अवकाश के स्थान पर भविष्य में किसी अन्य गैर कार्य दिवस को प्रदेश उच्च न्यायालय में कार्य दिवस घोषित किया जाएगा। जिला एवं सत्र न्यायाधीश इसे हिमाचल प्रदेश राज्य के बार एसोसिएशन के माध्यम से आम जनता, वादिकरियों और अधिवक्ताओं के ध्यान में लाएंगे। लगातार हो रही बारिश के कारण वकीलों, कर्मचारियों और न्यायिक अधिकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसके बाद ही ये आदेश जारी किए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश में बीते दिन से बारिश का कहर जारी है। रविवार को प्रउेश में पांच लोगों की मौत हो गई। बारिश की वजह से शिमला में एक मकान गिर गया। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। कुल्लू में एक महिला और रामपुर में एक व्यक्ति की मौत हुई है। कुल्लू जिले के बाहंग में एक दुकान ढह गई। कुल्लू में ब्यास के साथ पार्वती और तीर्थन नदी भी उफान पर हैं। इसके अलावा, मंडी शहर में ब्यास नदी उफान पर है। भूस्खलन की वजह से कई हाईवे बंद हैं। मौसम की मार से वंदे भारत, अम्बाला से ऊना आने वाली ट्रेन प्रभावित हैं। लाहौल में ताजा बर्फबारी और मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। रामशिमला से मनाली मार्ग यातायात के लिए बंद है। सांगरी बैग से बायां तट होते हुए नग्गर मनाली तक भी यातायात के लिए बंद है। कुल्लू के ब्यासा मोड़ में कार फंस गई।
प्रदेश में भारी बारिश के कारण कई जगहों पर नुकसान की खबर है। नदी नाले उफान पर है। पहाड़ों,चट्टानों और पेड़ों के गिरने का डर है। यह क्रम अभी दो दिन तक और जारी रहेगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने लोगों से अपील की है कि ज्यादा जरूरी काम न हो तो घर से बाहर न जाएं। जनता की सुविधा के लिए प्रशासन को हर संभव सहायता प्रदान करने और सतर्क रहने के आदेश दे दिए गए हैं। सरकार हर वक्त आपके साथ खड़ी है। अपना ख्याल रखें और सावधान रहें।
उपायुक्त आशुतोष गर्ग आज यहां बताया कि भारी वर्षा के कारण कुल्लू-मनाली मार्ग पर कई स्थानों पर पत्थर गिरने व रामशिला के निकट व्यास नदी में पानी का स्तर बढ़ जाने के कारण कुल्लू- मनाली व मनाली से अटल टनल व रोहतांग की तरफ वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार व्यास नदी के बाएं तरफ वाया सांगरी बाग से नग्गर मनाली मार्ग पर भी केवल आपातकालीन वाहनों को छोड़कर सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि मंडी-कुल्लू मार्ग पर जगह-जगह भूस्खलन व पत्थरों के गिरने के कारण आपातकालीन वाहनों को छोड़कर सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। उपायुक्त ने सभी लोगों व पर्यटकों से आग्रह किया है वे मौसम साफ होने तक जहां भी रुके है वहीं सुरक्षित रहे तथा अनावश्यक यात्रा से बचे।
हिमाचल प्रदेश में जारी मूसलाधार बारिश के बीच मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से हिमाचल प्रदेश में 9 जुलाई के लिए बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में 10 जुलाई के लिए यलो अलर्ट जारी हुआ है। पूरे प्रदेश में 14 जुलाई तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने हिमाचल के लाहौल-स्पीति में अचानक बाढ़, हिमस्खलन की चेतावनी भी दी है। रेड अलर्ट को देखते हुए मौसम विभाग ने स्थानीय लोगों व पर्यटकों को संबंधित विभागों की ओर से जारी एडवाइजरी और दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है। विभाग के अनुसार मौसम के संबंध में जारी की गई किसी भी यातायात सलाह का पालन करें। -इन जिलों के लिए जारी हुआ रेड अलर्ट प्रदेश के ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिले के लिए बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी हुआ है। वहीं, शिमला, सोलन, सिरमौर व लाहौल-स्पीति के लिए येलो-ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। उधर, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से भी लोगों को एसएमएस के जरिये सचेत रहने की सलाह दी जा रही है।
हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान कई क्षेत्रों में भारी बारिश हुई। इससे प्रदेश में 160 से ज्यादा सड़कें बंद हो गई हैं। मौसम विभाग ने आगे दो दिन तक हाईअलर्ट जारी किया गया है। शिमला और सोलन जिले में धुंध के कारण विजिबिलिटी 50 मीटर तक गिर सकती है। मौसम विभाग की मानें तो ऊना, कांगड़ा, चंबा, बिलासपुर, मंडी, शिमला, सोलन, सिरमौर और हमीरपुर जिले में कुछ स्थानों पर भारी से भी भारी बारिश हो सकती है। इसलिए इन जिलों में मौसम विभाग की ओर से ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। मौसम विभाग की मानें तो बारिश होने से मौसम में गिरावट आई है। अगले 2-3 दिन में भी तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरवाट आएगी। प्रदेश का अधिकतम तापमान औसत से 2.4 डिग्री नीचे लुढ़क चुका है। शिमला का अधिकतम पारा 22.8 डिग्री, ऊना का 33.2 डिग्री, नाहन 26.7 डिग्री, सोलन 27.4 डिग्री, मनाली 22.8 डिग्री, कांगड़ा 31.3 डिग्री, बिलासपुर 32 डिग्री और हमीरपुर 32.4 डिग्री दर्ज किया गया।
* डॉ राजीव बिंदल की नई टीम से जल्द उठ सकता है पर्दा * जिला और ब्लॉक स्तर पर भी चरणबद्ध तरीके से बदलाव तय हिमाचल में लगातार चुनाव हार रही भाजपा अब प्रदेश संगठन में बड़े स्तर पर बदलाव की तैयारी में है। डॉ राजीव बिंदल के तौर पर नए प्रदेश अध्यक्ष की तैनाती पहले ही हो चुकी है और अब संगठन की सर्जरी की तयारी है। बताया जा रहा है पूरी कार्यकारिणी बदलने की तैयारी है और नए प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल ने संभावित कार्यकारिणी की लिस्ट तैयार कर मंजूरी के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को भेज भी दी है। नड्डा की सहमति मिलते ही कई बड़े चेहरों की छुट्टी हो सकती है और हाशिए पर चल रहे कई निष्ठावानों को तवज्जो मिलेगी। निष्क्रिय पदाधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखया जायेगा। ऐसे कई पदाधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है जिनके क्षेत्र में बीते विधानसभा चुनाव में खुलकर बगावत हुई हैं और पार्टी का ग्राफ गिरा है। हालांकि मौजूदा कार्यकारिणी के कुछ पदाधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी भी मिल सकती है। माना जा रहा है कि ये बदलाव सिर्फ राज कार्यकारिणी तक सिमित नहीं रहेगा। पार्टी संगठन में टॉप टू बॉटम बदलाव कर सकती है। राज्य कार्यकारिणी में आवश्यक बदलाव के बाद जिला और ब्लाक कि कार्यकारिणी में भी बदलाव होगा। अन्य मोर्चों में भी जरूरी बदलाव की तैयारी है। वहीँ विधानसभा चुनाव में बगावत का बिगुल फूंकने वाले नेताओं कि घरवापसी को लेकर अभी संभवतः पार्टी कोई निर्णय न ले लेकिन आवश्यकता पड़ने पर इस पर भी विचार हो सकता है। दुनिया के सबसे बड़े राजनैतिक दल, यानी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नडडा का डंका आज पुरे सियासी जगत में बजता है। पर उनके अपने गृह राज्य हिमाचल प्रदेश में नड्डा की चमक लगातार फीकी पड़ी है। अपने ही राज्य में नड्डा अपनी पार्टी को हारते हुए देख रहे है, निश्चित तौर पर ये बात उन्हें खलती तो होगी। जाहिर है नड्डा सियासत के माहिर खिलाड़ी है और अब कोई चांस लेने के मूड में नहीं होंगे। लाजमी है 2024 के लिए नड्डा अब नरम नहीं बल्कि गरम रुख अपनाये। ऐसे में संगठन में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकता है। क्या नए चेहरों पर दांव खेलगी भाजपा ? 2024 लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा एक्शन मोड में है। 2014 और 2019 में भाजपा ने प्रदेश में क्लीन स्वीप किया है और अब पार्टी इस प्रदर्शन को दोहराना चाहती है। मंडी लोकसभा उपचुनाव में हार के बाद पार्टी के तीन सांसद है और माहिर मान रहे है कि पार्टी सीटिंग सांसदों के टिकट काटने या बदलने से भी गुरेज नहीं करेगी। ग्राउंड फीडबैक के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जायेगा। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के अलावा अन्य डॉ सांसदों को टिकट मिलेगा या नहीं, ये कहना मुश्किल है। अनुराग की सीट बदलने को लेकर भी अटकलें तेज है। वहीँ मंडी से पार्टी उम्मीदवार के तौर पर जयराम ठाकुर और अनिल शर्मा के नाम चर्चा में है।
कुल्लू जिला की मणिकर्ण घाटी के शुंकचंग टॉप पर आसमानी बिजली गिरने से 60 भेड़-बकरियों की मौत हो गइ, जबकि भेड़ पालक घायल हो गया है। यह दुखद घटना रात करीब ढाई बजे पेश आई। घटना के दौरान भेड़ पालक भी इसकी चपेट में आ गया है और वह घायल हो गया है। जानकारी के अनुसार क्षेत्र के गाडगी गांव का सोनू कुमार क्षेत्र में अपनी भेड़- बकरियां चराने गया हुआ था कि रात करीब ढाई बजे आसमानी बिजली गिरी, जिस कारण भेड़ पालक को काफी नुकसान हुआ है। पशुपालन विभाग के उप निदेशक विशाल शर्मा ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है और विभाग की टीम क्षेत्र में मौके पर जाएगी और घटना का निरीक्षण करेगा व नुकसान की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके लिए विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश में मानसून की पहली बारिश आफत बना कर बरसी है। भारी बारिश के चलते प्रदेश के कई इलाकों में बाढ़ आने से काफी नुक्सान हुआ है। कुल्लू-मंडी-रामपुर में बाढ़ से कई जगह जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। हमीरपुर में सुजानपुर के खैरी में रविवार को बादल फटने से पांच घरों में मलबा घुस गया। कांगड़ा के नगरोटा बगवां के उपरली मझेटली में बिजली गिरने से मां और डेढ़ साल का बच्चा झुलस गया। मंडी के सराज की तुंगधार और कुल्लू की मौहल खड्ड में बाढ़ से एक दर्जन वाहन बह गए और कई घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। मंडी के शिकारी देवी में शनिवार रात 200 लोग फंस गए, जिन्हें छह घंटे बाद निकाला गया। प्रदेशभर में 85 सड़कें बंद हो गईं हैं। 55 बिजली के ट्रांसफार्मरों को नुकसान पहुंचा है। उधर, कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर जगह-जगह पहाड़ियों से पत्थर, मलबा और पेड़ गिरने से दूसरे दिन भी सभी ट्रेनें रद्द हो गईं। नाहन-कुमारहट्टी और पांवटा-शिलाई नेशनल हाईवे भी कुछ समय के लिए बंद रहा। शिलाई के गंगटोली में खड़ी गाड़ी पर पत्थर गिरे। सतौन और पुरुवाला में खड्ड का पानी दुकानों में घुस गया। जलस्तर बढ़ने से गिरि नदी पर बने जटोन डैम का एक गेट खोलना पड़ा। प्रदेश में मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने सोमवार को ऑरेंज और मंगलवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
एएनटीएफ राज्य सीआईडी मंडी रेंज ने जिला कुल्लू के पतलीकूहल में भागमल (45) पुत्र चुन्नी लाल निवासी मंडी के कब्जे से 7 लाख रुपये मूल्य की 2.300 किलोग्राम चरस और 838 ग्राम अफीम बरामद की है। पुलिस थाना पतलीकूहल में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 18, 20 के तहत मामला दर्ज किया गया है। आगे की जांच जारी है।
दिल्ली-लेह रूट पर एचआरटीसी की बस सेवा शुरू होने के बाद अब पर्यटन विकास निगम ने भी बस सेवा शुरू करने की तैयारी कर ली है। मिली जानकारी के अनुसार पर्यटन निगम 1 जुलाई से मनाली से लेह के लिए अपनी बस सेवा शुरू करेगा। महज 14 घंटे में पर्यटक मनाली से लेह पहुंच सकेंगे। डीलक्स बस का किराया 1800 रुपये प्रति यात्री रहेगा। खास यह है कि पर्यटक इस बस में सफर के साथ ही पर्यटन स्थलों की सैर और बर्फ के बीच मस्ती भी कर सकेंगे। यह बस बारालाचा, तंगलांगला, दारचा, सूरज ताल और दीपक ताल जैसे पर्यटन स्थलों में रुकेगी। गौरतलब है कि एचआरटीसी ने दिल्ली-मनाली-केलांग-लेह रूट पर अपनी बस सेवा शुरू कर दी है। वहीं निगम के परिवहन अधिकारी रामपाल ने बताया कि बस का किराया 1800 रुपये प्रति सीट रहेगा। शिकुंला दर्रा के लिए मिलने वाली बस सुविधा के लिए अभी इंतजार करना होगा।
आनी खंड की पोखरी पंचायत के टिप्पर गांव के समीप एक पिकअप के 200 मीटर खाई में लुढ़क जाने से गाड़ी में सवार दो भाइयों में से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दूसरे को मामूली चोटें आई हैं। उसे सिविल अस्पताल आनी में उपचार दिया गया। डीएसपी आनी चंद्रशेखर कायथ ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि घटना मंगलवार सुबह की है। जानकारी के अनुसार जीवन सिंह पुत्र ख्याले राम (42) निवासी टिप्पर डाकघर कोठी अपने सगे छोटे भाई रामकृष्ण को गाड़ी में बिठाकर टिपर से कुछ दूरी पर परेशी नाला में गाड़ी मोड़ने गया और अचानक गाड़ी करीब 200 मीटर गहरी खाई में जा लुढ़की। हादसे में रामकृष्ण की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि यह गाड़ी हर दिन टिप्पर से निग़ान दुग्ध कलेक्शन सेंटर को दूध लेकर आती थी। मंगलवार को भी यह दूध लेकर निगान आ रही थी और गाड़ी मोड़ते वक्त हादसा पेश आ गया। डीएसपी चंद्रशेखर कायथ ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया है। मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
जिला कुल्लू की तीर्थन घाटी में ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क प्रवेश द्वार चूली छो के पास एक महिला पर्यटक के तीर्थन नदी में बह जाने की सूचना है। प्रवेश द्वार में तैनात वन विभाग के कर्मियों ने एक पर्यटक जोड़े को बिना लोकल गाइड के इस झरने के पास देखा। करीब एक बजे दोपहर महिला के नदी में बह जाने का पता चला है। वहां पर मौजूद लोगों ने नदी में महिला की तलाश शुरू कर दी तथा शासन प्रशासन को इस घटना की सूचना दी गई है। थाना बंजार से पुलिस टीम मौके के लिए रवाना हो चुकी है।
जिला कुल्लू के तहत आनी में आग लगने की घटना सामने आई है। साथ लगते करसोग के चवासी क्षेत्र की पंचायत तुमन के अंतर्गत गांव खरोआ में एक दोमंजिला रिहायशी मकान जलकर राख हो गया। यह मकान गोविंद और उनके दो भाईयों का का था। इस घटना में प्रभावित परिवार को लाखों की क्षति पहुंची है। इस अग्निकांड से गांव में अफरा तफरी मच गई। ग्रामीणों ने प्रभावित परिवार के साथ आग को बुझाने का भरसक प्रयास किया मगर आग तेजी से फैली। प्रशासन ने प्रभावितों को दी राहत इस घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और आग की लपटों को शांत किया। तब तक दो मंजिला रिहायशी मकान पूरी तरह से अग्निकांड की भेंट चढ़ चुका था। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस प्रशासन व राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आगजनी की घटना का जायजा लेकर इसकी रिपोर्ट तैयार की।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने पार्टी कार्यकर्ताओं से भितरघात करने वालों से सचेत रहने का आह्वान करते हुए कहा है कि जो नेता या कार्यकर्ता संगठन को कमजोर करने या उसके आदेशों की अवहेलना करने की कोशिश करेंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा है कि संगठन सर्वोपरि है और उससे ऊपर कोई नही है, चाहे वह किसी भी ओहदे पर क्यों न हो। संगठन की बजह से ही नेताओं ओहदा मिलता हैं। कुल्लू जिला के महौल में पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक को संबोधित करते हुए प्रतिभा सिंह ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं के अथक प्रयासों से ही प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी है और अगर कोई यह सोचता है कि वह स्वयं इतना लोकप्रिय व सक्षम है कि वह स्वयं के बल पर ही चुनाव जीत सकता है तो उसे यह भ्रम समय रहते छोड़ देना चाहिए। लोकतंत्र में जनता जनार्दन ही सर्वोपरि है जो हम सबको चुन कर सत्ता में बैठाती है। प्रतिभा सिंह ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपने मनोबल में किसी भी प्रकार की कमी न लाने का आग्रह करते हुए कहा कि संगठन उनके साथ तनमन से खड़ा है। उन्होंने कहा कि उप चुनावों में उनकी जीत और उसके बाद प्रदेश विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की जीत का एक बड़ा संदेश देशभर में गया हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी जीत के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रही है। जल्द ही देश में लोकसभा चुनाव होने जा रहे हैं और इन चुनावों में उन्हें पूरी एकजुटता के साथ पूर्व की भांति लोगों के बीच उतरना होगा। उन्होंने कहा कि देश मे बढ़ती महंगाई व बेरोजगारी दो ऐसे मुद्दे है जिसके खिलाफ लड़ना होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा की गलत नीतियों की बजह से देश के यह हालात हुए हैं। इसलिए केंद्र की सत्ता से भाजपा को बाहर करना ही होगा तभी देश को इन जटिल समस्याओं से छुटकारा मिलेगा।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा आजकल हिमाचल दौरे पर हैं। आज कुल्लू में बिजली महादेव को नमन कर एक रैली को संबोधित करते हुए नड्डा ने कहा कि जिस पार्टी ने देश में आपातकाल लगाया था, उसके नेता बोल रहे हैं कि देश में लोकतंत्र खतरे में है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा छल कपट से सत्ता पाने का काम किया है, पर भारतीय जनता पार्टी सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भाजपा और एनडीए की सरकार लोगों की सेवा, देश को सुशासन देने और गरीब कल्याण के लिए कटिबद्ध है। आज राजनीति की संस्कृति को पीएम मोदी ने बदल डाला है। वंशवाद से विकासवाद का परिवर्तन और वोट बैंक की राजनीति से रिपोर्ट कार्ड की राजनीति तक पहुंचाना, यह प्रधानमंत्री मोदी ने कर के दिखाया है। अभी हाल में ही पीएम मोदी तीन देशों का दौरा कर के आए हैं। जापान में अमेरिका का राष्ट्रपति मोदी का ऑटोग्राफ मांगता है। कभी किसी ने सोचा था कि ऐसा भी होगा। ये बदलते भारत की तस्वीर है। लेकिन हमारे कांग्रेस के युवराज अमेरिका की धरती पर जाकर भारत की आलोचना करते हैं। पीएम मोदी की आलोचना करते-करते वो भारत की आलोचना करने लगते हैं। इनकी दादी ने आपातकाल लगाया था और ये कहते हैं कि भारत का लोकतंत्र खतरे में है। जो संगठन भारत का विरोध करते हैं राहुल गांधी उनसे विदेश में मिल रहे हैं। देश को एक बार नहीं अनेकों बार मुसीबत में डालने का काम राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ने किया है। भारत की प्रतिष्ठा के साथ मजाक किया है। डोकलाम के समय चीन के दूतावास के लोगों से मिलने की इनको आवश्यकता क्यों पड़ी थी? इस प्रश्न का हमें जवाब चाहिए। राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा करते हैं लेकिन वे प्रतीक तोड़ने के हैं। 100 देशों को भारत ने कोविड वैक्सीन पहुंचाई है और इनमें से 48 देशों को तो मुफ्त में उपलब्ध करवाई है। ये नया भारत है। आज देश सुरक्षित है। 2014 के बाद देश में दमदार, मजबूत और निर्णय लेने वाली सरकार आई है। इसे पहले भ्रष्टाचार और काम न करने वाली सरकार थी। कांग्रेस की अपनी गारंटी नहीं दस गारंटियों की बातें करते हैं।
देश में कई मौके ऐसे आएं है जब सरकारों ने अपने पक्ष में माहौल देखकर समय से पहले चुनाव करवा दिए। क्या आगामी लोकसभा चुनाव भी अपने तय वक्त से पहले हो सकते हैं, ये सवाल इन दिनों सियासी गलियारों में खूब गूंज रहा है। दरअसल, इसी साल के अंत में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने है। क्या मोदी सरकार इन्हीं के साथ लोकसभा चुनाव करवाने पर विचार कर रही है? क्या सरकार का नौ साल की उपलब्धियों के प्रचार में ताकत झोंकना इसका संकेत है? ये अहम सवाल है। 'सेवा सुशासन और गरीब कल्याण' के नारे के साथ भाजपा आक्रामक तरीके से मैदान में उतर चुकी है, मानो चुनाव की घोषणा हो चुकी हो। संभवतः सरकार और पार्टी के शीर्ष स्तर पर लोकसभा चुनावों को लेकर गंभीर मंथन हो रहा है। बीते 6 महीनो में हिमाचल प्रदेश और कर्णाटक में सत्ता से बेदखल हुई भाजपा निश्चित तौर पर आत्ममंथन जरूर कर रही होगी। हालांकि पूर्वोत्तर के नतीजों ने भाजपा को कुछ उत्साहित जरूर किया है। पर पार्टी को इस बात का भी इल्म है कि बीते कुछ समय में कांग्रेस पहले से ज्यादा नियोजित दिख रही है और एंटी इंकम्बैंसी को पूरी तरह खारिज करना भी गलत होगा। ये कहना गलत नहीं होगा कि भाजपा कुछ असहज है। ऐसे में भाजपा के रणनीतिकारों को सोचने की जरुरत है। बताया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव इसी साल नवंबर-दिसंबर में होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के साथ कराने का विचार हो रहा है। इसके पीछे एक तर्क ये हो सकता हैं कि विपक्ष अपनी तैयारी अगले साल मार्च-अप्रैल के हिसाब से कर रहा है और उसे समय नहीं मिलेगा। एक तर्क ये भी हैं कि अगर विधानसभा चुनावों में भाजपा को अनुकूल नतीजे नहीं मिले तो कार्यकर्ताओं का मनोबल कमजोर नहीं होगा, बल्कि अगर दोनों चुनाव साथ हो जाते हैं, तो पीएम मोदी की लोकप्रियता का लाभ राज्यों के चुनावों में भी होगा। मुद्दे भांप रही हैं भाजपा ! कांग्रेस और भाजपा, दोनों तरफ सियासी पैंतरेबाजी तेज हो चुकी है। अगला लोकसभा चुनाव अमीर बनाम गरीब, हिंदुत्व बनाम सामाजिक न्याय और बेतहाशा बढ़ी अमीरी के मुकाबले गरीबी रेखा के नीचे की आबादी में बढ़ोत्तरी जैसे मुद्दों के बीच देखने को मिल सकता हैं। जातीय जनगणना भी बड़ा मुद्दा बन सकती हैं। शायद भाजपा इसे समझ रही हैं और ऐसे में जल्द चुनाव से इंकार नहीं किया जा सकता। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का फीडबैक भी कारण ! मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ से मिलने वाले फीड बैक भाजपा के लिए अच्छा नहीं बताया जा रहा है। राजस्थान में जरूर पार्टी अशोक गहलोत बनाम सचिन पायलट के झगड़े में लाभ तलश रही हैं लेकिन वसुंधरा राजे अगर नहीं साधी गई, तो मुश्किलें शायद भाजपा के लिए अधिक हो। उधर गहलोत सरकार की लोकलुभावन योजनाओं को भी खारिज नहीं किया जा सकता। इसी तरह बिहार, प. बंगाल और महाराष्ट्र में पिछले लोकसभा चुनावों के प्रदर्शन को न दोहरा पाने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
कुल्लू में आज एक उपचाराधीन मरीज ने अस्पताल भवन से कूद कर अपनी जान दे दी। जानकारी के अनुसार क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में उपचाराधीन मरीज ने अस्पताल भवन की पांचवीं मंजिल से छलांग लगा दी, जिससे उसकी मौत हो गई। मरीज के शव को पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू करवा दी है। मरीज दो-तीन दिन से क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में उपचाराधीन था। आज सुबह मरीज बिस्तर से उठ कर अस्पताल भवन की पांचवी मंजिल में गया और खिडक़ी से छलांग लगा दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने इसकी सूचना अस्पताल प्रबंधन को दी, जिसके बाद जब डॉक्टरों ने उसे चेक किया, तो उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक की खराहल घाटी के पौडूशाड का रहने वाला था। पुलिस घटना की जांच कर रही है।
देश के सबसे लंबे और सर्वाधिक ऊंचाई पर स्थित दर्रों से गुजरने वाली हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम की रोमांचकारी दिल्ली-लेह बस सेवा आज से शुरु हो गई है। ये रूट बारालाचा दर्रा (4850 मी.), तांगलंग दर्रा (5328 मी.) व नाकी दर्रा (4769 मी.) से होकर मनोहारी स्थानों सरचू, पांग आदि से गुजरता है, जिसकी कुल लम्बाई 1026 किलोमीटर है तथा कुल किराया 1736 रुपए होगा। इस रूट पर तीन चालक और दो परिचालक सेवाएं देंगे। बस दोपहर बाद 3.45 बजे दिल्ली से चलेगी और अगले दिन सुबह 10.30 पर केलांग पहुंचेगी। रात्रि ठहराव केलांग में रहेगा। सुबह 5.30 बजे बस केलांग से लेह के लिए रवाना होगी तथा अगले दिन प्रातः 4 बजे बस लेह पहुंचेगी। बस का सफर 30 घंटे में पूरा होगा।
एसएफआई का तीन दिवसीय हिंदीभाषी राज्यों का अखिल भारतीय वैचारिक प्रशिक्षण शिविर कुल्लू में शुरू हो चुका है। इस शिविर के दूसरे दिन की पहली कक्षा एसएफआई के भूतपूर्व राज्य अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा द्वारा एसएफआई के कार्यक्रम व संविधान विषय पर ली गई, जिसमें पूरे देश भर से आए प्रतिनिधियों को यह समझाया गया कि एसएफआई का इस देश और इस दुनिया में क्या इतिहास रहा है तथा क्या इसकी विरासत रही है। इसके पश्चात दूसरी कक्षा एसएफआई के भूतपूर्व राष्ट्रीय महासचिव डॉ. विक्रम सिंह द्वारा आरएसएस के हमले और सामाजिक न्याय विषय पर ली गई, जिसमें मौजूदा समय में आरएसएस द्वारा जिस तरह देश में लगातार सांप्रदायिकता को फैलाने का काम किया जा रहा है। लगातार उनके द्वारा इस देश में जातीय ध्रुवीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है और किस तरह से सामाजिक न्याय को तार तार करते हुए लोगों को न्याय से भी वंचित किया जा रहा है। एसएफआई किस तरह आने वाले समय में इसको लेकर पूरे देश भर में छात्रों के मुद्दों के साथ सामाजिक न्याय की निर्णायक लड़ाई लड़ेगी। इस शिविर में 15 राज्यों से लगभग 320 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बीआरओ ने दर्रा को बहाल करने के लिए मनाली और लाहौल कोकसर की तरफ से बर्फ हटाने का काम शुरू किया था। बुधवार को बीआरओ की सफलता मिल गई है। ऐसे में पर्यटकों को जल्द रोहतांग दर्रा के दीदार करने का अवसर मिलेगा। करीब सात माह बाद 13050 फीट ऊंचा रोहतांग दर्रा बहाल हो गया है। बुधवार शाम को दर्रा में दोनों छोर आपस में जुड़ गए हैं। बीआरओ ने दर्रा को बहाल करने के लिए मनाली और लाहौल कोकसर की तरफ से बर्फ हटाने का काम शुरू किया था। बुधवार को बीआरओ की सफलता मिल गई है। ऐसे में पर्यटकों को जल्द रोहतांग दर्रा के दीदार करने का अवसर मिलेगा। अब दोनों छोर मिलाने के बाद बीआरओ तंग सड़क को चौड़ा करने में का काम करेगा। इस ओर बीआरओ के जवानों ने 10 से 12 फीट ऊंची बर्फ के दीवारों को हटाया। सीमा सड़क संगठन 94 के सहायक अभियंता (सिविल) बीडी धीमान की अगुवाई में चल रहे रोहतांग बहाली का कार्य अंजाम तक पहुंचा दिया है।
मुख्यालय में स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला शवाड में मंगलवार को खंड स्तरीय अंडर 38 छात्रा खेलकूद प्रतियोगता का शुभारंभ किया गया। इस प्रतियोगिता में आनी ब्लॉक की 25 स्कूलों की 408 छात्राएं भाग ले रही है। प्रतियोगिता का शुभारंभ रिटायर्ड डिप्टी डायरेक्टर हायर एजुकेशन शिव राम ने किया। सभी स्कूलों ने सुंदर मार्चपास्ट किया। मुख्य अतिथि ने कहा कि गांव के हर बच्चे में प्रतिभा छुपी है। विशेषतौर पर बेटियां खेलों में गांव से लेकर प्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी स्कूली बच्चे खेल भावना से खेल खेले। जीत हार होती रहती है। जीवन में खेल एक ऐसा माध्यम है कि जिससे हम तन मन से स्वस्थ रह सकते है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने पंद्रह हजार, प्रधान रीना कटोच ने पंद्रह हज़ार और प्रधान हेत राम कश्यप ने पंद्रह हजार की धनराशि प्रदान की। प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर शवाड स्कूल की छात्राओं ने लोकनृत्य से धूम मचाई। एकलगीत, समूहगीत, पहाड़ी गीतों आदि रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। वहीं, मार्चपास्ट मे स्थानीय पाठशाला शवाड की छात्राओं ने पहला स्थान हासिल किया जबकि राजकीय कन्या जमा दो ने दूसरा स्थान हासिल किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानचार्य जवाहरलाल ठाकुर, आदर्श स्कूल आनी के प्रधानाचार्य अमरचंद चौहान, प्रधानाचार्य ओलवा पाठशाला से मनमोहन शर्मा, स्थानीय पंचायत के प्रधान हेत राम कश्यप, उप प्रधान कुमार एसएमसी शवाड के अध्यक्ष तिलक गौतम,विश्लाधार की प्रधान रीना कटोच, कोटासेरी की प्रधान पुष्पा कठोच और समस्त पाठशालाओं के अध्यापक उपस्थित थे।
कुल्लू जिले में बिजली महादेव रोप-वे का विरोध तेज हो गया है। शुक्रवार को ढालपुर में रोप-वे के विरोध में खराहल और कशावरी फाटी के लोग सड़कों पर उतरे। लोगों ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और रोष रैली निकाली। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार बिजली महादेव रोप-वे बनाने के फैसले से पहले खराहल व कशावरी की जनता से किसी भी तरह की बातचीत नहीं की गई। लोगों ने कहा कि बिजली महादेव का क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से उभर रहा है। इससे स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार की उम्मीद जगी है, लेकिन रोप-वे बनने से स्थानीय लोगों के रोजगार कम होने की संभावना है। दूसरी ओर रोप-वे बनाने के लिए सैकड़ों पेड़ काटे जाएंगे, जिससे पर्यावरण पर भी दुष्प्रभाव पड़ेगा। रोप-वे नहीं बनाने की बात आम हरियानों की बैठक में देववाणी से भी की गई है। फिर भी रोपवे लगाने की सरकार कोशिश कर रही है, जिससे देवता के हारियान भी नाराज हैं और अपना विरोध कर रहे हैं। लोगों की मांग है कि सरकार शीघ्र सड़क को चौड़ा कर दोनों तरफ से बिजली महादेव में जोड़ा जाए ताकि पर्यटकों व जनता को सुविधा मिल सके। लोगों के अनुसार अगर रोपवे बनाने की योजना को रद्द नहीं किया गया तो उन्हें आंदोलन को तेज करने पर मजबूर होना पड़ेगा।
शिक्षा खंड निरमंड की राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जाओं की एनएसएस यूनिट द्वारा विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया गया। इस दौरान एनएसएस यूनिट द्वारा विभिन्न गतिविधियां करवाई गईं। इसमें छात्रों द्वारा विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर नारा लेखन, चित्रकला के माध्यम से तंबाकू के सेवन से होने वाले दुष्प्रभाव को नारा लेखन और चित्रकला बनाकर दर्शाया गया और एक जागरूकता रैली निकाली, जिसमें नशे के प्रति जागरूक कराने के नारे लगाए गए। इस अवसर पर के स्कूल के प्रधानाचार्य रमेश ठाकुर, कार्यक्रम अधिकारी रवि डोगरा ने तंबाकू से होने वाले दुष्प्रभाव की जानकारी विद्यार्थियों को साझा की और तंबाकू से होने वाली बीमारियों दमा, कैंसर, श्वास रोग, माउथ कैंसर ब्लड प्रैशर जैसी अनेकों बीमारियों के बारे में अवगत कराया। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा तंबाकू निषेध पर विभिन्न चित्रकारी की गई। छात्रा शैफाली ठाकुर ने तंबाकू निषेध के विषय पर भाषण भी दिया।
हिमाचल प्रदेश में मई माह में हुई ठंड ने पिछले 36 सालों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग जिलों में सामान्य तापमान में 4 डिग्री से 6 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई। इससे पहले साल 1987 में मई के महीने में तापमान में इतनी अधिक गिरावट दर्ज की गई थी। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की मानें, तो जून माह में भी हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। बीते 24 घंटों में प्रदेश के हर जिले में जमकर बारिश हो रही है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 3 जून तक प्रदेश में बारिश और अंधड़ का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। उधर, चंबा जिले में हिमस्खलन की सूचना है। जानकारी के अनुसार बैरागढ़-साचपास-किलाड़ मार्ग पर कालाबन के समीप हिमस्खलन से आवाजाही कर रहे यात्री बाल-बाल बचे। सोलन, कांगड़ा, केलांग, किन्नौर, ऊना, सिरमौर, डलहौजी, नारकंडा और धौलाकुआं में भी जमकर बारिश हुई। बुधवार को भी अधिकतम तापमान में सामान्य से छह डिग्री की कमी दर्ज हुई।
उत्तर भारत की दुर्गम महादेव श्रीखंड यात्रा इस बार 7 जुलाई 20 जुलाई तक चलेगी। सोमवार को हुई श्रीखंड महादेव ट्रस्ट की मीटिंग कुल्लू में आयोजित की गई, जिसमें श्रीखंड ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारी व सदस्यों ने बरसात के मौसम को देखते हुए इस बार जुलाई के एक सप्ताह पहले शुरू करने की बात रखी, जिसमें निर्णय लिया गया कि इस बार 7 जुलाई से 20 जुलाई तक आधिकारिक तौर पर श्रीखंड यात्रा चलेगी। इसमें प्रशासन द्वारा अधिकारिक तौर पर श्रद्धालुओं को उचित सुविधा मुहैया कराएगी। जिला उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग की अध्यक्षता में हुई ट्रस्ट की बैठक में यात्रा की अवधि अवधि और प्रशासनिक तैयारियों से जुड़े अन्य कई बिंदु पर विस्तार से चर्चा की गई। ट्रस्ट के संस्थापक सदस्य बुद्धि सिंह ठाकुर और गोविंद प्रसाद शर्मा ने बताया कि 18,570 फीट की श्रीखंड महादेव यात्रा को बरसात होने से पहले ही यात्रा हो और यात्रा में श्रद्धालुओं को हर प्रकार की सुविधा मिले इसकी तैयारी ,सस्ते की मुरम्मत का कार्य यात्रा से एक 1 सप्ताह पहले संपन्न हो और अधिक से अधिक संख्या में देश और विदेश देश के श्रद्धालु इस यात्रा में पवित्र शिवलिंग के दर्शन कर सकें।
*कांगड़ा को मिल सकता है विलम्ब का मीठा फल सुक्खू कैबिनेट में अब तक जिला कांगड़ा को मनमाफिक अधिमान नहीं मिला है। कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के लिहाज से भी देखे तो अब तक हिस्से में सिर्फ एक मंत्री पद आया है। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी, दो सीपीएस और कई कैबिनेट रैंक जरूर मिले है, लेकिन जो वजन मंत्री पद में है वो भला और कहाँ ? बहरहाल सवाल ये है कि जिस संसदीय क्षेत्र ने कांग्रेस की झोली में 17 में से 12 सीटें डाली, क्या सत्ता में आने के बाद कांग्रेस उसे हल्के में ले रही है, या इस इन्तजार का मीठा फल मिलने वाला है। माहिर तो ये ही मान रहे है कि जल्द कांगड़ा के इस विलम्ब की पूरी भरपाई होगी। ऐसा होना लाजमी भी है क्यों कि लोकसभा चुनाव में ज्यादा से ज्यादा एक साल का वक्त है और यहाँ हार की हैट्रिक लगा चुकी कांग्रेस कोई चूक नहीं करना चाहेगी। अलबत्ता कांगड़ा को मंत्री पद मिलने में कुछ देर जरूर हो रही है लेकिन खुद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का ये कहना कि वे भी कांगड़ा के ही है, उम्मीद की बड़ी वजह है। कांगड़ा को टूरिज्म कैपिटल बनाने का सीएम का विज़न हो या आईटी पार्क जैसे अधर में लटके प्रोजेक्ट्स में तेजी लाना, ये दर्शाता है कि सीएम सुक्खू कांगड़ा को लेकर किसी तरह की चूक करना नहीं चाहते। सीएम का नौ दिन का कांगड़ा दौरा भी इसकी तस्दीक करता है। सरकार के पिटारे में कांगड़ा के लिए न योजनाओं की कोई कमी नहीं दिखती। ये ही कारण है कि 2024 से पहले कांगड़ा में कांग्रेस जोश में है। इस बीच मंत्री पद भरने को लेकर फिर सुगबुगाहट तेज हुई है। माना जा रहा है कि कुल तीन रिक्त मंत्री पदों में से दो कांगड़ा के हिस्से आएंगे। इनमें एक ब्राह्मण हो सकता है और एक एससी। ऐसे में एक युवा राजपूत चेहरा भी डार्क हॉर्स है। बहरहाल अंदर की बात ये बताई जा रही है कि सब लगभग तय है और जल्द कांगड़ा को दो मंत्री पद मिलेंगे। प्रदेश की सियासत अपनी जगह पर 2024 में कांग्रेस के लिए कांगड़ा फ़तेह करना आसान नहीं होने वाला है। कई चुनौतियों के बीच कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती है एक दमदार चेहरा। तीन चुनाव हार चुकी कांग्रेस को ऐसा चेहरा चाहिए जो जातीय, क्षेत्रीय और पार्टी की भीतरी राजनीति के लिहाज से संतुलन लेकर आएं। पिछले तीन चुनावों में पार्टी ने यहाँ से ओबीसी कार्ड खेला है, पर नतीजे प्रतिकूल रहे है। ऐसे में पार्टी को फिर सोचने की जरुरत जरूर है। बताया जा रहा ही कि पार्टी अभी से इस पर चिंतन -मंथन में जुटी है। खुद सीएम सुक्खू चाहते है कि जो भी चेहरा हो, उसे पर्याप्त समय मिले। चर्चा में कई वरिष्ठ नाम है जिनमें पूर्व सांसद और मंत्री चौधरी चंद्र कुमार, पूर्व मंत्री और विधायक सुधीर शर्मा, आशा कुमारी जैसे नाम शामिल है। पर संभव है कि इस बार पारम्परिक कास्ट डायनामिक्स को ताक पर रख पार्टी किसी युवा चेहरे को मैदान में उतारे। सुक्खू सरकार के आईटी सलाहकार गोकुल बुटेल भी ऐसा ही एक विकल्प हो सकते है। भाजपा से कौन होगा चेहरा ! 2009 से लेकर अब तक कांगड़ा लोकसभा सीट पर भाजपा लगातार जीत दर्ज करने में कामयाब रही है। पिछले लोकसभा चुनाव में न केवल हिमाचल में बल्कि पूरे देश में भी सबसे ज्यादा मत प्रतिशत हासिल करने का रिकॉर्ड कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के सांसद किशन कपूर के नाम रहा था। 7,25,218 मत प्राप्त कर किशन कपूर लोकसभा पहुंचे, लेकिन इस बार सियासी समीकरण कुछ बदलते नज़र आ रहे है। दरअसल 2022 के विधानसभा चुनाव में भी कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में भाजपा की परफॉरमेंस बेहद खराब रही है। इस संसदीय क्षेत्र की 17 में से सिर्फ पांच सीटें ही भाजपा जीत पाई है। ऐसे में क्या पार्टी चेहरा बदलेगी इसे लेकर कयासों का दौर जारी है। संभावित उम्मीदवारों की फेहरिस्त में मौजूदा सांसद किशन कपूर के अलावा कई और नाम चर्चा में है। इस लिस्ट में गद्दी समुदाय से धर्मशाला के पूर्व विधायक विशाल नेहरिया का नाम भी चर्चा में है। इसके अलावा कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए पवन काजल का नाम भी लिस्ट में है। अब देखना ये होगा कि भाजपा इस दफा कांगड़ा के दुर्ग को फ़तेह करने के लिए किस पर दांव खेलती है। कब कौन बना सांसद 1977 दुर्गा चंद भारतीय लोक दल 1980 विक्रम चंद महाजन कांग्रेस 1984 चंद्रेश कुमारी कांग्रेस 1989 शांता कुमार भाजपा 1991 डीडी खनौरिया भाजपा 1996 सत महाजन कांग्रेस 1998 शांता कुुमार भाजपा 1999 शांता कुमार भाजपा 2004 चंद्र कुमार कांग्रेस 2009 डॉ. राजन सुशांत भाजपा 2014 शांता कुमार भाजपा 2019 किशन कपूर भाजपा ReplyForward * कांगड़ा को मिल सकता है विलम्ब का मीठा फल सुनैना कश्यप। फर्स्ट वर्डिक्ट सुक्खू कैबिनेट में अब तक जिला कांगड़ा को मनमाफिक अधिमान नहीं मिला है। कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के लिहाज से भी देखे तो अब तक हिस्से में सिर्फ एक मंत्री पद आया है। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी, दो सीपीएस और कई कैबिनेट रैंक जरूर मिले है, लेकिन जो वजन मंत्री पद में है वो भला और कहाँ ? बहरहाल सवाल ये है कि जिस संसदीय क्षेत्र ने कांग्रेस की झोली में 17 में से 12 सीटें डाली, क्या सत्ता में आने के बाद कांग्रेस उसे हल्के में ले रही है, या इस इन्तजार का मीठा फल मिलने वाला है। माहिर तो ये ही मान रहे है कि जल्द कांगड़ा के इस विलम्ब की पूरी भरपाई होगी। ऐसा होना लाजमी भी है क्यों कि लोकसभा चुनाव में ज्यादा से ज्यादा एक साल का वक्त है और यहाँ हार की हैट्रिक लगा चुकी कांग्रेस कोई चूक नहीं करना चाहेगी। अलबत्ता कांगड़ा को मंत्री पद मिलने में कुछ देर जरूर हो रही है लेकिन खुद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का ये कहना कि वे भी कांगड़ा के ही है, उम्मीद की बड़ी वजह है। कांगड़ा को टूरिज्म कैपिटल बनाने का सीएम का विज़न हो या आईटी पार्क जैसे अधर में लटके प्रोजेक्ट्स में तेजी लाना, ये दर्शाता है कि सीएम सुक्खू कांगड़ा को लेकर किसी तरह की चूक करना नहीं चाहते। सीएम का नौ दिन का कांगड़ा दौरा भी इसकी तस्दीक करता है। सरकार के पिटारे में कांगड़ा के लिए न योजनाओं की कोई कमी नहीं दिखती। ये ही कारण है कि 2024 से पहले कांगड़ा में कांग्रेस जोश में है। इस बीच मंत्री पद भरने को लेकर फिर सुगबुगाहट तेज हुई है। माना जा रहा है कि कुल तीन रिक्त मंत्री पदों में से दो कांगड़ा के हिस्से आएंगे। इनमें एक ब्राह्मण हो सकता है और एक एससी। ऐसे में एक युवा राजपूत चेहरा भी डार्क हॉर्स है। बहरहाल अंदर की बात ये बताई जा रही है कि सब लगभग तय है और जल्द कांगड़ा को दो मंत्री पद मिलेंगे। प्रदेश की सियासत अपनी जगह पर 2024 में कांग्रेस के लिए कांगड़ा फ़तेह करना आसान नहीं होने वाला है। कई चुनौतियों के बीच कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती है एक दमदार चेहरा। तीन चुनाव हार चुकी कांग्रेस को ऐसा चेहरा चाहिए जो जातीय, क्षेत्रीय और पार्टी की भीतरी राजनीति के लिहाज से संतुलन लेकर आएं। पिछले तीन चुनावों में पार्टी ने यहाँ से ओबीसी कार्ड खेला है, पर नतीजे प्रतिकूल रहे है। ऐसे में पार्टी को फिर सोचने की जरुरत जरूर है। बताया जा रहा ही कि पार्टी अभी से इस पर चिंतन -मंथन में जुटी है। खुद सीएम सुक्खू चाहते है कि जो भी चेहरा हो, उसे पर्याप्त समय मिले। चर्चा में कई वरिष्ठ नाम है जिनमें पूर्व सांसद और मंत्री चौधरी चंद्र कुमार, पूर्व मंत्री और विधायक सुधीर शर्मा, आशा कुमारी जैसे नाम शामिल है। पर संभव है कि इस बार पारम्परिक कास्ट डायनामिक्स को ताक पर रख पार्टी किसी युवा चेहरे को मैदान में उतारे। सुक्खू सरकार के आईटी सलाहकार गोकुल बुटेल भी ऐसा ही एक विकल्प हो सकते है। भाजपा से कौन होगा चेहरा ! 2009 से लेकर अब तक कांगड़ा लोकसभा सीट पर भाजपा लगातार जीत दर्ज करने में कामयाब रही है। पिछले लोकसभा चुनाव में न केवल हिमाचल में बल्कि पूरे देश में भी सबसे ज्यादा मत प्रतिशत हासिल करने का रिकॉर्ड कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के सांसद किशन कपूर के नाम रहा था। 7,25,218 मत प्राप्त कर किशन कपूर लोकसभा पहुंचे, लेकिन इस बार सियासी समीकरण कुछ बदलते नज़र आ रहे है। दरअसल 2022 के विधानसभा चुनाव में भी कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में भाजपा की परफॉरमेंस बेहद खराब रही है। इस संसदीय क्षेत्र की 17 में से सिर्फ पांच सीटें ही भाजपा जीत पाई है। ऐसे में क्या पार्टी चेहरा बदलेगी इसे लेकर कयासों का दौर जारी है। संभावित उम्मीदवारों की फेहरिस्त में मौजूदा सांसद किशन कपूर के अलावा कई और नाम चर्चा में है। इस लिस्ट में गद्दी समुदाय से धर्मशाला के पूर्व विधायक विशाल नेहरिया का नाम भी चर्चा में है। इसके अलावा कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए पवन काजल का नाम भी लिस्ट में है। अब देखना ये होगा कि भाजपा इस दफा कांगड़ा के दुर्ग को फ़तेह करने के लिए किस पर दांव खेलती है। कब कौन बना सांसद 1977 दुर्गा चंद भारतीय लोक दल 1980 विक्रम चंद महाजन कांग्रेस 1984 चंद्रेश कुमारी कांग्रेस 1989 शांता कुमार भाजपा 1991 डीडी खनौरिया भाजपा 1996 सत महाजन कांग्रेस 1998 शांता कुुमार भाजपा 1999 शांता कुमार भाजपा 2004 चंद्र कुमार कांग्रेस 2009 डॉ. राजन सुशांत भाजपा 2014 शांता कुमार भाजपा 2019 किशन कपूर भाजपा ReplyForward
वो लोग जो बेहतर की उम्मीद में साथ छोड़ कर गए थे, शायद आज वापस हाथ पकड़ने की सोचते होंगे। हम बात कर रहे है कांग्रेस के उन तमाम नेताओं की, जिनका पूर्वानुमान एक दम गलत साबित हुआ। वो नेता जो चुनाव से पहले सत्ता में आती हुई कांग्रेस का साथ छोड़ सत्ता से बाहर होती हुई भाजपा के खेमे में जा मिले थे। इस फेहरिस्त में काँगड़ा से विधायक पवन काजल, नालागढ़ से पूर्व विधायक लखविंदर राणा और हर्ष महाजन मुख्य तौर पर शामिल है। ये वो नेता है जिनका कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल होना पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा था, मगर परिणाम सामने आए तो झटका इन्हें ही लग गया। सर्विदित है कि अगर ऐसा न हुआ होता तो निजी तौर पर आज इनके लिए सियासी परिस्थितियां बेहतर हो सकती थी। हिमाचल प्रदेश में सत्ता की चाबी रखने वाले कांगड़ा जिले के ओबीसी नेता पवन काजल किसी समय कांग्रेस पार्टी की आंखों का 'काजल' माने जाते थे। मगर विधानसभा चुनाव से साढ़े 3 महीने पहले भाजपा ने कांग्रेस के इस 'काजल' को अपनी आंखों का 'नूर' बना लिया था। यूँ तो काजल भाजपा से ही कांग्रेस में आए थे, मगर काजल की ऐसे भाजपा में वापसी होगी ये किसी ने नहीं सोचा था। दरअसल पवन काजल ने वर्ष 2012 में भाजपा का टिकट नहीं मिलने पर बगावत करते हुए बतौर निर्दलीय कैंडिडेट चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। विधानसभा चुनाव में तब पवन काजल पहली बार जीते थे। पवन काजल के विधानसभा चुनाव जीतने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह उन्हें कांग्रेस में ले आए। वीरभद्र सिंह ने ही वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में पवन काजल को कांगड़ा से कांग्रेस का टिकट दिया। पवन काजल भी वीरभद्र सिंह के भरोसे पर खरा उतरे और लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए। काजल अक्सर ये कहा भी करते थे कि वे कांग्रेस के साथ नहीं वीरभद्र सिंह के साथ है। कांग्रेस ने उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष भी बनाया, मगर काजल ने कांग्रेस को छोड़ जाना सही समझा। काजल तो चुनाव जीत गए, मगर भाजपा चुनाव हार गई। माना जाता है कि अगर काजल पार्टी न छोड़ते तो उनका मंत्री पद तय था। बात लखविंदर राणा की करें तो राणा तीन बार कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ विधानसभा पहुंचे थे । वर्ष 2010-11 में नालागढ़ के तत्कालीन विधायक हरिनारायण सैणी के निधन के बाद हुए उपचुनाव में लखविंद्र राणा कांग्रेस के टिकट पर मैदान में उतरे और पहली बार विधायक चुने गए। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में राणा हार गए। वर्ष 2017 में उन्होंने एक बार फिर नालागढ़ सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। मगर 2022 के विधानसभा चुनाव से साढ़े 3 महीने पहले वह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में चले गए। भाजपा ने उन्हें टिकट दिया मगर भाजपा में बगावत के चलते राणा चुनाव हार गए। इन दो विधायकों के अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कहे जाने वाले हर्ष महाजन भी चुनाव से पहले भाजपा के हो गए थे। शायद ही किसी ने सोचा हो कि वीरभद्र सिंह के हनुमान कहे जाने वाले हर्ष महाजन और कांग्रेस की राह अलग भी हो सकती है। हर्ष महाजन होलीलॉज के करीबी थे और वे कई बार वीरभद्र सिंह के चुनाव प्रभारी भी रह चुके थे। कहते है कि साल 2012 के विधानसभा चुनाव में वीरभद्र सिंह को मुख्यमंत्री बनाने में हर्ष महाजन का सबसे बड़ा योगदान रहा था। इस चुनाव से पहले भी कांग्रेस द्वारा इन्हें कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था, मगर कांग्रेस पर नज़रअंदाज़गी का आरोप लगाते हुए महाजन भाजपा में शामिल हो गए थे। हालंकि अब भाजपा में हर्ष महाजन को कितनी तवज्जो मिल रही है, ये वे ही जानते होंगे। अगर महाजन कांग्रेस में रहते तो शायद बात कुछ और होती।
प्रदर्शन और आभार कार्यक्रम तो बहुत हुए मगर इस तरह पहले कभी सरकार का आभार व्यक्त करने को कर्मचारियों का हुजूम नहीं उमड़ा। लाखों की संख्या में कर्मचारी सीएम सुक्खू का दिल की गहराईयों से आभार करने को पहुंचे और धर्मशाला का पुलिस ग्राउंड जय सुक्खू के नारो से गूँज उठा। ऐसा स्वागत या स्नेह, सरकार को कर्मचारियों से शायद ही पहले कभी मिला हो, और हो भी क्यों न सीएम सुक्खू के नेतृत्व की इस कांग्रेस सरकार ने कर्मचारियों की उस मांग को पूरा किया है जिसके लिए प्रदेश के लाखों कर्मचारी सालों तक नेताओं की दरों पर दस्तक देते रहे। सीएम सुक्खू ने कर्मचारियों के इस अनंत संघर्ष पर पूर्ण विराम लगाया है, जिसके लिए कर्मचारियों ने सीएम सुक्खू को सर माथे लगा लिया। कभी उन्हें नायक बताया तो कभी पेंशन पुरुष। आभार के जवाब में सीएम सुक्खू भी कह गए कि मैं आपका सेनापति हूँ और आप मेरी सेना हो। 11 दिसंबर को कर्मचारियों के आशीर्वाद से कांग्रेस सरकार बनी और आगे भी ऐसे ही हमारा साथ देते रहना। कर्मचारियों की ये मांग कोई आम मांग नहीं थी। ये वो मसला था जिससे प्रदेश के लाखों कर्मचारियों का भविष्य जुड़ा था, वो कर्मचारी जो एनपीएस के अंतर्गत आते थे और जिन्हें शायद सेवानिवृत होने के बाद अपने बुढ़ापे में किसी और का सहारा लेना पड़ता। एनपीएस के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों के ऐसे कई मामले सामने आए है, जब इन कर्मचारियों को सेवानिवृत होने के बाद नाम मात्र पेंशन मिली। पूरे जीवन सरकार की सेवा करने के बाद ये कर्मचारी बुढ़ापे में इतने लाचार हो गए की जीवन व्यापन कठिन हो गया। इसी के बाद से पुरानी पेंशन बहाली के लिए महासंघर्ष का आरम्भ हुआ। न जाने कितनी ही हड़तालें, प्रदर्शन, अनशन इन कर्मचारियों ने किये मगर एक लम्बे समय तक इनकी नहीं सुनी गई। अपने बुढ़ापे की सुरक्षा के लिए संघर्षरत इन कर्मचारियों पर एफआईआर भी हुई, इन पर वाटर कैनन्स भी दागी गई और इनकी आवाज़ दबाने की कोशीश भी की गई, मगर संघर्ष थमने के बजाए और उग्र होता गया। आखिर जिस सरकार ने कर्मचारियों की नहीं सुनी वो सरकार सत्ता से बाहर हुई और सीएम सुक्खू के नेतृत्व की कांग्रेस सरकार कर्मचारियों के लिए मसीहा बन गई। वादे अनुसार पहली कैबिनेट की बैठक में ही पुरानी पेंशन को बहाल कर दिया गया। सरकार के इस फैसले से कर्मचारियों में केसा उत्साह है ये एक बार फिर धर्मशाला के पुलिस ग्राउंड में देखने को मिल गया।
लाहौल-स्पीति जिला के उदयपुर से करीब छह किमी दूर घाटी के दुर्गम क्षेत्र मयाड़ घाटी के भिंगी नाला में शुक्रवार देर रात्रि हिमखंड सड़क पर आ गिरा है। इससे मयाड़ घाटी का तिंगरेट और चिमरेट दो पंचायत के लोगों का उपमंडल उदयपुर से संपर्क टूट गया है। शनिवार को विधायक रवि ठाकुर को मयाड़ क्षेत्र का दौरा करना है। लेकिन वह अभी तक सड़क खुलने का इंतजार कर रहे हैं। सूचना के बाद लोक निर्माण विभाग की मशीनरी मौके पर पहुंच गई है और सड़क से हिमखंड को हटाने का काम शुरू कर दिया है।
प्रदेश में शुक्रवार रात को हुई ताजा बर्फबारी से मनाली-लेह मार्ग और दारचा-शिंकुला दर्रा यातायात के लिए बंद हो गया है। ऐसे में शनिवार को लेह की तरफ से वाहनों को मनाली की तरफ नहीं भेजा जा रहा है। देर रात को बारालाचा और जिंगजिंगार में गाड़ियां फंस गई थीं उन्हें निकाला जा रहा है। करीब 500 से 600 वाहन फंसे हैं। बीआरओ भी हाईवे तीन को चौड़ा करने के लिए सड़क के किनारों से बर्फ हटाने में जुटा है। इसके अलावा लाहौल और स्पीति में ताजा बर्फबारी हुई है।
वीरवार को आनी के जाबन क्षेत्र में भालू ने अलग-अलग स्थानों पर दो लोगों पर हमला बोलकर उन्हें बुरी तरह से नोच डाला। पहले मामले में जाबन क्षेत्र के छनोट का 76 वर्षीय वृद्ध श्याम दास पुत्र जिंदू राम वीरवार दोपहर के समय जंगल में बकरियां चरा रहा था। इसी बीच झाड़ियों में छुपे भालू ने श्याम लाल पर अचानक हमला बोलकर उसे चेहरे से बुरी तरह नोच कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग व परिजन फ़ौरन घटना स्थल पर पहुंचे और गंभीर रूप से जख्मी श्याम लाल को आनी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद.उसे आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया है। दूसरी घटना भी जाबन क्षेत्र के नगाली कैंची के समीप पेश आई, जहां नाले में जंगली सब्जी लिंगड को चुन रहे नेपाली मूल के मजदूर लालू भादर पर भी झाड़ियों में छुपे भालू ने अचानक हमला बोला और उसे सिर व शरीर के अन्य हिस्सों में नोचकर बुरी तरह जख्मी किया। उसके चीखने चिल्लाने पर भालू भाग खड़ा हुआ। चीखने की आवाज सुनकर ग्रामीण वहां पहुंचे और जख्मी लालू को फ़ौरन उपचार के लिए आनी अस्पताल लाया। डाॅक्टरोंं ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया। इस घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है और लोग जंगली जानवरों के हमलों से सहमे हुए हैं। लोगों ने वन विभाग से इन आदमखोर जानवरों को जल्द पकड़ने की गुहार लगाई है।
***कुल्लू जिले के स्नॉवर वैली पब्लिक स्कूल बजौरा की छात्रा मानवी ने 99.14 प्रतिशत (694) अंक लेकर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। हमीरपुर जिले के सीनियर सेकेंडरी स्कूल चूबतरा की छात्रा दीक्षा कथयाल ने (693) 99 प्रतिशत अंक लेकर प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। वहीं हमीरपुर जिले के ही दो छात्रों ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया है। न्यू इरा सीनियर सेकेंडरी स्कूल परोल के छात्र अक्षित शर्मा और सीनियर सेकेंडरी स्कूल बदारान के छात्र आकर्षक ठाकुर ने 98.86 प्रतिशत (692) अंक लेकर प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने 10वीं कक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. (मेजर) विशाल शर्मा ने बताया कि 91440 विद्यार्थियों ने 10वीं कक्षा की परीक्षा दी थी जिसमें से 81732 विद्यार्थी परीक्षा में पास हुए हैं और 7534 विद्यार्थी परीक्षा में फेल हुए हैं। उन्होंने ने बताया कि इस बार का परिणाम 89.7 प्रतिशत रहा है। वर्ष 2022 में 10वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम 87.5 प्रतिशत रहा था। सचिव डॉ. (मेजर) विशाल शर्मा ने बताया कि विद्यार्थी शिक्षा बोर्ड की बेवसाइट पर परिणाम चेक कर सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने 10वीं कक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. (मेजर) विशाल शर्मा ने बताया कि परिणाम 89.7 प्रतिशत रहा है। 91440 विद्यार्थियों ने 10वीं कक्षा की परीक्षा दी थी। 81732 विद्यार्थी परीक्षा में पास हुए हैं। 7534 विद्यार्थी परीक्षा में फेल हुए हैं। वर्ष 2022 में 10वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम 87.5 प्रतिशत रहा था। सचिव डॉ. (मेजर) विशाल शर्मा ने बताया कि विद्यार्थी शिक्षा बोर्ड की बेवसाइट पर परिणाम चेक कर सकते हैं।
प्रदेश के जिला कुल्लू में ब्यास नदी में एक राफ्ट पलटने से महाराष्ट्र की महिला पर्यटक की मौत हो गई है। जानकारी के लिए अनुसार जिला मुख्यालय कुल्लू के पास बबली में यह घटना घटी है। महाराष्ट्र से पूरा पूरिवार पर्यटन नगरी कुल्लू-मनाली की ओर घूमने आया था। ब्यास नदी में राफ्टिंग का आनंद लेने के लिए परिवार उतरा और अचानक राफ्ट पलट गई। राफ्ट पटलने से महिला ब्यास नदी में डूब गई और गाइड ने महिला को नदी से बाहर निकालने का प्रयास किया और तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डाक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। अन्य सभी पर्यटक सुरक्षित हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
साइंस स्ट्रीम में ओजस्विनी उपमन्यु ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। 500 में से 493 अंक (98.6 प्रतिशत) हासिल किए हैं। ओजस्विनी उपमन्यु जिला ऊना के घनारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्र हैं। कॉमर्स स्ट्रीम में सिरमौर जिले के सीनियर सेकेंडरी स्कूल सराहन की छात्रा वृंदा ठाकुर ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। वृंदा ने 500 में से 492 अंक (98.4 प्रतिशत) हासिल किए हैं। आर्ट्स स्ट्रीम में प्रदेशभर में पहले स्थान पर चार विद्यार्थी रहे हैं। चारों ने 500 में से 487 अंक (97.4 प्रतिशत) हासिल किए हैं। डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल ऊना की छात्रा तरनिजा शर्मा, रूट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल करसोग की छात्रा दिव्य ज्योति, सीनियर सेकेंडरी स्कूल पोर्टमोर शिमला की छात्रा नूपुर कैथ और सिरमौर जिले के सीनियर सेकेंडरी स्कूल जरवा जुनेली के छात्र ज्येश प्रदेश भर में पहले स्थान पर रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (HPBOSE) 12वीं कक्षा का वार्षिक (12th Class Result) परिणाम इस बार 79.4 फीसदी रहा है। ऊना की सीसे स्कूल घनारी की ओजस्वनी उपमन्यु पुत्री राम कुमार ऑलओवर परीक्षा में 98.6 अंक हासिल कर पहले स्थान पर रही। सिरमौर की वृंदा ठाकुर पुत्री अरुण कुमार ने 98.6 फीसदी अंक हासिल कर दूसरे नंबर पर रही वहीं सीसे स्कूल चूरड़ू की कनूप्रिया पुत्री संजय कुमार ने 98.2 फीसदी अंक लेकर तीसरा स्थान हासिल किया।
**ओजस्विनी उपमन्यु ने साइंस संकाय में 500 में से 493 अंक (98.6 प्रतिशत) हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। जिला ऊना के घनारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्र हैं। **कॉमर्स संकाय में सिरमौर जिले के सीनियर सेकेंडरी स्कूल सराहन की छात्रा वृंदा ठाकुर ने 500 में से 492 अंक (98.4 प्रतिशत) हासिल प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। **आर्ट्स संकाय में प्रदेशभर में चार विद्यार्थी ने 500 में से 487 अंक (97.4 प्रतिशत) हासिल कर पहला स्थान हासिल किया है। जिसमे डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल ऊना की छात्रा तरनिजा शर्मा, रूट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल करसोग की छात्रा दिव्य ज्योति, सीनियर सेकेंडरी स्कूल पोर्टमोर शिमला की छात्रा नूपुर कैथ और सिरमौर जिले के सीनियर सेकेंडरी स्कूल जरवा जुनेली के छात्र ज्येश प्रदेश भर में पहले स्थान पर रहे हैं। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने 12वीं कक्षा की परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। परिणाम 79.4 प्रतिशत रहा है। 105369 विद्यार्थियों ने 12वीं कक्षा की परीक्षा दी थी जिसमे से 83418 विद्यार्थी परीक्षा में पास हुए हैं।13335 विद्यार्थियों की कंपार्टमेंट आई है। 8139 विद्यार्थी परीक्षा में फेल हुए हैं। वर्ष 2022 में 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम 93.90 प्रतिशत रहा था। सचिव डॉ. (मेजर) विशाल शर्मा ने जानकारी दी की विद्यार्थी शिक्षा बोर्ड की बेवसाइट पर अपना परिणाम देख सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड 12वीं कक्षा का वार्षिक परिणाम शनिवार सुबह 11 बजे घोषित करेगा। स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. विशाल शर्मा ने पुष्टि करते हुए बताया कि तकनीकी कारणों के चलते आज परिणाम घोषित नहीं किया जा सका। शनिवार सुबह 11 बजे परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। रिजल्ट घोषित करने के लिए लगभग सारी औपचारिक्ताएं पूरी की जा चुकी हैं।
निरमंड उपमंडलाधिकारी कार्यालय के बाहर मंगलवार को किसान सभा सीपीआईएम इकाई निरमंड के बैनर तले निरमंड ब्लॉक में सड़कों व बसों की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन को किसान सभा निरमंड ब्लॉक के अध्यक्ष देवकी नंद, किसान सभा जिला सचिव पूरण ठाकुर, प्रधान ग्राम पंचायत राहणू तेज राम, प्रधान ग्राम पंचायत घाटू भोगा राम, टीपू, पूर्व पंचायत ग्राम पंचायत भालसी राधा देवी व कश्मीरी लाल ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि निरमंड ब्लॉक में सड़कों की बहुत ही खस्ताहालत है, सड़कों में गड्ढे ही गड्ढे दिखते हैं, जिससे कभी भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है। उन्होंने कहा कि बसों की भी कमी है, आज भी कई क्षेत्र हैं जहाँ बसें नही जा रही हैं जिससे कि लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को बसे ना चलने से भी लोग दुखी हैं। उन्होंने कहा कि इन मुद्दो को लेकर उपमंडलाधिकारी निरमंड के साथ भी आज बैठक हुई, जिसमें अड्डा प्रभारी निरमण्ड व थाना प्रभारी निरमण्ड भी मौजूद रहे।बैठक में इन मुद्ददों पर चर्चा हुई। इस बैठक मे कुछ मुद्दों पर विभाग ने माना कि जो बस रामपुर से कांडा कतमोर तक जाती थी, वह बस आजकल बांदल तक ही जाती थी, वह बस आज से ही कंडा कतमोर जाएगी। डमेहली बस जो अरसू तक जाती थी, वो बस भी आज से ही चुनागही तक जाएगी। क्योंकि आगे सड़क का काम चला है। शिमला से शरशाह निजी बस जो कि आजकल उरटू तक ही जाती थी वो बस भी आज से शरशाह तक चलने का आश्वासन दिया गया। कुण्डकोड ठारवा बस एक सप्ताह के अंदर चलाई जाएगी।


















































