राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सरयांज में सातवां राष्ट्रीय संविधान दिवस बड़े हर्षोल्लास से मनाया गया
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सरयांज में सातवां राष्ट्रीय संविधान दिवस बड़े हर्षोल्लास से मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय में कोरोना नियमों का पालन करते हुए संक्षिप्त कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रवक्ता राजनीति विज्ञान अमरदेव शर्मा ने कार्यक्रम का संचालन किया और सभी छात्रों को संवैधानिक मूल्यों का सम्मान करने का आह्वान किया। डॉ मुक्तेश कुमार गौतम ने संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया। इस अवसर पर प्रवक्ता अर्थशास्त्र प्रकाश बटटु और प्रधानाचार्य प्रेमलाल नेगी ने भी उपस्थित छात्रों और शिक्षकों को संविधान निर्माण,इसकी उपयोगिता और महत्व पर प्रकाश डाला।प्रधानाचार्य प्रेम लाल नेगी ने सभी छात्रों से आह्वान किया कि संविधान का ध्यानपूर्वक अध्ययन कर इसे समझने का प्रयास करें और इसके अनुरूप आचरण करें। संवैधानिक नियमों का पालन करने से ही राष्ट्र का हित और विकास संभव है। इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक और अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धुंदन में प्रधानाचार्य सरताज सिंह राठौर की अध्यक्षता में संविधान दिवस मनाया गया। इस अवसर पर राजनीति शास्त्र के प्रवक्ता सुरेंद्र कुमार ने संविधान दिवस पर विस्तार से जानकारी दी तथा बताया की संविधान दिवस मनाने की शुरुआत वर्ष 2015 में हुई थी। उन्होंने अपने वक्तव्य में बताया की जब देश आजाद हुआ तो सबसे बड़ी चुनौती अपने देश के लिए अपना संविधान बनाने की थी। यह चुनौती भरा कार्य डॉ भीम राव अम्बेडकर ने किया तथा 2 वर्ष 11 महीने और 18दिन में अपना संविधान तैयार किया। इस अवसर पर संविधान की प्रस्तावना को भी पढ़ा गया।इस अवसर पर वरिष्ठ प्रवक्ता नरेंद्र कपिला,नरेंद्र लाल,सुमन,पूनम,प्रवीण तथा विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
संविधान दिवस पर आज उपायुक्त किन्नौर आबिद हुसैन सादिक ने उपायुक्त सभागार में अधिकारियों तथा कर्मचारियों को संविधान की शपथ दिलाई। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज ही के दिन वर्ष 1949 में भारत के संविधान को स्वीकार किया गया था तथा इसीलिए आज के दिन को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी पूह अश्वनी कुमार, उपमण्डलाधिकारी कल्पा स्वाति डोगरा व विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
ऊना, 26 नवंबरः केंद्रीय सूचना-प्रसारण तथा युवा सेवाएं व खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने आज दिल्ली से एक वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता करते हुए ऊना पीजीआई अस्पताल के निर्माण पर फीडबैक ली। इस वर्चुअल बैठक में ऊना से उपायुक्त राघव शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, चंडीगढ़ से पीजीआई के अधिकारी तथा नोएडा से हाइट्स कंपनी के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में अनुराग ठाकुर ने कहा कि 450 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला पीजीआई अस्पताल ऊना एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जिसकी समीक्षा जल्द ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया दिल्ली में करेंगे। दिसंबर माह में समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जिसके लिए पीजीआई व हाइट्स अभी से तैयारी करें। उन्होंने कहा कि नवंबर माह के अंत तक समीक्षा बैठक की तिथि निर्धारित कर दी जाएगी। अनुराग ठाकुर ने कहा कि पीजीआई अस्पताल का प्रारंभिक नक्शा हाइट्स कंपनी ने तैयार कर लिया गया है तथा जल्द ही डीपीआर बनाकर टेंडर लगा दिए जाएंगे। उन्होंने हाइट्स कंपनी को बिना देरी किए समयसीमा को ध्यान में रखकर सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाइट्स कंपनी जिला प्रशासन ऊना से बेहतर समन्वय स्थापित कर परियोजना के निर्माण में तेजी लाए। बैठक में उपायुक्त ऊना राघव शर्मा ने कहा कि ऊना पीजीआई अस्पताल के निर्माण के लिए राज्य सरकार ने धन उपलब्ध करवा दिया है और बिजली, पानी व सड़क जैसे सभी कार्य समयसीमा के भीतर पूरे कर लिए जाएंगे।
मंडी, 26 नवम्बर उपायुक्त अरिंदम चौधरी ने संविधान दिवस के अवसर पर शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय सभागार में विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भारत के संविधान की उद्देशिका को सर्वोपरि रख कर उसकी भावना के अनुरूप काम करने की शपथ दिलाई। उपायुक्त ने सभी को संविधान दिवस की बधाई देते हुए कहा कि भारत की ताकत अपने महान संविधान में निहित है। इसी के बूते भारत आज प्रभुतासंपन्न, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतंत्रात्मक गणराज्य के तौर पर दुनिया का सबसे बड़ा व सशक्त प्रजातंत्र बना है, जो मजबूती से एकता के सूत्र में बंधा है। भारत का संविधान, भारत का सर्वोच्च विधान है। 26 नवम्बर 1949 को भारतीय संविधान सभा द्वारा इस संविधान को अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को इसे लागू किया गया था। संविधान दिवस मनाने की शुरुआत 2015 से हुई क्योंकि ये वर्ष संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के जन्म के 125वें साल के रूप में मनाया गया था। इस अवसर पर जिला राजस्व अधिकारी राजीव सांख्यान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
नगर एवं ग्राम योजना विभाग के तत्वाधान में कण्डाघाट विकास खण्ड की ग्राम पंचायत सकोड़ी के सभागार में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अन्य को हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना अधिनियम 1977 व चायल विशेष क्षेत्र में लागू नियमों तथा विनियमों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। बैठक की अध्यक्षता नगर एवं ग्राम योजनाकार लीला श्याम ने की। बैठक में ग्राम पंचायत हिन्नर, झाझा, सकोड़ी, नगाली, दंघील, बांजनी, रहेड़ तथा चायल के जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। लीला श्याम ने इस अवसर पर कहा कि पंचायत प्रतिनिधि सम्बन्धित ग्राम पंचायतों में लोगों को नगर एवं ग्राम नियोजन के नियमों की जानकारी दें ताकि सभी निर्माण कार्य योजनाबद्ध तरीके से हों। उन्होंने अपार्टमेंट/रेरा विनियम के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अधिसूचित योजना व विशेष क्षेत्र मे 500 वर्ग मीटर भूमि पर प्लाॅट या 8 से अधिक अपार्टमेंट के निर्माण का विक्रय करना चाहता है तो उसके लिए रेरा के अन्तर्गत पंजीकृत होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को सोलन जिला में कहीं भी 2500 वर्ग मीटर भूमि पर प्लाॅट या अपार्टमेंट का निर्माण कर उसका विक्रय करना हो तो ऐसे क्षेत्र को डीम्ड योजना क्षेत्र समझा जाएगा। ऐसे क्षेत्र के लिए नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग से स्वीकृति लेना व भू-सम्पदा (रेरा) के अन्तर्गत पंजीकृत होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा लोगो की सुविधा के लिए ऑनलाइन योजना स्वीकृति प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। लीला श्याम ने इस अवसर पर लोगों को अवैध निर्माण तथा भविष्य में इससे उत्पन्न होने वाली समस्याओं के बारे में अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि इन सभी समस्याओं से निपटने के लिए विभाग की स्वीकृति के बिना कोई भी निर्माण न किया जाए। बैठक में सहायक नगर एवं ग्राम योजनाकार रमेश भारद्वाज ने शहर एवं नगर योजना की आवश्यकता तथा महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने नगर एवं ग्राम योजना अधिनियम 1977 के अधीन राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर अधिसूचित विभिन्न नीतियों एवं नियमों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने योजनाबद्ध निर्माण के लाभ भी बताए। उन्होंने कहा कि निर्माण योग्य भूमि का सही आकार होने से अपने गांव एवं शहर योजनाबद्ध विकास होगा। मकान के चारों ओर सैट-बैक्स (खुले स्थान) छोड़ने से मकान में नमी व बीमारियों से राहत, उचित हवा व रोशनी उपलब्ध होगी। इससे प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के साथ-साथ अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी। उन्होंने कहा कि सीमित मंजिल के मकान जहां सुरक्षित हैं वहीं आवास के भीतर उचित पार्किंग की व्यवस्था सभी के लिए लाभदायक है। योजना अधिकारी राजमोहन सिंह ने हिमाचल प्रदेश टीसीपी विनिमय 7 तथा 8 के बारे मे विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने हिमाचल प्रदेश टीसीपी अधिनियम 1977 की धारा 16 (सी) के बारे में पंचायत प्रतिनिधियों अवगत करवाया। प्लाॅट सब डिविजन की उपयोगिता व इसे न करवाने के दुष्परिणामों की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा 27 मार्च 2009 को जारी अधिसूचना के अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण के लिए छूट प्रदान की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में 600 वर्ग मीटर फलोर एरिया तक के तीन मंजिला रिहायशी भवन निर्माण के लिए विभाग की अनुमति की आवश्यकता नहीं है। इसके लिए कोई शुल्क भी देय नहीं है। उन्होंने वर्षा जल संग्रहण टैंक तथा सौर उर्जा के प्रयोग की जानकारी भी दी। इस अवसर पर विभिन्न ग्राम पंचायतों के पंचायत प्रतिनिधि, वरिष्ठ योजना प्रारूपकार बलराज, प्रारूपकार जसबीर सिंह, रविन्द्र वर्मा तथा सागर कुमार उपस्थित थे।
नगर एवं ग्राम योजना विभाग के तत्वाधान में कण्डाघाट विकास खण्ड की ग्राम पंचायत सकोड़ी के सभागार में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अन्य को हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना अधिनियम 1977 व चायल विशेष क्षेत्र में लागू नियमों तथा विनियमों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। बैठक की अध्यक्षता नगर एवं ग्राम योजनाकार लीला श्याम ने की। बैठक में ग्राम पंचायत हिन्नर, झाझा, सकोड़ी, नगाली, दंघील, बांजनी, रहेड़ तथा चायल के जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। लीला श्याम ने इस अवसर पर कहा कि पंचायत प्रतिनिधि सम्बन्धित ग्राम पंचायतों में लोगों को नगर एवं ग्राम नियोजन के नियमों की जानकारी दें ताकि सभी निर्माण कार्य योजनाबद्ध तरीके से हों। उन्होंने अपार्टमेंट/रेरा विनियम के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अधिसूचित योजना व विशेष क्षेत्र मे 500 वर्ग मीटर भूमि पर प्लाॅट या 8 से अधिक अपार्टमेंट के निर्माण का विक्रय करना चाहता है तो उसके लिए रेरा के अन्तर्गत पंजीकृत होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को सोलन जिला में कहीं भी 2500 वर्ग मीटर भूमि पर प्लाॅट या अपार्टमेंट का निर्माण कर उसका विक्रय करना हो तो ऐसे क्षेत्र को डीम्ड योजना क्षेत्र समझा जाएगा। ऐसे क्षेत्र के लिए नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग से स्वीकृति लेना व भू-सम्पदा (रेरा) के अन्तर्गत पंजीकृत होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा लोगो की सुविधा के लिए ऑनलाइन योजना स्वीकृति प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। लीला श्याम ने इस अवसर पर लोगों को अवैध निर्माण तथा भविष्य में इससे उत्पन्न होने वाली समस्याओं के बारे में अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि इन सभी समस्याओं से निपटने के लिए विभाग की स्वीकृति के बिना कोई भी निर्माण न किया जाए। बैठक में सहायक नगर एवं ग्राम योजनाकार रमेश भारद्वाज ने शहर एवं नगर योजना की आवश्यकता तथा महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने नगर एवं ग्राम योजना अधिनियम 1977 के अधीन राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर अधिसूचित विभिन्न नीतियों एवं नियमों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने योजनाबद्ध निर्माण के लाभ भी बताए। उन्होंने कहा कि निर्माण योग्य भूमि का सही आकार होने से अपने गांव एवं शहर योजनाबद्ध विकास होगा। मकान के चारों ओर सैट-बैक्स (खुले स्थान) छोड़ने से मकान में नमी व बीमारियों से राहत, उचित हवा व रोशनी उपलब्ध होगी। इससे प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के साथ-साथ अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी। उन्होंने कहा कि सीमित मंजिल के मकान जहां सुरक्षित हैं वहीं आवास के भीतर उचित पार्किंग की व्यवस्था सभी के लिए लाभदायक है। योजना अधिकारी राजमोहन सिंह ने हिमाचल प्रदेश टीसीपी विनिमय 7 तथा 8 के बारे मे विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने हिमाचल प्रदेश टीसीपी अधिनियम 1977 की धारा 16 (सी) के बारे में पंचायत प्रतिनिधियों अवगत करवाया। प्लाॅट सब डिविजन की उपयोगिता व इसे न करवाने के दुष्परिणामों की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा 27 मार्च 2009 को जारी अधिसूचना के अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण के लिए छूट प्रदान की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में 600 वर्ग मीटर फलोर एरिया तक के तीन मंजिला रिहायशी भवन निर्माण के लिए विभाग की अनुमति की आवश्यकता नहीं है। इसके लिए कोई शुल्क भी देय नहीं है। उन्होंने वर्षा जल संग्रहण टैंक तथा सौर उर्जा के प्रयोग की जानकारी भी दी। इस अवसर पर विभिन्न ग्राम पंचायतों के पंचायत प्रतिनिधि, वरिष्ठ योजना प्रारूपकार बलराज, प्रारूपकार जसबीर सिंह, रविन्द्र वर्मा तथा सागर कुमार उपस्थित थे।
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) सोलन में विभिन्न व्यवासायों में शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिए रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए 30 नवम्बर, 2021 तक स्पाॅट राउन्ड करवाया जा रहा है। यह जानकारी आईटीआई सोलन के प्रधानाचार्य अजेश कुमार ने आज यहां दी। अजेश कुमार ने कहा कि स्पाॅट राउन्ड में केवल ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल पर पंजीकृत अभ्यर्थी ही आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जो अभ्यर्थी ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल पर पंजीकृत नहीं है वे अपना पंजीकरण ऑनलाइन पोर्टल पर करवा लें तथा पंजीकरण के उपरान्त पोर्टल से अपने आवेदन प्पत्र का प्रिन्ट निकालना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आईटीआई सोलन में विभिन्न व्यावसायों में सब्सिडाईज्ड तथा नाॅन सब्सिडाईज्ड सीटें रिक्त हैं। उन्होंने कहा कि सब्सिडाईज्ड सीटों में कारपेन्टर की 09 सीटें, कम्प्यूटर ऑपरेटर एण्ड प्रोग्रामींग एसीस्टेंट, सिलाई तकनीक तथा मशीनिस्ट की एक-एक और सरफेस ओरनमाटेंशन तकनीक (एम्ब्राॅयडरी) की 15 सीटें रिक्त हैं। अजेश कुमार ने कहा कि नाॅन सब्सिडाईज्ड सीटों में इलैक्ट्राॅनिक मेकेनिक की 06, सूचना संचार प्रौद्योगिकी प्रणाली मुरम्मत की 04, मशीनिस्ट की 04, टर्नर की 05, खाद्य उत्पादन (सामान्य) की 08, फ्रन्ट ऑफिस एसिस्टेंट की 03, वेल्डर की 02, कम्प्यूटर ऑपरेटर एण्ड प्रोग्रामिंग एसिस्टेंट की 14, ड्राफ्ट्समेन (सिविल) की 13 तथा मैकेनिक डीज़ल की 16 सीटें रिक्त हैं। प्रधानाचार्य ने कहा कि ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल पर पंजीकृत अभ्यर्थी को रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए संस्थान स्तर पर व्यक्तिगत रूप से आवेदन प्रत्र, दस्तावेज तथा फोटों पहचान पत्र साथ लाने होंगे। अभ्यर्थियों से संस्थान स्तर पर पूर्व निर्धारत नियमों के अन्तर्गत प्रवेश के लिए आवेदन प्रपत्र दैनिक आधार पर प्रातः 9.00 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक लिए जाएंगे। इसके उपरान्त वरीयता सूची तैयार कर दोपहर 2.30 बजे रिक्त सीटों के लिए प्रवेश प्रक्रिया आरम्भ की जाएगी। पिछले दिन तैयार की गई वरीयता सूची अगले दिन के लिए मान्य नहीं होगी। प्रवेश मिलने की स्थिति में अभ्यर्थी को निर्धारित सभी प्रकार के शुल्क उसी समय जमा करवाने होंगे। उन्होंने कहा कि रिक्त सीटों के सम्बन्ध में अधिक जानकारी आईटीआई सोलन में व्यक्तिगत रूप से या दूरभाष नम्बर 01792-223753 से प्राप्त की जा सकती है।
अतिरिक्त उपायुक्त सोलन ज़फ़र इकबाल ने उपायुक्त कार्यालय सोलन में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संविधान की अनुपालना की शपथ दिलाई। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि संविधान की अनुपालना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि संविधान के अनुसार नियम पालन करें और देश तथा प्रदेश के विकास में सहभागी बनें। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को एक साल पूरा होने पर किसान बड़ी संख्या में गाजीपुर, सिंघु और टीकरी बॉर्डर पर इकट्ठा हुए। हरियाणा के बहादुरगढ़ में तीन कृषि कानूनों के विरोध की पहली बरसी पर किसानों ने 'किसान महापंचायत' का आयोजन किया। इस मौके पर किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि अभी तो आंदोलन चल रहा है। केंद्र सरकार अगर बातचीत करेगी तो आगे का समाधान निकलेगा, वे बात ही नहीं करना चाहते हैं। बिना बात के कैसे समाधान निकलेगा। राकेश टिकैत ने आगे कहा, जब तक एमएसपी की गारंटी देने वाला कानून नहीं आता, आंदोलन में मारे गए किसानों के परिजनों को मुआवजा नहीं मिलता पीछे नहीं हटेंगे। 750 किसानों की मौत हुई उसकी जिम्मेदारी, एमएसपी पर गारंटी कानून, अजय टेनी और किसानों पर मुकदमे, इन चार सवालों का जवाब दे सरकार। एमएसपी पर गारंटी कानून बने ये मांग है हमारी। पंजाब में कई जगहों पर आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के लिए श्रद्धांजलि सभा का भी आयोजन किया गया है। बता दें कि, किसान MSP को कानून बनाने की मांग पर अड़े हैं। इसके अलावा प्रदूषण के लिए किसानों पर कार्रवाई ना करने की मांग भी हो रही है।
5 दिसंबर को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान बिलासपुर में शुरू हो जाएगा। इस संस्थान का शुभारंभ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया करेंगे तथा इस खास मौके पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मौजूद रहेंगे। कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज को लेकर संपूर्ण वैक्सीनेशन कार्यक्रम भी अब मंडी के बजाय बिलासपुर में होना प्रस्तावित हुआ है। प्रदेश सरकार ने पहले मंडी में वैक्सीनेशन संपूर्ण कार्यक्रम करने का फैसला लिया था। इसकी जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को भी दी गई थी। 4 दिसंबर को 11 बजे केंद्रीय मंत्री ने संपूर्ण वैक्सीनेशन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करनी थी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी इस अवसर पर मौजूद रहना था। इसके बाद बाद उन्हें बिलासपुर एम्स में ओपीडी का शुभारंभ करने आना था। अब अचानक कार्यक्रम में बदलाव हुआ है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान बिलासपुर में शुरुआत में अभी कुछ ओपीडी ही चलेंगी। बताया जा रहा है कि मेडिसन, आर्थो, सर्जरी, स्किन आदि की ओपीडी को पहले शुरू किया जाना है।
तीन कृषि कानूनों को वापिस लेने के बाद भी प्रदर्शनकारी किसान आज भी अपनी कुछ मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। आप को बता दे की कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन को पूरा एक साल हो गया है। वहीं इस मौके पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए कहा, "आज किसान आंदोलन को पूरा एक साल हो गया है। इस ऐतिहासिक आंदोलन ने गर्मी-सर्दी, बरसात-तूफ़ान के साथ अनेक साज़िशों का भी सामना किया। देश के किसान ने हम सबको सिखा दिया कि धैर्य के साथ हक की लड़ाई कैसे लड़ी जाती है। किसान भाइयों के हौसले, साहस, जज़्बे और बलिदान को मैं सलाम करता हूं। ध्यान देने लायक बात यह है कि दिल्ली की सीमाओं पर हजारों किसान, खासकर पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के, तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग के साथ पिछले साल 26 नवंबर से प्रदर्शन कर रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने गुरुवार हैदराबाद में कहा कि फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी सहित अन्य मांगे पूरी होने और केन्द्र के साथ हमारी बातचीत होने तक किसान आंदोलन जारी रहेगा। संयुक्त किसान मोर्चा आगे के कदमों पर फैसला करने के लिए 27 नवंबर को एक और बैठक करेगा।
कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों के आंदोलन को आज यानि शुक्रवार को एक साल पूरा हो गया। इस मौके पर काफी संख्या में किसान दिल्ली बॉर्डर पर जमा हो गए है। जिसके चलते दिल्ली की सीमा पर एक बार फिर से बड़ी संख्या में बैरिकेड लगाए गए है तथा साथ ही सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ाई गई है। दिल्ली पुलिस ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे कानूनों को अपने हाथ में न लें। दिल्ली पुलिस ने किसानों द्वारा 26 नवंबर को दिए गए आवाहन को देखते हुए इंतजाम किए गए हैं, जिससे कोई भी कानून को अपने हाथ में ना ले। लोगों की भारी संख्या को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने शुक्रवार की सुबह ट्वीट करते हुए कहा- स्थानीय पुलिस की तरफ से गाजीपुर अंडरपास के करीब स्थानीय पुलिस की तरफ से बैरिकेडिंग की वजह से गाजियाबाद से दिल्ली की ओर काफी ज्यादा ट्रैफिक है। इसके साथ ही, ट्रैफिक पुलिस की तरफ से दिल्ली की ओर जाने के लिए वैकल्पिक विकास मार्ग या जीटी रोड की ओर जाने की सलाह दी जा रही है।
सोलन के विधायक कर्नल धनी राम शांडिल इन दिनों दिल्ली दौरे पर है। दो दिन पहले विधायक धनीराम शांडिल ने सोनिया गाँधी से मुलाकत की थी। इसके बाद वीरवार को शांडिल ने दिल्ली में कांग्रेस के कई बड़े नेताओं के साथ मुलाकात की।इस दौरान शांडिल ने हिमाचल प्रदेश उपचुनाव में कांग्रेस को मिली जीत को लेकर बधाई दी। बता दें की प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है। वीरवार को विधायक धनी राम ने पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं राज्यसभा सांसद अम्बिका सोनी, पूर्व मंत्री पवन बंसल और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद केसी वेणुगोपाल से मुलाकात की। इससे पहले कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से हुई मुलाकत के दौरान सोनिया गाँधी ने विधायक कर्नल धनीराम शांडिल को सलाह दी कि सभी लोग मिलकर 2022 विधानसभा का चुनाव लड़ें और कांग्रेस की नीतियों को प्रदेश के हर घर तक पहुंचाएं। कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और विधायक कर्नल धनीराम शांडिल की मुलाकात के कई मायने लगाए जा रहे हैं।
दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही महंगाई ने आम जनता का हाल बेहाल कर दिया है। टमाटर के बड़े दामों ने खाने के स्वाद को फीका कर दिया है। महंगा होने के कारण गृहणियां टमाटर की कम मात्रा में खरीदारी कर रही हैं। सितंबर के अंत में टमाटर के दाम 30 रुपये प्रतिकिलो थे। अक्तूबर में 50 रुपये किलो बिका। अब टमाटर के दाम 80 से 100 रुपये किलो तक पहुंच गए है। वहीं, मटर 100, शिमला मिर्च, फ्रांसबीन, करेला 60 और भिड़ी के दाम 50 के पार हुए हैं। रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली खाद्य वस्तुओं के दामों में बढ़ोतरी से आम जनता में पहले से ही काफी रोष है। ऐसे में टमाटर की लगातार बढ़ रही कीमतों ने आम आदमी को रूला दिया है। बाहरी राज्य से भी टमाटर की खेप डिमांड के मुताबिक कम पहुंच रही है। इसके दामों पर असर पड़ा है। उम्मीद लगायी जा रही है की नवंबर महीने के अंत तक हरियाणा, गुजरात से टमाटर की नई फसल बाजार में आएगी। इससे दामों में कमी होने के आसार हैं
हिमाचल प्रदेश में पर्यटकों और आम जनता के लिए एक ख़ुशी की खबर है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर बीते लंबे समय से प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी मजबूत करने में जुटे थे और अब 30 नवंबर से उनका यह ड्रीम प्रोजेक्ट पूरा होने वाला है। दो-तीन दिन के भीतर शिमला के संजौली हेलीपोर्ट के अलावा चार हेलीपोर्ट से हेली टैक्सी का शेड्यूल जारी होने जा रहा है। पर्यटन विभाग इसकी तैयारियों में जुटा है। इन क्षेत्रों के लिए हवाई सेवा का लाभ उठाने का किराया भी तय किया जा रहा है। राजधानी शिमला के संजौली हेलीपोर्ट सहित रामपुर, बद्दी, मनाली और मंडी के कंगनीधार हेलीपोर्ट से हेली टैक्सी सेवा शुरू होने वाली है। चंडीगढ़ और धर्मशाला से लोग हवाई मार्ग से इन क्षेत्रों में पहुंच सकेंगे। राजधानी शिमला से सटे उपनगर संजौली में हेलीपोर्ट शुरू होने से लोगों को जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट तक नहीं जाना पड़ेगा। इसी सप्ताह इसकी घोषणा हो सकती है। मनाली में सासे हेलीपोर्ट को हेली टैक्सी के लिए इस्तेमाल में लाया जाएगा। इन हेलीपोर्ट के शुरू होने से प्रदेश में घूमने आने वाले सैलानियों को बड़ी राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने नीति आयोग द्वारा हाल ही में जारी शहरी विकास लक्ष्य सूचकांक 2021-22 में शिमला शहर को देश में शीर्ष स्थान प्राप्त करने पर राज्य के लोगों के सामूहिक प्रयासों की सराहना की है। इस उपलब्धि पर प्रदेश के लोगों को बधाई देते हुए जय राम ठाकुर ने कहा कि भारत सरकार के नीति आयोग ने देश के 56 शहरों को इसमें शामिल किया था, जिनमें 10 लाख से अधिक आबादी वाले 44 शहर और 10 लाख से कम आबादी वाली 12 राज्यों की राजधानियां शामिल थीं। उन्होंने कहा कि यह सूची गरीबी, स्वास्थ्य, शिक्षा, लैंगिक समानता, सस्ती और सुलभ ऊर्जा और जलवायु जैसे मापदण्डों के तहत शहरों के प्रदर्शन को ध्यान में रख कर तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि इस सूची के मूल्यांकन के लिए 46 लक्ष्य और 77 संकेतक निर्धारित किए गए थे और शिमला शहर को 100 में से 75.50 अंकों के साथ सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त हुआ है। जय राम ठाकुर ने कहा कि हमारे देश की अधिकतर जनसंख्या गांवों में वास करती है, परन्तु देश के विकास में शहर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए नीति आयोग ने इंडो-जर्मन विकास निगम के अन्तर्गत जीआईजैड और बीएमजैड के सहयोग से सतत विकास लक्ष्य शहरी सूचकांक से संबंधी नवीनतम जानकारी के लिए एक डैश बोर्ड विकसित किया है।
कंगना रनौत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर सिख समुदाय के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। जिसके खिलाफ दिल्ली विधानसभा की शांति और सद्भाव समिति ने अभिनेत्री को समन जारी किया है। इस समिति के अध्यक्ष आप विधायक राघव चड्ढा हैं। 6 दिसंबर दोपहर 12 बजे तक समिति के सामने कंगना को पेश होने के लिए कहा गया है। इस मामले में दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति ने मंदिर मार्ग थाने के साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई थी। विधानसभा समिति का कहना है कि सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट में कंगना ने किसानों के प्रदर्शन को खालिस्तानी आंदोलन बताया था। अभिनेत्री ने सिख समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक और छवि को धूमिल करने वाली भाषा का इस्तेमाल किया था। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंक समिति की शिकायत के अनुसार, सिख समुदाय की भावनाओं को आहत करने के लिए जानबूझकर ऐसे पोस्ट किए गए, इसके बाद उन्हें शेयर भी किया गया। बता दें कि पिछले कई महीनों से कंगना अपने बयानों को लेकर चर्चा में बनी हुई हैं।
शक्ति मिल गैंगरेप केस में बॉम्बे हाईकोर्ट का वीरवार को अंतिम फैसला आ गया है। जस्टिस पृथ्वीराज चौहान ने तीनों आरोपियों को दी गई फांसी की सजा को रद्द कर दिया है। इससे पहले सेशन कोर्ट ने तीनों दोषियों को मौत की सजा सुनाई थी और एक को उम्र कैद दी गई थी। बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा, 'मृत्युदंड अभियुक्त की पश्चाताप की अवधारणा को समाप्त कर देता है। ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि दोषियों को मौत की सजा दी जानी चाहिए । वे जीवन भर पश्चाताप के पात्र हैं। उनके मामले में सुधार की कोई गुंजाइश नहीं है और वे समाज में दोबारा शामिल होने के लायक नहीं हैं। शक्ति मिल में रेप के दो मामले थे। एक फोटोग्राफर जॉर्नलिस्ट केस और एक फोन ऑपरेटर केस। इन दोनों ही वारदातों का मुकदमा एक साथ चला था।
ऊना के गगरेट में एक सड़क हादसा पेश आया है। दरसल गगरेट स्कूल के पास तीखे मोड़ पर गुरुवार सुबह लगभग नौ बजे एक ट्रक अनियंत्रित होकर स्कूल में मैदान में पलट गया। इस हादसे में एक स्कूली छात्रा ट्रक की चपेट में आ गई। रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर छात्रा को बाहर निकाला गया। छात्रा को अस्पताल में भर्ती किया गया है। छात्रा की हालत गंभीर बताई जा रही है। बता दें की हादसे में ट्रक चालक को भी चोटें आई हैं। टाइलों का पूरा कचरा हटने के बाद ही यह तय हो पाएगा कि इसकी जद में कोई और आया या नहीं। हालाँकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है की यह हादसा कैसे हुआ।
जम्मू कश्मीर सहित देश के अलग अलग हिस्सों में हिंसा फैलाने वाले आंतकी संगठनों को रोकने और टारगेट किलिंग की घटनाओं को रोकने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी अभियान चला रही है। टारगेट किलिंग के बाद घाटी के कई जिलों में आतंकी गतिविधि के खिलाफ अभियान तेज हैं। इससे पहले भी NIA ने यहां के 6 जिलों में कई आंतकी ठिकानों की तलाशी ली थी। इस तलाशी के दौरान आतंकवादी संगठनों के 98 सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया। अभियान के दौरान श्रीनगर, कुलगाम, शोपियां, पुलवामा, अनंतनाग और बारामूला जिले के तकरीबन 10 जगहों पर छापेमारी की गई थी। वहीं हाल ही में जम्मू कश्मीर में आतंक की कमर तोड़ने के लिए प्रदेश सरकार ने स्टेट इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी के गठन को मंजूरी दी है, जिसमें जम्मू-कश्मीर पुलिस के उन अधिकारियों को शामिल किया जाएगा जिन्होंने या तो राष्ट्रीय जांच एजेंसी में काम किया हो या जिनका आतंक के खिलाफ जांच में लंबा चौड़ा अनुभव हो। जम्मू कश्मीर प्रशासन द्वारा हाल ही में गठित स्टेट इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी में प्रदेश पुलिस के अधिकारियों की तैनाती शुरू हो गई है।
उपचानवो में हुई भाजपा की हार पर शिमला में पार्टी की कार्यसमिति की बैठक में विचार विमर्श किया गया। प्रदेश भाजपा नेताओं ने पार्टी प्रभारी अविनाश राय खन्ना और सह प्रभारी संजय टंडन के सामने हार के कई कारण गिनाए। दोपहर बाद करीब 4 बजे शुरू हुई बैठक रात करीब 10 बजे तक चली। पार्टी सूत्रों के अनुसार बैठक में मंडी जिले से भाजपा का अच्छा प्रदर्शन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का गृह क्षेत्र होने के नाते माना गया, मगर यहां भी भाजपा के कुछ नेताओं के भितरघात की बातें सामने आईं। कुल्लू जिले में मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर के कमजोर प्रदर्शन पर भी चिंता जताई गई। लाहौल-स्पीति से मंत्री रामलाल मारकंडा के भी लीड न दिला पाने पर अफसोस जताया गया। वरिष्ठ मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर कहां चूके और उनके उपचुनाव से पहले आए विवादित बयानों के घाटे-नफे क्या रहे, इस पर भी विचार-विमर्श हुआ। ब्रिगेडियर कुशाल चंद के बजाय अगर अन्य उम्मीदवार होता तो जीत के कितने करीब होते, इस बारे में भी चर्चा हुई। पूर्व मंत्री दिवंगत सुजान सिंह पठानिया के अपने प्रभाव और उनके बेटे भवानी पठानिया के चुनाव लड़ने को भी भाजपा की हार की वजह माना गया। जुब्बल-कोटखाई में कमजोर प्रत्याशी को टिकट देना और भाजपा की बड़े स्तर पर बगावत हार की वजह बनी। यह भी बात उठी कि यहां पूर्व मंत्री दिवंगत नरेंद्र बरागटा ने भाजपा को खड़ा किया था, उनके बेटे चेतन बरागटा की उपेक्षा करना भाजपाइयों को नाराज कर गया। भाजपा की इस बैठक में उपचुनावों में हुई हार के हर पहलू पर विचार विमर्श किया गया। अब देखना यह है की इस बैठक के बाद आगे की क्या रणनीति होगी।
भारतीय नौसेना ने देश की नौसैन्य शक्ति में और बढ़ोतरी करते हुए पनडुब्बी आईएनएस वेला को सेवा में शामिल किया। भारतीय नौसेना को कलवरी श्रेणी की पनडुब्बी परियोजना-75 के तहत कुल छह पनडुब्बियों को सेवा में शामिल करना है। आईएनएस वेला सेवा में शामिल की गई इस श्रेणी की चौथी पनडुब्बी हैं। पनडुब्बी को नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह की उपस्थिति में सेवा में शामिल किया गया। इससे पहले, नौसेना ने 21 नवंबर को युद्धपोत आईएनएस विशाखापट्टनम को सेवा में शमिल किया था। इस प्रकार नौसेना को एक सप्ताह में आईएनएस विशाखापट्टनम के बाद आईएनएस वेला के रूप में दो ‘उपलब्धियां’ हासिल हुई हैं।
देश के प्रथम मतदाता मास्टर श्याम सरन नेगी की मृत्यु की झूठी खबर सोशल मीडिया में दूसरी बार वायरल हो रही है। इससे पूर्व भी 18 नवम्बर को सोशल मीडिया में श्याम सरन नेगी की झूठी खबर वायरल हुई थी। वंही इस झूठी खबर के सोशल मीडिया पर फैलाने को लेकर डीसी किन्नौर आबिद हुसैन सादिक ने कहा कि मास्टर श्याम सरन नेगी पूरी तरह स्वस्थ हैं। सोशल मीडिया पर मास्टर श्याम सरन नेगी की मृत्यु की झूठी खबर वायरल करने वालो के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बता दें कि किन्नौर जिला के कल्पा के रहने वाले 104 वर्षीय श्याम सरण नेगी को देश के प्रथम मतदाता होने का गौरव प्राप्त हुआ है तथा उन्हें चुनाव आयोग द्वारा 2014 के आम चुनाव के दौरान ब्रांड अंबेसडर बनाया था। श्याम सरन नेगी लगातार हर बार चुनाव में अपना कीमती वोट देते आ रहे हैं।
कृषि कानूनों की वापसी के बाद किसान अब आंदोलन पार्ट-2 की तैयारी में जुट गए हैं। आंदोलन से जुड़े किसान एक बार फिर दिल्ली की तरफ कूच कर रहे हैं। कल यानि 26 नवंबर को किसान आंदोलन को एक साल पूरे हो रहे हैं। उससे पहले आज दिल्ली के तमाम बॉर्डर्स पर किसानों का जुटना शुरू हो गया है। हालांकि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने संबंधी विधेयक को बुधवार को मंजूरी दे दी। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने से संबंधित विधेयक पेश किए जाने के लिए सूचीबद्ध है। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने बुधवार को कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहा किसानों का आंदोलन अभी खत्म नहीं होगा और आगे की रूपरेखा 27 नवंबर को तय की जाएगी। टिकैत ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के केंद्र सरकार के दावों को लेकर भी प्रदर्शनकारी उनसे सवाल करेंगे। हालांकि, राष्ट्रीय किसान मजदूर सभा के प्रतिनिधि और किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मंत्रिमंडल से मिली मंजूरी को 'बड़ा दिन' करार दिया और कहा कि इससे सरकार का रुख ‘ आधिकारिक’ हो गया है।
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने नकली हेलमेट और घरेलू इस्तेमाल वाले जाली या नकली उत्पादों की बिक्री के खिलाफ अपने अभियान को तेज कर दिया है। उपभोक्ता संरक्षण नियामक ने बुधवार को कहा कि जाली ‘आईएस निशान’ वाले प्रेशर कुकर, दोपहिया हेलमेट और रसोई गैस सिलेंडर बेचने वालों के खिलाफ जनहित में यह अभियान चलाया जा रहा है। सीसीपीए पहले ही अमेजन, फ्लिपकार्ट और पेटीएममॉल सहित पांच ई-कॉमर्स कंपनियों को इस बारे में नोटिस जारी कर चुका है। सीसीपीए की मुख्य आयुक्त निधि खरे ने कहा, ‘‘इन ई-कॉमर्स मंचों पर कई विक्रेता ऐसे प्रेशर कुकर बेच रहे हैं जो भारतीय मानक ब्यूरो के मानदंडों को पूरा नहीं करते हैं।’’
सरकारी तेल कंपनियों की ओर से आज इक्कीसवें दिन भी पेट्रोल-डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। 21वें दिन के बाद भी पेट्रोल-डीजल के दामों में कोई बदलाव न होने से उपभोक्ताओं को काफी राहत मिल रही है। बीते दो सप्ताह पहले आम आदमी को राहत देते हुए तेल के दामों में बड़ी गिरावट की गई थी। इससे पहले कई राज्यों में डीजल के दाम 100 रुपये से ऊपर पहुंच चुके थे। देश में रोजाना बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दाम आम आदमी की आमदनी पर असर डाल रहे थे। दिल्ली में पेट्रोल का दाम 103.97 रुपये जबकि डीजल का दाम 86.67 रुपये प्रति लीटर है। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 109.98 रुपये व डीजल की कीमत 94.14 रुपये प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल का दाम 104.67 रुपये जबकि डीजल का दाम 89.79 रुपये लीटर है। वहीं चेन्नई में भी पेट्रोल 101.40 रुपये लीटर है तो डीजल 91.43 रुपये लीटर है। बता दें कि मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, ओडिशा, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में पेट्रोल का भाव 100 रुपये पार हो चुका है। मुंबई में पेट्रोल की कीमत सबसे अधिक है।
कभी-कभी लाइफ में ऐसा होता है कि हम जो चाह रहे होते हैं, उससे कई गुना ज्यादा हमें मिल जाता है। ऐसा ही एक मामला ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में सामने आया है। यहां सोने को ढूंढने निकले एक शख्स के हाथ में ऐसा पत्थर लगा, जिसकी कीमत का अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। उस शख्स ने कई साल तक उस पत्थर को सोना समझकर संभालकर रखा। एक दिन जब उसे उसमें सोने जैसा कुछ नहीं दिखा, तो वह उसे लेकर म्यूजियम पहुंचा। वहां जब उसे बताया गया कि यह साधारण पत्थर नहीं, बल्कि अरबों साल पुराना एक उल्कापिंड है तो उसके होश उड़ गए। मेलबर्न में रहने वाले डेविड होल 2015 में मेलबर्न के पास स्थित मैरीबोरो रीजनल पार्क पहुंचे थे। यहां उन्हें लाल और पीले रंग का एक बारी पत्थर मिला। उन्होंने इसे सोना समझकर उठा लिया। दरअसल इसे सोना समझने के पीछे की वजह यह थी कि यह जगह 19वीं शताब्दी में सोने के लिए काफी मशहूर थी। यहां भारी मात्रा में सोना मिलता था। यही सोचकर डेविड उस पत्थर को सोना समझकर अपने घर ले आए। घर लाने के बाद डेविड ने उस पत्थर को तोड़कर सोना निकालने की कोशिश की, लेकिन पत्थर टूटा नहीं। इसके बाद उन्होंने उस पत्थर को घर में संभालकर रख दिया। 6 साल बाद 2021 में उनके दिमाग में आया कि इस पत्थर में न तो सोना है और न ये आम पत्थर लगता है। तोड़ने पर टूटता भी नहीं है, क्यों न इस अनोखे पत्थर को लेकर मेलबर्न म्यूजियम पहुंचा जाए। इसके बाद वह पत्थर लेकर म्यूजियम पहुंच गए। वहां जब उन्होंने वह पत्थर अधिकारियों को दिखाया तो उन लोगों का जवाब सुनकर डेविड के होश उड़ गए। उन्हें बताया गया कि यह पत्थर नहीं, बल्कि अरबों साल पुराना एक उल्कापिंड है। पत्थर देखने के बाद म्यूजियम में तैनात भूविज्ञानी डेरमोट हेनरी ने सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड को जानकारी दी कि मैंने अपनी जिंदगी में केवल 2 ही उल्कापिंड देखे हैं। ये उन्हीं में से एक है। हेनरी ने डेविड को मिले उल्कापिंड के बारे में अनुमान लगाते हुए बताया कि यह मंगल और बृहस्पति ग्रह के बीच मौजूद ऐस्टरॉइड बेल्ट से आया हो सकता है। यह उल्कापिंड 4.6 अरब साल पुराना हो सकता है। यह 100 से 1000 साल पहले धरती पर गिरा होगा।
दिल्ली के आरके पुरम थानाक्षेत्र के एकता विहार इलाके में बुधवार रात को गैस लीक होने का दावा किया गया। स्थानीय लोगों ने रात में करीब सवा नौ बजे पुलिस को कॉल कर शिकायत की। लोगों ने बताया कि इलाके में कहीं से गैस का रिसाव हो रहा है और इस कारण कई लोगों को आंखों में परेशानी हुई है। शिकायत पर रिएक्ट करते हुए पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के साथ-साथ फायर टेंडर भी मौके पर पहुंचे लेकिन मौके पर उन्हें कुछ ऐसा हाथ नहीं लगा जिससे कहा जाए कि गैस का रिसाव हुआ है। पुलिस और दमकल विभाग के लोगों ने इलाके की तलाशी ली। उन्होंने कहीं से गैस लीकेज होती नहीं मिली। हालांकि, 5 लोगों ने खुजली और आंखों में जलन की शिकायत की है। पुलिस की ओर से बताया गया कि बुधवार की रात करीब 9:15 बजे एकता विहार क्षेत्र में गैस लीक होने की सूचना मिली, जिसके बाद आरके पुरम के थानाध्यक्ष और जांच निरीक्षक अन्य पुलिसकर्मियों के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस के बुलाने पर डीडीएमए की टीम के साथ दमकल की गाड़ियां और 02 एंबुलेंस भी मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने बताया कि आंखों में खुजली वाले पाचों लोगों को एंबुलेंस से सफदरजंग अस्पताल और दो लोगों को पीसीआर से ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि जान की कोई हानि नहीं हुई है। सभी सुरक्षित और सामान्य स्थिति में हैं। विभाग की ओर से यह भी कहा गया कि एकता विहार इलाके में किसी भी गैस सिलेंडर में आग नहीं लगी और कहीं से धुंआ नहीं निकला।
पीएम नरेंद्र मोदी वीरवार यानि आज जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शिलान्यास करेंगे और साथ ही जनसभा को संबोधित भी करेंगे। यह कार्यक्रम जेवर-बुलंदशहर मार्ग पर होने वाला है जिसके मद्देनजर दिनभर ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा। लोगों को परेशानी ना हो इसे देखते हुए जनसभा में आने वाली सभी गाड़ियों को व्यवस्थित रूप से लगाने के लिए अलग-अलग जगहों पर पार्किंग बनाई जाएगी और ड्राइवरों को गाड़ियां अलॉटेडे जगहों पर ही पार्क करने की अनुमति होगी। वहीं नियम के उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।
कोरोना महामारी से जान गंवाने वाले परिजनों को 4 लाख राहत राशि देने की कांग्रेस ने मांग की है। कांग्रेस पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के इस मांग पर छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने समर्थन किया है। सीएम भूपेश बघेल प्रधानमंत्री को एक पत्र लिख कर कोरोना संक्रमण से मृतक व्यक्ति के परिवारों को मुआवजा के रूप में पूर्व घोषित 4 लाख रूपए की राशि देने के लिए आवश्यक पहल करें। प्रधानमंत्री को भेजी गई चिट्ठी में सीएम बघेल ने लिखा है कि केन्द्र सरकार गृह मंत्रालय द्वारा 14 मार्च 2020 को जारी अपने पहले आदेश को लागू करें, जिसमें सरकार ने प्रति मृतक 4 लाख रूपए की राशि देने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री बघेल ने चिट्ठी में यह भी अवगत कराया है कि केन्द्र सरकार ने बाद में इस अधिसूचना में संशोधन किया और मुआवजे की राशि को घटकार 50 हजार रूपए कर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे संकट के समय में मृतक के परिवार को 4 लाख रूपए की राशि प्रदान करना जरूरी है। मुख्यमंत्री बघेल ने चिट्ठी में यह भी लिखा है कि एक लोक कल्याणकारी राज्य की अवधारणा पर आधारित राष्ट्र की यह जिम्मेदारी है कि वह जरूरत के समय अपने नागरिकों की देखभाल करें। हमने अपने राज्य में इस कठिन समय में लोगों की मदद करने के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की है। हमें उम्मीद है कि केन्द्र सरकार भी इस जिम्मेदारी को साझा करेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छह दिसंबर को बेंगलुरु में ‘डॉ बी आर आंबेडकर स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स’ विश्वविद्यालय के नए परिसर का उद्घाटन करेंगे। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के कार्यालय ने बुधवार को यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि बेंगलुरु विश्वविद्यालय के ज्ञानभारती परिसर में विश्वविद्यालय बना है। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने उद्घाटन समारोह की तैयारी को लेकर बीती शाम एक बैठक की है। बैठक में मंत्री वी सोमन्ना, सी एन अश्वथ नारायण, मुनिरत्न, वरिष्ठ अधिकारी और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ भानुमूर्ति उपस्थित रहे। बैठक में उद्घाटन समारोह की तैयारी पर चर्चा की गई। बता दें कि डॉ बी आर अम्बेडकर स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु को लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है। इसमें बीएससी (ऑनर्स) अर्थशास्त्र का पहला बैच जून-जुलाई 2017 में शुरू किया गया था।
देश में कोरोना मामलों में कमी देखने को मिली है। कम होते संक्रमण के मामलों के साथ ही इंडियन रेलवे की ओर से लागू किए गए प्रतिबंधो में ढील दे दी गई है। दरअसल भारतीय रेलवे ने हाल ही में अपने प्लेटफॉर्म टिकट के दाम को कम कर दिया है। स्टेशनों की प्लेटफॉर्म टिकट को 50 रुपये से कम करके 10 रुपये कर दी गई है। इन स्टेशनों के नाम CSMT, दादर, LTT, ठाणे, कल्याण और पनवेल है। इसके अलावा वैक्सीनेशन करवाने वाले यात्रियों को रेलवे विशेष सुविधा देगा। अनिल ने बताया कि कोविड के दोनों टीके ले चुके मध्य रेलवे की मुबंई लोकल ट्रेन के यात्री अब रेलवे की अनारक्षित टिकट प्रणाली (यूटीएस) ऐप के जरिए अपने मोबाइल फोन पर सिंगल टिकट और मंथली रेलवे पास बुक कर सकते हैं। बता दें कि ये ऐप एंड्रवायड फोन के लिए तो पहले से ही उपलब्ध था लेकिन अब IOS फोन में भी आज रात तक उपलब्ध हो जाएगा। वहीं इस सुविधा का उपयोग कल से किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने बुधवार को सोलन जिला के दून विधानसभा क्षेत्र के बद्दी में सतलुज टैक्सटाईल्स एण्ड इण्डस्ट्रीज़ लिमिटिड की दूसरी इकाई का विधिवत शुभारम्भ किया। इस इकाई के निर्माण पर 239 करोड़ रुपए व्यय हुए हैं। इस इकाई में 600 व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध होगा। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश में दूसरी इकाई स्थापित करने के लिए सतलुज टैक्सटाईल्स एण्ड इण्डस्ट्रीज़ को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश को देश का सर्वश्रेष्ठ निवेश गन्तव्य स्थल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के सतत प्रयासों से आज हिमाचल ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस में देश में 7वें स्थान पर पहुंचा है। जयराम ठाकुर ने कहा कि इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में प्रथम सफल ग्लोबल इन्वेस्टर्ज मीट आयोजित की गई, जिसमें लगभग 96 हजार करोड़ रुपए के निवेश समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किए गए। उन्होंने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्ज मीट के एक माह के भीतर ही देश के गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में प्रथम ग्राउन्ड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित की गई, जिसमें लगभग 13,500 करोड़ रुपए के निवेश को धरातल पर उतारा गया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए शीघ्र ही द्वितीय ग्राउन्ड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित की जाएगी, जिसमें लगभग 15 से 20 हजार करोड़ रुपए तक के निवेश को धरातल पर उतारा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार नालागढ़ में मेडिकल डिवाइस पार्क स्थापित करने के 269 करोड़ रुपए के प्रस्ताव को भारत सरकार से स्वीकृत करवाने में सफल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य के लिए एक बल्क ड्रग पार्क स्थापित करने का मामला भी भारत सरकार से उठाया है तथा आशा व्यक्त की कि प्रदेश को यह पार्क स्वीकृत होगा, जिसमें 50 हजार करोड़ रुपए से अधिक का निवेश और 15 से 20 हजार व्यक्तियों को रोज़गार उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि लगभग 150 करोड़ रुपए के निवेश से स्थापित होने वाली इलैक्ट्राॅनिक मैन्यूफैक्चरिंग जोन की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट भी तैयार की गई है तथा शीघ्र ही इसे भारत सरकार को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुष मंत्री डाॅ. राजीव सैजल, नालागढ़ के पूर्व विधायक केएल ठाकुर, दून की पूर्व विधायक विनोद चंदेल, जिला परिषद सोलन के अध्यक्ष रमेश ठाकुर, प्रदेश जल प्रबन्धन बोर्ड के उपाध्यक्ष दर्शन सिंह सैणी, गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष अशोक शर्मा, नगर परिषद बद्दी की अध्यक्ष उर्मिल चैधरी, भारतीय मजदूर संघ के प्रदेशाध्यक्ष मेलाराम चंदेल, भाजपा मण्डल बद्दी के अध्यक्ष बलबीर ठाकुर, बिरला समूह के अन्य प्रतिनिधि, उपायुक्त सोलन कृतिका कुलहरी, पुलिस अधीक्षक बद्दी मोहित चावला सहित बद्दी-बरोटीवाला इण्डस्ट्रीयल एसोसिएशन के प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक खत्म हो गई है। तीनों कृषि कानूनों की वापसी के एलान के बाद आज कैबिनेट बैठक में किसान कानून वापसी वाले बिल पर मुहर लग गई है। कैबिनेट ने सर्वसम्मति से कृषि बिल वापस लेने का प्रस्ताव पास कर दिया है। पीएम मोदी ने 19 नवंबर को राष्ट्र के नाम संबोधन में तीनों विवादित कृषि कानूनों को वापस लेने का एलान किया था। कृषि कानूनों को वापस लिए जाने के लिए बिल को कैबिनेट की ओर से मंजूरी मिल गई है। इसके बाद संसद के दोनों सदनों में पारित करवाया जाएगा और तीनों कृषि कानून विधिवत रूप से खत्म हो जाएंगे। संसद का शीतकालीन सत्र 29 नवम्बर से शुरू हो रहा है। संसदीय नियमों के मुताबिक किसी भी पुराने कानून को वापस लेने की भी वही प्रक्रिया है जो किसी नए कानून को बनाने की है। जिस तरह से कोई नया कानून बनाने के लिए संसद के दोनों सदनों से बिल पारित करवाना पड़ता है ठीक उसी तरह पुराने कानून को वापस लेने या समाप्त करने के लिए संसद के दोनों सदनों से बिल पारित करवाना पड़ता है।
दिल्ली में 29 नवंबर से स्कूल खुलेंगे। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने ये एलान किया है। गोपाल राय ने ये भी बताया कि 29 नवंबर से ही सरकारी दफ्तर खोल दिए जाएंगे। दफ्तरों को एडवाइजरी जारी की गई है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली के अंदर पिछले तीन दिनों से लगातार प्रदूषण के स्तर में सुधार हो रहा है। एयर क्वालिटी इंडेक्स देखे दीवाली से पहले जो स्तिथि उस वक़्त उस स्तिथि आज पहुंच चुके है। प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली में रूटीन करवाई और कई प्रतिबंद लगाए गए थे। आज एक बैठक की उसमे निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के अंदर जो बाहर की गाड़ियां बैन थी 27 तारीख से सीएनजी और इलेक्ट्रिक गाड़ियों को प्रवेश दिया जाएगा। बाकी गाड़ियों पर 3 दिसंबर तक बैन रहेगा। 29 तारीख से दिल्ली में स्कूल कॉलेज खोले जाएंगे। 29 नवंबर से सरकारी दफ्तर खोल दिए जाएंगे, उनको एडवाइजरी है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें। अभी कंस्ट्रक्शन पर प्रतिबंद हटाए थे और निर्देश दिए थे कि नियमो का उल्लंघन ना करें। इसके लिए मॉनिटरिंग टीम बनाई गई और कल 12021 निरीक्षण किया और 105 साइट पर नियमों पर उलंघन करने पर काम बंद कर दिया है। '
भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक पीटरहॉफ शिमला में शुरू होगी। तीन दिन तक चलने वाली इस बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह प्रदेश के सभी प्रमुख भाजपा नेताओं से जवाब तलब करेगे। बैठक के बाद इस संबंध में रिपोर्ट तैयार की जाएगी तथा यह रिपोर्ट भाजपा हाईकमान को दी जाएगी, उसी पर विचार कर केंद्रीय नेतृत्व अगली करवाई करेगा। हाल ही में मंडी लोकसभा सीट के अलावा अर्की, फतेहपुर और जुब्बल-कोटखाई विधानसभा सीटों के उपचुनाव में भाजपा की करारी हार पर इस बैठक में मंथन शुरू होगा। कुछ मंत्रियों की कुर्सियां भी संकट में मानी जा रही हैं। कयास लगाया जा रहा है कि सरकार और संगठन के स्तर पर बड़े बदलाव हो सकते हैं। दोनों स्तर पर कई चेहरों को बदला जा सकता है। इस बैठक में प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना और सह प्रभारी संजय टंडन भी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल भी उपस्थित रहेंगे। भाजपा के संगठन महामंत्री पवन राणा और अन्य भाजपा पदाधिकारी भी मौजूद होंगे। बैठक में पूर्व सीएम शांता कुमार को भी बुलाया गया था पर वह शामिल नहीं हो पाएंगे।
प्रदेश भर में रोजाना एक लाख लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज लगाई जाएगी। सौ फीसदी लक्ष्य पूरा करने के लिए सरकार ने जिला उपायुक्तों को टारगेट दिए हैं। जिसमे 3 दिसंबर तक कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज का सौ फीसदी लक्ष्य पूरा करना निश्चित किया गया है। शिमला, ऊना और हमीरपुर में मंगलवार तक 95 फीसदी लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज लगाई जा चुकी है। कांगड़ा जिला में रोजाना 27 हजार जबकि शिमला जिला में प्रतिदिन 10 हजार लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज लगाई जाएगी। जिला बिलासपुर दूसरी डोज के 100 फीसदी लक्ष्य के करीब है। लिहाजा, यहां रोजाना 3100 लोगों को टीका लगाने के लिए कहा गया है। उपायुक्तों को वैक्सीन सेंटर जाने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रदेश सरकार ने सभी विभागाध्यक्षों को भी 30 नवंबर तक कर्मचारियों के वैक्सीन लगाने का रिकॉर्ड नजदीकी सीएमओ या बीएमओ कार्यालय में जमा कराने के निर्देश दिए हैं। यह चिकित्सा अधिकारी रिकॉर्ड को हिमाचल नेशनल हेल्थ मिशन को भेजेंगे। इसके बाद ही कार्यालय में डाटा एकत्र होगा। लापरवाही करने पर अफसरों पर कार्रवाई होगी। वैक्सीन की दूसरी डोज को लेकर उपायुक्तों को लक्ष्य दिए गए हैं। आगामी तीन-चार दिनों में उपायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बात होगी। तीन दिनों में तीन-चार जिलों में 100 फीसदी वैक्सीनेशन होने की संभावना है।
नए मामलों में थोड़ी कमी देखने के बाद भी कोरोना वायरस का प्रकोप लगातार बरकरार है। देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 9 हजार 283 नए केस सामने आए हैं और 437 लोगों ने जान गवाई है। नए मामले सामने आने के बाद देश में अब एक्टिव मरीजों की संख्या एक लाख 11 हजार 481 हो गए हैं। आइए जानते है ऐसे में देश की ताजा स्थिति क्या है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में पिछले दिन कोरोना से 10 हजार 949 लोग ठीक हुए हैं। वहीं, इस वायरस से जान गंवाने वालों की संख्या 4 लाख 66 हजार 584 पर पहुंच गई है। आंकड़ों के मुताबिक, अभी तक 3 करोड़ 45 लाख 35 हजार 736 लोग संक्रमण से ठीक हो चुके हैं। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण मुहिम के तहत अभी तक कोरोना रोधी टीकों की 118 करोड 44 लाख 23 हजर 573 खुराक दी जा चुकी हैं। वहीं 3 करोड़ 39 लाख 57 हजार 698 लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं। सरकार की कोशिश है कि जल्द से जल्द सभी लोग टीका की दोनों खुराक लगवा लें।
सरकार ने मंगलवार को सूचना जारी करते हुए कहा कि इसी शीतकालीन सत्र में क्रिप्टो बिल लाया जाएगा। देश में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर काफी सख्त हो गई है। सरकार के ऐलान के बाद डिजिटल करेंसी में करीब 18 से 25 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिल रही है। केंद्र सरकार के क्रिप्टोकरेंसी बिल की घोषणा के बाद क्रिप्टो मार्केट में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। सभी क्रिप्टो करेंसी लाल निशान में ट्रेड कर रही हैं। इस शीतकालीन सत्र में सरकार क्रिप्टोकरेंसी एंड रेग्युलेशन ऑफ ऑफिशियल डिजिटल करेंसी बिल 2021 पेश कर सकती है। इस बिल में आरबीआई की ओर से सरकारी डिजिटल करेंसी में निवेश करने और उसको चलाने के लिए भी फ्रेमवर्क में प्रावधान किया जाएगा। इसके साथ ही इसके टेक्निकल इस्तेमाल में सरकार कुछ ढील भी दे सकती है।
आज के दौर पहाड़ी संस्कृति को अपनी कला के माध्यम से लोगो तक पहुंचाना बहुत बड़ी बात है। यही बीड़ा तहसील देहरा के अन्तर्गत पड़ते गांव पाईसा के छोटू ने उठाया है। जो कि बहुत ही अदभुत और खूबसूरत नृत्य करते है। उभरते हुए कलाकार छोटू जिला कांगड़ा में ही नहीं बल्कि हिमाचल के हर एक कोने में कार्यक्रम करने हेतू जाते है। आपको बता दें छोटू कुमार अपनी झांकियो और नृत्य के माध्यम से सोशल मीडिया पर इतने ज्यादा वायरल हो गए है। जिसके जरिए इन्हे लोग काफी अच्छा प्यार दे रहे है। इन्होंने लोगो के दिलों में ऐसी जगह बना ली है कि आज ये किसी परिचय के मोहताज नहीं है। छोटू एक मध्यम वर्गीय परिवार से संबंध रखते हैं। उभरते हुए कलाकार छोटू ने बताया कि आज जहां भी वह पहुंचे हैं अपने पिता ओमप्रकाश के आशीर्वाद से पहुंचा हूं।
हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में खेल महाकुंभ का आयोजन इस वर्ष में दिसंबर माह में आयोजित किया जाएगा। संसदीय क्षेत्र की समिति के सदस्य सुमीत शर्मा ने खेल महाकुंभ बैठक के पश्चात जारी बयान में बताया कि पूर्व में साल 2018 में सांसद खेल महाकुंभ का आयोजन हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर के प्रयासों से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ था। जिसमें लगभग 5 हजार गांव के 40,000 प्रतिभागियों ने पांच खेल प्रतियोगिताओं में भाग लिया था। इस बैठक के रुपिंदर डैनी, मुकेश सोनी, सौरभ शर्मा,अजय ठाकुर, विनय सहोर,निखिल राणा,अरविंद राणा, राजीव धीमान,राजीव कुमार, आशीष राणा, रमन इत्यादि उपस्थित रहे।पिछले 2 वर्षों से कोरोना की वजह से खेल महाकुंभ नहीं हो पाया, लेकिन इस बार भारी उत्साह और भव्य तरीके से इसका आयोजन किया जाएगा, जिसमें हजारों की संख्या में खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका पंचायत स्तर पर उपलब्ध होगा। ज्ञात रहे पिछली बार इस प्रतियोगिता का शुभारंभ विश्व के महानतम खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर ने किया था । सुमीत ने बताया कि इस खेल महाकुंभ के लिए नवंबर 22 से दिसंबर 3 तक तक पंजीकरण की प्रक्रिया हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के तीनों जिला उना, हमीरपुर, बिलासपुर और तहसील देहरा के जसवां परागपुर विधानसभा स्तर की टीमों का पंजीकरण कर पूरी की जाएगी। इस बार क्रिकेट, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, कबड्डी और फुटबॉल के साथ एथलेटिक्स की 100 मीटर 200 मीटर 400 मीटर और 1600 मीटर की प्रतिस्पर्धा को आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष के संसदीय खेल महाकुंभ में लगभग 50 लाख रुपये की राशि विजेता प्रतिभागियों को प्रतियोगिता के दौरान वितरित की जाएगी। साथ ही स्पोर्ट्स स्किल काउंसिल द्वारा सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों को सर्टिफिकेट भी वितरित किए जाएंगे।उन्होंने बताया कि संसदीय क्षेत्र में क्रिकेट प्रतियोगिता के विजेता को ₹100000 की राशि उपविजेता को 50000 की राशि तीसरे स्थान के लिए 31000 और चौथे स्थान के लिए 21000 की राशि दी जाएगी। व अन्य संसदीय खेल प्रतियोगिताओं के विजेता को 51000, उपविजेता को 31000, तीसरे स्थान पर 21000 और चौथे स्थान के लिए ₹11000 दिया जाएगा। वहीं विधानसभा स्तर के विजेता को 5100,उपविजेता को ₹3100,प्रथम रनरअप को 2100 व दूसरे रनरअप को भी ₹2100 की पारितोषिक राशि दी जाएगी।साथ ही प्रतिभागियों को टीशर्ट भी प्रदान की जाएगी। एथलेटिक्स में विजेताओं को ₹ 11, 000 उपविजेता को ₹ 5100 तीसरे स्थान पर ₹ 3100 व की इनामी राशि दी जाएगी। विधानसभा स्तर पर विजेता को ₹2,100 उपविजेता को ₹1,100 दूसरे स्थान पर 1100 दिए जाएँगे। उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता खेल महाकुंभ के आयोजन के लिए विधानसभा स्तर तक ऑर्गेनाइजिंग कमेटी, टेक्निकल कमेटियों सहित अन्य समितियों का गठन किया जाएगा।उन्होंने बताया कि इस खेल महाकुंभ प्रतियोगिता में उच्च स्तरीय प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की जानकारी को भी संसदीय क्षेत्र में रजिस्टर्ड किया जाएगा और संसदीय क्षेत्र के प्रतिभावान खिलाड़ी को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर खेल प्रतियोगिता में आगे बढ़ने के अवसर भी प्रदान किए जाएंगे। पिछली बार अनुराग ठाकुर ने जिस प्रकार खेल महाकुंभ का आयोजन करवाया था, उस तर्ज पर उत्तर प्रदेश में 80 लोकसभा क्षेत्रों में पंचायत स्तर पर सभी सांसद खेल महाकुंभ करवा रहे हैं।
25/11/2021 व 26/11/2023 सुबह 08-00 बजे से लेकर सायं 02:00 बजे तक 132/33/11 के० वी० सब स्टेशन देहरा के सामयिक परीक्षण हेतु विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। जिस से 33 के० बी० प्राग पुर, डाडा सीबा, हरिपुर, लांगडा, नादौन व " के०वी० कुन्दली हार, देहरा, ढलियारा, प्रागपुर,गुम्मर व ख़बली आदि क्षेत्रों कि विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। जिसमे जनता से सहयोग की अपिल की जाती है। यह जानकारी ई० शान्ति भूषण सहायक अभियन्ता 132 के०बी० विद्युत उप-मण्डल हि० प्र० रा०वि०प० देहरा द्वारा दी गई।
ग्राम पंचायत घणागुघाट के छिब्बर गांव में महिला मंडल प्रधान सरला ठाकुर की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में प्रस्ताव पास किया गया कि 3 दिनों तक गांव में सफाई अभियान चलाया जाएगा और गांव-गांव जाकर महिलाओं को स्वच्छता, स्वयं सहायता समूह बनाकर स्वरोजगार के लिए जागरूक किया जाएगा। बैठक में यह भी चर्चा की गई कि विकास खंड कुनिहार की ओर से महिलाओं के उत्थान के लिए जो भी योजनाएं बताई जाती है उनके प्रति भी महिलाओं को जागरूक किया जाएगा। तत्पश्चात महिलाओं ने गांव की बावड़ियों तथा रास्तों की सफाई की और कचरे को एक स्थान पर एकत्रित कर उसका निष्पादन किया। उन्होंने गांव में जाकर महिलाओं को स्वच्छता तथा अन्य योजनाओं के प्रति जागरूक किया। बैठक में सचिव कुसुमलता, कोषाध्यक्ष अनीता, सत्या देवी, रीता, लीला देवी, प्रेमी देवी, ज्योति, लीला, जया और कौशल्या ने भाग लिया।A
लाखों युवा जहां करोना काल में रोजगार से हाथ धो बैठे हैं, वहीं रोहड़ू का युवा एक साल में 35 लाख रुपये कमा रहा है। मधुमक्खी पालन में 32 साल का युवा स्वरोजगार अपनाने वालों के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है। सनी ने ऑनलाइन भी शहद का कारोबार शुरू किया है। शहद 1500 रुपये किलो तक बिक रहा है। ऑनलाइन भी शहद की मांग बढ़ती जा रही है। रोहडू के युवा सूरज चौहान (सनी) ने 22 साल की उम्र में वर्ष 2011 में मौन पालन का काम शुरू किया। नौणी विवि से मौन पालन का प्रशिक्षण लेने के बाद सनी आज दूसरे लोगों को भी मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण दे रहे हैं। सनी ने तीन युवकों को भी रोजगार दिया है। सनी ने कहा कि उनको भारतीय खाद्य सुरक्षा मानक के नियमों में शहद बेचने के लिए लाइसेंस मिल गया है। सनी ने कहा कि क्वालिटी के आधार पर शहद के दाम चार सौ से पंद्रह सौ रुपये प्रति किलो तय किए हैं। प्रदेश के अलावा दिल्ली, मुंबई से ऑनलाइन शहद की डिमांड बढ़ती जा रही है। हर महीने करीब तीन क्विंटल तक शहद को बाजार और लोगों के घरों तक पहुंचा रहे हैं।
अपने पहले से प्रस्तावित दिल्ली दौरा के चलते ममता बनर्जी सोमवार शाम दिल्ली पहुंची। कयास लगाया जा रहा है की ममता बनर्जी कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात कर सकती है। रविवार को त्रिपुरा में टीएमसी यूथ ब्रिगेड की अध्यक्ष सायोनी घोष के गिरफ्तारी के विरोध में सोमवार की शाम को टीएमसी के सांसदों ने गृहमंत्री से मुलाकात कर अपनी नाराजगी जहिर की। दिन में गृहमंत्री से समय न मिलने के विरोध में दिन में नार्थ ब्लॉक के सामने टीएमसी सांसदों ने धरना भी दिया। वहीं, मिली जानकारी के मुताबिक, 24 नवंबर को ममता बनर्जी का पीएम नरेंद्र मोदी से मिलने का कार्यक्रम है जिसके बाद वो 25 नवंबर को वापस लौट जायेंगी। दिल्ली दौरे को लेकर ममता बनर्जी ने कहा, "मैं अपनी दिल्ली यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलूंगी। बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र के विस्तार का मुद्दा उठाऊंगी। बता दें कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने त्रिपुरा में अपने ऊपर हमले का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि त्रिपुरा के अगरतला स्थित एक पुलिस स्टेशन में घुसकर बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने उन्हें जमकर पीटा। पुलिस स्टेशन के अंदर बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने उन्हें त्रिपुरा पुलिस के सामने लाठी-डंडे से पीटा और उनके ऊपर पथराव भी किया गया। मालूम हो कि संसद सत्र से पहले ममता बनर्जी का तीन दिवसीय दिल्ली दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि तीन कृषि कानूनों की वापसी के बाद वे बीएसएफ के अधिकारों समेत कई और मुद्दों पर सरकार की घेराबंदी के लिए विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश करेंगी।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय उड़ान के तहत हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर दे रहा है। उड़ान 3.0 के जरिए पर्यटन मंत्रालय के समन्वय से पर्यटक एवं धार्मिक शहरों को आपस में जोड़ने की योजना है। इसके लिए जलीय हवाई अड्डे पर सरकार का जोर है। उत्तर प्रदेश में जलीय हवाई मार्ग की तलाश चल रही है। पिछले माह नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने प्रयागराज से बरुआसागर एवं प्रयागराज से ललितपुर के बीच दो हवाई मार्ग सुझाते हुए रिपोर्ट मांगी थी। सी-प्लेन उड़ाने के लिए 1.08 मीटर पानी की गहराई के साथ 120 मीटर चौड़ी सतह जरूरी होती है। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तब अगले एक साल के भीतर गंगा से बेतवा के बीच सी प्लेन उड़ान भरता दिखेगा। सिंचाई विभाग ने उड्डयन मंत्रालय को अपनी फिजिकल रिपोर्ट भेज दी है। इसमें उसने माताटीला बांध की लंबाई को रनवे के लिए पर्याप्त बताते हुए सी-प्लेन की उड़ान के लिए उपयोगी बताया है। सी प्लेन एक विशेष प्रकार का हवाई जहाज होता है, जिसे उड़ान भरने के लिए रन वे की आवश्यकता नहीं पड़ती। इसके साथ यह प्लेन पानी में टेक ऑफ एवं लैडिंग कर सकता है। इसकी खासियत यह होती है कि यह प्लेन खेत एवं सड़क में भी विषम परिस्थतियों में उतर सकता है।
तीनों कृषि कानूनों की वापसी के बाद अब केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी की गिरफ्तारी पर तकरार शुरू हो गया है। किसानों के अल्टीमेटम के बाद केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय टेनी ने लखीमपुर में चीनी मिल के उद्घाटन समारोह का कार्यक्रम रद्द कर दिया है। इससे पहले किसान नेता राकेश टिकैत ने टेनी का विरोध करने का एलान किया था। चीनी मिल के प्रस्तावित उद्घाटन का जिक्र करते हुए राकेश टिकैत ने कहा था, अगर टेनी चीनी मिल का उद्घाटन करने आते हैं, तो उस चीनी मिल में कोई गन्ना नहीं ले जाया जाएगा। बल्कि किसान गन्ना जिलाधिकारी के कार्यालय ले जायेंगे, चाहे उन्हें कितना भी नुकसान हो। इससे पहले राकेश टिकैत ने सोमवार को भी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा 'टेनी' को लखीमपुर खीरी हिंसा में चार किसानों की मौत के मामले में गिरफ्तार करने की मांग की और उनकी तुलना एक "आतंकवादी" से की। लखनऊ के इको-गार्डन में आयोजित किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने कहा, अगर कश्मीर के आतंकवादियों को आगरा जेल में बंद किया जा सकता है, तो किसानों का हत्यारा भी आतंकवादी है और उसे भी आगरा जेल जाना चाहिए। इस दौरान उन्होंने कहा, टेनी की गिरफ्तारी हमारे मुख्य मुद्दों में से एक है। उन्होंने यह भी बताया कि दिसंबर के बाद वह तीन दिन लखीमपुर खीरी में रहेंगे, तीन अक्टूबर को लखीमपुर खीरी हिंसा में मारे गए लोगों के परिवारों से मिलेंगे और उन किसानों से भी मिलेंगे जो जेल में बंद हैं।
राष्ट्रपति भवन में आज रक्षा अलंकरण समारोह में वीर सैनिकों को वीरता मेडल से नवाजा गया। आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गलवान घाटी की हिंसा में वीरगति को प्राप्त हुए सैनिकों को वीरता मेडल से नवाजा। इस दौरान लद्दाख में गलवान घाटी में ऑपरेशन स्नो लेपर्ड के दौरान जान गंवाने वाले कर्नल संतोष बाबू को मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उनकी मां और पत्नी को पुरस्कार दिया। कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के केरन सेक्टर एक आतंकवादी को मारने और दो अन्य को घायल करने के लिए 4 पैरा स्पेशल फोर्स के सूबेदार संजीव कुमार को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से उनकी पत्नी को यह पुरस्कार मिला। बता दें कि महावीर चक्र भारत का दूसरा सबसे बड़ा वीरता पुरस्कार है. उनके साथ गलवान घाटी में ऑपरेशन स्नो-लैपर्ड के दौरान चीनी सेना के साथ हुई हिंसक झड़प में वीरगति को प्राप्त हुए पांच अन्य सैनिकों को वीर चक्र दिया गया। सोमवार को हुए अलंकरण समारोह में विंग कमांडर (अब ग्रुप कैप्टन) अभिनंदन सहित अन्य वीर सैनिकों को बहादुरी मेडल से सम्मानित किया गया था।
अब कंगना रनौत के बाद एक सेमिनार में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने भी देश की आजादी को लेकर विवादित बयान दिया है। कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा कि साल 2014 के बाद से हम अमेरिका के गुलाम हैं। मणिशंकर अय्यर ने कहा कि पिछले सात साल से हम देख रहे हैं कि हम अमेरिकियों के गुलाम बनकर बैठे हैं। इससे पहले मणिशंकर अय्यर ने मध्यकालीन इतिहास को लेकर अपनी ज्ञान की गंगा बहाई थी। उन्होंने कहा कि अकबर ने 50 साल तक देश पर राज किया। इसी को मद्देनजर रखते हुए जहां मैं रहता था, उस सड़क का नाम अकबर रोड था। हमें कोई एतराज़ नहीं था। हमने कभी नहीं कहा कि महाराणा प्रताप रोड बना दीजिए, क्योंकि हम अकबर को अपना समझते हैं उसे गैर नहीं समझते। कंगना रनौत ने 1947 में मिली आजादी को भीख बताते हुए कहा था कि देश को आजादी 2014 में मिली है। तो वहीं कांग्रेस के मणिशंकर अभी भी देश को गुलाम समझते हैं। कंगना ने अपने बयान से कहीं ना कहीं बीजेपी की मुश्किल बढ़ाई और अब कांग्रेस के लिए वही काम मणिशंकर कर रहे हैं।


















































