एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने जा रहा है। जिसका शिलान्यास 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा। इस शिलान्यास से पहले सीएम योगी आज यानि मंगलवार को जेवर एयरपोर्ट शिलान्यास कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने आयेंगे। सीएम यहां अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे इसके बाद जेवर एयरपोर्ट की तैयारियों का निरीक्षण भी करेंगे। कार्यक्रम को लेकर रूट तैयार किया जा रहा है। 25 नवंबर को इस कार्यक्रम में पीएम मोदी और सीएम योगी के अलावा राज्यपाल आनंदीबेन पटेल समेत राज्य सरकार के मंत्री और अन्य दिग्गज नेता भी शिरकत करेंगे। बता दें कि 2024 में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की पहली हवाई पट्टी तैयार हो जाएगी जिससे पहली उड़ान भरी जा सकेगी। पहले यहां दो हवाई पट्टी तैयार होंगी उसके बाद 5 हवाई पट्टियां नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में होंगी, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक कदम होगा। फिलहाल, एयरपोर्ट की चारदीवारी का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है।
जम्मू-कश्मीर में साफ मौसम के बीच पारा लगातार पारा गिर रहा है। राजधानी श्रीनगर में रविवार को न्यूनतम तापमान माइनस 1.6 डिग्री सेल्सियस के साथ सीजन की अब तक की सबसे सर्द रात बीती। कश्मीर के अधिकांश जिलों में रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री नीचे चल रहा है। लेह और कारगिल में भी शरीर जमा देने वाली ठंड पड़ रही है। जम्मू में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री ने नीचे आ गया है। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार आगामी दिनों में मौसम साफ रहेगा, लेकिन सर्दी से राहत नहीं मिलेगी। कश्मीर के लगभग सभी हिस्सों में दिन का तापमान भी 16 डिग्री से नीचे आ गया है। सर्द हवाओं से जनजीवन प्रभावित है। श्रीनगर में दिन का तापमान भी 13.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पहलगाम में बीती रात का न्यूनतम तापमान माइनस 3.7, गुलमर्ग में माइनस 0.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लेह न्यूनतम तापमान माइनस 8.0 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे सर्द रहा। यहां दिन का तापमान भी 6.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
सोमवार के कारोबारी भाव से मंगलवार को सोने के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ, हालांकि चांदी की कीमत में मामूली रूप से कमी दर्ज की गई। दस ग्राम 24 कैरेट सोना 49,280 रुपये पर बिक रहा है, जबकि 10 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत 48,280 रुपये है। सोमवार को चांदी 65,600 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से कारोबार कर रही थी, जबकि आज चांदी की कीमत थोड़ी कम हुई है। मंगलवार को चांदी 0.02 फीसदी की गिरावट के साथ 65,558 रुपये प्रतिकिलोग्राम पर बिक रही है। बता दें कि उत्पाद शुल्क, राज्य करों और मेकिंग चार्ज के कारण पूरे देश में सोने की कीमत अलग-अलग होती है। चांदी की बात करें तो चेन्नई में मंगलवार को 1 किलो चांदी का भाव 70,400 रुपये है, जबकि दिल्ली और मुंबई में यह धातु 65,558 रुपये पर बिक रही है। कोलकाता और बेंगलुरु में 1 किलो चांदी 65,558 रुपये पर कारोबार कर रही है, जबकि हैदराबाद में यह धातु 70,400 रुपये पर बिक रही है।
सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के लेटेस्ट रेट्स जारी कर दिए हैं। IOCL की वेबसाइट के मुताबिक, आज भी देश के सभी महानगरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर हैं। लगातार 19वें दिन तेल कंपनियों ने ईंधन के रेट्स में बदलाव नहीं किया है। आपको बता दें दिवाली से पहले केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी को घटा दिया था, जिसके बाद पेट्रोल 5 रुपये और डीजल 10 रुपये प्रति लीटर तक सस्ता हो गया। केंद्र सरकार के इस कदम के बाद उत्तर प्रदेश, कर्नाटक सहित देश के 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने भी ईंधन पर वैट में कटौती की।
दक्षिण भारत में लोगों को बारिश से अभी निजात मिलने की संभावना नहीं है। भारतीय मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में मध्यम से भारी वर्षा की भविष्यवाणी की है। तटीय कर्नाटक में तो इस वक्त भी भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में मंगलवार और बुधवार को हल्की से मध्यम बारिश की सभावना जताई है। आईएमडी ने अगले पांच दिनों के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 24 नवंबर से 26 नवंबर तक भारी बारिश होने का अनुमान जताया है। दक्षिणी राज्यों में लगातार हो रही बारिश के चलते जनजीवन अस्त व्यस्त है। बारिश के चलते बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। राज्यों के नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बारिश की वजह से कई लोगों की अभी तक मौतें हो चुकी हैं, वहीं सैकड़ों लोग अब भी लापता हैं।
राष्ट्रीय राजधानी की हवा में सुधार आया है। मंगलवार सुबह दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 'बहुत खराब' श्रेणी में 315 दर्ज किया गया। सफर इंडिया ने यह जानकारी दी। सीपीसीबीसीसीआर के अनुसार, सोमवार को दिल्ली-एनसीआर में तेज हवा चलने से यहां प्रदूषण कुछ कम हुआ है। हालांकि फरीदाबाद में एक्यूआई सुबह आठ बजे 'बहुत खराब' श्रेणी में 374 दर्ज किया गया है जबकि गुरुग्राम में एक्यूआई बेहतर होता हुआ सिर्फ 'खराब' श्रेणी में 300 दर्ज किया गया है। यहां वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आया है। इधर नोएडा में सुबह आठ बजे एक्यूआई सुधार के साथ 'खराब' श्रेणी में 287 दर्ज किया गया। इस दौरान ग्रेटर नोएडा में एक्यूआई 211 जबकि गाजियाबाद में एक्यूआई सिर्फ 194 दर्ज किया गया।
एमएसपी को कानूनी अधिकार मिले और बिजली बिल का ड्राफ्ट वापस लेने समेत अपनी मांगों को मनवाने के लिए धरने पर बैठे किसानों ने दिल्ली कूच करने की तैयारी कर ली है। ये सभी किसान 26 नवंबर को आंदोलन के एक साल पूरा होने के मौके पर और सरकार पर दबाव बनाने के लिए दिल्ली पहुचेंगे। आंदोलन में शामिल किसान तीनों कृषि कानून की वापसी के ऐलान के बाद भी अपनी जगह से हिलने को तैयार नहीं हैं। 26 नवंबर को आंदोलन के एक साल पूरे होने के मौके पर 25 नवंबर को पंजाब से बड़ी संख्या में किसान दिल्ली की ओर आ सकते हैं। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा संख्या में किसान दिल्ली की ओर कूच करें इसके लिए पंजाब के गांव-गांव में किसान संगठन मीटिंग कर रहे हैं। दिल्ली कूच को लेकर किसान नेता दर्शन सिंह ने कहा कि 25 को हम खनोरी बॉर्डर पर इकट्ठा होंगे और 26 को जब हमारे संघर्ष को 1 साल हो जाएगा तो हम दिल्ली पहुंचेंगे। किसानों ने दिल्ली पहुंचने के लिए तगड़े इंतजाम कर रखे हैं. दिल्ली की ओर आने वाले किसानों की रैली में महिलाएं भी शामिल हैं। ये महिलाएं अपना फंड इकट्ठा कर रही हैं।
सर्दियों के दौरान लद्दाख की यात्रा करने के इच्छुक पर्यटकों को और आकर्षित करने के लिए लद्दाख पर्यटन विभाग, साहसिक खेल प्राधिकरण और यूटी प्रशासन ने लद्दाख को शीतकालीन और उद्यम खेल केंद्र के रूप में बढ़ावा देने के लिए हाथ मिलाया है। अभियान से पहले, एक प्रदर्शनी हॉर्स पोलो मैच का आयोजन किया गया था लेकिन इसे बर्फीले मैदानों पर खेला गया था। आगामी कारगिल शीतकालीन अभियान के लिए अभ्यास और परीक्षण मैच के रूप में खेला गया। आइस हॉकी और आइस स्केटिंग की शुरुआत के बाद अब यूटी प्रशासन ने खेलों को बढ़ावा देने और पर्यटन को आकर्षित करने के लिए और अधिक साहसिक गतिविधियों को शुरू करने की योजना बनाई है। परंपरागत रूप से केवल गर्मियों के पर्यटन स्थल के रूप में पेश किया गया। लद्दाख निकट भविष्य में अपनी छवि को बदलने के लिए तैयार है। लद्दाख में प्रशासन बड़ी परियोजनाओं की योजना बना रहा है जिसमें सर्दियों के दौरान भी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए शीतकालीन साहसिक शिविर शामिल हैं। इस योजना के तहत लद्दाख पर्यटन और लद्दाख साहसिक खेलों ने लद्दाख को शीतकालीन पर्यटन स्थल के रूप में बढ़ावा देने के लिए हाथ मिलाया है।
आंध्र प्रदेश में बारिश और बाढ़ से संबंधित घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है, जबकि 10 और लोगों का अभी भी लापता है। यह जानकारी राज्य सरकार ने सोमवार को दी। एसपीएस नेल्लोर जिले के पादुगुपाडु के पास क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का काम पूरा होने के बाद विजयवाड़ा-चेन्नई खंड में एक रेलवे लाइन को सोमवार को यातायात के लिए फिर से खोल दिया गया। चेन्नई-कोलकाता राष्ट्रीय राजमार्ग-16 को भी वाहनों के आवागमन के लिए आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया। यह शनिवार देर रात से एसपीएस नेल्लोर जिले में कटा हुआ था। चित्तूर, अनंतपुरमू, कडपा और एसपीएस नेल्लोर जिलों में बाढ़ पर विधानसभा में बयान देते हुए कृषि मंत्री के.कन्ना बाबू ने कहा कि 34 मृतकों में बचाव दल के तीन सदस्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मृतक के परिवार को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बचाव अभियान में जान गंवाने वाले सरकारी कर्मचारियों के परिवारों को 25-25 लाख रुपये का भुगतान किया जाएगा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी।
समाजवादी पार्टी के संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पिता मुलायम सिंह यादव के 82वें जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें बधाई दी। मुलायम सिंह यादव को बधाई देते हुए मोदी ने कहा, ''उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं। देश की राजनीति में उन्होंने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मैं उनके स्वस्थ एवं सुदीर्घ जीवन की कामना करता हूं। वहीं सीएम योगी ने पूर्व रक्षा मंत्री को जन्मदिन की बधाई देते हुए ट्वीट किया, ''उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। प्रभु श्री राम से आपके उत्तम स्वास्थ्य व सुदीर्घ जीवन की कामना करता हूं।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को वीर चक्र से सम्मानित किया। अभिनंदन वर्धमान को 27 फरवरी, 2019 को पाकिस्तान की वायु सेना के F-16 लड़ाकू विमान को हवाई युद्ध में मार गिराने के लिए सम्मानित किया गया है। सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह में भारतीय सेना के कई जाबांजों को वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों को मारने के लिए सैपर प्रकाश जाधव को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उनकी पत्नी और माता को पुरस्कार सौंपा। नायक सूबेदार सोमबीर को मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित अलंकरण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी हिस्सा लिया। इसके साथ ही पांच आतंकवादियों को मौत के घाट उतारने वाले शहीद मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल को मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। अलंकरण समारोह में उनकी पत्नी लेफ्टिनेंट नितिका कौल और मां ने राष्ट्रपति कोविंद से पुरस्कार ग्रहण किया।
अगले साल पंजाब में विधानसभा चुनाव होने जा रहे है। इसके लिए सभी राजनीतिक दल अपने-अपने चुनावी अभियान में जुट गए हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी पंजाब में पार्टी को मजबूत करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए वे लगातार पंजाब के दौरे कर रहे हैं। अरविंद केजरीवाल सोमवार को मोगा जिले में रहेंगे, जहां वह चुनाव के नजरिए से महिलाओं के लिए बड़ा ऐलान कर सकते हैं। मोगा में अरविंद केजरीवाल का एक इनडोर प्रोग्राम है, जहां उनके द्वारा महिलाओं के लिए बड़ा ऐलान किया जा सकता है। वह मंगलवार को अमृतसर में रहेंगे और व्यापारियों से मुलाकात करेंगे। बता दें कि अरविंद केजरीवाल पहले शनिवार को मोगा आने वाले थे लेकिन शुक्रवार को आम आदमी पार्टी की ओर से कहा गया कि अरविंद केजरीवाल की शनिवार को होने वाली पंजाब यात्रा 22 नवंबर तक के लिए स्थगित कर दी गई है। पार्टी ने कहा था, "केजरीवाल के 'मिशन पंजाब' दौरे को 22 नवंबर के लिए टाल दिया गया है।'' अब 22 नवंबर को अरविंद केजरीवाल अपने 'मिशन पंजाब' दौरे पर पंजाब में रहेंगे।
हवा प्रदूषित होने के कारण पोस्ट कोविड रोगियों में जटिलताएं बढ़ रही हैं। उन्हें सेकेंडरी संक्रमण हो रहे हैं। इसके साथ ही जांच में खुलासा हो रहा है कि इन रोगियों के शरीर में कार्बन डाई आक्साइड बढ़ रही है। सांस रोगियों पर प्रदूषण भारी पड़ रहा है। कोविड लॉकडाउन में प्रदूषण कम होने से इन रोगियों को राहत रही है, लेकिन अब दिक्कतें बढ़ गई हैं। अस्थमा रोगियों को प्रदूषण के कारण दिक्कत बढ़ रही है। इसके साथ ही पोस्ट कोविड रोगी जिनके फेफड़े सामान्य स्थिति में आ रहे थे, उन्हें भी दिक्कत हो गई है। सांस फूलने के अलावा कुछ रोगियों में निमोनिया की भी परेशानी है। इस स्थिति में बुजुर्ग, बच्चे तथा सीओपीडी और अस्थमा रोगी खास एहतियात बरतने की आवश्कता है। वायु मंडल में बढ़ रहा प्रदूषण लोगों के शरीर का ऑक्सीजन लेवल घटा रहा है। इससे क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज के रोगियों की जान पर बन आई है। प्रदूषण के कारण सीओपीडी अटैक से दो रोगियों की मौत हो गई।
दिल्ली के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक हिंदूराव अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर है। इसके कारण मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। NDMC के इस हॉस्पिटल में हर साल इस तरह की परेशानी आती है। रेजिडेंट डॉक्टरों का आरोप है कि उन्हें तीन महीने से सैलरी नहीं मिली। साथ ही साथ डीए भी रोक दिया गया है। पिछले साल भी सैलरी रुकने पर डॉक्टरों ने हड़ताल की थी, जिसके बाद से प्रशासन की तरफ से समस्या का समाधान करने के आश्वासन के बाद डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म कर दी थी। आश्वासन के बावजूद एक बार फिर अस्पताल प्रशासन और NDMC की तरफ से लापरवाही हो रही है। डॉक्टरों का कहना है कि पिछली बार भी इन्होंने आश्वासन दिया पर हमारी एक भी मांग पूरी नहीं की। लिखित में दिया था कि सैलरी पास करेंगे, मगर फिर भी सैलरी पेंडिंग करने लगे। सातवें वेतन आयोग का एरियर भी अभी नहीं दिया। हड़ताल की वजह से मरीजों को परेशानी न हो इसलिए अभी एमरजेंसी सर्विस पर कोई रोक नहीं लगी है, मगर ओपीडी सेवा प्रभावित हो रही है। डॉक्टरों का कहना है कि हड़ताल अनिश्चितकालीन है। जब तक प्रशासन उनसे बात कर के मामले को हल नहीं करता डॉक्टर हड़ताल करते रहेंगे।
मंडी जिला के सदर उपमंडल के तहत आंगनबाड़ी केंद्र ग्रोडू व भ्यारटा-1 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा आंगनबाड़ी केंद्र भीयूरा, कोट ढलयास और अप्पर भगवाहण में आंगनबाड़ी सहायिका के खाली पद भरने के लिए आवेदन मांगे गए हैं। इच्छुक पात्र महिला उम्मीदवार बाल विकास परियोजना अधिकारी सदर मंडी के कार्यालय में 2 दिसम्बर, 2021 तक आवेदन कर सकती हैं। साक्षात्कार 7 दिसम्बर को प्रातः 11 बजे बाल विकास परियोजना अधिकारी सदर मंडी के कार्यालय में लिए जाएंगे। बाल विकास परियोजना अधिकारी सदर मंडी कृष्ण लाल शर्मा ने आग्रह किया कि उम्मीदवार साधारण आवेदन पत्र के साथ समस्त प्रमाण पत्रों की सत्यापित छायाप्रतियां अवश्य लगाएं। उन्होंने कहा कि इस पद के लिए वही महिला उम्मीदवार पात्र हैं जो संबंधित आंगनवाड़ी केंद्र के लाभान्वित सर्वे क्षेत्र में पहली जनवरी, 2021 को सामान्य रूप से रह रहे परिवार से संबंध रखती हों। उम्मीदवार की आयु 21 वर्ष से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद की लिए उम्मीदवार दस जमा दो तथा सहायिका के लिए आठवीं पास होना अनिवार्य है। उम्मीदवार के परिवार की वार्षिक आय 35 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए तथा घर से कोई भी सदस्य सरकारी/अर्ध सरकारी नौकरी में न हो । इस बारे प्रमाणपत्र उपमण्डलाधिकारी या तहसीलदार द्वारा जारी किया होना आवश्यक है। स्टेट होम या बालिका आश्रम आश्रिता, अनाथ, तलाकशुदा, विधवा, विवाहिता महिला जिसका पति पिछले सात सालों से लापता हो, महिला जिसे उसके पति ने छोड़ दिया हो और वह अपने माता-पिता के साथ रह रही है को भी नियुक्ति में अधिमान दिया जाएगा। दिव्यांग (40 प्रतिशत से अधिक), एससी, एसटी, ओबीसी से सम्बन्धित उम्मीदवारों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। दो लड़कियों वाले परिवार से संबंध रखने वाली अविवाहित लड़कियों, विवाहित महिलाओं (जिनके घर में कोई लड़का पैदा न हुआ हो) को निर्धारित दिशा निर्देशों के अनुसार अंक दिए जाएंगे, जिसके लिए प्रार्थी को सक्षम अधिकारी द्वारा जारी स्थाई परिवार नियोजन का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।
प्रदेश सरकार समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण करने के लिए विभिन्न योजनाएं क्रियान्वित कर रही है, जिससे वे समाज में सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सके। हिमाचल प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के गरीब परिवारों के घर केे सपने को साकार करने के लिए स्वर्ण जंयती आश्रय योजना क्रियान्वित कर रही है। यह योजना भारत सरकार के वर्ष 2022 तक सभी के लिए आवास सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य को साकार करने की दिशा में सहायक सिद्ध हो रही है। स्वर्ण जंयती आश्रय योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के गरीब परिवारोेें को मूलभूत सुविधाओं से युक्त पक्का मकान उपलब्ध करवाना है। यह योजना प्रदेश के पात्र लाभार्थियों को आधारभूत सुविधाएं प्रदान करवाने के साथ-साथ उनके जीवन स्तर को बेहतर करने में महत्वूपर्ण भूमिका निभा रही है। इस योजना का आवेदन वो लोग कर सकते जो अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व, अन्य पिछड़े वर्ग से संबंध रखते हो और जिनकी वार्षिक आय 35,000 हजार से अधिक न हो। बीते चार वर्षों में 7116 लोग इस योजना का लाभ उठा सकते है। आवेदन प्रक्रिया पात्र व्यक्ति निर्धारित प्रपत्र पर आवेदन कर सकता है, जिसके साथ वार्षिक आय प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण पत्र, हिमाचली प्रमाण पत्र कार्यकारी दंडाधिकारी से जारी किया हो तथा जिस भूमि पर मकान बनाना प्रस्तावित है उस भूमि की जमाबंदी नकल व ततीमा प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
प्रदेश सरकार ने दिव्यांगजनों के कल्याण, उत्थान और सशक्तिकरण के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के माध्यम से कई महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई हैं। प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही अपंग राहत योजना दिव्यांग लोगों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने में फलप्रद साबित हो रही है। हिमाचल प्रदेश विकलांग पेंशन योजना का मुख्य उद्देश्य विकलांगों को आत्मनिर्भर बनाना है ताकि वह किसी पर भी बोझ न बन सके, अपना खुद का गुजारा खुशी से कर सके और समाज में सम्मान के साथ रह सके। इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ मापदंड निर्धारित है। ऐसे दिव्यांग व्यक्ति जिन्हें अपंगता की परिभाषा के अनुसार गठित चिकित्सा बोर्ड से 40 प्रतिशत या इस से अधिक स्थाई अपंगता प्रमाण पत्र जारी किया गया हो, जिनके कोई भी व्यस्क बच्चे न हो तथा जिनका वार्षिक आय समस्त स्त्रोतों से 35,000 रुपए से अधिक न हो वो सभी इस योजना से लाभान्वित हो सकते है। इसके अलावा चिकित्सा प्राधिकारी द्वारा जारी विकलांगता प्रतिशतता प्रमाण-पत्र चाहे वह सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की विकलांगताओं के मूल्यांकन तथा प्रमाणित करने हेतु जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार बहु-विकलांगता 40 प्रतिशत या इससे अधिक प्रमाणित की गई हो, अपंग राहत भत्ता स्वीकृति हेतु मान्य है। मानसिक रूप से अविकसित व्यक्तियों को तथा 70 प्रतिशत या इससे अधिक अपंगता वाले व्यक्तियों को बिना किसी आय सीमा के पेंशन प्रदान की जाती है। इस योजना के तहत 40 से 69 प्रतिशत अपंगता वाले पात्र व्यक्ति को 1000 रुपए प्रतिमाह (आय सीमा 35,000 रुपए वार्षिक), 70 प्रतिशत या इससे अधिक अपंगता वाले पेंशनरों को 1500 रुपए प्रतिमाह (कोई आय सीमा नहीं) और 70 वर्ष या इससे अधिक आयु के अपंग पेंशनरों को 1500 प्रतिमाह (कोई आय सीमा नहीं) आर्थिक मदद दी जाती है। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के 64904 लोगों को पेंशन प्रदान की जा रही है। यह है प्रक्रिया निर्धारित प्रपत्र पर पात्र व्यक्ति को अपना प्रार्थना पत्र सम्बन्धित पंचायत अथवा तहसील कल्याण अधिकारी या जिला कल्याण अधिकारी को प्रस्तुत करना होता है। पात्र व्यक्तियों की पहचान सम्बन्धित ग्राम सभा की बैठक में की जाती है तथा पहचान करके पात्र व्यक्तियों की सूची सम्बन्धित तहसील कल्याण अधिकारी को प्रस्ताव सहित भेजते है। सम्बन्धित तहसील कल्याण अधिकारी द्वारा पात्र व्यक्तियों के प्रार्थना पत्र तथा उसमें औपचारिकताएं अपने स्तर पर पूर्ण करवायी जाने उपरान्त प्रार्थना पत्रों को स्वीकृति हेतू सम्बन्धित जिला कल्याण अधिकारी को भेजा जाता है। 70 प्रतिशत या इससे अधिक अपंगता वाले प्रार्थी अपने प्रार्थना पत्र सीधे तहसील कल्याण अधिकारी / जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय को दे सकते है।
हिमाचल प्रदेश की विधवा पेंशन योजना से न केवल विधवा, परित्यक्ता व एकल महिलाओं को आर्थिक सहायता मिल रही है बल्कि जीवन जीने के लिए हौसला भी प्रदान कर रही है। प्रदेश में बहुत सी ऐसी महिलाएं है जिनके घर में कोई भी रोजगार का कार्य करने वाला नहीं है, जिनके पति की मृत्यु हुई है या फिर महिला तलाकशुदा है। उनकी इस परेशानी को देखते हुए राज्य सरकार ने विधवा पेंशन योजना शुरू किया है। पहले राज्य सरकार प्रदेश की विधवा महिलाओं को 850 रुपये की सहायता राशि वितरण करती थी। वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत हर महीने 1000 रुपए की सहायता राशी दी जाती है। इस योजना का लाभ वो सभी महिलाएं उठा सकती है जो विधवा, परित्यक्ता अथवा 45 वर्ष से अधिक आयु की एकल नारी हो तथा जिनकी पालन-पोषण का उचित साधन न हो। इस योजना के अंतर्गत 1000 रुपए प्रतिमाह (आय सीमा 35,000 रुपए वार्षिक) और 70 वर्ष या इससे अधिक आयु की विधवा पेंशनरों को 1500 रुपए प्रतिमाह दिया जाता है। प्रदेश के 100945 लाभार्थी इस योजना का लाभ उठा रहे है। आवेदन की प्रक्रिया निर्धारित प्रपत्र पर पात्र व्यक्ति को अपना प्रार्थना पत्र सम्बन्धित पंचायत अथवा तहसील कल्याण अधिकारी या जिला कल्याण अधिकारी को प्रस्तुत करना होता है। पात्र व्यक्तियों की पहचान सम्बन्धित ग्राम सभा की बैठक में की जाती है तथा पहचान करके पात्र व्यक्तियों की सूची सम्बन्धित तहसील कल्याण अधिकारी को प्रस्ताव सहित भेजते है। सम्बन्धित तहसील कल्याण अधिकारी द्वारा पात्र व्यक्तियों के प्रार्थना पत्र तथा उसमें औपचारिकताएं अपने स्तर पर पूर्ण करवायी जाने उपरान्त प्रार्थना पत्रों को स्वीकृति हेतु संबंधित जिला कल्याण अधिकारी को भेजा जाता है। 70 वर्ष से अधिक आयु के प्रार्थी अपने प्रार्थना पत्र सीधे तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय को दे सकते है। हिमाचल प्रदेश विधवा पेंशन योजना के दस्तावेज *महिला हिमाचल प्रदेश की स्थाई निवासी होनी चाहिए *महिला के पति का मृत्यु प्रमाण पत्र *परिवार का राशन कार्ड *पहचान पत्र *बैंक खाता पासबुक
प्रदेश सरकार ट्रांसजेंडर्स के लिए भी कल्याणकारी योजना चला रही है। ट्रांसजेंडर्स को सामाजिक सुरक्षा मिले इस उद्देश्य से शुरू की गयी ट्रांसजेंडर पेंशन स्कीम परिणामकारी सिद्ध हुआ है। वर्तमान में प्रदेश में 150 लाभार्थी इस योजना का लाभ उठा रहे है। ऐसे ट्रांसजेंडर जो स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा अधिसूचित राज्य स्तरीय या जिला स्तरीय चिकित्सा बोर्ड द्वारा पहचान किए गए हों, बिना किसी आयु तथा आय सीमा के ट्रांसजेंडर पेंशन हेतु पात्र हैं। इस पेंशन योजना के अंतर्गत 850 रुपए प्रतिमाह , 70 वर्ष या इससे अधिक आयु के ट्रांसजेंडर पेंशनरों को 1500 रुपए प्रतिमाह की राशि प्रदान की जाती है। इस योजना के लिए आवेदन करना बहुत सरल है। ट्रांसजेंडर के मामले में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा अधिसूचित राज्य स्तरीय चिकित्सा बोर्ड द्वारा पहचान सम्बन्धी जारी प्रमाण-पत्र तथा स्वयं घोषित शपथ-पत्र , जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी प्रमाण-पत्र के आधार पर सम्बन्धित तहसील कल्याण अधिकारी द्वारा पात्र व्यक्तियों के प्रार्थना पत्र तथा उसमें औपचारिकताएं अपने स्तर पर पूर्ण करवायी जाने उपरान्त प्रार्थना पत्रों को स्वीकृति हेतु संबंधित जिला कल्याण अधिकारी को भेजा जाता है।a
कुष्ठ रोग को ग्रामीण इलाकों में आज भी लोग पूर्व के कर्म और अभिशाप मानते हैं। लेप्रोसी यानी कुष्ठ रोग बीमारी को लेकर लोगों में अंधविश्वास है। कुष्ठ रोगियों को सम्मान मिले और सामाजिक सुरक्षा प्रदान हो इस उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही कुष्ठ रोगी पुनर्वास भत्ता आज कुष्ठ रोगियों में सकारात्मकता जगा रही है। ऐसे कुष्ठ रोगी जो किसी सरकारी, अर्ध सरकारी, निगमों, बोर्डों इत्यादि में कार्यरत न हो तथा स्वास्थ्य विभाग के उपचाराधीन हो, उन व्यक्तियों को कुष्ठ रोगी पुनर्वास भत्ता प्रदान किया जाता है। कुष्ठ रोगी पुनर्वास भत्ता का लाभ उठाने के लिए आयु तथा आय सीमा लागू नहीं है। इस योजना के तहत 850 रुपए प्रतिमाह (कोई आय सीमा नहीं) और 70 वर्ष या इससे अधिक आयु के कुष्ठ रोगियों को 1500 रुपए प्रतिमाह प्रदान किया जाता है। कुष्ठ रोगी को भत्ता प्राप्त करने के लिए निर्धारित प्रपत्र पर आवेदन करना होता है जिसके साथ स्वास्थ्य विभाग से कुष्ठ रोग उपचाराधीन प्रमाण पत्र संलग्न करना होता है। सम्बन्धित तहसील कल्याण अधिकारी द्वारा पात्र व्यक्तियों के प्रार्थना पत्र तथा उसमें औपचारिकताएं अपने स्तर पर पूर्ण करवायी जाने उपरान्त प्रार्थना पत्रों को स्वीकृति हेतू संबंधित जिला कल्याण अधिकारी को भेजा जाता है।
देवभूमि हिमाचल के सभी आर्थिक रूप से कमजोर असहाय वृद्ध नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए वृद्धावस्था पेंशन योजना मील का पत्थर साबित हुई है। बेसहारा वृद्धों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना के अंतर्गत राज्य के उन सभी वृद्धजनों को पेंशन योजना का लाभ दिया जाता है, जिन्हें किसी भी तरह की पेंशन योजना का लाभ प्राप्त नहीं होता और उन्हें अपने रोजमर्रा की आवश्यकताओं के लिए सदैव दूसरों पर ही निर्भर रहना पड़ता है। हिमाचल प्रदेश ओल्ड पेंशन स्कीम के तहत राज्य के सभी 60 वर्ष या इससे अधिक आयु के बुजुर्ग व्यक्तियों और महिलाओं को जिनका नाम वृद्धावस्था पेंशन योजना लिस्ट में जारी किया जाता है, उन्हें सरकार हर महीने निर्धारित पेंशन उनके बैंक खातोंमें ट्रांसफर करवाती है। इस योजना के तहत 60 वर्ष से 69 वर्ष की आयु के पैंशनरों को 850 रूपये प्रतिमाह (आय सीमा 35,000 रूपये वार्षिक), 65 वर्ष से 69 वर्ष की आयु की महिला पैंशनरों को 1000 रुपए प्रतिमाह (कोई आय सीमा नहीं), 70 वर्ष या इससे अधिक आयु के पैंशनरों को 1500 रुपए प्रतिमाह (कोई आय सीमा नहीं) की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के 314184 से अधिक लाभार्थिओं को प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जा रही है, जो अपने आप में एक बड़ा आंकड़ा है। यह है पात्रता ऐसे वृद्ध व्यक्ति जिनकी आयु 60 वर्ष या उससे अधिक है तथा उनकी देखरेख और पालन पोषण का उचित साधन न हो तथा जिनके अव्यस्क बच्चे हो, जिनकी वार्षिक आय समस्त स्त्रोतों से 35,000 रुपए से अधिक न हो। अथवा ऐसे वृद्ध व्यक्ति जिनके परिवार की वार्षिक आय समस्त स्त्रोतों से 35,000 रुपए से अधिक न हो। 65 वर्ष से 69 वर्ष आयु की वरिष्ठ महिलाओं तथा 70 वर्ष या इससे अधिक आयु के वृद्धजनों को बिना किसी आय सीमा के पेंशन प्रदान की जाती है। आवेदन की यह है प्रक्रिया पात्र व्यक्ति को अपना प्रार्थना पत्र सम्बन्धित पंचायत अथवा तहसील कल्याण अधिकारी या जिला कल्याण अधिकारी को प्रस्तुत करना होता है। पात्र व्यक्तियों की पहचान सम्बन्धित ग्राम सभा की बैठक में की जाती है तथा पहचान करके पात्र व्यक्तियों की सूची सम्बन्धित तहसील कल्याण अधिकारी को प्रस्ताव सहित भेजते है। सम्बन्धित तहसील कल्याण अधिकारी द्वारा पात्र व्यक्तियों के प्रार्थना पत्र तथा उसमें औपचारिकताएं अपने स्तर पर पूर्ण करवायी जाने उपरान्त प्रार्थना पत्रों को स्वीकृति हेतू सम्बन्धित जिला कल्याण अधिकारी को भेजा जाता है। 70 वर्ष से अधिक आयु के प्रार्थी अपने प्रार्थना पत्र सीधे तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय को दे सकते है।
प्रदेश के 10 जि़लों के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में जन मंच आयोजित किए गए। जन मंच में लगभग 1056 शिकायतें प्राप्त हुई, जिनमें से अधिकांश मामलों का मौके पर ही निपटारा किया गया। प्रशासन द्वारा जन मंच के दौरान कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा उपायों का सख्ती से पालन किया गया। जिला मण्डी: जल शक्ति, बागवानी, राजस्व एवं सैनिक कल्याण मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह टिहरा के प्रांगण में आयोजित जन मंच में क्षेत्र की 12 पंचायतों के लोगों की समस्याओं का समाधान किया गया। जनमंच में विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 44 मामले प्राप्त हुए, जिनमें से अधिकांश का मौके पर निपटारा कर दिया गया है तथा शेष का समाधान सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए। जल शक्ति मंत्री ने बेटी है अनमोल योजना के तहत सांकेतिक तौर पर 5 बच्चियों की माताओं को 12-12 हज़ार की एफडीआर भेंट कीं। साथ ही मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा योजना के तहत कुल 70 लाभार्थियों को निशुल्क गैस कनेक्शन दिए गए। जन मंच में 74 से अधिक विभिन्न प्रमाण-पत्र बनाए गए। उन्होंने कहा कि जनमंच ने गरीबों-वंचितों को ताकत दी है। वे पूरी मजबूती से अपनी बात शासन-प्रशासन के पास रख रहे हैं और उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान हो रहा है। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की जनहितैषी सोच से निकला जन मंच आज लोगों के लिए बड़ा संबल बन गया है। विकास कार्यों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र में 30 पुलों का कार्य प्रगति पर है। टिहरा में 25 करोड़ से 50 बिस्तरों के अस्पताल तथा संधोल और धर्मपुर में सिविल अस्पताल का काम ज़ोरों पर है। टिहरा और संधोल में मिनी सचिवालय भवनों का निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है। क्षेत्र में बिजली आपूर्ति निर्बाध रखने के लिए 33 केवी के 12 ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। अब 50 करोड़ रुपये से 132 केवी का ट्रांसफार्मर स्थापित करने का काम किया जा रहा है। इस अवसर पर भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री एवं जि़ला परिषद सदस्य वंदना गुलेरिया, अतिरिक्त उपायुक्त जतिन लाल सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे। जिला हमीरपुर: शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने जिला हमीरपुर के विधानसभा क्षेत्र बड़सर की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला झिरालड़ी में आयोजित जन मंच की अध्यक्षता की। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र की 5 ग्राम पंचायतों और नगर पंचायत की ओर से कुल 135 शिकायतें एवं मांगें प्राप्त हुईं, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया। शहरी विकास मंत्री ने अधिकारियों को शेष समस्याओं का भी निर्धारित समय अवधि के भीतर निवारण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर सुरेश भारद्वाज ने कहा कि लोगों की समस्याओं का समाधान उनके घर-द्वार पर ही करने के लिए मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने जन मंच आरम्भ किया है। यहां प्राप्त अधिकांश जनसमस्याओं का निवारण प्री-जनमंचों में ही कर दिया जाता है, जिससे आम लोगों को बहुत बड़ी राहत मिलती है। इससे पहले शहरी विकास मंत्री ने एक बूटा बेटी के नाम योजना के तहत झिरालड़ी स्कूल परिसर में पौधारोपण किया तथा विभिन्न विभागों के प्रदर्शनी स्टाॅलों का अवलोकन किया। जन मंच के दौरान शहरी विकास मंत्री ने मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा योजना के तहत 16 महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन प्रदान किए। उन्होंने विभाग के माध्यम से प्रशिक्षित 31 महिलाओं को सिलाई मशीन एवं टूल किट वितरित किए। बेटी है अनमोल योजना के तहत 3 कन्याओं को 12-12 हजार रुपये की एफडी के दस्तावेज और शगुन योजना की 7 लाभार्थियों को 31-31 हजार रुपये के चेक प्रदान किए गए। कार्यक्रम के दौरान जिला भाजपा अध्यक्ष बलदेव शर्मा, हिमाचल प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष राकेश शर्मा बबली, कांगड़ा सहकारी कृषि एवं भूमि विकास बैंक के अध्यक्ष कमलनयन शर्मा, जिला परिषद उपाध्यक्ष नरेश कुमार, उपायुक्त देबश्वेता बनिक, पुलिस अधीक्षक आकृति शर्मा व एडीएम जितेंद्र सांजटा सहित अन्य गणमान्य भी उपस्थित थे। जिला चम्बा: जि़ला चम्बा का 24वां जन मंच भटियात विधानसभा क्षेत्र के तहत सुदली पंचायत घर में आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सरवीण चौधरी ने की। जनमंच में कुल 92 समस्याएं एवं मांगे प्रस्तुत की गई, जिनमें से अधिकतर का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया। इस अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि जन मंच सरकार द्वारा शुरू किया गया ऐसा कार्यक्रम है, जिसके माध्यम से लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान घर द्वार पर संभव होता है। उन्होंने कहा कि जिला चंबा की भौगोलिक परिस्थितियां प्रदेश के अन्य जिलों की तुलना में विषम हैं। इसके बावजूद प्रदेश सरकार के वर्तमान कार्यकाल में यहां सड़क निर्माण, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है। इस अवसर पर 10 लाभार्थियों को मौके पर दिव्यांग प्रमाण पत्र, 6 जन्म प्रमाण पत्र और 22 राजस्व इंतकाल दर्ज किए गए। इसके अतिरिक्त 74 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई और निशुल्क दवाईयां दी गई और 7 लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई गई। 12 पात्र लाभार्थियों को गृहिणी सुविधा योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन तथा बेटी है अनमोल योजना के तहत 13 एफडीआर भी वितरित की गई। मंत्री ने इस दौरान एक बूटा बेटी के नाम योजना के तहत बेटी अदविका के नाम से आंवला का पौधा भी रोपित किया। मुख्य सचेतक विक्रम सिंह जरयाल ने विधानसभा क्षेत्र भटियात में जारी विभिन्न विकासात्मक योजनाओं का ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस मौके पर उपायुक्त डीसी राणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस. अरुल कुमार, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अमित मेहरा सहित अन्य गणमान्य भी उपस्थित थे। जिला शिमला: ग्रामीण विकास, कृषि, एवं पंचायती राज मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने जिला शिमला के रोहडू़ स्थित राजकीय महाविद्यालय सीमा के प्रांगण में आयोजित जन मंच की अध्यक्षता की। जन मंच में कुल प्राप्त 111 शिकायतों में से अधिकांश शिकायतों का मौके पर निवारण किया गया। शेष शिकायतों का निवारण निर्धारित अवधि में करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जन मंच की सफलता के लिए अधिकारी गंभीरता से कार्य करें। लोगों की शिकायतों के निवारण के लिए किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार का प्रयास है कि जन मंच के माध्यम से समाज की अंतिम पंक्ति तक के व्यक्ति की समस्या का निवारण सुनिश्चित हो सके। केन्द्र व प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचे इसके लिए अधिकारी सजगता से काम करें। जनमंच के दौरान 13 विभिन्न प्रमाण पत्र, 5 इंतकाल तथा 6 जमाबंदियां जारी की गई। मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा योजना के तहत 5 लाभार्थियों को निःशुल्क गैस कनेक्शन, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत 5 बालिकाओं को किट, शगुन योजना के तहत बीपीएल परिवार से संबंध रखने वाली बेटी की शादी के लिए 31 हजार रुपये तथा बेटी है अनमोल योजना के तहत 5 पात्र बालिकाओं को 12 हजार रुपये की एफडी प्रदान की गई। उन्होंने एक बूटा बेटी के नाम योजना के तहत देवदार का पौधा रोपित किया तथा जन कल्याणकारी योजनाओं को दर्शाती प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर अध्यक्ष, कृषि ग्रामीण विकास बैंक शशी बाला, जिला परिषद सदस्य उर्मिला डोगरा, गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष अशोक शर्मा, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी, अतिरिक्त उपायुक्त किरण भड़ाना, उपमण्डलाधिकारी सुरेन्द्र ठाकुर तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे। जिला ऊना: ऊना जिला के गगरेट विधानसभा क्षेत्र के मुबारिकपुर में उद्योग, परिवहन एवं श्रम व रोजगार मंत्री बिक्रम सिंह की अध्यक्षता में जन मंच आयोजित किया गया। जन मंच में कुल 72 जन समस्याओं की सुनवाई हुई और अधिकांश का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया। मंत्री ने कहा कि जन मंच जय राम सरकार की महत्वकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य गांव में जाकर मौके पर लोगों की जन शिकायतों का निपटारा करना है। प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न वर्गों के उत्थान के लिए अन्य कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। कामगार कल्याण बोर्ड से पंजीकृत कामगारों व उनके परिवार के कल्याण के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिला ऊना में पंजीकृत 23,839 कामगारों को विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत 20.72 करोड़ की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। कोरोना संकट के दौरान भी जिला के 8270 पात्र कामगारों को लगभग पांच करोड़ की सहायता प्रदान की गई है। इस अवसर पर बिक्रम सिंह ने मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा योजना के तहत 11 परिवारों को निशुल्क गैस कनेक्शन भी प्रदान किए। जनमंच कार्यक्रम के दौरान वैक्सीनेशन कैंप भी स्थापित किया गया था, जिसमें 45 लाभार्थियों ने कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाई। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग ने 152 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की और 126 मेडिकल टेस्ट किए। आयुष विभाग ने 132 लोगों का स्वास्थ्य जांचा। इसके अतिरिक्त ई-श्रम पोर्टल पर 15 कामगारों का पंजीकरण किया गया। इससे पूर्व गगरेट के विधायक राजेश ठाकुर ने कहा कि इस क्षेत्र में पहली बार जन मंच का आयोजन किया जा रहा है तथा सरकार द्वारा घर-द्वार पर जाकर लोगों की शिकायतों का निपटारा किया जा रहा है। इस अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष सतपाल सिंह, उपायुक्त राघव शर्मा, पुलिस अधीक्षक अर्जित सेन, एडीसी डाॅ. अमित कुमार शर्मा सहित अन्य गणमान्य भी उपस्थित थे। जिला कुल्लू: कुल्लू जिले का 24वां जन मंच मनाली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत राजकीय महाविद्यालय हरिपुर में आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने की। जनमंच में कुल 13 ग्राम पंचायतों के लोगों की समस्याओं की सुनवाई की गई। इस अवसर पर 117 शिकायतें व मांगें प्राप्त हुई, जिनमें अधिकांश का मौके पर ही निपटारा किया गया जबकि शेष शिकायतें संबंधित विभागों को तुरंत समाधान हेतु अग्रेषित की गई। आयुर्वेद विभाग द्वारा 201 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और निःशुल्क दवाईयां भी वितरित की। जन मंच में 209 इंतकाल, 62 विभिन्न प्रमाण पत्र, 20 ग्रीन कार्ड जारी किए गए और 12 लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज भी प्रदान की गई। मंत्री ने काॅलेज परिसर में देवदार पौधे का रोपण भी किया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि मनाली विधानसभा को प्रदेश के आदर्श विधानसभा क्षेत्र के तौर पर विकसित किया गया है। यहां 98 प्रतिशत सड़क कनेक्टिविटी है। क्षेत्र में पिछले चार सालों के दौरान अनेक नई सड़कों का निर्माण किया गया। मनाली शहर तथा आस पास के अनेक गांवों के लिये 390 करोड़ की मल निकासी परियोजना तैयार करके धनराशि स्वीकृत की गई है और इस परियोजना का कार्य शीघ्र ही आरंभ कर दिया जाएगा। इसके उपरांत शिक्षा मंत्री ने ‘बेटी है अनमोल’ योजना के तहत सात बेटियों को प्रत्येक को 12 हजार रूपये की एफडी, मुख्यमंत्री शगुन योजना के तहत तीन बेटियों के अभिभावकों को 31000 रुपये प्रत्येक तथा मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत तीन बेटियों को प्रत्येक को 51000 रुपये के चेक वितरित किये। इसके अतिरिक्त जिला की 10वीं तथा 12वीं कक्षा की मेधावी छात्राओं को सशक्त महिला योजना के तहत प्रत्येक को पांच हजार रुपये की राशि व प्रशस्ति पत्र वितरित किये। प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष धनेश्वरी ठाकुर, भाजपा मण्डलाध्यक्ष दुर्गा सिंह ठाकुर, नगर परिषद मनाली के अध्यक्ष चमन कपूर, पंचायत समिति अध्यक्ष कुंदन ठाकुर, उपायुक्त आशुतोष गर्ग, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह सहित अन्य गणमान्य भी इस अवसर पर उपस्थित थे। जिला सोलन: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने सोलन जिला के कसौली विधानसभा क्षेत्र के परवाणू में आयोजित जन मंच की अध्यक्षता की। आज आयोजित जन मंच में 148 शिकायतें व मांगें प्राप्त हुईं, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही निपटारा कर किया गया। शेष शिकायतों तथा मांगों को अग्रिम कार्यवाही के लिए उचित स्तर पर प्रेषित किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लोकतान्त्रिक व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य सरकार की योजनाओं व कार्यक्रमों के माध्यम से आमजन की सेवा करना है तथा आमजन की सेवा के लिए सभी विभागीय अधिकारियों को सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए त्वरित प्रयास करने चाहिए। डाॅ. सैजल ने कहा कि जन मंच का यही उद्देश्य है कि लोगों को उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान प्राप्त हो तथा उनके समय व धन की बचत हो। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा योजना पूरे देश में एक आदर्श योजना के रूप में सराही गई है। जन मंच में 76 लोगों का आधार के लिए नामांकन किया गया। निःशुल्क जांच शिविर में 215 व्यक्तियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। 28 व्यक्तियों के नेत्र जांच तथा 45 व्यक्तियों की दन्त चिकित्सा की गई। इसके अतिरिक्त 43 व्यक्तियों को कोविड-19 से बचाव के लिए टीकाकरण किया गया। आयुष विभाग द्वारा आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में 275 लोगों का स्वास्थ्य जांचा गया और रक्तदान शिविर में 11 यूनिट रक्त एकत्र किया गया। पशुपालन विभाग द्वारा आयोजित निःशुल्क जांच शिविर में दूध के 38 नमूने एकत्र किए गए। जनमंच में भारतीय संचार निगम लिमिटिड द्वारा 110 सिम कार्ड वितरित किए गए तथा 20 ई-श्रम कार्ड भी बनाए गए। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डाॅ. डेजी ठाकुर, जिला परिषद सोलन के अध्यक्ष रमेश ठाकुर, एपीएमसी सोलन के अध्यक्ष संजीव कश्यप, नगर परिषद परवाणू की अध्यक्ष निशा शर्मा, उपायुक्त कृतिका कुलहरी, पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक वर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे। जिला सिरमौर: ऊर्जा मंत्री सुखराम चैधरी ने जिला सिरमौर के विकास खण्ड संगड़ाह की ग्राम पंचायत जामू कोटी की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में आयोजित जन मंच की अध्यक्षता की। इस अवसर पर विभिन्न विभागों से संबंधित 126 शिकायतें एवं मांगें प्रस्तुत की गई, जिनमें से अधिकांश का निपटारा मौके पर ही कर दिया गया तथा शेष शिकायतों को समयबद्ध निपटान के लिए संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया। सुख राम चैधरी ने कहा कि रेणुका बांध विस्थापितों के सभी 1142 परिवारों की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा और विस्थापित परिवारों को आवंटित की गई भूमि से सम्बन्धित सभी समस्याओं को मौके पर जाकर अधिकारियों द्वारा निपटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा चलाई गई जल जीवन मिशन के अंतर्गत सिरमौर में 83 प्रतिशत घरों को पेयजल उपलब्ध करवाया गया है और मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा योजना के अंतर्गत जिला सिरमौर में लगभग 36483 रसोई गैस कनेक्शन उपलब्ध करवाए गए, जबकि उज्ज्वला योजना के अंतर्गत 10944 गैस कनेक्शन वितरित किए गए। इससे पूर्व ऊर्जा मंत्री ने पाठशाला परिसर में पंचवटी वाटिका में कनक चम्पा, अर्जुन, आंवला व अमरूद के वृक्ष रोपित किए। ‘बेटी है अनमोल’ कार्यक्रम के तहत सात कन्याओं को 12-12 हजार रूपये की बैंक एफडी, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के तहत 6 नवजात कन्याओं को जिला प्रशासन की ओर से बधाई पत्र व उपहार प्रदान किए गए। राजस्व विभाग द्वारा विभिन्न प्रकार के 138 से अधिक प्रमाण पत्र, आयुर्वेद विभाग द्वारा 112 रोगियों की स्वास्थ्य जांच व 60 की रक्त जांच की गई और स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित चिकित्सा शिविर में 50 से अधिक लोगों की जांच कर निःशुल्क दवाईयां वितरित की गई। इस अवसर पर अध्यक्ष जिला परिषद सिरमौर सीमा कन्याल, पूर्व विधायक रूप सिंह, अध्यक्ष खण्ड विकास समिति संगड़ाह मेला राम शर्मा, अध्यक्ष खण्ड विकास समिति नाहन अनिता शर्मा, पूर्व उपाध्यक्ष अनुसूचित जाति विकास निगम बलवीर चैहान, अध्यक्ष मण्डी समिति रामेश्वर शर्मा, भाजपा मण्डलाध्यक्ष सुनील शर्मा, उपाध्यक्ष पंचायत समिती संगड़ाह मदन सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त सोनाक्षी सिंह तोमर सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी भी उपस्थित रहे। जिला कांगड़ा: वन, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री राकेश पठानिया ने रविवार को जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र के राजकीय उच्च पाठशाला, लोअर खैरा मेें आयोजित 24वें जन मंच की अध्यक्षता की। जनमंच में शामिल 10 ग्राम पंचायतों से विभिन्न विभागों से जुड़ी 97 शिकायतें व मांगें प्राप्त हुई, जिनमें से अधिकांश का मौके पर निपटारा कर दिया गया। इस अवसर वन मंत्री ने कहा कि ‘जन मंच’ प्रदेश की जनता के लिए सरकार के साथ सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान करने का एक महत्वकांक्षी कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि जन मंच और ‘‘मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाईन’’ अपनी समस्याओं के त्वरित समाधान के चलते काफी लोकप्रिय हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जन मंच में आने वाली समस्याओं पर स्वयं नजर रखते हैं और इनके समाधान में हुई प्रगति की लगातार समीक्षा करते हैं। वन मंत्री ने कहा कि कोविड काल में प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के कुशल नेतृत्व में सराहनीय कार्य किया है। यह गौरव की बात की प्रदेश ने कोविड वैक्सीनेशन की पहली डोज़ लगाने में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करके देश में पहला स्थान हासिल किया है और प्रदेश में 80 प्रतिशत से अधिक लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज भी लग चुकी है। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिकित्सा शिविर का भी आयोजन किया जिसमें करीब 110 लोगों की स्वास्थ्य संबंधी जांच की गई। इसके अलावा 7 लोगों के कोविड रैपिड एंटीजन टेस्ट करवाये गये, जिसमें सभी लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई। कार्यक्रम के दौरान लगे शिविर में कोविड टीकाकरण कैम्प में 18 लोगों ने वैक्सीनेशन भी करवाया। वन मंत्री ने ‘‘एक बूटा बेटी के नाम’’ के तहत लोंगिणी (छैंछड़ी) की बेटी इबाना के परिजनों को 5 औषधीय पौधे भेंट किये। उन्होंने छः पात्र परिवारों को मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा योजना के तहत निःशुल्क गैस चूल्हे और बेटी है अनमोल योजना के तहत दो लाभार्थी बच्चियों के परिजनों को 12-12 हजार रुपये तथा रेडक्राॅस सोसायटी की तरफ से 8 दिव्यांगजनो को व्हील चेयर और अन्य यन्त्र वितरित किये। इससे पहले स्थानीय विधायक रविन्द्र धीमान ने अपने सम्बोधन में कहा कि लोगों की समस्याओं के घर-द्वार त्वरित एवं स्थाई समाधान में जन मंच महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि जयसिंहपुर विधान सभा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग के माध्यम से 143 करोड़ रुपये और जल शक्ति विभाग के माध्यम से 223 करोड़ रुपये के कार्य प्रगति पर हैं। इस अवसर पर उपायुक्त कांगड़ा डाॅ. निपुण जिंदल, पुलिस अधीक्षक खुशहाल शर्मा, एडीसी राहुल कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे। जिला बिलासपुर: जनमंच के माध्यम से लोगों को अपनी बात सरकार व प्रशासन के समक्ष रखने का सुनहरा अवसर है। यह जानकारी आज झण्डूता विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कोसरियां में 24वें जन मंच की अध्यक्षता करते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजिन्द्र गर्ग ने दी। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता के और समीप लाने तथा प्रदेश के नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के उद्देश्य से जन मंच की शुरुआत की गई है। प्रदेश के लोगों की समस्याएं सुलझाने में यह बेहद सफल साबित हो रहा है। आज जनमंच में 114 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया तथा शेष शिकायतों को सम्बन्धित विभागों को कार्यवाही के लिए भेज दिया गया है। जन मंच में राजस्व और पंचायती राज विभाग से सम्बन्धित 70 प्रमाण पत्र बनाए गए। आयुष विभाग द्वारा 214 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई तथा 75 लोगों के खून की जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 144 लोगों की स्वास्थ्य की जांच की गई। राजस्व विभाग से सम्बन्धित 45 इंतकाल और 16 वसीयत बनाई गई। इससे पूर्व उन्होंने ‘एक बूटा बेटी के नाम’ योजना के अंतर्गत आंवला का पौधा रोपित किया। बेटी है अनमोल योजना के तहत 5 लाभार्थियों को एफडी और 5 दिव्यांगजनों को दिव्यांग प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर झण्डूता विधानसभा क्षेत्र के विधायक जे.आर. कटवाल ने अपने सम्बोधन में कहा कि 60 करोड़ रुपये की लागत से कुटवागड़ पेयजल योजना का कार्य प्रगति पर है, जिसे अगले वर्ष तक पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त 240 करोड़ रुपये सड़कों और सिंचाई एवं पेयजल योजनाओं पर खर्च किए जा रहे हैं। इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्षा मुस्कान, प्रदेश कार्यकारणी सदस्य राकेश गौतम, पुलिस अधीक्षक एस.आर. राणा, सहायक आयुक्त सिद्धार्थ आचार्य, एसडीएम झण्डूता नरेश वर्मा सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष और अधिकारी एवं कर्मचारी तथा गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
2022 से पहले हिमाचल प्रदेश सरकार कर्मचारी वर्ग को साधने के प्रयास में जुट गई है। लगा रहा है कि उपचुनाव में मिली पराजय के बाद प्रदेश सरकार को कर्मचारी भी नज़र आने लगे है और उनकी जायज लंबित मांगें भी। अपने कार्यकाल के अंतिम वर्ष में जयराम सरकार पूरी तरह कर्मचारी हितैषी हो गई है और कर्मचारियों की मांगें एक के बाद एक पूरी कर उन पर खूब प्यार बरसाया जा रहा है। हाल ही में लंबे समय से कर्मचारियों की लंबित व बेहद महत्वपूर्ण मांग को जयराम सरकार ने पूरा कर दिया है । प्रदेश के लिपिक और जूनियर ऑफिस असिस्टेंट अब 10 साल में प्रमोट हो सकेंगे। पहले इस वर्ग को 13 साल के बाद प्रमोशन का प्रावधान था। इसमें तीन साल का अनुबंध और 10 साल का नियमित सेवाकाल गिना जाता था। अब सरकार ने प्रमोशन के लिए नियमित सेवाकाल की 10 साल की शर्त को हटाकर सात साल कर दिया है। जबकि अनुबंध सेवाकाल तीन साल का ही रहेगा। इससे प्रदेश के विभिन्न विभागों में तैनात इन कर्मचारियों को राहत मिली है। तीन साल के अनुबंध के बाद सात साल का नियमित सेवाकाल पूरा करने पर संबंधित कर्मचारी पदोन्नति के लिए पात्र हो जाएगा। लंबे समय से कर्मचारी संगठनों की ओर से इस अनुबंध काल को नियमित सेवा काल की शर्त में समाहित करने की मांग उठती रही थी। चूंकि अब जल्द ही कर्मचारियों के साथ सरकार की जेसीसी बैठक होनी है, ऐसे में सरकार ने इस बैठक से पहले ही कर्मचारियों को बड़ी सौगात दे दी है। इस फैसले से हजारों कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ जल्द मिल सकेगा। हिमाचल प्रदेश समस्त विभाग लिपिक वर्ग कर्मचारी महासंघ ने लिपिक से सीनियर असिस्टेंट पदोन्नति की समय अवधि 10 वर्ष से सात साल करने पर सरकार का आभार जताया है। महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष वीरेंदर शर्मा, महासचिव एलडी चौहान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गंगा राम, कानूनी सलाहकार अमर शर्मा ने कहा की 1 मार्च 2020 को समस्त विभाग लिपिक वर्ग कर्मचारी संघ के चुनाव जल शक्ति भवन में हुए थे। संघ का एकमात्र लक्ष्य लिपिक वर्ग की मांगो को सरकार से पूरा करवाना था। संगठन के गठन का पूरा ब्योरा प्रदेश सरकार को भी भेजा गया था।
उपचुनाव में मिली हार के बाद भाजपाई भी बिखरे हुए नजर आ रहे है और उनके बयान भी। कुछ अपनी हार का कारण अतिआत्मविश्वास बता रहे है तो कुछ इस विषय पर बात ही नहीं करना चाहते। भाजपा की हार का असल कारण क्या रहा, इस पर न तो अभी मंथन पूरा हुआ है और न ही खुलकर सियासी दोषारोपण का सिलसिला आरंभ हुआ है। ऐसे में चुप्पी ही बेहतर है। पर फिर भी बड़े नेताओं द्वारा हार का कारण कभी महंगाई तो कभी सहानुभूति लहर, तो कभी अतिआत्मविश्वास बताया जा रहा है। पर हैरत ये है कि जिस कमजोर संगठन, अंतर्कलह और भीतरघात पर खुलकर बात होनी चाहिए, वो नदारद है। सिर्फ रमेश ध्वाला एकलौते ऐसे नेता है जिन्होंने तालमेल की कमी का मसला उठाया है, बाकी दिग्गज अभी मौन ही है। बीते दिनों जयराम कैबिनेट के मंत्री राकेश पठानिया ने अतिआत्मविश्वास को हार का कारण बताया। ब्यान बाहर आया तो चर्चाएं भी शुरू हो गई। मंत्री के ' अति आत्मविश्वास के कारण मिली हार' वाले ब्यान को प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने कवर अप करने की कोशिश की। खन्ना के मुताबिक ये मंत्री के व्यक्तिगत विचार है, इनसे पार्टी का कुछ भी लेना देना नहीं है। पर बात निकली है, तो चर्चा तो होगी ही। क्या सच में भाजपा की हार का कारण अतिआत्मविश्वास रहा है, ये विश्लेषण का विषय है। उपचुनाव में जमीनी हकीकत की बात करें तो भाजपा के अतिआत्मविश्वास को तो छोड़िये, पार्टी में विश्वास में भी नज़र नहीं आ रहा था। मंडी को छोड़ कर हर उपचुनाव क्षेत्र में भाजपा अंतर्कलह और भीतरघात से बचती बचती नज़र आई। इन तीनों उपचुनाव क्षेत्रों में कांग्रेस शुरुआत से लेकर ही आत्मविश्वास से भरपूर नज़र आ रही थी, मगर ऐसा भाजपा में नहीं था। मंडी संसदीय क्षेत्र में भी भाजपाई मुख्यमंत्री से उम्मीदें लगाए बैठे थे और निसंदेह निजी तौर पर मुख्यमंत्री उम्मीदों पर खरे भी उतरे। पर अन्य मंत्री कुछ खास नहीं कर पाए जो असल में हार का बड़ा कारण है। अन्य तीन उपचुनाव क्षेत्रों की बात करें तो जुब्बल कोटखाई में तो भाजपा की जद्दोजहद जमानत बचाने से आगे दिख ही नहीं रही थी। फतेहपुर में भी कृपाल परमार का टिकट काटने के बाद पार्टी सहज दिखी ही नहीं। अर्की में भी अंतर्कलह हावी थी और कार्यकर्ता बंटा हुआ। उपचुनाव में हार के बाद भाजपा के संगठन और सरकार के मंत्रिमंडल में बदलाव के कयास लग रहे है। भाजपा पार्टी विद डिसिप्लिन है, और प्रदेश में जो भी हाल हो मगर राष्ट्रीय स्तर पर इस हार को अनदेखा नहीं किया जाने वाला। नॉन परफार्मिंग नेता बाहर जाएंगे, ऐसा माना जा रहा है। जिन नेताओं को ज़िम्मेदारी दी गई थी उनसे सवाल तो पूछे ही जायेंगे, जवाबदेही भी तय होगी और निश्चित तौर पर आवश्यक सुधार भी होगा।
लोकतंत्र और तानाशाही में ये ही फर्क है, लोकतंत्र में जनता की आवाज को लम्बे वक्त तक अनसुना नहीं किया जा सकता। 'वोट की चोट' के आगे बड़े -बड़े सियासतगर बैकफुट पर आ जाते है। तीन कृषि कानूनों को लेकर केंद्र की मोदी सरकार को भी अपने कदम पीछे हटाने पड़े। ये कानून किसान हित में थे या किसान विरोधी, ये विश्लेषण का विषय है और इस पर देश बंटा हुआ है, इसमें कोई संशय नहीं कि लाखों किसानों को ये कानून मंजूर नहीं थे। सही-गलत अपनी जगह लेकिन जो आवाम को मंजूर नहीं वो थोपा नहीं जा सकता, जम्हूरियत का तकाजा ये ही है। ये बात समझने में मोदी सरकार ने एक साल का वक्त लगाया। ये भुलाया नहीं जा सकता कि इस आंदोलन में करीब 700 किसानों की जान गई है। बहरहाल इन कानूनों का विरोध करने वाले ये ही कह रहे है कि देर आये दुरुस्त आये। तीन कृषि कानूनों को लेकर मोदी सरकार पर न सिर्फ किसानों का दबाव था बल्कि पार्टी के भीतर भी इन्हें लेकर आवाज उठ रही थी। इन कानूनों की वजह से कहीं गठबंधन टूटे, तो कहीं कुछ चेहरे पार्टी का साथ छोड़ गए। विशेषकर पंजाब हरियाणा में तो कई स्थानों पर पार्टी के लोगों का जनता के बीच जाना भी मुश्किल हो गया था। इस पर हाल ही में हुए उपचुनावों में भी पार्टी को आशा अनुसार सफलता नहीं मिली थी। अगले साल उत्तर प्रदेश, पंजाब , उत्तराखंड, गुजरात, हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों में विधानसभा चुनाव भी होने है, जहाँ कृषि कानून की वजह से पार्टी की मुश्किलें बढ़ती दिख रही थी। फरवरी में उत्तर प्रदेश और पंजाब में विधानसभा चुनाव होने है, इनमें पंजाब के साथ -साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी की स्थिति ख़राब दिख रही थी, जिसके बाद सरकार को कृषि कानून वापस लेने पर विवश होना पड़ा। कहा जाता है कि दिल्ली का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर जाता है। जाहिर है सबसे ज़्यादा लोकसभा सीटों वाले इस राज्य में अगर हवा बदल जाएं तो दिल्ली की डगर कठिन होते देर नहीं लगती है, ऐसे में भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व क़तई ख़तरा मोल नहीं लेना चाहता था। वहीं पंजाब में फायदे का तो पता नहीं लेकिन कम से कम पार्टी के लोग अब पूरे प्रदेश में जनता के बीच जाकर प्रचार तो कर सकेंगे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में डगर कठिन ! पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राज्य की करीब एक तिहाई सीटें आती है और यदि यहाँ जनता का साथ न मिले तो उत्तर प्रदेश जीतना मुश्किल है। इस क्षेत्र में जाट-सिख लामबंदी ने बीजेपी के लिए हालात बेहद कठिन कर दिए थे, विशेषकर लखीमपुरी खीरी में किसानों को गाड़ी से कुचले जाने के बाद। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे इस प्रकरण को लेकर जेल में है और निसंदेह इस घटना ने भाजपा के लिए आग में घी का काम किया। लोकदल और समाजवादी पार्टी के संभावित गठबंधन से हालात और भी मुश्किल होते दिख रहे है क्यों कि इस गठबंधन का प्रभाव प्रदेश के 26 जिलों की 136 सीटों पर होता दिख रहा है। वहीँ पूर्वी उत्तर प्रदेश में ओम प्रकाश राजभर पहले ही अलग होकर समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन कर चुके हैं। इस पर एंटी इंकम्बेंसी फैक्टर और ब्राह्मण समुदाय की तथाकथित नाराजगी को भी हल्के में नहीं लिया जा सकता। बताया जा रहा है कि पार्टी के रणनीतिकारों ने इस जमीनी स्थिति से आलाकमान को अवगत करवाया और पार्टी इस निष्कर्ष पर पहुंची कि कृषि कानूनों को वापस ले लेना चाहिए। व्यापक विरोध ने 'मजबूत' को बनाया 'मजबूर' तीनों नए कृषि कानूनों को 17 सितंबर 2020 को संसद से पास कराया गया था। इसके बाद से लगातार किसान संगठनों की तरफ से इन कानूनों को वापस लेने की मांग की जा रही थी। किसान संगठनों का तर्क था कि इस कानून के जरिए सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को खत्म कर देगी और उन्हें उद्योगपतियों के रहमोकरम पर छोड़ देगी। वहीँ, सरकार का तर्क था कि इन कानूनों के जरिए स्पर्धा बढ़ेगी, कृषि क्षेत्र में नए निवेश के अवसर पैदा होंगे और किसानों की आमदनी बढ़ेगी। इन्हें लेकर पुरे देश में लोगों की राय जुदा थी, एक तबका इन्हें किसान हित में मान रहा था तो एक वर्ग इन्हें किसान विरोधी। पर व्यापक विरोध के बावजूद सरकार इन्हें वापस लेने को तैयार नहीं थी। आखिरकार किसान हठ के आगे सरकार को झुकना पड़ा। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन्हें वापस लेने का ऐलान किया और भारी मन से कहा कि वे किसानों को कृषि कानूनों के फायदे समझा नहीं पाएं। निसंदेह सरकार इन्हें किसानों की आर्थिकी मजबूत करने की दिशा में एक मजबूत कदम मान रही थी लेकिन जब विरोध का स्तर इतना व्यापक हो तो मजबूत सरकारें भी मजबूर हो ही जाती है। उम्मीद है कुछ वक्त बाद आवश्यक संशोधन के साथ सरकार किसानों को भरोसे में लेकर नए रूप में इन्हें लाएगी।
सुखविंदर सिंह सुक्खू भी आएं, ठाकुर कौल सिंह भी आएं, रामलाल ठाकुर भी आएं और कांग्रेस के अधिकांश विधायक, पूर्व विधायक, पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता भी इस सियासी भोज में शामिल हुए। इस भोज की मेजबानी की थी हॉलीलॉज ने, वही हॉलीलॉज जो कई दशकों से प्रदेश की सियासत की धुरी बना रहा है। इस भोज का औपचारिक कारण था उपचुनाव में कांग्रेस को मिली शानदार जीत। पर सियासी चश्मे से देखे तो कांग्रेस के दिग्गजों ने एकसाथ आकर शक्ति प्रदर्शन किया और ये सन्देश दिया कि पार्टी एकजुट है। जिनकी हॉलीलॉज आने की उम्मीद थी वो तो आएं ही, पर जिनके आने की उम्मीद नहीं थी उन्होंने भी महफ़िल की शोभा बढ़ाई। कई नेताओं ने हॉलीलॉज में खींचा गया सामूहिक छायाचित्र साझा किया जिसमें दिग्गजों के चेहरों पर उपचुनाव में मिली जीत की ख़ुशी भी दिख रही है और 2022 में सत्ता वापसी की आस भी। एकजुटता की इस तस्वीर ने पार्टी के निष्ठावानों और समर्थकों का खून बढ़ा दिया होगा, लेकिन इन्हें जहन में रखना होगा कि तस्वीरें अक्सर झूठ भी बोलती है, खासतौर से सियासत में। यहाँ दिखता कुछ है और होता कुछ है। वीरभद्र सिंह के जाने के बाद कांग्रेस में मुख्य चेहरे की जंग सी छिड़ी हुई है। 2022 में कांग्रेस का सीएम फेस कौन होगा, ये सबसे बड़ा सवाल है। इस जंग के बीच ये एकजुटता कब तक बरकरार रहती है, ये भी बड़ा सवाल है। जितनी तेजी से हिमाचल कांग्रेस की सियासत दिन प्रतिदिन बदल रही है उसके बाद कुछ भी कहना जल्दबाजी है। इसमें कोई संशय नहीं है कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निधन के बाद कांग्रेस में कोई सर्वमान्य चेहरा नहीं दिख रहा। कई चाहवान है और समर्थक अपने-अपने नेता को अभी से भावी मुख्यमंत्री करार दे रहे है। दिलचस्प बात ये है कि सत्ता मिलने की स्तिथि में कांग्रेस के कई कद्दावर नेता तो सीएम बनने की आस में है ही, दूसरी पंक्ति के नेता भी ख्वाब संजोय बैठे है। गनीमत बस ये है कि पार्टी के अध्यक्ष कुलदीप राठौर का झुकाव किसी गुट विशेष की तरफ नहीं दिखता या यूँ कहे कि वे खुद किसी गुट की अगुवाई नहीं करते, अन्यथा पार्टी को तस्वीर में एकजुट रखना भी आसां नहीं होता। मंडी लोकसभा चुनाव जीतने के बाद प्रतिभा सिंह तीसरी बार सांसद बनी है। इस जीत के बाद प्रदेश की राजनीति में उनका कद निसंदेह बढ़ा है। ये जीत इसलिए भी बड़ी है क्यों कि 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस 4 - 0 से परास्त हुई थी। ऐसे में हॉलीलॉज के निष्ठावान अभी से उनकी मुख्यमंत्री पद को लेकर दावेदारी जता रहे है। वहीँ उनके पुत्र विक्रमादित्य सिंह की बात करें तो वीरभद्र सिंह के निधन के बाद खुद को साबित करने में अब तक न तो वे कहीं चूके और न ही उन्होंने वीरभद्र समर्थकों को निराश किया है। यानी सीएम पद पर हॉलीलॉज का दावा कमतर नहीं होगा। एक और महिला चेहरा ऐसा है जिन्हें उनके समर्थक बतौर मुख्यमंत्री पेश कर रहे है और ये है आशा कुमारी। प्रदेश को अब तक महिला मुख्यमंत्री नहीं मिली है। ऐसे में अब इन दोनों नेताओं के बढ़ते कद ने प्रदेश में पनपती पहली महिला मुख्यमंत्री की उम्मीद को और भी तेज़ कर दिया है। 2022 में सत्ता वापसी की सूरत में सीएम पद पर ठाकुर कौल सिंह का दावा भी तय होगा। कौल सिंह 2012 के विधानसभा चुनाव से पहले भी सीएम पद के दावेदार थे, हालांकि तब वीरभद्र सिंह ने प्रदेश की सियासत में वापसी कर उनके अरमानो पर पानी फेर दिया था। कौल सिंह की जमीनी पकड़ पर कोई संशय नहीं है और मंडी उपचुनाव में जिस तरह वे प्रतिभा सिंह के साथ दिखे है ऐसे में कुछ नए सियासी समीकरण भी बनते दिखे है। मुकेश अग्निहोत्री और कर्नल धनीराम शांडिल के नाम भी दावेदारों की फेहरिस्त में होना तय सा है। पर एक नाम और है जिस पर सबकी निगाहें रहने वाली है, वो है पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू। निसंदेह सुक्खू के साथ जमीनी कार्यकर्त्ता भी है और उनकी अपनी एक लॉबी भी। सम्भवतः आगामी कुछ वक्त में कांग्रेस में कई आंतरिक गठबंधन बनते बिगड़ते दिख सकते है। हॉलीलॉज को अनदेखा कैसे करें सांसद प्रतिभा सिंह के निमंत्रण पर हॉलीलॉज में तमाम दिग्गजों के पहुँचने से एक बात और स्पष्ट हो गई कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निधन के बाद भी हॉलीलॉज का सियासी तिलिस्म बरकरार है। वीरभद्र सिंह परिवार के निष्ठावान नेताओं के साथ - साथ वो चेहरे भी इस भोज को अस्वीकार नहीं कर पाएं जो विरोधी माने जाते रहे है। कारण साफ़ है, मंडी लोकसभा उपचुनाव की जीत ने ये साबित कर दिया है कि जनता के बीच इस परिवार की स्वीकार्यता में कोई कमी नहीं है। अलबत्ता मतभेद रहे लेकिन राजनीति का तकाजा ये ही है कि वर्तमान परिवेश में हॉलीलॉज को अनदेखा नहीं किया जा सकता। जायज है कि यहाँ खींचवाएं गए सामूहिक छायाचित्र को एक औपचारिकता माने और मोटे तौर पर इस भोज को कांग्रेस का सामूहिक भोज ही करार दिया जाएं। पर 2022 में भी हॉलीलॉज का जादू चला और वीरभद्र कैंप के समर्थक अच्छी तादाद में विधानसभा पहुंचे तो सीएम शायद हॉलीलॉज से न हो लेकिन हॉलीलॉज की पसंद का ख्याल रखना जरूरी होगा। अब बदलनी होगी रणनीति कांग्रेस के कई नेता प्रदेश अध्यक्ष पद पर नजरें टिकाएं हुए थे और इसी कोशिश में थे की किसी तरह संगठन की सरदारी मिल जाएं। अध्यक्ष की कुर्सी से मुख्यमंत्री की कुर्सी का फासला तो कुछ कम हो ही सकता है, साथ ही टिकट आवंटन में निर्णायक भूमिका मिल सकती है। पर उपचुनाव में पार्टी के शानदार प्रदर्शन के बाद बदलाव की अटकलों पर विराम तो लगा ही है, संभवतः कई नेताओं के अरमान भी कुचले गए है। अब बदलाव की सम्भावना नहीं लग रही और ऐसे में इन नेताओं को अपनी रणनीति बदलने की जरुरत होगी। वहीँ कुलदीप राठौर का अध्यक्ष बने रहना पार्टी के लिए लाभदायक हो सकता है क्यों कि वे मोटे तौर पर गुटबाजी से दूर है। पहले खुद जीतना होगा कांग्रेस के कई दिग्गजों के सामने पहले खुद जीतने की चुनौती होगी। कौल सिंह ठाकुर और सुधीर शर्मा जैसे नेता खुद पिछले चुनाव नहीं जीत पाएं थे तो कई नेता जैसे -तैसे बस जीते ही थे। सुखविंदर सिंह सुक्खू भी 2012 में खुद चुनाव हार चुके है, अन्य कई नेताओं का चुनावी इतिहास भी कुछ ऐसा ही है।
केंद्र में सत्तासीन नरेंद्र मोदी सरकार किसान आंदोलन के सामने आखिर झुक गई और सरकार ने तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया है। इसके साथ ही संभावना प्रबल है कि पंजाब की सियासत में एक नया ट्विस्ट देखने को मिले। तमाम नजरें पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व कांग्रेस नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह पर टिकी है। सब ये ही जानना चाहते है कि कैप्टेन का अगला कदम क्या होगा। नई पार्टी बनाने का ऐलान कर चुके कैप्टेन क्या भाजपा के साथ गठबंधन करेंगे या नई पार्टी का इरादा छोड़कर भाजपा में ही शामिल हो जायेंगे। दरअसल इसमें कोई संशय नहीं है कि इस वक्त पंजाब में जितनी जरूरत भाजपा को कैप्टेन की है उतनी ही जरुरत कैप्टेन को भी भाजपा की दिख रही है। कैप्टेन के आने से बड़ा फायदा यह होगा कि भाजपा को पंजाब में एक बड़ा चेहरा मिलेगा। अमरिंदर सिंह प्रदेश के कद्दावर नेता माने जाते हैं। निसंदेह उन्हें कमजोर आंकना विरोधियों के लिए भूल हो सकती है। ये भी तय है कि कांग्रेस को कमजोर करने के लिए अमरिंदर सिंह अपनी पूरी ताकत लगा देंगे। ऐसे में यदि वे भाजपा के हो लिए तो उनकी ताकत भी बढ़ेगी। कैप्टन और भाजपा के साथ आने से भाजपा को पंजाब में अपने पांव मजबूत करने मे मदद मिलेगी,पंजाब में पार्टी को एक बूस्ट मिलेगा। कैप्टन भाजपा की राष्ट्रवादी छवि की मापदंड पर भी एकदम फिट बैठते हैं और दोनों का साथ पंजाब की सियासत को एक दिलचस्प मोड़ दे सकता है। फिर साथ आयेंगे या दूरियां बरकरार रहेंगी पंजाब की सियासत में भाजपा की बात करे तो यहाँ अकेले दम पर कभी पार्टी ने कोई कमाल किया ही नहीं। 2017 के विधानसभा चुनाव तक भाजपा पंजाब में शिरोमणि अकाली दल के साथ चुनाव लड़ती रही। साल 2017 के विधानसभा चुनावों और फिर 2019 के लोकसभा चुनावों में भी अकाली दल के खराब प्रदर्शन के बावजूद भाजपा ने उससे रिश्ता नहीं तोड़ा। पर कृषि कानूनों के विरोध में अकाली नेता और सुखविंदर सिंह की पत्नी हरसिमरत कौर ने मोदी सरकार से इस्तीफा दे दिया और समर्थन वापस ले लिया तो फिर दोनों के रास्ते अलग हो गए। अब ये देखना भी दिलचस्प होगा कि क्या कृषि कानून वापस लेने के बाद शिरोमणि अकाली दल और भाजपा फिर एक साथ आयेंगे या दूरियां बरकरार रहेंगी। पंजाब में मजबूर दिख रही थी भाजपा 2017 के विधानसभा चुनाव में जहां अकाली दल ने 15 सीटें जीती थीं वहीं भाजपा को केवल तीन सीटें मिली थीं। वहीं कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में चुनाव लड़ने पर कांग्रेस ने 117 में से 77 सीटें जीती थीं। जबकि आम आदमी पार्टी ने 19 सीटें जीती थीं। 2017 के चुनाव में भाजपा रेस में कहीं नहीं थी, और कृषि क़ानून वापस लेने के फ़ैसले के बाद भी बीजेपी को वहां कोई ख़ास बदलाव की उम्मीद नहीं कर रही होगी। पर अब बीजेपी नेताओं के लिए पंजाब में प्रचार करना ज़रूर आसान हो जाएगा, साथ ही पुराने गठबंधन अकाली दल सहित कुछ नए राजनीतिक साथी जैसे पंजाब पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी यदि भाजपा में शामिल होते है तो पार्टी कम से कम अपना जनाधार तो बढ़ा ही सकती है। वही यदि भाजपा कृषि कानून वापस नहीं लेती तो ये तय दिख रहा था कि किसानो की नाराज़गी के चलते उनके नेता शायद प्रचार तक नहीं कर पाते। ऐसे में कृषि कानून वापस लेना भाजपा की मजबूरी था। छोटे से कार्यकाल में ही पॉपुलर हो गए चन्नी बेशक कृषि कानून वापस लेने के बाद भाजपा पंजाब में नई राहें तलाश रही हो या इस उम्मीद में हो कि कैप्टेन का साथ और शिरोमणि अकाली दल के साथ संभावित गठजोड़ पार्टी के लिए टर्निंग पॉइंट होगा, लेकिन व्यापक तौर पर ऐसा लगता नहीं है। भाजपा कोई भी गठबंधन करके वहां सत्ता पर काबिज हो सकती है इसकी सम्भावना कम ही है। फिलवक्त पंजाब में मुख्य लड़ाई कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच दिख रही है। कैप्टेन के रिप्लेसमेंट के तौर पर कांग्रेस ने चरणजीत सिंह चन्नी के तौर पर प्रदेश को पहला दलित मुख्यमंत्री दिया है और ऐसे में पंजाब का करीब 32 प्रतिशत दलित वोट कांग्रेस के लिए बड़ी आस है। साथ ही जिस तरह से बहुत छोटे से कार्यकाल में चन्नी ने अपनी छाप छोड़ी है वो भी कांग्रेस के पक्ष में है। आम आदमी से लेकर कर्मचारी तक, हर वर्ग के लिए चन्नी लगातार घोषणाएं करते जा रहे है। आम आदमी से उनका सीधा जुड़ाव इसी बात से समझा जा सकता है कि अभी से चन्नी कई सर्वेक्षणों में सीएम के तौर पर लोगों की पहली पसंद दिख रहे है।
लोकसभा और विधानसभा लोकतंत्र के वो मंदिर है जहां देश की जनता का भविष्य तय होता। यदि ये दोनों उचित तरीके से न चले तो इसमें जनता का ही नुक्सान है। पिछले कुछ समय से संसद और विधानसभा दोनों में ही काम की मात्रा कम और शोर ज़्यादा होने लगा है। देश के सांसद और विधायक अधिकतर समय अपनी बात आगे रखते हुए विरोध का सामना करते है। संसद और विधानसभा में लगातार बढ़ रहा इस तरह का गतिरोध लोकतंत्र के लिए एक बहुत बड़ी समस्या है। इस तरह के गतिरोध को दूर करना ही इस बार के अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन मुख्य मुद्दा रहा। बता दें की 82वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन का आयोजन इस दफे हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में किया गया। इस बार का ये सम्मेलन इसलिए भी खास था क्यों कि 100 वर्ष पहले 1921 में शिमला में ही प्रथम अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन हुआ था। शिमला में हुए इस सम्मेलन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उनके अलावा देश भर के इस पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में विभिन्न विधान मंडलोंPage 8 के अध्यक्षों ने हिस्सा लिया। इनमें 24 राज्यों की विधानसभाओं के स्पीकर, 23 के सचिव और पांच राज्यों के विधानसभा उपाध्यक्ष पहुंचे। लोकसभा तथा राज्यसभा सचिवालय के लगभग 70 अधिकारी व कर्मचारी भी शिमला आए। प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्य भी सम्मेलन में मौजूद रहें। 82वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन के शताब्दी वर्ष समारोह के दौरान कई प्रस्तावों पर एक राय बनी। इनमें राष्ट्रपति और राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान शांति बनाए रखने और उद्बोधन के दौरान किसी तरह का व्यवधान पैदा न करने पर सम्मेलन में शिरकत कर रहे पीठासीन अधिकारियों ने सहमति जताई। सम्मेलन में संकल्प लिया गया कि राष्ट्रपति और राज्यपाल के अभिभाषण एवं प्रश्नकाल के दौरान सदन में कोई व्यवधान नहीं होना चाहिए। इसके लिए सभी दलों से फिर चर्चा की जाएगी। सम्मेलन में इसको लेकर प्रस्ताव पारित किया गया है, जिसमें कहा गया है कि राष्ट्रपति या राज्यपाल के अभिभाषण, बजट प्रस्तुतियों और विधानसभाओं में प्रश्नकाल के दौरान कोई व्यवधान नहीं होना चाहिए। विभिन्न राज्यों के अध्यक्षों और उपाध्यक्षों से भी अनुरोध किया गया कि वे अपने राज्यों के राजनीतिक दलों के साथ इस मुद्दे पर सहमति लेने के लिए इस मामले को उठाएं। इसके अतिरिक्त सभी राज्यों की विधानसभाओं में शून्यकाल की परंपरा को शुरू करने पर भी सहमति जताई गई है। देश के सभी विधानमंडलों की कार्य प्रणाली में समरूपता आए, इसके लिए आदर्श नियमावली बनेगी। इस नियमावली को संसद में चर्चा के बाद बनाया जाएगा। इसके बाद आदर्श नियमावली को देश की विधानसभाओं को भेजा जाएगा, जिसके लिए संबंधित राज्य सरकारें, पंचायती राज और स्थानीय निकाय संस्थाएं अपने हिसाब से नियम बना सकती हैं। दलबदल विरोधी कानून में बदलाव पर असहमति 82वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन के दौरान दलबदल विरोधी कानून में उपयुक्त बदलाव करने पर 36 विधानसभाओं और विधान परिषदों के अध्यक्षों के बीच आम सहमति नहीं बन पाई। तीन दिवसीय सम्मेलन की अध्यक्षता करने वाले ओम बिरला ने स्वीकार किया, "हालांकि दलबदल विरोधी कानून पर सीपी जोशी समिति की रिपोर्ट सौंप दी गई थी, लेकिन इस मुद्दे पर कोई सहमति नहीं थी।" 2022 तक पेपरलेस करने का लक्ष्य अधिकारियों के 82वें सम्मेलन के समापन अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा है कि सभी विधानसभाओं और विधान परिषदों को 2022 तक पेपरलेस करने का लक्ष्य रखा गया है। अगले साल तक इन्हें ई-विधान से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि संसद की तर्ज पर सभी विधानसभाओं में शून्यकाल होगा। श्रेष्ठ कार्य करने वाले विधानमंडल पुरस्कृत किए जाएंगे। पुरस्कार तय करने के लिए एक कमेटी बनेगी। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि विधानमंडलों के लिए नई मॉडल नियमावली बनेगी, जिसमें एकरूपता लाई जाएगी। आदर्श नियम बनाने और इनमें एकरूपता लाने के लिए भी एक कमेटी बनेगी, जो सभी विधानमंडलों से सुझाव भी लेगी। अभी तक अलग-अलग विधानमंडलों के अलग-अलग नियम हैं। उन्होंने विभिन्न विधानसभा अध्यक्षों से आए सुझाव भी सामने रखे। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभाओं की कार्यवाही आम जनता को ऑनलाइन भी दिखाई जाएगी। इसके बाद उन्होंने राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ शिमला में प्रेस वार्ता कर सारी बातें स्पष्ट की। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सभी विधान मंडलों की कार्यवाहियों को एक सार्वजनिक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा। इससे इन्हें आमजन एक ही मंच पर देख सकेंगे। बिरला ने कहा कि राष्ट्रपति और राज्यपाल के अभिभाषण के समय व्यवधान नहीं होगा और इसके बारे में सभी दलों से बात की जाएगी। संसद में होगा धर्मशाला में ई-एकेडमी बनाने पर फैसला ओम बिरला ने कहा कि धर्मशाला में ई-एकेडमी बनाने का फैसला संसद में होगा। बिरला ने कहा कि इस संबंध में फैसला संसद ही ले सकती है। ई-अकादमी बनाई जानी प्रस्तावित है। हिमाचल प्रदेश से आए प्रस्ताव को संसद में रखा जाएगा। यह मालूम रहे कि ई-एकेडमी बनाने की यह मांग सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार ने रखी है। सदन में आचरण भारतीय मूल्यों के अनुसार हो : पीएम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 82 वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन के उद्घाटन समारोह को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने इस दौरान कहा कि लोकतंत्र केवल भारत के लिए एक प्रणाली ही नहीं है बल्कि यह हमारे स्वभाव और जीवन के हिस्से में निहित है। हमें देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है और आने वाले वर्षों में असाधारण लक्ष्य हासिल करने हैं तथा ये संकल्प सबके प्रयासों से पूरे होंगे। भारत के लोकतंत्र और संघीय व्यवस्था में जब हम ‘सबका प्रयास’ की बात करते हैं, तो सभी राज्यों की भूमिका इसके लिए एक बड़ा आधार है। ‘सबका प्रयास’ के महत्व को उल्लेखित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि चाहे पूर्वाेत्तर की दशकों पुरानी समस्याओं का समाधान हो या दशकों से अटकी विकास की सभी बड़ी परियोजनाओं को पूरा करने की बात हो, देश में पिछले वर्षों में ऐसे बहुत से कार्य हुए हैं जिनमें सभी के प्रयास शामिल हैं। उन्होंने कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई को ‘सबका प्रयास’ का एक बेहतरीन उदाहरण बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी विधानसभाओं के सदनों की परम्पराएं और प्रणालियां स्वाभाविक रूप से भारतीय होनी चाहिए। उन्होंने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भारतीय भावना को मजबूत करने के लिए सरकार से नीतियों और कानूनों पर विशेष बल देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा यह हम सभी की जिम्मेदारी है कि सदन में हमारा अपना आचरण भारतीय मूल्यों के अनुसार होना चाहिए। नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारा देश विविधताओं से भरा है। हजारों वर्षों के विकास में हमने यह महसूस किया है कि विविधता के बीच एकता की भव्य, दिव्य और अखंड धारा बहती है। एकता की यह अटूट धारा हमारी विविधता को संजोती है, उसकी रक्षा करती है। कागज़ फाड़कर सदन को शर्मसार नहीं किया जा सकता : अनुराग केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर भी हिमाचल प्रदेश विधानसभा में हो रहे 82वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में पहुंचे। अपने संबोधन के दौरान केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने सदन की कार्यवाही में व्यवधान डालने पर चिंता भी जताई। उन्होंने कहा कि सदन चर्चा के लिए होता है, इसे कागज फाड़कर शर्मसार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि कागज तो सड़कों पर भी फाड़े जा सकते हैं, सदन तो चर्चा के लिए होता है। उन्होंने कहा कि सदन व विधान मंडलों में कमेटियों की प्रणाली को मजबूत करने की आवश्यकता है। इसके अलावा शोध कार्य पर भी ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने पीठासीन अधिकारियों से देश में हर साल विधायिका सप्ताह आयोजित करने की सलाह दी। अनुराग ठाकुर ने सदन में सार्थक बहस के लिए पीठासीन अधिकारियों को निर्वाचित प्रतिनिधि को संरक्षण प्रदान करने की बात की।
आमिर खान के तलाक की चर्चाएं अभी बंद नहीं हुई थीं कि अब एक बार फिर से अभिनेता अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दावा किया जा रहा है कि आमिर खान बहुत जल्द तीसरी बार शादी के बंधन में बंध सकते हैं। हालांकि अभी ये सामने नहीं आया है कि आमिर किसके साथ ये तीसरी शादी प्लान कर रहे हैं लेकिन रिपोर्ट्स में ये जरूर कहा जा रहा है कि आमिर खान अपनी किसी को-स्टार के साथ ही ये शादी प्लान कर रहे हैं। आपको बता दें कि इन दिनों करीना कपूर खान के साथ अपनी आने वाली फिल्म 'लाल सिंह चड्ढा' को लेकर सुर्खियों में हैं। आमिर की इस फिल्म का सभी को काफी बेसब्री से इंतजार है। इसी बीच सोशल मीडिया पर उनकी तीसरी शादी की चर्चा काफी जोरों पर है। अब फिल्म के साथ साथ हर किसी को आमिर के शादी को लेकर ऐलान का इंतजार है।
पठानकोट में आर्मी कैंप के त्रिवेणी द्वार गेट पर बाइक सवारों ने ग्रेनेड से हमला किया। इसके बाद पठानकोट के सभी इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। बता दें कि पठानकोट भारत के सर्वाधिक महत्वपूर्ण ठिकानों में से एक है। यहां पर वायुसेना स्टेशन, सेना गोला-बारूद डिपो और दो बख्तरबंद ब्रिगेड और बख्तरबंद इकाइयां हैं। जनवरी 2016 में पठानकोट वायुसेना स्टेशन पर आतंकवादी हमला हुआ था। उस समय में पठानकोट वायु सेना स्टेशन पर भारी मात्रा में असलहा बारूद से लैस आतंकवादियों ने हमला कर दिया था। इस हमले में पांच आतंकी मारे गए थे, वहीं सेना के करीब 8 जवान शहीद हो गए थे।
बालाकोट एयर स्ट्राइक के हीरो रहे अभिनंदन वर्धमान को आज राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की ओर से एक अलंकरण समारोह में वीर चक्र से सम्मानित किया जाएगा। भिनंदन वर्धमान ने 27 फरवरी, 2019 को एक पाकिस्तानी F-16 लड़ाकू विमान को हवाई युद्ध में मार गिराया था। इससे पहले भारतीय वायु सेना ने उन्हें प्रमोट करके ग्रुप कैप्टन का रैंक दिया है। यह पद भारतीय सेना में कर्नल रैंक के बराबर का होता है। बता दें कि अभिनंदन को पाकिस्तानी लड़ाकू विमान F-16 को मार गिराने के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित का एलान पहले ही किया जा चुका था। दरअसल, पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी कैंपों पर एयर स्ट्राइक की गई थी, जिसके बाद बढ़े तनाव के कारण पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने भारतीय सीमा में प्नवेश करने की कोशिश की थी। भारत ने पाकिस्तान की ओर से किए गए इस हिमाकत का करारा जवाब दिया था। बता दें कि भारतीय विंग कमांडर अभिनंदन ने पाकिस्तान के F-16 विमान को गिरा दिया था लेकिन उनका विमान भी क्षतिग्रस्त हो गया था और इजेक्ट करने के बाद वह पीओके में पहुंच गए थे। जिसके बाद पाकिस्तानी सैनिकों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। बाद में भारत के दबाव में आकर पाकिस्तान ने उन्हें सकुशल भारत को वापस सौंप दिया था।
जिला शिमला के रोहडू स्थित राजकीय महाविद्यालय सीमा के प्रांगण में आयोजित जन मंच कार्यक्रम में कुल प्राप्त 111 शिकायतों में से लगभग 60 प्रतिशत से अधिक शिकायतों का मौके पर निवारण किया गया। यह जानकारी ग्रामीण विकास पंचायती राज, कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य पालन मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने जनमंच कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने कहा कि जनमंच कार्यक्रम के दौरान शेष बची शिकायतों का निवारण अधिकारी 15 दिन में करना सुनिश्चित करें। उन्होंने इस संबंध में उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी को व्यक्तिगत तौर पर समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने जनमंच के दौरान प्राप्त हुई शिकायतों का निवारण भी अधिकारियों को 15 दिन के भीतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनमंच कार्यक्रम की सफलता के लिए अधिकारी गंभीरता से कार्य करें। लोगों की शिकायतों के निवारण के लिए किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभिन्न समस्याओं जिनमें अलग-अलग विभागों के सहभागिता आवश्यक हो उसे समन्वित प्रयासों से सम्बद्ध विभाग पूर्ण करना सुनिश्चित करें। जो ठेकेदार काम नहीं कर रहे है, विभाग उनके टेंडर निरस्त करें ताकि अन्य लोगों को काम देकर क्षेत्रवासियों को सुविधा प्रदान की जा सके। उन्होंने डिसवानी लाकाधार क्यानी सम्पर्क सड़क मार्ग के निर्माण कार्य को पूर्ण न करने के प्रति बरती जा रही अनियमितताओं की विजिलेंस जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि इस जनमंच के माध्यम से समाज की अंतिम पंक्ति तक के व्यक्ति की समस्या का निवारण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि केन्द्र व प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचे इसके लिए अधिकारी सजगता से काम करें। किसानों की आय दोगुनी हो इसके लिए केन्द्र के साथ-साथ प्रदेश सरकार द्वारा भी ग्रामीण विकास विभाग व कृषि विभाग के माध्यम से सक्रिय प्रयास किए जा रहे हैं। कृषि विभाग की ओर से स्थानीय फसलों को प्रेेरित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सुदृढ़ बनाने के लिए कई योजनाएं आरम्भ की गई है। हमारे स्थानीय उत्पादों की देश में मांग बढ़े इसके लिए किसानों से उत्पाद मंडियों के माध्यम से खरीद कर बरांडिग करके देश की अन्य मंडियों में भेजने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि के साथ-साथ पशुपालन के तहत कुकुट पालन, मुख्यमंत्री कृषक बकरी पालन योजना, सुअर पालन योजना आदि योजनाएं आरम्भ कर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की आर्थिकी को सुदृढ़ किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आज जन मंच के दौरान 13 विभिन्न प्रमाण पत्र, 5 इंतकाल तथा 6 जमाबंदियां जारी की गई। गृहिणी सुविधा योजना के तहत मनीषा देवी, शिवानी, वंदना चैहान, पूजा देवी और बबीता को निःशुल्क गैस वितरण प्रदान की गई। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत मावेश, सोफिया, सृष्टि, पूर्वी और कायरा को किट प्रदान कर सम्मानित किया गया। शगुन योजना के तहत बीपीएल परिवार से संबंध रखने वाली बेटी की शादी के लिए उनके पिता पदम चंद को 31 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई। बेटी है अनमोल योजना के तहत 12 हजार रुपये की एफडी नवरीति, अनुष्का, प्रगुण, सानवी और एंजल को प्रदान किए गए। इसके साथ-साथ लाल धान कृषक सोसायटी रोहडू को पादप प्रजाति और कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण नई दिल्ली द्वारा 11 नवम्बरको 10 लाख रुपये की राशि व स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र के साथ पुरस्कृत करने पर उन्हें शुभकामनाएं दी। कृषि मृदा संरक्षण प्रशिक्षण के तहत 800 लोगों ने लाभ प्राप्त किया। बागवानी विभाग के तहत एक ऑनलाइन उद्यान कार्ड बनाया गया जबकि 700 विभागीय पत्रक बांटे गए। आयुष विभाग के तहत 174 व्यक्तियों की विभिन्न जांच की गई। निर्वाचन विभाग के अंतर्गत 16 नए वोटर आईडी कार्ड के लिए आवेदन किया गया। कोविड टीकाकरण के तहत 14 कोविड की दूसरी डोज लगाई गई जबकि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत 90 लोगों की रक्त जांच की गई। उन्होंने आज एक बूटा बेटी के नाम योजना के तहत देवदार का पौधा रोपित किया तथा जन कल्याणकारी योजनाओं को प्रदर्शित करती प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर शशी बाला अध्यक्ष कृषि ग्रामीण विकास बैंक, जिला परिषद सदस्य उर्मिला डोगरा, अशोक शर्मा उपाध्यक्ष गौ सेवा आयोग, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी, अतिरिक्त उपायुक्त किरण भड़ाना, उपमण्डलाधिकारी सुरेन्द्र ठाकुर तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
हरियाणा में बेकाबू डेंगू ने इस बार सात साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 2015 के बाद पहली बार डेंगू के केसों की संख्या 10 हजार पार पहुंच गई है। गंभीर बात ये है कि राज्य में अभी भी केस थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। रोजाना औसतन 150 नए केस सामने आ रहे हैं। हरियाणा के सात जिले डेंगू के हॉटस्पॉट बने हैं। इनमें फतेहाबाद, पंचकूला, हिसार, सिरसा, सोनीपत, कैथल और अंबाला जिले शामिल हैं। गौरतलब है कि प्रदेश में अब तक 80814 लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं। रोजाना 500 लोगों के सैंपल लिए जा रहे हैं। मरीजों की बात करें तो अब तक प्रदेश में डेंगू से चार मरीजों की जान जा चुकी है। इनमें पंचकूला, फतेहाबाद, हिसार और नूंह में एक एक मरीज की मौत दर्ज की गई है। जबकि 348 मरीज अस्पतालों में दाखिल हैं।
गुजरात में कक्षा पहली से पांचवीं तक के लिए स्कूल आज यानी सोमवार 22 नवंबर से फिर से खुल गए हैं। स्कूल दोबारा खोलने की घोषणा राज्य के शिक्षा मंत्री जीतू वघानी ने रविवार 21 नवंबर को थी। घोषणा के साथ ही, मंत्री ने कुछ शर्तों के बारे में भी जानकारी दी है जो स्कूलों के फिर से शुरू होने से पहले निर्धारित की गईं थीं। राज्य के शिक्षा मंत्री जीतू वघानी ने रविवार को कहा कि राज्य में स्कूल 22 नवंबर से ऑफलाइन कक्षाओं की शुरुआत कर सकते हैं। कोरोना महामारी का प्रकोप शुरू होने के बाद से यह पहली बार होगा जब कक्षा पहली से पांचवी तक के छात्र व्यक्तिगत रूप से स्कूलों में भाग लेंगे।
सिंगापुर ने निर्धारित वाणिज्यिक यात्री उड़ानों का संचालन बहाल करने के लिए भारत के नागर विमानन मंत्रालय के साथ सहमति जताई है। सिंगापुर नागर विमानन प्राधिकरण ने रविवार को कहा कि भारत के साथ सिंगापुर ‘टीकाकरण यात्रा लेन’ 29 नवंबर को शुरू होगा और चेन्नई, दिल्ली और मुंबई से रोज छह उड़ानों का संचालन होगा। भारत से अल्पकालिक आगंतुकों और लंबी अवधि के पास धारकों के लिए ‘टीकाकरण यात्रा पास’ के लिए आवेदन सोमवार से शुरू होंगे। सीएएएस ने कहा है कि एयरलाइंस भारत और सिंगापुर के बीच गैर-वीटीएल उड़ानें भी संचालित कर सकती हैं, हालांकि गैर-वीटीएल उड़ानों के यात्री मौजूदा सार्वजनिक स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अधीन होंगे। वीटीपी आवेदकों के पास पासपोर्ट और टीकाकरण का डिजिटल सबूत होना चाहिए। सीएएएस ने कहा कि उन्हें अपने आगमन पर कोविड-19 पीसीआर परीक्षण की रिपोर्ट आने तक उस स्थान के बारे में भी पता होना चाहिए जहां वे क्वारंटीन में रहेंगे।
एक तरफ दिल्ली-एनसीआर में पारा लगातार गिर रहा है तो वहीं दूसरी ओर प्रदूषण के कारण हवा की गुणवत्ता काफी खराब है। ऐसे में प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार की ओर से कई कदम उठाए गए हैं लेकिन प्रदूषण की स्थिति लगभग जस की तस बनी हुई है। दिल्ली में हवा की गुणवत्ता 352 पर है। सफर-इंडिया के मुताबिक यह 'बहुत खराब' की श्रेणी में आता है। प्रदूषण के मौजूदा हालात को काबू करने के मकसद से दिल्ली में लगाई गई कई पाबंदियां आज खत्म हो रही हैं। आज दिल्ली सरकार प्रदूषण के हालात को देखते हुए इन पाबंदियों की समीक्षा करेगी। इसी दौरान पर्यावरण मंत्री गोपाल राय उच्च स्तरीय बैठक करेंगे और मौजूदा हालात की समीक्षा करेंगे। दिल्ली सरकार की ओर से शहर में निर्माण कार्यों पर भी फिलहाल रोक लगा दी गई है।
तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने की केंद्र की घोषणा के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने लखनऊ में आज किसान महापंचायत बुलाई है। लखनऊ के इकोगार्डंन बंगला बाजार में आयोजित की गई है, जो सुबह 10 बजे शुरु होगी। इसमें किसान नेता राकेश टिकैत, दर्शनपाल, बलबीर सिंह राजेवाल, जोगिंदर सिंह उगराहां सहित कई किसान नेता मौजूद रहेंगे। भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने किसान महापंचायत के लिए किसानों से आने की अपील की है। उन्होंने 'चलो लखनऊ-चलो लखनऊ' नारे के साथ रविवार को ट्वीट किया कि सरकार द्वारा जिन कृषि सुधारों की बात की जा रही है, वे नकली और बनावटी हैं। इन सुधारों से किसानों की बदहाली रुकने वाली नहीं है। कृषि एवं किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानून बनाना सबसे बड़ा सुधार होगा।
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने घोषणा की कि वह 2022 के विधानसभा चुनाव में पटियाला सीट से मैदान में उतरेंगे। सिंह ने अपने फेसबुक पेज 'पंजाब दा कैप्टन' पर लिखा, 'मैं पटियाला से ही चुनाव लड़ूंगा। पटियाला पिछले 400 साल से हमारे साथ रहा है। मैं इसे सिद्धू का नहीं होने दूंगा।' गौरतलब है कि पटियाला विधानसभा सीट पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह का पारिवारिक गढ़ रही है। उन्होंने चार बार 2002, 2007, 2012 और 2017 में इस सीट पर जीत हासिल की थी। सिंह ने 2014 में अमृतसर लोकसभा सीट से जीत हासिल करने के बाद विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था। उनकी पत्नी परनीत कौर ने तब पटियाला से चुनाव लड़ा और तीन साल तक इस सीट का प्रतिनिधित्व किया। वंही अमरिंदर सिंह ने अप्रैल में पंजाब कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिद्धू को पटियाला से चुनाव लड़ने की चुनौती देते हुए कहा था कि सिद्धू की जमानत जब्त हो जाएगी। सिंह ने सिद्धू के साथ सत्ता संघर्ष के बीच सितंबर में पंजाब के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उनकी जगह चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री चुना गया थ।
कर्नाटक में भारी बारिश के कारण जान और माल का गंभीर नुकसान हुआ है। राज्य में अभी तक कुल 24 लोगों की जान जा चुकी है जबकि 658 घर पूरी तरह से तबाह हो गए हैं। इसके अलावा पांच लाख हेक्टेयर से ज्यादा फसल खराब गई और कम से कम करीब 191 पशुओं की भी मौत हो गई. मुंख्यमंत्री के कार्यालय की ओर से यह जानकारी दी गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से बताया कि कर्नाटक में भारी बारिश के कारण कुल 24 लोगों की मौत हो चुकी है। पांच लाख हेक्टेयर से ज्यादा भूमि पर फसल का नुकसान हुआ है। 658 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं जबकि 8495 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। कम से कम 191 पशुओं के मरने की जानकारी है। इसके अलावा कर्नाटक आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों ने भी बताया कि इस महीने की शुरुआत से राज्य भर में लगातार बारिश के कारण कुल 24 लोगों की मौत हो गई है। प्राधिकरण के अधिकारियों ने भी एक नवंबर से अब तक 658 घरों के पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होने और 8,495 घरों के आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने की बात कही।
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में हिज्बुल मुजाहिदीन का एक नव-नियुक्त जिला कमांडर मारा गया। पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा कि दक्षिण कश्मीर के अशमुजी इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी के संबंध में मिली गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी की और तलाशी अभियान शुरू किया। उन्होंने कहा, “अभियान के दौरान आतंकवादियों को आत्मसमर्पण करने के पर्याप्त अवसर दिए गए, इसके बजाय उन्होंने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए संयुक्त दलों ने उन्हें बचाया और सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया। गोलीबारी के बाद जवाबी कार्रवाई की गई, जिससे मुठभेड़ शुरू हुई। ' उन्होंने कहा कि मुठभेड़ में हिज्बुल मुजाहिदीन (एचएम) का नवनियुक्त जिला कमांडर मुदासिर वागे मारा गया। वह कुलगाम के मालवान का निवासी था और उसका शव मुठभेड़ स्थल से बरामद कर लिया गया है।
भारतीय सेना ने सीमा विवाद के बीच लद्दाख की हेनले घाटी में इंडिया द्वारा निर्मित 15000 फीट 76 फीट लंबा राष्ट्रध्वज फहराया है, इस कीर्तिमान को रचते हुए सेना ने देश के दुश्मनों को कड़ा संदेश दिया है। दरअसल भारत और चीन के बीच सीमा विवाद वास्तविक नियंत्रण रेखा पर 3,488 किलोमीटर के क्षेत्र में है जबकि भूटान के साथ चीन का विवाद 400 किलोमीटर की सीमा पर है। विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने हाल ही में कहा था कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर घटनाक्रमों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में अमन-चैन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है और जाहिर तौर पर इसका व्यापक रिश्तों पर भी असर पड़ा है। इसके साथ ही अब भारतीय सेना ने लद्दाख की हेनले घाटी में राष्ट्रधवज फहराकर दुश्मनों को जवाब दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की घोषणा कर चुके है। हालांकि, किसान नेताओं का कहना है कि वे अभी आंदोलन जारी रखेंगे, जब तक कि कानून संसद में रद्द नहीं कर दिए जाते है। इन सब पर संयुक्त किसान मोर्चा के नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा, "आगे घटनाक्रम पर फैसले लेने के लिए 27 नवंबर को संयुक्त किसान मोर्चा की एक और बैठक होगी। तब तक की स्थिति के आधार पर फैलसा लिया जाएगा।" उन्होंने कहा, "हमने कृषि कानूनों को रद्द करने पर चर्चा की. इसके बाद कुछ निर्णय लिए गए। संयुक्त किसान मोर्चा के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम जारी रहेंगे। 22 नवंबर को लखनऊ में किसान पंचायत, 26 नवंबर को सभी सीमाओं पर सभा और 29 नवंबर को संसद तक मार्च होंगे।"
केरल के इडुक्की में तेजाब से हमला करने की घटना सामने आई है। महिला ने कथित तौर पर शादी का प्रस्ताव ठुकराने के बाद एक व्यक्ति पर तेजाब फेंक दिया। मिली जानकारी के मुताबिक महिला की उम्र 35 साल है और उसके दो बच्चे भी हैं। पुलिस ने जानकारी दी है कि घटना शनिवार की है। पुलिस ने बताया कि तिरूवनंतपुरम के रहने वाले अरूण कुमार जिनकी उम्र करीब 28 साल है उनपर तेजबा से हमला किया गया। तेजब से हमले के बाद राज्य की राजधानी के मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में अरूण का इलाज चल रहा है। पुलिस के मुताबिक तेजाब से हुए हमले के कारण उनकी आंखों की रोशनी भी जा सकती है। पुलिस ने बताया कि कुमार अपने एक रिश्तेदार और दोस्त के साथ अदिमाली में एक गिरजाघर के पास 16 नवंबर को महिला को पैसे देने गए हुए थे। गिरजाघर परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज से आज पता चला कि शीबा कुमार के पीछे खड़ी थी और उसने आगे आकर उनके चेहरे पर तेजाब डाल दिया। इस दौरान वह भी मामूली रूप से जख्मी हो गई। पुलिस ने कहा कि इस सिलसिले में कल मामला दर्ज किया गया और शीबा को आज गिरफ्तार कर लिया गया।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण से निजात मिलती नजर नहीं आ रही है। रविवार को भी दिल्ली में वायु की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रही। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के वायु गुणवत्ता मॉनिटर, सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (SAFAR) के मुताबिक दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर रविवार को भी 'बहुत खराब' श्रेणी में रहा। शहर का ओवरऑल एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 347 पर पहुंच गया है। इससे पहले शनिवार को दिल्ली-एनसीआर में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 355 पर पहुंच गया है। शुक्रवार को यह आंकड़ा 370 था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक यह जानकारी सामने आई है। वहीं पड़ोसी जिले गाजियाबाद (346), गुड़गांव (348) और नोएडा (357), ग्रेटर नोएडा (320) और फरीदाबाद (347) में भी वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गयी थी। बता दें कि शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को 'अच्छा', 51 और 100 के बीच एक्यूआई को 'संतोषजनक', 101 और 200 के बीच 'मध्यम', 201 और 300 के बीच 'खराब', 301 और 400 के बीच 'बेहद खराब' तथा 401 और 500 के बीच एक्यूआई को 'गंभीर' श्रेणी में माना जाता है।
केन्द्र सरकार की ओर से कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा के बाद आगे की रणनीति तय करने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा की आज बैठक होगी। बैठक सुबह 11 बजे सिंघु बॉर्डर पर शुरु होगी। इससे पहले शनिवार को संयुक्त किसान मोर्चा के प्रमुख नेताओं की 9 सदस्यीय कमिटी और पंजाब के 32 किसान संगठनों की बैठक हुई। एजेंडे में किसानों की मुख्य मांगो पर विचार होगा। साथ ही क़रीब 688 शहीद किसानों के परिवार को मुआवज़े पर भी बात होगी। इससे पहले शनिवार को किसान नेता दर्शन पाल सिंह ने कहा कि 26 और 29 नवंबर को होने वाले पूर्वनिर्धारित कार्यक्रम चलते रहेंगेउन्होंने कहा कि 22 नवंबर को लखनऊ की रैली को कामयाब करना है। अगर लखीमपुर खीरी में हमारे साथियों को परेशान करने की कोशिश की जाती है तो फिर हम लखीमपुर खीरी इलाके में आंदोलन चलाएंगे। कानून वापस लेने पर कहा कि अच्छी बात है केंद्र सरकार ने फैसला लिया है, लेकिन बहुत सारे मुद्दे है जिन पर बात होनी चाहिए। अगर ये कानून चर्चा के बाद पारित होते जिन के लिए है अगर उनसे बात करके होती तो दिक्कत नहीं होती। उन्होंने कहा कि कई मुद्दे है जिन पर अभी फैसला नहीं हुआ है। एमएसपी पर अब तक सरकार ने कोई बात नही मानी है। सरकार एमएसपी पर कानून लाएं ये हमारी मांग है। उन्होंने कहा कि ये आंदोलन इतनी आसानी से नहीं हट सकता है। आंदोलन जारी रहेगा। किसान नेता डा.दर्शन पाल सिंह ने ये भी कहा कि संसद में किसान क़ानूनों की औपचारिक वापसी के बाद भी किसान आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक किसानों की वो माँगे नहीं मानी जातीं जिन्हें किसान आंदोलन के शुरुआत से ही उठा रहे हैं।
जम्मू कश्मीर के कुलगाम में सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को ढेर कर दिया है। जवानों और आतंकियों के बीच हुए मुठभेड़ में यह आतंकी मारा गया है। मारे गए आतंकी की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। जानकारी मिल रही है कि इस इलाके में अन्य आतंकी भी फंसे हुए हैं। भारी संख्या में जवानों ने मिलकर इलाके की घेराबंदी कर दी है। आतंकी इलाके से निकल कर भाग न जाएं इसके लिए जवानों ने सभी रास्तों को बंद कर दिया है। जवानों की कोशिश है कि जल्द से जल्द जिंदा या मुर्दा किसी भी हालत में छिपे हुए आतंकियों को इलाके से बाहर निकाला जाए। बता दें कि इससे पहले जवानों ने बुधवार के दिन बड़ी सफलता हासिल की थी। जवानों ने दो अलग-अलग मुठभेड़ों में पांच आतंकियों को मार गिराया था। गौरतलब है कि बुधवार को जवानों ने असफाक अहमद को ढेर कर दिया था। असफाक अहमद लश्कर के सहयोगी संगठन द रेजिस्टेंट फ्रंट का कमांडर था। बाकी के अन्य आतंकियों में दो टीआरएफ व दो हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर थे। मारे गए आतंकियों के पास से भारी मात्रा में हथियार भी बरामद किए गए थे।
नागेश ट्रॉफी चतुर्थ चरण में हिमाचल का तीसरा मुकाबला पुडुचेरी से हुआ। जिसमें हिमाचल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। उस निर्णय को सही साबित करते हुए सलामी बल्लेबाज विजय कुमार व बीआर कौशल ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 127 रन की साझेदारी की। जिसमें बी आर कौशल ने 30 गेंदों 40 रन तथा विजय कुमार ने मात्र 71 गेंदों में 116 रन बनाए। हिमाचल प्रदेश ने 20 ओवर में 3 विकेट खो कर 206 रन बनाए और पुडुचेरी 206 रनों का पीछा करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट खो कर 171 रन ही बना पाई। हिमाचल प्रदेश के खिलाडियों ने गेंदबाजी में भी अपना जोहर दिखाया जिसमे राज कुमार 4 ओवर में 34 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट झटके तथा बी आर कौशल ने 2 ओवर में 17 रन देकर 1 बल्लेबाज को आउट किया साथ ही हरि कृष्ण ने 2 ओवर में 13 रन देकर 1 विकेट झटका। हिमाचल प्रदेश ने यह मुकाबला 35 रन से जीत लिया। इस मुकाबले में विजय कुमार मेन ऑफ दी मैच रहे।
पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से आंध्र प्रदेश में बुरा हाल है। कई इलाकों में मकान ढहने की खबर है। भारी बारिश के कारण अनंतपुर जिले के कादरी इलाके में एक पुरानी तीन मंजिला इमारत गिरने से तीन बच्चों और एक वृद्ध महिला की मौत हो गई। इमारत के मलबे में अब भी चार से ज्यादा लोग फंसे हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। वहीं, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तिरुपति के टैंपल टाउन का है, जिसमें दिखाया गया कि बाढ़ के चलते सैकड़ों लोग फंसे हुए हैं। तिरुपति के बाहरी इलाके में स्थित स्वर्णमुखी नदी में बाढ़ आ गई है और जलाशयों में पानी भर गया है। कई लोगों के बाढ़ में फंसे होने की खबर है। घाट रोड और तिरुमाला हिल्स के रास्ते बंद कर दिए गए हैं। स्थिति को संभालने के लिए राष्ट्रीय और राज्य आपदा राहत टीमों को तैनात किया गया है और बचाव कार्य जोरों पर है। बाढ़ ने कई जगहों पर सड़कों को क्षतिग्रस्त कर दिया है और रेल, सड़क और हवाई यातायात प्रभावित हुआ है। रायलसीमा क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित है। राज्य के चित्तूर, कडपा, कुरनूल और अनंतपुर जिले प्रभावित हुए हैं। गुरुवार से बारिश थमी नहीं है और जिसके चलते चेयुरु नदी उफान पर है।
तीनों नए कृषि कानूनों को वापस लेने के बाद इस फैसले को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। प्रियंका ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। साथ ही उन्होंने सरकार से मांग की है कि अब यूपी के लखीमपुर खीरी में गाड़ी के नीचे कुचलकर मरने वाले किसानों के परिवारों को भी न्याय मिले। प्रियंका गांधी ने कहा, ''लखीमपुर खीरी में किसानों के कुचलने का आरोप गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा पर लगा है। लेकिन बीजेपी सरकार आरोपी को बचाने की कोशिश में जुटी है। अगर पीएम मोदी आरोपियों के साथ मंच साझा करते हैं तो सीधा संदेश जाएगा कि आप किसानों को कुचलने वाले लोगों को संरक्षण दे रहे हैं। उन्होंने कहा, ''यह 700 से ज्यादा शहीद किसानों का अपमान होगा। प्रियंका ने आगे कहा, ''अगर किसानों के प्रति आपकी नीयत साफ है तो लखनऊ में पुलिस महानिदेशक सम्मेलन में गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के साथ विराजमान मत होना। उन्होंने कहा, ''हम मांग करते हैं कि पीड़ित परिवारों को न्याय देने के लिए आप गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त करें। इसके साथ ही यह भी मांग की कि सरकार सभी किसानों के खिलाफ चल रहे मुकदमे वापस ले और पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद दे।
स्वच्छ सर्वेक्षण-2021 के अनुसार किए गए सर्वेक्षण में मध्य प्रदेश का इंदौर शहर लगातार पांचवीं बार विजेता बना। इसके साथ ही सूरत शहर दूसरे और तीसरे स्थान पर विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश) रहा। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने विजेताओं को सम्मानित किया। वहीं, यूपी के वाराणसी को सबसे स्वच्छ गंगा शहर का खिताब मिला है। स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत भारत को कचरा-मुक्त बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टकोण की तर्ज पर कचरा-मुक्त शहरों की श्रेणी के तहत प्रमाणित शहरों को इस समारोह में सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की पहल ‘सफाईमित्र सुरक्षा चैलेंज’ के तहत बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले शहरों को मान्यता देते हुए सफाई कर्मचारियों के योगदान को सराहा गया। इस बार के स्वच्छ सर्वेक्षण में 4320 शहरों-नगरों को शामिल किया गया है जो दुनिया का सबसे बड़ा स्वच्छता सर्वेक्षण है। 2016 में इस कदम की शुरुआत पर सिर्फ 73 प्रमुख शहरों को सर्वेक्षण में शामिल किया गया था। इस साल के सर्वेक्षण की सफलता इस बार नागरिकों से मिले फीडबैक की संख्या के आधार पर आंकी जाती है। मंत्रालय ने ‘स्वच्छ सर्वेक्षण 2021’ के बारे में कहा कि जमीनी स्तर पर राज्यों एवं शहरों के प्रदर्शन में काफी सुधार हुआ है। उसने कहा कि मिसाल के तौर पर छह राज्यों और छह केंद्रशासित प्रदेशों ने जमीनी स्तर पर अपने प्रदर्शन में पांच से 25 प्रतिशत तक सुधार किया है।


















































