चीन और पाकिस्तान की सीमा से सटे लेह-लद्दाख और कारगिल तक जाने वाले सामरिक महत्व के मनाली-लेह तथा मनाली-दारचा-पदम-कारगिल मार्ग पर केंद्र सरकार चार सुरंगें बनाने जा रही है। इससे मनाली से कारगिल की दूरी 260 और लेह की दूरी 250 किलोमीटर कम होगी। मनाली-लेह मार्ग पर 29 किमी लंबी तीन सुरंगें बनेंगी। 16040 फीट ऊंचे बारालाचा दर्रा में सुरंग की डीपीआर बनाने के आदेश जारी कर दिए हैं। यह टनल करीब 11.25 किमी लंबी होगी। 17420 फीट ऊंचे तंगलंगला दर्रा में साढ़े पांच किमी तथा 15547 फीट ऊंचे नकिला दर्रा में साढ़े 13 किमी लंबी टनल बनाई जाएगी। इन सुरंगों का निर्माण सीमा सड़क संगठन करेगा। मनाली से लेह की दूरी 475 किलोमीटर है। सुरंगें बनने के बाद मनाली से लेह पहुंचने में करीब 12 घंटे लगेंगे। करीब 250 किमी सफर कम होगा। मनाली-लेह मार्ग भी डबललेन होगा। इसके करीब 80 फीसदी क्षेत्र में काम जारी है।
येलो अलर्ट के बीच शुक्रवार को प्रदेश भर में मौसम साफ रहा। राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में चटक धूप खिली। अधिकतम तापमान के साथ प्रदेश के न्यूनतम तापमान में भी काफी बढ़ोतरी दर्ज हुई है। गुरुवार रात को नाहन और बिलासपुर में 23 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने शनिवार के लिए भी बारिश और अंधड़ का येलो अलर्ट जारी किया है। मैदानी जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और उच्च पर्वतीय जिलों किन्नौर व लाहौल स्पीति में 27 से 29 जून तक मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। मध्य पर्वतीय जिलों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू और चंबा में एक जुलाई तक मौसम खराब बना रहने के आसार हैं। शुक्रवार को ऊना में अधिकतम तापमान 37.2, बिलासपुर में 35.5, हमीरपुर-भुंतर में 34.0, कांगड़ा में 34.1, चंबा में 33.7, सोलन में 33.0, सुंदरनगर में 33.5, नाहन में 32.5, धर्मशाला में 29.2, शिमला में 25.6, कल्पा में 24.0, डलहौजी में 21.1 और केलांग में 19.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
प्रदेश सरकार ने इस साल राज्य की विभिन्न मंडियों में सेब क्रेट में भरकर बेचने की व्यवस्था करने का मन बना लिया है। कार्टन में सेब की पैकिंग के कारण बागवानों पर पैकिंग का खर्चा भी अपेक्षाकृत अधिक बैठता है और सेब के दाम भी पूरे नहीं मिल पाते हैं। लिहाजा बागवानों को कई बार उत्पादन लागत भी पूरी नहीं मिल पाती है। सेब बागवानों को सेब को बोरियों में भरकर सरकारी एजेंसियों एचपीएमसी और हिमफेड के पास न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचना पड़ता है। लेकिन इस साल बागवानों को प्रदेश की मंडियों में अब सेब के रेट प्रति किलो के हिसाब से मिल पाएंगे। हर साल बागवानों का प्रदेश की मंडियों में बिचौलिये आर्थिक शोषण करते रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में बी और सी ग्रेड के सेब को इस साल मंडियों में अच्छे दाम मिलेंगे। अभी तक बीस किलो के कार्टन में सेब बागवान 32 किलो भरकर बेचते थे, मगर दाम बीस किलो के ही मिलते रहे हैं। बता दें कि बी और सी ग्रेड का सेब वह है, जो गुणवत्ता और आकार में ए ग्रेड से कम होता है।
प्रदेश के मंडी जिला से एक दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। मंडी जिले के जोगिंद्रनगर में मां-बेटे की एक साथ मौत हो गई। दरअसल तालाब में डूब रहे दस साल के बेटे अभिषेक को बचाने के लिए मां रजा देवी ने भी छलांग लगा दी। दोनों की डूबने से मौत हो गई। घटना जोगिंद्रनगर की पंचायत टिकरू में हुई। बताया जा रहा है कि मां-बेटा खेतों में काम करने के लिए निकले थे। बेटा अनियंत्रित होकर तालाब में जा गिरा। उसे बचाने के लिए मां ने भी छलांग लगा दी। बेहोशी की हालत में मां-बेटे को अस्पताल लाया गया जहां चिकित्सक ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। आसपास के लोगों को हादसे की जानकारी काफी समय बाद मिली। मां-बेटे की मौत से पूरा गांव स्तब्ध है। वंही, अभिषेक के पिता अच्छर सिंह आईटीआई में सेवारत हैं।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सफदरजंग स्टेशन से एक विशेष ट्रेन से कानपुर में अपने पैतृक गांव के लिए रवाना हो गए हैं। इस यात्रा में उनके साथ उनकी पत्नी सविता कोविंद भी मौजूद है। राष्ट्रपति आज शाम महाराजा एक्सप्रेस से कानपुर सेंट्रल स्टेशन पहुंचेंगे। यहां राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनकी अगवानी करेंगे। इसके बाद राष्ट्रपति और राज्यपाल सर्किट हाउस जाएंगे, जबकि मुख्यमंत्री लखनऊ लौट जाएंगे। राष्ट्रपति बनने के बाद कोविंद पहली बार तीन दिन के प्रवास पर कानपुर आ रहे हैं। इस प्रवास में वे कानपुर देहात स्थित अपने पैतृक गांव परौंख भी जाएंगे। राष्ट्रपति भवन से जारी जानकारी के अनुसार कोविंद सेंट्रल स्टेशन पर शाम 7:45 बजे पहुंचेंगे। वहां से 10 मिनट बाद सर्किट हाउस के लिए रवाना होंगे। 25 से 28 जून तक के दौरे में राष्ट्रपति यहां विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोगों से मिलेंगे और उनका हालचाल लेंगे। गौरतलब है कि ऐसा 15 साल बाद हो रहा है जब कोई मौजूदा राष्ट्रपति रेल यात्रा कर रहे हैं। इससे पहले 2006 में तत्कालीन राष्ट्रपति डा. एपीजे अब्दुल कलाम ने दिल्ली से देहरादून तक की रेल यात्रा की थी जहां उन्हें इंडियन मिलेट्री एकेडमी की पासिंग आउट परेड में शामिल होना था।
देश में लगातार बढ़ती महंगाई, पेट्रोल डीज़ल के दामों में बढ़ोतरी के चलते महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव नीतू वर्मा ने एक अनूठा काम किया है। उन्होंने विश्व में सबसे ऊंचाई पर बने डाकघर हिक्किम से प्रधानमंत्री को पत्र भेजा है। पत्र में महंगाई से आम लोगों की परेशानियों का हवाला देते हुए रोक लगाने की मांग की गई। बता दें कि महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव नीतू वर्मा इन दिनों जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के दौरे पर हैं। गुरूवार को वह हिक्किम पहुंची। उन्होंने हिक्किम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर बढ़ती महंगाई पर अंकुश लगाने को कहा। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान लोग आर्थिक परेशानी से झूझ रहे है। ऐसे में लोगों पर महंगाई कि मार पड़ रही है जोकि सरे आम जनता के साथ नाइंसाफी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से महंगाई कम कर अच्छे दिन लाने का वायदा किया था। लेकिन, भाजपा की सरकार बनते ही सारे वायदे ठंडे बस्ते में हैं। उन्होंने कहा कि महिला कांग्रेस ने विश्व में सबसे ऊंचाई पर बने हिक्किम डाकघर के माध्यम से पत्र के जरिये प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार तक देश के लोगों खासकर महिलाओं की आवाज पहुंचाने का प्रयास किया है।
कोरोना की दूसरी लहर के चलते दिल्ली की सरकार ऑक्सीजन की आपूर्ति को बढ़ा-चढ़ा कर बताया है जिसका दसरे राज्यों पर बुरा प्रभाव पड़ा है। दिल्ली के ऑक्सीजन ऑडिट के लिए गठित कमेटी ने यह बात मानी है। कमेटी के मुताबिक दिल्ली की तरफ से 25 अप्रैल से 10 मई के बीच ऑक्सीजन की जो मांग रखी, वह वास्तविक आवश्यकता से 4 गुना तक अधिक हो सकती है। 8 मई को सुप्रीम कोर्ट ने देश में ऑक्सीजन वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 12 सदस्यीय टास्क फोर्स बनाया था। दिल्ली के लिए अलग से एक सब-ग्रुप बनाया गया था। इसमें एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया, मैक्स हेल्थकेयर के संदीप बुद्धिराजा के साथ केंद्र और दिल्ली के 1-1 वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं। इस कमिटी को पेट्रोलियम एंड ऑक्सीजन सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (PESO) ने बताया है कि दिल्ली के पास सरप्लस ऑक्सीजन था। जो दूसरे राज्यों को मिल सकता था। दिल्ली को लगातार अधिक सप्लाई से राष्ट्रीय संकट खड़ा हो सकता था। बेड कैपेसिटी के आधार पर की गई गणना के हिसाब से दिल्ली को सिर्फ 289 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की ज़रूरत थी। लेकिन उसने 1140 मीट्रिक टन तक की ज़रूरत बताई। यह लगभग 4 गुना अधिक था।
बीती कैबिनेट की बैठक में 1 जुलाई से बाहरी राज्यों के लिए बसे चलाने को मंज़ूरी मिल गई है। प्रदेश परिवहन विभाग इसकी तैयारियों में जुट गया है। हिमाचल प्रदेश से बाहरी राज्यों के लिए 708 रूट हैं। इनमें 200 रूटों पर वोल्वो बसें चलती हैं। परिवहन निगम के पास करीब 60 वोल्वो बसें हैं। ये बसें चंडीगढ़, हरिद्वार, अमृतसर, कटरा, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली के लिए चलती हैं। शिमला, सरकाघाट, हमीरपुर, धर्मशाला, बैजनाथ, बीड़, मनाली, डलहौजी, पठानकोट और नालागढ़ से दिल्ली के लिए बसें चलेंगी। साथ ही मनाली, शिमला और धर्मशाला से हरिद्वार के लिए बसें चलाने की योजना है। साधारण बसें भी विभिन्न डिपो से चलाई जाएंगी। सभी बसें 50 फीसदी ऑक्यूपेंसी पर चलेंगी। सर्दी, खांसी, जुकाम जैसी बीमारी से ग्रस्त लोगों को बसों में चढ़ने नहीं दिया जाएगा। बाहरी राज्यों से हिमाचल आने वाले सैलानियों के लिए वोल्वो बसें फायदेमंद होंगी। परिवहन निगम कार्यालय में प्रतिदिन वोल्वो बसें शुरू करने को लेकर जानकारी मांगी जा रही है।
एक जुलाई से एचआरटीसी की वोल्वो सेवा शिमला, मनाली और धर्मशाला से दिल्ली रूट पर शुरू होगी। शिमला और मनाली से दो दो वोल्वो, जबकि धर्मशाला से एक वोल्वो दिल्ली रवाना होगी। हमीरपुर, बैजनाथ और सरकाघाट से भी दिल्ली के लिए वोल्वो शुरू करने का विचार चल रहा है। संबंधित क्षेत्रीय प्रबंधकों से इसे लेकर रिपोर्ट मांगी गई है। हिमाचल के विभिन्न जिलों से एक जुलाई को दिल्ली के लिए वोल्वो सेवा उपलब्ध हो जाएगी जबकि दिल्ली से दो जुलाई को वोल्वो सेवा शुरू हो सकेगी। ट्रायल के तौर पर धर्मशाला और मनाली से चंडीगढ़ के लिए भी वोल्वो चलाने की योजना है। शिमला से दिल्ली के लिए सुबह नौ बजे और रात 8:50 पर वोल्वो रवाना होगी। यात्रियों की आक्यूपेंसी के आधार पर वोल्वो की संख्या बढ़ाई जाएगी। बसों को रूट पर भेजने से पहले सैनिटाइज किया जाएगा। सभी यात्रियों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा। अस्वस्थ यात्रियों को यात्रा की अनुमति नहीं होगी। चालक और परिचालकों को कोरोना से बचाव के लिए सभी आवश्यक एहतियात का पालन करना होगा। रूटों पर यात्रियों की संख्या बढ़ने पर लग्जरी बसों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। एचआरटीसी को लग्जरी बसों का संचालन शुरू होने के बाद आमदनी में इजाफे की उम्मीद है।
स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं-बारहवीं कक्षा और कॉलेजों के मेधावियों को माइक्रोसाफ्ट विंडोज 10 प्रो साफ्टवेयर के लैपटॉप मिलेंगे। माइक्रोसाफ्ट ने 18 हजार साफ्टवेयर के लिए लाइसेंस देने की इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन को मंजूरी दे दी है। आठ जुलाई तक कॉरपोरेशन ने कंपनियों से लैपटॉप खरीद के लिए टेंडर आमंत्रित किए हैं। दसवीं-बारहवीं कक्षा सहित कॉलेजों के 19 हजार मेधावियों को लैपटॉप दिए जाने हैं। बीते वर्ष शिक्षा ने स्वयं लैपटॉप की खरीद का फैसला लिया था। दो बार इसके लिए टेंडर भी आमंत्रित किए गए लेकिन किसी भी कंपनी ने इसमें दिलचस्पी नहीं दिखाई। इस वर्ष शिक्षा विभाग ने दोबारा इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन से खरीद करने का फैसला लिया है कॉरपोरेशन की ओर से भी तीन बार आवेदन मांगे गए हैं लेकिन कंपनियों के टेंडर नहीं भरने के चलते मामला फिर लटकता नजर आ रहा है। अब सात जुलाई तक कॉरपोरेशन ने टेंडर आमंत्रित किए हैं। यह शैक्षणिक सत्र 2018-19 और 2019-20 के लिए खरीद की जा रही है। कोरोना संकट के चलते बीते एक वर्ष से खरीद की प्रक्रिया बहुत धीमी गति से चल रही है। शैक्षणिक सत्र 2018-19 के 9786 और 2019-20 के 9786 मेधावियों के लिए लैपटॉप खरीदे जाने हैं। लैपटॉप के इंतजार में बैठे मेधावी स्कूलों से पास होकर कॉलेजों तक पहुंच गए हैं। शिक्षा विभाग की लेटलतीफी के चलते इन विद्यार्थियों को अभी तक सरकार की घोषणा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
हिमाचल प्रदेश में इलेक्ट्रिक बस की शुरुआत करने के मामले में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कांग्रेस के पूर्व परिवहन मंत्री जीएस बाली का नाम लिया तो इससे हिमाचल में सियासी हलचल पैदा हो गई है। मंच से गडकरी बोले कि उनके पास पूर्व परिवहन मंत्री जीएस बाली इलेक्ट्रिक बसोें की बात करने आते थे। मुख्यमंत्री के सामने मंच पर गडकरी ने बाली का जिक्र किया। वीरभद्र से अलग गुट में चल रहे बाली का नाम लेने से कांग्रेस नेताओं के कान भी खड़े हो गए हैं। हिमाचल में जब बाली इलेक्ट्रिक बसें लाए तो उसका विरोध भी हुआ। बावजूद बाली ने अपना विजन नहीं बदला है। इसके बाद शहर में लोगों की सुविधा के लिए इलेक्ट्रिक वैन पहुंचाई। पिछले दिनों बाली होर्डिगिं विवाद पर चर्चा में रह चुके हैं। उन्होंने प्रदेश भर में कांग्रेस के पोस्टर लगाए, उनमें पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का फोटो नहीं था तो वह वीरभद्र सिंह के समर्थकों के निशाने पर रहे।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के दौरे के दौरान बीते बुधवार को मुख्यमंत्री के सामने भिड़े पुलिस अफसर मुश्किल में आ गए है। जांच में मिले आरोपों के चलते सरकार ने एसपी कुल्लू रहे गौरव सिंह और पुलिस मुख्यालय ने मुख्यमंत्री के निजी सुरक्षा अधिकारी रहे एएसआई बलवंत सिंह को निलंबित कर दिया है। एडिशनल एसपी मुख्यमंत्री सुरक्षा बृजेश सूद को एडिशनल एसपी मुख्यमंत्री सुरक्षा के पद से रिलीव कर पुलिस मुख्यालय से अटैच (संबद्ध) कर दिया है। गौरव को सेंट्रल रेंज मंडी से अटैच किया गया है। थप्पड़ मारने वाले एसपी गौरव सिंह ने बयान में कहा है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की गाड़ियों के काफिले में तय प्रोटोकॉल से इतर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यमंत्री सुरक्षा बृजेश सूद ने जबरदस्ती तीन अन्य वाहनों को शामिल कर दिया। प्रोटोकॉल तोड़ने के बाद भी वह उनसे बहस करते रहे और असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल किया। इस पर उनका हाथ उठ गया। वहीं, थप्पड़ खाने वाले बृजेश सूद ने बयान में इस बात पर जोर दिया है कि जब उनकी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री की सुरक्षा है तो उनके वाहन को मुख्यमंत्री के वाहन से अलग कैसे रखा जा सकता है। इसी बात पर उन्होंने एसपी से सवाल किया और एसपी ने उन्हें सरेआम थप्पड़ मार दिया। वायरल वीडियो में एसपी को लात मारते दिखने वाले मुख्यमंत्री के पीएसओ बलवंत सिंह ने कहा है कि वह अपने वरिष्ठ अधिकारी को थप्पड़ मारे जाने से नाराज थे। बीच बचाव के दौरान उनका पैर शायद एसपी को लग गया। गौरतलब है कि सरकार ने वीरवार को गौरव सिंह को हटाकर 5वीं बटालियन बस्सी के कमांडेंट गुरुदेव शर्मा को एसपी कुल्लू लगा दिया है। 1 आईआरबीएन बनगढ़ की कमांडेंट आकृति को 5 आईआरबीएन बस्सी का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। पुनीत रघु को मुख्यमंत्री सुरक्षा का अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लगाया गया है।
गाजियाबाद वायरल वीडियो केस में उत्तर प्रदेश पुलिस की तरफ से भेजे गए नोटिस को लेकर कर्नाटक हाईकोर्ट से ट्विटर इंडिया को बड़ी राहत मिली है. कर्नाटक हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए गुरूवार को ट्विटर इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष माहेश्वरी को अंतरिम राहत दी है. इसके साथ ही, गाजियाबाद पुलिस से किसी तरह के कड़े कदम ना उठाने के निर्देश दिए हैं. गाजियाबाद पुलिस ने उन्हें लोनी में एक बुजुर्ग की जबरन दाढ़ी काटने और पिटाई करने के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हुए वीडियो को लेकर नोटिस भेजा था. इससे पहले, यूपी की गाजियाबाद पुलिस की तरफ से सीआरपीसी की धारा 41ए के तहत भेजे गए नोटिस के खिलाफ ट्विटर इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष माहेश्वर की याचिका पर कर्नाटक हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान मनीष माहेश्वरी के वकील ने हाईकोर्ट से कहा कि वह संगठन का एक कर्मचारी हैं और उनका अपराध से कोई लेना देना नहीं है.
हिमाचल प्रदेश के इतिहास में 24 जून का दिन स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा क्योंकि आज केन्द्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की उपस्थिति में कुल्लू जिला के मनाली से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से हिमाचल प्रदेश के लिए 6155 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं के लोकार्पण किए व आधारशिलाएं रखीं। केन्द्रीय मंत्री ने 1303 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 39.14 किलोमीटर लम्बे एनएच-22 (नया एनएच-05) के परवाणु-सोलन सेक्शन के फोर लेन का लोकार्पण किया। उन्होंने 1323 करोड़ रुपये की लागत से 18.13 किलोमीटर लम्बे एनएच-88 (नया एनएच-303, 503) कांगड़ा बाईपास-भंगबार सेक्शन के फोर लेन के निर्माण, 2098 करोड़ रुपये की लागत से 47.75 किलोमीटर लम्बे एनएच-21 (नए एनएच-205,154) कीरतपुर-नेरचैक (ग्रीनफील्ड संरेखण) के फोर लेन के निर्माण, 273 करोड़ रुपये की लागत से 25 किलोमीटर लम्बे एनएच-707 (ग्रीन नेशनल हाईवे काॅरिडोर प्रोजेक्ट) पांवटा साहिब-हेवना के फोर लेन/टू लेन के निर्माण, 243 करोड़ रुपये की लागत से 25 किलोमीटर लम्बे एनएच-707 (ग्रीन नेशनल हाईवे काॅरिडोर प्रोजेक्ट) हेवना-अशयारी के टू लेन के निर्माण, 346 करोड़ रुपये की लागत से 25 किलोमीटर लम्बे एनएच-707 (ग्रीन नेशनल हाईवे काॅरिडोर प्रोजेक्ट) के अशयारी-श्री क्यारी सेक्शन के टू लेन/इंटरमीडिएट लेन के निर्माण, 349 करोड़ रुपये की लागत से 19.9 किलोमीटर लम्बे एनएच-707 (ग्रीन नेशनल हाईवे काॅरिडोर प्रोजेक्ट) श्री क्यारी-गुम्मा सेक्शन के इंटरमीडिएट लेन के उन्नयन, 126 करोड़ रुपये की लागत से 8.65 किलोमीटर लम्बे एनएच-707 (ग्रीन नेशनल हाईवे काॅरिडोर प्रोजेक्ट) गुम्मा-फेडिज सेक्शन के इंटरमीडिएट लेन के उन्नयन और 94 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित की जाने वाली 12.71 किलोमीटर लम्बी पांवटा-राजबन-शिलाई-मीनस-हाटकोटी सड़क एनएच-707 के टू लेन के निर्माण कार्य की आधारशिला रखीं। केन्द्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश वास्तव में देश का सबसे सुन्दर राज्य है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के समग्र विकास के लिए सड़कें अति-आवश्यक होती हैं। पर्यटन राज्य होने के कारण हिमाचल प्रदेश में पर्यटन विकास के लिए भी सड़कें बहुत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि आगामी दो वर्षों में दिल्ली से कुल्लू तक यात्रा समय घटकर सात घंटे रह जाएगा, जिससे प्रदेश में पर्यटन विकास को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जिन सड़कों का आज उन्होंने शिलान्यास किया है उन्हें निर्धारित समय में पूर्ण किया जाएगा। वंही, मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि पहाड़ी राज्य होने के कारण सड़कें प्रदेश मेंयातायात का एक मात्र साधन हैं, इसलिए सड़क सम्पर्क सुदृढ़ बनाना राजनीतिक नेतृत्व और आम जनता का महत्वपूर्ण मुद्दा है। उन्होंने कहा कि 50 वर्ष पूर्व भी राज्य के पहले मुख्यमंत्री डाॅ. वाई.एस. परमार ने राज्य की विकासात्मक प्राथमिकताओं को तीन शब्दों सड़क, सड़क और सड़क में परिभाषित किया था। जयराम ठाकुर ने राज्य के लिए 6155 करोड़ रुपये लागत की सड़क परियोजनाओं की आधारशिलाएं रखने और समर्पित करने के लिए केन्द्रीय मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य सरकार ने केन्द्र से गत लगभग साढ़े तीन वर्षों में प्रदेश के लिए 997 परियोजनाएं स्वीकृत करने में सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि इस अवधि के दौरान भाजपा सरकार ने पूर्व कांग्रेस सरकार द्वारा 261 गांवों को सड़क सुविधा प्रदान करने की तुलना में 305 गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ा है। पूर्व कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान इतनी अवधि में केवल 145 पुलों और 1585 किलोमीटर सड़का का निर्माण किया था, जबकि वर्तमान सरकार ने इस अवधि के दौरान 216 पुलों और 2951 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया है। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा एवं जनजातीय विकास मंत्री डाॅ. राम लाल मारकण्डा, सांसद किशन कपूर और इंदु गोस्वामी, विधायक सुरेंद्र शौरी, किशोरी लाल, जवाहर ठाकुर, बलबीर वर्मा और राजेश ठाकुर, पूर्व सांसद महेश्वर सिंह ठाकुर, अतिरिक्त मुख्य सचिव राम सुभग सिंह और जे.सी. शर्मा, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, प्रधान सचिव लोक निर्माण शुभाशीष पांडा और राष्ट्रीय उच्चमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी भी उपस्थित थे, जबकि सांसद व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप, सांसद, विधायक, प्रदेश भाजपा के पदाधिकारी कार्यक्रम में वर्चुअली माध्यम से शामिल हुए।
केन्द्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री नितिन गडकरी ने आज मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के साथ अटल टनल रोहतांग का दौरा किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गत वर्ष 3 अक्तूबर को मनाली से लाहौल-स्पीति को जोड़ने वाली 9.02 किलोमीटर लम्बी टनल को राष्ट्र को समर्पित किया था। केन्द्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री का लाहौल स्थित उत्तरी छोर में जिला लाहौल-स्पीति के लोगों ने पारम्परिक तरीके से भव्य स्वागत किया। केन्द्रीय मंत्री ने टनल के दक्षिणी छोर में मीडिया के साथ बातचीत करते हुए इस टनल के निर्माण के लिए सीमा सड़क संगठन के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश में 19 सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें 8 सुरंगों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर, जनजातीय विकास मंत्री डाॅ. राम लाल मारकण्डा, विधायक किशोरी लाल सागर व सुरेन्द्र शौरी, अतिरिक्त मुख्य सचिव राम सुभग सिंह और जे.सी. शर्मा, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, प्रधान सचिव लोक निर्माण विभाग शुभाशीष पांडा भी इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री के साथ उपस्थित थे।
Government spokesperson informed that there is an overwhelming response by the 18-44 year age group beneficiaries for vaccination during the last three days starting from 21-06-21 when Honorable Chief Minister Sh Jai Ram Thakur Ji launched the campaign for vaccination of 18-44 age group category. He informed that earlier Friday and Saturday were kept reserved for vaccination of prioritized groups and 45 + age first and second dose beneficiaries but keeping in view the response during last three days it has been decided that the vaccination sessions for 18-44 year age group will also be organized on these days i.e 25th and 26th June 2021, parallel with earlier scheduled sessions. He further informed That sessions in Tribal, Hard and Rural areas will be with the facility of onsite registration for both categories. whereas in the urban areas sessions for category A i.e. 45+ years age group first and second dose beneficiaries and priority group persons will be with the facility of onsite registration and for category B i.e. 18-44 year age group category sessions will be published with the facility of online registration and scheduling only so in urban areas persons with 18-44 years age should come to the session site only after the pre-scheduling their appointment only.
सरकारी और निजी स्कूल-कॉलेजों के शिक्षकों के टीकाकरण के लिए दो दिन विशेष अभियान चलाया जाएगा। हिमाचल प्रदेश में कॉलेजों में परीक्षाओं से पहले 28 और 29 जून को अंतिम वर्ष के छात्रों को कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के साथ बैठक के बाद उच्च शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। 26 जून दोपहर 1:00 बजे तक सभी जिलाधिकारियों को वैक्सीन लगाने वालों की सूची भेजनी होगी। स्कूल और कॉलेज परिसरों में विशेष शिविर लगाकर 250 से 300 का टीकाकरण किया जाएगा। 18 साल से अधिक आयु के विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावक भी वैक्सीन लगवा सकेंगे। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने स्नातक डिग्री कोर्स बीए, बीएससी, बीकॉम और शास्त्री के अंतिम वर्ष की परीक्षाओं का संभावित शेड्यूल जारी कर दिया है। ये परीक्षाएं एक जुलाई से शुरू होंगी और अधिकतम छह अगस्त तक चलेंगी। प्रदेशभर में 156 परीक्षा केंद्रों में 35 हजार छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे। विवि ने ईयर सिस्टम के साथ ही बीएचएम, बीटेक और बीवॉक के ऑड सेमेस्टर की परीक्षाओं का शेड्यूल भी जारी कर दिया है। एक जुलाई से कॉलेजों में प्रस्तावित परीक्षाओं को देखते हुए उच्च शिक्षा निदेशालय ने 25 जून से शिक्षकों को भी कॉलेजों में बुलाया है। वहीं शीतकालीन स्कूलों और जिन स्कूलों में छुट्टियां नहीं की गई हैं, वहां एक जुलाई से शिक्षकों का आना अनिवार्य कर दिया गया है। 30 जून तक सभी शिक्षकों को वैक्सीन लगवाना सुनिश्चित करने की प्रिंसिपलों को जिम्मेवारी सौंपी गई है।
केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी अटल टनल रोहतांग का दौरा करने पहुंचे। उन्होंने टनल में रखी विजिटर बुक में संदेश भी लिखा। इस मौके पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी मौजूद रहे। शिंकुला टनल के लिए दो अलाइनमेंट आई थीं, 4200 मीटर की एलाइनमेंट फाइनल कर दी है। इस टनल का निर्माण जल्द शुरू कर दिया जाएगा। हिमाचल में 19 यातायात सुरंगों का निर्माण किया जाएगा। आठ का काम जारी, 11 का एक साल में शुरू होगा। मनाली लेह मार्ग पर चार और यातायात सुरंग बनने से लेह लद्दाख साल भर देश से जुड़ा रहेगा। सीमावर्ती लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी। बारालाचा दर्रे पर भी टनल का निर्माण किया जाएगा। सभी सुरंगों का निर्माण होने से हिमाचल में पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा। अटल रोहतांग सुरंग से पर्यटन बढ़ा है। गडकरी ने अटल टनल निहारने के बाद बीआरओ की सराहना की और कहा कि शिंकुला, बारालाचा, तंगलंगला, लाचुंगला में भी सुरंगों का निर्माण बीआरओ करेगा। नितिन गडकरी ने कहा अटल टनल देखने का आज सौभाग्य प्राप्त हुआ है। टनल बनने से लेह तक का सफर कम हुआ है। जोजिला पास में टनल का निर्माण कर सेना की राह आसान हुई है। अब शिंकुला पास पर टनल निर्माण कर कारगिल सीमा की दूरी और घटाएंगे। इसके अलावा प्रदेश में चल रही विभिन्न परियोजनाओं को लेकर समीक्षा बैठक करेंगे। केंद्रीय मंत्री पांच दिवसीय हिमाचल पहुंचे हैं। केंद्रीय मंत्री के दौरे से हिमाचल को कई नए प्रोजेक्ट शुरू होने की आस है। गडकरी अटल टनल रोहतांग को निहारने के बाद धुंधी व लाहुल के नार्थ पोर्टल जाएंगे। नार्थ पोर्टल में उनका स्वागत लाहुली परंपरा के अनुसार होगा। केंद्रीय मंत्री आज मनाली में ब्यास नदी पर 12.86 करोड़ से तैयार पुल का उद्घाटन भी करेंगे। डबललेन पुल 80 मीटर लंबा है व 28 मीटर चौड़ा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा बनाए पुल से मनाली में यातायात जाम की समस्या खत्म हो जाएगी।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश में आयोजित होने वाले जिला, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मेलों की अनुदान राशि में वृद्धि कर दी है। इन मेलों की अनुदान राशि तीन लाख से बढ़ाकर पांच लाख कर दी है। राज्य सरकार ने अधिसूचित किया है कि अब जिला स्तर के मेलों की अनुदान राशि को 30,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया गया है। राज्य स्तर के मेलों की अनुदान राशि एक लाख से बढ़ाकर 1.5 लाख, राष्ट्रीय स्तर के मेलों की दो लाख से बढ़ाकर तीन लाख कर दी है। प्रदेश सरकार ने जिला कांगड़ा के नूरपुर के जन्माष्टमी मेले को राज्यस्तरीय मेला अधिसूचित कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय मेलों में लवी मेला रामपुर, मंडी शिवरात्रि, कुल्लू दशहरा, सुजानपर होली मेला आदि शामिल हैं। हिमाचल प्रदेश में धार्मिक मेलों में मारकंडेय मेला, नयना देवी नवरात्र मेला आदि हैं। ऊना जिले में चिंतपूर्णी, कांगड़ा में ज्वालाजी तथा बज्रेश्वरी देवी के प्रमुख मेले हैं। शूलिनी मेला सोलन, रेणुका मेला सिरमौर, बाबा बालक नाथ मेला दियोटसिद्ध हमीरपुर, बाबा बड़भाग सिंह मेला ऊना जिले का मैडी, मणिमहेश मेला चंबा और नलवाड़ी मेला बिलासपुर का प्रमुख मेला है।
दिल्ली में जम्मू-कश्मीर को लेकर होने वाली बैठक से पहले महबूबा मुफ्ती के खिलाफ जम्मू में डोगरा फ्रंट प्रदर्शन कर रहा है। बता दें कि सर्वदलीय बैठक को लेकर महबूबा मुफ्ती ने गुपकार गठबंधन के नेताओं के साथ बैठक के बाद जम्मू-कश्मीर मामले पर पाकिस्तान से बात करने की वकालत की थी। इसी बयान को लेकर डोगरा फ्रंट उनके खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है। महबूबा के साथ उमर अब्दुल्ला और पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी हो रही है। डोगरा फ्रंट के कार्यकर्ताओं ने कहा कि महबूबा मुफ्ती पाकिस्तान की भाषा बोलती हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इससे पहले प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष रवींद्र रैना कह चुके हैं कि पाकिस्तान के साथ जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर बातचीत संभव नहीं है। पाकिस्तान के अंदर आतंकवादियों के प्रशिक्षण शिविर हैं। इसलिए महबूबा मुफ्ती की पाकिस्तान से बातचीत शुरू करने की मांग कभी पूरी नहीं हो सकती। वंही मबुबा मुफ़्ती ने कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी के साथ खुले मन से बात करेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में शामिल होने के लिए पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती बुधवार को ही दिल्ली पहुंच गई थीं।
भारत में कोरोना की दूसरी लहर बेहद जानलेवा साबित हुई। हजारों लोगों की मौत हुई और लाखों संक्रमण के शिकार हुए। अब तीसरी लहर की चर्चा है। कहा जा रहा है कि भारत में कोरोना की तीसरी लहर का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर होगा। इससे सरकारें बहुत चिंतित हैं। तीसरी लहर से निपटने के लिए सरकार ने देश के अस्पतालों में पेड्याट्रिक्स बेड को बढ़ा दिए हैं। लेकिन इन सब के बीच एक अच्छी खबर आई है। एक ताजा अध्ययन में दावा किया गया है कि कोरोना की तीसरी लहर आए भी तो बच्चों पर इसका गंभीर असर नहीं होगा। अगर बच्चे कोरोना से संक्रमित भी होंगे तो वे गंभीर रूप से बीमार नहीं पड़ेंगे। अध्ययन में यह भी कहा गया है कि कोरोना से संक्रमित 12 साल तक के बच्चों में मृत्यु दर भी नगण्य होगी। यह अध्ययन Paediatric Covid Study Group ने किया है। अध्ययन में देश के कई जाने-माने डॉक्टर शामिल हैं। अध्ययन में पता चला है कि कोरोना पीड़ित 402 में से केवल 13 बच्चों (3.2%) की मौत हुई। हालांकि जिन बच्चों की मौत हुई, उन सबको कोई न कोई स्वास्थ्य से जुड़ी अन्य समस्याएं यानी Comorbidities भी थीं।
प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में आज जम्मू-कश्मीर को लेकर बैठक होनी है। जिसमें विभिन्न 8 राजनीतिक दलों के 14 नेता शामिल होंगे। इस बीच जम्मू-कश्मीर और एलओसी पर 48 घंटे का अलर्ट जारी किया गया है। प्रधानमंत्री आवास पर दिन में 3 बजे बुलाई गई बैठक का फिलहाल एजेंडा गुप्त रखा गया है। लेकिन माना जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर के विकास समेत परिसीमन व अन्य मुद्दों पर सरकार स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ चर्चा करेगी। बैठक में पीएम के अलावा, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, जम्मू कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा, एनएसए अजित डोवाल, पीएम के प्रिंसिपल सेक्रेटरी पीके मिश्रा, गृहसचिव अजय भल्ला के अलावा कुछ अन्य ऊंच अधिकारी बैठक में शामिल रह सकते हैं। इस बैठक के साथ ही सूबे में डीलिमिटेशन की प्रक्रिया की आरंभ माना जाएगा। नेशनल कांफ्रेंस के फारुख अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला, कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद, गुलाम अहमद मीर, ताराचंद, पीडीपी की महबूबा मुफ़्ती, बीजेपी के निर्मल सिंह, कविन्द्र गुप्ता और रविन्द्र रैना, पीपुल कांफ्रेंस के मुजफ्फर बेग और सज्जाद लोन, पैंथर्स पार्टी के भीम सिंह, सीपीआईएम के एमवाई तारीगामी और जेके अपनी पार्टी के अल्ताफ बुखारी को बैठक में आमंत्रित किया गया है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमण्डल की बैठक में प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में एक जुलाई से वाॅल्वो बसों सहित सभी अन्तरराज्यीय बसों को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ शुरू करने और एक जुलाई से ई-पास को समाप्त करने का निर्णय लिया। साथ ही सभी सरकारी कार्यालय एक जुलाई से शत-प्रतिशत क्षमता के साथ कार्य करना आरम्भ करेंगे। बैठक में सभी दुकानों को प्रातः 9 बजे से सांय 8 बजे तक खोलने का निर्णय लिया गया जबकि रेस्टोरेन्ट्स को रात्रि 10 बजे तक खुले रखने की अनुमति होगी। इन्डोर सामाजिक समारोह में इन्डोर क्षमता का 50 प्रतिशत, अधिकतम 50 लोग, जबकि खुले में आयोजित होने वाले समारोह में अधिकतम 100 लोगों को शामिल होने की अनुमति होगी। वंही मंत्रिमण्डल ने 12वीं कक्षा के थ्योरी अंकों की गणना करने के लिए 10वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम को 10 प्रतिशत, ग्याहवीं कक्षा के परिणाम को 15 प्रतिशत और प्रथम व द्वितीय टर्म एवं प्री-बोर्ड परीक्षाओं को 55 प्रतिशत का महत्त्व देने के साथ-साथ अंग्रेजी विषय के परिणाम को 5 प्रतिशत का महत्त्व देने और आंतरिक मूल्यांकन को 15 प्रतिशत महत्त्व देने के आधार पर फार्मूला अनुमोदित किया। गौरतलब है कि 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम जुलाई के तीसरे माह तक घोषित किए जाएंगे। मंत्रिमण्डल ने गर्मियों में बंद होने वाले क्षेत्रों के विद्यालयों में 26 जून से 25 जुलाई तक एक माह का अवकाश प्रदान करने की अनुमति दी। कुल्लू जिले में 23 जुलाई से 14 अगस्त, 2021 तक 23 दिनों का अवकाश होगा। इसके अतिरिक्त लाहौल-स्पीति में इस वर्ष एक जुलाई से 31 जुलाई तक एक माह का अवकाश रहेगा। सर्दियों में अवकाश वाले विद्यालयों में अध्यापक एक जुलाई, 2021 से पाठशाला में आना आरम्भ करेंगे। जबकि छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं जारी रहेंगी। मंत्रिमण्डल ने शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग को इस प्रकार से योजना तैयार करने के निर्देश दिए कि शिक्षण संस्थानों के अधिकांश शिक्षक व गैर-शिक्षक कर्मचारियों का टीकाकरण इस माह के अंत तक हो सके। मंत्रिमण्डल ने सोलन जिला के बद्दी में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधी ब्यूरो का नया पुलिस थाना स्थापित करने तथा इसमें विभिन्न श्रेणियों के 14 पद सृजित कर उन्हें भरने की मंजूरी प्रदान की। मंत्रिमण्डल ने सोलन जिले के दून विधानसभा क्षेत्र के तहत बद्दी में जल शक्ति विभाग के नये मण्डल के अलावा साई में नया जल शक्ति अनुभाग खोलने अनुमति प्रदान की। मंत्रिमण्डल ने राज्यों के चिकित्सा एवं दंत महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर छात्रों (एमडी, एमएस एवं डीएनबी), जूनियर रेजिडेंट, ट्यूटर स्पेशलिस्ट और डीएम, एमसीएच छात्रों का स्टाइपेंड 5000 रुपये प्रतिमाह बढ़ाने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के अनुरूप शिक्षा विभाग के खिलाड़ियों का पोषाहार भत्ता दोगुना करने का निर्णय भी लिया गया। इस निर्णय के अनुसार खण्ड स्तर पर पोषाहार भत्ता 50 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये, आंचलिक व जिला स्तर पर 60 रुपये से बढ़ाकर 120 और राज्य स्तर पर 75 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये प्रतिदिन प्रति छात्र किया गया है। मंत्रिमण्डल ने जिला चम्बा में राजकीय माध्यमिक पाठशाला मनकोट, कुठेड़, केगा, घट्टा, सरोग को राजकीय उच्च पाठशाला और राजकीय उच्च पाठशाला बन्जवार, सिंगाधार और ढाडू को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में स्तरोन्नत करने का निर्णय लिया। इन पाठशालाओं के सुचारु संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के आवश्यक पदों को सृजित कर भरने का निर्णय लिया। मंत्रिमण्डल ने शिक्षा विभाग के अंशकालिक जलवाहकों के मानदेय को एक अपै्रल, 2021 से 300 रुपये प्रतिमाह बढ़ाने का निर्णय लिया। इस निर्णय से विभाग के लगभग 1252 अंशकालिक जलवाहक लाभान्वित होंगे। मंत्रिमण्डल ने राज्य में कोविड-19 की दूसरी लहर से निपटने के लिए प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में 30 जून, 2021 तक विभिन्न श्रेणियों के 1602 पद आउटसोर्स के आधार पर भरने को कार्याेत्तर अनुमति देने के लिए सहमति प्रदान की। बैठक में कोविड महामारी की सम्भावित तीसरी लहर के दृष्टिगत इन कर्मचारियों को 30 सितम्बर, 2021 तक सेवा विस्तार प्रदान करने का निर्णय लिया गया। बैठक में गोविन्द सागर जलाशय की कार्य प्रणाली में बदलाव के लिए पट्टा/निविदा अवधि को कम से कम एक से चार वर्ष तक बढ़ाने का भी निर्णय लिया। मंत्रिमण्डल ने अभियोजन विभाग में सीधी भर्ती द्वारा अनुबन्ध आधार पर सहायक जिला न्यायवादी के 25 पद भरने को स्वीकृति प्रदान की। बैठक में जिला किन्नौर के कल्पा में नये खोले गए उप-कारागार के लिए विभिन्न श्रेणियों के 30 पद सृजित कर भरने को स्वीकृति प्रदान की।
प्रदेश की जनता को जल्द अपनी समस्याओं, सुझावों और आपत्तियों को लेकर सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से निजात मिलने वाला है। जल्द ही राज्य सरकार सोशल मीडिया पर जनता के मुद्दों पर सुनवाई करेगी। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले मुद्दों पर भी सरकार अब स्वयं संज्ञान लेगी। आम जनता की शिकायतों के निवारण को प्रदेश सरकार ऑनलाइन मैकेनिजम स्थापित करने जा रही है। इस प्रस्ताव को अमलीजामा पहनाने को लेकर कवायद भी शुरू हो गई है। निजी कंपनियों से ऑनलाइन मैकेनिजम तैयार करने के लिए आवेदन मांगे गए हैं। इलेक्ट्रानिक कॉरपोरेशन के माध्यम इसके टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, ट्वीटर, इंस्ट्राग्राम आदि का प्रयोग तेजी से बढ़ रहा है। शिकायतों की सुनवाई के लिए जल्द ही लोग सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात सरकार तक पहुंचा सकेंगे। समस्या बताने के लिए लोगों को मुख्यमंत्री कार्यालय या संबंधित विभाग को अपनी पोस्ट से टैग करना होगा। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिस भी कंपनी को इसका काम दिया जाएगा, उसके द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट अपलोड होते ही उसके निवारण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। संबंधित विभाग के अधिकारियों को उससे अवगत करवाया जाएगा।
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश में लगातार पांच दिन बारिश-अंधड़ चलने की संभावना जताई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश में लगातार 28 जून तक बारिश-अंधड़ का पूर्वानुमान है। इस दौरान वउच्च पर्वतीय भागों में बारिश व हल्की बर्फबारी की संभावना है। मैदानी भागों में 24 जून को मौसम साफ रहने के आसार हैं। उधर, आज राजधानी शिमला व आसपास भागों में मौसम साफ बना हुआ है। हालांकि, मौसम विभाग ने आज भी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। ऊना में न्यूनतम तापमान 24.7, कांगड़ा 21.6, सुंदरनगर 20.1, भुंतर 20.8, बिलासपुर 23.0, सोलन 18.6, चंबा 18.3, हमीरपुर 23.4, नाहन 24.2, धर्मशाला 18.4, शिमला 16.1, कल्पा 12.1, केलांग 7.4 और डलहौजी में 15.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मंगलवार को ऊना में अधिकतम तापमान 39.4, कांगड़ा 34.7, सुंदरनगर 34.8, भुंतर 33.8, बिलासपुर3 6.5, सोलन 32.0, चंबा 33.8, हमीरपुर में 35.2, नाहन में 29.0, धर्मशाला में 30.2, शिमला में 24.8, कल्पा में 23.1, केलांग में 19.0 और डलहौजी में 21.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
Chief Minister Jai Ram Thakur has expressed grief over the demise of Dr. Ranjeet Singh Rana, Senior Editor, Department of Information and Public Relations, Himachal Pradesh who passed away at PGIMER, Chandigarh on Tuesday morning following a brief illness. The Chief Minister has expressed his deep condolences with the bereaved family members and prayed to the Almighty for peace of the departed soul. Additional Chief Secretary, Information and Public Relations J.C. Sharma has also mourned the death of Dr. Ranjeet Singh Rana and expressed his sympathies with his near and dear ones. A condolence meeting was organized in the Directorate of Information and Public Relations and two minutes of silence were observed by the officers and officials of the department for peace of the departed soul. Director, I&PR Harbans Singh Brascon while paying his tributes to Dr. Rana said that he rendered his valuable services to the department. He was a friendly and affable person who contributed immensely to the department for a long time. Dr. Rana was also actively involved in social activities and was the founder of UDAAN, a parents and guardians society NGO for the specially-abled children being run from Shimla.
A meeting of the Cabinet sub-committee constituted for the implementation of Swarnim Himachal Drishti Patra-2017 was held here today under the chairmanship of Urban Development Minister Suresh Bhardwaj. In the meeting, various issues pertaining to Swarnim Himachal were discussed in detail. On this occasion, Suresh Bhardwaj said that 248 public services have been notified by 34 departments of the State under the Public Service Guarantee Act. These services are being made available to the people in a time-bound manner. The time period has been fixed for the public services provided by every department. He said that out of 248 public services, 110 services are being provided through online medium, 30 services through e-district, and 80 services under ease of doing business. He said that provision has also been made for imposing fines ranging from rupees one thousand to five thousand for not providing the services within the stipulated time period. He said that this will not only improve the efficiency of governance but also provide a strong foundation for good governance. Suresh Bhardwaj directed the officers to take appropriate steps to make people aware of the various services provided under the Public Service Guarantee Act. He said that maximum publicity of the provisions of this Act should be ensured. The Urban Development Minister directed to fill the backlog posts reserved for Scheduled Castes, Scheduled Tribes, Other Backward Classes, and specially-abled persons immediately. He directed the departments to submit the action taken report in this regard within 15 days. He also directed to ensure implementation of the existing quota for ex-servicemen in government jobs. He also gave various directions to further improve the grievance redressal system. He said that the e-tender process has been made mandatory to bring transparency to the government working system. Suresh Bhardwaj said that to ensure transparency and accountability in administration through e-governance and information technology, an online portal- CM Dashboard has been created and its implementation is being ensured in an effective manner. Additional Chief Secretary Prabodh Saxena and other senior officers were also present on the occasion.
Industries Minister Bikram Singh Called on Union Minister for Railways, Commerce, and Industry Piyush Goyal at New Delhi today. Bikram Singh thanked the Union Minister for an announcement of a survey on the Jagadhari- Paonta Sahib railway line and enhancing budgetary provisions in 2021-22 for Bhanupali -Bilaspur- Beri and Chandigarh- Baddi railway line. This would attract more investment in the State, he added. He requested to expedite works on these projects. Bikram Singh also urged the Union Minister to provide financial assistance for the proposal submitted under the Trade Infrastructure for Export Scheme (TIES) for setting up the Pharma Testing Lab at Baddi which would not only augment productivity and boost exports but also improve the quality standards of the Pharma units in the State. He also requested for the extension of the Industrial Development Scheme for at least two more years up to 2024 and to grant similar incentives to the State as granted to UT of Jammu and Kashmir. This would boost the industrial growth of the state, he added. He further apprised the Union Minister about the industry-friendly environment in the State and added that the State would like to join the national program of industrial corridors for creating sustainable infrastructure to meet the requirements of the industries. He requested for including Baddi-Barotiwala-Nalagarh as Industrial Node under Amritsar Kolkata Industrial Corridor ( AKIC ) so that the area could witness growth at a faster pace. Piyush Goyal assured of all possible assistance to the state. Senior officers of the Ministry were also present in the meeting.
उद्योग मंत्री ने केन्द्रीय मंत्री का जगाधरी-पांवटा साहिब रेल लाइन के सर्वेक्षण और भानूपल्ली-बिलासपुर-बैरी और चण्डीगढ़-बद्दी रेल लाइन के लिए वर्ष 2021-22 के बजट प्रावधान में वृद्धि की घोषणा के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इससे राज्य में अधिक निवेश आकर्षित होगा। उन्होंने इन परियोजनाओं के कार्य में तेजी लाने का आग्रह किया। बिक्रम सिंह ने केन्द्रीय मंत्री से बद्दी में फार्मा टेस्टिंग लैब स्थापित करने के लिए निर्यात योजना के लिए व्यापार अधोसंरचना (टीआईईएस) के अन्तर्गत प्रस्तुत प्रस्ताव के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने का आग्रह किया। इससे उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और राज्य की फार्मा इकाइयों की गुणवत्ता मानकों में भी सुधार होगा। उन्होंने औद्योगिक विकास योजना को वर्ष 2024 तक दो वर्ष का विस्तार देने और राज्य में औद्योगिक विकास को गति प्रदान करने के लिए हिमाचल प्रदेश को जम्मू-कश्मीर के समान प्रोत्साहन प्रदान करने का भी आग्रह किया। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री को राज्य के उद्योग मित्र वातावरण के बारे में अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि राज्य उद्योगों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए सत्त अधोसंरचना सृजित करने के उद्देश्य से औद्योगिक गलियारे के राष्ट्रीय कार्यक्रम से भी जुड़ना चाहता है। उन्होंने बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ को अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक गलियारे (एकेआईसी) के अंतर्गत औद्योगिक नोड के रूप में समावेश करने का भी आग्रह किया ताकि क्षेत्र में विकास तीव्र गति से हो। केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बिक्रम सिंह को राज्य को हर सम्भव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी इस बैठक में उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा सार्थक होता नहीं दिख रहा है। बेटियों को या तो गर्भ में मार दिया जाता है या फिर उन्हें पैदा होने के बाद लावारिस छोड़ दिया जाता है। ऐसा ही एक ताजा मामला हिमाचल के सिरमौर जिले से सामने आया है। जानकारी के अनुसार, सिरमौर जिले के शिलाई उपमण्डल में इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला पेश आया है। माँ ने एक बच्ची को जन्म देने के बाद खेत में गोबर के ढेर के पास फेंक दिया है। फ़िलहाल अभी तक महिला की पहचान नहीं हो पाई है। लेकिन जैसे ही पुलिस को इस बात की सुचना मिली पुलिस ने बच्चे को रेस्क्यू करके ईलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। दरसल जब रोनहाट उपतहसील की शंखोली पंचायत के कमियारा नामक स्थान पर मंगलवार सुबह एक व्यक्ति अपने खेत मे काम करने गया तो उसने देखा कि गोबर के ढेर से कुछ अजीब आवाज निकल रही है। पहले वो शख्स घबरा गया, मगर हिम्मत जुटा कर जब नजदीक गया तो उसने देखा कि ये आवाज खून से सने एक नवजात शिशु की है। पुलिस को मामले की सूचना दी गई। पुलिस की टीम भी सीएचसी रोनहाट में तैनात डॉक्टर को साथ में लेकर तत्काल मौके पर पहुंची और नवजात शिशु को प्राथमिक उपचार देने के बाद आगामी ईलाज और देखभाल के लिए 108 एम्बुलेंस से सिविल अस्पताल शिलाई पहुंचाया गया। लिहाजा, फिलहाल बच्ची को जन्म देने के बाद उसे खेत में गोबर के ढेर के पास लावारिस छोड़ने वाली माँ का पता नहीं चल पाया है। शिलाई पुलिस थाना के प्रभारी मस्त राम ठाकुर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस की पहली प्राथमिकता इस नन्ही परी की जान बचाना है। पुलिस मामले की गहनता से छानबीन कर रही है। नवजात बच्ची को जन्म देने के बाद उसे लावारिस छोड़ने वाली माँ का भी जल्द पता लगाया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गारंटी योजना को अब मनरेगा की तर्ज पर चलाया जाएगा। इसके लिए एक्ट बनाने की तैयारी है। जॉब कार्ड जारी होने के 15 दिनों के भीतर शहरी स्थानीय निकायों के निवासियों को 120 दिन के रोजगार की गारंटी सुनिश्चित की गई है। अगर काम न मिला तो 75 रुपये प्रतिदिन बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा है कि इस योजना के तहत बीते अप्रैल से अब तक 1300 लोगों का पंजीकरण किया गया है। 50 फीसदी से अधिक पंजीकरण 7 मई के बाद लॉकडाउन के दौरान किए गए हैं। वर्तमान में लॉकडाउन के दौरान इस योजना के तहत 500 से अधिक लोग काम कर रहे हैं जबकि 800 से अधिक लोगों को जॉब कार्ड दिए गए हैं। इस वर्ष मार्च तक 5000 लोगों को पंजीकृत किया है, जिनमें से 4800 को जॉब कार्ड दिए हैं जबकि 4500 लोगों को रोजगार दिया गया है। इस वित्त वर्ष के लिए बजट में इसके लिए चार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के 12वीं क्लास के रिजल्ट 10वीं, 11वीं और 12वीं प्री बोर्ड परीक्षा और प्रैक्टिकल में आए नंबरों के आधार पर तैयार किया जा रहा है। वहीं जो छात्र रिजल्ट से संतुष्ट नहीं होंगे, उन्हें वैकल्पिक एग्जाम देने का मौका दिया जाएगा। सीबीएसई ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर बताया है कि 15 अगस्त से लेकर 15 सितंबर के बीच 12वीं की लिखित परीक्षा आयोजित कराई जा सकती हैं। हालांकि कोविड-19 महामारी के मद्देनजर यह उपयुक्त स्थिति पर निर्भर करेगा। सीबीएसई और सीआईसीएसई बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि हाल ही में बने क्राइटेरिया के आधार पर रिजल्ट तैयार किया जा रहा है और 12वीं क्लास की बोर्ड परीक्षा के नतीजे 31 जुलाई तक घोषित किए जाएंगे। सीबीएसई ने कहा कि नतीजों की घोषणा के बाद, यदि कोई छात्र अपने रिजल्ट से संतुष्ट नहीं होगा, तब बोर्ड परीक्षा के लिए पंजीकरण कराने को लेकर ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराएगा। बोर्ड ने कहा, 'ऐसे छात्रों के लिए परीक्षाएं 15 अगस्त 2021 से 15 सितंबर के बीच कभी भी आयोजित की जा सकती हैं, जो उपयुक्त माहौल पर निर्भर करेगा। '
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। राहुल ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर आनी तय है, ऐसे में सरकार को अभी से ही तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। राहुल गांधी ने कांग्रेस की ओर से श्वेत पत्र जारी करते हुए सरकार से गलती सुधारने की मांग की। राहुल गांधी ने कहा कि श्वेत पत्र जारी करने का मकसद सरकार को रास्ता दिखाने है। मीडिया को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वैज्ञानिकों ने कोरोना की दूसरी लहर के लिए सरकार को चेताया था, लेकिन सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया। दूसरी लहर संभालने में सरकार विफल रही है। दूसरी लहर में जिनको बचाया जा सकता था, लेकिन बचाया नहीं गया। कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि वायरस लगातार म्यूटेट हो रहा है। वैज्ञानिक इसे लेकर लगातार चेतावनी दे रहे हैं। तीसरी लहर में बहुत मुश्किल हो सकती है। सरकार को अपनी गलतियां सुधार कर पहले से ही सारे इंतजाम करने चाहिए। ताकि कोविड की तीसरी लहर से कम से कम नुकसान हो और लोगों को परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस श्वेतपत्र के जरिए सरकार की पिछले साल की गलतियों को सामने लाना चाहती है। सरकार इसे पढ़ेगी तो फायदा होगा।
जम्मू-कश्मीर मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 24 जून को होने वाली क्षेत्रीय दलों की सर्वदलीय बैठक में नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख फारुक अब्दुल्ला और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती शामिल होंगे। पीएम मोदी के साथ होने वाली बैठक से पहले आज श्रीनगर में फारुक अब्दुल्ला की अध्यक्षता में उनके घर पर गुपकार पार्टियों की बैठक हुई, जिसमें महबूबा मुफ्ती समेत 7 नेता मौजूद रहे। इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा बुलाई गई बैठक में जाने के विषय पर चर्चा हुई। नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारुक अब्दुल्ला ने कहा कि हम सभी सर्वदलीय बैठक में शामिल होंगे। अपनी बात प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री के सामने रखेंगे। केंद्र की ओर से मीटिंग का कोई भी एजेंडा स्पष्ट नहीं किया गया है। बता दें, प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली बैठक के लिए जम्मू-कश्मीर के चार मुख्यमंत्रियों सहित 14 नेताओं को न्योता दिया गया है जिसमें उम्मीद की जा रही कि केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव की रूपरेखा पर चर्चा होगी। केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने इन नेताओं को बैठक में आमंत्रित करने के लिए आठ पार्टियों- एनसी, पीडीपी, बीजेपी, कांग्रेस, जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी, माकपा, पीपुल्स पार्टी और पैंथर्स पार्टी से फोन पर संपर्क किया। यह बैठक राष्ट्रीय राजधानी में गुरुवार को प्रधानमंत्री आवास पर अपराह्न तीन बजे होगी। पांच अगस्त 2019 को केंद्र द्वारा जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के बाद प्रधानमंत्री का जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक पार्टियों से यह पहला सीधा संवाद होगा। हालांकि, साल 2018 से ही राज्य में केंद्रीय शासन है।
देश में कोरोना संक्रमण के भयवाह रूप को देखते हुए वैक्सीनेशन अभियान को रफ़्तार देने के लिए प्रत्येक राज्य के मंत्री सतर्क हो चुके है। इसी के चलते हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी जुलाई तक राज्य की पूरी जनता को पहली डोज लगाने का लक्ष्य बनाया है। सीएम जयराम ने सोमवार को कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार का लक्ष्य राज्य की 100% आबादी को 25 जुलाई तक वैक्सीन की पहली डोज लगाना है। साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य में वैक्सीन की कोई कमी नहीं है, यहां वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में मौजूद हैं। सीएम जयराम ने ये भी बताया कि 18 से 45 साल की आयु के लोगों के लिए वैक्सीनेशन शुरू हो गया है और राज्य में अबतक 27.35 लाख डोज दी जा चुकी हैं। वहीं वर्तमान में लगभग 5 लाख डोज उपलब्ध हैं। सीएम के मुताबिक 25 जून तक उनका लक्ष्य लाहौल-स्पीति जैसे आदिवासी क्षेत्रों और अन्य क्षेत्रों में भी पहली डोज के साथ 100 प्रतिशत आबादी का वैक्सीनेशन करना है। गौरतलब है कि राज्य में अब तक 27.35 लाख डोज प्रशासित किए जा चुके हैं, जिसमें लगभग 42 प्रतिशत जनसंख्या को पहली डोज लग चुकी है।
पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत लाभार्थियों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट आया है। अब प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी पीएम किसान मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी स्थिति की ऑनलाइन जांच कर सकते हैं। इसके लिए किसान पीएम किसान मोबाइल ऐप डाउनलोड कर सकते हैं और ज्यादा जानकारी के लिए पीएम किसान योजना के तहत किसान पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर लॉगइन कर सकते हैं। दरअसल 14 मई को सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों के खातों में 2000 रुपए ट्रांसफर करना शुरू किया था। पीएम मोदी ने देश के 9.5 करोड़ से ज्यादा किसानों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 20,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की आठवीं किस्त जारी की है। जानकारी के मुताबिक डिजिटल इंडिया ने कुछ समय पहले ट्विटर पर ट्वीट किया था कि '#PMKISAN योजना के तहत सभी किसान लाभार्थी अब PM-KISAN मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजिटल रूप से अपनी स्थिति की जांच कर सकते हैं, इस योजना ने अपनी 8वीं किस्त के माध्यम से 9.5 करोड़ से ज्यादा किसानों को 20,000 करोड़ से ज्यादा जारी किया है, ज्यादा जानकारी के लिए pmkisan पर जाएं। गौरतलब है कि इस योजना के चलते सरकार की तरफ से किसानों को आर्थिक सहायता 2000 रुपए की तीन किस्तों में मिलती है। योजना के तहत 2000 रुपए की पहली किस्त 1 अप्रैल से 31 जुलाई तक, दूसरी किस्त 1 अगस्त से 30 नवंबर के बीच और तीसरी किस्त दिसंबर में मिलती है।
प्रदेश में जुलाई में माह में शुरू होने वाले सेब सीज़न से पहले प्रदेश के बागवानों को बड़ा झटका लगा है । बागवानी मंत्री ने कोरोना काल में सेब कार्टन के दाम न बढ़ाने का आश्वासन दिया था लेकिन कंपनियों ने कच्चा माल और कागज महंगा होने की दलील देकर कार्टन के दाम पांच से 10 रुपये तक बढ़वा लिए हैं। सोमवार को हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विधायन एवं विपणन निगम ने दाम तय कर दिए हैं। प्रति बीस किलो के सफेद कार्टन की दरें 60 से 70 रुपये निर्धारित की गई हैं। ब्राउन कागज के कार्टन 54 से 62 रुपये में बागवानों को मिलेंगे। पिछले साल एचपीएमसी ने 350 लाख कार्टन उपलब्ध कराए थे। एचपीएमसी ने इस बार 17 कंपनियों को कार्टन आपूर्ति का काम सौंपा है। पिछले साल 24 कंपनियों ने कार्टन बेचा था। पिछले साल कार्टनों के रेट में कोई वृद्धि नहीं की थी। पिछले साल प्रदेश में सेब की फसल काम थी। लेकिन इस साल करीब चार करोड़ पेटी सेब होने का अनुमान है। हालंकि इस साल बागवानों को मौसम की मार भी झेलनी पड़ी जिससे उन्हें खासा नुकसान हुआ। वंही इस बार ट्रक भाड़ा भी बढ़ेगा डीजल महंगा होने के कारण अब ट्रक मालिक सेब की ढुलाई का भाड़ा 15 फीसदी तक बढ़ाने की तैयारी में है।
केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री 23 जून को कुल्लू दौरे पर आएंगे। इस दौरान कुल्लू वासियों को बड़े तोहफे मिलने की उम्मीद है। अपने पांच दिवसीय दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री जलोड़ी टनल, औट-आनी-सैंज हाईवे-305, भूभू टनल के साथ भुंतर-मणिकर्ण मार्ग के विस्तारीकरण का तोहफा दे सकते हैं। ये सभी प्रोजेक्ट कई सालों से लटके हुए हैं। प्रदेश में अगले साल विस चुनाव भी होने वाले हैं। ऐसे में लोगों को उनके दौरे से बड़ी उम्मीद है। साल में करीब छह माह तक जिला मुख्यालय से अलग-थलग रहने वाले बाह्य सराज की 69 पंचायतों की 1.30 लाख आबादी 80 के दशक से जलोड़ी दर्रे के नीचे से टनल की मांग कर रही है। पिछले दो दशकों से प्रदेश की सरकारों ने जलोड़ी टनल बनाने की कई घोषणाएं की। लेकिन सब घोषणाएं हवा हवाई साबित हुई हैं। 2014 में टनल के साथ औट-आनी-सैंज हाईवे का मुंबई की ध्रुव नामक कंपनी ने सर्वे किया। लेकिन तब से लेकर अब तक 4.2 लंबी किमी टनल और करीब 97 किलोमीटर लंबे हाईवे की डीपीआर को मंजूरी नहीं मिली है। कुल्लू की लगघाटी की भूभू जोत को भेदकर बनने वाली भूभू टनल सरकार की फाइलों में बंद पड़ी है। भूभू टनल से कुल्लू से जोगिंद्रनगर की दूरी करीब 70 किलोमीटर कम होगी। इसका भी सर्वेक्षण किया गया है। उधर, धार्मिक नगरी मणिकर्ण तथा विदेशी सैलानियों की पहली पसंद रही पार्वती घाटी को जोड़ने वाली 35 किलोमीटर लंबी भुंतर-मणिकर्ण सड़क का विस्तारीकरण भी दो दशकों से लटका है। ऐसे में केंद्रीय मंत्री गडकरी के कुल्लू दौरे में दशकों से लटके इन प्रोजेक्टों को हरी झंडी मिलने की पूरी संभावना है। इन प्रोजेक्टों से न केवल जिले के हजारों लोगों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि पर्यटन को भी पंख लगेंगे। केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री के दौरे से न केवल प्रदेश सत्ताधारी सरकार को बड़ी उम्मीदें हैं, बल्कि उनके दौरे पर विपक्षी दल कांग्रेस की भी नजर रहेगी।
प्रदेश सरकार ने निजी बस ऑपरेटरों को बड़ी रहत दी है। परिवहन विभाग ने 50 फीसदी टोकन टैक्स और विशेष पथ कर माफ करने की अधिसूचना जारी कर दी है। यह टैक्स अगस्त 2021 तक माफ़ किया जाएगा। अधिसूचना के मुताबिक निजी बस ऑपरेटरों को वर्किंग कैपिटल स्कीम के तहत 2 से 20 लाख रुपये तक लोन भी दिया जाएगा। निजी बस ऑपरेटर टैक्स माफी को लेकर हड़ताल पर चल रहे थे। इस बीच यूनियन का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिला था। इसके बाद मामले को बीती कैबिनेट की बैठक में लाया गया था। जिस राज्य सरकार टैक्स माफ़ करने को हरी झंडी दिखाई।
प्रदेश में आज मंत्रिमंडल की बैठक राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ शिमला में होगी। इस बैठक में कोरोना की वजह से बंद मंदिरों को खोलने पर फैसला हो सकता है। साथ ही हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा के अंक निर्धारण के लिए बनाए गए फॉर्मूले को भी मंत्रिमंडल से हरी झंडी मिल सकती है। बोर्ड ने सीबीएसई के अंक निर्धारण के फॉर्मूले में कुछ बदलाव किया है। नए फार्मूले के तहत अप्रैल में हुई 12वीं कक्षा के अंग्रेजी कक्षा की परीक्षा और फर्स्ट व सेकेंड टर्म की परीक्षाओं के अंकों को भी शामिल किया गया है। बैठक में स्कूलों को खोलने को लेकर भी चर्चा की जाएगी। स्कूलों में बरसात की छुट्टियां देने के बारे में भी चर्चा हो सकती है। शिक्षा विभाग के प्रस्ताव के अनुसार 15 जुलाई से ग्रीष्मकालीन स्कूलों में अवकाश दिया जा सकता है। शीतकालीन स्कूलों में अगस्त के दौरान छुट्टियां देने की योजना है। कोरोना को लेकर बैठक में स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी एक प्रस्तुति दी जाएगी। कोरोना बंदिशों में और छूट दिए जाने से प्रदेश में कोरोना के मामले फिर से बढ़ सकते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग मंगलवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में बाहरी राज्यों के लिए बसें न चलाने, मंदिरों को श्रद्धालुओं के लिए न खोलने की सिफारिश करेगा। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि प्रदेश में इस समय 2500 से ज्यादा एक्टिव मामले हैं। जब तक यह आंकड़ा एक हजार से नीचे नहीं आ जाता, ढील देना भारी पड़ सकता है। महकमे ने कैबिनेट के लिए यह प्रस्ताव तैयार किया है। इसमें स्वास्थ्य सचिव कोरोना की वास्तविक स्थिति के बारे में प्रस्तुति देंगे। वंही बैठक में पंजाब के छठे वेतन आयोग के बारे में चर्चा हो सकती है। राज्य से बाहर और अन्य राज्यों से हिमाचल के लिए अंतरराज्यीय बसें शुरू करने व बाहर से आने वाले लोगों के पंजीकरण की प्रक्रिया पर भी फिर से बात होगी। इस प्रक्रिया में अधिक ढील देने पर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के फिर से फैलने की आशंका है। ऐसे में सख्ती की जा सकती है। कारोबारी कह रहे हैं कि उन्हें पांच बजे के बाद भी दुकानें खोलने की अनुमति दी जाए। इस बारे में भी विचार हो सकता है।
उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री डी.वी. सदानंद गौड़ा से भेंट की। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री को अवगत करवाया हिमाचल प्रदेश ने भारत सरकार के फार्मास्यूटिकल विभाग को बल्क ड्रग और चिकित्सा उपकरण पार्क के लिए प्रतिस्पर्धी प्रस्ताव प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने इन पार्क से सम्बन्धित निर्णय शीघ्र घोषित करने का आग्रह किया ताकि एपीआई कीमतें स्थिर हों और इसके परिणामस्वरूप आयात प्रतिस्थापन भी सुनिश्चित होगा। उन्होंने गौड़ा को जानकारी दी कि वर्तमान में प्रदेश में 700 फार्मा कम्पनियां कार्य कर रही हैं और हिमाचल देश का सबसे बड़ा फार्मा हब बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा पहाड़ी राज्यों के लिए स्वीकृत औद्योगिक पैकेज से हिमाचल प्रदेश के फार्मा क्षेत्र में असाधारण औद्योगिक विकास हुआ है। केन्द्रीय मंत्री ने बिक्रम सिंह द्वारा प्रस्तुत मुद्दों को सम्बन्धित मंत्रालयों के समक्ष उठाने का आश्वासन दिया।
उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय वित्त एवं कारपोरेट मामले के राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर से भेंट कर हिमाचल प्रदेश और अपने विधानसभा क्षेत्र जसवां परागपुर की विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं को लेकर चर्चा की। उन्होंने राज्य मंत्री से इन परियोजनाओं से सम्बन्धित मामलों को शीघ्र स्वीकृति के लिए विभिन्न केन्द्रीय मंत्रालयों के समक्ष उठाने का आग्रह किया। उद्योग मंत्री ने जसवां परागपुर विधानसभा के मुद्दों पर चर्चा करते हुए राज्य मंत्री को अवगत करवाया कि क्षेत्र में विभिन्न खड्डों के बाढ़ सुरक्षा और कटाव रोधी उपायों के लिए 505.71 लाख रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपी गई है जिसकी स्वीकृति अपेक्षित है। उन्होंने अनुराग ठाकुर से इन मामलों को केन्द्र सरकार से आगामी कार्रवाई के लिए उठाने का आग्रह किया। उन्होंने श्री ठाकुर से पंजाब नेशनल बैंक प्राधिकरण को चनौर गांव में अपनी शाखा और एटीएम खोलने के निर्देश देने का भी आग्रह किया। उन्होंने राज्य मंत्री से सड़क परिवहन मंत्रालय से केंद्रीय सड़क एवं बुनियादी ढांचा कोष (सीआरआईएफ) के अन्तर्गत जिला कांगड़ा में रक्कड़-चलाह-अप्पर भटोली-टिक्कर-शान्तला सड़क के सुधारीकरण, चैड़ाई और सुदृढ़ीकरण मामले पर कार्रवाई करने का भी आग्रह किया। उन्होंने केन्द्रीय मंत्रालय से जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत ग्राम पंचायत रिड़ी कुठेड़ा में केन्द्रीय विद्यालय स्वीकृत करने के मामले में उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया। बिक्रम सिंह ने अवगत करवाया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में जल जीवन मिशन के अन्तर्गत हर घर जल से नल उपलब्ध करवाने के लिए तीन चरणों में 11 परियोजनाओं को पूरा करने के लिए केन्द्र से 2394.32 लाख रुपये की आवश्यकता है। अभी तक इन योजनाओं के लिए केन्द्र ने 1043.56 लाख रुपये आवंटित किए हैं। उन्होंने इन परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा करने के लिए शेष स्वीकृत राशि को शीघ्र जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने औद्योगिक विकास योजना को वर्ष 2024 तक दो वर्ष का विस्तार देने और राज्य में औद्योगिक विकास को गति प्रदान करने के लिए हिमाचल प्रदेश को जम्मू-कश्मीर के समान प्रोत्साहन प्रदान करने के संदर्भ में भी श्री ठाकुर से चर्चा की। उन्होंने सोलन जिले के बद्दी में सीईटीपी सुविधा प्रदान करने के लिए सौंपे गए प्रस्ताव पर संबंधित मंत्रालय से मामला उठाने का आग्रह किया। उन्होंने वाणिज्य मंत्रालय से बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ को अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक गलियारे के अंतर्गत औद्योगिक नोड के रूप में समावेश करने का भी आग्रह किया। अनुराग ठाकुर ने बिक्रम सिंह द्वारा प्रस्तुत मुद्दों पर सम्बन्धित मंत्रालयों के समक्ष उठाने का आश्वासन दिया।
शिमला। उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र शेखावत से भेंट की। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से जिला कांगड़ा के अन्तर्गत जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र में जल जीवन मिशन के अन्तर्गत हर घर जल से नल उपलब्ध करवाने के लिए तीन चरणों में 11 परियोजनाओं को पूरा करने के लिए केन्द्र से 2394.32 लाख रुपये जारी करने का आग्रह किया। अभी तक इन योजनाओं के लिए केन्द्र ने 1043.56 लाख रुपये आवंटित किए हैं, जिसमें से 776.55 लाख रुपये खर्च किए जा चुके है। उन्होंने इन परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा करने के लिए शेष स्वीकृत राशि को शीघ्र जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि जसवां परागपुर एक दुर्गम क्षेत्र है जिसमें बहुत सी खड्ड है, जिसके कारण मानसून के दौरान भूमि कटाव होता है। क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा और भूमि कटाव रोधी उपायों के लिए 505.71 लाख रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट केन्द्रीय जल आयोग को सौंपी गई है। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से इस सम्बन्ध में स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया है। गजेन्द्र सिंह शेखावत ने बिक्रम सिंह को हर सम्भव सहायता प्रदान करने का आश्वसन दिया।
Chief Minister Jai Ram Thakur addressing the people on the occasion of International Yoga Day at Peterhof, Shimla on 21 June 2021. Yoga not only keeps human physically and mentally fit but also go a long way in maintaining the balance between body and soul. This was stated by Chief Minister Jai Ram Thakur while addressing the virtual celebration of International Yoga Day-2021 organized by the Ayush Vibhag Himachal Pradesh at Peterhof here today. Chief Minister said that International Day of Yoga-2021, was being observed with the theme 'Yoga for well-being', was much relevant in the prevalent times of corona pandemic. He said that the Covid-19 pandemic was not just a physical crisis but also left lasting impacts on mental health. It has left many people in psychological suffering, depression, anxiety, and dealing with the pandemic-necessitated restrictions. He said that Yoga can help people dealing with such crises, the United Nations explained on its website since the message of the practice is to promote both physical and mental health. Jai Ram Thakur said that the idea for an UN-mandated International Day of Yoga was first proposed by Prime Minister Narendra Modi during his speech at the United Nations General Assembly in 2014. Prime Minister Modi called Yoga an "invaluable gift of India's ancient tradition" and called for the "harmony between man and nature" through Yoga and this initiative was backed by as many as 177 nations, the highest number of co-sponsors ever for any UN Resolution of such nature, he added. Chief Minister said that the State Government was committed to promoting Yoga in the State. He said that with the active cooperation of Art of Living, Yog Bharati, Vivekanand Yog Kendra, etc., the State Ayush Department has launched a new program 'Ayush Ghar Dwar' from 14th May this year to virtually help the corona patients and other people for doing yoga and pranayam. Jai Ram Thakur thanked Founder of Art of Living Shri Shri Ravi Shankar for sparing his valuable time by joining virtually to motivate the people with his enlightening thoughts. Health Minister Dr. Rajiv Saizal while welcoming the Chief Minister and other dignitaries said that during the present era of cut short competition and various stress, Yoga has emerged as the best measure for relaxation of body and mind. He said that as many as 1327 groups were constituted under the Ayush Ghar Dwar program through which over 53000 people were motivated to practice Yoga and pranayam. Founder of Art of Living Shri Shri Ravi Shankar appreciated the steps taken by the State Government in promoting Yoga in the State. He said that Yoga not only helps in making them a strong and healthy society but also in promoting goodwill among the masses. He said that Himachal Pradesh was an abode of god and goddess and steps must be taken to make Himachal Pradesh a prosperous and healthy State. The State Government had also done exceptionally well in the vaccination campaign. He also thanked the doctors and other paramedical staff and frontline workers for working with dedication during the corona pandemic. Principal Secretary Ayush Onkar Chand Sharma presented a vote of thanks. Governor Bandaru Dattatraya joined the event virtually whereas Urban Development Minister Suresh Bhardwaj, Member of Parliament and State BJP President Suresh Kashyap, Organizing Secretary Pawan Rana, Vice Chairman State Handicraft and Handloom Corporation Sanjeev Katwal, Mayor Shimla Municipal Corporation Satya Kaundal, Deputy Mayor Shalender Chauhan, DGP Sanjay Kundu, Chairman cum Managing Director SJVNL Nand Lal Sharma, Deputy Commissioner Shimla Aditya Negi, Director Information and Public Relations Harbans Singh Brascon, Superintendent of Police Mohit Chawla and other senior officers were also present with the Chief Minister at Peterhof.
Industries Minister Bikram Singh called on Union Minister for Jal Shakti Gajendra Singh Shekhawat at New Delhi today. He requested the Union Minister to release Rs. 2394.32 lakh for completing 11 schemes approved in three phases for Jaswan Pragpur constituency in Kangra district under Jal Jeevan Mission for providing Har Ghar Nal se Jal. He apprised the minister that Rs. 1043.56 lakh have been allotted for the schemes against which Rs. 776.55 lakh have already been spent. He urged the Union Minister to release the rest of the amount required so that the schemes may be completed soon. He further informed the Union Minister that Jaswan Pragpur was a far-flung area and has a lot of Khuds which cause erosion to adjacent areas in the rainy season. He said that flood protection and anti-erosion measures are required to be undertaken in the areas and added that keeping this in view a detailed project report amounting to Rs. 505.71 crores have been submitted to Central Water Commission. He urged the Union Minister for according approval for the same. Gajendra Singh Shekhawat assured Bikram Singh of all possible assistance.
Industries Minister Bikram Singh called on Union Minister of Chemicals and Fertilizers D.V Sadananda Gowda at New Delhi today. Bikram Singh informed the Union Minister that Himachal Pradesh has submitted highly competitive proposals for the bulk drug and medical device parks to the department of Pharmaceuticals, Government of India. He urged for early announcement of the results for these parks as it will stabilize the API prices and also result in import substitution. He informed the Union Minister that the present state is home to more than 700 Pharma companies and emerged as the largest Pharma formulation hub in the country and added that the state witnessed phenomenal industrial growth, especially in the Pharma sector after GoI's industrial package to hilly areas including Himachal Pradesh. Union Minister assured to provide all possible assistance to the state.
Industries Minister Bikram Singh called on Union Minister of State for Finance and Corporate Affairs Anurag Singh Thakur at New Delhi on Monday. He discussed various developmental projects of Himachal Pradesh and his constituency Jaswan Paragpur with him. He requested Anurag Thakur to take up the cases relating to these projects with various ministries at the Centre for speedy approvals. While discussing the issues of Jaswan Paragpur constituency, Industries Minister apprised Anurag Thakur that a detailed project report amounting to Rs 505.71 lakh for providing flood protection and anti-erosion measures to different khuds in the constituency has already been submitted to the Ministry and its approval was awaited. He requested Anurag Thakur to pursue the matter with concerned authorities. He also requested him to direct the Punjab National Bank authorities to open its branch and ATM in village Chanaur. He requested the MoS to pursue with the Ministry of Road Transport and to include the improvement, widening and strengthening of Rakkar-Challah-Upper Bhatoli-Tikkar-Shantla road in district Kangra under Central Road & Infrastructure Fund (CRIF). He urged him to pursue with the Centre for sanctioning of a Kendriya Vidyalaya in Gram Panchayat Riri-Kuthera in Jaswan Paragpur constituency. The Minister also apprised Anurag Thakur that an amount of Rs. 2394.32 lakh was needed from the Centre to complete the 11 schemes approved in three phases under Jal Jeevan Mission for providing Har Ghar Nal se Jal in the constituency. He added that Rs. 1043.56 lakh has been allotted to these schemes so far and urged for pursuing the speedy release of funds to complete the schemes. He discussed the extension of the industrial development scheme for at least two more years up to 2024 and to grant similar incentives to the state as granted to UT of Jammu and Kashmir so that speedy industrial development could be achieved. He also urged to pursue with the concerned ministry to provide financial assistance for the proposal submitted under Trade Infrastructure for Export Scheme for setting up Common Effluent Treatment Plant (CETP) at Baddi. He also requested to pursue with the Commerce Ministry for inclusion of Baddi-Barotiwala-Nalagarh area as an industrial node under Amritsar-Kolkata industrial corridor. The Minister of State assured to take up the issues with concerned ministries.
योग न केवल मानव को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखता है बल्कि यह शरीर और आत्मा के मध्य सन्तुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां पीटरहाॅफ में अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस-2021 के अवसर पर प्रदेश के आयुष विभाग द्वारा वर्चुअल माध्यम से आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस-2021, योगा फोर वैल बींग विषय पर आधारित है, जोकि कोरोना महामारी के इस कठिन समय में बहुत प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी न केवल एक आपदा है, बल्कि इस महामारी ने लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी प्रभाव डाला है। कोरोना महामारी के प्रतिबन्धों और इससे हुई क्षति के कारण लोग अवसाद और चिन्ता से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने अपनी वैबासइट पर बताया है कि योग लोगों को इस तरह के संकटों से निपटने में सहायक सिद्ध होता है। यह सन्देश लोगों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है। जय राम ठाकुर ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस का विचार वर्ष 2014 में सर्वप्रथम संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने भाषण में प्रस्तावित किया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने सम्बोधन में कहा था कि योग भारत की प्राचीन परम्परा का अमूल्य उपहार है। उन्होंने योग के माध्यम से मानव और प्रकृति के बीच सामंजस्य का आहवान किया और उनकी इस पहल को 177 देशों का समर्थन मिला था, जो संयुक्त राष्ट्र के इस प्रकार के प्रस्ताव के लिए सह-प्रायोजकों की सबसे अधिक संख्या थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में योग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा की आयुष विभाग ने आर्ट आफ लिविग, योग भारती, विवेकानंद योग केंद्र आदि के सक्रिय सहयोग से इस वर्ष 14 मई को नए कार्यक्रम आयुष घर-द्वार का शुभारम्भ किया। इस कार्यक्रम के अन्तर्गत कोरोना मरीजों और अन्य लोगों को वर्चुअल माध्यम से योग और प्राणायाम का अभ्यास करवाया गया। जयराम ठाकुर ने इस अवसर पर लोगों को वर्चुअल माध्यम से योग के प्रति प्रेरित करने के लिए आर्ट आफ लिविग के संस्थापक श्री श्री रवि शंकर का आभार व्यक्त किया। स्वास्थ्य मंत्री डा.राजीव सैजल ने कहा कि प्रतिस्पर्धात्मक और तनाव भरे इस समय में योग शरीर और मस्तिष्क को राहत पहुचाने का एक उपयुक्त माध्यम बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि आयुष धर-द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत 1327 समूह गठित किए गए हैं। जिनके माध्यम से 53000 से अधिक लोगों को योग और प्राणायाम के लिए प्रेरित किया गया है। आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने राज्य में योग को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि योग न केवल स्वस्थ और सुदृढ़ समाज के निर्माण में सहायता करता है, बल्कि सौहार्द को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवी-देवताओं की भूमि है और प्रदेश को स्वस्थ एवं समृद्ध राज्य बनाने के प्रयास जारी रखने चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने टीकाकरण अभियान में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उन्होंने चिकित्सकों, अन्य पैरामेडिकल कर्मियों और अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं का कोरोना महामारी के दौरान प्रतिबद्धता से कार्य करने के लिए आभार व्यक्त किया। प्रधान सचिव आयुष ओंकार चन्द शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय वर्चुअल माध्यम से इस आयोजन से जुड़े जबकि शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, संगठन सचिव पवन राणा, राज्य हस्तशिल्प और हथकरघा निगम के उपाध्यक्ष संजीव कटवाल, नगर निगम शिमला की महापौर सत्या कौण्डल, उप-महापौर शैलेन्द्र चैहान, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, एचजेवीएनएल के अध्यक्ष एवं कार्यकारी निदेशक नन्दलाल शर्मा, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी, निदेशक सूचना एवं जन सम्पर्क हरबंस सिंह ब्रसकोन, पुलिस अधीक्षक मोहित चावला और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मुख्यमंत्री के साथ पीटहाॅफ में उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज टाउन हाॅल शिमला से प्रदेश में कोविड-19 प्रतिरक्षा टीकाकरण अभियान का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर इलैक्ट्राॅनिक मीडिया के प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब तक वैक्सीन की 27.45 लाख खुराकें लगाई जा चुकी है और प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में खुराकें उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि टीकाकरण के इस विशेष अभियान के अन्तर्गत 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों को प्रतिदिन लगभग एक लाख खुराकें लगाई जाएंगी। तीन दिवसीय इस विशेष अभियान के दौरान इस आयु वर्ग के लगभग तीन लाख लोगों का टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों के लिए निःशुल्क टीकाकरण उपलब्ध करवाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। जय राम ठाकुर ने कहा कि इस विशेष अभियान के अन्तर्गत जनजातीय जिलों लाहौल-स्पीति, किन्नौर और चंबा जिले के पांगी क्षेत्र और शिमला जिला के दुर्गम क्षेत्र डोडरा-क्वार में शत-प्रतिशत जनसंख्या को कवर करने के लिए प्रतिदिन टीकाकरण सत्र आयोजित करके ऑन-स्पाॅट सत्रों के माध्यम से 25 जून, 2021 तक वैक्सीन की कम से कम पहली खुराक लगाई जाएगी, जिसके लिए यदि आवश्यक हुआ तो रविवार और अन्य छुट्टियों के दिन भी ऑन-स्पाॅट टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण के लिए पंजीकरण की शर्त में छूट देने का भी निर्णय लिया है, लेकिन यह प्रक्रिया शहरी क्षेत्रों में लागू रहेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को मौके पर ही टीकाकरण के लिए अपना पंजीकरण करवाने की सुविधा मिलेगी। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल, महापौर नगर निगम शिमला सत्या कौंडल, उप-महापौर शैलेंद्र चैहान, उपायुक्त आदित्य नेगी, पुलिस अधीक्षक मोहित चावला, आयुक्त शिमला नगर निगम अशीष कोहली सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
डेढ़ महीने से ज्यादा लंबे समय के अंतराल के बाद कालका-शिमला रेलवे हैरिटेज ट्रैक पर चारों ट्रेन का संचालन शुरू हो गया है। कोरोना की दूसरी लहर की वजह से यात्रियों की आमद में गिरावट को देखते हुए 9 मई को ट्रेन का संचालन बंद कर दिया गया था। कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर केवल एक ही ट्रेन चल रही थी। अनलॉक के बीच व्यवस्थाएं पटरी पर लौटते ही कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर ट्रेन संचालन शुरू हो गया है। 21 जून को ट्रेन का संचालन शुरू होने पर शिवालिक एक्सप्रेस 04527 में 54,04529 में 191 और रेल कार में 5 यात्रियों ने सफर किया। इसके अलावा विस्ताडोम कोच में फिलहाल रेलवे को कोई यात्री नहीं मिले। आने वाले दिन में बढ़ेगी यात्रियों की संख्या शिमला रेलवे स्टेशन के अधीक्षक जोगिंदर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि अनलॉक के बीच यात्रियों की आमद में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी जोगिंदर सिंह ने बताया कि यात्रियों की संख्या में कमी को देखते हुए 9 मई को ट्रेन का संचालन बंद कर दिया गया था। अब जब देश अनलॉक हो रहा है, तो शिमला में भी पर्यटकों की आमद में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है ऐसे में ट्रेन का संचालन फिर से शुरू कर दिया गया है। दिलचस्प सफर का आनंद लेने दूर-दूर से आते हैं पर्यटक कालका-शिमला रेलवे हैरिटेज ट्रैक पर सर्पीली पहाड़ियों को चीरती हुई ट्रेन का सफर पर्यटकों के लिए बेहद दिलचस्प होता है। इस रोमांचकारी सफर का आनंद लेने के लिए पर्यटक दूर-दूर से शिमला पहुंचते हैं। कालका-शिमला रेलवे हैरिटेज ट्रैक पर ट्रेन का संचालन शुरू होने से पर्यटकों की आमद में बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है।


















































