अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना काल के दौरान योगी सरकार के प्रयासों की जमकर सराहना की। पीएम मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश पूरे देश में कोरोना की सबसे ज़्यादा टेस्टिंग करने वाला राज्य है। आज उत्तर प्रदेश पूरे देश में सबसे ज़्यादा वैक्सीनेशन करने वाला राज्य भी है। उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर को यूपी ने बहुत अच्छी तरह से संभाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस के बदलते हुए और खतरनाक रूप ने पूरी ताकत के साथ हमला किया था। लेकिन काशी सहित यूपी ने पूरे सामर्थ्य के साथ इतने बड़े संकट का मुकाबला किया। कोरोना से निपटने में उत्तर प्रदेश के प्रयास उल्लेखनीय हैं। उन्होंने कहा कि काशी नगरी आज पूर्वांचल का बहुत बड़ा मेडिकल हब बन रही है। जिन बीमारियों के इलाज के लिए कभी दिल्ली और मुंबई जाना पड़ता था, उनका इलाज आज काशी में भी उपलब्ध है।
भारत में आज सोने की कीमत में 10 रुपये प्रति 10 ग्राम की मामूली तेजी आई है. गुड रिटर्न्स वेबसाइट द्वारा उपलब्ध कराई गई दरों के अनुसार, 22 कैरेट प्रति 10 ग्राम सोने की कीमत 47,090 रुपये और 24 कैरेट 10 ग्राम सोने का भाव 48,090 रुपये है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर गुरुवार को सोने की कीमतें बिल्कुल सपाट कारोबार कर रही हैं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर अगस्त में सोने का अनुबंध 0.07 प्रतिशत की गिरावट के साथ 48,266 रुपये 10 ग्राम पर 15 जुलाई को 9.05 बजे बंद हुआ। हालांकि, एक अन्य कीमती धातु चांदी गुरुवार को घरेलू बाजार में उछल गई. सितंबर का चांदी वायदा 0.08 रुपए बढ़कर 69,468 रुपए प्रति किलोग्राम हो गया है। वंही, अंतरराष्ट्रीय बाजार में गुरुवार को सोने के भाव सपाट रहे। रॉयटर्स के अनुसार, हाजिर सोना 0050 GMT तक 1,824.81 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर था। वहीं अमेरिकी सोना वायदा 0.1% की तेजी के साथ 1,826.40 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ने कहा कि मुद्रास्फीति रीडिंग में हालिया स्पाइक के बावजूद केंद्रीय बैंक अपनी उदार मौद्रिक नीति जारी रखेगा।
कश्मीर में खात्मे की कगार पर पहुंच चुके आतंकी संगठन अब जम्मू संभाग को निशाना बनाने की साजिशें रच रहे हैं। इसके लिए सीमा पार से ड्रोन का सहारा लिया जा रहा है। जम्मू में एक बार फिर से ड्रोन दिखाई दिया है। जम्मू एयरफोर्स स्टेशन के पास बुधवार रात को एक ड्रोन को देखा गया है। जिसके बाद सुरक्षाबल सतर्क हो गए। इससे पहले भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अरनिया और हीरानगर सेक्टर में पाकिस्तानी ड्रोन की संदिग्ध गतिविधि से हड़कंप मच गया था। अरनिया सेक्टर में बीएसएफ के जवानों ने आसमान में लाल रंग की लाइट देखते ही फायरिंग कर दी। बताया जा रहा है कि यह पाकिस्तान ड्रोन था, जिसे वापस खदेड़ दिया गया। वहीं कठुआ के हीरानगर सेक्टर में स्थानीय लोगों ने ड्रोन जैसी आवाज सुनी। आसमान में पीले रंग की लाइट भी देखी। दोनों ही जगह एहतियातन तलाशी अभियान चलाया गया लेकिन कोई भी आपत्तिजनक सामग्री या सुराग नहीं लगा।
अरुणाचल प्रदेश के एक सुदूर गांव के 16 चरवाहे मई में कोरोना टीकाकरण शिविर में शामिल नहीं हो सके। लगभग दो महीने बाद, स्वास्थ्य अधिकारियों ने लुगथांग गांव में उन्हें टीका लगाने के लिए सोमवार को समुद्र तल से 14,000 फीट से अधिक ऊंचाई तक पहुंचने के लिए नौ घंटे से अधिक समय तक ट्रैकिंग की। राज्य के ट्वांग जिले के डोमस्टांग में 19 मई को आयोजित टीकाकरण शिविर में चरवाहे नहीं पहुंच सके थे। इसके बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने खुद जाने का फैसला किया। टीम ने अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए थिंगबू हाइडल नामक स्थान पर निकटतम मोटर योग्य सड़क से ट्रैकिंग की। मौके पर पहुंचने के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने अगली सुबह ग्रामीणों के साथ एक छोटी बैठक की, जिला प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य अधिकारी रिनचिन नीमा द्वारा 16 चरवाहों को टीका लगाया गया। वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी थुतन ताशी ने पशुओं के लिए अतिसार, कृमिनाशक और अन्य बीमारियों के लिए भी मुफ्त दवाएं दीं। लुगुथांग तिब्बत के साथ सीमा के करीब है और ट्वांग से हवाई रूप से 30 किमी दूर है। गांव के 65 लोगों सहित सभी 10 परिवार याक चराने वाले हैं। अरुणाचल के अधिकारियों ने 16 चरवाहों को टीका लगाने के लिए 9 घंटे से 14,000 फीट की दूरी तय की पेमा खांडू ने दूरदराज के समुदायों तक वैक्सीन पहुंचाने के लिए फ्रंटलाइन वर्कर्स प्रशंसा की। लगातार बारिश ने यात्रा में देरी की कोशिश की लेकिन उपायुक्त सांग फुंटसोक ने 16 छोड़े गए चराई के साथ तारीख रखने के लिए दृढ़ संकल्प किया।
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर आयी है। मंहगाई भत्ते पर लगी रोक को आज हटा लिया गया है। इसके साथ ही तीन किश्तों को मिलाकर 11% महंगाई भत्ता बढ़ाने का भी फैसला हुआ है। यह फैसला आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। पिछले साल कोरोना की शुरुआत में लगी रोक थी। महंगाई भत्ते की तीन किस्तों पर लगी रोक लगाई गई था। इसी रोक को हटाने का फ़ैसला लिया गया है। आज के फ़ैसले के मुताबिक़ 1 जनवरी 2020, 1 जुलाई 2020 और 1 जनवरी 2021 से लागू होने वाली तीनों किस्तों पर लगी रोक हटा दी गई है। रोक हटने के बाद तीनों किस्तों को मिलाकर कुल 11 फ़ीसदी की बढोत्तरी होगी. यानि महंगाई भत्ते की दर वर्तमान के 17 फ़ीसदी से बढ़कर 28 फ़ीसदी हो जाएगी। सरकार के इस फैसले से केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारियों को फ़ायदा होगा। दरअसल कोरोना शुरू होने के बाद से महंगाई भत्ते की बढोत्तरी पर रोक लगी हुई थी। पिछले साल कोरोना महामारी शुरू होने के बाद अप्रैल के महीने में केंद्रीय कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले महंगाई भत्ते की दो किस्तों को जारी करने पर रोक लगा दी थी। चूंकि महंगाई भत्ते की क़िस्त हर छह महीने पर जारी की जाती है। एक बार 1 जनवरी से जबकि दूसरी बार 1 जुलाई से। दरअसल बढ़ती महंगाई से वस्तुओं के दाम बढ़ते जाते हैं और लोगों के पास मौजूद पैसे की क्रय क्षमता को कम करने लगते हैं। इसका सामना करने के लिए सरकार कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देती है ताकि लोग बढ़ते हुए खर्चों का सामना कर सकें और अपनी जरूरत की चीजों को दाम बढ़ने के बावजूद भी खरीद पाएं।
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बीते कई वर्षों से सेवाएं दे रहे 2555 एसएमसी शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित करने को सरकार जल्द नीति बनाएगी। ये शिक्षक प्रदेश के उन दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे हैं, जहां जाने से नियमित शिक्षक कतराते रहे हैं। शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर ने उच्च शिक्षा निदेशालय में हुई राज्य शिक्षक महासंघ की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि एसएमसी शिक्षकों के मामले पर मुख्यमंत्री गंभीर है। जल्द इनके लिए नीति बनेगी। शिक्षकों को 4-9-14 के वित्तीय लाभ देने के लिए विशेष कमेटी बनाने का आश्वासन दिया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि महासंघ के साथ 30 बिंदुओं पर चर्चा हुई। उन्होंने शिक्षकों को आश्वस्त किया कि जो मांगें पूरी की जा सकेंगी, उन पर जल्द काम होगा। कई मामले हल करने के लिए छह कमेटियां बनाने का फैसला लिया गया। एक सप्ताह में ये कमेटियां रिपोर्ट विभाग को सौंपेंगी।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड आज 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम घोषित करेगा। प्रदेश में करीब 1.10 लाख विद्यार्थी 12वीं कक्षा में हैं। इससे पहले बोर्ड ने 5 जुलाई को दसवीं कक्षा का परिणाम घोषित किया था। हिमाचल प्रदेश में भी सीबीएसई की तर्ज पर प्रदेश 12वीं कक्षा के विद्यार्थी प्रमोट कर दिए गए हैं। स्कूल शिक्षा बोर्ड ने परीक्षाओं में सामाजिक दूरी कायम रखने के लिए 2137 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। बोर्ड ने 12वीं कक्षा की अंग्रेजी विषय की परीक्षा 13 अप्रैल को ली थी लेकिन इसके बाद कोरोना के चलते परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं थीं। बता दें प्रदेश में 12वीं कक्षा का एक ही पेपर हुआ था, लेकिन बढ़ते कोरोना मामलों को देखते हुए बाकि विषयों की परीक्षाएं स्थगित कर दी गई थीं। 5 जून को सीएम जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई कैबिनेट की बैठक में प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षाएं रद्द कर दी गईं थीं।
सरकार ने जनता को सस्ती दरों पर सोना खरीदने का मौका दिया है। निवेशक सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना के तहत बाजार मूल्य से काफी कम दाम में सोना खरीद सकते हैं। यह योजना सिर्फ पांच दिन के लिए यानि 12 जुलाई से 16 जलाई तक खुली है। इसकी बिक्री पर होने वाले लाभ पर आयकर नियमों के तहत छूट के साथ और कई लाभ मिलेंगे। सरकार की ओर से गोल्ड बॉन्ड में निवेश के लिए यह वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी श्रृंखला है। योजना के तहत 4,807 रुपये प्रति ग्राम पर सोना खरीद सकते हैं। गोल्ड बॉन्ड की खरीद ऑनलाइन तरीके से की जाती है तो सरकार ऐसे निवेशकों को 50 रुपये प्रति ग्राम की अतिरिक्त छूट देती है। इसमें आवेदनों के लिए भुगतान 'डिजिटल मोड' के माध्यम से किया जाना है। ऑनलाइन सोना खरीदने पर निवेशकों को प्रति ग्राम सोना 4,757 रुपये का पड़ेगा।
पहाड़ी इलाकों में लगातार आ रही बारिश और कई जगह बादल फट जाने के कारण जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा इलाके में बारिश-बादल फटने की घटना से तबाही हुई है। यहां कारेरी लेक इलाके से बीते दिन कई शवों को बरामद किया गया। इनमें पंजाब के सूफी सिंगर सिंह का शव भी शामिल है। पंजाबी गायक मनमीत सिंह का शव हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के करेरी झील इलाके से बरामद हुआ है। एसपी कांगड़ा विमुक्त रंजन ने बताया कि सोमवार सुबह मनमीत अपने भाई और तीन दोस्तो के साथ करेरी लेक गया था। भारी बारिश होने के दौरान करेरी में पहाड़ पर सभी नोली नाले को पार कर रहे थे। नाले को पार करते समय सभी की आंखों के सामने मनमीत पानी में बह गया। पुलिस को सूचना मिलने पर रेस्क्यू टीम करेरी पहुंची। मंगलवार को मनमीत का शव बरामद किया गया। अभी तक मनमीत का शव शाहपुर के पास बोह दरिणी पहुंचा है। आज धर्मशाला में शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। उसके बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
आज घरेलू बाजार में सोने और चांदी की वायदा कीमत में तेजी आई। एमसीएक्स पर सोना वायदा 0.20 फीसदी (95 रुपये) बढ़कर 47,984 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। चांदी की बात करें, तो चांदी वायदा आज 0.06 फीसदी (38 रुपये) बढ़कर 69,119 रुपये प्रति किलोग्राम पर रही। पीली धातु पिछले साल के उच्चतम स्तर (56200 रुपये प्रति 10 ग्राम) से करीब 8500 रुपये नीचे है। वैश्विक बाजार में इतनी है कीमत वैश्विक बाजार में आज हाजिर सोना 1,806.07 डॉलर प्रति औंस पर सपाट रहा। वहीं अमेरिकी सोना वायदा 0.2 फीसदी नीचे 1,807.20 डॉलर प्रति औंस पर रहा। अन्य कीमती धातुओं में चांदी 25.97 डॉलर प्रति औंस पर सपाट थी, पैलेडियम 0.1 फीसदी ऊपर 2,830.14 डॉलर और प्लैटिनम 0.1 फीसदी बढ़कर 1,105.02 डॉलर पर पहुंच गया। इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के मुताबिक, पिछले हफ्ते भारत में भौतिक सोना 2021 में पहली बार डिस्काउंट पर बेचा गया क्योंकि कोरोना वायरस मामलों में तेजी ने सख्त प्रतिबंधों को प्रेरित किया और खरीदारों को दूर रखा। हाजिर बाजार में शुक्रवार को उच्चतम शुद्धता वाला सोना 46,791 रुपये जबकि चांदी 67,800 रुपये पर बिकी।
लखनऊ के काकोरी से पकड़े गए दोनों संदिग्ध आतंकी अभी ATS की कस्टडी रिमांड में हैं। दोनों आतंकियों ने कई राज उगले हैं। आतंक का वो क्रैश कोर्स डिकोड हो गया है। जिसका इस्तेमाल आतंक के आका युवाओं को बरगलाकर आतंक की दुनिया में धकेलने के लिए करते हैं। पहले चरण में पर्सनल चैटिंग की जाती है। सोशल मीडिया पर चैट के आधार पर हैंडलर सवाल जवाब से टोह लेता है। उसके बाद माइक्रो कम्युनिटी जहां पहचान के बाद गिरोह को जानकारी दी जाती है। भाई जान बताकर जेहाद की ललकार की जाती है। फिर फिजिकल कॉन्टैक्ट की बारी आती है जहां संतुष्ट होने के बाद मिलने के लिए बुलावा दिया जाता है। इसके बाद सबको अलग-अलग टास्क दिया जाता है। टास्क में पास होने के बाद हैंडलर की मीटिंग होती है, फिर ऑपरेशन को अंजाम देने का वक़्त आता है।
काकोरी कुकर कांड में बड़ा खुलासा हुआ है। एटीएस की रिमांड में चल रहे संदिग्ध आतंकी मिन्हाज और मशीरुद्दीन के मोबाइल में 12 वीडियो मिले हैं। दावा है कि, ये वीडियो उनके हैंडलर ने भेजे थे। वीडियो उन्माद से भरे हैं और युवाओं को बरगलाने वाले हैं। जानकारी के मुताबिक, इन वीडियो का इस्तेमाल अलकायदा और उसके इंडियन मॉड्यूल अंसार गजवातुल हिन्द के आका भी कर रहे हैं। एटीएस को इन दोनों की कॉल डिटेल से पता चला है कि अधिकतर कॉल दिल्ली मेरठ, हरदोई, बरेली और कानपुर में की गई हैं। कानपुर में सबसे ज्यादा कॉल 8 और 9 जुलाई को हुई हैं। इन कॉल डिटेल्स के आधार पर एटीएस ने अलग से जांच शुरू कर दी है। इसके लिए एटीएस की 3 टीमों को अलग-अलग जिलों में भेजा गया है। मिन्हाज ने 4 बार नेपाल में 2 अलग अलग लोगों से बात की है। इनकी जानकारी भी जुटाई जा रही है। वंही, अल कायदा से जुड़े आतंकियों से पूछताछ में कई चौंका देने वाले खुलासे हुए हैं। जिसके मुताबिक ये आतंकी मई में ही उत्तर प्रदेश में सीरियल ब्लास्ट करने वाले थे, लेकिन कोरोना की वजह से उन्हें भीड़भाड़ वाली जगह नहीं मिली। इसके बाद आतंकियों ने जुलाई के तीसरे हफ्ते को चुना, लेकिन उससे पहले वो सलाखों के पीछे पहुंच गए।
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सुरक्षाबलों को कामयाबी मिली है। सुरक्षा बालों ने लश्कर के कमांडर एजाज उर्फ अबु हुरैरा समेत तीन आतंकियों को मार गिराया है। अबु हुरैरा पाकिस्तानी था। इसके अलावा मारे गए दो आतंकियों की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। बताया जा रहा है कि देर रात गुप्त सूचना के आधार पर जब रात एक बजे सेना, सीआरपीएफ और पुलिस की टीम ने पुलमावा टाउन के न्यू कॉलोनी इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया तो आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद रात भर दोनों तरफ से गोलीबारी होती रही और अब तीन आतंकियों के मारे जाने की खबर आई है। इलाके में सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है। वहीं, दूसरी ओर कश्मीर के कुलगाम में सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकियों की एक बड़ी साज़िश नाकाम कर दी है। एजेंसियों की मुस्तैदी से सैकड़ों लोगों की जान बच गई है। कुलगाम में रेलवे ट्रैक के पास 20 किलो IED बरामद किया गया है।
जम्मू के अरनिया सेक्टर में बीती रात एक उड़ती हुई संदिग्ध चीज देखी गई है। दरअसल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रात करीब दस बजे आसमान में लाल रंग की जगमगाती टाइट देखी गई। लाल रंग की लाइट देखकर बीएसएफ के जवानों ने फायरिंग की। जिसके बाद वो लाइट पाकिस्तानी सीमा की तरफ चली गई। अब जांच ये की जा रही है कि क्या वो लाल रंग की लाइट कोई ड्रोन है या कुछ और। पिछले दिनों कई बार जम्मू में ड्रोन देखे गए थे, ड्रोन से ही जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर हमला भी हुआ था। इसके बाद जम्मू में ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके साथ ही सभी लोगों के से ड्रोन को पुलिस थानों में जमा करवाने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज जिला कांगड़ा के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के बोह क्षेत्र में विगत दिन आई बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया तथा बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लिया। इसके पश्चात् मुख्यमंत्री ने बाढ़ से प्रभावित स्थल का भी दौरा किया तथा वे बोह क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित परिवारों से भी मिले। उन्होंने जिला प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्वास कार्य युद्धस्तर पर करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जयराम ठाकुर ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी और उनका पुनर्वास सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा में मारे गए लोगों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये दिये जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के मकान इस आपदा में क्षतिग्रस्त हुए हैं उन्हें भी सरकार मकान बनाने के लिए हर संभव सहयोग देगी। जिला प्रशासन के साथ एनडीआरएफ की टीम मौके पर राहत एवं बचाव कार्यों में लगी हुई है तथा लापता लोगों को ढूंढने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। जयराम ठाकुर ने आज सिरमौर जिले के उपायुक्त राम कुमार गौतम से भी दूरभाष पर बातचीत की तथा गत सायं पांवटा उपमंडल में बांगरन गांव के डोरियोंवाला के पास टापू में गत दिन गिरी नदी में फंसे लोगों को एन.डी.आर.एफ तथा जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षित निकालने के के बारे में भी जानकारी ली। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सरवीन चैधरी, स्वास्थ्य मंत्री डा. राजीव सैजल, सांसद किशन कपूर, विधायक विशाल नेहरिया, वूल फैडरेशन के उपाध्यक्ष त्रिलोक कपूर, जिला परिषद अध्यक्ष रमेश बराड़, उपायुक्त डा. निपुण जिंदल, एवं पुलिस अधीक्षक विमुक्तरंजन उपस्थित थे।
महंगाई के मुद्दे पर कांग्रेस केंद्र सरकार पर लगातार निशाना साध रही है। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज खुदरा महंगाई दर से जुड़ी खबर साझा करते हुए लिखा, ''खाया भी, ‘मित्रों’ को खिलाया भी- बस जनता को खाने नहीं दे रहे। '' इसके साथ उन्होंने #PriceHike लिखा। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि कांग्रेस 19 जुलाई से आरंभ हो रहे संसद के मानसून सत्र में महंगाई के मुद्दे को उठाएगी और इस पूर्ण चर्चा की मांग करेगी। उन्होंने कहा कि महंगाई को लेकर राजग सरकार लगातार यह बताने की कोशिश कर रही है कि महंगाई से जुड़ी चिंता फर्जी है और अगर सरकार इस मुद्दे को नजरअंदाज करती है तो यह मुद्दा खत्म हो जाएगा। कांग्रेस पार्टी महंगाई के मुद्दे पर केंद्र सरकार की घोर लापरवाही की निंदा करती है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र इस बार 2 से 13 अगस्त तक चलेगी। विधानसभा सचिवालय की ओर से इस संदर्भ में अधिसूचना भी जारी कर दी गई। विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा ने बताया कि सत्र का आगाज़ 2 अगस्त काे दाेपहर 2 बजे से हाेगा। सत्र के दाैरान कुल 10 बैठकें हाेंगी। पहले दिन शाेकाेद्घार हाेगा, जिसमें दिवंगत सदस्याें काे श्रद्धांजलि दी जाएगी। मानसून सत्र में इस बार कुछ अहम विधेयक भी पेश हाेंगे, जाे बजट सत्र के दाैरान पेश नहीं हाे पाए थे। प्राप्त जानकारी के मुताबिक मानसून सत्र में इस बार दाे दिन का गैर सरकारी सदस्य दिवस भी रखा गया है। यानी 5 और 12 अगस्त काे विधायक अपने-अपने क्षेत्राें की मांगे प्रस्तुत करेंगे।
सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन यानी मंगलवार को शेयर बाजार हरे निशान पर बंद हुआ। दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 397.04 अंक (0.76 फीसदी) ऊपर 52,769.73 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 119.75 अंक यानी 0.76 फीसदी की बढ़त के साथ 15,812.35 के स्तर पर बंद हुआ। बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 98.48 अंक या 0.18 फीसदी के नुकसान में रहा।
उत्तर प्रदेश के लखनऊ से मिनहाज और मसीरुद्दीन की गिरफ्तारी के बाद दोनों से हुई पूछताछ में कई जानकरियां मिल रही हैं। मिनहाज ने बताया कि उसने कानपुर में टेरर क्लास रूम प्लान किया था। इस क्लास रूम के लिए जगह की जिम्मेदारी चमनगंज के एक बड़े बिल्डर को दी गई थी। उसने बताया कि यहां नौजवानों को रेडिकलाइज करके आतंक का पाठ पढ़ाया जाना था। इसके लिए जगह का चयन लगभग हो चुका था। गौरतलब है कि चमनगंज मुस्लिम बहुल इलाका है। पहले भी यहां से कई आतंकियों और आईएसआई एजेंट गिरफ्तार किए गए हैं। यहीं पर रहमानी मार्केट है, जहां से मिनहाज को दो प्री-एक्टिवेटेड सिम और एक मोबाइल उपलब्ध कराया गया था। वहीं बिल्डर को हिरासत में लिए जाने की खबर है। बिल्डर का संबंध शहर के कई नामचीन लोगों से भी हैं। इसी सिलसिले में व्यक्ति को पेंचबाग से भी हिरासत में लिया गया है। जानकारी के मुताबिक इसी व्यक्ति ने मिनहाज और मसीरुद्दीन को मोबाइल उपलब्ध कराया था।
राष्ट्रपति की ओर से नियुक्त प्रदेश के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने आज अपना पदभार संभाल लिया है। मंगलवार को राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने हिमाचल प्रदेश के 28वें राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की। हिमाचल हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि विजय कुमार मलिमठ ने राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को राज्यपाल पद की शपथ दिलवाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सहित मंत्रिमंडल के सहयोगी मौजूद थे। हिमाचल के नए राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने मंगलवार सुबह शपथ लेने के बाद हिमाचल के राम सिंह को याद किया। उन्होंने कहा गोवा की आजादी में हिमाचल का भी योगदान है। कांगड़ा के राम सिंह को गोवा निवासी भूल नहीं पाएंगे। राज्यपाल ने कहा प्रदेश में राम सिंह के परिवार को ढूंढने का प्रयास करूंगा। कहा, मेरी भूल थी कि आतिथ्य सत्कार केवल गोवा वासी जानते हैं, मैंने यह भूल यहां पहुंचने पर सुधार ली है। समूचा हिमाचल और यहां के लोग आतिथ्य सत्कार में किसी से पीछे नहीं है।
आयकर विभाग ने सात जून को अपने प्रोजेक्ट CPC 2.0 के तहत अपना नया ई-फाइलिंग पोर्टल (www.incometax.gov.in) लॉन्च किया है। आयकरदाताओं के लिए रिटर्न भरने की प्रक्रिया को तेज और आसान बनाने के लिए इस पोर्टल को शुरू किया गया है। आयकर विभाग जल्द ही एक मोबाइल एप भी लॉन्च कर सकता है जिसमें इस पोर्टल के सभी फीचर मौजूद होंगे। बता दें कि आयकर विभाग इनकम टैक्स रिटर्न भरने की अंतिम तारीख 30 सितंबर तक के लिए बढ़ाने का पहले ही एलान कर चुका है। आयकर विभाग ने एक नई फाइनेंशियल ईयर 2021 में आईटीआर फॉर्म फाइल करने के लिए JSON नाम से एक नई सुविधा की शुरुआत की है। साथ ही फिलहाल केवल टैक्स रिटर्न फॉर्म आईटीआर 1, 2 और 4 को ही जारी किया गया है। ई-फाइलिंग पोर्टल से डेटा लेकर इन ये फॉर्म में आसानी से पहले से ही भरा जा सकता है। इसमें व्यक्तिगत जानकारी, सैलरी इनकम, कैपिटल गेन और फॉर्म 26AS में मौजूद सभी जानकारियां शामिल हैं। फाइनेंशियल ईयर 2021 से एक नई रिआयती टैक्स सुविधा को भी शामिल किया गया है। इसके तहत करदाता को रिटर्न भरने से पहले पुरानी टैक्स व्यवस्था और नई टैक्स व्यवस्था में से किसी एक का चुनाव करने का विकल्प मिलेगा। अगर कोई व्यक्ति ITR फाइल कर रहा हैं तो ध्यान रखें कि EPF से निकाले गए पैसे को रिटर्न फाइल करते वक्त दिखाना होगा।
भारत में सोने की कीमतों में मंगलवार को गिरावट दर्ज की गई है। दरअसल ग्लोबल मार्किट में येलो मेटल पिछले सेशन में एक सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद स्थिर रहा है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोना अगस्त वायदा भाव 59 रुपये की तेजी के साथ 47,833 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था, जबकि पिछला बंद भाव 47,774 रुपये था। वहीं चांदी का सितंबर वायदा भाव 115 रुपये या 0.8 फीसदी की तेजी के साथ 69,490 रुपये प्रति किलोग्राम पर रूल कर रहा था। पिछले सत्र में चांदी वायदा 69,375 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी। बता दें कि 24 कैरेट सोने का भाव मंगलवार को 100 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट के साथ 47,710 रुपये पर आ गया, जो पिछले कारोबारी सत्र में 47,810 रुपये था। वहीं चांदी पिछले कारोबार के 69,300 रुपये से 200 रुपये प्रति किलोग्राम गिरकर 69,100 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पूर्वोत्तर के मुख्यमंत्रियों के साथ कोरोना पर समीक्षा बैठक की। प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना के खतरे को समझाते हुए कहा कि हमें पहले से ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि माइक्रोकंटेनमेंट जोन बनाएं, इससे जिम्मेदारी भी तय होगी। उन्होंने कहा कि यह बहरुपिया वायरस है, इसके म्यूटेंट से हमें सावधान रहना होगा। इसकी रोकथाम और इलाज पर फोकस करना है।
सरकार ने मंत्रिमंडल की शक्तिशाली समितियों का पुनर्गठन किया है, जिसके तहत केंद्रीय मंत्रियों स्मृति ईरानी, भूपेंद्र यादव और सर्वानंद सोनोवाल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली राजनीतिक मामलों की महत्वपूर्ण मंत्रिमंडल समिति का सदस्य बनाया गया है। मंत्रिमंडल सचिवालय की सोमवार रात जारी अधिसूचना के अनुसार रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली संसदीय मामलों की मंत्रिमंडल समिति में केंद्रीय मंत्रियों वीरेंद्र कुमार, किेरेन रीजीजू और अनुराग सिंह ठाकुर को शामिल किया गया है। हालांकि, सुरक्षा मामलों पर निर्णय लेने वाली देश की सर्वोच्च संस्था-सुरक्षा संबंधी मंत्रिमंडल समिति और नियुक्ति संबंधी मंत्रिमंडल समिति की संरचना में कोई बदलाव नहीं किया गया है। नियुक्ति संबंधी मंत्रिमंडल समिति संयुक्त सचिव और उससे ऊपर के पद पर सरकारी नियुक्तियों के संबंध में फैसला करती है। सुरक्षा संबंधी मंत्रिमंडल समिति के सदस्यों में प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री, गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर हैं। नियुक्ति संबंधी मंत्रिमंडल समिति में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री शामिल हैं। केंद्रीय मंत्रियों नारायण राणे, ज्योतिरादित्य एम सिंधिया और अश्विनी वैष्णव को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली निवेश एवं विकास संबंधी मंत्रिमंडल समिति में नए सदस्यों के रूप में शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली रोजगार और कौशल विकास संबंधी मंत्रिमंडल समिति में केंद्रीय मंत्रियों अश्विनी वैष्णव, भूपेंद्र यादव, रामचंद्र प्रसाद सिंह और जी किशन रेड्डी को नये सदस्यों के रूप में शामिल किया गया है।
योग गुरू स्वामी रामदेव ने आज पतंजलि ग्रुप की 25 हजार करोड़ रुपये के टर्नओवर से 2025 तक की विस्तार योजना को सामने रखा। इस मौके पर स्वामी रामदेव ने कहा कि योग और आयुर्वेद में जो रिसर्च भारत सरकार नहीं कर पाई वो पतंजिल ने किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पतंजलि ब्रांड नहीं आदोलन है, हमने पांच साल में पांच लाख लोगों को रोजगार दिया है, आने वाले पांच सालों में पांच लाख लोगों को रोजगार देंगे।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में हुए बहुचर्चित थप्पड़ कांड में सरकार ने केंद्र को रिपोर्ट भेज दी है। प्रदेश के गृह विभाग ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को आईपीएस अधिकारी गौरव सिंह के निलंबन की जानकारी भेजी है। अगर मंत्रालय निलंबन को कन्फर्म करता है तो इससे एसपी गौरव की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। दरअसल, निलंबित किए जाने के बाद सरकार को 45 दिन के भीतर आरोपी अफसर को चार्जशीट देनी होती है। इस अवधि में चार्जशीट न करने पर निलंबन वापस हो जाता है। अगर सरकार केंद्र को जानकारी भेजती है और गृह मंत्रालय निलंबन को कन्फर्म करता है तो इस मियाद के बाद भी आरोपी अधिकारी न सिर्फ निलंबित रह सकता है, बल्कि सरकार पर भी 45 दिन में चार्जशीट देने की बाध्यता नहीं रहती। गौरतलब है कि कुल्लू में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के दौरे के दौरान गौरव सिंह ने एडिशनल एसपी मुख्यमंत्री सुरक्षा बृजेश सूद को थप्पड़ मार दिया था। मुख्यमंत्री के तत्कालीन पीएसओ बलवंत सिंह ने गौरव को लातें मारी थीं। इस घटनाक्रम का वीडियो वायरल होने के बाद सरकार ने गौरव और बलवंत को निलंबित कर तीनों को पुलिस मुख्यालय व मंडी आईजी रेंज कार्यालय में अटैच किया था। हालांकि, जांच रिपोर्ट आने के बाद बृजेश को फिर से एडिशनल एसपी सीएम सुरक्षा लगा दिया था।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय स्नातक डिग्री में एनसीसी को सामान्य वैकल्पिक विषय के रूप में शुरू करेगा। यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों को इस संदर्भ में दिशा- निर्देश जारी कर दिए है। निर्देशों में सभी विश्वविद्यालयों से कहा गया है कि वे एनसीसी को सामान्य वैकल्पिक विषय के रूप में इसी सत्र से पढ़ाए जाने की तैयारी करें। वहीं एनसीसी के प्रदेश प्रभारी से भी इस बारे में राय लेने को कहा गया है। एनसीसी विषय 24 क्रेडिट्स मिलेंगे। एनसीसी के आलाधिकारी एनसीसी को वैकल्पिक विषय के रूप में इसी सत्र में पढ़ाए जाने के प्रस्ताव को लेकर राज्यपाल और प्रदेश के शिक्षा मंत्री से भी बीते माह मिल चुके हैं। इसमें राज्यपाल ने भी सभी विश्वविद्यालय को विषय इसी सत्र से शुरू करने को कहा था। प्रदेश सरकार ने 16 अगस्त से यूजी डिग्री कोर्स की प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर कक्षाएं शुरू करने का निर्णय लिया है। प्रवेश की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को इस नए वैकल्पिक कोर्स की च्वॉयस छात्रों को उपलब्ध करवाने के लिए आवश्यक तैयारी करनी होगी। ऐसा करने पर ही यूजी के प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश लेने वाले छात्र इस विषय को चुन सकेंगे। यूजीसी ने इसको लेकर विस्तृत प्रस्ताव निर्देशों के साथ वेबसाइट पर उपलब्ध करवाया है।
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में शाहपुर से करीब 25 किलोमीटर दूर बोह घाटी में सोमवार को भारी बारिश के आई बाढ़ में 10 घर बह गए। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए मंगलवार सुबह करीब पांच बचे एनडीआरएफ के जवानों ने बचाव अभियान शुरू किया। कल देर रात तक चले बचाव अभियान के दौरान पांच लोगों को सुरक्षित बचाया गया। इनमें दो बच्चीयां भी शामिल हैं। लेकिन प्रशासन ने अभी भी मलबे में करीब नौ लोगों के दबे होने की आशंका जताई है। सोमवार को बोह घाटी में एक महिला का शव मिला था। यहां अन्य घरों को खाली करवा लिया गया है। डीसी निपुण जिंदल और एसपी विमुक्त रंजन भी मौके पर मौजूद है। एनडीआरएफ के करीब 50 जवान बचाव अभियान में लगे हैं।
हिमाचल प्रदेश के आठ शहरों में शहरी सड़कों के सुधार और लोगों को जाम से निजात दिलाने के लिए सर्वे शुरू किया गया है। सर्वेक्षण के तहत नगर निगम क्षेत्र से जुड़ने वाली सड़कों, नगर परिषद के तहत आने वाली पार्किंग व्यवस्था और अन्य कार्यों पर काम किया जाएगा। इसका मकसद शहरी क्षेत्रों में ट्रैफिक की व्यवस्था को सुधारना है। वहीं नगर निगम क्षेत्र में पार्किंग की असुविधा से जूझ रहे लोगों को समस्या से निजात दिलवाने के लिए भी प्लान तैयार होगा। हिमाचल प्रदेश रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड ने प्रदेश के आठ शहरों बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कुल्लू, मंडी, सिरमौर के नाहन, सोलन और ऊना में इस सर्वे का काम एलएनटीआईईएल कंपनी को सौंपा है। यह सर्वे आठ बिंदुओं पर केंद्रित होगा। इसमें शहर के मुख्य चिह्नित स्थानों की सड़क किनारे दिन के 12 घंटे में पार्क की गईं गाड़ियों की संख्या गिनना, कैमरा लगाकर ट्रैफिक को रिकॉर्ड करना, शहर की गलियों के किनारे और शहर के अंतिम छोर तक पार्किंग का इनपुट लेना, जिला मुख्यालय की मुख्य सड़कों का आकलन करना, ट्रायल पिट लगाकर बिना ट्रैफिक को बाधित किए सर्वे करना है। इसी के साथ शहर में बनने वाले फुट ब्रिजों पर भी सर्वे होगा।
पर्यटन नगरी हिमाचल प्रदेश का मैकलोडगंज सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे भारी बारिश से हुई तबाही के बाद कुछ ही पल में खाली हो गई। भागसूनाग में सुबह साढ़े 7:30 नाले में अचानक पानी का तेज बहाव आने के बाद माहौल चीख पुकार में बदल गया। भागसूनाग चौक पर गाड़ियां ताश के पत्तों की तरह बहने लगीं। भागसूनाग शहर का चौक नाले में तबदील हो गया। होटलों में कर्मचारी व सैलानी जान बचाकर शहर से भागने लगे।
हिमाचल प्रदेश में मंडी संसदीय सीट और तीन विधानसभा उपचुनावों से पहले सरकार महंगाई को कम करने में जुट गई है। इसी कड़ी में डिपुओं में मिलने वाले सरसों तेल और दालों के बाद अब चीनी के दाम कम करने की तैयारी है। चीनी के दाम प्रति किलो एक से दो रुपये तक कम किए जा सकते हैं। फिलहाल, एपीएल (गरीबी रेखा से ऊपर) उपभोक्ताओं को 30 जबकि बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवारों को 19 रुपये प्रति किलो के हिसाब से चीनी दी जा रही है। यही नहीं, डिपो में पैकेट बंद चीनी दी जाएगी। आगामी कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को लाया जा रहा है। सरकार ने हाल ही में दालों के दाम प्रति किलो 8 रुपये तक जबकि सरसों तेल के 7 रुपये प्रति लीटर दाम घटाए हैं। गौरतलब है कि प्रदेश में 18.5 लाख राशनकार्ड उपभोक्ता हैं।
हिमाचल प्रदेश में आसमान से आफत टूटी है। राज्य के कई इलाकों में बादल फटने की वजह से तबाही आ गई है। धर्मशाला में कई गाड़िया बह गईं, घर और दुकान भी गिर गए। शिमला के पास सड़क बहने से रास्ते बंद हो गए। राज्य में 16 जुलाई तक इसी तरह से मानसून की बारिश होगी. इस बीच पीएम मोदी ने कहा कि राज्य को हर संभव मदद दी जा रही है। हिमाचल प्रदेश की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। पीएम मोदी ने ट्वीट करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अधिकारी राज्य सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। हर संभव सहयोग दिया जा रहा है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राज्य के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से बात की। अमित शाह ने ट्वीट करते हुए कहा, “हिमाचल प्रदेश में तेज बारिश से आयी प्राकृतिक आपदा के संबंध में मैंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से बात की है. राहत कार्यों के लिए एनडीआरएफ की टीमें शीघ्र वहां पहुंच रही हैं। गृह मंत्रालय स्थिति को निरंतर मॉनिटर कर रहा है. केंद्र की ओर से हिमाचल को हर संभव मदद दी जाएगी।” अमित शाह के ट्वीट पर मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रदेश में प्राकृतिक आपदा से निपटने एवं राहत कार्यों के लिए एनडीआरएफ की टीमें भेजने हेतु केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार। हमारी सरकार भी इस स्थिति से निपटने हेतु हरसंभव कार्य कर रही है.” इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रदेश के जिला कांगड़ा सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारी बरसात के कारण काफी नुकसान हुआ है, जिसकी हमने रिपोर्ट मंगवाई है। हमने सभी जिलों के उपायुक्तों को राहत कार्यों एवं प्रभावितों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दे दिए हैं।” सीएम ने आगे कहा, “प्रदेशवासियों एवं पर्यटकों से विनम्र आग्रह है कि खराब मौसम के दृष्टिगत सावधानियां बरतें। नदी-नालों एवं भूस्खलन संभावित स्थानों के करीब न जाएं।”
हिमाचल प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच कई जिलों में सोमवार को मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। मैक्लोडगंज के पास भागसूनाग में नाले में बाढ़ आने से पार्किंग में गाड़ियां बह गईं। कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। पागलनाला में बाढ़ आने से औट-लारजी-सैंज मार्ग बंद हो गया। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 12 और 13 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जबकि 14 16 जुलाई तक येलो अलर्ट जारी हुआ है। प्रदेश में 18 जुलाई तक मौसम खराब रहने के आसार हैं। विभाग ने एडवाइजरी जारी की है कि भारी बारिश से भूस्खलन, पेड़ गिरने और नदी-नालों का जल स्तर बढ़ने का खतरा है। पर्यटकों, स्थानीय लोगों को नदी-नालों के पास न जाने की सलाह दी गई है। सुबह नौ बजे तक पालमपुर में 160 मिमी और धर्मशाला में 130 मिमी बारिश हुई है। मनाली 55 मिमी, कांगड़ा 65 मिमी, भुंतर 51 मिमी, डलहौजी 48 मिमी और कुफरी में 38 मिमी बारिश हुई है। उधर, शिमला-मंडी वाया तत्तापानी सड़क में कई पहाड़ दरके हैं। ऊपरी शिमला में भी कई जगह ल्हासे गिर रहे हैं। शिमला का न्यूनतम तापमान 17.0, सुंदरनगर 22.6. भुंतर 19.8, धर्मशाला 18.8, ऊना 23.5, नाहन 22.6, केलांग 12.4, पालमपुर 19.0, सोलन 20.5, मनाली 18.2, कांगड़ा 20.8, मंडी 21.1, बिलासपुर 24.5, हमीरपुर 24.2, चंबा 22.2, डलहौजी 14.7 और कुफरी 15.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 12 और 13 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जबकि 14 16 जुलाई तक येलो अलर्ट जारी हुआ है। प्रदेश में 18 जुलाई तक मौसम खराब रहने के आसार हैं।
हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में सोमवार को हुई भारी बारिश ने तबाही मचाई है। प्रदेश के कई जिलों गाड़िया पानी में बह गयी, कई लोगों के घर बह गए। वंही कांगड़ा जिले के विधानसभा क्षेत्र शाहपुर की वोह घाटी में बारिश से आई बाढ़ के कारण लगभग छह घर पानी में बह गए हैं। अभी तक 12 लोग लापता बताए जाए जा रहे हैं। एक महिला का शव बरामद किया गया है। महिला की पहचान मस्तो देवी पत्नी भीमो राम के रूप में हुई है। कुछ लोगों को घर से सुरक्षित निकाल लिया गया है। वोह घाटी में जिन लोगों के घर दरिया किनारे हैं, उनको खाली करवा दिया गया है। भारी बारिश के कारण कुछ गौशालाएं भी ढह गई हैं। डीसी कांगड़ा निपुण जिंदल के आदेश के बाद एनडीआरएफ की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। भूस्खलन के कारण वोह को जाने वाली सड़क भी बंद हो गई है।
जुब्बल-काेटखाई विधानसभा सीट पर हाेने वाले उपचुनाव से पहले भाजपा में टिकट की जंग छिड़ चुकी है। पूर्व विधायक स्व. नरेंद्र बरागटा के बेटे एवं भाजपा आईटी सेल के प्रमुख चेतन बरागटा काे चेहरे के तौर पर देखा जा रहा है, लेकिन टिकट के लिए उनकी राह आसान नहीं हैं। इस क्षेत्र से तीन बार जिला परिषद सदस्य रह चुकी भाजपा नेता नीलम सरैक ने भी टिकट का दावा किया है। फर्स्ट वर्डिक्ट के साथ विशेष बातचीत में उन्हाेंने टिकट की आड़ में परिवारवाद और व्यक्तिवाद के खिलाफ माेर्चा खाेल दिया। उन्हाेंने दाे टूक शब्दाें में कह दिया कि मैं बरागटा परिवार नहीं, बल्कि कमल के फूल यानी भाजपा के साथ हूं। मैं 1997 से संगठन के लिए काम कर रही हूं। साथ ही उन्होंने एक महिला होने के नाते भी टिकट के लिए दावेदारी जताई है। नीलम सरैक ने कहा कि संगठन की परंपरा रही है कि परिवारवाद और व्यक्तिवाद काे बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी हाईकमान की ओर से जब तक किसी के नाम पर मुहर नहीं लगती तब तक हम भी प्रत्याशी हैं। नीलम से कहा कि वे निजी तौर पर स्व. बरागटा के बेटे के खिलाफ नहीं है, लेकिन परिवारवाद के खिलाफ है। उन्हें पूरा विश्वास है कि उपचुनाव में उन्हें टिकट मिलेगा। टिकट नहीं मिला ताे उस वक्त सोचूंगी: सरैक नीलम सरैक ने कहा कि उपचुनाव में उन्हें यदि टिकट नहीं मिला ताे उस वक्त सोचूंगी कि अगला कदम कैसे उठाना है। हालांकि अभी उन्हें पार्टी हाईकमान से इशारे का इंतजार है। उल्लेखनीय है कि भाजपा ने शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज काे जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी नियुक्त किया है। जाहिर है टिकट आवंटन में उनकी राय भी अहम रहेगी। बहरहाल इतना तय है कि चेतन बरागटा की राह आसान नहीं होने वाली। वहीँ नीलम सरैक का दावा कितना मजबूत है ये भी आने वाले वक्त में ही पता चलेगा।
इतिहास के प्रोफेसर बनना चाहते थे और खुद इतिहास बना गए। 9 बार विधायक रहे और 5 बार सांसद। 6 दफे सूबे के मुख्यमंत्री रहे और तीन मर्तबा केंद्रीय मंत्री। यूं तो वे एक रियासत के राजा थे लेकिन कहलाएं हिमाचल की सियासत के राजा, जन-जन के दिलों के राजा। अपने ही नहीं विरोधी भी उनकी सियासी सूझबूझ और सियासी अदाओं के कायल रहे। वीरभद्र सिंह का जीवन राजनीति का वो महाग्रंथ है जिसके बगैर हिमाचल की सियासत की हर कहानी अधूरी है। 'न भूतो न भविष्यति', न वीरभद्र सिंह जैसा कोई था और न ही होगा। बेमिसाल : 6 दशक तक बोली तूती करीब 6 दशक के राजनीतिक जीवन में राजा वीरभद्र सिंह की जमकर तूती बोली। उनका राजनीति में आने का किस्सा भी बेहद दिलचस्प है। एक दिन उन्हें देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित नेहरू का फ़ोन आया और उन्हें चुनाव लड़ने को कहा। 1962 में महज 28 साल की उम्र में राजा वीरभद्र सिंह सांसद बन गए और लोकतांत्रिक राजनीति में अंगद के समान पांव जमा लिए। रिकॉर्ड : 1985 में करवाई सत्ता रिपीट वर्ष 1983 में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी और मुख्यमंत्री थे ठाकुर रामलाल। तब वीरभद्र केंद्र की इंदिरा गांधी सरकार में मंत्री थे। तभी लकड़ी घोटाले के आरोप के चलते ठाकुर रामलाल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा और पार्टी हाईकमान ने भरोसा जताया वीरभद्र सिंह पर। इसके बाद से हिमाचल प्रदेश की सियासत वीरभद्र सिंह के इर्द गिर्द घूमती रही। हिमाचल में हर पांच वर्ष में सत्ता परिवर्तन का रिवाज है। आखिरी बार सत्ता रिपीट 1985 में हुई और ऐसा करने वाले थे राजा वीरभद्र सिंह। ताकत : कई नेताओं के अरमान कुचले अपनी सियासी पारी में वीरभद्र सिंह न सिर्फ दूसरे राजनीतिक दलों से लोहा लिया बल्कि पार्टी के भीतर भी अपना तिलिस्म बरकरार रखा। वो उन अपवादों में शामिल है जिन्होंने आलाकमान की हां में हां नहीं मिलाई बल्कि जिनकी ताकत के आगे कई मौकों पर आलाकमान भी झुका। वीरभद्र की सियासी महारथ के आगे कई दिग्गज नेताओं का सीएम बनने का अरमान आजीवन अधूरा रहा जिनमें राजनीति के चाणक्य माने जाने वाले पंडित सुखराम और विद्या स्टोक्स भी शामिल है। 2012 के विधानसभा चुनाव से पहले भी वीरभद्र सिंह ने केंद्र से वापस प्रदेश की सियासत का रुख किया और न सिर्फ भाजपा की बाजी पलट दी अपितु पार्टी के भीतर भी कई नेताओं के अरमान कुचल दिए। सर्वमान्य : चार निर्वाचन क्षेत्रों से जीते हिमाचल की सियासत में यदि कोई ऐसा नेता है जिसका वर्चस्व पुरे प्रदेश में दिखा तो वे थे वीरभद्र सिंह। उनकी जमीनी पकड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे चार निर्वाचन क्षेत्रों से विधायक रहे। जुब्बल -कोटखाई से उनकी शुरुआत हुई, फिर रोहड़ू को अपना गढ़ बनाया, तदोपरांत शिमला ग्रामीण से जीतकर विधानसभा पहुंचे और अपने अंतिम चुनाव में अर्की से जीतकर अपनी लोकप्रियता का लोहा मनवाया। हिमाचल में उन जैसा सर्वमान्य नेता निसंदेह कोई नहीं हुआ। पकड़ : न नौकरशाही न मंत्री, सिर्फ वीरभद्र वीरभद्र सिंह उन मुख्यमंत्रियों में शुमार रहे जिनकी नौकरशाही पर जबरदस्त पकड़ रही। ऐसे दर्जनों उदहारण है जब वीरभद्र सिंह ने जनता के सामने अधिकारीयों की क्लास लगा दी। वीरभद्र सिंह नौकरशाही की तरह ही वीरभद्र सिंह अपनी कैबिनेट पर भी पूरी पकड़ रखते थे। मंत्री कोई भी हो, वीरभद्र सिंह की हर विभाग पर पूरी नजर और पकड़ रहती थी। फाइटर : सदा अविचलित रहे वीरभद्र वीरभद्र सिंह ने मुख्यमंत्री रहते अपने पिछले शासनकाल में ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग की जांच भी झेली। एक वक्त लगा कि उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ सकता है पर वीरभद्र सिंह तो सबसे बड़े फाइटर थे। वे कभी अपने राजनीतिक लक्ष्य से विचलित नहीं हुए। तमाम जांचों को उन्होंने राजनीतिक रंजिश करार दिया और जमकर डटे रहे। एक मामले में तो सीबीआई ने जब रेड की तो उनकी बेटी अपराजिता सिंह की शादी थी। वीरभद्र सिंह ने सीबीआई की टीम को चाबी पकड़ा दी और कहा कि वे खाना खाकर ही जाएं।
वीरभद्र सिंह, वो वटवृक्ष जिनकी छाया में हिमाचल कांग्रेस का सूर्य सदा उदयमान रहा। वो राजा जिसके सियासी कौशल के आगे बड़े -बड़े नतमस्तक हुए। अर्से से हिमाचल में कांग्रेस का मतलब वीरभद्र सिंह ही रहा है। 1982 में वीरभद्र सिंह ने पहली बार सत्ता संभाली थी और 2012 में छठी बार सीएम पद की शपथ ली। 2017 तक वीरभद्र सिंह सीएम रहे और इस दरमियान कई नेताओं का वक्त आया और चला गया, पर वीरभद्र सिंह का तो मानो दौर चल रहा था। जब तक आखिरी सांस ली हिमाचल कांग्रेस में वीरभद्र का ही दबदबा रहा। अलबत्ता जब वे अस्तपाल में मौत से संघर्ष करते रहे तब भी उनका होना मात्र ही निष्ठावान कोंग्रेसियों को ऊर्जा देता रहा, सत्ता वापसी की आस देता रहा। बुरे दौर से गुजर रही कांग्रेस के लिए बीते कुछ वक्त में कुछ भी बेहतर नहीं हुआ, वोट बैंक खिसकता रहा, साधनों की कमी आड़े आती रही और नेतृत्व पर सवाल उठते रहे, बावजूद इसके पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ता आशावान रहे कि वीरभद्र सिंह चुस्त - दुरुस्त रहेंगे और 2022 में वापस सत्ता में लौटेंगे। पर राजा वीरभद्र सिंह के जाने से आस भी धुंधला गई और निराशा भी हावी दिखने लगी है। वीरभद्र सिंह युग के अवसान के साथ ही हिमाचल कांग्रेस के भविष्य पर सवाल उठने शुरू हो गए है। माइनस वीरभद्र सिंह अब भी कांग्रेस सरकार की कल्पना गले से नहीं उतर रही। बेशक उनके रहते भी गुटबाजी थी लेकिन वे थे तो कुछ भी मुमकिन था। वीरभद्र सिंह का रुतबा इतना ऊंचा रहा है कि पार्टी के बड़े नेता भी मुखर होकर उनका विरोध नहीं कर पाए। वे सर्वमान्य नेता बने रहे, अपनों के लिए भी और विरोधियों के लिए भी। अब जब वीरभद्र नहीं रहे तो कांग्रेस में चेहरे की जंग तय है। सबसे बड़ा संकट तो पार्टी को एक जुट रखना होगा। होने को तो दर्जनों कद्दावर नेता है लेकिन ऐसा कोई नहीं जिसका कद वीरभद्र समान विराट हो। पर सबसे दिलचस्प बात है कि ये सभी सीएम बनने के इच्छुक दिखते है। यानी वीरभद्र जैसी काबिलियत किसी ने साबित नहीं की पर उनका स्थान सबको चाहिए। कांग्रेस के सत्ता विरह को साढ़े तीन साल हो चुके है, इस दौरान अधिकांश वक्त वीरभद्र अस्वस्थ रहे, फिर भी पार्टी उनका विकल्प नहीं तैयार कर सकी। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ऊना तक सिमित हैं, अन्य जिलों में उनका प्रभाव न के बराबर है। कौल सिंह ठाकुर, जीएस बाली, सुधीर शर्मा जैसे नेता पिछला चुनाव हारने के बाद मानो सुनियोजित तरीके से हाशिए पर धकेल दिए गए हो। आनंद शर्मा विवादित बयान के बाद कांग्रेस हाईकमान में अपना रसूख खो चुके हैं। हिमाचल प्रदेश की राजनीति में भी अब उनका पहले जैसा दखल नहीं है। वहीं संगठन का होना न होना एक ही बात हैं। प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर पूरी तरह बेअसर दिख रहे है। हालांकि उनकी तरफ से कोशिश कभी बंद नहीं हुई। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू भी हाशिए पर ही है। आशा कुमारी और कर्नल धनीराम शांडिल जैसे वरिष्ठ नेता भी अब तक ज्यादा आक्रामक नहीं दिखे। ऐसे में पार्टी का आम कार्यकर्ता अब किससे आस करें ? फीका संगठन, कैसे मिलेगा सत्ता का स्वाद वीरभद्र सिंह के निधन के बाद प्रदेश कांग्रेस में व्यापक फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। माना जा रहा है की जल्द प्रदेश संगठन में बदलाव मुमकिन है। माहिर मानते है कि अगर वक्त रहते संगठन का मेक ओवर नहीं हुआ तो 2022 में सत्ता वापसी बेहद मुश्किल होने वाली है। इसमें कोई दो राय नहीं है कि प्रदेश कांग्रेस का वर्तमान नेतृत्व बेहद फीका दिख रहा है, अगर 2022 में पार्टी सत्ता का स्वाद चखना चाहती है तो संगठन में आक्रामकता और सुनियोजित रणनीति का तड़का जरूरी है। उपचुनाव पहली चुनौती प्रदेश कांग्रेस के लिए अब उप चुनाव सबसे पहली चुनौती होंगे। मंडी संसदीय उप चुनाव के साथ फतेहपुर, जुब्बल कोटखाई और अब अर्की विधानसभा में भी उपचुनाव होने हैं। ये उपचुनाव कांग्रेस के लिए अग्नि परीक्षा से कम नहीं होंगे। कांग्रेस पार्टी की दशा और दिशा इन चुनाव से स्पष्ट होगी। वीरभद्र के निष्ठावानों की नजर प्रतिभा सिंह की तरफ ज़रूर होंगी मगर पार्टी में उभरते भावी मुख्यमंत्री और उनकी हद से ज़्यादा बढ़ती महत्वकांक्षाएं पार्टी को किस दिशा में ले जाती हैं, ये तो समय ही बताएगा।
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर द्वारा हिमाचल प्रदेश में बनाए गये ऑक्सीजन बैंक के लिए उनके द्वारा एकत्रित गए 900 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर एवं अन्य मेडिकल उपकरण जैसे 1 लाख मास्क व 3500 पीपीई किट को सेवा ही संगठन कार्यक्रम के अंतर्गत हरी झंडी दिखाकर हिमाचल रवाना किया। राजनाथ सिंह ने कहा भारतीय जनता पार्टी सिर्फ़ एक राजनैतिक पार्टी नहीं बल्कि सामाजिक दायित्वों का भी पूरे सेवाभाव से निर्वहन करने वाली पार्टी है। कोरोना काल में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता सेवा ही संगठन कार्यक्रम के माध्यम से जनसेवा के मानवीय मूल्यों का पालन करते हुए पूरी दृढ़ता से लोगों की मदद के लिए आगे आए।अनुराग ठाकुर ने भी अपनी ज़िम्मेदारी का निर्वहन करते हुए अपने प्रदेश व संसदीय क्षेत्र के लिए कोरोना काल में सेवाभाव का परिचय दिया व वहाँ आवश्यक मेडिकल उपकरण व सहायता सामग्री पहुँचाई। हिमाचल प्रदेश विशेषकर हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में कोरोना मरीज़ों को ऑक्सीजन की कोई कमी ना आने पाए इसलिए अनुराग ठाकुर द्वारा एक ऑक्सीजन बैंक बनाया जा रहा है जिसकी जितनी सराहना की जाए कम है। 1400 बेडों को निर्बाध रूप से ऑक्सीजन सप्लाई मिल सके इसके लिए आज अनुराग ठाकुर द्वारा एकत्रित किए गये 900 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर हिमाचल भेजना एक सुखद अनुभव है । इस आपदा काल में हिमाचल प्रदेश के लिए अनुराग ठाकुर द्वारा किए गये प्रयासों ,उनकी संवेदनशीलता के लिए मैं उनकी उन्हें बधाई देता हूँ । इस आपदा काल में हम सब मिलकर कोरोना के खिलाफ लड़ाई को लड़ेंगे। अनुराग ठाकुर ने कहा कि कोरोना महामारी की इस दूसरी लहर में ऑक्सीजन की उपयोगिता बढ़ गई है। हिमाचल प्रदेश विशेषकर हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में कोरोना मरीज़ों को ऑक्सीजन की कोई कमी ना आने पाए इसलिए मैं अपने निजी प्रयासों से ऑक्सीजन बैंक बना रहा हूँ जिसका प्रारम्भिक लक्ष्य 700 बेडों को ऑक्सीजन सप्लाई देना था जिसे बढ़ाकर कर 1400 कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मुझे इस बात की ख़ुशी है कि अब यह 1000 से ज़्यादा ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, 200 ऑक्सीजन सिलेंडरों व 3 ऑक्सीजन प्लांट को मिलाकर एक ऑक्सीजन बैंक जो 1400 बेडों को निर्बाध रूप से ऑक्सीजन सप्लाई करने में सक्षम होगा उसके लिए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मेरे द्वारा एकत्रित 900 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर एवं अन्य मेडिकल उपकरण जैसे 1 लाख मास्क व 3500 पीपीई किट झंडी दिखाकर हिमाचल रवाना किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के निर्देशानुसार सेवा ही संगठन कार्यक्रम के अंतर्गत भाजपा का हर कार्यकर्ता कोरोना से जंग में अपनी ज़िम्मेदारी दृढ़ता से निभा रहा है। हाल ही में इसी ऑक्सीजन बैंक के लिए मेरे द्वारा एकत्रित किए गये मेडिकल उपकरणों व सहायता सामग्री को राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने हरी झंडी दिखाई जिसमें हिमाचलवासियों के लिए 108 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर व 160 ऑक्सीजन सिलेंडर शामिल थे। उन्होंने कहा कि आगे भी मैं अपने क्षमतानुसार वायरस बनाम मानवता की इस लड़ाई में अपना योगदान देता रहूँगा।
चाैपाल विधानसभा क्षेत्र की दुर्गम तहसील कुपवी की ग्राम पंचायत कंडाबना के शौकंली गांव में सामुदायिक योगदान से आंगनबाड़ी केन्द्र का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है। इस आंगनबाड़ी केन्द्र से 2 हजार बाशिंदों को लाभ मिल रहा है। वर्तमान प्रदेश सरकार की सामाजिक सरोकार की नीतियों को संबल प्रदान हो रहा है तथा सामाजिक सेवा क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की जा रही है। बीडीओ कुपवी अनमोल कुमार ने बताया कि इस आंगनबाड़ी केन्द्र में 4 लाख रुपये की राशि व्यय की गई है तथा 2 लाख रुपये की राशि महिला एवं बाल विकास विभाग तथा अन्य 2 लाख रुपये मनरेगा अधोसंरचना विकास के तहत उपलब्ध करवाए गए हैं। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केन्द्र में नौनिहालों को पोषण अभियान के तहत स्वस्थ मातृत्व एवं स्वस्थ बचपन नीति को बढ़ावा मिल रहा है और विशेषकर निम्न आय वर्ग की महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है। वर्तमान प्रदेश सरकार की सामाजिक गतिविधियों एवं विकास में ग्रामीण महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए स्वस्थ समाज के निर्माण में बच्चों के शारीरिक एवं बौद्धिक विकास पर बल दिया जा रहा है, ताकि समावेशी समाज के निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके तथा महिलाओं को सशक्त एवं सक्षम बनाने के लिए प्रभावशाली योजनाओं का लाभ धरातल पर सुनिश्चित हो सके। बीडीओ ने बताया कि इस आंगनबाड़ी केन्द्र से ग्रामीण अधोसंरचना विकास तथा समावेशी योजनाओं का अभिसरण हुआ है, जिससे दुर्गम क्षेत्र कुपवी में अन्य ग्राम पंचायतों के लिए मिसाल प्रस्तुत हुई है और ग्रामीणों की सामुदायिक भागीदारी से विकास को मानवीय स्वरूप प्रदान हुआ है।
राजधानी शिमला काे और भी स्मार्ट बनाने के लिए शिमला स्मार्ट सिटी प्राेजेक्ट का काम जाेराें पर चल रहा है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस प्राेजेक्ट के तहत विभिन्न कार्य अलग-अलग सरकारी विभागों द्वारा क्रियान्वित किए जा रहे हैं। इसमें लगभग 25 करोड़ के कार्य संपन्न हो चुके हैं तथा लगभग 230 करोड़ के 73 कार्य अवार्ड हो चुके हैं। साथ ही 130 करोड़ के कार्यों की टेंडर प्रक्रिया चल रही है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक लगभग 225 करोड़ की 51 परियोजनाओं के कार्य के लिए जल्द ही निविदाएं आमंत्रित कर ली जाएंगी। शिमला स्मार्ट सिटी के अंतर्गत ढली सुरंग का निर्माण 48 करोड़ से हाेना है। बताया गया कि छोटा शिमला बुक कैफे तथा विकासनगर में तहबाजारियों के लिए स्टाॅल के साथ-साथ ढली जंक्शन के चौड़ा करने का कार्य भी सम्पन्न हो चुका है। नगर निगम की 467 दुकानों के जीर्णोद्धार का कार्य हिमुडा द्वारा किया जा रहा है। इनमें से 4 दुकानों का कार्य पहले ही समाप्त करके नगर निगम को दे दी गई है। हिमुडा ने अन्य 30 दुकानों के जीर्णोद्धार के कार्य को अगले सप्ताह संपन्न करने का लक्ष्य रखा है। इस तरह शिमला स्मार्ट सिटी मिशन के तहत जन सुविधाएं विकसित करने के लिए प्रयासरत हैं।
प्रदेश की जयराम सरकार अब हिमाचल के छात्राें काे सरकारी विभागों में फैलाेशिप और इंटर्नशिप की सुविधा देने जा रही है। प्रदेश सरकार की कैबिनेट सब कमेटी ने इस मसले पर सिफारिश की है। ऐसे में आने वाले समय में छात्र सरकारी विभागों में फैलाेशिप और इंटर्नशिप कर सकेंगे। प्राप्त जानकारी के मुताबिक कैबिनेट सब कमेटी के चेयरमैन सुरेश भारद्वाज की अध्यक्षता में बीते दिनों स्वर्णिम हिमाचल प्रदेश दृष्टि पत्र-2017 के कार्यान्वयन के लिए बैठक आयोजित की गई। शहरी विकास विभाग से संबंधित दृष्टि पत्र के मुद्दों पर सुरेश भारद्वाज ने कहा कि शहरी विकास विभाग द्वारा ट्यूलिप योजना का कार्यान्वय किया जा रहा है, जिसके तहत चयनित विद्यार्थियों को इंटर्नशिप करवाई जा रही है। उन्होंने सभी सरकारी विभागों और जन प्रतिनिधि कार्यालयों में विद्यार्थियों फैलोशिप और इंटर्नशिप करवाने के लिए एक योजना तैयार करने के निर्देश दिए ताकि राष्ट्र निर्माण और विकास नियोजन प्रक्रिया में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने विभाग को शहरी स्थानीय निकायों में कचरे के निष्पादन के लिए योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जैविक, अजैविक एवं घरेलू हानिकारक कचरे को अलग-अलग कर निष्पादन की प्रणाली तैयार की गई है। प्रदेश में 47 स्थानीय निकायों में जैविक कचरा निष्पादन केन्द्र बनाए जा चुके हैं। उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ईज़ ऑफ़ डूइंग बिजनेस के तहत देश में सातवें स्थान पर है, जो प्रदेश में व्यापार करने के लिए उपयुक्त परिस्थितियों तथा सुविधाओं की उपलब्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए धर्मशाला मेें 7 व 8 नवम्बर 2019 को आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट के दौरान 96 हजार 721 करोड़ रुपये निवेश के 703 समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किए गए। कुल 36 देशों के 200 प्रतिनिधियों ने इस मीट में भाग लिया था। मंत्री का कहना है कि 13 हजार 656 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का पहला ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी भी आयोजित किया गया। प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए लैंड बैंक भी स्थापित किया गया है। अवैध खनन की जांच के लिए फ्लाइंग टीम गठित उद्याेग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने बताया कि प्रदेश में अवैध खनन की जांच व रोकथाम के लिए प्रदेश सरकार ने उड़न दस्ते का गठन किया है। प्रदेश में अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए जुर्माना राशि को भी बढ़ाया गया है। स्टार्ट-अप योजना के तहत प्रदेश में 11 इन्क्यूबेशन केन्द्रों को स्थापित किया गया है। प्रदेश सरकार ने योजना के तहत 10 करोड़ रुपये के वेंचर कैपिटल फण्ड का प्रावधान किया है। ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करते हुए सुरेश भारद्वाज ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में ग्रामीण विकास से ही प्रदेश का विकास संभव है। उन्होंने प्रदेश में मनरेगा के तहत मजदूरी के पारदर्शी और अविलंब भुगतान के लिए इलेक्ट्रॉनिक वित्तीय प्रबन्ध प्रणाली ई-एफएमएस के सफल क्रियान्वयन पर संतोष जाहिर किया। पीएम आवास याेजना से 7787 आवास निर्मित शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत गत चार वर्षों में 11 हजार 935 परिवारों को आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 7787 आवास निर्मित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2018-19 से लेकर 2020-21 तक 3931 आवास निर्मित किए जा चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2019-20 से दोनों योजनाओं के अन्तर्गत 1.50 लाख रुपये प्रति इकाई सहायता राशि प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि आईआरडीपी एवं बीपीएल चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से अधिसूचना जारी की गई है। वर्तमान में प्रदेश में कुल 2 लाख 58 हजार 852 चयनित बीपीएल परिवार हैं। हर गांव एवं पालगरी को सड़कों से जोड़ने के उद्देश्य से मनरेगा के अन्तर्गत ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया जा रहा है, जिसके तहत गत तीन वर्षों में 1059 सड़क कार्य पूर्ण किए गए। उन्होंने कहा कि मनरेगा के अन्तर्गत प्रत्येक पंचायत में श्मशान घाट निर्माण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रदेश के उपभोक्ताओं काे मिलने वाले राशन की क्वालिटी से खाद्य एवं अपूर्ति विभाग काेई समझाैता नहीं करेगा। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजिंद्र गर्ग ने कोरोना महामारी के दौरान प्रदेश के प्रत्येक स्थान पर खाद्यान्न की आपूर्ति सुनिश्चित करने में नागरिक आपूर्ति निगम की सराहना करते हुए कहा कि पारदर्शी कार्यप्रणाली के परिणामस्वरूप निगम की स्वच्छ छवि बनी है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत उत्पादों की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाना चाहिए और उचित उत्पाद दर रखने के साथ-साथ निगम का कारोबार बढ़ाने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। राजिंद्र गर्ग ने निगम के अधिकारियों को नागरिक आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए और कहा कि परिचालन लागत को कम करने के लिए रणनीति तैयार की जानी चाहिए ताकि निगम लाभ अर्जित करने वाली संस्था बन सके। उन्होंने मांग आदेश समय पर उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए ताकि हर माह की 10 तारीख तक राज्य के गोदामों में खाद्य वस्तुओं की आपूर्ति हो सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अधिक से अधिक अस्पतालों में नागरिक आपूर्ति की नई दुकानें खोलने के भी प्रयास किए जाने चाहिए। उधर, प्रबंध निदेशक नागरिक आपूर्ति निगम ललित जैन ने निगम के आय बढ़ाने के लिए राज्य नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा किए जा रहे विभिन्न नए प्रयासों और उपक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि निगम ने ऊर्जा साधनों से सम्बन्धित उत्पादों की आपूर्ति के लिए कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया है। इसके अतिरिक्त, अगरबत्ती व धूप के साथ-साथ अग्निशमन उपकरणों व सहायक सामग्री, विभिन्न प्रकार के फर्नीचर का सामान और कीटाणुनाशक उपकरणों की आपूर्ति के लिए एजेंसियों तथा विक्रेताओं को भी सूचीबद्ध किया गया है।
प्रदेश सरकार की स्वर्ण जयंती आश्रय योजना से गरीब परिवाराें काे घर बनाने का सपना साकार हाेते नजर आ रहा है। प्रदेश सरकार समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं क्रियान्वित कर रही है, जिससे वे समाज में सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सके। प्रदेश सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के गरीब परिवारों के घर केे सपने को साकार करने के लिए स्वर्ण जंयती आश्रय योजना क्रियान्वित कर रही है। यह योजना भारत सरकार के वर्ष 2022 तक सभी के लिए आवास सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य को साकार करने की दिशा में सहायक सिद्ध हो रही है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक स्वर्ण जंयती आश्रय योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के गरीब परिवारों को मूलभूत सुविधाओं से युक्त पक्का मकान उपलब्ध करवाना है। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को मकान बनाने के लिए एक लाख 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने का प्रावधान है। यह योजना प्रदेश के पात्र लाभार्थियों को आधारभूत सुविधाएं प्रदान करवाने के साथ-साथ उनके जीवन स्तर को बेहतर करने में महत्वूपर्ण भूमिका निभा रही है। प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोरोना काल में भी प्रदेश का विकास निर्बाध जारी रहे और लोगों को प्रदेश की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलता रहे। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थी परिवार की वार्षिक आय 35 हजार रुपये से कम होनी चाहिए। प्रदेश में इस योजना के अन्तर्गत वर्ष 2020-2021 के लिए 51 करोड़ 34 लाख 50 हजार रुपये का बजट आबंटित किया गया और प्रदेश में इस अवधि के दौरान 3,419 घरों का निर्माण किया गया। किस जिले को कितनी मिली राशि प्रदेश सरकार के मुताबिक इस योजना के अन्तर्गत जिला बिलासपुर को 2.74 करोड़ रुपये, जिला चम्बा को 3.69 करोड़ रुपये, जिला हमीरपुर को 3.25 करोड़ रुपये, जिला कांगड़ा को 10.36 करोड़ रुपये, जिला किन्नौर को 1.02 करोड़ रुपये, जिला कुल्लू को 2.77 करोड़ रुपये, जिला मण्डी को 7.69 करोड़ रुपये, जिला शिमला को 5.55 करोड़ रुपये, जिला सिरमौर को 3.84 करोड़ रुपये, जिला सोलन को 4.78 करोड़ रुपये और जिला ऊना को 3.13 करोड़ रुपये प्रदान किए गए। इस राशि का उपयोग कर जिला बिलासपुर में 183, जिला चम्बा में 246, जिला हमीरपुर में 217, जिला कांगड़ा में 691, जिला किन्नौर में 68, जिला कुल्लू में 185, जिला मण्डी में 513, जिला शिमला में 370, जिला सिरमौर में 256, जिला सोलन में 319 और जिला ऊना में 207 घर निर्मित किए गए तथा छः घरों का जीर्णोद्धार किया गया। ट्राइबल एरिया में कितने लाेगाें काे मिला आवास प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए चम्बा जिले के भरमौर क्षेत्र को 82 लाख रुपये प्रदान कर 54 घरों, पांगी को 73 लाख 50 हजार रुपये प्रदान कर 49 घरों, शिमला जिले के डोडराक्वार को 33 लाख 70 हजार रुपये प्रदान कर 22 घरों, जिला लाहौल-स्पीति को 59 लाख रुपये प्रदान कर 39 घरों का निर्माण किया गया। इस योजना के अन्तर्गत लाभार्थियों को बेहतर सुविधाओं से युक्त घर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। यह योजना आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों के घर के सपने को साकार करने में सहायक सिद्ध हो रही है।
प्रदेश में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विज्ञान केंद्र, शिमला ने प्रदेश में 11 और 12 जुलाई का अलर्ट जारी किया था, जिसके बाद बीते कल से प्रदेश में झमाझम बादल बरस रहे हैं। भारी बारिश से रामपुर के ब्रोनी नाला झाकड़ी में सड़क मलबा आने से एन एच- 05 को बंद हो गया। रोड को खोलने का काम जारी है।
प्रदेश के राशनकार्ड उपभोक्ताओं को अब डिपो में सरसों तेल और दलों के रेट कम करके महंगाई में हल्की राहत दी है। दालों के दाम 8 रुपये प्रति किलो और सरसों तेल में 7 रुपये तक प्रति लीटर घटाए हैं। गोदामों में दालों की सप्लाई पहुंच गई है। इन्हें डिपो में उपभोक्ताओं को आवंटन किया जाएगा। सबसे ज्यादा उड़द, मूंग और मलका दाल के दाम गिरे हैं। ये दालें पहले उपभोक्ताओं को 70 रुपये किलो मिल रही थीं, अब 62 से 66 रुपये प्रति किलो मिलेंगी। एपीएल उपभोक्ताओं को पहले सरसों तेल 160 रुपये, अब 154 रुपये प्रति लीटर मिलेगा। बीपीएल को 155 की जगह अब 148 रुपये प्रति लीटर मिलेगा। हिमाचल में साढ़े 18 लाख राशनकार्ड उपभोक्ता हैं। इनमें साढ़े 11 लाख एपीएल, पांच लाख बीपीएल उपभोक्ता हैं। खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेंद्र गर्ग ने बताया कि उपभोक्ताओं को बीते महीने की अपेक्षा इस महीने सस्ती दालें मिलेंगी।
हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में सोमवार को मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। मैक्लोडगंज के पास भागसूनाग में नाले में उफान आने पर सड़क पर पानी का तेज बहाव आग गया जिससे पार्किंग में गाड़ियां बह गईं। कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इस घटना से लोगों से दहशत का माहौल है। जिला कुल्लू में मानसून की पहली मूसलाधार बारिश हुई है। पागलनाला में बाढ़ आने से औट-लारजी-सैंज मार्ग बंद हो गया। यहां सब्जियों के साथ निगम की बसें व अन्य वाहन फंसे गए हैं। जिला में करीब 15 से अधिक सड़कों पर भूस्खलन होने से अवरूद्ध हो गई है। वहीं हिमाचल पथ परिवहन निगम की चार बसें फंस गई है। ब्यास, पार्वती, सरवरी खड्ड सहित जिला के नदी-नाले उफान पर हैं। मानसून की पहली बरसात में ही कुल्लू शहर पानी-पानी हो गया है। सड़क व रास्तों में जगह-जगह पानी के तालाब बनने से राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी लेकर प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है। वहीं दूसरी ओर झमाझम बारिश होने से किसानों-बागवानों ने राहत की सांस ली है। सेब और अन्य फसलों के लिए बारिश संजीवनी का काम करेगी।
वैश्विक बाजारों में बहुमूल्य धातुओं की कीमत में गिरावट के बीच दिल्ली सर्राफा बाजार में आज सोने की कीमत में 218 रुपए की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, चांदी में 168 रुपए प्रति किलोग्राम की गिरावट हुई है। इन गिरावटों के बाद दिल्ली में आज 10 ग्राम सोने की कीमत 47 हजार 807 रुपए हो गई है। वहीं, 10 किलो चांदी 69 हजार रुपए की बिक रही है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में अगस्त महीने की डिलिवरी के लिए सोने की कीमत 0.45 प्रतिशत की गिरावट के साथ 47,807 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई। बाजार विश्लेषकों ने कहा कि कारोबारियों द्वारा ताजा सौदों की लिवाली करने से सोना वायदा कीमतों में जाभ दर्ज हुआ। बता दें कि 8 जुलाई से पहले लगातार तीन दिनों तक सोने और चांदी की कीमतों में तेजी रही। 9 जुलाई को सोने की कीमतों में मामूली बढ़त देखी गई और यह 47,844 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा। चांदी सितंबर वायदा की दरें 168 रुपये या 0.24 प्रतिशत की गिरावट के बाद 68,789 प्रति किलोग्राम पर रहीं।
यूपी की राजधानी लखनऊ से गिरफ़्तार अल क़ायदा के आतंकियों के मामले में नए-नए ख़ुलासे हो रहे हैं। यूपी एटीएस को आतंकियों के पास से कई प्रमुख शहरों के नक्शे बरामद हुए हैं। अयोध्या के राम मंदिर के आसपास की रेकी के नक्शे आतंकियों के पास से मिले हैं। काशी और मथुरा जैसे धार्मिक स्थलों के नक्शे एटीएस को आतंकियों के पास से मिले है। नक्शों में अलग-अलग पॉइंट से चिन्हित किया गया है। टेलीग्राम और वीडियो कॉल व्हाट्सएप कॉल की चैटिंग भी एटीएस के हाथ लगे हैं, जिसके आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। एटीएस ने पिछले 24 घंटों में 10 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है। यूपी के अलग-अलग शहरों में एटीएस की छापेमारी का दौर जारी है। गिरफ़्तार दोनों आतंकियों का अक्सर कानपुर आना-जाना रहता था। दोनों ने कानपुर से हाल ही में एक मोबाइल खरीदा था और नई सड़क इलाके में रहने वाले अपने साथी के साथ मीटिंग भी की थी। उस मीटिंग के बाद कानपुर वाले इनके साथी ने कानपुर में ही कई लोगों से मिनहाज और मुशीर की मीटिंग कराई थी। नेटवर्क में और लोगों को जोड़ने के मक़सद से ये मीटिंग कराई गई थी। लखनऊ के काकोरी से दो आतंकियों की गिरफ़्तारी के बाद एटीएस ने कानपुर से 4 और संभल से 2 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। एटीएस इस मामले में कई ज़िलों में छापेमारी कर रही है। अल क़ायदा के संदिग्ध आतंकियों की गिरफ़्तारी के बाद यूपी के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने दावा किया है कि यूपी पुलिस के पास दोनों आतंकियों के ख़िलाफ़ पर्याप्त सबूत हैं।
देश में कोरोना के बीच अब जीका वायरस ने चिंता बढ़ा दी है। इस वायरस के बढ़ते मामलों के बीच केरल में अलर्ट की स्थिति बन गई है। अभी तक केरल में इस वायरस की चपेट में करीब 18 लोग आ चुके हैं। केरल के दौरे पर गई दिल्ली एम्स की टीम के जीका वायरस को लेकर देश के दूसरे राज्यों को भी सावधान किया है। इस चेतावनी के बाद राजधानी दिल्ली और मुंबई समेत देश के कई बड़े शहरों को अलर्ट पर कर दिया गया है। केरल के पड़ोसी राज्यों को भी इसे लेकर अलर्ट किया गया है। मच्छरों के काटने से होने वाली इस बीमारी के पहले मामले की पुष्टि केरल में गुरुवार को हुई थी। लेकिन 48 घंटों के भीतर ही वायरस के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज हुई है। जिसने राज्य के साथ-साथ केंद्र सरकार की चिंता भी बढ़ा दी है। जीका का पहला मामला 24 साल की गर्भवती महिला में सामने आया था लेकिन शुक्रवार को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी ने 13 और मामलों की पुष्टि की है। मतलब ये कि 48 घंटे के भीतर ही जीका वायरस से पीड़ित 14 मरीजों की पहचान हो चुकी है। कोरोना की वजह से राज्यों की स्वास्थ्य व्यवस्था पहले ही चरमराई हुई है। ऐसे में जीका के मामलों का बढ़ना केरल सरकार के लिए मुसीबत बन सकता है। हालांकि, राहत की बात ये है कि जीका, कोरोना की तरह जानलेवा नहीं है।
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में रविवार को मानसूनी बारिश के कारण लोगों को गर्मी से राहत तो दिलाई लेकिन कई परिवारों के लिए यह कहर बनकर टूटा। राज्य में आकाशीय बिजली गिरने से करीब 40 लोगों की मौत हो गई है जबकि इस आपदा में दर्जनों लोग घायल हो गए हैं। वहीं राजस्थान में भी बिजली गिरने के कारण करीब 20 लोगों की जान चली गई। वहीं, मध्य प्रदेश में बिजली गिरने से सात लोगों की मौत हो गई। इसी के चलते उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आकाशीय बिजली गिरने के कारण सभी 40 मृतकों के प्रति शोक संवेदना प्रकट की है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को सहायता राशि मुहैया करवाए जाने का निर्देश जारी किया है। सीएम योगी ने आदेश दिया कि घायल लोगों का समुचित उपचार किया जाए। वहीं राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में बिजली गिरने की कई घटनाओं में 7 बच्चों समेत 20 लोगों की जान चली गई। इस प्राकृतिक आपदा में 21 अन्य लोग घायल हो गए हैं। घायलों का इलाज जारी है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मृतकों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से 5 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है। मृतकों को 4 लाख रुपये इमरजेंसी रिलीफ फंड से दिया जाएगा जबकि 1 लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से दिया जाएगा।


















































