ध्वनि प्रदूषण के मामले में दिल्ली प्रदूषण कंट्रोल कमेटी ने जुर्माने की राशि में संशोधन का ऐलान किया है। नए संशोधन के तहत, ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले किसी भी माध्यम पर एक लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। साथ ही, जेनरेटर सेट के ध्वनि प्रदूषण को लेकर भी कार्रवाई ले आदेश दिए गए। इसके अलावा अब ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले संयंत्र को जब्त भी किया जाएगा। संशोधन का यह प्रस्ताव एनजीटी द्वारा स्वीकृत भी कर लिया गया है। लाउड स्पीकर या पब्लिक एड्रेस सिस्टम के इस्तेमाल पर उपकरण सील करने के साथ 10 हजार रुपये का जुर्माना होग। वहीं 1000 केवीए के डीजी सेट से होने वाला शोर पर उपकरण सील और 1 लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान रखा गया है। इसके अलावा 62.5 से 1000 केवीए के डीजी सेट पर उपकरण सील और 25 हजार रुपये का जुर्माना देना होगा। 62.5 केवीए तक के डीजी सेट पर उपकरण सील और 10 हजार रुपये का जुर्माना देना होगा। कंस्ट्रक्शन मशीनरी से होने वाले शोर पर उपकरण सील और 50 हजार रुपये का जुर्माना देना होगा। रेजिडेंशियल या कमर्शियल जगहों पर आतिशबाजी पर एक हजार रुपये का जुर्माना देना होगा। साइलेंट जोन में आतिशबाजी करने तीन हजार रुपये का जुर्माना देना होगा। पब्लिक रैली, बारात, शादी समारोह, धार्मिक समारोह रेजिडेंशियल या कमर्शियल जगहों पर 10 हजार रुपये का जुर्माना देना होगा। पब्लिक रैली, बारात, शादी समारोह, धार्मिक समारोह साइलेंट जोन में 20 हजार रुपये का जुर्माना देना होगा।
हिमाचल प्रदेश में नदियों में पानी की कमी के चलते बिजली उत्पादन घटा है। प्रदेश में मानसून कमजोर होने से 25 लाख यूनिट तक बिजली उत्पादन कम हो गया है। हालांकि, गर्मियों के मौसम में बिजली की कम मांग से प्रदेश में अभी भी बिजली सप्लाई सरप्लस है। प्रदेश में अभी रोजाना 310 लाख यूनिट बिजली की मांग है, जबकि रोजाना 480 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है। प्रदेश सरकार सरप्लस बिजली पंजाब, दिल्ली और गोवा को बेचकर गर्मी से राहत दिला रही है। इन तीन राज्यों को सितंबर अंत तक रोजाना 170 लाख यूनिट बिजली सप्लाई दे रही है। प्रदेश की ओर से दिल्ली को बैंकिंग आधार पर रोजाना 45 लाख यूनिट बिजली दी जा रही है। इस सप्लाई को सर्दियों के मौसम में दिल्ली प्रदेश को लौटागा। पंजाब, गोवा और दिल्ली को भी ओपन टेंडर से बिजली बेची जा रही है। दिल्ली की कई बिजली कंपनियां प्रदेश से सप्लाई खरीद रही हैं। पंजाब को रोजाना 200 मेगावाट, दिल्ली को 20 मेगावाट और गोवा को 50 मेगावाट बिजली बेची जा रही है।
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का अंतिम संस्कार 10 जुलाई को रामपुर में होगा। इससे पहले आज गुरुवार को पार्थिव शरीर दिनभर होलीलॉज में दर्शन के लिए रखा जाएगा। 9 जुलाई शुक्रवार को पार्थिव शरीर सुबह नौ बजे से 11:30 बजे के दर्शन के लिए रिज मैदान पर आम लोगों के बीच रखा जाएगा। उसके बाद पार्थिव शरीर एक बजे तक राजीव भवन कांग्रेस में दर्शन के लिए रखा जाएगा। दोपहर एक बजे पार्थिव शरीर को लेकर परिवार रामपुर के लिए रवाना होगा। शाम छह बजे पार्थिव शरीर को लेकर परिवार रामपुर पहुंचेगा। 10 जुलाई शनिवार को पदम पैलेस रामपुर में सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक पार्थिव शरीर दर्शन के लिए रखा जाएगा। दोपहर तीन बजे रामपुर में अंतिम संस्कार होगा।
साढ़े तीन साल का कार्यकाल और पांच उपचुनाव, जयराम सरकार को लगातार सियासी इम्तिहानों से गुजरना पड़ा रहा है। दो उपचुनाव हो चुके है और तीन जल्द होने है। अब तक हुए दो उपचुनाव में तो सरकार पास हुई है लेकिन अब शेष तीन उपचुनाव में कड़ा इम्तिहान तय है। वर्तमान में मंडी संसदीय क्षेत्र के साथ जुब्बल-काेटखाई और फतेहपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव हाेना है। जबकि इससे पहले यानी 2019 के लोकसभा चुनाव में धर्मशाला और पच्छाद सीट पर उपचुनाव हुए थे। आगामी तीन उपचुनाव के लिए कांग्रेस और भाजपा दाेनाें राजनीतिक दलों में सियासी सरगर्मी चरम पर है। विशेषकर सत्तासीन पार्टी भाजपा ने तीनों सीटों पर कब्जा जमाने के मोर्चा संभाल लिया है, जबकि कांग्रेस ने भी कवायद शुरू कर दी है। बीते दिनों भाजपा ने धर्मशाला में दाे दिन तक बैठक कर फतेहपुर विधानसभा सीट पर जीत दर्ज करने को रणनीति बनाई है। फतेहपुर सीट पर भाजपा पिछले दो विधानसभा चुनाव और एक विधानसभा उपचुनाव हार चुकी है। यही कारण है कि भाजपा फतेहपुर में पूरी ताकत झोंकने जा रही है। धर्मशाला में दो दिवसीय कार्ययोजना की बैठक में विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव प्रभारी एवं उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर सहित समन्वयक सतपाल सत्ती व प्रदेश भाजपा महामंत्री त्रिलोक कपूर द्वारा कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिया गया। इसकी रिपोर्ट भी संगठन के वरिष्ठ नेतृत्व को बैठक के दौरान सौंपी गई। पार्टी ने तय किया है कि जो विकास कार्य फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र में चल रहे हैं उन्हें शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि उपचुनाव के दौरान इन विकास कार्यों को जनता के बीच भुनाया भी जा सके। इसी तरह जुब्बल कोटखाई विधानसभा चुनाव का प्रभार शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज को दिया गया है। भाजपा किसी भी तरह इस सीट पर कब्ज़ा बरकरार रखना चाहती है, यही कारण है कि निरंतर राजधानी शिमला में मंथन चला हुआ है। यहाँ ये देखना भी दिलचस्प होगा कि क्या भाजपा स्व नरेंद्र बरागटा की राजनैतिक विरासत सँभालने के लिए उनके पुत्र चेतन बरागटा को टिकट देगी, या फिर कोई नया चेहरा सामने आता है। मंडी संसदीय उपचुनाव की बात करें तो इसके तहत 17 विधानसभा क्षेत्र आते है। बताया जा रहा है कि भाजपा कार्य योजना की बैठक में मंत्रियों, विधायकों सहित 2017 में उम्मीदवार रहे नेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए गए है कि वे अभी से उपचुनाव को लेकर मैदान में डट जाएं। मंडी संसदीय उपचुनाव के लिए जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर को प्रभारी बनाया गया है और महेंद्र सिंह बीते कुछ समय से निरंतर समस्त संसै क्षेत्र में प्रो एक्टिव दिख रहे है। काेट: फतेहपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर भाजपा पूरी तरह से गंभीर है, उपचुनाव में भाजपा जीत भी हासिल करेगी। विकास के मुद्दों को लेकर भाजपा चुनावी मैदान में उतरेगी, पार्टी द्वारा अपनी गतिविधियां भी यहां पर तेज की गई हैं। जयराम सरकार के विकास कार्यों पर जनता मुहर लगाएगी। -विक्रम ठाकुर, उद्याेग मंत्री एवं उपचुनाव प्रभारी फतेहपुर। काेट: जुब्बल-काेटखाई विधानसभा सीट पर हाेने वाले उपचुनाव के लिए भाजपा पूरी तरह से तैयार है, इस सीट काे फिर से पार्टी की झाेली में डालने के लिए कार्यकर्ता मेहनत कर रहे हैं। संगठन की ओर से दी गई ज़िम्मेदारियों को सभी बखूबी निभा रहे हैं। जीत भाजपा की ही हाेगी। -सुरेश भारद्वाज, शहरी विकास मंत्री एवं उपचुनाव प्रभारी जुब्बल-काेटखाई। काेट: मंडी लोकसभा क्षेत्र में भाजपा की ही जीत तय है, 2014 के लोकसभा चुनाव में जीत के बाद 2019 के चुनाव में संसदीय क्षेत्र के तहत आने वाले 17 विधानसभा क्षेत्रों के लाेगाें ने भाजपा पर ही भरोसा जताया है, भाजपा ने ही विकास कार्य किये है। उपचुनाव कभी भी हो उसमें भाजपा प्रत्याशी की ही जीत हाेगी। -महेंद्र सिंह ठाकुर, राजस्व मंत्री एवं उपचुनाव प्रभारी मंडी संसदीय सीट।
कैप्टन मनोज कुमार पांडेय, यूपी का 24 साल का लड़का, जो जन्म से गोरखा नहीं था लेकिन जब भारतीय सेना की गोरखा रेजिमेंट में बतौर कैप्टन पोस्टेड हुआ तो उसमें मौत का खौफ़ मानों ग़ायब हो गया। फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ कहते थे कि "अगर कोई आदमी कहता है कि वह मरने से नहीं डरता है, तो वह झूठ बोल रहा है। या फिर वह गोरखा है"...फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ के इन शब्दों को कारगिल युद्ध के दौरान शहीद कैप्टन मनोज कुमार पांडे ने चरितार्थ किया। दुश्मन की गोलियों से बुरी तरह जख्मी होने के बावजूद जंग के मैदान में उनकी उंगलियां बंदूक से नहीं हटी। उन्होंने अकेले ही दुश्मन के तीन बंकर ध्वस्त किए। 24 साल की छोटी सी उम्र में अपने देश पर न्योछावर होने वाले कैप्टन मनोज ने पहले ही कहा था कि 'अगर मेरे खून को साबित करने से पहले मेरी मौत हो जाती है, तो मैं वादा करता हूं, मैं मौत को मार दूंगा ..' (If death strikes before I prove my blood, I promise (swear), I will kill death.) कारगिल युद्ध में कैप्टन मनोज कुमार पांडेय ने अपने इस कहे को करके दिखाया। कारगिल में 'खालुबार टॉप' को जीतने के लिए उनका जोश, जज़्बा और जूनून इतना था कि माथे पर गोलियों की बौछार से घायल होने के बावज़ूद उन्होंने दुश्मन की पोज़िशन को ग्रेनेड से उड़ा दिया। परिणाम स्वरूप भारत के इस विरले सपूत को मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में रुधा नाम का एक गांव है। मनोज 25 जून 1975 को यही के एक ब्राह्मण परिवार में पैदा हुए। मनोज एक गरीब परिवार में पैदा हुए थे उनके पिता लखनऊ के हसनगंज चौराहे पर पान की दुकान लगाया करते थे। मनोज ने गरीबी देखी थी इसलिए वो हमेशा अपने छोटे भाइयों को भी यही समझाते थे कि पापा के पैसों और उनकी मेहनत को व्यर्थ न जाने देना। मनोज का दिमाग बचपन से ही तेज़ था वो हमेशा से ही सेना में जाना चाहते थे। आठवीं कक्षा तक लखनऊ के रानी लक्ष्मी बाई स्कूल में पड़ने के बाद मनोज आर्मी स्कूल में भर्ती हुए। उसके बाद तो जैसे उनके जूनून को एक दिशा मिल गई। सैनिक स्कूल में उन्होंने खुद को सेना के लिए तैयार करना शुरू कर दिया। 12वीं की परीक्षा पास करते ही वह एनडीए की परीक्षा में भी सफल रहे। इंटव्र्यू में बोले, परमवीर चक्र जीतने के लिए सेना में आना है: कहते हैं की एनडीए के इंटरव्यू में जब मनोज से पूछा गया था कि वो सेना में क्यों जाना चाहते हैं, तो मनोज का जवाब था, "परमवीर चक्र जीतने के लिए।" अफसर ने उनसे पूछा की तुम जानते हो वो कैसे मिलता है तो उन्होंने कहा था जी हाँ, ज़्यादातर सैनिकों को ये मरणोपरांत मिलता है पर आप मुझे मौका दीजिए मैं इसे जीवित लेकर आऊंगा "। एनडीए में चयन के बाद मनोज प्रशिक्षण के लिए पुणे के पास खड़कवासला में मौजूद राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में पहुंचे, जहां एक कड़ी ट्रेनिंग के बाद उन्हें 11 गोरखा राइफल्स रेजीमेंट की पहली वाहनी में तैनाती मिली, जोकि उस वक्त जम्मू-कश्मीर में अपनी सेवाएं दे रही थी। अपनी तैनाती के पहले दिन से ही मनोज ने हमले की योजना बनाना, हमला करना और घात लगा कर दुश्मन को मात देने जैसी सभी कलाओं को सीखना शुरू कर दिया था। जल्द ही एक दिन उन्हें अपने सीनियर के साथ एक सर्च ऑपरेशन में जाने का मौका मिला। यह पहला मौका था, जब उनका दुश्मन से सीधा मुकाबला हुआ। वह इस परीक्षा में पास रहे। अपनी टीम के साथ उन्होंने घुसपैठ की कोशिश करने वाले आतंकियों को मार गिराया था। यह उनके लिए बड़ी उपलब्धि थी, मगर वह खुश नहीं थे। दरअसल, इस संघर्ष में उन्होंने अपने सीनियर अधिकारी को खो दिया था। 'पीस पोस्टिंग' छोड़ कारगिल में संभाला मोर्चा : देखते-देखते समय बीतता गया और मनोज अपनी यूनिट के साथ जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग इलाकों में गए। कारगिल की जंग से पहले उनकी बटालियन सियाचिन में मौजूद थी। 11 गोरखा राइफल्स की पहली बटालियन ने सियाचिन में तीन महीने का अपना कार्यकाल पूरा किया था और सारे अफसर और सैनिक पुणे में 'पीस पोस्टिंग' का इंतज़ार कर रहे थे। बटालियन की एक 'एडवांस पार्टी' पहले ही पुणे पहुंच चुकी थी। सारे सैनिकों ने अपने जाड़ों के कपड़े और हथियार वापस कर दिए थे और ज्यादातर सैनिकों को छुट्टी पर भेज दिया गया था। तभी अचानक आदेश आया कि बटालियन के बाकी सैनिक पुणे न जा कर कारगिल में बटालिक की तरफ़ बढ़ेगें, जहाँ पाकिस्तान की भारी घुसपैठ की ख़बर आ रही थी। मनोज तो जैसे इस मौके के इंतजार में बैठे ही थे। उन्होंने आगे बढ़ कर नेतृत्व किया और करीब दो महीने तक चले ऑपरेशन में कुकरथाँग, जूबरटॉप जैसी कई चोटियों को विरोधियों के कब्ज़े से आज़ाद करवाया। 'हीरो ऑफ बटालिक' थे कैप्टन पांडेय : कारगिल युद्ध में खोलाबार सबसे मुश्किल लक्ष्य था। इस पर चारों तरफ से पाकिस्तान का कब्जा था। पाकिस्तानी ऊंचाई पर तैनात थे। यह चोटी इसलिए अहम थी, क्यों कि यह दुश्मन का कम्युनिकेशन हब था। इसपर कब्जा करने का मतलब था, कि पाकिस्तानी सैनिकों तक रसद और अन्य मदद में कटौती होना। इससे लड़ाई को अपने हक में किया जा सकता था। जब भारतीय सैनिकों ने इस पर चढ़ाई करना शुरू की तो पाकिस्तानियों ने गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। इससे भारतीय जवान तितर बितर हो गए। इतना ही नहीं, पाकिस्तानियों ने तोप से गोले और लॉन्चर भी बरसाए। कमांडिंग अफसर के निर्देश के मुताबिक, दो टुकड़ियों ने रात में ही चढ़ाई करने की योजना बनाई। एक बटालियन मनोज पांडे को दी गई। मनोज को चोटी पर बने चार बंकर उड़ाने का आदेश दिया गया। जब मनोज ऊपर पहुंचे तो उन्होंने बताया कि ऊपर चोटी पर 6 बंकर हैं। हर बंकर में 2-2 मशीन गन तैनात थीं। ये लगातार गोलियां बरसा रहीं थीं। मनोज पांडे जब एक बंकर में घुस रहे थे तो उनके पैर में गोली लगी, इसके बावजूद वे आगे बढ़े और हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट में दो दुश्मनों को मार गिराया। यहां उन्होंने पहला बंकर नष्ट कर दिया। इसके बाद दुश्मनों ने धावा बोल दिया। लहूलुहान होने के बावजूद मनोज पांडे रेंगते हुए आगे बढ़े उन्होंने दो और बंकरों को तबाह कर दिया। इसके बाद एक और बंकर बचा था, जिसे नष्ट करने का उन्हें आदेश मिला था। जैसे ही मनोज पांडे उसे नष्ट करने के लिए आगे बढ़े, दुश्मन की ओर से उन्हें चार गोलियां लगीं लेकिन उन्होंने इसके बावजूद उस बंकर को भी उड़ा दिया। कुछ पाकिस्तानी सैनिक वहां से भागने लगे, तो उनके मुंह से आखिरी शब्द निकला, 'ना छोड़नूं' (किसी को छोड़ना नहीं)। इसके बाद भारतीय जवानों ने उन्हें भी ढेर कर दिया। कैप्टन पांडे की बटालियन ने खालूबार पर कब्जा कर लिया। अंतत: खालूबार पर शान से भारतीय तिरंगा लहराया। उस समय कैप्टेन मनोज पांडेय की उम्र थी 24 साल और 7 दिन। अद्वितीय वीरता के लिए कैप्टन मनोज कुमार पांडे को मरणोपरांत परमवीर चक्र दिया गया। 26 जनवरी, 2000 को तत्कालीन राष्ट्रपति के आर नारायणन ने हजारों लोगों के सामने देश का सबसे बड़ा वीरता सम्मान परमवीर चक्र मनोज के पिता गोपी चंद पांडे को सौंपा था। इस अभियान में कर्नल ललित राय के पैर में भी गोली लगी और उन्हें भी वीर चक्र दिया गया। इस जीत के लिए भारतीय सेना को बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। .............................................. वो आखिरी खत : आदरणीय पिता जी, सादर चरण स्पर्श। मैं यहां प्रसन्न पूर्वक रहकर आप लोगों के मंगल की कामना करता हूं। कल ही सोनू का पत्र मिला, जानकर प्रसन्नता हुई कि वह ठीक है। यहां के हालात आप लोगों को पता ही हैं। आप लोग ज्यादा चिंता न करें कयोंकि हमारी पोजीशन उनसे अच्छी है। लेकिन दुश्मनों को हराने में कम से कम एक महीने का समय अवश्य लगेगा तब तक कुछ नहीं कहा जा सकता है। बस भगवान पर भरोसा रखना और प्रार्थना करना कि हम अपने मकसद में कामयाब हों। सोनू से कहना कि वह पीसीएम की कोचिंग करना चाहे तो अच्छी बात है। पर उसके साथ लखनऊ विश्वविद्यालय में बीएससी में एडमिशन की भी कोशिश करे। एनडीए में हो जाता है तो बहुत अच्छा। अपना ख्याल रखना। कोई सामान की जरूरत हो तो बाजार से खरीद लेना। यहां काफी ठंड है, पर दिन में बर्फ न पड़ने से मौसम ठीक रहता है। आप लोग चिट्ठी अवश्य डालना, क्योंकि लड़ाई के मैदान में बीच में चिट्ठी पढ़ना कैसा लगता है शायद आप लोग इसका अनुभव नहीं कर सकते। मेरी चिंता मत करना। -आपका बेटा मनोज
हिमाचल प्रदेश चौधरी सरवण कुमार कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के मैदान में 1 से 12 मार्च तक मंडी, कुल्लू और लाहुल स्पीति जिला के नवयुवकों के लिए आयोजित हुई सेना की खुली भर्ती की लिखित परीक्षा 25 जुलाई को राजकीय वल्लभ कॉलेज मंडी में होगी। भर्ती निदेशक कर्नल एम राजाराजन ने कहा कि जिन उम्मीदवारों को 30 मई और 27 जून की लिखित परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी किए गए थे, वे उम्मीदवार एडमिट कार्ड के साथ एआरओ मंडी में दिए हुए आरएमडीएस की समयसारिणी के अनुसार रिपोर्ट करें। सात जून को आरएमडीएस नंबर 1000 से 1617, आठ जून को 1618 से 2229, नौ जून को 2230 से 2953 तथा दस जून को 2954 से 3657 तक के उम्मीदवार पुराने एडमिट कार्ड जमा करवाकर परीक्षा के लिए नए एडमिट कार्ड प्राप्त करें। री मेडिकल में पास हुए 33 उम्मीदवारों ने अभी दस्तावेज जमा नहीं करवाए हैं। उन्होंने इन सभी उम्मीदवारों से कहा कि एआरओ मंडी में दस्तावेज के साथ पहुंचें और अपना एडमिट कार्ड लें। एडमिट कार्ड के बिना लिखित परीक्षा में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
BJP president J P Nadda arrived in Himachal Pradesh's Bilaspur on Sunday on a three-day visit to the state. According to his program, he will also visit the Atal Tunnel Rohtang (ATR) on Monday. JP Nadda, who is on a visit to his home state, could not attend a function on October 3 last year when Prime Minister Narendra Modi formally inaugurated the prestigious tunnel. Chief Minister Jai Ram Thakur welcomed JP Nadda at Luhnu ground on his arrival in Bilaspur on Sunday. MP and BJP State President Suresh Kashyap, Urban Development Minister Suresh Bhardwaj, Food, Civil Supplies, and Consumer Affairs Minister Rajinder Garg, MLA’s Subhash Thakur, Rakesh Jamwal, J.R. Katwal and Inder Singh Gandhi, former MLA and BJP spokesperson Randhir Sharma, HP State Wool Federation President Trilok Kapoor, State BJP Organization General Secretary Pawan Rana, Political Advisor to the Chief Minister Trilok Jamwal, District BJP President Svatantra Sankhyan were also present on the occasion.
हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति के काजा पंप में पेट्रोल के दाम 100 के पार पहुंचने के बाद अब राजधानी शिमला में भी महंगाई की मार पड़ना शुरू हो गई है। शुक्रवार को राजधानी के पंपों में पावर पेट्रोल 100.25 रुपये प्रतिलीटर बिका। सामान्य पेट्रोल 96.65 रुपये प्रति लीटर है। पेट्रोल के दामों में 0.33 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। चंबा में पावर पेट्रोल 100. 32 रुपये लीटर बिका, वहीं बिलासपुर में भी प्रीमियम पेट्रोल के दाम 100 रुपये पहुंच गए। हालांकि, डीजल के दाम शुक्रवार को नहीं बढ़े। डीजल 88.33 रुपये प्रतिलीटर बेचा गया। शिमला के विकासनगर में 100.25 और बैरियर में 100.29 रुपये लीटर पेेट्रोल के दाम रहे। पेट्रोल के 100 के पार पहुंचने के साथ ही लोगों में आक्रोश बढ़ना शुरू हो गया है। सोशल मीडिया पर भी भड़ास निकाली जा रही है। उधर, सोलन में चायल में पेट्रोल 99.99 रुपये हो गया है।
हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव के दौरान तो हिंसा हुई ही, लेकिन नतीजे आने के बाद भी राज्य में जमकर हिंसा हुई। चुनाव में बहुमत पाकर सत्ता में पहुंची ममता बनर्जी सरकार को हाई कोर्ट ने हिंसा के मसले पर अब करारा झटका दिया है। कोलकाता हाई कोर्ट ने ममता बनर्जी सरकार को आदेश दिया है कि वे हिंसा के इन सभी मामलों की एफआईआर दर्ज कराएं। इसके अलावा वे हिंसा के कारण घायल हुए लोगों का इलाज कराएं और उन्हें मुफ्त में राशन भी दें। कोर्ट ने कहा है कि उन पीड़ितों को भी राशन दिया जाए, जिनके पास राशन कार्ड नहीं है। बीजेपी और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ चुनाव के बाद की हिंसा को लेकर लगातार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कटघरे में खड़ा करते रहे हैं। राज्यपाल ने कई बार हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा किया और पीड़ितों के फोटो-वीडियो ट्विटर पर शेयर करते हुए बनर्जी से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। हालांकि, राज्य सरकार इन आरोपों को सिरे से खारिज करती रही और इसे बीजेपी को प्रोपेगेंडा बताती रही। ऐसे में हाई कोर्ट का यह आदेश ममता सरकार के लिए बड़ा झटका है।
गर्मी का सितम लगातार जारी है। जुलाई का पहला दिन 9 साल बाद दिल्ली में सबसे गर्म रहा। बीती रात दिल्ली के सफदरजंग इलाके में अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हालांकि आज दिल्लीवासियों को गर्मी से थोड़ी राहत मिलने के आसार हैं। बता दें कि इससे पहले साल 2012 में जुलाई के पहले दिन अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। वहीं, 90 साल पहले 1 जुलाई 1931 को दिल्ली में पारा 45 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था।
जम्मू के अरनिया सेक्टर में इंटरनेशनल बॉर्डर पर एक बार फिर पाकिस्तानी ड्रोन दिखा है, जो सीमा के अंदर घुसने की कोशिश कर रहा था। पिछले एक सप्ताह में जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों में पांचवीं बार ड्रोन नजर आया है। बीएसएफ के जवानों ने आज सुबह करीब 4:25 बजे पाकिस्तान से संबंधित छोटे क्वाड कॉप्टर को देखा और गोलीबारी की, जिसके बाद ड्रोन वापस चला गया। बता दें कि जम्मू में रविवार को ड्रोन की मदद से एयर फोर्स स्टेशन में दो विस्फोट किए गए थे। इसके अगले ही दिन जम्मू के कुंजवानी स्थित कालूचक और रत्नूचक इलाके में स्थित सेना के ब्रिगेड मुख्यालय के ऊपर लगातार दो दिन ड्रोन मंडराते हुए देखे गए थे। हालांकि, सुरक्षाबलों की सतर्कता और फायरिंग के बाद ये ड्रोन गायब हो गए थे। इसके बाद बुधवार को डल झील के पास भी एक ड्रोन देखा गया था।
पुलवामा में सुरक्षाबलों की आतंकियों से नई मुठभेड़ चल रही है। पुलवामा के हंजिन राजपोरा इलाके में आतंकियों से सुरक्षाबल के जवान लोहा ले रहे हैं। इलाके में 3 से 4 आतंकियों के घिरे होने की खबर है। इस मुठभेड़ मे सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया है। बाकी आतंकियों की तलाश जारी है। वंही इसी बीच एक दुखद खबर भी सामने आई है। इस मुठभेड़ एक सेना का एक जवान शहीद हो गया है। वहीं एक दूसरे जवान को घायल होने के बाद अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। शहीद जवान हवलदार का नाम हवलदार काशी राव है। शहीद हवलदार काशी राव अपने पीछे पत्नी और दो बच्चे छोड़ गए हैं। वहीं, दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में पुलिस के काफिले पर आतंकियों ने हमला किया। इस हमले में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
यूरोप जाने वाले भारतीयों के लिए राहत की खबर सामने आई है। कोविशील्ड का टीका लगाने के बाद भारतीय स्विटजरलैंड समेत 9 यूरोपीय देशों की यात्रा कर सकते हैं। ये 9 देश ऑस्ट्रिया, जर्मनी, स्लोवेनिया, ग्रीस, आइसलैंड, आयरलैंड, स्पेन, स्विट्जरलैंड और इस्टोनिया हैं। दरअसल, कोरोना के कारण यूरोपीय यूनियन ने भारत समेत गैरयूरोपीय देश के लोगों की यात्रा पर रोक लगाई थी। फाइजर, मॉडर्ना, एस्ट्राजेनेका और जॉनसन वैक्सीन लगा चुके गैर यूरोपीय देश के लोगों को ही यूरोप में आवाजाही की छूट थी। जिसके बाद सीरम इंस्टीट्यूट के अदर पूनावाला ने विदेश मंत्री को पत्र लिखकर मांग की थी कि कोविशील्ड वैक्सीन लगवाने वालें लोगों को यूरोपीय देशों की यात्रा की इजाजत दिलवाए। वहीं, दूसरी ओर संयुक्त अरब अमीरात ने भारत ने आने वालों पर 21 जुलाई तक पाबंदी लगा दी है। पहले 23 जून से उड़ानें शुरू होनी थी। यूएई ने सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि 13 दूसरे देशों से भी आने वालों पर रोक लगाई है। संयुक्त अरब अमीरात ने भारत समेत 14 देशों से आने वाली फ्लाइट्स पर 21 जुलाई रोक लगाई है।
हिमाचल प्रदेश में किसानों-बागवानों को पहली बार क्रेट खरीदने के लिए सरकार 134 रुपये सब्सिडी देगी। पहले चरण में प्रदेश सरकार सीजन में बागवानों और किसानों को डेढ़ लाख क्रेट उपलब्ध करवाएगी, जिससे फसलों की पैकिंग के लिए इन क्रेटों का बार-बार इस्तेमाल किया जा सके। प्लास्टिक के एक क्रेट की कीमत 335 और 320 रुपये है। सरकार ने क्रेट खरीदने और सब्सिडी देने के लिए दो करोड़ की राशि जारी कर दी है। प्रदेश भर में करीब चार करोड़ पेटी सेब होने का अनुमान है। गौरतलब है कि सरकार बागवानों को बार-बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के क्रेट उपलब्ध करा रही है। पहले बागवानों को 10 से 15 क्रेट दिए जाएंगे। किसान-बागवान फसलें बेचने के बाद क्रेट अपने साथ वापस ले आएंगे।
राजधानी की पुलिस ने वीरवार दोपहर करीब 12 बजे पर्यटकों पर थप्पड़ों की बरसात कर दी। हरियाणा से शिमला घूमने पहुंचे पर्यटक सर्कुलर रोड पर विक्ट्री टनल के नजदीक पहुंच थे। यहां पुलिस ने गाड़ी रुकवाकर कागजों के बारे में पर्यटकों से पूछताछ की। थोड़ी ही देर बाद ट्रैफिक ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ने घूमने आए पर पर्यटकों पर थप्पड़ बरसा दिए। दरसल, जब पर्यटकों को विक्ट्री टनल में तैनात ट्रैफिक कर्मी द्वारा रोकने पर पर्यटक नहीं रुके और उन्होंने पुलिस के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद आगे बढ़ने पर विक्ट्री टनल के नजदीक बने ओवर ब्रिज के समीप पर्यटकों को रोका गया। यहां पहुंच कर ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक कर्मी ने पर्यटकों से मारपीट की।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने आज संगठन के विस्तार हेतु 2 नियुक्तियां की है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने ज्वालामुखी मंडल से संबंध रखने वाले लोकप्रिय गायक करनैल राणा को हिमाचल प्रदेश सांस्कृतिक प्रकोष्ठ का प्रदेश संयोजक नियुक्त किया है। यह प्रकोष्ठ हिमाचल प्रदेश की संस्कृति को लेकर अनेक गतिविधियों में कार्य करता है। करनैल राणा ने कल भाजपा कार्यसमिति के दौरान भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। उनके साथ वन मंत्री राकेश पठानिया एवं पूर्व मंत्री रविंद्र रवि उपस्थित रहे थे। इसी प्रकार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र से संबंध रखने वाले पूर्व मंत्री रूप दास कश्यप को बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ का प्रदेश संयोजक नियुक्त किया है इस प्रकोष्ठ की समाज मे अहम भूमिका है। अब भारतीय जनता पार्टी के कुल मिला के 16 प्रकोष्ठों का गठन हो चुका है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा की इन नियुक्तियों से भाजपा को प्रदेश में बल मिलेगा और भाजपा का कार्य सुदृण रूप से आगे बढ़ेगा।
केंद्र से सप्लाई कम आने के कारण हिमाचल प्रदेश में वैक्सीन की कमी चल रही है। इसके चलते सरकार ने एक सप्ताह तक 18 से 44 साल आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीन लगानी बंद की है। अभी स्वास्थ्य विभाग के पास वैक्सीन की तीन लाख डोज हैं। यह सिर्फ 45 साल से अधिक आयु और विशेष श्रेणी के लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी। प्रदेश में 18 से 44 साल तक के करीब 9 लाख लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। प्रतिदिन एक लाख से ज्यादा लोगों को डोज लगाने से वैक्सीन की कमी हो गई है। गौरतलब है कि प्रदेश में 21 जून से केंद्र सरकार की ओर से सभी वर्गों के लोगों को वैक्सीन लगाने को लेकर वैक्सीन मुहैया करवाई जा रही है। इसके तहत 18 से अधिक आयु के लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है। करीब 806 सेंटरों में वैक्सीनेशन ड्राइव का आयोजन किया जा रहा है।
बीते दिन मनाली मालरोड में पंजाब और हरियाणा से आए पर्यटकों ने किसान आंदोलन के समर्थन में किसान एकता जिंदाबाद व मोदी सरकार हाय हाय के नारे लगाए। इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सभी पर्यटकों को पुलिस थाना मनाली ले गई। उनके खिलाफ आपदा प्रबंधन एक्ट तहत कार्रवाई की गई। एसपी कुल्लू गुरुदेव शर्मा ने मामले की पुष्टि की है। गौरतलब है कि बीते 7 महीनों ने किसान तीन कृषि कानूनों के खिलाफ धरना प्रदर्शन पर बैठे है। देश में कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन किए जा रहे है।
प्रदेश में लगभग 2 महीनों से बंद पड़े शक्तिपीठों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुल गए है। हिमाचल प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर के बाद अब सभी शक्तिपीठ बज्रेश्वरी, ज्वालामुखी, मां चामुंडा और नयनादेवी मंदिर के कपाट सहित अन्य धार्मिक स्थलों में अब श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए जा सकेंगे। शक्तिपीठ ज्वालामुखी में सुबह छह बजे से ही लोग दर्शन के लिए पहुंचे। पहला दिन होने के कारण आज श्रद्धालुओं की संख्या कम ही नजर आई। श्रद्धालुओं को शक्तिपीठों में जाने और प्रसाद चढ़ाने की छूट दी गई है। धार्मिक स्थलों में हवन, यज्ञ, कन्या पूजन, कीर्तन, लंगर और घंटी बजाने बजाने पर बरहाल प्रतिबंध है। श्रद्धालुओं को मंदिरों में बैठने, ज्यादा देर खड़े रहने की भी मनाही है। वंही मंदिरों में पुजारी न प्रसाद बांटेंगे और न मौली बांधेंगे। गौरतलब है कि मंदिर खुलने से बाजार में भी रौनक लौट आई है, लंबे अंतराल के बाद मंदिर के कपाट खुलने से दुकानदारों को आर्थिकी सुधारने की आस जगी है।
हिमाचल प्रदेश में नई आबकारी नीति एक जुलाई से लागू हो रही है। 31 मार्च, 2022 तक नौ महीने के दौरान नई नीति के तहत शराब बिक्री और सप्लाई का काम होगा। नई नीति के तहत लाइसेंस फीस और एक्साइज ड्यूटी कम होने से देशी और भारत में निर्मित विदेशी शराब के कम कीमत वाले ब्रांड सस्ते होंगे। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि पड़ोसी राज्यों से शराब तस्करी रोकने, शराब की कीमतों में कटौती करने और सरकारी राजस्व में वृद्धि करने के उद्देश्य से खुदरा आबकारी ठेकों को यूनिट, ठेके की कीमत के तीन प्रतिशत की नवीनीकरण फीस पर 2021-22 के लिए ठेकों का नवीनीकरण किया जाएगा। नीति में शराब उत्पादक कंपनियों को ईएनए की कंपलसरी टेस्टिंग के प्रावधानों में छूट की व्यवस्था की गई है। लोगों की सहूलियत के लिए इस साल डिपार्टमेंटल स्टोर में भी कुछ शर्तों के साथ शराब बिक सकेगी।
हिमाचल प्रदेश में गुरुवार से बाहरी राज्यों के लिए पथ परिवहन निगम की बसें दौड़नी शुरू हो गई हैं। पहले दिन गुरुवार को 500 रूटों पर 317 बसें चलेंगी। इनमें 298 साधारण बसें, 15 वोल्वो और चार डीलक्स बसें चलेंगी। हिमाचल से बाहरी राज्यों के 708 रूट हैं। ये सभी बसें एसओपी के साथ चलेंगी। सरकार की ओर से जारी आदेशों के मुताबिक सभी बसें 50 फीसदी ऑक्यूपेंसी से चलेंगी। सर्दी, खांसी जैसी बीमारी से ग्रसित लोगों को बसों में चढ़ने नहीं दिया जाएगा। चालक के पास कोई सवारी नहीं जा सकेगी। बसें उचित स्टेशन पर ही रुकेंगी। परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ने बताया कि बाहरी राज्यों के लिए बसें चलनी शुरू हो गई है। रूट वेबसाइट पर भी अपलोड होंगे। शिमला-दिल्ली, धर्मशाला-दिल्ली, रिकांगपिओ-दिल्ली, मनाली-दिल्ली, शिमला-हरिद्वार, धर्मशाला-हरिद्वार के अलावा पंजाब, हरियाणा, अमृतसर के लिए बसें चलेंगी। ये बसें सुबह 7 बजे से रवाना होनी शुरू हुईं।
रक्षा संबंधी आवश्यक सेवाओं में शामिल कर्मियों के हड़ताल के खिलाफ सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने हड़ताली कर्मचारियों के विरुद्ध अध्यादेश जारी किया है। इसके तहत कर्मचारियों को अचानक से काम बंद करना महंगा पड़ेगा। यहां तक कि उन्हें जेल भी जाना पड़ेगा। यह अध्यादेश रक्षा संबंधी आवश्यक सेवाओं में शामिल कर्मियों के हड़ताल एवं किसी भी तरह के विरोध-प्रदर्शन करने पर रोक लगाता है। आयुध निर्माणी बोर्ड से जुड़े कई बड़े संघों ने हाल ही में सरकार के ओएफबी को निगम बनाने के फैसले के खिलाफ अगले महीने से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा की थी, जिसको देखते हुए आवश्यक रक्षा सेवा अध्यादेश, 2021 लाया गया है। कानून मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, कोई भी व्यक्ति जोकि हड़ताल शुरू करता है या ऐसी किसी भी हड़ताल में भाग लेता है जोकि इस अध्यादेश के अंतर्गत गैर-कानूनी है तो उसे एक वर्ष की अवधि तक की जेल या 10000 रुपये जुर्माने या दोनों से दंडित किया जा सकता है। दरअसल, जून में सरकार ने नीतिगत सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए करीब 200 साल पुराने आयुध निर्माण बोर्ड (OFB) के पुनर्गठन के लंबित प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके तहत बोर्ड को अलग-अलग कंपनियों में बदला जाएगा, ताकि काम के प्रति जवाबदेही बढ़े। बोर्ड के पास इस समय हथियार और गोला-बारूद बनाने के 41 कारखाने हैं।
अभिमन्यु मिश्रा बुधवार को इतिहास के सबसे कम उम्र के शतरंज ग्रैंडमास्टर बन गए हैं। न्यू जर्सी के 12 वर्षीय खिलाड़ी ने बुडापेस्ट में अपना तीसरा जीएम मानक हासिल किया, जो पहले ही आवश्यक 2500 एलो रेटिंग चेलेंज को पार कर चुके हैं। Chess.com पर आधिकारिक रिलीज में लिखा गया कि बुधवार को मिश्रा ने अपने करियर का अब तक का सबसे बड़ा मैच जीत लिया। उन्होंने 15 वर्षीय भारतीय जीएम लियोन ल्यूक मेंडोंका को हराया, नौ राउंड में 2600 से अधिक रेटिंग हासिल की। मिश्रा ने जीएम सर्गेई कारजाकिन का 19 साल का रिकॉर्ड तोड़ा। 12 अगस्त 2002 को, 2016 में विश्व चैंपियनशिप चैलेंजर, कारजाकिन ने 12 साल और सात महीने की उम्र में ग्रैंडमास्टर का खिताब हासिल किया था। 5 फरवरी 2009 को जन्मे मिश्रा को शतरंज में सर्वोच्च खिताब हासिल करने में 12 साल, चार महीने और 25 दिन लगे। मिश्रा ने कई महीने बुडापेस्ट, हंगरी में एक के बाद एक टूर्नामेंट खेलते हुए, खिताब और रिकॉर्ड का पीछा करते हुए समय व्यतीत किया। उन्होंने अप्रैल वेजेरकेपजो टूर्नामेंट और मई के पहले शनिवार टूर्नामेंट में अपने पहले और दूसरे जीएम मानक दोनों को में बेहतरीन प्रदर्शन किया, विशेष रूप से स्कोरिंग मानकों के लिए स्थापित 10 खिलाड़ियों के दोनों राउंड-रॉबिन में अभिमन्यु ने बेहतरीन प्रदर्शन किया।
बॉलीवुड से फिर एक दुखद खबर सामने आई है, मशहूर अभिनेत्री मंदिरा बेदी के पति और डायरेक्टर-प्रोड्यूसर राज कौशल का बुधवार सुबह निधन हो गया। मिली जानकारी के अनुसार राज कौशल की मौत हार्ट अटैक की वजह से हुई है, राज कौशल की उम्र मात्र 49 वर्ष थी। बता दे राज कौशल ने रविवार को ही दोस्तों के साथ पार्टी की थी और सोमवार को सोशल मीडिया पर फोटो शेयर कर बताया था कि 'उनका रविवार का दिन शानदार रहा।' गौरतलब है कि राज ने 'प्यार में कभी-कभी', 'शादी का लड्डू', 'एंथनी कौन है' जैसी फिल्मों को डायरेक्ट किया था तो वहीं उन्होंने 'माई ब्रदर निखिल', 'शादी का लड्डू' 'प्यार में कभी-कभी' जैसी फिल्मों को प्रोड्यूस भी किया था। उनकी अकस्मात मौत से बॉलीवुड में एक बार फिर से शोक की लहर है।
सोलन जिला की परिधि में अश्वनी खड्ड के भीतर एवं आस-पास के क्षेत्र में सभी अनाधिकृत पर्यटकों एवं व्यावसायिक गतिविधियों पर तुरन्त प्रभाव से प्रतिबन्ध लगा दिया गया है। जिला दण्डाधिकारी सोलन कृतिका कुल्हारी ने आपराधिक दण्ड संहिता की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इस सम्बन्ध में आवश्यक आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार अश्वनी खड्ड के किनारे ऐसे स्थानों जहां जल के दूषित होने की सम्भावना है, वहां पर खान-पान स्टाल, कियोस्क, ढाबा, होटल इत्यादि चलाने एवं स्थापित करने पर भी प्रतिबन्ध रहेगा। नदी में नहाना एवं पिकनिक इत्यादि गतिविधियां आयोजित करने पर पूर्ण प्रतिबन्ध रहेगा। नदी के किनारों अथवा जल में किसी भी प्रकार का कचरा फैंकने की सख्त मनाही है। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि सोलन शहर तथा आस-पास के क्षेेत्रों के लिए पेयजल का स्त्रोत अश्वनी खड्ड है तथा पिकनिक जैसी गतिविधियां आयोजित कर जल स्त्रोत को दूषित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस प्रकार की गतिविधियां स्वास्थ्य के लिए घातक सिद्ध हो सकती हैं। नदी के जल स्तर में अचानक वृद्धि से ऐसी गतिविधियां जान-माल की बड़ी क्षति का कारण भी बन सकती हैं। इन आदेशों के उल्लंघन पर दोषियों के विरूद्ध विधि सम्मत कार्रवाही अमल में लाई जाएगी। यह आदेश तुरन्त प्रभाव से लागू हो गए हैं तथा आज से दो माह की अवधि तक प्रभावी रहेंगे।
कार्टन के दाम बढ़ाने और किसान बागवानों को मुआवजा न मिलने पर मंगलवार को जिला परिषद की मासिक बैठक में जिला परिषद सदस्यों ने जमकर हंगामा किया। बैठक शुरू होते ही कांग्रेस के जिला परिषद सदस्य कौशल मुँगटा सदन के बीच में आकर धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस बीच ज़िला परिषद के अन्य सदस्यों ने भी उनका समर्थन किया और धरने पर बैठ गए, काफी देर तक सदस्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे और उसके बाद बैठक की कार्यवाही से वाकआउट कर बाहर निकल गए। जिला परिषद के तहत बनाई गई उद्योग व बागवानी कमेटी के अध्यक्ष कौशल मुंगटा ने कहा कि सरकार बागवानों की अनदेखी कर रही है। पहले जहाँ बेमौसमी ओलावृष्टि और बर्फबारी से नुकसान हुआ था उसका मुआवजा अभी तक नही मिला वहीं अब सेब सीजन शुरू होते ही सरकार ने बागवानों को राहत देने के बजाय उनकी मुश्किलें बढ़ा दी है। कार्टन के दामो में 25 रुपए तक बढ़ोतरी कर दी है, जिससे बागवानों पर इसका अतिरिक्त बोझ पढ़ने वाला है। इसको लेकर कई बार जिला उपायुक्त ओर सरकार के ध्यान में ये मामला लाया गया लेकिन सरकार इसको लेकर गंभीर नही है। उन्होंने कहा कि बागवानी का प्रदेश की आर्थिकी में बहुत बड़ा योगदान है ऐसे में सरकार का बागवानों को अनदेखा करने का रवैया किसी भी सूरत में बर्दाश्त नही किया जाएगा।उन्होंने कहा कि यदि कार्टन के दाम कम नहीं हुए और मुआवजा किसानों और बाग़वानों को नहीं मिला तो वो कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देंगे।वहीं अन्य सदस्यों ने भी सरकार से कार्टन के दाम कम करने और बागवानों को जल्द मुआवजा देने की मांग की। वंही, जिला परिषद उपाध्यक्ष सुरेंद्र रेटका ने कहा कि आज जिला परिषद की बैठक बुलाई गई थी। लेकिन बैठक में कोरम पूरा नही हो पाया। सदस्यों ने कार्टन के दाम कम करने और मुआवजा देने को लेकर धरना प्रदर्शन किया और इस मामले को लेकर जिला परिषद जिला उपायुक्त के माध्यम से सरकार से दामों को कम करने की मांग करेगी। उन्होंने कहा कि शिमला सेब बहुल जिला है। लेकिन इस बार ओलावृष्टि और बर्फबारी के चलते काफी नुकसान हुआ है और सरकार की ओर से कोई भी राहत बागवानों को नहीं दी गई है।
कुछ माह पहले प्रदेश युवा कांग्रेस के नए अध्यक्ष का चुनाव हुआ था। चुनाव में पूर्व अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू के करीबी समझे जाने वाले निगम भंडारी प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष चुने गए और निगम भंडारी से हारने वाले युवा नेता थे यदुपति ठाकुर, जिन्हें वीरभद्र गुट का माना जाता है। तब संतुलन बनाये रखने के लिए कांग्रेस ने नया फॉर्मूला ईजाद किया था, चुनाव हारने के बाद भी यदुपति को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया। अब फिर युवा कांग्रेस के ये दोनों नेता चर्चा में है, और कारण है मंडी संसदीय उप चुनाव के लिए उनकी दावेदारी। दोनों नेताओं के समर्थक सोशल मीडिया पर खूब सक्रिय है और अपने -अपने नेता के लिए टिकट की मांग कर रहे है। टिकट आवंटन पर आखिरी फैसला तो पार्टी हाईकमान को ही लेना है पर इन दोनों युवा नेताओं की तरफ से प्रयास जारी है। फिलवक्त टिकट की ये यह जंग सोशल मीडिया पीछे चल रही है। निगम भंडारी इस मसले पर खुल कर कह भी चुके है की अगर हाईकमान चाहे तो वो चुनाव लड़ने के लिए तैयार है, हालाँकि यदुपति ठाकुर ने चुनाव लड़ने को लेकर खुद कुछ नहीं कहा, पर उनके समर्थक लगातार उनके लिए टिकट मांग रहे है। दिलचस्प बात तो ये है की जहां युवा कांग्रेस के नेता चुनाव लड़ने के लिए इतने उत्सुक दिख रहे है वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के बड़े नेता टिकट की दावेदारी से भागते दिख रहे हैं। अब क्या कांग्रेस किसी वरिष्ठ नेता को मैदान में उतारती है, पिछले चुनाव लड़े आश्रय पर भरोसा जताती है या फिर इन दोनों युवाओं में से किसी एक को आगे लाती है, ये देखना दिलचस्प होगा। रजत का दावा, क्या गंभीरता से लेगी भाजपा भाजपा की ओर से मंडी संसदीय उप चुनाव के लिए टिकट की दावेदारी एक पीएटी अध्यापक ने जताई है। प्राथमिक अध्यापक रजत शर्मा एबीवीपी और संघ के कार्यकर्ता रह चुके है। इसी हैसियत से रजत शर्मा ने भाजपा से टिकट की दावेदारी जताई है। रजत ने बीते दिन शिमला में पत्रकार वार्ता कर अपना दावा रखा। हालांकि भाजपा से कई दमदार चेहरे टिकट के प्रत्याशी माने जा रहे है। ऐसे में रजत के दावे को पार्टी कितना गंभीरता से लेगी, ये देखना रोचक होगा।
हिमाचल प्रदेश में 34 विभागों की 248 सेवाएँ लोकसेवा गारंटी एक्ट के दायरे में है। हाल ही में स्वर्णिम हिमाचल दृष्टि पत्र-2017 के कार्यान्वयन के लिए गठित मंत्रिमंडल की उप-समिति की बैठक में लोक सेवा गारंटी एक्ट को और क्रियाशील बनाने की हिदायत दी गई। संसदीय कार्यमंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत 34 विभागों द्वारा 248 जन सेवाएं अधिसूचित की जा चुकी हैं। ये सेवाएं समयबद्ध रूप से लोगों को उपलब्ध करवाई जा रही हैं। हर विभाग द्वारा प्रदान की जाने वाली जन सेवा के लिए समय अवधि निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि 248 जन सेवाओं में से 110 सेवाएं ऑनलाइन माध्यम से, 30 सेवाएं ई-डिस्ट्रिक्ट के माध्यम से और 80 सेवाएं व्यवसाय में सुगमता के तहत प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय अवधि में सेवा उपलब्ध नहीं करवाने पर एक से पांच हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है। सुरेश भारद्वाज ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्रदान की जाने वाली विभिन्न सेवाओं के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए अधिकारियों को समुचित कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के प्रावधानों का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाना चाहिए। शहरी विकास मंत्री ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों के लिए आरक्षित बैकलाॅग पदों को तुरन्त भरने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागों को निर्देश दिए कि इस बारे में की गई कार्यवाही के बारे में 15 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने सरकारी नौकरियों में पूर्व सैनिकों के लिए मौजूदा कोटे का कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। शिकायत निवारण प्रणाली को बेहतर बनाए: भारद्वाज सुरेश भारद्वाज ने बताया कि शिकायत निवारण प्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए भी विभिन्न दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्य प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए ई-टेंडर प्रक्रिया अनिवार्य की दी गई है। सुशासन बने स्वर्णिम हिमाचल का आधार के तहत जन अधिकार पुस्तिका का प्रकाशन कर इसे योजना विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध करवाया गया है तथा इसका अद्यतनीकरण किया जा रहा है।सुरेश भारद्वाज ने कहा कि ई-प्रशासन और सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल-सीएम डैशबोर्ड बनाया जा चुका है और इसका प्रभावी तरीके से कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश में सरकार ने मेलों की अनुदान राशि में बढ़ोतरी की है। सरकार ने अब प्रदेश में आयोजित होने वाले जिला, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मेलों की अनुदान राशि में इजाफा कर दिया है। राज्य सरकार ने जिला स्तर के मेलों को अब 50 हजार रूपये अनुदान राशि देने का निर्णय लिया है, पहले सरकार द्वारा जिला स्तर पर आयोजित होने वाले मेलों को 30 हजार रूपये अनुदान राशि दी जाती थी, इसके साथ ही राज्य स्तरीय मेले की अनुदान राशि में भी इजाफा किया गया है, अब राज्य स्तरीय मेलों को सरकार द्वारा 1.5 लाख रूपये दिए जाएंगे। बता दें की पहले सरकार द्वारा पहले इन मेलों के लिए 1 लाख रूपये दिए जाते थे, राष्ट्रीय स्तर के मेलों की दो लाख से बढ़ाकर तीन लाख कर दी है। इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने जिला कांगड़ा के नूरपुर के जन्माष्टमी मेले को राज्यस्तरीय मेला अधिसूचित कर दिया है। ये मेले होते है आयोजित हिमाचल में अंतरराष्ट्रीय मेलों में लवी मेला रामपुर, मंडी शिवरात्रि, कुल्लू दशहरा, सुजानपर होली मेला आदि शामिल हैं। प्रदेश में धार्मिक मेलों में मारकंडेय मेला, नयना देवी नवरात्र मेला आदि हैं। ऊना जिले में चिंतपूर्णी, कांगड़ा में ज्वालाजी तथा बज्रेश्वरी देवी के प्रमुख मेले हैं। शूलिनी मेला सोलन, रेणुका मेला सिरमौर, बाबा बालक नाथ मेला दियोटसिद्ध हमीरपुर, बाबा बड़भाग सिंह मेला ऊना जिले का मैडी, मणिमहेश मेला चंबा और नलवाड़ी मेला बिलासपुर का प्रमुख मेला है। सरकार द्वारा बढ़ाई गई अनुदान राशि से अब मेला कमेटी को मेले आयोजन करने में आसानी होगी। सरकार ने मेलों की अनुदान राशि में तो बढ़ोतरी कर दी है लेकिन, कोरोना के चलते करीब दो वर्षों से प्रदेश में किसी भी मेला का बड़े स्तर पर आयोजन नहीं किया गया है, लेकिन कोरोना खत्म होने के बाद सरकार द्वारा बढ़ाई गई अनुदान राशि की सहायता मेला कमेटी को होगी।
हिमाचल कला संस्कृति भाषा अकादमी शिमला द्वारा कोरोना महामारी के चलते पिछले वर्ष 24 मई 2020 से साहित्य कला संवाद कार्यक्रम के प्रसारण की शुरुआत की गई। अकादमी का यह कार्यक्रम फेसबुक पेज और यूट्यूब चैनल पर रोजाना 7:00 बजे नियमित रूप से प्रसारित हो रहा है। साहित्य कला संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक लगभग 500 कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं जिसमें प्रदेश, देश और विदेश से साहित्यकारों, कलाकारों का भरपूर योगदान, समर्थन, सहयोग प्राप्त होता रहा है। कार्यक्रम की श्रंखला में कुछ ऐसे सहयोगी मिले जो बिना किसी स्वार्थ के निरन्तर अपना योगदान देकर कार्यक्रम को सफल बनाने में दिन-रात परिश्रम कर रहे हैं। कुछ ऐसे भी मिले जो अपना कोई स्वार्थ लेकर शामिल हुए और कार्यक्रम मे कुछ अनुभव हासिल करके अपना अलग चैनल चलाकर व्यस्त हो गए। कुछेक साथियों ने मनमाफिक इस कार्यक्रम को चलाना चाहा, जो नहीं हो पाया तो अलग हो गए। कुछ एक को यह फॉर्मेट अच्छा नहीं लगा, तो दूरी बनाए रहे। कुछेक ने अपना सुनाया और दूसरों का सुनने के समय किनारा कर लिया परंतु फिर भी साहित्य कला संवाद का कारवां लगातार चलता रहा। इस उतार-चढ़ाव के बीच भी हजारों दर्शक और श्रोता साहित्य कला संवाद को अपना प्यार देते रहे। उन्हीं की बदौलत यह कार्यक्रम निरंतर आगे बढ़ता चला जा रहा है। एक वर्ष से अधिक समय हो चुका है और यह कार्यक्रम निरन्तर हर रोज प्रसारित किया जा रहा है। कार्यक्रम के श्रोताओं दर्शकों की अपेक्षा और सुझावों के अनुसार कार्यक्रम में समय-समय पर बहुत सारे परिवर्तन भी होते रहे। जहां प्रदेश, देश, विदेश के नामी-गिरामी साहित्यकारों, कलाकारों ने इस कार्यक्रम में शामिल होकर के अपने विचार सांझा किए और अपनी रचनाओं का पाठ किया, संवाद में भाग लिया उनके सकारात्मक सहयोग का यह कार्यक्रम सम्मान करता है। बच्चों, युवाओं, महिलाओं, समाजसेवियों ने भी इस कार्यक्रम को सफल बनाने में हमारा सहयोग दिया, साहित्य, कला, संस्कृति, पहाड़ी भाषा एवं साहित्य, मनोरंजन, गीत-संगीत, लोक साहित्य, सामाजिक सरोकारों पर केंद्रित परिसंवाद, कवि सम्मेलन और युवाओं के विभिन्न कार्यक्रम इस संवाद की यात्रा को शिखर की ओर ले जाने में सहायक सिद्ध हुए। कुछ समय पहले वेद व्याख्यान, वैदिक और संस्कृत साहित्य पर केंद्रित व्याख्यानमाला का प्रारंभ किया गया।वर्तमान में पुराण कथा पर आधारित व्याख्यान की श्रृंखला चल रही है। बाल रंगमंच से लेकर प्राचीन लिपियों पर सेमिनार प्राचीन लिपियों, बाल रंगमंच और चित्रकला प्रशिक्षण के लिए भी इसी दौरान कार्यशाला का आयोजन किया गया। हिंदी सप्ताह, संस्कृत सप्ताह, स्मृति दिवस, अकादमी के विभिन्न साहित्यिक आयोजन और रंगमंच कार्यशालाएं सफलतापूर्वक आयोजित की गई हैं इन सभी कार्यों के निष्पादन में अकादमी के सदस्य डॉ. ओम प्रकाश शर्मा, डॉ. इन्द्र सिंह ठाकुर, भारती कुठियाला, डॉ. नंदलाल ठाकुर, डॉ रीता सिंह का सहयोग और परामर्श हमारा संबल बना रहा।अधिकांश कार्यों के संयोजन में डॉ. कृष्ण मोहन पाण्डेय, दक्षा शर्मा, डॉ. चेतना, डॉ.ओम प्रकाश राही, अभिमन्यु वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका और योगदान रहा। इन के सहयोग के बिना साहित्य संवाद की सफलता की कल्पना भी नहीं की जा सकती। आगामी दिनों में भी अकादमी के कार्यक्रम ऑनलाइन इसी तरह आयोजित किए जाते रहेंगे और यह कार्यक्रम बाल, युवा, महिला, पुरस्कार, सम्मानित सभी लेखकों कलाकारों के लिए समर्पित रहेगा। साहित्य कला संवाद के कार्यक्रमों की यात्रा को और अधिक सफल बनाने के लिए आप सभी के सहयोग की अपेक्षा रहेगी। हितेंद्र शर्मा का रहा महत्वपूर्ण याेगदान साहित्य कला संवाद कार्यक्रम के सम्पादन में हितेन्द्र शर्मा का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। बताया गया कि उन्होंने लेखकों, साहित्यकारों के साथ सम्पर्क बनाते हुए उन्हें कार्यक्रम में शामिल करने, कार्यक्रम के पोस्टर निर्माण, लाइव कार्यक्रम का संचालन, नियंत्रण और प्रसारण करना। साहित्य कला संवाद कार्यक्रम की वीडियो को फेसबुक तथा यूट्यूब पर अपलोड करते हुए और हिमाचल अकादमी के लिए हार्ड डिस्क में कार्यक्रम सुरक्षित रखना, समय-समय पर कार्यक्रमों मे विशेष प्रस्तुतिकरण सहित परिचर्चा मे भाग लेते हुए सभी कार्यो के निर्वाह में रात दिन परिश्रम करते रहना उल्लेखनीय है जो इस कार्यक्रम की अभूतपूर्व सफलता का मूल आधार रहा है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक भविष्य में कार्यक्रम की रूपरेखा भी इन्हीं सब सहयोगियों के परामर्श से तैयार की जा रही है। सभी के सहयोग से हिमाचल अकादमी का फेसबुक पेज और दो यूट्यूब चैनल मोनोटाइज हो चुके हैं इसलिए इनका निरंतर संचालन अकादमी की एक नैतिक जिम्मेवारी बन गई है।
हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पर्यावरण परिषद (हिमकोस्ट) के हिमाचल प्रदेश पर्यावरण सूचना केंद्र द्वारा राज्य में हरित कौशल विकास कार्यक्रम के तहत विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त करने के लिए सक्षम बनाने के उद्देश्य से प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक िहमाचल प्रदेश पर्यावरण सूचना केंद्र द्वारा हरित कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश में अभी तक चार सर्टिफिकेट कोर्स व प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं। वित्त वर्ष 2018-19 में पहले सर्टिफिकेट कोर्स में ‘पीपल्स बायोडायवर्सिटी रजिस्टर व पैरा-टैक्सोनाॅमी’ विषय पर आयोजित किया गया, जिसमें 11 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत दो सर्टिफिकेट कोर्स ‘बायोडायवर्सिटी रजिस्टर की तैयारी’ और ‘भारत सरकार-यूएनडीपी-जीईएफ परियोजना-सिक्योर हिमालय के तहत पीबीआर पर केंद्रित पैरा-टैक्सोनाॅमी’ विषयों पर आयोजित करवाए जा चुके हैं। इन दोनों पाठ्यक्रमाें में 23 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया है। वर्ष 2020-21 में हिमाचल प्रदेश पर्यावरण सूचना केंद्र ने ‘मूल्य संवर्धन और एनटीएफपी (पशु मूल) का विपणन-जंगली मधुमक्खी पालन और प्रसंस्करण’ विषय पर सर्टिफिकेट कोर्स के अंतर्गत 14 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली ने राज्य के लिए इन प्रमाण पत्र पाठ्यक्रमों को मंजूरी प्रदान की है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात बहुत से युवाओं को निजी व सरकारी क्षेत्र में रोजगार प्राप्त हुआ है और अन्य स्वरोजगार से अपनी आजीविका अर्जित कर रहे हैं। हरित कौशल विकास कार्यक्रम का प्रमुख लक्ष्य कुशल जनशक्ति को रोजगार व स्वरोजगार की सुविधा प्रदान करना है। हरित कौशल विकास कार्यक्रम पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार के कौशल भारत मिशन के अनुरूप है। यह कार्यक्रम तकनीकी ज्ञान और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता वाले हरित कौशल श्रमिकों को विकसित करने का प्रयास करता है। यह कार्यक्रम पूरे देश में पर्यावरण सूचना केंद्र के विशाल नेटवर्क और विशेषज्ञताओं का उपयोग कर रहा है। युवाओं काे स्वराेजगार प्राप्त करने में सक्षम हरित कौशल विकास कार्यक्रम भारत वर्ष के युवाओं को पर्यावरण और वन क्षेत्र में लाभकारी रोजगार तथा स्वरोजगार प्राप्त करने में सक्षम बनाने हेतु कौशल विकास एक पहल है। आधुनिकीकरण के युग में अधिकांश व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘साॅफ्ट’ या ‘ग्रीन’ कौशल के बजाय यांत्रिकी या तकनीकी कौशल पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जबकि हरित कौशल स्थायी भविष्य के लिए पर्यावरणीय गुणवत्ता को संरक्षित करने में योगदान देता है और इसमें ऐसे रोजगार शामिल हैं जो पारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता की रक्षा करती है तथा ऊर्जा, अपशिष्ट और प्रदूषण को कम करने में सहायता प्रदान करती हैं। बताया गया कि हिमाचल प्रदेश पर्यावरण सूचना केंद्र की स्थापना भारत सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश में पर्यावरणीय सूचना के महत्व को समझते हुए एक योजना कार्यक्रम के रूप में की गई थी। पर्यावरण सूचना केंद्र का प्रयास महत्वपूर्ण पर्यावरण दिवसों को मनाना तथा निर्णय निर्माताओं, नीति नियोजकों, वैज्ञानिकों और इंजीनियरों, अनुसंधान कार्यकर्ताओं आदि को पर्यावरण संबंधी जानकारी प्रदान करना है।
हिमाचल की आर्थिकी में अहम भूमिका निभाने वाली सेब बागवानी की बढ़ती लागत को कम करने के लिए प्रदेश के बागवानों ने प्राकृतिक खेती विधि से सेब बागवानी शुरू कर दी है। सेब बागवानी में प्रयोग होने वाले मंहगे खादों, कीटनाशकों और फफूंदनाशकों के बजाय अब प्रदेश के 11 हजार सेब बागवानों ने प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान याेजना के तहत शुरू की गई सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती विधि के तहत बागवानी शुरू की है। पिछले अढाई साल पहले प्रदेश में शुरू की गई इस योजना के तहत सेब बागवानी के लिए प्रसिद्ध शिमला, कुल्लू, मंडी, चंबा और सिरमौर जिला के किसानों ने अपने एक से 55 बीघा के बागिचों में बागवानी शुरू कर दी है। बागवानी विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक कि सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती विधि के सफल परिणाम सभी तरह की अनाज फसलों, सब्जियों और फलों में देखे गए हैं। अभी तक इस खेती विधि से 11 हजार बागवान और 1 लाख किसान जुड़ चुके हैं और बड़ी तेजी से यह विधि खासकर बागवानों में ख्याति पा रही है। इस विधि के तहत विश्वविद्यालयों और विभाग स्तर पर शोध किए गए हैं। जिनके सफल परिणाम देखने को मिले हैं। विभाग के मुताबिक इस साल प्राकृतिक खेती कर रहे बागवानों का पंजीकरण कर उन्हें उचित बाजार मुहैया करवाया जाएगा। इसके अलावा एचपीएमसी की मंडियों में प्राकृतिक खेती के उत्पादों के लिए अलग से दुकान का प्रावधान भी किया जाएगा। लागत में 43 फीसदी की कमी, 27 प्रतिशत अधिक मिले दाम सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती योजना के कार्यकारी निदेशक प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल ने बताया इस खेती विधि को लेकर अभी तक किए गए शोध में इसमें बागवानों की लागत में 43 फीसदी की कमी आई है। इसके अलावा किसी विशेष मार्केट के बागवानों को 27 फीसदी अधिक दाम मिले हैं। उनका कहना है कि इस खेती विधि में किसानों को बाजार से कुछ भी लाने की जरूरत नहीं है और किसान अपने घर के आस-पास मौजूद वनस्पतियों से ही सभी प्रकार की दवाईयां तैयार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि एसपीएनएफ विधि में सेब बागवानों के बागिचों में मारसोनिना और स्कैब का प्रकोप भी कम आंका गया है। इसके अलावा नौणी विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र मशोबरा के वैज्ञानिकों ने भी बागवानों की इस िवधि की जमकर तारीफ की गई।
कोविड-19 के खिलाफ चुनौतीपूर्ण लड़ाई में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में संचालित की जा रही एंबुलेंस-108 और जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम-102 (जेएसएसके-102) सेवा कोरोना संक्रमित हजारों लोगों के जीवन को बचाने का माध्यम बनी हैं। प्रदेश में कोविड महामारी के आरंभ से ही संक्रमित मरीजों को अस्पताल पहुंचाने व स्वस्थ्य होने वाले मरीजों को वापस घर पहुंचाने का जिम्मा राज्य सरकार द्वारा एंबुलेंस-108 और जेएसएसके-102 सेवा को सौंपा गया और इस कार्य के लिए कुल 123 एंबुलेंस तैनात की गई। जिन्होंने सरकार के दिशा-निर्देशानुसार प्रभावी कार्य करते हुए आपातकालीन स्थितियों में कोविड मरीजों को अस्पताल पहुंचाने संक्रमित मरीजों के ठीक होने पर उन्हें वापस घर छोड़ने के साथ-साथ दुर्गम व ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड-19 टेस्ट करने में भी एंबुलेंस-108 और जेएसएसके-102 सेवा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 108 नंबर पर डायल कर कोविड-19 की किसी भी आपातकालीन स्थिति में इस सेवा का लाभ उठाया जा सकता है। राज्य सरकार द्वारा कोविड-19 के आरम्भ से ही मरीजों को एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए 60 राष्ट्रीय एम्बुलेंस सेवा-108 को तैनात किया गया था। जिन्हें कोविड-19 के गंभीर मरीजों को आपातकालीन स्थिति में स्वास्थ्य संस्थानों में पहुंचाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई। कोविड ड्यूटी के लिए तैनात की गई इन सभी एंबुलेंस ने प्रदेश भर के सभी जिलों में अभी तक 41945 कोविड पाॅजिटिव मरीजों को विभिन्न स्थानों से कोविड समर्पित स्वास्थ्य संस्थानों में पहुंचा कर उन्हें समय पर उपचार सुविधा उपलब्ध करवाने में अपना योगदान दिया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक कोविड मरीजों को अस्पताल पहुंचाने का जिम्मा जहां एंबुलेंस-108 को सौंपा गया, वहीं एंबुलेंस सेवा जेएसएसके-102 को इस बीमारी से स्वस्थ्य होने वाले मरीजों को स्वास्थ्य संस्थानों से वापस घर छोड़ने का कार्य भी सौंपा गया। जिसे जेएसएसके-102 सेवा ने बखूबी निभाते हुए बीमारी से स्वस्थ्य होने वाले लोगों की ओर से मांग आने पर अब तक लगभग 5003 लोगों को उनके घर पहुंचाने में अपना योगदान दिया हैं। इस कार्य के लिए सरकार द्वारा 42 जेएसएसके-102 एंबुलेंस तैनात की गई है। अब तक 21922 सैंपल एकत्रित किए दुर्गम व ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड-19 की जांच के लिए सैंपल एकत्रित करने का कार्य भी जेएसएसके-102 एम्बुलेंस को राज्य सरकार द्वारा सौंपा गया है। जिसके लिए सरकार द्वारा अप्रैल, 2020 में महामारी के आरम्भ में ही राज्य में 21 जेएसएसके-102 एम्बुलेंस तैनात की गई है। जिनके माध्यम से अब तक कुल 21922 सैंपल कोविड-19 की जांच के लिए एकत्रित किए गए हैं। इस सेवा के अलावा, दूरदराज के क्षेत्रों में घरों के निकट लोगों के कोविड सैंपल एकत्रित करने के लिए जीवन धारा मोबाइल मेडिकल यूनिट्स का भी प्रयोग किया जा रहा है, जिनके माध्यम से 8148 सैंपल एकत्रित किए जा चुके हैं। किस जिलें में कितनी एंबुलेंस तैनात कोविड-19 ड्यूटी के लिए राज्य सरकार द्वारा विभिन्न जिलों में आवश्यकतानुसार एंबुलेंस-108 और जेएसएसके-102 को कोविड ड्यूटी के लिए तैनात किया गया है। जिला बिलासपुर में 7, चंबा में 13, हमीरपुर में 11, कांगड़ा में 17, किन्नौर में 2, कुल्लू में 8, लाहौल-स्पीति में 2, मंडी में 15, शिमला में 17, सिरमौर में 11, सोलन में 12 और जिला ऊना में 8 एंबुलेंस तैनात की गई हैं। विभिन्न जिलों में कोविड ड्यूटी में एंबुलेंस-108 और जेएसएसके-102 सेवा में 1050 कर्मचारी दिन-रात अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कोविड मरीजों को किसी भी आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध करवाने में एंबुलेंस-108 और जेएसएसके-102 के अलावा स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों व परियोजनाओं की एंबुलेंस भी आवश्यकतानुसार अपनी सेवाएं प्रदान कर रही हैं। जिसके परिणाम स्वरूप राज्य सरकार प्रदेश में हजारों लोगों को कोविड-19 की आपातकालीन स्थितियों में अस्पताल पहुंचाकर उनका बहुमूल्य जीवन बचाने में सफल हुई है।
कौल सिंह ठाकुर मंडी संसदीय क्षेत्र का उप चुनाव लड़ने से इंकार कर चुके है। वीरभद्र सिंह का परिवार उप चुनाव लड़ने में रूचि नहीं दिखा रहा। पार्टी टिकट पर पिछले चुनाव हार चुके आश्रय शर्मा भी उपचुनाव को लेकर ज्यादा उत्सुक नहीं दिख रहे। तो क्या कांग्रेस के दिग्गज अभी से पराजय स्वीकार कर चुके है ? या पार्टी के आदेश पर कोई बड़ा नाम उपचुनाव के सियासी चक्रव्यूह को भेदने के लिए चुनावी रणभूमि में उतरेगा। या फिर पार्टी इस उप चुनाव में किसी नए युवा चेहरे को अभिमन्यु बनाकर उतारेगी? अब कांग्रेस की ओर से इस सियासी रण में कोई अनुभवी 'अर्जुन' उतरेगा या युवा 'अभिमन्यु', विजय श्री मिलेगी या पराजय, इसे लेकर कयास लगने का सिलसिला शुरू हो चुका है। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव की बात करें तो मंडी संसदीय सीट से भाजपा ने पंडित रामस्वरूप का टिकट बरकरार रखा था। वहीं 2017 में कांग्रेस को झटका देकर भाजपा में आए पंडित सुखराम अपने पोते आश्रय को सांसद बना देखना चाहते थे। इसी अरमान के साथ दादा - पोता कांग्रेस में चले गए। कांग्रेस ने आश्रय को टिकट भी दे दिया, पर हुआ वहीँ जो तमाम राजनीतिक पंडित मानकर चल रहे थे। 4 लाख 5 हज़ार 459 वोट के अंतर से आश्रय बुरी तरह चुनाव हार गए। शायद भाजपा ने भी नहीं सोचा होगा कि उनकी जीत का अंतर इतना विशाल होगा। इस हार के बाद से ही मंडी में कांग्रेस कभी भी प्रभावशाली नहीं दिखी। कमोबेश ऐसा ही हाल आश्रय शर्मा का भी है। आश्रय अब तक स्थापित होने की जद्दोजहद में ही है, राजनीति में भी और पार्टी में भी। यूँ तो आश्रय को पीसीसी का महासचिव बनाया गया है, लेकिन मंडी कांग्रेस में ही उनकी स्वीकार्यता को लेकर संशय है। इसमें कोई शक- ओ -शुबह नहीं है कि कई दिग्गजों नेताओं के दबदबे के चलते वे कभी सहज हो ही नहीं पाएं। इस पर 2019 में मिली करारी हार की टीस अभी कम भी नहीं हुई और अनचाहा उपचुनाव सामने आ गया। अब संभवतः आश्रय पशोपेश में हो, यदि पार्टी आदेश देती है तो उन्हें चुनाव में उतरना पड़ेगा, पर यदि पार्टी के दिग्गजों का सहयोग न मिला तो नतीजा पहले से ही दिख रहा है। 2019 के लाेकसभा चुनाव पर नज़र डाले तो भाजपा ने कांग्रेस काे मंडी संसदीय क्षेत्र के तहत आने वाली हर विधानसभा सीट पर पराजित किया था। उस चुनाव में रामस्वरूप शर्मा को 6 लाख 47 हजार 189 मत पड़े थे। जबकि कांग्रेस के आश्रय शर्मा को 2 लाख 41 हजार 730 मत मिले थे। यहां तक कि जिन विधानसभा क्षेत्राें में कांग्रेस के विधायक थे, वहां पर भी कांग्रेस के आश्रय काे बढ़त नहीं मिल पाई थी। यानी किन्नौर, कुल्लू और रामपुर विधानसभा क्षेत्राें में कांग्रेस के नुमाइंदे होने पर भी जनता ने कांग्रेस पर भरोसा नहीं जताया था। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को मिली बढ़त विधानसभा क्षेत्र भाजपा को बढ़त पांगी-भरमौर 19726 लाहौल स्पीति 3962 मनाली 16863 कुल्लू 24385 बंजार 21973 आनी 24569 करसोग 26860 सुंदरनगर 23427 नाचन 26395 सराज 37147 द्रंग 25517 जोगिंद्रनगर 36292 मंडी 27491 बल्ह 33168 सरकाघाट 31021 रामपुर 11550 किन्नौर 7048 17 विधानसभा क्षेत्रों का बनेगा रिपोर्ट कार्ड मंडी संसदीय क्षेत्र में दरअसल 17 विधानसभा क्षेत्र आते है। जाहिर है ऐसे में दोनों मुख्य राजनीतिक दलों का सभी 17 विधानसभा क्षेत्रों में इम्तिहान होगा। ये हिमाचल की कुल 68 विधानसभा सीटों का 25 फीसदी है। ऐसे में 2022 से पहले मंडी संसदीय उपचुनाव में बेहतर करने का दबाव दोनों राजनीतिक दलों पर होगा। जीत मिले या हार, पर विश्लेषण सभी 17 विधानसभा क्षेत्रों का होना है। जाहिर है स्थानीय नेताओं पर भी बेहतर करने का दबाव रहेगा। फिलवक्त इन 17 विधानसभा क्षेत्रों में से सिर्फ किन्नौर, रामपुर और कुल्लू में ही कांग्रेस के विधायक है। 2022 के लिए कांग्रेसी की कितनी तैयारी है , इसकी झलक भी लोकसभा उपचुनाव में देखने को मिलेगी। चुनाव के बाद सभी सम्बंधित विधानसभा क्षेत्रों का रिपोर्ट कार्ड बनना भी तय है। पांच साल में दस गुना बढ़ा था हार का अंतर 2014 के लोकसभा चुनाव में मंडी संसदीय सीट से वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह कांग्रेस उम्मीदवार थी और उस चुनाव में उन्हें करीब 40 हज़ार वोटों से शिकस्त मिली थी। जबकि 2019 में आश्रय शर्मा 4 लाख से भी अधिक वोटों से हारे थे। यानी 2014 में जो अंतर करीब 40 हज़ार था वो पांच साल में 10 गुना बढ़कर करीब चार लाख हो गया। दिग्गज भी धराशाई हुए है मंडी में इमरजेंसी के बाद हुए 1977 के आम चुनाव में इंदिरा विरोधी लहर में वीरभद्र सिंह मंडी से करीब 36 हज़ार वोट से चुनाव हार गए थे। 1989 में पंडित सुखराम करीब 28 हज़ार वोट से चुनाव हारे। उन्हें महेश्वर सिंह ने चुनाव हराया था। इसके बाद 1991 में महेश्वर सिंह को पंडित सुखराम ने परास्त किया। 1998 में महेश्वर सिंह ने प्रतिभा सिंह को चुनाव हराया। 1999 में महेश्वर ने कौल सिंह ठाकुर को हराया। महेश्वर सिंह इसके बाद 2004 में प्रतिभा सिंह से और 2009 में वीरभद्र सिंह के सामने चुनाव हार गए। वर्तमान में सूबे के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर 2013 के उप चुनाव में प्रतिभा सिंह से हारे । वहीं 2014 के आम चुनाव में प्रतिभा सिंह को रामस्वरूप शर्मा ने हराया। अजब -गजब राजनीति, मझधार में कांग्रेस वरिष्ठ नेता पंडित सुखराम पोते सहित कांग्रेस का हाथ थामे हुए है, तो उनके पुत्र अनिल शर्मा कहने को तो भाजपा के विधायक है लेकिन उनकी स्थिति किसी से छिपी नहीं है। पिता अनिल शर्मा भाजपा के लिए बेगाने है तो पुत्र आश्रय भी कांग्रेस में असहज दिखते है। माना जा रहा है कि 2022 चुनाव से पहले अनिल की कांग्रेस में घर वापसी होगी। पर तब तक पंडित सुखराम एंड फैमिली की इस अजब -गजब राजनीति के चलते कांग्रेस मझधार में अटकी है।
बाबा अमरनाथ की पवित्र गुफा से आरती का सीधा प्रसारण आज से शुरू होगा। कोरोना महामारी को देखते हुए पिछले साल की तरह इस साल भी बाबा अमरनाथ यात्रा को रद्द किया जा चुका है लेकिन सांकेतिक यात्रा हो रही है। यात्रा शुरू होने के पहले दिन आज पवित्र गुफा में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा व श्राइन बोर्ड के अधिकारी पूजा अर्चना करेंगे। प्रशासन व पुलिस के अधिकारी बालटाल रूट से पवित्र गुफा पहुंचेंगे। आज से लेकर 22 अगस्त तक आधे घंटे के लिए सुबह 6 बजे से लेकर 6.30 बजे तक और शाम 5 बजे से लेकर 5.30 बजे तक आरती होगी। इसका सीधा प्रसारण श्री अमरनाथ जी की वेबसाइट और ऐप पर होगा। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के चेयरमैन और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कोरोना काल के चलते श्री अमरनाथ यात्रा रद्द करने की घोषणा करते हुए कहा था कि लोगों की जिंदगियों को बचाने के लिए यात्रा रद्द की गई है। लेकिन पवित्र गुफा पर जल्द ही पहले की तरह ही सभी धार्मिक गतिविधियां हो सकेंगी। गौरतलब है कि यात्रा न होने के बावजूद भी दो महीने तक प्रशासनिक व पुलिस के अधिकारी के साथ साथ सुरक्षा बल गुफा में तैनात रहेगी। पवित्र गुफा में 56 दिन तक पूजा अर्चना होनी है। बोर्ड और प्रशासन छड़ी मुबारक का भी प्रबंध करेगा। रक्षा बंधन वाले दिन 22 अगस्त को अंतिम दर्शन किया जाएगा, जिसके साथ ही यह यात्रा समाप्त हो जाएगी।
पिछले दिनों से ऑनलाइन गेमिंग के चलते बैंक अकाउंट से पैसे साफ होने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। ऐसा ही एक और मामला छत्तीसगढ़ के कांकेर से सामने आया है, जहां एक महिला के बैंक अकाउंट से ऑनलाइन गेमिंग के चक्कर में करीब सवा तीन लाख रुपये कट गए। ये रुपये महिला के 12 साल के बेटे ने गेम में अपडेट्स के साथ खरीदे गए हथियारों को लेने में खर्च कर दिए। दरअसल, कांकेर में एक महिला जब पैसे निकालने एटीएम पहुंची तो उसे पता चला कि उसके अकाउंट में सिर्फ नौ रुपये बाकी रह गए हैं, जिसके बाद महिला के होश उड़ गए। बाद में महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई कि उसके साथ ऑनलाइन फ्रॉड हुआ है। हालांकि महिला ने ये भी बताया कि अकाउंट से पैसे कटने का न तो उसके पास कोई मैसेज आया और न ही OTP। जिसके बाद पुलिस समेत बैंककर्मी भी हैरान रह गए कि बिना किसी ओटीपी के रुपये कैसे विड्रॉल हो गए। इसके बाद जांच में पता चला कि आठ मार्च से दस जून के बीच महिला के खाते से 278 बार ट्रांजेक्शन कर तीन लाख 22 हजार रुपये निकाल लिए गए। जांच में इस बात का भी खुलासा हुआ कि गेम खेलने और गेम के लेवल को अपग्रेड करने के चलते ये पैसे अकाउंट से कटे हैं। महिला के 12 साल के बेटे से जब पूछा गया तो उसने बताया कि उसे ऑनलाइन गेम फ्री-फायर की लत लग गई थी। गेम में पूरी से दीवाना होने के बाद गेम के हथियार खरीदने का मन हुआ और मां के मोबाइल नंबर को बैंक अकाउंट से लिंक करके ट्राजेंक्शन करने लगा।
धर्मशाला के विधायक विशाल नैहरिया पर उनकी पत्नी एचएएस अफसर ओशिन शर्मा के आरोपों का महिला आयोग ने कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग ने पत्र लिखकर पुलिस अधीक्षक धर्मशाला से मामले की रिपोर्ट मांगी है। इस रिपोर्ट के आधार पर महिला आयोग आगे की कार्रवाई करेगी। ओशिन के वीडियो के आधार पर महिला आयोग ने कार्रवाई शुरू कर शुरू कर दी है। पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए महिला अधिकारी से भी बात की जाएगी। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डेजी ठाकुर का कहना है महिला अधिकारी के साथ प्रताडऩा के मामले में महिला आयोग ने संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी है। इस रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष जैनब चंदेल धर्मशाला में महिला के साथ घरेलू हिंसा के मामले पर प्रदेश सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार महिलाओं की सुरक्षा का दम भरती है, लेकिन इस पार्टी की मानसिकता इनके विधायकों की करतूतों से साफ झलकती है। महिला हितैषी होने का दावा करने वाले मुख्यमंत्री जयराम विधायक की विधानसभा सदस्य रद कर इसका प्रमाण दें। महिला सुरक्षा व बेटी बचाओ के नारे केवल दीवारों पर लगाने से कोई सरकार महिला हितैषी नहीं होती है। इस मौके पर प्रदेश महिला कांग्रेस प्रभारी नीतू वर्मा, जिला प्रधान रिंकू चंदेल व चंपा ठाकुर भी मौजूद रहीं।
देश की राष्ट्रीय राजधानी में स्थित छत्रसाल स्टेडियम में हुई पहलवान सागर धनखड़ की हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस ने रविवार को एक और आरोपी गौरव को गिरफ्तार कर लिया। वारदात के समय गौरव, सुशील कुमार का साथ देने के लिए छत्रसाल स्टेडियम में ही मौजूद था। आपको बता दें कि गिरफ्तार हुए आरोपी गौरव की उम्र महज 22 साल है। वह जूनियर पहलवान है। वह बापरौला गांव का रहने वाला है। बता दें कि 4 और 5 मई की मध्यरात्रि को दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में सुशील कुमार और उसके साथियों ने मिलकर पहलवान सागर धनखड़ को कथित रूप से बहुत पीटा था, जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई थी. हैरान करने वाली बात ये है कि सुशील कुमार ने खुद इस घटना का वीडियो बनावाया था ताकि बाकी लोगों को पता चल सके कि उसके खिलाफ जाने क्या अंजाम हो सकता है? गौरतलब है कि सुशील कुमार को हाल ही में दिल्ली की मंडोली जेल में शिफ्ट किया गया। पहले वह तिहाड़ जेल में बंद था। पुलिस अभी मामले की जांच कर रही है।
हिमाचल पथ परिवहन निगम प्रबंधन ने बाहरी राज्यों के लिए बस सेवा शुरू करने की तैयाररी पूरी कर ली है। एक जुलाई से एचआरटीसी की वोल्वो बसें शिमला-दिल्ली, दिल्ली-शिमला, हमीरपुर-दिल्ली दिल्ली-हमीरपुर और सरकाघाट-दिल्ली, दिल्ली-सरकाघाट रूटों पर चलेगी। इन लग्जरी बसों के लिए एचआरटीसी की वेबसाइट पर एडवांस टिकट बुकिंग की सुविधा शुरू कर दी गई है। हालांकि, साधारण बसों को लेकर जानकारी अभी तक वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं करवाई गई है। 50 फीसदी ऑक्यूपेंसी सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल पर 39 सीटों में से 21 सीटें ब्लॉक की गई हैं। दिल्ली से शिमला के लिए दो जुलाई को वोल्वो में सबसे अधिक एडवांस बुकिंग हो रही है। एक वोल्वो में 12 सीटें बुक हो चुकी हैं। शिमला से दिल्ली के लिए वोल्वो में दो से चार सीटें ही बुक हुई हैं।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से एक दर्दनाक हादसा पेश आया है। मंडी जिले में दो युवाओं की पहाड़ी से गिरकर मौत हो गई। मिली जानकारी के मुताबिक द्रंग हल्के के बदार क्षेत्र की मैहनी पंचायत के चार युवाओं का ग्रुप पराशर के लिए पैदल ट्रैकिंग पर निकला था। युवा रात को पराशर से करीब पांच किलोमीटर दूरी पर टेंट लगा कर रात गुजार रहे थे। देर रात को एक युवक का पेट खराब हो गया। जो अपने साथी के साथ शौच के लिए जंगल में गया। अचानक पैर फिसलने पर उसने बचाव के लिए अपने साथी का सहारा लिया। लेकिन रात के अंधेरे में दोनों युवक करीब ढाई सौ मीटर गहरी खाई में लुढ़क गए। दोनो युवकों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों युवक कांग्रेस पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता थे। इस घटना से द्रंग क्षेत्र में गमगीन माहौल है। एसपी मंडी शालिनी अग्रिहोत्री ने कहा कि उन्हें हादसे की सूचना मिली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के सात महीने पूरे होने पर किसानों ने शनिवार को कई राज्यों में राज्यपालों के आवास तक मार्च करने की कोशिश की। वहीं, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों से अपना आंदोलन खत्म करने की अपील की और तीनों कानूनों के प्रावधान पर बातचीत फिर से शुरू करने की पेशकश की। वहीं संयुक्त किसान मोर्चा ने तोमर के हाल के बयानों को विरोधाभासी बताते हुए कहा कि किसान नेता कानूनों में अर्थहीन संशोधन की मांग नहीं कर रहे हैं। किसानों की करीब 40 यूनियन, संयुक्त किसान मोर्चा की अगुआई में दिल्ली के विभिन्न बॉर्डर पॉइंट्स पर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा ने दावा किया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान हरियाणा, पंजाब, कर्नाटक, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्यों में किसानों को हिरासत में लिया गया।
जम्मू के टेक्निकल एयरपोर्ट परिसर में देर रात दो बजे के करीब दो धमाके हुए हैं। जम्मू पुलिस ने इसकी पुष्टि की है। इन धमाकों में लोग घायल भी हुए हैं, घायलों को मिलिट्री अस्पताल ले जाया गया है। जम्मू पुलिस के मुताबिक यह कम तीव्रता का धमाके हैं. एहतियात के तौर पर बम डिस्पोजल टीम और फॉरेंसिक स्क्वाड मौके पर पहुंच गए हैं। जानकारी के मुताबिक इस धमाके की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी है। बता दें कि इसी जगह पर भारतीय वायुसेना का स्टेशन हेडक्वार्टर और इसके साथ ही जम्मू का मुख्य हवाई अड्डा भी इसी परिसर में आता है। धमाके के बाद से आसपास के इलाके में अफरातफरी का मौहाल है। घटना स्थल पर वायुसेना, भारतयी सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस के अधिकारी पहुंच गए हैं।
नौसेना की तैयारियों का जायजा लेने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज तीन दिवसीय लेह-लद्दाख दौरे के लिए रवाना हुए। राजनाथ सिंह ने इस बारे में जानकारी देते हुए ट्वीट किया। दौरै में राजनाथ सिंह चीन से सटी एलएसी पर सेना की तैयारियों का जायजा लेंगे। अपने दौरे में रक्षा मंत्री बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन यानि बीआरओ द्वारा चीन से सटे एलएसी के इलाकों में नव-निर्मित निर्माण सड़क और पुल का उदघाटन भी करेंगे। इससे ना केवल सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले निवासियों को आवाजाही में सुविधा मिलेगी बल्कि सेना की मूवमेंट भी आसान हो जाएगी। रक्षा मंत्री वहां वायुसेना की ऑपरेशनल तैयारियों की भी समीक्षा करेंगे। इससे पहले उन्होंने 24-25 जून को कारवार और कोच्चि में नौसेना के प्लान और प्रोजेक्टस की समीक्षा की थी। वहीं पिछले हफ्ते उन्होंने असम-अरूणाचल प्रदेश के दौरे के समय बीआरओ की ओर से तैयार एलएसी को जोड़ने वाली करीब एक दर्जन सड़क और पुलों का उदघाटन किया था। जानकारी के अनुसार राजनाथ सिंह लेह-लद्दाख दौरे में सेना की 14वीं कोर के मुख्यालय का दौरा कर स्थानीय कमांडर्स से एलएसी के ताजा हालात की जानकारी लेंगे। इसके साथ ही वे फॉरवर्ड लोकेशन का दौरा कर सैनिकों से भी मुलाकात कर सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला के भाजपा विधायक विशाल नैहरिया ने पत्नी की ओर से उनपर लगाए गए मारपीट के आरोपों पर सफाई दी है। विधायक के पीए की ओर से व्हाट्सएप ग्रुप में जारी एक बयान में कहा गया है कि मामले में नैहरिया ने कांगड़ा एसपी विमुक्त रंजन के समक्ष अपना पक्ष रखा है। कहा कि विवाह के कुछ दिन बाद से ही पत्नी ने उन पर और उनके परिवार पर कई तरह से मानसिक दवाब डालना शुरू कर दिया था। जिस पर कई बार खुद विशाल नैहरिया ने समझाने और मनाने का प्रयास किया गया। एक पढ़े-लिखे,अपने पद की गरिमा को समझते हुए व सामाजिक जिम्मेदारी को जानते हुए उन्होंने इस बात को घर तक ही सीमित रखना उचित समझा व घर में ही मामले को शांत करने का भरपूर प्रयास किया। उन्होंने कहा कि वह अब भी चाहते हैं कि घर की बातें घर में ही सुलझ जाएं और उसे समाजिक और राजनीतिक तूल न दिया जाए। उधर, जब इस मामले पर एसपी कांगड़ा विमुक्त रंजन से बात की गई तो उन्होंने विधायक के पुलिस के समक्ष रखने की बात से इंकार किया। एसपी ने कहा कि मामले पर विधायक से अभी तक कोई बयान नहीं लिया गया है। बता दें विधायक विशाल नैहरिया के खिलाफ उनकी एचएएस पत्नी ने बीते दिन मारपीट के आरोप लगाकर पुलिस से सुरक्षा मांगी थी। विधायक विशाल नैहरिया की पत्नी ने मारपीट के बाद एक वीडियो भी बनाया और उसे सोशल मीडिया में डाला। वीडियो में पत्नी मारपीट के जख्म दिखाकर विधायक पर आरोप लगाए थे।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर हिमाचल दौरे पर हैं। दोनों नेताओं ने शनिवार सुबह मनाली के घुड़दौड़ में मुलाकात की। दोनों के बीच करीब एक घंटा बात हुई और साथ नाश्ता किया। दोनों के बीच लंबी मंत्रणा हुई है। गडकरी आज परिवार सहित मणिकर्ण घूमने जाएंगे। खट्टर का अटल टनल जाने का कार्यक्रम है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से हरियाणा के प्रस्तावित सड़क मार्गों को लेकर चर्चा की। बातचीत करने के बाद मुख्यमंत्री खट्टर अटल टनल निहारने धुंधी गए, जबकि केंद्रीय मंत्री का काफिला दोपहर के समय मनाली के साथ लगते शनाग गांव की ओर रवाना हुआ।
नौसेना की तैयारियों का जायजा लेने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रविवार को तीन दिवसीय दौरे पर लेह-लद्दाख जा रहे हैं। इस दौरान वह चीन से सटी एलएसी पर सेना की तैयारियों का जायजा लेंगे. बीआरओ की सड़क और ब्रिज का उदघाटन करेंगे। वायुसेना की ऑपरेशनल तैयारियों की भी समीक्षा करेंगे। 24-25 जून को कारवार और कोच्चि में नौसेना के प्लान और प्रोजेक्टस की समीक्षा करने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रविवार को तीन दिवसीय दौर पर लेह-लद्दाख जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, इस दौरान रक्षा मंत्री बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन यानि बीआरओ द्वारा चीन से सटे एलएसी के इलाकों में नव-निर्मित निर्माण सड़क और पुल का उदघाटन करेंगे। इससे ना केवल सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले निवासियों को आवाजाही में सुविधा मिलेगी बल्कि सेना की मूवमेंट भी आसान हो जाएगी। बता दें कि पिछले हफ्ते भी रक्षा मंत्री ने असम-अरूणाचल प्रदेश के दौरे के दौरान एलएसी को जोड़ने वाले करीब एक दर्जन सड़क और पुलों का उदघाटन किया था। ये सभी सड़कें भी बीआरओ ने तैयार की थीं।
शिमला:सत्येन वैद्य को हिमाचल प्रदेश हाइकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। आज उन्होंने हिमाचल प्रदेश के न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। हिमाचल प्रदेश के मुख्य न्यायाधीश एल. नारायण स्वामी ने उन्हें सादे समारोह में न्यायाधीश के पद की शपथ दिलाई। अब हिमाचल प्रदेश में मुख्य न्यायाधीश समेत 11 जजों की संख्या पूरी हो गई है।
प्रदेश के धर्मशाला से पहली बार भाजपा से विधायक बने विशाल नैहरिया के खिलाफ उनकी एचएएस पत्नी ने मारपीट के आरोप लगया है। नैहरिया की पत्नी ने पुलिस से सुरक्षा की मांग भी की है। एसपी कांगड़ा विमुक्त रंजन ने विधायक नैहरिया की पत्नी की ओर से पति के खिलाफ शिकायत मिलने की पुष्टि की है। एसपी ने कहा कि विधायक नैहरिया की पत्नी ने मारपीट की शिकायत की है। पुलिस से सुरक्षा की मांग भी की है। विधायक विशाल नैहरिया की पत्नी ने मारपीट के बाद एक वीडियो भी बनाया है। वीडियो में पत्नी मारपीट के जख्म दिखाकर विधायक पर आरोप लगा रही हैं। गौरतलब है कि विधायक और उनकी पत्नी की शादी दो माह पहले हुई थी। शादी से पहले पत्नी नगरोटा सूरियां ब्लॉक में बीडीओ के पद पर रह चुकी हैं। वर्तमान में वह धर्मशाला में बतौर एचएएस पद पर सेवाएं दे रही है। पुलिस को दी शिकायत में ओशिन शर्मा ने आरोप लगाया है कि शादी से पहले और शादी के बाद भी विधायक नैहरिया उनके साथ मारपीट कर रहे थे। उनके पति राजनीतिक रूप से प्रभावशाली हैं, इसलिए उनको अपनी सुरक्षा का खतरा है। उन्होंने शिकायत पत्र में पुलिस से सुरक्षा की मांग की है।
हिमाचल प्रदेश में कोई दुकानदार ठगी करता है तो इसकी शिकायत अब घर बैठे ही की जा सकेगी। राज्य उपभोक्ता आयोग ने ई-दाखिल पोर्टल शुरू किया है। बिजली, पानी, टेलीफोन के बिल ज्यादा आने पर भी आयोग में शिकायत की जा सकेगी। चंडीगढ़, दिल्ली और मुंबई से भी सामान खरीदा हो, उसमें खोट मिलने पर भी शिकायत कर सकेंगे। नया कानून लागू करने के बाद हिमाचल प्रदेश उपभोक्ता विवाद निस्तारण आयोग ने यह नई व्यवस्था शुरू की है। इसे उपभोक्ता संरक्षण नियमों के तहत शुरू किया गया है। इस संबंध में राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग से मंजूरी ली गई है। इन मामलों के लिए कर सकते है शिकायत उदाहरण के तौर किसी ने जूते को पांच सौ रुपये के असल मूल्य के बजाय एक हजार रुपये में बेच दिया। गलत वारंटी दे दी। नकली ब्रांड बेचा। कुछ दिन में ही खराब हो गया तो ऐसी तमाम स्थितियों में शिकायत की जा सकती है। अगर पानी का बिल आ रहा है और पेयजल की आपूर्ति नहीं हो रही है। बिजली बिल आ रहा है, मगर बिजली नहीं है। टेलीफोन सुविधा नहीं है, मगर बिल आ रहा है। सिम रिचार्ज कर दिया, मगर फिर भी सुविधा नहीं मिल रही। ऐसे तमाम मामलों में आयोग या फोरम के समक्ष शिकायत की जा सकेगी।


















































