फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला पुलिस थाना बालूगंज के तहत एक व्यक्ति से Any desk application डाउनलोड करवाकर 1.53 लाख रुपए की ठगी करने के मामले में साइबर सेल शिमला ने अपराधी को जामतारा, झारखंड से गिरफ्तार किया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने पानी का बिल जमा करने के लिए ऑनलाइन पेमेंट की, जिसमें समस्या आने पर गूगल से कस्टमर केअर का नंबर सर्च कर कॉल की, जिसमें शातिर ने उससे पेमेंट क्लियर करने के लिए Any desk ऐप डाउनलोड करवाई, जिसके बाद उसके बैंक खाते से 1.53 लाख रुपए निकाल लिए। उक्त शिकायत पर थाना बालूगंज में अभियोग संख्या 59/22 अधीन धारा 420 भादसं के तहत मामला दर्ज कर अरोपी की धरपकड़ के लिए पुलिस की विशेष टीम गठित की गई, जिस पर पुलिस ने आरोपी की लोकेशन ओर कॉल डिटेल के आधार पर जामतारा, झारखंड में दबिश देकर आरोपी को उक्त केस में (60 हज़ार कैश, डेबिट कार्ड व मोबाइल फोन के साथ) गिरफ्तार किया है। उक्त अभियोग में IT Act भी जोड़ा जा रहा है। मामले में अन्वेषण जारी है। अतः जनसाधारण से अनुरोध किया जाता है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने मोबाइल में कोई भी ऐप डाउनलोड न करें और न ही इस प्रकार की कोई जानकारी किसी के साथ साझा करें तथा इस तरह के ऑनलाइन फ्रॉड से सावधान रहें।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि राज्य शीघ्र ही हरित राज्य बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने राज्य की थर्मल पावर प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए मंत्रालय से सहयोग का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य में केवल 2000 मेगावाट की थर्मल ऊर्जा का उपयोग किया जा रहा है, जबकि शेष हरित ऊर्जा है। उन्होंने कहा कि अगर राज्य को उपयुक्त सहायता उपलब्ध करवाई जाती है, तो हिमाचल प्रदेश शत-प्रतिशत हरित ऊर्जा उत्पादन करेगा और इसे प्राप्त करने वाला देश का पहला राज्य बन सकेगा। उन्होंने कहा कि इससे बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। क्योंकि हरित उत्पादों की अधिक मांग है। उन्होंने बीबीएमबी के लम्बित मामलों की भी जानकारी दी और उनका शीघ्र निपटारा करने का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए बधाई दी और उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। मुख्य सचिव राम सुभग सिंह ने बैठक में महत्वपूर्ण मुद्दों से अवगत करवाया।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज नार्थ ब्लॉक नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भेंट की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से राज्य के सेब उत्पादकों के हित में सेब पर आयात शुल्क बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि दूसरे देशों के सेब भारतीय बाजार में आ रहे हैं, जिससे राज्य की सेब अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने औद्योगिक विकास अनुदान योजना को दो वर्ष और बढ़ाने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह योजना चालू वर्ष में समाप्त हो रही है। मुख्यमंत्री ने मंडी हवाई अड्डे के निर्माण के लिए विशेष केंद्रीय सहायता उपलब्ध करवाने का भी आग्रह किया। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के लिए विशेष केन्द्रीय सहायता बढ़ाने का भी आग्रह किया।उन्होंने केंद्रीय मंत्री को आगामी वित्त वर्ष के लिए प्रस्तुत किए गए बजट में महिला सशक्तिकरण योजनाओं पर अधिक ध्यान केंद्रीत करने के सम्बन्ध में भी विस्तार से जानकारी दी। मुख्य सचिव राम सुभग सिंह ने राज्य की विकासात्मक मांगों के बारे में अवगत करवाया।केंद्रीय वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री को राज्य के लिए हर संभव सहायता उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट की मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से सिरमौर जिला के ट्रांस गिरि क्षेत्र को जनजातीय क्षेत्र और हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति घोषित करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के जौनसार क्षेत्र के आसपास के इलाके को पहले ही जनजातीय क्षेत्र घोषित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सिरमौर जिला के ट्रांस-गिरी क्षेत्र को जनजातीय क्षेत्र घोषित करना क्षेत्र के लोगों की जायज मांग है। क्योंकि इससे 144 पंचायतों की लगभग तीन लाख आबादी लाभांवित होगी। उन्होंने कहा कि इससे न केवल इस क्षेत्र के लिए अतिरिक्त और विशेष बजट सुनिश्चित होगा, बल्कि इस क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को भी पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने राज्य में क्रियान्वित की जा रही विभिन्न विकासात्मक योजनाओं के बारे में भी चर्चा की और केंद्र के हर संभव सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने बजट में प्रस्तावित कल्याणकारी योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। मुख्य सचिव राम सुभग सिंह ने बैठक में बहुमूल्य जानकारी दी। केंद्रीय गृह मंत्री ने राज्य की मांगों को धैर्यपूर्वक सुना और हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला एसएफआई राज्य कमेटी हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधिमंडल छात्र मांगों को लेकर HRTC के प्रबंधक निदेशक से मिला तथा ज्ञापन सौंपा। जिसमें एसएफआई की मुख्य तौर पर दो मांगे थी। पहली मांग ये थी कि शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को बस पास सुविधा ऑनलाइन माध्यम से दी जाए तथा दूसरी मांग ये थी कि महाविद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों को शिक्षण संस्थानों में आने जाने के लिए मुफ्त बस सुविधा दी जाए। एसएफआई राज्य सहसचिव अनिल ठाकुर ने बात रखते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में पढ़ने वाला बहुत सा छात्र समुदाय दूरदराज से आता है तथा आर्थिक रूप से इतना मजबूत नहीं है कि वह रोज किराया दे सके। इसलिए शिक्षण संस्थान में पढ़ने वाले छात्रों को आने जाने के लिए मुफ्त बस सुविधा मिलनी चाहिए। क्योंकि हिमाचल में 12 कक्षा तक मुफ्त बस सेवा है, परंतु महाविद्यालय या हायर एजुकेशन लेने वाले छात्र के लिए ऐसा प्रावधान नहीं हैं तथा दिल्ली, केरल, पंजाब व तमिलनाडु आदि कई राज्यों में छात्रों को मुफ्त बस सुविधा पहले से दी जा रही है। इसलिए हिमाचल प्रदेश में भी ऐसा होना चाहिए, ताकि दूरदराज तथा दुर्गम क्षेत्र से आने वाला छात्र समुदाय शिक्षा हासिल कर सके। वहीं, राज्य अध्यक्ष रमन थारटा ने कहा कि जो बस पास बनाया जाता है, वह HRTC डिपो में बनाया जाता है तथा कई डिपो शिक्षण संस्थानों से बहुत दूर है, जिस कारण छात्र बस पास बनवाने के लिए नहीं पहुंच पाता है। इसलिए वह बस पास की सुविधा ऑनलाइन तथा ऑफ लाइन दोनों माध्यम से दी जाए। एसएफआई ने इस मुद्दे को तुरंत हल करने की मांग मैनेजिंग डायरेक्टर से की तथा HRTC अधिकारियों द्वारा आश्वासन दिया गया तथा एसएफआई की इन मांगों की सराहना करते हुए कहा कि जल्द ही इन मांगों पर काम शुरू किया जाएगा।
फर्स्ट वर्डिक्ट। रिकांगपिओ शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डाईट रिकांगपिओ में जिला स्तरीय राष्ट्रीय गणित व विज्ञान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक किन्नौर अशोक नेगी ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की मुख्यातिथि ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को गणित व विज्ञान दिवस क्यों मनाया जाता है के बारे में जानकारी दी तथा विभिन्न प्रतियोगिता में अव्वल आए छात्र छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। जिला विज्ञान पर्यवेक्षक गणेश नेगी ने बताया कि इस दौरान जिले के 21 सरकारी व निजी स्कूलों ने भाग लिया, जिसमें गणित दिवस में 73 व विज्ञान दिवस पर 96 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया तथा इस दौरान विभिन्न वर्गों की पोस्टर मेकिंग, गणित व विज्ञान ओलंपियाड़ आदि प्रतियोगिताएं करवाई गईं। विज्ञान दिवस पर जूनियर वर्ग की निबंध प्रतियोगिता में डीएवी रिकांगपिओ की सान्या ने प्रथम, एसडी स्कूल की अष्वन्तिका ने द्वितीय व उड़ान स्कूल की पलवी में तृतीय स्थान प्राप्त किया, जबकि सीनियर वर्ग में कोठी की बबीता ने प्रथम, उड़ान की गुंजन ने द्वितीय व थेमग्रंग की प्रीजिता ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त सीनियर सेकेंडरी वर्ग में एसडी स्कूल की आस्था ने प्रथम, वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रिकांगपिओ की खुशबू कुमारी ने द्वितीय व तंगलिंग की मोनिका ने तृतीय स्थान प्राप्त किया, जबकि साईंस ओलंपियाड़ की जूनियर वर्ग में गुरुकुल स्कूल सांगला की अंजुम ने प्रथम, थेमग्रंग की पलक ने द्वितीय वह भावानगर की सुजल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया, जबकि सीनियर वर्ग में गुरुकुल स्कूल सांगला के सारांश ने प्रथम, रिकांगपिओ कि सुनिधि ने द्वितीय व डीएवी की सुहाना नेगी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त सीनियर सेकेंडरी वर्ग में रिकांगपिओ की अशांसा बिष्ट ने प्रथम, एसडी स्कूल की अनुष्का ने द्वितीय व हिमालय स्कूल के साहिल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त पोस्टर मेकिंग के जूनियर वर्ग में कोठी के लोकेश ने प्रथम, तंगलिंग के विवेक ने द्वितीय व रिकांगपिओ की नव्या में तृतीय स्थान प्राप्त किया, जबकि सीनियर वर्ग में रिकांगपिओ की सिमरन ने प्रथम, उड़ान की अनुष्का ने द्वितीय व सापनी की अनुष्का किरण ने तृतीय स्थान प्राप्त किया, जबकि सीनियर सेकेंडरी वर्ग में रिकांगपिओ की आरुषि ने प्रथम, रिब्बा की तनुजा ने द्वितीय व रिकांगपिओ के आर्यन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय गणित दिवस पर आयोजित प्रतियोगिताओं में जूनियर वर्ग की पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में सांगला के दीक्षा ने प्रथम, रिकांगपिओ के रोहन ने द्वितीय व दाखो की कनिका ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सीनियर वर्ग में उड़ान स्कूल की भाविका ने प्रथम, डीएवी की ईवा ने द्वितीय व कोठी की सिमरन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया, जबकि सीनियर सेकेंडरी वर्ग में रिकांगपिओ के अमनदीप में प्रथम, एसडी के ऋषभ ने द्वितीय व तंगलिंग के सौरभ ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त मैथेमेटिक्स ओलंपियाड़ के जूनियर वर्ग में उड़ान की स्मृति में प्रथम, एसडी के सौरभ ने द्वितीय व डीएवी के वरुण ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सीनियर वर्ग में उड़ान के अभय ने प्रथम, एसडी के आयुष ने द्वितीय व रिकांगपिओ की दीपशिखा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया, जबकि सीनियर सेकेंडरी वर्ग में कल्पा के विजय कुमार ने प्रथम, रिकांगपिओ की अशांसा बिष्ट ने द्वितीय व उड़ान के मनजीत सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
विरेंद्र बांश्टू होंगे अध्यक्ष, अजय ठाकुर चेयरमैन फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला क्षेत्र के युवाओं को नशे से दूर रखने और गली क्रिकेट से फ्रेंचाइजी स्पोर्ट्स तक ले जाने के लिए शिमला में 20 मार्च से क्रिकेट कार्निवल का आयोजन होने जा रहा है। क्रिकेट कार्निवल को आयोजित करने के लिए हिमालयन स्पोर्ट्स एंड कल्चरल यूथ क्लब ने कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी का चेयरमैन अजय ठाकुर को बनाया गया है और वाइस चेयरमैन की भूमिका इंद्र काल्टा निभाएंगे। कमेटी के अध्यक्ष वीरेंद्र बांश्टू रहेंगे और उपाध्यक्ष के पद पर संदीप चौहान और विपिन सिंह को नियुक्त किया गया है। महासचिव के पद पर संदीप ठाकुर, करण कंवर, अंकुश ठाकुर और बलजीत को नियुक्ति दी गई है और कोषाध्यक्ष की भूमिका अंकुश वर्मा निभाएंगे। इसके साथ ही कमेटी के ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेट्री के पद पर अमित कोहली, ज्ञान कंवर, चंदन, मनोज चौहान और राहुल जमाल्टा रहेंगे। प्रेस सेक्रेटरी की जिम्मेदारी सुधांशु ठाकुर के पास रहेगी, सोशल मीडिया इंचार्ज राजीव वर्मा रहेंगे और मार्केटिंग की जिम्मेदारी विक्रांत चौहान को दी गई है, जबकि फाइनेंशियल एडवाइजर के तौर पर दिनेश चोपड़ा भूमिका निभाएंगे और कमेटी के प्रवक्ता अंकित ठाकुर और पंकज वर्मा रहेंगे। क्रिकेट कार्निवल की कमेटी के लीगल एडवाइजर सुमित, विवेक, देवेन भट्ट और राहुल कश्यप रहेंगे और टेक्निकल कमेटी को विक्रम ठाकुर, धर्मेंद्र वर्मा और भागीरथ चलाएंगे। क्रिकेट कार्निवल के लिए कोर कमेटी का गठन भी किया गया है, जिसमें पार्षद इंद्रजीत सिंह के साथ खुशपाल सिंह, बलविंदर, नीटू ठाकुर, पाली ठाकुर, टिटु ठाकुर, रमन सरकैक, दीपक रोहाल, आलोक पठानिया, अमित श्याम, कामेश्वर सोफरा, दिवाकर, कुलदीप ठाकुर, कमलेश वर्मा और अनु ठाकुर को शामिल किया गया है। क्रिकेट कार्निवल पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की याद में उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित किया जा रहा है। इस टूर्नामेंट में शिमला नगर निगम क्षेत्र के युवा बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इस टूर्नामेंट में केवल नगर निगम शिमला के अंतर्गत रहने वाले लोग ही भाग ले सकते हैं और अपने-अपने वार्ड की टीम के साथ खेल सकते हैं। एक टीम के लिए इस टूर्नामेंट में ₹2500 प्रवेश शुल्क रखा गया है और सभी खिलाड़ियों को क्रिकेट कार्निवल की तरफ से किट भी दी जाएगी। इसके अलावा एक और आकर्षक बात यह है इस टूर्नामेंट में महिला टीमों के लिए प्रवेश बिल्कुल मुफ्त रखा गया है। यह टूर्नामेंट 3 फेस में आयोजित किया जाएगा। पहले फेस में चार जोन में नगर निगम के वार्ड के अनुसार टीमों को बांटा जाएगा, जिसमें हर जोन में 8 से 9 वर्ड शामिल होंगे। सभी जोन की टीमों के पहले फेस में आपस में मैच होंगे और सभी जोन्स के अपने-अपने फाइनल मैच भी होंगे, जिसमें विजेता टीमों को ₹33000 और ट्रॉफी दी जाएगी और साथ ही रनर अप को ₹17000 और ट्राफी दी जाएगी। साथ ही मैन ऑफ द सीरीज को ₹3000 और ट्राफी दी जाएगी। पहले फेस में सभी जोनों के बेस्ट बैट्समैन, कीपर, बॉलर और फील्डर को एक-एक हजार रुपए के साथ ट्रॉफी भी दी जाएगी और साथ ही सभी मैचों में मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार भी दिया जाएगा। पहले फेस से क्वालीफाई होने वाली सर्वश्रेष्ठ 16 टीमों को दूसरे फेस में खेलने का मौका मिलेगा और दूसरे फेस में विजेता टीम के लिए ₹2,00,000 और ट्रॉफी का आकर्षक इनाम है और साथ ही रनर अप टीम के लिए ₹1,00,000/- और ट्रॉफी का इनाम रखा गया है, और साथ ही मैन ऑफ द सीरीज को ₹20,000 के साथ ट्रॉफी दी जाएगी। इसके अलावा बेस्ट बैट्समैन, कीपर, बॉलर और फील्डर को पांच ₹5,000 के साथ ट्रॉफी दी जाएगी और सभी मैचों में मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार भी दिया जाएगा। इसके बाद तीसरा फेस इस टूर्नामेंट का सबसे आकर्षक फेस रहने वाला है, जिसमें फ्रेंचाइजी मॉडल पर टीमें खरीदी जाएंगी और खिलाड़ियों की नीलामी होगी और यह तीसरा फेस फ्रेंचाइजी मॉडल पर ही आयोजित किया जाएगा। क्रिएट कार्निवाल का आयोजन शिमला के भराड़ी पुलिस ग्राउंड में किया जाना है और इसके माध्यम से हिमालयन स्पोर्ट्स एंड कल्चरल यूथ क्लब जनता में नशा छोड़ कर खेल खेलने का संदेश देना चाहता है। क्लब के अध्यक्ष वीरेंद्र बांश्टू ने बताया कि इस क्रिकेट कार्निवल के माध्यम से वे हिमाचल प्रदेश में गली क्रिकेट को बढ़ावा देना चाहते हैं और साथ ही क्रिकेट कार्निवल के माध्यम से युवाओं को क्रिकेट में एक सुनहरा भविष्य बनाने का मौका भी देना चाहते हैं। इस टूर्नामेंट का पहला और दूसरा फेस गली क्रिकेट के फॉर्मेट में होगा और तीसरा फेस लेदर की बॉल से खेला जाएगा। क्रिकेट कार्निवल शिमला में खेलों के प्रति एक अलग क्रांति लाने के मकसद से आयोजित किया जा रहा है और साथ ही नशे की ओर अग्रसर होते हुए युवाओं को यह संदेश देने की कोशिश है कि वह नशा त्याग कर खेल की ओर अग्रसर हों।
चार राज्यों के चुनावों परिणामों में पार्टी की विशाल जीत पर केंद्रीय नेतृत्व को बधाई दी फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने चार राज्यों के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की भारी जीत पर केंद्रीय नेतृत्व विशेषतौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा को बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पांच में से चार राज्यों में यह विशाल जीत केंद्र एवं भाजपा शासित राज्य सरकारों की नीतियों और कार्यक्रमों के प्रति जनमत को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर की जनता ने इन राज्यों की सरकारों और केंद्रीय नेतृत्व के प्रति अपनी पूर्ण आस्था जताई है। उन्होंने कहा कि इससे विभाजनकारी तत्वों को एक बार पुनः यह संदेश गया है कि देश की जनता एक मजबूत और सक्षम नेतृत्व चाहती है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वयं को सुरक्षित महसूस करती है। जयराम ठाकुर ने कहा कि इन राज्यों के चुनावों परिणामों से यह स्पष्ट हो गया है कि भारतीय जनता पार्टी हिमाचल में भी मिशन रिपीट में सफल रहेगी। क्योंकि देश के साथ-साथ प्रदेश की जनता भी कांग्रेस पार्टी से निराश हो चुकी है और पांच राज्यों के आम चुनावों में लोगों ने कांग्रेस को पूर्ण रूप से नकार दिया है। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी की जीत पर अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष और विधायकों के साथ शिमला के चक्कर स्थित पार्टी के राज्य मुख्यालय दीपकमल मंे खुशियां मनाई।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज वर्चुअल माध्यम से मंडी में हंस रीनल केयर सेंटर का लोकार्पण किया और मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए पीटरहॉफ से प्रदेश के विभिन्न भागों के लिए 15 एमएमयू को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लोगों को उनके घरों के निकट गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 7 जनवरी, 2022 में हंस फाउंडेशन के साथ प्रदेश में 10 डायलिसिस केंद्र और 40 मोबाइल चिकित्सा इकाईयों के संचालन और प्रबंधन के लिए एक समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया था। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क डायलिसिस सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए हंस फाउंडेशन द्वारा प्रदेशभर में 10 डायलिसिस केंद्र संचालित किए जाएंगे। इनमें से मंडी में चार, सोलन तथा शिमला में दो-दो तथा कांगड़ा और किन्नौर में एक-एक डायलिसिस केंद्र संचालित किया जाएगा। प्रत्येक चिन्हित अस्पताल की डायलिसिस इकाई तीन मशीनों के माध्यम से संचालित की जाएगी। उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा सभी आवश्यक उपकरण, प्रबंधन, मानव संसाधन, दवाएं एवं बिजली तथा पानी की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने कोविड-19 महामारी के दौरान प्रदेश के लोगों की सक्रिय भागीदारी से न केवल इस संक्रमण के प्रसार को प्रभावशाली तरीके से रोका, बल्कि टीकाकरण अभियान में भी हिमाचल देश में अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड-19 प्रबंधन में प्रदेश सरकार द्वारा उठाए गए कदमों और प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के दूर-दराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए जीवनधारा मोबाइल हेल्थ सेन्टर द्वारा 10 मेडिकल मोबाइल यूनिट संचालित की जा रही है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत चिकित्सा अधिकारियों द्वारा निःशुल्क चिकित्सा परामर्श, रक्तचाप जांच, मधुमेह और कैंसर की भी जांच की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संगठन द्वारा प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण निःशुल्क प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के दृष्टिगत 40 मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालित की जाएंगी। इनके माध्यम से राज्य के कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, शिमला और सोलन जिला के कुल 960 गांवों को सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि तीन साल की अवधि में इस पर 67 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे। जयराम ठाकुर ने कहा कि मोबाइल मेडिकल यूनिट स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने का एक अभिनव प्रयास है, जिसके माध्यम से कमजोर वर्गों और जरूरतमंद लोगों की स्वास्थ्य संबंधी विषमताओं को कम करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि एमएमयू कमजोर वर्गों को सीधे तौर पर सुविधा उपलब्ध करवाने के साथ ही लोगों को किफायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करवाएंगी। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि हंस फाउंडेशन पीड़ित मानवता को सहायता प्रदान करने का परोपकारी कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कोविड-19 के दौरान संक्रमण के प्रसार को रोकने में असाधारण रूप से बेहतर कार्य किया और टीकाकरण की पहली और दूसरी डोज देने वाला हिमाचल देश का पहला राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि हंस रेनल केयर सेंटर में मरीजों को निःशुल्क डायलसिस की सुविधा प्रदान की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के सक्षम नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने राज्य के दूर-दराज के लोगों को सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की हैैं। उन्होंने वर्ष 2022-23 के लिए स्वास्थ्य देखभाल को पर्याप्त बजट की घोषणा करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा पांच जिलों के लिए मोबाइल स्वास्थ्य देखभाल सुविधा की शुरूआत की गई है और शीघ्र ही अन्य जिलों में भी इस सेवा का विस्तार किया जाएगा। इस अवसर पर सुन्दरनगर के विधायक राकेश जमवाल, स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक हेमराज बैरवा, सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के निदेशक हरबंस सिंह ब्रसकोन, चिकित्सा शिक्षा के निदेशक डॉ. रजनीश पठानिया तथा हंस फाउंडेशन के प्रतिनिधि सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने साप्ताहिक समाचार पत्र हिमाचल खबरनामा का किया विमोचन मुख्यमंत्री ने साप्ताहिक समाचार पत्र के संपादक और प्रकाशक अरविंद शर्मा के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह साप्ताहिक अपने क्षेत्र के प्रामाणिक समाचार प्रदान करने में मील पत्थर साबित होगा। इस अवसर पर विधायक होशियार सिंह, वरिष्ठ पत्रकार अश्विनी वर्मा और विमल शर्मा सहित अन्य मौजूद थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला यूपी, गोवा उत्तराखंड व मणिपुर में बीजेपी बड़ी जीत की ओर अग्रसर है। हिमाचल के मुख्यमंत्री ने इन नतीजों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। हिमाचल में भी बीजेपी की सरकार रिपीट करने का दावा किया है। मंत्रिमंडल में बदलाव और दिल्ली दौरे को लेकर भी सीएम ने स्थिति स्पष्ट की है। सीएम जयराम ने चार राज्यों में जीत की ओर बढ़ रही पार्टी के लिए राष्ट्रीय नेतृत्व को बधाई दी। उन्होंने कहा चार प्रदेशों में फिर से बीजेपी की सरकार बनने जा रही है। यह स्पष्ट था कि इन प्रदेशों में बीजेपी रिपीट होगी। बीजेपी भारत की सबसे बड़ी पार्टी है। यूपी भारत का सबसे बड़ा प्रांत है, वहां कई प्रयत्न किए गए की योगी को सत्ता से बाहर किया जाए। पंजाब में भी बीजेपी ने अपना वोट शेयर हासिल किया है। पंजाब में चन्नी दोनों सीटें हार रहे हैं। सिद्धू बड़ी-बड़ी डींगे हांकने पर भी हार रहे हैं। यूपी और उत्तराखंड में बीजेपी रिपीट हो रही है। हिमाचल में भी इस बार सरकार रिपीट न होने का मिथक टूटेगा। दिल्ली दौरे पर सीएम ने कहा कि यह रूटीन दौरा है। वित्त मंत्री के साथ बैठक है। इसके अलावा अन्य कोई कारण है। मंत्रिमंडल में बदलाव पर सीएम ने कहा कि राजनीति में किसी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। चार राज्यों में सरकार गठन के बाद हिमाचल में चुनाव है, तभी हाईकमान इस बारे में सोचेगा।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला प्रदेश सरकार उद्यमियों को निवेश के लिए बेहतर सुविधाएं प्रदान करते हुए हिमाचल प्रदेश को देश का सबसे पसंदीदा राज्य बनाने के लिए कृतसंकल्प है। यह बात मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज यहां भारतीय उद्योग परिसंघ के वार्षिक अधिवेशन को संबोधित करते हुए कही जिसका विषय "विकास की गति को पुनः प्राप्त करना" रखा गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग एवं उद्योगपतियों ने कोविड महामारी के दौरान बहुत ही सराहनीय भूमिका का निर्वहन किया है। उन्होंने कहा कि उद्योगपतियों ने यह सुनिश्चित किया कि वे इस चुनौतिपूर्ण समय से न केवल स्वयं उबरेंगे बल्कि उन्होंने जरूरतमंद लोगोें तक राहत प्रदान करने में भी अपना सहयोग दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए कई योजनाएं प्रारम्भ की हैं लेकिन महामारी ने इन योजनाओं को बुरी तरह से प्रभावित किया है। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद हिमाचल प्रदेश राज्य में दो ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह करने में सफल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैकिंग सुधारने में भी सफल रहा है। जयराम ठाकुर ने कहा कि व्यापार से सम्बन्धित सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन कर दी गई हैं अथवा की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि उदारीकरण के वर्तमान दौर में प्रदेश सरकार का यह प्रयास रहा है कि व्यापार में न्यूनतम हस्तक्षेप हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल के लिए 261 करोड़ रुपये से स्थापित होने वाले मेडिकल डिवाइस पार्क की स्वीकृति प्राप्त करने में सफल रही हैं और इसकी स्थापना के लिए सोलन जिला के नालागढ़ में 265 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। उन्होंने कहा कि इसकी स्थापना से प्रदेश में चार हजार से पांच हजार करोड़ रुपये का निवेश आएगा और लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का टर्नओवर होगा और अनुमानित दस हजार लोगों को इससे रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। जयराम ठाकुर ने कहा कि केन्द्र सरकार की बल्क ड्रग पार्क योजना के लिए राज्य सरकार सक्रिय रूप से प्रयास कर रही है और ऊना जिला में 1405 एकड़ भूमि पर इस पार्क को स्थापित करने के लिए 1190 करोड़ रुपये की परियोजना रिपोर्ट भेजी गई है। उन्होंने कहा कि इससे लगभग 8000 करोड़ रुपये के निवेश से लगभग 50000 करोड़ रुपये का टर्नओवर सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि इस पार्क से राज्य के लगभग 15000 युवाओं को सीधे तौर पर रोजगार प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार औद्योगिक क्षेत्रों के लिए रेल सम्पर्क स्थापित करने का मामला पुरजोर ढंग से उठा रही है। उन्होंने कहा कि परवाणु में 180 बीघा भूमि में एक नया औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किया जाएगा और 200 बीघा अतिरिक्त भूमि शीघ्र ही चिन्हित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) देश का एक प्रतिष्ठित संगठन है जोकि राज्य के औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित कर रहा है। उन्होंने कहा कि विकास की गति को पुनः प्राप्त करने के विषय पर आयोजित इस वार्षिक अधिवेशन के परिणाम इसकी भावना को बनाए रखने में दीर्घकालिक सिद्ध होंगे। उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने राज्य सरकार और उद्योग जगत के मध्य एक सेतु के रूप में प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए भारतीय उद्योग परिसंघ आभार जताते हुए कहा कि इससे राज्य में उद्योगों को प्रोत्साहन प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और उद्योगपतियों के सक्रिय सहयोग से प्रदेश में कोविड महामारी के बावजूद 41000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की ग्राउंड ब्रेकिंग करने में राज्य सरकार सफल रही है। उन्होंने राज्य के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए उद्यमियों का आभार भी व्यक्त किया। भारतीय उद्योग परिसंघ के उत्तरी क्षेत्र के अध्यक्ष अभिमन्यु मुंजाल ने भी इस अवसर पर अपना संबोधन दिया। भारतीय उद्योग संघ के निवर्तमान अध्यक्ष शैलेश अग्रवाल ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए राज्य सरकार से आग्रह किया कि बृहद् परवाणु औद्योगिक विकास प्राधिकरण और काला अम्ब-पावंटा साहिब विकास प्राधिकरण की स्थापना पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करें। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों में सामाजिक आधारभूत संरचना प्रदान करते हुए इन्हें रहने योग्य बनाने की जरूरत पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि इन दो औद्योगिक क्षेत्रों को विकसित करने का निर्णय मील पत्थर साबित होगा और यह राज्य में विश्वस्तरीय स्टेट ऑफ आर्ट औद्योगिक नगर बनाने में सहायक सिद्ध होगा। सीआईआई हि.प्र. राज्य परिषद को मिले नए अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष: सुबोध गुप्ता तथा गगन कपूर को क्रमशः सीआईआई हिमाचल प्रदेश राज्य परिषद वर्ष 2022-23 का अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। सुबोध गुप्ता माइक्रोटेक ग्रुप के अध्यक्ष एवं प्रबन्धन निदेशक है, जिनका पावर सोल्यूशन तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में अनुभव है तथा गगन कपूर पुलकित इंडस्ट्रीज के मालिक हैं, जो पैकेजिंग एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र से सम्बन्ध रखते हैं। मुख्य सचिव राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग आर.डी. धीमान, आदित्य अग्निहोत्री, निदेशक उद्योग राकेश प्रजापति तथा अन्य उद्योगपति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला प्रदेश सरकार शिमला के प्राचीन वैभव को बनाए रखने के लिए कृतसंकल्प है और इसके लिए शिमला स्मार्ट सिटी परियोजना के अन्तर्गत शहर मेें विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को इनका समुचित लाभ मिल सके। यह बात मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज ढली में लगभग 49 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली डबल लेन सुंरग की आधारशिला रखने के उपरान्त कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि ढली की पुरानी सुरंग वर्षोें पूर्व 1852 ई. में निर्मित की गई थी और अब 147 मीटर लम्बी इस नई डबल लेन सुरंग से यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि शिमला शहर का निरंतर विकास होने से इसका व्यापक विस्तार हुआ है और ऐसे में प्रभावी यातायात प्रबन्धन के लिए ठोस कदम उठाना आवश्यक हो जाता है। जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि स्मार्ट सिटी परियोजना के अन्तर्गत सभी कार्य तीव्र गति से पूर्ण हों। उन्होंने कहा कि हालांकि यह परियोजना वर्ष 2016 में प्रारम्भ की गई थी, परन्तु इसने वर्तमान प्रदेश सरकार के कार्यकाल में ही गति पकड़ी है। उन्होंने कहा कि शिमला शहर के लिए 70 करोड़ रुपये की लागत की पेयजल आपूर्ति योजना रिकॉर्ड समयावधि में पूर्ण करके शहर में पेयजल संकट की समस्या का निराकरण किया गया है। उन्होंने कहा कि शहर के लिए 1813 करोड़ रुपये की एक नई पेयजल आपूर्ति परियोजना भी तैयार की जा रही है जिसका कार्य पूर्ण होने पर शहर में आगामी 100 वर्षों तक पानी की समस्या का हल हो सकेगा। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि नई सुंरग के निर्मित होने से इस मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही और सुगम हो सकेगी। यह सुंरग शिमला जिला के कसुम्पटी और शिमला शहरी विधानसभा क्षेत्रों को आपस में जोड़ेगी। उन्होंने कहा कि शिमला शहर में स्मार्ट सिटी योजना के अन्तर्गत सड़कों को चौड़ा करने, पैदल पुलों, फुटपाथ, पार्किंग इत्यादि से संबंधित विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। भाजपा मंडल अध्यक्ष जितेन्द्र भोटका ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। इस अवसर पर चौपाल के विधायक बलवीर वर्मा, शिमला नगर निगम की महापौर सत्या कौंडल, उप-महापौर शैलेंद्र चौहान, कृषि उत्पाद विपणन समिति के अध्यक्ष नरेश शर्मा, सक्षम गुड़िया बोर्ड की अध्यक्षा रूपा शर्मा, भाजपा नेता विजय ज्योति सेन, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुभासीष पन्डा, उपायुक्त आदित्य नेगी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला बजट में हिमाचल प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को राहत देने और शिक्षको की मांगों को प्रमुखता से रखने के लिए आज हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ ने मुख्य सचिव राम सुभाग सिंह का आभार किया। महासंघ ने आग्रह किया कि अंतर जिला ट्रांसफर हुए शिक्षको की ट्रांसफर नीति में अगली कैबिनेट में संशोधन किया जाए। जिसे पूरा करने का मुख्य सचिव द्वारा आश्वासन दिया गया। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रांत महामंत्री डॉ मामराज पुंडीर ने कहा कि बजट में कर्मचारियों सहित शिक्षको की मांगों को पूरा किया है। आज उसी सिलसिले में आभार हेतु शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, मुख्य सचिव राम सुभाग सिंह, शिक्षा निदेशक उच्च डॉ अमरजीत शर्मा, शिक्षा निदेशक प्राथमिक डॉ पंकज ललित से मिल कर सरकार का आभार व्यक्त किया। इसमे पवन मिश्रा, विनोद सूद, मनोज, अनिल अवस्थी आदि मौजूद रहे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला -मानव भारती, एपीजी व आईईसी यूनिवर्सिटी फर्जीवाड़े के चलते जांच के घेरे में -विधानसभा में आया लिखित जबाब हिमाचल प्रदेश में तीन यूनिवर्सिटीज के ख़िलाफ़ फ़र्ज़ी डिग्री घोटाले के बारे में जांच चल रही है। मानव भारती यूनिवर्सिटी सोलन के ख़िलाफ़ धारा 420, 467, 468, 471, 120-बी भारतीय दंड संहिता थाना धर्मपुर में दर्ज हुआ है। मानव भारती पर हज़ारों फ़र्ज़ी डिग्री करोड़ों में बेचने का मामला चल रहा है। जबकि दूसरा मामला एपीजी यूनिवर्सिटी शिमला के ख़िलाफ़ 420, 467, 468, 471, 120-बी,201 के तहत पुलिस थाना राज्य गुप्तचर विभाग भराड़ी में दर्ज़ किया गया है। इसी के साथ आईईसी विश्वविद्यालय कालूझंडा बरोटीवाला, बद्दी के ख़िलाफ़ 465, 467, 468, 471, 34 भारतीय दंड संहिता व 66 सूचना एवं प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत पुलिस थाना बरोटीवाला में पंजीकृत हुआ है। जिनमें जांच चल रही है।पुलिस महानिदेशक हिमाचल प्रदेश से प्राप्त सूचना के अनुसार अभी तक कि जांच में फ़र्ज़ी डिग्री से किसी व्यक्ति द्वारा हिमाचल प्रदेश में नौकरी पाने का मामला संज्ञान में नही आया है। हालांकि अभी इस पर जाँच जारी है। ये जबाब नैना देवी कांग्रेस के विधायक राम लाल ठाकुर द्वारा पूछे सवाल के जबाब में शिक्षा मंत्री के सौजन्य से लिखित जबाब में आया है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला बुधवार को हिमाचल प्रदेश आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ का प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिला। प्रतिनिधि मंडल में आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष शैलेन्द्र शर्मा, महासचिव अवधेश सरोच तथा कार्यकारिणी के सदस्य शामिल रहे। गत दिनों बज़ट में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन की घोषणा की गई थी जिसको लेकर कर्मचारियों में काफि रोष था क्योंकि सभी कर्मचारी काफि पहले से बज़ट में स्थायी निति का इंतजार कर रहे थे। इसी संबंध में आगामी कार्यवाही जानने हेतु एवं कैबिनेट सब कमेटी के अध्यक्ष जल शक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर से मिले। इसके उपरांत जल शक्ति मंत्री ने महासंघ के पदाधिकारियों को मुख्य मंत्री से मिलवाया। मुख्यमंत्री ने जहां एक ओर सभी कर्मचारियों को आश्वास्त किया कि कैबिनेट सब कमेटी बहुत जल्दी अपनी सिफारिशें सरकार के समक्ष रखेगी उसके बाद निति निर्धारित की जाएगी, वहीं दूसरी ओर महासंघ को 14 तारिख को मिलने आने को भी कहा गया है। अध्यक्ष शैलेन्द्र शर्मा ने कहा कि वे बिल्कुल आश्वस्त है कि सरकार अपने वादे के अनुसार निति बनाने जा रही है। पुरा महासंघ सरकार का समर्थन करता है। इसके उपरांत विधानसभा में भी महेन्द्र सिंह ठाकुर ने अपनी बात के दौरान कहा कि हम आउटसोर्स के लिए निति बनाने जा रहे है। इसका महासंघ स्वागत करता है तथा यह भी सरकार को बताना चाहते है कि महासंघ पूर्ण रूप से संगठित एवं एक मंच पर है। साथ ही साथ आज शिमला में सीटु के बैनर तले विधानसभा के बाहर आउटसोर्स महासंघ के नाम से आंदोलन किया है। इसकी महासंघ निंदा करता है एवं स्पष्ट करता है कि महांसंघ की ओर से काई भी कर्मचारी इस आंदोलन में शामिल नहीं था और कहना चाहते है कि जब सरकार वार्ता के लिए तैयार है तो आंदोलन का कोई औचित्य नहीं रह जाता। शैलेन्द्र शर्मा ने सभी आउटसोर्स कर्मचारियों से निवेदन किया कि इस तरह के आंदोलन में हिस्सा न लें तथा अपने अपने जिला कार्यकारिणी के संपर्क मेें रहे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री ने युक्रेन में फसे बच्चों की जानकारी सदन में सांझा की और बताया कि हिमाचल प्रदेश के 441 छात्र प्रदेश में सकुशल लौट गए हैं। 8 छात्र युक्रेन के पड़ोसी देशों में पहुंच गए जो फिलहाल अपनी मर्जी से वंही रुके हुए हैं। प्रदेश के केवल 9 छात्र ही अब युक्रेन में हैं जिनमें 7 पोलैंड और रोमानिया में हैं जबकि 2 छात्र सुमि में फसे थे वे भी पश्चिमी क्षेत्र की सीमा में पहुंच गए हैं और मिशन गंगा के तहत उन्हें देश लाने का प्रयास किया जा रहा है। केंद्र सरकार लगातार युक्रेन और रूस से बातचीत कर रहा है जिसके फलस्वरूप बच्चों को सकुशल देश वापसी का क्रम जारी है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला एसजेवीएन द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर "सततशील भविष्य के लिए वर्तमान में लैंगिक समानता" की थीम पर सुप्रसिद्ध सफल भारतीय महिलाओं मैरी कॉम विश्व एमेच्योर बॉक्सिंग चैंपियन एवं राज्य सभा सांसद तथा अंजु बॉबी जॉर्ज सुप्रसिद्ध भारतीय ओलम्पिक एथलीट की प्रेरक वार्ताओं का शिमला में आयोजन किया। ये वार्ताएं कंपनी के कर्मचारियों के लिए शिमला के निकट आज कुफरी और चायल में आयोजित की गई। चायल में वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित करते हुए, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नंदद लाल शर्मा ने कहा कि महिलाएं पारंपरिक पूर्वाग्रहों को तोड़कर नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि इन पूर्वाग्रहों के खिलाफ हमारी लड़ाई में हमारे सामाजिक ताने-बाने में अभी बहुत सुधार किए जाने की जरूरत है। शर्मा ने विश्व मुक्केबाजी चैंपियन मैरीकॉम तथा एसजेवीएन के निदेशक मंडल में पहली पूर्णकालिक निदेशक गीता कपूर द्वारा इन पूर्वाग्रहों को तोड़ने में किए गए प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान शर्मा ने हिमाचल रोडवेज परिवहन निगम (एचआरटीसी) की एकमात्र महिला चालक सीमा ठाकुर को भी सम्मानित किया। उन्होंने आगे कहा कि हमारे समाज में लैंगिक समानता प्राप्त करने के लिए सीमा ठाकुर के जैसे प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने सीमा ठाकुर को एक प्रशस्ति पत्र और 25,000 रुपए का नकद इनाम भी प्रदान किया। भारत के दूसरे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म विभूषण से सम्मानित मैरी कॉम ने अपनी वार्ता के दौरान अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी के स्तर तक आने के लिए आने वाली चुनौतियों के बारे में बताया। मैरी कॉम छह बार वर्ल्ड एमेच्योर बॉक्सिंग चैंपियनशिप जीतने वाली एकमात्र महिला हैं, पहली सात वर्ल्ड चैंपियनशिप में से प्रत्येक में मेडल जीतने वाली एकमात्र महिला बॉक्सर और आठ वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल जीतने वाली एकमात्र बॉक्सर हैं। इससे पूर्व, मुख्यातिथि नंद लाल शर्मा और मैरी कॉम का स्वागत करते हुए निदेशक (कार्मिक), एसजेवीएन, श्रीमती गीता कपूर कहा कि इस तरह की प्रेरक वार्ता आयोजित करने का उद्देश्य कंपनी के सभी कर्मचारियों खासकर महिला कर्मचारियों में खेल भावना पैदा करना है। इस तरह की वार्ता आयोजित करके एसजेवीएन बिना किसी लैंगिक पूर्वाग्रह के विश्व को एक बेहतर समाज बनाने के लिए लैंगिक समानता के संदेश को प्रसारित करने के वैश्विक मिशन में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है। अपनी प्रेरक वार्ता में कर्मचारियों से बात करते हुए अंजु बॉबी जॉर्ज ने बताया कि कैसे उन्होंने पेरिस में 2003 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में लंबी कूद में कांस्य पदक जीतकर देश के लिए एक नया इतिहास रचा। इस उपलब्धि के साथ अंजू ने कहा कि वह 6.70 मीटर की छलांग लगाकर विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली पहली भारतीय एथलीट बन गई। अंजू जॉर्ज को 2002 में अर्जुन पुरस्कार, 2003 में खेल रत्न और 2004 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। एसजेवीएन पनबिजली, थर्मल, सौर और पवन ऊर्जा उत्पादन में 16800 मेगावाट से अधिक के कुल पोर्टफोलियो के साथ एक केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम है। हाल ही में नई परियोजनाओं के जुड़ने से एसजेवीएन नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है। कंपनी अब एक त्वरित विकास पथ पर है, जो अपने साझा विजन 2023 तक 5000 मेगावाट, 2030 तक 25000 मेगावाट और 2040 तक 50000 मेगावाट स्थापित क्षमता को साकार करने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
मुख्यमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित महिला स्वाभिमान दिवस कार्यक्रम की वर्चुअल माध्यम से की अध्यक्षता फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज जिला मंडी के धर्मपुर स्थित चोलथरा में आदर्शनी वेलफेयर सोसाइटी द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित महिला स्वाभिमान दिवस कार्यक्रम की शिमला से वर्चुअल माध्यम से अध्यक्षता की। इस अवसर पर महिला दिवस की बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिवस महिलाओं के सम्मान और समृद्धि के प्रति अपने संकल्प को दोहराने का भी एक मौका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और विभिन्न योजनाओं में महिलाओं को प्राथमिकता दी गई है। महिलाओं में उद्यमिता की भावना का पोषण करने से उनके आर्थिक सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त हो, इस ध्येय की ओर निरंतर आगे बढ़ने में प्रदेश सरकार की महत्वकांक्षी मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 32000 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है, जिनमें लगभग 2 लाख 50 हजार से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में महिलाओं की सहायता के लिए मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण योजना की घोषणा की गई है। इसके तहत ग्राम संगठन से जुड़े स्वयं सहायता समूह को रिवाल्विंग फंड में 25 हजार रुपये की वन टाइम अतिरिक्त राशि टॉप-अप के रूप में दी जाएगी। जयराम ठाकुर ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 1700 रुपए की बढ़ोतरी के साथ अब 9000 रुपए मासिक मानदेय प्रदान किया जाएगा। इस बढ़ोतरी को सम्मिलित करके प्रदेश सरकार द्वारा अपने वर्तमान कार्यकाल में 4550 रुपए प्रतिमाह की वृद्धि की गई है। मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मासिक 900 रुपए बढ़ोतरी के साथ अब 6100 रुपए प्रदान किए जाएंगे। इसको सम्मिलित करके प्रदेश सरकार ने अपने वर्तमान कार्यकाल में 3100 रुपए प्रतिमाह की बढ़ोतरी की है। आंगनबाड़ी सहायिका को प्रति माह 900 रुपए की बढ़ोतरी के साथ अब 4700 रुपए प्रतिमाह मानदेय प्रदान किया जाएगा। इसे सम्मिलित करके प्रदेश सरकार द्वारा अपने वर्तमान कार्यकाल में 2600 रुपए प्रतिमाह की बढ़ोतरी की गई है। आशा वर्कर को 1825 रुपए की बढ़ोतरी के साथ 4700 रुपये प्रतिमाह मानदेय प्रदान किया जाएगा। इसको सम्मिलित करके प्रदेश सरकार द्वारा अपने वर्तमान कार्यकाल में 3700 रुपए की प्रतिमाह बढ़ोतरी की गई है। मुख्यमंत्री ने आदर्शनी वेलफेयर सोसाइटी द्वारा समाज कल्याण की दिशा में किए जा रहे विभिन्न प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस संस्था ने कोरोना संकट काल के दौरान उल्लेखनीय कार्य किए हैं। जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने धर्मपुर के विकास में महिलाओं की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की बेटियां देश भर में विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर प्रदेश और धर्मपुर का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि धर्मपुर क्षेत्र के लिए मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं और अधिकांश विकास परियोजना को पूर्ण कर लिया गया है। उन्होंने क्षेत्र में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी भी दी। आदर्शनी वेलफेयर सोसाइटी की अध्यक्षा बंदना गुलेरिया ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और संस्था की विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा कार्यान्वित की जा रही महत्वकांक्षी योजनाओं से महिलाओं का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो रहा है। इस अवसर पर जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर और वूल फेडरेशन के अध्यक्ष त्रिलोक कपूर मुख्यमंत्री के साथ शिमला में उपस्थित थे। हिमाचल प्रदेश राज्य रेडक्रॉस सोसाइटी, अस्पताल कल्याण अनुभाग की अध्यक्षा डॉ. साधना ठाकुर, विशेष ओलंपिक की अध्यक्षा डॉ. मल्लिका नड्डा, मृदुला प्रधान, रशिम धर सूद, कंगना रनौत, वरिष्ठ अधिकारी कुमुद सिंह और प्रभा राजीव वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए। चोलथरा में आयोजित कार्यक्रम में राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा डॉ. डेज़ी ठाकुर, वंदना गुलेरिया सहित वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
प्रदेश भाजपा सरकार ने प्रदेश के दिहाड़ीदारों की दिहाड़ी में 50 रुपए की बढ़ोतरी की फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला भाजपा प्रदेश के नवनियुक्त सचिव तिलक राज ने भाजपा मुख्यालय दीपकमल चक्कर शिमला में अपना पदभार संभाला। इस अवसर पर तिलक राज से भाजपा पांगी मंडल के एक प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। भाजपा प्रदेश सचिव तिलक राज ने कहा की मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विधानसभा में एक एतिहासिक बजट पेश किया है, यह बजट असंभव को संभव बनाने वाला है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में प्रदेश भाजपा सरकार ने प्रदेश के दिहाड़ीदारों की दिहाड़ी में 50 रुपए की बढ़ोतरी की है, अब हिमाचल के दिहाड़ीदारों को 350 रुपए प्रतिदिन दिहाड़ी मिलेगी। उन्होंने कहा की ऑपरेशन गंगा के अंतर्गत मोदी सरकार और प्रदेश भाजपा सरकार के प्रयासों से अब तक यूक्रेन से 309 हिमाचलियों की सुरक्षित वापसी हो गई है। यूक्रेन में फंसे हर भारतीय की सुरक्षा और सकुशल घर वापसी भाजपा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर जो राज्य रेडक्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष भी हैं ने आज मंडी जिला के सुंदरनगर में विशेष रूप से सक्षम लोगों के लिए जिला प्रशासन और रेडक्रॉस सोसाइटी की पहल संवेदना योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय रेडक्रॉस प्रबंधन मंडल की सदस्य एवं राज्य रेडक्रॉस अस्पताल कल्याण अनुभाग की अध्यक्षा डॉ. साधना ठाकुर भी उपस्थित थीं। इस योजना के अंतर्गत फिजियोथैरेपिस्ट दिव्यांग व्यक्तियों की प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल संबंधी सूचना प्रदान करेंगे और गंभीर रूप से बीमार और कोमा में चल रहे मरीजों के घर-द्वार पर पहंुचेंगे। इसके अतिरिक्त इस योजना का उद्देश्य दिव्यांगजनों के पास व्यक्तिगत तौर पर पहुंचकर उनकी स्वास्थ्य समस्याओं की जानकारी प्राप्त करना और उन्हें स्वास्थ्य देखभाल और स्वच्छता के बारे में जागरूक करना है। योजना के अन्तर्गत जरूरतमंदों को उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं एवं योजनाओं से जोड़ा जाएगा और उपकरण प्रदान किए जाएंगे। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि संवेदना के नाम से प्रारम्भ की गई इस पहल का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद लोगों के घरों तक पहंुचना है। यह दिव्यांग व्यक्तियों की स्वास्थ्य देखभाल के लिए कार्यक्रम है और उनकी वेदना हमारी भी है। जिला प्रशासन और रेडक्रॉस सोसाइटी की यह पहल लोगों को समर्पित है। उन्होंने कहा कि जन कल्याणकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन महत्त्वपूर्ण होता है और इस पहल के माध्यम से मुख्यमंत्री के विज़न को प्रस्तुत करने के लिए जिला प्रशासन प्रशंसा का पात्र है।राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने कहा कि रेडक्रॉस विश्वभर में मानवता की सेवा में कार्यरत रहती है और विशेष तौर पर आपदा के समय संगठन का महत्त्वपूर्ण सहयोग रहता है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन और रूस के मध्य जारी युद्ध में भी रेडक्रॉस अपनी बहुमूल्य सेवाएं प्रदान कर रहा है। क्योंकि सेवा ही इसके केंद्र में है और हमारी संस्कृति हमें यही सिखाती है। उन्होंने राज्य में सोसाइटी की जिला शाखाओं के कार्यों की भी सराहना की। राज्य रेडक्रॉस के स्वयंसेवियों को आपदा और अन्य प्रशिक्षण प्रदान करने पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण अपने स्तर पर देना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि जिला प्रशासन की इस पहल को पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। उन्होंने लोगों से इस कार्यक्रम का लाभ उठाने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जन प्रतिनिधियों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने के लिए और अधिक प्रयास करने चाहिए। स्थानीय विधायक राकेश जमवाल ने राज्यपाल का स्वागत किया किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार द्वारा अपने कार्यकाल के दौरान जन कल्याण के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा आगामी वित्त वर्ष के लिए प्रस्तुत बजट में आम लोगों के लिए किए गए प्रावधानों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि सुन्दरनगर के नागरिक अस्पताल की क्षमता 150 बिस्तर की कर दी गई है और 12 करोड़ की लागत से निर्मित मातृ-शिशु अस्पताल भी लोगों को समर्पित किया गया है। नागरिक अस्पताल में रेडक्रॉस के माध्यम से डायलसिस केंद्र भी स्थापित किया गया है। इस अवसर पर राज्यपाल ने संवेदना पुस्तिका का भी विमोचन किया। उन्होंने पात्र व्यक्तियों को व्हील चेयर, अल्फा बेड और श्रवण यंत्र भी प्रदान किए। इससे पूर्व उपायुक्त एवं जिला रेडक्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष अरिंदम चौधरी ने राज्यपाल को हिमाचली टोपी और शॉल पहनाकर सम्मानित किया। अतिरिक्त उपायुक्त जतिन लाल ने राज्यपाल का स्वागत किया और संवेदना योजना का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। जिला रेडक्रॉस सोसाइटी की ओर से इस अवसर पर फर्स्ट-एड पर आधारित एक लघु नाटिका भी प्रस्तुत की। इस अवसर नगर परिषद सुंदरनगर के अध्यक्ष जितेन्द्र शर्मा, पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इससे पूर्व राजकीय बहुतकनीकी संस्थान सुंदरनगर स्थित हैलीपेड पर विधायक राकेश जमवाल और उपायुक्त अरिंदम चौधरी ने राज्यपाल का सुंदरनगर पहंुचने पर स्वागत किया।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज यहां विधानसभा के समीप कैनेडी चौक पर स्मार्ट बस स्टॉप का लोकार्पण किया। शिमला स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत बने इस बस स्टॉप पर 40 लाख रुपए व्यय किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्मार्ट बस स्टॉप वर्षा शालिका, पुलिस पोस्ट, मोबाइल चार्जिंग, आरओ पेयजल और 30 लोगों के लिए बैठने की सुविधा सहित लगभग 100 व्यक्तियों केे खड़े होने की क्षमता से सुसज्जित है। जयराम ठाकुर ने कहा कि इस बस स्टॉप का निर्माण कार्य जुलाई, 2021 में शुरू किया गया था और सात महीनों के रिकॉर्ड समय में पूर्ण किया गया। हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार, शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता शशि दत्त एवं सह मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा पेश किए गए बजट को सामाजिक सुरक्षा एवं रोजगार केंद्रित करार दिया है। शशि दत्त ने कहा कि यह बजट ऐतिहासिक बजट है, इस बजट से जहां रोजगार के अवसर खोले गए हैं। वहीं, सामाजिक सुरक्षा पेंशन की आयु सीमा 60 वर्ष कर लाखों लोगों के भविष्य को सुरक्षित किया गया है। उन्होंने इस बजट को रोजगार, स्वरोजगार जनित, गरीबी उत्थान, कर्मचारी, व्यापारी, किसान-बागवान व महिलाओं का हितकर करार देते हुए कहा कि इसमें पंचायत प्रतिनिधियों का मानदेय बढ़ाया गया तथा शिक्षा क्षेत्र के लिए बड़े बजट की घोषणा की है। बजट में रोजगार को लेकर सरकार ने बेरोजगारों को बड़ी राहत दी है, इसी वर्ष 30 हजार बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा इसमें विभिन्न विभागों में भी भर्तियां की जाएंगी साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, विद्युत, जल शक्ति विभाग सहित अन्य में हजारों कर्मचारियों के पद भी भरने का निर्णय लिया गया है, जिसमें स्वास्थ्य विभाग 780 आशा कार्यकर्ताओं की भर्ती होगी। भाजपा नेताओं ने कहा प्रदेश में 500 डाक्टरों के पदों सहित 870 कम्युनिटी हेल्थ ऑफसिर के पदों सहित गृहरक्षकों की भर्तियां की जाएंगी। मुख्यमंत्री द्वारा पेश किए गए बजट में आंगनबाड़ी वर्कर्स का मानदेय 1700, आशा कार्यकर्ता 1825 रुपए तक बढ़ाया है, जो आज तक का सबसे बड़ी बढ़ोतरी की गई है। इसके अतिरिक्त एसएमसी व आइटी शिक्षकों के एक हजार रुपए बढ़ाए गए हैं। सिलाई अध्यापिका, जल रक्षक व मिड-डे मील वर्कर्स के 900 रुपए तथा पंचायत व राजस्व चैकीदार और नंबरदार को 900 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। 1000 नए आंगनबाड़ी केंद्र खोलने का निर्णय भी ऐतिहासिक निर्णय है। प्रदेश प्रवक्ता शशि दत्त एवं सह मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा ने कहा कि बजट में तीन एलपीजी सिलेंडर मुफ्त देने की घोषणा सराहनीय है। उन्होंने कहा कि अब जिला परिषद अध्यक्ष को 15,000, उपाध्यक्ष को 10,000 सदस्य को 6000, बीडीसी अध्यक्ष को 9000, उपाध्यक्ष को 6500 व सदस्य को 5500 रुपए मिलेंगे। पंचायत प्रधान को भी 5500, उपप्रधान को 3500 व वार्ड पंच को ग्रामसभा बैठक का 300 रुपए मानदेय मिलेगा। सरकार द्वारा ऐसा कर पंचायती राज को सशक्त करने की ओर एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के इस जन हितैषी बजट से 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी सशक्त रूप में उतरेगी तथा प्रदेश की जनता एक बार फिर संवेदनशील, शालीन, विकास पुरुष मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को फिर से मुख्यमंत्री बनाएगी। प्रदेश प्रवक्ता शशि दत्त ने इस ऐतिहासिक बजट के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज जिला चंबा के दिव्यांग सुनील पथिक द्वारा लिखित पुस्तक आशाओं भरा सफर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने सुनील पथिक के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि विभिन्न चुनौतियों के बावजूद लेखक ने यह पुस्तक लिखी है, जो दिव्यांगजनों के लिए प्रेरणा का स्रोत सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि सुनील पथिक ने यह साबित किया है कि व्यक्ति समर्पण तथा प्रतिबद्धता के साथ सभी चुनौतियों पर विजय पा सकता है। इस अवसर पर प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष डॉ. हंसराज व अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने डेंटिस्ट डे के अवसर पर आज यहां ओक ओवर से मोबाइल डेंटल वैन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 34.53 लाख रुपए की लागत की यह डंेटल वैन पाठशालाओं तथा प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों में, जहां दंत चिकित्सा की सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, दंत चिकित्सा शिविरों का आयोजन करने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि यह डेंटल वैन दिव्यांगजनों को चिकित्सा प्रदान करने में भी सहायक सिद्ध होगी, जो चिकित्सा के लिए अस्पताल नहीं जा सकते। जयराम ठाकुर ने कहा कि इस वैन में स्केलर, लाइट क्योर, कम्प्रेसर सेक्शन आदि से युक्त पूर्ण रूप से स्वचालित कुर्सी के साथ-साथ एक्स-रे सुविधा, जनरेटर, जल भंडारण टैंक, जन संबाेधन सेवा, वातानुकूलन सुविधा आदि भी है। उन्होंने कहा कि मोबाइल डेंटल वैन में दांत निकालने, फिलिंग, स्केलिंग, एक्स-रे, रोग निदान व उपचार व दर्द निवारण की सुविधा के साथ ही रोगियों में जागरूकता तथा उन्हें प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. रजनीश पठानिया, प्रधानाचार्य दंत महाविद्यालय शिमला और अन्य अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज राज भवन में बागवानी तथा वानिकी महाविद्यालय, नेरी, हमीरपुर के फल विज्ञान विभाग द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास परियोजना के तहत शीतोष्ण फलों की कृषि तथा बागवानी से सम्बन्धित अद्यतन तकनीकी जानकारी पर आधारित तीन पुस्तकों का विमोचन किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि यह पुस्तकंे देश के अन्य भागों तथा प्रदेश में शीतोष्ण फलांे की खेती कर रहे किसानों को व्यवहारिक ज्ञान प्रदान करने में सहायक होंगी। इसके अतिरिक्त यह पुस्तकें बागवानी से संबंधित विषय पर शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के लिए भी लाभकारी होंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जलवायु विभिन्न फल पौधों की खेती के लिए अनुकूल है तथा यहां उपोष्ण-कटिबंधीय से लेकर विशेष शीतोष्ण जलवायु पाई जाती है, जो बागवानी के बृहद आधार को प्रदर्शित करती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बागवानी को मुख्य आजीविका के तौर पर अपनाया गया है, जो खाद्य सुरक्षा तथा संतुलित आहार के लिए महत्वपूर्ण है। इन पुस्तकों में प्रदान की गई जानकारी इन फलों के उत्पादन में वृद्धि कर किसानों की आय बढ़ाएंगी। प्रथम पुस्तक गुआवा फार्मिंग इन हिली एरियाज़ डॉ. सोम देव शर्मा, डॉ. विकास कुमार शर्मा, डॉ. केके श्रीवास्तव तथा डॉ. शैलेन्द्र कुमार यादव द्वारा लिखी गई है। द्वितीय पुस्तक लीची फार्मिंग इन हिली एरियाज़ डॉ. सोम देव शर्मा तथा डॉ. विकास कुमार शर्मा द्वारा लिखी गई है। तीसरी पुस्तक आत्मनिर्भर इन एग्रीकल्चर-ग्राम स्वावलम्बन एण्ड सस्टेनेबल डवेल्पमेंट डॉ. सोम देव शर्मा, डॉ. विकास कुमार शर्मा तथा डॉ. आशुतोष द्वारा लिखी गई है। इस अवसर पर भारतीय किसान संघ के प्रदेश संगठन मंत्री हरि राम भी उपस्थित थे।
बजट प्रदेश के समग्र और समावेशी विकास पर केंद्रीत : जय राम ठाकुर फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला वर्ष 2022-23 का बजट प्रदेश के समग्र एवं समावेशी विकास पर केंद्रीत है और इसमें प्रदेश में कार्यान्वित की जा रही योजनाओं में आवश्यकता आधारित सुधार तथा अनेक योजनाओं के आकार में वृद्धि को भी ध्यान में रखा गया है। यह बात मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज यहां पीटरहॉफ में बजट 2022-23 पर आयोजित वर्चुअल जन संवाद कार्यक्रम को संबाेधित करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रथम अवसर है, जब प्रदेश का वार्षिक बजट प्रस्तुत करने के उपरांत कोई मुख्यमंत्री आम जनता से सीधे तौर पर रू-ब-रू हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि गत चार वर्षों के दौरान प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य निर्धन तथा जरूरतमंद वर्गों का सामाजिक-आर्थिक उत्थान सुनिश्चित करना रहा है। प्रदेश सरकार की सभी योजनाएं, नीतियां तथा कार्यक्रम समाज की अन्तिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान को समर्पित रही हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार का सबसे पहला निर्णय वृद्धजनों के कल्याण तथा अन्य निर्णय निराश्रित पशुओं को उचित आश्रय सुनिश्चित करवाने के लिए लक्षित था। उन्होंने कहा कि गौ अभ्यारण्यों तथा गौ-सदनों में प्रत्येक पशु के लिए 500 रुपए प्रतिमाह प्रदान किए जा रहे थे, जिसे वर्ष 2022-23 के बजट मेें बढ़ाकर 700 रुपए प्रतिमाह प्रति पशु किया गया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार का दो वर्षो से अधिक का कार्यकाल कोरोना महामारी से प्रभावित रहा है। उन्होंने कहा कि सभी चुनौतियों के बावजूद प्रदेश ने राज्य के लोगों तथा केंद्र सरकार के सक्रिय सहयोग और समर्थन से इस महामारी से निपटने में सफलता प्राप्त की है।मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने इस माह की चार तारीख को 51,365 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तुत किया है, जिसका उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तथा राज्य के प्रत्येक क्षेत्र का विकास करना है। उन्होंने कहा कि पिछली प्रदेश सरकार के कार्यकाल के दौरान 28 हजार करोड़ रुपए से अधिक का ऋण लिया गया। महामारी के बावजूद वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा लिया गया ऋण पिछली सरकार की तुलना में काफी कम है। जयराम ठाकुर ने कहा कि इस बार के बजट में सभी के लिए वृद्धावस्था पेंशन की आयु सीमा को कम करते हुए बिना किसी आय सीमा के 60 वर्ष करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन के जो लाभार्थी वर्तमान में 850 रुपए प्रतिमाह की पेंशन प्राप्त कर रहे थे, उन्हें अब 1000 रुपए प्रतिमाह, 1000 रुपए प्रतिमाह की पेंशन प्राप्त करने वाले लाभार्थियों को 1500 रुपए प्रतिमाह तथा 1500 रुपए प्रतिमाह प्राप्त कर रहे पेंशनरों को 1700 रुपए प्रतिमाह प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 60 से 65 वर्ष आयु वर्ग की महिलाएं भी बिना किसी आय सीमा केे वृद्धावस्था पेंशन के लिए पात्र होंगी। उन्होंने कहा कि अब 7.50 लाख लाभार्थियों को वृद्धावस्था पेंशन योजनाओं का लाभ मिलेगा तथा इस पर कुल 1300 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह प्रथम अवसर है, जब अन्य बजट दस्तावेजों के साथ जेंडर बजट स्टेटमेंट भी प्रस्तुत की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी सहायिकाओं और आशा कार्यकर्ताओं के मासिक मानदेय में भारी बढ़ोतरी की गई है। सिलाई अध्यापिकाओं, मिड-डे मील कार्यकर्ताओं, जलवाहक (शिक्षा विभाग), जल रक्षक, बहुउद्देशीय कार्यकर्ताओं, पैराफिटर तथा पम्प ऑपरेटरों के मानदेय में भी बढ़ोतरी की है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रतिमाह 9000 रुपए, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 6000 रुपए, आंगनबाड़ी सहायिकाओं को 4600 रुपए, आशा कार्यकर्ताओं को 4700 रुपए, सिलाई अध्यापिकाओं को 7850, मिड-डे मील कार्यकर्ताओं को 3400, जलवाहक (शिक्षा विभाग) को 3800, जल रक्षक को 4400, जल शक्ति विभाग के बहुउद्देशीय कार्यकर्ताओं को 3800 तथा पैराफिटर व पम्प ऑपरेटरों को 5400 मानदेय प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिहाड़ीदारों की दिहाड़ी में 50 रुपए बढ़ाकर इसे 350 रुपये प्रतिदिन किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आउटसोर्स कर्मचारी को भी न्यूनतम 10,500 रुपए प्रतिमाह प्रदान किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त शहरी स्थानीय निकायों तथा पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों के मानदेय में भी बढ़ोतरी की गई है। जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा तथा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत एक अतिरिक्त निःशुल्क सिलेंडर प्रदान किया जाएगा, जिस पर 50 करोड़ रुपए की राशि व्यय की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हिमकेयर योजना के तहत अब पंजीकरण वर्षभर किया जाएगा तथा इसका नवीनीकरण तीन वर्ष की अवधि के उपरांत होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहले केवल दो ऑक्सीजन संयंत्र थे, जबकि आज राज्य में 48 पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 60 यूनिट तक बिजली की खपत पर जीरो बिलिंग करने का निर्णय लिया है, जिससे लगभग 4.50 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि किफायती बिजली एक रुपए प्रति यूनिट की उपदान दर पर उपलब्ध करवाई जाएगी, जिससे 61 से 125 यूनिट तक की खपत करने वाले 7 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। किसानों के लिए बिजली की दर 30 पैसे प्रति यूनिट होगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना ने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर द्वारा 4 मार्च को प्रस्तुत किए गए वर्ष 2022-23 के बजट की सराहना करते हुए बजट की मुख्य विशेषताओं के बारे जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा गत चार वर्ष के कार्यकाल के दौरान अपने पांच बजट में 97 नई योजनाएं शुरू की गई। इस अवसर पर सांसद एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप, शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, प्रदेश भाजपा संगठन सचिव पवन राणा, मुख्यमंत्री के राजनैतिक सलाहकार त्रिलोक जम्वाल, बाल कल्याण परिषद की महासचिव पायल वैद्य, नगर निगम शिमला की महापौर सत्या कौंडल, हिमफैड के अध्यक्ष गणेश दत्त, मुख्य सचिव राम सुभग सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुभासीष पन्डा, प्रधान सचिव सामान्य प्रशासन भरत खेड़ा, सचिव वित्त अक्षय सूद, निदेशक सूचना एवं जन सम्पर्क हरबंस सिंह ब्रसकोन शिमला में उपस्थित थे, जबकि अन्य सभी मंत्री, विधायक, भाजपा नेता और प्रदेश की जनता ने वर्चुअल माध्यम से जन संवाद में भाग लिया।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की जिला कमेटी शिमला की बैठक पार्टी कार्यालय में आयोजित की गई और इसमें अन्य मुद्दों के साथ शिमला नगर निगम चुनाव को लेकर चर्चा की गई। पार्टी नगर निगम चुनाव में भाजपा के द्वारा जनता पर महंगाई, बेरोजगारी व आर्थिक बोझ डालने वाली नीतियों के विरुद्ध आमजन के हित की वैकल्पिक नीतियों व भाजपा को हराने के लिए वाम जनवादी व धर्मनिरपेक्ष मोर्चा बनाकर जनता के लिए एक शशक्त विकल्प के रूप में चुनाव लड़ेगी। इस चुनाव में पार्टी नगर निगम में भाजपा के 5 वर्षों के विफल कार्यकाल और ट्रिपल इंजन की सरकार होने के बावजूद इस दौरान शिमला शहर के लिए कोई नई परियोजना न ला पाना तथा सीपीएम के नेतृत्व में पूर्व नगर निगम के कार्यकाल में लंबे संघर्ष के बाद लाई गई परियोजनाएं, जिसमें मुख्यतः स्मार्ट सिटी, विश्व बैंक से 125 मिलियन डॉलर की पेयजल आपूर्ति व सीवरेज की परियोजना, अम्रुत, टूटी कंडी रोप-वे, शहरी गरीब के लिए आवास व तहबाजारी करने वालों के लिए आजीविका मिशन के अतिरिक्त पार्किंग व अन्य परियोजनाओं को सही तरीके से लागू करने में विफल रहने को मुख्य मुद्दा बनाया जाएगा। इस बैठक में राज्य सचिव कॉ ओंकार शाद, जिला सचिव संजय चौहान के अतिरिक्त देवकी नद, जगमोहन ठाकुर, कुलदीप, बालक राम, अजय दुलटा, सत्यवान, रीना सिंह, अनिल ठाकुर, संदीप वर्मा, विजय राजटा व मदन नेगी ने भी भाग लिया। बैठक में निर्णय लिया गया कि नगर निगम शिमला चुनाव को लेकर एक चुनाव समिति का गठन होगा, जिसमें शिमला में कार्यरत सभी राज्य कमेटी, जिला कमेटी व लोकल कमेटी के सभी सदस्य शामिल होंगे। आगामी एक सप्ताह में वार्ड स्तर पर चुनाव कमेटियों का गठन कर प्रत्याशियों के चुनाव व प्रचार प्रसार के लिए कार्य किया जाएगा। पार्टी जनता के विभिन्न वर्गों को साथ लेकर इस चुनाव में उतरेगी। भाजपा ने नगर निगम में 5 वर्षों के कार्यकाल में केवल जनविरोधी नीतियों को लागू किया, जिसमें पेयजल जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के निजीकरण किया तथा पानी, कूड़ा उठाने की फीस, प्रॉपर्टी टैक्स, किराया व अन्य सेवाओं की दरों में वृद्धि कर महंगाई बढ़ाकर जनता पर केवल आर्थिक बोझ डालने का कार्य किया है। कोरोना काल में नगर निगम कोई भी राहत जनता को देने में विफल रही है। आज भाजपा की इन जनविरोधी नीतियों के चलते सभी वर्गों जिसमें मजदूर, कर्मचारी, कारोबारी, छात्र, महिला, युवा व अन्य सभी वर्गों में आक्रोश है। बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा अपने कार्यकाल के पेश किये गए अंतिम वर्ष के बजट पर भी चर्चा की गई तथा यह बजट केवल आगामी चुनाव को ध्यान में रख कर पेश किया गया है। सरकार द्वारा लागू की जा रही नीतियों के कारण तेजी से बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई व कृषि संकट जैसे गंभीर मुद्दों के समाधान के लिए इस बजट में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। सरकार आय के साधनों के सृजन में पूरी तरह से विफल रही है, जिससे वितीय घाटा बढ़ा है और सरकार का कर्ज आज 65000 करोड़ रुपए से अधिक हो गया है। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था एक गम्भीर संकट की ओर अग्रसर है।सरकार द्वारा कृषि व बागवानी के क्षेत्र में प्रदान की जा रही सहायता व सबसिडी में कटौती के चलते खाद, बीज, कीटनाशक, फफूंदीनाशक व अन्य लागत वस्तुओं की कीमतों में तेजी से वृद्धि हो रही है। और इनकी कीमतों में एक वर्ष में 40 से 100 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। जिससे गरीब व छोटे किसान व बागवान का संकट और गहरा हो गया है और उसका रोजी-रोटी का संकट और बड़ा है। बैठक में सरकार से बेरोजगारी, महंगाई व कृषि संकट को दूर करने के लिए तुरन्त ठोस कदम उठाने की मांग की गई। दैनिक मजदूरी को बढ़ा कर कम से कम 700 रुपए किया जाए तथा न्यूनतम वेतन 21000 रुपए सभी के लिए किया जाए। पुरानी पेंशन बहाल की जाए तथा आउटसोर्स व स्कीम वर्कर के लिए स्थाई निति बनाई जाए। कृषि व बागवानी में समाप्त की गई सबसिडी को तुरंत बहाल कर किसानों को राहत प्रदान कर खाद, बीज, कीटनाशक, फफूंदीनाशक व अन्य लागत वस्तुओं की कीमतों में कमी करे। प्रदेश में पैदा होने वाली सभी फसलों, सब्जियों, फलों व दुध के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) घोषित करें। सेब के लिए कश्मीर की तर्ज पर मंडी मध्यस्थता योजना (MIS) लागू की जाए तथा सेब बागवानों का बकाया भुगतान तुरंत नकद में किया जाए। पार्टी मजदूर, कर्मचारी व किसानों के द्वारा अपनी मांगों को लेकर चलाए जा रहे आंदोलनों का समर्थन करती है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला विकास नगर के आंजी में दो दुकान में शनिवार देर रात अचानक आग लग गई। आग की लपटें देखकर लोगों ने अग्निशमन विभाग को सूचना दी। वहीं, स्थानीय लोग भी आग बुझाने में जुट गए। आग पर करीब आधे घंटे में काबू पा लिया गया। आगजनी से एक सब्जी की दुकान व बिजली के उपकरणों की दुकान में नुकसान हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार विकास नगर के आंजी में दौलत राम नाम के व्यक्ति की सब्जी व बलवंत की इलेक्ट्रिक की दुकान में देर रात आग लगी है। जिसमें किसी भी प्रकार का कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस व फायर की टीम मौके पर मौजूद पर पहुंच कर आग पर काबू पाया। स्थानीय लोगों बताते हैं कि यह आग किसी ने जानबूझकर लगाई है वरना सब्जी की दुकान में आग कैसे लग सकती है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला हिमाचल प्रदेश में ड्रोन प्रशिक्षण के लिए पहला फ्लाईंग स्कूल कांगड़ा जिला के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, शाहपुर में स्थापित किया जाएगा जिसके लिए आज तकनीकी शिक्षा निदेशक विवेक चंदेल और केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्रालय की स्वायतशासी संस्था इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी के मध्य एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। यह संस्थान सरकारी कर्मचारियों के साथ ही आम लोगों का भी ड्रोन के उपयोग के बारे में मार्ग-निर्देशन करेगा और राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाएगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वर्ष 2022-23 के बजट संबोधन में राज्य में चार ड्रोन फ्लाईंग स्कूल स्थापित करने की घोषणा की है। प्रदेश में ड्रोन सुविधा का उपयोग दवाईयों की आपूर्ति, कृषि, वानिकी, राहत एवं बचाव, निगरानी, यातायात व मौसम संबंधी निगरानी, अग्निशमन, व्यक्तिगत उपयोग व ड्रोन आधारित फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी में किया जा सकेगा। यह प्रदेश में संसक्त, स्वचालित और तीव्र सम्भार तंत्र (लॉजिस्टिक्स) की सुविधा भी प्रदान करेगा। तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान शाहपुर में उम्मीदवारों को जमीनी प्रशिक्षण के लिए भूमि और भवन तथा सिम्यूलेटर की स्थापना के लिए एक कमरा उपलब्ध करवाया गया है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी ने राज्य के 100 सरकारी कर्मचारियों को तीन वर्षों के लिए 15 प्रतिशत विशेष रियायत प्रदान करने और राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों और शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययनरत बीपीएल श्रेणी के 100 छात्रों एवं प्रशिक्षुओं को तीन वर्षों के लिए श्रेणी एक, लघु, मल्टी-रोटर प्रशिक्षण 55 हजार रुपए व 18 प्रतिशत जीएसटी की दरों पर प्रदान करने का प्रस्ताव दिया है। इस अवसर पर उप-सचिव तकनीकी शिक्षा ललित विक्रम गौतम, अतिरिक्त निदेशक (आईटी) राजीव शर्मा व ड्रोन प्रशिक्षक चिराग शर्मा भी उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सिरमौर जिला के ट्रांस-गिरी क्षेत्र के लोगों के एक प्रतिनिधिमंडल को आज यहां संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार ट्रांस-गिरी क्षेत्र को जनजातीय क्षेत्र और हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिलवाने के लिए केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से यह मामला उठाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के साथ लगते जौनसार क्षेत्र को पहले ही जनजातीय क्षेत्र घोषित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि वे सिरमौर जिला के ट्रांस-गिरी क्षेत्र को जनजातीय दर्जा प्रदान करने का मामला एक बार पुनः केंद्रीय गृह मंत्री के समक्ष उठाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे न केवल इस क्षेत्र के विकास के लिए अतिरिक्त एवं विशेष बजट का प्रावधान सुनिश्चित होगा, बल्कि क्षेत्र के लोगों की चिरलंबित मांग भी पूरी होगी। सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी, विधायक रीना कश्यप, हिमाचल प्रदेश राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के उपाध्यक्ष बलदेव तोमर, मुख्य सचिव राम सुभग सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुभासीष पन्डा और हाटी समुदाय के विभिन्न प्रतिनिधि भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला प्रदेश की राजधानी शिमला में एक महिला द्वारा ट्रक से गिरे खाद के बैग को पुलिस थाने में पहुंचाने का मामला सामने आया है। महिला का नाम हेमलता है। जब वे ढली-मल्याणा बाईपास स्थित हाउंसिंग बोर्ड कालोनी संजौली मार्ग से बस लेने के लिए खड़ी थी कि इसी बीच एक ट्रक से करीब 80 किलो का यूरिया खाद से भरा बैग गिरा, जिसका ट्रक चालक को नहीं पता लगा और वह वहां से चला गया। इस दौरान महिला ने इसकी जानकारी पुलिस थाना ढली को दी, जिसके बाद वह यूरिया से भरे उस बैग को हेमलता गाड़ी करके पुलिस थाना ढली लेकर गई और वहां पुलिस को सौंपा। गौर रहे कि जिस तरह प्रदेश में इन दिनों खास तौर पर सेब बागवानों और किसानों में यूरिया खाद को लेकर बड़ी चिंता बनी हुई है और पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूरिया खाद न मिल पाने के कारण भी परेशानी रहीं। वहीं, अब ये खाद केंद्र व राज्य सरकारों के प्रयासों से किसानों व बागवानों को मुहैया करवाई जा रही है। हेमलता ने बताया कि वे भी कृषक परिवार से आती हैं और मौजूदा समय में ये खाद किसानों के लिए कितनी जरूरतमंद है, उसे भलि-भांति जानती हैं। उसी के चलते उन्होंने इस खाद के बैग को सड़क पर खराब होने से पहले सही स्थान पर पहुंचाने का निर्णय लिया है।
माह नवंबर, 2021 में पुलिस चौकी नारकंडा में एक शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमे शातिरों ने केवाईसी अपडेट करने के लिए शिकायतकर्ता से ओटीपी मांगा और शिकायतकर्ता ने ओटीपी शेयर कर दिया। ओटीपी शेयर करने से शिकायतकर्ता के खाते से 1,40,000 रुपए कट गए, जिस पर साइबर सेल शिमला ने कार्रवाई करते हुए 1,40,000 रुपए को शिकायकर्ताओं के खाते में वापस करवा दिया है। शिमला पुलिस ने जनता से आग्रह किया है कि कोई भी बैंक इस तरह की जानकारी नहीं मांगता है। अतः आप अपने खाते की जानकारी जैसे कि OTP, CVV इत्यादि साझा न करें तथा किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर इसकी सूचना तुरंत नज़दीकी पुलिस थाना या पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 112 पर दर्ज करवाए।
मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में कल पीटरहॉफ से प्रातः 11 बजे जुड़ेंगे यह बजट असंभव को संभव करने वाला बजट : बिंदल फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला भाजपा हिमाचल प्रदेश की बैठक का आयोजन वर्चुअल माध्यम से किया गया, जिसमें विशेष रूप से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष सुरेश काश्यप एवं संगठन महामंत्री पवन राणा उपस्थित रहे। बैठक को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा की मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा पेश किया बजट आम जन मानस का बजट है। इस उपलक्ष में भाजपा 6 मार्च को प्रातः 10:30 बजे मुख्यमंत्री संवाद कार्यक्रम का आयोजन करने जा रही है, जिसमें सभी विधानसभा क्षेत्रों में जनता एलईडी पर मुख्यमंत्री का हिमाचल के बजट को लेकर संबोधन को सुनेगी। इस कार्यक्रम के मध्यम से जयराम ठाकुर सरल रूप से बजट जनता को समझाएंगे। यह कार्यक्रम भव्य होगा, कश्यप ने कहा की यह बजट चुनावी वर्ष का अंतिम बजट था और जिस प्रकार से हमारी सरकार काम कर रही है। इससे साफ है की 2023 में भाजपा फिर एक बार मजबूत सरकार के साथ बजट पेश करेगी। मुखमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा की हमारी सरकार के पांचवें बजट में गरीब तपके का विशेष ध्यान रखा गया है, इस बजट में सभी वर्गों के लिए कुछ न कुछ है। उन्होंने कहा की कोविड संकटकाल के बाद भी हमने जनहित का बजट निकाला है। इस बजट के मुख्य बिंदुओं को हम सब मिलकर जनता के बीच ले जाएंगे और बजट का लाभ हिमाचल के घर घर तक पहुंचाएंगे। बैठक में पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने जयराम ठाकुर को अच्छे बजट के लिए बधाई देते हुए कहा की यह बजट असंभव को संभव करने वाला बजट है। महामंत्री त्रिलोक जम्वाल ने बताया की कल 6 मार्च को प्रादेशिक कार्यक्रम का आयोजन पीटरहॉफ शिमला में प्रातः 11 बजे किए जाएगा, यहां से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पूरे प्रदेश को संबोधित करेंगे। बैठक में 2017 के भाजपा प्रत्याशी, भाजपा प्रदेश पदाधिकारी, सभी प्रदेश मोर्चा अध्यक्ष, सभी प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक, सभी पूर्णकालिक विस्तारक, भाजपा जिला प्रभारी एवं सह प्रभारी, भाजपा जिला अध्यक्ष एवं भाजपा मंडल अध्यक्ष उपस्थित रहे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला भाजपा प्रभारी अविनाश्न खन्ना ने कहा की हिमाचल सरकार द्वारा पेश किया बजट जयराम ठाकुर की दूरगामी सोच है। यह बजट किसान, बागवान, श्रमिक, युवा, महिला और गरीब कल्याण का बजट है। इतना सुंदर बजट पेश करने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और उनकी पूरी कैबिनेट को शुभकामनाएं। अविनाश राय खन्ना ने कहा की मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत वित्त वर्ष 2022-23 का वार्षिक बजट, गरीब कल्याण, किसान, बागवान, युवा व महिला आदि सभी वर्गों के हित वाला बजट है। यह बजट संपूर्ण रूप से सभी वर्गों के लोगों के लिए अत्यंत लाभप्रद और कल्याणकारी है। उन्होंने कहा की वृद्धा अवस्था पैंशन की पात्रता के लिए 60 वर्ष की आयु से उपर के प्रत्येक व्यक्ति के लिए आय सीमा को समाप्त करना अत्यंत शानदार और ऐतिहासिक कदम है। वर्ष 2022-23 में सामाजिक सुरक्षा पैंशन योजना का लाभ 7.50 लाख लोग ले पाएंगे। खन्ना ने कहा की सामाजिक सुरक्षा पैंशन पर जो पहले 450 करोड़ रुपए व्यय होता था, वह अब 1300 करोड़ रुपए हो जाएगा अर्थात गरीब वर्ग के कल्याण की दिशा में आज तक के इतिहास का यह सबसे बड़ा कदम है और हिमाचल की कुल जनसंख्या के 10 प्रतिशत लोग, समाज कल्याण पैंशन के दायरे में आ जाएंगे। उन्होंने कहा की मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आंगनबाड़ी, आशा वर्कर, पंचायत चौकीदार, राजस्व चौकीदार, नंबरदार, वाटर कैरियर, मल्टी पपर्ज वर्कर, पैरा पंप और फिटर, दिहाड़ीदार वर्कर आदि के मानदेय में बड़ी वृद्धि करके प्रदेश के गरीब वर्ग की मदद की है। साथ ही आउट सोर्स कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 10,500 करने की घोषणा, पंचायती राज प्रतिनिधियों के मानदेय बढ़ाना, जिला परिषद अध्यक्ष एवं मेंबर, बीडीसी अध्यक्ष और मेंबर के मानदेय बढ़ाना, प्रधान, उप प्रधान, वार्ड मेंबर का मानदेय बढ़ाना, महापौर नगर निगम अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, नगर परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और वार्ड सदस्यों के मानदेय में आशातीत वृद्धि की गई है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पेयजल शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधा व सड़क आदि के विस्तार के लिए माकूल धन का प्रावधान किया है। अर्थात यह गरीब कल्याण का बजट है, किसान, बागवान, युवा और महिला विकास का बजट है। कुल मिलाकर यह बजट प्रदेश के मूलभूत ढांचे को सुदृढ़ करने वाला बजट है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल विश्वविद्यालय शोध समिति ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा पेश किए गए आम बजट में विश्वविद्यालय के सभी शोधार्थियों के लिए 3000 हज़ार रुपए प्रति माह मुख्यमंत्री छात्रवृति योजना के तहत दिया जाएगा। केंद्रीय विश्वविद्यालय की तर्ज पर विश्वविद्यालय के शोधार्थियों को प्रति माह स्कॉलरशिप योजना शुरू करने की मांग को लेकर विद्यार्थी परिषद शोध समिति पिछले काफी लंबे समय से आंदोलनरत थी। शोध समिति के सयोन्जक रिन्कू कुमार ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का धन्यवाद करते हुए कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद शोध समिति की इस मांग को पूरा किया व उन्होंने शोधार्थियों की समस्या को समझा। उन्होंने बताया कि ऐसे हजारों शोधार्थी हैं, जो आर्थिक स्थिति के कारण अपना शोध छोड़ देते हैं, लेकिन आज इस फैसले से तमाम छात्र समुदाय में एक खुशी की लहर देखने को मिल रही है। शोध समिति हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला ने तहेदिल से प्रदेश सरकार के इस एतिहासिक फ़ैसले का स्वागत किया।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सदन में वक्तव्य में कहा कि आगामी 2 से 3 दिनों में बड़ी संख्या भारतीय वापस लाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सूचना के अनुसार प्रदेश के 309 छात्र सकुशल वापस आ चुके हैं, जबकि 149 अभी भी फंसे हैं। प्रदेश के छात्रों को वापस लाने के लिए हरसंभव प्रयास जारी किए जा रहे हैं। खारकीव व सुमि में भी छात्र फंसे होने की सूचना है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि फंसे छात्रों को वापस लाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हालात ठीक नहीं है। उम्मीद की जा रही है कि सभी छात्र सकुशल वापस लौटेंगे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला उद्योग एवं परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ने आज यहां बताया कि हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम में कार्यरत पीस मील वर्कर्स को अनुबंध पर लाने का निर्णय लिया गया है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास की भावना से कार्य करते हुए वर्ष 2011 से निगम में कार्यरत इन पीस मील वर्कर्स की चिरलम्बित मांग को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2011 तथा उसके बाद निगम में आवश्यकतानुसार इन पीस मील वर्कर्स की तैनाती की गई थी। वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा अब इनकी सेवाओं को परिवहन निगम में अनुबंध पर करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि परिवहन निगम में आईटीआई और नॉन-आईटीआई तथा दूसरे क्षेत्रों में पीस मील वर्कर्स कार्यरत हैं। इनके लिए हाल ही में तैयार नीति के अनुरूप कुल 823 पीस मील वर्कर्स में से 631 को प्राथमिकता के आधार पर अनुबंध पर तैनाती दी गई है जबकि शेष वर्कर्स को इसी प्रक्रिया के अन्तर्गत उनकी दक्षता के अनुसार अनुबंध पर लाया जाएगा। परिवहन मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्णय के अनुसार विभाग में 49 लोगों को करूणामूलक आधार पर रोजगार देने के भी आदेश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन निर्णयों से प्रदेश सरकार की कर्मचारी हितैषी नीतियों का लाभ सभी पात्र लोगाें को सुनिश्चित हुआ है। इसके लिए उन्होंने विशेष तौर पर मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर का आभार व्यक्त किया है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा आज प्रस्तुत किए गए बजट को ऐतिहासिक और आम आदमी का बजट बताया है। उन्होंनेे कहा कि प्रदेश सरकार के इस बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। बजट व्यावहारिक है और सभी वर्गों को इस बजट से लाभ होगा। सुरेश भारद्वाज ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान शहरी युवाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए वर्ष 2020 में मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गारंटी योजना आरम्भ की गई थी। वित्तीय वर्ष 2022-23 में इस योजना पर 5 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान बजट सत्र में शहरी बेरोजगार युवाओं को रोजगार की गारंटी, पात्रता एवं अन्य शर्तों से संबंधित, विधेयक विधानसभा में पेश किया जाएगा। हिमाचल देश का पहला राज्य होगा, जहां मनरेगा कि तर्ज पर शहरी क्षेत्रों में आजीविका के लिए कानून बनाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उन्नत शहरों के सपने को पूरा करने में यह योजना जो कि जल्दी कानून का रूप लेने वाली है, कारगर सिद्ध होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री का वृद्धावस्था पेंशन की आयु सीमा 60 वर्ष करने पर आभार व्यक्त किया। पहले यह आयु सीमा 70 वर्ष थी। वित्तीय वर्ष 2022-23 में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 40000 अतिरिक्त पात्र लोगों को पेंशन प्रदान की जाएगी। ऐसे सभी वर्ग जो वर्तमान में 850 रुपये प्रतिमाह की पेंशन प्राप्त कर रहे हैं, की पेंशन बढ़ाकर 1000 रुपए की जाएगी। दिव्यांगजनों व विधवाओं को दी जा रही पेंशन को 1000 रुपए से बढ़ाकर 1500 रुपए प्रतिमाह किया जाएगा। 70 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनों की पेंशन को 1500 रुपए से बढ़ाकर 1700 रुपए प्रतिमाह किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2022-23 में सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर 1300 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे।
उज्ज्वला और गृहिणी सुविधा योजना के तहत अब 3 निशुल्क सिलेंडर उपलब्ध करवाए जाएंगे फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए एक बेहतरीन बजट प्रस्तुत किया है। यह बजट शानदार एवं जानदार है, जिसमें हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा की हिमाचल के बजट में वृद्धावस्था पेंशन के लिए आयु सीमा को बड़ा कर 60 वर्ष कर दिया गया है, इसके बड़ा सामाजिक लाभ होने जा रहा है, पशुपालन क्षेत्र के लिए 469 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इस कर्मयोगी सरकार ने पहाड़ी गाय के संरक्षण हेतु उत्कृष्ट फार्म स्थापित किए जाने का प्रावधान किया है और कृषि क्षेत्र के लिए बजट में 583 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया। उन्होंने कहा की जयराम सरकार के बजट में किसानों- बागवानों की सुविधा हेतु प्रदेश में एक और फूल मंडी स्थापित की जाएगी और साथ ही उज्ज्वला और गृहिणी सुविधा योजना के तहत अब 3 निःशुल्क सिलेंडर उपलब्ध करवाए जाएंगे। इससे महिलाओं एवं जनता को बड़ा लाभ होने जा रहा हैं। यह सच में वो सरकार है, जो जनता का दर्द समझती है। उन्होंने कहा हिमकेयर योजना का जनता को बड़ा लाभ हुआ है, जो की प्रत्यक्ष रूप से दिखता है, जनता के लिए यह बजट खुशखबरी लेकर आया है। बजट में बताया की हिम केयर का पंजीकरण पूरे साल होगा और यह कार्ड तीन साल के लिए माननीय होगा। उन्होंने कहा मेडिकल डिवाइस पार्क का कार्य 2022-23 में शुरू कर दिया जाएगा। इस पार्क के बनने से 10 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके निर्माण पर 332 करोड़ व्यय किए जाएंगे। इससे युवाओं को रोजगार का स्वर्ण अवसर प्राप्त होगा। साथ ही जल शक्ति क्षेत्र के लिए बजट 2022-23 में 2,772 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, अब जल्द ही पूरे प्रदेश में हर घर में जल पहुंचेगा। जयराम सरकार ने कानून व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने हेतु राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किए जाने का प्रावधान किया है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला सासंद प्रतिभा सिंह ने आज प्रस्तुत प्रदेश के बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि बजट को लोकलुभावन बनाने की पूरी कोशिश की गई है, जबकि उन्हें नहीं लगता कि मुख्यमंत्री इस बजट में की गई अपनी घोषणाओं को पूरा कर पाएंगे। प्रतिभा सिंह ने प्रदेश की बिगड़ती अर्थव्यवस्था पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि बजट में अर्थव्यवस्था सुधार के कोई भी उपाय नहीं सुझाए गए हैं। उन्होंने कहा है कि बजट पूरी तरह दिशाहीन है। बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी से निपटने की भी इस बजट में कोई कारगर योजना नहीं है। यह बजट महज आंकड़ों का दस्तावेज है, जो आगामी विधानसभा चुनावों के दृष्टिगत राजनीतिक लाभ लेने के लिए लोगों को लुभाने के लिए बनाया गया है।
Governor Rajendra Vishwanath Arlekar said that activities like 'Bird Festival' should be organized in an effective manner to further boost tourism and economic activities in the State so as to attract international attention and also convey the message of wildlife conservation. The Governor was presiding over a meeting on Wildlife Day with the senior officers of the Forest Department here today. He said that the Bird Festival in the State has a big potential, which not only attracts the bird watchers throughout the world but also provides good prospects for them. He said that Pong Dam Lake wildlife sanctuary is the largest wetland of H.P having an area of 207 sq. km and was one of the most important bird sites of the State. He said that this site was known for the largest congregation of Bar Headed Geese in the world and 45 per cent of total world population, 40000 to 50000 Bar-headed geese reported from this sanctuary alone every year. He added that it was the best wintering ground for migratory birds and since year 2000 around 420 bird species have been recorded in Pong. He said that annual water birds count nearly about 1.10 lakh. Rajendra Vishwanath Arlekar said that Western Tragopan was the state bird of Himachal Pradesh and efforts should be intensified for its conservation. He expressed satisfaction that efforts have been made in this direction at the Sarahan Pheasantry, which was the only captive breeding site for Western Tragopan in the World. He also stressed on implementing the flagship conservation programs of Cheer Pheasant, Western Tragopan etc. in a more effective manner. On the occasion, Principal Chief Conservator of Forest (Wild Life) Rajeev Kumar gave power point presentation on wildlife conservation and said that strengthening of rapid response teams, Exchange of Surplus Asiatic Black Bear, Common Leopard, Snow Leopard, conservation & release programme of Monal, Cheer and Western Tragopan Pheasants being pursued during 2022.
फर्स्ट वर्डिक्ट। राेहड़ू (हटकाेटी) हटकोटी (जुब्बल) आज एक नेपाली मजदूर के 13 वर्ष के गोलू पुत्र सागर जोशी (केसर) ने फांसी लगाकर दी जान, जो की स्थानीय सरकारी स्कूल में 8वीं कक्षा का छात्र था। साथ ही मिली जानकारी के अनुसार मृतक के माता-पिता अपने घर नेपाल गए हुए थे और वही वो अपनी दो बहनों के साथ किराए के मकान में रह रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में ले लिया था और पोस्टमार्टम के लिए जुब्बल हस्पताल भेज दिया था, जिस वक्त यह हादसा हुआ उस वक्त मृतक अकेला था, उसकी बहन किसी काम से रोहडू गई थी, जब वापस लौटी तो दरवाजा न खुलने के कारण पुलिस को सूचित किया गया। जब दरवाजा खोला गया तो कमरे में रस्सी में झूलता शव दिखा। साथ ही मृतक कि दोनों बहने नाबालिक होने के कारण, शव को पुलिस ने अपने कब्जे में रखा है जब तक मृतक के माता-पिता नहीं लौटते।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने आज परीक्षा नियंत्रक का घेराव किया। विद्यार्थी परिषद ने इस दौरान मांग उठाई की लंबित पड़े परीक्षा परिणामों को वि.वि प्रशासन जल्द घोषित करे। इकाई अध्यक्ष आकाश नेगी की अगवाई में कार्यकर्ता दोपहर 2 बजे परीक्षा नियंत्रक के कार्यालय पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने पीजी परीक्षाओं के महीनों से लंबित पड़े परिणामों को घोषित न करने पर परीक्षा नियंत्रक को घेरा। आकाश ने कहा कि पीजी की परीक्षाएं पिछले वर्ष सितंबर में आयोजित की गई थी, लेकिन विश्वविद्यालय की लच्चर व्यवस्था के कारण आज 5 महीने बीत जाने के बाबजूद भी इन परीक्षाओं का परिणाम विवि प्रशासन घोषित नहीं कर पाया है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद द्वारा इन पीजी परीक्षाओं का रिजल्ट घोषित करने की मांग के कारण विश्वविद्यालय प्रशासन ने आनन फानन में कुछ विभागों का परिणाम जारी कर दिया, लेकिन उनमें भी बहुत से अनियमिताएं पाई गई हैं। आकाश ने कहा कि बहुत से छात्रों का रिजल्ट आधा अधूरा ही घोषित कर दिया गया है, जो कि विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। आकाश ने कहा कि 3 मार्च से विवि प्रशासन ने पीजी की परीक्षाएं शुरू कर दी हैं लेकिन अभी पिछले परिणाम घोषित नहीं किए हैं, जिन छात्रों ने रिअपीयर की परीक्षाएं दी थी, उनका भी रिजल्ट नहीं आया है। छात्र असमंजस की स्तिथि में हैं, उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि वे दोबारा रिअपीयर के पेपर भरें या नहीं। एलएलएम की कॉउंसलिंग 3मार्च को, एलएलबी का रिजल्ट अधूरा घोषित आकाश ने कहा कि विवि प्रशासन ने 3 मार्च से एलएलएम की कॉउंसलिंग शुरू की है, लेकिन अभी तक एलएलबी का परीक्षा परिणाम अधूरा घोषित किया है, छात्र समझ नहीं पा रहे हैं कि वे अब कॉउंसलिंग में हिस्सा लें या नहीं। आकाश ने कहा कि छात्रों को परिणाम के लिए महीनों इंतजार करना पड़ रहा है। विवि की लच्चर कार्यप्रणाली के कारण प्रदेशभर के हजारों छात्र परेशान हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद छात्रों के साथ हो रहे अन्याय को सहन नहीं करेगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 3 दिनों के भीतर परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हुए, तो आने वाले समय में प्रशासनिक ब्लॉक पर ताले लगा दिए जाएंगे। आकाश ने कहा कि विद्यार्थी परिषद विवि प्रशासन से मांग करती है कि तय दिनों के भीतर पीजी परीक्षा परिणामों को घोषित किया जाए तथा एलएलएम की कॉउंसलिंग की तिथि को एक्सटेंड किया जाए, ताकि सभी छात्र कॉउंसलिंग में भाग ले सकें।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश के कर्मचारियों की समस्या को हल कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने ओल्ड पेंशन स्कीम को हिमाचल प्रदेश में लागू करने और उनके पदाधिकारियों से वार्ता करने और मुख्यसचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनाने का ऐलान भी कर दिया है, जो ऐतिहासिक निर्णय हैं अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय सचिव पवन मिश्रा, हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रांत अध्यक्ष पवन कुमार, प्रांत महामंत्री डॉ मामराज पुंडीर, संगठन मंत्री विनोद सूद, मीडिया प्रभारी शशि शर्मा, अतिरिक्त महामंत्री सुधीर गौतम, दर्शन लाल व वरिष्ठ उपाध्यक्ष जय शंकर ठाकुर सहित सभी जिलों प्रधान, महामंत्री व सभी जिला कार्यकारिणी सहित प्रदेश कार्यकारिणी ने सरकार से पुरानी पेंशन को हिमाचल प्रदेश में लागू करने की मांग की है। प्रांत महामंत्री डॉ मामराज पुंडीर ने कहा कि एनपीएस से संबंधित कर्मचारियों को वार्तालाप का रास्ता अपनाना चाहिए। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ प्रदेश में पूरानी पेंशन बहाली की मांग करता है, लेकिन धरने प्रदर्शन वालो के साथ नहीं हैं। प्रदेश में कुछ नेता इस धरने प्रदर्शन से राजनीति रोटियां सेंकने में लगे हैं। पूर्व सरकार द्वारा 2003 में प्रदेश के कर्मचारियों से पेंशन छीनी और आज वो ही बहाल करने की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के कर्मचारियों को भूखे मरने को छोड़ दिया था और आज उनको कर्मचारियों की याद आ रही है। हिमाचल प्रदेश में जब से जयराम सरकार बनी है, प्रदेश के कर्मचारियों के लिए हर लाभ दिया है। डॉ मामराज पुंडीर ने कहा कि प्रदेश के एनपीएस कर्मचारियों को 2009 की नोटिफिकेशन जारी करने का काम भी जयराम सरकार ने ही किया हैं।
अंग्रेजी व विज्ञान-गणित के रिक्त सैकड़ों पदों पर नवीन चयनसूचि जारी करने की रखी मांग फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला एसएलपी वापसी के बाद भी रीट भर्ती 2016 में रिक्त पड़े सैकड़ों पदों पर नवीन चयनसूचि जारी कर नियुक्ति देने की मांग जोर पकड़ने लगी है। मंगलवार को वर्षों से नियुक्ति का इंतजार कर रहे दर्जनों बेरोजगारों ने जयपुर पहुंचकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को इस बाबत लिखित ज्ञापन सौंपा। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता व पूर्व राज्यमंत्री गोपाल केसावत की अगवाई में पीड़ित अभ्यर्थियों ने उक्त भर्ती के मामले में एसएलपी वापस लेने के ऐतिहासिक निर्णय पर मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया। साथ ही सरकार के उक्त कदम के बाद भी रिक्त पड़े सैकड़ों पदों पर नवीन सूचि जारी कर वर्षों से भटक रहे पात्र बेरोजगारों के लिए नई सूचि जारी कर यथाशीघ्र नियुक्ति दिलवाने हेतु लिखित ज्ञापन सौंपा। बेरोजगारों ने ज्ञापन की मार्फत सीएम को अवगत करवाया कि वर्तमान में उक्त भर्ती में अंग्रेजी व विज्ञान-गणित के करीब 600 पद रिक्त हैं। इसलिए नई चयनसूचि जारी कर सरकार के एसएलपी वापसी के ऐतिहासिक कदम को सार्थक साबित करते हुए बेरोजगारों को यथाशीघ्र नियुक्ति दिलवाई जाए। मुख्यमंत्री ने उपस्थित प्रतिनिधिमंडल को मामले में सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। बेरोजगारों के दल में सोना टेलर, पूनम शेखावत, रिछपाल दून, रवि, अल्का, राजीव शर्मा, राकेश शर्मा, सुभाष यादव, दिनेश ओलान, देवेंद्र चाहर व पुरुषोत्तम वर्मा सहित दर्जनों अभ्यर्थी शामिल रहे। क्यों अटका है मामला रीट भर्ती-2016 वर्षों से लंबित है। गत वर्ष राजस्थान सरकार ने बेरोजगार हित में सुप्रीम कोर्ट से एसएलपी वापस लेकर रिक्त पदों को भरने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया था, लेकिन निदेशालय ने बिना कागजात सत्यापन किए ही अस्थायी चयनसूचि जारी कर मामले से पल्ला झाड़ लिया था। कागजात सत्यापन के दौरान अंग्रेजी व विज्ञान-गणित के करीब 600 अभ्यर्थी अपात्र व अनुपस्थित पाए गए हैं, जिससे अस्थायी सूचि में से करीब आधे पद रिक्त रह गए हैं।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए 5000 करोड़ रुपए के महत्वाकांक्षी पूंजीगत व्यय उपयोग (कैपेक्स) लक्ष्य को एसजेवीएन ने एक माह पूर्व ही हासिल कर लिया है। नंद लाल शर्मा, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने आज बताया कि 28 फरवरी, 2022 तक 5007.89 करोड़ रुपए का कैपेक्स हासिल कर एसजेवीएन ने वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए 5000 करोड़ रुपए के लक्षित कैपेक्स के 100.16 प्रतिशत को पार कर लिया है। नंद लाल शर्मा ने कहा कि वर्तमान वित्तीय वर्ष के 11 माह में 100 प्रतिशत से अधिक कैपेक्स उपयोग दर्ज करके, एसजेवीएन ने सर्वोत्कृष्ट, निष्पादनकर्त्ता विद्युत क्षेत्र सीपीएसयू होने की प्रतिष्ठा को बनाए रखा है। कार्य की वर्तमान गति पर, चालू वित्तीय वर्ष के दौरान 5500 करोड़ रुपए के कैपेक्स तक पहुंचने की संभावना है, जो कि लक्ष्य से 10 प्रतिशत अधिक रहेगा। वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए एसजेवीएन ने 8000 करोड़ रुपए के कैपेक्स उपयोग का लक्ष्य रखा है और विकास के तहत कई परियोजनाओं के साथ, कंपनी इस लक्ष्य को भी पूरा करने के लिए तैयार है। नंद लाल शर्मा ने अवगत कराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्वड और केंद्रीय विद्युत मंत्री आरके सिंह के मार्गदर्शन सेएसजेवीएन ने इस लक्ष्य को हासिल किया है। भारत सरकार तथा विद्युत मंत्रालय द्वारा कंपनी को यह कैपेक्स लक्ष्य देश को महामारी के कारण उत्पएन्न, मंदी से उबारने तथा आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए निर्धारित किए गए हैं। शर्मा ने कहा कि एसजेवीएन का पूंजीगत व्यय 3500 मेगावाट से अधिक क्षमता की दस निर्माणाधीन परियोजनाओं में व्याप्त है। कैपेक्सी उपयोग का अभिप्राय है कि एसजेवीएन में कार्यों की गति और मात्रा प्रगतिशील है। बिहार में 1320 मेगावाट की बक्सर ताप विद्युत परियोजना, नेपाल में 900 मेगावाट अरुण-3 जल विद्युत परियोजना और 217 किमी अरुण-3 ट्रांसमिशन लाइन, भूटान में 600 मेगावाट खोलोंग्चू् जल विद्युत परियोजना, हिमाचल प्रदेश में 210 मेगावाट लुहरी-1 जल विद्युत परियोजना और 66 मेगावाट धौलासिद्ध जलविद्युत परियोजना, उत्तराखंड में 60 मेगावाट की नैटवाड़ मोरी जल विद्युत परियोजना और 37 किलोमीटर की नैटवाड़ मोरी ट्रांसमिशन लाइन और दो सौर परियोजनाएं बगोदरा और परासन सौर परियोजनाएं निर्माण के अग्रिम चरणों में हैं और इनमें पूंजीगत व्यय का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा हैं। 33 वर्षों के हमारे इतिहास में किसी भी समय निर्माण चरण में हमारे पास इतनी सारी परियोजनाएं कभी नहीं थीं। कंपनी के लिए नए आयाम और व्यावसायिक अवसर सृजित हो रहे हैं, जो यह प्रमाणित करता है कि हमारा हाल ही में पुनर्निर्मित बिजनेस मॉडल बेहतरीन कार्य कर रहा है। एसजेवीएन के जनरेटिंग पावर स्टेशनों के सर्वोत्कृष्टा निष्पादन के बारे में बताते हुए नंद लाल शर्मा ने अवगत कराया कि नवीनतम उपलब्धि में फरवरी 2022 के लिए सभी पावर स्टेशनों से संचयी विद्युत उत्पादन 239 मि.यू. है, जो फरवरी 2021 की तुलना में 11 मि.यू.से अधिक है। एसजेवीएन ने वर्ष1988 में एकल जल विद्युत परियोजना के साथ शुरुआत की। आज इसके पास 16800 मेगावाट से अधिक का पोर्टफोलियो है, जिसमें से 2016.5 मेगावाट प्रचालनाधीन है और शेष विकास के विभिन्न चरणों में है। भारत के नौ राज्यों और दो पड़ोसी देशों अर्थात नेपाल और भूटान में अपनी उपस्थिति के साथ, एसजेवीएन के पास अब हाइड्रो, थर्मल, पवन और सौर ऊर्जा परियोजनाओं का एक विविधीकृत पोर्टफोलियो है। कंपनी ने पावर ट्रांसमिशन में भी विविधता लाई है और पावर ट्रेडिंग के लिए लाइसेंस प्राप्ते किया है। एसजेवीएन ने हाल ही में वर्ष 2023 तक 5000 मेगावाट, 2030 तक 25000 मेगावाट और वर्ष 2040 तक 50000 मेगावाट की स्थापित क्षमता हासिल करने के नए साझा विजन के साथ अपने क्षमतागत लक्ष्यों को संशोधित किया है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला खन्ना ने यूक्रेन में फंसे छात्रों के परिवारों को हौसला बनाए रखने की अपील की भाजपा हिमाचल प्रदेश प्रभारी वह पंजाब के पूर्व राज्यसभा सांसद अविनाश राय खन्ना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को वापस लाने के लिए सभी प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि रोमानियाई सीमाओं तक पहुंचने वाले छात्रों के साथ यहां पहले से ही 5 उड़ानें उतर चुकी हैं। पोलैंड और स्लोवेकिया की सीमाओं में भी सुविधाएं बनाई जा रही हैं। खन्ना ने बताया कि मंत्री हरदीप पुरी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, क्रिएन रिजेजू, जनरल वीके सिंह व्यक्तिगत रूप से निकासी और एयरलिफ्टिंग प्रक्रिया की निगरानी के लिए वहां जा रहे हैं। इस मौके पर यूक्रेन में फंसे छात्रों के परिवारों को खन्ना ने अपील की कि वे हौसला बनाए रखें। भारत सरकार निरंतर अपने लोगों को यूक्रेन से निकालने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के साथ-साथ भाजपा का हर नेता व कार्यकर्ता यूक्रेन में फंसे छात्रों के परिवारों के साथ खड़ा है खन्ना ने कहा की निसंदेह जल्द ही भारत सरकार यूक्रेन में फंसे छात्रों को वहां से सकुशल निकाल लेगी।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला यूक्रेन में फंसे विद्यार्थियों की सकुशल स्वदेश वापसी के लिए राज्य सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज शिमला से रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण यूक्रेन में फंसे विद्यार्थियों और उनके माता-पिता तथा यूक्रेन से भारत लौटे विद्यार्थियों के साथ वर्चुअल माध्यम से बातचीत करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने यूक्रेन में फंसे विद्यार्थियों को यूक्रेन में भारतीय दूतावास के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने का परामर्श दिया। उन्होंने कहा कि छात्र दूतावास के अधिकारियों और अपने-अपने संस्थानों के प्रबंधन से परामर्श के उपरान्त ही स्थान छोड़ंें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है और उनकी सकुशल वापसी के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों की सुरक्षित वापसी के लिए भारत सरकार सेे लगातार संपर्क में है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार स्थिति से पूरी तरह अवगत है और सुरक्षित वापसी प्रक्रिया की निगरानी और समन्वय के लिए यूक्रेन के विभिन्न पड़ोसी देशों में चार केंद्रीय मंत्रियों को तैनात किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूक्रेन में फंसे लोगों से समुचित समन्वय के लिए राज्य सरकार ने एक हेल्पलाइन भी स्थापित की है। उन्होंने कहा कि इस हेल्पलाइन पर अब तक 218 लोगों ने पंजीकरण करवाया है और अब तक हिमाचल प्रदेश के 102 विद्यार्थी भारत पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के 317 विद्यार्थी अभी भी यूक्रेन में फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक छात्र को सकुशल घर वापिस लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जयराम ठाकुर ने यूक्रेन में फंसे विद्यार्थियों के माता-पिता से विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निरंतर भारत सरकार और विदेश मंत्रालय के संपर्क में है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के अधिकारियों और मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा भी स्थिति की निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भारत आने वाले सभी विद्यार्थियों को निःशुल्क घर लाने के लिए व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री ने यूक्रेन से सुरक्षित वापस लौटे विद्यार्थियों का भी स्वागत किया। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर, महासचिव बाल कल्याण परिषद पायल वैद्य, प्रधान सचिव सामान्य प्रशासन विभाग भरत खेड़ा, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव डॉ. आर.एन. बत्ता और अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
- अधिसूचना जारी होने के बाद भी असंतुष्ट, अधिनियम बनाने की मांग विलियम शेक्स्पीयर ने कहा था कि 'नाम में क्या रखा है'। पर देवभूमि क्षत्रिय संगठन का मानना है कि 'सब कुछ नाम में ही रखा है', शायद इसीलिए प्रदेश सरकार द्वारा सामान्य वर्ग आयोग के गठन के बावजूद प्रदेश का सवर्ण समाज संतुष्ट नज़र नहीं आ रहा। हिमाचल प्रदेश में सामान्य वर्ग आयोग के गठन के बाद अब उसका संविधान और पूरी कार्यप्रणाली निर्धारित कर दी गई है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। सामान्य वर्ग आयोग के गठन की अधिसूचना के बावजूद क्षत्रिय संगठनों का गुस्सा शांत होता नहीं दिखाई दे रहा। देवभूमि क्षत्रिय संगठन एवं देवभूमि सवर्ण मोर्चा के पदाधिकारियों का मानना है कि सरकार ने ये अधिसूचना जारी कर प्रदेश के सबसे बड़े समाज को धोखा दिया है। सवर्ण आयोग के नाम पर सामान्य वर्ग आयोग गठित किया गया है। उनका कहना है कि सवर्ण आयोग गठित किया जाना चाहिए था लेकिन सरकार ने सामान्य वर्ग आयोग गठित किया है, जिसका सवर्ण वर्ग विरोध करता है। विरोध कर रहे संगठनों को नाम के अलावा एक अन्य आपत्ति भी है। देवभूमि क्षत्रिय संगठन के अध्यक्ष रुमीत सिंह ठाकुर का मानना है कि सरकार द्वारा सामान्य वर्ग आयोग के गठन की अधिसूचना जारी की गई है जबकि प्रदेश भर के लोग इसे अधिनियम बनाने की मांग कर रहे हैं। रुमीत ने कहा की शीतकालीन सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने तपोवन में इस बात की घोषणा की थी। इसमें सामान्य वर्ग आयोग को अधिनियम के दायरे में लाने का आश्वासन दिया गया था। इसके लिए सरकार ने तीन माह की मोहलत मांगी थी और अब तीन माह का समय पूरा होने वाला है तो सरकार ने इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी है। इस अधिसूचना में एक अध्यक्ष और दो सदस्यों की बात कही गई है। अध्यक्ष की मर्जी से आयोग की बैठक होगी। आयोग का अध्यक्ष यदि पूरा साल बैठक नहीं करता है तो प्रदेश भर के सामान्य वर्ग के लोगों को इस आयोग का कोई लाभ नहीं होगा। उनका मानना है की प्रदेश सरकार ने यह अधिसूचना 16 मार्च से प्रस्तावित आंदोलन को टालने के लिए की है। पर मांग अब भी बरकरार है और चेतावनी भी दी गई है कि यदि सरकार सामान्य वर्ग आयोग ( सवर्ण आयोग ) को अधिनियम के दायरे में नहीं लाती है तो 16 मार्च को उग्र प्रदर्शन होगा।
तिलक राज को भाजपा प्रदेश सचिव के रूप में नियुक्त किया गया। तिलक राज गांव सौर किलाड पांगी जिला चंबा के रहने वाले हैं।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने बताया कि उनकी इस नियुक्ति से संगठन को बल मिलेगा। इसके साथ-साथ तिलक राज को भाजपा के सभी मोर्चों एवं प्रकोष्ठ के कार्यक्रम एवं बूथ प्रबंधन का समन्वयक भी बनाया गया है। सुरेश कश्यप ने बताया की भाजपा प्रदेश सचिव पायल वैद्य को भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया गया है।
बच्चों मेें आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक योग्यता विकसित करने के उद्देश्य से समग्र शिक्षा अभियान के अन्तर्गत निपुण हिमाचल मिशन का शुभारम्भ किया गया। इस मौके पर शिक्षा मंत्री गोविन्द ठाकुर ने कहा कि निपुण भारत योजना, केन्द्र सरकार की शिक्षा के क्षेत्र में एक नवाचार पहल है। हिमाचल के विद्यार्थियों के लिए निपुण हिमाचल मिशन का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। आधारभूत साक्षरता भविष्य में शिक्षा प्राप्त करने का आधार बनती है। इस मिशन के माध्यम से छोटे बच्चों को भविष्य में शिक्षा के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मिशन के अन्तर्गत कक्षा एक से तीन के विद्यार्थियों के लिए विद्यालय में सक्षम वातावरण का निर्माण किया जाएगा तथा उन्हें आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मकता का ज्ञान प्रदान किया जाएगा। इस मिशन के अन्तर्गत कक्षा एक से तीसरी कक्षा के विद्यार्थियों में पढ़ने, लिखने तथा अंक गणित की शिक्षा का विकास किया जाएगा। यह योजना बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बहुत कारगर सिद्ध होगी। इससे बच्चे समय पर आधारभूत साक्षरता तथा संख्यात्मक ज्ञान प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उनका मानसिक एवं शारीरिक विकास होगा। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों की स्कूली शिक्षा, शिक्षक क्षमता निर्माण, उच्च गुणवत्ता तथा विद्यार्थी की आधारभूत आवश्यकतानुसार शिक्षण सामग्री को भी तैयार किया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि मिशन के अन्तर्गत निपुण लक्ष्य भी रखे जाएंगे, जिन्हें प्राप्त करने के प्रयास किए जाएंगे। मिशन के अन्तर्गत बेहतर कार्य करने वाले विद्यालयों को निपुण विद्यालय घोषित कर उस विद्यालय के मुख्याध्यापक और अध्यापकों को सम्मानित किया जाएगा। निष्ठा कार्यक्रम के अन्तर्गत अध्यापकों की ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियांें के लिए पाठ्य पुस्तकें तैयार की गई हैं और बच्चों की पाठ्य कुशलता को जॉंचने के लिए शीघ्र ही ओरल रिडिंग फल्यूएंसी ऐप भी तैयार किया जाएगा।


















































