फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर व अखिल भारतीय कांग्रेस चुनाव प्रधिकरण द्वारा हिमाचल प्रदेश के लिए कांग्रेस सदस्यता अभियान की पीआरओ पूर्व सासंद दीपा दासमुंशी एवं एपीआरओ शमीमा रैना प्रदेश में मंगलवार 15 से 18 फरवरी तक जिला सिरमौर, सोलन, हमीरपुर व ऊना जिलों के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान कांग्रेस नेता जिला अध्यक्षों, जिला पदाधिकारियों, कांग्रेस सदस्यता अभियान के लिए जिला संयोजकों, ब्लॉक अध्यक्षों, ब्लॉक संयोजक डिजिटल सदस्यता अभियान के संयोजकों के अतिरिक्त अग्रणी सगंठनों के जिला प्रमुखों के साथ सदस्यता अभियान को लेकर इन जिलों में बैठके व इस अभियान की प्रगति की पूरी जानकारी लेंगे और आवश्यक दिशा निर्देश देंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष राठौर सहित दीपा दासमुंशी व शमीना रैना 15 फरवरी को नाहन में दोपहर 12 बजे बैठक के बाद पत्रकारों से रूबरू होंगे व बाद में सोलन को रवाना हो जाएंगे। इस दिन रात्रि विश्राम सोलन रहेगा। 16 फरवरी को 11.30 बजे सोलन में बैठक के बाद पत्रकार वार्ता करेंगे व इसके बाद हमीरपुर के लिए रवाना होंगे। इस दिन रात्रि विश्राम हमीरपुर रहेगा। 17 फरवरी को सुबह 11.30 बजे हमीरपुर में जिला व अन्य पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक के बाद पत्रकाराें से रू-ब-रू हाेंगे। तत्पश्चात ऊना को रवाना हाेंगे। इस दिन रात्रि विश्राम ऊना में रहेगा। 18 फरवरी को सुबह 10.30 बजे जिला पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से रूबरू होंगे। इसके उपरांत चंडीगढ़ के लिए रवाना हो जाएंगे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला आपदा प्रबंधन के जाने-माने विशेषज्ञ और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के लिए कार्य कर चुके नवनीत यादव उमंग फाउंडेशन के वेबीनार में "आपदा जोखिम से बचाव का अधिकार" विषय पर 13 फरवरी को युवाओं के साथ चर्चा करेंगे। कार्यक्रम के संयोजक संजीव शर्मा ने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष में मानवाधिकार जागरूकता पर संस्था का ये 22वां साप्ताहिक कार्यक्रम होगा। गूगल मैप पर 13 फरवरी को शाम 7:00 बजे लिंक http://meet.google.com/zop-pbkn-heg के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुआ जा सकता है। यहां 'उमंग फाउंडेशन शिमला' के फेसबुक पेज पर भी लाइव उपलब्ध रहेगा। उन्होंने कहा कि आपदा जोखिम से बचाव को लेकर समाज में जागरूकता की कमी है। विशेषकर दिव्यांग व्यक्तियों को भीषण आपदा के समय कैसे सुरक्षित निकाला जाए, यह एक बड़ा मुद्दा है। 'आपदा जोखिम से बचाव का अधिकार' विषय पर आपदा जोखिम प्रबंधन से जुड़े संगठन डूअर्स के कार्यक्रम निदेशक और जापान, थाईलैंड, सेनेगल एवं नेपाल में अंतरराष्ट्रीय पाठ्यक्रमों में हिस्सा ले चुके नवनीत यादव का व्याख्यान सभी वर्गों के लिए उपयोगी होगा।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नन्द लाल शर्मा ने बताया कि एसजेवीएन ने वर्तमान वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही के दौरान 232.67 करोड़ रुपए का कर पश्चात लाभ (पीएटी) दर्ज किया है, जो गत वित्तीय वर्ष की इसी तिमाही की तुलना में 19% अधिक है। आज शिमला में कंपनी की बोर्ड बैठक के पश्चाधत संबोधित करते हुए, शर्मा ने कहा कि तीसरी तिमाही के दौरान, एसजेवीएन ने परिचालन से 550.92 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया है। यह गत वर्ष की तुलना में 11.29% अधिक है। एसजेवीएन ने 56.95 करोड़ रुपए की अन्य आय भी दर्ज की है, जिससे गत वित्तीय वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 55.94% की वृद्धि दर्ज हुई है। शर्मा ने अवगत कराया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 की तीसरी तिमाही में, एसजेवीएन ने गत वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में 1280 मि.यू. विद्युत उत्पादन को पार करते हुए 1480 मिलियन यूनिट का इस अवधि के लिए सबसे अधिक विद्युत उत्पादन दर्ज किया है। कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों और कड़ी मेहनत, सकारात्मक वृद्धि प्रतिशतता हमारी परिचालन इकाइयों के इष्टतम उपयोग, बेहतर विद्युत उत्पादन के रिकॉर्ड के लिए निरंतर अन्वेिषण,सर्वोत्तम वित्तीय प्रथाओं को अपनाने तथा कंपनी के पोर्टफोलियो में क्षमता वृद्धि पर रणनीतिक फोकस के परिणामस्वररूप हैं। सीईआरसी द्वारा एसजेवीएन को पूरे भारत में विद्युत में आंतर-राज्यीय ट्रेडिंग के लिए श्रेणी "1" लाइसेंस प्रदान किया गया है। अब एसजेवीएन का लक्ष्य देश में विद्युत का ट्रेडिंग करने के इच्छुक किसी भी उत्पादक तथा उपभोक्ता के लिए वन-स्टॉप स्रोत बनना है। इसके अतिरिक्त एसजेवीएन को नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विकास के लिए अधीनस्थ् कंपनी बनाने के लिए वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया है। इससे बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम, वेव, बायोमास, स्मॉल हाइड्रो और ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं सहित नवीकरणीय ऊर्जा को विकसित करने में मदद मिलेगी। एक अन्य प्रमुख उपलब्धि में, पीआईबी ने 2614.51करोड़ की अनुमानित लागत पर 382 मेगावाट सुन्नी डैम जल विद्युत परियोजना, हिमाचल प्रदेश के निवेश प्रस्ताव की सिफारिश की है। हाल ही में, एसजेवीएन ने दिनांक 8 फरवरी 2022 को जयपुर में राजस्थान सरकार के साथ एमओयू/एलओआई हस्ताक्षर कार्यक्रम के दौरान राज्य में 10,000 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विकास के लिए राजस्थान सरकार को एक आशय पत्र प्रस्तुत किया है। वर्ष 2030 तक गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से 500 गीगावॉट स्थापित क्षमता हासिल करने की भारत सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप, एसजेवीएन ने अपने बिजनेस मॉडल को पुन: तैयार करते हुए अपने नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो पर जोर दिया है।
शिमला। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से राजभवन शिमला में आर्यन ग्रुप ऑफ़ काॅलेजिज, राजपुरा के एक प्रतिनिधिमण्डल ने भेंट की। आर्यन्स ग्रुप के अध्यक्ष डाॅ. अंशु कटारिया ने राज्यपाल का अभिनन्दन करते हुए बताया कि आर्यन्स ग्रुप विभिन्न छात्रवृति कार्यक्रमों के कारण हिमाचल प्रदेश के जरूरतमंद और प्रतिभावान विद्यार्थियों की पहली पंसद बना है। उन्होंने राज्यपाल को अवगत करवाया कि ग्रुप द्वारा इंजीनियरिंग, विधि, प्रबन्धन, कृषि, नर्सिंग, फार्मेसी और शिक्षा आदि क्षेत्रों में आठ महाविद्यालयों का संचालन किया जा रहा है और यहां देश के विभिन्न भागों से चार हजार छात्रों को शिक्षण प्रदान किया जा रहा है। संस्थान विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्यपाल ने विद्यार्थियों के कल्याण के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के लिए आर्यन ग्रुप ऑफ़ काॅलेज की सराहना की।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित प्रदेश मंत्रिमण्डल की बैठक में हिमाचल प्रदेश गौण खनिज और खनिज (अवैध खनन, उसके परिवहन एवं भण्डारण का निवारण) नियम, 2015 में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई, ताकि सड़कों व सुरक्षा दीवारों के निर्माण, डंगों की सोलिंग इत्यादि में लघु खनिज पदार्थों का सर्वोत्कृष्ट उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। इससे विशेष तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण कार्यों के लिए पत्थर और रेत जैसे खनिज पदार्थों की आसानी से उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। राज्य सरकार के विभिन्न विभागों और एजेंसियों से संबंधित सड़कों के निर्माण कार्यों के दौरान उत्पन्न होने वाले गौण खनिज पदार्थों के उसी कार्य के लिए उपयोग की अनुमति खनन अधिकारी प्रदान करेंगे। इसमें सड़कों के निर्माण सहित सुरक्षा दीवार, डंगों की सोलिंग इत्यादि के कार्य शामिल होंगे, जिसमें एक समय में 10 हजार मीट्रिक टन प्रतिमाह और अधिकतम 20 हजार मीट्रिक टन प्रति कार्य के उपयोग की ही अनुमति होगी। मंत्रिमण्डल ने इसमें एक नियम सम्मिलित करने का भी निर्णय लिया, जिसमें यह प्रावधान किया गया है कि यदि कोई व्यक्ति खनन लीज़ होल्डर नहीं है और उसने नियमों का उल्लंघन नहीं किया है और ट्रांजिट फार्म उपलब्ध नहीं करवा सका है, तो उसे प्रचलित दरों पर राॅयल्टी और राॅयल्टी के 25 प्रतिशत जुर्माने का भुगतान करना होगा।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला हिमाचल प्रदेश में रात 10 से सुबह 6 बजे तक लगने वाला कोविड कर्फ्यू खत्म कर दिया गया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में बुधवार को अचानक बुलाई गई कैबिनेट बैठक में ये निर्णय लिया गया। कोरोना वायरस के सक्रिय मामलों में कमी को देखते हुए ये फैसला लिया गया है। नाइट कर्फ्यू पर रोक हटने से निजी वाहनों की आवाजाही पर अब किसी तरह की बंदिश नहीं रहेगी। कोरोना की तीसरी लहर में संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर राज्य सरकार ने बीते पांच जनवरी को नाइट कर्फ्यू लगाया था। अब लगभग एक माह बाद सरकार ने नाइट कर्फ्यू को हटाने का निर्णय लिया है। राज्य में सरकारी निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदारों की हड़ताल पर कैबिनेट में मंथन हुआ और उन्हें राहत देने के लिए निर्णय लिया गया कि डब्ल्यू और एक्स फार्म को लेकर सरकारी ठेकेदारों को आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए अध्यादेश लाया जाएगा। प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में फैसला लिया गया है कि आउटडोर इंडोर में क्षमता के 50 फ़ीसदी लोग जमा हो सकेंगे। वह क्षमता 1000 लोगों की भी हो सकती है। 2000 की भी हो सकती है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में प्रदेश कैबिनेट की बैठक प्रदेश सचिवालय में शुरू हो गई है। ठेकेदारों की हड़ताल से चरमराई व्यवस्था को इसका कारण बताया जा रहा है। बैठक में ठेकेदारों की मांगों को लेकर निर्णय हो सकता है। बता दें कि इस बैठक में परिवहन मंत्री विक्रम ठाकुर व वन मंत्री राकेश पठानिया नही पहुंचे है। इसके अलावा बैठक में छोटे बच्चों के लिए स्कूलों को खोलने पर फ़ैसला लिया जा सकता है। कर्मियों को खुश करने सहित अपने लिए नीति बनाने का इंतजार कर रहे विभिन्न विभागों के कर्मियों व आउटसोर्स कर्मियों के लिए सरकार नीति बनाने पर विचार कर सकती है। विधानसभा बजट सत्र में ले जाने वाले विधेयकों पर भी सरकार विचार कर सकती है। इसके अलावा विभिन्न विभागों में खाली पड़े पदों एवम मुख्यमंत्री की हाल ही में कई गई घोषणाओं पर मोहर लग सकती है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने ओक ओवर, शिमला से चैपाल क्षेत्र के कुपवी खण्ड के लिए पंजाब नेशनल बैंक द्वारा भेंट की गई एम्बुलेंस को झंडी दिखाकर रवाना किया। यह एम्बुलेंस बैंक द्वारा निगमित सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत इस दूर-दराज के क्षेत्र के निवासियों के कल्याण के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी शिमला के माध्यम से भेंट की गई। मुख्यमंत्री ने बैंक के प्रबंधन के इस परोपकारी कार्य की सराहना करते हुए कहा कि इस एम्बुलेंस से कुपवी क्षेत्र के 16,000 से अधिक निवासी लाभान्वित होंगे। इस अवसर पर राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष रणधीर शर्मा, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी शिमला डाॅ. सुरेखा और बैंक के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। कसौली कसौली के एक निजी स्कूल की छात्रा कुदरत मेहता ने अपनी लगन और काबिलियत से धर्मपुर का नाम चमकाया है। कुदरत ने यूसीमास (एबैकस) की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। जिसमें चैम्पियन का खिताब अर्जित कर विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया है। यह प्रतियोगिता यूसीमास राष्ट्रीय प्रतियोगिता 2022 के तत्वावधान में आयोजित हुई। इस प्रतियोगिता की बी-1 केटेगरी में देशभर से 7000 करीब प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। जबकि हिमाचल प्रदेश से 680 के करीब प्रतिभागियों ने भाग लिया। कुदरत ने केवल 10 मिनट में 200 सम सॉल्व किये। इससे पहले यूसीमास अबेकस की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता 2021 में भी भाग ले चुकी है। कुदरत के पिता राकेश मेहता ने बताया की प्रतियोगिता में कई राज्यों के प्रतिभाशाली छात्रों ने भाग लेकर अपनी गणितीय प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच कुदरत ने अबेकस के माध्यम से विभिन्न ट्रिक्स अपनाकर गणित के सवालों के जवाब निकाले एवं अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चैम्पियन होने का गौरव प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि नर्चर सेंटर के बच्चे न सिर्फ शैक्षिक क्षेत्र में बल्कि समाज के अन्य बहुतेरे क्षेत्रों में भी विद्यालय का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर रहे हैं। यह सेंटर अपने छात्रों के बौद्धिक विकास के साथ उन्हें सामाजिक गतिविधियों एवं रचनात्मक कार्यों के लिए विशेष रूप से प्रेरित करता है। आयोजकों ने इस प्रतिभाशाली छात्र की बहुमुखी प्रतिभा की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली कुदरत ने सभी प्रतिभागियों को पछाड़ते हुए पहला स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इस उपलब्धि पर स्कूल सहित कोचिंग सेंटर में खुशी की लहर है। कुदरत धर्मपुर की रहने वाली है। उसने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय टीचर नेहा गुप्ता और माता बबिता मैहता पिता राकेश मेहता को दिया है। कुदरत भविष्य में अभिनेत्री बनना चाहती है। कुदरत की इस उपलब्धि ने जहां पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है वहीं उसने इतिहास रच दूसरे बच्चों के लिए उदाहरण पेश किया है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज सरदार वल्लभ भाई पटेल संकुल विश्वविद्यालय, मंडी के शिक्षण संकाय और विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के माध्यम से हमारी पारंपरिक स्वास्थ्य और कृषि गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए ताकि समाज वास्तविक रूप से लाभान्वित हो। राज्यपाल ने कहा कि हमें अपनी शिक्षा प्रणाली को जमीनी कार्यों से जोड़ना होगा, जिसके लिए विद्यार्थियों को नियमित रूप से क्षेत्रों का भ्रमण करवाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल जैव विविधता में समृद्ध है और इस पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इस जैव विविधता को ग्रामीणों और शोधार्थियों की सहायता से सही रूप से प्रलेखित किया जाए, क्योंकि ग्रामीणों को स्थानीय पौधों की प्रजातियों का बेहतर ज्ञान होता है। विश्वविद्यालय के विद्यार्थी द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में राज्यपाल ने कृषि और मधुमक्खी पालन जैसी संबद्ध गतिविधियों में अनुसंधान कार्य पर विशेष बल देने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के पास इस क्षेत्र में कार्य करने के लिए समुचित अवसर हैं क्योंकि विश्वविद्यालय ने हाल ही में कार्य करना शुरू किया है। उन्होंने हर्बल गार्डन, विस्तार गतिविधियों इत्यादि को बढ़ावा देने, पारंपरिक ज्ञान को महत्व प्रदान करने और विश्वविद्यालय को इसे अपनी कार्यसूची में शामिल कर इस पर कार्य करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने पर्यावरण, जैव विविधता और पारिस्थितिकी पर चर्चा की और इस दिशा में और अधिक शोध कार्य करने को कहा। उन्होंने युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हिमाचल एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है तथा ऐसे में हमें अपनी आने वाली पीढ़ी को नशे जैसी बुराइयों से बचाने के लिए और अधिक सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की अपील की। इस अवसर पर कुलपति प्रो. सी.एल. चंदन ने राज्यपाल का स्वागत कर उन्हें सम्मानित किया और विश्वास जताया कि उनका दौरा विश्वविद्यालय के लिए प्रेरणादायक साबित होगा। उन्होंने कहा कि कुलाधिपति के निर्देश पर विश्वविद्यालय ने राज्य में भूस्खलन का अध्ययन करने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति गठित की है। इस समिति द्वारा अपनी रिपोर्ट पहले ही प्रस्तुत की जा चुकी है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज ओक ओवर, शिमला से चौपाल क्षेत्र के कुपवी खंड के लिए पंजाब नेशनल बैंक द्वारा भेंट की गई एम्बुलेंस को झंडी दिखाकर रवाना किया। यह एम्बुलेंस बैंक द्वारा निगमित सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत इस दूर-दराज के क्षेत्र के निवासियों के कल्याण के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी शिमला के माध्यम से भेंट की गई। मुख्यमंत्री ने बैंक के प्रबंधन के इस परोपकारी कार्य की सराहना करते हुए कहा कि इस एम्बुलेंस से कुपवी क्षेत्र के 16,000 से अधिक निवासी लाभान्वित होंगे। इस अवसर पर राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष रणधीर शर्मा, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी शिमला डाॅ. सुरेखा और बैंक के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन आईएनओ नई दिल्ली ने हिमाचल प्रदेश को रोग मुक्त भारत अभियान के लिए राज्य संयोजक नियुक्त किया है। इस अभियान को गति प्रदान करने हेतु हमारे साथ तीन सह- संयोजक भी नियुक्त किए गए हैं। जिसमें मंडी संभाग से डाक्टर विपिन शर्मा, बिलासपुर से सीमा सांख्यान, और ऊना से डाक्टर निधि बाला प्रादेशिक टोली में शामिल हैं। इसके अलावा हम जिला स्तर पर समन्वयक और खंड स्तरीय समितियां गठित की जाएगी। जिसमें सरकारी एजेंसी व विभागों से सहयोग लेकर रोग मुक्त भारत अभियान चलाया जाएगा। इस कार्यक्रम में हर गैर सरकारी संगठन भी शामिल होंगे। प्राकृतिक चिकित्सा,योग, जड़ी-बूटियों से उपचार, जैविक खेती, स्वच्छता और सात्विकता आदि विषयों पर विचार सांझा किए जाएंगे। मानव शरीर को पूर्ण स्वस्थ रखने के लिए जन जागरण अभियान चलाया जाएगा। शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक साधना से हम दीर्घायु की कामना करते हैं। बहरहाल हमारा लक्ष्य है कि गांव और शहर को सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान हों तभी हमारा देश भारत सर्वांगीण विकास एवं उन्नति कर सकता है। आईएनओ हिमाचल प्रदेश के राज्य संयोजक सुरेंद्र ठाकुर ने प्रदेश की जनता से अपील की है कि हमारे साथ मिलकर इस अभियान को गति प्रदान करे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए कहा कि इस वर्ष सर्दी के मौसम में रिकाॅर्ड बर्फबारी के बावजूद, राज्य सरकार ने इससे प्रभावित क्षेत्रों में रिकाॅर्ड समय में विद्युत और पानी की आपूर्ति बहाल की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलों की सभी प्रमुख सड़कों को वाहनों के सुचारू परिचालन के लिए बहाल कर दिया गया है और लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए संपर्क मार्ग खोलने के हर संभव प्रयास किए गए हैं। उन्होंने कहा कि वाहनों का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए बर्फबारी से प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में मशीनरी और लोग तैनात किए गए हैं। पर्यटकों को किसी भी दुर्घटना से बचने के लिए सुबह के समय बर्फीले क्षेत्रों में अपने वाहन सावधानी से चलाने का परामर्श दिया गया है।
नेहा धीमान/ शिमला हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ जिला शिमला के अध्यक्ष गोपाल झिलटा महासचिव विनोद शर्मा ने कहा है कि हाल ही मैं कुछ कर्मचारियों द्वारा आए दिनों कर्मचारियों को संयुक्त मोर्चा के नाम से बैठकें करके भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि इस प्रकार किसी संयुक्त मोर्चे की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि सभी विभागों, सरकारी कर्मचारी, हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के माध्यम से साक्ष्यों व तथ्यों के साथ उठा रहे है। वेतन आयोग के सम्बंध में जो भी विसंगतियां महासंघ के ध्यान में आ रही हैं उसका समाधान भी समय समय पर सरकार के साथ मिल कर किया जा रहा है इसके अतिरिक्त शिक्षकों के मान्यता प्राप्त संगठन भी अपनी अपनी श्रेणियों के मसलों को लगातर प्रदेश सरकार से उठा रहे है I इसी का परिणाम है कि छठे वेतनमान मै जो पंजाब की तर्ज़ पर तीसरे विकल्प नहीं दिया गया उस पर गंभीरता से विचार चल रहा है जहाँ तक बोर्डों वह निगमों के कर्मचारी की समस्याओं की बात है उनकी यूनियनें भी लगातर सरकार वह प्रबंधन के साथ निरंतर बैठकें करके अपने स्तर पर वार्तालाप के माध्यम से समाधान कर रहे I कर्मचारी नेताओं ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में जब कर्मचारियों को मिलने वाले 4-9-14 के लाभ को निरस्त किया गया. पेंशन नियमों में अनावश्यक संशोधन किया गया जो वर्ष के लिए तत्काल सरकार का विरोध कर रहे थे तथा पुलिसकर्मियों के pay band तथा 8 वर्ष का कार्यकाल भी पूर्व सरकार की ही देन है। उस समय संयुक्त मोर्चे के यही नेता मूक दर्शक बनकर पिछली सरकार की गोद मैं बैठकर तमाशाबीन बने हुए थे
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला राज्य सरकार की अतिरिक्त महाधिवक्ता रीता गोस्वामी ने कहा है कि अवैध धर्मांतरण गैर-जमानती अपराध है। ऐसे मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान है। हिंदू से ईसाई या मुसलमान बने अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोग आरक्षण का लाभ भी नहीं ले सकते। वह उमंग फाउंडेशन द्वारा "हि.प्र.धर्म स्वातंत्र्य कानून -2019 के माध्यम से मानव अधिकार संरक्षण" विषय पर आयोजित वेबीनार में विशेषज्ञ वक्ता के रूप में बोल रहीं थीं। कार्यक्रम के संयोजक एवं उमंग फाउंडेशन के ट्रस्टी विनोद योगाचार्य ने बताया वेबीनार में हिमाचल प्रदेश एवं अन्य राज्यों के युवाओं ने हिस्सा लिया। आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष में मानवाधिकार संरक्षण पर साप्ताहिक वेबीनारों की शृंखला में यह 21वां कार्यक्रम था। उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो.अजय श्रीवास्तव ने कहा कि ईसाई मिशनरी गरीबों की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें ईसाई बना रहे हैं। यह मानवाधिकारों का उल्लंघन है। इसलिए समाज को जागरूक बनाने की जरूरत है। रीता गोस्वामी ने भारतीय संविधान में धर्म पालन और उसके प्रचार के मौलिक अधिकार के बारे में बताते हुए यह भी स्पष्ट किया कि इसका दुरुपयोग नहीं किया जा सकता। लोभ लालच, धोखाधड़ी, बल के उपयोग, या इलाज के बहाने से किसी का धर्म परिवर्तन करना गंभीर अपराध है। इसमें एक से लेकर पांच वर्ष तक की सजा हो और जुर्माना हो सकता है। उन्होंने कहा कि यदि अवैध तरीके से किसी बच्चे, महिला या अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों का धर्म बदलवाया जाता है तो अपराधी को दो से सात वर्ष तक की सजा और जुर्माना हो सकता है। ऐसे मामलों में आरोपी के विरुद्ध सिविल जज की कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। धर्मांतरण के इरादे से की गई शादी भी कोर्ट द्वारा रद्द की जा सकती है। इसके लिए फैमिली कोर्ट में शिकायत करनी होगी। यदि किसी जिले में फैमिली कोर्ट नहीं है तो मामला सिविल जज की अदालत में जाएगा।अतिरिक्त महाधिवक्ता का कहना था कि प्रदेश में गरीबी, बीमारी, बेरोजगारी के शिकार लोगों को ईलाज के बहाने एवं जादू-टोने, भूत-प्रेत जैसे अन्य अंधविश्वासों का डर दिखाकर ईसाई बनाने वाले लोग मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन करते हैं। देवी- देवताओं के प्रति नफरत फैला कर धर्म परिवर्तन कराना भी कानूनन अपराध है। रीता गोस्वामी का कहना है कि अपने मूल धर्म में वापस आने वालों पर यह कानून लागू नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जो स्वेच्छा से धर्मांतरण करना चाहते हैं उन्हें जिला मजिस्ट्रेट को कम से कम एक महीने पहले इस बारे में आवेदन देना होगा। जिला मजिस्ट्रेट ऐसे मामलों में जांच कराएगा कि धर्मांतरण में स्वेच्छा की जगह कोई अवैध कारण तो नहीं है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला आभासी पटल पर मनाए गए इस कार्यक्रम में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ अखिल भारतीय राष्ट्रीय सचिव पवन मिश्रा विशेष तौर पर उपस्थित रहे। प्रांत महामंत्री डॉ मामराज पुंडीर ने मंच संचालन किया। अतिरिक्त महामंत्री प्रांत सुधीर गौतम ने सभी अतिथियों का परिचय करवाया। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रांत अध्यक्ष पवन कुमार ने मुख्यातिथि सहित सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ द्वारा हिमाचल प्रदेश में किए जा रहे हैं। सामाजिक एवं राष्ट्रहित के कार्यक्रमों की जानकारी एवं सरकार स्तर पर हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ द्वारा उठाए गए विभिन्न आग्रहों का विस्तार पूर्वक वर्णन किया। अखिल भारतीय सचिव पवन मिश्रा अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का विस्तृत परिचय प्रस्तुत किया तथा अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के ध्येय वाक्य विस्तार पूर्वक वर्णन किया तथा अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ द्वारा कराए जाने वाले स्थाई व अस्थाई कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रांत मीडिया प्रमुख शशि शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के एवन 400 प्रतिभागियों ने जूम मीटिंग के माध्यम से भाग लिया। शशि शर्मा ने अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के अखिल भारतीय राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रोफेसर जेपी सिंघल द्वारा दिए गए अध्यक्षीय भाषण की जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रकार के कर्तव्य बोध कार्यक्रम प्रदेश भर में जिला खंड एवं मंडल स्तर तक आयोजित किए जाएंगे। प्रोफेसर जेपी सिंघल ने सभी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज रास्ट्र हित और समाज निर्माण के क्षेत्र में शिक्षकों बहुत अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षक को हमेशा कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ते हुए समाज निर्माण में अपनी भूमिका को सुनिश्चित करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित में शिक्षा, शिक्षा के हित में शिक्षक और शिक्षक के हित में समाज इस प्रकार की परिकल्पना के साथ अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ कार्य करता है। प्रोफेसर सिंघल ने कहा कि शिक्षक को अपने चरित्र को निरंतर उच्च मापदंडों में स्थापित करते रहने के लिए लगे रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षक का कार्य केवल वेतन प्राप्त करके शिक्षण को एक आजीविका बनाकर अपने परिवार का भरण पोषण करना मात्र नहीं है, बल्कि इससे भी बढ़कर समाज और राष्ट्र निर्माण में शिक्षक की भूमिका को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सदियों से ही शिक्षक का स्थान समाज में ऊंचा रहा है और शिक्षकों को अपने इस स्थान को बरकरार रखने के लिए हमेशा प्रयासरत रहना चाहिए। इस कार्यक्रम में अखिल भारतीय राष्ट्रीय सचिव पवन मिश्रा ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के शिक्षक निरंतर अपने कर्तव्य का पालन करते हुए राष्ट्रहित में शिक्षा देने के हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के मूल मंत्र को ध्यान में रखकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ द्वारा हिमाचल प्रदेश में विपरीत भौतिक स्थितियों के बावजूद बहुत अच्छा कार्य करने के लिए समूची कार्यकारिणी को बधाई दी। आभासी पटल पर आयोजित इस सफल मीटिंग में संगठन मंत्री विनोद सूद, अतिरिक्त महामंत्री सुधीर गौतम, दर्शन लाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जयशंकर, उपाध्यक्ष मार्कंडेय, नरेंद्र कपिला, अशोक कुमार, ललिता वर्मा, हेमराज, तीर्थ आनंद सहित समूची प्रांत कार्यकारिणी समस्त जिला कार्यकारिणीओं सहित खंड एवं मंडल स्तर के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने जीएसटी के अन्तर्गत साल के पहले माह में 427.72 करोड़ रुपये एकत्रित किए हैं, जो जनवरी, 2021 में एकत्रित 346.30 करोड़ रुपये की तुलना में 24 प्रतिशत अधिक है। चालू वित्त वर्ष में जनवरी, 2022 तक संचयी जीएसटी संग्रह 3745.32 करोड़ रुपये जबकि गत वर्ष इसी अवधि के दौरान यह 2716.75 करोड़ रुपये था। इस तरह जनवरी, 2022 तक संचयी जीएसटी में 38 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। जीएसटी राजस्व में सकारात्मक वृद्धि विभाग द्वारा रिटर्न फाइल करने वालों पर विशेष निगरानी, इन-ट्रांजिट वस्तुओं के सत्यापन में वृद्धि, विश्लेषणात्मक रिपोर्ट का बेहतर उपयोग और राज्य मुख्यालय द्वारा फील्ड के अधिकारियों के प्रदर्शन की निगरानी के परिणामस्वरूप हुई है। जीएसटीएन की बिजनेस इंटेलिजेंस टूल आधारित रिपोर्टों द्वारा राज्य और केंद्रीय कर प्रशासन को कर की चोरी करने वाले लोगों पर कार्रवाई करने में मदद मिली है, जिसके परिणामस्वरूप राजस्व में वृद्धि हुई है। विभाग जीएसटी राजस्व वृद्धि के लिए स्वैच्छिक अनुपालना बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है। विभाग ने हितधारकों के अनुपालन संबंधी प्रश्नों और मुद्दों के समयबद्ध निष्पादन एवं जीएसटी कानून और प्रक्रियाओं में हो रहे परिवर्तनों के बारे में उन्हें जागरूक करने के लिए हाल ही में "टैक्स हाट" कार्यक्रम शुरू किया है।
हिमाचल प्रदेश को देशभर में जल गुणवत्ता सर्वेक्षण में उपभोक्ता स्तर पर पेयजल की मात्रा, गुणवत्ता और नल कार्यशीलता में प्रथम स्थान पर आंका गया है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जल शक्ति विभाग की सराहना की है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए हिमाचल सरकार की पीठ थपथपाई है। जल शक्ति मंत्री महेंद्र ठाकुर के मुताबिक जल शक्ति विभाग की ओर से प्रदेश में दो साल में 8.27 लाख घरों को नल से शुद्ध जल उपलब्ध करवाया गया है। यह पिछले 72 वर्षों में लगे 7.63 लाख नलों से अधिक है। राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश ने हर घर नल उपलब्ध करवाने की दिशा में पूरे देश में बेहतरीन कार्य किया है। जुलाई, 2022 तक हर घर में नल से जल देने का लक्ष्य रखा है, जबकि हर घर नल से जल उपलब्ध करवाने का राष्ट्रीय लक्ष्य 2024 तक का है। अगर हम केंद्र द्वारा जारी राशि की बात करें तो मार्च, 2022 तक के लिए कुल 2240.10 करोड़ रुपये की राशि केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से उपलब्ध करवाई गई है, जिसमें से चालू वित्त वर्ष के लिए 1429.08 करोड़ रुपये का प्रावधान है। वर्ष 2019-20 में हिमाचल प्रदेश को 57.15 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई थी, जबकि वर्ष 2020-21 में प्रदेश को 221.28 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई थी, जो कि देश भर में मिशन के अंतर्गत बेहतर कार्य करने वाले अग्रणी सात राज्यों में सर्वाधिक है। प्रदेश को वर्ष 2021-22 की अंतिम किस्त 315.69 करोड़ रुपये मिल चुकी है और वर्ष 2021-22 में प्रदेश को भारत सरकार से कुल 1262.78 करोड़ रुपये केंद्र की हिस्सेदारी के रूप में प्राप्त हो चुके हैं। राज्य को बेहतर प्रदर्शन के आधार पर इस वर्ष भी प्रोत्साहन राशि अपेक्षित है। -महेंद्र सिंह ठाकुर, जल शक्ति मंत्री
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला जिला भाजपा अध्यक्ष रवि मेहता, कार्यालय सचिव प्यार सिंह, शिमला मंडल अध्यक्ष राजेश शारदा, महामंत्री सुशील चौहान और गगन लखनपाल ने एक संयुक्त बयान में कहा कि इस बार जिला प्रशासन, नगर निगम, बिजली बोर्ड व अन्य विभागों ने बेहतरीन काम करते हुए बर्फ़बारी से राहत दिलाई है। उन्होंने प्रशासन और स्थानीय मंत्री का आभार व्यक्त किया। शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह के बयानों कि निंदा करते हुए कहा कि विरोध करना उनका धर्म हैं लेकिन सच से आँख मूंदना सही नहीं है। भाजपा नेताओं ने कहा कि जिन समस्याओं का जिक्र विक्रमादित्य ने किया है उनमे से अधिकाँश कांग्रेस के समय की है। उन्होंने कहा कि न केवल शिमला शहर में बल्कि जिला में अच्छा काम हुआ है। रोहड़ू जैसे क्षेत्र जहाँ कई दिनों तक बिजली नहीं आती थी आज के दिन में अधिकाँश जगह पर बिजली गयी ही नहीं है और जहाँ पेड़ गिरने या अन्य कारणों से बिजली बाधित हुई है वहाँ आज बिजली आ जाएगी। ऐसा पहली बार हुआ है कि प्रशासन सुबह 5 बजे से काम में जुट गया। उन्होंने कहा कि शहरी विकास मंत्री समय समय पर राहत कार्यों का जायजा लेते रहे। विक्रमादित्य को मंत्रो पर टिप्पणी करने से पहले तथ्यों का ठीक प्रकार से अध्ययन करना चाहिए। भारी बर्फ गिरने के एक दिन बाद विक्रमादित्य सिंह रिज पर बैठ कर सरकार के खिलाफ बयानबाज़ी कर रहे थे और ये सरकार के प्रबंधों के कारन ही संभव हो सका कि वो अपने घर से मॉल रोड पहुँच सके। उन्हें 2017 याद करना चाहिए जब कांग्रेस कि ही सरकार थी और 5 दिन तक न शिमला कि सड़कें साफ़ हुई थी न ही अधिकाँश इलाकों में बिजली थी। शहरी विकास मंत्री ने लॉकडाउन के दौरान विधायक आपके द्वार हेल्पलाइन भी शुरू किया था और बर्फ़बारी के दौरान भी इस हेल्पलाइन के द्वारा कई लोगों कि समस्याओं को हल किया गया। मंत्री पर कि टिप्पणी को लेकर भाजपा नेताओं ने विक्रमादित्य सिंह को नसीहत देते हुए कहा कि वो सरकार में आने के सपने न देखे बल्कि अपना कुनबा संभालें।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने प्रदेश में आंदोलनरत ठेकेदारों से शीघ्र बातचीत कर उनकी समस्याओं को जल्द सुलझाने की मांग सरकार से की है। उन्होंने कहा है कि आज प्रदेश में जितने भी सरकारी निर्माण कार्य हो रहें है वह सब इन्ही के सहयोग से हो रहें है, इसलिए इनकी मांगो पर सहानभूति पूर्वक विचार कर उन्हें माना जाना चाहिए। प्रदेश में सरकारी निर्माण कार्यो में जुटे कॉन्ट्रेक्टरों का लंबे समय से उनके किये कार्यो का बकाया भुगतान नही हो रहा है ऐसे में उन्हें अपने श्रमिकों को उनके श्रम का भुगतान करने में भारी मुश्किलें आ रही है। राठौर ने कहा है कि कॉन्ट्रेक्टरों ने बैंकों से बड़े बड़े लोन लेकर बड़ी बड़ी मशीनरी खरीद रखी है। कोरोना के चलते प्रदेश में पिछले 2 सालों से निर्माण कार्य ठप पड़े होने की बजह से उन पर बैंक कर्जो का दबाव भी पड़ा है। इसलिए सरकार को इन कॉन्ट्रेक्टरों के साथ बातचीत कर उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए तुरंत ही कोई प्रभावी कदम उठाने चाहिए। अगर कॉन्ट्रेक्टर अपना काम रोक देते है तो इसका प्रदेश में सड़कों के रखरखाव पर विपरीत असर पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से बर्फबारी की बजह से हुई बेहाल सड़कों की मरम्मत करवाने और बंद पड़ी सभी सम्पर्क सड़को को तुरंत बहाल करवाने की मांग भी की है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। सिरमौर/ सोलन /शिमला भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने शिरोमणि पंथ रतन बाबा इकबाल सिंह के निधन पर उनके परिवारजनों एवं उनकी संस्थान के पदाधिकारियों से बडू साहिब में जाकर सांत्वना व्यक्त की। कश्यप ने कहा की पद्मश्री पुरस्कारों की घोषणा के चार दिन बाद शिरोमणि पंथ रतन बाबा इकबाल सिंह किंगरा का निधन हो गया। 96 वर्षीय बाबा इकबाल सिंह ने एक संत का जीवन जीया। उन्होंने विवाह नहीं किया और सिख पंथ की सेवा के लिए कार्य करते रहे। हिमाचल प्रदेश कृषि विभाग के निदेशक पद से सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने वर्ष 1982 में कलगीधर ट्रस्ट बडू साहिब की स्थापना की। उन्होंने वर्ष 1986 में एक कमरे में मात्र पांच विद्यार्थियों को लेकर अकाल अकादमी प्रारंभ की। आज ट्रस्ट की देशभर में 129 अकाल अकादमियां व दो विश्वविद्यालय हैं, जिनमें करीब 70 हजार विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उनका जन्म 1 मई 1926 को पिता सनवाल सिंह व माता गुलाब कौर के घर गुरदासपुर पंजाब में हुआ था। उन्होंने कृषि विज्ञान में स्नातक और कृषि विज्ञान में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। निदेशक पद से सेवानिवृत्त के बाद बडू साहिब में स्थायी निवास किया। उन्होंने 2008 में बडू साहिब में इटरनल विश्वविद्यालय और 2015 में पंजाब के दमदमा साहिब में अकाल विश्वविद्यालय की स्थापना की। पद्मश्री बाबा इकबाल सिंह का सिरमौर एवं हिमाचल में बड़ा योगदान रहा है उनकी स्थापित संस्था से कई नर्से सेना में अपनी बहुमूल्य सेवाए दे रही है। उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। बाबा इकबाल सिंह को डॉ. एस राधाकृष्णन मेमोरियल नेशनल अवार्ड 2006, न्यूयॉर्क स्टेट असेंबली 2014 सिख लाइफटाइम अचीवमेंट्स अवार्ड, यूके 2016, लिविंग लीजेंड लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड 2018, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से एक अंतरराष्ट्रीय पंजाबी के तौर पर विशेष पुरस्कार, तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब द्वारा शिरोमणि पंथ रतन का विशेष पुरस्कार से सिख समुदाय का अनमोल रत्न भी सम्मानित किया गया था।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने बर्फबारी से निपटने पर प्रशासन की व्यवस्था पर रोष जताया है। उन्होंने कहा कि 2 दिनों की बर्फबारी ने सरकार और प्रशासन की खोखली व्यवस्था की पूरी पोल खोल दी है। आम जन जीवन को सुचारू रखने में प्रशासन पूरी तरह विफल साबित हुआ है। राठौर ने आज एक बयान में कहा कि आज शनिवार को धूप खिलने के बाबजूद पर जनजीवन सामान्य करने में प्रशासन पूरी तरह असफल रहा है। लोगों को आज भी आने जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। राजधानी शिमला शहर में दोपहर तक यातयात सामान्य न होने परिवहन निगम की बसे न चलने की वजह से लोगों को मजबूरी में पैदल ही आना जाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि इसी तरह शहर के कई क्षेत्राें में बिजली की आंखमिचौनी भी लोगों को परेशानी का सबब बनी। सड़कों पर से बर्फ हटाने का काम भी धीमी गति से चलता रहा। सरकार के पास कोई पुख्ता इंतजाम ही नहीं है। राठौर ने कहा कि सरकार की प्रशासन पर कोई पकड़ ही नहीं है। आज स्थानीय अवकाश को लेकर भी अचरज की स्थिति बनी रही। राठौर ने सरकार से प्रदेश में बर्फबारी से बंद पड़े शिमला से ऊपरी क्षेत्रों सहित जन जातीय क्षेत्रों में जन जीवन सामान्य करने और बंद पड़ी सड़कों विशेष तौर पर दूरदराज की संपर्क सड़कों को बहाल करने का आग्रह किया है।उन्होंने कहा है कि दूरदराज के बर्फबारी वाले क्षेत्रों में आवश्यक खाद्य वस्तुओं खाना पकाने की गैस की आपूर्ति भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला कांग्रेस महासचिव और विधायक शिमला ग्रामीण विक्रमादित्य सिंह ने भारी बर्फबारी के कारण हो रही परेशानी को लेकर सरकार पर निशाना साधा है और कहा है कि प्रदेश में भारी बर्फबारी को लेकर मौसम विभाग ने पहले ही अलर्ट जारी किया था, लेकिन प्रशासन ने बर्फबारी से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं किए, जिसके कारण अब लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि बर्फबारी के कारण सड़कें, बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित हुई है। इसके अलावा प्रदेश के ए और बी क्लास के ठेकेदार भी हड़ताल पर जिस वहज से परेशानी दोगुनी हो गई है। पिछले लगभग 4 महीने से ठेकेदार सरकार से अपनी मांगों को लेकर बात रख रहे हैं, लेकिन सरकार सुनने को राजी नहीं है। सरकार ठेकेदारों की मांगों पर गौर करें, ताकि लोगों की दिक्कतें ओर न बढ़ें।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने आज लगातार बर्फबारी के मध्य शहर में छोटा शिमला, खलिनि, पंथाघाटी, मैहली-शाेगी बाईपास, टूटू व टूटीकंडी सड़कों का जायजा लिया तथा राहत कार्यों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि स्थानीय लोगों को कोई दिक्कत न हो। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के कार्य पर तैनात कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाया तथा लोगों से अपील की वे गाड़ी चलाते वक्त एहतियात बरतें और जिला प्रशासन का सहयोग करें। उपायुक्त ने बताया कि जिला में सड़कों को खुलने का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है और प्रशासन के पास मशीनरी वह लेबर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उप मंडल अधिकारी शहरी मनजीत शर्मा भी उपायुक्त के साथ मौजूद थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला लोभ लालच एवं जबरन धर्म परिवर्तन रोकने के लिए हिमाचल प्रदेश के 'धर्म स्वातन्त्र्य कानून -2019' के माध्यम से मानवाधिकार संरक्षण पर राज्य सरकार की अतिरिक्त महाधिवक्ता रीता गोस्वामी उमंग फाउंडेशन के वेबीनार में 6 फरवरी को चर्चा करेंगी। वह इस कानून की बारीकियां बताएंगी ताकि ईसाई मिशनरियां गैर संवैधानिक तरीकों से हिंदुओं की गरीबी एवं बीमारी का फायदा उठाकर उनका धर्मांतरण न कर सकें। वेबीनार की संयोजक एवं हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में पीएचडी स्कॉलर सवीना जहां ने बताया आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष में उमंग फाउंडेशन का यह 21वां साप्ताहिक वेबीनार है। उन्होंने कहा कि ईसाई मिशनरियों द्वारा अंधविश्वास फैला कर भोले भाले हिंदुओं को भूत प्रेत से बचाने और बीमारियां ठीक करने का दावा किया जाता है। इसकी आड़ में उन्हें बरगला कर ईसाई बनाया जा रहा है। यह भोले भाले लोगों के मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन और अपराध है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज धर्मशाला में आयोजित हिमाचल प्रदेश अनुसूचति जाति कल्याण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अनुसूचित जाति से सम्बन्धित परिवारों को उपकरणों की खरीद पर अनुदान राशि 1300 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये और सिलाई मशीनों की खरीद के लिए अनुदान राशि 1800 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये करने की घोषणा की, ताकि इन समुदायों के लोगों को सुविधा प्रदान की जा सके। उन्होंने संविधान निर्माता के सम्मान में प्रत्येक जिला में एक पुस्तकालय का नाम डाॅ. भीम राव अम्बेडकर पुस्तकालय करने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग का उत्थान और उनका सामाजिक-आर्थिक विकास प्रदेश सरकार का मुख्य ध्येय रहा है और केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा इन वर्गों के लिए प्रारम्भ की गई कल्याणकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ प्रदान करना राज्य सरकार की उच्च प्राथमिकता रही है। उन्होंने कहा कि विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र लाभार्थी को मिले इसके लिए एक पारदर्शी तंत्र विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति परिवारों से बीपीएल के चयन में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में अम्बेडकर भवनों का निर्माण किया जा रहा है। अभी तक 51 भवन निर्मित हो चुके हैं और शेष का निर्माण कार्य विभिन्न स्तरों पर पूर्ण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अम्बेडकर भवनों का समुचित रख-रखाव सुनिश्चित किया जाना चाहिए, क्योंकि यह भवन इस समुदाय के लिए बहुउपयोगी हैं। उन्होंने इन भवनों के प्रबन्धन के लिए स्थानीय स्तर पर तंत्र विकसित करने का भी सुझाव दिया।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सरकारी क्षेत्र में अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं की समुचित सहभागिता सुनिश्चित करने के दृष्टिगत बैकलाॅग पद भरने के लिए विशेष भर्ती अभियान प्रारम्भ किया है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति समुदायों के प्रति अत्याचार के मामलों में पुलिस को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य अनुसूचित जाति निगम इन समुदायों के युवाओं को स्वरोजगार परियोजनाएं प्रारम्भ करने के लिए अनुदानित दरों पर ऋण उपलब्ध करवा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति बाहुल्य गांवों में हर सम्भव सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए कृत्तसंकल्प है। इन गांवों में पेयजल, रास्तों के निर्माण और स्ट्रीट लाइट इत्यादि लगाने के लिए पर्याप्त धनराशि का प्रावधान किया गया है। प्रदेश सरकार ने हाल ही में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए निर्धारित वार्षिक आय की सीमा 35 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी है। प्रदेश सरकार के इस निर्णय से कमजोर वर्गों के और अधिक परिवारों को इन योजनाओं का लाभ सुनिश्चित हो सकेगा। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि यह बेहद महत्वपूर्ण है कि समाज का प्रत्येक वर्ग भाईचारे की भावना से रहे क्योंकि इसी से समाज, प्रदेश और देश की उन्नति होती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में किसी भी समुदाय के खिलाफ किसी भी प्रकार का भेदभाव सहन नहीं करेगी। शिक्षा के प्रसार के फलस्वरूप भेदभाव के मामलों में दिन-प्रतिदिन कमी आ रही है। उन्होंने अधिकारियों को अनुसूचित जाति बहुल्य गांवों की विकासात्मक मांगों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में 60 यूनिट तक बिजली खपत पर शून्य बिजली बिल की घोषणा की है, जिससे अधिकतम लाभ अनुसूचित जाति समुदाय को हो रहा है। उन्होंने बहुमूल्य सुझावों के लिए बोर्ड के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सरवीन चैधरी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के कुशल नेतृत्व में वर्तमान प्रदेश सरकार राज्य के अनुसूचित जाति समुदाय के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अनेक कल्याणकारी और विकासात्मक योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष के दौरान प्रदेश में विभिन्न श्रेणियों को सामाजिक सुरक्षा पैंशन प्रदान करने के लिए 929 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। प्रधान सचिव आर.डी. नजीम ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री व अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। निदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विवेक भाटिया ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। बोर्ड के गैर सरकारी सदस्यों ने भी इस अवसर पर अपने बहुमूल्य विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने अनुसूचित जाति समुदाय के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं प्रारम्भ करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया। मुख्य सचेतक एवं विधायक विक्रम जरयाल, धर्मशाला के विधायक विशाल नेहरिया, निदेशक ग्रामीण विकास ऋग्वेद ठाकुर, उपायुक्त डाॅ. निपुण जिन्दल इस अवसर पर धर्मशाला में तथा अन्य उपायुक्त वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए |
शिमला। राज्य सरकार ने वर्ष 2022-23 के लिए राज्य बजट तैयार करने की प्रक्रिया आरम्भ कर दी है। बजट को और अधिक लोक केन्द्रित बनाने के उद्देश्य से इसमें समाज के विभिन्न हितधारकों की सहभागिता तथा विचारों का समावेश आवश्यक है। इसलिए सरकार ने आम जनता, उद्योगों, व्यापारिक तथा कृषक संगठनों से बजट के लिए सुझाव आमंत्रित किए हैं। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि बजट के लिए सुझाव 15 फरवरी, 2022 तक budgetidea.hp@gmail.com पर ई-मेल किए जा सकते हैं। इन्हें पत्र के माध्यम से अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) के कार्यालय को भी भेजा जा सकता है। उन्होंने कहा कि बजट के लिए सुझाव राजस्व प्राप्ति में वृद्धि, व्यय नियंत्रण तथा अन्य सम्बद्ध मामलों पर दिए जा सकते हैं। इससे बजट निर्माण में पारदर्शिता, खुलापन, प्रतिक्रियात्मक तथा सहभागी दृष्टिकोण को बढ़ावा मिलेगा।
शिमला। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि कोविड-19 महामारी के चुनौतीपूर्ण समय में आशा कार्यकर्ता राज्य सरकार और समाज को बहुमूल्य सेवाएं प्रदान कर रही हैं और राज्य सरकार उन्हें सभी बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। वह आज यहां आशा कार्यकर्ताओं की विभिन्न मांगों पर चर्चा और उनके समाधान के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य की लगभग 7500 आशा कार्यकर्ता सरकार की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार के अलावा स्वास्थ्य जागरूकता के बारे में जमीनी स्तर तक जनता में जागरूकता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। राज्य सरकार उनका कल्याण सुनिश्चित करने के लिए सदैव संवेदनशील रही है और उनसे संबंधित विभिन्न मुद्दों को भविष्य में भी भारत सरकार के साथ उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने आशा सेवा प्रदाताओं की नियुक्ति के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है, जिसके लिए आवश्यक प्रक्रियाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। यह निर्णय समय पर मासिक प्रोत्साहन राशि जारी करने की उनकी मांग को पूरा करने में काफी मददगार साबित होगा। डाॅ. सैजल ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप आशा कार्यकर्ताओं को कोविड-19 प्रोत्साहन राशि के रूप में 1500 रुपये प्रदान करने की अधिसूचना जारी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार उन्हें यात्रा भत्ते की सुविधा प्रदान करने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी और उन्हें दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि में वृद्धि के लिए केंद्र सरकार के साथ भी मामला उठाया जाएगा। इसके अलावा, उन्हें ईपीएफ के दायरे में कवर करने की संभावना तलाशने के लिए केंद्र के साथ भी मामला उठाया जाएगा, हालांकि उन्हें हमेशा ही राज्य सरकार की मुख्यमंत्री हिमकेयर योजना के तहत कवर किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष इस पहाड़ी राज्य के लिए एक विशेष मामले के रूप में उनके वर्दी भत्ते को 600 रुपये से बढ़ा 1100 रुपये कर दिया गया है। यह राज्य सरकार के प्रयासों से ही सम्भव हो पाया है। सचिव स्वास्थ्य अमिताभ अवस्थी ने भी राज्य में आशा कार्यकर्ताओं की सेवाओं की सराहना की और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर सदैव ही सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हिमाचल प्रदेश हेमराज बैरवा ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। आशा कार्यकर्ता संघ की अध्यक्षा अनीता कुमारी और महासचिव आशा लता ने पिछले चार वर्षों के दौरान उनके कल्याण के लिए विभिन्न कदम उठाने के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया। बैठक में भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष मदन राणा, कार्यकारी अध्यक्ष धाबे राम, महासचिव यशपाल हेटा, पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र ठाकुर और आशा कार्यकर्ता संघ के पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में करीब एक महीने बाद रौनक लौटेगी। ग्रीष्मकालीन अवकाश स्कूलों में तीन फरवरी से नौवीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों की नियमित कक्षाएं लगेंगी। हर स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या अनुसार माइक्रो प्लान के आधार पर पढ़ाई करवाने के सरकार ने निर्देश दिए हैं। स्कूल में विद्यार्थियों को उचित शारीरिक दूरी रखते हुए बैठाने के लिए सिटिंग प्लान तैयार किए गए हैं। स्कूल के कमरे की क्षमता अनुसार 50 फीसदी विद्यार्थियों को ही एक कक्षा में बैठाया जाएगा। शेष विद्यार्थियों की क्लास दूसरे कमरे में लगाई जाएगी। प्रार्थना सभा, खेलकूद सहित एकत्र होने वाली अन्य गतिविधियों पर रोक रहेगी। लंच ब्रेक और आने-जाने का समय कक्षावार अलग-अलग होगा। कक्षाओं में एक बेंच में एक ही विद्यार्थी को बैठाया जाएगा। शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए फेस मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही स्कूल परिसरों में प्रवेश दिया जाएगा। तीन फरवरी से स्कूलों में नियमित कक्षाएं लगाने के लिए आज सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी।
हिमाचल प्रदेश समिति अनुबंध कर्मचारी संघ ने पाॅलिसी ना बनाए जाने काे लेकर अब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को एनएचएम कर्मचारियों ने 1 दिन की सांकेतिक पेन डाउन स्ट्राइक रखी। इस दौरान आईजीएमसी में किसी भी मरीज की जांच नहीं की गई। आईजीएमसी में प्रतिदिन 60 से 70 मरीजों की टेस्ट किए जाते हैं जो एनएचएम के कर्मचारी हीकरते हैं। इसमें टीवी का टेस्ट, बलगम टेस्ट व अन्य टेस्ट शामिल है, लेकिन बुधवार को ऑफिस के बाहर असुविधा के लिए खेद है का पोस्टर लगा कर किसी भी मरीज की जांच नही की गई। वंही कर्मचारियों का कहना है कि कल गुरुवार से वह 2 घंटे की पेन डाउन हड़ताल पर रहेंगे और 7 तारीख तक यह आंदोलन जारी रहेगा। तब भी यदि सरकार उनकी मांग नहीं मानती है तो कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। संघ की सलाहकार संगीता चंदेल और सुलोचना ने कहा कि हड़ताल काे लेकर सरकर को पांच जनवरी को अल्टीमेटम दे दिया था। सभी जिला के एनएचएम कर्मचारियों ने सीएमओ के माध्यम से भी सचिव स्वास्थ्य मिशन निदेशक, निदेशक स्वास्थ्य सहित सभी अधिकारियाें काे ज्ञापन भेजा था। उन्हाेंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में राज्य स्वास्थ्य समिति (एनएचएम) के तहत 1996 से कुष्ठ रोग कार्यक्रम से शुरुआत हुई और सन 1998 से क्षय रोग कार्यक्रम के तहत कर्मचारियों की नियुक्तियां हुई और अब तक प्रदेश में विभिन कार्यक्रमों के तहत विभिन्न पदाें पर कर्मचारी नियुक्त हैं, जिनको अपनी सेवाएं देते हुए लगभग 23 वर्ष हो गए हैं। इनमें से कई कर्मचारी सेवानिवृत भी हो चुके हैं व सेवाकाल के दौरान 4 कर्मचारियों की मृत्यु भी हो चुकी है, जो कर्मचारी सेवानिवृत हुए इन कर्मचारियों को कोई ग्रेज्यूटी का लाभ भी नहीं दिया गया। सरकार 23 वर्षों से कोई भी स्थाई नीति नहीं बना पाई है। ऐसे में अब कर्मचारियाें के पास काेई रास्ता नहीं बचा है। उनका कहना था कि अब अगर उनकी माँगे नही मानी तो कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जायेंगे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज डाॅ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर के पैथोलाॅजी विभाग में 84.20 लाख की लागत से स्थापित हिस्टोपैथोलाॅजी प्रयोगशाला का लोकार्पण किया। उन्होंने बाॅयो-केमिस्ट्री विभाग में 15 लाख की लागत से स्थापित ऑटोमेटिड बाॅयो-केमिस्ट्री एनालाइजर का लोकार्पण भी किया। इस सुविधा से एक घंटे में 360 फोटोमेट्रिक जांच तथा कोविड-19 मरीजों के बाॅयो-केमिस्ट्री टेस्ट भी किए जा सकेंगे। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के राष्ट्रीय दृष्टिहीनता नियंत्रण कार्यक्रम के तहत चिकित्सा महाविद्यालय के नेत्र विज्ञान विभाग में नेत्रदान केंद्र का शुभारंभ भी किया। उन्होंने कुपोषित बच्चों के उपचार और पुनर्वास के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत चिकित्सा महाविद्यालय में पोषण पुनर्वास केंद्र का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने निष्पादन एजेंसियों को इस परियोजना को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना को इस वर्ष अगस्त माह तक पूर्ण होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल में करीब 250 बिस्तर और सात ऑपरेशन थियेटर होंगे। उन्होंने इस परियोजना के निर्माण कार्य में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर डाॅ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर की प्रधानाचार्य डाॅ. सुमन यादव ने मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। विधायक कमलेश कुमारी और नरेंद्र ठाकुर, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार त्रिलोक जम्वाल, कौशल विकास निगम के राज्य संयोजक नवीन शर्मा, जिला परिषद की अध्यक्षा बबली देवी, हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य संन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष राकेश कुमार बबली, भाजपा के मीडिया प्रभारी विनोद कुमार, उपायुक्त देवश्वेता बनिक, पुलिस अधीक्षक आकृति शर्मा और अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबाेधन सुना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था विषय पर देश भर में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में बजट प्रस्तुत करने के एक दिन बाद उन्होंने वर्चुअल माध्यम से यह संवाद किया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने परिधि गृह हमीरपुर में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री का संबोधन सुना। विधायक कमलेश कुमारी और नरेंद्र ठाकुर, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार त्रिलोक जम्वाल, कौशल विकास निगम के राज्य संयोजक नवीन शर्मा, जिला परिषद की अध्यक्ष बबली देवी, हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य संन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष राकेश कुमार बबली, भाजपा के मीडिया प्रभारी विनोद कुमार और अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने केंद्रीय बजट को महज आंकड़ों का मायाजाल बताते हुए कहा है कि यह बजट पूरी तरह जन विरोधी है।उन्होंने कहा है कि बजट में बढ़ती महंगाई व बेरोजगारी को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। केंद्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने इसे लोक लुभावना बताते हुए कहा है कि बजट पूरी तरह दिशाहीन है।इस बजट से न तो देश की अर्थव्यवस्था में ही कोई सुधार होगा और न ही देश की विकास दर हासिल होगी। कुलदीप राठौर ने कहा कि बजट गरीब की नौकरीपेशा की जेब ख़ाली करने मध्यम वर्ग की के लिए कुछ नही, किसान के लिए निराशाजनक है। युवाओं की आशा टूटी है, खपत बढ़ाने के लिए छोटे उद्योग के विकास को कुछ नही दिया गया है। हिमाचल प्रदेश में 2022 में भाजपा की सरकार बनने के दावे मुंगेरी लाल के हसीन सपने है। कोरोना को लेकर बंदिशों में छूट मिलने के बाद कांग्रेस कार्य्रकमों में तेजी लाएगी लेकिन कोरोना नियमों का पालन करते हुए कार्यक्रमो का आयोजन करेगी।
शिमला। राज्य कर एवं आबकारी विभाग द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में आबकारी अधिनियम के अंतर्गत कड़ी कार्रवाई की जा रही है। विभाग के अधिकारियों द्वारा विभिन्न जिलों में शराब की खुदरा दुकानों की गहनता से जांच की जा रही है। शनिवार और रविवार को गुप्त सूचना के आधार पर जिला शिमला के चियोग में समाहर्ता द्वारा एक बार का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बार में देसी शराब की 20 बोतलें पकड़ी गई। समाहर्ता द्वारा उक्त बार के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है। जिला सिरमौर में एक रेस्टोरेंट की आबकारी अधिनियम के अंतर्गत जांच की गई, जहां बिना लाइसेंस के शराब का सेवन करवाया जाता था। निरीक्षण के दौरान 5 बोतल बीयर, दो बोतल नैना रम, एक बोतल माल्टा जो कि फाॅर सेल इन चंडीगढ़ व हरियाणा थी, को कब्जे में लेकर रेस्टोरेंट के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की गई।
जिला परिषद् सद्स्य व हिमाचल प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता टीम में मीडिया पैनलिस्ट कौशल मुंगटा ने केंद्र सरकार के बजट को आम लोगों के साथ छलावा करार दिया है। उनका कहना है हर तरह से किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं के बजट में पिछली बार के मुक़ाबले कटौती की गई है जो शर्मनाक है। बजट में आम लोगों के लिए कोई नई योजना नहीं है, ना ही ये बजट आम भारतीय को राहत देने वाला है। गरीबों को झुनझुना पकड़ाने के अपने रिवाज़ को भाजपा ने जारी रखा है। ऐसा लग रहा है जैसे कोई बजट ही न आया हो। गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई पर रोकथाम के लिए कोई योजना इस सरकार के पास नही है। MSP पर खरीददारी को बढ़ाने की बात करते है और बजट को पिछली बार से कम कर देते है। कुल मिला कर देखा जाए तो यह बजट किसान, बेरोजगार और आम लोगों को ठगने वाला बजट है। हिमचाल की रेलगाड़ी का सस्ता, तेल सब सपना रह गया है।
शिमला। राज्य कर एवं आबकारी विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि जीएसटी के अन्तर्गत विभाग ने जनवरी, 2022 में 427.72 करोड़ रुपये एकत्रित किए हैं, जो कि जनवरी, 2021 में एकत्रित 346.30 करोड़ रुपये की तुलना में 24 प्रतिशत अधिक है। चालू वित्त वर्ष में जनवरी, 2022 तक संचयी जीएसटी संग्रह 3745.32 करोड़ रुपये जबकि गत वर्ष इसी अवधि के दौरान यह 2716.75 करोड़ रुपये था। इस तरह जनवरी, 2022 तक संचयी जीएसटी में 38 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। जीएसटी राजस्व में सकारात्मक वृद्धि विभाग द्वारा रिटर्न फाइल करने वालों पर विशेष निगरानी, इन-ट्रांजिट वस्तुओं के सत्यापन में वृद्धि, विश्लेषणात्मक रिपोर्ट का बेहतर उपयोग और राज्य मुख्यालय द्वारा फील्ड के अधिकारियों के प्रदर्शन की निगरानी के परिणामस्वरूप हुई है। जीएसटीएन की बिजनेस इंटेलिजेंस टूल आधारित रिपोर्टों द्वारा राज्य और केंद्रीय कर प्रशासन को कर की चोरी करने वाले लोगों पर कार्रवाई करने में मदद मिली है, जिसके परिणामस्वरूप राजस्व में वृद्धि हुई है। विभाग जीएसटी राजस्व वृद्धि के लिए स्वैच्छिक अनुपालना बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है। विभाग ने हितधारकों के अनुपालन संबंधी प्रश्नों और मुद्दों के समयबद्ध निष्पादन एवं जीएसटी कानून और प्रक्रियाओं में हो रहे परिवर्तनों के बारे में उन्हें जागरूक करने के लिए हाल ही में टैक्स हाट कार्यक्रम शुरू किया है।
मंगलवार को केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए बजट में कर्मचारियों को बहुत बड़ी निराशा हाथ लगी है। हिमाचल प्रदेश संयुक्त कर्मचारी महासंघ एवं हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष तथा अखिल भारतीय माध्यमिक शिक्षक महासंघ के उपाध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि केंद्र सरकार का बजट कर्मचारियों के लिए निराशा भरा रहा। उन्होंने कहा कि जब जब केंद्र व प्रदेशों में नया वित्त आयोग जारी किया गया तब तक टैक्स की स्लैब में दोगुना बढ़ोतरी हुआ करती थी क्योंकि नया पे कमीशन लागू होने से कर्मचारियों की वेतन वृद्धि होने के कारण कर्मचारियों को ज्यादा राशि टैक्स के रूप में ना देनी पड़े इसलिए केंद्र सरकार द्वारा टैक्स की स्लैब में वृद्धि कर कर्मचारियों को टैक्स में छूट का प्रावधान रखा जाता आया है। ज्ञात रहे कि 3 वर्ष पहले केंद्र सरकार द्वारा 7वा पे कमीशन जारी कर दिया गया था और हिमाचल में इस बार छठा पे कमिशन कर्मचारियों को जारी कर दिया गया है। पिछले चार-पांच सालों से केंद्र के बजट में कर्मचारियों को किसी तरह की राहत नहीं देखने को मिली इस बार कर्मचारी बजट से आस लगाए बैठे थे की टैक्स स्लैब दोगुना हो जाएंगे जिससे केंद्र एवं राज्य के कर्मचारियों को टैक्स में भारी छूट मिल पाएगी लेकिन केंद्र की ओर से किसी तरह की टैक्स स्लैब में वृद्धि नहीं करना सरासर मध्यम वर्ग के टैक्सपेयर के लिए एक बहुत बड़ी खतरे की घंटी है क्योंकि मध्यम वर्ग के लोगों का ज्यादातर पैसा टैक्स के रूप में सरकार को जा रहा है और नेट इनकम से अपना और बच्चों का गुजारा करना आने वाले समय में बहुत ही कठिन हो जाएगा। इससे गरीब और अमीर के बीच एक बहुत बड़ी खाई पैदा होने वाली है जो कि समाज के लिए एक अच्छा संकेत नहीं है। संघ ने प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री से कर्मचारियों के लिए टैक्स स्लैब में छूट की मांग की है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए आज बजट में कर्मचारियों को बहुत बड़ी निराशा हाथ लगी है हिमाचल प्रदेश संयुक्त कर्मचारी महासंघ एवं हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष तथा अखिल भारतीय माध्यमिक शिक्षक महासंघ के उपाध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि केंद्र सरकार का बजट कर्मचारियों के लिए निराशा भरा रहा। उन्होंने कहा कि जब-जब केंद्र व प्रदेशों में नया वित्त आयोग जारी किया गया, तब तक टैक्स की स्लैब में दोगुना बढ़ोतरी हुआ करती थी। क्योंकि नया पे कमीशन लागू होने से कर्मचारियों की वेतन वृद्धि होने के कारण कर्मचारियों को ज्यादा राशि टैक्स के रूप में ना देनी पड़े। इसलिए केंद्र सरकार द्वारा टैक्स की स्लैब में वृद्धि कर कर्मचारियों को टैक्स में छूट का प्रावधान रखा जाता आया है। ज्ञात रहे कि 3 वर्ष पहले केंद्र सरकार द्वारा 7वां पे कमीशन जारी कर दिया गया था और हिमाचल में इस बार छठा पे कमिशन कर्मचारियों को जारी कर दिया है। पिछले चार-पांच सालों से केंद्र के बजट में कर्मचारियों को किसी तरह की राहत नहीं देखने को मिली इस बार कर्मचारी बजट से आशा लगाए बैठे थे की टैक्स स्लैब दोगुना हो जाएंगे, जिससे केंद्र एवं राज्य के कर्मचारियों को टैक्स में भारी छूट मिल पाएगी, लेकिन केंद्र की ओर से किसी तरह की टैक्स स्लैब में वृद्धि नहीं करना सरासर मध्यम वर्ग के टैक्सपेयर के लिए एक बहुत बड़ी खतरे की घंटी है। क्योंकि मध्यम वर्ग के लोगों का ज्यादातर पैसा टैक्स के रूप में सरकार को जा रहा है और नेट इनकम से अपना और बच्चों का गुजारा करना आने वाले समय में बहुत ही कठिन हो जाएगा। इससे गरीब और अमीर के बीच एक बहुत बड़ी खाई पैदा होने वाली है, जो कि समाज के लिए एक अच्छा संकेत नहीं है। संघ ने प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री से कर्मचारियों के लिए टैक्स स्लैब में छूट की मांग की है।
भारत के आम बजट में मोदी सरकार ने रखा हर वर्ग का खयाल फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा की भारत का बजट ऐतिहासिक है। इस बजट में सभी वर्गों का खयाल रखंगया है। उन्होंने कहा के भारत का आम बजट आत्मनिर्भर भारत का आत्मनिर्भर बजट है। इस बजट से देश को नई ऊर्जा और नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा की मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और उनकी पूरी टीम को इस लोगों के अनुकूल और बजट के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं। इस बजट में क्रेडिट गारंटी में रिकॉर्ड वृद्धि के साथ ही कई अन्य योजनाओं का ऐलान किया गया है। डिफेंस के कैपिटल बजट का 68 परसेंट डोमेस्टिक इंडस्ट्री को रिजर्व करने का भी बड़ा लाभ होगा, भारत के एमएसएमई सेक्टर को भी बड़ा लाभ मिलेगा। बजट में भारत के कोटि-कोटि जनों की आस्था, मां गंगा की सफाई के साथ-साथ किसानों के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड व पश्चिम बंगाल इन पांच राज्यों में गंगा किनारे, नैचुरल फॉर्मिंग को प्रोत्साहन दिया जाएगा। उन्होंने कहा हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, नॉर्थ ईस्ट, ऐसे क्षेत्रों के लिए पहली बार देश में पर्वतमाला योजना शुरू की जा रही है। ये योजना पहाड़ों पर ट्रांसपोर्टेशन की आधुनिक व्यवस्था का निर्माण करेगी। इस बजट का एक महत्वपूर्ण पहलू है- गरीब का कल्याण। हर गरीब के पास पक्का घर हो, नल से जल आता हो, उसके पास शौचालय हो, गैस की सुविधा हो, इन सभी पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके साथ ही आधुनिक इंटरनेट कनेक्टिविटी पर भी उतना ही जोर है। उन्होंने कहा पिछले 7 सालों में देश की नीतियाँ महिलाओं को लेकर और अधिक संवेदनशील हुई हैं। आज भारत उन देशों में है, जो अपने यहां सबसे अधिक मातृत्व अवकाश देता है। कम उम्र में शादी बेटियों की पढ़ाई और करियर में बाधा न बने, इसके लिए बेटियों की शादी की उम्र को 21 वर्ष करने का प्रयास है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला सासंद प्रतिभा सिंह ने आज (मंगलवार) काे संसद में प्रस्तुत केंद्रीय बजट पर घोर निराशा प्रकट करते हुए इसे पूरी तरह दिशा व दशसहीन बताया है। उन्होंने कहा है कि बजट में ऐसा कोई भी प्रस्ताव नहीं है, जिससे आम व मध्यम वर्ग के लोगों को बढ़ती महंगाई से कोई राहत मिल सकें। आम बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मंडी संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस सांसद प्रतिभा सिंह ने कहा कि बजट में हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों की घोर उपेक्षा की गई है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि प्रदेश में रेलवे विस्तार के लिए कोई ठोस बजट आवंटित किया जाता, पर ऐसा कुछ नहीं हुआ है। मंडी में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण का भी इस बजट में कोई उल्लेख नहीं है। प्रतिभा सिंह ने कहा है इस बजट से देश में बेरोजगारी के साथ-साथ महंगाई बढ़ेगी। उन्होंने बजट को महज आंकड़ों का एक दस्तावेज बताया है, जो कभी भी लक्षित विकास दर को हासिल नहीं कर पाएगा।
सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में पहले दिन प्रदेश में 1425 महिलाओं ने लिया भाग फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश पदाधिकारी बैठक भाजपा मुख्यालय दीप कमल चक्कर में महिला मोर्चा अध्यक्ष रश्मिधर सूद की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक का संचालन महिला मोर्चा प्रदेश महामंत्री वंदना गुलेरिया ने किया। बैठक में पूर्व कार्यक्रमों की समीक्षा की गई और आगामी रणनीति तय की गई। रश्मिधर सूद ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा की हिमाचल प्रदेश में बिजली के बिलों में कटौती की गई है, इसके लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का किया धन्यवाद और कहा कि यह एक सहरानीय कदम है। प्रदेश में अब बिजली के पहले 60 यूनिट जीरो कॉस्ट पर मिलेगे और 125 यूनिट जिनके लिए जनता को 1.90 रु देने पड़ते थे अब उनको केवल 1 रु देना पड़ेगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हमेशा जन भावनाओं का खयाल रखा है और हिमाचल राजत्व दिवस पर मुख्यमंत्री ने जनता की कई लंबित मांगों को पूरा किया है। उन्होंने कहा की आने वाले हिमाचल के बजट में भी महिलाओं का विशेष खयाल रखा जाएगा, इस बजट में भी कुछ अच्छा और नया होगा। उन्होंने कहा की प्रदेश में एक बूथ 20 बहनें हैं, इनको काम में कैसे लगाया जाए इसकी नीति भी तय कर ली गई है और आने वाले चुनावों में महिला मोर्चा किस प्रकार से काम करेगा उसको लेकर विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने बताया की सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में पहले दिन प्रदेश में 1425 महिलाओं ने भाग लिया। इस बैठक में सूर्य नमस्कार का अभ्यास भी किया गया।
कांग्रेस के पास नहीं था कोई नेता इसलिए वीरभद्र बने 6 बार मुख्यमंत्री फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला भारद्वाज ने कहा कि 27 दिसंबर, 2017 को नई राजनीतिक व्यवस्था का आगाज हुआ। चार वर्षों में जयराम सरकार का ध्येय गरीब जनता के विकास का रहा है। प्रदेश में 6 बार के मुख्यमंत्री भी सरकार रिपीट नहीं कर पाई। वीरभद्र 6 बार सीएम बने। क्योंकि उनकी पार्टी में कोई दूसरा नेता नहीं था, लेकिन जयराम सरकार 2022 में रिपीट करेगी। उन्होंने बताया की जयराम सरकार ने पहला ही निर्णय सामाजिक सुरक्षा पेंशन की उम्र घटाकर 70 वर्ष किया। वहीं, चार वर्ष पूरे होने पर 60 यूनिट बिजली फ्री कर दी है। इससे प्रदेश की गरीब जनता को लाभ होगा। गृहणी सुविधा योजना, उज्ज्वला योजना से प्रदेश धुंआ मुक्त बना। हिमाचल में हिमकेयर योजना में 5 लाख तक का इलाज फ्री का प्रावधान जयराम सरकार ने किया। सहारा योजना के तहत बेसहारा लोगों को सरकार ने सहारा दिया। उन्होंने प्रदेश में एम्स व अन्य स्वास्थय सुविधाओं को भाजपा सरकार की देन बताया। प्रदेश की खराब आर्थिक स्थिति के बावजूद नया वेतनमान दिया है। 13 हजार पीटीए शिक्षकों को नियमित किया गया। आउटसोर्स कर्मचारियों को कांग्रेस के समय में ठगा गया, लेकिन जयराम सरकार इनके लिए विचार-विमर्श कर नीति बनाने में लगी है, ताकि आउटसोर्स कर्मियों का शोषण न हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार के समय प्रदेश की अनदेखी की गई। नशे का कारोबार बड़ा और अब उस पर शिकंजा कसा जा रहा है, जिसमें नशे की सौदागर कांग्रेस ही पाई जा रही है।
चमन शर्मा। आनी आनी विकास खंड निरमंड नेहरू युवा केंद्र कुल्लू युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के सौजन्य से आत्मनिर्भर भारत कार्यक्रम का आयोजन पंचायत समिति सभागार निरमंड में आयोजित किया गया। इस मौके पर युवा मंडलों के पदाधिकारियों ने आत्मनिर्भर भारत के विषय में जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यातिथि आनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक किशोरी लाल सागर और विशेष अतिथि ब्लॉक चेयरमैन दलीप कुमार द्वारा किया गया। विधायक किशोरी लाल सागर ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना महामारी की वजह से देश को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा है। वर्तमान मे देश के आत्मनिर्भर भारत अभियान की शुरुआत के बाद ही हमें इसके परिणाम देखने को मिले हैं। देश मे कोरोना से लड़ने के लिए पीपीई किट, मास्क व सैनिटाइजर इत्यादि भारत मे बनने लगे और इतना ही नहीं वैश्विक महामारी को जड़ से मिटाने के लिए कोरोना का टीका भी भारत में ही पहली बार बनाया गया है। देश ने आत्मनिर्भरता की ओर अपना पहला कदम बढ़ा दिया है और हमें भी इसमें अपना योगदान देकर आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करना होगा। हमें ज्यादा से ज्यादा स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करने की आवश्यकता है, जिससे कि हम अपने देश को आत्मनिर्भर और अपने राष्ट्र को आगे बढ़ाने मे अपना योगदान कर सकें। इस कार्यक्रम में उपस्थित 22 युवा मंडल के पदाधिकारियों को युवा गतिविधियों और खेल सामग्री हेतु 2,20,000 की धनराशि स्वीकृत की गई, जो कि हर एक युवा मंडल को 10,000 रुपए की धनराशि प्रदान की जाएगी। इस कार्यक्रम में रिसोर्स पर्सन के रूप में डीएसपी आनी रविंद्र नेगी, एसएचओ निरमंड, एलएसईओ, सुरेंद्र कौर, कृषि विभाग से विद्या प्रकाश, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग टीडब्यू देवेंद्र कुमार, पूर्व राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवी मुकेश मेहरा और ग्राम पंचायत सराहन प्रधान प्रेम ठाकुर उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने विभाग की विकासात्मक एवं जन कल्याणकारी योजनाओं के बारे में युवा मंडल के पदाधिकारियों को विस्तार पूर्वक बताया। और युवा पदाधिकारियों से आग्रह भी किया गया कि विभाग की योजनाओं को ग्रामीण क्षेत्र तक पहुंचाने में युवा मंडल अपनी अहम भूमिका निभाएं, ताकि पात्र व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजक राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवी कमलेश ठाकुर, राजेश कायथ, युवा मंडल अरसू, खनोटा, गागनी, गांवबील, जूणि, जझार, जगातखाना, टिकरू, ढलैर, दोहरानाला, धाराबाग, धारा-सरगा, तुनन, निरमंड, परंतला, बाहवा, बगना, बागीपुल, नेहरु युवा मंडल कैलाश नगर, भदराल, शलाट व सुनैर के पदाधिकारियों ने भाग लिया।
फर्स्ट वर्डिक्ट। रिकांगपिओ जिला किन्नौर में 15 से 18 वर्ष की आयू के किशोरों को कोविड-19 के रोकथाम के लिए टीकाकरण की दूसरी डोज 2 से 21 फरवरी तक जिला के तीनों खंडाें में लगाई जाएगी। जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सोनम नेगी ने बताया कि 2 फरवरी से टीकाकरण की दूसरी डोज लगाने के लिए विभाग द्वारा 61 स्कूलों और अस्पतालाें को चिन्हित किया गया है। उन्होंने बताया कि कल्पा ब्लॉक में 28 स्थानों, पूह ब्लॉक में 9 स्थानों और निचार ब्लॉक में 24 स्थानों, जिनमें, स्कूलों और अस्पतालों को चिह्नित किया गया है, उनमें टिकाकरण होगा। कल्पा ब्लॉक में 2 से 8 फरवरी तक व 14 तथा 15 व 21 फरवरी को चिन्हित स्थानों पर टीकाकरण किया जाएगा, जबकि निचार व पूह खंड में 4 व 7 फरवरी तथा 8 व 9 फरवरी को निचार 10 फरवरी को पूह, 11 फरवरी को निचार व 18 फरवरी को पूह खंड के चांगो में टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अब तक जिला किन्नौर में 15 से 18 वर्ष के 98 प्रतिशत किशोरों का टीकाकरण किया जा चुका है।
मौसम वैज्ञानिक संदीप शर्मा ने कहा पश्चिमी विक्षोभ हाे रहे सक्रिय... फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला हिमाचल प्रदेश में फिर से मौसम करवट बदलने वाला है। प्रदेश में दो फरवरी से बारिश और बर्फबारी का दौर फिर से शुरू हो जाएगा। मौसम विभाग ने दो फरवरी से ऊपरी क्षेत्रों में बर्फबारी, जबकि निचले भागाें में बारिश की आशंका जताई है। प्रदेश में चार फरवरी तक मौसम खराब बना रहेगा। सोमवार को राजधानी शिमला में दिनभर मौसम साफ बना रहा, जबकि शाम के समय आसमान में हल्के बादल उमड़ आए। मौसम साफ बने रहने से तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। बीते तीन दिन से मौसम साफ बना हुआ है, लेकिन सुबह शाम ठंड से लोगों को राहत नहीं मिल रही है। मौसम वैज्ञानिक संदीप शर्मा ने कहा कि प्रदेश में दो फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इससे हिमाचल में मैदानी व निचलने पर्वतीय क्षेत्र में बारिश, जबकि मध्य पर्वतीय व उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर बर्फ़बारी व वर्षा की संभावनाएं है। प्रदेश में तीन फरवरी को लाहुल स्पीति किन्नौर कुल्लु चबा ओर शिमला में बर्फबारी होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बीते कुछ दिन से मौसम साफ बना हुआ है, जिससे तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई और ठंड से भी कुछ हद तक लोगों को राहत मिली है, लेकिन आगामी दिनों में मौसम खराब रहने से तापमान में फिर से कमी आएगी। उन्होंने कहा कि 4 फरवरी के बाद मैदानी क्षेत्रों में मौसम साफ होने की संभावना है। वहीं, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम 7 फरवरी तक खराब रहने की संभावना जताई गई है।
प्रदेश केबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। बैठक में कोरोना के घटते मामलों को देखते हुए फाइव डे वीक को खत्म कर दिया गया है। वन्ही 3 फरवरी से ग्रीष्मकालीन अवकाश वाले नवीं से 12 तक के स्कूल खोलने का निर्णय बैठक में लिया गया है। हिमाचल विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू होगा। केबिनेट बैठक अभी जारी है।
हिमाचल प्रदेश में बीते चार दिनों से खिल रही धूप के बाद अब फिर से मौसम बिगड़ने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने सोमवार को प्रदेश के मध्य और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी के आसार जताए हैं। एक फरवरी को मौसम साफ जबकि दो फरवरी को पूरे प्रदेश में बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान है। तीन फरवरी को मध्य और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी का येलो अलर्ट जारी किया गया है। कई क्षेत्रों में गर्ज के साथ ओलावृष्टि की भी चेतावनी जारी की गई है। शिमला, कुल्लू, किन्नौर और लाहौल स्पीति के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। पर्यटकों और आम लोगों को बर्फीले क्षेत्रों में न जाने की हिदायत दी गई है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में बीते सप्ताह भारी बारिश और बर्फबारी के चलते अभी भी कई सड़कें बाधित हैं। खासकर किन्नौर, लाहौल स्पीति के कई क्षेत्रों में जनजीवन पटरी पर नहीं लौट पाया है।
हिमाचल प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में रुटीन आपरेशन पर प्रदेश सरकार ने रोक लगा दी है। कोरोना के चलते एक सप्ताह तक के लिए यह व्यवस्था की गई है। हालाँकि हादसों में घायल व गंभीर रोगियों के ऑपरेशन चलते रहेंगे। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि एक्टिव मामलों में कमी आई है, लेकिन अभी भी प्रतिदिन कोरोना के मामले दो हजार आ रहे हैं। अस्पतालों में भीड़ होने पर ही लोग ज्यादा संक्रमित हो रहे हैं। ऐसे में सरकार ने अस्पताल परिसरों और ओपीडी में भीड़ न एकत्र करने और वार्डों में भी मरीजों के पास एक से ज्यादा तीमारदार न होने के लिए कहा है। हिमाचल प्रदेश के आईजीएमसी शिमला, कांगड़ा के टांडा, हमीरपुर, चंबा, नाहन और मंडी नेरचौक में मेडिकल कॉलेज हैं। बता दें कि अब तक प्रदेश में 3969 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। अस्पतालों में 40 मरीज ऐसे हैं, जिनकी हालत गंभीर है। इन्हें आईसीयू पर रखा गया है, जबकि ऑक्सीजन बेड पर भी 50 के करीब मरीज हैं। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने बताया कि प्रदेश में एक्टिव मरीजों की संख्या में कमी आई है, लेकिन लोग लापरवाह हो रहे हैं। अस्पतालों में रूटीन ऑपरेशन को अभी बंद रखा गया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार गरीब, वंचित, पीड़ित एवं किसानों के कल्याण के प्रति समर्पित है। कश्यप ने कहा कि आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के साथ आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की प्राप्ति की ओर देश अग्रसर है, हमारे लिए यह गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री प्रातः 11 बजे 2 फरवरी को आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे।प्रधानमंत्री मोदी 2 फरवरी को भाजपा वर्करों से संवाद व बजट पर बात करेंगे, वह आम बजट के 1 दिन बाद बजट की बारीकियां बताएंगे। उन्होंने कहा कि कोविड वैश्विक महामारी के संकट के समय 12 मई को प्रधानमंत्री मोदी ने 20 लाख करोड़ रूपये के ऐतिहासिक आत्मनिर्भर भारत के पैकेज की घोषणा कर उस पर क्रियान्वयन करने का कार्य किया, जहां एक ओर गरीब, किसान, आम जनमानस को राहत देने का कार्य हुआ वहीं अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान हुई। उन्होंने कहा कि भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के निर्देशानुसार आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हम सब प्रदेश कार्यालय से जिला एवं मंडल स्तर पर उद्बोधन सुनेंगे। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, मंत्री, विधायक, भाजपा प्रदेश पदाधिकारी, प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य मोर्चों के प्रदेश पदाधिकारी, कार्यसमिति सदस्य प्रकोष्ठों के प्रदेश संयोजक, सह संयोजक, विभाग एवं प्रकल्प के संयोजक एवं सह संयोजक भाग लेंगे। कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी एवं कार्यसमिति के सदस्य मोर्चों के जिले के पदाधिकारी तथा मंडल अध्यक्ष उपस्तिथ रहेंगे।
जिला शिमला में आगजनी की घटनाएं थम नहीं रही है। आए दिन आगजनी होने से भारी नुकसान हो रहा है। ताजा मामले में मशोबरा के बलदेया में एक निजी होटल में आग लग जाने का मामला सामने आया है। इस घटना में एक व्यक्ति धुंए से बेहोश हो गया उसकी हालत गम्भीर बताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्यरात्रि बल्देया में सिमरन भोजनालय में आग लगने की सूचना मिलने पर छोटा शिमला से फायर टेंडर ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। इस आगजनी में भोजनालय के अंदर सो रहा दिल्लू राम पुत्र गोरिया राम गांव तगैणी डाकखाना बल्देया उम्र 45 साल आग में झुलस गया थ, जिसे भोजनालय के कर्मचारी अंदर से बाहर निकाल कर इलाज के लिए पीएचसी मशोबरा ले गए। आगजनी से करीब 1 लाख का नुकसान आंका गया है। वही जिला के चौपाल विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत ननहार में खाद्य आपूर्ति विभाग की उचित मूल्य की दुकान में आज प्रातः आग लग गई l जिसमें लाखो का नुकसान हुआ है वंही आगजनी से कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है l जिला अग्निशमन अधिकारी डीसी शर्मा ने मामले की पुस्टि की है।
आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी यूनुस ने बताया कि प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर अवैध शराब के कारोबारियों के विरूद्ध विभाग का अभियान जारी है। गुप्त सूचना के आधार पर दबिश देने के लिए टीम का भी गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि 28 जनवरी को हिमांशु पंवर उपायुक्त राज्य कर एवं आबकारी सोलन के नेतृत्व में जिला सोलन व बिलासपुर और बीबीएन बद्दी के राज्य कर एवं आबकारी अधिकारियों की टीम द्वारा संदिग्ध स्थान गांव बलेचढ़ी, नजदीक गांव लोहारघाट, तहसील राम शहर, ग्राम पंचायत सौर, जिला सोलन में सायं 6ः15 बजे अवैध शराब के निर्माण बारे सूचना मिलने पर जांच शुरू की गई। इसमें स्थानीय प्रधान व स्थानीय पुलिस की मदद से संदिग्ध इमारत की तलाशी ली गई व इस दौरान कई प्रकार की ऐसी सामग्री पाई गई, जिससे यह अंदेशा होता है कि इस इमारत में अवैध देसी शराब का विनिर्माण किया जाता है। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान उक्त इमारत से वीआरवी फूल्स लिमिटेड के संतरा नामक ब्रांड के लेबल, खाली बोतलें, वीआरवी फूड्स लिमिटिड के खाली डब्बे व ढक्कन, टेप रोल सहित वीआरवी फूड्स लिमिटेड मार्का फ्लेवरिंग एजेंट, जोकि देसी शराब बनाने में इस्तेमाल होते हैं, बैच पंचिंग मशीन, होलोग्राम प्लास्टिक ड्रम आदि बरामद किए गए। यह सब सामग्री सामान्य रूप से देसी शराब बनाने में प्रयोग होने का अंदेशा है। उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम 2011 की धारा 39, 47 व 56 के उल्लंघन की शिकायत पुलिस थाना राम शहर में दर्ज करवाई गई है। यह कार्रवाई राज्य कर एवं आबकारी विभाग एवं पुलिस दल राम शहर थाना द्वारा गवाहों की मौजूदगी में संयुक्त रुप से पूरी की गई।


















































