राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विश्वविद्यालय के अधिकारियों के साथ चर्चा करते हुए समकालीन चुनौतियों का सामना करने के लिए युवाओं में साहस और क्षमता का निर्माण करने को कहा। राज्यपाल आज हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के 32वें वार्षिक कोर्ट की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आंतरिक प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होनें सदस्यों को जवाबदेही और जिम्मेदारी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने विश्वविद्यालय न्यायालय के कुछ सदस्यों की अनुपस्थिति पर चिंता व्यक्त की। दत्तात्रेय ने कहा कि विश्वविद्यालय को अपनी आय बढ़ाने, अनुसंधान और विकास पर जोर देना चाहिए। ऊष्मायन केंद्र व स्टार्ट-अप्स स्थापित करना चाहिए और पेटेंट प्राप्त करने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की कुल आय की तुलना में खर्चा बहुत अधिक है, जो अनुसंधान, नवाचार और नई परियोजनाओं के लिए बहुत कम गुंजाइश रखता है। हमें तीन प्रमुख तत्वों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जो राष्ट्र की प्रगति में योगदान देते हैं। इनमें शिक्षा, रोजगार और सशक्तिकरण शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जब देश के युवा शिक्षित होते हैं तब राष्ट्र मजबूती के साथ आगे बढ़ता हैं। एक मजबूत राष्ट्र बनाने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य करने का समय आ गया है , यह तभी संभव है जब युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के 50 वर्ष पूरे होने पर वृत्तचित्र-एचपी यूनिवर्सिटी प्रेजेंट, पास्ट एंड फ्यूचर का विमोचन किया। उन्होंने कुलजीत का एक संशोधित संस्करण भी जारी किया। बैठक में विश्वविद्यालय न्यायालय ने वर्ष 2016-17 के वार्षिक खातों और वर्ष 2018-19 की वार्षिक रिपोर्ट को भी मंजूरी दी। इस अवसर पर कुलपति प्रो सिकंदर कुमार ने राज्यपाल को सम्मानित किया और पिछले वर्ष की गतिविधियों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों से भी अवगत कराया। रजिस्ट्रार सुनील शर्मा, ने कार्यवाही का संचालन किया और धन्यवाद प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया।
कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने पंजाब में नगर निकाय चुनावों में भाजपा का सूपड़ा साफ होने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अभी तो शहरी क्षेत्र के लोगों ने भाजपा को पूरी तरह नकार दिया है, जल्द ही गांव और देश के लोग भी इसे सत्ता से बाहर फेंकेगे। उन्होंने कहा कि सत्ता के बल पर जनविरोध को ज्यादा दिनों तक नही दबाया जा सकता। पंजाब से शुरू हुआ भाजपा का यह पतन अब देश व अन्य राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में भी जारी रहेगा। राठौर ने पंजाब नगर निकाय चुनावों में कांग्रेस के शानदार प्रदर्शन के लिए पार्टी नेताओं के साथ लोगों को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि आज जिस प्रकार देश मे लोगों की आवाज को दबाया जा रहा है, काले कानून थोपे जा रहें है उससे लोग परेशान है। किसान सड़को पर है, उनकी नही सुनी जा रही है। राठौर ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश में नगर निगमों के चुनावों में भाजपा का पंजाब की तरह ही हाल होने वाला है। उन्होंने फिर मांग की है कि प्रदेश में नगर निगमों के चुनाव पार्टी चिन्ह पर ही होने चाहिए। देश मे बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी से पहले ही लोग परेशान है, ऊपर से हर रोज तेल और एलपीजी सिलेंडर के बढ़ते मूल्यों से लोगों का जीवन कठिन हो गया है। उन्होंने भाजपा सरकार को अंधी,बहरी बताते हुए कहा है कि लोग अब इसकी नीतियों व जनविरोध निर्णयों से पूरी तरह तंग आ चुके है।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने आज हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता शांता कुमार से हिमाचल भवन दिल्ली में भेंट कर उनकी पत्नी संतोष शैलजा के निधन पर दुःख व्यक्त किया और उन्हें सांत्वना दी। जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि संतोष शैलजा कुशल शिक्षिका, लेखिका के साथ - साथ मृदुभाषी एवं सरल व्यक्तित्व की स्वामिनी थी। उनके नाम की ही तरह उनके जीवन में भी संतोष था। उनके निधन से जहां उनके परिवारजनों को आघात लगा है, वहीं साहित्य जगत को भी क्षति हुई है। जिसकी निकट भविष्य में भरपाई करना कठिन होगा । भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भाजपा के लाखों कार्यकर्ताओं की ओर से संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि संतोष शैलजा का हिमाचल प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण योगदान रहा। जब आपातकाल में शांता कुमार कारावास में रहे तो उन्होंने अकेले ही अपने पूरे परिवार को देखा। वह एक मजबूत व्यक्तित्व थीं। सरल एवं मधुर भाषणी स्वभाव वाली शैलजा शांता कुमार द्वारा किए गए हर संघर्ष में उनके साथ रही। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में भारतीय जनता पार्टी का परिवार उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। जगत प्रकाश नड्डा ने शांता कुमार को ढांढस बंधाया और ईश्वर से प्रार्थना की कि पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में जल्द ही 584 शिक्षकों की नियुक्ति होगी। टीजीटी के 584 पदों पर इसी सप्ताह बैचवाइज भर्ती का परिणाम जारी होगा। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने नियुक्तियों की मंजूरी को शिक्षा मंत्री के पास फाइल भेज दी है। संभावित है कि मार्च में शिक्षकों की नियुक्तियां हो जाएंगी। चयनित होने वाले टीजीटी को अनुबंध आधार पर नियुक्ति मिलेगी। इन्हें 13900 रुपये मासिक वेतन दिया जाएगा। कोरोना वायरस से बचाव के लिए हुए लॉकडाउन के चलते बैचवाइज भर्ती प्रक्रिया अप्रैल 2020 में रुक गई थी। लॉकडाउन हटने के बाद निदेशालय ने दोबारा से प्रक्रिया शुरू की। भर्ती प्रक्रिया में सामान्य वर्ग में 1999 में बीएड करने वालों का टीजीटी आर्ट्स की भर्ती में नंबर आएगा। टीजीटी की बैचवाइज भर्ती में सामान्य वर्ग के लिए नॉन मेडिकल में 1998 और मेडिकल में 2001 के बैच वालों को नौकरी मिल सकती है। सामान्य वर्ग में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग में आर्ट्स में 2001, नॉन मेडिकल में 1999 और मेडिकल में 2003, अनुसूचित जाति में आर्ट्स का 2003, नॉन मेडिकल में 2005 और मेडिकल में 2006, अनुसूचित जनजाति में आर्ट्स का 2003, नॉन मेडिकल का 2006 और मेडिकल में 2005 का बैच चल रहा है। चयनित उम्मीदवारों को पहली नियुक्ति प्रदेश के दूरदराज और जनजातीय क्षेत्रों में दी जाएगी।
265 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले में केंद्रीय जांच एजेंसी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नाइलेट के नाम पर चल रहे नौ फर्जी शिक्षण संस्थानों के तीन निदेशकों को गिरफ्तार कर लिया है। सीबीआई ने निदेशकों के घरों समेत अन्य पांच ठिकानों पर दबिश देकर अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में शिक्षण संस्थानों के निदेशक कृष्ण कुमार, राजदीप सिंह और बबिता राज्टा शामिल हैं। बबिता राज्टा मुख्य आरोपी अरविंद राज्टा की पत्नी है। आरोप है कि इन्होंने प्रदेश में फर्जी संस्थान खोलकर करीब 29 करोड़ की विभिन्न योजनाओं के तहत विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति हड़पी है। हैरानी इस बात की है कि बिना मान्यता के ही ये संस्थान वर्षों तक चलते रहे और शिक्षा विभाग उन्हें फर्जी दाखिलों के नाम पर करोड़ों की छात्रवृत्ति भी जारी करता रहा। इन फर्जी शिक्षण संस्थानों में शिक्षा निदेशालय के तत्कालीन अधीक्षक अरविंद राज्टा की पत्नी 33 फीसदी की हिस्सेदार थी। इस वजह से इन संस्थानों पर विशेष मेहरबानी बरती गई।
कुलदीप सिंह राठौर ने डीज़ल, पेट्रोल और एलपीजी गैस सिलेंडर के बढ़ते दामों पर केंद्र सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा है कि मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों ने आज देश को बर्बाद करके रख दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि मोदी सरकार ने इन तेल कंपनियों को देश के लोगों को लूटने की खुली छूट दे दी है,जब चाहो जितना चाहो मनमर्जी से तेल के मूल्यों को बढ़ाते चलो और अपनी तिजोरियों को भरते चलो। राठौर ने एलपीजी सिलेंडर के मूल्यों में एकमुश्त 50 रुपये की बढ़ोतरी को गैरवाजिब बताते हुए कहा है कि इसका सीधा असर आम और गरीब लोगों के साथ साथ महिला वर्ग पर पड़ रहा है। जिन्हें सीमित साधनों व सीमित आय के चलते अपने घर का चुला चौका चलाना पड़ता है। देश में बढ़ती बेरोजगारी ने पहले ही लोगों के जीवन पर विपरीत असर डाला है, तो दूसरी तरफ बढ़ती महंगाई ने लोगों की कमर तोड़ कर रख दी है। राठौर ने कहा कि इसी तरह पेट्रोल और डीजल जो 100 रुपये के आसपास पहुंच गया है। हर रोज इसके मूल्यों में बढ़ोतरी कर सरकार देश को अपने चुनावी वायदे के अच्छे दिन दिखा रही है। उन्होंने कहा कि देश मे यूपीए सरकार के समय एलपीजी सिलेंडर की कीमत 436 रुपये के आसपास होती थी, आज वह डबल से बढ़कर 866 रुपये से भी ज्यादा हो गया है। इसी तरह तेल जो 45 से 50 रुपए के आसपास मिलता था, आज डबल से ज्यादा 100 रुपये तक पहुंच गया है। बाबजूद इसके सरकार को इसकी कोई भी चिंता नही दिखती। राठौर ने कहा है कि यूपीए सरकार के समय अगर यदाकदा पांच, सात रुपये किसी भी वस्तु के बढ़ जाते थे, तो भाजपा के नेता सड़को पर उतर कर हाय तौबा करते थे। आज यही नेता कही अंधेरे में अपना मुंह छुपा कर बैठे है। इन्हें न तो महंगाई नज़र आ रही है और न ही लोगों की कोई समस्या। आज देश की आवज को दबाया जा रहा है। देश का किसान काले कृषि कानूनों को लेकर पिछले तीन महीनों से दिन रात सड़को पर बैठा है। उनकी आवाज को दबाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश के लोगों व किसानों के साथ उनकी आवाज बन कर खड़ी है।
हिमाचल प्रदेश कर्मचारी संघर्ष मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने कहा लोगों के हक को छीनकर राजनीतिक दल खुशी न मनाएं। जनता को तंग करके कर आज तक कोई भी देश विकसित नहीं हुआ। पेंशन से वंचित लोगों से लेकर करुणामूलक आश्रित परिवारों तक आज सभी सड़क पर हैं। करुणामूलक आश्रित परिवारों को अपने पिता,अपने पति का सरकारी कर्मचारी होते हुए भी 15 वर्षों बाद करुणा का हक नहीं मिला है। करुणामूल्क आश्रित परिवारों के बच्चे बेरोजगारी की मार सहते सहते अधेड़ उम्र में पहुंच गए हैं। लेकिन सरकार की करुणा आज तक नहीं छलकी है। प्रवीण शर्मा ने कहा कि कर्मचारी सरकार की कठपुतली बन कर रह गए हैं। आशा वर्कर्स, सिलाई अध्यापिकाएं, करुणामूल्क आश्रित परिवार, आउटसोर्स, पीस मील वर्कर्स, डेली वेज, पार्ट टाइम, एसएमसी अध्यापक, अनुबंध अध्यापक, बेरोजगार, प्राइवेट कर्मचारी, पेंशन से वंचित कर्मी सब दुःखी हैं। फिर भी हमारी सरकारे डंके की चोट पर कहती है कि हमने देश का विकास कर दिया।
प्रदेश सरकार द्वारा आम जनमानस को उनके घरद्वार पर समस्याओं के निवारण के लिए पुनः आरम्भ किए गए जनमंच कार्यक्रम के तहत आज जिला शिमला के शिमला ग्रामीण के विकास खण्ड बसन्तपुर की करयाली पंचायत में 20वां जनंमच कार्यक्रम आयोजित किया गया। जनमंच कार्यक्रम की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश छठे वित्तायोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने की। सतपाल सिंह सत्ती तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लोगों को जानकारी उपलब्ध करवाने के लिए सरकार की नीतियो, कार्यक्रमों, विकास योजनाओं व उपलब्धियों पर आधारित लगाई गई प्रदर्शनियों का शुभारम्भ किया व अवलोकन करने के उपरान्त सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर सतपाल सत्ती ने जनमंच में उपस्थित आम जनमानस को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल जन हितेषी योजना जनमंच कार्यक्रम को पुनः आरम्भ कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र दूरदराज व पिछड़ा क्षेत्र है इसलिए सभी पंचायत क्षेत्र के लोगों को सरकार द्वारा घर द्वार पर लगाए गए जनमंच का भरपूर लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अधिकारी लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता प्रदान करते हुए गम्भीरता से निवारण करे। जनमंच कार्यक्रम के तहत आज स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा 25 आयुष्मान कार्ड बनाए गए तथा 100 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। आयुष (आयुर्वेद) विभाग द्वारा 190 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई तथा निःशुल्क दवाइयां वितरित की गई। इस दौरान 14 विभिन्न प्रमाण पत्र व 72 बागवानी पत्र जारी किए गए। 13 इंतकाल 6 रजिस्ट्री, दो आधार कार्ड, 7 अपंगता प्रमाण पत्र, 7 विधवा पेंशन जारी किए गए। ममता संस्था द्वारा 56 शुगर जांच तथा 47 ब्लड प्रेशर जांच की गई। जनमंच में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और अपनी-अपनी लिखित समस्याएं प्रस्तुत की। जनमंच में सतपाल सती ने बारी-बारी से हर व्यक्ति की समस्या सुनी और सम्बन्धित अधिकारियों के सहयोग से अधिकतर समस्याओं का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया और शेष बची समस्याओं को शीघ्र निपटारे हेतु सम्बन्धित विभागों को भेजने के निर्देश दिए। जनमंच के दौरान सतपाल सिंह सत्ती ने बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ योजना के तहत 10 नवजात बच्चियों के परिजनों को एक-एक कम्बल व बधाई पत्र तथा गृहणी सुविधा योजना के तहत 5 पात्र महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन भी प्रदान किए । इस अवसर पर उन्होंने पल्स पोलियो अभियान के तहत आज एक नन्हीं बच्ची को पोलियो की दो बूंदे भी पिलाई। कार्यक्रम में शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के माननीय विधायक विक्रमादित्य विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त शिमला ग्रामीण के भाजपा पूर्व प्रत्याशी डॉ प्रमोद शर्मा, जिला भाजपा अध्यक्ष रवि मेहता, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी, पुलिस अधीक्षक मोहित चावला, अतिरिक्त उपायुक्त अपूर्व देवगन सहित पंचायती राज संस्थाओं के नव निर्वाचित प्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारीगण व भारी संख्या में स्थानीय पंचायत क्षेत्र के लोग उपस्थित रहे।
मंडी संसदीय क्षेत्र सांसद रामस्वरूप शर्मा ने लोकसभा में शुन्य काल के दौरान सरकार का ध्यान कुल्लू-भुंतर एयरपोर्ट की ओर आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि आज से 11-12 वर्ष पूर्व चार-चार उड़ाने भुंतर एअरपोर्ट से आती और जाती थी, लेकिन अब एक मात्र एलाइस एयर की ए टी आर-72 विमान जो यहाँ से उड़ान भरता है, उसकी यात्री क्षमता 72 सीट की है परन्तु रनवे कम होने व रनवे के दोनोँ और ऊँची-ऊँची पहाड़ियां होने के कारण अपनी यात्री क्षमता से आधे से भी कम यात्रियों को ले जाने की अनुमति है। जिसके कारण कुल्लू-दिल्ली प्रति यात्री किराया 18000-22000/- रूपये तक रहता था, इस कारण यात्रियों को कुल्लू-दिल्ली हवाईयात्रा काफ़ी महंगी पड़ती है l उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ए टी आर विमान कम्पनी का एक नया विमान ए टी आर 42-600 विमानन क्षेत्र में उपलब्ध है, जो कि इसी विमान का एक नया मॉडल है, जिसकी क्षमता 48 यात्रियों को लाने/ले जाने की है l यह मॉडल छोटे रनवे पर उड़ान भरने के लिए सर्वोत्तम है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि कुल्लू-भुंतर एयरपोर्ट से ए टी आर 42-600 विमान का परिचालन प्रारम्भ किये जाने के संबंध में एयरलाइंस संचालकों को आदेश देकर कुल्लू-भुंतर एयरपोर्ट से ए टी आर 42-600 विमान का परिचालन प्रारम्भ करवाया जाए। रामस्वरूप शर्मा ने कहा कि सरकार शीघ्र ही इस मुद्दे पर सकारात्मक कार्य करेगी। क्षेत्र सांसद रामस्वरूप शर्मा 23 फरवरी को कुल्लू के परिधि गृह में जनता की समस्याएं सुनेंगे। यह जानकारी जिला भाजपा अध्यक्ष भीमसेन शर्मा ने दी।
हिमाचल प्रदेश में कई निजी कॉलेज बिना एफिलेशन के चल रहे हैं। निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग की प्रारंभिक जांच में यह चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आयोग ने 20 फरवरी तक सभी निजी कॉलेजों से नए परफार्मा पर संबद्धता से लेकर प्रिंसिपलों की शैक्षणिक योग्यता और नियुक्ति प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी मांगी है। जानकारी न देने वाले कॉलेज प्रबंधकों को 25 फरवरी के बाद नोटिस जारी कर तलब किया जाएगा। 14 निजी कॉलेज कार्यकारी प्रिंसिपलों के हवाले हैं, जबकि 17 में प्रिंसिपल ही नहीं हैं। कई कॉलेजों में प्रिंसिपल निर्धारित आयु सीमा पार कर चुके हैं। निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की जांच के बाद अब निजी कॉलेजों के प्रिंसिपलों की शैक्षणिक योग्यता और नियुक्ति प्रक्रिया की जांच शुरू हुई है। प्रदेश के सभी निजी डिग्री, तकनीकी, बीएड, इंजीनियरिंग, मेडिकल, फार्मेसी कॉलेजों के प्रिंसिपलों का ब्योरा मांगा गया है। आयोग के अध्यक्ष अतुल कौशिक ने बताया कि निजी कॉलेजों के प्रिंसिपलों की जांच के दौरान कई नए तथ्य सामने आ रहे हैं। मामला गंभीर है। आयोग की जांच कमेटी सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। सूत्रों ने बताया कि अभी करीब 100 कॉलेजों के दस्तावेज जांचे गए हैं। कुछ कॉलेजों के पास आवश्यक दस्तावेज ही नहीं हैं। ऐसे में सभी कॉलेजों से संबद्धता को लेकर दस्तावेज देने के लिए कहा गया है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद संस्कृत महाविद्यालय इकाई द्वारा शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ी छात्रों की विभिन्न माँगों को लेकर महाविद्यालय के प्रधानाचार्य को ज्ञापन सौंपा। इकाई अध्यक्ष सीता राम शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि आज जिस तरह काफी लंबे समय बाद महाविद्यालय को पुनः एक बारी खोला गया। उसी संबंध में अभाविप ने प्रधानाचार्य महोदय को विभिन्न माँगों को लेकर सौंपा ज्ञापन। इसमे निम्न मांगो को लेकर ज्ञापन सौंपा गया 1. महाविद्यालय में जल्द से जल्द कक्षाओं की निरंतर रूप से चलाया जाए व सैनिटाइजर की व्यवस्था करवाई जाई 2. महाविद्यालय की नयी बनी बिल्डिंग में जल्द से जल्द कक्षाएँ प्रारंभ की जाए 3. महाविद्यालय में पीने के पानी की उचित व्यवस्था की जाए 4. महाविद्यालय के छात्रों के लिए छात्रावास का निर्माण किया जाए 5. महाविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए खेल के मैदान का निर्माण करवाया जाए 6. महाविद्यालय प्रांगण में साफ़ - सफाई करवाई जाए इकाई के सचिव सुभाष ने हमें बताया कि शिमला शहर में एक मात्र संस्कृत महाविद्यालय होने के बावजूद भी अभी तक इसके पास अपना खुद का परिसर नहीं है विद्यार्थी परिषद के लंबे आंदोलन चलने के बाद महाविद्यालय को अपनी बिल्डिंग मिली है लेकिन अब भी उसमे कक्षाएँ शुरू नहीं की जा रही है | हम देखते हैं कि Covid-19 के कारण आज लगभग एक साल के बाद ही महाविद्यालय शुरू हो पाए हैं प्रशासन के आदेशानुसार महाविद्यालय के सभी विद्यार्थियों के लिए सेनेटाइजर की लेकिन अगर हम बात महाविद्यालय प्रशासन की करें तो अभी भी उन्होंने कक्षाओं के बाहर सेनेटाइजर की व्यवस्था तक नहीं करवा पाएँ हैं महाविद्यालय में पूरे प्रदेश से दूर दूर से शिक्षा ग्रहण करने आते हैं लेकिन यहाँ हॉस्टल की सुविधा ना होने के कारण छात्रों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है हम उम्मीद करते हैं कि हमारी इन सभी माँगों को पूर्ण किया जाए जिस से आने वाले समय में विद्यार्थियों को किसी भी तरह की कठिनाइयों का सामना ना करना पड़े। प्रधानाचार्य जी ने आश्वासन देते हुए कहा कि इन माँगों को ध्यान में रख कर इन्हें जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास किया जायेगा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने चेतावनी देते हुए बताया कि अगर इन माँगों को पूरा नहीं किया गया तो आने वाले समय में विद्यार्थी परिषद उग्र से उग्र आंदोलन करेगी
हिमाचल में चल रहे 159 निजी तकनीकी संस्थानों की जांच होगी। प्रदेश सरकार ने जांच की शक्तियां देने के लिए केंद्र सरकार से मंजूरी मांगी है। केंद्र सरकार से निजी आईटीआई का पंजीकरण होता है। प्रदेश तकनीकी शिक्षा विभाग को एक या दो कमरों में आईटीआई चलाए जाने की शिकायतें मिली हैं। इन शिकायतों की जांच के लिए संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारियों की अध्यक्षता में जांच कमेटियां बनाई जाएंगी। तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने बताया कि कई निजी संस्थानों की लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। सरकार नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्ती बरतेगी। तकनीकी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शिकायतें मिली हैं कि कई निजी आईटीआई को नियमों के अनुसार नहीं बनाया गया है। एक या दो कमरों में यह संस्थान चल रहे हैं। प्रदेश सरकार सीधे तौर पर इन संस्थानों पर कार्रवाई नहीं कर सकती है। ऐसे में केंद्र सरकार को पत्र लिखकर इनकी जांच करने के लिए शक्तियां देने की मांग की है, साथ ही आरोप है कि कई निजी आईटीआई संस्थान केंद्र सरकार से निर्धारित मापदंड भी पूरे नहीं कर रहे हैं। ऐसे में अब सभी निजी संस्थानों की जांच करने का फैसला लिया गया है।
राष्ट्रीय सेवा योजना (एन.एस.एस) के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता तथा गणतंत्र दिवस के मौके पर नई दिल्ली के राजपथ पर परेड में भाग लेने वाले हिमाचल के एन.एस.एस. वाॅलंटियर्ज ने आज राजभवन में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से भेंट की। राज्यपाल ने कुल्लू जिले के जवाहरलाल नेहरू राजकीय महाविद्यालय, हरिपुर के छात्र सुमित को वर्ष 2018-19 के लिए एन.एस.एस. का राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने पर बधाई दी। उन्होंने गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने वाले सिरमौर जिले के राजकीय महाविद्यालय, संगड़ाह के विद्यार्थी सतीश तोमर, ऊना जिले के राजकीय महाविद्यालय, दौलतपुर चैक के विद्यार्थी निखिल ठाकुर, ऊना जिले के महाराणा प्रताप राजकीय महाविद्यालय, अम्ब की छात्रा दीक्षा तथा हिमाचल प्रदेश युनिवर्सिटी इंस्टिट्यूट ऑफ़ लीगल स्ट्डीज़ की छात्रा मोनिका कुमारी को सम्मानित किया। इस मौके पर राज्यपाल ने कहा कि एन.एस.एस. का मुख्य उद्देश्य समाज सेवा के द्वारा विद्यार्थियांे के व्यक्तित्व का विकास करना है और शिक्षा के द्वारा समाज सेवा एवं समाज सेवा केे द्वारा शिक्षा ही इसका लक्ष्य है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि हिमाचल प्रदेश में एन.एस.एस. अपनी गतिविधियों से इन लक्ष्यों को प्राप्त कर रहा है और राष्ट्र निर्माण में युवा शक्ति को रचनात्मक दिशा प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि एन.एस.एस. का आदर्श वाक्य ‘नाॅट मी बट यू’ है। यह इस बात को दर्शाता है कि व्यक्ति का कल्याण अंततः समग्र रूप से समाज के कल्याण पर निर्भर है। यह लोकतांत्रिक जीवन का सार व्यक्त करता है और दूसरे व्यक्ति के दृष्टिकोण की प्रशंसा व निस्वार्थ सेवा भाव की आवश्यकता को दर्शाता है। साथ ही, अपने साथी व्यक्ति के लिए भी विचार करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से इसी भावना के साथ हिमाचल प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण व स्वच्छता जैसे अभियानों को एन.एस.एस. शिविरों का हिस्सा बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नदियों से लगते गांवों में लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करें जिससे नदी जल में कूड़ा-कचरा न फैंका जाए। उन्होंने अन्य राज्यों के साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान के अधिक कार्यक्रम चलाने व राष्ट्रीय एकता पर आधारित और शिविरों के आयोजनों पर बल दिया। इस मौके पर राज्य के एन.एस.एस. अधिकारी डाॅ. एच.एल. शर्मा ने राज्यपाल को विभिन्न गतिविधियों से अवगत करवाया।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां बजट 2021-22 के लिए कांगड़ा और हमीरपुर जिला के विधायकों की विधायक प्राथमिकता की बैठक के पहले सुबह के सत्र की अध्यक्षता करते हुए कहा कि वार्षिक बजट से हर साल योजना की बैठक आयोजित की जाती है ताकि विधायकों के सुझावों और प्राथमिकताओं को बजट में शामिल किया जा सके। उन्होंने कहा कि अपने तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान वर्तमान राज्य सरकार ने सुनिश्चित किया है कि विधायकों की विकासात्मक आकांक्षाओं के अनुरुप नीतियों और कार्यक्रमों को तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी ने पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। प्रदेश के विधायकों ने इस महामारी से लड़ने के लिए अपने वेतन का एक बड़ा हिस्सा दान करने के अलावा अपने-अपने क्षेत्र के लोगों को सीएम कोविड फंड के प्रति उदारता से दान करने के लिए प्रेरित किया, जो प्रशंसनीय है। जय राम ठाकुर ने कहा कि देश में फ्रंटलाइन योद्धाओं को कोविड-19 के लिए स्वदेशी वैक्सीन दी जा रही है जो वैज्ञानिकों की कड़ी मेहनत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रदान किए गए सक्षम नेतृत्व के कारण संभव हो पाया है। राज्य के लोगों ने प्रदेश सरकार को अपना पूर्ण सहयोग और समर्थन दिया है और भाजपा सरकार ने राज्य में लोकसभा की सभी चार सीटों सहित उपचुनावों में भी विजय प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव परिणामों में भी ज्यादातर सीटों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले तीन वर्षों के दौरान कई कल्याणकारी और विकासात्मक योजनाएं आरम्भ की हैं। गृहिणी सुविधा योजना के तहत हर घर में मुफ्त गैस कनेक्शन सुनिश्चित किए गए हैं और राज्य में कोई भी व्यक्ति धन की कमी के कारण चिकित्सा उपचार से वंचित न रहे, इसके लिए हिमकेयर योजना चलाई गई है। उन्होंने कहा कि जन मंच और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1100 ने जनता की शिकायतों का त्वरित निवारण किया है। गंभीर रोगों से ग्रसित रोगियों के जरूरतमंद परिवारों को सहारा योजना राहत प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि नाबार्ड के अन्तर्गत विधायक प्राथमिकताओं के लिए वर्ष 2020-21 में 926.24 करोड़ रुपये की 251 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इस धनराशि में से 565.52 करोड़ रुपये सड़कों व पुलों के निर्माण जबकि 360.72 करोड़ रुपये लघु सिंचाई एवं पेयजल योजनाओं के लिए मंजूर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की पूर्व सरकार के पहले तीन वर्ष के कार्यकाल में वार्षिक योजना आकार के लिए 13 हजार 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, जबकि वर्तमान राज्य सरकार ने अपनी तीन वर्ष की अवधि में 21 हजार 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के लोग भाग्यशाली हैं कि हिमाचल प्रदेश ने पूर्ण राज्यत्व के 50 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। इस अवसर पर पूरे राज्य में स्वर्ण जयंती वर्ष का आयोजन किया जाएगा और 51 गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। उन्होंने विधायकों से इन गतिविधियों को उत्साहपूर्वक मनाने के लिए सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने विधायकों से अपने सुझाव देने का भी आग्रह किया ताकि उनको बजट में इसे शामिल किया जा सके। जिला कांगड़ा इंदौरा की विधायक रीता धीमान ने कहा कि इंदौरा में मिनी सचिवालय के निर्माण के लिए पर्याप्त बजट का प्रावधान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के सूरजपुर और इंदपुर के पुलों के निर्माण कार्य शीघ्र किया जाना चाहिए। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र में दलदल क्षेत्र को खनन निषेध क्षेत्र घोषित करने की आवश्यकता पर बल दिया। ज्वाली के विधायक अर्जुन सिंह ने कहा कि कोटला मेें अटल आदर्श विद्यालय का कार्य शीघ्र शुरू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नगरोटा सूरिया में अस्थायी पुलिस चैकी को स्थायी चैकी बनाया जाना चाहिए। देहरा के विधायक होशियार सिंह ने कहा कि देहरा विधानसभा क्षेत्र में 150 करोड़ रुपये के विकासात्मक कार्य कार्यान्वित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जीएसटी चोरी की जांच के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में पोंग डेम निर्वासित लगभग चार सौ परिवारों के मुद्दे के निवारण के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। जयसिंहपुर के विधायक रविन्द्र कुमार ने कहा कि खंड विकास कार्यालय लंबागांव भवन के निर्माण कार्य में तेजी लाई जानी चाहिए ताकि इसे निर्धारित समय तक पूरा किया जा सके। उन्होंने जयसिंहपुर अस्पताल में पर्याप्त स्टाफ और विशेषज्ञ उपलब्ध करवाने और कंगेन में गौसदन की स्थिति में सुधार का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अन्द्रेटा गांव में एक ललित कला महाविद्यालय खोलने की संभावना की तलाश की जानी चाहिए। नगरोटा के विधायक अरूण कुमार ने नागरिक अस्पताल नगरोटा और डाॅ. राजेन्द्र प्रसाद चिकित्सा महाविद्यालय टांडा में पर्याप्त चिकित्सा कर्मी और मशीनरी उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि टांडा मेें सिटी स्कैन मशीन को स्थापित किया जाना चाहिए और क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए चिकित्सा महाविद्यालय में डायलिसिस की सुविधा प्रदान की जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री से विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए छोटी बसें उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। कांगड़ा के विधायक पवन काजल ने मुख्यमंत्री से क्षेत्र के कुछ पुलों के कार्य को प्राथमिकता आधार पर करवाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र के सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध करवाया जाना चाहिए। पालमपुर के विधायक आशीष बुटेल ने कहा कि पालमपुर में खंड विकास अधिकारी कार्यालय खोला जाना चाहिए और क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा प्रदान करने के लिए पालमपुर में हैलीपोर्ट निर्मित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य उपकेंद्र भाला लोकार्पण के लिए तैयार है और इसका शीघ्र लोकार्पण किया जाना चाहिए। जिले में पेराग्लाइडिंग गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए पालमपुर में पेराग्लाइडिंग प्रशिक्षण स्कूल खोला जाना चाहिए। उन्होंने पालमपुर कस्बे में पार्किंग की सुविधा शुरू करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। बैजनाथ के विधायक मुल्कराज प्रेमी ने कहा कि क्षेत्र की कुछ सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर निर्मित किया जाना चाहिए। बीड़ में पुलिस पोस्ट की घोषणा की गई है परन्तु शीघ्र ही इसकी अधिसूचना की जानी चाहिए। क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए बैजनाथ में बस स्टैंड निर्मित किया जाना चाहिए। क्षेत्र में भ्रमण के लिए आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए खीरगंगा का सौदर्यीकरण किया जाना चाहिए। धर्मशाला के विधायक विशाल नेहरिया ने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय और धर्मशाला बस अड्डे के कार्य में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम की छोटी बसों को कोतवाली बाजार के संपर्क मार्ग से समीपवर्ती के गांवों में भेजा जाना चाहिए। धर्मशाला स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत विभिन्न कार्यों में तेजी लाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए मेकलोड़गंज धर्मशाला से वैकल्पिक मार्ग को सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटन के दृष्टिगत आदि हिमानी चामुण्डा के लिए उपयुक्त मार्ग निर्मित किया जाना चाहिए। जिला हमीरपुर भोरंज की विधायक कमलेश कुमारी ने कहा कि क्षेत्र के लोगों के लिए पीने के पानी की एक बड़ी समस्या है, जिसके निवारण के लिए बमसन-लगवालटी के कार्य में तेजी लाई जानी चाहिए। इस योजना को भोरंज खंड को स्थानांतरित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भोरंज में इंडोर स्टेडियम निर्मित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण मार्गों में पर्याप्त छोटी बसे चलाई जानी चाहिए। सुजानपुर के विधायक राजंेद्र राणा ने कहा कि सुजानपुर में टाउन हाॅल का कार्य शीघ्र शुरू किया जाना चाहिए। क्षेत्र में बिजली की निर्बाध आपूर्ति के लिए पेटलैंडर में 33 के.वी. सब स्टेशन स्थापित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नागरिक अस्पताल सुजानपुर को सुदृढ़ करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पटवारियों के पदों को शीघ्र भरा जाना चाहिए और सुजानपुर महाविद्यालय में स्नातकोतर कक्षाएं शुरू की जाएं। हमीरपुर के विधायक नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि हमीरपुर बस स्टैंड के कार्य में तेजी लाई जाए ताकि यह शीघ्र पूरा हो सके। उन्होंने कहा कि मेडिकल काॅलेज हमीरपुर में सीटी-स्कैन, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड मशीनें तत्काल उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने कहा कि नागरिक अस्पताल लंबलु में पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध करवाया जाना चाहिए और हमीरपुर में वैटनरी पाॅली क्लीनिक खोला जाए। बड़सर के विधायक इंद्र दत्त लखनपाल ने कहा कि बड़सर में बस स्टैंड का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जाए जिसकी आधारशिला 2011 में रखी गई थी। बड़सर में मिनी सचिवालय का निर्माण करने की जरूरत है और बाबा बालकनाथ मंदिर को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने क्षेत्र में एचआरटीसी के सभी रूटों को तत्काल बहाल करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि बड़सर के नागरिक अस्पताल भवन का निर्माण शीघ्र किया जाना चाहिए। नादौन के विधायक सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि मेडिकल काॅलेज हमीरपुर के पास से गुजरने वाले लगभग 400 मीटर राष्ट्रीय राजमार्ग को स्थानांतरित किया जाना चाहिए क्योंकि इससे मरीजों को असुविधा हो सकती है। नादौन में बस स्टैंड और स्पाइस पार्क का निर्माण किया जाना चाहिए और वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला अमलेहड़ के नाम भूमि हस्तांतरित की जाए। उन्होंने कहा कि सभी जिला मुख्यालयों को हेलीपोर्ट से जोड़ने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने नादौन में जल शक्ति और लोक निर्माण विभाग के मंडल कार्यालय स्थापित करने का भी आग्रह किया। अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना ने मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य लोगों का स्वागत किया। योजना सलाहकार डाॅ. वासु सूद ने विधायक प्राथमिकताओं के बारे में आॅनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया के संबंध में प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधायक अपने क्षेत्र की 6 योजनाओं को प्राथमिकता दे सकता है। उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर, वन मंत्री राकेश पठानिया, राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष रमेश चंद धवाला, मुख्य सचिव अनिल खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव व विभागाध्यक्ष बैठक में उपस्थित थे, जबकि उपायुक्त और अन्य जिला अधिकारी अपने-अपने जिलों से वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा राजकीय महाविद्यालय के एनसीसी कैडेट अंडर ऑफिसर रक्षित भड़वाल के 26 जनवरी गणतंत्र दिवस परेड से लौटने के बाद उन्होंने महाविद्यालय प्राचार्य डॉ प्रदीप कौंडल से मुलाकात की। महाविद्यालय प्राचार्य डॉक्टर प्रदीप कौंडल ने रक्षित भडवाल की इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी और यह बताया कि यह सिर्फ इस महाविद्यालय के लिए नहीं अपितु पूरे प्रदेश के लिए बहुत गर्व की बात है की रक्षित भडवाल ने पंजाब ,हिमाचल,हरियाणा और चंडीगढ एनसीसी निदेशालय का प्रतिनिधित्व प्रधानमंत्री रैली और बेस्ट कैडेट के रूप में किया। इसके अतिरिक्त 26 जनवरी गणतंत्र दिवस परेड का राजपथ पर हिस्सा बनकर उन्होंने राष्ट्रीय कैडेट कोर का प्रतिनिधित्व किया ।महाविद्यालय एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉक्टर दीप कुमार और लेफ्टिनेंट रेनू डोगरा ने रक्षित भडवाल की इस कामयाबी पर उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं दी तथा यह बताया की रक्षित भंडवाल मैं भारतीय सेना का भविष्य का अफसर बनने की तमाम खूबियां है।
आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद संजौली महाविद्यालय इकाई द्वारा शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ी छात्रों की विभिन्न माँगों को लेकर महाविद्यालय के प्रधानाचार्य को को ज्ञापन सौंपा। इकाई अध्यक्ष कर्ण सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि आज जिस तरह काफी लंबे समय बाद महाविद्यालय को पुनः एक बारी खोला गया। उसी संबंध में अभविप संजौली इकाई ने प्रधानाचार्य महोदय को विभिन्न माँगों को लेकर सौंपा ज्ञापन। इसमे हमारी प्रमुख मांगें इस प्रकार से है : 1. छात्रवास को योजनाबद्ध तरीके से जल्द से जल्द खोला जाए। 2.छात्रावास के निर्माण कार्य को जल्द से जल्द शुरू किया जाए। 3. B. Voc में चल रहीं अनियमितताओं को जल्दी ठीक किया जाए। 4. प्रत्येक कक्षाओं में हीटर की व्यवस्था की जाए। 5. महाविद्यालय परिसर में सोलर पैनल की कि व्यवस्था की जाए। 6. महाविद्यालय में प्रतीक कक्षाओं के बाहर सैनिटाइजर की व्यवस्था की जाए। 7. महाविद्यालय में टीचर और स्टूडेंट की कोरोना कमेटी का गठन जल्द से जल्द किया जाए। इकाई सचिव कर्ण शर्मा ने बताया कि केंद्रीय उत्कृष्ट महाविद्यालय संजौली एक मात्र ऐसा महाविद्यालय है जिसको उत्कृष्ट की उपाधि मिली है परंतु अभी भी यहाँ पर छात्राओं के लिए छात्रावास नही बना है और न इस महाविद्यालय का मास्टर प्लान अभी भी पूर्ण है, कोरोना महामारी के चलते महाविद्यालय में प्रतीक कक्षाओं के बाहर सैनिटाइजर की व्यवस्था की जाए और साथ की टीचर और स्टूडेंट की कोरोना कमेटी का गठन किया जाए जिस से वे महाविद्यालय में सोशल डिस्टेंस और विद्यार्थियों के मास्क लगे हैं या नहीं उसका ध्यान रखे। इसके अतरिक्त B. Voc में चल रहीं अनियमितताओं को जल्दी ठीक किया जाए। जिसमें हम देखते हैं कि किस तरह से अभी तक कुछ छात्रों का रिजल्ट नहीं आया है और अभी तक उनके परीक्षा फॉर्म भरने के लिए अभी तक साइट ओपन नहीं हुई अभाविप मांग करती है कि छात्रवास को योजनाबद्ध तरीके से जल्द से जल्द खोला जाए। हम आशा करते हैं कि हमारी सभी माँगों को इन सभी माँगों को पूर्ण किया जाए जिस ने आने वाले समय में विद्यार्थियों को किसी भी तरह की कठिनाइयों को सामना ना करना पड़े। प्रधानाचार्य चांद भान मेहता ने आश्वासन देते हुए कहा कि इन माँगों को ध्यान में रख कर इन्हें जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास किया जायेगा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने चेतावनी देते हुए बताया कि अगर इन माँगों को पूरा नहीं किया गया तो आने वाले समय में विद्यार्थी परिषद उग्र से उग्र आंदोलन करेगी ।
हिमाचल प्रदेश के हिमालयी क्षेत्रों में ग्लोबल वार्मिंग की वजह से लगातार नई झीलों का बनना जारी है। बढ़ते तापमान की वजह से ग्लेशियर पिघल रहे हैं। इससे ऊंचाई वाले इलाकों में करीब 800 छोटी-बड़ी झीलें बन चुकी हैं। 550 से ज्यादा झीलें हिमाचल प्रदेश के लिहाज से संवेदनशील हैं। इन झीलों पर विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद का सेंटर फॉर क्लाइमेट चेंज लगातार अध्ययन कर रहा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि तापमान में बढ़ोतरी की वजह से ग्लेशियरों का पिघलना पिछले कुछ समय में बढ़ा है। इसकी वजह से कृत्रिम झीलों का आकार भी बढ़ रहा है। पिछले कुछ सालों में ही सतलुज, चिनाब, रावी और ब्यास बेसिन पर 100 से अधिक नई प्राकृतिक झीलें बन गई हैं। सतलुज बेसिन पर कुल 500, चिनाब में 120, ब्यास में 100 और रावी में 50 झीलें बनी हैं। वर्ष 2014 में सतलुज बेसिन पर 391 झीलें थीं। बता दें कि चमोली में आई आपदा के बाद हिमाचल प्रदेश में भी ग्लेशियरों और कृत्रिम झील वाले जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। मुख्य सचिव अनिल खाची ने बताया कि उन्होंने ग्लेशियर वाले जिलों के उपायुक्तों से बात कर प्रोटोकॉल का पालन करते हुए निगरानी करने के लिए कहा है। वहीं, अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व आरडी धीमान ने बताया कि हिमस्खलन संभावित इलाकों के अलावा ग्लेशियरों के आसपास के क्षेत्रों में लोगों को सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है। हिमकॉस्ट के ग्लेशियर मानीटरिंग सेल को भी हर गतिविधि की रिपोर्ट आपदा प्रबंधन सेल को भेजने को कहा है।
अटल टनल रोहतांग सड़क को बीआरओ ने अवरुद्ध हुई सड़क को बहाल कर लिया है। जिला मुख्यालय केलंग मनाली से जुड़ गया है। हालांकि अभी पर्यटकों को लाहौल घाटी में आने की अनुमति नहीं दी गई है, लेकिन फोर व्हीलर ड्राइव वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। सड़क में बर्फ जमने से सफर अभी सुरक्षित नहीं है। खतरे को देखते हुए लाहौल स्पीति पुलिस ने फोर व्हीलर ड्राइव वाहनों में ही सफर करने का आग्रह किया है। बीआरओ द्वारा सड़क से बर्फ हटाने का कार्य पूरा कर लिया गया है जिससे शीघ्र ही पर्यटकों के लिए घाटी के बहाल होने की उम्मीद बढ़ी है। सुबह शाम तापमान माइनस पर चले जाने से सड़क पर बर्फ व पानी जम रहा है जिसे ध्यान में रखते हुए लाहौल स्पीति प्रशासन ने सुबह 11 से शाम चार बजे के बीच ही सफर करने की सलाह दी है। पुलिस अधीक्षक लाहौल स्पीति मानव वर्मा ने बताया कि हिमस्खलन की चेतावनी को देखते हुए फोर व्हीलर ड्राइव वाहनों में ही आने जाने की अनुमति दी गई है। वाहन चालकों को सुबह 11 से शाम चार बजे के बीच सफर करने की सलाह दी गई है। वाहन चालकों को उनकी सुरक्षा को देखते हुए यात्रा करने से पहले अधिकारियों को सूचना देने की सलाह दी गई है।
बर्फ के कारण शिमला ग्रामींण में सड़कें बंद होने के बावजूद उमंग फाउंडेशन ने शहीद नरेश कुमार युवक मंडल मूलभज्जी और अभिनव युवक मंडल, क्यार के साथ मिलकर देओला पंचायत के मूलभज्जी में रक्तदान शिविर लगाया। पंचायत प्रधान कुन्ता देवी ने स्वयं रक्तदान कर शिविर का उदघाटन किया। आईजीएमसी ब्लड बैंक की टीम ने डॉ अपूर्वा के नेतृत्व में शिविर में 40 यूनिट रक्त संग्रह किया। उमंग फाउंडेशन के ट्रस्टी एवं शिविर के संयोजक विनोद योगाचार्य ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान संस्था का यह 14वां रक्तदान शिविर था। शहीद नरेश कुमार युवक मंडल के अध्यक्ष हेमंत शर्मा और बीडीसी सदस्य पुष्पा ठाकुर सबसे पहले रक्तदान करने वालों में शामिल थे। अभिनव युवक मंडल के प्रधान सुनील ठाकुर ने कहा कि भीषण ठंड और बर्फबारी के बावजूद ग्रामीणों ने शिविर में उत्साह दिखाया। ब्लड बैंक अधिकारी डॉ अपूर्वा ने कहा कि इस शिविर से आईजीएमसी में रक्त की कमी दूर करने में मदद मिलेगी। शिविर के संचालन में उमंग फाउंडेशन के संजीव शर्मा, सवीना जहाँ, अभिषेक भागड़ा, यश ठाकुर, दीक्षा कुमारी एवं कुलदीप कुमार ने सहयोग दिया। ब्लड बैंक की टीम में नवीन सूद, दिवाकर और कमलजीत शामिल थे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज जिला कांगड़ा के पालमपुर क्षेत्र में 45.66 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं की आधारशिलाएं रखी व लोकार्पण किए। उन्होंने 5.94 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण किए जिनमें 1.68 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित बहाव सिंचाई योजना मनियाड़ा, तप्पा व जुगेहड़, 2.89 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित बहाव सिंचाई योजना रानी दी कूहल और सिधपुर सरकरी में 1.37 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नागरिक आपूर्ति गोदाम शामिल हंै। मुख्यमंत्री ने 39.72 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की आधारशिला रखी, जिनमें तहसील पालमपुर की ग्राम पंचायत कोठी पाहड़ा में 2.04 करोड़ रुपये की लागत से कस्बा जुगेहड़ जलाापूर्ति योजना का सुधारीकरण कार्य, 2.90 करोड़ रुपये की लागत से ग्राम पंचायत चैकी खलेट जलापूर्ति योजना के सुधारीकरण, ग्राम पंचायत डाढ़़ में 2.04 करोड़ रुपये की लागत से जलापूर्ति योजना के सुधारीकरण कार्य, 4.54 करोड़ रुपये की लागत से कांडी भगोटला जल आपूर्ति योजना के अंतर्गत द्रोगणू, थला भगोटला की आंशिक रूप से कवर की बस्तियों में जल आपूर्ति के सुधार कार्य, ग्राम पंचायत नैन ननाहर, सपेडु, रजेहर भदरैण, कांडी, सुंगल व पडियारखड़ में 5.18 करोड़ रुपये की लागत की विभिन्न पेयजल योजनाओं के संवर्द्धन कार्य, 3.30 करोड़ रुपये की लागत की बहाव सिंचाई योजना भदरूल कूहल के शेष बचे कार्य, चिंबलहार के निकट पालमपुर में 17.45 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इंडोर स्टेडियम, संयुक्त कार्यालय भवन पालमपुर की तीसरी मंजिल पर 62.38 लाख रुपये की लागत से बनने वाले बैठक कक्ष और तहसील पालमपुर के चैकी खलेट में 1.65 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले फाॅरेस्ट पार्क की आधारशिलाएं रखीं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पालमपुर के गांधी मैदान में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के शहरी क्षेत्रों के व्यवस्थित और योजनाबद्ध विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्हांेने कहा कि कुछ विपक्षी राजनीतिक नेता कारणों से पालमपुर को नगर निगम के रूप में स्तरोन्नत करने के निर्णय के खिलाफ थे लेकिन सच यह है कि उन्होंने इस खूबसूरत शहर के विकास के लिए कुछ भी नहीं किया। विपक्ष क्षेत्र के लोगों को कर वसूली के संबंध में गुमराह कर रहा है लेकिन लोगों को डरने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि न तो लोगों को कर देने के लिए मजबूर किया जाएगा और न ही उन्हें मनरेगा के लाभ से वंचित रखा जाएगा। उन्हें मनरेगा की तर्ज पर मुख्यमंत्री शहरी आजीविकास योजना के लाभ दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों का बेहतर विकास सुनिश्चित करने के लिए वर्तमान प्रदेश सरकार ने राज्य में 379 नई पंचायतों के गठन का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि 15 वर्षों के लंबे अंतराल के उपरांत प्रदेश में नई पंचायतों का गठन हुआ है। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के लोगों ने राज्य सरकार के इस निर्णय की सराहना की है और 102 पंचायतें निर्विरोध निर्वाचित की गईं हैं, जिनमें अधिकतम नवगठित पंचायते हैं। प्रदेश के लोगों ने पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के चुनावों के चुनावों में प्रदेश सरकार को अपना पूरा सहयोग दिया। पंचायत चुनावों में लगभग 75 प्रतिशत सीटें भाजपा समर्थित प्रत्याशियांे ने जीती हैं तथा 69 खंड समितियों में से 61 में भाजपा प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है। इसके अलावा सात जिला परिषदों की सभी सीटों में भाजपा ने विजय प्राप्त की। यह प्रदेश में सरकार की जनता मित्र नीतियों और कार्यक्रमों के कारण प्रदेश की जनता द्वारा भाजपा को मिल रहे सहयोग को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश व प्रदेश के विपक्ष के पास कोई भी मुद्दा नहीं है और वे दिशा रहित व नेताविहीन हो गए हैं। देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में सुरक्षित है, जो भारत को विश्व के सबसे मजबूत राष्ट्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह उनके नेतृत्व से ही संभव हुआ है कि भारत आज कोरोना महामारी से सफलतापूर्वक निपट रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने अग्रिम पंक्ति के योद्धाओं के टीकाकरण का कार्य आरम्भ कर दिया है। पहले चरण में लगभग 93 हजार अग्रिम पंक्ति के योद्धाओं को टीका लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की हिमाचल गृहिणी सुविधा, हिमकेयर, सहारा जैसी कल्याणकारी योजनाएं राज्य के लाखों लोगों के लिए वरदान साबित हुई हैं। कांग्रेस सरकार ने गरीबों और निम्न वर्गों के उत्थान के लिए कुछ भी नहीं किया और पिछली कांग्रेस सरकारों की फिजूलखर्ची के कारण 47,500 करोड़ रुपये का ऋण विरासत में मिला। उन्होंने कहा कि जनमंच से लोगों को उनकी समस्याओं का समाधान उनके घर-द्वार के निकट सुनिश्चित हुआ है। जन मंच प्रदेश के गरीब लोगों को उनके विभिन्न मुद्दों के त्वरित समाधान प्रदान करने में सहायक सिद्ध हुआ है। यहां तक कि विपक्ष के नेता भी इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1100 का शुभारंभ भी किया है, जिससे लोगों को एक फोन काॅल के माध्यम से ही उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित हो रहा है। जय राम ठाकुर ने पालमपुर के मिनी सचिवालय परिसर में डाॅ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा की स्थापना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि शहीद सौरव कालिया पार्क के पुनर्निर्माण और विकास के लिए छह करोड़ रुपये की राशि व्यय की जाएगी। उन्होंने पालमपुर में 1.65 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले गोल्डन जुबिली नेचर पार्क के लिए 50 लाख रुपये की घोषणा की। विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने कहा कि प्रदेश मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के कुशल नेतृत्व में राज्य स्वर्णिम हिमाचल बनने की ओर अग्रसर है। जय राम ठाकुर के गतिशील नेतृत्व में पिछले तीन वर्षों में प्रदेश ने विभिन्न क्षेत्रों में अभूतपूर्व विकास किया है। उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा पालमपुर, मंडी और सोलन को नगर निगम बनाने की घोषणा ऐतिहासिक निर्णय है, जिससे इन शहरों का योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित होगा। वूल फेडरेशन के अध्यक्ष त्रिलोक कपूर ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और पालमपुर क्षेत्र के लिए करोड़ों रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण के लिए उनका आभार व्यक्त किया। विधायक रविन्द्र धीमान एवं मुल्ख राज प्रेमी, पूर्व विधायक प्रवीण शर्मा और दूलो राम, जिला भाजपा अध्यक्ष हरिदत्त शर्मा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
प्रदेश सरकार गद्दी समुदाय के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और भेड़-पालन को और अधिक लाभदायक व्यवसाय बनाने के लिए नई योजनाओं की शुरूआत सुनिश्चित करेगी। यह बात आज मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने जिला कांगड़ा के पालमपुर के बनूरी में हिमाचल प्रदेश वूल फेडरेशन द्वारा आयोजित भेड़ प्रजनन सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर उन्होंने एक करोड़ रुपये की लागत से निर्मित जनजातीय समुदाय एवं प्रशिक्षण केन्द्र का भी उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2000 में केन्द्र और प्रदेश में भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान गद्दी समुदाय को जनजातीय दर्जा दिया गया था। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे गद्दी लोगों की भेड़ और बकरियों की चोरी में शामिल अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि गद्दी समुदाय को उच्च गुणवत्ता की ऊन मिल सके, इसके लिए अच्छी नस्ल के भेड़ उपलब्ध करवाए जाएंगे। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य के लोगों ने हाल ही मंे संपन्न हुए पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकाय के चुनावों में वर्तमान राज्य सरकार को भारी जनादेश दिया है। उन्होंने कहा कि अब तक घोषित 63 पंचायत समितियों में से 57 समितियों में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों ने विजय प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों के दौरान लोक सभा और विधानसभा उप चुनावों सहित सभी चुनावों में राज्य के लोगों ने भाजपा की जीत को सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोग राज्य सरकार की विकासात्मक और कल्याणकारी नीतियों व कार्यक्रमों से पूर्णतया संतुष्ट हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने पिछले तीन वर्षों के दौरान गरीबों और निम्न वर्गों के उत्थान के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने कहा कि एलपीजी गैस कनेक्शन से वंचित लोगों को निशुल्क गैस कनेक्शन प्रदान हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत 2.90 लाख निशुल्क गैस कनेक्शन प्रदान किए गए हैं, जिससे हिमाचल प्रदेश देश का पहला धुआंमुक्त राज्य बन गया है। जय राम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार ने हर परिवार को पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा प्रदान करने के लिए आयुष्मान भारत योजना की शुरूआत की है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना से वंचित परिवारों के लिए प्रदेश सरकार ने हिमकेयर योजना भी आरम्भ की है। उन्होंने कहा कि इस योजना से अभी तक 1.50 लाख परिवार लाभान्वित हुए हैं और इस योजना के अंतर्गत 150 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सहारा योजना भी आरम्भ की है, जिसके अंतर्गत गंभीर बीमारियांे से ग्रसित मरीजों के परिवारों को 3000 रुपये प्रति महीना वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना के अंतर्गत 15 हजार से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना के अंतर्गत युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए 40 लाख रुपये का ऋण उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत युवाओं को 25 प्रतिशत अनुदान तथा महिलाओं व लड़कियों को 30 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हज़ारों की संख्या में युवा इस योजना का लाभ उठा रहे हैं और रोजगार प्रदाता बनेेे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा समय पर लिए गए निर्णयों से देश में कोरोना महामारी की रोकथाम के साथ-साथ अब भारत में इस संक्रमण के विरूद्ध टीकाकरण अभियान भी आरम्भ किया गया है। उन्होंने कहा कि इसका श्रेय राष्ट्रीय स्तर की कुशल नेतृत्व तथा देश के वैज्ञानिकों को जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रथम चरण में लगभग 93 हजार अग्रिम पंक्ति योद्धाओं का टीकाकरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने राज्य में तीन नए नगर निगम पालमपुर, सोलन और मंडी बनाए है ताकि राज्य के बड़े और तीव्र गति से उभरते इन शहरों का सुनियोजित विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि गद्दी समुदायों की सभी जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने पालमपुर में पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार से भी भेंट की। वूल फेडरेशन के अध्यक्ष त्रिलोक कपूर ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं विनम्र पृष्ठभूमि के होने के कारण समाज के गरीब वर्ग के लोगों की विकासात्मक जरूरतों और उम्मीदों को अच्छी तरह से समझते है। उन्होंने कहा कि भेड़ और बकरी पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अभिन्न अंग है। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष विपिन सिंह परमार, उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह, वन मंत्री राकेश पठानिया, विधायक रविंद्र धीमान, कांगड़ा जिला परिषद के अध्यक्ष रमेश बराड़, पूर्व विधायक दुलो राम और प्रवीण शर्मा, सुरेंद्र काकू, उपायुक्त कांगड़ा राकेश प्रजापति, पुलिस अधीक्षक विमुक्त रंजन सहित अन्य इस अवसर पर उपस्थित थे।
स्कीइंग एंड स्नो बोर्ड की नैशनल चैम्पियनशिप के लिए हिमाचल की टीम गुलमर्ग रवाना हो गई है। हिमाचल प्रदेश विंटर गेम्स एसोसिएशन के अध्यक्ष लुदर ठाकुर की अध्यक्षता में कोच सहित 50 खिलाड़ियों की टीम वीरवार को मनाली से रवाना हुई। 6 से 10 फरवरी तक आयोजित होने जा रही इस चैम्पियनशिप में देशभर की टीमें भाग लेंगी। पिछले साल यह चैम्पियनशिप मनाली के सोलंगनाला ढलान में आयोजित हुई थी। देशभर में मात्र हिमाचल के सोलंगनाला, उत्तराखंड के औली व जे एंड के के गुलमर्ग की स्कीइंग ढलानें हैं जहां राष्ट्रीय चैम्पियनशिप आयोजित होती है। संध्या ठाकुर, आंचल ठाकुर, प्रोमिला ठाकुर, हीरा लाल, रजत, अनिल, कीर्ति कृष्ण, निखिल ठाकुर, कैलाश ठाकुर, साक्षी, अंकिता ठाकुर, विपाशा ठाकुर, प्रियांशु, राहुल, आयुष ठाकुर, दिव्या ठाकुर, पलक ठाकुर, मेघा, अंकित व्यास, पीयूष ठाकुर, अभिनाश ठाकुर, परिणीता, श्वेता ठाकुर, नित्या ठाकुर, साहिल ठाकुर, सूर्यांशु ठाकुर, जन्नत ठाकुर, यशिका वर्मा, दीपांशी ठाकुर, आद्या शर्मा, चंद्रकांत, रोहित, दीक्षा ठाकुर व बंदना शामिल है। हिमाचल प्रदेश विंटर गेम्स एसोसिएशन के अध्यक्ष लुदर चंद ठाकुर ने बताया कि 6 फरवरी से गुलमर्ग में होने जा रही स्कीइंग एंड स्नो बोर्ड चैम्पियनशिप के लिए 50 सदस्यों की हिमाचल टीम शुक्रवार शाम को गुलमर्ग पहुंच गई है। चैम्पियनशिप में अल्पाइन स्कीइंग में सलालम एवं ज्वाइंट सलालम तथा स्कीइंग क्रॉस कंट्री, स्नो बोर्डिंग में सलालम तथा स्नो बोर्ड की क्रॉस प्रतिस्पर्धा आयोजित होगी। स्कीइंग एंड स्नो बोर्ड इंडिया के महासचिव रूप चंद नेगी ने बताया कि आर्मी सहित एचपी डब्ल्यूजीए, आर्मी स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड, दिल्ली स्की एसोसिएशन, जम्मू एंड कश्मीर टीम व उत्तरांचल टीम के सैंकड़ों खिलाड़ी अपनी प्रतिभा के जौहर दिखाएंगे।
राज्य ने कैबिनेट ज्ञापन और कैबिनेट की कार्यवाही को कागज रहित बनाकर देश का पहला राज्य बनकर एक और उपलब्धि अपने नाम की है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि आज ई-कैबिनेट एप्लीकेशन द्वारा पहली ई-कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि ई-कैबिनेट के लिए सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आईटी एप्लीकेशन को विकसित किया गया है और यह पूरे देश में इस तरह का पहला ऐसा इलैक्ट्राॅनिक प्लेटफाॅर्म है। आज की ई-कैबिनेट की बैठक में 32 कैबिनेट ज्ञापनों पर भी चर्चा की गई और इसे ई-कैबिनेट एप्लीकेशन के माध्यम से संचालित किया गया। उन्होंने कहा कि उनके अनुमोदन के बाद कैबिनेट बैठक की तारीख भी इस प्रणाली के माध्यम से अधिसूचित की जाएगी। कैबिनेट कार्यवाही और सम्बन्धित एजेंडे पर कैबिनेट के फैसलों की रिकाॅर्डिंग और सम्बन्धित विभागों की सलाह जारी करने का काम भी ई-कैबिनेट प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-कैबिनेट एप्लिकेशन में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा गया है। इस एप्लिकेशन में केवल अधिकृत कंप्यूटरों पर अधिकृत उपयोगकर्ताओं को ही इस्तेमाल की अनुमति है। उपयोगकर्ता को कैबिनेट ज्ञापन के स्क्रीनशॅट लेने, डाउनलोड या प्रिंट करने की अनुमति नहीं है तथा अनाधिकृत प्रयास पर स्वचालित अलर्ट उत्पन्न होता है। इसके अतिरिक्त सुरक्षा के मद्देनजर ओटीपी का उपयोग करके ही लाॅगिन किया जा सकता है। इस एप्लीकेशन में डाले गए सभी कैबिनेट ज्ञापनों में दिनांक और समय टिकट के साथ विशेष क्यूआर कोड होगा। उन्होंने कहा कि नई प्रणाली कैबिनेट बैठक आयोजित करने की समग्र प्रक्रिया में अधिक दक्षता लाएगी और कैबिनेट ज्ञापनों को कागज पर लाने की आवश्यकता नहीं रहेगी। यह कैबिनेट की कार्यवाही की गोपनीयता की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सुरक्षा लाएगी। इस प्रणाली में कैबिनेट ज्ञापन का एक मानक टेम्पलेट होगा जिससे निर्णय लेने में आसानी होगी। यह प्रणाली सुरक्षित रूप से संचय करके भविष्य में इस्तेमाल के लिए संस्थागत मेमोरी तैयार करेगी। इस माध्यम से कैबिनेट के फैसलों के कार्यान्वयन की स्थिति को और अधिक प्रभावी ढंग से माॅनिटर करना भी संभव होगा।
हिमाचल प्रदेश मंत्रिमण्डल की बैठक आज यहां मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में राज्यपाल से 26 फरवरी से 20 मार्च, 2021 तक हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र आयोजित करने की संस्तुति करने का निर्णय लिया गया। बजट सत्र में 17 बैठकें आयोजित करवाई जाएंगी। बैठक में जिला मण्डी की सरकाघाट उप-मण्डल में सभी सरकारी शैक्षणिक संस्थानों को 8 फरवरी, 2021 से खोलने का निर्णय लिया गया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रदेश के किसी शैक्षणिक संस्थान में यदि कोई अध्यापक/कर्मचारी या विद्यार्थी कोविड-19 पाॅजिटिव पाया जाता है तो संस्थान 48 घण्टों के लिए बन्द रहेगा और निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार सेनेटाजेशन के उपरान्त खोला जाएगा। मंत्रिमण्डल में निर्णय लिया गया कि 15 फरवरी, 2021 से छठी और सातवीं कक्षाओं के विद्यार्थी भी पढ़ाई के लिए अपने स्कूलों में उपस्थित होंगे और पहली से चैथी कक्षा के विद्यार्थी अपने घरों से आॅनलाइन कक्षाओं में उपस्थित रहेंगे। मंत्रिमण्डल ने मिड-डे-मील योजना के अन्तर्गत स्कूलों में पके हुए भोजन परोसने को 31 मार्च, 2021 तक भी बन्द रखने का निर्णय लिया है। इस अवधि के दौरान विद्यार्थियों को सूखा राशन प्रदान किया जाएगा और खाना पकाने की लागत लाभार्थियों/अभियार्थियों के खातों में हस्तांतरित की जाएगी। वर्ष 2021-22 का शैक्षणिक सत्र 1 अपै्रल, 2021 से शुरू होगा। बैठक में जिला ऊना के टाहलीवाल में उद्योग विभाग की 20 कनाल और एक मरला भूमि जनरल इंजीनियरिंग क्लस्टर स्थापित करने के लिए सालाना एक रुपये प्रति वर्ग मीटर लीज पर 30 वर्ष की अवधि के लिए हरोली औद्योगिक अधोसंरचना विकास संस्था के पक्ष में देने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमण्डल ने कानून, व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पुलिस में दैनिक आधार पर बद्दी जिला पुलिस में 30 होमगार्ड स्वयं सेवकों को तैनात करने को भी स्वीकृति प्रदान की। बैठक में हिमाचल प्रदेश कराधान (सड़क द्वारा कतिपय माल के वहन पर) नियम 2021 को हिमाचल प्रदेश कराधान (सड़क द्वारा कतिपय माल के वहन पर) नियम 1993 को रद्द कर तैयार करने को स्वीकृति प्रदान की ताकि करों के सभी भुगतान, मांग अथवा अन्य राशि को इलैक्ट्राॅनिक माध्यम के अतिरिक्त मैनुअल माध्यम से किया जा सके। मंत्रिमंडल ने प्रदेश के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में मरीजों की सुविधा के लिए एक-एक आधुनिक एंबुलेंस (रोगी वाहन) को 3 माह के लिए मैसर्ज जीवीके ईएमआरआई कम्पनी के माध्यम से चलाने को भी अनुमति प्रदान की। बैठक में राइट ऑफ वे पाॅलिसी-2021 के प्रारूप को अधिसूचित करने की स्वीकृति प्रदान की, ताकि दूरसंचार संरचना स्थापित करने के लिए स्वीकृति की प्रक्रिया को पारदर्शिता व समयबद्ध पूर्ण किया जाए। यह दूरसंचार क्षेत्र में ईज़ आॅफ डुइंग बिजनेस लागू करने में भी सहायक सिद्ध होगा। मंत्रिमंडल ने लोक निर्माण विभाग में चालक/संचालक के 150 पदों को सीमित सीधी भर्ती के माध्यम से भरने को भी स्वीकृति दी। बैठक में फ्राश-कम-चैकीदार-कम-माली के 50 पदों को दैनिक आधार पर सीधी भर्ती के माध्यम से तथा हि.प्र. सचिवालय में सफाई कर्मियों के 28 पदों को आउटसोर्स आधार पर भरने की स्वीकृति दी गई। मंत्रिमंडल ने करूणामुलक आधार पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में लिपिकों के दस तथा चतुर्थ श्रेणी के सात पदों को नियुक्त करने की अनुमति दी। मंत्रिमंडल ने सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग में वाहन चालकों के पांच पदों को भरने का भी निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने विभिन्न साहसिक गतिविधियों के दौरान अधिक सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करने के लिए हिमाचल प्रदेश जल क्रीड़ा और संबद्ध क्रियाकलाप प्रारूप नियम-2021 और हिमाचल प्रदेश विविध साहसिक गतिविधियों (संशोधन) नियम-2021 को भी मंजूरी दी।मंत्रिमंडल ने राज्य में एरो खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए हिमाचल प्रदेश एरो स्पोटर््स नियम-2020 को भी मंजूरी दी। मंत्रिमंडल के समक्ष कोविड-19 की स्थिति और शैक्षणिक संस्थानों को पुनः खोलने पर प्रस्तुति भी दी गई।
राज्य मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में यहां आयोजित अपनी बैठक में राज्यपाल से 26 फरवरी से 20 मार्च, 2021 तक हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आयोजित करने की सिफारिश करने का निर्णय लिया। इसमें 17 बैठकें होंगी। यह निर्णय लिया गया कि मंडी जिले के सरकाघाट सब डिवीजन में सभी सरकारी शैक्षणिक संस्थानों को 8 फरवरी, 2021 से खोला जाएगा। यह भी निर्णय लिया गया कि यदि किसी शिक्षक / कर्मचारी या छात्र को राज्य के किसी भी शैक्षणिक संस्थान में कोविद -19 पॉजिटिव पाया जाता है तो संस्थान 48 घंटे के लिए बंद रहेगा और प्रोटोकॉल के अनुसार स्वच्छता के बाद खोला जाएगा। यह भी निर्णय लिया गया कि 15 फरवरी, 2021 से 6 वीं और 7 वीं कक्षाओं के छात्र भी अपने-अपने स्कूलों में अध्ययन के लिए उपस्थित होंगे। यह भी तय किया गया था कि पहली से चौथी कक्षा के छात्र अपने घरों से ऑनलाइन कक्षाओं में भाग लेंगे। मंत्रिमंडल ने 31 मार्च, 2021 तक मिड डे मील योजना के तहत स्कूलों में परोसे जाने वाले पके हुए भोजन को निलंबित करने का निर्णय लिया। इस अवधि के दौरान, छात्रों को सूखा राशन प्रदान किया जाएगा और खाना पकाने की लागत लाभार्थी / अभिभावकों के खातों में स्थानांतरित की जाएगी। शैक्षणिक सत्र 2021-22 1 अप्रैल, 2021 से शुरू होगा। इसने जनरल काउंसिल क्लस्टर स्थापित करने के लिए सालाना एक रुपये प्रति वर्ग मीटर पर लीज पर 30 साल की अवधि के लिए हरौली इंडस्ट्रियल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट सोसाइटी के पक्ष में ऊना जिले में 20 विभाग के 20 कनाल और एक मार्ला भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने कानून, व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बद्दी जिला पुलिस में दैनिक आधार पर 30 होमगार्ड स्वयंसेवकों को तैनात करने के लिए अपनी मंजूरी दी। इसने हिमाचल प्रदेश कराधान (सड़क पर कुछ सामानों की ढुलाई पर) नियम 2021 को हिमाचल प्रदेश कराधान (सड़क पर कुछ निश्चित वस्तुओं पर लिया गया) नियम, 1993 के अनुसार करों के सभी भुगतान, मांग या किसी अन्य राशि के भुगतान के लिए अपनी सहमति दी। इलेक्ट्रॉनिक मोड के माध्यम से भी मैनुअल मोड के अलावा। मरीजों की सुविधा के लिए मेसर्स जीवीके ईएमआरआई के माध्यम से संचालित होने के लिए तीन महीने के लिए राज्य के प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में एक आधुनिक एम्बुलेंस प्रदान करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने दूरसंचार बुनियादी ढाँचे को स्थापित करने के लिए सही तरीके से मंजूरी देने के लिए एक पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रिया की स्थापना के लिए राइट ऑफ वे पॉलिसी- 2021 के मसौदे को अधिसूचित करने का निर्णय लिया। यह दूरसंचार क्षेत्र में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को लागू करने में भी मदद करेगा। मंत्रिमंडल ने लिमिटेड डायरेक्ट रिक्रूटमेंट की प्रक्रिया के माध्यम से लोक निर्माण विभाग में चालक / परिचालकों के 150 पदों को भरने के लिए अपनी स्वीकृति प्रदान की। इसने फ्रैश-कम-चौकीदार-कम-माली के 50 पदों को दैनिक आधार पर सीधी भर्ती के माध्यम से भरने का निर्णय लिया और एच.पी. में आउटसोर्स आधार पर स्वीपर के 28 पद भरे। सचिवालय। मंत्रिमंडल ने अनुकंपा के आधार पर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग में क्लर्क के 10 और चतुर्थ श्रेणी के सात पदों पर नियुक्ति के लिए अपनी मंजूरी दे दी। इसने सूचना और जनसंपर्क विभाग में ड्राइवरों के पांच पदों को भरने का भी निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने विभिन्न साहसिक गतिविधियों के दौरान अधिक सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करने के लिए हिमाचल प्रदेश जल खेल और संबद्ध गतिविधियां मसौदा नियम, 2021 और हिमाचल प्रदेश विविध साहसिक गतिविधियां (संशोधन) नियम, 2021 के लिए अपनी मंजूरी दी। मंत्रिमंडल ने राज्य में एयरो खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए हिमाचल प्रदेश एयरो स्पोर्ट्स रूल्स -2020 को भी मंजूरी दी। कोविड-19 स्थिति पर प्रस्तुति और शैक्षिक संस्थानों को फिर से खोलने का प्रस्ताव भी मंत्रिमंडल के समक्ष रखा गया।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला, पर्यटन नगरी मनाली, डलहौजी और धर्मशाला के नड्डी में गुरुवार को नए साल की पहली बर्फबारी हुई। हिमचाल प्रदेश में घूमने आए सैलानी जमकर झूमते व मज़े करते दिखाई दिए। सुबह 10 बजे शुरू हुई बर्फबारी के बाद दोपहर 12 बजे शिमला शहर में यातायात ठप हो गया। हिमाचल में जारी भारी बर्फबारी से तीन नेशनल हाईवे समेत करीब 650 सड़कें बंद हो गई हैं। प्रदेश भर में 472 बस रूट प्रभावित हैं और परिवहन निगम की 400 से अधिक बसें जगह-जगह फंस गई हैं। हिमाचल के आठ जिलों के ऊंचाई वाले क्षेत्र बर्फ के लकदक हो गए हैं। राजधानी का अपर शिमला से संपर्क कट गया है। लाहौल, किन्नौर और पांगी घाटी भी अलग-थलग पड़ गई।
Himachal Pradesh’s capital Shimla received this year’s first spell of snowfall on Thursday morning, bringing cheer to tourists, hoteliers, and apple growers. Fresh snowfall started in Shimla, Kufri, Keylong, Kalpa, and several other high reaches of the state. The snow and rain in Himachal Pradesh since Wednesday broke a prolonged dry spell that lasted over a month. January witnessed a 53% rain deficit much to the worry of farmers and fruit growers. Predicting snowfall in mid and high hills, the Meteorological Department had already issued a yellow weather warning for thunderstorms in Himachal Pradesh for February 4. The strategic Hindustan-Tibet Road or National Highway 22 was closed for traffic at Kufri and Narkanda near Shimla due to the snowfall. Kufri received 8cm of snowfall. Shimla, which received 2cm of snowfall till 10.30 am, recorded a minimum temperature of 1.8 degrees Celsius. Besides NH-22, more than 200 lateral roads in the state have been closed for traffic due to snowfall and slippery conditions. Kalpa of Kinnaur district also received 11.4cm of snowfall, while Keylong, the district headquarters of Lahaul and Spiti, got 3cm of snow. Manali, a popular tourist destination, got 4cm of snowfall on Thursday and recorded a low of 4 degrees Celsius.
हिमाचल प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में आने वाले विद्यार्थियों सहित शिक्षकों और गैर शिक्षकों की हाजिरी की सूचना रोजाना दोपहर तक उच्च शिक्षा निदेशालय भेजना अनिवार्य कर दिया गया है। बुधवार को उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला उप निदेशकों के साथ बैठक की। उन्होंने ने बताया कि 15 फरवरी से खुलने वाले शीतकालीन स्कूलों में विद्यार्थियों की सैद्धांतिक कक्षाओं और विज्ञान विषय की प्रायोगिक परीक्षाओं के साथ-साथ इकाई परीक्षण और अध्याय परीक्षाएं भी करवाई जाएंगी। 10वीं और 12वीं कक्षा की मार्च महीने के दूसरे सप्ताह में प्रस्तावित प्री-बोर्ड परीक्षाओं के बाद तुरंत प्रभाव से दोनों कक्षाओं की सुधारात्मक कक्षाएं लगाई जाएंगी। प्री-बोर्ड परीक्षाओं के आधार पर कम अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों पर अधिक ध्यान दिया जाएगा। बैठक में अतिरिक्त उच्च शिक्षा निदेशक प्रमोद चौहान, संयुक्त निदेशक डॉ. अशीथ कुमार मिश्रा मौजूद रहे।
शिमला हाटकोटी मार्ग पर शाम के समय दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया है। इस मार्ग पर टाटा टियागो कार नंबर एचपी 09 सी 4209 हादसे का शिकार हो गई। इस सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मोके पर मौत हो गई। मृतक की पहचान सुरेश चंदेल पुत्र श्री बालकराम गांव पाली डाकघर हिमरी तहसील कोटखाई के रूप में हुई है। उक्त व्यक्ति की उम्र लगभग 43 वर्ष बताई जा रही है , कोटखाई तहसीलदार कैलाश कौंडल ने बताया कि मृतक के परिवार को फौरी राहत के तौर पर प्रशासन की तरफ से 20 हजार की राहत राशि दी जाएगी, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की जांच जारी कर दी है
राज्य निर्वाचन आयोग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि तीन विकास खण्डों जिला शिमला के टुटू, चौपाल तथा जिला मण्डी के धर्मपुर की मतदाता सूचियों के संशोधन का कार्यक्रम जारी कर दिया है। उन्होंने कहा कि इन विकास खण्डों में निकट भविष्य में प्रधान पद के चुनाव करवाए जाएंगे। प्रवक्ता ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग ने चार नगर निगमों मण्डी, पालमपुर, धर्मशाला तथा सोलन और नगर पंचायतों आनी, निरमण्ड, नेरवा, चिड़गांव, कण्डाघाट और अम्ब की मतदाता सूचियों के संशोधन का कार्यक्रम भी जारी कर दिया है। इस संदर्भ में सभी सम्बन्धित उपायुक्तों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। मतदाता सूचियां एक जनवारी 2021 के अहर्ता दिनांक के अनुसार संशोधित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के अन्तर्गत 11 फरवरी, 2021 को मतदाता सूचियों का प्रारूप प्रकाशन, 16 फरवरी, 2021 को दावे तथा आपत्तियों का प्रस्तुतिकरण, 19 फरवरी, 2021 को दावे तथा आपत्तियों का निपटारा, 22 फरवरी, 2021 को अपीलों का प्रस्तुतिकरण, 25 फरवरी, 2021 को अपीलों का निपटारा तथा 26 फरवरी, 2021 को मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। प्रवक्ता ने बताया कि यह कार्यक्रम उन सभी पंचायतों व शहरी निकायों में भी लागू होगा, जिनमें हाल ही में करवाए गए निर्वाचन में किसी कारणवश पदाधिकारियों के पद रिक्त रह गए थे। राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि अपना नाम मतदाता सूचियों में जांच ले तथा किसी भी त्रुटि की स्थिति में निर्धारित प्रारूपों में अपने दावे तथा आपत्तियां सम्बन्धित अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत करें।
शिमला। जिला परिषद् मंडी के नवनिर्वाचित अध्यक्ष पाल वर्मा ने आज मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से भेंट की। मुख्यमंत्री ने पाल वर्मा को बधाई देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में जिला मंडी विकास के नए आयाम स्थापित करेगा। उन्होंने अध्यक्ष से जिले के लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए प्रतिबद्धता और समर्पण से कार्य करने का आग्रह किया।
शिमला। कर्नल निदेशक भर्ती शिमला तनवीर सिंह मान ने जानकारी देते हुए बताया कि खेल मैदान ऊना में 18 मार्च से 25 मार्च, 2021 तक सेना भर्ती कार्यालय हमीरपुर द्वारा जिला शिमला, सोलन, सिरमौर और किन्नौर के युवाओं के लिए भारतीय सेना में भर्ती का आयोजन किया जाएगा। यह भर्ती सैनिक फार्मा पदों के लिए होगी। उन्होंने बताया कि मापदण्ड एवं योग्यता के लिए सेना भर्ती कार्यालय शिमला द्वारा जारी 01 फरवरी, 2021 की अधिसूचना भारतीय सेना की वेबसाईट www.joinindianarmy.nic.in पर उपलब्ध है। उन्होंने युवाओं को दलाल, धोखेबाज एवं नशीले पदार्थों के सेवन करने से बचने की सलाह दी।
हिमाचल प्रदेश के पूर्ण राज्यत्व के स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर प्रस्तावित रथ यात्रा प्रदेश के 50 वर्षों के शानदार सफर को लेकर लोगों में अपनत्व की भावना उत्पन्न करेगी। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज प्रस्तावित स्वर्णिम हिमाचल रथ यात्रा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्णिम हिमाचल रथ यात्रा में प्रदेश के लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। इस आयोजन को सफल बनाने के लिए पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि रथों की बनावट में एकरूपता और आकर्षण होना चाहिए। जय राम ठाकुर ने कहा कि रथ यात्रा संभवतः हिमाचल दिवस के पावन अवसर पर 15 अप्रैल को आरम्भ होगी, जो प्रदेश के सभी क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान सभी प्रमुख विभागों को अपनी उपलब्धियों को चिन्हांकित करने के लिए सक्रियता से अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। यह रथ यात्रा पिछले 50 वर्षों के दौरान हिमाचल प्रदेश द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों पर भी प्रकाश डालेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रथ यात्रा संबंधित क्षेत्र की दो-तीन पंचायतों के सभी क्लस्टर से होकर निकलेगी, जहां राज्य की उपलब्धियों के बारे में गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों को विशिष्ट रूप से दर्शाया जाए। उन्होंने कहा कि उन स्थानों की उपलब्धियों को भी उजागर करने के प्रयास किए जाएंगे, जहां से रथ यात्रा निकलेगी। उन्होंने कहा कि रथ यात्रा को आकर्षक और सूचनात्मक बनाने के लिए रथ यात्रा समिति गठित की जाएगी। रथ पर लगाई जाने वाली एलईडी स्क्रीनों पर विभिन्न विभाग अपनी विकासात्मक यात्रा पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शित करेंगे। सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग पिछले 50 वर्षों में राज्य की विभिन्न उपलब्धियों पर प्रकाश डालने के साथ-साथ प्रदेश सरकार की विभिन्न उपलब्धियों पर आधारित विवरणिका और पुस्तिकाएं तैयार करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि रथ यात्रा में सांस्कृतिक दल भी शामिल होंगे जो न केवल लोगों का मनोरंजन करेंगे बल्कि गीतों और नाटकांे के माध्यम से प्रदेश की स्वर्णिम यात्रा को भी प्रदर्शित करेंगे। इसके अलावा रथ यात्रा में स्वर्णिम हिमाचल विषय पर आधारित जिंगल और गीतों के माध्यम से प्रदेश की विकासात्मक यात्रा को दिखाया जाएगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि खंड और पंचायत स्तर के एक निर्धारित स्थान पर रथ यात्रा पहुंचने पर स्थानीय पंचायती राज संस्थाओं और क्षेत्र के गणमान्य लोग इसका स्वागत करेंगे। उन्होंने कहा कि इस मौके पर इतिहास पर चर्चा, भाषण और चित्र प्रतियोगिताएं जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिसमें विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित रथ यात्रा एक सम्बन्धित क्षेत्र में एक दिन निकलेगी जहां रथ को रखा जाएगा और स्थानीय लोग कार्यक्रम आयोजित करेंगे। उन्होंने कहा कि इसमें महिला मण्डलों और युवक मण्डलों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। रथ यात्रा संबंधित जिले और क्षेत्र की विशेषताओं को भी प्रदर्शित करेगी। मुख्य सचिव अनिल खाची ने कहा कि इस आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी सम्बन्धित विभाग रथ यात्रा के लिए अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। सचिव सामान्य प्रशासन देवेश कुमार ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया और इस यात्रा से सम्बन्धित उपायुक्तों के सुझावों पर आधारित प्रस्तुति दी। अतिरिक्त मुख्य सचिव राम सुभग सिंह एवं निशा सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव जे.सी. शर्मा, सचिव सन्दीप भटनागर एवं अमिताभ अवस्थी, निदेशक उद्योग हंसराज शर्मा, निदेशक पर्यटन यूनुस, निदेशक ग्रामीण विकास ललित जैन, निदेशक सूचना एवं जन सम्पर्क हरबंस सिंह ब्रसकोन, निदेशक भाषा, कला एवं संस्कृति सुनील शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश में जल्द ही मौसम करवट बदल सकता है। प्रदेश में अगले तीन दिनों में बारिश और बर्फ़बारी की आसार हैं। प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में 3 और 4 फरवरी को अंधड़ चलने और बिजली गरजने की संभावना है। इसके लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, ऊंचाई वाले भागों में पांच फरवरी तक बारिश-बर्फबारी का दौर जारी रहने के आसार हैं। मौसम विभाग ने लोगों व सैलानियों को चेताया है की वे संभल कर रहें। 6 से 8 फरवरी तक पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहेगा। मौसम विभाग के निदेशक मनमोहन सिंह के अनुसार, निचले व मध्यम क्षेत्रों में आंधी चल सकती है। जनजातीय क्षेत्रों में हिमपात होने की संभावना है। अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात और निचले क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना है। 5 फरवरी तक प्रदेश में बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, मैदानों में 3 फरवरी से मौसम में बदलाव आएगा। मैदानी क्षेत्रों में 3-4 फरवरी को अंधड़ चलने और बिजली गरजने का अलर्ट है। 6-7 फरवरी को पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहेगा और धूप खिलने से लोगों को ठंड से कुछ राहत मिलेगी, लेकिन तब तक अलर्ट रहें।
पिछले कल केंद्र सरकार ने वित्तीय सालाना बजट पेश किया, जिसमें केंद्र सरकार ने सभी वर्गों को स्पर्श करते हुए इस बजट को पेश किया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् हिमाचल प्रदेश के प्रांत मंत्री विशाल वर्मा ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि यह बजट कोरोना के पश्चात आत्मनिर्भरता के लक्ष्यपूर्ति के अनुरूप केन्द्रीय बजट है। यह बजट आम आदमी का बजट है जिसमे मुख्यत कोरोनावायरस से उभरते हुए और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में निर्धारित बजट है। केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य सुविधा को ध्यान में रखते हुए सालाना बजट पिछले वर्ष की तुलना में 137% अधिक है जो 2.38 लाख करोड़ रुपए है जिसमें कोरोना की वैक्सीन के लिए अलग से 35000 करोड़ रुपए की निधि निर्धारित की गई है। इसके अलावा स्वास्थ्य बजट के अंतर्गत ही आत्मनिर्भर स्वास्थ्य योजना को 64180 करोड़ की निधि निर्धारित की गई है जो निश्चित रूप से देश प्रत्येक जनमानस के लिए हितकारी साबित होगी। प्रदेश मंत्री ने शिक्षा क्षेत्र के बजट के बारे में जानकारी देते हुए कहा है कि यह बजट देश की दिशा को ध्यान में रखते हुए शिक्षा बजट को पेश किया है, जिसमे शोध को केंद्रित रखते हुए NRF के तहत 50000 करोड़ रुपए बजट रखा गया है जो देश में शोध के क्षेत्र और आत्मनिर्भर भारत की ओर एक सकारात्मकता भरी पहल है। साथ ही साथ जनजातीय छात्रों को ध्यान में रखते हुए देश भर के जनजातीय क्षेत्रों में 750 एकलव्य विद्यालय खोले जाएंगे जो देश के प्रत्येक छात्र को शिक्षा से जोड़ने का कार्य करेगी और देश के विभिन्न स्थानों में 100 सैनिक स्कूल खोलने का निर्णय भी स्वागत योग्य है। लेह लद्दाख में केंद्रीय विश्ववद्यालय खोलने का निर्णय भी स्वागत योग्य है जो दुर्गम क्षेत्रों के छात्रों को लाभदायक साबित होगा। केंद्र सरकार द्वारा पेश किया गया बजट सराहनीय है तथा सर्वस्पर्शी है या दूसरे शब्दो में कहे तो आम आदमी का बजट है और शिक्षा के क्षेत्र में पेश किया गया 93200 करोड़ का बजट शिक्षा के नए आयाम स्थापित करेगा और छात्रवृति कि दृष्टि से सभी छात्रों को शिक्षा देने का कार्य करेगा जो की वित्तीय वर्ष 2019-20 (जीडीपी) का 0.5% अधिक है। यह बजट शोध के क्षेत्र में भी देश में नए आयाम स्थापित करेगा और आत्मनिर्भर भारत को सुदृढ़ करेगा। कोरोना महामारी से निपटने के लिए जो कदम बजट के माध्यम से उठाए गए हैं उसका भी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद स्वागत करती है।
प्रदेश की अर्थव्यवस्था जहां कोरोनाकाल में यूं ही चरमराई हुई है, वहीं पंद्रहवें वित्तायोग में केंद्र ने प्रदेश सरकार को झटका दिया है। हिमाचल प्रदेश के राजस्व घाटा अनुदान में 631 करोड़ रुपये की कटौती की गई है। जहां प्रदेश को चालू वित्तीय वर्ष में 11,431 करोड़ रुपये मिले थे, वहीं अब इसकी राशि घट गई है। अब प्रदेश को आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 10,800 करोड़ रुपये ही मिलेंगे। इसी राशि से हिमाचल सरकार अपने वार्षिक बजट में घाटे की पूर्ति करती है। बता दें, प्रदेश सरकार को 15वें वित्तायोग में केंद्र से ज्यादा राजस्व घाटा अनुदान की उम्मीद लगाए बैठे था। वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए, केरल के बाद, पंद्रहवें वित्त आयोग ने हिमाचल प्रदेश को पर्याप्त राहत दी थी। 11,431 करोड़ रुपये का अनुदान अभूतपूर्व था। वर्ष 2019-20 की तुलना में, इसमें 45% की वृद्धि हुई थी। उल्लेखनीय है कि यह अनुदान चौदहवें वित्त आयोग द्वारा पिछले कुछ वित्तीय वर्षों में प्राप्त राजस्व कमी अनुदान से अधिक है।
भाजपा मंडल जुब्बल नावर कोटखाई के मण्डल अध्यक्ष गोपाल जबेइक, सतीश, राकेश शर्मा, यशवीर जस्टा, रावेन्द्र चौहान, महाबीर झगटा, अशोक चौहान, सुरेन्द्र धोलटा, इंदर धानटा, रामप्रकाश जगीतठा अशोक जस्टा, सिकन्दर चौहान, अंकुश चौहान, इंदर चौहान, यश शर्मा, मीनाक्षी मानटा, सुंदर डोगरा, राजीव मेहता, सुशील कदशोली, अजय बिष्ट, अनिल, मनोज सुनटा, जतिन, अनन्त लाल, नैना तनेटा ने प्रेस में जारी विज्ञप्ति में बताया कि जिला परिषद वार्ड टिक्कर, बढ़ाल व कलबोग में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों की जमानत जप्त होंने व पंच से लेकर प्रधान उप प्रधान तक हुई करारी हार को हजम नही कर पा रहे है। पूर्व विधायक रोहित ठाकुर स्वयं की पंचायत व ब्लाक कांग्रेस के अध्यक्ष की स्वयं की पंचायत में भाजपा समर्थित प्रत्याशी ने जीत दर्ज की है। इसके साथ पंचायतों, नगर पंचायतों में भाजपा समर्थित जनप्रतिनिधि चुन कर आए है। नरेंद्र बरागटा के नेतृत्व में हो रहे विकास को मिले इस जन सहयोग के लिए व भाजपा पदाधिकारियों ने जुब्बल नावर कोटखाई में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों को बड़ी जीत दिलवाने के लिए क्षेत्र की जनता का आभार व्यक्त किया है। भाजपा के पदाधिकारियो ने कहा है कि 3 वर्षों में नरेंद्र बरागटा ने अपने विधासभा क्षेत्र में लगभग 300 करोड़ रुपये इस क्षेत्र में अनेकों योजनाओं के लिये स्वीकृत करवाया है जो एक रिकॉर्ड है।
जुब्बल नावर कोटखाई की जनता ने पंचायती राज चुनाव के जरिए वर्तमान विधायक के 3 साल के कार्यकाल को नकारते हुए कांग्रेस विचारधारा से जुड़े हुए 70% से अधिक जनप्रतिनिधियों को चुना है। यह बात ब्लॉक कांग्रेस कमेटी जुब्बल-नावर-कोटखाई के अध्यक्ष मोतीलाल डेरटा, पंचायत समिति जुब्बल-कोटखाई की नवनिर्वाचित अध्यक्षा रेखा चौहान, उपाध्यक्ष यशवंत जस्टा, कौशल मुंगटा जिला परिषद सदस्य सरस्वती नगर, पूर्व पंचायत समिति अध्यक्ष मोतीलाल सिथटा, मुन्नी लाल, पूर्व पंचायत समिति उपाध्यक्ष प्यारे राम शर्मा, संधिरा रान्टा व संदीप सेहटा आदि ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कही। उन्होंने कहा कि वर्तमान विधायक नरेंदर बरागटा मुख्यमंत्री और जनता को गुमराह कर पंचायती राज चुनाव में भाजपा को मिली हार को छुपाने का प्रयास कर रहे हैं। डेरटा ने कहा कि पंचायत समिति जुब्बल कोटखाई में कांग्रेस को प्रचंड बहुमत मिला हैं। 21 सदस्यों वाली पंचायत समिति में 20 सदस्य कांग्रेस के जीत कर आए हैं। पंचायत समिति जुब्बल-कोटखाई के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर कांग्रेस को निर्विरोध ऐतिहासिक जीत प्राप्त हुई जबकि भाजपा नामांकन तक नहीं करवा पाई। उन्होंने कहा कि नरेंदर बरागटा की कथनी और करनी में दिन-रात का अंतर है। इसी तरह नगर पंचायत कोटखाई में वर्तमान विधायक नरेंदर बरागटा भाजपा समर्थित 4 पार्षदो के जीतने का जश्न मना रहे थे जबकि कांग्रेस के 4 पार्षद जीतकर आए और अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद पर भी कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार की ताजपोशी हुई। जिला परिषद कलबोग वार्ड से पूरे जिला शिमला में भाजपा का प्रत्याशी सबसे कम अंतर से जीता इसके विपरीत सरस्वती नगर वार्ड से जिला परिषद कांग्रेस प्रत्याशी को पुरे जिला शिमला में रिकॉर्ड मतों से जीत मिली हैं। पंचायत के नवनिर्वाचित प्रधानों को गुमराह कर मुख्यमंत्री को झूठ बोलकर बरागटा सच्चाई नहीं छुपा सकते। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के कार्यकाल में नरेंदर बरागटा इसी तरह से मुख्यमंत्री की गणेश परिक्रमा और नाटकबाजी करते थे। नरेंदर बरागटा जनता को मंत्री पद का सब्जबाग दिखाकर सत्ता में आए, मंत्री बनना तो दूर की बात मुख्य सचेतक बनने के लिए भी काफ़ी समय तक ओक ओवर में मुख्यमंत्री के सामने नाटी डालते रहे। नरेंदर बरागटा ने ठियोग हाटकोटी सड़क योजना पर पदयात्रा कर लोगों को गुमराह किया और सत्ता में आते ही युद्धस्तर पर चले हुए काम को रोक दिया। उन्होंने कहा कि पिछले 3 वर्षों में ठियोग-हाटकोटी सड़क योजना का मात्र 8% शेष कार्य भी अधर में लटका पड़ा हैं। जनता नरेंदर बरागटा की कथनी और करनी को समझ चुकी है, पंचायती राज चुनाव के परिणामों से स्पष्ट है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में जनता कांग्रेस को रिकॉर्ड मतों से जिताएगी।
हिमाचल प्रदेश को केंद्रीय बजट से पर्याप्त राजस्व घाटा अनुदान मिलने की उम्मीद है। यह चालू वित्त वर्ष की तरह अगले साल के लिए भी करीब 11 हजार करोड़ रुपये के आसपास मिल सकता है। केंद्र ने प्रदेश सरकार से केंद्रीय बजट के लिए सुझाव मांगे थे, जिसमें प्रदेश सरकार ने पूंजीगत व्यय के लिए पर्याप्त आर्थिक मदद जारी करने की मांग की है। अगर केंद्र इसे मान लेता है तो हवाई अड्डों, रेल और सड़क विस्तार के लिए पूंजीगत व्यय का अनुदान बढ़ सकता है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आम बजट पेश करने जा रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश सरकार की नजर इस पर है कि कोरोना काल में हुए अंधाधुंध खर्च और कमाई कम होने के बाद केंद्र खर्चों में कटौती करती है या अपने रिजर्व्स खोल देती है। अगर खर्चे घटते हैं तो असर प्रदेश को मिलने वाली केंद्रीय मदद पर भी पड़ेगा। केंद्र से वित्तपोषित योजनाओं के लिए बजट कटौती के रूप में इसका प्रभाव दिख सकता है।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बयान पर कहा कि वीरभद्र सिंह देश और प्रदेश की राजनीति में बहुत महत्व रखते है। अगर वो चुनाव लड़ते है, तो इसका सबसे ज्यादा फायदा कांग्रेस को ही मिलेगा। यहां जारी बयान में राठौर ने कहा कि वीरभद्र सिंह ने यह कभी नहीं कहा कि वह सक्रिय राजनीति से सन्यास ले रहे हैं। उन्होंने चुनाव न लडऩे पर पार्टी में भीतरघात करने वालों के खिलाफ गुस्सा दिखाया है। हालांकि, अब उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वह चुनाव लड़ेंगे और प्रचार भी करंगे। राठौर ने कहा कि वीरभद्र सिंह एक बड़े नेता हैं और उनके बोलने का महत्व और मतलब होता है। पार्टी में भीतरघात करने वालों को चिह्नित करने की उनकी बात से वह पूरी तरह सहमत हैं। सगंठन के कार्यों की प्रशंसा से उनका मनोबल बढ़ा है। पार्टी कार्यकत्र्ताओं में उत्साह बढ़ा है। कांग्रेस गांधीवादी विचारधारा के साथ सत्य और अहिंसा पर विश्वास रखती है। यह देश के लोगों को निर्णय करना है कि वे किस विचारधारा के साथ चलना चाहते हैं। राठौर ने आरोप लगाया कि भाजपा जोड़तोड़ की राजनीति कर निर्दलीयों पर दबाव बना रही है।
हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति आने वाले सैलानियों को सरकार वाटर एटीएम के जरिये पीने का स्वच्छ पानी उपलब्ध करवाएगी। अटल टनल रोहतांग देखने के लिए आने वाले पर्यटकों को एक रुपये में एक लीटर स्वच्छ पानी पीने को मिलेगा। सरकार पहला वाटर एटीएम सिस्सू में लगेगी। इसके लिए प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में सड़क किनारे बहने वाले चश्मों के पानी को पीने योग्य बनाया जाएगा। अतिथि देवो भव की तर्ज पर सरकार और जिला प्रशासन ने जगह-जगह वाटर एटीएम स्थापित करने की योजना बनाई है। तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने कहा कि पर्यटकों के साथ पेयजल के नाम पर लूटखसोट होने नहीं दी जाएगी। इसके अलावा प्रशासन की ओर से निर्धारित किए गए रेट पर ही कारोबारियों को पर्यटकों के लिए खाने-पीने की वस्तुएं देनी हाेंगी, जिससे लाहौल आने वाले पर्यटक अपने साथ अच्छी यादें लेकर जाएं। घाटी वासी मनोज, अनिल, राजेश, कमल तथा देवराज ने कहा कि यह सरकार व जलशक्ति विभाग की अच्छी पहल है।
पंचायत समिति रोहड़ू में भाजपा ने अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद पर कब्जा किया है। 1995 में त्रीस्तरिय पंचायती राज प्रणाली के लागू होने के बाद यह पहला मौका है जब रोहडू पंचायत समिति पर भाजपा ने कब्जा किया हैं। इस जीत के बाद रोहड़ू में भाजपा खेमें मे नई उर्जा का संचार होना तय माना जा रहा हैं। काफी दिनों से भाजपा व कांग्रेसी खेमो में चली लम्बी खिंचातान के बाद शनिवार को रोहड़ू पंचायती समिति हॉल में 15 सदस्यों की मौजूदगी में बहुमत हासिल करने को लेकर चुनाव की प्रक्रिया के माध्यम सें अध्यक्ष पद के लिए पवन कुमार को 8 वोट पडे जबकि अमन कुमार को 7 वोट पड़े। वहीं उपाध्यक्ष पद के लिए मनोज कुमार को 8 वोट व ज्ञानपति रमसेठ को 7 वोट मिलें। इस प्रकार से पवन कुमार को रोहड़ू पंचायती समित का अध्यक्ष व मनोज कुमार को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया हैं। इस ताजपोशी के बाद रोहड़ू भाजपा के खेमें नें भाजपा नेत्री एवं कृर्षि एवं ग्रामिण विकास बैंक की अध्यक्ष शशीबाला एवं भाजपा रोहड़ू मंडल अध्यक्ष बलदेव रांटा की मौजूदगी में रोहड़ू चौक पर आतिशबाजी, भाजपा जयजयकार के नारों व ढोल नगाडों की थाप पर खुब जश्न मनाया। रोहड़ू में कांग्रेस के इतिहास गढ में पंचायती समिति में अपना कब्जा करनें के बाद संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारदवाज ने भी रोहड़ू पहुँचकर अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष को बधाई दी। इस मौके पर प्रेस वार्ता को सबोधित करते हुए उन्होने बताया कि रोहड़ू सहित प्रदेश के विभिन्न पंचायतों, पंचायत समितियों एवं जिला परिषद इकाईयों में 90 प्रतिशत प्रतिनिधियों को चुनकर भेजा हैं जो प्रदेश व केंद्र में भाजपा के विकास कार्यों एवं कल्याणकारी नितियों का परिणाम हैं। उन्होंने बताया कि रोहड़ू के विधायक एक छोटी सी जीत होने पर अपने नही बल्कि छह बार के मुख्यमंत्री के नाम पर रोहड़ू को अपना गढ़ मानते हुए घमंड रहे थें, उन्हे अब यहां के लोगों ने सबक सिखा लिया हैं। उन्होने आश्वासन दिया कि इस पंचायती राज चुनाव में रोहडू में लोगों ने भाजपा को जो बहुमत दिया है उसे देखते हुए प्रदेश सरकार इन जनप्रतिनिधयों के माध्यम से विकास कार्यों को नई गति देगा। वहीं रोहड़ू में जीत का यह सीलसीला लगातार जारी रहेंगा।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां जिला शिमला के जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र की पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए उनसे क्षेत्र के लोगों की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं पर खरा उतरने के लिए निष्ठा और प्रतिबद्धता से कार्य करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि वह लगभग पिछले 24 वर्षों से सदन में हैं लेकिन लोकतंत्र की इन बुनियादी संस्थाओं के चुनावों में किसी एक पार्टी की एकतरफा ऐसी जीत पहले कभी नहीं देखी। जिला शिमला में पंचायत प्रधानों की 70 प्रतिशत सीटों पर भाजपा समर्थित प्रत्याशियों ने विजय हासिल की है। जिला मण्डी के सिराज विधानसभा क्षेत्र में कुल 78 पंचायतों में भाजपा ने 72 पंचायतों पर विजय जीत दर्ज की है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के चुनावों में लगभग 70 प्रतिशत सीटों पर विजय हासिल की है। जय राम ठाकुर ने कहा कि कोरोना महामारी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है और हमारा देश व प्रदेश भी इस महामारी के प्रभावों से अछूता नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा समय पर लिए गए निर्णयों से अन्य देशों के मुकाबले भारत में इस महामारी से कम नुकसान हुआ है। प्रदेश सरकार सुनिश्चित कर रही है कि इस महामारी से विकास की गति प्रभावित न हो। इस दौरान प्रदेश सरकार ने वर्चुअल माध्यम से 3500 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं की आधारशिलाएं रखीं और उद्घाटन किए। मुख्य सचेतक नरेन्द्र बरागटा ने कहा कि यह प्रदेश का सौभाग्य है कि सत्ता की बागडोर जयराम ठाकुर के हाथों में हैं जो प्रदेश के लोगों की विकासात्मक जरूरतों से भली-भांति परिचित हैं। मुख्यमंत्री विकास की दृष्टि से वंचित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देते हुए प्रदेश का सर्वागींण विकास सुनिश्चित कर रहे हैं। प्रदेश भाजपा ने न केवल लोकसभा चुनाव में सभी सीटें जीतीं बल्कि विधानसभा उप-चुनाव की दोनों सीटों पर भी विजय हासिल की। अब भाजपा ने पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के चुनावों में जोरादार विजय प्राप्त की है। पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधि यह सुनिश्चित करेंगे कि क्षेत्र की विकासात्मक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आवंटित किए गए धन का सदुपयोग किया जाए। नरेन्द्र बरागटा ने मुख्यमंत्री को क्षेत्र के लोगों की विकासात्मक मांगों और अपेक्षाओं को ध्यान में रखने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने ठियोग-हाटकोटी-रोहडू मार्ग के सुधार और सुदृीढ़ीकरण के लिए भी उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने सीएम कोविड फंड में सर्वाधिक 76 लाख रुपये का योगदान दिया। उन्होेंने निर्वाचित प्रतिनिधियों को अपनेे संबंधित क्षेत्रों के विकास के लिए समर्पण और प्रतिबद्धता से कार्य करने का आह्वान किया। महासू भाजपा जिला मण्डलाध्यक्ष अजय श्याम ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कोरोना महामारी के दौरान वर्चुअल माध्यम से करोड़ों रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास किए ताकि महामारी के कारण विकासात्मक कार्यों की गति प्रभावित न हो। भाजपा मण्डलाध्यक्ष गोपाल जरैक ने मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्यों का स्वागत किया। राज्य आइटी सेल संयोजक चेतन बरागटा, नगर पंचायत जुब्बल अध्यक्ष दलीप चैहान, क्षेत्र के भाजपा नेता यशवीर जस्टा, अरूण कालटा, अंकुश चैहान भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
हिमाचल पूर्ण राज्यत्व की स्वर्ण जयन्ति पर प्रदेश वासियों को हार्दिक शुभकामनाएं
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने युवा कांग्रेस का आह्वान किया है कि वह देश की एकता और अंखडता के लिए एकजुट होकर आगे आए। उन्होंने कहा कि आज देश के लोकतंत्र को बचाने की एक बड़ी लड़ाई लड़नी है और देश की धर्मनिरपेक्षता और अस्मिता को बचाना है। आज कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में युवा कांग्रेस के तीन दिवसीय ट्रेनिंग कैम्प का शुभारंभ करते हुए राठौर ने कहा कि बापू की पुण्य तिथि पर आज शुरू हुए इस युवा क्रांति के आयोजन को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमें बापू के दिखाए रास्ते पर चलते हुए देश की अवसरवादी ताकतों से एकजुट होकर लड़ना है और देश को इनसे बचाना है। उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस के कंधों पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है, जिसे उन्हें पूरा करना है। राठौर ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस भाजपा की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर लड़ रही है।उन्होंने कहा कि देश प्रदेश को भाजपा के कुशासन से मुक्त करवाने के लिए सभी को एकजुट होना होगा। राठौर ने कहा कि कांग्रेस एक विचारधारा है जिसे मजबूती के साथ आगे बढ़ना है। उन्होंने युवा कांग्रेस को किसी भी गुटबाजी के प्रति सचेत करते हुए कहा कि आज उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी के हाथों को मजबूत करना है जो देश के लोगों के अधिकारों की एक बड़ी लड़ाई लड़ रहे है। उन्होंने कहा कि देश का लोकतंत्र खतरे में है और इसे हमें बचना है। राठौर ने युवा कांग्रेस के इस ट्रेनिंग कार्यक्रम को बहुत ही उपयोगी बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से पार्टी कार्यकर्ताओं के ज्ञान में तो बृद्धि होती ही है साथ मे आपसी मेल जोल भी बढ़ता है। उन्होंने इस आयोजन की सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें अधिक से अधिक ज्ञान वर्धन करना चाहिए। इस अबसर पर प्रदेश कांग्रेस ट्रेनिग विभाग के अध्यक्ष हरिकृष्ण हिमराल, प्रदेश कांग्रेस सचिव वेद प्रकाश ठाकुर, महिला कांग्रेस अध्यक्ष जैनब चंदेल, युवा कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अमरजीत सिंह लाली, सीताराम लाम्बा, संदीप सिंह, अक्षय सबरवाल, चेतन्य कृष्णा रेड्डी, पृथ्वी राज सिंह, प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष निगम भंडारी, कार्यकारी अध्यक्ष यदोपति ठाकुर एनएसयूआई अध्यक्ष छतर सिंह ठाकुर के अतिरिक्त युवा कांग्रेस के ट्रेनर्स उपस्थित थे।
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने आर्थिक सर्वेक्षण 2021 के अनुसार कोरोना आपदा के दौरान मोदी सरकार द्वारा दिए गए आत्मनिर्भर भारत पैकेज से कृषि संबद्ध क्षेत्र को नई गति मिलने व अन्नदाता को आर्थिक लाभ मिलने की बात कही है। अनुराग ठाकुर ने कहा “केंद्र की मोदी सरकार किसान हितैषी है और एक बार नहीं बल्कि अनेक अवसरों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह सिद्ध किया है। कोरोना आपदा से देश वासियों को राहत पहुँचाने के लिए मोदी सरकार ने आत्मनिर्भर भारत पैकेज दिया और आर्थिक सर्वेक्षण 2021 के अनुसार इसका सबसे ज़्यादा लाभ कृषि संबद्ध क्षेत्रों व अन्नदाताओं को मिला है। सर्वेक्षण के अनुसार, कृषि क्षेत्र को आत्मानिर्भर भारत पैकेज की घोषणाओं के तहत ऋण, बाजार सुधार और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग संबंधी विभिन्न उपायों से 'नई गति' मिली है। पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन सहित संबद्ध क्षेत्रों के विकास के लिए सरकार के विभिन्न हस्तक्षेप, संबद्ध क्षेत्रों की क्षमता के समुचित दोहन के प्रति सरकार के संकल्प को प्रदर्शित करते हैं। पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन सहित संबद्ध क्षेत्रों के संबंध में धीरे-धीरे कृषि आय और रोजगार का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन गए हैं। अन्नदाता ऊर्जा दाता भी बने और उसकी आय दोगुनी हो इस दिशा में मोदी सरकार द्वारा उठाए गए सभी कदम सही दिशा में फलीभूत हो रहे हैं।” आगे बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा “आर्थिक सर्वेक्षण 2021 के अनुसार कोविड-19 के चलते लागू लॉकडाउन में भारत के कृषि क्षेत्र ने बेहतर प्रदर्शन किया है। 2020-21 के दौरान अन्य क्षेत्रों में गिरावट के बीच कृषि और संबद्ध गतिविधियों के क्षेत्र का प्रदर्शन चमकदार रहा और चालू वित्त वर्ष में इस क्षेत्र में 3.4 प्रतिशत की वास्तविक वृद्धि का अनुमान है। भारत में समावेशी विकास का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के विकास के बिना पूरा नहीं किया जा सकता है और ग्रामीण क्षेत्र का विकास कृषि पर निर्भर है। मोदी सरकार के कुशल प्रबंधन के चलते कोविड-19 की वजह से देश भर में लागू लॉकडाउन का रबी की कटाई और खरीफ की बुवाई पर कोई असर नहीं पड़ा। वार्षिक आर्थिक समीक्षा में नए कृषि कानूनों का मजबूती से पक्ष रखते हुए कहा गया है कि ये तीन कानून किसानों के लिए बाजार की आजादी के एक नए युग की शुरुआत करने वाले हैं। इन तीन कानूनों से भारत में छोटे और सीमांत किसानों का जीवन सुधारने की दिशा में दीर्घकालिक लाभ होगा। इन कानूनों को मुख्य रूप से’ छोटे और सीमांत किसानों के फायदे को ध्यान में रख कर तैयार किया गया है। लगभग 85 प्रतिशत किसान इन्हीं श्रेणियों में आते हैं और मोदी सरकार कृषि व कृषक हित में साहसिक निर्णय लेने के लिए प्रतिबद्ध है।”
राज्य रेडक्राॅस अस्पताल कल्याण अनुभाग अध्यक्षा डाॅ. साधना ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश राज्य रेडक्राॅस शिमला के आपदा प्रबन्धन कार्यक्रम के अन्तर्गत आज यहां मजदूरों को कम्बल, साबुन एवं मास्क वितरित किए। उन्होंने कहा कि रेडक्राॅस सोसायटी गरीब वर्गों के कल्याण के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित करवाती है। रेडक्राॅस के आपदा प्रबन्धन कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पीड़ित मानवता को राहत प्रदान करना है। इस अवसर पर राज्य रेडक्राॅस सचिव पी.एस. राणा भी उपस्थित थे।
राज्य वन विभाग के वन्य प्रणाली प्रभाग ने भारतीय प्राणी विज्ञान सवेण (जेडएसआई) कोलकाता के सहयोग से उच्च हिमाचल के लाहौल-पांगी परिदृश्य में जंगली कुत्तों के फैलाव, संख्या और उनके खाने के साधनों पर पहली बार अध्ययन किया है। यह अध्ययन भारत सरकार के वैश्विक पर्यावरण सुविधा-संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के अंतर्गत वित्त पोषिण सिक्योर हिमालय परियोजना के तहत किया गया। मुख्य वन्य प्राणी संरक्षक एवं राज्य परियोजना निदेशक सिक्योर हिमालय परियोजना अर्चना शर्मा पूरे विश्व में जंगली कुत्तों का वन्य जीवों पर पड़ने वाले प्रभाव का पता लगाने के लिए बहुत कम अध्ययन किए गए हैं इसलिए इनकी वर्तमान जनसंख्या का पता लगाने एवं लाहौल-पांगी परिदृश्य में इनके प्रभाव का अध्ययन करने के लिए यह सर्वेक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि उच्च हिमालय क्षेत्र महत्त्वपूर्ण वन्य जीवों जैसे बर्फानी तंेदुए का आवासीय क्षेत्र है। इन क्षेत्रों में जंगली कुत्ते जैवविविधता को हानि और वन्य जीवों की प्रजाति को कम करने के साथ-साथ बड़े शिकारी जानवरों जैसे बर्फानी तेंदुए के साथ प्रतिस्पर्धा का कारण बन रहे हैं जिस पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। भारतीय प्राणी विज्ञान सर्वेक्षण कोलकाता के वैज्ञानिक डा. ललित कुमार शर्मा ने बताया कि अध्ययन के दौरान कैमरा ट्रैप, बिना किसी हस्तक्षेप के ट्रैल सैम्पलिंग और प्रश्नावली के माध्यम से लाहौल-पांगी प्रदेशों में जंगली कुत्तों के बारे में जानकारी एकत्रित करने के लिए प्रयोग की गई। सीसीआईआर माॅडल के आधार पर जंगली कुत्तों की जनसंख्या का घनत्व 2.78 प्रति 100 वर्ग किलोमीटर पाया गया जिसका औसत घनत्व लाहौल और पांगी परिदृश्य में 1.4 से 5.5 प्रति वर्ग किलोमीटर है। मुख्य अरण्यपाल वन्यजीव सिक्योर हिमालय परियोजना के राज्य नोडल अधिकारी अनिल ठाकुर ने बताया कि भारतीय प्राणी विज्ञान सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार जंगली कुत्तों के मल के अध्ययन से पता चलता है कि जंगली कुत्तों के आहार में मारमोट, भरल और जंगली जंगली चूहे या कृंतक प्रजातियां शामिल हैं लेकिन आहार का मुख्य अंश पालतु जानवर है जो इस प्रकार के अध्ययन के लिए मुख्य बिंदु है। जंगली कुत्तों की जनसंख्या का घनत्व क्षेत्र में इतना अधिक नहीं है परन्तु जंगली कुत्तों की समस्या को कम करने के लिए हिमालय परितंत्र में योजना तैयार करने का यह सही समय है। उन्होंने कहा कि भविष्य में जंगली कुत्तों को वन्य जीवों पर प्रभाव का पता लगाने के लिए लंबी अवधि के अध्ययन विभिन्न आंकलन प्रोटोकोल के तहत भी किए जा जाएंगे। राज्य परियोजना अधिकारी सिक्योर हिमालय परियोजना मनोज ठाकुर ने कहा कि इस अध्ययन के आधार पर वन विभाग हिमाचल प्रदेश और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) अन्य विभागों और स्थानीय समुदायों के संगठन भारतीय प्राणी विज्ञान सर्वेक्षण जंगली कुत्तों के प्रबंध के लिए प्रस्तावित सुझावों को लागू करने के लिए, जंगली कुत्तों की नजबन्दी और लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियां इस वर्ष मुख्य रूप से उच्च हिमालय क्षेत्रों में आरम्भ की जाएगी। उन्होंने कहा कि वन विभाग के साथ अन्य विभाग व (यूएनडीपी) सिक्योर हिमालय परियोजना के साथ उच्च हिमाचल परितंत्र में संरक्षक और आजीविका की चुनौतियों का सामना करने के लिए कार्य कर रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश में सोलन के सुल्तानपुर स्थित मानव भारती विश्वविद्यालय की 36 हजार डिग्रियां फर्जी पाई गई हैं। सीआइडी की स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम ने अब तक 41 हजार डिग्रियों की जांच की है, इनमें से निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग ने 5 हजार डिग्रियां सही पाई हैं। 55 हार्डडिक्स में से अभी 14 के ही रिकॉर्ड का परीक्षण हो पाया है। जांच से पता चला है कि डिग्रियां बेचकर 440 करोड़ की संपत्ति एकत्र की है। डीजीपी संजय कुंडू ने कहा भारत में किसी शिक्षण संस्थान में 194 करोड़ 17 लाख का मनी लॉड्रिंग का पहला केस पकड़ा गया है। राज्य पुलिस मुख्यालय ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय ने यह संपत्ति अटैच कर एसआइटी की जांच पर मुहर लगाई है। उन्होंने दावा जताया कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहले कभी ऐसा नहीं हुआ है। इस घोटाले के तार देश के 17 राज्यों में पाए गए हैं। इनमें पंजाब, हरियाणा, जम्मू- कश्मीर, उत्तर- प्रदेश, बिहार, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, केरल आदि शामिल हैं।
दिल्ली स्थित इज़राइली दूतावास में हुए ब्लास्ट के बाद हिमचाल पुलिस ने प्रदेश में सुरक्षा बढ़ा दी है। पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने शुक्रवार शाम पुलिस को पूरे राज्य की सीमाओं पर कड़ी चौकसी रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सीआइडी को संदिग्ध लोगों पर पैनी निगाह रखने के लिए कहा गया है। हिमाचल प्रदेश में मैक्लोडगंज और कसोल में इजरायली लोग काफी संख्या में रहते हैं। इस कारण यहां भी खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। हिमाचल प्रदेश भी आतंकी हमलों से अछूता नहीं रहा है। 1998 में चंबा के चुराह में आतंकवादियों ने कत्लेआम मचाया था।


















































