हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला के रोहडू में 12 मई, 2020 को पब्बर नदी पर निर्माणाधीन 96 मीटर लंबा पुल गिरने के मामले में प्रदेश सरकार ने तीन अफसरों को चार्जशीट किया। मुख्यमंत्री कार्यालय से स्वीकृति मिलने के बाद उक्त कार्रवाई अमल में लाई गई। चार्जशीट अफसरों में लोक निर्माण विभागके अधिशाषी, सहायक और कनिष्ठ अभियंता शामिल हैं। पुल 15.81 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा था। आरोप है कि वर्ष 2018 में जब पंचकूला की एक कंपनी इस पुल का निर्माण कर रही थी, उस समय निर्माण कार्य में गुणवत्ता को लेकर अधिकारियों की लापरवाही सामने आई थी। जांच के लिए प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था। रिपोर्ट के अनुसार इस पुल के निर्माण में तकनीकी खामियों के अलावा निगरानी में लापरवाही पाई गई। समिति की ओर से प्रस्तुत रिपोर्ट के बाद मामला मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंपा गया। इसमें इन तीनों अभियंताओं को चूक के लिए जिम्मेवार पाया गया है। उक्त तीनों अधिकारी निलंबित चल रहे थे। अब इन्हें चार्जशीट कर दिया है। इसके अलावा निर्माण कार्य से जुड़े अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
30 जनवरी, भारत में आज ही के दिन एक साल पहले कोरोना वायरस का पहला केस दर्ज किया गया था। आज भारत को कोरोना से लड़ते हुए पूरा 1 साल हो गया है। 30 जनवरी 2020 को पहले केस के बाद, कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या आज 30 जनवरी 2021 को 1 करोड़ 7 लाख के पार पहुंच गई है। देश में कोरोना वैक्सीन का महाअभियान चल रहा है। अब तक लाखों लोगों को टीका लग चूका है धीरे धीरे देश के हर कोने तक ये अभियान पहुंच जाएगा। हालांकि, देश ने कुछ हद्द तक कोरोना को मात दे दी है, पर ये कोरोना वायरस से कोरोना वैक्सीन का सफर भारत और भारतीयों के लिए इतना भी आसान नहीं था। कोरोना वायरस ने लोगों के जीने का तरीका बदल दिया। अधिकांश लोगों की दिनचर्या बाधित हो गई। लॉकडाउन ने आर्थिक गतिविधियों में कमी, नौकरी के अवसरों की हानि, आर्थिक मंदी और प्रत्येक नागरिक के लिए कठिनाई पैदा की। पर फिर भी देश के नागरिकों, कोरोना वरीयर्स और साइंटिस्ट्स ने हार नहीं मानी। देश लड़ा और आज लगभग कोरोना को मात देने की कगार पर है। केरल में आया था पहला मामला भारत मे कोरोना का पहला मामला केरल में दर्ज हुआ था। फरवरी में चीन के वुहान से लौटे कुछ विद्यार्थी कोरोना संक्रमित पाए गए। मार्च तक पहुंचते-पहुंचते कोरोना संक्रामितों का आंकड़ा 1000 के पार हो गया। कोरोना के आंकड़े को 500 से 1000 तक पहुंचने में केवल 5 दिन लगे, जबकि 100 से 500 तक पहुंचने में 9 दिन और 100 तक पहुंचने में 45 दिन लगे। हालांकि, मार्च में संक्रामितों की संख्या कुछ हद तक कम थी, पर Sars-CoV-2 पर अध्ययन कर रहे वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया कि देश में जुलाई 2020 तक ये संख्या लाखों के पार पहुंच जाएगी और लाखों मौतें हो सकती हैं। यहां से हुआ पहला बड़ा कोरोना धमाका मार्च में कोरोना का पहला सुपर स्प्रेड हुआ। इटली और जर्मनी से लौटे धर्म गुरु का 10 से 12 मार्च के बीच पंजाब के आनंदपुर साहिब में घूमना भारत मे पहला बड़ा कोरोना धमाका साबित हुआ। यहां 27 लोग संक्रमित हुए। साथ ही इस के बाद 20 गांवों के करीब 40 हज़ार लोगों को क्वारंटाइन कर दिया गया। उसके बाद मार्च के मध्य में हुआ तबलीगी जमात का कार्यक्रम देश का सबसे बड़ा स्प्रेड इवेंट रहा। यहां से यूपी, बिहार, बंगाल आदि राज्यों में संक्रमण तेज़ी से बढ़ा। इस दिन लगा पहला लॉकडाउन मार्च के अंत तक आते-आते सरकार अच्छे से समझ गई थी स्थिति गंभीर हो गई है। 25, मार्च 2020 को देश के पहले लॉकडाउन का ऐलान हुआ। पहले ये लॉकडाउन केवल 21 दिनों के लिए लगाया गया था, पर कोरोना का ऐसा विस्फोट हुआ जिसका किसी को अंदाज़ न था। जब तक अप्रैल में पहुंचे देश मे कोरोना संक्रामितों की संख्या मार्च से 23 गुना ज्यादा बढ़ गई थी। 14 अप्रैल 2020 को देश मे पहली बार 24 घंटों में एक हज़ार से ज़्यादा 1463 मामले दर्ज किए गए। अप्रैल के अंत में ये संख्या और भी बडीह गई, 30 अप्रैल को 1901 लोग संक्रमित पाए गए। पहली बार दर्ज की गई थी 100 से ज़्यादा मौतें लॉकडाउन के बावजूद भी देश मे संक्रमण रुकने का नाम नहीं ले रहा था। रोज़ 6 से 7 हज़ार मरीज़ सामने आ रहे थे। मई के पहले हफ्ते में देश मे पहली बार 100 से अधिक मौतें दर्ज की गई। 5 मई 2020 को देश में पहली बार 194 मरीजों की मौत हुई। मई के अंत तक पहुंचते पहुंचते देश में संक्रामितों कई संख्या एक लाख पार कर गई। 31 मई तक देश मे लॉकडाउन खत्म कर अनलॉक 1.0 का ऐलान हुआ। अनलॉक के साथ बढ़े मामले 1 जून से अनलॉक की शुरुआत हुई और इसी के सतह कोरोना मामलों में भी बढ़ोतरी होने लग गई। जहां 1 जून को देश में 24 घण्टों में 8 हज़ार के करीब मामले आए थे वहीं ये 30 जून तक प्रतिदिन 18 हज़ार से अधिक मामलों तक पहुंच गया। मौतों की संख्या भी 1 जून को 230 से 30 जून को 418 तक पहुंच गई। जुलाई के अंत तक पहुंचते-पहुंचते प्रतिदिन आने वाले मामलों की संख्या करीब 3 गुना तक बढ़ गई। प्रतिदिन दिन 50 हज़ार के करीब मामले आने लगे। वहीं 23 जुलाई को देश मे पहली बार एक साथ 1129 मौतें दर्ज की गईं। 50 फीसदी बढ़ी मौतें, 1 लाख के करीब पहुंचे रोज़ाना आने वाले केस अगस्त में भारत में कोरोना के 19 लाख 87 हजार 705 केस मिले और 28,859 मौतें हुईं। मौतों का यह आंकड़ा पिछले माह से दोगुना था। अगस्त के पहले दिन 54,735 केस और 31 अगस्त को 78,761 केस दर्ज हुए। अगस्त में रोज़ाना औसतन 800-900 मौतें दर्ज हुईं। सितंबर में कोरोना के मामले रोजाना 70 हजार से करीब एक लाख तक पहुंच गए। 17 सितंबर को रिकॉर्ड 97,984 केस सामने आए। इस दौरान कुल मौतों की संख्या भी 1 लाख के करीब पहुंच गई थी। कम होने लगा कोरोना का कहर 3 अक्टूबर तक देश में कोरोना से कुल मौतों का आंकड़ा 1 लाख पार कार चूका था पर महीने के अंत तक रोज़ाना मौतों का आंकड़ा घटने लगा। नवंबर का महीना देश के लिए रहत भरा रहा। रोजाना औसतन मामले 45 से घटकर 38 हजार पर आ गए। मौतें भी रोजाना 400-450 तक आ गईं। कोरोना के घटते ग्राफ के बीच 18 दिसंबर को भारत में कुल केस एक करोड़ के पार हो गए। चौंकाने वाली बात सामने आई कि देश के महज 47 जिलों में ही करीब 50 फीसदी केस थे। कुल मौतों में करीब 50 फीसदी 24 जिलों में पाई गईं। वैक्सीन तक पहुंचा भारत 2020 ख़तम हुआ और 2021 देश के लिए नई उम्मीद की किरण लेकर आया। देश में शुरू हुई वैक्सीन की खोज को दिशा मिली और इसके आपातकालीन इस्तेमाल को मंजूरी दे दी गई। 16 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान का शुभारम्भ किया। आज देश में करीब 33 लाख लोगों को टीका लग चूका है। और यह अभियान ज़ोरों शोरों से आगे बढ़ रहा है। धीरे धीरे ज़िन्दगी पटरी पर पहुंच गई है।
तेज धूप की वजह से हिमाचल प्रदेश में सेब के बगीचे कैंकर रोग की चपेट में आ गए हैं। शिमला, मंडी, कुल्लू और सिरमौर में बागवानों को यह परेशानी हो रही है। कैंकर रोग में सेब की टहनी से चमड़ी फट रही है। इससे टहनियां भी सूख रही हैं। इन दिनों तेज धूप होने और वातावरण में कम नमी होने के कारण यह दिक्कत हो रही है। शिमला के बागवान कुलदीप कांत शर्मा ने कहा कि मौसम की बेरुखी से सेब के बगीचों में चिलिंग ऑवर्स पूरे नहीं हो रहे हैं। अब यह नई समस्या खड़ी हो गई है। आजकल सेब के पौधे वैसे ही शीत निद्रा में हैं, इस स्थिति में कैंकर रोग अधिक फैल रहा है। इसे बागवानों की मुश्किलें बढ़ गई है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने नीति आयोग द्वारा जारी किए गए भारत नवाचार सूचकांक-2020 में उत्तरी-पूर्वी/ पहाड़ी राज्यों में हिमाचल प्रदेश को शीर्ष स्थान मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह सूचकांक प्रदेशों की क्षमताओं और प्रदर्शन को दर्शाता है, जिसमें हिमाचल ने शानदार उपलब्धि दर्ज की है। प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किए गए विभिन्न प्रयासों को सफल बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने राज्य के लोगों के सहयोग के लिए भी आभार व्यक्त किया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से भविष्य में भी इसी प्रकार सहयोग देने का आग्रह किया है ताकि प्रदेश प्रगति के पथ पर निरंतर अग्रसर रहे और विकासात्मक सूचकांकों में शीर्ष स्थान प्राप्त करता रहे।
हिमाचल प्रदेश में सोमवार, 1 फरवरी से 50 फीसदी क्षमता के साथ सार्वजनिक पुस्तकालयों को खोलने के निर्देश जारी हो गए हैं। अब कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए पाठक और स्टाफ के सदस्य पुस्तकालयों में आ सकेंगे। इस दौरान सोशल डिस्टन्सिंग का पालन करना, मास्क लगाना व अन्य एसओपी का पालन करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा एंट्री से पहले थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजेशन भी अनिवार्य रहेगी। 10 दिन बाद दोबारा से इस फैसले पर विचार करने के बाद शिक्षा विभाग क्षमता बढ़ाने को लेकर फैसला लेगा। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने शुक्रवार को सभी पुस्तकालय अध्यक्षों को जारी पत्र में पुस्तकालयों को खोलने के निर्देश जारी किए हैं। निदेशक ने कहा कि उचित शारीरिक दूरी बनाते हुए पाठक पुस्तकालयों में बैठ सकेंगे। पुस्तकालय की क्षमता को देखते हुए पचास फीसदी लोगों को ही आने दिया जाएगा। केंद्र और राज्य सरकार की ओर से तय की गई एसओपी का पालन करना होगा। फेस मास्क पहनना सभी के लिए अनिवार्य रहेगा। इसके अलावा सैनिटाइजर की व्यवस्था करनी होगी। थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था पुस्तकालय के गेट पर करनी होगी। प्रवेश देने से पहले सभी का तापमान जांचना होगा।
हिमाचल प्रदेश में बागवानों-किसानों को कीटनाशकों पर मिलने वाला अनुदान जल्द बंद होने वाला है। सरकार की ओर से फैसला लिया गया है कि बागवानों और किसानों को बाजार से खरीद के बाद तय मानदंडों के अनुरूप सब्सिडी की राशि सीधे बैंक खाते में दी जाएगी। वरिष्ठ पौध संरक्षण अधिकारी टीआर बुशेरी ने कहा कि कीटनाशकों पर अनुदान बंद हो रहा। इसलिए जो बजट बागवानी विभाग के पास पड़ा है। उससे दवाइयां खरीदी जाएंगी। इसके बाद बागवानों को उद्यान विभाग अधिकारी के पास दवाइयों के बिल जमा करवाने के पश्चात ही सीधे खाते में अनुदान राशि जाएगी। बागवान आरएल जस्टा ने बताया कि अगर सरकार दवाइयों पर अनुदान राशि बंद करती है तो इससे सरकार पर वित्तीय बोझ अधिक पड़ेगा। बागवान मोहित धरमैईक ने बताया कि सरकार दवाइयों के अनुदान का नियम बदल रही है, सरकार को यह ध्यान रखना होगा कि किसान और बागवानों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
शिमला। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज मंडी में जन संवाद कक्ष का शुभारम्भ करते हुए कहा कि इस सुविधा से जन समस्याओं के समाधान के लिए बेहतर, सुविधाजनक और उपयुक्त स्थान उपलब्ध होगा। इस प्री-फैब्रिकेटिड संरचना का निर्माण 117 लाख रुपये की लागत से किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी समस्याओं के समाधान के लिए शिमला में उनके सरकारी आवास और कार्यालय में प्रदेशभर से आने वाले लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था क्योंकि दोनों स्थानों पर उनके बैठने के लिए न तो उपयुक्त स्थान था और न ही कोई सुविधा। लोगों को गलियारे में खड़ा रहना पड़ता था। विशेषकर महिलाओं, दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। वर्तमान प्रदेश सरकार ने सत्ता संभालते ही इस समस्या के समाधान के लिए दोनों स्थानों पर जन संवाद सदनों का निर्माण किया। अब इन दोनों स्थानों पर बैठने की पर्याप्त सुविधा है और अब लोगों को उनकी शिकायतों के निवारण के लिए खड़े नहीं रहना पड़ता है। इन जन संवाद सदनों में बैठने की उचित व्यवस्था के अलावा टीवी, जल, हीटिंग जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई गईं हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि जिला कांगड़ा के धर्मशाला मंे भी इसी प्रकार की सुविधा सृजित की गई है जहां सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं हैं और लोग आराम से बैठकर मुख्यमंत्री और मंत्रियों से मिलकर अपनी समस्याओं का समाधान करवा सकते हैं। इससे पूर्व लोगों को मुख्यमंत्री से मिलने के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि जन सुविधा के लिए शेष सभी जिला मुख्यालयों पर भी इस प्रकार के सदनों का निर्माण करने के प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने जिला मंडी में लोक निर्माण विभाग द्वारा किए गए विकासात्मक कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले तीन वर्षों में 1019 किलोमीटर नई सड़कों की मैटलिंग और 980 किलामीटर सड़कों की रि-टायरिंग और मैटलिंग के अलावा 582 किलोमीटर लम्बी नई सड़कों का निर्माण किया गया है। इस अवधि के दौरान जिला मंडी में 63 गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ा गया जबकि 22 पुलों और 75 नये भवनों का निर्माण भी किया गया है। जिला भाजपा अध्यक्ष रणवीर, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष राजबली और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
पंचायती राज संस्थाओं, शहरी निकायों के शांतिपूर्ण चुनाव करवाने के लिए डीजीपी संजय कुंडू ने साउथ रेंज के पुलिस अधिकारियों की पीठ थपथपाई है। उन्होंने इसके लिए पुलिस कर्मियों के भी बधाई दी। बिना किसी भय और पक्षपात के अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। कुंडू ने इस संबंध में प्रशंसा पत्र भी जारी किए हैं। इनमें शिमला, किन्नौर, सोलन, सिरमौर, पुलिस जिला बद्दी के अधिकारियों को पत्र लिखा है। जिन अधिकारियों की सेवाओं की सराहना की गई है। उनमें शिमला के एसपी मोहित चावला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार, प्रवीर ठाकुर, प्रमोद शुक्ला, डीएसपी कमल शर्मा, मंगतराम, ठियोग के एसडीपीओ कुलविंद्र राणा, रामपुर के उपमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) चंद्रशेखर, रोहड़ू के एसडीपीओ सुनील नेगी, चौपाल के एसडीपीओ राजकुमार, प्रोबेशनर आइपीएस अमित यादव, सोलन के एसपी अभिषेक यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक वर्मा, डीएसपी योगेश दत्त, डीएसपी परवाणु योगेश रोल्टा, एसडीपीओ दाड़लाघाट प्रताप ठाकुर, डीएसपी लीव रिजर्व रमेश शर्मा, किन्नौर के एसपी एसआर राणा, एसडीपीओ भावानगर राजू, डीएसपी विपन कुमार, सिरमौर के एसपी डा. खुशहाल शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बबीता राणा, डीएसपी परम देव ठाकुर, राजगढ़ के एसडीपीओ भीष्म ठाकुर, पांवटा के एसडीपीओ बीर बहादुर सिंह, संगड़ाह के एसडीपीओ शक्ति सिंह, बद्दी के एसपी रोहत मालपानी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र कुमार, डीएसपी नवदीप, एसडीपीओ नालागढ़ राजकुमार, डीएसपी लीव रिजर्व शशि अरोड़ा शामिल हैं।
पंचायत समिति (बीडीसी) जुब्बल-कोटखाई के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनावों में कांग्रेस ने चौकाते हुए निर्विरोध जीत हासिल की है। अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार रेखा चौहान ने नामांकन दाखिल किया, जबकि उपाध्यक्ष पद के लिए यशवंत जस्टा ने दावेदारी पेश की। भाजपा दोंनो ही पदों के लिए दावेदारी पेश करने में नाकाम रहीं है। जुब्बल-कोटखाई पंचायत समिति (बीडीसी) में 21 सीटें हैं। जिसमें से कांग्रेस के 19 समर्थित उम्मीदवार जीत कर आएं हैं। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी जुब्बल नावर कोटखाई के अध्यक्ष मोतीलाल डेरटा ने कहा कि, पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में कांग्रेस को भारी समर्थन मिला हैं। आज की बैठक में सभी 21 पंचायत समिति सदस्य उपस्थित थे उन्होंने कहा कि पंचायतो के चुनाव में प्रधान व उप प्रधान पद के लिए जुब्बल-नावर-कोटखाई में 70 फ़ीसदी कांग्रेस विचारधारा से सम्बंधित प्रतिनिधि चुनकर आए हैं। डेरटा ने कहा कि पंचायती राज के चुनाव में जनता ने भाजपा के तीन वर्षो के कार्यकाल को नकारते हुए पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रोहित ठाकुर द्वारा किए गए विकासात्मक कार्यो पर मोहर लगाते हुए कांग्रेस विचारधारा से जुड़े लोगों को पंचायत प्रतिनिधि चुना है। उन्होंने कहा कि पंचायती राज चुनाव के निर्णय से साफ़ हैं कि जनता ने भाजपा को अगले विधानसभा चुनाव में सत्ता से बाहर करने का मन बना लिया हैं।पंचायत समिति (बीडीसी) जुब्बल-कोटखाई के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनावों में कांग्रेस ने चौकाते हुए निर्विरोध जीत हासिल की है। अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार रेखा चौहान ने नामांकन दाखिल किया, जबकि उपाध्यक्ष पद के लिए यशवंत जस्टा ने दावेदारी पेश की। भाजपा दोंनो ही पदों के लिए दावेदारी पेश करने में नाकाम रहीं है। जुब्बल-कोटखाई पंचायत समिति (बीडीसी) में 21 सीटें हैं। जिसमें से कांग्रेस के 19 समर्थित उम्मीदवार जीत कर आएं हैं। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी जुब्बल नावर कोटखाई के अध्यक्ष मोतीलाल डेरटा ने कहा कि, पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में कांग्रेस को भारी समर्थन मिला हैं। आज की बैठक में सभी 21 पंचायत समिति सदस्य उपस्थित थे उन्होंने कहा कि पंचायतो के चुनाव में प्रधान व उप प्रधान पद के लिए जुब्बल-नावर-कोटखाई में 70 फ़ीसदी कांग्रेस विचारधारा से सम्बंधित प्रतिनिधि चुनकर आए हैं। डेरटा ने कहा कि पंचायती राज के चुनाव में जनता ने भाजपा के तीन वर्षो के कार्यकाल को नकारते हुए पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रोहित ठाकुर द्वारा किए गए विकासात्मक कार्यो पर मोहर लगाते हुए कांग्रेस विचारधारा से जुड़े लोगों को पंचायत प्रतिनिधि चुना है। उन्होंने कहा कि पंचायती राज चुनाव के निर्णय से साफ़ हैं कि जनता ने भाजपा को अगले विधानसभा चुनाव में सत्ता से बाहर करने का मन बना लिया हैं।
जुब्बल तहसील के अंर्तगत आने वाले गांव प्रौन्ठी में हुई आगजनी से प्रभावित परिवारों से आज मुख्य सचेतक हिमाचल प्रदेश सरकार नरेन्द्र बरागटा ने प्रशानिक अधिकारियों SDM,DSP रोहड़ू के साथ मौके का जायजा लिया। प्रभावित परिवारों में यशवंत नेगी,कैलाश नेगी, मोनू नेगी को सांत्वना देते हुए बरागटा से हर सम्भव सहायता करने का आश्वासन दिया साथ ही साथ प्रशासन को फौरी मदद के आदेश भी दिए।
जुब्बल तहसील के अंतर्गत प्रोंठी गांव में बुधवार शाम चार मंजिला मकान आग की भेंट चढ़ गया है। आगजनी में करीब 50 लाख से ज्यादा का नुकसान हो गया है। यह घटना बुधवार शाम साढ़े 4 बजे की है। माकन में 32 कमरे जल कर रख हो गए है। गनीमत, ये रही उस समय घर पर कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं था। स्थानीय लोगों ने घर से आग की लपटे उठी देखी और इसकी सुचना अग्निशमन विभाग को दी। दमकल विभाग ने घटना स्थल पर पहुँच कर राहत कार्य शुरू किया। हालंकि, अभी तक आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। मकान में यशवंत नेगी पुत्र रोशन लाल नेगी परिवार सहित रहते थे। उधर, अग्निशमन केंद्र रोहड़ू के प्रभारी लायक राम शर्मा ने बताया कि आग की घटना में 50 लाख रुपये से अधिक का नुकसान आंका जा रहा है।
-काजा की आठ छात्राओं ने हिमाचल टीम का किया प्रतिनिधित्व - काजा में बुधवार को सभी खिलाड़ियों का किया स्वागत लाहुल स्पीति के काजा में बने प्राकृतिक आइस हाॅकी रिंक में प्रशिक्षित आठ छात्राओं ने राष्ट्रीय खेलों में ब्रॉन्ज मैडल हासिल किया है। सभी खिलाड़ी बुधवार को काजा में पहुंचे। एडीएम काजा ज्ञान सागर नेगी विशेष तौर मौजूद रहे। एडीएम ने सभी खिलाड़ियों को आशी पहनाकर स्वागत किया। काजा के 15 बच्चों का चयन नेशनल आइस हॉकी कैंप के लिए हुआ था। कैंप 1 जनवरी से 15 जनवरी तक गुलमर्ग में चला इसके बाद आठ छात्राओं का चयन हिमाचल टीम के लिए हुआ। हिमाचल टीम ने J&K की टीम को 13-0 से हराकर ब्रॉन्ज पदक हासिल किया। एडीएम ज्ञान सागर नेगी ने सभी खिलाड़ियों का हौंसला बढ़ाया और बेहतर भविष्य की कामना करते हुए कहा कि अधिक से अधिक बच्चे राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय टीम में खेलते रहे। पहली बार आइस हॉकी राष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल की टीम पदक जीत कर लाए। आप सभी को वजह से आज हिमाचल ने इतिहास रचा है। खेलों में उज्जवल भविष्य होता है। हम कामना करते है हमारी स्पिती की लड़कियां अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर खेले। इसके लिए आप सभी खिलाड़ी खूब मेहनत करो। इस मौके पर राष्ट्रीय कोच अमित बेरबाल ने कहा कि स्पीति की लड़कियां आईस हाॅकी में पदक हासिल करके हमारे हौसलों को और मजबूत कर दिया है। इससे बच्चों में आइस हाॅकी के प्रति उत्साह बढ़ेगा। हमें उम्मीद है कि कुछ हमारे बच्चें राष्ट्रीय टीम के लिए भी चयनित हो। काजा में शुरू हुए कैंप में 30 बच्चों को हमने बेसिक आईस हाॅकी के लिए चय न किया था। हमारा लक्ष्य है कि स्पीति का वातावरण विंटर स्पोटर्स के लिए काफी अनुकुल है। यहां से बच्चें तैयार होकर राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर हिस्सा लें। मैं काजा प्रशासन का काफी आभारी हूं जिन्होंने बच्चों को बेसिक सुविधाएं मुहैया करवाने में कोई कमी नहीं छोड़ी है। खिलाड़ियों के साथ तीन शिक्षक सोनम छोडन, लोबजंग छोजंम और छविंग दोरजे भी जा रहे है। इस मौके पर एसडीएम जीवन सिंह नेगी, डीएसपी सुशांत शर्मा, नायब तहसीलदार विद्या सिंह नेगी आदि मौजूद रहे। इन खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा कर्मा येषी खांडो उम्र 12 वर्ष, छेरिंग डोलमा 13 वर्ष, नवांग लामो 15 वर्ष, सोनम आंगमो 12 वर्ष, रिगजिन डोलमा उम्र 13, तेजिंन डोलमा,नवांग छुटिक, और सोनम देचेन है।
शिमला। जिला में सड़क दुर्घटना कम होने का नाम नहीं ले रहे है। आए दिन सड़क हादसों में कई लोगों की जान जा रही है। ताजा मामला शिमला के खंड मशोबरा में डाक बंगला के समीप एक कार के खाई में गिर जाने से 2 लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि 3 घायल हो गए है। जानकरी के अनुसार बुधवार दोपहर बाद मशोबरा से बेखलटी की ओर जा रही कार डाक बंगला के पास अनियंत्रित हो कर खाई में गिर गई। घटना की सूचना पुलिस को स्थानिय लोगों ने दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि 2 लोगो की मौके पर ही मौत हो चुकी है जबकि 3 घायल हो गए है। मृतकों में जोगिन्दर 46 व हेमन्त 42 साल शामिल है। घायलों को उपचार के लिए आइजीएमसी लाया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। ढली थाना के एसएचओ देश राज गुलेरिया ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मामले की जांच की जा रही है। घायलों को उपचार के लिए आईजीएमसी लाया गया है।
हिमाचल प्रदेश में जनवरी के अधिकतम दिनों में साफ़ रहा मौसम फरवरी में करवट ले सकता है। फरवरी के पहले सप्ताह में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार एक फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा और दो फरवरी को प्रदेश के ऊंचे क्षेत्रों में हिमपात और निचले क्षेत्रों में बारिश की संभावना है। पांच फरवरी तक मौसम ऐसा ही रहेगा। ऊंचे इलाकों में बर्फ़बारी की संभावना भी जताई जा रही है। वहीं, प्रदेश में अभी तीन दिन के दौरान मौसम साफ़ रहेगा। तापमान में बढ़ोतरी होने से ठंड कम होने के आसार हैं। अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री तक की वृद्धि की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट होगी। मंगलवार को प्रदेश के अधिकतम इलाकों में मौसम साफ़ रहा। बिलासपुर में अधिकतम तापमान 21.0, ऊना 23.3, भुंतर 19.4, सोलन 19.8, सुंदरनगर 20.1, कांगड़ा 19.8, नाहन 16.9, हमीरपुर 20.8, चंबा 18.2, धर्मशाला 16.8, शिमला 13.0, मनाली 11.8, कल्पा 9.6, डलहौजी 6.5 और केलांग में माइनस 3.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
शिमला। हिमाचल प्रदेश के भाजपा सह प्रभारी संजय टंडन ने कहा कि आज के राजनीतिक परिपेक्ष में आईटी एवं सोशल मीडिया का एक बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने कहा की भाजपा का कार्यकर्ता सोशल मीडिया के माध्यम से खुद का एक दृष्टिकोण जनता के समक्ष रख सकता है। टंडन ने कहा की पदाधिकारी बैठक में सोशल मीडिया का कंट्रोल चार्ट पदाधिकारियों के समक्ष रखा गया जिसमें उनका सोशल मीडिया में योगदान क्या है उसके बारे में बताया गया उन्होंने कहा की सोशल मीडिया से पार्टी को बड़ा फायदा होता है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में नगर निगम चुनावों में आईटी एवं सोशल मीडिया का बड़ा योगदान रहने वाला है। सोशल मीडिया के माध्यम से सभी कार्यकर्ता घर-घर तक सूचना पहुंचा सकते हैं, घर बैठकर वर्चुअल माध्यम से कहीं भी जुड़ सकते हैं इसके लिए किसी स्थान की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता सरकार की उपलब्धियों को भी जनता के समक्ष इस माध्यम से पहुंचा सकते हैं। आने वाले समय में सभी कार्यकर्ता आईटी एवं सोशल मीडिया का अच्छा उपयोग कर जनता के बीच भाजपा की बात पहुंचाएंगे और इसका बड़ा फायदा पार्टी को होगा।
आज कोटखाई तहसील कार्यालय में भी गणतंत्र दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर नायब तहसीलदार मोहनलाल महंत, एस एच ओ कोटखाई धर्म सिंह तथा पुलिस कर्मचारी, तहसील कार्यालयों के अधिकारी, नगर पंचायत अध्यक्ष अंजलि चौहान और उपाध्यक्ष प्रमोद वर्मा, एनजीओ थिंक द बिग के सदस्य, एनजीओ मानव सेवा संस्थान कोटखाई के सदस्य मौजूद रहे। ध्वजारोहण 10:55 पर हुआ, राष्ट्रीय गान के बाद बच्चों और सभी लोगों में मिठाइयां बांटी गई। इस अवसर पर नायब तहसीलदार मोहनलाल महंत ने गणतंत्र दिवस की महत्ता पर प्रकाश डाला और सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी। उसके पश्चात नगर पंचायत अध्यक्षा अंजलि चौहान ने भी सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी।
बेरोजगार युवाओं के लिए अच्छी खबर है। जूनियर ऑफिस असिस्टेंट के 113 अतिरिक्त पदों को भरने के लिए प्रदेश सरकार ने मंजूरी प्रदान की है। प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग इसी साल जूनियर ऑफिस असिस्टेंट आईटी के 1869 पदों को भरने जा रहा है। चयन आयोग के पास 9 अन्य विभागों ने जूनियर ऑफिस आईटी के 113 पदों को भरने की डिमांड भेजी है। आयोग जेओए के इन पदों को भरने के लिए 21 मार्च को प्रदेश भर के विभिन्न जिलों में लिखित परीक्षा का आयोजन करेगा। पूर्व में चयन आयोग ने पोस्ट कोड 817 के अंतर्गत जेओए आईटी के 1160 पदों को भरने के लिए योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे थे। इसी बीच सरकार से 596 अतिरिक्त पदों को भरने की मंजूरी मिली। जिसके बाद कुल पदों की संख्या 1756 हो गई। अब 113 अतिरिक्त पदों को भरने की मंजूरी मिलने के बाद कुल पदों की संख्या 1869 हो गई है। जिससे आईटी की पढ़ाई कर चुके बेरोजगार युवाओं में खुशी की लहर है। वहीं पोस्ट कोड 839 लिपिक, पोस्ट कोड 823 स्टेनो टाइपिस्ट, पोस्ट कोड 848 कंप्यूटर ऑपरेटर और पोस्ट कोड 844 में सीनियर स्केल स्टेनोग्राफर के 7 अतिरिक्त पदों को भरने की मंजूरी मिली है। हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर से सचिव डॉ. जितेंद्र कंवर ने बताया कि जेओए के 113 अतिरिक्त भरने की मंजूरी मिली है। अब चयन आयोग 1869 पदों को भरने के लिए शीघ्र ही छंटनी परीक्षा का आयेेजन करेगा।
गणतंत्र दिवस के मौके पर हिमाचल प्रदेश पुलिस के एडीजी सीआईडी एन वेणुगोपाल समेत पांच पुलिस अधिकारियों को पुरस्कृत किया गया है। एडीजी सीआईडी को विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक मिला है। सराहनीय सेवाओं के लिए एसपी विजिलेंस ओमापति जम्वाल, एसपी वेलफेयर पीएचक्यू भगत सिंह ठाकुर, पीटीसी डरोह में तैनात सब इंस्पेक्टर सतपाल और एक एचपीएपी जुन्गा में तैनात एचएचसी राजेंद्र कुमार को पुलिस पदक से नवाजा गया है। वेणुगोपाल ने 25 साल के सेवाकाल के दौरान कई बड़े मामलों में अहम भूमिका अदा की। सहायक पुलिस अधीक्षक कांगड़ा रहते हुए उन्होंने फर्जी शस्त्र लाइसेंस स्कैंडल, अवैध विदेशी नकदी रैकेट जैसे मामलों की बेहतरीन जांच की, जिसकी वजह से बाद में आरोपियों को ट्रायल कोर्ट से सजा भी हुई। 1999 में किन्नौर में भीषण बाढ़ के दौरान बतौर एसपी किन्नौर वेणुगोपाल ने बचाव कार्य की कमान खुद अपने हाथों में रखी और लोगों को बचाने के लिए मुश्किल हालात में भी टीम के साथ तीन महीने तक डटे रहे।
हिमाचल पूर्णराजयत्व के 50 वर्ष पूरे होने पर आज स्वर्णजयंती समारोह मना रहा है। ऐतिहासिक रिज मैदान पर कार्यक्रम का आयोजन कीया जा रहा है। जिसमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर, राज्यपाल आचार्य बंडारू दत्तात्रेय, मुख्यमंत्री व पूरा मंत्रिमंडल मौजूद रहा। कार्यक्रम की शुरुआत राज्यपाल ने रिज मैदान पर ध्वजारोहण से की व इसके बाद परेड को सलामी दी गई। मुख्यातिथियों ने रिज मैदान पर लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस दौरान भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि आज का दिन गौरमयी है। तमाम बाधाओं के बावजूद आज प्रदेश आगे बढ़ा है। हिमाचल देवभूमि है वीरभूमि है कर्मभूमि है। एक समय था जब मीलों चलकर अस्पताल पहुंचा जाता था। पीने के पानी के लिए किलोमीटर दूर तक जाना पड़ता था। शांता कुमार ने पीने के पानी को सुलभ बनाया। उन्होंने कहा कि हिमाचल में हर क्षेत्र में विकास हुआ है ओर सभी ने किया है इसे याद रखना व आगे बढाना हम सभी की जिम्मेदारी है। नड्डा ने कहा कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद दो बार स्पेसल कैटगरी स्टेटस मिला। अटल टनल जिसका काम रुक गया था मोदी के नेतृत्व में पूर्ण हुआ। मोदी का आशिर्वाद सब पर बना रहता है जिससे आने वाले समय मे बहुत कुछ मिलेगा। उज्वला योजना से महिलाओं को धुंए से छुटकारा मिला है। हिमाचल की देश मे अपनी ईमानदारी, कर्मठ छवि के लिए जाना जाता है। सादगी को कमजोरी नही समझना चाहिए। हिमाचल इसलिए ही देवभूमि कहलाता है क्योंकि यहाँ के लोग सादगी से जीवन जीते है, धोखे फरेब से दूर है। अपने संबोधन में दौरान भावुक हुए जेपी नड्डा, कहा हिमाचल जैसे छोटे प्रदेश से भाजापा जैसे विश्व के सबसे बड़े राजनीतिक दल का अध्यक्ष बनना सौभाग्य मिलना आप सब का
पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरभद्र सिंह ने पूर्ण राज्यत्व दिवस के 50 साल पुरे होने पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा की 50 साल के इस सफर में हिमाचल प्रदेश एक आदर्श मॉडल के तौर पर जाना जाता है। हिमाचल केवल पहाड़ी राज्यों में नहीं बल्कि शिक्षा स्वास्थ्य और सामाजिक योजनाओं में देश के बड़े राज्यों में विशेष स्थान रखता है। उन्होंने कहा हिमाचल के अस्तित्व में लाने और इसे पूर्ण राज्य का दर्ज देने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता, जिन्होंने स्वयं शिमला के रिज मैदान से इसकी घोषणा की थी। प्रदेश सदैव उनका ऋणी रहेगा। वीरभद्र सिंह ने कहा आज प्रदेश के हर क्षेत्र में चहुंमुखी विकास हुआ है। कठिन भाैगोलिक परिस्थितयों में विकास के मार्ग में कई चुनौतियां भी आईं। उन्होंने प्रदेशवासियों विशेष तौर पर युवाओं का आह्वान किया है कि उन्हें प्रदेश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने को आगे आएं। उन्होंने कहा आधुनिक युग में आधुनिक सोच के साथ युवाओं को एकजुटता से आगे आने की बहुत ही आवश्यकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रदेश आगे भी इसी तरह विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहेगा।
राजधानी शिमला के नारकंडा में सोमवार देर रात एक दुखद घटना पेश आई है। यहां दिल्ली से घूमने आए कुछ पर्यटकों की कार सड़क हादसे का शिकार हो गई। इस हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई जबकि 2 गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना ग्रामीणों ने पुलिस को दी जसके बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों को कब्ज़े में लेकर पोस्टमॉर्टेम के लिए भेज दिया है जबकि घायलों को इलाज के लिए आईजीएमसी शिमला भेजा गया है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। जानकारी के मुताबिक, नारकंडा के पास डोगरा सब्जी मंडी के पास कार दुर्घटना ग्रस्त हो गई। कार में कुल पांच लोग सवार थे, जो दिल्ली से थे। हादसे में दो लोग घायल हुए हैं जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल के जाया गया। मृतकों की पहचान ईशाक शर्मा, गौरव और रश्मि के तौर पर की गई है जबकि, घायलों में यमीन खान व रितिका शामिल हैं। सभी पर्यटक दिल्ली के बताए जा रहे हैं।
25 जनवरी का दिन हिमाचल प्रदेश के लोगों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण व ऐतिहासिक दिन है। हिमाचल इसी दिन भारतीय गणतंत्र का 18वां राज्य बना। सन 1971 में आज ही के दिन हिमाचल को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला था। हिमाचल कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाला प्रदेश है लेकिन 50 वर्षों की यात्रा महत्वपूर्ण है। हिमाचल के पूर्ण राज्यत्व की घोषणा शिमला के एतिहासिक रिज मैदान से तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने की थी। बताते हैं कि जब इंदिरा गांधी ने यह घोषणा की तो उस दौरान भी बर्फ गिर रही थी। कड़ाके की ठंड के बावजूद रिज पर काफी भीड़ जमा थी। उस वक्त कई संस्थाएं हिमाचल के पूर्ण राज्यत्व के खिलाफ भी थीं। बावजूद इसके लंबे संघर्ष के बाद हिमाचल को पूरे राज्य का दर्जा दिया गया। तब डॉ. यशवंत सिंह परमार हिमाचल के पहले मुख्यमंत्री बने थे। पहली सितंबर 1972 को प्रदेश में जिलों का पुनर्गठन हुआ और कांगड़ा जिले को तीन भागों में विभाजित कर दो नए जिले ऊना व हमीरपुर बने। वहीं महासू व शिमला जिलों का पुनर्गठन कर शिमला व सोलन जिले बनाए गए और जिलों की संख्या बढ़कर नौ से 12 हो गई। इससे पहले 15 अप्रैल 1948 को स्वतंत्रता प्राप्ति से आठ माह बाद छोटी-बड़ी 30 रियासतों के विलय के साथ ही यह पहाड़ी प्रांत अस्तित्व में आया। 1948 से अपनी यात्रा शुरू कर प्रदेश के लोगों के 64 वर्ष में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। प्रदेश के विकास में आने वाली बाधाओं का मुकाबला कर इस पहाड़ी प्रांत ने यह साबित कर दिया कि गरीबी पहाड़ की नियति नहीं है, वहीं देश में यह आदर्श राज्य के रूप में भी उभरकर सामने आया है। 25 जनवरी 1971 को हिमाचल को जब पूर्ण राज्य का दर्जा मिला उस समय प्रति व्यक्ति आय 651 रुपये थी और वर्तमान में 1 लाख 95 हजार 2 सौ 55 है। उस समय कृषि 911.7 हेक्टयर था वर्तमान में 959.2 हेक्टेयर है। सड़के उस वक्त 7370 किलोमीटर थी, वर्तमान में 38470 किलोमीटर है। 1971 में 1 मेडिकल कॉलेज था, लेकिन आज 6 मेडिलक कॉलेज सरकार 1 एम्स 1 प्राइवेट कॉलेज है। प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने के समय साक्षरता दर 31.96 थी आज 86.60 है।
25 जनवरी को हिमाचल प्रदेश अपने स्थापना के 50 वर्ष पूरे करने पर स्वर्ण जयंती राज्यत्व दिवस समारोह मनाने जा रहा है। समाहरोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करने वाले थे लेकिन व्यस्तताओं के चलते उनका दौरा रद्द हो गया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने रिज मैदान में आयोजित होने वाले स्वर्ण जयंती समारोह की तैयारियों का जायजा लेने के बाद इसकी जानकारी साँझा की है। कार्यक्रम में अब केवल भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर, राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और मुख्यमंत्री हिस्सा लेंगे। गृह मंत्री अमित शाह की व्यस्तताओं के चलते अब कार्यक्रम में नहीं आएंगे जबकि वर्चुअल तरीके से गृह मंत्री कार्यक्रम से जुड़ेंगे। हिमाचल प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा मिले 50 वर्ष पूरे हुए जिसे सरकार उत्सव के रूप में मनाने जा रही है। पूरे वर्ष भर 51 कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं।
औरों के ख़यालात की लेते हैं तलाशी और अपने गिरेबान में झाँका नहीं जाता मुज़फ्फर वारसी का ये शेर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप के मौजूदा हालत पर बिलकुल सटीक बैठता है। बात-बात पर अन्य पार्टियों को आइना दिखने वाले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को जिला परिषद् चुनाव में जनता ने आइना दिखा दिया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप के अपने ही गृह क्षेत्र की दो जिला परिषद् सीटों परे भाजपा हार गई है। यूँ तो कश्यप के गृहक्षेत्र पच्छाद में 15 वार्ड सदस्यों वाली पंचायत समिति में भाजपा ने सबसे अधिक सीटें जीतने का दावा किया है लेकिन, जिला परिषद के दो वार्डों में भाजपा बुरी तरह हारी है। यहां एक वार्ड में कांग्रेस ने परचम लहराया, जबकि दूसरे में निर्दलीय ने बाजी मारी। सुरेश कश्यप के अपने वार्ड बागपशोग में भाजपा समर्थित उम्मीदवार तीसरे स्थान पर रही जबकि नारग के जिला परिषद् वार्ड पर प्रदेश निर्माता यशवंत सिंह परमार के पोते आनंद परमार की जीत हुइ है। दोनों ही जिला परिषद् वार्डस में भाजपा समर्थितों उम्मीदवारों को मुँह की खानी पड़ी। इससे साफ़ होता है की भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप की अपने गढ़ में कितनी पकड़ है। गौरतलब है कि भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को जीताने के लिए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप, स्थानीय विधायक रीना कश्यप और विपणन बोर्ड के अध्यक्ष बलदेव भंडारी स्वयं मैदान में उतरे थे लेकिन तीन नेताओं की रणनीति भी काम नहीं आई।
25 जनवरी 2021, हिमाचल प्रदेश को राज्य का दर्जा मिले पूरे 50 साल हो जाएंगे। सन 1971 को हिमाचल को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला था। इस अवसर पर सवर्ण जयंती समारोह मनाया जाएगा। कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा शामिल होंगे। समारोह मनाने के लिए प्रशासन ने तैयारियां पुरी कर ली हैं। अमित शाह व जेपी नड्डा की सुरक्षा के लिए भी इंतेज़ाम पुख्ता कर लिए गए हैं। हिमाचल कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाला प्रदेश है लेकिन 50 वर्षों की यात्रा महत्वपूर्ण है। इसके बारे में हर व्यक्ति जाने उसके लिए सरकार द्वारा पूरे साल 51 कार्यक्रम किए जाएंगे। इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह व बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर तथा राज्यपाल रहेंगे। 11 बजे मुख्यतिथि शिमला पहुचेंगे। सभी विधानसभा क्षेत्र के उपमंडल स्तर पर एलईडी से कार्यक्रम का प्रसारण किया जाएगा। कार्यक्रम का डीडी के चेनलो पर भी प्रसारण होगा। इस अवसर पर किया डाक टिकट का अनावरण भी जाएगा। पंचायत चुनाव में चुने हुए सदस्यों को इन कार्यकर्मो के साथ जोड़ा जाएगा। नई पीढ़ी तक हिमाचल के इतिहास को पहुचने के लिए स्कूलों में प्रतियोगिता करवाई जाएगी। इसके अलावा जिस व्यक्ति ने किसी क्षेत्र में विशेष कार्य किया है उन्हें सम्मनित किया जाएगा। अंतराष्ट्रीय मेलों में एक दिन स्वर्ण जयंती हिमाचल की प्रदर्शनियां लगाई जाएगी। MLA और MP का भी इन कार्यकर्मो के तहत सम्मान किया जाएगा। सभी विभागों के अलग अलग कार्यक्रम किए जाएंगे जिसमे हिमाचल तब ओर अब की स्थिति प्रस्तुत की जाएगी। जिसमें आने वाले 50 वर्षों की परिकल्पना के लिए लोगों के सुझाव भी लिए जाएंगे आने वाले पचास वर्षों में हिमाचल कहा होना चाहिए इसकी परिकल्पना की जाएगी। 25 जनवरी 1971 को हिमाचल को जब पूर्ण राज्य का दर्जा मिला उस समय प्रति व्यक्ति आय 651 रुपये थी और वर्तमान में 1 लाख 95 हजार दो सौ पछपन है। उस समय कृषि 911.7 हेक्टयर था वर्तमान में 959.2 हेक्टेयर है। सड़के उस वक्त 7370 किलोमीटर वर्तमान में 38470 किलोमीटर है। प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने के समय साक्षरता दर 31.96 थी आज 86.60 है।
हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य कर्मचारियों को सेवाविस्तार नहीं दिया जाएगा। प्रदेश में कोरोना के एक्टिव मामलों की संख्या घट गई है। प्रदेश में कोरोना की स्थिति में सुधार देखने को मिला है। अब अस्पतालों और घरों में आइसोलेट कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 500 से कम हो गई है। प्रतिदिन 40 से कम कोरोना मामले रिकॉर्ड किए जा रहे हैं। डेथ रेट में भी काफी सुधार आया है। इस समय डेथ रेट 0.2 फीसदी है। 98 फीसदी के हिसाब से मरीज ठीक हो रहे हैं। इसके चलते सरकार ने ये फैसला लिया है कि जिन स्वास्थ्य कर्मचारियों व डॉक्टरों को सेवाविस्तार दिया गया था इस महीने के अंत तक उन सभी को रिटायर कर दिया जाएगा। प्रदेश सरकार ने अस्पतालों में ओपीडी और ऑपरेशन करने शुरू कर दिए हैं। जिन स्वास्थ्य कर्मियों को फील्ड ड्यूटी के लिया भजा गया था, उन्हें भी वापिस बुला लिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि कर्मचारियों को एक साथ नहीं, बल्कि धीरे धीरे बुलाया जा रहा है। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने बताया कि कोरोना पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है।
हिमाचल प्रदेश में जिला परिषद और पंचायत समिति वार्ड सदस्यों के चुनाव नतीजे घोषित किए जा चुके हैं। इस बार मुकाबला बहुत ही रोचक रहा। चुनाव में कई आउटसोर्स कर्मचारियों ने भाग लिया और जीत भी हासिल की। बिलासपुर के घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र की पंजगायी और बैरी ग्राम पंचायत से पंचायत समिति सदस्य मीनाक्षी, आउटसोर्स पर सुंदरनगर मंडी में तकनीकी शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं। उन्होंने बिलासपुर में भारी मतों से विजय प्राप्त की है। वहीं सिरमौर से भि प्रधान पद के प्रत्याशी सुरेंदर धीमान ने भी भारी मतों से पंचायत घंडूरी से विजय प्राप्त की हैँ। आउटसोर्स कर्मचारियों की इस जीत पर आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ ने ख़ुशी ज़ाहिर की है। महासंघ प्रदेश अध्यक्ष शैलेंदर शर्मा ने इसका सारा श्रेय विजयी प्रत्याशियों के दृढ संकल्प को देते हुए उनको बधाई दी है। उन्होंने उम्मीद जताई है की विजयी प्रत्याशी गरीब जनता व अपने इलाके का विकास करने एवं युवाओं को रोज़गार के अवसर प्रदान करते हुए विकास की और बढ़ेंगे। वहीं शिमला के बसंतपुर वार्ड से जिला परिषद चुन्नी लाल जो आउटसोर्स कर्मचारियों के हक़ की लड़ाई लड़ने के लिए जिला परिषद का चुनाव लड़ रहें थे उन्होंने भी विजय प्राप्त की है। शैलेंदर शर्मा ने उनसे वार्ता करते हुए उनको भी बहुत बहुत बधाई दी है। इसी के साथ शैलेंदर शर्मा ने सभी जीते हुए उम्मीदवारों को ढेर सारी शुबकामनाएं और हारे हुए उम्मीदवारों को हौंसला बढ़ाते हुए संदेश दिया की जीत हार से घबराना नहीं चाहिए। हारते वही हैँ जो मैदान -ऐ - जंग में उतरते हैँ। इस बार बहुत संख्या में युवाओं ने विजय हासिल की हैँ और आशा है वे समाज की भरपूर सेवा करेंगे। आम जन को और कई वर्षों से कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को उनसे बहुत उम्मीद है।
हिमाचल प्रदेश में जिला परिषद और पंचायत समिति वार्ड सदस्यों का चुनाव नतीजे घोषित हो चुके हैं। इसी के साथ प्रदेश को जिप के 239 और बीडीसी के 1638 नए सदस्य मिल गए हैं। इस बार चुनाव बहुत ही रोचक रहा। जहाँ एक तरफ युवाओं ने चुनाव में बढ़ चढ़ कर भाग लिया, वहीं जनता ने भी उन्हें अपना पूरा सहयोग दिया। ऐसे ही एक युवा है रिशु गर्ग उर्फ़ चुन्नी लाल जिन्हे जनता का भरपूर सहयोग मिला। शिमला के वार्ड 19 बसन्तपुर ज़िला परिषद से रिशु गर्ग ने जीत हासिल की है। उन्होंने पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा रख आउटसोर्स कर्मचारियों का समर्थन हासिल किया। उन्होंने पुरानी पेंशन बहाली, आंगनवाड़ी-आशा कार्यकताओं को नियमित करने, आउटसोर्स कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन दिलाने व उन्हें नियमित करवाने जैसे कई मुद्दों को आगे रखने व उन्हें पूरा करने के प्रयास करने की बात कही। साथ उन्होंने राजनीतिक संगठन से उपर उठकर क्षेत्र के विकास के लिए काम करने की भी बात कही। इससे उन्हें न केवल आउटसोर्स कर्मियाँ का साथ मिला बल्कि जनता ने भी उन्हें पूरा समर्थन दिया।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद शिमला महानगर द्वारा नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125 वी जयंती के उपलक्ष पर शिमला उपायुक्त कार्यालय के बाहर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस कार्यक्रम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत संगठन मंत्री गौरव अत्री अभाविप के राष्ट्रीय शोध कार्य प्रमुख डॉक्टर आलोक पांडे विशेष रुप से उपस्थित रहे। जानकारी देते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष विशाल सकलानी ने बताया की 23 जनवरी 1897 को जन्मे नेता जी भारत के स्वतन्त्रता संग्राम के अग्रणी तथा सबसे बड़े नेता थे। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान, अंग्रेज़ों के खिलाफ लड़ने के लिए, उन्होंने जापान के सहयोग से आज़ाद हिन्द फौज का गठन किया था। उनके द्वारा दिया गया जय हिंद का नारा भारत का राष्ट्रीय नारा बन गया है। "तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हे आजादी दूँगा" का नारा भी उनका था जो उस समय अत्यधिक प्रचलन में आया। उन्हें नेता जी के नाम से सम्बोधित करते हैं। संजौली महाविद्यालय इकाई अध्यक्ष करण सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने देश को आजादी दिलाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कटक के प्रोटेस्टेण्ट स्कूल से प्राइमरी शिक्षा पूर्ण कर 1909 में उन्होंने रेवेनशा कॉलेजियेट स्कूल में दाखिला लिया। कॉलेज के प्रिन्सिपल बेनीमाधव दास के व्यक्तित्व का सुभाष के मन पर अच्छा प्रभाव पड़ा। मात्र पन्द्रह वर्ष की आयु में सुभाष ने विवेकानन्द साहित्य का पूर्ण अध्ययन कर लिया था। 1915 में उन्होंने इण्टरमीडियेट की परीक्षा बीमार होने के बावजूद द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण की। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हर वर्ष नेताजी की जयंती हर्षोल्लास के साथ आयोजित करता है। इस वर्ष भारत सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को पराक्रम दिवस मनाने की घोषणा की है। विद्यार्थी परिषद अपने स्थापना काल से लेकर ऐसे महापुरुषों के सिद्धांतों पर चलती आई है। विद्यार्थी परिषद पूरे देश भर में नेता जी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को मनाती आई है और देश के युवाओ को इन सभी महापुरुषों के जीवन से प्रेरित करने का आह्वान देश के नौजवानों से करती है।
हिमाचल के रामपुर ब्लॉक से जिला परिषद् के वार्ड नंबर-2 झाकड़ी वार्ड से CPI समर्थित कविता कंटु ने जीत हासिल की है। कविता कंटु अभी महज 25 साल की है। उनके प्रतिद्वंदी कांग्रेस और भाजपा संबंधी थे। वह कई सालों से राजनीती करते आ रहे है, और उनमें से कुछ प्रत्याशी प्रधान भी रहे है। पहली बार राजनीती में उत्तरी कविता ने इन सभी प्रत्याशियों को हार का मुँह दिखाया है। कविता ने 4561 मत लेकर 13 वोटों से जीत हासिल की। बता दें की कविता कंटू अपने माता पिता की इकलौती संतान है। उन्होंने इतिहास विषय में एमफील की हुई है, और साथ ही यूजीसी की नेट की परीक्षा भी उत्तीर्ण की है। पढ़ाई के साथ-साथ वे छात्र राजनीती में भी सक्रीय रही है।
जिला परिषद् चुनाव में शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस का कब्जा बरकरार रहा है। हलोग धामी में जिला परिषद् का मुकाबला काफी रोचक रहा है। कांग्रेस ने घणाहट्टी की पूर्व प्रधान प्रभा वर्मा 202 वोटों से विजयी रही है। उन्होंने अपनी निकटम प्रतिद्व्दी अनीता शर्मा को मात दी है, और भाजपा समर्थित प्रत्याशी आखिरी स्थान पर रही है। वहीं विक्रमादित्य सिंह ने कांग्रेस प्रत्याशी की जीत पर मतदाताओं का आभार जताया है। बात दें की प्रभा वर्मा को 4543 वोट प्राप्त हुए। अनीता शर्मा को 4341 मत प्राप्त हुए है। विजय ठाकुर को 4187 मत मिले है, जबकि भाजपा समर्थित कमलेश 3633 मत हासिल कर सबसे आखिरी पायदान पर रही है।
हिमाचल प्रदेश में जिला परिषद और पंचायत समिति वार्ड सदस्यों का चुनाव नतीजे शुक्रवार को घोषित किए गए। प्रदेश भर के कुल 80 ब्लाक मुख्यालयों में सुबह आठ बजे से जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के वोटों की गिनती शुरू हो गई थी। कई जगह मतगणना शनिवार सुबह करने का फैसला लिया गया है। प्रदेश को जिप के 239 और बीडीसी के 1638 नए सदस्य मिलेंगे। शिमला में कांग्रेस का दबदबा 1. त्यावल ज्यूरी से चंद्र प्रभा (कांग्रेस) 2. झाकड़ी से कविता 13 वोट से जीती (माकपा) 3. नरैण से त्रिलोक चंद (कांग्रेस) 4. बगलती से हुकुम चंद (कांग्रेस) 5. सीमा रणटाडी से उर्मिला(भाजपा) 6. खशधार से मोनिता चौहान(कांग्रेस) 7. अढ़ाल से सुरेंद्र सिंह (कांग्रेस) 8. टिक्कर से भारती जनारथा (निर्दलीय) 9. सरस्वती नगर से कौशल मुंगटा (कांग्रेस) 10. बढ़ाल से विशाल (माकपा) 11. कलबोग अनिल काल्टा (भाजपा) 12. सरांह-परिणाम आना बाकी 13. मझौली-परिणाम आना बाकी 14. पौड़िया-परिणाम आना बाकी 15. घोड़ना-परिणाम आना बाकी 16. देवरी-वोटिंग जारी 17. केलवी-वोटिंग जारी 18. बल्देआं से रीना (कांग्रेस) 19. बसंतपुर से चुन्नी लाल (माकपा) 20. कुमारसैन से उज्जवल सेन (कांग्रेस) 21. भुट्टी से सुभाष (आजाद) 22. चमियाणा से लता वर्मा (कांग्रेस) 23. जुन्गा से संतोष शर्मा (कांग्रेस) 24. हलोग धामी से प्रभा वर्मा (कांग्रेस)
हिमाचल बर्फानी तेंदुए व इसके शिकार बनने वाले जानवरों का मूल्यांकन करने वाला पहला राज्य बन गया है। राज्य वन विभाग के वन्यप्राणी प्रभाग ने प्रकृति संरक्षण फाउण्डेशन बेंगलुरू के सहयोग से राज्य में बर्फानी तेन्दुए की आबादी का आकलन पूरा किया है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मन्त्रालय के स्नो लैपर्ड पोपुलेशन असैसमेन्ट इन इण्डिया के प्रोटोकोल के आधार पर बर्फानी तेन्दुए का इस प्रकार का आंकलन करने वाला हिमाचल प्रदेश पहला राज्य बन गया है। बर्फानी तेन्दुआ हिमाचल प्रदेश का राज्य पशु है इसलिए प्रदेश के लिए इस आकलन का विशेष महत्व है। उल्लेखनीय है कि हिमाचल में बर्फानी तेन्दुए की अनुमानित आबादी 73 है। वन मन्त्री राकेश पठानिया ने इस प्रयास के लिए वन्यप्राणी प्रभाग की सराहना करते हुए कहा कि लम्बी अवधि के ऐसे आकलन ज़मीनी स्तर पर संरक्षण के प्रभाव का पता लगाने में काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं और हिमाचल प्रदेश दूसरे राज्यों के लिए एक उदाहरण भी बन सकता है। राकेश पठानिया ने कहा कि राज्य में इस प्रकार के अध्ययन के परिणाम वन्य प्राणी प्रभाग द्वारा भविष्य में बर्फानी तेन्दुए और उसके जंगली शिकार की आबादी का आकलन करने के लिए एक लम्बी अवधि की परियोजना स्थापित करने के लिए एक मज़बूत आधार प्रदान कर सकते हैं। प्रधान मुख्य अरण्यपाल वन्य प्राणी अर्चना शर्मा ने कहा कि हिम तेंदुए का घनत्व 0.08 से 0.37 प्रति सौ वर्ग किलोमीटर है। स्पीति, पिन घाटी और ऊपरी किन्नौर के हिमालयी क्षेत्रों में बर्फानी तेन्दुए और उसके शिकार जानवरों आइबैक्स और भरल का घनत्व सबसे अधिक पाया गया। पहाड़ी इलाकों में कैमरा ट्रैप की तैनाती किब्बर गांव के आठ स्थानीय युवाओं की एक टीम के नेतृत्व में की गई थी। इस तकनीक के अंतर्गत एचपीएफडी तकनीक के 70 से अधिक फ्रंटलाइन स्टाफ को भी परियोजना के हिस्से के रूप में प्रशिक्षित किया गया। उन्होंने कहा कि सभी दस स्थलों- भागा, हिम, चंद्र, भरमौर, कुल्लू, मियार, पिन, बसपा, ताबो और हंगलंग में हिम तंेदुए का पता चला। भागा अध्ययन से यह पता भी चला है कि बर्फानी तेन्दुए की एक बड़ी संख्या संरक्षित क्षेत्रों के बाहर है जो यह दर्शता है कि स्थानीय समुदाय हिम तेंदुए के परिदृश्य में संरक्षण के लिए सबसे मजबूत सहयोगी हैं। एनसीएफ और वन्य जीव विंग ने इस प्रयास में सहयोग किया और मूल्यांकन को पूरा करने में तीन साल लग गए।
हिमाचल प्रदेश में कोरोना टीकाकरण अभियान ज़ोरों पर है। कोरोना वैक्सीन की पहली खेप में हिमाचल को 93 हज़ार डोज़ मिले थे। अब, प्रदेश को 87500 और टीके मिल गए हैं। केंद्र ने पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज भेजी है। स्वास्थ्य विभाग ने इन टीकों को वैक्सीन सेंटर में भेजने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रदेश में 16 जनवरी से शुरू हुए अभियान के तहत अब तक 5112 लोगों को टीके लगाए जा चुके हैं। प्रदेश में वैक्सीनेशन की दर 60 से 70 प्रतिशत के बीच है। कांगड़ा में सबसे ज्यादा 1044 फ्रंटलाइन वर्करों को वैक्सीन लगाई गई है। मंडी में 676, हमीरपुर 639, ऊना 443, सोलन 405, बिलासपुर 279, चंबा 210, किन्नौर 79, कुल्लू 282, लाहौल-स्पीति 226, शिमला 312, सिरमौर 192 फ्रंटलाइन वर्करों की वैक्सीनेशन की गई है।
हिमाचल प्रदेश में जिला परिषद और पंचायत समिति वार्ड सदस्यों का चुनाव नतीजे शुक्रवार को घोषित किए गए। प्रदेश भर के कुल 80 ब्लाक मुख्यालयों में सुबह आठ बजे से जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के वोटों की गिनती शुरू हो गई थी। पंचायत समिति के 1638 और जिला परिषद के 239 वार्डों के परिणाम घोषित कर दिए गए है। Latest Update.... कुल्लू में जिला परिषद के लिए रेखा गुलेरिया निर्वाचित। सिरमौर में जिला परिषद के शिलांजी वार्ड से भाजपा के सतीश ठाकुर विजयी घोषित। जिला परिषद के देवठी मझगांव वार्ड से कांग्रेस के विनय भगनाल जीते। नरेश कुमार दर्जी 767 मतों से विजयी घोषित। जिला परिषद के अणु वार्ड से भाजपा प्रत्याशी व निवर्तमान जिला परिषद सदस्य और भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की सदस्य बीना कपिल 2500 मतों से चुनाव हार गई हैं। कांग्रेस ने अनुसूचित जाति विभाग के जिला अध्यक्ष होशियार सिंह जबकि भाजपा ने पूर्व पंचायत प्रधान महेंद्र सिंह को चुनाव में उतारा था। जिला परिषद वार्ड नंबर-5 नरेश कुमार उर्फ दर्जी को 6830, महेंद्र कुमार 6063 और होशियार सिंह 2830 को मत प्राप्त हुए। नरेश कुमार दर्जी 767 मतों से विजयी घोषित। जिला परिषद के अणु वार्ड से भाजपा प्रत्याशी व निवर्तमान जिला परिषद सदस्य और भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की सदस्य बीना कपिल 2500 मतों से चुनाव हार गई हैं। कांग्रेस की आशा ठाकुर जिला परिषद चुनाव जीत गई हैं। मंडी के भराडू जिला परिषद वार्ड से माकपा के कुशाल भारद्वाज ने भाजपा के भागीरथ को 383 मतों से हराया ऊना के बसाल जिला परिषद वार्ड से कांग्रेस समर्थित उर्मिला शर्मा विजयी घोषित सिरमौर के राजगढ़ शालंजी से सतीश ठाकुर जिला परिषद निर्वाचितजिला परिषद राजगढ़ में देवठी मझगांव से विनय भगनाल जीते मंडी के धर्मपुर से जिला परिषद के ग्रेहोय वार्ड से भाजपा महिला मोर्चा हि.प्र की महामंत्री व महेंद्र सिंह की बेटी वंदना गुलेरिया विजय घोषित राजगढ़ शालंजी से सतीश ठाकुर जिला परिषद निर्वाचित जंगल रोपा वार्ड नंबर 5 से जिला परिषद नरेश कुमार दर्जी ने जीत की हासिल
हिमाचल प्रदेश में जिला परिषद और पंचायत समिति वार्ड सदस्यों का चुनाव नतीजे शुक्रवार को घोषित किए गए। प्रदेश भर के कुल 80 ब्लाक मुख्यालयों में सुबह आठ बजे से जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के वोटों की गिनती शुरू हो गई थी। पंचायत समिति के 1638 और जिला परिषद के 239 वार्डों के परिणाम घोषित कर दिए गए है। शिमला की पंचायत समिति में ये रहे नतीजे ब्लॉक टुटू के वार्ड 1 पाहल से सरोज विजयी घोषित टुटू के वार्ड 2 धुधाहलटी से खेमावती विजयी वार्ड 3 सांगटी से निधि ठाकुर विजयी कोटखाई में वार्ड नंबर 6 थरोला-बगाहर से कमलेश विजयी घोषित कुमारसैन के करेवथी फराल वार्ड से जीवन विजय हूए सोलन की पंचायत समिति में ये रहे नतीजे विकास खंड सोलन के नतीजे जाबल झमरोट से अमर सिंह जाडली से सुशील कुमार शडियाणा से देवेंद्र शर्मा देवठी से भानू शर्मा ओच्छघाट से अनिता बीडीसी निर्वाचित सोलन शमरोड से कालीराम निर्वाचित कसौली के कृष्णगढ़ से शिवानी वार्ड 5 बसाल से कुसुमलता सलोगड़ा से नेहा कश्यप बनी बीडीसी सदस्य जौणजी से लक्ष्मी दत बीडीसी निर्वाचित विकास खंड नालागढ़ के नतीजे घोलोंवाल सुरजीत कौर बघेरी से दाता राम मस्तानपुर से रविंद्र सिंह जोघों से हरदीप कुमार कुंडलू से हंसराज जुखाड़ी से सुमन नंड से अंजना देवी विकास खंड कुनिहार के नतीजे मांगल से वनिता सेवड़ा चंडी से मनीष दानोघाट से कांता देवी कोटली से गीता पलोग से सुनीता घनागुघाट से दीपिका कोठी से देवेंद्र तनवर कुनिहार से कमल ठाकुर शहरोल से बलदेव बलदेव डुमेहर से प्रताप सिंह बने बीडीसी सदस्य विकास खंड धर्मपुर के नतीजे बढलग से अमर लाल गोयला आशा कुमारी दाड़वा से जमना देवी जाडला से सुनील ठाकुर कृष्णगढ़ से शिवानी रौडी से मनोज जगजीत नगर से कमलेश कुमारी विकास खंड कंडाघाट के नतीजे छावशा चंदू राम तुंदल से प्रवीण बीशा से विजय बांजणी से राधा चायल से सत्या देवी धंगील से आंचल हिन्नर से मनीष ठाकुर सिरिनगर् मही से पुनीत कवारग से कुंता देवी हमीरपुर पंचायत समिति में ये रहे नतीजे बीडीसी बार्ड नंबर 1 : अमरोह व हनोह पंचायत से राजेन्द्र सिंह विजयी बीडीसी बार्ड नंबर 2 : कक्कड़ व भुक्कड़ पंचायत से अंजू कुमारी विजयी बीडीसी बार्ड नंबर 3 पपलाह से अनिता शर्मा बीडीसी बार्ड नंबर 4 धमरोल से रेशमु देवी बीडीसी बार्ड नंबर 5 धिरड़ से सरिता कुमारी वार्ड नंबर 1 शेर बलोणी से सतीश कंबल वार्ड नंबर 2 ब्राहलड़ी से नीतू रानी वार्ड नंबर 3 फरनोल से अंकुश वार्ड नंबर 4 नारा से हरीश शर्मा वार्ड नंबर 5 जंगलरोपा से सुनीता देवी वार्ड नंबर 6 ददूही से संजीव कुमार वार्ड नंबर 7 बजूरी से रेखा कुमारी वार्ड नंबर 8 नेरी से मीना कुमारी वार्ड नंबर 9 मझोग सुल्तानी से मधु देवी वार्ड नंबर 10 कुठेड़ा से नीलम कुमारी वार्ड नंबर 11 ख्याह लोहखरियां से प्रकाश चंद वार्ड नंबर 12 बस्सी झनियारा से संजीव कुमार वार्ड नंबर 13 अणु से कांता देवी वार्ड नंबर 14 बल्ह से सुमन लता वार्ड नंबर 15 दरोगण पति कोट से राजीव कुमार भोरंज ब्लॉक के वार्ड नंबर-2 कक्कड़ बीडीसी प्रत्याशी अंजु कुमारी बिझडी ब्लॉक के मोरसु सुल्तानी वार्ड से मंजु कुमारी विजयी सौर वार्ड से विनोद कुमार बीडीसी चमनेड़ और पंधेहड़ से सीमा देवी जीती ऊना पंचायत समिति में ये रहे नतीजे ऊना ब्लॉक के धमांदरी से जगत सिंह बीडीसी चुने गए गगरेट ब्लॉक के जाडला कौयड़ी से प्रिंस जसवाल बीडीसी जीते हरोली ब्लॉक लोअर पंजावर से सुखविंदर कौर बीडीसी जीती बंगाणा ब्लॉक के सोहारी वार्ड से सौरभ कुमार बीडीसी चुने गए अंब ब्लॉक के नारी चिंतपूर्णी से ज्योति ठाकुर बीडीसी जीती गिन्दपुर मलौन से केवल सिंह बीडीसी जीते भटेड से निर्मला देवी बीडीसी जीते बंगाणा ब्लॉक के चौकी खास से अनीता कुमारी बीडीसी जीती टकोली से पूनम कुमारी जीती पनोह से रमेश सैनी बीडीसी जीते धमांदरी से जगत सिंह बीडीसी चुने गए बल्ह से मोनिका बीडीसी बने निशा देवी गगरेट बीडीसी जीती चलोला वार्ड से शोभित गौतम बीडीसी जीते मुबारिकपुर से सुरजीत जीते बीडीसी सोहरी से सौरभ कुमार बीडीसी जीते पंचायत समिति काजा में ये रहे नतीजे पंचायत समिति काजा से टकपा तोनयोत विजयी बीडीसी काजा वार्ड-दो से छेरिंग दिकित विजयी घोषित खुरिक वार्ड से पदमा दिकित विजयी पचायत विकास समिति मंडी के नतीज पंचायत समिति सराज के नतीजे रोड रीना देवी सिल्लीबागी लीला देवी बागाचुनोगी गुरुदेव भाटकीधार चूड़मणी तुगांधार नीलकमल सुनाह लंबाथाच ज्ञान चंद चियुणी नर्वदा थुुनाग पार्वती देवी लेहथाच डोलमा देवी बगड़ाथाच संतोष छतरी देवेंद्र कुमार ब्रियोगी बिहारी लाल नेहरा (मेहरीधार) प्रोमिला संगलवाड़ा चेतन कुमार बुंग रैलचौक लायक राम विकास खंड गोपालपुर मंडी चौरी अंजना कुमारी थौना अंजना देवी भद्रवाड विनित कुमार गैहरा रीता देवी जमनी अभिषेक कुमार गाहर गीता देवी पटडीघाट राजेश कुमार धनालग कर्मसिंह पंचायत समिति सुंदरनगर के नतीजे प्रेसी मीना कुमारी कलौहड महेश शर्मा खिलड़ा गीता देवी निहरी तेजेंद्रा कुमारी चमुखा हेम राज कपाही कुंता देवी मरहडा बदैण डैहर राज कुमार बरोटी जगतनाथ चनोल सुंदर सिंह सलवाणा धनवंत जड़ोल चंपा देवी बायला श्याम सिंह बटवाड़ा राजकुमार सलापड़ कॉलोनी विनीत ठाकुर सलापड़ शारदा देवी सेरी कोठी डिंपल देवी बंदली रूप सिंह सोझा गीता देवी मलोह अमरू राम घीड़ी नरेंद्र कुमार रोहांडा हेम चंद पौड़ा कोठी मीना देवी छातर हंसा देवी कनैड नर्वदा देवी डुगराई ताहिर हुसैन महादेव वीरेंद्र सिंह निचली बैहली माया देवी चांबी सुमन जैदेवी सुनीता कुमारी पंचायत समिति पच्छाद , पांवटा साहिब और नाहन के नतीजे पच्छाद के बजगा निर्वाचन क्षेत्र से ममता देवी पच्छाद के सुरला जनोट में भावना पच्छाद के बाग पशोग से सुरेंद्र नेहरू पच्छाद के डिलमन से सोहन लाल पांवटा साहिब के दुगना से नीता देवी विजयी रही पांवटा साहिब के कमरऊ से प्रताप सिंह पांवटा साहिब के कोडगा से प्रवेश कुमार लानाबांका से सुख चैन सिंह जीते बजगा से ममता देवी नौराधार वार्ड 1 से माधुरी बीडीसी जीती सराहां वार्ड 6 से शकुंतला देवी ने मारी बाज़ी देऊठी मजगाँव से संतोष कुमारी वार्ड नंबर 5 थाना कसोगा से जय सिंह शिलाई के ग्वाली से प्रकाश शिलाई के कोटापाब से मैदान सिंह नाहन के विक्रमबारा से सुनील कुमार जीते पंचायत समिति राजगढ़ के नतीजे कोटी पधोग से रणवीर शाया सनौरा से जितेंद्र कुमार नेहरटी बघोट से रक्षा देवी हाब्बन से सरोज शर्मा दाहन से निधिका कुमारी बोहल से टालिया प्रदीप कुमार दीदग से कमलेश शर्मा (निर्विरोध) भुईरा से अमिता देवी काथली भरण से रणजीत टिक्कर से संजीव करगाणु से सुमन शिलांजी से सत्यपाल राणाघाट से शकुंतला डिब्बर से प्रेम सिंह देवठी मझगांव से संतोष कुमारी संगड़ाह के सैंज से मेलाराम शर्मा पंचायत समिति चंबा के नतीजे घोषित भनौटा से अर्चना कुमारी सलूणी से विनोद कुमार जीते किन्नौर पंचायत समिति के नतीजे छोटा कम्बा वार्ड में सुजाता देवी विजयी कुल्लू पंचायत समिति के नतीजे पलचान से रेशमा बीडीसी जीती बंदरोंल से जीते गणेश ठाकुर वार्ड नंबर 17 कसोल पुथल से जीती ठाकरी देवी नम्होग वार्ड से आशा ठाकुर विजयी प्रीणी पंचायत समिति से किशोरी लाल बराधा में प्रवीण ठाकुर जीते भड़ेऊली वार्ड नं० 1 से पंच पद पर विजेता विनीत कुमार मौहल से जीते राजेश ठाकुर भुइँन वार्ड से जीते पंडित राजन कात्यायन वार्ड नंबर 7 मंगलौर से कमलेश ठाकुर (हैप्पी) जीते वार्ड 19 जरी बरधा से प्रवीण ठाकुर वार्ड 20 जलुग्रां से लता देवी वार्ड 30 देवगढ़ गोही से रेशमा देवी वार्ड 1 बन्दरोल पंचायत से गणेश ठाकुर वार्ड 16 वर्शेणी से सुवित्रा देवी जरड़ भुट्टी शमशी पंचायत से उषा देवी पंचायत विकास समिति बिलासपुर के नतीजे कुलदेईल से रंगी राम बीडीसी निर्वाचित बरमाणा से सीता देवी जीती स्वारघाट से वीणा देवी कुथैला वार्ड से रंगी राम जीते टाली से बबली देबी बनी BDC सदस्य ननावां से रमेश धीमान बने BDC सदस्य मेहरी काथला से बीडीसी सीट से सतीश ठाकुर जीते बरठी से धर्मु बने BDC सदस्य बैहनाजट्टा से अनिल कुमार बने BDC सदस्य मैहरी काथला से सतीश ठाकुर बने BDC सदस्य झंडूता वार्ड 1 बरठी से धर्मु जीते घुमारवीं के वार्ड 4 मेहरी काथला से सतीश कुमार विजयी रहे धार टटोह से हिरा पल 995 से जीते समोह से रीना बनी BDC सदस्य कुहमुझाड से कमला देवी बनी BDC सदस्य साईं खारसी से आत्म देव बने BDC सदस्य हरलोग से सन्तोष चंदेल बने BDC सदस्य धौण कोठी से सपना देवी बनी BDC सदस्य हरनोडा से अशोक कुमार पंजगाई से मीनाक्षी छौहारा से वार्ड 6 खशाधार से सरोज बाला सुई सुरहाड से सीता राम बने BDC सदस्य डमली से कान्ता देवी जीतीं तलयाणा से अति देबी कांगड़ा पंचायत समिति के नतीजे विकास खंड कांगड़ा पलेरा कंचना देवी नंदरूल स्नेह लता चकवन समीरपुर स्वरूप सिंह सहौडा बबली देवी दौलतपुर अनीता देवी खोली नवल किशोर मटौर विक्रम जीत अनसोली कविता देवी धुरकडी बबिता बीरता मुकेश कुमारी जोगीपुर कांता सरोच हलेडकलां ममता तकीपुर सुनीता देवी बलोल उर्मिला देवी रानीताल अनीता देवी झिकली इच्छी मीतू देवी रजियाना 53 मील देव राज सदरपुर सुशील कुमार हार जलाडी परीश कुमार बालू गलोआ सुरजीत सिंह मोरठ जसाई संजीव कुमार डडोली शेर सिंह अपपर लंज प्रीतम चंद जमानाबाद विकास चौधरी तियारा परमिंदर सिंह विकास खंड लंबागांव बरड़ाम सुषमा देवी कोटलू अमित कुमार रिट रितु देवी द्रमण कर्म सिंह आशापुरी हरवीन कौर मझेड़ा कुसुम लता टंबर मधु देवी मत्याल रिशव मल्होत्रा कूड़ंग ममता देवी मोलग संजीव कटोच संघोल विजय कुमार हलेड़ जगदीश चंद बागकुलंजा बिंता देवी कर्णघट्ट अमीश कुमार अप्पर ठेहड़ू कुलवंत राणा लंबागांव अनिता सूद तलवाड़ अनिता कुमारी सकोह कविता रानी जांगल विनय खरोटिया कूहण अश्विनी कुमार विकास खंड भवारना लमलेहड़ बृज स्वरूप नछीर तनु देवी सलोह प्रेमदा कुमारी कूलंड संजय कुमार लाहला रविंद्र कुमार राख रेखा देवी रमेहड़ महेंद्र सिंह मैंझा अनीता कुमारी फरेढ रक्षा देवी डाढ संतोष कुमारी परौर सुनीता कुमारी ठंडोल डिप्पल कुमार कोठी पाहड़ा राजेश कुमार भवारना सोनी गुप्ता घनेटा पवन कुमार दराटी विकास खंड बैजनाथ कोठी सिकंदर सिंह चोबीन अनिल कुमार महाकाल शिवानी सकडी तिलक चंद महालपटट संजय कुमार खडानाल पूजा देवी माधो नगर तिलक राज हरेड ववली अवेरी सुमना ननाहर दौलत नैण राजेंद्र कुमार मझेरणा अश्वनी कुमार दियोल चमन लाल धरेड रितू संसाल राधा देवी बीड़ स्नेह लता क्योरी राजकुमार बडा़ ग्रां कविता मुल्थान शांता कुमारी स्वाड प्रीति देवी विकास खंड नुरपूर पंजाहड़ा कृष्ण कुमार पुंदर प्रवीन कुमारी ठेहड़ राजरानी खज्जन लदोड़ी रीता देवी सदवां राकेश कुमार कोटपलाहड़ी विमला देवी लोहारपुरा संजय कुमार ममूहगुरचाल मदनलाल भड़वार बीना देवी धनेटीगारला नवीन सिंह खैरियां कमला देवी चरूड़ी पुष्पिदंर गहींलगोड़ संजीव कुमार छतरोली हरदेव सिंह कुलाहण ममता देवी वासा रछपाल खन्नीझिकली निशा कमनाला सुरेश कुमारी औंद काहन सिंह भलेटा शमशेर थोड़ा कुसुम देवी रिटउपरली सरोज बाला वरडां शकुंतला खन्नीउपरली संदीप लता
Soon after the polls for the Panchayat Samitis and Zila Parishad in Himachal Pradesh ended on Thursday, the counting of votes started early this morning. The candidates are making arguments against these elections as independents and not on party symbols. According to the State Election Commission, the election process will be completed by January 23. In the third and last stage of the panchayat elections on Thursday, nearly 81 percent turnout was recorded. The highest polling was listed to be 94 percent in Lodhi Majra panchayat of the Nalagarh development block in Solan. A total of 1,137-gram panchayats had gone to the polls in the last round of the three-phase panchayat Elections. In the first phase of the elections, a total of 1,227 panchayats had gone to the polls. In the second phase on Tuesday, the polling took place in over 1,208 panchayats. The state has 3,615-gram panchayats, of which polling was held for 3,583, except 32 in Keylong of Lahaul-Spiti district.
प्रदेश के पूर्ण राज्यत्व के अवसर पर 25 जनवरी, 2021 को आयोजित हाने वाले स्वर्ण जयन्ती समारोह को लेकर से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि पूर्ण राज्यत्व दिवस समारोह जिला व उप-मण्डल स्तर पर शानदार तरीके से आयोजित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी उपायुक्त स्वर्ण जयन्ती समारोह के विषय पर जिला मुख्यालय स्तर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित करना सुनिश्चित करें। इसी प्रकार, उपमण्डलाधिकारी भी उपमण्डल स्तर पर इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे। उन्होंने कहा कि सम्बन्धित जिलों में कार्यक्रमों को इस प्रकार से आयोजित किया जाए कि प्रातः 11 बजे तक ये सम्पन्न हो जाएं। जिलों और उपमण्डल स्तर पर कार्यक्रमों के आयोजन के उपरांत शिमला में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन होगा, जिसका इन सभी स्थानों पर सीधा प्रसारण किया जाएगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि क्षेत्र के प्रसिद्ध व्यक्तियों के अलावा विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल करने वाले लोगों को कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित होने का आग्रह किया जा सकता है। इसके साथ-साथ सम्बन्धित क्षेत्रों के पंचायती राज संस्थानों के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों और शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जा सकता है। इस आयोजन का हिस्सा बनने के लिए महिला मण्डलों, युवक मण्डलों और अन्य निकायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि समारोह में पारस्परिक दूरी बनाकर और फेस मास्क का उपयोग करते हुए बैठने के उचित प्रबन्ध सुनिश्चित किए जाने चाहिए। मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों को सम्बन्धित जिलों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की स्वयं निगरानी करने के निर्देश दिए। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए उपायुक्तों ने अपने बहुमूल्य सुझाव दिए। सचिव सामान्य प्रशासन देवेश कुमार ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर, निदेशक पर्यटन युनूस, विशेष सचिव राकेश कंवर, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी, निदेशक सूचना एवं जन सम्पर्क हरबंस सिंह ब्रसकोन, निदेशक भाषा, कला एवं संस्कृति सुनील शर्मा, नगर निगम आयुक्त आशीष कोहली, पुलिस अधीक्षक शिमला मोहित चावला, संयुक्त सचिव सचिवालय प्रशासन सचिन कंवल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया।
जिला शिमला में पंचायती राज संस्थाओं के तृतीय एवं अन्तिम चरण के लिए शाम 4 बजे तक 72.40 प्रतिशत मतदान हुआ। विकास खण्ड ठियोग में शाम 4 बजे तक सबसे अधिक 78.6 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाला। वहीं, रोहड़ू में 67.3 फीसदी, नारकंडा ब्लॉक में 67.6 फीसदी व जुब्बल कोटखाई में 69.2 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ। इसके साथ जिला में कुल 72.40 प्रतिशत वोटिंग हुई। वोटिंग के दौरान हर आयु वर्ग के मतदाताओं में उत्साह देखा गया। पहली बार वोट डालने वाले युवाओं से लेकर वयोवृद्ध मतदाताओं ने अपने मूल्यवान मत का इस्तेमाल किया। वहीं, कल 22 जनवरी को जिला परिषद तथा बीडीसी सदस्यों के लिए मतगणना की जाएगी। वोटों की गिनती सुबह 8.30 बजे से शुरू होगी। सबसे पहले सभी पंचायत समितियों के लिए गिनती होगी और फिर जिला परिषद के लिए मतगणना शुरू होगी।
कोरोना संक्रमण के चलते दस महीने से स्कूल बंद रहने के बाद हिमाचल प्रदेश में स्कूल एक फरवरी से खुलने जा रहे है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने 6 जनवरी को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ हुए विद्यार्थीयो के संवाद में मिले सुझावों को लेकर निर्देश जारी कर दिए है। 15 फरवरी से स्कूल खुलने के बाद भी अगर दसवीं और बारहवीं कक्षा के विद्यार्थी स्कूल नहीं आते है, तो इनके ऑनलाइन यूनिट टेस्ट होंगे। सरकार ने फैसला लिया है कि मार्च में प्रस्तावित प्री बोर्ड परीक्षाओं से पहले दोनों कक्षाओं के विद्यार्थियों के ऑनलाइन और ऑफलाइन यूनिट टेस्ट लिए जाएंगे। प्री बोर्ड परीक्षा में कम अंक लेने वाले विद्यार्थियों की अप्रैल में एक्सट्रा क्लासिज लगाई जाएगी। उच्च शिक्षा निदेशक की ओर से बुधवार को स्कूल प्रिंसिपलों को पत्र जारी किया गया। जिसमे कहा गया है कि हर सप्ताह ऑनलाइन यूनिट टेस्ट लेने की व्यवस्था की जाए। जो विद्यार्थी स्कूल नहीं आएंगे, उनके यूनिट टेस्ट व्हाट्सएप के माध्यम से लिए जाएं। जो विद्यार्थी स्कूल आएंगे, उनके टेस्ट कक्षा में लिए जाएं। इसके अलावा स्कूल खुलने पर अप्रैल 2020 में पढ़ाए गए सिलेबस की रिवीजन शुरू करने को भी कहा है। विद्यार्थियों को पूरा सिलेबस पढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं। विद्यार्थियों की पढ़ाई से संबंधित शंकाओं को दूर करने के लिए विशेष सत्र करने के निर्देश भी दिए हैं। जिला उपनिदेशकों को इन सभी फैसलों का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेवारी सौंपी गई है।
हिमाचल पथ परिवहन निगम को जल्द ही 400 चालक मिलेंगे। चालकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शिमला की मंडलीय कार्यशाला तारादेवी में प्रतिभागियों के ड्राइविंग टेस्ट लिए जा रहे हैं। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए 8 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी गई है। इसमें 100 से अधिक प्रतिभागी यहां ड्राइविंग टेस्ट दे रहे हैं। एचआरटीसी के महाप्रबंधक नवीन कप्लस की अगुवाई में ड्राइविंग टेस्ट के लिए कमेटी गठित की गई है। कमेटी में उप मंडलीय प्रबंधक पवन शर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक तारादेवी विनोद शर्मा सहित निगम के चार डिवीजनों से एक-एक ड्राइविंग इंस्ट्रक्टर शामिल हैं। बता दें कि हिमाचल पथ परिवहन निगम के पास 400 चालकों के पदों के लिए करीब नौ हजार आवेदन आए हैं। इसमें न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता दसवीं कक्षा है। निगम में चालक की भर्ती अनुबंध आधार पर हो रही है। ये चालक तीन साल तक अनुबंध पर रहेंगे। इसके बाद नियमित होंगे। चालकों के ड्राइविंग टेस्ट 31 जनवरी तक लिए जाएंगे।
हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के तीसरे और अंतिम चरण के चुनाव होने जा रहे है। आज 1137 पंचायतों में मतदान हो रहा है। मतदान सुबह आठ बजे शुरू हुआ और शाम 4 बजे तक जारी रहेगा। इसके बाद 4 से 5 बजे तक कोरोना संक्रमित होम क्वारंटीन मतदाता वोट डालेंगे। पंचायतों में मतदान के बाद वोटों की गिनती होगी और देर शाम तक नतीजे घोषित किए जाएगें । इस दौरान जिला परिषद और पंचायत समिति के वार्ड सदस्यों के लिए भी मतदान होगा और इनके चुनाव नतीजे 22 जनवरी को घोषित होंगे। सभी मतदान केंद्रों को मतदान से एक दिन पहले सैनिटाइज कर दिया गया है। बता दें की राज्य में चुनाव आयोग ने तीसरे चरण के चुनाव के लिए 6457 पोलिंग पार्टी को तैनात कर रखा हैं ताकि मतदान शांतिपूर्ण हो सकें। प्रत्येक मतदान केंद्र में सुरक्षा के लिए एक पुलिस कर्मी और एक होम गार्ड का जवान तैनात किया गया है। अतिसंवेदनशील और संवेदनशील मतदान केंद्रों में चुनाव आयोग ने सुरक्षा के अतिरिक्त प्रबंध किए हैं। राज्य चुनाव आयोग ने कोरोना संक्रमण से बचने के लिए मतदान के लिए खास दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ की मतदान केंद्रों में स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती भी की गयी है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि विधायक प्राथमिकताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए क्योंकि वे निर्वाचित प्रतिनिधि हैं और उन्हें संबंधित क्षेत्रों की विकासात्मक आवश्यकताओं और जन आकांक्षाओं की बेहतर जानकारी होती है। यह बात उन्होंने योजना विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महसूस किया गया है कि विधायक प्राथमिकताओं में अक्सर विलम्ब हो जाता है क्योंकि संबंधित विभागों द्वारा समय पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार नहीं की जाती है। विधायकों को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को अंतिम रूप देते समय विश्वास में लिया जाना चाहिए और इसे तैयार करने में विलम्ब के कारणों के बारे में भी उन्हें अवगत करवाया जाना चाहिए ताकि इस दिशा में उचित कदम उठाए जा सकें। उन्होंने कहा कि विधायकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर योजना के बारे में जिला स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे लीक से हटकर सोचें और अपने जिले में कम से कम एक विशेष योजना शुरू करें। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी ने समूचे विश्व को प्रभावित किया है, जिसके लिए कोई तैयारी नहीं थी। उपायुक्तों को आगामी वित्तीय वर्ष के लिए बजट में शामिल करने के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव देने चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य में लागू होने वाली सभी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए प्रभावी निगरानी तंत्र भी विकसित किया जाना चाहिए। एफसीए और एफआरए स्वीकृतियों पर विशेष बल दिया जाना चाहिए क्योंकि इनके कारण कई बड़ी परियोजनाओं में विलम्ब हो जाता है। उन्होंने कहा कि विकासात्मक परियोजनाओं के निष्पादन में देरी की जांच के लिए जवाबदेही तय की जानी चाहिए। जय राम ठाकुर ने कहा कि आरआईडीएफ-एक्सएक्सवीआई के अन्तर्गत लोक निर्माण विभाग में 500 करोड़ रुपये की 114 परियोजनाएं जबकि जल शक्ति विभाग में 300 करोड़ रुपये की 137 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इन परियोजनाओं को पूरा करने की अवधि 2020-21 से 2023-24 तक है। उन्होंने कहा कि नाबार्ड के अन्तर्गत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को निर्धारित समय पर तैयार करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना विभाग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कुल योजना आकार अनुसूचित जाति उप-योजना और जनजातीय उप-योजना में निर्धारित अनुपात में संलग्न हो। उन्होंने कहा कि कार्यान्वयन और निगरानी संबंधित विभागों द्वारा प्रभावी आकलन के साथ की जानी चाहिए। जय राम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं और बजट आश्वासनों के कार्यान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। राज्य सरकार ने नाबार्ड और अन्य फंडिंग एजेंसियों को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए प्रति विधान सभा क्षेत्र की सीमा बढ़ाकर 120 करोड़ रुपये जबकि विधायक क्षेत्र विकास निधि योजना के तहत आवंटन राशि को बढ़ाकर 1.75 करोड़ रुपये किया गया है। मुख्य सचिव अनिल खाची ने कहा कि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट की समयबद्ध तैयारी सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी तंत्र विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विकास की गति को बढ़ावा देने के लिए निगरानी तंत्र को भी और अधिक मजबूत किया जाएगा। उन्होंने राज्य की स्वर्ण जयंती मनाने के लिए वार्षिक गतिविधियों की योजना बनाने पर बल दिया। अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना ने कहा कि उपायुक्तों को ठोस प्रस्तावों के साथ आगे आना चाहिए ताकि इन प्रस्तावों को बजट में शामिल किया जा सके। योजना सलाहकार डा. बसु सूद ने इस अवसर पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी। सचिव प्रशासनिक सुधार संदीप भटनागर ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा। अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व आर.डी. धीमान, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव जे.सी. शर्मा, प्रधान सचिव ओंकार शर्मा एवं के.के. पंत, सचिव रजनीश, देवेश कुमार, डा. अक्षय सूद, डा. राजीव शर्मा और अमिताभ अवस्थी, विशेष सचिव सी.पी. वर्मा, निदेशक सूचना एवं जन संपर्क हरबंस सिंह ब्रसकोन, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डा. रवि शर्मा, इंजीनियर-इन-चीफ जल शक्ति विभाग नवीन पुरी, निदेशक स्वास्थ्य डा. बी.बी. कटोच सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया। सभी जिलों के उपायुक्त आॅनलाइन बैठक से जुड़े और अपने बहुमूल्य सुझाव दिए।
भारत संचार निगम लिमिटेड के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के समक्ष निर्भया परियोजना के अन्तर्गत सेफ सिटी प्रोजेक्ट मण्डी पर प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मण्डी शहर में निर्भया निधि के अन्तर्गत प्रस्तावित सेफ सिटी प्रोजेक्ट के क्रियान्वित होने से न केवल सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि बेहतर यातायात प्रबन्धन और भीड़ को नियंत्रित करने में भी स्मार्ट समाधान उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय सरकार हिमाचल प्रदेश जैसी कठिन स्थलाकृति वाले राज्यों को निर्भया परियोजना के अन्तर्गत 90ः10 के अनुपात में वित्त पोषण कर रही है। जय राम ठाकुर ने कहा कि इस परियोजना के अन्तर्गत मण्डी शहर के लिए योजना, विकास, कार्यान्वयन और संचालन के अलावा सीसीटीवी आधारित निगरानी प्रणाली की परिकल्पना की गई है। इस परियोजना के अन्तर्गत आधुनिक तकनीकों जैसे आईपी आधारित कैमरा अधोसंरचना, बिना रुकावट स्थिति पर नज़र रखना, निगरानी रिकाॅर्ड और डेटा संग्रहण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य सम्पूर्ण और एकीकृत निगरानी प्रणाली विकसित करना है, जिसमें पुलिस लाइन मण्डी के कमांड और कंट्रोल सेंटर का संचालन भी शामिल है। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली से मण्डी शहर में महिलाओं, बालिकाओं और वरिष्ठ नागरिकों को सहायता प्रदान करने के साथ-साथ आपातकाल के दौरान पुलिस वैन, अग्निशमन वाहन और एम्बुलेंस की सुचारू आवाजाही भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि इससे पुलिस को महिलाओं के प्रति अपराध, कानून व्यवस्था और यातायात के प्रबन्धन में सुधार करने में भी सहायता मिलेगी। जय राम ठाकुर ने कहा कि इस परियोजना के अन्तर्गत संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों और वस्तुओं की प्रभावी निगरानी की अवधारणा भी की गई है, ताकि महिलाओं और सम्पत्तियों की सुरक्षा की जा सके। इस परियोजना से नियमित गतिविधियों पर नजर रखने के अलावा कुछ व्यस्त जगहों जैसे बस स्टैंड, इंदिरा मार्किट, चैहटा बाजार और क्षेत्रीय अस्पताल की निगरानी सुनिश्चित करने के साथ-साथ आपातकाल स्थिति में सहयोग प्रदान किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों और अपराध दृश्य को कवर करने के लिए पुलिस मोबाइल वैन पर कैमरों का प्रावधान किया जाएगा। इन कैमरों में ऐसी प्रणाली विकसित की जाएगी जिससे अपराध दृश्य की जानकारी सीधे कमांड और कंट्रोल सेंटर को मिलेगी। हिमाचल प्रदेश दूर संचार वृत्त के मुख्य महाप्रबन्धक जसविन्दर सिंह सहोटा ने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि भारत संचार निगम लिमिटेड सैटेलाइट मोबाइल फोन सुविधा प्रदान करने वाली भारत की एकमात्र कम्पनी है। उन्होंने कहा कि ये फोन विभिन्न साहसिक गतिविधियां जैसे पैराग्लाइडिंग, ट्रैकिंग, रीवर राफ्टिंग, पर्वतारोहण और आपदा प्रबन्धन के दौरान बेहतर संचार सुविधाएं प्रदान करने में बहुत सहायक सिद्ध हो सकते है। अतिरिक्त मुख्य सचिव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता संजय गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव जे.सी. शर्मा, निदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता कृतिका कुल्हारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
हिमाचल के सरकारी स्कूलों में पहली से चौथी और छठी सातवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाएं ऑनलाइन ही होंगी। इन परीक्षाओं के आधार पर ही विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रमोट किया जाएगा। राइट टू एजूकेशन एक्ट में इन कक्षाओं में किसी भी विद्यार्थी को फेल नहीं किया जाता है। आंतरिक असेसमेंट के आधार पर उन्हें अगली कक्षा में दाखिला दिया जाता है। प्रदेश सरकार ने इन कक्षाओं को अभी खोलने का फैसला नहीं लिया है। ऐसे में संभावित है कि मार्च महीने में इन कक्षाओं की ऑनलाइन परीक्षा होंगी। राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में पांचवीं कक्षा और आठवीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए नियमित तौर पर कक्षा लगाने का फैसला लिया गया है। प्रदेश के ग्रीष्मकालीन छुट्टियों वाले स्कूलों में 1 फरवरी और शीतकालीन छुट्टियों वाले स्कूलों में 15 फरवरी से नियमित कक्षाएं शुरू होंगी। इन कक्षाओं की परीक्षाओं को लेकर स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से बीते दिनों संभावित डेटशीट भी जारी कर दी गई है। 10वीं और 12वीं कक्षा की फरवरी अंत या मार्च में प्री बोर्ड परीक्षा भी दी जानी है। शिक्षा सचिव राजीव शर्मा ने बताया कि जिन कक्षाओं को अभी नियमित तौर पर नहीं खोला जाएगा, उनकी परीक्षाएं भी ऑनलाइन ही होंगी।
राजधानी में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट ने रफ़्तार पकड़ली है। शिमला में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत किए जाने वाले कार्यों में अब तेजी दिखना शुरू हो गई हैं। शहर में नए साल में कई और नए प्रोजेक्टों में काम शुरू होने वाला है। राजधानी शिमला के लक्कड़ बाजार स्थित बस अड्डे से, रिज मैदान के साथ लगते पदम् देव काम्प्लेक्स तक प्रस्तावित लिफ्ट व एस्केलेटर लगाने के कार्य को जल्द शुरू कर दिया जाएगा। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट इस कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया को पूर्ण कर लिया गया है और आगामी सप्ताह तक इसका कार्य शुरू कर दिया जाएगा। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के एमडी आबिद हुसैन सादिक का कहना है कि इस कार्य को जल्द से जल्द शुरू करने के लिए टेस्टिंग प्रक्रिया सहित अन्य औपचारिकताएं भी पूर्ण कर ली गई हैं।
प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के पहले चरण का चुनाव शुरू हो गया है। पंचायती चुनाव को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। वही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी आज अपने गृह क्षेत्र स्थित पोलिंग बूथ में पंचायत के चुनाव में मतदान कर लोकतंत्र के इस महापर्व में अपना योगदान दिया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने जनता से अपील करते हुए कहा कि राज्य में जिन पंचायतों के लिए आज मतदान हो रहा है, मेरा उन क्षेत्रों के समस्त मतदाताओं से आग्रह है कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदान अवश्य करें। उन्होंने लोगों को कोरोना संबंधी मतदान केंद्रों पर निर्धारित मानक संचालन का सख्ती से पालन करने को कहा। बता दें की शाम 4 बजे तक मतदान जारी रहेगा। इसके बाद एक घंटे तक कोरोना संक्रमित और होम क्वारंटीन वोट डालेंगे। जिसके बाद देर शाम तक चुनाव के नतीजे आयंगे।
हिमाचल में पंचायती राज संस्थाओं के पहले चरण का चुनाव आज सुबह 8 बजे से शुरू हो गया है। पंचायत चुनाव को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखे को मिल रहा है। शाम 4 बजे तक मतदान जारी रहेगा। इसके बाद एक घंटे तक कोरोना संक्रमित और होम क्वारंटीन वोट डालेंगे। कोरोना को देखते हुए मतदान केंद्रों पर निर्धारित मानक संचालन पक्रिया एसओपी का सख्ती से पालन किया जा रहा है। सुरक्षित शारीरिक दुरी बनाये रखने के लिए कई मतदान केंद्रों के बाहर निर्धारित गोले लगाए गए है। पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में मतदान को लेकर युवाओं से लेकर बुजुर्गों में जोश देखा जा रहा है। वहीं, देश के प्रथम मतदाता श्याम सरण नेगी को लोग याद करना नहीं भूलते हैं। नेगी इस बार 17 जनवरी को राजकीय प्राथमिक पाठशाला कल्पा में मतदान करेंगे। प्रशासन की ओर से नेगी के स्वागत के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। पहले चरण में कुल 1227 पंचायतों के लिए मतदान होगा, और देर शाम नतीजे घोषित होंगे। बीडीसी और जिला परिषद सदस्यों का परिणाम तीसरे चरण के चुनाव के बाद 22 जनवरी को घोषित होगा। पहले चरण से मतदान के लिए 7593 पोलिंग पार्टियां मतदान केंद्रों में तैनात की गई हैं। राज्य में 972 अतिसंवेदनशील, 2830 संवेदनशील और साधारण 7744 मतदान केंद्र बने हैं। प्रदेश भर की कुल 3583 पंचायतों में तीन चरणों में चुनाव होना है।
मुख्य सचिव अनिल खाची ने आज प्रदेश के पूर्ण राज्यत्व स्वर्ण जयंती समारोह के आयोजन संबंधी तैयारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि स्वर्ण जयंती समारोह का सफल आयोजन सुनिश्चित करने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य करें। उन्होंने कहा कि मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए अति विशिष्ट अतिथियों के लिए मंच की समुचित व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को स्वर्ण जयंती कार्यक्रम से पूर्व एक बार फुल डे रिहर्सल करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के प्रसारण के लिए रिज पर अतिरिक्त एलईडी स्क्रीन स्थापित की जानी चाहिए तथा मीडिया कर्मियों के बैठने के लिए समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि स्वर्ण जयंती समारोह का एलईडी के माध्यम से प्रदेश के सभी 68 विधानसभा क्षेत्रों और जिला मुख्यालयों में सीधा प्रसारण कर प्रदेश के लोगों को इस कार्यक्रम की जीवंत झलक दिखाई जाए। उन्होंने कहा कि जो विभाग इस अवसर पर प्रदर्शनी लगा रहे हैं, वह बेहतर माध्यमों का प्रयोग कर प्रदेश की विकास यात्रा को प्रदर्शित करें। उन्होंने अधिकारियों को इस अवसर पर सुरक्षा एवं स्वच्छता संबंधी व्यापक प्रबंध करने के निर्देश दिए। अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार, आरडी धीमान, सचिव स्वास्थ्य अमिताभ अवस्थी, निदेशक सूचना प्रौद्योगिकी आशुतोष गर्ग, निदेशक पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन यूनुस, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी, पुलिस अधीक्षक शिमला मोहित चावला, निदेशक सूचना एवं जन सम्पर्क हरबंस सिंह ब्रसकोन और निदेशक भाषा, कला एवं संस्कृति सुनील शर्मा, सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस बैठक में उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली से वर्चुअल माध्यम द्वारा देशव्यापी कोविड-19 टीकाकरण अभियान का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आईजीएमसी शिमला से राज्य में इस अभियान की शुरुआत की और कहा कि कोविड-19 टीकाकरण के पहले चरण में राज्य के स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों सहित अग्रिम पंक्ति के योद्धाओं को 93000 खुराकें दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि आज राज्य में 27 चिन्हित स्थलों के माध्यम से 2,529 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताआंे को खुराक दी जा रही है। उन्होंने कहा कि लगभग 74,500 स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का टीकाकरण किया जाएगा और प्रत्येक लाभार्थी को दो खुराक दी जाएंगी। दूसरी खुराक 28 दिनों के अंतराल के बाद दी जाएगी। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने कोविड-19 टीकाकरण की प्रभावी निगरानी के लिए राज्य स्तरीय संचालन समिति, राज्य टास्क फोर्स, जिला टास्क फोर्स और खंड टास्क फोर्स का गठन किया है। उन्होंने कहा कि राज्य टीकाकरण स्टोर की स्थापना शिमला में की गई है, जबकि मंडी और धर्मशाला में क्षेत्रीय वैक्सीन स्टोर स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी 12 जिलों में जिला वैक्सीन स्टोर और राज्य मंे 386 कोल्ड चेन प्वाइंट स्थापित किए गए हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि लाभार्थियांे के अनुसार राज्य द्वारा पर्याप्त मात्रा में एडी सिरिंज भी प्राप्त किए गए हैं और जिलों को भी वितरित किए गए हैं और 0.5 मि.ली. एडी सीरिंज का अतिरिक्त स्टाॅक राज्य वैक्सीन स्टोर परिमहल शिमला, क्षेत्रीय वैक्सीन स्टोर मंडी और धर्मशाला में संग्रहित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रैफरल तंत्र स्थापित करने और कोविन ऐप पर रिपोर्ट के लिए सैशन साइट वैक्सिनेटरों को प्रतिकूल घटना अनुगामी प्रबंधन प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने कहा कि एईएफआई मामलों की आकस्मिकता आंकलन के लिए पलमोनोलाॅजिस्ट और मेडिसिन विशेषज्ञों के अतिरिक्त सदस्यों के साथ राज्य और जिला स्तर पर एईएफआई समितियां अधिसूचित की गई हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि टीकाकरण अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न चिन्हित स्थलों पर ड्राई रन भी आयोजित किए गए हैं। उन्होंने राज्य के लोगों से कोविड-19 वैक्सीन प्रशासित होने के बावजूद सभी सावधानियां सुनिश्चित करने का आग्रह किया। इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, सचिव स्वास्थ्य अमिताभ अवस्थी, मिशन निदेशक एनएचएम डाॅ. निपुण जिंदल, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डाॅ. रवि शर्मा, प्रधानाचार्य आइजीएमसी डाॅ. रजनीश पठानिया, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।


















































