-10वीं गवर्निंग बॉडी की मीटिंग में मिली मंजूरी -प्रधान सचिव वन एवं चेयरमैन डा. अमनदीप गर्ग ने की परियोजना कार्यों की सराहना -मुख्य परियोजना निदेशक नागेश कुमार गुलेरिया ने पेश की विस्तृत रिपोर्ट -20 एजेंडे पर हुई चर्चा, पिछले 6 माह की रिपोर्ट पर भी हुआ मंथन जाइका वानिकी परियोजना अब स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की ब्रांडिंग करेगा। गत शनिवार को 10वीं गवर्निंग बॉडी की मीटिंग में यह निर्णय लिया। प्रधान सचिव वन एवं गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन डा. अमनदीप गर्ग की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। इस महत्वपूर्ण बैठक में पिछले छह महीने के विकास कार्यों पर मंथन किया गया और 20 के करीब नए एजेंडे पर चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए सचिव वन डा. अमनदीप गर्ग ने कहा कि जाइका वानिकी परियोजना के तहत हो रहे विकासात्मक कार्यों में और तेजी लाने की आवश्यकता है। उन्होंने अब तक हुए कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि मुख्य परियोजना निदेशक नागेश कुमार गुलेरिया के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश वन पारिस्थितिकी तंत्र प्रबंधन एवं आजीविका सुधार परियोजना क्षेत्र में बेहतर कार्य हो रहे हैं। इस अवसर पर अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल एवं मुख्य परियोजना निदेशक नागेश कुमार गुलेरिया ने कहा कि गवर्निंग बॉडी की मीटिंग हर छह माह के भीतर आयोजित की जाती है। इस बार की बैठक में कई महत्वपूर्ण एजेंडे पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि कुल्लू में जाइका परियोजना के तहत 106 स्वयं सहायता समूह हैं, जो हैंडलूम प्रोडक्ट्स तैयार कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इन उत्पादों की ब्रांडिंग जाइका खुद करेगा। इसके अलावा हिमाचल में विलुप्त हो रहे उतक संवर्धन यानी टिशू कल्चर प्रजातियों के पौधे जाइका की नर्सरियों में तैयार किए जाएंगे। बुरांश और भोजपत्र जैसे पौधे तैयार करने के लिए कार्य शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले साल तक प्रदेश में 46 हजार हेक्टेयर भूमी पर पौधरोपण किया गया। इस साल 2 हजार हेक्टेयर भूमी पर पौधे रोपने का लक्ष्य था जो रिकार्ड 23 सौ हेक्टेयर भूमि पर किया गया। नागेश कुमार गुलेरिया ने कहा कि जाइका वानिकी परियोजना के तहत सेवाएं दे रहे कर्मचारियों की रिइम्बर्समेंट सौ प्रतिशत हो चुका है। उन्होंने कहा कि गवर्निंग बॉडी की मीटिंग में जिन-जिन एजेंडे पर चर्चा की गई जिसमें से अधिकांश को मंजूरी भी दी गई। बाक्स: मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना पर काम पीसीसीएफ एवं वन विभाग के मुखिया राजीव कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा चलाई गई मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना पर आर अधिक कार्य कने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में जब से जाइका परियोजना ने कार्य करना शुरू किया, तब से लेकर अब तक कई उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। पर्यावरण संरक्षण, पौधरोपण, मधुमक्खी पालन, पत्तल व्यवसाय, मशरूम की खेती, हथकरघा एवं बुनकर समेत कई क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों को आजीविका कमाने के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग के अनुसार आगामी 72 घंटे में मौसम खराब होने का पूर्वानुमान जताया गया है। इस दौरान ऊपरी इलाकों में बर्फबारी हो सकती है जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना है। बर्फबारी का असर तापमान पर भी पड़ेगा। 26 नवंबर की शाम से प्रदेश में तेजी से तापमान में गिरावट आने की संभावना जताई गई है। बर्फबारी का यह असर किन्नौर, चंबा और कुल्लू जिलों में देखने को मिलेगा। जबकि मैदानी इलाकों में बादल छाये रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने इस दौरान कम विजिविल्टी होने की भी बात कही है। मौसम विभाग के अनुसार रविवार से मौसम करवट बदलेगा और सोमवार को यैलो अलर्ट रहेगा। प्रदेश में 30 नवम्बर तक मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम विभाग के अनुसार 26 नवम्बर से एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा जो उत्तर-पश्चिम और पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा और इसका असर हिमाचल में भी देखने को मिलेगा।
लोक निर्माण मंत्री ने सड़क निर्माण में सुरक्षा मापदंडों का कड़ाई से अनुपालन करने के दिए निर्देश लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने विभाग के अधिकारियों को सड़कों के निर्माण में सुरक्षा मापदंडों का कड़ाई से अनुपालन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों के निर्माण के साथ-साथ उनकी गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। वह आज निर्माण भवन, शिमला में हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग द्वारा परिवहन विभाग और द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स, हिमाचल राज्य केन्द्र के सहयोग से सड़क सुरक्षा विषय पर विशेष जागरूकता अभियान के तहत आयोजित सेमिनार को सम्बोधित कर रहे थे। लोक निर्माण मंत्री ने कहा ‘हमारा दायित्व सड़क निर्माण तक ही सीमित नहीं है बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के दृष्टिगत कार्य निष्पादन में अभियांत्रिकी का सही उपयोग करना भी हमारा दायित्व है’। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत सभी हितधारक विभागों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को दुर्घटना संभावित स्थलों व ब्लैक स्पॉट का अध्ययन कर उनका उचित समाधान करने के निर्देश भी दिए। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सुरक्षा अभियांत्रिकी को विशेष अधिमान दिया जा रहा है। उन्होंने सड़क सुरक्षा को योजना का अभिन्न अंग बनाने, सुरक्षा का नियमित ऑडिट करने और आटिफिशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम मेधा) के उपयोग के महत्व पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार यात्रियों व पर्यटकों को बेहतरीन सम्पर्क सुविधा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, इसी ध्येय के साथ योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने केस स्टडी कर श्रेष्ठ तकनीकों को अपनाने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि सड़कें पहाड़ी राज्य की भाग्य रेखाएं हैं। प्रदेश के गठन के समय सड़कों की लम्बाई बहुत सीमित थी। वर्तमान में प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाया गया है। दूर-दराज के क्षेत्रों तक भी सड़क एवं सम्पर्क सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। पर्यटन राज्य होने के नाते प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण सड़कों का निर्माण नितान्त आवश्यक है। उन्होंने अभियन्ताओं से सड़क सुरक्षा के मध्यनज़र अपना श्रेष्ठ योगदान देने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा एक सामाजिक पहलू भी है। यात्रा के दौरान वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल चलने वाले व्यक्तियों को भी सुरक्षा के दृष्टिगत जागरूक किया जाना चाहिए। इस संबंध में जागरूकता अभियान महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियन्ता अजय गुप्ता ने कहा कि प्रदेश में अधिकांश सड़कों को स्तरोन्नत किया गया है। विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत अभियांत्रिकी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस अवसर पर पंजाब अभियांत्रिकी महाविद्यालय चण्डीगढ़ के विभागाध्यक्ष डॉ. उमेश शर्मा, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय यूआईटी के निदेशक प्रो. ए.जे. सिंह, द इंस्टीट्यूटन ऑफ इंजीनियर्स, हिमाचल केन्द्र के अध्यक्ष वी.एम. जोशी, अतिरिक्त आयुक्त परिवहन नरेश ठाकुर ने भी सड़क सुरक्षा विषय पर व्याख्यान दिए। सेमिनार में सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों और प्रदेशभर के विभिन्न अभियन्ताओं ने भाग लिया।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने आज प्रगति मैदान नई दिल्ली में आयोजित किए जा रहे इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न स्टॉलों से फीडबैक लिया तथा हिमाचल मंडप प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि इसके माध्यम से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के विकास, नवोन्मेषी प्रयासों, पहल तथा समृद्ध कला एवं संस्कृति को देश के सामने प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त हुआ है। उद्योग मंत्री ने उड़ीसा, असम, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक तथा अन्य राज्यों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का अवलोकन एवं हस्तशिल्पियों से संवाद भी किया। उन्होंने विभिन्न उद्यमियों से हिमाचल में पर्यटन, उद्योग तथा अन्य क्षेत्रों में निवेश के लिए प्रोत्साहित भी किया। इस अवसर पर अवगत करवाया गया कि हिमाचल मंडप में अभी तक लगभग 80 हजार आगंतुक अपनी उपस्थिति दर्ज करवा चुके हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के ओएसडी केएस बांशटू भी उपस्थित थे। इससे पूर्व, आवासीय आयुक्त मीरा मोहन्ती, निदेशक उद्योग राकेश कुमार प्रजापति, अतिरिक्त निदेशक उद्योग सुरेन्द्र माल्टू व तिलक राज शर्मा, संयुक्त निदेशक ज्ञान सिंह चौहान और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उद्योग मंत्री का स्वागत किया तथा ट्रेड फेयर की विस्तृत जानकारी दी।
-जवाहर नवोदय विद्यालय रिकांगपिओ का औचक निरीक्षण भी किया राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी तथा मंडी संसदीय क्षेत्र से सांसद प्रतिभा सिंह ने आज हिमाचल पथ परिवहन निगम द्वारा किन्नौर जिला के रिकांगपिओ से सापनी ग्राम पंचायत के लिए शुरू की जा रही बस सेवा को रिकांग पिओ बस अड्डा से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि इस बस सेवा के शुरू होने से सापनी पंचायत के लगभग 3500 से अधिक लोग लाभान्वित होंगे तथा अब उनके घर-द्वार के निकट बस की सेवा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार आम जनता हितैषी सरकार है तथा लोगों को सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निरंतर प्रयास कर रही है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और सांसद प्रतिभा सिंह ने इसके उपरान्त जवाहर नवोदय विद्यालय रिकांग पिओ का औचक निरीक्षण किया और विज्ञान प्रोद्यौगिकी, अभियांत्रिकी और गणित विषयों में बच्चों की रुचि बढ़ाने के लिए चलाई जा रही डिजिटल कक्षाओं का निरीक्षण भी किया। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने इस दौरान विद्यार्थियों व अध्यापकों से उनका कुक्षल-क्षेम जाना तथा विद्यालय में उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए कड़े प्रयास किए जा रहे हैं। इस अवसर पर सांसद प्रतिभा सिंह ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा की राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के प्रयासों से जिला किन्नौर के बच्चों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से इस विद्यालय को खोला गया था। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़-लिखकर जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां हिमाचल प्रदेश सचिवालय महिला कबड्डी की स्वर्ण पदक विजेता टीम को सम्मानित किया। इस कबड्डी टीम ने हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित ऑल इंडिया सिविल सर्विसिज कबड्डी टूर्नामेंट 2023-24 में स्वर्ण पदक जीता है। मुख्यमंत्री ने कबड्डी टीम को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि उनके प्रदर्शन से प्रदेश के अन्य युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलेगी। कुमारी कृष्णा ठाकुर की कप्तानी में इस टीम ने पूरे हिमाचल प्रदेश का नाम गौरवान्वित किया है।
-सांसद ने 'दिशा' की बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश मंडी संसदीय क्षेत्र से सासंद व जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की अध्यक्षा प्रतिभा सिंह ने आज किन्नौर जिला के रिकांगपिओ स्थित आईटीडीपी भवन में केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्न योजनाओं को लेकर आयोजित 'दिशा' बैठक की अध्यक्षता करते हुए सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे केंद्र्र सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के लक्ष्यों को समय पर पूर्ण करना सुनिश्चित करें, ताकि इन योजनाओं से अधिक से अधिक पात्र लोग लाभान्वित हो सकें। उन्होंने अधिकारियों को कार्यों की प्रगति की जानकारी समय-समय पर देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सांसद आदर्श ग्राम योजना में अगर किसी प्रकार की कमी है तो उस बारे भी अवगत करवाया जाए। सांसद ने कहा कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार द्वारा आरंभ की गई योजनाओं का फीडबैक लेने के साथ-साथ योजनाओं में रह रही कमियों के बारे में चर्चा कर उनका समाधान निकालना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विभिन्न योजनाओं के बारे में लोगों को जागरूक करें, ताकि समाज के हर व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि केंद्र से किसी योजना की स्वीकृति प्राप्त करने में कोई कठिनाई आती है तो वे उन्हें अवगत करवाए ताकि केंद्र के समक्ष मामला उठाया जा सके। इस अवसर पर राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी भी उपस्थित थे तथा उन्होंने उपस्थित सभी अधिकारियों को दिशा के तहत चलाए जा रही विभिन्न योजनाओं व कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सासंद प्रतिभा सिंह को आश्वस्त करवाया कि उन द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन सुनिश्चित बनाया जाएगा तथा इन योजनाओं से अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित किया जाएगा। बैठक में केंद्र सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में आरंभ किए गए विभिन्न कार्यक्रमों जिनमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सहित विभिन्न कार्यक्रमों व योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि जिला में टी.बी. उन्मूलन कार्यक्रम के तहत गत तीन वर्षों में 427 लोगों का ईलाज किया गया जो 75 प्रतिशत की सफलता दर से है। बैठक में राष्ट्रीय भू-रिकॉर्ड आधुनिकिरण कार्यक्रम की समीक्षा की गई तथा बताया गया कि जिले में भू-रिकॉर्ड कम्पयूटराईजेशन का 76 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है तथा इस कार्यक्रम के तहत भू-अभिलेखों का स्कैन कर डिजिटाईजेशन किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत जिला के कल्पा, निचार व पूह उपमण्डल में 130 नि:शुल्क गैस कनैक्शन प्रदान किए गए। इसके अलावा 3084 क्विंटल गंदम व 1866 क्विंटल चावल भी वितरित किया गया। बैठक में केंद्र सरकार द्वारा आरंभ की गई मिड-डे मील योजना की भी समीक्षा की गई तथा बताया गया कि योजना के तहत वर्ष 2023-24 में जिला के 237 सरकारी स्कूलों में प्री-प्राईमरी के 1144 छात्रों, पहली से पांचवी के 2601 छात्रों, छठी से आठवीं के 1585 छात्रों को लाभान्वित किया गया तथा 28 लाख 02 हजार रुपये की राशि व्यय की गई। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2023-24 में जिला के सरकारी विद्यालयों में 3161 कुक कम हेल्पर्स कार्यरत हैं जिन्हें 4 हजार रुपये प्रतिमाह का मानदेय प्रदान किया जा रहा है। बैठक में समग्र शिक्षा अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। बैठक में केंद्र सरकार द्वारा आरंभ की गई बेटी है अनमोल योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, मदर टेरेसा संबल योजना, स्वरोजगार योजना, विधवा पुर्नविवाह योजना व मुख्यमंत्री शगुन योजना की भी समीक्षा की गई। बैठक में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत जिले में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की गई। बैठक में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा (एनएफएसए) व प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना की भी समीक्षा की गई। बैठक में जिले में मनरेगा के तहत चलाए जा रहे विभिन्न कार्यों की भी समीक्षा की गई। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत किए जा रहे विभिन्न कार्य व स्वच्छ भारत मिशन, श्यामा प्रसाद मुखर्जी रू-बर्न मिशन के तहत किए जा रहे कार्यों व प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की भी समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में 20369 जॉब कार्ड वितरित किए गए तथा 286 कार्य दिवस अर्जित किए गए। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 299 मकानों की स्वीकृति दी गई थी जिसमें से 287 मकानों का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। बैठक में सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत अवगत करवाया गया कि जिला के चारंग गांव को पर्यटन व अन्य सभी मूलभूत सुविधाओं की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है जिसके तहत निर्धारित 68 कार्यों में से 25 कार्यों को पूर्ण किया जा चुका है तथा शेष 43 कार्यों को पूर्ण करने का कार्य प्रगति पर है।
सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश ज्युडिशियल सर्विस के तहत चयनित दो सिविल जजों को बड़ी राहत देते हुए उनकी नियुक्तियां रद्द करने से इनकार कर दिया। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने दोनों जजों की नियुक्तियों को चुनौती देने वाली याचिकाओं को स्वीकारते हुए उनके चयन और नियुक्ति को रद्द कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि हाईकोर्ट के फैसले को कानूनी रूप से सही ठहराया, परंतु उक्त जजों की 9 साल से अधिक की लंबी सेवा संबंधी तथ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें न्यायिक सेवा से बाहर करना उचित नहीं समझा। दरअसल हिमाचल हाईकोर्ट ने इन सिविल जजों की नियुक्तियों को अवैध ठहराते हुए उनकी खारिज कर दिया था। इस फैसले को दोनों प्रार्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सिविल जज विवेक कायथ और आकांक्षा डोगरा की नियुक्तियों को रद्द करने का फैसला सुनाया था। दोनों जज वर्ष 2013 बैच के एचपीजेएस अधिकारी थे। मामलों का निपटारा करते हुए कोर्ट ने पाया था कि दोनों जजों की नियुक्तियां उन पदों के खिलाफ की गई, जिनका कोई विज्ञापन नहीं दिया गया। बिना विज्ञापन के हुई थी भर्ती 1 फरवरी, 2013 को प्रदेश लोक सेवा आयोग ने सिविल जजों के 8 रिक्त पदों को भरने के लिए विज्ञापन के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किए। इनमें 6 पद पहले से रिक्त थे और दो पद भविष्य में रिक्त होने थे। आयोग ने अंतिम परिणाम निकालकर कुल 8 अभ्यर्थियों की नियुक्तियों की अनुशंसा सरकार से की थी। इस बीच प्रदेश में दो सिविल जजों के अतिरिक्त पद सृजित किए गए। लोक सेवा आयोग ने इन दो पदों को सिलेक्ट लिस्ट से भरने की प्रक्रिया आरंभ की और विवेक कायथ और आकांक्षा डोगरा को नियुक्ति देने की अनुशंसा की। सरकार ने इन्हें नियुक्तियां भी दे दी थीं। लेकिन बिना विज्ञापन के इन पदों को भरने पर कोर्ट ने इन नियुक्तियों को रद्द कर दिया और हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग को चेताया कि भविष्य में ऐसी लापरवाही न करें। सुप्रीम कोर्ट ने पलटा हाईकोर्ट का फैसला हिमाचल हाईकोर्ट ने दोनों जजों की नियुक्तियों को रद्द करते हुए कहा था कि इन नए सृजित पदों को कानूनन विज्ञापित किया जाना जरूरी था, ताकि अन्य योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों को इन पदों के लिए प्रतिस्पर्धा का मौका भी मिलता। कोर्ट ने फैसले में स्पष्ट किया था कि इन जजों की नियुक्तियां रद्द होने से इन पदों को वर्ष 2021 की रिक्तियां माना जाए और इन्हें भरने की प्रक्रिया कानून के अनुसार की जाए। अब सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के इस फैसले को पलट दिया है।
ठियोग पुलिस ने 179.98 ग्राम चिट्टे के साथ बाहरी राज्य के 3 लोगों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। जानकारी देते हुए डीएसपी ठियोग सिद्धार्थ शर्मा ने बताया कि प्रभारी नरेंद्र के नेतृत्व में पीपी फागू की टीम द्वारा एक विशेष नाका लगाया गया था। पुलिस दल द्वारा मुख्य चौक फागू पर वाहन चेकिंग के दौरान हरियाणा नंबर की सफेद आल्टो गाड़ी की चेकिंग की गई तो उसमें बैठे तीन लोगों के पास से 179.98 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। आरोपियों की पहचान विजय पुत्र शालिग राम वीपीओ बब्याल तहसील महेश नगर जिला अंबाला, हरियाणा, सुमित पुत्र सुभाष चंद निवासी मकान नंबर 4 वार्ड नंबर 13 बब्याल रोड अंबाला एवं राजेश सैनी पुत्र फूल सिंह निवासी गांव डकोला डाकघर साहा तहसील बराड़ा जिला अंबाला हरियाणा के रूप में हुई है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसमें विजय नाम का व्यक्ति एक बहुत बड़ा अंतरराज्यीय तस्कर है और ठियोग/कोटखाई/रोहड़ू में इसकी पकड़ी जाने वाली इस खेप से एक बहुत बड़े अंतरराज्यीय तस्कर नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है।
-लोक निर्माण तथा युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री ने सांगला का किया दौरा -निचार-वांगतू सड़क तथा पुराना हिंदुस्तान तिब्बत मार्ग को पक्का करने के दिए निर्देश लोक निर्माण तथा युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज किन्नौर जिला के सांगला क्षेत्र का दौरा कर क्षेत्र में चल रहे निर्माण/बहाली कार्यों का जायजा लिया तथा अधिकारियों को सभी कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनजातीय जिला किन्नौर में सड़कों की स्थिति को और अधिक बेहतर किया जाएगा। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश में भारी बारिश व बाढ़ से हुई त्रासदी के बावजूद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा बहाली एवं पुनर्वास का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है तथा प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि बेघर हुए लोगों के पुर्नवास का कार्य प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है तथा विशेष राहत पैकेज के माध्यम से पुर्नवास का कार्य प्रगति पर है। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री ने विभाग के अधिकारियों को निचार से वांगतू लगभग 4 कि.मी सड़क तथा पुराना हिंदुस्तान तिब्बत मार्ग की सड़क को पक्का करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी से चर्चा उपरान्त पलिंगी से छोटा-कम्बा सड़क मार्ग में 11 नम्बर कैंची के नजदीक तीन कि.मी. वैकल्पिक सड़क मार्ग बनाने का कार्य आरंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सांगला को पर्यटन व साहसिक खेल की दृष्टि से विकसित करने का कार्य आरंभ किया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने कहा कि करच्छम से छितकुल सड़क मार्ग के विस्तारीकरण के लिए सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई हैं तथा शीघ्र ही कार्य आरंभ कर दिया जाएगा। इस अवसर पर लोक निर्माण तथा युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भावानगर, टापरी और सांगला क्षेत्र के लोगों की जन-समस्याएं सुनीं तथा सभी लोगों की उचित मांगों को चरणबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर सांगला पंचायत की प्रधान देव सांकी, पंचायत समिति सदस्य प्रतिभा नेगी, कामरू ग्राम पंचायत की प्रधान इंद्र लक्षमी, बटसेरी पंचायत की उपप्रधान दीक्षा नेगी, सांगला पंचायत के उपप्रधान दीप कुमार, थेमगरंग पंचायत के उपप्रधान लोकेश सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि 16 से 31 दिसंबर तक दिल्ली में आयोजित होने वाले दिल्ली हाट में राज्य के विभिन्न उपक्रमों द्वारा 60 स्टॉल स्थापित किए जाएंगे, जिसमें से हिमक्रॉफ्ट निगम द्वारा 35 स्टॉल, हिमाचल प्रदेश विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद द्वारा 5 स्टॉल और राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा 20 स्टॉल स्थापित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त आगतुंकों को हिमाचल प्रदेश के पारंपरिक व्यंजन परोसने के लिए 5 अन्य स्टॉल भी स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि दिल्ली हाट में भाग लेने के इच्छुक कारीगरों और शिल्पियों को अपने विस्तृत विवरण, कला, हस्तशिल्प और अन्य गतिविधियों की जानकारी के साथ प्रबंध निदेशक, हिम क्राफ्ट और अन्य प्रतिभागी विभागों से संपर्क करना होगा। इसके दृष्टिगत एक कमेटी का गठन किया गया है, जो अंतिम निर्णय लेगी। हस्तशिल्पियों को रोजमर्रा के खर्च के लिए प्रति स्टॉल प्रति दो व्यक्ति 3000 रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। प्रवक्ता ने बताया कि इस आयोजन का शुभारंभ 18 दिसंबर को राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल करेंगे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 30 दिसंबर को आयोजन के समापन अवसर पर बतौर मुख्यातिथि शिरकत करेंगे। आयोजन के दौरान भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा प्रदेश की समृद्ध संस्कृति पर आधारित सांस्कृति कार्यक्रमों की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र होगी।
हिमाचल प्रदेश के कुछ भागों में दो दिन बारिश-बर्फबारी के आसार बने रहेंगे। मौसम विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश में मौसम फिर बिगड़ सकता है। वहीं राज्य के कुछ भागों में दो दिन बारिश-बर्फबारी की संभावना भी जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश के मध्य व उच्च पर्वतीय कुछ भागों में 26 व 27 नवंबर को बारिश-बर्फबारी की संभावना है जबकि मैदानी व निचले भागों में मौसम साफ बना रहेगा। मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से मौसम में यह बदलाव आने के आसार है। प्रदेश में 23 नवंबर से एक ताज़ा और कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है। वहीं प्रदेश के सभी भागों में 25 नवंबर तक मौसम साफ रहने की संभावना जताई गई है।
-आवेदनों की जांच व चयन करेगी आरटीओ स्तर की कमेटी प्रदेश के युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के तहत ई-टैक्सी योजना शुरू की है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक को वेबसाइट पर आवेदन करना होगा। आवेदक की न्यूनतम आयु 23 वर्ष तथा गाड़ी चलाने का अनुभव होना आवश्यक है। बोनाफाइड हिमाचली व्यक्ति इस योजना का लाभ उठा सकते हैं तथा लाभार्थी को ई-टैक्सी स्वयं चलानी होगी। एक परिवार से एक व्यक्ति ही इस योजना का लाभ उठा सकता है। सभी औपचारिकताओं को पूरा करने के साथ आवेदक को परिवहन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अनुमति के लिए आवेदन करना होगा। आवेदनों की जांच एवं लाभार्थी का चयन आरटीओ स्तर की कमेटी करेगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा ''पहले चरण में ई-टैक्सी के लिए 500 परमिट जारी किए जाएंगे तथा आने वाले समय में मांग के आधार पर परमिट की संख्या बढ़ाई जाएगी। बेरोजगार युवाओं को आय के निश्चित साधन उपलब्ध करवाने के लिए चरणबद्ध तरीके से सरकारी विभागों, स्थानीय प्राधिकरणों, स्वायत्त निकायों, बोर्ड, निगम व सरकारी उपक्रमों को ई-टैक्सी उपलब्ध करवाई जाएगी। ई-टैक्सियों को चार श्रेणियों में बांटा गया है, जिसके आधार पर मासिक किराए की दरें तय कर दी गई हैं। यह योजना युवाओं को रोजगार और स्टार्ट-अप की गारंटी देने के साथ-साथ वायु प्रदूषण को कम करने और हिमाचल प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने की दिशा में उपयोगी सिद्ध होगी। ई-वाहनों के संचालन से कार्बन उत्सर्जन कम होगा और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी। राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को विशेष अधिमान दिया है और अपने पहले बजट में इस दिशा में कई कदम उठाए हैं। 31 मार्च 2026 तक हिमाचल प्रदेश को हरित ऊर्जा बनाने का लक्ष्य है।ÓÓ जिन सरकारी विभागों को ई-टैक्सी की आवश्यकता होगी, उन्हें पोर्टल पर अपनी मांग अपलोड करने के लिए यूजर आईडी और पासवर्ड दिया जाएगा। राज्य सरकार ई-टैक्सी की खरीद के लिए युवाओं को 50 प्रतिशत सब्सिडी भी प्रदान कर रही है, जो श्रम एवं रोजगार विभाग के माध्यम से प्रदान की जाएगी। इसके साथ-साथ इस योजना के तहत ऋण लेने की शर्तों में भी ढील दी जाएगी। ई-वाहनों की चार्जिंग के लिए आधारभूत ढांचा तैयार किया जा रहा है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने युवाओं के लिए स्टार्ट-अप योजना लाने का वादा किया था, जिसे पूरा कर दिया है। 680 करोड़ रुपए की राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना का यह पहला चरण है और जल्द ही इस योजना का दूसरा व तीसरा चरण भी शुरू किया जाएगा, जिससे युवाओं को रोजगार के अवसर पर प्राप्त होंगे। हिमाचल के सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन प्रदान करने का वायदा सरकार ने पहले ही निभा दिया है।
-सोलन की 21 व सिरमौर की तीन दवा कंपनियों के सैंपल ठीक नहीं निकले -बाजार से स्टॉक को वापस लाने के निर्देश अक्तूबर के ड्रग अलर्ट में देशभर में 61 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। इसमें सबसे ज्यादा हिमाचल में सैंपल फेल हुए हैं। प्रदेश में बनी 24 दवाएं मानकों पर सही नहीं पाई गई हैं। सोलन की 21 और सिरमौर जिले की तीन दवा कंपनियों के सैंपल ठीक नहीं निकले हैं। बद्दी एफी पेरेंटल कंपनी के छह, समयन कंपनी के तीन व हिल्लर कंपनी के दो सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। बैक्टीरियल संक्रमण, फंगल इंफेक्शन, एंटीबायोटिक्स, कैंसर, बुखार, विटामिन डी, बीपी, पोषक तत्व की कमी की दवा, इंफेक्शन, बलगम, एंटी फंगल, दर्द निवारक व अल्सर की दवाई के सैंपल मानकों पर सही नहीं पाए गए हैं। अक्तूबर में केंद्रीय औषधि नियंत्रण संगठन ने 1,105 दवाओं के सैंपल लिए थे, जिनमें 1044 सैंपल पास हुए हैं। सोलन के वाकनाघाट स्थित कंपनी सॉफ्ट टच, किशनपुरा की बनसाई फार्मा, एफी पेरेंटल, उपकार फार्मास्युटिकल, एलवी लाइफ साइंस, हिल्लर लैब, हेल्थ बायोटेक, मेडीलाइफ हेल्थ साइंस, समयन हेल्थ केयर, सिंबोसिस फार्मास्युटिकल, डीएम फार्मा, सार बायोटेक, स्कोटो एडिल फार्मा, फार्मास्युटिकल हेल्थ केयर, एरियोन हेल्थ केयर, मकेस्टार बायोजेनेटिक, एस्पो फार्मास्युटिकल कंपनी के सैंपल मानकों पर सही नहीं पाए गए हैं। राज्य ड्रग नियंत्रक नवनीत मरवाह ने बताया कि जिन दवाओं के सैंपल फेल हुए विभाग ने उनके लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। बाजार से स्टॉक को वापस लाने के लिए कहा है।
हिमाचल में जेओए आईटी पेपर लीक मामले के आरोपी नितिन आजाद को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। हिमाचल हाई कोर्ट द्वारा नितिन आजाद की जमानत याचिका खारिज किए जाने के फैसले को नितिन ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। उसने सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई के पश्चात अपनी याचिका वापस ले ली, जिस कारण उसकी याचिका खारिज हो गई। इससे पहले प्रदेश हाई कोर्ट ने नितिन आजाद की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। हाई कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा था कि प्रार्थी पर लगे आरोप बहुत गंभीर हैं, इस कारण उसे जमानत पर छोड़ा जाना उचित नहीं होगा। अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी नितिन आजाद के खिलाफ पुलिस थाना सतर्कता हमीरपुर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7ए, 8, 12 और 13(1)(ए) और भारतीय दंड संहिता की धारा-420, 201 और 120बी के तहत मामला दर्ज किया है। अभिलाष कुमार की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
-कई आरोपी विदेश भाग चुके, कई भागने की फिराक में हिमाचल में करोड़ों रुपये के क्रिप्टो करेंसी फ्रॉड में एसआईटी ने 19 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज की है। हालांकि 2500 करोड़ की ठगी के इस मामले में 19 करोड़ की संपत्ति बहुत कम है। वहीं, एसआईटी आरोपियों की संपत्ति का पता लगा रही है, लेकिन धीमी कार्रवाई के चलते कई आरोपी विदेश भागने की फिराक में हैं। क्रिप्टो करेंसी ठगी मामले से जुड़े कई आरोपी विदेश भाग चुके हैं। ठगी मामले में पंजाब और हिमाचल प्रदेश पुलिस की टीमें कार्रवाई कर रही है। करोड़ों के इस क्रिप्टो करंसी ठगी मामले में कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने पैसा लगाया है। बताया जा रहा है कि इस रैकेट के सरगनाओं ने सबसे पहले नेताओं और बड़े अधिकारियों को ही जाल में फंसाया। उसके बाद धीरे-धीरे ठगों की चेन बढ़ती गई। करोड़ों के इस ठगी मामले में कई पुलिस कर्मी भी शामिल बताए जा रहे है। शातिरों ने प्रदेश में करीब एक लाख से अधिक लोगों को ठगा है। एसआईटी की कार्रवाई के बाद प्रदेश में क्रिप्टो करंसी ठगी की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही है। ठगी मामले की राशि का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है। क्रिप्टो रैकेट में शातिरों ने करीब अढ़ाई लाख आईडी बनाकर क्रिप्टो करेंसी के नाम पर प्रदेश की जनता को करोड़ों का चूना लगाया है। क्रिप्टो करेंसी ठगी मामले में एसआईटी ने अभी तक चार पुलिस कर्मियों सहित 19 लोगों को गिरफ्तार किया है। ठगों ने हिमाचल के अलावा बाहरी राज्यों में भी बनाई संपत्ति क्रिप्टो करेंसी के नाम पर ठगी के इस स्कैम में करीब एक लाख लोग शामिल बताए जा रहे हंै। बताया जा रहा है कि अब तक की जांच में करीब 2500 करोड़ की ट्रांजेक्शन मिली है। बताया जा रहा है कि लोगों से करोड़ों रुपए ठगने वाले शातिरों ने हिमाचल के अलावा बाहरी राज्यों में भी संपत्ति बनाई है। ठगी मामले में कई अहम साक्षय एसआईटी के हाथ लगे है। फर्जी वेबसाइट से बनाया शिकार शातिरों ने वेबसाइट बनाकर लोगों को फर्जी कॉईन के नाम पर करोड़ों की ठगी को अंजाम दिया है। शातिरों ने कोर्वियो कॉइन, डीजीटी कॉइन, फिश टोकन हाइपनेक्सट, बिटपेड एक, बिटवेड दो और एडड फाइनांस कॉइन के झांसे में फंसाकर लोगों को ठगा है। क्रिप्टो करंसी ठगी मामले में पंजाब और हिमाचल प्रदेश पुलिस की टीमें कार्रवाई कर रही हैं। करोड़ों के इस क्रिप्टो करंसी ठगी मामले में कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने पैसा लगाया है। एसआईटी क्रिप्टो करेंसी के सभी मास्टरमाइंड की प्रॉपर्टी की मैपिंग कर रही है।
-मुख्यमंत्री ने 680 करोड़ रुपये की स्टार्ट अप योजना के प्रथम चरण में ई-टैक्सी योजना का किया शुभारंभ -कहा, प्रतिज्ञा पत्र में किए गए सभी वादों को किया जा रहा पूरा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां 680 करोड़ रुपए की राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट अप योजना के प्रथम चरण के अंतर्गत ई-टैक्सी योजना का शुभारंभ किया। उन्होंने ई-टैक्सी के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करने की सुविधा प्रदान करने के लिए परिवहन विभाग की वेबसाइट का शुभारंभ किया, जिसके माध्यम से आवेदक एक महीने की अवधि के भीतर इस वेबसाइट पर जाकर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले चरण में ई-टैक्सी के लिए 500 परमिट जारी किए जाएंगे तथा आने वाले समय में मांग के आधार पर परमिट की संख्या बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बेरोजगार युवाओं को आय के निश्चित साधन उपलब्ध करवाने के लिए चरणबद्ध तरीके से सरकारी विभागों को ई-टैक्सी उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ई-टैक्सी की खरीद के लिए युवाओं को 50 प्रतिशत सब्सिडी भी दे रही है। इसके साथ-साथ इस योजना के तहतऋण लेने की शर्तों में भी ढील दी जाएगी। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि यह योजना रोजगार उपलब्ध करवाने के साथ-साथ, वायु प्रदूषण को कम करने और 31 मार्च 2026 तक हिमाचल प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने में मील का पत्थर सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि ई-टैक्सी के साथ-साथ राज्य सरकार ई-बस तथा ई-ट्रक की खरीद पर भी 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने निजी बस ऑपरेटरों को ई-बसों के लिए भी 24 परमिट जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की देश में यह पहली योजना है। उन्होंने कहा कि राज्य में ई-वाहनों की चार्जिंग के लिए आधारभूत ढांचा तैयार किया जा रहा है। 17 ई-चार्जिंग स्टेशन अगले दो महीने में बनकर तैयार हो जाएंगे तथा इसके साथ-साथ परिवहन विभाग भी ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल पथ परिवहन निगम की सभी डीजल बसों को चरणबद्ध तरीके से ई-बसों में परिवर्तित कर रही है तथा पहले चरण में 300 ई-बसें खरीदी जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के दूसरे चरण में युवाओं को सौर ऊर्जा परियोजना लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि उन्हें आजीविका के साधन उपलब्ध हों। इस योजना के प्रारुप को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है और जल्द ही इस योजना का भी शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि योजना के तीसरे चरण में युवाओं को कृषि संबंधी कार्यों के लिए सब्सिडी प्रदान की जाएगी। मत्स्य उत्पादन के लिए उन्हें 90 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान करने की योजना तैयार की जा रही है, जिस पर भी विभाग को कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के प्रतिज्ञा पत्र में किए गए सभी वायदों को पूरा किया जा रहा है। युवाओं के लिए स्टार्ट-अप योजना लाना भी कांग्रेस का एक वायदा था, जिसे पूरा कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पहली ही कैबिनेट बैठक में पुरानी पेंशन को बहाल कर सरकारी कर्मचारियों के साथ किया अपना वायदा निभाया है और सभी वायदों को पूरा किया जाएगा। इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, विधायक कुलदीप सिंह राठौर तथा भवानी सिंह पठानिया, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, प्रधान सचिव आरडी नजीम, सचिव गृह डॉ. अभिषेक जैन, श्रम आयुक्त मानसी सहाय ठाकुर, निदेशक परिवहन अनुपम कश्यप और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
-मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों के साथ वर्चुअल बैठक में दिए निर्देश -कहा, प्रदेश भर में होगा राजस्व लोक अदालतों का आयोजन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इंतकाल, तकसीम तथा निशानदेही के लम्बित मामलों का 20 जनवरी, 2024 तक निपटारा करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हाई पावर कमेटी ने आज यहां प्रदेश में लम्बित राजस्व मामलों की समीक्षा की और सभी उपायुक्तों को मिशन मोड पर लम्बित मामलों का निपटारा करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार आमजन की सरकार है तथा जन समस्याओं का निपटारा हमारी प्राथमिकता है, इसलिए सरकार लम्बित राजस्व मामलों की संख्या शून्य करना चाहती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में काफी संख्या में राजस्व मामले लंबित हैं, जिनका तुरंत निपटारा करना आवश्यक है तथा सभी अधिकारी इस मामले पर गंभीरता से पर कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि नायब तहसीलदार से लेकर मंडलीय आयुक्त लम्बित राजस्व मामलों की दैनिक आधार पर सुनवाई कर उनका समयबद्ध निपटारा करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों की वार्षिक एसीआर में भी इस प्रगति को दर्शाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश भर में 30 व 31 अक्तूबर को इंतकाल अदालतों का आयोजन किया, जिसके परिणाम बेहतर रहे तथा इंतकाल के लंबित 41,907 मामलों में से 31,105 का निपटारा कर दिया गया। उन्होंने कहा कि आगामी 1 व 2 दिसंबर को पुन: प्रदेश भर में इस प्रकार की विशेष अदालत का आयोजन किया जाएगा, जिसे राजस्व लोक अदालत का नाम दिया गया है। इस विशेष अदालत में इंतकाल के साथ-साथ तकसीम के लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाएगा। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सभी उपायुक्तों को निपटाए गए मामलों की पूरी रिपोर्ट मासिक आधार पर भेजने के निर्देश दिए, जिसमें व्यक्ति का नाम, पता और फोन नंबर का पूरा विवरण उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि उपायुक्त अपने-अपने जिलों में राजस्व अधिकारियों के साथ बैठकें कर लंबित राजस्व मामलों का तेजी से निपटारा करने की रणनीति तैयार करें। इसके लिए आवश्यकता अनुसार स्टाफ का युक्तिकरण करें। उन्होंने कहा कि किसी भी राजस्व मामले में तीन दिन से अधिक की तिथि न दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए राज्य सरकार ने राजस्व कानून में संशोधन किया है तथा अब सम्मन की सर्विस इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जिलों में कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए राज्य सरकार उपायुक्तों को सेवानिवृत्त कानूनगो की सेवाएं लेने की अनुमति भी देगी। उन्होंने मुख्य सचिव को मंडलीय आयुक्तों के स्तर पर लंबित राजस्व मामलों की निरंतर समीक्षा करने के निर्देश दिए और कहा कि राजस्व मंत्री 20 जनवरी से पहले पूरे प्रदेश में इस मामले की प्रगति की समीक्षा करें। बैठक में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, प्रधान सचिव आरडी नजीम शिमला में उपस्थित रहे, जबकि सभी उपायुक्त और मंडलीय आयुक्त वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
-शिमला में किया भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज गेयटी थियेटर शिमला में भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा सेवा के 2023 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम और लेखा परीक्षा सप्ताह समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से जीवन में मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए लोक सेवक के रूप में कर्त्तव्यनिष्ठता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोक सेवकों के रूप में वह लोगों के कल्याण व उनके उत्थान के लिए कार्य करने के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में उल्लेखनीय भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि समाज के वंचित लोगों की भलाई की दिशा में संसाधनों का सदुपयोग किया जाना चाहिए। इस प्रयास में नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (कैग) की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ऑडिट कायमहत््वपूर्ण जानकारी प्राप्त करने का एक अवसर प्रदान करता है। इसके माध्यम से महत्वपूर्ण सुधारों के लिए सुझाव तैयार किए जाते हैं जिस पर सरकार गंभीरता से विचार करती है। उन्होंने कहा कि कैग सार्वजनिक सेवा वितरण मानकों में सुधार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। राज्यपाल ने प्रशिक्षु अधिकारियों को राज्य सरकारों के साथ सक्रिय रूप से तालमेल रख कर वित्तीय रिपोर्ट तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी में हो रहे बदलावों के साथ सामंजस्य स्थापित कर कार्य करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में ज्ञान और सूचनाएं अमूल्य निधि हैं, जिन्हें उन्होंने अपना कर आप लोक सेवक के रूप में बेहतर कार्य कर सकते हैं। लोक सेवक के रूप में आप निष्ठापूर्वक अपनी संवैधानिक कर्त्तव्यों का निर्वहन करें। राज्यपाल ने प्रशिक्षु अधिकारियों को निरन्तर नई सोच के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय लेखापरीक्षा तथा लेखा अकादमी के महानिदेशक मनीष कुमार ने राज्यपाल का स्वागत किया। राज्यपाल ने ऑडिट सप्ताह के दौरान आयोजित निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया। उन्होंने राष्ट्रीय लेखापरीक्षा तथा लेखा अकादमी शिमला की कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया। इस अवसर पर प्रशिक्षु अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किये। प्रधान महालेखाकार (लेखापरीक्षा) हिमाचल प्रदेश चंदा पंडित ने राष्ट्रीय लेखापरीक्षा तथा लेखा अकादमी द्वारा आयोजित की जा रही गतिविधियों के बारे में विस्तारपूर्वक बताया। प्रशिक्षण निदेशक कंदर्प वी. पटेल ने भी अधिकारियों के पाठ्यक्रम प्रशिक्षण के बारे में जानकारी दी। एन.ए.ए. एंड ए. के निदेशक समीर मेहता ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
- विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली युवा महिलाएं की सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री स्व इंदिरा गांधी की 106वीं जयंती के मौके पर हिमाचल युवा कांग्रेस ने 'इंदिरा प्रियदर्शनी पुरस्कार-2023' का वितरण समारोह का आयोजन किया। समारोह का आयोजन पार्टी कार्यालय शिमला में किया गया। इस दौरान प्रदेश में खेल, शिक्षा, राजनीति, समाज सेवा, मॉडलिंग, कोरोना संकट, कलाकारी जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली युवा महिलाओं को सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह का आयोजन युवा कांग्रेस के महिलाओं को सशक्त और राजनीति की मुख्य धारा में जोड़ने के कार्यक्रम 'शक्ति सुपर शी' के तहत किया गया। युवा कांग्रेस की प्रदेश महिला पदाधिकारी शाक्षी शर्मा, कृतिका शर्मा, रक्षा जोक्टा, पूनम चोपड़ा और अन्य ने इस कार्यक्रम का सफल संचालन किया। कार्यक्रम का आयोजन प्रदेश प्रभारी योगेश हांडा और यदुपति ठाकुर की अगुवाई में किया गया। युवा कांग्रेस से बलविंदर कंवर, संदीप, तरुण ब्राक्टा, रविंद्र ठाकुर, छेरिंग नेग और बृज भूषण आदि पदाधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान मिस हिमाचल हितिका बाली, आवारा जानवरों के सुरक्षा रखाव के लिए 12 वर्ष से कार्य कर रहीं रेणु लूथरा, ओपन मायिक कार्यक्रम कर कलाकारों को उभारने के लिये ऋचा शर्मा, राष्ट्रीय खिलाडी श्रुतिका नेगी, राष्ट्रीय स्वयंसेविका विदिशा वर्मा, हिमानी कौशल और कोरोना के समय अभूतपूर्व कार्य करने वाले कोरोना वॉरियर्स को सम्मानित किया गया।
-पर्यटन और विद्युत परियोजनाओं में अपना हिस्सा लेकर रहेगी राज्य सरकार हिमाचल सरकार प्रदेश के हितों के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेगी। प्रदेश की संपदा को किसी भी तरह का नुकसान न हो यह सरकार का पहला दायित्व है। उन्होंने पर्यटन और विद्युत परियोजनाएं प्रदेश के राजस्व में बढ़ोतरी का मुख्य जरिया है और इन दोनों पर प्रदेश का अधिकार राज्य सरकार लेकर रहेगी। यह बात मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को ऐतिहासिक रिज पर मीडिया से बातचीत करते हुए कही। इस दौरान उन्होंने कहा कि होटल व्हाइट फ्लावर के हक की लड़ाई राज्य सरकार बीते 22 सालों से लड़ रही है। लीज का एक भी पैसा राज्य सरकार को नहीं मिला है। यह प्रदेश की संपदा है और इस पर लोगों का अधिकार है। इस संपदा को लुटने नहीं देंगे। सरकार ने व्हाइट फ्लावर को सुबह साढ़े आठ बजे टेकओवर कर लिया था, लेकिन इसके बाद न्यायालय ने इस प्रक्रिया पर रोक लगा दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार व्हाइट फ्लावर के लिए अब कानूनी लड़ाई लड़ेगी। सीएम ने कहा कि पर्यटन और जल विद्युत उत्पादन राज्य में राजस्व वृद्धि का मुख्य स्रोत हैं। सरकार ने राज्य में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने और पर्यटकों की आमद बढ़ाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा और इस संबंध में कई ठोस कदम उठाए गए हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 106वीं जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि जब देश विकास की गति पकड़ रहा था, तो नए कानून लाकर इंदिराजी ने सुधार किए। बैंकों को राष्ट्रीयकृत बैंकों का दर्जा दिलाया। उन्होंने अपने रहते जो फैसले लिए,उनका असर अब देखने को मिल रहा है। 1971 के युद्ध में पाकिस्तान के दो टुकड़े किए। मुख्यमंत्री रविवार को भारत-आस्ट्रेलिया के मध्य आईसीसी क्रिकेट विश्व कप-2023 का फाइनल मैच देखने के लिए मॉल रोड शिमला में नागरिकों के साथ शामिल हुए। नगर निगम शिमला द्वारा लोगों की सुविधा के लिए एक बड़ी एलईडी स्क्रीन स्थापित कर इस मैच के सीधे प्रसारण की व्यवस्था की गई थी। इससे पहले मुख्यमंत्री ने पुलिस नियंत्रण कक्ष के पास एक आकर्षक भित्ति चित्र का भी उद्घाटन किया। प्रोफेसर हिम चटर्जी की यह रचना पश्चिम बंगाल के कारीगरों ने तैयार की है। इस भित्ति चित्र में राज्य के विभिन्न जिलों की लोक संस्कृति को दर्शाया है। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, स्वास्थ्य मंत्री डा. (कर्नल) धनी राम शांडिल, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, विधायक हरीश जनारथा, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, महापौर नगर निगम शिमला सुरेंद्र चौहान उपस्थित थे।
प्राकृतिक आपदा की दृष्टि से हिमाचल प्रदेश अति संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल है। भूकंप, बाढ़ अथवा भू-स्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान प्रभावित क्षेत्रों की संचार प्रणाली भी प्रभावित होती है, जिससे राहत एवं बचाव कार्यों में भी अनावश्यक देरी हो जाती है। इन्हीं बाधाओं से पार पाने तथा संचार प्रणाली को सुदृढ़ करने के दृष्टिगत प्रदेश सरकार द्वारा शौकिया रेडियो को बढ़ावा देने की योजना तैयार की गई है। हिमाचल प्रदेश में दूर-दराज के ऐसे अनेक क्षेत्र हैं जहां आमतौर पर मानसून, बर्फबारी या किसी भी विपरीत मौसम में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान अन्य क्षेत्र से संपर्क कट जाते हैं। ऐसे कई ब्लैकआउट जोन भी राज्य में हैं, जहां संचार की सुलभ सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाती है। ऐसे क्षेत्रों में प्रभावी आपातकालीन संचार चैनल के वैकल्पिक माध्यम विकसित करने की आवश्यकता अरसे से महसूस की जाती रही है। संकट और आपदाओं के समय में, जब वायरलाइन, सेल फोन और संचार के अन्य पारंपरिक साधन विफल हो जाते हैं, तो शौकिया रेडियो का उपयोग अक्सर आपातकालीन संचार के साधन के रूप में किया जाता है। आपदा के दौरान प्रभावित क्षेत्र की संचार प्रणाली को सबसे पहले क्षति होती है। प्राकृतिक आपदा के कारण, आपदा की तीव्रता के आधार पर संचार प्रणाली को आंशिक क्षति या फिर संपूर्ण संचार नेटवर्क से संबंधित बुनियादी ढांचा पूरी तरह प्रभावित हो सकता है। सबसे खराब स्थिति में, पूरा संचार नेटवर्क टूट सकता है। ऐसे में जिला और राज्य प्रतिक्रिया प्रणाली को जान-माल के नुकसान सहित राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति के बारे में जानने में समस्याएं आती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए, प्रदेश सरकार द्वारा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तहत एक योजना तैयार की गई है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को ऐतिहासिक रिज पर भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को उनकी जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने राष्ट्र निर्माण में इंदिरा गांधी के योगदान को याद करते हुए कहा कि आज देश को उनके दूरदर्शी निर्णयों का लाभ मिल रहा है। उन्होंने आम आदमी को लाभ पहुंचाने के लिए भू-सुधार कानून लाने और बैंकों का राष्ट्रीयकरण करने जैसे साहसिक फैसले लिये। उन्होंने बांग्लादेश की मुक्ति में अहम योगदान दिया है, जो देशभक्ति का एक अद्वितीय उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदिरा गांधी ने देश की एकता और अखंडता के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, विधायक हरीश जनारथा, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, महापौर नगर निगम शिमला सुरेंद्र चौहान व अन्य इस अवसर पर उपस्थित रहे।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए समाज में परिवर्तन लाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि उन्हें समाज में उचित एवं समान अवसर प्रदान करने होंगे, ताकि वे अपनी पूरी क्षमता से आगे बढ़ सकें। राज्यपाल ने रविवार को सुनील उपाध्याय की पुण्यतिथि के अवसर पर सुनील उपाध्याय एजुकेशन ट्रस्ट द्वारा ‘महिला सशक्तिकरण-भारतीय परिप्रेक्ष्य’ विषय पर आयोजित सेमिनार को संबोधित किया। राजयपाल ने कहा कि महिला सशक्तिकरण एक ऐसा विषय है, जिस पर आज समाज और राष्ट्र को चर्चा करने और उचित ढंग से क्रियान्वित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल में महिलाओं को विशेष सम्मान प्राप्त था जो मध्यकाल में कम होने लगा। हालांकि आधुनिक युग में कई भारतीय महिलाएं महत्वपूर्ण राजनीतिक और प्रशासनिक पदों पर आसीन हैं, लेकिन आम ग्रामीण महिलाएं अभी भी अपने घरों तक सीमित रहने के लिए मजबूर हैं। राज्यपाल ने कहा कि भारत में ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं की तुलना में शहरी क्षेत्रों की अधिक महिलाएं कामकाजी हैं। आंकड़ों के मुताबिक भारतीय शहरों में लगभग 30 प्रतिशत महिलाएं सॉफ्टवेयर उद्योग में काम करती हैं, जबकि ग्रामीण इलाकों में लगभग 90 प्रतिशत महिलाएं मुख्य रूप से कृषि और संबंधित क्षेत्रों में दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम करती हैं। उन्होंने कहा कि हमारा देश तेजी से प्रगति कर रहा है, लेकिन हम इस गति को तभी बनाए रख सकते हैं, अगर हम लैंगिक असमानता को दूर कर सकें और महिलाओं के लिए पुरुषों के समान शिक्षा, पदोन्नति और वेतन सुनिश्चित कर सकें। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में सरकार द्वारा लैंगिक असमानता और महिलाओं के विरूद्ध कुप्रथाओं को दूर करने के लिए कई संवैधानिक और कानूनी अधिकार बनाए और लागू किए गए हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिला सशक्तिकरण और सामाजिक समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार में परस्पर कोई तालमेल नहीं है। कोई कुछ कहता है कोई कुछ करता है। बिना प्लानिंग और सोच विचार के बातें करना, फ़ैसले लेना और फिर फ़ैसले को वापस ले लेना कांग्रेस की परंपरा रही है। शनिवार राज्य सरकार ने दोपहर को नॉटिफ़िकेशन जारी करते हुए कहा कि पटवारी और क़ानूनगो अब से राज्य सरकार के कर्मचारी होंगे। इस नॉटिफ़िकेशन पर संबंधित कर्मचारियों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं देनी शुरू कर दी, कुछ ही देर बाद सरकार की तरफ़ से दूसरा नोटोफ़िकेशन जारी हुआ, जिसने पहले नॉटिफ़िकेशन को ही ख़ारिज कर दिया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह कोई पहला मामला नहीं है जब सरकार ने जो फ़ैसले लिए हो उसे बाद में वापस नहीं लेने पड़े हों। बस ज़्यादातर फ़ैसलों में सरकार की किरकिरी होती है और आम प्रदेशवासी परेशान होते हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इसके पहले सरकार ने एचआरटीसी में नई लगेज पॉलिसी लाई और बुजुर्गों की दवाई से लेकर बच्चों के खेलने के सामान पर भी किराया वसूला। विशेष पथकर लगाकर प्रदेश के पर्यटन को तबाह करने की कोशिश की गई। लोगों के विरोध के बाद सरकार को इन दोनों फ़ैसलों को भी बदलने पड़े। अभी भी लगेज पॉलिसी में प्रदेश की जनता और एचआरटीसी के कर्मचारी पिस रहे हैं। इसके अलावा आपदा के समय में सरकार ने सभी क्रशर बंद कर दिये। जिससे आपदा में अपना घर गवां चुके लोगों के घर नहीं बने, बजरी-रेता जैसी चीजें पांच-पांच गुना दाम देने पर भी ढूंढ़े नहीं मिल रही थी। व्यापक जनविरोध के बाद सरकार ने अब क्रशर को फिर से चलाने की अनुमति दी हैं। इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा में गेस्ट शिक्षक की भर्ती करने की बातें की, प्लान भी डिस्कस हुआ, बाद में उसे भी वापस ले लिया। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार में तालमेल की कमी का क्या कारण है, मुख्यमंत्री को इस पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोपहर के फ़ैसले शाम तक पलट जाते हैं तो सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि ऐसे फ़ैसले किस मजबूरी में लिए गए और किस मजबूरी में वापस किए गए। उन्होंने कहा कि सरकार हर मोर्चे पर विफल है। कांग्रेस की दस झूठी गारंटियां आज उसके गले की फ़ांस बनी हुई हैं। नेता आम लोगों के बीच जाने से बच रहे हैं। कांग्रेस को सिर्फ़ और सिर्फ़ विकास पर ध्यान देने की ज़रूरत है। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार में तालमेल की कमी का क्या कारण है, मुख्यमंत्री को इस पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोपहर के फ़ैसले शाम तक पलट जाते हैं तो सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि ऐसे फ़ैसले किस मजबूरी में लिए गए और किस मजबूरी में वापस किए गए। उन्होंने कहा कि सरकार हर मोर्चे पर विफल है। कांग्रेस की दस झूठी गारंटियां आज उसके गले की फ़ांस बनी हुई हैं। नेता आम लोगों के बीच जाने से बच रहे हैं। कांग्रेस को सिर्फ़ और सिर्फ़ विकास पर ध्यान देने की ज़रूरत है।
चण्डीगढ़ स्थित ब्रिटिश उप-उच्चायुक्त कैरोलिन रोवेट के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने यहां उद्योग, आयुष व संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान से भेंट की। इस दौरान हिमाचल एवं ब्रिटेन के मध्य व्यापार निवेश के प्रोत्साहन से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि बैठक में विशेष तौर पर हथकरघा उद्योग से संबंधित चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में हिमाचल के समान मौसम एवं जलवायु के दृष्टिगत वहां प्रदेश में तैयार हथकरघा उत्पादों के लिए बेहतर बाजार विकसित हो सकता है। उन्होंने इस संदर्भ में उप-उच्चायुक्त से ब्रिटेन में एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भेजने में सहयोग का आग्रह किया गया। इस प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश सरकार के प्रतिनिधियों के साथ ही भुट्टिको जैसे प्रीमियम बं्राड से जुड़े सदस्य शामिल किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कुल्लू में स्थित आरआर एग्रो लिमिटेड को भूमि आवंटन की दिशा में आगे बढ़ रही है। उनके उत्पादों की ब्रिटेन में भारी मांग है और वहां की एक कम्पनी भी कुल्लू में नई विनिर्माण इकाई स्थापित करने में निवेश कर रही है। इससे क्षेत्र में रोज़गार के अतिरिक्त अवसर भी सृजित हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि शराब एवं वाइन क्षेत्र में भी प्रदेश विदेशी निवेश आमंत्रित कर रहा है। राज्य सरकार ने हाल ही में स्कॉटलैंड की एक कम्पनी इयान मैकलियोड की 50.80 करोड़ रुपये की निवेश वाली एक परियोजना को मंजूरी प्रदान की है। इससे 77 लोगों को रोजगार उपलब्ध हो सकेगा। कम्पनी को ऊना जिला के औद्योगिक क्षेत्र पंडोगा में अत्याधुनिक माल्ट डिस्टीलरी प्लांट स्थापित करने के लिए नवम्बर, 2021 में 43,700 वर्गमीटर भूमि भी आवंटित की गई है। कम्पनी द्वारा इस प्लांट की स्थापना के लिए अभी तक लगभग 40 करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है। बैठक में ब्रिटिश उप-उच्चायुक्त चंडीगढ़ के समन्वय से अगले वर्ष भारत एवं इंग्लैंड के मध्य धर्मशाला में प्रस्तावित क्रिकेट टेस्ट मैच के दौरान एक फैशन शो से संबंधित आयोजन की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। इससे हिमाचली हथकरघा उत्पादों एवं यहां की संस्कृति को प्रोत्साहन मिल सकेगा। इस अवसर पर विधायक विनय कुमार, ब्रिटेन से शिष्टमंडल के डिप्टी हैड एवं वरिष्ठ इन्वार्ड निवेश सलाहकार अमनदीप ग्रेवाल, राजनीतिक, प्रैस एवं परियोजना सलाहकार राजेन्द्र एस नगरकोटी, व्यापार एवं निवेश सलाहकार प्रणीत वर्मा सहित निदेशक उद्योग राकेश कुमार प्रजापति भी उपस्थित थे।
जाइका वानिकी परियोजना के कार्यों को जमीनी स्तर पर पहुंचाने के लिए अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल एवं मुख्य परियोजना निदेशक नागेश कुमार गुलेरिया ने सभी फील्ड स्टाफ को दिशा-निर्देश जारी किए। गत शुक्रवार को बिलासपुर में आयोजित एक दिवसीय समीक्षा कार्यशाला को संबोधित करते हुुए उन्होंने बिलासपुर के चार फोरेस्ट रेंज अफसरों एवं टीम मेंबरर्स को आगामी लक्ष्य तय किए। कार्यशाला को संबोधित करते हुए नागेश कुमार गुलेरिया ने सभी फील्ड तकनीकी यूनिट्स को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि आने वाले दिनों में नर्सरियों को और सुदृढ़ करने की सख्त जरूरत है। मुख्य परियोजना निदेशक नागेश कुमार गुलेरिया ने बिलासपुर सदर, स्वारघाट, घुमारवीं और झंडूता रेंज के अधिकारियों से अब तक किए गए कार्यों की पूरी रिपोर्ट भी मांगी। इस दौरान विभिन्न स्वयं सहायता समूहों के आय में सृजन करने बारे भी विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि हिमाचल में साल 2030 तक दो लाख हेक्टेयर वन भूमि पर पौधे लगाए जाएंगे। सरकार ने प्रदेश के 30 प्रतिशत भाग को वनों के अधीन लाने का लक्ष्य रखा है। साल 2030 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रति वर्ष 12 हजार हेक्टेयर वन भूमि पर पौधरोपण किया जाना अपेक्षित है। इसके लिए अतिरिक्त वित्तीय स्रोत तलाशने होंगे। नागेश कुमार गुलेरिया ने कहा कि इस साल बरसात के दौरान 55 से अधिक प्रजातियों के पौधे रोपे गए। उन्होंने कहा कि अच्छे पौधरोपण को प्रोत्साहित करने के लिए जहां 90 प्रतिशत से अधिक उत्तर जीवन होगा उन ग्राम वन विकास समिति को बतौर ईनाम 10 हजार की राशि दी जाएगी। नागेश कुमार गुलेरिया ने सिल्वीकल्चर, डिमार्केशन, पृथक्करण और बाउंड्री पिल्लर बनाने के लिए धन उपलब्ध करवाने की भी बात कही। बेहतर कार्य करने वालों की थपथपाई पीठ अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल एवं मुख्य परियोजना निदेशक नागेश कुमार गुलेरिया ने बहतर कार्य करने वाले अधिकारियों के साथ-साथ फील्ड टीम की पीठ थपथपाई। कार्यशाला के दौरान जाइका वानिकी एवं जैव विविधता विशेषज्ञ डा. सुशील काप्टा, सीसीएफ बिलासपुर अनिल शर्मा, डीएफओ हैड क्वार्टर अश्वनी शर्मा, फील्ड तकनीकी अधिकारी, ब्लॉक अधिकारी, वन रक्षक, विषय वस्तु विशेषज्ञ समेत फील्ड को-ऑर्डिनेटर्स उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में राज्यपाल से हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 19 दिसंबर से 23 दिसंबर 2023 तक तपोवन धर्मशाला में आयोजित करने की सिफारिश करने का निर्णय लिया गया। बैठक में जल शक्ति विभाग में 4500 पैरा-कर्मचारियों को नियुक्त करने, राज्य आबकारी एवं कराधान विभाग में कर एवं कराधान निरीक्षक के 25 पद और बागवानी विभाग में बागवानी विकास अधिकारी के 10 पद भरने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में एसजेवीएनएल के पक्ष में जारी किए किए गए जंगी थोपन पोवारी हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट (780 मेगावाट) के आवंटन को रद्द करने का भी निर्णय लिया गया। दरअसल कंपनी निर्धारित समय अवधि के भीतर परियोजना के कार्यान्वयन में प्रगति हासिल करने में विफल रही है। किराया राशि तय... हिमाचल में आई आपदा ने सैंकड़ों परिवारों को बेघर कर दिया है। सरकार किराये के मकानों में रह रहे आपदा प्रभावित परिवारों को ग्रामीण क्षेत्रों में पांच हजार व शहरी क्षेत्रों में 10 हजार रुपये किराया 31 मार्च 2024 तक देगी। कैबिनेट ने हिमाचल में प्रशासनिक ट्रिब्यूनल को बहाल करने का फैसला लिया है। ट्रिब्यूनल में अध्यक्ष सहित तीन सदस्यों और एक रजिस्टार का पद भरने का फैसला लिया गया। मंदिरों के सोने-चांदी का होगा उपयोग.. बैठक में प्रदेश में कार्यरत सहकारी समितियों को सशक्त बनाने के लिए हिमाचल प्रदेश सहकारी समितियां नियम, 1971 में संशोधन करने को भी मंजूरी प्रदान की गई। इसके अलावा प्रदेश के मंदिरों में संग्रहित सोने, चांदी का सर्वोत्तम उपयोग करने के लिए हिमाचल प्रदेश हिंदू सार्वजनिक धार्मिक संस्थान और धर्मार्थ बंदोबस्ती नियम, 1984 के नियमों में संशोधन करने का भी निर्णय लिया गया।
-मल्टी सेक्टर कमेटी ने राज्य सरकार को प्रस्तुत की अंतरिम रिपोर्ट राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि प्रदेश में हाल ही की बरसात में आई प्राकृतिक आपदा के उपरांत गठित मल्टी सेक्टर कमेटी ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है, जिसमें आपदा के लिए जलवायु परिवर्तन के साथ-साथ अवैज्ञानिक और अवैध खनन को प्रमुख कारक पाया गया है। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ब्यास नदी बेसिन पर 131 स्टोन क्रशर स्थापित हैं, जिनमें से 68 के पास इनके संचालन के लिए जरूरी अनुमति नहीं पाई गई तथा 50 संचालकों के पास ही जरूरी अनुमति पाई गई है। इसके अतिरिक्त 7 क्रशर बाढ़ से प्रभावित पाए गए जबकि 6 में भण्डारण से संबंधित तथा अन्य अनियमितताएं पाई गई हैं। इसके साथ-साथ नदी में अत्याधिक मलबा फैंकने के कारण बाढ़ ने गंभीर रूप धारण किया, जिससे आस-पास के सामुदायिक ढांचे और जान माल को भारी नुकसान पहुंचा। समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ब्यास नदी का पर्यावरणीय संतुलन भारी दबाव में है, जिसका वैज्ञानिक अध्ययन करने की आवश्यकता है तथा स्टोन क्रशरों के संचालन के लिए लघु, मध्यम तथा दीर्घावधि उपाय सुझाने पर भी बल दिया गया है। उन्होंने कहा कि समिति ने जरूरी अनुमति प्राप्त 50 स्टोन क्रशर को कुछ शर्तों के साथ संचालित करने की अनुमति प्रदान करने की सिफारिश की है, जिसके तहत यह क्रशर सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक 12 घंटे के लिए संचालित किए जा सकते हैं। समिति ने सिफारिश की है कि किसी भी क्रशर पर डीजी सेट का प्रयोग अवैध बनाया जाना चाहिए। भविष्य में सभी स्टोन क्रशरों में सीसीटीवी कैमरा लगाने की भी सिफारिश की गई है, जिनकी निगरानी राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा खनन विभाग के अधिकारी करें। स्टोन क्रशर के 500 मीटर दायरे में अगर कोई भी गैर-कानूनी खनन पाया गया तो स्थानीय अधिकारी लिखित में रिपोर्ट दें, अन्यथा उसी स्टोन क्रशर पर कार्रवाई की जाए। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जिन स्टोन क्रशर के पास जरूरी अनुमतियां नहीं हैं, उन्हें पहले यह अनुमतियां प्राप्त करनी होंगी, जिसके बाद मामला दर मामला आधार पर उन्हें खोलने पर विचार किया जाए। प्रवक्ता ने कहा कि समिति ने यह भी सिफारिश की है कि प्रदेश के पर्यावरणीय संतुलन के लिए राज्य सरकार खनन व स्टोन क्रशरों के संचालन की अनुमति, नवीनीकरण आदि भविष्य में एक खिड़की आधार पर उच्च स्तरीय अधिकृत समिति के माध्यम से प्रदान की जाएं। समिति की अंतिम रिपोर्ट आने तक प्रदेश में नए स्टोन क्रशर खोलने पर अस्थाई प्रतिबंध रहे। रिपोर्ट में कैप्टिव स्टोन क्रशर के संचालन की प्रक्रिया को भी सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया गया है ताकि उनका उपयोग गैरकानूनी गतिविधियों में न हो सके। प्रवक्ता ने कहा कि उद्योग विभाग समिति की सिफारिशों का अध्ययन कर रहा है।
हिमाचल प्रदेश उपोष्ण कटिबंधीय बागवानी सिंचाई एवं मूल्य संवर्द्धन परियोजना (एचपी शिवा) के तहत एशियन विकास बैंक का एक शिष्टमंडल 14 से 21 नवंबर तक राज्य के आठ दिवसीय दौरे पर हैं। शिष्टमंडल ने आज यहां बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी से भेंट की तथा परियोजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। बागवानी मंत्री ने एशियन विकास बैंक की वित्तीय सहायता से एचपी शिवा परियोजना के तहत स्वच्छ पौध सामग्री, नर्सरी विकास, फसल कटाई उपरान्त प्रबन्धन और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को मजबूत करने पर बल दिया। इसके उपरांत सचिव बागवानी की अध्यक्षता में शिष्टमंडल के साथ एक बैठक आयोजित की गई। इसमें प्रदेश में लगभग 6000 हेक्टेयर में लागू की जाने वाली एचपी शिवा मुख्य परियोजना के कार्यान्वयन के बारे में विस्तृत चर्चा की गई। इस परियोजना पर पांच वर्षों के लिए 130 मिलियन डॉलर का वित्तीय पोषण एशियन विकास बैंक द्वारा किया जाएगा।
-विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए होंगे व्यापक सुधार -जिला में बेहतर कार्य करने वाले 5 स्कूल होंगे सम्मानित -शैक्षणिक सत्र में अनिवार्य 220 अध्यापन दिवस सुनिश्चित करने को तैयार होगा कैलेंडर वर्ष 2026-2027 तक राज्य की प्राथमिक से लेकर वरिष्ठ माध्यमिक स्तर की 2050 पाठशालाओं को चरणबद्ध तरीके से मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बनाया जाएगा। यह जानकारी मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज शिक्षा विभाग की एक समीक्षा बैठक में दी। अगले शैक्षणिक सत्र से यह संस्थान गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध करवाने में मील का पत्थर सिद्ध होंगे। उन्होंने 31 दिसंबर तक इनकी सूची तैयार करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए व्यापक स्तर पर सुधार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है तथा इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। राज्य में सरकारी क्षेत्र में अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खोले जाएंगे। इसके साथ ही स्कूल एडॉप्शन प्रोग्राम भी शुरू किया जाएगा, जिसके लिए खंड, उपमंडल व जिला स्तर के अधिकारियों को शामिल किया जाएगा, ताकि शिक्षा के स्तर में सुधार आ सके। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को गेस्ट लेक्चरर योजना शुरू करने की संभावनाएं तलाशने के भी निर्देश दिये। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन लेने और चयन के बाद उन्हें रिक्त पदों वाले स्कूलों में एक साल के लिए तैनात करने संबंधी प्रावधान भी किए जाएंगे। उन्होंने विभाग को इस योजना का विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विभाग को प्राथमिक और वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं के क्लस्टर बनाकर उनके संसाधनों का सांझा उपयोग करने की रूपरेखा को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने को कहा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अन्य गतिविधियों के साथ-साथ एक शैक्षणिक सत्र में अनिवार्य 220 अध्यापन दिवस सुनिश्चित करने के लिए कैलेंडर तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का प्रमुख दायित्व विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करना है तथा उन्हें अपने दायित्व का निर्वहन करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए। पहली नियुक्ति पर अध्यापकों को अनिवार्य प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बेहतर कार्य करने वाले स्कूलों और अध्यापकों को राज्य सरकार प्रोत्साहित करेगी और इसके तहत जिला स्तर पर 5 स्कूलों को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा के स्तर में सुधार लाने के लिए केंद्र सरकार की एजेंसियों के साथ-साथ प्रमुख गैर सरकारी संस्थाओं का सहयोग लेने की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में लाए जा रहे सुधारों के तहत सरकारी शिक्षण संस्थानों में भी छह वर्ष की आयु में पहली कक्षा में दाखिला सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को आयु वर्ग के अनुसार जीवन उपयोगी कौशल (लाइफ स्किल) में पारंगत किया जाएगा, ताकि उनका ज्ञान केवल किताबों तक ही सीमित न रहने पाए। उन्होंने प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से खोले जा रहे राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूलों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि गोहर, धर्मपुर तथा बंगाणा में निर्माणाधीन अटल आदर्श विद्यालय के निर्माण कार्य को वर्तमान राज्य सरकार पूरा करेगी और इनके लिए पर्याप्त धन उपलब्ध करवाया जाएगा। इन्हें अगले वर्ष से संचालित किया जाएगा। बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, सचिव शिक्षा राकेश कंवर, निदेशक उच्च शिक्षा अमरजीत शर्मा, निदेशक प्रारंभिक शिक्षा आशीष कोहली, परियोजना निदेशक सर्व शिक्षा अभियान राजेश शर्मा, संयुक्त सचिव सुनील वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
-भोरंज के विधायक सुरेश कुमार ने मुख्यमंत्री से उठाई मांग भोरंज के विधायक सुरेश कुमार ने आज मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से उनके सरकारी आवास ओकओवर में भेंट की तथा उनका कुशलक्षेम जाना। उन्होंने इस मौके पर उन्होंने मुख्यमंत्री को एक मांग पत्र भी सौंपा, जिसमें उन्होंने हमीरपुर में बिजली बोर्ड के मुख्य अभियंता का कार्यालय खोलने की मांग की। सुरेश कुमार ने अवगत करवाया कि हमीरपुर के लोगों की यह चिरप्रतीक्षित मांग है क्योंकि बिजली बोर्ड के मुख्य अभियन्ता का कार्यालय वर्षों से मण्डी में कार्यरत है जिस कारण हमीरपुर के लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि मण्डी में कार्यरत कार्यालय यथावत चलता रहे लेकिन हमीरपुर में मुख्य अभियन्ता का कार्यालय अलग से खोलना जनहित में रहेगा। वहीं, मुख्यमंत्री ने सुरेश कुमार के आग्रह को सुनने के पश्चात उन्हें शीघ्र ही उनकी मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने प्रदेश के जनजातीय सीमावर्ती इलाकों में खाली पड़ी सरकारी जमीन वहां के स्थायी निवासियों को 9 तोड़ भूमि प्रदान करने की वकालत की है। उन्होंने कहा है कि इस निर्णय से एक ओर जहां जनजातीय क्षेत्रों में खाली पड़ी इस जमीन का पूरा सदुपयोग होगा, वहीं दूसरी ओर दूसरे देश के किसी भी अतिक्रमण का डर नहीं रहेगा। प्रतिभा सिंह ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों किन्नौर, लाहौल-स्पीति व चंबा जिला के भरमौर व पांगी के सीमावर्ती ऐसे कई क्षेत्र हैं, जहां हजारों बीघा जमीन खाली पड़ी है। उन्होंने कहा कि कुछ जगहों में तो पिछले कई सालों से यहां के लोग अस्थाई तौर पर अपनी खेतीबाड़ी भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर 9 तोड़ प्रदान कर दिए जाते हंै तो उनकी खेतीबाड़ी के साथ उन क्षेत्रों में बागवानी को भी बढ़वा मिलेगा। प्राकृतिक जड़ी-बूटियों का भी दोहन हो सकेगा। उन्होंने कहा कि गत दिनों जनजातीय क्षेत्रों के दौरे के दौरान वहां के लोगों ने 9 तोड़ बहाली की मांग उनके समक्ष रखी थी और इस बाबत उन्होंने एक पत्र मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को भी लिखा था। प्रतिभा सिंह ने राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा है कि उन्होंने राज्यपाल से सीमावर्ती जनजातीय क्षेत्रों में लोगों को 9 तोड़ भूमि प्रदान करने की अनुमति मांगी है का पुरजोर समर्थन करते हुए राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से जल्द मंजूरी प्रदान करने का आग्रह किया है,जिससे जनजातीय क्षेत्र के लोगों की चिरकाल से चली आ रही मांग पूरी हो सकें और सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा में भी स्थानीय लोगों का बल मिल सकें।
-कहा, उच्च शिक्षा व स्टाइपेंड पर 60.92 लाख व्यय करेगी सरकार मुख्यमंत्री सुख आश्रय कोष के तहत गठित राज्य स्तरीय समिति की बैठक शुक्रवार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में अनाथ बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए 68 आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की गई। डॉ. शांडिल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की पहल पर आरंभ की गई इस योजना के तहत प्रदेश में लगभग 4000 निराश्रित एवं अनाथ बच्चों को शिक्षा तथा रोज़गारपरक व्यावसायिक पाठ्यक्रम के माध्यम से उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि बैठक में स्नातकोत्तर एवं पीएचडी सहित अन्य उच्चतर शिक्षा पाठ्यक्रमों के लिए 68 आवेदन स्वीकृत किए गए। इन 'चिल्ड्रन ऑफ द स्टेटÓ की उच्च शिक्षा पर प्रदेश सरकार 28 लाख 28 हजार 457 रुपये तथा इन्हें स्टाइपेंड प्रदान करने पर 32 लाख 64 हजार रुपये व्यय किए जाएंगे। स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता के 4 आवेदन भी स्वीकृत बैठक में स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता से संबंधित 4 आवेदनों को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इसके तहत लाभार्थियों को 7 लाख 45 हजार 500 रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त व्यावसायिक प्रशिक्षण से संबंधित 42, कोचिंग से संबंधित 16 तथा कौशल विकास के 2 आवेदनों पर भी चर्चा की गई। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने बताया कि आज की बैठक में प्रस्तुत सभी आवेदनों के तहत प्रदेश सरकार 134 लाभार्थियों को 83 लाख 26 हजार 321 रुपये के लाभ प्रदान करेगी। साथ ही 4000 रुपये प्रतिमाह प्रति लाभार्थी स्टाइपेंड के तहत 128 लाभार्थियों को 59 लाख 60 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे। इन दोनों मदों में कुल एक करोड़ 42 लाख 86 हजार 321 रुपये के लाभ इन बच्चों को प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व अगस्त माह में हुई समिति की बैठक में उच्च शिक्षा से संबंधित 48 आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की गई थी। इसके तहत इन बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए 15 लाख 52 हजार 678 रुपये तथा स्टाइपेंड के रूप में 23 लाख 4 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। डॉ. शांडिल ने सभी संबंधित अधिकारियों को इस कल्याणकारी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समयबद्ध सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने के भी निर्देश दिए। बैठक में निदेशक महिला एवं बाल विकास रूपाली ठाकुर, निदेशक अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक तथा विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों का सशक्तिकरण विभाग के निदेशक प्रदीप कुमार, महिला एवं बाल विकास विभाग के अतिरिक्त निदेशक मोहन दत सहित विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।
-बीबीएन के 8 और सिरमौर के 2 उद्योग शामिल -मानकों के अनुसार सब स्टैंडर्ड निकलीं दवाइयां स्टेट ड्रग कंट्रोल अथॉरिटी द्वारा हिमाचल प्रदेश में घटिया क्वालिटी की दवाइयां बनाने वाली कंपनियों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। ऑथोरिटी ने गुणवत्ता के मानकों पर खरा नहीं उतरने वाले 10 उद्योगों में दवा बनाने पर रोक लगा दी है। स्टेट ड्रग कंट्रोलर की इस बड़ी कार्रवाई से दवा निर्माताओं में हड़कंप मच गया है। अथॉरिटी ने यह कार्रवाई लेबोरेटरी में दवाइयों का टेस्ट करने के बाद की है। इनमें बद्दी-बरोटीवाला व नालागढ़ के 8 और सिरमौर के 2 उद्योग शामिल हैं। जानकरी के अनुसार स्टेट ड्रग कंट्रोल अथॉरिटी ने रिस्क बेस्ड इंस्पेक्शन के तीसरे चरण में अलग-अलग क्षेत्रों में स्थापित दवा उद्योगों में बहुत सी अनियमितताएं पाई हैं। इस दौरान दवाएं सब स्टैंडर्ड निकली। सीडीएससीओ और स्टेट ड्रग कंट्रोलर अथॉरिटी दवा निर्माता कंपनियों का तीसरे चरण का रिस्क बेस्ड इंस्पेक्शन कर रही है। पहले दो चरण में भी कई उद्योगों में बनी दवाइयां घटिया पाई गई थीं। क्या कहते हैं स्टेट ड्रग कंट्रोलर... इस बारे में स्टेट ड्रग कंट्रोलर नवनीत मारवाह ने कहा कि क्वालिटी पर खरा नहीं उतरने की वजह से यह कार्रवाई की गई है। इस तरह की कार्रवाई आगामी दिनों में भी जारी रहेगी। मारवाह ने कंपनियों को मानकों के अनुसार ही दवाएं बनाने के निर्देश दिए हैं।
-देश में पांच राज्यों में चुनाव हैं और कांग्रेस हर जगह लोगों को हिमाचल की तरह ठगना चाहती हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया और देश के लोगों से झूठ बोला। कांग्रेस जब भी सत्ता में आई, यही किया। देश के ग़रीबों और वंचितों के विकास के बजाय कांग्रेस ने भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है। पांच साल सरकार चलाने वाले कांग्रेस के दो मुख्यमंत्रियों के नाम गूगल पर सर्च किए जाए तो उनके नाम पर सिफ़र् महादेव घोटाला और लाल डायरी का ज़िक्र आता है। लाल डायरी और महादेव एप ने कांग्रेस की नींदे उड़ा रखी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने भगवान महादेव के नाम पर भी भ्रष्टाचार किया। जयराम ठाकुर ने कहा कि दूसरी तरफ़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में ऐतिहासिक विकास हुआ। साढ़े नौ साल के कार्यकाल में एक भी नए पैसे के भ्रष्टाचार का आरोप कोई नहीं लगा पाया है। यह सिफ़र् प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के कारण हुआ है। आज ख़ुद को ईमानदारी का सर्टिफिकेट देने वाले नेता जेलों में हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति का दूसरा सबसे बड़ा हथकंडा है झूठ बोलना। आज पूरे हिमाचल प्रदेश के लोग कांग्रेस के झूठ की वजह से परेशान हैं। स्थानीय नेता लोगों के बीच जाने से बच रहे हैं। इसका कारण हैं कांग्रेस की दस झूठी गारंटिया। जिसे कांग्रेस के बड़े-बड़े नेताओं ने हिमाचल के विधान सभा चुनावों में बड़े ज़ोर शोर से दी थी। उसी तरह की की गारंटियां आज फिर कांग्रेस के नेता पूरे देश में देने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन एक ही झूठ के सहारे बार-बार देश के लोगों को नहीं धोखा दिया जा सकता है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस की सभी गारंटियां पूरी तरह झूठी हैं। 11 महीने पहले हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने जो गारंटियां दी थी वही अब राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, मिज़ोरम और तेलंगाना में भी दी जा रही हैं। लेकिन हर जगह के लोग कांग्रेस के बड़े नेताओं से पूछ रहे हैं कि हिमाचल की तरह ही गारंटियां कहां गई। हिमाचल में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने शिमला में प्रेसवार्ता करके कहा कि कांग्रेस के नेता राहुल गांधी जो वादा करते हैं उसे पूरा करते हैं। चुनाव जीतने के बाद न राहुल गांधी गारंटी की शुध लेते हैं और न ही अशोक गहलोत और भूपेश बघेल। आज वही नेता फिर से गारंटियों का पिटारा खोलकर बैठे हैं और लोग उनकी पुरानी गारंटियों का हिसाब मांग रहे हैं। उन्होंने कहा बीजेपी की केंद्र और राज्य सरकार ने आयुष्मान, हिमकेयर, सहारा, हर घर नल से जल, किसान सम्मान निधि, स्वच्छ भारत, पीएम आवास योजना जैसी सैकड़ों जनहितकारी योजनाएं बीजेपी सरकारों देश के लोगों को बिना गारण्टी के ही दी हैं। जयराम ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में सरकार बनने से पहले कांग्रेस ने 10 गारंटीयां दी थीं, जिसमें कहा गया था कि प्रदेश की 18 साल से 70 साल उम्र की 22 लाख महिलाएं हैं उनके लिए कैबिनेट की पहली ही बैठक में निर्णय लिया जाएगा कि उनके खाते में 1500 रुपये प्रत्येक महीने डाले जाएंगे। लगभग 12 महीने हो चुके लेकिन अभी तक किसी महिला के खाते में एक रूपया भी नहीं आया। इसके अलावा कांग्रेस ने गारंटी दी थी कि 300 यूनिट मुफ्त बिजली दी जाएगी, लेकिन मुफ्त बिजली देना तो दूर कांग्रेस सरकार ने वहां बिजली की दरें बढ़ा दी। दूसरी ओर भाजपा ने बिना गारंटी के भी वहां काम किया और जो पहले से ही 125 यूनिट बिजली मुफ्त मिलती थी वह चालू रखी।
मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने आज यहां सर्दी के मौसम से संबंधित तैयारियों को लेकर विभिन्न विभागों के प्रमुखों और सभी जिलों के उपायुक्तों के साथ बैठक की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को हिमस्खलन और भारी बर्फबारी वाले क्षेत्रों में मानव संसाधन, मशीनरी और अन्य आवश्यक सामग्री की अग्रिम तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने उपायुक्तों से यह भी कहा कि भारी बर्फबारी के खतरों को देखते हुए ऊंचे दर्रोंं या अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की ओर ट्रैकर्स या यात्रियों की आवाजाही को प्रतिबंधित करने के लिए तत्काल आदेश जारी किया जाए। बैठक के दौरान, भारतीय मौसम विभाग ने सर्दियों के मौसम के पूर्वानुमान, पिछले रुझानों और मौसम संबंधी सलाह के प्रसार के लिए वर्तमान व्यवस्था पर एक प्रस्तुति दी। सामान्य सर्दी के पूर्वानुमान को देखते हुए मुख्य सचिव ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि सभी विभाग मौसम की चुनौतियों के लिए तैयार रहें। उन्होंने संबंधित विभागों को सड़कों का प्रभावी ढंग से रख-रखाव करने और सड़क के किनारे नालियों और पुलियों से बर्फ हटाने, किसी भी अप्रिय घटना के मामले में तत्परता सुनिश्चित करने के लिए राज्य भर में अग्नि हाइड्रेंट का एक नेटवर्क बनाने, पानी के पाइप और बिजली के खंभों के भण्डारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों से जरूरत पड़ने पर जेसीबी, ट्रक और 4ग्4 वाहनों सहित अन्य मशीनरी किराए पर लेने की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने उपायुक्तों से उन क्षेत्रों में पर्याप्त भोजन और ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा जहां भारी बर्फबारी और सड़क अवरोध के कारण सर्दी के मौसम में सम्पर्क कट जाता है। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को भी कहा कि ऐसे क्षेत्रों में संचार व्यवस्था सुचारू रखें। बैठक में शिमला और अन्य जिलों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की पूर्व तैनाती के मामले पर भी चर्चा की गई। एनडीआरएफ ने अपनी बचाव टीमों के लिए 9,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थान प्रदान करने का भी प्रस्ताव दिया। इससे बचाव कर्मियों को अधिक ऊंचाई की स्थितियों के अनुरूप ढलने में आसानी होगी जो आपातकालीन बचाव कार्यों की स्थिति में फायदेमंद होगा।
अनिल नेगी। अंतरराष्ट्रीय लवी मेले में विभिन्न सरकारी उपक्रमों के साथ-साथ एसजेवीएन लिमिटेड के नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन द्वारा भी प्रदर्शनी सजाई गई। इसका मुख्य उद्देश्य आम जनमानस को विद्युत क्षेत्र में हुई क्रांति और उसकी उपयोगिता को समझाना था। हर वर्ष 11 से 14 नवंबर तक मनाए जाने वाले लवी मेले का शुभारंभ हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल द्वारा किया गया। उन्होंने झाकड़ी परियोजना द्वारा आम जनमानस के लिए लगाई प्रदर्शनी का रिबन काटकर शुभारंभ किया। परियोजना द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में पहुंचने पर परियोजना प्रमुख मनोज कुमार द्वारा राज्यपाल को पुष्पगुच्छ और स्थानीय परंपरा अनुसार सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उनके साथ राज्यपाल की धर्मपत्नी जानकी शुक्ला को भी परियोजना प्रमुख द्वारा सम्मानित किया गया। वहीं 11 नवंबर की शाम को प्रदर्शनी में पधारने पर स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल और विधायक रामपुर नंद लाल को भी सम्मानित किया गया। प्रदर्शनी में लगे स्टॉल के माध्यम से लोगों को यह भी अवगत कराया गया कि किस तरह से निगम विद्युत उत्पादन करके राष्ट्रीय उन्नति में अपना योगदान दे रहा है। साथ ही बिजली बनाने के अलावा कॉर्पोरेट सोश्ल जिम्मेवारी के माध्यम से समाज हित के लिए लगातार एसजेवीएन कार्य कर रहा है। चार दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय लवी मेले में देश और प्रदेश से आए लोगों ने प्रदर्शनी का विजिट किया। इसके अलावा अंतर्राष्ट्रीय लवी मेले का समापन 14 नवंबर को उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री द्वारा किया गया। उप मुख्यमंत्री ने परियोजना द्वारा लगाई प्रदर्शनी का दौरा किया। प्रदर्शनी में पहुंचने पर परियोजना प्रमुख मनोज कुमार द्वारा उप मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ एवं स्थानीय परंपरा अनुसार सम्मानित किया गया। उप मुख्यमंत्री ने परियोजना की कार्यकप्रणाली की सराहना करते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। वहीं अंतिम सांस्कृतिक संध्या में परियोजना प्रमुख मनोज कुमार को मेला कमेटी रामपुर द्वारा नवाजा गया।
नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में हिमाचल के उत्पादों की बिक्री में वृद्धि दर्ज की जा रही है। 14 से 27 नवम्बर तक आयोजित इस ट्रेड फेयर में हिमाचल मंडप स्थापित किया गया है जिसका उद्घाटन आवासीय आयुक्त मीरा मोहंती द्वारा किया गया। मंडल में 14 स्टॉल स्थापित किए गए हैं। इनमें विशुद्ध हिमाचली उत्पाद बिक्री के लिए रखे गए हैं। विशेष तौर पर हथकरघा एवं हस्तशिल्प उत्पाद, फल उत्पाद के अलावा कांगड़ा चाय, सीबकथोर्न इत्यादि लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। आगन्तुक सिरमौर ज़िले के मैसर्ज डिलमन डेलिकेसी द्वारा तैयार चीड़ की पत्तियों पर आधारित लीवर डेटॉक्स व अन्य उत्पादों के प्रति भी खासी रूचि दिखा रहे हैं। इन उत्पादों को बढ़ते प्रदूषण से शरीर पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को कम करने में कारगर माना जा रहा है। हिमाचली उत्पादों के लिए विदेशों से भी आपूर्ति आदेश प्राप्त हो रहे हैं। उद्योग विभाग के संयुक्त निदेशक व हिमाचल पैवेलियन के निदेशक ज्ञान सिंह चौहान ने बताया कि विभाग द्वारा अपने कैंप ऑफिस में इन उत्पादों की बिजनेस नेटवर्किंग की भी सुविधा उपलब्ध करवाई गई है।
ब्रिटिश उप उच्चायुक्त कैरोलिन रोवेट ने आज यहां लोक निर्माण, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह से भेंट की। इस अवसर पर आपसी सहयोग के विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में विशेष तौर पर प्रदेश में खेल ढांचे के सुदृढ़ीकरण एवं खिलाड़ियों के प्रशिक्षण आदान-प्रदान कार्यक्रमों पर चर्चा की गई। इसके तहत हिमाचल एवं ब्रिटेन के मध्य मैत्री मैच आयोजित करने पर भी चर्चा की गई। इससे सांस्कृतिक आदान-प्रदान के साथ ही क्षमता विकास और संबंधों को मज़बूत करने में भी सहायता मिल सकेगी। हिमाचल ने खेल ढांचे के उन्नयन एवं इसमें निवेश, विभिन्न खेलों से जुड़े कोचों को आधुनिक कोचिंग, खिलाड़ियों के ऑनलाइन तथा ऑफलाइन कोचिंग, खेल मनोविज्ञान से संबंधित कोर्स एवं एक स्थायी संयुक्त समिति के गठन का भी आग्रह किया। इसके अतिरिक्त विभिन्न गतिविधियों के लिए निधि, प्रशासनिक आदान-प्रदान कार्यक्रम, खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता में वृद्धि के दृष्टिगत अनुकूलन पाठ्यक्रम तथा हाई एल्टीट्यूड प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित करने में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए वर्तमान प्रदेश सरकार ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने ब्रिटिश उप-उच्चायुक्त से प्रदेश में खेल अधोसंरचना को सुदृढ़ करने में हर संभव सहयोग का आग्रह किया।बैठक में हाल ही में भारी बरसात के कारण प्रदेश में प्राकृतिक आपदा से भूधंसाव व भूस्खलन के कारण सड़कों व पुलों को हुई क्षति तथा प्रदेश सरकार व विभाग द्वारा जारी पुनर्निर्माण एवं पुनर्वास कार्यों पर भी चर्चा की गई।
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं को कार्यान्वित करने के लिए निवेशकों को अनुकूल सुविधाएं प्रदान कर रही हैं। राज्य सरकार प्रदेश में स्थापित विभिन्न परियोजनाओं में शामिल प्रोजेक्ट डवेल्पर कंपनियों की समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रयासरत है। आज यहां प्रदेश में स्थापित विभिन्न परियोजनाओं में शामिल प्रोजेक्ट डवेल्पर कंपनियों के साथ पट्टा राशि (लीज मनी) के संदर्भ में आयोजित बैठक के दौरान राजस्व मंत्री ने कहा कि विभिन्न प्रोजेक्ट डवेल्पर कंपनियों ने अपना-अपना पक्ष रखा, जिस पर प्रदेश सरकार गहन विचार करेगी और लीज मनी से संबंधित मामलों को निपटाने का प्रयास किया जाएगा। प्रदेश सरकार राज्य में निवेश करने वाली कम्पनियों को सभी सुविधाएं प्रदान करने के साथ-साथ आवश्यक सहयोग भी प्रदान कर रही है। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को ऐसे सभी मामलों की सूची तैयार कर सभी कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के बहुमूल्य संसाधनों का सदुपयोग कर विकास को गति प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा, निदेशक ऊर्जा हरिकेश मीणा, विभिन्न प्रोजेक्ट डवेल्पर कंपनियों के प्रतिनिधि, ऊर्जा तथा राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
-उप मुख्यमंत्री ने की राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज यहां राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर 'कृत्रिम मेधा के दौर में मीडिया की भूमिकाÓ विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम की अध्यक्षता की और मीडिया जगत से जुड़े लोगों को इस दिवस पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि पत्रकार महत्वपूर्ण सामाजिक घटनाओं, सरकार के काम से सम्बंधित जानकारी और अन्य सूचनाओं को सच्चाई और तथ्य के आधार पर समाज के समक्ष प्रस्तुत करने का दायित्व निभाते हैं। उन्होंने कहा कि खबरों से ही एक पत्रकार की पहचान होती है और पाठकों के बीच पत्रकार की विश्वसनियता ही उसकी सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में सत्यता, वस्तुनिष्ठा, पारदर्शिता और निष्पक्षता की अपेक्षा रहती है। पिछले दो दशकों में पत्रकारिता के क्षेत्र में डिजिटलाइजेशन का प्रभाव साफ देखा जा सकता है। आधुनिक युग में सूचनाओं का आदान-प्रदान बहुत तेजी से हो रहा है। इसमें सोशल मीडिया की भूमिका भी लगातार बढ़ रही है। समय के साथ पत्रकारिता के तरीकों में भी बदलाव देखने को मिला है और मीडिया में आज नयी तकनीकें अपनायी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रिंट मीडिया और ब्रॉडकास्ट मीडिया के साथ ही आज सोशल मीडिया का दौर है, लेकिन हर माध्यम की अपनी एक महत्ता है जो कभी कम नहीं होगी। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने भी नवीन प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल को अपने विभागों में शामिल करने की पहल की है। इसी का परिणाम है कि आज सरकारी क्षेत्र के सभी विभाग ई-ऑफिस से जुड़ रहे हैं। इसके अलावा सड़क सुरक्षा, अपराध नियंत्रण, पुलिस विभाग व शिक्षा आदि क्षेत्रों में सरकार नवीनतम प्रौद्योगिकी व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से उल्लेखनीय कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के विस्तार से आज प्रत्येक व्यक्ति सूचना सम्प्रेषण का एक माध्यम बन चुका है। हाल ही की प्राकृतिक आपदा में हुए नुकसान से संबंधित विभिन्न वीडियो सोशल मीडिया के माध्यम से आम लोगों द्वारा ही प्रसारित किए गए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रेस लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में आज भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सरकार व जनता के मध्य संवाद कायम करने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने आह्वान किया कि वर्तमान प्रदेश सरकार के विकासात्मक कार्यक्रमों एवं कल्याणकारी योजनाओं को प्रदेश के लोगों तक पहुंंचाने में अपनी सार्थक भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि परिवहन निगम की बसों में न्यूनतम शुल्क पर सामान भेजने की सुविधा, वाहनों के नम्बरों की ऑनलाइन नीलामी और चिंतपूर्णी मंदिर में वीआईपी दर्शन की सुविधा जैसी नवोन्मेषी पहलों से प्रदेश के राजस्व में करोड़ों रुपयों की वृद्धि होने के साथ ही पारदर्शिता भी बढ़ी है। ऐसे निर्णयों के सकारात्मक पहलुओं को सही परिप्रेक्ष्य में लोगों तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका सराहनीय रही है। मुख्य संसदीय सचिव, सूचना एवं जन संपर्क संजय अवस्थी ने कहा कि आजादी से लेकर वर्तमान तक मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। परिवर्तन के इस दौर को आत्मसात करते हुए हमें अपने मूल्यों एवं आदर्शों पर ही अडिग रहना होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर आयोजित परिचर्चा हमें सामयिक मुद्दों पर विमर्श का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि हाल ही में प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान मीडिया की भूमिका सराहनीय रही है। परिचर्चा में विभिन्न मीडिया प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर स्थानीय विधायक हरीश जनारथा, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, सूचना एवं जन संपर्क विभाग की अतिरिक्त निदेशक आरती गुप्ता, संयुक्त निदेशक प्रदीप कंवर एवं महेश पठानिया सहित अन्य विभागीय अधिकारी व शिमला स्थित विभिन्न मीडिया संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आदिवासी कांग्रेस विभाग के अध्यक्ष व लाहौल-स्पीति के विधायक रवि ठाकुर ने आदिवासी कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के लिए प्रदेश के चारों संसदीय क्षेत्रों के लिए प्रदेश पदाधिकारियों को प्रभारी व सह प्रभारी नियुक्त किए हैं। इसके अतिरिक्त संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने व संगठन की गतिविधियों की निगरानी के लिए जिला प्रभारियों की भी नियुक्तियां की गई है। हिमाचल प्रदेश आदिवासी कांग्रेस के संयोजक संगठन महेश शर्मा ने कहा है कि प्रदेश अध्यक्ष रवि ठाकुर के आदेशानुसार कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के लिए ठाकुर सिंह बिष्ट को प्रभारी व तेनजिन टंडुप को सह प्रभारी लगाया गया है। शिमला संसदीय क्षेत्र के लिए शेर सिंह को प्रभारी व ज्ञालसन दोर्जे को सह प्रभारी बनाया गया है। हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के लिए ललित कुमार को प्रभारी व सुभाष नेहरिया को सह प्रभारी बनाया गया है। मंडी संसदीय क्षेत्र के लिए सोहन सिंह को प्रभारी व कुमारी सुरेखा को सह प्रभारी नियुक्त किया गया है। महेश शर्मा ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष के निर्देशानुसार जिला स्तर पर संगठन के क्रियाकलापों व गतिविधियों की निगरानी एवं संचालन के लिए प्रदेश पदाधिकारियों को जिलावार जिमेवारियां दी गई हैं, जिसके तहत सुंरेश ठाकुर को जिला कांगड़ा व चंबा का प्रभार त्रिलोक चंद को जिला बिलासपुर व मंडी का प्रभार दिया गया है। कैलाश ठाकुर को जिला लाहुल स्पिति व कुल्लू, लोबजंग को जिला किन्नौर व शिमला दिगविजय कटोच को ऊना व हमीरपुर जिला तथा दविंद्र सिंह को सोलन व सिरमौर जिला का प्रभार सौंपा गया है। ये नियुक्तिया तत्काल प्रभावी होंगी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के साथ आज यहां आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता की और प्रदेश में सौर ऊर्जा योजनाओं की रूपरेखा जल्द से जल्द तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने 100 किलोवाट से लेकर एक मेगावाट तक की सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना पर युवाओं को 40 प्रतिशत सब्सिडी देने की घोषणा की है तथा विभाग इस योजना को जल्द से जल्द अमलीजामा पहनाने के दृष्टिगत इसकी रूपरेखा शीघ्र तैयार करे। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस योजना से जहां हिमाचली युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, वहीं हिमाचल को हरित राज्य बनाने के वर्तमान राज्य सरकार के प्रयासों को भी इससे बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल को 31 मार्च, 2026 तक हरित ऊर्जा राज्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि यहां के पर्यावरण का संरक्षण किया जा सके। राज्य सरकार सौर ऊर्जा परियोजनाओं के माध्यम से स्थापित इकाइयों से 25 वर्ष के लिए बिजली की खरीद करेगी, जिससे युवाओं को आय के स्थाई स्रोत प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा इकाइयां स्थापित करने के लिए युवाओं को प्रोत्साहित करने के दृष्टिगत राज्य सरकार 40 प्रतिशत सब्सिडी भी प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा, 'नवीकरणीय ऊर्जा के प्रति राज्य सरकार का यह सक्रिय दृष्टिकोण न केवल पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को बढ़ावा देगा, बल्कि विकास और रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा, जिससे हिमाचल देश में स्वच्छ ऊर्जा अपनाने में अग्रणी बनेगा।Ó मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सौर ऊर्जा के दोहन को बढ़ावा दे रही है और वर्ष 2023-24 में 500 मेगावाट सौर ऊर्जा के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इस दिशा में अनेकों कदम उठाए जा रहे हैं और वर्तमान राज्य सरकार ने अपना पहला बजट भी हरित बजट के रूप में प्रस्तुत किया है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य बनाने और प्रदेश की ऊर्जा जरूरतों का पूरा करने के लिए सौर ऊर्जा का उत्पादन महत्वपूर्ण कदम है। राज्य सरकार ई-वाहनों के संचालन को भी बढ़ावा दे रही है तथा आने वाले समय में इससे प्रदेश में बिजली की मांग और बढ़ेगी। उन्होंने 21 नवंबर को भी ऊर्जा विभाग की दोबारा बैठक बुलाई है। बैठक में मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, प्रबंध निदेशक हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड हरिकेश मीणा, हिमऊर्जा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शुभ करण सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
-जयभवानी सरोग को हराकर कब्जाई ट्रॉफी, जीता 51000 रुपये इनाम -ब्लैक बॉयज रहीघाट के विशाल वर्मा रहे मैन ऑफ द सीरीज जिला शिमला के उप मंडल ठियोग की क्यारटू पंचायत के नाल गांव में सौ वर्ष से दीपावली मेले का आयोजन किया जा रहा है। वहीं, मेले में गत 28 वर्ष से लगातार क्रिकेट प्रतियोगिता करवाई जा रही है। इस बार 29वें टूर्नामेंट का आयोजन किया गया था, जिसमें बतौर मुख्य अतिथि ढली के आढ़ती कुशंग ट्रेडर के संयोजक यशवंत शर्मा थे। इस टूर्नामेंट में अलग-अलग पंचायतों की कुल 32 टीमों ने भाग लिया था। टूर्नामेंट की विजेता टीम ब्लैक बॉयज रहीघाट रही व उप विजेता जयभवानी सरोग रही। मैन ऑफ द सीरीज का खिताब ब्लैक बाइस रहीघाट टीम के विशाल वर्मा को दिया गया। मुख्य अतिथि के द्वारा विजेता टीम को ट्रॉफी व 51000 रुपये नकद तथा उप विजेता टीम को ट्रॉफी व 22000 रुपये नकद इनाम के रूप में प्रदान किए गए। मुख्य अतिथि ने दोनों टीमों को जीत की बधाई दी तथा युवक मंडल नाल को प्रोत्साहन के तौर पर 11000 रु पये धनराशि प्रदान की, जिसके लिए युवक मंडल नाल व ग्रामीण विकास समिति नाल व समस्त ग्रामवासियों ने मुख्य अतिथि का आभार प्रकट किया। युवक मंडल के प्रधान योगेश शर्मा, सचिव प्रमोद शर्मा, कोषाध्यक्ष सौरव शर्मा ने मुख्य अतिथि का इस टूर्नामेंट के पारितोषिक वितरण कार्यक्रम में आने के लिए विशेष आभार प्रकट किया।
मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग) संजय अवस्थी ने कहा कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के व्यक्तित्व से प्रेरणा लेकर प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना चाहिए। संजय अवस्थी गत सांय अर्की विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत पलोग के मांजू गांव में बाल दिवस मेले के अवसर पर पुरस्कार वितरण समारोह में उपस्थित जन समूह को सम्बोधित कर रहे थे। संजय अवस्थी ने कहा कि प्रथम प्रधानमंत्री स्वर्गीय पंडित जवाहर लाल नेहरू का बच्चों के प्रति प्रेम सर्वविदित है। पण्डित नेहरू युवा शक्ति को मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए सदैव क्रियाशील रहे। बच्चों के लोकप्रिय ‘चाचा नेहरू’ के जन्मदिवस पर बाल दिवस का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि स्व. पंडित जवाहर लाल नेहरू के जीवन से प्रेरित होकर प्रत्येक बच्चे और व्यक्ति को अपने जीवन को निखारना चाहिए ताकि देश-प्रदेश को शिखर तक पहुंचाया जा सके।
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि सरकार की जन कल्याणकारी नीतियों, योजनाओं व कार्यक्रमों का गीत-संगीत एवं नाटकों के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने के लिए निजी सांस्कृतिक दलों को दो वर्ष के लिए सूचीबद्ध किया जा रहा है। स्क्रीनिंग में प्रस्तुति के आधार पर उत्तीर्ण होने वाले सांस्कृतिक दलों को सूचीबद्ध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए हिमाचल प्रदेश सहकारिता अधिनियम के अधीन पंजीकृत सांस्कृतिक दल आवेदन कर सकते हैं। प्रत्येक निजी सांस्कृतिक दल में कम से कम चार महिला कलाकारों सहित कुल 11 कलाकार होने अनिवार्य हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सांस्कृतिक दल अपना आवेदन निदेशालय, सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, हि.प्र., शिमला-171002 के कार्यालय में 04 दिसम्बर, 2023 तक जमा करवा सकते हैं। इस तिथि के उपरांत आवेदन-पत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे। आवेदनकर्ता सूचिबद्धता की शर्तें एवं आवेदन-पत्र को विभागीय वेबसाइट www.himachalpr.gov.in से डाउनलोड कर सकते हैं।
-हिमाचल में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल भरमौर से हरी झंडी दिखाकर करेंगे रवाना सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लक्ष्यों को पूरी तरह हासिल करने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली खूंटी, झारखंड से विकसित भारत संकल्प यात्रा का शुभारंभ करेंगे। प्रधानमंत्री सरकार के व्यापक आउटरीच कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए विशेष रूप से डिजाइन की गई 5 आईईसी (सूचना, शिक्षा और संचार) वैन को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, राज्य मंत्री जैसे गणमान्य व्यक्ति देश भर में जनजातीय आबादी वाले 68 जिलों में इसी तरह की वैन को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। हिमाचल प्रदेश में भी यह यात्रा तीन जनजातीय बहुल जिलों, चंबा, किन्नौर एवं लाहौल स्पीति में निकाली जाएगी । राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल भारत विकास संकल्प यात्रा को चंबा ज़िले के भरमौर से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। भारत विकास संकल्प यात्रा वाहन अगले 15 दिनों में तीनों ज़िलों की 109 जनजातीय बहुल ग्राम पंचायतों से होकर गुज़रेगे और जगह जगह केंद्र सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देंगे।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने विधान सभा सचिवालय के मुख्य समिति कक्ष में आयोजित दो समितियों क्रमश: ई- गवर्नेंस एवं सामान्य प्रयोजनों तथा पुस्तकालय, अनुसंधान एवं संदर्भ की बैठकों की अध्यक्षता की। ई-गवर्नेंस एवं सामान्य प्रयोजनों संबंधी समिति की बैठक का आयोजन अपराह्न 12:15 बजे किया गया, जिसमें माननीय सदस्य सर्वश्री केवल सिंह पठानियां, पूर्णचंद ठाकुर तथा विनोद सुल्तानपुरी मौजूद थे। बैठक में विधान सभा सचिव यशपाल शर्मा, विधान सभा अध्यक्ष के निदेशक सूचना एवं प्रोद्योगिकी संदीप शर्मा, उप-नियंत्रक (वित्त एवं लेखा) बेनी प्रसाद तंवर तथा संपादक कार्यवाही एवं समिति अधिकारी मंजू शर्मा भी मौजूद थी। बैठक आरंभ होने से पूर्व विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने बैठक में मौजूद सभी माननीय सदस्यों तथा विधान सभा सचिवालय के अधिकारियों को दीपावली पर्व की बधाई दी तथा अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं। चूंकि समिति के गठन के बाद यह पहली बैठक थी तो विधान सभा सचिव ने समिति को विधान सभा सचिवालय के अधिकारियों का परिचय दिया तथा कार्यप्रणाली बारे अवगत करवाया। बैठक में समिति ने पिछली अंतिम आयोजित बैठक में लिए गए निर्णयों की पुर्नसमिक्षा की तथा ई- गवर्नेंस की दिशा में विधान सभा सचिवालय द्वारा की गई प्रगति का ब्यौरा व तपोवन (धर्मशाला) व शिमला में नेवा के लागू करने की अद्यतन स्थिति पर चर्चा की गई, जबकि पुस्तकालय, अन्वेषण एवं संदर्भ समिति की बैठक अपराह्न 3 बजे प्रारम्भ हुई। जिसकी अध्यक्षता माननीय अध्यक्ष हिप्र विधान सभा कुलदीप सिंह पठानियां द्वारा की गई। इस बैठक में माननीय सदस्य श्री कुलदीप राठौर तथा श्री पूर्णचन्द ठाकुर के अतिरिक्त विधान सभा सचिव श्री यशपाल शर्मा तथा समिति अधिकारी श्रीमती लीना कश्यप भी मौजूद थी । बैठक में हिमाचल प्रदेश विधान सभा पुस्तकालय, अनुसंधान एवं सन्दर्भ समिति के कृत्यों का समि?ति के समक्ष प्रस्तुतीकरण किया गया। बैठक में समि?ति के समक्ष विधान सभा सचिवालय द्वारा वर्ष 2022-2023 के बजट एवं क्रय की गई पुस्तकों का ब्यौरा भी दिया गया। विधानसभा पुस्तकालय में सदस्यों के अवलोकनार्थ नियमित रूप से ऑनलाईन न्यूज पेपर क्लिपिंग की सुविधा जनवरी 2021 से उपलब्ध है, जिससे संबंधित समाचार पत्रों का समिति के समक्ष प्रस्तुतीकरण किया गया। हिमाचल प्रदेश विधान सभा के इतिहास से संबंधित अतीत एवं वर्तमान का पैम्फलैट तैयार करने के उपरान्त समिति के समक्ष प्रस्तुत किया तथा अवलोकन उपरान्त उसे अनुमोदित किया गया।
-किन्नौरी पट्टी से निर्मित कोट एवं चोली की खूब हुई बिक्री -कम दाम में क्वालिटी प्रोडक्ट्स की जमकर हुई खरीदारी -स्वयं सहायता समूहों की मेहनत लाई रंग अंतरराष्ट्रीय लवी मेले के दौरान जाइका वानिकी परियोजना के तहत निर्मित लिबास पर आम व्यक्ति और सैलानी खूब फिदा हुए। मेले के दौरान जाइका के स्टॉल में किन्नौरी एवं पारंपरिक लिबास की जमकर बिक्री हुई। प्रदेश के विभिन्न जिलों से यहां पहुंचे लोगों ने किन्नौरी पट्टी से निर्मित कोट, चोली, बास्केट समेत जैकेट की खूब खरीददारी की। यानी कुल मिलाकर कम दाम में क्वालिटी प्रोडक्ट्स खरीद कर लोग काफी खुश दिखे। उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय लवी मेले के अवसर पर 11 से 14 नवंबर तक जाइका वानिकी परियोजना के स्टॉल में लगे उत्पादों की जमकर सराहना भी हुई। जानकारी के मुताबिक यहां किन्नौरी टोपी 400 रुपये प्रति, लेडीज बास्केट 1600, जेंट्स बास्केट 1800, किन्नैरी चोली 2500 और किन्नौरी पट्टी वाला कोट मात्र 4500 रुपये में उपलब्ध हैं। इसके अलावा लोकल लसन के आचार, लोकल शहद, ढिंगरी मशरूम, किन्नौरी दाक, किन्नौरी राजमाह, सूखा पुदीना, कोदे का आटा, चुल्ली का तेल, सूखा बरांश की बिक्री हुई। जाइका के तहत विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की ओर से निर्मित इन उत्पादों लवी मेले में तहलका मचा दिया। मेले के समापन्न अवसर पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भी जाइका प्रोजेक्ट के तहत निर्मित सभी उत्पादों की सराहना की। उन्होंने जाइका वानिकी परियोजना के तहत विभिन्न सहायता समूहों को बधाई भी दी। अधिक रही चिलगोजे की मांग अंतरराष्ट्रीय लवी मेला रामपुर में इस बार चिलगोजे के मांग सबसे अधिक रही। यहां जाइका की ओर से लगे स्टॉल में हर तरह के आर्गेनिक प्रोडक्ट्स की मांग अधिक रही। मक्की का आटा, सूखे मटर, फाफरा, ओगला, चुल्ली का तेल, शहद, चिलगोजा और ड्राई मशरूम की भी खूब बिक्री हुई। बताया गया कि फोरेस्ट सर्कल रामपुर के 12 सहायता समूहों के उत्पादों पर हर कोई फिदा होते दिखे। रामपुर और किन्नौर डिविजन के 3-3 और आनी डिविजन के 6 सहायता समूहों के उत्पादों की मांग हर रोज होती रही।


















































