सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता सचिव एम.सुधा देवी ने आज यहां मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय चिकित्सा स्वास्थ्य और तंत्रिका विज्ञान संस्थान तथा महिला एवं बाल विकास निदेशालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 67 बाल संरक्षण इकाईयों एवं बाल देखभाल संस्थाओं के कर्मचारी भाग ले रहे हैं। एम.सुधा देवी ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को बच्चों के बचपन और उनके भावनात्मक एवं संवेदनशील अनुभवों के बारे में जागरूक करना है। साथ ही उनमें बाल अधिकारों पर आधारित दृष्टिकोणों की समझ विकसित करने तथा यह समझने में सक्षम बनाना है कि बच्चे अपने अनुभव कैसे समझते हैं। उन्होंने ज़िलों से आए बाल संरक्षण इकाईयों के प्रतिभागियों को बच्चों के सर्वोत्तम हित, बच्चों के समग्र विकास, उनकी सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और पुनर्वास की जरूरतों को सुनिश्चित करने के दृष्टिगत कार्य योजना तैयार करने के लिए भी प्रेरित किया। महिला एवं बाल विकास निदेशक रूपाली ठाकुर ने प्रतिभागियों से इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान बच्चों की मनोवैज्ञानिक, भावनात्मक और व्यवहार सम्बंधी समस्याओं पर समझ बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रम से सम्बंधित विस्तृत रूपरेखा भी प्रस्तुत की। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिका विज्ञान संस्थान की तकनीकी और परिचालन प्रमुख शीला रामास्वामी तथा कांगड़ा क्षेत्र के लिए संवाद परियोजना प्रबंधक कृति टिक्कु बतौर प्रवक्ता इसमें शामिल हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला शिमला, सोलन, सिरमौर, किन्नौर, कांगड़ा, हमीरपुर, चम्बा और ऊना के अंतर्गत आने वाली इकाईयों और संस्थानों के कर्मचारी भाग ले रहे हैं।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार के एक वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के अवसर पर 11 दिसम्बर, 2023 को कांगड़ा जिला के पुलिस मैदान, धर्मशाला में ‘व्यवस्था परिवर्तन का एक साल’ विषय पर राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व भी शामिल होगा। उन्होंने यह बात इस समारोह के आयोजन सम्बंधी विभिन्न प्रबंधों की समीक्षा के लिए आज यहां राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की एक बैठक को सम्बोधित करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस समारोह के सफल आयोजन के लिए सभी प्रबंध समय रहते पूरे करने तथा इसमें भाग लेने वाले लोगों को हरसम्भव सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समारोह से सम्बंधित विभिन्न प्रबंधों के लिए राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, विधायक संजय रतन व केवल सिंह पठानिया जिला प्रशासन के साथ समन्वय करेंगे। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सभी विभागों को जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करते हुए सुरक्षा प्रबंधों, पेयजल व विद्युत आपूर्ति, स्वच्छता व मोबाइल शौचालय इत्यादि के समुचित प्रबंध सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने पुलिस विभाग को वाहनों के सुचारू यातायात व पार्किंग इत्यादि के लिए पुख्ता प्रबंध करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए पुलिस मैदान में बड़ी एलईडी स्क्रीन भी स्थापित की जाएंगी। उन्होंने समारोह के दौरान स्थानीय लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने देने के लिए भी समुचित प्रबंध करने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से जुड़े कांगड़ा जिला के उपायुक्त एवं अन्य अधिकारियों को भी आयोजन से सम्बंधित दिशा-निर्देश दिए। बैठक में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, विधायक केवल सिंह पठानिया, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडु, प्रधान सचिव ओंकार चंद शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार, सचिव अभिषेक जैन, एम.सुधा देवी, सी.पॉलरासु व राकेश कंवर, अतिरिक्त पुुलिस महानिदेशक सतवंत अटवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
किसानों की अथक मेहनत, वैज्ञानिकों की कुशलता और सरकार की किसान हितैषी नीतियों के फलस्वरूप प्रदेश में कृषि क्षेत्र निरन्तर विकसित हो रहा है। प्रभावी कृषि योजनाओं के माध्यम से किसानों और कृषि उद्यमियों को लाभान्वित किया जा रहा है। वहीं, किसान के हर खेत तक पानी पहुंचाने की सरकार की कवायद सफलता की नई इबारत लिख रही है। प्रदेश सरकार की जल से कृषि को बल योजना के अंतर्गत राज्य में उपयुक्त स्थानों पर चेक डैम व तालाबों का निर्माण किया जाता है। इनमें एकत्रित जल का उपयोग कर किसान व्यक्तिगत लघु उठाऊ सिंचाई तथा बहाव सिंचाई योजनाओं को बनाकर खेतों तक पानी पहुंचाते हैं। योजना के अंतर्गत सामुदायिक लघु जल संचयन योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए शत-प्रतिशत व्यय सरकार द्वारा वहन किया जाता है। वर्ष 2022-23 में 25 करोड़ रुपये व्यय कर प्रदेश के 80.26 हेक्टेयर क्षेत्र में नई सिंचाई योजनाओं का सृजन कर 345 किसानों को लाभान्वित किया गया। वर्ष 2023-24 के लिए इस योजना के अंतर्गत 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। योजना के अंतर्गत प्रदेश में अभी तक 5.18 करोड़ रुपये व्यय कर किसानों को लाभान्वित किया गया है। प्राकृतिक जल स्रोतों के नवीकरण और सामुदायिक क्षेत्रों में कुहलों को सुदृढ़ कर सिंचाई कार्य में इनका उपयोग करने के लिए सरकार निरन्तर प्रयासरत है। सरकार की प्रवाह सिंचाई योजना के अंतर्गत प्रदेश में कुहलों के स्रोतों का नवीकरण तथा सामुदायिक क्षेत्रों में कुहलों के सुदृढ़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत सभी सामुदायिक कार्यों के लिए शत प्रतिशत व्यय सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है। योेजना के अंतर्गत व्यक्तिगत स्तर पर बोरवेल तथा उथले कुओं के निर्माण पर 50 प्रतिशत की सहायता का प्रावधान है। योजना के अंतर्गत वर्ष 2022-23 में 600 हेक्टेयर क्षेत्र को शामिल कर 820 किसानों को लाभान्वित किया गया तथा वर्ष 2023-24 में 8 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया जिसमें से अब तक 4.56 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं। प्रदेश सरकार कृषि क्षेत्र में नवीन तकनीकों को प्रयोगशाला से निकालकर खेत तक पहुंचाने की अवधारणा को साकार कर रही है। पहाड़ों में कृषि कार्यों सम्बंधी कठिनाइयों के दृष्टिगत किसानों को अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। कृषि क्षेत्र में मशीनीकरण के लिए राज्य कृषि यंत्रीकरण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत चारा कटर, मक्का शैलर, गेहूं थ्रेशर, स्प्रेयर, ब्रश कटर, एस.एस. हल, एम.बी. हल इत्यादि उपकरण 40 से 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध करवाए जाते हैं। योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2023-24 में 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। कृषक कल्याण को सर्वोच्च अधिमान देते हुए प्रदेश सरकार द्वारा कई प्रोत्साहन प्रदान करने के साथ-साथ महत्त्वाकांक्षी योजनाओं का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा रहा है जिनसे प्रदेश के किसानों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं और ऊपज में बढ़ौतरी से उनकी आर्थिकी भी सुदृढ़ हो रही है।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राजभवन में असम राज्य के स्थापना दिवस पर आयोजित अभिनंदन कार्यक्रम की अध्यक्षता की। राज्यपाल ने कहा कि असम उत्तर पूर्वी भारत का एक खूबसूरत पहाड़ी राज्य है, जो अपने प्राकृतिक सौंदर्य, चाय के बागानों, रेशम उत्पादन और आकर्षक पारंपरिक कला और शिल्प के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि असम राज्य के लोग अपनी संस्कृति, खान-पान और रीति-रिवाजों से विविधता में एकता की आदर्श मिसाल हैं। उन्होंने कहा कि असम में कई धार्मिक और पर्यटन स्थल हैं, जहां देश और दुनिया भर से लोग आते हैं। इस अवसर पर राज्यपाल ने हिमाचल में रह रहे असम राज्य के लोगों को शाल और टोपी भेंट कर सम्मानित भी किया। राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा इस अवसर पर उपस्थित थे।
-विपक्ष हमेशा करता है बांटने की राजनीति नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेेंद्र मोदी ने देश में विकास की राजनीति शुरू की। हर दिन देश में विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साढ़े नौ साल के कार्यकाल देश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धियों और ग़रीबों के विकास को समर्पित रहे हैं। इन साढ़े नौ सालों में देश में हर क्षेत्र में विकास हुआ है। प्रधानमंत्री ने विकसित भारत संकल्प यात्रा की शुरुआत करते हुए कहा कि मैं सिफ़र् चार जातियों को जानता हूं और उनके उत्थान के लिए हमेशा काम करता रहूँगा। प्रधानमंत्री ने गरीब, युवा महिला और किसान को ही चार जाति मानकर उनके उत्थान के लिए काम करते रहने की बात की। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने सिफ़र् बांटने की राजनीति करता है। जब वे सरकार में थे तो उन्होंने समाज के वंचित लोगों के लिए कुछ करने के बजाय सिफ़र् परिवारवाद को बढ़ावा दिया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं के लिए रोज़गार के सृजन साथ-साथ उन्हें रोज़गार देने वाला बनाने की दिशा में काम किया। आज भारत दुनिया में स्टार्टअप के लिए सबसे अनुकूल देशों में एक है। भारत में पिछले साढ़े नौ सालों में लाखों स्टार्टअप रजिस्टर हुए। कई कम्पनियां आज हज़ारों करोड़ का कारोबार कर रही हैं। प्रधानमंत्री की प्रेरणा से आज युवा आत्मनिर्भर बन रहे हैं, रोज़गार मांगने की बजाय रोज़गार देने वाले के रूप में अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारें सिर्फ ग़रीबी हटाने की बात करती थी। इस दिशा में प्रधानमंत्री ने महत्वपूर्ण कार्य किया। आज ग़रीबों की हर जरूरत का ध्यान रखा गया। ग़रीबों के लिए राशन से लेकर आवास और स्वरोज़गार के लिए ऋण उपलब्ध करवा कर उनके जीवन स्तर में सुधार करके किया। जनधन खातों माध्यम से महिलाओं और ग़रीबों को प्रधानमंत्री ने सशक्त किया। सरकार द्वारा दी जाने वाली एक-एक पाई बिना बिचौलियों के लोगों तक सीधे पहुंची। जयराम ठाकुर ने कहा कि विधायिका में महिलाओं को नारी शक्ति वंदन क़ानून ज़रिए हिस्सेदारी सुनिश्चित करने का काम भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया। उज्ज्वला योजना से लेकर, जननी सुरक्षा योजना समेत महिला सशक्तिकरण के लिए दर्जनों योजनाएं चलाई। स्वरोजगार के लिए महिलाओं को अतिरिक्त रियायत के साथ अतिरिक्त अवसर भी दिये गए। जिससे आज महिलाओं की स्थिति में आमूलचूल सुधार हुआ है। प्रधानमंत्री ने हर योजना में महिलाओं को तरजीह दी है। प्रधानमंत्री आवास योजना की 80 प्रतिशत से ज़्यादा लाभार्थी महिलाएं हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि किसानों के लिए नरेंद्र मोदी ने जो किया वह आज तक किसी ने भी सोचा नहीं था। सिफ़र् किसान सम्मान निधि के रूप में देश के 12करोड़ से ज़्यादा किसानों के खाते में 20.8 लाख करोड़ से ज़्यादा रुपये की धनराशि जारी की जा चुकी है। किसानों के लिए नवोन्मेषी तकनीकों से लेकर वैज्ञानिक आधार पर खेती करके कम खर्च में ज़्यादा कमाई का रास्ता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सानिध्य में संभव हो पाया है। आज किसानों के लिए बाज़ार को सुलभ बनाने से लेकर, कृषि उत्पादों की बिक्री सुनिश्चित करवाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा दर्जनों योजनाएं चलाई जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा किए गए प्रयासों का नतीजा है कि किसानों, महिलाओं, युवाओं और ग़रीबों के जीवन स्तर में ऐतिहासिक सुधार हुआ है।
-प्रशासन और सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी के उपयोग पर बल दे रही सरकार हिमाचल प्रदेश सरकार ने हाल ही में लेह में आयोजित डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन कॉन्क्लेव और अवॉर्ड्स- 2023 के 12वें संस्करण में दो प्रतिष्ठित पुरस्कार हासिल किए हैं। यह कार्यक्रम गोव कनेक्ट एंड इलॉग मीडिया द्वारा लद्दाख के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से सरकारी क्षेत्र में डिजिटल तकनीक के माध्यम से उत्कृष्ट योगदान के लिए आयोजित किया गया। सचिव (डिजिटल प्रौद्योगिकी और प्रशासन) और मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने राज्य की ओर से दोनों पुरस्कार प्राप्त किए। प्रशासन और सार्वजनिक सेवाओं के वितरण एवं बेहतरी के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकियों का उपयोग सुनिश्चित करने की राज्य की प्रतिबद्धता के दृष्टिगत प्रदेश को यह पुरस्कार प्रदान किए गए। डिजिटल टेक्नोलॉजीज और गवर्नेंस विभाग (डीटी एंड जी) के तहत मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन-1100 और हिम परिवार परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए यह पुरस्कार प्रदान किए गए। डिजिटल टेक्नोलॉजीज और गवर्नेंस विभाग (डीटी एंड जी) को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि ये पुरस्कार डिजिटल तकनीक को बढ़ावा देने में राज्य सरकार के प्रयासों को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन और जन कल्याण में प्रदेश में प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। डिजिटल प्रौद्योगिकी के उपयोग में प्रदेश देश का अग्रणी राज्य है। मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन-1100 राज्य में एक केंद्रीय सार्वजनिक शिकायत निवारण मंच है। इसके माध्यम सेे सार्वजनिक शिकायतों के निवारण को सुव्यवस्थित किया गया है। टोल फ्री नंबर, वेब एप्लिकेशन और मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से दर्ज शिकायतों के निवारण के लिए उपयोगकर्ता-अनुकूल और सुलभ प्रणाली विकसित की गई है। इसके माध्यम से अब तक 90 विभागों के 10,000 अधिकारियों द्वारा 6,04,557 शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है। इनमें से 5,93,693 (98 प्रतिशत) शिकायतों का सफलतापूर्वक निपटान किया गया है, नागरिकों की संतुष्टि के साथ 4,25,067 (70 प्रतिशत) शिकायतों का निपटारा किया गया है। यह देश भर में चलाई जा रही ऐसी केन्द्रीय शिकायत निवारण हेल्पलाइनों में से सबसे अधिक है। इसके अतिरिक्त प्रदेश के लोगों के लिए लिए एक केन्द्रीय कॉल सेंटर बनाने के लिए मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन को 181 महिला हेल्पलाइन, एचआरटीसी हेल्पलाइन, 1077-आपदा प्रतिक्रिया, जीएसटी हेल्पलाइन, नशामुक्ति के लिए परामर्श आदि के साथ भी एकीकृत किया जा रहा है। इस हेल्पलाइन की पहुंच को बढ़ाने के लिए एक व्हाट्सएप चैटबॉट भी आरंभ किया जा रहा है। हिम परिवार परियोजना एक पात्रता-आधारित प्रबंधन प्रणाली है, जिसे एक एकीकृत राज्य सामाजिक रजिस्ट्री के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह पहल सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों के व्यापक प्रबंधन के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग में राज्य के दूरदर्शी दृष्टिकोण प्रदर्शित करती है। यह पहल पात्र नागरिकों के सामाजिक-आर्थिक डेटा का उपयोग करने, उन्हें सूचित करने और उन्हें सरकारी सेवाओं तक पहुंचाने में सहायक है। यह परियोजना भविष्य के कार्यक्रमों के लिए प्रभावी निर्णय लेने और नीति निर्माण के लिए भी डेटा उपलब्ध करवाएगी।
-1226 पदों को भरने के लिए कैबिनेट ने दी संशोधित मंजूरी -मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना में जोड़े जाएंगे कुछ और प्रावधान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में पुलिस विभाग में कांस्टेबल के पद पर 30 प्रतिशत महिला आरक्षण प्रदान करने का निर्णय लिया गया और कांस्टेबल के 1226 पदों को भरने के लिए संशोधित मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने अनाथों और समाज के वंचित वर्गों को लाभान्वित करने के लिए मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना में कुछ और प्रावधान जोड़ने को भी मंजूरी दी। नए प्रावधानों के तहत राज्य का प्रत्येक अनाथ 27 वर्ष की आयु तक 4,000 रुपये प्रतिमाह जेब खर्च प्राप्त करने का पात्र होगा। इसके अलावा योजना शुरू होने के बाद बाल देखभाल संस्थान छोड़ने वाले ऐसे अनाथ बच्चों को 2 लाख रुपये विवाह अनुदान देने का भी निर्णय लिया, जिन्होंने योजना के शुरू होने बाद विवाह किया। यह राशि एक बार ही देय होगी। सीमावर्ती क्षेत्रों के गांवों में विद्युत अधोसंरचना होगी सुदृढ़ बैठक में पूह से काजा तक के सीमावर्ती क्षेत्रों में भरोसेमंद एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत उपलब्ध करवाने के दृष्टिगत 486.47 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को स्वीकृति प्रदान की गई। राज्य के लाहौल-स्पीति जिला के स्पीति ब्लॉक और किन्नौर जिला के सीमावर्ती क्षेत्रों के 32 गांवों में विद्युत अधोसंरचना विकसित व सुदृढ़ करने के लिए 6.49 करोड़ रुपये की विस्तृत योजना रिपोर्ट को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इन पदों को भरने के लिए मिली मंजूरी बैठक में कृषि विभाग में कृषि विकास अधिकारियों के 40 पद, गृह रक्षक और नागरिक सुरक्षा विभाग में हवलदार प्रशिक्षकों के 10 पद भरने को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा शिमला के चमियाना में अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशलिटीज के नेफ्रोलॉजी विभाग में सहायक प्रोफेसर के दो पद, आईजीएमसी शिमला में ओर्थोपेडिक्स विभाग में सहायक प्रोफेसर का एक पद और जिला मंडी के नेरचौक स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय एवं अस्पताल के ईएनटी विभाग में सहायक प्रोफेसर का एक पद भरने का भी निर्णय लिया गया। 40 नए शहरी स्वास्थ्य और वेलनेस सेंटर खुलेंगे मंत्रिमंडल ने प्रदेश के लोगों की सुविधा के लिए शहरी क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए प्रदेश में 40 नए शहरी स्वास्थ्य और वेलनेस सेंटर खोलने को स्वीकृति प्रदान की। कांगड़ा जिले के देहरा के बनखंडी में वन्य प्राणी उद्यान की चाहरदीवारी, जल संचयन निर्माण और सेवा पथों के निर्माण और हिमाचल प्रदेश चिड़ियाघर संरक्षण प्रजनन सोसायटी के माध्यम से परियोजना लागू करने को स्वीकृति प्रदान की। औद्योगिक निवेश नीति में भी होगा संशोधन मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश औद्योगिक निवेश नीति-2019 में संशोधन करने और इसके संबंधित नियमों में संशोधन करने की स्वीकृति प्रदान की। इससे उदार प्रोत्साहन को बढ़ावा मिलेगा। अब बिजली परियोजनाएं 40 साल की लीज पर ही दी जाएगी( लोगों को सुविधा प्रदान करने के दृष्टिगत हमीरपुर में हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड निगम लिमिटेड का जोन सृजित करने तथा हमीरपुर में मुख्य अभियंता (ऑपरेशन) का कार्यालय स्थापित करने को भी स्वीकृति प्रदान की। कैबिनेट ने ग्रांट इन एड के उपयोगिता प्रमाणपत्र सरकार को भेजने के लिए एक समय सीमा निर्धारित करने को भी स्वीकृति प्रदान की।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव बलदेव ठाकुर ने कहा है कि भाजपा नेता प्रदेश सरकार की गारंटियों को लेकर आए दिन जनता को गुमराह कर रहे हैं और रोज मीडिया में बयान जारी करते रहते हैं कि प्रदेश सरकार की कोई भी गारंटी पूरी नहीं हुई है, जबकि हकीकत यह है कि सबसे पहली गारंटी पुरानी पेंशन बहाली करके मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पहली ही कैबिनेट में ये साबित कर दिया था कि सरकार प्रदेश के कर्मचारियों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि अन्य गारंटियों पर भी त्वरित कार्रवाई मुख्यमंत्री कर रहे हैं और विभिन्न विभागों में रोजगार के पद सृजित किये गए हैं। सरकार द्वारा इन पदों पर भर्तियां भी शुरू कर दी गयी हैं। इसके साथ ही किसानों से गोबर खरीदने की प्रक्रिया और ग्रामीण दुग्ध उत्पादकों से गाय और भैस का दूध भी जल्द ही खरीदना शुरू किया जा रहा है। बलदेव ठाकुर ने कहा कि गारंटियों के रूप मे कई योजनाओं को अमलीजामा पहनाया जा चुका है और भाजपा के नेता आंखे मूंद कर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हंै। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों से बौखलाकर अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे हैं, जिसका खामियाजा भाजपा को 2024 के लोकसभा चुनावों में भुगतना पड़ेगा।
-कहा, जागरूकता से एड्स के प्रति समाज के दृष्टिकोण में आया बदलाव मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां 'लेट कम्यूनिटीज लीड' विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय विश्व एड्स दिवस समारोह की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आने वाले बजट में एड्स पीड़ित बच्चों की सहायता के लिए एक योजना लेकर आएगी, जिसमें ऐसे बच्चों को शिक्षा के अवसर प्रदान करने और उन्हें मुख्य धारा में शामिल करने के प्रावधान होंगे। उन्होंने कहा कि पहले समाज में एड्स ग्रसित व्यक्ति को घृणा की दृष्टि से देखा जाता था, लेकिन लगातार जागरूकता कार्यक्रमों के कारण आज एड्स के प्रति समाज के दृष्टिकोण में बदलाव आया है। उन्होंने आह्वान किया कि बीमार अपनी बीमारी न छुपाएं, बल्कि समाज के सामने स्वीकार करें। उन्होंने कहा कि एड्स पीड़ित व्यक्तियों की सहायता के लिए वर्तमान राज्य सरकार हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि आगामी बजट में सरकार विधवाओं और मूक बधिर बच्चों के लिए भी एक योजना लाने जा रही है। दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई के लिए एक अच्छा स्कूल और कॉलेज खोलने पर भी सरकार विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उस वर्ग की आवाज बन रही है, जो सहज अपनी आवाज सरकार तक पहुंचा नहीं सकते। मुख्यमंत्री ने कहा कि निराश्रित बच्चों के कल्याण के लिए मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना चलाई गई है, जिसके तहत बच्चों के रहने और उनके भरण-पोषण का दायित्व राज्य सरकार का होगा। उन्होंने कहा कि अब 27 वर्ष की आयु तक अनाथ बच्चों को रहने और उनके पालन पोषण के लिए सरकार की ओर से व्यवस्था की गई है तथा इसके लिए राज्य सरकार ने कानून भी बना दिया है। उन्होंने युवाओं से जीवन में सफलता के लिए चुनौतियों का दृढ़ता के साथ सामना करने का आह्वान भी किया। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा ''मैं आपके सामने सबसे बड़ा उदाहरण हूं। सब कहते थे कि सरकारी नौकरी करो, लेकिन कड़ी मेहनत से मुख्यमंत्री के पद पर पहुंचा।ÓÓ मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बड़े सुधार लाने जा रही है। अगले शैक्षणिक सत्र से सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी की कक्षाएं शुरु करेंगे। स्कूलों में शिक्षक उपलब्ध करवाए जाएंगे व खेल की सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। इसके साथ-साथ राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल भी खोले जा रहे हैं। सरकारी शिक्षण संस्थानों में गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार वचनबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य सरकार गेस्ट फेकल्टी लेक्चरर लगाने पर विचार कर रही है। इसके साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित नए समय से कोर्स शुरू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव करने जा रही है, ताकि प्रदेश के लोगों को राज्य में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त हो सकें। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सीमित संसाधनों और कर्ज का भारी बोझ होने के बावजूद राज्य सरकार चार साल में हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाएगी और दस वर्षों में हिमाचल प्रदेश देश का सबसे समृद्ध राज्य होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इसके लिए कड़े फैसले कर रही है, जिनके सकारात्मक परिणाम आने वाले समय में दिखेंगे।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इस बीमारी को फैलने से रोकने में, बहुमूल्य योगदान देने पर विभिन्न संगठनों को पुरस्कार प्रदान किए। स्टैंड अलोन इंटीग्रेटेड काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सेंटर ऊना, डॉ. राधा कृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर (एसटीआई क्लीनिक), एआरटी आईजीएमसी शिमला (एआरटी सेंटर) और एनजीओ सनराइज-टार्गेटेड इंटरवेंशन प्रोजेक्ट (टीआईपी) ऊना को सर्वश्रेष्ठ सेवा केंद्र के रूप में सम्मानित किया गया। सुखविंदर सिंह ने जिला बिलासपुर के राजकीय आईटीआई बरठीं, जिला चंबा के राजकीय महाविद्यालय चौरी, जिला हमीरपुर के सिद्धार्थ राजकीय उत्कृष्ट महाविद्यालय नादौन, जिला कांगड़ा के शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा राजकीय महाविद्यालय पालमपुर, जिला किन्नौर के टीएस नेगी राजकीय महाविद्यालय रिकांगपिओ, जिला कुल्लू के रामेश्वरी शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान शाढ़ाबाई, जिला लाहौल-स्पीति के राजकीय महाविद्यालय कुकुमसैरी उदयपुर, जिला मंडी के वल्लभ राजकीय महाविद्यालय, जिला शिमला के राजकीय महाविद्यालय धामी, जिला सिरमौर के इंस्टीट्यूूट ऑफ डेंटल साईसिंस पांवटा साहिब, जिला सोलन के राजकीय महाविद्यालय अर्की और जिला ऊना के राजकीय महाविद्यालय अंब को सर्वश्रेष्ठ रेड रिबन क्लब के रूप में पुरस्कृत किया। उन्होंने राज्य स्तरीय समारोह को सफल बनाने के लिए आरकेएमवी कॉलेज शिमला, आरजीजीडीसी कोटशेरा शिमला, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस राजकीय महाविद्यालय संजौली, जेएलएन फाइन आर्ट्स कॉलेज, चौड़ा मैदान, सेंट बीड्स कॉलेज शिमला, राजकीय संस्कृत महाविद्यालय शिमला, राजकीय नर्सिंग महाविद्यालय शिमला, एचपी कॉलेज ऑफ एजुकेशन टुटू शिमला, शिवालिक नर्सिंग महाविद्यालय भट्टाकुफर शिमला, आईटीआई शिमला, मॉडर्न नर्सिंग महाविद्यालय, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय टुटू, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय संजौली और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अनाडेल के प्राचार्यों के प्रयासों की भी सराहना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने विश्व एड्स दिवस के अवसर पर लगाई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर एड्स पीड़ित एक महिला ने अपने जीवन के अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने इस महिला को एक लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की।
केंद्रीय खेल व सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर इन दिनों हिमाचल के दौरे पर हैं और हिमाचल सरकार पर ताबड़-तोड़ हमले बोल रहे हंै। अनुराग सरकार को अधूरी गारंटियों पर भी घेर रहे हैं और कार्यप्रणाली पर भी। अनुराग ने कहा कि कांग्रेस की गारंटियां उसकी तरह ही फर्जी हैं। ये गारंटियां उतनी ही फेल हो चुकी हैं, जितनी उनकी सरकारें। हिमाचल में सरकार बने एक वर्ष होने को हैं। ऐसे में महिलाओं के खाते में 18,000 रुपये आने चाहिए थे पर 18 पैसे नहीं आए। आप सड़क पर किन्हीं 15 महिलाओं से पूछकर देख लें कि क्या उनके खाते में 1500 रुपये आ रहे हैं? यह बात अनुराग ने ऊना में विकसित भारत संकल्प यात्रा का शुभारंभ करते हुए कही। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि दो किलो गोबर और 100 लीटर दूध खरीदने का झांसा दिया था। अब 40 रुपये लीटर भी दूध नहीं खरीद रहे हैं। कांग्रेस ने 300 यूनिट निशुल्क बिजली का वादा किया था, मगर अब लोगों के बिल ज्यादा आ रहे हैं। कांग्रेस ने 600 करोड़ रुपये के स्टार्टअप फंड की बात की थी मगर छह करोड़ रुपये भी नहीं दिए हैं। कांग्रेस सिर्फ चुनाव से पहले बड़ी-बड़ी गारंटी देती है और सरकार बनने के बाद कई तरह से धन उगाही करती है।
पहाड़ जैसा हौसला रख उत्तराखंड की सिलक्यारा सुरंग में 17 दिन बाद जिंदगी की जंग जीतकर मंडी का विशाल घर वापिस आ गया है। विशाल मंडी जिला के बल्ह विधानसभा के डहणू का रहने वाला है। उत्तराखंड सरकार ने विशाल व उसके पिता धर्म सिंह को सही सलामत घर पहुंचाया है। वहीं घर पहुंचने पर विशाल के घर और गॉंव वालो ने उसका भव्य स्वागत किया। वही विशाल की मां विशाल को सही सलामत देख कर भावुक हो गई। वहीं स्वास्थ्य जांच के बाद वीरवार दोपहर बाद विशाल को एम्स ऋषिकेश से छुट्टी मिली। विशाल व उसके पिता धर्मसिंह अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद घर पहुंचे। धर्म सिंह ने बताया कि अस्पताल प्रशासन गहन स्वास्थ्य जांच के बाद विशाल को छुट्टी दी है। उत्तराखंड सरकार ने विशाल के लिए गाड़ी करके हिमाचल के प्रवेश द्वार पांवटा साहिब तक पहुंचाने के आदेश जारी कर सिरमौर जिला प्रशासन को सौंपने को कहा था। जहा से घर तक लाने के लिए मंडी जिला प्रशासन ने टैक्सी की व्यवस्था की।
हिमाचल की आर्थिक स्थिति को ठीक करने और रोजगार के द्वार खोलने के लिए राज्य सरकार निवेश के प्रस्तावों को सिरे चढ़ाने में जुट गई है। निवेश प्रस्तावों के तहत 28 प्रस्ताव सामने आए हैं, जिसमें करीब, 1387 करोड़ रुपए का निवेश होगा। हिमाचल के 4313 लोगों को निवेश के इन प्रस्तावों से रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। डायरेक्टर इंडस्ट्रीज राकेश प्रजापति की अध्यक्षता में यहां राज्य समीक्षा समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में निवेश को लेकर 16 नए प्रस्ताव आए, जिसके आधार पर नए उद्योग स्थापित होंगे। इन नए उद्योगों को लगाने में 140.45 करोड़ रुपए का निवेश आएगा, जिससे 1198 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसी तरह निवेश के 12 अन्य परियोजना प्रस्तावों की सिफारिश की गई, जिससे 1246.41 करोड़ रुपए का निवेश आएगा तथा 3115 लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। यानि इस तरह से प्रदेश में निवेश के कुल 28 प्रस्ताव आए हैं। उम्मीद यह भी जताई जा रही है मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में जल्द सिंगल विंडों की बैठक होगी। इसमें 2 हजार करोड़ रुपए से अधिक निवेश के प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की संभावना है।
सीबीएसई बोर्ड ने दसवीं और बारहवीं परीक्षा की डेटशीट रिलीज करने से पहले एक अहम नोटिस जारी किया है। बोर्ड ने आगामी 10वीं और 12वीं परीक्षाओं 2024 के संबंध में जारी एक अहम सूचना में कहा है कि बोर्ड दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं में कोई ओवरऑल डिवीजन या डिस्टिंक्शन नहीं देगा। जारी नोटिस में कहा है कि बोर्ड परीक्षाओं में स्टूडेंट्स के मार्क्स कैलकुलेट करने के लिए क्या क्राइटेरिया रहेगा, इस संबंध में सीबीएसई को कई अनुरोध प्राप्त हो रहे थे। परीक्षा उपनियमों के अध्याय-7 के सब सेक्शन 40.1 (3) के अनुसार, कोई समग्र डिवीजन/डिस्टिंक्शन या एग्रीगेट नहीं दिया जाएगा। विदित रहे कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, सीबीएसई जल्द ही कक्षा 10वीं, 12वीं बोर्ड परीक्षा 2024 की डेट शीटजारी करेगा। संभावना है कि बोर्ड इसी महीने के आखिर में या फिर दिसंबर माह के सेकंड वीक तक टाइमटेबल जारी कर दे। सीबीएसई बोर्ड की इस बार भी फरवरी में आयोजित होनी है। बोर्ड की ओर से पहले जारी सूचना के अनुसार 15 फरवरी 2024 से परीक्षाएं शुरू होंगी। वहीं यह एग्जाम अप्रैल तक आयोजित किए जाएंगे। डेटशीट आधिकारिक वेबसाइट पर रिलीज की जाएगी। स्टूडेंट्स पोर्टल पर जाकर इसे पीडीएफ मोड में डाउनलोड कर पाएंगे।
-बोले, २०२४ तक १० लाख युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य -पांच राज्यों में बनेगी बीजेपी की सरकार पीएम मोदी ने आज रोजगार मेले के ११वें संस्करण में ५१ हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। शिमला के गेयटी थियेटर में आयोजित रोजगार मेले में केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री कौशल किशोर ने १०० युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। केंद्रीय राज्य मंत्री ने बताया कि २०२४ तक दस लाख युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य है। अब तक दस रोजगार मेले आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें ६ लाख ५२ हजार युवाओं को रोजगार दिया जा चुका है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में बीजेपी की जीत होगी। इन राज्यों में एनडीए के नेतृत्व में सरकारें बनेंगी। मोदी के नेतृत्व में जो काम हुआ है, जनता उसके आधार पर बीजेपी की चुनेगी।
-नाचन वन मंडल के तहत महिला समूहों ने उतारी पहली खेप -सीपीडी जाइका नागेश गुलेरिया ने थपथपाई पीठ -विभिन्न स्वयं सहायता समूहों के कार्यों की हुई सराहना प्रदेश में विलुप्त होते औषधीय पौधे कड़ू और चिरायता की खेती कर जाइका वानिकी परियोजना ने पहली कामयाबी हासिल की। जिला मंडी के नाचन वन मंडल के तहत छैन मैगल, बुखरास और रोहाल गांव से संबंध रखने वाली महिलाओं के एक समूह ने उक्त दो औषधीय प्रजातियों की पहली खेप उतार दी। वीरवार को नाचन वन मंडल के धंगयारा में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला के अवसर पर जाइका वानिकी परियोजना के मुख्य परियोजना निदेशक नागेश कुमार गुलेरिया के समक्ष कड़ू और चिरायता की खेप को दर्शाया गया। इस अवसर पर नागेश कुमार गुलेरिया ने जाइका से जुड़े महिला समूह को इस खेती के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि विलुप्त हो रहे ऐसी प्रजातियों की खेती कर मिसाल कायम की है। नागेश कुमार गलेरिया ने कहा कि कड़ू और चिरायता की खेती करने के बाद अब महिला समूह को पैसे मिलना भी शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि मार्केट में इन औषधीय गुणों वाले कड़ू और चिरायता की मांग दिन-प्रति दिन बढ़ रही है। आने वाले समय में जाइका वानिकी परियोजना इस पर और अधिक काम करेगी। नागेश कुमार गुलेरिया ने यहां मौजूद सभी स्वयं सहाता समूहों के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जाइका वानिकी परियोजना हिमाचल में सामुदायिक विकास एवं आजीविका सुधार के लिए कार्य कर रही है। कार्यशाला में जैव विविधता विशेषज्ञ डा. सुशील काप्टा, डीएफओ नाचन एसएस कश्यप, वीपी पठानिया, जड़ी-बूटी सैल से जड़ी-बूटी सैल से नेहा चक्रवर्ती, हिमालयन रिसर्च ग्रुप के निदेशक डॉ. लाल सिंह समेत 150 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया। गुलेरिया ने नाचन में सिखाए आजीविका कमाने के गुर जाइका वानिकी परियोजना के मुख्य परियोजना निदेशक नागेश कुमार गुलेरिया ने नाचन वन मंडल में हो रहे कार्यों की समीक्षा की। गत बुधवार को एक दिवसीय कार्यशाला एवं समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए नागेश गुलेरिया ने परियोजना के अंतर्गत इस वन मंडल में अब तक हुए विभिन्न कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी। उन्होंने यहां उपस्थित स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को आजीविका कमाने के गुर सिखाए। नागेश कुमार गुलेरिया ने सभी फील्ड तकनीकी यूनिट्स को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि आने वाले दिनों में नर्सरियों को और सुदृढ़ करने की सख्त जरूरत है। नागेश कुमार गुलेरिया ने अधिकारियों से अब तक किए गए कार्यों की पूरी रिपोर्ट भी मांगी। इस दौरान विभिन्न स्वयं सहायता समूहों के आय में सृजन करने बारे भी विस्तृत चर्चा की गई।
-यात्रा के माध्यम से गांव-गांव जाकर बताई जाएंगी केंद्र सरकार की योजनाएं -मौके पर केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर और सांसद सुरेश कश्यप भी रहे मौजूद राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राजभवन से शिमला ग्रामीण, ठियोग और नारकण्डा के लिए विकसित भारत संकल्प यात्रा के तीन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री कौशल किशोर भी उपस्थित थे। इससे पहले, राजभवन में विकसित भारत संकल्प यात्रा को लेकर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें हिमाचल प्रदेश में क्रियान्वित की जा रही भारत सरकार की 17 विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों ने भी भाग लिया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि यात्रा के पहले चरण में जनजातीय जिलों लाहौल-स्पीति, किन्नौर और चंबा जिले के पांगी क्षेत्र को शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार की प्रमुख योजनाओं के बारे में नागरिकों को जानकारी देने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई इस यात्रा का उद्देश्य कल्याणकारी कार्यक्रमों का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचाना है। राज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा का प्रयास देश की लगभग हर ग्राम पंचायत को कवर करना है। इसके तहत हिमाचल प्रदेश में 3799 स्थानों को लक्षित किया गया है। राज्यपाल ने कहा कि लोगों को जागरूक करने के लिए सरकारी योजनाओं का संदेश देने वाली विशेष रूप से डिजाइन की गई वैन गांव-गांव रवाना होंगी। इसमें स्वच्छता, वित्तीय सेवाएं, विद्युत, एलपीजी कनेक्शन, आवास, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, स्वच्छ पेयजल आदि प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। कार्यक्रम के तहत लाभार्थियों के साथ संवाद, उपलब्धियों का जश्न, आन-द-स्पॉट क्विज प्रतियोगिताएं, ड्रोन प्रदर्शन, स्वास्थ्य शिविर और मेरा युवा भारत स्वयंसेवक नामांकन सहित सार्वजनिक भागीदारी की गतिविधियां शामिल की गई हैं। उन्होंने कहा कि अभियान का लक्ष्य 25 जनवरी 2024 तक 2.55 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों और 3600 शहरी स्थानीय निकायों तक पहुंचना है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की 17 जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रदेश में भी विकसित भारत संकल्प यात्रा में शामिल किया गया है। इसके अलावा राज्य सरकार की दो प्रमुख योजनाओं मुख्यमंत्री हिमकेयर स्वास्थ्य योजना और मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना को भी इसमें शामिल किया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस यात्रा का लाभ सभी 3615 ग्राम पंचायतों तक पहुंचेगा तथा इसके लिए जिला स्तर तथा ग्राम पंचायत स्तर पर नामित किए गए नोडल अधिकारी समर्पण और तत्परता से कार्य करेंगे। इससे पहले, विकसित भारत संकल्प यात्रा के उद्देश्य और विभिन्न पहलुओं के बारे में एक प्रस्तुति भी दी गई। इस अभियान में प्रदेश में 90 वाहनों के माध्यम से 20 दिनों तक ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इस अवसर पर लाभार्थियों ने राज्यपाल के साथ अपने अनुभव भी साझा किये। इस मौके पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाला लघु नाटक 'धरती कहे पुकार केÓ भी प्रस्तुत किया गया। राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
प्रदेश कांग्रेस महासचिव हिमाचल प्रदेश आवास एवं शहरी विकास प्राधिकरण (हिमुडा) के नवनियुक्त उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा ने आज अपने नए कार्यलय का पदभार संभाल लिया। इस दौरान हिमुडा के मुख्य कार्यकारी सहित स्टाफ के अधिकारियों, कर्मचारियों ने उनका कार्यलय पहुंचने पर गर्म जोशी के साथ स्वागत किया। मीडिया के साथ अनौपचारिक बातचीत में छाजटा ने इस नई जिम्मेदारी के लिये केंद्रीय आलाकमान, प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री सहित प्रदेश सरकार के सभी मंत्रियों, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह पूरी निष्ठा व ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वाहन करेंगे। छाजटा ने कहा कि उनकी प्रार्थमिकता प्रदेश सरकार की नीतियों व शहरी आवास योजनाओं के सफल कार्यनवन की रहेगी। उन्होंने कहा कि हिमुडा की योजनाओं का अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिले इस दिशा में विशेष कार्य किया जाएगा।
-इच्छुक अभ्यर्थी 30 दिसंबर तक कर सकते हैं आवेदन हिमाचल प्रदेश में वन मित्र भर्ती प्रक्रिया आज से शुरू हो गई। इच्छुक अभ्यर्थियों को 30 दिसंबर तक आवेदन करना होगा। सरकार वन विभाग में 2,061 वन मित्र भर्ती कर रही है। भर्ती के लिए वन विभाग की वेबसाइट या संबंधित वन परिक्षेत्राधिकारी (रेंज ऑफिसर) कार्यालय से आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं। वन मित्र के लिए आयु सीमा 18 से 25 वर्ष है। वन मित्रों के लिए 100 अंकों का टेस्ट होगा। जो टॉप पर होगा, उसे वन मित्र लगाया जाएगा। अभ्यर्थियों की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास रखी है। वन मित्रों को 10 हजार रुपये प्रति माह मानदेय और सरकारी छुट्टियों के अलावा साल में 12 अतिरिक्त छुट्टियां मिलेंगी। ग्राउंड टेस्ट पास करने के बाद ही वन मित्र बन सकेंगे। वन मित्रों को वनों की आग से सुरक्षा, पौधरोपण समेत अन्य काम करने होंगे। जिस बीट में वन मित्र रखे जाएंगे, वहां से उनका तबादला नहीं होगा।
हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने एचआरटीसी में कंडक्टर भर्ती के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट का शेड्यूल जारी कर दिया है। अनुबंध के आधार पर भरे जाने वाले कंडक्टर के 360 पदों के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट 10 दिसंबर को 11 बजे से दोपहर एक बजे तक होगा। रिपोर्टिंग का समय सुबह 10 बजे है। आयोग के सचिव डीके रतन के अनुसार अभ्यर्थियों के ई-प्रवेश पत्र आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं । एक बार आवंटित परीक्षा केंद्र नहीं बदला जाएगा। स्क्रीनिंग टेस्ट में शामिल हो रहे उम्मीदवारों को यह भी निर्देश दिया जाता है कि वे पहले ई-प्रवेश पत्र के साथ संलग्न निर्देशों को पढ़ लें। किसी भी पूछताछ के लिए उम्मीदवार आयोग के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। 360 पदों में से 130 पद अनारक्षित, अनारक्षित फ्रीडम फाइटर के लिए 4 पद, इडब्ल्यूसी के लिए 38, ओबीसी के लिए 63, ओबीसी बीपीएल के लिए 13, ओबीसी वार्ड फ्रीडम फाइटर के लिए 2 पद, एससी के लिए 73 , एससी के 13, एससी फ्रीडम फाइटर के लिए 4, एसटी के लिए 15 पद, एसटी बीपीएल के लिए 5 पद आरक्षित हैं।ी में जी रहे हैं, कोई तो जगाओ इनको
-शिक्षा विभाग को नोटिस जारी कर मांगा जवाब हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग में बीआरसीसी भर्ती पर रोक लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने 282 पदों पर होने जा रही ब्लॉक रिसोर्स सेंटर कोऑर्डिनेटर भर्ती प्रक्रिया मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद यह रोक लगाई है। हाईकोर्ट ने शिक्षा सचिव, केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय, समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय और उच्च शिक्षा निदेशक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। शिक्षा विभाग की ओर से 3 दिसंबर को ली जाने वाली भर्ती परीक्षा को लेकर भी अब संशय बन गया है। विभागीय अधिकारी इस बाबत अभी कुछ जानकारी देने से गुरेज कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि कानूनी राय लेने के बाद परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षकों को सूचित किया जाएगा। बता दें कि मायाराम शर्मा और अन्य की ओर से दायर याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाई है। याचिका में दिए तथ्यों के अनुसार प्रार्थीगण 21 वर्ष से अधिक समय से जेबीटी के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने 5 वर्ष तक बतौर बीआरसीसी कार्य किया है। प्रार्थियों ने 18 अक्तूबर, 2023 को जारी उस अधिसूचना को चुनौती दी है, जिसके तहत शिक्षा विभाग बीआरसीसी के लिए फिर भर्ती करने जा रहा है। प्रार्थियों की दलील है कि 5 साल से अधिक समय तक बतौर बीआरसीसी कार्य करने के बावजूद उन्हें अयोग्य करार दिया गया, जो गैर कानूनी है और संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया अधिसूचना को कानूनी तौर पर भेदभावपूर्ण पाते हुए इसके अनुरूप की जा रही कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी है। मामले पर सुनवाई 24 फरवरी 2024 को होगी।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की एसएफआई इकाई ने विभिन्न छात्र मांगों को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे। एस एफ आई ने सर्वप्रथम परीक्षा नियंत्रक को इआरपी सिस्टम को सुधारने, यूजी-पीजी के परीक्षा परिणाम को जल्द घोषित करने तथा चंबा व कांगड़ा जिला के छात्रों को पीजी एग्जाम सेंटर भरने में आ रही है दिक्कतों से अवगत कराया। एसएफआई ने परीक्षा नियंत्रक से छात्रों को आ रही इन समस्याओं पर जल्द से जल्द संज्ञान लेते हुए इन्हें हल करने की मांग की। इसके पश्चात एसएफआई ने प्रति कुलपति को ज्ञापन सौंपा। जिसमें एस एफ आई ने मांग की कि हाल ही में जमा दो के कंपार्टमेंट के पेपर में पास हुए छात्रों को यूजी प्रथम वर्ष में ऐडमिशन दी जाए। एस एफ आई ने कहा कि प्रदेश शिक्षा बोर्ड ने जमा दो के कंपार्टमेंट के परीक्षा परिणामों को देरी से घोषित किया जिसकी वजह से छात्रों का एक साल बर्बाद हो रहा है। इसलिए एसएफआई ने मांग की कि उन छात्रों को लेट कॉलेज कैपेसिटी से एडमिशन दी जाए । इसके अलावा एसएफआई ने प्रति कुलपति से मांग की कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय लाइब्रेरी के जनरल सैक्शन को 24 घंटे के लिए खुला रखा जाए तथा साथ ही साथ हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी में सेंट्रल हीटिंग सिस्टम लगवाया जाए। एसएफआई ने कहा कि आने वाले दिनों में विभिन्न परीक्षाएं होनी है जिनकी तैयारी छात्र लाइब्रेरी में बैठकर करता है परंतु लाइब्रेरी में छात्रों को बैठने की प्राप्त सुविधा नहीं है। इसीलिए हिमाचल प्रदेश लाइब्रेरी के एक सैक्शन को 24 घंटे के लिए खुला रखा जाए तथा ठंड के इस मौसम में छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो इसके लिए सेंट्रल हीटिंग सिस्टम की सुविधा लाइब्रेरी के अंदर प्रदान की जाए । एसएफआई ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन इन छात्र मांगों को जल्द से जल्द पूरा नहीं करता है तो एसएफआई आने वाले समय में आम छात्रों को लामबंद करते हुए आंदोलन के अंदर जाएगी जिसका जिम्मेदार यूनिवर्सिटी प्रशासन होगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने चंबा के पूर्व भाजपा विधायक बीके चौहान के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए भगवान से दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की है। साथ ही शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की है।
श्री श्याम परिवार सोलन (ट्रस्ट) के सदस्यों ने आज स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल के साथ मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में एक लाख एक हजार का चेक मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को भेंट किया। संस्था की ओर से चेयरमैन राकेश अग्रवाल, प्रधान त्रिलोक अग्रवाल, पुनीत अग्रवाल व अन्य उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री ने इस परोपकारी कार्य के लिए आभार व्यक्त किया। संस्था के मुख्य सलाहकार अशोक गुप्ता ने कहा की श्री श्याम परिवार सोलन (ट्रस्ट) धार्मिक कार्यों के साथ समाजिक कार्यों में भी यथासंभव योगदान करने का प्रयास में लगी है। गुप्ता ने कहा कि जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करना भी एक बहुत बड़ा धार्मिक कार्य है।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि कैंसर के प्रति लोगों को जागरूक करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि करुणा, सहानुभूति और समुदाय की भावना व्यक्तियों और उनके परिवारों को भावनात्मक सहयोग और ऊर्जा प्रदान कर सकती है क्योंकि उन्हें कैंसर के इलाज के दौरान कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। राज्यपाल आज गेयटी थिएटर, शिमला में सिमला सैनिटेरियम एंड ऑस्पिटल ऑफ सेवेंथ-डे एडवेंटिस्ट्स द्वारा 'कैंसर-एक बढ़ती चिंताÓ विषय पर आयोजित सम्मेलन में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कैंसर एक चिंताजनक विषय है, जिसने दुनिया भर में अनगिनत व्यक्तियों के जीवन पर असर डाला है और मौजूदा चुनौती बन गया है, जो न केवल नैदानिक व्यक्तियों बल्कि उनके परिवारों, दोस्तों और समुदायों को भी बड़े पैमाने पर प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा कि कैंसर अपने विभिन्न रूपों में एक वैश्विक स्वास्थ्य संकट बन गया है और हमें इस पर ध्यान देने, संसाधनों और सहयोगात्मक प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कैंसर में प्रत्येक आंकड़े के पीछे एक व्यक्तिगत कहानी, एक मानवीय चेहरा और इस बीमारी के निरंतर बोझ से प्रभावित एक समुदाय है। राज्यपाल ने कहा कि हर साल एक करोड़ लोग कैंसर से जान गंवाते हैं। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के अनुसार कैंसर दुनिया भर में मौत का दूसरा प्रमुख कारण है, जो लगभग छह में से एक मौत के लिए जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा प्रगति के अलावा कैंसर का सामना करने वाले लोगों के लिए भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने व्यापक और सहयोगात्मक दृष्टिकोण पर बल देते हुए कहा कि यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम ऐसी स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों की वकालत करें और उनमें निवेश करें जो शुरुआती जांच और हस्तक्षेप को प्राथमिकता देती हैं। सम्मेलन में यह अवगत करवाया गया कि वर्ष 2020 में इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (आईएआरसी), डब्ल्यूएचओ द्वारा जारी विश्व कैंसर रिपोर्ट से पता चला कि एशिया में इस घातक बीमारी के वैश्विक मामलों का 49.3 प्रतिशत हिस्सा है। इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि 2020 से 2040 तक एशिया में कैंसर के नए मामलों में 59.2 प्रतिशत की वृद्धि होगी। राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम रिपोर्ट, 2020 के अनुसार भारत में कैंसर से पीड़ित लोगों की अनुमानित संख्या लगभग 2.7 मिलियन है और हर साल कैंसर के लगभग 1.39 मिलियन मामले पंजीकृत होते हैं, जिसके 2040 तक बढ़कर 20 लाख होने का अनुमान लगाया गया है।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति आचार्य राजिंद्र वर्मा को आज विश्वविद्यालय की एसएफआई इकाई के पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में मांग की गई है कि महाविद्यालयों में लेट कॉलेज कैपेसिटि प्रवेश दिया जाना चाहिए। विश्वविद्यालय के पुस्तकालय के सामान्य और कोल्ड अनुभाग को 24 घण्टों के लिए खुला रखा जाए। विद्यार्थियों ने पुस्तकालय में सेंटरल हीटिंग सिस्टम भी उपलब्ध करवाने की मांग की है। प्रति कुलपति ने एसएफआई के पदाधिकारियों की मांगों को पूर्ण करने का आश्वासन दिया।
प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने चंबा सदर के पूर्व विधायक बाल कृष्ण चौहान के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया है। अपने शोक संदेश में कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि बाल कृष्ण चौहान प्रखर वुद्वि के स्वामी होने के साथ-साथ जमीन से जुड़े नेता थे। वे एक प्रखर वक्ता तथा सीधे तौर पर गरीबों, असहायों तथा समाज में पिछड़े वर्ग की सहायता हेतु तत्पर रहते थे। उनके निधन से प्रदेश को अपूर्णीय क्षति हुई है, जिसकी भरपाई करना मुश्किल है। पठानिया ने कहा कि बाल कृष्ण चौहान चंबा सदर विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रहे। उनका विधानसभा के सदस्य के रूप में कार्यकाल उत्कृष्ट तथा अविस्मरणीय रहा है। पठानिया ने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट की है तथा संपूर्ण परिवार को इस असहनीय दुख को सहन करने की परम पिता परमात्मा से प्रार्थना की है व दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की है।
-विद्यार्थियों-शिक्षकों को समय पर सामग्री और जानकारी उपलब्ध करवाएगा केंद्र राज्य सरकार की अभिनव पहल विद्या समीक्षा केंद्र (वीएसके) सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में निर्णायक कदम है। यह केंद्र एआई तकनीक को एकीकृत करके डेटा विश्लेषण के माध्यम से विद्यार्थियों, शिक्षकों और प्रशासकों को समय पर सामग्री और जानकारी उपलब्ध करवाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि स्विफ्टचैट एआई हिमाचल प्रदेश के सभी स्कूलों में प्रौद्योगिकी और डाटा संचालित संस्थागत प्रणाली में सक्षम करेगा। यह केंद्र इन टूलकिट के डाटा को राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर के लिए डैशबोर्ड और रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। इससे छात्र की प्रगति, शिक्षक प्रशिक्षण और स्कूल के समग्र प्रदर्शन संबंधी डाटा उपलब्ध होगा। वास्तविक समय में प्रतिक्रिया और सुधार के आधार पर शिक्षक, शिक्षण संबंधी रणनीतियों में सकारात्मक बदलाव किया जाएगा ताकि प्रत्येक विद्यार्थी को सीखने के अवसर प्रदान किए जा सके। वीएसके विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षण की ज्ञानता प्रदान करता है, जिससे उनकी वैश्विक सामग्री और जानकारी तक सार्वभौमिक पहुुंच सुनिश्चित होती है। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को डिजिटल होम लर्निंग तथा अनुभव प्रदान कर शैक्षिक असमानताओं को समाप्त करना है। चैटबॉट पर साप्ताहिक अभ्यास विद्यार्थियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर उत्तर तथा जानकारीपूर्ण वीडियो के साथ पाठयक्रम के अनुरूप उन्हें विषयों को सुदृढ़ करने में मदद करता है। विद्यार्थी विभिन्न भाषाओं में गणित का अभ्यास कर सकते हैं और वीडियो देख कर अपने संदेह दूर कर सकते हैं। चैटबॉट विद्यार्थियों की आवाज का उपयोग कर विभिन्न भाषाओं का उपयोग कर, क्विज के माध्यम से सामान्य ज्ञान और ज्ञानवर्द्धन कर उनकी शिक्षा में गुणात्मक सुधार में सहयोग करता है। चैटबॉट विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों को ऑन डिमॉंड (आवश्यकतानुसार) कार्य योजना, पाठ तैयार करना, वर्कशीट और वीडियो बनाने में भी सहायता प्रदान करता हैै। इससे शिक्षक समयबद्ध शिक्षण सामग्री तैयार कर सकते हैं और विद्यार्थियों के रिपोर्ट कार्ड का त्वरित अध्ययन करने के साथ-साथ उनकी उपस्थिति दर्ज कर सकते हैं। चैटबॉट शिक्षण विधियों को विद्यार्थी अनुकूल बनाने में सहायता करता है। इसके माध्यम से अभिवावक शिक्षा संबंधी प्रश्नों का समाधान कर सकते हैं। इसके माध्यम से प्रशासक राज्य स्तर पर शैक्षणिक प्रदर्शन का मूल्यांकन कर सीखने के परिणामों के आधार पर रणनीति, योजना और प्रशिक्षण पहल का मूल्यांकन कर सकते हैं, जिसके माध्यम से राज्य स्तर पर प्रशासक विद्यार्थी, अध्यापक और विद्यालय संबंधी जानकारी अपडेट कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केंद्र एआई चैटबॉट के माध्यम से विद्यार्थियों के एक डिजिटल साथी के रूप में, शिक्षक को शिक्षण में सहायक और प्रशासक को महत्वपूर्ण डाटा उपलब्ध करवाएगा। चैटबॉट का डेटा शिक्षकों को विद्यार्थी आधारित रणनीतियों को समायोजित करने में सशक्त बनाता है, जिससे विद्यार्थियों के प्रदर्शन में और सुधार होगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पूर्व विधायक और झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव बीके चौहान के निधन पर शोक व्यक्त किया है। बीके चौहान का आज तड़के दिल्ली में निधन हो गया। वह 76 वर्ष के थे। बीके चौहान वर्ष 2007 से 2012 और 2012 से 2017 तक दो बार हिमाचल के चंबा सदर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि चंबा विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए उनका सराहनीय योगदान है। समाज के हर वर्ग के कल्याण के प्रयासों के लिए उन्हें याद किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
-28 अध्ययन केंद्रों में स्थापित किए परीक्षा केंद्र -1 दिसंबर से 9 जनवरी तक आयोजित होगी परीक्षा इग्नू के टर्म एंड इग्जाम दिसंबर माह की पहली तारीख से शुरू होंगे, जो अगले वर्ष 9 जनवरी तक चलेंगे। इन परीक्षाओं के आयोजन के लिए विश्वविद्यालय ने देश भर में विभिन्न परीक्षा केंद्र स्थापित किए हैं। इसके अतिरिक्त जेल बंदियों के लिए कारागारों (जेलों) में तथा विदेशों में भी परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इस परीक्षा के लिए हिमाचल प्रदेश में विभिन्न जिलों में 28 इग्नू अध्ययन केंद्रों स्थापित किये गए हैं, जहां ये परीक्षा करवाई जाएगी। इन केंद्रों में 29,000 से अधिक विद्यार्थी परीक्षा देंगे। इग्नू के वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक डॉ. जोगिंद्र कुमार यादव ने बताया कि परीक्षा केंद्रों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी विद्यार्थी के पास प्रवेश पत्र नहीं है और उसका नाम उपस्थिति सूची में अंकित हंै, ऐसी स्थिति में विद्यार्थी को परीक्षा में बैठने के लिए अनुमति प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सलाह दी जाती है कि परीक्षा के दौरान विश्वविद्यालय/सरकार द्वारा जारी वैद्य पहचान पत्र उनके पास होना चाहिए।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि विधानसभा सचिवालय ने आज राज्यपाल की संस्तुति पर चौदहवीं विधानसभा के चतुर्थ सत्र की अधिसूचना जारी कर दी है। पठानिया ने कहा कि यह शीतकालीन सत्र 5 दिनों का होगा तथा इसमें 5 बैठकें आयोजित की जाएंगी। पठानिया ने कहा कि 21 दिसंबर का दिन गैर सरकारी सदस्य कार्य दिवस के लिए निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि सत्र का शुभारंभ 19 दिसंबर को पूर्वाह्न 11 बजे होगा। पठानिया ने कहा कि सत्र की अधिसूचना जारी होने के साथ ही अब सदस्य प्रश्नों से संबंधित सूचनाएं विधानसभा सचिवालय को ऑनलाइन तथा ऑफ लाइन दोनों माध्यम से भेज सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा 20 नवंबर को अधिसूचित वन मित्र योजना के तहत वन मित्रों की भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 30 नवंबर से आरंभ होगी। इच्छुक उम्मीदवार वन परिक्षेत्र अधिकारी कार्यालय,कोटि (वन मंडल शिमला) से आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन फार्म जमा करवाने की अंतिम तिथि 30 दिसंबर निर्धारित की गई है। शैक्षणिक, शारीरिक योग्यता, आयु मापदंड एवं अन्य भर्ती नियम/शर्तें वन विभाग, हिमाचल प्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। वन परिक्षेत्र कोटि (वन मंडल शिमला) की जिन वन बीटों के आवेदन किया जाना है, उनमें फानीऑट,वन बीट, भालावग, वन बीट, मालनशील, वन बीट, करौली, वन बीट शामिल हैं।
इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबॉर्न, ऑस्ट्रेलिया में पशु क्रूरता व पशु प्रेम पर बनी डॉक्यूमेंट्री 'क्रांति' दिखाई जाएगी। एकलव्य सेन, जो कि बतौर फिल्म निर्देशक काफी समय से कार्य कर रहे हैं, उनकी बनाई डाक्यूमेंट्री क्रांति द रेवोल्यूशन, जो कि पशु-पक्षियों पर क्रूरता, पशु प्रेम एवं जंगली जीवों के सही संरक्षण पर आधारित है, का चयन ऑस्ट्रेलिया के इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबॉर्न में हुआ है। यह डॉक्यूमेंट्री धर्मशाला में शूट हुई है और एक सच्चे पशु प्रेमी एवं समाजसेवी धर्मशाला के धीरज महाजन के जीवन से प्रेरित एक सच्ची कहानी है। उन्होंने अपना पूरा जीवन पर्यावरण, पशु-पक्षियों व जंगली जीवों की सेवा में दे दिया है। यह डॉक्यूमेंट्री ऑस्ट्रेलिया में एक सप्ताह तक दिखाई जाएगी और वहां के बड़े ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज की जायेगी, इससे पहले यह डॉक्यूमेंट्री बेंगलुरु, कोलकाता एवं इटली के एक बड़े फिल्म फेस्टिवल में दिखाई जा चुकी है। धीरज महाजन को 5 अप्रैल, 2022 को मुख्यमंत्री से हिमाचल प्रदेश का सबसे सर्वश्रेष्ठ सम्मान हिमाचल प्रेरणा स्त्रोत मिल चुका है। हिमाचल प्रदेश व सभी पशु प्रेमियों के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है।
प्रदेशभर में दिसंबर से उपभोक्ताओं को उचित मूल्य की दुकानों में दालों के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। सभी जिलों में सिविल सप्लाई निगम के गोदामों में दालों की खेप पहुंच गई है और जल्द ही यह डिपुओं में वितरित होनी शुरू हो जाएंगी। चना, उड़द और मलका की दालें गोदामों में पहुंच चुकी हैं। इससे लाखों उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। हालांकि चीनी के लिए अभी भी उपभोक्ताओं को इंतजार करना होगा। निगम के अधिकारियों के मुताबिक फैक्टरी में पुरानी और गीली चीनी होने के चलते इसकी सप्लाई नहीं की जा सकती। बता दें कि विभिन्न जिलों में कहीं एक माह से तो कहीं पर दो माह से दालें नहीं मिल रही हैं, इसके चलते उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है। उपभोक्ताओं को दालें महंगे दामों पर बाजारों से खरीदनी पड़ रही हैं। इस बारे में खाद्य आपूर्ति निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि पिछले कुछ समय से सप्लाई कुछ कारणों से रुकी हुई थी, मगर अब सरकार के आदेशों के बाद दालों की सप्लाई आ गई है। दिसंबर तक ये दालें डिपुओं में मिलना शुरू हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि अभी चीनी के लिए उपभोक्ताओं को इंतजार करना पड़ेगा।
-स्कूलों के पुस्तकालयों को भी किया जाएगा डिजिटल -संस्कृति मंत्रालय फंड करेगा जारी हिमाचल में सभी पुस्तकालय डिजिटल होंगे। पुस्तकालयों को डिजिटल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इससे पाठकों को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए हजारों रुपये खर्च करके पुस्तकें भी नहीं खरीदनी पड़ेंगी। स्कूलों के पुस्तकालयों को भी डिजिटल किया जाएगा। पुस्तकालयों में मौजूद पुस्तकों को भी धरोहर के रूप में संभालकर रखा जाएगा। उच्च शिक्षा निदेशालय ने राजा राम मोहन राय पुस्तकालय फाउंडेशन कोलकाता के साथ मिलकर पुस्तकालयों को डिजिटल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए संस्कृति मंत्रालय से फंड जारी होगा। स्कूलों के पुस्तकालयों को भी डिजिटल किया जाएगा। इसका कार्यभार समग्र शिक्षा को सौंपा है। इन पुस्तकालयों को राष्ट्र डिजिटल लाइब्रेरी से जोड़ा जाएगा। उच्च शिक्षा निदेशालय के मुताबिक शुरुआत में ऐतिहासिक, दीमक और खराब होने की स्थिति में पुस्तकों को डिजिटल किया जाएगा। इसके बाद नई अन्य किताबों को डिजिटल करने की प्रक्रिया होगी। वर्तमान समय में राजधानी के तीनों राज्य पुस्तकालय में 77,600 के करीब पुस्तकों का संग्रह है।
-धार्मिक पर्यटन सर्किट बस सेवा के तहत एचआरटीसी इस रूट पर वोल्वो बस चलाएगा -अगले साल से इस रूट पर यह बस सेवा शुरू करने की योजना हाल ही में धार्मिक पर्यटन सर्किट बस सेवा के तहत एचआरटीसी ने चिंतपूर्णी-ज्वालाजी, खाटू श्याम और भंगायणी माता मंदिर हरिपुरधार के लिए बस सेवा शुरू की और अब पंजाब के अमृतर स्थित स्वर्ण मंदिर और अटारी बॉर्डर के लिए भी हिमाचल पथ परिवहन निगम वोल्वो सेवा शुरू करने जा रहा है. दरअसल बाहरी राज्यों से हिमाचल आने वाले सैलानी स्वर्ण मंदिर और अटारी बार्डर घूमने जरूर जाते हैं और हिमाचल से स्वर्ण मंदिर और अटारी बार्डर के लिए अब तक कोई लग्जरी बस सेवा नहीं थी। ऐसे में इस रूट पर वोल्वो बस चलने से निगम को अच्छी कमाई की उम्मीद है। अगले साल से इस रूट पर यह बस सेवा शुरू करने की योजना है वहीं, एचआरटीसी दिल्ली और अमृतसर एयरपोर्ट के लिए भी सीधी वोल्वो सेवा शुरू करने की योजना बना रहा है। शिमला-चंडीगढ़ एयरपोर्ट वोल्वो के सफल संचालन के बाद इसे लेकर प्रयास किये जा रहे हैं। टूरिस्ट सीजन के दौरान बड़ी संख्या में सैलानी दिल्ली, अमृतसर, शिमला, मनाली, किन्नौर और लाहौल-स्पीति के बीच आवाजाही करते हैं। ऐसे में वोल्वो सेवा शुरू होने से इन्हें लाभ होगा।
-2025 की परेड में शामिल होगी हिमाचल की झांकी राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर रिपब्लिक डे की परेड में पिछले 4 सालों से हिमाचल को मौका नहीं मिला है और इस बार भी हिमाचल की झांकी देखने को नहीं मिलेगी। दरअसल ऐसे कई राज्य है जो बीते कई सालों से गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल नहीं हुए हैं। ऐसे में सभी राज्यों को बराबर का मौका मिले इसके लिए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को तीन वर्षों में से एक बार अपनी झांकी परेड में शामिल करने का मौका दिया है। नई व्यवस्था के तहत किसी भी राज्य की झांकी को तीन चरण में होने वाली छंटनी प्रक्रिया के दौरान बाहर नहीं किया जाएगा। राज्य जिस भी वर्ष के लिए अपनी झांकी को शामिल करने की प्राथमिकता देंगे, केंद्र सरकार उस राज्य की झांकी और बेहतर बनाने में मदद देगा। अब केंद्र सरकार ने 2024 से 2026 तक झांकी निकालने के लिए किसी एक वर्ष को चुनने का राज्यों से विकल्प मांगा थ। इसी कड़ी में हिमाचल सरकार ने वर्ष 2025 में अपनी झांकी को देने का फैसला किया है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार से समय पर सूचना न मिलने के कारण 2023 की परेड में झांकी शामिल करने का मौका हिमाचल के हाथ से चला गया था। इससे पहले 2019 में महात्मा गांधी की हिमाचल यात्रा की झांकी का प्रस्ताव भेजा गया था, रक्षा मंत्रालय ने हिमाचल की झांकी के मॉडल को भी खारिज कर दिया था फिर वर्ष 2021 में अटल टनल रोहतांग का मॉडल मंजूर नहीं हुआ और 2022 में धामी गोलीकांड विषय पर केंद्रित झांकी अंतिम चरण में बाहर हुई थी। अब हिमाचल सरकार ने 26 जनवरी 2025 की परेड में राज्य की झांकी को शामिल करने का फैसला किया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने पार्टी के सभी पदाधिकारियों को जो भी दायित्व उन्हें सौंपा गया है, उसे पूरी निष्ठा व ईमानदारी से पूरा करने को कहा है। उन्होंने कहा है कि जो पदाधिकारी निष्क्रिय पाए जा रहे हैं उन्हें जल्द ही पदमुक्त करने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा है कि जल्द ही प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें लोकसभा चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति पर विस्तारपूर्वक आपसी चर्चा की जाएगी। प्रतिभा सिंह ने उन पदाधिकारियों को जो पार्टी के कार्यक्रमों व बैठकों में लगातार अनुपस्थित रहते हैं, उनकी पूरी जानकारी जिला व ब्लॉक अध्यक्षों से मांगी है। उन्होंने कहा कि संगठन के आदेशों की अवहेलना किसी भी स्तर पर सहन नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा है कि जो पदाधिकारी अपने दायित्व का पालन या पार्टी के कार्यक्रमों को समय नही दे पा रहे हैं, उन्हें स्वयं ही पद से हट जाना चाहिए। प्रतिभा सिंह ने सभी ब्लॉक अध्यक्षों से अपने अपने सभी बूथों की कमेटियां गठित करने व इसकी पूरी सूची प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय को 30 नवंबर तक भेजने के निर्देश दिए हैं। प्रतिभा सिंह ने ब्लॉक अध्यक्षों से अपने-अपने ब्लॉकों में 15 दिसंबर से पूर्व या इस दिन तक पार्टी की आम सभा, जनरल हाउस बुलाने को भी कहा है। उन्होंने इन सभाओं में प्रदेश कांग्रेस के महासचिव व सचिव प्रभारियों को भी शामिल होने को कहा है। उन्होंने कहा है कि अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों के लिये पार्टी पदाधिकारियों को जल्द ही अहम जिम्मेदारियां दी जाएंगी। उन्होंने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से संगठन की मजबूती के लिये एकजुटता के साथ कार्य करने का आग्रह करते हुए कहा कि अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों के लिये पार्टी के सभी नेताओं को अभी से कमर कसनी होगी।
संविधान दिवस पर प्रदेश विवि में आयोजित संगोष्ठी एवं पुस्तक लोकार्पण समारोह का शुभारंभ आचार्य मनीष शर्मा के आचार्यत्व में सचिन शर्मा, यशपाल शर्मा एवं हेमराज शर्मा ने वैदिक एवं लौकिक मंगलाचरण से हुआ। अतिथि परिचय सिंपल सुशील शर्मा ने तथा अतिथि सम्मान विकास कुमार ने किया। विषय प्रवेश विनीत भारद्वाज ने किया। मुख्य अतिथि प्रो चांसलर प्रो. राजेंद्र वर्मा ने कहा कि लोग अधिकार तो मांगते हैं, लेकिन कर्तव्य को भूल जाते हैं। गांधी के कारण डॉ. अंबेडकर को प्रारुप समिति का अध्यक्ष बनाया गया। डीन आफ स्टूडेंट्स ने कहा कि संविधान के निर्माण अंबेडकर, नेहरू सहित अनेक लोगों का योगदान रहा। संविधान दिवस के महत्व पर यूएलआईएस के ऐश्वर्या कश्यप, सुप्रिया ठाकुर एवं अंबेडकर पीठ के दिनेश ने विषय रखा। प्रो. विवेकानंद तिवारी की पुस्तक वर्ण एवं जाती व्यवस्था तथा अंबेडकर का लोकार्पण हुआ। पुस्तक का रिव्यू कमल दीप ने किया। संगोष्ठी में प्रमुख रूप से प्रो. राम शर्मा, प्रो. कमल मनोहर शर्मा, डॉ. लता, डॉ. सुनील अनूप, कमल दीप, प्रदीप सिंह, उर्गेन दोर्जे शीतल ठाकुर आदि उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश के मशहूर युवा महफिल लोक गायक कपिल शर्मा का यूट्यूब चैनल हैक हो गया है। कपिल शर्मा ने काफी कम समय में यूट्यूब पर लोकप्रियता हासिल की। देखते ही देखते चंद समय मे ही यूट्यूब पर उनके हजारों सब्सक्राइबर हो गए लाखों लोग उनके वीडियो यूट्यूब पर देखने लगे, लेकिन कुछ दिनों पहले उनका यूट्यूब चैनल हैक हो गया, जिसकी वजह से उनकी सारी की सारी मेहनत पर पानी फिर गया। लोक गायक कपिल शर्मा ने बताया कि कुछ दिनों पहले उनका यूट्यूब चैनल हैक हो गया था, जिसकी वजह से उन्हें कई दिनों तक काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि टेक्निकल एक्सपर्ट की राय व सहायता लेने के बाद चैनल तो रिकवर कर लिया, लेकिन उनके चैनल पर जितनी भी ऑडीयंस यानी लोग जुड़े थे वो सभी निष्क्रिय हो गया है। यूट्यूब की तरफ से 90 दिनों में एक हजार सब्सक्राइबर की शर्त और 4 हजार मिनट वाच टाइम की शर्त लगा दी है। ऐसे में कपिल शर्मा ने लोगों से सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि जिस तरीके से इतने कम समय में उन्हें लोगों का अपार प्यार मिला है तो उन्हें पूर्ण विश्वास है कि लोग उन्हें फिर जरूर मदद करेंगे और इस शर्त की समय सीमा को जल्द पूर्ण करेंगे।
-निवेशकों के करवाए 2,000 टूअर, पुलिस की विशेष जांच टीम ने किया खुलासा क्रिप्टो करेंसी ठगी मामले में एक नया खुलासा हुआ है। एसआईटी की जांच के दौरान पता चला है कि निवेशकों को आरोपियों ने दुबई, हांगकांग और बैंकॉक की सैर भी करवाई है। इन आरोपियों ने निवेशकों के 2,000 टूअर कराए हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस की विशेष जांच टीम ने यह खुलासा किया है। मुख्य चार आरोपियों में से अकेले सुभाष शर्मा ने 500 करोड़ का घोटाला किया है। इस पैसे से उसने हिमाचल प्रदेश और बाहरी राज्यों में संपत्तियां बनाई हैं। एसआईटी प्रमुख डीआईजी अभिषेक दुल्लर की टीम 2,500 करोड़ के इस घोटाले का हर पहलू खंगाल रही है। अन्य आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस बाहरी राज्यों में भी दबिश दे रही है। मुख्य आरोपी सुभाष के दुबई में कनेक्शन का भी पता लगा रही है। आशंका है कि सुभाष के साथ विदेश में बैठे कुछ आरोपी भी घोटाले में संलिप्त हैं।
-एक साल पूरा होने के उपलक्ष्य में निकलने वाली रैली में मुख्यमंत्री करेंगे घोषणा प्रदेश सरकार ने दूध के दाम बढ़ाने का फैसला लिया है, जिससे पशुपालकों को राहत मिलेगी। प्रदेश सरकार वीटा और वेरका के मुकाबले पशुपालकों से ऊंची कीमत पर दूध खरीदेगी। प्रदेश सरकार के एक साल पूरा होने के उपलक्ष्य में होने वाली रैली में मुख्यमंत्री इसकी घोषणा करेंगे। सरकार उपमंडल स्तर पर दुग्ध कमेटियां का गठन करेगी और मिल्कफेड के जरिये ब्लॉक स्तर पर कमेटियां गठित कर दूध की खरीद की जाएगी। पशुपालकों की संख्या के आधार पर दुग्ध कमेटियां गठित कर मिल्कफेड के पास पंजीकृत करवाई जाएंगी। पशुपालकों से घर द्वार दूध खरीदने के लिए मिल्कफेड के माध्यम से वाहनों की भी व्यवस्था करवाई जाएगी। मिल्कफेड के दत्तनगर और डगवाल संयंत्र को अपग्रेड करने की भी योजना है, जिससे बेहतर गुणवत्ता का दूध खुले बाजार में उपभोक्ताओं को उपलब्ध करवाया जा सके। मौजदूा समय में मिल्कफेड पशुपालकों से दूध गुणवत्ता के आधार पर 24 से 30 रुपये किलो खरीद रहा है। इसे बढ़ाकर 30 से 35 रुपये किया जा सकता है। उधर, कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रोफेसर चंद्र कुमार का कहना है कि सरकार ने दूध के दाम बढ़ाने का फैसला लिया है। पशुपालकों से वेरका से महंगी दरों पर दूध खरीदा जाएगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज गुरु नानक देव जयंती के अवसर पर गुरुद्वारा साहिब श्री गुरु सिंह सभा में शीश नवाया। इस अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने मुख्यमंत्री को सिरोपा भेंट किया। मुख्यमंत्री ने गुरु नानक देव जयंती की लोगों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि गुरु नानक देव जी ने अपना संपूर्ण जीवन समाज सेवा के लिए समर्पित किया। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी द्वारा दी गई शिक्षाओं का वर्तमान में भी विशेष महत्व है और लोगों से आग्रह किया कि इन शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करें। उन्होंने कहा कि सिख धर्म के संस्थापक व पहले सिख गुरु गुरु नानक देव जी समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए जीवन भर अथक प्रयास करते रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया और कहा कि प्रदेश सरकार ने डॉ. यशवंत सिंह परमार विद्यार्थी ऋण योजना आरंभ की है, जिसके तहत विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए 20 लाख रुपये तक का ऋण एक प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध करवाया जा रहा है। इस अवसर पर मीडिया कर्मियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह उपयुक्त समय पर कांग्रेस पार्टी के उच्च पदाधिकारियों से परामर्श के उपरांत मंत्रिमंडल के विस्तार का निर्णय लेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य में कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए 31 मार्च, 2026 तक हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा 680 करोड़ रुपये की राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के प्रथम चरण की शुरुआत की गई है। इसके तहत युवाओं को आय का साधन प्रदान करने के लिए ई-टैक्सी खरीद पर 50 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि योजना के तहत परिवहन विभाग को लगभग 70 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिससे योजना के प्रति लोगों का सकारात्मक रवैया प्रदर्शित होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे चरण के तहत कृषि क्षेत्र में स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के लिए योजना लाई जाएगी। इस अवसर पर विधायक हरीश जनारथा और सुदर्शन बबलू, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सनील शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान व अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
-एसडीएम ने फेसबुक पर वीडियो शेयर न करने की अपील की इन दिनों हिमाचल के शिमला जिले के रोहड़ू में चुड़ैल का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद स्थानीय लोग खौफ में आ गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने इस वीडियो को शेयर न करने की अपील भी जारी कर दी है। एसडीएम रोहडू के फेसबुक पेज पर ये लिखा गया है कि रोहड़ू क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों से अपील है कि वे सोशल मीडिया पर फैलाये जा रहे अंधविश्वास एवं भ्रांतियों पर विश्वास न करें। सोशल मीडिया पर इस तरह की निराधार अफवाहों से आम नागरिकों, विशेषकर बच्चों के मन पर बुरा प्रभाव डलता है व अनावश्यक भय का माहौल बनता है। बताया जा रहा है कि समाज में अंधविश्वास फैलाने और लोगों में भय पैदा करने वाला यह वीडियो कट-कॉपी पेस्ट कर बनाया गया है और इसे सोशल मीडिया में वायरल कर दिया गया। इस वीडियो में एक चुड़ैल को पहले ट्रक पर दिखाया गया है। इसके साथ दूसरा वीडियो सीसीटीवी का लगाया गया है। सीसीटीवी के वीडियो में सड़क पर भाग रही किसी महिला को चुड़ैल बनाया गया है। कुछ लोगों का ये भी कहना है कि नेपाली मूल के दंपती रात को आपस में लड़ते हैं। पति की मार के डर से पत्नी सड़क पर भागती है। इसी महिला को किसी शरारती तत्व ने चुड़ैल बनाकर लोगों में भय पैदा करने का काम किया है। इस मामले पर एसएचओ रोहड़ू प्रवीण राणा ने बताया कि यदि कोई शिकायत करता है तो इस मामले में एफआईआर दर्ज की जाएगी। वहीं, एसडीएम रोहड़ू सन्नी शर्मा ने बताया कि प्रशासन ने इस वीडियो को सोशल मीडिया में शेयर न करने की एडवाइजरी जारी की है।
-चार दिसंबर को होगी '1' नंबर की ई-नीलामी गाड़ियों में वीआईपी नंबर का क्रेज बढ़ता जा रहा है। वीआईपी नंबर का शौक रखने वाले लोगों के लिए अब हिमाचल सरकार भी एक नई पालिसी लेकर आयी है। जो वीआईपी नंबर 1 पहले सिर्फ सरकारी वाहनों में दिखता था अब वो नंबर कोई भी आम व्यक्ति ले सकता है। हिमाचल सरकार अब आम जनता के लिए वीआईपी नंबर '1Ó उपलब्ध करवा रही है और इसके लिए चार दिसंबर से ई-नीलामी करेगी भी शुरू हो जाएगी। वीआईपी नंबर की बेस वैल्यू पांच लाख रुपये रखी गई है और ई-नीलामी के लिए रजिस्ट्रेशन 27 नवंबर (सोमवार) से 2 दिसंबर (शनिवार) तक करवाया जा सकता है। रविवार को इसकी बोली लगाई जाएगी और सबसे अधिक बोली लगाने वाले को शाम पांच बजे तक नंबर अलॉट कर दिया जाएगा। सरकार की ई-निलामी योजना से पहले भी परिवहन विभाग को काफी ज़्यादा मुनाफा हुआ है। पहले चरण में ही वीआईपी नंबरों की नीलामी से विभाग ने 8 करोड़ रुपये से ज़्यादा कमाए है। इस योजना के बारे में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्रिहोत्री का कहना है कि प्रदेश सरकार परिवहन विभाग से 1000 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित करेगी। इसके लिए अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए है। यह लक्ष्य परिवहन विभाग में रिकॉर्डतोड़ राजस्व अर्जित करने का होगा। उन्होंने कहा कि पहले सरकारी गाडिय़ों पर ही '1Ó नंबर लगाया जाता था, जिसे अब आम जनता के लिए खोला जा रहा है। यह नीलामी पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी।
-सरकार ने बढाई 15 हजार रुपये खरीद राशि -आगामी चार वर्ष तक नहीं खरीद सकते है कोई अन्य उपकरण हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए कुछ छूट प्रदान की है। जानकारी के मुताबिक प्रशासनिक सचिव अब एक लाख रुपये तक की कीमत के डिजिटल डिवाइस खरीद सकेंगे। आपको बता दें की पहले 85 हजार रुपये की कीमत के डिजिटल डिवाइस खरीदने की छूट थी। लेकिन अब प्रदेश सरकार ने खरीद राशि को 15 हजार रुपये बढ़ा दिया है। इसकी खरीद के लिए सरकार की ओर से धनराशि दी जाएगी। डिजिटल डिवाइस के तहत लैपटॉप, टैबलेट, आईपैड, फैबलेट, नोटपैड, नोटबुक, नेटबुक, मोबाइल फोन, मैकबुक, प्रिंटर और यूपीएस की खरीद कर सकेंगे। वित्त विभाग की मंजूरी लेकर डिजिटल टेक्नालॉजी और गवर्नेंस विभाग ने इस बाबत सभी प्रशासनिक सचिवों को पत्र जारी कर दिया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि चार साल तक डिजिटल डिवाइस सरकारी संपत्ति होगी। चार वर्ष तक संबंधित सचिव डिवाइस के रखरखाव के लिए जिम्मेवार होगा। एक बार डिवाइस खरीदने वाला सचिव आगामी चार वर्ष तक नया डिवाइस खरीदने के लिए पात्र नहीं होगा।
-इससे पहले हो चुकी है हिम तेंदुए की गणना -लगातार बढ़ रही है तेंदुए की संख्या हिमाचल प्रदेश में स्नो लैपर्ड के बाद पहली बार तेंदुए की गणना होने जा रही है। वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के माध्यम से तेंदुए की गणना के कार्य को अंजाम दिया जाएगा। इसके लिए किसी एजेंसी को हायर किया जा सकता है, जो कि तेंदुए की संख्या का सर्वेक्षण करेगी। उम्मीद जताई जा रही है की दिसंबर में तेंदुए की गणना के लिए संबंधित एजेंसी अपने तरीके से कार्रवाई करेगी। वाइल्ड लाइफ हमीरपुर के डीएफओ रिगनोल्ड रॉयस्टन ने बताया कि प्रदेश में तेंदुए की गणना की जाएगी। तेंदुए की गणना के लिए संबंधित एजेंसी अपने तरीके से कार्रवाई करेगी। सीसीटीवी या अन्य उपकरणों की मदद से सर्वेक्षण कार्य को अंजाम दिया जा सकता है। इसके लिए वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की तरफ से एजेंसी से सर्वे करवाया जाएगा। सर्वे पूरा होने पर पता चलेगा कि प्रदेश में कितने तेंदुए है। बीते कुछ समय पहले राज्य वन विभाग के वन्य प्राणी विभाग ने प्रकृति संरक्षण फाउंडेशन बंगलूरू के सहयोग से हिम तेंदुओं की गणना की गई थी। उस गणना में पता चला था कि हिमाचल में 73 स्नो लैपर्ड है।
-स्पेशल महिला कमांडो भी भर्ती किए जाएंगे हिमाचल में भविष्य में होने वाली पुलिस भर्ती में महिलाओं को 30 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा। यह घोषणा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को हमीरपुर में अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान गांधी चौक पर आयोजित जनसभा में की। उन्होंने कहा कि इस भर्ती में स्पेशल महिला कमांडो की भर्ती भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नशे के बढ़ते चलन को देखते हुए एंटी नारकोटिक्स पुलिस फोर्स की भर्ती की जाएगी, जिसमें 1200 से अधिक पुलिस जवान भर्र्ती होंगे। इसी भर्ती में महिलाओं को 30 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा। इसी भर्ती के दौरान प्रदेश में पहली बार महिला कमांडो फोर्स गठित की जाएगी। सीएम सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार अपने संसाधनों में वृद्धि करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इस वर्ष हिमाचल प्रदेश सरकार के राजस्व में 1100 करोड़ रुपये की वृद्धि का अनुमान है। शराब ठेकों की नीलामी से सरकार को 500 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व शराब के ठेकों की नीलामी से राज्य सरकार को 500 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमीरपुर में जल्द ही राज्य चयन आयोग शुरू किया जाएगा। राज्य सरकार 6000 अध्यापकों, 2000 से अधिक वन मित्रों के पद भरने जा रही है। राज्य सरकार ने प्रदेश भर में 30 व 31 अक्तूबर को इंतकाल अदालतों का आयोजन किया, जिसके परिणाम बेहतर रहे तथा इंतकाल के लंबित 41,907 मामलों में से 31,105 का निपटारा कर दिया गया। आगामी पहली व दो दिसंबर को पुन: प्रदेश भर में इस प्रकार की विशेष अदालतों का आयोजन किया जाएगा, जिन्हें राजस्व लोक अदालत का नाम दिया गया है। इस विशेष अदालत में इंतकाल के साथ-साथ तकसीम के लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाएगा।
** पहले ग्रीन हिमाचल के नाम पर इलेक्ट्रिक वाहनों को सब्सिडी देने की बात की, अब उसे ही बना दिया स्टार्टअप फण्ड : जयराम ठाकुर शिमला: नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव के पहले गारंटी दी थी कि सरकार बनने पर हर विधानसभा क्षेत्र के युवाओं के लिए 10 करोड़ के हिसाब से 680 करोड़ रुपए के स्टार्टअप फण्ड का प्रबंध करेगी। जिससे युवा अपने लिए रोज़गार के साधन जुटाए और अन्य लोगों को रोज़गार भी देंगे। कांग्रेस के कई नेताओं ने इसके लिए युवाओं से फॉर्म भी भरवा लिए थे। चुनाव के एक साल तक सरकार इस फण्ड के नाम पर ख़ामोश रही। पिछले हफ़्ते राज्य सरकार ने 680 करोड़ के राजीव गांधी स्वरोज़गार स्टार्टअप योजना की शुरुआत करने की घोषणा की। इस योजना के तहत सरकार युवाओं को ई-टैक्सी के लिए 50 फ़ीसदी की सब्सिडी देने की घोषणा की। इस तरह की बात सरकार पिछले 9 महीनें से कर रही है। सरकार की यह योजना कब परवान चढ़ेगी यह तो वक्त बताएगा। अभी एक भी व्यक्ति को इसका लाभ नहीं मिला लेकिन कांग्रेस के नेता इसे तीसरी गारंटी पूरी करने के रूप में प्रचारित करना शुरू कर चुके हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार ने हरित हिमाचल के तहत भी ई-टैक्सी, ई-बस और ई-ट्रकों पर भी 50 फ़ीसदी सब्सिडी देने की बात की थी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दो योजनाओं के बीच में घालमेल किया जा रहा है। ई-वाहनों पर सब्सिडी देना अलग बात है। पूरे देश में ई-वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकारों द्वारा निजी एवं व्यवसायिक वाहनों की ख़रीद पर विभिन्न प्रकार की छूट दी जा रही हैं। जिसमें शून्य रजिस्ट्रेशन फ़ीस के साथ लाखों रुपए के अनुदान शामिल हैं। लेकिन सरकार द्वारा इसे तीसरी गारंटी के रूप में प्रचारित करना स्टार्टअप के लिए आर्थिक सहायता का इंतज़ार कर रहे प्रदेश के युवाओं के साथ धोखा है। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस को अपनी गारंटियां उसी तरह पूरी करनी पड़ेगी, जिस तरह से उन्होंने प्रदेश के लोगों से की हैं। किसी अन्य प्रकार की योजना को दूसरी योजनाओं के साथ जोड़कर वाहवाही लेने का समय अब ख़त्म हो गया है। सरकार को जनहित में मुद्दे पर गंभीरता से काम करना होगा। उन्होंने कहा की सरकार को स्टार्टअप के लिए विशेष नीति बनाकर युवाओं को प्रोत्साहित करना चाहिए। जिससे प्रदेश में युवा नवोन्मेष के साथ आगे आए और नए उद्योग धंधे स्थापित करें। इससे न सिर्फ़ वह अपनी आय के साधन बढ़ाएंगे बल्कि अन्य लोगों को रोज़गार देने के साथ-साथ प्रदेश के आर्थिक विकास में भी अपना योगदान देंगे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इसके लिए सरकार को अपनी नीयत सही करनी होगी, इधर-उधर की बात करने के बजाय विकास पर अपना ध्यान केंद्रित करना होगा।
देशभर में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रशासन के लिए धोखाधड़ी से पंजीकरण रोकना सबसे बड़ी चुनौती बना है। जीएसटी प्रणाली में धोखाधड़ी से किए गए पंजीकरण से सरकारी राजस्व को भारी नुकसान होता है। इसके दृष्टिगत प्रदेश सरकार के राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने भी जीएसटी राजस्व की सुरक्षा और वृद्धि के लिए कई पहल की हैं। जीएसटी प्रणाली में धोखेबाजों के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए विभाग ने पंजीकरण आवेदन के साथ संलग्न दस्तावेजों के उचित सत्यापन के बाद मैन्युअल मोड में जीएसटी पंजीकरण के शत-प्रतिशत अनुमोदन का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके अलावा, विभाग जोखिमपूर्ण समझे जाने वाले पंजीकरणकर्ताओं के भौतिक सत्यापन के लिए भी उचित उपाय कर रहा है। राज्य कर एवं आबकारी विभाग कर चोरी की पहचान करने और उस पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसके दृष्टिगत विभाग द्वारा केंद्रीय कर अधिकारियों के साथ भी समन्वय के साथ कार्य किया जा रहा है। धोखाधड़ी करने वाले करदाताओं का शीघ्र पता लगाने के लिए विभाग द्वारा राज्य मुख्यालय में पुख्ता व्यवस्था स्थापित की जा रही है, ताकि कर चोरी के मामलों को प्रथम चरण में ही रोके जाने के साथ ही राजस्व हानि को कम किया जा सके। स्वस्थ कार्य वातावरण बनाने की दिशा में आगे बढ़ते हुए विभाग ने कर चोरी के मामलों का शीघ्र पता लगाने, कर प्रशासकों की क्षमता निर्माण, राजस्व वृद्धि की गुंजाइश वाले क्षेत्रों की पहचान व क्षेत्र संरचनाओं के प्रदर्शन की निगरानी में सुधार और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को पुरस्कृत करने के लिए जीएसटी के तहत राजस्व वृद्धि के लिए नई पहल की हैं। जीएसटी मुआवजे के घाटे को कम करने के लिए सरकार द्वारा जीएसटी राजस्व वृद्धि परियोजना आरम्भ की गई है। इस परियोजना से सामान्य राजस्व वृद्धि के अलावा लगभग 250 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राजस्व वृद्धि अपेक्षित है। प्रदेश सरकार कर अनुपालना में गुणात्मक सुधार लाने के लिए भी निरंतर प्रयास कर रही है। इसके दृष्टिगत व्यापारियों, निर्माताओं, थोक विक्रेताओं और खुदरा व्यापारियों को सुविधा प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने सद्भावना योजना-2023 शुरू की है। इसके तहत सामान्य बिक्री कर, केंद्रीय बिक्री कर और प्रवेश शुल्क इत्यादि अधिनियमों के तहत लम्बित मामलों का निपटारा सुनिश्चित किया जा रहा है। कर चोरी मामलों पर अंकुश लगाने के साथ-साथ विभाग के अधिकारियों की दक्षता और क्षमता बढ़ौतरी के लिए पुनच्श्रर्या कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
संविधान दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने डॉ. अम्बेडकर की प्रतिमा पर पुष्पाजंलि अर्पित की मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने संविधान दिवस के अवसर पर आज शिमला स्थित, चौड़ा मैदान में भारत रत्न डॉ. भीम राव अम्बेडकर की प्रतिमा पर प्रदेशवासियों की ओर से पुष्पाजंलि अर्पित की। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, विधायक हरीश जनारथा व रवि ठाकुर, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेन्द्र चौहान, उप-महापौर उमा कौशल, मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरेट, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगूराम मुसाफिर, राष्ट्रीय बचत राज्य सलाहकार बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रकाश चंद करड़, नगर निगम शिमला के पार्षदगण और अन्य व्यक्तियों ने भी पुष्पाजंलि अर्पित की। इस मौके पर कांग्रेस पार्टी अनुसूचित जाति विभाग व डॉ. भीम राव अम्बेडकर वेल्फेयर सोसायटी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि आगामी वर्ष से संविधान दिवस के अवसर पर यह कार्यक्रम राजकीय समारोह के रूप में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि डॉ. भीम राव अम्बेडकर समाज सुधारक और प्रख्यात विद्वान थे। उनके आदर्श सभी के लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं। शिक्षा और समाज की प्रगति के लिए वे सदैव प्रयत्नशील रहे।


















































