-सभा के अध्यक्ष बलदेव सिंह ठाकुर करेंगे अध्यक्षता बुशैहर कल्याण सभा शिमला कार्यकारिणी की बैठक 17 दिसंबर को सुबह 11 बजे आशियाना रेस्टोरेंट दि रिज में बुलाई गई है। बैठक में सभी कार्यकारिणी सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। बुशैहर कल्याण सभा के महासचिव सैन राम नेगी ने बताया है कि बैठक की अध्यक्षता सभा के अध्यक्ष बलदेव सिंह ठाकुर करेंगे। बैठक में सभा के वार्षिक सम्मेलन, बुशैहर सदन, वर्ष-2023 के विधानसभा चुनाव, नई कार्यकारिणी गठित करने, सदस्यता अभियान के अतिरिक्त सभी खर्चों का लेखा-जोखा एवं अन्य मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। बैठक में सभी पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्यों का उपस्थित होना अनिवार्य है, ताकि सर्वसम्मति से निर्णय लिया जा सके।
-उमंग फाउंडेशन के ''हौसलों की उड़ान'' कार्यक्रम में किया सम्मानित राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राज भवन में दिव्यांग युवाओं की प्रतिभा और क्षमता का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रतिभावान छात्र-छात्राएं सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं और उनसे हम सबका मनोबल भी बढ़ता है। राज्यपाल आज राज भवन में उमंग फाउंडेशन द्वारा आयोजित ''हौसलों की उड़ान'' कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे। राज्यपाल ने विशेष क्षमता वाले बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए उमंग फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों का का सशक्तिकरण पूरे विश्व समुदाय के लिए उच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कुल 5 दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को लैपटॉप प्रदान किए। 2 दिव्यांग विद्यार्थियों को मोबाइल फोन प्रदान किए। राज्यपाल ने मुस्कान नेगी, अंजना ठाकुर और प्रतिभा ठाकुर का उदहारण देते हुए कहा कि ये छात्राएं अपनी प्रतिभा और कड़ी मेहनत से दिव्यांगता को मात देकर उच्च शिक्षा प्राप्त की और आज असिस्टेंट प्रोफेसर बन गई। राज्यपाल ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, टांडा में एमबीबीएस की छात्रा निकिता चौधरी को हिमाचल प्रदेश की पहली व्हीलचेयर यूजर डॉक्टर बनने पर बधाई देते हुए कहा कि इन्होंने ये मुकाम हासिल करने के लिए लंबा संघर्ष किया है। उन्होंने कहा कि एशियन पैरा गेम्स में भारत के दिव्यांग खिलाड़ियों ने 111 पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया है। प्रदेश की पहली व्हीलचेयर यूज़र एमबीबीएस छात्रा निकिता चौधरी, 3 दिव्यांग असिस्टेंट प्रोफेसरों मुस्कान, अंजना ठाकुर, एवं प्रतिभा ठाकुर, आरकेएमवी कॉलेज की पांच दिव्यांग छात्राओं समेत 40 उच्च शिक्षित दिव्यांगों एवं उनकी सहायता करने वाले 15 युवाओं को सम्मानित किया।
राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश के बागवानी उत्पादों को देश में लोकप्रिय बनाने के लिए प्रयासरत है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम सीमित (एचपीएमसी) की 13 परियोजनाएं मार्च, 2024 तक शुरू की जाएंगी जिनमें कोल्ड स्टोर तथा ग्रेडिंग व पैकिंग लाइन शामिल हैं। यह जानकारी बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज यहां एचपीएमसी की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने कहा कि एचपीएमसी के विभिन्न उत्पाद विशेषकर फलों के जूस लोकप्रिय है तथा इनकी मांग व उपलब्धता बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को एचपीएमसी के बेहतर विपणन, रणनीति, ब्रांडिंग, डिज़ाइनिंग तथा प्रसंस्करण के निर्देश दिए। बागवानी मंत्री ने कहा कि एचपीएमसी अब सेब की शराब के क्षेत्र में भी कदम रखने जा रहा है। जगत सिंह नेगी ने कहा कि बागवानों को सुुचारू रूप से मशीनरी, कीटनाशक तथा खाद उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने प्रदेश व प्रदेश के बाहर एचपीएमसी की सम्पत्ति का उचित उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने नए कोल्ड स्टोर तथा ग्रेडिंग व पैकिंग लाइन के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए। बैठक के दौरान मण्डी मध्यस्थता योजना पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर एचपीएमसी के प्रबंध निदेशक सुदेश कुमार मोखटा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
रामपुर के मुनीश में आज सुबह हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस सड़क पर ही पलट गई। इसमें सवार सभी सवारियां सुरक्षित है। सूचना के मुताबिक आज जैसे ही चालक ने बस को स्टार्ट करना चाहा तो बस स्टार्ट नहीं हुई, जिस पर बस की सवारियों की मदद से धक्का लगाकर उसे स्टार्ट करने की कोशिश की। जैसे ही बस ने चलना शुरू किया तो बस चालक को ब्रेक न लगने का अंदेशा हुआ तो उसने बस को पहाड़ी की ओर मोड़ दिया, जिस का कारण बस सड़क पर पलट गई। बताया जा रहा है कि इस बस में 16 बच्चे और 8 बजुर्ग थे। जिन्हें हल्की चोटें आई और उन्हें उपचार के लिए है तकलेच होस्पिटल भेज दिया गया है। मामले की पुष्टि करते हुए डीएसपी सिद्धांत शर्मा ने बताया कि इस बस दुर्घटना में चालक अव परिचालक समेत 24 लोग बस में मौजूद थे। इनमें से कुछ लोगों को हल्की चोटिया आई है जिनका उपचार तकलेच अस्पताल में चल रहा। वही इस हादसे के ईओ भूपेन्द्र डोगरा ने बताया कि इस हादसे की जांच की जा रही है यह दुर्घटना कैसे हुई है।
बुधवार को देश की संसद की सुरक्षा चूक मामले को लेकर हरियाणा की महिला नीलम को गिरफ्तार किया गया है. इस मामले में महिला के समर्थन में किसान उतर आए हैं. जींद में ही गुरुवार को किसान सगंठन प्रदर्शन करेंगे. किसानों का कहना है कि अगर लड़की को जल्दी से जल्दी रिहा नहीं किया गया तो जींद की ऐतिहासिक धरती से बड़ा फैसला लेंगे. जींद के उचाना में 11 बजे के आसपास किसान इक्कठा होंगे. किसान नेता आजाद पालव का कहना है कि नीलम बेटी ने जो किया, वह सही किया है. क्योंकि लगातार देश के अंदर बेरोजगारी बढ़ रही है. जानकारी के अनुसार, हरियाणा के जींद में खाप पंचायत ने नीलम का समर्थन किया है. खापों का कहना है कि नीलम ने जो किया, वह सही किया. खापों का मांग है कि नीलम को सरकार जल्द रिहा करे. अन्यथा आज जींद में पंचायत बुलाकर मंथन किया जाएगा. पूनम पढ़ी लिखी और सभ्य लड़की है. वह तीन काले कानूनों के खिलाफ किसानों के धरने में आती रही हैं. साथ जंतर-मंतर पर खिलाडियों के धरने में भी नीलम शामिल हुई थी. अब बेरोजगारी के मुद्दे पर लड़ लड़ाई लड़ रही है.
हिमाचल को केंद्र सरकार से मिलने वाली आपदा राहत राशि का इंतजार खत्म हो गया है। गृह मंत्रालय ने हिमाचल प्रदेश के लिए आपदा राहत के रूप में 633.73 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। बता दें कि बरसात में आपदा से हिमाचल को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा था। हिमाचल प्रदेश में आपदा को लेकर पक्ष-विपक्ष में कई आरोपों और बयानबाजी के बाद आखिरकार केंद्र ने हिमाचल को आपदा राहत राशि दे ही दी। इस बारे में गृह मंत्रालय ने ट्वीट कर जानकारी दी है। गृह मंत्रालय के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष से 633.73 करोड़ की अतिरिक्त वित्तीय सहायता को मंजूरी दी है। इस साल में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के दौरान बाढ़, बादल फटने और भूस्खलन के कारण राज्य गंभीर रूप से प्रभावित हुआ। प्रभावितों को त्वरित राहत प्रदान करने के पीएम नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण का अनुसरण करते हुए, राज्य सरकार से ज्ञापन की प्रतीक्षा किए बिना नुकसान के आकलन के लिए एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम की प्रतिनियुक्ति की गई।
-16 से 30 दिसंबर तक हिमाचल सरकार करवा रही हिमोत्सव -633.73 करोड़ आपदा राशि जारी करने पर केंद्र सरकार का किया धन्यवाद दिल्ली में जल्द ही हिमाचल प्रदेश की संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। 16 दिसंबर से 30 दिसंबर तक राजधानी दिल्ली में हिमाचल सरकार हिमोत्सव का आयोजन करने जा रही है। जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि इस हिमोत्सव में हिमाचल प्रदेश की पारंपरिक कला, संस्कृति, परिधान और स्वादिष्ट व्यंजनों का जायका उपलब्ध होगा। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि उत्सव में हिमाचल के परिधानों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए हिमाचली फैशन शो भी करवाया जाएगा। हिमोत्स्व में होगा हिमाचली फैशन शो हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से हिमाचल प्रदेश के कोने कोने में बसे हैंडलूम कारीगरों और स्वयं सहायता समूहों को राष्ट्रीय स्तर पर काम करने का मौका मिलेगा। हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि इस हिमोत्स्व में हिमाचल के पारंपरिक परिधान, हैंडलूम उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसके अलावा यहां हिमाचल के विभिन्न जिलों के व्यंजन भी लोगों के लिए उपलब्ध होंगे। साथ ही इसमें विशेष तौर पर हिमाचल के परिधानों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए हिमाचली फैशन शो (Himachali Fashion Show) भी कराया जाएगा। केंद्र से और मदद की उम्मीद केंद्र की ओर से आपदा के लिए 633.73 करोड़ की राहत राशि जारी की गई। इसको लेकर हिमाचल सरकार में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि प्रदेश लंबे समय से केंद्र से मदद का इंतजार कर रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार का इस मदद के लिए धन्यवाद किया। साथ ही उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि प्रदेश में आपदा में बहुत नुकसान पहुंचा है। ऐसे में प्रदेश को एक स्पेशल राहत पैकेज की जरूरत है। हम उम्मीद करते हैं कि केंद्र प्रदेश को और मदद देगा।
-नई दिल्ली में इंडिया टुडे ग्रुप के 'एजेंडा आज तक-2023' कार्यक्रम में लिया भाग मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में इंडिया टुडे ग्रुप द्वारा आयोजित 'एजेंडा आज तक-2023' कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अगले वर्ष के लिए सरकार का मुख्य एजेंडा हिमाचल को भारत की पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से हुई तबाही के बाद युद्ध स्तर पर बहाली का काम किया गया और हिमाचल प्रदेश सर्दियों के मौसम में पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है। उन्होंने देश-विदेश के पर्यटकों को हिमाचल आने और इसके प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने राज्य के लोगों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और राज्य सरकार के प्रमुख निर्णयों और नीतियों के बारे में भी विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद उनका पहला काम राज्य की वित्तीय स्थिति को सुधारना था। उन्होंने कहा कि उचित वित्तीय प्रबंधन सुनिश्चित करने के प्रयास किए गए हैं और राज्य की वित्तीय स्थिति में सुधार करते हुए जल्द ही इसमें सकारात्मक बदलाव देखा जाएगा। उन्होंने दस वर्षों के भीतर हिमाचल को देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाने की परिकल्पना को साकार करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अपने पहले साल में तीन गारंटियां पूरी की हैं और बाकी गारंटियां आगामी चार सालों में चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएंगी। पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) मानवीय आधार पर लागू की गई, ताकि कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के बाद का जीवन सुरक्षित हो सके। 680 करोड़ रुपये की राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के पहले चरण में ई-टैक्सी योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत, राज्य सरकार युवाओं को ई-टैक्सी की खरीद पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी प्रदान कर रही है जिससे राज्य में हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा तथा उनको एक निश्चित आय भी सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए अगले सत्र से सभी सरकारी संस्थानों में अंग्रेजी माध्यम शुरू किया जाएगा। राज्य सरकार ने 4,000 अनाथ बच्चों को 'चिल्ड्रन ऑफ द स्टेटÓ के रूप में अपनाया है तथा उनके कल्याण के लिए देश में पहली बार कानूनन हक देते हुए मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना शुरू की जिसके तहत, राज्य सरकार इन बच्चों की 27 वर्ष की आयु पूरी होने तक उनकी देखभाल और उच्च शिक्षा के लिए उचित सहायता प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लाहौल-स्पीति जिला की 18 वर्ष से अधिक आयु की सभी महिलाओं को जनवरी, 2024 से 1500 रुपये प्रदान किए जाएंगे। प्रदेश की सभी महिलाओं से किया गया वादा भी चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। अगले वित्तीय वर्ष से विधवा महिलाओं के बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च भी राज्य सरकार वहन करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य ने इस मानसून के दौरान सबसे भयंकर प्राकृतिक आपदा का सामना किया। राज्य ने अपने सीमित संसाधनों के बावजूद 4,500 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की घोषणा की है ताकि प्रभावित लोगों को पर्याप्त सहायता मिल सके। उन्होंने कहा कि दूरदराज के इलाकों में फंसे पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया, सड़कों और पुलों को भी युद्ध स्तर पर बहाल किया गया।
-मोदी की गारंटी ने बदला लाभार्थियों का जनजीवन -350 से अधिक सदस्यों के साथ हैट्रिक बनाएंगे मोदी नगर निगम शिमला के कसुम्पटी वार्ड में विकसित भारत संकल्प यात्रा पहुंची, जिसका वार्ड पार्षद रचना शर्मा के नेतृत्व में लोगो व भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। इस यात्रा के माध्यम से लोगों को सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य जांच का कैंप भी आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न प्रकार के टेस्ट भी किए गए, वहीं आभा कार्ड भी निशुल्क बनाए गए। इस यात्रा में लाभार्थियों व लोगों को सरकार की योजनाओं के बारे में अवगत करवाया गया। आयुष्मान, आधार कार्ड, उज्ज्वला योजना ,मातृशक्ति योजना, स्टार्टअप योजना, मुद्रा योजना सहित अनेक केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी दी गई। यात्रा के दौरान पार्षद व भाजपा महिला नेत्री रचना शर्मा ने ग्रामीणों से मिलकर भारत सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर व्यापक चर्चा की। रचना ने बताया कि वार्ड में अनेक महिलाओं को घरेलू गैस कनेक्शन मिला है, वह अब गैस सिलेंडर का उपयोग कर पा रही हैं, जिसका उन्हें पहले कभी सोचा भी नहीं था। उन्होंने बताया कि कोविड काल में सरकार ने तीन बार मुफ्त में सिलेंडर प्रदान किया है, जिससे लोगों का जीवन सुखद बना है। रचना शर्मा ने कहा कि लोग इस यात्रा में उत्साहित हैं और योजनाएं लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि यह यात्रा, शहरों, ग्रामीणों के बीच सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने और समस्याओं का समाधान करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि मोदी की गारंटी पर सबको भरोसा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 वर्षों में विकास को आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि 2024 में 350 से अधिक सीट लोकसभा में जीतकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैट्रिक बनाएंगे। इस अवसर पर जयराम गोल्डी, राजेश सैनी, पूर्व डिप्टी में राकेश शर्मा सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर स्वास्थ्य विभाग के कर्मी व अन्य लाभार्थी भी उपस्थित रहे।
कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने आज यहां कृषि और पशुपालन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश के किसानों की आर्थिकी सुदृढ़ करना सरकार की प्राथमिकता है। सरकार द्वारा दूध खरीद मूल्य में 6 रुपये की वृद्धि सहित पशुपालकों व किसानों के हित में अनेक ठोस निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जनवरी, 2024 से गोबर खरीद योजना शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री सुक्खू ने हाल ही में इस योजना को आरंभ करने की घोषणा की है। कृषि एवं पशुपालन विभाग इसे धरातल पर उतारने के लिए सभी तैयारियां कर रहा है। उन्होंने कहा कि योजना की सफलता के लिए पशुपालन और कृषि विभाग सामजस्य स्थापित कर, कार्य करना सुनिश्चित करें। योजना का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए पशुपालन विभाग और कृषि विभाग के दो नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। आरम्भिक चरण में योजना के अंतर्गत एक ब्लॉक में 250 किसानों को पंजीकृत किया जाएगा। छोटे, सीमांत और प्रगतिशील किसानों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से उनके कलस्टर बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि क्लस्टर में सम्मिलत किसानों को कृषि के साथ-साथ मुर्गी पालन, मौन पालन जैसे संबद्ध क्षेत्रों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इन किसानों को प्रदेश सरकार की अनुदान योजनाओं का लाभ भी दिया जाएगा। मंत्री ने कहा कि किसानों से खरीदे गए गोबर का भण्डारण किया जाएगा और गोबर की आपूर्ति बागवानी, कृषि क्षेत्र और नर्सरी इत्यादि में सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा उत्पादित जैविक उत्पादों के विपणन के लिए बाजार उपलब्ध करवाया जाएगा और जैविक फसलों को आकर्षक दाम पर खरीदा जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों को प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और नीतियों से अवगत करवाने के लिए ई-पुस्तिका उपलब्ध करवाई जाएगी। शाहपुर से विधायक केवल सिंह पठानिया ने किसानों, बागवानों के हितों में लिए जा रहे निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कृषि मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा कई प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में अनेक अभिनव पहल पर कार्य किए जा रहे हैं। बैठक में सचिव कृषि सी.पॉलरासु, निदेशक कृषि कुमुद सिंह, निदेशक पशुपालन डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
हिमाचल की सुक्खू कैबिनेट में मंगलवार को दो और मंत्री जुड़ गए। बिलासपुर जिले से राजेश धर्माणी और कांगड़ा जिले से यादविंदर गोमा को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। राजेश धर्माणी बिलासपुर से कांग्रेस के इकलौते विधायक हैं। ऐसे में उन्हें मंत्री पद मिलना जिले के लिए काफी अहम है। वहीं, यादविंदर गोमा कांगड़ा जिले से संबंध रखते हैं। कांगड़ा एक ऐसा जिला है, जिसका सरकार बनाने में अहम योगदान रहता है। इस बार भी कांगड़ा से कांग्रेस के 10 विधायक हैं। पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधायक सुधीर शर्मा भी कांगड़ा से ही हैं। वे प्रदेश की दूसरी राजाधानी धर्मशाला के विधायक हैं। वे भी मंत्री बनने के अरमान लिये बैठे हैं, लेकिन उनका यह अरमान एक बार फिर अधूरा ही रह गया। मुख्यमंत्री सुक्खू ने उनकी जगह यादविंदर गोमा को मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया है। सियासी तौर पर माहिर माने जाने वाले सुधीर की राजनीतिक पारी धर्मशाला में वर्ष 2019 हुए विधानसभा के उप चुनाव से डांवाडोल चल रही है। इस उप चुनाव को सुधीर शर्मा ने नहीं लड़ा था। वर्ष 2022 के चुनाव के दौरान भी सुधीर का टिकट अंतिम चरण में घोषित हुआ था। सुधीर के साथ ही हमीरपुर जिले के सुजानपुर विधानसभा हलके से विधायक राजेंद्र राणा की हसरतें भी फिर अधूरी रह गईं। 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के मुख्यमंत्री चेहरा प्रो. प्रेम कुमार धूमल को हराकर चर्चा में आए कांग्रेस विधायक राजेंद्र राणा ने 2022 में लगातार दूसरा चुनाव जीता है। जिला हमीरपुर से ही मुख्यमंत्री सुक्खू के होने के चलते क्षेत्रीय समीकरण का संतुलन बनाए रखना राजेंद्र राणा को मंत्री की कुर्सी तक पहुंचने से बार-बार रोक रहा है। अब हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के तहत ही बिलासपुर से धर्माणी की नियुक्ति होने से राणा के लिए आने वाले वर्षों में भी मंत्री पद की राह मुश्किल भरी हो गई है।
बॉलीवुड क्वीन कंगना रनौत ने मंगलवार को बिलासपुर में आयोजित एक सोशल मीडिया मीट में कहा कि मेरी विचारधारा आरएसएस से मिलती है। कंगना इस मीट में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थीं। इस सोशल मीट का आरएसएस के प्रचार प्रमुख सहित 100 सोशल मीडिया क्रिएटर्स ने भाग लिया। मीट का मुख्य उद्देश्य विभिन्न आयामों में सक्रिय प्रभावकों को एक मंच के माध्यम से एकत्रित करना, राष्ट्र, समाज और प्रदेश के लिए सार्थक संवाद पर बल देना था। पीएम मोदी असाधारण व्यक्ति अपने संबोधन में कंगना ने पीएम मोदी को असाधारण बताते हुए कहा कि देश में 70 साल में जो नहीं हो सका, वह उन्होंने 10 साल में ही कर दिखाया। इससे पहले भी कंगना रनौत बीजेपी के टिकट पर हिमाचल या पंजाब से चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुकी है। कंगना रनौत हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के भांबला की रहने वाली हैं। उन्होंने मनाली में भी घर बनाया है।
- कार्ट ने 15 दिसंबर तक पुलिस रिमांड पर भेजा पेपर लीक मामले में संलिप्त भंग कर्मचारी चयन आयोग के पूर्व सचिव जितेंद्र कंवर को विजिलेंस ने फिर गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया है। अदालत ने आरोपी को 15 दिसंबर तक पुलिस रिमांड पर भेजा है। आरोपी को दो पोस्टकोड के प्रश्नपत्र लीक मामले में एफआईआर में नामजद किया है। मिली जानकारी के मुताबिक जितेंद्र कंवर को विजिलेंस टीम ने आयोग से निलंबित वरिष्ठ सहायक उमा आजाद के घर पर मिले दो परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों के आधार पर गिरफ्तार किया है। 23 दिसंबर, 2022 को जेओए आईटी परीक्षा के पेपर लीक मामले में पहली एफआईआर दर्ज हुई थी। 4 अप्रैल, 2023 को पोस्ट कोड 965 जेओए आईटी परीक्षा पेपर लीक मामले में पूर्व सचिव डॉ. जितेंद्र कंवर को गिरफ्तार किया था। प्रथम एफआईआर में गिरफ्तारी के बाद पुलिस रिमांड और न्यायिक हिरासत के उपरांत जितेंद्र कंवर को जमानत पर रिहा किया था। पेपर लीक प्रकरण में 28 दिसंबर, 2022 जूनियर ऑडिटर और कंप्यूटर ऑपरेटर भर्ती पेपर लीक मामले में दूसरी एफआईआर दर्ज हुई थी। अब इस एफआईआर पर जितेंद्र कंवर की गिरफ्तारी को अहम माना जा रहा है। संभावना यह भी जताई जा रही है कि कर्मचारी चयन आयोग से जुड़े कुछ और लोगों की भी गिरफ्तारी हो सकती है। भंग आयोग के सचिव के साथ आरोपी जितेंद्र कंवर के पास परीक्षा नियंत्रक और भर्ती रिकॉर्ड के कस्टोडियन का जिम्मा भी था। पेपर लीक प्रकरण में अब तक 13 मामले दर्ज हो चुके हैं।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज दिल्ली विश्वविद्यालय के विधि संकाय के सौ वर्ष पूरे होने और भारतीय संविधान के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विधि संकाय द्वारा नई दिल्ली में आयोजित 'युवा संसद कार्यक्रम' को संबोधित किया। इस अवसर पर विधि संकाय के छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने राष्ट्र को मजबूत बनाने के लिए सकारात्मक सोच और रचनात्मक दृष्टिकोण विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और ऐसे में युवाओं को मानसिक दृढ़ता का विकास कर देश का एक प्रबुद्ध नागरिक बनना चाहिए। राज्यपाल ने विविधता में एकता के सिद्धांत को समझने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि यह हमारे देश की अनूठी विशेषता है। विद्यार्थी एकता के महत्व को समझें और राष्ट्र निर्माण में जुट जाएं तथा देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कानून के छात्रों को किताबें पढ़ने की आदत विकसित करने का परामर्श देते हुए कहा कि यह केवल अभ्यास मात्र तक सीमिति नहीं होना चाहिए बल्कि उन्हें सामग्री के बारे में अपने विचारों एवं भावनाओं का परीक्षण कर गहरी अवधारणाओं की समझ विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश को प्रभावित करने वाले मुद्दों के बारे में युवाओं को जागरूक होना चाहिए और निडर होकर अपनी राय भी देनी चाहिए। राज्यपाल ने संसद के महत्व और इसकी गौरवशाली परंपराओं के बारे में भी चर्चा की और कहा कि देश की प्रतिष्ठित हस्तियां और कानूनविद हमारे लिए प्रेरणा स्रोत रहे हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह ने भी छात्रों को संबोधित किया। विधि संकाय की डीन प्रोफेसर अंजू वली टिकू ने राज्यपाल का स्वागत किया। युवा संसद के संयोजक डॉ. विकेश राम त्रिपाठी ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विधि संकाय के विद्यार्थी व शिक्षक उपस्थित थे।
हिमाचल मंत्रिमंडल में पहली बार मंत्री बने कांगड़ा जिले के जयसिंहपुर के विधायक यादविंदर गोमा का जन्म 4 फरवरी, 1986 को पालमपुर, में विद्या देवी एवं मिल्खी राम गोमा (पूर्व विधायक) के घर हुआ। इन्होंने बीटेक (मैकेनिकल इंजीनियरिंग) तथा आईईईटी बद्दी से एमबीए की शिक्षा ग्रहण की। इनका विवाह नीलम गोमा से हुआ। इनकी एक पुत्री है। गोमा वर्ष 2010-2015 तक जयसिंहपुर निर्वाचन क्षेत्र से युवा कांग्रेस के अध्यक्ष, वर्ष 2011 से 2014 तक राज्य राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के महासचिव और वर्ष 2019-2021 तक हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष रहे। वर्ष 2012 में गोमा प्रदेश विधानसभा के लिए चुने गए और दिसंबर, 2022 में पुन: निर्वाचित हुए। वह अधीनस्थ विधान समिति के अध्यक्ष और कल्याण एवं नियम समितियों के सदस्य के रूप में मनोनीत किए गए। वर्तमान सुक्खू सरकार में उन्हें मंत्री पद मिला है। अभी उनके मंत्रालय की घोषणा नहीं हुई है।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज यहां राज भवन में आयोजित एक गरिमापूर्ण समारोह में प्रदेश मंत्रिमंडल के दो नए सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी उपस्थित थे। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने कार्यवाही का संचालन किया। बिलासपुर जिला के घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र से चुने गए राजेश धर्माणी का जन्म 2 अप्रैल, 1972 को जिला बिलासपुर के घुमारवीं में बिमला देवी एवं रतन लाल धर्माणी के घर हुआ। इन्होंने एनआईटी हमीरपुर से बीटेक (सिविल) और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) से एमबीए की शिक्षा ग्रहण की। इनका विवाह सोनिका शर्मा से हुआ। इनकी एक पुत्री है। धर्माणी प्रदेश कांग्रेस समिति के सचिव, उपाध्यक्ष तथा महासचिव पद पर कार्य कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त राज्य युवा कांग्रेस के अध्यक्ष, जिला कांग्रेस समिति के सचिव, अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के महासचिव एवं एनएसयूआई तकनीकी प्रकोष्ठ के संयोजक भी रहे। राजेश धर्माणी दिसंबर, 2007 में प्रदेश विधानसभा के लिए चुने गए और वर्ष 2012 में पुन: निर्वाचित हुए। वह वर्ष 2007-2012 तक प्राक्कलन और मानव विकास समितियों के सदस्य और वर्ष 2013 से 2017 तक मुख्य संसदीय सचिव रहे। दिसंबर, 2022 में प्रदेश विधानसभा के लिए तीसरी बार चुने गए और मानव विकास समिति के अध्यक्ष के रूप में नामित हुए। साथ ही लोक लेखा और ई-गवर्नेंस-सह-सामान्य प्रयोजन समितियों के सदस्य नामित हुए। कृषि एवं सेरीकल्चर में विशेष अभिरुचि रखने वाले धर्माणी समाज सेवा में भी निरंतर सक्रिय रहे हैं और गरीब बच्चों को उच्च शिक्षा प्रदान करने में इनका उल्लेखनीय योगदान रहा है।
-शिमला, हमीरपुर व नादौन में केबल बिछाने पर खर्च होंगे 65 करोड़ मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार शहरों का सौंदर्यीकरण करने और बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि शहरों में अकसर पाया जाता है कि ओवरहेड बिजली की और अन्य तारों का जंजाल शहरों की सुन्दरता पर ग्रहण लगाते हैं। इसके दृष्टिगत राज्य सरकार ने बिजली की तारें भूमिगत करने के कार्य को प्राथमिकता प्रदान करते हुए इसके लिए 65 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके तहत शिमला शहर को तारों के जंजाल से मुक्त कराने के लिए 25 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे, जिससे कि आपरेशन सर्कल हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड सीमित, कसुम्पटी, शिमला में विद्युत केबल की डक्टिंग की जाएगी। इसके अलावा नादौन क्षेत्र और हमीरपुर शहर में भूमिगत केबल बिछाने के साथ-साथ सम्बंधित कार्यों पर 20-20 करोड़ रुपये व्यय किए जायेंगे। मुख्यमंत्री ने विद्युत बोर्ड को इन कार्यों को समयबद्ध पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा स्थापित होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लोगों को निर्बाध और बेहतर बिजली आपूर्ति प्रदान करने के लिए भी प्रतिबद्ध है और बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए विभिन्न आधुनिक तकनीकें अपना रही है।
-राजभवन में राज्यपाल ने दिलाई मंत्री पद की शपथ हिमाचल प्रदेश को दो नए मंत्री मिल गए हैं। आज शाम राजभवन शिमला में बिलासपुर जिले के घुमारवीं से विधायक राजेश धर्माणी और कांगड़ा जिले के जयसिंहपुर से यादविंदर गोमा सुक्खू कैबिनेट में शामिल हो गए। शाम करीब 4:45 बजे राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने दोनों मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। देर रात ही यह फैसला हुआ और आज शपथ हुई। शपथ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री सहित मंत्री व अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। बता दें कि राजेश धर्माणी बिलासपुर जिले से कांग्रेस पार्टी के एकमात्र विधायक हैं। वे घुमारवीं विधानसभा से विधायक हैं। बिलासपुर को बीते एक साल से मंत्री पद का इंतजार था। वहीं, कांगड़ा जिले के जयसिंहपुर से विधायक यादविंदर गोमा को भी मंत्री बनाया गया है। काफी समय से उनको मंत्री बनाए जाने की अटकलें लग रही थीं।
-मुख्य परियोजना निदेशक नागेश गुलेरिया ने किया शुभारंभ -बोले, पूरे प्रदेश में खोले जाएंगे ऐसे आउटलैट -जापान के श्रीलंका प्रतिनिधि नाकाजीमा व जाइका इंडिया प्रतिनिधि इनागाकी ने की सराहना - जापान व श्रीलंका में भी प्रोजेक्ट के हिमट्रेडिशन ब्रांड की गूंज जाइका वानिकी परियोजना ने जोगिंद्रनगर में आउटलैट खोल दिया है। मुख्य परियोजना निदेशक नागेश कुमार गुलेरिया ने यह आउटलैट जनता को समर्पित किया। उन्होंने यहां पूजा-अर्चना कर इस आउटलैट का शुभारंभ किया। शहर के बीचो-बीच यानी वन मंडल जोगिंद्रनगर परिसर में अब जाइका वानिकी से जुड़े स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित सभी तरह के उत्पादों की बिक्री होगी। टौर के पत्तल, पाइन नीडल से बने उत्पाद, बैग, आचार, कोदे का आटा, काला मटर, लाल चावल, किन्नौरी राजमाह, हिमाचली टोपी और शॉल समेत कई तरह के उत्पाद इस आउटलैट में उपलब्ध होंगे। जाइका वानिकी परियोजना के मुख्य परियोजना निदेशक नागेश कुमार गुलेरिया ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जाइका से जुड़े स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित सभी प्रकार के उत्पाद बाजार से बेहतरीन और अच्छी कीमत पर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में प्रदेश के सभी वन मंडल स्तर पर आउटलैट खोले जाएंगे। इस अवसर पर हिमाचल दौरे पर आई जाइका श्रीलंका में सेवाएं दे रही जेंडर एक्सपर्ट नाकाजीमा और जाइका इंडिया की प्रतिनिधि इनागाकी ने जाइका के ऐसे प्रयासों की सराहना की। नाकाजीमा और इनागाकी ने जाइका के हिमट्रेडिशन ब्रांड की भी तारीफ की। इस अवसर पर जाइका की प्रतिनिधि भी उपस्थित रही। दूरदराज क्षेत्रों में पहुंची नाकाजीमा व इनागाकी जाइका श्रीलंका में सेवाएं दे रही जापान की प्रतिनिधि एवं जेंडर एक्पर्ट नाकाजीमा और जाइका इंडिया की प्रतिनिधि इनागाकी जिला मंडी के दूरदराज क्षेत्रों में पहुंची। उन्होंने जाइका से जुड़े स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से सीधा संवाद किया। ग्राम वन विकास समिति जालपा के अंतर्गत दारट बगला में महिलाओं द्वारा हल्दी उत्पादन के प्रयासों की खूब सराहना की। उन्होंने ग्राम वन विकास समिति पंचजन द्वारा की जा रही मशरूम की खेती का मुआयना किया। नाकाजीमा और इनागाकी ने मंडी जिला के गुम्मा के समीप दूरदराज गांव जनवान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान महिलाओं से सीधा संवाद किया। इस अवसर पर मुख्य परियोजना निदेशक नागेश कुमार गुलेरिया ने यहां के सभी स्वयं सहायता समूहों का हौंसला बढ़ाया और हर तरह के उत्पाद तैयार करने के लिए प्रोत्साहित भी किया। जाइका की नर्सरी व पौधरोण पर फिदा हुई जापानी मंडी जिला के चौंतड़ा स्थित जाइका वानिकी परियोजना की नर्सरी और जालपा के जंगलों में हुए पौधरोपण को देख जापान की प्रतिनिधि काफी उत्साहित हुई। मुख्य परियोजना निदेशक नागेश कुमार गुलेरिया के नेतृत्व वाली टीम ने नर्सरी और पौधरोपण क्षेत्र का निरीक्षण किया। नागेश गुलेरिया ने जाइका की नर्सरियों में तैयार किए जा रहे सभी प्रजातियों के पौधों की जानकारी दी।
-टीसीपी ने प्रदेश सरकार से मांगी अनुमति -मामले में सरकार ले रही कानूनी राय शिमला शहर और नगर निगम की परिधि में अभी सरकार ने ढाई मंजिला तक एटिक की ऊंचाई बढ़ाने की अनुमति दी है। लेकिन जल्द ही तीन और चार मंजिला भवन मालिक भी एटिक बना सकते हैं। इसको लेकर टीसीपी ने प्रदेश सरकार से अनुमति मांगी है। सरकार की ओर से मामले में कानूनी राय ली जा रही है। इसी सप्ताह अंतिम निर्णय लिया जाना है। गौर रहे कि शिमला प्लानिंग एरिया, नगर निगम में लोगों ने भवनों का निर्माण किया है। एनजीटी के फैसले के बाद प्लानिंग एरिया में ढाई मंजिला से अधिक भवन निर्माण पर रोक है। ऐसे में लोगों को राहत देने के लिए सरकार ने एटिक की ऊंचाई बढ़ाई है। पहले एटिक की सेंटर से ऊंचाई 2.75 मीटर थी अब इसे बढ़ाकर 3.05 मीटर किया है। पहले लोग एटिक को बेच भी नहीं सकते थे, लेकिन अब जरूरतमंदों को बेचने का भी अधिकार दिया गया है।प्रदेश सरकार ने एटिक में बिजली और पानी के कनेक्शन देने का फैसला किया है। बता दें कि लोग मुख्यमंत्री कार्यालय में लगातार एटिक को रिहायशी बनाने की मांग कर रहे थे। विधानसभा चुनाव और नगर निगम चुनाव में भी कांग्रेस ने लोगों को इस बारे में आश्वस्त किया था। सरकार ने ढाई मंजिला और प्लॉट मालिकों को फायदा तो दे दिया है, अब तीन से चार मंजिला भवन मालिकों को राहत देने पर फैसला होना है।
हिमाचल प्रदेश के सुक्खू मंत्रिमंडल का आज विस्तार हो सकता है। कैबिनेट में बिलासपुर जिले से कांग्रेस के एक मात्र विधायक राजेश धर्माणी और कांगड़ा जिले के जयसिंहपुर से विधायक यादवेंद्र गोमा जुड़ सकते हैं। सूत्रों की मानें तो दोनों शिमला के लिए रवाना हो गए हैं। शाम 5 बजे के करीब दोनों मंत्री पद की शपथ ग्रहण कर सकते हैं। देर रात ही यह फैसला हुआ है।राजेश धर्माणी घुमारवीं विधानसभा से विधायक हैं। घुमारवीं कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राजीव शर्मा ने उनके नाम की पुष्टि की है। धर्माणी के अलावा एक और मंत्री भी शपथ ले सकते हैं। कांगड़ा से गोमा के अलावा एक और विधायक को भी शिमला बुलाया गया है। सारे मंत्री भी बुलाए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, आज दोपहर बाद शपथ समारोह होगा। बिलासपुर से राजेश राजेश धर्माणी और कांगड़ा से यादविंद्र गोमा मंत्री बनना लगभग तय है। फिलहाल, दो ही मंत्री बनाए जाने की सूचना है। हालांकि राज भवन सचिवालय अभी किसी भी समारोह की जानकारी से इनकार कर रहा है। कुछ मंत्रियों के पोर्टफोलियो बदलने की भी संभावना कुछ मंत्रियों के पोर्टफोलियो बदलने की भी तैयारी है। मिली जानकारी के मुताबिक, एक ब्राह्मण, एक राजपूत और एक अनुसूचित जाति चेहरे को मंत्री बनाने की तैयारी है।
एसएफआई की प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने आज कुलपति को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन पत्र के माध्यम से एस एफ आई ने मांग की है कि विश्वविद्यालय से 12 छात्रों को निष्कासित किया गया है उनके निष्कासन को वापस लिया जाए। अभी तक विश्वविद्यालय प्रशासन का नकारात्मक रवैया सामने आया है। अभी तक 12 छात्रों के निष्कासन को वापस करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी तक किसी भी तरह का कदम नहीं उठाया है। विश्वविद्यालय के अंदर 12 दिसंबर से परीक्षा शुरू होने वाली है परंतु अभी तक वह छात्र अपना परीक्षा फॉर्म भी भर नहीं पाया है यदि आज उन 12 छात्रों का निष्कासन वापस नहीं लिया जाता है तो वह कल से उन परीक्षाओं के अंदर नहीं बैठ पाएगा। इस मांग पर आश्वासन देते हुए कुलपति ने कहा है कि कल हम अनुशासनात्मक कमेटी की बैठक करेंगे और छात्रों के निष्कासन पर जल्दी से डिसीजन लेंगे। उन्होंने इस बात का भी आश्वासन दिया है कि जिन 12 छात्रों को विश्वविद्यालय से निष्कासित किया गया है उनकी जो कल परीक्षा होनी है उनके लिए स्पेशल चांस देकर बाद में उनकी परीक्षाएं करवाई जाएगी। एसएफआई का मानना है कि यह अवैध निष्कासन छात्रों का वापिस करे ताकि छात्रों का भविष्य खराब न हो। एसएफआई ने प्रशासन की चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कल छात्रों का निष्कासन रद्द नही होता है तो एसएफआई सभी छात्रों को लामबंद करते हुए पी जी परीक्षाओ के समय भी एक उग्र आंदोलन करेगी, जिसकी सारी जिम्मेदारी विश्वविधालय प्रशासन की होगी।
-जापान में एक्सपोजर विजिट पर जा सकते हैं हिमाचल के स्वयं सहायता समूह -तीन दिवसीय हिमाचल दौरे पर पहुंची जेंडर एक्सपर्ट नाकाजीमा और इनागाकी -सीपीडी नागेश गुलेरियो बोले, जापान व श्रीलंका में हिमाचल जाइका वानिकी परियोजना की गूंज जाइका वानिकी परियोजना को अब भारत का पड़ोसी देश श्रीलंका भी फॉलो करेगा। यह बात जाइका जापान से आई प्रतिनिधि एवं जेंडर एक्सपर्ट नाकाजीमा ने जिला कांगड़ा के रैत में आयोजित कार्यशाला में कही। उन्होंने कहा कि हिमाचल में जाइका वानिकी परियोजना बेहतर कार्य कर रही है। नाकाजीमा ने कहा कि हिमाचल में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं श्रीलंका की तुलना में अच्छा काम कर रही है। वे यहां की महिलाओं की भागीदारी देख नाकाजीमा काफी उत्साहित हुई। उन्होंने यहां उपस्थित विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं एवं पुरुषों से वन-टू-वन बात की। इस दौरान उन्होंने श्रीलंका में जाइका के तहत हो रहे कार्यों को सांझा किया। नाकाजीमा ने कहा कि आने वाले समय में जाइका श्रीलंका की टीम हिमाचल में एक्पोजर विजिट करेगी। इसके साथ-साथ हिमाचल के स्वयं सहायता समूहों को जापान में एक्सपोजर विजिट का ऑफर भी दिया। उन्होंने हिमाचल के बेहतरीन कार्य करने वाले स्वयं सहायता समूहों को जापान में एक्पोजर विजिट का ऑफर भी दिया। नाकाजीमा ने कहा कि जाइका वानिकी परियोजना के मुख्य परियोजना निदेशक नागेश कुमार गुलेरिया के नेतृत्व में हिमाचल में बेहतरीन कार्य हो रहे हैं। इस अवसर पर जाइका इंडिया की प्रतिनिधि इनागाकी ने भी महिलाओं को सशक्तिकरण का पाठ पढ़ाया। रैत में आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य परियोजना निदेशक नागेश कुमार गुलेरिया ने कहा कि हिमाचल जाइका वानिकी परियोजना की गूंज आज जापान के साथ-साथ श्रीलंका तक पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के ऐसे स्वयं सहायता समूह जो बेहतर कार्य करेंगे उन्हें जापान में एक्पोजर विजिट पर भी ले जा सकते हैं। नागेश कुमार गुलेरिया ने जापान की प्रतिनिधियों को अवगत करवाया कि आने वाले समय में प्रदेश के सभी वन मंडलों में आउटलैट खोले जाएंगे। नागेश कुमार गुलेरिया ने कहा कि जल्द ही एक आउटलैट धर्मशाला में भी खोला जाएगा। रैत में आयाजित कार्यशाला में मौजूद विभिन्न सहायता समूहों के कार्यों को देख नागेश कुमार गुलेरिया ने खूब तारीफ की। इस अवसर पर डीएफओ धर्मशाला दिनेश शर्मा, अतिरिक्त परियोजा निदेशक जाइका डीके विज, सेवानिवृत वन सेवा अधिकारी बीके यादव, जीवन लाल टांक, प्रोग्राम मेनेजर मार्केटिंग विनोद शर्मा, प्रोग्राम मेनेजर जीआईएस रजनीश कुमार, नेहा चक्रवर्ती समेत अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पालमपुर के गोपालपुर में जाइका के आउटलैट्स जाइका वानिकी परियोजना के उत्पाद अब पालमपुर में भी खरीदने को मिलेंगे। जापान से आई जाइका जापान की प्रतिनिधि एवं जेंडर एक्सपर्ट नाकाजीमा और जापान इंडिया की प्रतिनिधि इनागाकी ने गोपालपुर में आटलैट का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जाइका वानिकी परियोजना के मुख्य परियोजना निदेशक नागेश कुमार गुलेरिया ने पूजा-अर्चना के साथ आउटलैट का शुभारंभ किया। ऐसे में अब गोपालपुर चिड़ियाघर के मुख्य द्वार पर स्थापित इस मार्केटिंग आउटलैट्स पर जाइका से जुडे स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की बिक्री होगी। जहां पर ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स उपलब्ध होंगे। जाइका वानिकी परियेाजना का अपना ब्रंाड हिमट्रेडिशन के तहत इस आउटलैट में ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स, हिमाचली टोपी, शौल, आचार समेत कई अन्य उत्पादों की बिक्री होगी। नाकाजीमा और इनागाकी ने जाइका के हिमट्रेडिशन ब्रांड की भी तारीफ की। इस अवसर पर जाइका की प्रतिनिधि भी उपस्थित रही। नाकाजीमा ने महिलाओं को पढ़ाया सशक्तिकरण का पाठ जापान की जेंडर एक्पर्ट नाकाजीमा ने जाइका वानिकी परियोजना से जुड़ी सभी महिलाओं को सशक्तिकरण का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे छोटे राज्य में महिलाएं विभिन्न स्वयं सहायता समूह बनाकर अपनी आजीविका को सशक्त करने में आगे आ चुकी हैं। नाकाजीमा ने कहा कि अधिक से अधिक महिला स्वयं सहायता समूह जाइका वानिकी परियोजना से जुड़ेंगे तो उनकी आर्थिकी मजबूत होंगी और जहर मुक्त ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स बेच कर लोगों की सेहत का भी ख्याल रखेंगी। ड्रोन से होगी कार्यों की निगरानी जाइका वानिकी परियोजना ने शाहपुर रेंज के तहत दरिणी में ड्रोन के माध्यम से इस क्षेत्र में हो रहे कार्यों की निगरानी की गई। जाइका के पीएमयू जीआईएस रजनीश कुमार की देखरेख में यहां ड्रोन से करीब दो किलोमीटर के जंगलों को कैमरे में कैद किया। उन्होंने ड्रोन के माध्यम से हो रहे कार्यों के बारे मुख्य परियोजना निदेशक नागेश कुमार गुलेरिया, जापान से आई प्रतिनिधियों समेत धर्मशाला वन मंडल के अधिकारियों को भी अवगत करवाया। इस अवसर पर जापान की प्रतिनिधि नाकाजीमा और इनागाकी ने इस कार्य की सराहना की।
-राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने दिल्ली से वर्चुअली किया संबोधित राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राजभवन में '2047 तक विकसित भारत-वायस ऑफ यूथ' विषय पर आयोजित कार्यशाला को दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व का प्रतिनिधित्व कर रहा है। हमें अगले 25 वर्षों में एक विकसित भारत बनाने के लिए युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक दिशा में लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकसित राष्ट्र में हमारे योगदान को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दृष्टिकोण और आमंत्रित विचार अधिक महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी भारत का युग होगा, क्योंकि देश अपनी क्षमताओं पर विश्वास के साथ भविष्य की ओर बढ़ रहा है। राज्यपाल ने कहा कि भारत को 2047 तक विकसित अर्थव्यवस्था बनाने के लिए एक विजन डाक्यूमेंट तैयार किया जा रहा है। इसका मसौदा उन संस्थागत और संरचनात्मक परिवर्तनों और सुधारों की रूपरेखा तैयार करेगा जिनकी देश को एक विकसित राष्ट्र बनने के लिए आवश्यकता होगी। युवाओं में बढ़ती नशे की लत पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह शिक्षण संस्थानों तक पहुंच रही है, जिस पर विचार करने व अंकुश लगाने की जरूरत है। शुक्ल ने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है। 144 करोड़ की आबादी के साथ, भारत 29 वर्ष की औसत आयु वाले सबसे युवा देशों में से एक है। यह विश्व की कुल युवा जनसंख्या का लगभग 20 प्रतिशत था। उन्होंने कहा कि यह एक बहुत बड़ा अवसर है, जिसके 2047 तक बने रहने की संभावना है। उन्होंने कहा कि इस जनसांख्यिकीय लाभांश का सदुपयोग करके हम भारत को विकसित भारत के रूप में आगे ले जा सकते हैं। उन्होंने विकसित भारत के अभियान को विश्वविद्यालय स्तर पर संचालित करने और युवाओं के सुझाव आमंत्रित कर उन्हें दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत करने को कहा। इससे पहले प्रधानमंत्री द्वारा इंडिया-2047 आइडिया पोर्टल के लॉन्चिंग कार्यक्रम और उनके वर्चुअल संबोधन का भी यहां प्रसारण किया गया। राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा ने यहां नीति आयोग द्वारा निर्धारित विषयवस्तु पर विस्तृत प्रस्तुति दी। कार्यशाला में पांच समूह बनाये गये, जिन्होंने इस अवसर पर सशक्त भारतीय, संपन्न एवं सतत अर्थव्यवस्था, नवाचार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सुशासन एवं सुरक्षा तथा विश्व में भारत विषय पर अपनी प्रस्तुति दी। कार्यशाला में हिमाचल प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति, निदेशक, प्रति कुलपति, डीन, प्राचार्य, प्रोफेसर और संकाय सदस्यों ने भाग लिया।
-सरकार के एक साल के जश्न में की चौथी गारंटी को पूरा करने की घोषणा - कहा, आगामी बजट में तीन और गारंटियों को करेंगे पूरा हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की व्यवस्था परिवर्तन की सरकार का आज एक साल का कार्यकाल पूरा हो गया। इस उपलक्ष्य में कांगड़ा जिला के मुख्यालल एवं प्रदेश की दूसरी राजधानी धर्मशाला में कार्यक्रम किया गया। यह कार्यक्रम पुलिस ग्राउंड में आयोजित किया गया। हिमाचल कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला, प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह डिप्टी सीएम मुकेश के मंच पर पहुंचे के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी मंच पर पहुंचे। उन्होंने लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने एक साल में 10 में से तीन गारटियां पूरी की हैं। ओपीएस को लागू किया। अगले शैक्षणिक सत्र से सरकारी प्राथमिक स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2024-25 से पहली-दूसरी कक्षा से अंग्रेजी मीडियम में पढ़ाई की शुरुआत होगी।। 680 करोड़ रुपये की राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना को शुरू किया। इसके तहत बेरोजगारों के लिए ई-टैक्सी योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने चौथी गारंटी के रूप में लाहौल-स्पीति में 18 वर्ष की आयु से ऊपर की सभी महिलाओं को नए साल से प्रथम चरण में 1500 रुपये मिलना शुरू हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि बाद में सभी जिलों में इसे लागू किया जाएगा। जनवरी से किसानों से गोबर खाद की खरीद 31 मार्च से पहले की जाएंगी हजारों भर्तियां सीएम ने कहा कि आगामी बजट में तीन और गारंटियों को पूरा किया जाएगा। सभी महिलाओं को अगले साल से 1500 रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। वहीं, अगले साल पहली जनवरी से किसानों से दो रुपये प्रति किलो के हिसाब से गोबर खाद खरीदी जाएगी। सुक्खू ने ऐलान किया कि अभी सरकार 31 रुपये प्रति लीटर की दर से दूध खरीदती है। अब जनवरी 2024 से छह की रुपये बढ़ोतरी के साथ 37 रुपये प्रति लीटर पर दूध खरीदा जाएगा। छह रुपये बढ़ोतरी होगी। इसी साल 31 मार्च से पहले हजारों भर्तियां होंगी। जयराम सरकार में पांच साल में केवल 20 हजार भर्तियां हुई होंगी। वे भी कोर्ट के पचड़ों में फंसीं। हम एक साल में इतने पद भर रहे हैं। इससे पहले धर्मशाला पहुंच कर सीएम ने कचहरी चौक से रैली स्थल कर रोड शो किया। सीएम ने धर्मशाला पहुंचने पर सबसे पहले शहीद स्मारक में शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। बता दें कि प्रदेशभर से कांग्रेस कार्यकर्ता इस जश्न के लिए पहुंचे थे। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को आना था, लेकिन सूत्रों की मानें तो सरकारी कार्यक्रम होने के कारण वे यहां नहीं पहुंचीं।
आपदा प्रबंधन को सलाम, महिलाओं को 1500 का इंतजार **पुरानी पेंशन बहाल कर सरकार ने निभाया बड़ा वादा ** सुखाश्रय योजना से सुक्खू सरकार ने जीता दिल ** सियासी संतुलन बनाने में असफल रही सरकार "...सत्ता परिवर्तन का जो सियासी रिवाज हिमाचल प्रदेश में 1990 से चला आ रहा था उसे जनता ने 2022 में भी बरकरार रखा। 8 दिसंबर 2022 को विधानसभा चुनाव के नतीजे आएं और कयासों के मुताबिक ही कांग्रेस सत्तासीन हुई। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के दो मुख्य कारण अगर देखे जाएँ, तो सम्भवतः पहला कारण रहा भाजपा का कमजोर चुनाव लड़ना। एक तिहाई सीटों पर भाजपा के बागी मैदान में थे और ये उसकी हार का बड़ा कारण बना। दोनों पार्टियों के वोट शेयर में अंतर एक प्रतिशत से भी कम रहा, जबकि निर्दलीयों के खाते में करीब दस प्रतिशत वोट गए। इनमें अधिकांश भाजपा के बागी थे। दूसरा कारण था, कांग्रेस की गारंटियां। कांग्रेस ने भाजपा से बेहतर चुनाव लड़ा और उसका गारंटी कार्ड चल गया। ये ही कारण है कि सिमटते कैडर के बावजूद कांग्रेस ने दमदार वापसी की। कांग्रेस के खाते में 40 सीटें आई, लेकिन भाजपा भी तमाम गलतियों के बावजूद 25 का आंकड़ा छू गई। यानी सरकार बेशक कांग्रेस ने बना ली हो लेकिन पहले दिन से उस पर परफॉरमेंस प्रेशर है। फिर तारीख आई 11 दिसंबर 2022, जगह थी हिमाचल की राजधानी शिमला का रिज मैदान, सर्दी का मौसम मगर तेज़ धूप और उस धूप में उबाल खाता हज़ारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह। अर्से बाद वीरभद्र सिंह की जगह कोई और कांग्रेसी चेहरा सीएम पद की शपथ ले रहा था। जो सुखविंदर सिंह सुक्खू सालों वीरभद्र सिंह के सामने एक किस्म से अपने सियासी रसूख को बचाये रखने की लड़ाई लड़ते रहे थे, वे अब उनके बाद मुख्यमंत्री बन चुके थे। पार्टी के 40 विधायक जीत कर आए थे और इन 40 विधायकों में से सबसे ज्यादा सुक्खू के पक्ष में थे। होली लॉज खेमे के विधायक प्रतिभा सिंह और मुकेश अग्निहोत्री के बीच बंटे हुए थे। ये ही सुक्खू के पक्ष में गया था। राजधानी कांग्रेसमय दिख रही थी, मैदान खचाखच भरा था और नारे लग रहे थे 'प्रदेश का मुख्यमंत्री कैसा हो, सुक्खू भाई जैसा हो। कांग्रेस में ये नए दौर की शुरुआत थी। शपथ ग्रहण मंच पर पूर्व मुख्यमंत्री स्व राजा वीरभद्र सिंह की तस्वीर भी रखी गई थी, उन्हें शपथ से पहले श्रद्धांजलि दी गई और फिर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने शपथ ली। धुआंधार लॉबिंग और मैराथन बैठकों के बाद सुक्खू मुख्यमंत्री तो बन गए थे लेकिन ये ताज काँटों भरा ताज है। सुक्खू सरकार के सामने पहले दिन से न सिर्फ परफॉर्म करने की चुनौती है बल्कि पार्टी के भीतर भी सामंजस्य बैठाना है। एक साल बीत गया है और कई मोर्चों पर सरकार हिट साबित हुई है, तो कई पैमानों पर अब सरकार का असल इम्तिहान होना है। " सुक्खू सरकार एक साल की हो गई है ...सत्ता पक्ष इसे 'सुख की सरकार' कह रहा है तो विरोधी 'दुख की सरकार', कांग्रेस उपलब्धियों की बुकलेट बाँट रही है तो भाजपा नाकामी के पर्चे। ये तो सियासत के रस्म-ओ-रिवाज है जो सत्ता पक्ष को भी निभाने है और विपक्ष को भी। बहरहाल एक साल की सुक्खू सरकार को लेकर भी सबका अपना-अपना विश्लेषण है। सरकार का कामकाज उसकी गारंटियों की कसौटी पर भी आँका जा रहा है, आपदा प्रबंधन पर भी और सरकार की जमीनी पकड़ भी इसका मापदंड है। कहीं शांता कुमार जैसे दिग्गज सरकार की तारीफ कर रहे है, तो कहीं पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष ही सीएम को पत्र लिखकर वादे याद दिला रहे है। इस बीच सुक्खू सरकार जनता के बीच सुछवि गढ़ने के प्रयास में लगी है, तो भाजपा छवि बिगाड़ने का कोई मौका नहीं चूक रही। खेर, बनती बिगड़ती सियासी इक्वेशन अपनी जगह, लेकिन कामकाज की कसौटी पर आंके तो सुक्खू सरकार ने कई ऐसे काम किये है जो अपनी छाप छोड़ गए। पुरानी पेंशन बहाली का वादा भी सरकार ने पूरा किया और सुख आश्रय योजना से सरकार का मानवीय चेहरा भी दिखा। वहीँ आपदा में सुक्खू सरकार के कामकाज पर तो वर्ल्ड बैंक और नीति आयोग ने भी ताली बजाई। हालांकि, सरकार के लिए सब हरा हरा नहीं है, महिलाओं को 1500 रुपये देने की गारंटी भी अभी अधूरी है और सियासी संतुलन बनाने में भी सरकार असफल दिखती है। पुरानी पेंशन के अलावा भी कर्मचारियों के मसले है जो अनसुलझे है। युवा एक साल में ही सड़कों पर उतर आए थे, कोई रिजल्ट मांग रहा है तो कोई नौकरी। प्रयास तो जारी है मगर फिलहाल खाली खजाना सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। सरकार के बड़े काम ... अनाथ बच्चे अब 'चिल्ड्रन ऑफ़ स्टेट' हिमाचल प्रदेश के सभी अनाथ बच्चे अब 'चिल्ड्रन ऑफ स्टेट' है। ये सुक्खू सरकार का वो फैसला है जिसने सबका दिल छुआ। अनाथ बच्चों का पालन पोषण, शिक्षा, आवास, विवाह आदि का खर्चा सरकार ने उठाने का निर्णय लिया है। सुक्खू सरकार की इस मानवीय पहल को चौतरफा तारीफ मिली है। सुख आश्रय योजना निसंदेह सुक्खू सरकार का वो काम है जो सदा याद रखा जायेगा। राज्य में अब तक 4000 अनाथ बच्चों को पात्रता प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए हैं, जिससे अब वह मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना का लाभ उठा सकेंगे। इस योजना के तहत 27 वर्ष की आयु तक अनाथ बच्चे की देखभाल का ज़िम्मा राज्य सरकार का है। इसके साथ ही अनाथ बच्चों को क्लोथ अलाउंस व त्यौहार मनाने के लिए भत्ता प्रदान किया जा रहा है। उनकी उच्च शिक्षा, रहने का खर्च, 4000 रुपए पॉकेट मनी राज्य सरकार की ओर से प्रदान की जाएगी। राज्य सरकार अनाथ बच्चों को नामी स्कूलों में दाख़िला दिलाने के लिए भी प्रयास कर रही है। इसके साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर बनाने तथा घर बनाने के लिए 3 बिस्वा भूमि तथा 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। पुरानी पेंशन बहाल करके दिखाई वादे के मुताबिक सुक्खू सरकार ने कर्मचारियों को पुरानी पेंशन बहाली का तोहफा दिया है। प्रदेश की ख़राब आर्थिक स्थिति के बावजूद सरकार ने कर्मचारियों से वादा निभाया है। प्रदेश सरकार द्वारा चौथी कैबिनेट की बैठक में ही पुरानी पेंशन बहाली की एसओपी को मंज़ूरी दे दी गई थी और 1 अप्रैल, 2023 से पुरानी पेंशन लागू कर दिया गया । चुनाव से पहले कांग्रेस द्वारा जनता को दी गई गारंटियों में से पुरानी पेंशन बहाली पहली गारंटी थी। प्रदेश की नई सरकार ने कर्मचारियों की पेंशन की सबसे बड़ी टेंशन को खत्म कर दिया। हिमाचल में करीब सवा लाख कर्मचारी इस समय एनपीएस के दायरे में आते थे जिन्हे इसका लाभ मिला । इस फैसले से प्रदेश सरकार पर सालाना करीब 1,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ बढ़ गया मगर सरकार अपने वादे से पीछे नहीं हटी। अब इसका सियासी लाभ कांग्रेस को होगा या नहीं, ये तो वक्त ही बताएगा लेकिन ये सुक्खू सरकार का बड़ा फैसला है। ग्रीन हिमाचल मुहीम हरित राज्य प्रदेश सरकार ने राज्य को 31 मार्च, 2026 तक हरित ऊर्जा राज्य के रूप में विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रदेश सरकार ने राज्य के प्रत्येक जिले में दो-दो ग्राम पंचायतों को पायलट आधार पर हरित पंचायत के रूप में विकसित करने की रूपरेखा तैयार की है। इन पंचायतों में 500 किलोवाट से एक मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जाएंगी। हिमाचल प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत इन परियोजनाओं की स्थापना के लिए 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। सुक्खू सरकार ने 100 किलोवाट से लेकर एक मेगावाट तक की सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना पर युवाओं को 40 प्रतिशत सब्सिडी देने की भी घोषणा की है। इन परियोजनाओं से उत्पन्न बिजली की खरीद राज्य विद्युत बोर्ड करेगा। सरकार सार्वजनिक परिवहन को विद्युत परिवहन के रूप में विकसित करने के लिए भी प्रयास कर रही है। इसके लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को सरकारी महकमों में भी इस्तेमाल किया जा रहा है और इलेक्ट्रिक टैक्सी की खरीद पर सरकार सब्सिडी भी दे रही है। हिमाचल को ग्रीन राज्य बनाने में सुक्खू सरकार जुटी है, और ये सरकार की बेहतरीन पहल है। दशकों से लंबित इंतकाल के मामलों का निबटारा इंतकाल और तकसीम के दशकों पुराने मामलों को लेकर सुक्खू सरकार एक्शन मोड में है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अधिकारियों को 24 जनवरी तक इंतकाल और तकसीम के मामलों को सुलझाने के निर्देश दिए हैं। इससे सालों से लंबित मामलों का निपटारा हो सकेगा। राजस्व लोक अदालतों का आयोजन कर सरकार हाज़ों मामले निबटा चुकी है। अब तक इंतकाल के लम्बित कुल 45 हजार 055 मामलों का निपटारा किया जा चुका है। किलो के हिसाब से सेब, अगले सीजन से यूनिवर्सल कार्टन किलो के हिसाब से सेब बेचने का फैसला हो या अगले सीजन से यूनिवर्सल कार्टन लागू करने का निर्णय, सुक्खू सरकार ने सेब बागवानों के हितों को महफूस रखने की दिशा में इच्छाशक्ति भी दिखाई है और फैसले भी लिए है। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी हर मसले पर एक्टिव दिखे है और उनकी कार्यशैली की असर साफ दिख रहा है। एचपीएमसी को लेकर भी सरकार ने बड़े बदलाव लाने की दिशा में काम शुरू किया है और उम्मीद है इसके अच्छे नतीजे सामने आएंगे। अब 40 साल तक ही लीज पर जमीन सुक्खू सरकार ने लीज पर जमीन लेने की अवधि को 99 वर्ष से घटाकर अब अधिकतम 40 साल कर दिया है। हालांकि पुरानी लीज की अवधि नहीं बदलेगी। उद्योग लगाने और अन्य विकास परियोजनाओं को स्थापित करने के लिए अब 40 साल के लिए ही लीज पर जमीन का प्रावधान है। सरकार का कहना है कि अब धौलासिद्ध, लुहरी फेज-1 तथा सुन्नी जल विद्युत परियोजनाओं को 40 वर्ष के बाद हिमाचल प्रदेश को वापिस सौंपना होगा। वाईल्ड फ्लावर हॉल होटल को वापिस पाने के लिए राज्य सरकार कानूनी लड़ाई लड़ रही है। शानन प्रोजेक्ट को वापस लेने के लिए भी हिमाचल सरकार एक्शन मोड में दिखी है। आपदा प्रबंधन पर सुक्खू सरकार हिट... एक साल के कार्यकाल में सुक्खू सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी आपदा। आपदा में खुद सीएम सुक्खू दिन रात मैदान में डेट दिखे और हिमाचल सरकार ने बेहतरीन काम किया। वर्ल्ड बैंक और नीति आयोग ने भी सरकार के काम की तरफ की। सुक्खू सरकार 4500 करोड़ का बड़ा आपदा राहत पैकेज लेकर आई और मुआवजे की राशि में भारी वृद्धि कर पीड़ितों को राहत पहुँचाने का काम किया। राजनीति से इतर कई दूसरी विचारधारा के लोगों ने भी सरकार के कामकाज को सराहा। वहीँ केंद्र से मिलने वाली मदद को लेकर भी खूब सियासत हुई। भाजपा कहती है कि केंद्र से भरपूर मदद मिली और सीएम सुक्खू खुलकर कहते है कि अगर मदद मिली है तो भाजपा बताएं। इसमें कोई संशय नहीं है कि केंद्र ने हिमाचल को कोई विशेष आपदा राहत पैकेज नहीं दिया है। वहीँ प्रदेश की आर्थिक स्थीति भी खराब है। बावजूद इसके सुक्खू सरकार ने साहस भी दिखाया और बड़ा दिल भी। बहरहाल, सीमित संसाधनों के बीच सरकार के सामने अब चुनौती बड़ी है और सुक्खू सरकार का असल इम्तिहान अभी बाकी है। बढ़ता कर्ज सबसे बड़ी चुनौती .... हिमाचल प्रदेश पर 78,430 करोड़ रुपए कर्ज है। राज्य सरकार पर डीए और एरियर के रूप में करीब 12 हजार करोड़ रुपए के करीब देनदारियां हैं। यदि इसी रफ्तार से कर्ज लिया जाता रहा तो अगले साल हिमाचल पर कर्ज का बोझ एक लाख करोड़ रुपए को पार कर जाएगा। कर्ज को लेकर सियासत भी खूब हुई है। सुक्खू सरकार विधानसभा में श्वेत पत्र लेकर इसका ठीकरा पूर्व की जयराम सरकार पर फोड़ चुकी है तो भाजपा का कहना है कि सुक्खू सरकार प्रतिमाह एक हज़ार करोड़ रुपये का कर्ज ले रही है। बहरहाल, प्रदेश की आर्थिक हालत पतली है, केंद्र ऋण लेने की सीमा कम कर चुका है, ओपीएस का बोझ भी सरकार पर अभी पड़ना है और आपदा ने भी कमर तोड़ दी है। ऐसे में सुक्खू सरकार के लिए आने वाला समय बेहद कठिन होने वाला है। राजस्व बढ़ाने के हुए प्रयास, पर इतना काफी नहीं .... इस वर्ष हिमाचल प्रदेश सरकार के राजस्व में 1100 करोड़ रुपये की वृद्धि का अनुमान है। वर्तमान राज्य सरकार ने राजस्व बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। शराब के ठेकों की नीलामी से राज्य सरकार को 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा। इसके अलावा कई छोटे छोटे फैसलों से सरकार को राजस्व बढ़ोतरी हो रही है, हालंकि ये नाकाफी है। फिर भी सरकार के प्रयास जरूर दिखे है। हिमाचल सरकार ने प्रदेश की आर्थिकी को पटरी पर लाने के लिए ऊर्जा उत्पादकों पर वॉटर सेस लगाने का निर्णय लिया था। वॉटर सेस की दर 0.06 से लेकर 0.30 रुपये प्रति घन मीटर तय की गई थी। राज्य जल उपकर आयोग ने सितंबर में कई ऊर्जा उत्पादकों को वाटर सेस के बिल जारी कर दिए थे। बीबीएमबी,एनटीपीसी,एनएचपीसी समेत कई अन्य ऊर्जा उत्पादकों ने प्रदेश सरकार के इस निर्णय को हाई कोर्ट में चुनौती दे रखी है। वहीँ केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने 25 अक्टूबर को सभी राज्यों को एक पत्र लिख वॉटर सेस को अवैध व असंवैधानिक बताते हुए इसे शीघ्र बंद करने के निर्देश दिए हैं। सुक्खू सरकार की तरफ से पर्यटन को बढ़ावा देने के कुछ प्रयास भी दिखते है और इच्छाशक्ति भी। हालांकि आपदा ने सरकार को बड़ा झटका जरूर दिया है। अलबत्ता पर्यटन आधारभूत या पॉलिसी सुधार की दिशा में अब तक कोई बड़ी कामयाबी सरकार को नहीं मिली है, लेकिन उम्मीद जरूर जगी है कि जल्द सरकार एक्शन मोड में दिखेगी। एडवेंचर टूरिज्म, धार्मिक पर्यटन की दिशा में सरकार के थोड़े प्रयास दिखे है, लेकिन सरकार से अपेक्षा किसी बड़ी योजना है। माहिर भी मानते है कि पर्यटन की दिशा में कोई बड़ा कदम उठाकर ही सरकार आत्मनिर्भर हिमाचल के लक्ष्य की तरफ बढ़ सकती है। धर्म संकट...खाली खजाना और 1500 देने का अधूरा वादा हिमाचल में कांग्रेस पर गारंटियां पूरी करने का दबाव है। जिन दस गारंटियों के बुते कांग्रेस सत्ता में आई उनमे से एक मुख्य गारंटी थी महिलाओं को हर माह पंद्रह सौ रुपये देना। बढ़ते कर्ज के बीच सुक्खू सरकार कैसे इसे पूरा करती है , इस पर निगाह टिकी है। जाहिर है हिंदी पट्टी के तीन राज्यों में कांग्रेस की हार के बाद हिमाचल सरकार पर आधी आबादी से किया गया वादा पूरा करने का दबाव है, लेकिन खराब आर्थिक स्थीति इसमें रोड़ा है। भाजपा इसे जमकर भुना रही है और अब ये 1500 रुपये का वादा बड़ा मुद्दा बन चूका है। लोकसभा चुनाव दस्तक दे रहे है और ये गारंटी कांग्रेस के गले की फांस बन चुकी है। खाली खजाने के बीच सरकार धर्म संकट में है। कई अन्य गारंटियां भी अभी अधूरी है जिनमें 300 यूनिट मुफ्त बिजली और पांच लाख रोजगार प्रमुख है। कैबिनेट में असंतुलन..10 विधायक देने वाले कांगड़ा को एक मंत्री पद ! एक साल में विपक्ष द्वारा सुक्खू सरकार को घेरना इतना चर्चा में नहीं रहा जितनी चर्चा अपनों की नाराजगी की हुई। किसी ने नाराजगी खुलकर जाहिर की तो किसी ने सोशल मीडिया पर चेतावनी दी। बात पार्टी के भीतरी संतुलन की ही नहीं, बात कैबिनेट असन्तुलन की भी हुई। सीएम सहित 9 लोगों की कैबिनेट कई पैमानों पर असंतुलित है। कांगड़ा और मंडी संसदीय क्षेत्र से सिर्फ एक-एक मंत्री है। ज़िलों के हिसाब से बात करें तो सबसे बड़े जिला कांगड़ा से कांग्रेस के दस विधायक है, पर मंत्री सिर्फ एक। जबकि सात विधायक वाले शिमला से तीन मंत्री है। ये असंतुलन सिर्फ सियासी मसला नहीं है, जिस जनता ने कांग्रेस को वोट दिया वो भी अपेक्षा रखती है कि क्षेत्र में कोई मंत्री होगा तो विकास को रफ़्तार मिलेगी। इसी तरह हिमाचल कैबिनेट में अभी 9 में से 6 क्षत्रिय है, जबकि ब्राह्मण, एससी और ओबीसी सिर्फ एक-एक है। पांच साल के लिए सरकार चुनी गई है और एक साल बीत चुका है लेकिन अब तक कैबिनेट पूरी नहीं हुई है। ये ही हाल बोर्ड निगमों का है। अब सरकार का रुख जल्द विस्तार का दिख जरूर रहा है लेकिन इच्छा से ज्यादा शायद मजबूरी है। तीन राज्यों की हार ने कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है और संभवतः अब आलाकमान भी पार्टी के भीतरी संतुलन को सुनिश्चित करे। बहरहाल मुख्यमंत्री का ताजा बयान ये है कि नए मंत्री इसी साल में मिलेंगे। कोर्ट में गया सीपीएस नियुक्ति का मामला सुक्खू सरकार ने ने छह सीपीएस नियुक्त किए थे – अर्की विधानसभा क्षेत्र से संजय अवस्थी, कुल्लू से सुंदर सिंह, दून से राम कुमार, रोहड़ू से मोहन लाल बराकटा, पालमपुर से आशीष बुटेल और बैजनाथ से किशोरी लाल। इनके अलावा मुकेश अग्निहोत्री को उप मुख्यमंत्री बनाया गया है। भाजपा नेताओं ने इनकी नियुक्ति को कोर्ट में चुनौती दे दी है।मामले की सुनवाई जारी है और कोर्ट के फैसले का इंतजार है। इस मामले में अब 20 दिसंबर को हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में अगली सुनवाई है। बीजेपी नेता सतपाल सिंह सत्ती और 11 अन्य बीजेपी विधायकों ने अदालत में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि सीपीएस और डिप्टी सीएम का ऐसा कोई पद संविधान के तहत या संसद द्वारा पारित किसी कानून या अधिनियम के तहत मौजूद नहीं है। उन्होंने याचिका में दलील दी कि सीपीएस के पदों पर नियुक्ति राज्य के खजाने पर बोझ है। याचिका के अनुसार, 91वें संशोधन में मंत्री पदों की संख्या सदन की कुल संख्या का 15 प्रतिशत कर दी गई और इस मानदंड के अनुसार राज्य में 12 मंत्री हो सकते हैं क्योंकि विधानसभा की सदस्य संख्या 68 है।आगे आरोप लगाया गया कि 6 सीपीएस की नियुक्तियां संविधान के विपरीत हैं। उन्हें सीपीएस के रूप में नियुक्त किया गया है, जो बिना बुलाए ही वास्तविक मंत्री हैं और मंत्रियों की सभी शक्तियों और सुविधाओं का आनंद लेते हैं। बहरहाल इस मामले में, विशेषकर सीपीएस की नियुक्ति को लेकर कोर्ट का क्या फैसला आता है, इस पर सबकी निगाह टिकी है। शिमला नगर निगम चुनाव जीते ...अब सोलन ने दिया झटका सुक्खू सरकार के एक साल के कार्यकाल में शिमला नगर निगम का चुनाव हुआ जहाँ कांग्रेस को शानदार जीत मिली। इसके बाद हालहीं में चार नगर निगमों में नए मेयर और डिप्टी मेयर चुनने की बारी थी। किस्मत की बदौलत कांग्रेस धर्मशाला नगर निगम में कब्ज़ा करने में कामयाब रही लेकिन सोलन में बहुमत होते हुए भी पार्टी की फजीहत हुई। कांग्रेस के दोनों अधिकृत उम्मीदवार हार गए। यहाँ मेयर पद कांग्रेस की बागी ने कब्जाया तो भाजपा को डिप्टी मेयर का पद मिल गया। वो फैसला जिसपर हुई विपक्ष ने जमकर घेरा सुक्खू सरकार ने आते ही सैकड़ों संस्थानों को डी नोटिफाई कर दिया। संस्थानों की डेनोटिफिकेशन पर भाजपा सरकार को जमकर घेरती रही है। भाजपा का आरोप है कि इस सरकार ने 10 महीने के कार्यकाल में ही हिमाचल के 1000 से अधिक चले हुए संस्थान बंद किए बंद कर दिए थे। कई शिक्षण स्थान भी बंद हुए और निसंदेह इससे कई छात्रों को कई दिक्क्तों कि खबरें भी सामने आई।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने पूर्वाचल के लोगों से आने वाली पीढ़ियों के लिए पूर्वाचल की समृद्ध संस्कृति को संरक्षित करने के लिए यहां परंपराओं और विरासत को संजो कर रखने का आह्वान किया। यह बात उन्होंने आज नई दिल्ली में माटी ट्रस्ट द्वारा आयोजित 7वें माटी सम्मान समारोह को सम्बोधित करते हुए कही। यह कार्यक्रम पूर्वाचल की कला और समृद्ध संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए आयोजित किया गया था। राज्यपाल ने पूर्वांचल की संस्कृति को प्रतिबिंबित करने वाले समृद्ध लोक गीतों को संरक्षित करने के महत्व पर प्रकाश डाला और आने वाली पीढ़ियों के लिए पौराणिक परंपराओं के साथ एक मजबूत संबंध स्थापित करने में इन लोकगीतों की भूमिका पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हालांकि देशभर में भाषा, खान-पान, रीति-रिवाज और परंपराएं अलग-अलग हैं, लेकिन पूर्वांचल की भावना देशभर में रहने वाले सभी पूर्वांचलियों को एकजुट करती है। राज्यपाल ने सनातन संस्कृति के महत्व पर भी बल दिया तथा वर्तमान व भावी पीढ़ियों से इस सम्बंध में जागरूक होने और गर्व करने का आह्वान किया। उन्होंने पवित्र शहर काशी और देश भर के घरों में पाई जाने वाली रामायण जैसी पवित्र पुस्तकों के प्रकाशन के लिए प्रसिद्ध गोरखपुर के गीता प्रेस जैसे स्थलों के बारे में भी बताया। राज्यपाल ने स्वतंत्रता संग्राम में क्षेत्र के नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और स्वतंत्रता संग्राम में इस धरती के नायकों की भूमिका व अन्याय के खिलाफ इनके संघर्ष की सराहना की। इस अवसर पर राज्यपाल ने लोक गायिका मालिनी अवस्थी, डॉ. एनएल खन्ना, रवि दुबे, रजनीकांत राय, चन्द्रशेखर सिंह, एन.के. यादव सहित अपने-अपने क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली पूर्वाचल की लोकप्रिय हस्तियों को सम्मानित किया। माटी ट्रस्ट के अध्यक्ष राम बहादुर राय ने ट्रस्ट के लक्ष्यों और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
-कपिल रामटा बने बेस्ट प्लेयर ऑफ दी टूर्नामेंट अनिल नेगी। एसजेवीएन की इंटर प्रोजेक्ट दो दिवसीय फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन में किया गया। प्रतियोगिता के समापन मौके पर परियोजना प्रमुख मनोज कुमार बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला एनजेएचपीएस और आरएचपीएस के मध्य खेला गया, जिसमें कड़े मुक़ाबले में रामपुर की टीम ने 1-0 के अंतर से जीत हासिल की। फुटबॉल प्रतियोगिता में पहले स्थान पर रामपुर हाइड्रो पावर स्टेशन, दूसरे स्थान पर नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन और तीसरे स्थान पर कोरोपोरेट हेडक्वार्टर शिमला की टीम रही। कार्यक्रम के अंत में मुख्यातिथि परियोजना प्रमुख मनोज कुमार ने सभी विजेताओं को ट्राफी और सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया। प्रतियोगिता में कपिल रामटा(आरएचपीएस) को बेस्ट प्लेयर ऑफ दी टूर्नामेंट, भीम देव नेगी (आरएचपीएस) को बेस्ट डिफेंडर, कपिल (आरएचपीएस ) को गोल्डन गल्ब्ज और अंजन सेवगी ( एनजेएचपीएस) को गोल्डन बूट के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। अंत मे मुख्यातिथि ने सभी टीमों को बेहतर प्रदर्शन के लिए बधाई दी।
प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आउटलुक बिजनेस पत्रिका की प्रतिष्ठित 'चेंजमेकर्स ऑफ द ईयर-2023' की सूची में स्थान अर्जित किया है। उन्होंने कहा कि यह प्रतिष्ठित सम्मान मुख्यमंत्री को उनके असाधारण नेतृत्व और उल्लेखनीय योगदान विशेषकर इस वर्ष मानसून के दौरान भीषण आपदा को प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का संकट से निपटने का सराहनीय नेतृत्व उन्हें इस विशिष्ट सूची में शामिल होने वाले देश के एकमात्र मुख्यमंत्री के रूप में दर्शाता है। प्रदेश के विकास के प्रति गतिशील दृष्टिकोण और जन कल्याण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के कारण उन्हें यह उल्लेखनीय पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, विराट कोहली और नीरज चोपड़ा जैसी प्रभावशाली हस्तियों के समान सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन को बढ़ावा देने में उनके प्रभावशाली योगदान को रेखांकित करता है।
-न चुनावी वादे पूरे किए और न ही 10 गारंटियां -युवाओं को नौकरी और महिलाओं को 1500 रुपये का इंतजार भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश ने हिमाचल की सुक्खू सरकार के 1 साल पूरे होने पर एक पत्रक बनाया है, पार्टी के कार्यकर्ता मंडल स्तर पर वितरित करेंगे, इस पत्र को धरना प्रदर्शन के समय भी वितरित किया जाएगा। इस पत्रक में भाजपा ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखे हमले किए हैं। भाजपा का कहना है कि सुक्खू सरकार का एक साल का कार्यकाल बेहद निराशाजनक रहा है, क्योंकि इस सरकार ने एक साल में प्रदेशहित और जनहित में कोई काम नहीं किया। यहां तक कि जो चुनावी वादे विधानसभा चुनाव के दौरान किए थे, जो चुनावी गारंटियां कांग्रेस ने दी थीं, उनको भी अभी तक पूरा नहीं किया गया। पूरा साल देव भूमि हिमाचल प्रदेश की 22 लाख महिलाएं 1500 रुपये महीने का इंतजार करती रहीं, बेरोजगार युवा नौकरी की प्रतीक्षा करते रहे, किसान 2 रुपये किलो गोबर खरीदने के लिए सरकार को ताकते रहे, पशुपालक 100 रुपये लीटर दूध खरीदने का इंतजार करते रहे और मुख्यमंत्री केवल आर्थिक कंगाली का रोना रोते रहे। इस सरकार ने इस एक साल में पिछली भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर प्रदेश को कर्ज में डुबोने के निराधार आरोप लगाये परन्तु स्वयं एक साल में 12000 करोड़ रुपये का कर्जा लेकर प्रदेश की आर्थिक स्थिति को बिगाड़ने का काम किया। इस सरकार ने एक साल में अनेक जन विरोधी निर्णय लेकर प्रदेश की जनता को इतना तंग एवं परेशान किया कि आज इस सरकार से जनता परेशान है और जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है। डीजल महंगा, डिपो में दालें महंगी, चीनी गायब, सीमेंट की बोरी महंगी इससे प्रदेशवासियों को भारी नुकसान हुआ। वर्तमान कांग्रेस सरकार ने इस प्रकार प्रदेशवासियों पर महंगाई का बोझ डाला है। 300 यूनिट बिजली फ्री का वादा करने वाली वर्तमान सरकार ने घरेलू बिजली पर 22 पैसे प्रति यूनिट रेट बढ़ाया। औद्योगिक क्षेत्र के लिए 19 प्रतिशत बिजली महंगी कर उद्योगों को प्रदेश से पलायन करने पर मजबूर किया। राजस्व विभाग में रजिस्ट्री से लेकर स्टैंप ड्यूटी को बढ़ाकर जनता पर आर्थिक बोझ डाला। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस ने सेब बगवानों को अपनी फसल का रेट तय करने का वादा किया था, परन्तु सेब बागवान को परेशान कर दिया। पर्यटन उद्योग पर प्रहार करते हुए बाहर से आने वाली ट्रांजेक्शन पर टैक्स बढ़ा दिया।जल शक्ति और स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्स कर्मचारियों को घर का रास्ता दिखाया। मंदिरों में दर्शन करने की फीस लगा दी। शराब की बोतल 10 रुपये (मिल्क सेस) महंगी इसलिए की ताकि 100 रुपये लीटर दूध खरीद सके पर आज तक दूध नहीं खरीदा। विधायक निधि की एक भी किस्त अभी तक जारी नहीं की गई, इससे स्थानीय विकास ठप हुआ।
मंडी जिले के उपमंडल धर्मपुर में एक युवक की हत्या का मामला सामने आया है। युवक को बचाने की कोशिश कर रहा एक व्यक्ति घायल भी हुआ है। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मंडी जिले के धर्मपुर के चौकी कलोगा में शादी समारोह के बाद शनिवार देर रात चार व्यक्ति घर लौट रहे थे। इसी दौरान एक कार में दो लोग आए। उन्होंने रवि नाम पूछा और उस पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में रवि की मौत हो गई, जबकि बचाव में आया एक व्यक्ति घायल हो गया। युवक की हत्या क्यों की गई, इसका अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को अरेस्ट कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
अनिल नेगी/रामपुर बुशहर एसजेवीएन इंटर प्रोजेक्ट खेल प्रतियोगता 4 नवंबर से शुरू हुई थी, जो 7 जनवरी, 2024 तक जारी रहेगी। प्रतियोगिता के दूसरे चरण में 9 दिसंबर से 10 दिसंबर तक एनजेएचपीएस झाकड़ी में फुटबॉल प्रतियोगिता करवाई जा रही है, जिसका शुभारंभ मुख्य अतिथि परियोजना प्रमुख मनोज कुमार द्वारा किया गया। इस अवसर पर एसजेवीएन सॉन्ग को गाया गया। मुख्यातिथि ने कहा कि यह महज एक खेल ही नहीं, बल्कि खिलाड़ी टीम वर्क, अनुशासन, दृढ़ता, लक्ष्य निर्धारण, सफलता की ललक के साथ फिट रहने का भी मूलमंत्र है। प्रतियोगिता में कुल 4 टीमें ले रहीं भाग दो दिनों तक चलने वाली इस आंतर प्रोजेक्ट फुटबॉल प्रतियोगिता में कुल 4 टीमें भाग ले रही हैं, जिसमें होस्ट टीम नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन के अतिरिक्त कॉरपोरेट हेडक्वार्टर शिमला, रामपुर हाइड्रो पावर स्टेशन और लुहरी हाइड्रो इलेक्ट्रिकल प्रोजेक्ट की टीमें शामिल हैं। प्रतियोगिता में पहले दिन लीग मैच खेले जाएंगे। रविवार को प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमों के मध्य फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। इस दौरान परियोजना के सभी विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।
-सर्वश्रेष्ठ साहसिक पर्यटन गंतव्य और इको पर्यटन गंतव्य बना हिमाचल -प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आरएस बाली ने हासिल किए पुरस्कार -मुख्यमंत्री ने हिमाचल में पर्यटन क्षेत्र में उदारतापूर्वक निवेश का किया आह्वान हिमाचल प्रदेश ने शुक्रवार देर सायं नई दिल्ली में आयोजित आउटलुक ट्रैवलर अवॉर्ड्स-2023 समारोह में दो प्रतिष्ठित पुरस्कार जीते। इस समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू बतौर मुख्यातिथि उपस्थित रहे। उन्होंने विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किये। हिमाचल प्रदेश ने कांगड़ा जिले के बीड़-बिलिंग के लिए सर्वश्रेष्ठ साहसिक पर्यटक गंतव्य स्वर्ण श्रेणी और लाहौल-स्पीति जिले के स्पीति के लिए सर्वश्रेष्ठ इको-पर्यटन गंतव्य स्वर्ण श्रेणी में पुरस्कार जीते। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आरएस बाली ने यह पुरस्कार प्राप्त किए। मुख्यमंत्री सुक्खू ने निवेशकों से हिमाचल में पर्यटन क्षेत्र में उदारतापूर्वक निवेश करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन परियोजनओं को शीघ्र स्वीकृति की सुविधा प्रदान करेगी। हिमाचल सभी मौसमों के लिए उपयुक्त पर्यटन गंतव्य है। यहां की घाटियां, बर्फ से ढकी घाटियां, हरा-भरा वन क्षेत्र, जल निकाय और शानदार होम-स्टे पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटकों के यात्रा अनुभव को और शानदार बनाने के लिए प्रयासरत है और इसके लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। ठहरने के लिए शानदार होम-स्टे भी विकसित किए जाएंगे जिससे पर्यटक नजदीक से यहां के जन-जीवन व वादियों को निहार सकेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नए पर्यटन गंतव्यों को विकसित कर, पर्यटन अधोसंरचना का सुदृढ़ीकरण कर रही है। पर्यटकों को अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान कर रही है ताकि वे अधिक अवधि तक यहां समय बिताएं और प्रदेश की आर्थिकी में वृद्धि हो। प्रदेश में हवाई सेवा में सुधार के दृष्टिगत कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के साथ-साथ सभी जिला मुख्यालयों में हेलीपोर्ट निर्मित्त किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार प्रतिवर्ष लगभग 5 करोड़ पर्यटकों का आगमन सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है और राज्य सरकार कांगड़ा जिले को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार कांगड़ा घाटी में पर्यटक अधोसंरचना विकसित करने के लिए लगभग 3000 करोड़ रुपये व्यय करेगी। वन्य जीव पर्यटन में रुचि रखने वाले पर्यटकों को प्रोत्साहित करने के लिए कांगड़ा जिला में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का चिड़ियाघर विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल धार्मिक पर्यटन का मुख्य केंद्र है, प्रदेश प्रसिद्ध शक्तिपीठों की भूमि है और शीघ्र ही प्रदेश आध्यात्मिक पर्यटन का मुख्य केंद्र बन कर उभरेगा। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य में ईको-टूरिज्म को भी बड़े पैमाने पर विकसित करने पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मार्च, 2026 तक हिमाचल को देश के हरित राज्य के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है और राज्य में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए अभिनव कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सौर ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, नवीकरण ऊर्जा के अन्य स्रोतों के दोहन पर बल दे रही है। प्रदेश सरकार डीजल वाहनों के स्थान पर इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा प्रदान कर रही है। आउटलुक ट्रैवलर की प्रकाशक मीनाक्षी मेहता ने मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर आउटलुक ग्रुप के सीईओ इंद्रनील राय ने भी अपने विचार व्यक्त किए। विभिन्न पुरस्कार विजेता राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद-सत्र आयोजित किए गए। इस अवसर पर गोवा के पर्यटन मंत्री रोहन खौंटे, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान, मुख्यमंत्री के ओएसडी केएस बांशटू, पत्रिका की संपादक आनंदिता घोष और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
हिमाचल में क्रिप्टो करेंसी फ्रॉड में अब तक 19 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। आरोपी अंतरिम जमानत के लिए हाईकोर्ट के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी जमानत रद्द हो रही है। वहीं, एसआईटी ने अब कई अधिकारियों, कर्मचारियों और कारोबारियों के खिलाफ भी जांच शुरू कर दी है। एसआईटी ने इस मामले से जुड़े ढाई लाख आईडी का रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिया है। दस अधिकारी और कर्मचारी ऐसे हैं, जिनकी संपत्ति दो करोड़ रुपये से ज्यादा है। एसआईटी ने राजस्व विभाग और बैंकों से इनकी डिटेल मांगी गई है। आरोप तय होने पर इनकी संपत्तियां भी जब्त की जा सकती हैं। बता दें कि 2,500 करोड़ रुपये के इस घोटाले के मुख्य आरोपी सुभाष, हेमराज, अभिषेक और सुखदेव की संपत्तियां जब्त कर ली गई हैं।
प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देश पर हिमाचल प्रदेश में लड़कियों के विवाह योग्य आयु बढ़ाने के दृष्टिगत विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता एम. सुधा देवी कमेटी की अध्यक्ष होंगी। सचिव ग्रामीण विकास प्रियतु मंडल, सचिव विधि शरद कुमार लगवाल, निदेशक श्रम एवं रोजगार मानसी सहाय ठाकुर और द ट्रिब्यून की ब्यूरो चीफ प्रतिभा चौहान कमेटी की सदस्य तथा मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन प्रियंका वर्मा, सदस्य सचिव होंगी।
-रोगी कल्याण समिति की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण फैसले -मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने की बैठक की अध्यक्षता आईजीएमसी शिमला में आज रोगी कल्याण समिति की जनरल बॉडी की बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने की। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए और रोगी कल्याण समिति के माध्यम से आईजीएमसी शिमला में मरीजों की डाइट व अन्य सुविधाओं के चार्जेज को नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया गया। बैठक के बाद पत्रकारों को जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि रोगी कल्याण समिति का लक्ष्य रहता है की अस्पताल में आए मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसलिए आज हुई बैठक में विभिन्न विषयों पर चर्चा कर समिति के तहत किसी भी प्रकार के चार्जेज को नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। बैठक में मरीजों की सुविधा के लिए अन्य कई निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि समिति के तहत मरीजों के लिए डाइट पर 2 करोड़ 50 लाख रुपये सालाना खर्च किए जाएंगे। अस्पताल में कर्मचारियों के कमरे भी रेनोवेट किए जाएंगे। साफ़ सफाई के लिए बहुत ही अच्छा स्टैंडर्ड शुरू किया जाएगा। अस्पताल में लैब्स की सुविधा को लोगों की सहूलियत के अनुसार और सुदृढ़ किया जाएगा। इसके अलावा अस्पताल में एक नई डिजिटल एक्स-रे मशीन को भी लगाया जाएगा। वहीं, किडनी ट्रांसप्लांट और लीवर ट्रांसप्लांट की सुविधा को लेकर भी सरकार प्रयास कर रही है।
हिमाचल प्रदेश में विकसित भारत संकल्प यात्रा का शहरी चरण 9 दिसंबर से राजधानी शिमला से प्रारंभ हो रहा है। अगले चार दिनों तक यह यात्रा शिमला के सभी वार्ड्स के पास से गुजरेगी। उद्घाटन कार्यक्रम भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान के मैदान में प्रात: 10:30 बजे से होगा।इसमें केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी देने वाली फिल्में दिखाई जाएंगी। कार्यक्रम स्थल पर ही स्वास्थ्य कैंप लगाए जाएंगे, आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड बनाए जाएंगे एवं बैंक बचत खाते भी खोले जाएंगे। 15 नवंबर से शुरू हुई विकसित भारत संकल्प यात्रा देशभर की ग्राम पंचायतों से होकर गुजर रही है जहां लोगों को केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराया जा रहा है साथ ही जिन्हें अभी तक इन योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया, उन्हें उनके गांव में ही इन योजनाओं के लिये पंजीकृत किया जा रहा है। शहरी चरण में भी यह यात्रा हिमाचल प्रदेश के सभी 64 नगर निकायों से होकर गुजरेगी एवं लोगों की केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देगी।
हिमाचल प्रदेश लैब एसोसिएशन ने आज शिमला में अध्यक्ष कंवर सिंह तंगलाइक के नेतृत्व में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर को मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 2.5 लाख रुपये का चेक भेंट किया। शिक्षा मंत्री ने जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए एसोसिएशन का धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के योगदान लोगों की मदद करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस मौके पर एसोसिएशन ने शिक्षा मंत्री को अपनी मांगों से भी अवगत करवाया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और एसोसिएशन की सभी जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा।
- बैठक में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री भी रहे मौजूद प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने आज दोपहर बाद 1 बजे अपने कार्यालय में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की मौजूदगी में जल शक्ति विभाग तथा पथ परिवहन निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उनके विभाग से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की तथा मौके पर ही कई मुद्दों को सुलझाया। पठानिया ने विशेषकर अपने निर्वाचन क्षेत्र तथा जिला चंबा के जल शक्ति विभाग तथा पथ परिवहन निगम से संबंधित लंबित पड़े कार्यों की समीक्षा की तथा उन्हें समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला चंबा सामरिक दृष्टि से हिमाचल प्रदेश का महत्वपूर्ण जिला है यहां शेष जिलों की तरह विकास में गति देना अनिवार्य है। पठानिया ने अधिकारियों से बैठक में उठाए मुद्दों को शीघ्रता से सुलझाने के लिए कहा तथा उप मुख्यमंत्री से स्वयं हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। इस बैठक में प्रधान सचिव जल शक्ति विभाग ओंकार शर्मा, जल शक्ति विभाग की प्रमुख अभियंता अंजु शर्मा तथा विभाग के अन्य कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक में मौजूद पथ परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर को विधानसभा अध्यक्ष ने भटियात तथा जिला चंबा में परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के दिशा-निर्देश दिए। गृह विभाग के अधिकारियों से भी की बैठक अपराह्न 3 बजे कुलदीप सिंह पठानिया ने अपने कार्यालय कक्ष में गृह विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर कई मुद्दों पर चर्चा की तथा उन्हें सुलझाने के दिशा निर्देश दिए। इस बैठक में गृह विभाग के सचिव अभिषेक जैन, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सीआईडी)सतवंत अटवाल तथा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अभिषेक त्रिवेदी मौजूद थे।
एचआरटीसी को घाटे से उबारने के लिए नए-नए प्रयास किए जा रहे हैं। इसको देखते हुए परिवहन निगम अब प्रदेश से बाहरी राज्यों को जाने वाले यानी इंटरस्टेट रूटों का भी आकलन करेगा कि किन रूटों पर कमाई अधिक है और किन रूटों पर कम। जिन रूटों पर निगम को बहुत कम इनकम हो रही है, उन रूटों का आकलन कर निगम उक्त रूटों पर बसों के संचालन का समय सहित अन्य सुधार करेगा। इस संबंध में निगम प्रबंधन ने सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों को निर्देश जारी कर दिए हैं। एचआरटीसी द्वारा उन इंटरस्टेट रूटों का आकलन किया जाएगा, जिन रूटों से काफी कम इनकम हो रही है। एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर के अनुसार निगम का घाटा कम करने के लिए घाटे में चल रहे इंटर स्टेट रूटों का आकलन करवाया जा रहा है। निगम प्रबंधन द्वारा ऐसे रूटों का पिछले एक साल का रिकॉर्ड खंगाला जाएगा। इसमें देखा जाएगा कि उक्त रूटों पर निगम को प्रति किलोमीटर कितना घाटा हो रहा है। माह की कितनी इनकम है। हर माह निगम को उक्त रूट से कितना घाटा हो रहा है। इसके साथ-साथ निगम प्रबंधन द्वारा घाटे की वजह का आकलन भी किया जाएगा।
-सभी जिला मुख्यालयों में पायलट आधार पर ट्रैफिक वालंटियर योजना शुरू प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में अब ट्रैफिक पुलिस के साथ ट्रैफिक वालंटियर भी ट्रैफिक कंट्रोल करते दिखाई देंगे। इसी कड़ी में प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने वीरवार को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में पायलट आधार पर ट्रैफिक वालंटियर योजना का शुभारंभ किया। राज्य में यातायात के बेहतर प्रबंधन, सड़क सुरक्षा और जन जागरूकता के लिए इस योजना को शुरू किया गया है। यदि जिला मुख्यालयों में ट्रैफिक वलंटियर योजना सफलतापूर्वक संचालित होती है तो इसे राज्य के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा। स्कीम के तहत राज्य में 18 वर्ष से अधिक आयु के स्वैच्छिक लोगों का एक समूह होगा, जो सेवा की भावना से यातायात प्रबंधन और जागरूकता में भाग लेगा और विभिन्न यातायात कार्यों को नि:शुल्क करने में योगदान देगा। स्वयंसेवकों का अनुरोध प्राप्त होने के बाद जिला एएसपी, डीएसपी मुख्यालय व एसडीपीओ उन्हें बातचीत के लिए बुलाएंगे और सत्यापन करेंगे। इसके बाद जिला एसपी की मंजूरी के बाद ट्रैफिक वालंटियर की सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। ट्रैफिक जन जागरूकता के लिए योजना में लड़कियों व महिलाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। जिला एसएसपी द्वारा रिफ्लैक्टिव सुरक्षा जैकेट, टोपी और आईडी कार्ड उपलब्ध करवाए जाएंगे। इस पर प्रमुखता से ट्रैफिक वालंटियर लिखा होगा, ताकि आम जनता को उनकी पहचान ट्रैफिक पुलिस से अलग दिखे।
-13.55 किलोमीटर लंबाई, 13 स्टेशन और 3 लाइन्स -रोपवे के निर्माण पर 1555 करोड़ रुपये होंगे खर्च -उप मुख्यमंत्री अग्निहोत्री ने पत्रकार वार्ता में दी जानकारी -बोले, अगले साल शुरू होगा निर्माण दुनिया का दूसरा सबसे लंबा और भारत का सबसे लंबा रोपवे शिमला में बनने जा रहा है। यह जानकारी उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज शिमला में एक पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंने कहा कि साउथ अमेरिका में जो रोपवे बना है, उसकी लंबाई 32 किलोमीटर है, जबकि शिमला में बनने जा रहे रोपवे की लंबाई 13.55 किलोमीटर है। इसमें 13 स्टेशन और 3 लाइन्स होंगी। हमारे देश में अब यह पहला रोपवे बनने जा रहा है, जिसकी सारी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। यह रोपवे इकोफ्रेंडली प्रोजेक्ट होगा। इसके निर्माण पर 1555 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसका निर्माण टॉपेलमेयर, लाइटनर जैसी कंपनियां कर सकती हैं। तारा देवी से शुरू होकर पूरे शिमला शहर को करेगा कवर मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि यह रोपवे तारा देवी से शुरू होकर सचिवालय, आईजीएमसी सहित पूरे शिमला को कवर करेगा। रोपवे के टिकट का दाम बस के टिकट के दामों के आसपास होगा। यूं तो इसे बनने में करीब 5 वर्ष लगेंगे, लेकिन 2 सालों के बाद ही इसका पहला चरण शुरू कर दिया जाएगा। 31 मार्च, 2024 को इसकी बीड्स करने के लिए सरकार प्रयासरत है। अक्तूबर महीने के आसपास इसका निर्माण कार्य शुरू हो सकता है। प्रोजेक्ट को परवाणू से जोड़ने की होगी कोशिश डिप्टी सीएम ने कहा कि दुुनिया का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट हिमाचल में लग जाए, इसके लिए कोशिश की जाएगी कि परवाणू से इस प्रोजेक्ट को जोड़ा जाए, जिसकी लागत 6800 करोड़ होगी। इस पर भी साथ-साथ कार्य किया जाएगा।
ठियोग की ग्राम पंचायत शटेया के हर्ष कंवर योगी को जगदम्बिका पाल नेशनल आइकॉन अवॉर्ड-2023 से दिल्ली के भारतीय कला केंद्र मंडी भवन में नवाजा गया। जगदम्बिका पाल उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री थे। हर्ष कंवर योगी को यह अवॉर्ड नई पहचान के साथ दिया गया। इस अवॉर्ड का शीर्षक आइकॉन ईयर ऑफ यंगेस्ट एंट्रीप्यूनर रहा। हिमाचल के युवा उद्यमी हर्ष कंवर योगी को योगा बॉय, छोटा रामदेव व अन्य नामों से जाने जाते हंै। हर्ष कंवर योगी गूगल अप्रूव योगा इंस्ट्रक्टर हैं। वे योगा में विश्व रिकॉर्ड धारक, इंटरनेशनल आइकॉन अवॉर्ड से भी सम्मानित हो चुके हैं। साथ में विभिन्न मंचों पर सम्मानित हो चुके हैं। हर्ष के नाम 25 अवॉर्ड हैं और इतनी कम उम्र में इतनी उपलब्धियां लेना यह भी किसी विश्व रिकॉर्ड से कम नहीं है। हर्ष इन सब उपलब्धियों का श्रेय अपनी माता नीना कंवर व पिता संजीव कंवर को देते हैं।
-कहा, अन्य राज्यों के चुनाव परिणामों से विचलित होने की जरूरत नहीं लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हमें अन्य राज्यों में हुए चुनाव परिणामों से विचलित होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस संगठन भी बहुत मजबूत है और प्रदेश सरकार भी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पूर्व भाजपा के कार्यकाल में कांग्रेस में मंडी संसदीय सीट के साथ-साथ तीन विधानसभा उप चुनावों में शानदार जीत हासिल की थी। उसके बाद पिछले साल कांग्रेस ने विधानसभा चुनावों में शानदार जीत हासिल कर भाजपा को सत्ता से बाहर किया है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल में कार्यकर्ता पार्टी की रीढ़ होते हैं और उन्हीं के दम पर कोई भी दल सत्ता में आता है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को पूरा मान-सम्मान मिले, यह सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को भारी आपदा का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि अकेले लोक निर्माण विभाग को 5000 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अपने संसाधनों से राहत व पुनर्निर्माण कार्यों को कर रही है। विक्रमादित्य सिंह ने आगामी लोकसभा चुनावों के लिये योजनाबद्ध ढंग से फील्ड में उतरने व भाजपा के दुष्प्रचार का मुंह तोड़ जवाब देने को कहा। प्रतिभा ने 11 दिसंबर के समारोह को ऐतिहासिक बनाने का किया आह्वान आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित जिला व ब्लॉक अध्यक्षों की एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने पार्टी के जिलाध्यक्षों व ब्लॉक अध्यक्षों से कांग्रेस सरकार के एक साल का कार्यकाल पूरा होने पर धर्मशाला में 11 दिसंबर के समारोह को ऐतिहासिक बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश सरकार का एक साल का यह कार्यकाल भले ही चुनौतियों भरा रहा है पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार ने इन चुनौतियों पर सफलतापूर्वक पार पाया है। प्रतिभा सिंह ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने कर्मचारियों की ओल्ड पेंशन बहाल कर अपनी पहली गारंटी पूरी कर दी है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने की दिशा में भी सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जो कहती है उसे पूरा करती है। कांग्रेस सरकार अपनी सभी गारंटियों को चरणबद्ध ढंग से पूरा करेगी। सरकार अपनी नई सोच के साथ आगे बढ़ रही : रजनीश किमटा वहीं, प्रदेश कांग्रेस महासचिव संगठन रजनीश किमटा ने कहा कि 11 दिसंबर को धर्मशाला में होने वाले समारोह को ऐतिहासिक बनाने के लिए पार्टी के सभी पदाधिकारियों पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सरकार का एक साल मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के कुशल नेतृत्व में उल्लेखनीय रहा है। सरकार अपनी नई सोच के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस नेतृत्व व सरकार बहुत ही मजबूत है और मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने पार्टी के सभी पदाधिकारियों से एकजुट होकर कार्य करने का आग्रह करते हुए कहा कि सभी ब्लॉक अध्यक्ष अपनी अपनी बूथ कमेटियों की सूची प्रदेश कांग्रेस कार्यालय को भेजे। इसके अतिरिक्त सभी ब्लॉकों में पार्टी के जर्नल हाउस,आम सभाओं की बैठकें आयोजित कर इसकी पूरी रिपोर्ट भी प्रदेश कांग्रेस कार्यलय को जल्द भेजें। बैठक में प्रदेश के सभी जिलाध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष अग्रणी संगठनों के प्रमुख उपस्थित थे। इन सभी लोगों ने भी बैठक में अपने अपने विचार रखें।
-सरकार ने सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धता जताई प्रदेश सरकार सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे नित नए प्रयोग, तकनीक और अनुसंधानों का उपयोग कर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। राज्य में इस क्षेत्र में आवश्यक अधोसंरचना का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए, सरकार प्रदेशभर में 40 शहरी स्वास्थ्य और वेलनेस सेंटर स्थापित करने पर विचार कर रही है। यह केंद्र राज्य के लोगों को घर-द्वार के समीप आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने में नई आशा की किरण साबित होंगे। प्रत्येक शहरी स्वास्थ्य और वेलनेस सेंटर में एक समर्पित स्वास्थ्य टीम होगी, जिसमें एक चिकित्सा अधिकारी, फार्मासिस्ट, सहायक नर्स मिडवाइफ (एएनएम) और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का कहना है कि शहरी क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली का विस्तार और सुदृढ़ीकरण आवश्यक है। सार्वभौमिक व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल के महत्व पर बल देते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल, मरीजों की संख्या और मृत्यु दर कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इससे दूसरे और तीसरे स्तर के ईलाज की आवश्यकता कम होती है, जिससे उपचार पर होने वाला खर्च भी कम होता है। वर्तमान में, एक शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 50,000 व्यक्तियों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है। इस दूरदर्शी और महत्त्वाकांक्षी योजना का लक्ष्य प्रत्येक शहरी स्वास्थ्य वेलनेस केन्द्र द्वारा लगभग 20,000 लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना है ताकि शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह रणनीतिक पहल अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।इन शहरी स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों की स्थापना एक मजबूत और समावेशी स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह नवीन प्रयास शहरी क्षेत्र में रहने वाले लोगों और आजीविका के लिए अन्य राज्यों से आए लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा। यह पहल हालिया कोविड-19 महामारी के दौरान देखी गई फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कार्यबल की कमी का भी समाधान प्रदान करेगी। सुक्खू ने कहा कि यह महत्वाकांक्षी योजना सर्वजन तक बेहतर स्वास्थ्य देखभाल उपलब्ध करवाने में मील पत्थर साबित होगी, जिसके माध्यम से शहरों में स्वास्थ्य क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों का समाधान सुनिश्चित हो सकेगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सशस्त्र सेना झण्डा दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि सेना में हिमाचल प्रदेश के युवाओं का महत्वपूर्ण योगदान है तथा छोटे से इस राज्य के लिए यह गर्व का विषय है कि प्रदेश के वीर योद्धाओं ने देश की सीमाओं की बहादुरी से रक्षा करते हुए चार परमवीर चक्र प्राप्त किए हैं। उन्होंने कहा कि जब भी देश पर बाहरी आक्रमण हुए हमारे बहादुर सैनिक देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने में कभी पीछे नहीं रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश पर बलिदान होने वाले इन जवानों के परिवारों की उचित सहायता करना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि युद्ध पीड़ितों तथा भूतपूर्व सैनिकों के पुनर्वास एवं कल्याण के लिए राज्य सरकार निरन्तर प्रयासरत है तथा जनता का सहयोग भी इस अहम कार्य में अपेक्षित है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि सशस्त्र सेना झण्डा दिवस के अवसर वे बढ़-चढ़कर व उदारतापूर्वक से अपना योगदान दें ताकि इस धनराशि से सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों की अधिक से अधिक मदद की जा सके।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राजभवन में रविंद्र सिंह ठाकुर की दो पुस्तकों 'जंगल सर्वाइवलÓ और 'दादी मां की कहानियां और किस्सेÓ का विमोचन किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने लेखक के प्रयासों की सराहना की। 'जंगल सर्वाइवलÓ पुस्तक में बताया गया है कि किस प्रकार हम कठिन परिस्थितियों में भी जीवित रहते हुए और प्रकृति से जुड़कर विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी रचनात्मक कल्पनाशक्ति को बनाए रख सकते हैं। 'दादी मां की कहानियां और किस्सेÓ पुस्तक में जीवन जीने की राह बताने वाले सुझाव और प्रेरणादायक विचार भावी पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक और उपयोगी साबित होंगे। रविंद्र सिंह ठाकुर सोलन जिले के रहने वाले हैं। इससे पूर्व कुनिहार निवासी स्वतंत्रता सेनानी बाबू कांशी राम और मास्टर गौरी शंकर पर उनकी पुस्तकें 'मैं और मेरी एसएसबीÓ और 'परिवर्तनी क्षणÓ प्रकाशित हो चुकी हैं।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर सशस्त्र बलों के सभी सदस्यों और उनके परिवारों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर सैनिक कल्याण विभाग के निदेशक ब्रिगेडियर मदन शील शर्मा (सेवानिवृत्त) ने राज्यपाल के कोट पर सशस्त्र सेना ध्वज लगाया। इस अवसर पर राज्यपाल ने सभी नागरिकों से सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष में उदारतापूर्वक योगदान देने और सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के दृष्टिगत इस पुनीत कार्य में सहयोग करने की आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमारे सशस्त्र बलों का एक गौरवशाली इतिहास रहा है। देश सेवा करते हुए सेना, नौसेना और वायु सेना के जवानों द्वारा दिया गया अतुलनीय बलिदान हमारे लिए सदैव प्रेरणा स्रोत है।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त किन्नौर तोरूल रवीश ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार फोटोयुक्त मतदाता सूचियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 27 अक्तूबर से 09 दिसम्बर तक चलाया जा रहा है। यह अभियान 68-किन्नौर विधान सभा क्षेत्र के सभी मतदान केंद्रो पर नियुक्त अभिहित अधिकारियों/बूथ लेवल अधिकारियों के माध्यम से चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ऐसे सभी पात्र नागरिक जिनकी आयु 01 जनवरी को 18 वर्ष पूर्ण हो चुकी होगी तथा नागरिक संबंधित क्षेत्र का निवासी हो, ऐसे सभी पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूचियों में नाम दर्ज करने के लिए 09 दिसम्बर तक प्रारूप-6 पर अपना दावा प्रस्तुत कर सकते हैं। वर्तमान मतदाता सूचियों में कोई भी नागरिक अपना नाम दर्ज होने की पुष्टि वेबसाईट http://ceohimachal.nic.in में भी कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि पुनरीक्षण के दौरान विशेष अभियान दिवस 04 नवम्बर, 05 नवम्बर, 18 नवम्बर 2023 व 19 नवम्बर, 2023 को भी किया जाएगा। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल (NVSP)VHA वोटर हेलपलाइन एप के माध्यम से भी ई-रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि जिस नागरिक का नाम फोटोयुक्त मतदाता सूची में दर्ज नही होगा तो वह लोकसभा निर्वाचन-2024 में मत देने के अधिकार सें वंचित रह जाएगा। उन्होंने जिला किन्नौर के समस्त नागिरक विशेषकर युवा एवं महिला मतदाताओं से इस मौके का लाभ उठाने का आवाहन किया। इसके अतिरक्त उन्होंने बताया कि यदि किसी ऐसे मतदाता का नाम फोटोयुक्त मतदाता सूची से कटवाना है जिसकी मृत्यु हो गई है, स्थान में निवास नहीं करता है या किसी अन्य कारण से अयोग्य है तो इस स्थिति में मतदाता सूचि में दर्ज नाम को हटाने के लिए फार्म-7 भरकर आक्षेप करें। उन्होंने बताया कि संशोधन/शुद्धि/निवास स्थानांतरण के लिए फॉर्म-8 भरकर आवेदन करें। इसके अलावा विद्यमान निर्वाचक नामावली में ऐपिक प्रतिस्थापन/दिव्यांगजन चिहृांकित करने संबंधी प्रविष्टियों का सुधार/निवास स्थानांतरण के लिए भी फॉर्म-8 भरकर आवेदन करें। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सभी फॉर्म निर्वाचक/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, समस्त मतदान केंद्र तथा बूथ लेवल अधिकारी के पास उपलब्ध हैं। उन्होंने जिला के सभी राजनैतिक दलों, गैर-सरकारी स्वयं सेवी संगठनों, महिला मण्डलों, स्वयं सहायता समूहों, युवा मण्डलों एवं नागरिकों से आग्रह किया कि वह प्रारूप प्रकाशन की अंतिम तिथि 09 दिसम्बर, 2023 तक प्रारूप में प्रकाशित फोटोयुक्त मतदाता सूचियों का निःशुल्क निरीक्षण कर लें तथा समुचित दावे एवं आक्षेप संबंधित अधिकारियों के पास समय पर प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में किसी भी प्रकार की अतिरिक्त जानकारी के लिए अपने मतदान केंद्र, उपमण्डलाधिकारी कार्यालय या जिला निर्वाचन कार्यालय अथवा टोल फ्री नम्बरः 1950 (कार्यालय समयावधि) पर सम्पर्क किया जा सकता है।
मुख्य संसदीय सचिव (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, लोक निर्माण तथा सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग) संजय अवस्थी ने कहा कि गृह रक्षकों को कार्य के प्रति समर्पण, कर्तव्य निष्ठा और सेवाभाव के लिए जाना जाता है तथा यह गुण अन्य को भी राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने के लिए प्रेरित करते हैं। संजय अवस्थी आज गृह रक्षक और नागरिक सुरक्षा के 61वें स्थापना दिवस के अवसर पर बटालियन प्रशिक्षण केन्द्र, अर्जुन मैदान शालाघाट में आयोजित समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने गृह रक्षकों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए आशा जताई कि गृह रक्षक भविष्य में भी अपने समर्पित कार्यों के माध्यम से आम जन की कठिन राहों को आसान बनाते रहेंगे। उन्होंने विश्वास दिलाया कि गृह रक्षकों की विभिन्न समस्याओं को यथोचित हल के लिए मुख्यमन्त्री के संज्ञान में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वाद्य यन्त्रों की खरीद के लिए गृह रक्षा विभाग को शीघ्र ही 05 लाख रुपए उपलब्ध करवाए जाएंगे। संजय अवस्थी ने कहा कि वर्ष 1962 में गृह रक्षक की स्थापना जन शक्ति के राष्ट्र हित में प्रयोग के दृष्टिगत की गई थी। उन्होंने कहा कि अपनी स्थापना के 61 वर्षों में गृह रक्षक प्रत्येक कसौटी पर खरे उतरे हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में प्रदेश में भारी वर्षा के समय आपदा काल में भी गृह रक्षकों ने स्व हित का परित्याग कर बहुमूल्य मानवीय जीवन बचाने में प्रशंसनीय कार्य किया। मुख्य संसदीय सचिव ने कहा कि यहां गृह रक्षक प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना के लिए विभिन्न स्वीकृतियां शीघ्र प्राप्त होंगी। मुख्यमन्त्री शीघ्र ही इस केन्द्र की आधारशिला रखेंगे। उन्होंने गृह रक्षकों द्वारा प्रस्तुत भव्य मार्च पास्ट एवं अन्य प्रदर्शनों की सराहना की। संजय अवस्थी ने कहा कि मुख्यमन्त्री सुखविंदर सिंह सुक्खु के सशक्त नेतृत्व में प्रदेश सरकार आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी हिमाचल की स्थापना के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अपने संसाधनों में वृद्धि के लिए प्रयासरत है।


















































