कोरोना की दूसरी लहर देश में प्रतिदिन नए रिकॉर्ड बना बना रही है। वहीं, पिछले 24 घंटे में 4,14,433 नए मामले सामने आए हैं और 3,920 मरीजों की मौत हुई है। यह पहली बार है जब एक दिन में कोरोना के नए आंकड़े 4.14 लाख से ज़्यादा हैं और ऐसा तीसरी बार है जब देश में कोरोना के नए आंकड़े 4 लाख पार पहुंचे हों। इससे पहले बुधवार को देश में कोरोना के कोरोना के 412,618 नए मामले सामने आए थे। वहीं, 30 अप्रैल को कोरोना के नए मामलों का आंकड़ा 4,02,351 था। लगातार बढ़ रहे कोरोना मामलों के बीच इस महामारी की संभावित तीसरी लहर को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से तैयारियों पर सवाल किया है। सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि तीसरी लहर में अगर बच्चे कोरोना से संक्रमित होते हैं तो सरकार के पास उनके इलाज के लिए क्या प्लान है। सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि अगर बच्चे संक्रमित हुए तो क्या माता-पिता अस्पताल में रहेंगे। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने यह सवाल भी किया कि क्या हम नए ग्रेजुएट डॉक्टर और नर्स का तीसरी लहर के दौरान इस्तेमाल कर सकते हैं।
दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच ऑक्सीजन की कमी एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। ऑक्सीजन की कमी के चलते दिल्ली का ऑक्सीजन कोटा बढ़ाया गया है और बुधवार को पहली बार 730 मीट्रिक टन ऑक्सीजन भी दी गई है। इस बात के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सरकार और कोर्ट का शुक्रिया अदा किया है। साथ ही सीएम अरविन्द केजरीवाल ने इस बात पर भी जोर दिया है कि उन्हें दिल्ली के लिए रोज 700 मीट्रिक टन से ज्यादा ऑक्सीजन चाहिए। सिर्फ एक दिन इतनी ऑक्सीजन मिलने से इस संकट को दूर नहीं किया जा सकता है। केजरीवाल ने उम्मीद जताई है कि केंद्र की तरफ से दिल्ली को अब लगातार 700 मीट्रिक टन से ज्यादा ऑक्सीजन उपलब्ध करवाई जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि अब तमाम अस्पतालों को बेड बढ़ाने के निर्देश दे दिए गए हैं। उनके मुताबिक क्योंकि पहले अस्पतालों के पास पर्याप्त ऑक्सजीन नहीं था, ऐसे में बीएड की क्षमता नहीं बढ़ाई जा सकती थी। लेकिन अब जब दिल्ली को मांग के मुताबिक ऑक्सीजन मिला है तो ऐसे में अस्पतालों को भी बेड बढ़ाने के निर्देश दे दिए गए हैं। सीएम ने उम्मीद जताई है कि ऑक्सीजन की सप्लाई बढ़ने से अब दिल्ली में कई लोगों की जान बचाई जा सकेगी और इस कोरोना संकट से प्रभावी अंदाज में लड़ा जा सकेगा।
हिमाचल प्रदेश में कोरोना संक्रमण पर काबू पाने के लिए सरकार ने सात मई सुबह छह बजे से 17 मई सुबह छह बजे तक कर्फ्यू लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी गई है। जयराम मंत्रिमंडल के निर्णय के बाद देर रात आपदा प्रबंधन सेल ने कोरोना कर्फ्यू के संबंध में विस्तृत आदेश जारी कर दिए है। जारी एसओपी के तहत पूरे प्रदेश में 7 मई को सुबह छह बजे से लेकर 17 मई की सुबह छह बजे तक कोरोना कर्फ्यू लागू रहेगा। इस अवधि के दौरान टीकाकरण केंद्रों पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार टीकाकरण जारी रहेगा। कर्फ्यू अवधि के दौरान पांच से ज्यादा लोगों के एक जगह पर इकट्ठा होना गैरकानूनी माना जाएगा। हालांकि शादी व अंतिम संस्कार में जिला प्रशासन की अनुमति के साथ अधिकतम 20 लोग शिरकत कर सकेंगे। इस दौरान सभी सरकारी व निजी कार्यालय बंद रहेंगे। सरकारी कर्मचारी घरों से काम करेंगे और बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। सभी शिक्षण, प्रशिक्षण व कोचिंग संस्थान 31 मई तक बंद रहेंगे। हालांकि, एमबीबीएस चतुर्थ व पांचवे साल, बीडीएस चौथे साल व तृतीय साल की नर्सिंग कक्षाएं जारी रहेंगी। प्रदेश के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में सभी तरह के उद्योग कोविड नियमों के तहत काम करते रहेंगे। इसी तरह से राज्य में सभी तरह की कृषि, बागवानी, पशुपालन गतिविधियां पूरी क्षमता के साथ चलती रहेंगी। सरकारी व गैर सरकारी क्षेत्र में निर्माण कार्य चलते रहेंगे। विवाह में 20 लोग शामिल हो सकेंगे, लेकिन शर्त यह रहेगी कि जिला प्रशासन की अनुमति से ही इतनी संख्या में लोग विवाह समारोह में एकत्र हो सकेंगे। इतनी ही संख्या में लोग अंतिम संस्कार में भी शामिल हो सकेंगे। ये सभी रहेंगे बंद सभी बाजार, सिनेमा हाल, शॉपिंग मॉल, बाजार परिसर, जिम, खेल परिसर, स्विमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थियेटर, सभागार व अन्य संबंधित गतिविधियां बंद रहेंगी। शराब ठेके, बार आदि भी बंद रहेंगे। निजी कार्यालय बंद रहेंगे और कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। ये गतिविधियां होंगी कर्फ्यू के दौरान सभी स्वास्थ्य सेवाएं जारी रहेंगी। अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लिनिक, टेलीमेडिसिन सेवाएं मिलेंगी। दवाइयों की दुकानें, मेडिकल लैब, अनुसंधान लैब, औषधालय, जन औषधि केंद्र, पशु चिकित्सालय, पैथोलॉजी लैब व स्वास्थ्य संबंधी उपकरणों की दुकानें खुली रहेंगी। इसके अलावा दवाइयां बनाने वाली इकाइयां भी खुली रहेंगी। वहीं, बैंक, एटीएम, आईटी वैंडर, बैंकिंग अभिकर्ता, बीमा कंपनियां, गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थान, माइक्रो बीमा संस्थान, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां, सहकारी सभाएं भी खुली रहेंगी। खाद्य वस्तुओं, सरकारी राशन डिपो, किराना, फल, सब्जी, डेयरी, दूध, मांस, फिश, पशुओं के चारे, बीज, खाद और कीटनाशकों की दुकानें भी खुली रहेंगी। लेकिन कोरोना के नियमों का पालन करते हुए शाम छह बजे तक ये दुकानें बंद करनी होंगी। ढाबे, होटल व रेस्टोरेंट पर्यटन विभाग की ओर से जारी एसओपी के तहत संचालित किए जाएंगे। सामान की होम डिलीवरी ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों से की जाएगी। इसके अलावा रिटेलरों को भी खाने-पीने, किराना आदि की होम डिलीवरी की मंजूरी मिलेगी। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मिडिया से संबंधित कर्मियों को भी छूट रहेगी। तेल व गैस सेवाएं जारी रहेंगी तेल व गैस क्षेत्र की सेवाएं जारी रहेंगी। पैट्रोल, डीजल, एलपीजी, केरोसिन आदि का परिवहन, भंडारण व वितरण पहले ही तरह होता रहेगा। बिजली , डाक सेवाएं, कोल्ड स्टोर, पेयजल, स्वच्छता व जल प्रबंधन के काम भी जारी रहेंगे। दूरसंचार सेवाएं भी बाधित नहीं होंगी। परिवहन सेवाएं सार्वजनिक परिवहन सेवाएं परिवहन विभाग की ओर से जारी एसओपी के अनुसार 50 फीसदी क्षमता के साथ संचालित होंगी। हवाई मार्ग, बस, रेल आदि से हिमाचल आने वाले लोगों को पहले प्रदेश सरकार के ई-पास पोर्टल पर पंजीकरण करवाना होगा। अंतरराज्जीय आवाजाही के लिए ई-पास जरूरी होगा। माल का परिवहन प्रदेश के भीतर और अंतरराज्जीय स्तर पर जारी रहेगा। आपाताकालीन व अनिवार्य सेवाएं देने वाले सरकारी, स्थानीय निकाय व अधिकृत संस्थाओं के कर्मचारियों को आवाजाही की अनुमति होगी। निजी वाहन कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए 50 फीसदी क्षमता के साथ आपातकालीन स्थिति में आवाजाही कर सकेंगे।
देश में कोरोना का कहर लगातार जारी है। बीते 24 घंटे में देश में कोरोना वायरस के दैनिक मामले एक बार फिर बढ़े हैं। बुधवार को कोरोना के 3.82 लाख से ज़्यादा नए मामले सामने आए। इतना ही नहीं कोरोना वायरस से होने वाली दैनिक मौतों के आंकड़ों ने भी स्वास्थ्य विभाग की चिंता और बढ़ा दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 3,82,315 नए मामले सामने आए हैं, 3780 मरीजों की मौत हुई है। हालांकि तीन लाख से ही ज़्यादा मरीज ठीक होकर घर वापस लौटे है। देश में अब कोरोना वायरस से ठीक हुए मरीजों का कुल आंकड़ा बढ़कर 1,69,51,731 हो गया है। इतना ही नहीं कोरोना से संक्रमित मामलों का आंकड़ा दो करोड़ के पार चला गया है। वैक्सीनेशन अभियान के तहत देश में 16,04,94,188 लोगों को कोरोना का टीका लग चुका है।
हिमाचल प्रदेश की सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री सरवीण चौधरी और उनके परिवार की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर यह जानकारी दी। उन्होंने कहा की उनके और उनके परिवार ने कोविड महामारी के समान्य लक्षण होने के कारण अपने टेस्ट करवाए जिसमें उनकी रिपोर्ट पॉज़िटिव पाई गई। हालांकि उनकी सेहत बिलकुल सामान्य है फिर भी उन्होंने अपने आप को घर में ही आइसोलेट कर लिया है। उन्होंने लोगों से विनती की है कि जो भी लोग उनके या उनके परिवार के संपर्क में आए हैं वे अपना टेस्ट करवा लें और कोविड महामारी के नियमों का पालन करें।
देश में कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले हफ्ते से लगातार प्रतिदिन साढ़े तीन से ज़्यादा नए मरीज मिल रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटे में 3.68 लाख से ज़्यादा नए कोरोना मरीज मिले हैं और 3,417 लोगों की मौत हो गई। कोरोना मरीजों और कोविड से होने वाली मौतों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी जारी है, जिससे देश की स्वास्थ्य प्रणाली चरमरा गई। देशभर के अस्पतालों में बेड, वेंटिलेटर, रेमडेसिविर और ऑक्सीजन की किल्लत जारी है। सैकड़ों लोग बिना इलाज़ के ही दम तोड़ रहे हैं। वहीं श्मशान घाटों पर शवों के अंतिम संस्कार के लिए कई घंटों का इंतजार करना पड़ रहा है। भारत दुनिया में तीसरा ऐसा देश है, जहां कोरोना से सबसे अधिक लोगों की मौतें हुई हैं। वहीं, पहले नंबर पर अमेरिका और दूसरे नंबर पर ब्राजील है।
देश में बढ़ रहे कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते ओडिशा सरकार ने प्रदेश में 14 दिन का लॉकडाउन लगाने का फैसला लिया है। बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण ओडिशा में 5 मई से 19 मई तक लॉकडाउन रहेगा। ओडिशा सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस दौरान आवश्यक सेवाओं, हेल्थ सेवाओं को ही छूट रहेगी। इसके अलावा सुबह के 7 बजे से दोपहर के 12 बजे तक लोग अपने घरों से 500 मीटर के दायरें में निकल सकेंगे, ताकि वे अपने जरूरी कार्य कर सकें। ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार बीते 24 घंटो में राज्य में कोरोना के 8015 नए मामले सामने आए हैं। वहीं, कोरोना से अब तक 2068 मौत हो चुकी हैं। वहीं, अगर पूरे देश की बात करें तो 24 चौबीस घंटे में कोरोना के 3,92,488 नए मामले सामने आएं हैं और 3689 लोगों की मौत हो गई है। राहत वाली बात यह रही कि करीब 3 लाख 7 हजार 865 लोग इस बीमारी को मात देकर घर लौट चुके हैं।
देश में कोरोना के खिलाफ जंग जीतने के लिए आज से कोविड टीकाकरण का तीसरा चरण शुरू हो रहा है, जिसके अंतर्गत 18 साल से ऊपर वालों को कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी। कई राज्यों में आज टीकाकरण के तीसरे चरण की शुरुआत हो रही है, तो कई राज्यों ने हाथ खड़े कर दिए हैं। आज से 18 से 45 आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण किया जाना है, लेकिन टीकाकरण महाअभियान के शुरू होने से पहले ही उस पर संकट के बदल मंडरा रहे है। पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, ओडिशा, तमिलनाडु, झारखंड, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश आदि राज्यों ने टीकों की कमी का हवाला देते हुए टीकाकरण अभियान को टाल दिया है। इससे पहले, बिहार, पंजाब और महाराष्ट्र ने गुरुवार को ही टीकाकरण अभियान टालने की घोषणा की थी। हालांकि, महाराष्ट्र में कुछ जगहों पर वैक्सीन लगेगी।
देश में कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को कोरोना वायरस के मामलों ने नया रिकॉर्ड बनाया है। बीते 24 घंटे में कोविड-19 के चार लाख से अधिक मामले सामने आए हैं। इससे पहले सिर्फ अमेरिका में ही एक दिन में चार लाख से अधिक मामले सामने आए थे। शुक्रवार को देश में कोरोना वायरस के कुल 4,02,351 मामले सामने आए। देश में अप्रैल के दौरान कोविड-19 के 66 लाख से अधिक नए मामले सामने आए जो पिछले साल महामारी की शुरुआत के बाद संक्रमण के मामलों को लेकर सबसे खराब महीना साबित हुआ है। अप्रैल महीने में दर्ज किए गए नए मामले पिछले छह महीनों में सामने आए मामलों से अधिक रहे जो कि संक्रमण की दूसरी लहर की गंभीरता को दर्शाता है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि अप्रैल के बाद से संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े हैं। पांच अप्रैल से प्रतिदिन एक लाख से अधिक मामले सामने आने लगे जबकि 15 अप्रैल से इनकी संख्या प्रतिदिन दो लाख को पार कर गई और 22 अप्रैल से रोजाना तीन लाख से अधिक मामले दर्ज किए जा रहे हैं। इसी के साथ पिछले चार सप्ताह में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, झारखंड, पंजाब, मध्यप्रदेश और राजस्थान में परिस्थितियां अधिक चिंताजनक हुई हैं।
शहर-शहर कोरोना का कहर मचा है। देश में लगातार नौवें दिन कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 3 लाख के पार पंहुचा है। ऐसे में कोरोना से स्वयं को बचाने के लिए सावधानी बरतना बरतना जरुरी है। पढ़िए कोरोना संबंधी कुछ सवालों के जवाब जो कोरोना से स्वयं के बचाव में करेंगे मदद.... साबुन या सैनिटाइज़र: घर पर साबुन और पानी से हाथ धोने का तरीका सबसे अच्छा है। हाथों को साबुन से काम से काम 20 सेकेंड तक धोना चाहिए। हाथों के हर कोने को अच्छी तरह से साफ करें। दिन में बार-बार हाथों को साबुन से धोएं। कौन सा सैनिटाइज़र सही है: यदि आप घर से बाहर है जहाँ साबुन और पानी उपलब्ध नहीं है, तो कम से कम 60 प्रतिशत अल्कोहल वाले हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करें। कैसे करें सैनिटाइज़र का उपयोग : हैंड सैनिटाइज़र को एक हथेली पर लगाने के बाद दोनों हाथों को एक साथ रगड़ना चाहिए। रगड़ते समय, जेल को हाथ की सभी सतहों को कवर करते हुए अंगुलियों पर फैलाया जाना चाहिए। यह प्रक्रिया तब तक कीजिए जब तक जेल के पूरी तरह हाथों पर सूख न जाए। अल्कोहल आधारित सैनिटाइज़र क्यों : अल्कोहल वायरस और बैक्टीरिया सहित विभिन्न प्रकार के रोगाणुओं को मारने में प्रभावकारी है। कोरोना वायरस एक ऐसे प्रकार का वायरस है, जिसमें एक बाहरी आवरण होता है। इसे आवरण को इनवेलप कहा जाता है। अल्कोहल इस आवरण को खत्म कर सकता है। चीज़ो को कैसे करें कीटाणुरहित: क्लीन्ज़र और वाइप्स उन वस्तुओं, सतहों की सफाई करने और कीटाणुरहित करने में प्रभावी होते हैं, जिन्हें अक्सर छुआ जाता है। इसके इलावा बाहर से आने वाले सामान को डेटॉल वाले वाले पानी से धोकर और सैनिटाइज़र स्प्रे से साफ़ करके धुप में सूखा कर घर में लाएं। फल-सब्ज़ियों को कैसे करें साफ: बाहर से आने वाली फल व सब्ज़ियों को अच्छी तरह से गरम पानी में धोने के बाद धूप में सुखा कर उनका उपयोग करें। सब्ज़ी बनाने से पहले ग्राम पानी में नमक डाल कर सब्ज़ियों को साफ़ करें। घर से निकलते वक़्त जरूर पहने मास्क: कोरोना काल में संक्रमण से बचाव में मास्क बड़ा उपाय रहा है। कोरोना काल में वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन समेत दुनियाभर के देश इसपर लगातार ज़ोर दे रहे हैं। हर जगह पर मास्क पहनना अनिवार्य किया जा चुका है। घर से बाहर जाते वक़्त मास्क जरूर पहने और लोगों से 2 गज की दूरी बनाए।
देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना ने विकराल रूप ले लिया है। दिल्ली में कोरोना वायरस के हालात बेकाबू होते जा रहे है। दिनोंदिन मौतों का आंकड़ा तेज़ रफ़्तार के साथ बढ़ रहा है। कोरोना के चलते भारी संख्या में लोग दम तोड़ रहे है। हालात ऐसे बन गए है कि श्मशान में शवों को जलाने के लिए जगह काम पड़ गई है। लोगों को अंतिम संस्कार के लिए घंटों इंतज़ार करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी भयवाह हो चुकी है कि अब पशुओं के श्मशान घाटों पर इंसानों के अंतिम संस्कार का इंतज़ाम किया जा रहा है। श्मशान घाटों पर भारी दबाव को देखते हुए दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने द्वारका के कुत्ता श्मशान घाट को इंसानों के श्मशान घाट में तब्दील करने का फ़ैसला किया है। वंही, दिल्ली के सरकारी आंकड़ों में जितनी मौते बताई जा रही है, हक़ीक़त उससे काफी अलग है। श्मशानों में जितने शव पहुंच रहे हैं, वो सरकारी आंकड़ों से काफ़ी ज़्यादा हैं। बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में मौत का आंकड़ा और ऊपर जाने की आशंका है। ऐसे में श्मशानों की क्षमता बढ़ाई जा रही है।
देश में कोरोना की दूसरी लहर से हाहाकार मचा हुआ है। एक तरफ देश ऑक्सीजन की कमी से झूझ रहा है तो वंही, एक मई से देशभर में शुरू होने वाले कोरोना टीकाकरण अभियान के तीसरे चरण पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। दरअसल, कई राज्य वैक्सीन की कमी से जूझ रहे हैं, जिसके चलते तीसरे चरण का अभियान प्रभावित हो सकता है। मुंबई में भी यही हाल है। यहां कोरोना टीकों की इतनी कमी हो गई कि ग्रेटर मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन को तीन दिनों के लिए कोरोना वैक्सीनेशन अभियान पर रोक लगाने का फैसला लेना पड़ा। जीएमएमसी ने जानकारी दी है कि उसके पास टीके उपलब्ध नहीं हैं, इस कारण मुंबई में 30 अप्रैल से रविवार 2 मई के लिए टीकाकरण अभियान पर रोक लगा दी गई है। बता दें कि महाराष्ट्र के अलावा पंजाब, दिल्ली, तमिलनाडु ने भी टीके की कमी की बात कही है। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिद्धू ने कहा कि वैक्सीनेशन का तीसरा फेज तभी शुरू हो सकेगा, जब राज्य को 10 लाख तक डोज दिए जाएंगे।
देश में कोरोना का कोहरम रुकने का नाम नहीं ले रहा है। देश में स्थिति भयावह होती जा रही है। लगातार नौवें दिन देश में कोरोना के तीन लाख से अधिक मामले सामने आए हैं। बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस के 3,86,452 मामले सामने आए हैं और 3498 लोगों की मौत हुई है। ये नौवां दिन है जब कोरोना के मामले तीन लाख से अधिक पहुंचे हैं और आंकड़ा चार लाख के करीब पहुंच रहा है। इसी के साथ देश में संक्रमण की दर भी 21.2 फीसदी पहुंच गई है। इसका मतलब है कि हर 100 लोग जो टेस्ट करवा रहे हैं उनमें से 21 लोग पॉजिटिव निकल रहे हैं। चिंताजनक बात है कि पिछले कुछ दिनों से मौत का आंकड़ा तीन हजार के ऊपर बना हुआ है। 13 अप्रैल के बाद से मौत के आंकड़े बढ़ने शुरू हुए हैं। गौरतलब है कि देश में सबसे प्रभावित शहरों में पांच शहर महाराष्ट्र से है। ये शहर हैं-पुणे, मुंबई, नागपुर, ठाणे, नासिक और हैदराबाद। अन्य शहर है- लखनऊ, कामरूप मेट्रो और अहमदाबाद। अगर राज्यवार देखें तो शुक्रवार को 15 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों में सबसे अधिक मामले सामने आए। इन राज्यों में शामिल हैं-केरल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, प. बंगाल, ओडिशा, राजस्थान, छत्तीसगढ़, हरियाणा, गुजरात, बिहार, मध्यप्रदेश, पंजाब और चंडीगढ़।
देश में कोरोना वायरस का संक्रमण अनियंत्रित हो चूका है। देश में संक्रमण के मामलें लगातार तीव्र गति से बढ़ रहे है। पिछले कुछ दिनों में भारत में इस खतरनाक वायरस के औसत मामले तीन लाख से ज्यादा का आंकड़ा पर कर चुके है। गुरुवार को देश में कोरोना संक्रमण के करीब 3 लाख 80 हजार नए मामले दर्ज किए गए हैं। कुल संक्रमितों की संख्या 1 करोड़ 80 लाख के चिंताजनक आंकड़े को पार कर चुकी है। सिर्फ पिछले 3 दिनों के आंकड़ों को जोड़ा जाए तो यह संख्या 10 लाख से ज्यादा हो जा रही है। जबकि पहली बार 10 लाख तक पहुंचने में 169 दिनों का समय लगा था। पिछली लहर में कोरोना के सर्वाधिक मामले एक लाख के आंकड़े के इर्द-गिर्द रहे थे, जिसके कारण पहली लहर में 10 लाख मामले सबसे कम 11 दिनों में पूरे हुए थे। साल के शुरुआती तीन महीनों के मुकाबले अप्रैल में कोरोना की रफ्तार में तेजी देखने को मिली है। आंकड़ों पर गौर किया जाए तो अप्रैल में अब तक 62,27,189 नए केस सामने आए हैं जबकि अप्रैल में अब तक 42,364 मौतें हुई हैं। अगर पिछले सात दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 28 अप्रैल को 36096, 27 अप्रैल को 3,23,144, 26 अप्रैल को 3,52,991,25 अप्रैल को 3,49,691 केस दर्ज किए गए हैं। इसी प्रकार, 24 अप्रैल को 3,46,786, 23 अप्रैल को 3,32,730 और 22 अप्रैल के दिन 3,14,835 नए मामले सामने आए थे।
पूरे देश में कोरोना का साया मंडरा रहा है। कोरोना देश के हर राज्य में पैर पसार रहा है। इसी के मध्यनज़र प्रदेश में कोरोना संकट के चलते लगातार दूसरे वर्ष कॉलेजों के प्रथम और द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को प्रमोट करने की तैयारी शुरू हो गई है। उच्च शिक्षा निदेशक ने गुरुवार दोपहर दो बजे तक सभी कॉलेज प्रिंसिपलों से सुझाव मांगे हैं। उन्होंने कॉलज के प्रिंसिपलों से पूछा है कि अगर विद्यार्थियों को बिना परीक्षा परिणाम प्रमोट करना है तो उसका क्या आधार हो। उन्होंने दाखिला प्रक्रिया पर भी सुझाव मांगे हैं। इसके अलावा आखिरी सेमेस्टर और अंतिम वर्ष की परीक्षाओं के आयोजन के तरीके के लिए भी सुझाव मांगे है। सुझावों के आधार पर शिक्षा निदेशालय रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजेगा। कैबिनेट बैठक में इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा की ओर से जारी पत्र में कहा है कि कोरोना की दूसरी लहर तेजी से फैल रही है। ऐसे में विद्यार्थियों, शिक्षकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एहतियात बरतने की आवश्यकता है। निदेशक ने सभी प्रिंसिपलों से सुझाव देने से पहले अन्य हितधारकों अभिभावकों और शिक्षकों से भी चर्चा करने को कहा है। वंही, निदेशक ने कॉलेजों को खोलने पर भी अपनी राय देने को कहा है।
कोरोना के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर देवभूमि उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2021 को स्थगित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने यह दी। बता दें कि गुरुवार को इस संबंध में एक बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में अधिकारियों के अलावा पर्यटन और धार्मिक मामलों के मंत्री सतपाल महाराज भी मौजूद रहे। बैठक में मई के दूसरे हफ्ते में शुरू होने वाली चारधाम यात्रा को कोविड के चलते स्थगित किए जाने का फैसला किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारों धाम के कपाट अपने तय समय पर खुलेंगे। लेकिन केवल पुजारी और पुरोहित ही धामों में पूजा अर्चना करेंगे। यात्रियों को वहां जाने की अनुमति नहीं होगी। कोविड महामारी पहाड़ों तक न पहुंचे इसके लिए वहां आने वाले तीर्थयात्रियों को अभी ना आने को कहा जा रहा है। हालात ठीक होने पर यात्रा पर पुनर्विचार किया जाएगा। वहीं, श्री हेमकुंड साहिब गुरुद्वारे की यात्रा भी स्थगित कर दी गई है, जो कि 10 मई से शुरू होनी थी।
कोरोना का कहर देश में हर रोज़ तीव्रता के साथ बढ़ रहा है। कोरोना देश के हर राज्य में अपने पैर पसार रहा है। कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी इस खौफनाक वायरस की चपेट में आ चुके हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ और कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा आदि शामिल हैं। इस लिस्ट में अब राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का नाम भी जुड़ गया है। वह भी संक्रमित हो गए हैं। उन्होंने खुद ट्वीट करके इस बात की जानकारी दी। बता दें कि एक दिन पहले ही अशोक गहलोत की पत्नी सुनीता गहलोत कोरोना संक्रमित हो गई थीं, जिसके बाद मुख्यमंत्री होम आइसोलेशन में चले गए थे। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट करके संक्रमित होने की जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट में लिखा, 'कोविड टेस्ट करवाने पर आज मेरी रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। मुझे किसी तरह के लक्षण नहीं हैं और मैं ठीक महसूस कर रहा हूं। कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मैं आइसोलेशन में रहकर ही कार्य जारी रखूंगा।'
Over 1.3 crore Indians registered themselves online on the government's dedicated portal Cowin on Wednesday for the mass vaccination drive. However, a lot of them struggled a lot to get themselves registered and complained about the technical problems they faced while trying to register themselves on the Cowin portal. Some of them even complained that the portal was not responding while others said that it had crashed. In the second wave of infection, it has been seen that at least 300,000 people test positive each day for the past week. At this moment, India's best hope is to vaccinate its vast population. On Wednesday it opened registrations for everyone above the 18 to be vaccinated from Saturday. Many state governments have already said that may not be able to begin the drive on May 1 as they are still short of supplies. Another major roadblock is the large number of people registering themselves for vaccination. As the situation stands, COVID-19 vaccination is currently available in private hospitals only for 45-plus people till the end of the month. Thereafter the Centre-supported vaccine rollout for this category will be available only in government hospitals. The Centre has recently announced that states, private hospitals, and corporates can access 50% production of Covishield and Covaxin for the 18 and above category.
देश में कोरोना कहर दिनोंदिन बढ़ रहा है। कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा 2 लाख के पर पहुंच गया है। कोरोना महामारी हर रोज़ अपने पुराने रिकॉर्ड तोड़ रही है। पिछले चौबीस घंटे में 3.60 लाख कोरोना के केस दर्ज किए गए। भारत में सबसे बुरा हाल महाराष्ट्र, दिल्ली और यूपी का है। महाराष्ट्र में बीते 24 घंटे में 985 लोगों की जान चली गई। वहीं पूरे देश में एक दिन में 3.2 हजार लोगों की कोरोना के कारण मौत हो गई। महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटे में 63,309 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि देश में कोरोना से स्थिति कितना भयंकर रूप ले चुकी है। इस स्थिति में भारत की मदद के लिए रूस, अमेरिका और UK सहित कई विदेशी राज्य आगे आए है। रूस की तरफ से 20 Oxygen concentrator, 75 वेंटिलेटर, 150 बेड साइड मॉनिटर और Fabipiravir दवाइयां भारत पहुंची हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्विटर बताया कि यूके से एक और शिपमेंट भारत पहुंच चुका है। 120 ऑक्सीजन संकेंद्रक वीरवार सुबह ही भारत पहुंचे है। बीते दिन ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत की मदद करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया था। अब अमेरिका से मदद की पहली खेप का आना शुरू हो चुका है। अमेरिका से आने वाले जहाज में 440 ऑक्सीजन सिलेंडर, रेगुलेटर, 960,000 Rapid Diagnostic Tests और 100,000 N-95 मास्क भारत पहुंच चुके हैं। दूसरी तरफ यूनाइटेड नेशंस ने भी भारत की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। UN विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनीसेफ ऑक्सीजन सप्लाई के लिए 7000 ऑक्सीजन CONCENTRATORS और 500 NASAL devices की खरीदारी कर रही है। इसके अलावा कोविड-19 टेस्टिंग मशीन, ऑक्सीजन जनरेटिंग प्लांट्स और प्रोटेक्टिव किट्स भी खरीद रही हैं।
भारत में कोरोना का कहर लगातार जारी है। देश में आए दिन मौतों का आकड़ा बढ़ रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुरुवार सुबह जारी किए आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में 3,79,257 नए मामले सामने आए है। वहीं 3,645 संक्रमितों की मौत हो गई। 2,69,507 लोगों ने कोरोना को मात दे दी और वो स्वस्थ होकर वापस अपने घर लौट गए है। इसके बाद अब तक देश में संक्रमितों का कुल आंकड़ा 1,83,76,524 हो गया और मरने वालों की संख्या 2,04,832 हो गई है। फिलहाल देश में स्वस्थ हुए लोगों की संख्या 1,50,86,878 है, सक्रिय कोविड संक्रमितों का आंकड़ा 30,84,814 है। देश में 16 जनवरी से कोरोना वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत हुई थी जिसके तहत अब तक कुल 15,00,20,648 वैक्सीन की खुराक दी जा चुकी है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के अनुसार, भारत में बुधवार तक कोरोना वायरस के लिए कुल 28,44,71,979 सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं, जिनमें से 17,68,190 सैंपल कल टेस्ट किए गए।
Corona outbreaks are being seen in different parts of the country. The number of new patients is constantly increasing. Such a situation is increasing the pressure on hospitals. Many hospitals have complaints of beds and oxygen shortage. People are wandering from rate to rate for oxygen. At the same time, the negligence of the hospital is also being seen in many cities. Some cases of negligence are coming out from different cities of Uttar Pradesh where the private hospital in Rohania area crossed the limits of negligence. The doctors and staff were seen missing in the hospital in Bacchana area of Rohania. A family alleges that the hospital has admitted the Covid patient to the hospital, but is not receiving any kind of care. Angry families created a fierce commotion and vandalized the hospital. The sad part is that despite this ruckus, the patient's life could not be saved.
All people aged 18 years and above are going to get the corona vaccine from May 1, but the Arogya Setu app to be registered has not been updated yet. After getting registered on the Arogya Setu app, the message is still received that currently only those who are 45 years and above can get vaccinated. The same is also the case with the Kovin Portal and Umang App. In such a situation, people aged 18 years and above are worried about registration. Registration was to start from today. It was earlier told that from April 28, registration will start for those above 18 years of age on all three platforms Kovin, Arogya Setu, and Umang App, but now when the people of registration are getting upset, then Arogya Setu's statement has come that registration will be on April 28 from 4 pm. Arogya Setu has officially stated that registration will start from 4 pm on all three platforms Kovin, Arogya Setu, and Umang App.
भारत में जारी कोरोना की दूसरी लहर की रफ्तार हर दिन के साथ तेज़ होती जा रही है। देश में कोरोना के मामलें आए दिन नया रिकॉर्ड दर्ज कर रहे है। पिछले करीब एक हफ्ते से रोजाना तीन लाख से अधिक मामले दर्ज किए जा रहे हैं। मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में भारत में 3.60 लाख कोरोना के नए मामले सामने आए, जबकि 3293 लोगों की मौत हुई है। इसी के साथ भारत में कुल मौतों का आंकड़ा भी दो लाख को पार कर गया है। दुनिया में कोरोना के कारण हुई कुल मौतों के मामले में अब भारत चौथे नंबर पर आ गया है। सबसे अधिक मौतें अमेरिका, ब्राजील और मैक्सिको में हुई हैं, उसके बाद भारत का नंबर आता है।
देश में कोरोना वायरस की स्थिति से हाहाकार मचा हुआ है। दिनोंदिन स्थति भयावह होती जा रही है। भारत में कोरोना वायरस के आंकड़े काफी भयानक है। हर दिन देश में 3 लाख से अधिक मामलें दर्ज हो रहे है। वंही, हिमाचल प्रदेश में बीते एक सप्ताह के दौरान कोरोना की जांच के लिए करीब 65486 लोगों के सैंपल लिए गए हैं। इनमें से 10529 से अधिक लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 20 अप्रैल को बीते 24 घंटे में कोरोना की जांच के 9071 सैंपल लिए गए। इनमें से 1295 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। 21 अप्रैल की रिपोर्ट के अनुसार 7615 सैंपल लिए गए और 454 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। 22 अप्रैल को 7799 सैंपल लिए और 959 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। 23 अप्रैल को 10079 सैंपल व 819 पॉजिटिव, 24 अप्रैल को 9990 सैंपल व 1041 लोग पॉजिटिव, 25 अप्रैल को 6483 और 534 पॉजिटिव केस आए। वहीं, 26 अप्रैल को 7172 सैंपल लिए गए और 1072 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। प्रदेश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा वर्तमान में 89193 के पार पहुंच गया है। सक्रिय मामले 14326 से ज्यादा हो गए हैं। अब तक से अधिक 73478 संक्रमित ठीक हो चुके हैं और 1350 की मौत हुई है।
देश में कोरोना की स्थिति ने भयंकर रूप ले लिया है। हर तरफ महामारी से हाहाकार मचा हुआ है। अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी से मरीज़ झूझ रहे हैं। लेकिन इस मुश्किल की घड़ी में भारत अकेला नहीं है। इस घातक बीमारी से लड़ने के लिए भारत के सहयोग में कई देश व नामी हस्तियां आगे आ रहीं हैं। इसी कड़ी में अमेरिका की शीर्ष 40 कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) ने भी मदद का हाथ बढ़ाते हुए एकजुटता का बड़ा उदाहरण पेश किया है। बता दें कि इन 40 कंपनियों के सीईओ ने एक वैश्विक टास्क फोर्स बनाई है, ताकि वे भारत की मदद के लिए संसाधन जुटा सकें। डेलोइट के सीईओ पुनीत रंजन ने कहा कि यूएस चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स की यूएस-इंडिया बिजनेस काउंसिल और यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक एंड पार्टनरशिप फोरम की बैठक में सामूहिक पहल के तहत बनी टास्क फोर्स ने अगले कुछ हफ्तों में भारत में 20 हज़ार ऑक्सीजन मशीनें भेजने की प्रतिबद्धता जताई है। महामारी पर यह वैश्विक टास्क फोर्स भारत को अहम चिकित्सा सामान, टीके, ऑक्सीजन और अन्य जीवन रक्षक सहायता मुहैया करवाएगा।
देश में इस वक्त कोरोना वायरस के संकट का तूफान आया हुआ है। इस महासंकट के बीच दिल्ली पर सबसे ज़्यादा असर देखने को मिल रहा है। राजधानी दिल्ली में बढ़ती मौतों की संख्या हर किसी की चिंता बढ़ा रही है। दिल्ली के आस्था अस्पताल में ऑक्सीजन की किल्लत सामने आई है। अस्पताल का कहना है कि ऑक्सीजन बिल्कुल खत्म होने की कगार पर है। यहां करीब 40 मरीज वेंटिलेटर पर हैं। मंगलवार सुबह दिल्ली के शांति मुकुंद अस्पताल में बेड्स पूरी तरह भर चुके हैं। अस्पताल ने बाहर बोर्ड लगा दिया है कि कोई बेड उपलब्ध नहीं हैं। दिल्ली में अभी भी ऑक्सीजन और बेड्स का संकट बना हुआ है। सोमवार की देर रात को दिल्ली में ऑक्सीजन एक्सप्रेस पहुंची, जिसमें ऑक्सीजन के चार कंटेनर्स थे अब इन्हें दिल्ली के अलग-अलग अस्पतालों में भेज दिया जाएगा। वहीं, अगर अस्पतालों में बेड्स की संख्या की बात करें तो हालात खराब है। मंगलवार सुबह दिल्ली के अस्पतालों में सिर्फ 15 आईसीयू बेड्स खाली हैं जबकि ऑक्सीजन बेड्स की संख्या सिर्फ 1736 हैं। बीते दिन ही दिल्ली में सरदार पटेल कोविड सेंटर की शुरुआत हुई है, जिसमें 500 ऑक्सीजन बेड्स की सुविधा है।
देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर तेज़ रफ़्तार से बढ़ रही है, जिसके चलते स्थिति दिनोंदिन भयावह हो रही है। देश में कोरोना के मामलें आए दिन नया रिकॉर्ड दर्ज कर रहे है। बीते 6 दिनों से कोरोना वायरस के मामले तीन लाख से ज़्यादा ही पाए जा रहे हैं। मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में देश में 3.23 लाख से अधिक मामले आए और 2771 लोगों की मौत हुई। इस दौरान देश में 25182 लोग डिस्चार्ज किए गए और बीते 24 घंटे में 68546 एक्टिव केस बढ़े। देश में अब तक 14,52,71,186 लोगों का टीकाकरण हो चुका है। देश में फिलहाल एक्टिव केस का 16.34%, डिस्चार्ज मरीजों का प्रतिशत 82.54 और मृतकों का प्रतिशत 1.12 है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के आग्रह को स्वीकार करते हुए दिल्ली को ऑक्सीजन की आपातकालीन आपूर्ति करने की सहमति प्रदान की है। कोविड-19 महामारी के संकट के कारण राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र मेंऑक्सीजन का भारी संकट चल रहा है। दिल्ली के मुख्यमंत्री को लिखे एक पत्र में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि दिल्ली में उत्पन्न स्थिति से हिमाचल प्रदेश काफी चिन्तित है और दिल्ली सरकार को हर सम्भव सहायता प्रदान करने में प्रदेश को प्रसन्नता होगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के अधिकारी ऑक्सीजन की आपूर्ति का प्रबन्ध करने के लिए हिमाचल प्रदेश के उद्योग विभाग के अतिरिक्त निदेशक से सम्पर्क कर सकते हैं। अरविन्द केजरीवाल ने इस उदारता के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते एक बड़ा एलान किया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने निर्णय लिया है कि 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को मुफ़्त में वैक्सीन दी जाएगी। राज्य सरकार ने 1.34 करोड़ वैक्सीन का ऑर्डर दिया है, 1 मई से दिल्ली में वैक्सीनेशन का काम बड़े स्तर पर किया जाएगा। उन्होंने कहा की वो यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि इसे जल्द से जल्द खरीदा जाए और लोगों को जल्द से जल्द प्रशासित किया जाए। वहीं, वैक्सीन के एक निर्माता ने कहा है कि वो राज्य सरकारों को 400 और दूसरे ने कहा कि वो 600 रुपये में वैक्सीन देंगे और केंद्र सरकार को 150 रुपये में देंगे। इसकी एक ही कीमत होनी चाहिए। केजरीवाल ने वैक्सीन निर्माताओं से अपील कि की वे कीमत 150 रुपये डोज़ तक कम करें। उन्होंने कहा कि मुनाफा कमाने के लिए तो पूरा जीवन पड़ा है यह ऐसा करने का समय नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार से भी अपील करते हुआ कहा कि जरूरत पड़ने पर टीकों की कीमत तय करें।
हिमाचल प्रदेश में बेकाबू होती कोरोना की दूसरी लहर कहर बरपा रही है। कोरोना की रोकथाम के लिए बढ़ती सख्ती और पाबंदियों से पर्यटन उद्योग की रफ़्तार एक बार फिर धीमी कर दी है। हिमाचल प्रदेश में लगातार दूसरे साल ग्रीष्म पर्यटन सीजन पिट गया है। कोरोना के खतरे और बंदिशों ने देश-विदेश से आने वाले सैलानियों के कदम जकड़ लिए हैं। प्रदेश के अधिकांश होटलों और होमस्टे में ऑक्यूपेंसी शून्य हो चुकी है। एडवांस बुकिंग भी धड़ाधड़ रद्द होने लगी है। परेशान पर्यटन कारोबारी फिर से अपना काम-धंधा समेटने लग पड़े हैं। लगातार दूसरे साल भी सीजन पिटने से कारोबारी चिंतित हैं। हिमाचल में पर्यटन सीजन शुरू होना ही था की इससे पहले ही बढ़ते कोरोना के चलते सरकार को कई बंदिशों को लेकर फरमान जारी करना पड़ा। इसके बाद अब होटल व्यवसाय पर इसका असर देखने को मिल रहा है। पर्यटन हिमाचल प्रदेश की आर्थिकी का एक बड़ा हिस्सा है, परन्तु लगातार दूसरे साल स्थिति खराब होने से पर्यटन व्यवसाइयों की चिंता बढ़ गई है। होटल, रेस्टोरेंट ईकाइयों को फिक्स्ड खर्चों का वहन कर पाना असंभव हो गया है। हालाँकि सरकार ने अभी बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों पर कोई रोक नहीं लगाई है, लेकिन इसके बावजूद भी प्रदेश के होटलों में कम ही पर्यटक देखने को मिल रहे है। बता दें की हिमाचल की पर्यटन इकाइयों की आमदन का बहुत बड़ा हिसा समर सीजन पर ही निर्भर करता है, लेकिन इस बार भी कोरोना की दूसरी लहर के चलते समर सीजन पर संकट के बादल छाए हुए है। पर्यटन से जुड़ा है राज्य का हर घर और परिवार: सेठ स्टेट टूरिज्म इंडस्ट्री स्टेकहोल्डर एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहेंद्र सेठ का कहना है कि पर्यटन से राज्य का हर घर और परिवार जुड़ा हुआ है। ऐसे में पर्यटन राज्य में पयटकों के आने पर किसी प्रकार का अनावश्यक प्रतिबंध नहीं लगना चाहिए। पर्यटक केवल होटलों में नहीं रहता है बल्कि अन्य उद्योग भी इससे जुड़े है। बहुत मुश्किल से प्रदेश में पर्यटन व्यवसाय पटरी पर लौटने लगा था , लेकिन कोरोना की दूसरी लहर ने अब फिर से चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से जो इंटरेस्ट सुबवेंशन स्कीम के तहत ऋण के रूप में पर्यटन से जुड़े करोबारियों को आर्थिक मदद करने का नोटिफिकेशन जारी की हुई थी, उस स्कीम के अंतर्गत प्रदेश के किसी भी पर्यटन कारोबारी को वर्किंग कैपिटल ऋण बैंकों द्वारा नही दिए गए है। पर्यटन कारोबारियों में इस बात का रोष है कि आर्थिक मदद तो दूर विभागों द्वारा लॉकडाउन अवधि के भी पानी, टैक्स के बिल होटलों को भेजे जा रहे है।
देशभर में कोरोना वायरस बेकाबू होता जा रहा हैं। प्रतिदिन कोरोना के नए मरीजों और कोविड से होने वाली मौतों की संख्या में बढ़ोतरी जारी है। देश में पिछले 24 घंटे में 3.53 लाख नए कोरोना मरीज मिले हैं और 2812 से ज़्यादा लोगों की संक्रमण से जान चली गई। यह दुनिया के किसी भी देश में एक दिन में मिले नए कोरोना मरीज़ और कोविड से होने वाली मौतों की सबसे अधिक संख्या है। देश में कोरोना मरीज़ों की संख्या लगातार बढ़ने के चलते सर्वाधिक प्रभावित राज्यों में बेड, वेंटिलेटर, रेमडेसिविर और ऑक्सीजन की किल्लत जारी है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, अबतक देश में संक्रमित मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 1,73,13,163 हो गई है। बीते 24 घंटे में 2812 लोगों ने कोरोना की वजह से दम तोड़ दिया। इसके साथ कोविड से मरने वालों की संख्या 1,95,123 पहुंच गई। महामारी के दस्तक देने से लेकर अब तक एक दिन में मिले नए कोरोना मरीजों की यह सर्वाधिक संख्या है। वहीं, पिछले 24 घंटे में 2,19,272 कोरोना मरीज़ स्वस्थ होकर अपने घर लौट गए हैं।
राज्य में कोविड के मामलों की संख्या में तेज वृद्धि को ध्यान में रखते हुए, राज्य सरकार ने हिमाचल के चार जिलों में कोरोना कर्फ्यू लगाने का फैसला किया है। यह कर्फ्यू कांगड़ा, ऊना, सोलन और सिरमौर में 27 अप्रैल से 10 मई तक रात 10 से सुबह 5 बजे तक होगा। यह फैसला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आज यहां हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक में लिया गया। राज्य में आने वाले सभी आगंतुकों के लिए 72 घंटे के भीतर आरटीपीआर परीक्षण अनिवार्य करने का भी निर्णय लिया गया। यह निर्णय लिया गया कि यदि राज्य में आने वाले व्यक्तियों ने RTPCR परीक्षण नहीं किया है, तो उन्हें चौदह दिनों के लिए अपने निवास स्थान पर घर में संगरोध/अलगाव में रहना होगा। उनके पास अपने आगमन के सात दिनों के बाद खुद को जांचने का विकल्प भी होगा, और यदि परीक्षण नकारात्मक आता है, तो उन्हें अलग रहने की आवश्यकता नहीं है। यह भी निर्णय लिया गया कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में स्थानीय निकाय, अपने-अपने क्षेत्रों में सभी एसओपी और दिशानिर्देशों के प्रभावी प्रवर्तन में शामिल होंगे और उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने का अधिकार देंगे ताकि इस महामारी के प्रसार की जांच की जा सके। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सभी धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक समारोहों के दौरान एसओपी के प्रभावी प्रवर्तन के लिए स्थानीय स्तर पर स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। उन्हें समय-समय पर राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और एसओपी का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू करने का अधिकार होगा। राज्य सरकार समय-समय पर स्थिति की समीक्षा करती रहेगी और उसके अनुसार निर्णय लिए जाएंगे।
दिल्ली पुलिस कोरोना के मरीजों को इलाज के लिए प्लाज्मा उपलब्ध कराने में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए प्लाज्मा डोनेशन के इच्छुक लोगों का एक डाटा बैंक तैयार कर रही है। जिसे जीवन रक्षक प्लाज्मा डोनर्स डाटा बैंक नाम दिया गया है। दिल्ली पुलिस की वेबसाइट www.delhipolice.nic.in के होम पेज पर इसे लॉन्च कर दिया गया है। कोरोना के जिन मरीजों के इलाज के लिए डॉक्टर प्लाज्मा थैरेपी की सलाह देंगे, उनके परिजन इस डिजिटल डाटा बैंक की मदद से तुरंत ऐसे लोगों से संपर्क कर सकेंगे, जो प्लाज्मा डोनेट करने के इच्छुक होंगे। दिल्ली पुलिस की इस पहल को काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिलना भी शुरू हो गया है। पहले दिन ही प्लाज्मा डोनेट करने के इच्छुक 12 लोग इस पर अपना रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं। कैसे करें रजिस्ट्रेशन रजिस्ट्रेशन लिए दिल्ली पुलिस ने अपनी वेबसाइट के होम पेज पर Donate Plasma, Save Lives नाम से एक लिंक अपलोड है, जिस पर क्लिक करते ही एक विंडो ओपन होगी। इसमें दो ऑप्शन दिए गए हैं। प्लाज्मा डोनेट करने के इच्छुक लोगों को I am a Plasma Door बटन को क्लिक करना होगा और जिन्हें प्लाज्मा की जरूरत है, उन्हें I am a Plasma recipient (Patient/Care Taker) पर क्लिक करना होगा। इसके बाद जो गूगल फॉर्म खुलेगा, उसमें मरीज या डोनर को अपनी डीटेल्स भरनी होंगी, जिसके बाद रिक्वेस्ट रजिस्टर्ड हो जाएगी। दिल्ली पुलिस की एक डेडिकेटेड टीम इस डेटा बैंक की मदद से प्लाज्मा की जरूरत के लिए मिले आवेदनों को चेक करके उसके अनुसार यह देखेगी कि कौन सा डोनर किसकी मदद कर सकता है और फिर दोनों को एक दूसरे के नंबर देकर उनके बीच संपर्क स्थापित करवाएगी, ताकि मरीज को प्लाज्मा मिल सके। इससे कई मरीजों की जान बचाने में मदद मिलेगी।
दिल्ली में कोरोना के हालात में सुधार न होने के चलते दिल्ली में लाॅकडाउन को अगले सोमवार सुबह 5 बजे के लिए बढ़ाया जा रहा है। यह एलान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने कोरोना के बिगड़ते हालातों को देखते हुए किया है। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि राजधानी में कोरोना के मामले तेज़ी बढ़ रहे हैं जिस कारण लाॅकडाउन लगाना जरूरी था। लाॅकडाउन के दौरान पिछले कुछ दिनों से संक्रमण दर थोड़ी कम हुई है और आज 30 फीसदी के नीचे आई है। दिल्ली में कोरोना संक्रमितों की संख्या काफी तेजी से बढ़ रही है। पांच दिनों में ही एक लाख से ज्यादा मामले आ चुके हैं। ऑक्सीजन की किल्लत भी बनी हुई है। इससे दिल्ली में कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या 10 लाख के आंकड़े को पार कर गई है। वहीं, सक्रिय मामले भी बढ़कर 93 हजार से ज्यादा हो चुके हैं। बढ़ते मामलों के साथ कंटेनमेंट जोन भी 24 हजार से ज्यादा हो गए हैं। परिस्थितियां खराब से बदतर होती जा रही हैं।
देशभर में कोरोना के मामले बेकाबू होते नज़र आ रहे हैं। कोरोना के मामलों में रोज़ाना तेज़ी से उछाल देखने को मिल रहा है। रोजाना के केस तीन लाख के आंकड़े को पार कर गए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक बीते 24 घंटे में कोरोना के 3,49,691 नए मामले सामने आए हैं वहीं 2,767 लोगों की कोरोना के चलते मौत हुई है। बीते 24 घंटे में 2,17,113 लोग ठीक भी हुए हैं। सबसे ज़्यादा मामले महाराष्ट्र से सामने आए हैं और इसके बाद उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, केरल और दिल्ली के मामले हैं। इन पांच राज्यों से नए केसों का कुल 53 फीसदी हिस्सा है। इससे पहले शनिवार को देश में कोरोना के रिकॉर्ड 3,46,786 नए मामले सामने आए थे जबकि 2,624 मरीजों की मौत हो गई थी इस दौरान 2,19,838 मरीज ठीक भी हुए। इससे पहले शुक्रवार को भी देश में कोरोना के 3.32 लाख से ज्यादा नए मामले सामने आए थे। संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच कई राज्यों में बेड्स, ऑक्सीजन, रेमडेसिविर जैसी जरूरी दवाओं की भी किल्लत के मामले सामने आ रहे हैं। कई राज्यों में लॉकडाउन और तमाम एहतियात बरतने के बाद भी संक्रमण पर लगाम नहीं लग पा रही है। राजधानी दिल्ली में छह दिन के लॉकडाउन के बाद अब लॉकडाउन एक हफ्ते और बढ़ाने की चर्चा है। महाराष्ट्र में पहले से ही लॉकडाउन जैसी पाबंदियां हैं।
सचिन तेंदुलकर का आज 48वां जन्मदिन है। मास्टर-ब्लास्टर हर साल इस दिन को खास बनाने का कोई मौका नहीं छोड़ते। हाल ही में कोरोना से उभरे इस महान क्रिकेटर ने एक सराहनीय घोषणा की है। बीते माह कोरोना पॉजिटिव आने के बाद अस्पताल में भर्ती होेने वाले सचिन ने प्लाजमा थैरेपी के लिए रक्त दान की घोषणा की है। साथ हीउन्होंने कोविड महामारी से जंग जीतने वाले तमाम लोगों से आगे आने की अपील की है। फैंस के बीच 'क्रिकेट के भगवान' नाम से मशहूर तेंदुलकर ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया है। 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ आखिर अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले इस क्रिकेटर ने कहा, 'मैं डॉक्टर्स का एक संदेश आगे बढ़ाना चाहता हूं। पिछले साल, मैंने एक प्लाज्मा दान केंद्र का उद्घाटन किया। डॉक्टरों ने मुझे संदेश दिया है कि अगर सही समय पर प्लाज़्मा दिया जाए तो मरीज़ तेजी से ठीक हो सकते हैं। मैं खुद, यह करने जा रहा हूं। मैंने अपने डॉक्टरों से बात की है। आप में से जो कोविड-19 से उबर चुके हैं, कृपया अपने चिकित्सक से परामर्श करें, और जब अनुमति हो, तो कृपया अपना रक्त दान करें। इससे बहुत सारी समस्याओं का समाधान होगा। मेरा आपसे आग्रह है कि कृपया रक्त दान करें और अपने साथी भारतीयों की मदद करें। आपकी शुभकामनाओं और प्रार्थनाओं के लिए एक धन्यवाद।
कोरोना की दूसरी लहर से देश में हाहाकार मचा हुआ है। कोरोना वायरस के चलते जहाँ लोग शारीरिक रूप से परेशान है, वंही लोग को मानसिक तौर पर भी अपना संतुलन खो रहे है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है यूपी के ग्रेटर नोएडा से, जहां एक कोरोना संक्रमित महिला डॉक्टर ने 14वीं मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। यह मामला ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर थाना क्षेत्र का है। जहाँ दो दिन पहले ही महिला डॉक्टर व उसके पति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। सेक्टर 137 के पैरामाउंट सोसायटी में यह घटना घटी है। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को कब्जे में लिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। गौरतलब है कि देश में कोरोना से अभी भी 98 फीसदी लोग ठीक हो रहे हैं। ऐसे कोरोना से एकदम घबराये नहीं। बल्कि कोरोना सम्बन्धी नियमों की पालना कर जरुरी एहतियात बरते।
कोरोना काल में संक्रमण से बचाव में मास्क बड़ा उपाय रहा है। कोरोना काल में वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन समेत दुनियाभर के देश इसपर लगातार ज़ोर दे रहे हैं। हर जगह पर मास्क पहनना अनिवार्य किया जा चुका है। इस बीच हाल ही में सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए सार्वजनिक स्थानों पर डबल मास्किंग ज्यादा प्रभावी है। क्या है डबल मास्किंग जैसा कि नाम से ही समझा जा सकता है, एक की बजाए दो मास्क पहनने को डबल मास्किंग कहा जा रहा है। लेकिन अगर एक के ऊपर एक दो कपड़े के मास्क पहन लें या फिर कोई दूसरा एक तरह का मास्क पहनें तो ये प्रभावी नहीं होगा, बल्कि इसका भी एक खास तरीका है। इसमें पहले सर्जिकल मास्क और फिर कपड़े का मास्क पहनना होता है। हालांकि अगर सर्जिकल मास्क न हों तो कपड़े के दो मास्क भी पहनें जा सकते हैं, ये सिंगल मास्क से ज्यादा प्रभावी है। डबल मास्किंग के फायदे डबल मास्किंग से मास्क चेहरे पर बेहतर तरीके से फिट होगा। जैसे कई बार देखने में आया है कि कई तरह के मास्क चेहरे पर फिट दिखते हैं लेकिन हवा इसके हर कोने से आती रहती है। ऐसे में संक्रमित के जरिए हवा में फैले ड्रॉपलेट कोनों से मुँह तक पहुंच सकते हैं। डबल मास्किंग से ये खतरा लगभग खत्म हो जाता है क्योंकि एक के ऊपर एक मास्क से चेहरा सीलबंद रहता है। कोरोना वायरस के फैलने का मुख्य जरिया हवा ही है। जब कोई व्यक्ति खांसता-छींकता है, बोलता या गाता है तो वायरस हवा से होते हुए स्वस्थ व्यक्ति के नाक, मुंह या आंखों तक पहुंच जाते हैं। यहीं से चेन चल पड़ती है। वहीं मास्क पहनने पर इसकी लेयर हवा को फिल्टर करके नाक तक ले जाती है। अगर लेयर दो से तीन हों तो फिल्ट्रेशन की प्रक्रिया और बढ़िया होती है। कौन सा मास्क, कितना असरदार डबल मास्किंग पर CDC ने स्टडी की। इसमें तीन तरह के मास्किंग मेथड लिए गए। शोधार्थियों ने पाया कि डबल मास्क में हवा 85.4% तक फिल्टर हो जाता है। वहीं केवल सर्जिकल मास्क पहनने पर ये 56.1%, जबकि केवल कपड़े का मास्क पहनने पर ये घटकर 51.4% रह जाती है। कैसे पहनते हैं डबल मास्क डबल मास्किंग के लिए मास्क का सही कॉम्बिनेशन इस्तेमाल करें। CDC के मुताबिक एक सर्जिकल मास्क पर एक साधारण या कपड़े का मास्क होना चाहिए। इसके लिए पहले सर्जिकल मास्क ले उसके दोनों कोने यानी इलास्टिक पर छोटी गांठें लगा दें। अब मास्क को पूरा खोलते हुए उसे नाक के ऊपरी हिस्से यानी आंखों के ठीक नीचे से लेते हुए ठुड्डी के नीचे तक फैलाएं। अब इसपर लगभग समान चौड़ाई का कपड़े का मास्क लगा लें। मास्क की फिटिंग जांचने के लिए गहरी सांस लें। अगर हवा कोनों से आती-जाती लगे तो मास्क को एडजस्ट करना बाकी है। आइने में देखते हुए दोबारा मास्क लगाएं। चश्मा पहनने पर अगर मास्क के साथ भाप जमने लगे तो मास्क ठीक से फिट नहीं हुआ है। इसे दोबारा ठीक से पहनने की जरूरत है। इसके अलावा ये भी ध्यान में रखे कि एक साथ दो सर्जिकल या फिर N95 मास्क नहीं पहना जाना चाहिए। कहां पहना जाए डबल मास्क गौरतलब है कि देश में कोरोना की दूसरी लहर बहुत ही भयानक व खतरनाक है। इसके लिए भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों, जैसे पब्लिक ट्रासंपोर्ट, बाजार, अस्पताल या स्कूल जाते हुए डबल मास्किंग जरूरी है। इसके अलावा अगर ऐसी जगह जा रहें हों, जहां परिचित लोग हों और भीड़ न हो, वहां सिंगल मास्क से काम चल सकता है। हालांकि ऐसी जगहों पर भी कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना न भूलें। जैसे हर समय मास्क में रहना और लगातार हाथ साबुन से धोना।
हिमाचल प्रदेश में सोमवार से बैंक अब शाम 4 बजे बंद होंगे। बैंक में पब्लिक डीलिंग का समय सुबह 10 बजे दोपहर 2 बजे तक का होगा। कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने पर देश के कई राज्यों ने बैंकों के समय में बदलाव कर दिया है। इसी कड़ी में शुक्रवार को प्रदेश की राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति ने मुख्य बैंकों के अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक कर यह फैसला लिया। प्रदेश के वित्त महकमे ने भी समिति के प्रस्ताव को मंजूर कर दिया है। अभी तक बैंक बंद करने का समय शाम पांच बजे रहता था। इसके अलावा पब्लिक डीलिंग का समय दस से चार बजे तक था। कुछ जिलों में नाइट कर्फ्यू के चलते बैंकों के समय में बदलाव किया गया है। 26 अप्रैल से एक मई तक प्रदेश में यह व्यवस्था लागू होगी। स्थिति की समीक्षा करने के बाद आगामी फैसला होगा। बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि बिना मास्क के बैंक शाखाओं में आने वाले लोगों को सेवा नहीं दिन जाएगी। सभी बैंकों को 1 मई तक शाखाओं में रोजाना सिर्फ पचास फीसदी स्टाफ को ही बुलाने को कहा है। सरकार से मांग की गई कि एक मई से 18 से 44 वर्ष की आयु के लोगों के लिए शुरू होने वाले वैक्सीन अभियान में बैंक कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाए।
देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या में रोजाना बढ़ोतरी होती नज़र आ रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में बीते 24 घंटे में 3,46,786 नए मामले सामने आए, और 2,624 लोगों की मौत हुई। हालांकि इस दौरान 2,19,838 मरीज ठीक भी हुए। देश में कोरोना के कुल 1,66,10,481 मामले सामने आ चुके हैं जबकि 1,38,67,997 मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। कोरोना के नए मामलों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी ऐसे समय में हो रही है जब राजधानी दिल्ली समेत कई अन्य अस्पतालों में ऑक्सीजन की भारी किल्लत है। दिल्ली और अमृतसर में ऑक्सीजन की कमी से कई मरीजों की मौत भी हो गई है। पिछले 24 घंटे में कोरोना के रिकॉर्ड 3,46,786 नए केस दर्ज हुए। जबकि कल शुक्रवार को देश में 3.32 लाख से ज़्यादा नए कोरोना केस आए थे। इस दौरान 2,263 लोगों की मौत के साथ ही अब तक 1,89,544 लोगों की मौत हो गई है। फिलहाल अभी 25,52,940 एक्टिव केस है। देश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच अब तक 13,83,79,832 टीका लग चुका है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में कोविड-19 टीके की दूसरी खुराक ली। उन्होंने 4 मार्च को कोरोना की पहली खुराक ली थी। इसके उपरान्त, इलैक्ट्राॅनिक मीडिया के साथ बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य के लोगों से कोरोना वायरस से बचाव के लिए टीका लगवाने के लिए आगे आने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य में टीकाकरण अभियान सुचारू रूप से चल रहा है और अब तक वैक्सीन की 13.89 लाख खुराकें दी जा चुकी हैं। फेस मास्क का उपयोग, परस्पर दूरी के नियमों का कड़ाई से पालन और नियमित रूप से हाथ धोना इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान देश में सफलतापूर्वक कार्यान्वित किया जा रहा है, जो हमारे वैज्ञानिकों तथा डाॅक्टरों की कड़ी मेहनत का परिणाम है। केंद्र सरकार ने 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों का टीकाकरण करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि वीरवार को आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य सरकार ने भी 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों का निःशुल्क टीकाकरण करवाने का निर्णय लिया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ.सुरेखा चौपड़ा और चिकित्सा अधीक्षक डाॅ.रविंद्र मोक्टा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोरोना वायरस संक्रमण के कारण देश में फैली महामारी के हालात को देखते हुए उन सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की जहां हाहाकार मचा है। इस बैठक में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी शामिल हुए। बैठक में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ऑक्सीजन की किल्लत का जिक्र किया और कहा, 'इस वक्त दिल्ली में ऑक्सीजन का बहुत बड़ा संकट चल रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार का दिल्ली में ऑक्सीजन का कोटा बढ़ाने के लिए धन्यवाद किया और कहा की इस बढ़े हुए कोटे को दिल्ली तक पहुंचाने में हमारी मदद करें।' दिल्ली के अस्पतालों में जल्द से जल्द ऑक्सीजन की आपूर्ति की जरूरत है। ऐसे में बंगाल और ओडिशा से आने वाले ऑक्सीजन को एयरलिफ्ट करवा दीजिए ताकि बड़ी मात्रा में स्टॉक जल्द से जल्द मिल सके। केजरीवाल बोले, 480 टन में से 380 टन ऑक्सीजन ही अब तक दिल्ली पहुंची है। दिल्ली के हालात बेहद खराब हैं। अन्य राज्य वाले ऑक्सीजन की ट्रकें दिल्ली आने से रोक रहे हैं। उन्होंने गुजारिश करते हुए कहा कि जो ऑक्सीजन की ट्रकें निकलती हैं उन्हें सेना की निगरानी में निकाला जाए और प्लांटों में भी सेना तैनात की जाए।
कोरोना संकट के बीच महाराष्ट्र के अस्पतालों में एक के बाद एक बड़े हादसे हो रहे हैं। नासिक के जाकिर हुसैन अस्पताल में ऑक्सीजन लीकेज की वजह से अभी 22 कोरोना मरीजों की मौत का मामला ठंडा नहीं हुआ था कि मुंबई के विरार स्थित विजय वल्लभ अस्पताल का मामला सामने आया है। मुंबई के विरार स्थित विजय वल्लभ अस्पताल में आज सुबह आग लग गई। इस हादसे में 13 कोरोना मरीजों की मौत हो गई है। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। अस्पताल के आईसीयू में 17 मरीजों का इलाज चल रहा था, सुबह सवा तीन बजे शार्ट सर्किट से आग लगी। घटना के बाद विजय बल्लभ अस्पताल के जिन मरीजों को ऑक्सीजन की ज़रूरत थी उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। देश में हर दिन कोरोना के नए आंकड़े रिकॉर्ड बना रहे हैं, मरने वालों की संख्या में भी इज़ाफा हो रहा है। वहीं, दूसरी ओर दिल दहलानेवाले मामलें सामने आ रहे है।
देश में कोरोना की रफ्तार बढ़ती ही जा रही है। देश में 24 घंटे में 3.32 लाख नए मामले सामने आए है और 2,263 मरीजों की मौत हुई। देश में इस वक्त सक्रिय मामलों की संख्या 24,28,616 हैं, जिसके बाद कुल मौतों की संख्या 1,86,920 पहुंच गई। 24 घंटे के दौरान 1,93,279 मरीज ठीक होकर अपने घर गए। ऐसे में ठीक होने वाले कुल मरीजों की संख्या 1,36,48,159 हो गई है। अगर मामले इसी रफ्तार से बढ़ते रहे तो भारत में तीन दिन में कोरोना संक्रमितों की संख्या 10 लाख पार कर जाएगी। कोरोना ने किसी और देश में स्वास्थ्य तंत्र को इस तरह नहीं झकझोरा है। चिंता की बात है कि देश में लगातार 17वें दिन एक लाख से अधिक मामले सामने आए हैं और आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। रोजाना होने वाली मौतों की संख्या भी बढ़ रही है। लगातार 10वें दिन देश में 1000 से अधिक मौतें हुई हैं और पिछले तीन दिनों से वायरस 2000 से अधिक लोगों की जान ले रहा है। पिछले 10 दिनों में ही 15000 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। बता दें कि देश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा हर दिन नए रिकॉर्ड बना रहा है। वहीं, देश में अब तक 13,54,78,420 लोगों को कोरोना का टीका लग चुका है। केंद्रीय स्वास्थ्य ने टीका लगने के बाद संक्रमितों की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक की। इसके अनुसार, टीका लगवाने वाले 10 हज़ार में से दो से चार लोग संक्रमित हुए हैं। स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बताया कि देश में अब तक 93,56,436 ने कोवाक्सिन की पहली डोज मिली जिनमें से 4208 संक्रमित हुए। वहीं 17,37,178 में से 695 दूसरी डोज के बाद संक्रमित हुए।
भारत में कोरोना वायरस की दूसरी लहर से हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। कोरोना के इस बढ़ते रूप के कारण भारत ने कोरोना के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक देश में पिछले 24 घंटे में 3,14,835 नए मामले सामने आए है और 2,104 संक्रमितों की मौत हो गई। यह दुनिया में कोरोना के एक दिन में आए मामलों में सबसे ज़्यादा आंकड़ा है। कोरोना के मामले में भारत के अंदर इस समय दुनिया में सबसे ज़्यादा मामले सामने आ रहे है। पिछले सात दिनों में 18 लाख से ज़्यादा संक्रमित बढ़ गए हैं, जबकि उससे पहले के हफ्ते में 10 लाख से ज़्यादा मामले बढ़े थे। कोरोना के रिकॉर्डतोड़ मामले के साथ ही कुल संक्रमितों का आंकड़ा एक करोड़ 59 लाख 30 हज़ार 965 है। अब तक एक करोड़ 34 लाख 54 हज़ार से ज़्यादा मरीज ठीक हो चुके हैं और 1,84,657 लोगों की जान जा चुकी है। देश में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या 22,91,428 हो गई है।
कोविड-19 की दूसरी लहर को ध्यान में रखते हुए वर्चुअल माध्यम से एक बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, शांता कुमार सहित प्रदेश पदाधिकारी, जिला प्रभारी, मोर्चोें के प्रदेश अध्यक्ष, सभी मंत्री, सभी विधायक, 2017 के सभी प्रत्याशी, जिलाध्यक्ष एवं मण्डल अध्यक्ष उपस्थित रहे। बैठक को सम्बोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि जागरूकता के लिए पार्टी पूर्व की भांति सेवा ही संगठन फेज-2 अभियान की शुरूआत करने जा रहा है जिसके तहत जरूरतमंदो को फेस कवर, सैनिटाईजर, दवाईयां, भोजन, रक्तदान शिविर, प्लाज्मा डोनेशन, काढ़ा आदि जरूरत की चीजे वितरित की जाएगी। इसके अतिरिक्त पार्टी ने एक डेडिकेटिड हैल्पलाईन नं0 0177-2832764 जारी कर दिया है। इस नम्बर पर कोरोना से संबंधित किसी भी प्रकार की सहायता के लिए लोग काॅल कर सकते हैं और भारतीय जनता पार्टी का संगठन उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करने का प्रयास करेगा। सुरेश कश्यप ने बताया कि सेवा ही संगठन फेज-2 के लिए प्रदेश स्तर पर 4 सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। जिसमें प्रदेश उपाध्यक्ष एवं हथकरघा निगम के उपाध्यक्ष संजीव कटवाल को प्रमुख, प्रदेश सचिव पायल वैद्य, वीरेन्द्र चैधरी तथा कार्यालय सचिव प्यार सिंह को सह प्रमुख बनाया गया है। उन्होनें कहा कि भाजपा महिला मोर्चा स्वयं सहायता समुहों के साथ मिलकर फेस कवर बनाएगा और उसका वितरण करेगा। जिन परिवारों के सभी सदस्य कोविड-19 से संक्रमित हो गए हैं उस परिवार को भाजपा परिवार सम्पर्क करेगा और हर संभव मदद करेगा। युवा मोर्चा के कार्यकर्ता रक्तदान शिविर एवं प्लाजमा डोनेशन कैम्प लगाएगा। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि हर कार्यक्रम में भाजपा के चुने हुए प्रतिनिधी अग्रणी भूमिका निभाएंगे। आज की बैठक के तीन दिन के अंदर संसदीय प्रभारी अपने संसदीय क्षेत्र, जिला प्रभारी अपने प्रभारी जिला एवं मण्डल अध्यक्ष अपने-अपने मण्डल की वर्चुअल बैठकें करेंगे। उन्होनें कहा कि पार्टी के आगामी सभी बैठकें एवं कार्यक्रम वर्चुअल माध्यम से होंगे। भाजपा कार्यकर्ता अस्पतालों में बिस्तरों की उपलब्धता की माॅनिटरिंग भी करेंगे तथा 18 वर्ष से उपर के लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए प्रेरित करेंगे और वैक्सीन के बारे में फैलाई जा रही भ्रांतियों के बारे में भी लोगों को जागरूक करेंगे। वैक्सीनेशन केन्द्रों के बाहर हैल्प डैस्क लगाए जाएंगे तथा लोगों की हर संभव सहायता भी की जाएगी। प्रदेश सरकार द्वारा कोविड-19 को लेकर साहित्य प्रकाशित किया जाएगा जिसको किसान मोर्चा के माध्यम से वितरित किया जाएगा। सुरेश कश्यप ने कहा कि भाजपा कोविड महामारी से बचाव एवं जागरूकता के लिए धरातल स्तर तक कार्य करेगी और मेरा बूथ कोरोना मुक्त बूथ अभियान भी चलाया जाएगा और यदि कोविड के कारण किसी की मृत्यु होती है तो उसकी मदद भी की जाएगी। उन्होनें बताया कि सभी सामाजिक संस्थाओं मठ, मंदिर इत्यादी से सतत संपर्क रखा जाएगा। भारतीय जनता पार्टी का संगठन इस कोरोना संकटकाल में प्रदेश की जनता की हर संभव मदद के लिए तत्पर है। उन्होनें कहा कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर बेहद खतरनाक है और हम सभी को इससे बचने के लिए प्रशासन द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का स्वयं भी पालन करना है और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना है ताकि प्रदेश का हर नागरिक इस महामारी के प्रकोप से बच सके।
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को लेकर मचे हाहाकार के बीच केंद्र सरकार ने टीकाकरण अभियान में तेज़ी लाने का फैसला किया है। सरकार ने 1 मई से 18 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों को वैक्सीन देने की घोषणा की है। इसके बाद सीरम इंस्टीट्यूट ने कोविशील्ड वैक्सीन की कीमतों की घोषणा कर दी है। राज्य सरकारों को वैक्सीन की एक डोज 400 रुपये में मिलेगी। वहीं, निजी अस्पतालों को इसके लिए 600 रुपये प्रति डोज चुकाने होंगे। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने बयान जारी कर कहा, भारत सरकार के निर्देशों के बाद हम कोविशील्ड वैक्सीन की कीमतों की घोषणा कर रहे हैं।
जानलेवा कोरोना वायरस का साया अब भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के घर पर भी पड़ गया है। एमएस धोनी के माता-पिता कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, उन्हें रांची के पल्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है। डॉक्टर्स के मुताबिक धोनी के पिता पान सिंह और माता देविका देवी की स्थिति फिलहाल ठीक है। राहत की बात है कि संक्रमण फेफड़ों तक नहीं पहुंचा है। यह जानकारी सीटी स्कैन से पता चली। धोनी का परिवार मूलत: उत्तराखंड से है, उनके पिता पान सिंह 1964 में रांची स्थित मेकॉन में नौकरी मिलने के बाद बिहार में ही बस गए, यह हिस्सा अब झारखंड में आता है। इस मुश्किल घड़ी में महेंद्र सिंह धोनी अपने परिवार के साथ मौजूद नहीं हैं। वह फिलहाल आईपीएल खेलने में व्यस्त हैं, जो कोरोना वायरस संक्रमण के चलते बंद स्टेडियम में खेला जा रहा है।
कोरोना वायरस की दूसरी लहर घातक साबित होती जा रही है, हर दिन के साथ सर्वाधिक मौतों का रिकॉर्ड बना रही है। पिछले 24 घंटे में 2,95,041 नए मामले सामने आए, 2023 संक्रमितों की मौत हो गई। पहली बार देश में एक दिन में दो हज़ार से अधिक लोगों की कोरोना से मौत हुई है। इसी के साथ सक्रिय मरीजों की संख्या में भी भारी इजाफा हुआ है। इसी के साथ महामारी से मरने वाले कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1,82,570 हो गई है, जबकि अब तक कुल संक्रमित हुए लोगों की संख्या 1,56,09,004 है। देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 21,50,119 पर पहुंच गई। यह कुल संक्रमितों की संख्या का 13.8 फीसदी है। 77 फीसदी मौतें केवल आठ राज्यों में हुई हैं। देश में 24 घंटों के दौरान सर्वाधिक 519 लोगों की मौत महाराष्ट्र में हुई है। इसके बाद दिल्ली में 277, छत्तीसगढ़ में 191, यूपी में 162, गुजरात 121, कर्नाटक में 149, पंजाब में 60 और मध्य प्रदेश में 77 लोगों की मौत हुई। वहीं, संक्रमण के 60 फीसदी मामले छह राज्यों में मिले हैं। इस दौरान महाराष्ट्र में सर्वाधिक 62,097 नए संक्रमित मिले। इसके बाद उत्तर प्रदेश में 29574, दिल्ली में 28395, कर्नाटक में 21794, केरल में 19577 और छत्तीसगढ़ में 15625 नए कोरोना मरीज मिले। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि कोरोना की दूसरी लहर तूफान बनकर आई है। हालांकि उन्होंने राज्यों को यह भी सलाह दी कि कोरोना से मुकाबले के लिए लॉकडाउन का इस्तेमाल अंतिम विकल्प के रूप में किया जाए। राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की संभावना को खारिज किया और राज्यों को भी इससे बचने की सलाह दी।
भारत बायोटेक ने घोषणा की है कि देश और पूरे विश्व में वैक्सीनेशन कैंपेन को सपोर्ट देने के लिए कोवैक्सीन कैपेसिटी का विस्तार किया जा रहा है। हैदराबाद और बेंगलुरु जैसी जगहों पर भी कैपेसिटी विस्तार लागू किया जा रहा है। इसके तहत प्रति वर्ष 700 मिलियन यानी कि 70 करोड़ डोज बनाने की योजना है। IMDG मॉलिकूल सिंथेसिस और निर्माण सफलतापूर्वक भारत में ही हो पाएगा। इसके उत्पादन के लिए आयात पर भी निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी। इसके उत्पादन के लिए रॉ मैटेरियल, पैकिंग मैटेरियल और सिंगल यूज कंज्यूमेबल्स की आवश्यकता यहीं से पूरी होगी। इसकी कैपेसिटी बढ़ाने के लिए भारत बायोटेक ने इंडियन इम्युनोलॉजिकल्स (IIL) के साथ पार्टनरशिप की है। जिससे कि कोवैक्सीन के लिए ड्रग सबस्टैंस का निर्माण किया जा सके। टेक्नोलॉजी ट्रांसफर प्रक्रिया फिलहाल चल रही है। IIL में इतनी कैपेबिलिटी और एक्सपर्टीज है कि वो इनैक्टिवैटेड वायरल वैक्सीन का निर्माण कॉमर्शियल स्केल पर कर सके। बता दें कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक भारत में कोरोना वैक्सीन बनाने वाली कंपनी है। भारत बायोटेक कोवैक्सीन बना रहा है, जबकि SII कोविशील्ड बना रहा है।