देश में जानलेवा कोरोना वायरस का प्रकोप बरकरार है। हालांकि अब मामलों में गिरावट देखने को मिल रही है। देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 5 हजार 784 नए केस सामने आए हैं। वहीं, 252 लोगों की मौत हो गई. देश में अबतक कोरोना के ओमिक्रोन वेरिएंट के 41 मामले सामने आ चुके हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या 88 हजार 993 है। इस महामारी से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 4 लाख 75 हजार 888 हो गई है। आंकड़ों के मुताबिक, कल 7995 रिकवरी हुईं, जिसके बाद अभी तक 3 करोड़ 41 लाख 38 हजार 763 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण मुहिम के तहत अभी तक कोरोना वायरस रोधी टीकों की 133 करोड़ से ज्यादा खुराक दी जा चुकी हैं। कल 66 लाख 98 हजार 601 डोज़ दी गईं, जिसके बाद अबतक वैक्सीन की 133 करोड़ 88 लाख 12 हजार 577 डोज़ दी जा चुकी हैं।
देश में जानलेवा कोरोना वायरस के ओमिक्रोन वेरिएंट के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इन मामलों ने सरकारों को अब चिंता में डाल दिया है। कल महाराष्ट्र में ओमिक्रोन से दो और लोग संक्रमित पाए गए हैं। दोनों ने दुबई की यात्रा की थी। दूसरी तरफ दक्षिण अफ्रीका से गुजरात लौटा एक शख्स भी ओमिक्रोन से संक्रमित पाया गया है। देश में अबतक ओमिक्रोन से 41 लोग संक्रमित हो चुके हैं। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि एक नया मामला लातूर और एक अन्य मामला पुणे में पाया गया है। पुणे में सामने आई मरीज 39 साल की महिला है, जबकि लातूर का संक्रमित 33 साल का पुरुष है। इसी के साथ राज्य में ओमिक्रोन से संक्रमित पाए गए लोगों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है। विभाग के मुताबिक, दोनों मरीजों में बीमारी के लक्षण नहीं थे और वे टीके की दोनों खुराक ले चुके थे। दोनों ने दुबई की यात्रा की थी। इसके मुताबिक, मरीजों के तीन करीबी संपर्कों का पता लगाकर उनकी जांच की गई और तीनों संक्रमित नहीं पाए गए। वहीं, दक्षिण अफ्रीका से गुजरात के सूरत लौटे 42 साल के व्यक्ति में वायरस के ओमिक्रोन वेरिएंट की पुष्टि हुई है, जोकि राज्य में इस वेरिएंट का चौथा मामला है। अधिकारियों ने बताया कि इस व्यक्ति की दिल्ली में जांच की गई थी जिसमें रिपोर्ट निगेटिव आयी थी। हालांकि, गुजरात पहुंचने के बाद उसमें लक्षण दिखने के चलते दोबारा जांच की गई। अब तक देश में ओमिक्रोन स्वरूप के कुल 41 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें महाराष्ट्र में 20, राजस्थान में नौ, कर्नाटक में तीन, गुजरात में चार, दिल्ली में दो जबकि आंध्र प्रदेश, केरल और चंडीगढ़ में एक-एक मामला शामिल है।
देश में जानलेवा कोरोना वायरस का प्रकोप बरकरार है। देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 7 हजार 350 नए केस सामने आए हैं। वहीं, 202 लोगों की मौत हो गई। देश में अबतक कोरोना के ओमिक्रोन वेरिएंट के 38 मामले सामने आ चुके हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या 91 हजार 456 है। वहीं, इस महामारी से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 4 लाख 75 हजार 636 हो गई है। आंकड़ों के मुताबिक, कल 7973 रिकवरी हुईं, जिसके बाद अभी तक 3 करोड़ 41 लाख 30 हजार 768 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण मुहिम के तहत अभी तक कोरोना वायरस रोधी टीकों की 133 करोड़ से ज्यादा खुराक दी जा चुकी हैं। कल 19 लाख 10 हजार 917 डोज़ दी गईं, जिसके बाद अबतक वैक्सीन की 133 करोड़ 17 लाख 84 हजार 462 डोज़ दी जा चुकी हैं।
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में जानलेवा कोरोना वायरस के ओमिक्रोन वेरिएंट का खतरा बढ़ रहा है। इसको फैलने से रोकने के लिए शहर में पाबंदियां लगनी भी शुरू हो गई है। मुंबई में दो दिनों से धारा 144 लागू थी। बावजूद इसके मुंबई के एक होटल में एक लाइव कॉन्सर्ट आयोजित किया गया। इस कॉन्सर्ट में कोरोना रोकथाम नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं। दरअसल मुंबई के एक होटल में कनाडा के रैपर एपी ढिल्लन का लाइव कॉन्सर्ट हुआ। इस कॉन्सर्ट में युवाओं ने कोरोना रोकनाथ नियमों का पालन नहीं किया। बताया जा रहा है कि कॉन्सर्ट में किसी के चेहरे पर मास्क नहीं था। इतना ही नहीं इवेंट में शारीरिक दूरी के नियमों का भी उल्लंघन किया गया। मामला सामने आने के बाद अब वकोला थाने में पुलिस ने आयोजकों के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
महाराष्ट्र के पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवड़ इलाके में हाल में कोरोना वायरस के ओमीक्रोन वेरिएंट से संक्रमित पाई गई डेढ़ साल की बच्ची को संक्रमण से उबरने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। वहीं इलाके में इस नए स्वरूप से संक्रमित तीन साल के लड़के में संक्रमण का कोई लक्षण नहीं दिखा है और उसकी तबीयत बिल्कुल ठीक है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। पिंपरी चिंचवड़ नगर निगम क्षेत्र के चार नए रोगियों में तीन साल का बच्चा भी शामिल है। इसके अलावा तीन अन्य रोगियों में दो पुरुष और एक महिला है। ये सभी लोग नाइजीरिया से लौटने पर ओमीक्रोन से संक्रमित पाई गई भारतीय मूल की महिला और उसकी दो बेटियों के संपर्क में आ गए थे। बता दें कि महाराष्ट्र के मुंबई के धारावी में ओमिक्रोन वेरियंट ने दस्तक दे दी है। धारावी में रहने वाला 49 वर्ष का शख्स 4 दिसंबर को पूर्वी अफ्रीका के तंजानिया से मुंबई आया था लेकिन एयरपोर्ट पर कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उस शख्श को अस्पताल में दाखिल किया गया था। जीनोम सीक्वेन्सिंग परीक्षण के परिणाम सामने आने के बाद इस बात की पुष्टि हुई है कि यह व्यक्ति नये ओमिक्रोन वेरिएंट से संक्रमित है।
देश में जानलेवा कोरोना वायरस का प्रकोप बरकरार है। देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 7 हजार 774 नए केस सामने आए हैं। वहीं, 306 लोगों की मौत हो गई। देश में अबतक कोरोना के ओमिक्रोन वेरिएंट के 33 मामले सामने आ चुके हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या 92 हजार 281 है। वहीं, इस महामारी से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 4 लाख 75 हजार 434 हो गई है। आंकड़ों के मुताबिक, कल 8464 रिकवरी हुईं, जिसके बाद अभी तक 3 करोड़ 41 लाख 22 हजार 795 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि देश में कोरोना वायरस के सक्रिय मामले अभी 92,281 हैं जो कि 560 दिनों में सबसे कम हैं। वहीं रिकवरी रेट अभी 98.36% है।
देश में जानलेवा कोरोना वायरस का प्रकोप बरकरार है। देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 7 हजार 992 नए केस सामने आए हैं। वहीं, 393 लोगों की मौत हो गई। देश में अबतक कोरोना के ओमिक्रोन वेरिएंट के 32 मामले सामने आ चुके हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या 93 हजार 277 है। वहीं, इस महामारी से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 4 लाख 75 हजार 128 हो गई है। आंकड़ों के मुताबिक, कल 9265 रिकवरी हुईं, जिसके बाद अभी तक 3 करोड़ 41 लाख 14 हजार 331 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण मुहिम के तहत अभी तक कोरोना वायरस रोधी टीकों की 131 करोड़ से ज्यादा खुराक दी जा चुकी हैं। कल 76 लाख 36 हजार 569 डोज़ दी गईं, जिसके बाद अबतक वैक्सीन की 131 करोड़ 99 लाख 92 हजार 482 डोज़ दी जा चुकी है।
देशभर में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए कोरोना वैक्सीनेशन अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। इसी के चलते शुक्रवार को राष्ट्रव्यापी कोविड-19 टीकाकरण अभियान 132 करोड़ डोज के आंकड़े को पार कर गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसकी जानकारी देते हुए बताया है कि शुक्रवार तक देश में 132 करोड़ से ज्यादा खुराक दी जा चुकी हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि शुक्रवार को शाम 7 बजे तक देशभर में 68 लाख से ज्यादा खुराक दी गई। जानकारी के अनुसार इस दौरान कुल 68,63,955 डोज दी गई। वहीं अभी दिन के खत्म होने के साथ ही इस आंकड़े में बढ़ोत्तरी की उम्मीद जताई गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि अभी तक तकरीबन 81 करोड़ से ज्यादा लोगों को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज दी गई है, वहीं 51 करोड़ से ज्यादा को कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगाई गई है।
ओमिक्रॉन (Omicron) के खतरे के बीच कोरोना ने एक बार फिर से टेंशन बढ़ा दी है। दरअसल, आज यानी बुधवार को मंगलवार की तुलना में 1500 से अधिक मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़े के अनुसार बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 8,439 मामले सामने आए हैं और 195 लोगों की मौत हो गई है। इस दौरान 9,525 लोग स्वस्थ भी हुए। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में अब कुल 93,733 सक्रिय मरीज बचे हैं। वहीं देश में अब तक कोरोना के कुल 3,46,56,822 मामले आ चुके हैं जबकि कुल 3,40,89,137 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। वहीं कुल मृतकों की संख्या की बात करें तो यह 4,73,952 हो गई है। देश में अब तक टीके की कुल 129.5 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी मंगलवार के आंकड़े के अनुसार बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 6,822 मामले सामने आए थे जो कि 558 दिनों में सबसे कम थे। लेकिन आज फिर से लगभग 2000 मरीजों की बढ़ोतरी देखी गई है। वहीं इस दौरान 220 लोगों की मौत भी हुई थी। इसके अलावा 10,004 लोग स्वस्थ भी हुए और रिकवरी दर 98.36 फीसदी पहुंच गई थी। India Corona Update | India News
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस ने करीब एक महीने के लिए धारा 144 लागू कर दी है। पुलिस ने ये फैसला क्रिसमस, नए साल के जश्न, कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रोन के खतरे, आने वाले दिनों में होने वाली परीक्षाओं और विभिन्न किसान संगठनों की ओर से विरोध प्रदर्शन के मद्देनज़र लिया है। लखनऊ ज़िले में 7 दिसंबर यानी आज से 5 जनवरी 2022 तक के लिए धारा 144 लागू रहेगी। क्रिसमस, 31 दिसंबर और नए साल की पार्टियों के दौरान कोरोना वायरस प्रोटाकॉल का सख्ती से पालन करना होगा। इसके लिए पुलिस ने मास्क लगाना और दो गज की दूरी का पालन करना अनिवार्य कर दिया है। लखनऊ पुलिस ने मंगलवार को इसको लेकर एक आदेश जारी किया। पुलिस आयुक्त डी के ठाकुर ने बताया कि शासन द्वारा लागू किये गये कोविड प्रोटोकाल का कड़ाई से अनुपालन करना होगा। इस दौरान विधानभवन और उसके आस-पास एक किलोमीटर के दायरे में विशेष सतर्कता रहेगी। इस परिधि में इक्का, तांगा, अग्नेयाश्त्र, ज्वलनशील पदार्थ लेकर चलना प्रतिबंधित रहेगा। वहीं, ऑनलाइन गतिविधियों पर साइबर क्राइम सेल की कड़ी नजर रहेगी। ऑनलाइन अफवाहें फैलाने वालों और आपत्तिजनक पोस्ट डालने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस द्वारा जारी बयान के मुताबिक, अब बंद स्थानों पर होने वाली शादियों और अन्य आयोजनों में एक वक्त पर 100 अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी रहेगी। इसके अलावा कोविड हेल्प डेस्क की बनाना भी आवश्यक होगा। India Corona News Update
देश में एक ओर जहां कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन को लेकर लगातार तनाव बढ़ता दिख रहा है तो वहीं दूसरी ओर राहत की बात ये है कि कोरोना के खिलाफ वैक्सीनेशन (Vaccination) अभियान रिकॉर्ड स्तर पर हो रहा है। लोगों की जारूकता और सरकार के प्रसायों की वजह से वैक्सीनेशन की रफ्तार तेज बनी हुई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने सोमवार को ट्वीट करते हुए बताया कि देश की 85 फीसदी योग्य आबादी को कोरोना वैक्सीन की कम से कम एक डोज लग गई है। उन्होंने ये भी बताया कि देश की 50 फीसदी आबादी का पूर्ण टीकाकरण यानी कि दोनों डोज लग चुके है। स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) ने कहा कि, सोमवार शाम 7 बजे तक टीके की 71 लाख से अधिक डोज दिए जा चुके हैं। वहीं, देश में अब तक कुल 128.66 करोड़ से ज्यादा डोज दी जा चुकी हैं। India News
सार्स-कोवी-2 के नए स्वरूप ओमीक्रोन (Omicron) से कोरोना वायरस महामारी की तीसरी लहर फरवरी में चरम पर पहुंच सकती है, जब देश में प्रतिदिन एक लाख से डेढ़ लाख तक मामले सामने आने की संभावना है। कोविड-19 के गणितीय अनुमान में शामिल भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के वैज्ञानिक मनिंद्र अग्रवाल ने यह कहा है। उन्होंने कहा कि नये अनुमान में ओमीक्रोन स्वरूप को एक कारक के तौर पर शामिल किया गया है। अग्रवाल ने कहा कि नए स्वरूप के साथ, हमारा मौजूदा अनुमान यह है कि देश में फरवरी तक तीसरी लहर आ सकती है लेकिन यह दूसरी लहर से हल्की होगी। अब तक हमने देखा है कि ओमीक्रोन से होने वाले संक्रमण की गंभीरता डेल्टा स्वरूप की तरह नहीं है। ’’हालांकि, उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका में सामने आए मामलों पर करीबी नजर रखी जा रही है, जहां इस नये स्वरूप के कई मामले सामने आए हैं। अग्रवाल ने कहा कि फिलहाल दक्षिण अफ्रीका में संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती होने की दर में वृद्धि नहीं दिखी है। बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दक्षिण अफ्रीका और कुछ अन्य देशों में सामने आये कोविड के नये स्वरूप को 26 नवंबर को ओमीक्रोन नाम दिया था। उसने ओमीक्रोन को चिंता पैदा करने वाला स्वरूप भी बताया था। विशेषज्ञों ने यह संभावना जताई है कि वायरस में आनुवांशिकी बदलाव होने की वजह से यह कुछ अलग विशेषताओं वाला हो सकता है। भारत में ओमीक्रोन स्वरूप के अब तक 23 मामले सामने आ चुके हैं। ओमाइक्रोन के डर के बीच मुंबई के पास 100 से अधिक विदेशी रिटर्न का पता नहीं चल पाया है। India Health News Update
सोमवार को मुंबई में दो लोगों में ओमिक्रोन वेरिएंट (Omicron Variant) की पुष्टि हुई है। दोनों ही 25 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका से लौटे थे और उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद ओमिक्रोन है या नहीं, इसकी जांच के लिए सैंपल को पुणे के NIV में जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजा गया था। अब उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसी के साथ महाराष्ट्र में ओमिक्रोन से संक्रमितों की संख्या 10 हो गई है। देशभर में अब तक 23 लोगों में ओमिक्रोन वेरिएंट की पुष्टि हुई है। India News
देश में जानलेवा कोरोना वायरस का प्रकोप बरकरार है। लेकिन कल के मुकाबले आज मामले कम आए हैं। देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 6 हजार 822 नए केस सामने आए हैं। वहीं, 220 लोगों की मौत हो गई। देश में अबतक कोरोना के ओमिक्रोन वेरिएंट के 23 मामले सामने आ चुके हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या 95 हजार 14 है। वहीं, इस महामारी से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 4 लाख 73 हजार 757 हो गई है। आंकड़ों के मुताबिक, कल 10 हजार 4 रिकवरी हुईं, जिसके बाद अभी तक 3 करोड़ 40 लाख 79 हजार 612 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण मुहिम के तहत अभी तक कोरोना वायरस रोधी टीकों की 128 करोड़ से ज्यादा खुराक दी जा चुकी हैं। कल 79 लाख 39 हजार 38 डोज़ दी गईं, जिसके बाद अबतक वैक्सीन की 128 करोड़ 76 लाख 10 हजार 590 डोज़ दी जा चुकी हैं। Corona News Update India
कोरोना के डेल्टा वैरिएंट ने जो बुरी यादें लोगो को दी वो धुंधलाई भी नहीं थी कि कोरोना का नया और अधिक संक्रामक वैरिएंट सामने आ गया। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron) ने एक बार फिर दुनिया में सनसनी फैला दी है। अब तक 20 से अधिक देशों में इसके मामले पाए जाने की पुष्टि हुई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा इस वैरिएंट को वैरिएंट ऑफ कन्सर्न की लिस्ट में रखा गया है। बताया जा रहा है कि ओमिक्रॉन डेल्टा वैरिएंट से भी ज्यादा संक्रामक है। एक्सपर्ट्स का कहना है की ओमिक्रॉन मोनोक्लोनल एंटीबॉडीज थैरेपी, वैक्सीनेशन या नेचुरल इंफेक्शन से होने वाले इम्यून रिस्पॉन्स को भी बेअसर कर सकता है। अब तक हुए अध्ययनों के आधार पर दावा किया जा रहा है कि कोरोना के इस वैरिएंट में 32 से अधिक म्यूटेशन देखे गए हैं जो इसे अब तक का सबसे संक्रामक वैरिएंट बनाते हैं। सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में देखे गए कोरोना के इस वैरिएंट ने तेजी से अपने पैर फैलाने शुरू कर दिए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ ने इस नए वेरिएंट को B.1.1.529 यानी ओमिक्रॉन नाम दिया है। सबसे पहले कहाँ मिला ओमिक्रोन सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका के वैज्ञानिकों ने अपने देश में इस नए वेरिएंट के होने की पुष्टि की थी। बाद में इजराइल और बेल्जियम में भी यह नया वेरिएंट पाया गया। इसके अलावा बोत्सवाना और हांगकांग ने भी अपने यहां वेरिएंट के मौजूद होने की पुष्टि की। भारत में भी इस वैरिएंट के मामले सामने आ चुके है। वैज्ञानिकों को ऐसे मिला ओमिक्रॉन दक्षिण अफ्रीका की सबसे बड़ी निजी टेस्टिंग लैब लांसेट की विज्ञान प्रमुख रकेल वियाना के लिए वह जिंदगी का सबसे बड़ा झटका था। उनके सामने कोरोनावायरस के आठ नमूनों के विश्लेषण थे, और इन सभी में अत्याधिक म्यूटेशन नजर आ रहा था, खासकर उस प्रोटीन की मात्रा तो बहुत ज्यादा बढ़ी हुई थी जिसका इस्तेमाल वायरस इंसान के शरीर में घुसने के लिए करता है। रकेल वियाना के अनुसार उसे देखकर उन्हें बड़ा झटका लगा था। उन्होंने पूछा भी कि कहीं प्रक्रिया में कुछ गड़बड़ तो नहीं हो गई है लेकिन जल्दी ही वो झटका एक गहरी निराशा में बदल गया क्योंकि उन नमूनों के बहुत गंभीर नतीजे होने वाले थे। इसके बाद वियाना ने जोहानिसबर्ग स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर कम्यूनिकेबल डिजीज (NICD) स्थित अपने एक सहयोगी वैज्ञानिक डेनियल एमोआको को फोन किया। एमोआको जीन सीक्वेंसर हैं। 20-21 नवंबर को एमोआको और उनकी टीम ने वियाना के भेजे आठ नमूनों का अध्ययन किया। उन सभी में समान म्यूटेशन पाई गई। कितना घातक है ओमिक्रोन वैज्ञानिक अध्ययनों में इस बात का खुलासा हुआ है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट सबसे घातक डेल्टा वेरिएंट से भी खतरनाक है। चिंता की बात यह है कि जो लोग कोविड टीकाकरण की दोनों खुराक ले चुके हैं, वह भी इस वेरिएंट की चपेट में आ सकते हैं। अब तक के वैज्ञानिक विश्लेषण से यह भी पता चला है कि नया वेरिएंट डेल्टा सहित किसी भी अन्य वेरिएंट की तुलना में तेजी से फैल रहा है। ओमिक्रॉन वेरिएंट में अब तक K417N, E484A, P681H और N679K जैसे म्यूटेशनों का पता चला है जो रोगी की प्रतिरक्षा प्रणाली को पूरी तरह से तोड़ देते हैं। ऐसे में लोगों को अधिक सावधान रहने की जरूरत है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने इसे 'वैरिएंट ऑफ कन्सर्न' माना है और पिछले सभी वेरिएंट से ज्यादा तेजी से फैलने वाला बताया है। उन लोगों को भी यह संक्रमित कर सकता है जो पहले संक्रमित हो चुके हैं या वैक्सीन लगवा चुके हैं। हो सकता है कि स्थिति गंभीर भी कर दे। साइंटिस्ट भी अभी इस बात को लेकर दुविधा में है कि इस नए वेरिएंट के खिलाफ वैक्सीन कितना असर करेगी। ओमीक्रोन के स्पाइक प्रोटीन में 32 से ज्यादा म्यूटेशन्स हैं और ACE2 रिसेप्टर, जिसके रास्ते संक्रमण व्यक्ति को संक्रमित करता है, उसमें 10 से ज्यादा म्यूटेशन्स हैं। डेल्टा वेरिएंट के महज 2 म्यूटेशन थे। कम म्यूटेशन के बाद भी डेल्टा ने सेकंड वेव के दौरान कहर बरपाया था। ऐसे में ओमीक्रोन 10 वैरिएंट के साथ स्थिति को और खराब कर सकता है। WHO के अनुसार, शुरुआती आंकड़े बताते हैं कि ओमिक्रॉन वैरिएंट से लोगों में रीइंफेक्शन का खतरा भी बढ़ सकता है। यानी कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके लोग भी इस नए वैरिएंट की चपेट में आ सकते हैं। इस पर अभी बहुत कम जानकारी उपलब्ध है। अधिक जानकारी मिलने में थोड़ा समय लग सकता है। तब तक लोगों को संभलकर रहने की सलाह दी गयी है। कैसे होता है वायरस का म्यूटेशन? एक वायरस का पहला काम किसी के शरीर में प्रवेश के बाद खुद को जीवित रखना होता है और नेचर के हिसाब से वो शरीर में जाकर अपने आकार को बदलता है। वायरस अपना स्वरूप बदलते रहते हैं, जिसके कारण उनके नए-नए वेरिएंट बनते रहते हैं। आमतौर पर नए स्ट्रेन या वेरिएंट के काम करने के तरीके में कोई ज्यादा बदलाव नहीं आता। एक बार होस्ट यानी किसी शरीर में पहुंचने के बाद वायरस तेजी से अपने आरएनए की कॉपी बनाने लगता है, जिससे कि उसकी संख्या बढ़ती रहती है। कई बार जब वायरस अपनी संख्या बढ़ा रहा होता है तो उसमें गलती से या रेंडमली आरएनए के कॉपी ने गड़बड़ी आ जाती है, इसे ही वैज्ञानिक म्यूटेशन कहते हैं। इसके कारण उसका स्वरूप बदल जाता है और एक नया स्ट्रेन सामने आ जाता है। SARS-CoV-2 पहली बार पहचाने जाने के बाद से लगातार खुद को बदल रहा है। ओमीक्रोन जिसे पहले B.1.1.1.529 के रूप में जाना जाता है। ये इस वायरस का तेरवां प्रकार है। वायरस के आनुवंशिक कोडिंग में कुछ त्रुटियों के कारण म्यूटेशन होता है। आमतौर पर यह स्थिति तब आती है जब वायरस रेप्लीकेट कर रहा होता है। कभी-कभी आनुवंशिक कोड में ये परिवर्तन वायरस में एक प्रोटीन को बदल देते हैं जिससे वायरस की प्रकृति में बदलाव आ जाता है। यही कारण है कि म्यूटेशन के बाद वायरस अधिक संक्रामक और घातक हो जाते हैं। वैज्ञानिक मानते है कि ओमिक्रॉन के मामले में भी संभवत: ऐसा ही कुछ हुआ होगा। इसलिए पड़ा ओमीक्रोन नाम कोरोना वायरस में अब तक कई म्युटेशन हो चुके है और ओमीक्रोन SARS-CoV-2 का 13वां वैरिएंट है। कोरोना के वैरिएंट्स का नाम आसान बनाने के लिए उन्हें ग्रीक लेटर्स के हिसाब से बुलाया जाता है। जैसे अल्फा, बीटा, गामा व डेल्टा। कोरोना वायरस के नए वैरिएंट का नाम ओमिक्रॉन रखा गया है। ग्रीक अक्षरों में यह 15वें नंबर पर आता है। कोरोना के 12 वैरिएंट मौजूद हैं। यानी ये 13वां होना चाहिए था। मू (Mu) वैरिएंट के बाद 13वें नंबर पर नू (Nu) या 14वें नंबर पर शी (Xi) नाम देना चाहिए था। लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस दक्षिण अफ्रीका से निकले नए वैरिएंट का नाम 15वें ग्रीक अक्षर ओमिक्रॉन (Omicron) पर दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रवक्ता तारिक जसारेविक के अनुसार नू (Nu) और शी (Xi) बेहद कॉमन अक्षर हैं। कई देशों में इनका उपयोग नाम के आगे या पीछे होता है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा है कि शी (Xi) अक्षर का उपयोग इसलिए नहीं किया गया क्योंकि यह चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) का नाम है। WHO का नियम है कि वायरस का नाम किसी व्यक्ति, संस्था, संस्कृति, समाज, धर्म, व्यवसाय या देश के नाम पर नहीं दिया जाता है, ताकि किसी की भावना आहत न हो। जहां तक बात रही नू (Nu) अक्षर इंग्लिश के न्यू (New) शब्द से मिलता-जुलता है। इनका उच्चारण भी लगभग एक जैसा है। लोग उच्चारण के समय कन्फ्यूज न हो इसलिए इस 13वें ग्रीक अक्षर का उपयोग कोरोना के नए वैरिएंट का नाम देने में नहीं किया गया,क्योंकि लोग न्यू वैरिएंट और नू वैरिएंट में कन्फ्यूज हो सकते हैं। कितनी असरदार है वैक्सीन? लैंसेट की एक हालिया रिसर्च में सामने आया है कि अप्रैल-मई 2021 में भारत में कोविड की दूसरी लहर के लिए जिम्मेदार डेल्टा वेरिएंट पर कोविशील्ड वैक्सीन काफी प्रभावी रही थी। इस रिसर्च के मुताबिक पूरी तरह वैक्सीनेटेड लोगों पर वैक्सीन की एफिकेसी 63 फीसदी रही, जबकि डेल्टा से होने वाली मध्यम से गंभीर बीमारी के खिलाफ वैक्सीन की एफिकेसी 81 फीसदी रही। वहीं, ओमिक्रॉन पर मौजूदा वैक्सीनों के असर को लेकर फिलहाल कोई रिसर्च मौजूद नहीं है, लेकिन इस वैरिएंट के स्पाइक प्रोटीन में 30 से अधिक म्यूटेशन की वजह से इस पर मौजूदा वैक्सीनों के बहुत कम प्रभावी रहने की आशंका है। अधिकतर वैक्सीन स्पाइक प्रोटीन के खिलाफ ही एंटीबॉडीज तैयार करती हैं, लेकिन ओमिक्रॉन के स्पाइक प्रोटीन में तेज म्यूटेशन की क्षमता से मौजूदा वैक्सीन इसके खिलाफ बेअसर हो सकती हैं। हालांकि ओमिक्रॉन पर मौजूदा वैक्सीन की एफिकेसी के आकलन को लेकर रिसर्च जारी है और इस नए वैरिएंट पर वैक्सीन कितनी कारगर होगी, इसके बारे में कुछ दिनों में पता चल पाएगा। क्या RT-PCR से पता चला पाएगा? वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन ने बताया है कि इस वैरिएंट को लेकर एक अच्छी बात ये है कि दुनिया में इस्तेमाल किए जा रहे RT-PCR टेस्ट के जरिए इसका पता लगाया जा सकता है। हालाँकि कई वैज्ञानिकों का मानना है की RT-पीसीआर से इसका पता लगा पाना बेहद कठिन है। वैज्ञानिकों के मुताबिक आरटी-पीसीआर टेस्ट से ही इस बात की पुष्टि हो सकती है कि व्यक्ति को संक्रमण है या नहीं, लेकिन ये टेस्ट यह पता नहीं लगा सकता कि रोगी को कोरोना वायरस का कौन सा वेरिएंट है। इसका पता लगाने के लिए जीनोम सीक्वेंसिंग स्टडी करनी होगी। लेकिन यहां पर भी एक पेंच है। सभी संक्रमित नमूनों को जीनोम अनुक्रमण के लिए नहीं भेजा जाता है, क्योंकि यह एक धीमी, जटिल और महंगी प्रक्रिया है। आम तौर पर सभी सकारात्मक नमूनों का केवल एक बहुत छोटा सा हिस्सा लगभग 2 से 5 प्रतिशत ही जीनोम के लिए भेजा जाता है। ये है लक्षण ओमिक्रॉन के लक्षण के बारें में WHO का कहना है कि अभी तक किसी तरह के खास लक्षण सामने नहीं आए हैं, लेकिन साउथ अफ्रीका की डॉ. एंजेलिक कोएट्जी जिसने सबसे पहले COVID-19 ओमीक्रोन वैरिएंट को रिपोर्ट किया था उनके अनुसार ओमिक्रॉन के “असामान्य लेकिन हल्के” लक्षण देखे जा रहे हैं। डॉ. एंजेलिक कोएट्जी का कहना है कि ओमिक्रॉन के लक्षण डेल्टा से अलग हैं। कोरोना के दूसरी वैरिएंट से इंफेक्ट होने पर स्वाद और सूंघने की क्षमता पर असर पड़ता था, लेकिन ओमिक्रॉन के मरीजों में ये लक्षण नहीं देखा जा रहा है। साथ ही गले में खराश तो रहती है, लेकिन कफ की शिकायत देखने को नहीं मिल रही है। बचाव वैक्सीनेशन जरूर करवाएं जरूरी है कि हर कोई अपना वैक्सीनेशन करवाएं। भारत में बड़ी ही तेजी से वैक्सीनेशन अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे में जरूरत है कि हर कोई कोरोना वैक्सीन लगवाए और अपने घर-परिवार या दोस्तों को इस बारे में बताए। कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण जरूरी है। ऑमिक्रोन से दूरी, मास्क है जरूरी कोरोना की पहली लहर के साथ ही विशेषज्ञों और डॉक्टर्स ने ये साफ कर दिया था कि मास्क बेहद जरूरी है। घर से बाहर जाते समय, दफ्तर में, बाजार में, किसी से मिलते समय आदि। मतलब हमें खुद भी मास्क पहनना है और बच्चों को भी पहनाना है। हो सके तो एक सर्जिकल और दूसरा कपड़े वाला मास्क पहनकर आप डबल मास्किंग भी कर सकते हैं। सामाजिक दूरी बनाकर रखें कोरोना के इस नए वैरिएंट से बचना है, तो हर किसी को पहले की तरह ही एक-दूसरे से सामाजिक दूरी बनाकर रखनी पड़ेगी। बेवजह घर से बाहर जाने से बचें, भीड़ वाली जगहों से खुद को दूर रखें, दुकान पर भीड़ करने से बचें, दफ्तर जा रहे हैं तो अलग रहें आदि। हैंड हाइजीन का ख्याल रखें हमें अपने हाथों को साबुन और सैनिटाइजर से साफ करते रहना चाहिए। पानी और साबुन से 20 मिनट तक अपने हाथों को धोएं, घर में जाते समय सैनिटाइजर करें, घर जाकर नहाना भी एक बेहतर विकल्प है आदि। India News | Corona Update | Himachal Pradesh
देश में बीते दिन ओमिक्रोन (Omicron) के 17 मामले दर्ज हुए, जिसके बाद अब कुल संख्या 21 हो गई है। रविवार को दर्ज 17 मामलों में 9 राजस्थान की राजधानी जयपुर से, 7 महाराष्ट्र के पुणे से और एक मामला दिल्ली में दर्ज हुआ है। राजस्थान के चिकित्सा सचिव वैभव गालरिया ने बताया कि संक्रमित लोगों की जीनोम सीक्वेंसिंग से नौ लोगों के कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमीक्रोन से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। वहीं, महाराष्ट्र के स्वास्थ्य अधिकारी ने पुणे जिले में सात लोगों के ओमिक्रोन से संक्रमित होने की पुष्टि की है। India News
कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन के बेंगलुरु में दो नए नए मामले मिलने के बाद एक तरफ जहां राज्य के मुख्यमंत्री ने बैठक बुलाई है तो वहीं दूसरी तरफ देश के अन्य हिस्सों में भी इसके कई संदिग्ध मरीज मिले हैं। इन सभी का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बताया कि राज्य में ओमिक्रोन के संदिग्ध मरीजों की संख्या अब बढ़कर 28 हो चुकी है। उन्होंने बताया कि हाई रिस्क देशों से भारत लौटे जिन लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई और उनके संपर्क में आए लोगों की टेस्ट कर उनके सैंपल जीनोम सिक्वेसिंग के लिए भेजे गए हैं। मुंबई में 10-11-2021 से लेकर 2-12-2021 तक 2868 यात्री मुंबई पहुंचे थे। इनमें से 485 यात्रियों का कोरोना टेस्ट किया गया है जो अंतरराष्ट्रीय उदानों से मुंबई में आये थे। 485 में से 9 यात्रीयों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। फिल्हाल सभी यात्रियों को अस्पताल में भर्ती किया गया है। वहीं इनके रिपोर्ट जीनोम सेक्वेन्सिंग परिक्षण के लिए भेज दिये गए है। इन सभी की जीनोम अनुक्रमण पर रिपोर्ट दो दिनों में आने की उम्मीद है और इस रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ओमिक्रोन के देश में लगातार बढ़ते खतरे और बेंगलुरु में मिले दो नए मरीज के बाद एक बार फिर से केन्द्र सरकार ने राज्यों को अलर्ट किया है। केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने शुक्रवार को राज्यों के मुख्य सचिवों को चिट्ठी लिखकर उन सभी से सतर्क रहने की सलाह दी है। इसके साथ ही, कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें और ज्यादा कड़ाई से जांच करें। राज्य सरकार को केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण की तरफ से ज्यादा से ज्यादा जीनोम सिक्वेंसिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, क्लस्टर पर भी नजर बनाए रखने को कहा गया है। साथ ही, वैक्सीनेशन में तेजी लाने और कोविड के सही व्यवहार का पालन करवाने को कहा गया है। इससे पहले बेंगलुरु में ओमिक्रोन के 2 नए मरीज मिले है। इसके साथ ही, महाराष्ट्र और राजस्थान समेत कई जगहों पर संदिग्ध ओमिक्रोन के मरीज मिले और उनके सैंपल जीनोम सिक्वेसिंग के लिए भेजा जा चुका है। दिल्ली के लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल में विदेश से आए 8 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इन सभी लोगों के सैंपल जीनोम सिस्वेंसिंग के लिए भेज दिया गया है। दिल्ली के एलएनजेपी अस्पातल में पिछले दो दिनों में विदेश से आए 12 लोगों को एडमिट कराया गया है जिसमें से 8 लोग पॉजिटिव पाए गए है और इनके सैंपल व्होल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेज दिए गए है ताकि वैरिएंट का पता लग सके। वहीं बाकी चार के सैंपल दोबारा टेस्ट के लिए भेजे गए हैं।
देश में वैक्सीनेशन की रफ्तार भी बढ़ाई जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक देश में अबतक 1 अरब 24 करोड़ 96 लाख 19 हजार 515 खुराक दी जा चुकी है। वहीं बुधवार को यानी पिछले 24 घंटे में 80 लाख 35 हजार 261 खुराक दी गई। वहीं दूसरी तरफ ओमिक्रोन के संक्रमण को भारत तक पहुंचने से रोकने के लिए केंद्र सरकार ने हाल में इंटरनेशनल फ्लाइट से लौटने वालों का RT-PCR टेस्ट करने की गाइडलाइंस जारी की है। नई गाइडलाइंस में बताया गया है कि भारत आने वाले यात्रियों को पिछले 14 दिनों की ट्रैवल हिस्ट्री के बारे में सूचना देनी होगी। गाइडलाइंस के मुताबिक यह भी कहा गया है कि यात्रा से पहले ही यात्री एयर सुविधा पोर्टल पर अपनी निगेटिव आरटी पीसीआर रिपोर्ट को डालें।
एक तरफ जहां पूरी दुनिया में कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रोन को लेकर हड़कंप मच गया है वहीं राहत की बात ये है कि भारत में अबतक इस वेरिएंट के एक भी मामले सामने नहीं आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में देश में कोविड के कुल 9765 नए मामले सामने आए हैं। नए मामले के साथ ही संक्रमितों का कुल आंकड़ा बढ़कर अब 3 करोड़ 46 लाख, 06 हजार 541 हो गया है। हेल्थ मिनिस्ट्री द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में देशभर में कुल 477 लोगों की कोविड से मौत भी हुई है। इस आंकड़े को शामिल कर लिया जाए तो अबतक देश में इस वायरस ने कुल 4 लाख 69 हजार 724 लोगों की जान ले ली है। वहीं कोरोना संक्रमितों के आंकड़ों की बात करें तो आज के आंकड़ें कल के संक्रमित लोगों से करीब 9 फीसदी ज्यादा है। वहीं रिपोर्ट के अनुसार देश में एक्टिव मामलों की संख्या 99,763 दर्ज की गई है।
कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन के दक्षिण अफ्रीका में मिलने और उसके बाद दुनिया के 25 देशों में अब तक इसके प्रसार से दहशत का माहौल है। हालांकि, भारत में अब तक कोरोना के इन नए वेरिएंट की अब तक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन, भारत सरकार इसको लेकर अलर्ट मोड में है। शीतकालीन सत्र के दौरान आज कोरोना पर लोकसभा में चर्चा होगी। लेकिन, उससे पहले केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया राज्यों के साथ बैठक कर रहे हैं। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की जा रही है। इस बैठक में एयरपोर्ट के स्वास्थ्य अधिकारी भी शामिल हो रहे हैं। बता दें कि अमेरिका और यूएई में कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन के पाए जाने के बाद अब यह संक्रमण दुनिया के 25 देशों में फैल चुका है। इधर, कोविड-19 के ओमीक्रोन स्वरूप ने बुधवार को विश्व की परेशानी और बढ़ा दी क्योंकि जापान ने यात्रा प्रतिबंधों को कड़ा कर दिया। वहीं, वायरस के नये स्वरूप से संक्रमण के मामले कुछ और स्थानों पर सामने आए हैं और नये साक्ष्य से यह स्पष्ट हो गया है कि यह स्वरूप सोचे गये समय से हफ्तों पहले से व्याप्त था।
ओमीक्रोन ने एक बार फिर दुनिया के सभी देशों की चिंता बढ़ा दी है। भारत भी हर स्तर पर जाकर इस संक्रमण को देश तक आने से रोकने की कोशिश कर रहा है। इसी क्रम में यूपी, बिहार, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में गाइडलाइन जारी की गई है। महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। वहीं झारखंड में एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की जांच के लिए निगरानी टीमों की तैनाती की गई है साथ ही पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मंगलवार को कहा कि लोकसभा में बुधवार को कोविड-19 महामारी पर एक अल्प अवधि की चर्चा के लिए समय आवंटित किया गया है। यह चर्चा नियम 193 के अंतर्गत होगी, जिसके तहत सदस्य कोविड-19 के नए स्वरूप ओमीक्रोन के बारे में विवरण मांग सकते है। जोशी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि लोकसभा में बुधवार को महामारी पर एक अल्प अवधि की चर्चा होगी। बता दें कि इस वायरस के बारे में पिछले सप्ताह ही पता लगाया गया था। इस वेरिएंट की शुरुआत दक्षिण अफ्रीका में हुई थी। हालंकि इसके फैलने की रफ्तार अन्य वेरिएंट से ज्यादा तेज है और यह कुछ ही दिनों में पूरी 13 देशों में फैल गया है। इस नए वेरिएंट के बारे में फिलहाल ज्यादा जानकारी नहीं होने के कारण इसे रोकना मुश्किल हो रहा है और यह वैक्सीनेटेड लोगों को संक्रमित कर रहा है। कई महाद्वीपों में ओमीक्रोन वेरिएंट से संक्रमित होने के मामलों की पुष्टि हो चुकी है। जर्मनी, इटली, बेल्जियम, इजरायल और हांगकांग में भी इसके मामले सामने आए हैं।
कोरोना का नया वेरिएंट ओमिक्रोन तेजी से पांव पसार रहा है। यह खतरनाक वायरस काफी खतरनाक बताया जा रहा है। वायरस का नया वेरिएंट लगभग 14 देशों में पहुंच चुका है। तमाम कोशिशों के बाद भी इस वायरस ने इन देशों में पांव पसार चुका है। कई देशों ने इसके आगमन से पहले अपने-अपने यहां अलर्ट जारी कर दिया है। डेल्टा वेरिएंट का तांडव विश्व देख चुका है। ऐसे में सभी देश खास एहतियात बरत रहे हैं। ओमिक्रोन वेरिएंट को देखते हुए अमेरिकी सरकार के शीर्ष चिकित्सा सलाहकार एंथनी फाउची ने वायरस के नए वेरिएंट को लेकर खतरे की घंटी बजा चुके हैं। वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रोन का पहला केस पिछले हफ्ते दक्षिण अफ्रीका में मिला था। देखते ही देखते यह स्ट्रेन 14 देशों में फैल गया। नए वेरिएंट से वैसे लोग भी संक्रमित हो रहे हैं जिन्होंने कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज ले रखी है। कोरना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन को B.1.1.529 नाम दिया गया है। ओमिक्रोन वेरिएंट का वायरस जर्मनी, इटली, बेल्जियम, इजरायल और हांगकांग में भी इसके मामले सामने आए हैं। दक्षिण अफ्रीका से आने वाले यात्रियों की कड़ी निगरानी की जा रही है और लगातार जांच जारी है। थाईलैंड ने अफ्रीका के आठ देशों से यात्रियों के आने पर पाबंदी लगा दी है।
कोरोना के नए वेरिएंट आने से दुनियाभर में दहशत का माहौल है। ओमिक्रोन के मामले कई देशों में मिलने के बाद भारत सरकार इस पर एक्शन लेते हुए सोमवार को संशोधित गाइडलाइन जारी की है। इसके मुताबिक, वैक्सीनेशन के बावजूद जोखिम वाले देशों से आने वाले अंतरराष्ट्रीय पैसेंजर्स को एयपोर्ट पर पहुंचने के बाद कोरोना टेस्ट अनिवार्य होगा। 'जोखिम वाले देशों' के रूप में पहचाने जाने वाले देशों से भारत आने के लिए प्रस्थान से 72 घंटे पहले किए गए पूर्व-प्रस्थान COVID-19 परीक्षण के अलावा आगमन पर हवाई अड्डे पर अनिवार्य रूप से आगमन पर COVID-19 परीक्षण से गुजरना पड़ता है। इन परीक्षणों में पॉजिटिव पाए गए यात्रियों के लिए, उन्हें क्वारंटीन किया जाएगा और नैदानिक प्रबंधन प्रोटोकॉल के अनुसार इलाज किया जाएगा। इसके अलावा उनके नमूने भी पूरे जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए जाएंगे। नकारात्मक पाए गए यात्री हवाई अड्डे से जा पाएंगे, लेकिन 7 दिनों के लिए घर से अलग रहना होगा। इसके बाद भारत में आगमन के 8वें दिन दोबारा परीक्षण किया जाएगा, इसके बाद 7 दिनों तक स्व-निगरानी होगी। गौरतलब है कि ओमिक्रोन के खतरे को देखते हुए केन्द्र सरकार की तरफ से रविवार को नई गाइडलाइन जारी की गई थी। कोरोना वायरस के अधिक संक्रामक स्वरूप ‘ओमिक्रोन’ को लेकर बढ़ती चिंता के बीच केंद्र ने रविवार को‘जोखिम’ श्रेणी वाले देशों से आने वाले या उन देशों से होकर भारत पहुंचने वाले यात्रियों के लिए आरटी-पीसीआर जांच अनिवार्य कर दी। साथ ही, तब तक यात्री को हवाई अड्डा छोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जब तक नमूने की जांच के नतीजे प्राप्त नहीं हो जाते। मंत्रालय ने कहा कि ‘जोखिम’ श्रेणी वाले देशों के अलावा अन्य देशों से आने वाले लोगों को हवाई अड्डे से जाने की अनुमति रहेगी, हालांकि ऐसे यात्रियों को भी 14 दिन तक स्वयं अपने स्वास्थ्य की निगरानी करनी होगी। मंत्रालय ने कहा कि अन्य देशों से आने वाले यात्रियों में से पांच फीसदी की जांच की जाएगी और संबंधित विमानन कंपनी को प्रत्येक उड़ान से आने वाले उन पांच फीसदी लोगों की पहचान करनी होगी, जिनका परीक्षण किया जाना चाहिए। हालांकि, इनके नमूने की जांच का खर्च मंत्रालय वहन करेगा। मंत्रालय ने कहा कि वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप को ध्यान में रखते हुए मौजूदा दिशा-निर्देशों में संशोधन किया गया था। दक्षिण अफ्रीका में 24 नवंबर को वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप के मिलने की खबर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को दी गयी थी।
कोरोना वायरस के नए म्यूटेशन ओमिक्रोन के सामने आने के बाद से भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर रख रही है। रविवार को गृह सचिव ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में ऐसे देश जहां केस बढ़ रहे हैं या नए म्यूटेशन के संक्रमण के मामले सामने आए हैं। रिस्क वाले देशों से आने वाले यात्रियों की जीनोमिक सर्विलांस बढ़ाने का फैसला किया है। साथ ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को हवाई अड्डों और बंदरगाहों पर कड़ी निगरानी रखने की सलाह दी गई है। कोरोना के नए म्यूटेशन B.1.1529 जिसे डब्ल्यूएचओ ने ओमिक्रोन का नाम दिया और वेरिएंट ऑफ कंसर्न की श्रेणी में रखा है। इस म्यूटेशन ने न सिर्फ भारत बल्कि दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। यही वजह है कि पिछले दो दिनों में कोरोना के इस नए वेरिएंट पर दो अहम बैठक हो चुकी है। शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी ने मौजूदा स्थिति और पब्लिक हेल्थकेयर मेजर के संदर्भ में भारत की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की थी और रविवार को गृह सचिव ने बैठक की।
कोरोना वायरस के नए वेरिएंट आने से दुनिया के सभी देश सतर्क हो गए हैं। नए वेरिएंट सामने आए के बाद पूरी दुनिया में एक बार फिर हलचल मच गई है। नया वेरिएंट ओमिक्रोन पहली बार दक्षिण अफ्रीका में पाया गया था। ओमिक्रोन वेरिएंट के सामने आने के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी चिंता जाहिर की है। नए वेरिएंट सामने आने के बाद अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों ने दक्षिण अफ्रीका से आने वाले यात्रियों को लेकर सतर्क हो गए हैं। दक्षिण अफ्रीका की यात्रा कर लौटे यात्रियों को एयरपोर्ट पर उतरते ही क्वारंटाइन किया जा रहा है। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रीय संचारी रोग संस्थान की ओर से बताया गया है कि ओमिक्रोन वेरिएंट वायरस अगर आपके शरीर में आता है तो इसके कुछ विशेष लक्षण नहीं देखे जा रहे हैं। एनआईसीडी के मुताबिक यह भी कहा गया है कि डेल्टा की तरह ओमिक्रोन से संक्रमित हुए कुछ लोग भी एसिम्टोमेटिक थे। ऐसे में एनआईसीडी ने माना कि ओमिक्रोन से संक्रमित व्यक्ति में कोई अलग तरह के लक्षण दिखाई नहीं दिए थे। वायरस की जांच को लेकर WHO ने अपने बयान में बताया है कि मौजूदा वक्त में SARS-CoV-2 PCR इस वेरिएंट को पकड़ने में सक्षम है। नए वेरिएंट को देखते हुए भारत के साथ-साथ कई अन्य देश भी सतर्क हो गए हैं। दक्षिण अफ्रीका से आने वाले यात्रियों को क्वारंटाइन में रहना होगा और टेस्ट करवाना होगा। बता दें कि ओमिक्रोन वेरिएंट के पहले मामले की पुष्टि 24 नवंबर को हुई थी। इस वायरस के सबसे पहले मरीज की पहचान दक्षिण अफ्रीका में हुई थी। कई देश ओमिक्रोन के प्रसार को रोकने के लिए हर संभव कोशिश में जुटे हुए हैं। इसी क्रम में दक्षिण अफ्रीकी देशों से उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया है।
हिमाचल प्रदेश कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज में भी नंबर वन पर आ गया है। गोवा को पीछे छोड़ते हुए हिमाचल प्रदेश ने कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज़ का लक्ष्य हासिल का लिया है। हालांकि प्रदेश में अभी 90 फीसदी लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज लगी है। 10 फीसदी लोगों को टीका लगना बाकी है। ऐसे में दोनों राज्यों में यह अभियान तेजी से चल रहा है। बताया जा रहा है कि गोवा सिर्फ हिमाचल से एक फीसदी पीछे हुआ है। इससे पहले यह राज्य करीब 10 दिनों से आगे चल रहा था। इधर, प्रदेश सरकार ने संपूर्ण वैक्सीनेशन कार्यक्रम के चलते 5 दिसंबर को बिलासपुर में कार्यक्रम फाइनल कर दिया है। इसमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा मौजूद रहेंगे। प्रदेश में लोगों को घर-घर वैक्सीन लगाने के कार्यक्रम को केंद्र सरकार ने सराहा है। प्रदेश में 49 लाख लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज लग चुकी है। केंद्र सरकार ने 4 दिसंबर तक 55.23 लाख लोगों को वैक्सीन लगाने का टारगेट दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने टारगेट पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के तीन हजार कर्मचारियों को फील्ड में उतारा है। इसके अलावा स्वास्थ्य केंद्र में वैक्सीन लगाने के लिए अतिरिक्त स्टाफ मुहैया कराया गया है। शुक्रवार को आयोजित ग्रामसभाओं में 100 फीसदी वैक्सीनेशन का प्रस्ताव पारित किया गया। इन सभाओं में भी उपस्थित लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज लगाई गई।
कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन की दस्तक के बाद दुनिया के कई देश सतर्क हो गए हैं। इस बीच ओमिक्रोन की आहट को देखते हुए भारत की ओर से भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकते हैं। ऐसी स्थिति को देखते हुए देश में कोरोना को लेकर मौजूदा हालात और वैक्सीनेश की स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। पीएम मोदी की अधिकारियों के साथ यह बैठक करीब 10.30 बजे शुरू होगी। इस बैठक में बड़े अधिकारियों के साथ वैक्सीनेश को लेकर चर्चा की जाएगी।
भारत में अब तक दक्षिण अफ्रीका से फैले ओमिक्रोन वेरिएंट का कोई मामला सामने नहीं आया है। लेकिन इसे बेहद गंभीरता से लिया जाना जरूरी है। नए वेरिएंट को लेकर सरकार की ओर से अहम बैठक बुलाई गई है। माना जा रहा है कि इस बैठक में उड़ानों पर प्रतिबंध लगाने पर विचार भी हो सकता है। कोरोना की पहली और दूसरी लहर झेल चुके भारत में संक्रमण फिलहाल काबू में है। वैक्सीनेशन की रफ्तार भी लगातार बढ़ रही है। ओमिक्रोन दक्षिण अफ्रीका से निकल कर कई देशों में फैल गया है। नया वेरिएंट दक्षिण अफ्रीका में कई हफ्तों से फैल रहा था अब WHO ने भी इसे खतरनाक माना है। ये वेरिएंट अफ्रीकी देश दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना पहुंच चुका है। एशिया के देश हॉन्ग कॉन्ग में भी केस मिल गए हैं। मिडिल ईस्ट के इजरायल और यूरोप के बेल्जियम में भी ओमिक्रोन पहुंच चुका है। कोरोना के नए वेरिएंट ने पूरी दुनिया को फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया है। तमाम देश अभी तक दक्षिण अफ्रीका की यात्रा पर प्रतिबंध लगा चुके हैं। ऐसे देशों में इटली, ऑस्ट्रिया, फ्रांस, जापान, यूनाइटेड किंगडम, सिंगापुर, नीदरलैंड, माल्टा, मलेशिया, मोरक्को, फिलीपींस, दुबई, जॉर्डन, अमेरिका, कनाडा और तुर्की शामिल हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया, 24 नवंबर तक देशभर में 119 करोड़ 38 लाख 44 हजार कोरोना वैक्सीन के डोज दिए जा चुके हैं। बीते दिन 90.27 लाख टीके लगाए गए। वहीं भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के अनुसार, अबतक करीब 63.59 करोड़ कोरोना टेस्ट किए जा चुके हैं। बीते दिन 11.50 लाख कोरोना सैंपल टेस्ट किए गए, जिसका पॉजिटिविटी रेट 1 फीसदी से कम है। देश में कोरोना से मृत्यु दर 1.35 फीसदी है जबकि रिकवरी रेट 98.33 फीसदी है। एक्टिव केस 0.32 फीसदी हैं। कोरोना एक्टिव केस मामले में दुनिया में भारत अब 23वें स्थान पर है। कुल संक्रमितों की संख्या के मामले में भारत दूसरे स्थान पर है। जबकि अमेरिका, ब्राजील के बाद सबसे ज्यादा मौत भारत में हुई है।
भारत में अब कोरोना का कहर कम हो गया है। कोरोना के नए मामलों की रफ्तार घटकर 10 हजार से नीचे पहुंच गई है। हालांकि मौत का आंकड़ा अभी भी ज्यादा है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शुक्रवार सुबह जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में 9,119 नए कोरोना केस आए और 396 कोरोना संक्रमितों की जान चली गई। वहीं 24 घंटे में 10,264 लोग कोरोना से ठीक भी हुए हैं यानी कि 1541 एक्टिव केस कम हो गए। कोरोना महामारी की शुरुआत से लेकर अबतक कुल तीन करोड़ 45 लाख 44 हजार 882 लोग संक्रमित हुए है। इनमें से 4 लाख 66 हजार 980 लोगों की मौत हो चुकी है। अच्छी बात ये है कि अबतक 3 करोड़ 39 लाख 67 हजार लोग ठीक भी हुए हैं। देश में कोरोना एक्टिव केस की संख्या करीब एक लाख है। कुल 1 लाख 9 हजार 940 लोग अभी भी कोरोना वायरस से संक्रमित हैं, जिनका इलाज चल रहा है।
नए मामलों में थोड़ी कमी देखने के बाद भी कोरोना वायरस का प्रकोप लगातार बरकरार है। देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 9 हजार 283 नए केस सामने आए हैं और 437 लोगों ने जान गवाई है। नए मामले सामने आने के बाद देश में अब एक्टिव मरीजों की संख्या एक लाख 11 हजार 481 हो गए हैं। आइए जानते है ऐसे में देश की ताजा स्थिति क्या है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में पिछले दिन कोरोना से 10 हजार 949 लोग ठीक हुए हैं। वहीं, इस वायरस से जान गंवाने वालों की संख्या 4 लाख 66 हजार 584 पर पहुंच गई है। आंकड़ों के मुताबिक, अभी तक 3 करोड़ 45 लाख 35 हजार 736 लोग संक्रमण से ठीक हो चुके हैं। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण मुहिम के तहत अभी तक कोरोना रोधी टीकों की 118 करोड 44 लाख 23 हजर 573 खुराक दी जा चुकी हैं। वहीं 3 करोड़ 39 लाख 57 हजार 698 लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं। सरकार की कोशिश है कि जल्द से जल्द सभी लोग टीका की दोनों खुराक लगवा लें।
देश में जानलेवा कोरोना वायरस का प्रकोप बरकरार है। हालांकि अब मामलों में गिरावट देखने को मिल रही है। देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 7 हजार 579 नए केस सामने आए हैं। वहीं, 236 लोगों की मौत हो गई। बड़ी बात यह है कि देश में 543 दिनों बाद इतने कम केस दर्ज हुए हैं। देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या एक लाख 13 हजार 584 है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, देश में पिछले दिन कोरोना से 12 हजार 202 लोग ठीक हुए हैं। वहीं, इस महामारी से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 4 लाख 66 हजार 147 हो गई है। आंकड़ों के मुताबिक, अभी तक 3 करोड़ 39 लाख 46 हजार 749 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण मुहिम के तहत अभी तक कोरोना वायरस रोधी टीकों की 117 करोड़ से ज्यादा खुराक दी जा चुकी हैं। कल 71 लाख 92 हजार 154 डोज़ दी गईं, जिसके बाद अबतक वैक्सीन की 117 करोड़ 63 लाख 73 हजार 499 डोज़ दी जा चुकी हैं। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने जानकारी दी है कि 22 नवंबर तक पूरे देश में COVID19 के 63 करोड़ 34 लाख 89 हजार 239 सैंपल की जांच की गई, जिसमें से कल 9 लाख 64 हजार 980 सैंपल की जांच की गई ।
देश में जानलेवा कोरोना वायरस का प्रकोप बरकरार है। हालांकि अब मामलों में गिरावट देखने को मिल रही है। देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 8 हजार 488 नए केस सामने आए हैं। वहीं, 249 लोगों की मौत हो गई। बड़ी बात यह है कि देश में 538 दिनों बाद इतने कम केस दर्ज हुए हैं। देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या एक लाख 18 हजार 443 है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, देश में पिछले दिन कोरोना से 12 हजार 510 लोग ठीक हुए हैं। वहीं, इस महामारी से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 4 लाख 65 हजार 911 हो गई है। आंकड़ों के मुताबिक, अभी तक 3 करोड़ 39 लाख 34 हजार 547 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। गौरतलब है कि राष्ट्रव्यापी टीकाकरण मुहिम के तहत अभी तक कोरोना वायरस रोधी टीकों की 116 करोड़ से ज्यादा खुराक दी जा चुकी हैं। कल 32 लाख 99 हजार 337 डोज़ दी गईं, जिसके बाद अबतक वैक्सीन की 116 करोड़ 87 लाख 28 हजार 385 डोज़ दी जा चुकी हैं। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने जानकारी दी है कि 21 नवंबर तक पूरे देश में कोविड-19 के 63 करोड़ 25 लाख 24 हजार 259 सैंपल की जांच की गई, जिसमें से कल 7 लाख 83 हजार567 सैंपल की जांच की गई।
देश में जानलेवा कोरोना वायरस का प्रकोप बरकरार है। देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 10 हजार 488 नए केस सामने आए हैं। वहीं, 313 लोगों की मौत हो गई। देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या एक लाख 22 हजार 714 है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, देश में पिछले दिन कोरोना से 12 हजार 329 लोग ठीक हुए हैं। वहीं, इस महामारी से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 4 लाख 65 हजार 662 हो गई है. आंकड़ों के मुताबिक, अभी तक कुल 3 करोड़ 45 लाख 10 हजार 413 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 3 करोड़ 39 लाख 22 हजार 37 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण मुहिम के तहत अभी तक कोरोना वायरस रोधी टीकों की 116 करोड़ से ज्यादा खुराक दी जा चुकी हैं। कल 67 लाख 25 हजार 970 डोज़ दी गईं, जिसके बाद अबतक वैक्सीन की 116 करोड़ 50 लाख 55 हजार 210 डोज़ दी जा चुकी हैं। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने जानकारी दी है कि 20 नवंबर तक पूरे देश में COVID19 के 63 करोड़ 16 लाख 49 हजार 378 सैंपल की जांच की गई, जिसमें से कल 10 लाख 74 हजार 99 सैंपल की जांच की गई।
देश में अब लोगों को कोरोना से राहत मिलने लगी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के शनिवार के आंकड़े के अनुसार सक्रिय मरीजों की संख्या 531 दिनों बाद सबसे कम आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार बीते 24 घंटों के दौरान कोरोना के 10,302 नए मामले सामने आए हैं। वहीं इस दौरान 267 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा 11,787 लोग स्वस्थ भी हुए। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में अब कुल 1,24,868 सक्रिय मरीज बचे हैं। वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़े के अनुसार बीते 24 घंटे में 11, 106 मामले सामने आए थे। वहीं सक्रिय मामले घटकर 1,26,620 हो गए थे।
देश में जानलेवा कोरोना वायरस का प्रकोप बरकरार है और अब एक्टिव मामलों की संख्या एक लाख 28 हजार 555 है। देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 10 हजार 197 नए केस सामने आए हैं और 301 लोगों की मौत हुई है। बड़ी बात यह है कि 527 दिनों बाद देश में कोरोना के सबसे कम एक्टिव केस हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, इस महामारी से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 4 लाख 64 हजार 153 हो गई है। आंकड़ों के मुताबिक, अभी तक कुल 3 करोड़ 38 लाख 73 हजार 890 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। वहीं, राष्ट्रव्यापी टीकाकरण मुहिम के तहत अभी तक कोरोना वायरस रोधी टीकों की 113 करोड़ से ज्यादा खुराक दी जा चुकी हैं। कल 67 लाख 82 हजार 42 डोज़ दी गईं, जिसके बाद अब तक वैक्सीन की 113 करोड़ 68 लाख 79 हजार 685 डोज़ दी जा चुकी हैं।
हिमाचल प्रदेश कोरोना वैक्सीनेशन की पहली डोज में देश में पहले स्थान पर आने के बाद दूसरी डोज में गोवा से पिछड़ गया है। गोवा में दूसरी डोज 83 फीसदी लोगों को लग चुकी है, जबकि हिमाचल में अभी 75 फीसदी लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज लगी है। हालांकि, हिमाचल सरकार ने 30 नवंबर तक दूसरी डोज लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। लोगों को घर-घर वैक्सीन लगाने और पंचायतों में 100 फीसदी वैक्सीन का टारगेट पूरा करने का प्रस्ताव पारित किया है। इसके अलावा लद्दाख दूसरी डोज में हिमाचल के करीब पहुंच रहा है। यहां 73 फीसदी लोगों को वैक्सीन लग चुकी है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया, 16 नवंबर तक देशभर में 112 करोड़ 97 लाख 84 हजार कोरोना वैक्सीन के डोज दिए जा चुके हैं। बीते दिन 59.75 लाख टीके लगाए गए। वहीं भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के अनुसार, अबतक करीब 62.57 करोड़ कोरोना टेस्ट किए जा चुके हैं. बीते दिन करीब 11.07 लाख कोरोना सैंपल टेस्ट किए गए, जिसका पॉजिटिविटी रेट 2 फीसदी से कम है। वंही देश में कोरोना से मृत्यु दर 1.35 फीसदी है जबकि रिकवरी रेट 98.27 फीसदी है। एक्टिव केस 0.38 फीसदी हैं। कोरोना एक्टिव केस मामले में दुनिया में भारत अब 18वें स्थान पर है। कुल संक्रमितों की संख्या के मामले में भारत दूसरे स्थान पर है। जबकि अमेरिका, ब्राजील के बाद सबसे ज्यादा मौत भारत में हुई है।
कोरोना मामलों में गिरावट जारी है। पिछले दिन सोमवार को 287 दिनों बाद सबसे कम नए कोरोना मामले दर्ज हुए हैं। मंगलवार सुबह स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से ताजा आंकड़ा जारी किया गया है। मंत्रालय के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 8,865 नए कोरोना केस आए और 197 कोरोना संक्रमितों की जान चली गई। 11,971 लोग कोरोना से ठीक भी हुए हैं यानी कि 3303 एक्टिव केस कम हो गए। बता दें कि कोरोना महामारी की शुरुआत से लेकर अबतक कुल तीन करोड़ 44 लाख 56 हजार लोग संक्रमित हुए हैं। इनमें से 4 लाख 63 हजार 852 लोगों की मौत हो चुकी है। अच्छी बात ये है कि अबतक 3 करोड़ 38 लाख 61 हजार लोग ठीक भी हुए हैं। देश में कोरोना एक्टिव केस की संख्या 1.5 लाख से कम हो गई। कुल 1 लाख 30 हजार 793 लोग अभी भी कोरोना वायरस से संक्रमित हैं, जिनका इलाज चल रहा है।
देश में जानलेवा कोरोना वायरस का प्रकोप बरकरार है। देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 11 हजार 271 नए केस सामने आए हैं। वहीं, 285 लोगों की मौत हो गई। देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या एक लाख 35 हजार 918 है. बड़ी बात यह है कि केरल में कल कोरोना के 6,468 मामले सामने आए हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, देश में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या बढ़कर आज तीन करोड़ 44 लाख 37 हजार 307 हो गई है। वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 1 लाख 35 हजार 918 हो गई है। इस महामारी से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 4 लाख 63 हजार 530 हो गई है । आंकड़ों के मुताबिक, अभी तक कुल 3 करोड़ 38 लाख 37 हजार 589 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं।
देश में जानलेवा कोरोना वायरस का प्रकोप बरकरार है। देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 11 हजार 850 नए केस सामने आए हैं। वहीं, 555 लोगों की मौत हो गई। देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या एक लाख 36 हजार 308 है। बड़ी बात यह है कि केरल में कल कोरोना के 6,674 मामले सामने आए हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, देश में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या बढ़कर आज तीन करोड़ 44 लाख 26 हजार 36 हो गई है। वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 1 लाख 36 हजार 308 हो गई है। इस महामारी से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 4 लाख 63 हजार 245 हो गई है। देश में लगातार 36 दिनों से कोविड-19 के दैनिक मामले 20 हजार से कम हैं और 139 दिनों से 50 हजार से कम नए दैनिक मामले सामने आ रहे हैं। उपचाराधीन मरीजों की संख्या कुल मामलों का करीब 0.40 फीसदी है। यह दर मार्च 2020 के बाद से सबसे कम है। आंकड़ों के मुताबिक, अभी तक कुल 3 करोड़ 38 लाख 26 हजार 483 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि मृत्यु दर करीब 1.30 फीसदी है।
यूरोप में कोरोनावायरस महामारी का कहर बढ़ता जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि यूरोप अब एक बार फिर महामारी का केंद्र बन गया है। कोरोना से फिलहाल सबसे ज्यादा प्रभावित पश्चिमी यूरोप है, जहां संक्रमितों की बढ़ती संख्या के चलते लॉकडाउन जैसे कदम उठाने पड़ रहे हैं। इस बीच ऑस्ट्रिया ने टीका न लगवाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का फैसला किया है और उन्हें लॉकडाउन में घरों में रखने से जुड़ा ऐलान कर दिया है। वंही कोरोनावायरस महामारी के तकरीबन दो साल बाद भी यूरोप के पश्चिमी क्षेत्र में संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। यह काफी चौंकाने वाली बात है, क्योंकि इस क्षेत्र में टीकाकरण की दरें अधिक हैं और स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियां अच्छी हैं। इसके बावजूद अब कोरोना के लौटने की वजह से लॉकडाउन लगाने की नौबत आन पड़ी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बताया कि यूरोप में पिछले हफ्ते कोरोना वायरस से जान गंवाने वाले लोगों की संख्या 10 फीसदी तक बढ़ गई। एजेंसी ने पिछले हफ्ते आधिकारिक घोषणा में कहा कि यूरोप फिर से महामारी का केंद्र बनने जा रहा है।
96 देशों ने भारत के साथ कोविड-19 टीकाकरण प्रमाणपत्र को परस्पर मान्यता देने पर सहमति जताई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने एक बयान में कहा कि भारत सरकार दुनिया के बाकी हिस्सों के साथ संपर्क में है ताकि दुनिया के सबसे बड़े कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम के लाभार्थियों को स्वीकृति और मान्यता मिल सके ताकि वे शिक्षा, व्यवसाय और पर्यटन उद्देश्यों के लिए आसानी से यात्रा कर सकें। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वर्तमान में 96 देशों ने टीकाकरण प्रमाणपत्रों की परस्पर मान्यता के लिए सहमति व्यक्त की है। मंत्रालय ने कहा कि इन देशों से लगातार यात्रा करने वाले लोगों को 20 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय आगमन के मद्देनजर जारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार कुछ छूट प्रदान की गई है। मंत्रालय के मुताबिक, जो लोग विदेश यात्रा करना चाहते हैं, वे अंतरराष्ट्रीय यात्रा टीकाकरण प्रमाणपत्र को-विन पोर्टल से भी डाउनलोड कर सकते हैं।
कर्नाटक सरकार ने महाराष्ट्र से राज्य में कुछ समय के लिए आने वाले लोगों के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। नए दिशानिर्देश महाराष्ट्र में उच्च कोविड -19 केसलोएड को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए हैं। कर्नाटक सरकार ने एक बयान में कहा है कि महाराष्ट्र से केवल बिना लक्षण वाले यात्रियों को ही राज्य में आने की अनुमति होगी। दिशानिर्देशों में कहा गया है कि बुखार, खांसी जुकाम, गले में दर्द, बुखार या सांस लेने में कठिनाई वाले किसी भी व्यक्ति को सीमा पर रोका जाएगा। महाराष्ट्र के यात्रियों को अपने साथ टीकाकरण प्रमाण पत्र ले जाने की भी आवश्यकता है। बयान में कहा गया है कि यात्रियों को आगमन पर बुखार के लिए थर्मल स्कैनिंग से गुजरना होगा और दोनों खुराक के लिए कोविड -19 टीकाकरण प्रमाण पत्र ले जाना होगा। इसमें कहा गया है कि मुंबई सहित महाराष्ट्र से आने वालों को फेस मास्क पहनने और बेंगलुरु और कर्नाटक में अपने प्रवास के दौरान कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन करने की आवश्यकता है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, महाराष्ट्र ने सोमवार को 751 ताजा कोरोना वायरस सकारात्मक मामले और 15 मौतें दर्ज कीं, जिसमें संक्रमण की संख्या 66,18,347 पहुंच गई।
देश में जानलेवा कोरोना वायरस का प्रकोप अभी भी बरकार है। हालांकि नए मामलों में अब कुछ गिरावट देखने को मिल रही है. पिछले 24 घंटों में कोरोना के 10 हजार 853 नए मामले सामने आए हैं। वहीं, कल 526 लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद अबतक मरने वाले लोगों की संख्या 4 लाख 60 हजार 791 हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक देश में पिछले 24 घंटों में 12 हजार 432 लोग ठीक हुए हैं। देश में इस वक़्त सक्रिय मामलों की कुल संख्या घटकर एक लाख 44 हजार 845 है। देश में अबतक 3 करोड़ 37 लाख 49 हजार 900 लोग ठीक हो चुके हैं। मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में कल कोरोना की 28 लाख 40 हजार 174 डोज दी गईं है। जिसके बाद देश में अबतक 108 करोड़ 21 लाख 66 हजार 365 लोगों को वैक्सीन लग चुकी है।
देश में जानलेवा कोरोना संक्रमण का खतरा अभी बरकार है। देश में अभी मौतों के आंकड़ों में गिरावट नहीं आई है। बीते 24 घंटों में कोरोना के 11 हजार 903 नए मामले सामने आए हैं। वहीं, कल 311 लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद अबतक मरने वाले लोगों की संख्या 4 लाख 59 हजार 191 हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक देश में पिछले 24 घंटों में 14 हजार 159 लोग ठीक हुए हैं। देश में इस वक़्त सक्रिय मामलों की कुल संख्या एक लाख 51 हजार 209 है। बड़ी बात यह है कि 252 दिनों बाद एक्टिव मामलों की ये संख्या सबसे कम है। देश में अबतक 3 करोड़ 36 लाख 97 हजार 740 लोग ठीक हो चुके हैं।
ऑस्ट्रेलिया सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को मंजूरी दे दी है। अब कोवैक्सीन ले चुके 12 साल या इससे ज्यादा उम्र के यात्रियों को बिना रोक टोक के ऑस्ट्रेलिया में एंट्री मिल सकेगी। कौवेक्सीन प्राप्त यात्री को पूर्ण टीकाकरण प्राप्त माना जाएगा। ऑस्ट्रेलिया के थैरेप्यूटिक गुड्स एडमिनिस्ट्रेशन ने कोवैक्सीन को 'मान्यता' देने का फैसला किया है। हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन से कोवैक्सीन को हरी झंडी अभी तक नहीं मिली है। भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त बैरी ओ'फेरेल एओ ने कहा, ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने यात्रियों के टीकाकरण की स्थिति स्थापित करने के उद्देश्य से भारत बायोटेक की कोवैक्सिन को मान्यता दी है।
केंद्रीय स्वास्थय मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में कल कोरोना की 68 लाख 4 हजार 806 डोज दी गईं। जिसके बाद देश में अबतक 106 करोड़ 14 लाख 40 हजार 335 लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने बताया है कि भारत में कल कोरोना वायरस के लिए 11 लाख 35 हजार 142 सैंपल टेस्ट किए गए।
देश में जानलेवा कोरोना वायरस का प्रकोप अभी भी बरकार है। देश में अभी भी बड़ी संख्या में मौतें हो रही हैं। पिछले 24 घंटों में कोरोना के 12 हजार 830 नए मामले सामने आए हैं। वहीं, कल 446 लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद अबतक मरने वाले लोगों की संख्या 4 लाख 58 हजार 186 हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक देश में पिछले 24 घंटों में 14 हजार 667 लोग ठीक हुए हैं। देश में इस वक़्त सक्रिय मामलों की कुल संख्या एक लाख 59 हजार 272 है। देश में अबतक कोरोना के 3 करोड़ 42 लाख 73 हजार 300 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से अबतक 3 करोड़ 36 लाख 55 हजार 842 लोग ठीक हो चुके हैं।