बघाट बैंक सोलन से 3 करोड़ 49 लाख रुपए का लोन लेने वाली फर्म के गारंटर विनोद कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सहायक रजिस्ट्रार को-ऑपरेटिव सोसायटी सोलन की अदालत ने आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। विनोद कुमार पर आरोप है कि उन्होंने लोन की राशि का भुगतान नहीं किया था, जिसके चलते फर्म को डिफाल्टर घोषित किया गया था। पुलिस ने विनोद कुमार को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया हैं। इस मामले में अब तक 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और आरोपियों ने खुद ही कोर्ट में सरेंडर किया है। विनोद कुमार फर्म का गारंटर था उसे कोर्ट के समक्ष पेश होने के लिए बार-बार नोटिस भेजे गए था, लेकिन वह नोटिसों की अनदेखी कर रहा था। ऐसे में कलेक्टर-सह-सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समितियां सोलन न्यायालय द्वारा इसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। शनिवार 1 नवंबर 2025 को उक्त मामले में संलिप्त आरोपी विनोद कुमार निवासी गांव मठिया डाकखाना सलोगडा तहसील और जिला सोलन हिमाचल प्रदेश के पुलिस थाना सदर सोलन की टीम द्वारा घलुत गांव से गिरफ्तार करके सहायक पंजीयक सभाएं सोलन के कोर्ट में पेश किया किया गया। सोलन पुलिस ने आदेश की अनुपालना करते हुए सोलन जिले के रहने वाले 9 डिफाल्टरों में से अभी तक 4 डिफाल्टरों को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया है। वहीं, एक आरोपी अभी गिरफ्तार नहीं हुआ है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके अलावा 13 आरोपी शिमला और सिरमौर जिले के रहने वाले हैं। इन सभी की गिरफ्तारी के लिए प्राप्त गिरफ्तारी वारंटों को सम्बंधित जिले की पुलिस को आगामी कार्रवाई के लिए भेजा गया है।
हिमाचल प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह को 12 दिसंबर को वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड यू के लंदन द्वारा ब्रिटिश पार्लियामेंट में आयोजित, 9वें अंतर्राष्ट्रीय पुरूस्कार समारोह के दौरान युथ एंड ऑयकॉन के प्रतिष्ठित पुरुस्कार से सम्मानित किया जायेगा। राज्य प्रमुख सुमित सिंगला ने विक्रमादित्य सिंह को उक्त समारोह में शामिल होने हेतु निमंत्रण पत्र सौंपा। आगामी 12 दिसंबर को ब्रिटिश पार्लियामेंट के हाउस ऑफ़ कॉमन के पैलेस ऑफ़ वेस्ट मिनिस्टर के चर्चिल हाल में होने जा रहे इस समारोह में हिस्सा लेने विश्व स्तरीय विभूतियाँ जिनमें राजनीतिज्ञ, डिप्लोमेट सहित अंतर्राष्ट्रीय मीडिया व लंदन प्रेस के सदस्य भी उपस्थित होंगे। सुमित सिंगला ने बताया कि विक्रमादित्य सिंह को हिमाचल प्रदेश में स्व. वीरभद्र सिंह के गत 40 वर्षों के समय काल में किये गए विकास कार्यों को जारी रखते हुए, मौजूदा समय में भी राज्य के विकास कार्य को देखते हुए यह पुरुस्कार प्रदान किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर प्रदेश का विकास किया। वहीं सच्चाई, कर्मठता, सादगी और आम जनता के बीच विचरण करने वाले राजनीतिज्ञ के तौर पर प्रसिद्ध हुए। उनके ही अक्स को मौजूदा समय में विक्रमादित्य सिंह में देखा जाता है जो अपनी राजनीतिज्ञ सुजभूज के चलते आगामी समय में राजनीति और समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं।
लगरू वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) का शुभारंभ 1 नवम्बर को हुआ, जोकि 7 नवंबर तक चलेगा। इस मौके पर स्कूल के प्रधानाचार्य राजकुमार तथा SMC के प्रधान प्रवीण कुमार चौधरी सहित स्कूल के अध्यापक और अध्यापिकाएं उपस्थित रहीं। कमेटी के प्रधान प्रवीण कुमार चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे, उन्होंने रिबन काटकर तथा मां सरस्वती की पूजा कर NSS कैंप का शुभारंभ किया और स्कूल के प्रधानाचार्य ने बच्चों को NSS का महत्व भी बताया और बच्चों का उत्साह बढ़ाया।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला में बिजली महादेव रोपवे के विरोध का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संज्ञान लिया है। जिसके चलते स्वास्थ्य मंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है। इसमें पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह व राष्ट्रीय कार्यालय सचिव महेंद्र पांडे को भी शामिल किया गया है। महेंद्र पांडे हिमाचल भाजपा के प्रभारी भी रहे हैं। कमेटी तीन नवंबर को बिजली महादेव रोपवे संघर्ष समिति के साथ नई दिल्ली में बैठक करेगी। बैठक में पूर्व सांसद एवं भगवान रघुनाथ जी के छड़ीबरदार महेश्वर सिंह भी शामिल होंगे। पीएम मोदी को रोपवे संघर्ष समिति के अलावा भाजपा नेताओं ने भी पत्र लिखकर हस्तक्षेप का आग्रह किया था। बिजली महादेव रोपवे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है, लेकिन स्थानीय लोग इसका विरोध कर रहे हैं। शुक्रवार को नग्गर में हुई बड़ी जगती में देवी-देवताओं ने बिजली महादेव रोपवे का विरोध जताया है। देवी-देवताओं ने साफ कहा कि देव स्थलों से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर इसे बंद नहीं किया गया तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। जगती में कुल्लू, मंडी व लाहुल स्पीति के 260 देवी-देवताओं के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। बिजली महादेव रोपवे का ग्रामीण कई वर्ष से विरोध कर रहे हैं। बिजली महादेव भी अपने गूर के माध्यम से रोपवे का विरोध जता चुके हैं। कहा गया था कि देव स्थलों को पर्यटन स्थल न बनाया जाए। रोपवे बनने से देवता की शांति भंग होने की आशंका जताई गई थी। वर्ष में तीन माह 15 दिसंबर से 15 मार्च तक बिजली महादेव मंदिर के कपाट बंद होते हैं। इस दौरान देवता को शोर-शराबा नहीं चाहिए होता है। खराहल और कशावरी फाटी की नौ पंचायतों के लोग रोपवे के विरोध में उतरे हैं। विरोध के बावजूद बिजली महादेव रोपवे को वन संरक्षण अधिनियम के तहत पहले चरण की अनुमति मिल चुकी है। रोपवे का निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग रसद प्रबंधन लिमिटेड कंपनी कर रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पांच मार्च 2024 को 284 करोड़ रुपये से बनने वाले 2.3 किलोमीटर लंबे बिजली महादेव रोपवे का भूमि पूजन वर्चुअल माध्यम से किया था।
बाबा कांशी राम राजकीय महाविद्यालय डाडा सीबा तथा केंद्रीय विश्विद्यालय हिमाचल प्रदेश के अर्थशास्त्र विभाग द्वारा एक दिवसीय अंतराष्ट्रीय सम्मेलन का हाइब्रिड मोड से आयोजन किया गया। यह अंतराष्ट्रीय सम्मेलन भारतीय ज्ञान परंपरा एवं समग्र विकास विषय पर आधारित थी। इस सम्मेलन के प्रथम एवं उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता डॉ. सुष्मिंदरजीत कौर अध्यक्ष स्नातकोत्तर इंग्लिश विभाग गुजरांवाला खालसा कॉलेज लुधियाना ने तथा संध्या कालीन सत्र तथा समापन समारोह की अध्यक्षता प्रो. संजीत सिंह ठाकुर, डीन स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज, केंद्रीय विश्विद्यालय हिमाचल प्रदेश ने किया जिसमें डॉ. चारु उप्पल ने स्वीडन से तथा डॉ. स्टीफन मैकालन ने डलहौजी यूनिवर्सिटी कनाडा से किनोट एड्रेस दिया। इस दौरान ऑनलाइन माध्यम से 10 सत्र आयोजित किए गए। इस अंतराष्ट्रीय सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा को समझ में प्रसारित करना तथा भारतीय मूल्यों को आगे बढ़ाते हुए आधुनिक शिक्षा प्रणाली के साथ तालमेल बनाते हुए समग्र विकास को सुनिश्चित करना था। इस सम्मेलन में देश विदेश से शिक्षकों एवं शोधार्थियों ने लगभग 100 से अधिक शोध पत्र पढ़े। इसमें ज्ञान विज्ञान आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर्यावरण विज्ञान भारतीय वैदिक ज्ञान परंपरा इत्यादि विश्व पर मन्नान किया गया।
मशोबरा स्थित राष्ट्रपति निवास में शनिवार को शरद उत्सव आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस उत्सव में लोगों को हिमाचली संस्कृति और खान-पान से रूबरू होने का भी मौका मिला। इस उत्सव में बड़ी संख्या में जिले के स्कूल और कॉलेज के बच्चों ने अपने प्रदर्शन से उपस्थित लोगों का मनोरंजन किया। राष्ट्रपति निवास के मैनेजर संजू डोगरा एवं अन्य अतिथियों ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और उपहार देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कुलदीप शर्मा का प्रदर्शन रहा। उन्होंने अपने बेहतरीन गायन से उपस्थित लोगों को नाचने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम में जम्मू और कश्मीर राइफल्स के रघु प्रताप पाइप बैंड ने अपनी सुमधुर धुनों से हल्की ठंडक के बीच स्वर लहरियां घोल दीं। इसके अलावा, लोरेटो कॉन्वेंट,शिमला के विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया जबकि जेएनवी, ठियोग की छात्रा अयाना ने कत्थक तथा सेंट बेड्स कॉलेज, शिमला के विद्यार्थियों ने पंजाबी लोक नृत्य पेश किया। वहीं, मारिया मॉन्टेसरी हाई स्कूल कुफरी, गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल मशोबरा और आईटीआई मशोबरा की छात्रा जागृति ने अपनी नाटी से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। गौरतलब है कि शिमला स्थित राष्ट्रपति निवास अपनी विशिष्ट निर्माण शैली और खूबसूरत मशोबरा घाटी के कारण देश विदेश के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। वर्ष 1850 में बना यह ऐतिहासिक भवन अपने 175 वर्ष पूरे कर रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के निर्देश पर अब राष्ट्रपति निवास को आम जनता के लिये भी खोल दिया गया है।
हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी दुग्घ उत्पादक प्रसंघ सीमित की समीक्षा बैठक शनिवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में संपन्न हुई। मुख्यमंत्री ने प्रसंघ को अपने उत्पादों का बेहतर विपणन और उनकी उच्च स्तरीय गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किन्नौर जिला के कड़छम या टापरी में दुग्ध प्रसंस्करण केन्द्र स्थापित किया जाएगा, ताकि इसके उत्पादों को सेना और स्थानीय लोगों को उपलब्ध करवाया जा सके। उन्होंने कहा कि शिमला जिले के दत्तनगर स्थित दोनों दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्रों को आऊटसोर्स आधार पर संचालित करने की संभावनाओं पर विचार किया जाए, ताकि उत्पादन में और बढ़ोतरी सुनिश्चित की जा सके। सुक्खू ने जिला मंडी स्थित दुग्ध संयंत्र में नया मिल्क पाऊडर प्लांट लगाने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इस वित्त वर्ष के दौरान प्रसंघ द्वारा दूध की खरीद में अधिकतम बढ़ौतरी दर्ज की गई है। 29 नए बल्क मिल्क कूलर स्थापित किए गए हैं। 2 वर्षों में 222 ऑटोमैटिक मिल्क कलैक्शन यूनिट स्थापित किए गए हैं। दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों की संख्या को बढ़ाने के लिए बहुआयामी प्रयास किए गए, जिसके फलस्वरूप इनकी संख्या बढ़कर 716 हो गई है। मिल्कफैड को दूध विक्रय करने वाले किसानों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। इनकी संख्या अब लगभग 40 हजार से अधिक हो गई है।
पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया है। एक मामले में जहां युवक से 84.26 ग्राम चरस बरामद की गई, वहीं दूसरे मामले में एक व्यक्ति को 12 बोतलें देसी शराब के साथ पकड़ा गया है। पहले मामले में थाना बरमाणा पुलिस ने गश्त के दौरान अलसू पुल के पास नाकाबंदी की थी। इस दौरान शक के आधार पर एक युवक की तलाशी ली गई तो उसके कब्जे से 84.26 ग्राम चरस बरामद हुई। आरोपी की पहचान देवांशु ददवाल (21) निवासी हार तलावटा, तहसील देहरा व जिला कांगड़ा के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। वहीं, दूसरे मामले में थाना झंडूता की पुलिस टीम ने गश्त के दौरान झंडूता में एक निजी बैंक के पास से एक व्यक्ति को पकड़ा। आरोपी मनीष कुमार (28), निवासी गांव वांडा, तहसील झंडूता के कब्जे से 12 बोतलें देसी शराब बरामद की गईं। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। डीएसपी बिलासपुर मदन धीमान ने दोनों मामलों की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपियों के खिलाफ संबंधित थानों में मामले दर्ज कर लिए गए हैं और आगे की जांच जारी है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार 15 नवम्बर से चिट्टे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई आरम्भ करेगी और इसे समूल नष्ट किया जाएगा। चिट्टे के खिलाफ आगामी तीन माह तक व्यापक और बहुस्तरीय अभियान आयोजित किया जाएगा। अभियान का शुभारम्भ 15 नवम्बर, 2025 को शिमला के रिज मैदान से चौड़ा मैदान तक ‘एंटी चिट्टा रैली’ से किया जाएगा। मुख्यमंत्री इस रैली का शुभारम्भ करेंगे। तीन माह के अभियान के दौरान चिट्टे के खिलाफ बहुस्तरीय कार्रवाई की जाएगी। राज्य स्तर से लेकर पंचायत स्तर तक की जाने वाली यह कार्रवाई अब तक चिट्टा के खिलाफ सबसे बड़ा प्रहार होगा। इस अभियान में सरकार के प्रतिनिधि, पुलिस, विभिन्न विभाग, स्वयंसेवक, विद्यार्थी और अन्य लोग विभिन्न स्तरों पर कार्य करेंगे। इस दौरान नशा निवारण जागरूकता पर भी विशेष ध्यान केन्द्रित किया जाएगा। अभियान के दौरान जिला, उपमंडल और अन्य स्तरों पर भी एंटी चिट्टा रैलियां आयोजित की जाएंगी। प्रदेश से चिट्टा के समूल नाश के लिए पुलिस विभाग में एक विशेष सेल गठित किया जाएगा। राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री स्वयं इस अभियान की निगरानी करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस विभाग द्वारा प्रदेश में चिट्टा से सबसे अधिक प्रभावित पंचायतें चिन्हित कर ली गई हैं। इन पंचायतों पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया जएगा। महाविद्यालयों में एंटी चिट्टा वालंटियर तैयार किये जाएंगे। पुलिस विभाग द्वारा अभियान को सफल बनाने के लिए वृहद रूपरेखा तैयार की जाएगी।
जिला सोलन में बच्चों को अश्वनी खड्ड में स्थित मोहन हेरिटेज शक्ति पार्क घुमाने ले जा रही अंबाला के निजी स्कूल की बस की ब्रेक फेल हो गई। बस में बच्चे व स्टाफ समेत 50 लोग सवार थे। हरठ गांव के समीप चालक ने बस को मिट्टी के ढेर पर चढ़ा दिया। इससे एक बड़ा हादसा टल गया। बता दें कि लाल गीता विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल टिपला अंबाला के बच्चे शैक्षणिक भ्रमण पर मोहन हेरिटेज पार्क की ओर जा रहे थे। इसी दौरान स्कूली बच्चों से भरी बस की अचानक ब्रेक फेल हो गई। हादसे में किसी को भी गंभीर चोटें नहीं आई हैं। गनीमत रही कि मिट्टी के ढेर से टकराने के बाद बस वहीं रुक गई, अन्यथा खाई में गिरने से बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिस द्वारा हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।
सिटी बस चालक परिचालक यूनियन ने जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जिला प्रशासन द्वारा मांगों को न मानने पर निजी बस चालक परिचालक 3 नवंबर यानी सोमवार से शिमला शहर में बसें नहीं चलाएंगे। शिमला सिटी बस चालक परिचालक यूनियन के अध्यक्ष रूपलाल ठाकुर एवं सचिव अखिल गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार को यूनियन की बैठक सपंन्न हुई। बैठक कर यह फैसला लिया गया है कि सोमवार से बसें नहीं चलेंगी। इस बारे में निजी बस ऑपरेटरों को पहले ही नोटिस दिया गया था। विभाग एवं प्रशासन को उसकी प्रतियां दे दी गई थीं, लेकिन इसके बावजूद भी उनकी मांगों पर प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में अब निजी बस चालक परिचालक संघ ने हड़ताल करने का फैसला लिया है। शिमला सिटी बस चालक परिचालक यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि शहर में ट्रैफिक जाम के कारण उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ता है। इसके लिए शहर के 40 किलोमीटर के बाहर के दायरे से आने वाली बसों को पुराना बस स्टैंड की बजाए सीधे आईएसबीटी भेजने की मांग चालक परिचालक संघ ने उठाई थी, लेकिन उनकी ये मांग पूरी नहीं हुई है। इसके अलावा एचआरटीसी की स्कूल ड्यूटी वाली बसें सवारियां उठाती हैं, इसके कारण आए दिन एचआरटीसी एवं निजी बस चालक परिचालकों की लड़ाई होती है। पुराना बस स्टैंड में निजी बस चालक परिचालकों के लिए रेस्टरूम की मांग की गई थी, ये मांग भी अभी तक पूरी नहीं हुई हैं। यूनियन का कहना है कि 15 दिन पहले उनकी प्रशासन के साथ बैठक हुई थी, जिसमें उन्हें आश्वासन दिया गया था कि उनकी मांगों को मान लिया जाएगा, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ है। ऐसे में यूनियन ने फैसला लिया है कि सोमवार 3 नवंबर से निजी बस ऑपरेटर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
उपमंडल ज्वालामुखी तहसील खुंडियां गांव फुलवाड़ी की राजो देवी को सेना ने पंद्रह हजार रुपए की मासिक पेंशन लगा कर आर्थिक सहारा दिया है। पूर्व सैनिक लीग खुंडियां के चेयरमैन रिटायर्ड कर्नल एम एस राणा ने बताया कि राजो देवी के पिता सिपाही रंगील सिंह 1941 में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सेना की 5 फ्रंटियर फोर्स में भर्ती हुए थे लेकिन अगस्त 1946 में युद्ध में जख्मी होने से मेडिकल ग्राउंड पर सेवानिवृत कर दिए गए थे। जनवरी 2023 में जिला सैनिक कल्याण विभाग, धर्मशाला के माध्यम से आर्मी रिकॉर्ड कार्यालय में आश्रित (डिपेंडेंट) पेंशन के लिए आवेदन किया गया था। आर्मी रिकॉर्ड कार्यालय ने बताया कि द्वितीय विश्व युद्ध के पूर्व सैनिकों का रिकॉर्ड राष्ट्रीय अभिलेखागार (नेशनल आर्काइव्स ऑफ इंडिया), नई दिल्ली में स्थानांतरित कर दिया गया है। कर्नल राणा ने अभिलेखागार को पत्र भेजे, लेकिन कोई उत्तर प्राप्त नहीं हुआ। इसके बाद कर्नल राणा स्वयं दिल्ली जाकर संग्रहालय से संबंधित रिकॉर्ड प्राप्त करने में सफल हुए। जाँच के दौरान राजो देवी का नाम उनके पिता के आर्मी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं पाया गया। संपूर्ण प्रक्रिया आरंभ करवाई गई, और जिला सैनिक कल्याण विभाग, धर्मशाला के माध्यम से राजो देवी का नाम उनके पिता के रिकॉर्ड में दर्ज करवाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया। आर्मी रिकॉर्ड कार्यालय ने जिला एवं पुलिस प्रशासन से सत्यापन रिपोर्ट मांगी। आवश्यक सत्यापन के उपरांत लगभग दो वर्ष की निरंतर प्रक्रिया के बाद राजो देवी का नाम उनके पिता के आर्मी रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। इस वर्ष मार्च माह में पेंशन से संबंधित कागजात तैयार कर भेजे गए थे। अब दिवाली के अवसर पर सेना द्वारा राजो देवी को ₹15,000 मासिक पेंशन स्वीकृत की गई है, जिससे उन्हें आर्थिक सहारा प्राप्त हुआ है। इसके लिए राजो देवी ने भारतीय सेना, हिमाचल प्रदेश सैनिक कल्याण विभाग के डायरेक्टर ब्रिगेडियर मदन शील शर्मा, कांगड़ा जिला के डिप्टी डायरेक्टर कर्नल गोपाल सिंह गुलेरिया, खुंडियां लीग के पदाधिकारी रिटायर्ड कर्नल एम एस राणा, कैप्टन कर्म सिंह, कैप्टन ध्यान, कैप्टन कश्मीर सिंह, सूबेदार मेजर माधो राम और सूबेदार मेजर रणवीर सिंह राणा का निस्वार्थ सहयोग के लिए धन्यवाद किया है। लीग के चेयरमैन ने बताया कि ऐसे केस में उन्हीं बेटियों को पेंशन लगती है जिन के परिवार की मासिक आय 9 हजार रुपए से कम हो।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सिरमौर जिले के श्री रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र के लिए 29.50 करोड़ रुपये लागत की पांच विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास आज नई दिल्ली से वर्चुअली किए। उद्योग मंत्री हर्षवर्द्धन चौहान, हिमाचल प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष विनय कुमार, विधायक अजय सोलंकी, उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा, पुलिस अधीक्षक निश्चिंत नेगी माइना बाग में मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने संगड़ाह तहसील के माइना बाग में 6.47 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान भवन और नोहराधार में 2.20 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सब मार्किट यार्ड चरण-1 का उद्घाटन किया। उन्होंने दो करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली रेणुका जी-ददाहू बिरला सड़क, जल शक्ति विभाग उप मंडल नोहराधार के अंतर्गत रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों के लिए 17.89 करोड़ रुपये की लागत से सिंचाई सुविधा और ग्राम पंचायत भराड़ी, नोहराधार के गांव चोकन, ठांडी, हरिजन बस्ती चुमानु और कुदाग के लिए 94 लाख की ग्रेविटी जलापूर्ति योजना रोंडी पुल का शिलान्यास किया।
गवर्नमेंट कॉलेज ढलियारा के बी.वॉक विभाग में शुक्रवार को अभिभावक-शिक्षक बैठक का सफल आयोजन हुआ। इस अवसर पर लगभग 70 से 80 अभिभावकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अंजू रानी चौहान, नोडल अधिकारी प्रोफेसर कंचन रनौत, प्रो. बृजेश्वर रनौत, प्रो. संजीव जसवाल, सहित सभी संकाय सदस्य एवं बी.वॉक हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म तथा रिटेल मैनेजमेंट विभाग के व्यावसायिक प्रशिक्षक मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण से हुई, जिसके उपरांत विभिन्न विभागों के शिक्षकों ने अभिभावकों के समक्ष अपने विचार प्रस्तुत किए। हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म विभाग की ओर से आशीष देव ने विद्यार्थियों की ऑन द जॉब ट्रेनिंग के दौरान हुए अनुभवों एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण पर चर्चा की। इसके पश्चात नितेश कुमार ने छात्रों के सर्वांगीण विकास में अभिभावकों और छात्रों के समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया और हॉस्पिटैलिटी उद्योग के सभी पहलुओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इसी क्रम में प्रशोतम, व्यावसायिक प्रशिक्षक (हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म), ने प्लेसमेंट ड्राइविंग और विद्यार्थियों के भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार रखे। रिटेल मैनेजमेंट विभाग की ओर से अनिल, व्यावसायिक प्रशिक्षक, ने रिटेल क्षेत्र का परिचय तथा विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की। इसके साथ प्रियंकुर मस्ताना ने विद्यार्थियों की शिक्षा यात्रा पर अपने विचार रखते हुए देश की कार्यसंस्कृति को समझने और अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। राकेश, व्यावसायिक प्रशिक्षक (रिटेल मैनेजमेंट), ने रिटेल सेक्टर की संभावनाओं, विकास योजनाओं एवं ऑन द जॉब ट्रेनिंग की रूपरेखा पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर प्रोफेसर बृजेश्वर रनौत ने अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि बी.वॉक डिग्री किसी भी अन्य पारंपरिक स्नातक डिग्री के समान ही मान्य है। प्रोफेसर संजीव जसवाल ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि आने वाला समय व्यावसायिक शिक्षा का है, जो विद्यार्थियों को व्यवहारिक ज्ञान देकर उद्योगोन्मुख बनाएगी। नोडल अधिकारी प्रोफेसर कंचन रनौत ने अभिभावकों से व्यक्तिगत संवाद किया और बी.वॉक हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म तथा रिटेल मैनेजमेंट दोनों विभागों के सीखने की संभावनाओं, उद्योग से जुड़ाव और करियर विकास के विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। प्राचार्य डॉ. अंजू रानी चौहान ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से दूर रखें। कार्यक्रम का समापन नोडल अधिकारी प्रोफेसर कंचन रनौत के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।
डीएवी भड़ोली स्कूल में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें विद्यालय के बच्चों ने उत्साह पूर्वक बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस अवसर पर विद्यालय के एनसीसी वॉलिंटियर सिमरन ने बच्चों को शपथ दिलवाई। प्रधानाचार्य सुरजीत कुमार राणा ने सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन से संबंधित विशेष घटनाओं को बच्चों के साथ साझा किया तथा अध्यापकों को और बच्चों को मिलकर रहने, अपने देश के प्रति प्यार करने तथा भाईचारे की भावना को विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज किन्नौर जिला मुख्यालय रिकांगपिओ में रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित मैराथन दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह मैराथन राज्य स्तरीय किन्नौर महोत्सव एवं देश के महान स्वतंत्रता सेनानी सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम के तहत जिला प्रशासन द्वारा आयोजित की गई थी। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों में एकता, अनुशासन, स्वास्थ्य एवं फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। इस मैराथन में कुल 166 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें 134 पुरुष एवं 32 महिलाएं शामिल थीं। दौड़ विभिन्न वर्गों अंडर-14, अंडर-19 तथा 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में आयोजित की गई। दौड़ समाप्त होने के उपरांत नेगी आईटीबीपी ग्राउंड पहुंचे और सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इतनी ऊँचाई वाले पर्वतीय क्षेत्र में भी युवाओं का खेलों के प्रति जोश और उत्साह यह दर्शाता है कि किन्नौर का युवा अनुशासित, शारीरिक रूप से सक्षम और देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत है। मुख्य अतिथि नेगी ने सभी विजेताओं को मेडल प्रदान कर सम्मानित किया और कहा कि “किन्नौर के खिलाड़ी न केवल जिला स्तर पर, बल्कि राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि खेल प्रतिभाओं को उचित मंच और प्रोत्साहन मिले ताकि वे भविष्य में प्रदेश और देश का नाम और अधिक रोशन करें।” उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में खेल अवसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है, ताकि हर आयु वर्ग के लोग फिटनेस एवं खेल गतिविधियों से जुड़ सकें। इस अवसर पर उपमंडलाधिकारी (नागरिक) अमित कल्थाईक, जनजातीय सलाहकार परिषद के सदस्य डॉ. सूर्या बोरस, 17वीं वाहिनी आईटीबीपी के कमांडेंट, उप पुलिस अधीक्षक उमेश्वर राणा सहित अन्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
आज यानी शुक्रवार से अंतरराष्ट्रीय श्री रेणुका जी मेला शुरू हो रहा है, जो 5 नवम्बर तक चलेगा। यह मेला हिमाचल प्रदेश के प्राचीन मेलों में से एक है। हर वर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की दशमी से पूर्णिमा तक उत्तरी भारत के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल श्री रेणुका जी में यह मेला मनाया जाता है। जनश्रुति के अनुसार इस दिन भगवान परशुराम जामू कोटी से वर्ष में एक बार अपनी मां रेणुका जी से मिलने आते है। हर किसी को इस वक्त का बेसब्री से इंतजार होता है, जब उनके आराध्य देव भगवान परशुराम अपनी मां से मिलने तीर्थ स्थल श्री रेणुका जी पहुंचते हैं। मां-बेटे के इस मिलन का गवाह बनने के लिए हर वर्ष काफी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। यह मेला श्री रेणुका मां के वात्सल्य एवं पुत्र की श्रद्धा का एक अनूठा संगम है, जो असंख्य लोगों की अटूट श्रद्धा एवं आस्था का प्रतीक है। मां श्री रेणुका जी यहां नारी देह के आकार की प्राकृतिक झील, जिसे मां रेणुका जी की प्रतिछाया भी माना जाता है, के रूप में स्थित है। इसी झील के किनारे मां रेणुका जी व भगवान परशुराम जी का भव्य मंदिर स्थित हैं। 6 दिवसीय इस मेले में आसपास के कई ग्राम देवता अपनी-अपनी पालकी में सुसज्जित होकर मां-बेटे के इस दिव्य मिलन में शामिल होते हैं। कई धार्मिक अनुष्ठान सांस्कृतिक कार्यक्रम, हवन, यज्ञ, प्रवचन एवं हर्षोल्लास इस मेले का भाग है। महाभारत और अन्य पुराणों में वर्णित कथा के अनुसार महर्षि जमदग्नि तपस्या में लीन रहते थे। ऋषि पत्नी रेणुका पतिव्रता रहते हुए धर्म कर्म में लीन रहती थी। वे प्रतिदिन गिरि गंगा का जल पीते थे और उससे ही स्नान करते थे। उनकी पतिव्रता पत्नी रेणुका कच्चे घड़े में नदी से पानी लाती थी। सतीत्व के कारण वह कच्चा घड़ा कभी नहीं गलता था। एक दिन जब वह पानी लेकर सरोवर से आ रही थी तो दूर एक गंधर्व जोड़े को कामक्रीड़ा में व्यस्त देखकर वो भी क्षण भर के लिए विचलित हो गई और आश्रम देरी से पहुंची। ऋषि जमदग्नि ने अन्तर्ज्ञान से जब विलंब का कारण जाना तो वो रेणुका के सतीत्व के प्रति आशंकित हो गए और उन्होंने एक-एक करके अपने 100 पुत्रों को माता का वध करने का आदेश दिया, परंतु उनमें से केवल पुत्र परशुराम ने ही पिता की आज्ञा का पालन करते हुए माता का वध कर दिया। इस कृत्य से प्रसन्न होकर ऋषि जमदग्नि ने पुत्र से वर मांगने को कहा तो भगवान परशुराम ने अपने पिता से माता को पुनर्जीवित करने का वरदान मांगा। माता रेणुका ने वचन दिया कि वो प्रति वर्ष इस दिन डेढ़ घड़ी के लिए अपने पुत्र भगवान परशुराम से मिला करेंगी। तब से हर साल कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की दशमी को भगवान परशुराम अपनी माता रेणुका से मिलने आते है और यह मेला आरंभ होता है। तब की डेढ़ घड़ी आज के डेढ़ दिन के बराबर है और पहले यह मेला डेढ़ दिन का हुआ करता था। जो वर्तमान में लोगों की श्रद्धा व जनसैलाब को देखते हुए कार्तिक शुक्ल दशमी से पूर्णिमा तक आयोजित किया जाता है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने चीफ इंजीनियर विमल नेगी मौत मामले में पेन ड्राइव को गायब करने के आरोपी एएसआई पंकज शर्मा को जमानत दे दी है। पंकज शर्मा ने हाईकोर्ट में जमानत प्रदान करने हेतु याचिका दायर की थी। पंकज ने कहा कि वह बेगुनाह है और उसे इस मामले में फंसाया गया है। वह पुलिस में असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर के तौर पर काम कर रहा है और कथित घटना के समय वह पुलिस स्टेशन, सदर शिमला में तैनात था। कोर्ट ने जमानत याचिका को मंज़ूर करते हुए कहा कि जिन अपराधों के लिए उसे गिरफ्तार किया गया है, उनके लिए अधिकतम सज़ा को देखते हुए याचिकाकर्ता को अनिश्चित काल तक न्यायिक हिरासत में रखने से कोई फायदा नहीं होगा। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को 50,000/- रुपये के पर्सनल बॉन्ड और इतनी ही रकम के एक जमानती को पेश करने पर पंकज शर्मा रिहा करने के आदेश जारी किए। न्यायाधीश विरेंदर सिंह ने याचिका को स्वीकारते हुए कहा कि प्रार्थी बिना कोर्ट की इजाजत के देश से बाहर नहीं जा सकता है। कोर्ट ने पंकज शर्मा को अभियोजन पक्ष के गवाहों पर कोई दबाव न बनाने व मामले के तथ्यों से परिचित किसी भी व्यक्ति को ऐसा कोई प्रलोभन या धमकी न देने के आदेश दिए हैं।
नालागढ़ उपमंडल के दभोटा में शहीद भगत सिंह स्कूल में सेप्टिक टैंक में गिरने से चार साल की बच्ची की मौत हो गई। नर्सरी कक्षा की यह बच्ची सेप्टिक टैंक तक कैसे पहुंची इसके बारे में कोई पता नहीं चला है। सेप्टिक टैंक के पास ही शौचालय है। अंदेशा है कि बच्ची शौच के लिए गई और ढक्कन खुला होने के कारण टैंक में गिर गई। गुरुवार दोपहर लगभग एक बजे स्कूल की चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को किसी ने बताया कि सेप्टिक टैंक में कोई बच्चा गिरा है। इसके बाद स्टाफ वहां पहुंचा और बच्ची को टैंक से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी जान जा चुकी थी। हैरानी की बात यह है कि करीब एक घंटे तक बच्ची कक्षा में नहीं थी, लेकिन उसे ढूंढ़ने तक की कोशिश नहीं की गई। दभोटा निवासी जितेंद्र सिंह की बेटी मनजीत कौर नर्सरी कक्षा में पढ़ती थी। पुलिस ने शव को नालागढ़ अस्पताल के शव गृह में रखवाया। शुक्रवार को आईजीएमसी शिमला में पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। एएसपी अशोक वर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि स्कूल परिसर में बने सेप्टिक टैंक का ढक्कन खुला था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। पुलिस ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ धारा 125 व 106 के तहत लापरवाही का मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
सोलन जिला की 4 मास्टर एथलीट महिलाओं का चेन्नई में आयोजित होने वाली 23वीं मास्टर्स एथेलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए चयन हुआ है। चारों एथलीट्स नेशनल लेवल की खिलाड़ी हैं और अब चेन्नई में आयोजित होने वाली एथेलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। यह जिला सोलन के लिए बड़े ही गौरव की बात है। चेन्नई में 5 से 9 नवंबर 2025 तक 23वीं एशियन मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप का आयोजन होना है। इस प्रतियोगिता में एशिया के 25 देशों के खिलाड़ी भाग लेंगे। मास्टर्स एथेलेटिक्स चैंपियनशिप का संचालन एशियाई मास्टर्स एथलेटिक्स एसोसिएशन और मास्टर्स एथलेटिक एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा किया जाएगा। जिला सोलन से चंपा ठाकुर, शीला कौशल, कृषा वर्मा, रीता ठाकुर और जिला शिमला से ताशी पालमो एशियाई मास्टर एथलीट चैंपियनशिप में अपना दमखम दिखाएंगी।
देश के सबसे ऊंचे और लंबे रूट पर चलने वाली लेह-केलांग-दिल्ली हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस सेवा इस सीजन के लिए बंद कर दी गई है। अब यात्री इस रूट पर अगले सीजन यानी मई-जून 2026 में ही सफर कर पाएंगे। निगम ने इस बार यह सेवा 11 जून को शुरू की थी, लेकिन बारिश, भूस्खलन और बाढ़ के कारण सिर्फ डेढ़ महीने बाद ही बस इस रूट पर चली है। यह बस सेवा चार दर्रों बारालाचा, नकीला, लाचुलुंगला और तंगलंगला से होकर गुजरती है और इसे देश की सबसे दुर्गम एवं ऊंचाई वाले रूटों में गिना जाता है। लेह से दिल्ली की दूरी करीब 1,026 किलोमीटर है। जिसे यह बस लगभग 36 घंटे में तय करती है। केलांग बस अड्डा प्रभारी प्रकाश शर्मा ने बताया कि इस बार लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण न केवल यह रूट प्रभावित हुआ, बल्कि हिमाचल और लद्दाख का पर्यटन कारोबार भी काफी प्रभावित रहा है। उन्होंने कहा इस बार लेह-दिल्ली बस सेवा नो प्रॉफिट-नो लॉस की स्थिति में रही है।
प्रदेश की राजधानी शिमला में शुक्रवार सुबह भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप के झटके सुबह 7 बजकर 2 मिनट 50 सेकंड पर महसूस किए गए। इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.2 आंकी गई। भूकंप का केंद्र जमीन के भीतर 10 किलोमीटर की गहराई पर रहा। हालांकि, तीव्रता कम थी जिससे किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। नेशनल सेंटर ऑफ सिस्मॉलॉजी ने भूकंप की पुष्टि की है। हालांकि, भूकंप के झटके हल्के थे और इससे किसी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। शिमला जिले का अधिकांश क्षेत्र भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील जोन 5 में आता है। हिमालयी क्षेत्र होने के कारण शिमला के अलावा चंबा, किन्नौर, मंडी, कांगड़ा के भी कुछ क्षेत्र भूकंप जोन के अति संवेदनशील क्षेत्र में आते हैं। बता दें कि भारत ने पिछले साल कई भूकंप देखे हैं, जिससे बेहतर आपदा तैयारी की ज़रूरत उजागर हुई है। भूकंप तब आते हैं जब पृथ्वी की पपड़ी में दबाव बढ़ता है। ये पपड़ी बड़ी प्लेटों से बनी होती है जो धीरे-धीरे हिलती हैं और इन्हीं हलचलों के कारण भूकंप आते हैं, जब भूकंप किसी आबादी वाले इलाके में आता है, तो इससे काफ़ी नुकसान हो सकता है। भारत का लगभग 59% हिस्सा भूकंप के प्रति संवेदनशील है, और भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने भूकंप के जोखिम के आधार पर देश को चार भूकंपीय क्षेत्रों में वर्गीकृत किया है। ज़ोन V सबसे सक्रिय है, जिसमें हिमालय जैसे क्षेत्र शामिल हैं, जबकि ज़ोन II सबसे कम प्रभावित है।
वीरवार को वरिष्ठ नागरिक मंच देहरा की मासिक बैठक वार्ड नं 4, देहरा में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जगदीश चन्द आजाद द्वारा की गई। इस बैठक में भूपेश उप्पल वरिष्ठ उपप्रधान, ओंकार सिपहिया महासचिव, सुनील वैद प्रेस सचिव, भागी राम धवला, धर्मवीर खट्टा, मोहिंद्र धीमान, चंद्र शेखर ऑडिटर, शंकर परमार प्रबंधक आदि ने भाग लिया। बैठक में वरिष्ठ नागरिकों से संबंधित भिन्न भिन्न विषयों पर चर्चा हुई तथा बहुत से महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए जिनमें वरिष्ठ नागरिक मंच देहरा इस वर्ष टेलीफोन डायरेक्टरी छपवाएगा जो नव वर्ष से पहले छप कर सदस्यों को वितरित की जाएगी, दिसम्बर के दूसरे या तीसरे सप्ताह में वरिष्ठ नागरिकों के लिए श्री नैना देवी तथा श्री आनन्द साहिब का भ्रमण आयोजित किया जाएगा, वरिष्ठ नागरिकों के लिए खेल कूद का आयोजन जनवरी माह में आयोजित किया जाएगा। साथ ही वरिष्ठ नागरिक मंच देहरा में श्रेष्ठा शर्मा वार्ड नंबर 6 देहरा को कार्यकारिणी का सदस्य मनोनीत किया गया है।
विधानसभा क्षेत्र हमीरपुर के विधायक आशीष शर्मा ने वीरवार को हमीर भवन हमीरपुर में जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में सांसद अनुराग ठाकुर एवं बड़सर के विधायक आईडी लखनपाल के साथ शिरकत की। इस मौके पर विधायक आशीष शर्मा ने हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र में होने वाले विभिन्न विकासात्मक कार्यों एवं परियोजनाओं के बारे में विस्तृत चर्चा की और अधिकारियों को लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने के दिशानिर्देश दिए। इस मौके पर विधायक आशीष शर्मा ने तलाशी गांव की सड़क के जल्द निर्माण एवं जमली व गुद्धवीं खड्ड पर बनने वाले पुलों के निर्माण से पहले वाहनों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए। इस दौरान लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने तलाशी गांव की सड़क का टेंडर जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया है।
बिलासपुर पुलिस की टीम ने नशे के खिलाफ कार्यवाई करते हुए एक युवक काे 4.10 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस काे यह सफलता कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर मंडी-भराड़ी पुल के पास गश्त के दौरान मिली है। जानकारी के अनुसार पुलिस की एक टीम बीती रात फोरलेन पर गश्त के दाैरान वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान मंडी-भराड़ी पुल के समीप पैदल जा रहे एक युवक पर पुलिस को शक हुआ। पुलिस ने उसे रोककर जब उसकी तलाशी ली तो उसके कब्जे से 4.10 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया। आरोपी की पहचान मंडी जिले के बलद्वाड़ा निवासी विक्रम कुमार (29) के रूप में हुई है। पुलिस ने तुरंत आरोपी को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। डीएसपी मुख्यालय एवं पुलिस प्रवक्ता मदन धीमान ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की आगामी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिला में नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा।
शूलिनी विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मीडिया एंड कम्युनिकेशंस ने पत्रकारों की सुरक्षा समिति के भारत प्रतिनिधि, कुणाल मजूमदार के साथ एक सत्र का आयोजन किया। उन्होंने शूलिनी विश्वविद्यालय मीडिया छात्रों के लिए एक प्रेरक और विचारोत्तेजक सत्र दिया, जो प्रेस की स्वतंत्रता, नैतिकता और पत्रकारिता में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के प्रभाव पर केंद्रित था। मजूमदार ने छात्रों को आज के मीडिया जगत की एक यथार्थवादी तस्वीर दी, जहाँ पत्रकारों को राजनीतिक और डिजिटल दबाव में काम करते हुए साहस, ईमानदारी और अनुकूलनशीलता दिखानी चाहिए। उन्होंने सीपीजे के महत्वपूर्ण कार्यों के बारे में बताया, जो परेशानी का सामना कर रहे पत्रकारों को कानूनी सहायता, आपातकालीन सहायता और वकालत प्रदान करके दुनिया भर के पत्रकारों का समर्थन करता है। मजूमदार ने इस बात पर प्रकाश डाला कि आधुनिक पत्रकारों को गलत सूचना, ऑनलाइन उत्पीड़न और संगठित ट्रोलिंग जैसे नए खतरों का सामना करना पड़ता है, जिससे विश्वसनीयता की रक्षा करना और नैतिक मानकों को बनाए रखना आवश्यक हो जाता है। मजूमदार ने कहा कि एआई न्यूज़रूम संचालन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है, जो तथ्य-जांच, डेटा विश्लेषण और दर्शकों की सहभागिता में मदद करता है। हालाँकि, उन्होंने आगाह किया कि मानवीय निर्णय और नैतिकता को हमेशा तकनीक के उपयोग का मार्गदर्शन करना चाहिए। अपने समापन भाषण में, मजूमदार ने छात्रों से जिज्ञासु, अनुकूलनशील और मूल्य-संचालित बने रहने का आग्रह किया और इस बात पर ज़ोर दिया कि जो पत्रकार तकनीक को नैतिकता के साथ जोड़ते हैं, वे ज़िम्मेदार मीडिया के भविष्य को आकार देंगे। इस संवादात्मक सत्र ने छात्रों को सच्ची और निडर रिपोर्टिंग के माध्यम से लोकतंत्र को मज़बूत करने में अपनी भूमिका के प्रति प्रेरित और आश्वस्त किया।
हिमाचल प्रदेश के इतिहास में यह पहली बार हो रहा है, जब किसी अंतरराष्ट्रीय मेले के आयोजन के लिए सरकार की ओर से पंचायत स्तर तक लोगों से भगवान के नाम पर दान मांगा जा रहा है। जिस पर हिमाचल भाजपा प्रवक्ता ने सुक्खू सरकार पर यह कहते हुए निशाना साधा कि प्रदेश सरकार अब पंचायत स्तर तक भीख मांगना शुरू कर चुकी है। विनय गुप्ता ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मेलों के आयोजन के लिए प्रदेश की सुक्खू सरकार अपने अधिकारियों से भीख मंगवा रही है। जिला पंचायत अधिकारी सिरमौर द्वारा पंचायत प्रतिनिधियों को लिखा गया पत्र सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर लोग कांग्रेस सरकार तथा जिला प्रशासन को जमकर कर कोस रहे हैं। भाजपा प्रवक्ता विनय गुप्ता ने कहा कि हाल ही में अंतरराष्ट्रीय श्रीरेणुकाजी मेले के आयोजन के संबंध में जिला सिरमौर के पंचायत अधिकारी द्वारा जिले के खंड विकास अधिकारियों को पत्र लिखा गया है कि मेले के आयोजन के लिए पंचायतों से दान राशि एकत्रित की जाए। इसी तर्ज पर सभी खंड विकास अधिकारियों ने जिले की सभी पंचायतों को पत्र लिखकर श्रीरेणुकाजी मेले के आयोजन के लिए दान राशि देने का आदेश किया है। विनय गुप्ता ने कहा कि इससे मां श्रीरेणुकाजी और भगवान श्री परशुराम से जुड़ी आस्था को भी ठेस पहुंची है, और लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करके गांव-गांव से भीख के जरिए पैसा इकट्ठा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष ही इस सरकार ने राज्य के अनेक धार्मिक मंदिरों से सरकारी योजनाओं को चलाने के लिए उपायुक्तों को पत्र लिखकर सरकार को पैसा देने का फरमान जारी किया था, जिससे लोगों की धार्मिक भावनाओं को भारी ठेस पहुंची थी।
वीरवार को दयानंद आदर्श विद्यालय के प्रांगण में 45वां वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह धूमधाम से मनाया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में योगदान को मान्यता देना था। समारोह में प्रधानाचार्य एवं मुख्य अतिथि ऊषा मित्तल उपस्थित रहीं। वैदिक मंत्रोच्चारण और दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। मुख्य अतिथि द्वारा शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया, जिनमें शिवांश, अक्षिता, काव्यांश चौहान, तन्वी ठाकुर, आदित्य, अक्षरा, सिद्धिका, दृष्टि और धन्या शामिल रहे। इस दौरान विद्यालय की छात्र प्रतिनिधि टीम को भी पुरस्कृत किया गया, जिनमें हेड गर्ल सिमरत वर्मा, हेड बॉय हिमांशु, वाइस कैप्टन प्रियांशी, विरजानंद हाउस से दीपांशी व शुभम, दयानंद हाउस से जेसिका, श्रद्धानंद हाउस से आँचल सैनी व शिवांश राजसिंह तथा विवेकानंद हाउस से प्रियांशी मेहता व दिव्यांश शर्मा को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि द्वारा निष्ठावान शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया, जिनमें वीणा कौशिक, रितिका, सोनिया, वंदना, अंजना तथा गैर-शिक्षण वर्ग से राम बहादुर शामिल थे। अपने संबोधन में प्रधानाचार्य ऊषा मित्तल ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने, देश निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने तथा जीवन में मेहनत, समर्पण और उत्कृष्टता की खोज को सर्वोपरि रखने का संदेश दिया। कार्यक्रम का संचालन एक्टिविटी इंचार्ज अंजना के मार्गदर्शन में कक्षा 12 की छात्राओं प्रियांशी और तान्या ने किया। समारोह का समापन शांति पाठ के साथ हुआ।
देहरा विधानसभा उप चुनाव में BJP प्रत्याशी होशियार सिंह की याचिका पर हिमाचल हाईकोर्ट में आज सुनवाई हुई। अदालत ने हिमाचल सरकार और कांगड़ा को ऑपरेटिव बैंक को नोटिस जारी किए है। अब अगली सुनवाई में प्रदेश सरकार और KCB बैंक प्रबंधन को याचिकाकर्ता द्वारा लगाए आरोपों का जवाब अदालत में देना होगा। देहरा विधानसभा उप चुनाव में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर चुनाव जीती हैं। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि उप चुनाव में कोड ऑफ कंडक्ट के दौरान KCB प्रबंधन ने 67 महिला मंडलों को 50-50 हजार रुपए और हिमाचल सरकार ने देहरा विधानसभा की करीब 1000 महिलाओं को इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना से तीन महीने की राशि अकाउंट में डाली है। याचिकाकर्ता के अनुसार, सरकार ने चुनाव जीतने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया है। होशियार सिंह ने हाईकोर्ट से आचार संहिता के दौरान महिला मंडलों को पैसा बांटने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पूर्व विधायक होशियार सिंह के अनुसार, महिला मंडलों और महिलाओं को बांटी राशि की सरकार ने जानकारी छिपाए रखी। विधानसभा में भी इसका जवाब नहीं दिया। आरटीआई में भी जवाब देने से इनकार कर दिया। आरटीआई में अपील करने पर उन्हें इसका जवाब मिल पाया। आरटीआई के तहत डॉक्यूमेंट मिलने के बाद अब हाईकोर्ट में पिटीशन डाली जा रही है। होशियार सिंह ने बताया कि यदि सरकार ने समय पर सूचना दी होती, तो उन्होंने इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया को भी इसकी शिकायत दे दी होती। मगर ECI में शिकायत 45 दिन के भीतर देना होती है। 45 दिन में सरकार द्वारा सूचना छिपाने की वजह से वह इसकी शिकायत ECI को नहीं कर पाए। बहरहाल अब होशियार सिंह की याचिका पर हिमाचल हाईकोर्ट ने हिमाचल सरकार और केसीसी बैंक को नोटिस जारी किये है। विधानसभा में भी गूंजा मामला देहरा विधानसभा उप चुनाव में कैश फॉर वोट का मामला विधानसभा में भी कई बार गूंज चुका है। इसी मानसून सत्र में भी बीजेपी विधायक सुधीर शर्मा ने इससे जुड़ा सवाल पूछा था। मगर जवाब नहीं मिल पाया था। इस पर विपक्ष ने सदन में खूब हंगामा किया और सदन के बाहर प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुधीर शर्मा और आशीष शर्मा ने कहा कि जो जानकारी सदन में मांगी गई थी, वही सूचना उन्होंने आरटीआई के तहत ले ली है। अब तक यह मामला विधानसभा और सदन के बाहर गूंजता रहा है। इसी मामले में पूर्व विधायक होशियार सिंह ने हिमाचल के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को पहले ही शिकायत भेजकर सीएम की पत्नी एवं देहरा की MLA कमलेश ठाकुर को 6 साल के लिए अयोग्य घोषित करने की मांग भी की है। इस्तीफा दिया, भाजपा में गए और उपचुनाव हार गए ! विदित रहे कि हिमाचल में बीते 27 फरवरी 2024 को राज्यसभा चुनाव हुआ। देहरा से निर्दलीय विधायक होशियार सिंह ने राज्यसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट डाला। इसके बाद, होशियार सिंह समेत तीन निर्दलीय विधायक और 6 कांग्रेस विधायकों समेत भाजपा में शामिल हुए। तीनों निर्दलीय ने 22 मार्च को अपने पद से इस्तीफा दिया। 23 मार्च को दिल्ली में इन्होंने BJP का दामन थाम लिया। इस वजह से देहरा में 10 जुलाई 2024 को उप चुनाव हुए। बीजेपी ने होशियार सिंह को टिकट दिया और कांग्रेस ने सीएम सुखविंदर सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर को प्रत्याशी बनाया। 10 जुलाई को वोटिंग और 14 जुलाई को नतीजे आए। इनमें कमलेश ठाकुर 9399 वोट के अंतर से चुनाव जीत गईं और होशियार सिंह चुनाव हार गए।
हिमाचल: संजौली मस्जिद का पूरा ढांचा गिरेगा, जिला अदालत ने सुनाया फैसला, हाईकोर्ट में जानें की तैयारी
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के बहुचर्चित संजौली मस्जिद मामले में जिला अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने वक्फ बोर्ड और संजौली मस्जिद कमेटी की ओर से दायर याचिका को खारिज करते हुए नगर निगम आयुक्त के आदेश को बरकरार रखा है। अदालत के आदेश के बाद अब संजौली मस्जिद की सभी पाँच मंजिलों को तोड़ा जाएगा। इससे पहले, 3 मई 2025 को नगर निगम आयुक्त की अदालत ने मस्जिद की निचली दो मंजिलों को गिराने के आदेश दिए थे। इस आदेश को वक्फ बोर्ड और मस्जिद कमेटी ने अदालत में चुनौती दी थी। जिला अदालत ने अपने फैसले में माना कि यह निर्माण नगर निर्माण नियमों का उल्लंघन करते हुए किया गया था, इसलिए ध्वस्तीकरण के आदेश वैध हैं। अब नगर निगम प्रशासन को मस्जिद की सभी मंजिलें गिराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का अधिकार मिल गया है। इस फैसले के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई बिना किसी भेदभाव के जारी रहेगी। बता दें, 6 अक्तूबर को अतिरिक्त जिला न्यायाधीश यजुवेंद्र सिंह ने वक्फ बोर्ड और नगर निगम के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद मामले को अंतिम आदेश के लिए 30 अक्तूबर के लिए सूचीबद्ध किया था। आज इसे लेकर फैसला आ गया है। वक्फ बोर्ड ने 17 मई को शिमला एमसी आयुक्त कोर्ट के 3 मई के आदेशों को चुनौती दी थी। आयुक्त कोर्ट ने संजौली मस्जिद को गैरकानूनी बताते हुए निचली दो मंजिलें तोड़ने का आदेश दिया था। 19 मई को सुनवाई में अदालत ने मस्जिद कमेटी के प्रधान और एमसी शिमला को समन जारी कर रिकॉर्ड तलब किया। 23 मई को एमसी को दोबारा नोटिस जारी कर रिकाॅर्ड पेश करने के लिए कहा गया। 26 मई की सुनवाई में कोर्ट ने मस्जिद तोड़ने पर अंतरिम रोक लगाई। एमसी ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। 29 मई को अदालत ने स्टे को 5 जुलाई तक बरकरार रखा। 11 जुलाई को केस को बहस योग्य माना गया जिसके बाद 8 और 21 अगस्त को वक्फ बोर्ड ने बहस के लिए समय मांगा। 6 सितंबर को करीब सवा दो घंटे तक बहस हुई। बता दें कि अब यह मामला हाईकोर्ट जाने की तैयारी पर है।
कुल्लू जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान को एक और सफलता मिली है। मनीकर्ण थाना क्षेत्र की पुलिस टीम ने एक व्यक्ति को 411 ग्राम चरस के साथ दबोचा है। यह गिरफ्तारी जरी पुलिस चौकी की टीम द्वारा डुंखरा के समीप स्वास्तिक कैम्प के पास नाकाबंदी के दौरान की गई है। तलाशी के दौरान, झारी लाल (43 वर्ष), निवासी गाँव बलगाणी, डाकघर धारा, उप-तहसील जरी, जिला कुल्लू के कब्जे से यह अवैध मादक पदार्थ बरामद हुआ। आरोपी झारी लाल के खिलाफ पुलिस थाना मनीकर्ण में मादक पदार्थ अधिनियम की धारा 20 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बरामद नशे की खेप के खरीद-फरोख्त की कड़ी और इसके स्रोत का पता लगाने के लिए पुलिस गहन पूछताछ कर रही है। इस मामले की पुष्टि करते हुए कुल्लू के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नशा कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सीएसआईआर हिमालय जैवसंपदा प्रौद्योगिकी संस्थान (CSIR-IHBT), पालमपुर ने अक्तूबर 28 को हिमालयन फाइटोकेमिकल्स एंड ग्रोअर्स एसोसिएशन (HIMPA), के साथ मिलकर “हिमालयी सुगन्धित तेलों का मूल्य संवर्धन और उनका विपणन विनियमन” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश और जम्मू एवं कश्मीर के लगभग 50 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें किसान, उद्योगपति, हिम्पा के सदस्य और वैज्ञानिक शामिल थे। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में निदेशक, सीएसआईआर-आईएचबीटी, डॉ. सुदेश कुमार यादव ने संस्थान की प्रतिबद्धता पर बल देते हुए कहा कि आईएचबीटी उत्तर-पश्चिम हिमालयी क्षेत्र में सुगन्धित एवं उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक एवं तकनीकी सहयोग का आश्वासन दिया ताकि वे इन फसलों की खेती और मूल्य संवर्धन के माध्यम से आजीविका के अवसर बढ़ा सकें। डॉ. यादव ने इस अवसर पर सीएसआईआर अरोमा मिशन टीम को वर्ष 2025 के लिए “राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार” प्राप्त करने पर बधाई भी दी। मुख्य वैज्ञानिक एवं कार्यक्रम समन्वयक, डॉ. राकेश कुमार ने उत्तर- पश्चिम हिमालयी क्षेत्र के लिए उपयुक्त सुगन्धित फसलों का एक विस्तृत अवलोकन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि ये फसलें वर्षा-आश्रित परिस्थितियों में भी अच्छा प्रदर्शन करती हैं, कीट एवं रोगों के प्रति अपेक्षाकृत प्रतिरोधी होती हैं और खेती में प्रतिस्पर्धा भी कम होती है। इन फसलों की आर्थिक संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि दमस्क गुलाब, लेमनग्रास, तुलसी, पुदीना, सुगन्धित गेंदे, कैमोमाइल और पामारोसा जैसी कम मात्रा में अधिक मूल्य वाली फसलों की मांग अरोमाथेरेपी, कॉस्मेटिक्स, खाद्य, औषधि, टॉयलेटरीज़ और सुगंध उद्योगों में लगातार बढ़ रही है। उन्होंने किसानों को अनुपयोगी और बंजर भूमि को सुगन्धित फसलों की खेती के लिए उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया। वैश्विक सुगन्धित तेल बाजार 2025-2033 तक 9.0% सीएजीआर से बढ़ रहा है। सुगन्धित तेल बाजार, जो 2016 में 6.63 बिलियन अमरीकी डालर था, 2024 में 25.86 बिलियन अमरीकी डालर तक पहुंच गया और 2033 तक 56.25 बिलियन अमरीकी डालर तक पहुंचने का अनुमान है। हिम्पा के अध्यक्ष सुरेंद्र मोहन ने हिमाचल प्रदेश में सगंधित तेल उद्योग की वर्तमान स्थिति और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की। प्रतिभागियों को देवदार (सीडरवुड) सहित अन्य सुगन्धित फसलों के लिए उन्नत प्रसंस्करण तकनीकों, सुगन्धित तेलों के विपणन विनियमों और मूल्य संवर्धन विधियों के बारे में भी जानकारी दी गई। जम्मू-कश्मीर के उधमियों ने जम्मू-कश्मीर में सुगन्धित तेल उद्योग की संभावनाओं और चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए। कार्यशाला का समापन एक इंटरैक्टिव सत्र के साथ हुआ, जिसमें किसानों और उद्योगपतियों ने मूल्य संवर्धन पर हुई ज्ञानवर्धक चर्चाओं की सराहना की और सुगन्धित तेल क्षेत्र में नवाचारपूर्ण प्रथाओं को अपनाने के प्रति अपनी उत्सुकता व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भेंट कर हिमाचल प्रदेश की वित्तीय स्थिति के दृष्टिगत वित्तीय सहायता, ऋण एवं अनुदान के लिए उदार दृष्टिकोण अपनाने तथा प्रदेश को वित्त वर्ष 2025-26 की शेष अवधि के लिए ऋण सीमा में दो प्रतिशत की वृद्धि का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार के सतत् प्रयासों से हालांकि राज्य के राजस्व में वृद्धि हो रही है लेकिन राजस्व घाटा अनुदान में नियमित कमी तथा पिछले तीन वर्षों से प्राकृतिक आपदाओं के कारण हुए नुकसान के दृष्टिगत हिमाचल की वित्तीय स्थिति पर अत्यंत नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। सुक्खू ने कहा कि 15वें वित्त आयोग की अवधि में प्रदेश के राजस्व घाटा अनुदान में कमी आई है। वर्ष 2020-21 के 10249 करोड़ रुपए की तुलना में वर्ष 2025-26 में यह घटकर मात्र 3257 करोड़ रुपए रह गया है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के कारण लगभग 18000 करोड़ रुपए का नुकसान आंका गया है। इस अवधि में प्रदेश में 1321 लोगों की मृत्यु भी हुई। इस कारण प्रदेश के संसाधन एवं श्रम शक्ति में भी कमी आई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर दर के हाल ही में किए गए युक्तिकरण से कर आधार कम होने से प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री से आग्रह किया कि हिमाचल की कठिन परिस्थितियों के दृष्टिगत हिमाचल को उदार वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने राज्य की वित्तीय स्थिति में सुधार के लिए प्रदेश सरकार द्वारा अपनाए जा रहे उपायों की जानकारी भी प्रदान की। वहीं केन्द्रीय वित्त मंत्री ने आश्वस्त किया कि प्रदेश की विभिन्न मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल को विशेष केन्द्रीय सहायता के अंतर्गत अतिरिक्त सहायता प्रदान करने और बाह्य वित्त पोषित परियोजनाओं के तहत विशेष रूप से स्वास्थ्य क्षेत्र की योजनाओं के लिए अतिरिक्त स्वीकृति पर भी विचार किया जाएगा। राज्य सभा सांसद एवं हिमाचल कांग्रेस की प्रभारी रजनी पाटिल, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार, प्रधान आवासीय आयुक्त अजय कुमार यादव और केन्द्रीय वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
शिमला के सुन्नी, घरयाणा में आयोजित एक विवाह इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। निरंकारी रीति-रिवाजों से संपन्न हुआ यह विवाह आम शादियों से बिल्कुल अलग था। इस समारोह की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि दूल्हा बाउंसरों के दल के साथ बारात लेकर पहुंचा और पूरे समारोह स्थल को अभूतपूर्व सुरक्षा घेरे में रखा गया था। पंचकूला से आई बारात में दूल्हा वंश और दुल्हन सकीना की यह शादी थी। सूत्रों के अनुसार, समारोह में सुरक्षा इतनी कड़ी थी कि दूल्हा-दुल्हन के पास जाने की इजाजत किसी को नहीं थी। इसकी एक वजह यह भी बताई गई कि दूल्हे का सेहरा सोने और हीरे से जड़ा था, हालांकि, इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। फिर भी, मौके पर मौजूद लोगों ने बाउंसरों की तैनाती को सुरक्षा के लिए अनिवार्य बताया, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम के दौरान कड़ी चौकसी रखी। इस हाई-प्रोफाइल शादी का एक वीडियो भी सामने आया है, जो इसकी अनोखी कहानी बयां करता है। वीडियो में दुल्हन सकीना अपनी एंट्री को यादगार बनाती हुई दिखती हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि इस दौरान भी उनके चारों ओर बाउंसरों का कड़ा सुरक्षा घेरा बना हुआ था। दुल्हन जैसे-जैसे दूल्हे की ओर बढ़ती हैं, बाउंसर भी साथ-साथ चलते हैं। अपनी दुल्हन को इस अंदाज में आता देख, दूल्हा वंश भी बेहद खुश नज़र आए और स्टेज पर पहुंचते ही उन्होंने दुल्हन के माथे को चूमकर उनका स्वागत किया। सुरक्षा के इस अनूठे प्रदर्शन और कथित 'हीरे जड़े सेहरे' के कारण, यह शादी अब सोशल मीडिया पर वायरल सेंसेशन बन गई है, जहां लोग इस अनोखी व्यवस्था पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश पर्यटन विभाग और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा 21 से 23 नवंबर तक बिलासपुर एक्वा फेस्ट–2025 (जल महोत्सव) का आयोजन किया जा रहा है। तीन दिवसीय इस महोत्सव में गोबिंद सागर झील रोमांच का केंद्र बनेगी। मंगलवार को बिलासपुर में पत्रकार वार्ता के दौरान तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने बताया कि गोबिंद सागर झील में लुहणू से मंडी भराड़ी तक के क्षेत्र में जल महोत्सव का आयोजन होगा। इस आयोजन में लगभग 250 प्रतिभागी विभिन्न राज्यों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों और खेल संघों से हिस्सा लेंगे। मंत्री ने बताया कि इस दौरान कई आकर्षक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें कयाकिंग एवं केनोइंग, कंट्री बोटिंग, स्वीमिंग, स्टिल वाटर राफ्टिंग और फील-फ्री कयाकिंग प्रमुख हैं। धर्माणी ने बताया कि इस अवसर पर रेड क्रॉस मेला, स्थानीय आजीविका मेला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा, जिनमें विभिन्न स्वयं सहायता समूह और स्थानीय उद्यमी अपने उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री करेंगे।आगंतुकों के मनोरंजन के लिए विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य गोबिंद सागर झील को प्रमुख जल एवं इको-टूरिज्म गंतव्य के रूप में विकसित करना और रोमांचक वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है।
भारतीय जनता पार्टी ने केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत प्रागपुर और जसवां क्षेत्र की 4 सड़कों के लिए स्वीकृत 33 करोड़ रुपए खर्च ना कर पाने के लिए प्रदेश सरकार की आलोचना की है। भाजपा मंडल परागपुर व जसवां के अध्यक्ष विनोद शर्मा और बीरेंद्र कुमार ने एक संयुक्त बयान में कहा कि लगभग 26 माह पूर्व स्थानीय विधायक बिक्रम ठाकुर के प्रयासों से क्षेत्र की 40 किलोमीटर की 4 सड़कों चामुखा से बंगाणा, कलोहा से लोहारी, चनौर से त्यामल व कोटला बेहड़ से बिलवा घाटी सड़कों के लिए 33 करोड़ स्वीकृत करवाए थे। लेकिन केंद्र से पैसा मिलने के बावजूद सड़कों का काम कछुए की चाल के माफिक चल रहा है। विनोद शर्मा व बीरेंद्र कुमार ने पीडब्ल्यूडी विभाग के मंत्री विक्रमादित्य से आग्रह किया है कि इस अकारण विलंब के लिए कड़ी कार्यवाई की जाए। अगर विभाग के अधिकारी दोषी हैं या ठेकेदार दोषी है तो उन पर भी कड़ा एक्शन लिया जाए। सड़क ना बन पाने के कारण लोगों को खड्डे वाले रास्तों से धूल खाते हुए आना जाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इनमें से कुछ मार्गों पर काम शुरू करवाने के लिए पूजन करवा कर राजनीतिक लाभ लेने की भी कोशिश की गई थी लेकिन भूमि पूजन के बाद नेता गुम और काम शून्य के बराबर है। उन्होंने इस पर शीघ्र कार्यवाई करने की मांग की है ताकि लोगों को राहत मिल सके।
पुलिस थाना डाडा सीबा के अंतर्गत गांव चनौर के त्यामल रोड़ पर एक हादसा पेश आया है। जानकारी के अनुसार बाइक दुर्घटना में पैदल चल रहे एक व्यक्ति को गंभीर चोटें आई हैं। बाइक सवार ढलियारा से डाडा सीबा अपने घर आ रहा था। दुर्घटना में 58 वर्षीय तिलकराज निवासी चनौर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। वहीं बाइक चालक जसविंदर सिंह (34) निवासी डाडा सीबा बतबाड़ को भी गंभीर चोटें आई हैं। दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को निजी वाहन के माध्यम से आदर्श स्वास्थ्य संस्थान सिविल अस्पताल डाडा सीबा पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने दोनों को आपातकालीन सेवा 108 के माध्यम से मेडिकल कॉलेज टांडा रेफर कर दिया। उधर, सूचना मिलते ही डाडा सीबा पुलिस थाना प्रभारी मदन मोहन अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस द्वारा दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
स्वच्छ शहर–समृद्ध शहर कार्यक्रम के अंतर्गत नगर परिषद देहरा में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, ठोस कचरा प्रबंधन तथा शहरी विकास से संबंधित विभिन्न गतिविधियों को प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से मंगलवार को नगर परिषद सभागार में एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता विधायक देहरा कमलेश ठाकुर ने की। बैठक में शहर की विभिन्न विकास योजनाओं, सीवरेज व्यवस्था, जल निकासी प्रणाली एवं शहरी सौंदर्यीकरण कार्यों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। विधायक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि देहरा शहर को स्वच्छ, सुसज्जित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जाए। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत आवासों की प्रगति की समीक्षा भी की गई। उन्होंने नगर परिषद को निर्देश दिए कि जिन घरों को अभी तक सीवरेज कनेक्शन नहीं मिला है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जोड़ा जाए ताकि सभी शहरी परिवारों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। नगर परिषद अध्यक्षा ने बैठक में बताया कि “स्वच्छ शहर–समृद्ध शहर कार्यक्रम” का दूसरा चरण 15 सितंबर से 14 दिसंबर तक मनाया जा रहा है। जिसमें लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही यह भी बताया कि सिटिजन सेवा पोर्टल के माध्यम से कूड़े के बिल ऑनलाइन शुरू कर दिए गए हैं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि हर वार्ड में समाधान शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि नागरिकों की शिकायतों का समाधान शीघ्र किया जा सके। बैठक में नगर परिषद अध्यक्ष सुनीता कुमारी, उपाध्यक्ष मलकीयत सिंह परमार, कार्यकारी अधिकारी अनुभव शर्मा, पार्षद सुनीता शर्मा, दीपिका, हरबंस लाल और सुरेश चंद सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
राजकीय माध्यमिक पाठशाला नगर सिंहावां की आठवीं कक्षा के छात्र का चयन राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता के लिए हुआ है। विद्यालय के अध्यापक नागेंद्र शास्त्री ने जानकारी देते हुए बताया कि राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुनिहार में आयोजित अंडर 14 छात्र जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में विद्यालय की कक्षा आठवीं के अनीश ने लॉन्ग जंप प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल कर रजत पदक जीता और नवंबर माह में धर्मशाला में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता के लिए अपना स्थान सुनिश्चित किया है। विद्यालय प्रभारी विश्वचंद्र सहित सभी अध्यापकों ने खुशी जाहिर करते हुए अनीश व अभिभावकों को बधाई दी। उन्होंने शारीरिक शिक्षिका तारावती को भी इसके लिए बधाई दी।
दिनांक 03.10.2025 को थाना मानपुरा के अंतर्गत गाँव ढेला निवासी कृष्ण कुमार पुत्र मेझ चन्द ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि रात्रि के समय अज्ञात चोरों ने उनके घर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। शिकायत के आधार पर थाना मानपुरा में मामला दर्ज किया गया। घर से सोने और चाँदी के आभूषण चोरी हुए जिनकी अनुमानित कीमत लगभग ₹10,00,000/- है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस दल ने मौके का निरीक्षण किया और FSL टीम को बुलाकर भौतिक साक्ष्य एकत्रित किए। मामले की गहराई से जांच हेतु साइबर सेल एवं CCTV सेल की सहायता से एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। SIT द्वारा अन्तर्राज्यीय चोरी गिरोहों की गतिविधियों का विश्लेषण किया गया। उपलब्ध तकनीकी व भौतिक साक्ष्यों के आधार पर अपराध में शामिल गिरोह की पहचान सुनिश्चित की गई। आरोपियों की तलाश हिमाचल प्रदेश, पंजाब एवं हरियाणा के विभिन्न स्थानों पर की गई। दिनांक 25.10.2025 को विशेष जांच दल की मेहनत से चोरी वारदात में शामिल गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार किए गए जिसमें सूरज पुत्र शाम, निवासी सरलोई, जिला अंबाला, हरियाणा (वर्तमान निवासी झुग्गी-झोपड़ी, चौक पोस्ट घनौली, पंजाब), आयु 32 वर्ष, दूसरा विजय कुमार उर्फ जाफी पुत्र शंकर दास, निवासी भरतगढ़, जिला रोपड़, पंजाब (वर्तमान निवासी झुग्गी-झोपड़ी, चौक पोस्ट घनौली, पंजाब), आयु 22 वर्ष शामिल है। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि चोरी किया गया सोना-चाँदी रोपड़ स्थित “सुशील ज्वैलर्स” दुकान पर बेचा गया था। दुकान में दबिश देने पर लगभग ₹10 लाख मूल्य के सभी चोरीशुदा आभूषण बरामद किए गए। दुकान मालिक दीपक कुमार पुत्र सुशील कुमार, निवासी गुगा माड़ी मोहल्ला, वार्ड संख्या 1, रूपनगर (पंजाब) को भी गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि गिरफ्तार दोनों आरोपी एक सक्रिय अन्तर्राज्यीय चोरी गिरोह के सदस्य हैं, जो हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में कई चोरी की वारदातों में संलिप्त रहे हैं। तीनों राज्यों में इनके विरुद्ध कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। गिरोह के अन्य सक्रिय सदस्यों की पहचान की जा चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
बंगाणा, कुटलैहड़ भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक दविंदर कुमार भुट्टो ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पीडब्ल्यूडी और जलशक्ति विभाग में कार्य कर रहे ठेकेदारों की स्थिति बेहद दयनीय हो चुकी है, क्योंकि पिछले दो साल से उन्हें उनके काम का भुगतान नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि सरकार की इस उदासीनता के कारण प्रदेश के ठेकेदार आज आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं, कई लोगों को तो बैंकों से कुर्की के नोटिस तक मिल रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है। भाजपा नेता दविंदर भुट्टो ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश में किए गए करीब 2200 करोड़ रुपए से अधिक के कार्यों का भुगतान अभी तक लंबित पड़ा है, जिससे ठेकेदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 90:10 के अनुपात में केंद्र से मिलने वाले फंड का सही उपयोग नहीं किया, और राज्य सरकार का 10 प्रतिशत हिस्सा न देने के कारण यह भुगतान अटक गया है। पूर्व विधायक ने कहा कि जब ठेकेदारों को समय पर भुगतान नहीं होगा तो न केवल निर्माण कार्य प्रभावित होंगे बल्कि विकास की गति भी ठप पड़ जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद लगभग 1185 करोड़ रुपए का भुगतान अब तक नहीं हुआ है, जिससे ठेकेदार हताश और निराश हैं। दविंदर कुमार भुट्टो ने चेतावनी दी है कि अगर शीघ्र ही ठेकेदारों को उनकी बकाया राशि नहीं दी गई, तो राज्य सरकार के खिलाफ इस मुद्दे पर जोरदार आंदोलन किए जाएंगे। साथ ही दविंदर कुमार भुट्टो ने कहा कि भाजपा हमेशा से विकास और पारदर्शिता की पक्षधर रही है, जबकि वर्तमान सुक्खू सरकार की कार्यप्रणाली प्रदेश को आर्थिक अराजकता की ओर धकेल रही है। इस मौके पर जिला भाजपा उपाध्यक्ष बलराम बबलू, जिला पार्षद सदस्य कृष्ण पाल शर्मा, मनोहर लाल शर्मा, संतोष सैनी, मंडल अध्यक्ष राजेंद्र मलांगड़ सहित अन्य मौजूद रहे।
दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग की एक टीम ने सोमवार को व्यास नदी के किनारे सांकेतिक जल संग्रहण कार्यक्रम में भाग लिया। इस टीम में शिक्षा विभाग से समन्वयक अपरना कौशिक, आनंद सिंह और दिल्ली सरकार के स्कूली बच्चे शामिल थे। इस अवसर पर केन्द्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के समाज विज्ञान स्कूल के अधिष्ठाता तथा सप्तसिंधु परिसर के निदेशक प्रो. संजीत सिंह मुख्य रूप से पहुंचे और मौके की शोभा बढ़ाते हुए दिल्ली की इस जल प्रहरी टीम का मार्ग दर्शन किया। दिल्ली सरकार द्वारा चलाए जा रहे "जल संगम से जन संगम" कार्यक्रम के तहत देश भर की विभिन्न नदियों के जल को एकत्रित करने का अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में दिल्ली की टीम व्यास नदी के जल को संग्रहित करने के लिए हिमाचल प्रदेश आई है। इस जल संग्रहण का उद्देश्य सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा के अभिषेक के लिए जल एकत्रित करना है। इस कार्यक्रम के माध्यम से दिल्ली सरकार जल संरक्षण और नदियों के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाना चाहती है। शिक्षा विभाग के अधिकारी और स्कूली बच्चों ने इस कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया और जल संग्रहण की प्रक्रिया को समझा। इस दौरान उन्होंने व्यास नदी के महत्व और जल संरक्षण के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। दिल्ली की टीम द्वारा संग्रहित जल को जल्द ही दिल्ली ले जाया जाएगा, जहां इसका उपयोग सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा के अभिषेक के लिए किया जाएगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से दिल्ली सरकार "जल संगम से जन संगम", सरदार @150 योजना और नदियों के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
बी एल सेंट्रल पब्लिक वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार में जिला स्तरीय कला एवं रंग उत्सव का आयोजन हुआ। जानकारी देते हुए विद्यालय अध्यक्ष गोपाल शर्मा ने बताया कि उप-स्कूल शिक्षा निदेशक गुणवत्ता नियंत्रण कम जिला प्रोजेक्ट समग्र शिक्षा अधिकारी जिला सोलन के मार्ग दर्शन से जिला स्तरीय कला एवं रंग उत्सव का आयोजन किया गया I उन्होंने बताया कि इस समारोह का शुभारम्भ राज कुमार गौतम ब्लॉक प्रोजेक्ट अधिकारी अर्की द्वारा किया गया I उनके साथ जिला कला उत्सव समन्वयक मधु ठाकुर और जिला रंग उत्सव समन्वयक मीनाक्षी शर्मा भी मौजूद रहे I मंच का संचालन करते हुए शिवानी शर्मा ने मुख्यातिथि और जिला सोलन से आए सभी प्रतिभागी बच्चों, अध्यापकों का अभिनन्दन किया I दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुवात की गई I विद्यालय अध्यक्ष ने मुख्यातिथि को शॉल, टोपी व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया साथ ही जिला समन्वयक मधु ठाकुर, मीनाक्षी शर्मा, विनय कुमार, प्रधानाचार्य हेम राज गौर को भी स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया I विद्यालय अध्यक्ष ने सम्बोधित करते हुए मुख्यातिथि, अन्य अतिथियों, तथा जिला सोलन से आए प्रतिभागियों का जिला स्तरीय कला एवं रंग उत्सव में पधारने पर स्वागत किया I उसके उपरान्त जिला समन्वयक मधु ठाकुर ने इस समरोह में होने वाली कला उत्सव की 12 कलाओं व रंग उत्सव की 6 कलाओं के बारे में जानकरी प्रदान की I इस समरोह के समापन के दौरान डॉ. राजिंदर वर्मा उप-स्कूल शिक्षा निदेशक गुणवत्ता नियंत्रण कम जिला प्रोजेक्ट समग्र शिक्षा अधिकारी जिला सोलन ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की विद्यालय अध्यक्ष ने मुख्यातिथि को शॉल, टोपी और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। अंत में जिला स्तर पर कला उत्सव और रंग उत्सव में अपनी प्रतिभा दिखाकर पहला, दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को मुख्यातिथि द्वारा सम्मानित किया गया I
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। जिले के रायसन स्थित विहाल क्षेत्र में 64 वर्षीय शांति स्वरूप ने सोमवार सुबह अपनी जान ले ली। बताया जा रहा है कि शांति स्वरूप पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के चालक रह चुके थे। घटना सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे की है। फिलहाल पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है, हालांकि आत्महत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। जानकारी के अनुसार, शांति स्वरूप ने अपने घर में पिस्तौल से सिर पर गोली मार ली, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। बताया जा रहा है कि शांति स्वरूप वर्ष 2020 में सचिवालय से सेवानिवृत्त हुए थे। इससे पहले, वे वर्ष 2007 से 2012 तक पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के चालक के रूप में कार्यरत थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और घटना के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
मंडी जिले के धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के बिंगा गांव में इन दिनों अरबी, कचालू व अदरक खरीदने के लिए लोग दूर-दूर से आ रहे है। इस वर्ष बरसात अधिक होने के बावजूद भी गत वर्षों की भांति इन फसलों की पैदावार अच्छी हुई है। बता दें की गांव के किसानों द्वारा रासायनिक खाद का इस्तेमाल फसलों पर नहीं किया जाता है अरबी, कचालू, अदरक व अन्य फसलों के लिए लोग जैविक खाद का ही इस्तेमाल करते हैं यहां के किसानों द्वारा केंचुआ पिट बनाए गए हैं। किसानों द्वारा इसमें तैयार खाद का ही इस्तेमाल किया जाता है गौरतलब है की इस गांव की अरबी, कचालू खरीदनें के लिए लोग इस क्षेत्र के अलावा दूसरे जिलों और प्रदेश के बाहर से भी पहुंच रहे है। यहां के कचालू, अरबी का इस्तेमाल लोग अपने घरों में विवाह शादियों के दौरान धाम में मदरा(दम) बनाने और स्नैक्स के तौर पर भी करते हैं यहां पर किसानों को कचालू के ऑर्डर आना कई महीने पहले से ही शुरू हो जाते हैं इस बार यहां के कचालू 60 से 70 रूपये किलो में बिक रहें है और अदरक 70 से 100 रुपए प्रति किलो तक बिक रहा है लोगों द्वारा पिछले कई वर्षों से बंदरों के आंतक की वजह से परंपरागत खेती से मुंह मोड़ लेने के बाद इन फसलों की ओर रुझान बढ़ा जिसका गांव के किसानों को फायदा भी मिल रहा है। गांव के प्रोग्रेसिव किसान आशा राम व मोहन लाल का कहना है कि वह कचालू व अदरक की फसल से 30 से 40,000 रुपए प्रतिवर्ष कमा लेते हैं। गांव के अन्य किसानों विपिन कुमार, मेहर सिंह, बालम राम, नत्था सिंह, रामसरन, दुनीचंद, कपिल देव, प्रेम सिंह, नथुराम, केशव राम, विद्यासागर, परम देव, रामपाल, कश्मीर सिंह, अनु कुमार, राजेश कुमार, कृष्ण चंद, टेकचंद, पृथ्वीपाल, मीरा देवी, कुंती देवी, शकुंतला देवी, भूरी सिंह, इंदर सिंह, काकू, देशराज, विकी कुमार, दयालु राम, देशराज, कृष्ण चंद, सपना देवी, ओम प्रकाश, अजीत कुमार, ईश्वरदास, सरदारू राम व भादर सिंह धर्मू, ठाकरू, सुखराम, भागमल, अजीत सिंह, तुलाराम, कपूर सिंह, देशराज, निर्मला देवी, रामनाथ ठाकुर आदि ने कहा कि इन फसलों से जहां किसानों की आर्थिकी में इजाफा हुआ है वहीं पर बंदरों के आंतक से भी उन्हें निजात मिली है साथ ही 1000 क्विंटल से अधिक कचालू होने का अनुमान गांव के किसानों द्वारा लगाया जा रहा है।
पुलिस थाना कुनिहार के अंतर्गत पुलिस ने दो युवकों से 360 बोतल देसी शराब बरामद की है। प्राप्त सूचना के अनुसार पुलिस टीम कुनिहार-नालागढ़ मार्ग पर शिव गुफा के पास यातायात चैकिंग कर रही थी उस दौरान कुनिहार की तरफ से एक गाड़ी आई जिसके चालक ने पुलिस को आगे खड़ा देखकर अपनी गाड़ी वापिस मोड़ने की कोशिश की परन्तु हड़बड़ाहट में उसकी गाड़ी एकदम बन्द हो गई। शक होने पर मु0आ0 राजेन्द्र कुमार उक्त गाड़ी के पास पहुंचे गाड़ी न. PB 65AK 3737 में दो युवक बैठे हुये थे। पूछताछ में चालक सीट पर बैठे व्यक्ति ने अपना नाम विजय वर्मा पुत्र टेक चन्द गांव बोडती कनैता, डाकघर चण्डी, तहसील कसौली तथा दूसरे व्यक्ति ने अपना नाम अमित कुमार पुत्र चमन लाल, गांव हरथ, डाकघर चण्डी, तहसील कसौली बताया। पुलिस ने एकदम गाड़ी को पीछे करने का कारण पूछा तो वह कोई संतोषजनक जवाब न दे सका, शक होने पर पुलिस द्वारा गाड़ी की छानबीन की गई और 360 बोतल देसी शराब बरामद की गई। पुलिस द्वारा मामला दर्ज कर अगली कार्यवाही अमल में लाई जा रही है। मामले की पुष्टि डी. एस. पी. सोलन अशोक चौहान ने की है।
रविवार को अर्की के विधायक संजय अवस्थी द्वारा कुनिहार स्थित शिव तांडव गुफा में अखिल विश्व गायत्री परिवार शांति कुंज हरिद्वार द्वारा आयोजित भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के ज़िला स्तरीय पारितोषिक वितरण समारोह को सम्बोधित किया गया। इस दौरान विधायक ने कहा कि शिक्षा तभी सार्थक बनती है जब नैतिक एवं जीवन मूल्य की जानकारी उसमें समाहित हो। उन्होंने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति जीवन जीना सिखाती है और इसी संस्कृति ने पूरे विश्व को एक सूत्र में बांधने का ज्ञान दिया है। संजय अवस्थी ने कहा कि हमारी पहचान ही हमारी संस्कृति है तथा इसके संरक्षण के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संस्कृति इतिहास और भविष्य के मध्य सेतु का कार्य करती है तथा संस्कृति का ज्ञान भावी पीढ़ी के जीवन को सुरक्षित बनाता है। संजय अवस्थी ने कहा कि प्रदेश सरकार छात्रों को समग्र शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह सुनिश्चित बनाया जा रहा है कि हिमाचल के युवा नैतिक एवं जीवन मूल्यों के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा प्राप्त करें। इस दिशा में प्रदेश के सभी 68 विधानसभा क्षेत्रों में स्थापित किए जा रहे राजीव गांधी डे बोर्डिंग विद्यालय मील का पत्थर साबित होंगे। विधायक ने उपस्थित युवाओं एवं छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि सफलता की प्राप्ति के लिए लक्ष्य का निर्धारण करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई केवल अंक प्राप्त करने के लिए न करें अपितु ज्ञान प्राप्ति के उद्देश्य से करें। उन्होंने छात्रों को अपनी संस्कृति से जुड़े रहकर आगे बढ़ने की सलाह दी। संजय अवस्थी ने अखिल विश्व गायत्री परिवार शांति कुंज हरिद्वार को अपनी ओर से 21 हजार रुपए देने की घोषणा की। विधायक ने इस अवसर पर भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के विजेताओं को सम्मानित किया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर ग्राम पंचायत कुनिहार के प्रधान राकेश ठाकुर, ग्राम पंचायत कोठी के पूर्व प्रधान अनिल तंवर, कांग्रेस पार्टी के राजेन्द्र शर्मा, अखिल विश्व गायत्री परिवार शांति कुंज हरिद्वार के देवेन्द्र गुप्ता, देवी रूप शर्मा, देवी दत्त अत्री, नरेन्द्र चंदेल, के.डी. शर्मा, लच्छी राम, रूप सिंह ठाकुर एवं अन्य सदस्य, उपमण्डलाधिकारी अर्की निशांत तोमर सहित अखिल विश्व गायत्री परिवार शांति कुंज हरिद्वार के सदस्य व छात्र उपस्थित रहे।
सोशल वेलफेयर एवं अनेकविंग सोसायटी वाधू टिप्परी द्वारा रविवार को आयोजित वॉकाथन प्रतियोगिता में फिटनेस और उत्साह का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला। गांव की गलियों से लेकर मुख्य मार्ग तक “फिट बॉडी–फिट माइंड” के नारों के साथ जब प्रतिभागी आगे बढ़े, तो पूरा क्षेत्र स्वास्थ्य जागरूकता के संदेश से गूंज उठा। इस वॉकाथन की सबसे खास बात यह रही कि 40 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की महिलाओं और पुरुषों ने पूरे जोश के साथ इसमें भाग लिया। सुबह की ठंडी हवाओं में भी प्रतिभागियों ने पसीना बहाकर यह साबित किया कि स्वास्थ्य के प्रति समर्पण उम्र का मोहताज नहीं। आयोजन में 70 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। इसमें 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में महिलाओं में अंजना देवी और पुरुषों में शकेश कुमार शर्मा प्रथम रहे। 51 से 60 वर्ष के आयु वर्ग में गुरपाल सिंह और मिनाक्षी शर्मा, जबकि 40 से 50 वर्ष आयु वर्ग में सुरेंद्र शर्मा और भावना शर्मा विजेता रहे। सोसायटी के पदाधिकारियों ने बताया कि यह पहल प्रदेश में फिटनेस के प्रति नई सोच का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में इस तरह के वॉकाथन आयोजनों की शुरुआत एक नई परंपरा बन सकती है, जिससे लोगों को स्वास्थ्य के प्रति प्रेरणा मिलेगी और जीवनशैली में सुधार आएगा। समापन अवसर पर विजेताओं को सम्मानित किया गया। आयोजकों ने घोषणा की कि आगे भी इस तरह के कार्यक्रम हर वर्ष आयोजित किए जाएंगे ताकि हर वर्ग के लोग ‘फिट हिमाचल, स्वस्थ समाज’ के अभियान से जुड़ सकें।
राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुनिहार में चल रहे सात दिवसीय NSS शिविर के दूसरे दिन की शुरुआत स्वयंसेवकों ने प्रभात फेरी से की। NSS प्रभारी लीला शंकर व मोनिका चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि सुबह स्वयंसेवकों ने पूरे कुनिहार बाजार में भजन कीर्तन करते हुए प्रभात फेरी निकाली। तथा उसके बाद विद्यालय पहुंचने पर विभिन्न योग क्रियाएं की। स्वयंसेवकों द्वारा विद्यालय कैंपस की साफ सफाई की गई तथा विद्यालय की क्यारियों, गमलों की भी साफ सफाई की गई। दिन के समय बीडीओ कुनिहार तन्मय सिंह कंवर स्त्रोत व्यक्ति के रूप में शिविर में पहुंचे जिन्होंने स्वयं सेवकों को जीवन में सफल होने के अनेक टिप्स दिए। उन्होंने स्वयंसेवकों से कहा कि शिविर के यह सात दिन आप लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं यहां आपको बहुत कुछ सीखने व जानने को मिलेगा और यहां से आप अपने जीवन को नई दिशा दे सकते हो। प्रभारी मोनिका चौधरी ने बताया कि इस शिविर में 58 स्वयं सेवक भाग ले रहे हैं। यह शिविर 31 अक्तूबर तक रहेगा ।
जिला कुल्लू की गड़सा घाटी के नीणू नाला में वन विभाग की टीम ने एक निर्माणाधीन घर में दबिश देकर 34 किलो क्रिस्टल स्टोन और विस्फोटक सामग्री कब्जे में ली है। हालांकि, आरोपी एक अन्य साथी के साथ मौके से भागने में सफल रहा। क्रिस्टल स्टोन और विस्फोटक सामग्री मिलने के बाद विभाग ने पुलिस में शिकायत दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। बीओ नीरज शर्मा ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार को वह वारंट की तामील करने के लिए नीणू नाला गए हुए थे। इस दौरान उन्होंने एक मकान की तलाशी ली। तलाशी के दौरान मकान में लगाए गए दरवाजे और खिड़कियों के बिल मांगे गए तो मालिक दिखा नहीं पाया। तलाशी के दौरान घर में 34 किलोग्राम क्रिस्टल स्टोन और विस्फोटक सामग्री का एक डिब्बा मिला। क्रिस्टल स्टोन पहाड़ों में पाया जाता है और इसकी कीमत लाखों में होती है। आरोपी और उसका साथी विस्फोटक सामग्री का एक डिब्बा उठाकर मौके से भाग गए। उधर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव चौहान ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच की जा रही है। आरोपी के हाथ लगने के बाद ही पता चलेगा कि क्रिस्टल स्टोन उसने कहां से और किस उद्देश्य से लाया था।


















































