न्यू जनरेशन स्टडी सेंटर के छात्र प्रतीक का चयन इंडियन नेवी एसएसआर के लिए हुआ है। यह जानकारी देते हुए न्यू स्टडी सेंटर के एमडी कमलेश्वर ने बताया कि उनके पास शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्र प्रतीक का चयन इंडियन नेवी एसएसआर के लिए हुआ है, जो कि स्टडी सेंटर के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि प्रतीक के चयन पर प्रतीक का मुंह मीठा करवा कर उसे बधाई दी गई व अकादमी के अन्य विद्यार्थियों को मिठाई बांटी गई। उन्होंने बताया कि प्रतीक टिकरु गांव का रहने वाला है। उन्होंने प्रतीक के परीक्षा उर्त्तीण करने पर प्रतीक उसके अभिभावकों व अध्यापकों को बधाई दी और उसके मंगल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि उनकी अकादमी का मुख्य उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है ताकि बच्चे भविष्य में आगे बढें़ और अपनी मंजिल हासिल करें।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शुक्रवार देर शाम श्री नयनादेवी जी मंदिर में शीश नवाया और प्रदेश के लोगों की सुख-समृद्धि की कामना की। नयनादेवी मंदिर न्यास की ओर से घवांडल सीएचसी के लिए पांच करोड़ जारी किए। मुकेश ने कहा कि श्री नयनादेवी विधानसभा क्षेत्र के विकास में पैसे की कमी नहीं आएगी। मंदिर के लिए लिफ्ट बनाने के कार्य को भी जल्द स्वीकृति दी जाएगी। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने श्री नयनादेवी क्षेत्र के लिए जो घोषणाएं की थीं उन सभी को वर्तमान सरकार पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष में नयना देवी मंदिर न्यास की ओर से दो करोड़ और बाबा बालक नाथ मंदिर न्यास की ओर से एक करोड़ रुपये दिए जाएंगे। समस्त मंदिर ट्रस्ट के सदस्य शिमला में मुख्यमंत्री से मिलेंगे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि देश के बड़े मंदिरों की तरह हिमाचल के मंदिरों का भी कायाकल्प होगा। बसों के माध्यम से सभी तीर्थ स्थलों को आपस में जोड़ा जाएगा। कहा कि हिमाचल प्रदेश के मंदिरों के लिए योजना तैयार की जा रही है। इसके तहत श्रद्धालुओं को अधिक से अधिक सुविधाएं मिलेंगी। अग्निहोत्री ने कहा कि केंद्र सरकार को राष्ट्रीय आपदा घोषित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भरमौर में आपदा के दौरान पेयजल योजना की स्कीम में कार्य करते हुए गुड्डू राम की जान चली गई। उनके परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। वहीं विभाग के अंतर्गत जिन व्यक्तियों ने आपदा के दौरान अपनी जान गंवाई है, उनके परिवारों को सरकार अकेला नहीं छोड़ेगी। परिवार के किसी एक सदस्य को रोजगार देगी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने दी जानकारी सुबह नौ बजे सिरमौर के पांवटा साहिब पहुंचेंगे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा भारी बारिश, बाढ़ एवं भूस्खलन के कारण हिमाचल प्रदेश में हुए भारी नुकसान का जायजा लेने के लिए रविवार को प्रदेश के प्रवास पर रहेंगे। वे पीड़ित परिवारों के साथ मुलाकात भी करेंगे। नड्डा समरहिल में भारी बारिश के कारण ध्वस्त हुए प्राचीन शिव मंदिर स्थल का अवलोकन करेंगे और शिमला एवं बिलासपुर में स्थानीय प्रशासन के साथ राहत, बचाव एवं पुनर्वास कार्यों पर चर्चा भी करेंगे। नड्डा सुबह नौ बजे पांवटा साहिब पहुंचेंगे। इसके पश्चात सड़क मार्ग से गांव सिरमौरी ताल एवं कच्ची ढांग पहुंचेंगे। जहां वे सिरमौरी ताल क्षेत्र में बादल फटने से उत्पन्न हुई स्थिति का जायजा लेंगे तथा इस हादसे में दिवंगत 5 सदस्यों के परिवारजनों से मुलाकात भी करेंगे। 11:20 बजे शिमला के शिवबावड़ी, समरहिल पहुंचेंगे जहां वे भारी बारिश से तबाह हुए प्राचीन शिव मंदिर स्थल का जायजा लेंगे। ज्ञात हो कि इस हादसे में अब तक 16 लोगों के शव बरामद हो चुके हैं। राहत और बचाव कार्य अब तक चल रहा है। नड्डा कृष्णानगर क्षेत्र में क्षतिग्रस्त हुए मकानों का अवलोकन शिमला बाईपास से करेंगे। दोपहर एक बजे बजे शिमला के होटल पीटरहॉफ में राहत एवं बचाव कार्यों को लेकर स्थानीय प्रशासन के साथ चर्चा करेंगे। शाम 3:15 बजे सर्किट हाउस बिलासपुर पहुंचेंगे। यहां भारी बारिश, बाढ़ एवं भूस्खलन के कारण हुए जानमाल के नुकसान से पीड़ित शोक संतप्त परिवारों के साथ मुलाकात करेंगे और स्थानीय प्रशासन से राहत, बचाव एवं पुनर्वास कार्यक्रमों को लेकर चर्चा करेंगे।
जिला दंडाधिकारी एवं उपायुक्त किन्नौर तोरूल रवीश ने जिला के निचार उपमंडल के भावानगर में स्थायी व अस्थायी पार्किंग के लिए स्थान चिन्हित करते हुए बताया कि स्थायी पार्किंग एनएच-5 में सब्जी मंडी से पुराने एसडीएम ऑफिस तक रहेगी तथा अस्थाई पार्किंग एनएच-5 में विद्युत बोर्ड के 4 पोल से विद्युत कॉलोनी वाले मोड़ तक केवल आधे घंटे तक मान्य होगी। इसके अतिरिक्त अस्थायी पार्किंग एनएच-5 पर सब्जी मोड़ से उपर ढांक की और केवल आधे घंटे तक मान्य होगी। उन्होंने बताया कि बसों के ठहराव के लिए एनएच-5 यूनियन ऑफिस के सामने पुलिस गुमटी तक, टैक्सी पार्किंग एनएच-5 पर वर्षा शालिका से आगे केवल 8 टैक्सी के लिए, गुड़स पार्किंग एनएच-5 पर वर्षा शालिका की और 8 टैक्सी पार्किंग के बाद हाईमास्क लाईट तक। उन्होंने बताया कि बाजार क्षेत्र में निर्माण सामग्री गिराने व उठाने का सामान केवल 24 घंटे तक मान्य होगा तथा इसके लिए स्थान एनएच-5 पर गंगाबार की दुकान के सामने व नीचे, एनएच-5 पर आनंद एग्रो कैमिकल की दुकान के साथ उपर खाली जगह के पास तथा एनएच-5 पर बिजली बोर्ड ऑफिस मोड़ के उपर की और रहेगा। इसके अलावा स्कूल बसों के ठहराव के लिए स्थान वर्षा शालिका के पास, सतलुज व्यू पब्लिक स्कूल को जाने वाली पौड़ियों के सामने, अमर लालध्गुलेरिया की दुकान के पास मान्य होगा।
जिला के आखरी गांव सुमरा द्वारा मानवीय संवेदना का उत्कृष्ट उदाहरण स्थापित हिमाचल प्रदेश अपनी प्राकृतिक सौंदर्य के लिए देश व विदेश में अत्यंत प्रसिद्ध है। परंतु, हाल ही में आई आपदा के कारण राज्य को बड़ा नुकसान हुआ है, जिसमें जान व माल को क्षति पहुंची है। इस कठिन समय में राज्य सरकार द्वारा राहत एवं बचाव के लिए सक्रिय कदम उठाए जा रहे हैं। जिला किन्नौर की आखरी ग्राम पंचायत सुमरा जिसकी कुल आबादी 235 व्यक्ति हंै, ने आपदा के इस कठिन समय में मुख्यमंत्री राहत कोष में योगदान देने वाली हिमाचल प्रदेश की पहली पंचायत बनकर मानवीय संवदेना का उत्कृष्ट उदाहरण स्थापित किया है। ग्राम पंचायत सुमरा की समस्त महिलाओं ने हिमाचल प्रदेश के आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए 10 हजार रुपये की राशि मुख्यमंत्री राहत कोष की ओर भेंट की है। ग्राम पंचायत सुमरा के नौजवानों द्वारा भी मानवीय संवेदनाए प्रकट करते हुए युवक मंडल सुमरा द्वारा 10 हजार 01 रुपये की राशि भी मुख्यमंत्री राहत कोष की और भेंट की गई है। सुमरा पंचायत की महिलाओं और युवक मण्डल का कहना है कि हिमाचल प्रदेश में आई इस आपदा के कारण जो नुकसान हुआ है उसे जानकर वह अत्यंत आहात हुए हैं, इसलिए इस कठिन परिस्थिति में प्रदेश सरकार को संबल प्रदान करने के लिए, उनके द्वारा यह योगदान प्रदान किया गया है। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि इस आपदा के समय अन्य ग्राम पंचायतें व अन्य लोग भी आगे आकर अपना अहम योगदान मुख्यमंत्री राहत कोष की ओर भेंट कर प्रदेश को अपने पैरों पर खड़े होने में मदद करेंगे। किन्नौर जिला की ग्राम पंचायत शलखर के नंबरदार संजय कुमार तथा ग्राम कांग्रेस समिति शलखर के वरिष्ठ सदस्य आत्म प्रकाश बिश्ट ने भी हिमाचल प्रदेश में आई आपदा के कारण प्रदेश भर में हुए भारी नुकसान के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष में 5100-5100 रुपये का चैक भेंट किया।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां बताया कि राजस्थान सरकार ने हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश, बाढ़ एवं भूस्खलन से आई आपदा से निपटने के लिए प्रदेश सरकार को 15 करोड़ रुपये की सहायता राशि आपदा राहत कोष के लिए प्रदान की है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सहायता राशि प्रदान करने के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सहायता राशि आपदा की इस घड़ी में प्रभावितों को मदद प्रदान करने में कारगर साबित होगी। उन्होंने स्वयंसेवी संस्थाओं एवं आम जनता से इस कोष में उदारतापूर्वक अंशदान का आग्रह किया है ताकि प्रभावितों को अधिक से अधिक सहायता प्रदान की जा सके।
शिमला के बालूगंज में शिव मंदिर हादसे में अविनाश नेगी के निधन पर युवा सद्भावना मिशन हिमाचल प्रदेश के राज्य अध्यक्ष संजय नेगी एवं संयोजक प्रदेश समन्वयक डीपीई संघ हिमाचल प्रदेश ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश ने एक होनहार युवक को खोया है। वे प्रदेश के अच्छे क्रिकेटर होने के साथ योग्य शारीरिक शिक्षक भी रहे थे। उनका इन सभी क्षेत्रों में योगदान अतुल्य है। इस दुख की घड़ी में वे सभी ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं एवं शोकयुक्त परिवार को इस दुख की घड़ी में ईश्वर शक्ति प्रदान करे यही कामना करते हैं।
मेरा गांव, मेरा देश हो नशा मुक्त अभियान के अंतर्गत राजकीय बहुतकनीकी पांवटा साहिब धौलाकुआं में मेरा गांव, मेरा देश एक सहारा संस्था द्वारा जागरूकता अभियान चलाया गया जिसमें छठी भारतीय रिजर्व बटालियन धौलाकुआं से इंस्पेक्टर परवीन ठाकुर व हेड कांस्टेबल अर्जुन,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संजीव शर्मा व मेरा गांव मेरा देश एक सहारा संस्था के संचालक अनुराग गुप्ता, पुष्पा खंडूजा व नीरज बंसल ने बच्चों को नशें से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे जागरूक किया। मेरा गांव मेरा देश एक सहारा संस्था के द्वारा मेरा गांव मेरा देश हो नशा मुक्त अभियान चलाया जा रहा है जिसके अंतर्गत राजकीय बहुतकनीकी पांवटा साहिब धौलाकुआं में जागरूकता अभियान चलाया गया जिसमें संस्था के संचालक अनुराग गुप्ता ने व पुष्पा खंडूजा ने में बच्चों को नशे से होने वाले दुष्प्रभावो के बारे में बताया साथ ही छठी भारतीय रिजर्व बटालियन से आए इंस्पेक्टर प्रवीण ठाकुर ने बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों, मोटर व्हीकल एक्ट अधिनियम ,साइबर अपराध आदि के बारे में जागरूक किया उन्होंने बताया कि नशा एक ऐसी लत है जो एक बार हो जाए तो उससे बाहर निकलना बहुत ही मुश्किल है इसलिए से नो टू ड्रग्स। नशे के कारण व्यक्ति अपराधिक मामलों में उलझ जाता है तथा आज के समय में 20 में से 15 आपराधिक मामले नशे के कारण हो रहे हैं। इसलिए यह समय आप घर से बाहर पढ़ाई करने के लिए आए हैं तो इसमें आप लोग अपना ध्यान पढ़ाई में लगाएं तथा जो लोग आपको नशा करने के लिए उकसा रहे हैं, उनकी शिकायत पुलिस को करें। मेरा गांव मेरा देश एक सहारा संस्था के संचालकों ने पॉलिटेक्निक के छात्रों को संस्था का हेल्पलाइन नंबर 97364 02006 भी उपलब्ध करवाया तथा कहा कि अगर बच्चों को किसी भी तरह की कोई भी समस्या आ रही है तो वह बेझिझक होकर संस्था के संचालकों से बात कर सकते है. संस्था के द्वारा जरूरतमंद बच्चों के लिए खुशियों का सहारा योजना चलाई गई है जिसमें बच्चों को पढ़ाई लिखाई संबंधित ज़रूरत का सामान संस्था के द्वारा निशुल्क उपलब्ध करवाया जा रहा है। मेरा गांव, मेरा देश हो हराभरा मुहिम भी चलाई राजकीय बहुतकनीकी पांवटा साहिब धौलाकुआं में मेरा गांव मेरा देश एक सहारा संस्था द्वारा 6वीं भारतीय रिजर्व बटालियन के इंस्पेक्टर परवीन ठाकुर, हेड कांस्टेबल अर्जुन प्रिंसिपल वी के चौधरी, कॉलेज लेक्चरर सचिन, राजीव वर्मा व अन्य स्टाफ राम चंद, डीएलएसए से संजीव के साथ मिलकर पौधरोपण भी किया गया। तथा मेरा गांव मेरा देश हो हरा-भरा मुहिम भी चलाई गई है जिसमें संस्था के द्वारा अभी तक लगभग 1500 पौध का रोपण करवाया जा चुका है।
लोक निर्माण मंत्री ने की प्रदेश में जारी सड़कों के बहाली कार्यों की समीक्षा लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह की अध्यक्षता में गत दिवस यहां प्रदेश में भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों की बहाली के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी कार्यों की समीक्षा के लिए एक वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। इसमें विभाग के सभी जोन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में भारी बरसात से सड़कों को बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि अभी तक प्रदेश में 600 से अधिक सड़क मार्ग बाधित हैं और इन्हें खोलने के लिए दैनिक आधार पर तय लक्ष्यों के अनुरूप कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आगामी तीन दिनों में लगभग 550 सड़कों की बहाली का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि तय समय अवधि में यह सड़कें बहाल करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य करें। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि वे साप्ताहिक आधार पर सभी चार जोन की बारी-बारी से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक करेंगे। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई भारी बारिश से सड़कों को बड़े स्तर पर हुए नुकसान का एक कारण समुचित ड्रेनेज सुविधा का अभाव भी रहा है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में सभी सड़कों पर ड्रेनेज, क्रॉस ड्रेनेज सहित बाधित कलवर्ट खोलने को प्राथमिकता प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि इस बारे में मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप विभाग पूरी गंभीरता से कार्य सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से अतिरिक्त मशीनरी की खरीद के लिए 30 करोड़ रुपये विभाग को उपलब्ध करवाए गए हैं और इसकी खरीद की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण की जाए। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने आवश्यकता के अनुसार किराए पर भी मशीनरी लगाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि मंडी जिला में मंडी-कमांद-कटौला सड़क, पंडोह-चैलचौक-सुन्दरनगर सड़क पर यातायात सुचारू कर दिया गया है। कुल्लू जिला के लिए पंडोह से कैंचीमोड़ तक बीबीएमबी के सहयोग से सड़क निर्मित करने का कार्य जारी है और यहां से शीघ्र ही यातायात बहाल कर दिया जाएगा। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि कुल्लू घाटी को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण सड़क मार्ग की निरन्तर निगरानी सुनिश्चित की जाए और यहां पर्याप्त मशीनरी एवं स्टाफ की तैनाती रखी जाए। कुल्लू से मनाली की तरफ वामतट सड़क मार्ग सभी वाहनों के लिए खोल दिया गया है। लोक निर्माण मंत्री ने कांगड़ा जिला के जयसिंहपुर, भवारना तथा नगरोटा मंडल में क्षतिग्रस्त सड़कों की शीघ्र बहाली के भी निर्देश दिए। उन्होंने सोलन जिला के चक्की मोड़ में बार-बार मलबा गिरने के दृष्टिगत वैकल्पिक सम्पर्क मार्गों की बहाली एवं रख-रखाव पर विशेष ध्यान केन्द्रित करने को भी कहा। शिमला जिला के सेब बहुल क्षेत्रों में अधिकांश सड़कें 22 अगस्त तक बहाल करने के निर्देश भी दिए। इससे पूर्व लोक निर्माण मंत्री ने सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों के साथ भी एक बैठक की, जिसमें संगठन के तहत आने वाली सड़कों के उचित रख-रखाव पर चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि बीआरओ के तहत किन्नौर तक सड़क यातायात सुचारू है। इसके अतिरिक्त मनाली-सरचू सड़क मार्ग के लिए केन्द्र से 48 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाने का आग्रह किया गया है। लोक निर्माण मंत्री ने सीमा सड़क संगठन से आग्रह किया कि किन्नौर के लिए पुराने हिन्दुस्तान-तिब्बत मार्ग सहित चार वैकल्पिक मार्गों पर भी कार्य करें ताकि सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस जिला से वर्षभर सड़क सम्पर्क कायम रखा जा सके। बैठक में प्रधान सचिव लोक निर्माण विभाग भरत खेड़ा, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियन्ता अजय गुप्ता, सीमा सड़क संगठन के कर्नल विशाल गुलेरिया सहित अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक के उपरान्त पत्रकार वार्ता में लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि वर्तमान में हिमाचल एक बड़ी आपदा के दौर से गुजर रहा है और इसमें लोक निर्माण विभाग को अभी तक लगभग 2,600 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रयासों से लोक निर्माण विभाग को सड़कों की बहाली के लिए मंडल स्तर तक पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-3 के अंतर्गत प्रदेश द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को स्वीकृति प्राप्त होने के उपरान्त लगभग 2,683 किलोमीटर लम्बी ग्रामीण सड़कों के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए बरसात के बाद युद्ध स्तर पर कार्य आरम्भ किया जाएगा तथा विभाग का प्रयास रहेगा कि यह कार्य ग्लोबल टेंडर के माध्यम से सम्पन्न किए जाएं। इससे कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित होने के साथ ही अत्याधुनिक तकनीक का भी समावेश किया जा सकेगा।
केंद्र सरकार ने सीर खड्ड परियोजना को स्वीकृति प्रदान कर मंजूर की राशि केंद्र सरकार ने बिलासपुर के घुमारवीं तहसील के तहत सीर खड्ड परियोजना को स्वीकृति प्रदान करते हुए 195.49 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने प्रदेश की महत्वपूर्ण तटीकरण परियोजना तलवाड़ा से बल्ह घाट के मध्य सीर खड्ड तटीकरण को स्वीकृत प्रदान कर दी है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि जल शक्ति विभाग लंबे अरसे से इसके तटीकरण के लिए केंद्र सरकार से वित्तीय अप्रूवल प्राप्त करने के प्रयास कर रहा था। विभाग ने इसके लिए केंद्र को डीपीआर भेजी थी जिसे केंद्रीय जल मंत्रालय ने स्वीकृति दी है। इससे अब सीर खड्ड का तटीकरण संभव हो पाएगा। सीर खड्ड में पानी के उफान से होने वाले नुकसान से लोगों को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि इससे पहले प्रदेश सरकार ने केंद्र से कांगड़ा जिला की महत्वाकांक्षी फिना सिंह परियोजना के लिए 639 करोड़ रुपये की राशि मंजूर करवाई है। वहीं, जिला ऊना की ब्यास नदी में मिलने वाली स्वां नदी और सहायक खड्डों के तटीकरण के लिए 339 करोड़ रुपये की परियोजना को भी केंद्र सरकार से स्वीकृति प्राप्त करने में सफलता पाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने जवाली की फूंफा नहर के तटीकरण के लिए भी डीपीआर को तैयार करके केंद्र सरकार को स्वीकृति के लिए भेजी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ के चलते जल शक्ति विभाग की परियोजनाओं को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। विभाग की परियोजनाओं को 2 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। रिपेयर और रिस्टोरेशन के लिए विभाग ने 300 करोड़ रुपये जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से भी प्रदेश की मदद के लिए गुहार लगाई जा रही है।
कहा- युद्ध स्तर पर चला है क्षतिग्रस्त सड़कों, पेयजल योजनाओं की मरम्मत का कार्य नगरोटा के प्रभावितों को नियमित तौर पर भेजी जा रही है खाद्य सामग्री पर्यटन निगम के अध्यक्ष कैबिनेट रैंक आरएस बाली ने कहा कि आपदा प्रभावितों के पुनर्वास के लिए सरकार हरसंभव कदम उठाएगी। शुक्रवार को कांगड़ा में अपने निवास स्थान पर आपदा प्रभावितों की समस्याएं सुनने के उपरांत कहा कि नगरोटा विस क्षेत्र में बारिश से क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों तथा पेयजल योजनाओं की मरम्मत कार्य तेज गति से करने के निर्देश अधिकारियों केा दिए गए हैं, ताकि लोगों को किसी भी तरह की असुविधा नहीं हो। आरएस बाली ने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रबंधन को लेकर पूरी तरह से सतर्क है तथा लोगों की सुरक्षा के लिए उपयुक्त कदम उठा रही है। आरएस बाली ने कहा कि नगरोटा में आपदा से प्रभावित लोगों को प्रतिदिन खाने की सामग्री पहुंचाई जा रही है ताकि उन्हें किसी भी तरह की दिक्कत नहीं हो। उन्होंने कहा कि नगरोटा विकास खंड में आपदा प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा के तहत 45 सूचीबद्व पुनरुद्धार कार्यों के राशि स्वीकृत करने का प्रावधान किया गया है। मानसून सीजन में भारी बारिश के कारण आपदा आने पर सरकार ने पंचायतों-गांवों में अधिक से अधिक पुनरुद्धार कार्य मनरेगा के तहत करने के निर्देश दिए गए थे ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को पुन: विकसित किया जा सके। उन्होंने कहा कि आपदा से जुड़े मनरेगा कार्यों के लिए ग्राम सभा के प्रस्ताव की आवश्यकता नहीं है। इसके लिए खंड विकास अधिकारी कार्यालय में सीधे आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला में आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में राहत तथा पुनर्वास के लिए तत्परता के साथ कार्य किया जा रहा है तथा सभी विकास खंड अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ग्रामीण स्तर पर पुनरूद्वार कार्यों के लिए पंचायत स्तर पर सभी को जागरूक करें ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभांवित किया जा नगरोटा बगवां विधानसभा में आपदा से प्रभावित क्षेत्र नगरोटा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सेराठाना, मसल, गुड़भ, जलोट, भराना, लूना, रीड़ी, सद्दू, डढखर, खावा, मसल रानीताल और जमुला इलाकों के रोड़ बरसात के कारण भूस्खलन के चलते बंद हो गए थे। जिनमें से अधिकतर को खुलवा लिया गया है। रीड़ी, जमुला, और सद्दू मार्ग अभी भी बंद है जिन्हें खुलवाने के लिए कार्य चल रहा है। बाग गुलेड़ बस्ती में प्रभावितों को दिलाई फौरी राहत बाग गुलेड़ स्थित धीमान बस्ती में लैंडस्लाइडिंग के कारण अनेक मकानों को भारी क्षति हुई है अधिकारियों के साथ मिलकर पर्यटन निगम के अध्यक्ष आर.एस बाली ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों द्वारा रिपोर्ट बनाकर उन्हें फौरी राहत राशि उपलब्ध करवाई गई। ऐरला पंचायत और निहार्गलू पंचायत में भी मकानों को क्षति हुई है जिनका अधिकारियों ने निरीक्षण किया।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में आपदाओं से होने वाली क्षति को न्यून करने के लिए योजनाबद्ध कार्य कर रही है। डॉ. शांडिल आज सोलन जिला के कंडाघाट उपमंडल के साधुपुल बाजार में भारी वर्षा के कारण हुए नुकसान का जायज़ा ले रहे थे। उन्होंने कहा कि आवश्यकतानुसार अश्वनी खड्ड का तटीकरण भी सुनिश्चित बनाया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस विषय में स्वीकृति के लिए मामला उच्च स्तर पर भेजने के निर्देश दिए। डॉ. शांडिल ने कहा कि हिमाचल की भौगोलिक परिस्थिति के दृष्टिगत आपदाओं को न्यून करने के लिए कुछ अधोसंरचनात्मक बदलाव किए जाने आवश्यक हंै। इस दिशा में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सतत् क्रियाशील हैं। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि आपदा से निपटने के लिए एकजुट रहें। स्वास्थ्य मंत्री ने साधुपुल बाजार में सिंकिंग जोन (धंस रहे क्षेत्र) का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि साधुपुल के बाजार का हिस्सा और सड़क धंस रही है। उन्होंने क्षेत्र की सुरक्षा के लिए लोक निर्माण विभाग को शीघ्र आकलन तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह जरूरी कार्य के लिए ही वर्षा के मौसम में घर से बाहर निकलें। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय लोगों की समस्याएं भी सुनी। स्थानीय लोगों ने अवगत करवाया कि साधुपुल क्षेत्र में कई जगह अश्वनी खड्ड अपना रास्ता बदल रही है जिस कारण यहां का बाजार लगभग एक मीटर तक धंस गया है। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव रमेश ठाकुर, खण्ड कांग्रेस समिति सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, उपमंडलाधिकारी कंडाघाट सिद्धार्थ आचार्य सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
सोलन जिला में आमजन की सुविधा के लिए सरकारी व निजी बैंकों सहित विभिन्न डाकघरों, खंड विकास अधिकारी कार्यालयों और चिन्हित सामान्य सेवा केन्द्रों में 70 आधार केंद्र कार्य कर रहे हैं। यह जानकारी आज यहां अतिरिक्त उपायुक्त अजय यादव ने दी। अजय यादव ने कहा कि आधार से संबंधित कोई भी कार्य इन 70 आधार केन्द्रों में जाकर करवाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह 70 केंद्र ज़िला के सभी 5 उपमंडलों में आमजन की सुविधा के लिए स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी केंद्र स्थाई रूप से कार्यरत हैं। अतिरिक्त उपायुक्त ने लोगों से आग्रह किया कि आधार से सम्बन्धित विभिन्न सुविधाओं का लाभ इन केंद्रों पर उठाएं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास निगम की कार्य प्रणाली को ऑनलाइन किया जाएगा। डॉ. शांडिल आज निगम की कार्य प्रणाली का निरीक्षण करने के उपरांत हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास निगम के उच्च अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। डॉ. शांडिल ने कहा कि पात्र वर्गों की सुविधा के लिए शीघ्र ही हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास निगम की कार्य प्रणाली को ऑनलाइन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निगम की वेबसाइट पर शीघ्र ही पात्र वर्ग ऑनलाईन कार्य कर सकेंगे। उन्होंने निगम की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। डॉ. शांडिल ने कहा कि निगम द्वारा प्रदत्त ऋणों के विषय में 'वन टाईम सेटलमेंटÓ पर सभी पक्षों से विचार-विमर्श के उपरांत उचित निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि निगम को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने के संबंध में विचार करना चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि वर्तमान आपदा के समय में सभी को सचेत रहकर अन्य की सहायता करने के लिए तत्पर रहना होगा। निगम की प्रबंध निदेशक सोनाक्षी सिंह तोमर ने निगम की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
कहा- नई सड़क परियोजनाओं की निगरानी के लिए गठित करेंगे कमेटी मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बनने वाली सभी सड़कों में ड्रेनेज और क्रॉस ड्रेनेज बनाना अनिवार्य किया जाएगा। इसकी निगरानी के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी और निगरानी टीमें भी बनाई जाएंगी। राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री ने उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रेनेज और क्रॉस ड्रेनेज न होने के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि जिन सड़कों में निर्माण के समय ड्रेनेज नहीं होगी, उन्हें पास भी नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण के समय ही गुणवत्तापूर्ण कार्य से सड़कों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने प्रदेश में भारी बारिश के कारण हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट लेकर अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाधित सड़कों को 24 घंटे कार्य कर बहाल किया जाए। जिला मंडी में बाधित प्रमुख सड़कों को खोलने के लिए अतिरिक्त कार्य बल और मशीनरी की आवश्यकता है। कुल्लू में नदी किनारों पर पानी से भूमि कटाव को रोकने के लिए वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव ओंकार शर्मा, भरत खेड़ा व देवेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सीएम बोले प्रदेश में 10 हजार करोड़ से भी अधिक का नुकसान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि प्रदेश में भारी बारिश से हुए नुकसान के दृष्टिगत राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश को 'प्राकृतिक आपदा प्रभावित क्षेत्रÓ घोषित किया है। उन्होंने कहा कि विगत दिनों से जारी भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं से प्रदेश में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। राज्य में पेयजल, विद्युत आपूर्ति व्यवस्था व सड़कों सहित अन्य संसाधनों को भी भारी क्षति पहुंची है। अभी तक राज्य में 12 हजार से अधिक घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और 330 लोगों की बहुमूल्य जान चली गई हैं। प्रदेश में अभी तक 10 हजार करोड़ रुपये से भी अधिक का नुकसान आंका गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कृषि और बागवानी को भी भारी नुकसान हुआ है। राज्य में संचार व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। राज्य में जन-जीवन अस्त-व्यस्त हुआ है और व्यावसायिक गतिविधियां भी आपदा से अछूती नहीं रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में लोगों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। खतरे के दृष्टिगत बहुत से लोगों को उनके घरों से सुरक्षित निकालकर दूसरे स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रदेश सरकार राहत, बचाव एवं पुनर्वास के लिए युद्ध स्तर पर कार्य कर रही है। आपदा प्रभावितों को हरसंभव मदद सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि मौसम के अनुकूल होने पर संबंधित जिलों और विभागों द्वारा संपत्ति, पशुधन, आधारभूत संरचना और अन्य नुकसान का आकलन कर पुनर्निर्माण और उपयुक्त कार्रवाई के लिए प्रदेश सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज यहां राज भवन से राज्य रेडक्रॉस की ओर से कुल्लू, हमीरपुर और कांगड़ा ज़िला की रेडक्रॉस शाखाओं के लिए तीन राहत सामग्री वाहनों को रवाना किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा के समय राज्य रेडक्रॉस प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि राहत सामग्री में कंबल, तिरपाल, टेंट तथा स्वच्छता किट इत्यादि शामिल है। उन्होंने कहा कि इस संकट की घड़ी में समस्त प्रदेश की जनता प्रभावितों के साथ है और उन्हें राहत पहुंचाने के लिए एकजुट प्रयास कर रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों से प्रभावितों की सहायता के लिए अधिक से अधिक योगदान करने का भी आग्रह किया। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा भी उपस्थित थे।
पावंटा-शिलाई राजमार्ग के स्थाई समाधान को कच्ची ढांक में पुल निर्माण की घोषणा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज सिरमौर जिला के तीन विधानसभा क्षेत्रों पावंटा साहिब, शिलाई तथा नाहन के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और प्रभावित लोगों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि इस बार की बरसात प्रदेश के हजारों परिवारों को गहरे घाव दे गई है और प्रदेश सरकार प्रभावितों की हरसंभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने बादल फटने की घटना, बाढ़ व भूस्खलन के कारण प्रभावित विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर वहां हुई क्षति का जायज़ा लिया। मुख्यमंत्री ने शिलाई विधानसभा क्षेत्र के अंबौण में गत दिनों भारी बाढ़ की चपेट में आए 22 मकानों के प्रभावित प्रत्येक परिवार को एक-एक लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों की फसलें खराब हुई हैं, प्रदेश सरकार उन्हें भी उपयुक्त मुआवज़ा प्रदान करेगी। बरसात में अपने आशियाने तथा खेत-खलियान पूरी तरह से खो चुके परिवारों के पुनर्वास को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में व्यापक चर्चा के उपरांत एक नीति बनाई जाएगी ताकि सरकार अपने संसाधनों से ही प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था कर सके। उन्होंने कहा कि पावंटा-शिलाई राष्ट्रीय राजमार्ग के कच्ची ढांक में एक बड़े पुल का निर्माण किया जाएगा जिससे राजमार्ग पर बार-बार मलबा गिरने से यातायात बाधित होने की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित हो सकेगा। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि अभी तक प्रदेश में निजी व सरकारी संपत्ति को लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है और इसकी भरपाई में समय लगेगा। उन्होंने दोहराया कि प्रदेश सरकार संकट की इस घड़ी में प्रत्येक प्रभावित के साथ है। उन्होंने आश्वस्त किया कि क्षतिग्रस्त घरों के लिए मुआवज़े के साथ ही जिन मकानों में सिल्ट आई है, उन्हें भी आर्थिक मदद उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि पशुधन की मौत पर बढ़े हुए मुआवज़े का भी प्रावधान किया गया है। आपदा में अपने परिवार को खो चुके विनोद कुमार को सांत्वना देने मुख्यमंत्री उनके घर पहुंचे। सिरमौरी ताल में आई भयंकर बाढ़ के कारण विनोद का परिवार मकान सहित दब गया था और इसमें 5 लोगों की मौत हो गई थी। उन्होंने विनोद कुमार व अन्य परिजनों को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता के चेक भी प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने राहत शिविर में पहुंचकर सिरमौरी ताल में बेघर हुए 17 परिवारों से भी संवाद किया और प्रशासन को इन परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री नाहन विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र कंडईवाला भी पहुंचे। इस क्षेत्र में लगभग डेढ़ किलोमीटर क्षेत्र बादल फटने के कारण आई बाढ़ से प्रभावित हुआ है जिसमें मकानों समेत लोगों की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग को सड़क के दोनों ओर से मलबा तुरंत हटाने तथा सड़क में कलवर्ट और नालियां बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री बाढ़ में बहने से मृत्यु को प्राप्त इमरान तथा बिंदरो देवी के परिजनों से भी मिले और दोनों के परिवारों को 3.75 लाख रुपये प्रत्येक के चेक प्रदान किए। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि सिरमौर जिला में प्राकृतिक आपदा से अभी तक कुल 372 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसमें 21 लोग काल का ग्रास बने और 22 लोग घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि 40 मकान मलबे में दबकर तबाह हो गए जबकि 35 पशुधन की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि बहाली कार्यों के लिए लोक निर्माण, विद्युत व जल शक्ति विभाग को लगभग 10 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई है। उन्होंने जिला के लिए उदारतापूर्वक धनराशि उपलब्ध करवाने तथा राहत व बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया। इस अवसर पर विधायक विनय कुमार, अजय सोलंकी व सुखराम चौधरी, पूर्व विधायक किरनेश जंग, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आनंद परमार, कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता रूपेन्द्र ठाकुर, मंडल अध्यक्ष सीताराम, अश्वनी शर्मा, ज्ञान चौहान तथा तपेंदर चौहान, निदेशक राज्य सहकारी बैंक भारत भूषण मोहिल, निदेशक जोगेंद्रा बैंक असगर अली, खाद्य एवं आपूर्ति निदेशक मंडल की सदस्य नसीमा बेगम, उपायुक्त सुमित खिमटा, पुलिस अधीक्षक रमन कुमार मीणा, पंचायती राज संस्थानों के चुने हुए प्रतिनिधि, कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी व विभिन्न विभागों के अधिकारियों सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहे।
अतिरिक्त उपायुक्त भरमौर नवीन तंवर की अध्यक्षता में उत्तरी भारत की प्रसिद्ध श्री मणिमहेश यात्रा को लेकर उप मंडल स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन लघु सचिवालय पट्टी के सभागार में किया गया। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त ने विभिन्न विभागों द्वारा श्री मणिमहेश यात्रा को लेकर की जा रही व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को यात्रा के सफल आयोजन के लिए सभी आवश्यक प्रबंधों का तय सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क मार्गो, बेहतर पेयजल, विद्युत आपूर्ति और शौचालयों की उचित व्यवस्था को सुनिश्चित बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए की यात्रा से संबंधित तैयारियों के उचित प्रबंधों को जल्द से जल्द अमलीजामा पहनाया जाए। उन्होंने विद्युत व्यवस्था की समीक्षा करते हुए हडसर से डल झील तक बिजली व्यवस्था का उचित प्रबंध बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को जल्द से जल्द मणिमहेश यात्रा में पैदल चलने वाले पोर्टेबल पुलों को लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने होली से तियारी कलाह के पैदल रास्ते को भी तैयार करने को कहा । उपमंडल अधिकारी नागरिक भरमौर कुलबीर सिंह राणा ने बैठक का संचालन किया और श्री मणिमहेश यात्रा की जा रही व्यवस्थाओं का भी ब्यौरा रखा। बैठक में सहायक निदेशक पशुपालन विभाग डॉ. राकेश भंगालिया ,खंड विकास अधिकारी अनिल गुराडा , सहायक अभियंता जल शक्ति विभाग विवेक चंदेल, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग विशाल चौधरी, कनिष्ठ अभियंता विद्युत विभाग केवल सिंह, पुलिस निरीक्षक हरनाम सिंह सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे ।
लॉरेट फार्मेसी संस्थान कथोग में शुक्रवार को ने सद्भावना दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के प्राचार्य डॉ. एमएस आशावत ने दीप प्रज्जवलित करके किया। डॉ.आशावत ने बताया पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी के जन्मदिवस की वर्षगांठ पर सद्भावना दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिवस का आयोजन सभी धर्मों के बीच सामुदायिक समरसता राष्ट्रीय एकता शांति प्यार और लगाव को लोगों में बढ़ावा देने के लिए किया जाता है। डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ सीपी एस वर्मा ने छात्रों को सम्बोधित करते हुआ कहा इस दिन देश में सभी राज्यों में सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है तथा हरियाली, पर्यावरण और प्रकृति को बचाने का संकल्प लिया जाता है। इस दिन पेड़-पौधे, पौधरोपण करके हरियाली, प्रकृति और पर्यावरण के प्रति आभार प्रकट करते हुए उसकी सुरक्षा करके सदभावना दिवस मनाते हैं। इस कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और सभा के सामने अपने विचारों को रखा। इस अवसर प्रो. शम्मी जिंदल, डॉ. परवीन, डॉ. संजय, डॉ. अदिति कौशिक, प्रो निशांत गौतम, डॉ. स्वाति, सहायक प्रो वंदना तथा अन्य स्टाफ के सदस्य मौजूद रहे।
उपायुक्त कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने जयसिंहपुर उपमंडल की ग्राम पंचायत द्रमण, अपर ठेहडू और देहरू का दौरा किया और बारिश से हुए नुकसान का जायजा लिया। पालमपुर-जयसिंहपुर एनएच के हुए नुकसान का निरीक्षण किया। वहीं ग्राम पंचायत देहरू के 15 परिवारों के घरों को बारिश से नुकसान हुआ है तथा प्रशासन ने उनको रिलीफ कैंप (राजकीय प्राथमिक स्कूल देहरू) में ठहराया है। इस दौरान विधायक जयसिंहपुर यादविंद्र गोमा, एसपी कांगड़ा शालिनी अग्निहोत्री, कार्यकारी एसडीएम जयसिंहपुर अभिषेक भास्कर, बीडीओ लंबागांब सिकंदर कुमार, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विजय वर्मा, जल शक्ति, राजस्व विभाग के अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि व ग्रामीण उपस्थित रहे।
विधानसभा इंदौरा के विधायक मलिंदर राजन शुक्रवार को बाढ़ ग्रस्त एरिया से राहत शिविरों में पहुंचाए गए लोगों से मिले।मंड क्षेत्र के लोगों को राहत व बचाव दल ने रेस्क्यू कर राधा स्वामी सत्संग आश्रम बडूखर में रखा था जहां करीब 215 लोग रह रहे हैं।इसके अलावा मुख्यमंत्री लोक भवन में भी गुज्जर समुदाय के परिवार रह रहे हैं। विधायक मलिंदर राजन ने बडूखर स्थित राधा स्वामी सत्संग आश्रम के राहत शिविर में व्यवस्थाएं जांची व प्रशासन को पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद मुहैया करवाने के लिए निर्देश दिए। ज्ञात रहे यहां की खाने पीने की व्यवस्था से लेकर रहने की तमाम जिम्मेदारी आश्रम के लोग बखूबी निभा रहे हैं। इस दौरान बाढ़ पीड़ित लोगों ने विधायक के सामने अपनी आपबीती सुनाई कि किस प्रकार हर 5 -10 साल बाद उनके आशियाने इस तरह से आने वाली बाढ़ से हमेशा ढहते आए हैं उन्हें कब इस डर के साए से छुटकारा मिलेगा। स्थिति पहले से थोड़ा बेहतर हुई है लेकिन अभी भी अनिश्चितता के बादल इन लोगों की जिंदगी पर मंडरा रहे हैं। लोगों को अब यह डर सता रहा है कि जैसे ही वह अपने-अपने घरों को लौटेंगे तो क्या कुछ घरों में बचा होगा या सब कुछ बाढ़ की चपेट में आकर बह चुका होगा। भी निशाना
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मंडी संसदीय क्षेत्र में भारी बारिश व बाढ़ से हुए नुकसान से सड़कों की जल्द मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग के केंद्रीय जोन को अतिरिक्त धन उपलब्ध करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि मंडी से कुल्लू, मनाली व लाहौल-स्पीति के बीच राष्ट्रीय राज मार्ग को बहाल करने के लिये राष्ट्रीय राज मार्ग प्राधिकरण को अतिरिक्त मशीनरी लगाने को भी कहा जाना चाहिए। प्रतिभा सिंह ने मुख्यमंत्री से कहा है कि जब तक पंडोह से कैंची मोड़ मार्ग जो पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। जब तक दुरस्त नहीं होता तब तक बजौरा, कोटला, कटिंडी व चैलचोक गोहर पंडोह को मार्ग पर एक योजनाबद्ध तरीके से माल वाहक वाहनों के लिये प्रयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सेब बहुल क्षेत्रों में सड़कों की बहाली सबसे बड़ी चुनौती है जिसे समय रहते पार पाना हैं। उन्होंने कहा है कि अगर मंडी-कुल्लू सड़क जल्द बहाल नहीं होती तो इससे इस क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, खाद्यान्न की भारी कमी के साथ यहां के फलों व सब्जियों की ढुलाई पर भी विपरीत असर पड़ सकता हैं। उन्होंने कहा कि इसी मार्ग से सेना की रसद भी जाती है इसलिए इसे जल्द से जल्द बहाल करने के हर संभव प्रयास किये जाने चाहिए।
इस आपदा के समय में प्रदेश सरकार को केंद्र से मदद भी चाहिए और साथ में आलोचना भी करेंगे यह उचित नहीं लगता। मोदी सरकार तो लगातार मदद कर रही है। सरकार को आपसी सहयोग से इस आपदा के समय में काम करना चाहिए और आलोचना से बचना चाहिए। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल ने शुक्रवार को हमीरपुर से जारी एक ब्यान में यह बात कही है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करना केंद्र सरकार का निर्णय होता है। यह निर्णय तय नियमों के आधार पर होता है। राष्ट्रीय आपदा घोषित करने के लिए नियम भी 2008 में केंद्र सत्तासीन कांग्रेस की यूपीए सरकार ने बनाये थे। इसलिए यह दो सरकारों के बीच का मामला है। प्रदेश सरकार ने यदि मांग उठाई है तो केंद्र सरकार नियमों के तहत जो उचित समझेगी वह करेगी। पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले वर्ष 2000 में भी सतलुज त्रासदी प्रदेश में हुई थी। बहुत नुकसान हो गया था । उस समय भी केंद्र की ओर से एयरपोर्ट के हेलीकॉप्टर प्रदेश में राहत कार्यों के लिए दिए गए थे। और नियमों के तहत जो आपदा राशि बनती थी वही प्रदेश को केंद्र से मिली थी। क्योंकि आपदा के लिए नियमों के तहत तय निश्चित राशि ही मिलती है। और केंद्र से एक टीम आकर प्रदेश में असेसमेंट करती है करती है कि कितना नुकसान हुआ है फिर टीम उस आंकलन के आधार पर सिफारिश करती है जिसके आधार पर केंद्र सरकार निर्णय लेती है। पूर्व मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि जिस प्रकार मोदी सरकार ने प्रदेश की मदद की है आगे भी पूरी मदद होगी। अभी तक प्रदेश सरकार को केंद्र में बहुत मदद भेजी है और आगे भी केंद्र सरकार प्रदेश को पूरी मदद भेजेगी। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अभी हाल ही में केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी का सड़कों, नेशनल हाइवे और फोरलेन के नुकसान के लिए दौरा हुआ था तब उन्होंने शीघ्र मदद का पूरा भरोसा भी दिलाया था और उन सबको ठीक करने का काम भी शुरू हो गया है। इसी प्रकार अभी केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने भी हिमाचल प्रदेश को 264& करोड रुपए मंजूर किए हैं। इससे भी प्रदेश की 254 सड़कों को अपग्रेड करने के लिए, बनाने के लिए मदद मिलेगी जिनमें अभी तक दिक्कत आ रही थी। प्रदेश सरकार को केंद्र से मिलकर काम करना चाहिए सहयोग करना चाहिए और आलोचना से बचना चाहिए।
सीपीएस ने पालमपुर में वर्षा प्रभावित क्षेत्र का किया दौरा मुख्य संसदीय सचिव शहरी विकास एवं शिक्षा आशीष बुटेल ने भारी वर्षा से पालमपुर विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत हुए नुकसान का जायजा लिया सीपीएस ने शुक्रवार को पालमपुर निर्वाचन क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोठी पहाड़ा के बोदल गांव का दौर कर नुकसान का निरीक्षण किया। अधिकारियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे आशीष बुटेल ने प्रभावित सभी लोगों को शीघ्र सहायता उपलब्ध करवाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भारी वर्षा से प्रदेश में जान माल की बहुत हानि हुई है। उन्होंने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा के समय प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने लोगों को राहत पहुंचाने और पुर्नवास के कार्यों को युद्ध स्तर पर संचालित करवाकर स्वयं हर जगह को दौरा किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मंत्री और विधायक भी लगातार ग्राउंड ज़ीरो पर डटकर अपने अपने क्षेत्र में राहत कार्यों को देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि संकट और आपदा की विकट घड़ी में प्रदेश सरकार आम लोगों के साथ है। उन्होंने कहा कि भारी वर्षा से पालमपुर में भी सड़को, पेयजल योजनाओं, भवनों और विजली योजनाओं को नुकशान हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अधिकारी और कर्मचारी कर्मठता से कार्य कर रहे हैं और बिजली, पानी और सड़कों को बहाल करने में कार्य युद्धस्तर पर किया गया है। सीपीएस ने बोदल गांव में वर्षा कारण जो लोगों के घरों को नुकशान हुआ है ऐसे परिवारों से भेंट कर हर सम्भव सहायता का भरोसा दिलाया। उन्होंने अधिकारियों के साथ इलाके की सड़कों, पेयजल और बिजली योजनाओं का भी निरीक्षण किया और विभागों को शीघ्र इन्हें सुचारू करने के आदेश दिए।
खिलाड़ियों ने बैडमिंटन, चेस व वॉलीबाल में रनरअप का खिताब किया अपने नाम मिनर्वा स्कूल घुमारवीं के खिलाड़ी छात्रों ने अंडर-14 खंड स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। स्कूल प्रबंधन द्वारा खिलाड़ी छात्रों के प्रदर्शन करने पर उन्हें एक सादे समारोह में सम्मानित किया। पाठशाला प्रधानाचार्य प्रवेश चंदेल ने जानकारी देते हुए बताया कि अंडर 14 खंड स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में स्कूल के खिलाड़ी छात्रों ने वॉलीबॉल, बैडमिंटन व चेस में रनरअप का किताब अपने नाम कर स्कूल का नाम रोशन किया है। उन्होंने बताया कि विक्रम भारद्वाज, तनिष भाटिया, दक्ष का चयन वॉलीबॉल, नैतिक भारद्वाज, अक्षत का चयन बैडमिंटन, आद्यंत, पुष्कल ठाकुर का चयन चेस व वैभव का चयन कबड्डी प्रतियोगिता के लिए हुआ है। इसके अलावा खेलकूद प्रतियोगिता में विक्रम भारद्वाज, वैदिक शर्मा, नमन शर्मा, नवजीत सिंह, अनिरुद्ध ठाकुर, नितिन शर्मा, लक्ष्य शर्मा, नैतिक भारद्वाज, गौरीश, चेतन, तनिष्क भाटिया, कार्तिक, पदम विभूषण, सौर्य कौंडल, शौर्य शर्मा, वरुण गौतम, आयुष राणा, अंशुल गौतम, शिवम ठाकुर, आद्यंत सिंह, बालादित्य, अभिनव, करण ने भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि उम्मीद है बच्चे जिला स्तर की प्रतियोगिता में भी बेहतरीन प्रदर्शन कर अपना तथा स्कूल का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने सभी खिलाड़ी छात्रों को इसके लिए बधाई दी। प्रवेश चंदेल ने कहा कि स्कूल में बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद व अन्य गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाता है। उन्होंने सभी छात्रों से खेलकूद प्रतियोगिता अन्य गतिविधियों में भाग लेने के लिए आवाहन किया। प्रवेश चंदेल ने कहा कि खेलों में भाग लेने से बच्चों का शारीरिक मानसिक व बौद्धिक विकास होता है। पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद प्रतियोगिता जीवन का अभिन्न हिस्सा है इसमें बच्चों को बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। उन्होंने शारीरिक शिक्षक व अन्य स्टाफ को इस प्रदर्शन पर बधाई दी।
कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के सांसद किशन कपूर ने कहा कि वर्ष 2014 में भारत में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद भारत ने नए आयाम स्थापित किए हैं। शुक्रवार को धर्मशाला में प्रेसवार्ता के दौरान सांसद किशन कपूर ने कहा कि भारत को पहले गरीब देेश कहा जाता था, लेकिन अब देश ने गरीबी पर नियंत्रण पाया है। वर्तमान में भारत विश्व की 5वीं अर्थव्यवस्था बन गया है। कपूर ने कहा कि पठानकोट-मंडी और मटौर-शिमला का फोरलेन का काम जोरों पर चल रहा है। चंबा में नेशनल हाईवे का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। चंबा आकांशी जिला में आता है, लेकिन वर्तमान में चंबा विकासशील जिला में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। कपूर ने कहा कि उन्होंने सांसद निधि से 6.80 करोड़ कांगड़ा और 2 करोड़ रुपये जिला चंबा को दिए हैं। सांसद ने कहा कि वह 23 दिन तक बीमारी के चलते एम्स में एडमिट थे। लेकिन वह फोन के माध्यम से हर अपडेट लेते रहते थे। कपूर ने कहा कि कांगड़ा में बरसात से हुए नुकसान को लेकर उनकी डीसी कांगड़ा से बातचीत होती रही है।
राजकीय महाविद्यालय ढलियारा परिसर में शुक्रवार को एनसीसी के माध्यम से 'मेरी माटी, मेरा देश' कार्यक्रम के अंतर्गत पौधरोपण किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्रचार्या डॉक्टर अंजू चौहान ने एनसीसी कैडेट्स को पर्यावरण संरक्षण के प्रति शपथ दिलवाई। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण में ही अच्छे जीवन की आशा की जा सकती है। इस अवसर पर एनसीसी अधिकारी राजीव ठाकुर ने कहा कि एनसीसी पर्यावरण संरक्षण में वचनबद्ध है प्लास्टिक रोकने पौधारोपण सहित पर्यावरण संरक्षण के हर कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स बढ़-चढ़कर भाग लें। इस अवसर पर वरिष्ठ आचार्य डॉक्टर स्वदिप सूद, प्रो. कंचन रनौत भी उपस्थित थे।
उपायुक्त कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने आज सुलह विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत गिरथोली के वार्ड नंबर 5 में बारिश से हुए नुकसान का जायजा लिया। इस दौरान अध्यक्ष राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक संजय चौहान,एसपी कांगड़ा शालिनी अग्निहोत्री, एसडीएम पालमपुर डॉ. अमित गुलेरिया, बीडीओ सुलह योगिंदर कुमार, तहसीलदार पालमपुर सार्थक शर्मा, लोक निर्माण, जल शक्ति विभाग के अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि व गांववासी उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश पुलिस पिछले कुछ समय से यातायात नियमों को लागू करने के लिए आधुनिक उपकरण खरीद रही है। प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों और राज्य राजमार्गों पर विभिन्न स्थानों पर कुल 49 आईटीएमएस स्थापित किए गए हैं। जिसके चलते यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के करीब 28223 चालान काटे गए हैं। पीओएस मशीनों और एंड्रॉइड फोन के माध्यम से 425522 ई-चालान भी जारी किए गए। उल्लंघनकर्ताओं द्वारा लगभग 25 फीसदी चालान का भुगतान ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया जा रहा है। हिमाचल पुलिस ने एल्को सेंसर, बॉडी वॉर्न कैमरा, लेजर स्पीड गन और कई आधुनिक उपकरण खरीदे हैं और इसका उपयोग यातायात पुलिस कर्मियों द्वारा दैनिक आधार पर किया जा रहा है। जिसके कई सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और चालू वर्ष के अंत तक यातायात दुर्घटनाओं में कमी आई है और दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या में भी कमी आई है। हिमाचल प्रदेश पुलिस प्रदेश में हो रही सड़क वाहन दुर्घटनाओं को लेकर संवेदनशील है। इस वर्ष 1 जनवरी से 14 जुलाई की अवधि के दौरान पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं में 8 फीसदी, सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों में 14 फीसदी और संबंधित चोटों में 18त्न की कमी आई है। सड़क सुरक्षा में विभिन्न एजेंसियों द्वारा सामूहिक प्रयास और टीम वर्क का होना आवशयक है, जिसका लक्ष्य एक ही है, यानी कि सड़कों पर जीवन बचाना। इस संबंध में, पुलिस, परिवहन विभाग और नागरिक निकाय जैसी कानून प्रवर्तन एजेंसियां हमारे शहरों मे पैदल यात्रियों के साथ-साथ वाहनों के लिए सुरक्षित बनाने की दिशा में कार्य करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों को विश्व स्तर पर एक गंभीर सार्वजनिक खतरा माना जाता है और यह हमारे देश में बहुत गंभीर चिंता का विषय है। सड़क यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा से जुड़े हम सभी लोगों के लिए यह वास्तव में एक चिंताजनक स्थिति है। सड़क सुरक्षा बढ़ाने और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के प्रयास में, हिमाचल प्रदेश पुलिस और राज्य परिवहन विभाग पूरे हिमाचल प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं और मौतों को कम करने के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार करने के लिए एक साथ आए। इसका उद्देश्य हिमाचल और पूरे देश में पहाड़ी सड़कों पर सुरक्षित ड्राइविंग की संस्कृति को बढ़ावा देना है। हिमाचल प्रदेश सड़क सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में दृढ़ कदम उठा रहा है, ये उपाय सड़कों पर जीवन की सुरक्षा में सार्थक बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं। बढ़ती दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए हिमाचल प्रदेश पुलिस को सड़क सुरक्षा निधि के तहत 7.34 करोड़ रुपये मिले। परिवहन निदेशक, हिमाचल प्रदेश, शिमला ने हिमाचल प्रदेश पुलिस को 7,34,51,931 रुपये की राशि सड़क सुरक्षा निधि से जारी की है जिनका उपयोग यातायात उपकरणों की खरीद, बीजरी और हमीरपुर में ट्रैफिक लाइट की स्थापना और कीरतपुर-मनाली फोरलेन के लिए यातायात नियमन एवं बचाव उपकरण उपलब्ध कराने हेतु किया जाएगा। इस फंड का उपयोग सड़क सुरक्षा को मजबूत करने, सड़क सुरक्षा उपायों और गतिविधियों के कार्यान्वयन के लिए किया जाएगा। निम्नलिखित आधुनिक उपकरणों की खरीद के बाद, हिमाचल प्रदेश पुलिस 2030 तक सड़क यातायात में होने वाली मौतों और चोटों को कम से कम 50 फीसदी रोकने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के साथ संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा अपने प्रस्ताव पर निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रयास करेगी। खरीदे जाने वाले उपकरण और उनकी मात्रा इस प्रकार है: हार्डवेयर/सॉफ्टवेयर के साथ पूरी तरह सुसज्जित इंटरसेप्टर वाहन (इलेक्ट्रिक) (3), ट्रैफिक पेट्रोलिंग वाहन (इलेक्ट्रिक) (3), मोटर साइकिल (350 सीसी) (3), आईटीएमएस (18) , डिफेंडर ब्लड सील ब्लड (136), लेजर स्पीड गन (3), ब्रीथ एल्को एनालाइजर (56), पुराने एल्को सेंसर की मरम्मत कैलिब्रेशन (50), एल्को सेंसर के लिए अतिरिक्त पाइप और प्रिंटिंग के लिए पेपर रोल, वाहन सक्रिय गति प्रणाली (25) ), ट्रैफिक के लिए कंप्यूटर (7), प्रिंटर (7), ऑफलाइन यूपीएस (15), ट्रैफिक कोन (1150), रिफ्लेक्टिव जैकेट (वेस्ट) (250), रिफ्लेक्टिव जैकेट फुल-स्लीव्स (90), रिफ्लेक्टिव जैकेट हाफ-स्लीव्स ( 90), विंटर पार्का जैकेट (50), कोलैप्सिबल रोड बैरिकेड्स (100), इंटरलॉकिंग बैरिकेड्स (50), बैरिकेड्स (60) रिफ्लेक्टिव बैटन (250), सिम फॉर आईआरएडी (431), एलईडी बैटन (30), स्ट्रेचर और रस्सियाँ ( 12)। हमने सड़क सुरक्षा के लिए कुशल और प्रभावी प्रवर्तन करने के लिए सिद्ध तरीकों और प्रौद्योगिकी का उपयोग करने की योजना बनाई है। उपरोक्त उपकरणों की खरीद के बाद हिमाचल प्रदेश में सड़क सुरक्षा रणनीतियों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। यह सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है कि प्रभावी प्रवर्तन और सड़क सुरक्षा जागरूकता के माध्यम से वाहनों और पैदल चलने वालों की बढ़ती आबादी के बावजूद सड़क दुर्घटनाओं में कमी आए।
प्रशासन की ओर ग्रामीण राजस्व अधिकारी ने किया गांव का दौरा भारी बरसात के कारण हो रहा नुकसान थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार बारिश से लोगों की निजी संपत्ति को हुये नुकसान के कारण लोग बेघर हो रहे हैं। इसी कड़ी में कसौली तहसील के तहत आने वाली ग्राम पंचायत कोट बेजा के बनोई गांव में गुरुवार को देर शाम हुई भारी बारिश से गांव के करीब सात मकानों में दरारें पड़ गई हैं। लोगों ने अपने घर खाली कर सामान शिफ्ट कर आसपास शरण ले ली है। बारिश के कारण पूरे गांव को खतरा उत्पन्न हो गया है। पूरे गांव में दरारें देखी जा सकती हंै। बनोई गांव के ऊपर से जा रही सड़क में भी दरारें आ गई हैं। फलस्वरूप गांव को खतरा पैदा हो गया है। लोगों को अपने परिवार की चिंता सता रही है। शुक्रवार को प्रशासन की ओर से ग्रामीण राजस्व अधिकारी कोट बेजा नीरज कुमार ने गांव का दौरा किया व पीड़ित परिवारों से बातचीत की। ग्रामीण राजस्व अधिकारी ने बताया कि बनोई गांव के गीता राम, रविंदर, प्रेम सिंह, कृष्ण दत्त, बेलीराम, रूपराम, सुंदर सिंह के मकानों में बारिश के कारण मकानों में दरारें आ गई हैं। उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवारों को तरपाल लेने के लिए रसीदे दे दी गई हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि सोलन ज़िला में अब तक 556 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान आंका गया है। प्रदेश में 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने का आकलन है। डॉ. शांडिल ने आज चगांव से हिन्नर संपर्क मार्ग को लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत निर्मित करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कल्याणा स्थित सामुदायिक भवन के निर्माण कार्य के लिए आरंभिक तौर पर 3 लाख रुपये स्वीकृत किए। उन्होंने महिला मंडल कल्याणा को सामान क्रय करने के लिए 25 हजार रुपये स्वीकृत किए। उन्होंने ग्राम पंचायत हिन्नर में खेल मैदान के निर्माण के लिए 15 लाख रुपये स्वीकृत किए। उन्होंने संबन्धित अधिकारियों को टिकरी घलेच क्षेत्र के समीप गिरि नदी पर फुटब्रिज निर्माण के लिए सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए। डॉ. शांडिल ने क्षेत्र में गिरि नदी से उठाऊ सिंचाई योजना तैयार करने के सम्बन्धित विभाग को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस योजना से क्षेत्र के 15 गांव को जोड़ा जाएगा। उन्होंने क्षेत्र के 6 गांव को 33 के.वी. विद्युत परियोजना से जोड़ने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर जोगिन्द्रा सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव रमेश ठाकुर, प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव राहुल ठाकुर, खण्ड कांग्रेस समिति सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, नगर निगर सोलन के मनोनीत पार्षद रजत थापा, शहरी कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष अंकुश सूद, रोगी कल्याण समिति के सदस्य विनीश धीर, वरिष्ठ कांग्रेस नेता पलक राम कश्यप एवं जितेन्द्र ठाकुर, अजय कंवर, ग्राम पंचायत नौणी के प्रधान मदन हिमाचली, ग्राम पंचायत हिन्नर के प्रधान अनिल शर्मा, उप प्रधान नरदेव कश्यप, ग्राम पंचायत रहेड़ के उप प्रधान विकास ठाकुर, बीडीसी सदस्य मनीष ठाकुर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गौड़ा की प्रधानाचार्य संतोष कुमारी, ग्राम पंचायत हिन्नर के पूर्व उप प्रधान हरबंस चैहान, उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट सिद्धार्थ आचार्य, खण्ड विकास अधिकारी कण्डाघाट नरेश शर्मा सहित अन्य विभागों के अधिकारी व गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा की नवगठित विधायक संघ के अध्यक्ष एवं शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया और नाहन के विधायक अजय सोलंकी ने केंद्र सरकार से प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के कारण हुई भारी जान-माल की क्षति के दृष्टिगत इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है। पिछले 56 दिनों के दौरान भारी बारिश, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन की इस त्रासदी में प्रदेश में अब तक 330 से अधिक लोगों की मृत्यु हो गई हैं, इसके अलावा 38 लोग अभी भी लापता हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर 113 भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं और प्रदेश को लगभग 10 हज़ार करोड़ रुपये से अधिक की क्षति हुई है। उन्होंने कहा कि ऑडिट आपत्तियों के कारण पिछले कुछ वर्षों से केंद्र सरकार के पास लंबित 315 करोड़ रुपये की राहत राशि में से केंद्र ने 189 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इसके अतिरिक्त राज्य आपदा राहत निधि (एसडीआरएफ) के तहत राज्य को प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रति वर्ष दो किस्तों में कुल 360 करोड़ रुपये की राशि जारी की जाती है। केंद्र सरकार ने इसमें से 180 करोड़ रुपये की पहली किस्त जून माह में तथा दिसंबर माह में मिलने वाली 180 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त राज्य को अग्रिम रूप से जारी कर दी है। इस 360 करोड़ रुपये की राशि पर हिमाचल प्रदेश का हक है, जो सभी राज्यों को प्रदान की जाती है और इसके अलावा केंद्र की ओर से अलग से कोई वित्तीय सहायता जारी नहीं की गई है। इस प्रकार राज्य को अब तक 549 करोड़ रुपये की राशि के रूप में केंद्र सरकार के पास लंबित राज्य का उचित हिस्सा मिला है। भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं पर कटाक्ष करते हुए विधायकों ने कहा कि भाजपा के शीर्ष नेता हिमाचल को अपना दूसरा घर कहते नहीं थकते हैं बाजवूद इसके प्रदेश के सौतेला व्यहार कहां तक सही है। उन्होंने कहा कि यह नेता अपने संबोधनों में हिमाचल के व्यंजनों का 'सेपू बड़ी, चंबा का 'मदराÓ, सिड्डू का जिक्र करते थे पर जब प्रदेश पर विपदा की स्थिति आई तो मदद के लिए हाथ बढ़ाने के बजाए ये नेता ओछी राजनीति कर रहे हैं। राज्य में आपदा को 'राष्ट्रीय आपदाÓ घोषित करने में हो रहे विलंब से प्रदेश के लोगों की पीड़ा और अधिक बढ़ रही है। विधायकों ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू लोगों का दुख-दर्द साझा करने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं तथा आर्थिक तंगी के बावजूद प्रभावित परिवारों को हरसंभव राहत राशि प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर जीवन और सार्वजनिक तथा निजी संपत्ति दोनों को हुए भारी नुकसान के मद्देनजर राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है, लेकिन भाजपा का ढुलमुल रुख सामने आया है। नेताओं ने राज्य के लोगों को असहाय स्थिति में छोड़ दिया है। पठानिया और सोलंकी दोनों ने टिप्पणी की, कि राज्य के भाजपा नेता भी जरूरत की इस घड़ी में सहयोग करने के बजाय सकारात्मक छाप छोड़ने में विफल रहे। उन्होंने कहा कि राज्य के लोग 2024 में लोकसभा चुनाव से काफी पहले उनकी शरारतों को समझने के लिए काफी समझदार थे। इसके बजाय उन्हें राज्य के सर्वोत्तम हित में मुख्यमंत्री के साथ दिल्ली जाना चाहिए था और अपने केंद्रीय नेतृत्व से विशेष राहत पैकेज की मांग करनी चाहिए थी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से आई आपदा से निपटने के लिए प्रदेश सरकार को 11 करोड़ रुपये की सहायता राशि आपदा राहत कोष के लिए प्रदान की है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रभावितों को मदद प्रदान करने में यह सहायता कारगर साबित होगी। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के कारण प्रदेश में दस हजार करोड़ रुपये से भी अधिक का नुकसान हुआ है। राज्य सरकार युद्ध स्तर पर राहत एवं पुनर्वास कार्य चला रही है। उन्होंने प्रदेश की खुले मन से मदद करने वाले सभी अंशदाताओं का भी आभार व्यक्त किया।
जल्द ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू से करेंगे मुलाकात हाटी विकास मंच के पदाधिकारियों ने अध्यक्ष प्रदीप सिंह सिंगटा, मुख्य प्रवक्ता डॉ. रमेश सिंगटा की अगुवाई में शिमला में राजभवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से मुलाकात की। उन्होंने राज्यपाल का आभार जताया और उन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन सौंपा इस ज्ञापन में हाटी समुदाय की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष आभार जताया गया है। उन्होंने कहा कि हाटी मसले को तार्किक अंत तक सीधे चढ़ाने में राजभवन की बड़ी भूमिका रही है। अब जल्द ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात होगी। राज्यपाल ने कहा कि जैसे ही केंद्र से आदेश आएगा वैसे ही इसे क्रियान्वित करने के निर्देश जारी किए जाएंगे। शुक्ल ने कहा कि सिरमौर के गिरीपार के लोगों को अब अपनी पुरातन संस्कृति का बेहतर तरीके से संरक्षण और संवर्धन करना चाहिए उन्होंने यह भी कहा कि उत्सवों और त्यौहारों के मौके पर अपनी पारंपरिक वेशभूषा जरूर पहने और अपने पूर्वजों और उनकी समृद्ध संस्कृति को ना भूले। प्रधानमंत्री और राज्यपाल को भेजे ज्ञापन में कहा गया है कि करीब छह दशक के लंबे तर्कपूर्ण, तथ्य पूर्ण और शांतिपूर्ण संघर्ष के बाद माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति का औपचारिक दर्जा दे दिया है। सुदीर्घ सांस्कृतिक परंपरा को संजो कर रखने वाले हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा देने में बहुत से पक्षों का सहयोग मिला है। महामहिम राज्यपाल ने हाटी समुदाय को अपना मार्गदर्शन और अपना स्नेह प्रदान किया। राज्यपाल के ही प्रयासों का ही नतीजा रहा कि राज्यसभा में अनुसूचित जनजाति संशोधन विधेयक पारित हो सका। हाटी विकास मंच ने जनजाति अधिकार दिलाने के लिए राजभवन में कई बार भेंट की थी और इस दौरान राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ल जी आशीर्वाद हाटी समुदाय को मिला था। हम विनीत शब्दों में महामहिम राज्यपाल का कोटिश कोटिश आभार व्यक्त करते हैं। हाटी समुदाय दृढ़ विश्वास करता है कि निकट भविष्य में भी महामहिम राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल जी का अमूल्य मार्गदर्शन मिलता रहेगा। वहीं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी हाटी समुदाय की ओर से आभार ज्ञापन सौंपा गया। इस प्रतिनिधिमंडल में हाटी विकास मंच के अध्यक्ष प्रदीप सिंह सिंगटा, मुख्य प्रवक्ता डॉक्टर रमेश सिंगटा, लीगल एडवाइजर बीएन भारद्वाज, मीडिया प्रभारी रविंद्र जस्टा, मुकेश ठाकुर, पवन शर्मा, सुरेंद्रा ठाकुर, सोलन हाटी यूनिट से राजेन्द्र छाजटा, विवेक तोमर, प्रदीप अजटा, अंकित शर्मा, रिसर्च स्कॉलर विपिन, कपिल कपूर, वीरेंद्र सिंह आदि हाटी समुदाय के लोग उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में बनने वाली सभी सड़कों में ड्रेनेज और क्रॉस ड्रेनेज बनाना अनिवार्य किया जाएगा। इसकी निगरानी के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी और निगरानी टीमें भी गठित की जाएंगी। वह वीरवार को देर सायं यहां आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रेनेज और क्रॉस ड्रेनेज न होने के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि जिन सड़कों में निर्माण के समय ड्रेनेज नहीं होगी, उन्हें पास भी नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण के समय ही गुणवत्तापूर्ण कार्य से सड़कों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने प्रदेश में भारी बारिश के कारण हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट लेकर अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाधित सड़कों को 24 घंटे कार्य कर बहाल किया जाए। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग को भूस्खलन से क्षतिग्रस्त सड़कों को खोलने के लिए भारी मशीनरी और उपकरणों का उपयोग सुनिश्चित करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि जिला मंडी में बाधित प्रमुख सड़कों को खोलने के लिए अतिरिक्त कार्य बल और मशीनरी की आवश्यकता है। सड़कें पहाड़ की जीवन रेखाएं हैं और इन्हें सुचारू बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल्लू में नदी किनारों पर पानी से भूमि कटाव को रोकने के लिए वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके दृष्टिगत राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग को दूरगामी उपाय करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की (एसडीआरएफ) कंपनियों को दो-दो क्रेन उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है, इससे आपदा प्रबंधन और बचाव कार्यों को तीव्रता से करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि सभी जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों को ड्रोन भी उपलब्ध करवाए जाएंगे, इससे मैपिंग व निगरानी के साथ-साथ आपदा के समय लोगों को सामान व चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी। बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव ओंकार शर्मा, भरत खेड़ा व देवेश कुमार, विभिन्न विभागों के सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
प्रदेश युवा कांग्रेस ने प्राकृतिक आपदा से गुजर रहे प्रदेश में रात-दिन राहत और बचाव कार्यों में प्रयासरत राज्य सरकार के मुखिया सुखविंदर सिंह सुक्खू का धन्यवाद किया है। पिछले 40 से अधिक दिनों से जिस तरह से मुख्यमंत्री खुद फ्रंट पर रहकर हर छोटी बड़ी हानि का खुद जायजा लेकर उस पर अधिकारियों के साथ मिल कर कार्य कर रहे हैं वह सराहनीय है। प्रदेश अध्यक्ष नेगी निगम भंडारी ने कहा कि मुख्यमंत्री देर रात अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत व बचाव कार्य पर समीक्षा करते हैं और अगले दिन आपदा ग्रसित स्थलों पर खुद जा कर लोगों के दुख साझा कर रहे हैं, उनका प्रदेश और प्रदेशवासियों के साथ दुख की इस घड़ी में घर के मुखिया की तरह साथ देना एक अनूठी मिसाल है। इसके लिये हम मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हैं और उन्हें आश्वस्त करते हैं कि उनके पद चिन्हों पर चलते हुए युवा कांग्रेस सरकार के द्वारा किए जा रहे राहत व बचाव कार्यों में कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रही है। नेगी निगम भंडारी ने केंद्र की मोदी सरकार से इस प्राकृतिक त्रासदी को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और दस हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो चुका है, बहुत से लोग लापता है और हजारों लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है, ऐसी परिस्थिति में बिना किसी राजनितिक भेदभाव के केंद्र सरकार इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वीरवार को जिला सिरमौर के शिलाई के रोनहाट में कार दुर्घटना में राजकीय महाविद्यालय रोनहाट के कार्यवाहक प्रधानाचार्य सहित तीन लोगों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और शोक संतप्त परिजनों को अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
सद्भावना दिवस के उपलक्ष्य पर आज यहां मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश सचिवालय शिमला के अधिकारियों और कर्मचारियों को भावनात्मक एकता व सद्भावना की शपथ दिलाई। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी का जन्म दिवस इस वर्ष भी 20 अगस्त को सद्भावना दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, विधायक केवल सिंह पठानिया, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार, मीडिया, नरेश चौहान मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरेट, प्रधान सचिव भरत खेड़ा और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
पूर्व आर्मी एसोसिएशन खुडियां के 100 पदाधिकारियों, जिनमें प्रमुख कर्नल एमएस राणा, कैप्टन कर्म सिंह, कैप्टन ओम प्रकाश, कैप्टन कश्मीर सिंह, केप्टन रमेश राणा, सब मेजर माधोराम, सूबेदार अमर सिंह, कैप्टन ध्यान सिंह, हवलदार रणजीत सिंह, हवलदार सुनील कुमार आदि ने प्रदेश में हो रही भयंकर आपदा को देखते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष में 60, 300 रुपये की राशि तहसीलदार खुडियां सुभाष कुमार के द्वारा चेक के माध्यम से इस राहत कोष में दी। इन सभी का कहना है कि पूर्व आर्मी एसोसिएशन खुडियां आपदा की इस घड़ी में प्रशासन तथा सरकार के बिल्कुल साथ खड़ी है तथा समाज सेवा व पीड़ित परिवार की सेवा में तत्परता से कार्य कर रही है तथा आगे भी सहयोग करती रहेगी।
नाराज जिला पटवार-कानूनगो संघ ने कहा- माफी मांगें विधायक, नहीं तो करेंगे एफआईआर मंडी जिले की नाचन विधानसभा क्षेत्र के प्रभावितों को तिरपाल न मिलने को लेकर विधायक विनोद कुमार पहले कानूनगो पर भड़के और उसके बाद एसडीएम बल्ह को जाकर जमकर खरी खोटी सुना डाली। अब यह मामला इतना बढ़ गया है कि एसडीएम और पटवार-कानूनगो संघ ने विधायक साहब से सरेआम माफी न मांगने पर एफआईआर दर्ज करने की चेतावनी दे डाली है। जिस कानूनगो को विधायक ने डांट लगाई वो मंडी जिला पटवार-कानूनगो संघ के अध्यक्ष दीनानाथ शर्मा हैं। दरअसल नाचन विधानसभा क्षेत्र के बृखमणी, रिफल और शाली के लोगों को तिरपाल देने के लिए बुलाया गया था। लेकिन बाद में उन्हें तिरपाल देने से मना कर दिया गया। लोगों ने इसकी शिकायत बीजेपी विधायक विनोद कुमार से कर दी। विधायक तुरंत कानूनगो कार्यालय पहुंचे और कानूनगो पर आग बबूला हो उठे। इसके बाद वे पहले तहसील कार्यालय बल्ह और उसके बाद एसडीएम बल्ह स्मृतिका नेगी के कार्यालय में पहुंचे और वहां पर भी जमकर भड़के। एसडीएम स्मृतिका नेगी इन दिनों गर्भवती हैं और बावजूद इसके प्रभावितों की मदद के लिए काम कर रही हैं। वो विधायक के रवैये को देखकर रो पड़ीं। विधायक विनोद कुमार के पेज पर यह सारा घटनाक्रम लाईव चलता रहा। मीडिया को दिए अपने बयान में विनोद कुमार ने कहा कि अगर लोगों को दो हजार के तिरपाल के लिए इतनी लड़ाई लड़नी पड़े तो फिर अधिकारी और कर्मचारियों को किस बात के लिए बैठाया गया है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-3 के तहत केंद्र सरकार ने हिमाचल के ग्रामीण क्षेत्रों की 254 सड़कों के उन्नयन को 2643.01 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इन सड़कों में जसवां-परागपुर के जिला परिषद वार्ड बणी की सत्तर के दशक में बनी दो सड़कें भी शामिल हैं। योजना के तहत चामुखा (कामलू) से बंगाणा (तुतड़ु) को 9 करोड़ चौदह लाख व कलोहा से लोहारी निचली (सलेटी) सड़क को 8 करोड़ छतीस लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। इन सड़कों के उन्नयन के लिए राशि मंजूर करने के लिए जिला अध्यक्ष अश्वनी ठाकुर, बीडीसी सदस्य सुदर्शन ठाकुर, परवीन धीमान, पिंकी प्रधान ग्राम पंचायत कोलापुर विपन कुमार, पीर सलुही संजीव कुमार, शांतला राहुल कुमार, पुननी जगत राम, अलोह निशा रानी, सरड रूप कुमार, कलोहा सुमन कुमारी, दोदूं राजपूता मुकेश कुमार उप प्रधान कूड़ना रणजीत सिंह पार्टी प्रमुख अरविंद परभाकर, राज कपूर, शशि शर्मा, भाग सिंह, तिलक राज,यश पाल, तीर्थ राम इत्यादि नेजसवां-परागपुर के विधायक बिक्रम सिंह व केंद्र के शीर्ष नेतृत्व का आभार प्रकट किया है।
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने गत सांय किन्नौर जिला के निचार उपमण्डल स्थित ग्रांगे में जनसमस्याएं सुनी और जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने प्राप्त हुई सभी उचित मांगों को चरणबद्ध तरीके से पूर्ण करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली हिमाचल सरकार पूरे प्रदेश सहित जनजातीय जिलों का हर एक क्षेत्र में विकास विकास पूर्ण तत्परता के साथ सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि जनजातीय जिला किन्नौर बागवानी बहुल जिला है तथा जिला में बागवानी को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए जिला के बागवानों को 50 करोड़ रुपये खर्च कर 2 लाख पौधे वितरित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त जिला के बागवानों को नवीन व विशेष तकनीकों से लैस करने के दृष्टिगत जिला में समय-समय पर विशेष बागवानी प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने जिला के किसानों से उच्च घनत्व वाली खेती करने को भी कहा। इस अवसर पर ग्राम विकास सोसायटी ग्रांगे द्वारा रंगा-रंग सांस्कृतिक प्रस्तुति भी प्रस्तुत की गई तथा राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए उन्हें 15 हजार रूपए प्रदान करने की घोषणा भी की। इसके उपरांत, मंत्री ने एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता भी की।
पर्यटन के ऑफ सीजन में जुलाई माह से बंद धर्मशाला-चंडीगढ़ हवाई सेवा पहली सितंबर से फिर शुरू होने जा रही है। इस फ्लाइट के शुरू होने से चंडीगढ़ और धर्मशाला के बीच हवाई सफर करने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी। इस फ्लाइट को एलायंस एयर विमानन कंपनी शुरू करेगी। सुबह 9.45 बजे गगल तो 10.55 बजे चंडीगढ़ से यह विमान उड़ान भरेगा। जानकारी के अनुसार धर्मशाला-चंडीगढ़ हवाई रूट पर एकमात्र सीधी उड़ान को जुलाई में बंद करने से इस रूट पर हवाई सफर करने वाले यात्रियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
राजधानी के समरहिल के शिव बावड़ी मंदिर में भूस्खलन के कारण मारे गए लोगों के शवों का मिलना जारी है। शवों को खोजने के लिए चलाए जा रहे अभियान के पांचवें दिन शुक्रवार को एक और बॉडी मिली है। इस घटना में मृतकों की संख्या अब 15 पहुंच गई है। शव घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूरी पर मिला है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस के जवान शव को मलबे से निकाल रहे हैं। बीते दिन वीरवार को विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं यूआईटी के पूर्व निदेशक प्रो. पीएल शर्मा का शव मिला। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ तथा पुलिस के जवानों को मंदिर से करीब पांच सौ मीटर दूर नाले में मिट्टी के नीचे यह शव मिला। इनकी पत्नी का शव पहले मिल चुका है और बेटा अभी लापता है। शव की पहचान उनके साले सुभाष ने हाथ में पहनी अंगूठी से की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए आईजीएमसी भेज दिया। पुलिस अधीक्षक संजय गांधी भी मौके पर पहुंचे और सर्च अभियान का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि घटना के बाद से परिजनों द्वारा पुलिस को दी सूचना के अनुसार 21 स्थानीय लोग लापता हैं। एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर नफीस खान ने बताया कि रोज सुबह साढ़े छह बजे से सर्च ऑपरेशन शुरू होता है, रात नौ बजे तक अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने भी मौके का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि लापता लोगों को खोजने का कार्य किया जा रहा है। भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए जवानों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। सर्च अभियान का स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिल भी जायजा लेते रहे। इसके साथ जो लोग लापता हैं उनके परिजन भी मौके पर डटे हुए हैं।
राजधानी शिमला के ओल्ड बस स्टैंड के पास शुक्रवार सुबह आग लगने की घटना सामने आई है। घटना सुबह करीब 10 बजे की है। बस स्टैंड के समीप पंचायत भवन में बनी डायरी की दुकान में आग लगी, जिसके बाद सूचना मिलते ही पुलिस बल और अग्निशमन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि डायरी शॉप मालिक ने दुकान खोली तो उसके आधे घंटे बाद आग की घटना सामने आई। आग लगने के बाद बस स्टैंड में अफरा तफरी मच गई। राम बाजार के सभी लोग पंचायत भवन के पास आ गए और पानी की बाल्टियों से आग पर काबू पाया। दुकान का सारा सामान नष्ट हो गया है। गनीमत रही की साथ लगती दुकानों तक आग नहीं पहुंची, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
उपमंडल देहरा के अंतर्गत नकेड़ खड्ड में पुलिस थाना देहरा की टीम ने गश्त के दौरान एक आल्टो कार नंबर एचपी 39 7176 से 84 बोतल देसी शराब की बोतल बरामद की है। गाड़ी में दो व्यक्ति बैठे थे, जिनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपितों की पहचान भूपेंद्र सिंह पुत्र भगवान दास गांव चकुंडी डाकघर पाइसा, हिमांशु पुत्र चंद्रकांत गांव व डाकघर देहरियां, तहसील ज्वालामुखी के रूप में हुई। मामले की पुष्टि करते हुए थाना प्रभारी देहरा संदीप पठानिया ने बताया पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज यहां बताया कि केन्द्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई-3) के बैच-1 के तहत वर्ष 2023-24 के लिए ग्रामीण क्षेत्रों की 254 सड़कों के उन्नयन को 2643.01 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। उन्होंने इसके लिए केन्द्र सरकार और विशेष तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह तथा केंद्र के समक्ष हिमाचल के हितों की पैरवी करने पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चरण-3 में स्वीकृत इस राशि से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों की 254 सड़कों के विस्तारीकरण एवं उन्नयन के कार्य किए जायेंगे, जिनकी कुल लम्बाई लगभग 2683 किलोमीटर है। उन्होंने कहा कि स्वीकृत राशि में केन्द्र का भाग 2372.59 करोड़ रुपये होगा जबकि राज्य का भाग 270.42 करोड़ रुपये है। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश हित के मुद्दे केन्द्र सरकार के समक्ष जोरदार ढंग से उठा रही है। उन्होंने कहा कि गत दिनों उन्होंने स्वयं भी दो बार तथा लोकसभा सांसद एवं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह के साथ केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री से भेंट कर यह राशि शीघ्र स्वीकृत करने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर 12 जून, 2023 को आयोजित अधिकार प्राप्त समिति की बैठक में इस पर विचार किया गया। समिति की अनुशंसा एवं प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए अनुपालना प्रतिवेदन के आधार पर अब केन्द्रीय मंत्रालय ने अब इसे स्वीकृति प्रदान की है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि भारी बरसात के कारण प्रदेश में सड़क अधोसंरचना को सर्वाधिक नुकसान हुआ है। सभी मुख्य मार्गों को बहाल करने के लिए प्रदेश सरकार तथा लोक निर्माण विभाग युद्ध स्तर पर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तृतीय चरण के अंतर्गत ग्रामीण स्तर पर सड़कों के उन्नयन एवं सुधारीकरण में मदद मिलेगी।
आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए एक-एक लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज मंडी जिला के सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र में भारी बारिश से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने मतैहड़ी, बलद्वाड़ा तथा जुकैण क्षेत्र में पहुंचकर प्रभावित लोगों से संवाद किया और राज्य सरकार की ओर से उन्हें हर संभव मदद के प्रति आश्वस्त किया। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सार्वजनिक एवं निजी संपत्ति को हुए नुकसान के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए प्रभावित परिवारों को एक-एक लाख रुपये की राशि प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक आपदा से सीधे प्रभावित ग्राम पंचायत गैहरा के २३ प्रभावित परिवारों से भी संवाद किया और इनमें से प्रत्येक परिवार को एक-एक लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि विपदा की इस घड़ी में प्रदेश सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार को राहत प्रदान करने के लिए कृत संकल्प है। प्रभावित परिवारों को राहत शिविरों में रहने तथा अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने जिला प्रशासन को शिविरों में सर्वोत्तम सुविधाएं उपलब्ध करवाने के भी निर्देश दिए। सरकाघाट में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारी बारिश और भूस्खलन के कारण पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर तबाही हुई है। उन्होंने कहा कि आपदा से लगभग १०,००० करोड़ रुपये का अनुमानित नुकसान हुआ है। इन कठिन चुनौतियों के बावजूद प्रदेश सरकार उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग करके प्रभावित व्यक्तियों को मुआवज़ा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। आम लोगों की ज़रूरतों को प्राथमिकता देने की सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आपदा से प्रभावित परिवारों को उनके घरों के पुनर्निर्माण के लिए बढ़ा हुआ मुआवज़ा और वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि आपदा के कारण किसानों की फसल को हुई क्षति की भरपाई के लिए राहत नियमावली में संशोधन किया जाएगा। पत्रकारों के सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की अंतरिम राहत की पहली किस्त अभी लंबित है। उन्होंने कहा कि ऑडिट आपत्तियों के कारण पिछले कुछ वर्षों से केन्द्र सरकार के पास लंबित ३१५ करोड़ रुपये की राहत राशि में से केन्द्र ने १८९ करोड़ रुपये जारी किए हैं। इसके अतिरिक्त राज्य आपदा राहत निधि (एसडीआरएफ) के तहत राज्य को प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रति वर्ष दो किस्तों में कुल ३६० करोड़ रुपये की राशि जारी की जाती है। केंद्र सरकार ने इसमें से १८० करोड़ रुपये की पहली किस्त जून माह में तथा दिसंबर माह में मिलने वाली १८० करोड़ रुपये की दूसरी किस्त राज्य को अग्रिम रूप से जारी कर दी है। इस ३६० करोड़ रुपये की राशि पर हिमाचल प्रदेश का हक है, जो सभी राज्यों को प्रदान की जाती है और इसके अलावा केन्द्र की ओर से अलग से कोई वित्तीय सहायता जारी नहीं की गई है। इस अवसर पर विधायक चन्द्रशेखर, सुरेश कुमार व दिलीप ठाकुर, पूर्व विधायक कर्नल इंद्र सिंह और रंगीला राम राव, कांगड़ा सहकारी प्राथमिक कृषि और ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष राम चंद्र पठानिया, एपीएमसी मंडी के अध्यक्ष संजीव गुलेरिया, उपायुक्त अरिंदम चौधरी, पुलिस अधीक्षक सौम्या साम्बशिवन, अधिवक्ता विनय कानव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को राज्य के विभिन्न हिस्सों में लगातार बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुए राष्ट्रीय राजमार्गों की शीघ्र बहाली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव आज यहां राज्य के क्षतिग्रस्त राष्ट्रीय राजमार्गों की बहाली के संबंध में अद्यतन स्थिति पर एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मुख्य सचिव ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग के परवाणू-शिमला खंड पर परवाणू के पास चक्की मोड़ पर भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त सड़क को बहाल कर दिया गया है और भारी वाहनों सहित अन्य वाहनों की आवाजाही के लिए इसे खोल दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस राजमार्ग पर यातायात को कम करने के दृष्टिगत अंबाला और दिल्ली की ओर जाने वाले वाहन वैकल्पिक मार्ग कुमारहट्टी-नाहन का भी उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग के शिमला-बिलासपुर खंड पर नम्होल में सड़क पर से अवरोध को हटा दिया गया है और इसे वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। संबंधित अधिकारियों को सड़क के उचित रखरखाव के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों को पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर कोटरूपी में क्षतिग्रस्त खंड को बहाल करने तथा मंडी से मनाली के बीच, विशेष रूप से कैंची मोड़ पंडोह, 7 मील और पतलीकुहल से मनाली के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग को बहाल करने के लिए तत्काल कदम उठाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोटरोपी में सड़क बहाल होने तक यातायात कटिंडी-झटिंगरी-घटासनी सड़क से होकर परिवर्तित किया गया है। उन्होंने कहा कि बजौरा और मंडी के बीच वाहनों की सुचारू आवाजाही के लिए एक समय सारिणी बनाई गई है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को इन राष्ट्रीय राजमार्गों के वैकल्पिक मार्गों के रूप में उपयोग में लाई जा रही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को कुल्ल और लाहौल-स्पीति ज़िला के लिए पर्याप्त मात्रा में पैट्रोल और डीजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। प्रधान सचिव (पीडब्ल्यूडी), भरत खेड़ा, सचिव (बागवानी) सी. पॉलरासु, डीसी कुल्लू आशुतोष गर्ग, मुख्य अभियंता एचपीपीडब्ल्यूडी अजय गुप्ता, एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी अब्दुल बासित, विशेष सचिव (पीडब्ल्यूडी) हरबंस सिंह ब्रस्कॉन, अतिरिक्त उपायुक्त, मंडी निवेदिता नेगी, एनएचएआई के प्रतिनिधि और अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारी एवं कर्मचारी बैठक में उपस्थित थे।


















































