ऐसा करने वाला भारत पहला देश, यान ने मैसेज भेजा 'मैं अपनी मंजिल पर पहुंच गया' 23 अगस्त की शाम को चांद पर जैसे ही सूरज उगा, इसरो के चंद्रयान-3 ने उसके साउथ पोल पर लैंडिंग कर इतिहास रच दिया। इसी के साथ भारत चांद के दक्षिणी ध्रुव पर कामयाब लैंडिंग करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है। चंद्रयान-3 ने बुधवार शाम 5 बजकर 44 मिनट पर लैंडिंग प्रोसेस शुरू की। इसके बाद अगले 20 मिनट में चंद्रमा की अंतिम कक्षा से 25 किमी का सफर पूरा किया। शाम 6 बजकर 4 मिनट पर चंद्रयान-3 के लैंडर ने चांद पर पहला कदम रखा। ढ्ढस्क्रह्र के डायरेक्टर एस. सोमनाथ ने कहा- अगले 14 दिन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। प्रज्ञान रोवर को बाहर आने में एक दिन का समय भी लग सकता है। चांद पर पहुंचकर चंद्रयान-3 ने मैसेज भेजा- मैं अपनी मंजिल पर पहुंच गया हूं। चांद पर लैंडिग करने वाला भारत चौथा देश इस कामयाबी के साथ भारत चांद के किसी भी हिस्से में मिशन लैंड कराने वाला चौथा देश बन गया है। इससे पहले अमेरिका, सोवियत संघ और चीन ही ऐसा कर सके हैं।पीएम बोले- यह क्षण जीत के चंद्रपथ पर चलने का मेरे प्यारे परिवारजनों! जब हम अपनी आंखों के सामने ऐसा इतिहास बनते हुए देखते हैं तो गर्व होता है। ऐसी ऐतिहासिक घटनाएं राष्ट्र जीवन की चेतना बन जाती हैं। यह पल अविस्मरणीय है। यह क्षण अभूतपूर्व है। यह क्षण विकसित भारत के शंखनाद का है। यह क्षण नए भारत के जयघोष का है। यह क्षण मुश्किलों के महासागर को पार करने का है। यह क्षण जीत के चंद्रपथ पर चलने का है। वैज्ञानिकों को बधाई मोदी ने कहा, आज हम अंतरिक्ष में नए भारत की नई उड़ान के साक्षी बने हैं। हर घर में उत्सव शुरू हो गया है। हृदय से मैं भी अपने देशवासियों के साथ अपने परिवारजनों के साथ इस उमंग और उल्लास से जुड़ा हुआ हूं। मैं टीम चंद्रयान को, इसरो को और देश के सभी वैज्ञानिकों को जी-जान से बहुत-बहुत बधाई देता हूं। हमारे वैज्ञानिकों के परिश्रम से भारत उस दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचा है, जहां आज तक दुनिया का कोई भी देश नहीं पहुंच सका है।
कहा- प्रभावितों के लिए राहत शिविरों में हो समुचित व्यवस्था नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में पिछले 36 घंटे से प्रदेश भर में भारी बारिश हो रही है। जिससे प्रदेश में जान-माल को भारी नुक़सान हुआ है। इस मानसून में यह तीसरी बार है, जब बारिश के कारण प्रदेश में इतनी भारी तबाही हुई है। उन्होंने कहा कि इस बारिश में कई लोगों की दुखद मृत्यु हुई है। जयराम ठाकुर ने सभी मृतकों श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति और परिजनों को इस दु:ख की घड़ी में संबल देने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि इस आपदा में लोगों की मृत्यु हुई है, लोगों के जीवन के नुक़सान की कभी भरपाई नहीं की जा सकती हैं। कहा कि अभी ख़तरा टला नहीं हैं। मौसम विभाग ने अभी दो दिन और बरसात की संभावना जताई है। इसलिए लोग इस आपदा में बहुत एहतियात बरतें। अपना और अपने परिवार का ध्यान रखें। अनावश्यक यात्रा ना करें।उन्होंने लोगों से निवेदन किया कि किसी प्रकार से ख़तरे की जद में आन वाले घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं, जिससे किसी अनहोनी की आशंका से बचा जा सके। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि दस दिन के भीतर प्रदेश दूसरी बार आपदा की चपेट में हैं। सरकार से निवेदन हैं कि किसी भी प्रकार के संभावित ख़तरे के दायरे में आने वाले घरों को तुरंत ख़ाली करवा कर उनमें रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा जाए। ख़तरा बने पेड़ों को जल्दी से जल्दी काटा जाए। जिससे पेड़ों के गिरने होने वाले नुक़सान से बचा जा सके। नेता प्रतिपक्ष ने मांग की कि आपदा राहत शिविरों में सभी प्रकार की व्यवस्था की जाए, जिससे वहां रहने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सराज विस क्षेत्र में हुई मृत्यु पर जताया शोक सराज़ विधानसभा क्षेत्र में बारिश के कारण हुई अलग-अलग दुर्घटनाओं में छह लोगों की दुखद मृत्यु हुई है। मैं सभी मृतकों के आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता हूं। ईश्वर शोक संतृप्त परिवारों को इस असहनीय पीड़ा को सहन करने की शक्ति और संबल प्रदान करें।
करीब 3 साल से लगातार प्राचार्य के बिना चल रहे बाबा कांशी राम राजकीय महाविद्यालय डाडा सिबा को आखिरकार नए प्राचार्य मिल गए, जिससे यहां पढ़ने वाले तमाम छात्र-छात्राओं ने राहत की सांस ली है। उधर जसवां-परागपुर के रक्कड़ कॉलेज में भी प्राचार्य का पद लंबे अरसे से खाली चला हुआ था, वहां भी प्राचार्य की तैनाती हो गई है। कामगार एवं कर्मचारी कल्याण बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह मनकोटिया ने बताया कि इन दोनों कॉलेजों में प्राचार्य की मांग चिरकाल से चली आ रही थी, जिसे प्रदेश की भाजपा सरकार तो पूरी नहीं कर पाई, लेकिन प्रदेश मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार ने इसे पूरा कर दिखाया है। डाडा सीबा महाविद्यालय में आज प्राचार्य डॉक्टर चंदन भारद्वाज ने जॉइनिंग दे दी। इससे पहले वे जीसी कॉलेज हमीरपुर में अपनी सेवाएं दे रहे थे। डाडा सीबा महाविद्यालय में लंबे अरसे से प्राचार्य का पद खाली होने को लेकर कॉलेज प्रबंधक कमेटी, अभिभावक व छात्र प्रदेश सरकार, शिक्षा विभाग से बार-बार पद भरने की मांग करते आ रहे थे। कुछ दिन पूर्व कॉलेज मैनेजमेंट कमेटी ने यह मांग पूर्व कामगार एवं कर्मचारी कल्याण बोर्ड सुरेंद्र सिह मनकोटिया के समक्ष उठाई और सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार ने मंगलवार को प्राचार्य की तैनाती दे दी। डाडा सीबा महाविद्यालय के पीटीए प्रधान पिंकी देवी व कमेटी के सदस्यों अभिभावकों ने नई नियुक्तियों होने पर पूर्व कामगार एवं कर्मचारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष ठाकुर सुरेंदर सिंह मनकोटिया व मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार जताया है।
हिमाचल कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला ने कहा कि केंद्र सरकार हिमाचल में राष्ट्रीय आपदा घोषित करे और प्रदेश सरकार को तुरंत 10 हजार करोड़ की राहत राशि प्रदान की जाए। राजीव शुक्ला ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ से आग्रह किया कि वे संसद के दोनों सदनों में सभी सांसदों को पहाड़ी राज्य को सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि से बाहर राहत प्रदान करने की अनुमति दें। राजीव शुक्ला ने कहा कि केंद्र सरकार हिमाचल में हुई तबाही की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही है। प्रदेश ने अपने इतिहास में आज तक ऐसी आपदा कभी नहीं झेली है। राज्य में अब तक 330 लोगों की मौत हो चुकी है, 35 लापता हैं, जबकि 12 हजार घर तबाह हो गए हैं। शुक्ला ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि राज्य को 13 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। नेशनल हाईवे बह गए हैं। भारी बारिश के कारण पूरे हिमाचल के ऊपरी और निचले इलाकों को नुकसान हुआ है। पहाड़ी राज्य में 7 से 15 जुलाई के बीच, फिर 10 से 14 अगस्त के बीच और अब फिर से बारिश से तबाही हो रही है। 7 से 15 जुलाई के बीच प्रदेश सरकार ने 48 घंटों में 75 हजार पर्यटकों और 17 हजार गाड़ियों को सुरक्षित बाहर निकाला। केंद्र सरकार उत्तराखंड की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश को विशेष पैकेज प्रदान करे। अभी तक केंद्र सरकार ने हिमाचल को सिर्फ 200 करोड़ रुपये जारी किए हैं। राजीव शुक्ला ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा सभापति से भी आग्रह करूंगा कि वे सांसदों को अपने सांसद विकास निधि से हिमाचल प्रदेश सरकार को राहत कोष में दान देने की अनुमति दें। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू दिल्ली का दौरा कर पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को प्रदेश में हुए नुकसान से अवगत भी करवा चुके हैं। इसलिए केंद्र सरकार जल्द से जल्द हिमाचल को 10 हजार करोड़ की राहत राशि जारी करे।
भारतीय जनता पार्टी जिला सोलन के अध्यक्ष रतन सिंंह पाल ने शीर्ष नेतृत्व से चर्चा के उपरांत जिला सोलन के पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों की घोषणा कर दी है। इसमें नंदराम कश्यप (सोलन) रमेश ठाकुर (अर्की), अमर संधू (दून), सुनीता रोहाल (सोलन), उपेंद्र शर्मा (कसौली), योगेश्वर सिंह (नालागढ़) तथा हीरानंद शर्मा (कसौली) को जिला उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं, बलवीर ठाकुर (दून) तथा भरत साहनी (सोलन) को महामंत्री बनाया गया है। राकेश गौतम (अर्की), श्रवण चंदेल (नालागढ़), धमेंद्र ठाकुर, सोलन जिला कार्यालय प्रभारी, कमलेश पवार (अर्की), सुनील कश्यप (कसौली) तथा गुरमेल चौधरी (दून) को सचिव नियुक्त किया गया है। लक्ष्मी ठाकुर (सोलन) को कोषाध्यक्ष, संजीव मोहन (सोलन) को मीडिया प्रभारी, इंद्रपाल शर्मा (अर्की) को सह मीडिया प्रभारी व शैलेेंद्र गुप्ता को प्रवक्ता बनाया गया है। इस के अलावा खेमचंद ठाकुर (दून), सुरेश कुमार (दून), धीरेंद्र कुमार (दून), नरिेंद्र कुमार (दून), सिकंदर कुमार (दून), जमुुना ठाकुर (दून), दुर्गावती (दून), जतिंद्र सिंह (नालागढ़), हरपाल सिंह सैनी (नालागढ़), परमानंद चंदेल (नालागढ़), प्रीतम सिंह चंदेल (नालागढ़), राजकुमार चौधरी (नालागढ़), राजीव भल्ला (नालागढ़), स्वर्ण सिंह गरेवाल (नालागढ़), हेमराज ठाकुर (नालागढ़), सोमा देवी (नालागढ़), विनोद सोनी (अर्की), भूप सिंह (अर्की), करतार सिंह (अर्की), रामचंद पाल (अर्की), जगदीश ठाकुर (अकी), भुवनेश्वरी शर्मा (अकी), हरिकृष्ण ठाकुर (अर्की), नंदलाल पाल (अर्की), प्रेम चोपड़ा (अर्की), भगतराम शर्मा (अर्की), सुनील ठाकुर (सोलन), शांता धीमान (सोलन), सोमा ठाकुर (सोलन), कृष्णा ठाकुर (सोलन), संदीप ठाकुर (सोलन), सीमा कुमारी (सोलन), संजीव शर्मा (सोलन), रिया शर्मा (सोलन), मनीष गुप्ता (कसौली), अश्वनी शर्मा (कसौली), कृष्णा मंडयाल (कसौली), कौशल्या ठाकुर (कसौली), रविंद्र कुमार (कसौली), रमा शर्मा (कसौली) तथा हिमांशु गुप्ता (कसौली) जिला कार्यकारिणी सदस्य नियुक्त किया गया है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने आज यहां अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और विशेष रूप से सक्षम लोगों के सशक्तिकरण (ईएसओएमएसए) के कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के वंचित वर्गों को विकास की मुख्य धारा में लाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। विभाग द्वारा इन वर्गों के सामाजिक और आर्थिक सुधार के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों का क्रियान्वयन किया जा रहा है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि जिला शिमला के रझाणा में हिमाचल प्रदेश कोली समाज सामुदायिक केंद्र का निर्माण किया जाएगा। इस केन्द्र के निर्मित होने से प्रदेश के सभी वर्गों के लोग लाभान्वित होंगे। उन्होंने अधिकारियों से इस संबंध में एफसीए मामले के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबद्ध विभागों के अधिकारियों को परियोजना निर्माण क्षेत्र का सर्वेक्षण कर शीघ्र रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सामुदायिक केन्द्र के निर्माण की निष्पादन एजेंसी हिमुडा को विभाग द्वारा 30 लाख रुपये हस्तांतरित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण के मापदण्डों को ध्यान में रखते हुए इस सामुदायिक केन्द्र का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा वृद्धावस्था पैंशन योजना, अपंग राहत भत्ता, विधवा पैंशन तथा कुष्ठ रोगी पुनर्वास भत्ता जैसी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग विद्यार्थियों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रोत्साहन प्रदान करने के उद्देश्य से विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान कर उनके कौशल का उन्नयन कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। बैठक में निदेशक ईएसओएमएसए प्रदीप कुमार ठाकुर सहित वन, जल शक्ति विभाग, हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड, हिमुडा सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
अभिभावक बोले, सेफ नहीं नया भवन; पुराने भवन में शिफ्ट किया जाए स्कूल जिला सोलन के तहत आने वाले राजकीय वरिष्ठ माद्यमिक विद्यालय कोट बेजा स्कूल भवन बच्चों, स्टाफ के लिए असुरक्षित हो गया है। भवन के पिछले हिस्से पर साथ लगती पहाड़ी से लगातार भारी भूस्खलन हो गया है तथा मलबा स्कूल के दरवाजे, खिड़कियां तोड़ता हुआ अंदर आ गया है भवन में पानी पानी हो गया है, जबकि स्कूल जाने वाला रास्ता दस जुलाई को हुई भारी बारिश से बह गया था। ऐसे में बच्चे जान हथेली पर रखकर स्कूल जा रहे थे। बच्चों को को काफ़ी दूर से घूमकर एक असुरक्षित पुल से गुजरना पड़ रहा था। बीती रात हुई मूसलाधार बारिश से स्कूल के भवन के पीछे पहाड गिर गया है। अभिभावकों ने आज स्कूल का दौरा कर पाया कि स्कूल में बच्चे सुरक्षित नहीं हंै। उन्होंने मांग की कि स्कूल पुराने भवन में शिफ्ट कर दिया जाए। अभिभावकों का कहना था कि स्कूल को जाने वाला रास्ता दस जुलाई की बारिश में पहले ही बह गया था। अब न तो स्कूल जाने को रास्ता है और न ही स्कूल सेफ है। अभिभावकों ने कहा कि अगर प्रशासन ने स्कूल पुरानी बिल्डिंग में शिफ्ट नहीं किया तो वे अपने बच्चे स्कूल में नहीं पढ़ाएंगे। अभिभावकों ने कहा कि ऐसा न हो कि कोई हादसा होने के बाद प्रशासन अपनी आंखें खोलें। अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि मौसम साफ होने पर स्कूल को जाने वाला रास्ते का निर्माण किया जाए। नई बिल्डिंग पर उठे सवाल क्षेत्र के लोग कोट बेजा स्कूल के नए भवन पर सवाल खड़े कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि बहल खड्ड के साथ बने इस स्कूल में हमेशा बच्चों को खतरा रहेगा तथा हर बरसात में स्कूल की सड़क टूट जायेगी। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल के लिए सड़क का निर्माण करना किसी चुनौती से कम नहीं होगा। सड़क निर्माण कई लाखों में होने के बाद अगली बरसात तक टिक जायगी, इसकी गारंटी नहीं होगी। स्कूल का निर्माण करते समय केवल बिल्डिंग बनाने पर ही ध्यान रहा। करीब चार करोड़ की लागत से बनी ये बिल्डिंग अब अपने पर आंसू बहाती नजर आ रही है।
चंडीगढ़-शिमला फोरलेन समेत 700 सड़कें बंद हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में बादल फटने की दो घटनाएं हुईं। पंडोह में मलबे की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक स्कूल की बिल्डिंग नाले में बह गई। भारी बारिश के बाद चंडीगढ़-शिमला, चंडीगढ़-मनाली फोरलेन सहित 700 से ज्यादा सड़कें बंद हो गई है। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए शिमला, हमीरपुर और मंडी जिले के सभी सरकारी व निजी स्कूल-कॉलेज दो दिन के लिए बंद कर दिए गए हैं। पालमपुर, देहरा, जयसिंहपुर के स्कूल बंद रहेंगे। हिमाचल यूनिवर्सिटी में 23-34 की परीक्षाएं भी स्थगित की गई हैं।
मंडी जिले में चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर सुंदरनगर के नौलखा स्थित रूप होटल पर रात करीब 1:30 बजे आसमानी बिजली गिरने से आगजनी की घटना हो गई। आधी रात को जब होटल पर बिजली गिरी उसे दौरान स्टाफ और यहां पर ठहरे हुए लोग सोए हुए थे। बिजली गिरने की जोरदार आवाज के बाद सभी भयभीत होकर बाहर की ओर भागे तो उन्होंने पाया कि आसमानी बिजली होटल के मुख्य भाग के ऊपर गिरी हुई है, जिसके कारण आगजनी शुरू हो गई है। होटल स्टाफ ने तुरंत सुंदरनगर के बीएसएल परियोजना के दावानल विभाग को इस बारे सूचित किया गया। सूचना मिलते ही दावानल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। रूप होटल के मालिक सुरेश ठाकुर ने बताया आसमानी बिजली के गिरने के कारण होटल को करीब 20 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि सौभाग्य से किसी भी व्यक्ति को आसमानी बिजली गिरने के कारण कोई क्षति नहीं पहुंची है।
राजधानी में आफत बनकर बरसात बरस रही है। मंगलवार रात से लगातार बारिश हो रही है, जिससे शहर के सभी सर्कुलर रोड और संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। यहां तक की तीन मौतें भी हो चुकी हैंं। मशोबरा में दो लोगों की मौत हुई है, वहीं एक बच्चे की मौत भी बताई जा रही है। यह बच्चा मुंडाघाट का था। तीनों व्यक्तियों की मौत मालबा गिरने से हुई है। बताया जा रहा है कि दो लोग नेपाली मूल के थे। यह घर के अंदर थे और मलबा घर के ऊपर आने से इन लोगों की मौत हुई है। शिमला शहर में बिजली सेवा भी ठप है। शहर में आज सुबह ही 100 से अधिक पेड़ गिर चुके हैं। बिजली बोर्ड के अनुसार जंगल वाले क्षेत्रों में सबसे ज्यादा पेड़ गिरे हैं, वहीं पुलिस के जवान भी बड़ी बरसात में सडक़ के किनारो में खड़े हैं। और लोगों को चेतावनी दे रहे हैं, वहीं अभी भी पहाड़ी दरकरने के सिलसिले जारी है। सडक़ें नाला बन चुकी हैं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण किन्नौर के सचिव ने आज यहां जानकारी दी कि जिला किन्नौर में राष्ट्रीय लोक अदालत 9 सितंबर को आयोजित की जानी निश्चित की गई है। राष्ट्रीय लोक अदालत के समक्ष निम्न प्रकार के मामले प्रस्तुत किए जा सकते हैं, जिनमें धारा 138 के तहत एन.आई अधिनियम से संबंधित मामले, मनी-रिकवरी, श्रम विवाद, बिजली व पानी, भरण-पोषण व अन्य (आपराधिक, कंपाउन्डेंबल व दीवानी विवाद) से संबंधित मामले शामिल हैं। उन्होंने जानकारी दी कि इसके अतिरिक्त न्यायलयों में लंबित मामले जिनमें क्रिमिनल कंपाउन्डेंबल ऑफेन्स, धारा 138 के तहत एन.आई अधिनियम से संबंधित मामले, मनी-रिकवरी, वाहन दुर्घटना, श्रम विवाद, विद्युत व पानी के बिल, वैवाहिक विवाद (तलाक को छोड़कर), भू-अधिग्रहण, सेवाओं से संबंधित तनख्वा व भत्ते, सेवानिवृत्ति से संबंधित मामले, राजस्व मामले (केवल जिला व उच्च न्यायलय में लंबित) व अन्य दीवानी मामले (किराया, सुखभोग अधिकार (गुजारा भत्ता), हिदायत संबंधी, विशिष्ट प्रदर्शन सूट) शामिल हैं। सचिव ने बताया कि अपने-अपने न्यायिक क्षेत्र के तहत जो कोई व्यक्ति भी उक्त मामलों का राष्ट्रीय लोक अदालत में समाधान करना चाहते हैं तो वह न्यायिक न्यायालय परिसर रामपुर बुशहर, न्यायिक न्यायालय परिसर रिकांग पिओ जिला किन्नौर, न्यायिक न्यायालय परिसर आनी जिला कुल्लू, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण रिकांग पिओ जिला किन्नौर के कार्यालय में अपने मामले की सुनवाई के लिए संपर्क कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि भंग किए जा चुके हिमाचल प्रदेश राज्य कर्मचारी चयन आयोग के स्थान पर नए भर्ती आयोग की अधिसूचना शीघ्र जारी की जाएगी। नए आयोग की रूपरेखा पर सिफारिशें देने के लिए गठित दीपक शानन समिति ने मंगलवार देर सायं मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में नए भर्ती आयोग की कार्यक्षमता पर एक प्रस्तुति दी। समिति ने प्रस्तावित भर्ती आयोग के संचालन में पारदर्शिता, संरचनात्मक समग्रता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभिन्न उपायों पर प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के युवाओं के हितों को प्राथमिकता देने वाली पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नया आयोग पूरी तरह से योग्यता-आधारित चयन पर केन्द्रित होगा और पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं जैसी कुरीतियों पर रोक लगाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई प्रणाली में परीक्षा के दौरान मानवीय हस्तक्षेप को कम करने और सत्यनिष्ठा को बनाए रखने के लिए अचूक तरीकों को नियोजित करने पर ध्यान केन्द्रित कर इसकी रूपरेखा तैयार की जाएगी। परीक्षा पत्र तैयार करने, भर्ती प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने और भ्रष्टाचार से निपटने में आधुनिक उपकरणों, प्रक्रियाओं और तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि नए चयन आयोग का गठन होते ही भर्तियां आरम्भ कर दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने देगी तथा भर्ती प्रक्रियाओं में किसी भी प्रकार के हेर-फेर के प्रति कड़े कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य कर्मचारी चयन आयोग को भंग करने का निर्णय बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार को दूर करने के दृष्टिगत आवश्यक था। समिति के अध्यक्ष दीपक शानन ने कहा कि प्रस्तावित आयोग से संबंधी दूसरी रिपोर्ट शीघ्र ही प्रस्तुत की जाएगी, जिसमें आयोग की कार्यप्रणाली का और अधिक सटीक विवरण दिया जाएगा। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, सचिव शिक्षा डॉ. अभिषेक जैन, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विवेक भाटिया, दीपक शानन समिति के सदस्य और निदेशक डिजिटल टेक्नोलॉजी एवं गवर्नेंस मुकेश रेप्सवाल सहित अन्य अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
जिला सिरमौर व सोलन में मेरा गांव मेरा देश एक सहारा संस्था करेगी रजिस्ट्रेशन प्रदेश के 12 जिलों से लगभग 1500 छात्र करेंगे प्रतिभाग टाइम्स ऑफ इंडिया की टीच इंडिया डिवीजन टीम इंडिया भारतीय सेना की राष्ट्रीय क्विज प्रतियोगिता बैटल ऑफ माइंड 2023 का प्रतिनिधित्व कर रहा है। इसके लिए पहली प्रतियोगिता करवाई जा रही है, जिसके लिए पूर्व पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो गई है। मेरा गांव मेरा देश एक सहारा संस्था को जिला सिरमौर व सोलन के लिए अधिकृत किया गया है कि वह स्कूलों से प्रति स्कूल चार बच्चे इस प्रतियोगिता के लिए निशुल्क रजिस्ट्रेशन करवा सकता है। यह प्रतियोगिता ऑल इंडिया लेवल पर करवाई जा रही है तथा 762 जिलों के निजी व सरकारी सभी स्कूलों के 10-15 वर्ष के बच्चे भाग ले सकते हैं। इसके लिए पहले दो राउंड आनलाइन होंगे तथा इसका ग्रैंड फिनाले कारगिल दिवस पर आईएमए देहरादून में होगा तथा विजेता स्कूल व छात्रों को 2 करोड़ रुपए का इनाम दिया जाएगा। इस प्रतियोगिता के लिए बच्चों में काफी उत्साह है तथा यह भारतीय सेना प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता इसीलिए करवाई जा रही है छात्रों के लिए भारत और देश की यात्रा को आकार देने में हमारे सशस्त्र बलों द्वारा निभाई गई अपरिहार्य भूमिका के बारे में उनकी समझ बढ़ाने का अनूठा अवसर है। भारत की असाधारण विकास गाथा में योगदान देने के लिए प्रेरित कर सके तथा साथ ही हम भारतीय होने के लिए प्रेरणा दे सकते हैं प्रबुद्ध कर सकते हैं और गर्व पैदा कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए मेरा गांव मेरा देश एक सहारा संस्था के मोबाइल नंबर 9736402006 पर संपर्क कर सकते हैं।
फतेहपुर के विधायक भवानी पठानिया आज बाढ़ ग्रस्त मंड क्षेत्र का दौरा करने पहुंचे। विधायक ने लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना व जल्द राहत देने का आश्वासन दिया।
बोले... आपदा प्रभावित लोगों की सहायता और पुनर्वास प्राथमिकता उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने आज मंगलवार को जवाली और नूरपुर विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों का दौरा कर वहां बरसात से हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने जवाली और नूरपुर के नियांगल, कोटला, अनूही, जौंटा, सुजांता, भेड खड्ड, लदोड़ी और मिंजग्रां में जाकर स्थिति का आंकलन कर लोगों को पेश आ रही दिक्कतों का संज्ञान लिया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक नूरपुर अशोक रतन भी उनके साथ उपस्थित रहे। जिलाधीश ने अधिकारियों से भारी बारिशे के कारण क्षेत्र में सार्वजनिक और निजी संपत्ति को हुई क्षति का ब्यौरा लिया। उन्होंने राजस्व, बिजली बोर्ड, लोक निर्माण तथा जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को आपदा से हुए नुकसान की रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में आई त्रासदी से निपटने के लिए सभी विभागों को युद्धस्तर पर काम करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार वे स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का आकलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सार्वजनिक व्यवस्थाओं का पुन: संचालन तथा प्रभावित लोगों की सहायता और पुनर्वास सरकार की प्राथमिकता है। इसी के चलते जिला प्रशासन वास्तविक स्थिति का जायजा लेने के लिए स्वयं मौके पर जाकर प्रभावितों के दुख तकलीफ जान रहा है। राहत शिविर में जांची व्यवस्थाएं उपायुक्त ने नियांगल में प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी दुश्वारियों को जाना। उन्होंने बताया कि नियांगल में बहुत से परिवार घरों के क्षतिग्रस्त होने के कारण राहत शिविरों में रह रहे हैं। उन्होंने यहाँ राजकीय प्राथमिक पाठशाला में प्रभावितों के लिए लगाए गये राहत शिविर में जाकर व्यवस्थाओं का मुआयना किया। प्रभावितों को बांटी राहत सामग्री डीसी ने राहत शिविर में रह रहे लोगों को जिला रेडक्रॉस सोसायटी और धौलाधार क्लीनर्स संस्था के माध्यम से कपड़े, कम्बल, हाइजीन किट और अन्य राहत सामग्री भेंट की। उन्होंने कहा कि लोगों की जरूरत के अनुसार उनसे कपड़ों के नाप और अन्य आवश्यक वस्तुओं की जानकारी पहले ले ली गई थी। उन्होंने कहा कि प्रभावितों की जरूरत का लगभग सारा सामान प्रशासन द्वारा उपलब्ध करवाया जा रहा है। इस दौरान एसडीएम जवाली महेंद्र प्रताप सिंह, एसडीएम नूरपुर गुरसिमर सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति में संशोधन का लिया निर्णय, अब 40 वर्ष की अवधि के लिए होगा एमओयू हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक मंगलवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शिमला में आयोजित हुई, जिसमें कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में भारी बारिश के कारण हुई भारी तबाही के कारण जान गंवाने वाले लोगों पर दुख व्यक्त किया गया और उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। राजस्व विभाग ने आपदा प्रबंधन और सार्वजनिक एवं निजी संपत्तियों को हुए भारी नुकसान पर विस्तृत प्रस्तुति दी। कैबिनेट ने बैठक में शिक्षा विभाग में उन अंशकालिक जलवाहकों की सेवाओं को नियमित करने को मंजूरी दी गई, जिन्होंने 31 मार्च, 2023 और 30 सितंबर, 2023 को संयुक्त दैनिक वेतन और अंशकालिक सेवाओं के 11 वर्ष पूरे कर लिए हैं। बैठक में स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति में संशोधन करने का निर्णय लिया, जिसमें एमओयू 40 वर्ष की अवधि के लिए होगा। रॉयल्टी पहले 12 वर्षों के लिए 15 प्रतिशत, अगले 18 वर्षों के लिए 20 प्रतिशत और शेष 10 वर्ष की अवधि के लिए 30 प्रतिशत होगी। इसके बाद परियोजना राज्य सरकार को नि:शुल्क और सभी बाधाओं और देनदारियों से मुक्त होकर वापस कर दी जाएगी। हालांकि विस्तारित अवधि के लिए राज्य को देय रॉयल्टी 50 प्रतिशत से कम नहीं होगी। इसमें 210 मेगावाट लूहरी चरण-एक, 66 मेगावाट धौलासिद्ध, 382 मेगावाट सुन्नी बांध और 500 मेगावाट डुगर जलविद्युत परियोजनाओं के लिए एसजेवीएनएल और एनएचपीसी के पक्ष में क्रमबद्ध मुफ्त बिजली रॉयल्टी के लिए दी गई छूट को तत्काल प्रभाव से वापस लेने का निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने जल विद्युत परियोजनाओं पर लिए जाने वाले जल उपकर की दरों को तर्कसंगत बनाने का निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने राज्य में वर्ष 2023-24 के लिए बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत खरीदे जाने वाले सेब, आम और नींबू वर्गीय फलों के समर्थन मूल्य को बढ़ाने की मंजूरी दी। अब से सेब और आम का समर्थन मूल्य 12 रुपये प्रति किलो होगा। साथ ही किन्नू, माल्टा और संतरे का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 20 रुपए कर दिया गया है। बैठक में मिड डे मी योजना के तहत कुक कम हेल्पर का मानदेय 1 अप्रैल 2023 से बढ़ाकर 2000 रुपये करने पर सहमति दी गई। इसके अलावा मनरेगा मजदूरों की दिहाड़ी भी बढ़ाई गई। इसके तहत गैरजनजातीय क्षेत्रों में 240 रुपए जनजातीय क्षेत्रों में 294 रुपए दिहाड़ी मिलेगी। बैठक में कीरतपुर-मनाली चार पर यातायात प्रबंधन और नियंत्रण तथा सडक़ सुरक्षा मानदंडों को सुनिश्चित करने के लिए बिलासपुर, मंडी और कुल्लू जिलों में नव स्थापित तीन यातायात सह पर्यटक पुलिस स्टेशनों के लिए विभिन्न श्रेणियों के 48 पद बनाने और भरने को मंजूरी दी गई। इसके अलावा, कैबिनेट ने ग्रामीण विकास विभाग में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के 35 पद भरने का भी फैसला किया। कैबिनेट ने श्रम एवं रोजगार विभाग का नाम बदलकर श्रम रोजगार एवं विदेशी प्लेसमेंट विभाग करने पर सहमति दे दी। सफाई कर्मियों को स्वास्थ्य बीमा कैबिनेट ने राज्य के सफाई कर्मियों को स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराने के लिए उन्हें आयुष्मान भारत योजना में शामिल करने पर सहमति दी। इसने राज्य में अगले पांच वर्षों में तैनात किए जाने वाले पटवारियों और 16 चेन-मैन के रूप में 874 उम्मीदवारों का चयन और प्रशिक्षण करने का निर्णय लिया। वन भूमि से पेड़ कटान को मंजूरी वन भूमि से बचे पेड़ों की गणना, चिन्हांकन, निष्कर्षण और निपटान के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को अपनी मंजूरी दे दी। इससे स्थानीय स्तर पर लकड़ी की उपलब्धता, परिवहन लागत में कमी, राजस्व में वृद्धि, फील्ड स्टाफ की बेहतर और बढ़ी हुई दक्षता और कच्चे रूपों में रूपांतरण सुनिश्चित होगा। ई टैक्सी पर सबसिडी बैठक में किसी भी सरकारी विभाग/स्थानीय प्राधिकरण/ स्वायत्त निकाय/ बोर्ड/ निगम/सरकारी उपक्रम या किसी अन्य प्रतिष्ठान द्वारा राजीव गांधी स्वरोजगार योजना-2023 के तहत ई-टैक्सी किराए पर लेने के लिए मानक संचालन प्रक्रिक्रयाओं (एसओपी) को अपनी मंजूरी दे दी। इस योजना से राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के रास्ते खुलेंगे और राज्य सरकार ई-टैक्सी खरीदने के लिए 50 प्रतिशत की सबसिडी प्रदान करेगी जो प्रदूषण को कम करने में काफी मदद करेगी और हरित राज्य बनने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाएगी। इसे 2 अक्तूबर, 2023 से लागू किया जाएगा।
कहा- जिन पंचायतों से संपर्क नहीं हो पा रहा है, उन जगहों की सुध ले सरकार नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सड़कें बंद होने की वजह से प्रदेश भर के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को बहुत सारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़कें बंद होने से राशन की आपूर्ति बाधित हुई है। जिसके कारण लोगों के खाने-पीने के सामान का संकट खड़ा हो गया है। सिराज विधान सभा में ही दर्जनों ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जो लंबे समय से सड़क मार्ग से से कटी हुई है। पिछले हफ्ते की बारिश में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की वजह लोग कम्युनिकेशन से भी पूरी तरह कट गये थे। दस दिन बाद बिजली आने पर लोगों ने फ़ोन करके अपनी समस्याएं बताई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें बंद होने की वजह से खाने-पीने के सामान की आपूर्ति ठप है। लंबे समय से रास्ता बंद होने की वजह से लोगों का राशन ख़त्म हो गया है। इन जगहों पर बहुत ख़राब स्थिति हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति किसी एक क्षेत्र की नहीं हैं। कई जगहों से राशन ख़त्म होने की सूचनाएं मिल रही हैं। राशन के बिना एक दिन का भी गुजारा नहीं हो सकता है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह स्थिति सिफ़र् एक क्षेत्र की नहीं है। पूरे प्रदेश के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में यही हाल है। सड़कें बंद होने से खाने पीने की चीजों की आपूर्ति नहीं हो पा रही है और लोगों को खाद्य संकट से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मेरे विधानसभा क्षेत्र के बालीचौकी कुछ इलाक़ा और छतरी इलाक़े की सभी पंचायतें सड़क मार्ग से कट गई हैं। लगभग दस दिन से बिजली नहीं होने की वजह से किसी से संपर्क नहीं हो पा रहा था। ऐसे में कई जगहों पर अपने प्रतिनिधि भेजकर लोगों का हाल-चाल जानने का प्रयास किया। तब यह बात सामने आई। जयराम ठाकुर ने कहा कि जिन जगहों पर लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा है या जो क्षेत्र लंबे समय से सड़क मार्ग से कटे हैं, सरकार उन क्षेत्रों की सुध ले। सभी आपदाग्रस्त क्षेत्र राशन की कमी से जूझ रहे हैं। ज़्यादातर जगहों पर राशन एकदम खत्म हो गया है। इसलिए मैं सरकार से विनम्र आग्रह करता हूँ कि इन जगहों पर किसी तरह से खाद्य पदार्थों की आपूर्ति सुनिश्चित करे।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता मोहिंद्र धर्माणी ने कहा कि सरकार द्वारा एचआरटीसी की बसों में सामान को लेकर बढ़ाया गया किराया किसान और गरीब विरोधी निर्णय है। आज आपदा के समय में किसान और गरीब अपनी रोजी रोटी के लिए संघर्ष कर रहा है, वही सरकार के इस निर्णय ने गरीब की कमर तोड़ दी है। सरकार द्वारा कुछ महीने पहले डीजल और पेट्रोल की कीमतें बड़ाने से जहां आम आदमी महंगाई से परेशान था वही बसों में सफर करने वाला सामान्य व्यक्ति सरकार के इस निर्णय से और परेशानी में आ जाएगा। धर्माणी ने कहा हिमाचल पथ परिवहन निगम ने आय बढ़ाने और जनता पर बोझ बड़ाने के लिए बसों में ले जाने वाले सामान के टिकट की दरें तय की हैं। पहले 30 किलो सामान ही मुफ्त जाता था। 40 किलो का आधा टिकट और 80 किलो का पूरा टिकट बनता था। अब 30 किलो से अधिक सामान के लिए 15 किलो का एक चौथाई टिकट लेना होगा। पहले 25 किलो पर एक चौथाई टिकट लेना होता था। फुल बॉक्स के लिए आधा टिकट लगेगा। बिना यात्री हाफ बॉक्स के लिए आधा टिकट, फुल बॉक्स के लिए पूरा टिकट लगेगा। अब तक एक यात्री अपने साथ सेब का एक फुल बॉक्स मुफ्त ले जा सकता था। पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, एसिड, गन पाउडर, गुटका, पान मसाला सहित 25 अन्य सामान ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। यात्री के साथ दो लैपटॉप मुफ्त और बिना यात्री के पूरे टिकट के पैसे देने होंगे। उन्होंने मंत्री जगत सिंह नेगी पर तंज कसते हुए कहा की 200 करोड़ की रही सरकारी खजाने में जमा होनी है ना की उनके खाते में, शायद मंत्री जी अपने मोबाइल में पैसों के आने का एसएमएस चेक कर रहे है।
बरसात के मौसम मे उपमंडल देहरा भर के अंतर्गत तमाम नदी-नालों मे डूबकी लगाना इन दिनों खतरे से खाली नहीं है, लेकिन नकेड़ खड्ड में बाहरी राज्यो से आने वाले श्रद्धालुओं को कौन समझाए कि यहां डूबकी लगाना खतरे से खाली नहीं है। इसी नकेड़ खड्ड की बात करें तो करीब 5 साल पहले यहां नहाने उतरे 6 श्रद्धालुओं अचानक डूब कर मौत का ग्रास बन गये थे, जबकि उनके साथ नहा रहे कुछ लोगों को वहां स्थानीय लोगों ने अपनी जान की बाजी लगाकर बाहर निकाला था। लेकिन इतने बड़े हादसे का आज भी कोई सबक नहीं ले रहा है। इन दिनों सावन अष्टमी के मेलों में ज्वालामुखी, कांगड़ा, चिंतपूर्णी आदि शक्तिपीठों को जाने वाले बाहरी राज्यों के सैकड़ों श्रद्धालु हर रोज यहां गांव नकेड खड्ड के पास रुकते हंै और यहां डुबकी लगाने के बाद आगे निकलते हैं, जो कि किसी खतरे से खाली नहीं हैं। इस बारे में जब एसडीएम देहरा शिल्पी बेक्टा से बात की तो उन्होंने कहा कि नकेड़ खड्ड में बाहरी राज्यो से डूबकी लगाने से श्रद्धालुओं के साथ कोई अनहोनी न हो इसके लिए डीएसपी देहरा को सख्त दिशा निर्देश जारी किए जा रहे हैं, ताकि वहां श्रद्धालुओं व अन्य को नहाने से रोका जा सके।
पुलिस चौकी संसारपुर टैरस द्वारा दुर्गेई के समीप देर रात नाकाबंदी के दौरान बिना परमिट लकड़ी से भरा एक ट्रक जब्त किया गया है। इस बाबत ट्रक में सवार चालक व एक अन्य व्यक्ति खिलाफ पुलिस थाना देहरा में मामला दर्ज कर लिया गया हैं। मामले की पुष्टि करते हुए डीएसपी देहरा अनिल कुमार ने कहा कि संसारपुर टैरेस चौकी के तहत यह मामला दर्ज हुआ है गाड़ी के सभी दस्तावेज चेक किये जा रहे हैं बरहाल फॉरेस्ट एक्ट के तहत मामाल दर्ज कर लिया गया है।
हाल ही में प्रदेश भर में बरसात से आई भीषण आपदा ने इस तरह के हालात बना दिये हैं, जिसका दर्द हमेशा जनता को सताता रहेगा। न जाने कितने अनगिनत लोग इस प्रलय में मौत का ग्रास बन गए ने । अरबों रुपये की संपदा बरवाद हो गयी है और प्रदेश में हजारों लोग अपने घरों को छोड़ अन्यत्र शरण लेने को मजबूर हो गए हैं। इस आपदा में विभिन्न धार्मिक संस्थाओं ने भी प्रभावित लोगों की मदद के लिए कदम बढ़ाए हैं। डेरा सच्चा सौदा व मानवता भलाई केंद्र ब्रांच- शाह सतनाम सच खंड धाम चचियां नगरी के शाह सतनाम ग्रीन एस वेल्फेयर फोर्स विंग द्वारा खुंडियां में आई वर्षा त्रासदी के पीड़ित व बिल्कुल बेघर हुए परिवारों को खाने का राशन, पहनने के लिए कपड़े, रसोई बनाने के बर्तन समान, सोने के लिए विस्तर गद्दे सीट,- बेड शीट, कंबल इत्यादि राहत सामग्री दी। साथ ही भगवान से प्रार्थना की कि ऐसी त्रासदी कभी न आए द्य वहीं नजदीकी गांव के राहत केम्प में विस्थापित होकर रह रहे परिजनों ने हमारे डेरे के प्रबंधन से अपनी मुश्किल बताई तो सिरसा स्थित सच्चा सौदा डेरा प्रमुख के निर्देशानुसार हम तुरंत राहत सामग्री लेकर यहां पहुंचे। यह सेवा भविष्य में भी चलती रहेगी।
मंगलवार के दिन केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के वेदव्यास परिसर बलाहर में शास्त्री प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं के लिए संस्कृत संभाषण शिविर का शुभारंभ किया गया। वैदिक मंगलाचरण के साथ इसके उद्घाटन कार्यक्रम की शुरुआत की गई। साहित्य विषय के शिक्षक एवं कवि पंकज द्वारा करवाए गए अतिथि परिचय के पश्चात मुख्य वक्ता के रूप में शिक्षा शास्त्री विभाग के अध्यक्ष डॉ शीशराम ने सभागार में उपस्थित समस्त शास्त्री प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं सहित परिसर के अन्य कक्षाओं के समस्त छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को संबोधित करते हुए संस्कृत के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा को देव भाषा भी कहा जाता है । उन्होंने कहा कि संस्कृत के प्रचार प्रचार से हमारे देश की संस्कृति को और अधिक बढ़ावा मिलेगा। उसके पश्चात कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबंध रखने वाले भगवती प्रसाद ने अपने संभाषण में संस्कृत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उन्होंने अंग्रेजी विषय में एम ए कर रखी है। लेकिन उन्हें उस समय संस्कृत के महत्व का इतना पता होता तो वह संस्कृत में एचडी करते।उन्होंने बताया कि जब भी आरएसएस के शिविर में जाना होता है तो वहां पर जाकर के उन्हें संस्कृत भाषा के महत्व का पता चलता है। अपने अध्यक्षीय भाषण में वेदव्यास परिसर के प्रभारी निदेशक डॉक्टर मंजूनाथ ने कहा कि आज के इस शिवर का मुख्य उद्देश्य शास्त्री प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाले नए छात्र छात्राओं को संस्कृत के बारे में अधिक से अधिक जानकारी प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि यह शिविर आगामी 5 सितंबर तक चलेगा। जिसमें संस्कृत को सरल भाषा के रूप में कैसे उपयोग में लाना है ,यह सब जानकारियां प्रदान की जाएंगी । ताकि शास्त्री प्रथम वर्ष में हमारे परिसर में प्रवेश लेने वाले समस्त छात्र-छात्राएं लाभान्वित हो सकें। कार्यक्रम के अंत में वेदांत विभाग की शिक्षिका डॉक्टर के मनोज्ञा ने धन्यवाद ज्ञापन दिया एवं कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर ज्योतिष विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विजेंद्र शर्मा, साहित्य विभागाध्यक्ष डॉ. श्याम बाबू, डॉ. महीपाल, डॉ. योगेश पांडे, डॉ. श्रीनाथ धर द्विवेदी, डॉ. मनोज श्रीमाल, अमित वालिया, डॉ. मनीष सरोच, अमर चंद, डॉ. शैलेश तिवारी, डॉ. रिचा बिस्वाल, डॉ. मुकेश, डॉ. विनोद, डॉ. यज्ञ दत्त, डॉ. भूपेंद्र ओझा, डॉ. गोविंद शुक्ला, डॉ. नवीन तिवारी, डॉ. महात्मा वीणापाणी सहित समस्त छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
एकल अभियान के तहत मंगलवार को संच धरवाला में एक पौधरोपण अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत संच धरवाला के आचार्य सेवावृत्ति अंजू कुमारी ने जानकारी देते हुए बताया कि संच धरवाला द्वारा पौधे लगाकर पर्यावरण को बचाने का संदेश लोगों तक पहुंचाने का कार्य कर रहे है। आचार्य सेवावृत्ति अंजू कुमारी ने जानकारी देते हुए कहा कि संच धरवाला के तहत पड़ने वाले संच के लगभग 30 ग्राम विद्यालय द्वारा पौधारोपण अभियान चलाया गया हैं। संच धरवाला द्वारा देवदार, आडू, अनार, खुमानी, अखरोट व अन्य कई प्रकार के पौधे लगाये जा रहे हैं। उन्होंने अभी तक लगभग 380 तरह-तरह के पौधे लगाए हैं। उन्होंने बताया कि 31 अगस्त तक ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने का लक्ष्य संच द्वारा रखा गया हैं। उन्होंने कहा कि इस अभियान को 1 जुलाई को शुरू किया गया तथा 31 अगस्त तक पुरे संच धरवाला में जारी रहेगा। इस मौके संच प्रतिनिधि रजत, संच अध्यक्ष पवन जरयाल, संच प्रमुख अंजू कुमारी व उनके 30 गांव के आचार्य और बच्चों ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।
खुंडिया के चलोल में 38 वर्षीय व्यक्ति ने पंखे पर फंदा लगाकर अपनी इहलीला समाप्त कर ली है। इस संबंध में पुलिस ने सी आरपीसी की धारा 174 के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतक व्यक्ति की पहचान अशोक कुमार पुत्र प्रताप चंद निवासी चलोल डाकघर के रूप में हुई है। मामले की पुष्टि डीएसपी ज्वालामुखी विकास धीमान ने की है। उन्होंने कहा की मृतक के पास से पुलिस को किसी भी तरह का सुसाइड नोट प्राप्त नहीं हुआ है, जिसके चलते इस केस पर से पर्दा उठ सके। बहरहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं, पुलिस ने मृतक व्यक्ति का शव कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए देहरा अस्पताल भेज दिया है। पोस्टमार्टम होने के बाद शव उसके परिजनों के हवाले कर दिया जाएगा। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार दोपहर के समय अशोक कुमार ने अपने घर में बंद कमरे में फंखे से रस्सी का फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इसके बाद परिजनों ने इसकी सूचना स्थानीय प्रधान व पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर परिजनों के बयान कलमबद्ध किए। मृतक अशोक कुमार के आत्महत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। बताया जा रहा है की मृतक अपने पीछे 2 बेटियां और एक बेटे सहित पत्नी को छोड़ गया है।
अनुराग ठाकुर के रेलवे में प्रयास फिर रंग लाए भारत सरकार के रेल मंत्रालय ने एक बार फिर से जिला ऊना दौलतपुर चौक रेलवे स्टेशन को बड़ा तोहफा दिया है। अब दौलतपुर चौक से जनशताब्दी ट्रेन चलेगी। ऊना से चल रही जनशताब्दी ट्रेन को जो दिल्ली तक चलती है को अब दौलतपुर चौक तक बढ़ाया गया है। अब यह ट्रेन दौलतपुर चौक से चलेगी। रेल मंत्रालय ने इसको लेकर अधिसूचना जारी कर दी है ।26 अगस्त से यह ट्रेन दौलतपुर चौक से चलेगी सुबह 4:15 पर दौलतपुर चौक से चलने वाली यह ट्रेन 5:05 पर ऊना, 5:28 पर नंगल से चलेगी। वहीं दिल्ली से दोपहर को पर यह ट्रेन चलेगी और दौलतपुर चौक में 8:15 पर पहुंचेगी। हमीरपुर से क्षेत्र के सांसद व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के समक्ष अनेक बार इस ट्रेन को दौलतपुर चौक से शुरू करने को लेकर के मांग उठाई गई। अब यह मांग पूरी हुई है। अनुराग ठाकुर ने रेलवे मंत्रालय से यह मामला उठाया था, इस ट्रेन के दौलतपुर चौक से शुरू होने से निश्चित रूप से मां चिंतपूर्णी में आने वाले श्रद्धालुओं को भी लाभ होगा। वहीं, तलवाड़ा व अम्ब आने वाले लोगों के लिए यह ट्रेन वरदान होगी। यहां तक की हमीरपुर आने वाले लोग भी अब तक इस ट्रेन में आ सकेंगे। वहां से आगे अपने आगे गंतव्य पर जा सकेंगे ।जिला ऊना भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व ने दौलतपुर चौक से शुरू होने वाली जनशताब्दी ट्रेन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का आभार व्यक्त किया है। विधायक सतपाल सत्ती, पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर, पूर्व विधायक राजेश ठाकुर, रेल के राष्ट्रीय सदस्य रहे हरि ओम भनोट, जिला भाजपा के अध्यक्ष बलवीर सिंह, महामंत्री राजकुमार पठानिया, श्याम सिंह मनिहास, उपाध्यक्ष, बलराम बबलू ने कहा कि निश्चित रूप से जिस प्रकार से रेल के नेटवर्क में बढ़ोतरी हो रही है यह अनुराग ठाकुर का व्यक्तिगत प्रयास है, जिसके लिए उन्हें साधुवाद है। प्रदेश भाजपा के सचिव व उत्तर क्षेत्रीय रेलवे समिति के सदस्य सुमित शर्मा ने कहा कि इस मांग को केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के द्वारा लगातार आगे बढ़ाया गया और अब यह मांग पूरी हुई है इसके लिए केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का आभार है।
ब्लॉक लंबागांव की ग्राम पंचायत लोअर लंबागांव के वार्ड नंबर चार में बीते नौ दिन से पानी की किल्लत चली हुई है, जिसके चलते गांववासी पानी की बूंद को तरस रहे है। इस वार्ड में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और साथ में पुलिस थाना में भी पानी की किल्लत बनी हुई है। पिछले सप्ताह हुई भारी बारिश के होने के पश्चात यह समस्या लोगों के लिए बनी हुई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ हैंड पम्प तो है बजुर्ग लोगों को पानी लाने के लिए दूर जाने में काफी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। इस कस्बे में बहुत से बजुर्ग लोग रहते है जो पानी के लिए दूर दराज नहीं जा सकते। गांववासियों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू व स्थानीय विधायक यादविंदर गोमा से पानी बार-बार आ रही पानी की इस समस्या का हल करने की अपील की है। सहायक अभियंता जल शक्ति विभाग बलदेव चौधरी ने कहा कि जिन गांवों में पानी की किल्लत आ रही है वह कंगैहण पेयजल परियोजना के तहत पानी की सप्लाई दी जाती है जो कि पिछले हफ्ते हुई भारी बारिश होने से पानी की पाइपें टूट गई, जिन्हें जोड़ने का काम जारी है उन्होंने कहा कि जल्दी ही पानी की सप्लाई बहाल कर दी जाएगी।
कहा- भारतीय तिरंगे वाली साड़ी-नुआचड़ी पहनकर भारत संग राज्य का नाम किया रोशन तंजानिया की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारों की चोटी को फतेह करने वाली अजंलि शर्मा ने अब 13 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में रूस की सबसे ऊंची चोटी मांउट एलबु्रश 5642 मीटर को फतेह किया है। इसके चलते पूर्व मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश जयराम ठाकुर के मीडिया समन्वयक एवं वर्तमान प्रदेश भाजपा सह-मीडिया प्रभारी विश्च चक्षु ने धर्मशाला ने पहाड़ी राज्य की बेटी को सम्मानित किया है। उन्होंने अंजलि शर्मा के भारत व हिमाचल का नाम विश्व पटल पर रोशन करने पर शक्तिपीठों की भूमि कांगड़ा में माता की चुन्नरी, हिमाचली टॉपी व नकद राशि सम्मान व पुरस्कार के रूप में प्रदान की है। विश्व चक्षु ने बताया कि यह सब हिमाचल वासियों के लिए गर्व के पल हैं। धर्मशाला के गमरू की रहने वाली बेटी अजंलि ने भारतीय तिरंगे वाली साड़ी पहनकर अति कठिन चोटी की चढ़ाई करके 13 अगस्त को सुबह आठ बजकर 20 मिनट पर तिरंगा लहराया था। इस दौरान चोटी में पहुंचकर अजंलि ने हिमाचल की सबसे प्राचीन जनजाति में से एक गद्दी जनजाति को ट्रिब्यूट करते हुए महिलाओं का पांरपंरिक भेषभूषा नुआचड़ी को पहनकर तिरंगा भी लहराया। पूर्व मीडिया कोर्डिनेट टू सीएम विश्व चक्षु ने कहा कि चोटी में साड़ी पहनकर पहली महिला बनने पर अजंलि शर्मा का नाम गोल्डन बुक ऑफ रिकार्ड के लिए भी भेजा गया है, जो कि जल्द ही दर्ज होगा। इससे पहले भी साऊथ अफ्रीका के तंजानिया की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारों 5895 मीटर को साड़ी पहनकर चढ़ने वाली अजंलि पहली महिला बनी थी। वहीं अब पहाड़ी राज्य की बेटी ने मांउट एवरेस्ट चढ़नेे का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की ओर से भी बेटी को बधाई संदेश दिया गया है। उन्होंने भी कहा कि बेटी की आगामी समय में उचित मदद कर लक्ष्य को प्राप्त कर देश का नाम गौरवांवित किए जाने के लिए उचित प्रयास किए जाएंगे।
देहरा को एक बार फिर जायका प्रोजेक्ट वापिस मिलने जा रहा है। यह जानकारी मंगलवार को कांग्रेस मत्स्य विभाग के प्रदेश चेयरमेन नरदेव कंवर ने दी। नरदेव कंवर ने जानकारी देते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस परियोजना को वापिस कांगड़ा से देहरा शिफ्ट करने की नोटिफिकेशन जारी कर दी है। कंवर ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार में देहरा से इस प्रोजेक्ट के कार्यालय को कांगड़ा शिफ्ट कर दिया गया था ।अब देहरा एक बार फिर इस कार्यालय को खोला जाएगा जिसका फायदा यहां के स्थानीय किसानों और लोगों को मिलेगा। कांग्रेसी नेता नरदेव कंवर ने इसके लिए प्रदेश मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू का धन्यवाद करते हुए आभार व्यक्त किया है। आपको बता दें कि हाल ही में इस कार्यलय को पूर्व की सरकार द्वारा कांगड़ा शिफ्ट कर दिया गया था अब यह एक बार फिरसे देहरा से संचालित होगा। इस दौरान निदेशक पुष्पिंदर ठाकुर, भूपेश उप्पल सेवानीवृत मुख्य अभियंता, जय प्रकाश वालिया पीडब्ल्यूडी एसोसिएशन देहरा अध्यक्ष, संजय धीमान जिला परिषद सदस्य हरिपुर, विजय कुमार थोबा उपाध्यक्ष देहरा कांग्रेस एवं पूर्व प्रधान, राजीव कुमार स्टेट कॉर्डिनेटर युवा कांग्रेस,रिम्पी ठाकुर कांग्रेसी कार्यकर्ता, सादिक खान माइनॉरिटी विभाग कांग्रेस नेशनल कॉर्डिनेटर इत्यादि अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
गत विधानसभा चुनावों में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप मे चुनाव लड़ चुके पूर्व भाजपा प्रदेश सचिव व मीडिया प्रभारी प्रवीण कुमार शर्मा ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में सरांढा (पंडोह) और सकरोहा के बीच फोरलेन टनल बनाए जाने की वकालत की है। उन्होंने मुख्यमंाी को लिखे अपने पत्र में कहा है कि मंडी के बीच चल रहे फोरलेन के निर्माण से पहाड़ लगातार दरक रहे हैं। चार मील से लेकर सात मील का क्षेत्र पिछले चार वर्षों से स्थानीय लोगों, पर्यटकों, प्रशासन के लिए बहुत बड़ी समस्या का कारण बन गया है। आए दिन कोई न कोई दुर्घटना इस क्षेत्र में हो रही है और जिस गति से निर्माण कार्य चल रहा है, उससे यह प्रतीत होता है कि आगामी दो वर्षों में भी यह फोरलेन नहीं बन पाएगा और अगले छ: सात वर्ष पहाड़ी को सेटल होने में लग जाएंगे। इस बरसात ने तो यह साबित कर दिया है कि इस क्षेत्र में फोरलेन का बनाना खतरे से खाली नहीं होगा और भविष्य में भी बड़ी दुर्घटनाओं का अंदेशा हमेशा बना रहेगा। इसलिए क्यों न वैकल्पिक मार्ग के बारे मे अभी से योजना बना कर उस पर कार्य किया जाए। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि जैसी की मुख्यमंत्री जीकेई भी राय है कि सुरंगों के निर्माण से पर्यावरण की भी रक्षा होती है और समय भी बचता है तो यह बेहतर होगा कि चार मील से लेकर सात मील के क्षेत्र को डबल लेन ही रहने दिया जाए और सकरोहा जो बल्ह विधानसभा क्षेत्र में पड़ता है से सीधे टनल सरांढा (पंडोह) में निकाली जाए। गूगल मैप के अनुसार सरांढा और सकरोहा के बीच लगभग पांच किमी की दूरी है। हो सकता है जब वास्तविक सर्वे करवाया जाएगा तो किसी दो अन्य स्थानों पर सुरंग की दूरी इस से भी कम आए। प्रवीण कुमार शर्मा ने कहा कि इस सुरंग के निर्माण से चंडीगढ़ और कुल्लू की दूरी मे लगभग 25 किमी का अंतर आयेगा, जिससे ने केवल अरबों रुपयों की बचत हो पायेगी। बल्कि जिला कुल्लू, लाहौल और पांगी के पर्यटन को भी नए पंख लगेंगे और सबसे अधिक लाभ भारतीय सेना को पहुंचेगा, जिसे सीमाई क्षेत्र मे पहुंचने के लिए पूर्व की तुलना मे एक घंटा कम समय लगेगा और जनता को हमेशा के लिए राहत मिल जाएगी।
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन एनएसयूआई का प्रदेश स्तरीय प्रतिनिधिमंडल आज कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति का सदस्य बनने पर बधाई दी। इस दौरान उन्होंने संगठन की मजबूती के लिए महाविद्यालयों व विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग की। उन्होंने छात्र हित से जुड़े अनेक मसलों से उन्हें अवगत भी करवाया। प्रतिनिधिमंडल में एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव रजत सिंह राणा, शुभम वर्मा के अतिरिक्त सयम रावत, कार्तिक, अक्षित, रिकी, रिया, अर्पिता, शैलेंद्र, विशाल व अन्य कई कार्यकर्ता मौजूद थे।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव बलदेव ठाकुर ने केंद्र की भाजपा सरकार पर आरोप लगाया है कि हिमाचल प्रदेश की जनता आज सदी की भयंकर त्रासदी से गुजर रही है और कई हजारों करोड़ की अचल संपत्ति प्रदेश मे भीषण बाढ़ की चपेट में आकर नष्ट हो गयी है। सैकड़ों लोग जिंदा ही मलबे में पहाड़िया खिसने से और नदी के भयंकर बहाव में बह गए। बलदेव ठाकुर ने कहा कि इस भयंकर आपदा के बावजूद केंद्र की भाजपा सरकार मूकदर्शक बनी हुई है और लोगों की लाशें देखकर भी प्रदेश को आपदा राज्य घोषित करने के मामले में मोल भाव कर रही है, जो केंद्र सरकार के जनता के प्रति सवेदनहीन रवैये को दर्शाता है। बलदेव ठाकुर ने कहा कि पिछले दिनों भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर प्रदेश के दौरे पर आए और ये कहकर अपना पल्लू झाड़ते नजर आए कि जो राशि पहले आपदा के लिए मिली है, उसको खर्च करने पर ही दूसरी राशि जारी होगी, जबकि जो राशि अभी तक प्रदेश को प्राप्त हुई है, वो ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। प्रदेश में अगस्त तक अनुमानित 6700 और उसके बाद 13 अगस्त के बाद हुई तबाही मे लगभग 10 हजार करोड़ का नुकसान कुल्लू-मनाली मंडी और शिमला जैसे अन्य जिलों में हो चुका है। ऐसे में प्रदेश सरकार ने मदद के लिए केंद्र सरकार को 6700 करोड़ बिना किसी देरी किए जारी करने का अनुरोध किया है, किंतु प्रदेश को लगभग 200 करोड़ की जो राशि अभी तक प्राप्त हुई है वो प्रत्येक पहाड़ी राज्य को रूटीन से हर वर्ष मिलती है, जिसमें वर्षा या बाढ़ से उपजी आपदा ही नहीं सूखा आदि पड़ने पर प्रदेश में हर साल खर्च की जाती है, जबकि प्रदेश सरकार लगातार केंद्र से वर्तमान समय मे भारी वर्षा से हुई जानमाल की हानि की भरपाई करने के लिए मांग रही है, किंतु केंद्र सरकार की कान पर जू तक नही रेंग रही। बलदेव ने प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा अगर आपदा में कहीं पुल या सड़क टूट जाए उसके स्थान पर वैली ब्रिज लगाने के लिए 18 करोड़ अगर आपदा के समय कोई हादसा होता है और मकान का लेंटल या पेड़ आदि मानव शक्ति से न उठाएं जा सके उसके लिए बड़ी हाईड्रा मशीनें खरीदने के लिए 30 करोड़ का बजट और आपदा के समय प्रदेश पुलिस की एसडीआर एफ के लिए आपदा के समय प्रयुक्त होने वाले हर सामन को खरीदने के लिए मंजूर कर प्रदेश की जनता को मुश्किल समय में जल्दी से जल्दी मदद करने के लिए एक समझदारी वाला कदम बताया है क्योंकि आज से पहले मशीनरी के लिए या तो पड़ोसी राज्य या निजी कंपनियों या फिर सेना पर निर्भर रहना पड़ता था और ये पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने सुखबूझ का परिचय दिया है, क्योंकि आजतक पहले की सरकारें आपदा से निपटने के प्रति लापरवाह रही अगर ये मशीनें प्रदेश सरकार के पास पहले से अपनी होती तो कई लोगो की मदद हो सकती थी, जिन्होंने अपनी जाने गंवाई या मकान में जिनका समान दब गया या बह गया। मीडिया के सामने केंद्रीय मंत्री इस तरह व्यवहार कर रहे थे जैसे नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने दोनों नेताओं को ये ट्यूशन देकर भेजा है कि प्रदेश की जनता को राहत के नाम पर सिर्फ सपने ही दिखाकर आने है। बलदेव ठाकुर ने कहा कि अब केंद्र की भाजपा सरकार का चेहरा जनता के सामने आ गया है और केंद्र सरकार प्रदेश के प्रति निर्दयी रवैये के विपरीत राज्यस्थान, हरियाणा, छतीसगढ़, कर्नाटक की राज्य सरकारें कई संस्थाएं और कुछ लोग निजी तौर पर प्रदेश को आपदा से निपटने के खुले दिल से आर्थिक मदद भेजने की घोषणा कर चुकी है। बलदेव ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार को मानवता दिखाते हुए प्रदेश को जल्दी से जल्दी राष्ट्रीय आपदा राज्य घोषित कर प्रदेश को बिना किसी देरी के विशेष आर्थिक पैकेज जल्दी से जल्दी प्रदेश को मंजूर करना चाहिए ताकि प्रदेश मे आम जनमानस का जनजीवन वापस पटरी पर आ सके।
झीलों की नगरी तथा मेवाड़ की ऐतिहासिक वीर भूमि उदयपुर, राजस्थान में चल रहे 9वें राष्ट्र मंडल संसदीय संघ सम्मेलन भारत क्षेत्र के दूसरे दिन के सत्र संचालन का हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया को गौरव प्राप्त हुआ। पठानिया को यह अवसर उनकी उत्कृष्ठ संचालन क्षमता तथा प्रखर वक्ता होने के कारण मिला है। हालांकि इस सम्मेलन में लगभग 27 राज्यविधान सभाओं के अध्यक्ष तथा तीन विधान मंडलों के पीठासीन अधिकारी भी भाग ले रहे हैं। उनमें से पिछले कल उत्तर प्रदेश विधानसभा तथा आज हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष को सत्र संचालन का अवसर प्रदान किया गया है। बाद में समापन समारोह से पूर्व श्री पठानियां ने सत्र को संबोधित करते हुए कहा है कि यदि हमें अपने राष्ट्र को समृद्ध और शक्तिशाली देखना चाहते हैं तो हमें लोकतांत्रिक संस्थानों को जीवंत और मजबूत बनाना होगा। गौरतलब है कि पठानिया आज के लिए निर्धारित विषय लोकतांत्रिक संस्थानों के माध्यम से राष्ट्र को सुदढ़ बनाने में जन प्रतिनिधियों की भूमिका पर अपना संबोधन दे रहे थे। आज सम्मेलन का समापन कार्यक्रम था। भारत के माननीय उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ समापन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। राजस्थान के माननीय राज्यपाल कलराज मिश्र, लोक सभा के माननीय अध्यक्ष ओम बिरला, राजस्थान के माननीय अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी, लंदन स्थित सीपीए मुख्यालय के चेयरमैन ईयान लिंडल ग्रेंगर तथा राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष राठौर भी मौजूद थे। पठानिया ने अपने संबोधन में कहा कि उदयपुर झीलों की नगरी है तथा यहां का इतिहास हमें गौरवान्वित करता है। पठानियां ने कहा कि मोवाड़ की माटी वीरों की भूमि रही है तथा महाराणा प्रताप इसका ज्वलंत उदाहरण है तथा सही मायने में अगर स्वतंत्रता संग्राम यदि किसी ने शुरू किया और अपनी भूमि की रक्षा के लिए यदि किसी ने अपने प्राण न्यौछावर किए वह महाराणा प्रताप थे, जिनकी कहानियों से आज भी हमें देश भक्ति की सीख मिलती है। लोकतांत्रिक संस्थानों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पठानिया ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाएं उन तंत्रों को शामिल करती हैं जिनके माध्यम से नागरिक निर्णय लेने और शासन में भाग लेते हैं तथा वे व्यक्तियों को सामूहिक रूप से अपने भविष्य को आकार देने, अपने अधिकारों को सुनिश्चित करने और अपने राष्ट्र की दिशा को प्रभावित करने के लिए सशक्त बनाते हैं। इन संस्थानों के केंद्र में जन प्रतिनिधि होते हैं, जिन्हें अपने घटकों की ओर से प्रतिनिधित्व करने, कानून बनाने और वकालत करने का अधिकार होता है। इस अवसर पर बोलते हुए पठानिया ने कहा कि लोकतंत्र का सार प्रतिनिधित्व में निहित है और जनता सत्ता के केंद्र तक अपनी आवाज उठाने के लिए जन प्रतिनिधियों को चुनती है जिनके माध्यम से वे अपनी आशाओं व आकांक्षाओं को पूरा करना चाहती है लेकिन प्रभावी प्रतिनिधित्व ही समाज तथा समुदायों की समस्याओं का निदान कर सकता है तथा इनकी जरूरतों के हिसाब से योग्य नितियों का निर्माण तथा बदलाव कर उनकी इछापूर्ति की जा सकती है। पठानिया ने कहा कि लोकतान्त्रिक संस्थानों की मजबूती में विधान और निति निर्माण, नागरिक भागीदारी को बढ़ावा देने, नियन्त्रण और संतुलन की निगरानी जैसे कारकों का विशेष महत्व है जिनकी बजह से केंद्रीय करण को रोका जा सकता है तथा संतुलित ढांचा ही इसे सुदृढ़ एवं कारगर बना सकता है। पठानिया ने बल देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थानों के माध्यम से राष्ट्र को मजबूत करने में जन प्रतिनिधियों की भूमिका बहुआयामी और गहन है। घटकों का प्रतिनिधित्व करने, समावेशी नितियों को तैयार करने और लोकतांत्रिक मुल्यों को बनाए रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्वता यह सुनिश्चित करती है कि हमारा राष्ट्र विकसित और विकसित होता रहे। संबोधन के अंत में पठानिया ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तथा विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को 9वें राष्ट्र मंडल संसदीय संघ सम्मेलन भारत क्षेत्र के सफल आयोजन की बधाई दी तथा सभी को उत्कृष्ठ अतिथ्य सत्कार देने के लिए भी धन्यवाद किया।
शूलिनी विश्वविद्यालय ने अपने शैक्षणिक परिवार में नए छात्रों का गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए एक रोमांचक इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम की योजना नए प्रवेशित छात्रों को विश्वविद्यालय के परिसर और इसके विशिष्ट मूल्यों से परिचित कराने के लिए की गई थी। छात्र कल्याण अधिष्ठाता पूनम नंदा द्वारा कार्यक्रम का संचालन किया गया उन्होंने तीन दिन तक चलने वाले इंडक्शन कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अतुल खोसला ने छात्रों को शूलिनी के मूल मूल्यों से अवगत कराया, उन्हें महानता की आकांक्षा करने, विविधता को अपनाने और विभिन्न क्षेत्रों और विषयों में मित्रता विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया। छात्रों ने संस्थान की अखंडता और मूल्यों को बनाए रखने के प्रति अपने समर्पण को दर्शाते हुए शपथ भी ली। शूलिनी विश्वविद्यालय की मुख्य शिक्षण अधिकारी श्रीमती आशू खोसला ने शूलिनी के शैक्षणिक वातावरण में रचनात्मकता को बढ़ावा देने पर अपने विचार साझा किए। ट्रस्टी और प्रवेश निदेशक, अवनी खोसला ने प्रसिद्ध वैश्विक निगमों के साथ रोमांचक अवसरों की रूपरेखा बताते हुए, प्लेसमेंट के विश्वविद्यालय के वादे का खुलासा किया। डॉ. रोहित गोयल ने छात्रों को इनोवेटिव शूलिनी ऐप और ईयूनिव प्लेटफॉर्म से परिचित कराया। अनुसंधान के डीन, प्रोफेसर सौरभ कुलश्रेष्ठ ने छात्रों के बीच रचनात्मकता की मानसिकता को जागृत करते हुए अनुसंधान और नवाचार के महत्व पर जोर दिया। छात्रों के लिए मानसिक स्वास्थ्य और सड़क सुरक्षा पर सत्र भी आयोजित किए गए, डॉ. पूर्णिमा बाली और एकता सिंह ने क्रमश: सत्र संचालित किए। विपणन और संचार टीम ने एक प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया। छात्रों ने अपने अनुभव भी साझा किए, जिसमें बी.कॉम के आदित्य कुमार ने एक वैश्विक विश्वविद्यालय का हिस्सा बनने पर खुशी व्यक्त की और बीबीए फाइनेंस एंड मार्केटिंग की पलक चौहान ने अपनेपन की मजबूत भावना महसूस की। सशक्त नई शुरुआत केवल स्नातक (यूजी) तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि स्नातकोत्तर (पीजी) छात्रों के लिए भी थी। पीजी इंडक्शन ने एकता और विकास की भावना को आगे बढ़ाया। पीजी इंडक्शन प्रोग्राम ने स्नातकोत्तर अध्ययन में अनुसंधान के महत्व पर जोर दिया। उन्नत अन्वेषण और बौद्धिक योगदान के अवसरों पर प्रकाश डालते हुए अनुसंधान के दायरे पर विचारपूर्वक चर्चा की गई। पीजी कार्यक्रमों के लिए भी मानसिक स्वास्थ्य, सड़क सुरक्षा, रैगिंग और नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर सत्र आयोजित किए गए और सकारात्मकता और पुष्टि के महत्व पर जोर दिया गया, इन सत्रों का उद्देश्य छात्रों को जीवन कौशल से लैस करना था जो शिक्षाविदों से परे है। प्रवेश दिवस का समापन ओपन-एयर थिएटर (ओएटी) में एक जश्न मनाने वाले मीट एंड ग्रीट कार्यक्रम के साथ हुआ। उत्सव ने छात्रों के बीच संबंधों को बढ़ावा दिया और शूलिनी विश्वविद्यालय की एकता की भावना को प्रदर्शित किया।
बोले- क्षतिग्रस्त सड़कों तथा पेयजल योजनाओं की युद्व स्तर पर हो मरम्मत पठानिया शाहपुर क्षेत्र में बरसात से हुए नुकसान को लेेकर समीक्षा बैठक आयोजित एसडीएम सभागार शाहपुर में विधायक केवल पठानिया की अध्यक्षता में शाहपुर विधानसभा के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर बरसात से हुए नुक्सान के आकलन हेतु एक बैठक का आयोजन किया गया ।बैठक में उन्होंने बताया कि जहां समूचा प्रदेश प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है वहीं पर शाहपुर विधानसभा क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं रहा है ।शाहपुर विधानसभा में सड़कों,पुलों ,पेयजल योजनाओं,घरों ,सम्पर्क मार्गों तथा पशुशालाओं इत्यादि को काफी नुक्सान हुआ है। उन्होंने बताया कि अब तक शाहपुर विधानसभा में लगभग 40 करोड़ से अधिक का नुक्सान हुआ है, जिसमें लोक निर्माण विभाग 21.75 करोड़, जलशक्ति विभाग 11.75 करोड़, कृषि विभाग 2.74, विद्युत विभाग 1.10 करोड़, स्वास्थ्य विभाग 1.45 करोड़ ,गज प्रोजेक्ट 53 लाख के इलावा अन्य विभागों की योजनाओं को भी काफी नुक्सान हुआ है। उन्होंने कहा उपमंडल के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने इस आपदा के समय में सेवा एवं समर्पण भाव से काम किया है इसके लिए वह सब बधाई के पात्र हैं । विधायक ने कहा कि सभी की सहभागिता और सहयोग से शाहपुर विधानसभा शीघ्र ही मॉडल विधानसभा के रूप में शुमार होगा । उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी मुख्य सड़कों एवं सम्पर्क मार्गों को बहाल करने में जुट जाएं ताकि आवागमन में आमजन को किसी भी तरह की कठिनाई न हो तथा कहीं भी विद्युत व्यवस्था बाधित न हो और यह सुनिश्चित किया जाए कि पेयजल योजनाओं को अतिशीघ्र बहाल किया जाए । केवल पठानिया ने कहा कि प्रदेश सरकार जहां मुख्यमंत्री के कुशल मार्गदर्शन में राहत एवं पुनर्वास में जुटी है वहीं पर शाहपुर ब्लॉक कांग्रेस भी इस पुनीत कार्य में अपना योगदान दे रही है ।उन्होंने आपदा से प्रभावित 6 परिवारों को ब्लॉक कांग्रेस की ओर से 10 -10 हजार के चेक भेंट किये। इस अवसर पर उन्होंने 68 पात्र परिवारों को रिलीफ के अंतर्गत 22 लाख 29 हजार 300 रुपये के चेक भेंट किये ।एसडीएम शाहपुर करतार चंद ने बैठक का संचालन करते हुए कहा कि हम मुख्यमंत्री महोदय के निर्देशानुसार तथा स्थानीय विधायक के मार्गदर्शन में आपदा के इस कठिन समय में जनाकांक्षाओं पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगे । उन्होंने बताया कि पिछले तीन महीनों में प्रदेश सरकार की तरफ से लगभग 30-35 लाख की धनराशि पात्र परिवारों को वितरित की गई है । इस अवसर पर एसडीएम शाहपुर करतार चंद, एसडीएम धर्मशाला धर्मेश रमोत्रा, एसडीएम कांगड़ा सौमिल गौतम, सीएमओ डॉ. सुशील शर्मा ,विधायक की धर्मपत्नी एवं साईंटिफिक ऑफिसर सुनंदा पठानिया बीडीओ कंवर सिंह, डॉ. सुनीत पठानिया, अधिशासी अभियंता जल शक्ति अमित डोगरा, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण सुशील डढवाल,अधिशासी अभियंता गज प्रोजेक्ट सुभाष शर्मा, कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष सुरजीत राणा, उपाध्यक्ष प्रदीप बलोरिया, अजीत महाजन, सरिता सैणी, नप शाहपुर की अध्यक्ष ऊषा शर्मा, उपाध्यक्ष विजय गुलेरिया, पार्षद निशा शर्मा, शुभम, आजाद, किरण कौशल, राजीव पटियाल, संजीव उपाध्याय, पुष्पा जरयाल,जिला कल्याण अधिकारी नरेंद्र जरयाल, बलवीर चौधरी, अश्विनी चौधरी, आईटीआई के प्रधानाचार्य संजीव सहोत्रा, रावमापा शाहपुर के प्रधानाचार्य अनिल जरयाल, नप सचिव प्रदीप दीक्षित, बीएमओ विक्रम कटोच,तहसीलदार शाहपुर राकेश, नायब तहसीलदार राजिंदर पठानिया, कांग्रेस सोशल मीडिया प्रभारी विनय, जिला परिषद सदस्या रितिका शर्मा, नीना देवी, ओंकार चंद, वरयाम सिंह, अजय बबली, सीडीपीओ सन्तोष कुमारी के इलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य प्रतिभा सिंह ने मंडी संसदीय क्षेत्र में भारी बारिश व बाढ़ से प्रभावित सड़को को जल्द बहाल करने के आदेश प्रशासन को दिए हैं। उन्होंने मंडी, कुल्लू के जिला उपायुक्तों से सेब बाहुल क्षेत्रों की संपर्क सड़को को जल्द बहाल करने व ढुलाई कार्य के लिये पर्याप्त ट्रांसपोर्ट व्यवस्था करने को भी कहा है, जिससे बागवानों को कोई समस्या उत्पन्न न हो। प्रतिभा सिंह ने आज यहां कहा कि वह जल्द ही मंडी संसदीय क्षेत्र का व्यापक दौरा करेंगी। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के चलते व सड़कें अवरुद्ध होने की बजह से उन्हें अपना पूर्व प्रस्तावित मंडी दौरा टालना पड़ा। उन्होंने प्रभावित लोगों को आश्वासन दिया है कि प्रदेश सरकार की ओर से राहत व पुन:निर्माण कार्यो में कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के चलते प्रदेश में जानमाल का भारी नुकसान हुआ है। बहुत सड़के टूट गई हैं, भूस्खलन की बजह से अनेक मार्ग बंद पड़े है जिन्हें प्रशासन व लोक निर्माण विभाग खोलने के पूरे प्रयास कर रहा हैं। प्रतिभा सिंह ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सराहना करते हुए कहा है कि वह स्वम् राहत व पुनर्निर्माण पर अपनी नजर रखे हुए है व आवश्यक दिशानिर्देश दे रहें हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने केंद्रीय जोन लोक निर्माण विभाग मण्डी को अतिरिक्त धन उपलब्ध करवाने की मांग भी की है जिससे यहां भूस्खलन से बंद पड़ी सड़को को जल्द बहाल किया जा सकें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनकी इस मांग को अपनी सैधांतिक मंजूरी दे दी हैं। प्रतिभा सिंह ने प्रदेश में प्रारकृतिक आपदा से निपटने के लिए छत्तीसगढ़, राज्यस्थान व कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों का प्रदेश सरकार को राहत राशि देने का आभार व्यक्त किया हैं। उन्होंने कहा है कि इस आपदा की घड़ी में तीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने प्रदेश की जो सहायता की है उसके लिए प्रदेश कांग्रेस सदैब इनकी आभारी रहेगी।
प्रदेश के कुल्लू जिले में बिजली महादेव रोपवे का विरोध तेज हो गया है। मंगलवार को रोपवे के विरोध में लोगों के प्रदर्शन के चलते सुबह से ही दुकानों में ताले लग गए। रोपवे के विरोध में दोपहर 1:30 बजे तक बाजार बंद रखा गया। रामशिला से लेकर ढालपुर तक एक रैली भी निकाली गई। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। सुबह प्रदर्शन के लिए लोगों को लाउडस्पीकर के जरिये सूचित किया गया। यह है लोगों की मांग स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार बिजली महादेव रोपवे बनाने के फैसले से पहले खराहल व कशावरी की जनता से किसी भी तरह की बातचीत नहीं की गई। बिजली महादेव का क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से उभर रहा है। इससे स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार की उम्मीद जगी है। लेकिन रोपवे बनने से स्थानीय लोगों के रोजगार कम होने की संभावना है। दूसरी ओर रोपवे बनाने के लिए सैकड़ों पेड़ काटे जाएंगे जिससे पर्यावरण पर भी दुष्प्रभाव पड़ेगा। रोपवे नहीं बनाने की बात आम हरियानों की बैठक में देववाणी से भी की गई है। फिर भी रोपवे लगाने की सरकार कोशिश कर रही है, जिससे देवता के हारियान भी नाराज हैं और अपना विरोध कर रहे हैं। लोगों की मांग है कि सरकार शीघ्र सड़क को चौड़ा कर दोनों तरफ से बिजली महादेव में जोड़ा जाए ताकि पर्यटकों व जनता को सुविधा मिल सके।
धर्मशाला महाविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इकाई की और से धरना प्रदर्शन किया गया जानकारी देते हुए अभिनव चौधरी इकाई अध्यक्ष धर्मशाला द्वारा बताया गया की एबीवीपी के कार्यकर्ताओं के द्वारा आज धर्मशाला महाविद्यालय के प्रांगण में परदर्शन करने का मुख्य कारण महाविद्यालय की मूलभूत सुविधाओं को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। परिषद ने डिस्पेंसरी, शौचालय तथा कैंटीन आदि की समस्या को लेकर महाविद्यालय प्रधानाचार्य को पिछले माह 26 जुलाई को ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने कहा कि ज्ञापन को दिए हुए एक माह होने वाला है, परंतु महाविद्यालय प्रशासन की ओर से इस पर कोई भी संज्ञान नहीं लिया गया। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि प्रशासन के सर में जूं तक नहीं रेंग रही है तथा यह विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। साथ ही कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदेश सरकार भी तंज कसा गया जिसको लेकर ईकाई अध्यक्ष का कहना है की बीते कुछ दिन पहले महाविद्यालय की कैंटिन का टेंडर हुआ था, परंतु उसे कैंसल कर दिया गया। तथा यह बहाना लगाया गया की इससे प्रशासन को 75 हजार का नुक्सान हो रहा है, जिससे की यह साफ सिद्ध होता है कि महाविद्यालय राजनीति का शिकार हो रहा है। साथ ही उन्होंने कहा की यदि उनकी मांगों को नही माना जाता है तो विद्यार्थी परिषद उग्र प्रदर्शन करेगा।
जिला लाहौल एवं स्पीति के थाना केलांग पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम में एक और आयाम हासिल किया है। दिनांक 21 और 22 की मध्यरात्रि को पुलिस थाना केलांग की टीम ने एएसआई उत्तम चंद की अगुवाई में नाकाबंदी के दौरान मूलिंग पुल के पास एक गाड़ी स्विफट डिजाईर में तलाशी ली। तलाशी के दौरान नेपाली मूल के नागरिक से 270 ग्राम चरस बरामद की। यह जिला पुलिस द्वारा घाटी में पकड़ी गई अब तक की सबसे बड़ी खेप है। आरोपी के खिलाफ एनडीएस की धारा 20 के तहत थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अभियोग का जांच एएसआई उत्तम चंद द्वारा किया जा रहा है।
उपायुक्त राघव शर्मा ने सोमवार को माता चिंतपूर्णी मंदिर में माथा टेका तथा माता चिंतपूर्णी का आशीर्वाद लिया। इसके उपरांत उपायुक्त ने माता चिंतपूर्णी मंदिर में चल रहे श्रावण आष्टमी मेले के लिए की गई व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मंदिर समिति को मेले के दौरान मेला परिसर में साफ-सफाई, मेले के दौरान कानून एवं प्रबंधन के व्यवस्थाओं को ठीक ढंग से बनाए रखने के उचित दिशा-निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त मेलावधि में लोगों द्वारा सड़क किनारे लगाए गए लंगरों में भी साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। इस अवसर पर एसडीएम अम्ब विवेक महाजन, मंदिर अधिकारी अजय सिंह सहित अन्य उपस्थित रहे।
जिला सिरमौर की ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पच्छाद ने आज शिमला में मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 2,21,111 रुपये का चेक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कि इस पुनीत कार्य के लिए वे ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पच्छाद का आभार व्यक्त करते हैं। यह सहायता राशि आपदा की इस घड़ी में प्रभावितों को मदद प्रदान करने में कारगर साबित होगी।
जोगिंद्र बैंक के चेयरमैन मुकेश शर्मा ने ट्यूबरक्लोसिस के 75 मरीजों को हाई प्रोटीन किट का वितरण किया। यह किट सत्य साईं सेवा ट्रस्ट सोलन द्वारा सीएमओ सोलन डॉ. राजन उप्पल और बीएमओ डॉ. उदित रस्तोगी को सौंपी गई। मुकेश शर्मा ने कहा, 'मैं आभारी हूं डॉ. संजय अग्रवाल और ट्रस्ट के सभी पदाधिकारियों का, जिन्होंने इस पुनीत कार्य में मुझे शामिल होने का सुअवसर प्रदान किया।'
कहा-केंद्र सरकार ने पिछले 9 वर्षों में गरीब कल्याण के लिए किया काम भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने पिछले 9 वर्षों में गरीब कल्याण के लिए काम किया, जिसका परिणाम है कि करोड़ों-करोड़ों लोग गरीबी रेखा को पार कर लोअर मिडल क्लास में प्रवेश किए हैं। 43 करोड़ गरीबों के जनधन खाते खुलवाए, 50 करोड़ गरीब लोगों को आयुष्मान भारत के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा का लाभ दिया, लगभग 20 करोड़ किसानो के खाते में पिछले तीन वर्षों से 6000 प्रतिवर्ष डालकर किसानो को सम्मान दिया। करोड़ों गरीबों को घर दिए, पीने का स्वच्छ पानी दिया और स्वरोजगार के साधन दिए। किसानों को 10 लाख करोड़ रू यूरिया की सबसिडी दी, 10 करोड़ बहनों को स्वयं सहायता समूह से जोड़कर सहयोग पहुंचाया। इस प्रकार की अनेकों योजनाओं के माध्यम से गरीब कल्याण के 9 वर्ष रहे जिसमें भारत आर्थिक दृष्टि से, सामरिक दृष्टि से, राजनीतिक दृष्टि से मजबूत हुआ। 15 अगस्त, 2023 को लाल किले की प्राचीर से पीएम नरेेंद्र मोदी ने देश को गारंटी दी कि 10 साल में भारत को 10वें स्थान से उठाकर 5वीं आर्थिक महाशक्ति बनाया है और अब अगले 5 साल में दुनिया की तीसरी आर्थिक महाशक्ति बनाऊंगा। इसके लिए मोदी ने देश के कारीगरों, हुनरमंदों को मजबूत करने का फैंसला लिया। कुम्हार, सुनार, चरमकार, बढ़ई, मिस्त्री, वाशरमैन, बार्बर, मूर्तिकार आदि जितने प्रकार के कारीगर हैं उन सभी को मजबूत करने के लिए पहले चरण में भगवान विश्वकर्मा के नाम पर प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना शुरू की गई। 13 हजार करोड़ रुपये पहले चरण में इसके लिए आबंटित कर दिये गये। यह योजना गरीब समाज के उत्थान के लिए बड़े साधन के रूप में बढ़ेगी। डिजीटल इंडिया पर पिछले 9 वर्षों से काम चल रहा है इसी कड़ी में 15 हजार करोड़ व्यय करके 6 लाख बेरोजगारों के हुनर को बढ़ाया जाएगा। अगले 5 साल मेें महिलाओं के स्वयं सहायता समूह को मजबूत करते हुए रोजगार के करोड़ों-करोड़ों अवसर तैयार किए जाएंगे। गरीब कल्याण की और किसानों के कल्याण की सभी योजनाओं को विस्तार दिया जाएगा। मोदी का लक्ष्य परिवारवाद, भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण तीन बुराइयों को समाप्त करना है और डैमोग्राफी, डैमोक्रेसी, डाईवर्सिटी के माध्यम से देश के विकास को सुनिश्चित करना है। बिंदल ने कहा की केंद्र की मोदी सरकार पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के साथ खड़ी है, पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत शिल्पकारों के उत्पादों और सेवाओं की गुणवत्ता बड़ेगी। छोटे कारीगरों को घरेलू व वैश्विक बाजार में जगह मिलेगी। इस योजना के अंतर्गत पहले चरण के 18 पारंपरिक व्यवसायों को शामिल किया जाएगा।
थाना धर्मपुर में रविंद्र प्रताप सिंह ने 21 अगस्त को शिकायत दर्ज करवाई कि कि 19 अगस्त को धर्मपुर कॉलेज में एक ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की गई थी और परीक्षा के बाद परीक्षा प्राधिकरण द्वारा सभी प्रयोगशालाओं व बाहर के दरवाजों को लॉक कर दिया गया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि जब परीक्षा होनी थी तो बाहर के दरवाजे का ताला खुला हुआ था। साथ ही लैब का दरवाजा भी खुला था तथा अंदर से एक सेंटरल प्रोसेसिंग यूनिट गायब था। शिकायत पर थाना में आईपीएस की धारा 454,380 में अभियोग दर्ज किया गया, जिसकी तफ्तीश में कई लोगों से पूछताछ की गई और सीसीटीवी फ़ुटेज भी चेक की गई। जांच-पड़ताड़ करने पर पता चला कि कॉलेज के सिक्योरिटी गार्ड ने इस चोरी की घटना को अंजाम दिया है। आरोपी को गिरफ्तार करके उसके कमरे की तलाशी ली गई जो इसके कमरे से चोरीशुदा सेंटरल प्रोसेसिंग यूनिट को बरामद किया गया। आरोपी की पहचान विरेंदर सिंह पुत्र मदन सिंह गांव चबयोगा मझेड़ तहसील पच्छाद, लिजा सिरमौर के रूप में हुई है। इसके साथ ही यह पता चला कि यह आरोपी अपने स्तर पर ही देसी शराब लाहन भी बनाता है और उसे कॉलेज छात्रों आदि लोगों को भी बेचता है। उसके पास से 15 लीटर देसी लाहन भी बरामद की गई। आरोपी के खिलाफ एक्साइज एक्ट के अंतर्गत भी कार्रवाई की गई है।
चंबा जिले के कुठेड हाइड्रो प्रोजेक्ट में मजदूरी करने वाला युवक काम पर जाते समय अचानक सड़क से लुढ़क कर रावी नदी में जा गिरा और उसकी मौत हो गई। मृृतक की पहचान 20 वर्षीय विशाल कुमार निवासी सलूणी के तौर पर हुई है। बहरहाल पुलिस चौकी होली से एक टीम ने मौके पर पहुंच कर शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया है। परिजनों के मौके पर पहुंचने के बाद आगामी प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। पता चला है कि बीती रात विशाल कुमार प्रोजेक्ट की एडिट वन की तरफ अपनी ड्यूटी के लिए अन्य साथियों के साथ जा रहा था। इस दौरान पानी की बोतल लेने के लिए वह बीच रास्ते से अपने कमरे की तरफ लौट गया। आरंभिक पुलिस छानबीन में पता चला है कि विशाल मोबाइल देखता हुआ ड्यूटी स्थल की ओर जा रहा था। लिहाजा आशंका जताई जा रही है कि इस दौरान वह अनियंत्रित होकर प्रोजेक्ट की साइट पर स्थित सडक़ से नीचे की ओर लुढक़ गया और रावी में जा पहुंचा। जब उसके साथियों को विशाल के ड्यूटी पर न पहुंचने का पता चला, तो उन्होंने तलाश आरंभ कर दी। साथ ही पुलिस को भी इस बाबत सूचना दी। बताया जा रहा है कि इस दौरान उसका शव रावी नदी में दिखा। जिस पर पुलिस ने मौके पर मौजूद वर्करों की मदद से शव को नदी से बाहर निकाला और अपने कब्जे में लिया। बहरहाल शव को होली स्थित सामुदायिक अस्पताल ले जाया गया है और परिजनों के आने का इंतजार किया जा रहा है।
कुल्लू-मंडी नेशनल हाईवे पर पंडोह डैम के पास अस्थायी लिंक बारिश के कारण बंद हो गया है। करीब 600 वाहन कैंची मोड़ से लेकर जोगनी माता मंदिर तक फंस चुके हैं। इसी प्रकार दूसरी तरफ पंडोह, 9 मील तथा 4 मील में करीब 700 वाहन कुल्लू जाने के लिए रुके हुए हैं। सड़क खुलने की कोई निश्चित समय सीमा नहीं दी जा सकती, जो कि मौसम पर निर्भर करता है। अभी कुल्लू से मंडी जाने वाले वाहनों के लिए बजौरा से कमांद को ट्रैफिक छोड़ा जा रहा है औट तथा कैंची मोड़, जोगनी माता मंदिर तक फंसे वाहनों,लाइट मोटर वाहन चालकों से गुजारिश है कि वह बजौरा से कमांद होते हुए मंडी को निकल जाएं, वहीं पंडोह से मंडी तक नेशनल हाईवे की मेंटेनेंस के चलते सडक़ रोजाना 11 से 2 बजे यानी तीन घंटे बंद रहेगी। यह जानकारी एएसपी मंडी सागर चंद्र ने दी।
क्रिकेट प्रेमी बुक माई शो वेबसाइट पर करवा सकते हैं बुकिंग भारत और न्यूजीलैंड मैच की टिकटों की बुकिंग एक सितंबर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला में अक्तूबर में होने वाले आईसीसी वनडे विश्वकप के मैचों की टिकटें क्रिकेट प्रेमी बुक माई शो वेबसाइट पर बुक करवा सकते हैं। 25 अगस्त से आईसीसी की ओर से बुक माई शो पर टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग शुरू की जाएगी। क्रिकेट प्रेमी भारतीय टीम के मैच को छोड़कर अन्य टीमों के मैचों की टिकटें ऑनलाइन बुक करवा सकते हैं। भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले मैच के लिए टिकटों की बुकिंग आईसीसी की ओर एक सितंबर से शुरू की जाएगी। टिकटों के रेट आईसीसी की ओर से अगले दो दिन में जारी किए जाएंगे। आईसीसी की ओर देश में होने वाले वनडे विश्व कप के मैचों की टिकटों की ब्रिकी का शेड्यूल पहले ही जारी कर दिया गया था। भारतीय टीम के मैचों की टिकटों की बुकिंग को छोड़कर अन्य टीमों के मैचों को टिकटों की सेल 25 अगस्त शुरू करने जानकारी दी थी। वहीं, धर्मशाला में होने वाले भारतीय टीम के मैच के लिए टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग मुंबई और लखनऊ के साथ एक सितंबर से होगी। 5 क्रिकेट मैच खेले जाने हैं धर्मशाला में धर्मशाला स्टेडियम में आईसीसी वनडे क्रिकेट विश्व कप के पांच मुकाबले खेले जाने हैं। जिसमें पहला मुकाबला 7 अक्तूबर को बांग्लादेश और अफगानिस्तान के बीच खेल जाएगा। 10 को बांग्लादेश और इंग्लैंड, 17 को दक्षिण अफ्रीका-नीदरलैंड, 22 को भारत-न्यूजीलैंड और 28 को न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच भिड़ंत होगी। अवनीश परमार, सचिव, एचपीसीए ने बताया कि क्रिकेट प्रेमी धर्मशाला में होने वाले मैचों के लिए टिकटों की बुकिंग ऑनलाइन बुक माई शो वेबसाइट पर कर सकते हैं। 25 अगस्त से भारत के मैच को छोड़कर अन्य टीमों के मैचों की टिकट की बुक की जा सकती हैं। भारत और न्यूजीलैंड मैच की टिकटों की बुकिंग एक सितंबर से शुरू होगी। एक या दो दिन में आईसीसी की ओर से टिकटों की कीमतें में भी जारी कर दी जाएगी।
हिमाचल सरकार ने ग्रुप सी और डी यानी क्लास 3 और क्लास 4 कर्मचारियों के तबादलों से बैन हटा दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देश के अनुसार 21 अगस्त से 31 अगस्त और फिर 20 सितंबर से 30 सितंबर के बीच प्रतिबंध हट जाएगा। इस दौरान संबंधित कैबिनेट मंत्री ट्रांसफर आर्डर कर सकेंगे। इसके बाद फिर से प्रतिबंध लागू हो जाएगा। ट्रांसफर बैन की अवधि में सिर्फ मुख्यमंत्री को ही तबादला आदेश जारी करने का अधिकार है। सोमवार को जारी आदेशों के अनुसार सभी प्रशासनिक सचिवों, विभाग अध्यक्षों, मंडल युक्त और जिला उपायुक्तों को ये निर्देश भेजे गए हैं। इसके अनुसार संबंधित मंत्री 3 साल का स्टे पूरा करने वाले कर्मचारियों के आवेदनों पर ही विचार करेंगे, लेकिन यदि प्रशासनिक जरूरत है तो 2 साल एक स्टेशन पर पूरा करने वाले कर्मचारी भी तबादले के लिए कंसीडर किए जा सकेंगे। ये तबादले कुल कैडर के 3 फ़ीसदी से ज्यादा नहीं होंगे। यदि तबादले का आवेदन कंप्रिहेंसिव गाइडिंग प्रिंसिपल 2013 के अनुसार नहीं है, तो मुख्यमंत्री को मामला अनुमति के लिए भेजना होगा। तबादला आदेश करती बार संबंधित विभाग अध्यक्ष को यह भी ध्यान होगा कि आपदा राहत और पुनर्वास के कामों में लगे कर्मचारियों के तबादले न हों।
निगम की बसों में पहली बार बिना यात्री भी भेज सकेंगे सामान हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) निगम प्रबंधन ने लोगों की सुविधा, आय बढ़ाने और परिचालकों की मनमानी रोकने के लिए बसों में ले जाने वाले सामान के टिकट की दरें तय की हैं। सब्जी, फल, फूल सहित लोग अब ऑफिस और डाइनिंग चेयर, टेबल, सोफा सेट, बेड बॉक्स और अलमारी भी निगम की बसों पर ले जा सकेंगे। नई दरों में निगम की बस में अब लैपटॉप व वॉशिंग मशीन का फुल और अलमारी का डबल टिकट कटेगा। यात्री अब सफर के दौरान बिना अतिरिक्त किराया चुकाए 30 किलो घरेलू सामान या दो बैग साथ ले जा सकेंगे। इसके अलावा बसों में पहली बार बिना यात्री सामान भेजने की सुविधा मिलेगी। 40 किलो का आधा टिकट और 80 किलो का पूरा टिकट बनता था। अब 30 किलो से अधिक सामान के लिए 15 किलो का एक चौथाई टिकट लेना होगा। पहले 25 किलो पर एक चौथाई टिकट लेना होता था। सेब का हाफ बॉक्स मुफ्त जाएगा। फुल बॉक्स के लिए आधा टिकट लगेगा। बिना यात्री हाफ बॉक्स के लिए आधा टिकट, फुल बॉक्स के लिए पूरा टिकट लगेगा। अब तक एक यात्री अपने साथ सेब का एक फुल बॉक्स मुफ्त ले जा सकता था। पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, एसिड, गन पाउडर, गुटका, पान मसाला सहित 25 अन्य सामान ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। यात्री के साथ दो लैपटॉप मुफ्त और बिना यात्री के पूरे टिकट के पैसे देने होंगे। यात्रियों को सुविधा मिलेगी, आय भी बढ़ेगी एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर ने बताया कि यात्रियों की सुविधा, आय में बढ़ोतरी और गड़बड़ी करने वालों पर नकेल के लिए व्यवस्था लागू की है। कुछ लोग बिना यात्रा किए बसों से सामान भेजते हैं, लेकिन निगम को इससे आय नहीं हो रही, अब यात्री साथ हो या न हो सामान की टिकट अनिवार्य होगी। बिना टिकट सामान मिला तो कंडक्टर ड्राइवर नपेंगे नई व्यवस्था के तहत अब अगर बस में बिना टिकट सामान मिला कंडक्टर, ड्राइवर पर कार्रवाई होगी। दोषी पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। सवाल : बिना कैरियर बसों में कैसे जाएगा सामान? दिल्ली सहित अन्य लंबी दूरी के रूटों पर निगम की बिना कैरियर वाली बीएस-6 बसें संचालित की जा रही हैं। इन बसों में छोटी डिग्गी की सुविधा है ऐसे में लंबी दूरी के लिए भारी सामान का परिवहन कैसे होगा यह बड़ा सवाल है।
राज्यपाल से मिले नेता प्रतिपक्ष, प्रदेश में बाढ़ से उपजे हालात पर की चर्चा नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार कह रही है कि आपदा पर राजनीति नहीं होनी चाहिये लेकिन यह बात उनके आचरण में कहीं दिखाई नहीं दे रही हैं। केंद्र सरकार हिमाचल की हर प्रकार से मदद कर रहा है और राज्य सरकार कह रही है कि केंद्र कोई मदद नहीं कर रहा है। यह उचित बात नहीं है। राज्य सरकार अपनी मांगे रखे, ज़्यादा नुक़सान हुआ है तो ज़्यादा मदद मिलनी चाहिए, यह मांग करना राज्य सरकार का अधिकार है। इसके साथ ही राज्य सरकार यह भी बताए की केंद्र की तरफ़ से क्या सहयोग मिला है। उन्हें बताना चाहिए कि उन्होंने आपदा प्रभावितों के लिए क्या किया है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आज महामहिम राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से शिष्टाचार भेंट की। दोपहर बारह बजे वह राज भवन पहुंचे। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश में आपदा से उपजे हालात पर चर्चा की। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश की हर प्रकार मदद की जा रही है। राहत और बचाव कार्य से लेकर रोड इन्फ़्रास्ट्रक्चर सही करने में केंद्र पूरा सहयोग कर रहा है। बीते कल ही 200 करोड़ रुपये की चौथी किश्त केंद्र सरकार द्वारा जारी कि गई है। इसके पहले ही 554 करोड़ रुपये केंद्र सरकार द्वारा आपदा राहत के लिए जारी किया जा चुका है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुख्यमंत्री और मीडिया के सामने कह चुके हैं कि केंद्र हिमाचल की हर मदद करेगा। इसके बाद भी राज्य सरकार का यह कहना कि केंद्र से कोई सहयोग नहीं मिला, आपदा राहत में जुटे लोगों का भी अपमान है। कांग्रेस के विधायक कर रहे विधानसभा के सत्र की मांग नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विधान सभा का सत्र बुलाना राज्य सरकार पर निर्भर करता है। सरकार जब चाहेगी हम तैयार हैं। मानसून सत्र 15 अगस्त तक हो जाता है। कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक स्वयं विधान सभा सत्र की माँग कर रहे हैं। यह बातें उन्होंने महामहिम से मुलाक़ात के बाद पत्रकारों द्वारा पूछे गये सवाल के जवाब में कही। केंद्र ने ग्राम सड़क योजना के तहत दिए 2643 करोड़ नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चरण-3 के तहत हिमाचल प्रदेश को 2643 करोड़ रुपये दिये हैं। इस स्वीकृत राशि से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों की लगभग 2,683 किलोमीटर लंबी 254 सड़कों के विस्तारीकरण और दुरुस्तीकरण का काम होगा। क्या यह सब सहयोग नहीं हैं।
पुलिस महानिदेशक हिमाचल प्रदेश शिमला संजय कुंडू ने आज मां ज्वालामुखी के दरबार श्रावण अष्टमी के पांचवें नवरात्रि में व्यवस्था का निरीक्षण किया और पुलिस विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी जारी किए। उन्होंने विधि पूर्वक मां ज्वालामुखी की पूजा अर्चना की और मां का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस मौके पर उनके साथ मंदिर अधिकारी अनिल कुमार ,मंदिर न्यास ज्वालामुखी के सदस्य जितेश शर्मा, कपिल शर्मा ,पुजारी प्रवीण शर्मा, अन्य कई लोग उपस्थित थे। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिस के अधिकारियों कर्मचारियों से आवश्यक जानकारी हासिल की और नवरात्रों में बेहतर सामंजस्य बनाए रखने के लिए निर्देश जारी किए। मंदिर न्यास ज्वालामुखी के सौजन्य से उन्हें माता की चुनरी फोटो और प्रसाद भेंट कर सम्मानित किया गया।


















































