** रिसेप्शन पर पहले आएगी मेल, तभी मिलेगी मंजूरी हिमाचल में अगर आम लोगों को मुख्यमंत्री से कोई काम है तो वे सचिवालय आने के कार्यक्रम को स्थगित कर दें। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू आधिकारिक व्यस्तताओं के कारण आज आम जनता की समस्याएं नहीं सुन पाएंगे। ये जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी की गई है। सीएम सुक्खू हर शुक्रवार को आम जनता से मिलकर उनकी समस्याओं को सुनते हैं। ऐसे में इस दिन प्रदेश भर के लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री से मिलने के लिए सचिवालय आते हैं। बता दें कि सीएम कार्यालय में सप्ताह भर लोगों की भीड़ न जुटे, इसलिए लोगों की सुविधा के लिए सचिवालय में बुधवार और शुक्रवार को खुला दरबार लगाने की व्यवस्था की गई है। इस दौरान बुधवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू कांग्रेस संगठन से जुड़े लोगों से मिलते हैं और शुक्रवार को सीएम आम जनता से मिलकर उनकी समस्याओं को सुनते हैं। हिमाचल प्रदेश सचिवालय में आम जनता के प्रवेश के नियम बदल गए हैं। सचिवालय में रोजाना जुटने वाली अत्याधिक भीड़ को देखते हुए अब मंत्रियों और मुख्य संसदीय सचिवों से कार्यालयों में मिलने के लिए लोगों को पहले अनुमति लेनी होगी। इसके लिए मिलने आने वाले लोगों को पहले रिसेप्शन से संबंधित मंत्री या सीपीएस व अन्य अधिकारियों की शाखा को फोन करना होगा। इस दौरान अगर किसी से मिलना जरूरी होगा तो प्रवेश के लिए संबंधित कार्यालय से ईमेल भेजी जाएगी। इस औपचारिकता को पूरा करने के बाद ही सचिवालय में प्रवेश के लिए पास जारी किया जाएगा। ये व्यवस्था सुबह 10 से दोपहर बाद 1 बजे तक लागू रहेगी। इसके बाद मिलने वाले लोगों के लिए पहले की तरह ही पास बनेंगे। प्रदेश सचिवालय में लोगों की रोजाना अत्यधिक भीड़ जुटती है। इसमें बहुत से लोग तो मंत्रियों और सीपीएस से जरूरी काम होने पर ही सचिवालय आते हैं, लेकिन ऐसे भी कई लोग हैं जो रोजाना अनावश्यक ही सचिवालय के अंदर और बाहर चक्कर काटते हैं। ऐसे में बेकार ही सचिवालय की शाखाओं में घूमने से काम प्रभावित होता है। इसको देखते हुए सचिवालय प्रशासन विभाग ने नई व्यवस्था को लागू किया है, जिसमें रिसेप्शन से फोन कर पहले प्रवेश के लिए मंजूरी लेना जरूरी है। मुख्यमंत्री के सलाहकारों, ओएसडी से भी मुलाकात के लिए भी नई व्यवस्था के अंतर्गत प्रवेश दिया जाएगा।
** पंचायत कार्यो में इस्तेमाल किया जा रहा था अवैध रेत व पत्थर ब्लाक खंड परागपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत बठरा में गुरुवार को अचानक खनन विभाग की हुई बड़ी कार्यवाई ने यहां इलाके भर मे खलबली मचा दी है। मसलन इन दिनो ग्राम पंचायत बठरा के तहत चल रहे मनरेगा के निर्माण कार्य पर सरकारी नियमों को ताक पर रख कर अवैध रुप से रेता व पत्थर खुलेआम इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसपर खनन विभाग ने मौके पर पहुंचकर बडी कार्यवाई करते हुए वहां माजूद करीब 20 टन से भी ज्यादा अवैध खनन से इकट्ठी की गई सामग्री को भी कब्जे मे लिया है। ऐसे मे उपरोक्त ग्राम पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना लाजमी है, जानकारी देते हुए माइनिंग इंस्पेक्टर ब्लॉक परागपुर अश्वनी कौंडल ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली थी कि बठरा पचायत मे हो रहे मनरेगा के निर्माण कार्यों पर कुछ समय से लगातार गलत मटेरियल लगाया जा रहा है, जिसपर विभाग ने अब कार्यवाई अमल में लाई है। विभाग को मौके पर 20 टन के लगभग ऐसी सामग्री मिली है जो कि सरकारी मापदन्डो के अनुसार इस्तेमाल नहीं की जा सकती है। बताया जा रहा है कि यहां मनरेगा के निर्माण कार्य पर नजदीकी खड्ड के पत्थर व समीपवर्ती डैम का रेता लाकर लगाया जा रहा था, जिसकी शिकायत स्थानिय ग्रामीणो ने माईनिग विभाग से की है और विभाग ने तुरंत कार्यवाई करते हुए उपरोक्त पचायत पर नियमो अनुसार कार्यवाई की है। गौरतलब रहे बठरा पंचायत इससे पहले भी सवालो के घेरे मे आ चुकी है। यहां मनरेगा मे फर्जी हाजरी लगाने का मामला भी सामने आया था, जिसको लेकर विभागीय अधिकारी नियमो अनुसार कार्यवाई कर चुके है। उधर,इस संबंध में बठरा पंचायत की प्रधान सुनीता कुमारी से बात की गई तो उन्होंने बताया जो निर्माण कार्य के लिए पत्थर लगाया जा रहा है, इसकी मुझे जानकारी नहीं है, इसके बारे में उप प्रधान से पूछा जाए और जो रेता निर्माण कार्य में लगाया जा रहा है इस बारे में ट्रैक्टर वाले को हमने क्रेशर से रेता लाने के लिए कहा था। उसने खड्ड का रेता निर्माण कार्य के लिए भेजा है उसके विरुद्ध उचित कार्रवाई की जा रही है।
** अजय गुलेरिया ने थाने में सौंपा शिकायत पत्र देहरा उपमंडल के तहत पड़ते ख़बली बरवाड़ा के स्थानीय निवासी अजय गुलेरिया को वीरवार सुबह एक अज्ञात नम्बर से धमकी भरा फोन आने के बाद उन्होंने देहरा थाना में इसकी शिकायत दी है। आपको बता दें इन दिनों हिमाचल में अज्ञात नम्बर से स्थानीय लोगो को फोन आ रहे हैं, जिसमे धमकी भरे अंदाज में लोगो से बात की जा रही हैं। इसी संदर्भ में अजय गुलेरिया को लगभग तीन दिन पहले व आज उनकी माता को किसी अज्ञात नम्बर से कॉल आया, जिसमें वह व्यक्ति धमकी भरे अंदाज में बात कर रहा था। इस संदर्भ में बात करते हुए अजय गुलेरिया ने बताया कि उन्होंने एक शिकायत पत्र देहरा थाना में दिया है, जिस नम्बर से उन्हें फोन आया है उसकी डिटेल भी दे दी गई है। वहीं थाना प्रभारी देहरा संदीप पठानिया ने कहा कि एक शिकायत पत्र उनके पास पहुंचा है और पुलिस कार्यवाई कर रही है।
राजकीय उत्कृष्ट विद्यालय डाडा सीबा में एसएमसी कमेटी का गठन किया गया। यह गठन सत्र 2024-26 के लिए वीरवार को स्कूल के प्रधानाचार्य सुदर्शन कुमार की अध्यक्षता में चुनाव द्वारा किया गया, जिसमें अजय कुमार, बबीता कुमारी व संजीव कुमार के बीच वोटिंग हुई, जिसमें अजय कुमार को एक तरफा मुकाबले में विजयी घोषित किया गया। इस मुकाबले में टोटल 90 मत पड़े, जिसमें अजय कुमार को 67 मत पडे़ और बबीता कुमारी को 15 मत व सजीब कुमार को 7 मत पडे़। वहीं, नवनियुक्त एसएमसी प्रधान अजय कुमार ने कहा कि स्कूल में कोई भी समस्या न आए इसका प्रयास किया जाएगा। स्कूल प्रबंधन के साथ मिलकर विद्यालय व छात्रों के उत्थान के लिए कार्य किया जाएगा। एसएमसी कमेटी प्रधान बनने पर प्रधानाचार्य सुदर्शन कुमार ने समस्त नई कमेटी को बधाई दी। कमेटी की नई कार्यकारिणी साक्षी, राकेश कुमार शर्मा, पबन, अवतार सिंह, होशियार सिंह, अश्विन सपेहिया, राशि, पूजा, रमेश कुमार, अरविंद कुमार, अंजना कुमारी, सुनील कुमार, राजेंद्र पाल ,बबीता कुमारी व विनय सपेहिया इस नई कार्यकारिणी के सदस्य बने।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू ने रविवार 25 अगस्त को कैबिनेट की मीटिंग बुलाई है। विधानसभा के मानसून सत्र से पहले इस मीटिंग को बुलाया गया है। इसमें मानसून सत्र में पेश होने प्रस्तावित विभिन्न विधायकों को लेकर चर्चा की जा सकती है। माना जा रहा है कि कैबिनेट में विधेयकों के अलावा कर्मचारियों-पेंशनर के लंबित महंगाई भत्ते डीए व एरियर को लेकर भी चर्चा हो सकती है। वहीं, आपदा से जिन परिवारों को भारी नुकसान हुआ हैं, उनके राहत एवं पुनर्वास के लिए राहत पैकेज का भी कैबिनेट में ऐलान हो सकता है। इसी तरह विभिन्न विभागों में भर्तियों को भी मंजूरी मिल सकती है। कैबिनेट में विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर भी चर्चा हो सकती है। बता दें कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 27 अगस्त से शुरू हो रहा है जो नौ सितंबर तक चलेगा।
शिमला जिले की फल मंडियों में सेब की आवक बढ़ना शुरू हो गई है। इसके चलते दाम में गिरावट आई है। एक हफ्ते में सेब के दाम 600 से 700 रुपये प्रति पेटी तक गिरे हैं। भट्ठाकुफर फल मंडी में एक हफ्ता पहले ए ग्रेड के सेब की पेटी 2400 से 3600 रुपये तक बिक रही थी। बुधवार को फल मंडी में यही सेब दो हज़ार से 2,800 रुपये प्रति पेटी तक बिका। दाम में गिरावट से बागवान निराश हैं। भट्ठाकुफर फल मंडी में ठियोग से सेब की खेप लेकर आए बागवान रोहन नेगी ने बताया कि निचले और मध्यम इलाकों वाले सेब को हर वर्ष बेहतर दाम मिलते हैं। जब तक ऊंचाई वाले इलाकों में सेब सीजन शुरू होता है तो दाम नीचे गिर जाते हैं। इससे बागवानों को उनकी मेहनत का पैसा नहीं मिल पाता। बागवान सुरेश ने बताया कि सूखा पड़ने से इस साल सेब की पैदावार बहुत ज्यादा प्रभावित हुई है। दूसरी ओर सीजन शुरू होने के बाद फसल के बेहतर दाम नहीं मिल रहे हैं। एक साल में एक पेटी के ऊपर खाद, स्प्रे से लेकर लेबर तक का करीब 750 रुपये का खर्चा आ जाता है। आढ़तियों के अनुसार इन दिनों फल मंडी में सबसे ज्यादा रॉयल सेब की खेप पहुंच रही है। वहीं इसके अलावा गोल्डन, स्पर और गाला सेब भी मंडी में आ रहा है। एपीएमसी के अनुसार भट्ठाकुफर फल मंडी में एक हफ्ता पहले 15 से 17 हजार सेब की पेटी मंडी पहुंच रही थी, वहीं बुधवार को मंडी में 23 से 24 हजार सेब की पेटी पहुंची है। आने वाले दिनों में आवक में बढ़ोतरी होनी की उम्मीद है। फल मंडी में एक हफ्ते में सेब की आवक में बढ़ोतरी देखने को मिली है। आवक के मुकाबले मंडी में ग्राहक भी नहीं आ रहे हैं। इसके चलते दामों में 500 से 600 रुपये की गिरावट आई है।
हिमाचल प्रदेश में अब प्राइमरी और मिडल के बाद अब हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में भी शिक्षकों का युक्तीकरण शुरू होगा। नवीं से बारहवीं कक्षा वाले स्कूलों से आवश्यकता से अधिक नियुक्त शिक्षक शिफ्ट किए जाएंगे। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने उच्च शिक्षा निदेशालय से इसी माह सरप्लस शिक्षकों की सूची मांगी है। इसके अलावा पांच से कम विद्यार्थियों की संख्या वाले हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूल मर्ज करने को लेकर भी विचार शुरू हो गया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि विद्यार्थियों की कम संख्या वाले उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों से कई विषय शिफ्ट होंगे। उच्च शिक्षा निदेशालय ने जिला उपनिदेशकों से विद्यार्थियों के दाखिलों का ब्योरा एकत्र कर लिया है। विषयवार और कक्षावार नामांकन की अलग-अलग से जानकारी भी ली गई है। कई वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में कुछ विषयों में विद्यार्थियों का नामांकन बहुत कम है। ऐसे विषयों को साथ लगते अधिक विद्यार्थियों की संख्या वाले स्कूलों में शिफ्ट करने का विचार है। कम विद्यार्थियों की संख्या वाले स्कूलों से संबंधित विषयों के शिक्षकों को आवश्यकता वाले स्कूलों में तैनाती दी जाएगी। उच्च शिक्षा निदेशालय ने प्रवक्ता स्कूल न्यू, डीपीई सहित गैर शिक्षकों का युक्तीकरण करने का फैसला लिया है। इसके अलावा जिन स्कूलोंं में विद्यार्थियों के दाखिले कम हैं, ऐसे स्कूलों को मर्ज करने का प्रस्ताव भी बनाया जाएगा। विद्यार्थियों की कम संख्या वाले प्राथमिक और मिडल स्कूलों की तर्ज पर वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल भी साथ लगते स्कूलों में मर्ज किए जा सकते हैं। बता दें कि बीते दिनों ही प्रदेश सरकार ने विद्यार्थियों की शून्य संख्या वाले 99 स्कूल बंद करने का फैसला लिया है। पांच या पांच से कम विद्यार्थियों की संख्या वाले 419 प्राथमिक और मिडल स्कूल मर्ज करने का निर्णय हुआ है। इन स्कूलों को दो से तीन किलोमीटर के दायरे वाले स्कूलों में मर्ज किया जा रहा है।
धर्मशाला, 21 अगस्त। समाज के लिए अपना सहयोग देने की इच्छा रखने वाले बुजुर्ग नागरिकों और सेवानिवृत कर्मचारियों के लिए अब वरिष्ठ मंडल बनाए जाएंगे। महिला मंडल और युवा मंडलों की तर्ज पर ग्रामीण स्तर पर बुजुर्ग नागरिकों के लिए वरिष्ठ मंडल का गठन किया जाएगा। वरिष्ठ नागरिक दिवस के उपलक्ष्य पर आज बुधवार को क्षेत्र के बुजुर्ग नागरिक और गैर सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक में एडीएम कांगड़ा डॉ. हरीश गज्जू ने यह बात कही। डीसी ऑफिस धर्मशाला में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए एडीएम ने कहा कि कई ऐसे सेवानिवृत कर्मचारी और बुजुर्ग हैं जो समाज के लिए अभी भी अपना योगदान देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के अनुभव और उपलब्धता का लाभ लेते हुए अनेक प्रकार के सामाजिक कार्यों में उनका सहयोग और मार्गदर्शन लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक गतिविधियों में बुजुर्गों की भागीदारी से जहां एक तरफ वे सक्रिय रहेंगे, वहीं उनके अनुभवों से हमें आपदाओं से निपटने में सहायता मिलेगी। उन्होंने बताया कि आपदा के दौरान खतरे के न्यूनीकरण और तैयारियों के लिए स्वयंसेवियों की बहुत कमी देखने को मिलती है। कई युवा शिक्षा और बेहतर रोजगार के अवसरों की तलाश में अपने क्षेत्रों से बाहर जाते हैं। इस संदर्भ में, सेवानिवृत्त बुजुर्ग आशा की किरण के रूप में उभर सकते हैं। बकौल एडीएम, बुजुर्गों के पास अनुभव का खजाना है, क्षेत्र से गहरा जुड़ाव है, और सामाज की बेहतरी के लिए प्रतिबद्धता है, जो आपदा प्रबंधन और तैयारियों की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण हो सकती है। वरिष्ठ मंडल के गठन से सेवानिवृत्त लोगों के कौशल, ज्ञान और समर्पण का उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के व्यापक जीवन अनुभव और स्थानीय भुगोल की समझ को आपदा प्रबंधन के लिए स्थानीय स्तर पर उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक गतिविधियों में बुजुर्गों की भागीदारी स्थानीय निवासियों को संगठित कर सकती है और आपदा की तैयारियों में सामुदायिक भागीदारी को बढ़ा सकती है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के पारंपरिक ज्ञान और अनुभव का लाभ उठाते हुए वरिष्ठ मंडलों द्वारा लोगों को आपदा प्रबंधन को लेकर जागरूक भी किया जा सकता है। इसके लिए आपदा जोखिम न्यूनीकरण और तैयारियों को लेकर वरिष्ठ मंडल सार्वजनिक सेमिनार, सामुदायिक अभ्यास, सूचना अभियान तथा स्थानीय स्कूलों और संगठनों के साथ मिलकर कार्यक्रम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य सामाजिक देखभाल, स्वास्थ्य सेवा, पर्यावरण संबंधी मुद्दों और आपदा प्रबंधन जैसी प्रमुख सामाजिक चुनौतियों का समाधान करने में बुजुर्गों को सक्रिय रूप से शामिल करना है। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण और अन्य सामाजिक गतिविधियों में बुजुर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। इस दौरान सेवानिवृत प्रो. अंजन कालिया, डॉ. रजिका, अनीता शर्मा, हरजीत भुल्लर सहित अन्य हितधारकों ने भी वरिष्ठ मंडल और सामाजिक गतिविधियों में बुजुर्गों की सहभागिता पर अपने विचार रखे।
कांगड़ा: केंद्रीय संस्कृत विश्विद्यालय बलाहार के विभाग द्वारा राजकीय महाविद्यालय डाडा सिबा में संस्कृत वस्तु एवं विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य की अध्यक्षता में किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृत विश्विद्यालय के साहित्य विभाग के सहायक प्रवक्ता पंकज ने संस्कृत भाषा के महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला और नित्यौपयोगी वस्तुओं की प्रदर्शनी लगा कर संस्कृत भाषा को अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर प्रो रामपाल, दविंदर, शीतल और पलक भी उपस्थित रहे।
काँगड़ा: देहरा विधानसभा क्षेत्र के तहत पड़ती खैरियां सहकारी समिति में चुनाव की प्रक्रिया कैप्टन रामेश बैंस की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। इस दौरान सोसाइटी का गठन हुआ जिसमें जसबीर गुलेरिया को प्रधान पद पर नियुक्ति मिली हैं वहीं उप प्रधान मंगल सिंह बैंस व सदस्य के तौर पर शशी बैंस,परमजीत चौधरी,गुरमेल को नियुक्ति मिली। आपको बता दें कैप्टन साहब ने 15 बरसों में सोसायटी को ऊंची बुलंदियों पर पहुंचाया है व सवास्थ्य कारणों से उन्होंने अध्यक्ष पद को छोड़ा है। सोसाइटी के नव नियुक्त प्रधान जसबीर गुलेरिया ने कहा कि उन्हें सर्वसम्मति से सोसायटी का प्रधान चुना गया है वह सभी सदस्यों व खैरियांवासियों का आभार प्रकट करते हैं ओर उन्होंने सोसायटी को और मजबूती देने की बात भी कही।
कहा, देहरा में पीएमजीएसवाई की जिन सड़कों का शिलान्यास किया वह सांसद अनुराग ठाकुर की देन प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत देहरा विधानसभा में लगभग 50 करोड़ की सड़के बनने जा रही है जिनका मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बीते दिनों देहरा दौरे के दौरान शिलान्यास किया था| मुख्यमंत्री द्वारा किए गए शिलान्यास पर सवाल खड़े करते हुए देहरा भाजपा के नेता व भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी डॉ सुकृत सागर ने पूछा, मुख्यमंत्री बताए कि उनका प्रधानमन्त्री ग्राम सड़क योजना में स्वीकृत हुई सड़कों के लिए क्या योगदान है| यह सड़के हमारे सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के प्रयासों से देहरा विधानसभा को मिली हैं| डॉ सुकृत ने कहा कि मुख्यमंत्री को शिष्टाचार दिखाते हुए कम से कम अनुराग ठाकुर का धन्यवाद तो करना चाहिए था लेकिन मुख्यमन्त्री देहरा के लोगों को गुमराह करते हुए श्रेय लेने के लिए चुपचाप अकेले ही इन सड़कों का शिलान्यास कर गए| उन्होंने कहा कि इन सड़कों को पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने पिछले कार्यकाल में ही स्वीकृत करवा दिया था तब मुख्यमंत्री की पत्नी देहरा की विधायक भी नहीं थी और जब इस सड़कों की स्वीकृति के लिए कार्रवाई शुरू हुई तब सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रदेश के मुख्यमंत्री भी नहीं थे| डॉ सुकृत ने कहा कि यह सही में बड़ा हास्यास्पद है कि एक तरफ़ तो मुख्यमंत्री देहरा में मंच से कह रहे थे कि केंद्र सरकार से हमे सहयोग नहीं मिल रहा है और दूसरी तरफ़ जब उसी देहरा में शिलान्यास करने चाहे तो छह में से पाँच शिलान्यास केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के करने पड़े और छठा अधीक्षण अभियंता के कार्यालय का शुभारंभ पुराने आवासीय भवन में कर दिया| इन सड़कों के लिए बजट केंद्र सरकार के ख़ज़ाने से स्वीकृत हुआ है मुख्यमंत्री को बड़ा दिल करके केंद्र सरकार व पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का धन्यवाद करना चाहिए|
** संस्कृत भाषा भारत देश के प्राण जैसी है: प्रो सत्यम कुमारी केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में संस्कृत सप्ताह महोत्सव का समापन बड़े धूमधाम से किया गया। इसमें मुख्यातिथि के रूप में ज्वाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय दिल्ली से प्रो. सन्तोष कुमार शुक्ल उपस्थित रहे। उन्होंने संस्कृत की वैज्ञानिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्कृत भाषा आज भी अपने मूल स्वरूप में वर्तमान है। इस कार्यक्रम में विशिष्टातिथि के रूप में प्रदेश खाद्य-आपूर्ति विभाग के निदेशक पुष्पेन्द्र सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि वेदव्यास परिसर हमारे क्षेत्र की शान है। उन्होंने कहा कि केन्द्र की इस संस्था ने प्रदेश को संस्कृत के अनेक विद्वान् दिए हैं। वहीं उन्होंने विश्वास दिलाया कि वेदव्यास परिसर की सभी मूलभूत आवश्यताओं को पूरा करने में राज्य सरकार का पूरा सहयोग रहेगा। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता परिसर की निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी ने की। उन्होंने सभी छात्रों को आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि संस्कृत भारत देश की प्राण है। यदि संस्कृत न रही तो देश को समाप्त होने में देर न लगेगी इसलिए संस्कृत का संरक्षण अत्यन्त आवश्यक है। कार्यक्रम के संयोजक प्रो. मञ्जुनाथ एस्.जि. ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि- संस्कृत सप्ताह के दौरान वेदव्यास परिसर द्वारा विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं के साथ करीब 20 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें पांच हजार से अधिक छात्रों एवं सामाजिक लोगों ने भाग लिया। संस्कृत को सभी स्थानों तक पहुंचाने में यह अभियान सफल रहा। महोत्सव के दौरान विभिन्न स्पर्धाएं आयोजित की गई थी, जिसमें प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त छात्रों को भी परिसर प्रशासन द्वारा पुरस्कृत किया। संस्कृत सप्ताह के समापन अवसर पर वेदव्यास परिसर के समस्त शिक्षक एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने आज इंदौरा महाविद्यालय के अंदर बंगाल में हुई एक डॉक्टर के साथ बर्बरता के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसी के चलते इंदौरा महाविद्यालय व इंदौरा बस स्टैंड तक रैली निकाली गई। बस स्टैंड इंदौर में धरना प्रदर्शन भी किया गया। विद्यार्थी परिषद ने आज डॉक्टर को न्याय दिलाने के लिए अपनी आवाज को बुलंद किया और ममता बनर्जी की भ्रष्ट सरकार के खिलाफ विद्यार्थियों ने एकजुट होकर बंगाल में महिला सुरक्षा को सुनिश्चित करने का आह्नान किया गया। पश्चिम बंगाल में गत अनेकों माह से महिला सुरक्षा से संबंधित घटनाएं हो रही है। ऐसे दुष्कर्मों में संलिप्त लोगों को बचाने का प्रयास पश्चिम बंगाल की ममता सरकार कर रही है। टीएमसी के गुंडों द्वारा भी ऐसे अनेकों दुष्कर्म पूर्व में किए गए परंतु उनके विरुद्ध में कोई भी कार्यवाही ममता सरकार द्वारा नही की गई। बंगाल में हो रही यह घटनाएं मानवता को शर्मसार करने वाली है। इन घटनाओं को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थी परिषद ने पूरे हिमाचल के साथ-साथ पूरे भारत में हर एक इकाई स्तर पर ममता सरकार के खिलाफ अपनी आवाज को बुलंद किया है व साथ ही साथ डॉक्टर के केस की निष्पक्ष जांच की मांग की है। विद्यार्थी परिषद का कहना है कि जिस प्रदेश को माता दुर्गा का प्रदेश माना जाता हो, जिस प्रदेश को शक्ति का गढ़ माना जाता जो उस स्थान पर ऐसी घटनाओं का बार-बार होना शर्मनाक है। इस दुख की घड़ी में विद्यार्थी परिषद परिवार के साथ खड़ी है वह पूरे देश के युवाओं से यह आह्नान करती है कि ममता सरकार के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाई जाए, ताकि बंगाल में न ऐसी घटना हो न बंगाल को शर्मसार होना पड़े।
** केके पंत को मिला अतिरिक्त मुख्य सचिव वन का जिम्मा हिमाचल प्रदेश सरकार ने सिविल सेवा बोर्ड की सिफारिशों पर 7 IAS अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग के आदेश जारी किए हैं। इसको लेकर मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने बकायदा अधिसूचना जारी की है। यह अधिसूचना 20 अगस्त को जारी की गई। सेंट्रल डेप्युटेशन से लौटे केके पंत को अतिरिक्त मुख्य सचिव वन का जिम्मा सौंपा गया है। पंत को फाइनेंशियल कमिश्नर अपील का जिम्मा भी सौंपा गया है। यह अतिरिक्त प्रभार के तौर पर रहेगा। डॉ. अभिषेक जैन को डिजिटल टेक्नॉलजी का सेक्रेटरी बनाया गया है। इसके अलावा वह फाइनेंस, प्लानिंग, 20 सूत्री कार्यक्रम के सेक्रेटरी के तौर पर भी जिम्मा संभालेगें। स्वास्थ्य सचिव एम सुधा देवी को सचिव कार्मिक का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। इसके अलावा सीपी वर्मा को राज्यपाल का सचिव लगाया गया है। राज्यपाल के पूर्व सचिव राजेश शर्मा को "ग्रामीण विकास और पंचायती राज" सचिव का जिम्मा सौंपा गया है। आईएएस अधिकारी प्रियंका बसु इंग्टी को "सचिव श्रम एवं रोजगार, मुद्रण एवं स्टेशनरी, मत्स्य पालन और युवा सेवाएं एवं खेल" का जिम्मा सौंपा गया है। IAS राकेश कंवर को "शिक्षा, पशुपालन, भाषा, कला और संस्कृति" का सचिव बनाया गया है। इसके अलावा इनके पास एमपीपी एवं पावर और एनसीईएस का अतिरिक्त कार्यभार रहेगा।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने वाहन योग्य पुलों की रिपोर्ट मांगी है। लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों को इस माह के अंत तक रिपोर्ट देने को कहा गया है। लोक निर्माण विभाग ने इंजीनियरों को पुलों का ऑडिट करने के निर्देश दिए थे। इसमें कहा गया कि प्रदेश में पुल कितने मजबूत एवं सुरक्षित हैं? ऑडिट रिपोर्ट के बाद जो पुल मरम्मत करने योग्य होंगे, उन्हें ठीक किया जाएगा। जो बिल्कुल खस्ताहाल हैं, उनकी जगह नए पुल का निर्माण किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने लोक निर्माण विभाग को वेली ब्रिज तैयार करने के भी निर्देश दिए है। खस्ताहाल पुलों की जगह पहले बेली ब्रिज स्थापित होंगे, उसके बाद आरसीसी के पुलों का निर्माण किया जाएगा। हिमाचल में बीते साल प्राकृतिक आपदा के चलते दो दर्जन पुल बाढ़ में बह गए, जबकि कई को नुकसान पहुंचा है। कोई अप्रिय घटना न घटे, इसके चलते सरकार पुलों का ऑडिट करवा रही है। सरकार ने लोक निर्माण विभाग को आदेश दिए हैं कि जोन, मंडल या उपमंडल स्तर पर इंजीनियरों की टीमों का गठन कर सभी पुलों का निरीक्षण करें। अगर इंजीनियरों को लगा कि पुल ठीक करने योग्य है, ऐसी स्थिति में ही उसे दुरुस्त करने का प्लान तैयार किया जाएगा। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि बीते साल आपदा के चलते लोक निर्माण विभाग को 4,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इस बार भी कुल्लू और शिमला में बादल फटने से पुलों और सड़कों को 500 करोड़ का नुकसान हो चुका है। पानी के बहाव के साथ चट्टानें और पेड़ पुलों से टकराते हैं, इससे पुलों को नुकसान होता है। ऐसे में पुलों का ऑडिट जरूरी है।
मानसून सीजन खत्म होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं। सितंबर माह से मानसून लौटना शुरू करेगा, लेकिन इससे पहले एक बार मानसून रफ्तार पकड़ चुका है। हिमाचल प्रदेश में कई दिनों से मौसम लगातार खराब बना हुआ है। प्रदेश के कई हिस्सों में सोमवार को भी बारिश देखने को मिली है। वहीं, बारालाचा, कुंजुम पास, रोहतांग दर्रा, शिंकुला सहित कई चोटियों पर हल्की बर्फबारी हुई है। मौसम विभाग ने किन्नौर, लाहौल स्पीति, चंबा को छोड़कर अन्य जिलों में 20 अगस्त से लेकर 22 अगस्त तक कई जिलों में भारी बारिश, लैंडस्लाइड, बाढ़ और फ्लैश फ्लड को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग की ओर से जारी किए गए बुलेटिन के मुताबिक बारिश के कारण नदी, नाले उफान पर रह सकते हैं। मौसम विभाग के अनुसार 20 अगस्त को सबसे अधिक बारिश कांगड़ा में 39.9, मंडी में 37 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि सबसे कम बारिश लाहौल स्पीति में दर्ज की गई है, जबकि बीते स्पताह में कांगड़ा में सबसे अधिक 241.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। बारिश के कारण प्रदेश में तापमान सामान्य बना हुआ है। इसके कारण लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली है। सबसे अधिक तापमान ऊना में दर्ज किया गया है। वहीं, शिमला में 20 डिग्री, सुंदरनगर में 26, केलंग में 23 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। बता दें कि वहीं, प्रदेश में 107 सड़कों पर यातायात बाधित हुआ। इनमें शिमला में 48, मंडी और कुल्लू में 24-24 सड़कें बाधित हैं। कई क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर खराब होने से बिजली सेबा भी बाधित हैं। सोमवार को प्रदेश में 146 सड़कों पर यातायात ठप रहा। इसके अतिरिक्त 301 बिजली ट्रांसफार्मर और 20 जल आपूति योजनाएं ठप चल रही हैं। सबसे ज्यादा सड़कें, बिजली ट्रांसफार्मर शिमला, कुल्लू, मंडी जिले में प्रभावित हुई थी।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में इन दिनों संस्कृत सप्ताह महोत्सव बड़ी धूमधाम से आयोजित किया जा रहा है, जिसके संयोजक वेदांत विषय के विभागाध्यक्ष मंजूनाथ एस भट्ट हैं। वहीं समस्त कार्यक्रम परिसर निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी की देख-रेख व उनकी अध्यक्षता में संपन्न हो रहे हैं। संस्कृत सप्ताह महोत्सव के अन्तर्गत सोमवार को परिसर के कुछ आचार्यों ने कुछ शिष्यों सहित निकटवर्ती कालेश्वर महादेव के समीप पञ्च तीर्थ में श्रावणी उपाकर्म कार्य को विधिविधान सहित सम्पन्न किया। इस अवसर पर व्याकरण विषय के सहायकाचार्य डॉ भूपेंद्र ओझा सहित डॉ शैलेश कुमार तिवारी, डॉ राजन मिश्र, डॉ योगेश व कमल किशोर शर्मा सहित अन्य शिक्षक व कुछ छात्र भी मौजूद रहे।
** मुख्यमंत्री सहित अन्य नेताओं ने राजीव गांधी की प्रतिमा पर अर्पित की पुष्पांजलि ** राजीव गांधी के योगदान को किया गया याद सद्भावना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज छोटा शिमला स्थित राजीव चौक पर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न राजीव गांधी की जयन्ती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को सद्भावना दिवस शपथ भी दिलाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय राजीव गांधी को राष्ट्र आधुनिक भारत निर्माता के रूप में जानता है। प्रधानमंत्री के कार्यकाल के दौरान उन्होंने लोगों और समाज की सोच को बदलने के लिए अनेक दूरदर्शी निर्णय लिए। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय राजीव गांधी के प्रधानमंत्री के कार्यकाल के दौरान वह नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के अध्यक्ष थे। एनएसयूआई की मांग पर राजीव गांधी ने युवाओं के मताधिकार के उपयोग की आयु को 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष की, ताकि देश का युवा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर सके। उनके कार्यकाल की यह सबसे बड़ी उपलब्धि थी। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राजीव गांधी के दूरदर्शी निर्णयों के फलस्वरूप आज भारत सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी देश बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने जब भारत की सुपर कम्प्यूटर की मांग को ठुकराया, तब उनके सशक्त नेतृत्व ने देश ने सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए निर्णायक कदम उठाए। लोकतांत्रिक प्रक्रिया में महिलाओं के अधिकारों की उन्होंने पुरजोर वकालत की और पंचायती राज संस्थाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने विधानसभा और संसद में महिलाओं के 33 प्रतिशत आरक्षण के लिए आवाज उठाई। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस समिति की अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, मुख्य संसदीय सचिव मोहन लाल ब्राक्टा व संजय अवस्थी, हिमाचल प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव कंवर, हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा, शिमला नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान, उप महापौर उमा कौशल, पार्षदगण, मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरेट और अन्य व्यक्ति उपस्थित थे।
मंडी: कोलकाता के आरजी मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और निर्मम हत्या के बाद देशभर में गुस्सा देखने को मिल रहा है। महिला डॉक्टर की निर्मम हत्या के बाद से देशभर के डॉक्टर अपना रोष जाहिर कर रहे हैं। प्रदेशभर में 17 अगस्त से डॉक्टर हड़ताल पर हैं। मृतक महिला डॉक्टर के लिए न्याय और अपने लिए सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। मंडी जिले में लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक में डॉक्टरों ने ओपीडी सेवाएं बंद कर रखी हैं। हिमाचल चिकित्सा अधिकारी संघ की बैठक में 20 अगस्त को भी ओपीडी बंद रखने और आपातकालीन सेवाओं को ही जारी रखने का निर्णय लिया गया है। कोलकाता में महिला डॉक्टर की रेप के बाद हत्या के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टर्स, प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं के साथ-साथ विभिन्न विभागों के डॉक्टर प्रदर्शन भी कर चुके हैं। वहीं, ओपीडी सेवाएं बंद होने से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि आपात स्थिति में मरीजों को हर संभंव इलाज दिया जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि कोलकाता में प्रशिक्षु महिला डॉक्टर के साथ हुई दरिंदगी को लेकर पूरे देश में गुस्सा है। अस्पतालों में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जब डॉक्टर अपने कार्य स्थल पर ही सुरक्षित नहीं होंगे तो उनकी सुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह खड़ा जरूर होता है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मामले का राजनितिकरण नहीं होना चाहिए और इस प्रकार के जघन्य अपराध में पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिलना चाहिए। प्रदर्शन कर रही महिला चिकित्सक ने कहा कि डॉक्टरों को रात्रि सेवा के दौरान अपनी सुरक्षा की चिंता होती है और इसके कारण उनका काम भी प्रभावित होता है। डॉक्टर के ऊपर पहले भी कई बार हमले हो चुके हैं। उन्होंने मांग की है कि पीड़ित महिला डॉक्टर के मामले में जल्द से जल्द न्याय दिया जाए और डाक्टरों की सुरक्षा को सेंट्रल प्रोटेक्शन एक्ट के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए।
पिछले महीने बजट में सरकार ने कस्टम ड्यूटी में कटौती का फैसला किया गया। इसके बाद से सोने के कीमतों में कमी आ रही हैं। इससे निवेशकों की रुची भी बढ़ रही है। कीमतों में ताजा गिरावट उन लोगों के लिए अवसर है जिन्होंने सोने में अबतक निवेश नहीं किया है। सरकार ने कस्टम ड्यूटी में कटौती की घोषणा के बाद सोने की कीमतें 6 फीसदी गिरकर 69,000 रुपये प्रति ग्राम हो गई है। पिछले एक साल में सोने ने 21.10 फीसदी का रिटर्न दिया है। 20 अगस्त को भारत में सोने की कीमतें 72,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब है। सबसे ज्यादा प्योरिटी वाले 24 कैरेट सोने की कीमत 72,760 रुपये प्रति 10 ग्राम है। आभूषण खरीदने वाले लोग 22 कैरेट सोना खरीदते है, क्योंकि थोड़े से मिश्र धातु मिश्रण के कारण अपनी अतिरिक्त मजबूती के लिए जाना जाता है। आज 22 कैरेट सोना की कीमत 66,690 रुपये प्रति 10 ग्राम है। इस बीच चांदी की कीमत 85,800 रुपये प्रति किलोग्राम है।
हिमाचल में राजस्व विभाग से संबंधित आम लोगों की परेशानियों को देखते हुए सरकार ने संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो महासंघ को आज वार्ता का समय दिया है। ये वार्ता अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व ओंकार शर्मा के साथ दोपहर करीब 12 बजे होगी, जिसमें महासंघ की मांगों को लेकर चर्चा होगी, जिसके बाद महासंघ आज ही ऑनलाइन सेवाएं देने का फैसला लेगा। 12 जुलाई को हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में पटवारी और कानूनगो को जिला से स्टेट कैडर में किए जाने का निर्णय लिया गया था, जिससे नाराज संयुक्त ग्रामीण एवं राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो महासंघ ने 15 जुलाई से लोगों को ऑनलाइन सेवाएं न देने का निर्णय लिया था। ऐसे में प्रदेश भर के नगर निगमों, नगर परिषद, नगर पंचायतों और पंचायतों के तहत लोगों के हिमाचली प्रमाण, आय प्रमाण पत्र, कृषक प्रमाण पत्र और ईडब्लूएस आदि प्रमाण पत्र नहीं बन रहे हैं। यही नहीं प्रदेश भर में लोगों के ऑनलाइन अपडेट होने वाले इंतकाल और लोन से संबंधित कार्य भी प्रभावित हो गए हैं। इससे आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, मानवीय पहलू को देखते हुए प्रदेश में आपदा से जुड़े कार्य की इस निर्णय बाहर रखा गया है. वहीं, इसी बीच 15 अगस्त को देहरा में मनाए गए राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान महासंघ के पदाधिकारियों की मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ बैठक हुई थी, जिसमें महासंघ ने स्टेट कैडर सहित अन्य मांगों को लेकर मिले आश्वासन के बाद फिर से ऑनलाइन सेवाएं देने का निर्णय लिया था, लेकिन एक ही दिन में संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो महासंघ ने यू टर्न लेते हुए फिर से ऑनलाइन सेवाएं बंद कर दी हैं। प्रदेश में लोगों की परेशानियों को देखते हुए सरकार और महासंघ की आज एक बार फिर से मीटिंग निर्धारित हुई है। ये बैठक अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व ओंकार शर्मा के साथ होगी, जिसमें महासंघ पटवारियों और कानूनगो की लंबित मांगों को रखेगा। इस दौरान अगर इन सरकार मांगों को माने जाने को लेकर अपनी सहमति देती है तो पटवारी और कानूनगो 21 अगस्त से लोगों को ऑनलाइन सेवाएं देनी शुरू कर देंगे, जिसके बाद लोगों को राहत मिल सकती है। बता दें कि प्रदेश भर में पिछले करीब 33 दिनों से लोगों के ऑनलाइन सर्टिफिकेट नहीं बन रहे हैं, जिससे प्रदेश स्तर में 2 लाख से अधिक ऑनलाइन आवेदन पेंडिंग पड़े हैं। ऐसे में लोगों के जरूरी काम लटक गए है। इस तरह से लोग भी सरकार और महासंघ के बीच चल रहे विवाद के समाप्त होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। ताकि, उन्हें अधिक समस्या का सामना न करना पड़े। हिमाचल प्रदेश संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी (पटवारी) एवं कानूनगो महासंघ के अध्यक्ष सतीश चौधरी ने कहा, मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में कुछ मांगों को लेकर संशय रह गया था, जिसको दूर करने के लिए आज राज्य सचिवालय में महासंघ की अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ बैठक निर्धारित हुई है, जिसमें इन मांगों को लेकर चर्चा होगी। इसके बाद महासंघ अपना निर्णय सुनाएगा।
शिमला: एचआरटीसी के घाटे के 168 रूट प्राइवेट ऑप्रेटरों को दिए जाएंगे और इन रूटों पर प्राइवेट बस ऑप्रेटर्ज बसें चलाएंगे। मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के बाद इस पर काम शुरू हो गया है। निगम के करीब 50 घाटे वाले रूट पहले निजी ऑप्रेटरों को दिए जा चुके हैं। अब 168 रूटों को निजी हाथों में देने के बाद निगम में भी बड़े स्तर पर बदलाव होगा। निगम का बस बेड़ा कम होगा, जिसके बाद कर्मचारियों की कैडर स्ट्रैंथ भी कम करनी पड़ेगी। एचआरटीसी में 12 हजार कर्मचारी हैं। इसमें 9 हजार चालक- परिचालक हैं। निगम प्रबंधन के अनुसार घाटे के रूटों पर बस सेवा बंद होने के बाद चालक-परिचालक सरप्लस हो जाएंगे। पहले चरण में युक्तिकरण की प्रक्रिया को अपनाया जाएगा। इसके तहत सरप्लस स्टाफ को अन्य डिपुओं में भेजा जाएगा। अगले 5 सालों में कितने कर्मचारी सेवानिवृत्त होने वाले हैं, कितनों की पदोन्नति देय है इसका पूरा खाका तैयार किया जाएगा। इसके अनुसार आगामी प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। यदि निगम के पास फिर भी स्टाफ सरप्लस हो जाता है तो अन्य विभागों को चालक-परिचालकों को भेजने का निर्णय लिया जा सकता है या फिर सरप्लस पूल में इन कर्मचारियों को भेजा जाएगा। निगम चालकों को तो अन्य विभागों में भेज सकता है, लेकिन परिचालकों से क्या काम लेना है इस पर अभी विचार चल रहा है।
हिमाचल के राशन डिपुओं में मिलने वाला आटा-चावल भी अब उपभोक्ताओं को महंगा मिलेगा। करीब 15 साल बाद आटा-चावल के दाम बढ़ाए गए हैं। हालांकि, प्रदेश के राशनकार्ड उपभोक्ताओं को चावल और गेंहू केंद्र सरकार मुहैया करवाती है। लेकिन प्रदेश सरकार का तर्क है कि राशन को डिपुओं और गोदामों तक पहुंचाने की भाड़ा दरें बढ़ गई हैं। इसलिए राशन के रेट बढ़ाए गए हैं। अभी एपीएल उपभोक्ताओं को डिपुओं में आटा 9:30 रुपये से प्रतिकिलो मिल रहा है। इसे बढ़ाकर 12 रुपये प्रति किलो, चावल 10 रुपये से बढ़ाकर 13 रुपये करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसी तरह बीपीएल (35 किलो राशन, प्रति व्यक्ति पांच किलो) वाले उपभोक्ताओं को चावल 6.85 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये प्रति किलो और आटा 7 रुपये से बढ़ाकर 9.30 रुपये किलो मिलेगा। खाद्य आपूर्ति निगम ने इसका प्रस्ताव तैयार किया है। सूत्रों के मुताबिक एक सितंबर को इस नई व्यवस्था लागू की जा सकती है। हिमाचल प्रदेश में वर्तमान में करीब साढ़े 19 लाख राशनकार्ड उपभोक्ता हैं। इनमें से साढ़े 12 लाख के करीब एपीएल उपभोक्ता हैं, जबकि अन्य आईआरडीपी और करदाता हैं। सरकार की ओर से उपभोक्ताओं को 6 किलो चावल, 10 से 13 किलो आटा, दो लीटर तेल (रिफाइंड और सरसों), चीनी और एक किलो नमक सब्सिडी पर दिया जा रहा है।
भंग कर्मचारी चयन आयोग के बहुचर्चित पेपर लीक मामले में एक और आरोपी अभ्यर्थी परीक्षा का टॉपर है। पेपर लीक मामले में दर्ज 14वीं एफआईआर में पुलिस रिमांड पर चल रहा आरोपी अमित रावत असिस्टेंट स्टोरकीपर (पोस्ट कोड 822) भर्ती परीक्षा में 82 अंक लेकर टॉपर रहा था। मार्च 2022 में इस परीक्षा का नतीजा घोषित होने के बाद अमित बिजली बोर्ड हमीरपुर के सर्किल कार्यालय में तैनात था। वह तीन माह पूर्व ही नियमित हुआ था। अब बिजली बोर्ड प्रबंधन ने भी कर्मचारी का रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया हैं। भंग आयोग के कार्यकाल में पेपरलीक का यह खेल लंबे समय से आयोग में चल रहा था। दो साल की सेवाओं के बाद आरोपी अभ्यर्थी नियमित भी हो गए थे। इस भर्ती की लिखित परीक्षा में प्रदेशभर के हजारों युवाओं ने हिस्सा लिया था, जबकि पेपर खरीद कर आरोपी परीक्षा में मेरिट हासिल कर नौकरी लग गया। पेपर लीक मामले की मुख्य आरोपी उमा आजाद का बड़ा बेटा नितिन भी आयोग की दो परीक्षा पास कर नौकरी लगा था। वह भी एक परीक्षा में टॉपर रहा था। इसके अलावा विभिन्न पोस्ट कोड में दर्ज एफआईआर में कई आरोपी अभ्यर्थी मेरिट में रहे हैं। डेढ़ साल की लंबी जांच में विजिलेंस ने 14वीं एफआईआर दर्ज की है। दो दर्जन के करीब पोस्ट कोड की परीक्षाएं विजिलेंस जांच के दायरे में हैं। कैबिनेट सब कमेटी ने विभिन्न पोस्ट कोड के नतीजे घोषित करने के आदेश नवगठित राज्य चयन आयोग को दिए हैं लेकिन जांच के दायरे में शामिल परीक्षाओं में उन पदों पर नतीजे घोषित नहीं किए जा रहे है जिनमें अभ्यर्थी आरोपी हैं। जेओए आईटी पोस्ट कोड 817 में भी पांच पदों को रिक्त रखा गया है। इस परीक्षा को पास करने वाले पांच अभ्यर्थी भी पेपरलीक में आरोपी हैं। एसपी विजिलेंस कुलभूषण वर्मा का कहना है कि जांच जारी है। कर्मचारी का रिकाॅर्ड ब्रांच से मांगा गया है। यह कर्मचारी कुछ माह पूर्व ही नियमित हुआ था। मामले में नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड प्रबंधन को जल्द इसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी।
शिमला में हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड इंप्लाइज यूनियन की राज्य कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यूनियन के अध्यक्ष केडी शर्मा ने बीते कल बोर्ड की खराब हालत पर चिंता जताई। उन्होंने कहा 53 साल के इतिहास में बिजली बोर्ड की हालत आज सबसे दयनीय है, जिसके लिए सीधे तौर प्रदेश सरकार दोषी है। बिजली बोर्ड जैसी बड़ी संस्था को सरकार पिछले डेढ़ साल से एडहॉक प्रबंधन पर चला रही है। केडी शर्मा ने कहा, लंबे समय से अस्थायी प्रबंधन की वजह से बोर्ड की हालत खराब है, जिन अधिकारियों को बोर्ड का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है, उन्होंने डेढ़ साल से राज्य के ऊर्जा क्षेत्र को प्रयोगशाला बनाकर रख दिया है, जिसका खामियाजा बिजली बोर्ड के साथ कर्मचारियों व पेंशनरों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा प्रबंध निदेशक लंबे समय से अस्थायी तौर पर आगन्तुक की तरह 7 से 10 दिन में एक बार आ रहे हैं, जिससे बिजली बोर्ड में पूर्णकालिक निदेशक व निदेशक मंडल की बैठकें समय पर नहीं हो पा रही हैं। ऐसे में लंबे समय से कई महत्वपूर्ण निर्णय व पदोन्नतियां लटकी पड़ी हैं। पिछले साल मई महीने में सर्विस कमेटी ने जो निर्णय लिए हैं उन्हें अभी तक लागू नहीं किया गया है। इसमें 20 मई 2023 को निदेशक मंडल ने बोर्ड में 1100 तकनीकी कर्मचारियों को भरने का फैसला लिया था, लेकिन अभी तक भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। यूनियन ने अधिकारियों की वजह से डेढ़ साल में बोर्ड और प्रदेश की जनता को हुए नुकसान की चार्जशीट तैयार कर आगामी कार्रवाई को सरकार के लिए भेजी थी, लेकिन उस पर अभी तक कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में यूनियन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने का निर्णय लिया है। यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष ने कहा इस कुप्रबंधन के कारण बिजली बोर्ड गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रहा है, जिस कारण कर्मचारियों व पेंशनर्ज के वित्तीय लाभ रुके पड़े हैं। स्थिति ये है कि पिछले एक साल से कर्मचारियों को रिटायरमेंट पर अर्जित अवकाश व ग्रेच्युटी की अदायगी नहीं हो पाई है। आज बिजली बोर्ड कर्मचारियों के अभाव से जूझ रहा है। तकनीकी कर्मचारियों को 48-48 घंटे ड्यूटी देनी पड़ रही है, जिस कारण प्रति वर्ष 30 से 45 कर्मचारी हादसे का शिकार हो रहे हैं। बीते साल 9 नियमित और 5 आउटसोर्स कर्मचारी अकाल मौत का शिकार हुए हैं। वहीं, कुल 27 कर्मचारियों को हादसे में गंभीर चोटें आई हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी लोगों को बेहतर बिजली सुविधा उपलब्ध करवा रहे हैं, इसके बाद भी साल 2003 के बाद लगे कर्मचारियों को अभी तक पुरानी पेंशन के लाभ से वंचित रखा गया है। केडी शर्मा ने कहा इस तरह के कुप्रबंधन की वजह से बिजली बोर्ड कर्मचारियों का धैर्य अब टूट रहा है।
हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने आज और आगामी दो दिनों के लिए भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार मंडी, कुल्लु, हमीरपुर, बिलासपुर और कांगड़ा जिले में अलग-अलग जगहों पर गरज और बिजली के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, चंबा, लाहौल-स्पीति, किन्नौर, शिमला और सोलन जिले में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जबकि बाकी जिलों में मौसम विभाग ने हल्की बारिश को लेकर आशंका जाहिर की है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आज 19 अगस्त और 20-21 अगस्त को प्रदेश में मौसम खराब रहेगा और अलग-अलग जगहों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी भी जारी की गई है। वहीं, प्रदेश में आगामी दिनों में मैदानी और निचले पहाड़ी और मध्य पहाड़ी इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक बीते 24 घंटों में प्रदेश में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई है। वहीं, इस दौरान न्यूनतम और अधिकतम तापमान में भी ज्यादा बदलाब दर्ज नहीं किया गया है। पिछले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान सामान्य रहा जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से ज्यादा रहा। सबसे कम न्यूनतम तापमान कुकुमसेरी में 9.08 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान धौलाकुआं में 34.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा शिमला में 24.0, कांगड़ा में 32.0, धर्मशाला में 29.4, सोलन में 30.0, नाहन में 28.7, सुंदरनगर में 32.9, कुल्लू में 34.6, मनाली में 27.7, बिलासपुर में 33.4 और ऊना में 34.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
हिमाचल के ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के 20 लाख कनेक्शन लगे हैं। अब इन्हें जल शक्ति विभाग की ओर से हर महीने पानी का बिल आएगा। जल शक्ति विभाग ने उपभोक्ताओं का आंकड़ा जुटा लिया है। 50 फीसदी ऐसे उपभोक्ता हैं, जिनके पास दो-दो कनेक्शन हैं। लोगों को अब इन दोनों कनेक्शनों के बिलों की अदायगी करनी पड़ेगी। प्रति कनेक्शन हर महीने 100 रुपये बिल आएगा। राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के बाद जल शक्ति विभाग ने बिल कैसे वसूलना है, इसे लेकर होमवर्क शुरू कर दिया है।उपभोक्ताओं ने पहले जल शक्ति विभाग से पानी के कनेक्शन ले लिए थे। इसके बाद जल जीवन मिशन के तहत भी पानी का अतिरिक्त कनेक्शन ले रखा है। सरकार ने बीपीएल, एकल नारी, विधवा महिला, दिव्यांग श्रेणी के लोगों को निशुल्क पानी देने का फैसला लिया है। ऐसे लोगों की पहचान स्थानीय स्तर पर ही होगी और इसका पूरा डाटा विभाग के बिलिंग सॉफ्टवेयर में फीड किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पूर्व जयराम सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले मई 2022 में ग्रामीण क्षेत्रों में निशुल्क पानी देने का फैसला लिया था। जबकि सुक्खू सरकार ने प्रदेश की खराब वित्तीय स्थिति का तर्क देकर मुफ्त पानी देने की योजना को सीमित कर दिया है। राज्य सरकार की आने वाले दिनों में ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी के मीटर लगाने की योजना है। जल शक्ति विभाग गांवों में पानी के मीटर भी लगाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में होटल, होम स्टे, ढाबा और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां भी चल रही हैं, उनके लिए पानी का बिल व्यावसायिक होगा।
जिला मुख्यालय के साथ लगते खनियारा-खड़ौता सड़क मार्ग पर एक गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इसके चलते कार चालक की मौत हो गई, जबकि अन्य लोगों को हल्की चोटें आई हैं। मृतक पंजाब के जालंधर का रहने वाला था और परिवार सहित योल में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आया था। जानकारी के अनुसार शनिवार रात को खनियारा-खड़ौता सड़क मार्ग अरुण कुमार उर्फ विपन पुत्र धर्मपाल निवासी मकान नंबर 987 अर्जुन नगर लाडोवाली रोड जालंधर सिटी पंजाब अपने परिवार सहित जा रहा था। इस दौरान जब वह गाड़ी से नियंत्रण खो बैठा और गाड़ी सड़क से नीचे लुढ़क गई। इस कार में उसकी पत्नी, बच्चे और उसका पिता सवार था। दुर्घटना के बाद चालक अरुण कुमार की मौत हो गई, जबकि परिवार के अन्य सदस्य घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि अरुण का पिता गाड़ी के बाहर ही था। इस दौरान अचानक से गाड़ी की हैंडब्रेक छूट गई, जिसके चलते गाड़ी सड़क से नीचे लढ़की है। अरुण कुमार अपने परिवार के साथ योल में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आया था। कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद उन्होंने धर्मशाला में घूमने की योजना बनाई और वह खड़ौता की ओर जा रहा था कि रास्ते में यह हादसे पेश आ गया। वहीं मामले की पुष्टि करते हुए एएसपी कांगड़ा हितेष लखनपाल ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुर्पुद कर दिया जाएगा। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
सीएम ने प्राथमिक अध्यापकों को वितरित किए टैबलेट, मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना का किया शुभारम्भ
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज हमीरपुर में शिक्षा विभाग की दो महत्त्वकांक्षी पहलों प्राथमिक स्कूल शिक्षकों को टैबलेट वितरण और मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के शिक्षा एवं प्रशासनिक कार्यों में डिजिटलीकरण को बढ़ावा प्रदान करने के प्रयासों के तहत प्रदेश में 17,510 प्राथमिक स्कूल शिक्षकों को टैबलेट दिए जाएंगे। इस नवीन पहल का उद्देश्य शिक्षण कार्यों में आधुनिकरण को बढ़ावा देना, डिजिटल शैक्षणिक संसाधनों तक पहुंच सुनिश्चित करना और उपस्थिति दर्ज करने और डाटा अपडेट करने जैसे प्रशासनिक कार्यों को सरल बनाना है। इस सुविधा से शिक्षा में गुणात्त्मक सुधार होगा और शिक्षक बच्चों के लिए शिक्षा संबंधी सामग्री को प्रभावी तरीके से पेश करेंगे। इसके अतिरिक्त इन टैबलेट के माध्यम से अध्यापक ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेकर अपना ज्ञानवर्धन कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों के बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाने के लिए तैयार की गई अभिनव योजना ‘मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना’ का भी शुभारम्भ किया। यह योजना मौजूदा मिड-डे-मील की पूरक होगी और राज्य के 15,181 स्कूलों के नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को लाभ मिलेगा। वर्तमान में राज्य में 5,34,293 बच्चे मिड-डे-मील योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। इस योजना के आरम्भ होने से बच्चों को अब अतिरिक्त पौष्टिक आहार मिलेगा। योजना के अंतर्गत बच्चों की पसन्द को ध्यान में रखते हुए सप्ताह में एक बार उबले हुए अंडे या फल दिए जाएंगे और स्थानीय बाजार से ताजे फल खरीदे जाएंगे। प्रदेश सरकार ने इस वित्त वर्ष में मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना के लिए 12.75 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट आवंटित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार की गलत नीतियों के फलस्वरूप प्रदेश गुणात्त्मक शिक्षा क्षेत्र की रैंकिंग में फिसलकर 18वें स्थान पर पहुंच गया है। लेकिन वर्तमान सरकार शिक्षा क्षेत्र में सुधार करने के लिए प्रयासरत है। वर्तमान प्रदेश सरकार ने कार्यभार ग्रहण करते हुए बच्चों को गुणात्त्मक शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए अनेक महत्त्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा में सुधार करने के लिए प्रदेश सरकार तीन स्तरों पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए गुणात्त्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए धन की कमी को आड़े नहीं आने दिया जाएगा। इसके अंतर्गत शिक्षकों को शैक्षणिक भ्रमण पर विदेश भेजा जा रहा है, प्रथम चरण में नवीन शिक्षण प्रणालियों जानने के लिए 217 शिक्षकों को सिंगापुर भेजा गया, प्रदेश में शिक्षा अधोसंरचना के विकास पर भी विशेष बल दिया जा रहा है। राज्य की प्रत्येक विधानसभा में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोले जा रहे हैं। शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन और उनकी सोच में सकारात्मक बदलाव लाते हैं और शिक्षक महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं। इसलिए समाज में शिक्षकों का स्थान महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों का स्थानांतरण वर्ष में एक बार करने का निर्णय लिया है। इससे पहले, 5000 अध्यापक वर्षभर स्थानांतरण की प्रक्रिया में घिरे रहते थे। स्कूल संबंधी लैटर्ज के लिए आउट सोर्स आधार पर स्टाफ की भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि पांच से कम विद्यार्थियों वाले स्कूलों को नजदीकी स्कूलों में मर्ज किया जा रहा है और आवश्यकता पड़ने पर विद्यार्थियों के लिए परिवहन सुविधा के लिए 20000 रुपये भी व्यय किए जाएंगे। पिछली भाजपा सरकार के बिना स्टाफ की उपलब्धता के 400 से अधिक शिक्षण संस्थानों के खोलने के निर्णय की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्य स्कूलों से अध्यापकों को नए खोले गए स्कूलों में भेजा गया जिससे शिक्षा का स्तर गिरा। इन बातों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार को शून्य नामांकन वाले स्कूलों को बंद करना पड़ा। प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए महाविद्यालयों का भी युक्तिकरण किया जाएगा। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पिछली भाजपा सरकार के पास कड़े निर्णय लेने का साहस नहीं था। उन्होंने केवल राजनीतिक लाभ लेने के लिए सम्पन्न परिवारों के बिजली और पानी के बिल माफ किए। मुफ्त में बांटने की यह प्रक्रिया अगर इसी प्रकार जारी रहती तो प्रति व्यक्ति कर्ज दो लाख रुपये तक पहुंच जाता। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विकट आर्थिक स्थिति के बावजूद राज्य सरकार ने कर्मचारियों को सात प्रतिशत मंहगाई भत्ता प्रदान किया है और इस वर्ष 75 वर्ष से अधिक आयु के 28 हजार पेंशनभोगियों को एरियर का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारी मेरे परिजनों के समान है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के लिए अभी छः माह का और समय लगेगा। प्रदेश की अर्थव्यवस्था के पटरी पर आने पर एरियर और मंहगाई भत्ते प्रदान किए जाएंगे। केंद्र सरकार के पास एनपीएस फंड का नौ हजार करोड़ रुपये से अधिक का पैसा फसा हुआ है। उन्होंने केंद्र सरकार से यह धनराशि वापिस लाने के लिए सहयोग करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार 850 शिक्षण संस्थानों को उत्कृष्टता केन्द्रों में स्तरोन्नत कर रही है। सरकार ने मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के अन्तर्गत 6 हजार अनाथ बच्चों को चिल्डर्न ऑफ दे स्टेट के रूप में अपनाया है। इस योजना में 27 वर्ष की आयु तक इन बच्चों की शिक्षा देखभाल, वार्षिक यात्रा का खर्च और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि सोलन जिला के कण्डाघाट में लगभग 300 विशेष रूप से सक्षम बच्चों को विशेष शिक्षा प्रदान करने के लिए उत्कृष्टता केन्द्र का निर्माण किया जा रहा है, जिससे वे उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि स्कूलों में संसाधनों के अधिकतम उपयोग के लिए 500 मीटर के दायरे के संस्थानों में कलस्टर सिस्टम लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिपेक्ष को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा प्रदान करने के लिए शिक्षण संस्थानों में न्यू एज कोर्सिज जैसे आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, डाटा लर्निंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल मशीन, तकनीशियन मैकेट्रॉनिक्स, फाइबर-टू-होम टैक्नॉलिजी, सोलर टैक्नॉलिजी और इंटरनेट ऑफ थिंगस (आईओटी) तकनीशियन ट्रेनिंग जैसे पाठ्यक्रम शामिल किए गए हैं। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश गुणात्त्मक शिक्षा के क्षेत्र में अग्रसर है, जिसमें हमीरपुर जिला पूरे राज्य में अग्रणी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के मार्गदर्शन में प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसके दृष्टिगत सरकार को कुछ कठोर निर्णय भी लेने पड़े हैं, जिसके भविष्य में ठोस परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि पांच से कम विद्यार्थियों को निकटवर्ती स्कूलों में मर्ज किया जा रहा है और संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए लक्ष्य निर्धारित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षकों को टैबलेट प्रदान करने की योजना के सकारात्मक परिणाम भविष्य में सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार को विरासत में खराब आर्थिक व्यवस्था मिली थी। इसके बावजूद सरकार द्वारा प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कई महत्त्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। शिक्षा विभाग 7 हजार पदों को भरने जा रहा है, जिसमें 2300 पद भरे जा चुके हैं। इसके अलावा, जिन स्कूलों में शिक्षकों की कमी है उन स्कूलों में अतिरिक्त स्टाफ भी तैनात किया जा रहा है। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, विधायक सुरेश कुमार, कैप्टन रणजीत सिंह राणा और विवेक शर्मा, कांगड़ा सहकारी प्राथमिक कृषि एवं ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष रामचन्द्र पठानिया, एपीएमसी के अध्यक्ष अजय शर्मा, पूर्व विधायक अनिता वर्मा, सोहन लाल और मनजीत डोगरा, कांग्रेस नेता डॉ. पुष्पेन्द्र वर्मा, सुभाष ढटवालिया और नरेश ठाकुर, उपायुक्त अमरजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक भगत सिंह ठाकुर, निदेशक उच्च शिक्षा अमरजीत सिंह, प्रारम्भिक शिक्षा निदेशक आशीष कोहली, राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा अभियान राजेश शर्मा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमन भारती और अन्य लोग इस अवसर पर उपस्थित थे।
जिला कांगड़ा के साथ लगते देहरा विधानसभा क्षेत्र में भटहेड़ पंचायत के आईटीबीपी जवान सुरेश कुमार की जम्मू में बस में यात्रा के दौरान हृदयगति रुकने से मौत हो गई। मृतक सुरेश कुमार आईटीबीपी की 15वीं बटालियन में उधमपुर में तैनात थे और 15 दिन की छुट्टी काटकर वापस ड्यूटी पर जा रहे थे। जम्मू पहुंचने पर बस में सभी सवारियां उतर गईं, लेकिन मृतक जवान सीट पर ही बैठ रहा। इसके बाद कंडक्टर ने जवान को उठाने की कोशिश की, लेकिन शरीर में कोई हलचल न होने पर उन्हें जीएमसी जम्मू ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बस के स्टाफ ने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी और पुलिस ने इसकी सूचना उनकी बटालियन को दी। आज सुरेश कुमार का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव भटहेड़ पंचायत के भेड़ी गांव में सैनिक सम्मान के साथ किया गया। सुरेश कुमार की दो बेटियों ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी। सुरेश कुमार अपने पीछे बूढ़ी मां शीला देवी उम्र 85 साल, पत्नी कमलेश कुमारी और दो बेटियां कनिक्षा और तनिशा को छोड़ गए हैं। बड़ी बेटी स्नातक की पढ़ाई कर चुकी है, जबकि छोटी बेटी लंज कॉलेज में पढ़ाई कर रही है। जवान सुरेश कुमार के अंतिम संस्कार के दौरान प्रशासन की तरफ से कोई भी प्रतिनिधि-अधिकारी नहीं पहुंचा। अंतिम संस्कार के दौरान सैन्य टुकड़ी ने सुरेश कुमार को सलामी दी। एएसआई विजय कुमार और मदन लाल ने बटालियन उधमपुर की तरफ से मृतक जवान सुरेश कुमार को सलामी देकर अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार के दौरान पूरे गांव में शोक की लहर थी। पूरे क्षेत्र के लोगों ने नम आंखों के साथ अपने बेटे को अंतिम विदाई दी।
देश-दुनिया से कटे मलाणा के लिए हेलिकॉप्टर से राशन पहुंचाने की कोशिश सफल नहीं हो पाई। प्रशासन ने हेलिकॉप्टर से राशन मलाणा पहुंचाना था। इसके लिए भुंतर एयरपोर्ट से राशन लेकर हेलिकॉप्टर ने उड़ान भी भरी। लगातार दूसरे दिन हेलिकॉप्टर मलाणा में अस्थायी हेलीपैड पर नहीं उतर पाया। मलाणा गांव के सामने वाली पहाड़ी पर हेलिकॉप्टर से राशन सामग्री फेंकी गई लेकिन कई राशन के पैकेट जमीन पर गिरने के बाद फट गए। हेलिकॉप्टर के हेलीपैड में उतरने की मलाणा के ग्रामीण उम्मीद लगा बैठे थे, लेकिन उनकी उम्मीद पूरी नहीं हो पाई। ग्रामीणों ने बिना किसी मशीनरी की सहायता से अस्थायी हेलीपैड तैयार किया था। इसके लिए पहाड़ी जैसी दिखने वाली जगह को समतल किया गया। एक सप्ताह तक गांव के लोग जगह को समतल करने में लगे रहे। अस्थायी हेलीपैड बनने के बाद प्रशासन ने यहां के लिए राशन हेलिकॉप्टर से भेजने का निर्णय लिया। शनिवार को हेलिकॉप्टर जैसे ही मलाणा पहुंचा तो पायलट ने उतारने में जोखिम समझते हुए नहीं उतारा। मलाणा के लोग शनिवार को हेलिकॉप्टर को देखने के लिए यहां पहुंचे थे। मलाणा पंचायत के प्रधान राजू राम ने कहा कि हेलीकॉप्टर दूसरे दिन भी नहीं उतर पाया। उन्होंने प्रशासन से समस्या का समाधान करने की गुहार लगाई। उन्होंने कहा कि लोगों तक जल्द राशन पहुंचाया जाए तो परेशानी न हो।एसडीएम सदर विकास शुक्ला ने कहा कि अब तक मलाणा में 15 क्विंटल राशन पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि हेलिकॉप्टर की बजाय पैदल मार्ग से राशन मलाणा पहुंचाया जाएगा।
**मौसम विभाग ने जारी किया यलो अलर्ट हिमाचल प्रदेश के पांच जिलों में मौसम विभाग ने फ्लैश फ्लड का अलर्ट दिया है। यहां आने वाले दिनों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। जिन पांच जिलों के लिए इस तरह की चेतावनी दी गई है उनमें चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला व सिरमौर हैं। यह अलर्ट रविवार को दोपहर 11.30 बजे तक के लिए दिया गया है। राज्य में अगले पूरे सप्ताह के दौरान मॉनसून सक्रिय रहेगा। मौसम विज्ञान केन्द्र द्वारा प्रदेश में 23 अगस्त तक अनेक स्थानों पर बारिश होने का अलर्ट दिया है। उक्त अवधि के दौरान कुछ स्थानों पर बहुत ज्यादा बारिश होने की भी चेतावनी जारी की गई है। वहीं किन्नौर व लाहौल स्पीति में कम बारिश होने का पूर्वानुमान है। मगर शेष जिलों में अनेक स्थानों पर बारिश होने का अलर्ट है। राजधानी शिमला की बात करें तो शुक्रवार को जहां सूर्य देव के दर्शन हुए वहीं शनिवार सुबह भी मौसम ठीक था। शिमला धुंध की आगोश में नहीं था मगर शनिवार को दोपहर में मौसम बिगड़ गया और बारिश हुई। दोपहर के समय यहां तेज बारिश हुई है। शिमला के साथ कुल्लू, मंंडी, चंबा, सिरमौर में भी एक दो स्थानों पर तेज बारिश रिकॉर्ड की गई है। हालांकि मैदानों सहित पहाड़ों पर सुबह की शुरूआत धूप खिलने के साथ हुई थी। मगर दिन के समय बादलों के घिरने के चलते कई स्थानों पर बारिश हुई है, जिससे तापमान में भी गिरावट आई है। प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान भी राज्य के कई स्थानों पर झमाझम बारिश हुई है। हमीरपुर में सबसे ज्यादा बारिश हुई है। यहां पर 76.0 मिलीमीटर बारिश हुई है। ऊना में 67.2 मिलीमीटर बारिश आंकी गई है। धर्मशाला में 40 .2, मंडी में 34.6, बिलासपुर में 40.8, जोगिन्द्रनगर में 35.0 और शिमला के सराहन में 31.0 मिलीमीटर बारिश हुई है। बारिश के चलते जिला शिमला के ऊपरी क्षेत्रों में कई स्थानों पर नुकसान हुआ है। ऐसे में अगर अगामी दिनों के दौरान भी भारी बारिश होती है तो लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
99 स्कूलों में जीरो एडमिशन, 361 में पांच से कम रही छात्रों की संख्या **शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने जारी की अधिसूचना **मल्टी टास्क वर्कर पर भी सरकार ने लिया फैसला **बच्चों की ट्रांसफर की डिप्टी डायरेक्टर से सेंटर हैड टीचर तक की जिम्मेदारी तय **बंद स्कूलों की जमीन और भवन होंगे शिक्षा विभाग के अधीन हिमाचल मंत्रिमंडल में हुए फैसले के बाद शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने कुल 460 सरकारी स्कूलों को बंद करने की अधिसूचना जारी कर दी है। इनमें से 99 प्राइमरी और मिडिल स्कूल ऐसे हैं, जहां एक भी एडमिशन नहीं थी। इन्हें डीनोटिफाई कर दिया गया है, जबकि 361 प्राइमरी और मिडिल स्कूलों को जहां छात्र संख्या पांच से कम थी, नजदीकी दूसरे स्कूल में मर्ज किया गया है। बंद किए गए इन सरकारी स्कूलों के स्टाफ, छात्रों, ऑफिस रिकॉर्ड और भवनों का क्या होगा? इसे लेकर अलग से दिशा निर्देश लिखित में जारी हुए हैं। इन निर्देशों के अनुसार शिक्षा सचिव ने कहा है कि बंद होने वाले स्कूल का वर्तमान स्टाफ नजदीक के स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में जाएगा और ये टीचर विद पोस्ट ट्रांसफर होंगे। इस ट्रांसफर के लिए पहले सरकार से अनुमति लेनी होगी। बंद होने वाले स्कूल के मल्टी टास्क वर्कर या वाटर करियर को संबंधित ब्लॉक एलिमेंट्री एजुकेशन ऑफिसर के डिस्पोजल पर जाएगा। बंद होने वाले स्कूल के बच्चों को नजदीकी स्कूल में ट्रांसफर करने के लिए डिप्टी डायरेक्टर से लेकर सेंटर हैड टीचर तक जिम्मेदारी होगी। डीनोटिफाई हुए स्कूलों का ऑफिस रिकॉर्ड सेंटर स्कूल में रखा जाएगा, जबकि मर्ज हुए स्कूलों का जिस स्कूल में मर्ज हुए हैं, उस स्कूल में रखा जाएगा। बंद होने वाले स्कूलों का फर्नीचर, किताबें या अन्य सामान उसी कॉ प्लेक्स के ज्यादा एनरोलमेंट वाले स्कूलों को दिया जाएगा। बंद होने वाले स्कूलों में जिला कैडर यानी जेबीटी इत्यादि की सेंक्शन पोस्ट डिप्टी डायरेक्टर के कॉमन पूल में डाल दी जाएगी, जबकि टीजीटी जैसी स्टेट लेवल की पोस्ट डायरेक्टरेट लेवल के कॉमन पूल में रखी जाएगी। ये पद बाद में एक्सीलेंस स्कूलों को दिए जा सकते हैं। बंद किए गए स्कूलों की जमीन और भवन शिक्षा विभाग के तहत ही रहेंगे, लेकिन लोकल ग्राम पंचायत या अर्बन लोकल बॉडी इन्हें लाइब्रेरी, जिम, स्पोट्र्स कंपलेक्स इत्यादि के लिए इस्तेमाल कर सकती है।। जीरो एनरोलमेंट वाले 99 प्राइमरी-मिडल स्कूलों पर एक्शन प्राइमरी स्कूल जीरो एनरोलमेंट के कारण बंद किए गए, उनमें घुमारवीं ब्लॉक-1 के प्राइमरी स्कूल रंदौह, भरमौर ब्लॉक के बैलमुंह, सिहुंता ब्लॉक के भतलैहरी, गरौला ब्लॉक के सुनकर, हमीरपुर ब्लॉक के दरवाना गुरजन, हमीरपुर ब्लॉक का खतवीन, बैजनाथ का सुनपुर, भरवाना का जैंद, डाडासीबा का बधल नॉन, देहरा का कियोरी, इंदौरा का रत्नगढ़, कवाली का सौहरा, कोटला ब्लॉक का थारु और गुजरेहरा, कांगड़ा का बदी बेहरी, लंबागांव का अंबोटू छत, नगरोटा सूरियां का भतर, नूरपुर का बासादबियाला, पंचरूखी का अपर रजौत, पालमपुर ब्लॉक का जुगैहर, राजा का तलाब ब्लॉक का सरगोतरन, रक्कड़ ब्लॉक का नौरी, रेट एट शाहपुर का कुरेला, धीरा ब्लॉक का अच्छर, निचार का कंगरग, निरमंड का चंबू और कटमोर, कुल्लू वन-टू और थ्री ब्लॉक के बडियाणा, सरली, प्रभी, केलांग ब्लॉक वन के कोलोंग, सुरथंग और पेयोकर, केलांग ब्लॉक टू के नैनघर, उदयपुर का अघर और ंाजार, सैगालु ब्लॉक का छलाहर, चौंतड़ा ब्लॉक का कुफरू और जरल सहाज, धर्मपुर ब्लॉक का वन और टू ब्लॉक का फागुल, शेरपुर, बेरी, सिराज ब्लॉक की सेरीमनबढ़, करसोग वन ब्लॉक की धनियारा, दंग्र वन और टू ब्लॉक की संतोग, कदूंड, समलंग और नशधारा, ऑट ब्लॉक के शेगलीधार, निहरी ब्लॉक के छैओरी, देहा ब्लॉक के माईपुल, खरौरी, कलहार और कठियाणा, जुब्बल ब्लॉक का शमोट, कोठु, नदल, चौपाल ब्लॉक का कोट और कुपवी, टिक्कर ब्लॉक का सेरिधार और टांगरी, कुमारसैन का कोट, मशोबरा ब्लॉक का कोट, सिपुर, नेरी, बदफर सुन्नी ब्लॉक का नवी और नालाह, ननखड़ी का शोला, बियोट, कुंठ और टुटू, रामपुर सराहन टू का पशहाड़ा,कंधार, किन्फी, पैशगांव, रणर ब्लॉक की मगवानी, गवास, रामपुर ब्लॉक के कांडी, कुहल, परोग,कुपवी ब्लॉक का चुरांह, कफोटा ब्लॉक का गुजोन और रांगुवा, राजगढ़ ब्लॉक के शड़ पजोगा, शड़ोग, नेरीजांगला और नारग के सरहोग स्कूल शामिल है। 10 मिडल स्कूल भी इसी कारण बंद किए गये हैं। इनमें पांगी का परेग्राम, निचार का गारसू, निरमंड का मोइन, आनी का कास्था, स्पीति का गियू, चौंतड़ा टू का भ्रां, दं्रग वन का अंदरालू, सिराज टू का कांडी कोछरा, सुंदरनगर टू का बढू और मझास स्कूल शामिल हैं। 58 मिडिल स्कूल बंद नयनादेवी ब्लॉक में देहानी, सदर ब्लॉक में धामना, चंबा वन ब्लॉक में ककैला, भोरंज ब्लॉक में सैंड, बिझड़ी ब्लॉक में अंबोटा, कोदरा, सुजानपुर ब्लॉक में भेड़ा, बैजनाथ ब्लॉक में चोबू, थाथी, चढिय़ार ब्लॉक में चढिय़ार खास, धीरा ब्लॉक में चरखोला, धर्मशाला ब्लॉक में दियारा, पंचरूखी में अप्पर दत्तल बोहाल, कोटला ब्लॉक में सिहुणी, भरवांड़ा, पूह में रोपा और सुनम, कल्पा ब्लॉक में पोवारी, निरमंड ब्लॉक में थंथल, काजा ब्लॉक में कियाटो, धर्मपुर-2 ब्लॉक में ढलारा और शेरपुर, सुंदरनगर ब्लॉक में घेरा, गोपालुपर-वन में छतर टंडोह, सैगालु ब्लॉक में लगधार, जुब्ब्ल ब्लॉक में ढडोट, जरशाली, सैंसंग-2, तूरन, कोटखाई ब्लॉक में कोटी, मरुथू, सपोहिल, कुमारसैन ब्लॉक में चलाण, कुपवी ब्लॉक में बागी, संत, ननखड़ी ब्लॉक में शिला, नेरवा में धमरोली, रामपुर ब्लॉक में रदौली, उरमन, जांगला में भगवारी, मंगहारा, सुन्नी में हिमरी, चौहारा में जगनोटी, शिमला में गवाही-2, सुन्नी ब्लॉक में मचरेणा, कुमारसैन ब्लॉक में चलान, कोटखाई ब्लॉक में स्पोयल, जुब्ब्ल में खरशाल, रोहडू़ में शालावत, नेरवा में थनगार, रामपुर फस्र्ट में पेट, कफोता में श्माह, पटटा महलोग ब्लॉक में शेरला, अंब ब्लॉक में राजपुर जसवां, बंगाड़ा ब्लॉक में हथवाना और जोल ब्लॉक में चरोली स्कूल को मर्ज किया। 361 प्राइमरी स्कूलों पर ताले घुमारवीं वन और टू ब्लॉक में दोहरु, सोनखर, कसारू, भंडल, लुहनू, जोल देखतर, गुलानी, कुहू मझवार, बदरौण, सथाली, झंडूता ब्लॉक में कोहली, ठिहरा, जौहर देहानी, सदर ब्लॉक में चिकरी, बरनू, पंचहैली, धमना, चरौल जतन, बैंग चैंमबियारा, नयनादेवी ब्लॉक में बधराण, सवारघाट ब्लॉक में धधराणा, नैलन, गौला, पट्टा, बनीखेत ब्लॉक में दूहका, चौंतड़ा, भरमौर ब्लॉक में लमनौथ और पलानी, चंबा वन में चैली, चुवाड़ी ब्लॉक में खोपरु, ढडियारु, बनोई, गरोला ब्लॉक में धोनी, लुहानी, जूवन, भूजनली, टूह, तियारी, मगलून, घेरा ब्लॉक में धार, मेहला टू ब्लॉक में थलोल, सिहुंता ब्लॉक में चैलेरिया, खडेंद्र, दूरधाला, भौंट, खनौरा, अनैन, धनून, सुंधला ब्लॉक में मंझली, छतरैल, तैलरु, खुहंड, भोरंज ब्लॉक में ककरोल, जिजविन, बडियाना, कोट रिसवान, मतलाना, बिझड़ी ब्लॉक में घुमारवी, नलवाड़ बहतर, भूतण, खजियान, मनजारा, थाना, समन कोटी, अंबोटा, ब्रिसविन ब्लह, जलौड़ी में प्लासी, जिआना, बल्ह, हमीरपुर ब्लॉक में थाना लोहारन, हलाना, रोपा कोट, करोष, सुजानपुर ब्लॉक में दारला, बजरोल, निहारी, खोलू, बैजनाथ ब्लॉक में करनारठू, करोट, सरमन, भरवाणा ब्लॉक में सिहोल, चंद्र, भरौड़ा टू, लोहर मलंग, चडिय़ार ब्लॉक में कथौन, कांगड़ी, तैंबर, तंबारु, डाडासीबा ब्लॉक में बरवारा, लग थकरन, नियार, बधल, लोहर नेरी, लोअर बसलैहर, देहरा में कलरू और दंग्र अंब, धर्मशाला ब्लॉक में घियाना खूरड़, सिकना द मोड, भतड़, धीरा ब्लॉक में टिका ब्लह, हरबरल, नेनॉन, कहांपठ, तोरु, घंघारा, फतेहपुर ब्लॉक में लरहूं, झरोली, हड़वाल, ज्वाली में बधैला,बनहारा, जैशर चटवांडा, जंड्ऱोह, कांगड़ा में सुरानी, मैहालू, बाला मटौर, पैहग, अब्दुलपुर, खुंडियां का जमूली, कोटला का बधरैला, लंबागांव का काथला, सुभाषनगर, त्रिंडा, नगरोटा बगवां का नेरा और अबांरी, नूरपुर का बासा वजेरियन, पालमपुर का गडियारा, बगौरा, कुसमल, रामरछन, पंचरूखी का तोरान, होल्सू, अप्प दत्तल, बडैहर, खजुरनु, थाला, किहली, राजा का तालाब ब्लॉक का घरनोट, मकरोली, बासा पठानिया, डडवारा, कुतन, रक्कड़ ब्लॉक का कुरियल घेरा, धार खरोटी, थूरल का पूर्बा-2, भिला, कल्पा ब्लॉक के छिन्नी, कश्मीर सांग्ला, निचार ब्लॉक के पुनांग, करसीम, कुफनू कोलोनी, पुह ब्लॉक में स्वेडन और हैंगमठ, आनी ब्लॉक में मुंगरी, रोपा, ओलवा, भूतिबहन, बशावल, धैर, बंजार ब्लॉक में शारुनगर, मनहम, कुल्लु वन और टू ब्लॉक के धारी, टिक्कर, रशकर, जिआनी, पलयानी, डिंगडिंगी, त्रिसारी, नगर ब्लॉक के कास्टा, गौर, सैंज ब्लॉक के हुरला टू, बिहाली, काजा ब्लॉक लंगजा टू, ताबो, कुंगरी घोंपा, तांगटी योगमा, सैलिंग लोसर टू,काजा टू और गुलिंग, उदयपुर के झोलिंग टू, शकोली, सलपत, उडग़ोज, औट के शाहनी, बाता, बल्ह के खियुरी, बलवानी, छातरु, ट्रोह, चचियोट ब्लॉक के भुरला, चौंतड़ा वन और टू ब्लॉक में कुंकर, पाबो, नरहोली, सनन खेरा, कलेहारू, खजूर, कोहन, मठी बनवार, दुंग वन और टू ब्लॉक में गवालान, खलैल, छहतर, बड़ागांव, छैला पन, त्रयोकना, तिलि पटन, जककरकुट, भटोग, त्रसवन, गोपालपुर वन और टू ब्लॉक के सरौली, गेहरा, रेशर हैवेन, कठोगां, भाहनू, हवानी, जनीन कास बरी मतोली, बदौं, सलोआ, करसोग वन और टू ब्लॉक में चनयाणा, फंडोल, सेयोग, कुंठरी, कांडा, रशोग, मेरोठ, कामनू, बगैण, नराहां, थोगी, निहरी ब्लॉक में सोझा, जबराश, रिवाल्सर ब्लॉक में सनगन, सदर ब्लॉक में पंजैहटी,रखून, काशला, सैगालू ब्लॉक में ढलवाहां, सलवाहां ब्लॉक के सीढ़, सिराज वन और टू ब्लॉक में धनयार, मातला, सढिय़ार सुंदरनगर ब्लॉक एक के खरोटा और सिहरल , सुंदरनगर ब्लॉक दो के कोटला, चौहारा ब्लॉक के गोक्सवारी, चौपाल ब्लॉक के टिकरी और मामवी, देहा ब्लॉक के जोए, कलहर, पलाना, डोडरा कवार ब्लॉक के लागनू और पट्टा डोबू, जुब्बल ब्लॉक के कैरी और बाकन, कसुम्पटी ब्लॉक के बाथमाना, कोटखाई ब्लॉक के किआरवी, बनोल, रूखाला, बरामू, केहमली, सारंधार, खोला, भारोन, जोले, कुमारसैन ब्लॉक के भूतकंडा, एम. चंगाधार, बहाली, बनकोटी, लौघा, जेल्ठी, चिमला, चरूथी, मनडोली, रोपा, कुमारसेन के नगरोट, कुफरबाग, मतियाना का बिशरी, ननखड़ी ब्लॉक के खमाली खलेट, जुन्नी, बस्ताधार, नेरवा का केवली, रामपुर ब्लॉक के प्रांदली, मंढोंग, तलाई, रामपुर-1 के जगुनी, शैलीबमोद, रांसर जांगला का रनोल, रोहड़ू ब्लॉक के कोटसारी, कपरीधार, बार्टू, खगटेड़ी, कंद्रोरा, सराहन के तालरा, निन्वी छल्लड़ी, सराहन बुशहर के दुगीसेरी, शिमला का लझून, सुन्नी ब्लॉक के दमोग, खोब, भराउ, रिओग, पन्याली, कंदौला, मकराचा, ठियोग के कुफ्टा, ढली, बकरास ब्लॉक के दुरेच, शलियान, कफोटा ब्लॉक के केरका गुइना, च्योग, भट्टड़, खोरनवाला का रुंदाना, माजरा का कटल, नाहन के नोगली, नारग के नोमचट, चानालाग, राजगढ़ के पंति दवंग, हिडुता, संगड़ाह के शज खिल, रनवा, सतौन के ददुआ काइला, बाग तिलवाड़ी, शिलाई के जिमटवाड़, सेरखी, सुरला के डोलसरी, बाकारला, अर्की के बंबिरा, सरली, पेओठा, सेरी, धर्मपुर ब्लॉक के नकीयार, अलोब्रा, धुंडन के निचला समलोह, घ्याना याना, शौग, कंडाघाट के कश्मीरी चायमा, कदौर, कुठड़ के राजपुरी, साई मंझ, एंजी डी, नालागढ़ केधार, चंबा धरल, रामशहर ब्लॉक के पंजाल, भलसी, अंब के राजपुर जस्वान, बंगाणा ब्लॉक के पनेड़, खनेड़, भरमौट, गुगहां कलां, गगरेट-1 ब्लॉक के घनाड़ी अप्पर, सलोह बेरी एलटी, तराली, कुठैड़ा जस-जी, जोल के बुहाना, कुद को बंद कर दिए गए है।
हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान (हिप्पा) के एक प्रवक्ता ने आज बताया कि हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान ने भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद और इसके सहभागी लैंडस्टैक एडवाइजरी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया। हिप्पा के निदेशक शुभ करण सिंह और लैंडस्टैक एडवाइजरी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक दीपक सानन की मौजूदगी में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। उन्होंने बताया कि समझौता ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य संयुक्त तौर पर ‘समावेशी भूमि सुधारों को समावेशी भू-प्रशासन में बदलने के लिए राज्य क्षमता का निर्माण’ परियोजना पर कार्य करना हैै। इसका उद्देश्य भू-प्रशासन में प्रौद्योगिकी के उपयोग को सुव्यवस्थित करना है, ताकि भू-प्रशासन में सुधार और नागरिक सेवाओं व जनकल्याण के क्षेत्रों में सार्वजनिक नीति लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिल सके। इस परियोजना से जहां ज्ञान व कौशल का आदान-प्रदान होगा, वहीं हिपा को प्रशिक्षुओं के बड़े समूह के लिए नेतृत्व और वार्ता कौशल के क्षेत्र में सहयोग मिलेगा। संस्थान में प्रशिक्षुओं के लिए अब विश्व स्तरीय मानक प्रबंधन दक्षताओं की पहुंच सुनिश्चित होगी।
आज विवेकानन्द मेडिकल इंस्टीट्यूट पालमपुर ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन पालमपुर और पालमपुर के अन्य स्वास्थ्य देखभाल संस्थानों के सहयोग से कोलकाता में एक महिला डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या के विरोध में पालमपुर में रैली निकाली। पालमपुर क्षेत्र के सभी स्वास्थ्य कर्मियों ने इस भयानक और अमानवीय अपराध के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान सभी स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और इस बारे में एक उचित नियम या एसओपी या नीति बनाने का अनुरोध करने के लिए एसडीएम पालमपुर के माध्यम से डीसी कांगड़ा को एक ज्ञापन सौंपा गया है। विवेकानन्द मेडिकल इंस्टिट्यूट के निदेशक एयर कमोडोर (डॉ.) विमल दुबे और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन पालमपुर ने कोलकाता की भयानक घटना पर जमकर अपना गुस्सा जाहिर किया है और सभी स्वास्थ्य कर्मियों को धन्यवाद भी दिया है कि इस अपराध के खिलाफ सभी एकजुट हैं।
पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा हिमाचल प्रदेश ने विधानसभा के मानसून सत्र में पुरानी पेंशन व्यवस्था पर सरकार द्वारा एक बिल प्रस्तुत करते हुए इस पर सशक्त कानून बनाने की मांग की है। पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के राज्य महामंत्री एल डी चौहान, अध्यक्ष मनोज कुमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमर शर्मा सहित राज्य मीडिया प्रभारी दीप कुमार ठाकुर ने प्रदेश सरकार के सत्ता में आते ही चुनावी वादे के अनुसार कैबिनेट में बिना किसी संगठन के दबाव के OPS बहाल करने के निर्णय को ऐतिहासिक कहा है। एल ड़ी चौहान ने कहा कि उंन्होने वर्ष 2015 से OPS बहाली के अभियान को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई तथा वर्ष 2018 तक इस अभियान को प्रदेश सहित अन्य प्रांतों में फ्रंट पर चलाया तथा 2017 में DCRG को भी लागू करवाया अतः पुरानी पेंशन व्यवस्था पर भविष्य में किसी तरह की छेड़छाड़ न हो इसके लिए इस पर विधानसभा में कानून बनाया जाना वर्तमान में बहुत जरूरी है। पिछले वर्ष प्रदेश के माननीय उपमुख्यमंत्री ने भी स्वयं OPS पर कानून बनाने की पैरवी की थी। पुरानी पेंशन व्यवस्था पर विधानसभा के मानसून सत्र में एक सशक्त कानून बनाने बारे पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा की तरफ से माँगपत्र माननीय मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री व समस्त केबिनेट मंत्री को उनके कार्यालय के माध्यम से तथा ईमेल के माध्यम से दिया गया है, ताकि इस विषय पर पुनः ध्यानाकर्षण हो सके तथा विधानसभा के इसी सत्र में बिल लाकर कानून बन सके। हिमाचल प्रदेश के समस्त कर्मचारियों को पूर्ण उम्मीद है कि OPS बहाली पर कानून बनाकर वर्तमान सरकार कर्मचारियों के मन मे भविष्य को लेकर उठ रहे सवाल व संशय पर लगाम लग सके।
हिमाचल प्रदेश के लिए काफी राहत की खबर है। कई सालों से लंबित पड़ी बहुउद्देशीय फिन्ना सिंह सिंचाई परियोजना को आधिकारिक तौर पर प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना एवं AIBP के अंतर्गत शामिल कर लिया गया है। हिमाचल प्रदेश की सिंचाई प्रणाली में यह बड़ी सफलता है। अब इस योजना के सिरे चढ़ने की उम्मीद बंध गई है। ऐसे में अब फिन्ना सिंह सिंचाई परियोजना पूरी होने पर जिला कांगड़ा के एक बड़े हिस्से में किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिल सकेगा, जिससे खाद्यान्न उत्पादन बढ़ने से किसानों की आर्थिक सेहत सुधरेगी। डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने इसको लेकर खुशी जाहिर की है। बता दें कि जिला कांगड़ा के नूरपुर में फिन्ना सिंह सिंचाई परियोजना बीते 13 सालों से लंबित पड़ी है। इस दौरान कई सरकार सत्ता में आई और गई, लेकिन यह परियोजना फाइलों से आगे नहीं बढ़ पाई थी। साल 2011 में 204 करोड़ रुपये की प्रारंभिक राशि से शुरू हुई इस परियोजना की लागत अब 646 करोड़ रुपये पहुंच गई है। प्रदेश में फिन्ना सिंह सिंचाई परियोजना पर सरकार अब तक अपने संसाधनों से 283 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। इस योजना को सिरे लगाने के लिए प्रदेश सरकार लंबे समय से केंद्र सरकार से आर्थिक मदद की मांग कर रही थी। वहीं, डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने फरवरी 2023 में दिल्ली का दौरे के दौरान उन्होंने पूर्व केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र शेखावत से मुलाकात की थी। अपने दिल्ली के दौरे के दौरान डिप्टी सीएम ने फिन्ना सिंह परियोजना के लिए केंद्र सरकार से बजट जारी करने की अपील की थी। उन्होंने फिन्ना सिंह सिंचाई परियोजना के लिए केंद्र से मिलने वाली 340 करोड़ रुपये की मदद राशि जल्द जारी करने का आग्रह किया था। जो मांग अब जाकर पूरी हुई है। फिन्ना सिंह सिंचाई परियोजना का कार्य पूरा होने से जिला कांगड़ा के एक बड़े हिस्से में किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इस परियोजना के तहत कांगड़ा जिले की चक्की खड्ड पर लाहडू के पास एक डैम का निर्माण किया जा रहा है। एक सुरंग के जरिए नूरपुर के विभिन्न गांवों में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध करवाया जाएगा, जिससे सूखा पड़ने और जरूरत के समय किसानों को खेतों में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा, जिससे कृषि उत्पादन बढ़ने से किसानों की आर्थिक सेहत भी सुधरेगी। ऐसे में किसानों के लिए ये परियोजना किसी वरदान से कम नहीं है।
शिमला: 9 अगस्त को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुए बलात्कार और हत्या को लेकर देश भर में बवाल मचा हुआ है। देशभर में डॉक्टर को न्याय दिलवाने की मांग की जा रही है। इसकी आंच अब सूदूर हिमाचल तक पहुंच गई है। शिमला में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता राधिका खेड़ा ने पश्चिम बंगाल की घटना के लिए ममता बनर्जी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने ममता बनर्जी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि देश की इकलौती महिला मुख्यमंत्री के शासन में महिला के साथ सरकारी बलात्कार हुआ। इस दौरान राधिका खेड़ा ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि ममता बनर्जी से सब कांग्रेस नेता डर गए हैं। मामला अगर भाजपा शासित राज्य का हो तो राहुल और प्रियंका गांधी केवल ट्रेजेडी टूरिज्म करने जाते हैं। भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता राधिका खेड़ा ने कहा, "बंगाल के कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर के साथ रेप और हत्या का मामला पहला नहीं है। बंगाल में लगातार महिलाओं के साथ अपराध हो रहे हैं। ऑन ड्यूटी डॉक्टर के साथ इस तरह का अपराध होना झकझोर देने वाला है। देश की इकलौती महिला मुख्यमंत्री के शासनकाल में महिला के साथ सरकारी रेप हुआ है। इस रेप केस को रफा दफा करने में सरकारी संरक्षण दिया जा रहा है। समय रहते मामला सीबीआई को नहीं सौंपा गया। जहां पर वारदात हुई वहां अगले दिन ही कंस्ट्रक्शन शुरू कर दिया गया, जिस कमरे में वारदात को अंजाम दिया गया वहां पर मॉब ने तोड़फोड़ मचा दी, जिससे साफ होता है कि इस कांड से टीएमसी का सीधा लिंक है। इसके अलावा प्रदर्शन कर रहे डॉक्टर को भी पीटा जा रहा है। एक व्यक्ति को बलि का बकरा बनाकर बाकी लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री जानबूझकर उस व्यक्ति को जल्द से जल्द फांसी देने की बात कर रही है जो प्रासंगिक नहीं है। राधिका खेड़ा ने इस दौरान कांग्रेस पर भी निशाना साधा उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिला न्याय की बात करती है, लेकिन राहुल गांधी ने इस मामले पर चुप्पी साधी हुई है। 5 दिन के बाद एक ट्वीट किया मगर ममता बनर्जी के खिलाफ कुछ नहीं बोला। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि "राहुल गांधी डरो मत देश की बेटियों की आवाज बनो"। राधिका खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस के नेता ट्रेजडी टूरिज्म के लिए केवल तब जाते हैं, जब मामला भाजपा शासित राज्य का हो। मगर ट्रेजेडी टूरिज्म क्वीन प्रियंका भी इस बार कुछ खास नहीं बोली, ममता बनर्जी से कांग्रेस के सब नेता डर गए हैं।
हिमाचल प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशक ने शिक्षण कर्मचारियों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) समय पर जमा करने के संबंध में राज्य भर के सभी उप-निदेशकों को चेतावनी पत्र जारी किया है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए कई एसीआर जमा नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द एसीआर जमा नहीं करवाने वाले डिफाल्टर अधिकारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि को रोक दिया जाएगा। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि वर्तमान देरी का कारण या तो एसीआर शुरू न करना या संबंधित सरकारी कर्मचारियों द्वारा अधूरे स्व-मूल्यांकन हैं। निदेशक ने इन देरी को दूर करने के लिए तत्काल और सख्त कार्रवाई करने का आह्वान किया है। संस्थानों के प्रमुखों और उपनिदेशकों से आग्रह किया है कि वे पूर्णता प्रक्रिया की सावधानीपूर्वक निगरानी करें और सुनिश्चित करें कि वर्ष 2020-21 से 2022-23 तक की रिपोर्ट बिना किसी देरी के भेजी जाएं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023-24 के लिए एसीआर सितंबर 2024 के अंत तक प्रस्तुत होनी चाहिए। निदेशक ने चेतावनी दी है कि अनुपालन में किसी भी तरह की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसके परिणामस्वरूप डिफॉल्टरों की वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी जा सकती है। प्रत्येक एसीआर को वर्णानुक्रम में व्यवस्थित किया जाना चाहिए, जिसमें जन्म तिथि, नियुक्ति की तिथि, मोबाइल नंबर और डोजियर नंबर जैसे विवरण शामिल हों, साथ ही विभिन्न कैडर श्रेणियों के लिए अलग-अलग अग्रेषण पत्र भी हों। निदेशक ने कहा कि इस मामले में किसी भी तरह की चूक को रोकने के लिए तत्काल व्यक्तिगत ध्यान देने की आवश्यकता है। सरकार ने इस मुद्दे की गंभीरता को रेखांकित किया है और निर्धारित कार्यक्रम का पूर्ण पालन करने की अपेक्षा की है।
इंदौरा: राजकीय महाविद्यालय इंदौरा में एनसीसी कैडेट्स प्रथम वर्ष के लिए नामांकन रैली का आयोजन किया गया, जिसमे सहायक प्रोफेसर और सीटीओ डॉ. रोहित गांधी ने बताया, इस रैली में कुल 70 छात्रों ने भाग लिया, जिनमें से 21 छात्र और 19 छात्राओ ) को संयोजित प्रक्रिया द्वारा चुना गया, जिसे 9 एचपी बीएन डलहौजी से आएपीआई स्टाफ सूबेदार पवन कुमार, हवलदार यम बुद्ध द्वारा लागू किया गया। इसके अलावा पीआई स्टाफ दूसरे और तीसरे वर्ष के एनसीसी छात्रों के साथ बातचीत की। उन्होंने कैडेटों की ड्रिल तकनीकों का निरीक्षण किया और उन्हें एनसीसी की हर गतिविधि में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। पीआई स्टाफ ने रैंक भी आवंटित किए, जिसमें शिवम जामवाल को एसयूओ के लिए चुना गया, जबकि अरमान और पलक को यूओ का रैंक दिया गया। तीसरे और दूसरे वर्ष के एनसीसी कैडेटों में से क्रमशः चार सार्जेंट, छह सीपीएल और छह एल/सीपीएल का चयन किया गया। वही प्राचार्य डॉ. सुमिक्षा ने सभी नव नामांकित सदस्यों को बधाई दी और एनसीसी में उत्कृष्टता के लिए सभी को शुभकामनाएं दीं।
अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर की अगुआई में एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात करेगा। राज्य अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर तथा राज्य महासचिव भरत शर्मा ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों का शीघ्र समाधान निकालने हेतु मुख्यमंत्री से मिलेगा और विभिन्न विभागों द्वारा प्राप्त हुए मांगपत्र मुख्यमंत्री को आगामी कार्यवाही हेतु प्रेषित किए जाएंगे। इस मुलाकात के दौरान, प्रतिनिधिमंडल विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के लंबित मुद्दों को मुख्यमंत्री के सामने रखेगा l दो बार संविदा (Contract) कर्मचारियों के नियमितीकरण करना, प्रमुख मुद्दों में 12% महंगाई भत्ता तथा वर्ष 2016 के वेतन आयोग के अनुसार बकया राशि का तुरंत भुगतान, विभिन्न विभागों के विभिन्न वर्गों में वेतन विसंगति, विभिन्न विभागों के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी रिक्त पदों को जल्द भरना, हिमाचल प्रदेश विद्युत निगम, जिला परिषद तथा अन्य छूटे विभागों के लिए पुरानी पेंशन का प्रावधान, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष करना, विभिन्न विभाग के विभिन्न वर्गों के पद नाम बदलना, जल रक्षक का अनुबंध में शामिल करने के लिए अवधि 12 वर्ष से घटाकर 8 वर्ष करना, आवास भत्ते में लंबे समय से वृद्धि न होने के कारण विभिन्न कर्मचारी वर्ग का आवास भत्ता बढ़ाने की मांग, विभागीय पदोन्नती समय पर हो, करूनामुल्क आधार पर विभिन्न विभागों में लंबित मामलों का निपटारा कर सभी को वन टाइम रिलैक्सेशन देकर नियुक्ति देना, जिला परिषद कर्मचारियों को विभाग में मर्ज करने, मिड डे मील वर्कर,आंगनवाड़ी सहायिका के लिए स्थाई नीति, आउटसोर्स कर्मचारी के लिए स्थाई नीति, मल्टी टास्क कर्मी के लिए स्थाई नीति, सहित अन्य महत्वपूर्ण विषय शामिल रहेंगे। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान निकालना और उनके हितों की रक्षा करना होगा। राज्य अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने कहा संगठन की ओर से जो सुझाव सरकार के समक्ष रखे जाएंगे उन सभी सुझावों पर मुख्यमंत्री जरूर विचार करेंगे और हमे आश्वस्त है कि इस मुलाकात के बाद कर्मचारियों की विभिन्न विभागियों समस्याओं में से अधिक का समाधान जरूर निकलेगा l
इन दिनों केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय वेदव्यास परिसर बलाहर में संस्कृत सप्ताह का आयोजन चल रहा है। इसी कड़ी में उक्त कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार के दिन वेदव्यास परिसर में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय स्तरीय एवं विश्वविद्यालय स्तरीय प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं ।विश्वविद्यालय में आयोजित प्रतियोगिताओं का निर्णय परिसरीय अध्यापकों के सहयोग से सम्पन्न हुआ। विद्यालय स्तरीय प्रतियोगिताओं में 12 से अधिक स्थानीय विद्यालयों ने भाग लिया व छात्रों की उत्तम प्रस्तुति के साथ संगीत में प्रथम स्थान सरस्वती विद्या मंदिर के चतुर्थ कक्षा के छात्र कृष ने प्राप्त किया। वहीं द्वितीय स्थान राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला की छात्रा अंकिता ने प्राप्त किया व तृतीय स्थान लिटिल फ्लावर हाई स्कूल की छात्रा वैष्णवी ने प्राप्त किया। इसी प्रकार श्लोक उच्चारण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान लिटिल फ्लावर हाई स्कूल गरली की छात्रा दृष्टि ठाकुर एवं राजिक वरिष्ठ क्या माध्यमिक पाठशाला प्रागपुर की वेदिका ने दूसरा एवं राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चनौर की छात्रा आस्था ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। उक्त कार्यक्रम परिसर निर्देशिका प्रोफेसर सत्यम कुमारी के निर्देशन में एवं कार्यक्रम संयोजक प्रोफेसर मंजूनाथ भट्ट के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
लॉरेट फार्मेसी शिक्षण संस्थान ने फ्रेशर्स के स्वागत के लिए एक इंडक्शन प्रोग्राम का आयोजन किया। इस समारोह की शुरुआत दीप प्रजबलित करके की गई। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उप प्रभागीय न्यायाधीश शिल्पी बैकटा गोयट रही तथा स्पेशल गेस्ट के रूप में रिटायर्ड डॉ के के रतन ने शिरकत की। संस्थान के प्राचार्य डॉ एम एस आशावत ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। इस कार्यक्रम में एचओडी डॉ विनय पंडित भी मौजूद रहे। उप प्रभागीय न्यायाधीश शिल्पी बेक्टा ने छात्रों को सम्बोधित करते हुआ कहा कि जीवन में सफल होने के लिए एक ही मंत्र है वो है संघर्ष, उन्होंने छात्रों को कहा कि अपने भविष्य के बारे में जाने और अपने संवैधानिक कर्तव्यों का पालन करके एक अच्छे नागरिक बने और जिस भी क्षेत्र में जाएँ अपने आप को पहचाने। डॉ के के रतन ने कम्युनिकेशन एवं फर्स्ट ऐड के बारे में छात्रों के साथ जानकारी साँजा की। इस अवसर पर एम .फार्मेसी ,बी. फार्मेसी, डी फार्मेसी, फार्म डी तथा बीसीए और बीबीए के छात्रों ने भाग लिया, डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ सीपीएस वर्मा ने धन्यवाद भाषण दिया। इस अवसर पर एचओडी डॉ अमरदीप अंकलगी, डॉ परवीन, डॉ अदिति, डॉ स्वाति तथा डॉ मयंक एवं स्टाफ के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू की मलाणा घाटी में भारी बारिश के कारण डैम फटने से जहां सड़क मार्ग बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं, मलाणा गांव जाने का रास्ता भी बुरी तरह से खराब हो गया। ऐसे में अब भुंतर से एक हेलीकॉप्टर राशन लेकर मलाणा गांव की ओर रवाना हुआ। इस दौरान सीपीएस सुंदर ठाकुर और एसडीएम विकास शुक्ला भी हेलीकाप्टर में मौजूद रहे। ऐतिहासिक गांव मलाणा में राशन की किल्लत से जूझ रहे लोगों को अब इससे राहत मिलने वाली है। हेलीकॉप्टर में मलाणा के लिए आटा, चावल और तेल सहित अन्य खाद्य पदार्थ भेज दिया गया है। करीब 2,500 की आबादी वाला मलाणा दो सप्ताह से देश-दुनिया से कटा हुआ है। बादल फटने के बाद सड़क बुरी तरह से क्षतिग्रस्त है। ऐसे में लोगों को जान जोखिम में डालकर पहाड़ी रास्ते से होकर आवाजाही करनी पड़ रही है। गांव में राशन का स्टॉक समाप्त है। बीते दिन वीरवार से गांव में मेला भी शुरू हो गया है, ऐसे में ग्रामीणों के सामने मुश्किल यह है कि वे मेहमानों को क्या खिलाएंगे? इसके अलावा सड़क बहाल होने में छह माह का समय भी लग सकता है। हेलिकॉप्टर से राशन गांव में पहुंच सके, इसके लिए ग्रामीण स्वयं ही बिना किसी मशीनरी के हेलीपैड का निर्माण कर रहे हैं। पूरे मलाणा के लोग हेलीपैड तैयार करने में सहयोग कर रहे हैं। सामूहिक भागीदारी से बनाए इस हेलीपैड में अब हेलीकॉप्टर को उतारा जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में बारिश से जगह-जगह भूस्खलन से एक नेशनल हाईवे व 116 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बाधित है। आज सुबह 10:00 बजे तक राज्य में 21 बिजली ट्रांसफार्मर भी ठप रहे। राज्य में 11 जल आपूर्ति योजनाएं गाद आने से प्रभावित चल रही हैं। शिमला, मंडी, कुल्लू व कांगड़ा जिले में सबसे ज्यादा सेवाएं प्रभावित है। लोक निर्माण व अन्य विभाग संबंधित सेवाओं की बहाली के काम में लगे हैं। उधर, कांगड़ा जिले केदेवग्रां में पालमपुर से पंचरुखी व जयसिंहपुर सड़क का कुछ हिस्सा बह गया। साथ ही पानी व मलबा साथ लगते घर के आंगन में घुसा गया। इससे आंगन में खड़ी गुड्डू पुत्र राम लाल की स्कूटी बह गई। साथ ही घर आए मेहमान की स्कूटी भी मलबे के साथ बह गई। भारी बारिश से पालमपुर में लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह का डंगा गिर गया। प्रदेश के कुछ भागों में आगामी एक सप्ताह तक मौसम खराब रहने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से राज्य के कुछ स्थानों पर 16 से 20 अगस्त तक भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के साथ देहरा में हुई बैठक के बाद राज्य पटवारी और कानूनगो संघ ने काम पर लौटने का निर्णय लिया है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि उनकी जायज मांगों का सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ समाधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पटवारी और कानूनगो का राज्य कैडर किया जाना सरकार का नीतिगत फैसला है। उन्होंने पटवारी और कानूनगो से सरकार की इस पहल में सहयोग करने को कहा। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं को धरातल पर लागू करने के लिए पटवारी और कानूनगो की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि आम लोगों को पेश आ रही समस्याओं के समाधान के लिए सरकार एक मिशन मोड पर कार्य कर रही है और इसमें पटवारी और कानूनगो की बेहद अहम भूमिका है। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि सरकार उनकी सुविधाएं बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया है और कर्मचारियों की वित्तीय देनदारियों का चरणबद्ध तरीके से भुगतान किया जाएगा। पटवारी एवं कानूनगो संघ के अध्यक्ष सतीश चौधरी ने कहा कि सरकार की सभी योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए पूर्ण निष्ठा व समर्पण भाव से कार्य सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी पटवारी और कानूनगो अपने एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देंगे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज जिला कांगड़ा के देहरा विधानसभा क्षेत्र के लिए 50.14 करोड़ रुपये की लागत की पांच नई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इन परियोजनाओं में 12.60 करोड़ रुपये की लागत से बनखंडी से बासा वाया मेहता सड़क का उन्नयन, 12.41 करोड़ रुपये की लागत से सुनहेत से बस्सी सड़क का उन्नयन, 11.88 करोड़ रुपये की लागत से खबली दोसड़का से मरहेड़े सड़क का उन्नयन, 7.57 करोड़ रुपये की लागत से बधाल से दौंटा सड़क का उन्नयन तथा 5.67 करोड़ रुपये की लागत से बगलामुखी से मंधीना सड़क का उन्नयन कार्य शामिल है।
हिमाचल के कई भागों में बीती रात से भारी बारिश हो रही है। कांगड़ा में बीते 24 घंटे में सबसे ज्यादा 155 मिलीमीटर बारिश हुई है। कांगड़ा की कई सड़कें इससे जलमग्न हो गई। नदी-नाले उफान पर है। कांगड़ा के ही धर्मशाला में 150.7 मिलीमीटर, सिरमौर के नाहन में 119.9 मिमी, नयना देवा में 78.2 मिमी और पांवटा साहिब में 48 मिलीमीटर बारिश हुई है। मौमस विभाग ने कांगड़ा, चंबा, सोलन और सिरमौर जिला में कुछेक स्थानों पर भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में बारिश के बाद बाढ़ और लैंडस्लाइड का खतरा बना हुआ है। अन्य सभी जिलों में येलो अलर्ट दिया गया है। प्रदेश में आज और कल मानसून एक्टिव रहेगा। मानसून 17 व 18 अगस्त को कमजोर पड़ेगा। इन दो दिनों के दौरान कांगड़ा, शिमला, सोलन व सिरमौर जिला में ही हल्की बारिश हो सकती है। प्रदेश में इस मानसून सीजन में नॉर्मल से 25 प्रतिशत कम बारिश हुई है। IMD के अनुसार, 1 जून से 14 अगस्त के बीच प्रदेश में 497.2 मिलीमीटर सामान्य बारिश होती है, लेकिन इस बार 373.3 मिलीमीटर ही बादल बरसे है। प्रदेश में 2 NH-159 सड़कें बंद, सेब ढुलाई में परेशानी प्रदेश में बीते चार दिनों के दौरान हुई बारिश से 2 नेशनल हाईवे सहित 159 सड़कें वाहनों की आवाजाही के लिए बंद पड़ी है। शिमला जोन में सबसे ज्यादा 111 सड़कें अवरुद्ध है। इससे सेब ढुलाई में बागवानों को परेशानियां झेलनी पड़ रही है। मंडी जोन में 17, हमीरपुर में 10 और कांगड़ा जोन में 21 सड़कें बंद पड़ी है। शिलाई को जोड़ने वाला हाईवे 24 घंटे से ज्यादा समय से बंद है। किन्नौर को जोड़ने वाला हाईवे भी बंद पड़ा है। हालांकि पिछले कल कुछ देर को बहाल कर दिया गया था, मगर वह रात में दोबारा बंद हो गया है। इससे किन्नौर जिला का राजधानी शिमला से संपर्क कट गया है। किसानों की फसले तबाह प्रदेश में इस मानसून सीजन में भारी बारिश से 1083 करोड़ रुपए की सरकारी व निजी संपत्ति तबाह हो चुकी है। पीडब्ल्यूडी को सबसे ज्यादा 470 करोड़ रुपए का नुकसान हो गया है। इस बरसात में किसानों-बागवानों की फसलों को भी करोड़ो रुपए की चपत लगी है |
देहरा : धूमधाम से मनाया गया पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय नलेटी में 78वां स्वतंत्रता दिवस पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय नलेटी में 15 अगस्त को बहुत ही धूमधाम से स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया गया। इसमें सबसे पहले ध्वजारोहण किया गया और फिर बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों से समा बांधा। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य सतनाम सिंह ने की। विद्यालय की सामाजिक-विज्ञान शिक्षिका, सरला यादव ने स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हुए शब्द सुमनों से श्रद्धांजलि दी। बच्चों को देश के प्रति अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया व इस दिवस की महत्ता बताई। स्नातकोत्तर शिक्षक अंग्रेजी, नरेंद्र कुमार ने भी बच्चों को स्वतंत्रता दिवस पर शुभकामनायें देते हुए भविष्य में देश के प्रति भूमिका निभाने का आवाहन किया। इस मौके पर विद्यालय के प्राचार्य सतनाम सिंह ने देश के स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया। बच्चों को भारत के भविष्य के प्रति अपने दायित्वों और जिम्मेदारियों को भी ध्यान में रखने और साथ मिलकर भारत को एक ऐसा राष्ट्र बनाने का आवाहन किया जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट हो और शेष विश्व को प्रेरित करता रहे।
**मनाली के विधायक को भी आया धमकीभरा फ़ोनकॉल स्वतंत्रता दिवस से पहले गगरेट के विधायक राकेश कालिया और सीएम सुक्खू को फ़ोन में धमकी मिली हैं। कल 15 अगस्त है, जहां एक ओर पुरे भारत में स्वतंत्रता दिवस को धूमधाम से मनाने की तैयारी चल रही है तो वहीं दूसरी ओर हिमाचल के नेताओ को स्वतंत्रता दिवस न मनाने और तिरंगा न फहराने के लिए धमकी भरे फ़ोन कॉल्स आ रहे है। सीएम सुक्खू और गगरेट के विधायक राकेश कालिया को फ़ोन भी अंजान नंबर से आया, जिसमें खालिस्तान नेता गुरविंदर सिंह पन्नू के द्वारा 15 अगस्त को न मानने को लेकर फोन पर धमकियां दी गई और कहा गया कि अगर कल तिरंगा फेहराया तो सीएम सुक्खू को मार देंगे। इसके साथ साथ ये धमकी दी गई कि मौजूद सभी भारतीयों को बम से उड़ा देंगे। और अब एक बार फिर मनाली के विधायक भुवनेश्वर गौड़ को भी धमकी भरा कॉल आया है, जिसमे ये कहा गया कि वो मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को मार दें तो मनाली को भी खालिस्तान का हिस्सा बनाया जाएगा। मनाली के विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने इस बारे में पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है और पुलिस की टीम भी मामले की जांच में जुट गई है। एसपी कुल्लू डॉ. कार्तिकेयन गोकुलचंद्रन ने बताया कि इस मामले में आगामी कार्रवाई की जा रही है।


















































