माइनिंग विभाग नुरपुर द्वारा गुप्त सूचना के आधार पर रात को अवैध खनन करते 3 ट्रैक्टरो का माइनिंग गार्ड सन्नी जसवाल ने मौके पर जाकर 30 हज़ार का चलान काटा। मामले में जानकारी देते हुए माइनिंग ऑफिसर सुरेश ठाकुर ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि इंदौरा के मंड क्षेत्र मे अवैध रूप से भारी मात्रा मे खनन किया जा रहा है, जिस पर कारवाई करते हुए माइनिंग गार्ड सन्नी जसवाल ने रात 10 बजे 3 ट्रैक्टरो को अवैध खनन करते पकडा , जिनसे मौके पर ही 30 हज़ार रुपये जुर्माना लिया गया, सुरेश ठाकुर ने बताया कि अवैध खनन के विरुद्ध अभियान जारी रहेगा।
** 10 व 11 सितंबर को होगा आयोजन प्रागपुर के तहत प्रसिद्ध नौण नक्की मेला व दंगल हर वर्ष की भांति इस साल भी 11 सितंबर को धूमधाम से मनाया जाएगा, जानकारी देते हुए मेला कमेटी के प्रधान रुपिंदर डैनी ने बताया कि 10 को छोटा मेला ओर 11 सितंबर को विशाल कुश्ती दगल का आयोजन नक्की खड़ में किया जा रहा हैं। देश के नामी ग्रामी पहलवान इसमें अपना दम खम दिखाएंगे वहीं प्रितपाल फगवाड़ा जैसे बड़े पहलवान इस मेले की शोभा को बढ़ाएंगे। मेला प्रबंधन कमेटी के समस्त संदस्यो ने इस मेले को सफल बनाने की अपील जनता जनार्दन से की है वहीं धरोहर गाँव से सम्बन्ध रखते सीएम सुक्खू के प्रिंसिपल ऐडवाइजर गोकुल बुटेल इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत करेंगे।
*जयराम ठाकुर बोले, पूर्व सरकार ने 4500 करुणामूलकों को दी नौकरी आज हिमाचल विधानसभा मानसून सत्र का दूसरा दिन है। सत्र के दूसरे दिन करुणामूलकों को नौकरी के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के समय इस मामले में सबसे ज्यादा काम हुआ है। आपकी सरकार को 20 महीने का समय हो गया है और आपकी सरकार ने सिर्फ काम रोकने का काम किया है। जयराम ठाकुर ने सदन में सवाल पूछते हुए कहा कि सरकार बताए की पूर्व सरकार के समय 5 साल में कितने करुणामूलकों को रोजगार दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को जब भी कोई काम अटकाना हो तो कमेटी बना दी जाती है। जयराम ठाकुर ने अनुपूरक सवाल में पूछा कि क्या समयबद्ध तरीके से रोजगार मिलेगा? जिसके जवाब में सीएम सुक्खू ने कहा कि हमारी सरकार ने एक साल में 180 करुणामूलक आधार पर रोजगार दिए हैं। सरकारी कर्मी की विधवा पत्नी को 9 महीने में करुणा मूलक आधार पर नौकरी दी जाएगी। जिसपर विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि करुणामूलकों के लिए जो कमेटी रोहित ठाकुर की अगुवाई में बनी है, क्या वो एमएलए से सुझाव लेगी? जिसके जवाब में सीएम ने कहा कि कमेटी में विपक्ष के सदस्यों की राय लेने में कोई आपत्ति नहीं है। नेता प्रतिपक्ष ने सत्ता पक्ष को घेरते हुए सदन में कहा कि पूर्व सरकार ने 4500 पात्र लोगों को करुणामूलक आधार पर नौकरी दी थी, जबकि इस सरकार ने सिर्फ 180 लोगों को रोजगार दिया है।
हिमाचल विधानसभा मानसून सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू हो गई है। सदन के सभी सदस्य विधानसभा में पहुंच गए हैं और प्रश्नकाल शुरू हो चुका है। भरमौर के विधायक डॉ. जनकराज ने करुणामूलक आधार पर रोजगार से जुड़ा सवाल किया, जिसके जवाब में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि रोजगार के 1415 मामले करुणामूलक आधार पर लंबित हैं। इस मामले में रोहित ठाकुर की अगुवाई में कैबिनेट सब कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी की पहली बैठक में निर्णय लिया गया है कि मेरिट व एजुकेशन के आधार पर करुणामूलकों को नौकरी दी जाएगी। ये मामला लंबे समय से चला आ रहा है।
हिमाचल प्रदेश में आज यानी बुधवार को मौसम विभाग ने भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी भी दी है। खराब मौसम को लेकर आज विभाग ने प्रदेश में येलो अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में बीते कल यानी मंगलवार को भी भारी बारिश हुई, जिससे कई सड़क मार्ग भी प्रभावित हुए हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक प्रदेश में मंगलवार को हुई भारी बारिश के कारण कई जगहों पर लैंडस्लाइड हुआ है और पेड़ गिरने के मामले भी सामने आए हैं, जिसके कारण से प्रदेशभर में अभी 126 सड़कें यातायात के लिए बंद हो गई हैं। शिमला जिले में 41 सड़कें गाड़ियों की आवाजाही के लिए बंद हैं, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भारी बारिश के बाद मंडी जिले में सबसे ज्यादा 59 सड़कें बंद हैं। इसके बाद सोलन में 12 सड़कें, कांगड़ा में 10 सड़कें, कुल्लू में 6 सड़कें, सिरमौर में 4 और ऊना, किन्नौर, लाहौल-स्पीति में 1-1 सड़क बंद है। इसके अलावा बद्दी में भी बुनियादी ढांचे, खासकर सड़कों को भारी बारिश से खासा नुकसान पहुंचा है। वहीं, प्रदेश में 1191 बिजली और 27 जलापूर्ति योजनाएं भी बाधित हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार मंगलवार को शिमला जिले के जुब्बड़हट्टी में शाम तक सबसे ज्यादा 101 मिमी बारिश दर्ज की गई। 27 जून को मानसून की शुरुआत के बाद से हिमाचल प्रदेश में अब तक बारिश में 23 प्रतिशत की कमी आई है। प्रदेश में औसत 591.8 मिमी बारिश के मुकाबले 453.4 मिमी बारिश हुई है। मंगलवार को शिमला जिले का नारकंडा 11.4 डिग्री तापमान के साथ हिमाचल का सबसे ठंडा स्थान रहा, जबकि ऊना 34 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ सबसे गर्म स्थान रहा।
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में इन दिनों हजारों श्रद्धालु मणिमहेश यात्रा के लिए पहुंच रहे हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु इस धार्मिक यात्रा के लिए चंबा पहुंच रहे हैं। इस बीच बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में मणिमहेश की यात्रा पर निकले 3 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। चंबा पुलिस जांच कर रही है कि ये हादसा कैसे हुआ, बताया जा रहा है कि ये सभी लोग मणिमहेश यात्रा के लिए निकले थे। जहां इनकी कार हादसे का शिकार हुई और कार के खाई में गिरने के कारण 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 8 घायलों की स्थिति भी गंभीर बताई जा रही है। जिन्हें नागरिक अस्पताल में प्राथमिक चिकित्सा के बाद पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा रेफर कर दिया गया है। गौरतलब है कि चंबा में 26 अगस्त से चंबा जिले में स्थित प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा शुरू हो चुकी है। इस धार्मिक यात्रा के लिए रोजाना सैंकड़ों लोग चंबा पहुंच रहे है। आलम ये है कि भरमौर नेशनल हाइवे पर इन दिनों गाड़ियों का रेला निकल रहा है, जिसके कारण लंबा जाम लग रहा है और गाड़ियां घंटो इस जाम में फंस रही है। हर साल देशभर से हजारों श्रद्धालु इस यात्रा में शिरकत करने के लिए पहुंचते हैं। इस साल ये यात्रा 26 अगस्त से लेकर 11 सितंबर तक चलेगी। इससे पहले 24 अगस्त को भी पठानकोट-चंबा नेशनल हाइवे पर बनीखेत के पास एक कार खाई में गिर गई थी। इस हादसे में कार सवार एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि 3 घायलों को डलहौजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था और प्राथमिक उपचार के बाद इन्हें भी चंबा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था।
हिमाचल में डीए और एरियर के भुगतान की मांग कर रहे कर्मचारी नेताओं पर सरकार ने एक्शन लिया है। प्रदेश के देहरा में आयोजित किए राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने डीए और और छठे वेतन आयोग का संशोधित एरियर का भुगतान की कोई घोषणा नहीं की थी, जिससे कर्मचारी सरकार से नाराज चल रहे हैं। ऐसे में हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवा परिसंघ के तहत पांच कर्मचारी संगठनों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सचिवालय प्रांगण में जनरल हाउस किया, जिसमें डीए और एरियर का भुगतान की मांग को लेकर सरकार पर अपनी भड़ास निकाली थी। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार को वार्ता के लिए एक दिन का भी अल्टीमेटम दिया था, लेकिन कर्मचारियों को वार्ता के लिए न बुलाकर सुक्खू सरकार के कैबिनेट मंत्री ने कर्मचारियों के खिलाफ बयान जारी कर आग में घी डालने का काम कर दिया, जिसके बाद हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवा परिसंघ के कर्मचारी नेता और भड़क गए और 23 अगस्त को फिर से बुलाए गए जनरल हाउस कैबिनेट मंत्री राजेश धर्माणी पर जमकर अपना गुबार निकाला। ऐसे में सरकार ने हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवा परिसंघ के तहत पांच कर्मचारी संगठनों के 10 कर्मचारी नेताओं को भड़काऊ भाषण देने पर कारण नोटिस जारी किया है। इसमें पांचों कर्मचारी संगठनों के अध्यक्ष और महासचिव शामिल हैं। हिमाचल में स्वतंत्रता दिवस पर लाखों सरकारी कर्मचारियों को आस थी कि सरकार डीए और एरियर के भुगतान को लेकर घोषणा करेगी, लेकिन देहरा में आयोजित हुए स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने न तो चार फीसदी डीए का जिक्र किया और न ही एरियर के भुगतान की घोषणा की। हालांकि, इस दौरान सीएम ने 75 साल की उम्र पूरी कर चुके आयु के पेंशनरों के एरियर का पूरा भुगतान करने का ऐलान जरूर किया। वहीं, सीएम ने अन्य कर्मचारियों को अगले साल से चरणबद्ध तरीके से डीए-एरियर के भुगतान की बात कही थी। ऐसे में लाखों कर्मचारी सुक्खू सरकार से नाराज चल रहे हैं। प्रदेश में हिमाचल दिवस, स्वतंत्रता दिवस या दिवाली के मौके पर कर्मचारियों को सरकार कुछ न कुछ देने की घोषणा करती है। इस बार भी उम्मीद थी कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कर्मचारियों को कम से कम 4 फीसदी डीए की किस्त देने की घोषणा की जाएगी, लेकिन मुख्यमंत्री ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की है। प्रदेश सरकार को डीए की तीन किस्त देनी है, जिसमें पहली किस्त 1 जनवरी 2023, दूसरी 1 जुलाई 2023 और तीसरी किस्त 1 जनवरी 2024 से दी जानी है। अब 1 जुलाई 2024 से चौथी किस्त भी देय होगी। वहीं, केंद्र ने अपने कर्मचारियों को तीनों किस्त जारी कर दी हैं, लेकिन हिमाचल सरकार ने डीए की एक भी किस्त नहीं दी है। इसको लेकर 12 अगस्त को मुख्यमंत्री से मिलकर मांग भी की गई थी। संशोधित वेतनमान का एरियर काफी समय से पेंडिंग है। पिछली बार सरकार ने 0.025 फीसदी के हिसाब से एरियर दिए जाने की अधिसूचना जारी की थी, जिसे सभी कर्मचारियों ने नकार दिया था और सरकार को अधिसूचना वापस लेनी पड़ी थी। हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवा परिसंघ के चेयरमैन संजीव शर्मा का कहना है, "सरकार ने 10 कर्मचारी नेताओं को कारण बताओ नोटिस दिया है। इसको लेकर अब अगली रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि डीए और एरियर का भुगतान न करने के विरोध में आज से सभी काले बिल्ले लगाकर काम करेंगे।
अश्वगंधा अभियान 2024 के अंतर्गत राजकीय उच्च विद्यालय घण्डरां में पौधे वितरित किए जाने का कार्यक्रम आयुष विभाग के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें आयुर्वेदिक स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र पनियाला से चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक शर्मा विशेष रूप से सम्मिलित हुए। उन्होंने बताया कि उपमंडलीय आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. शरत चंद्र त्रिवेदी के निर्देशानुसार उक्त विद्यालय में अध्यापकों व विद्यार्थियों में अश्वगंधा के पौधे वितरित किए गए तथा इस दौरान स्वास्थ्य कल्याण एवं पर्यावरण संरक्षण विषय तथा आयुर्वेद के महत्व विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता भी करवाई गई। मुख्याध्यापक शशि भूषण ने बताया कि उक्त प्रतियोगिता में महेश प्रथम व अंकित द्वितीय स्थान पर रहे। जिन्हें नकद ईनामी राशि से पुरस्कृत किया गया।
**सेहरा सजाने का मां का सपना टूटा, बिछड़ गई जुड़वां भाइयों की जोड़ी ** 6 साल पहले सेना में हुए थे भर्ती हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के गिरिपार क्षेत्र आंजभोज के गांव भरली निवासी वीर सपूत आशीष कुमार अपने वतन की सेवा में बलिदान हो गए। मां संतरो देवी का अपने लाडले बेटे के सिर पर सेहरा बांधने का सपना था पर उन्हें क्या पता था कि होनी को कुछ और ही मंजूर है। वहीं जुड़वां भाइयों की जोड़ी भी टूट गई है। बेटे की शहादत की खबर के साथ ही मां का सपना टूट गया। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। गिरिपार के आंजभोज व पांवटा साहिब में शोक की लहर है। भूतपूर्व सैनिक संगठन पांवटा साहिब व शिलाई के उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह ठुंडू व पूर्व अध्यक्ष विरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि वीर सपूत आशीष कुमार ने मंगलवार को अरुणाचल प्रदेश में ‘ऑपरेशन अलर्ट’ के दौरान अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए देश को अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है लेकिन जवान के पूरे परिवार पर जैसे दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। शहीद का जुड़वां भाई रोहित एक निजी कंपनी में सेवारत है। आशीष कुमार का जन्म 14 मार्च 1999 को हुआ। वर्तमान में 19 ग्रेनेडियर बटालियन के अधीन अरुणाचल प्रदेश में सेवारत थे। करीब 6 साल पहले आशीष सेना में भर्ती हुआ। बताया जा रहा है कि अरुणाचल प्रदेश में सैन्य ऑपरेशनल गतिविधि के दौरान सेना के वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर मिली। इसमें गिरिपार के भरली गांव के वीर सपूत आशीष के भी शहीद होने की खबर है। शहीद आशीष की पार्थिव देह वीरवार तक उनके पैतृक गांव पहुंचने की संभावना है। भूतपूर्व सैनिक संगठन पांवटा साहिब व शिलाई के उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह ठुंडू व पूर्व अध्यक्ष विरेंद्र सिंह चौहान समेत पदाधिकारियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। कहा कि भूतपूर्व सैनिक संगठन लगातार 19 ग्रेनेडियर के नुमाइंदों तथा परिवार से संपर्क में है, जिससे शहीद की पार्थिव देह जल्द से जल्द उनके पैतृक गांव पहुंच सके।
मणिमहेश यात्रा के दौरान सड़क हादसे में चार लोगों की मौत की सूचना है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह करीब 9:00 बजे गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हुई। गाड़ी गिरने की आवाज सुन भरमाणी माता मंदिर में माथा टेकने के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं और पुलिस जवानों ने बचाव अभियान आरंभ कर दिया। दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चल पाया है। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कुलबीर सिंह राणा ने सड़क हादसे की पुष्टि की है।
देश और प्रदेश में लहसुन की मांग के साथ बीज के दाम भी बढ़ गए हैं। इस बार किसानों को पिछले वर्ष के मुकाबले 100 रुपये प्रतिकिलो अधिक दाम में लहसुन बीज की खरीद करनी होगी। इन दिनों सोलन सब्जी मंडी में जम्मू और कुल्लू का बीज पहुंचा है। यह बीज ग्रेड के हिसाब से 220 से 280 रुपये प्रतिकिलो तक बिक रहा है। आने वाले दिनों में इसमें और उछाल आने की भी संभावना जताई जा रही है। इस बार किसानों को भी लहसुन के अच्छे दाम मिले हैं। इसमें 100 से 250 रुपये प्रति किलो तक लहसुन की खरीद सब्जी मंडी में की गई है। सोलन, सिरमौर, कुल्लू, सहित अन्य जिलों में सितंबर से अक्तूबर के बीच लहसुन की बिजाई का कार्य किया जाता है। सोलन में हर वर्ष लहसुन का करोड़ों रुपये का कारोबार होता हैं। बीते वर्ष सोलन मंडी में 120 से 180 रुपये प्रतिकिलो तक लहसुन का बीज किसानों को मिला था, जबकि इस वर्ष 100 रुपये महंगा मिलेगा। सोलन, सिरमौर का लहसुन सोलन मंडी से देश सहित विदेश को भी सप्लाई किया जाता हैं। सोलन में करीब 600 हेक्टेयर भूमि पर लहसुन की पैदावार की जाती हैं। कृषि विभाग भी किसानों को लहसुन का बीज देता है। इसमें विभाग ने भी निदेशालय को बीज की मांग भेज दी है। इसमें किसानों को बीज अनुदान पर प्रदान किया जाता है, जबकि अधिकतर किसान सब्जी मंडी सोलन से बीज की खरीद करते हैं। जिले भर में अधिकतर किसान जम्मू का बीज लगाते हैं। सब्जी मंडी सोलन के आढ़ती आशीष ठाकुर ने बताया कि इस बार लहसुन के बीज की मांग अधिक है, जिससे इसके दाम भी बढ़ गए है। सोलन में सिरमौर में सितंबर और अक्तूबर में बिजाई कार्य किया जाता है।
**सेब के दामों में गिरावट से बागवान परेशान प्रदेश कांग्रेस सरकार की लापरवाही व नालायकी की वजह से सेब बागवान हताश और निराश महसूस कर रहा है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता चेतन बरागटा ने कहा कि बागवानों का उत्पाद मंडियो में सस्ते दामो पर बिक रहा है। प्रदेश सरकार व APMC का हिमाचल की मंडियों में कोई नियंत्रण नही रह गया है। व्यपारियों व खरीदारों को सेब कौड़ियों के दाम खरीदने की खुली छूट दी जा रही है। बरागटा ने कहा इस तरह की कार्यप्रणाली से मिलीभगत का अंदेशा लगाया जा सकता है। सेब व्यपार के इतिहास में पहली मर्तबा सेब रिकार्ड 1000 से 1500 रुपये दो दिन के अंदर दाम गिरा है, जबकि पूर्व में 100 से 200 रुपये तक कि ही गिरावट देखने को आती थी। बहरहाल यह चिंता का विषय है,सरकार से मांग है कि तुरन्त इस मामले में हस्तक्षेप करें व बागवानों को सेब के उचित दाम दिलाने में सहयोग करें। बरागटा ने कहा की बड़ी हैरत की बात यह है कि सेब बाहुल क्षेत्र से सम्बन्ध रखने वाले कांग्रेस सरकार में मंत्री व विधायकों ने सेब गिरावट व बागवानों को आ रही अन्य असुविधाओं को लेकर चुप्पी साधी हुई है, जबकि चुनावों में कांग्रेस से अपने घोषणा पत्र में पांचवी गारेंटी में कहा था कि बागवान तय करेंगे फलो की कीमत और आज कांग्रेस की वो गारेंटी कहां गई, बागवान ये बात जानना चाहते है। कांग्रेस ने आज तक केवल किसानों बागवानों को गुमराह करने का काम किया है, जबकि पूर्व भाजपा सरकार में पूर्व बागवानी मंत्री नरेन्द्र बरागटा ने बागवानों के हितों को देखते हुए बागवानी के क्षेत्र में अनेकों कीर्तिमान स्थापित किए है, जिसको बागवान हमेशा याद रखेंगें ।
** नियम 67 पर चर्चा न देने से विपक्ष ने किया वॉकआउट हिमाचल मानसून सत्र के पहले दिन ही विपक्ष ने कड़े तेवर दिखा दिए हैं। विपक्ष ने सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद ही सदन में जमकर हंगामा किया नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सदन में विधानसभा अध्यक्ष से प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर स्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा देने की मांग की, लेकिन इसकी अनुमति नहीं मिली, जिसके बाद विपक्ष द्वारा सदन में नारेबाजी शुरू की और सदन से वॉकआउट किया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। आए दिन घटनाएं सामने आ रही है, लेकिन प्रदेश सरकार अपराधों पर अंकुश लगाने में नाकाम हो रही है। उन्होंने कहा कि बीते दिन बद्दी में एक मारपीट का मामला सामने आए जहां पर 15 लोग लोगों ने तीन युवकों की डंडों से बेरहमी से पिटाई कर दी. जिसमें एक युवक की मौत हो गई है, जबकि दो गंभीर रूप से घायल है। जयराम ठाकुर ने कहा कि बिलासपुर कोर्ट परिसर में ही फायरिंग हुई, जहां पर एक व्यक्ति घायल हुआ था और उसमें एक पूर्व विधायक का बेटा शामिल था। ऐसी कई घटनाएं हैं, जो प्रदेश भर में हो रही है। शिमला के पुलिस थाने में ही कुछ युवक घुसकर पुलिस वालों के साथ मारपीट की। प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। सरकार ने कानून व्यवस्था के लिए पुलिस नहीं बल्कि किसी और चीज के लिए पुलिस को लगाया गया है। विपक्ष के विधायकों को प्रताड़ित करने और उनके फोन की रिकॉर्डिंग करने के लिए। यही नहीं चुने हुए विधायकों को चार-चार घंटे तक थानों में पूछताछ के बहाने प्रताड़ित किया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार प्रदेश कामों में पुलिस जवान न लगाकर कुछ विधायकों को जेड प्लस सुरक्षा दी गई है। यही नहीं पुलिस मुख्यालय में 25 के करीब अधिकारियों को रखा गया है, उन्हें बैठने तक को कुर्सी नहीं मिल रही है। इन सब मुद्दों को लेकर आज जब सदन में मामला उठाया गया तो मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि बद्दी वाला मामला चिट्टे से संबंधित मामला है और इस पर चर्चा देने से मना किया जा रहा है। जिसे प्रतीत होता है कि मुख्यमंत्री प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं है। सदन में इतने गंभीर मामले को लेकर चर्चा नहीं दी गई जिसके चलते उन्हें वॉकआउट करना पड़ा।
**पुलिस पर भी लगाए गंभीर आरोप शिमला: चुराह से बीजेपी विधायक और पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज के खिलाफ एक युवती से अश्लील चैट करने का गंभीर आरोप लगे थे। अब उनके खिलाफ हिमाचल में महिला कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस प्रवक्ता अलका लांबा की अगुवाई में हिमाचल महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन से विधानसभा तक मार्च निकाला। इस दौरान महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 'बेटी को न्याय दो...न्याय दो' के नारे लगाए। इसके साथ ही उन्होंने विधायक हंसराज को जेल भेजने की मांग की है। इस दौरान बैरिकेडिंग कर महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया। महिला पुलिस के साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की धक्का-मुक्की भी हुई। महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने बीजेपी विधायक की गिरफ्तारी और उनके मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच करवाने की मांग के लिए सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू को ज्ञापन भी सौंपा। इस दौरान सीएम सुक्खू ने उन्हें पूरी जांच का भरोसा भी दिलाया है। कांग्रेस प्रवक्ता अलका लांबा ने कहा कि, 'हिमाचल में बेटियां खतरे में हैं। बीजेपी के विधायक हंसराज पर उनकी पार्टी के ही बूथ अध्यक्ष की बेटी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। विधायक पर एफआईआर हुई थी, लेकिन उसके बाद क्या हुआ? इसका जवाब जानने के लिए हम पुलिस हेडक्वार्टर जाएंगे। क्या एफआईआर न्याय है? क्या एफआईआर के बाद हंसराज की गिरफ्तारी और पूछताछ होनी चाहिए थी या नही? उनके फोन जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाना चाहिए था या नहीं? बेटी भारी दबाव में है, लेकिन ये मामला रफा-दफा नहीं होगा। बीजेपी का पूरा परिवार हिमाचल की बेटी के साथ नहीं अपने आरोपी विधायक के साथ खड़ा है। अब ये मामला वापस नहीं होगा। हम सरकार से मांग करेंगे कि विधायक पर आरोप लगाने वाली युवती को सुरक्षा दी जाए। इस मामले को रफा-दफा करने की बजाय तुरंत विधायक को गिरफ्तार किया जाए। बेटियों के दोषी विधायक की जगह विधानसभा में नहीं जेल में है। अलका लांबा ने कहा कि 'आरोप लगाने वाली बेटी दबाव में है, लेकिन पुलिस पर क्या दबाव है? एफआईआर को दबाने से कुछ नहीं होगा। फोन में सबूत नष्ट हो सकते हैं और सबूत नष्ट होने से बेटियों को न्याय नहीं मिलता है। हमें मालूम है प्रदेश सरकार ने अगर बीजेपी के विधायक को गिरफ्तार कर जेल भेजा तो दिल्ली की सरकार यहां की सरकार को तंग करना शुरू कर देगी, लेकिन हम हिमाचल सरकार के साथ खड़े हैं। एफआईआर के बाद आरोप लगाने वाली युवती पर दबाव बनाना शुरू हुआ था। बता दें कि विधायक और पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज के खिलाफ एक युवती से अश्लील चैट करने का गंभीर आरोप लगाए थे। युवती की शिकायत पर जिले के महिला थाने में मामला भी दर्ज हुआ था। युवती ने विधायक से जान का खतरा बताते हुए कई संगीन आरोप लगाए थे। एसपी चंबा को इस बाबत लिखित शिकायत दी थी, जिसके बाद महिला थाने में FIR दर्ज भी हुई, लेकिन इसके बाद आरोप लगाने वाली युवती अपने बयान से पलट गई। युवती ने एक वीडियो जारी कर कहा था कि 'सोशल मीडिया और मीडिया में चलाई जा रही खबरों के बाद मेरे पिता मेरे पास आए। 8 अगस्त 2024 को विधायक हंसराज के खिलाफ मैनें महिला थाना चंबा में रिपोर्ट दर्ज करवाई और 16 अगस्त को पुलिस ने मुझे कोर्ट में पेश किया जहां मैंने बिना किसी दबाव के अपने बयान जज के सामने दर्ज करवाए हैं, जिसमें मैंने स्पष्ट किया मेरे द्वारा विधायक पर लगाए गए सारे आरोप निराधार हैं। मैंने गलतफहमी, मानसिक तनाव और बहकावे के बाद विधायक के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। मेरी शिकायत के आधार पर चुराह कांग्रेस के नेताओं व मीडिया ने झूठी खबरें फैलाई हैं। मेरे पिता के विधायक के साथ पारिवारिक संबंध हैं। सोशल मीडिया पर विधायक और मेरे परिवार के खिलाफ झूठी खबरें फैलाई जा रही हैं। मेरी हाथ जोड़कर सब लोगों से विनती है कि ऐसी अफवाहें ना फैलाई जाएं। इस मामले को लेकर चुराह के विधायक हंसराज का बयान भी सामने आया है। विधायक ने कहा "मेरे ऊपर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। यह एक राजनीतिक साजिश है और इन आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है।
भाजपा सांसद कंगना रनौत द्वारा निजी अखबार को दिए इंटरव्यू के बाद बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। कांग्रेस हो या फिर किसान संगठन दोनों कंगना रनौत के खिलाफ लामबंद हो चुके हैं। कंगना के बयान बाद हुई फजीहत के बाद भाजपा को प्रेस नोट जारी करना पड़ा कि कंगना रनौत के बयान से भाजपा का कोई लेना देना नहीं है। ये बयान कंगना का निजी मत है। वहीं, कंगना को निर्देश दिए कि वो भविष्य में ऐसा कोई बयान न दे। इसी कड़ी में हिमाचल प्रदेश के पीडब्लूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी कंगना रनौत पर निशाना साधा है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि कंगना रनौत ने जो बयानबाजी किसानों के ऊपर की है और किसान आंदोलन में चीन का और अमेरिका का हाथ होने की संभावना जताई है। ये बयान काफी दुर्भाग्यपूर्ण है और मजाक का केंद्र बन रहा है। इसकी स्थिति विदेश मंत्रालय को सपष्ट करनी चाहिए कि क्या केंद्र की मोदी सरकार की विदेश नीति इतनी कमजोर है कि हमारे आंतरिक मुद्दों में चीन और अमेरिका हस्ताक्षेप कर रहा है। वहीं, केंद्रीय नेतृत्व ने जिस प्रकार कंगना के बयान से पल्ला झाड़ा है वो इस चीज को दर्शाता है कि मानसिक दिवालियापन जो है वो भाजपा की सांसद के बयानों में झलक रहा है। विक्रमादित्य सिंह ने कंहना रनौत को नसीहत देते हुए कहा कि जब आप एक चुने हुए पद पर होते हैं तो गंभीरता और सोच समझकर बयान देने चाहिए। क्योंकि इनका असर भारत तक ही नहीं विदेशों तक होता है और जो विदेशों के साथ हमारी कूटनीति होती है उस पर बड़ा प्रश्नचिन्ह पैदा करती है। मैं उनको कहना चाहता हूं कि उनको ज्यादा ध्यान मंडी संसदीय क्षेत्र के मुद्दों पर देना चाहिए। जिनके लिए अभी तक उनके पास समय नहीं है। वो एक दिन के तूफानी दौरे पर आती हैं और चली जाती हैं। उनको स्थिति सपष्ट करनी चाहिए श्वेत पत्र लाना चाहिए कि वो कितना सहयोग वो दिल्ली से हिमाचल प्रदेश के लिए लाई हैं खासकर मंडी संसदीय क्षेत्र के लिए। उनको विवादित बयानों से और सैंसलैस बयान जो वो समय समय पर देती हैं और जिनके लिए वो जानी जाती हैं उससे उनको बचना चाहिए। सोमवार को हिमाचल कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष संजय अवस्थी ने कहा कि "राजनीति की समझ आने में कंगना रनौत को अभी समय लगेगा। फिल्मों में अभी तक कंगना स्क्रिप्ट पढ़कर काम करती रही है, लेकिन राजनीति फिल्मी स्क्रिप्ट पर नहीं चलती है। मंडी से सांसद बनने के बाद अब कंगना संवैधानिक पद पर हैं। इसलिए कंगना को अब मुद्दों की गंभीरता को समझ कर बयानबाजी करनी चाहिए"। बता दें कि कंगना रनौत ने एक निजी अखबार को इंटरव्यू को में बयान दिया था कि ''अगर हमारा शीर्ष नेतृत्व मजबूत नहीं रहता तो किसान आंदोलन के दौरान पंजाब को भी बांग्लादेश बना दिया जाता। पंजाब में उपद्रवी किसान आंदोलन के नाम पर हिंसा फैला रहे थे। वहां रेप और हत्याएं हो रही थी। कंगना रनौत के इस बयान पर विपक्ष लगातार हमलावर है। कांग्रेस ने कंगना पर एनएसए के तहत एक्शन लिए जाने की मांग की है।
प्रताप वर्ल्ड स्कूल इन्दौरा की प्रिंसिपल रेणु परमार की अध्यक्षता में बच्चों ने स्टेट इंटर स्कूल शूटिंग चैंपियनशिप में भाग लिया। यह चैंपियनशिप हिमाचल प्रदेश के नाहन में आयोजित हुई। जो कि 8वां स्टेट इंटर स्कूल शूटिंग चैंपियनशिप थी। जो 23 अगस्त से 26 अगस्त को हिमाचल प्रदेश के नाहन में हुआ, जिसमें प्रताप वर्ल्ड स्कूल इन्दौरा के जसकरन ने अंडर 12 में गोल्ड मैडल जीत कर स्कूल का नाम रोशन किया। इस अवसर पर स्कूल के अध्यक्ष भरत भूषण महाजन ने बच्चें को बधाई दी और भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता में हिमाचल प्रदेश के 150 से भी अधिक स्कूलों ने भाग लिया था, जिसमें इस बच्चें को सफलता प्राप्त हुई 10 मीटर राइफल मे जसकरन को उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए बधाई देते हैं और भविष्य में और भी अधिक सफलताओं की आशा करते हैं। उनकी लगन और कड़ी मेहनत व अध्ययन स्कूल के सभी छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग शिमला ने आज मंगलवार और बुधवार को प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर आंधी और बिजली गिरने को लेकर चेतावनी दी है। मौसम विभाग ने प्रदेश में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। मानसून की शुरुआत यानी 27 जून के बाद से अब तक प्रदेश में बारिश में 25 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। हिमाचल में 584.2 मिमी औसत के मुकाबले सिर्फ 439.9 मिमी बारिश हुई है। प्रदेश में बरसात के चलते सोमवार शाम तक 41 सड़कें बंद थी। कुछ इलाकों में लगातार हो रही बारिश के चलते इन सड़कों को अभी तक पीडब्ल्यूडी विभाग बहाल नहीं कर पाया है। मंडी में सबसे ज्यादा 14 सड़कें बंद हैं। इसके बाद कांगड़ा में 9 सड़कें, शिमला में 8 सड़कें, कुल्लू में 6 सड़कें और चंबा, किन्नौर, लाहौल-स्पीति और ऊना जिलों में एक-एक सड़क बंद है. बारिश से प्रदेश में 211 बिजली योजनाएं बाधित हुई हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार 27 जून को प्रदेश में मानसून की एंट्री से लेकर 26 अगस्त तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 254 लोगों की मौत हो चुकी हैं। 385 लोग घायल हुए हैं, जबकि 30 लोग लापता हैं. 172 घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि 447 घरों को आंशिक तौर पर नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 57 दुकानें और 433 गौशालाएं भी बरसात में क्षतिग्रस्त हुई हैं। इस साल बरसात में अब तक प्रदेश को करीब 1,21,694 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा नुकसान लोक निर्माण विभाग को करीब 55249 लाख रुपए का नुकसान हुआ है, जबकि जल शक्ति विभाग को 48856 लाख और विद्युत विभाग को 98 लाख का नुकसान हुआ है।
हिमाचल प्रदेश प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने काउंसलिंग के आधार पर जेबीटी शिक्षकों के पदों के लिए चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी कर दी है। जेबीटी की बैचवाइज भर्ती (अनुबंध आधार) के लिए विभाग की ओर से नवंबर 2023 में काउंसलिंग आयोजित की गई थी। जेबीटी पदों के लिए अभ्यर्थियों का चयन संबंधित जिलों के अंतर्गत मेरिट, जिलों के लिए उनके द्वारा दी गई वरीयता के क्रम के आधार पर किया गया है। चयनित अभ्यर्थियों के नियुक्ति आदेश संबंधित प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशकों की ओर से अलग से जारी किए जा रहे हैं। निदेशालय के अनुसार विभाग की ओर से 11 अक्तूबर 2023 को विज्ञापित कुल 1161 पदों के लिए 1122 चयनित अभ्यर्थियों का परिणाम घोषित किया गया है। उपयुक्त अभ्यर्थियों की अनुपलब्धता के कारण 10 पद (2 ओबीसी डब्ल्यूएफएफ और 8 एससी डब्ल्यूएफएफ) भरे नहीं जा सके। 29 पदों (अनारक्षित-13, ईडब्ल्यूएस-6, एससी-6, एससी बीपीएल-1, ओबीसी-2 और एसटी-1) का परिणाम 2023 के सीडब्ल्यूपी संख्या 9043 तथा 2023 के सीडब्ल्यूपी संख्या 9032 और 9035 में उच्च न्यायालय के आदेश के मद्देनजर सुरक्षित रखा गया है। निदेशालय के अनुसार हालांकि, परिणाम तैयार करने में पूरी सावधानी बरती गई है, फिर भी अनजाने में हुई त्रुटि/तकनीकी त्रुटि की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक को किसी भी समय उसमें सुधार करने का अधिकार है। नियुक्ति आदेश एवं अन्य जानकारी के लिए चयनित अभ्यर्थी संबंधित जिले के प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र मंगलवार को 11 बजे शुरू होगा। 10 दिन तक चलने वाला सत्र 9 सितंबर तक चलेगा। चौदहवीं विधानसभा के छठे सत्र के पहले दिन विपक्ष प्रश्नकाल को बाधित कर हंगामा कर सकता है। सदन में सड़क-पुलों, आपदा, अपराध, नशा, स्कूलों के विलय जैसे कई विषयों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में घमासान होगा। मानसून सत्र में 936 प्रश्न उठेंगे। इनमें से 640 तारांकित होंगे, जिन्हें मुख्यमंत्री और मंत्रियों के मौखिक जवाब के लिए भेजा गया है। 296 प्रश्न अतारांकित होंगे, जिनके उत्तर लिखित में दिए जाएंगे। सत्र से एक दिन पहले भाजपा ने विधायक दल की बैठक में सत्तारूढ़ कांग्रेस को घेरने की रणनीति बनाई, जबकि कांग्रेस विधायक दल मंगलवार सुबह पलटवार के लिए रणनीतिक बैठक करेगा। सोमवार को विधानसभा परिसर शिमला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि सत्र में सदस्यों से कुल 936 प्रश्नों की सूचनाएं मिली हैं। इन्हें नियमानुसार सरकार को भेजा गया है। प्रश्नों के माध्यम से जो सूचनाएं प्राप्त हुई हैं, उनमें मुख्यतया स्कूलों का विलय, प्रदेश में हाल में भारी वर्षा, बाढ़, प्राकृतिक आपदा से उत्पन्न हुई स्थिति, सड़कों, पुलों का निर्माण, स्वीकृत सड़कों की डीपीआर, कॉलेजों, स्कूलों, स्वास्थ्य संस्थानों आदि का उन्नयन एवं विभिन्न विभागों में रिक्त पदों की पदपूर्ति, पर्यटन, उद्यान, पेयजल की आपूर्ति, युवाओं में बढ़ते नशे के प्रयोग की रोकथाम, बढ़ते आपराधिक मामलों, सौर ऊर्जा, परिवहन व्यवस्था, इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि आदि पर आधारित हैं। सदस्यों ने प्रश्नों के माध्यम से अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों से संबंधित मुख्य मुद्दों को भी उजागर किया है। इसके अतिरिक्त नियम 62 के तहत 7, नियम 63 के तहत 1, नियम 101 के तहत 10 सूचनाएं, नियम 130 के तहत 20 और नियम 324 के तहत 4 सूचनाएं सदस्यों से प्राप्त हुई हैं। इन्हें भी आगामी कार्रवाई के लिए सरकार को प्रेषित किया गया है। सत्र में इन सभी विषयों पर चर्चा की जाएगी। पूर्व में पारित 5 बिलों पर राज्यपाल ने स्वीकृति दी है और इन्हें सदन के पटल पर रखा जाएगा। इन्हें अधिनियम के रूप में जाना जाएगा।
** मैकलोडगंज में होटल कारोबारियों के साथ आयोजित की बैठक **बोले इस वर्ष राज्य में 1.13 करोड़ पर्यटक आ चुके हैं भ्रमण के लिए धर्मशाला: पर्यटन निगम के अध्यक्ष कैबिनेट रैंक आरएस बाली ने कहा कि राज्य में समग्र पर्यटन बढ़ावा देने के लिए नए बुनियादी ढांचे का निर्माण सुनिश्चित किया जाएगा ताकि पर्यटकों की आमद में बढ़ोतरी हो सके और पर्यटन में स्वरोजगार के अवसर भी मिल सकें। रविवार देर रात को मैकलोडगंज में होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए पर्यटन निगम के अध्यक्ष आरएस बाली ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के प्रयासों से हिमाचल प्रदेश में आने वाले पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा इस वर्ष जुलाई, 2024 तक राज्य में 1.13 करोड़ पर्यटक भ्रमण के लिए आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 696.47 करोड़ रुपये की लागत से 11 परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। इन सभी 11 परियोजनाओं के लिए निविदाएं आमंत्रित कर ली गई हैं। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य राज्य में पर्यटक की आमद को बढ़ावा, जिनका उद्देश्य राज्य में पर्यटकों की आमद को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि पर्यटन, राज्य की अर्थव्यवस्था का प्रमुख क्षेत्र है, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से हजारों परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करता है। इसलिए उन्होंने कहा कि धर्मशाला में 161.91 करोड़ रुपये की लागत से कन्वेंशन सेंटर का निर्माण किया जा रहा है, पालमपुर और नगरोटा बगवां में सौंदर्यकरण कार्य 95.50 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा, नादौन में वेलनेस सेंटर में निर्माण पर 91.42 करोड़ रुपये व्यय किये जाएंगे। हमीरपुर जिले के बाबा बालकनाथ जी दियोटसिद्ध में पर्यटकों की सुविधा के लिए 65.32 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।नादौन में 64 करोड़ रुपये की लागत से राफ्टिंग कॉम्पलेक्स का विकास, शिमला जिले के बनूटी में 58.37 करोड़ रुपये की लागत से वेलनेस सेंटर का निर्माण, मनाली में 45.25 करोड़ रुपये की लागत से वेलनेस सेंटर, धर्मशाला में 39.51 करोड़ रुपये की लागत से आइस स्केटिंग रिंक एवं रोलर स्केटिंग रिंक का निर्माण, शिमला में 34.85 करोड़ रुपये की लागत से आइस स्केटिंग रिंक एवं रोलर स्केटिंग रिंक का विकास, कुल्लू में 27.76 करोड़ रुपये की लागत से वेलनेस सेंटर का विकास तथा कुल्लू जिले में नग्गर कैसल के जीर्णोद्धार पर 11.57 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पौंग डैम को अंतरराष्ट्रीय स्तर के ‘बर्डज पैराडाइस’ के रूप में विकसित किया जाएगा तथा यह जल क्रीड़ाओं के दृष्टिगत भी उत्कृष्टता का राष्ट्रीय केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार किया जा रहा है, इससे क्षेत्र में पर्यटकों को आकर्षित करने में प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कांगड़ा जिले को राज्य की पर्यटन राजधानी घोषित किया है तथा यहां आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए आवश्यक पर्यटन अधोसंरचना का निर्माण किया जा रहा है।
** स्पीकर की बुलाई बैठक से बीजेपी का किनारा, संसदीय कार्य मंत्री भड़के हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मानसून सत्र 27 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। सत्र शांति पूर्वक चल सके इसके लिए विधानसभा स्पीकर ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी, लेकिन इस बैठक में विपक्ष का कोई भी नेता नहीं पहुंचा। इससे विधानसभा सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं। विधानसभा सत्र से पहले स्पीकर की ओर से सर्वदलीय बैठक बुलाना आम प्रक्रिया है। बैठक के दौरान पक्ष-विपक्ष कैसे शांतिपूर्ण तरीके से सदन को चलाए सदन की कोई कार्रवाई हंगामे की भेंट ना चढ़े और ज्यादा से ज्यादा मुद्दों पर चर्चा हो इसके लिए स्पीकर की ओर से सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाई जाती है, लेकिन बीजेपी ने बैठक में शामिल न होकर अपने तेवर दिखा दिए हैं। वहीं, उद्योग एवं संसदीय कार्यमंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि, 'सर्वदलीय बैठक में नहीं आना दुर्भाग्यपूर्ण हैं। ये परंपरा रही है कि सत्र से पहले स्पीकर सभी दलों को बुलाते हैं। सभी पक्षों के लोग अपना पक्ष रखते हैं, लेकिन बीजेपी की तरफ कोई बैठक में नहीं आया है। ये अच्छी परंपरा नही हैं। स्पीकर का कार्यालय निर्दलीय है और दलगत राजनीति से ऊपर है। सदन में कौन किन मुद्दों को रखना चाहता है इस पर चर्चा होती है। आमतौर पर मानसून सत्र 5 से 6 दिन का रखा जाता है, लेकिन पहली बार ये सत्र दस दिन तक रखा गया है, क्योंकि सरकार की मंशा है कि हर सदस्य अपना पक्ष रखे और कोई सकारात्मक सुधार कोई सरकार को देता है उसे सरकार मानेगी। बैठक से पहले उन्होंने नेता विपक्ष से बात की थी। सरकार चाहती है कि सदन एकदम अच्छे से चले।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सेशन कल यानी मंगलवार से आरंभ होगा। इस बार मानसून सेशन दस दिन का होगा। ये 27 अगस्त से 9 सितंबर तक चलेगा। पूर्वाह्न 11 बजे से आरंभ हो रहे सेशन में सबसे पहले दिवंगत सदस्यों के प्रति शोक उद्गार रखे जाएंगे। सदन के पूर्व सदस्यों टेक चंद, नारायण सिंह स्वामी व दौलतराम चौधरी की स्मृतियों को साझा किया जाएगा। उसके बाद प्रश्नकाल में सहारा योजना, मंडी हवाई अड्डा, आपदा से नुकसान, स्वास्थ्य जैसे विषयों पर सवाल आएंगे। इसके अलावा कुछ विधेयक भी सदन के पटल पर रखे जाएंगे। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर व अन्य नियम-130 के तहत प्रस्ताव लाएंगे कि सदन में बरसात से हुए नुकसान पर चर्चा की जाए। इस प्रस्ताव में पहली बार विधायक बनी लाहौल-स्पीति की अनुराधा राणा भी शामिल होंगी। इसके अलावा नियम-62 के तहत भी दो प्रस्ताव पहले दिन की कार्यवाही की लिस्ट में हैं। मंडी जिला के धर्मपुर से कांग्रेस विधायक चंद्रशेखर हमीरपुर-मंडी नेशनल हाईवे की खराब हालत और नेशनल हाईवे के निर्माण से सिंचाई योजनाओं के प्रभावित होने और घरों को पहुंचे नुकसान पर ध्यान आकर्षित करेंगे। इसी प्रकार, भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार नगरोटा बगवां के ट्रांसपोर्टर से करोड़ों रुपए की ठगी के मामले में आरोपी को गिरफ्तार न करने पर नियम-62 के तहत सदन का ध्यान आकर्षित करेंगे। प्रश्नकाल में तारांकित व अतारांकित दोनों को मिलाकर कुल 54 सवाल लिस्टेड हैं। इनमें 36 सवाल तारांकित हैं। सदन की पहले ही दिन की कार्यवाही हंगामेदार होने के आसार हैं। प्रश्नकाल में अधिकांश सवाल युवा विधायकों की तरफ से पूछे जाएंगे। भाजपा के दीप राज, डॉ. जनक राज व लोकेंद्र की तरफ से कई सवाल पहले दिन की कार्यसूची में शामिल हैं। ये अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों की समस्याओं को उठाएंगे। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए और फिर उपचुनाव जीतकर आए इंद्र दत्त लखनपाल व सुधीर शर्मा के सवाल भी पहले दिन की कार्यसूची में शामिल हैं। इसके अलावा बरसात के दौरान हुए नुकसान को लेकर पक्ष-विपक्ष के बीच तकरार के आसार हैं। सदन की कार्यवाही से पहले स्पीकर के कक्ष में सर्वदलीय बैठक होगी। हिमाचल में दो ही दल हैं। भाजपा और कांग्रेस के अलावा अन्य किसी दल का यहां कोई सदस्य नहीं है। पिछली बार सदन में अवश्य राकेश सिंघा के रूप में एक विधायक माकपा से थे। ऐसे में सर्वदलीय बैठक में भाजपा और कांग्रेस के ही सदस्य होंगे। स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया सदन को सुचारू रूप से चलाने के लिए सहयोग की अपील करेंगे। भाजपा एवं कांग्रेस के विधायक दल की अलग-अलग मीटिंग होगी। दोनों दल सदन में अपनी रणनीति पर चर्चा करेंगे। सत्ता पक्ष सेशन में विपक्ष की तरफ से उठाए जाने वाले मुद्दों पर तर्कपूर्ण उत्तर देने की रणनीति तैयार करेगा। कांग्रेस विधायक दल की मीटिंग की अगुवाई सीएम सुक्खू करेंगे और भाजपा की बैठक की अध्यक्षता नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर करेंगे। इस बार सेशन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी अतिरिक्त रूप से की गई है। सैकड़ों पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात होंगे। करीब 600 जवान सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। परिसर में एक एंबुलेंस भी डॉक्टर की सुविधा के साथ मौजूद होगी।
हिमाचल में लाखों एपीएल परिवारों के लिए इस बार भी राहत की खबर है। सरकार ने सितंबर महीने के लिए डिपुओं में दिए जाने वाले सस्ते राशन का आवंटन कर दिया है। इसके मुताबिक प्रदेश के पांच हजार से अधिक डिपुओं में एपीएल परिवारों को अगले महीने दिए जाने वाले राशन के कोटे में कोई कट नहीं लगाया है। एपीएल परिवारों को सितंबर महीने में भी 14 किलो आटा और 6 किलो चावल कोटा प्रति राशन कार्ड दिया जाएगा। राहत की बात ये है कि प्रदेश सरकार ने पिछले साल अगस्त 2023 से एपीएल परिवारों को दिए जाने वाले आटे और चावल के कोटे में कोई कट नहीं लगाया है। हिमाचल में उससे पहले हर दो तीन महीने में सस्ते राशन के कोटे को घटाया और फिर से बढ़ाया जाता था, लेकिन अब एक साल से राशन की मात्रा में कोई फेरबदल नहीं किया जा रहा है, जिससे लाखों एपीएल परिवारों ने कुछ राहत मिलेगी। हिमाचल में मौसम की बेरुखी का असर फसलों की पैदावार पर पड़ा रहा है। इस बार भी समय पर बारिश न होने से बुआई पर असर पड़ा है, जिससे बाजार में डिमांड और सप्लाई में अंतर नजर आ सकता है। ऐसे में खुले बाजार में खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे लोगों की डिपुओं पर निर्भरता अधिक बढ़ गई है। उपभोक्ता अब डिपुओं में मिलने वाले सस्ते राशन का कोटा नहीं छोड़ते हैं। ऐसे उचित मूल्य की दुकानों में सस्ते राशन की लिफ्टिंग 100 फीसदी पहुंच गई है। केंद्र सरकार ने सितंबर माह के लिए राशन कोटे का आवंटन किया है। प्रदेश भर में अगले महीने उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से एपीएल परिवारों के लिए 20,952 मीट्रिक टन राशन वितरित किया जाएगा, जिसमें 14,490 मीट्रिक टन गेहूं का आटा और 6,382 मीट्रिक टन चावल की मात्रा शामिल है। इस बारे में सभी जिला खाद्य नियंत्रकों को निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं, अब तय की गई मात्रा के हिसाब से डिपो धारकों को 29 अगस्त से सस्ते राशन के परमिट जारी होंगे। प्रदेश में कुल राशन कार्ड धारकों की संख्या 19,65,589 है, इसमें एपीएल परिवारों की कुल संख्या 12,24,448 है। इसमें 11,52,003 एपीएल परिवार है। वहीं, एपीएल टैक्स पेयर की कुल संख्या 72,445 है। इसके तहत एपीएल कार्ड धारकों की कुल आबादी 44,19,312 है. जिसमें एपीएल परिवारों आबादी 41,26,583 है। वहीं, टैक्स पेयर की आबादी 2,92,729 है, जिन्हें अगले महीने 14 किलो आटा और 6 किलो चावल प्रति राशन कार्ड दिया जाएगा।
**'मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना' लागू करने का मंत्रिमंडल ने लिया फैसला हिमाचल प्रदेश में अब विधवाओं, निराश्रित महिलाओं, तलाकशुदा महिलाओं और विकलांग माता-पिता के बच्चों के पालन पोषण और शिक्षा के लिए हिमाचल सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जाएगी। बीते कल मंत्रिमंडल की बैठक हुई, जिसमे ‘मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना’ को लागू करने का फैसला लिया गया। इसका उद्देश्य एकल महिलाओं और विकलांग माता-पिता को अपने बच्चों के पालन-पोषण और शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता देना है। इस योजना के तहत पात्र बच्चों को 18 साल की आयु तक शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए 1,000 रुपये का मासिक अनुदान मिलेगा। इसके अलावा, इस योजना के तहत ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, डिप्लोमा और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के साथ उच्च शिक्षा के लिए पढ़ाई का खर्च और हॉस्टल के खर्च के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी।
पुलिस कर्मियों के रियायती सफर के एवज में अब एचआरटीसी को हर महीने करीब 9 करोड़ रुपये मिलेंगे। बीते 15 सालों से पुलिस कर्मियों केे रियायती यात्रा सुविधा के एवज में एचआरटीसी को 110 रुपये के हिसाब से महज 1.98 करोड़ मिल रहे थे। एचआरटीसी प्रबंधन ने प्रदेश सरकार को इसे भी निगम के घाटे का बड़ा कारण बताया था। मंत्रिमंडल की बैठक में रियायती यात्रा सुविधा के एवज में 110 रुपये मासिक के स्थान पर 500 रुपये लेने का फैसला लिया है। पिछली मंत्रिमंडल की बैठक में पुलिस कर्मियों की एचआरटीसी बसों में रियायती यात्रा सुविधा बंद कर दी गई थी। निर्णय लिया गया था कि पुलिस जवानों को परिवहन निगम की बसों में यात्रा करते हुए टिकट लेकर यात्रा करनी होगी। ऑन ड्यूटी बस सफर करने पर पुलिस जवान अन्य विभागों के कर्मचारियों की तरह टीए-डीए क्लेम कर सकेंगे। बीते 15 सालों से पुलिस कर्मी मासिक महज 110 रुपये देकर निगम की बसों में रियायती सफर कर रहे थे। एचआरटीसी प्रबंधन का दावा था कि पुलिस विभाग से निगम को मासिक महज 1.98 करोड़ रुपये मिल रहे हैं और भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है। पुलिस की मुफ्त यात्रा बंद होने से हर महीने 35 करोड़ की अतिरिक्त आय होगी। रियायती यात्रा सुविधा वापस लेने के बाद पुलिस कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों से मिलकर यात्रा सुविधा बहाल रखने की मांग की थी। इस बीच परिवहन निगम ने सभी कर्मचारियों को बसों में रियायती सफर करने वाले सभी वर्गों के यात्रियों को जीरो टिकट जारी करने के निर्देश जारी कर दिए हैं, जिससे निगम की बसों में रियायती यात्रा का लाभ लेने वाले लोगों का सही आंकड़ा मिल सके और सरकार को इससे अवगत करवाया जा सके।
प्रदेश में सोमवार को मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। 27 और 28 अगस्त को अधिकांश जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है। 29 से 31 अगस्त तक प्रदेश में फिर से साफ रहने के आसार हैं। रविवार को राजधानी शिमला में सुबह के समय मौसम साफ रहा। दोपहर बाद बादल झमाझम बरसे। शाम को फिर शहर में मौसम साफ होने के साथ धूप खिली। धर्मशाला, ऊना, सोलन, कुफरी, नारकंडा, जुब्बड़हट्टी में भी बारिश हुई। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में रविवार को मौसम मिलाजुला रहा। 29.9, नाहन में 29.2, मनाली में 24.8 और शिमला में 22.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
लोकसभा चुनावों के तुरंत बाद भाजपा ने संगठन को मज़बूत करने की क़वायद शुरू कर दी है। भाजपा पहली सितंबर से पूरे देश भर में सदस्यता अभियान शुरू करने जा रही है इसी कड़ी में आज भाजपा के संगठनात्मक ज़िला देहरा की बैठक ज़िलाध्यक्ष संजीव शर्मा की, अध्यक्षता में जसवाँ के ग्रीन वैली रिसोर्ट में हुई। इस बैठक में मुख्य तौर पर भाजपा के प्रदेश महामंत्री बिहारी लाल शर्मा, विधायक बिक्रम ठाकुर व सदस्यता अभियान के हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के संयोजक व पूर्व विधायक राजेश ठाकुर उपस्थित रहे। बैठक में कार्यकर्ताओं को सदस्यता अभियान के बारे जानकारी देते हुए संजीव शर्मा ने बताया कि चार माध्यमों से, जिसने क्यू आर कोड, मिसिड काल, नमों ऑप तथा भाजपा की वेबसाइट से कोई भी व्यक्ति जिसकी आयु 18 वर्ष से ऊपर है पार्टी का सदस्य बन सकता है। संजीव शर्मा ने सदस्यता अभियान का कॉल नंबर 8800002024 जारी करते हुए बताया कि उपरोक्त नंबर पर कॉल आने वाले परफ़ॉर्मा को भर कर भाजपा की सस्यता ग्रहण की जा सकती है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के लिए ज़िला में एक टिम का गठन किया गया है, जिसके ज़िला अध्यक्ष संजीव शर्मा के साथ मान सिंह राणा, विजय मेहता, विनोद शर्मा व पूनम धीमान सदस्य होंगे। उन्होंने कहा कि पहली सितंबर को देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पार्टी की पहली सदस्यता लेंगे, जिसके उपरांत 2 व 3 सितंबर को प्रदेश का नेतृत्व सदस्यता ग्रहण करेगा और 4 सितंबर से पूरे देहरा ज़िला में सदस्यता अभियान शुरू होगा।
ज्वालामुखी उपमंडल के तहत पड़ते पुलिस थाना खुंडिया के अंतर्गत पड़ते ठम्वा के समीप एक व्यक्ति की स्कूटी स्किट हो जाने से मौत की खबर सामने आई है। बता दें कि देव राज पुत्र ज्ञान चन्द गांव ठम्वा डाकघर व तहसील खुण्डिया बिजली विभाग से सेवानिवृत होने के पश्चात ठम्वा में अपनी दुकान चलाता था तथा रोज अपनी स्कूटी, जिसका नंबर एचपी 83 3108 पर घर से दुकान जाता था। बताया जा रहा कि वहीं समीप एक जगह पर उनकी स्कूटी स्किट हुई थी और वह सड़क पर अचेत अवस्था में गिरे हुए थे, जिसके बाद उनके बेटे विजय कुमार व अन्य लोग उन्हें इलाज के लिए खुण्डियां अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सक ने देव राज को मृत घोषित कर दिया। मामले की पुष्टि में थाना प्रभारी खुंडिया रणजीत परमार ने बताया कि पुलिस ने उनका पोस्टमार्टम करवाया है तथा शव को परिवारजनों को सौंप दिया है।
प्रदेश कांग्रेस सरकार ने डाडा सीबा अस्पताल को बडा़ तोहफा दिया है इलाके भर के लोगो की परेशानी को देखते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार ने एक साथ 6 विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद स्वीकृत किए हैं। प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में अतिरिक्त 200 पदों को भरने की अधिसूचना की गई । इसी के चलते नागरिक अस्पताल डाडा सीबा में 6 विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद स्वीकृत किये गए। जिससे अब इस संस्थान में कुल डॉक्टरों की संख्या 12 बीएमओ सहित 13 हो गई है,जबकि देहरा हॉस्पिटल के लिए भी 9 विशेषज्ञ डॉक्टर के पद स्वीकृत किए गए, जिससे डाडा सीबा क्षेत्र आसपास के इलाके की 20 पंचायतों के लोग लाभान्वित होंगे। डॉक्टरों के पद बढ़ाएं जाने को लेकर स्थानीय लोगों कृष्ण दत्त शर्मा, प्रवीन मेहता ,राजेंद्र सिंह, अजय कुमार, रितेश कुमार व विजय कुमार सहित ने मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र सिंह मनकोटिया का तहे दिल से आभार जताया है।
जिला पुलिस नूरपुर द्वारा नशे के खिलाफ चलाए गए अभियान के अंतर्गत 8 मई को पुलिस द्वारा थाना डमटाल के चक्की खड्ड नजदीक गौशाला में गुप्त सूचना के आधार पर नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई अमल में लाई गई थी, जिसमें कर्ण कुमार पुत्र अशोक कुमार निवासी विष्णुनगर लमीणी तहसील जिला पठानकोट के कब्जे से तलाशी के दौरान 8.45 ग्राम चिट्ठा बरामद किया गया था , जिस पर उपरोक्त आरोपी को गिरफ्तार कर उस पर अभियोग की धारा 21 एनडीपीएस पंजीकृत किया गया था। जिला पुलिस नूरपुर द्वारा इस अभियोग में पेशेवर ढंग से कारवाई करते हुए 12 जून को इस अभियोग के एक अन्य आरोपी गौरव पुत्र सुभाष चंद निवासी पठानकोट को जो कि उपरोक्त वरामदशूदा चिट्टे की तस्करी में शामिल था, उसको पठानकोट से गिरफ्तार किया गया था। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक नूरपुर अशोक रत्न ने बताया कि जिला पुलिस नूरपुर द्वारा उपरोक्त अभियोग में गिरफ्तार दोनों आरोपियों से की गई पूछताछ के आधार पर तथा लाई गई आगामी जांच में पाया गया था कि इस अभियोग में दो अन्य आरोपी विशाल कुमार पुत्र सोहन लाल व अभिषेक पुत्र अश्वनी कुमार दोनों निवासी छन्नी तहसील इंदौरा जिला कांगड़ा जो कि चिट्टा तस्करी में शामिल थे, जिन दोनों आरोपियों की तलाश जारी थी जिन्हे पुलिस द्वारा चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया गया है। वह पुलिस द्वारा उपरोक्त अभियोग के तहत नियमानुसार आगामी कारवाई अमल में लाई जा रही है।
** 15 घंटे ट्रैफिक जाम में फंसे श्रद्धालु हिमाचल प्रदेश में सोमवार, 26 अगस्त से आधिकारिक तौर पर उत्तर भारत की प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा शुरू हो रही है, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग मणिमहेश यात्रा के लिए चंबा जिले के भरमौर पहुंच रहे हैं। वहीं, यात्रा के अधिकारिक तौर पर शुरू होने से भरमौर नेशनल हाईवे पर गाड़ियों की मानों बाढ़ आ गई हो। नेशनल हाईवे पर पिछले करीब 15 घंटो से मणिमहेश यात्री ट्रैफिक में फंसे हुए हैं। लूणा से लेकर दुनाली, खड़ा मुख से भरमौर तक जगह-जगह जाम लगा हुआ है। इस जाम में सैकड़ों के हिसाब से गाड़ियां व मोटरसाइकिल फंसे हुई हैं। पुलिस प्रशासन द्वारा भी मौके पर लगातार ट्रैफिक को बहाल किए जाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन हाईवे पर गाड़ियां इतनी ज्यादा तादाद में हैं कि अभी तक जाम की स्थिति बनी हुई है, जिसमें यात्री भी खासे परेशान हो रहे हैं। बता दें कि मणिमहेश यात्रा में जन्माष्टमी पर्व पर उम्मीद से कहीं ज्यादा यात्री भरमौर की ओर पहुंच रहे हैं। पहाड़ी इलाका, सड़क के कई हिस्से तंग होने और दोनों तरफ से बड़े वाहनों की आवाजाही के कारण यहां पर पिछले तीन दिन से लोग यूं ही जाम की समस्या का सामना कर रहे हैं। मगर शनिवार शाम को नेशनल हाईवे पर जो जाम लगा वो अभी तक बहाल होने का नाम नहीं ले रहा है। जन्माष्टमी के पहले ही जाम को बहाल करने और ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने में पुलिस प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं। आलम ये है कि यहां पर लोग अपनी गाड़ियों को छोड़कर पैदल ही मणिमहेश की ओर रुख करने को मजबूर हो गए हैं। हर साल मणिमहेश यात्रा के सफल आयोजन को लेकर कई बैठकें की जाती हैं, जिसमें सड़कों की दशा को सुधारने की ओर सबसे ज्यादा जोर दिया जाता है, लेकिन पिछले करीब 10 सालों से यहां पर एनएच द्वारा सड़क चौड़ीकरण का काम चला हुआ है, जो कि कछुआ गति से आगे बढ़ रहा है। सरकार और प्रशासन द्वारा भी अभी इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं, जिसके कारण हर साल यहां पर श्रद्धालुओं को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बग्गा से लेकर भरमौर तक सड़क की खराब दशा यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं व यात्रियों को परेशानी में डाल रहा है।
**पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा यूपीएस के उपरान्त कर्मचारियों के मन से सेवानिवृति के बाद आर्थिक असुरक्षा की शंका का भाव हुआ समाप्त ** धूमल ने प्रधानमंत्री मोदी को यूनिफाइड पेंशन स्कीम की मंजूरी पर धन्यवाद व्यक्त किया वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को मंजूरी देने के फैसले का हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने इस ऐतिहासिक निर्णय को कर्मचारियों के हित में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम बताया, जिससे सरकारी कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित और संरक्षित रहेगा। प्रो. धूमल ने प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति के पश्चात यूनिफाइड पेंशन स्कीम द्वारा मिलने वाले वित्तीय सुरक्षा लाभों से कर्मचारी और अधिकारियों का मनोबल बढ़ेगा। 25 वर्ष नौकरी करने के पश्चात कर्मचारियों को उसकी एवरेज बेसिक पे का 50% पेंशन के रूप में मिलेगा और यदि कर्मचारी 10 साल नौकरी करता है तो उसको कम से कम ₹10000 पेंशन प्रतिमाह जरूर मिलेगी यही नहीं सेवानिवृत कर्मचारियों की मृत्यु के पश्चात उसकी पत्नी को 60% पेंशन मिलेगी। यूनिफाइड पेंशन स्कीम आने के उपरांत जो कर्मचारी और अधिकारियों के मन में सेवा निवृत्ति के पश्चात आर्थिक सुरक्षा को लेकर एक शंका का माहौल बना हुआ था वह समाप्त होगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि UPS के तहत कर्मचारियों के भविष्य की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। इस योजना के अंतर्गत, कर्मचारी और नियोक्ता दोनों द्वारा अंशदान किया जाएगा, जो एक केंद्रीय कोष में जमा होगा। इस कोष का सुरक्षित और पारदर्शी निवेश किया जाएगा, जिससे कर्मचारियों को उनकी सेवा के बाद पेंशन के रूप में एक स्थिर आय प्राप्त होगी। यह स्थिरता कर्मचारियों के लिए वित्तीय सुरक्षा का आधार बनेगी। प्रो धूमल ने कहा कि यूनिफाइड पेंशन स्कीम में पेंशन प्रक्रिया को पारदर्शी और स्थिर बनाया गया है। सरकार द्वारा कोष का प्रबंधन किया जाएगा, जिससे पेंशन की राशि का निर्धारण निष्पक्ष और संतुलित तरीके से होगा। इससे कर्मचारियों को पेंशन के मामले में किसी भी तरह की असुरक्षा का सामना नहीं करना पड़ेगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि UPS ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के बीच के अंतर को समाप्त कर दिया है। यह समायोजन सभी कर्मचारियों को एक समान पेंशन का अधिकार देता है, जिससे उन्हें भविष्य में किसी भी असमानता का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह समायोजन विशेष रूप से उन कर्मचारियों के लिए फायदेमंद है जो पुरानी और नई पेंशन योजनाओं के बीच भ्रमित थे। उन्होंने कहा कि UPS के माध्यम से सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलेगा। पेंशन की राशि को इस प्रकार से निर्धारित किया गया है कि वह कर्मचारियों की बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम हो। इससे कर्मचारियों को वित्तीय स्वतंत्रता मिलेगी और वे सेवानिवृत्ति के बाद भी अपने जीवन को सम्मानजनक तरीके से जी सकेंगे। प्रो धूमल ने कहा कि यह योजना न केवल कर्मचारियों के लिए लाभकारी है, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी एक सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करेगी। UPS के माध्यम से कर्मचारियों को पेंशन की गारंटी मिलने से उनके परिवार के सदस्य भी सुरक्षित और संरक्षित महसूस करेंगे। प्रो. धूमल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि यह योजना कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि UPS न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाएगी, बल्कि उन्हें उनके योगदान को उचित सम्मान देने में भी सहायक होगी। प्रो. धूमल ने आशा व्यक्त की कि इस योजना से कर्मचारियों को आत्मविश्वास मिलेगा और वे अपनी सेवाओं को और भी अधिक समर्पण और उत्साह के साथ निभा सकेंगे।
हिमाचल में प्रदेश सरकार जहां करोड़ों के बल्क ड्रग फार्मा पार्क के निर्माण के लिए प्रयासरत है, वहीं हर महीने फेल हो रहे दवाओं के सैंपल ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। हिमाचल में बन रही दवाओं के लगातार फेल हो रहे सैंपल से फार्मा हब के नाम से मशहूर हिमाचल का नाम खराब हो रहा है। हिमाचल में करीब 600 फार्मा कंपनियां सालाना 12,000 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार करती हैं। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की जांच में एक के बाद एक हिमाचल में बनी दवाओं के सैंपल फेल हो रहे हैं। इस साल अब तक प्रदेश में बनी 85 से अधिक दवाओं के सैंपल फेल हो चुके हैं। बीते साल भी जनवरी से लेकर जुलाई तक 107 दवाओं के सैंपल फेल हुए थे। इसके बाद सरकार ने टास्क फोर्स गठित कर दोषियों पर कार्रवाई करने का दावा किया था, बावजूद इसके दवाओं के सैंपल फेल होने का सिलसिला लगातार जारी है। दवा निर्माता कंपनियां मुनाफा कमाने के लिए सब स्टैंडर्ड दवाएं बना रही हैं। हिमाचल में बीबीएन, पांवटा साहिब, कालाअंब, सोलन, संसारपुर टैरेस, गगरेट, मेहतपुर व कुमारहट्टी औद्योगिक क्षेत्र हैं। जीवन रक्षक दवाओं के अलावा हार्ट, किडनी, बुखार, मधुमेह, एलर्जी, दर्द, सर्दी-जुकाम, बीपी, गैस, उल्टी, हड्डियों के दर्द, कान, आंख व दांतों के दर्द जैसी दवाओं के सैंपल बार-बार फेल हो रहे हैं। केंद्रीय दवा मानक एवं नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने प्रदेश में बनने वाली दवाओं के सैंपल फेल होने पर सवाल उठाए हैं। केंद्रीय दवा मानक नियंत्रक संगठन (सीडीएसओ) हर महीने राष्ट्रीय स्तर पर ड्रग अलर्ट जारी करता है। इसमें जिन दवाओं के सैंपल फेल होते हैं, उनकी सूची जारी की जाती है। बाजार में ये दवाएं उपलब्ध होने के कारण लोग इन दवाओं का सेवन कर लेते हैं क्योंकि सैंपल फेल होने के बाद ही इन दवाओं का स्टॉक वापस मंगवाया जाता है। इससे पहले यह दवाएं बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध होती हैं। प्रदेश में अगस्त में 20 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। इन सभी दवाओं के स्टॉक को बाजार से वापस मंगवा लिया है। सभी दवा उत्पादकों को नोटिस जारी कर लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। एक सप्ताह में सभी दवाएं वापस कंपनी में पहुंच जाएंगी। जिन कंपनियों में दवाओं के अधिक सैंपल फेल हुए हैं, अब वहां के कर्मचारियों को एक विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं दवा नियंत्रक अधिकारियों का कहना है कि सैंपल फेल होने के कारण गुणवत्ता ही नहीं कई अन्य कारण भी होते हैं। कई बार लेबल सही नहीं होता है। यही नहीं जहां पर स्टोर में दवा रखी होती है वहां पर तापमान की कंडीशन क्या है, इससे भी सैंपल फेल होना निर्भर करता है। अधिकारियों के अनुसार हिमाचल में दवाओं के सैंपल फेल होने की रेशो अन्य राज्यों से कम है। प्रदेश में केवल एक फीसदी दवाओं के ही सैंपल फेल हुए हैं जोकि अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम हैं। हिमाचल में दवा कंपनियों के 90 फीसदी सैंपल लिए जाते हैं जबकि देश के अन्य राज्यों के केवल दस फीसदी ही सैंपल लिए जाते हैं। हिमाचल की कंपनियों की बनी दवाओं की अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी मांग है। यही कारण है कि हिमाचल की 250 दवा कंपनियों को विदेशी एजेंसियों ने अप्रूवल दी है। प्रदेश में दवाओं के सैंपल लेने की रेशो अन्य राज्यों से 9 गुणा अधिक है। 90 फीसदी सैंपल प्रदेश से उठाए जाते हैं। केवल 10 फीसदी सैंपल अन्य राज्यों से लिए जाते हैं। सैंपल फेल होने के बाद सभी दवाइयां बाजार से वापस मंगवाई जाती हैं। फेल होने के कारणों का पता लगाया जाता है। दोबारा सैंपल फेल न हों इसके लिए विभाग की ओर से औपचारिकताएं पूरी की जाती हैं।
भारतीय जनता पार्टी के संसदीय प्रभारी व पूर्व में उद्योग मंत्री रहे विधायक बिक्रम ठाकुर ने NPS औऱ OPS के बीच का संशोधित रास्ता निकाल प्रधानमंत्री द्वारा एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) लागू करने के लिए आभार व्यक्त किया है। पूर्व उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में लाई गई एकीकृत पेंशन योजना सरकारी कर्मचारियों के लिए एक वरदान है। इस योजना से 23 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को फायदा होगा और उन्हें सुरक्षित भविष्य की गारंटी मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह योजना पुरानी पेंशन स्कीम (ओपीएस) की तरह ही है, जिसमें सरकारी कर्मियों को रिटायरमेंट के बाद औसत मूल वेतन की 50 फीसदी राशि मिलेगी। ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच और नेतृत्व क्षमता के कारण ही ऐसी योजनाएं संभव हो पा रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री को इस योजना के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि भाजपा पार्टी प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकारी कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल सरकारी कर्मचारियों के लिए बल्कि देश के विकास के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना से सरकारी कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और वे अपने काम पर ध्यान केंद्रित कर पाएंगे। पूर्व मंत्री बिक्रम ठाकुर ने कहा कि भाजपा पार्टी प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकारी कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी पार्टी ने हमेशा सरकारी कर्मचारियों के हितों की रक्षा की है और आगे भी करती रहेगी।
हिमाचल मंत्रिमंडल की बैठक आज संडे को होने जा रही है। प्रदेश सचिवालय में दोपहर 12 बजे सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली इस कैबिनेट मीटिंग में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। इससे पहले 8 अगस्त को मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित हुई थी, जिसमें स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभागों में सैकड़ों पदों को भरने का निर्णय मुहर लगी थी। अब मानसून सत्र से ठीक दो दिन पहले होने जा रही मंत्रिमंडल की बैठक में कई मसलों पर चर्चा हो सकती है। इस दौरान बैठक में विभिन्न विभागों के कई एजेंडे लाए जा सकते हैं। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार वर्तमान में खराब वित्तीय हालत से जूझ रही है। सरकार का खजाना खाली है, जिससे सरकार के पास कर्मचारियों का डीए और एरियर के भुगतान तक पैसे नहीं हैं। ऐसे में 15 अगस्त को कर्मचारियों को डीए की किस्त जारी न होने से कर्मचारी नाराज चल रहे हैं, जिसके लिए हिमाचल प्रदेश सचिवालय कर्मचारी परिसंघ सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी संगठनों ने सरकार के खिलाफ डीए और एरियर के भुगतान को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। कर्मचारी नेता अफसरशाही और नेताओं की फिजूलखर्ची को लेकर उठा सवाल उठा रहे हैं, लेकिन सरकार का तर्क है कि वित्तीय संकट के कारण डीए और एरियर के भुगतान को अभी खजाने में पैसे नहीं है। ऐसे में आज होने वाली कैबिनेट की मीटिंग में खराब वित्तीय हालातों से पार पाने पर चर्चा हो सकती है। इस दौरान कैबिनेट में कई कड़े निर्णय भी लिए जा सकते हैं, ताकि कर्मचारियों को देनदारियां को कम किया जा सके। प्रदेश की खराब वित्तीय स्थिति और कर्मचारियों की देनदारी के साथ बेरोजगारी भी एक बहुत बड़ी समस्या है, जिससे निपटने के लिए कैबिनेट की बैठक में विभिन्न विभागों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए नए पद सृजित करने का भी निर्णय लिया जा सकता है। वहीं, विभिन्न विभागों में खाली चल रहे कर्मचारियों और अधिकारियों के खाली पदों को भरने के लिए भर्तियां करने पर फैसला लिया जा सकता है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 27 अगस्त से शुरू हो रहा है। इस बीच कैबिनेट की बैठक मानसून सत्र से दो दिन पहले होने जा रही है, जिसमें मानसून सत्र में विपक्ष के सवालों को लेकर रणनीति तैयार की जा सकती है।
जयसिंहपुर: जल शक्ति विभाग उप मंडल पंचरुखी के अंतर्गत ग्राम पंचायत वयाडा में एक विशाल पानी का टैंक विभाग के द्वारा निर्मित किया गया है। टैंक को बने हुए 2 वर्ष से ज्यादा समय बीत चुका है परंतु विभाग टैंक में पानी डालना भूल गया है । ग्रामीणों ने बताया कि टैंक में पानी का स्रोत क्या होगा यह अभी तक पता नहीं है जब टैंक का प्रपोजल बना था उसमें विभाग ने बताया था कि कोई बड़ी बोरिंग की जाएगी मगर अभी तक ना कोई बोरिंग हुई ना ही अन्य पानी का स्रोत देखने को मिला । ऊपर से इस खंडहर होते हुए विशाल टैंक को बदरो ने अपना घर बना कर रखा है तथा रास्ते से गुजरने वाले बच्चों व महिलाओं पर हमला बोल देते हैं, जिससे आम जनता परेशान है। मौके पर पहुंचे किसान नेता एवं समाजसेवी मनजीत डोगरा ने कहा कि करोड़ों रुपए की लागत से बने इस विशाल टैंक में पानी नहीं डालने से जनता को तो पानी की दिक्कत का सामना करना ही पड़ रहा है ऊपर से जनता के पैसों का भी सही इस्तेमाल नहीं होने के कारण क्षेत्र की जनता में रोष व्याप्त है। मनजीत डोगरा ने कहा कि अगर विभाग ने तुरंत इस वाटर टैंक में पानी डालने तथा इस टैंक को सुचारु नहीं किया तो आम जनता आंदोलन के लिए मजबूर होगी ।
*अश्वगंधा अभियान में आयुष मंत्री ने बांटे पौधे जयसिंहपुर : राष्ट्रीय अश्वगंधा अभियान के अंतर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बालकरूपी में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। उन्होंने इस अवसर पर विद्यालय प्रांगण में अश्वगंधा का पौधा रोपित किया और उपस्थित लोगों को अश्वगंधा के पौधे वितरित किए। उन्होंने कहा कि लोगों को अश्वगंधा के औषधीय गुणों, महत्व और लाभों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रदेश भर में आयुर्वेदिक उपमंडल कार्यालयों के स्तर पर यह अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आयुर्वेदिक स्वास्थ्य उप केंद्र स्तर तक इस जागरूकता अभियान को ले जाया जाएगा, ताकि जन-जन तक अश्वगंधा को पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार, प्रदेश के हर समाज के हर वर्ग के लिए सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को सफलतापूर्वक संचालित कर रही है, ताकि इनका सीधा लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद उपचार की सबसे प्राचीनतम पद्धति है और पूरा विश्व इसे उपचार के लिए अपना रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भी आयुर्वेद को सुदृढ़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही होम्योपैथी चिकित्सकों के 22 पद भरे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला में 155 हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाए गए हैं, ताकि लोगों को अच्छी उपचार सुविधा उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि कांगड़ा में छह: आयुर्वेद अस्पताल कार्यशील है और शीघ्र ही जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र के आलमपुर में 10 बिस्तरों का आयुर्वेद अस्पताल निर्मित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र के प्रवास के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेड़ी को स्तरोन्नत कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि पिछली बरसात में इस क्षेत्र का पपरोला गांव बाकी क्षेत्रों से कट गया था। इसे जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ने पुल निर्मित करने के लिए सहमति दी थी और इसके लिए एक करोड रुपए जारी कर दिए गए हैं। यह कार्य बरसात के उपरांत आरंभ कर दिया जाएगा । गोमा ने कहा कि जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र का समग्र विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जयसिंहपुर के विकास के लिए गांव-गांव का दौरा कर इलाके की मांग और जरूरत के अनुसार विकास कार्यों के लिए धनराशि उपलब्ध करवाई है। उन्होंने लोगों अस्वस्थ किया कि क्षेत्र की जो भी मांगे हैं, इन्हें चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। कार्यक्रम में ब्लॉक कांग्रेस के अध्यक्ष जसवंत डाढ़वाल, ओएसडी आयुष डॉ. सुनीत पठानिया, जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. हरीश भारद्वाज, सिकंदर कुमार, सुरिंदर सिंह, राजिन्दर कुमार, एसडीएएमो डॉ अनीता शर्मा, प्रधानाचार्य राजिंदर कुमार, बीडीओ सिकंदर कुमार, नायाब तहसीलदार राजीव शर्मा, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं क्षेत्र के लोग उपस्थित रहे।
प्राचार्य डॉ. अमरजीत लाल के मार्गदर्शन में राजकीय महाविद्यालय खुंडिया के वाणिज्य विभाग ने 24 अगस्त को महाविद्यालय परिसर में अपशिष्ट प्रबंधन विषय पर उत्पाद प्रदर्शनी प्रतियोगिता का आयोजन किया। प्रतियोगिता में बीए/बीएससी/बीकॉम के सभी छात्रों ने भाग लिया। प्रदर्शनी में कुल 10 टीमों ने अपशिष्ट पदार्थों से बने अपने उत्पादों के साथ भाग लिया और उनके उपयोग को भी प्रस्तुत किया। प्रो शिव कुमार, प्रो राजेश कुमार, प्रो. चेतना नेगी और प्रोफेसर स्मृति ने निर्णायक मंडल की भूमिका निभाई। प्रतियोगिता में बीकॉम तृतीय वर्ष से अरुण कुमार प्रथम, बीकॉम तृतीय वर्ष से दीक्षा और पूजा दूसरे स्थान पर और बीकॉम प्रथम वर्ष से काजल और पल्लवी तीसरे स्थान पर रहीं। प्रतियोगिता में समस्त स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे। राजकीय महाविद्यालय प्रशासन ने सभी विद्यार्थियों को उनकी भागीदारी के लिए बधाई दी ।
हिमाचल प्रदेश में इन दिनों कर्मचारियों ने सुक्खू सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। कर्मचारी पेंडिंग डीए और एरियर की मांग कर रहे हैं, जिसके चलते कर्मचारी में भारी गुस्सा है। इसी बीच कर्मचारियों सड़क पर उतरे तो हिमाचल सरकार के कैबिनेट मंत्री राजेश धर्माणी ने सरकारी कर्मचारियों को दो टूक जवाब देते हुए कहा कि सरकार के पास कोई नोट छापने की मशीन नहीं है। अगर कर्मचारी चाहते हैं कि उन्हें वर्तमान में मिलने वाली सुविधाएं मिलती रहें तो उन्हें सरकार के साथ खड़े होना होगा। मंत्री के इस बयान से कर्मचारियों में खासा रोष है। हिमाचल प्रदेश सचिवालय परिसंघ के चेयरमैन संजीव शर्मा ने मंत्री को खुली चुनौती देते हुए कहा कि बिलासपुर से बाहर चुनाव लड़ कर दिखाएं, उनके खिलाफ मेरा कर्मचारी खड़ा होगा। इतना ही नहीं संजीव शर्मा ने कहा कि राजेश धर्माणी मंत्री बनने के लायक ही नहीं थे, उन्हें तो जबरदस्ती मंत्री बनाया गया है।
** 38 उड़ानें, 389 भक्तों ले किया सफर मणिमहेश यात्रा की हेलिटैक्सी सेवा के तहत शुक्रवार को दोनों तरफ कुल 38 उड़ानें ही हो पाई है, जबकि बीच में मौसम खराब होने के चलते कुछ समय के लिए उड़ाने भी नहीं हुई और तीन से चार मर्तबा हेलिकाप्टर को भी बीच राह से लौटना पड़ा है। प्रशासन से मिले आंकड़ों के तहत थुम्बी एविएशन के हेलिकाप्टर में शुक्रवार को कुल 389 यात्रियों ने सफर किया है, जबकि सेवा प्रदान करने वाली अन्य कंपनी का आंकड़ा अभी तक एडीएम कार्यालय को नहीं मिल पाया था। उल्लेखनीय है कि मणिमहेश हेलिटैक्सी सेवा 22 अगस्त से आरंभ हुई है। शुक्रवार को भरमौर से गौरीकुंड के लिए हवाई उड़ानों का दूसरा दिन रहा। लिहाजा शुक्रवार को थुम्बी एविएशन की कुल 21 उड़ानें हुई, जिसमें 115 यात्रियों ने भरमौर से गौरीकुंड के लिए उडान भरी, जबकि 98 श्रद्धालुओं ने डल झील में आस्था की डुबकी लगाने के बाद गौरीकुंड से भरमौर की राह पकड़ी है। एडीएम कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार हेलिटैक्सी सेवा प्रदान कर रही दूसरी कंपनी राजस एयरो स्पोट्र्स के हेलीकाप्टर से भरमौर से गौरीकुंड के लिए 86 उड़ानें भरी, जबकि गौरीकुंड से भरमौर के लिए 90 यात्रियों ने सफर किया। इस तरह इस कंपनी के हेलिकाप्टर में शुक्रवार को कुल 176 ने सफर किया है। मणिमहेश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ उमडऩे के साथ ही चौरासी मंदिर परिसर में भी पूरी तरह से रौनक आ गई है। भगवान भोले नाथ के भजनों और उद्घोषों से पूरा भरमौर कस्बा शिवमयी हो गया है। श्रद्धालुओं के भारी संख्या में पहुंचने से यहां के कारोबारियों को भी बेहतर कारोबार की उम्मीद जगी है। उपमंडल मुख्यालय भरमौर समेत आसपास के हिस्सों के कारोबारियों को मणिमहेश यात्रा कारोबार के लिहाज से बड़ी लाभदायक रहती है। यात्रा के दिनों में स्थानीय लोगों द्वारा स्थानीय फसलों को बेचने के लिए सडक़ किनारे अस्थायी रूप से दुकानें लगाई जाती है।
प्रदेश के कॉलेजों के शिक्षकों को भी राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसरों के प्रोत्साहन के लिए शिक्षा विभाग नई योजना बना रहा है। अभी तक स्कूल स्तर के शिक्षकों को ही हर साल पांच सितंबर को सम्मानित किया जाता है। इसी वर्ष से कॉलेजों के शिक्षकों से भी आवेदन मांगकर पुरस्कार देने की योजना बनाई गई है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में हुई विभागीय बैठक में इस योजना को शुरू करने का फैसला लिया गया। मंत्री ने अधिकारियों से इस बाबत विस्तृत योजना बनाने को कहा है। योजना से मुख्यमंत्री को अवगत करवाकर लागू किया जाएगा। हर साल शिक्षक दिवस पर स्कूलों में पढ़ाने वाले 30 शिक्षकों को सरकार सम्मानित करती है। कॉलेजों के शिक्षकों को इस योजना से अभी तक अलग रखा गया था। अब कॉलेज शिक्षकों के प्रोत्साहन के लिए अलग से योजना बनाकर सम्मानित करने का फैसला लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि सरकार से इस योजना को मंजूरी मिलते ही प्रयास रहेंगे कि इसी वर्ष से सम्मानित किया जाए। स्कूली शिक्षकों को राज्य स्तरीय पुरस्कारों के लिए चयनित करने के लिए 27 सितंबर से दूसरे चरण की छंटनी प्रक्रिया शुरू होगी। शिक्षा सचिव की अध्यक्षता वाली चयन कमेटी इन शिक्षकों के साक्षात्कार लेगी। बीते दिनों ही शिक्षा विभाग ने पुरस्कार के लिए आवेदन करने वाले शिक्षकों के स्कूलों में जाकर उनकी उपलब्धियों का मूल्यांकन किया है। स्कूली बच्चों की परीक्षाएं भी ली गई हैं। बच्चों को प्राप्त होने वाले अंकों के आधार पर शिक्षकों का चयन राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में एसीसी, अंबुजा व अल्ट्राटेक कंपनियों ने प्रति बैग दस रुपये सीमेंट के दाम बढ़ा दिए हैं। शुक्रवार से नए दाम पर सीमेंट बेचना शुरू कर दिया है। एसीसी सीमेंट विक्रेता पवन बरूर के मुताबिक एसीसी गोल्ड का दाम 460 रुपये प्रति बैग से बढ़कर 470 हो गया है। एसीसी सुरक्षा 430 रुपये में मिलेगा। अल्ट्राटेक सीमेंट विक्रेता सतपाल ने बताया कि अल्ट्राटेक सीमेंट का बैग 430 में मिलेगा। अंबुजा सीमेंट विक्रेता रोहित के मुताबिक 425 रुपये प्रति बैग बिकने वाला सीमेंट अब 435 में मिलेगा। सूत्रों के अनुसार जल्द 10 से 20 रुपये प्रति बैग दाम और बढ़ेंगे। राहत की बात यह है कि पिछले एक माह में सरिये के दाम 600 रुपये प्रति क्विंटल कम हुए हैं। बाजार में सरिया 5,500 से 5,700 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है।
जसवां- परागपुर विधानसभा क्षेत्र के तहत पड़ती पुलिस चौंकी डाडा सिबा के अंतर्गत पड़ते पक्का परोह के पास मोड़ पर एक बाइक व स्कूटी के बीच में भिडंत हो गई, जिसमें स्कूटी नम्बर एचपी 36डी 9118 पर सवार व्यक्ति एक्सीडेंट की वजह से जख्मी हो गया है। बताया जा रहा है दूसरी ओर शीतला मन्दिर की तरफ से आ रही मोटरसाइकल नम्बर पीबी29AG-3372 के चालक सुखदीप सिंह द्वारा स्कूटी चालक को टक्कर मार दी है। बताया जा रहा है कि मौके से मोटरसाईकल चालक व उसके अन्य साथी मोटरसाईकल को लेकर चन्नौर की तरफ भाग गए थे, जिन्हें वहां पकड़ लिया गया। वहीं मामले की पुष्टि थाना प्रभारी देहरा संदीप पठानिया ने की उन्होंने कहा कि पुलिस ने बाइक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर आगामी कार्यवाई शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान ने आज यहां कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों की हितैषी है। सरकार ने अपनी गारंटी को पूरा करते हुए पहली कैबिनेट बैठक में ही पुरानी पेंशन बहाल की और 1 लाख 36 हजार कर्मचारियों को उनका हक दिया। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने पांच साल में एक बार भी कर्मचारियों की ओपीएस की मांग पर गौर नहीं किया बल्कि कर्मचारियों को प्रताड़ित किया गया। पुरानी पेंशन बहाल होने से पहले जहां सेवानिवृत्त कर्मचारियों 3,700 रुपये मिल रहे थे वहीं अब उन्हें 37,000 रुपये मासिक पेंशन मिल रही है। लाखों कर्मचारियों को इसका लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और एरियर की जवाबदेही को लेकर मीडिया के सामने भी और विधानसभा में श्वेत पत्र लाकर भी बताया जा चुका है। 75 हजार करोड़ का बोझ अलग है, लोन अलग हैं। इसके अलावा पिछली सरकार कर्मचारियों की 10 हजार करोड़ की देनदारियां छोड़ कर गई है। नरेश चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 75 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों के लिए 200 करोड़ का प्रावधान किया है और उन्हें सारे भुगतान इस वित्त वर्ष में किए जा रहे हैं। कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर जिस तरह का रुख अपनाया इस पर उन्हें बहुत अफसोस है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को अपनी मांग रखने का अधिकार है लेकिन मांग के साथ सरकार के खिलाफ आरोप-प्रत्योराप लगाकर आलोचना करना भी गलत है। उन्होंने कहा कि सचिवालय के कर्मचारी अन्यों के मुकाबले सरकार की आर्थिक स्थिति को बहुत ही बेहतर तरीके से समझते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कड़े फैसले ले रहे हैं। बिजली बोर्ड, एचआरटीसी, अन्य बोर्ड व निगम जो घाटे में चल रहे हैं और संभावनाएं तलाशी जा रही हैं कि उन्हें किस तरह घाटे से उबारा जाए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने जिस तरह का रवैया अपनाया उसकी सरकार को कभी उम्मीद नहीं थी। नरेश चौहान ने कहा कि सरकार को हर वर्ग के लिए काम करना है। किसानों, बागवानों बेरोजगारों हर वर्ग के लिए योजनाएं बनानी हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी बातचीत के जरिए सरकार के समक्ष अपनी मांग रखें तभी मिल बैठकर यह मसला सुलझाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि डेढ़ साल में सरकार ने कर्मचारी हित में बहुत सारे फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कर्मचारियों का आह्वान किया कि कर्मचारी किसी भी तरह के बहकावे में न आएं।
हिमाचल प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार चंडीगढ़-kullu -धर्मशाला को जोड़ने वाले नए हवाई रूट का प्रस्ताव तैयार कर रही है। इस पहल का उद्देश्य राज्य के दो प्रमुख पर्यटन स्थलों के बीच पर्यटकों की आवाजाही में बढ़ोतरी सुनिश्चित करना है, जिसके लिए संबंधित एयरलाइंस कंपनी और अन्य एजेंसियों के साथ चर्चा की जा रही है। इसमें कुल्लू और धर्मशाला के बीच नई सीधी हवाई सेवा के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र को प्रोत्साहन मिलेगा और पर्यटकों को बेहतर हवाई सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि 'राज्य सरकार प्रदेश में बेहतर पर्यटन सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। सुविधा संपन्न पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कई नए कदम उठाए जा रहे हैं और इस दिशा में हवाई सेवा को सुदृढ़ किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश अलौकिक सौन्दर्य से परिपूर्ण है और यहां पर्यटन की अपार सम्भावनाएं हैं। प्रदेश सरकार बेहतर पर्यटन अधोसंरचना का विकास कर पर्यटकों की संख्या में वृद्धि सुनिश्चित कर रही है जिससे क्षेत्रीय आर्थिकी को बल मिलेगा.प्रदेश में पर्यटकों की बढ़ती हुई संख्या लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाएगी। प्रदेश सरकार के समग्र और समावेशी प्रयासों के फलस्वरूप राज्य के विभिन्न पर्यटन स्थलों को देश के अन्य भागों से हवाई सेवा के माध्यम से जोड़ा जा रहा है। लोगों को दिल्ली-शिमला-दिल्ली, शिमला-धर्मशाला-शिमला हवाई सेवा प्रतिदिन और अमृतसर-शिमला-अमृतसर और अमृतसर-कुल्लू-अमृतसर हवाई सेवा सप्ताह में तीन दिन उपलब्ध करवाई जा रही है। प्रदेश में हवाई यात्रा सुविधा में वृद्धि करने के साथ-साथ राज्य सरकार नए हेलीपोर्ट भी विकसित कर रही है। प्रदेश की पर्यटन राजधानी जिला कांगड़ा के रक्कड़ और पालमपुर, चम्बा और किन्नौर जिला के रिकांगपिओ में हेलीपोर्ट के निर्माण के लिए प्रदेश सरकार ने 13 करोड़ रुपये जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश जैसे हिमालयी भौगोलिक क्षेत्र में हेलीपोर्ट पर्यटकों को आकर्षित करने और उनकी यात्रा सुगम बनाने में सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में यह हेलीपोर्ट स्थानीय लोगों को त्वरित सहायता प्रदान करने में मददगार होंगे। इनके महत्त्व को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में हेलीपोर्ट निर्मित कर रही है। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने जिला कांगड़ा को हिमाचल की पर्यटन राजधानी घोषित किया है। पर्यटकों की सुविधा के लिए जिला में आवश्यक पर्यटन अधोसंरचना को स्तरोन्नत किया जा रहा है। इस दिशा में कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तारीकरण किया जा रहा है, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस हवाई अड्डे के विस्तारीकरण से यहां बड़े विमान उतर सकेंगे और इससे हवाई यात्रा की लागत में भी कमी आएगी। प्रदेश सरकार के इस कदम से क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी और स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार व स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
**तीन बार गुस्ताखी माफ़, चौथी बार रद्द होगा लाइसेंस शराब के शौकीनों के लिए यह खबर अच्छी है। अब शराब कारोबारी शराब के तय दरों से अधिक दाम वसूल नहीं पाएंगे। और अगर ऐसा कोई करता है तो आप इसकी शिकायत व्हाट्सप्प के जरिए कर सकते है। मनमानी दाम पर शराब बेचने वाले ऐसे कारोबारियों पर हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम, 2011 व इसके तहत बनाए गए नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। शिकायत के जाँच में यदि कारोबारी ओवर चार्जिंग में दोषी पाए जाने पर ठेकेदार को पहले उल्लंघन पर 15000 रुपये, दूसरे उल्लंघन पर 25000 रुपये, तीसरे उल्लंघन पर 50000 रुपये और चौथे उल्लंघन पर एक लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया है। अगर कोई ठेकेदार ओवर चार्जिंग करते हुए चार बार से अधिक दोषी पाया जाता है तो संबंधित आबकारी अधिकारी तुरन्त जोनल कलेक्टर को ठेकेदार के विरूद्ध हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम 2011 की धारा 29 के अंतर्गत कार्रवाई के लिए सिफारिश करेगा। जिसके तहत ठेकेदार का लाइसेंस निलंबित या रद्द हो सकता है। आबकारी आयुक्त डॉ यूनुस खान ने बताया कि आबकारी नीति के तहत बॉटल्ड इन ओरिजिन (सिंगल माल्ट, व्हिस्की, रम, जिन, वोदका, बायो बीयर/बायो वाइन, साइडर) पर 10 प्रतिशत लाभांश और भारत में निर्मित सभी बीयर ब्रांड पर 30 प्रतिशत लाभांश तय किया गया है। देसी शराब पर 30 प्रतिशत लाभांश, देश में बनी लो ब्रांड अंग्रेजी शराब पर 15 फीसदी और हाई ब्रांड शराब पर 30 फीसदी लाभांश तय किया गया है। न्यूनतम विक्रय मूल्य से 10 से 30 फीसदी लाभांश से अधिक शराब के विक्रय से संबंधित शिकायत के लिए विभाग ने दूरभाष नम्बर भी जारी किए हैं। वाट्स-एप नम्बर 94183-31426 पर शिकायतकर्ता शिकायत कर सकते हैं ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।
हिमाचल प्रदेश में मानसून कमजोर पड़ गया है। 24 अगस्त तक मौसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान है। 25 अगस्त से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के आसार हैं। 25 से 27 अगस्त तक बादल बरसने की संभावना जताई गई है। वीरवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में धूप खिली। कहीं भी बारिश दर्ज नहीं हुई। प्रदेश में अभी भी 56 सड़कें, 10 बिजली ट्रांसफार्मर और 5 पेयजल योजनाएं ठप हैं। बारिश का दौर थमते ही मैदानी जिलों में उमस बढ़ गई है। वीरवार को ऊना में अधिकतम तापमान 36 डिग्री तक पहुंच गया। शुक्रवार और शनिवार को भी प्रदेश के सभी क्षेत्रों में मौसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान है। 25 अगस्त से बारिश के आसार हैं। बुधवार रात को शिमला में न्यूनतम तापमान 15.8, कल्पा में 15.0, धर्मशाला में 18.5, ऊना-कांगड़ा-मंडी में 22.5, नाहन में 23.3, केलांग में 9.8, सोलन में 19.5, मनाली में 18.8, बिलासपुर में 24.8, हमीरपुर में 23.1 और चंबा में 21.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
स्वतंत्रता सेनानी पंडित सुशील रत्न राजकीय डिग्री कॉलेज, ज्वालाजी ज्वालामुखी और साई विश्वविद्यालय पालमपुर के बीच सोमवार को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए। इस समझौते के दस्तावेजों के लागू होने से छात्रों को शैक्षणिक, करियर संबंधी और रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। ये दस्तावेज 5 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर काम करेगा, जिसमें संकाय विकास, रोजगार, प्रशिक्षण कार्यक्रम और शोध को बढ़ावा मिलेगा। एम.ओ.यू. साइन करने के दौरान ज्वालाजी कॉलेज के प्राचार्य व साई यूनिवर्सिटी के प्रोफैसर उपस्थित रहे। इस दस्तावेज पर ज्वालाजी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुशील कुमार बस्सी और प्रोफैसर वी.पी. पटियाल, डीन साइं विश्वविद्यालय पालमपुर ने हस्ताक्षर किए। प्राचार्य डा. सुशील कुमार बस्सी ने इस दस्तावेज को महाविद्यालय के विकास के लिए मील का पत्थर बताया।
**प्रदेश सरकार ने लिया फैसला **मेडिकल कॉलेजो में रेजिडेंट डॉक्टर की ड्यूटी शाम 7 बजे से पहले होगी चेंज हिमाचल प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में रेजिडेंट डॉक्टर अब 12 घंटे से ज्यादा ड्यूटी नहीं देंगे। इसमें ऑन काल ड्यूटी भी शामिल होगी। सरकार की ओर से वीरवार को यह निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं आदेश संबंधी कॉपी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य को भी भेजी गई हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नए रोस्टर के हिसाब से रेजिडेंट डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई जाए। इसके अलावा इन आदेशों की अनुपालना रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर सरकार को भेजी जाए। अभी तक आईजीएमसी, चमियाना, टांडा समेत अन्य मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सक 36-36 घंटे तक ड्यूटी करते हैं। लगातार ड्यूटी देने और काम के बोझ के चलते मानसिक रूप से परेशान रहते हैं। ऐसे में अब रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए सरकार ने काम के घंटे निर्धारित किए हैं। इसके अलावा सरकार ने नए आदेशों में यह भी स्पष्ट किया है कि सुरक्षा के लिहाजा से शाम 7:00 बजे से पहले ही रेजिडेंट डॉक्टर की ड्यूटी चेंज हो जानी चाहिए। बता दें कि कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुए जघन्य अपराध के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों ने काम के घंटे और सुरक्षा का मुद्दा उठाया था। इसके बाद बाद सरकार हरकत में आई और वीरवार को यह फैसला सरकार ने लिया हैं। अस्पतालों में सेवाएं देने वाले चिकित्सक, जो आज काफी ऊंचे ओहदों पर पहुंच गए हैं, उनका भी कहना है कि यह सिस्टम सदियों पुराना था। लिहाजा अब इस सिस्टम के बदलने के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों को राहत मिलेगी। वहीं काम को लेकर मानसिक रूप से बोझ बना रहता था, वह भी कम होगा।
**हिमाचल सचिवालय में कर्मचारियों का जनरल हाउस आज हिमाचल में डीए और एरियर समेत अन्य मांगों को लेकर आज सरकार पर फिर से कर्मचारियों का गुस्सा फूटेगा। शिमला स्थित सचिवालय के आर्म्सडेल भवन के प्रांगण में 21 अगस्त को हुए जनरल हाउस में कर्मचारी संगठनों ने सरकार को वार्ता के लिए गुरुवार तक का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन इसके बाद भी सरकार ने कर्मचारियों को वार्ता के लिए नहीं बुलाया है। ऐसे में हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवा परिसंघ के क्लास वन से लेकर क्लास फोर तक के सभी कर्मचारी शुक्रवार को फिर से सचिवालय के आर्म्सडेल भवन के प्रांगण में एकत्रित होकर सरकार खिलाफ अपना गुबार निकालेंगे। हिमाचल में डीए और छठे वेतनमान का संशोधित एरियर न मिलने से कर्मचारियों के सब्र का बांध अब टूट चुका है। ऐसे में कर्मचारी संगठनों दो टूक चेतावनी दी है कि अब भी अगर सरकार की नींद नहीं टूटी तो विधानसभा का मानसून सत्र समाप्त होते ही कर्मचारी कैजुअल लीव पर चले जाएंगे। हिमाचल प्रदेश सचिवालय के आर्म्सडेल भवन के प्रांगण होने जा रहे जनरल हाउस में विभिन्न विभागों के कर्मचारी संगठन शामिल होंगे। जो डीए और एरियर की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ हल्ला बोलेंगे। इसमें हिमाचल प्रदेश इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड एम्पलाईज यूनियन, लोकायुक्त कार्यालय कर्मचारी संगठन, हिमाचल प्रदेश विधानसभा सचिवालय संगठन, स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम कर्मचारी संघ, हिमाचल प्रदेश राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ व जूनियर ऑफिस अस्सिटेंट( आई टी) ने लिखित तौर पर जनरल हाउस का समर्थन किया है। ऐसे में आज ये सभी कर्मचारी संगठन भी आम सभा में शामिल होकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। वित्तीय संकट से जूझ रही हिमाचल सरकार पर कर्मचारियों की देनदारी लगातार बढ़ रही है। इसमें पूर्व हिमाचल दिवस, स्वतंत्रता दिवस या दिवाली के मौके पर कर्मचारियों की देनदारियों को निपटाया जाता रहा है, लेकिन अब कर्ज के बोझ से दबी सरकार का खजाना कर्मचारियों के लिए खाली है। हालत ये है कि प्रदेश सरकार को डीए की तीन किस्त देनी है, जिसमें पहली किस्त 1 जनवरी 2023, दूसरी 1 जुलाई 2023 और तीसरी किस्त 1 जनवरी 2024 से दी जानी अभी बाकी है। इस पर अब 1 जुलाई 2024 से चौथी किस्त भी देय हो गई है। यही नहीं कर्मचारियों को अभी छठे वेतनमान का संशोधित एरियर नहीं मिला है, जिससे प्रदेश भर में विभिन्न विभागों के कर्मचारी संगठन अब सरकार से आर पार की लड़ाई लड़ने के लिए मैदान में उतर गए हैं।

















































